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है न अब छोड़िये मुझे?, (पिया अभी डिफिकल्ट वाइफ की तरह मेरे साथ पेस आ रही थी जैसे माय उसका सच में पति हु), मैं, अरे मेरी जान माय कभी आपसे झूट बोल सकता हु क्या ये कह कर मेरी नज़र पिया की पिंकिश बुर पर पड़ती है तो क्या देखता हु की उसकी बुर पहले से कुछ ज्यादा hi फूल गई थी उसकी फांके हलकी खुल चुकी थी, भला 12 इंच लुम्बा और 5 इंच मोटा लुंड से जिस किसी बुर की चुदाई हो जाये तो उसका बुरा हाल होगा hi और वही हाल पिया की छूट का था पिछली चुदाई के बाद, इधर मेरे सामने पिया की फूली हुई कचोरी की तरह बुर थी और उस बुर को देखते hi जैसे मेरे मुँह में पानी hi आ जाता है वही मेरे ऐसा घूरने से पिया ठाकुर, अपने गोर हाथों से आबरू छुपा लेती है.. उसके ऐसा करते देख मैं जल्दी से उसकी पंतय जो उसकी घुटनो पे तिकी हुई थी उसको पेअर से निकल कर दूर फेक देता हु फिर इसके बाद मैं अब्ब पिया ने छुपा रखे ख़ज़ाने को देखने लगता हु इस पोजीशन
में वो बेहद सेक्सी लग रही थी, वही माय, उसके गोर हाँथ जो छूट को छुपाये हुए थे उसे अब मैं, पकड़ते हुए.. अरे मेरी जान, इसे तो मैं पहले भी देख चूका हु लेकिन अभी भी आप झिजक रही हो मुझे अपनी बुर दिखने में अगर ऐसे hi ये चीज छुपाओगी तो कैसे एन्जॉय करोगी?, इतना बोलकर मैं, उसके हाँथ हटाने लगता हु लेकिन पिया शर्म के मारे अपना हाँथ वह से हटा hi नहीं रही थी, जिसे देखते हुए मैं, क्या हुआ मेरी जान अभी तो कितने अच्छे से मेरा लौड़ा चूसी और अब्ब मेरी करने की बरी ै तो आप छुपा रही हो?, पिया, प्ल्ज़ नहीं मुझे शर्म आ रही है, उधर रीत, अपने बालकनी से हम दोनों को देख कर खुद से बात करते हुए (क्यों नाटक कर रही है परसो तो उछाल उछाल कर छुड़वा रही थी अब देखो तो कैसे नाटक कर रही है जैसे कुमारी लड़की हो), इधर मैं, अरे मेरी जान आपका ये शर्म हाय माय बहुत जल्दी निकल दूंगा ये बोल कर उसके हाँथ धीरे से हटा देता हु और
पिया, शरमाते हुए अपना चेहरा दूसरी तरफ फेर लेती है, वही पिया का हाँथ हट्टे hi मेरे सामने उफ्फ्फ ऐसा नज़ारा था जिसे देखने के लिए मेरी आंखे तरस गए थे, आज फिर एक बार पिया की पिंकिश छूट मेरे आँखों के सामने थी वह भी एक दम चिकनी, उफ्फ्फ्फ़ वो पिंकिश पेटल्स जो ठीक से अभी खुले भी नहीं थे वो सबसे पहले मैं वही गौर करते हुए अपने मन में.. (रितेश बेटा तू तो सही से अपने बीवी का मज़ा भी नहीं ले पाया इस कोहिनूर से भी कीमती बुर को लेकिन तू फ़िक्र मैट कर ये राधे है न तेरी बीवी का ख्याल रखने के लिए? अब इस हर की पारी को अपने लौड़े से रोज रोज छोड़ कर उसकी तित बिल से गुफा बना दूंगा, वैसे भी तेरी बीवी मेरे लौड़े के दीवानी बन चुकी है मेरी 3 से 4 बार की चुदाई से hi, तो सोच जब मेरा रोज रोज लौड़ा अपने बुर में लेगी तब क्या होगा, अब मुझे देखना कुछ दिनों में कैसे तेरी बीवी के बुर का भोसड़ा बनता हु वो भी बड़े प्यार से? साथ hi साथ अपने बचो की
अम्मा भी बहुत जल्द बनाऊंगा और तू मेरा कुछ भी नहीं उखड पाएगा साथ hi इसे अपने प्यार में इतना पागल बना दूंगा की ये कभी तेरा नाम तक नहीं लेगी और नाम लेगी तो वो सिर्फ ुर सिर्फ मेरा hi लेगी?), मैं अब पिया की दोनों गोरी टंगे फैलाकर अपने मजबूत हांथो में पकड़ लेता हु जिससे पिया की छूट थोड़ी खुल सी जाती है.. वही पिया, को मेरा ऐसे करने से बहुत शर्म आ रही थी जिसकी वजह से वो अपना मुँह अभी भी दूसरी तरफ फेरे हुई थी, मैं, अरे पिया जी अब यु अपना मुँह क्यों फेर रही है तो ऐसे कैसे चलेगा और आप चुदाई कैसे एन्जॉय करोगी?, पिया, तिरछी नजरों से मुझे देखते हुए, मुझे बहुत शर्म आ रही है तो माय क्या करू?, इधर मैं, समझ जाता हु की इस संस्कारी लड़की को इतना आसानी से बेशर्म नहीं बनाया जा सकता? थोड़ा टाइम देना होंगे मुझे वर्ण जल्दी में कही मेरा पूरा प्लान ख़राब न हो जाये ये सोचने क बाद मैं, कोई बात नहीं पिया जी? इतना बोलकर..
में वो बेहद सेक्सी लग रही थी, वही माय, उसके गोर हाँथ जो छूट को छुपाये हुए थे उसे अब मैं, पकड़ते हुए.. अरे मेरी जान, इसे तो मैं पहले भी देख चूका हु लेकिन अभी भी आप झिजक रही हो मुझे अपनी बुर दिखने में अगर ऐसे hi ये चीज छुपाओगी तो कैसे एन्जॉय करोगी?, इतना बोलकर मैं, उसके हाँथ हटाने लगता हु लेकिन पिया शर्म के मारे अपना हाँथ वह से हटा hi नहीं रही थी, जिसे देखते हुए मैं, क्या हुआ मेरी जान अभी तो कितने अच्छे से मेरा लौड़ा चूसी और अब्ब मेरी करने की बरी ै तो आप छुपा रही हो?, पिया, प्ल्ज़ नहीं मुझे शर्म आ रही है, उधर रीत, अपने बालकनी से हम दोनों को देख कर खुद से बात करते हुए (क्यों नाटक कर रही है परसो तो उछाल उछाल कर छुड़वा रही थी अब देखो तो कैसे नाटक कर रही है जैसे कुमारी लड़की हो), इधर मैं, अरे मेरी जान आपका ये शर्म हाय माय बहुत जल्दी निकल दूंगा ये बोल कर उसके हाँथ धीरे से हटा देता हु और
पिया, शरमाते हुए अपना चेहरा दूसरी तरफ फेर लेती है, वही पिया का हाँथ हट्टे hi मेरे सामने उफ्फ्फ ऐसा नज़ारा था जिसे देखने के लिए मेरी आंखे तरस गए थे, आज फिर एक बार पिया की पिंकिश छूट मेरे आँखों के सामने थी वह भी एक दम चिकनी, उफ्फ्फ्फ़ वो पिंकिश पेटल्स जो ठीक से अभी खुले भी नहीं थे वो सबसे पहले मैं वही गौर करते हुए अपने मन में.. (रितेश बेटा तू तो सही से अपने बीवी का मज़ा भी नहीं ले पाया इस कोहिनूर से भी कीमती बुर को लेकिन तू फ़िक्र मैट कर ये राधे है न तेरी बीवी का ख्याल रखने के लिए? अब इस हर की पारी को अपने लौड़े से रोज रोज छोड़ कर उसकी तित बिल से गुफा बना दूंगा, वैसे भी तेरी बीवी मेरे लौड़े के दीवानी बन चुकी है मेरी 3 से 4 बार की चुदाई से hi, तो सोच जब मेरा रोज रोज लौड़ा अपने बुर में लेगी तब क्या होगा, अब मुझे देखना कुछ दिनों में कैसे तेरी बीवी के बुर का भोसड़ा बनता हु वो भी बड़े प्यार से? साथ hi साथ अपने बचो की
अम्मा भी बहुत जल्द बनाऊंगा और तू मेरा कुछ भी नहीं उखड पाएगा साथ hi इसे अपने प्यार में इतना पागल बना दूंगा की ये कभी तेरा नाम तक नहीं लेगी और नाम लेगी तो वो सिर्फ ुर सिर्फ मेरा hi लेगी?), मैं अब पिया की दोनों गोरी टंगे फैलाकर अपने मजबूत हांथो में पकड़ लेता हु जिससे पिया की छूट थोड़ी खुल सी जाती है.. वही पिया, को मेरा ऐसे करने से बहुत शर्म आ रही थी जिसकी वजह से वो अपना मुँह अभी भी दूसरी तरफ फेरे हुई थी, मैं, अरे पिया जी अब यु अपना मुँह क्यों फेर रही है तो ऐसे कैसे चलेगा और आप चुदाई कैसे एन्जॉय करोगी?, पिया, तिरछी नजरों से मुझे देखते हुए, मुझे बहुत शर्म आ रही है तो माय क्या करू?, इधर मैं, समझ जाता हु की इस संस्कारी लड़की को इतना आसानी से बेशर्म नहीं बनाया जा सकता? थोड़ा टाइम देना होंगे मुझे वर्ण जल्दी में कही मेरा पूरा प्लान ख़राब न हो जाये ये सोचने क बाद मैं, कोई बात नहीं पिया जी? इतना बोलकर..