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- Dec 5, 2013
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उसी वक़्त रात को 11 बजे के करीब एक लड़का शहर के सबसे पुराने शराब के ठेके पे बैठा हुआ था. उसके हाथ में एक बोतल भी थी जो आधी खाली थी.
थोड़ी देर वह पे बैठे रहने के बाद वह लड़का वह से हिलते डुलते जाने लगता है. जैसे hi वह ठेके से थोड़ी दुर्र आता है उसका हिलने डुलना पूरा बंद होजाता है और वह एकदम सीधा चलने लगता है और उसके सामने से जा रहे आदमी को बोलता है.
लड़का – क्या रे बिरजू कैसा है.
सामने जा रहे आदमी को जब अपना नाम सुनाई देता है तोह वह हैरान होता है और पीछे घूम के देखता है.
बिरजू – कौन है.
लड़का – क्या रे बिरजू नशे में इतना धुत्त है के तूने मुझे नहीं पहचाना.
बिरजू अच्छे से अपनी आँखे मसलता है और ठिक्क से देखने की कोशिश करता है पर अँधेरा होने की वजह से वह उस लड़के को ठीक से देख नहीं पाटा.
बिरजू – कौन है वह पे.
वह लड़का धीरे धीरे बिरजू के पास आता है हुए एकदम उसके सामने आके खड़ा होजाता है.
लड़का – पहचाना.
बिरजू – नहीं कौन है तू.
लड़का – क्या रे बिरजू. ट्रक से एक आदमी को उड़ाने के बाद तू मुझे भूल गया.
बिरजू यह सुनके थोड़ा डर जाता है पर हिम्मत करके बोलता है.
बिरजू – कौन है रे तू. और तुझे यह कैसे पता.
लड़का – क्या रे बिरजू तू अभी तक मुझे नहीं पहचान पाया. और मुझे सब पता है.
बिरजू अपनी जेब से एक चाक़ू निकलता है और उस लड़के को दिखते हुए बोलता है.
बिरजू – बहोत शाना समझता है अपने आप को चल बता कौन है तू और तुझे यह सब कैसे पता.
लड़का – बस क्या बिरजू. तू मेरे को नहीं पहचाना. ारी मैं हु.
बिरजू – मैं कौन.
लड़का – ारी मैं. तेरई मुट्ट्ट्ट. यह बोल सीधा एक टूटा हुआ कांच का टुकड़ा बिरजू के गले में घुसा देता है.
बिरजू की आखें हैरानी से फूल जाती है. उससे सांस लेने में तकलीफ होने लगती है. वह बड़ी बड़ी आँखों से सामने खड़े लड़के को देखने लगता है.
लड़का – अब ऊपर जाके आराम से सोचना मैं कौन हु और मुझे वह सब कैसे पता.
यह बोल वह लड़का वह से निकल जाता है और बिरजू तड़पते हुए वही मर्डर जाता है.
अगले दिन आर्यन सुबह सुबह रेडी होक नीचे आता है.
शालिनी – आओ बैठो नाश्ता करलो.
आर्यन आके एक चेयर में बैठ जाता है.
माहिरा – गुड मॉर्निंग भैया.
आर्यन – गुड मॉर्निंग.
इशिता – भाई आपने इतने साल मुंबई में क्या किया.
आर्यन – बस अपनी पढाई की.
माहिरा – क्या आपको हमलोगो की याद नहीं आयी कभी भी.
आर्यन – रोज आती थी. पर मज़बूरी थी इसीलिए कभी आ नहीं पाया.
विद्या – अब तुमदोनो बस भी करो और इससे नाश्ता करने दो.
दोनों – हां तोह हम कहा मन कर रहे है. हम तोह बस ऐसे hi पूछ रहे थे.
फिर सब बैठ के नाश्ता करने लगते है.
खाना खाते हुए माहिरा बार बार आर्यन को देखे जा रही थी जो आर्यन नोटिस करलेता है पर कुछ बोलता नहीं.
थोड़ी देर बाद सबका नाश्ता होजाता है तोह सब अपने अपने काम के लिए निकल जाते है.
आज आर्यन का फर्स्ट डे था ऑफिस में. वह अच्छे से तैयार होक ऑफिस जाता है जहा उसका अच्छे से स्वागत होता है. विक्रम का सेक्रेटरी hi आर्यन को ग्रीट करता है और उससे ऑफिस के अंदर ले जाता है.
सेक्रेटरी आर्यन को पूरा ऑफिस घूमता है और उससे सबसे इंट्रोडस करवाता है फिर आर्यन को मद की केबिन में लेके चला जाता है.
सेक्रेटरी – सर. यह रही आपकी चेयर. जहा पहले आपके पापा बैठते थे और अब आप बैठेंगे.
आर्यन बस स्माइल करदेता है और चेयर के पास जाके उससे छूटा है फिर बगल में रखे सोफे में जाके बैठ जाता है
सेक्रेटरी – यह क्या सर. आप चेयर में क्यों नहीं बैठे.
आर्यन – बस ऐसे hi. अब तुम बताओ. तुम यहाँ कितने साल से काम कर रहे हो.
सेक्रेटरी – लगभग 5 साल से.
आर्यन – हम्म. और सैलरी कितनी है.
सेक्रेटरी – बस गुज़ारा होजाता है सर.
आर्यन – फिर भी एक्सएक्ट अमाउंट कितना है.
सेक्रेटरी – 60 थाउजेंड सर.
आर्यन – हम्म्म. ठीक है.
सेक्रेटरी – सर. कुछ लोग आपसे मिलना चाहते है.
आर्यन – कौन है.
सेक्रेटरी – सर बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर्स के कुछ मेंबर्स है और साथ में हमारे कॉम्पिटिटर्स भी.
आर्यन – हम्म. ठीक है. भेजो उन्हें.
फिर सेक्रेटरी बहार जाता है और थोड़ी देर बाद उन्हें अंदर लेके आता है.
आर्यन – आइये बैठिये.
सेक्रेटरी – सर यह है हमारे बोर्ड ऑफ़ मेंबर्स और यह है हमारे बिज़नेस ॉपपोनेंट्स मर. सूरज वर्मा, मर. हरीश खन्ना और मर. रणजीत सिंह.
आर्यन – हम्म्म.
सूरज – आर्यन सिंह राजपूत एहि नाम है ना तुम्हारा.
आर्यन – जीई.
हरीश – बड़ी छोटी उम्र में बहोत बदु जिम्मेदारी आगयी है तुंहरे कंधो पर. संभल पाओगे.
आर्यन – जब जिम्मेदारी मिली है तोह सोच समाज कर hi मिली होगी.
रणजीत – वैसे हम सालों से विक्रम के साथ बिज़नेस में है और उसने हमेशा हुम्हे टक्कर दी है. तुमसे भी वैसी hi उम्मीद है.
सूरज – ारी सिंह साहब. अभी यह बच्चा है. अभी कहा इससे बिज़नेस का तौर तरीके पता होंगे.
आर्यन – जी बच्चा हु. पर शेर का बच्चा हु. और शेर का बच्चा भी शेर hi कहलाता है.
सूरज – बहोत बढ़िया. तुम्हे देख कर लगता है तुम भी अपने बाप की तरह hi जियोगे.
आर्यन – जी बिलकुल.
कुछ देर बाद ऐसे hi और कुछ बाते करने के बाद वह लोग चले जाते है. फिर आर्यन वह बैठ के अपना काम करने लगता है.
इधर जब बिरजू के मौत की खबर एहलोग सुनते है तोह एकबार के लिए इनके पसीने छूट जाते है पर फिर उसके हाथ में शराब की बोतल देखते है तोह उनको रहत भी मिलती है.
इधर वही लड़का एक गोडाउन के आस पास चाकर लगा रहा होता है और जब देखता है के रास्ता एकदम साफ़ है तोह वह झट्ट से उस गोडाउन के अंदर चला जाता है.
लड़का गोडाउन के अंदर आके देखता है वह बड़े बड़े बॉक्सेस पड़े है जिनपे अलग अलग जगह का नाम लिखा हुआ है. लड़का एक बॉक्स खोलता है तोह उसमे बहोत सारे रॉ मैटेरियल्स पड़े हुए थे कपड़ो के. वह लड़का हर एक बॉक्स खोलके देखता है तोह उससे हर एक बॉक्स में कपड़ो के रॉ मैटेरियल्स hi दीखते है.
लड़का – हम्म. तोह यहाँ से माल सप्लाई होने वाला है. पर अफ़सोस अब यह माल कभी सप्लाई नहीं हो पायेगा.
फिर वह लड़का उस पुरे गोडाउन का अच्छे से चाकर लगता है और मीटर बॉक्स के पास आके उससे छेड़छाड़ करके वह शार्ट सर्किट करदेता है जिससे वह आग लग जाती है. फिर वह लड़का वह से निकल जाता है और बहार चाय की टापरी में बैठके चाय पीने लगता है.
थोड़ी देर बाद hi उस गोडाउन की आग की लपटे दिखने लगती है और चाय की टापरी में बैठे हुए लोग वह देख लेते है और जल्द से जल्द पुलिस और फायर ब्रिगेड को बुला लेते है.
पर जब तक पुलिस और फायर ब्रिगेड वह आती है पूरा गोडाउन आग की लपटों में आजाता है और अंदर रखा पूरा सामान जल जाता है. गोडाउन का सिक्योरिटी गार्ड वह के मालिक को कॉल करके सब बता देता है.
गोडाउन का मालिक यह सुनते hi वह आता है और अपनी आँखों के सामने करोडो का सामान जलते हुए देखने लगता है. मीडिया के लोग जो वह पे मौजूद थे वह मालिक के पास आके उससे सवाल करने लगता है.
मीडिया – रणजीत जी सुनने में आया है के यह गोडाउन आपका है.
रणजीत – हां. यह मेरा hi गोडाउन है.
मीडिया – क्या इसमें आपका कोई सामान भी था.
रणजीत – हां. इसमें कपड़ो के रॉ मैटेरियल्स के बड़े बड़े बॉक्सेस रखे हुए थे जो सप्लाई होने वाले थे.
सिक्योरिटी – साहब.
रणजीत – यह आग कैसे लगी.
सिक्योरिटी – शार्ट सर्किट होगया था साहब.
रणजीत – ऐसे कैसे शार्ट सर्किट होगया. क्या कोई आया था.
सिक्योरिटी – नही साहब. कोई नहीं आया था. मैं तोह रात से हु यहाँ पे और मैं हिला भी नहीं.
रणजीत अपने मोबाइल में अंदर के कक्तव फुटेज की रिकॉर्डिंग चेक करने लगता है. रिकॉर्डिंग में साफ़ साफ़ दीखता है एक लड़का मुँह में मास्क लगाए हुए अंदर आता है और मीटर बॉक्स के साथ छेड़छाड़ करके शार्ट सर्किट करता है.
सिक्योरिटी गार्ड यह देख कर डर जाता है.
सिक्योरिटी – यह अंदर कैसे गया और कब गया. मैं तोह रात से एहि पे हु.
रणजीत – तुम्हारी आँखों के सामने से कोई मेरे करोडो रूपए आग लगा कर चला जाता है और तुम्हे कुछ नहीं पता.
सिक्योरिटी – मैं सच कहता हु साहब मुझे कुछ नहीं पता.
रणजीत – तुझे तोह मैं बाद में देखता हु. पहले मुझे पुलिस को रोखना होगा.
फिर रणजीत बड़ी मुश्किल से पुलिस वालों इन्वेस्टीगेशन करने से रोख्ता है और अपने घर आजाता है.
वह जैसे hi अपने घर जाता है वह उसके लिए एक बुके और एक लेटर पढ़ा हुआ था.
वह लेटर पढता है तोह उसके होश उड़द जाते है. उसमे लिखा हुआ था तबाही की शुरुआत मुबारक हो. आज तोह सिर्फ एक गोडाउन जला है बहोत जल्द तेरी चीता भी जलेगी. तैयार रहना.
रणजीत यह लेटर पढ़ते hi छिलने लगता है. उसके चिल्लाने के आवाज़ सुन्न घर के नौकर भग्ग के उसके पास आते है.
रणजीत – यह सब किसने दिया.
नौकर – एक कूरियर वाला आया था साहब. उसी ने दिया है.
अभी रणजीत और कुछ बोलता तभी उसका फ़ोन बज उठता है.
रणजीत – Hello.
सामने से – ज्यादा सोचने की जरुरत नहीं है रणजीत सिंह. तेरी बर्बादी का काउंटडाउन स्टार्ट होचुका है. बहोत जल्द तू सड़क पे होगा.
रणजीत – कौन है तू.
सामने से – मैं कौन हु यह भी तुझे जल्दी hi पता चल जाएगा. वैसे सबको तोह एहि पता है ना के तेरा सिर्फ कपड़ो का रॉ मटेरियल जला है. किसी को सच तोह नहीं बता दिया के वह सिर्फ कपड़ो का रॉ मटेरियल नहीं कुछ और भी था.
रणजीत उसकी यह बात सुन्न हैरान होजाता है.
रणजीत – कौन है तू. और तुझे यह सब कैसे पता.
सामने से – मैंने बोलै ना मैं कौन हु यह तुझे जल्द पता चल जाएगा. और अगले धमाके के लिए तैयार रहना. यह बोल कॉल कट करदेता है.
रणजीत अपने सर पकड़ के सोफे में बैठ जाता है.
उसी वक़्त रात को 11 बजे के करीब एक लड़का शहर के सबसे पुराने शराब के ठेके पे बैठा हुआ था. उसके हाथ में एक बोतल भी थी जो आधी खाली थी.
थोड़ी देर वह पे बैठे रहने के बाद वह लड़का वह से हिलते डुलते जाने लगता है. जैसे hi वह ठेके से थोड़ी दुर्र आता है उसका हिलने डुलना पूरा बंद होजाता है और वह एकदम सीधा चलने लगता है और उसके सामने से जा रहे आदमी को बोलता है.
लड़का – क्या रे बिरजू कैसा है.
सामने जा रहे आदमी को जब अपना नाम सुनाई देता है तोह वह हैरान होता है और पीछे घूम के देखता है.
बिरजू – कौन है.
लड़का – क्या रे बिरजू नशे में इतना धुत्त है के तूने मुझे नहीं पहचाना.
बिरजू अच्छे से अपनी आँखे मसलता है और ठिक्क से देखने की कोशिश करता है पर अँधेरा होने की वजह से वह उस लड़के को ठीक से देख नहीं पाटा.
बिरजू – कौन है वह पे.
वह लड़का धीरे धीरे बिरजू के पास आता है हुए एकदम उसके सामने आके खड़ा होजाता है.
लड़का – पहचाना.
बिरजू – नहीं कौन है तू.
लड़का – क्या रे बिरजू. ट्रक से एक आदमी को उड़ाने के बाद तू मुझे भूल गया.
बिरजू यह सुनके थोड़ा डर जाता है पर हिम्मत करके बोलता है.
बिरजू – कौन है रे तू. और तुझे यह कैसे पता.
लड़का – क्या रे बिरजू तू अभी तक मुझे नहीं पहचान पाया. और मुझे सब पता है.
बिरजू अपनी जेब से एक चाक़ू निकलता है और उस लड़के को दिखते हुए बोलता है.
बिरजू – बहोत शाना समझता है अपने आप को चल बता कौन है तू और तुझे यह सब कैसे पता.
लड़का – बस क्या बिरजू. तू मेरे को नहीं पहचाना. ारी मैं हु.
बिरजू – मैं कौन.
लड़का – ारी मैं. तेरई मुट्ट्ट्ट. यह बोल सीधा एक टूटा हुआ कांच का टुकड़ा बिरजू के गले में घुसा देता है.
बिरजू की आखें हैरानी से फूल जाती है. उससे सांस लेने में तकलीफ होने लगती है. वह बड़ी बड़ी आँखों से सामने खड़े लड़के को देखने लगता है.
लड़का – अब ऊपर जाके आराम से सोचना मैं कौन हु और मुझे वह सब कैसे पता.
यह बोल वह लड़का वह से निकल जाता है और बिरजू तड़पते हुए वही मर्डर जाता है.
अगले दिन आर्यन सुबह सुबह रेडी होक नीचे आता है.
शालिनी – आओ बैठो नाश्ता करलो.
आर्यन आके एक चेयर में बैठ जाता है.
माहिरा – गुड मॉर्निंग भैया.
आर्यन – गुड मॉर्निंग.
इशिता – भाई आपने इतने साल मुंबई में क्या किया.
आर्यन – बस अपनी पढाई की.
माहिरा – क्या आपको हमलोगो की याद नहीं आयी कभी भी.
आर्यन – रोज आती थी. पर मज़बूरी थी इसीलिए कभी आ नहीं पाया.
विद्या – अब तुमदोनो बस भी करो और इससे नाश्ता करने दो.
दोनों – हां तोह हम कहा मन कर रहे है. हम तोह बस ऐसे hi पूछ रहे थे.
फिर सब बैठ के नाश्ता करने लगते है.
खाना खाते हुए माहिरा बार बार आर्यन को देखे जा रही थी जो आर्यन नोटिस करलेता है पर कुछ बोलता नहीं.
थोड़ी देर बाद सबका नाश्ता होजाता है तोह सब अपने अपने काम के लिए निकल जाते है.
आज आर्यन का फर्स्ट डे था ऑफिस में. वह अच्छे से तैयार होक ऑफिस जाता है जहा उसका अच्छे से स्वागत होता है. विक्रम का सेक्रेटरी hi आर्यन को ग्रीट करता है और उससे ऑफिस के अंदर ले जाता है.
सेक्रेटरी आर्यन को पूरा ऑफिस घूमता है और उससे सबसे इंट्रोडस करवाता है फिर आर्यन को मद की केबिन में लेके चला जाता है.
सेक्रेटरी – सर. यह रही आपकी चेयर. जहा पहले आपके पापा बैठते थे और अब आप बैठेंगे.
आर्यन बस स्माइल करदेता है और चेयर के पास जाके उससे छूटा है फिर बगल में रखे सोफे में जाके बैठ जाता है
सेक्रेटरी – यह क्या सर. आप चेयर में क्यों नहीं बैठे.
आर्यन – बस ऐसे hi. अब तुम बताओ. तुम यहाँ कितने साल से काम कर रहे हो.
सेक्रेटरी – लगभग 5 साल से.
आर्यन – हम्म. और सैलरी कितनी है.
सेक्रेटरी – बस गुज़ारा होजाता है सर.
आर्यन – फिर भी एक्सएक्ट अमाउंट कितना है.
सेक्रेटरी – 60 थाउजेंड सर.
आर्यन – हम्म्म. ठीक है.
सेक्रेटरी – सर. कुछ लोग आपसे मिलना चाहते है.
आर्यन – कौन है.
सेक्रेटरी – सर बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर्स के कुछ मेंबर्स है और साथ में हमारे कॉम्पिटिटर्स भी.
आर्यन – हम्म. ठीक है. भेजो उन्हें.
फिर सेक्रेटरी बहार जाता है और थोड़ी देर बाद उन्हें अंदर लेके आता है.
आर्यन – आइये बैठिये.
सेक्रेटरी – सर यह है हमारे बोर्ड ऑफ़ मेंबर्स और यह है हमारे बिज़नेस ॉपपोनेंट्स मर. सूरज वर्मा, मर. हरीश खन्ना और मर. रणजीत सिंह.
आर्यन – हम्म्म.
सूरज – आर्यन सिंह राजपूत एहि नाम है ना तुम्हारा.
आर्यन – जीई.
हरीश – बड़ी छोटी उम्र में बहोत बदु जिम्मेदारी आगयी है तुंहरे कंधो पर. संभल पाओगे.
आर्यन – जब जिम्मेदारी मिली है तोह सोच समाज कर hi मिली होगी.
रणजीत – वैसे हम सालों से विक्रम के साथ बिज़नेस में है और उसने हमेशा हुम्हे टक्कर दी है. तुमसे भी वैसी hi उम्मीद है.
सूरज – ारी सिंह साहब. अभी यह बच्चा है. अभी कहा इससे बिज़नेस का तौर तरीके पता होंगे.
आर्यन – जी बच्चा हु. पर शेर का बच्चा हु. और शेर का बच्चा भी शेर hi कहलाता है.
सूरज – बहोत बढ़िया. तुम्हे देख कर लगता है तुम भी अपने बाप की तरह hi जियोगे.
आर्यन – जी बिलकुल.
कुछ देर बाद ऐसे hi और कुछ बाते करने के बाद वह लोग चले जाते है. फिर आर्यन वह बैठ के अपना काम करने लगता है.
इधर जब बिरजू के मौत की खबर एहलोग सुनते है तोह एकबार के लिए इनके पसीने छूट जाते है पर फिर उसके हाथ में शराब की बोतल देखते है तोह उनको रहत भी मिलती है.
इधर वही लड़का एक गोडाउन के आस पास चाकर लगा रहा होता है और जब देखता है के रास्ता एकदम साफ़ है तोह वह झट्ट से उस गोडाउन के अंदर चला जाता है.
लड़का गोडाउन के अंदर आके देखता है वह बड़े बड़े बॉक्सेस पड़े है जिनपे अलग अलग जगह का नाम लिखा हुआ है. लड़का एक बॉक्स खोलता है तोह उसमे बहोत सारे रॉ मैटेरियल्स पड़े हुए थे कपड़ो के. वह लड़का हर एक बॉक्स खोलके देखता है तोह उससे हर एक बॉक्स में कपड़ो के रॉ मैटेरियल्स hi दीखते है.
लड़का – हम्म. तोह यहाँ से माल सप्लाई होने वाला है. पर अफ़सोस अब यह माल कभी सप्लाई नहीं हो पायेगा.
फिर वह लड़का उस पुरे गोडाउन का अच्छे से चाकर लगता है और मीटर बॉक्स के पास आके उससे छेड़छाड़ करके वह शार्ट सर्किट करदेता है जिससे वह आग लग जाती है. फिर वह लड़का वह से निकल जाता है और बहार चाय की टापरी में बैठके चाय पीने लगता है.
थोड़ी देर बाद hi उस गोडाउन की आग की लपटे दिखने लगती है और चाय की टापरी में बैठे हुए लोग वह देख लेते है और जल्द से जल्द पुलिस और फायर ब्रिगेड को बुला लेते है.
पर जब तक पुलिस और फायर ब्रिगेड वह आती है पूरा गोडाउन आग की लपटों में आजाता है और अंदर रखा पूरा सामान जल जाता है. गोडाउन का सिक्योरिटी गार्ड वह के मालिक को कॉल करके सब बता देता है.
गोडाउन का मालिक यह सुनते hi वह आता है और अपनी आँखों के सामने करोडो का सामान जलते हुए देखने लगता है. मीडिया के लोग जो वह पे मौजूद थे वह मालिक के पास आके उससे सवाल करने लगता है.
मीडिया – रणजीत जी सुनने में आया है के यह गोडाउन आपका है.
रणजीत – हां. यह मेरा hi गोडाउन है.
मीडिया – क्या इसमें आपका कोई सामान भी था.
रणजीत – हां. इसमें कपड़ो के रॉ मैटेरियल्स के बड़े बड़े बॉक्सेस रखे हुए थे जो सप्लाई होने वाले थे.
सिक्योरिटी – साहब.
रणजीत – यह आग कैसे लगी.
सिक्योरिटी – शार्ट सर्किट होगया था साहब.
रणजीत – ऐसे कैसे शार्ट सर्किट होगया. क्या कोई आया था.
सिक्योरिटी – नही साहब. कोई नहीं आया था. मैं तोह रात से हु यहाँ पे और मैं हिला भी नहीं.
रणजीत अपने मोबाइल में अंदर के कक्तव फुटेज की रिकॉर्डिंग चेक करने लगता है. रिकॉर्डिंग में साफ़ साफ़ दीखता है एक लड़का मुँह में मास्क लगाए हुए अंदर आता है और मीटर बॉक्स के साथ छेड़छाड़ करके शार्ट सर्किट करता है.
सिक्योरिटी गार्ड यह देख कर डर जाता है.
सिक्योरिटी – यह अंदर कैसे गया और कब गया. मैं तोह रात से एहि पे हु.
रणजीत – तुम्हारी आँखों के सामने से कोई मेरे करोडो रूपए आग लगा कर चला जाता है और तुम्हे कुछ नहीं पता.
सिक्योरिटी – मैं सच कहता हु साहब मुझे कुछ नहीं पता.
रणजीत – तुझे तोह मैं बाद में देखता हु. पहले मुझे पुलिस को रोखना होगा.
फिर रणजीत बड़ी मुश्किल से पुलिस वालों इन्वेस्टीगेशन करने से रोख्ता है और अपने घर आजाता है.
वह जैसे hi अपने घर जाता है वह उसके लिए एक बुके और एक लेटर पढ़ा हुआ था.
वह लेटर पढता है तोह उसके होश उड़द जाते है. उसमे लिखा हुआ था तबाही की शुरुआत मुबारक हो. आज तोह सिर्फ एक गोडाउन जला है बहोत जल्द तेरी चीता भी जलेगी. तैयार रहना.
रणजीत यह लेटर पढ़ते hi छिलने लगता है. उसके चिल्लाने के आवाज़ सुन्न घर के नौकर भग्ग के उसके पास आते है.
रणजीत – यह सब किसने दिया.
नौकर – एक कूरियर वाला आया था साहब. उसी ने दिया है.
अभी रणजीत और कुछ बोलता तभी उसका फ़ोन बज उठता है.
रणजीत – Hello.
सामने से – ज्यादा सोचने की जरुरत नहीं है रणजीत सिंह. तेरी बर्बादी का काउंटडाउन स्टार्ट होचुका है. बहोत जल्द तू सड़क पे होगा.
रणजीत – कौन है तू.
सामने से – मैं कौन हु यह भी तुझे जल्दी hi पता चल जाएगा. वैसे सबको तोह एहि पता है ना के तेरा सिर्फ कपड़ो का रॉ मटेरियल जला है. किसी को सच तोह नहीं बता दिया के वह सिर्फ कपड़ो का रॉ मटेरियल नहीं कुछ और भी था.
रणजीत उसकी यह बात सुन्न हैरान होजाता है.
रणजीत – कौन है तू. और तुझे यह सब कैसे पता.
सामने से – मैंने बोलै ना मैं कौन हु यह तुझे जल्द पता चल जाएगा. और अगले धमाके के लिए तैयार रहना. यह बोल कॉल कट करदेता है.
रणजीत अपने सर पकड़ के सोफे में बैठ जाता है.