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अपडेट 54 कभी ख़ुशी कभी ग़म-1
रघुनाथ ने अपने एक्सेक्यूटिबे मेंबर्स से आपस में कुछ बातें किये और रिजल्ट यह निकला के दो दिन बाद सिर्फ एग्जीक्यूटिव और 20 मेंबर्स के बीच अशिता और विहान से पूछ ताज किया जाएगा उसस्के बाद डीडे किया जाएगा के किआ करना होगा आगे.
उन् 20 मेंबर्स में अमित भी शामिल था जो 2 दिन बाद आने वाला था, और आज भी भीड़ में शामिल था….
अब आगे….
घर वापस जाने के बाद अनिरुद ने सब बताया सुमन और दोनों आशिकों को तो घर में इस बात पर काफी बातें हुई के किआ किआ समिति वाले कह सकते हैं और आपस में एक डिस्कशन हुई बात को लेकर.
विहान को ग़ुस्सा ारः था और भुनभुना रहा था के किसी बाहर वाले को उसस्के पर्सनल मामले में दखल देना का कोई हक़ नहीं. अशिता उस्सको शांत करा रही थी तो बाप ने कहा,
“तुम और तुम्हारे आइडियाज से नहीं चलते यह सोसाइटी, ये समाज है हम इस में जीते हैं और इस्सके नियम होते हैं और नियम को रेस्पेक्ट करना पड़ता है बीटा; बात फिर से वहीँ आकर रुकी है जहाँ मेरे साथ रुका था. तब पंचायत था अब सोसाइटी की मीटिंग है, कोई फरक नहीं समाज के ठेकेदार हैं यह सब… और एक बात ग़ौर से सुनों, बरोथेर सिस्टर रिलेशनशिप कानूनन भी जुर्म है और सिविल में भी, समाज ने सूए किया तो भी केस होगा वो भी बड़ा वाला जिस्सको मीडिया भी उछालेगा!”
उस रात को सब टेंस थे और अपने अपने कमरे में सब गए सोने को मगर किश को नींद अणि थी? उधर सुमन और अनिरुद भी वही बातें कर रहे थे जो इधर अशिता और विहान कर रहे थे. अपने बारे में, अपने फ्यूचर के बारे में.
यह पहली बार थी के सुमन यह जानते हुए भी के विहान और अशिता एक साथ सोते है और प्यार करते है उस्सने कुछ नहीं कहा था दोनों को एक hi रूम में जाते वक़्त सोने के लिए. जाने से पहले दोनों ने सुमन को bye और गूडनिघत भी कहा और गूडनिघत किश भी किये सुमन को और मुस्कुराती हुई वो दोनों को एक साथ अपने कमरे के अंदर जाते हुए देख रही थी, प्यार भरी नज़रों से.
जब अनिरुद ने देखा तो सुमन से पूछा,
“किआ देख रही हो इतना खुश होते हुए अपने बेटे और बहु को कमरे में जाते हुए या बीटा बेटी को?!”
सुमन ने फिकरमंद होते हुए अनिरुद को हलके से ढाका देते हुए कहा,
“आप को मज़ाक सूझ रहा है जी? मुझे बहुत फ़िक्र हो रही है इन् दोनों को लेकर? इस समाज में कैसे एक साथ रह पाएंगे यह दोनों? इनका जीना मुश्किल हो जाएगा! वैसे आप के सवाल के जवाब में आप को बता दूँ के अगर मेरी बहु भी होती तो उस्सको उतना hi प्यार करती जितना अपनी बेटी को करती हूँ.”
और एहि सब बातें हुई कमरे के अंदर बीएड पर सोने से पहले.
अशिता अपनी निघ्त्य में विहान के सीने पर सर रख कर बातें कर रही थी इसी बारे में. और विहान ने सब्जेक्ट चेंज करते हुए कहा,
“आज मम्मी ने हम दोनों को एक साथ सोने पर कोई खिलाफत नहीं दिखाई, खुश दिख रही थी हालां के अब उस्सको पता है हम एक साथ सोते हैं!”
अशिता ने कहा,
“हम्म्म अजीब बात है नाह? उनको पता है हम किआ कर रहे हैं कमरे में फिर भी दोनों को अब कोई एतराज़ नहीं, हम खुशनसीब हैं नाह भाई? सोचो पापा के साथ ऐसा हुआ होता तो कितना ाचा हुआ होता नाह?”
विहान ने थोड़ा नटखट होते हुए पूछा,
“ाचा तो हम किआ कर रहे हैं? और तब पूजा भुआ हमारी मम्मी होती”
अशिता ने हँस्ते हुए उसस्के छाती पर मुक्के मारे, और दोनों एक दूसरे को बाहों में भरके किश करने लगे फिर विहान का हाथ अशिता के जिस्म पर फरने लगे और दोनों इश्क फरमाने लगे.
दूसरे दिन अनिरुद ने अशिता और विहान को घर से निकलने को मन किया. अशिता अपने स्टडीज को लेकर ज़िद करने लगी के उस्सको जाना hi पड़ेगा, मगर अनिरुद ने याद दिलाया के उस्सने कहा था के जो भी वो कहें दोनों मानेंगे और दोनों ने उस बात को हाँ कहे थे. तब अशिता खामोश हो गयी.
सुमन ने कहा उस्सको भी काम पर जाने को मैं नहीं कर रहा क्यूंकि हज़ार तरह की सवाल करेंगे सब लोग उस से भी मगर फिर भी गयी, अनिरुद भी गया.
दोनों के लिए बहोत मुश्किल था रस्ते में निकलना, लोगों के नज़रों का सामना करना, लग रहा था के दुन्या भर की नज़रें सिर्फ उन्ही पर थे. बहोत उनकंफर्टबले फील हो रहे थे, गलियों में, रास्ते पर, बस में जहाँ से भी गुज़रते ऐसा लगता सब लोग उनको hi देख रहे हैं. डर लग रहा था के कोई अब सवाल करेगा, कोई अब पूछेगा के तुम्हारे बेटे बेटी कैसे हैं, किआ कर रहे हैं….. ताने भी एक्सपेक्ट कर रहे थे दोनों रास्ते भर, मगर शुक्र है किसी ने कुछ भी नहीं कहा.
वो लोग जिन्हों ने अशिता और विहान पर नज़र रखे हुए थे आज इंतज़ार करते रह गए दोनों को एक साथ देखने के लिए, अशिता को कॉलेज जाते हुए देखने के लिए.
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दूसरे दिन को बी ऐसा hi हुआ अशिता और विहान को घर पर hi रहने को कहा गया. अशिता ने प्रिय को फ़ोन करके कॉलेज से नोट्स लिए और काम किया घर पर hi.
एक साथ दिन भर विहान और अशिता के प्यार और भी परवान चढ़े, एक साथ दिन भर साथ गुज़ारने का मतलब कुछ और hi था दोनों के लिए. प्यार में डूबे रहे दोनों दिन भर. विहान ने सेक्स करना चाहा रियल वाला मगर अशिता ने रुकने को कहा, कहा के ऊपर hi करें जैसे करने की आदत थी, और कुछ महीने और वेट करने को कहा विहान को.
और दूसरी रात आयी जब समिति वालों से मुलाकात करना था.
रात को 9 बजे चरों घर से निकले समिति वालों से मिलने के लिए.
रघुनाथ, मिश्रा, बगल में 6 एग्जीक्यूटिव मेंबर्स जीन में 2 महिलाएं थे, और 20 मेंबर्स जिन में और 6 महिनालयें थे और अमित.
रघुनाथ ने सबसे इंट्रोडस करवाया अनिरुद के फॅमिली को. विहान ने अमित को देख कर ब्लश किया, उस्सको बहोत शर्मिंदगी फील हो रहा था अमित को उन् सब के साथ देख कर. और अशिता ने अमित से स्माइल किया तो रेतुर्न में अमित ने भी अशिता से स्माइल किया सर को झुकाते हुए.
रघुनात जी ने लीड लिया बात करते हुए और समिति के मेंबर्स को गंभीरता से बयान करते हुए कहा के इस सोसाइटी ने आरोप लगाया है विहान और अशिता पर ईन्सेस्तुओस रिलेशनशिप के लिए. कहा गया के मोहल्ले में हर किसी के जुबां पर पिछले एक हफ्ते से एहि बात चल रही है के यह दोनों खुले आम एक दूसरे के साथ घूमते हुए ईन्सेस्तुओस रिलेशनशिप दिखाते हैं.
तुरंत विहान ने हाथ उठाते हुए कुछ कहना चाहा तो रघुनाते ने उस से कहा,
“यू विल बे गिवेन टाइम तो टॉक, बूत नॉट नाउ यंग मन, प्लीज वेट फॉर योर टर्न.”
विहान और अशिता एक दूसरे के बगल में बैठे थे, और सुमन और अनिरुद एक दूसरे के पास. और बाकी के सभी लोग उनको फेस कर रहे थे, सब सामने थे.
तब मिश्रा जी ने बात किये,
“हमको शर्मिंदगी से ऐसे केसेस को हैंडल करना पड़ता है, ऐसे केसेस होना hi नहीं चाहिए था मोहल्ले में, मैं इस में कुसूरवार पेरेंट्स को ठहरता हूँ जिन्हों ने अपने बच्चों को या तो बहोत ज़्यादा ढील दे रहे हैं या उनकी परवरिश में कोई कमी चोरे हैं. ऐसे बात घर में होते hi क्यों है? एक भाई अपनी बेहेन को प्रोटेक्ट करता है, नाह के उस पर डोरे डालता है….”
विहान ने फिर से हाथ उठाया, मगर उस्सको रोका गया तो विहान चिल्ला उठा,
“व्हाट थे फ़क इस थिस? यू गाइस कंसीडर यौरसेल्वेस तो बे गॉड और व्हाट? किआ यह एक कोर्ट है? तुम लोग होते कौन हो यह सब बातें करने वाले हमारे बारे में? मेरे पेरेंट्स के खिलाफ बोलने वाले आप कौन होते हो मिश्रा साहब? अपने घर के अंदर झाँका है कभी? अपनी वाइफ से पुस्बा है कभी के किश किश से मिलती है आप के ग़ैर हाज़िरी में किआ ककरति है? अपनी बेटी से पूछाः है के किश किश से मिलती है किश किश के सात सोती है?!”
अशिता विहान के बाहें थाम कर उस्सको शांत करने की कोशिश में लगी हुई थी मिश्रा जी के चेहरे में देखते हुए, और अनिरुद बार बार विहान को छुप रहने को कह रहा था!
मिश्रा जी ने विहान को जवाब देते हुए कहा,
“तुम मेरे फॅमिली पर तोहमत लगा रहे हो? तुम यह सब कैसे कह सकते हो?”
विहान ने ऊंचे आवाज़ में कहा,
“और आप जो तोहमत लगा रहे हो मेरे पेरेंट्स पर वो आप कैसे कह सकते हो? किश ने आप को अधिकार दिया मेरे माँ बाप के बारे में यह सब कहने की? किआ आप हमारे घर में रहते हो? कभी देखा है किश तरह से उन्हों ने हमको पला पोसा है? अंध के बांध बाके जा रहे हो आप!”
मिश्रा जी ने कहा, “तोहमत तुम और तुम्हारी बेहेन पर लगा है, और वो मैं ने नहीं मोहल्ले वालों ने लगाया है, और मैं होता कौन हूँ तुमने पूछा, किश ने मुझे अधिकार दिया? इसी मोहल्ले के लोगों ने मुझे यह अधिकार दिया है, वोटिंग की गयी तब मुझे यह अधिकार मिला है! – चलो तुम्हारे पेरेंट्स से बात हटाता हूँ तुम बताओ किआ करते हो अपनी बेहेन के साथ तुम?!”
विहान ने झट से जवाब दिया,
“that’s नॉट अन्य ऑफ़ योर ब्लडी बिज़नेस, मंद योर ओन ासशोले, विल यू?!”
रघुनाथ जी ने इंटरफेरे करते हुए कहा,
“स्टॉप थिस प्लीज! मिश्रा जी आप उनको क्यों जवाब दे रहे हो? विहान बीटा तुम्हारा जवान खून और ग़ुस्से में बोलना कोई जवाब या सफाई नहीं होता. अभी तुमसे किसी ने सवाल नहीं किया है. जब तुमसे बात किया जाए सिर्फ तब तुम बोलोगे. सो प्लीज सीट डाउन एंड मंद योर लैंग्वेज प्लीज.”
तो बे कॉन्टिनोएड इम्मेडिएटली इन थे नेक्स्ट पोस्ट….
रघुनाथ ने अपने एक्सेक्यूटिबे मेंबर्स से आपस में कुछ बातें किये और रिजल्ट यह निकला के दो दिन बाद सिर्फ एग्जीक्यूटिव और 20 मेंबर्स के बीच अशिता और विहान से पूछ ताज किया जाएगा उसस्के बाद डीडे किया जाएगा के किआ करना होगा आगे.
उन् 20 मेंबर्स में अमित भी शामिल था जो 2 दिन बाद आने वाला था, और आज भी भीड़ में शामिल था….
अब आगे….
घर वापस जाने के बाद अनिरुद ने सब बताया सुमन और दोनों आशिकों को तो घर में इस बात पर काफी बातें हुई के किआ किआ समिति वाले कह सकते हैं और आपस में एक डिस्कशन हुई बात को लेकर.
विहान को ग़ुस्सा ारः था और भुनभुना रहा था के किसी बाहर वाले को उसस्के पर्सनल मामले में दखल देना का कोई हक़ नहीं. अशिता उस्सको शांत करा रही थी तो बाप ने कहा,
“तुम और तुम्हारे आइडियाज से नहीं चलते यह सोसाइटी, ये समाज है हम इस में जीते हैं और इस्सके नियम होते हैं और नियम को रेस्पेक्ट करना पड़ता है बीटा; बात फिर से वहीँ आकर रुकी है जहाँ मेरे साथ रुका था. तब पंचायत था अब सोसाइटी की मीटिंग है, कोई फरक नहीं समाज के ठेकेदार हैं यह सब… और एक बात ग़ौर से सुनों, बरोथेर सिस्टर रिलेशनशिप कानूनन भी जुर्म है और सिविल में भी, समाज ने सूए किया तो भी केस होगा वो भी बड़ा वाला जिस्सको मीडिया भी उछालेगा!”
उस रात को सब टेंस थे और अपने अपने कमरे में सब गए सोने को मगर किश को नींद अणि थी? उधर सुमन और अनिरुद भी वही बातें कर रहे थे जो इधर अशिता और विहान कर रहे थे. अपने बारे में, अपने फ्यूचर के बारे में.
यह पहली बार थी के सुमन यह जानते हुए भी के विहान और अशिता एक साथ सोते है और प्यार करते है उस्सने कुछ नहीं कहा था दोनों को एक hi रूम में जाते वक़्त सोने के लिए. जाने से पहले दोनों ने सुमन को bye और गूडनिघत भी कहा और गूडनिघत किश भी किये सुमन को और मुस्कुराती हुई वो दोनों को एक साथ अपने कमरे के अंदर जाते हुए देख रही थी, प्यार भरी नज़रों से.
जब अनिरुद ने देखा तो सुमन से पूछा,
“किआ देख रही हो इतना खुश होते हुए अपने बेटे और बहु को कमरे में जाते हुए या बीटा बेटी को?!”
सुमन ने फिकरमंद होते हुए अनिरुद को हलके से ढाका देते हुए कहा,
“आप को मज़ाक सूझ रहा है जी? मुझे बहुत फ़िक्र हो रही है इन् दोनों को लेकर? इस समाज में कैसे एक साथ रह पाएंगे यह दोनों? इनका जीना मुश्किल हो जाएगा! वैसे आप के सवाल के जवाब में आप को बता दूँ के अगर मेरी बहु भी होती तो उस्सको उतना hi प्यार करती जितना अपनी बेटी को करती हूँ.”
और एहि सब बातें हुई कमरे के अंदर बीएड पर सोने से पहले.
अशिता अपनी निघ्त्य में विहान के सीने पर सर रख कर बातें कर रही थी इसी बारे में. और विहान ने सब्जेक्ट चेंज करते हुए कहा,
“आज मम्मी ने हम दोनों को एक साथ सोने पर कोई खिलाफत नहीं दिखाई, खुश दिख रही थी हालां के अब उस्सको पता है हम एक साथ सोते हैं!”
अशिता ने कहा,
“हम्म्म अजीब बात है नाह? उनको पता है हम किआ कर रहे हैं कमरे में फिर भी दोनों को अब कोई एतराज़ नहीं, हम खुशनसीब हैं नाह भाई? सोचो पापा के साथ ऐसा हुआ होता तो कितना ाचा हुआ होता नाह?”
विहान ने थोड़ा नटखट होते हुए पूछा,
“ाचा तो हम किआ कर रहे हैं? और तब पूजा भुआ हमारी मम्मी होती”
अशिता ने हँस्ते हुए उसस्के छाती पर मुक्के मारे, और दोनों एक दूसरे को बाहों में भरके किश करने लगे फिर विहान का हाथ अशिता के जिस्म पर फरने लगे और दोनों इश्क फरमाने लगे.
दूसरे दिन अनिरुद ने अशिता और विहान को घर से निकलने को मन किया. अशिता अपने स्टडीज को लेकर ज़िद करने लगी के उस्सको जाना hi पड़ेगा, मगर अनिरुद ने याद दिलाया के उस्सने कहा था के जो भी वो कहें दोनों मानेंगे और दोनों ने उस बात को हाँ कहे थे. तब अशिता खामोश हो गयी.
सुमन ने कहा उस्सको भी काम पर जाने को मैं नहीं कर रहा क्यूंकि हज़ार तरह की सवाल करेंगे सब लोग उस से भी मगर फिर भी गयी, अनिरुद भी गया.
दोनों के लिए बहोत मुश्किल था रस्ते में निकलना, लोगों के नज़रों का सामना करना, लग रहा था के दुन्या भर की नज़रें सिर्फ उन्ही पर थे. बहोत उनकंफर्टबले फील हो रहे थे, गलियों में, रास्ते पर, बस में जहाँ से भी गुज़रते ऐसा लगता सब लोग उनको hi देख रहे हैं. डर लग रहा था के कोई अब सवाल करेगा, कोई अब पूछेगा के तुम्हारे बेटे बेटी कैसे हैं, किआ कर रहे हैं….. ताने भी एक्सपेक्ट कर रहे थे दोनों रास्ते भर, मगर शुक्र है किसी ने कुछ भी नहीं कहा.
वो लोग जिन्हों ने अशिता और विहान पर नज़र रखे हुए थे आज इंतज़ार करते रह गए दोनों को एक साथ देखने के लिए, अशिता को कॉलेज जाते हुए देखने के लिए.
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दूसरे दिन को बी ऐसा hi हुआ अशिता और विहान को घर पर hi रहने को कहा गया. अशिता ने प्रिय को फ़ोन करके कॉलेज से नोट्स लिए और काम किया घर पर hi.
एक साथ दिन भर विहान और अशिता के प्यार और भी परवान चढ़े, एक साथ दिन भर साथ गुज़ारने का मतलब कुछ और hi था दोनों के लिए. प्यार में डूबे रहे दोनों दिन भर. विहान ने सेक्स करना चाहा रियल वाला मगर अशिता ने रुकने को कहा, कहा के ऊपर hi करें जैसे करने की आदत थी, और कुछ महीने और वेट करने को कहा विहान को.
और दूसरी रात आयी जब समिति वालों से मुलाकात करना था.
रात को 9 बजे चरों घर से निकले समिति वालों से मिलने के लिए.
रघुनाथ, मिश्रा, बगल में 6 एग्जीक्यूटिव मेंबर्स जीन में 2 महिलाएं थे, और 20 मेंबर्स जिन में और 6 महिनालयें थे और अमित.
रघुनाथ ने सबसे इंट्रोडस करवाया अनिरुद के फॅमिली को. विहान ने अमित को देख कर ब्लश किया, उस्सको बहोत शर्मिंदगी फील हो रहा था अमित को उन् सब के साथ देख कर. और अशिता ने अमित से स्माइल किया तो रेतुर्न में अमित ने भी अशिता से स्माइल किया सर को झुकाते हुए.
रघुनात जी ने लीड लिया बात करते हुए और समिति के मेंबर्स को गंभीरता से बयान करते हुए कहा के इस सोसाइटी ने आरोप लगाया है विहान और अशिता पर ईन्सेस्तुओस रिलेशनशिप के लिए. कहा गया के मोहल्ले में हर किसी के जुबां पर पिछले एक हफ्ते से एहि बात चल रही है के यह दोनों खुले आम एक दूसरे के साथ घूमते हुए ईन्सेस्तुओस रिलेशनशिप दिखाते हैं.
तुरंत विहान ने हाथ उठाते हुए कुछ कहना चाहा तो रघुनाते ने उस से कहा,
“यू विल बे गिवेन टाइम तो टॉक, बूत नॉट नाउ यंग मन, प्लीज वेट फॉर योर टर्न.”
विहान और अशिता एक दूसरे के बगल में बैठे थे, और सुमन और अनिरुद एक दूसरे के पास. और बाकी के सभी लोग उनको फेस कर रहे थे, सब सामने थे.
तब मिश्रा जी ने बात किये,
“हमको शर्मिंदगी से ऐसे केसेस को हैंडल करना पड़ता है, ऐसे केसेस होना hi नहीं चाहिए था मोहल्ले में, मैं इस में कुसूरवार पेरेंट्स को ठहरता हूँ जिन्हों ने अपने बच्चों को या तो बहोत ज़्यादा ढील दे रहे हैं या उनकी परवरिश में कोई कमी चोरे हैं. ऐसे बात घर में होते hi क्यों है? एक भाई अपनी बेहेन को प्रोटेक्ट करता है, नाह के उस पर डोरे डालता है….”
विहान ने फिर से हाथ उठाया, मगर उस्सको रोका गया तो विहान चिल्ला उठा,
“व्हाट थे फ़क इस थिस? यू गाइस कंसीडर यौरसेल्वेस तो बे गॉड और व्हाट? किआ यह एक कोर्ट है? तुम लोग होते कौन हो यह सब बातें करने वाले हमारे बारे में? मेरे पेरेंट्स के खिलाफ बोलने वाले आप कौन होते हो मिश्रा साहब? अपने घर के अंदर झाँका है कभी? अपनी वाइफ से पुस्बा है कभी के किश किश से मिलती है आप के ग़ैर हाज़िरी में किआ ककरति है? अपनी बेटी से पूछाः है के किश किश से मिलती है किश किश के सात सोती है?!”
अशिता विहान के बाहें थाम कर उस्सको शांत करने की कोशिश में लगी हुई थी मिश्रा जी के चेहरे में देखते हुए, और अनिरुद बार बार विहान को छुप रहने को कह रहा था!
मिश्रा जी ने विहान को जवाब देते हुए कहा,
“तुम मेरे फॅमिली पर तोहमत लगा रहे हो? तुम यह सब कैसे कह सकते हो?”
विहान ने ऊंचे आवाज़ में कहा,
“और आप जो तोहमत लगा रहे हो मेरे पेरेंट्स पर वो आप कैसे कह सकते हो? किश ने आप को अधिकार दिया मेरे माँ बाप के बारे में यह सब कहने की? किआ आप हमारे घर में रहते हो? कभी देखा है किश तरह से उन्हों ने हमको पला पोसा है? अंध के बांध बाके जा रहे हो आप!”
मिश्रा जी ने कहा, “तोहमत तुम और तुम्हारी बेहेन पर लगा है, और वो मैं ने नहीं मोहल्ले वालों ने लगाया है, और मैं होता कौन हूँ तुमने पूछा, किश ने मुझे अधिकार दिया? इसी मोहल्ले के लोगों ने मुझे यह अधिकार दिया है, वोटिंग की गयी तब मुझे यह अधिकार मिला है! – चलो तुम्हारे पेरेंट्स से बात हटाता हूँ तुम बताओ किआ करते हो अपनी बेहेन के साथ तुम?!”
विहान ने झट से जवाब दिया,
“that’s नॉट अन्य ऑफ़ योर ब्लडी बिज़नेस, मंद योर ओन ासशोले, विल यू?!”
रघुनाथ जी ने इंटरफेरे करते हुए कहा,
“स्टॉप थिस प्लीज! मिश्रा जी आप उनको क्यों जवाब दे रहे हो? विहान बीटा तुम्हारा जवान खून और ग़ुस्से में बोलना कोई जवाब या सफाई नहीं होता. अभी तुमसे किसी ने सवाल नहीं किया है. जब तुमसे बात किया जाए सिर्फ तब तुम बोलोगे. सो प्लीज सीट डाउन एंड मंद योर लैंग्वेज प्लीज.”
तो बे कॉन्टिनोएड इम्मेडिएटली इन थे नेक्स्ट पोस्ट….