- Joined
- Dec 5, 2013
- Messages
- 149,443
अपडेट 18
घर के मेंबर्स जब उंनलोगो को देखते है तोह हैरान होजाते है. सबलोग अपनी जगह से उठ के उनके पास चलके आते है.
शेखर – आपलोग अचानक यहाँ.
आदमी – क्यों हमारा आना अच्छा नहीं लगा क्या. बोले तोह हम वापस चले जाए.
शेखर – ारी ारी कैसे बात कर रहे है आप. आइये आइये.
वह तीनो जाके प्रताप का आशीर्वाद लेते है और हॉल में रखे सोफे में बैठ जाते है.
आदमी – कैसे है आपसब. अउ हमारा लाडला कहा है. जब से सुना है के हमारा आर्यन ज़िंदा है और वापस आगया है मुझसे तोह सब्र hi नहीं होरहा है.
औरत – हा. जबसे हमलोगो ने सुना है उससे देखने के लिए आँखे तरस गयी है.
शालिनी – वह रहा आर्यन. यह बोल वह आर्यन की तरफ पॉइंट आउट कर देती है.
आर्यन वह आता है और उनके पास आके खड़ा होजाता है.
शालिनी – आर्यन. तुम्हे शायद याद नहीं होगा. यह तुम्हारे मां ममी और भाई है.
आर्यन अपने मां और मामी का आशीर्वाद लेने के लिए झुकता है तोह ओहलोग उससे रुख के गले से लगा लेते है.
अजय सिंह – आर्यन का मां. (रश्मि का भाई)
माया सिंह – आर्यन की ममी
अर्जुन सिंह – आर्यन का कजिन.
अजय – ारी मेरे भांझे तेरी जगह मेरे पैरों में नहीं मेरे दिल में है. तू मेरे गले लग.
माया – जब हुम्हे पता चला था के भगवन ने तुझे हमसे छिन्न लिया है हम तोह जैसे टूट hi गए थी. पर जबसे पता चला के तू ज़िंदा है हमारी आँखे तरस गयी थी तुझसे मिलने के लिए.
अजय – यह मेरी बेहेन का बीटा है. मेरा भंजहा है. पुरे 10 सालों के बाद तुझे देख रहा हु. कितना बदल गया है. अब तोह पहचान में hi आरहा है.
माया – ारी कैसे आएगा. 10 साल बाद जो देख रहे है इससे. पर इसकी शकल इतनी कैसे बदल गयी.
विद्या – ारी शांत होजाइये. आते hi एक साथ दोनों मिलके सवालों की बारिश सुरु करदी है. थोड़ा आराम कर लीजिये फिर सब बताएँगे.
विद्या के बोलने पे दोनों आर्यन को चोरर देते है.
इशिता – मां ममी हमलोग भी है यहाँ पे पर आपलोग तोह सिर्फ भैया पे hi ध्यान दे रहे है. हमारी तोह जैसे कोई वैल्यू hi नहीं है.
इशिता की बात सुनके दोनों हसने लगते है.
अजय – ारी किसने कहा तुमलोगो की कोई वैल्यू नहीं है. हमलोग तोह यहाँ आये hi है तुमलोगो से मिलने के लिए.
फिर सबलोग बैठ के बाते करने लगते है. आर्यन और शेखर ऑफिस के लिए निकल जाते है.
इधर उन् 4 लोगो के ऊपर मुकदमा चलाया जाता है. कंपनी में फ्रॉड करने के जुर्म में उनलोगो को कड़ी सजा होती है और संग संग जितने पैसो की हेरा फेरी उन्होंने आजतक की थी वह सब वापस करने के लिए बोलै जाता है.
उधर घर में सबलोग बैठ के बाते कर रहे थे और उंनलोगो को आर्यन के बारे में सब बता रहे थे.
अजय – शालिनी यह तुमलोगो ने अच्छा किया जो आर्यन को छुपा के रखा. अगर ऐसा नहीं करते तोह आज शायद हमारा बच्चा हमारे साथ ना होता.
माया – हां दीदी. उस वक़्त आपने और भैया ने बिलकुल सही फैसला किया. और अच्छा हुआ आपलोगो ने इस बात को एक राज़ hi रखा.
शालिनी – आर्यन को बचने के लिए यह करना जरुरी था. और उस माहौल में हुम्हे जो सही लगा हमने वही किया.
अर्जुन – पर बुआ वह इंसान कौन था यह आज तक पता नहीं चला. आखिर वह कौन था जो भैया को मारना चाहता था. और आखिर क्यों वह यह सब कर रहा था.
शालिनी – वह कौन है यह तोह आज तक पता नहीं चला. और उसने यह सब कुछ विक्रम की जायदात लेने के किया था. और शायद उसीने hi विक्रम का एक्सीडेंट भी करवाया है.
अजय – क्या इसीलिए जीजाजी के एक्सीडेंट होने के बाद भी पुलिस की कोई करवाई नहीं हुई.
शालिनी – किसने कहा पुलिस ने कोई करवाई नहीं की. उनके मौत के पीछे किनका हाथ है यह जल्द पता चलेगा. पुलिस अपना काम कर रही है और उम्मीद है जल्द hi वह इंसान सलाखों के पीछे होगा.
अजय – पर हुम्हे पुलिस की एक्टिविटी तोह दिखी नहीं. जीजाजी को गए इतना टाइम होगया पर पुलिस की कोई एक्टिविटी तोह दिखी hi नहीं.
शालिनी – पुलिस अपना काम कर रही है बस वह किसी के नज़र में नहीं आरही है ताकि उनलोगो को शक्क ना हो.
अभी और कोई मच बोलता तभी शालिनी का फ़ोन बज उठता है. वह नंबर देख कर वह से चली जाती है.
शालिनी – Hello.
सामने से कोई कुछ बोलता है.
शालिनी – आप चिंता मत कीजिये. कुछ नहीं होगा. सबकुछ ठीक hi होगा.
सामने से फिर कोई कुछ बोलता है.
शालिनी – जीई. अब आपकी ताब्यात कैसी है.
सामने से – अभी ठीक है.
शालिनी – मैं आना तोह चाहती हु. पर आ नहीं सकती.
सामने से – कोई बात नहीं. कुछ hi दिनों में सब ठीक होजायेगा
शालिनी – जी. अपना ख्याल रखियेगा.
फिर कॉल कट होजाता है.
घर के मेंबर्स जब उंनलोगो को देखते है तोह हैरान होजाते है. सबलोग अपनी जगह से उठ के उनके पास चलके आते है.
शेखर – आपलोग अचानक यहाँ.
आदमी – क्यों हमारा आना अच्छा नहीं लगा क्या. बोले तोह हम वापस चले जाए.
शेखर – ारी ारी कैसे बात कर रहे है आप. आइये आइये.
वह तीनो जाके प्रताप का आशीर्वाद लेते है और हॉल में रखे सोफे में बैठ जाते है.
आदमी – कैसे है आपसब. अउ हमारा लाडला कहा है. जब से सुना है के हमारा आर्यन ज़िंदा है और वापस आगया है मुझसे तोह सब्र hi नहीं होरहा है.
औरत – हा. जबसे हमलोगो ने सुना है उससे देखने के लिए आँखे तरस गयी है.
शालिनी – वह रहा आर्यन. यह बोल वह आर्यन की तरफ पॉइंट आउट कर देती है.
आर्यन वह आता है और उनके पास आके खड़ा होजाता है.
शालिनी – आर्यन. तुम्हे शायद याद नहीं होगा. यह तुम्हारे मां ममी और भाई है.
आर्यन अपने मां और मामी का आशीर्वाद लेने के लिए झुकता है तोह ओहलोग उससे रुख के गले से लगा लेते है.
अजय सिंह – आर्यन का मां. (रश्मि का भाई)
माया सिंह – आर्यन की ममी
अर्जुन सिंह – आर्यन का कजिन.
अजय – ारी मेरे भांझे तेरी जगह मेरे पैरों में नहीं मेरे दिल में है. तू मेरे गले लग.
माया – जब हुम्हे पता चला था के भगवन ने तुझे हमसे छिन्न लिया है हम तोह जैसे टूट hi गए थी. पर जबसे पता चला के तू ज़िंदा है हमारी आँखे तरस गयी थी तुझसे मिलने के लिए.
अजय – यह मेरी बेहेन का बीटा है. मेरा भंजहा है. पुरे 10 सालों के बाद तुझे देख रहा हु. कितना बदल गया है. अब तोह पहचान में hi आरहा है.
माया – ारी कैसे आएगा. 10 साल बाद जो देख रहे है इससे. पर इसकी शकल इतनी कैसे बदल गयी.
विद्या – ारी शांत होजाइये. आते hi एक साथ दोनों मिलके सवालों की बारिश सुरु करदी है. थोड़ा आराम कर लीजिये फिर सब बताएँगे.
विद्या के बोलने पे दोनों आर्यन को चोरर देते है.
इशिता – मां ममी हमलोग भी है यहाँ पे पर आपलोग तोह सिर्फ भैया पे hi ध्यान दे रहे है. हमारी तोह जैसे कोई वैल्यू hi नहीं है.
इशिता की बात सुनके दोनों हसने लगते है.
अजय – ारी किसने कहा तुमलोगो की कोई वैल्यू नहीं है. हमलोग तोह यहाँ आये hi है तुमलोगो से मिलने के लिए.
फिर सबलोग बैठ के बाते करने लगते है. आर्यन और शेखर ऑफिस के लिए निकल जाते है.
इधर उन् 4 लोगो के ऊपर मुकदमा चलाया जाता है. कंपनी में फ्रॉड करने के जुर्म में उनलोगो को कड़ी सजा होती है और संग संग जितने पैसो की हेरा फेरी उन्होंने आजतक की थी वह सब वापस करने के लिए बोलै जाता है.
उधर घर में सबलोग बैठ के बाते कर रहे थे और उंनलोगो को आर्यन के बारे में सब बता रहे थे.
अजय – शालिनी यह तुमलोगो ने अच्छा किया जो आर्यन को छुपा के रखा. अगर ऐसा नहीं करते तोह आज शायद हमारा बच्चा हमारे साथ ना होता.
माया – हां दीदी. उस वक़्त आपने और भैया ने बिलकुल सही फैसला किया. और अच्छा हुआ आपलोगो ने इस बात को एक राज़ hi रखा.
शालिनी – आर्यन को बचने के लिए यह करना जरुरी था. और उस माहौल में हुम्हे जो सही लगा हमने वही किया.
अर्जुन – पर बुआ वह इंसान कौन था यह आज तक पता नहीं चला. आखिर वह कौन था जो भैया को मारना चाहता था. और आखिर क्यों वह यह सब कर रहा था.
शालिनी – वह कौन है यह तोह आज तक पता नहीं चला. और उसने यह सब कुछ विक्रम की जायदात लेने के किया था. और शायद उसीने hi विक्रम का एक्सीडेंट भी करवाया है.
अजय – क्या इसीलिए जीजाजी के एक्सीडेंट होने के बाद भी पुलिस की कोई करवाई नहीं हुई.
शालिनी – किसने कहा पुलिस ने कोई करवाई नहीं की. उनके मौत के पीछे किनका हाथ है यह जल्द पता चलेगा. पुलिस अपना काम कर रही है और उम्मीद है जल्द hi वह इंसान सलाखों के पीछे होगा.
अजय – पर हुम्हे पुलिस की एक्टिविटी तोह दिखी नहीं. जीजाजी को गए इतना टाइम होगया पर पुलिस की कोई एक्टिविटी तोह दिखी hi नहीं.
शालिनी – पुलिस अपना काम कर रही है बस वह किसी के नज़र में नहीं आरही है ताकि उनलोगो को शक्क ना हो.
अभी और कोई मच बोलता तभी शालिनी का फ़ोन बज उठता है. वह नंबर देख कर वह से चली जाती है.
शालिनी – Hello.
सामने से कोई कुछ बोलता है.
शालिनी – आप चिंता मत कीजिये. कुछ नहीं होगा. सबकुछ ठीक hi होगा.
सामने से फिर कोई कुछ बोलता है.
शालिनी – जीई. अब आपकी ताब्यात कैसी है.
सामने से – अभी ठीक है.
शालिनी – मैं आना तोह चाहती हु. पर आ नहीं सकती.
सामने से – कोई बात नहीं. कुछ hi दिनों में सब ठीक होजायेगा
शालिनी – जी. अपना ख्याल रखियेगा.
फिर कॉल कट होजाता है.