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अपडेट 89
डिनर के बाद जब पायल किचन में बर्तनों को धो रही थी तो ससुर उसस्के पास गया कुछ कहने को जब सरजू टीवी के सामने ेंखें गड़ाए बैठा था बाकी परिवार के साथ. पायल ने देखा के बूढ़ा रसोई के अंदर ारः है, पर वो अपना काम करती रही. साडी के पल्लू को कमर में डाला हुवा था और उस्सकी गोरी कमर ऊपर तक दिख रहे तो थे hi और बूढ़ा पीछे से अपने हाथों को उस्सकी कमर पर फेरते हुवे उस्सको अपने जिस्म से लगते हुवे और अपने मोठे लुंड को उस्सकी गांड पर दबाते हुवे कहा, “क्यों जानम अब तो बीटा भी जवान होगया है घर में और साथ कमरे में सोता है कहीं तेरा आशिक खुद न बन जाये सरजू तेरा!” पायल को हैरानी हुवी के आज ससुर क्यों सरजू के बारे में बात कर रहा था…. वो खुद hi मैं में सोचा था कुछ देर पहले के सरजू के व्योहार के बारे में उस से बात करें मगर अब खुद ससुर उसस्के बारे में बात कर रहे थे तो पायल को कुछ अजीब लगा मगर बात को ताल दिया उस्सने एक मुस्कराहट के साथ और ससुर को अपने लुंड को उस्सकी छात्रों पर रगड़ने दिया यह कहते हुवे, “ज़रा बाहर के तरफ भी ध्यान रखियो कहीं कोई अंदर न टपक परे ससुर जी!”
क्यूंकि पायल वाश बसीं में बर्तनों को साफ़ करने में लगी हुवी थी तो उसस्के हाथ दोनों भीगे हुवे थे और व्यस्त थे तो बूढ़े ने पीछे के तरफ से उसी एक्शन में अपने गर्दन को पायल के पीछे वाले गले के हिस्से पर झुकाते हुवे उसस्के गर्दन को किश करते हुवे अपने दोनों हाथों को पीछे से पायल के चूचियों को दबाते हुवे अपने जीभ को उस्सकी पीछे के गले पर फेरता गया लुंड को चुतरों पर रगड़ते हुवे और धीमी धीमी तृप्ति आवाज़ में. पायल कुछ कसमसाती गयी और एक नज़र बार बार दरवाज़े पर भी करती गयी कुछ अपने जिस्म को ससुर के जिस्म से खुद रगड़ते हुवे और अपने होंठों को डेंटन में दबाते हुवे…… पायल को मन कर रहा था के वहीँ ज़मीन पर लेथ कर बूढ़े से chudwale….bilkool गरम हो गयी थी पर मौका नाज़ुक था, नामुमकिन था उस वक़्त यह सब करना, कोई भी अंदर आसक्त था…..
मगर ससुर का इरादा कुछ और hi था- वो तो गया था सरजू के बारे में बात करने, वो यह जानना चाहता था के, किआ पायल सरजू को छोड़ने देगी… ससुर बातों बातों में पायल की रिएक्शंस और जवाब सुनने के लिए गया था वहां छोड़ने को नहीं….. उस ने कहा, “तेरे सरजू के छोटे छोटे मूछें निकल आयी हैं अब मर्द बन रहा है लौंडा तेरा!” पायल मुस्कुराते हुवे बोली, “किआ? मैं ने कभी ख्याल नहीं किया के उसस्के मूछें उगने लगे हैं…. सच?” तो ससुर अपने लुंड को उसस्के चुतरों के बीच ो बीच ज़ोर से दबाते हुवे बोलै, “अरे हाँ, अब नीचे कितने लम्बे बाल होंगे उसस्के यह तो मुझे नहीं पता तुमको तो होगा नाह?!” यह सुनकर पायल हंसी और अपने ससुर को एक छोटा सा थपड उसस्के हाथ पर मारे हुवे बोली, “धत!! मुझको कैसे पता होगा के निचे उसस्के कितने लम्बे बाल गए हैं किआ बात कर रहे हो आप?!!” तो ससुर ने कहा, “अरे जब वो नाहटा होगा तो किआ कभी भी तुम ने उस्सको नंगा नहीं देखा होगा किआ इस उम्र में?” पायल ने कहा, “नहीं अब इतने उम्र के छोकरे को नंगा क्यों देखूंगी भला?” ससुर जानने के लिए उतावला था किआ पायल ने कभी अपने bête के लुंड को देखा या चुवा है, तो उस्सने बात को बदला और कहा, “अरे जानेमन, किआ वो तेरे बिस्तर पर तेरे साथ नहीं सोता कभी? तो किआ जब वह नींद में होता होगा तो तुम ने कुछ तो देखा होगा hi नाह?!” पायल ससुर के बाँहों से निकलने की कोशिश करते हुवे उस रात को याद किया जब सरजू के लुंड को देख रही थी और कहा, “नहीं, कभी कुछ नहीं देखा, यह किआ बातें लेकर बैठ गए आज आप भी?”
ससुर का दिल यह चाहता था के पायल सरजू के बारे में कुछ ऐसी बातें केहड़े जिस से ससुर को पता चले के दोनों माँ bête में कुछ होता है मगर पायल कुछ नहीं कह रही थी और बूढ़े अपने तने हुवे लुंड को रगड़ता जा रहा था अपने बहु के चुतरों पर और दन्त काट रहा था उस्सकी गर्दन पर पीछे के तरफ, और अचानक पायल की मुंह को अपने तरफ किया और उस्सकी जीभ अपने मुंह में लेकर चुस्सने लगा एक गरम सांस चोर्तेय हुवे…. पायल ने भी कुछ देर के लिए ेंखें मुंध ली और ससुर के जीभ को चूसने लगी अपने जिस्म को उसस्के जिस्म से दबाये अपनी चूचियों को उसस्के छाती से रगड़ते हुवे….. ससुर के दोनों हाथ तब पायल के गांड पर गया और वो वहां मसलने लगा और अब उस्का लुंड पायल के छूट के ठीक ऊपर कपडे समेत रागढ रहे थे और पायल ने अपने दोनों बाज़ुओं को ससुर के काँधे पर किया और किश में डूबती गयी…..
किश के बाद पायल ने एक लम्बी सांस लेते हुवे अचानक कहा, “उस्का वो आप की तरह मोटा और लम्बा है….” ससुर का लुंड एकदम से उठ गया जैसे एक जवान लड़का का लुंड हो यह सुनकर और बहोत दिलचस्पी से पुछा, “अरे वह रे मेरी बहु, बीटा भी छोड़ने लगा तुमको? बहोत मज़ा अत होगा नाह? कब करता है तेरे साथ साला लौंडा?” पायल न में सर हिलाते हुवे कहा, “किसी गंदे बातें करते हो aap…main ने एक रात को देखा था जब वह सो रहा था गहरी नींद mein…woh उस्का खड़ा हुवा था नींद में hi….” ससुर मायूस होकर कहा, “हाय रे और मैं समझा के उस्सने भी शुरू कर दी तेरे साथ, वैसे लगता है के वह बहोत hi चाहता है तुमको, किआ कोई ऐसा इशारा नहीं किया कभी के वह bhi…..”To पायल सोचने लगी किआ अपने ससुर से वो बातें करें जो उसस्के मैं को सत्ता रहे हैं या नहीं….. फिर कहा, “प्यार तो मैं भी बहोत करती हूँ अपने bête को, क्यों न करूँ एक hi बीटा है मेरा, मेरा लाडला है वो….” मगर ससुर ने पुछा, “और वो किआ सिर्फ वैसा hi प्यार करता है तुझसे या कुछ और भी करना चाहता है? यह बटवो किआ उस्सने कभी तेरे जिस्म को ऐसे चुवा है? अपने हाथों को तेरे ऊपर ऐसे फेरा है कभी?” यह सब ससुर ने अपने हाथों को पायल के कमर और चूचियों पर फेरते हुवे पुछा. और पायल ने झट से उसस्के हाथों को हटते हुवे कहा, “नहीं कभी नहीं!” ससुर पायल की ेंखों में पहरने की कोशिश कर रहा था और उस्सको लग रहा था के पायल कुछ छुपा रही है, उस्सको यह लग रहा था के वो अपने bête से अपने जिस्म को खूब मसलवटी है मगर इकरार नहीं करना चाहती है ससुर से….
ससुर ने पुछा, “ाचा यह बता के क्यों तुम ने अचानक यह कहा के सरजू का वो लम्बा और मोटा है मेरे जैसा?” पायल बोली, “यह मैं ने इस लिए कहा के इतनी सी उम्र में किआ आप जैसा मोटा और लम्बा हो सकता है किआ छोटा सा तो है वो abhi…usske बाप का भी नहीं था वैसा! बस इसी लिए कहा आप से….” ससुर ने मैं hi मैं कहा, “बहु तू अपने hi bête के लुंड को चाहने लगी है, तेरे मैं में तो लाडू फहुत रहे होंगे के कब उस लुंड को चुसो और अपने अंदर घुसाओ मगर मुझसे नहीं कहना chahti…magar मुझको तो सब पता चल hi जाएगा , मैं ने तो सरजू को तैयार कर दिया है के जब वो तुझको छोड़ेगा वह मुझको वह दृष्ट देखने देगा….. हाय रे हाय कब वह दिन ayega….main इंतज़ार मैं हूँ ऋ बहु अपने bête से जल्दी से छुड़वा तू!!”
तो बे कॉन्टिनोएड……………….
डिनर के बाद जब पायल किचन में बर्तनों को धो रही थी तो ससुर उसस्के पास गया कुछ कहने को जब सरजू टीवी के सामने ेंखें गड़ाए बैठा था बाकी परिवार के साथ. पायल ने देखा के बूढ़ा रसोई के अंदर ारः है, पर वो अपना काम करती रही. साडी के पल्लू को कमर में डाला हुवा था और उस्सकी गोरी कमर ऊपर तक दिख रहे तो थे hi और बूढ़ा पीछे से अपने हाथों को उस्सकी कमर पर फेरते हुवे उस्सको अपने जिस्म से लगते हुवे और अपने मोठे लुंड को उस्सकी गांड पर दबाते हुवे कहा, “क्यों जानम अब तो बीटा भी जवान होगया है घर में और साथ कमरे में सोता है कहीं तेरा आशिक खुद न बन जाये सरजू तेरा!” पायल को हैरानी हुवी के आज ससुर क्यों सरजू के बारे में बात कर रहा था…. वो खुद hi मैं में सोचा था कुछ देर पहले के सरजू के व्योहार के बारे में उस से बात करें मगर अब खुद ससुर उसस्के बारे में बात कर रहे थे तो पायल को कुछ अजीब लगा मगर बात को ताल दिया उस्सने एक मुस्कराहट के साथ और ससुर को अपने लुंड को उस्सकी छात्रों पर रगड़ने दिया यह कहते हुवे, “ज़रा बाहर के तरफ भी ध्यान रखियो कहीं कोई अंदर न टपक परे ससुर जी!”
क्यूंकि पायल वाश बसीं में बर्तनों को साफ़ करने में लगी हुवी थी तो उसस्के हाथ दोनों भीगे हुवे थे और व्यस्त थे तो बूढ़े ने पीछे के तरफ से उसी एक्शन में अपने गर्दन को पायल के पीछे वाले गले के हिस्से पर झुकाते हुवे उसस्के गर्दन को किश करते हुवे अपने दोनों हाथों को पीछे से पायल के चूचियों को दबाते हुवे अपने जीभ को उस्सकी पीछे के गले पर फेरता गया लुंड को चुतरों पर रगड़ते हुवे और धीमी धीमी तृप्ति आवाज़ में. पायल कुछ कसमसाती गयी और एक नज़र बार बार दरवाज़े पर भी करती गयी कुछ अपने जिस्म को ससुर के जिस्म से खुद रगड़ते हुवे और अपने होंठों को डेंटन में दबाते हुवे…… पायल को मन कर रहा था के वहीँ ज़मीन पर लेथ कर बूढ़े से chudwale….bilkool गरम हो गयी थी पर मौका नाज़ुक था, नामुमकिन था उस वक़्त यह सब करना, कोई भी अंदर आसक्त था…..
मगर ससुर का इरादा कुछ और hi था- वो तो गया था सरजू के बारे में बात करने, वो यह जानना चाहता था के, किआ पायल सरजू को छोड़ने देगी… ससुर बातों बातों में पायल की रिएक्शंस और जवाब सुनने के लिए गया था वहां छोड़ने को नहीं….. उस ने कहा, “तेरे सरजू के छोटे छोटे मूछें निकल आयी हैं अब मर्द बन रहा है लौंडा तेरा!” पायल मुस्कुराते हुवे बोली, “किआ? मैं ने कभी ख्याल नहीं किया के उसस्के मूछें उगने लगे हैं…. सच?” तो ससुर अपने लुंड को उसस्के चुतरों के बीच ो बीच ज़ोर से दबाते हुवे बोलै, “अरे हाँ, अब नीचे कितने लम्बे बाल होंगे उसस्के यह तो मुझे नहीं पता तुमको तो होगा नाह?!” यह सुनकर पायल हंसी और अपने ससुर को एक छोटा सा थपड उसस्के हाथ पर मारे हुवे बोली, “धत!! मुझको कैसे पता होगा के निचे उसस्के कितने लम्बे बाल गए हैं किआ बात कर रहे हो आप?!!” तो ससुर ने कहा, “अरे जब वो नाहटा होगा तो किआ कभी भी तुम ने उस्सको नंगा नहीं देखा होगा किआ इस उम्र में?” पायल ने कहा, “नहीं अब इतने उम्र के छोकरे को नंगा क्यों देखूंगी भला?” ससुर जानने के लिए उतावला था किआ पायल ने कभी अपने bête के लुंड को देखा या चुवा है, तो उस्सने बात को बदला और कहा, “अरे जानेमन, किआ वो तेरे बिस्तर पर तेरे साथ नहीं सोता कभी? तो किआ जब वह नींद में होता होगा तो तुम ने कुछ तो देखा होगा hi नाह?!” पायल ससुर के बाँहों से निकलने की कोशिश करते हुवे उस रात को याद किया जब सरजू के लुंड को देख रही थी और कहा, “नहीं, कभी कुछ नहीं देखा, यह किआ बातें लेकर बैठ गए आज आप भी?”
ससुर का दिल यह चाहता था के पायल सरजू के बारे में कुछ ऐसी बातें केहड़े जिस से ससुर को पता चले के दोनों माँ bête में कुछ होता है मगर पायल कुछ नहीं कह रही थी और बूढ़े अपने तने हुवे लुंड को रगड़ता जा रहा था अपने बहु के चुतरों पर और दन्त काट रहा था उस्सकी गर्दन पर पीछे के तरफ, और अचानक पायल की मुंह को अपने तरफ किया और उस्सकी जीभ अपने मुंह में लेकर चुस्सने लगा एक गरम सांस चोर्तेय हुवे…. पायल ने भी कुछ देर के लिए ेंखें मुंध ली और ससुर के जीभ को चूसने लगी अपने जिस्म को उसस्के जिस्म से दबाये अपनी चूचियों को उसस्के छाती से रगड़ते हुवे….. ससुर के दोनों हाथ तब पायल के गांड पर गया और वो वहां मसलने लगा और अब उस्का लुंड पायल के छूट के ठीक ऊपर कपडे समेत रागढ रहे थे और पायल ने अपने दोनों बाज़ुओं को ससुर के काँधे पर किया और किश में डूबती गयी…..
किश के बाद पायल ने एक लम्बी सांस लेते हुवे अचानक कहा, “उस्का वो आप की तरह मोटा और लम्बा है….” ससुर का लुंड एकदम से उठ गया जैसे एक जवान लड़का का लुंड हो यह सुनकर और बहोत दिलचस्पी से पुछा, “अरे वह रे मेरी बहु, बीटा भी छोड़ने लगा तुमको? बहोत मज़ा अत होगा नाह? कब करता है तेरे साथ साला लौंडा?” पायल न में सर हिलाते हुवे कहा, “किसी गंदे बातें करते हो aap…main ने एक रात को देखा था जब वह सो रहा था गहरी नींद mein…woh उस्का खड़ा हुवा था नींद में hi….” ससुर मायूस होकर कहा, “हाय रे और मैं समझा के उस्सने भी शुरू कर दी तेरे साथ, वैसे लगता है के वह बहोत hi चाहता है तुमको, किआ कोई ऐसा इशारा नहीं किया कभी के वह bhi…..”To पायल सोचने लगी किआ अपने ससुर से वो बातें करें जो उसस्के मैं को सत्ता रहे हैं या नहीं….. फिर कहा, “प्यार तो मैं भी बहोत करती हूँ अपने bête को, क्यों न करूँ एक hi बीटा है मेरा, मेरा लाडला है वो….” मगर ससुर ने पुछा, “और वो किआ सिर्फ वैसा hi प्यार करता है तुझसे या कुछ और भी करना चाहता है? यह बटवो किआ उस्सने कभी तेरे जिस्म को ऐसे चुवा है? अपने हाथों को तेरे ऊपर ऐसे फेरा है कभी?” यह सब ससुर ने अपने हाथों को पायल के कमर और चूचियों पर फेरते हुवे पुछा. और पायल ने झट से उसस्के हाथों को हटते हुवे कहा, “नहीं कभी नहीं!” ससुर पायल की ेंखों में पहरने की कोशिश कर रहा था और उस्सको लग रहा था के पायल कुछ छुपा रही है, उस्सको यह लग रहा था के वो अपने bête से अपने जिस्म को खूब मसलवटी है मगर इकरार नहीं करना चाहती है ससुर से….
ससुर ने पुछा, “ाचा यह बता के क्यों तुम ने अचानक यह कहा के सरजू का वो लम्बा और मोटा है मेरे जैसा?” पायल बोली, “यह मैं ने इस लिए कहा के इतनी सी उम्र में किआ आप जैसा मोटा और लम्बा हो सकता है किआ छोटा सा तो है वो abhi…usske बाप का भी नहीं था वैसा! बस इसी लिए कहा आप से….” ससुर ने मैं hi मैं कहा, “बहु तू अपने hi bête के लुंड को चाहने लगी है, तेरे मैं में तो लाडू फहुत रहे होंगे के कब उस लुंड को चुसो और अपने अंदर घुसाओ मगर मुझसे नहीं कहना chahti…magar मुझको तो सब पता चल hi जाएगा , मैं ने तो सरजू को तैयार कर दिया है के जब वो तुझको छोड़ेगा वह मुझको वह दृष्ट देखने देगा….. हाय रे हाय कब वह दिन ayega….main इंतज़ार मैं हूँ ऋ बहु अपने bête से जल्दी से छुड़वा तू!!”
तो बे कॉन्टिनोएड……………….