Adultery छुटकी - होली दीदी की ससुराल में - Page 77 - SexBaba
  • From this section you can read all the hindi sex stories in hindi font. These are collected from the various sources which make your cock rock hard in the night. All are having the collections of like maa beta, devar bhabhi, indian aunty, college girl. All these are the amazing chudai stories for you guys in these forum.

    If You are unable to access the site then try to access the site via VPN Try these are vpn App Click Here

Adultery छुटकी - होली दीदी की ससुराल में

भाग ८६ ----इन्सेस्ट कथा

सैंया बने नन्दोई

17,58,958

---

---

Teej-1ca7cbb45ed8db839804abdbca84ada2.jpg


आज वो दुबारा झड़ के भी नहीं रुके, और मैंने भी तो अंदर से ऊँगली नहीं निकाली, वो क्या कहते हैं, प्रॉस्ट्रेट पर, जब उनका झड़ना रुक गया, तो मैंने प्रोस्ट्रेट पर रगड़ना शुरू कर दिया, दो चार सेकेण्ड तक तो कुछ नहीं हुआ लेकिन फिर जैसे कोई ज्वालामुखी फूट पड़ा, पहाड़ में से कोई झरना निकल गया हो,

५ बार, ६ बार झड़ना रुकता फिर चालू, और जब दोनों रुक भी गए तो उसी तरह दस मिनट तक एक दूसरे से चिपके, ... फिर धीरे धीरे मेरे मर्द ने अपनी बहिन की बिल से अपना झडा हुआ खूंटा निकाला, और बगल में कटे पेड़ की तरह गिर के,...

लेकिन मैं थी न, मैंने अपनी उँगलियों से ननद की बुर की दोनों फांको को जैसे पकड़ के सील कर दिया और चूतड़ उसी तरह उठे, एक भी बूँद मलाई की बाहर नहीं निकली। उनके झड़ना रुके दस मिनट हो गए थे ननद भी थकी सी लग रही थीं।

लेकिन ननद रानी को गरम करना मेरे बाएं हाथ का खेल था, पांच दस मिनट बाद मैंने अपना खेल दिखाना शुरू कर दिया।

बस मैं अपने साजन की बहिनिया की जस्ट चुदी बुर पर हथेली रख के मैं धीरे धीरे सहला रही थी, और थोड़ी देर में ही मेरी ननद गरमाने लगी. वो भी अपने बहन की हालत देखकर मुस्करा रहे थे. थोड़ी देर में ही उनकी बहन की बुर फड़फड़ाने लगी, कस के दोनों फांको को मैंने रगड़ते हुए चिढ़ाया,

" मज़ा आया मेरे सैंया का लौंडा घोंट के. "

--

--

Teej-IMG-20240315-074636.jpg


मेरे सैंया की बहन भी मुस्करायी बोली,

" भौजी, तेरे सैंया के पहले मेरे भैया थे "

" तेरे भैया थे तब नूनी थी मेरे सैंया हो गए तो लौंड़ा हो गया, समझीं सैंया की बहन जी "

मैं कौन पीछे हटने वाली थी, लेकिन ननद मेरी पैदायशी खानदानी छिनार, पलट के बोली,

" भौजी, लेकिन नूनी से लौंड़ा किया किसने, भूल गयी गौने की रात. का मिला था नूनी की, जबरदस्त मूसल, सबेरे चिरैया का मुंह एकदम लाल हो गया था रात भर धक्का खा खा के "

Teej-8000f97cfd469614c738c9f02c144107.jpg


अब मैं लजा गयी,

मेरी ननद ने गौने की अगली सुबह की याद दिला दी,

bride-22.jpg


मेरी दो ननदें पकड़ के, बल्कि टांग के मुझे मेरे कमरे से उठा के ले आयीं जहाँ मेरी सब ननदें कुछ जेठानिया भी थीं,

और यही ननद जिद करने लगीं की भौजी सास लोग ऊपर वाली मुंह दिखाई करती हैं, हम ननद तो नीचे वाली,

तो एक कोई छुटकी बोली, और का भौजी हमरे भैया को तो बुलबुल आपन दिखाय दी और हम ननद से का लजा रही हैं,

मैं ने कस के लहंगा पकड़ लिया, लेकिन मेरी इन्ही ननद ने इशारा किया.

मैं समझ नहीं पायी तब तक नीलू और लीला मेरी दोनों छोटी ननदों ने कस के मेरे दोनों हाथ पकड़ लिए पीछे से, और दो छोटी ननदों ने आराम से धीरे धीरे लहंगा सरका दिया एकदम कमर तक अब सब ननदें लगी देखने, यही बोलीं

" अरे भौजी, भैया ने रात भर धक्का मारा का कैसे चोट लग लग के लाल हो गयी है कउनो मरहम लगा दें का "

तबतक अंदर से रात भर की मलाई भी थोड़ी सी छलक कर बाहर निकली

creampie-17788-creampie.jpg


तो चीनू इनकी ममेरी बहन बोली, अरे भैया ने मरहम लगा दिया है, और मेरी दोनों फांके फैला दीं तो भरभरा कर,... ,

तो आज ननद उसी का जिक्र कर रही थीं।-

---

बात में तो मैं जीत नहीं सकती थी तो मैं एक्शन पे उतर आयी,

उस दिन की तरह मैंने भी इनकी बहन की बुर फैलाई और कुप्पी की तरह मलाई भरी थी, ऊपर तक, बजबजा रही थी, ननद के भैया की रबड़ी मलाई से

creampie-she-begged-me-to-give-her-a-cream-pie-XJis4j.jpg


बस ऊँगली से मैंने थोड़ी मलाई लगाई और ननद के मुंह में लगा दी।

नदीदी ने चाट लिया।

और मेरे कुछ कहने के पहले अपने भैया से उनकी बहन बोली, " भैया बहुत स्वादिष्ट है, मस्त मस्त "

" अब रोज खिलाना मेरी ननद को बिना नागा, तीनो मुंह में "

मैं भी उन्हें चिढ़ाती बोली और ननद की चुनमुनिया पर हमला बोल दिया. पहले दोनों फांको को चूसती रही, फिर अंदर जीभ डाल के मलाई लपेटी और पलट के वही जीभ मेरी ननद के मुंह में, अभी थोड़ी देर और जहाँ थोड़ी देर पहले मेरे मरद का मोटा लंड धक्के मार रहा था,

वहीँ, मेरे मरद की बहन की चूत पर मेरी चूत घिस्से मार रही थी,

" मेरे मरद से तो बहुत मज़ा ले लिया अब थोड़ी देर हमहुँ से मज़ा ले लो, ननदी "
 
मस्ती ननद भौजाई की

lez-frnds-IMG-20240516-044353.jpg


" अब रोज खिलाना मेरी ननद को बिना नागा, तीनो मुंह में "

मैं भी उन्हें चिढ़ाती बोली और ननद की चुनमुनिया पर हमला बोल दिया, पहले दोनों फांको को चूसती रही, फिर अंदर जीभ डाल के मलाई लपेटी और पलट के वही जीभ मेरी ननद के मुंह में, अभी थोड़ी देर और जहाँ थोड़ी देर पहले मेरे मरद का मोटा लंड धक्के मारा रहा था, वहीँ,

मेरे मरद की बहन की चूत पर मेरी चूत घिस्से मार रही थी,

" मेरे मरद से तो बहुत मज़ा ले लिया अब थोड़ी देर हमहुँ से मज़ा ले लो, ननदी "

-मेरे होंठ इनकी बहन के होंठ को चूस रहे थे, हाथ मेरे कस के दोनों चूँचियों को निचोड़ रहे थे और नीचे धक्के पर धक्का,...

lez-pussy-rubbing-18264568.gif


बस थोड़ी देर में ननदिया गरमा गयी और वो भी नीचे से चूतड़ उठा उठा के जवाब दे रही थी. और जब पल भर के मैंने होंठ इनकी बहन के होंठों से हटाए तो उसका मुंह चलने लगा,

" अरे भौजी रोज तो हमरे भैया से मजा लेती हो, तो एक दिन हम भी मजा ले लिए अपने भैया से तो का हुआ,... "

" अरे एक दिन काहें ननदी, रोज मजा लो अपने भैया से, ओकरे बाद हमरे भैया से,... एक आगे एक पीछे से "

कस के धक्के मारते मैं बोली।

lez-hot-24-pussy-rubbing.gif


वो देख रहे थे ललचा रहे,थे और खूंटा धीरे धीरे फिर फनफनाने लगा था,

मर्दों को लेस्बियन देखने में बहुत मजा आता है और वो दोनों औरतें जो मजा ले रही हो एक बहन हो एक बीबी फिर तो और,... और मैं चाहती भी यही थी की इनका फिर से टनटनाये और फिर अपनी बहिनिया पे चढ़ के कुटाई करें।

" ननद रानी तोहार चूत महरानी तो अच्छे से आज झड़ गयीं, खूब पेट भर के मलाई भी खायी, और तोहार भौजाई की बुरिया अभी भी पियासी, एक बार तनी,... "

मेरी बात पूरी भी नहीं हुयी थी की मेरी ननद, सच में पक्की छिनार थी, एकदम अपनी महतारी पे, बुआ पे गयी थी.

जिस तरह से मैंने उसे चुदवाया था अपने मरद से एकदम उसी तरह से मेरी दोनों टांगों को ऊपर किया, चूतड़ को खूब उठाया, और जो तकिया पूरे घर की मैंने उस स्साली के चूतड़ के नीचे लगाया था की बीज सीधे बच्चेदानी में जाये, वो सब तकिया मेरे चूतड़ के नीचे,

वो टुकुर टुकुर अपनी बहन की शैतानी देख रहे थे,... मुस्करा रहे थे। गरमा रहे थे।

वो नीचे बैठ गयी और मुझे लगा की इनकी बहन की जीभ अब मेरी बिल पे,... लेकिन नहीं, ...

उसने मेरे पिछवाड़े के छेद पे हमला किया। जीभ से बस गोलकुंडा के चारो ओर हलके हलके चक्कर काटा , चार, पांच, और जब मैं चूतड़ उचकाने लगी, तो बस मेरी ननद ने जीभ की टिप से मेरी पिछवाड़े की दरार पर हलके हलके रगड़ना शुरू किया, जैसे जीभ से ही गाँड़ मार लेगी मेरी,...

lez-ass-lick-tumblr-4c1c0ea07e98af7b8c6682e6a9fdc357-9bb18851-500.webp


मेरी जो हालत खराब हो रही थी वो तो हो ही रही थी, मुझसे ज्यादा इनकी,

ये तो बचपन से पिछवाड़े के छेद के दीवाने, पहले सेंध वहीँ लगाई, ट्रेनिंग वहीँ की,... अब खूंटा एकदम जग गया था,...

और अब मेरी ननद की उँगलियाँ भी मैदान में आ गयीं थीं सांप की तरह सरसराती, बिच्छी की तरह डंक मारती,

मेरी उठी फैली मांसल जाँघों पर हलके हलके सरकती, और एक झटके में इनकी बहन ने अपनी हथेली में मेरी दोनों फांको को दबोच लिया और लगी रगड़ने,

pussy-fingering-16977090.gif


साथ ही में उसके होंठ अब मेरे पिछवाड़े,... चुम्मे पर चुम्मा,

ass-licking-f-19736912.gif


जहाँ मेरा पिछवाड़ा था खुली हुयी जाँघे उसी तरफ उसके भाई का सर, दो ढाई बित्ते दूर बस,

सब साफ़ साफ़ दिख रहा था, बहन की बदमाशी मेरी ख़राब हो रही हालत,... और मेरी खराब हालत देख के उनकी भी हालत खराब हो रही थी,.. और जितनी उनकी हालत खराब हो रही थी, जितना उनका खूंटा बौरा रहा था, उतनी ही उनकी बहन की बुर की भी बुरी हालत होने वाली थी,

बस थोड़े ही देर में,...

कुछ देर तड़पाने के बाद मेरी ननद ने अपने दोनों होंठ मेरी बुर पे लगा दी,

पहले तो बस जीभ से सपड़ सपड़ ऊपर से नीचे पांच बार और पांच बार नीचे से ऊपर तक, मैं अच्छी तरह पनिया गयी, बुर मेरी पानी फेंक रही थी, दोनों फांके फड़क रही थीं, बस मेरी ननदिया ने अपनी जीभ की टिप से दोनों फांको को अलग किया, अच्छी तरह और पेल दी अपनी जीभ मेरी बुर में जैसे रोज रात में उसका भाई अपना मोटा मूसल पेलता है, उसी जोश से।

lez-pussy-lick-IMG-4081.jpg


और जीभ मेरे मरद की बहन की कभी अंदर से बुर की दीवालों को रगड़ती तो कभी गोल गोल घूमती, कभी आग लगाती कभी पानी निकालती,...

उँगलियाँ उस शैतान की भी खाली नहीं थीं, दाएं हाथ से वो मेरी क्लिट रगड़ रही थी, और बाएं हाथ से जोबन मसल रही थी,

एकदम अपने भैया की ताकत से,...

आग लगी हुयी थी मेरे नीचे,

मैं तड़प रही थी सिसक रही थी चूतड़ पटक रही थी,...

' अरे मेरे मरद क बहिनी, मेरी मीठी ननद जरा झाड़ दो काहें तड़पा रही हो " मैं चीख रही थी।

लेकिन ननद कौन जो भाभी को कलेस न दे, अपने महतारी की बुर से निकलते ही पहली चीज यही सोचती हैं,...

बजाय झाड़ने के मेरी ननद ने मेरी बिल से अपनी जीभ बाहर कर दी, और चिढ़ाते हुए बोली,

" एकदम भौजी तोहार महतारी दान दहेज़ देके इसी लिए तो आपन बिटिया हमरे गांव भेजी है की रोज चोदी जाए, बिना नागा, खूब झड़े,... तो झाड़ूंगी तो है ही , अपन बहिन महतारी सब को बुला लो सब झाड़ी जाएंगी, यहाँ "

Teej-104430658-288476299187796-4101138836673433627-n.jpg


इतनी बुरी भी नहीं थी मेरी ननद,

जहाँ से जीभ निकली थी वहां मेरी मेरी ननद की दोनों उँगलियाँ घुसी, क्या कोई मथानी चलाएगा, जिस तरह से मेरी बुर मथी जा रही थी और फिर उसके होठ

क्या मस्त चूसना शुरू किया मेरी ननद ने। थोड़ी देर में ही मैं चूतड़ पटक रही थी, काँप रही थी,...

lez-pussy-lick-21357829.gif


और बस उसी समय उसने मेरी क्लिट मसलनी शुरू कर दी,...

मेरी आँखे जैसे उलट गयी हों, कुछ समझ में नहीं आ रहा था, जैसे मैं हवा में उड़ रही हूँ। सामने नीले पीले रंग के फूल,

मेरी ननद जब झड़ रही थी तो उसके भैया ने धक्के धीमे कर दिए थे पर उनकी बहन, वो और कस कस के चूस रही थी, मेरे निपल और क्लिट मसल रही, दुबारा, तिबारा, चौबारा,

जब मैं एकदम थेथर हो गयी तब उसने मुझे छोड़ा, न मैं बोलने की हालत में थी न हिलने की,...

हाँ मेरी ख़ुश खुश आँखे उसे प्यार से देख रही रही थी, दुलार रही थी, मुस्करा रही थीं,... थोड़ी देर तक हम दोनों उसी तरह से पड़े रहे,...

पर ननद भौजाई की मस्ती देख के ननद के बीरन की हालत एकदम खराब थी

पर यही तो हम दोनों भौजाई ननद चाहते थे, खूंटा जितना भूखा रहेगा, उतना ही दावत कस के उड़ाएगा,...

कुछ देर बाद जब मेरी हालत ठीक हुयी तो उन्हें दिखाते हुए मैंने ननद की बुर की फांको को फैला के उन्हें ललचाया,

" हे कैसी है मेरी ननद की रसमलाई चाहिए,... "

बड़ी जोर से ललचाते हुए उन्होंने हाँ भरी पर उनकी बहन ने खिलखिलाते हुए उन्हें अंगूठा दिखलाया, ... जैसे कह रही हो तड़प अभी मैं तो झांटे आने के पहले से तुझे देने को तैयार थी, थोड़ी जबरदस्ती करते, मैं रोती चिल्लाती फिर एक दो बार के बाद मान जाती,...

" बहुत मीठी है तोहरे बहनिया की रसमलाई "
 
ननद की रसमलाई, खाएंगे उसके भाई

---

---

Teej-82993718-285387242610139-81756345342487534-o.jpg


" हे कैसी है मेरी ननद की रसमलाई चाहिए,... "

बड़ी जोर से ललचाते हुए उन्होंने हाँ भरी पर उनकी बहन ने खिलखिलाते हुए उन्हें अंगूठा दिखलाया, ... जैसे कह रही हो, तड़प अभी.

मैं तो झांटे आने के पहले से तुझे देने को तैयार थी, थोड़ी जबरदस्ती करते, मैं रोती चिल्लाती फिर एक दो बार के बाद मान जाती,...

" बहुत मीठी है तोहरे बहनिया की रसमलाई "

pussy-wet.jpg


और अब मैंने उनकी बहन की जाँघों को फैला के उन्हें दिखा के ललचाते मुंह लगा दिया,...

मुंह में उनके पानी आ रहा अपनी बहन की रसीली बुर की फांके देख के, कौन भाई होगा जिसका न फनफना जाएगा अपनी बहिनिया की बुर देख के, उनके खूंटे की भी हालत खराब हो रही थी,...

और मैंने चाटना शुरू कर दिया,

बस अपनी जीभ की टिप से उनकी बहन के रस कूप के चारों ओर, कभी उसी जीभ की टिप से फूलती पचकती क्लिट को छेड़ देती, तो कभी दोनों होंठों से क्लिट चूसने लगती

lez-pussy-lick-21357829.gif


तो मेरे मरद की बहिन गिनगीना जाती, देह कांपने लगती।

और मैं इस तरह से चाट रही थी की ननद की चूत, की उनके भाई को पूरा नजारा दिखे की उनकी बहन के साथ क्या हो रहा है,...

कुछ देर में ही चूत पनिया गयी, लेकिन न मैंने अपनी जीभ अंदर डाली न ऊँगली .बस दोनों फांको को उन्हें दिखा दिखा के चूसती रही,...

" भौजी झाड़ दो, अरे भौजी का कर रही हो , बहुत मजा आ रहा है, ओह्ह उफ्फ्फ नहीं हां "

Teej-5f4d19f5ef17f07267c1af0fbc3daadf.jpg


भैया की बहिनिया अपने सगे भैया के सामने चूतड़ पटक रही थी, देह कसमसा रही थी. यही तो मैं चाहती थी, मैंने अब एक बार उन्हें चिढ़ाया,

" है ने मेरी ननद की मस्त चूत खूब चोदने लायक, कसी कसी रसीली देख कैसे मस्त पनिया रही है, गपाक से घोंटेंगी,... बोल चाहिए मेरी ननद "

मैंने ननद की बुर पर से जीभ हटा ली और उनकी ओर देखते, ननद की खूब गीली चासनी से भीगी रसीली बुर कोखूब जोर से, पूरी ताकत से . फैला के उन्हें ललचाते दिखाते हुए पूछा।

pussy-010.jpg


उनके चेहरे की गर्मी देखते बनती थी, बहन चोदने को पागल हो रहे थे,

" हाँ दो न, प्लीज,... बस एक बार,... "

लेकिन बजाय उन्हें देने के मैंने कस के बड़े मनोयोग से अपनी ननद की बुर चूसना शुरू कर दिया, कभी जीभ से ऊपर नीचे सपड़ सपड़ तो कभी मुंह लगा के पूरे जोश से चूसती,..

lez-pussy-lick18077314.gif


और साथ में दोनों हाथ ननद के जोबन पे, रगड़ते मसलते,...

मैंने उनकी ओर देख के एक पल के लिए ननद की जाँघों पर से मुंह हटा के बड़ी सख्ती से उन्हें देखते हुए बोला,

" बस एक बार चाहिए, ...नहीं मिलेगी, कभी नहीं मिलेगी मेरी ननद "

और मैं कस के फिर से चूसने लगी, न भाई को समझ में आयी न बहन को मेरी चाल.

वो बेचारे दस बार बोले चिरौरी मिनती, तब मैंने पत्ते खोले,

मुंह तो मेरा उनकी बहन की बिल से दूर हो गया लेकिन मेरी हथेली ने उसकी जगह ले ली. कस के हथेली रगड़ मसल रही थी और मैंने उनकी ओर देख के सख्ती से बोला,

" सिर्फ एक बार क्यों बोला, ... मेरी ननद फालतू है क्या,... एक बार तुम चोद दोगे और अगली बार का चमरौटी, भरौटी में भटकेगी,... जैसे पेट में रोज भूख लगती है पेट के दो बित्ते नीचे भी रोज भूख लगती है,... अगर रोज लेना है तो बोलो,... और साफ़ साफ बोल,... "

Teej-125175000-187509799528924-5097542206661653226-n.jpg


उनकी निगाह अभी भी अपनी बहन की एकदम गुलाबी मक्खन ऐसी चिक्क्न, चिकनी चमेली पे चिपकी थे, जरा सा रास्ता मिला तो वो तुरंत मान गए ,

" हाँ, नहीं, मेरा मतलब हाँ रोज लूंगा, मेरा मतलब है रोज चोदूगा, बिना नागा " दस बार बोले होंगे।

अब ननद को मेरी बदमाशी समझ में आ गयी थी, वो मुस्करा रही थी.

' किसको ' मैंने अपनी आवाज में बिना नरमी लाये बोला और वो समझ गए की हाल खुलासा बयान करना होगा।

" तेरी ननद, मेरा मतलब अपनी बहन को रोज पेलूँगा, ... बिना नागा,"

" और अगर बहाना बनाया तो की घर में आज महतारी हैं, आज जीजा जी है, आज एकादशी है आज फलाने आये हैं तो "

मेरी आवाज में नरमी अभी भी नहीं आयी।

Teej-6ddd5afd187af362a9692c3b0853a43d.jpg


" कोई होगा, किसी के सामने भी "

रसीली पनियाई बहन की बुर के लिए कोई भी भाई कुछ भी मान लेगा, ये कौन दुनिया से अलग थे.

" अपनी महतारी अपनी जीजू के सामने चोदना होगा, अपनी बहिनिया को, घर में भी बाहर भी, खेत खेताडी में भी,... "

मैंने मामला एकदम साफ़ कर दिया, फिर न बिचक जाएँ बहन पे चढ़ने के नाम पे

अब ननद भी मैदान में आ गयी और उनसे चिढ़ाते हँसते हुए बोली,... " और भैया किसी दिन नागा हुआ तो "

Teej-Sug-IMG-20240429-061248.jpg


" अरे तो हम दोनों मिल के इनकी गांड मारे लेंगे, एक बार ननद भौजाई मिल जाएँ तो दुनिया हिला दें, तोहरे भैया बहुत चिकने लौंडो क मारे होंगे अब हम दोनों मिल के मार लेंगे,... अगर अब आगे से कउनो बहाना किये तो "

मैंने हंस के इनकी ओर से जवाब दिया और फिर कस के ननद की बिल एक बार फिर से कस के चूसने लगी,... जीभ होंठ ऊँगली सब ने एक साथ मेरी ननद की बुर पे धावा बोल दिया, बस दो चार मिनट में वो झड़ने के कगार पर पहुँच गयी,...

" भौजी झाड़ दो न , बहुत मन कर रहा है, ... " ननद चूतड़ उछाल के बोल रही थी।

और मैंने होंठ हटा लिया, शरारत से बोली, " अभी तो तेरे भैया ने बोला है, बेचारा बहन चोदने के लिए पागल हो रहा हो, दे दो न बेचारे को झाड़ देगा, देखो कैसे मस्त खूंटा खड़ा किया है '
 
मस्ती --थ्री सम

FFM-IMG-20230609-193651.jpg


" भौजी झाड़ दो न , बहुत मन कर रहा है, ... " ननद चूतड़ उछाल के बोल रही थी।

और मैंने होंठ हटा लिया, शरारत से बोली,

" अभी तो तेरे भैया ने बोला है, बेचारा बहन चोदने के लिए पागल हो रहा हो, दे दो न बेचारे को झाड़ देगा, देखो कैसे मस्त खूंटा खड़ा किया है '

और साथ में मैंने ननद को आँख मारी, वो मेरी बात समझ गयी और, उसके बाद हम दोनों, क्या तंग किया उन्हें,

लंड तो पहले ही तन्नाया खड़ा था, लेकिन अब हम दोनों, एक साइड से मैं चाट रही थी एक साइड से उनकी बहना, सुपाड़ा थोड़ी देर मैं चूसती, फिर उनकी बहन.

ffm-gif-1681808934448.gif


कभी डंडा मेरे मुंह में और बॉल्स उनकी बहन के तो कभी एक बॉल्स भैया की बहिन के मुंह में दूसरा मेरे,

हम दोनों ने उन्हें बरज दिया था, चिल्लाएं, सिसक ले लेकिन न मुझे छू सकते थे न मेरी ननद को, हाथ दोनों पलंग पर से उठा नहीं सकते थे।

कौन मरद जिसे थ्री सम का मन न करता हो,... और अगर थ्री सम में एक बहन हो दूसरी बीबी तो इससे बड़ी क्या फैंटेसी पूरी हो सकती थी,

मैंने जा के उनके कान में बोल दिया उन्हें क्या करना है

बस अगले पल मेरी ननदी निहुरी हुयी थीं, कुतिया की तरह,

asss-20210819-211210.jpg


कातिक की कुतिया की तरह गरमाई भी तो रहती थीं उनकी बहन और मेरे मरद अपनी बहन को कुतिया बना के चढ़ गए और मैंने इनाम भी बता दिया,

"आज रात हचक के चोद दो, तो कल रात तोहें तोहार महतारी भी दिलवाऊंगी।"

Teej-104644777-1590764621080616-929649803870376250-n.jpg


स्साला मेरा मरद,

महतारी चोदने के नाम पर जैसे मारे ख़ुशी के पागल, मेरी सास के भोसड़े के लालच में क्या कुटाई की मेरी ननद की बुरिया की.

सच्च में महतारी की बुर का लालच दिला के किसी भी मरद से जो काम न करा लो, तलवे चटवा लो, जिसका हफते भर से न खड़ा हो रहा हो उस स्साले का महतारी की बुर का नाम सुन के क़ुतुब मीनार हो जाता है।

कुतिया बनी कातिक की कुतिया की तरह गरमाई मेरी ननद, बिस्तर पर निहुरी, सर बिस्तर से लगा और चूतड़ हवा में बिस्तर से कम से दो फिट ऊपर उठा, कर पीछे से महतारी के भोंसडे के इनाम की बात सुन के गरमाया उसका भाई, पहले धक्के में ही आधा लंड, बहन की बुर में दरेरते, रगड़ते, जैसे आज बहन की बुर को भोंसड़ा बना के ही दम लेगा,

fucking-doggy-ruff-tumblr-op80gv-Jv-Hb1uub86yo1-500.gif


" अरे भैया, इत्ती जोर से नहीं, तेरी बहन की बुर है तेरी सास का भोंसड़ा नहीं जिसमे तेरी पूरी बारात डुबकी लगा रही थी तीन दिन तक,... ओह्ह्ह नहीं उह्ह्ह लगता है,... "

स्साली ननदें, फटी जा रही है, जान निकल रही है, परपरा रही है लेकिन भौजाई को गरियाने का मौका नहीं छोड़ रही,...
 
ननद बनी कुतिया, चढ़े उनके भैया

(सेकेण्ड राउंड)

Doggy-fucking-tumblr-0982acc005b3361061b6bfe8c913ebb3-861a49c4-640.jpg


स्साली ननदें, फटी जा रही है, जान निकल रही है, परपरा रही है लेकिन भौजाई को गरियाने का मौका नहीं छोड़ रही,...

मेरी ननद के जोबन जबरदस्त थे, मेरे ही बराबर ३४ सी, वैसे ही कड़े, लेकिन झुके हुए एकदम मस्त लग रहे थे

और अब उनके भैया ने वही दबोच लिया,

पता नहीं उन्हें अपने सास के भोंसडे की याद आ गयी या मेरी सास के भोंसडे की चाहत, ... अगला धक्का और जबरदस्त था,... अबकी पूरा बांस उनकी बहन के बिल में, सीधे ननद की बच्चेदानी में, जिसे आज मेरे मरद को अपने बीज से भर देना था, ... मेरी कलाई से भी मोटा लंड और मुट्ठी ऐसा सुपाड़ा, पूरी कमर के जोर से भाई ने बहन की बच्चेदानी पे ठोकर मारी,

जैसे कह रहा हो बहना आज तेरी बच्चेदानी को अपने बीज से भर के ही दम लूंगा, ...

बहनचोद तो हर भाई होता है, लेकिन ब्याहता बहन को जो गाभिन करे, वो भी पहलौठी की बिटिया, वो है असली भाई,...

दर्द से चीखीं मेरी ननद, मजे से सिसकी, उनकी बहन,... लेकिन धक्के के जोर से मुझे लगा की कहीं उनके उठे हुए चूतड़,...

मैंने झट से जितने तकिये थे घर भर के नन्द के पेट के नीचे लगा दिए, जिससे चूतड़ उनके उठे रहें हवा में

fucking-doggy-ruff-tumblr-p6nwhr-EOk-C1wgsvito1-540.gif


एक तो मुझे आसा बहू की बात याद आ गयी, अगर किसी को गाभिन करवाना है पक्का, स्योर शॉट, तो चाहे पीठ के बल चुदवाये औरत, चाहे निहुर के, चूतड़ खूब उठे रहने चाहिए जिससे बुर के मुंह और बच्चेदानी के मुंह में ढलान रहे , और सब बीज सीधे बच्चेदानी में, एक बूँद भी सरक के फिसल के, बह के बाहर न आये, इसलिए मेरे मरद की बहिनिया को एकदम निहुरना जरूरी था,

दूसरी बात एक और थी,...

मेरे मरद ने कितने चिकने लौंडो को ऐसे नेकर सरका के निहुरा के, मेरे छोटे भाई को तो मेरे सामने ही ट्रेन में, ऐसे ही निहुरा के,... तो निहुरी हुयी उनकी ननद, और उनके मस्त मस्त लौंडा मार्का टाइट टाइट छोटे छोटे चूतड़, उठे हुए, देख के उनके भाई का खूंटा एकदम पागल हो गया था ,

fucking-doggy-tumblr-ov812n-O8ys1vb90roo1-400.jpg


मन तो मेरा भी कर रहा था ऐसी निहुरि ननदिया की गाँड़ भी उनके भइया से मरवा ली जाए, लेकिन आज तो कुछ और होना था मेरे मरद के बीज से मेरी ननद को गाभिन भी होना था,

दोनों हाथों से कस कस के वो अपनी बहन के गदराये जोबन निचोड़ रहे थे, मसल रहे थे, लंड के बेस से अपनी बहन की बुर के बाहरी हिस्से को रगड़ रहे थे, बहन सिसक रही थी,... मस्ती से चूतड़ मटका रही थीं, दोनों फांके बुर की फूल पिचक रही थीं,...

लेकिन मेरी निगाहें अपनी ननद के कसे छोटे छोटे टाइट पिछवाड़े के छेद पर टिकी थी, मुझसे रहा नहीं गया,

भाई न सही तो भाभी ही सही, बस दो उँगलियाँ मैंने थूक से लिथेड़ी, एक के ऊपर एक रख कर

और पूरी ताकत से इनकी बहन की गाँड़ के छेद पर रख कर पेल दिया पूरे कलाई के जोर से

गच्चाक,

उईईई नाहीई ओह्ह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़ , .... जोर से चीखी मेरी ननद, ...

ass-fingering-19407973.gif


पता नहीं बहन की चीख सुन के या बहन की गाँड़ में मेरी ऊँगली देख के वो एकदम जोश से पागल,... और आधा से ज्यादा खूंटा बाहर निकाल के क्या धक्का मारा, क्रिकेट होता तो छक्का स्टेडियम के बाहर जाकर गिरता,... और एक बार फिर मोटे सुपाडे ने सीधे बच्चेदानी पे ठोकर मारी,

उईईई ओह्ह्ह्ह नहीं भैया ओह्ह्ह क्या करते हो , बहिनिया सिसकी मारते हुए चीखी,...

मौका पाके मैंने चौका मार दिया , मेरी तीसरी ऊँगली भी अंदर थी,

और अब गोल गोल दीवालों को करोच रही थी, कैंची की फाल की तरह मैंने उँगलियाँ फैला दी थीं, कुछ देर में मेरी इनकी जुगलबंदी चालू हो गयी, जब इनका लौंडा बाहर निकलता, मेरी तीनो ऊँगली अंदर घुसती और जब लौंड़ा अंदर तो मेरी ऊँगली बाहर, धक्के इनके बुलेट ट्रेन से टक्कर ले रहे थे। सात आठ मिनट इसी तरह,...

ननद की चीखे आधे गाँव में गूँज रही थीं,... बस वो झड़ने के कगार पर थीं, मेरा दायां हाथ तो इनकी बहन के पिछवाड़े बिजी था, दाएं हाथ से मैंने मरद की बहिन की खुली जाँघों के बीच में हाथ डाल के क्लिट को कस के रगड़ना शुरू कर दिया,

और उसी समय इनका एक करारा धक्का इनकी बहन की बच्चेदानी पर, ननद झड़ने लगी, जैसे तूफ़ान में पत्ता कांपे, सब सुध बुध खो के, बस खाली बोल रही थीं,

" ओह भैया उफ़ नहीं हाँ बहुत अच्छा लग रहा है ओह्ह्ह"

और मैंने मौके का फायदा उठा के ननद के पिछवाड़े से निकली ऊँगली, आगे जाके एकदम थेथर हुयी ननद के मुंह में, ...

ये जोर से मुस्करा उठे, मेरी बदमाशी देख के, ... और अपनी बहन से फिर पूछा,

"बहिनिया गाभिन कर दूँ,..."

" हाँ भैया हाँ, लेकिन मुझे बिटिया चाहिए तोहरे बीज से "

नीचे दबी कुचली जा रही उनकी बहन बोली।

एक बार मैं फिर पीछे थी, मुझे एक बदमाशी सूझी, मैंने पहले उन्हें इनाम बताया,

उनकी महतारी का पिछवाड़ा, ... फिर काम

बस ननद के भैया ने कैंची की तरह अपनी टाँगे बाहर निकाल कर अपनी बहन की दोनों टाँगे फंसा के कस ली, अब दोनों टाँगे ननद की चिपकी उनकी चूत चिपकी और अंदर बांस जड़ तक घुसा, जब उन्होंने निकाल के पेला तो लगा की उनकी बहन की बुर की अंदर की चमड़ी छिल गयी हो, पर उसी पर रगड़ते दरेरते, धक्के पर धक्का, उनकी बहन को दर्द भी हो रहा था मजा भी आ रहा था, पांच छह मिनट में वो दुबारा झड़ने लगीं और अबकी साथ में उनके भैया भी

जैसे कोई ऊपर से कुप्पी से तेल भरे उसी तरह इनकी पिचकारी से मलाई निकल रही थी, कहने की बात नहीं सुपाड़ा एकदमझड़ना बच्चेदानी से चिपका जब इन्होंने झड़ना शुरू किया, एक बार दो बार चार बार,...

fucking-cum-tumblr-oprs0p-KWB91sih2smo3-400.gif


और ननद भी बार बार,

इनकी बहन के चेहरे से इतनी ख़ुशी झलक रही थी की जैसे बरस बरस की साध पूरी हो रही हो।

झड़ना बंद होने पर भी दस मिनट तक ये अंदर धसाये रहे, और जब इन्होने बाहर निकाला तो मैं ननद की कमर पकड़ के ऐसी ही निहुराये रही जेसे ज़रा भी मलाई बाहर नहीं आये, आधे घंटे से ज्यादा,

भाई बहन दोनों थक के बिस्तर पर पड़े थे सुध बुध खोये, और साथ में मैं भी,... बाहर चांदनी झर रही थी , आम के बौर की, महुए की मादक महक हवा के साथ आ रही थी।

रात आधी से ज्यादा गुजर गयी थी, मेरी ननद दो बार अपने सगे भाई की सेज चढ़ चुकी थी, और जिस तरह से चूतड़ उठा उठा के उसने मलाई घोटी थी अपने भैया की मुझे पक्का अंदाज था की वो अपने भैया से गाभिन हो गयी होगी।

भाई बहिन एक दूसरे से चिपके मस्ती में लेटे थे, लेकिन लम्बी ड्राइव में गाड़ी की टंकी हरदम फुल रहनी चाहिए

तो मैं भाई बहिन को एक दूसरे की बाँहों में छोड़कर, ... पेट्रोल पम्प मतलब किचेन की ओर,...
 
अपडेट्स पोस्टेड, इन्सेस्ट कथा सैंया बने नन्दोई भाग ८६

कृपया पढ़ें, आनंद लें, लाइक करें और कमेंट करें.
 
भाग ८६ ----इन्सेस्ट कथा

सैंया बने नन्दोई

on page 88 please do read, enjoy, like and comment.
 
फागुन के दिन चार भाग १४ -संध्या भाभी

अपडेट पोस्टेड। कृपया पढ़ें, मजे लें, लाइक करें और कमेंट करें। थैंक्स।
 
Erotica - जोरू का गुलाम उर्फ़ जे के जी

जोरू का गुलाम भाग २२६ -गेम टाइमगुड्डी चढ़ी, भैया के भाले पर२७,२७,७३६और नाश्ते के बाद --गेम के सारे रूल्स रीनू ने ही तय किया ,उन तीनो की बहन , गुड्डी , सिर्फ हाथ से मुठिया कर , झंडा खड़ा करेंगी , और उसके बाद गुड्डी बारी बारी से तीनों के खूंटे पर चार चार मिनट के लिए ,..... जो पहले...

exforum.live

जोरू का गुलाम भाग २२६ -गेम टाइम

गुड्डी चढ़ी, भैया के भाले पर

अपडेट पोस्टेड, कृपया पढ़ें, आनंद लें, लाइक करें और कमेंट जरूर दें।
 
मेरी और इस थ्रेड की मित्र आरुषि जी ने एक सूत्र शुरू किया है हलाला, कविताओं और चित्रों का अद्भुत संगम। लिंक मैं शेयर कर रही हूँ। सभी रससिद्ध मित्रों से अनुरोध है की इस थ्रेड पर जरूर जाए एकदम नया मजा महसूस होगा।
 
Back
Top