Vihaan Aur Ashita - Bhai Behen ki kahani - Page 9 - SexBaba
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Vihaan Aur Ashita - Bhai Behen ki kahani

अपडेट 54 कभी ख़ुशी कभी ग़म-1

रघुनाथ ने अपने एक्सेक्यूटिबे मेंबर्स से आपस में कुछ बातें किये और रिजल्ट यह निकला के दो दिन बाद सिर्फ एग्जीक्यूटिव और 20 मेंबर्स के बीच अशिता और विहान से पूछ ताज किया जाएगा उसस्के बाद डीडे किया जाएगा के किआ करना होगा आगे.

उन् 20 मेंबर्स में अमित भी शामिल था जो 2 दिन बाद आने वाला था, और आज भी भीड़ में शामिल था….

अब आगे….

घर वापस जाने के बाद अनिरुद ने सब बताया सुमन और दोनों आशिकों को तो घर में इस बात पर काफी बातें हुई के किआ किआ समिति वाले कह सकते हैं और आपस में एक डिस्कशन हुई बात को लेकर.

विहान को ग़ुस्सा ारः था और भुनभुना रहा था के किसी बाहर वाले को उसस्के पर्सनल मामले में दखल देना का कोई हक़ नहीं. अशिता उस्सको शांत करा रही थी तो बाप ने कहा,

“तुम और तुम्हारे आइडियाज से नहीं चलते यह सोसाइटी, ये समाज है हम इस में जीते हैं और इस्सके नियम होते हैं और नियम को रेस्पेक्ट करना पड़ता है बीटा; बात फिर से वहीँ आकर रुकी है जहाँ मेरे साथ रुका था. तब पंचायत था अब सोसाइटी की मीटिंग है, कोई फरक नहीं समाज के ठेकेदार हैं यह सब… और एक बात ग़ौर से सुनों, बरोथेर सिस्टर रिलेशनशिप कानूनन भी जुर्म है और सिविल में भी, समाज ने सूए किया तो भी केस होगा वो भी बड़ा वाला जिस्सको मीडिया भी उछालेगा!”

उस रात को सब टेंस थे और अपने अपने कमरे में सब गए सोने को मगर किश को नींद अणि थी? उधर सुमन और अनिरुद भी वही बातें कर रहे थे जो इधर अशिता और विहान कर रहे थे. अपने बारे में, अपने फ्यूचर के बारे में.

यह पहली बार थी के सुमन यह जानते हुए भी के विहान और अशिता एक साथ सोते है और प्यार करते है उस्सने कुछ नहीं कहा था दोनों को एक hi रूम में जाते वक़्त सोने के लिए. जाने से पहले दोनों ने सुमन को bye और गूडनिघत भी कहा और गूडनिघत किश भी किये सुमन को और मुस्कुराती हुई वो दोनों को एक साथ अपने कमरे के अंदर जाते हुए देख रही थी, प्यार भरी नज़रों से.

जब अनिरुद ने देखा तो सुमन से पूछा,

“किआ देख रही हो इतना खुश होते हुए अपने बेटे और बहु को कमरे में जाते हुए या बीटा बेटी को?!”

सुमन ने फिकरमंद होते हुए अनिरुद को हलके से ढाका देते हुए कहा,

“आप को मज़ाक सूझ रहा है जी? मुझे बहुत फ़िक्र हो रही है इन् दोनों को लेकर? इस समाज में कैसे एक साथ रह पाएंगे यह दोनों? इनका जीना मुश्किल हो जाएगा! वैसे आप के सवाल के जवाब में आप को बता दूँ के अगर मेरी बहु भी होती तो उस्सको उतना hi प्यार करती जितना अपनी बेटी को करती हूँ.”

और एहि सब बातें हुई कमरे के अंदर बीएड पर सोने से पहले.

अशिता अपनी निघ्त्य में विहान के सीने पर सर रख कर बातें कर रही थी इसी बारे में. और विहान ने सब्जेक्ट चेंज करते हुए कहा,

“आज मम्मी ने हम दोनों को एक साथ सोने पर कोई खिलाफत नहीं दिखाई, खुश दिख रही थी हालां के अब उस्सको पता है हम एक साथ सोते हैं!”

अशिता ने कहा,

“हम्म्म अजीब बात है नाह? उनको पता है हम किआ कर रहे हैं कमरे में फिर भी दोनों को अब कोई एतराज़ नहीं, हम खुशनसीब हैं नाह भाई? सोचो पापा के साथ ऐसा हुआ होता तो कितना ाचा हुआ होता नाह?”

विहान ने थोड़ा नटखट होते हुए पूछा,

“ाचा तो हम किआ कर रहे हैं? और तब पूजा भुआ हमारी मम्मी होती”

अशिता ने हँस्ते हुए उसस्के छाती पर मुक्के मारे, और दोनों एक दूसरे को बाहों में भरके किश करने लगे फिर विहान का हाथ अशिता के जिस्म पर फरने लगे और दोनों इश्क फरमाने लगे.

दूसरे दिन अनिरुद ने अशिता और विहान को घर से निकलने को मन किया. अशिता अपने स्टडीज को लेकर ज़िद करने लगी के उस्सको जाना hi पड़ेगा, मगर अनिरुद ने याद दिलाया के उस्सने कहा था के जो भी वो कहें दोनों मानेंगे और दोनों ने उस बात को हाँ कहे थे. तब अशिता खामोश हो गयी.

सुमन ने कहा उस्सको भी काम पर जाने को मैं नहीं कर रहा क्यूंकि हज़ार तरह की सवाल करेंगे सब लोग उस से भी मगर फिर भी गयी, अनिरुद भी गया.

दोनों के लिए बहोत मुश्किल था रस्ते में निकलना, लोगों के नज़रों का सामना करना, लग रहा था के दुन्या भर की नज़रें सिर्फ उन्ही पर थे. बहोत उनकंफर्टबले फील हो रहे थे, गलियों में, रास्ते पर, बस में जहाँ से भी गुज़रते ऐसा लगता सब लोग उनको hi देख रहे हैं. डर लग रहा था के कोई अब सवाल करेगा, कोई अब पूछेगा के तुम्हारे बेटे बेटी कैसे हैं, किआ कर रहे हैं….. ताने भी एक्सपेक्ट कर रहे थे दोनों रास्ते भर, मगर शुक्र है किसी ने कुछ भी नहीं कहा.

वो लोग जिन्हों ने अशिता और विहान पर नज़र रखे हुए थे आज इंतज़ार करते रह गए दोनों को एक साथ देखने के लिए, अशिता को कॉलेज जाते हुए देखने के लिए.

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दूसरे दिन को बी ऐसा hi हुआ अशिता और विहान को घर पर hi रहने को कहा गया. अशिता ने प्रिय को फ़ोन करके कॉलेज से नोट्स लिए और काम किया घर पर hi.

एक साथ दिन भर विहान और अशिता के प्यार और भी परवान चढ़े, एक साथ दिन भर साथ गुज़ारने का मतलब कुछ और hi था दोनों के लिए. प्यार में डूबे रहे दोनों दिन भर. विहान ने सेक्स करना चाहा रियल वाला मगर अशिता ने रुकने को कहा, कहा के ऊपर hi करें जैसे करने की आदत थी, और कुछ महीने और वेट करने को कहा विहान को.

और दूसरी रात आयी जब समिति वालों से मुलाकात करना था.

रात को 9 बजे चरों घर से निकले समिति वालों से मिलने के लिए.

रघुनाथ, मिश्रा, बगल में 6 एग्जीक्यूटिव मेंबर्स जीन में 2 महिलाएं थे, और 20 मेंबर्स जिन में और 6 महिनालयें थे और अमित.

रघुनाथ ने सबसे इंट्रोडस करवाया अनिरुद के फॅमिली को. विहान ने अमित को देख कर ब्लश किया, उस्सको बहोत शर्मिंदगी फील हो रहा था अमित को उन् सब के साथ देख कर. और अशिता ने अमित से स्माइल किया तो रेतुर्न में अमित ने भी अशिता से स्माइल किया सर को झुकाते हुए.

रघुनात जी ने लीड लिया बात करते हुए और समिति के मेंबर्स को गंभीरता से बयान करते हुए कहा के इस सोसाइटी ने आरोप लगाया है विहान और अशिता पर ईन्सेस्तुओस रिलेशनशिप के लिए. कहा गया के मोहल्ले में हर किसी के जुबां पर पिछले एक हफ्ते से एहि बात चल रही है के यह दोनों खुले आम एक दूसरे के साथ घूमते हुए ईन्सेस्तुओस रिलेशनशिप दिखाते हैं.

तुरंत विहान ने हाथ उठाते हुए कुछ कहना चाहा तो रघुनाते ने उस से कहा,

“यू विल बे गिवेन टाइम तो टॉक, बूत नॉट नाउ यंग मन, प्लीज वेट फॉर योर टर्न.”

विहान और अशिता एक दूसरे के बगल में बैठे थे, और सुमन और अनिरुद एक दूसरे के पास. और बाकी के सभी लोग उनको फेस कर रहे थे, सब सामने थे.

तब मिश्रा जी ने बात किये,

“हमको शर्मिंदगी से ऐसे केसेस को हैंडल करना पड़ता है, ऐसे केसेस होना hi नहीं चाहिए था मोहल्ले में, मैं इस में कुसूरवार पेरेंट्स को ठहरता हूँ जिन्हों ने अपने बच्चों को या तो बहोत ज़्यादा ढील दे रहे हैं या उनकी परवरिश में कोई कमी चोरे हैं. ऐसे बात घर में होते hi क्यों है? एक भाई अपनी बेहेन को प्रोटेक्ट करता है, नाह के उस पर डोरे डालता है….”

विहान ने फिर से हाथ उठाया, मगर उस्सको रोका गया तो विहान चिल्ला उठा,

“व्हाट थे फ़क इस थिस? यू गाइस कंसीडर यौरसेल्वेस तो बे गॉड और व्हाट? किआ यह एक कोर्ट है? तुम लोग होते कौन हो यह सब बातें करने वाले हमारे बारे में? मेरे पेरेंट्स के खिलाफ बोलने वाले आप कौन होते हो मिश्रा साहब? अपने घर के अंदर झाँका है कभी? अपनी वाइफ से पुस्बा है कभी के किश किश से मिलती है आप के ग़ैर हाज़िरी में किआ ककरति है? अपनी बेटी से पूछाः है के किश किश से मिलती है किश किश के सात सोती है?!”

अशिता विहान के बाहें थाम कर उस्सको शांत करने की कोशिश में लगी हुई थी मिश्रा जी के चेहरे में देखते हुए, और अनिरुद बार बार विहान को छुप रहने को कह रहा था!

मिश्रा जी ने विहान को जवाब देते हुए कहा,

“तुम मेरे फॅमिली पर तोहमत लगा रहे हो? तुम यह सब कैसे कह सकते हो?”

विहान ने ऊंचे आवाज़ में कहा,

“और आप जो तोहमत लगा रहे हो मेरे पेरेंट्स पर वो आप कैसे कह सकते हो? किश ने आप को अधिकार दिया मेरे माँ बाप के बारे में यह सब कहने की? किआ आप हमारे घर में रहते हो? कभी देखा है किश तरह से उन्हों ने हमको पला पोसा है? अंध के बांध बाके जा रहे हो आप!”

मिश्रा जी ने कहा, “तोहमत तुम और तुम्हारी बेहेन पर लगा है, और वो मैं ने नहीं मोहल्ले वालों ने लगाया है, और मैं होता कौन हूँ तुमने पूछा, किश ने मुझे अधिकार दिया? इसी मोहल्ले के लोगों ने मुझे यह अधिकार दिया है, वोटिंग की गयी तब मुझे यह अधिकार मिला है! – चलो तुम्हारे पेरेंट्स से बात हटाता हूँ तुम बताओ किआ करते हो अपनी बेहेन के साथ तुम?!”

विहान ने झट से जवाब दिया,

“that’s नॉट अन्य ऑफ़ योर ब्लडी बिज़नेस, मंद योर ओन ासशोले, विल यू?!”

रघुनाथ जी ने इंटरफेरे करते हुए कहा,

“स्टॉप थिस प्लीज! मिश्रा जी आप उनको क्यों जवाब दे रहे हो? विहान बीटा तुम्हारा जवान खून और ग़ुस्से में बोलना कोई जवाब या सफाई नहीं होता. अभी तुमसे किसी ने सवाल नहीं किया है. जब तुमसे बात किया जाए सिर्फ तब तुम बोलोगे. सो प्लीज सीट डाउन एंड मंद योर लैंग्वेज प्लीज.”

तो बे कॉन्टिनोएड इम्मेडिएटली इन थे नेक्स्ट पोस्ट….
 
अपडेट 55 कभी ख़ुशी कभी ग़म-2

रघुनाथ जी ने फिर दूसरे एग्जीक्यूटिव मेंबर को बोलने को कहा तो एक महिला ने कहा,

“हमारे कल्चर, सभ्यता में भाई बेहेन के बीच ऐसे रिश्ते नहीं होते, यह यूरोप या उसे नहीं है, उधर भी तो ऐसे रिश्ते को जुर्म मन जाता है और हम एक सोसाइटी में जी रहे हैं, दूसरों के घर में भी बचे हैं, उन् सब पर किआ एस्सार पड़ेगा ऐसे गंदे रिश्ते से?!”

उसस्के बाद एग्जीक्यूटिव मेंबर की एक दूसरी महिला बोली,

“माना के सुना है, ी रिपीट, सुना हैं ऐसे रिश्तों के बारे में, कभी हमारे hi देश में, कभी कहीं और, मगर जहाँ भी जब भी यह हुआ है स्कैंडल्स हुए हैं और जनता ने हमेशा इस्सके विरोध किया है, इससे पाप कहते हैं, और हम ऐसे रिश्ते को मंज़ूर नहीं कर सकते हैं!”

विहान ने रघुनाथ जी को देखते हुए हाथ उठाया बोलने के के लिए, तब रघुनाथ जी ने मिश्रा से कुछ फुसुर फुसुर किया और विहान को बोलने को कहा

विहान ने कहा,

“आप प्यार को पाप कह रहे हो मैडम जी? प्यार तो भगवान् होता है तो आप भगवान् को पाप कह रहे हो बिग LOL!”

यह कहकर विहान बैठ गया.

रघुनाथ ने कहा,

“मेंबर्स में से किसी को कुछ कहना है?”

अमित ने हाथ उठाया, तो उस्सको बोलने को कहा गया,

अमित ने सब को वेलकम किया और कहा,

“यह सब्जेक्ट तबू है हमारे देश में, माना के प्यार का hi रूप है. अगर दो दिल, दो जिस्म एक दूसरे को पसंद करते हैं और साथ रहना चाहते हैं, एक दूसरे को समझते हैं, बचपन से जवानी तक एक साथ रहे हैं, दिल का रिश्ता और भी मज़बूत होते हैं और दोनों में गहरा प्यार हो जाता है तो मुझे इस में कोई भी प्रॉब्लम नहीं दीखता. मैं प्यार कर चूका हूँ, प्यार पाया और खोया है मैं ने तो इस से बहोत अछि तरह से वाक़िफ़ हूँ मैं. मुझसे बेहतर कोई शायद है नहीं यहाँ जो समझ सके के जब दिल जुड़ते हैं और अगर उस्सको तोडा जाए तो किआ होता है. बहरहाल मुझे इन् दोनों के प्यार से कोई प्रॉब्लम नहीं. िफ़ थे रियली लव एच इतर थें थे अरे मेड फॉर एच इतर, इनको साथ रहने दिया जाए इस में किसी को दखलंदाज़ी करने की कोई ज़रूरत नहीं है. लाइव एंड लेट थम लाइव!”

बाकी के लोग भड़क गए अमित के स्पीच से. सब लोग उस्सको गाली देने लगे. उस्सने चिल्ला कर कहा के यह उस्का अपना ओपिनियन है और उस्सको वो सब कहने का पूरा हक़ है.

मामला और भी गंभीर होता गया जब बाकी के लोगों ने अपने राये दिए. सब खिलाफ थे और एग्जीक्यूटिव मेंबर्स, और उन् 20 में से अमित को चोरर कर 19 लोगों ने सब नेगेटिव में रिस्पांस दिए विहान अशिता के रिलेशनशिप को.

सुमन ग़ुस्सा हुई और कहा,

“बचे मेरे, घर मेरा, जीना मुझे है और तुम लोगों के गांड में आग लगने लगे? मुझे किसी का कोई परवाह नहीं, हम जिस तरह चाहे वैसे जिए तुम सब भाड़ में जाओ!”

सुमन को बोलते सुनकर कुछ लोग हँसे, और अमित ने तालियां बजाये.

रघुनाथ जी ने आखिर में परमिशन लिया अपने एग्जीक्यूटिव और बाकी के 20 मेंबर्स के साथ एक अलग कमरे में जा कर डिसिशन लेने के लिए. 30 मिनट्स तक वह लोग अंदर रहे और बाहर आये तो समिति का फाइल्स सुनाया रघुनाथ जी ने जिस पर और बेहेज़ हुए.

फैसला यह किया गया के विहान और अशिता को एक साथ नहीं रहने देना चाहिए, दोनों को अलग, शहर से दूर करना चाहिए. और अगर ऐसा नहीं किया गया तो पुलिस केस करवाना बाकी था समिति वालों को.

इस फैसले को सुनकर अशिता रोने लगी, विहान ग़ुस्से से तिलमिलाने लगा, अनिरुद अपने सर के बाल नोचने लगे और सुमन जैसे एक बूथ बन गयी!

अशिता को रट हुए देख कर अमित उसस्के पास आया और कहा,

“तुम क्यों रोने लगी, अरे गोली मारो इनके फैसले को, तुम दोनों छुप छुप कर मिल लेना किश के पास इतना टाइम है के 24 घंटों हर रोज़ तुम पर नज़र रखे?!”

विहान अमित के गले से लगते हुए वो भी इमोशनल हो गया और अमित का शुक्रिया ऐडा किया. फिर अमित ने धीरे से अशिता से कहा,

“तो एहि है वो जिस्सके बारे में तुम ने कहा था के तुम्हारी ज़िन्दगी में कोई और है हम्म्म? नॉटी गर्ल मेरे प्यार को ठुकराया भाई के प्यार के लिए, चलो, खुश रहो तुम दोनों, कभी भी मेरी ज़रुरत पड़े, किसी भी तरह की हेक्प की ज़रुरत हो टी हिचकिचाना मत ी ऍम ऑलवेज तेरे तो हेल्प यू गाइस.”

बेहेज़ यह हो रहे थे के सुमन ने रघुनाथ से कहा,

“कैसे इनको अलग कर सकते हैं हम? कहाँ भेजेंगे और किस्को? अशिता स्टडीज कर रही है, 3 साल बाकी है उस्सको डिग्री हासिल करने के लिए, उस्सको कहीं भी नहीं भेज सकते हैं…”

रघुनाथ ने कहा,

“तो विहान को कहीं भेज देना चाहिए, कहीं भी किसी रिलेटिव के पास जो इस शहर में नहीं रहता हो.”

अनिरुद तबसे बिल्कुल खामोश सब सुन रहा था और अब बोलै,

“मेरा बुसस चले तो तुम सबको गोली मार दूँ अभी के अभी, नाह रहेगी बांस नाह बजेगी बांसुरी!”

तब रघुनाथ ने कहा,

“अनिरुद, एहि बात मोहल्ले वालों ने कहा है विहान और अशिता के लिए के उन् दोनों को मार दिया जाए तो नाह रहेगी बांस नाह बजेगी बांसुरी!”

यह सुनकर सुमन चिल्ला उठी सबके तरफ देखते हुए,

“किश मई के लाल में हिम्मत है मेरे बच्चों को मारने की, एक एक के गांड में डंडा घुसेड़ के अंतरियों को उखाड़ फेकूँगी मैं, मुझे दुर्गा बनने पर कोई मजबूर नाह करे कह देती हूँ हाँ!”

अमित ने फिर ज़ोर से बोलै और सब शांत होकर उस्सको सुनने लगे,

“यह बात अगर घर के अंदर होती तो किआ किसी को कुछ पता चलता? किआ आज हम सब यहाँ होते इस बात को करने के लिए? कभी किसी को कुछ भी पता नहीं चलता और यह दोनों घर के अंदर अपने रिश्ते में खुश रहते. जवान हैं दोनों, गरम खून हैं तो इन्हों ने खुल्लम खुल्ला अपने इश्क का नुमाईश किया इस लिए तुम सब अभी जमा हुए हो वार्ना किसी को कुछ भी मालूम नहीं होता. एक hi ग़लती किये इन दोनों ने के पब्लिक में अपने प्यार को दिखाया, वार्ना कौन जानता के दोनों के बिच ऐसा रिश्ता है? रघुनाथ सर, मिश्रा जी, न आप को पता चलता, नाह मुझे नाह किसी और को. तो क्यों हम सब ऐसा नहीं कर सकते के किसी को कुछ पता hi नहीं? इनको एक और चांस भी तो दिया जा सकता है के पब्लिक में कभी ऐसा करते हुए नहीं दिखे और इनको अपने घर के अंदर जो करना है करने दें और हम बुसस ऐसा बेहवे करें के हमको कुछ पता hi नहीं? किआ ऐसा नहीं हो सकता है?!”

मिश्रा जी ने नाह में सर हिलाया, तो रघुनाथ जी ने कहा,

“चलो मान लो के हम ऐसा करें, मगर मोहल्ले वालों का किआ? किआ तुम एक एक करके 4000 लोगों को यह कहने जाओगे? किआ वह लोग मानेंगे इस बात को? नहीं हो सकता कोई नाह कोई इस बात को पुलिस के पास लेकर जाएगा और मामला और गंभीर होगा और इस में मीडिया वाले भी इन्वॉल्व होंगे क्यूंकि मीडिया वालों को तो ऐसे केसेस को उछालने में बड़ा मज़ा अत है उनके वीडियोस और पेपर्स, मैगज़ीन सब बिख्ते हैं ऐसे न्यूज़ से, तो किआ अब वो सब होने दें किआ भाई?!”

तब सब शांत हो गए हॉल में, किसी की आवाज़ नहीं सुनाई दिए. मीडिया, पुलिस, टीवी वाले यह सब सोच कर सब में एक डर जैसे बैठ गया. विहान और अशिता खुद डर गए और उनके पेरेंट्स भी.

तो रघुनाथ जी ने अनिरुद से कहा,

“अगर लड़की स्टडीज कर रही है तो विहान को आप उसस्के दादा दादी या नाना नानी के पास तो भेज सकते हो नाह? या कहीं दूर के रिश्तेदार के पास जो इस शहर से बाहर हो? – बुसस लोगों को शांत करना है, सब खामोश हो जाएंगे जब दोनों एक साथ नहीं दिखेंगे. मानलो 3 साल तक दोनों दूर रहे फिर यह आप की पर्सनल मामला है 3 साल के बाद दोनों कहीं और एक साथ रहने जाए तो कौन पूछेगा?!”

अमित ने तब कहा,

“गुड आईडिया, थिस कैन बे पॉसिबल. देखा आप लोगों ने रघुनाथ जी ने भी कह दिया के बाद में दोनों एक साथ रह सकते हैं तो फिलहाल सब को खामोश करने के लिए चलो तुम लोग 3 साल के लिए अलग हो जाओ, फिर उसस्के बाद मिल लेना यार…” और अमित ने विहान और अशिता से एक ेंख मारा!

अनिरुद ने कहा,

“OKAY आईटी विल बे दोने!”

तो बे कॉन्टिनोएड….
 
बहोत धन्यवाद आरव भाई, इस थ्रेड पर तुम्हारा स्वागत है .....

रही बात सोसाइटी को चोरर कर जाने की तो बात शामे हो जाएगा कहीं भाई, दोनों भाई बेहेन के नाम एक हैं शामे सुर्नामे हैं इन् सब से प्रॉब्लम दूसरे जगह पर भी honge....anyway देखते हैं अगुए किआ होता है, साथ बने रहए भाई और अगले अपडेट आने वाला है थोड़ी देर में ज़रूर पढ़ना, कुछ ख़ास है
 
अपडेट 56 – बैक होम तहत नाईट
अमित ने तब कहा,

“गुड आईडिया, थिस कैन बे पॉसिबल. देखा आप लोगों ने रघुनाथ जी ने भी कह दिया के बाद में दोनों एक साथ रह सकते हैं तो फिलहाल सब को खामोश करने के लिए चलो तुम लोग 3 साल के लिए अलग हो जाओ, फिर उसस्के बाद मिल लेना यार…” और अमित ने विहान और अशिता से एक ेंख मारा!

अनिरुद ने कहा,

“OKAY आईटी विल बे दोने!”

अब आगे….

सब घर वापस आये. एक सन्नाटा चाय हुआ था घर में. कोई कुछ नहीं बोल रहा था. विहान और अशिता खामोश सोफे पर बैठ गए, लगता था बहुत थक गए हैं जैसे कोई पहाड़ तोड़ कर वापस आये थे.

अनिरुद ने खुद को अपने कमरे में बंद कर लिया, सुमन उसस्के पीछे hi गयी.

अशिता, विहान के काँधे पर अपना सर रख कर उसस्के हाथ में अपना हाथ दाल कर हताश बैठी थी और विहान छत टाक रहा था कुछ सोचते हुए. एक दूसरे के दिल की धड़कनें सुनाई दे रहे थे, इतनी ख़ामोशी थी घर के अंदर.

फिर थोड़ी देर बाद सुमन और अनिरुद अपने कमरे से बाहर निकले जिनको देखते हुए विहान और अशिता हैरान हुए क्यूंकि वह सोच रहे थे के दोनों सोने चले गए.

सब अब एक साथ लाउन्ज में बैठे हुए थे बिना कुछ कहे. सुमन और अनिरुद उन् दोनों के चेहरे की उदासी देख रहे थे. सुमन के ेंखें भर आये और अनिरुद को देखा. तब अनिरुद ने गाला साफ़ करते हुए कहा,

“विहान तो तुम कल सुबह निकल जाना तुमको तुम्हारे नाना के घर चोरर आऊंगा काम पर जाने से पहले hi.”

विहान की जगह अशिता ने रट हुए विहान से चिपक कर कहा,

“No पापा भाई को कहीं मत भेजिए नाह प्लीज!”

विहान खामोश रहा.

अनिरुद ने कहा,

“आशु तुम किआ चाहती हो के मीडिया वाले हमारे घर के सामने जमा हो जाए और हमारा तमाशा बने?”

अशिता ने जवाब नहीं दिया बुसस विहान को और ज़ोर से जाकर रही थी.

तब कुछ देर बाद विहान ने कहा,

“पापा मैं आप के गाओं जाना ज़्यादा पसंद करूँगा, उस पीपल के पेयर को देखने का मैं कर रहा है, उस नदी के पास जाने को मैं कर रहा है, बड़ी भुआ से मिलने को मैं कर रहा है, ी वोउल्ड प्रेफर तो जो तो Dadaji’s प्लेस.”

अशिता ने और ज़्यादा रट हुए कहा,

“भाई मुझे चोरर के चले जाओगे तुम? तुमको मेरा परवाह नहीं है किआ?”

विहान ने तब अशिता को बाहों में भरते हुए कहा,

“आरी पगली दूर रहने से प्यार और ज़्यादा बढ़ता है, और फिर अब तो मोबाइल है तुम्हारे पास हम कांटेक्ट में रहेंगे, बात करेंगे, मेस्सगेस करेंगे, खूब चाट करेंगे हेहेहे!”

सुमन ने चहूंकते हुए पूछा,

“तेरे पास भी मोबाइल है आशु?”

तो अशिता ने कहा,

“हाँ भाई ने hi दिया गिफ्ट में मुझे.”

सुमन ने अनिरुद को देखते हुए कहा,

“देखा, दोनों मिले हुए हैं मुझे पता तक नहीं के उसस्के पास भी मोबाइल हैं!”

अनिरुद छुप रहा क्यूंकि उस्सको तो पता था.

अनिरुद नहीं चाहता था के विहान उसस्के पेरेंट्स के पास जाए मगर क्यूंकि विहान जाना चाहता था तो राज़ी हुआ मगर कहा,

“अब सोचना यह है के किआ कहेंगे वहां उन् लोगों से तुम क्यों वहां रहने आ रहे हो वो भी 3 साल के लिए?”

विहान ने कहा,

“मैं ने सोच लिया है पापा it’s वैरी इजी, मगर वो बात आप को कहना होगा वहां सभी से, क्यूंकि आप मुझे वहां चौररने के लिए जाओगे, और वो आप की डिसिशन होगी जिस्सको मैं मानूंगा!”

अनिरुद ने पूछा,

“और किआ कहना होगा मुझे उन् लोगों से?”

विहान: “आप कहोगे के मैं यहाँ ड्रग addict’s लोगों के संघात में पद गया हूँ इस लिए आप मुझे इन् लोगों से दूर कर रहे हो, कहना मैं उसी वजह से एक्साम्स में फ़ैल हुआ और कॉलेज जाना बांध किया तो आप को बेहतर लगा के मुझे कुछ साल के लिए वहां के अब ो हवा खाने के लिए चोरर जाए!”

अनिरुद ने खुश होते हुए कहा,

“वाओ व्हाट ा ब्राइट आईडिया यार, तुमने यह सोचा कैसे? कितना फिट बैठता है यह सब?”

विहान: “बुसस सोच लिया पापा, कुछ तो कहना पड़ता नाह उन् लोगों को, अगर नाना के यहाँ जाते तो भी एहि बात कहते आप!”

अशिता रोटी जा रही थी. और विहान उसस्के चेहरे को अपने हाथ से सहलाते जा रहा था, तो सुमन ने अपने बाहों को खोल कर अशिता को अपने पास बुलाया. अशिता विहान के पास से उठकर अपने माँ के गॉड में गयी. सुमन ने अशिता को ज़ोर से सीने से लगाते हुए उस्सको बहोत प्यार किया. अपनी जगह से विहान अशिता को देख रहा था और वो विहान को.

तब अनिरुद ने कहा,

“okay थें विहान जो पैक आल योर बैग्स एंड सो ों, सुबह 6 बजने से पहले निकलना होगा, ट्रैन से चैलेंज नाह? एयर टिकट के पैसे नहीं हैं मेरे पास. 400 कंस दूर जाना है पता है नाह, शायद रास्ते में बैंक कॉल करके मुझे या तो हाफ डे लेना पड़ेगा या फुल डे लीव.!”

विहान ने कहा,

“पापा आप मुझे स्टेशन चोरर कर वापस चले आओ मैं खुद वहां रीच हो जाऊंगा. वहां पहुँचते hi आप को कॉल करूँगा तब फ़ोन दादा दादी या बड़ी भुआ को दूंगा और आप सब समझा देना उन् लोगों को.”

अनिरुद ने कहा,

“नहीं ठीक नहीं लगता उस तरह मुझे. मुझे खुद वहां अपना शकल दिखाना hi होगा, और वैसे मुझे कुछ और करना है लगे हाथ वहां.”

अशिता सब सुन रही थी और विहान के चेहरे में गहरे जा रही थी. फिर उस्सने कहा,

“भाई लगता है के तुम ख़ुशी ख़ुशी जा रहे हो, तुम्हें मेरी कोई फ़िक्र नहीं है अब!”

सुमन ने अशिता से कहा,

“छुप कर उस्का जाना मुश्किल मत नाह कर तू!”

अशिता उठी और अपने कमरे के तरफ बढ़ते हुए कहती गयी,

“फिर ठीक है मैं hi तुम्हारे बैग्स को पैक करना स्टार्ट करती हूँ, मुझे पता है तुमको किआ किआ साथ लेजाना है!”

विहान का दिल बड़े ज़ोर से धड़कने लगा अब अशिता से दूर होने को सोच कर…. उस्सने लाउन्ज के वाल क्लॉक पर टाइम देखा के करीब बारह बजने को था और सोचा सुबह 6 बजे घर से निकलना है तो मतलब उसस्के पास सिर्फ 6 घंटे बचे थे अशिता के साथ रहने को. उस्सने अपने मम्मी पापा को गुड नाईट विश किया और चला गया अपने कमरे में अशिता के पीछे.

अंदर जाते hi उस्सने खड़े हुए पोजीशन में hi अशिता को बहोत ज़ोर से अपने बाहों में लिया और रोने लगा. अशिता भी ज़ोर से विहान को बाहों में भरके रोने लगी…. कुछ देर दोनों वैसे hi एक दूसरे को बाहों में लिए खड़े रहे बीएड के पास, विहान ने अशिता के सर को चूमा और उस्सकी थोड़ी उठके अपने चेहरे के तरफ किया और उस्का मुंह अपने मुंह से लगाया और दोनों किश करने लगे वहीँ खड़े खड़े. विहान के हाथ अशिता के पीठ पर फेरर रहे थे किश के दौरान, और अशिता भी वही कर रही थी विहान के पीठ पर. किश के बाद विहान ने बीएड पर एक सूटकेस में देखा के अशिता ने उसस्के कुछ कपडे आलरेडी दाल दिए थे तो कहा,

“चलो पहले पैकिंग कर लेते हैं थें वे विल मेक लव स्वीटहार्ट okay?”

तो दोनों लग गए विहान के इम्पोर्टेन्ट चीज़ों को उस सूटकेस में लगाने. कपड़ों को दाल दिए तो लास्ट में सूटकेस को निचे रखा और अशिता बीएड बनाने लगी. तब विहान ने पूछा, “मेरा शेविंग फोम और रेजर भी दाल दिए तुमने?”

“अशिता ने जीब को दांतों के बीच दबाते हुए कहा,

“ोोूपस्स नहीं डाला भूल गयी मैं!”

विहान गया उन् चीज़ों को लेने बड़बड़ाते हुए,

“बड़ी आयी मेरे सभी चीज़ों का पता रखने वाली!”

उस्सको सुन के अशिता ने हँस्ते हुए बेडशीट चेंज किये.

और आखिर में जब विहान ने अपने रेजर और शेविंग फोम, आफ्टर शेव, सब रख दिए तब पूछा,

“मेरे सभी ुंडेरवेअर्स रखे हैं नाह तुमने?”

अशिता ने कहा,

“हाँ सब रख दिए सिर्फ जो तुम ने अभी पहना हुआ है वो यहाँ रह जाएगा, या उस्सको भी दाल देगा सूटकेस में हीहीहीहीहीही!”

विहान ने कहा,

“नहीं मगर एक चीज़ नहीं लिया मैं ने….

अशिता ने पूछा, “किआ?”

विहान ने कहा,

“तुम्हारी एक पंतय और ब्रा!”

अस्शिता ने उसस्के चेहरे में देखते हुए कहा,

“पागल हो किआ तुम भाई?”

विहान ने कहा,

“नहीं ी मैं आईटी, गिव में ओने ऑफ़ योर पंतय एंड ब्रा, ी वांट तो फील थम व्हेन ी ऍम अलोन, तब फील करूँगा के तुम मेरे साथ हो!”

अशिता ने सोचा के वो मज़ाक कर रहा था मगर नहीं वो सीरियस था, तो अशिता अलमारी से अपनी एक पंतय और ब्रा लेकर उस्सको दिया जो विहान सूटकेस में रखने जा रहा था मगर रुक गया…. अशिता ने पूछा,

“अब किआ हुआ भाई?!”

विहान, सूटकेस पर झुका हुआ था और पीछे मुड़कर वहीँ से अशिता के चेहरे में देखते हुए कहा,

“No, इससे नहीं, जो तुमने अभी पहनी हुई है वो मुझे उतार कर दो, मैं उस्सको लेजाऊंगा अपने साथ!”

अशिता ने मुंह बनाते हुए कहा,

“व्हाट? छेईएएए, यह गंदे हैं इस्को धोना हैं!”

विहान ने कहा,

“तुझे किआ पता लिटिल सीस के इन् में मुझे तुम्हारे खुशभू आएंगे, ी विल स्मेल यू, थे रियल यू, योर बॉडी ओडोर इस स्प्लेंडिड स्वीटहार्ट, तुम्हारी पसीने की खुशभू को सुनहुंगा, तुम्हारे जिस्म की खुशभू मेरे लिए किआ मैने रखता है तुम नहीं समझोगी, बल्कि मैं वो सब ले जाऊंगा जो कुछ अभी तुमने पहनी हुई है, तुम्हारी यह ड्रेस bhi….sab उतारो कम्प्लीटली और एक अलग प्लास्टिक बैग में बांध कर सूटकेस में डालो, अच्छी तरह से प्लास्टिक बैग को बांधना ताके उसस्के अंदर से ओडोर बाहर नाह जाए…..

तो बे कॉन्टिनोएड इम्मेडिएटली इन थे नेक्स्ट पोस्ट
 
अपडेट 57 नाईट ऑफ़ ेरोटिकिसम

अशिता ने अपने कपडे उतारे, विहान उस्सको रिकॉर्ड करने लगे…. जब अशिता ने ड्रेस उतार दिए और ब्रा और पंतय में थी तो विहान ने उस्सको रुकने को कहा और ज़्यादा करीब आकर अशिता को क्लोज़अप में शूट करने लगा फिर अशिता से कहा के धीरे धीरे ब्रा के स्ट्रैप्स को काँधे से निचे करे बिना उन्हुक किये जिसको विहान ने रिकॉर्ड किया फिर अशिता को टर्न करने को कहा तब उस्सकी पीठ को शूट किया उस्सकी बाज़ू पर ब्रा के स्ट्राप लटके हुए थे तब कहा अब

“पीठ पर ब्रा को उन्हुक करो स्वीटहार्ट,”

अशिता के पीठ पर उस्का हाथ ब्रा को उन्हुक करते हुए रिकॉर्ड करते हुए दिखाई दिए स्क्रीन पर… तब विहान ने अशिता को आगे घूमने को कहा, जब वो टर्न हुई तो विहान ने कहा,

“अब आहिस्ते आहिस्ते ब्रा की कप को बूब से सरकने दो, वैरी सलौली मैं सब कैप्चर कर रहा हूँ, तुम्हारे बूब्स को बिल्कुल आहिस्ते आहिस्ते जैसे स्लो मोशन में रिकॉर्ड करूँगा बेबी….”

उस वक़्त अशिता एक शाय मॉडल की तरह दिख रही थी, जैसे नेवसोमेर है मॉडलिंग की दुन्या में और शर्माते हुए सब एक्शन को किये जा रही थी कभी कैमरा में देखते हुए तो कभी विहान के चेहरे में देखते हुए. और जब ब्रा निकल गयी तो अशिता ने अपने हाथ में कप को होल्ड करते हुए हाफ बूब्स को ढांकते हुए विहान को एक स्माइल के साथ देखा तो विहान ने कहा,

“अब निचे गिररने दो ब्रा को और कैमरा में देखते जाओ वैसे hi इसी लुक के साथ…”

अशिता ने वही किया, फिर अपने बाल को हाथ से पीछे से करते हुए अपने सामने किया अशिता ने जिस से थोड़ा सा बूब्स कवर हुए, उस हाथ की मूवमेंट को विहान ने रिकॉर्ड करते हुए सर ऊपर उठाकर अशिता के चेहरे में देखा के वो कितनी सेक्सी दिख रही थी और उस से कहा,

“स्वीटहार्ट, अपने बालों को वापस पीछे करो जैसे के अब मुझको बूब दिखाना चाहती हो, ी मैं कैमरा को बूब दिखाना चाहती हो इस लिए बाल को धीरे से अपने हाथों से, कुछ अदा के साथ पीछे करो, दो या तीन बार में थोड़ा थोड़ा करके बाल को पीछे करो, it’s super-hot बेबी!”

अशिता ने थोड़ा मुस्कुराया फिर अपने निचे वाले होंठ को दांत में दबाते हुए अपने बालों को तीन हिस्से करके तीन बार अपने कांड के पीछे किया जिस से उसस्के दोनों बूब बिल्कुल नुदे सामने आये और विहान ने रिकॉर्ड किया.

और कमरे में देखते हुए खिलखिला कर हँस्ते हुए अशिता ने अपने हाथ से कैमरा को कवर करते हुए कहा,

“किआ भाई अब बुसस करो नाह कितना रिकॉर्ड करोगे, मुझे शर्म आ रही है स्टॉप नाउ!”

विहान ने कहा,

तुम्हारे बूब्स थोड़ा सा और बड़ा हो गया है अब नाह?”

विहान का जमके खड़ा हो चूका था सब रिकॉर्ड करते हुए और अपने घुटनों पर आगया अशिता के सामने और उसस्के नितम्बों को बाँहों में भरते हुए अपने चेहरे को अशिता के पंतय पर किया, उस्सको चूमते हुए…. अशिता कड़ी थी, विहान घुटनों के बल उसस्के सामने था उस्सकी पुसी को, पंतय के ऊपर से hi, चुम रहा था और हलके से जीब निकाल कर छठा पंतय को… अशिता ने अपने दोनों हाथों को विहान के सर पर किया और उसस्के बालों को अपने उँगलियों में जकरा और खुद अपने सर को छत के तरफ उठा कर देखते हुए एक धीमी सिसकारी चोररटे हुए पतली सी आवाज़ में कहा,

“ऊऊफफफ भाई…. ुउउइइइइइ, ऐसा मत करो नाह, चोरो मुझे… भईईईई”

तब तक विहान के उँगलियाँ अशिता के कमर पर उस्सकी पंतय के इलास्टिक के बीच जा चुके थे और धीरे धीरे अशिता की पंतय को नकिहे करने में लग गए थे…. अशिता ने अपने पथ को ज़्यादा ज़ोर से दबाया विहान के चेहरे पर और एक हाथ से अपनी पंतय को थाम लिया तो विहान सर ऊपर उठा कर उस्सको देखते हुए पंतय को चौररने को कहा… अशिता थोड़ा मुस्कुरा रही थी, थोड़ा शर्मा भी रही थी और थोड़ा बचपना दिख रहा था उसस्के चेहरे में उसस्के समझ में नहीं ारः था के किआ करें…. फिर उस्सने पंतय चोरर दिया और विहान पंतय को आहिस्ते आहिस्ते निचे करता गया और उस्का चेहरा अशिता के पुसी पर गया जिस दम पंतय निचे उतर रहे थे….

अपने जीब से पुसी के ऊपर छाता विहान ने और अशिता के चेहरे में ऊपर नज़र करके देखते हुए कहा,

“तुमने वैक्सिंग किया है किआ?”

तब तक पंतय अशिता के पाऊँ तक रीच होगये थे और विहान ने अशिता को तंग ऊपर उठाने को कहा पंतय को निकालने के लिए तो एक एक करके अशिता ने पेयर ऊपर किये और विहान ने पंतय को अब नाक से लगाया और सुंगा, फिर प्लास्टिक बैग में डाला, उस में अशिता की थोड़ा सा गीलापन आ चूका था, वही विहान चाहता था पंतय में रखने को…..

दोबारा अशिता के पुसी को चूमा और छाता विहान ने और फिर पूछा,

“शेव किया है या ट्रिम करती हो बेबी?”

अशिता के पुरे बदन में जैसे करंट लगती हुई फील होने लगी और कांपने लगी फिर काम्पटी आवाज़ में कहा,

“भाई मैं वैक्सिंग नहीं करती बहुत दर्द होता है सिर्फ एक बार तरय किया था, शेव करती हूँ तुम्हारे hi रेजर से वो तो तुमने ले लिया मुझे अब दूसरी खरीदना पड़ेगा”

विहान ने कहा,

“5 साल पहले तुमको शेव करना सिखाया था नाह? तो क्यों वैक्सिंग तरय किया था तुमने, ऑफ़ कोर्स दर्द होगा, शेविंग इस ीसिएर, और हमेशा शेव करना चाहिए, इतस हाइजीनिक, कीप आईटी क्लीन ऑलवेज स्वीटहार्ट.”

और तब विहान ने अपने जीब को अशिता की पुसी के बीच किया कुछ थूक से भिगोते हुए, और अशिता खुद बा खुद टोएस पर कड़ी हो गयी, वो वैसे करना नहीं चाहती थी मगर ऑटोमेटिकली उस्सकी पेयर उठ गए और उस्सकी बदन के सारे रोवाण खड़े हो गए उस्सको एक ठण्ड फील हुई पुरे बदन में तो विहान के सर के बालों को मुठी में भरते हुए अशिता ने फिर कांपते आवाज़ में कहा,

“भाई ी ऍम शिवेरिंग, देखो कैसे कांप रही हूँ मुझको बहोत कोल्ड फील हो रहा है, ी हैवे गूस बम्प्स भाई स्टॉप प्लीज!”

मगर तब तक विहान का जीब अशिता की पुसी के पंखुरियों के बीच जा चूका था और उस्सको सालती टास्ते फील होने लगा था जीब पर, अशिता बिल्कुल गीली हो चुकी थी!

अशिता के टांगें थरथरा रहे थे, वो कड़ी नहीं हो पा रही थी अब, तो विहान ने उस्सको उठा के बीएड पर लेटाया और अपने कपडे उतारे. वो भी बिल्कुल नंगा हो गया, उस्का औज़ार तन्ना हुआ लम्बा खड़ा था, अशिता के हाथ पाकर के विहान ने अपने लुंड पर किया जिस्सको अशिता ने थामा अपने होंठों को दांतों में दबाते हुए….

और विहान ने कहा,

“एक 69 पोज़ करते हैं, यू टेक में इन योर माउथ एंड ी विल एक्स्प्लोर यू तेरे….”

अशिता ने कुछ नहीं कहा बुसस साइड पर लेट गयी, और विहान भी साइड में होकर अपने सर को अशिता के टांगों के बीच किया. और उस तरफ अशिता की जीब विहान के लुंड को टच किया…..

विहान ने अपने उँगलियों से अशिता की पंखुरियों को अलग किया और जीब को उस्सकी गीली योनि पर लगाते हुए छाता और जीब की टिप को जैसे अंदर डालने की कोशिश में लग गया; जिस से अशिता ने खुदबखुद अपने टांगों को अलग करते हुए उस्सको पोजीशन दे दिए वो सब करने के लिए.

विहान का जीब अशिता के अंदर जाने की कोशिश में था और अशिता के मुंह में उस्का लुंड जा चूका था, वो विहान को चुस्सने लगी थी और बेहाल जैसे होने लगी, थी अपने भाई को अपने जाँघों के बीच दबाते हुए…..

दोनों एक दूसरे को lick/suck करते गए कुछ देर तक, फिर अशिता और कांपने लगी बीएड पर hi, जिस से विहान को डिस्टर्बेंस फील हुआ क्यूंकि अशिता की जाँघों के बीच जो दबा हुआ था और जोश में आकर अशिता उसस्के गर्दन दबा रही थी अपने जाँघों के बीच…. तो विहान ने कहा,

“अपने पीठ पर लेट जाओ नाह बेबी, और टांगों को फैला दो अब….”

अशिता ने नाह चाहते हुए भी वो किया….

तब विहान, को बेहतर पोजीशन मिला उस्सकी पुसी एक्स्प्लोर करने के लिए. इस बार विहान अपने ऊँगली को पुष्य के होल में इंट्रोडस करने की कोशिश में था तो झटक कर अशिता ने कमर को एक तरफ किया उसस्के लुंड को मुंह से निकाल कर और कहा,

“व्हाट अरे यू दोंग? अपने ऊँगली से मुझको पेनेत्रते करोगे किआ भाई?!”

तब विहान ने पुरे जीब से पुसी को छाता तब ऊपर गया अशिता के बूब्स को मुंह में लिए एक एक करके, दोनों बूब्स को दबाते हुए चूसा, फिर चेहरे के पास गया और उसस्के मुंह को अपने मुंह में ले लिया किश करते हुए… वो अब अशिता के ऊपर था, उस्का तन्ना हुआ लुंड अशिता के पुसी के ऊपर था, अशिता ने दोनों जाँघों को सत्ता के रखा हुआ था जैसे विहान को अंदर घुस्सने से रोके ने के लिए. अशिता के दोनों बाज़ू विहान के काँधे से होकर उसस्के पीठ पर उँगलियाँ गदा रहे थे, जबकि विहान के दोनों हाथ अशिता के नीस थे ज़ोर से उस्सको जाकर हुए….

विहान का लुंड रागढ रहा था अशिता की योनि के ऊपर किश करते हुए तो विहान ने एक हाथ से उस्सकी एक तंग को अलग किया….. अशिता ने उस्सको करने दिया, जब दोनों अशिता के जाएंगें सट्टे हुए थे पहले से अब अशिता ने एक तंग को अलग होने diya…kia वो विहान को पेनेत्रते करने देने के लिए वैसा कर रही थी? किआ आज अशिता विहान को अपने अंदर लेना चाहती थी?

विहान थोड़ा हांफने लगा था, दोनों के दिल की धड़कनें बढ़ने लगे थे और विहान ने कुछ ज़्यादा अलग किया अशिता के टैंगो को, फिर अशिता ने खुद अपने टैंगो को फैला दिया बिल्कुल…. तो जल्दी से विहान ने अपने लुंड के टिप को उस्सकी पुसी के बीच रगड़ा उस्सकी गीलापन को अपने लुंड पर फील किया विहान ने तब आहिस्ते से उस्सकी चढ़ पर लुंड को दबाते हुए विहान ने अंदर डालने की कोशिश किये……

अशिता ने ेंखें बांध कर लिए और खुद अपने हाथ से विहान के लुंड को पाकर कर अपने पुसी की चढ़ पर दबाया तो विहान को इजी हुआ अंदर घुसने को और उस्सने पुश किया हलके से, अशिता ने ‘उफ़’ किया और विहान ने ज़ोर लगाया पुश करते हुए कमर पर ज़ोर देते हुए…. और होना किआ था भाई का लुंड बेहेन के चढ़ के अंदर ग़ुस्सा और अशिता की आवाज़ निकली.

“आआआहहहहह ऊऊफफफफफ भईईईई स्स्स्सस्श्शश”

विहान ने और ज़ोर लगाया और उस्का पूरा लुंड अशिता के अंदर समां गया जिस से अशिता के ेंख से पानी निकल गए और उस्सने विहान को इतना ज़ोर से बाहों में जकरा के विहान को ऐसा लगा उस्का दम घुट रहे थे… एक hi ढके में वो अशिता के अंदर जा चूका था, और ठहर गया अंदर घुस कर, वापस नहीं खिंचा, अशिता के अंदर घुस कर उस्सकी अंदर की गर्माहट को फील कर रहा था अपने लुंड पर…..

अशिता की ेंखें बांध रही कुछ देर और वो भी विहान के मोठे औज़ार को अपने अंदर फील कर रही थी पहली बार… जिस चीज़ को वो बरसों से छूटे आयी थी, जिस्सको चूमते, चूस्ते आयी थी आज उस चीज़ को अपने जिस्म के अंदर फील कर रही थी अशिता फॉर थे फर्स्ट टाइम इन हेर लाइफ!!

दोनों हांफ रहे थे उस पोजीशन में जैसे फ्रीज होकर. अशिता हमेशा से सोच रही थी और खुद से कहती आ रही थी इतनसे सालों से के, ‘यह इतना मोटा है यह कैसे मेरे अंदर घुसेगा, नहीं घुस पाएगा, कभी नहीं जाएगा मेरे अंदर’ और आज जब वो उसस्के अंदर ठहरा हुआ था अशिता को जैसे यकीन नहीं हो रहा था के वो मोटा, लम्बा सा गुड्डा उसस्के अंदर जा चूका है और उस्सको बाखूबी महसूस कर रही थी अशिता.

विहान ने तब अशिता के होंठों को चूमते हुए कहा,

“कैसा फील हो रहा है बेबी? दर्द हुआ?”

अशिता ने तब ेंखें खोले और विहान के चेहरे में देखते हुए हाँ में सर हिल्लायी और कहा,

“तुमको वहीँ रहने का इरादा है किआ भाई?”

विहान ने अशिता के गालों को चूमते हुए कहा,

“मुझे डर लग रहा है के तुमको और दर्द होगा जब अंदर बाहर करूँगा तो, तुमको दर्द नहीं देना चाहता बेबी! मैं उस्सको निकाल लेता हूँ okay?!”

अशिता मुस्कुराई और वापस विहान को चूमते हुए कहा,

“No, it’s okay तुम करो जो करना है तब निकललना मैं सेह लुंगी मूकः!”

विहान ने पूछा,

“अरे यू सूरे? चिल्लाओगे तो नहीं नाह बुसस 5 या 6 बार अंदर बाहर करने से हो जाएगा ी ऍम सूरे, ी ऍम वैरी एक्ससिटेड राइट now…balke डर है के वहीँ नाह झाड़ जॉन अभी!”

अशिता ने कहा,

“ओह no? Don’t दो तहत, कण्ट्रोल करो भाई बिफोर यू ेजकुलाते बाहर जल्दी से निकालना, ी don’t वांट तो गेट प्रेग्नेंट नाउ…. Okay यू स्टार्ट नाउ एंड हुर्री उप बाहर निकालने के लिए इस से पहले के तुम ेजकुलाते करो…..!”

और विहान ने एक बार खिंचा, फिर पुश किया, फिर खींचा फिर पुश किया सब गहराई से फील करते हुए और कई बार वैसे पुश किया और तेज़ी के साथ बाहर खिंच कर निकला और उस्का सारा पानी अशिता के पथ पर पिचकारी मारते हुए अशिता को लतपथ कर दिया उसस्के गर्दन तक बल्कि कुछ करते उस्सकी बालों तक गए…. अशिता ओर्गास्म में डूबी हुई थी जिस दौरान विहान ने छाती बार पुश किया था अशिता अपने पीक रीच हो चुकी थी सब फील करते हुए और जिस वक़्त विहान पिचकारी चोरर रहा था अशिता जैसे एक दूसरी दुन्या में थी उस्सको लगा के वो बेहोश होकर वापस अपने सेंसेस में आयी थी, हांफ रही थी और एक दर्द और ख़ुशी का मिलाप जैसा फील हो रहा था अशिता को….

कुछ देर तक विहान अशिता के ऊपर वैसे hi ठहरा रहा, दोनों एक दूसरे को बाहों में भरे हुए थे, हांफना बांध हो गया था और विहान के ेंख लग गए उसी पोजीशन में एशिया के ऊपर. मगर अशिता जाएगी हुई थी उस्सको एक जलन से फील हो रही थी निचे, और उस्सको पता था के ब्लीड हुई होगी और बेडशीट पर खून के दाग लगे होंगे……

कोई 5 मिनट्स के बाद अशिता ने विहान को हिलाते हुए जगाया और हटने को कहा, विहान पलट कर अपने पीठ पर हुआ तो जल्दी से अशिता उठ कर अपने जाँघों को फैला कर देखने लगी हाँ बेडशीट पर खून के कुछ कतरे लगे हुए थे और उस्सकी जाघों के बीच भी थोड़ा सीमेन और खून के मिक्सचर नज़र आये…. अशिता उठकर वाशरूम गयी खुद को साफ़ करने, और ठंडी पानी से धोया खुद को उस जलन को मिटाने के लिए…..

जितनी देर अशिता वाशरूम में थी यहाँ विहान गहरे नींद में था. अशिता वापस आकर उस्सको जगाया और बेडशीट चेंज किया उस्सको खून के ढाबे दिखाते हुए और कहा के अभी hi उस्सको वाश करना पड़ेगा वार्ना कल मम्मी को पता चल जाएगा.

अशिता गयी चादर को धोने उन् हिस्सों को धोया जहाँ खून लगे हुए थे, वापस आयी तो विहान फिर नींद में था. अशिता ने बड़े प्यार से उस्सको बाहों में लिया, किश किया और उसस्के सिरहाने तकिये लगा कर खुद सोने गयी अपने भाई को बाहों में भरके…… अशिता सोचने लगी आज उस्सकी सुहाग रात थी….

अशिता को नींद नहीं आरही थी. सुबह के 2 बज गए थे,4 घंटे बाद विहान को उठना था और हमेशा के लिए अशिता को चोरर के जाना था…. अशिता की ेंखें भर आयी यह सोच कर के सुहाग रात के बाद सब कपल्स एक साथ रहते हैं दूसरे दिन को और उस्सकी फूटी किस्मत के उस्सकी सुहाग रात के बाद उस्सको अपने साथी से दूर होना पारर रहा था!!!!!

तो बे कॉन्टिनोएड….(4200 वर्ड्स फ्रॉम बोथ उपदटेस)
 
अपडेट 58 अशिता डीड्स

अशिता को नींद नहीं आरही थी. सुबह के 2 बज गए थे,4 घंटे बाद विहान को उठना था और हमेशा के लिए अशिता को चोरर के जाना था…. अशिता की ेंखें भर आयी यह सोच कर के सुहाग रात के बाद सब कपल्स एक साथ रहते हैं दूसरे दिन को और उस्सकी फूटी किस्मत के उस्सकी सुहाग रात के बाद उस्सको अपने साथी से दूर होना पारर रहा था!!!!!

अब आगे….

अशिता बहोत बेचैन थी उसस्के ेंखों से नींद कोसों दूर थे, तो वो सोचने लगी के विहान उठेगा तो रश में होगा और चला जाएगा तो उस से ठीक से मिल भी नहीं पाएगा, इस लिए अशिता के लिए यह बहोत ज़रूरी था के वो विहान से थोड़ी देर कुछ प्यार भरी बातें कर सके, तो उस्सने विहान को जगाने को सोचा.

अब विहान सोया क्यों था? वो कहते हैं नाह के सेक्सुअल इंटरकोर्स एक ड्रग की तरह होती है जिस से मस्त नींद आती है और थकान दूर होता है? वही हुआ था उसस्के साथ, केमिकल रिएक्शंस होते हैं ब्रेन में, बॉडी के सब मसल्स रिलैक्स होते हैं एजकलशं के बाद, और ब्रेन के रिलैक्स होने की वजह से अच्छी नींद अति है, इसी लिए विहान को वैसा नींद आगया था.

अशिता को भी वैसे hi नींद आ सकती थी, मगर उस्सकी पहली पेनेट्रेशन हुई थी और उस ने दिमाग़ में बसा लिया था के विहान उस से दूर होगा तो मतलब उस्सकी फोकस कहीं और थी, तो उस्सकी ब्रेन दूसरी तरफ मूढ़ गयी थी, यह अशिता ने खुद किया था, अगर अशिता उस वक़्त वाशरूम नहीं जाती और बीएड पर विहान के साथ लेती रेहन्ती तो बेशक वो भी गहरी नींद में होती.

आखिर में अशिता ने विहान को हिलाते हुए जगाया, विहान सिर्फ करवट बदल रहा था कुछ ‘हम्म्म हैं’ करते हुए…. और अचानक जाएगा यह पूछते हुए, “सुबह हो गयी किआ?!”

तो अशिता ने उसस्के छाती पर अपना सर सत्तत्ते हुए कहा,

“हम्म्म नहीं अभी वक़्त है मुझे तुमसे बात करनी है भाई मगर तुम सो गए, कुछ घंटे बाद हम अलग होने वाले हैं मुझसे ठीक से बात भी नहीं किया तुमने, मुझे बहोत साद फील हो रहा है भाई, एक घुटन सी फील हो रही है यह सोच कर के कल के बाद मैं तुमको नहीं देख पाऊँगी और हर रात को इस रूम में अकेली रहूंगी, मुझे रोना ारः है भाई!”

विहान ने अशिता को ज़ोर से अपने बाहों में जकरते हुए और उस्सको चूमते हुए कहा,

“आरी मेरी डार्लिंग वाइफ, हम हर रात देर तक चाट करेंगे, व्हाट्सअप पर वीडियो कॉल करेंगे, एक दूसरे को देखेंगे, सेक्स चाट भी करेंगे बड़ा मज़ा आएगा देख लेना!”

उस वक़्त विहान नंगा था मगर अशिता ने अपनी निघ्त्य पेहेन लिए थे बिना ब्रा और पंतय के, तो उस पोजीशन में विहान अशिता की फुल बॉडी को अपने जिस्म पर फील कर रहा था और अशिता ने कहा,

“हम्म देखो तुम्हारा वो फिर से मोटा हो गया और मेरे जाँघों के बीच दबा हुआ है भाई! – और हाँ मैं नहीं करने वाली कोई सेक्स चाट वैट तुमसे, और तुम कैसे वो सब करोगे? पता नहीं कौन तुम्हारे साथ होगा वहां रूम में?!”

विहान ने अशिता के जांघों के बीच अपने लुंड को डाला और अशिता से उस्सको अपने जाँघों के बीच दबाने को कहा, और ऊपर उसस्के गर्दन पर जीब फरते हुए कहा,

“अरे हाँ वहां पता नहीं मुझे एक रूम अकेले सोने के लिए मिलेगा या नहीं मगर मैं वो मांगूंगा ज़रूर, मिल जाए तो बड़ा मज़ा आएगा रात को तुमसे वीडियो चाट करके, यू विल शो में एव्री part ऑफ़ योर बॉडी ों सीएएम हेहेहे!”

अशिता ने थोड़ा नखरें करते हुए अपनी मुठी से उसस्के छाती पर मारते हुए कहा,

“No, ी विल नॉट शो यू एनीथिंग हम्म्म!”

तब विहान फिर चढ़ गया अशिता के ऊपर, फिर अशिता ने उस्सको धकेलते हुए कहा,

“ओह no, नॉट एनीमोर, अभी कुछ मत करना अब, मुझे वहां जलन हो रही है, it’s वैरी सेंसिटिव ओवर तेरे, एंड ी ब्लेड यू क्नोव भाई!”

विहान ने उस्सको फिर किश करते हुए कहा,

“ऑब्वियस्ली यू वोउल्ड ब्लीड सीन्स यू वेरे ा वर्जिन, एंड हे बेबी थैंक्स फॉर गिविंग थे विर्जिनिटी तो में मुऊआआह”

अशिता ने कहा,

“हम्म हमारा सुहाग रात जैसा था नाह भाई? है के नहीं?!”

विहान खुश होते हुए,

“यस, स्वीटहार्ट अब्सोलुतेल्य लिखे थे फिस्ट नाईट आफ्टर ा वेडिंग, ऐसा hi फील होता होगा नाह शादी की फर्स्ट नाईट को?!”

अशिता ने तब दिल की बात कही,

“हम्म मई बे, बूत भाई हर सुहाग रात के दूसरे, तीसरे, चौथे दिन मैरिड कपल एक साथ रहते हैं, एक क्लोसनेस्स होता है, मगर तुम तो मुझसे दूर जा रहे हो, कल दिन को तुम मेरे साथ नहीं रहोगे…..” और अशिता रोने लगी यह कहकर.

यह सुनने के बाद विहान ने अशिता को बहोत ज़ोर से अपने सीने से चिपकाया और हज़ारों चूमियाँ देते हुए उस से कहा,

“आशु प्लीज don’t क्राई माय लव, हम जितना दूर होंगे उतना hi हमारा प्यार गहरा होगा देखना!”

रट हुए hi अशिता ने कहा,

“मैं नहीं रह पाऊँगी तुम्हारे बग़ैर भाई! मैं स्टडीज में भी नहीं कंसन्ट्रेट कर पाऊँगी भाई….”

विहान ने उस्सकी पीठ सहलाते हुए कहा,

“No, no, no स्टडीज तुमको जमके करना होगा बेबी, कुछ भी हो यू विल हैवे तो वैरी इन्तेंसेलय कंसन्ट्रेट ों आईटी, ी वांट यू तो एक्सेल इन योर स्टडीज, मैं तो नहीं पढ़ सका तुमको मेरे हिस्से का भी पढ़के सभी एक्साम्स पास होना है विथ बेस्ट रिजल्ट्स पॉसिबल! यू विल हैवे तो!!”

अशिता: “मगर भाई तुमसे दूर होक मैं सिर्फ तुम्हारे ख्यालों में रहूंगी, अभी जो हमने किया उसस्के बाद मुझे तुम्हारी ज़रुरत और भी ज़्यादा होने लगेगा, तो मैं कैसे रह पाऊँगी तुम्हारे बिना?!”

विहान: “लो! इस्सके मतलब वे शुड नॉट हैवे दोने थिस थें यू मैं? सच में हमको यह नहीं करना चाहिए था , it’s ा मिस्टेक वे हद पेनेट्रेशन!”

अशिता ने तब विहान के गर्दन को चूमते हुए कहा,

“नहीं यह बात नहीं है, ाचा हुआ यह किया, ी लव्ड आईटी, ी वांटेड आईटी इसी लिए तो करने दिया तुम्हें, बूत नाउ ी फील ी वांट यू तो स्टे विथ में मोरे थान एवर!”

विहान: “बूत वे हैवे no वे आउट, वे हैवे तो बे सेपरेटेड, no इतर वे स्वीटहार्ट, व्हाट ेल्स कैन वे दो नाउ?!”

अशिता के चेहरे में अचानक एक चमक दिखी और कहा,

“अगर मैं भी एक हफ्ते के लिए, सिर्फ एक हफ्ते के लिए तुम्हारे साथ जॉन और हम एक साथ एक हफ्ता गुज़ारे वहां तो कितना मज़ा आएगा क्यों? आईडिया अछि है नाह?”

विहान ने हैरत से उस्सको देखते हुए कहा,

“आईडिया इस गुड बूत किआ यह हो पायेगा? पापा और मम्मी नहीं मानेंगे, और तुम्हारा कॉलेज? No, यू विल मिस लोट ऑफ़ क्लासेज बेबी!”

अशिता ने खुश होते हुए कहा,

“भाई, नोट्स ले लिया करुँगी प्रिय से व्हाट्सअप पर एंड रेविसिओं भी हो जाएगा वैसे, एंड थें भाई हमारा हनीमून ट्रिप भी हो जाएगा बहोत मज़ा आएगा भाई ज़रा सोचो आज हमारी पहली रात थें ट्रिप तो गाओं ों हनीमून, आईटी विल बे वंडरफुल भाई. ी विल एन्जॉय तहत सो मच थें, तब मेरा एक सपना पूरा होगा जैसे के सुहाग रात के बाद हम दोनों हनीमून पर गए एक साथ!”

विहान ने कहा,

“It’s डिफिकल्ट तो कन्विंस पापा इन थे मॉर्निंग स्वीटहार्ट, मम्मी भी नाराज़ होगी, वो नहीं मानेंगे देख लेना”

“मानेंगे, मैं ज़िद करुँगी के मैं भी तुम्हारे साथ जाउंगी, चलो मैं अपनी सामान भी पैक करना शुरू करती हूँ अभी hi, तब सुबह को दोनों तैयार होकर निकलेंगे और कहेंगे हम दोनों hi जा रहे हैं हीहीहीहीही, वो लोग ज़रूर मान जाएंगे!” यह कहकर अशिता बीएड से निकली और एक और बैग में अपने कपडे रखने लगी, कुछ बुक्स और कॉपी बुक्स के साथ.

विहान बड़े हैरानी के साथ अशिता को अपने बैग पैक करते हुए देखने लगा यह सोचते हुए के सुबह को उसस्के मम्मी पापा कैसे रियेक्ट करेंगे. वो अशिता को डिस्कुरागे तो नहीं करना चाहता था मगर उस्सको यह ग़लत लग रहा था के अशिता वैसा कर रही थी. वो बाखूबी समझ रहा था के अशिता कैसा फील कर रही होगी उस से दूर होने पर, और यह भी समझ रहा था के सेक्सुअल एनकाउंटर के बाद hi अशिता ने ऐसा सोचना शुरू किया और सच में सुहाग रात के बाद तो सभी कपल्स एक साथ रहते हैं कई दिनों तक इसी लिए अशिता उन् फीलिंग्स को मिस नहीं करना चाहती थी, यह सब समझते हुए विहान ने अशिता को बैग पैक करने दिया मगर उस्सको यकीन था सुबह को अशिता को बहुत ठेस पहुँचने वाला है क्यों के वो उसस्के साथ नहीं जा पाएगी.

तो बे कॉन्टिनोएड इम्मेडिएटली इन थे पोस्ट
 
अपडेट 59 थे प्लान तो बे टुगेदर

विहान उठ कर अपने कपडे पहने जा रहा था तो झट से अशिता ने उस्का अंडरवियर उठाते हुए कहा,

“मैं भी तुम्हारे इन् कपड़ों को अपने पास रखूंगी जैसे तुमने मेरे उतारे हुए कपडे रखे हैं, ी विल आल्सो फील एंड स्मेल यू इन थम, तुम कोई और अंडरवियर निकालो और पेहेन लो!”

विहान ने मुस्कुराते हुए कहा,

“मगर अब तो तुम साथ चलोगी तो it’s ऑफ़ no उसे, वो तो दूर होने पर रखना है, तुम्हारे उतारे हुए कपडे अब वापस रखदो धोने के लिए…. जब हम अलग होंगे तब देना अपने ुसेड कपड़ों को मुझे!”

फिर अशिता ने विहान के जांघों को देखते हुए कहा,

“देखो ब्लड स्टाइन तुम्हारे बॉडी पर भी है, that’s माय ब्लड, सुख गए हैं तुम्हारे बॉडी पर, डिक पर भी है लुक!!”

तब विहान ने सर झुकाते हुए देखा और कहा, “अरे हाँ, ओह माय गॉड, थी अरे स्लुइस ऑफ़ थे सुहाग रात वे हद हहहहए! मैं नहाने जा रहा हूँ, तब सुबह उठ कर नहीं नहाना पड़ेगा…”

तो अशिता मुस्कुराते हुए बोली,

“तुमने कई बार मेरे साथ नहाने के लिए कहा था नाह, चलो आज एक साथ नहाते हैं….”

विहान ने कहा,

“आरी पगली मां डैड घर पर हैं उनको पता चल सकता है रात के 3 बजे हम दोनों एक साथ बाथरूम में, कुछ तो शोर होगा जिस से उनके नींद टूट जाएंगे!”

अशिता ने नटखट आवाज़ में कहा,

“ोफो भाई जब तुम चाहते थे तो मैं मन करती थी अब जब मैं चाहती हूँ तो तुम मन कर रहे हो, किआ यार!”

और खड़े पोजीशन में hi विहान ने अशिता को गले लगाते हुए कहा,

“स्वीटहार्ट, एक बात सोचो, पापा और पूजा भुआ के साथ किआ किआ हुआ था उस गाओं में जहाँ तुम मेरे साथ जाना चाहती हो, हम भी बरोथेर सिस्टर हैं, उस घर में वहां भाई बेहेन के बीच hi इतना बड़ा काण्ड हुआ था, और हम दोनों वापस वहां जा कर एहि सब करेंगे तुमको नहीं लगता के हम हिस्ट्री रिपीट करने जा रहे हैं वहां, किसी नाह किसी को तो इस बात का डाउट हो सकता है के यह दोनों भी भाई बेहेन हैं और पापा और भुआ भी वैसे hi थे तो अगर किसी ने उस नज़रिए से हमको देखा और हम पर नज़र रखे तो किआ होगा? इतस वर्थ ा थॉट, सोचो ज़रा!!”

यह सुनकर अशिता खामोश होकर सोचने लगी. कुछ देर दोनों बिल्कुल खामोश रहे….

फिर अशिता ने कहा,

“चलो प्लान चेंज करते हैं, हम दोनों एक हफ्ते के लिए अपने हनीमून को नाना नानी के यहाँ गुज़रते हैं, थें आफ्टर 1 वीक यू जो तो दादा ji’s प्लेस, हाउ इस तहत? मुझे तो मतलब है एक हफ्ता तुम्हारे साथ रहने को भाई, किआ तुमको नहीं लगता के जो हम ने किया उसस्के बाद हम दोनों को कुछ दिनों तक साथ रहना चाहिए hi चाहिए?! किआ तुम में वो फीलिंग नहीं है भाई? किआ तुमको एक खालीपन नहीं फील हो रहा के सेक्सुअल इंटरकोर्स के बाद हमको ात लीस्ट कुछ दिनों तक एक साथ रहना चाहिए भाई?!”

विहान ने कहा,

“मैं सब समझता हूँ और मुझे भी बहोत ख़ुशी होगी एक साथ रहने में बेबी, मगर अब दादा के बजाये पापा से यह कहेंगे के हम नाना के यहाँ जा रहे हैं तो वो किआ सोचेगा अब, उस्सने कहा के उस्सको कुछ काम हैं वहां पर!”

अशिता ने अपने टोएस पर खड़े होते हुए विहान को किश करते हुए कहा,

“मैं पापा को समझाउंगी के हम दोनों कुछ दिन एक साथ रहना चाहते हैं इस लिए हम नाना जी के यहाँ जाएंगे उसस्के बाद तुम दादा के गाओं जाओगे. ठीक है?!”

थोड़ी ज़िद्दी थी अशिता यह विहान को पता था, और विहान यह भी जानता था के वो सुबह को अपने पापा को मन भी लेगी, और उस्का पापा मान भी जाएगा शायद. तो विहान ने ok कहा और दोनों एक साथ बाथरूम गए नहाने के लिए आहिस्ते आहिस्ते चलते हुए ताके उनके पेरेंट्स को कुछ पता नाह चले.

बाथरूम में दोनों बिल्कुल नंगे थे, और विहान को अशिता को वैसे नुदे देख कर रहा नहीं जाता तो उस्का जमके खड़ा hi रहा जिस्सको देख कर अशिता हस्ती रही हर बार…. अब वाशिंग के दौरान विहान गरम हो गया और उस्सको फिर करने का मैं किया मगर अशिता मन कर रही थी के वहां पर सेंसिटिव है वो नहीं ले पाएगी उस्सको अंदर. मगर विहान ने अशिता के हाथ अपने लुंड पर करके साबुन लगाकर उस्सको अपने डिक को वाश करने को कहा… जब अशिता उसस्के डिक को धो रही थी, तो मुठ मारने वाले स्टाइल में अशिता से उस्सने हाथ चलाने को कहा, और क्यूंकि अशिता वो पहले कर चुकी थी विहान के साथ तो उस्सको वैसा करने को पता था और बाखूबी वो विहान के लुंड पर अपनी मुठी बांध करके चला रही थी हुए विहान तड़पने लगा था उसस्के टांगें जैसे कांपने लगे थे….

फिर अचानक विहान ने अशिता को दीवार से चिपकाया और उसस्के पीठ को अपने तरफ किया और अपने डिक को उसस्के नितम्बों पर दबा कर रगड़ने लगा… अशिता नंगी दीवार से चिपकी हुई थी और विहान उसस्के पीछे से उसस्के नितम्बों के बीच ो बीच अपने लुंडको दबाते हुए ऊपर निचे करे जा रहा था…. थोड़ा हांफने लगा था विहान और अशिता चेहरा पीछे करके उसस्के चेहरे में देख रही थी सवाली नज़रों से…..

विहान ने तब थोड़ा साबुन लगाया अपने लुंड पर और अशिता के बट पर भी साबुन लगाया फिर अशिता को झुकने को कहा थोड़ा सा….. अशिता समझ गयी के वो किआ करना चाहता था तो उस्सने रेसिस्ट किआ और नाह कहा…. तब तक विहान का एक ऊँगली एशिया के ासशोले पर साबुन समेत रागढ रहा था और जैसे उस्सकी चढ़ में डालने वाला था, मगर अशिता झट से मूढ़ गयी और विहान के गले में अपने बाहें डालते हुए कहा,

“तहत इस नॉट राइट, गन्दी है वैसा करना it’s नॉट गुड!”

विहान अपने जीब को उसस्के बूब्स पर चलाते हुए उसस्के गर्दन तक गया और अशिता के मुंह को अपने मुंह में लेकर पैशनेट किश करने लगा, निचे उसस्के जाघों के बीच अपना लुंड रगड़ते हुए और एक हाथ से उस्सकी बूब्स मसलते हुए…. दोनों बिल्कुल भीगे हुए थे और उस भीगी हुई माहौल में दोनों के जिस्म एक दूसरे से उस तरह से चिपके के जैसे दोनों के एक hi जिस्म थे दो जिस्म नहीं…..

विहान ने दोबारा अशिता को घुमाया और उसस्के बट पर फिर लुंड को चलाया, अशिता अब नखरें भरी आवाज़ में इंकार किये जा रही थी मगर साबुन की फिसलते हुए मूवमेंट से विहान का लुंड अशिता के पीछे वाले चढ़ पर दबा, अशिता ने एक झटका देते हुए अलग हुई, फिर विहान ने उस्सको पकड़ा और जैसे एक ज़बरदस्ती करते हुए अशिता को झुकाया विहान ने और अपने लुंड के टिप को अशिता के पिछवाड़े में घुसाया, अशिता की आवाज़ निकली, “आआआआह्ह्ह्हह्ह नूवो! स्टॉप आईटी भाई!!!” मगर विहान जोश में था और उस्का आधा लुंड अशिता के अंदर समा गया था, और विहान ने और पुश किया और अशिता के अंदर पूरा लुंड घुस गया पीछे के तरफ…..

अशिता दीवार से चिपकी हुई तड़पती आवाज़ में कहा,

“भाई यह ठीक नहीं है ग़लत है ऐसा नहीं करते भाई!”

विहान उसस्के बातों को अनसुना करते हुए अपने कमर हिलाते हुए अंदर बाहर करने लगा था और घुर्राटे हुए कहा,

“यू अरे सो टाइट हेरे स्वीटहार्ट बहोत मज़ा ारः है यार उफ्फ्फ वाओ थिस इस वंडरफुल स्वीटहार्ट ी ऍम अबाउट तो छुम बेबी, एससससससससस आआआआअह्ह्ह्हह”

और साथ साथ विहान अशिता के गर्दन के पीछे दांत दबाते हुए, लीक करते हुए चूस रहा था, फिर अशिता के चेहरे को अपने तरफ घुमाके उसस्के गाल को चूसा, और उसस्के जीब को अपने मुंह में ले लिए चुस्सने को और निचे अपने लुंड को तुस्ता गया, अंदर बाहर करता गया जब तक के उस्का पानी अशिता की गहराई के अंदर चोर्रा पूरा के पूरा विहान ने अशिता को उसी तरह से दीवार पर दबाते हुए….. फिर हांफते हुए,

”आआआह्ह्ह्ह बब्यीयययय इतस वंडररररररररफुउलललल वूऊऊवववववव बाप रईईईई!!!” कहकर विहान ढीला हो गया!!!

अशिता ने अपने पिछवाड़े में उसस्के लुंड को नरम होते हुए फील किया और विहान को मुक्का मारते हुए अशिता ने डांटा,

“यू नेवर दो थिस अगेन वार्ना मैं तुमको मुझे छूने भी नहीं दूंगी!! थिस इस वैरी बाद थिंग तो दो, गुंडा कहीं का!! यह गंदे लोग करते हैं!”

विहान हंससने लगा और कहा,

“डार्लिंग थिस इस आल्सो part ऑफ़ लव मेकिंग यार आदत हो जाएगी तुम खुद कहोगी ऐसा करने के लिए ी बेट”

उसस्के बाद विहान ने बड़े प्यार से अशिता को नहलाया अपने हाथों से जैसे बचपन में किया करता था, और अशिता ने विहान को नहलाया और दोनों बच्चों की तरह शरारतें करते गए बाथरूम के अंदर काफी देर तक, जब वापस कमरे में गए तो 4.30 बज चुके थे और इस बार दोनों एक साथ नींद के आग़ोश में खो गए, जब दरवाज़े पर अनिरुद दस्तक दे रहा था तो दोनों झपट कर उठे बीएड से!!

तो बे कॉन्टिनोएड……………..
 
अपडेट 60 थे ट्रिप
सॉरी फ्रेंड्स सिंगल अपडेट टुडे

उसस्के बाद विहान ने बड़े प्यार से अशिता को नहलाया अपने हाथों से जैसे बचपन में किया करता था, और अशिता ने विहान को नहलाया और दोनों बच्चों की तरह शरारतें करते गए बाथरूम के अंदर काफी देर तक, जब वापस कमरे में गए तो 4.30 बज चुके थे और इस बार दोनों एक साथ नींद के आग़ोश में खो गए, जब दरवाज़े पर अनिरुद दस्तक दे रहा था तो दोनों झपट कर उठे बीएड से!!

अब आगे….

दोनों रेडी होकर अपने कमरे से निकले अपने अपने बैग्स के साथ और नाश्ते के लिए लिविंग में गए तो सुमन और अनिरुद दोनों को देकते हुए एक साथ पूछा,

“अशिता क्यों तैयार हुई है अब?! तू इससे चौररने जा रही है स्टेशन किआ?”

तो अशिता ने कहा के वो भी विहान के साथ जा रही है एक हफते के लिए तो बेहेज़ शुरू हुई चारों के बीच, और विहान ने समझाया के अपने नाना के घर जाएंगे और वहां से अशिता वापस घर आएगी और उस दिन को उसस्के पापा अशिता को लेने आएगी और तब विहान को अपने गाओं चौररने जाएगा.

तब अनिरुद ने कहा,

“तुम लोग किआ समझते हो के सुमन के पिता जी को मेरे और पूजा के बारे में नहीं पता? उस्सको और तेरी नानी को भी सब कुछ पता है, उन्हों ने मुझसे शादी करने के लिए इंकार करने को कहा था तेरी मम्मी को भूल गए तुम दोनों?”

तब विहान और अशिता एक दूसरे को खुले मुंह देखने लगे, और अशिता ने कहा,

“पापा वेट ा मिनट हम अभी आते हैं”

और अशिता विहान का हाथ पाकर कर खींचते हुए वापस अपने कमरे में गयी.

कोई 10 मिनट्स बाद दोनों वापस लिविंग में आये और अशिता ने कहा,

“पापा आप काम पर चले जाइये आज. हम दोनों एक हफते के लिए घूमने जा रहे हैं आउट ऑफ़ टाउन. जिस दिन हमको वापस आना होगा हम आप को फ़ोन करेंगे तब आप हमको स्टेशन पर मिलने आना और वहां से आप विहान को लेकर अपने गाओं चले जाना ठीक है?!”

सुमन बहोत हैरानी से दोनों को देखते हुए पूछा,

“मगर किदार जा रहे हो दोनों? कहाँ रहोगे?”

विहान ने कहा,

“हम किसी होटल में रहेंगे, एक हफ्ता बिताएंगे तब गाओं जाऊंगा, यह अशिता की ज़िद है मेरी नहीं!”

तब अनिरुद और सुमन एक दूसरे को खुले हुए मुंह से देखने लगे. कुछ देर सब खामोश रहे और इस बार अनिरुद ने सुमन का हाथ पाकर के अपने कमरे के तरफ गया विहान को वेट करने को कहकर.

कमरे के अंदर दोनों के बीच यह बातें हुए,

अनिरुद: “दोनों एक दूसरे से बिछड़ जाएंगे इसी लिए कुछ वक़्त साथ गुज़ारना चाहते हैं मेरे ख्याल से जाने देना चाहिए किआ ख्याल है तुम्हारा?”

सुमन: “मुझे बहोत डर लग रहा है, उम्र के कच्चे हैं दोनों किआ एक दूसरे के देख भाल कर पाएंगे दोनों? पता नहीं किधर जाएंगे, पूछना चाहिए किश होटल में ठहरेंगे, उफ़ यह बचे मुझे पागल कर देंगे, अब करें भी तो किआ? अशिता बहोत ज़िद्दी है उस्सको हम ने रोका तो बुरा होगा, जाने hi देना पड़ेगा!”

तो अनिरुद ने कहा,

“दोनों के पास मोबाइल हैं हम कांटेक्ट में रहेंगे नाह, किसी भी होटल में ठहरें हम हर रोज़ बात करेंगे, मेरे ख्याल से गोवा ठीक होगा, उधर hi जाने को कह देता हूँ, मगर इनके पास इतने पैसे कहाँ से आएंगे अब तो पैसे भी देने पड़ेंगे इन्हें, तुम्हारे पास कितने हैं?!”

सुमन: “ज़्यादा तो नहीं घर पर कोई 10क होंगे, अगर ज़्यादा चाहिए तो बैंक से निकलना पड़ेगा…”

अनिरुद: “मगर अभी यहाँ से एक साथ निकलेंगे तो लोग इनको फिर से एक साथ तो देखेंगे नाह?! मुझे साथ जाना होगा दोनों को स्टेशन चौररने के लिए चाहो तो तुम भी साथ निकलो उधर से hi काम पर चलें जाएंगे ठीक है?”

सुमन: “आप के पास कितने पैसे हैं उनको देने के लिए?”

अनिरुद: “एटीएम पर रुकना होगा निकाल कर मैं भी 20क दे दूंगा कुल मिलाके 30क काफी होंगे और उन् दोनों के पास भी तो होंगे नाह तब नाह हॉलिडे ट्रिप पर जा रहे हैं, बिना पैसे के थोड़े hi निकलते दोनों?!”

सुमन ने कहा,

“हॉलिडे ट्रिप नहीं दोनों हनीमून ट्रिप पर जा रहे हैं समझा करो!”

अनिरुद का मुंह खुला रह गया और कहा, “व्हाट? सच? ऐसा है किआ?!”

सुमन ने हँस्ते हुए कहा,

“हाँ बिल्कुल, ज़रूर बिछड़ने से पहले दोनों ने कल रात को अपना सुहाग रात मनाये होंगे और अब अशिता से रहा नहीं जा रहा उसस्के साथ वक़्त बिताना चाहती है तभी ज़िद करने लगी है उसस्के साथ रहने के लिए बिल्कुल एहि हुआ होगा मुझे पक्का यकीन है.”

अनिरुद ने हँस्ते हुए कहा,

“मतलब मैं किआ दादा और नाना दोनों एक साथ बनूँगा किआ ऋ हाहाहाहाहा!”

सुमन ने शर्माते हुए कहा,

“और मैं दादी और नानी ! – चलो दोनों को समझाते हैं कुछ… तुम उन् दोनों से बात करना मैं उनके कमरे में कुछ चेक करके आती हूँ तब आप से बताउंगी किआ चेक करने गयी थी अंदर!”

दोनों बाहर ए अपने रूम से और अनिरुद दोनों से बात करने लगा और सुमन उनके कमरे में जाकर, बेडशीट को हटाया तो गद्दे पर खून के कुछ ढाबे देखे और उस्सको यकीन हो गया के कल रात अशिता की वीरगिनती गयी, उस्का शक सही था तो वो समझ गयी क्यों अशिता विहान के साथ रहना चाहती है… सुमन के ेंख भर आये और बहोत अफ़सोस हुआ उस्सको के दोनों हनीमून पर जा रहे हैं और वो अपने बच्चों के लिए कुछ भी नहीं कर पा रही है… सुमन वहां से निकली और वापस अपने कमरे में गयी और कुछ और इकठे किये हुए पैसे निकाले, उस्सको टोटल 18क मिली.

वापस आकर दोनों से बातें किये माँ बाप ने. सुमन ने विहान को वो 18क दिया और कहा एन्जॉय करने को और चाहे तो एक हफ्ते के बजाए 10 या 15 दिन भी घूम सकते हैं दोनों. और माँ बाप ने खूब चेताया दोनों को खूब सावधान रहने को, होशियार रहने को किसी के बहकावे में नहीं आने को, अपना खूब ख्याल रखने को और हर रोज़ फ़ोन पर अपना खबर देने को. जब कॉलेज के बारे में पेरेंट्स ने पूछा अशिता से तो उस्सने आसानी से कह दिया के टेक्नोलॉजी का ज़माना है व्हाट्सअप पर प्रिय से अपने नोट्स लेकर काम कर लेगी, और कहा के वो अपने कुछ किताबें और नोट बुक्स भी लेकर जा रही है.

विहान पैसे लेने से इंकार कर रहा था तब अनिरुद ने कहा

“अभी और मिलने वाला है मेरे तरफ से एटीएम पर बीटा, मजा करो दोनों खूब एन्जॉय करना जी भरके घूमना, चलो गोवा जाओ दोनों उधर कोई भी नहीं पहचाने तुम दोनों को.”

अशिता ने खुश होते हुए कहा,

“पापा वाओ हम भी उधर hi जाने को सोच रहे थे हीहीहीही!”

और विहान ने कहा,

“पापा क्यों नाह आप दोनों भी साथ चलें? आप भी लीव लेलो बैंक से एक हफते के लिए?”

सुमन ने कहा,

“हनीमून पर माता पिता नहीं जाते तुम दोनों जाओ!”

यह सुनकर दोनों विहान और अशिता चहुँक गए एक दूसरे के चेहरे में देखते हुए, और अनिरुद ने कहा,

“चलो एक साथ निकलते हैं सब घर से, एटीएम पर रुकना है तब स्टेशन छोड़ेंगे तुम दोनों को, एंड बे वैरी केयरफुल बोथ ऑफ़ यू OKAY?”

तब सुमन धडपडती हुई अपने कमरे में गयी और वापस आयी तो अपने हाथ में दो कंगन के साथ आयी और अशिता को पहनाते हुए कहा,

“यह मैं ने अपनी बहु के लिए बचा के रखा था आज से यह तेरी हुई आशु”

और अशिता को ज़ोर से गले लगाया सुमन ने अश्क भरे हुए ेंखों से. अशिता के भी ेंखने भर आये अपनी मम्मी को गले लगाते हुए कहा,

“माय ब्यूटीफुल एंड डार्लिंग मम्मी लव यू!”

चरों घर से निकले तब तक़रीबन 7 बज चुके थे, रास्ते में एक एटीएम से अनिरुद ने 15क निकला और विहान को थमा दिया और पैसों को संभाल कर रखने को कहा और सावधान किया के सारे पैसों को किसी के भी सामने नहीं इस्तेमाल करना एक छोटा शूम को जेब में रखने को कहा बाकी को सूटकेस के अंदर सभाल कर रखने के लिए समझाया.

विहान ने कहा के गोवा पहुँच कर वो सब अपने अकाउंट में दाल देगा और ज़रुरत पड़ने पर निकलेगा वार्ना कार्ड से पेमेंट करेगा. तब जाकर अनिरुद को पता चला के विहान का बैंक अकाउंट और कार्ड्स भी हैं.

स्टेशन पर खुशकिस्मती से गोवा जाने वाला ट्रैन मौजूद था और माँ बाप ने दोनों को सी ऑफ किया और वापस अपने काम पर गए दोनों.

विहान और अशिता लवर्स की तरह एक साथ चिपके हुए बैठे और गोवा के तरफ निकल पड़े दोनों.

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कोई 12 घंटे के सफर के बाद गोवा पहुँचने के बाद दोनों ने एक 3-स्टार होटल में अस हस्बैंड एंड वाइफ चेक इन किये. यह एक बीच होटल था. रूम में पहुंचे और दोनों सीधे बीएड पर लेट गए थके हारे! सफर के दौरान 2 बार अनिरुद दोनों से फ़ोन पर बात कर चुके थे, उस्सको पता था के कोई 11/12 घाटे बाद वह लोग वहां पहुंचेंगे. और अभी सबसे पहले दोनों ने घर फ़ोन करके अपने पेरेंट्स को बता दिए के रीच हो गए, होटल का नाम एड्रेस ेट्स सब दे दिए अपने पापा को दोनों ने. रात के 9 बज चुके थे तब तक…

विहान अशिता को चोरर hi नहीं रहा था, कभी वो अशिता के ऊपर तो कभी अशिता को अपने ऊपर ले रहा था, और धीरे धीरे दोनों एक दूसरे के कपडे उतारने लगे और इस बार बड़े आराम से सेक्स किये दोनों ने. पुरे वक़्त के साथ खूब एन्जॉय करते हुए एक दूसरे के जिस्म के एक एक कोने को एक्स्प्लोर करते हुए बड़े आराम से सेक्सुअल एनकाउंटर हुए दोनों के.

तो बे कॉन्टिनोएड…..
 
अपडेट 61 बैक फ्रॉम थे ट्रिप

एक हफता यूँही गुज़र गया जैसे 24 घंटे गुज़रे थे. खूब एन्जॉय किये दोनों ने, काफी लोगों से भी मिले अस हस्बैंड एंड वाइफ, बहोत सारे स्ट्रॉन्गेर्स थे उस होटल में, एक बॉल डांस पार्टी भी हुए थे जिस में अशिता और विहान खूब डांस किये एक दूसरे के साथ, दिन में ज़्यादा टर्र दोनों बीच पर hi रहते, अशिता के लिए 3 सेट्स ऑफ़ बिकिनी ख़रीदे विहान ने जो वहीँ होटल की शॉप में बिख्ते थे, स्ट्रॉ वाले हैट्स भी ख़रीदे दोनों के लिए धुप से बचने के लिए…. बहोत सारे पिक्स लिए विहान ने अशिता की बिकिनी में, समंदर में नहाते हुए, और अशिता ने भी कुछ विहान के पिक्स लिए स्विम करते हुए, बहोत सरे सेल्फीज़ भी लिए दोनों ने.

पारा सेलिंग भी किये दोनों ने. जो भी एक्टिविटीज हो रहे थे बीच पर उन् सब में हिस्सा लिए दोनों ने और बहुत मस्ती किये गए.

और एक दो दिन गोवा की शेर किये दोनों ने जीतनेय भी गलियों में गुज़र सके उतने में गए. ख़ास कर जो हिस्टोरिकल जगह थे वहां विजिट करने गए दोनों जैसे के फोर्ट अगुआदा जो पोर्तुगी के ज़माने से वहां आज भी कायम है, वहां से Tito’s स्ट्रीट में टहलने गए दोनों जो बहोत मशहूर जगह है अपने सभी क्लुबों के लिए, Tito’s स्ट्रीट में क्यूंकि बहोत भीड़ होते हैं इस लिए ज़्यादा देर नहीं ठहरे दोनों उधर को….

वहां से बोम जीसस बासीलीक विजिट करने गए दोनों जहाँ पर संत फ्रांसिस ज़ेवियर की बॉडी आज भी मौजूद है. यह चर्च 1605 में कंस्ट्रक्ट हुई थी और आज भी जैसे के तैसा खड़ा है गोवा की सरज़मीं पर. शीशे की बानी मज़ार में संत फ्रांसिस ज़ेवियर की जिस्म आज भी वहां लाखों के तादात में लोग विजिट करने जाते हैं हर साल ख़ास कर क्रिस्चियन हॉलीडेज के टाइम. उस जगह पर विहान और अशिता को सुकून प्राप्त हुई और जैसे उस जगह को चोरर कर वापस निकलने का मैं नहीं कर रहा था. प्रेयर भी किये दिल hi दिल में दोनों ने के उन् दोनों का प्यार सलामत रहे हमेशा.

और एक रात पार्टी करने गए विहान और अशिता मामबोस के yahan.Vacation पे जाने वाले कोई भी ऐसा व्यक्ति नहीं होगा जो मामबोस नहीं गया को एक रात पार्टी के लिए. मामबोस गोवा की बेस्ट निघतक्लूब्स में से जाना जाता है और एक रात डांसिंग, ड्रिंकिंग करते हुए दोनों इस जगह पर भी पाए गए थे बहोत सारे योंग्सटर्स के बीच. कान फटने लगे थे इतना म्यूजिक लाउड था और डिस्क जॉकी इतना कनेक्ट कर रहा था सभी के साथ के जैसे वो सबका दोस्त था… बहोत hi एन्जॉय किये थे विहान और अशिता ने उस रात को.

और कई प्लेसेस को विजिट करना चाहते थे दोनों मगर उतना टाइम नहीं था दोनों के पास तो डीडे किया के फिर कभी वापस गोवा जायेंगे टूरिस्ट की तरह घूमने को.

और हर रात को कई बार दोनों ने एक दूसरे की सेक्सुअल गहराई को जाना और खुद के जिस्म की उस अजीब सी ज़रूरतों को पूरा किया दोनों ने जो दिन बा दिन और भी बढ़ते जा रहे थे. कई पोजीशन में सेक्स को एन्जॉय करते हुए एक्सपीरियंस किया दोनों ने. अशिता जितनी भी सेक्स में अनादि थी उतनी hi माहिर हो गयी सिर्फ इस एक हफ्ते के दौरान. एक रात में कभी 3 बार सेक्स करते दोनों फिर दिन में और दो बार समाये के मुताबिक, याने जीन दिनों को होटल जल्दी वापस आते तो दिन में लग जाते थे बीएड पर, वार्ना सारा काम रात को hi होता था, बाथरूम में तो कई बार सेक्स एन्जॉय किये गए दोनों के बीच. और इन् दिनों अशिता को कोई आपत्ति नहीं थी के विहान उस्सको आगे से ले या पीछे से, अशिता सब कुछ करने देती थी विहान को और खुद अपने आप भी एन्जॉय करने लगती थी जो भी विहान उसस्के साथ करता था या करना चाहता था, अशिता भी सब कुछ एक्सपीरियंस करना चाहती थी और विहान से जैसे सीख भी रही थी. कभी कभी किसी पोज़ पर बीच में सेक्स करते हुए दोनों ज़ोरों से हंससने लगते यहाँ तक के सेक्स करना रोक देते थे क्यूंकि पथ में हंससने से बहोत दर्द होने लगता था.

बिल्कुल फ्री फील कर रहे थे दोनों, किसी का कोई रोक टोक नहीं, बिल्कुल आज़ाद पंछी की तरह थे दोनों उस एक हफते तक गोवा में. दोनों का मैं करता था के ज़िन्दगी भर के लिए वहीँ बास जाएँ, क्यूंकि वहां इतना आराम और ख़ुशी मिली दोनों को के एहि तमन्ना हुए के काश ज़िन्दगी भर के लिए वैसे hi जीना होता तो कितना अच्छा होता.

मगर कहते हैं नाह के ख़ुशी के दिन बुसस कुछ पल के लिए होते हैं तो एक हफता यूँ गुज़रा के पता hi नहीं चला इतनी जल्दी 8 दिन गुज़र गए. बहोत कम लगा और दोनों और भी रहना चाहते थे, मगर पैसों की कमी की वजह से वापस जाना था और आखिर में विहान ने कॉल करके अपने पापा से कह दिया के वापस निकल रहे हैं दोनों.

दोनों बहोत उदास हो गए लौटते वक़्त. ट्रैन में एक दूसरे से चिपके हुए थे, और अब अशिता को पता था के अब विहान उस से दूर होने वाला था. ख़ुशी के दिन और पल गुज़र चुके थे और अब दूरी बनाने के लिए तैयार होना था….

विहान अशिता के सर को अपने छाती पर सहलाते हुए ख्यालों में गम था. वो भी एहि सोच रहा था के कुछ घंटे बाद अशिता उस से दूर हो जाएगी और पता नहीं कब वो उस्सको वापस देख पाएगा.

होटल से निकलने से पहले विहान ने अशिता की उतारी हुई ब्रा, पंतय, और blouse/skirt को एक प्लास्टिक बैग में संभाल कर अपने सूटकेस में रख लिया था और अशिता ने विहान के अंडरवियर और टीशर्ट को उसी हाल में अपने बैग में रख लिया था. दोनों के पसीने की खुस्भू एक दूसरे को बेहद पसंद थे और उन् कपड़ों में दोनों एक दूसरे को फील कर सकते थे सूंघ कर. अशिता ने वैसा कभी नहीं सोचा था यह विहान ने उस्सको वैसा फील कराया के एक दूसरे के कपडे में दोनों बसे होते हैं पसीने के ज़रिए से….

जिस स्टेशन पर अनिरुद उन् से मिलने वाला था वो आगया तो विहान अशिता जब ट्रैन से उतरे तो हैरान कुए यह देख कर के दोनों मम्मी और पापा हाज़िर थे उनको रिसीव करने के लिए.

हुआ यह था के अनिरुद और सुमन ने डीडे कर लिया था के सब मिलकर विहान को उसस्के दादा के यहाँ चौररने जायेंगे, अशिता भी. और सैटरडे का दिन था तो संडे को वह लोग वहां से वापस आने वाले थे विहान को चोरर कर.

जब अशिता को यह पता चला के वो भी जा रही है उसस्के दादा के गाओं तो वो बहोत खुश हुई और विहान के सीने से लिपट गयी अपने पेरेंट्स के सामने और स्टेशन पर सबके सामने विहान को चूमने लगी ख़ुशी से झूमते हुए. सुमन और अनिरुद एक दूसरे को देखते हुए मुस्कुरा रहे थे.

आखिर में वही हुआ, चारों कोई और 4 घंटों के सफर के बाद अनिरुद के गाओं पहुंचे.

अनिरुद ने दोनों को चेताया के अब उस गाओं में दोनों सिर्फ भाई बेहेन की तरह hi बेहवे करेंगे, किसी को कोई भी शक नहीं होना चाहिए उन् दोनों के बारे में. बल्कि सुमन ने अशिता से कह दिया के वो उसस्के बगल में रहेगी और विहान अपने पापा के साथ. और विहान और अशिता को एक दूसरे को घूर्णे से मन किया गया. याने के दूरी यहीं से शुरू हो गयी थी दोनों के बीच और अब 24 हॉर्स दादा के घर में अजनबी की तरह रहना था दोनों को. अशिता के लिए यह बड़ी hi मुश्किल घडी थी.

अनिरुद ने शादी करने के बाद सुमन को लेकर गाओं चोरर कर चला गया था. दोनों बचे वहां पैदा हुए जहाँ अभी रहते हैं और लाइफ में सिर्फ 2 बार अशिता और विहान उस गाओं में गए थे जब दोनों 5 और 3 साल के थे. इस लिए दोनों को गाओं के बारे में कुछ भी याद नहीं था.

तो बे कॉन्टिनोएड इम्मेडिएटली इन थे नेक्स्ट पोस्ट
 
अपडेट 62 इन थे विलेज

जो वाक़ेयात हुए थे अनिरुद और पूजा के बीच अनिरुद के जवानी में उस से अनिरुद के ज़िन्दगी में अजीब हलचल और रन्झ ो ग़म पैदा हुए थे और अपनी सुमन से शादी के बाद वहां रहना नहीं चाहता था क्यूंकि तब भी कुछ लोग अनिरुद के सामने उस बात को चेर्रा करते थे उस्सको ताना देते हुए यहाँ तक के घर के लोग भी. इस लिए अनिरुद गाओं चोरर गया था ठीक शादी के 5 महीने बाद hi. अपने जायदात में से कुछ भी नहीं लिया था अनिरुद ने, हाँ उसस्के पिता ने उस्सको काफी पैसे दिए दे उस्सकी माँ के हाथों घर खरीदने के लिए शहर में जहाँ वो जाकर बस्सना चाहता था. उन्ही पैसों से अनिरुद ने उस घर को बनवाया था जिस में आज रहता है.

जायदात ज़मीन तो अनिरुद के दादा का था और दादा के कुल मिला कर 13 बचे थे. 4 चाचा थे अनिरुद के और चाचाओं के कई बेन्हेइन….. अब रही बात अनिरुद की बहनों की तो उन् में सबसे बड़ी बेहेन जो अनिरुद को सपोर्ट करती थी और जिस ने कभी भी शादी नहीं की थी. उस्सकी भी एक कहानी थी. वो किसी छोटे जाट वाले लड़के को पसंद करती थी, तो उसस्के दादा ने उस लड़के को मरवा दिया था और आत्महतिया का रूप दिया गया था उस खून को. अनिरुद का दादा बहोत ताक़तवर था उस गाओं में और उनके सब सुनते थे और मानते थे उनको. अब अनिरुद के 7 भाई थे और 4 बहनें, तो हुआ 11, 4 चाचा मिलकर हुए 15 और अनिरुद के 6 भुआ थे हुव 21.

अगर दादा ने बटवारा किया होता तो इन् 21 लोगों में बाँटना होता सारे जायदात को. मगर अब क्यूंकि अनिरुद का पिता सबसे बड़ा भाई था तो उस्सको अगर किसी को कुछ देना है तो सिर्फ वो दे सकता था और कोई नहीं, उसस्के मरने के बाद जो बड़ा भाई होगा हक़ उस्का होगा और तब वो हुकूमत चलाएगा सारे जायदात और ज़मीन पर.

अनिरुद अगर यहाँ खुद आया था तो इस बारे में कुछ बात करने जिस्का ज़िक्र बाद में किया जाएगा अभी नहीं.

फिलहाल देखना यह है के कैसे यह 24 घंटे बीतते विहान और अशिता के बीच.

पिछले 20 सालों में बहोत सारे बदलाव आये थे गाओं में. जैसे के जिस सड़क से बस गुज़रता था गाओं के पास उस्सको नया बनाया गया था और अस्फाल्टेड था. मगर वो पीपल का पेड़ अब भी वहीँ मौजूद था जिस्सको अनिरुद ने विहान और अशिता को दिखाते हुए कहा,

“यह थी वो जगह जहाँ मेरी पूजा मेरा वेट किया करती थी और जहाँ हम बस से उतरे अभी वहां तक वो दौड़ती हुई अति थी मुझे लेने.”

घर के आँगन से किसी लड़की की ऊँची आवाज़ में सुनाई दिया यह कहते हुए,

“लगता है कोई हमारे यहाँ आ रहे हैं, कौन लोग हैं किआ कोई इनको पहचानते हैं कई?

वो लड़की अनिरुद की भतीजी थी सब से छोटे भाई की बेटी जो आंगन में खेल रही थी और बच्चों के साथ. उस्सको सुनकर सबसे पहले अनिरुद की बड़ी बेहेन दरवाज़े से बाहर निकली और ेंसू भाड़े ेंखों से जल्दी जल्दी चल कर अनिरुद के तरफ बढ़ी.

अनिरुद ने अपना बैग ज़मीन पर रख दिया और अपनी बड़ी बेहेन के गले से लग कर ेंखों बहते पानी के ज़रिए बरसों बाद मिलने की ख़ुशी ज़ाहिर किये. बड़ी बेहेन ने उसस्के गालों पर हाथ फरकर अपनी हाथ को चूमा और कहा,

“इतनसे सालों बाद तुझे हमारी याद आयी रे?”

अनिरुद बोल नहीं पा रहा था क्यूंकि वो रो रहा था उस वक़्त और अशिता अपने भुआ और पापा को उस तरह मिलते हुए देख कर खुद रोने लगी थी. सुमन और विहान के भी ेंख भर्र आये थे. तब तक आँगन में खेलते बचे उन् सब के पास खड़े आकर देख रहे थे और उन् में एक बचे ने पूछा, “कौन है यह बड़ी भुआ?”

भुआ ने रट हुए तड़पती आवाज़ में कहा,

“तेरा चाचा है यह, मेरा भाई है रे”

तब भुआ जी ने सुमन को गले लगाया फिर विहान को और आखिर में अशिता को गले लगाते हुए कहा,

“हाय बिल्कुल मेरी पूजा की तरह दिखती है ऋ तू! तेरे पापा ने नहीं बताया तुझे कभी? लगता है मेरी पूजा आज वापस आयी है, क्यों रे अनिरुद तुझे आखिर तेरी पूजा मिल hi गयी नाह? वो तेरे hi घर जन्मी रे!”

अनिरुद सर को निचे झुकाये ज़मीन देख रहा था और सुमन, अशिता और विहान तीनों को जैसे ज़बरदस्त झटका लगा था यह बात सुनकर क्यूंकि कभी भी अनिरुद ने यह बात बिल्कुल भी नहीं बताया था किसी को भी अपने घर में के अशिता बिल्कुल पूजा की तरह दिखती है!!

भुआ जी अशिता के चेहरे पर हाथ फरते जा रही थी यह सब कहते,

“वही नाक, वही ेंखें, वही लम्बे काले बाल, वही कान, वही मुस्कान, वही होंठ हाय रे, ऐसा कैसे हो गया रे अनिरुद और तुमने आज इस्को यहाँ लाया हमें दिखाने को? पिछली बार आयी थी तो 3 साल की थी, तब यह छबि नहीं थी इस्सकी!”

अनिरुद एक लव्ज़ भी नहीं कह रहा था, वो सर को बिल्कुल झुकाये हुए रो रहा था.

और आखिर में सबको अंदर लेजाने लगी बड़ी भुआ अनिरुद के साथ चलते हुए, उनके पीछे सुमन, अशिता और विहान चल रहे थे. फिर जैसे आँगन में आये तो द्वार पर खड़ा अपने पिता को देखा अनिरुद ने. द्वार पर जाने के लिए 4 सीढ़ियों को चढ़ना था, अनिरुद जल्दी से ऊपर गया और अपने पिता का पाऊँ छुआ, तब एक एक करके सुमन, विहान और अशिता भी मिले अपने दादा जी से. बहोत कड़क, सख्त किसम के इंसान दिख रहे थे दादा जी और वही गाओं के ठाकुरों की तरह लुक थे उनके, लम्बी सफ़ेद मंच, सर पर पगड़ी बांधे हुए, हाथ में एक लाठी…. वो भी अशिता को घुर्र रहा था, अशिता ने देखा और उस्सको उनकंफर्टबले फील हुआ क्यूंकि वो समझ गयी के दादा जी उस्सको नहीं अपनी बेटी पूजा को देख रहा था उस में. फिर दादा जी ने विहान के तरफ ग़ौर से देखा, तो उस में उस्सको अनिरुद की जवानी दिखने लगे और उस्सने तुरंत वही बात सोचा जिस्का अनिरुद को डर था. दादा जी ने तुरंत फिर अशिता को देखा फिर विहान को, और दोबारा अशिता को देखने के बाद विहान को देखा, तब अनिरुद को देख कर कहा,

“तेरे घर दोबारा पूजा आयी है मगर अकेली नहीं आयी है तुझे भी साथ लेकर आयी है इस लड़के में, ख्याल रखियो मतलब समझ गए होंगे तुम! चलो अंदर पढादो सब.”

तब तक दादी जी आयी अपने साड़ी में भीगे हाथ पोंछते हुए और रोटी हुई अनिरुद को सीने से लगाया और ज़ोर ज़ोर से रोटी गयी काफी देर तक.

अशिता के समझ में अब आया के क्यों उसस्के पापा ने इतना सावधानी बरकने को कहा था के बिल्कुल विहान को नहीं घूर्णे को और बिल्कुल भी एक साथ नहीं रहने को जब तक यहाँ रहे…. क्यूंकि उस में सबको उस्सकी पूजा भुआ दिख रहे थे और विहान में अनिरुद…. तो यहाँ पर सबको वही बात याद आएगा जो अशिता के पापा और उस्सकी बेहेन के बीच हुई थी… अशिता को अब डर लगने लगी थी और सोचा के उस्सको कभी भी यहाँ नहीं आना चाहिए था. उधर विहान भी ऐसा hi सोचने लगा था.

जब दादी जी ने अशिता को देखा तो और बिलक कर रोने लगी अशिता को गले से लगाकर यह कहते हुए,

“मेरी पूजा बिटिया वापस आयी है, इस्सकी आरती उतारो कोई यह मेरी पूजा ने जनम लिया है अनिरुद के घर, हाय रे मेरी किस्मत कितना अभागन हूँ मैं के अब भी मुझसे इतनी दूर रहती है….. हे भगवान् तेरा खेल निराला है!”

अशिता को कुछ भी ाचा नहीं लग रहा था, उस्सको उसी वक़्त वहां से भागने का मैं कर रहा था, सोच रही थी के विहान यहाँ 3 साल कैसे गुज़ारेगा अकेले.

कोई दो या तीन घंटे तक सब हॉल में बैठे रहे और परिवार का हर एक सदस्य एक एक करके मिलने आये अनिरुद और उस्सकी फॅमिली से. फिर आखिर में बड़ी भुआ ने इंतज़ाम कर दिया अनिरुद के पुराने रूम में hi सबको ठहरने के लिए. उस में फिलहाल दो बचे रहते थे, उनके सामान को शिफ्ट कर दिया बड़ी भुआ ने और अनिरुद का रूम उस्सको वापस मिला और इस बार अनिरुद अकेला नहीं अपने परिवार के साथ उस रूम में गए थे एक रात बिताने के लिए मगर बाद में वो रूम विहान का होने वाला था.

कमरे में जब चारों रह गए तो अशिता अपने पापा से लिपट कर पूछने लगी,

“पापा किआ मैं सच में पूजा भुआ जैसे दिखती हूँ? आप ने क्यों कभी भी नहीं बताया मुझे?”

तुरंत सुमन और विहान ने एक साथ वही सवाल किया. तो अनिरुद ने कहा,

“मेरे पापा के रूम में पूजा की एक ब्लैक एंड वाइट फोटो है जिस में पूजा, तेरा दादा और दादी एक साथ हैं, वो फोटो एक साल उस्सकी देहांत से पहले लिया गया था उसी पीपल के पेड़ के निचे, बाद में तुम लोगों को दिखाऊंगा तब खुद देख लेना के पूजा जैसी हो के नहीं. मैं उस फोटो को चुर्राना चाहता था मगर पिता जी को भनक लग गयी थी तो उस्सने उससे कहीं छुपा दिया था, अब तुम साथ हो तो शायद दिखा दें तुम लोगों को, और किआ पता दे भी दें मुझे.”

विहान ने कहा,

“दादा जी इतने स्ट्रिक्ट क्यों हैं? इतने स्ट्रांग और बोल्ड थे वो हमेशा से किआ?”

अनिरुद: “वो अपने पिता पर गए हैं, मेरा दादाजी बिल्कुल ऐसा hi था, मुझे उन् में मेरा दादा दिकता है.”

सुमन ने कहा,

“पर आप तो बिल्कुल उन् की तरह नहीं दीखते हो!”

अनिरुद ने तब कहा,

“मैं अपनी माँ पर जो गया हूँ!”

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कुछ देर बाद सब ने आराम किये और अशिता ने कहा,

“पापा अभी रात होने में टाइम है तो आप मुझे वो सब जगह दिखाइए नाह जहाँ नदी हैं जहाँ से आप पूजा भुआ को देकते थे…..”

और विहान ने कहा,

“मैं आप के उस लव कार्नर को देखना चाहता हूँ जंगल में…”

अनिरुद ने कहा,

“ठीक है चलो कहते हैं के हम गाओं में थोड़ा टहलने जाते हैं उम्मीद है के कोई भी हमारे साथ नाह आएं!”

और चारों निकले गाओं में घूमने को. सूरज कुछ देर में ढलने hi वाला था तो जल्दी से पहले उस जंगल के तरफ बढे सब और अनिरुद तीनों को उस जगह लगाए जहाँ पूजा और वो मिलते थे और लम्बे वक़्त गुज़ारते थे प्यार में. उस जगह जंगल और भी घाना हो गया था जैसे के इनके जाने के बाद कोई उधर जाता hi नहीं था. अनिरुद ने उल्टा यह सोचा था के सब उजाड़ गया होगा मगर नहीं वो सब जैसे के तैसा hi था.

और उस ख़ास जगह पर गए तो अनिरुद के हाथ पेयर जैसे कुछ कांप गए. क्यूंकि जिस जगन उस्सने घास काट कर उसस्के ऊपर चटाई रखे थे वो जगह आज भी मौजूद था बुसस चटाई साध गया था और उसस्के हिस्से अब भी नज़र आरहे थे, काटते हुए घांस गाल कर जैसे ज़मीन में जैसे डाब गए थे और उनके बीच ढेर सारा नया घांस उघ गए थे जिस्सको हत्ता कर अनिरुद ने उस चटाई के साढ़े, गले हुए कुछ टुकड़े दिखाए अशिता और विहान को कापंते हाथों से. उसस्के ेंखों से जहर जहर ेंसू बह रहे थे और अशिता और सुमा दोनों उसस्के छाती से लग कर उसस्के पीठ सेहला रहे थे.

वहां से जब नदी के पास गए तो सूरज ढल रहा था और आसमान में लाली फेल रहे थे, अनिरुद ने उस जगह को दिखया बच्चों को जहाँ महिलाएं आज भी कपडे धोते हैं और जिस जगह पूजा नहाया करती थी, फिर उस जगह को दिखा झाड़ में जहाँ से अनिरुद पूजा को देखता था और उस पेड़ को दिखाया जिस पर चढ़ कर वो पूजा को देखा करता था. विहान उस पेड़ के ऊपर चढ़ गया देखने के लिए और अशिता भी उसस्के पीछे पीछे उस पेड़ पर गयी नदी का नज़ारा देखने को.

सुमा ने चारों तरफ देखा और अनिरुद से कहा, के दोनों को उतरने को कहें क्यूंकि अगर किसी ने दोनों को उस तरह से एक साथ देखा तो फिर कोई बात करना नाह शुरू कर दे!

क्यों के सूरज ढल रहा था और अंदर अब अपनी चादर फैलाने लगा था तो अनिरुद ने कहा,

“नहीं इस वक़्त तो डर की कोई बात नहीं इस वक़्त कोई नहीं आएगा इस तरफ, रहने दो दोनों को कुछ देर एक साथ कल तो बिछड़ना hi है दोनों को, और अनिरुद ने कहा,

“विहान बीटा तुम दोनों एक साथ रहो कुछ देर हम उस नदी के पत्थर के पास बैठते हैं…..”

जब अनिरुद और सुमन नदी के पास चले गए तो विहान ने निचे चरों तरफ देखने के बाद उस पेड़ के ऊपर एक शाख पर बैठ कर अशिता को अपने गॉड में लिया और दोनों किश करने लगे एक दूसरे को बाहों में भरके. तब तक सूरज बिल्कुल ढल चूका था, अँधेरा हो चूका था और कोई किसी को देख नहीं पता, वहां से नदी के उस पत्थर पर जब अशिता और विहान देख रहे थे तो अँधेरे की वजह से उनके मम्मी और पापा दिख भी नहीं रहे थे, तो ऊपर पेड़ पर कौन किसी को देख पाटा.

जब दोनों पेड़ से उतरे तो विहान ने अशिता को पेड़ से चिपकाया और फिर किश करने लगा, अब तो अशिता का चेहरा भी नहीं दिख रहा था उससे, फिर विहान ने अशिता के छाती पर हाथ किया और दबाया, और धीरे से उस्सकी ब्लाउज की बटन को खोल कर उस्सको बूब को मुंह में ले लिया और अशिता का हाथ विहान के सेक्स तक गया तभी सुमन की आवाज़ आयी,

“अब चलने का वक़्त हो गया उतरो तुम दोनों अब चलते हैं!”

अनिरुद और सुमन आगे चल रहे थे और दोनों पीछे एक दूसरे के कमर में हाथ डेल प्यार में डूबे फॉलो कर रहे थे. अनिरुद ने एक बार मुड़कर देखा, हालां के अँधेरा हो गया था उसस्के समझ में आगया दोनों एक दूसरे से लिपट कर चल रहे हैं तो कहा, जब गाओं के करीब आने लगे तो अशिता तुम आगे अजना, देखो यहाँ से मकानों में चराग़ जलते हुए दिख रहे हैं, शुक्र हैं के इस तरफ कोई लैंप पोस्ट भी नहीं वार्ना तुम दोनों के सेपरेट चलना होता अभी!!”

विहान अशिता एक दूसरे के कमर में हाथ डाले हुए धीरे धीरे चल रहे थे के अशिता ने मुंह लटकाते पानी भरी हुए ेंखों में कहा,

“शायद आखरी बार हम ऐसे एक साथ हैं, कल मैं चली जाउंगी भाई!”

तो बे कॉन्टिनोएड…….(3800 वर्ड्स फ्रॉम बोथ उपदटेस)
 
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