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अपडेट 23 अशिता विथ इंस्पेक्टर राणे
इंस्पेक्टर राणे वो शख्स था जिस्सके नाम से बड़े बड़े क्रिमल डरते थे. 55 साल का बहुत hi कड़क और मज़बूत आदमी था जो क्राइम के खिलाफ बहोत hi ाचा काम कर रहा था पिछले 30 सालों से. उस्का नाम इज़त से लिया जाता था शहर में. बड़े बड़े माफिया के लोग उस से घबराते थे, क्यूंकि जब वो एक केस लेता था तो उसस्के अंजाम तक ज़रूर पहुँचता था. इंस्पेक्टर राणे से वकील लोग भी घबराते थे, क्यूंकि जो वकील पैसों के खातिर वैसे माफिया वालों को बचते थे, राणे उन् वकीलों पर भी केस करता और कई बार वकील को भी जेल भेजा है उस्सने.
खुद वकालत भी कर चूका था राणे साहब मगर सीड ब्रांच में उस से बेहतर कोई था hi नहीं तो सर्कार ने उस्सको ज़्यादा तनख्वा देकर अपने पोस्ट पर कायम रखा था.
अशिता जब प्रिय के घर पहुंची तब तक प्रिय ने अपने मां को बता दिया था के अशिता उन् से मिलने आरहे हैं तो वो वेट कर रहा था अशिता का और जब वो मिले तो अशिता ने बुसस इतना बताया के उस डॉक्टर ने उस्सको मोलेस्ट किया और उसस्के प्राइवेट पिक्स जीन में कुछ तक़रीबन नुदेस थे, डॉक्टर ने अपने मोबाइल में ट्रांसफर किये हैं और इंटरनेट पर लगाने की धमकी दे रहा है.
राणे साहब समझ गया क्यूंकि उस्सने ऐसे सेंकरों केस आलरेडी हैंडल कर लिए थे इन् दिनों; क्यूंकि आये दिन ऐसे केस उस्सको मिलता रहता था तो उसस्के लिए यह एक खेल जैसा था हैंडल करना.
अशिता के पेरेंट्स ने कुछ नहीं सुना क्यूंकि राणे साहब समझ गए के एक जवान लड़की कुछ बताना चाहती है और प्राइवेट हैं तो उस से अपनी कार में बात किया उस्सने ताके प्रिय के घरवालों को कुछ पता नाह चले. अशिता ने दरख्वास्त किये राणे साहब से के इस बात को रफ्फा दफा करें ताके उस्का नाम उसस्के पेरेंट्स तक नाह पहुंचे और डाब कर रह जाए, डॉक्टर को दर्राने धमकाने को कहा अशिता ने और कुछ भी ऑफिसियल नहीं करने की मांग किये उस्सने इंस्पेक्टर साहब से – मतलब अगर कोर्ट का केस हुआ तो अशिता को कोर्ट जाना पड़ेगा, उसस्के पेरेंट्स को सब पता चल जाएगा, इस लिए अशिता ने समझाया के डॉक्टर बस सबक मिलना चाहिए और उस्सको कुछ इस तरह से डराएं के कभी भी वो किसी और के साथ ऐसा बर्ताव नाह करें.
राणे सब समझ गया और कहा,
“बेटी तुम फ़िक्र मत करो मैं सब समझ गया. उस्सको तो मैं ऐसा सबक सिखाऊंगा के अपने ज़िन्दगी में अब वो किसी भी औरत या लड़की के तरफ ेंख उठा कर भी नहीं देखेगा. इस्सके लिए कोर्ट जाना या उस्सको जेल होना ज़रूरी नहीं है. बहोटों को मैं ने ठीक किया है ऐसे hi कोर्ट कचेरी लेजाए बिना. मैं सब समझ गया और तुम बेफिक्र रहो नाह तो वो कभी किसी और को मोलेस्ट करेगा और नाह तेरी पिक्स को अपलोड करेगा.”
प्रिय वेट कर रही थी बरामदे में और जब दोनों कार से निकले तो प्रिय जल्दी से अशिता को बाहों में भरके पूछा के ऐसा किआ हो गया. अशिता ने कहा के उस्सको बाद में सब बतएगी फिलहाल राणे साहब के साथ जाना है उससे. तो प्रिय ने कहा के वो भी आएगी साथ में. प्रिय के मां ने कहा,
“ठीक है तू भी चलना चाहती है तो चल साथ अपने सहेली की.”
राणे साहब ने सोच लिया था के कैसे केस को हैंडल करना है बिना ऑफिसियल केस बनाते हुए, यह उसस्के बाएं हाथ का खेल था. पहले वो दोनों लड़कियों को लेकर अपने ऑफिस गया और 3 और ऑफिसर्स को साथ में लिया, जो राणे साहब के पीछे अपने कार में फॉलो करते हुए गए, और सब हॉस्पिटल पहुंचे.
राणे साहब ने अपने उन् 3 ऑफिसर्स को बात समझा दिया और सब उस डॉक्टर के ऑफिस गए और खुशकिस्मती से वो वहीँ मिला. अशिता सोच रहा था के कहीं वो घर वापस तो नहीं चला गया होगा क्यूंकि उस वक़्त शाम के 5.30 हो चुके थे.
खुद राणे साहब और उनके 3 ऑफिसर्स सिविल ड्रेस में थे, किसी ने भी यूनिफार्म नहीं पहना हुआ था, मगर रिवाल्वर और हड़कड़ी थे उनके साथ और उनके ईद कार्ड्स भी सीड वाला. वो पेओन जिसस्ने अशिता को उस हालत में निकलते देखा था वो अब भी वहीँ मौजूद था और अशिता को इतने आदमियों के साथ देख कर समझ गया के लफड़ा होने वाला है. तो अशिता ने उस पेओन के तरफ ऊँगली दिखाते हुए राणे साहब से कहा के उस आदमी ने सब देखा था जब वो बाहर निककली थी अपने खुले हुए ब्लाउज में, वो विटनेस है.
तो डॉक्टर से मिलने से पहले hi राणे साहब ने सबसे पहले उस पेओन से कहा,
“सुन भाई हम सीड वाले हैं, तुम ने जो कुछ भी देखा मुझे अभी इस वक़्त बता वार्ना तुझे भी उठा के लेजाऊंगा!”
पेओन थरथर कांपने लगा और कहा,
“साहब मैं ने तो कुछ नहीं किया हाँ बुसस देखा था एहि!”
राणे: “अबे किआ देखा था वही पूछ रहा हूँ और किआ जानता है तू अभी बता वार्ना देख हत्कडी तेरे कलाई में जाने के लिए बेचैन है!”
पेओन: “साहब यह डॉक्टर ने इस लड़की को शायद कुछ किया अंदर, क्यूंकि यह निकली तो उस्सको गाली देते हुए निकली और इस्सके कपडे खुले हुए थे छाती पर!”
राणे: “हाँ ठीक है ाचा तुझे कुछ नहीं करूँगा, मगर फिलहाल तू भी चल अंदर डॉक्टर के सामने कहना जो अभी मुझसे कहा! या वो तुझे अंदर देख कर समझ जाएगा के तू विटनेस है वही काफी होगा मेरे लिए”
पेओन ने दररते हुए हां में सर हिलाया.
और जब ऑफिस के दरवाज़े को नॉक किया गया तो डॉक्टर ने जैसे ओपन किया सख्ती से तीनों अफसर ने उस्सको अंदर धकेला और सबके सब अशिता, प्रिय, अग्रवाल और पेओन अंदर ग़ुस्से.
हैरत की बात यह थी के वो डॉक्टर इंस्पेक्टर राणे को जानता था और उसस्के कारनामों को भी. राणे एक सेलिब्रिटी था क्राइम वर्ल्ड में और उस्का ज़िक्र अक्सर हुआ करता था मीडिया में तो डॉक्टर उस्सको पहचान गया देखते hi और बहोत घबरा गया सब समझते हुए के अशिता ने उस्सको रिपोर्ट कर दिया है.
राणे ने अपना एक पेयर को उसस्के सोफे पर रख कर उसस्के तरफ झुकते हुए पूछा,
“क्यों डॉक्टर? सब उगलता है या घसिटके ठाणे लेचल कर पीतून तुझे?!”
डॉक्टर ने कहा,
“सर, मैं ने कुछ नहीं किया वो खुद आयी थी मेरे पास!”
राणे ने एक सरकास्टिक हंसी हँस्ते हुए कहा,
“साला डॉक्टर है तो लाखों पेशेंट्स और उनके रिलेटिव्स तो आएंगे hi तेरे पास, तो तू किआ उंनका फायदा उठाएगा मादरचोद, अभी दिखता हूँ तुझे” और एक घूंसा मारा उसस्के छाती पर!”
फिर तुरंत उसस्के हाथ मैं हड़कड़ी लगाया, उसस्के मोबाइल ज़प्त किया और पूछा के और कितने मोबाइल हैं उसस्के, जब सिर्फ एक hi कहा डॉक्टर ने तो उसस्के मोबाइल को राणे ने अपने जेब में रखा और ऑफिस से बाहर निकला उस्सको घसीटते हुए.
वो गिड़गिड़ाने लगा,
“सर मेरा इज़त है हॉस्पिटल में हड़कड़ी तो निकल दीजिये मैं जाने को तैयार हूँ मगर इज़त से लेचलो भाई!”
राणे ने कहा,
“और इस लड़की की इज़त नहीं थी जब तेरे पास आयी थी तब?”
फिर राणे ने एक अफसर से एक काला कपडा लिया और डॉक्टर के हड़कड़ी को ढँक दिया और तीनों ऑफिसर्स, उसस्के काँधे पर हाथ रख के जैसे सब पुराने दोस्त हैं, चलते हुए कार के तरफ गए. हाँ वो तीन ऑफिसर्स अपने कार में आये थे पीछे फॉलो करते हुए, और अब जाते वक़्त भी उनके कार में लेजाया गया डॉक्टर को.
और राणे साहब दोनों लड़कियों को अपने अपने घर चौररने गया.
अशिता ने फरमाईश किये राणे साहब से के कोर्ट का केस नाह करें बुसस डॉक्टर के मोबाइल से उसस्के पिक्स डिलीट करवादे और उस्सको चितवनि दे के कभी एक भी पिछ लीक हुआ तो उस्का खैर नहीं.
राणे साहब समझ गया अशिता की बात को और उस्सको बेफिक्र रहने को कहा. उस्सने यह भी नहीं पूछा के किश ने पिक्स लिए कैसे वो पिक्स डॉक्टर के हाथ लगा ेट्स…. क्यूंकि राणे साहब बहोत तजुर्बेकार आदमी था और उस्सको पता था के आज कल के जवान लड़के और लड़कियां हर तरह के पिक्स लेते हैं और मोबाइल में सेव करते हैं अपने. और उस्सको जान्ने की ज़रुरत भी नहीं थी उस्सको बुसस उस डॉक्टर से डील करना था और उस्सको पिक्स को इंटरनेट पर अपलोड करने से रोकना था. तो उस्सको पता था के उस्सको किआ करना है.
अशिता ने उनको थैंक्स कहा, और ख़ुशी से उसस्के गाल पर एक किश किया और प्रिय को bye कहा कल कॉलेज में मिलकर सब बात बताने की प्रॉमिस करते हुए.
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घर आने के बाद अशिता के पेरेंट्स ने हज़ारों सवाल किये उस से और अशिता ने बड़े होशियारी से दोनों को बहाना बना कर झूट बात बतायी के प्रिय को किसी लड़के ने मोलेस्ट किया था और उसस्के मां के साथ उस लड़के को अस ा विटनेस पहचानना था उससे इसी लिए उसस्के मां ने अशिता को बुलवाया था. यह बात खुद राणे ने अशिता को अपने घरवालों को बोलने के लिए कहा उस्सको बचाने के लिए और प्रिय के सामने कहा ताके अगर अशिता के पेरेंट्स प्रिय से पूछे तो दोनों एक hi जवाब दें.
और फिर विहान के बारे में बातें हुई तो अशिता ने सब समझाया के स्पेशलिस्ट डॉक्टर अग्रवाल जो ब्रेन सर्जन है वो विहान का केस ले चूका है और अब वही सब फॉलो करेगा.
सर्जन का नाम सुनकर अशिता की माँ रोने लगी यह कहते हुए के विहान बहोत सीरियस है और अब उस्का ब्रेन ऑपरेशन होगा…….
मगर अशिता ने सब बात समझाया के ब्लड क्लॉट्स हैं ब्रेन में जो इंजेक्शन और दवा से मिट सकते हैं, इस लिए ऑपरेशन की ज़रुरत नहीं अभी हाँ अगर क्लॉट्स नहीं मिठे तब शायद ऑपरेशन करना पड़ेगा…..
अशिता की माँ बेहाल थी उस वक़्त.
फिर अशिता भी अपने कमरे में जाकर विहान को सोचते हुए रोने लगी. उस से आज अछि तरह से मिल भी नहीं पायी, उसस्के पास ठीक से बैठ भी नहीं पायी उस्सको जी भरके देख नहीं पायी इस्सके ग़म था अशिता को और अपने भाई की याद में काफी देर तक रोटी रही.
रात को बारह बजने के बाद बीएड पर अशिता ने विहान की मोबाइल की गैलरी ओपन किया और अपने खुद के पिक्स देखने लगी. वो बहोत हैरान हुई के कब कब विहान ने उसस्के पिक्स लिए थे के उस्सको पता भी नहीं था बिल्कुल. सच में टोटल 2000 से ज़्यादा पिक्स थे. अशिता डर रही थी के कहीं उस डॉक्टर ने इंटरनेट पर उन् पिक्स को अपलोड तो नहीं कर दिया जिस वक़्त वो राणे साहब से मिलने गयी हुई थी. इस बात का बहोत डर था अशिता को. और मोबाइल की बैटरी ऑफ होने वाली थी तो अशिता ने चार्ज पर लगा दिया और रेस्ट करने गयी विहान को ख्यालों में बसाये हुए….
तो बे कॉन्टिनोएड इन नेक्स्ट अपडेट इम्मेडिएटली….
इंस्पेक्टर राणे वो शख्स था जिस्सके नाम से बड़े बड़े क्रिमल डरते थे. 55 साल का बहुत hi कड़क और मज़बूत आदमी था जो क्राइम के खिलाफ बहोत hi ाचा काम कर रहा था पिछले 30 सालों से. उस्का नाम इज़त से लिया जाता था शहर में. बड़े बड़े माफिया के लोग उस से घबराते थे, क्यूंकि जब वो एक केस लेता था तो उसस्के अंजाम तक ज़रूर पहुँचता था. इंस्पेक्टर राणे से वकील लोग भी घबराते थे, क्यूंकि जो वकील पैसों के खातिर वैसे माफिया वालों को बचते थे, राणे उन् वकीलों पर भी केस करता और कई बार वकील को भी जेल भेजा है उस्सने.
खुद वकालत भी कर चूका था राणे साहब मगर सीड ब्रांच में उस से बेहतर कोई था hi नहीं तो सर्कार ने उस्सको ज़्यादा तनख्वा देकर अपने पोस्ट पर कायम रखा था.
अशिता जब प्रिय के घर पहुंची तब तक प्रिय ने अपने मां को बता दिया था के अशिता उन् से मिलने आरहे हैं तो वो वेट कर रहा था अशिता का और जब वो मिले तो अशिता ने बुसस इतना बताया के उस डॉक्टर ने उस्सको मोलेस्ट किया और उसस्के प्राइवेट पिक्स जीन में कुछ तक़रीबन नुदेस थे, डॉक्टर ने अपने मोबाइल में ट्रांसफर किये हैं और इंटरनेट पर लगाने की धमकी दे रहा है.
राणे साहब समझ गया क्यूंकि उस्सने ऐसे सेंकरों केस आलरेडी हैंडल कर लिए थे इन् दिनों; क्यूंकि आये दिन ऐसे केस उस्सको मिलता रहता था तो उसस्के लिए यह एक खेल जैसा था हैंडल करना.
अशिता के पेरेंट्स ने कुछ नहीं सुना क्यूंकि राणे साहब समझ गए के एक जवान लड़की कुछ बताना चाहती है और प्राइवेट हैं तो उस से अपनी कार में बात किया उस्सने ताके प्रिय के घरवालों को कुछ पता नाह चले. अशिता ने दरख्वास्त किये राणे साहब से के इस बात को रफ्फा दफा करें ताके उस्का नाम उसस्के पेरेंट्स तक नाह पहुंचे और डाब कर रह जाए, डॉक्टर को दर्राने धमकाने को कहा अशिता ने और कुछ भी ऑफिसियल नहीं करने की मांग किये उस्सने इंस्पेक्टर साहब से – मतलब अगर कोर्ट का केस हुआ तो अशिता को कोर्ट जाना पड़ेगा, उसस्के पेरेंट्स को सब पता चल जाएगा, इस लिए अशिता ने समझाया के डॉक्टर बस सबक मिलना चाहिए और उस्सको कुछ इस तरह से डराएं के कभी भी वो किसी और के साथ ऐसा बर्ताव नाह करें.
राणे सब समझ गया और कहा,
“बेटी तुम फ़िक्र मत करो मैं सब समझ गया. उस्सको तो मैं ऐसा सबक सिखाऊंगा के अपने ज़िन्दगी में अब वो किसी भी औरत या लड़की के तरफ ेंख उठा कर भी नहीं देखेगा. इस्सके लिए कोर्ट जाना या उस्सको जेल होना ज़रूरी नहीं है. बहोटों को मैं ने ठीक किया है ऐसे hi कोर्ट कचेरी लेजाए बिना. मैं सब समझ गया और तुम बेफिक्र रहो नाह तो वो कभी किसी और को मोलेस्ट करेगा और नाह तेरी पिक्स को अपलोड करेगा.”
प्रिय वेट कर रही थी बरामदे में और जब दोनों कार से निकले तो प्रिय जल्दी से अशिता को बाहों में भरके पूछा के ऐसा किआ हो गया. अशिता ने कहा के उस्सको बाद में सब बतएगी फिलहाल राणे साहब के साथ जाना है उससे. तो प्रिय ने कहा के वो भी आएगी साथ में. प्रिय के मां ने कहा,
“ठीक है तू भी चलना चाहती है तो चल साथ अपने सहेली की.”
राणे साहब ने सोच लिया था के कैसे केस को हैंडल करना है बिना ऑफिसियल केस बनाते हुए, यह उसस्के बाएं हाथ का खेल था. पहले वो दोनों लड़कियों को लेकर अपने ऑफिस गया और 3 और ऑफिसर्स को साथ में लिया, जो राणे साहब के पीछे अपने कार में फॉलो करते हुए गए, और सब हॉस्पिटल पहुंचे.
राणे साहब ने अपने उन् 3 ऑफिसर्स को बात समझा दिया और सब उस डॉक्टर के ऑफिस गए और खुशकिस्मती से वो वहीँ मिला. अशिता सोच रहा था के कहीं वो घर वापस तो नहीं चला गया होगा क्यूंकि उस वक़्त शाम के 5.30 हो चुके थे.
खुद राणे साहब और उनके 3 ऑफिसर्स सिविल ड्रेस में थे, किसी ने भी यूनिफार्म नहीं पहना हुआ था, मगर रिवाल्वर और हड़कड़ी थे उनके साथ और उनके ईद कार्ड्स भी सीड वाला. वो पेओन जिसस्ने अशिता को उस हालत में निकलते देखा था वो अब भी वहीँ मौजूद था और अशिता को इतने आदमियों के साथ देख कर समझ गया के लफड़ा होने वाला है. तो अशिता ने उस पेओन के तरफ ऊँगली दिखाते हुए राणे साहब से कहा के उस आदमी ने सब देखा था जब वो बाहर निककली थी अपने खुले हुए ब्लाउज में, वो विटनेस है.
तो डॉक्टर से मिलने से पहले hi राणे साहब ने सबसे पहले उस पेओन से कहा,
“सुन भाई हम सीड वाले हैं, तुम ने जो कुछ भी देखा मुझे अभी इस वक़्त बता वार्ना तुझे भी उठा के लेजाऊंगा!”
पेओन थरथर कांपने लगा और कहा,
“साहब मैं ने तो कुछ नहीं किया हाँ बुसस देखा था एहि!”
राणे: “अबे किआ देखा था वही पूछ रहा हूँ और किआ जानता है तू अभी बता वार्ना देख हत्कडी तेरे कलाई में जाने के लिए बेचैन है!”
पेओन: “साहब यह डॉक्टर ने इस लड़की को शायद कुछ किया अंदर, क्यूंकि यह निकली तो उस्सको गाली देते हुए निकली और इस्सके कपडे खुले हुए थे छाती पर!”
राणे: “हाँ ठीक है ाचा तुझे कुछ नहीं करूँगा, मगर फिलहाल तू भी चल अंदर डॉक्टर के सामने कहना जो अभी मुझसे कहा! या वो तुझे अंदर देख कर समझ जाएगा के तू विटनेस है वही काफी होगा मेरे लिए”
पेओन ने दररते हुए हां में सर हिलाया.
और जब ऑफिस के दरवाज़े को नॉक किया गया तो डॉक्टर ने जैसे ओपन किया सख्ती से तीनों अफसर ने उस्सको अंदर धकेला और सबके सब अशिता, प्रिय, अग्रवाल और पेओन अंदर ग़ुस्से.
हैरत की बात यह थी के वो डॉक्टर इंस्पेक्टर राणे को जानता था और उसस्के कारनामों को भी. राणे एक सेलिब्रिटी था क्राइम वर्ल्ड में और उस्का ज़िक्र अक्सर हुआ करता था मीडिया में तो डॉक्टर उस्सको पहचान गया देखते hi और बहोत घबरा गया सब समझते हुए के अशिता ने उस्सको रिपोर्ट कर दिया है.
राणे ने अपना एक पेयर को उसस्के सोफे पर रख कर उसस्के तरफ झुकते हुए पूछा,
“क्यों डॉक्टर? सब उगलता है या घसिटके ठाणे लेचल कर पीतून तुझे?!”
डॉक्टर ने कहा,
“सर, मैं ने कुछ नहीं किया वो खुद आयी थी मेरे पास!”
राणे ने एक सरकास्टिक हंसी हँस्ते हुए कहा,
“साला डॉक्टर है तो लाखों पेशेंट्स और उनके रिलेटिव्स तो आएंगे hi तेरे पास, तो तू किआ उंनका फायदा उठाएगा मादरचोद, अभी दिखता हूँ तुझे” और एक घूंसा मारा उसस्के छाती पर!”
फिर तुरंत उसस्के हाथ मैं हड़कड़ी लगाया, उसस्के मोबाइल ज़प्त किया और पूछा के और कितने मोबाइल हैं उसस्के, जब सिर्फ एक hi कहा डॉक्टर ने तो उसस्के मोबाइल को राणे ने अपने जेब में रखा और ऑफिस से बाहर निकला उस्सको घसीटते हुए.
वो गिड़गिड़ाने लगा,
“सर मेरा इज़त है हॉस्पिटल में हड़कड़ी तो निकल दीजिये मैं जाने को तैयार हूँ मगर इज़त से लेचलो भाई!”
राणे ने कहा,
“और इस लड़की की इज़त नहीं थी जब तेरे पास आयी थी तब?”
फिर राणे ने एक अफसर से एक काला कपडा लिया और डॉक्टर के हड़कड़ी को ढँक दिया और तीनों ऑफिसर्स, उसस्के काँधे पर हाथ रख के जैसे सब पुराने दोस्त हैं, चलते हुए कार के तरफ गए. हाँ वो तीन ऑफिसर्स अपने कार में आये थे पीछे फॉलो करते हुए, और अब जाते वक़्त भी उनके कार में लेजाया गया डॉक्टर को.
और राणे साहब दोनों लड़कियों को अपने अपने घर चौररने गया.
अशिता ने फरमाईश किये राणे साहब से के कोर्ट का केस नाह करें बुसस डॉक्टर के मोबाइल से उसस्के पिक्स डिलीट करवादे और उस्सको चितवनि दे के कभी एक भी पिछ लीक हुआ तो उस्का खैर नहीं.
राणे साहब समझ गया अशिता की बात को और उस्सको बेफिक्र रहने को कहा. उस्सने यह भी नहीं पूछा के किश ने पिक्स लिए कैसे वो पिक्स डॉक्टर के हाथ लगा ेट्स…. क्यूंकि राणे साहब बहोत तजुर्बेकार आदमी था और उस्सको पता था के आज कल के जवान लड़के और लड़कियां हर तरह के पिक्स लेते हैं और मोबाइल में सेव करते हैं अपने. और उस्सको जान्ने की ज़रुरत भी नहीं थी उस्सको बुसस उस डॉक्टर से डील करना था और उस्सको पिक्स को इंटरनेट पर अपलोड करने से रोकना था. तो उस्सको पता था के उस्सको किआ करना है.
अशिता ने उनको थैंक्स कहा, और ख़ुशी से उसस्के गाल पर एक किश किया और प्रिय को bye कहा कल कॉलेज में मिलकर सब बात बताने की प्रॉमिस करते हुए.
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घर आने के बाद अशिता के पेरेंट्स ने हज़ारों सवाल किये उस से और अशिता ने बड़े होशियारी से दोनों को बहाना बना कर झूट बात बतायी के प्रिय को किसी लड़के ने मोलेस्ट किया था और उसस्के मां के साथ उस लड़के को अस ा विटनेस पहचानना था उससे इसी लिए उसस्के मां ने अशिता को बुलवाया था. यह बात खुद राणे ने अशिता को अपने घरवालों को बोलने के लिए कहा उस्सको बचाने के लिए और प्रिय के सामने कहा ताके अगर अशिता के पेरेंट्स प्रिय से पूछे तो दोनों एक hi जवाब दें.
और फिर विहान के बारे में बातें हुई तो अशिता ने सब समझाया के स्पेशलिस्ट डॉक्टर अग्रवाल जो ब्रेन सर्जन है वो विहान का केस ले चूका है और अब वही सब फॉलो करेगा.
सर्जन का नाम सुनकर अशिता की माँ रोने लगी यह कहते हुए के विहान बहोत सीरियस है और अब उस्का ब्रेन ऑपरेशन होगा…….
मगर अशिता ने सब बात समझाया के ब्लड क्लॉट्स हैं ब्रेन में जो इंजेक्शन और दवा से मिट सकते हैं, इस लिए ऑपरेशन की ज़रुरत नहीं अभी हाँ अगर क्लॉट्स नहीं मिठे तब शायद ऑपरेशन करना पड़ेगा…..
अशिता की माँ बेहाल थी उस वक़्त.
फिर अशिता भी अपने कमरे में जाकर विहान को सोचते हुए रोने लगी. उस से आज अछि तरह से मिल भी नहीं पायी, उसस्के पास ठीक से बैठ भी नहीं पायी उस्सको जी भरके देख नहीं पायी इस्सके ग़म था अशिता को और अपने भाई की याद में काफी देर तक रोटी रही.
रात को बारह बजने के बाद बीएड पर अशिता ने विहान की मोबाइल की गैलरी ओपन किया और अपने खुद के पिक्स देखने लगी. वो बहोत हैरान हुई के कब कब विहान ने उसस्के पिक्स लिए थे के उस्सको पता भी नहीं था बिल्कुल. सच में टोटल 2000 से ज़्यादा पिक्स थे. अशिता डर रही थी के कहीं उस डॉक्टर ने इंटरनेट पर उन् पिक्स को अपलोड तो नहीं कर दिया जिस वक़्त वो राणे साहब से मिलने गयी हुई थी. इस बात का बहोत डर था अशिता को. और मोबाइल की बैटरी ऑफ होने वाली थी तो अशिता ने चार्ज पर लगा दिया और रेस्ट करने गयी विहान को ख्यालों में बसाये हुए….
तो बे कॉन्टिनोएड इन नेक्स्ट अपडेट इम्मेडिएटली….