Romance Sex kahani - Beintehaan Mohobbat - Page 8 - SexBaba
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Romance Sex kahani - Beintehaan Mohobbat

अपडेट 52

महक जब सिया के रूम में आती है तोह देखती है सिया बेसुध सो रही है और उसके गालों में आंसू सुख चुके है. चेहरा थोड़ा मुरझा गया है.



महक को उसकी हालत देख कर आँख में आंसू आजाते है.



महक: यह क्या हालत बना ली है मेरे बच्ची ने. मेरी हलकी सी दांत में इसने यह हाल बना लिया है. गलती मेरी hi है. मुझे जब पता था यह कितनी सेंसिटिव है मुझे इससे नहीं डांटना चाहिए था. पर मैं भी क्या करती इसने गलती hi ऐसी की थी.



महक: सिया उठो सिया. देखो कॉलेज का टाइम होगया है उठ जाओ.



महक के बुलाने पे भी सिया कोई रिस्पांस नहीं करती.



महक सिया के पास जाके उसके सर में हाथ रखती है तोह बुरी तरह घबरा जाती है.



महक: हेय्य भगवन इसको तोह बहोत तेज़्ज़ भुकार है. पूरा शरीर भट्टी की तरह टप्प रहा है.



महक चिल्ला के यश और इशांत को बुलाती है.



महक: यशःह्ह्ह्हह्ह िशांतत्तततततत.



यश और इशांत महक की आवाज़ सुनके ऊपर दौड़ते है.



महक: यश इशांत सिया को बहोतट तेज़्ज़ज़ भुकार है. पूरा शरीर भट्टी की तरह टप्प रहा है और यह सेंसलेस होगयी है.



यश: क्याआआआ. सिया सिया उठो ना सियाआ. देखू सिया मैं यष्ठ तुम्हारा यष्ठ. सिया उठू ना.



इशांत: यश इसको तुरंत हॉस्पिटल लेके चलो. मैं शालिनी को बुलाता हु. जल्दी करूओ.



यश सिया को अपनी गोड़ में उठा के नीचे की तरफ भागता है और कार के बैक सीट में उसको सुलट देता है. महक उसके सर को अपनी गॉड में रख लेती है और उसके सर को सहलाने लगती है.



यश ड्राइव करता है और इशांत उसके बगल में बैठ जाता है.



इशांत: शालिनीई.



शालिनी: जी भैया.



इशांत: शालिनी जल्दी से हॉस्पिटल पहोंचो.



शालिनी: हॉस्पिटल क्या हुआ भैया.



इशांत: सिया को बहोत तेज़्ज़ भुकार है और वह सेंसलेस होगयी है. हम उसको हॉस्पिटल ले जारहे है. तुम जल्दी पहोंचो.



शालिनी: मैं अभी पहुंचती हु.



फिर कॉल कट होजाता है.



अवि: क्या हुआ माँ. मामाजी ने क्या कहा.



शालिनी: बीटा सिया को बहोत तेज़्ज़ भुकार होगया है और वह उसकी वजह से सेंसलेस होगयी है.



अवि: व्हाटटटटट.



शालिनी: मैं निकलती हु.



यह बोल शालिनी वह से भगति है.



अवि तुरंत आरव को कॉल करता है.



अवि: भाई सिया दी को बहोत तेज़्ज़ भुकार है और वह हॉस्पिटल में एडमिट है जल्दी पहोंचो मैं भी आरहा हु.



आरव: व्हाटट. मैं अभी आता हु.



किरण: क्या हुआ आरव.



आरव: सिया हॉस्पिटल में एडमिट है उसको बहोत तेज़्ज़ भुकार होगया है.



किरण: क्याआआआ.



आरव: यस माँ.



किरण: अमननननन सोनिया श्रुतियई संजययय.



सब: क्या हुआ.



किरण: सिया हॉस्पिटल में है जल्दी चलिये.



सब: व्हाटटटटट.



आरव: यस डैड. उसको बहोत तेज़्ज़ भुकार चढ़ा है. मुझे अवि का कॉल आया था.



सब तुरंत वह से भग्गते है. सोनिया ने वरुण को कॉल करके सब बता दिया था. वह से ओहलोग भी निकल पढ़ते है. राधा ने आरुषि और मेघा को भी बता दिया था तोह ओहलोग भी निकल पढ़ते है.



इधर यश बिलकुल पागलो की तरह ड्राइव कर रहा था और बार बार पीछे घुम्म के सिया को देख रहा था.



इशांत: बेटा संभल के ड्राइव करो. उसको कुछ नहीं होगा. शालिनी है ना.



यश कुछ नहीं बोलता बस गाडी चलता रहता है.



थोड़ी देर में हॉस्पिटल पहुंच जाते है.



यश सिया को गोड़ में लेके अंदर भागता है जहा शालिनी और अवि ने सब तैयारी करके राखी थी.



यश: बुआए देखिये ना क्या होगया है सिया को. पलासी इससे ठीककक करदिजीयी बुआए प्लीसीई.



शालिनी: यष्ठ शांततः होजावू कुछ नही होगा सिया को. मैं हु ना. तुम इसको इस स्ट्रेचर में लेता दो.



यश सिया को स्ट्रेचर में लेता देता है. तोह वार्ड बॉय सिया को एक रूम में ले जाते है. शालिनी भी अंदर चली जाती है.



यश वही बैठ जाता है. थोड़ी देर में सब आजाते है.



राधा: यष्ठ सिया कैसीई हैई कहा है वह.



यश: अंदर है. बुआ देख रही है.



किरण: पर आखिर अचानक इतना भुकार आया कैसी. हमारी सिया तोह बिलकुल फिट है.



यश: पता नहीं ममी. अचानक क्या होगया मेरी सिया को. पता नहीं कब से सेंसलेस है वह.



राधा: कुछ नहीं होगा यश. सिया ठिक्क होजायेगी.



थोड़ी देर बाद शालिनी बहार आती है.



यश: बुआए कैसी है सिया.



शालिनी: भुकार अभी भी है. ज्यादा भुकार की वजह से वह सेंसलेस होगयी. मैंने इंजेक्शन दे दिया है. थोड़ी देर में भुकार उतारर जाएगा और होश आजायेगा.



महक: पर शालिनी अचानक भुकार आया कैसी. कल तोह बिलकुल फिट थी. और पागलो के जैसी नाच रही थी. फिर अचानक कैसी.



शालिनी: भाभी उसको किसी चीज़ का बहोत बड़ा शॉक लगा है जो वह सेहन नहीं कर पायी. वह चीज़ उसके दिमाग में बैठ गयी जिसके वजह से उसको भुकार आगया. और उसकी आँखे देख कर पता चलता है वह बहोत रोई है.



महक यह सुनते hi शॉक से बेंच पे बैठ जाती है और रोने लगती है.



महक: मेरी बच्ची की यह हालत मेरी वजह से हुई है. ना मैं कल उसको दांती और ना उसकी यह हालत होती. यह सब मेरी वजह से हुआ है.



किरण और श्रुति उसके बगल में बैठ जाती है और उसको संभालती है.



दोनों: दीदी चुप होजाइये. मत रोइई. और बात क्या है. आपने आज तक कभी सिया को आँखे तक नहीं दिखाई और आपने कल उसको डांटा.



महक: सब मेरी गलती है. पहले मुझे उससे बात करनी चाहिए थी. उससे पूछना चाहिए था. मुझे पता था मेरी बच्ची कितनी सेंसिटिव है फिर भी मैंने उसको... यह बोल वह और रोने लगती है.



इशांत: मेहक्क़क़ चुप्प्प होजूओ. तुमने जानमुजज़ के नही किया. शन्तत होजावू.



महक: कैसी शन्तत होजाऊ इशांत. मेरी बच्ची आज मेरी वजह से हॉस्पिटल में है. हमने कभी उसके आँख में आंसू नहीं आने दिया. और कल वह मेरी वजह से रोई है.



इशांत: शांत होजाओ महक. सिया ठिक्क है कुछ नहीं हुआ है उसको.



सबलोग बस खड़े एहसाब देख रहे थे. उन्हें कुछ समाज नहीं आरहा था.



संजना: इशांत भैया आखिर बात क्या है.



इशांत: भाभी कल महक ने किसी बात से नाराज़ होक सिया को थोड़ा गुस्से मैं दांत दिया जो सिया बर्दाश नहीं करपायी.



संजना: पर ऐसा क्या होगया जो महक ने सिया को डांटा.



इशांत: वह बात यहाँ नहीं घर में.



यश बस वह चुप करके बैठा था. किसी से कोई बात नहीं कर रहा था. राधा उसके बगल में बैठी थी.



अभी यश को किसी बात से कोई मतलब नहीं था अभी बस उसको उसकी सिया बिलकुल ठिक्क चाहिए थी.



यश: बुआए होश कब तक आएगा.



शालिनी: 1 घंटे बाद.



यश: ठिक्क है. चलिए चलके हॉस्पिटल की फॉर्मेलिटी पूरी करदे.



अवि: भाई वह मैंने पहले hi करदी है. आप टेंशन ना ले.



फिर वह वह से सिया के रूम में जाता है और उसका हाथ पकड़ के बैठ जाता है.



इधर बहार सब चुप चाप बैठे हुए थी. महक को रह रह के रोना आरहा था.



वह उठ के सिया के रूम में जाती है जहा यश और राधा बैठे हुए थी.



महक: यष्ठ.



यश: यस माँ.



महक: ी ऍम सॉरी यश.



यश: आप ऐसे सॉरी मत बोलिये माँ. आपका हक़ बनता है हुम्हे डांटने का. बस मेरी सिया यह सेहन नहीं कर पायी.



महक: फिर भी हुआ तोह मेरी वजह से hi है ना.



यश: नही मॉम. मैंने कहा ना. आपकी गलती नहीं है. आप एक माँ है. और माँ का हक़ बनता है उसके बच्चो को प्यार करने का डांटने का.



महक को इस बात से उसकी परवरिश पे गर्व होरहा था. उसको पता था उसका बीटा कभी कुछ गलत नहीं करेगा. पर जो उसने सुना वह उसको नकार भी नहीं सकती.



राधा: माँ मैं नहीं जानती आप किस बात से इनसे नाराज़ हुई है. पर यश ने सही कहा है. आप एक माँ है. आपका हक़ बनता है डांटने का. इसीलिए आप ऐसे माफ़ी ना मांगे.



यश: हां माँ. माफ़ी हम मांगते है अगर हमारी वजह से आपको दुःख हुआ है. हम नहीं जानते आप क्यों नाराज़ हुई. पर अगर आप हमारी वजह से नाराज़ हुई है तोह हम माफ़ी मांगते है. ी ऍम सॉरी माँ.



महक कुछ नहीं बोलती बस सिया के पास आके उसका हाथ पकड़ के बैठ जाती है और उसके सर को सहलाने लगती है.



राधा बहार जाती है और थोड़ी देर बाद सोनिया के साथ महक और यश के लिए थोड़ा नाश्ता लेके आती है.



राधा: माँ यश लीजिये थोड़ा नाश्ता करलीजिये. मुझे पता है आपलोगो ने सुबह से कुछ भी नहीं खाया है.



दोनों: नहीं राधा. अभी भुक्क नहीं है. जब तक सिया को होश नहीं आता तब तक गले के नीचे निवाला नहीं उतरेगा.



सोनिया: बुआ भाई सिया अब ठिक्क है. प्लीज थोड़ा सा खा लीजिये.



दोनों के जोरर करने पे यश और महक थोड़ा खा लेते है. बहार आरुषि और मेघा ने भी बाकियों को खिला दिया था.



थोड़ी देर बाद सिया को होश आता है. तोह उसकी नज़र सबसे पहले महक पे पढ़ती है.



सिया महक को देखते hi बोलने लगती है.



सिया: माँ ी ऍम सॉरी माँ. अगर मुझसे कोई गलती हुई है तोह मुझे माफ़ करदिजिये. पर प्लीज मुझसे ऐसे नाराज़ मत होइए. यह कहते हुए उसकी आँखों में आंसू आजाते है.



महक: सिया को गले लगते हुए. नही मेरी बच्ची. मैं तुझसे बिलकुल नाराज़ नहीं हु. तू तोह मेरी जान है. तेरे से मैं कैसे नाराज़ होसकती हु. और मुझे माफ़ करदे मेरी बच्ची. मैं तुझपे गुस्सा किया और मेरी वजह से तू हॉस्पिटल में आगयी. मुझे माफ़ मर्दे मेरी बच्ची.



सिया: नही माँ. आप ऐसे माफ़ी ना मांगे. आप तोह मेरी माँ हो. आपका हक़ बनता है मुझे डांटने का. जरूर मैंने कोई गलती की होगी तभी आपने मुझे डांटा था. ी ऍम सॉरी माँ. आप चाहे तोह मुझे और दांत ले पर प्लीज नाराज़ मत होइएगा.



महक: नही मेरी बच्ची. तुझे बिलकुल नहीं डाटूंगी और नाही नाराज़ होउंगी. बस तू पहले की तरह मेरी हस्ती खेलती पागल सिया बन जा. तू ऐसे बीमार मुझे अच्छी नहीं लगती.



यश: सियाआ. अब कैसी हो तुममम. ठिक्क हो ना.



सिया: मैंन ठीककक हु यशःह्ह.



यश: तुमने बहोत डरा दिया था सिया.



सिया: ी ऍम सॉरी यष्ठ.



राधा: अब कैसी हो सिया.



सिया: मैं ठिक्क हु राधा. मुझे माँ ने माफ़ करदिया और अब मुझसे नाराज़ भी नहीं तोह मैं बिलकुल ठीककक हु.



फिर सब अंदर आते है और एक एक करके सिया के हाल चाल पूछते है.



शालिनी: अगर सबका हाल चाल पूछना होगया हो तोह क्या मैं इस पागल का चेक उप करलु.



महक: हां शालिनी आओ और बताओ कैसी है अब यह. और इसको कब घर ले जा सकते है.



शालिनी आती है तोह सिया को चेक करती है.



शालिनी: तुझे ना किसी दिन सच में पागल खाने में भर्ती करदूंगी. पता है क्या हालत होगयी थी सबकी.



सिया: सॉरी बुआए.



शालिनी: भाभी भुकार तोह अभी भी थोड़ा है और शायद 1-2 बार वापस बढ़ेगा भी. कमज़ोर होगयी है महारानी. खाना नहीं देती हो क्या.



महक: इसको डाइटिंग से फुर्सत मिले तब ना. कितना बोलती हु ज्यादा से ज्यादा खाया करो. पर सुनती कहा है मेरी.



संजना: इस पागल का भी एहि है. हर वक़्त चलती ट्रैन में सवार रहती है. खाना तोह जैसे दुश्मन है इनका.



राधा अपनी माँ को देखती रहती है.



शालिनी: इसको फ्लू होगया है. जब भी भुकार बढ़ेगा यह दवाई दे दीजियेगा और पानी की पट्टी भी करदिजियेगा. और तुम ज्यादा से ज्यादा खाना खाऊ.



महक: तुम चिंता मत करो. इसका पूरा ध्यान रखूंगी. और अब तोह यह डबल खाना खायेगी.



सिया बस बीएड में बैठे हुए छोटे बच्चे की तरह मुँह बनायीं हुई थी.



इशांत: शालिनी इसको घर कब ले जाए.



शालिनी: होगया. अब इसको ले जा सकते है. भाभी इसको मेडिसिन टाइम पे देती रहिएगा. और अगर कुछ प्रॉब्लम हो मैं तोह हु hi.



महक: चिंता मत करो शालिनी. मैं ख्याल रखूंगी इसका.



फिर सब हॉस्पिटल से अपने अपने घर आजाते है.
 
अपडेट 53

सिया को अभी भी थोड़ी कमज़ोरी थी इसीलिए यश को अपनी गॉड में उठके उसके रूम में पहुंचा देता है और बीएड में सुला देता है.



यश: अब अगर यहाँ से तुम हिली भी तोह मुझसे बुरा कोई ना होगा.



सिया: पर...



यश: बोला ना.



सिया: ठिक्क है .



तभी महक रूम में आती है उसके हाथ में सिया के लिए खाना था.



खाने में खिचड़ी थी.



सिया: एहहह क्या हैई. मैं एहहह नही खौंगीय. एक्दम्मम बेकार लगता है एहहह.



महक: एक लगाउंगी. चुप चाप खाऊ. फिर मेडिसिन भी लेना है.



सिया यश को देखती है.



महक: यश अपने रूम में जाओ.



यश भी बिना कुछ बोले वह से काट लेता है.



महक: चलो अब अपना मुँह खोलो मैं खिलाती हु.



सिया बेमानन से खाने लगती है.



सिया: मॉम्म.



महक: हम्म.



सिया: आप अब भी मुझसे नाराज़ है.



महक: बिलकुल भी नहिई.



सिया: आप कल क्यों नाराज़ हुई थी. मेरे से कौनसी गलती हुई थी.



महक: वह बाते बाद में करेंगे. पहले तुम पूरी तरह से ठिक्क होजाओ.



सिया: पर माँ.



महक: मैंने मन किया ना. अभी चुप चाप खाऊ.



थोड़ी देर में सिया का खाना होजाता है. फिर वह मेडिसिन लेके सो जाती है. महक भी उसके पास बैठ जाती है और उसके सर को सहलाने लगती है.



सिया भी छोटे बच्चे की तरह शालिनी से चिपक के सो जाती है.



शाम को महक देखती है सिया का भुकार थोड़ा बढ़ रहा है तोह वह उसको पानी की पट्टी देने लगती है.



रात को महक सिया को खिलाती है और मेडिसिन देती है उसके रात को उसके पास hi सोती है.



ऐसे hi 2 दिन महक सिया के पास से हिली भी नहीं. वह हरवक्त उसके पास रहती. और अब सिया बिलकुल ठिक्क थी.



उस दिन संडे था इशांत भी घर में था. सिया 2 दिन से अपने रूम में थी आज वह नीचे सबके साथ ब्रेकफास्ट करने आयी थी.



ब्रेकफास्ट के बाद सिया महक से पूछती है.



सिया: मॉम. अब तोह मैं बिलकुल ठीक हु. अब तोह बताइये. आखिर आप मुझसे नाराज़ क्यों हुई थी.



यश: हां माँ. आखिर हमसे ऐसी क्या गलती हुई थी जिसके लिए आप हमसर नाराज़ थी.



महक: मैं तुमदोनो से जो पूछूँगी क्या तुम दोनों वह सच सच बताओगे.



दोनों: पूछिए माँ.



महक: क्या राशि और आँचल की हालत के पीछे तुम दोनों का हाथ था. क्या तुमदोनो ने उनपे हुम्ला करवाया था.



यश और सिया यह सुनके बुरी तरह घबरा जाते है. उनको यकीन नहीं होरहा था के महक को यह कैसे पता चला. दोनों बस चुप करके वह खड़े थी.



महक: मैंने कुछ पूछा है तुमसे. क्या वह काम तुमदोनो ने किया था या करवाया था.



यश: जी माँ.



महक आगे बढ़ के यश को थप्पड़ मरने वाली थी तभी इशांत उसको रुख देता है.



इशांत: यह क्या कर रही हो महक.



महक: इसने आज हमारा सर शर्म से झुका दिया है इशांत. मुझे यकीन नहीं होरहा है हमारा यश जिसपे हुम्हे गर्व था उसने ऐसा काम किया. इतना गिरा हुआ काम किया. इशांत और महक अग्रवाल के बेटे ने लड़कियों पे अटैक करवाया. चींईईई.



यश बस अपना सर झुका के सुन्न रहा था.



इशांत: क्या तुम जानना नहीं चाहोगी के यश ने ऐसा क्यों किया. कोई तोह वजह होगी जिसके लिए उसने ऐसा काम किया. यह हमारा यश है. और यह कोई ऐसा काम नहीं करेगा जिससे हमारा सर किसी के सामने झुके.



महक कुछ नहीं बोलती बस जाके सोफे में बैठ जाती है.



यश महक के पास जाके अपने घुटनो पे बैठ जाता है.



यश: मॉम्म. मैं जानता हु आपको बुरा लगा है. पर क्या आप जानना नहीं चाहेंगी मैंने ऐसा क्यों करवाया.



महक कुछ नहीं बोलती.



यश: माँ डैड. ुनन्दनो ने अपना ईगो सटिस्फी करने के लिए सिया और राधा को जान से मरवाने की कोशिश की थी. उनपे जानलेवा हुम्ला करवाया था.



महक शॉक होक यश को देखती है. उसको अभी भी अपने कानो पे यकीन नहीं होरहा था के यश जो बोलै क्या उसने वही सूना.



इशांत भी यह सुनके शौककक होजाता हीी.



दोनों: Kyaaaaaaaaaa.



यश: एस माँ ड़ड़ड़ड़. जिस दिन आरुषि और मेघा के माँ डैड यहाँ आये थे. और उस दिन हम लेट घर आये थे. उसी दिन रास्ते में उन्होंने हमपे अटैक किया था जिसलिये हुम्हे आने में लेट होगया था. उन्होंने 10 आदमी भेजे थे सिया और राधा को मारने के लिए. और उनकी इस हरकत के लिए आज वह दोनों हॉस्पिटल में है.



दोनों बस यश की बातो को सुन्न रहे थे और शॉकेड हुए जा रहे थी.



महक: गुस्से में. उनकीइ इतनीई हिम्मत. मेरीए बेटियों पे हुम्ला करवाया. िशांततः अभी के अभी ठाकुर खानदान का naam-o-nishaan मिटत जाना चाहियेए.



यश: न्यू मॉम्म. ददद ऐसा कुछ ना करियेगा. उनको उनके किये की सजा मिल चुकी है. और ठाकुर खानदान को सिर्फ इस बात की सजा नहीं मिलेगी. उनके और भी गुनाह है जिसकी सजा उन्हें मिलेगी.



इशांत: एहहह तुम क्या बोल रहे हो यष्ठ. पूरी बात बताओ.



यश: सॉरी डैड. पर अभी सही टाइम नहीं आया है. जब सही टाइम आएगा तब सबको बतादूँगा. पर प्लीज तब तक आप उनके खिलाफ कोई एक्शन नहीं लेंगी.



महक: पारर यष्ठ.



यश: नू मॉम्म. मैनी कहा ना. अभी कुछ नहिई. और आपलोगो को अभी कुछ नही पता उनके गुनाह के बारे में. उन्होंने जो गुनाह किया है उसकी सजा उन्हें इतनी आसानी से नहीं मिलेगी. उन्हें तड़पा तड़पा के सजा दूंगा.



महक: आखिर ऐसी क्या बात है यष्ठ. और वह कौन है जिसके इंडिया आने के लिए तुम वेट कर रहे हो.



यश: ऐसी बहोत सी बाते है माँ. जिनसे आप सभी अनजान है. और वह कौन है यह बहोत जल्द पता चलेगा. और वह राशि और आँचल की हालत देख कर बहोत जल्द इंडिया आएगा. बस आपलोगो से रिक्वेस्ट है उनसे दुरी बनके रखियेगा. और डैड आप ज्यादा बहार रहते है तोह हरवक्त अपने पास सिक्योरिटी रखियेगा. और जिया दीदी की भी सिक्योरिटी का ध्यान रखियेगा. क्योकि अग्रवाल खानदान और हमारे सारे रिलेटिव्स पे खतरा है. आप जहा भी जायेंगे हमेशा मंगल bhai(Ishant का सिक्योरिटी हेड) के साथ रहेंगे. उन्हें सब कुछ पता है. और मेरे आदमी भी आपसब पे नज़र रखे हुए है.



इशांत: यष्ठ आखिर एहसाब क्या है. तुम 8 साल से लंदन में थे. आखिर वह कर क्या रहे थी. और तुम्हे यहाँ पे आये अभी कुछ hi महीने हुए है तुम तोह यहाँ पे किसी को जानते भी नहीं. फिर यह सब क्या है. और तुम्हारे आदमी मतलब क्या है इसका.



यश: मैं भले hi लंदन में था. पर मेरे लंदन में 2 साल रहने के बाद hi मुझे कुछ ऐसा पता चला जिसके बारे में आपको क्या किसीको कुछ नहीं पता. और तबसे मेरी नज़र हरवक्त आपलोगो के ऊपर है. कौन कब कहा जारहा है किस्से मिल रहा है हर एक चीज़ पे मेरी नज़र है. और रही मेरे आदमियों की बात तोह वह सब आपको बता दूंगा. पर फ़िलहाल जो मैंने कहा है वही करिये. एंड ी प्रॉमिस बहोत जल्द सब कुछ ठीक करदूंगा. और हां आपलोगो ने जो बात हमसे छुपाई है वह भी मुझे पता है.



महक: घबराके: कौन सी बात. तुम क्या बोल रहे हो.



यश: मेरे इंडिया आने के पहले डैड का एक्सीडेंट. यह बात आपलोगो ने हमसे छिपाई थी. पर मुझे पता है.



इशांत: तुम्हे कैसे पता. यह बात तोह हम बड़ो को चोरके किसी को भी नहीं पता.



यश: मैंने कहा न डैड. मैं भले hi लंदन में था पर मेरी आँखे आपसब पे थी. और जिसके वजह से एक्सीडेंट हुआ था उसको उसके कर्मो की सजा मैंने इंडिया आते hi दे दिया था.



महक: मतलबबबबब.



यश: सब बताऊंगा. और आपलोग टेंशन ना लीजिये.



महक: इतना सब सुनने और जानने के बाद टेंशन कैसे ना ले. मुझे पता था मेरा यश अलग है. पर इतना अलग है यह नहीं पता था. तुम्हे लंदन के क्या भेजा तुम पुरे बदल गए.



यश: मैं अभी भी आपका वही यश हु माँ. बस कुछ लोगो ने बदलने पे मजबूर करदिया.



दोनों क्या बोली उन्हें कुछ समाज नहीं आरहा था. वह बस एक दूसरे की शकल देख रहे थी.



सिया: माँ ददद. आपलोग ऐसा सोचिये आपलोगो को कुछ नहीं पता. ना आपने कुछ पूछा न यश ने कुछ बोलै. टेंशन मत लीजिये.



महक: तुम्हे सब पता है.



सिया: सिर्फ मुझे hi नहीं राधा और मंगल भाई को भी सब पता है.



इशांत: तभी मेरे एक्सीडेंट के बाद से मंगल हरवक्त मेरे साथ रहता है. एक्पाल के लिए भी अकेला नहीं चोरता. और यह सब तुम्हारे कहने पे है.



यश: जी डैड. और माँ मैंने अपने हाथ से राशि या आँचल को टच नहीं किया है. हमारे लंदन के कुछ दोस्त है जिन्होंने सिया और राधा पे हुए अटैक का बदला लिया है. बस मुझे इसके बारे में पता था.



महक: फिर भी बीटा लड़कियों पे अटैक नहीं करवाना चाहिए था.



यश: उन्होंने भी तोह लड़कियों पे अटैक करवाया था माँ. और उनपे भी अटैक लड़कियों ने hi किया था. और अब प्लीज इस टॉपिक पे कुछ मत पूछिए क्योकि मैं कुछ नहीं बता पाउँगा.



सिया: वैसे माँ आपको कैसे पता चला.



महक: ुस्सदिन मैं तुमदोनो को किसी काम से बुलाने गयी थी तभी मैंने यह सुन्न लिया था.
 
अपडेट 54

इधर राशि और आँचल को भी हॉस्पिटल से डिस्चार्ज मिल गया था पर उनके हाथ और पेअर में प्लास्टर चढ़ा हुआ था. सर पे पट्टी बंधी थी और चेहरे में भी.



दोनों को फ़िलहाल निचे के एक रूम में शिफ्ट करदिया गया था.



राशि: क्या हालत करदी है हमारी. यह जरूर उस यश का hi किया हुआ है. जिसदिन हम ठीक हुए उसके जीवन से उसकी साड़ी खुशियां छिन्न लेंगे.



आँचल: उसकी मोहब्बत वह राधा और उसकी जान से प्यारी बेहेन सिया उनको ऐसी मौत देंगे जिससे यश जीते जी मर जाए. अब उससे शादी करेंगे. फिर उसको तबाह करेंगे. और उसको hi नहीं उसके पुरे खंडन को तबाह करेंगी. अग्रवाल खंडन का naam-o-nishan मिटा देंगी.



इनको घर आये 2 दिन होजाते है. और एहलोग अपने कमरे में hi रहते है.



एकदिन रात को रोहन पब में था. पर कोई उसपे नज़र रखे हुए भी था. जब वह घर जाने के किये पब से बहार निकला तोह वह पूरी तरह से नशे में था. उसको कोई होश नहीं था वह कहा है क्या कर रहा है. वह जैसे तैसे पार्किंग में आता है.



इस वक़्त पार्किंग में कोई नहीं था. रोहन जैसे hi अपनी कार के पास आता है कोई उसके सर में रोड से मारता है. वार इतना जोरदार था के रोहन का सर फट जाता है.



पर जिसने मारा था उसको कुछ ज्यादा hi गुस्सा था उसने उस रोड से रोहन की पूरी बॉडी में मारने लगता है. रोहन तोह सर फटने से hi बेहोश होगया था.



रोहन को रोड से मार मार के उसके हाथ पैरर सब टॉड देता है. उसका पूरा शरीर खून से लथपथ था. और वह रोड रोहन के खून से रंग चुकी थी.



फिर मारने वाले ने रोहन के फ़ोन से hi उसके बाप को कॉल किया.



कमिश्नर: Hello.



सामने से: 30 मीन्स में तेरा बीटा मर्डर जाएगा. बचा सकता है तोह बचा ले. पब के पार्किंग लोट में पढ़ा है वह.



कमिश्नर: कौन बोल रहा है. जानते हो किस्से बात कर रहे हो.



सामने से: हां पता है पुलिस कमिश्नर से जो किसी कुत्ते से काम नहीं. अब बाते बंद कर और आके अपने गंदे खून की पैदाइश को बचा ले.



यह बोल वह कॉल कट करदेता है. फिर अपनी जेब से एक पेपर निकालके रोहन के पॉकेट में रख के एम्बुलेंस को और मीडिया को कॉल करके वह से निकल जाता है.



थोड़ी देर में कमिश्नर वह आता है तोह देखता है उसका बीटा खून से लथपथ वह पढ़ा है. वह कुछ करता उसके पहले hi वह पे एम्बुलेंस आजाती है और अधमरे रोहन को लेके चली जाती है. कमिश्नर भी वह से उनके पीछे पीछे जाता है.



जब ओहलोग हॉस्पिटल आते है तोह वह पे पहले से hi मीडिया कड़ी थी. मीडिया कमिश्नर को देखते hi उसपे धावा बोल देती है.



मीडिया: सर हुम्हे खबर मिली है के किसीने आपके बेटे पे जानलेवा हुम्ला किया है. क्या यह सच है.



कमिश्नर: देखिये. अभी मैं कुछ नहीं बता सकता. प्लीज एक्सक्यूज़ में. यह बोल कमिश्नर वह से निकल जाता है. और मीडिया इस न्यूज़ को लाइव करदेती है और अपनी तरफ से भी थोड़ा मिर्च मसाला ऐड करदेती है.



कमिश्नर: डॉक्टर मेरा बीटा.



डॉक्टर: देखिये. उसका ऑपरेशन होरहा है. उसके सर में रोड से बहोत जोर से मारा गया है जिससे उसका सर फट गया है और उसके शरीर की बहोत साड़ी हड्डियां भी टूट गयी है. किसीने पर्सनल दुश्मनी निकली है.



कमिश्नर: वह ठीक तोह होजायेगा ना. मेरा उसके अलावा और कोई नहीं है.



डॉक्टर: देखिये अभी हम कुछ नहीं कह सकते. खून बहोत बह चूका है आपका बीटा नशे में भी था और सर फट चूका है. हम ऑपरेशन के बाद hi कुछ बोल सकते है. और हां आपके बेटे के कपड़ो में से हुम्हे यह पेपर मिला.



डॉक्टर वह पेपर कमिश्नर को पकड़ा के वह से निकल जाता है.



कमिश्नर वह पेपर में देखता है तोह उसमे लिखा हुआ था. लड़की से दुर्र रहना. अगर आजके बाद उसके आसपास भी देखा तोह जान से मारडुंगा.



पेपर कंप्यूटर प्रिंटेड था इसीलिए हैंडराइटिंग भी मैच नहीं करवा सकते थे.



तभी फिर से मीडिया अंदर आती है और कमिश्नर को पकड़ लेती है. पर तभी एक कैमरामैन ने उस पेपर में लिखा हुआ नोट कैप्चर करलिया और रिपोर्टर को बोल्दिया.



मीडिया: सर आपजे बेटे के ऊपर जानलेवा हुम्ला किसने किया. कोई पर्सनल दुश्मनी.



कमिश्नर: देखिये अभी मैं कुछ नहीं बोलसकता. पर जिसने भी यह किया है वह बचेगा नहीं. उसने मेरे बेटे को जान से मारने की कोशिश की है. उससे छोड़ूंगा नहीं.



मीडिया: तोह आप उस नोट के बारे में क्या कहेंगे जो आपके बेटे के खून से रंगा हुआ है.



कमिश्नर वह पेपर छुपा लेता है.



मीडिया: छुपाने से कुछ नहीं होगा सर. हमने वह पेपर में लिखा हुआ कैप्चर करलिया है. तोह क्या अब आप बोलेंगे इसके बारे में.



कमिश्नर: मुझे इसके बारे में कुछ नहीं पता किस लड़की के बारे में बोलै गया है.



मीडिया: क्या आपके बेटे का किसी से अफेयर था.



कमिश्नर: मुझे इस बारे में कुछ नहीं पता. नाउ प्लीज एक्सक्यूज़ में.



यह बोल कमिश्नर वह से चला जाता है और मीडिया न्यूज़ को आगे टेलीकास्ट करदेती है



कमिश्नर अपने कलगुएस को कॉल करता है.



कमिश्नर: अभी के अभी उस पब के पार्किंग लोट में जाओ और वह की कक्तव चेक करो. और बताओ किसने हुम्ला किया है. अगर पहचान जाओ तोह उसको संग संग अरेस्ट करो. अपने इन्ही हाथो से मारूंगा.



इंस्पेक्टर: यस सर.



अगली सुबह हर जगह यह न्यूज़ फैल गयी के किसी ने लड़की के लिए कमिश्नर के बेटे पे जानलेवा हुम्ला किया. हालत बहोत क्रिटिकल है. सर फट चूका है. शरीर की बहोत साड़ी हड्डियां तोड़ दी गयी है. अभी कुछ दिन पहले बिजनेसमैन देव ठाकुर की बेटियों पे अटैक हुआ था और आज कमिश्नर के बेटे पे अटैक हुआ. क्या यह दोनों अटैक्स आपस में कनेक्टेड है.



जब अग्रवाल हाउस में यह न्यूज़ चली तोह सब यश को घूरने लगते है.



यश: क्या हुआ सब ऐसे क्यों घुर्र रहे है.



महक: यह सब अब किसलिए करवाया. यह सब आखिर क्यों कर रहे हो तुम. आखिर चाहते क्या हो तुम.



यश: इसके बारे में मुझे कुछ नहीं पता.



महक: अच्छा तोह तुम्हे नहीं पता. यह वही है ना जिसने राधा को परेशां किया था. उस वक़्त तोह तुमने चोरर दिया था. और उसका बदला आज ले लिया. और वह भी इतनी बुरी तरह.



यश: माँ मैं कल घर में hi था. आप सिया से पूछ लो.



महक: तुमने नहीं किया तोह तुम्हारे उन् दोस्तों ने किया होगा. जिन्होंने ुनन्दनो को मारा था.



सिया: यश क्या यह सब...



यश: नहीं सिया. यह मैंने नहीं करवाया. रुको अभी कन्फर्म करता हु.



यह बोल यश ऋषि को कॉल करता है.



यश: कमिश्नर के बेटे को किसने मारा.



ऋषि: भाई यह हमारा काम नहीं है. इनफैक्ट कल तोह हम सब घूमने गए थे. यह किसी और ने किया है. रितिका ने कक्तव चेक किया था. किसीने बहोत hi चालाकी से अपना फेस कवर करके अटैक किया था. रोड से पहले उसके सर में मारा जिससे उसका सर फट गया फिर पागलो की तरह उसकी पूरी बॉडी में मारा है जिससे उसकी हड्डियां टूट गयी.



यश: ठिक्क है.



फिर कॉल कट होजाता है.



यश: माँ यह किसी और का किया हुआ है. हमारा हाथ नहीं है. किसी और ने अपना बदला लिया है.



महक: व्हॉट.



यश: यस माँ. मेरे दोस्त तोह कल सारा दिन घूम रहे थे उन्हें इसके बारे में कुछ नहीं पता. जिसने भी किया है बहोत hi चालाकी से अपना फेस कवर करके मारा है. लगता है अपनी पर्सनल दुश्मनी निकली है.



महक: ठीककक है. पर बीटा तुम यह सब चोर दो ना. क्या जरुरत है इनसब की.



यश: माँ अगर हुम्हे फ्यूचर में चैन से जीना है तोह यह करना होगा.



महक: और अगर इस चाकर में तुम्हे कुछ होगया तोह हमारा क्या होगा. इन् दो पागलो का क्या होगा. हम तोह जीते जी मर जाएंगी.



यश: ऐसा मत बोलिये माँ. मुझे कुछ नहीं होगा. मैं प्रोमिश्र करता हु बहोत जल्द यह सब ख़तम करदूंगा.



फिर सब ब्रेकफास्ट करते है. यश और सिया कॉलेज निकल जाते है.



जब यह दोनों आते है तोह सब कॉलेज में कैंटीन में बैठे हुए थे सिवाय वरुण के क्योकि वह अभी तक आया नहीं था.



दोनों: गुड मॉर्निंग.



सब: गुड मॉर्निंग.



सोनिया: न्यूज़ देखि. किसीने उस रोहन पे जानलेवा हुम्ला करदिया है.



आरुषि: हां देखा. न्यूज़ में बोल रहे थे किसी लड़की के लिए हुम्ला किया था.



मेघा: सोनिया तुम्हे तकलीफ तोह नहीं होरही है ना.



सोनिया: मुझे क्यों तकलीफ होगी और किसलिए तकलीफ होगी.



मेघा: ारी तुम्हारा चाहने वाला था. तुम्हे पसंद करता है वह.



सोनिया: गुस्से से. अच्छा हुआ किसीने उसको मारा. वह इसी के लायक था. जिसने भी यह किया है अच्छा किया है.



सिया: ारी सोनू शांत शांत. मेघा मज़ाक कर रही है.



आरुषि: राधा बन्दर नहीं आया.



राधा: पता नहीं जब मैं निकली तोह वह सो रहा था. मैंने उठाया तोह बोलै तुम जाओ मैं आजाऊंगा. रात को लेट सोया था.



मेघा: जरूर साड़ी रात फ़ोन पे लगा हुआ था. साड़ी रात उल्लू की तरह जागेगा और सुबह लेट hi उठेगाना.



तभी पीछे से आवाज़ आती है. जब शकल अच्छी नहीं है तोह मुँह बंद रखना चाहिए छिपकली.



सब पीछे घूम के देखते है वह वरुण खड़ा था.



वह आके उनके पास बैठ जाता है.



वरुण: हां तोह छिपकली क्या बोली तू.



मेघा: छिपकली किसको बोलै तू बन्दर.



वरुण: अब छिपकली को छिपकली नहीं बोलूंगा तोह किसको बोलूंगा.



मेघा: वरुणंण.



वरुण: आई आरव संभल यार. सुबह सुबह झगड़ा.



मेघा: बंदररर तू घर चलल. अगर आज बुआ से तुझे मार ना खिलाया तोह देखना.



सिया: अच्छा ठिक्क है अब झगरना बंद करो. वरुण इतना लेट क्यों होगये आज.



वरुण: ारी सिया वह रात को लेट नींद आयी थी इसीलिए सुबह उतने में लेट होगया.



आरुषि: ऐसा क्या कर रहा था जो लेट सोया.



वरुण: कुछ नहीं अपना काम पूरा कर रहा था.



आरुषि: ऐसा कौनसा काम आगया तुझे.



वरुण: ऐसा काम जिससे तुमदोनो का दुर्र दुर्र तक कोई रिश्ता नहीं है. पढाई कर रहा था. कभी सुन्ना है यह स्तब्ध.



आरुषि और मेघा यह सुनके जोर जोर से हसने लगते है.



दोनों: तू और पढाई कर रहा था. लगता है तेरी नींद अभी भी पूरी नहीं हुई है. जो लड़का पूरी साल बुक्स से दुर्र भागता है वह पढाई कर रहा था वह भी रात जग के. चल सच सच बता क्या काम कर रहा था.



वरुण: ारी सच में यार पढ़ रहा था. वैसे भी मेरा जो पेंडिंग था वह पूरा कर रहा था. लेट ज्वाइन किया था ना.



दोनों को यकीन तोह नहीं होरहा था पर वह कुछ नहीं बोलते.



यश: अच्छी बात है चलो क्लास में टाइम होगया.



फिर सब क्लास में जाने लगते है.



वरुण सोनिया के पास जाता है और बोलता है.



वरुण: सोनिया सुनके बुरा लगा.



सोनिया: क्या बुरा लगा.



वरुण: एहि किसी ने तुम्हारे आशिक़ को कुत्ते की तरह धू दिया. बिना साबुन के.



सोनिया: गुस्से में. वह और आशिक़. आशिक़ माय फुट. जिसने भी उससे मारा है ना बहोत अच्छा किया है. शायद इससे उससे अकाल आयी.



वरुण: फिर भी तकलीफ तोह होरही होगी ना. आखिर...



अभी वरुण इतना hi बोलता है के सोनिया को मारने लगती है.



सोनिया: आरुषि और मेघा ठिक्क बोलती है तुम बन्दर से काम नहीं.



वरुण वह से भागने लगता है तोह सोनिया उसके पीछे पीछे भगति है. वरुण जाके क्लास में चुप चाप बैठ जाता है. तोह सोनिया भी उसके पास बैठ जाती है.
 
अपडेट 55

इधर राधा क्लास में जाते वक़्त यश से पूछती है.



राधा: यशः.



यश: हम्म्म



राधा: यह सब क्या था.



यश: क्या सब.



राधा: उस रोहन को इतनी बुरी तरह से क्यों मारा.



यश: ारी यह मेरा नहीं किसी और का काम है. किसी और ने अपना बदला लिया है. और क्या हर कोई मेरे पे शक कर रहा है.



राधा: और किसने शक किया.



यश: सुबह सुबह माँ और सिया ने भी एहि पूछा और अब तुम भी.



राधा: सॉरी यष्ठ. मेरा इंटेंसिव तुम्हे हर्ट करने का नहीं था. वह तुमने hi राशि और आँचल के साथ... ी ऍम सॉरी यश. यह बोल उसके आँखों में आंसू आजाते है.



यश: ारी राधा. तुम रो क्यों रही हो. मुझे बिलकुल बुरा नहीं लगा. देखो रो मत. मुझे तुमदोनो की आँखों में आंसू पसंद नहीं. यह बोल उसके आँखों से आंसू पॉच देता है.



तुम ना बिलकुल पागल हो. इतनी सी बात में आँखों में आंसू आगये.



राधा कुछ नहीं बोलती बस नज़रे नीचे किये हुए होती है.



यश: पागल लड़की. चलो क्लास में.



फिर दोनों क्लास में आके बैठ जाते है.



राधा: तोह यह सब किसने करवाया.



यश: पता नहीं किसने किया. चालाकी से अपना फेस कवर किया हुआ था जिससे पहचान नहीं हो परही है. चोरो जो भी होगा देखा जाएगा.



फिर यह लोग रेसस्स तक क्लासेज hi करते रहते है.



उधर जब राशि और आँचल को रोहन के बारे में पता चला तोह वह नहीं शॉकेड होगई.



राशि: अब्ब इस रोहन को किसने मारा. वह भी इतनी बुरी तरह.



आँचल: और किसी लड़की के लिए मारा.



राशि: कही इससे भी उनलोगो ने नहीं मारा.



आँचल: पर इसने तोह उनके ग्रुप की किसी भी लड़की के साथ कुछ नहीं किया.



राशि: हां यह तोह है. डायरेक्टली तोह कभी कुछ नहीं किया. फिर इससे किसने मारा.



आँचल: जिसने भी मारा है जरूर अपनी पर्सनल दुश्मनी निकली है. और इसको तोह हमसे भी बुरी तरह मारा है.



राशि: हम्म्म.



इधर हॉस्पिटल में कमिश्नर बैठा हुआ था. रोहन का ऑपरेशन तोह होचुका था पर वह अभी तक होश में नहीं आया था. उसके हाथ और पैरर की हड्डियों को पूरा टॉड दिया था. दोनों तरफ की पसलियों में भी अच्छी खासी चोट आयी थी.



कमिश्नर: डॉक्टर मेरा बीटा....



डॉक्टर: देखिये हमने आपको बताया उसकी क्या कंडीशन है. हुम्हे तोह शक है कही वह अपनी मेमोरी ना खो दे. क्योकि उसके सर के पीछे वार हुआ था जिससे मेमोरी जाने का खतरा ज्यादा रहता है. और रही हाथ और पैरों की बात तोह कुछ वक़्त में ठिक्क होजायेगा. और पसलियां टूटी नहीं एहि बहोत अच्छी बात है.



कमिश्नर: उसको होश कब आएगा.



डॉक्टर: कुछ देर में hi होश आजायेगा. भगवन से प्रे कीजिये की उसकी मेमोरी को कुछ ना हुआ हो.



यह बोल डॉक्टर वह से निकल जाता है. तभी कमिश्नर के पास इंस्पेक्टर का कॉल आता है.



इंस्पेक्टर: सर हमने कक्तव में देखा था पर जिसने हुम्ला किया था उसने अपना फेस पूरी तरह से कवर किया हुआ था जिससे उसको िडेंटीफ़्य नहीं किया जा सका और उसने गोलवेस पहने हुए थे इस लिए रोड से कोई फिंगरप्रिंट भी नहीं मिले.



कमिश्नर: मुझे कुछ नहीं पता मुझे कैसे भी करके वह चाहिए. जिसने मेरे बेटे को यहाँ पे भेज दिया.



इंस्पेक्टर: हम कोशिश कर रहे है सर. पर किसी ने पूरी प्लानिंग और चालाकी से हुम्ला किया है. उसको पता था आपका बीटा कब और कहा जाता है किसके साथ जाता है.



कमिश्नर: उसके दोस्तों से पता करो के वह किसी लड़की से प्यार करता था या किसी लड़की के साथ उसको देखा था क्या कोई भी ऐसी बात जिससे हुम्हे उसके बारे में पता चल सके.



इंस्पेक्टर: सर हम अभी आपके बेटे के कॉलेज hi जा रहे है पूछताछ करने.



कमिश्नर: ठिक्क है. कुछ भी पता चले तोह मुझे इन्फॉर्म करना.



इंस्पेक्टर: यस सर. यह बोल कॉल कट करदेता है. और सीधा कॉलेज आता है.



इंस्पेक्टर कॉलेज में आके सीधा रोहन के दोस्तों से मिलता है. उनमे वह 2 लड़के भी थे जिनके साथ उसने राधा को परेशां किया था.



इंस्पेक्टर: तोह तुमलोग रोहन के क्लोज फ्रेंड हो.



ल1: जी सर.



इंस्पेक्टर: तोह तुमलोगो को तोह पता चल hi गया होगा रोहन के ऊपर किसी ने कल रात जानलेवा हुम्ला किया था.



ल2: जी सर हमने न्यूज़ में देखा.



इंस्पेक्टर: तोह कल रात तुमदोनो कहा थे.



दोनों: सर हम तोह अपने घर में थी. हां सर आप चाहे तोह हमारी फॅमिली से पूछ सकते है.



इंस्पेक्टर: कल रोहन किसके साथ पब गया था कुछ पता है.



ल2: सर कल रोहन ने हुम्हे बोलै था पब चलने के लिए पर हम नहीं गए. और फिर वह किसके साथ गया हुम्हे नहीं पता और नाही हमने पूछा था. और बहोत बार तोह रोहन अकेले भी चला जाता है. शायद कल भी अकेले गया हो.



इंस्पेक्टर: हम्म्म. रोहन की कोई गर्लफ्रेंड थी. क्योकि हुम्ला किसी लड़की के लिए hi हुआ था उसपर.



ल1: सर सच बोले तोह रोहन किसी भी लड़की को अपनी गर्लफ्रेंड नहीं बनता था. वह बस टाइम पास के लिए hi बनता था.



इंस्पेक्टर: हम्म्म. देखकर hi पता चलता है. किसी लड़की को पसंद करता था या किसी लड़की से कोई पन्गा हुआ था. किसी से कोई दुश्मनी झगड़ा कुछ भी हुआ था.



ल2: हम पन्गा तोह हुआ और पसंद का तोह पता नहीं पर कुछ दिन से वह किसी लड़की के पीछे तोह पढ़ा था.



इंस्पेक्टर: ग्रात्तट. तोह कौन थी यह लड़कियां.



ल1: सर वह बहोत hi पावरफुल बैकग्राउंड से बिलोंग करते है. हम किसी लफड़े में नहीं पढ़ना चाहते. पहले भी एकबार रोहन के चाकर में लफड़े में गिरते गिरते बचे थे.



इंस्पेक्टर: वह चाहे जितने भी पावरफुल क्यों न हो. कानून से पावरफुल कोई नहीं.



ल2: सर कानून उनका कुछ नहीं कर सकती. उन्होंने खड़े खड़े मिनिस्टर सर की खुर्सी छिन्न ली.



इंस्पेक्टर: व्हाटट. कौन है ओहलोग. किसकी बात कर रहे हो तुमलोग.



ल1: सर हमारा नाम कही भी नहीं आना चाहिए. वर्ण हम फस जायेंगे. और हमारे पेरेंट्स भी.



इंस्पेक्टर: तुमदोनो का नाम नहीं आएगा.



ल2: सर रोहन ने एडमिशन के फर्स्ट डे hi सिंह ग्रुप ऑफ़ कम्पनीज के मालिक की बेटी राधा सिंह के साथ बदतमीज़ी की थी और उनकी इंसल्ट भी की थी. जिसके लिए किसी अनजान लड़के ने हुम्हे मारा भी था.



फिर 1सत डे रैगिंग करने के चाकर में मिनिस्टर सर के बेटे शिवम् ने अग्रवाल एम्पायर के मालिक की बेटी से बदतमीज़ी की थी साथ में हमारे एक्स प्रिंसिपल का बीटा भी शामिल था. जिसकी सजा उन्हें मिली.



पर इसके बाद भी रोहन कुछ दिन राधा से दोस्ती करने के पीछे पढ़ा रहा पर हर बार उसकी बेइज़्ज़ती होती. पर कुछ दिन से वह अग्रवाल एम्पायर की मालिक की भतीजी के पीछे पढ़ा था. रोहन ने उसको प्रोपोज़ करदिया था जिसके बाद उस लड़की ने रोहन को थप्पड़ भी मारा था. पर वह रोह उसको घूरता रहता.



इंस्पेक्टर: अग्रवाल एम्पायर. कही तुमलोग मर. इशांत अग्रवाल की बात तोह नहीं कर रहे हो. और सिंह ग्रुप मतलब मर. विक्रम सिंह तोह नहीं.



दोनों: जी सर. हम उनकी hi बात कर रहे है.



इंस्पेक्टर को यह सुनके पसीना आने लगता है. वह मैं hi मैं सोचता है. साले को और कोई जगह नहीं मिली पंगे करने के लिए. अगर उनको मेरी बात का बुरा लगा तोह नौकरी जाएगी और अगर नहीं गया तोह कमिश्नर जान खायेगा.



दोनों: सर हमने आपको यह सब बोलै है प्लीज किसी को मत बताइयेगा. वर्ण हम फहस्स जायेंगे.



इंस्पेक्टर: हम्म्म ठिक्क है जाओ. वैसे आज क्या ओहलोग कॉलेज आये है.



दोनों: जी सर. वह कैंटीन में होंगे.



इंस्पेक्टर: ठिक्क है.



फिर ओहदोनो वह से निकल जाते है.



इंस्पेक्टर: क्या करू. इन्वेस्टीगेशन तोह करनी hi पड़ेगी. उम्मीद है ओहलोग कोआपरेट करेंगे.



फिर इंस्पेक्टर कैंटीन में आता है वह वह पे उनके बारे में पूछता है तोह एक स्टूडेंट ने इंस्पेक्टर को दिखा दिया.



इंस्पेक्टर उनके पास चलके आते है.



इंस्पेक्टर: Hello बच्चो.



सब पहले तोह इंस्पेक्टर को देखते है फिर बोलते है.



सब: Hello.



इंस्पेक्टर: क्या आप सब से थोड़ी बात होसकती है.



यश: पर आप कौन है.



इंस्पेक्टर: मैं इंस्पेक्टर कुमार.



सबलोग इंस्पेक्टर सुनके शॉक होते है पर कोई कुछ रियेक्ट नहीं करता.



यश: जी बैठिये. बताइये क्या बात करनी है.



इंस्पेक्टर: पहला तोड़ा इंट्रो होजाता तोह अच्छा रहता.



यश: हम्म. मैं यश. यश अग्रवाल. और बाकी सब का इंट्रो देता है.



इंस्पेक्टर अग्रवाल सुनके hi थोड़ा घबरा जाता है पर कुछ नहीं बोलता.



इंस्पेक्टर: अग्रवाल. कही आप...



यश: जी हां आप सही सोच रहे है.



इंस्पेक्टर: सर. आप तोह शायद जानते hi होंगे के कमिश्नर सर के बेटे रोहन के ऊपर किसी ने जानलेवा हुम्ला किया है.



यश: यह सर किसलिए.



इंस्पेक्टर: सर. आप जो है उसके लिए रेस्पेक्ट तोह बनता है ना.



यश: पहली बात. हुम्हे पावर दिखने का शौक नहीं. और पावर हमारे पेरेंट्स के पास है. सो प्लीज don’t कॉल सर. कॉल उस विथ आवर नेम्स.



इंस्पेक्टर यश का बेहेवियर देख कर खुश होता है. क्योकि आज तक जितने भी पावरफुल आदमियों के बच्चो से बात किया है उससे सर hi बोलना पढता था.



इंस्पेक्टर: ठिक्क है. तोह मुझे रोहन के बारे में राधा से बात करनी है.



राधा अपना नाम सुनके घबरा जाती है तोह वह यश का हाथ काश के पकड़ लेती है.



राधा: मुझसे. मुझसे क्या बात करनी है.



इंस्पेक्टर: मैंने सुना है उसने आपके और आपके दोस्तों के साथ बदतमीज़ी की थी.



राधा: हआ. उसने कॉलेज के एडमिशन के दिन हमसे बदतमीज़ी की थी.



इंस्पेक्टर: तोह उसदिन उससे किसीने मारा था. क्या आप जानती है उससे.



राधा: यश की तरफ देख कर. नहीं मैं उससे नहीं जानती. उसने अपना चेहरा कवर किया हुआ था. उसने मेरी मदद की और वह से चला गया. मुझे आज तक नहीं पता चला वह कौन था.



इंस्पेक्टर: ठिक्क है. पर फिर रोहन आपसे दोस्ती करने के लिए भी आया था.



राधा: हां वह माफ़ी मांगने के साथ दोस्ती करने के पीछे पढ़ा था. मैंने उससे माफ़ करदिया था पर दोस्ती के लिए मन करदिया था. पर बाद में पता चला वह मेरी दोस्ती करके सोनिया के करीब आना चाहता था.



इंस्पेक्टर: सोनिया मैंने सुन्ना है उसने आपको प्रोपोज़ किया था तोह आपने उससे मारा भी था.



सोनिया: जी हां. वह पहले मुझसे दोस्ती करने आया फिर संग संग प्रोपोज़ भी करदिया. तोह मैंने उससे मार्डिया. पर वह सुधरा नहीं. रोज मुझे इस तरफ hi घूरता रहता.



इंस्पेक्टर: सोनिया क्वेश्चन थोड़ा पर्सनल है बुरा मत मानियेगा. क्या आपका कोई बॉयफ्रेंड है.



इंस्पेक्टर के इस सवाल से सब उसको घुर्र के देखते है तोह इंस्पेक्टर को पसीना आने लगता है. पर इस सवाल को सुनके वरुण के कान खड़े होगये थे. और वह आंसर सुन्ना चाहता था.



सोनिया: जी नहिई. मेरा कोई बॉयफ्रेंड नहीं है. और आपने यह सवाल क्यों पूछा.



सोनिया का जवाब सुनके वरुण को दिल hi दिल में बहोत ख़ुशी हुई. और इंस्पेक्टर जो अपने सवाल पूछने से डरा हुआ था वह रिलैक्स होता है.



इंस्पेक्टर: वह रोहन पे हुम्ला किसी ने लड़की के लिए hi किया था. तोह उसने आपको प्रोपोज़ किया और रोज घूरता रहता था तोह शायद किसी ने आपके लिए hi. प्लीज बुरा मत मानियेगा. रोहन की हालत बहोत क्रिटिकल है तोह हुम्हे हर तरह से इन्वेस्टीगेशन करना होगा.



सोनिया: जी नहीं मुझे बुरा नहीं लगा. आप बस अपना काम कर रहे है. पर मेरी वजह से ऐसा कौन करेगा. क्योकि लड़कियों को प्रोपोज़ करना और रिजेक्ट होक मार खाना बहोत कॉमन है. आये दिन ऐसे कुछ देखने या सुनने को मिलता है. पर मेरा ऐसा कोई ख़ास नहीं है जो यह काम करे.



इंस्पेक्टर: ठिक्क है. मैं चलता हु. अगर आपलोगो को कुछ भी पता चले तोह उम्मीद है आपलोग पुलिस की हेल्प करेंगे.



सब: जी बिलकुल.



फिर इंस्पेक्टर वह से फटाफट निकल जाता है.



वरुण ने माहौल को हल्का करने के लिए सोनिया मस्ती करनी स्टार्ट करदी.



वरुण: क्या बात है मैडम. आपके एक आशिक़ ने दूसरे आशिक़ को थोकक दिया. और वह भी इतनी बुरी तरह.



सोनिया: राधा मैं तेरे भाई का खून करदूंगी.



राधा कुछ बोलती तभी आरुषि और मेघा बोल पढ़ते है.



दोनों: ारी राधा की तरफ से हम परमिशन देते है. बिंदास मार ढाल. कोई कुछ नहीं बोलेगा. दुनिया से एक बन्दर hi काम होजायेगा तोह किसी को कोई फर्क नहीं पड़ेगा.



वरुण: आरव अवि अपनी अपनी छिपकलियों को चुप कराओ यार. और हलवा है क्या जो मार दे. और सोनिया मैं तोह मज़ाक कर रहा था. तुम तोह सीरियस होगयी.



वरुण की बात सुनके सब हसने लगते है.



आरव: वैसे भाई यह इंस्पेक्टर हमारे पास क्यों आया हमारा इससे क्या लेना देना.



यश: पुलिस रोहन के किये हुए सारे पंगो को इन्वेस्टीगेट कर रही है.



सिया: क्या इसीलिए वह हमारे साथ हुआ पंगे के लिए पूछने आये थे.



यश: हम्म्म.



अवि: राधा भाभी आपने यह क्यों कहा आपको नहीं पता के आपको रोहन से किसने बचाया था.



आरव: हां भाभी.



राधा: ारी अगर मैं बता देती के मुझे यश ने बचाया था तोह पुलिस यश को डाउट करती. के कही यश ने रोहन को नहीं मारा. इसीलिए मैंने वैसा बोलै.



आरुषि और मेघा: क्या बात है राधा. तू तोह बड़ी समझदार होगयी.



वरुण: बेहेन किसकी है.



दोनों: हमारी.



सब हसने लगते है तोह वरुण मुँह बना लेता है.



सोनिया: क्या उसको हॉस्पिटल देखने चले.



वरुण: यह प्यार एक न एकदिन बहार ाही जाता है.



वरुण जैसे hi यह बोलता है सोनिया उसके पैरों में जोरर से मारती है और उसको गुस्से से घुर्र के देखती है.



वरुण: ोुछः. ारी मुझे क्यों मारा. मैं तोह गाना गए रहा था.



सोनिया: बस मेरा मैं किया.



सिया: जाना जरुरी है. वैसे भी हमारा उसके साथ इतना कुछ खाश जान पहचान नहीं है.



आरुषि: हां सही कहा.



सोनिया: ठीककक है.



फिर सब क्लास में आते है और क्लास करने लगते है और छुट्टी के बाद सीधा घर
 
अपडेट 56

इंस्पेक्टर कॉलेज से निकल के कमिश्नर को कॉल करके बोलता है के वह इनलोगो से बात करता है.



कमिश्नर: ारी तू क्या पागल होगया है जो उनलोगो से पूछताछ करने गया था. अगर इशांत जी या विक्रम जी को पता चल गया ना तोह तू तोह जायेगा hi तेरे साथ मैं भी जाऊंगा.



इंस्पेक्टर: सर मैंने उनलोगो से परमिशन लेके hi बात की है.



कमिश्नर: क्या बोलै उन्होंने.



फिर इंस्पेक्टर सब बताता है.



कमिश्नर: यह साला खुद भी मरता मुझे भी मरवाता. और कुछ पता चला.



इंस्पेक्टर: नही सर.



कमिश्नर: जल्द से जल्द उस्का पता लगा. उससे ऐसी मौत मरूंगा के अगले जनम में मचार मारने से भी डरेगा.



इंस्पेक्टर: जी सर.



फिर कॉल कट करदेता है.



इधर एक लड़का अपने रूम में बैठा हुआ था और सोच रहा था.



लड़का: कही सर में कुछ जोरर से तोह नहीं मार दिया. कही साला मेमोरी लोस्स ना होजाये. और अगर होजायेगा तोह अच्छा है. साला मेरी सोनिया पे बुरी नज़र रखेगा. काम से काम इससे उससे भूल तोह जायेगा. उससे तोह उसी दिन मार देता जिस दिन मेरे सामने सोनिया को प्रोपोज़ किया था और जब पता चला था इसने राधा को भी परेशां किया था.



यह लड़का वरुण hi था जिसने रोहन को ठोका था.



वरुण: अगर इस्सके बाद भी साला नहीं सुधरा तोह साले का किस्सा hi ख़तम करदूंगा हमेशा के लिए.



इधर वरुण अपने रूम में बैठा यह सब बोल रहा था पर उससे नहीं पता किसी ने उसकी यह बाते सुणली थी. और उसको बहोतट गुस्सा भी आया.



अभी वरुण और कुछ बोलता तभी उसके रूम में राधा आती है.



राधा: भाई बहार चलो सोनिया आयी है. तुमने शायद उससे बुलाया था.



वरुण: हां. मैंने बुलाया था वह मुझे उसके नोट्स से कुछ प्रॉब्लम होरहा है इसीलिए उससे बुलाया था कॉलेज में तोह इसके लिए टाइम नहीं मिलता.



फिर दोनों बहार आते है. तोह वह सोनिया बैठी हुई थी. सोनिया वरुण को देख कर उठती है और बोलती है.



सोनिया: राधा एक्चुअली मुझे अभी जाना होगा. मम्मी का मश्ग आया है कुछ इम्पोर्टेन्ट काम है. सॉरी.



राधा: ोू. कोई बात नहीं. छोटी ममी को कोई जरुरी काम होगा तभी बुलाया होगा उन्होंने.



सोनिया वह से वरुण को देखे बिना hi वह निकल जाती है. वरुण को सोनिया का ऐसे जाना अच्छा नहीं लगा और उसको hi या bye भी नहीं बोलै इससे वह और उदास होगया.



वरुण: इससे अचानक क्या हुआ. अभी आयी और संग संग चली गयी.



राधा: अब होगा छोटी ममी को कोई काम.



यह बोल राधा वह से अपने रूम में चली जाती है. वरुण भी अपने कमरे में चला जाता है.



इधर सोनिया कार से घर जा रही होती है तोह उसके आँखों से आंसू निकल रहे होते है. वह छह के भी आंसू नहीं रुख पा रही रही. वह फुल स्पीड में कार चला रही थी. कुछ दुर्र जाने के बाद वह कार को एक पार्क के सामने रुख देती है और पार्क के अंदर जाके एक बेंच पे बैठ जाती है और अपना मुँह अपने घुटनो पे छिपा के रोने लगती है.



सोनिया: रट हुए. क्यों वरुण क्यों. आखिर क्यों तुमने यह किया. तुमने मेरे लिए किसी की जान लेनी चाही. अगर आज उस रोहन को कुछ होजाता तोह मैं अपने आप को कभी माफ़ नहीं कर पाती. तुम्हारी वजह से मैं अपनी नजरो में गिर्र जाती. यह तुमने बहोत गलत किया वरुण बहोत गलत किया. यह बोल वह और जोरर जोरर से रोने लगती है.



कुछ देर रोने के बाद जब उसका मैं शांत हुआ तोह वह वह से घर की तरफ चली जाती है. पर उसके पहले उसने अपनी हालत ठीक कर्ली थी. जिससे किसी को यह पता ना चले वह रोई है.



घर आके वह सीधा अपना रूम में चली जाती है और डिनर तक वही रहती है. इसी बीच वरुण ने सोनिया को बहोत बार कॉल किया पर सोनिया ने उसका कॉल नहीं उठाया और बाद में अपना फ़ोन hi बंद करदिया.



डिनर के बाद वोज अपने रूम में आयी और पढ़ने की कोशिश करने लगी पर वह छह के भी अपना मैं पढाई में नहीं लगा सकीय. बार बार उसके दिमाग में वरुण का किया हुए काण्ड hi आरहा था.



कुछ देर बाद वह जैसे तैसे करके सो जाती है.



इधर वरुण ने शाम से सोनिया को ना जाने कितने कॉल्स ंसग्स किये थे पर एक का भी रिप्लाई सोनिया ने नहीं किया ऊपर से कुछ टाइम बाद उसका फ़ोन भी बंद आरहा था. जिससे वरुण बहोत ज्यादा उदास और परेशां होगया. वह छह के भी अपना ध्यान कही नहीं लगा पा रहा था. राधा वरुण को उदास देख कर उसके पास आती है.



राधा: क्या बात है भाई. मैं बहोत देरर से देख रही हु तुम परेशां हो और तुम्हारा चेहरा भी उतरा हुआ है.



वरुण: नहीं राधा ऐसी कोई बात नहीं है. बस थोड़ा सर दर्द है इसीलिए तुम्हे ऐसा लग रहा होगा.



राधा: क्या. तोह तुमने दवाई ली या नहीं. मैं अभी बुआ जी को बोलती हु.



वरुण: ारी क्या कर रही हो राधा. मैं अब ठिक्क हु. और मैंने दवाई ले ली है. प्लीज माँ को कुछ मत बोलना वर्ण वह परेशां होंगी. थोड़ा आराम करूँगा तोह ठिक्क होजायेगा.



राधा: सच में सब ठीक है ना भाई.



वरुण: हां राधा. सब ठीक है. तुम टेंशन मत लो.



राधा: ठिक्क है. गुड नाईट.



वरुण: गुड नाईट.



फिर राधा अपने रूम में आके सो जाती है. और इधर वरुण भी सोने की कोशिश करता है. पर वह सो नहीं पाटा. उसके मैं में बार बार सोनिया के बेहेवियर का ख्याल आरहा था.



वरुण: यह सोनिया को अचानक क्या हुआ. आखिर वह ऐसा क्यों बेहवे कर रही है. कॉलेज में तोह सब ठीक था. फिर अचानक क्या हुआ. वह यह सब सोचते हुए hi जैसे तैसे सो जाता है.



इधर हॉस्पिटल में रोहन को शाम को होश आचुका था. पर होश में आते hi वह दर्द के चलते चिल्लाने लगता है. उसकी पूरी बॉडी में और सर में बेइन्तेहाँ दर्द होरहा था.



डॉक्टर उसको एक पैन किलर का और एक नींद का इंजेक्शन देते है जिससे उसको आराम मिलता है और वह सो जाता है.



रात को जब वोज उठता है तोह उसको आराम मिल रहा होता है. डॉक्टर उसके पास आते है और उससे पूछते है.



डॉक्टर: तुम्हारा नाम क्या है.



रोहन: मेरा नाम रोहन शर्मा है.



डॉक्टर: तुम्हारे डैड क्या करते है.



रोहन: वह मुंबई पुलिस कमिश्नर है.



डॉक्टर: गुड. तोह तुम्हे लास्ट क्या याद है.



रोहन: अपने दिमाग में थोड़ा जोरर देता है फिर बोलता है. मुझे लास्ट याद है के मैं पब में था मैंने ड्रिंक किया हुआ था मैं पार्किंग में जारहा था अपनी कार की तरफ. मैं फुल नशे में था. पर अचानक मेरे सर में कुछ बहोत जोर का लगता है और मैं बेहोश होजाता हु. और जब होश आया तोह यहाँ पे था.



डॉक्टर: ग्रात्तट. तोह तुम्हारी मेमोरी लोस्स नहीं हुई. तुम्हारे ऊपर किसी ने जानलेवा हुम्ला किया था. तुम्हारी किस्मत अच्छी थी तुम बच गए. सर फट गया था खून बहोत बह चूका था. शरीर की बहोत साड़ी हड्डियां टूट चुकी है. हाथ और पैरर टूट गए है.



रोहन: मैं यहाँ कैसे आया और मेरे डैड कहा है.



डॉक्टर: वह बहार hi है. और जिसने तुम्हे मारा उसने hi तुम्हारा फ़ोन से एम्बुलेंस और तुम्हारे डैड को कॉल करके बुलाया था.



रोहन: थैंक यू डॉक्टर. मेरी जान बचने के लिए. क्या आप मेरे डैड को बुला सकते है.



डॉक्टर: इतस आवर ड्यूटी. यह बोल डॉक्टर बहार चला जाता है और कमिश्नर अंदर आता है.



कमिश्नर: कैसे हो रोहन.



रोहन: सर में और बॉडी में बहोत दर्द होरहा है. हल्का सा भी हालत हु तोह बहोत बहोत दर्द होता है.



कमिश्नर: ठीक होजायेगा. तू ज्यादा हिल मत.



रोहन: यह सब किसने किया डैड.



कमिश्नर: यह तोह तू बताएगा. किस्से पन्गा लिया है तूने. और वह लड़की कौन है जिसके वजह से यह सब हुआ.



रोहन: लड़की. कौन लड़की. आप क्या बोल रहे है डैड.



कमिश्नर: यह सब किसी लड़की की वजह से हुआ है. किसी ने किसी लड़की के वजह से तुझे मारा है ताकि तू उससे दुर्र रहे. यह एक तरह की वार्निंग है अगर आज के बाद तू उस लड़की की तरफ देखता भी है तोह तुझे जान से मारडेगा. अब बता कौन है वह लड़की.



रोहन: व्हाटट.



कमिश्नर: हआ.



रोहन: बूत डैड मैं ऐसी किसी लड़की को नहीं जानता. जिसके वजह से मेरी यह हालत हुई है.



कमिश्नर: तोह उसने तेरी हालत क्यों की. याद कर किस लड़की के पीछे पढ़ा है तू.



रोहन: डैड मैं तोह आज तक वह अग्रवाल्स की बेटी सोनिया के पीछे था. उसको अपने प्यार में गिराने की कोशिश कर रहा था. पर उसके साथ कुछ ज्यादा हुआ hi नहीं.



कमिश्नर: क्या क्या हुआ था.



रोहन: मैंने उससे प्रोपोज़ किया था तोह उसने मुझे थप्पड़ मार दिया था फिर मैंने उसे डायरेक्टली कभी कुछ नहीं कहा और नाही बात हुई. बस दुर्र से hi नज़र रखता था. कही उन्होंने तोह.



कमिश्नर: शक्क है बूत तूने डायरेक्टली कुछ और नहीं किया तोह वह भी ऐसा नहीं करेंगे. यह किसी और का काम है. याद कर और कोई लड़की है क्या. और अगर यह उन्होंने किया भी है तोह हमारे पास इसके खिलाफ कोई सबूत नहीं है. तुझे बड़ी चालाकी से मारा है.



रोहन: No डैड और कोई लड़की नहीं है. लास्ट कुछ वक़्त से सोनिया के साथ hi काण्ड हुआ था.



कमिश्नर: तू आराम कर. मैं निकलता हु.



यह बोल कमिश्नर वह से निकल जाता है और रोहन दर्द में तड़पता रह जाता है.



रोहन: साला पहले उन् दोनों लड़कियों को मारा और अब मुझे मारा. साला यह है कौन. और किस लड़की के लिए मुझे मारा. क्या सिर्फ प्रोपोज़ किया उसके लिए इतना मारा और वह भी उस बात के इतने दिन बाद. नहीं यह उनका काम नहीं होसकता. जहा तक मैंने उन्हें जाना है वह पीठ पीछे काम नहीं करते. तोह फिर किसने मारा.



वह यह सब सोचते hi रह जाता है.
 
अपडेट 57

अगले दिन सब कॉलेज आते है और कैंटीन में बैठे रहते है. जब वरुण वह आता है तोह सोनिया उठ जाती है.



सिया: क्या हुआ सोनू.



सोनिया: सिया मुझे लाइब्रेरी में थोड़ा काम है तोह मैं वह जा रही हु. फिर वह से क्लास में चली जाउंगी.



सिया: ठिक्क है.



फिर सोनिया वह से वरुण के अलावा सबको bye बोलके निकल जाती है. वरुण को समाज आरहा था सोनिया उसे इग्नोर कर रही है. पर किसलिए यह समाज नहीं आरहा था.



फिर थोड़ी देर बाद सब क्लास की तरफ निकल जाते है. वरुण जब क्लास में आता है तोह देखता है सोनिया अभी तक आयी नहीं थी. तोह वह जाके बैठ जाता है. पिछले कुछ दिनों से वरुण और सोनिया एक साथ बैठते थे. वरुण ने सोचा क्लास में उससे बात करेगा.



थोड़ी देर बाद सोनिया आती है तोह वह वरुण को कम्प्लीटली इग्नोर करके आरव के पास जाके बैठ जाती है. सोनिया ने ऐसा बेहवे किया जैसे वह वरुण को जानती तक नहीं. सोनिया की यह इग्नोरेंस वरुण को बहोत हर्ट करती है. वह बार बार सोनिया को hi देख रहा था. पर सोनिया के लिए तोह जैसे वरुण था hi नहीं.



रेसस्स तक एहलोग क्लास करते रहते है लार इतने टाइम में वरुण सिर्फ सोनिया को hi देख रहा था. पर सोनिया को कोई फर्क नहीं पढ़ा.



रेसस्स में सब कैंटीन में आते है तोह सोनिया ने वह भी वरुण को इग्नोर किया.



रेसस्स के बाद जब सब क्लास में जाने लगते है तोह वरुण हिम्मत करके सोनिया को बोलता है.



वरुण: सोनिया. क्या तुमसे थोड़ी बात होसकती है.



सोनिया कोई जवाब नहीं देती वह क्लास की तरफ जाने लगती है. सब कोई सोनिया के इस बेहेवियर से हैरान थे. पर वह सोचते है इनदोनो की कोई पागलपंती होगी इसीलिए इस्पे इतना ध्यान नहीं देते.



सोनिया आगे बढ़ी जा रही थी तोह वरुण उसके सामने आके उसके रास्ते को ब्लॉक करदेता है.



वरुण: क्या बात है सोनिया. तुम मेरे से ऐसा क्यों बेहवे कर रही हो. मुझे इग्नोर क्यों कर रही हो. मेरे कॉल्स का ंसग्स का रिप्लाई नहीं दे रही हो. मेरे नंबर को ब्लॉक करदिया है. तुमसे बात करने की कोशिश कर रहा हु तोह तुम बात नहीं कर रही हो. ऐसा क्यों कर रही हो.



सोनिया: क्या तुम्हे समाज नहीं आता. मैं यह सब क्यों कर रही हु. मुझे तुमसे किसी भी तरह की कोई बात नहीं करनी.



वरुण: क्यों बात नहीं करनी. क्या मुझसे कोई गलती हुई है. मेरे किसी मज़ाक का बुरा लगा है. तोह मैं माफ़ी मांगता हु. पर प्लीज मुझसे ऐसे बात करना बंद मत करो.



सोनिया: तुमसे कोई गलती नहीं हुई है. गलती मुझसे हुई है तुम्हे समझने में. मेरी सबसे बड़ी गलती एहि थी के मैंने तुम्हे अपना दोस्त बनाया. इनफैक्ट सबसे अच्छा दोस्त बनाया. और कही न कही मैं शायद तुमसे प्या.... पर गलती मेरी थी. और मैं अब अपनी गलती सुधर रही हु. आज के बाद मुझसे बात करने की कोशिश मत करना वर्ण मुझसे बुरा कोई नहीं होगा. आजसे हमारे बीच जो भी रिश्ता था वह ख़तम.



सोनिया आगे बढ़ने लगती है तोह वरुण उसका हाथ पकड़ लेता है और उसको थोड़ा दुर्र ले जाता है.



वरुण: आखिर मैंने किया है जो तुम मुझे सारे रिश्ते टॉड रही हो.



सोनिया: यह तुम खुद सोचो आखिर तुमने किया क्या है.



वरुण: प्लीज सोनिया. मुझे बताओ मैंने आखिर ऐसा क्या किया है. मेरी ऐसी क्या गलती हुई जो तुम मुझसे दोस्ती टॉड रही हो.



सोनिया को अब गुस्सा आने लगता है.



वरुण उसका हाथ अपने हाथ में लेता है तोह सोनिया के गुस्से का पारा छड्ड जाता है और सोनिया वरुण को खिंच के एक थप्पड़ मरती है.



सोनिया: तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई मुझे चुने की. तुम जैसे क्रिमिनल की हिम्मत कैसे हुई. तुम सुन्ना चाहते हो ना तोह सुनो. मैं नफरत करती हु तुमसे सिर्फ नफरत. और इस नफरत के जिम्मेदार भी तुम हो सिर्फ तुम.



मेरे दिल में तुम्हारे लिए एक अलग जगह थी. प्यार करने लगी थी तुमसे. पर तुम मेरे प्यार के क्या दोस्ती के भी लायक नहीं हो. तुमने रोहन को जान से मारने की कोशिश की सिर्फ इसीलिए क्योकि उसने मुझे प्रोपोज़ किया था मुझे घूरता रहता था सिर्फ इसीलिए तुमने उसको जान से मारना चाहा. Chiiíiii. तुम इतने गिर्री हुए निकलोगे मुझे नहीं पता था. मैं नहीं जानती थी जिससे मैं प्यार करने लगी हु वह एक क्रिमिनल माइंडेड है.



ारी मैं तोह तुम्हे खुद प्रोपोज़ करने वाली थी कुछ दिन बाद पर अच्छा हुआ उसके पहले मुझे यह सच पता चल गया. अगर आजके बाद मेरे से बात करने की या किसी भी तरह का कोई भी रिश्ता रखने की कोशिश की तोह मुझसे बुरा कोई नहीं होगा. तुम मेरी होने वाली भाभी के भाई हो वही तक रहना.



यह बोल सोनिया वह से आँखों में आंसू लिए क्लास की तरफ चल देती है. इधर वरुण किसी पत्थर की मूर्ति की तरह खड़ा रहता है.



उसमे तोह जैसे जान hi नहीं बची थी. उसने जिससे प्यार किया वह भी उससे प्यार करती थी पर उसने उसको पाने से पहले hi खू दिया. उसकी एक गलती ने उससे उसका सब कुछ छिन्न लिया. वरुण की आँखों में भी आंसू थे. उसके कान में बस सोनिया के बोले हुए शब्द hi गूंज रहे थे. के वह उससे नफरत करती है. उसका उससे कोई रिश्ता नहीं है. वरुण कुछ देर वही खड़ा रहता है फिर वह से पार्किंग की तरफ चला जाता है और अपनी कार लेके निकल जाता है.



छुट्टी के बाद सबलोग पार्किंग में आते है तोह राधा पूछती है.



राधा: ारी यह वरुण कहा गया. उसकी कार भी नहीं है.



आरव: हां रेसस्स के बाद क्लास में भी नहीं आया.



राधा: सोनिया वह तुमसे कुछ बात करने वाला था ना.



सोनिया: मुझे नहीं पता कहा गया. मैं बात करके क्लास की तरफ चली गयी थी.



आरुषि: ारी बंक करके घर भग्ग गया होगा. जानती है ना उससे.



राधा: होसकता है. चलो घर चलते है.



फिर सब घर चले जाते है.



राधा जब घर आती है तोह वह वरुण की कार नहीं थी.



राधा: बुआ जी वरुण कहा है.



संगीता: कहा है मतलब. तुमलोगो के साथ कॉलेज में नहीं था क्या.



राधा: नही. वह तोह रेसस्स के बाद hi कही चला गया. हुम्हे लगा बंक करके घर आगया होगा.



संगीता: नहीं घर तोह नहीं आया. फिर कहा गया यह लड़का.



संजना: ारी आजायेगा दीदी. आता होगा. गया होगा कही.



संगीता: हम्म. चलो राधा तुम फ्रेश होजाओ. फिर लंच करलो.



फिर राधा फ्रेश होक लंच करके अपने रूम में रेस्ट करने चली जाती है.



शाम को जब वह नीचे आती है तोह देखती है संगीता थोड़ी परेशां थी.



राधा: क्या हुआ बुआ जी.



संगीता: राधा यह वरुण अभी तक घर नहीं आया. शाम को होगयी है. और फ़ोन भी स्विच ऑफ है. मुझे टेंशन होरही है. मुंबई में नया है. जानता भी नहीं है किसीको.



राधा: क्या अभी तक नहीं आया. उसका तोह यहाँ पे हमारे अलावा कोई दोस्त भी नहीं है.



संजना: राधा तुम बाकियों को कॉल करके पूछो उन्हें कुछ पता है क्या.



राधा: यस माँ.



राधा पहले मेघा को कॉल करती है.



राधा: मेघा वरुण वह आया है क्या.



मेघा: वरुण नहीं वह तोह यहाँ नहीं आया क्यों क्या हुआ है.



राधा: ारी वरुण कॉलेज से निकल के घर नहीं आया और अभी तक घर नहीं पहुंचा पता नहीं कहा है और उसका फ़ोन भी बंद है.



मेघा: ारी तोह गया होगा कही.



राधा: तुम तोह जानती हो ना वह यहाँ पे हमारे अलावा किसी को नहीं जानता. मुंबई में नया है वह.



मेघा: हम्म्म. रुको मैं आरव से पूछती हु होसकता है उसके साथ हो.



राधा: हआ. और आरुषि को बोल वह अवि से पूछे अगर आरव के साथ ना हो तोह.



मेघा: ठिक्क है.



फिर कॉल कट होजाता है.



मेघा आरव को कॉल लगाती है.



आरव: क्या बात है मेरी जान. अभी तोह कितनी देर बाते की. फिर से कॉल लगा दिया. तुम कहो तोह आजौ तुम्हारे पास.



मेघा: ारी मैंने किसी और काम से फ़ोन किया है और जहा हो वही रहो कोई जरुरत नहीं है पास आने की.



आरव: ऐसा जुल्म तोह ना करो.



मेघा: शादी होने तक यह जुल्म सहते रहो. होसकता है शादी के बाद भी एहि जुल्म सहना पड़ेगा.



आरव: एकबार शादी होजाने दो. हर एक जुल्म का बदला लूंगा.



मेघा: तुम मेरे साथ ऐसा करोगे. तुम मुझसे बदला लोगे. मेघा ने यह बात बहोत hi अदा से और मासूमियत से बोलै था.



आरव: ारी मेरी जान तुम कहो तोह तुम्हारा यह जुल्म साड़ी ज़िन्दगी सेहत राहु.



मेघा: ोककक. तोह साड़ी ज़िन्दगी एहि जुल्म सहना. यह बोल हसने लगती है.



आरव: तुम ना मिलो मुझे एकबार फिर एकबार फिर बताता हु. अच्छा बताओ कॉल क्यों किया.



मेघा: ारी मैं भी तुम्हारे चाकर में भूल गयी किसलिए कॉल किया था. वरुण तुम्हारे साथ है क्या.



आरव: वरुण. नहीं वह तोह मेरे साथ नहीं है इनफैक्ट मैंने तोह उसको रेसस्स के बाद से देखा तक नहीं. क्यों क्या हुआ.



मेघा: ारी वह रेसस्स के बाद घर नहीं गया और अभी तक घर नहीं पहुंचा. तोह बुआ जी को टेंशन होरही है. और उसका फ़ोन भी बंद आरहा है.



आरव: ारी गया होगा कही.



मेघा: नहीं आरव वह यहाँ किसी को नहीं जानता. एकदम नया है मुंबई में. और वह ऐसे बिना बताये कही नहीं जाता.



आरव: आजायेगा. घूम रहा होगा इधर किधर. तुम टेंशन मत लो.



मेघा: हम्म्म. ठीक है मैं रखती हु. बाद में कॉल करुँगी.



फिर वह कॉल कट करदेती है.



मेघा: अरूण अरूण कहा है तू.



आरुषि: क्या हुआ. क्यों चिल्ला रही हो.



मेघा: ारी बन्दर रेसस्स के बाद से घर नहीं गया और अभी तक घर नहीं पहुंचा. बुआ जी को टेंशन होरही है. और उसका फ़ोन भी बंद आरहा है.



आरुषि: यह बन्दर भी ना. हरवक्त उछलता रहता है. कहा गया होगा बन्दरगिरि करने यहाँ तोह किसी को जानता भी नहीं.



मेघा: मैंने आरव को भी पूछा वह भी नहीं जानता उसके बारे में. तू तेरे वाले से पूछ शायद उससे पता हो.



आरुषि: रुख पूछती हु.



फिर आरुषि अवि को कॉल लगाती.



अवि: बोलो मेरी जान कैसे याद किया.



आरुषि: वरुण है क्या तुम्हारे साथ. उसका रेसस्स के बाद से कुछ अत पता नहीं है.



अवि: नहीं. रेसस्स के बाद से उसको देखा तक नहीं. कॉल करके पुछलो.



आरुषि: ारी उसका फ़ोन भी बंद आरहा है. रेसस्स के बाद से घर नहीं गया और अभी तक घर नहीं पहुंचा. बुआ जी को टेंशन होरही है.



अवि: आजायेगा. होसकता है घूम रहा हो इधर किधर. टेंशन ना लो.



आरुषि: हम्म्म. ठीक है मैं रखती हु.



फिर कॉल कट होजाता है.



आरुषि: वह तोह अवि के साथ भी नहीं है. कहा गया होगा.



मेघा: मैं राधा को बता देती हु.



मेघा: राधा वह आरव या अवि के साथ भी नहीं है. कुछ पता चला उसका.



राधा: नही ना.



आरुषि: तूने सोनिया से पूछा शायद उसको पता हो.



राधा: नही उसको नहीं पूछा. रुख पूछती हु.



आरुषि: ठिक्क है अगर पता चले तोह हुम्हे बता देना.



फिर राधा सोनिया को कॉल लगाती है.



सोनिया: हां राधा बोलो.



राधा: सोनिया तुम्हे वरुण के बारे में कुछ पता है क्या कहा गया है.



सोनिया वरुण नाम सुनके तोह एक पल गुस्सा होजाती है. पर अपना गुस्सा दबा के बोलती है.



सोनिया: नहीं मुझे नहीं पता. क्यों क्या हुआ.



राधा: ारी रेसस्स के बाद से उसको किसी ने नहीं देखा और अभी तक घर भी नहीं आया और फ़ोन भी बंद है. पता नहीं कहा गया. और इधर बुआ जी को टेंशन होरही है.



सोनिया: टेंशन मत लो. कही मटरगस्ती कर रहा होगा. फिर मैं में बोलती है. होसकता है फिर किसी को मारने गया होगा.



राधा: नहीं सोनिया. वरुण चाहे लाख मस्तीखोर हो बदमाश हो. पर वह ऐसे बिना बताये कही नहीं जाता. कही भी जाए तोह बुआ जी को बोलके जाता है. और वह अपना फ़ोन भी बंद नहीं रखता.



सोनिया: आजायेगा. टेंशन मत लो.



राधा: हम्म्म.



फिर कॉल कट होजाता है.
 
अपडेट 58

इधर सोनिया वरुण को लेके सोचने लगती है.



सोनिया: कहा गया होगा. कही मेरी कही हुई बातो को दिल से लगाके कुछ गलत ना करले. मैंने तोह गुस्से में उससे कहा था आखिर उसने मेरे लिए बिना किसी रीज़न के इतना बड़ा खतरा मोल ले लिया था. अगर किसी को पता चल जाता तोह उसकी लाइफ बर्बाद होजाती. ऊपर से आज मैंने उससे थप्पड़ भी मारा था. कही इस बात को लेके वह नहिई नहिई नहिई मेरा वरुण ऐसा कुछ नहीं करेगा. वह बहोत स्टॉन्ग है. वह जरूर मेरी बातो को समझेगा और उसने जो गलती की है उसके लिए माफ़ी मांगेगा.



पर अगर कही उसने कुछ. हीई नही सोनिया पॉजिटिव सोचो. कुछ नहीं होगा. मेरा वरुण ऐसा कुछ नहीं करेगा.



फिर वह अपना ध्यान जबरदस्ती कही और लगाने लगती है. पर उसका ध्यान बार बार वरुण की तरफ hi जारहा था.



इधर शाम से रात होगयी थी पर वरुण का कुछ पता नहीं चला था. संगीता ने तोह रोना सुरु करदिया था. एक तोह वह एक माँ थी ऊपर से वह एक hi उनके जीने का सहारा था.



संगीता: संजना अब मुझे बहोत घबराहट होरही है. अभी तक वरुण का कुछ पता नहीं चला. पता नहीं कहा होगा मेरा बच्चा.



संजना: दीदी आप प्लीज रोइई मत. मैं अभी विक्रम को कॉल करती हो.



तभी विक्रम घर के अंदर आता है.



विक्रम: क्या बात है किसको फ़ोन करने की बात होरही है.



संजना: अच्छा हुआ विक्रम आप आगये. देखिये ना वरुण का कुछ पता नहीं चल रहा है. उसका फ़ोन भी बंद आरहा है.



विक्रम: ारी दोस्तों के साथ घूम रहा होगा.



राधा: No डैड. मैंने सभी से पूछ किया है वह किसी के साथ नहीं है. और वह तोह हुम्हे चोरके यहाँ किसी को जानता तक नहीं है. रेसस्स के बाद वह कॉलेज से चला गया और अभी तक घर नहीं आया.



संगीता: भैया. मुझे बहोत घबराहट होरही है. मेरे वरुण ने ऐसा कभी पहले नहीं किया. वह बदमाश है शरारत करता है पर कही भी जाता है तोह मुझे बता के जाता है और अपना फ़ोन हमेशा ोंन रखता है.



विक्रम: संगीता तुम टेंशन मतलो. मैं देखता हु.



फिर विक्रम इंस्पेक्टर को कॉल लगता है और उससे वरुण को ढूंढ़ने के लिए बोलता है.



राधा भी टेंशन मैं आगयी थी अब और इसी टेंशन में उसने यश को कॉल लगा दिया.



राधा: यशः यश कहा हो यशः.



यश: मैं तोह घर पे हु राधा. क्या हुआ तुम टेंशन में क्यों हो. कुछ हुआ है क्या.



राधा: यशः वरुण का कुछ पता नहीं चल रहा है. रेसस्स के बाद से वह घर नहीं आया और उसका फ़ोन भी बंद है ऊपर से वह यहाँ से बिलकुल अनजान है. रात होगयी है और उसका कुछ पता नहीं चल रहा है.



यश: तुम टेंशन मतलो राधा. मैं अभी पता लगता हु कहा है वरुण. तुम शांत रहो.



फिर कॉल कट होता है.



यश जल्दी से रितिका को कॉल लगता है.



यश: रितिका एक नंबर भेजा है. यह फ़िलहाल बंद है जरा पता लगाओ तोह इसका लास्ट लोकेशन कहा था.



रितिका: बस 2 मीन्स रुको. अभी बताती हु.



फिर रितिका फटाफट वरुण के नंबर को ट्रेस करती है तोह उसका लास्ट लोकेशन सेहर के बहार जाने वाले रस्ते की तरफ था.



रितिका: यश यह नंबर तोह आखरी बार सेहर के बहार जाने के रस्ते में बंद हुआ था.



यश: सेहर के बहार.



रितिका: हआ. वह भी बहोत दररर पहली. काम से काम 4-5 घंटे पहले.



यश: अभी एक कार का नंबर भेज रहा हु. देखो इस वक़्त यह कहा है.



रितिका देखती है और बोलती.



रितिका: यह कार तोह 4-5 घंटे से एक hi जगह पे रुकी हुई है. और यह तोह कोई जंगल इलाका है.



यश: मुझे लोकेशन भेजो और मुझे वह तक जाने में गाइड करो.



रितिका: ोकक.



फिर यश जल्दी से रेडी होता है और घर से निकलने लगता है तोह इशांत पूछता है.



इशांत: क्या हुआ सहबजयादे इतनी रात को किधर जा रहे हो.



यश: डैड एक प्रॉब्लम हुई है आके बताता हु.



सिया: पर जा कहा रहे हो.



यश: तुम राधा से बात करो फिर रितिका से. पता चल जायेगा. मैं निकलता हु. यह बोल यश वह से निकल जाता है.



और पीछे सब उसी आवाज़ देते रह गए.



महक: सिया क्या बात है.



सिया: पता नहीं माँ. रुकिए राधा से पूछती हु.



सिया राधा को कॉल लगाती है.



सिया: राधा क्या हुआ है.



राधा सिया को पूरी बात बताती है. फिर सिया रितिका को कॉल करती है.



सिया: रितिका सिया हेरे. यश कहा गया है.



रितिका: सिया यश ने मुझे किसी का फ़ोन नंबर और एक कार का नंबर ट्रेस करने को बोलै मैंने बोलै तोह वही गया है.



सिया: ठिक्क है.



फिर सिया कॉल कट करती है.



महक: अब बताओगी भी क्या हुआ है.



फिर सिया महक और इशांत को सब बता देती है.



यश अपनी बाइक से फुल स्पीड में उस लोकेशन की तरफ जाता है जहा वरुण की कार थी.



इधर विक्रम ने जिस इंस्पेक्टर को बोलै उसने वायरलेस में हर जगह यह न्यूज़ फैला दी और विक्रम से वरुण की फोटो लेकर ढूंढ़ने लगे.



यश 1 घंटे के अंदर उस जगह पहुंच जाता है और देखता है वरुण की कार एक पेड़ से टकराई हुई है. कार का एक्सीडेंट बहोत बुरी तरह हुआ है.



यश झट्ट से कार के पास पहुंचता है तोह देखता है वरुण वह नहीं है. स्टीयरिंग व्हील में खून लगा हुआ है. सीट में भी खून लगा हुआ है. सामने का कांच भी टूटा हुआ है.



यश अगल बगल वरुण को ढूंढ़ता है पर वरुण उसको कही नहीं मिलता. वह देखता है वह थोड़ी दुर्र में एक कक्तव है पर उसकी हालत भी अच्छी नहीं थी.



यश: रितिका यहाँ पे एक कक्तव है. हैक करो और देखो कार का एक्सीडेंट कैसे हुआ और वरुण कहा गया.



रितिका अपने काम में लग जाती है. वह कक्तव हैक करके वरुण के वह पहुंचने के टाइम से चेक करने लगती है.



रितिका: यश वरुण की कार बहोत स्पीड से चल रही थी. पर अचानक उसका बैलेंस बिगड़ गया और कार जाके सीधा उस पेड़ से टकरा गयी. रोड सुनसान है इसीलिए वह वह पे बहोत देरर बेहोश पढ़ा रहा. थोड़ी देर पहले एक कार वह से गुजरी तोह उसने यह देखलिया तोह वह वरुण को अपने साथ ले गए. शायद हॉस्पिटल गए हो.



यश: जिस कार ने मदद की उसकी लोकेशन देखो किसी हॉस्पिटल के पास की है क्या.



रितिका: हां वह कार की लोकेशन अभी भी सक हॉस्पिटल में hi है. जरूर वरुण वही होगा.



यश झट्ट से अपनी बाइक को फुल स्पीड में वह भागता है. थोड़ी देर में वह सक हॉस्पिटल पहुंच जाता है.



यश भागते हुए रिसेप्शन में आता है और पूछता है.



यश: एक्सक्यूज़ में. क्या आज यहाँ पे कोई कार एक्सीडेंट का केस आया है.



रिसेप्शनिस्ट: सर आज यहाँ पे 3 कार एक्सीडेंट का केस आया है. ऐसे में हम कैसे बोल सकते है आप किनके बारे मैक पूछ रहे है.



यश: रितिका वरुण को कितनी देर पहले यहाँ लाया गया है.



रितिका: 1 घंटे पहले.



यश: देखिये 1 घंटे पहले कोई लड़का मेरी आगे का कार एक्सीडेंट में यहाँ आया है क्या. ी मैं किसी ने 1 घंटे पहले उसको यहाँ लाया है.



रिसेप्शनिस्ट: यस सर. अभी 1 घंटे के आस पास एक कार एक्सीडेंट केस आया तोह है. पुलिस केस है फिर भी डॉक्टर ने ट्रीटमेंट स्टार्ट करदिया है. आप सेकंड फ्लोर में ऑपरेशन थिएटर के पास चले जाइये. जो पेशेंट को लेके आये है वह भी वही है.



यश फटाफट सेकंड फ्लोर में ओट के पास आता है तोह वह एक आदमी बैठा हुआ था जिसके कपड़ो पे खून भी लगा हुआ था.



यश: एक्सक्यूज़ में. क्या आप hi वह है जिसने एक लड़के को सेहर के बेहद जाने वाले रास्ते में एक्सीडेंट हुई कार से यहाँ लाये है.



आदमी: हआ. मैं hi हु वह. पर आप कौन है. और आपको कैसे पता.



यश अपने मोबाइल में वरुण की पिछ दिखते हुए पूछता है क्या वह लड़का एहि था.



आदमी: हआ वह एहि लड़का था. उसकी हालत बहोत बुरी थी. खून भी बहोत बह चूका था. शायद एक्सीडेंट बहोत देर पहले हुआ था. पर आप कौन है. और आपको कैसे पता चला वह यहाँ है.



यश: वह लड़का मेरा भाई है. सुबह कॉलेज से बिना किसी को बताये कही चला गया था. उसका फ़ोन भी बंद था. हम परेशां होगये थे. फिर हमने पुलिस की मदद से उसकी लास्ट लोकेशन सर्च करवाई तोह वह उस जंगल में था. मैं जब वह आया तोह उसकी कार का एक्सीडेंट देखा. पर वह वह नहीं था. पर वह के कक्तव में आपकी कार का नंबर आगया था तोह उसको ट्रेस करके मैं यहाँ आया. थैंक यू सो मच मेरे भाई की मदद करने के लिये.



आदमी: ारी इसमें थैंक यू कैसा. यह तोह हर इंसान का फ़र्ज़ होता है मुसीबत में फसे लोगो की मदद करना. भगवन आपके भाई को जल्दी ठीक करदेगा. अब जब आप आगये है तोह मुझे चलना चाहिए.



यश: सूरे. Btw आपका नाम और नंबर मिल जाता तोह.



आदमी: येह सूरे. मेरा नाम समीर है. और यह मेरा नंबर. अगर मेरी जरुरत पढ़े तोह आप बेजहीज़ाक मुझे कॉल कर सकते है.



यश: वन्स अगेन थैंक यू सो मच.



फिर वह आदमी वह से निकल जाता है. यश वही बैठ जाता है. उसको समाज नहीं आरहा था वह क्या करी.



तभी उसको इशांत का कॉल आता है.



इशांत: यश कहा हो तुम. टाइम देखा है. और वरुण का कुछ पता चला.



यश: डैड मैं हॉस्पिटल में हु. वरुण का बहोत बुरी तरह से एक्सीडेंट होगया है. उसका ऑपरेशन होरहा है.



इशांत: व्हाटटटटटट. कौन से हॉस्पिटल में हो तुम. मुझे बताओ. मैं अभी आता हु.



यश: सक हॉस्पिटल.



इशांत: मैं अभी आता हु.



सिया: डैड क्या हुआ है यश को. वह हॉस्पिटल में क्यों है. वह ठीक तोह है ना. बोलिये ना डैड.



इशांत: सिया बीटा शांत होजाओ. यश को कुछ नहीं हुआ है. वरुण का बहोत बुरी तरह से एक्सीडेंट होगया है. हुम्हे अभी सक हॉस्पिटल जाना होगा.



महक और सिया: क्याआआ.



इशांत: हआ. जल्दी चलो. सिया राधा के घर बोल दो.



महक: मैं अभी शालिनी को बोलती हु. वह भी वह पहुंच जाएगी.



सिया: राधा जल्दी से सबको लेके सक हॉस्पिटल आओ. वरुण का एक्सीडेंट होगया है. वह वही पे है.



राधा यह सुनते hi रोना सुरु करदेती है और बोलती है. क्याआआआ. वह वह ठीक तोह है ना.



सिया: अभी कुछ नहीं पता जल्दी पहोंचो.



संगीता: राधा किसका फ़ोन था. तुम रो क्यों रही हो. मेरा वरुण ठिक्क तोह है ना. बोलो राधा.



राधा: रट हुए. बुआ जी वह वरुण वह बुआ जी. इसके आगे वह ना बोल पायी.



संगीता: रट हुई. क्या हुआ है मेरे वरुण को. वह ठीक तोह है ना. बोलो राधा. वह ठिक्क तोह है ना.



राधा: उसका बहोत बुरा एक्सीडेंट हुआ है वह हॉस्पिटल में है.



संगीता यह सुनते hi जोरर जोरर से रोने लगती है.



संगीता: मुझे लग hi रहा था मेरा वरुण खतरे में है मेरा मैं बहोत घबरा रहा था. और देखो मेरी घबराहट सच हुई. यह बोल वह और जोर जोर से रोने लगती है.



विक्रम: प्रिंसेस कौन से हॉस्पिटल में है.



राधा: किसी सक हॉस्पिटल में.



संगीता: भैया मुझे अभी मेरे वरुण के पास जाना है. जल्दी चलो भैया. पता नहीं कैसा होगा वह.



फिर सब लोग हॉस्पिटल भागते है.



इधर अवि ने आरुषि को कॉल करके सब बताया तोह मेघा ने आरव को कॉल किया.



मेघा: आरव आरव वरुण का एक्सीडेंट होगया है वह हॉस्पिटल में है जल्दी से सक हॉस्पिटल आओ.



आरव: क्याआआआ. मैं मैं अभी आता हु.



श्रुति: क्या हुआ कहा जा रहा है इतनी रात को.



आरव: वरुण का एक्सीडेंट होगया है वह हॉस्पिटल में मुझे अभी जाना होगा.



सोनिया वही बैठी थी और जब वह सुनती है के वरुण का एक्सीडेंट होगया है तोह उसकी ऐसी हालत होजाती है जैसे उसमे जान hi नहीं बची है. उसकी आँखों से आंसू बहने लगते है.



सोनिया: वह वह ठिक्क तोह ही ना.



आरव: कुछ नहीं पता. मैं निकल रहा हु.



सोनिया: मैं भी आउंगी.



आरव कुछ नहीं बोलता. फिर दोनों वह से हॉस्पिटल के लिए निकल जाते है. पुरे रास्ते सोनिया बस भगवन से वरुण के लिए दुआ मांग रही और रह रह के उसके आँखों के सामने आज वरुण के साथ किया हुआ बेहेवियर आरहा था और उसकी आँखों से आंसू बह रहे थे.



थोड़ी देर में एहलोग हॉस्पिटल आजाते है.
 
अपडेट 59

सोनिया भग्ग के रिसेप्शन में जाती है.



सोनिया: वरुण कहा है. मेरा वरुण कहा है.



रिसेप्शनिस्ट: Ma’am शांत होजाइये. वरुण शर्मा सेकंड फ्लोर ओट.



सोनिया भग्ग के सेकंड फ्लोर में आती है तोह वह सब पहले से खड़े थे. वह महक के पास आती है.



सोनिया: बुआ कैसा है वरुण. उसका एक्सीडेंट कैसे हुआ. वह ठीक तोह है ना.



महक: शांत होजाओ सोनू. उसका ट्रीटमेंट होरहा है. वह ठिक्क होजायेगा.



सोनिया की तोह जान निकल रही थी. उसका मैं तोह जोर जोर से रोने का कर रहा था. पर वह रो नहीं सकती थी. ीधेत संगीता ने तोह रो रो के अपनी हालत बिगाड़ ली थी. वह हॉस्पिटल में मंदिर के सामने बैठी हुई थी और अपने बेटे के लिए दुआ मांग रही थी.



शालिनी: भाभी संगीता जी को सम्भालिये. अगर वह ऐसे hi रोटी रही तोह उनकी तबियत ख़राब होजायेगी.



संजना: उनको क्या बोलू शालिनी. जब से उन्हें पता चला है वरुण एक एक्सीडेंट हुआ है वह सिर्फ रोये जा रही है. उन्होंने तोह खाना तक नहीं खाया है. सुबह सिर्फ ब्रेकफास्ट किया था.



थोड़ी देर में डॉक्टर ओट से बहार आता है.



विजय: Hello डॉक्टर अब कैसा है वरुण.



डॉक्टर: ू hello डॉक्टर विजय. देखिये पेशेंट के सर में बहोत बुरी तरह से अटैक हुआ था. उसका सर स्टीयरिंग व्हील से बहोत जोरो से टकराया था. शायद उसने सीट बेल्ट नहीं लगायी थी इसीलिए अटैक और ज्यादा हुआ. गाडी के सामने के कांच टूटने से पेड़ की एक दाल उसके अंदर घुस गयी थी जो सीधा पेशेंट के सीने के बगल में अटैक किया.



एक्सीडेंट बहोत पहले हुआ था और उसको यहाँ लाने में भी बहोत लेट किया जिसके वजह से खून हद्द से ज्यादा बह गया था.



सर में चोट लगी है हमने ट्रीटमेंट करदिया है अगर उसको 5 घंटे के अंदर होश नहीं आया तोह होसकता है वह कोमा में भी जा सकता है.



सब यह सुनके शॉक होजाते है. आरुषि मेघा राधा और सोनिया तोह रोने लगते है और संगीता यह सुनके बेहोश होजाती है.



महक: संगीताआआ.



यश संगीता को उठा के वही पे रखे एक स्ट्रेचर पे सुलाता है. शालिनी उसको चेक करती है और डॉक्टर से बोलके एक इंजेक्शन मंगवा के उसको लगा देती है.



शालिनी: कमजोरी और शॉक की वजह से बेहोश होगयी है. मैंने नींद का इंजेक्शन दे दिया है. कुछ देर सोयेंगी तोह आराम मिलेगा.



इशांत: डॉक्टर हम उससे बड़े से बड़े हॉस्पिटल में शिफ्ट कर देते है.



डॉक्टर: देखिये अग्रवाल जी. आपके साथ तोह डॉक्टर विजय और डॉक्टर शालिनी जैसे एक्सपेरिएंस्ड डॉक्टर है. आपदांक hi सारे रिपोर्ट्स देख लीजिये.



फिर विजय वरुण की साड़ी रिपोर्ट्स देखता है सोनिया बस उससे आस भरी नजरो से देख रही थी. के विजय बोलदे के वरुण ठीक है.



विजय: भैया अगर 5 घंटे के अंदर वरुण को होश नहीं आया तोह वह कोमा में जा सकता है.



सोनिया की रही सही आस भी यह सुनके टूट जाती है. वह वरुण की हैट की ज़िम्मेदार खुद को मान रही थी.



वह सोच रही थी अगर उसने वरुण के साथ वैसे बेहवे ना किया होता तोह शायद आज वरुण सही सलामत होता. वह बस वह बैठ के रोये जा रही थी.



आरुषि और मेघा भी रोये जा रही थी. आरव और अवि उन्हें गले लगा लेते है.



आरव: चुप होजाओ मेघा. वरुण को कुछ नहीं होगा. वह ठीक होजायेगा.



मेघा: हमारा कोई भाई नहीं है. बचपन से वरुण को hi हमने अपना भाई माना है. हर साल राखी में वह राधा के साथ हमसे भी राखी बंद्वता था. हम भले hi हरवक्त झगड़ा करते थे. पर हम एक दूसरे से प्यार भी बहोत करते थे. अगर उससे कुछ होगया तोह... यह बोल रोने लगती है.



आरव: कुछ नहीं होगा. भगवन सब ठीक करेंगे.



सोनिया तोह जैसे बस पत्थर की मूर्ति बने बैठी हुई थी. उसको तोह जैसे कोई होश hi नहीं था.



राधा भी यश के गले लगके रोने लगती है. आखिर वरुण उसका एक लौटा भाई था.



यश: चल होजाओ राधा. कुछ नहीं होगा वरुण को. वह एकदम पहले जैसा होजायेगा. शांत होजाओ.



राधा बस रोये जा रही थी.



थोड़ी देर बाद संगीता को होश आता है तोह वह वरुण से मिलने की जिद्द करने लगती है.



शालिनी संगीता को अंदर लेके जाती है तोह वह वरुण को देखते hi रोना सुरु करदेती है.



संगीता: वरुणंन. शालिनी यह क्या हालत होगयी है मेरे वरुणं की. प्लीज इससे ठीक कार्डो शालिनी तुम तोह डॉक्टर हो ना. प्लीज मुझे मेरा बीटा पहला जैसा दे दो.



शालिनी: शांत होजाइये दीदी. वरुण ठिक्क होजायेगा. कुछ नहीं होगा उससे.



संगीता वरुण के पास जाके उसके हाथो को अपने हाथो में लेती है और एक हाथ से उसके सर में धीरे से हाथ फेरने लगती है.



संगीता: उठ जा ना बेटा. क्यों अपनी माँ को रुला रहा है. तेरे बिना तेरी माँ का और कोई नहीं है बीटा. उठा जा बीटा. मत तड़पा अपनी माँ को. तेरी माँ तेरे बिना नहीं जी पायेगी. तेरे पापा के बाद तोह मैंने जैसे तैसे खुद को संभल लिया. अब तुझे नहीं खू सकती. मुझ में इतनी हिम्मत नहीं है बीटा. उठ जा बीटा. यह बोल वह जोर जोर से रोने लगती है.



संगीता अब वह और ना बैठ सकीय. वह अपने बेटे की ऐसी हालत और ना देख सकीय वह वह से बेहद निकल के हॉस्पिटल के मंदिर में जाके भगवन से अपने बेटे के लिए दुआ मांगने लगती है.



देखते देखते है 3 घंटे बीत जाते है पर वरुण को होश नहीं आता. सबलोग एक एक बार वरुण को देख आते है सिर्फ सोनिया को चोरर के. क्योकि उसकी हिम्मत नहीं होरही थी वरुण को उस हालत में देखने की.



थोड़ी देर बाद सब वह बैठे बैठे अपनी आँखे बंद करलेते है. पर सोया कोई नहीं था. सोनिया हिम्मत करके वरुण के रूम में जाती है. वह वरुण की वह हालत देख कर अपने अंदर दबाये दर्द तकलीफ को आंसू के रूप में बहार लाने लगती है. इतनी देर से जो उसने अपना रोना रेखा हुआ था वह अब और ना रुख सका. सोनिया वही पे कड़ी होक रोने लगती है.



वह वरुण के करीब जाके उसके हाथो को अपने हाथो में लेके बैठ जाती है.



सोनिया: उठ जाओ वरुण. क्यों सत्ता रहे हो मुझे. जिस दिन से मिले हो उस दिन से सिर्फ परेशां किये जा रहे हो. तुम्हारी हर तरह की बदमाशी मंजूर है परेशां करना मंजूर है पर परेशां करने का यह तरीका मुझे बिलकुल पसंद नहीं आया. प्लीज उठ जाओ. मैं तुमसे बिलकुल भी नाराज़ नहीं हु और नाही तुमसे नफरत करती हु. मैं तुमसे बहोत बहोत प्यार करती हु वरुण. नहीं जी सकती तुम्हारे बिना. उठ जाओ. क्या तुम अपनी सोनिया को इस तरह रुलाओगे. उसको इस तरह तड़पाओगे.



तुमने मेरे लिए उस रोहन को मारा था न क्योकि उसने मुझे परेशां किया था. तोह अब तुम मुझे परेशां कर रहे हो. और तुम्हे सजा देने का हक़ सिर्फ मुझे है. क्या तुम मुझे सजा भी नहीं देने होंगे. उठ जाओ ना वरुण.



अभी सोनिया यह सब बोल रही थी के उसके कंधे पे कोई हाथ रखता है तोह सोनिया पीछे मदद के देखती है तोह यश खड़ा होता है. सोनिया को यश देख कर hi और जोरर जोरर से रोने लगती है और बैठे बैठे hi उसके गले से लग जाती है.



सोनिया: देखो ना भाई किस तरह मुझे परेशां किये जा रहा है. इससे बोलो ना उठ जाए. जिस दिन से मिला उस दिन से परेशां कर रहा है. इससे बोलो ना मैं इस बिलकुल भी नाराज़ नहीं हु. इससे बहोत प्यार करती हु. नहीं जी सकती इसके बिना. बोलो ना इससे. देखो ना यह मेरी बात तक नहीं सुन्न रहा है. सुबह तोह मुझसे बात करने के लिए तड़प रहा था और अब जब बात कर रही हु तोह कितना ऐटिटूड दिखा रहा है.



वरुण मैंने जो तुम्हे थप्पड़ मारा था अगर तुम उसके लिए मुझसे नाराज़ हो तोह ी ऍम सॉरी वरुण. चाहो तोह तुम भी मुझे मार्लो. पर प्लीज मुझसे बात करो वरुण. यह बोल उसका हाथ में अपना सर रख के रोने लगती है.



यश: सोनऊ. चुप्प होजाओ. मत रो. कुछ नहीं होगा वरुण को. वह ठीक होजायेगा. देखना बहोत जल्द वह तुम्हे फिरसे परेशां करेगा.



सोनिया कुछ नहीं बोलती बस वैसे hi उसके हाथ में सर रख के बैठी रहती है.



यश: चलो बहार चलो सोनू.



सोनिया: नहीं भाई आप जाओ. मैं कुछ देर वरुण के साथ रहूंगी.



यश भी उसकी बात माँके बहार आजाता है.



सोनिया वही पे वरुण का हाथ अपने हाथ में लेके बैठी रहती है और उसके हाथ में किश करती है.



सोनिया वैसे hi बैठे बैठे वरुण की शरारत के बारे में सोच कर कभी है देती तोह कभी उसको रोना आजाता. वह बस एकटक वरुण के चेहरे को hi देख रही थी. पर तभी उसके हाथ में थोड़ा प्रेशर फील होता है.



पहले तोह सोनिया को लगता है उसका वहां है पर जब वह प्रेशर थोड़ा और बढ़ जाता है और उसके हाथो में किसी की उँगलियों का एहसास होता है तोह वह जोरर से चिल्लाती है.



सोनिया: शालिनी बाआआ. यशःह्ह्ह. बाआआआ. जल्दीए आईईईई.



बहार सबलोग सोनिया की आवाज़ सुनके डर जाते है. सबलोग अंदर भागते है.



महक: क्या हुआ सोनू. तुम इतनी जोरर से चिल्लाई क्यूओ.



सोनिया: बुआ बुआ वरुण को होश आरहा है. होश आरहा है वरुण को. बुआ आप चेक कीजिये प्लीज जल्दी चेक कीजीईए.



सब: क्याआआ.



सोनिया: हा. बुआए आइये ना. जल्दी देखिये.



शालिनी जल्दी से वरुण के पास आके उसको अच्छे से चेक करती है. पास में राखी मचिनेस पे नजर घूमती है तोह वह खुश होजाती है.



शालिनी: भैया भाभी वरुण अब खतरे से बहार है. इसको थोड़ी देर में होश आजायेगा.



राधा यह सुनते hi बहार भागती है मंदिर की तरफ जहा संगीता अभी भी बैठी हुई थी.



राधा: बुआ जी बुआ जी. भगवान् ने आपकी सुन्न ली. वरुण अब खत्री से बहार से. उसको कभी भी होश आसक्त है.



संगीता: क्या क्या तू सच बोल रही है. मेरा वरुण अब ठिक्क है. उसको होश आरहा है.



राधा: हआ बुआए जीई. शालिनी बुआ ने चेक किया है. वरुण अब ठिक्क है. उसको कभी भी होश आजायेगा.



संगीता भगवान् के आगे हाथ जोरर के. आपका बहोत्त बहोत शुकरिया भगवान्. तूने एक माँ की पुकार सुणली. मुझे मेरा बीटा वापस करदिया. आपका बहोत बहोत शुक्रिया.



राधा: चलिए जल्दी चलिए.



संगीता वह से सीधा वरुण के रूम में भागती है. जहा सब खड़ी थी.



संगीता: वरुणंन. शालिनी मेरा वरुण ठिक्क है ना अब.



शालिनी: हां दीदी अब वरुण खतरे से बहार है. भगवान् ने एक माँ की पुकार सुणली. अब वरुण को कभी भी होश आसक्त है.



संगीता: तुम्हारा बहोत बहोत शुक्रिया शालिनी. तुमने आज मुझे मेरी ज़िन्दगी मेरे जीने की वजह वापस दे दी.



शालिनी: मैंने कुछ नहीं किया दीदी यह तोह एक माँ के प्यार की शक्ति है. और माँ के प्यार के सामने कोई शक्ति काम नहीं आती.



संगीता वही वरुण के पास बैठ जाती है जहा इतनी देरर से सोनिया बैठी हुई थी.



विजय: आप सब बहार चलिए. यहाँ इतने जनन का रखना ठिक्क नहीं.



शालिनी: हआ सिर्फ संगीता दीदी आप रुकिए. और बाकी सब बहार चलिए.



फिर सब बहार आजाते है. सोनिया का वह पे वरुण के पास hi रहने का मैं था पर वह भी मजबूरन बहार आती है.



विजय ने अथॉरिटी से बात करके 2 खाली पेशेंट्स केबिन ले लिए थे. तोह सब उन् 2 काबिन्स में चले जाते है.



इधर संगीता वरुण के पास hi बैठी हुई थी और उसके सर को सेहला रही थी.
 
अपडेट 60

थोड़ी देर बाद वरुण को होश आने लगता है तोह वह माँ माँ बोलने लगता है.



संगीता: वरुणं बेटा मैं एहि हु बेटा. देख मैं तेरे पास hi हु बेटा. आँखे खोल बेटा. वरुणंन.



वरुण धीरे धीरे आँखे खोलता है तोह वह देखता है संगीता उसके सामने बैठी है उसके आँखों में आंसू थी.



संगीता: वरुण मेरा बच्चा तुझी होश आगया. तू ठिक्क होगया वरुण. भगवान् तेरा बहोत बहोत शुक्रिया. तूने मुझे मेरा बीटा दे दिया. यह सब बोलते वक़्त संगीता की आँखों में सिर्फ आंसू थे.



वरुण: आप रोइये मत माँ. मैं एक अच्छा बीटा नहीं बन सका माँ. मैंने डैड से प्रॉमिस किया था कभी आपके आँखों में आंसू नहीं आने दूंगा. बूत आज मैंने वह प्रॉमिस टॉड दिया माँ. मुझी माफ़ करदे माँ. मेरी वजह से आपकी आँखों में आंसू आये. आपको तकलीफ हुई.



संगीता: नाहीइ वरुणं. तू मेरा सबसे अच्छा बीटा है. ऐसा मत बोल बेटा. और यह तोह ख़ुशी के आंसू है. तुझे होश आगया. बस तू जल्दी से ठीक होजा. मुझे और कुछ नहीं चाहिए. अगर तुझे कुछ होजाता तोह तेरी यह माँ भी ज़िंदा नहीं रहती. तू hi तोह मेरे जीने का जरिया है.



वरुण: ी ऍम सॉरी माँ. मुझे नहीं पता कैसे मेरे कार का बैलेंस बिगड़ गया.



संगीता: अभी वह सब नहीं बेटा. रुख मैं शालिनी को बुला के लाती हु.



संगीता भग्ग के जाती है हुए शालिनी को बुला के लाती है. पर शालिनी के पीछे पीछे सबलोग आगये थे.



राधा भग्ग के आती और वरुण को एक थप्पड़ लगा देती है.



राधा: क्या समझता है खुद को. अगर तुझे कुछ होजाता तोह हम कैसे रहते कुछ पता भी है. हमारा बिलकुल भी ख्याल नहीं है तुझे. हर वक़्त बस अपनी मनमानी करनी है तुझे. एक hi तोह भाई है मेरा. अगर मेरे भाई को कुछ होजाता ना तोह अच्छा नही होता.



वरुण: ी ऍम सॉरी राधा. मुझे माफ़ कार्डो.



राधा: तू बात नहीं करना मुझसे. तुझे अपनी बेहेन की कोई परवाह नहीं है.



आरुषि और मेघा: बिलकुल ठिक्क कहा राधा. इससे कोई परवाह नहीं है अपनी बहेनो की. यह सिर्फ कहने के लिए hi बेहेन बोलता है. दिल से अगर बेहेन मानता तोह अपना ख्याल रखता.

अगर तुझे कुछ होजाता तोह हम बन्दर किस्से बुलाते. कौन हुम्हे बात बात पे परेशां करता.



वरुण: मुझे माफ़ करदे मेरी छिपकलियों. मुझसे गलती होगयी. यह पहली बार था जब वरुण के छिपकली बोलने पे भी एहडोणो गुस्सा नहीं हुए बल्कि हसने लगते है.



सबकोई वरुण का हाल चाल पूछते है. वरुण की नज़र किसी को ढूंढ रही थी पर वह उसको नहीं दिखी. जिससे वह उदास होगया.



वरुण: मैं में. शायद अब वह मेरी शकल भी नहीं देखना चाहती. क्या अब वह मुझसे इतनी नफरत करने लगी है. क्या अब उसके दिल में मेरे लिए कोई प्यार नहीं है.



इधर सोनिया रूम के बहार से hi चुप के वरुण को देख रही थी. उसको होश में सबसे बात करते देख कर उसको अब शांति मिल रही थी. पर उसमे इतनी हिम्मत नहीं थी के वह वरुण को फेस करे. इसीलिए वह चुप के उसको देख रही थी.



शालिनी: चलिए अब सब बहार चलिए. वरुण को रेस्ट करने दीजिये.



संजना: हां दीदी अब आप कुछ खा लीजिये. देखिये सुबह भी होगयी है. आपने कल से कुछ नहीं खाया है.



वरुण को यह सुन्न्के अपने आप पे गुस्सा आने लगता है के उसकी माँ उसकी वजह से भूखी थी. जिसके वजह से वह और उदास होगया था.



सिया: और आप सब भी कुछ खा ले. रात से सबलोग ऐसे hi बैठे है. आरुषि मेघा राधा चलो हम कैंटीन से सबके लिए थोड़ा चाय नाश्ता ले आते है. तब तक आपलोग फ्रेश हो जाइये.



फिर यह चारो वह से कैंटीन में चल देते है तोह बाकी सब उन् 2 रूम्स में जाके फ्रेश होने लगते है.

पर इतनी देर में किसी को भी सोनिया का ख्याल नहीं आया सिर्फ यश को उसका ख्याल था और नज़र भी.



सबके जाने के बाद वरुण आँखे बंद करके आराम करने लगता है. उधर सबके साथ वह भी मजबूरन थोड़ा खा पि लेती है और बहाना बनके बहार आती है तोह वरुण के रूम में जाती है यह सोच के के वरुण सोगया होगा. पर वह जाएगा हुआ था.



सोनिया जब रूम में आती है तोह वरुण धीरे से आँखे खोल के देख लेता है.



सोनिया उसके पास जाके बैठ जाती है और धीरे से उसका सर सहलाने लगती है.



सोनिया: धीरे से. मुझे परेशां करने में तकलीफ देने में बहोत मज़ा आता है न तुम्हे. जरा भी मेरी परवाह नहीं है. मैंने कॉलेज में वह सब क्यों बोलै वह तोह तुमने समझा hi नहीं.



तुमने उस रोहन को मेरी वजह से इतनी बुरी तरह मारा. अगर किसी को पता चल जाता और तुम्हे कुछ होजाता तोह मैं कभी अपने आप को माफ़ नहीं कर पाती. क्यों किया तुमने यह सब वरुण. अगर तुम्हे कुछ होजाता तोह मैं कैसे जी पाती. मैं तोह जीते जी मर जाती अगर तुम्हे कुछ होजाता तोह.



अगर फिर से कभी ऐसा किया ना तोह तोह मैं तुमसे हमेशा के लिए बात बंद करदूंगी. कभी भी तुमसे बात नहीं करुँगी और नाही कभी तुम्हारी शकल देखूंगी.



वरुण: अगर तुमने ऐसा किया तोह मैं वापस यहाँ आजाऊंगा. तब तोह बात करोगी ना.



सोनिया: तुम तुम जगी हुए हो.

वरुण: हआ.



सोनिया: तुम कभी नहीं सुधर सकते. यह बोल उसके पेट में मारती है.



वरुण: आआह्ह्ह्ह.



सोनिया: सॉरी सॉरी सॉरी. जोर से लगी ना. ी ऍम सोररीयय. यह बोलते वक़्त उसके आँखों में आंसू आजाते है.



वरुण: ारी ारी मैं मज़ाक कर रहा था. तुम तोह रोने लगी.



सोनिया: ोुउउउउउउ. तुम एकबार ठिक्क होजाओ. फिर देखो तुम्हारा क्या करती हु.



वरुण: सोनिया. ी ऍम सॉरी. मेरा इंटेंसिव तुम्हे हर्ट करने का नहीं था. तुम मुझे कोई भी सजा दो मैं हस्ते हस्ते उससे कबूल करूँगा. पर प्लीज मुझसे नफरत मत करो. मुझसे बात करना बंद मत करो. वर्ण मैं मर्डर......



अभी वरुण ने इतना hi बोलै था के सोनिया ने उसके मुँह पे हाथ रख दिया और ना में गर्दन हिला दी.



सोनिया: तुमने उससे मेरे लिए इतना मारा अगर किसी को पता चल जाता और तुम्हे कुछ होजाता तोह मैं अपने आप को कभी माफ़ नहीं कर पाती. मेरे ऊपर हमेशा एक गिल्ट रहता मेरी वजह से तुम्हे कुछ होगया.



वरुण: ी ऍम सॉरी सोनिया. आगे से फिर कभी ऐसा नहीं करूँगा.



सोनिया: खाओ मेरी कसम.



वरुण: तुम्हारी कसम.



अभी एहलोग और कुछ बात करते उससे पहले शालिनी और बाकिलोग अंदर आजाते है.



शालिनी: ारी सोनू तुम यहाँ.



सोनिया क्या बोले उसको समाज नहीं आता वह घबरा जाती है तभी वरुण बोलता है.



वरुण: आंटी वह यहाँ से जा रही थी तोह मैंने उससे बुलाया है आपको बुलाने के लिए.



शालिनी: अच्छा. बोलो क्या हुआ. कुछ प्रॉब्लम होरही है.



वरुण: आंटी घर कब तक जा सकूंगा. यहाँ और कितने दिन रहना होगा.



शालिनी: 15 दिन तक यहाँ से हिलने की सोचना भी मत. तुम्हारे सीने के पास जो पेड़ का हिस्सा घुसा था वह बहोत गहरा झकम देके गया है. और सर में अच्छी खासी चोट है. इसीलिए 15 दिन तक एहि रहो.



सबको तोह पता था इतना दिन रहने के बाद भी वरुण की हालत नाजुक hi रहेगी. पर यह सुनके सोनिया की आँखों में उदासी आजाती है.



महक: चलो अब सब घर चलो. रात से सब एहि हो.



शालिनी: हां भाभी आपने सही कहा. संगीता दीदी आप भी घर जाइये.



संगीता: पर वरुण.



शालिनी: यहाँ डॉक्टर्स है नर्स है सब इसका अच्छे से ख्याल रखेंगे. मैं और विजय तोह है hi इसको कुछ नहीं होने देंगे. और वैसे भी अब यह सोने वाला है दवाई की वजह से.



संगीता: हम्म्म ठिक्क है.



सोनिया का जाने का मैं तोह नहीं था पर वह क्या बोलके यहाँ रखती. इसीलिए उसको भी मजबूरन जाना पढ़ा.



फिर सब वरुण को देख कर निकलने लगते है. सोनिया और वरुण की आँखे तोह जैसे एकदूसरे से हट hi नहीं रही थी.



फिर सब अपने अपने घर आके आराम करने लगते है कॉलेज तोह कोई जा नहीं सकता था इसीलिए आज सबने छुट्टी कर्ली.



शाम को सब वापस वरुण से मिलने आते है फ़िलहाल उसकी हालत ठिक्क थी. खून अभी भी चढ़ा हुआ था.



सब उससे हाल चाल पूछते है. सोनिया उसके साथ अकेले में टाइम स्पेंड करणा चाहती थी पर वह पॉसिबल नहीं हुआ.



देखते देखते 1 महीना गुज़र गया और इस 1 महीने में वरुण घर वापस आगया था. सोनिया के साथ उसकी बात चित्त हद्द से ज्यादा बढ़ गयी थी. दोनों hi एक दूसरे के दिल का हाल जानते थे पर दोनों ने hi अभी तक प्रोपोज़ नहीं किया था. यश को सब पता था पर उसने यह बात अपने तक hi राखी. वरुण को अभी और 15 दिन घर में hi रहना था. इसीलिए सोनिया नोट्स देने के बहाने वरुण से मिलने आती रहती थी



इधर राशि और आँचल ठीक होचुकी थी पर उनके चेहरे में जो स्टीट्चेस थे उनके मार्क रह गए थे जिससे उनका चेहरे का जो नूर था वह चला गया था. रोहन की हालत भी अब ठीक थी. यह तीनो hi अब कॉलेज में वापस से एंट्री करने वाले थी.



देव ठाकुर और कमिश्नर ने अपनी पूरी पावर लगा दी पर उसको पता नहीं चला के उनके बच्चो पे हुम्ला किसने किया. और नाही देव को यह पता चला उसका नुक्सान किसने किया था.



शिवम् मिनिस्टर का बीटा अपनी बेइज़ाती का बदला लेने के लिए तड़प रहा था पर उसको कोई मौका नहीं मिल रहा था. उसने एकबार पन्गा लिया तोह उसमे बाप की पोस्ट चली गयी अब अगर वह बिना सोचे समझे पन्गा लेता तोह जान भी जा सकती थी.



उनके आदमी जो यश और बाकी सब के पीछे थे वह भी गायब होचुके थे जिससे ओहलोग और ज्यादा परेशां होचुके थे.



इधर यश एंड पार्टी अपने प्यार और मस्ती में थी. पर यश की नज़र हर तरफ थी.



एकदिन शाम को यश अपने घर में था इशांत भी घर में hi था. तभी सिक्योरिटी गार्ड आता है और इशांत को एक कार्ड पकड़ा देता है.



सिक्योरिटी: सर यह आपसे मिलना चाहते है.



इशांत कार्ड देखता है तोह थोड़ा शॉक होजाता है.



महक: क्या हुआ कौन है इशांत.



इशांत: महेंद्र अंकल आये है.



महक भी इशांत के मुँह से यह नाम सुनके हैरान होजाती है. पर सबसे ज्यादा हैरान और परेशां यश और सिया होते है. दोनों एकदूसरे का चेहरा hi देख रहे थे.



इशांत: पूरी िज़ात के साथ इन्हे अंदर भेजो.



सिक्योरिटी: यस सर.
 
अपडेट 61

महक: इशांत इतने साल बाद यह आये है.



इशांत: हआ. सुनने में आया था वह बहार चले गए थे.



तभी मैं गेट से महेंद्र अंदर आता है अपने बेटे और पोतियों के साथ.



इशांत और महक आगे बढ़ के महेंद्र के पैरर छू लेते है.



महेंद्र: कैसे हो इशांत.



इशांत: ठिक्क हु अंकल. आप कैसे है.



महेंद्र: हम भी ठीक है.



महक: आइये ना अंकल बैठिये.



फिर सबलोग बैठ जाते है. यश और सिया अभी भी सामने बैठे आदमी को देख रहे थे.



महक: बच्चो यह है महेंद्र ठाकुर अंकल. तुम्हारे दादाजी और नानाजी के दोस्त. और यह है देव ठाकुर इनके बेटे. हम कॉलेज में साथ थे. और इनको तोह तुम दोनों जानते hi हो. राशि और आँचल.



दोनों हाथ जोर के नमस्ते करते है.



इशांत: बीटा अब कैसी हो तुमदोनो .



राशि और आँचल: अब हम ठीक है अंकल. बस कल से कॉलेज ज्वाइन करना है.



इशांत: अच्छी बात है. अंकल आप आये हुम्हे बहोत अच्छा लगा.



महेंद्र: ारी तुम मेरे दोस्त के बेटे हो मतलब मेरे बेटे जैसे हो. देव ने बताया था तुम्हारा बीटा और बेटी आये है लंदन से. तोह बस उनसे hi मिलने आगये. वैसे अगर बुरा न मानो तोह एकबात पुछु.



इशांत: ारी इसमें बुरा मैंने वाली क्या है. आप पूछिए अंकल.



महेंद्र: राजवीर के डेथ के पहले तक तोह हुम्हे पता था तुम्हारा सिर्फ एक hi बीटा है फिर यह बेटी.



महेंद्र के इस सवाल से आज सिया को पहली बार ऐसा लगा जैसे वह इस घर की बेटी नहीं.



अभी कोई कुछ कहता तभी महक बोलती है.



महक: यह मेरी hi बेटी है. मैंने hi इससे जनम दिया है. यश के जनम के 1 साल बाद. पर मेरी बेटी को एक बिमारी थी इसीलिए जनम के बाद से hi इसका इलाज़ लंदन में होरहा था. पर जब यश लंदन गया तब तक इसकी बिमारी ठीक होचुकी थी फिर दोनों ने वह साथ पढाई की और घर वापस आये. मुझे मेरी सिया यश से ज्यादा प्यारी है. इसीलिए किसी को मेरी सिया के बारे में नहीं पता सिर्फ फॅमिली मेंबर्स को चोरके.



महक के इस जवाब से सिया की आँखों में आंसू आजाते है. जिन्हे वह पोछ लेती है. पर उसका मैं कर रहा था अभी जाके महक के गले लग जाए और खूब रोये. पर उसने कण्ट्रोल किया.



पर महेंद्र ठाकुर के इस सवाल से यश को बहोत गुस्सा आया. क्योकि उसने उसकी सिया के वजूद पे सवाल उठाया था.



महेंद्र: चलो अच्छी बात है तुम्हारी बेटी अब अच्छी है.



इशांत: और बताइये अंकल कैसे है आप और कहा थे इतने साल.



महेंद्र: मैं तोह ठिक्क हु. और इतने साल लंदन में था वह का बिज़नेस देख रहा था. कल hi वपद आया हु.



इशांत: अच्छा किया अंकल वापस आगये आप. उम्मीद है अब एहि रहेंगे.



महेंद्र: हआ. अब एहि रहूँगा. क्योकि लंदन में अब कुछ बचा hi नहीं है.



इशांत: मतलब.



देव: मैं बताता हु. एक्चुअली लंदन में हमारे सारे फैक्ट्रीज में एक के बाद एक एक्सीडेंट होते गए और वह का सारा बिज़नेस ख़तम होगया. पता नहीं कैसे हुआ यह सब. बहोत जांच पड़ताल की पर कोई फाल्ट दिखा hi नहीं.



इशांत: यह तोह बहोत अजीब बात है. इंडिया में भी तोह ऐसा hi हुआ था ना कुछ दिन पहले.



देव: हआ पर वह तोह शार्ट सर्किट की वजह से हुआ था.



महक: वैसे राशि और आँचल की माँ नहीं आयी. ुस्सदिन पार्टी में भी नहीं आयी थी.



देव: शी इस no मोरे. 2 साल पहले उसको कैंसर होगया था तोह वह चल बसी.



महक: ोू. ी ऍम सॉरी.



फिर थोड़ी देर ओहलोग बाते करते है और फिर वह से चले जाते है. पर जब तक वह थे राशि और आँचल की नज़र सिर्फ और सिर्फ यश पे hi थी. जिससे यश और सिया दोनों ने hi नोटिस किया था. पर उन्होंने इग्नोर किया.



इधर जैसे hi ओहलोग गए सिया दौड़ के आयी और महक के गले लग के रोने लगी.



महक: रोना नहीं मेरा बच्चा. रोना नहीं. मुझे पता है तुम्हे उनके उस सवाल से बहोत बुरा लगा था.



सिया: उनके सवाल ने आज पहली बार मुझे यह याद दिलाया आपलोग मेरे माँ डैड नहीं हो.



इशांत: आज तोह बोल्दिया. आगे से फिर कभी भी अपने मुँह से यह बात नहीं निकलना. तुम हमारी बेटी हो. हमारी सिया हो.



महक: यह सच है मैंने तुझे जनम नहीं दिया. और इस बात का दुःख मुझे हमेशा रहेगा के तू मेरी कोख से क्यों नहीं जन्मी. पर मैंने तुझे हमेशा यश से ज्यादा माना है. मेरे लिए पहले मेरी सिया है फिर यश.



सिया: माँ डैड यह कौन थे. पहले कभी आपलोगो ने इनके बारे में नहीं बताया.



इशांत: अभी बहोत रात होगयी है. कल बात करेंगे.



सिया: माँ आज आप मेरे साथ सोयेंगी.



महक: ठिक्क है. चलो.



फिर सब अपने अपने कमरे में सोने चले जाते है.

इधर यश रूम में आके माया को कॉल करता है.



यश: महेंद्र ठाकुर इंडिया में आगया है.

माया: व्हाट. कब आया.



यश: आज हमारे घर आया था. बोल रहा था कल आया है. पर मुझे पता है वह कल नहीं आया था.



माया: अब क्या करना है.



यश: अब जब वह इंडिया वापस ाही गया है तोह उसको उसके किये की सजा मिलेगी. जो गुनाह उसने 9 साल पहले किया था उसकी सजा उससे अब मिलेगी.



माया: हम्म. तोह अब हुम्हे क्या करना है.



यश: अब और अलर्ट रहना होगा. क्योकि वह भी यहाँ अपना आधा छूटा हुआ बदला लेने hi आया है.



माया: Don’t वोर्री. सब ठिक्क होगा.



यश: हम्म.



फिर कॉल कट होजाता है. यश सिर्फ आगे का प्लान बनाने लगता है. क्या करना है कैसे करना है सब कुछ.



इधर महेंद्र ठाकुर अग्रवाल हाउस से वापस आने के बाद से hi सोच में बिजी था.



देव: पापा क्या सोच रहे है.



महेंद्र: हुम्हे हमारा बदला पूरा करने के लिए इशांत और महक को मारना होगा. जिसके बाद पूरी प्रॉपर्टी यश और सिया के नाम होजायेगी. अगर हम तेरी बेटियों में से किसी एक की शादी यश से करा दे तोह पूरी प्रॉपर्टी हमारी होसकती है.



देव: यह पॉसिबल नहीं है. मैंने पहले दिन hi यह प्रपोजल रखा था उसके सामने. पर उसने मेरे मुँह पे मन करदिया. क्योकि उसके बेटे ने पहले से hi किसी को खोज रखा है.



महेंद्र: कौन है वह.



देव: उसके दोस्त विक्रम सिंह की बेटी है.



महेंद्र: हम्म्म्म. शादी तोह तेरी बेटी में से hi किसी एक hi होगी उसके साथ. और जो रास्ते में आएगा वह जान से जाएगा.



देव: राशि और आँचल दोनों उससे शादी करना चाहती है.



महेंद्र: यह तोह और अच्छी बात है. पर उसके लिए पहले हुम्हे उस यश को मेंटली तोडना होगा. उसको इतना मजबूर करना होगा के वह कुछ सोच hi ना सके.



देव: और यह कैसे होगा. क्योकि उससे मिलके इतना तोह समाज आगया है वह इतनी जल्दी किसी के सामने नहीं झुकेगा.



महेंद्र: दुनिया झुकती है बस झुकाने वाला चाहिए. यश भी झुकेगा. और उसको झुकाने का एक प्लान है मेरे पास.



देव: क्या प्लान है.



फिर महेंद्र उसको अपना पूरा प्लान अच्छे से समझाता है.



देव: अगर यह प्लान काम कर गया तोह हमारा बदला भी पूरा होजायेगा और पूरी प्रॉपर्टी भी हमारी होजायेगी.



महेंद्र: हआ. पर पूरी सावधानी से करना होगा. और इतना तोह समाज आगया है जिसने हुम्हे बर्बाद करना चाहा वह इशांत का hi कोई करीबी है. इसीलिए तोह जितनी बार भी हमने अग्रवाल्स का नुक्सान करना चाहा बदले में हमारा hi नुक्सान हुआ.



देव: हां सही कहा आपने.



महेंद्र: इसीलिए हुम्हे यह प्लान पूरी सावधानी से करना होगा.



देव: जीई.



फिर दोनों सो जाते है.



अगले दिन सबलोग कॉलेज जाते है. जहा सब थे सिवाय वरुण के. सबलोग बाते कर रहे थे पर यश चुप चाप था और अपनी hi सोचो में गुम्म था.



राधा यह नोटिस करती है. वह कुछ बोलती तभी राशि आँचल और रोहन वह आजाते है.



राशि: ही गयस.



सबलोग राशि का यह बेहेवियर देख कर शॉक होगये थे. सबसे ज्यादा तोह राधा.



आँचल: क्या हुआ सब ऐसे क्यों देख रहे हो. पता है हमारा चेहरे पे स्टीट्चेस के मार्क है.



सिया: तुमलोग यहाँ क्या कर रहे हो.



रोहन: ारी हम भी इसी कॉलेज में पढ़ते है. एक्सीडेंट के बाद आज कॉलेज आरहे है तोह सोचा नए सिरे से स्टार्टिंग करे. सो फ्रेंड्स. यह बात उसने सोनिया को देख कर hi बोली थी.



इसबार यश ने डायरेक्ट मुँह पे इंकार करदिया



यश: सॉरी. नॉट इंटरेस्टेड. नाउ प्लीज लीव. Don’t डिस्टर्ब.



सब यश को hi देख रहे थे. क्योकि किसी को यकीन नहीं होरहा था के यश ने डायरेक्ट इनके मुँह पे ना बोलै है.



राशि: यश हम तोह फॅमिली फ्रेंड्स है ना. हमारे पेरेंट्स दोस्त थे.



यश: जरुरी नहीं वह दोस्त थे तोह हुम्हे भी दोस्त होना पड़ेगा. चलो क्लास के लिए लेट होरहा है. यह बोल यश वह से उठ के चला जाता है.



राधा तोह सबसे ज्यादा शॉक हुई थी. वह सिया की तरफ देखती है तोह वह भी इशारे से चलने को बोलती है. बाकी सब भी अपनी अपनी क्लास की तरफ निकल जाते है.



रोहन: यह क्या था.



आँचल: बेइज़ाती. वह भी मुँह पे.



रोहन: और तुमलोग अग्रवाल्स के फॅमिली फ्रेंड्स हो. कभी बताया नहीं.



राशि: हुम्हे भी कल hi पता चला के हमलोग फॅमिली फ्रेंड्स है.



आँचल: इनकी यह बेइज़ाती करनी इनको बहोत भारी पड़ेगी.



राशि: इनको छोड़ेंगे नहीं.



रोहन: पहले मुझे उससे ढूंढ़ना है जिसने मेरी यह हालत की है. और मुझे पूरा यकीन है इनमे से hi किसीने किया है.



इधर राधा सिया से पूछती है.



राधा: सिया यह क्या था क्यों था.



सिया: वह आगया है.



राधा: कौन आगया है.



सिया: राधाआ.



राधा को तभी याद आता है सिया किसके बारे में बोल रही है.



राधा: व्हाटटटटट. कब आया.



सिया: कल हमारे घर्रर आया था फुल फॅमिली के साथ.



राधा: तभी उस चुड़ैल ने कहा हम फॅमिली फ्रेंड्स है और यश टेंशन में है.



सिया: हम्म्म.



राधा: तोह अब.



सिया: अब ज्यादा से ज्यादा अलर्ट रहना होगा. क्योकि अब उसने जो किया था उसकी सजा मिलेगी.



राधा: कुछ होगा तोह नहीं ना.



सिया: यश सब संभल लेगा. टेंशन मत लो. अभी जाओ उसके पास वह अकेला है.



राधा वह से यश के पास चली जाती है. जो अकेला क्लास में बैठा हुआ था.



राधा: यश.



यश: बैठो.



राधा: टेंशन मतलो.



यश: तोह तुम क्यों टेंशन ले रही हो.



राधा: अब तुम्हे टेंशन होरही है इसीलिए मुझे भी होरही है.



यश यह सुनके मुस्कुरा देता है.



यश को मुस्कुराता देख राधा के चेहरे में भी हसी आजाती है.



राधा: तुम्हारी स्माइल न बहोत प्यारी है. हमेशा ऐसे hi हस्ते रहा करो. तुम टेंशन या सीरियस मूड में बिलकुल अच्छे नहीं लगते. मेरी एक बात मानोगे.



यश: तुम बोलो और मैं ना मानु. बोलो क्या बोलना है.



राधा: अब जब खतरा बढ़ गया है तोह अगर हम अपने भाई बहेनो को भी साथ करले तोह.



यश: नहीं राधा. उनको कुछ नहीं पता. और वह खतरे में आजायेंगे.



राधा: वह संभल सकते है यश. मुझे माया और बाकी सब पे भी पूरा भरोसा है पर अगर एहलोग भी आते है तोह सब मिल कर संभल सकते है. अगर अभी तुमने इन्हे नहीं बताया कल को जब इनको पता चलेगा तब शायद यह सब हमसब से नाराज़ होजाएंगे. और इनको इन्वॉल्व करने से मदद hi होगी.



यश राधा की बात को सोचने लगता है.



राधा: तुम सोचलो. बाकी तुम्हारी मर्ज़ी.



यश: तुम ठीक कह रही हो राधा. मुझे उन्हें सब बता देना चाहिए.



राधा: थॉट्स लिखे ा स्वीट बॉय. यह बोल उसके गाल में किश करदेती है.



यश: यह क्या था.



राधा: तुमने आज उन् चुड़ैलों को जो जवाब दिया ना उससे मुझे बहोत ख़ुशी हुई. तोह यह बस उसका गिफ्ट. यह बोल शर्माने लगती है.



यश: तब तोह मुझे ऐसा रोज करना चाहिए.



राधा: ज्यादा लालच नहीं करते.
 
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