Romance Sex kahani - Beintehaan Mohobbat - Page 7 - SexBaba
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Romance Sex kahani - Beintehaan Mohobbat

अपडेट 42

इधर कॉलेज में आज सिर्फ सोनिया और वरुण hi आये थे. आरव मेघा अवि आरुषि थोड़ा टाइम स्पेंड करने के लिए घूमने गए थे.



वरुण: यह आज और कोई क्यों नहीं आया.



सोनिया: यश की तबियत ख़राब है तोह वह दोनों तोह उसके पास से हिलेगी भी नहीं और बाकी सब नए नए प्यार को एन्जॉय करने में बिजी है.



वरुण: यानी आज सिर्फ हमदोनो hi यहाँ है.



सोनिया: हम्म्म.



वरुण: वैसे एक बात कहु.



सोनिया: हां बोलो ना.



वरुण: तुम बहोत ख़ूबसूरत हो.



सोनिया: शर्मा के. क्या वरुण तुम भी.



वरुण: ारी सच कह रहा हु. यकीन नहीं तोह किसी से भी पूछ लो.



सोनिया: मुझे कोई जरुरत नहीं है किसी से पूछने की.



वरुण: वैसे तुम्हारा बॉयफ्रेंड तोह होगा hi.



सोनिया: जी नही मेरा कोई बॉयफ्रेंड नहीं है.



वरुण: क्यों झूट बोल रही हो. इतनी ख़ूबसूरत लड़की और उसका कोई बॉयफ्रेंड नहीं.



सोनिया: मैं सच कह रही हु. कभी ऐसा कोई मिला hi नहीं जिससे प्यार होसके. वैसे तुम भी तोह अच्छे दीखते हो तुम्हारी तोह गर्लफ्रेंड जरूर होगी.



वरुण: नहीं ना. मैं भी सिंगल hi हु. कभी इस तरफ ध्यान दिया hi नहीं. जब डैड थे तब थोड़ा बहोत लड़कियों से फ़्लर्ट करता था. पर डैड के बाद तोह माँ hi मेरी दुनिया है. उनका ख्याल रखना उनके साथ टाइम स्पेंड करना एहि था मेरा रोज का काम. कभी इस तरफ नज़र दिया hi नहीं. और सच कहु तोह मुझे भी कभी कोई ऐसी मिली hi नहीं जिससे प्यार होसके. जिसको देख कर दिल कहे हां एहि है वह जिसकी मुझे तलाश थी.



सोनिया: ोू. यानी तुम्हारी अभी भी तलाश चालू है.



वरुण: हां कह सकती हो. पर शायद जल्द hi पूरी होजाये.



सोनिया: ू यानी कोई पसंद आगयी है.



वरुण: नहीं ऐसी बात नहीं है. अब माँ को सँभालने के लिए मां ममी है न. तोह अब मुझे इस तरफ ध्यान देने का टाइम भी मिलेगा. और यहाँ मुंबई में कितनी सुन्दर सुन्दर लड़कियां है कोई तोह पसंद आ hi जाएगी.



सोनिया: अच्छी बात है.



अभी यह लोग बात कर रहे थे तभी रोहन वह आता है.



रोहन: ही सोनिया.



सोनिया: तुम कौन.



रोहन: ारी मैं रोहन.



सोनिया: अच्छा अच्छा वही जो राधा के पीछे था.



रोहन: वह तोह मैं उसके पीछे नहीं था बस दोस्ती करना चाहता था.



सोनिया: तोह आज यहाँ कैसे.



रोहन: वह एक्चुअली मैं राधा से दोस्ती तुम्हारे करीब आने के लिए करना चाहता था.



सोनिया: व्हाटटटटटटटट.



रोहन: हआ वह एक्चुअली मैं तुम्हे पसंद करने लगा हु. जिस दिन कॉलेज में तुम्हे पहली बार देखा था तब से. ी लव यू सोनिया.



जब रोहन यह बोलता है तोह सोनिया का पारा छड्ड जाता है उसने सीधा एक थप्पड़ रोहन को मार दिया.



सोनिया: तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई मुझे प्रोपोज़ करने की. तुम जैसे घटिया लड़के से मैं प्यार करुँगी यह तुमने सोचा भी कैसी. अभी के अभी मेरी नज़रो से दुर्र चले जाओ. वर्ण मुझसे बुरा कोई ना होगा.



रोहन: मैं तुमसे प्यार करता हु सोनिया. बहोत प्यार करता हु. मैं तुम्हे हमेशा खुश रखूँगा.



सोनिया गुस्से में एक और थप्पड़ मार देती है.



सोनिया: मैंने कहा ना तुम जैसे घटिया लड़के से मैं प्यार करुँगी यह तुम सपने में hi सोच सकते हो. तुम वही हो ना जिसने एडमिशन के दिन राधा के साथ बदतमीज़ी की थी. और आज फिर बदतमीज़ी करने आये हो.



रोहन: मैंने उसके लिए माफ़ी मांगी थी. पर मैं तुमसे सच में..... अभी कुछ और कहता उसके पहले एक और थप्पड़ उसके मुँह में पढ़ा.



सोनिया: अभी के अभी यहाँ से चला जा. इससे पहले मई. मेरे फूफाजी को कॉल करू और वह तेरे बाप को समझाए यहाँ से चला जा.



रोहन गुस्से में वह से चला जाता है.



सोनिया भी वह बैठ जाती है.



वरुण: सोनिया गुस्सा थुक्क दो होते है कुछ लोग इस तरह के. लो पानी पियो.



सोनिया पानी पीती है.



वरुण: वैसे कौन था यह.



सोनिया: रोहन शर्मा. यहाँ के कमिश्नर का बीटा. एक नंबर का घटिया इंसान. कॉलेज के एडमिशन एक दिन इसने राधा को चढ़ा था और बदतमीज़ी भी की थी तब यश ने इसको बहोत मारा था.



फिर यह राधा के पीछे पढ़ गया और जब पता चला राधा तोह यश की है तोह अब यह मेरे पीछे पढ़ गया.



वरुण: वाह क्या टैलेंट है बन्दे में बेइज़ात होने का. ऐसा टैलेंट बहोत काम लोगो के पास होता है. और मैंने इस कॉलेज में तीन जान को देख लिया.



सोनिया: तीन जान मतलब.



वरुण: ारी वह दो फटका और यह एक माचिस.



सोनिया वरुण की यह बात सुन्न हसने लगती है. वरुण बस उससे हस्ते हुए hi देख रहा था.



सोनिया देखती है वरुण उसको hi देख रहा है जिससे वह शर्मा जाती है.



सोनिया: क्या देख रहे हो.



वरुण: बेखयाली में. तुम्हे देख रहा हु.



सोनिया: क्याआ.



वरुण: हड़बड़ा के. मेरा मतलब तुम्हारी हसी देख रहा हु. तुम्हारी हसी बहोत प्यारी है. हमेशा ऐसे hi हस्ते रहा क्यों.



सोनिया इस बात पे और शर्मा जाती है.



सोनिया: फ़्लर्ट कर रहे हो.



वरुण: ारी नहीं सच बोल रहा हु.



सोनिया कुछ नहीं बोलती बस है देती है



वरुण: हाईटी मार डालाअ.



सोनिया: बस बस बहोत हुआ. क्लास में नहीं जाना क्या.



वरुण: ारीये आज रहने दो ना. एहि टाइम स्पेंड करते है.



सोनिया: जी नही. मेरी इम्पोर्टेन्ट क्लास है. तुम करो अपना टाइम स्पेंड यहाँ बैठ के मैं चली.



यह बोल वह उठ के हस्ते हुए चली जाती है.



वरुण: हाईए यह अदा किसी दिन मेरी जान ले लेगी. अब मैडम को कौन बताये हमारी तलाश तोह उसी दिन पूरी होगयी जिस दिन इनको यहाँ देखा था. अब बस सही मौके की तलाश है फिर अपना haal-e-dil बयान करदेंगे. पर चलो तब तक इनको ऐसे hi देखते रहे जब तक देख सकते है. यह बोल वरुण भी क्लास में ाजता है और सोनिया के बगल में बैठ जाता है.



सोनिया: क्या हुआ टाइम स्पेंड नहीं करना.



वरुण: अब टाइम स्पेंड तोह कही भी होसकता है. तोह सोचा एहि करलु.



सोनिया: अच्छा है तुम करो. फिर सोनिया क्लास करने लगती है पर वरुण उसको hi देखे जा रहा था. जो सोनिया को पता था पर वह कुछ नहीं बोलती.



क्लासेज के बाद ओहलोग घर आजाते है.



इधर राशि और आँचल ने सोनिया ने जो रोहन के साथ किया वह देख लिया था. इसीलिए वह दोनों उसके पास जाते है.



राशि: क्या हम यहाँ बैठ सकते है.



रोहन: क्या काम है.



आँचल: हमने अभी देखा तुम्हारे साथ जो हुआ.



रोहन: तोह क्या मज़ाक उड़ाने आयी हो.



राशि: नहीं हम तोह मदद करने आये है.



रोहन: मतलब.



आँचल: मतलब तुम सोनिया से अपनी बेइज़ाती का बदला लेना चाहते हो और हम यश को अपना गुलाम बनाना चाहते है.



रोहन: तोह यह सब मुझे क्यों बोल रही हो.



राशि: हमने सुना है दुश्मन का दुश्मन दोस्त होता है. तोह हम तुम्हारी मदद करेंगे बदला लेने में और तुम हमारी मदद करोगे उस यश को हमारा गुलाम बनाने के लिए.



रोहन: और ऐसा मैं क्यों करू. मैं अपना बदला अकेले भी ले सकता हु.



आँचल: तुम भूल रहे हो वह अग्रवाल एम्पायर की रिलेटिव है. अगर उनको भनक भी लगी तोह वह तुम्हे तुम्हारे खंडन के साथ ख़तम कर देंगे और कोई उनका कोई नहीं कर पायेगा.



रोहन: हम्म्म. तोह क्या करना होगा.



राशि: यह हुई ना बात. तोह हुम्हे मिलके उस राधा और सिया को यश से हमेशा के लिए दुर्र करना होगा. अगर जरुरत पढ़ी तोह इस दुनिया से भी. एकबार वह अलग हुए तोह यश पूरी तरह टूट जायेगा. फिर हम उसका सहारा बनेंगे. उसको एहसास दिलवाएंगे हम उससे कितना प्यार करते है.



आँचल: और एकबार यह हुआ तब हम उससे शादी कर लेंगे. फिर हम इस सोनिया की शादी तुमसे करवा देंगे. फिर इसके साथ जो मर्ज़ी चाहे करना.



रोहन: प्लान तोह अच्छा है. पर इसमें तुम दोनों का डबल फैयदा है. एक तोह यश अग्रवाल मिलेगा और दूसरा अग्रवाल एम्पायर तुमदोनो के कब्ज़े में होगा.



आँचल: तोह तुम्हे और क्या चाहिए.



रोहन: अग्रवाल एम्पायर में पार्टनरशिप.



राशि: अपनी औकात में रह के बात करो.



रोहन: औकात में तुमदोनो रहो. मुझे यह लड़की पकड़ा के इतने बड़े एम्पायर की मालकिन बनना है. अगर मेरा साथ चाहिए तोह जो मैंने बोलै है वह करो. वर्णाआ.



राशि: वर्णा क्या.



रोहन: वर्ण तुमदोनो की हर बात मैं यश अग्रवाल को बता दूंगा. फिर तुम जानो और वह जाने.



आँचल: तेरई तोहह तू हुम्हे ब्लैकमेल करेगा. जानता है हम कौन है. हम देव ठाकुर की बेटियां है.



रोहन: तुम चाहे हो कोई हो. ी don’t केयर.



राशि: अच्छा ठीक है मंज़ूर है.



आँचल: क्या तू पागल होगयी है.



राशि: अगर इसने उससे बता दिया तोह वह हुम्हे काट देगा. इसीलिए यह जो बोल रहा है और करो.



रोहन: गुड. और इस काम के लिए मेरे पास उनका एक और दुश्मन है. शिवम्. एक्स मिनिस्टर का बीटा. वह भी अपनी बेइज़ाती का बदला लेना चाहता है. पर उसको हमारी डील के बारे में कुछ मत बताना.



आँचल: ग्रात्तट.



राशि: तोह आज से हम सब का एक hi टारगेट होगा.



रोहन: ह्म्म्मम्म. पर तुमदोनो को क्यों लगता है यश उनके बाद तुमदोनो से शादी करलेगा.



दोनों: उनके बाद हमदोनो उससे इतने करीब होजाएंगे के उसको एक पल लिए भी अकेला नहीं छोड़ेंगे. हर वक़्त उसके साथ रहेंगे. और उस वक़्त उसको किसी के प्यार की जरुरत पड़ेगी जो हमदोनो hi देंगी.



रोहन: अच्छा है. तोह करना क्या है.



राशि: पहले उस शिवम् से बात करनी होगी.



रोहन: ठीक है मैं करता हु कुछ.



आँचल: ठिक्क है. वैसे हमारा नाम आँचल और राशि है.



रोहन: ठीककक है.



फिर वह लोग वह से निकल जाते है. इधर यश ऋषि को बोलके अपने आदमी को इनके ऊपर नज़र रखने को बोलै था जिसने इनकी साड़ी बातें सुनली और ऋषि को बता दिया. और ऋषि ने यश को.
 
अपडेट 43

इधर राधा और सिया ने मिलके यश को एक कैदी बना दिया था. उसको उसके कमरे से तोह दुर्र की बात है बीएड से भी नहीं उतरने दे रही थी.



दोनों में से कोई न कोई हरवक्त उसके सामने रहता. दोपहर को लंच भी उसको वही मिलता है.



लंच के बाद महक यश के रूम में आती है तोह देखती है यश सोया हुआ है और वह दोनों भी उसके पास बैठी हुई सो रही है.



महक: यह दोनों पागल होगयी है. सिर्फ सिरदर्द में इतना पागलपन. देखो कैसे बैठे बैठे सो रही है.



फिर महक ने उन्दोनो को बीएड में ठीक से सुला दिया. फिर उनके माथे में किश करके बहार आगयी.



शाम को जब यश की आँख खुलती है तोह वह देखता है दोनों एकदूसरे से चिपक के सो रही है.



यश: सोते हुए कितनी मासूम और प्यारी दिखती है दोनों. पर जागते हुए तोह एकदम सैतान की नानी.



फिर वह उनके माथे में किश करता है जिससे उनकी आँख खुल जाती है.



दोनों: क्या हुआ उठ क्यों गए.



यश: ारी बाबा शांत होजाओ अब. सुबह से तुमदोनो पागल होगयी हो. अब मैं ठिक्क हु. सिया तुम तोह फ्यूचर डॉक्टर हो तुम तोह समझो. अब मैं बिलकुल ठीक हु.



सिया: हम्म्म. ठिक्क है.



राधा: सियाआ.



सिया: नहीं राधा यह ठीक कह रहा है. हमदोनो टेंशन में और डर की वजह से कुछ ज्यादा hi कर रहे थे. और अब यह बिलकुल ठीक है. चिंता मत करो.



राधा: ठीककक है.



यश: तोह राधा मैडम अब आपको घर जाना चाहिए. सिर्फ सिरदर्द के लिए इतना केयर अगर कोई देखेगा तोह पागल बोलेगा.



राधा: ठीक है ठीक है जाती हु. तुम अपना ध्यान रखना.



यश: चलो मैं भी नीचे चलता हु.



फिर सब नीचे आते है.



महक: तोह ख़तम हुआ तुम दोनों का पागलपन.



दोनों कुछ नहीं बोलती.



महक: बीटा एक बात बोलती हु गलत मत समझाना. तुम दोनों इससे प्यार करती हो बहोत अच्छी बात है. पर तुमदोनो जो करती हो ना वह एक तरह का पागलपन है. तुमदोनो का इस्पे पूरा हक़ है और तुम तीनो के बीच बोलने का हक़ किसी का नहीं है. पर यह सब थोड़ा अजीब लगता है. सिर्फ हल्का सा सिरदर्द के लिए तुमदोनो तोह पूरी पागल बन गयी. प्यार में तड़प होनी चाहिए. जब प्यार हमसे दुर्र हो और फिर अचानक सामने आये तोह वह दुर्र होने की तड़प का मज़ा hi अलग होता है. प्यार करो. पर पागलपन नहीं. वर्ण प्यार तोह ख़तम होजायेगा रह जायेगा सिर्फ और सिर्फ पागलपन. और अभी तोह सिर्फ स्टार्टिंग है. तुम तीनो को तोह पूरी ज़िन्दगी बितानी है.



दोनों: वे अरे सॉरी माँ. हम समाज गए है. हम आगे से ध्यान रखेंगे.



महक: हम्म्म. चलो बैठो मैं कुछ खाने के लिए लाती हु.



राधा: नहीं नहीं माँ. अब मैं चलती हु. सुबह से यहाँ पे हु. माँ को टेंशन होरही होगी.



महक: ठिक्क है. ध्यान से जाना.



राधा: जीई.



फिर राधा वह से चली जाती है.



रात को डिनर के बाद यश सिया को समझा के बहार निकलता है. पर एक शर्त में के वह सिर्फ देखेगा और कुछ नहीं करेगा.



यश: माया. जरा बताओ तोह उस देव ठाकुर की दूसरी कंपनी कहा पे है. आज उसको एक और झटका देना होगा.



फिर माया यश को सब बताती है. यश उनके साथ उस जगह आता है.



यश: ऋषि कितने आदमी है.



ऋषि: 3 सिक्योरिटी और 4 कैमरा.



यश: रितिका कैमरा.



रितिका: बस होग्या. कैमरा मेरे कण्ट्रोल में.



यश: ोकक. कारन ऋषि चलो.



ऋषि: तू एहि बैठ. हम करते है. कंधे में गोली लगी है पर हीरोगिरी करनी है.



फिर कारन ऋषि जाके उन् तीनो सिक्योरिटी गार्ड को बेहोश कर देते है. फिर उस फैक्ट्री के अंदर जाते है. और वह सबकुछ तबाह करदेते है फिर पिछली बार की तरह hi शार्ट सर्किट करके आग लगवा देते है.



माया: यश यहाँ इसका एक गोडाउन भी है जो इललीगल है.



यश: चलो उसको भी देखते है.



फिर यह लोग वह आते है तोह वह पे 10 आदमी थे.



यश: यहाँ इतने आदमी इसका मतलब यहाँ जरूर कुछ है.



फिर माया रितिका ऋषि और कारन मिलके उनन्साब को बेहोश करदेते है और गोडाउन के अंदर आते है जहा बहोत सारे बॉक्सेस थे.



ऋषि जाके एक बॉक्स को खोलता है तोह वह उससे नकली दवाइयां मिलती है.



ऋषि: यहाँ तोह नकली दवाइयां है.



कारन जाके दूसरे बॉक्सेस को खोलता है तोह वह उससे बहोत सारा कोकीन मिलता है.



कारन: ारी यहाँ तोह कोकीन भी है.



यश: वाह्ह्ह. देव ठाकुर की बहोत बड़ी चीज़ हाथ लगी है. ऋषि कारन उन् आदमियों को यहाँ लाके पटक देते है और पुलिस मीडिया को कॉल करके यहाँ का लोकेशन बोल दो. बाकी वह संभल लेंगे.



माया: अगर पुलिस उसके साथ मिली हुई हो तोह.



यश: मीडिया के रहते वह कुछ नहीं कर पाएंगे.



फिर ओहलोग उन् आदमियों को लाके उस गोडाउन के अंदर पटक देते है और पुलिस मीडिया को कॉल करके वह से निकल पढ़ते है.



थोड़ी देर में वह पुलिस और मीडिया आती है और गोडाउन के अंदर देखती है वह कुछ आदमी बेहोश पढ़े है और पुरे गोडाउन में नकली दवाइया और कोकीन के बॉक्सेस रखे हुए है.



पुलिस में जिनको पता था यह सब किसका है वह टेंशन में आजाते है पर मीडिया के रहते हुए वह कुछ नहीं कर पाते.



पुलिस उन् आदमियों को होश में लाती है और उनसे पूछताछ करती है.



वह आदमी भी अपने आप को अंदर देख कर हैरान होजाते है और सामने पुलिस और मीडिया को देख कर उनके होश उड़द जाते है.



पुलिस: यह सब किसका है.



आदमी: हुम्हे कुछ नहीं पता. हुम्हे तोह बस यहाँ पे रखवाली करने को बोलै गया था. हुम्हे नहीं पता यहाँ पे क्या था.



पुलिस: एक जान को थप्पड़ लगते हुए. हुम्हे बेवक़ूफ़ समझा है क्या. यहाँ पे नकली दवाइयां और कोकीन का इतना सारा स्टॉक है और तुमसब यहाँ पे हो और तुम्हे कुछ पता. हवलदार डालो इनको गाडी में. अब जेल में hi यह बोलेंगे. और यह सारा माल ले लो और इस गोडाउन को सील कार्डो.



मीडिया ने भी अच्छी तरह से सब रिकॉर्ड करलिया था.



मीडिया: सर यहाँ पे यह सब रखा हुआ था आप कुछ कहना चाहेंगे.



पुलिस: देखिये हुम्हे भी अभी अभी पता चला है हमने उन् आदमियों को हिरासत में ले लिया है और सारा माल भी ले लिया है और इसा गोडाउन को सील करदिया है अब आगे इन्वेस्टीगेशन होगी उसके बाद hi कुछ बोल पाएंगे.



मीडिया: यह गोडाउन किसका है.



पुलिस: देखिये कोई भी एहसाब किसी लीगल जगह पे तोह नहीं रखेगा. यह गोडाउन जरूर इललीगल है.



मीडिया: तोह क्या सेहर में ऐसे और भी जगह होंगे.



पुलिस: हो भी सकते है. हुम्हे एक लीड मिली है तोह इसके बेस में हम आगे बढ़ेंगे.



मीडिया: लास्ट क्वेश्चन आपको कैसे पता चला यहाँ पे यह सब है.



पुलिस: आपलोगो को किसने बोलै यहाँ पे यह सब है.



मीडिया: हुम्हे एक एनोनिमस कॉल आया था.



पुलिस: शामे हमारे पास भी ऐसा hi एक कॉल आया था. वह कॉल ट्रेस नहीं होसका. पर वह जो कोई भी था उसको मुंबई पुलिस की तरफ से ा बिग थैंक यू. उसकी वजह से यह नकली दवाइयां और कोकीन पकड़ा गया. वर्ण नाजाने कितनी जाने जाती और कितने योंग्सटर को इस कोकीन की लत्त लग जाती.



फिर मीडिया और पुलिस वह से चली जाती है.



अगली सुबह हर जगह यह न्यूज़ फैल गयी. पहली देव ठाकुर की फैक्ट्री में एक और शार्ट सर्किट और दूसरी नकली दवाइयां और कोकीन का आदमियों के साथ पकड़ा जाना.



देव ठाकुर जब यह न्यूज़ देखता है तोह उसके पैरों टेल ज़मीन खिसक जाती है.



देव: यह सब कैसे हुआए. पहले मेरी एक फैक्ट्री फिर दूसरी फैक्ट्री और अब यह मेरा गोडाउन. इसके बारे में तोह किसी को पता नहीं था. फिर यह सब कैसे हुआ. और मेरे आदमियों को भी पकड़ा है. कही वह मेरा नाम ना बोल दे.



वह झट्ट से कमिश्नर को कॉल करता है.



देव: कमिश्नर यह सब क्या है. कैसे हुआ यह.



कमिश्नर: मुझे भी नहीं पता. मेरे पास इसकी कोई इनफार्मेशन नहीं थी. सबका कहना है किसी एनोनिमस ने कॉल करके इन्हे बताया था.



देव: मुझे कैसे भी करके वह आदमी चाहिए. और कैसे भी करके मेरा सारा माल वह से हटाओ और मेरे आदमियों को भी.



कमिश्नर: मैं इसमें कुछ नहीं करसकता. क्योकि मीडिया ने हर्चिज़ को टेलीकास्ट किया है. अगर अभी कुछ करते है तोह फहस्स सकते है. जिसने भी यह किया है वह बहोत बड़ा खिलाडी निकला. उससे शायद पता था पुलिस में कुछ ऐसे होंगे जो तुम्हारी मदद करेंगे. इसीलिए उसने मीडिया को बुला लिया. जिससे हमारे हाथ बंद गए.



देव: मुझे कुछ नहीं पता तुम क्या करोगे. मुझे कैसे भी करके सब ठीक चाहिए.



कमिश्नर: ी ऍम सॉरी.



यह बोल वह कॉल कट कर देता है. देव ठाकुर ने गुस्से में अपना फ़ोन hi टॉड दिया.



इधर यश के घर सुबह सबने यह न्यूज़ देखा. सिया जब यह देखती है तोह यश को धीरे से बोलती है.



सिया: क्या बात है यश. तुमने तोह सीधा बहोत बड़ा हाथ मारा.



यश बस मुस्कुरा देता है. फिर ब्रेकफास्ट करके कॉलेज के लिए निकल जाता है.



कॉलेज में राधा यश के गले लगके धीरे से बोलती है.



राधा: वाह्ह्ह रात को तोह कमाल hi करदिया. कैसे किया यह सब.



यश: बस करदिया.



सोनिया: भाई अब कैसे हो और कल क्या हुआ था.



यश: कुछ नहीं बस थोड़ा सिरदर्द था. वैसे कल क्या हुआ.



वरुण: ज्यादा कुछ नहीं बस तुम्हारी बेहेन को प्रपोजल आया था.



सोनिया: वरुणनणंन्न.



सब: Kyaaaaaaaaaaa.



वरुण: क्या वरुण. ारी इनको भी तोह पता चलना चाहिए तुम्हारा उस आशिक़ के बारे में.



मेघा: क्या बात है सोनिया. हम एकदिन क्या नहीं आये तुमने तोह हमारे लिए नन्दोई जी को ढूंढ किया.



सोनिया: गुस्से में. नन्दोई माय फुट. उस जैसे घटिया नीच इंसान की तोह मैं शकल देखना पसंद ना करू.



आरव: शांत शांत रानी लक्समी बाई. पहले पूरी बात बता क्या हुआ था.



सोनिया: चोरो ना आरव मुझे उस बारे में बात hi नहीं करनी.



राधा: वरुण तुम बताओ क्या हुआ था.



वरुण: ारी कल हम दोनों यहाँ पे बैठे बाते कर रहे थे. तभी एक लड़का आया क्या नाम था उसका याद नहीं आरहा. उसने आके पहले इससे दोस्ती करनी चाही फिर तुरंत इसको प्रोपोज़ करदिया. और इन् मैडम ने उसको घुमा के एक लगा दिया.



अवि: ारी किसको लगा दिया.



वरुण: पता नहीं कौन था. पर शकल से hi कमीना था. और इसने कहा उसने एडमिशन के दिन राधा से बदतमीज़ी की थी तोह यश ने उसको मारा था.



राधा: क्या उसका नाम रोहन है.



वरुण: हआ. एहि नाम था.



आरव: इसकी तोह. पहले हमारी भाभी को चढ़ा उनके साथ बदतमीज़ी की फिर उनके पीछे पढ़ गया और अब हमारी बेहेन के साथ.



वरुण: हां बोल रहा था राधा के पीछे था सोनिया से नजदीकी बढ़ने के लिए.



अवि: इसकी माँ की......



आरुषि: ावईई. लैंग्वेज.



अवि: सॉरी सॉरी. पर इसको तोह छोड़ूंगा नहीं.



सोनिया: रहने दे भैई. कल उसको उसका सबक मिल चूका है. और हर जगह ऐसे लड़के होते hi है.



आरव: पर...



यश: सोनिया ने ठीक बोलै है आरव. अगली बार अगर ऐसा कुछ किया तोह तुमलोग अपनी मैं की कर लेना. पर लिमिट में.



दोनों: ठिक्क है.



सिया: चलो क्लास का टाइम होगया.



फिर सब क्लास में आते है.
 
अपडेट 44

यश राधा मेघा और आरुषि क्लास में आते है और अपनी सीट्स में बैठ जाते है.



जब यह बैठ ते है तभी राशि और आँचल इनके पास आते है.



राशि: यश तुम कल क्यों नहीं आये.



आँचल: हआ हम तुम्हारा कबसे वेट कर रहे थे.



राधा: तुम दोनों को काम धंदा नहीं है जो इसके पीछे पढ़ी हो.



आँचल: लिसेन हम तुमसे बात नहीं कर रहे है. अगर तकलीफ होरही है तोह जाके कही और बैठो.



राधा: यश से बात करना मतलब मेरे से बात करना और बिना वजह मेरे पति को परेशां क्यों लार रही हो.



राशि: पति माय फुट. अभी तक हुआ नहीं है. और हम होने भी नहीं देंगे. और तुमदोनो इसके लायक नहीं. यह सिर्फ हमारा.....



अभी राशि ने इतना hi बोलै था के यश ने उसको एक थप्पड़ मार दिया. थप्पड़ की आवाज़ पुरे क्लास में गुंजहि.



यश: अपनी जबान को वही लगाम दो. अगर मैं लगाम देने में आया तोह जबान नहीं रहेगी. और तुमदोनो की हिम्मत कैसे हुई मेरी जान की इंसल्ट करने की. अगर अगली बार ऐसा कुछ किया तोह वही जबान खिंच लूंगा.



आँचल: यशःह्ह. यह क्या हरकत है. तुम ऐसे कैसे मार सकते हो मेरी बेहेन को. हम प्यार करते है तुमसे. इनफैक्ट इससे कई ज्यादा करते है. यह तोह तुम्हारे लायक है नहीं. और तुमने इसके किये मेरी बेहेन को मारा.



यश ने जैसे hi यह सुना उसने आँचल को भी एक लगा दिया.



यश: लगता है अभी जो तेरी बेहेन को बोलै वह तेरे समाज नहीं आया.



राशि: तुमने यह अच्छा नहीं किया यश. तुमने हुम्हे देव ठाकुर की बेटियों की इंसल्ट की है. इसका बदला तोह हम लेंगे. और इसको को तोह कभी तुम्हारा नहीं होने देंगे.



यश: जाके अपने बाप से बोल देना जो करसकता है करले. उसने सिर्फ यश अग्रवाल को देखा है जाना नहीं है. जिस दिन जान गया उस दिन के बाद किसी और को जानने के लायक नहीं रहेगा.



आँचल: हम देख लेंगे यश. यू विल हैवे तो पाय फॉर थिस.



यह बोल वह दोनों वह से निकल जाती है.



यश का गुस्सा शांत नहीं होरहा था.



राधा: यश का हाथ पकड़ के. यश शांत हो जाओ. अब सब ठीक है. गुस्सा नहीं यश.



यश: हम्म्म्म.



फिर यह बैठ के क्लास करने लगते है.



इधर कमिश्नर ने बहोत कोशिश की पर वह कुछ नहीं कर पाया. क्योकि यश ने अपनी पावर का उसे करके एक स्पेशल अफसर को केस में लगाया था.



उस अफसर ने उन् आदमियों को मार मार के उगलवाने की कोशिश की. पर वह कुछ ना बोले. इसीलिए उनको जेल में दाल दिया गया.



इधर राशि और आँचल गुस्से में अपने घर आती है और देव ठाकुर से साड़ी बात करती है.



देव ठाकुर जो पहले से अपने नुक्सान से गुस्से में था अपनी बेटियों की इंसल्ट सुनके और गुस्सा होजाता है.



उसने किसी को कॉल किया.



देव: मुझे यश अग्रवाल की हड्डियां टूटी हुई चाहिए और उसकी होने वाली बीवी और बेहेन की लाश. उनको उसके आँखों के सामने मारना.



सामने से: होजायेगा.



फिर कॉल कट होजाता है.



इनकी यह बाते वह आदमी सुन्न लेता है जिससे यश एंड टीम ने इसके घर में रखा था वह यह सुन्न्के जल्दी से साइड होजाता है और ऋषि को कॉल करके बता देता है.



ऋषि यह सुन्न्के जल्दी से यश को कॉल करता है.



ऋषि: यश राधा और सिया की जान को खतरा है.



यश: किसकी मौत आयी है जो मेरी जान के ऊपर नज़र दी.



ऋषि: देव ठाकुर.



यश: इसकी माँ की..... क्या किया इससबार इसने.



ऋषि: इसने किसी को सुपारी दी है तुम्हारी हड्डियां टॉड के उन् दोनों को तुम्हारे सामने मारने की क्यों आज तुमने कॉलेज में जो किया है उसकी वजह से यह हुआ है.



यश: मुझे लगा hi था. एक काम करो. इनके पीछे अपने सबसे भरोसेमंद आदमी लगा दो. सिया तोह हमेशा मेरे साथ hi है. राधा की सिक्योरिटी थोड़ी बड़ा दो.



ऋषि: ोककक.



फिर कॉल कट होजाता है.



यश: देव ठाकुर तेरे जुबान में मेरी जान के नाम लाके बहोत बड़ी गलती करदी. इसकी सजा तुझे तेरे सामने जाके दूंगा.



इधर देव ठाकुर ने जिसको कॉल किया था उसका नाम रखा था. वह देव ठाकुर का सबसे भरोसेमंद गुंडा है इसका काम hi है मर्डर किडनैपिंग हाफ मर्डर करना.



रखा: अपने आदमियों से. हुम्हे कल एक जान का हाफ मर्डर और 2 जान का फुल मर्डर करना है. पर ख्याल रहे वह कोई मामूली इंसान नहीं है. अग्रवाल एम्पायर का होने वाला मालिक है.



आदमी: क्याआआ. यह कैसे होगा. उसके आस पास तोह हरवक्त सिक्योरिटी गार्ड्स रहते है.



रखा: हीई एहि तोह प्लस पॉइंट है. साला अपने आप को बहोत बड़ी तोफ समझता है. इसीलिए अपने साथ किसी को नहीं रखता. पर सुन्ना है लड़ता बहोत मस्त है. इसीलिए कल अपने साथ 10 आदमी लेके जाना और उसको अधमरा करके उसकी साड़ी हड्डियां टॉड देना और उसके साथ 2 छमिया होती है उनको उसकी आँखों के सामने मारना.



आदमी: होजायेगा भैई.



अगले दिन एहलोग तैयार होते है. अपना काम करने के लिये.



इधर यश और सिया ब्रेकफास्ट कर रहे थी.



इशांत: और कैसा जा रहा है तुमदोनो का कॉलेज.



दोनों: गुड डैड.



इशांत: फिर से कोई प्रॉब्लम तोह नहीं हुई ना.



दोनों: No डैड.



इशांत: ोककक. महक जरा राधा को कॉल लगाना.



महक: क्यों क्या हुआ इशांत.



इशांत: लगाओ तोह कुछ बात करनी है.



महक राधा को कॉल लगाती है.



राधा: गुड मॉर्निंग माँ.



महक: गुड मॉर्निंग बीटा. तुम्हारे डैड तुमसे बात करना चाहते है लो बात करो.



इशांत: गुड मॉर्निंग राधा.



राधा: गुड मॉर्निंग ड़ड़ड़ड़.



इशांत: हाउ अरे यू?



राधा: फाइन डैड.



इशांत: गुड. सो आज आपको यहाँ आना है. और यह इनविटेशन मेरी तरफ से है.



राधा: कैसा इनविटेशन ड़ड़ड़ड़.



इशांत: आज तुम्हे इस घर की बेटी की तरह नहीं. आरुषि और मेघा की बेहेन बांके संजना भाभी हुए विक्रम के साथ आना है.



राधा: मैं समझी नहीं डैड.



इशांत: आज यहाँ पे आरुषि और मेघा के पेरेंट्स के साथ अवि और आरव के पेरेंट्स का एक छोटा सा गेट टुगेदर है. और तुम्हे बताने का मैं मोतिवे एहि है तुम्हे उन्हें बिना बताये यहाँ लाना होगा.



राधा: ोककक डैड. समाज गयी. Don’t वोर्री. उन् दोनों को मैं ले आउंगी.



इशांत: That’s लिखे माय गर्ल. तुम्हारा डैड घर में है.



राधा: हां है ना.



इशांत: जरा उन्हें फ़ोन दो.



राधा: ददद. यश के डैड आपसे बात करना चाहते है.



विक्रम: िशांततःत.



राधा: जीई.



विक्रम: गुड मॉर्निंग िशांततः.



इशांत: गुड मॉर्निंग विक्रम.



विक्रम: आज सुबह सुबह हमारी याद कैसी.



इशांत: आज दोपहर को घर में एक फॅमिली गेट टुगेदर हमारे अवि और आरव के ससुराल वालो के साथ है तोह तुम्हे पूरी फॅमिली के साथ आना है.



विक्रम: ोू. हम जरूर आएंगी. वैसे कौन है लड़कियां.



इशांत: तुम्हारी बाकी दो बेटियां.



विक्रम: क्या हमारी आरुषि और मेघा.



इशांत: हा.



विक्रम: बहोत अच्छी चॉइस है बच्चो की. वह बहोत प्यारी बच्चियां है. वह बिलकुल मुझे मेरी राधा की तरह hi प्यारी है. हम जरूर आएंगी.



इशांत: ठीककक है. फिर हम रखते है.



सिया: जस्ट ा सेकंड डैड. मुझे बात करनी है.



इशांत: ोकक यह लो.



सिया: गुड मॉर्निंग अंकल. सिया हेरे.



विक्रम: गुड मॉर्निंग सिया. हाउ अरे यू?



सिया: ी ऍम फाइन अंकल. अंकल आपसे एक रिक्वेस्ट कर सकती हु.



विक्रम: ऑफ़ कोर्स बीटा बोलो क्या बात है.



सिया: क्या आप आज राधा को कॉलेज ड्राप करदेंगे फिर वह डायरेक्टली हमारे साथ hi यहाँ पे आजायेगी.



विक्रम: No प्रॉब्लम बीटा. मैं करदूंगा.



सिया: थैंक यू अंकल. ोकक अंकल रखती हु.



विक्रम: ोकक बेटा.



फिर कॉल कट होजाता है.



सिया: डैड यह सब कब डीडे हुआ.



इशांत: बस कल रात को. आपके मां ममी बुआ फूफा भी आजाएंगी थोड़ी देर बाद.



सिया: ोकककक.



यश: ोककक डैड. हम चलते है कॉलेज.



इशांत: ोककक.



दोनों: Bye माँ bye डैड.



इशांत और महक: ब्येई.



फिर एहलोग कॉलेज आते है. जहा पहले से hi सब आये हुए थी.



अवि: भाई क्या आपको न्यूज़ मिली.



यश: हआ अभी घर में hi मिली.



आरुषि: कैसी न्यूज़.



अवि: ू कुछ नहीं. हमारे बीआरओ कोड्स है.



आरुषि: शक भरी नज़र से. ोकककक.



राधा: क्लास में चली.



सब: हम्म चलो.



एहलोग क्लास में आते है. यश देखता है राधा कुछ परेशां दिख रही है.



यश: राधा क्या बात है परेशां दिख रही हो.



राधा: पता नहीं यश. पर मुझे लग रहा है कोई मेरा पीछा कर रहा है जब से घर से निकली हु एक कार हमारा पीछा कर रही है.



यश: वह मेरे hi आदमी है. फॉर सिक्योरिटी don’t वोर्री. जब भी तुम अकेली रहोगी वह तुम्हारे पीछे रहेंगे. पर अगर तुम मेरे साथ हो तोह वह नहीं होंगे.



राधा: बट व्हीय?



यश: तुम्हे पता है राधा.



राधा: ोककक.



यश: वैसी यह क्या लायी हो.



राधा: ारी आज इनदोनो के पेरेंट्स इनके इन लॉज़ से मिलेंगे. इनको तोह अच्छा दिखना hi होगा ना. इसीलिए मेरा मेकअप किट है.



यश: मतलब सिर्फ मुलाकात के लिए मेकअप. जो तुम सबके चेहरे में पहले से hi है.



राधा: ोू मिस्टर. हमारे मेकअप के बारे में कुछ मत बोलना. वर्णाआ....



यश: अच्छा अच्छा समाज गया.



फिर सब क्लास करने लगती है. रेसस्स में यह कैंटीन में जाते है. जहा रोहन पहले से hi बैठा हुआ था. पर आज यश और बाकी सब आये हुए थे इसीलिए इसकी हिम्मत नहीं हुई. पर उसकी नज़र इनपे hi थी. खाश कर सोनिया के ऊपर जो वरुण ने नोटिस कर्ली. पर कोई रियेक्ट नहीं किया.



राधा: सुनने मेरी देवरानियों चलो थोड़ा सा मेकअप करलो. फिर हुम्हे निकलना है.



दोनों: कहा जाना है.



सिया: ारी करलो. फिर जहा जायेंगे वह पहुंचते hi पता चल जाएगा.



दोनों: पर यहाँ.



सोनिया: ठीक है तोह चलो वाशरूम में चलते है. हम भी थोड़ा सा करलेंगे.



वरुण: जहा मेकअप दिखा नहीं बस उछाल पड़ेंगी. पता नहीं क्या होजाता है िंकोऊ.



सोनिया: क्या बोला तुमनेई.



वरुण: घबरा कररर. कुछ नही कुछ नहिई. मैं कहा कुछ बोला. अवि आरव तुमलोगो ने कुछ सुन्ना क्या.



दोनों: नही तोह तुमने तोह कुछ भी कहा.



सोनिया: कोशिश भी मत्तट करनाआ. चलो भाभियोनन.



फिर चारो लड़कियां वह से निकल पढ़ती है वाशरूम की तरफ.



वरुण: बछ गया. वर्ण आज यह मेरा कीमा बना देती.



फिर सब हसने लगते है. तभी यश के पास एक कॉल आता है.



यश: हां बोलो.



ऋषि: कॉलेज के बहार कुछ आदमी खड़े है. जो देव ठाकुर ने भिजवाए है तुम्हारे लिए. शकल से hi खूंखार है बैकअप चाहिये.



यश: कितने है.



ऋषि: 10 है.



यश: ठिक्क हीी. सुबह जो थे उनको hi बोलो सिर्फ साथ रहे बाकी मैं देख लूंगा.



ऋषि: ोककक.



फिर कॉल कट होजाता है.



आरव: क्या बात है भाई.



यश: कुछ नही. नथिंग इम्पोर्टेन्ट.



वरुण: यार मुझे तोह भुक्क लग रही है मैं चला कुछ खाना लाने. तुमलोग कुछ लोगी.



तीनो: कॉफ़ी.



वरुण: ठिक्क है मैं लाता हु.



फिर वरुण वह से चला जाता है. थोड़ी देर बाद अपने लिए सैंडविच और उनके लिए कॉफ़ी ले के आता है.



जैसे hi वरुण अपने सैंडविच में बाईट करने वाला होता है वह पूरा स्टेचू बन जाता है और एक तरफ hi देखता रहता है. सिर्फ वरुण hi नहीं. जो भी उस तरफ देखता है वह देखता hi रहता है.



आरव: क्या हुआए वरुण ऐसी क्या देख रहे हो.



वरुण: पीछे देखो पिच्छी. स्वर्ग की अप्सराये आरही है.



जैसे hi यह तीन पीछे देखते है उनके मुँह से कॉफ़ी निकल जाती है और वह भी उनको hi एक तक्क देखह रहे थी. उनको होश hi नहिई था.



कैंटीन में जो कोई भी था वह बस उस तरफ hi देख रहा था. जिसमे रोहन भी था. उसका मुह्ह तोह पूरा खुला का खुला रह गया था क्योकि सामने से 5 ख़ूबसूरत परियां आरही थी. जिनको देख कर कैंटीन का हर लड़का घायल होगया था तोह हर लड़की जल गयी थिई.



वह 5 जान चलके इनके पास आते है तोह यह अभी भी स्टेचू hi बने हुए थी. इनको ऐसे घूरते देख लड़कियां शर्मा रही थिई.



सिया: यष्ठ क्या देख रहे हो.



यश: बेखयाली में. परियाणं. ख़ूबसूरत परियां.



यह सुन्न सब शर्मा जाते है.



सोनिया: अब्ब्ब बस्स्स भी करूओ कितना घूरोजी.



वरुण: आजजज दिनन में जो चण्ड ज़मीन में उतर आया है उसका दीदार तोह करने दो फिर पता नहीं कब ऐसा ख़ूबसूरत नज़ारा देखने का मौका मिली.



सोनिया वरुण के मुँह से अपनी तारीफ सुनके बुरी तरह शर्मा जाती है.



फिर सब अपनी अपनी जगह में बैठ जाते है. सिया और राधा ने यश की कॉफ़ी पीनी स्टार्ट करदी तोह आरुषि और मेघा अवि और आरव की कॉफ़ी. सोनिया ने वरुण का सैंडविच लेके खाना स्टार्ट करदिया.



लड़के तोह बस उनको देखे hi जा रहे थी.



राधा: अब्ब्ब बस्स्स करूओ चलाऊ हुम्हे लाती होरहा है.



राधा यह थोड़ा जोरर से बोलती है जिससे वह सब हक़ीक़त में आते है.



यश: हां हां चलो.



अवि और आरव तुम आरुषि और मेघा को लेजाओ.



वरुण क्या तुम सोनिया के साथ आजाओगे.



वरुण यह सुनते hi ख़ुशी से उछाल पढ़े ऐसा मन किया.



वरुण: हां हां क्यों नहिई.



यश: ठिक्क है फिर चलो चलती है.



फिर सबलोग वह से पार्किंग में जाते है. और वह से अपनी कार लेके निकल पढ़ते है.
 
अपडेट 45

जैसी hi यश की गाडी बहार निकली एक गाडी उनका पीछा करने लगीई.



यश जानमुजज़ के गाडी आरव अवि और वरुण से थोड़ी धीरे चला रहा था जिससे ओहलोग आगे निकल गयी.



फिर जैसी hi जंगल वाला रिश्ता आया उनके पीछे जो गाडी थी वह इनको ओवरटेक करके उनके सामने आके कड़ी होगयी.



राधा और सिया यह देख थोड़ा घबरा गयी.



दोनों: ारी यह क्या था.



यश: हुम्हे मारने आये है.



दोनों: व्हाटट. पर किस लिये.



यश: कल का बदला.



दोनों: मय्यै गॉडडडड. अब्बब्बब.



यश: अब्ब क्या अब यह मारेंगी. तुम दोनों अंदर hi रहना समझी.



दोनों: हुम्हे भी लड़ना आता है.



यश: पता है मेरी शेरनियों को लड़ना आता है. पर प्लीज अंदर रहो. फिर यश कार के बहार आता है.



सामने की गाड़ियों से 10 गुंडे बहार निकलते है.



यश: क्या हुआए राष्ट क्यों ब्लॉक किया है तुमलोगो ने.



आदमी: ताकि तुझे और तेरी उन् दो छमिया को मार सकी.



यश: गुस्से में. जानते हो मैं कौन हु.



आदमी: हां हुम्हे पता है तू अग्रवाल एम्पायर के मालिक का बीटा है. पर है तोह इंसान hi.



यश: आजा और आके अपने काम ख़तम कररर.



आदमी: आई जाओ री. उसको मार्के ुनन्दनो छमियो को लेके आओ.



उस आदमी का इशारा मिलते hi 5 आदमी यश की तरफ बढ़ते है मारने के लिए.



जैसे hi वह मारना वाले होते है. यश ने सबसे सामने वाले के सीने में एक लात मारी जिससे वह उड़ता हुआ थोड़ा दुर्र जाके गिरा.



उसको ऐसे गिरते देख बाकी के 4 आदमी रुखः जाते है. पर यश नहीं रखता. पर आगे बढ़ के उन् 4 जान को मारने लगता है. तब तक वह 5 व आदमी भी आजाता है. पर उसको भी यश मारने लगता है.



अपने आदमी को ऐसे मार कहते देखे वह खड़े बाकी के आदमी भी आजाते है.



यश उनको भी लात और मुक्के में रखता है. उन् सब को मार मार के यश ने अधमरा करदिया था. उनमें से किसी की हाथ टूटा था तोह किसी का पैररर. किसी का सर फुट गया था तोह किसी की पसलियां. पर यश ने अपने गोली लगी हुई हाथ को उसे तक नहीं किया.



अपने आदमियों को ऐसे ज़मीन में पढ़ते देख वह आदमी थोड़ा घबरा जाता है और इसी घबराहट में उसने गन निकल लिया. और यश पे पॉइंट करके चलने वाला होता है तभी उसके हाथ में एक गोली लगती है जिससे उसके हाथ से गन गिर्र जाती है.



गोली की आवाज़ सुन्न सब उस तरफ देखते है. सिया और राधा भग्ग के यश के पास आती है.



दोनों: यश तुम ठीककक हूँ ना कही लगी तोह नहिई और यह गोलिई कहा से चालिई.



यश: मैं बिलकुल ठीक हु. और गोली मेरे आदमियों चलायी है.



तभी वह 5 आदमी आजाते है.



ा1: सिररर. आपलोग ठिक्क है.



यश: हआ हम ठिक्क है. इन् सबका क्या करना है देखलो. और उसको ऋषि के पास ले जाओ. वह संभल लेगा.



ा1: ोकक सिर्र.



फिर यश के आदमी उन् 9 आदमियों उठा के जंगल मैं फहैकक देते है पर उसके पहले उनकी अच्छे से धुलाई करते है और उनको गोली मारदेते है. फिर उस आखरी आदमी को लेके निकल पढ़ते है.



यश: चली.



दोनों: हम्म्म्म.



फिर यह लोग भी घर की तरफ निकल पढ़ते है.



जब एहलोग घर आते है तब तक वह सबलोग आचुके थी.



महक: यष्ठ सिया राधा कहा थी तुमलोगगगग.



यश: ओह्ह्ह मॉम गाडी बन्द्द होगयी थी. पर रास्ते में एक मैकेनिक मिल गया था. इसीलिए थोड़ा लेट होगई.



महक: ोकककक. आओ बैठोओ.



यह तीनो जाके सभी बढ़ो के आशीर्वाद लेते है.



यश जाके वरुण अवि और आरव के पास खड़ा होजाता है. तोह सिया ौड राधा के सोनिया आरुषि और मेघा के पास बैठ जाती है.



राधा और सिया देखती है आरुषि और मेघा शर्माए बैठी हुई है.



राधा: धीरे से मेघा के कान में. कैसा लगा सरप्राइज देवरानी जी.



मेघा राधा की बात सुनके उसको हैरानी से देखती है.



मेघा: मतलब तुझी सब पता था. और इसीलिए यह मेक उप वैगेरा करवाया.



राधा: मुस्कुरा के. हा. मुझे भी आज सुबह hi पता चला.



मेघा: कमीनी अगर हुम्हे बता देती तोह हम अच्छे से प्रेपर हॉकी आती.



राधा: ारी अगर बता देती तोह सरप्राइज कैसी मिलता तुम दोनों को.



मेघा बस राधा को एक नज़र देखती है फिर आरुषि को सब बता देती है. आरुषि भी राधा को घुर्र में देखती है. राधा बस मुस्कुरा देती है.



इशांत: देखिये हर्षित जी हमारे बेटे अवि और आरव आपकी बेटी आरुषि और मेघा से प्यार करते है. और इसीलिए हमने आज यह एक गाथेरिंग राखी है जिससे दोनों बच्चों पेरेंट्स एक दूसरे से मिल ली.



हर्षित: इशांत जीई. आपने हुम्हे अपनी फॅमिली गाथेरिंग में बुला के हुम्हे अपनी फॅमिली का हिस्सा बनाया एहि हमारे लिए बहोत बड़ी बात है. और रही मेरी बच्चियों की बात उन्होंने मुझे पहले hi आपके बच्चो के बारे में बता दिया. मेरी बच्चियां आपके परिवार की बहु बनेगी यह हमारे लिए बहोत बड़ी बात है.



इशांत: तोह यह है मेरी बेहेन शालिनी और उसके हस्बैंड विजय. अवि के पेरेंट्स.



और यह मेरे बड़े साले साहब अमन सिंह और उनकी पत्नी किरण सिंह आरव के पेरेंट्स.



यह मेरे छोटे साले साहब संजय सिंह और उनकी पत्नी श्रुति सिंह और वह इनकी बेटी सोनिया.



इनको तोह आप जानते hi है विक्रम सिंह हमारे दोस्त और होने वाले समधी पत्नी संजना सिंह और यह हमारी होने वाली बहु राधा. यह हमारी एक और बेहेन संगीता उनका बीटा वरुण. और यह मेरा बीटा यशःह्ह और यह मेरी दूसरी बहु सिया.



मीरा: विक्रम भाईसाहब की फॅमिली को तोह हम अच्छे से जानते है. राधा और वरुण तोह मुझे इनदोनो से बढ़ कर प्यारे है.



पर आपकी दो दो बहुउउउ.



महक: हमारे कुलपण्डित ने यश की कुंडली बनाते वक़्त कहा था मेरे यश की जीवन में 2 पत्नियां होंगी. और किस्मत से दोनों हमारे घर की hi निकली और यह एक दूसरे से प्यार भी बहोत करते है.



मीरा: हआ मुझे इनदोनो ने बताया था कैसे राधा को यश के सपने आते थे मिलने के पहले. अब बच्चो की ख़ुशी में hi हमसब की ख़ुशी है.



महक: जीई सही कहा.



फिर सब एकदूसरे से बात करते है. इससे अवि आरुषि और आरव मेघा के रिश्ते की बात भी होगयी. और कॉलेज के बाद इनकी शादी भी करदेंगे यह फाइनल होग्या. चारो बहोत खुश थी. उन्होंने जिससे प्यार किया आज वह उनको फॅमिली के सपोर्ट से हमेशा के लिए मिल गए.



सब खुश थी. सब एकदूसरे से हसी मज़ाक कर रहे थे. पर इनमे 2 आँखे किसी को देख रही थी और मैं hi मैं कुछ सोच भी रही थी.



लंच के बाद आरुषि और मेघा अपने पेरेंट्स के साथ वापस चले गए. राधा के पेरेंट्स भी उसको लेके वापस आगये.



यश का मां ममी बुआ फूफा ओहलोग रुख गए थी.



सभी बच्चे अपने अपने रूम में चले गए थे.



थोड़ी देर बाद सिया यश के रूम में आती है और पूछती है.



सिया: यशःह्ह वह सब क्या था.



यश: ठाकुर की बेटियों ने बदला लेने के लिए यह अटैक करवाया था.



सिया: उनकीई तोहह......



यश: शंटटत. उनको उनके किये की सजा मिलेगी बहोत जल्द मिलेगी.



सिया: चोरना मत्तट कामिनियों कोऊ.



यश: क्या बात है. बहोत जल्द इंडिया के हवा का असर होरहा है.



सिया: भले hi मेरा जनम लंदन में हुआ है. पर ओरिजिन इंडियन है. और अब तोह इंडियन बहु भी हु. यह बोल हसनी लगती है.



यश: क्या बात है बहोत जल्दी है इंडियन बहु बनने की.



सिया: ित्रा के. मेरा बस चले तोह अभी बन्न जोऊ. पर फिर सोचती हु. तुमको थोड़ा और तड़पा लू.



यश: सिया को बाँहों में लेके. अछ्हा मुझे तड़पना है. रुको अभी तड़पता हु. यह बोल सिया के साथ मस्ती करने लगता है.



सिया: यशःह्ह.



यश: हम्म्म.



सिया: ुसस्स आदमी का क्या करोगी.



यश: उसने मेरे मेरे दिल और मेरे दिल के धड़कन पे वार किया है. उसकी मौत ऐसी होगी के देखने वालो की रूह भी काँप जाई.



सिया: हम्म्म्म.



फिर सिया यश के बाँहों में hi सो जाती है.



इधर देव ठाकुर को पता चल जाता है यश सेफ है. उसको कुछ नहीं हुआ. पर उसके भेजे हुए आदमियों का कुछ पता नहीं चल रहा है. यह सुन्न के एकबार तोह देव ठाकुर भी डर जाता है. क्योकि अगर यश या इशांत को पता चल गया यह अटैक उसने करवाया था तोह ओहलोग उसको बीच सड़क में मार देंगे और कोई कुछ नहीं कर पायेगा.



तभी वह राशि और आँचल आती है.



दोनों: क्या हुआ डैड. आप टेंशन में हो.



देव ठाकुर: यश बच गया.



दोनों: व्हाटटटटटटटट. ऐसी कैसी बाछह गया.



देव ठाकुर: पता हीई. और जीन आदमियों को मारने के लिए भेजा था उनका भी कुछ पता नहीं चल रहा है.



अभी और कोई कुछ बोलता तभी सिक्योरिटी गार्ड आता है और बोलता है.



गार्ड: सर सर एक गाडी आयी और 2 लाशो को गेट के बहार फेक के चली गयी.



तीनो यह सुनके डर जाते है.



देव ठाकुर: कौन है और किसने फीकी.



गार्ड: पता नहीं सर. 1 गाडी आयी और उनको फहैकक कर चली गयी.



देव ठाकुर और उसकी बेटियां दौड़ के बहार आते है और लाशो को देखते है.



दोनों लड़कियां तोह लाशो को देखते hi उल्टियां करने लगती है. देव ठाकुर भी उनको देखह कर घबरा जाता है.



दोनों लाशो के चेहरे को छोड़ड़ड़ कर बाकी पूरी बॉडी को एसिड से नहलाया गया था. फिर उनके ऊपर अंगारे भी रखे हुए थे जिससे अभी भी धुँआ निकल रहा था. हाथ और पैरों की उँगलियाँ कटी हुई थी और वह उँगलियाँ उनके मुँह में घुसाई हुई थी.



देव ठाकुर उन् लाशो में से एक लाश को अच्छे से पहचान गया था क्योकि वह लाश थी रखा की उसका खाश आदमी जिसको उसने यश की सुपारी दी थिई.



थोड़ी देर तक वह शांति छायी हुई थी.



राशि: ड़ड़ड़ड़ कौंन है एहहह.



देव ठाकुर: घबराते हुई. यह वही है जिसको यश को मारने का कॉन्ट्रैक्ट दिया था.



दोनों: व्हाटटटटटटटटट. मतलब इनकी यह हालत यशःह्ह्ह नीई.



देव ठाकुर: पता हीई. पर जिसने भी किया वह किसी दरिंदे से काम नहिई.



गार्ड: सर वह देखिये उसके साथ एक पेपर भी पढ़ा है.



देव ठाकुर: लाओ उसको.



सिक्योरिटी गार्ड हिम्मत करके जाता है और वह पेपर लाके देता है.



देव ठाकुर वह पेपर लेके पढ़ने लगता है.



देव ठाकुर तूने आज तक जितने भी गुनाह किये है उन् सबकी सजा तुझे मिलेगी. यह तोह बस शुरुआत है. तेरे यह आदमी यश अग्रवाल को मारना चाहते थे पर यह उस तक पहुंच भी नही पायी. अगर अगली बार तूने ऐसा कुछ भी किया तोह तेरी हालत इससे भी बुरी करूंगा. और हां तेरी दोनों फैक्ट्री और उस गोडाउन को मैंने hi तबाह किया है.



देव ठाकुर यह पढ़के जितने गुस्से में था उससे ज्यादा डर में भी था.



आँचल: क्या लिखा है डैड इसमें.



देव ठाकुर: किसीने इनको यश को मारने के पहले hi मार दिया था. और उसी ने मेरी दोनों फैक्ट्री तबाह की है.



राशि: व्हाटटटटटटट. कौन है वहह्ह्ह्ह. और उसको कैसी पता हमारे प्लांण के बारे मेनन.



देव ठाकुर: पता नहिई. पर जो भी है बचेगा हीई. उसको ज़िंदा जला दूंगा. यह बोल वह अंदर आजाता है. उसके पीछे पीछे वह दोनों भी अंदर आजाती है.



सिक्योरिटी गार्ड ने कुछ आदमी बुलाके उन् लाशो को शमशान के बहार फिक्वा दिया.



इस घटना के बाद देव ठाकुर किसी को कॉल करता है.



देव ठाकुर: आपने सुना होगा किसी ने हमारी 2 फैक्ट्री और गोडाउन तबाह किया है जिसमे कोकीन था और नकली दवाइयां थी.



सामने से: देखा है मैनी. किसका काम है. औरर उन् आदमियों का क्या हुआ जिनको पुलिस ने पकड़ा है.



देव ठाकुर: किसका काम है पता नहीं. और कोई स्पेशल अफसर है जिसके वजह से कमिश्नर कुछ नहीं कर पाया और मीडिया भी वह थी और उन्होंने सब देखा है इसीलिए उसके हाथ बांध गए है.



सामने से: अगर उनमे से किसी ने तेरा नाम बोल्दिया तोह पता है ना क्या होगा. और जिसने किया है उसका कैसे भी पता लगा. मेरा नुक्सान करने वाले को ज़िंदा रहने का कोई हक़ नहीं है.



देव ठाकुर: यह सब किसने किया उसका पता नहीं चलरहा है. और आज किसी ने मंगल को और उसके आदमियों को मार दिया है. और जिसने मारा है उसीने हमारा नुक्सान किया है.



सामने से: क्याआ. किसने मारा रखा को.



देव ठाकुर फिर उसको सब बताता है क्या हुआ और कैसे हुआ.



सामने से: गुस्से में. अग्रवालललललललल. िन्न्न अग्रवालललललल की वजहहहह सीए हरबारर हमारा नुक्सान होता हैई. पहले भी इनकी वजहहह सी हमारी बेइज़ाती हुयी हमने उससे खू दिया. और आज्ज फिर इनकी वजहहहहह सीए....



देव ठाकुर: इन् अग्रवाल की वजह सीई मुझीऐ ओह्ह्ह्ह नाहीई मिला जिस्पी सिर्फ और सिर्फ़्फ़ मेरा हक़्क़क़ थाआ. ुसस्स िशांततः अगरवल्ल नई मुझसेइ ओह्ह्ह चिन्नन लिया. कुछः महिनी पहली उसका ऑक्सिडेंटट करवाया था पारर साला बाछह गया. उसकीय फॅक्टरीयी का नुक्सान करवाना चाहा ओह्ह्ह भी नहिई हुआए.



सामने से: चिंता मत्तट कररर. बहोत्तत्त जलडद एक और बार अग्रवाल खानदान में ार्थीय साजेगीइ. और एहहह अर्थी इनकी पूरी खानदान की होगीयी.



देव ठाकुर: अब क्या करीब.



सामने से: अभी कुछ वक़्त शांत रहो. मामला ठंडा होने दो. क्योकि जिसने भी यह किया है वह जरूर उन् अग्रवाल को जानता है.



देव ठाकुर: ठीक है. पर आप कब आएंगी.



सामने से: बहोत्त जलडद और जब मैं आऊंगा तोह उस अग्रवाल खंडन की अर्थी निकलेगी.



फिर कॉल कट होजाता है.
 
अपडेट 46

इधर यश और सिया शाम को सो के उठते है फिर नीचे आते है.



शालिनी: अच्छा हुआ तुमलोग आगये. अब हम निकल रहे है.



सिया: बुआए आज रुख जाइये ना.



शालिनी: नहिई बच्चा. तुम्हारे फूफाजी को एक सेमिनार में जाना है कल इसीलिए हुम्हे निकलना होगा.



सिया: ठीककक हैई. पर मामाजी मामीजी आपलोग तोह रुख रहे है ना.



संजय: नही बेटा. हम भी जा रहे है. हुम्हे भी काम है.



सिया: परररर....



किरण: सिया हम बाद में आएंगी ना.



सिया: ठीककक हैई.



फिर सब निकल जाते है अपने घर. आरव और अवि तोह बहोत खुश थे आखिर उनके फॅमिली ने उनके प्यार को एक्सेप्ट करलिया था.



यश: माँ डैड. मैं थोड़ा बहार जा रहा हु. डिनर के पहले आजाऊंगा.



इशांत: कहा जा रहे हो.



यश: बस थोड़ा बहार जा रहा हु.



महक: जल्दी आना. और ध्यान से जाना.



फिर यश वह से निकल जाता है अपनी टीम के पास.



यश: ऋषि क्या किया उनका. और किसके आदमी थे वह.



ऋषि: वह थे रखा के आदमी. देव ठाकुर के लिए यह सब काम करता है. और उनको मार्के उसके घर के सामने फेक दिया था और एक लेटर दे दिया था जैसा तुमने बोलै था. और उस रखा से हुम्हे एक बहोत बड़ा राज़ पता चला.



यश: क्या.



फिर ऋषि उससे कुछ बताता है जिससे सुनके एकबार तोह यश भी शॉक होजाता है.



यश: यह देव ठाकुर इंसान भी है या नहीं. कोई इतना कैसे गिर्र सकता है. उसके नीच हरकत की वजह से आज यह हालत है.



ऋषि: और यह बात उसको नहीं पता. उसको तोह वही लगता है जो अब तक हुम्हे लगता था.



यश: पर उसने जो किया है उसकी सजा तोह उससे मिलेगी hi.



ऋषि: वह तोह देंगे hi.



यश: हम्म्म. बस एक बार इनको इनके किये की सजा दे दू तब मुझे उनको शांति मिलेगी.



माया: इनको इनके किये की सजा जरूर मिलेगी यश.



रितिका: अब आगे क्या करना है.



यश: उन् आदमियों ने अपना मुँह खोला जिनको पुलिस पकड़ के ले गयी थी.



कारन: नहिई सालो ने मुँह नहीं खोला. कमिश्नर ने कोशिश की थी उस कोकीन और उन् आदमियों को गायब करवाने की. पर नहीं करपाया.



यश: रितिका नेक्स्ट कौनसा है.



रितिका: नेक्स्ट एक टेंडर निकलने वाला है जिसका उसको मिलने का पूरा चांस है क्योकि अग्रवाल एम्पायर ने टेंडर नहीं भरा हज अगर उसको मिल गया तोह उसको जो लोस्स हुआ है वह रिकवर होजायेगा.



यश: अच्छा. कोई बात नहीं. नहीं भरा है तोह भर्र जाएगा. और टेंडर भी हुम्हे hi मिलेगा.



माया: उस राशि और आँचल का क्या सोचा है.



यश: उनका क्या करीब वही सोच रहा हु.



रितिका: करना क्या है थोकक दो. पूरा किस्सा hi ख़तम.



यश: नहीं नहीं. उनके दिमाग में जो ख्याल आया है ना उसके लिए इतनी छोटी सजा नहीं उनको तड़पा तड़पा का मरना है. उनका भी देखेंगी. अभी कुछ दिन रेस्ट करलो. तुमलोग भी एन्जॉय करो. मानता हु तुमलोग मेरी हेल्प के लिए हो. पर अपनी कैफे भी एन्जॉय करो. ऋषि रितिका कारन माया.



रितिका: हमारे दोस्त को खतरा हो वह परेशां हो और हम एन्जॉय करे. यह पॉसिबल नहीं.



ऋषि: बिलकुल सही कहा.



यश: ारी पर तुमलोग क्या इनकी वजह से अपनी लव लाइफ ख़राब करोगे. अभी कुछ वक़्त के लिए शांत रहते है. क्योकि आज जो झटका मिला है उसके बाद वह जरूर अभी शांत रहेंगे.



चारो: ठीककक है.



माया: पर उसके पहले मैं उन् दोनों को सबक सिखाऊंगी जिसने मेरे दोस्तों पे अटैक करवाया है और तुम कुछ नहीं बोलोगे.



रितिका: मैं भी एहि चाहती हु.



यश: ठीककक है. नहीं बोलता कुछ.



फिर उनके बीच थोड़ी बात होती है और यश घर निकल जाता है.



घर आके वह डिनर करता है और इशांत से बोलता है.



यश: डैड.



इशांत: हां बोलो.



यश: मैंने सुना है अभी एक बहोत बड़ा टेंडर निकलने वाला है और आपने अप्लाई नहीं किया है.



इशांत: हआ सही सुना है.



यश: पर क्यों डैड.



इशांत: क्योकि यह टेंडर तुम्हारे मां को मिलने वाला है और उसकी साड़ी तैयारी होचुकी है.



यश: ोूकककक.



इशांत: वैसे देखके अच्छा लगा तुम बिज़नेस में इंटरेस्ट ले रहे हो.



यश: No डैड. यह तोह बस मुझे सुनने में आया इसीलिए पूछा.



इशांत: ोककक.



फिर सब अपने रूम में जाते है.



सिया: क्या बात है बिज़नेस में बहोत ध्यान दे रहो हो.



यश: बस्स्स काम तोह करना पढता है ना.



सिया: चलो अब आज जो भी बात हुई वह सब बोलो.



यश: ज्यादा कुछ नहीं हुआ.



सिया: मुझे भी पता है ज्यादा कुछ नहीं हुआ वर्ण तुम अभी यहाँ नहीं होते.



यश: अच्छा. इतना जानती हो मुझी.



सिया: तुम तोह मेरी रूह में बस हो. तुम्हे नहीं जानूँगी तोह किस्से जानूँगी.



यश: इतना प्यार कैसी करलिया सिया तुमने.



सिया: ठण्ड में तड़पती हुई एक लड़की जो सड़क में मरने की हालत में थी. कितने hi लोगो ने देखा पर सबने अनदेखा करदिया. फिर एक लड़का आया उसकी उम्र का उसने उसको हॉस्पिटल में एडमिट करवाया. उसका ट्रीटमेंट करवाया. उस अनात को महलो की राजकुमारी बना दिया. लड़का ने कहा था भैया बोलना. लड़की ने भी उस वक़्त हां कहा. फिर जैसे जैसे टाइम बिता वह दोस्त बने फिर यह दोस्ती कब प्यार में बदली उस लड़की को भी नहीं पता. देखते hi देखते वह लड़का उस लड़की के रूह में बस गया.



यह सब बोलते वक़्त सिया की आँखों में आंसू थी.



यश: तुम क्यों यह सब सोचती हो. तुम्हे बोलै था ना.



सिया: कभी कभी सोचती हु अगर उस वक़्त तुम ना आते तोह आज मेरे जीवन में यह दिन ना आता. यह बोल उसके गले लग जाती है और रोने लगती है.



यश: सियाआ तुम रो क्यों रही हो. मत रो ऐसी.



सिया: मुझे बहोत डर लगता है यश. तुम जो काम कर रहे हो. अगर उसमे तुम्हे कुछ होगया तोह हमारा क्या होगा. हम तोह जीते जी मर जायेंगे.



यश: मुझे कुछ नहीं होगा सिया. और तुम तोह मेरी ताक़त हो. अगर तुम hi ऐसी कमज़ोर पढ़ गयी तोह कैसे चलेगा. और आज अचानक से यह ख्याल मैं में क्यों आया.



सिया: आज कॉलेज से आते वक़्त hi हुआ. फिर वह कुछ दिन पहले वह गोली लगी थी.



यश: सिया यह सब मत सोचा करो. मुझे कुछ नहीं होगा. और अगर वह ना किया तोह सब तबाह होजायेगा. तुम्हे तोह सब पता है ना.



सिया: हम्म्म्म. पर एहसाब कब ख़तम होगा यश.



यश: बहोत जल्द्द सिया. बहोत्त जल्द्द. बस एकबार वह इंडिया वापस आजाये. और उसको वापस लाने के लिए उसका सारा बिज़नेस ख़तम होना जरुरी है.



सिया: हम्म्म्म.



यश: चलो अब यह सब मत सोचो और सो जाओ.



सिया: आज एहि सो जाऊ.



यश: हस्ते हुई. अगर माँ ने देखलिया ना. तोह तुम्हारे साथ मेरी भी खैरर नही. और वैसे भी रोज तोह मेरी साथ hi सोती हो.



सिया: तभी तोह अच्छी वाली नींद आती है.



यश: अच्छा. चलो अब सो जाओ.



फिर सिया अपने रूम में जाके सो जाती है.



इधर राशि और आँचल शाम को पब से फुल नशे में घर की तरफ जा रहे थे. उन्हें कोई होश नहीं था. वह कार में बैठके थोड़ी दुर्र hi गए थे के उनकी गाडी बंद पढ़ गयी.



राशि: क्या हुआ गाडी क्यों रुख दी. घर आगया क्या.



आँचल: रोकी नहीं है रुख गयी है और घर आया नहीं है. लगता है ख़राब होगयी.



राशि: ओह्ह गॉड. अब क्या करे. ेक्टः इतनी रात होगयी है ऊपर से सुनसान राष्ट और हम अभी नशे में भी है.



आँचल: रुख डैड को कॉल करती हु.



वह अपना फ़ोन देखती है तोह नेटवर्क नहीं था. तभी वह से एक गाडी आते हुए दिखती है उनको.



राशि जैसे तैसे गाडी को रुखवटी है.



राशि: एक्चुअली हमारी गाडी ख़राब होगयी है क्या हुम्हे लिफ्ट दे सकते है. इतनी रात को इस सुनसान जगह में और कोई गाडी भी नहीं है.



अंदर बैठा शख्स उन्हें अंदर आने को बोलता है. गाडी में पहले से hi 2 लोग थे और किस्मत से दोनों लड़कियां hi थी और दोनों के चेहरे में मास्क लगा हुआ था.



वह दोनों गाडी में बैठती है और थैंक यू बोलती है.



आँचल: वैसे आपदोनो इतनी रात को यहाँ पे कैसी.



लड़की1: हम अपने काम से घर जा रहे थे.



राशि: ोू. वैसे आपलोगो का नाम क्या है.



लड़की1: यह माया और मैं रितिका.



गाडी में दोनों नशे में बैठे थे और सो रहे थे. तभी माया ने दोनों के ऊपर कुछ स्प्रे करदिया जिससे वह बेहोश होगयी.



रितिका: अब इन्हे बताते है हमारे दोस्त से पन्गा लेने का क्या नतीजा होता है.



फिर रितिका उन्हें एक जगह ले जाती है और दोनों उन्हें होश में लाते है.



राशि: आह्हः हम कहा है. और तुमदोनो कौन हो. वह लड़कियां कहा है.



माया बिना कुछ बोले उन्हें मारने लगती है. अंधाधुन उन्हें मारने लगती है. दोनों चीखती चिल्लाती रही पर माया बिना रुके उन्हें मारती रही.



दोनों का खून निकलना स्टार्ट होगया था. चेहरा पूरा सूज गया था. और दोनों के एक एक हाथ टॉड दिए गए थी.



रितिका: यह तुमदोनो की आज तक की की हुई साड़ी गलतियों की सजा है. अगर फिर कभी कोई भी गलती की तोह ऐसी मौत मरेंगे के अगला जनम लेने से डर जाएगी.



आँचल: दर्द में तड़पते हुए. पर हमने किया है. हम तोह तुम्हे जानते भी नही.



रितिका: एक थपड मरते हुए. हम कौन है यह जानना जरुरी नहीं है. तुमदोनो ने आज तक जितने भी गलत काम किये है यह उसकी सजा है. और अगर आगे ऐसा कुछ करने का सोचा है तोह उसके लिए वार्निंग है.



राशि: तुम दोनों बचोगी नही. हम देव ठाकुर की बेटियां है. तुमदोनो को काट के रख देंगे.



माया: मौत के मुँह में कड़ी हो फिर भी अकड़ काम नहीं हुई. मैं तोह कर रहा है अभी के अभी जान से मार दू. पर एक मौका देते है. यह बोल फिर उन्हें मारने लगती है. इससबार रितिका भी मारने लगती है. और इससबार उनका एक पैरर भी टॉड दिया था और वह मार खाते खाते बेहोश होचुकी थी.



फिर माया एक फ़ोन निकालके एक कॉल करती है और वह से चली जाती है.
 
अपडेट 47

इधर देव ठाकुर टेंशन में इधर उधर टहल रहा था.



देव: इतनी रात होगयी. अभी तक नहीं आयी दोनों. फ़ोन भी नहीं लग रहा है. पता नहीं कहा होगी.



तभी देव के पास एक कॉल आता है.



देव: Hello.



सामने से: Hello क्या यह राशि और आँचल ठाकुर का घर है.



देव: हां यह उन्ही का घर है आप कौन है.



सामने से: जी मैं सिटी हॉस्पिटल से बोल रही हु. राशि और आँचल को यहाँ एडमिट किया गया है. हालत बुरी है. आप जल्दी से यहाँ आजाये.



देव: व्हाटट.



सामने से: जी आप जल्दी आजाये.



देव तुरंत हॉस्पिटल की तरफ दौड़ता है. थोड़ी देर में वह हॉस्पिटल आजाता है.



देव: मैं देव ठाकुर. यहाँ से कॉल आया था राशि और आँचल ठाकुर के लिये.



रिसेप्शनिस्ट: जी हां. आप फर्स्ट फ्लोर में चले जाइये. वह वही पे है उनका ट्रीटमेंट होरहा है.



देव जल्दी से वह जाता है तोह देखता है राशि और आँचल बेहोश है और उनका ट्रीटमेंट चल रहा है.



देव: डॉक्टरर क्या हुआ है इन्ही.



डॉक्टर: किसीने जानलेवा हुम्ला किया है इनपर. हुम्हे एक कॉल आया था इनके लिए. हमने जा के देखा तोह वह यह दोनों खून से लतपथ पढ़ी हुई थी. बेहोश थी. बहोत बेहरमी से मारा है इनको. खून थोड़ा ज्यादा बह गया था इसीलिए हमने खून चढ़ाया है. दोनों के एक एक हाथ और पैरर टॉड दिए गए है इसीलिए हमने उसपे प्लास्टर चढ़ाया है. सर पे और चेहरे पे स्टीट्चेस आये है. 2 दिन एहि रहना होगा फिर आप ले जा सकते है.



देव: किस नंबर से कॉल आया था. और कहा मिली यह दोनों.



डॉक्टर: वह आपको रिसेप्शन से पता चल जाएगा.



देव वह से रिसेप्शन पे आता है.



देव: किस नंबर से कॉल आया था और कहा पे मिली थी वह दोनों.



रिसेप्शन: नंबर प्राइवेट था. और हुम्हे एक अंडर कंस्ट्रक्शन बिल्डिंग के पास बुलाया गया था. बिल्डिंग के सामने एक होल्डर लगा हुआ था जिसमे देव इंडस्ट्रीज लिखा हुआ था.



देव: क्या.



रिसेप्शन: जीई. हुम्हे इनका मोबाइल मिला था उनमे लास्ट दिआलद नंबर आपका hi था उसी से हमने आपको बुलाया. आप प्लीज यह फॉर्म फइलल करदे.



देव फॉर्म फइलल करता है तभी वह पे मीडिया के लोग आगये थी.



मीडिया: सर हुम्हे पता चला है किसी ने आपकी दोनों बेटियों पे जानलेवा हुम्ला किया है क्या यह सच है.



देव: आपलोगो को किसने बताया.



मीडिया: हुम्हे एक एनोनिमस कॉल आया था जिसमे हुम्हे बताया किसीने आपकी बेटियों पे जानलेवा हुम्ला किया है और वह यहाँ पे एडमिट है. क्या यह सच है.



देव: देखिये अभी मैं आपको कुछ भी नहीं बता सकता. आप जाइये. यह मेरा पर्सनल मटर है.



पैर मीडिया नहीं मानती और टेलीकास्ट स्टार्ट करती है.



मीडिया: मुंबई के मशहूर इंडस्ट्रियलिस्ट देव ठाकुर की बेटियों पे हुआ जानलेवा हुम्ला. वह अभी सिटी हॉस्पिटल में एडमिट है. हालत में फ़िलहाल सुधर है. पर आखिर किसने किया ऐसा उनके साथ. क्या कोई पुराणी दुश्मनी बिज़नेस को लेके. या फिर रिलेशनशिप का चाकर. हमने उनके पिता और देव इंडस्ट्रियलिस्ट के मालिक देव ठाकुर से बात करने की कोशिश की पर उन्होंने हमसे बात करने के लिए मन करदिया.



आखिर किसने किया यह सब और क्यों किया यह अभी तक पता नहीं चला है पर जल्दी hi पता चल जायेगा. आइये डॉक्टर से मिलते है.



डॉक्टर: देखिये अभी उनकी हालत में सुधर है. वह दोनों hi नशे में थी. दोनों ने hi ड्रग्स लिया है और साथ में अल्कोहल भी लिया है. उनके एक एक हाथ और पैरर को टॉड दिया गया है. सर में और चेहरे में स्टीट्चेस आये है. खून थोड़ा ज्यादा बह गया था इसीलिए खून चढ़ाया है. हमने पुलिस में इन्फॉर्म करदिया है. आगे वह देखेंगे.



मीडिया को यह ड्रग्स की बात पता चली तोह इन्होने इस न्यूज़ को संग संग लाइव करदिया और पुरे सेहर में फैला दिया अपनी तरफ से थोड़ा मिर्च मसाला लगा के.



थोड़ी देर में वह कमिश्नर आता है तोह मीडिया उससे भी लपेटे में ले लेती है. कमिश्नर इन्वेस्टीगेट करेंगे बोलके निकल जाता है. देव ठाकुर कुछ नहीं कर पाया. मीडिया ने उसकी धज्जिया hi उड़ा दी थी.



अगली सुबह हर जगह एहि न्यूज़ चल रही थी. और ड्रग्स की बात को बार बार दिखाया जा रहा था.



अग्रवाल हाउस में जब यह न्यूज़ चलती है तोह सिया यह देख कर ख़ुशी से उछाल पढ़ती है.



महक: इशांत यह दोनों तोह वही है ना जो ुस्सदिन पार्टी में बोलरहि थी यश से प्यार करती है और शादी करना चाहती है.



सिया: क्याआ. उनकी इतनी हिम्मत. मेरे यश पे नज़र दी. अच्छा हुआ इनके साथ. ऐसा hi होना चाहिए.



इशांत: सिया ऐसा नहीं बोलते.



महक: अच्छा हुआ हमने मन करदिया था. कैसी लड़कियां है. ड्रग्स और अल्कोहल लेती है. अगर यह हमारे घर आती तोह पुरे खंडन को और यश की लाइफ को बर्बाद करदेती.



सिया: कभी आने देते तब ना आती. जान न ले लेती उनकी.



इशांत: हुम्हे जाना चाहिए उन्हें देखने.



सिया: हम नहीं जायेंगे.



महक: ऐसा नहीं बोलते सिया. हुम्हे जाना चाहिए. यश हमसब वह जायेंगे.



यश: जैसा आप कहे.



फिर सब ब्रेकफास्ट करने लगते है. ब्रेकफास्ट के बाद सिया अपने रूम में जाके माया को कॉल लगाती है.



सिया: माया. क्या न्यूज़ दिखाई है सुबह सुबह दिल खुश करदिया.



माया: अब हमारे भाई दोस्त से पन्गा लेगी तोह एहि होगा. मेरा मैं तोह जान से मारने का था पर यश ने hi मन करदिया था. इसीलिए चोरर दिया.



सिया: जो भी हो. बहोत मज़ा आया. साली हमारे माल पे डाका डालेगी. यह बोल कॉल कट करदेती है.



तभी राधा का कॉल आता है.



राधा: सिया न्यूज़ देखा.



सिया: हआ देखा. मज़ा आया देख कर.



राधा: यश के मिलने और उसके प्यार के बाद. आज यह दूसरी ख़ुशी मिली है. बहोत अच्छा हुआ उनके साथ. पर किया किसने.



सिया: माया और रितिका ने कल रात किया है.



राधा: क्या बात है मज़ा आगया. अब इससे शायद उन्हें अकाल आजाये.



सिया: शायद. अच्छा तुम आरही हो हॉस्पिटल उन्हें देखने के लिए.



राधा: मैं तोह नही है. पर माँ डैड ने बोलै है जाना चाहिए इसीलिए जायेंगे. और तुमलोग.



सिया: हमारा भी शामे है. तोह चलो भी मिलते है.



राधा: ोककक.



फिर कॉल कट होजाता है.



धीरे धीरे पुरे कॉलेज में यह न्यूज़ फैल जाती है.



फिर थोड़ी देर बाद सबलोग हॉस्पिटल आते है उन्हें मिलने के लिए. आरुषि मेघा और उनके पेरेंट्स आरव सोनिया और अवि उनके पेरेंट्स यश राधा सिया विथ फॅमिली आये हुए थी.



देव सबको देख कर थोड़ा हैरान होता है पर कुछ नहीं बोलता.



इशांत: यह सब कैसे हुआ देव.



देव: पता नहीं. पुलिस पता लगा रही है. जल्दी hi पता चलेगा.



महक: अभी कैसी हालत है.



देव: हाथ और पैरर टूट गए है. सर और चेहरे में स्टीट्चेस आये है. 2 दिन एहि रहना है.



फिर सब उनके रूम में जाते है जहा दोनों बैठी बाते कर रही थी.



महक: कैसी हो तुमदोनो और यह सब कैसे हुआ.



दोनों: पता नहीं कौन थी वह दोनों. हमारी गाडी ख़राब होगयी थी. हमने लिफ्ट मांगी तोह हुम्हे लिफ्ट दिया फिर हम बेहोश होगये. फिर जब होश आया तोह हम कहा थे पता नहीं वह हुम्हे मारने लगे और फिर हम बेहोश होगये. फिर जब होश आया तोह यहाँ हॉस्पिटल में थे.



संजना: थी मतलब. लड़कियों ने मारा.



दोनों: हां दो लड़कियां थी. दोनों ने मास्क पहना था इसीलिए हम चेहरा नहीं देख पाए. उन्होंने नाम बोलै था माया और रितिका.



सिया: डॉक्टर ने बताया तुमदोनो ने ड्रग्स और अल्कोहल लिया था.



दोनों सिया को गुस्से से देखते है पर फिर अपना चेहरा निचे कर लेते है क्योकि उनके पास कोई जवाब नहीं था.



सिया के ऐसे पूछने से राधा आरुषि मेघा और सोनिया को हसी आती है पर वह कण्ट्रोल करलेते है.



फिर ओहलोग वह से चले जाते है. बहार आते hi महक ने सिया के कान पकड़ लिए.



महक: तुम चुप नहीं रह सकती थी.



सिया: गलती करे वह और चुप राहु मैं. मैं तोह बस पूछ रही थी.



महक: मुझे पता है तुम्हारे इंटेंशन्स क्या थी.



सिया थोड़ा है देती है. फिर महक उसके कान चोरर देती है.



यश: माँ हम कॉलेज जाते है.



फिर सब वह से कॉलेज के लिए निकल जाते है. जैसे hi वह फॅमिली से अकेले होते है. राधा आरुषि मेघा सोनिया और सिया जोर जोर से हसने लगते है. उनकी हसी रुख hi नहीं रही थी.



वरुण: ारी पागल होगयी हो क्या.



सोनिया: तुम्हे हसी नहीं आरही है क्या.



वरुण: आ तोह रही है .



सोनिया: तोह हसो ना.



फिर वरुण आरव और अवि भी है देते है.



यश: चलो अब लेट होरहा है.



फिर सब कॉलेज आते है. कॉलेज में भी आज एहि न्यूज़ ट्रेंड में थी.



कॉलेज के बाद सब घर जाने लगते है. राधा को यश और सिया ड्राप करदेते है
 
अपडेट 48

यश और सिया अभी ट्रैफिक में थे तभी सिया की नज़र एक फ्लावर शॉप में जाती है जहा उससे बहोत अच्छा गुलदस्ता दीखता है



सिया: यश कार को जरा उस शॉप पे लो ना.



यश: किसलिए.



सिया: लो ना.



फिर दोनों उस शॉप पे जाते है.



सिया अंदर जाती है और शॉप कीपर से उस गुलदस्ते के बारे में पूछती है पर तभी उसकी नज़र वह पे बैठी एक बच्ची पे पढ़ती है जो वह बैठ के पढ़ रही थी.



सिया: क्या नाम है तुम्हारा.



लड़की: मेरा नाम नेहा है.



सिया: बहोत अच्छा नाम है. तुम स्कूल नहीं गयी. अभी तोह स्कूल का टाइम है ना.



नेहा कुछ नहीं बोल पाती वह चुप करके वही कड़ी रहती है.



सिया: क्या हुआ. ऐसे उदास क्यों होगयी.



शॉपकीपर जो उसका बाप था वह बोलता है.



शॉपकीपर: वह यह स्कूल नहीं जाती है.



सिया: क्यूओ.



शॉपकीपर: जी पहले यह जाती थी स्कूल. यह पढाई में बहोत अच्छी थी. इसको यहाँ के सबसे अच्छे स्कूल आईएम है ना उसमे एडमिशन करवाया था. हम जैसे तैसे इसके स्कूल की फीस भरते थे. पर वह स्कूल हम जैसे गरीब के बच्चो के लिए नहीं है.



सिया: आप पूरी बात साफ़ साफ़ बताये.



शॉपकीपर: रहने दीजिये मैडम. क्या करेंगी जान कर.



सिया: क्या स्कूल अथॉरिटी की गलती है.



शॉपकीपर: मैडम हम गरीब लोग है. हुम्हे कुछ भी बोलना.



नेहा: दीदी स्कूल वालो ने मुझे बिना किसी रीज़न के निकल दिया. बोलै के मैं यहाँ नहीं पढ़ सकती. और उन्होंने मेरी जगह किसी और को एडमिशन दे दिया. जब पापा ने पूछा तोह बोलै यह स्कूल अमीर बच्चो के लिए है. तुम्हारी बेटी की वजह से यहाँ का स्टैण्डर्ड गिर्र रहा है. इससे किसी सरकारी स्कूल में ढाल दो.



सिया को यह सुनके बहोत गुस्सा आता है.



सिया: किसने कहा था तुमसे यह सब.



शॉपकीपर: छोड़िये न मैडम. इसने जितना पढ़ लिया उतना बहोत है. और आगे पढ़ के क्या करेगी.



यश: यह आगे पढ़ के देश का और आपका नाम रोशन करसकती है.



सिया: नेहा तुम बताओ यह किसने बोलै था तुमसे.



नेहा: स्कूल के प्रिंसिपल ने. और एक दो टीचर ने भी बोलै था.



सिया: उस प्रिंसिपल की इतनी हिम्मत. हमारे स्कूल में ऐसा काम करता है.



शॉपकीपर: आपका स्कूल. आप कौन है मैडम.



सिया: सिया अग्रवाल. अग्रवाल एम्पायर की बहु हु मैं. उस स्कूल के मालिक की होने वाली पत्नी हु मैं.



यश उसको यह बोलता सुन्न उसकी तरफ देखता रहता है.



शॉपकीपर और नेहा सिया का इंट्रोडक्शन जानके शॉक होजाते है.



दोनों उसके पैरर पढ़ने लगते है.



सिया: ारी ारी यह क्या कर रहे है आप दोनों. उठिये. प्लीज उठाइये.



शॉपकीपर: नहीं मैडम. हम आपके सामने खड़े नहीं होसकते. हमारी वह औकात नहीं.



सिया: इंसान की पहचान उसकी औकात से नहीं बेहेवियर से पता चलती है. और आप दोनों का बेहेवियर उन् स्कूल अथॉरिटी से बहोत बड़ा है. प्लीज आप खड़े होजाइये.



दोनों खड़े होते है.



सिया: नेहा कल से तुम स्कूल जाओगी. और आईएम ग्रुप ऑफ़ इंस्टीटूशन में hi जाओगी. और कल तुम अकेले नहीं जाओगी. तुमजरे साथ मई जाउंगी. और कैसे उस स्कूल का नक्शा पलट होगा. तुम्हारा घर कहा है.



नेहा: Ma’am वह दूकान के पीछे है.



सिया: यह तुम मुझे ma’am क्यों बोल रही हो. पहले तोह दीदी बोल रही थी ना.



नेहा: पहले नहीं जानती थी आप कौन है. इसीलिए गलती होगयी. सॉरी.



सिया: गलती तुमसे तब नहीं अब हुई है. तुम मुझे दीदी hi बोलोगी. समाज गयी.



नेहा: जी Ma’am. मतलब दीदी.



सिया: ठिक्क है तोह अब हम चलते है. कैसे तुम स्कूल जाओगी.



फिर यश और सिया वह से निकल जाते है.



यश: हां तोह पत्नी जी कल क्या करने वाली है आप.



सिया: क्या बोल रहे हो.



यश: वही बोल रहा हु जो तुमने अभी थोड़ी देर पहले कहा. पहले तोह सबको अग्रवाल खंडन की बेटी बोलती थी और अब सीधा बहु.



सिया: हां तोह क्या गलत बोलै. वह मेरी पुराणी आइडेंटिटी थी. जो ख़तम होचुकी है. और यह मेरी नई आइडेंटिटी है जो साड़ी ज़िन्दगी चलेगी.



यश: अछ्हा.



सिया: जीई. और कल से उस स्कूल का नक्शा पलट होगा.



फिर दोनों घर आते है. तोह महक उनको पकड़ लेती है.



महक: कॉलेज कबका ऑफ होचुका है. कहा थे अब तक.



सिया: माँ वह हम एक जगह रुख गए थी.



महक: और क्या मैं जान सकती हु कहा और किसलिए रुख गए थी.



सिया: बताते है. पर क्या आपको हमारे स्कूल के सारे बोर्ड मेंबर का नाम पता है. कौन कौन है बोर्ड मेंबर्स.



महक: क्या बात है सिया यश. आज अचानक स्कूल की बात क्यों पूछ रही हो



सिया: बताते है माँ. पहले आप बोलिये.



महक: मुझे पूरा तोह नहीं पता. पर जिया( Ishant’s सेक्रेटरी) को पता होगा.



यश: ोकक तोह हम फ्रेश होक आते है आप जिया दीदी को बुला देंगे. पलासी. फिर आपको सब बता देंगे.



महक: ठिक्क है.



फिर दोनों अपने अपने कमरे में चले जाते है. थोड़ी देर बाद जब वह फ्रेश होक आते है तोह वह जिया बैठी हुई थी.



जिया: क्या बात है हैंडसम आज हुम्हे कैसे याद किया.



सिया: आपको हैंडसम ने नहीं मैंने याद किया है जिया दी.



जिया: माय बाद लक. मुझे लगा हैंडसम ने याद किया है. यह बोल हसने लगती है.



सिया: वैरी फनी.



जिया: अच्छा बताओ क्या काम है. Ma’am ने बताया कुछ इम्पोर्टेन्ट है.



सिया: हआ. आप हमारे स्कूल के सारे बोर्ड मेंबर की लिस्ट निकले और उनसे कहे कल ओनर से मीटिंग है. और हुम्हे सारे मेंबर्स चाहिए. अगर कोई एक भी नहीं आया तोह उसको उसी वक़्त निकल दिया जाएगा और सारे टीचर्स स्टाफ स्टूडेंट्स सब चाहिए.



जिया: पर अचानक क्या हुआ. और कल तोह सर पुरे दिन बिजी है. फिर मीटिंग.



सिया: दी. मीटिंग में डैड नहीं हम जायेंगे. और साथ चलेंगी आप.



जिया: पर अचानक हुआ क्या है.



महक: हां सिया. क्या हुआ है जो अचानक यह सब.



फिर सिया उन्हें साड़ी बात बताती है.



महक: क्या. हमारे स्कूल में इतना गिरा हुआ काम.



जिया: ी ऍम सॉरी Ma’am. सर ने स्कूल की देख रेख की जिम्मेदारी मुझे दी थी. पर मैं भूल गयी.



महक: नही जिया. हम जानते है तुम सारादिन कितना काम करती हो. उनके फ़ोन कॉल्स हैंडल करना मीटिंग हैंडल करना. कितना काम रहता है तुम्हे. इसमें तुम्हारी गलती नहीं है.



सिया: हां जिया दी. बस आप वह करदिजिये जो मैंने बोलै है.



जिया: अभी करदेती हु.



फिर जिया एक कॉल करती है.



जिया: मैं अग्रवाल एम्पायर से जिया बोल रही हु. कल मुझे स्कूल के सारे बोर्ड्स मेंबर्स स्टाफ टीचर्स स्टूडेंट्स सबकोई चाहिए. सबकोई मतलब सबकोई. और उनको बोलना ओनर उनन्साब के साथ मीटिंग करेंगे.



सामने से: जी Ma’am होजायेगा.



फिर कॉल कट होजाता है.



जिया: लो होगया. वैसे कल क्या करने वाली हो.



सिया: कल उस स्कूल का नक्शा पलट होगा. और होसकता है नई स्टाफ एंड बोर्ड मेंबर्स का रेकिरटमेंट भी करना पड़ेगा.



जिया: समाज गयी. तोह कल मिलते है स्कूल में. अच्छा हैंडसम एक डेट पे चलोगे क्या.



यश: येह सूरे व्हाई नॉट. बूत आपका हेल्थ इन्शुरन्स है ना.



जिया: समाज गयी. मुझे नहीं जाना किसी डेट पे. और मुझे हॉस्पिटल से एलर्जी है.



यह बोल हसने लगती है.



सिया: हस्ते हुए. आप चाहे तोह जा सकती है दी. आप पे भरोसा है. आप अपने दोस्त का अच्छे से ख्याल रखेंगी.



जिया: ोकककककक. तोह जल्दी hi डेट पे चलने के लिए रेडी होजाओ.



इससबार सब है देते है.



जिया: अच्छा Ma’am चलती हु.



महक: आते रहा करो जिया.



जिया: सूरे Ma’am. बस आप इशांत सर को बोलदे. मुझे आज जैसे हाफ डे दिया वैसे रोज दे दे. तोह मैं रोज आउंगी.



महक हसने लगती है. तुम खुद hi बोल दो.



जिया: अच्छा मैं चलती हु. यह बोल वह से भग्ग जाती है.



पीछे सब हस्ते रहते है.
 
अपडेट 49

अगले दिन सुबह सिया और यश नेहा के पास आते है और उसको लेके स्कूल जाते है. जब वह वह पहुंचते है तोह जिया और राधा पहले से hi खड़े रहते है.



यश: राधा तुम यहाँ.



राधा: सिया ने बुलाया मुझे.



सिया: हआ. मैंने कहा था ओनर की मीटिंग है. तोह राधा भी हम में से एक है.



यश: समाज गया.



राधा: ारी कोई मुझे भी समझाओ.



जिया: मैं बोलती हु राधा.



फिर जिया राधा को सब बोल देती है.



राधा: हरजगह ऐसे लोगो का होना कंपल्सरी होगया है. पहले हमारे कॉलेज में और अब स्कूल में.



सिया: यह सब पैसो के लिए कुछ भी कर सकते है.



राधा: नेहा तुम स्कूल में जाओ. हम पीछे पीछे आते है.



नेहा: दीदी वह सिक्योरिटी मुझे अंदर जाने नहीं देगा. उसको बोलै गया है हम जैसो को अंदर ना आने दिया जाए.



यश: अच्छा. चलो मैं चलता हु साथ. फिर देखते है.



यश नेहा का हाथ पकड़ के स्कूल के अंदर जाने लगता है.



सिक्योरिटी: ू भाई कहा जा रहे हो.



यश: यह स्कूल है और यह यहाँ की स्टूडेंट और यहाँ बच्चे पढ़ने आते है.



सिक्योरिटी: वह मुझे भी पता है यह स्कूल है. बूत यह अमीरो का स्कूल है. िणजैसे भिखारियों का नहीं.



यश को सिक्योरिटी की बात पे बहोत गुस्सा आता है वह घुमा के उसको एक थप्पड़ मारता है जिससे उसका सर घूम गया था.



यश: तेरी हिम्मत कैसे हुई इससे ऐसे बात करने की. यह यश अग्रवाल की बेहेन है.



सिक्योरिटी जो अभी तक अपने घूमे हुए सर को कण्ट्रोल कर रहा था वह यश का नाम सुनके hi डर जाता है.



सिक्योरिटी: अग्रवालललल.



यश: हआ. अग्रवालललललल.



सिक्योरिटी: डर से. हकलाते हुए. ी ऍम सॉरी सर. मुझे नहीं पता था आप कौन है या यह कौन है. मुझसे गलती होगयी. मुझे माफ़ करदिजिये सर.



यश: तेरी गलती की सजा तोह तुझे मिलेगी. पर पहले इस स्कूल का नाम ख़राब करने वाले बड़े लोगो को देख लेता हु.



फिर सब अंदर आते है.



यश: नेहा तुम अपनी क्लास में जाओ. और वह कौन कौन टीचर थे.



नेहा: भैया हमारी इंग्लिश Ma’am और मैथ्स सर.



यश: ोककक. अब तुम क्लास में जाओ. वैसे कौन सा क्लास है तुम्हारा.



नेहा: क्लास 8(ा)



यश: ोककक. अब तुम जाओ. जिया दी अब आप जाइये और देखिये मीटिंग का क्या हुआ.



जिया: ठीक है हैंडसम.



फिर जिया वह से चली जाती है प्रिंसिपल के ऑफिस.



फिर यश सिया और राधा पुरे स्कूल को घर के देखने लगते है.



यश: चलो चलके इस स्कूल एक चाकर लगा लेते है.



राधा: एक मिनट. आई तुम इधर आओ.



राधा ने उस सिक्योरिटी को बुलाया था जिसको यश ने मारा था.



सिक्योरिटी: ी ऍम सॉरी Ma’am. फिर कभी ऐसा नहीं करूँगा. गलती होगयी. मुझे तोह जो प्रिंसिपल सर ने कहा था वही किया.



राधा: उसका पता चल जाएगा. अभी हमारे साथ चलो. और पूरा स्कूल दिखाओ अगर कोई कुछ पूछे तोह बोलना नई एडमिशन के लिए स्टूडेंट के गर्दैन स्कूल देखने आये है. समाज गए.



सिक्योरिटी: जी Ma’am.



फिर यह तीनो सिक्योरिटी के साथ स्कूल के अंदर जाते है.



सिया: कौनसी कौनसी क्लास में तुमलोगो की स्टैण्डर्ड के नीचे के बच्चे है वह ले चलो. और जहा जहा तुम्हारी स्टैण्डर्ड के नीचे के बच्चो के साथ बुरा बर्ताव होता है वह भी चलो.



सिक्योरिटी समाज जाता है सिया ने क्या बोलै था इसीलिए वह सर नीचे करके ले जाने लगता है.



स्कूल थोड़ी देर पहले hi स्टार्ट हुआ था और अभी फर्स्ट पीरियड hi चल रहा था.



सिक्योरिटी उन्हें एक एक क्लास दिखता है. फिर एक क्लास के बहार आके खड़ा होजाता है. जहा इंग्लिश की Ma’am का क्लास था.



ओहलोग देखते है. Ma’am कुछ स्टूडेंट्स को सामने से उठके जबरदस्ती पीछे भेज रही थी और पीछे के स्टूडेंट्स जो शकल से रईस बाप की औलाद लग रहे थे उन्हें सामने बैठा रही थी.



सिक्योरिटी: Ma’am ने जिनको पीछे भेजा एहि वही स्टूडेंट्स है जिनके लिए हुम्हे मन किया जाता है. और जो पीछे से सामने आरहे है वह यहाँ के जाने माने बिजनेसमैन पॉलिटिशंस के बच्चे है.



ओहलोग कुछ नहीं बोलते बस गुस्से से अपनी मुठी को भींच लेते है.



फिर आगे बढ़ते है जहा एक क्लास में में कुछ स्टूडेंट्स को क्लास में सर बिना किसी रेअसोंस के खड़ा करके रखे थी जबकि बैठने के लिए सीट्स थी.



यश: यह क्या होरहा है.



सिक्योरिटी: यह भी वही बच्चे है. जिनके साथ यह अमीर बच्चे नहीं बैठना चाहते. इसीलिए यह सर उन्हें खड़ा करके क्लास करवाते है. और वह सारे पूरा दिन खड़े खड़े hi क्लास करते है.



यश को गुस्सा तोह बहोत आता है उसका मैं तोह कर रहा था के वह अभी जाए और उस टीचर को ज़िंदा गार दी.



फिर वह आगे बढ़ते है यह नेहा का क्लास था. जहा टीचर नेहा को बहार खड़ा किये हुए था.



नेहा यश को देखती है तोह भग्ग के उसके गले लग जाती है और रोने लगती है.



यश: क्या हुआ नेहा तुम रो क्यों रही हो. किसीने कुछ कहा क्या.



सिक्योरिटी नेहा को रट देख डर जाता है.



नेहा: भैया मैं क्लास में बैठी हुई थी मैथ्स सर आये और मुझे देखा तोह मुझे बोलै यह भिकारी यहाँ क्या कर रही है इसको अंदर आने किसने दिया. और फिर मुझे जबरदस्ती क्लास के बहार निकल दिया.



यश का गुस्सा हद्द से ज्यादा बढ़ जाता है.



यश: गुस्से में. अभी के अभी पुरे स्कूल के स्टाफ को बहार ग्राउंड में बुला. और उन् सभी स्टूडेंट्स के पेरेंट्स को बुला जिनके बच्चे अपने आपको कही का राजा समजते है. अभी के अभी.



सिक्योरिटी डर से वह से भग्ग जाता है और माइक में अन्नोउंस करवाता है.



यश: सिया राधा नेहा को लेके जाओ. मैं अभी आता हु.



दोनों नेहा को लेके चली जाती है.



यश सीधा नेहा की क्लास में जाता है.



मैथ्स सर: हु अरे यू. हाउ डरे यू तो के इन विथाउट माय परमिशन.



यश आगे बढ़ के उसको एक थप्पड़ खिंच के मारता है जिससे वह वही गिर्र जाता है.



यश: गुस्से में. एवरीबॉडी स्टे इन थिस क्लास. नोबडी विल के आउट. थिस इस ान आर्डर.



यश की बात सुनके सारे बच्चे डर जाते है और चुप चाप बैठ जाते है



यश आगे बढ़ के मैथ्स सर को उठता है और बोलता है.



यश: तू एक टीचर है. तुझे बच्चो को अच्छी शिक्षा देनी चाहिए. तुझे बच्चो को सही और गलत का ज्ञान देना चाहिए. कौन अमीर है और कौन गरीब इसका नहीं. यह बोल फिर एक थप्पड़ मारता है और उसको घसीट के बहार लेके जाता है.



थोड़ी देर में पूरा स्कूल स्टाफ ग्राउंड में खड़ा था.



प्रिंसिपल: Ma’am यह क्या होरहा है और ऐसे सबको यहाँ पे क्यों खड़ा किया हुआ है.



जिया: थोड़ा वेट कीजिये. आज इस स्कूल का नक्शा पलट होने वाला है.



प्रिंसिपल: मतलब.



जिया: समाज जायेंगे.



तभी वह सारे बोर्ड ऑफ़ मेंबर्स आजाते है.



प्रिंसिपल उनको वह देख कर शॉक होजाता है.



प्रिंसिपल: सर आपलोग यहाँ.



स्कूल अथॉरिटी का डायरेक्टर बोलता है.



डायरेक्टर: हआ. हुम्हे बोलै गया आज यहाँ पे ओनर की मीटिंग है हमारे साथ इसीलिए हम आये है. पर तुम सब यहाँ पे किसलिए हो.



जिया: इन्हे हमने यहाँ पे खड़ा करवाया है.



डायरेक्टर जिया देख कर शोकक होजाता है.



डायरेक्टर: जिया Ma’am आप यहाँ.



जिया: जी यहाँ. अब आपलोगो ने हालत hi ऐसी करदी के मुझे यहाँ आना पढ़ा और यह मीटिंग करवानी पढ़ी.



डायरेक्टर: मैं समझा नहीं.



जिया: आप भी समाज जाएंगी.



तभी वह सिया राधा नेहा को लेके आते है.



सिया: नेहा तुम जाके क्लास में बैठ होजाओ.



प्रिंसिपल: रुख जाइये. यह इस स्कूल की स्टूडेंट नहीं है.



राधा: हु थे हेलल अरे यू.



प्रिंसिपल: मंद योर लैंग्वेज. ी ऍम थे प्रिंसिपल ऑफ़ थिस स्कूल.



जिया: एंड यू कीप योर माउथ शट शी इस थे ओनर ऑफ़ थिस प्रॉपर्टी.



सभी लोग शॉकेड होजाते है.



प्रिंसिपल: शॉक से हकलाते हुए. ी ऍम सॉरी Ma’am. मुझे नहीं पता था आप लोग कौन है.



राधा: ारी ारी रुको रुको अभी तोह नाजाने कितनी बार सॉरी बोलना पड़ेगा. और सिर्फ तुम्हे hi नहीं. तुम्हारे इन् टीचर्स को भी.



तभी यश मैथ्स सर को वह पे धक्का देते हुए लता है.



मैथ्स सर: सर सर मुझे बचा लीजिये. यह कब से मुझे मारे जा रहा है.



प्रिंसिपल: कौन हो तुम और तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई हमारी स्कूल के एक रेस्पेक्टेड टीचर को मारने की. सिक्योरिटी पकड़ो इससे.



प्रिंसिपल के बोलने के बाद भी कोई नहीं आया.



वह खड़े सभी शॉकेड थी. उन्हें कुछ समाज नहीं आरहा था.



डायरेक्टर: Ma’am यह सब क्या है. और यह कौन है.



जिया: प्रिंस ऑफ़ थे अग्रवाल एम्पायर थे यश अग्रवाल.



सभी लोग यश का इंट्रो सुनके बुरी तरह से शॉकेड होजाते है. वह खड़ा हर शक्श की हालत ऐसी होगयी के काटो तोह खून नहीं.
 
अपडेट 50

यश: डायरेक्टर सर. क्या आपको पता है इस स्कूल में बच्चो को क्या शिखाया जाता है.



डायरेक्टर: मैं समझा नहीं सर.



यश: सब समझाता हु. नेहा. यहाँ आओ.



नेहा यश के पास चलके आती है.



यश: सो. मर. प्रिंसिपल क्या आपको पता है यह कौन है.



प्रिंसिपल: डर से. ना में गर्दन हिलता है.



यश एक थप्पड़ मारता है. जिससे उसके कान से खून निकलने लगता है.



यश: चल तू बता तू जानता है यह कौन है.



मैथ्स सर: डरते हुए. यह इस स्कूल की स्टूडेंट है. क्लास 8(ा).



यश: तोह आज तूने इसको किस रीज़न के लिए क्लास से बहार निकला था.



मैथ्स सर कुछ नहीं बोलता अपना सर नीचे करके खड़ा होजाता है.



यश उसको थप्पड़ मरता है तोह वह तोते की तरह बोलने लगता है.



मैथ्स सर: इसको प्रिंसिपल सर ने स्कूल से निकलवा दिया था तोह मैं कैसे इसको क्लास में बैठने दे सकता था.



यश प्रिंसिपल की तरफ देखता है तोह वह डर से काँप रहा था.



यश: आता हु आता हु तेरे पास भी आता हु. चल अब यह बता तूने इसको देख कर क्या बोलै था.



मैथ्स सर: डरते हुई. ी ऍम सॉरी सर. गलती होगयी. फिर कभी ऐसा नहीं बोलूंगा. ी ऍम सॉरी सर.



यश: कौनसे स्कूल और कॉलेज से पास आउट है तू. और तेरे बाप की इनकम कितनी थी. और तेरी इनकम कितनी है. और तेरे माँ बाप की एजुकेशन क्या है.



मैथ्स सर: ी ऍम सॉरी सर.



यश: मैंने तुझसे कुछ पूछा है.



मैथ्स सर: मेरे माँ बाप ुनेदुकातेड़ है. और मेरे पिता जी की इनकम 2500 पैर मंथ थी. मैंने गोवेर्मेंट स्कूल और कॉलेज से एजुकेशन ली थी. और मेरी इनकम 30000 पैर मंथ है



यश: तोह जब तू एक भिखारी और उनपद के खंडन से है तोह तू किसी और को वह कैसे बोलै.



मैथ्स सर का सिर्र झुक्क जाता है.



यश: हां तोह प्रिंसिपल किस रीज़न से तूने इसको निकला. और इसकी जगह जिसको एडमिशन दिया उससे कितना रूपया अपने पॉकेट में भरा.



प्रिंसिपल: ी ऍम सॉरी सर गलती होगयी. फिर ऐसा नहीं होगा.



यश एक और थप्पड़ मरता है तोह वह भी तोते की तरह बोलने लगता है.



प्रिंसिपल: यह गरीब थी और इन् जैसे लोगो की वजह से स्कूल का स्टैण्डर्ड नीचे होरहा था. मैंने बस स्कूल का स्टैण्डर्ड बचने के लिए वैसा किया. और इसकी जगह दूसरे एडमिशन देने के बदले में 10 लाख मिले थी.



यश: तेरे से भी वही सवाल जो इससे पूछा था.



प्रिंसिपल: मेरे माँ बाप 10तह पास है. उनकी इनकम 5000 पैर मंथ थी. मैं गोवेर्मेंट स्कूल और प्राइवेट कॉलेज से पास आउट हु. मेरी इनकम 80000 है.



अब सिया आगे बढ़ के इंग्लिश Ma’am के पास आती है.



सिया: हां तोह इंग्लिश टीचर. अब आप जरा खुदकी तारीफ करेंगी. यहाँ लागू तुझे भी.



इंग्लिश Ma’am: मैंने सब प्रिंसिपल सर के कहने पे किया था. अगर नहीं करती तोह वह मुझे जॉब से निकल देते. और मुझे इस जॉब की बहोत जरुरत है. इसीलिए मैंने मज़बूरी में वैसा किया था.



सिया: अभी थोड़ी देर पहले तूने क्लास में क्या किया था वह बोल.



इंग्लिश Ma’am: अपनी गर्दन नीचे किये हुए. मैंने अमीर बच्चो को आगे और गरीब बच्चो को पीछे भेज दिया था.



सिया एक थप्पड़ उसको भी मारती है.



राधा आगे बढ़ के उस दूसरे टीचर के पास जाती है.



वह तोह राधा को देखते hi डर से सब बोलने लगता है.



टीचर: अमीर बच्चो को प्रॉब्लम ना हो इसीलिए उनके पास बैठे गरीब स्टूडेंट्स को खड़ा करदिया था और बाकी के टीचर्स को बोल दिया था मैंने पनिशमेंट दी है इसीलिए वह खड़े रहेंगे.



राधा भी उसको एक थप्पड़ मारती है.



यश: चल अब बता यह सब किसके कहने पे किया. क्योकि तेरे अकेले में इतनी हिम्मत नहीं जो तू यह करसके. तेरे सपोर्ट में बोर्ड मेंबर्स में से कोई तोह है जिनके वजह से तू यह सब कर रहा है.



यश एक नज़र सभी बोर्ड मेंबर्स पे डालता है तोह एक थोड़ा घबराया हुआ था उसके पसीने छूट रहे थी.



प्रिंसिपल उसी मेंबर की तरफ इशारा करता है तोह वह मेंबर दौड़ के आता है और यश के पैरों में गिर्र जाता है.



मेंबर: ी ऍम सॉरी सर. मुझसे बहोत बड़ी गलती होगयी. मैं लालच के चलते यह सब करगया. मुझे माफ़ करदिजिये सर. मैं फिर कभी ऐसा नहीं करूँगा.



यश उसको उठता है और एक थप्पड़ मरता है.



यश: आज तक कितने का घोटाला किया है चल बता.



मेंबर: मैंने आज तक 50 करोड़ लिए है स्कूल के लिए जो पैसा आता है उसमे से और डोनेशन लेके एडमिशन करवाके.



यश: जिया दी. पुलिस को बुलाये और इस्पे और प्रिंसिपल पे मानहानि का मामला ठोके.



जिया: मैंने पहले hi बुला लिया था. आते hi होंगे.



मेंबर और प्रिंसिपल: माफ़ करदिजिये सर. माफ़ करदिजिये. बहोत बड़ी गलती होगयी. माफ़ करदिजिये सर.



यश: इस प्रिंसिपल को और इन् तीनो रेस्पेक्टेड टीचर्स को ृस्तिकते कीजिये और इनका लाइसेंस कैंसिल करवाइये. आजके बाद यह किसी भी स्कूल या कॉलेज में ना पढ़ा पाए. और उस सिक्योरिटी को भी अभी के अभी ृस्तिकते करे.



तीनो टीचर और सिक्योरिटी माफ़ी मांगते रह गए पर कुछ नहीं करपाए.



थोड़ी देर में पुलिस आती है और उन्दोनो को ले जाती है.



यश: अब आप सब अपने अपने क्लास में जाइये और अगर फिर कभी ऐसा देखा या सुना तोह आप सबका भी एहि हाल होगा. और तुम तीनो निकलो यहाँ से.



फिर सारे टीचर्स वह से निकल जाते है.



यश: नेहा क्लास में जाओ. आजसे तुम्हे कोई परेशानी नहीं होगी.



नेहा सिया राधा और यश के गले लग जाती है और रोने लगती है.



तीनो उसको शांत करवाके क्लास में भेज देते है. वह लोग भी अंदर आते है और वाईस प्रिंसिपल से मिलते है और उन्हें उन् स्टूडेंट्स को निकलने के लिए कहते है विथ प्रॉपर रीज़न.



फिर यश वह से निकल जाता है.



तभी वह उन् अमीर जाड़े स्टूडेंट्स के पेरेंट्स आगये.



वाईस प्रिंसिपल उन् स्टूडेंट्स और उनके पेरेंट्स को अपने केबिन में बुला सब बोलता है और उनन्साब को ृस्तिकते करता है.



पेरेंट्स हाथ जोड़ दिए लालच दे दिए पर कुछ ना हुआ.



थोड़ी देर बाद यश और सिया घर आजाते है. राधा और जिया वह से अपने घर चली गयी थी.



महक: सब ठीक होग्या.



यश: जी माँ. अब वह सब ठीक है.



महक: अच्छी बात है. जाओ जाके फ्रेश होजाओ.



फिर सिया और यश अपने कमरे में आके फ्रेश होते है.



इधर हॉस्पिटल में देव ठाकुर राशि और आँचल के पास बैठा हुआ था.



राशि: डैड पता चला किसने किया यह हमारे साथ.



देव: कुछ पता नहीं चला. पर इतना तोह पक्का है यह सब pre-planned था.



आँचल: पर यह सब करेगा कौन.



देव: अब तुम दोनों ने किस किस से पन्गा किया है यह मुझे कभी बताया है.



आँचल: डैड हमारा रीसेंट पन्गा तोह उस यश से था. जिसने हमारी बेइज़ाती की और उसके बदले में हमने उसपे हुम्ला करवाया जिसमे वह बच गया.



राशि: कही यह सब उसने hi तोह नहीं करवाया.



देव: होसकता है. पर बिना प्रूफ के हम कुछ नहीं करसकते. और क्या नाम बताया था तुमने उन् दोनों लड़कियों का.



राशि: माया और रितिका.



देव: हां माया और रितिका. अगर यह सब pre-planned है तोह यह नाम फेक होंगी.



आँचल: रियल भी तोह होसकता है. ऐसे नाम के साथ लाखो इंसान है.



देव: हो भी सकता है. पर जिसने भी किया है उसने तुमदोनो को वारं किया है.



राशि: एकबार बस वह दोनों मिल जाए. उनके पुरे खंडन को ना मिलता दिया तोह मेरा नाम राशि नहीं.



आँचल: सही कहा. उसने हमपे हुम्ला किया है. इसका बदला तोह हम लेके रहेंगे. और मुझे पूरा यकीन है यह सब उस यश अग्रवाल ने hi करवाया है. देखा नहीं वह सिया कैसे जानमुजज़ के ड्रग्स की बात छेड़ रही थी. और उनके चेहरे में एक कैसी मुस्कान थी.



राशि: हां सही कहा. उनके चेहरे देख कर hi लग रहा था यह सब उनका किया धरा है.



देव: अब आराम करो. मैं पता लगाने की कोशिश करता हु.



यह बोल देव ठाकुर वह से निकल गया.



राशि: सालियों ने इतना सुन्दर चेहरा बिगाड़ दिया. अब यह स्टीट्चेस के मार्क चेहरे पे रह जाएंगी.



आँचल: इस चोट से जितना दर्द नहीं होरहा है उससे ज्यादा दर्द हमारे चेहरे को देख कर होरहा है. उस सिया और राधा का चेहरा एसिड से ना जलाया तोह देखना. ऐसा करदेंगे के किस को अपनी शकल दिखने के लायक नहीं रहेंगी.



इधर कॉलेज में सोनिया आरव अवि आरुषि मेघा और वरुण कैंटीन में बैठे हुए थी.



वरुण: आज यह लव बर्ड्स क्यों नहीं आये. फिर से सर दर्द होगया क्या.



आरव: नही बुआ ने बताया वह किसी काम में बिजी है. इसीलिए आज नहीं आएंगी.



वरुण: ऐसा क्या काम आगया भाई.



सोनिया: अब होगा उन्हें कुछ काम.



मेघा: वैसी उन् दोनों के साथ जिसने भी वह काण्ड किया था देख कर लगता है किसीने पर्सनल दुश्मनी निकली है. पुरे चेहरे की रंगत बिगड़ गयी है स्टीट्चेस की वजह से.



अवि: हां सही कहा. पता नहीं किसने किया. ऊपर से ड्रग्स का नशा भी किया हुआ था. माँ बता रही थी बहोत hi हाई क्वालिटी का ड्रग्स लिया था और बहोत ज्यादा अमाउंट में लिया था.



आरुषि: उन्हें कैसे पता चला.



अवि: अब वह डॉक्टर है तोह उन्होंने डॉक्टर से उनकी रिपोर्ट्स देखने के लिए मांगी थी तोह उससे उन्हें पता चला.



आरुषि: ू. वैसे अच्छा हुआ वह हमारे साथ नहीं है. कितने गिरी हुई लड़कियां है.



सोनिया: हम्म सही कहा. और वह देखो गिरा हुआ लड़का. जब देखो उसकी नज़र हमपे hi होती है.



वरुण: हमपे नहीं तुमपे. आखिर आशिक़ है तुम्हारा.



सोनिया जोरर से वरुण के पेअर में पैरर से मरती है.



वरुण: आअह्ह्ह्ह.



आरुषि: क्या हुआए.



वरुण: एक जंगली बिल्ली ने पैरर में पंजा मार दिया.



वरुण की बात सुन्न सब हसने लगते है.



सोनिया: अगली बार पंजा पैरर में नहीं गर्दन में होगा.



वरुण: समाज गया समाज गया. अब रेहम करो.



आरव: इस को लगता है मुँह की बात समाज नहीं आती. लात और घुसो से hi समझाना होगा.



मेघा: चुप चाप बैठे रहो.



आरव: पारर ओह्ह्ह.



मेघा : वह अपनी तरफ से आगे नहीं बढ़ रहा है. तोह तुम क्यों उसके मुँह लगने जा रहे हो. अगर वह कुछ हरकत करे तब तुम्हे जो करना हो करना.



सोनिया: हां भाई. मेघा सही बोल रही है. इसके जैसे पता नहीं कितने और लफंगे होंगे. तोह तुम क्या सबको मारते फिरोगे.



आरव: ठिक्क है.



इधर रोहन कैंटीन में अकेला बैठा हुआ था. उसको भी पता था राशि हुए आँचल के साथ क्या हुआ है वह भी यश एंड टीम पे शक्क कर रहा था. पर अभी उनकी बाते सुनके वह सोचने पे मजबूर होजाता है.



रोहन: यह लोग तोह बोल रहे है इनको पता hi नहीं है उस हमले के बारे में. अगर उस यश ने यह सब किया होता तोह इनको जरूर पता होता. अगर इनलोगो ने नहीं किया तोह फिर किसने ुनन्दनो पे हाथ साफ़ करदिया.



रोहन इन्ही सोचो में घूम था.
 
अपडेट 51

उधर देव ठाकुर कमिश्नर को कॉल लगता है



देव: कमिश्नर पता चला उनके बारे में.



कमिश्नर: नही सर. कुछ पता नहीं चल रहा है.



देव: जल्दी पता लगाओ कमिश्नर. उन्होंने मेरी बेटियों पे हाथ डाला है.



कमिश्नर: जी सिर्र.



फिर कॉल कट होता है. पर तभी उसके मोबाइल में दूसरा कॉल आता है.



सामने से: अब कैसी है वह दोनों. और किसने किया.



देव: अभी ठीक है. एक हाथ और पैरर टूटा है. चेहरे और सर पे स्टीट्चेस आये हुए है. किसने किया कुछ पता नहीं चल रहा है.



सामने से: कही यह सब उन् अग्रवाल का किया हुआ तोह नहीं है.



देव: कुछ कह नहीं सकती. हो भी सकता है.



सामने से: अगर यह उनका किया हुआ निकला. तोह उनके पुरे खानदान को मिटा के रख दूंगा. जैसे कुछ साल पहले उनके घर से अर्थी उठी थी. इससबार फिर अर्थी उठेगी पर पुरे खानदान की.



देव: ऐसा hi होगा. बस एक बार पता चल जाई.



सामने से: ठिक्क है. उनका ख्याल रखना. मैं बहोत जल्द इंडिया आरहा हु.



देव: जी.



फिर कॉल कट होजाता है.



इधर यश अपने रूम में बैठा हुआ था तभी वह सिया आती है.



सिया: क्या कर रहे हो.



यश: कुछ नहीं आओ बैठो.



सिया: अगर उनको पता चल गया हुम्ला हमने करवाया था तोह.



यश: तोह क्या तोह वह इंडिया वापस जरूर आएगा. और उसको उसके किये की सजा दूंगा. और मुझे लगता है वह अब इंडिया जरूर आएगा.



सिया: पर इससे सब पे खतरा बढ़ जाएगा. और जो आदमी उनकी सिक्योरिटी के लिए है अगर उनमें से किसी ने गद्दारी की तोह.



यश: बात तोह सही है. वह आदमी गद्दारी तोह कर hi सकते है.



सिया: तोह क्या करोगे.



यश: देखते है. पहले उससे आने दो तोह. और मुझे लगता है एक और झटका दिया तोह वह जरूर इंडिया आएगा.



सिया: तुम उससे वही जाके क्यों नहीं सजा दे आते.



यश: मैं तोह मेरा भी है. पर उसने जहा पे गुनाह किया है उसकी सजा भी वही पे दूंगा. अगर ऐसा नहीं होता तोह कबका उनका काम ख़तम करचुका होता.



सिया: हम्म्म.



इधर एहलोग बाते कर रहे थे पर कोई बहार खड़ा इनकी बाते सुन्न लेता है जो इन्हे पता नहीं था. जो इनकी बाते सुनता है वह वह से सीधा अपने कमरे में चला जाता है.



यानी ुनन्दनो का यह हाल यश ने करवाया है. आखिर क्यों. और यश इतना कैसी गिर्र सकता है. लड़कियों पे अटैक करवाया उसने. चीई. मुझे उससे यह उम्मीद नहीं थी. और सिया भी यह बात जानती है और उसका सपोर्ट कर रही है. एक लड़की होक वह दूसरी लड़की पे ऐसा सब होते देख चुप रही. प्यार ने उससे इतना अँधा करदिया है.



और एहलोग किसकी बात कर रहे थी. किसने कौनसा गुनाह किया है और किस चीज़ की सजा देना चाहते है यह. और वह कौन है जिसकी वजह से सबको खतरा है. मुझे उससे बात करनी होगी.



मुझे नहीं पता था यश लंदन जाके इतना बदल जाएगा.



रात को खाने के वक़्त महक बिलकुल चुप थी किसी से कोई बात नहीं कर रही थी. इशांत यह चीज़ देखता है बूत वह पे कुछ नहीं बोलता.



सिया: माँ. क्या बात है आप इतनी गुमसुम क्यों है.



महक: गुस्से से और छिलके. चुप चाप अपना खाना खाओ और जाके सो जाओ.



महक के ऐसा बोलने से सिया की आँखों में आंसू आजाते है. क्योकि आज तक महक ने कभी उससे ऐसे बात नहीं की थी.



यश भी महक के इस बेहेवियर को देख कर हैरान था. क्योकि महक यश को भी कभी कबार दांत देती थी पर सिया से आजतक अच्छी आवाज़ में बात नहीं की.



सिया वह से अपने कमरे में चली जाती है. यश वही बैठा रहा.



महक: तुम नहीं जाओगी. तुम्हे भी जाना चाहिये.



यश: क्या बात है माँ. आप किसी बात से नाराज़ है. हमसे कोई गलती हुई है.



महक कुछ नहीं बोलती बस वह से चली जाती है. यश इशांत की तरफ देखता है.



इशांत: Don’t वोर्री. शायद कुछ बात हुई है. तुम जाओ. मैं देखता हु. और हां सिया को संभालना. उससे बहोत बुरा लगा है.



यश: जीई.



यश भी भुझे मैं से वह से निकल जाता है. और सीधा सिया के रूम में जाता है. जहा सिया बीएड में लेती रो रही थी.



यश: सियाआ.



सिया कोई रिस्पांस नहीं करती बस रोटी रहती है.



यश सिया के पास जाके उसको उठता है.



यश: सिया चुप्प होजाओ. मत रो.



सिया यश के गले लग के रोने लगती है.



सिया: रट हुए. यष्ठ माँ ने मुझसे ऐसे क्यों बात की. आज तक कभी भी उन्होंने मुझसे ऐसा बात नहीं की.



यश: वह थोड़े गुस्से में थी सिया. चुप होजाओ. कुछ नहीं हुआ.



सिया: रट हुए. क्या मेरे से कोई गलती होगयी है यश. जो माँ ने मुझसे ऐसा बात की.



यश: नही सिया. शायद माँ किसी बात से परेशां है. और उनका गुस्सा तुमपे निकल गया. उन्होंने मुझसे भी बात नहीं की. देखना कल सब ठीक होजायेगा.



सिया कुछ नहीं बोलती बस यश के गले लग के सुबकने लगती है. थोड़ी देर बाद वह रट रट सो जाती है. आंसू अभी भी उसके आँखों से बह रहे थी.



यश ने उसको बीएड में अच्छे से सुलाया और उसके आंसू पोछे और सर में एक किश करके अपने रूम में आगया.



यश: यह माँ ने आज ऐसा क्यों किया. आजतक उन्होंने कभी भी सिया के साथ ऐसा बेहवे नहीं किया. चाहे उन्हें कोई भी प्रॉब्लम हो. कोई तोह बात है जिसकी वजह से माँ ने ऐसा बेहवे किया.



इधर इशांत जब अपने कमरे में आता है तोह देखता है महक का चेहरा गुस्से से लाल होगया था.



इशांत: महाकककक. क्या बात है.



महक: कुछ नही.



इशांत उसके करीब जाके उसको अपनी तरफ घूमता है.



इशांत: क्या हुआ. तुमने सिया से ऐसे क्यों बात की. और यश से भी.



महक: उन्होंने जो किया है उससे हमारा सर शर्म से झुक्क गया है. आज उन्होंने हमारी परवरिश और छूट का बहोत गलत फैयदा उठाया है.



इशांत: ऐसा क्या किया है उन्होंने जिसकी वजह से तुम इतनी नाराज़ होगयी उनसे.



महक: राशि और आँचल की हालत के जिम्मेदार कोई और नहीं यश ने. उसी ने यह सब करवाया है. और सिया को यह बात पता है. और वह उसका सपोर्ट भी कर रही है. प्यार में इतनी अंधी होगयी है के सही और गलत का फैसला भी नहीं ले सकती.



इशांत: व्हाटटटटटट.



महक: जी हा. हमारे बच्चो ने हमारे प्यार और विश्वास का गलत फैयदा उठाया उन्होंने लड़कियों पे अटैक करवाया.



इशांत: तुम्हे पता है तुम क्या कह रही हो और किसके बारे में कह रही हो. अगर यह झूठ निकला तोह हम अपनी नज़रो में गिर्र जाएंगी.



महक: मुझे पता है मैं क्या और किसके बारे में कह रही हु. अगर मैंने यह किसी और से सुना होता तोह यकीन नहीं होता. पर मैंने यह यश के मुँह से सुन्ना है.



फिर महक उससे सब बताती है हो उसने यश के कमरे के बहार खड़े होकर सुना था.



इशांत: क्या तुमने उससे इस बारे में बात की.



महक: सोचा था बात करुँगी. पर फिर पहले आपको बताने का सोचा.



इशांत: ठीककक है अब शांत होजाओ. कल उनसे बात करेंगे.



महक: आप यह सब सुनने के बाद भी इतना शांत कैसे है.



इशांत: शांत इसीलिए हु क्योकि मैं हमारे बच्चो को जानता हु. उनकी परवरिश मेरी महक ने की है. और मुझे पता है मेरी महक की परिवरिश कभी भी गलत नहीं होसकती.



महक: पर इशांत...



इशांत: मैंने कहा न कल बात करेंगे. अभी शांत होजाओ. और क्या तुम्हे अपने बच्चो और अपनी परवरिश पे भरोसा नहीं.



महक आगे कुछ नहीं बोलती और जाके सो जाती है.



अगले दिन सब अपने टाइम से उठके अपने अपने काम में लग जाते है.



ब्रेकफास्ट टेबल पे सब थे सिवाय सिया के.



महक: सिया कहा है.



यश: पता नहीं माँ. सुबह गयम में भी नहीं आयी.



महक: जाओ जाके उससे बुलाके लाओ.



यश उसके कमरे में जाता है तोह देखता है वह सो रही है अभी भी.



यश: यह तोह अभी भी सो रही है. शायद रात को ठीक से सो नहीं पायी होगी. सोने देता हु.



फिर यश नीचे आता है.



यश: वह सो रही है.



महक: यह अभी तक सो रही है. कॉलेज का टाइम होगया है. इस लड़की को टाइम की कोई वैल्यू नहीं है.



यह बोल वह सिया कमरे में चली जाती है.
 
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