- Joined
- Dec 5, 2013
- Messages
- 144,875
अपडेट 92
इन लाइब्रेरी
तब से देख रही हूँ तुमने किताब की तरफ देखा भी नहीं है.
हैरानी में संजना बोली.
सुमित:- प्रिपरेशन कम्पलीट हो चूका है.
संजना:- वो तो मेरा भी हो चूका hai...Wo भी 2 baar...Lekin रेविसिओं भी तो जरुरी hai...Acche मार्क्स के लिए.
सुमित:- Marks...Yeh मोह माया से बहुत पहले उठ चूका hun...Papa की दांत और दोस्तों की taane...Iss से भी कोई फर्क नहीं पड़ता tha...Abb तो और खैर बहुत आगे निकल चूका हूँ.
सुमित की जवाब से संजना और भी हैरान रह gayi...Pehli बार कोई ऐसा देख रही गहि जिसे मार्क्स से कोई मतलब नहीं था.
संजना:- अगर मार्क्स चाहिए hi nahi....To फिर इतनी पढ़ाई का क्या फायदा?
सुमित:- बस नॉलेज के लिए.
संजना:- अब्ब ये मत कह देना की अच्छे मार्क्स लाना बुरी बात hai...Ye सिर्फ रट्टा मरने वाले स्टूडेंट्स लाते है.
सुमित:- नहीं अच्छी बात hai...Thoda बहुत स्टूडेंट्स की म्हणत भी दिखता hai...Bas मुझे मार्क्स से उतना फर्क नहीं पड़ता.
संजना:- कहने की बात hai...Exam आने do...Aur फिर देखती हूँ तुम्हारी मार्क्स.
सुमित:- देख लेना.
फिर सुमित अपने मोबाइल में लग जाता hai...Sanjana भी हैरानी में अपने पढाई में लग जाती है.
दूरिंग एग्जाम
जितना हैरानी सभी स्टूडेंट्स को हो रहा था उससे ज्यादा संजना ko...Sumit अपने वादा के मुताबिक सिर्फ 30 मिनट्स में अपना पेपर सबमिट करके क्लास से निकल गया.
रिजल्ट डे
सुमित अपना रिजल्ट ले कर सबसे पहले संजना के पास गया.
संजना:- पागल हो तुम.
इस आवाज में हैरानी के साथ गुस्सा भी था.
सुमित:- अब्ब ये गुस्सा किस बात की?
संजना:- इतना केयरलेस कैसे हो सकते हो तुम Sumit...Pehli बार कोई ऐसा देख रही हूँ जो अपने पोटेंशियल से काफी काम का परफॉरमेंस दे रहा hai...Talented ho...Lekin इस टैलेंट का मजाक मत बनाओ.
सुमित:- मजाक नहीं है ये....
सुमित आगे कुछ बोलता उससे पहले hi...
संजना:- तुम्हारा हर एक मजाक तुम्हारे मार्कशीट पर धब्बा hai...Lekin तुम्हे तो कोई अफसोश hi नहीं.
तभी सुमित का नजर विकाश पर पड़ा.
सुमित:- अबे तू अपना मुंह लटकाये क्यों बैठा है? टोपर hai...Thoda तो मुस्कान ला अपने चेहरे में.
विकाश:- तूने इस बार भी डिसअप्पोइंट कर दिया.
सुमित:- अब्ब क्या कर दिया मैंने?
विकाश:- मब्ब्स में कम्पटीशन नहीं mila...Socha यहाँ मस में milega...Lekin यहाँ भी तेरा वही attitude...Pass मार्क्स के अराउंड सोल्वे कर और निकल जा एग्जाम हॉल से.
सुमित इस बात पर सिर्फ मुस्कुराया.
विकाश:- उस वक्त का समझ में आता hai...Breakup हुआ tha...Padhaai में मन नहीं tha...Lekin इस बार?
सुमित:- इस बार भी वजह है.
विकाश:- क्या?
सुमित:- Bataaunga...Kabhi फुर्सत में.
सुमित की ब्रेकअप की बात संजना ने सुन ली.
संजना:- क्या कह रहे थे तुम विकाश? सुमित की ब्रेकअप.
विकाश कुछ कहने से पहले सुमित की तरफ देखता है.
सुमित:- ऐसे क्या देख रहा hai...Koi गलती थोड़े किया था जो मुंह छुपाता firunga...Bol दे.
फिर विकाश संजना को वो साड़ी बात बताता है जितना उससे पता tha...Aur सुमित भी मजे ले कर सुन रहा था.
बात ख़त्म होने के बाद संजना सुमित की और देखती hai...Tabhi सुमित की कान में एक आवाज गूंजता है.
Hello सर्जन.
बिना उस आवाज की तरफ मुड़े सुमित जवाब देता है.
सुमित:- आओ Cardiologist...Tumhara hi इंतजार था.
फिर सुमित मेघा की और मुड़ता है.
सुमित:- अब्ब बताओ अपनी रिजल्ट?
मेघा:- गेस करो.
सुमित:- ये कौन मुश्किल काम hai...Obviously टॉप hi किया होगा.
मेघा:- इस बार भी तुम्हारा गेस सही है.
सुमित:- Wow...Congratulations!!!
सुमित की ख़ुशी उसकी बातों से झलक रहा था.
मेघा:- थैंक you...Aur रिजल्ट तो तुम्हारा भी आज है.
सुमित:- हाँ.
मेघा:- और तुम्हारा मार्क्स भी वही 55-60℅ के बिच में होगा.
इतना सही प्रेडिक्शन देख संजना और भी हैरान हो गयी.
सुमित:- 55℅...तो बे मोरे प्रेसीसे.
मेघा:- कोंग्रटुलतिओन्स!!!
सुमित:- और ये बधाई किस बात की?
मेघा:- इतना मार्क्स hi तो तुम चाहते हो.
सुमित:- अगर कभी मुझे इंजेक्शन की जरुरत पड़ेगा तो तुम्हे hi बुलाऊंगा.
मेघा:- क्यों?
सुमित:- मेरे नस नस से वाकिफ हो तुम.
मेघा:- :डी बहुत झेला है tumhe...Itna तो पता होगा hi.
दोनों की बातें सुन रही संजना की हैरानी शायद hi ख़त्म ho...Dono की इतना जान पहचान देख हैरानी के साथ अब्ब वो थोड़ा उनकंफर्टबले फील कर रही थी.
सुमित:- तो पार्टी कब दे रही हो?
मेघा:- जब भी तुम चाहो.
सुमित:- Chalo...Ek मस्त कॉफ़ी हो jaaye...Saari थकान ख़त्म हो जायेगी.
पहले मेरे साथ कॉफ़ी पी ले.
ये आवाज होड़ राहुल सर का था.
सुमित:- सर, आप?
डॉ. राहुल:- कुछ बात करना है tujhse...Result के बारे mein...Department रूम में chal...Wohi कॉफ़ी का इंतजाम हो जाएगा.
इतना कह कर थोड़ा गुस्सा में वो निकल गए.
सुमित:- हमारा कॉफ़ी का प्लान आज शाम में.
जाते वक्त सुमित ने मेघा से कहा.
मेघा:- Ok.
संजना:- जानती थी ऐसा hi hoga...Kuch ज्यादा hi मजाक में ले रहा था एग्जाम को.
मेघा:- अरे फ़िक्र मत karo...Kuch नहीं होगा.
संजना:- तुम नहीं जानती राहुल सर का gussa...Surgery डिपार्टमेंट की नहीं ho....Warna फैकल्टी डरते है जब सर गुस्सा में होते hai...Sumit तो फिर भी स्टूडेंट hi है.
संजना की इस बात से मेघा को गुस्सा तो aaya...Fir भी.
मेघा:- किसी को नहीं jaanti...Lekin सुमित को जानती hun...Handle कर लेगा wo...Dekhna सर जब रूम से निकलेंगे तो उनका गुस्सा मुस्कान में बदल जायेगी.
संजना:- इतना जानती हो सुमित के बारे में?
संजना की ये जवाब थोड़ा सरकास्टिक था.
मेघा:- इससे भी ज्यादा.
थोड़ा गुस्सा में संजना की आँखों में देख मेघा ने जवाब दिया.
संजना:- Vikash...Iss बारे में क्या कहना चाहते हो?
विकाश:- अब्ब मई क्या कहु? जो भी मेघा कह रही है उस में कोई दो राय नहीं nahi...Megha से ज्यादा सुमित को कोई नहीं समझ सकता.
इस जवाब ने संजना को और भी इर्रिटेट कर दिया.
संजना:- जब तुम्हे पता है वो एग्जाम को मजाक में ले रहा है तो तुम समझाती क्यों नहीं? अपने करियर के साथ खेल रहा है वो !!!
मेघा:- पहली बात तो वो अपना करियर के साथ खेल नहीं रहा hai...Wo कितना सीरियस और स्ट्राइटफॉरवर्ड है अभी करियर के liye...Wo वक्त आने पर पता चलेगा.
और रही बात मार्क्स की to...Usne इस बात को सोच लिया तो वो पठार की lakeer...Naa hi मई समझा सकती हूँ और ना hi वो दोबारा sochega...Ayr मई समझौ भी क्यों जब उसके पास जेन्युइन रीज़न है?
संजना:- एग्जाम में मार्क्स न लाने की जेन्युइन रीज़न? पहली बार सुन रही हूँ.
इस बार भी संजना की आवाज में व्यंग था.
मेघा:- हर चीज स्तरइटफॉरवर्ड और प्रेडिक्टेबल नहीं होता है.
संजना:- बताओ आखिर क्या वजह है वो?
मेघा:- सुमित से hi पूछ lena...Aur अच्छा एक्सप्लेन कर dega...Free टाइम भी है उसके paas...Abhi अभी एग्जाम ख़त्म हुआ है.
इस बात पर संजना ने कोई जवाब नहीं दिया.
मेघा:- सुमित वापस आये तो कह देना आज शाम को यही पास वाले कैफ़े में इंतजार करुँगी.
इतना कह कर मेघा वह से चली gayi...Sanjana वही सुमित का इंतजार करने lagi...Megha की वजह से आज उसकी मूड पूरी तरह ऑफ हो गया था.
सुमित और मेघा की दोस्ती और एक दूसरे पर इतना समझदारी देख वो थोड़ा उनकंफर्टबले फील कर रही थी.
इन लाइब्रेरी
तब से देख रही हूँ तुमने किताब की तरफ देखा भी नहीं है.
हैरानी में संजना बोली.
सुमित:- प्रिपरेशन कम्पलीट हो चूका है.
संजना:- वो तो मेरा भी हो चूका hai...Wo भी 2 baar...Lekin रेविसिओं भी तो जरुरी hai...Acche मार्क्स के लिए.
सुमित:- Marks...Yeh मोह माया से बहुत पहले उठ चूका hun...Papa की दांत और दोस्तों की taane...Iss से भी कोई फर्क नहीं पड़ता tha...Abb तो और खैर बहुत आगे निकल चूका हूँ.
सुमित की जवाब से संजना और भी हैरान रह gayi...Pehli बार कोई ऐसा देख रही गहि जिसे मार्क्स से कोई मतलब नहीं था.
संजना:- अगर मार्क्स चाहिए hi nahi....To फिर इतनी पढ़ाई का क्या फायदा?
सुमित:- बस नॉलेज के लिए.
संजना:- अब्ब ये मत कह देना की अच्छे मार्क्स लाना बुरी बात hai...Ye सिर्फ रट्टा मरने वाले स्टूडेंट्स लाते है.
सुमित:- नहीं अच्छी बात hai...Thoda बहुत स्टूडेंट्स की म्हणत भी दिखता hai...Bas मुझे मार्क्स से उतना फर्क नहीं पड़ता.
संजना:- कहने की बात hai...Exam आने do...Aur फिर देखती हूँ तुम्हारी मार्क्स.
सुमित:- देख लेना.
फिर सुमित अपने मोबाइल में लग जाता hai...Sanjana भी हैरानी में अपने पढाई में लग जाती है.
दूरिंग एग्जाम
जितना हैरानी सभी स्टूडेंट्स को हो रहा था उससे ज्यादा संजना ko...Sumit अपने वादा के मुताबिक सिर्फ 30 मिनट्स में अपना पेपर सबमिट करके क्लास से निकल गया.
रिजल्ट डे
सुमित अपना रिजल्ट ले कर सबसे पहले संजना के पास गया.
संजना:- पागल हो तुम.
इस आवाज में हैरानी के साथ गुस्सा भी था.
सुमित:- अब्ब ये गुस्सा किस बात की?
संजना:- इतना केयरलेस कैसे हो सकते हो तुम Sumit...Pehli बार कोई ऐसा देख रही हूँ जो अपने पोटेंशियल से काफी काम का परफॉरमेंस दे रहा hai...Talented ho...Lekin इस टैलेंट का मजाक मत बनाओ.
सुमित:- मजाक नहीं है ये....
सुमित आगे कुछ बोलता उससे पहले hi...
संजना:- तुम्हारा हर एक मजाक तुम्हारे मार्कशीट पर धब्बा hai...Lekin तुम्हे तो कोई अफसोश hi नहीं.
तभी सुमित का नजर विकाश पर पड़ा.
सुमित:- अबे तू अपना मुंह लटकाये क्यों बैठा है? टोपर hai...Thoda तो मुस्कान ला अपने चेहरे में.
विकाश:- तूने इस बार भी डिसअप्पोइंट कर दिया.
सुमित:- अब्ब क्या कर दिया मैंने?
विकाश:- मब्ब्स में कम्पटीशन नहीं mila...Socha यहाँ मस में milega...Lekin यहाँ भी तेरा वही attitude...Pass मार्क्स के अराउंड सोल्वे कर और निकल जा एग्जाम हॉल से.
सुमित इस बात पर सिर्फ मुस्कुराया.
विकाश:- उस वक्त का समझ में आता hai...Breakup हुआ tha...Padhaai में मन नहीं tha...Lekin इस बार?
सुमित:- इस बार भी वजह है.
विकाश:- क्या?
सुमित:- Bataaunga...Kabhi फुर्सत में.
सुमित की ब्रेकअप की बात संजना ने सुन ली.
संजना:- क्या कह रहे थे तुम विकाश? सुमित की ब्रेकअप.
विकाश कुछ कहने से पहले सुमित की तरफ देखता है.
सुमित:- ऐसे क्या देख रहा hai...Koi गलती थोड़े किया था जो मुंह छुपाता firunga...Bol दे.
फिर विकाश संजना को वो साड़ी बात बताता है जितना उससे पता tha...Aur सुमित भी मजे ले कर सुन रहा था.
बात ख़त्म होने के बाद संजना सुमित की और देखती hai...Tabhi सुमित की कान में एक आवाज गूंजता है.
Hello सर्जन.
बिना उस आवाज की तरफ मुड़े सुमित जवाब देता है.
सुमित:- आओ Cardiologist...Tumhara hi इंतजार था.
फिर सुमित मेघा की और मुड़ता है.
सुमित:- अब्ब बताओ अपनी रिजल्ट?
मेघा:- गेस करो.
सुमित:- ये कौन मुश्किल काम hai...Obviously टॉप hi किया होगा.
मेघा:- इस बार भी तुम्हारा गेस सही है.
सुमित:- Wow...Congratulations!!!
सुमित की ख़ुशी उसकी बातों से झलक रहा था.
मेघा:- थैंक you...Aur रिजल्ट तो तुम्हारा भी आज है.
सुमित:- हाँ.
मेघा:- और तुम्हारा मार्क्स भी वही 55-60℅ के बिच में होगा.
इतना सही प्रेडिक्शन देख संजना और भी हैरान हो गयी.
सुमित:- 55℅...तो बे मोरे प्रेसीसे.
मेघा:- कोंग्रटुलतिओन्स!!!
सुमित:- और ये बधाई किस बात की?
मेघा:- इतना मार्क्स hi तो तुम चाहते हो.
सुमित:- अगर कभी मुझे इंजेक्शन की जरुरत पड़ेगा तो तुम्हे hi बुलाऊंगा.
मेघा:- क्यों?
सुमित:- मेरे नस नस से वाकिफ हो तुम.
मेघा:- :डी बहुत झेला है tumhe...Itna तो पता होगा hi.
दोनों की बातें सुन रही संजना की हैरानी शायद hi ख़त्म ho...Dono की इतना जान पहचान देख हैरानी के साथ अब्ब वो थोड़ा उनकंफर्टबले फील कर रही थी.
सुमित:- तो पार्टी कब दे रही हो?
मेघा:- जब भी तुम चाहो.
सुमित:- Chalo...Ek मस्त कॉफ़ी हो jaaye...Saari थकान ख़त्म हो जायेगी.
पहले मेरे साथ कॉफ़ी पी ले.
ये आवाज होड़ राहुल सर का था.
सुमित:- सर, आप?
डॉ. राहुल:- कुछ बात करना है tujhse...Result के बारे mein...Department रूम में chal...Wohi कॉफ़ी का इंतजाम हो जाएगा.
इतना कह कर थोड़ा गुस्सा में वो निकल गए.
सुमित:- हमारा कॉफ़ी का प्लान आज शाम में.
जाते वक्त सुमित ने मेघा से कहा.
मेघा:- Ok.
संजना:- जानती थी ऐसा hi hoga...Kuch ज्यादा hi मजाक में ले रहा था एग्जाम को.
मेघा:- अरे फ़िक्र मत karo...Kuch नहीं होगा.
संजना:- तुम नहीं जानती राहुल सर का gussa...Surgery डिपार्टमेंट की नहीं ho....Warna फैकल्टी डरते है जब सर गुस्सा में होते hai...Sumit तो फिर भी स्टूडेंट hi है.
संजना की इस बात से मेघा को गुस्सा तो aaya...Fir भी.
मेघा:- किसी को नहीं jaanti...Lekin सुमित को जानती hun...Handle कर लेगा wo...Dekhna सर जब रूम से निकलेंगे तो उनका गुस्सा मुस्कान में बदल जायेगी.
संजना:- इतना जानती हो सुमित के बारे में?
संजना की ये जवाब थोड़ा सरकास्टिक था.
मेघा:- इससे भी ज्यादा.
थोड़ा गुस्सा में संजना की आँखों में देख मेघा ने जवाब दिया.
संजना:- Vikash...Iss बारे में क्या कहना चाहते हो?
विकाश:- अब्ब मई क्या कहु? जो भी मेघा कह रही है उस में कोई दो राय नहीं nahi...Megha से ज्यादा सुमित को कोई नहीं समझ सकता.
इस जवाब ने संजना को और भी इर्रिटेट कर दिया.
संजना:- जब तुम्हे पता है वो एग्जाम को मजाक में ले रहा है तो तुम समझाती क्यों नहीं? अपने करियर के साथ खेल रहा है वो !!!
मेघा:- पहली बात तो वो अपना करियर के साथ खेल नहीं रहा hai...Wo कितना सीरियस और स्ट्राइटफॉरवर्ड है अभी करियर के liye...Wo वक्त आने पर पता चलेगा.
और रही बात मार्क्स की to...Usne इस बात को सोच लिया तो वो पठार की lakeer...Naa hi मई समझा सकती हूँ और ना hi वो दोबारा sochega...Ayr मई समझौ भी क्यों जब उसके पास जेन्युइन रीज़न है?
संजना:- एग्जाम में मार्क्स न लाने की जेन्युइन रीज़न? पहली बार सुन रही हूँ.
इस बार भी संजना की आवाज में व्यंग था.
मेघा:- हर चीज स्तरइटफॉरवर्ड और प्रेडिक्टेबल नहीं होता है.
संजना:- बताओ आखिर क्या वजह है वो?
मेघा:- सुमित से hi पूछ lena...Aur अच्छा एक्सप्लेन कर dega...Free टाइम भी है उसके paas...Abhi अभी एग्जाम ख़त्म हुआ है.
इस बात पर संजना ने कोई जवाब नहीं दिया.
मेघा:- सुमित वापस आये तो कह देना आज शाम को यही पास वाले कैफ़े में इंतजार करुँगी.
इतना कह कर मेघा वह से चली gayi...Sanjana वही सुमित का इंतजार करने lagi...Megha की वजह से आज उसकी मूड पूरी तरह ऑफ हो गया था.
सुमित और मेघा की दोस्ती और एक दूसरे पर इतना समझदारी देख वो थोड़ा उनकंफर्टबले फील कर रही थी.