Romance Parivaar aur Pyaar - Page 3 - SexBaba
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Romance Parivaar aur Pyaar

अपडेट 18

घर के मेंबर्स जब उंनलोगो को देखते है तोह हैरान होजाते है. सबलोग अपनी जगह से उठ के उनके पास चलके आते है.

शेखर – आपलोग अचानक यहाँ.

आदमी – क्यों हमारा आना अच्छा नहीं लगा क्या. बोले तोह हम वापस चले जाए.

शेखर – ारी ारी कैसे बात कर रहे है आप. आइये आइये.

वह तीनो जाके प्रताप का आशीर्वाद लेते है और हॉल में रखे सोफे में बैठ जाते है.

आदमी – कैसे है आपसब. अउ हमारा लाडला कहा है. जब से सुना है के हमारा आर्यन ज़िंदा है और वापस आगया है मुझसे तोह सब्र hi नहीं होरहा है.

औरत – हा. जबसे हमलोगो ने सुना है उससे देखने के लिए आँखे तरस गयी है.

शालिनी – वह रहा आर्यन. यह बोल वह आर्यन की तरफ पॉइंट आउट कर देती है.

आर्यन वह आता है और उनके पास आके खड़ा होजाता है.

शालिनी – आर्यन. तुम्हे शायद याद नहीं होगा. यह तुम्हारे मां ममी और भाई है.

आर्यन अपने मां और मामी का आशीर्वाद लेने के लिए झुकता है तोह ओहलोग उससे रुख के गले से लगा लेते है.

अजय सिंह – आर्यन का मां. (रश्मि का भाई)

माया सिंह – आर्यन की ममी

अर्जुन सिंह – आर्यन का कजिन.

अजय – ारी मेरे भांझे तेरी जगह मेरे पैरों में नहीं मेरे दिल में है. तू मेरे गले लग.

माया – जब हुम्हे पता चला था के भगवन ने तुझे हमसे छिन्न लिया है हम तोह जैसे टूट hi गए थी. पर जबसे पता चला के तू ज़िंदा है हमारी आँखे तरस गयी थी तुझसे मिलने के लिए.

अजय – यह मेरी बेहेन का बीटा है. मेरा भंजहा है. पुरे 10 सालों के बाद तुझे देख रहा हु. कितना बदल गया है. अब तोह पहचान में hi आरहा है.

माया – ारी कैसे आएगा. 10 साल बाद जो देख रहे है इससे. पर इसकी शकल इतनी कैसे बदल गयी.

विद्या – ारी शांत होजाइये. आते hi एक साथ दोनों मिलके सवालों की बारिश सुरु करदी है. थोड़ा आराम कर लीजिये फिर सब बताएँगे.

विद्या के बोलने पे दोनों आर्यन को चोरर देते है.

इशिता – मां ममी हमलोग भी है यहाँ पे पर आपलोग तोह सिर्फ भैया पे hi ध्यान दे रहे है. हमारी तोह जैसे कोई वैल्यू hi नहीं है.

इशिता की बात सुनके दोनों हसने लगते है.

अजय – ारी किसने कहा तुमलोगो की कोई वैल्यू नहीं है. हमलोग तोह यहाँ आये hi है तुमलोगो से मिलने के लिए.

फिर सबलोग बैठ के बाते करने लगते है. आर्यन और शेखर ऑफिस के लिए निकल जाते है.

इधर उन् 4 लोगो के ऊपर मुकदमा चलाया जाता है. कंपनी में फ्रॉड करने के जुर्म में उनलोगो को कड़ी सजा होती है और संग संग जितने पैसो की हेरा फेरी उन्होंने आजतक की थी वह सब वापस करने के लिए बोलै जाता है.

उधर घर में सबलोग बैठ के बाते कर रहे थे और उंनलोगो को आर्यन के बारे में सब बता रहे थे.

अजय – शालिनी यह तुमलोगो ने अच्छा किया जो आर्यन को छुपा के रखा. अगर ऐसा नहीं करते तोह आज शायद हमारा बच्चा हमारे साथ ना होता.

माया – हां दीदी. उस वक़्त आपने और भैया ने बिलकुल सही फैसला किया. और अच्छा हुआ आपलोगो ने इस बात को एक राज़ hi रखा.

शालिनी – आर्यन को बचने के लिए यह करना जरुरी था. और उस माहौल में हुम्हे जो सही लगा हमने वही किया.

अर्जुन – पर बुआ वह इंसान कौन था यह आज तक पता नहीं चला. आखिर वह कौन था जो भैया को मारना चाहता था. और आखिर क्यों वह यह सब कर रहा था.

शालिनी – वह कौन है यह तोह आज तक पता नहीं चला. और उसने यह सब कुछ विक्रम की जायदात लेने के किया था. और शायद उसीने hi विक्रम का एक्सीडेंट भी करवाया है.

अजय – क्या इसीलिए जीजाजी के एक्सीडेंट होने के बाद भी पुलिस की कोई करवाई नहीं हुई.

शालिनी – किसने कहा पुलिस ने कोई करवाई नहीं की. उनके मौत के पीछे किनका हाथ है यह जल्द पता चलेगा. पुलिस अपना काम कर रही है और उम्मीद है जल्द hi वह इंसान सलाखों के पीछे होगा.

अजय – पर हुम्हे पुलिस की एक्टिविटी तोह दिखी नहीं. जीजाजी को गए इतना टाइम होगया पर पुलिस की कोई एक्टिविटी तोह दिखी hi नहीं.

शालिनी – पुलिस अपना काम कर रही है बस वह किसी के नज़र में नहीं आरही है ताकि उनलोगो को शक्क ना हो.

अभी और कोई मच बोलता तभी शालिनी का फ़ोन बज उठता है. वह नंबर देख कर वह से चली जाती है.

शालिनी – Hello.

सामने से कोई कुछ बोलता है.

शालिनी – आप चिंता मत कीजिये. कुछ नहीं होगा. सबकुछ ठीक hi होगा.

सामने से फिर कोई कुछ बोलता है.

शालिनी – जीई. अब आपकी ताब्यात कैसी है.

सामने से – अभी ठीक है.

शालिनी – मैं आना तोह चाहती हु. पर आ नहीं सकती.

सामने से – कोई बात नहीं. कुछ hi दिनों में सब ठीक होजायेगा

शालिनी – जी. अपना ख्याल रखियेगा.



फिर कॉल कट होजाता है.
 
अपडेट 19

इधर आर्यन ऑफिस में अपनी hi किसी सोच में घूम बैठा हुआ था. उसका ध्यान ऑफिस का काम में ना होकर कही और hi था. वह अपनी सोच में इतना खोया हुआ था के उससे होश hi नहीं रहा के कब उसके सामने आके कोई बैठ जाता है.

सामने से – किस सोच में घूम हो.

सामने वाले की आवाज़ सुनके आर्यन अपनी सोच से बहार आता है और सामने बैठे शख्स को देख हैरान होजाता है.

आर्यन – तुम यहाँ इस वक़्त. ऐसे अचानक.

सामने से – हां मैं. सोचा मैं भी थोड़ा ऑफिस घूम लू.

आर्यन – यहाँ आते हुए किसी ने देखा नहीं.

सामने से – देखा तोह बहोत लोगो ने. पर किसी ने कुछ बोलै नहीं. पर अब यह बताओ किस सोच में घूम हो.

आर्यन – यह कुछ नहीं. बस ऐसे hi.

सामने से – अब बता भी दो.

आर्यन – सोच रहा हु जो भी हुआ क्या वह सही था.

सामने से – तुम चिंता मत करो. जो भी हुआ है वह बिलकुल सही हुआ है. और इसका नतीजा तुम देख सकते हो.

आर्यन – हम्म्म.

सामने से – मैं चलता हु. मुझे 2 दिन के लिए बहार जाना है. ध्यान रखना.

आर्यन – अचानक कहा जाना है.

सामने से – है कुछ काम. 2 दिन में आजाऊंगा. अब मैं चलता हु. यह बोल वह शख्स वह से चला जाता है.

रात को घर में अजय और माया दोनों hi आर्यन से बाते कर उससे पका रहे थे और आर्यन चुप चाप उनकी बाते सुन्न रहा था. वह छह कर भी उन्हें मन नहीं कर प् रहा था.

दोनों आर्यन से बीते 10 सालों के बारे में पूछ रहे थे. जैदी वह कौन से स्कूल में था. कौनसे कॉलेज में था. पढाई कैसी रही.

आर्यन छह कर भी उन्हें मन नहीं कर पा रहा था वह बस बैठा बैठा उनके बेतुके सवालों का जवाब दिए जा रहा था.

इधर मुंबई में वह औरत जो उस लड़के के साथ थी वह सुबह सुबह अपने घर के काम काज निपटा रही थी तभी उसके घर की दूर बेल्ल बज उठती है. वह जाके दरवाज़ा खोलती है तब सामने वह लड़का खड़ा था.

औरत – तुम यहाँ इस वक़्त अचानक.

लड़का – बस कुछ काम था इसीलिए आया हु 2 दिन के लिए.

औरत – अच्छी बात है आओ अंदर आओ. और ऐसा क्या काम आगया जो तुम्हे यहाँ आना पढ़ा.

लड़का – है कुछ पर्सनल काम.

औरत – उसके लिए आये हो.

लड़का कुछ नहीं बोलता और अपने कमरे में चला जाता है.

औरत – तुम भले hi कुछ ना कहो पर मैं जानती हु तुम यहाँ उसके लिए hi आये हो.

थोड़ी देर बाद वह लड़का तैयार होक नाश्ता करके वह से निकल जाता है और एक गार्डन में जाके चुप चाप बैठ जाता है.

थोड़ी देर बाद उस लड़के के पास आके एक लड़की बैठ जाती है. दोनों कुछ देर एकदम चुप चाप बैठे रहते है. दोनों में से कोई कुछ नहीं बोल रहा था. दोनों ऐसे बेहवे कर रहे थे जैसे दोनों एक दूसरे से अनजान है.

कुछ देर की चुप्पी के बाद लड़का बोलने की कोशिश करता है तोह लड़की बोल पढ़ती है.

लड़की – तुम्हे कुछ कहने की जरुरत नहीं है. मुझे सब पता है.

लड़का – मतलब.

लड़की – मत्लाह मैं जानती हु तुम क्यों मुझसे दुर्र रह रहे हो. क्यों मुझसे प्यार करते हुए भी इंकार कर रहे हो. मुझे सब कुछ पता चल चूका है.

लड़का कुछ नहीं बोलता बस चुप चाप बैठा रहता है.

लड़की – मैं तुम्हे अब फाॅर्स नहीं करुँगी. तुम्हे जितना टाइम लेना है लो. मैं साड़ी ज़िन्दगी तुम्हारा इंतज़ार करुँगी.

लड़का – मेघा तुम....

मेघा – मैंने कहा ना. तुम्हे जितना टाइम लेना है लो. मैं तुम्हारे लिए मरते दम तक इंतज़ार करुँगी.

फिर दोनों कुछ देर वह चुप चाप बैठे रहते है. दोनों में से कोई कुछ नहीं बोल रहा था. दोनों बस एक दूसरे के प्रजेंस को महसूस कर रहे थे.



थोड़ी देर बाद दोनों बी वह से निकल जाते है. पर दोनों hi इस बात से बेखबर थे के दोनों को किसी ने एकसाथ देख लिया था. और उसने इनदोनो की एक पिक्चर क्लिक कर ली थी.
 
थैंक यू

लड़के का नाम नहीं दिया पर लड़की का नाम तोह दे hi दिया हु. उन् लोगो को बहार निकलना जरुरी भी था. आखिर और कितने दिन धोखेबाज़ों के साथ कंपनी चलता.

शालिनी का भाई नहीं रश्मि का भाई आया है जो विक्रम की पहले पत्नी और आर्यन की असली माँ थी.

मुझे लगा उनकी बातो से आपलोगो को समाज आजायेगा के वह लोग वह आये थे. इसीलिए मैंने वह डायरेक्टली वह नहीं लिखा.
 
अपडेट 20

ऐसे hi 2 दिन गुज़र जाते है और वह लड़का दिल्ली वापस आगया था. इधर सूरज के आदमी जो उस लड़के के पीछे लगे हुए थे वह परेशां होजाते है क्योकि वह लड़का उनकी आँखों में धूल झोख के निकल गया था. अब वह कहा गया यह इनको पता भी नहीं था.

सूरज ने इनको बोलै हुआ था उस लड़के की पल पल की खबर देने के लिए. अब 2 दिन के लिए वह लड़का इनके नज़रो से ओझल होगया था.

सूरज इनलोगो को नार बार कॉल कर रहा था उस लड़के की डिटेल्स लेने के लिए पर डर के वजह से एहलोग कॉल रिसीव नहीं कर रहे थे.

एकदिन इशिता और माहिरा दोनों बिना किसी को कुछ बताये आर्यन के ऑफिस में आजाते है और सीधा उसके केबिन में चले जाते है.

आर्यन – ारी तुम दोनों यहाँ इस वक़्त.

माहिरा – क्यों नहीं आना चाहिए था.

आर्यन – तुमलोगो का hi ऑफिस है जब मर्ज़ी आओ. पर ऐसे अचानक आगये. कुछ काम था.

इशिता – नहीं हम तोह बस ऐसे hi आगये. जब डैड थे तब भी हम ऐसे hi आजाते थी ऑफिस घूमने के लिए.

अभी आर्यन कुछ बोलता तभी दूर में नॉक होता है और अभिमन्यु अंदर आता है.

अभिमन्यु – सर अपनी यह फाइल मंगाई थी.

आर्यन – हां दो.

अभिमन्यु आर्यन के पास आके उसको फाइल दे देता है और सीधा बहार जाने लगता है. माहिरा और इशिता उससे hi देख रहे थे.

इशिता – क्या बात है भैया. आपके ऑफिस ज्वाइन करने के बाद कुछ लोग आजकल मैं लगा के काम कर रहे थे. वर्ण पहले तोह कुछ लोग हमेशा यहाँ टाइम पास hi करते थी.

माहिरा – यह सब जरूर उस एक्शन के वजह से हुआ है जो भैया ने कुछ टाइम पहले hi लिया था और उन् 4 लोगो को अरेस्ट करवाया था.

आर्यन – ऐसी बात नहीं है. कुछ लोग है जो मैं लगा के पहले भी काम करते थे और अब भी करते है. यह सब चोरो और बोलो क्या लोगी तुमदोनो.

इशिता – हम कुछ नहीं लेंगे. अब हम निकलते है.

माहिरा – तू चल मैं आती हु.

माहिरा की बात सुनके इशिता वह से निकल जाती है और इधर माहिरा आर्यन को घूरने लगती है.

आर्यन – क्या हुआए. ऐसे क्यों घुर्र रही हो.

माहिरा – लगता है तुमने मेरी बात को सीरियसली नहीं लिया था. मैंने तुमसे कुछ कहा था.

आर्यन – क्या कहा था.

माहिरा – क्या कहा थाआ. यह तुम मुझसे पूछ रहे हो.

आर्यन – हआ. मेरे पास बहोत काम होते है. बेफिजूल की बाते में याद नहीं रखता.

माहिरा – मेरी बाते तुम्हारे किये बेफिजूल की बाते है.

आर्यन – हआ.

आर्यन की बात सुन्न माहिरा बिना कुछ बोले वह से चली जाती है और आर्यन उसको जाते हुए देखने लगता है.

आर्यन – यह ऐसे बिना कुछ बोले चली गयी. इसने मेरी बात का कोई रिप्लाई नहीं दिया. कही मैंने अपने पैरर में hi तोह कुल्हाड़ी नहीं मारली. मुझे सावधान रहना होगा. इस लड़की का कोई भरोसा नहीं है. यह कुछ भी कर सकती है.

इधर माहिरा और इशिता ऑफिस से निकालके सीधा घर की तरफ जाने लगते है. पुरे रास्ते माहिरा अपनी सोच में hi घूम थी.

माहिरा – मैं में. मेरी बाते बेफिजूल की बाते है उसके लिए. अब उससे मैं बैठाऊंगी के बेफिजूल की बाते किस्से कहते है. उसने मेरी बात नहीं मानी ना अब देखना मैं कैसे उसका जीना मुश्किल करती हु.

थोड़ी देर में दोनों घर पहुँच जाते है और अपने अपने कमरे में चले जाते है.

माहिरा अपने कमरे में आके आर्यन को परेशां करने के तरीके सोचने लगती है. कुछ hi देर में उसके दिमाग में बहोत सारे शैतानी आइडियाज आने लगते है. जिन्हे सोच के hi वह हसने लगती है.

माहिरा – अब तुम्हे पता चलेगा माहिरा सिंह राजपूत की बात ना माने से क्या होता है.

रात को जब आर्यन घर आता है तोह देखता है माहिरा हॉल में hi बैठी हुई है और उससे देखके मुस्कुरा रही है.

आर्यन – मैं में. यह ऐसे मुस्कुरा क्यों रही है. कुछ तोह चल रहा है इसके मैं में. इसकी यह मुस्कराहट देख मुझे शक्क होरहा है इसने कुछ तोह खुराफात जरूर की है. मुझे सावधान रहना होगा.

आर्यन एहि सब सोचते हुए अपने कमरे में जाने लगता है. जैसे hi वह दरवाज़े को खोलने के लिए नॉब को घुमा के दरवाज़े को धक्का देने वाला होता है तभी उससे कुछ याद आता है और वह रुख जाता है.

आर्यन – कही उसने यहाँ कोई ट्रैप तोह नहीं लगाया है. हो भी सकता है. मुझे हर कदम फुक फुक के रखना होगा. उस लड़की का कोई भरोसा नहीं है.

उसके बाद आर्यन धीरे से नॉब को घूमता है और धीरे धीरे दरवाज़ा खोलने लगता है.

वह ऊपर की तरफ देखने लगता है के कही कुछ रखा तोह नहीं है. दरवाज़ा खुलने के बाद भी जब ऊपर से कुछ नहीं गिरता तोह वह पूरा दरवाज़ा खोल के कुछ देर बहार से hi रूम के अंदर देखने लगता है.

जब वह पूरी तरह सूरे होजाता है के कोई खतरा नहीं है तोह वह रूम के अंदर जाता है और दरवाज़ा बंद कर देता है.

इधर माहिरा दुर्र से hi एहसाब देख कर मुस्कुरा रही थी और मैं hi मैं बोल रही थी.



माहिरा – मैं में. तुम्हे क्या लगा था मैं यह सब ट्रिक उसे करुँगी. यह सारे ट्रिक पुराने होचुके है. तुम्हारे लिए तोह मैंने कुछ अलग सोचा है.
 
अपडेट 21

इधर आर्यन जब अपने कपडे निकलने के लिए वार्डरॉब की तरफ जाता है और वार्डरोब खोलने hi वाला होता है के अचानक रुख जाता है और वार्डरॉब को अच्छे से देखने लगता है. फिर धीरे धीरे वार्डरॉब को खोलता है और एकदम से वार्डरॉब के दरवाज़े के पीछे चुप जाता है. जैसे उससे पता हो के कोई उड़ता तीर निकलेगा वह से.

जब वरडोबे से कुछ नहीं निकलता तोह वह वह से अपने कपडे लेके वाशरूम की तरफ जाता है और वह भी दरवाज़ा खोलने के पहले अच्छे से चेक करता है फिर अंदर जाता है.

थोड़ी देर बाद वह फ्रेश होक बहार आता है और डिनर करने के लिए नीचे चला जाता है.

वह जब नीचे आता है तोह देखता है माहिरा को उसको देखकर फिर से मुस्कुराने लगती है जिस वजह से आर्यन का डर बढ़ने लगने लगता है और वह माहिरा के प्लान को लेके और ज्यादा सोचने लगता है.

आर्यन चुप चाप डाइनिंग टेबल पे बैठ जाता है. माहिरा उसके पास आके उससे खाना परोसती है. आर्यन जब माहिरा को खाना परोसते देखता है तोह उसका डर और बढ़ जाता है.

आर्यन – मैं में. कही इसने खाने में कुछ मिलाया तोह नहीं है. कही इसने बदला लेने के लिए ज़हर तोह नहीं मिला दिया. अगर मैं मर्डर गया तोह. अब क्या करू मैं. कैसे मन करू.

शालिनी – आर्यन.

शालिनी के बुलाने के बाद भी आर्यन का ध्यान अपनी सोच में hi था.

शालिनी – आर्यन को हिलाते हुए. ारयणणणण.

आर्यन – अपनी सोच से बहार आते हुए. हआ हआ. बोलिये क्या हुआ.

शालिनी – किस सोच में घूम हो. खाने की प्लेट कबसे लगी हुई है खा क्यों नहीं रहे हो.

आर्यन – मैं में. कैसी कहयऊ. पता नहीं इसने क्या मिलाया होगा खाने में.

शालिनी – फिर से कुछ सोचने लगे हो. क्या सोच रहे हो.

आर्यन – यह कुछ नहीं.

शालिनी – तोह खाना क्यों नहीं खा रहे हो.

आर्यन – यह वह एक्चुअली भूक नहीं लग रही है. शाम को एक क्लाइंट मीटिंग थी तोह उनके साथे hi खा लिया था.

शालिनी – ोू. ठिक्क है कोई बात नहीं.

आर्यन – मैं में. हष्ठ बछ गया.

फिर वह माहिरा की तरफ देखता है तोह पाटा है के वह अभी भी उसको देख कर है रही है.

आर्यन – मैं में. इसकी लड़की ने आखिर प्लैन क्या किया है. यह आखिर करना क्या चाहती है.

फिर आर्यन वह से उठ के अपने कमरे में सोने के लिए चला जाता है.

रात बहोत गहरी थी. सबलोग अपने अपने कमरे में आराम से सो रहे थे. पर कोई था जिसकी नींद पूरी तरह से हराम हो गयी थी और वह अपने कमरे में हैरान और परेशां था.

माहिरा का आर्यन को परेशां करने का प्लान पूरी तरह से कामयाब होगया था. उसने आर्यन के सोने की जगह में हर तरफ खुजली वाला पाउडर ढाल दिया था. यह पाउडर जिसके भी बॉडी में लगता है उसके पुरे बदन में जैसे हज़ारो चीटियां रेंगने लगती है. और यही हाल इस वक़्त आर्यन का था अपने कमरे में.

आर्यन अपने कमरे में अपनी शर्ट उतर के अपनी पूरी बॉडी को खुजलाये जा रहा था. उसने ना जाने कितने बार नाहा भी लिया था पर उसकी खुजली मिटने का नाम hi नहीं ले रही थी.

खुजला खुजला के उसकी पूरी बॉडी लाल होगयी थी उसके नाख़ून भी दर्द कर रहे थे.

आर्यन – तोह यह था उसका प्लान. इसीलिए वह मुझे देख कर है रही थी. वह चाहती थी मैं पूरी रात खुजली करता राहु तड़पता राहु.

पूरी रात आर्यन इस खुजली से तड़पता रहा अपनी पूरी बॉडी को हर तरफ से खुजलाता रहा पूरी उसकी खुजली काम होने का नाम hi नहीं ले रही थी. और साथ में उससे भूक भी बहोत लग रही थी. माहिरा के डर के वजह से उसने खाना भी नहीं खाया था. पूरी रात खुजली करने के बाद सुबह जाके उसकी खुजली बांध हुई तोह उससे रहत मिली. आर्यन की आँखों में नींद भर्ती थी. पर अब सो नहीं सकता था.

रात से नाजाने उसने कितनी बार नाहा लिया था इसलिए अब उससे और नहाने की जरुरत नहीं. फिर वह ऑफिस जाने के लिए तैयार होने लगता है और थोड़ी देर बाद वह नीचे चला जाता है.

जब वह नीचे आता है तोह देखता है माहिरा उससे देख कर हसे जा रही थी. आर्यन जब माहिरा को हस्ते हुए देखता है तोह उससे बहोत गुस्सा आरहा होता है. उसका मैं तोह कर रहा था अभी जाके एक जोरदार थप्पड़ लगदे. पर वह अपने आप को शांत करता है और उससे इग्नोर करके खाने की टेबल में बैठ जाता है.

माहिरा जब देखती है के आर्यन ने उससे इग्नोर करदिया है तोह उससे भी गुस्सा आजाता है.

माहिरा – मैं में. इसकी इतनी हिम्मत इसने मुझे इग्नोर किया. लगता है रात की खुजली काम पढ़ गयी थी. आज रात कुछ ऐसा करुँगी की हमेशा याद रखेगा इसने किसने पन्गा लिया है.



इधर आर्यन चुप चाप अपना नाश्ता करके ऑफिस निकल जाता है.
 
अपडेट 22

ऑफिस में पूरा दिन आर्यन काम में hi बिजी रहा उससे थोड़ा सा भी आराम करने को नहीं मिला. नींद तोह उससे बहोत आरही थी पर वह छह के भी सो नहीं पा रहा था.

देखते देखते ऑफिस का काम ख़तम होता है और घर जाने के लिए निकल पढता है. कार चलते हुए बहार की ठंडी हवा उससे बार बार नींद के आगोश में ले जा रही थी पर वह जबरदस्ती अपनी आँखें खुली रखता है और जैसे तैसे घर पहुंच जाता है.

वह घर के अंदर आता है तोह उससे माहिरा कही भी नहीं दिख रही थी. वह सीधा अपने कमरे की तरफ जाता है और पिछली रात जो हुआ उससे याद करते हुए ध्यान से अपने कमरे में जाता है और हर्चिज़ अच्छे से चेक करने के बाद hi उसे उससे करता है.

थोड़ी देर में वह फ्रेश होजाता है और नीचे डिनर करने के लिए आजाता है. वह नीचे आके देखता है माहिरा उससे देख कर कोई रियेक्ट नहीं कर रही है. वह अपने में hi मस्त है.

आर्यन – मैं में. लगता है इसने इससबार कोई प्लान नहीं किया है. पर मैं कोई रिस्क नहीं लूंगा.

यह सोचते हुए hi आर्यन खाने की टेबल में बैठ जाता है और खाना खाने लगता है.

माहिरा खाना खा रहे आर्यन को एकबार देखती है फिर खुद खाने लगती है.

थोड़ी देर बाद आर्यन का खाना ख़तम होजाता है तोह वह अपने कमरे में चला जाता है और हर चीज़ को अच्छे से चेक करने के बाद सोने की तैयारी करता है और सोने चला जाता है.

कुछ hi देर में आर्यन को गहरी नींद आजाती है. उसके सोने के थोड़ी देर बाद माहिरा उसके कमरे में आती है और उससे चैन से सोते देख एक शैतानी स्माइल करती है और बोलती है.

माहिरा – थोड़ी देर और सो लो. फिर जो तुम्हारे साथ होगा उसके बारे में तुमने कभी सपने में भी नहीं सोचा होगा.

फिर माहिरा वह से चली जाती है और अपने कमरे में जाके सो जाती है.

कुछ 1-2 घंटे बाद अचानक से आर्यन की नींद टूट जाती है और भाग के वाशरूम जाता है और थोड़ी देर बाद बहार आके फिर से सो जाता है.

थोड़ी देर बाद फिर से उसकी नींद टूट जाती है और वह फिर से वाशरूम जाता है और थोड़ी देर बाद बहार आजाता है और अपने पेट पकड़ के बैठ जाता है.

आर्यन – यह अचानक से मेरे पेट को क्या होगया. मैंने तोह कुछ बहार का खाया भी नहीं था. कही उस माहिरा ने तोह कुछ.... जरूर फिर से उसीने hi कुछ किया होगा. पर उसने तोह आज नाही मुझे खाना परोसा और नाही मेरे पास आके कड़ी थी. जरूर उसने मेरे खाने में hi कुछ मिलाया होगा. पर बाकी सब ने भी तोह वही खाया है जो मैंने खाया था. फिर उसने कब और कैसे किया यह सब.

अभी वह यह सोच hi रहा था के वह फिर से वाशरूम की तरफ भागता है.

ऐसे hi पूरी रात वह वाशरूम जाने आने में लगा देता है और पूरी रात वह सो नहीं पाटा है. देखते देखते सुबह होजाती है. आर्यन डीडे करता है के आज वह ऑफिस नहीं जाएगा और अपनी नींद पूरी करेगा. यह सोच के वह सोने के लिए चला जाता है. उसको सोये हुए अभी मुश्किल से 20 मिनट hi हुए थे के अचानक से माहिरा उसके ऊपर पानी उढेल देती है.

आर्यन हड़बड़ाहट में उठ जाता है और माहिरा को देख कर उसको गुस्सा आजाता है और वह उससे एक थप्पड़ लगाने के लिए अपने हाथ उठता है के तभी उससे कुछ याद आजाता है और वह अपना हाथ नीचे झटक देता है.

माहिरा – तुम्हारी इतनी हिम्मत तुम मुझपे हाथ उठा रहे थे.

आर्यन – तुमने इन् दो दिनों में जो किया है ना उसके बदले में यह एक थप्पड़ तोह तुम डेसेर्वे करती हो. तुम समझती क्या हो खुद को. तुम्हे क्या लगता है यहाँ जो भी होरहा है वह सब एक मज़ाक है एक खेल है. तुम जानती भी हो आखिर यहाँ हो क्या रहा है. तुम्हे एक राज़ क्या पता चल गया तोह तुम सोचती हो तुम मुझे अपने इशारो में नचाओगी. तुम्हे जाके सबको बताना है ना तोह जाओ जाके बतादो. किसी को कोई फर्क नहीं पड़ेगा तुम्हारे बताने से. तुम्हारी किस्मत अच्छी है के तुम इस घर की बेटी हो और एक लड़की हो. अगर तुम्हारी जगह कोई और होता ना तोह उसके इन् हरकतों के लिए तोह.....

यह बोल आर्यन वह से निकल जाता है और नीचे जाने लगता है. वह अभी सीढ़ियों से नीचे उतर hi रहा था के उससे एक चाकर सा आजाता है पुरे 2 दिन नहीं सोने के वजह से और वह सीढ़ियों से नीचे गिर्र पढता है.

नीचे गिरते hi उसका सर सीधा सीडी से टकराता है और वह लुड़कते हुए नीचे जा गिरता है.

जैसे hi आर्यन नीचे गिरता है और गिरने की आवाज़ आती है सबलोग भागे भागे उस तरफ आते है. गिरने की आवाज़ सुनके माहिरा भी जल्दी से भागी भागी वह आती है और आर्यन को खून में लथपथ देख उससे बहोत बड़ा झटका लगता है.

शालिनी – ारयणणणणणणणण.

शालिनी जल्दी से आके आर्यन के पास बैठ जाती है और उसके सर को अपने गॉड में रख लेती है.

शालिनी – ार्यानंन्न. ार्यानंन्न. क्या हुआए तुम्हे. उठो बेटा. शेखर विक्की जल्दी से हॉस्पिटल चलो. देखो कितना खून बह रहा है.

शालिनी की बात सुनके विक्की झट्ट से आगे आता है आर्यन को उठाने की कोशिश करता है.

विक्की को ऐसा करते देख अर्जुन भी आगे आता है और साथ में शेखर भी. तीनो मिल के आर्यन को झट्ट से उठा लेते है हॉस्पिटल के लिए निकल पढ़ते है.

इनके पीछे पीछे बाकी का परिवार भी हॉस्पिटल के लिए निकल पढता है.

आर्यन के गिरने के बाद माहिरा के मैं में एक डर से बैठ गया था. उसके मैं में बार बार एहि ख्याल आरहा था के कही अगर आर्यन को कुछ होगया तोह पूरा इलज़ाम माहिरा के ऊपर hi आएगा.

थोड़ी देर में सबलोग हॉस्पिटल आजाते है.

विक्की जल्दी से रिसेप्शन में भागता है और बोलता है.

विक्की – डॉक्टर कहा है. जल्दी से उन्हें बुलाइये इमरजेंसी है. जल्दी बुलाइये.

विक्की की हड़बड़ाहट देख कर रिसेप्शनिस्ट जल्दी से डॉक्टर को कॉल करती है.

थोड़ी देर में डॉक्टर आता है आर्यन को चेक करता है और अपने साथ अंदर ले जाता है.

विक्की उसी कमरे के बहार जाके खड़ा होजाता है जिस कमरे में आर्यन को डॉक्टर ले गए थे.

विक्की को इतना बदला देख कर विद्या संग बाकी सब भी हैरान थे. क्योकि विक्की कभी भी किसी भी चीज़ को लेके इतना रियेक्ट कभी नहीं करता था.

विद्या – विक्की.

अपनी माँ की आवाज़ सुनके विक्की झट्ट से उसके गले लग जाता है.

विक्की – मम्मी. यह सब... मम्मी भाई को कुछ होगा तोह नहीं ना. मैंने उन्हें यहाँ लाने में देरर तोह नहीं करदी ना. मैं नहीं चाहता मेरी वजह से फिर किसी को कुछ होजाये. पहले hi मेरे सीने में एक बोझ है. मैं एक और बोझ नहीं लेना चाहता. भैई को कुछ होगा नहीं ना.



विद्या – शन्तत होजाओ. विक्की. कुछ नहीं होगा तुम्हारे भाई को. देखना वह एकदम ठीक होजायेगा.
 
अपडेट 23

कुछ देर तक अंदर डॉक्टर का ट्रीटमेंट होता रहता है और बहार सबलोग इंतज़ार कर रहे थे. सबके चेहरे में टेंशन और डर चाय हुआ था.

थोड़ी देर बाद डॉक्टर बहार आता है तोह सबलोग उसके ऊपर झपट पढ़ते है.

विक्की – डॉक्टर. मेरे भाई कैसे है. वह ठीक तोह है ना. उन्हें कुछ हुआ तोह नहीं है ना.

शालिनी – हां डॉक्टर. बोलिये ना कैसा है वह. वह ठीक तोह है ना.

डॉक्टर – आपलोग शांत होजाइये. पेशेंट बिलकुल ठीक है. सर में कुछ स्टिचेस आये है. पेशेंट को देख कर लग रहा है वह 2 दिन से ठीक से सोया नहीं है और खाना भी ठीक से नहीं खाया है. खैरर अभी तोह वह बेहोश है. पर जल्द hi होश आजायेगा. अभी 2 दिन उससे एहि रहने दीजिये. फिर घर ले जाइएगा. यह बोल डॉक्टर वह से चला जाता है.

डॉक्टर के मुँह से यह सुनने के बाद सबलोग रहत की सांस लेते है. सबसे ज्यादा तोह विक्की और माहिरा को चैन आता है.

माहिरा – मैं में. हासष्ठ. अच्छा हुआ कुछ हुआ नहीं. वर्ण मैं खुद को कभी माफ़ नहीं कर पाती. और सबलोग पता नहीं मेरा क्या करते.

कुछ देर बाद सबलोग आर्यन की रूम में बैठे हुए थे और उसके होश में आने का इंतज़ार कर रहे थे.

थोड़ी देर में आर्यन को होश आजाता है. जैसे hi उससे होश आता है सबलोग उसपे सवालों की बारिश करदेते है.

अजय – ारी यह क्या कर रहे है आपलोग. अभी अभी उससे होश आया है और उसके सर में चोट भी लगी है.

शेखर – हआ एकदुम्म. उससे इतने सवाल पूछ रहे है आपलोग इससे तोह उसके सर में दर्द होरहा होगा. आर्यन को आराम करने दीजिये. एक बार वह ठीक होक घर आजाये फिर जितने चाहे सवाल कर लीजियेगा.

शेखर और अजय की बात सुनके सबलोग शांत होजाते है.

शालिनी – आपसब लोग अब घर जाइये. मैं रखती हु यहाँ पे.

विद्या – पर भाभी.

शालिनी – मैं हु यहाँ पे. अगर किसी चीज़ की जरुरत हुई तोह मैं कॉल करदूंगी.

शालिनी की बात सुनके सबलोग वह से निकल जाते है.

शालिनी – कैसे हो अब.

आर्यन – मैं ठीक हु.

शालिनी – कैसे हुआ यह सब. अगर तुम्हे कुछ होजाता तोह. मैं क्या जवाब देती फिर.

आर्यन – मुझे कुछ नहीं हुआ है. मैं बिलकुल ठीक हु. आपने कुछ बताया तोह नहीं है ना.

शालिनी – नहीं.

आर्यन – अच्छा किया.

शालिनी – चलो अब सच सच बताओ यह सब कैसे हुआ. डॉक्टर ने बोलै तुम 2 रातो से ठीक से सोये नहीं हो और खाना भी ठीक से नहीं खाया. ऐसा किसलिए.

आर्यन अब इस बात का क्या जवाब दे उससे समाज नहीं आरहा था. वह नहीं चाहता था के उसके वजह से माहिरा को शालिनी या फिर कोई और कुछ कहे. वह इस मटर को खुद हैंडल करने वाला था.

शालिनी – क्या हुआ. क्या सोच रहे हो.

आर्यन – यह कुछ नहीं.

शालिनी – तोह फिर बोलो.

आर्यन – ऐसा कुछ नहीं है. वह सुबह सीधी पे अचानक से मेरा पैरर मदद गया था और मरा बैलेंस बिगड़ गया इसीलिए मैं गिर्र गया. और डॉक्टर ने ऐसा क्यों बोलै मुझे समाज नहीं आरहा. जबकि मैं तोह रात को अच्छी सो सोता हु और खाना भी ठीक से hi खाता हु.

शालिनी को साफ़ समाज आरहा था के आर्यन उससे झूट बोल रहा है पर वह बात को आगे नहीं भड़ाती और उसको आराम करने का बोल वह से निकल जाती है.

इधर आर्यन को ठीक देख माहिरा को चैन आता है. वर्ण उसकी हालत तोह बहोत ख़राब होगयी थी डर की वजह से. उसके मैं में बार बार एक hi ख्याल आरहा था अगर आर्यन को कुछ होजाता तोह घरवाले उसका क्या हाल करते. एहि सोच सोच के वह डर रही थी पर अब उससे सुकून था.

इधर कुछ लोग आपस में कुछ बाते कर रहे थे जिनका मोतिवे बिलकुल भी अच्छा नहीं था.

लड़का – मैं उन्हें छोड़ूंगा नहीं पापा. उन्होंने मेरी ज़िन्दगी मेरा करियर सब ख़तम करदिया.

आदमी – अभी ऐसा कुछ करने की सोचना भी मत. बड़ी मुश्किल से तुझे जेल के बहार लाया हु.

लड़का – आप चाहे कुछ भी बोलो पापा. पर मैं उस माहिरा इशिता और उसके उस भाई को छोड़ूंगा नहीं. उन्होंने अपनी पावर का उसे करके मेरा करियर सुरु होने से पहले hi ख़तम करदिया. उनकी वजह से अब कोई भी कॉलेज कोई भी यूनिवर्सिटी मुझे एडमिशन नहीं देना चाहता.

आदमी – तेरी उस घटिया हरकत की वजह से मेरा भी बिज़नेस में बहोत नुक्सान हुआ है. उस कल्कि आये लड़के ने मेरी हाथ में आये हुए बहोत सारे टेंडर्स को कैंसिल करवा दिया. अब इस सेहर की कोई भी कंपनी हमारे साथ काम नहीं करना चाहती.

लड़का – यह सब मेरी वजह से नहीं उंनलोगो की वजह से हुआ है. मैं तोह उसे अपना बनाना चाहता था. पर उसने तोह मेरा सबकुछ मुझसे छिन्न लिया. मैं कुछ नहीं जानता मुझे उंनलोगो से बदला लेना है.



सामने बैठा आदमी कुछ नहीं बोलता बस अपने बेटे को देखते रहता है.
 
अपडेट 24

इधर सबके जाने के बाद आर्यन के कमरे में कोई आता है.

आर्यन – तुम यहाँ.

सामने वाला – यह तोह मुझे पूछना चाहिए. तुम यहाँ क्यों.

आर्यन – सब किस्मत है.

सामने वाला – कैसे हुआ यह सब.

आर्यन – बस चाकर आगया था.

सामने वाला – सच बोलने का क्या लोगी.

आर्यन – सच hi बोल रहा हु.

सामने वाला – जिसके वजह से यहाँ हो उसको क्यों बचा रहे हो. मैं समाज रहा हु यह किसका काम है पर जब तक तुम अपने मुँह से नहीं बोलोगे तब तक कुछ नहीं होगा.

आर्यन कुछ नहीं बोलता बस चुप चाप लेता रहता है.

सामने वाला – वैसे आज शायद इस हादसे से विक्की शायद ठीक होगया है. उसके अंदर जिस चीज़ का बोझ था वह शायद आज बहार आगया.

आर्यन – क्या सच में.

सामने वाला – हम्म्म्म.

आर्यन – अब आगे क्या करने का सोचा है.

सामने वाला – फ़िलहाल पता नहीं. पर जो भी होगा जल्द होगा.

फिर कुछ देर ऐसे hi बात करने के बाद वह इंसान वह से चला जाता है.

इधर आर्यन को सही सलामत देख माहिरा के मैं में जो डर था वह निकल जाता है इसीलिए वह अपनी मौज मस्ती में बिजी होजाती है इस बात से बेखबर के कोई उसकी इंतज़ार कर रहा है बुरे इरादों के साथ.

शाम को माहिरा के दोस्तों का कॉल आता है घूमने जाने के लिए. पहले तोह वह मन करदेती है. पर जब उसके दोस्त जिद्द करते है तोह वह हां करदेती है और बहार जाने के लिए रेडी होने लगती है.

कुछ देर में रेडी होक जब वह बहार जाने को होती है तोह शालिनी बोलती है.

शालिनी – माहिरा.

माहिरा – जी मम्मी.

शालिनी – कहा जा रही हो.

माहिरा – मम्मी दोस्तों के साथ थोड़ा गार्डन जा रही हु. थोड़ी देर में ाजुंगी.

शालिनी – जाना जरुरी है. सुबह hi घर में एक एक्सीडेंट होगया है और तुम बहार जा रही हो.

माहिरा – अब तोह सब ठीक है ना मम्मी और मैं थोड़ी देर में ाजुंगी. एहि पास के गार्डन में hi जा रही हु.

शालिनी थोड़ी देर माहिरा को देखती है और उसके इस बेहेवियर को भी अच्छे से नोटिस करती है फिर बोलती है जैसी तुम्हारी मर्ज़ी. यह बोल शालिनी वह से चली जाती है.

माहिरा शालिनी के व्यंग को उसकी परमिशन समाजके बहार निकल जाती है.

इधर वह लड़का अपने बाप के पास जाता है और बोलता है.

लड़का – पापा हमारे आदमी ने अभी अभी माहिरा को घर से अकेले बहार जाते हुए देखा है. यह सही मौका है.

आदमी – राकेश एकबार फिर से सोच ले. क्योकि अगर इससबार कुछ भी उल्टा सीधा हुआ तोह मैं भी तुझे बचा नहीं पाऊंगा.

राकेश – इससबार ऐसा कुछ नहीं होगा पापा. क्योकि उस माहिरा का भाई खुद हॉस्पिटल में एडमिट है और वह माहिरा भी बिलकुल भी अकेली बहार निकली है. आप बस यह बोलो आप मेरा साथ डोज या नहीं.

राकेश का बाप कुछ उससे कुछ नहीं बोलता बस अपना फ़ोन निकल के अपने आदमी को कॉल करके कुछ इंस्ट्रक्शन देता है.



राकेश अपने बाप को बात करते सुन्न खुश होजाता है और मैं hi मैं बोलता है. माहिरा तेरी वजह से मेरी लाइफ बर्बाद होगयी. अब देख मैं कैसे तुझसे hi अपनी लाइफ फिर से आबाद करता हु.
 
अपडेट 25

रात को सबलोग खाने के टेबल में बैठे थी पर सिर्फ शालिनी hi थी जो हॉल में बैठी थी और गेट की तरफ बार बार देख रही थी क्योकि माहिरा अभी तक घर वापस नहीं आयी थी और उसका फ़ोन भी नहीं लग रहा था.

विद्या – क्या बात है भाभी. आप यहाँ अकेले क्यों बैठी है.

शालिनी – माहिरा का वेट कर रही हु. उससे बहार गए हुए बहोत टाइम होगया है. अभी तक वापस नहीं आयी. उसका फ़ोन भी नहीं लग रहा है.

विद्या – आप चिंता मत कीजिये. आजायेगी. चलिए आप खाना खा लीजिये.

शालिनी – तुमलोग खा लो मैं माहिरा के आने के बाद खा लुंगी.

विद्या भी बिना कुछ बोले वह से चली जाती है.

देखते देखते बहोत टाइम गुज़र जाता है पर माहिरा घर नहीं लौटती. शालिनी परेशां होजाती है. वह माहिरा के सभी दोस्तों को कॉल करके पूछने लगती है.

माहिरा के सभी दोस्त एहि बोलते है के वह तोह बहोत देर पहले hi घर आगये थे. शालिनी को अब बहोत ज्यादा टेंशन होगयी थी. उसका दिल बहोत घबरा रहा था.

विक्की – चची जी आप चिंता मत कीजिये. मैं देखता हु बहार जाके.

यह बोल विक्की घर के बहार चला जाता है और माहिरा को ढूंढ़ने लगता है.

थोड़ी देर के बाद जब विक्की खाली हाथ वापस आता है तोह शालिनी का जीना मुश्किल होजाता है.

शालिनी – शेखर.

शेखर – जी भाभी.

शालिनी – अभी के अभी वीर को कॉल लगाओ.

शालिनी की बात सुनके शेखर तुरंत वीर को कॉल लगता है.

वीर – हां सर बोलिये.

शेखर – वीर माहिरा का कुछ पता नहीं चल रहा है. वह शाम को घर से बहार गयी थी अभी तक वापस नहीं आयी. उसके दोस्तों को भी नहीं पता वह कहा है. उसका फ़ोन भी नहीं लग रहा है.

वीर – आप चिंता मत कीजिये सर मैं देखता हु.

यह बोल वीर कॉल कट करदेता है और अपने काम पे निकल जाता है. इधर शालिनी का टेंशन से बुरा हाल होरहा था. उससे समाज नहीं आरहा था के वह क्या करी.

अजय – शालिनी चिंता मत करो. माहिरा मिल जायेगी.

शालिनी – कैसे चिंता ना करू. बेटी है वह मेरी. माँ हु मैं उसकी. जनम नहीं दिया तोह क्या हुआ. मेरे लिए घर के सभी बच्चे मुझे मेरी जान से ज्यादा प्यारे है. फिर चाहे वह इशिता हो विक्की हो आर्यन हो या फिर माहिरा हो.

विद्या – भाभी मिल जायेगी. वीर भैया गए है ना उससे ढूंढ़ने देखना जल्द मिल जायेगी.

इशिता – मम्मी कही वह भाई के पास हॉस्पिटल तोह नहीं चली गयी.

विक्की – नहीं मैंने हॉस्पिटल कॉल किया था वह घर का कोई मेंबर नहीं गया है शाम से.

कुछ घंटे बाद वीर घर आता है तोह सब उससे सवाल पूछने लगते है.

शालिनी – वीर कहा है मेरी बच्ची. कहा है माहिरा. तुम अकेले क्यों हो. तुम चुप क्यों हो बोलो ना.

वीर – मम मैंने हर जगह उससे ढूंढा. पर वह कही नहीं मिली. उसके मोबाइल को ट्रेस कर मैं उसके लास्ट लोकेशन पे गया तोह मुझे उसका मोबाइल गार्डन में स्विच ऑफ मिला. मैंने गार्डन में लगे कक्तव कैमरा को उसी वक़्त चेक किया तोह पता चला माहिरा शाम को उस गार्डन में आयी थी. वह कुछ देर वह थी पर वह से घर आने के लिए निकली. तभी वह से कार आती है और माहिरा को जबरदस्ती उसमे बैठे के निकल जाती है. ी ऍम सॉरी तो से मम पर किसी ने माहिरा का किडनैप करलिया है.

वीर की बात सुनके सब के पैरों टेल ज़मीन खिसक जाती है. सबसे बड़ा झटका को शालिनी को लगता है. उसके आँखों से तोह आंसू गिरने लगते है.

शालिनी – वीर मैं कुछ नहीं जानती मुझे मेरी बेटी बिलकुल सही सलामत वापस चाहिए. तुम क्या करोगे. क्या नहीं करोगे मुझे नहीं पता. मुझे मेरी बेटी वापस चाहिए. नहीं तोह तुम आर्यन को जानते हो अगर माहिरा को एक खरोच भी आयी तोह वह गुस्से से पागल होजायेगा.

वीर – आप चिंता मत कीजिये मम. मैंने मेरे आदमियों को हर जगह लगा दिया है. और जिस गाडी में माहिरा को ले जाय गया है उसके बारे में भी जल्द पता चल जाएगा.

शेखर – मैं अभी कमिश्नर को कॉल करता हु.

यह बोल शेखर तुरंत अपना मोबाइल निकालके कमिश्नर को कॉल करता है.

कमिश्नर – ारी शेखर साहब इतनी रात को कॉल किया सब खैरियत.

शेखर – कमिश्नर साहब. मेरी भतीजी का किसीने घर के पास वाले गार्डन से किडनैप करलिया है. वीर ने कक्तव फुटेज में देखा है. आप जल्दी से यहाँ आइये.

कमिश्नर – मैं अभी आता हु. आप चिंता मत कीजिये.

शेखर – वीर जल्द से जल्द माहिरा का पता लगाओ.

वीर – सर. मैंने आलरेडी काम स्टार्ट करदिया है. इशिता तुमदोनो हमेशा साथ रहती हो क्या तुम्हे किसी पे शक है.

इशिता – अंकल ऐसा तोह कुछ भी नहीं है. आपको तोह याद hi होगा कुछ वक़्त पहले उस लड़के राकेश ने हमारे साथ ऐसा किया था तोह भैया ने हुम्हे बचाया था. उसके अलावा और कुछ नहीं हुआ है.

वीर – मैं उस लड़के के घर भी गया था पर वह हुम्हे कुछ नहीं मिला. वह लड़का कुछ दिन पहले hi जेल से बहार आया है. और ितबी जल्दी फिर से वही काम करेगा ऐसा नहीं लगता.

विक्की – आज कल के लड़को का कुछ भरोसा नहीं है अंकल. वह बहार से दीखते कुछ है और अंदर से होते कुछ है. आप उस लड़के के ऊपर नज़र रखिये. और इशिता तुम थोड़ा याद करो होसकता है तुमसे कुछ मिस होरहा है.

इशिता – नहीं भैया. हुम्हे खाश कर माहिरा को सिर्फ वह राकेश hi परेशां करता था. उसके अलावा सबलोगो से हमारी अच्छी दोस्ती है.

शेखर – वीर तुम सेहर का कोना कोना छान मारो और माहिरा को ढूंढो. चाहे कुछ भी होजाये उससे कुछ नहीं होना चाहिए.

वीर – माहिरा को कुछ नहीं होगा. मैं चलता हु.

विक्की – अंकल रखिये. मैं भी चलता हु आपके साथ.



वीर विक्की को साथ नहीं ले जाना चाहता था पर उससे विक्की की आँखों में एक अलग hi चमक दिखाई दे रही थी जो उससे पहले कभी नहीं दिखी थी इसीलिए वह विक्की को अपने साथ ले जाता है.
 
अपडेट 26

इधर शालिनी का हाल बुरा होरहा था. उसका मैं बहोत hi ज्यादा घबरा रहा था. विद्या और माया उससे सँभालने की कोशिश कर रहे थे पर शालिनी का मैं बहोत hi विचलिर होरहा था.

थोड़ी देर में कमिश्नर घर आता है तोह पूरी बात सुनता है.

कमिश्नर – आपलोगो को किसी पे शक्क है.

शेखर – ऐसा तोह कुछ नहीं है. पर बच्चे कह रहे थे एक लड़का है कोई राकेश नाम का जिसने एक बार इनदोनो को किडनैप करने की कोशिश की थी पर आर्यन ने उन्हें बचा लिया था. वीर गया था उसके घर पर वह उससे कुछ नहीं मिला.

कमिश्नर – आप चिंता मत कीजिये. मैं अभी अपने ऑफिसर्स को माहिरा की खोज में लगा देता हु. आप उसकी एक तस्वीर दे दीजिये.

फिर कमिश्नर माहिरा की एक तस्वीर लेके वह से निकल पढता है.

कुछ घंटो के बाद विक्की और वीर वापस आते है पर माहिरा उनके साथ नहीं थी.

शालिनी – वीर विक्की क्या हुआ कुछ पता चला माहिरा के बारे में.

विक्की – नहीं तेजी. माहिरा का कुछ पता नहीं चला. हुम्हे वह गाडी मिल गयी जिसमे माहिरा को ले जाय गया था पर लगता है वह गाडी चोरी की थी.

वीर – किसी ने बहोत प्लानिंग के साथ किया है.

विद्या – कही उंनलोगो ने तोह माहिरा को किडनैप नहीं किया जिन्होंने आर्यन को मारने की कोशिश की थी.

विद्या की बात सुनके शालिनी की हालत और ख़राब होजाती है.

विक्की – जब भैया को यह बात पता चलेगी तब क्या होगा. ऐसे hi उनकी ताब्यात ख़राब है और जब उन्हें यह पता चलेगा तब क्या होगा.

शालिनी संग संग अपना फ़ोन निकलती है और आर्यन को call.lagati है.

आर्यन – मम्मी.

शालिनी – आर्यन. माहिरा का कुछ पता नहीं चल रहा है. वह शाम को दोस्तों के साथ गार्डन गयी थी और वही से किसी ने उससे किडनैप करलिया है. किसने किया है कुछ पता नहीं चल रहा है.

आर्यन जब यह सुनता है उसकी आँखें गुस्से से लाल होजाती है.

आर्यन – वीर अंकल कहा है. उन्हें कहा गया था न माहिरा इशिता और विक्की के पीछे अपने आदमी लगाए राखी. उनके होते हुए यह सब कैसे हुआ.

शालिनी – अभी इनसब बातों का वक़्त नहीं है आर्यन. मुझे बस मेरी बेटी बिलकुल सही सलामत वापस चाहिए.

आर्यन – माहिरा को कुछ नहीं होगा. यह उसके बड़े भाई का वडा है. यह बोल वह कॉल कट करदेता है.

अभी शालिनी ने अपना फ़ोन रखा hi था के वीर का फ़ोन बज उठता है.

वीर – आर्यन.

आर्यन – जो भी अभी तक हुआ है मुझे उन् सभी चीज़ की पूरी डिटेल्स चाहिए. आप मुझे अभी के अभी हॉस्पिटल में मिलो. यह बोल वह कॉल कट करदेता है.

वीर तुरंत वह से हॉस्पिटल के लिए निकल जाता है.

इधर राकेश के घर जबसे वीर ने ढाबा बोलै था तबसे hi उसके घर में चहल पहल चालु थी.

राकेश – देखा पापा हमने कितनी चालाकी से अपने प्लान को अंजाम दे दिया और किसी को कोई शक्क भी नहीं हुआ.

राकेश पापा – शक्क तोह उन्हें हमपर होगया है इसीलिए तोह वह यहाँ आये थे. यह तोह अच्छा हुआ हमने उस लड़की को सेफ जगह पे छुपा दिया है. वर्ण अभी तक हमारी लाशें भी नहीं मिलती किसीको.

राकेश – बात तोह आपकी सही है पापा मुझे यह तोह पता था ओहलोग यहाँ एक बार तोह जरूर आएंगे. और अब जब उन्हें यहाँ कुछ नहीं मिला तोह हम शांति से अपने प्लान ko.aage बढ़ा सकते है.

राकेश पापा – पर अब आगे करना क्या है. तू करना क्या चाहता है उस लड़की के साथ.



राकेश – पुरे राजपूत एम्पायर को हासिल करना चाहता हु पापा. मैं उस माहिरा से जबरदस्ती शादी करके पुरे राजपूत एम्पायर को अपने नाम करवाऊंगा और फिर उस लड़की से और उसके परिवार से अपने बेइज़ाती का बदला लूंगा. उन्होंने मेरी ज़िन्दगी मेरा करियर सब कुछ तबाह करदिया है. अब मैं उन्हें उनकी hi बेटी की मदद से तबाह करूँगा. देखना पापा अब जल्द hi पूरा राजपूत ेमपुरा हमारा होगा सिर्फ हमारा. यह बोल जोरर जोरर से हसने लगता है.
 
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