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अमन के घर
बेचैन परेशान मदन तेज कदमो से निचे अपने कमरे मे चला आया और पजामे से मुसल निकाल कर बाथरूम मे जाके उसपे पानी डालने
सुपाड़े की तेज जलन सालो बाद उसके बर्दाश्त से बाहर की थी ।
फड़कती नसे और उसपे बड़ी बहन का स्पर्श अभी भी मह्सूस कर पा रहा था वो ।
बांस की तरह कड़क और सीधा तना हुआ मुसल का सुपाडा लाल हुआ जा रहा था ।
कपालभाति और गहरी प्राणायम विद्या आज धरि की धरि रह गयी थी उसकी कामोत्तेजना के वेग मे ।
पजामा निकाल कर एक कुर्सी लेके मदन कुलर के आगे अपनी टाँगे खोलकर बैठ गया कि ठंडी हवाओ का कुछ तो असर हो
काफी सारे तीगड़म से कुछ नही बना मगर धिरे धीरे समय ने ही उसकी फरियाद समझी और लन्ड की नसो से खुन का वेग हल्का होने लगा , जल्द ही मदन को राहत हुई और दिनभर की भागादौडी मे कुलर के आगे लेटे हुए उसे कब नींद आ गयी पता ही नही चला ।
नीद मे बेखबर मदन को अह्सास ही नही था कि छत से आने की जल्दबाजी मे उसने कमरे का दरवाजा अन्दर से लॉक नही किया था ।
इधर संगीता उपर रस्मो से खाली हुई तो उसकी सरसरी निगाहो ने मदन को खोजा मगर वो कही नजर नही आया ।
सारे लोग भोजन के लिए बगल के हाते मे एकजुट हो रहे थे , संगीता भी अपने प्यारे भैया को खोजती हुई उनके कमरे मे दाखिल हो गयी ।
कुलर के आगे कुर्सी पर पैर फैला कर मदन को सोया देख संगीता को समझते देर ना लगी कि क्या मामला हो सकता था । वो थोडा खिलखिलाइ और धीरे से दरवाजा भिड़का कर मदन के पास आई तो उसकी आंखे बड़ी हो गयी ।
उसे यकीन ही नही हो रहा था मदन ऐसे इस हाल निचे से एकदम नंगा अपना खीरे जैसा मोटा मुसल ऐसे ही खोलकर सोया हुआ होगा ।
काली चमडी से बाहर निकले गुलाबी सुपाड़े की मोटाई देख कर संगीता की लार टपकने लगी ।
जी मे यही आ रहा था कि अभी झुक कर अपने छोटे भैया का सोया हुआ लन्ड चुस ले मगर इतनी जल्दबाजी ठिक नही थी ।
संगीता ने मुस्कुराई और मदन का कुर्ता हल्के उठा कर उसके जान्घो पर फैलाते हुए उसका सोया हुआ मुसल ढक दिया
फिर एक गहरी सास लेते हुए मुस्कुराइ और मदन के कन्धे को हिलाती हुई उसको जगाने लगी ।
मदन ने आन्खे भीचते हुए संगीता का मुस्कुराता चेहरा देखा और अधूरी चेतना भरी हालात मे - दिदीई आप
संगीता हस कर - हा उठिए आप यहा ऐसे क्यू सोये है ?
संगीता के सवाल ने मदन को अपनी हालात के प्रति चेताया और झटके के उसने निचे देखा तो उसका लन्ड कुरते के निचे छिपा था और उसने गहरी सास ली ।
संगीता मदन की हड़बड़ाहट पर मुस्कुराई और बोली - मै तो अभी भी कहती हु शादी कर लो , ये सब की जरुरत नही पड़ेगी
अपनी बहन के शरारती और दोहरे अर्थ वाली बात पर मदन की भौहे तन गयी और उसे लगा कि कही उसकी बहन ये तो नही समझ रही है कि मैने हस्तमैथुन किया हो ।
संगीता उसको ख्यालो मे डुबा देख - कहो तो मेरी छोटी नंद से बात चलवाऊ
मदन लाज के मारे हसता हुआ - क्या दीदी , वो तो मै गर्मी के नाते ऐसे बैठा हुआ था और कब सो गया पता ही नही चला ।
संगीता - अच्छा ठिक है जल्दी आओ पैंट पहन के हिहिही
फिर संगीता हस्ती हुई कमरे से बाहर चली गयी और मदन अपने आप पर शर्मिंदा हुआ कि ये सब क्या हुआ ।
उसके जहन मे कयी सवाल थे , कही उसकी बहन ने ही तो उस्का लन्ड देखने के बाद ढका तो नही, वरना वो दोहरे अर्थ मे बाते क्यू करती ।
उसकी बहन से उसका लन्ड देख लिया ये ख्याल आते ही मदन का लन्ड फिर से तन गया और वो उसको जबरदस्ती पजामे मे घुसाते हुए फ्रेश होकर बाहर खाना खाने के लिए चला आया ।
वही दुर से उसकी नजर संगीता से मिली और वो मुस्कुरा उठे ।
जिसको भोला ने भी नोटिस किया ।
वही अमन खाना खा रहा था कि तभी उसके मोबाइल पर मैसेज बिप होने लगा ।
धडाधड एक एक करके सोनल ने व्हाट्सअप पर मैसेज डाले हुए थे ।
अमन को याद आया कि सोनल नहाने के बाद नये कपडो मे स्नैप्स भेजने वाली ।
अमन एक किनारे हुए और अपना मोबाइल खोलकर जैसे ही मैसेज देखे उसकी आंखे फैल गयी
झट से उसने मोबाइल का ब्राइटनेस कम किया ताकि आस पास मे खड़ा और कोई नही देख ले ।
सोनल ने ढेर सारि तस्वीरो के साथ निचे आखिर मे एक text छोड रखा था
Live show will end in just 5 min


अमन ने स्क्रोल करके उपर की तस्वीरे देखी
तस्वीरे देखते ही अमन के मुह में पड़ा निवाला अटक गया
उसने जल्दी से निवाला गटका और इधर उधर देखते हुए खाने की प्लेट एक ओर सरकाई और हाथ धूल कर तेजी से भागता हुआ घर मे घुस गया
सरपट जीने से भागता हुआ उपर कमरे मे गया और बिस्तर का कोना पकडते हुए सोनल को वीडियो काल कर दिया
सामने से सोनल मे मुस्कुरा कर वीडियो काल पिक किया
वीडियो कॉल कर सोनल कर जानलेवा रूप देख कर अमन का कलेजा धकधक करने लगा और उसका लन्ड भन्न से कस गया ।
पजामे के उपर से अपना मुसल मसलते हुए अमन मोबाइल मे देखने लगा
सोनल पीले सिफान की साडी मे लिपटी अपने जिस्म की नुमाईश करते हुए बड़े ही कामुक तरीके से इठलाती हुई आगे पीछे घूम कर अमन को अपना कामुक अवतार दिखा रही थी

उसने शॉवर ऑन करते हुए अपनी बड़ी सी गोल गोल चुतड अमन की ओर करके खडी हो गयी ।
धीरे धीरे पानी उसके घने बालो से रिस्ता हुआ उसकी गोरी चिकनी पीठ से होता हुआ उसके साडी को भिगोता उन्हे पारदर्शी बनाता उसकी गुदाज गाड़ पर बहने लगा
जल्द ही उसकी साडी पानी मे भीग कर लसराने लगी और उसकी गोरी गोरी फैली हुई गाड़ उभर कर अमन के सामने थी

तभी सोनल ने अपनी कमर को झटकाते हुए अपने चुतड उछालने लगि और उसे मोटे मोटे चुतडो के फाके पट्ट पट्ट की आवाज के साथ आपस मे तालिया बजाने लगे
और अमन का मुसल फौलादी हुआ जा रहा था
उसने अपना लन्ड बाहर निकाल कर उसको हिलाने लगा और मोबाइल स्क्रीन के उपर से ही सोनल की चर्बीदार गाड़ को चुमने लगा ।
सोनल वापस घूमी और उसने मुस्कुरा कर अमन को देखा और मोबाईल स्क्रीन को चुमते हुए उसे एक पप्पी दी और फिर बड़े ही शरारती ढंग से बाय बोल कर फोन काट दिया ।
अमन का चढते अरमान धरधरा कर जमीन पर आ गिरे
उसने लगातार 3 4 बार वीडियो काल घुमाया मगर सोनल ने पिकअप नही किया
फिर 20 मिंट बाद एक मैसेज बिप हुआ
Talk u later my sona
अमन को अफसोस हुआ मगर सोनल के सरप्राइज ने उसका दिल खुश कर दिया था । फिर वो निचे चला गया ।
इधर अमन के जाने के बाद
संगीता और भोला आपस कुछ बाते कर रहे थे जिनपर मदन अपनी आंखे गडाए हुए था ।
संगीता ने कजरारी आंखो से निवाला खाते हुए भोला को देखा और भोला थोडा लाज से मुस्कुरा दिया ।
मदन को अपनी बहन की शरारतो को नोटिस करने मे बड़ा ही रोचक अनुभव हो रहा था ।
संगिता और भोला ने अपनी थाली खतम करते हुए साथ ही हाथ धूलने बेसिन पर गये ।
वहा भोला संगीता को कुछ समझा रहा था जो कि उनके नाटक का ही हिस्सा था ।
फिर संगीता मुस्कुरा कर आगे बढ़ गयी , उसने दो बार पलट पलट कर भोला की ओर मुस्कुराहट भरी नजरो से देखा और अपने कुल्हे हिलाते हुए खाने के टेन्ट से निकल कर घर मे घुस गयी ।
मदन चोर नजरो से भोला को निहारे जा रहा था और उसकी सासे तब चढनी शुरु हुई जब भोला भी सबकी नजरो से खुद को बचाता हुआ घर मे घुस गया
मदन ने जल्दी जल्दी चावल चबाना शुरु किया और फटाक से मुह धूल कर घर मे जाने को हुआ कि किसी एक पहचान वाले ने उसको टोका ।
मदन के गर्म तवे पर मानो किसी ने पानी छींटे मार दिये हो ऐसे गुस्से मे उसका कालेज छरछराया ।
मदन घर आये मेहमान की दो बाते सुननी ही थी , जैसे तैसे बातो मे उस आदमी ने मदन के 5 - 7 मिंट खा लिये ।
इधर भोला और संगीता ने अपने कमरे का दरवाजा अधखुला छोड कर अपना रोमान्स चालू कर चुके थे ।
जैसे ही मदन को उस आदमी से फ़ुरसत हुई वो लपक कर तेज कदमो से घर के भीतर दाखिल हुआ
बिना कुछ देखे जीने से होकर सरपट ऊपर की ओर भागा
जीने पर तेज कदमो की आहट ने भोला और संगीता को सतर्क किया और उन्होने अपनी योजना आगे बढ़ाइ ।
मदन हाफ्ता हुआ उपर पहुचा और उसने अपनी सासे बराबर करते हुए खुद को पल भर को शान्त किया और अपना तना हुआ मुसल भींचते हुए दबे पाव आगे बढ़ने लगा ।
कमरे का दरवाजा अधखुला पाकर मदन की आंखे चमक उठी ,
मदन को लगा कि उसकी दीदी से मारे जोश मे दरवाजे का ध्यान ही नही रहा ।
उसकी सासे तो तब अटकी जब उसने कमरे के भीतर झाका ।
तेज उफनाती सासो को थामते हुए उसने अपने नथुनो पर अपना पन्जा रख कर अपना लन्ड पजामे के उपर से कस के भिचा और हल्का हल्का सास छोडने लगा ।
सामने का कामुक दृश्य देखकर मदन के मुह मे पानी आने लगा था

समाने संगीता अपनी साडी कमर तक उठाये एक डेस्क का सहारा लेके आगे झुकी थी और भोला निचे से उसकी टांगो के बीच मे घुसकर उसकी चुत पर अपना मुह दे चुका था ।
सन्गिता अपने चुतड को कसती हुई भोला के सर को अपनी चुत पर दबाती हुई कसमसा रही थी - उह्ह्ह रिन्की के पापा और चुसौह्ह्ह उम्म्ंम माह्ह्ह आज सुबह से बह रही है उम्म्ं खा जाओ मेरी बुर उह्ह्ह मेरे राअज्जाअह्ह्ह
अपने बहन के मुह से ऐसी कामोत्तेजक बाते सुन कर मदन का सुपाडा पुरा फुल गया था और भोला पुरे रस से अपनी बीवी की चुस चाट रहा था ।
इधर खाने के पान्डाल मे घर के मुख्य पात्रो को गायब पाकर ममता को फ़िकर हुई , अमन कही नजर नही आ रहा था ।
वो पता करने के लिए वो घर मे गयी और जीने से होकर जैसे ही उपर पहुचने को थी उसने सामने का नजारा देख कर वापस से दो सीढ़ी निचे उतर गयी ।
फिर थोडा मुस्कुराई और हल्के से गरदन उचका वापस से संगीता के कमरे के बाहर मदन को उसका मोटा खीरे जैसा मुसल मसलते हुए देखा ।
ममता मन मे बुदबुदाइ - ओहो मतलब ननद रानी ने अपना जलवा बिखेर ही दिया मेरे देवर पर हिहिहिही
ममता ने उन्हे इंजॉय करने दिया और खुद निचे आ गयी ।
इधर संगीता कमरे मे चौकी पर साडी कमर तक उठाए हुए झुकी थि और भोला अपना मोटा लन्ड उसकी गाड़ मे खुब हचक हचक कर पेल रहा था ।
संगीता - उह्ह्ह मेरे राजाअह्ह्ह्ह्ह कबसे तरस रही थी मै इस पल को ऊहह फक्क्क मीईई उह्ह्ह येस्स्स्स रिन्की के पापा उह्ह्ह्ह और कस के , आज रात मे भी आप मुझे पेलोगे उह्ह्ह मुझे और चाहिये उह्ह्ह

भोला आज अपने साले के सामने उसकी बहन को पेलता हुआ बहुत उत्तेजित हो गया था , उस्का मुसल पहले से ज्यादा तना हुआ और फुला था ।
संगीता की गाड़ मे लन्ड को ह्चक कर भरता हुआ - हा मेरी रंडी मै भी तुझे आज कस कर पेलुँगा , रात जब सब नाच मे बिजी होंगे तब
मै तेरी बुर मे घुस कर नाचूँगा उह्ह्ह मेरी जाआन्ंं मै आ रहा हुउउउऊ उह्ह्ह ओह्ह्ह्ह

संगीता - अह्ह्ह मेरे राजाह्ह्ह भर दो मेरी गाड़ उह्ह्ह झड़ जाअऊओ उह्ह्ह माअह्ह्ह्ह सीईईई ओह्ह्ह्ह उम्म्ंम्ं

संगीता की कामोत्तेजक शब्द सुनकर मदन का भी फव्वारा फुट पड़ा और भलभला कर वो भी झड़ने लगा ।
जैसे ही कमोतेजना शान्त हुई उसकी नजरे फर्श पर बिखरी मलाई पर गयी
जेब से रुमाल निकालते हुए उसने जल्दी जल्दी साफ किया और हड़ब्ड़ी मे निकल गया , बिना ये देखे कि उसकी पिचकारि की चम्मच भर मलाई अभी उस बादामी दिवाल से रिसकर निचे टपकने को हो रही थी ।
इधर जब दोनो मिया बीवी उठ कर बाहर आये तो उन्होने आस पास जांचा परखा
और तभी संगीता की नजर दिवाल पर गयी जो फर्श के लगभग कुछ इंच उपर गाढी सफेद थक्केदार मलाई धिरे धीरे सूख रही थी ।
संगीता उकुडू बैठती हुई अपनी एक उंगली से उस मलाई को सूखती लिजलिजी सी परत पर उंगलियों से दबाव बनाया और वो महिन झिल्ली सी परत हटते हुए गुनगुना सा वीर्य संगीता की उंगलियो पर सरक आया ।
संगीता मे उस ऊँगली को अपने नथुनो के पास लाई और उसे सूंघती हुई भोला को देखा ।
भोला ने कौतुक वश आंखो से उसके बारे मे पूछा- क्या हुआ
संगीता मुस्कुराते हुए - भैया आये थे , उनही की है ये
योजना सफल होने का सुनकर भोला का चेहरा चमक उठा और वही संगीता ने वो रस लगी ऊँगली अपने जीभ पर रख कर उसे चुबलाते हुए उठ खडी हुई ।
भोला ने उसकी गाड़ दबोचकर - अब आगे क्या किया जाये
संगीता - भैया की आग हमने भड़का तो दी है अब उन्हे रन्गे हाथ पकडना होगा , वो भी हम दोनो को एक साथ ।
संगीता की बात सुनकर भोला थोडा अटका - हम दोनो ? लेकिन क्यू ?
संगीता मुस्कुराई और उसने अपनी योजना भोला को बताई जिसे सुनते ही भोला खुशी से चहक उठा और वो संगीता के गाल चुमते हुए बोला - सच मे तु बहुत चालू आईटेम है हिहिहिही
संगिता - अब चले , सब राह देख रहे होगे हिहिह्ही ।
राज के घर
मेहमानो से निपटने के बाद रंगी से राज को कहा कि सबसे घर मे पुछ ले कोई खाने को रह तो नही गया
राज ने बारि बारि से सबसे पूछा और उपर जाकर जब सोनल के कमरे का दरवाजा खटखटाया तो रीना ने दरवाजा खोला
राज - भाभी आपने खाना खा लिया , और कोई है क्या यहा ?
दरवाजा खोलकर सामने राज को देखते ही रीना रिलैक्स होती हुई - हम्म्म्म तो देवर जी आप हो , वैसे हम तो अकेले ही थे
राज रिना की प्रतिक्रिया पर मुस्कराया ने एक नजर रिना को उपर से निचे ताड़ा और तभी उसकी नजर रीना के पेट पर गयी , जहा बीती रात निशा ने उसकी नाभि पर मेंह्दी लगाई थी ।

राज की निगाहे भापते ही रिना ने झट से पल्लू आगे कर लिया
राज मुस्कुरा कर - जब मेरे लिये ही रखवाई हो तो छिपा काहे रही हो भाभी हिहिही
रीना तुनकते हुए - किसने कह दिया कि आपके लिए रखा है हम्म्म
राज ने आस पास नजर घुमाई और हौले से रीना का पल्लू उंगलियो से खोलते हुए रीना की गुदाज गहरी नाभि पर बने टैटू को देख कर उसका लन्ड सर उठाने लगा ।
राज - कल हमने ही तो फरमाईस की थी ।
रीना ने कमरे से बाहर झाका और हल्के से बोली - तो अब हो गया ना फरमाईस पूरी चलो जाओ

राज रीना की नाभि को निहारता हुआ अपनी ऊँगली को उसके पास रेंगाता हुआ थुक गटक कर - अभी कहा भाभी
रीना राज के स्पर्श से कापने लगी और आंखे बन्द करके एडिया उचकाती हुई - सीईईई उम्म्ंम्म्ं फिरररर ??
राज ने नजरे उठा कर रीना का मदहोश चेहरा देखा और निचे बैठते हुए उसने अपने होठ उसकी नरम नरम पेट पर लगाते हुए नाभि पर जीभ फिरा दी ।

रीना कसम्साई और उसने राज के सर को पकड लिया - उम्म्ंम्ममह्ह्ह देवर जीईईई अह्ह्ह न्हीईईई
राज ने अपने सर को रीना के पेट पर दबाव बनाते हुए पीछे की ओर धकेला और कमरे मे घुस गया ।
रीना - आह्ह बदमाश उठो , क्या कर रहे हो
राज उपर उठ कर अपना मुह पोछता हुआ - बस कुछ फरमाईश थी आपसे
रीना थोडा तुनकती हुई - हम्म्म्म बोलो !!
राज ने उसकी कमर मे हाथ डाला और अपने करीब करता हुआ उसकी आंखो मे आंखे डालकर निहारने लगा ,
रीना की सासे अटक गयी उसके होठ कापने लगे ।
राज - और भी कही लगवायि हो मेहंदी उम्म्ंम हमसे छिपा कर
राज की बात सुनते ही रीना लाज के मारे नजरे नीची कर शरमाती हुई हसने लगी - धत्त गंदे छोड़ो
राज ने कसमसाती हुई रीना को अपनी बाहो मे और कसता हुआ- पहले बताओ
रीना हस कर थोडा आत्मविश्वासी होकर - हम्म्म रखा है एक खास जगह , बोलो देखोगे
राज थुक गटक कर - हम्म कहा
रीना - प्क्का ना , बाद मे मुकर तो नही ना जाओगे
राज ना मे सर हिलात हुआ - ऊहु!
रिना - हमने कल रात तुम्हारी दीदी की बुर पर लगाई है मेहंदी कहो तो दिखाऊ हिहिहिही
रीना की मजाक भरी बात सुनते ही राज ने उस्को ढीला छोड दिया - धत्त भाभी मजाक नही !!
रीना राज की प्रतिक्रिया पर खिल्खिलाई - हिहिही सच कह रही हु रुको फोटो दिखाती हुई
रिना ने लपक के बिस्तर पर रखा हुआ मोबाइल उठाया और जल्दी से गैलरी खोलकर सोनल की चुत पर बनी गुलाबी की कलियो की तस्वीरे दिखाती हुई बोली - देखो हिहिहिहिही
राज को अचरज हुआ कि ये कैसे संभव है , मगर रीना भाभी का यू उस्से इस तरह खुल के बाते करना उसे उत्तेजित कर रहा था । ऐसे मे उसने अपना दाव खेला
राज - मै कैसे मान लू ये दीदी का है और आपका नही , उम्म्ं
रीना ने आंखे उठा कर राज को देखा और उसकी चालाकी समझ गयि
रिना - अगर ये तुम्हारी दीदी की हुई तो
राज - मै कैसे मान लू हिहिही पहले आप अपना दिखाओ अगर आपके वहा पर टैटू नही हुआ तो मै मान लूंगा कि आपकी नही दीदी की है ।
रीना राज की चालाकी पर इतराते हुए - लेकिन अगर मै जीती तो वही करना पडेगा जो मै कहुगी
राज को भविष्य के सौदे की फ़िकर नही थी , उसे बस रीना की रसिली गुलाबी चुत देखना था और उसने दरवाजे की चटखनी चढाई और मुस्कुरा कर रिना की ओर घुमा
रीना थोडा लजाती खिलखिलाती हुई , कामोत्तेजक मह्सूस कर रही थी , राज को चुत दिखाने की कल्पना से ही उसकी बुर रसाने लगी थी ।
रीना ने अपनी साडी कमर तक उठाई और पैंटी निचे सरकाने लगी , और बिना कोई झिझक कर राज के सामने अपनी नंगी गुलाबी सेव की हुई चिकनी चुत परोस दी
राज का लन्ड पल भर मे फौलादी हो गया और रिना की चिकनी गुलाबी फाको वाली बुर देख कर उसके मुह मे पानी आने लगा
राज जान रहा था कि किसी भी पल ये नजारा ओझल हो सकता है इसीलिए उसने चतुराई दिखाते हुए एक सिरिअस भाव - अरे भाभी वो क्या है ? वहा !!
रीना भी चौक कर निचे अपनी जान्घे फैलाती हुई बुर को देखने लगी और राज ने मौका पाकर झटके से निचे बैठता हुआ अपनी थूथ रिना की बजब्जाती बुर पर ल्गा दिया
जोर जोर से उसकी रसिली चुत के फाके चुबलाने लगा
रिना चीखी और कसमसाइ - अह्ह्ह नहीईईई देवर्ररर जीईई ओह्ह्ह नहीई हटियेएह्ह्ज उह्ह्ह उम्म्ंम उम्म्ंम
राज ने एक ना सुनी बस उसकी गुदाज नरम जांघो को सहलाता हुआ उसकी बुर को मुह मे भरने लगा और रीना जल्द ही उसकी खुरदरी जीभ के स्पर्श से मदहोश होने लगी

गहराती सासो ने उसकी आवाज मादक सिस्कियो मे बदलने लगी और राज उसकी बुर मे जीभ घुसा कर नचा रहा था औत वो झड़े जा रही
राज के सर को कस कर अपनी बुर से लगाये आहे भरने लगी - उह्ह्ह राज्ज्ज बाबुउउउऊ उम्म्ंम माह्ह्ह सीईई अझ्झ फक्क्क मीई उह्ह्ह
राज ने अच्छे से उसकी बुर चुसाई की और फिर अलग होकर वही बैठ गया ।
उसने खिले हुए चेहरे के साथ हस कर रीना को देखा तो वो शर्माते हुए हस कर अपनी साडी सही करती हुई - चटोरे कही के , बहुत चालू हो तुम
राज उठ कर खड़ा हुआ - आपका ही देवर हु भौजी हिहिही , वैसे अभी एक चीज उधार छोड रहा हु बाद मे उसका हिसाब होगा
रीना अचरज से - क्या ?
राज चहक कर - वही फक्क मीई वाला हिहिहिही
रीना लजाती हुई - धत्त बदमाश चलो जाओ अब हिहिहिहिही
राज हसता हुआ बाहर निकल गया ।
जारि रहेगी
अमन के घर
बेचैन परेशान मदन तेज कदमो से निचे अपने कमरे मे चला आया और पजामे से मुसल निकाल कर बाथरूम मे जाके उसपे पानी डालने
सुपाड़े की तेज जलन सालो बाद उसके बर्दाश्त से बाहर की थी ।
फड़कती नसे और उसपे बड़ी बहन का स्पर्श अभी भी मह्सूस कर पा रहा था वो ।
बांस की तरह कड़क और सीधा तना हुआ मुसल का सुपाडा लाल हुआ जा रहा था ।
कपालभाति और गहरी प्राणायम विद्या आज धरि की धरि रह गयी थी उसकी कामोत्तेजना के वेग मे ।
पजामा निकाल कर एक कुर्सी लेके मदन कुलर के आगे अपनी टाँगे खोलकर बैठ गया कि ठंडी हवाओ का कुछ तो असर हो
काफी सारे तीगड़म से कुछ नही बना मगर धिरे धीरे समय ने ही उसकी फरियाद समझी और लन्ड की नसो से खुन का वेग हल्का होने लगा , जल्द ही मदन को राहत हुई और दिनभर की भागादौडी मे कुलर के आगे लेटे हुए उसे कब नींद आ गयी पता ही नही चला ।
नीद मे बेखबर मदन को अह्सास ही नही था कि छत से आने की जल्दबाजी मे उसने कमरे का दरवाजा अन्दर से लॉक नही किया था ।
इधर संगीता उपर रस्मो से खाली हुई तो उसकी सरसरी निगाहो ने मदन को खोजा मगर वो कही नजर नही आया ।
सारे लोग भोजन के लिए बगल के हाते मे एकजुट हो रहे थे , संगीता भी अपने प्यारे भैया को खोजती हुई उनके कमरे मे दाखिल हो गयी ।
कुलर के आगे कुर्सी पर पैर फैला कर मदन को सोया देख संगीता को समझते देर ना लगी कि क्या मामला हो सकता था । वो थोडा खिलखिलाइ और धीरे से दरवाजा भिड़का कर मदन के पास आई तो उसकी आंखे बड़ी हो गयी ।
उसे यकीन ही नही हो रहा था मदन ऐसे इस हाल निचे से एकदम नंगा अपना खीरे जैसा मोटा मुसल ऐसे ही खोलकर सोया हुआ होगा ।
काली चमडी से बाहर निकले गुलाबी सुपाड़े की मोटाई देख कर संगीता की लार टपकने लगी ।
जी मे यही आ रहा था कि अभी झुक कर अपने छोटे भैया का सोया हुआ लन्ड चुस ले मगर इतनी जल्दबाजी ठिक नही थी ।
संगीता ने मुस्कुराई और मदन का कुर्ता हल्के उठा कर उसके जान्घो पर फैलाते हुए उसका सोया हुआ मुसल ढक दिया
फिर एक गहरी सास लेते हुए मुस्कुराइ और मदन के कन्धे को हिलाती हुई उसको जगाने लगी ।
मदन ने आन्खे भीचते हुए संगीता का मुस्कुराता चेहरा देखा और अधूरी चेतना भरी हालात मे - दिदीई आप
संगीता हस कर - हा उठिए आप यहा ऐसे क्यू सोये है ?
संगीता के सवाल ने मदन को अपनी हालात के प्रति चेताया और झटके के उसने निचे देखा तो उसका लन्ड कुरते के निचे छिपा था और उसने गहरी सास ली ।
संगीता मदन की हड़बड़ाहट पर मुस्कुराई और बोली - मै तो अभी भी कहती हु शादी कर लो , ये सब की जरुरत नही पड़ेगी
अपनी बहन के शरारती और दोहरे अर्थ वाली बात पर मदन की भौहे तन गयी और उसे लगा कि कही उसकी बहन ये तो नही समझ रही है कि मैने हस्तमैथुन किया हो ।
संगीता उसको ख्यालो मे डुबा देख - कहो तो मेरी छोटी नंद से बात चलवाऊ
मदन लाज के मारे हसता हुआ - क्या दीदी , वो तो मै गर्मी के नाते ऐसे बैठा हुआ था और कब सो गया पता ही नही चला ।
संगीता - अच्छा ठिक है जल्दी आओ पैंट पहन के हिहिही
फिर संगीता हस्ती हुई कमरे से बाहर चली गयी और मदन अपने आप पर शर्मिंदा हुआ कि ये सब क्या हुआ ।
उसके जहन मे कयी सवाल थे , कही उसकी बहन ने ही तो उस्का लन्ड देखने के बाद ढका तो नही, वरना वो दोहरे अर्थ मे बाते क्यू करती ।
उसकी बहन से उसका लन्ड देख लिया ये ख्याल आते ही मदन का लन्ड फिर से तन गया और वो उसको जबरदस्ती पजामे मे घुसाते हुए फ्रेश होकर बाहर खाना खाने के लिए चला आया ।
वही दुर से उसकी नजर संगीता से मिली और वो मुस्कुरा उठे ।
जिसको भोला ने भी नोटिस किया ।
वही अमन खाना खा रहा था कि तभी उसके मोबाइल पर मैसेज बिप होने लगा ।
धडाधड एक एक करके सोनल ने व्हाट्सअप पर मैसेज डाले हुए थे ।
अमन को याद आया कि सोनल नहाने के बाद नये कपडो मे स्नैप्स भेजने वाली ।
अमन एक किनारे हुए और अपना मोबाइल खोलकर जैसे ही मैसेज देखे उसकी आंखे फैल गयी
झट से उसने मोबाइल का ब्राइटनेस कम किया ताकि आस पास मे खड़ा और कोई नही देख ले ।
सोनल ने ढेर सारि तस्वीरो के साथ निचे आखिर मे एक text छोड रखा था
Live show will end in just 5 min


अमन ने स्क्रोल करके उपर की तस्वीरे देखी
तस्वीरे देखते ही अमन के मुह में पड़ा निवाला अटक गया
उसने जल्दी से निवाला गटका और इधर उधर देखते हुए खाने की प्लेट एक ओर सरकाई और हाथ धूल कर तेजी से भागता हुआ घर मे घुस गया
सरपट जीने से भागता हुआ उपर कमरे मे गया और बिस्तर का कोना पकडते हुए सोनल को वीडियो काल कर दिया
सामने से सोनल मे मुस्कुरा कर वीडियो काल पिक किया
वीडियो कॉल कर सोनल कर जानलेवा रूप देख कर अमन का कलेजा धकधक करने लगा और उसका लन्ड भन्न से कस गया ।
पजामे के उपर से अपना मुसल मसलते हुए अमन मोबाइल मे देखने लगा
सोनल पीले सिफान की साडी मे लिपटी अपने जिस्म की नुमाईश करते हुए बड़े ही कामुक तरीके से इठलाती हुई आगे पीछे घूम कर अमन को अपना कामुक अवतार दिखा रही थी

उसने शॉवर ऑन करते हुए अपनी बड़ी सी गोल गोल चुतड अमन की ओर करके खडी हो गयी ।
धीरे धीरे पानी उसके घने बालो से रिस्ता हुआ उसकी गोरी चिकनी पीठ से होता हुआ उसके साडी को भिगोता उन्हे पारदर्शी बनाता उसकी गुदाज गाड़ पर बहने लगा
जल्द ही उसकी साडी पानी मे भीग कर लसराने लगी और उसकी गोरी गोरी फैली हुई गाड़ उभर कर अमन के सामने थी

तभी सोनल ने अपनी कमर को झटकाते हुए अपने चुतड उछालने लगि और उसे मोटे मोटे चुतडो के फाके पट्ट पट्ट की आवाज के साथ आपस मे तालिया बजाने लगे
और अमन का मुसल फौलादी हुआ जा रहा था
उसने अपना लन्ड बाहर निकाल कर उसको हिलाने लगा और मोबाइल स्क्रीन के उपर से ही सोनल की चर्बीदार गाड़ को चुमने लगा ।
सोनल वापस घूमी और उसने मुस्कुरा कर अमन को देखा और मोबाईल स्क्रीन को चुमते हुए उसे एक पप्पी दी और फिर बड़े ही शरारती ढंग से बाय बोल कर फोन काट दिया ।
अमन का चढते अरमान धरधरा कर जमीन पर आ गिरे
उसने लगातार 3 4 बार वीडियो काल घुमाया मगर सोनल ने पिकअप नही किया
फिर 20 मिंट बाद एक मैसेज बिप हुआ
Talk u later my sona
अमन को अफसोस हुआ मगर सोनल के सरप्राइज ने उसका दिल खुश कर दिया था । फिर वो निचे चला गया ।
इधर अमन के जाने के बाद
संगीता और भोला आपस कुछ बाते कर रहे थे जिनपर मदन अपनी आंखे गडाए हुए था ।
संगीता ने कजरारी आंखो से निवाला खाते हुए भोला को देखा और भोला थोडा लाज से मुस्कुरा दिया ।
मदन को अपनी बहन की शरारतो को नोटिस करने मे बड़ा ही रोचक अनुभव हो रहा था ।
संगिता और भोला ने अपनी थाली खतम करते हुए साथ ही हाथ धूलने बेसिन पर गये ।
वहा भोला संगीता को कुछ समझा रहा था जो कि उनके नाटक का ही हिस्सा था ।
फिर संगीता मुस्कुरा कर आगे बढ़ गयी , उसने दो बार पलट पलट कर भोला की ओर मुस्कुराहट भरी नजरो से देखा और अपने कुल्हे हिलाते हुए खाने के टेन्ट से निकल कर घर मे घुस गयी ।
मदन चोर नजरो से भोला को निहारे जा रहा था और उसकी सासे तब चढनी शुरु हुई जब भोला भी सबकी नजरो से खुद को बचाता हुआ घर मे घुस गया
मदन ने जल्दी जल्दी चावल चबाना शुरु किया और फटाक से मुह धूल कर घर मे जाने को हुआ कि किसी एक पहचान वाले ने उसको टोका ।
मदन के गर्म तवे पर मानो किसी ने पानी छींटे मार दिये हो ऐसे गुस्से मे उसका कालेज छरछराया ।
मदन घर आये मेहमान की दो बाते सुननी ही थी , जैसे तैसे बातो मे उस आदमी ने मदन के 5 - 7 मिंट खा लिये ।
इधर भोला और संगीता ने अपने कमरे का दरवाजा अधखुला छोड कर अपना रोमान्स चालू कर चुके थे ।
जैसे ही मदन को उस आदमी से फ़ुरसत हुई वो लपक कर तेज कदमो से घर के भीतर दाखिल हुआ
बिना कुछ देखे जीने से होकर सरपट ऊपर की ओर भागा
जीने पर तेज कदमो की आहट ने भोला और संगीता को सतर्क किया और उन्होने अपनी योजना आगे बढ़ाइ ।
मदन हाफ्ता हुआ उपर पहुचा और उसने अपनी सासे बराबर करते हुए खुद को पल भर को शान्त किया और अपना तना हुआ मुसल भींचते हुए दबे पाव आगे बढ़ने लगा ।
कमरे का दरवाजा अधखुला पाकर मदन की आंखे चमक उठी ,
मदन को लगा कि उसकी दीदी से मारे जोश मे दरवाजे का ध्यान ही नही रहा ।
उसकी सासे तो तब अटकी जब उसने कमरे के भीतर झाका ।
तेज उफनाती सासो को थामते हुए उसने अपने नथुनो पर अपना पन्जा रख कर अपना लन्ड पजामे के उपर से कस के भिचा और हल्का हल्का सास छोडने लगा ।
सामने का कामुक दृश्य देखकर मदन के मुह मे पानी आने लगा था

समाने संगीता अपनी साडी कमर तक उठाये एक डेस्क का सहारा लेके आगे झुकी थी और भोला निचे से उसकी टांगो के बीच मे घुसकर उसकी चुत पर अपना मुह दे चुका था ।
सन्गिता अपने चुतड को कसती हुई भोला के सर को अपनी चुत पर दबाती हुई कसमसा रही थी - उह्ह्ह रिन्की के पापा और चुसौह्ह्ह उम्म्ंम माह्ह्ह आज सुबह से बह रही है उम्म्ं खा जाओ मेरी बुर उह्ह्ह मेरे राअज्जाअह्ह्ह
अपने बहन के मुह से ऐसी कामोत्तेजक बाते सुन कर मदन का सुपाडा पुरा फुल गया था और भोला पुरे रस से अपनी बीवी की चुस चाट रहा था ।
इधर खाने के पान्डाल मे घर के मुख्य पात्रो को गायब पाकर ममता को फ़िकर हुई , अमन कही नजर नही आ रहा था ।
वो पता करने के लिए वो घर मे गयी और जीने से होकर जैसे ही उपर पहुचने को थी उसने सामने का नजारा देख कर वापस से दो सीढ़ी निचे उतर गयी ।
फिर थोडा मुस्कुराई और हल्के से गरदन उचका वापस से संगीता के कमरे के बाहर मदन को उसका मोटा खीरे जैसा मुसल मसलते हुए देखा ।
ममता मन मे बुदबुदाइ - ओहो मतलब ननद रानी ने अपना जलवा बिखेर ही दिया मेरे देवर पर हिहिहिही
ममता ने उन्हे इंजॉय करने दिया और खुद निचे आ गयी ।
इधर संगीता कमरे मे चौकी पर साडी कमर तक उठाए हुए झुकी थि और भोला अपना मोटा लन्ड उसकी गाड़ मे खुब हचक हचक कर पेल रहा था ।
संगीता - उह्ह्ह मेरे राजाअह्ह्ह्ह्ह कबसे तरस रही थी मै इस पल को ऊहह फक्क्क मीईई उह्ह्ह येस्स्स्स रिन्की के पापा उह्ह्ह्ह और कस के , आज रात मे भी आप मुझे पेलोगे उह्ह्ह मुझे और चाहिये उह्ह्ह

भोला आज अपने साले के सामने उसकी बहन को पेलता हुआ बहुत उत्तेजित हो गया था , उस्का मुसल पहले से ज्यादा तना हुआ और फुला था ।
संगीता की गाड़ मे लन्ड को ह्चक कर भरता हुआ - हा मेरी रंडी मै भी तुझे आज कस कर पेलुँगा , रात जब सब नाच मे बिजी होंगे तब
मै तेरी बुर मे घुस कर नाचूँगा उह्ह्ह मेरी जाआन्ंं मै आ रहा हुउउउऊ उह्ह्ह ओह्ह्ह्ह

संगीता - अह्ह्ह मेरे राजाह्ह्ह भर दो मेरी गाड़ उह्ह्ह झड़ जाअऊओ उह्ह्ह माअह्ह्ह्ह सीईईई ओह्ह्ह्ह उम्म्ंम्ं

संगीता की कामोत्तेजक शब्द सुनकर मदन का भी फव्वारा फुट पड़ा और भलभला कर वो भी झड़ने लगा ।
जैसे ही कमोतेजना शान्त हुई उसकी नजरे फर्श पर बिखरी मलाई पर गयी
जेब से रुमाल निकालते हुए उसने जल्दी जल्दी साफ किया और हड़ब्ड़ी मे निकल गया , बिना ये देखे कि उसकी पिचकारि की चम्मच भर मलाई अभी उस बादामी दिवाल से रिसकर निचे टपकने को हो रही थी ।
इधर जब दोनो मिया बीवी उठ कर बाहर आये तो उन्होने आस पास जांचा परखा
और तभी संगीता की नजर दिवाल पर गयी जो फर्श के लगभग कुछ इंच उपर गाढी सफेद थक्केदार मलाई धिरे धीरे सूख रही थी ।
संगीता उकुडू बैठती हुई अपनी एक उंगली से उस मलाई को सूखती लिजलिजी सी परत पर उंगलियों से दबाव बनाया और वो महिन झिल्ली सी परत हटते हुए गुनगुना सा वीर्य संगीता की उंगलियो पर सरक आया ।
संगीता मे उस ऊँगली को अपने नथुनो के पास लाई और उसे सूंघती हुई भोला को देखा ।
भोला ने कौतुक वश आंखो से उसके बारे मे पूछा- क्या हुआ
संगीता मुस्कुराते हुए - भैया आये थे , उनही की है ये
योजना सफल होने का सुनकर भोला का चेहरा चमक उठा और वही संगीता ने वो रस लगी ऊँगली अपने जीभ पर रख कर उसे चुबलाते हुए उठ खडी हुई ।
भोला ने उसकी गाड़ दबोचकर - अब आगे क्या किया जाये
संगीता - भैया की आग हमने भड़का तो दी है अब उन्हे रन्गे हाथ पकडना होगा , वो भी हम दोनो को एक साथ ।
संगीता की बात सुनकर भोला थोडा अटका - हम दोनो ? लेकिन क्यू ?
संगीता मुस्कुराई और उसने अपनी योजना भोला को बताई जिसे सुनते ही भोला खुशी से चहक उठा और वो संगीता के गाल चुमते हुए बोला - सच मे तु बहुत चालू आईटेम है हिहिहिही
संगिता - अब चले , सब राह देख रहे होगे हिहिह्ही ।
राज के घर
मेहमानो से निपटने के बाद रंगी से राज को कहा कि सबसे घर मे पुछ ले कोई खाने को रह तो नही गया
राज ने बारि बारि से सबसे पूछा और उपर जाकर जब सोनल के कमरे का दरवाजा खटखटाया तो रीना ने दरवाजा खोला
राज - भाभी आपने खाना खा लिया , और कोई है क्या यहा ?
दरवाजा खोलकर सामने राज को देखते ही रीना रिलैक्स होती हुई - हम्म्म्म तो देवर जी आप हो , वैसे हम तो अकेले ही थे
राज रिना की प्रतिक्रिया पर मुस्कराया ने एक नजर रिना को उपर से निचे ताड़ा और तभी उसकी नजर रीना के पेट पर गयी , जहा बीती रात निशा ने उसकी नाभि पर मेंह्दी लगाई थी ।

राज की निगाहे भापते ही रिना ने झट से पल्लू आगे कर लिया
राज मुस्कुरा कर - जब मेरे लिये ही रखवाई हो तो छिपा काहे रही हो भाभी हिहिही
रीना तुनकते हुए - किसने कह दिया कि आपके लिए रखा है हम्म्म
राज ने आस पास नजर घुमाई और हौले से रीना का पल्लू उंगलियो से खोलते हुए रीना की गुदाज गहरी नाभि पर बने टैटू को देख कर उसका लन्ड सर उठाने लगा ।
राज - कल हमने ही तो फरमाईस की थी ।
रीना ने कमरे से बाहर झाका और हल्के से बोली - तो अब हो गया ना फरमाईस पूरी चलो जाओ

राज रीना की नाभि को निहारता हुआ अपनी ऊँगली को उसके पास रेंगाता हुआ थुक गटक कर - अभी कहा भाभी
रीना राज के स्पर्श से कापने लगी और आंखे बन्द करके एडिया उचकाती हुई - सीईईई उम्म्ंम्म्ं फिरररर ??
राज ने नजरे उठा कर रीना का मदहोश चेहरा देखा और निचे बैठते हुए उसने अपने होठ उसकी नरम नरम पेट पर लगाते हुए नाभि पर जीभ फिरा दी ।

रीना कसम्साई और उसने राज के सर को पकड लिया - उम्म्ंम्ममह्ह्ह देवर जीईईई अह्ह्ह न्हीईईई
राज ने अपने सर को रीना के पेट पर दबाव बनाते हुए पीछे की ओर धकेला और कमरे मे घुस गया ।
रीना - आह्ह बदमाश उठो , क्या कर रहे हो
राज उपर उठ कर अपना मुह पोछता हुआ - बस कुछ फरमाईश थी आपसे
रीना थोडा तुनकती हुई - हम्म्म्म बोलो !!
राज ने उसकी कमर मे हाथ डाला और अपने करीब करता हुआ उसकी आंखो मे आंखे डालकर निहारने लगा ,
रीना की सासे अटक गयी उसके होठ कापने लगे ।
राज - और भी कही लगवायि हो मेहंदी उम्म्ंम हमसे छिपा कर
राज की बात सुनते ही रीना लाज के मारे नजरे नीची कर शरमाती हुई हसने लगी - धत्त गंदे छोड़ो
राज ने कसमसाती हुई रीना को अपनी बाहो मे और कसता हुआ- पहले बताओ
रीना हस कर थोडा आत्मविश्वासी होकर - हम्म्म रखा है एक खास जगह , बोलो देखोगे
राज थुक गटक कर - हम्म कहा
रीना - प्क्का ना , बाद मे मुकर तो नही ना जाओगे
राज ना मे सर हिलात हुआ - ऊहु!
रिना - हमने कल रात तुम्हारी दीदी की बुर पर लगाई है मेहंदी कहो तो दिखाऊ हिहिहिही
रीना की मजाक भरी बात सुनते ही राज ने उस्को ढीला छोड दिया - धत्त भाभी मजाक नही !!
रीना राज की प्रतिक्रिया पर खिल्खिलाई - हिहिही सच कह रही हु रुको फोटो दिखाती हुई
रिना ने लपक के बिस्तर पर रखा हुआ मोबाइल उठाया और जल्दी से गैलरी खोलकर सोनल की चुत पर बनी गुलाबी की कलियो की तस्वीरे दिखाती हुई बोली - देखो हिहिहिहिही
राज को अचरज हुआ कि ये कैसे संभव है , मगर रीना भाभी का यू उस्से इस तरह खुल के बाते करना उसे उत्तेजित कर रहा था । ऐसे मे उसने अपना दाव खेला
राज - मै कैसे मान लू ये दीदी का है और आपका नही , उम्म्ं
रीना ने आंखे उठा कर राज को देखा और उसकी चालाकी समझ गयि
रिना - अगर ये तुम्हारी दीदी की हुई तो
राज - मै कैसे मान लू हिहिही पहले आप अपना दिखाओ अगर आपके वहा पर टैटू नही हुआ तो मै मान लूंगा कि आपकी नही दीदी की है ।
रीना राज की चालाकी पर इतराते हुए - लेकिन अगर मै जीती तो वही करना पडेगा जो मै कहुगी
राज को भविष्य के सौदे की फ़िकर नही थी , उसे बस रीना की रसिली गुलाबी चुत देखना था और उसने दरवाजे की चटखनी चढाई और मुस्कुरा कर रिना की ओर घुमा
रीना थोडा लजाती खिलखिलाती हुई , कामोत्तेजक मह्सूस कर रही थी , राज को चुत दिखाने की कल्पना से ही उसकी बुर रसाने लगी थी ।
रीना ने अपनी साडी कमर तक उठाई और पैंटी निचे सरकाने लगी , और बिना कोई झिझक कर राज के सामने अपनी नंगी गुलाबी सेव की हुई चिकनी चुत परोस दी
राज का लन्ड पल भर मे फौलादी हो गया और रिना की चिकनी गुलाबी फाको वाली बुर देख कर उसके मुह मे पानी आने लगा
राज जान रहा था कि किसी भी पल ये नजारा ओझल हो सकता है इसीलिए उसने चतुराई दिखाते हुए एक सिरिअस भाव - अरे भाभी वो क्या है ? वहा !!
रीना भी चौक कर निचे अपनी जान्घे फैलाती हुई बुर को देखने लगी और राज ने मौका पाकर झटके से निचे बैठता हुआ अपनी थूथ रिना की बजब्जाती बुर पर ल्गा दिया
जोर जोर से उसकी रसिली चुत के फाके चुबलाने लगा
रिना चीखी और कसमसाइ - अह्ह्ह नहीईईई देवर्ररर जीईई ओह्ह्ह नहीई हटियेएह्ह्ज उह्ह्ह उम्म्ंम उम्म्ंम
राज ने एक ना सुनी बस उसकी गुदाज नरम जांघो को सहलाता हुआ उसकी बुर को मुह मे भरने लगा और रीना जल्द ही उसकी खुरदरी जीभ के स्पर्श से मदहोश होने लगी

गहराती सासो ने उसकी आवाज मादक सिस्कियो मे बदलने लगी और राज उसकी बुर मे जीभ घुसा कर नचा रहा था औत वो झड़े जा रही
राज के सर को कस कर अपनी बुर से लगाये आहे भरने लगी - उह्ह्ह राज्ज्ज बाबुउउउऊ उम्म्ंम माह्ह्ह सीईई अझ्झ फक्क्क मीई उह्ह्ह
राज ने अच्छे से उसकी बुर चुसाई की और फिर अलग होकर वही बैठ गया ।
उसने खिले हुए चेहरे के साथ हस कर रीना को देखा तो वो शर्माते हुए हस कर अपनी साडी सही करती हुई - चटोरे कही के , बहुत चालू हो तुम
राज उठ कर खड़ा हुआ - आपका ही देवर हु भौजी हिहिही , वैसे अभी एक चीज उधार छोड रहा हु बाद मे उसका हिसाब होगा
रीना अचरज से - क्या ?
राज चहक कर - वही फक्क मीई वाला हिहिहिही
रीना लजाती हुई - धत्त बदमाश चलो जाओ अब हिहिहिहिही
राज हसता हुआ बाहर निकल गया ।
जारि रहेगी




















































































