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अपडेट 7 विहान एंड अशिता बोंडेड इवन मोरे
उस सुबह को जब सुमन ने दोनों को फिर एक साथ लिपटे हुए बीएड पर देखा तो उस्सको ग़ुस्सा आया और दोनों को हाथ पाकर कर उठाने जा रही थी मगर अनिरुद ने सुमन को रोका और उस्सको खींचते हुए कमरे से बाहर करते हुए कहा,
“किआ कर रही हो? पागल हो किआ, बचे नींद में हैं, ऐसा नहीं करते बुरा एस्सार पड़ेगा उनके हेल्थ पर, रहने दो नाह आखिर साथ सोते आये हैं बचपन से एक दूसरे के साथ तो मुश्किल हो रहा होगा दोनों को अलग सोना, तुम्ही ने तो आदत डाली थी नाह दोनों को एक साथ सोने की? तो अब क्यों अलग कर रही हो दोनों को?”
सुमन ने ग़ुस्से में कहा,
“तुमको कुछ भी नहीं दीखता मगर मुझे दिखती है, यह दोनों ज़रूर कोई उल्टा काम करने लगे हैं, देखो तो किश तरह से पति पत्नी की तरह लिपट कर सोये हुए हैं!”
अनिरुद: “अरे मगर जब दोनों ज़्यादा छोटे थे तो तुम्ही तो विहान से कहा करती थी ‘यह तेरी छोटी बेहेन है, इस्को प्यार करो, इस्को बाहों में लेलो, इस्को गले से लागलो, इस्को कभी अकेले मत चोरर्ण अपने पास सुलाना वग़ैरा वग़ैरा?”
सुमन: “हाँ तब बहोत छोटे थे दोनों, और विहान भाई चाहता था और बेहेन से चिढ़ता था इसी लिए उसस्के दिल में अशिता के लिए अपनापन पैदा कर रही थी तब मैं!”
अनिरुद: “और अब, जब प्यार पैदा हो गया, प्यार ने घर बना कर मज़बूत कर लिया तब उस घर को गिरना क्यों चाहती हो तुम? किआ, हो किआ गया है तुम्हें?!”
सुमन लाल पिली होती हुई बोली, “हाँ क्यूंकि मैं ने अशिता के गर्दन के पीछे लोवेबिट्स देखा है, उस रोज़ नाहा रही थी तो उसस्के छाती के कई हिस्सों को लाल देखा है, वो सब किश ने किया होगा, उसस्के भाई ने hi नाह?! इसी लिए दोनों को अलग कर रही हूँ अब आयी बात समझ में?!”
अनिरुद बहोत हैरान हुआ और अपने माथे पर हाथ रख कर बैठते हुए कहा, “अभी से hi? इस बाली उम्र में hi लोवेबिट्स हैं उसस्के गर्दन पर?... मगर…. मगर किआ पता के……” और वो रुक गया बोलना तो सुमन उसस्के चेहरे में घुररते हुए बोली,
“किआ हुआ? बोलती बांध क्यों हो गयी अब? बोलिये, और बोलिये नाह मगर किआ?!!”
अनिरुद सुमन को तिरछी नज़र से देखते हुए कहा, “मगर किआ पता के उस्सकी कोई बॉयफ्रेंड हो स्कूल में? अगर किसी और ने लोवेबिट्स किया होगा तो? और आज कल तो लड़कियां भी जान बूझकर चेररने के लिए अपने सहेलियों को ऐसे दांत काटते हैं गर्दन पर दूसरे लड़कों को जलाने के लिए, अगर कोई ऐसी बात हुई तो? तुम क्यों उस से बात नहीं करती ऐसे अचानक गरम होने की बजाए?!”
जिस वक़्त दोनों यह सब बातें कर रहे थे दोनों भाई बेहेन जाग गए थे और सब बातें सुन रहे थे दोनों की. अशिता ने बहोत hi ज़ोर से विहान को जाकर लिया था डर के मारे और फुस्फुसाते हुए पूछा, “अब किआ करुँगी भाई, माँ ने कब मेरे बॉडी पर वो सब देखा?!”
विहान ने उसस्के पीठ सहलाते हुए कहा,
तू फ़िक्र मत कर सुना नहीं पापा ने किआ कहा के आज कल लड़कियां भी ऐसा करते हैं अपने सहेलियों के साथ तू कहना के तेरे सहेलियों ने वैसा किया है ज़बरदस्ती तेरे साथ….”
अशिता ने मुंह फुलाते हुए कहा,
“भाई मैं ने कई बार कहा तुमको के वैसे मत चुसो रेड मार्क बन जाता है मगर तुम बड़े धित हो मुझे सुनते hi नहीं हो!”
और अशिता ने तुरंत अपनी छाती को दिखाते हुए कहा, “देखो यह कल रात को किया तुमने, अभी यह ताज़ा है अगर आज फिर मम्मी ने देखना चाहा तो? तब किआ कहूँगी मैं?!”
विहान ने तुरंत उस्सकी छाती को चूमते हुए बोलै,
“आरी मेरी प्यारी डार्लिंग मऊवः मऊवः, कुछ नहीं होगा ऋ तू फ़िक्र मत कर….”
अशिता: “देखना आज रात को मुझसे फिरसे उसी कमरे में उसी बीएड पर जाने को कहेगी मम्मी और बहोत दांत पड़ेगी मुझे क्यूंकि मैं उठ कर तुम्हारे पास चली आयी, मार भी पढ़ सकती है भाई!!”
विहान: “मेरे लिए थोड़ी सी दांत खाने में किआ जाता है बेबी? मारेगी तो नहीं, अगर मारा तो मैं बीच में आजाऊंगा देखना!”
दोनों बड़े कस्सके एक दूसरे को कम्बल के निचे जाकर हुए थे और विहान का ज़बरदस्त खड़ा हुआ था वही मॉर्निंग इरेक्शन और अशिता के पथ के निचे, छूट के करीब दबा हुआ था और वो और भी ज़ोरों से दबाते जा रहा था थोड़ा रगड़ते हुए, और ऊपर अशिता के गाल चुस्सना शुरू किया था के अशिता ने कहा,
“भाई मत दबाओ निचे, मुझे ज़ोर से सुसु आयी है, दुःख रहा है पथ पर वैसे दबाते हो तो!”
तो झट से विहान ने अपने कमर को पीछे किया और कहा, “okay तो जा सुसु करके वापस आ!”
अशिता ने कहा, “अरे नाह बाबा नाह जब तक मम्मी काम के लिए नहीं जाती मैं तो नहीं उठने वाली, मैं तो गहरी नींद में होने की नाटक करुँगी, मुझे उस्सको नहीं फेस करना अभी शाम को मिलूंगी उस से अब तो हीहीहीहीही!”
विहान ने कहा,
“यह हुई नाह अक्लमंदों वाली बात, मेरी छोटी बहना बड़ी सयानी हो गयी है अब हेहेहे!”
और विहान को चिढ़ाते हुए अशिता ने कहा,
“और नहीं तो किआ मैं तुम्हारे तरह बुद्धू थोड़ी hi हूँ!”
और विहान ने कहा,
“चाह सुन सयानी बहना, एक काम कर नाह मेरे लिए!”
अशिता, “किआ?”
विहान ने अपने लुंड को बाहर निकला कम्बल के निचे hi और थोड़ा सा अशिता के जांघ पर छूटे हुए कहा,
“इस्को अपने हाथ में पाकर नाह!”
अशिता ने अपने नाक और होंठ मोड़ते हुए नखरों में कहा,
“हम्म्म्म नाह मैं नहीं छूने वाली उससे!”
विहान ने कुछ तड़पती आवाज़ में कहा,
“प्लीज हाथ में लेले नाह, और थोड़ा सा सेहला नाह इस्को, यह तुम्हारे कोमल प्यारी हाथ की स्पर्श को तड़प रहा है बेबी प्लीज लो नाह!”
कोई 15 मिनट्स के मिन्नतें करने के बाद आखिर में अशिता ने अपने भाई के लुंड पर अपने हाथ को रखा, मगर तुरंत वापस खिंच लिया हँस्ते हुए विहान के चेहरे में देखते.
विहान ने फिर उसस्के गालों को चूमते हुए कहा, “क्यों हाथ हत्ता लिया स्वीटहार्ट, पकरो नाह आराम से और थोड़ा सा सेहलाओ नाह!”
अशिता को तरस आया अपने भाई पर जिस तरह से उस्सने तड़पते हुए फरमाईश की, अशिता से रहा नाह गया और अपने भाई को खुश करने के लिए उस्सने उसस्के लुंड को अपने मुठी में लिया और अपने होंठों को डेंटन में दबाते और मुस्कुराते हुए विहान के ेंखों में देखते हुए पूछा,
“ऐसे? ठीक है? तुमको अच्छाह फील हो रहा है भाई?!”
विहान ने “इस्स्स्सस्स्स्शशशशशह” की आवाज़ निकालते हुए ेंखों को मुंध लिया और कहा,
“हाआआआंनंन्न बहोत अच्छा फील हो रहा है ऋ, अपने मुठी को चला उस पर, ज़रा ज़ोरों से दबाते हुए चला नाह मज़ा आ रहा है डार्लिंग ….. उफ्फ्फफ्फ्फ़!!!!
अशिता ने अपने बांध मुठी को अपने भाई के लुंड पर चलाते हुए कहा,
“सस्शह्ह्ह भाई आहिस्ता बोलो नाह मम्मी पापा तुम्हारे आवाज़ सुन लेंगे…… फुस्फुसाकर बात करो !”
जब अशिता अपने मुठी को चलाने लगी विहान के लुंड पर उस्सने धक्का देना शुरू कर दिया उस्सकी मुठी में hi, और झट से कम्बल हत्ता दिया तो अशिता ने खुद के मुठी में अपने भाई के लुंड को देखते हुए मुस्कुरायी और कहा,
“कितना फनी दीखता है यह हीहीहीहीहीही!”
विहान ने घुर्राटे हुए कहा, “तेरी वाली भी तो फनी hi है डार्लिंग… मैं घुटनों पर अत हूँ और तुम वैसे hi ज़ोर से हाथ चलाते रहना देखना मैं झाड़ूंगा और मेरे वीर्य बाहर निकलेगा, कल तू पूछ रही थी नाह के किआ लेथ पथ लगा था तेरे जाँघों पर अब उससे देखना…..”
अशिता ने कभी वो सब नाह देखा नाह सुना था तो वो इंटरेस्टेड हुई देखने के लिए के उसस्के हाथ चलाने से किआ वो सब सच में हो सकता है किआ… उस्सको मैजिक लगेगा अगर सच में उसस्के हाथ चलाने से उस लुंड से कुछ निकला तो…. तो वो ज़ोरों से हाथ चलाती गयी अपने भाई के लुंड पर जबकि विहान घुटनों के बल कमर हिल्ला रहा था अपनी बेहेन की छोटे बूब्स को दबाते हुए हाथ से…..
और कुछ hi पल बाद विहान ने तड़पते और हांफते हुए कहा, “निकलने वाला है देख देख नाह!”
और प्रेशर से उसस्के वीर्य पाछाक से निकले और अशिता के गाल पर कुछ कतरे गए और कुछ बीएड पर…..
अशिता बहोत hi हैरान, और क्यूरोसिटी में डूबे हुए उस मंज़र को इस तरह से देख रही थी के जैसे उस्सने कोई बड़ी सी मैजिक दिख गयी… वो सोचने लगी के यह किआ मिरेकल है के एक जिस्म के टुकड़े को उस तरह से रघड़ने से उसस्के अंदर से ऐसे कुछ लिक्विड बाहर निकलता है…. और फिर अशिता के जिस्म के अंदर एक लेहेर सी दौड़ी, और उस्का मैं ज़ोर से अपने भाई को जकरने और चूमने को किया…..
मगर विहान कुछ और hi सोच रहा था उस्सने अशिता से कहा, “अब इस्को किश कर नाह डार्लिंग!”
अशिता सर उठाकर विहान के चेहरे में सवाली नज़रों से देख रही थी, तो विहीआं ने कहा,
“आरी ऐसा करते हैं, इस्को चूस्ते भी हैं, खैर तू नहीं समझती तो चूस मत अभी बुसस किश कर नाह, थोड़ा सा अगर अपना जीब चलाती इस्सके टिप पर तो सोने पे सुहागा हो जाता मेरे लिए…..”
विहान ने नहीं सोचा था के अशिता सीधे उसस्के लुंड को अपने मुंह में ले लेगी… वो हैरत से देखता रहा और उस्का लुंड अशिता के मुंह के अंदर गया उसस्के बचे हुए वीर्य को चुस्सने के लिए!!”
अशिता के अंदर एक आग सी भड़क गयी थी वो कुछ ऐसा hi करने को सोच hi रही थी के उसस्के भाई ने उस लुंड को किश करने को कहा, और उस्सने तो चुस्सना hi शुरू कर दिया…. अशिता की जिस्म की वो मांग थी, ज़रुरत थी उस वक़्त के बिना पूछे उस्सने अपने आप hi लुंड को मुंह में लेकर आराम से चुस्सने लग गयी……
तो बे कॉन्टिनोएड……………
उस सुबह को जब सुमन ने दोनों को फिर एक साथ लिपटे हुए बीएड पर देखा तो उस्सको ग़ुस्सा आया और दोनों को हाथ पाकर कर उठाने जा रही थी मगर अनिरुद ने सुमन को रोका और उस्सको खींचते हुए कमरे से बाहर करते हुए कहा,
“किआ कर रही हो? पागल हो किआ, बचे नींद में हैं, ऐसा नहीं करते बुरा एस्सार पड़ेगा उनके हेल्थ पर, रहने दो नाह आखिर साथ सोते आये हैं बचपन से एक दूसरे के साथ तो मुश्किल हो रहा होगा दोनों को अलग सोना, तुम्ही ने तो आदत डाली थी नाह दोनों को एक साथ सोने की? तो अब क्यों अलग कर रही हो दोनों को?”
सुमन ने ग़ुस्से में कहा,
“तुमको कुछ भी नहीं दीखता मगर मुझे दिखती है, यह दोनों ज़रूर कोई उल्टा काम करने लगे हैं, देखो तो किश तरह से पति पत्नी की तरह लिपट कर सोये हुए हैं!”
अनिरुद: “अरे मगर जब दोनों ज़्यादा छोटे थे तो तुम्ही तो विहान से कहा करती थी ‘यह तेरी छोटी बेहेन है, इस्को प्यार करो, इस्को बाहों में लेलो, इस्को गले से लागलो, इस्को कभी अकेले मत चोरर्ण अपने पास सुलाना वग़ैरा वग़ैरा?”
सुमन: “हाँ तब बहोत छोटे थे दोनों, और विहान भाई चाहता था और बेहेन से चिढ़ता था इसी लिए उसस्के दिल में अशिता के लिए अपनापन पैदा कर रही थी तब मैं!”
अनिरुद: “और अब, जब प्यार पैदा हो गया, प्यार ने घर बना कर मज़बूत कर लिया तब उस घर को गिरना क्यों चाहती हो तुम? किआ, हो किआ गया है तुम्हें?!”
सुमन लाल पिली होती हुई बोली, “हाँ क्यूंकि मैं ने अशिता के गर्दन के पीछे लोवेबिट्स देखा है, उस रोज़ नाहा रही थी तो उसस्के छाती के कई हिस्सों को लाल देखा है, वो सब किश ने किया होगा, उसस्के भाई ने hi नाह?! इसी लिए दोनों को अलग कर रही हूँ अब आयी बात समझ में?!”
अनिरुद बहोत हैरान हुआ और अपने माथे पर हाथ रख कर बैठते हुए कहा, “अभी से hi? इस बाली उम्र में hi लोवेबिट्स हैं उसस्के गर्दन पर?... मगर…. मगर किआ पता के……” और वो रुक गया बोलना तो सुमन उसस्के चेहरे में घुररते हुए बोली,
“किआ हुआ? बोलती बांध क्यों हो गयी अब? बोलिये, और बोलिये नाह मगर किआ?!!”
अनिरुद सुमन को तिरछी नज़र से देखते हुए कहा, “मगर किआ पता के उस्सकी कोई बॉयफ्रेंड हो स्कूल में? अगर किसी और ने लोवेबिट्स किया होगा तो? और आज कल तो लड़कियां भी जान बूझकर चेररने के लिए अपने सहेलियों को ऐसे दांत काटते हैं गर्दन पर दूसरे लड़कों को जलाने के लिए, अगर कोई ऐसी बात हुई तो? तुम क्यों उस से बात नहीं करती ऐसे अचानक गरम होने की बजाए?!”
जिस वक़्त दोनों यह सब बातें कर रहे थे दोनों भाई बेहेन जाग गए थे और सब बातें सुन रहे थे दोनों की. अशिता ने बहोत hi ज़ोर से विहान को जाकर लिया था डर के मारे और फुस्फुसाते हुए पूछा, “अब किआ करुँगी भाई, माँ ने कब मेरे बॉडी पर वो सब देखा?!”
विहान ने उसस्के पीठ सहलाते हुए कहा,
तू फ़िक्र मत कर सुना नहीं पापा ने किआ कहा के आज कल लड़कियां भी ऐसा करते हैं अपने सहेलियों के साथ तू कहना के तेरे सहेलियों ने वैसा किया है ज़बरदस्ती तेरे साथ….”
अशिता ने मुंह फुलाते हुए कहा,
“भाई मैं ने कई बार कहा तुमको के वैसे मत चुसो रेड मार्क बन जाता है मगर तुम बड़े धित हो मुझे सुनते hi नहीं हो!”
और अशिता ने तुरंत अपनी छाती को दिखाते हुए कहा, “देखो यह कल रात को किया तुमने, अभी यह ताज़ा है अगर आज फिर मम्मी ने देखना चाहा तो? तब किआ कहूँगी मैं?!”
विहान ने तुरंत उस्सकी छाती को चूमते हुए बोलै,
“आरी मेरी प्यारी डार्लिंग मऊवः मऊवः, कुछ नहीं होगा ऋ तू फ़िक्र मत कर….”
अशिता: “देखना आज रात को मुझसे फिरसे उसी कमरे में उसी बीएड पर जाने को कहेगी मम्मी और बहोत दांत पड़ेगी मुझे क्यूंकि मैं उठ कर तुम्हारे पास चली आयी, मार भी पढ़ सकती है भाई!!”
विहान: “मेरे लिए थोड़ी सी दांत खाने में किआ जाता है बेबी? मारेगी तो नहीं, अगर मारा तो मैं बीच में आजाऊंगा देखना!”
दोनों बड़े कस्सके एक दूसरे को कम्बल के निचे जाकर हुए थे और विहान का ज़बरदस्त खड़ा हुआ था वही मॉर्निंग इरेक्शन और अशिता के पथ के निचे, छूट के करीब दबा हुआ था और वो और भी ज़ोरों से दबाते जा रहा था थोड़ा रगड़ते हुए, और ऊपर अशिता के गाल चुस्सना शुरू किया था के अशिता ने कहा,
“भाई मत दबाओ निचे, मुझे ज़ोर से सुसु आयी है, दुःख रहा है पथ पर वैसे दबाते हो तो!”
तो झट से विहान ने अपने कमर को पीछे किया और कहा, “okay तो जा सुसु करके वापस आ!”
अशिता ने कहा, “अरे नाह बाबा नाह जब तक मम्मी काम के लिए नहीं जाती मैं तो नहीं उठने वाली, मैं तो गहरी नींद में होने की नाटक करुँगी, मुझे उस्सको नहीं फेस करना अभी शाम को मिलूंगी उस से अब तो हीहीहीहीही!”
विहान ने कहा,
“यह हुई नाह अक्लमंदों वाली बात, मेरी छोटी बहना बड़ी सयानी हो गयी है अब हेहेहे!”
और विहान को चिढ़ाते हुए अशिता ने कहा,
“और नहीं तो किआ मैं तुम्हारे तरह बुद्धू थोड़ी hi हूँ!”
और विहान ने कहा,
“चाह सुन सयानी बहना, एक काम कर नाह मेरे लिए!”
अशिता, “किआ?”
विहान ने अपने लुंड को बाहर निकला कम्बल के निचे hi और थोड़ा सा अशिता के जांघ पर छूटे हुए कहा,
“इस्को अपने हाथ में पाकर नाह!”
अशिता ने अपने नाक और होंठ मोड़ते हुए नखरों में कहा,
“हम्म्म्म नाह मैं नहीं छूने वाली उससे!”
विहान ने कुछ तड़पती आवाज़ में कहा,
“प्लीज हाथ में लेले नाह, और थोड़ा सा सेहला नाह इस्को, यह तुम्हारे कोमल प्यारी हाथ की स्पर्श को तड़प रहा है बेबी प्लीज लो नाह!”
कोई 15 मिनट्स के मिन्नतें करने के बाद आखिर में अशिता ने अपने भाई के लुंड पर अपने हाथ को रखा, मगर तुरंत वापस खिंच लिया हँस्ते हुए विहान के चेहरे में देखते.
विहान ने फिर उसस्के गालों को चूमते हुए कहा, “क्यों हाथ हत्ता लिया स्वीटहार्ट, पकरो नाह आराम से और थोड़ा सा सेहलाओ नाह!”
अशिता को तरस आया अपने भाई पर जिस तरह से उस्सने तड़पते हुए फरमाईश की, अशिता से रहा नाह गया और अपने भाई को खुश करने के लिए उस्सने उसस्के लुंड को अपने मुठी में लिया और अपने होंठों को डेंटन में दबाते और मुस्कुराते हुए विहान के ेंखों में देखते हुए पूछा,
“ऐसे? ठीक है? तुमको अच्छाह फील हो रहा है भाई?!”
विहान ने “इस्स्स्सस्स्स्शशशशशह” की आवाज़ निकालते हुए ेंखों को मुंध लिया और कहा,
“हाआआआंनंन्न बहोत अच्छा फील हो रहा है ऋ, अपने मुठी को चला उस पर, ज़रा ज़ोरों से दबाते हुए चला नाह मज़ा आ रहा है डार्लिंग ….. उफ्फ्फफ्फ्फ़!!!!
अशिता ने अपने बांध मुठी को अपने भाई के लुंड पर चलाते हुए कहा,
“सस्शह्ह्ह भाई आहिस्ता बोलो नाह मम्मी पापा तुम्हारे आवाज़ सुन लेंगे…… फुस्फुसाकर बात करो !”
जब अशिता अपने मुठी को चलाने लगी विहान के लुंड पर उस्सने धक्का देना शुरू कर दिया उस्सकी मुठी में hi, और झट से कम्बल हत्ता दिया तो अशिता ने खुद के मुठी में अपने भाई के लुंड को देखते हुए मुस्कुरायी और कहा,
“कितना फनी दीखता है यह हीहीहीहीहीही!”
विहान ने घुर्राटे हुए कहा, “तेरी वाली भी तो फनी hi है डार्लिंग… मैं घुटनों पर अत हूँ और तुम वैसे hi ज़ोर से हाथ चलाते रहना देखना मैं झाड़ूंगा और मेरे वीर्य बाहर निकलेगा, कल तू पूछ रही थी नाह के किआ लेथ पथ लगा था तेरे जाँघों पर अब उससे देखना…..”
अशिता ने कभी वो सब नाह देखा नाह सुना था तो वो इंटरेस्टेड हुई देखने के लिए के उसस्के हाथ चलाने से किआ वो सब सच में हो सकता है किआ… उस्सको मैजिक लगेगा अगर सच में उसस्के हाथ चलाने से उस लुंड से कुछ निकला तो…. तो वो ज़ोरों से हाथ चलाती गयी अपने भाई के लुंड पर जबकि विहान घुटनों के बल कमर हिल्ला रहा था अपनी बेहेन की छोटे बूब्स को दबाते हुए हाथ से…..
और कुछ hi पल बाद विहान ने तड़पते और हांफते हुए कहा, “निकलने वाला है देख देख नाह!”
और प्रेशर से उसस्के वीर्य पाछाक से निकले और अशिता के गाल पर कुछ कतरे गए और कुछ बीएड पर…..
अशिता बहोत hi हैरान, और क्यूरोसिटी में डूबे हुए उस मंज़र को इस तरह से देख रही थी के जैसे उस्सने कोई बड़ी सी मैजिक दिख गयी… वो सोचने लगी के यह किआ मिरेकल है के एक जिस्म के टुकड़े को उस तरह से रघड़ने से उसस्के अंदर से ऐसे कुछ लिक्विड बाहर निकलता है…. और फिर अशिता के जिस्म के अंदर एक लेहेर सी दौड़ी, और उस्का मैं ज़ोर से अपने भाई को जकरने और चूमने को किया…..
मगर विहान कुछ और hi सोच रहा था उस्सने अशिता से कहा, “अब इस्को किश कर नाह डार्लिंग!”
अशिता सर उठाकर विहान के चेहरे में सवाली नज़रों से देख रही थी, तो विहीआं ने कहा,
“आरी ऐसा करते हैं, इस्को चूस्ते भी हैं, खैर तू नहीं समझती तो चूस मत अभी बुसस किश कर नाह, थोड़ा सा अगर अपना जीब चलाती इस्सके टिप पर तो सोने पे सुहागा हो जाता मेरे लिए…..”
विहान ने नहीं सोचा था के अशिता सीधे उसस्के लुंड को अपने मुंह में ले लेगी… वो हैरत से देखता रहा और उस्का लुंड अशिता के मुंह के अंदर गया उसस्के बचे हुए वीर्य को चुस्सने के लिए!!”
अशिता के अंदर एक आग सी भड़क गयी थी वो कुछ ऐसा hi करने को सोच hi रही थी के उसस्के भाई ने उस लुंड को किश करने को कहा, और उस्सने तो चुस्सना hi शुरू कर दिया…. अशिता की जिस्म की वो मांग थी, ज़रुरत थी उस वक़्त के बिना पूछे उस्सने अपने आप hi लुंड को मुंह में लेकर आराम से चुस्सने लग गयी……
तो बे कॉन्टिनोएड……………