Vihaan Aur Ashita - Bhai Behen ki kahani - Page 2 - SexBaba
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Vihaan Aur Ashita - Bhai Behen ki kahani

अपडेट 7 विहान एंड अशिता बोंडेड इवन मोरे

उस सुबह को जब सुमन ने दोनों को फिर एक साथ लिपटे हुए बीएड पर देखा तो उस्सको ग़ुस्सा आया और दोनों को हाथ पाकर कर उठाने जा रही थी मगर अनिरुद ने सुमन को रोका और उस्सको खींचते हुए कमरे से बाहर करते हुए कहा,

“किआ कर रही हो? पागल हो किआ, बचे नींद में हैं, ऐसा नहीं करते बुरा एस्सार पड़ेगा उनके हेल्थ पर, रहने दो नाह आखिर साथ सोते आये हैं बचपन से एक दूसरे के साथ तो मुश्किल हो रहा होगा दोनों को अलग सोना, तुम्ही ने तो आदत डाली थी नाह दोनों को एक साथ सोने की? तो अब क्यों अलग कर रही हो दोनों को?”

सुमन ने ग़ुस्से में कहा,

“तुमको कुछ भी नहीं दीखता मगर मुझे दिखती है, यह दोनों ज़रूर कोई उल्टा काम करने लगे हैं, देखो तो किश तरह से पति पत्नी की तरह लिपट कर सोये हुए हैं!”

अनिरुद: “अरे मगर जब दोनों ज़्यादा छोटे थे तो तुम्ही तो विहान से कहा करती थी ‘यह तेरी छोटी बेहेन है, इस्को प्यार करो, इस्को बाहों में लेलो, इस्को गले से लागलो, इस्को कभी अकेले मत चोरर्ण अपने पास सुलाना वग़ैरा वग़ैरा?”

सुमन: “हाँ तब बहोत छोटे थे दोनों, और विहान भाई चाहता था और बेहेन से चिढ़ता था इसी लिए उसस्के दिल में अशिता के लिए अपनापन पैदा कर रही थी तब मैं!”

अनिरुद: “और अब, जब प्यार पैदा हो गया, प्यार ने घर बना कर मज़बूत कर लिया तब उस घर को गिरना क्यों चाहती हो तुम? किआ, हो किआ गया है तुम्हें?!”

सुमन लाल पिली होती हुई बोली, “हाँ क्यूंकि मैं ने अशिता के गर्दन के पीछे लोवेबिट्स देखा है, उस रोज़ नाहा रही थी तो उसस्के छाती के कई हिस्सों को लाल देखा है, वो सब किश ने किया होगा, उसस्के भाई ने hi नाह?! इसी लिए दोनों को अलग कर रही हूँ अब आयी बात समझ में?!”

अनिरुद बहोत हैरान हुआ और अपने माथे पर हाथ रख कर बैठते हुए कहा, “अभी से hi? इस बाली उम्र में hi लोवेबिट्स हैं उसस्के गर्दन पर?... मगर…. मगर किआ पता के……” और वो रुक गया बोलना तो सुमन उसस्के चेहरे में घुररते हुए बोली,

“किआ हुआ? बोलती बांध क्यों हो गयी अब? बोलिये, और बोलिये नाह मगर किआ?!!”

अनिरुद सुमन को तिरछी नज़र से देखते हुए कहा, “मगर किआ पता के उस्सकी कोई बॉयफ्रेंड हो स्कूल में? अगर किसी और ने लोवेबिट्स किया होगा तो? और आज कल तो लड़कियां भी जान बूझकर चेररने के लिए अपने सहेलियों को ऐसे दांत काटते हैं गर्दन पर दूसरे लड़कों को जलाने के लिए, अगर कोई ऐसी बात हुई तो? तुम क्यों उस से बात नहीं करती ऐसे अचानक गरम होने की बजाए?!”

जिस वक़्त दोनों यह सब बातें कर रहे थे दोनों भाई बेहेन जाग गए थे और सब बातें सुन रहे थे दोनों की. अशिता ने बहोत hi ज़ोर से विहान को जाकर लिया था डर के मारे और फुस्फुसाते हुए पूछा, “अब किआ करुँगी भाई, माँ ने कब मेरे बॉडी पर वो सब देखा?!”

विहान ने उसस्के पीठ सहलाते हुए कहा,

तू फ़िक्र मत कर सुना नहीं पापा ने किआ कहा के आज कल लड़कियां भी ऐसा करते हैं अपने सहेलियों के साथ तू कहना के तेरे सहेलियों ने वैसा किया है ज़बरदस्ती तेरे साथ….”

अशिता ने मुंह फुलाते हुए कहा,

“भाई मैं ने कई बार कहा तुमको के वैसे मत चुसो रेड मार्क बन जाता है मगर तुम बड़े धित हो मुझे सुनते hi नहीं हो!”

और अशिता ने तुरंत अपनी छाती को दिखाते हुए कहा, “देखो यह कल रात को किया तुमने, अभी यह ताज़ा है अगर आज फिर मम्मी ने देखना चाहा तो? तब किआ कहूँगी मैं?!”

विहान ने तुरंत उस्सकी छाती को चूमते हुए बोलै,

“आरी मेरी प्यारी डार्लिंग मऊवः मऊवः, कुछ नहीं होगा ऋ तू फ़िक्र मत कर….”

अशिता: “देखना आज रात को मुझसे फिरसे उसी कमरे में उसी बीएड पर जाने को कहेगी मम्मी और बहोत दांत पड़ेगी मुझे क्यूंकि मैं उठ कर तुम्हारे पास चली आयी, मार भी पढ़ सकती है भाई!!”

विहान: “मेरे लिए थोड़ी सी दांत खाने में किआ जाता है बेबी? मारेगी तो नहीं, अगर मारा तो मैं बीच में आजाऊंगा देखना!”

दोनों बड़े कस्सके एक दूसरे को कम्बल के निचे जाकर हुए थे और विहान का ज़बरदस्त खड़ा हुआ था वही मॉर्निंग इरेक्शन और अशिता के पथ के निचे, छूट के करीब दबा हुआ था और वो और भी ज़ोरों से दबाते जा रहा था थोड़ा रगड़ते हुए, और ऊपर अशिता के गाल चुस्सना शुरू किया था के अशिता ने कहा,

“भाई मत दबाओ निचे, मुझे ज़ोर से सुसु आयी है, दुःख रहा है पथ पर वैसे दबाते हो तो!”

तो झट से विहान ने अपने कमर को पीछे किया और कहा, “okay तो जा सुसु करके वापस आ!”

अशिता ने कहा, “अरे नाह बाबा नाह जब तक मम्मी काम के लिए नहीं जाती मैं तो नहीं उठने वाली, मैं तो गहरी नींद में होने की नाटक करुँगी, मुझे उस्सको नहीं फेस करना अभी शाम को मिलूंगी उस से अब तो हीहीहीहीही!”

विहान ने कहा,

“यह हुई नाह अक्लमंदों वाली बात, मेरी छोटी बहना बड़ी सयानी हो गयी है अब हेहेहे!”

और विहान को चिढ़ाते हुए अशिता ने कहा,

“और नहीं तो किआ मैं तुम्हारे तरह बुद्धू थोड़ी hi हूँ!”

और विहान ने कहा,

“चाह सुन सयानी बहना, एक काम कर नाह मेरे लिए!”

अशिता, “किआ?”

विहान ने अपने लुंड को बाहर निकला कम्बल के निचे hi और थोड़ा सा अशिता के जांघ पर छूटे हुए कहा,

“इस्को अपने हाथ में पाकर नाह!”

अशिता ने अपने नाक और होंठ मोड़ते हुए नखरों में कहा,

“हम्म्म्म नाह मैं नहीं छूने वाली उससे!”

विहान ने कुछ तड़पती आवाज़ में कहा,

“प्लीज हाथ में लेले नाह, और थोड़ा सा सेहला नाह इस्को, यह तुम्हारे कोमल प्यारी हाथ की स्पर्श को तड़प रहा है बेबी प्लीज लो नाह!”

कोई 15 मिनट्स के मिन्नतें करने के बाद आखिर में अशिता ने अपने भाई के लुंड पर अपने हाथ को रखा, मगर तुरंत वापस खिंच लिया हँस्ते हुए विहान के चेहरे में देखते.

विहान ने फिर उसस्के गालों को चूमते हुए कहा, “क्यों हाथ हत्ता लिया स्वीटहार्ट, पकरो नाह आराम से और थोड़ा सा सेहलाओ नाह!”

अशिता को तरस आया अपने भाई पर जिस तरह से उस्सने तड़पते हुए फरमाईश की, अशिता से रहा नाह गया और अपने भाई को खुश करने के लिए उस्सने उसस्के लुंड को अपने मुठी में लिया और अपने होंठों को डेंटन में दबाते और मुस्कुराते हुए विहान के ेंखों में देखते हुए पूछा,

“ऐसे? ठीक है? तुमको अच्छाह फील हो रहा है भाई?!”

विहान ने “इस्स्स्सस्स्स्शशशशशह” की आवाज़ निकालते हुए ेंखों को मुंध लिया और कहा,

“हाआआआंनंन्न बहोत अच्छा फील हो रहा है ऋ, अपने मुठी को चला उस पर, ज़रा ज़ोरों से दबाते हुए चला नाह मज़ा आ रहा है डार्लिंग ….. उफ्फ्फफ्फ्फ़!!!!

अशिता ने अपने बांध मुठी को अपने भाई के लुंड पर चलाते हुए कहा,

“सस्शह्ह्ह भाई आहिस्ता बोलो नाह मम्मी पापा तुम्हारे आवाज़ सुन लेंगे…… फुस्फुसाकर बात करो !”

जब अशिता अपने मुठी को चलाने लगी विहान के लुंड पर उस्सने धक्का देना शुरू कर दिया उस्सकी मुठी में hi, और झट से कम्बल हत्ता दिया तो अशिता ने खुद के मुठी में अपने भाई के लुंड को देखते हुए मुस्कुरायी और कहा,

“कितना फनी दीखता है यह हीहीहीहीहीही!”

विहान ने घुर्राटे हुए कहा, “तेरी वाली भी तो फनी hi है डार्लिंग… मैं घुटनों पर अत हूँ और तुम वैसे hi ज़ोर से हाथ चलाते रहना देखना मैं झाड़ूंगा और मेरे वीर्य बाहर निकलेगा, कल तू पूछ रही थी नाह के किआ लेथ पथ लगा था तेरे जाँघों पर अब उससे देखना…..”

अशिता ने कभी वो सब नाह देखा नाह सुना था तो वो इंटरेस्टेड हुई देखने के लिए के उसस्के हाथ चलाने से किआ वो सब सच में हो सकता है किआ… उस्सको मैजिक लगेगा अगर सच में उसस्के हाथ चलाने से उस लुंड से कुछ निकला तो…. तो वो ज़ोरों से हाथ चलाती गयी अपने भाई के लुंड पर जबकि विहान घुटनों के बल कमर हिल्ला रहा था अपनी बेहेन की छोटे बूब्स को दबाते हुए हाथ से…..

और कुछ hi पल बाद विहान ने तड़पते और हांफते हुए कहा, “निकलने वाला है देख देख नाह!”

और प्रेशर से उसस्के वीर्य पाछाक से निकले और अशिता के गाल पर कुछ कतरे गए और कुछ बीएड पर…..

अशिता बहोत hi हैरान, और क्यूरोसिटी में डूबे हुए उस मंज़र को इस तरह से देख रही थी के जैसे उस्सने कोई बड़ी सी मैजिक दिख गयी… वो सोचने लगी के यह किआ मिरेकल है के एक जिस्म के टुकड़े को उस तरह से रघड़ने से उसस्के अंदर से ऐसे कुछ लिक्विड बाहर निकलता है…. और फिर अशिता के जिस्म के अंदर एक लेहेर सी दौड़ी, और उस्का मैं ज़ोर से अपने भाई को जकरने और चूमने को किया…..

मगर विहान कुछ और hi सोच रहा था उस्सने अशिता से कहा, “अब इस्को किश कर नाह डार्लिंग!”

अशिता सर उठाकर विहान के चेहरे में सवाली नज़रों से देख रही थी, तो विहीआं ने कहा,

“आरी ऐसा करते हैं, इस्को चूस्ते भी हैं, खैर तू नहीं समझती तो चूस मत अभी बुसस किश कर नाह, थोड़ा सा अगर अपना जीब चलाती इस्सके टिप पर तो सोने पे सुहागा हो जाता मेरे लिए…..”

विहान ने नहीं सोचा था के अशिता सीधे उसस्के लुंड को अपने मुंह में ले लेगी… वो हैरत से देखता रहा और उस्का लुंड अशिता के मुंह के अंदर गया उसस्के बचे हुए वीर्य को चुस्सने के लिए!!”

अशिता के अंदर एक आग सी भड़क गयी थी वो कुछ ऐसा hi करने को सोच hi रही थी के उसस्के भाई ने उस लुंड को किश करने को कहा, और उस्सने तो चुस्सना hi शुरू कर दिया…. अशिता की जिस्म की वो मांग थी, ज़रुरत थी उस वक़्त के बिना पूछे उस्सने अपने आप hi लुंड को मुंह में लेकर आराम से चुस्सने लग गयी……

तो बे कॉन्टिनोएड……………
 
अपडेट 8 थे हद ा ग्रेट मॉर्निंग

जब माँ बाप दोनों काम के लिए निकलने लगे तो दो बार और सुमन दोनों को उठाने गयी दोनों हो हिलाते हुए, मगर दोनों गहरी नींद में होने की नाटक करते रहे. विहान ने ेंखों को मिलते हुए कहा, “ok माँ हम अभी उठने hi वाले हैं आप जाओ फ़िक्र मत करो हम टाइम पर कॉलेज चले जाएंगे.” और अशिता चुपके चुपके कम्बल के निचे मुंह छुपाये हंस रही थी.

जब पेरेंट्स चले गए, तो अशिता खुद उठ कढ़ी हुई और विंडो के परदे के पीछे छुप कर बाहर उनको जाते हुए देख रही थी और जब दोनों चले गए तो भागती और ज़ोरों से हस्ती हुई मुड़कर विहान को देखते हुए टॉयलेट गयी सुसु करने.

विहान बीएड पर बैठे बड़े प्यार और उल्फत से अशिता को जाते देख रहा था. उस्सको हद से ज़्यादा प्यार हो गया था अपनी बेहेन से और सोच रहा था कैसे रहेगा उसस्के बिना. विहान ने सोचा उस्सको मोबाइल जल्द से जल्द लेना चाहिए क्यूंकि अब वो अशिता को अपने मोबाइल के कैमरा में कैद करना चाहता था. यह उस ने अभी अभी डीडे किया जब वो उस्सको भागते हुए, और मुड़कर उस्सको देखते हुए देखा, जिस ऐडा से अशिता ने मुड़कर उस्सको देखा था वो अशिता की मुस्कान और उस्सकी वो नज़र, उस्का चेहरा खिली हुई, और एक नटखटपन जो छुपा हुआ था उसस्के चेहरे में वो विहान ने सोचा अगर कैमरा होता तो उस्सको क्लिक करके सेव करता और जी भरके देखता रहता…..

विहान सोचने लगा के किआ कभी फिर ऐसा एक्सएक्ट मौका आएगा जब अशिता उस्सको उस तरह से मुड़कर भागते हुए देखेगी उसी तरह से मुस्कुराते हुए? कैसे वो उस पल को दोबारा क्रिएट करेगा? अभी के लिए उस्सने अपने दिमाग़ में उस अदा को, उस लुक को कैद कर लिया था मगर दोबारा कैसे करेगा? उस्सने सोच लिया के part टाइम जॉब वाले तनख्वा पाते hi वो कैसे भी करके क्रेडिट पर एक मोबाइल ज़रूर खरीदेगा, बाध्य वाला जिस से अछि तस्वीरें ली जा सकती है.

दोनों भाई बेहेन कॉलेज के लिए तैयार होने लगे और जब अशिता अपने कपडे पेहेन्ने जा रही थी तो विहान ने उस्सको जकरा और चूमते हुए कहा,

“आज तू मेरे सामने कपडे बदल, मैं तुमको ऊपर से निचे तक देखना चाहता हूँ!”

अशिता: “ोफो किआ भाई तुम भी नाह! यह सब करने का टाइम नहीं लेट हो जाएगा हमें!”

विहान ने बीएड पर बैठते हुए कहा,

“अरे कुछ करना नहीं है सिर्फ तुमको देखूंगा छूवूँगा तक नहीं!”

अशिता अलमारी के पास कड़ी उस्सको देखते हुए कहा,

“प्रॉमिस? अगर प्रॉमिस करो के वहीँ सिर्फ बैठ कर देखोगे तो okay चेंज करती हूँ तुम्हारे सामने मगर , अगर तुम बीएड से उठे तो मैं तुमसे बात नहीं करुँगी आज दिन भर तो बोलो प्रॉमिस और निभाना प्रॉमिस को!”

विहान ने बड़े प्यार से मुस्कुराते हुए कहा,

“अरे बाबा ok प्रॉमिस, नहीं उठूंगा बीएड से, बुसस समझ लो के तुम्हारा पिक्स ले रहा हूँ एक कैमरा से थोड़ा पोज़ भी देना मुझे चेंज करते हुए! ठीक है?!”

यह सुन कर अशिता को चाह लगा और खिलखिलाती हुई बोली,

“अरे वह किआ आईडिया है भाई, okay मैं मॉडल्स की तरह पोज़ देती हूँ तुमको, यह लो पहला पोज़!”

और उस्सने अपने कमर पर दोनों हाथों को करके, गर्दन को स्ट्रैट करके, नज़रों से एक तरफ देखते हुए एक पोज़ दिया.

विहान ने हँस्ते हुए कहा,

“वंडरफुल, मगर इस कपडे में भद्दा लग रही हो, यूनिफार्म तो पहनों, ब्रा और पंतय में तो पोज़ दो तब मॉडल दिखोगी मेरी रानी!”

फिर होना किआ था, एक एक करके अशिता ने अपने कपडे उतारे अपने भाई के सामने…. जब टॉप निकला, तो उस्सकी ब्रा में विहान उस्सको निहारते हुए अपने लुंड पर हाथ दबाने लगा…. और जब अशिता ने अपनी कमर से सेकंड पीेछे को निचे किया तो उस्सकी पंतय में अशिता को देखते हुए, उस्सकी पतली कमर और उभरते हुए जाँघों को और उस्सकी उभरती हुई गांड को देख कर विहान का पूरा खड़ा हो गया और वो अपने लुंड को सहलाते हुए अशिता को टपकते लाड से देखने लगा…

अशिता के चेहरे में एक प्यारी सी मकान खिल रही थी वो सब करते हुए अपने भाई के सामने. वो विहान के चेहरे में देखते हुए सब कर रही थी. विहान को फिर पछतावा हुआ के उसस्के पास मोबाइल नहीं अशिता की उस लुक को कैमरा में सेव करने के liye…marta था वो अशिता के उन् अदाओं पर, उस्सकी उस मुस्कराहट पर, उस्सकी भोलेपन पर, यह दिन, यह भोलापन वापस तो नहीं आयेहिंगुए कभी यह विहान को पता था इस लिए उस्सको जल्दी था यह सब कैमरा में सेव करने के लिए. विहान को पता था के जब अशिता की उम्र बढ़ने लगेगी तो यह भोलापन, यह मासूमियत उस्सको नहीं मिलेगा उसस्के चेहरे में, इस लिए वो यह सब सेव करना चाहता था, ख़ास कर उस्सकी जिस्म जो अभी दिख रहा है, उस्सकी छोटे छोटे बूब्स, उस्का पथ, वो पतली कमर, यह सब अभी है बाद में सब चेंज हो जाएगा, इस लिए विहान को जल्दी था सब सेव करने के लिए.

अभी कुछ लम्हे पहले अशिता नाहा कर निकली थी, और नया ब्रा और पंतय पहना था उस्सने जिस्सको देखते हुए विहान ने कहा,

“एक काम करोगी बेबी?!”

अशिता ने उसी प्यारी मुस्कान में विहान के तरफ देखते हुए पूछा,

“अब किआ?”

विहान: “पंतय और ब्रा दोनों को चेंज कर नाह प्लीज!”

हैरान होते हुए अशिता ने विहान से कहा,

“अभी अभी तो पहना बाथरूम में मैं ने इससे, अब क्यों बदलूँ मैं?!”

विहान: “आरी बुसस समझ लो के पिछ ले रहा हूँ तुम्मो सब बदलते हुए!”

अशिता ने ांसाते हुए और रोनी आवाज़ बनाते हुए कहा,

“हम्म्म्म भाई, यूनिफार्म पहनती हूँ नाह अब, जब सच में मोबाइल होगा तुम्हारे पास तब एक दिन ब्रा और पंतय को चेंज करुँगी तब ले लेना पिक्स okay?!”

विहान ने एक लम्बा सांस चोररटे हुए कहा,

“धत! तब पता नहीं एहि अट्मॉस्फेरे होगा के नहीं, तब पता नहीं ऐसा hi होगा के नहीं, खैर ok जाने दे, पहले अपनी यूनिफार्म अब!”

और जल्दी जल्दी अशिता ने अपने कॉलेज की यूनिफार्म पहना. वही एक वाइट ब्लाउज, डार्क ब्लू स्कर्ट और एक छोटा सा टाई नैक में. फिर अशिता ने राउंड राउंड चाकर लगाया अपने भाई को दिखाते हुए और पूछा,

“लो अब तो भद्दा नहीं लग रही नाह लेलो पिक्स जितना लेना है हीहीहीहीही!”

और वो खुद आयी विहान के पास बीएड के पास और विहान के दोनों गालों पर किश किया और कहा “अब लेट हो जाएगा चलो, चलते हैं”

विहान ने कहा, “मैं किआ ऐसे कॉलेज जाऊंगा किआ? मुझे भी तो यूनिफार्म पेहेनना है अब तू वेट कर लाउन्ज में मैं अत हूँ!”

अशिता चली गयी लाउन्ज में टिफ़िन और बैग लेकर अपने भाई का वेट करने, तब तक विहान ने यूनिफार्म पहना और बीएड के पास एक बकेट में उस्सकी नज़र पड़ी जहाँ अशिता ने अपने उतारे हुए ब्रा और पंतय रखे थे. उस्सने अशिता की उतरी हुई पंतय को हाथ में लिया और नाक के पास लगाया और सूंघने लगा, और उत्तेजित हुआ अशिता की उस खुशभु se…ussko उस में अशिता महक रही thi…phir उस्सने पंतय को एक्सामिने किया तो पाया के उस्का वीर्य सूखा हुआ है उस पर और साफ़ कुछ हल्का सा पीला रंग का दाग दिख रहा है उस पर…. तो वो जल्दी से उस पंतय को लेकर लाउन्ज में आया और अशिता को दिखाते हुए कहा,

“यह मुसीबत की निशानी चोरर कर जा रही हो तुम? मान लो आज मम्मी हम से पहले घर आगयी और तुम्हारे कपडे धोने के लिए लिया और यह देख लिया तब किआ होगा?!”

अशिता नहीं समझी और पूछा,

“तो इस में कौन सी मुसीबत है भाई? मेरी पंतय तो वो हर रोज़ धोती है नाह?!”

विहान ने आवाज़ को थोड़ा सा ऊंचा करके कहा,

“आरी मेरी माँ तुमने देखा नहीं किआ लगा हुआ है इस पर? कल रात वाले मेरे वीर्य की दाग है यह देख!! इस्को अभी जाकर धो तू, और आज के बाद जब नाहा रही होती हो तभी अपनी ब्रा और पंतय धो देना हर रोज़ समझी? इस्को एक आदत बना लो वार्ना मम्मी तुम्हारी जान खा जाएगी, पहले से hi तेरे गर्दन और छाती पर मार्क्स देख कर ग़ुस्सा है वो!!”

अशिता का चेहरा लाल हो गया और पंतय को हाथ में लेकर देखने लगी और एक नज़र अपने भाई को देखते हुए कहा,

“अच्छा इस में किश का कुसूर है मेरा या तुम्हारा? किश ने किया यह मेरे पंतय पर? तुम ने hi नाह? किश ने मार्क किया मेरे गर्दन और छाती पर तुमने, और चिल्ला मुझ पर रहे हो भाई! सब तुम्हारी ग़लती है और सज़ा मुझको मिलेगी?!”

विहान हैरत में पढ़ गया क्यूंकि अशिता सही कह रही थी….. फिर उस्सने कहा,

“अच्छा चोरर मैं hi इससे धो देता हूँ तुरंत”

फिर अशिता ने मुस्कुराते हुए कहा,

“नहीं नहीं भाई मैं hi धोती हूँ मगर कॉलेज के लिए लेट हो जाएगा भाई!”

और आखिर में दोनों एक साथ गए उन् कपड़ों को धोने के लिए, विहान ने हेल्प किया और उस्सने भी अपने मज़बूत हाथों से खूब साबुन लगा कर पंतय से दाग को मिटाया. अशिता ने कहा,

“भाई यह भी तो एक प्रॉब्लम है नाह? आज माँ पूछेगी के क्यों मेरे ुंडेरवेअर्स को धोया मैं ने तो किआ कहूँगी?

तो विहान को आईडिया सुझा. उस्सने कहा,

“तो सुन, इस्को भिगो कर ऐसे hi बाथरूम में चोररडो जैसे धोया हुआ नहीं है बल्कि तेरे नहाते वक़्त भीगा है और इस्को ऐसे मुठी में दाबोझ कर निचे रखदो.”

और वही किया दोनों ने और कॉलेज के लिए निकले एक साथ. बस में दोनों एक साथ बैठे हमेशा की तरह और बात करते हुए गए. धीरे धीरे बात करते थे ताके कोई उनके बातों को नाह सुनें. अशिता ने कहा,

“भाई तुमने कहा के मम्मी को यह कहूँगी के मेरे सहेलियों ने मेरे गर्दन पर दांत काटे हैं तो छाती पर किश ने लाल मार्क किया वो भी किआ सहेलियों ने किया? अब बोलो किआ कहेंगे मम्मी से?! और एक बात है अगर मम्मी ने पूछा कौन सी सहेली है उस्का नाम पूछा और अगर उस से मिलने आयी कॉलेज में तो? तब किआ होगा?”

कुछ देर तक सोचने के बाद विहान ने पूछा के उस्सकी कौन सी सबसे क्लोज सहेली है क्लास में. अशिता ने प्रिय का नाम लिया. तो विहान ने कहा,

“तुम प्रिय से कहो के तुम्हारा एक बॉयफ्रेंड है जिस ने तुमको किश करते वक़्त उन् जगाओं पर लोवेबिट्स कर दिया और तुमने मम्मी से कहा के सहेली ने किया, तो प्रिय को पता लो के वो कहे के खेल खेल में उस्सने वैसा किया तेरे गर्दन और छाती पर गेम पीरियड के टाइम पर!!!! ऐसा कर सकती हो? किआ प्रिय ऐसा करेगी तेरे लिए?”

अशिता ने कहा,

“मेरी बेस्ट फ्रेंड है वो तो शायद मान जाएगी मगर बहोत सवाल करने लगेगी के कौन बॉयफ्रेंड है, उस से मिलना चाहेगी तब किआ कहूँगी भाई!”

विहान ने जोके करते हुए कहा,

“बता देना के मैं तुम्हारा बॉयफ्रेंड हूँ, वैसे हूँ नाह तेरा बॉयफ्रेंड मैं hi?!”

अशिता ने तब हँस्ते हुए मुठी बांध करके विहान के छाती पर छोटे छोटे घूंसे मारे.

और विहान ने फिर बहोत धीरे से अशिता के कान में कहा,

“किआ तू मेरी गर्लफ्रेंड नहीं है? है नाह? बता!”

अशिता ने थोड़ा शर्माते हुए हाँ में अपना सर हिलाया….

तो विहान बोलै,

“फिर मैं तेरा बॉयफ्रेंड हुआ नाह?”

अशिता ने फिर हाँ में सर को हिलाया…….

तो विहान ने अशिता को ज़ोर से अपने सीने से सट्टे हुए उसस्के गालों को चूमा……

तो बे कॉन्टिनोएड…………
 
अपडेट 9 अशिता इन ट्रबल्स

विहान को कॉलेज से वापस आने के बाद इस दिन को कीबेरकफé जाना था शाम को 5 बजे से रात को 11 बजे तक काम करने को.

अशिता उदास हो जाती जीन रातों को वो काम पर जाता क्यूंकि वो अकेली फील करती घर में उसस्के बिना.

अब जाने से पहले जब कॉलेज से वापस आये थे तो दोनों अकेले थे हर शाम की तरह और विहान ने उस से पूछा किआ प्रिय से बात हुई तो अशिता ने कहा हाँ उस्सने कहा ठीक है वो चार्ज ले लेगी के हाँ उसी ने मज़ाक में अशिता के गर्दन पर लोवेबिट्स किये थे और छाती पर भी.

फिर दोनों ने एक दूसरे से बहोत प्यार किया विहान के काम पर जाने से पहले. और ठीक जब विहान घर से निकल रहा था तो उसस्के मम्मी और पापा काम से वापस घर को आये.

विहान तो चला गया मगर अशिता के लिए मुश्किल घरी थी माँ का सामना करना था वो बी विहान के बिना, अकेली.

विहान भी जाते वक़्त रास्ते में अशिता के बारे में hi सोच रहा था के पता नहीं वो माँ से कैसे उस प्रॉब्लम के बारे में डील करेगी अकेले, कर भी पाएगी के नहीं, विहान वापस आना चाहता था अशिता के सपोर्ट के लिए, मगर उसस्के मैं में मोबाइल खरीदने का भूत भी संवार था अशिता के पिक्स लेने के लिए इस लिए वो सीधे कीबेरकफé चला गया मगर अपना दिल अशिता के साथ चोरर गया.

उस तरफ सुमन ने अशिता को बुलाया और सवाल शुरू किया. अशिता घबराई हुई थी विहान के बिना, विहान उस्सकी ताक़त थी, और अब अकेली वो बहोत कमज़ोर फील कर रही थी. माँ ने पूछा,

“यह तेरे गर्दन में मार्क कैसा है? बता मुझे वार्ना तुझे आज मैं मार डालूंगी!”

बाप तुरंत सुमन की ऊंची आवाज़ सुनकर वहां आया. उस्सको देख कर अशिता और भी घबरा गयी और रोने लगी. तब बाप ने कहा,

“बीटा बता दे कैसे हुआ यह निशाँ तेरे गर्दन पर?!”

अशिता ने सर झुकाये रट हुए कहा,

“वो बुसस कॉलेज में एक गेम प्रोग्राम के दौरान मेरी सहेली ने ऐसे hi मुझे दांत काटी थी!”

अनिरुद ने तुरंत सुमन को देखते हुए कहा,

“देखा मैं ने कहा था आज कल लड़कियां ऐसे हरकतें करते हैं!”

सुमन ने अपने पति को डंटे हुए कहा,

“आप छुप रहो जी मुझे सवाल करने दीजिये इस से!”

तब सुमन ने अशिता के बाल नोचते हुए कहा,

“तू झूट बोल, रही है, तेरे छाती पर भी किआ तेरी सहेली ने तुझे दांत कटा किआ? हैं? बता मुझे यह किश का काम है”

और एक ज़ोर का थपड लगाया सुमन ने अशिता को. जब थपड पड़ी तो अशिता बैठ कर रोने लगी और उसस्के पापा ने उस्सको गले से लगाते हुए उस्सकी माँ पर चिल्लाया यह कहते हुए,

“तुम पागल हो किआ? यह किआ कोई छोटी सी बची है जो इस पर तू हैं उठा रही है? इतनी बड़ी लड़की को कोई मारता है किआ?”

अशिता रोटी जा रही थी और अपने भाई को याद कर रही थी के उस्सने कहा था के अगर माँ ने उस पर हाथ उठाया तो वो बीच में आजाएगा मगर वो तो यहाँ था hi नहीं. और सुमन ने ग़ुस्से में अशिता को और एक थपड लगाया, जो आधा उसस्के चेहरे पर पड़ी और बाकी अशिता के पापा ने अपने हाथ पर लिया उस्सको बचाते हुए.

सुमन ने चिल्लाते हुए फिर पूछा,

“बता मुझे के यह सब तेरे भाई ने तेरे साथ नहीं किया है? सच बता मुझे मैं सच सुन्ना चाहती हूँ? तू किआ गुल खिला रही है इस घर में अपने बड़े भाई के साथ, हमारे ग़ैर हाज़िरी में किआ करते हो तुम दोनों?”

अशिता कोई जवाब देने की काबिल hi नहीं थी क्यूंकि वो बहोत ज़ोरों से रो रही थी.

अनिरुद ने उसस्के सर पर प्यार से हाथ फरते हुए उस्सको छुप करते हुए कहा,

“बोलदे बेटी, बता दे जो सच बात है नहीं तो उस्का ग़ुस्सा ठण्ड नहीं होने वाला बता दे!”

सुमन फिर चिल्लाई,

“और क्यों रात में तू उठकर उसस्के पास चली गयी थी? किआ वो तेरा पति है जो उसस्के बिना तुझे नींद नहीं अति? क्या सिर्फ उसस्के बाहों में तुझको नींद आती है? खबरदार जो आज उस कमरे से निकली तो…..!”

अशिता और भी ज़ोरों से रोने लगी अपनी माँ की लास्ट बात को सुनकर. मगर सुमन की बात ख़तम नहीं हुई थी उस्सने और ज़ोर से कहा,

“तेरा लक्षण कुछ ठीक नहीं लग रहा मुझे, तेरा कॉलेज जाना बांध करवाना पड़ेगा मुझे अब, घर पर hi बैठना तू अब. घर में बहोत सारे काम होते हैं, धोना, पकाना, घर साफ़ करना यह सब के hi लायक है तू……”

अनिरुद ने तिरछी नज़र से अपनी पत्नी को देखते हुए कहा,

“चुप कर अब तू किआ बकवास कर रही है? क्यों कॉलेज नहीं जाएगी मेरी बिटिया, ज़रूर जाएगी और अपने भाई के साथ hi जाएगी, तू जा अब, तू अपने किचन में जा मैं बात करती हूँ अपनी बेटी से, चल जा यहाँ से अब!”

अनिरुद अशिता को प्यार से फुसलाते हुए उस्सकी कमरे में लगाया उससे और दोनों बाप बेटी बीएड पर बैठे और अनिरुद ने आराम से और प्यार से अशिता के गाल से बहते ेंसुओं को पोंछते हुए कहा,

“यह किआ है अशिता किआ तुम दोनों भाई बेहेन के बीच कुछ चल रहा है किआ? मुझसे तो मत छुपा मुझे बता मैं कुछ नहीं बताऊंगा तेरी माँ को बल्कि तुमको बचाऊंगा.”

अशिता ने सर झुकाये हुए अपने पापा से कहा,

“कुछ नहीं है पापा माँ को गलतफैमी हुई है, मैं भाई से बहोत प्यार करती हूँ और उसस्के साथ सोने की आदत है इसी लिए मैं उसस्के पास वापस आगयी थी”

अनिरुद: “और गले में जो निशान है किआ विहान का hi किया हुआ नहीं है? सच बोल मुझे अशिता!”

अशिता: “नहीं पापा ये तो प्रिय और कोमल ने खेल के दौरान मज़ाक मज़ाक में किया था, प्रिय ने कोमल के भी गले में ऐसा निशान किया था…. यह सब मज़ाक में हुआ है पापा!”

सुमन बाहर छुप कर सुन रही थी और अंदर दाखिल होते हुए कहा, “झूट बोल रही है तू, मुझे यकीन नहीं है, अगर यह सच है तो कल मैं कॉलेज अत हूँ और मुझे उस प्रिय से मिलवाना, मैं कुछ नहीं कहूँगी उससे बुसस इतना पूछूँगी के किआ सच में उस्सने तेरे गले में दांत कटा था, और छाती पर भी? कमाल है तेरी ब्लाउज के अंदर तेरी सहेली तुझे छूटे है यह किसी लड़कियां है उस कॉलेज में? मुझे तो वहां के प्रिंसिपल से पूछना चाहिए!”

अनिरुद ने सुमन पर अब चिल्लाते हुए कहा,

“कुछ पूछ ताज नहीं करना किसी से, तू जा अपने किचन में. अशिता ने कह दिया उस्सकी सहेली ने किया है तो बुसस वही हुआ है, अब बात ख़तम. इस बात को अब आगे नहीं बढ़ाया जाएगा. पीरियड.”

और सुमन सच में अपनी किचन में चली गयी तो बाप ने अशिता से के गाल चूमते हुए कहा,

“देख बेटी मुझे भी तुम पर पूरा यकीन तो नहीं है मैं बुसस तुमको बचा रहा हूँ तेरी माँ से. मगर प्लीज मुझे सच सच बता नाह किआ विहान और तेरे बीच कुछ है किआ? तू फ़िक्र मत कर मैं कुछ भी नहीं कहूंगा तेरी माँ को मुझे बोल नाह, मैं तेरी माँ को तब कॉलेज जाने से बिल्कुल रोक लूंगा तू बोल नाह किआ विहान ने तेरे छाती पर किश किया और लोवेबिते किये हैं? प्लीज मुझको तो सच बता दे. मैं विहान को भी कुछ नहीं कहूंगा, बुसस मैं जानना चाहता हूँ, तू बताएगी तो मैं तुमको बचाऊंगा नाह तेरी माँ से, समझा कर नाह!”

अशिता ने पहले धीरे से कहा,

“देखो कहीं मम्मी यहीं दरवाज़े के पास कड़ी सुन तो नहीं रही है पापा!”

तो अनिरुद उठ कर देखने गया और कहा,

“नहीं वो तो किचन में है, तो बोल मुझे किआ बात है!”

अशिता ने कहा,

“पापा कहीं आप मुझसे सच बात जान्ने के लिए कोई चाल तो नहीं चल रहे कहीं मम्मी और आप मिले तो नहीं हुए हो? किआ मम्मी ने आप से मुझसे बात उगलवाने के लिए कहा है तब आप उस्सको सब बता डोज?!”

अनिरुद ने अशिता को सीने से लगाते हुए कहा,

“आरी नहीं रे पगली मैं भला तेरे साथ ऐसे कर सकता हूँ किआ? बिल्कुल भी नहीं, उस्सको तो मैं दन्त रहा था नाह अभी, तू बोल किआ बात है मेरी गद्य, बता पापा को!”

अशिता ने पहले अपने पापा के चेहरे में कुछ डरते हुए देखा, और फिर सर निचे झुका कर कहा,

“हाँ पापा विहान भाई और मैं एक दूसरे से बहोत प्यार करते हैं, हम एक दूसरे के बग़ैर नहीं रह सकते, मेरे जिस्म पर सभी निशान उसी के किये हुए हैं, मगर पापा भाई का कोई दोष नहीं है पापा मैं उस्सको यह सब करने देती हूँ क्यूंकि मुझे सब बहोत अचछह लगता है प्लीज भाई को कुछ मत कहना और हमको दूर मत करना पापा!!”

तो बे कॉन्टिनोएड…………
 
अपडेट 10 Ashita’s फादर इन ट्रबल नाउ

“हाँ पापा विहान भाई और मैं एक दूसरे से बहोत प्यार करते हैं, हम एक दूसरे के बग़ैर नहीं रह सकते, मेरे जिस्म पर सभी निशान उसी के किये हुए हैं, मगर पापा भाई का कोई दोष नहीं है पापा मैं उस्सको यह सब करने देती हूँ क्यूंकि मुझे सब बहोत अचछह लगता है प्लीज भाई को कुछ मत कहना और हमको दूर मत करना पापा!!”

अब आगे……

अशिता की कॉन्फेशन सुनने के बाद अनिरुद का पसीना छूठ गया और उस्का सर चक्र सा गया एक पल के लिए. उसस्के माथे से चाँद बूँद पसीने के निकल पड़े और उसस्के समझ में नहीं आया के अब अशिता को किआ जवाब दे!

एक बाप, एक ज़िम्मेदार बाप की तरह अगर अनिरुद सोचता तो तुरंत सख्त फैसला करना चाहिए था, कोई बहोत सख्त इंतज़ाम करना चाहिए था या अशिता को और भी ज़ोर का थपड मारना चाहिए था, मगर जब माँ सख्त होती है ऐसे मामले में तो बाप अक्सर साइड लेता है और अपने औलाद को प्रोटेक्ट करने की कोशिश करता है. और जहाँ बाप सख्त होता है तो माँ को अक्सर बचे के साइड लेते हुए देखा गया है.

अनिरुद ने उन् चाँद पलों में यह भी सोचा के अगर अशिता को प्रोटेक्ट करना है तो उस्सको आराम से सही वक़्त पर मामले को सुलझाना पड़ेगा, हड़बड़ी में सब और भी बिगड़ सकता है, बच्ची से हाथ भी धोना पर सकता है. कोई भी निर्णय लेने से पहले बहोत सोच विचार करना चाहिए ऐसे मामले में ऐसा सोचा अनिरुद ने. और अनिरुद ने यह भी सोचा के कहीं ऐसा नाह हो के कुछ ज़्यादा सख्ती करने से कहीं अशिता या विहान कुछ कर नाह बैठे जैसे दोनों घर चोरर कर भाग जाए या आत्महतिया कर लें… बहोत नाज़ुक मामला था और इस्को बड़े आराम और सुकून से सुलझाना था अनिरुद को, उस्सने ऐसा सोचा.

बाप ने यह बी सोचा के अगर सुमन को इस्सके पता चला के अशिता ने सब कंफेस्स कर लिया तो वो किआ कर बैठेगी, वो ग़ुस्से में बहोत बुरा कर सकती है.

यह सब सोचते हुए अनिरुद अपने सर पर हाथ रखे रूम में इधर उधर चलने लगा था जबकि अशिता ेंखों से टपकते इणसूं के साथ अपने पापा को उस हालत में देखते हुए और ग़मगीन हो गयी थी. उस्सको पता था के उस्का पापा बहोत परेशान हो गया है और उस्का कारण खुद अशिता है.

अशिता ने आहिस्ते से रोटी हुई आवाज़ में कहा,

“पापा कुछ तो कहो आप क्यों ऐसे चल रहे हो, मेरे तरफ देखो नाह पापा!”

अनिरुद को जैसे एक सदमा लगा था, वो अचानक कमरे से बाहर निकल रहा था तो झपट के अशिता बीएड से उठी और उसस्के हाथ पाकर कर खींचते हुए और रट हुए कहा,

“नहीं पापा प्लीज मम्मी को मत बताना ग़ज़ब हो जाएगा अगर उस को पता चला तो!”

तो अनिरुद ने कहा,

“आरी पगली मैं उस्सको कुछ बता सकता हूँ भला? मैं तो देख रहा हूँ के उस्सने कुछ सुना तो नहीं, मुझे देखने दे वो किआ कर रही है और कहाँ है, छुप बैठ यहीं तू मैं अभी आया!”

अनिरुद कॉरिडोर से छुप कर अपनी पत्नी को देख रहा था, वो बर्तन मांज रही थी सिंक के पास और उस से पीठ किया हुआ था तो अनिरुद वापस गया अशिता के पास और अशिता उठ कर उसस्के बाहों में समा गयी रट सिसकते हुए.

अपनी बेटी को सीने से लगाए हुए अनिरुद उसस्के सर पर हाथ फरते हुए उस्सको कम्फर्ट कर रहा था, फिर उसस्के गाल को सहलाते हुए उस ने पूछा,

“ाचा मुझे यह बता विहान ने और किआ किआ किया तेरे साथ? किआ तुम लोग सेक्स भी करते हो? ोफो मैं भी किआ पूछ रहा हूँ इस बची से ओह माय गॉड! अब मैं किआ करूँ!!”

अशिता अपने पापा को उस हालत में देख कर और रोने लगी. अशिता को पता था के उस्का पापा बहोत स्ट्रांग आदमी है उस्सको हर मुश्किल का सामना करना अत है, वो बहोत इंडिपेंडेंट आदमी है और मुश्किल से मुश्किल सिचुएशन में भी उस्सने हमेशा कामयाबी हासिल की है, इस लिए इस वक़्त अशिता को अपने उस स्ट्रांग पापा को ऐसे झुकते हुए, टूटते हुए देख कर उस्सको और भी रोना आया और अपने पापा को बहोत ज़ोर से अपने बाहों में भरकर उसस्के सीने पर अपना सर रख के रो रही थी. फिर सिसकते हुए अशिता ने कहा,

“नहीं पापा हमने सेक्स नहीं किया बुसस इतना hi कुछ हुआ है अब तक!”

तब अनिरुद के जान में जान आयी और उस्सने एक गहरी लम्बी सांस लेते हुए कहा,

“ोूह!! उफ्फ्फ्फ़! तुमने मेरे मुश्किल को बहोत आसान कर दिया बेटी बच गया मैं बाप रे, मैं तो बहोत दूर का सोचने लगा था, थैंक्स गॉड तुम लोगों ने सेक्स नहीं किया, तुम दोनों मातुरे होते तो मुझे फ़िक्र नहीं होता, तब विहान को कण्ट्रोल करना अत और तुमको प्रेग्नेंट नहीं होने देता, मैं सोच रहा था के सेक्स कर लिया होगा उस्सने तेरे साथ और तू प्रेग्नेंट हो गयी होगी इस्सके बड़ा फ़िक्र था मुझे उफ़ अब चैन आया मुझे!”

अशिता को बहोत ख़ुशी हुई यह देख कर के उस्का पापा अब नार्मल बात करने लगा उस्सकी परेशानी दूर हुई और अशिता को भी चैन आया. और फिर वैसे hi अशिता को बाहों में लिए हुए अनिरुद ने कहा,

“सुन बीटा, बात तो बहोत ज़्यादा करना है तुमसे, अभी नहीं कर सकता, तेरी माँ कभी भी आकर सुन सकती है, वेट कर वो अभी नहाने जाएगी तब तुझ से और बहोत सारे बातें करनी बाई मुझे, तू बुसस फ़िक्र मत कर, ज़्यादा मत सोच, परेशान मत हो, टेंशन मत ले अपने ऊपर, मेरी प्यारी गद्य को मैं परेशान नहीं देखना चाहता और मैं नहीं चाहता के तुम स्ट्रेस में अपने दिमाग़ को कोई तकलीफ दो, तुमको पढ़ना भी है, इस लिए अपने ब्रेन को ज़्यादा थका मत, मैं हूँ नाह, मैं सब संभल लूंगा, कुछ नहीं होने दूंगा नाह तुझे नाह मेरे विहान को. कोई कुछ नहीं करेगा मेरे बच्चों को. मैं हूँ अभी, मैं ज़िंदा हूँ, मेरे बचे मेरे हैं इनका प्रॉब्लम मेरा प्रॉब्लम है. मैं तुम दोनों को तकलीफ में नहीं देख सकता. तुमको उदास नहीं देखना चाहता मैं, मैं तुमको खिलखिलाते, हँस्ते हुए, चेहेक्ते हुए देखना चाहता हूँ हमेशा, तुम दोनों को हमेशा खुश देखना चाहता हूँ, समझी. तो तू सब टेंशन भूल कर आराम कर; बाद में बात करते हैं बीटा तू आराम कर और रोना बंद कर नहीं तो स्ट्रेस होगा और ब्रेन को तकलीफ होगी जो मैं नहीं चाहता. मैं कुछ देर बाद तुमसे फिर बात करता हूँ.”

यह कहकर अनिरुद कमरे से निकल गया और अशिता सच में खुश हो गयी और सोचने लगी के उस्का पापा कितना ाचा है जो उस्सको और उसस्के भाई को समझता है. अशिता को एक और स्ट्रांग सपोर्ट मिल गया घर में और उस्सको बहोत चैन और राहत मिली उसस्के पापा के बातों को सुनकर. अशिता सोचने लगी के विहान भी बहोत खुश होगा और उस्सको भी आराम मिलेगा यह जान कर के उसस्के पापा को सब पता होने के बावजूद उस्सने कुछ बुरा नहीं कहा और उन् दोनों के सपोर्ट में है. फिर सोचा के किआ विहान को यह सब बताना चाहिए के नहीं?!

अनिरुद सुमन के पास गया किचन में और चाय की मांग की. उस्सको चाय की कप देते हुए सुमन ने पूछा,

“किआ बताया आप की चाहती ने आप को? कुछ उगला भी या नहीं?”

अनिरुद खुश दिख रहा था, क्यूंकि उस्सको अब पता चल चूका था के दोनों के बीच सेक्स नहीं हुआ, इस लिए उस्सको बहोत सुकून मिल गया था और खुश था तो उस्सने बड़े आराम से अपनी पत्नी से कहा,

“तू नाह बेकार में अपने सर खपाती रहती है, कुछ भी नहीं हुआ है उन दोनों में, मैं तुमको गारंटी देता हूँ के कुछ नहीं हुआ, हमारी अशिता वर्जिन है मैं आग में हाथ दाल कर कह सकता हूँ, जो कुछ तुमने उसस्के गर्दन में देखा सब स्कूल के शरारती लड़कियों का कराया धराया है अब से नहीं होगा, अशिता को मैं ने समझा दिया, बेचारी को तुमने बेकार में थपड मारा, हमारी अछि बची को तुमने ग़ुस्से में नाह जाने किआ किआ गन्दी बातें कह डेल, किसी माँ हो तुम? बचे को समझाने की बजाए तुम उस पर इस तरह टूट पड़ी जैसे के तुमने उन् दोनों को सेक्स करते देख लिया कमाल है यार…”

सुमन अपने पति के बातों को सुनकर शर्मिंदा हुई और कहने लगी,

“हाय राम मैं तो सच में सोच रही थी के इन् दोनों के बीच नाजाइज़ सम्बन्ध है, ोफो यह मैं ने किआ कर डाला?!” तब अनिरुद उस्सको एक नज़र से देखते हुए कहा,

“दोनों में बहोत प्यार है, एक दूसरे पर जान छिड़कते हैं दोनों और तुम ग़ुस्से में आकर सब ग़लत सोचने लगी थी, ग़ुस्से में इंसान का दिमाग़ काम करना बंद कर देता है, वही हुआ तेरे साथ, अब फ़िक्र करना बंद कर और अपने दिमाग़ से बुरी ख्यालों को निकाल फेंक बाहर, समझी किआ?!”

फिर कुछ देर बाद सुमन गयी अशिता के पास और उस्सको गले से लगाते हुए माफ़ी मांगी और कहा,

“मेरी गद्य माँ हूँ नाह तेरी तो फ़िक्र होती है, माफ़ करदे मैं ने ग़ुस्से में इतना ग़लत सोचा तुम दोनों के बारे में. तेरे पापा ने मुझे समझा दिया और मैं समझ गयी, सॉरी बीटा. प्लीज मेरे विहान को मत बताना के मैं ने तुम पर हाथ उठाया, नहीं तो उस्सको बुरा लगेगा….. सॉरी बीटा वैरी सॉरी!”

अशिता बहोत hi खुश हुई के उसस्के पापा ने सब संभाल लिया, उस्सकी माँ को भी संभाल लिए उसस्के पापा ने अशिता सच में बहोत ज़्यादा खुश थी अब. अब उसस्के चेहरे में वही रौनक वापस आगयी थी जो हमेशा हुआ करती है. और अशिता अब अपने मम्मी को शावर लेने जाने का वेट करने लगी क्यूंकि उसस्के पापा ने कहा था के उस्सको और भी बहोत सारे बातें करनी है उस से.

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कहते हैं नाह के हर इंसान के अंदर एक शैतान भी होता है. हर किसी के दो रूप होते हैं और कोई कोई अपने आप को संभाल कर सिर्फ अपने अचे रूप को इस्तेमाल करता है जीवन भर, और कई लोग सिर्फ उस बुरे शैतान वाले रूप को सामने लेट हैं, जो विलन होते हैं ज़िन्दगी भर.

अब अनिरुद भी वैसा इंसान था जिस ने अपने शैतान वाले रूप को हमेशा काबू में किये हुए था ज़िन्दगी भर. जब इंसान अपने शैतान वाले हिस्से को डोमिनाते करके ाचा करता है तो वो सफल होता है और अपने अंदर की जानवर को मार डालता है हमेशा के लिए. इस तरह से कुछ लोगों के शैतानी रूप कभी भी देखने को नहीं मिलते. जब इंसान मातुरे हो जाता है तो खुद पर और भी काबू कर पाटा है और अपने बुरे रूप को अपने अंदर दफन कर चूका होता है अगर छोटे उम्र से उस बुरे रूप को कण्ट्रोल करते अयाह है तो.

मगर जो इंसान मातुरे होने के बाद उस शैतानी रूप को बाहर लाते हैं उस्सको कण्ट्रोल करना मुश्किल होता है और एक दाल दाल की तरह उस में डूबने लगता है. मिस्साल के तौर पर देखिये जो इंसान बचपन से जवानी तक शराब या जुआ से दूर रहा कण्ट्रोल किया, अपने कमाई के पैसों को बचा के तरक्की किया और मातुरे होने के बाद उस्सने शराब पीना शुरू किया, जुआ खेलना, कैसिनो जाना, औरतों के संघात में रहना, यह सब मातुरे होने के बाद स्टार्ट किया तब वो यह सब नहीं चोरर पता, उस में और गहराई से डूबने लगता है. मगर जो इंसान जवानी से अपने बुरे रूप को हमेशाह कण्ट्रोल में रखा अधेड़ उम्र तक वो लोग कामयाब रहते हैं जीवन के अंत तक, मातुरे होने पर उनके शैतानी रूप मर चुके होते हैं.

तो अब अनिरुद का किआ था? उस रात को अपनी पत्नी से सेक्स करते वक़्त उस्सने अशिता को सोचा था, उस्सकी जवानी और जिस्म को सोचा था जब सुमन ने अशिता की उभरते छाती की बात किया था उस से; और अब किआ हुआ? किआ अनिरुद के अंदर का शैतान बाहर आने वाला था? किआ अनिरुद के दिमाग़ में कुछ चल रहा था? किआ उस्का कोई फायदा होने वाला था अशिता को उस्सकी माँ से बचा कर? किआ उस्सने जान बुझ कर अशिता को इतना सहारा दिया और उस्सको वैसे कंफर्ट किया?

जब सुमन नहाने चली गयी तो अशिता अपने पापा का वेट कर रही थी अपने कमरे में और कुछ पल बाद अनिरुद आये अशिता के पास उसस्के चेहरे में मुस्कुराते हुए देखते. अशिता बीएड पर बैठी अपने पापा के चेहरे में ख़ुशी से देख रही थी. उस्का चेहरा खिल उठा था अब क्यूंकि उसस्के पापा ने उसस्के सभी प्रोब्लेम्स को लग भाग सोल्वे कर दिया था और माँ भी उस से माफ़ी मांगने चली आयी थी, मतलब अब अशिता बिल्कुल नार्मल थी कोई स्ट्रेस नहीं, कोई भी टेंशन नहीं थी.

अनिरुद उसस्के पास बैठा. उसस्के काँधे पर हाथ रखा और और दूसरे हाथ से उस्सकी थोड़ी पाकर के उसस्के चेहरे को अपने तरफ उठाया, तो अशिता ने उसस्के चेहरे में देखा और अपने सर को उसस्के सीने से लगा दिया, फिर अशिता ने अपने बाहों को अपने पापा के कमर में लिपट कर उस्सको ज़ोर से जकरते हुए अपनी मीठी आवाज़ में ख़ुशी से कहा,

“थैंक यू वैरी मच पापा आप ग्रेट हो. आप को हर सिचुएशन को संभालना बहोत अच्छी तरह से अत है, थैंक यू.”

उस वक़्त अनिरुद के दिमाग़ में किआ चल रहा था? और किआ बात करना था उस्सको अशिता से? क्यों उस्सने सुमन को नहाने जाने दिया तब आया था अशिता के पास?

**********************************************************

कीबेरसफ़े में उस रात को विहान अपने बॉस से एक नयी मोबाइल खरीदने की बात कर रहा था. उस्का बॉस एक बहोत ाचा इंसान था और जब उस्सने देखा किश तरह से विहान एक स्टूडेंट होकर उसस्के पास part टाइम जॉब कर रहा है अपने पैरेंट के फाइनेंसियल हेल्प करने के लिए, ये बात बॉस को बहोत पसंद आयी और उस्सको ऐसे नौजवान पसंद थे जो कम उज्मार में hi कुछ करते हैं, आगे बढ़ने के लिए अपने आप लड़ते हैं. बॉस विहान को रेस्पेक्ट करता था इस वजह से.

बॉस के पास एक गैलेक्सी स8+ था जो वो बेचने वाला था क्यूंकि उस्सने एक स10 खरीद लिया था.

तो जब विहान ने नयी मोबाइल खरीदने की बात की तो बॉस ने सोचा इतने कम पैसों में वो कब एक नया मोबाइल खरीद पाएगा, इस लिए क्यूंकि वो विहान के काम से खुश था और उस्सको विहान की खुदारी पर नाज़ था बोस ने अपना गैलेक्सी स8+ विहान को गिफ्ट दे दिया! मोबाइल जैसे बिल्कुल नया था. उस्सको उसी वक़्त फॉर्मेट कर दिया तो फैक्ट्री सेटिंग और लो मोबाइल नया हो गया और विहान को दे दिया और इस्तेमाल करना भी सीखा दिया. सब ठीक चल रहा था मोबाइल में और विहान ख़ुशी से उछाल पड़ा अपने बॉस को हुग किया ज़ोर से विहान ने.

विहान को जैसे एक लाटरी लग गयी थी इतना खुश था वो. अब उस्सने अशिता को सोचा, और उस्सकी उन् अदाओं को सोचा जिस्सको वो कैप्चर करना चाहता था और सोच लिया के घर जाते hi आज अशिता को नींद में hi बीएड पर कैप्चर करेगा अपने मोबाइल की कैमरा में…. उस्सने यह भी सोचा के अक्सर नींद में अशिता के बदन से चादर हट जाता है और उस्सकी ड्रेस ऊपर होता है तो उस्सकी जांघें और छाती नज़र आते हैं जो वो अक्सर देखता है घर जाने के बाद, तो आज वो वही सब रिकॉर्ड करेगा और पिक्स लेगा अशिता की…. यह सब सोचते हुए रात के 11 बजे विहान घर वापस ारः था सुनसान गलियों में गुनगुनाते हुए……

तो बे कॉन्टिनोएड…………… (2602 वर्ड्स)
 
अरे भाई तुमको मैं ने पं किया है मैसेज तो पढ़ो और मेरे जवाबों को देखा अपने पहले कमैंट्स पर?

जो चावला फॅमिली लिखा वो नया होगा तेरे लिए उसी को पढ़.... और मेरा फवौरीते तो सब है जैसे किंग कोबरा ने कहा है, मेरे 10 बच्चों में से पूछोगे मेरा फवौरीते कौन है तो किआ बोलूं... चलो यह भी मुहबत hi है मुझसे सब से प्यारी है मगर तुम चावला की फॅमिली तो पढ़ो वो इसी साल में लिखा यहीं स्फोरम पर लिखा
 
थिस इस योर ओन एंड पर्सनल कन्क्लूसिओं राइट?

कहानी अभी ख़तम नहीं हुई है.

टीज़र किआ होता है पता है भाई? थे लास्ट अपडेट वास् ा टीज़र अपडेट, कई रीडर्स समझ गए और लास्ट अपडेट को तैसिंग अपडेट कह चुके हैं, कहानी की एन्ड जब तक नाह हो आप अपनी कन्क्लूसिओं जो आप की है, दे रहे हो तो मैं उस पर किआ कह सकता हूँ. इस में और किसी ने भी अशिता के साथ कुछ भी नहीं किया है..... अब होगा या नहीं मैं अभी तो कुछ नहीं बताऊंगा..... :lol: नतीजा तब तक मत निकालो जब तक कहानी एन्ड नाह हो मेरे भाई!
 
मिथिलेश भाई, मैं कहानी के बीच में यह बताना पसंद नहीं करता के कहानी में आगे किआ होने वाला है.

मैं रीडर्स को गेस करने के लिए चोररटा हूँ. अब आप का गेस सही है या नहीं यह कहानी को आगे पढ़ने के बाद hi पता चलेगा.

अब आप शायद इस लिए ऐसा कह रहे हो ताके मैं अब वैसा नाह लिखूं जो लिखना चाहता हूँ और आप के लिए इस्को चेंज करूँ, वैसा तो बिल्कुल नहीं होगा, चाहे कोई भी रीडर्स अपने ख़ुशी लिए कुछ भी कहे.

रही बात किसी की ऑब्जेक्शन की तो खुद देख लो कितने रीडर्स ने ऑब्जेक्ट किया है के मैं किसी और को अशिता से कुछ नाह करने दूँ यह सब कमैंट्स देखलो खुद hi किआ यह ओब्जेक्शन्स नहीं हैं भाई? तो आप ने एकइसे कह दिया के कोई ऑब्जेक्शन नहीं करता?

और भी कई ऐसे कमैंट्स हैं कहानी की स्टार्ट होने के वक़्त.....
 
अपडेट 11 व्हाट दीद Ashita’s फादर तेल्ल हेर?

जब अशिता की माँ नहाने जा रही थी तो अनिरुद जानना चाहता था के वो हेयर धोने वाली है के नहीं, क्यूंकि जिस दिन वो अपनी हेयर वाश करती है तो 45 मीन्स से एक घाटे तक बाथरूम के अंदर टाइम बिताती है. तो अनिरुद ने सुमन से कहा,

“नहाने जा रही हो? मुझे कुछ खाने का मैं कर रहा है देर करोगी नहाने में किआ?”

सुमन ने डिस्टर्ब फील करते हुए कहा,

“आप भी नाह उफ़! मुझे आज बाल धोने हैं टाइम लगेगा, चलो तुमको खाना पड़ोस के तब जाती हूँ…"

तो अनिरुद ने कहा,

“अरे नहीं तुम फ़िक्र मत करो नाह, वापस नाहा कर आना तब साथ में खाएंगे, जाओ जाओ आराम से नहाओ तुम!”

अनिरुद खुश हुआ के अब उसस्के पास करीबन एक घंटा था अशिता के साथ रहने का और जो उस से कहना है वो कहने या करने को…..

तुरंत वो अशिता के पास गया जब सुमन अंदर चली गयी नहाने. अशिता भी वेट कर रही अपने पापा का क्यूंकि वो कहकर गया था के जब उस्सकी माँ नहाने जाएगी तब वो उस से और बहोत सरे बात करेगा.

अशिता बीएड पर hi बैठी हुई जब अनिरुद अंदर आया और उसस्के पास बैठ कर, उसस्के काँधे पर हाथ रखते हुए उसस्के चेहरे में देखते हुए कहा,

“तो मेरी प्यारी बिटिया को अपने खुद के भाई से प्रेम हो गया है हम्म्म?”

अशिता ने सर झुकाते हुए लाल चेहरे में थोड़ा शर्माते हुए हाँ में सर हिलाया.

तो बाप ने अशिता के गाल को अपने हाथ से सहलाते हुए कहा,

“और विहान किआ तुमसे उतना hi प्यार करता है या सिर्फ तुम उस्सको वैसे चाहती हो? किआ वो तुम्हारा उसे नहीं कर रहा , किआ इस्सके पता है तुमको?”

अशिता ने तुरंत सर उठाकर अपने पापा के चेहरे में देखते हुए कहा,

“पापा वो तो मुझसे 100 गुना ज़्यादा प्यार करता है, मेरे बिना रह नहीं सकता, सब कुछ मेरे लिए करता है, मेरे बग़ैर नींद नहीं अति उस्सको दीवानों के हद तक चाहता है मुझे, मुझको अपना गर्लफ्रेंड मानता है….”

अनिरुद ने तब कहा,

“हम्म मतलब आग दोनों तरफ बराबर लगी हुई है हम्म?! मगर बीटा भाई बेहेन के बीच ऐसा किआ सही लगता है? दुन्या वाले तुम्हारे प्यार को नहीं समझेंगे, मैं तो समझ रहा हूँ, अब दुन्या वाले किआ तेरी माँ hi तेरे प्यार की पहली दुश्मन होगी, बाकी दुन्या बाद में पीछे परेङ्गिए तुम दोनों कैसे सामना करोगे सोचा है तुमने?!”

अशिता ने फिर सर को निचे झुकाते हुए कहा,

“कुछ भी नहीं सोचा है हमने पापा, हम बुसस इतना जानते हैं के हम एक दूसरे के बग़ैर अधूरे हैं”

अनिरुद के ेंख भर आये और अशिता के चेहरे को अपने हाथ में भर के उसस्के ेंखों में देखते हुए कहा,

“जानती है तू के तुम दोनों आज इतिहास दोबारा रच रहे हो? मेरा अधूरा सपना पूरा कर रहे हो? किआ, यह पता है तुमको मैं भी गुज़र चुका हूँ इन् सब से?!”

अशिता अपने पापा के ेंखो में छलकते हुए ेंसू देख कर बहोत हैरान हुई और उसस्के बात सुनकर कुछ भी नहीं समझ पायी और सवाली नज़रों से उस्सको देखते हुए अपने पापा के गले में अपने बाहें डालते हुए पूछा,

“व्हाट पापा? मैं कुछ नहीं समझी किआ कह रहे हो आप?!”

अनिरुद के ेंखों से कई बूंद टपक चुके थे तब तक और उस्सने कहा,

“एहि कहना था मुझे तुमसे मेरी गद्य, एहि बात करना था तुमसे, जो कुछ भी मैं तुमसे कहूंगा इस्को अपने दिल के अंदर राज़ बना के रखना, कभी किसी को मत बताना, विहान को भी नहीं, जो कुछ मैं अभी बताऊंगा, इस से तुमको समझ में आएगा के आगे तुमको किआ करना चाहिए, एकांत साल में तुम और सयानी हो जाओगी तब इस बात का इम्पोर्टेंस ज़्यादा समझ में आएगा तुझे… सुन मेरी बेटी….. मैं भी अपनी छोटी बेहेन से प्यार कर बैठा tha….hum दोनों भी एक दूसरे के दीवाने हो चुके थे, एक दूसरे के बग़ैर नहीं रह पाते थे, पागल थे एक दूजे के लिए हम दोनों भी!!”

अशिता यह सुनकर समझ नहीं पा रही थी के खुश हॉवे या अफ़सोस करें, मगर सवाल तो करना hi था उस्सने अपने पापा को और ज़ोरों से जकरते हुए कहा,

“व्हाट? थिस इस ा हूजे सरप्राइज? सच पापा आप भी? फुपि से? कौन सा वाला?!”

अनिरुद के ेंखों से ेंसू थमने का नाम नहीं ले रहा था, उस्सकी आवाज़ टूट पड़े बोलते वक़्त, उस्सने कहा,

“तू उससे बिल्कुल नहीं जानती बेबी, वो इस दुन्या में अब है hi नहीं, मुझसे 3 साल छोटी थी, हम दोनों का प्यार पहले घर में मशहूर हुआ फिर गाओं में फिर हर एक घर में हमारा चर्चा होने लगा… हम दोनों से एक ग़लती हो गयी थी माय लव, हम दोनों ने सेक्स कर लिया था और वो बाली उम्र में प्रेग्नेंट हो गयी थी….. बहुत दुःख सहना पड़ा उससे, हम दोनों को अलग किया गया, माँ बाप, दादा दादी से बहुत मार पारी हम दोनों को, गाओं में लोग हम पर थूकने लगे, हमारा मज़ाक उड़ाने लगे, मेरी प्यारी बहना को इतनी सारे बुरे बुरे बात सुनाये जाते थे के उस से सेहेन नहीं हुआ और उस्सने आत्महत्या कर लिया….. मैं अपने आप को कॉस्टा रहा उम्र भर… मैं भी मरने वाला था, मगर क्यूंकि मेरी जान ने आत्महत्या कर लिया था सब ने सोचा के कहीं मैं भी नाह कुछ कर बैठूं इस लिए मुझ पर कड़ी नज़र रखा गया और आखिर में एक बड़े बुज़ुर्ग ने मुझको बातों से समझाया, हौसला दिलाया के उसस्के प्यार को ज़िंदा रखने के लिए मुझे ज़िंदा रहना होगा, मुझे आत्महत्या करने से बसहा गया और कई साल लगे मुझको उस मेन्टल तुर्मोइल से बाहर निकलने को…..”

अनिरुद एक बचे की तरह रोने लगा यह सब कहते कहते और अशिता रट हुए अपने पापा को सीने से ज़ोर से लगाया और पूछा,

“किआ मम्मी को इस बात का पता है?!”

अनिरुद ने कहा, “बिल्कुल नहीं, आज पहली बार मैं यह बात किसी को बता रहा हूँ! – तुमको यह बात बताने का मकसद यह है के मैं नहीं चाहता के तुमको या विहान को इस दौर से गुज़ारना पड़े आशु…. तुम दोनों कुछ भी ऐसा मत कर गुज़ारना जिस से किसी को कोई तकलीफ हो या कोई अपने जान देने पर उतर आये… मैं तुम दोनों में से किसी को भी नहीं खोना चाहता, तुम दोनों मेरे ेखों के टारे हो…. तुम अभी या अगले कुछ सालों तक विहान को तुमसे सेक्स मत करने देना बेबी, संभालना अपने आप को, अगर तुम प्रेग्नेंट हो गयी इस उम्र में तो संभाल नहीं पाओगी, अभी अपने स्टडीज को पूरी करो…. मैं यह नहीं कह रहा के तुम एक दूसरे से प्यार मत करो, प्यार करो, मैं इस प्यार को समझता हूँ. मगर कण्ट्रोल करना सीखो, सेक्स से दूर रहो, इस उम्र में तुम दोनों से ग़लती हो जाएगी, तुम दोनों अभी इस काबिल नहीं हुए हो के समझ पाओ कैसे और कब रुकना या आगे बढ़ना है…… मैं तुम दोनों को खोना नहीं चाहता मेरी गद्य!!”

और अनिरुद फूट फूट कर रोने लगा, और अपने पापा को उस हालत में देख कर अशिता की तो और बुरा हाल हुआ वो तो और भी ज़ोरों से रोने लगी अपने पापा को गले से लगा कर.

कुछ देर तक दोनों एक दूसरे को वैसे hi बाहों में भरे बैठ रहे, अशिता अपने पापा के गाल पांच रही थी, उस्सको छुप करा रही थी, और उसस्के गाल पर चुम्मियाँ दे रही थी प्यार करते हुए.

अपने आप को संभालने के बाद, ानिरुद ने एक गहरी सांस लेते हुए अशिता के चेहरे में देख कर कहा,

“मुझे जो कहना था अब मैं ने कह दिया, तुमको यह बात बता कर मैं बहोत हल्का फील कर रहा हूँ. मैं तुम दोनों के मिलान के खिलाफ नहीं हूँ. शायद hi कोई ऐसा बाप होगा जो अपने बेटे और बेटी की इस अनोखे प्यार से राज़ी है, वो क्यों यह अब तुमको पता है, मैं इस से ज़्यादा किआ कहूं तुझे, तू होशियार है, तू इंटेलीजेंट है, विहान से ज़्यादा इंटेलीजेंट है तू, उस से बेहतर मार्क्स लाये हैं तुमने हर साल… मुझे पता है तू सब कुछ उस से बेहतर संभालेगी, इसी लिए मैं ने उस के बजाए तुम से बात किया, और ख़ास तौर पर इस लिए तुमको यह सब बताया के तुम वो ग़लती नाह करो जो मेरी बेहेन ने किया था, कुछ भी हो जाये मैं हमेशा तुम दोनों को सपोर्ट करूँगा, कोई भी ग़लत कदम उठाने से पहले मुझको ज़रूर कहना, रास्ता नाह दिखे तो मुझे बताना, उलझन हो तो मुझे बोलना, मैं हमेशा तुम्हारा सपोर्ट करूँगा. समझ गयी आशु?!”

अशिता अपने पिता के सीने लगी रही काफी देर तक और उसस्के गाल को चूमते हुए कहा, “ी लव यू पापा, लव यू वैरी मच.” अब अशिता रो रही थी और बाप उसस्के सर पर हाथ फरते हुए उस्सको कम्फर्ट कर रहा था.

आखिर में सुमन के बाथरूम से निकलने से पहले अनिरुद अशिता के कमरे से निकल गया. अशिता को बहोत hi अफ़सोस हुआ अपने पापा की उस ज़िन्दगी की मोड़ को आज जान कर. उस्का दिल रो रहा था अपने पापा के सभी बातों को सोच कर, ख़ास कर उन् दिनों को सोच कर जब उसस्के पापा अपनी बेहेन से प्यार करती थी और दोनों मिल नहीं पाए इस समझ और लोगों की वजह से. अशिता के दिल में उसस्के पापा के बातों ने गहरा एस्सार किया. काफी देर तक अशिता सोच में डूबी रही और अब सोचने लगी के किआ होगा अगर उसस्के और विहान के बीच भी कुछ ऐसा हुआ तो? वो तो विहान को बेइंतेहा चाहती थी मगर वो नहीं चाहती थी के विहान उसस्के वजह से किसी किस्सम के तकलीफ में आये.

पता नहीं क्यों अशिता ने ऐसा सोचा के उस्सको खुद विहान से दूर होना चाहिए ताके कोई ऐसी नौबत नाह आये जिस से खुद को, विहान को या उसस्के मां और पापा को दुःख पहुंचे. अशिता ने सोचा जब वो खुद विहान से दूर रहेगी तो ऐसा कुछ भी नहीं होगा के परिवार में या समाज में उन् दोनों के बदौलत कोई भी तकलीफ किसी को भी पहुंचे. तो अब अशिता ने ठान लिया के वो खुद अबसे, अभी से विहान से दूर हो जाएगी, उस्सको कोई ऐसा मौका नहीं देगी के विहान उसस्के इतना करीब आये के उनके बीच कोई शारीरिक सम्बन्ध बने, ऐसा कोई भी मौका नहीं आने देगी जिस से विहान उस्सको छुए, या छूने की कोशिश करे. प्यार तो बराबर करती रहेगी अपने भाई से, मगर अपने दिल में. मगर उस्सको पता नहीं चलने देगी.

*******************************************************************

अशिता ने विहान के वापस आने से पहले अपनी ड्रेस चेंज किया और अपने पापा और मम्मी के कमरे में चली गयी नयी बीएड पर. माँ बहोत खुश हुई उस्सको उस वक़्त बीएड पर पाकर.

मगर फिर अब अशिता सोचने लगी के जैसे उस रात को उस ने अपने पापा मम्मी को सेक्स करते हुए देख लिया था, तो अब वो उन् दोनों के बीच एक दीवार बन जाएगी उस रूम में रहकर. तो अशिता को एक बात सूझी, उस्सने अपने पापा से कहा,

“पापा हमारे लाउन्ज के राइट हैंड साइड में एक रूम नहीं बन सकती मेरे लिए? छोटा सा रूम सिर्फ रात को सोने के लिए जहाँ इस बीएड को लगाया जा सके?”

अनिरुद ने कहा

“हाँ हो सकता है मगर कारपेंटर्स से लकड़ी का काम करवाना पड़ेगा, एक सेपरेशन बनाना पड़ेगा और एक दूर लगाना पड़ेगा, लाउन्ज थोड़ा छोटा हो जाएगा मगर तुम्हारा रूम पक्का बन जाएगा, मैं कल hi मिस्त्री से बात करता हूँ okay?”

सुमन को आईडिया अच्छा नहीं लगा क्यूंकि वो सोचने लगी तब विहान उस कमरे में बार बार जा पाएगा रात को या वहां से खुद अशिता चली जाएगी विहान के रूम में.

तभी अशिता ने कहा,

“पापा उस रूम के दरवाज़े का कीस सिर्फ मेरे पास होना चाहिए और अंदर से एक लॉक होना चाहिए ताके कोई भी बाहर से ओपन नहीं कर सके okay?!”

अनिरुद ने ख़ुशी से कहा,

“हो जाएगा माय लव, समझ लो दोने मेरी गद्य!”

तब 11 बजने hi वाला था और अशिता ने दिल में सोचा के विहान वापस ारः होगा, और उसस्के पापा ने कहा,

“आज तू बड़ी जल्दी चली आयी इधर अपने भाई से नहीं मिलेगी? वो वापस आने पर तुमको ढूढ़ेगा नाह?”

तो माँ ने जवाब दिया,

“बीच रात में तो उठकर खुद वापस चली जाएगी अपने भाई के बीएड पर !”

अशिता ने तब अपनी माँ को नाक और होंठ मोड़ते हुए देखा और चादर से अपना सर ढँक लिया जैसे ग़ुस्सा होकर.

बाप ने हँस्ते हुए कहा,

“आरी तो जा नाह बाद में अजना उस से मिलने के बाद.”

मगर अशिता वहीँ पारी रही अपने चादर के निचे!

तो बे कॉन्टिनोएड इम्मेडिएटली इन नेक्स्ट अपडेट….
 
अपडेट 12 विहान वैरी वरीड

विहान घर के करीब पहुँचते बेहद खुश हो रहा था और यह सोचते हुए घर के तरफ बढ़ रहा था के किसी फर्स्ट पिछ लेगा अशिता की, एक सेंसुअल पोज़ सोच रहा था अपने दिमाग़ में. सोचने लगा के उस्सको अपनी ब्रा उतारने को कहेगा अपनी बीएड पर जाने से पहले और उस्सकी बूब के पिक्स लेगा, और उस्सको किश करते हुए एक सेल्फी लेगा बल्कि सेंक्रो वैसा पिक्स लेगा अशिता को किश करते हुए… वो बहोत hi खुश था और गाना गाते हुए बढ़ रहा था….

और जब गेट खुला तो अशिता के कान में गेट की खुलने की आवाज़ आयी और उस्सकी दिल की धड़कन तेज़ हुई और उदास हो गयी यह सोचते हुए के आज विहान उस्सको कितना मिस करेगा और उस्सको अपने कमरे में नहीं पाकर कितना उदास हो जाएगा, मगर अपने दिल पर पत्थर रख लिया था अशिता ने और अपने बाप और माँ को खुश करना चाहती थी, मगर वो नहीं सोच रही थी के कितना दुःख होगा विहान को…..

जब विहान घर के अंदर दाखिल हुआ तो डब्बे पाऊँ चलते हुए सीधे अपने कमरे में दाखिल हुआ मोबाइल को पीठ के पीछे छुपाते हुए और कहा,

“सोच मैं किआ सरप्राइज देने वाला हूँ तुझे आज……….”

वो अशिता से बात कर रहा था यह सोचते हुए के वो कमरे में होगी, मगर उस्सकी आवाज़ गले में अटक गयी जब कमरे को खाली पाया. वो तो सोच रहा था के अशिता नींद में होगी या होमवर्क्स कर रही होगी, मगर बहोत हैरान हुआ कमरे को खाली देख कर.

कुछ देर वैसे hi खड़ा रहा कमरे में चारों तरफ देखते हुए और उसस्के चेहरे का रंग बदल गया और उदासी चा गयी. उस्सको ज़ोर से रोने का मैं कर रहा था, फिर सोचा के कहीं अशिता उस के सात कोई खेल तो नहीं खेल रही थी, कहीं बीएड के निचे या अलमारी के पीछे या दरवाज़े के पीछे या किसी कोने में तो नहीं छुपी हुई है…. तो उस्सने उन् जगाओं पर ढूंढा मगर जब अशिता कहीं भी नज़र नहीं आयी तो बीएड पर बिल्कुल उदास बैठ गया और धीरे से कहा,

“मेरी गर्लफ्रेंड ने आज मेरा वेट नहीं किया क्यों? क्यों वो चली गयी सोने बिना मुझसे मिले? कहीं मम्मी ने उससे कुछ ज़्यादा बुरा भला तो कहा? कहीं कुछ सीरियस तो नहीं हुआ मेरे जाने के बाद? कैसे पता चलेगा? कहीं अशिता ने कुछ लिख कर तो नहीं रखा कहीं मेरे लिए? अपने कोपीबुक्स में देखता हूँ ज़रूर उस्सने कुछ लिखा hoga….ek लव लेटर hi मिल जाए तो दिल खुश हो जाएगा….., देखता हूँ”

और उधर अशिता भी बीएड पर एहि सोच रही थी खुद से बात करते हुए,

“मुझे भाई के लिए कुछ लिख कर चोरर्ण चाहिए था, वो अभी कितना परेशान होगा मुझे वहां नहीं पा कर…. मैं भी नाह बुद्धू हूँ वो सही कहता है…. ात लीस्ट मैं एक दो वर्ड्स तो लिख सकता था उसस्के नोटबुक में, धत मैं भी सच में बुद्धू hi हूँ!.... मगर किआ लिखती मैं? ऐसे तो दूरी नहीं बनेगी, नहीं मैं ने सही किया यह आदत बन जाएगी और किसी और किस्सम का लगाओ हो jaega….nah बाबा उस से अब दूरी hi बेहतर है…. मगर वो किआ कर रहा होगा इस वक़्त?!”

और उधर विहान बीएड पर हताश कर बैठ गया और एक भारीपन महसूस कर रहा था, उस्का दिल और दिमाग़ उसस्के जिस्म का साथ नहीं दे रहा था. फिर लेट गया बीएड पर, ेंखों को मुंध कर अशिता को विसुअलिज़े करता रहा काफी देर तक. किआ किआ सोचा था उस्सने के कैसे कैसे पिक्स लेगा अशिता की घर आने के बाद और उस्का सपना टूटता हुआ दिखाई देने लगा था उससे.

कुछ देर बाद वो उठकर कॉरिडोर में गया, और अपने पापा के कमरे से कान लगा कर सुनने लगा के कहीं अशिता की आवाज़ आये, या उस्सको यकीन था के अशिता की सांसें लेने की आवाज़ महसूस कर पाएगा दरवाज़े से सत् कर, जब वो सोती है तो अशिता की सांसें खुद अपने बाँहों पर फील किया करता है विहान तो उस्सने सोचा वो फील दरवाज़े से सत् कर आएगा मगर कुछ नहीं महसूस किया उस्सने, तो तस्सवुर में सोचने लगा के किश तरह से अशिता उसस्के बाहों में रहती है रात को और कैसे वो उस्सकी गरम साँसों को कभी अपने बाहों पर तो कभी अपने गर्दन पर महसूस करता है, किश तरह उस्सकी दिल की दध्कन खुद के छाती या काँधे पर धक् धक् करती रहती है……. कैसे सब खामोश था उस कमरे में यह उस्सको अजीब लगा, अशिता को कैसे मेरे बिना नींद आयी होगी भला यह सोचने लगा विहान….

उसस्के बाद काफी देर तक विहान इधर उधर घूमता रहा कॉरिडोर में तेज़ दिल की धड़कनों के साथ. बेहद मिस कर रहा था अशिता को, फिर वापस गया अपने डेस्क पर सारे कॉपी बुक्स को ऊपर निचे किये ढूंढ़ने के लिए के कहीं कोई नोट मिल जाए अशिता के तरफ से, चारों तरफ ढूंढा मगर कुछ नाह मिलने पर फिर कॉरिडोर में गया, और वहां से किचन में. जान बुझ कर बर्तन गिर्राया किचन में के या तो अशिता या उस्सकी माँ सुनकर बाहर आये तो वो अंदर अशिता को झाँक सके कम से कम मगर कोई नहीं आया….

विहान पागल है रहा था, बेचैन था, परेशान था, उस्सको रोने का मैं कर रहा था, मोबाइल पर ग़ुस्सा निकला के बेकार में मोबाइल मिला उस्सको, जिस चीज़ के लिए मोबाइल लिया वो उसस्के पास hi नहीं था….. कितनी खुश होती अशिता उसस्के पास मोबाइल देख कर….. यह भी सोचने लगा विहान… रात के बारह बज गए थे और वो कॉरिडोर से अपना कमरा, फिर वहां से लाउन्ज, और फिर किचन, चरों तरफ एक पागल की तरह चाकर लगा रहा था….

घंटों बीत गए, उस्सको अपने पापा के कमरे को खोल कर अंदर जाने का मैं करने लगा, सुबह के 2 बज गए थे, मगर उस्का मैं घबराने लगा सोचकर के अगर उसस्के मम्मी या पापा ने उस्सको वहां देखा तो ग़लत सोचेंगे, कहेंगे के इस बार वो अशिता के पास आया है…. डर भी लग रहा था उस्सको…

वो आखिर में अपने कमरे में गया, चेंज किया, सोने को तरय किया मगर बिल्कुल भी नींद नहीं आरही थी, अशिता को देखे बिना उस्सको नींद आना नामुमकिन था, लास्ट चीज़ जो वो देखता हर रात सोने से पहले वो अशिता का सोया हुआ चेहरा जिस्सको चूमने के बाद वो सोता था, आज पहली रात थी के वो अशिता को देखे बिना सो रहा था तो उसस्के लिए यह बहोत कठिन था….

सुबह के तीन बजे वो फिर कॉरिडोर में निकला और अपने पापा के कमरे के पास कान सत्ता कर सुनने लगा और इस बार उस्सको एक आहात सुनाई दिए, उसस्के दिल के धड़कन बहोत तेज़ हुआ, उस्सको लगा अशिता चल रही है कमरे में, फिर उस्सने सोचा के यह उस्का वेहम है, वो वापस लाउन्ज के तरफ चला गया, और सोफे पर बैठ कर रोने लगा… रोना शुरू hi किया था के देखा अशिता उसस्के सामने कड़ी है!!!!

झपट के ेंसू भरे ेंकों से उस्सने अशिता को कसके बाहों में भरके रोने लगा, और शिकायत करता गया सिसकते आवाज़ में, “क्यों? ऐसा क्यों किया तुमने? क्यों मेरा इंतज़ार नहीं किया आज? चार घंटों से पागलों की तरह घूम रहा हूँ घर में, मुझको क्यों सत्ता रही है इतना तू? किआ हो गया? क्यों मेरे पास नहीं आयी सोने? क्यों? क्यों? क्यों? अशिता बूथ बानी कड़ी थी उसस्के बाहों में बिना कुछ कहे…… विहान उस्सकी गरम सांसें अपने गर्दन पर फील कर रहा था और उस्का जवाब का इंतज़ार कर रहा था……

तो बे कॉन्टिनोएड…………… (3450 वर्ड्स फ्रॉम बोथ उपदटेस)
 
अपडेट 13 – थे डिस्टेंस….


झपट के ेंसू भरे ेंकों से उस्सने अशिता को कसके बाहों में भरके रोने लगा, और शिकायत करता गया सिसकते आवाज़ में, “क्यों? ऐसा क्यों किया तुमने? क्यों मेरा इंतज़ार नहीं किया आज? चार घंटों से पागलों की तरह घूम रहा हूँ घर में, मुझको क्यों सत्ता रही है इतना तू? किआ हो गया? क्यों मेरे पास नहीं आयी सोने? क्यों? क्यों? क्यों? अशिता बूथ बानी कड़ी थी उसस्के बाहों में बिना कुछ कहे…… विहान उस्सकी गरम सांसें अपने गर्दन पर फील कर रहा था और उस्का जवाब का इंतज़ार कर रहा था……

अब aguey…..Ashita फिर भी कुछ नहीं बोली और विहान का हाथ अपने ऊपर से हत्ता कर वापस अपने पापा के कमरे के तरफ बढ़ hi रही थी के दौड़ कर पीछे से विहान ने उस्का हाथ थामा और अपने तरफ खींचते हुए पूछा,

“आखिर हुआ किआ? कुछ तो बता बात क्यों नहीं कर रही है तू? मेरे पास नहीं सोएगी आज?”

अशिता ने नाह में सर हिलाते हुए अपना हाथ झटका विहान के हाथ से और वापस जाने लगी.

विहान रो पड़ा और रट हुए कहा, “मैं आज कुछ लाया हूँ, तुमको दिखाना था देख ले फिर चली जाना प्लीज बेबी, प्लीज!”

अशिता रुकी, मुड़कर विहान को देखा मगर उसस्के चेहरे पर कोई भी एक्सप्रेशन नहीं थी, कोई भाव, कोई उदासी, कोई रन्झ, कुछ भी नहीं दिख रहा था उसस्के चेहरे में, बुसस पलाइन, नार्मल लुक थी…..

विहान ने उस्सको रुकते हुए देखा तो जल्दी से अपने कमरे के तरफ बढ़ा और अशिता आहिस्ते आहिस्ते चल कर उसस्के कमरे के दरवाज़े तक आयी मगर अंदर नहीं गयी दरवाज़े पर hi कड़ी वेट कर रही थी के विहान उस्सको कुछ दिखायेगा.

विहान कमरे के अंदर से मुड़कर अशिता को दरवाज़े के पास देख कर हताश सा गया और थोड़ा ग़ुस्से में कहा, अब किआ कमरे के अंदर आने के लिए तेरा पेयर परूँ किआ?”

अशिता वहां से नहीं हिल्ली….. विहान के समझ में नहीं ारः था के किआ करें वो. उसने किआ किआ सोचा था और अब अशिता के इस व्योहार से वो बिल्कुल टूट सा गया और दर्द भरी आवाज़ में अशिता से कहा,

“मैं सिर्फ तुम को सोचते हुए वापस आया, मेरे दिल ो दिमाग़ में सिर्फ तुम बस्सी हो और यह, यह मोबाइल लेकर इस खुसी से आया के आते hi तुम्हारा पिक्स लूंगा, हम एक साथ सेल्फीज़ लेंगे, तुम कितनी खुश होगी, मैं तुमको खुश देख कर कितना खुश हो जाऊंगा मगर तू ऐसा क्यों बेहवे कर रही है आखिर हुआ किआ तुझे? तू बीमार है किआ? तेरी पीरियड हुई है किआ? पथ दुःख रहा है बेबी?!”

अशिता ने एक भी जवाब नहीं दिया सिर्फ मोबाइल को देख कर उसस्के चेहरे में थोड़ी से ख़ुशी की झलक दिखाई दिए मगर जब विहान फिर बात करने लगा तो अशिता फिरसे वही बूथ बन गयी…..

विहान ने कहा, “अंदर तो आह इधर लाइट में तेरी कुछ पिक्स ले लूँ, मैं ने सोचा पहला पिक्स तेरा hi लूंगा… अंदर आह नाह मेरी गर्लफ्रेंड!”

मगर अशिता लौटने लगी वहीँ से…..

रट हुए विहान ने कहा,

“एक किसी तो देती जा, गुडनीते किश तो दे दे मुझे, एक बार अपने बाहों में तो जकरति जा नाह, आशु…..”

फिर उसस्के पापा के कमरे के दरवाज़े को बांध करते सुना विहान ने जिस्सको अशिता ने बांध किया अंदर दाखिल होते हुए…

विहान देखते रह गया जहाँ खड़ा था वहीँ उसस्के दोनों पाऊँ जैसे ज़मीन में सत् गए थे अशिता की उस व्योहार को देख कर….. उसस्के समझ में नहीं ारः था के वो किआ करें, ज़ोरों से चिल्ला कर रोने का मैं कर रहा था उससे, सब कुछ तोड़ फोड़ देने का मैं कर रहा था….. ग़ुस्सा भी बहोत आ रहा था उसे….

और उधर अशिता अपने बीएड पर जाकर तकिये में मुंह दबा कर रोने लगी… उस्का दम घुटने लगा…. वो खुद को मज़बूत बनाने की कोशिश कर रही थी विहान से दूर रहने के लिए मगर बहोत कठीण था उसस्के लिए…. वो भी बिल्कुल नहीं सोई रात भर, वो भी अंदर से सिर्फ विहान को hi सोच रही थी, जब विहान कॉरिडोर में वाक कर रहा था उस वक़्त अशिता बीएड पर बैठ कर सुनने की कोशिश कर रही थी के विहान किआ कर रहा है… उस्का भाग कर विहान से मिले का मैं तो बहोत कर रहा था मगर अपने पापा के बातों को हर बार सोच कर उन् बातों को जैसे एक ढल बना लेती थी विहान के पास नहीं जाने के लिए मगर सुबह 3 बजे अशिता से भी नहीं रहा गया और सिर्फ विहान को देखने की चाह ने उस्सको कमरे से बाहर आने पर मजबूर किया, अपने दिल से मजबूर थी… उस्सने सोच लिया थे के बुसस एक बार वो विहान को देख लें और विहान उस्सको देख लें तब सोने चली जाएगी इसी लिए बाहर निकली थी, उस्सको अच्छी तरह से पता था के विहान नहीं सोया होगा और बहोत बेचैन होगा, और तड़प रहा होगा….. तो बुसस उस्सको अपना चेहरा दिखाने निकल आयी थी कमरे से….. अब वापस आकर खूब रोई अशिता.

और उस तरफ विहान का बुरा हाल था. कितना कुछ सोचा था उस्सने , कुछ भी नहीं कर पाया, नार्मल फोटोज भी नहीं ले पाया अशिता की, सेक्सी वाले की तो अलग बात है नार्मल पिछ तक नहीं ले पाया…. बहुत दुःख हुआ उस्सको, उस्का दिल बहोत hi दुखने लगा था, रोने से भी दर्द नहीं रुक रहा था….

विहान सोच में डूबा रहा घंटों तक के किआ हुआ होगा, सोचने लगा के ज़रूर माँ ने अशिता को मारा पीटा होगा उसस्के गर्दन में लोवेबिट्स के कारण, पता नहीं किआ बीती होगी उस पर यह सब सोचने लगा विहान… खुद को दिलाशा दिलाते हुए विहान ने खुद से कहा,

“कोई बात नहीं सुबह को मम्मी पापा के जाने के बाद मैं सब सेट कर दूंगा, अपनी स्वीटहार्ट को मन लूंगा और खूब किश करूँगा, शरारत करूँगा और बहोत पिक्स लूंगा…. देखता हूँ कैसे मन करती है, अभी शायद ग़ुस्से में है या दर्री हुई है, सुबह को मन लूंगा उस्सको मैं आखिर कब तक मुझसे दूर रह सकती है भला!”

ऐसे पॉजिटिव सोच के साथ विहान के ेंखों में आखिर नींद आ hi गयी, उस वक़्त सुबह के 5 बजने वाले थे, और उस तरफ ठीक उसी वक़्त अशिता की भी रट रट ेंख लग गयी…..

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नेक्स्ट मॉर्निंग……….

अनिरुद और सुमन तैयार होकर काम के लिए निकल रहे थे और एक बार विहान के कमरे में माँ आयी विहान को जगाने के लिए, और उधर अनिरुद ने अशिता को हिल्ला कर जगाया यह कहते हुए के वह लोग जा रहे हैं ज़्यादा देर तक नहीं सोने को…..

विहान उठ गया और अपने सर को बहोत भारी सा पाया, उस्सको और बहोत सोने का मैं कर रहा था मगर इस लिए के अशिता से बहोत बात करना था इस लिए वो उठा. जैसे hi माँ और बाप निकल गए विहान जल्दी से अशिता के पास गया, वो कम्बल के निचे थी, अब नींद में थी या नाटक कर रही थी पता नहीं मगर विहान जल्दी से कम्बल उठा कर उसस्के निचे घुस गया और अशिता को अपने बाहों में भर लिया और उसके गर्दन पर अपना नाक फरते हुए उस्सको सूंघते हुए कहा, “कितना मिस किया मैं ने अपनी गर्लफ्रेंड को रात भर, मैं ठीक से सोया hi नहीं कल रात को, सब तेरी वजह से पता है!”

विहान ने आहिस्ते से अपना हाथ अशिता के जाघों पर फेरते हुए ऊपर के तरफ हाथ बढ़ता गया और अपने कमर को उस्सकी पथ के थोड़ा निचे ठीक उस्सकी पुसी के ऊपर दबा कर थोड़ा सा रगड़ने की कोशिश किया; तब झट से अशिता ने कम्बल हटाते हुए विहान को एक बड़े ज़ोर का थपड मारा!!!!

विहान हकबका गया और बहोत हैरानी से अशिता के चेहरे में देखते हुए कहा, “किआ हुआ? किआ हम पहली बार यह कर रहे हैं? कल hi तो किया था, मैं झाड़ा भी था तेरे पंतय पर और हम ने उससे मिलकर धोया भी था तो अब किआ हो गया ?!”

बिना कोई जवाब दिए अशिता उठकर चली गयी एक तरफ देखते हुए. उस्सने विहान को मुड़कर देखा भी नहीं जैसे विहान हवा से बातें कर रहा था….

विहान को बहोत ग़ुस्सा भी आया मगर उसस्के दिल के अंदर एक तूफ़ान सा मचा हुआ यह जान्ने के लिए के आखिर बात किआ हुई है के अशिता का व्योहार इतनी बदल गयी है. वो तो हमेशा की तरह उस्सको प्यार कर रहा था और रात भर की दुरी को मिटाने के लिए वही कर रहा था जो दोनों हमेशा करते आये हैं, तो इतना ज़ोर का थपड और वो भी बहोत गंभीरता से, मज़ाक में नहीं, ज़रूर कोई बात थी विहान ने सोचा और उसस्के पीछे धडपडाते गया जहाँ अशिता ब्रश कर रही थी.

अशिता के पीछे खड़े होकर विहान ने उस्सको आईने में देखा वाश बेसिन के पास, अशिता के मुंह में टूथपेस्ट की झाच पड़ी हुई थी मगर उस्सने विहान के तरफ नहीं देखा बुसस ब्रश करती गयी. उसस्के बाल खुले हुए थे, और उसस्के काँधे पर उस्सकी निघ्त्य के स्ट्राप पर होकर उस्सकी गोरी बाज़ुओं पर लहरा रहे थे जिसको विहान ने अपने हाथ में लेकर नाक से लगाया और सूंघते हुए कहा, “हम्म्म अस ऑलवेज स्मेल्स सो गुड.”

तब अशिता ने एक नज़र उस्सको देखा, उसस्के गाल को देखा जहाँ थपड लगाई थी उस्सने, वो गाल लाल था. विहान ने उस्सको उसे देखते हुए देखा और कहा,

“कितनी ताक़त आगयी है ऋ तेरे हाथ में के उस थपड से मेरे कान में एक गूंझ उठ गयी, स्ट्रांग होती जा रही हो हेहेहे चलो आखिर मेरी गर्लफ्रेंड जो ठहरी, स्ट्रांग तो होना hi है, ऐसे hi थपड लगाना अगर किसी लड़के ने तंग किया तुझे तो okay स्वीटहार्ट?”

फिर विहान जल्दी से अपना मोबाइल लेकर आया और उसी मिरर में ब्रश करते हुए उस्सने अशिता की एकांत पिक्स लिए, अशिता देख रही थी मगर मन नहीं किया, फिर विहान ने खुद ब्रश करना शुरू किया और दोनों के सेल्फीज़ लिए ब्रश करते हुए, अशिता तिरछी नज़र से कैमरा में देख रही थी, एक बहोत hi हलकी सी मुस्कान आयी उसस्के चेहरे में जब 5तह सेल्फी लिया विहान ने, तब अशिता ने कुल्ली करने के बाद कहा,

“ऐसी गन्दी सेल्फीज़ लेता है कोई टूथब्रश करते हुए छी!”

विहान के जान में जान आयी अपनी प्रेमिका की आवाज़ सुनकर. और बिना कुछ कहे उस्सने ने भी जल्दी से मुंह धो लिया और अशिता को अपनी निघ्त्य में शूट करने लगा, उस्सकी लम्बे बाल उसस्के काँधे पर थे, उस्सकी ब्रा की स्ट्राप उस्सकी निघ्त्य के स्ट्राप के साथ उस्सकी काँधे पर दिख रहे थे और विहान शूट किये जा रहा था, फिर उस्सकी बूब्स का राउंड फॉर्म को शूट किया निघ्त्य के ऊपर और उस्का बड़ा मैं किया उससे दबाने को… अशिता टॉवल से अपना चेहरा पांच रही थी जब विहान ने झट से उसस्के गाल पर किश किया जल्दी से और हट गया कहीं और एक थपड नाह पर जाए, पीछे हट्टे हुए विहान अशिता को चलते हुए शूट करता गया….

जब अशिता किचन में दोनों के लिए चाय सर्वे करने लगी वो सब भी विहान ने शूट किया, तब भी अशिता उसी निघ्त्य में थी जिस में वो बेहद हॉट और सेक्सी दिख रही थी, और विहान का खड़ा हो गया उस्सको अशिता के साथ बीएड पर लेट कर इश्क फरमाने का मैं करने लगा, तो उस्सने सोचा के चाय पीने के बाद उस्सको बीएड तक लेकर जाएगा फोटोज क्लिक करने के बहाने और उस्सको बीएड पर लेयताएगा, और प्यार करेगा, इस उम्मीद से के दोबारा थपड नाह खाना पड़े….

टेबल पर चाय और ब्रेड बटर खाते वक़्त दोनों एक दूसरे के अपोजिट बैठे थे, विहान अशिता को निहार रहा था और बार बार उस्सकी तस्वीरें ले रहा था मोबाइल से, एक बार तो उस्सने अपने हाथ लफा कर टेबल के उस तरफ अशिता की निघ्त्य के स्ट्राप को निचे करके झट से एक पिछ क्लीक किया, और अशिता ने बुसस उस्सको तिरछी नज़रों से देखा, और विहान उस पिछ को देखने लगा अपने मोबाइल पर, उस में अशिता की सफ़ेद ब्रा की स्ट्राप उस्सकी काँधे पर साफ़ नज़र आ रहे थे और उस्सकी निघ्त्य की स्ट्राप उस्सकी बाज़ू पर लटके दिख रहे थे, फिर विहान ने उस्सको वो पिछ दिखाया, अशिता ने देख कर अपने नाक मोड़ कर उसस्के चेहरे में देखा बिना कुछ कहे.

तो बे कॉन्टिनोएड इन नेक्स्ट अपडेट इम्मेडिएटली….
 
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