Adultery Raj-- hero of the family - Page 67 - SexBaba
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Adultery Raj-- hero of the family

अपडेट 214

बेगिनिंग ऑफ़ डिस्ट्रक्शन

part 1…


सिमरन ऐड शूट पर जाने के लिए रेडी हो रही थी तभी उसे मैसेज aya….jisai उसने ओपन किया तोह उसमे लिखा था “मम अर्जेंट न्यूज़ ह मोबाइल पर नहीं बता सकता हु मेरी जान को खतरा ह आप नाईट मई इस एड्रेस पर आजाना.. सिमरन मैसेज पढ़कर चौंक गयी और एड्रेस देखने पर उसे पता लगा ये एक शिपिंग यार्ड का एड्रेस ह जंहा पर उसे उसी बार अटेंडर से मिलने रात को जाना ह पर अर्जेंट न्यूज़ के नाम से हे उसका दिल बैचैन होने लगा था की ऐसी क्या न्यूज़ होगी जिसके लिए उसने खुद मिलने बुलाया ह …उसने अपने सारा सचदुले आज का कैंसिल कर दिया और रात होने का वेट करने लगी जब उसे उस बार अटेंडर से मिलना tha…..taki उसे वो जरुरी इनफार्मेशन मिल sake..aur राज को बता सके ताकि आगे होने वाले किसी भी इन्सिडेंट्स से बचा जा sake…uske मन मई यही चल रहा था की राज को अभी कॉल करू या नहीं …पर आखिर मई दिमाग की जगह दिल ने हे कहा इसी बहाने आवाज तोह सून लेगी कॉल करले …और उसने कॉल लगा लिया पर आज सायद उसकी किस्मत ख़राब थी… कॉल की रिंग जाती रही और कुछ पल बाद हे सिमरन को दूसरी तरफ से एक मीठी सी आवाज सुनायी दी… “Hello”

सिमरन “hello मुझे राज से बात करनी ह”

सामने से “आप कौन”

सिमरन “मैं उनकी फ्रेंड सिमरन”

सामने से कुछ पल कोई आवाज नहीं फिर दुबारा से आवाज आयी… “वो अभी सो रहे ह मैं उठते हे उनको इन्फॉर्म कर दूंगी की आपका कॉल आया था “

सिमरन “…सो रहे ह ….ये कैसे मुमकिन ह वो तोह कभी सोते हे नहीं इस वक़्त …आप जोके कर रही ह उन्हें कॉल दीजिये”

इस बार सामने से सिमरन को एक नाराजगी भरी टोन सुनाई दी “जोके करने के लिए आप मेरी फ्रेंड नहीं h…jab उनका मतलब राज जी का कॉल ए तोह खुद हे पूछ लेना की जोके मार रही थी या पत्थर” इतना कह उसने कॉल कट कर diya…toh दूसरी तरफ सिमरन हैरान होकर खुद से हे बोली “बहुत गुसैल लड़की ह …पर राज का कॉल तोह कोई और उठता हे नहीं ह और आज पहली बार राज की जगह किसी और ने उठाया तोह क्या वो कविता थी ….नहीं अगर कविता होती तोह ऐसे बात नहीं करती ये …चुड़ैल कौन आगयी जो राज के करीब जाने की कोसिस कर रही ह ….” सिमरन के तन बदन मई आग लग गयी ….सिमरन ने उस इंसिडेंट के बाद बहुत से नेचुरल और साइंटिफिक ट्रीटमेंट करवा कर अपनी बॉडी को पर्फेक्ट्ली वेल मेन्टेन कर लिया tha…aur अब वो पहले से जायदा सुन्दर हो गयी थी इसलिए उसे पूरा ट्रस्ट था की वो राज के करीब आहे जाएगीइ….

इधर कॉल कट करने के बाद …पूनम गुसाई से जल रही थी क्योकि …बस मई बड़ी मुश्किल से अनु कविता और मनीषा की मदद से वो राज के साथ बैठ पायी थी और ये जनाब एते हे सो गए थे और इस वक़्त भी वो गहरी नींद मई पूनम के कंधे पर सर टिका कर आराम से सो रहे the….isliye वो पहले हे उखड़ी हुवी थी …और ऊपर से सिमरन के हक़ जताने वाले स्टाइल से वो और उखड गयी thiii…aur पास की सीट्स पर बैठी हुवी तीनो उसे गुसाई मई देख और छेद रही थी……

पूनम मन मई “हे भगवन क्या चाहते ह ये इतनी हीमत कर इन्हे दिल की बात बताई और ये जनाब ह की आराम से सो रहे h….inhe बिलकुल भी समाज नहीं अत ह क्या की एक लड़की साडी मान मर्यादा भूलकर इनके पास बैठी ह पर ये ह की पतझड़ के मौसम की तरह सुस्त होकर सो रहे ह“

तोह वंही आगे बैठा …अपूर्व तीनो बसेस मई से राज की हे बस मई हे जान भुजकर बैठा हुवा था …और मोबाइल मई टाइप करता जा रहा था …और एक नज़र सामने लगे मिरर से पीछे खासकर राज को देखे जा रहा tha….usne आँखों पर ब्लैक सनग्लासेस पहन रखे थे ताकि राज पूनम को पता न लगे की उसकी नज़र ह दोनों पर aur…uske चेहरे पर इस वक़्त राज को सोता देख बेहद खतरनाक मुस्कान thi….aur मन हे मन बोलै ..सोले बीटा सोले पर जो तू सोच रहा ह वो कभी नहीं होगा “ अपूर्व सिंह की निगरानी karwayega….aur सोचेगा पता नहीं lagega….shadow बनकर सिर्फ तेरे गॉर्डस हे तेरी सेफ्टी रखते ह …तोह मेरे गॉर्डस मेरी सेफ्टी नहीं रखेंगे ….तेरे प्यार जिसके साथ तू रात भर रात रंगीन करके आया h…teri ैप षिविनि जो मेरे भाई को मरने मई इन्वॉल्व थी वो दोनों इस वक़्त किसी पंख कटी हुवी मुर्गी की तरह मेरे पिंजरे मई फाड् फाड़ा रही होंगी काटने से pahle….aur कौन था हां वो हल्क जैसा अभय वो …और तीन और थे न श्रुती ..अज्जू abhay….abhi तोह ये भी जायेंगे और खासकर जिसकी वजह से सुरु हुवा तेरी वो Deepika…Tadap बहुत दर्द देती ह जैसे मेरे भाई की मौत ने मुझे तड़पाया ह मैं भी तुझे तेरे हे तरीके से छिपकर दर्द दूंगा बस …देखता जा ….और तेरे मरने के बाद तेरा खंडन तेरी याद मई ऐसे हे मर jayega…..just वेट एंड वाच फॉर माय रिवेंज मर nirwana….maut का ऐसा तमाशा दिखाऊंगा की हर रोज सपने मई तुझे ये मंजर दिखेगा …डेथ हेलो की भयानक सोच से परे की वो कितना खतरनाक प्लान बना चूका ह इस वक़्त राज जो गहरी नींद मई था वो सपने मई किसी और हे दुनिया मई था….. उसे उसके माँ पापा दिखाई दिए जो किसी जेल जैसी जगह मई बंद थे …उसके पापा को झांझीरो से बांध कर रखा हुवा था …उनके बाल धड़ी बड़ी बड़ी हो राखी थी राज सपने मई हे उनके करीब गया toh…janjeero से बंधे हुवे सहदेव को कुछ ाहसुस हुवा और उसने अपने आसपास देखा पर उन्हें कुछ दिखाई नहीं …. तोह वो बोले …राज क्या ये तुम हो ….सामने खड़े राज की आंखे आंसुओ से भीग गयी और वो बोलै है ये मैं हु पापा …पर सहदेव को उनकी कोई बात सुनाई नहीं डीई ..तभी एक हंटर सहदेव की पीठ पर पड़ा और उनकी चीक निकल गयी ये देख राज दर्द से तड़फड़ा उठा और खुद के सामने अपने पापा को हंटर पड़ते देख बेबस महसूस करने लगा और दर्द और तड़प की वजह से तुरंत उसकी आंखे खुल gayi……apne चेरे पर किसी का हाथ देख वो झटके से सीट से खड़ा हो गया और उसके ऐसा करने से पूनम भी घबरा गयी…

राज ने आसपास की जगह को देखा तोह महसूस किया की वो सपने मई वो सब देख रहा था तोह नार्मल होकर पूनम के पास बैठ गया …पूनम ने भी पानी की बोतल राज को दी …राज एक हे साँस मई आधी बोतल पानी की खली कर कर गया ..

पूनम “मुझसे इतना दर लगता ह आपको”

राज हड़बड़ाकर “वो मैं सपना”

पूनम जल्दी से “तोह अब मैं सपने मई डरती हु आपको “

राज जल्दी se“na न नं नाहीइ ..फिर खुद को नार्मल कर मज़ाक मई बोलै आप तोह अपनी आँखों से हे डरा देती हो सपने की तोह फिर बात हे अलग h…pata नहीं था आपको गुस्सा अत ह ….वो भी इतना इतना इतना जायदा ….”

पूनम एक पल तोह हक्की बक्की रह गयी फिर राज के हे लहजे मई boli“galti करोगे तोह दन्त तोह पड़ेगी हे na….isliye सोच समाज कर हे दोस्ती करनी चाहिए थी न …और वैसे भी मैंने भी वो गंदे वाले राज जी से थोड़ी na…itna कह वो चुप हो गयी “

राज तुरंत पूनम की तरफ मूड गया और बोलै “ क्या थोड़ी न …और वैसे भी मैं तोह ऐसा हे हु “

पूनम “तोह मैं भी सुधारना जानती हु ….और याद रखना हम से तोह भगवन भी नहीं जीत पाए तोह आप क्या किस खेत की मूली ho….daru और सिगरेट या कोई भी नशा करते मुझे दिखे तोह …सोच लेना ..”

राज “क्या करोगी”

ये पूनम के चेहरे पर कातिलाना मुस्कान आगयी और वो मुस्कुराते हुवे बोली “ मैंने सुना ह दादाजी से बड़ा दर लगता ह apko….nahi नहीं दिव्या माँ को ड्रिंक से और खासकर सिगरेट से तोह शाक्त नफरत ह और आप तोह उनके लड़के बेटे हो तोह सोचकर हे मज़ा ारः ह क्या दुनायी होगी apki….are नहीं नहीं मैं उन्हें कैसे भूल gayi…sonali डीई उन्हें तोह आपकी सिगरेट का पता हे नाहीइ …क्या हो उन्हें पता लग जाये तोह फिर राज के कान के पास आकर …आपकी भाभी को सिगरेट पिने वाले बिलकुल भी पसंद नहीं ह… बहुत शाक्त नफरत करती ह मुझे कई बार कहा ह उन्होंने और वो तोह सीना थोक कर बोलती ह मेरा राज तोह इतना ाचा ह ड्रिंक भी कभी कभी हे करता ह वो भी जिद पर …बेचस्री वहाँ मई जी रही ह”

राज अपनी आंखे फाडे पूनम को देखने लगा …पूनम ने अपने बालो को हाथ से झटका और दोनों उंगलियों एक दूसरे से हिलाते हुवे बोली …सुधारना तोह मुझे अत ह लास्ट वार्निंग ह आपके लिए samjhe…apko सबकुछ मन ह …फिर सॉफ्ट टोन मई और वैसे भी छोड़ने के लिए तोह नहीं कहा बस लिमिट मई रहने के लिए हे कहा ह न क्या मेरे लिए इतना भी नहीं कर सकते ह ap…ye कहते हुवे उसने बड़ा मासूम से चेहरा बनाकर अपनी प्यारी सी मुस्कान मई राज से कहा तोह …राज बस पूनम को देखता हे रहा गया….

पूनम “चलो जल्दी से है बोलो …आपको पता ह न हम लड़कियों को न सुनने की आदत नहीं होती ह ..और फिर भी कोई न कहते तोह हम हमारा ब्रमाश्त्र यानि आंसुओ का इस्तेमाल कर देती ह …अब आप ये तोह बिल्किल नहीं चाहेंगी की मैं रो दू… आपके सामने ”

राज अभी भी पूनम को एक तक देखे जा रहा tha…aur पूनम की लास्ट की बात सून अपने माथे पर हाथ मार लिया और धीरे से बोलै “हे भगवन पूनम जी आप कविता अनु से दूर रहा करो उन्होंने आपको क्या से क्या बना दिया ह गुसाई तक तोह तीख था आपको ब्लैकमेल करना भी सीखा दिया दोनों ne…phir गहरी साँस chodkar…acha तीख ह वडा ह सिर्फ लिमिट मई और सिगरेट कभी नहीं पियूँगा अब तोह रहम कार्डो मुज पर ”

पूनम खुसी से “थैंक यू थैंक यू जाओ बचा सदा खुस रहो तथास्थूण”

राज “क्या ये सब इसीलिए ह क्योकि आप मुझे प्यार करती हो”

पूनम “ाचा अगर मैं ये सब प्यार की वजह से करू तोह क्या आपको ाचा लगेगा …जब की आप मुझे अपना दोस्त समझते ह ….नहीं लगेगा न ाचा तोह आप खुद हे सोचिये एक लड़की कभी नहीं चाहेगी न उसका प्यार गलत आदतों मई पड़े ….मन मैं ट्रेडिशनल संस्कारो वाली ओल्ड सोच वाली लड़की hu…par …आपको …वैसे नहीं देख सकती हु आप चाहे कुछ भी समझे एक लड़की जिसे अपना सब मानती ह उसका साथ मरते दम तक निभः“

राज सीरियस होकर “मेरी मौत कभी भी हो सकती ह …एक घंटा या एक पल कभी भी …ये आप अचे से जानती हो …फिर क्यों ऐसे लड़के के साथ आप अपने सपने देखना चाहती ह जो आपको न वॉट दे payega…aur न कभी खुशिया …और खुशिया भी तब देगा जब वो जिन्दा होगा …यंहा तोह पता हे नहीं जिंदगी का….. फिर पूनम का हाथ अपने हाथ मई लेकर पूनम जी आप बहुत अछि लड़की ह …और मैं आपको आपकी जिंदगी मई हमेशा खुस देखना चाहता हु …न की dhukhi….abhi आपके जीवन मई आगे बहुत खुसिया आने वाली ह पर मैं उन्हें देखने के लिए जिन्दा होऊंगा या नहीं ये भी मुझे नहीं पता ह…”

पूनम जिसकी आंखे भीग चुकी थी “वो भीगती आँखों से हे राज को देखकर बोली…. “सुहागन बनूँगी तोह apki..aur विधवा बनूँगी तोह आपकी…” इतना कह वो बहार की तरफ देखने lagii….Raj पूनम का ताका सा जवाब सुन कर हैरान रह गया तोह कविता और अनु कड़ी होकर राज के पास गयी और खड़े होकर जाने को कहा क्योकि मनीषा ने देख लिया था की दोनों की बाते सीरियस हो रही ह और पूनम रो रही ह …राज उठकर मनीषा के पास आकर बैठा तोह मनीषा बोली “वो तुमसे कब से प्यार करती ह उसने तुम्हे बता दिया होगा ह न …और उसके प्यार की हद देखो राज की वो हर दवा मई तुम्हारी ख़ुशी की जगह तुम्हारे सरे ढक खुद के हीसाई मांगती h…wo बहुत सिंपल लड़की ह राज जब से तुमसे उसे प्यार हुवा h….uski दुनिया बस तुम्हारे इर्द गिर्द घूमती h….jab तुम घायल होकर ए तोह मंदिर और बस तुम्हारे आगे दिन रात बैठी रही जब तक तुम्हे होश नहीं आया उसके आंसू थमाई हे nahi……tum क्या सोचते हो …तुम्हारे बारे मई कुछ पता नहीं ह उसे …सोनाली मम तुम्हे प्यार करती ह उसे सब पता ह और उसे ये भी अंदाज़ा ह …और ये बात उसे पहले पता होती की सोनाली दी तुम्हे इतना जायदा प्यार करती ह तोह वो खुद पीछे हैट जाती पर जब तक उसे पता लगा वो तुम्हे अपना सब कुछ मान चुकी thi…raat को तुम्हारे रूम मई ana…tumhare सोने के बाद से लेकर जागने से तीख पहले अपने रूम मई चले जाना इवन तुम्हारे कपडे भी खुद उसने अपने हाथो से धोये ह जब तुम बीएड रेस्ट पर थे और जब भी तुम उसके पास rahe…tumhara ब्रेकफास्ट से लेकर डिनर तक सबकुछ उसने तैयार किया तुम्हे क्या पसंद ह क्या नहीं एक एक चीज एक एक बात वो हमसे पूछती ह इवन किसी गैर मर्द से भी उसने बात करि तोह यही जानने के लिए करि की एक सिंपल लड़के को कैसे ड्रेसेस पसंद h….aur जरा ये सोचो की कैसा फील होता होगा उसे की अभी अभी बानी उसकी बड़ी बहन हे उसके प्यार को जान से जायदा प्यार करती ह ….और कैसे खुदको समझती होगी की जब ऋचा को पता लगेगा की पूनम भी राज को चाहती h…richa तोह उसके लिए यही समझेगी न की अपनी हे बहन का घर लूट लिया… कितनी हे बार कहा उसने मुझसे की मैं मर jaungi…manisha राज के बिना …पर मैं उसे समझती रही की कोई न कोई रास्ता निकल जाएगा तू बस हीमत मत harna….aur बस इसी एक उम्मीद मई वो जिन्दा ह की एक दिन तुम उसके ोयर एक्सेप्ट karoge…..usai तुमसे कुछ नहीं चाहिए तुम्हारी चाहे एक शादी हो या हज़ार उसे कोई शिकायत नहीं ह वो बस थोड़ा सा बस थोड़ा सा… प्यार और साथ चाहती तुम्हारा …मैंने इतनी लड़किया देखि पर ये लड़की …ये अलग ह …इसकी नस नस तुम बेस हो तुम्हारे पास होते हे ये चहक उठती ह …… मनीषा की इतनी बाते सून राज बुरी तरह हैरान परेशां और गहरी सोच मई पढ़ gaya….usai समजनाही ारः था की वो क्या करे ..

मनीषा “इतना मत सोचो मुझे पता ह तुम अभी दीपिका दी के रिश्ते लेकर परेशां हो “

राज “एक तक मनीषा को देखकर ..आपको पता था”

मनीषा “है मुझे पता था …पर मैंने तुम्हे जानभूझकर नहीं बताया ताकि तुम एमोशनालय भी स्ट्रांग बनो …”

राज अब कुछ नहीं बोलै और बस चुप चाप सामने की तरफ देखने laga….tab मनीषा ने उसे गले लगा लिया क्योकि वो बखूबी समाज सकती थी की राज की हालत क्या ह इस वक़्त….

पर सबसे आगे बैठा अपूर्व सिंह सब देख रहा था और उसके चेहरे पर कोई एक्सप्रेशन नहीं थे …

तोह wanhi….Banglore मई…

सोनाली “12 घंटे बिट चुके ह सुन्दर”

सुन्दर भी हैरान था पर वो बोलै मम “48 हॉर्स मांगे ह आप ट्रस्ट कीजिये मिल जायेगा वो “

सोनाली “मुझे पूरा यकीं ह वो बंगलोरे मई ह और जिस हिसाब से उसका घर ह वो साला जरूर किस दारू की दूकान पर या किसी बार मई पड़ा होगा …तुम गाड़ी निकालो मैं खुद ढूंढूंगी उसे …”

सुन्दर कुछ बोलता इससे पहले हे सोनाली बहार निकल गयी

पीछे खड़े सुन्दर ने तुरंत हवालदार को बोलेरो निकलने का आर्डर दिया और खुद सोनाली की तरफ चल दिया…. कुछ दिएर बाद हे सोनाली सुन्दर के साथ लोकल दारू की दुकान और छोटे मोठे बार को चेक कर रही थी …वो इस वक़्त सिविल ड्रेस मई thi…aur एक बार मई घुसी तोह …कुछ चूतिये जिनके चूल मची हुवी रहती ह उड़ता लेने की वो भड़की हुवी शेरनी के पास आशिकी लड़ने आ हे गए …..

“अरे मेरे साथ पीना जानेमन सारा खर्चा मेरा होगा”

“दूसरा जाना …इस बार की सबसे महंगी जगह मेरी बुक ह”

सोनाली जो भड़की हुवी थी उसने दोनों हाथो से दोनों की निचे की गोटिया पकड़ ली और कसकर मसल दी और बोली …अब एक छू भी निकली तोह ऐसा मरूंगी की दोनों गोटिया मू से बहार आजाएंगी …भगगगग यंहा से ….अब वो भागते क्या बेचारे निचे गिर गए अपनी गोटिया पकड़के कसमसाने लगे …और कुछ अंदर से उठकर ए तोह सोनाली ने शर्ट को कमर से थोड़ा ऊपर कर दिया जंहा उनसबको गन दीखते हे सब चुप चाप बैठ गए …

सुन्दर बार के ऑफिस से बहार आया और दो को निचे लेते बिलबिलाते देखा तोह सब समाज गया और बोलै “मम यंहा नहीं ह चलिए हम दूसरी जगह चेक करते ह “

सोनाली भी तुरंत वंहा से निकल गयी सुन्दर के sath…tabhi बिच रस्ते मई सुन्दर को कॉल आया …और सुन्दर तुरंत बोलै “मम मरी को एक बार मई किसी ने पहचाना ह वो बोल रहा ह उसने उसको देख ह”

सोनाली तेज़ी से “मूव सुन्दर फ़ास्ट fast…i वांट मरी अन्य हाउ “

सुन्दर के कहते हे हवलदासर ने भी तुरंत ु टर्न मारा पुलिस की बोलेरो तेज़ी से साउंड करती हुवी उस बार की तरफ भगा दी..….

सोनाली “सुन्दर उतारते टीम के साथ सरे एक्सिस्ट्स ब्लॉक कर देना…

सुन्दर यस मम …बोलेरो के बार के पास पहुंचते हे…

सोनाली “ये साला भादवा इस महंगे बार मई क्या कर रहा ह”

सुन्दर “अंदर चलके देखते ह मम”

सोनाली ने है मई गर्दन हिला डीई…

पर बार मई घुसने से पहले हे बहार खड़े एक बाउंसर ने उन्हें रोक दिया जिसे देख सोनाली का चेहरा बदलने लगा …सुन्दर ने ये देखा तोह उसने अपना कार्ड दिखाया तब बाउंसर…

“पहले मुझे अंदर से परमिशन लेने दो”…. अभी उसने इतना हे कहा था की दो गोलियों की आवाज हुवी और दोनों बाउंसर अपनी तंग पकड़कर जमीन मई दर्द से तड़प रहे थे…

सोनाली “अब जब भी पुलिस का नाम सुने तोह तुरंत हैट जाना वर्ण ….इतना कह सोनाली ने उसके मू पर खींचकर किक जड़ दी जिसकी वजह से आप उसकी नाक से भी खून बहने लगा था”

सुन्दर मन मई “ये तोह बिना वार्निंग भी गोली चला देती ह”

सोनाली को आगे जाता देख वो भी अपने ख्याल से बहार आया और सोनाली के पीछे हे अंदर घुस गया….

अंदर का महल दिन मई भी रात जैसा था बीट्स और बास की वाइब्स से लड़के लड़किया सब थिरक रहे थे .. सोनाली “हद हो गयी ह इन लड़के लड़कियों के आगे तोह …ये कपडे भी क्यों पहनती ह …नंगी हे घूमे …सब तोह दिख रहा ह …समाज से बहार ह छिपा क्या रही ह”

सुन्दर “मम उस तरफ”

और फिर सोनाली को लेकर एक प्राइवेट रूम की तरफ आगया …जंहा का उसे नंबर दिया गया था रूम ओपन करते हे अंदर …5 जाने पार्टी करते नज़र ए …और सुन्दर को वर्दी मई देख कर भी कोई रिएक्शन नहीं दिया जैसे ये सब नार्मल हे हो उनके लिए …..जब किसी को रियेक्ट करता नहीं देखा तोह सुन्दर ने हे पूछा

सुन्दर “मरी के लिए कॉल किसने किया था ..

उनमे से एक बोलै पहले रोकड़ा…

सुन्दर “तुम इनफार्मेशन दो कन्फर्म होने पर रोकड़ा भी मिल जायेगा …पुलिस वाले ह धोखा नहीं देंगे”

उनमे से अब दूसरा कार्ड खेलते हुवे बोलै “कुत्ता पालो बिल्ली पालो शेर भी पालो पर पुलिस वालो का विस्वास बिलकुल भी नहीं ह इतना कहते हे उसके साथ के सब हंस पड़े”

सुन्दर ने सोनाली की तरफ देखा तोह वो उसे देखते हे समाज गया क्या क्या होने वाला ह उस ने क्रिस्चियन स्टाइल मई ऊपर वाले से रहम की दुआ मांगी…

सोनाली “सुन्दर तुम्हे जिस नंबर से कॉल आया था उस नंबर पर रिंग करो”

सुन्दर “यस मम”

बैठो हुवो मई से एक “ अरे maidam…maidam तोह बहुत कड़क h…marengi हमे …बिना प्रूफ बिना गलती कैसे मरेंगीए हमे बिना गलती पुलिस कुछ नहीं कर सकती ह सबूत चाहिए होता ह इतना कानून तोह अपुन भी जनता ह“ तभी बिच मई रखा मोबाइल रिंग हुवा ..

सोनाली “आखिरी बार पुचुन्गुनगी ये मोबाइल किसका ह”

सरे एक एक करके अपुन का ह अपुन का ह और दुबारा हसने लगे ..

अब सोनाली की बर्दास्त से बहार था उसने अपने आगे बैठे शख्स के बाल पकडे और पूरी ताकत से उसका सर टेबल पर भिड़ा diya…abhi वो कुछ और समझते उससे पहले हे दुबारा से सोनाली ने उसका सर भिड़ा दिया और लगातार भिड़ा टी gayiii…baki बैठे उसके साथियो ने ये देखा तोह वो सब बचने के लिए खड़े हो गए पर उन्हें क्या पता था की आज वो जिसका सामना कर रहे ह वो आल इंडिया पुलिस डिपार्टमेंट की सब्बसे खूंखार और बेरहम ऑफिसर्स मई से एक h…sonali ने टेबल पर पड़ी बोतल उठा ली और …एक एक सर पर फोड़ thiii….aur बोतल के सर पर फुट ते हे वो चीक पड़ा पर सोनाली को कान्हा उसके दर्दकी परवा थिई उसने टूटी हुवी बोतल को अब बचे हुवो के हाथ और पैरो पर घोपने सुरु कर दिया …सुन्दर बेचारा तीख से समाज भी नहीं पाया था तब तक सोनाली सबको जमीनपर लेता चुकी थी

सोनाली “किसका ह ये मोबाइल”

निचे पड़े हुवे सबने एक की तरफ ईशर किया जो सोनाली के पैरो के पास हे पड़ा था और ये वही था जिसे सबसे पहले बोतल सर पर मरी थी….

सोनाली “तेरे पिछवाड़े मई बहुत खुजली ह इतना कहते हे सुन्दर को देखा”

सुन्दर “मम मम शांत हो जाईये पहले पूछ तोह लीजिये मरी कान्हा h…aur तू चूतिये बोलेगा या नहीं या और मार कहानी ह…

वो आदमी जल्दी से “ मैडम उसे एक हफ्ते पहले यही देखा था कुछ लोगो के साथ आया था उसके बाद से नहीं दिखा ह आप कक्तव चेक करलो आपको पता चल jayega…hume छोड़ dijiye…hume इनाम भी नहीं चाहिए ह अब…”

सोनाली “इनाम तोह बीटा मिलेगा तुझे और ऐसा इनाम दूंगी की तू सबसे पहले रोज पूरी जिन्दगीमुझे याद करेगा सुन्दर नंगा करो इसे और हिले तोह शूट कार्डो”

करीब 5 मिनट बाद एक दर्द नाक चीक गूंज गयी उस रूम mai….sonali और सुन्दर के जाने के बाद निचे पड़े हुवे बाकी अपने साथी को छीकते हुवे उसके पास सरकते हुवे पहुंचे तोह देखा उसके पिछवाड़े मई आधी बोतल घुसी हुवी thi….ye देख उनमे से एक बोलै… बनछोड़ बोलै था तेरे को पुलिस वाले से मस्करी मत करना पर नहीं आआह्ह्ह माँ ….पर नहीं माँ छुडवानी थी तुझे हे ईश्वर लड़की ह या ये क्या h….log तोह आगे से से पिटे ह तुझे तोह पीछे से पीला गयी ….”

ऊपर सोनाली ने कक्तव मई जा कर पिछले कुछ दिनों की फुटेज देखि तोह …उसे मरी मिल गया और उसकी आँखों मई चमक आगयी…

सोनाली “सुन्दर अब मुझे ये आदमी सूरज की पहली किरण के साथ मेरे सामने चाहिए ह”

सुन्दर “हो जायेगा मम चलिए और सुन्दर ने उस एरिया के सभी पुलिस स्टेशन मई मरी के साथ बैठे तीनो की डिटेल भी भेज डीई….”

जंहा अब सोनाली सुभे से दोपहर तक भागदौड करते हुवे मरी के करीब अति जा रही थी तोह वंही मुम्बई मई सुभे से कुछ खास हो रहा था…

दिल्ली की फ्लाइट से मुम्बई बिना राज मनीषा को इन्फॉर्म किये बिना पहुंचे राहुल और दीपिका आपस मई बात कर रहे थे….

राहुल “रिलैक्स यार सब तीख होगा अब तुम इतना नर्वस होवोगी तोह फिर कैसे बात करोगी राज se..aur वो तुमसे छोटा ह डरना उसे चाहिए ह दर तुम रही हो”

दीपिका “यार मुझे कुछ सही नहीं लग रहा ह एक तोह हम बिना बताये यंहा आगये ह …पता नहीं कैसे रियेक्ट करेगा वो “

राहुल “बता कर एते तोह सरप्राइज कैसे देते और अगर इतनी हे टेंशन ह तोह तुम्हारी भाभी मनीषा को साथ ले लो ….वो तुम्हारी हेल्प करदेंगी और तुम हे तोह कर रही थी राज उनकी बात नहीं टालता ह

दीपिका “है ये तीख रहेगा …चलो पहले उनके हे घर चलते ह वो साथ होंगी तोह मेरी हीमत भी बानी रहेगीइ वो”

दोनों डिसकस कर सीधे मनीषा के घर पहुंचे और गेट से आइडेंटिटी बता कर अंदर गए तोह सामने से उन्हें रइवे करने मनीषा की माँ आयी …

म माँ “औ बेटी …अचानक क्या बात ह सरप्राइज दिया ह”

दीपिका “आंटी वो भाभी”

म माँ “ओह्ह मतलब भाभी की याद आरही थी पर बीटा वो तोह आज सुभे हे टूर पर चली गयी फर्स्ट ईयर के सभी स्टूडेंट्स के साथ तुम दोनों बैठो मैं कॉफ़ी लती हु”

ये सुनते हे मनो दीपिका को बड़ा धक्का सा लगा …

म माँ सोफे पर बैठी हुवी दीपिका और राहुल को çोफ्फी देते हुवे “अब वो सब एक वीक बाद आएंगे …और तुम दोनों को इंगेजमेंट की बहुत बहुत शुभकामनाये मीटिंग थी बहुत जरुरी इसलिए आ नहीं पायी…”

दीपिका धीरे से “थैंक यू”

म माँ “तुम दोनों फ्रेश हो जाओ पहले औ मई तुम्हे रूम दिखती हु ….फिर नास्ता साथ करते ह ..”

दीपिका “जी आंटी”

पर रूम मई जाते हे उसने दूर बंद किया और उसके आंसू बाह निकले ….राहुल ने उसके कंधे पर हाथ रखा तोह उसने दूर झटक दिया ..और अपनी भीगी आँखों से उसे गुसाई से देखने लगीई….

राहुल “ी म सॉरी मैं तोह बस सब अचे के लिए हे चाहता tha….yaar और परसो वैसे भी डिनर पर सुनील से अचे से इस बारे मई बात हुवी थी न उसने भी नहीं बताया की राज आज टूर पर जा रहा ह अगर वो बता देता तोह हम एक दिन पहले हे आजाते….”

दीपिका नीची गर्दन करे हुवे हे बोली “तोह हम कौनसा उसे बता कर यंहा ए ह जो वो बताता hume…mujhe तुम्हारी बातो मई नहीं आना चाहिए था …मैं हे बेवक़ूफ़ थी जो तुम्हारी बातो मई agayiii…aur अब तोह उसे पता लग हे jayega…tour पर …क्या बीतेगी उस पर ……मैं हे बेवक़ूफ़ थी सच मई मैं हे एक नंबर की दुफर thi…….kya सोचेगा की सबको बता दिया सिर्फ मुझे हे नहीं बताया …..और ये सब हुवा सिर्फ तुम्हारी वजह से क्योकि तुम्हारी फॅमिली को बहुत जल्दी thi…shadi इंगेजमेंट की…”

राहुल “ी म सॉरी यार …तू कहेगी तोह पेअर पकड़कर उसे मन लूंगा…”

दीपिका ने उसे कोई जवाब नहीं दिया ….इधर ये दोनों आपस मई जो हुवा उसके बारे मई सोच रहे थे toh….mumbayi मई हे …कंही …

“मास्टर वो लड़की जिसकी वजह से सब हुवा था दीपिका सिंघानिया वो मुम्बई हे आगयी ह….”

सामने से अपूर्व की आवाज आयी “जैसे हे घर से बहार निकले आगे क्या करना समाज हे गए होंगे तुम”

“यस मास्टर”

दीपिका और राहुल इस बात से अनजान की मौत उनके बेहद करीब h…wo किसी और हे सोच मई the…ki अब आगे क्या करे दीपिका का अब कंही जाने का मूड नहीं था इसलिए वो राहुल से नाराज होकर कुछ भी करने के मूड मसि नहीं थी…

तोह दिल्ली मई…

दिल्ली अंडरवर्ल्ड हेड रंजन के पास खड़ा था और दोनों सामने प्रोजेक्टर पर पूरी डिटेल को देख रहे थे…

रंजन “कैसे भी कमिश्नर को इंगगे करना होगा ताकि वो खुद इस रूट को फॉलो करने पर मजबूर हो jaye…aur जब वो इस रूट को फॉलो करेगा तब हम उस पर अटैक करके ख़तम कर denge.iska बेस्ट तरीका होगा दूसरी जगह बड़ा हमला हो ताकि सबका धयान दूसरी तरफ होगा …और कमश्नर भी प्रॉब्लम सोल्वे करने के बाद रिलैक्स होकर घर ारः hoga…wo सोच रहा होगा की बड़ी प्रॉब्लम सोल्वे हो गयी h..par असली प्रॉब्लम तोह उसका रस्ते मई इंतज़ार कर रही होगई…….”

दिल्ली अंडरवर्ल्ड head“Phir…us कप्तान सिंघानिया का क्या करना ह हमे तोह डेथ हेलो से क्लियर आर्डर मिले ह उसकी पूरी फॅमिली मई सुनील सिंघानिया को हे जिन्दा छोड़ना ह और उसकी बेटी तोह मुम्बई गयी ह और उसे वंहा खुद डेथ हेलो अपने आदमियों से डील करवा रहे ह…”

रंजन “बिलकुल ऐसा हे करना ह यंहा पर कप्तान और उसकी वाइफ को ख़तम करना और साथ हे कमश्नर की फॅमिली को मुम्बई की की उन्ही पर हे छोड़ दो…”

दिल्ली हेड “तोह आगे की प्लानिंग कुछ इस तरह की h…kaptaan सिंघानिया कल मंथली मीटिंग के लिए आएगा हे आएगा और उसके आने जाने के दो हे रूट ह या तोह वो इस तरफ से आएगा या इस तरफ …से अब हम ये रूट बंद करवा देंगे तोह उसे इस रस्ते से घूम कर आना पड़ेगा …और जब वो यंहा इस गली से शार्ट कट लेगा तब हम उस पर अटैक करेंगे ….और मुझे पूरा यकीं ह उसकी कार बुलेट प्रूफ होगी तोह हम एक बड़े कटर का उसे करेंगे और एक साइड से बॉडी के दूर को हे कट कर देंगे …..और सेकंड थिंग एक टीम उस एरिया मई सिग्नल जम्मर फिट करदेगी ताकि पुलिस या कोई और सपोर्ट उसे न मिले एंड लास्ट फाइनल थिंग …कप्तान सिंघानिया के काफिले मई तीन कार चलती ह जिसमे से बिच वाली मई वो खुद अपने 2 बॉडी गॉर्डस के साथ होता ह और आगे पीछे उसके 8 बॉडी गॉर्डस रहते ह और सिर्फ दो हे गॉर्डस के पास आटोमेटिक गन्स होती ह…

रंजन एक्सीलेंट फिर कल खेल ख़तम करते ह ….

दिल्ली हेड “आप यंहा से लाइव आराम से देख सकते ह “

रंजन “मुझे एक और दुश्मन को ख़तम करने जाना ह तुमने 400 आदमी तैयार कर दिए ….”

दिल्ली हेड “बस आज शाम तक तुम्हारे हथियार पहुंच जाये फिर मेरे आदमी तैयार ह और रात को हे निकल जायेंगे …जैसा तुमने कहा वंहा मैंने मेरे कुछ आदमी पहले से हे सेट कर दिए ह जो वंही पास के गाँव ह तुम्हे कोई दिकत नहीं आएगी ”

रंजन “अगर सब सही हुवा तोह तुम्हे मुम्बई अंडर वर्ल्ड मई अपना राइट banaunga…aj जो हो उससे दुगनी पावर और रूतबा होगा तुम्हारा”

दिल्ली हेड “थैंक यू फ़िलहाल आपके लिए 2 रुसिअन्स का अरेंजमेंट किया ह आप उनके साथ स्पा का मज़ा लीजिये फिर रातको निकलना भी ह आपको…”

रंजन के चेहरे पर मुस्कराहट आगयी और बोलै … कई दिन से भागदौड़ मई तनबदन दर्द हो रहा ह इनके sath…aram मिल जायेगा वैसे भी रात को निकलना भी ह आखिर कल का दिन बहुतो की जिंदगी का आखिरी दिन होने वाला ह …” इतना कह वो सीटी बजता हुवा दोनों खूबसूरत रस्सियन की कमर को पकड़कर एक रूम की तरफ चला गया….

तोह वंही राज और पूनम एक रेस्टुरेंट मई आमने सामने थे और बाकी तीनो उन दोनों को आपस मई बात करने का पूरा मौका दे रही थी…

पूनम “अब कब तक ऐसे घूरते रहोगे”

राज “जब तक आप मुस्कुरा न दो”

पूनम “उसके लिए तोह आपको हे कोई तरीका ढूँढना होगा”

राज “हम्म ये भी सही ह …लड़ो भी आप और फिर मनौ भी मैं”

पूनम घूरकर “उल्लुओ की तरह दिन मई सोये हुवे हो …उलटे काम खुद करते हो और फिर शिकायत भी न करू ….मतलब आपको अभी भी अपनी गलती का कोई पछतावा नहीं ह”

पर राज को इतना बोलता देख मुस्कुरा रहा था जल्द हे पूनम को रीलीज़ हुवा की ये राज उसे तंग कर रहा ह तोह वो गुसाई से चुप होकर राज को घूरने लगी….

राज “बी गॉड पूनम जी आजकल आपको बहुत गुसा आने लगा ह पता नहीं स्वीट सी पूनम जी कान्हा गयी जो केयरिंग …समिलिंग फेस वाली क्यूट सी लड़की थी…”

पूनम “इन चिकनी चुपड़ी बातो से कुछ नहीं होगा….”

राज… “तोह फिर कल की शाम आप और मैं साथ बिताये मैं आपको अपने हाथो से कुछ स्पेशल बनाकर खिलाऊंगा ….ये कैसा रहेगा हमेशा आप खिलाती ह इस बार मैं खिलौ आपको अपने हाथो से”

इस बार ये सून पूनम के चेहरे पर मुस्कान के साथ साथ शर्म भी आगयी…

तभी एक और आवाज आयी..

“अरे क्या बाते हो रही ह सुभे हरिद्वार पहुंचेंगे …गंगा मई डूबकी लगते समय अपनी गलतियों की माफ़ी मांग लेना क्या पता आगे मौका न मिले …क्यों राज सही कहा न ….वैसे भी पापो का पता कान्हा लगता ह”

राज “बिलकुल सही कहा मैं जरूर अपने पापो की माफ़ी मांग लूंगा और उनकी भी जो आगे होने वाले ह”

अपूर्व “अरे ये क्या बोल रहे हो आगे होने वाले पापो की माफ़ी ..जिंदगी रहे तोह दुबारा मांग लेना ये एडवांस माफ़ी वाला फंदा मेरी तोह समाज से बहार ह bhai..kyo मिस पूनम आप तोह मुझे पूजा पाठवली पुरे ट्रेडिशनल लड़की लगती ह …क्योकि आप हे ह जो हमेशा सिंपल ड्रेस मई ह रहती न जबकि बाकि सब कम्फर्टेबले तोह कोई ब्यूटी प्लस मई हे चूर रहती ह…

पूनम भी हंस पड़ी “आप भी न सर क्या गंदे जोके मर रहे हो …मैं एक इंडियन लड़की हु मैंने जो सीखा ह उसे हे फॉलो करती हु …बस और पाप करने हे क्यों …..न करो पाप न मांगनी पड़े maafi…itni सी जिंदगी ह जिसे हंस कर जियो और दुसरो के साथ भी हंसकर जियो सिंपल”

अपूर्व “सब आप जैसे नहीं ह …किसके मन मई क्या होता ह ये कोई नहीं जान पता ह क्यों राज “

राज अपूर्व की आँखों मई देख कर “सही कहा अपने इंसान दीखता कुछ और ह पर उसकी हकीकत कुछ और हे होती h…pata नहीं चलता ह की किसके दिल मई कितने राज़ दफ़न ह”

अपूर्व “वो यार तुम तोह किसी सस्पेंस थ्रिलर स्टोरी की तरह बात करते हो कंही तुम भी डबल रोले तोह नहीं करते हो न “इतना कह वो मुस्कुरा उठा और बोलै जस्ट किडिंग ..टूर पर ह थोड़ा फन तोह होना हे चाहिए ह लेटस जो बहुत टाइम लगने वाला ह हउमै ये तोह भला हो एक्सप्रेस हाईवे का जो नॉन स्टॉप वॉल्वो बस चल रही ह….”

राज चलने लगा तोह पूनम ने धीरे से उसका हाथ पकड़ लिया और बोली “आगे तोह आप यंहा से चले जाओगे पता नहीं फिर कभी दुबारा ऐसे हाथपकड़कर साथ चलने का मौका न मिले या न मिले …इसलिए टूर तक प्लीज मन मत करना …

राज “मेरी रह मई सिर्फ कांटे ह पूनम जी मेरा हाथ पकड़ने से आपकी जिंदगी भी सिर्फ बर्बादी और अँधेरे की तरफ हे जाएगी…”

पूनम “मंजूर ह बस आप साथ rahna..maut ए तब भी हाथ मत छोड़ना”

राज ने कुछ नहीं बोलै और बस हाथ पकड़े हुवे हे चलने लगा …

पीछे दूर से हे मनीषा ख़ुशी से “yes…yes यस.,..”

अनु सुर कविता भी एक दूसरे के गले लग गयी और तुरंत वीडियो कॉल श्वेता को लगा दिया और श्वेता ने जब ये देखा तोह वंही …..अपने रूम मई जोर जोर से छीकते हुवे खुसी से झूम उठी आखिर यही तोह वो चाहती की राज की जिंदगी मई कोई ऐसी लड़की ए जो राज को बेइंतिहा प्यार करे और यही हो भी भी रहा tha…poonam पीछे चलते हुवे भी खुस थी क्योकि उसने आज एक कदम जो बहुत बड़ा था वो उठा लिया था ….बस मई भी रात को स्लीपर मई राज के पास वाले स्लीपर मई लटकर उसे देखती रही ….क्योकि मनीषा के धोखा देने से हे सही उसने राज को आज के दिन गले लगा लिया था …वंही राज पूनम को उसके पापा से मिलवाकर जल्द से जल्द उसे ख़ुशी देना chàhata था……

वंही अपूर्व जो लेता हुवा tha…uske मोबाइल पर कॉल आया..

अपूर्व “बोलो”

सामने से मास्टर पूरी तयारी कर्ली ह हमारे कैम्प्स सेट करने वाले सभी हम हे honge…aur जैसा अपने कहा खाने की व्यवस्ता दूर की गयी ह …सब आपके प्लान के अकॉर्डिंग हुवा ह …

अपूर्व “एक्सीलेंट ….आज की रास्त इसे सोने देते ह क्योकि की कल के बाद ये ये दुबारा जनम भी लेगा तोह अपने साथियो और चाहने वालो की मौत देख कर दूसरा जनम लेने से darega….kal इसे मौत का लाइव टेलीकास्ट दिखाएंगे उस मॉडल को भी उन दोनों के साथ हे रखना बहुत इनफार्मेशन देती ह उस छोकरे को सबसे पहले वो हे मारेगी “

सामने से "यस यंग मास्टर"

अपूर्व ने कॉल कट कर दिया और उसके चेहरे पर ज़हरीली मुस्कान आगयी …

तोह इस तरफ रात को रंजन अपने खास बॉडी गॉर्डस के साथ मंडावा की तरफ निकल गया ..और अलग अलग व्हीकल से उसकी पूरी फौज निकल गयी ….मंडावा के लिए राज के परिवार को बुरी तरह तबाह karne…ke लिए

आज के लिए इतना हे जल्द मिलते ह अगले अपडेट मई ….अपडेट साइज 5.8 क वर्ड्स…
 
अपडेट ....कल रात को या ...परसो रात को मिल जायेगा
 
एड की बहुत बहुत शुभकामनाये

और जो भाई बंधू अभी तक अपडेट पढ़ने के बाद लिखे देने मई शर्मा रहे हो वो भी लाइक्स थोक de....kal आपको आगामी 215 अपडेट मिल जायेगा
 
अपडेट टुनाइट..

फर्स्ट वेव......
 
Editing....expected टाइम 10.40 मिनट्स
 
अपडेट 215



Part तवो

एन्ड ऑफ़ बेगिनिंग डिस्ट्रक्शन फ्यू हॉर्स तू लेफ्ट फॉर फर्स्ट वेव …

तप तप तप …

बारिश की बिच सुभे के 4 बजे बंगलुरु के जंक यार्ड मई भागने की 2 जानो के पैरो की तेज़ आवाजे आरही thi……aur गौर से देखने पर पता लग रहा था की आगे वाला आदमी और पीछे वाली एक लेडी ह….

वो lady“Bhag भड़वे भाग आज तोह तू पटल मई भी घुस गया तोह भी मैं तेरे पीछा नहीं chodungi…milkha सिंह बनना ह न तुझे…. तेरी माँ छोड़ दूंगी एक बार हाथ मई अजा बस तू”

आदमी जो आगे भाग रहा था वो अब थक कर बुरी तरह चूर हो चूका था और करीब हाफ ऑवर आंख मिचोली खेलने के बाद रूक कर बोलै “मैडम क्यों अपुन के पीछे पड़ी हो आप मैं एक मामूली आदमी हु”

Lady“Pata ह भड़वे तू कैसे आदमी ह …हथियारों से लेकर लड़कियों की दलाली तक सब करता ह ….मुझे सीखा रहा ह पुलिस वाली हु …भाग न अब भागता क्यों नहीं ह…. अब अगर तू हिला भी तोह अगली गोली जो चलेगी तेरे पीछे से पिछवाड़े से घुसकर आगे से भर आएगी …न हिला पायेगा न धो पायेगा समजा …बहुत उड़न पारा बन लिया”

मरी… “मैडम तू अपुन को जानती नहीं ह”

सोनाली “चुप कर बे चूतिये …तू कोई मंत्री ह जो तुझे जाँऊगी अभी थोक दूंगी तोह सड़ता रहेगा लावारिश पड़ा कुत्ते भी तेरी सकल पर मूतने नहीं आएंगे “

मरी सोनाली की बात सून अपने चेहरे पर हरहलेगा कर बुरा सा मू बनाकर “आखिर क्या चाहती हो आप अपुन बराबर पैसा तोह देता ह सबको और आप मुझे पकड़ भी लेंगी तोह भी मैं जल्दी हे रिहा हो जाऊंगा मैडम “

सोनाली … “चुप भोस्डिके अब अगर छू भी करि तोह तेरी जबान हे काटूंगी पहले भोस्डिका तब से कछार पचार कर रहा h….tu कान्हा गटर मई मू मरता ह क्या खता ह मुझे कोई मतलब नहीं ह बस मुझे तेरे बाप मां के बारे मई सब जानना ह”

मरी “mama….phir सोनाली से ….गन हाथ मई लेकर झाँसी की रानी बन रही हो… मैडम गन नहीं होती तोह मैं तुझे बताता की मरी की मर्दानगी क्या ह”

सोनाली गन बैक मई लगा कर “मुझे तोह जिसकी मर्दानगी देखनी ह उसका मुझे पता ह और ऊपर वाले ने चाहा तोह आगे देख भी लुंगीय पर तुझे आज जरूर बताउंगी की कब कान्हा कितना भोखना chahiye…itna कहते हे वो मरी की तरफ भागी और हिमाचल मई गुरूजी के पास सीखी फाइट स्किल्स का उसे किया वो मरी के तीख पास आकर घुटनो पर मीचे फिसलती हुवी गयी और उसके दोनों घुटनो पर अपनी कोहनी का पूरी ताकत से वार किया …मारी झटके से हवा मई आगे की तरफ पेट और मू के बल सीधा जमीन पर आकर gira…sonali ने दूसरा मौका हे नहीं दिया उसे उठने का और घुटने के बल सीधा उसकी रिड की हड्डी लैंड कर gayiii….mari उस बारिश मई दर्द से पूरा जोर लगा लगा कर दर्द से चिकने लगा उसके तेज़ आवाज सून सुन्दर और उसकी टीम जो इधर उधर मरी को धुंध रही थी वो भी वंहा आगयी…

सोनाली “सुन्दर इसे वंहा उस जगह तक लेकर औ”

सुन्दर ने 2 कांस्टेबल को इशारा किया तोह वो मरी को घसीट ते हुवे लेकर ए और उसे चेयर पर बिठा दिया…

सोनाली नंगा करो …हरामी मोती चमड़ी का ह बहुत ढ़ोढ़या ह सेल ने पूरी रात इधर से उधर …

सुन्दर को तोह पता था की सोनाली के टार्चर हे खतरनाक होता ह पर कांस्टेबल सोच रहे थे मैडम फीमेल ह और इसे नंगा देखेंगी कैसे…

सोनाली गुसाई से “सुना नहीं “

सुन्दर सोनाली को गुसाई से देख खुद हे आगे बढ़ा और मरी को कुछ हे मिनट मई नंगा कर दिया ….

सोनाली .. इसके शूज खोलो उसके अंदर वाले शोएलेस्स निकालो और उस बड़े से पत्थर के साथ बांधो और इसकी मर्दानगी पर लटका दो और है हर दो मिनट मई वजन बड़ाहट जाओ …और तब तक करना जब तक ये मू खोलने के लिए तैयार न हो जाये …

सुन्दर “सुनलिया न जल्दी करो”

1 मिनट 2 मिनट 5 मिनट हे बीते होंगे की मरी का दर्द के मरे हालत बुरी हो गयी thi….aur अब ये दर्द पल पल उसकी बर्दास्त के बहार होता जा रहा था…

सोनाली हाथ मई पकडे रोड को देख कर “वैसे क्या हो अगर ये तेरे पीछे से गुसाई तोह मरी ने ये सून मू बिगाड़ लिया तोह सोनाली बोली क्या huva…meri बात सुनकर तेरे एक्सप्रेशन बता रहे ह तूने आज तक सील खोली हे ह खुलवाई नहीं h..kitni गलत बात ह देखे जरा तेरी मर्दानगी कितना दर्द सह पायेगीइ जब तेरी सील tutegiii…itna कह उसने सुन्दर की तरफ देखा तोह वो तुरंत वो रोड लेकर आगे बढ़ gaya….aur 4 पुलिस वालो ने मरी को उल्टा लेता diya…agai क्या होने वाला ह वो समाज गया और जल्दी से बोलै “मैडम मेरी बात” उसने अभी इतना हे बोलै था की दर्द से उसकी चीक निकल गयी …..और दुबारा चीखा “मैं बताऊंगा जो आप पूछेंगी”

सोनाली “खवामा खा अपनी फड़वा ली अब तोह यंहा डॉक्टर भी नहीं ह एक काम करो ये डंडा ऐसे हे इसके पिछवाड़े मई फंसा रहने दो डॉ से खुद हे निक्वा लेगा”

सोनाली की ये बाते सून जंहा मरी को रोना आगया तोह बाकी सब हसने लगे …क्योकि अब गांड मई ऐसे डंडा लिए वो किस मू से डॉ के पास जाता

सोनाली “सिर्फ एक सवाल ह जो तू जनता ह मां कान्हा ह “

मरी “मैडम वो कान्हा ह ये तोह मुझे नहीं पता ह पर 10 साल पहले वो अपुन के पास आया था और अपुन उसका खास दोस्त होने की वजह से उसने मुझे आर्म्स सुपल्ली का काम दे दिया और बोलै हमेशा लौ प्रोफाइल रहना ताकि किसीको भी तुज पर सक न हो और चुपके से जो मजे करना तू करना.”

सोनाली “लगता ह तेरी सील पूरी खुली नहीं ह”

मरी नंगा हे सोनाली के पैरो मई गिर गया पर गिरे हुवे उसकी पोजीशन बड़ी ावक्वार्ड दी जिसे देख सुन्दर की हंसी जोर से निकल गयी …क्योकि सोनाली के सामने उसका पिछवाड़ा था जिसमे दंड घुसा हुवा था..

मारी “ मैडम बोल तोह रहा हु आप ठण्ड रखो … भाई लोग कोई मैडम के लिए ठंडा लाओ रे ….फिर वो आगे बोलै …मां हे कहते थे उसे सब और मुझे भी उसका नाम मां हे मालूम h…hamari dostiii…tab हुवी जब उसे लोग पिट रहे थे मैंने उसे बचाया और अपने साथ काम पर लगाया …उसे रहने की जगह दी …कुछ भी हो साला दिमाग का बहुत तेज़ tha…main उस वक़्त देसी रिवाल्वर बेचता tha…aur वो भी मेरा साथ देता था इस काम मई एक से बढ़कर एक आईडिया देता था सप्लाई ke…aur जब हम रात को दारू पिटे तब बोलता की मैं एक दिन खूब पैसा कमा कर गन्स बना कर गवर्नमेंट को बेचूंगा ….सबसे बड़ा आर्म्स डीलर बनूँगा एक दम मिनिस्टर माफिक वाइट कलर आदमी …और मैं कहता था सपना बहुत देखता ह tu…par वो सच मई बन गया और साला सप्लाई करने लगा 10 साल पहले मिलने आया मुझसे तोह साला सूट बूट और बड़ी गाड़ी मई था और उसके साथ बॉडी गॉर्ड भी थे ….और बोलै की देख बन गया मैं वाइट कलर आदमी आज मेरा गन्स सप्लाई का बहुत बड़ा काम ह और उसने मुझे भी यंहा के बड़े बड़े लोगो से मिलवाया ….”

सोनाली “वो काम कान्हा करता ह अभी “

मरी “ काम कान्हा करता ह ये पूछने पर भी नहीं बताया बोलै तू आम खा बस दिमाग मत लगाओ मेरा काम और अपुन को भी क्या करना था जानकार”

सोनाली मोबाइल से फोटो निकलकर “इस फोटो मई और अब वाले मई कितना फर्क आगया ह उसमे मतलब की धड़ी रखता ह या गांजा हो गया मतलब अब दीखता कैसा ह ये तोह तू बता हे सकता ह”

मरी “क्या मैडम मस्त मज़ाक करती ह आप”

सोनाली बिना एक्सप्रेशन उसे देखती रही ….

मरी “मैडम एक बात का जवाब देंगी आप पहले ..”

सोनाली गुसाई से उसे देखने लगी

मरी “मैडम ठण्ड ठण्ड रखो आप बारिश भी हो राखी ह अब तोह ठंडी हो जाईये आप सवाल जरुरी ह इसलिए पूछ रहा हु”

सोनाली “पूछ”

मरी “मैडम आप मां मां करती हुवी इतना बड़ा डंडा अपुन के पिछवाड़े मई घुसा दिया और आपको ये भी नहीं पता ह की वो अब दीखता कैसा ह”

सोनाली पहले तोह समझने की कोसिस करि की मरी ने क्या कहा फिर तुरंत चौंक कर बोली “मतलब अब वो अलग दीखता ह”

मरी “बारे बार पकड़ी मैडम आप …उसने प्लास्टिक सर्जरी करवा ली ह …साला एक बार खुदकी हे इलीगल फैक्ट्री मई फंस गया था इसलिए पुलिस से बचने के लिए उसने प्लास्टिक सर्जरी करवा ली “

सोनाली “मरी मेरे काम की एक बात बता दे मैं वडा करती हु तुझे आज़ाद कर दूंगी और दुबारा कोई सवाल नहीं पूछूँगी”

मरी तोह दर्द मैं भी ख़ुशी से चहक उठा “ मैडम एक क्या कई बात बताता हु जो मुझे पता ह …पहली बात वो एक लीगल एआरएम सुप्प्लिएर ह इंडिया का दूसरा उसके पैरो पर जलने के निशान अभी भी ह स्विमिंग कर रहा था तब देखा था और करीब उसकी हिघ्त 5.10 इंच के करीब होगी …और है उसके हाथॉयरो की बहुत बार इलीगल सप्लाई देने मैं मुम्बई गया हु बस इतना हे बता सकता हु मैं इसे जायदा न बताया न जानने की जरुरत padi…apne पुरे खंडन की कसम खता हु जितना बताया सच बताया “

धन्य …एक फायर शॉट हुवा और मरी जमीन पर लुढ़क गया…

सुन्दर “मम अरेस्ट कर सकते थे”

सोनाली “जिंदगी मई कभी पॉवरफुल लोगो को गिरफ्तार मत करो क्योकि उनके बाप दादा या उनके पैसो पर पलने वाले कुत्ते बचने आजायेंगे …इसलिए दुनिया से विदा कार्डो और जो भी तरफ दरी करने ए उसे भी फंसा दो ….और मौका मिलते हे टपका दो इसे पहले की वो तुम्हे रस्ते से हटा दे समझे …तुम एक अचे पुलिस ओफ्फिसर हो इसलिए ये बात दिमाग मई बैठा लो”

सुन्दर “समाज गया मम”

सोनाली ने उसका कन्धा थपथपाया और अपनी फ्लाइट्स की टिकट अज्जू से बुक करके सीधे दिल्ली निकल गयी और वंहा से अगले दिन वो मुम्बई चीफ से मिलकर वापस मुम्बई आने वाली थी पर अब उसके दिल मई एक सुकून था की उसने बहुत बड़ा क्लू धुंध लिया ह मां ka…jiski बदौलत वो बहुत जल्द उस तक पहुंच जाएगी ये उसे विस्वास था……

नोट( सोनाली हर दिन का क्या कर रही ह ये बता रहा हु और श्रुती क्या कर रही ह वो भी डिटेल मई बता रहा हु इसी तरह हर चैरेक्टर एक हे दिन क्या कर रहा ह ये दिखा रहा हु तोह दिन रात के चक्कर मई कंफ्यूज मत हो जाना …क्यों की राज के हिसाब से तोह आज रात हो चुकी ह और वो बस मई सो चूका ह और सोनाली के हिसाब से सुभे हे हुवी ह और अब वो दिल्ली जा रही h…ab श्रुती की डिटेल आएगी की उसने क्या किया रंजन के पीछे दिल्ली आने के बाद सो स्टोरी लूप मई चल रही ह डिफरेंट चैरेक्टर्स की

थैंक यू)

अब कंटिन्यू…

श्रुति जब रात को एयरपोर्ट पहुंची तोह उसने चीफ को कॉल किया..

चीफ “पहुंच गयी गुड अब सुनो रंजन माथुर यंहा से सीधा दिल्ली के हिल्टॉन होटल गया ह और अभी भी वंही ह …वंहा से 3 एग्जिट पॉइंट ह 2 मैं और एक स्टाफ के लिए ….मैंने तीनो पर हे अपने आदमी बैठा दिए ह पर अंदर क्या हो रहा ह ये हमे पता नहीं ह ..और मोस्ट इम्पोर्टेन्ट उसके पर्सनल नंबर पर ऐसी कोई कॉल नहीं आयी जिस साई हमे डाउट हो इसे एक बात साफ़ ह की वो एक नंबर और उसे कर रहा ह….”

श्रुती “थैंक यू सर मैं आगे देख लुंगी मैं होटल हे निकलती हु सीधा “

चीफ “गुड मैंने तुम्हे अपने तीनो ऑफिसर्स के कांटेक्ट नंबर भेज दिया ह कोई सुर नीड हो तोह कॉल में और फाॅर्स की जरुरत हो तोह कमिश्नर सर को कॉल कर लेना “

श्रुती “सूरे सर “

श्रुती ने कॉल कट किया और सीधी हिल्टॉन होटल पहुंच गयी जंहा अज्जू ने एक होटल रूम मई विप बुकिंग दिखा डीई…

अज्जू इन कॉल “बेबी रंजन कक्तव एरिया मई नहीं ह विप गल्लारी मई कक्तव नहीं ह तोह वंहा की पोजीशन मैं नहीं बता सकता हु तोह तुम्हे खुद हे जाकर चेक करना होगा और वैसे भी वो कौनसा तुम्हे जनता पहचानता ह ..”

श्रुती “मैं खुद देख लुंगी …”

श्रुती ने कॉल कट किया और कुछ दिएर तोह वंहा घूमी पर उसे रंजन कंही नहीं दिखाई दिया पर डिनर हॉल मई वो दिखायी diya…shrutii उसके पीछे रही और उसे उसका रूम नंबर भी पता लग गया .. और रात के करीब 3 बजे तक तोह वो जगी रही पर उसे कुछ भी सस्पीशियस नज़र नहीं aya….agle दिन की सुभे उसने रंजन को बहार जाते देखा पर वो उसकी आँखों से दिल्ली के साउथ मार्किट मई कंही पैदल पीछा करते हुवे घूम हो गया और ये वही वक़्त था जब रंजन दिल्ली हेड के साथ कमिश्नर पर कैसे अटैक करना ह उसकी प्लानिंग कर रहा था ….श्रुती गुसाई से झुंझुला उठी ..और अज्जू की हेल्प ली तोह …अज्जू ने जो भी उस एरिया के कक्तव ऑनलाइन थे पुलिस के उनको चेक करते हुवे श्रुती को बताया की वो एक क्सक्सक्सक्स कैफ़े एंड रेस्टोरेंट मई घुसा ह पर श्रुती वंहा पहुंची तोह उसे रंजन दिखाई नहीं दिया पर एक बात उसी वक़्त और हुवी….

एक मेल चीफ को तोह एक मेल इंटेलिजेंस वालो की कमिश्नर के पास आयी …..जिसे पढ़ते हे कमिश्नर ने तुरंत चीफ को कॉल मिला दिया

चीफ “है मुझे भी रइवे हुवी ह और अगर ये रिपोर्ट सही ह तोह फिर एक बात साफ़ ह ये लोग बम प्लानिंग सिर्फ दिखावे के लिए कर रहे h.inka मोतिवे कुछ और ह”

कमिश्नर “,सही कहा अपने क्योकि हरियाणा पंजाब और दिल्ली गैंग्स एक दम से दिल्ली मई एक्टिवटे हो गयी ह ..तोह जरूर इनका टारगेट कोई खास ह ….”

चीफ “आप कप्तान ji,sunil और अपनी फॅमिली की सिक्योरिटी भाड़ा दीजिये …क्योकि अटैक आप पर और आपकी फॅमिली पर भी हो सकता h…sonali और शिवानी भी यंहा नहीं ह इसलिए आपको जायदा अलर्ट रहना होगा …….

जोगिन्दर “श्वेता की टेंशन नहीं ह उसकी सिक्योरिटी हम दोनों से स्ट्रांग होगी आप भूल गए ह सायद ….वो किसकी बहन ह आपको पता ह न …उसने श्वेता के पीछे बिना उसको बताये …अपने खुदके सेलेक्ट किये हुवे फाइटर लगा रखे ह जो होते तोह ह पर श्वेता को या किसी को भी दीखते नहीं ह इसलिए जब तक कोई उनसे ताकतवर न अजय तब तक उसका कोई बाल भी बांका नहीं कर सकता ह ….”

चीफ “है जोगिन्दर जी मैं तोह भूल हे गया था की वो निर्वाण की बहन ह …तीख ह मुझे और कोई अपडेट मिलती ह तोह मैं आपको बता हु”

जोगिन्दर सिंह जो बात करते हुवे जस्ट घर हे पहुंचे the….unki नज़र हॉल मई ख़ुशी से चहकती नाचती हुवी श्वेता पर गयी तोह वो पूछ पड़े…

“क्या बात ह मेरी तीस मार खान किसका सीकर कर लिया ह जो इतनी चहक रही हो”

श्वेता मू banakar“kahlo कहलो आज कुछ नहीं कहेगी श्वेता… आज मेरा मूड मस्त ह …आज आपको फ्रीडम ह बोलने ki….waise मुझे कल शॉपिंग पर जाना ह और फिर नेक्स्ट वीक मुम्बई भाई के पास और कितने दिन बाद आउंगी पता नहीं ह और डोंट वोर्री आपके पैसे खर्च नहीं करुँगी खूसस बेकौसे ी म रिच ….”

जोगिन्दर सिंह “नहीं अभी कंही नहीं जाना ह खतरा ह बहार ….अभी सेफ नहीं ह कुछ बड़ा होने वाला ह”

श्वेता “पापा यू कॉंव न हु ी म अब तोह मेरे पास भी बुलेट प्रूफ सुव ह वो भी ज़ ब्लैक विप नंबर वाली पुलिस से भी achi..….toh कोई गोली चलाये या स्निप्पेर मुझे कुछ नहीं होगा”

जोगिन्दर सिंह गुसाई से “श्वेता सीरियस”

श्वेता कस रोने जैसा मू हो गया ..

जोगिन्दर सिंह उसको पास मई पबइठकर “बेटी तुम्हे कुछ होगया या चोट लग गयी तोह तुम जानती हो न राज दुखी हो jayega…aur वो सब छोड़ कर यंहा ajayega….aur ये बात तुम आजमा भी चुकी हो पहले इसलिए समझो सिक्योरिटी का और सेफ्टी का सवाल ह”

श्वेता “पापा सिक्योरिटी ह न मेरे पास”

जोगिन्दर सिंह “पर बीटा उन्हें किसी ने नहीं देखा ह”

श्वेता “पापा पर भाई ने कहा था न एक बार की तुम्हारी सेफ्टी मेरी जिमेदारी ह तू मस्त घूमा कर मेरे भूत तेरी सेफ्टी karenge”itna कह वो कुछ सोचने लगी और तुरंत बहार भागकर आगयी जोगिन्दर सिंह भी उसके पीछे पीछे लॉन मई आगये ….और श्वेता को देखने लगे…

श्वेता चिल्लाकर “क्या कोई यंहा ह… क्या तुम्हे मेरे भाई ने मेरी सेफ्टी के लिए रखा ह अगर है तोह मुझे अभी तुम्हे देखना ह”

पर काफी दिएर तक भी कोई नहीं आया तोह….

जोगिन्दर “बेटी ये कमिश्नर होम ह यंहा बहुत सिक्योरिटी ह कोई अंदर नहीं आसक्त ह चलो अंदर chalo….par श्वेता कड़ी रही …..और एक बार दुबारा चीखी …. “अगर अब भी कोई सामने नहीं आया तोह मैं भाई को कह दूंगी ….की तुमने मेरी सेफ्टी का धयान नहीं रखा मुझे दर लगता रहा akele…aur भी सो तरह के झूट bolungi…tum जानते नहीं हो मुझे…”

पर शामे रिएक्शन हुवा कोई नहीं आया जोगिन्दर जैसे हे अंदर जाने के लिए पालते तोह थोड़ी दूर से एक आवाज आयी…

“हम यही ह क्या छाती ह आप”

जोगिन्दर सिंह ने तेज़ी से मुड़कर तुरंत आसपास देखना सुरु कर दिया तोह उन्हें सामने एक तरफ कौन मई दिन के उजाले की रौशनी की तरह ड्रेस पहने हुवे एक इंसान दिखायी diya….jo बहुत बहुत जायदा गौर करने पर हे दिखाई दे रहा था….

जोगिन्दर “तुममम”

सामने से “ये एक हाई टेक् सूट ह जिसकी कीमत करोड़ो मई ह लिमिटेड लोग हे इसे बनवा सकते ह ये दिन के उजाले मई आसपास की चीजों के रंग की तरह हो जाता h…taki हम जब आपके घर के अंदर हो तोह किसी को दिखाई न दे… फिर श्वेता की तरफ देख कर हमने आपकी साडी बात सुनली ह …और जब तक हम चार जिन्दा ह कोई भी मतलब कोई भी वो चाहे आपके पिता हे क्यों न हो आपको नुकसान नहीं पंहुचा सकते ह राज सर ने हमे इसलिए हे आपकी सेफ्टी मई रखा ह क्योकि जब भी निर्वाण का उनका राज खुलेगा सबसे पहले खतरा आपको हे हो सकता h…isliye खतरे से जितना दूर रहे उतना ाचा होगा….” इतना कह वापस वो पीछे कई फ़ीट खिसक कर खड़ा हो गया और लग हे नहीं रहा था की वंहा कोई खड़ा ह…. सिक्योरिटी मई लगे पुलिस वाले अभी भी यही सोच रहे थे की श्वेता किसी आवाज मार रही thi…aur दोनों जाने लॉन मई क्या धुंध रहे ह…

उस शख्स के जाने के बाद भी कमिश्नर हक्के बक्के खड़े रहे the…kafi दिएर

श्वेता “अब तोह जा सकती हु”

जोगिन्दर क्या हे बोलते उनकी तोह समाज के बहार था की वो शख्स आया बोलै और वापस गायब हो गया और एक नहीं चार चार h….jo यही छिपे रहते ह और दीखते भी नहीं h….wo अपनी सोच से बहार ए और श्वेता को देखा और है मई गर्दन हिला दी क्योकि आज पहली बार था जब उन्होंने ऐसा कुछ देखा था जो एक अजूबा हे था उनके लिए उनके मू से सिर्फ यही निकला “ये लड़का अपने फादर से भी जायदा स्ट्रांग बनेगा …”जोगिन्दर सिंह भी अंदर चले गए तोह श्वेता ने जाकर सुव को खुद साफ़ किया ….क्योकि सुनील ने उसे जोगिन्दर सिंह के अलावा किसी को भी टच करने से मन किया tha…aur स्पेशलय चलने से पहले मैनुअल अचे से याद करने को कहा था…

वंही श्रुती उस कैफ़े एंड रेस्टोरेंट के आसपास हे रही तोह उसे कुछ दिएर बाद रंजन उसी कैफ़े एंड रेस्टोरेंट से बहार एते हुवे दिखाई दिया…

श्रुती “अज्जू इस पर नज़र रखना ये आदमी बहुत होशियार ह…”

ाजू “ok तुम बस उसे फॉलो करो मेरी नज़र ह उसपर अबकी बार वो बच नहीं पायेगा”

श्रुती इस बार गलती नहीं करना छाती थी इसलिए वो पुरे टाइम उसका पीछा करती रही और लगातार अपना भासे बदलती रही …शामको वापस होटल पहुंचने पर उसे एआरपीएस मई अज्जू की आवाज सुनाई डीई…

श्रुती “क्या हुवा”

अज्जू “एक चीज स्ट्रेंज हो रही ह …यार “

श्रुति “क्या”

अज्जू “ जब तुम उसका पीछा कर रही थी तब मैं पिछले पुरे वीक की साडी जगह की कक्तव फुटेज चेक कर रहा था मुझे आल इंडिया क्राइम बेस से करीब 300 लोगो की फुटेज मैच हुवी ह जो एक वीक मई दिल्ली ए ह …और ये गिनती और भी बढ़ सकती ह पर अभी इतना हे पता लगा h….aur एक बात वो लोग भी उसी तरफ ए ह जंहा रंजन अभी गए थे”

श्रुती “अज्जू बहुत बड़ी गड़बड़ लग रही ह तुम एक बार मुम्बई की भी चेक करो की वंहा तोह ऐसा कुछ नहीं हो रहा ह न ….मैं जब तक सोनाली मम से कांटेक्ट करती हु”

अज्जू “वेट बेबी वैसे वो …दिल्ली पहुंच गयी ह अभी कुछ दिएर पहले हे ….”

श्रुती “ok मैं कांटेक्ट करती हु”

अज्जू से डिसकनेक्ट कर उसने तुरंत सोनाली को कॉल मिला diya….sonali इस वक़्त सुनील के घर पहुंच कर आराम कर रही थी आखिर पिछले कई दिनों से वो दिन रात भाग दौड़ कर रही थी और उसे अभी एक अछि नींद चाहिए thi……mobile की रिंग हुवी तोह वो जगी उसने मोबाइल देखा तोह उसका दिल खुसी से झूम उठा क्योकि ये राज का कॉल था…

सोनाली “कॉल आया मेरे यार ka…meri जिंदगी आबाद हो gayiii….mera रोम रोम झूम उठा मनो ….सुखी धरती पर बरसात हो गयी….. टूर पर फ्री होते हे याद आयी तुम्हे”

राज “क्या कर रही थी आप”

सोनाली “मेरी जिंदगी मई बस दो हे काम ह एक तुम्हे याद करना और दूसरा तुम्हारा बदला लेने मई हेल्प करना और फ़िलहाल तोह मैं नींद मई तुम्हारी बांहो मई सो रही थी”

राज मुस्कुरा कर “ये कोई वक़्त ह सोने का”

सोनाली “क्या करू साहब मेरा यार बड़ा जालिम ह ”

राज “काम के साथ खुदका धयान भी रखा करो …आप चाहे कितनी भी बाटे बनालो मुझे पता ह आप रेस्ट नहीं कर रही हो न”

सोनाली “तुम्हे पता ह मैं नहीं मानूगी तुम्हारी बात फिर भी कह रहे हो ok बाबा मशीन करुँगी rest….acha ये छोड़ो टूर पर कैसा ह और वो चारो क्या कर रही ह”

राज “सब मजे कर रही ह रेस्टुरेंट के पास रुके हुवे थे तोह आपकी याद आयी की मैं आपको कभी घूमने लेकर हे नहीं जा पाया और आप इस बात की शिकायत भी नहीं करती हो जबकि आप हमेशा हर पल मेरा साथ देती हो”

सोनाली मुस्कुरा कर “कोई बात नहीं अब तोह हनीमून पर हे जाउंगी घूमने तुम्हारे साथ…”

राज “शादी की बहुत जल्दी ह”

सोनाली “अब तोह माँ भी मेरे ससुराल मई ह तोह मैं तोह बिना शादी के हे ससुराल की हो गयी हु बस तुम मंगलसूत्र बांड दो फिर पूरी तरह जौंगीय ”

राज “सच मई इतना प्यार करती हो”

सोनाली “एक बार आजमा लो जिन्दा दिल निकलकर दिखा दूंगी”

राज “कोई और आगयी तोह मेरी जिंदगी मई “

सोनाली की आंखे पल मई हे लाल हो गयी और वो बोली “तुम्हे मार नहीं सकती हु इसलिए उस दूसरी को मार dungii…aur तुम्हे उसकी मौत से दुखी देख नहीं पाऊँगी तोह खुद मर jaungiii…isliye ऐसा हो तोह पहले मुझे हे मर देना कसम से उफ़ तक नहीं करुँगी“

राज सोनाली की हालत तुरंत समाज गया और बोलै “ सॉरी सॉरी मैं तोह तंग कर रहा था आपको और आप सीरियस हो gayiii…hum एते हे साथ घूमने chalenge…promise ह सिर्फ आप और मैं जंहा तुम चाहो वंहा चलेंगे और कोई नहीं होगा और आपको आपका पूरा हुक दूंगा जो आप चाहती थी…”

सोनाली जो रोने वाली थी वो boli“tum पहले तानंणगगग इतना कह वो रूक गयी और हैरानी और ख़ुशी से बोली …मेरा हुक मेरे साथ घूमने जाओगे अकेले पक्का न राज मज़ाक मत करना वर्ण मैं रो दूंगी…”

राज मुस्कुराकर “आपकी कसम टूर से एते हे हम दोनों घूमने जायेंगे akele…agar मैं आपको खुस नहीं रख सकता हु तोह फिर ये जिंदगी किस काम की”

सोनाली “स्स्स्सह्ह्हह्ह तुम जैसे भी हो मेरे हे हो सिर्फ मेरे और मुझे कोई शिकायत नहीं ह tumse…ab बताउंगी उस शिवानी की बची को बहुत छेदती रहती ह की दी लड़कियों वाली अदाए लाओ थोड़ा सेक्सी dikho…ab जलाऊँगी फोटो भेज भेज कर उसे”

राज हड़बड़ाकर “नहीं नहीं अभी मत छेड़ना उसे अभी वो एक मिशन पर ह बाद मई छेद लेना वर्ण मिशन पर सब उल्टा पुल्टा कर देगी”

सोनाली “ok जो तुम कहो ..राज श्रुती का कॉल ारः ह ”

राज “उसे तो मैंने काम पर लगा रखा ह आप बात करो मैं जाता हु कल दिन मई कॉल करता हु देवप्रयाग पहुंच कर”

सोनाली “ok…love ोुउउउउउउउ सूऊऊओ सूऊऊओ मुऊछःह उउउउउम्मम्माआहहह”

राज “पागल लड़की”

सोनाली बिच मई “इन योर लव”

कॉल कट ते हे …सोनाली चहकने लगी थी और आज पहली बार वो किसी प्यार मई पड़ी लड़की की तरह पर्पस एक्सेप्ट करने के बाद जो ख़ुशी होती ह वो महसूस कर रही thi…aur इसी ख़ुशी मई वो बीएड पर नाचने लगी ….पर 2 हे मिनट बाद उसका मोबाइल रिंग होने laga….aur ये कॉल वापस से श्रुती का था जो कई दिएर से उसे कर रही थी …

सोनाली “है श्रुती”

श्रुती “मम आप कान्हा ह दिल्ली मई कुछ बहुत बड़ा होने वाला ह”

सोनाली तुरंत एक्टिव हो गयी … “क्या हुवा ह श्रुती”

श्रुती एक एक कर साडी बाते सोनाली को बताती गयी तोह …सोनाली भी समाज गयी की बहुत कुछ होने वाला ह क्योकि राज के साथ और अपने एक्सपीरियंस से इतनी हिंट काफी थी उसने शिवानी को कॉल करने का सोचा फिर ये सोचकर रूक गयी की वो राज के काम मई बिजी hogi….aur रंजन पर उसकी सुई अटक गयी

आप सिचुएशन ये थी आज रात 12 बजे तक अगले दिन होने वाले अटैक से पहले ..

सिमरन रजनी और शिवानी किडनैप हो चुकी thiiii….aur दीपिका और राहुल आगे आने वाले खतरे से अनजान एक दूसरे से लड़कर मनीषा के घर हे रात को रुके हुवे थे और अगले दिन हे अब वापस आने वाले थे ….अभय का कुछ अत पता नहीं था की वो कान्हा ह ….राज टूर पर इस वक़्त बस मई सो रहा था और उसके साथ हे बाकी चारो मौजूद थी …toh…divya उप विद्या ग्रुप के हॉस्पिटल्स गयी थी तोह ऋचा मेडिकल कैम्प्स के लिए गयी हुवी थी…. अनिरुद्ध गोस्वामी के ऊपर खतरा नहीं tha….jogindar और चीफ अलर्ट हो चुके the…ane वाले खतरे के liye..aur इन सब मई श्वेता सबसे सेफ सिचुएशन मई थी क्योकि उसकी सिक्योरिटी खुद राज ने सेट की हुवी थी……

प्लेस मंडावा….

“अरे भय अब तोह क्या साड़ी ड्रेस हे खरीद लोगे क्या …”

आदमी “भेजी …महाभारत और रामलीला दिखानी ह कई गाँव मई एक साथ ….इसलिए साडी जगह से जो मिले उठा रहे ह”

“तोह भय ले जा डैम तोह एक हे लगेंगे किराये के”

आदमी “भेजी दे दो और खुदके आदमी भी भेज देना मदद के लिए पुण्य का काम ह इतना तोह कर हे सकते ho…aur झुंझनूं से लेकर फतेहपुर तक सरे गाँवों मई होगी एक एक karke…sabse पहले मंडावा और उनके पास वाले गाँवों मई करवा रहे ह”

दुकानदार “चोखी बात ह भय लेजा लेजा …मैं कल सुभे हे अपने आदमी भेज दूंगा काम के लिए….”

आदमी “Dhanyawad”itna कहते हे वो निकल गया और मोबाइल निकलकर “बॉस काम हो गया कल शाम तक सरे आदमी अपनी पोजीशन पर होंगे और झुंझुनूं मई दंगे भड़का देंगे और दूसरी तरफ फतेहपुर मई भी सब बिजी हो jayenge…koyi भी आपको रोकने वाला नहीं hoga….police दंगो मई बिजी होगी और स्पीकर की तेज़ आवाज मई गोलियों की आवाजे भी डाब jayengi…bus अब आपके आने की दिएर ह

दूसरी तरफ से रंजन जोर जोर से हंस पड़ा… “है है है है है ha….tere खानदान की मौत मेरे हाथो लिखी ह सहदेव सिर्फ मेरे हाथो ….मुझे तूने हमेशा कुत्तो की तरह अपने इशारो पर नचाया पर अब …मेरी बरी ह …तेरे खंडन के बचे हुवे लोगो की मौत मेरे इशारो पर नाच रही h….ha है है है …बस आज की रात और h…itna कह वो अपना बैग पैक करने लगा ….क्योकि रात को हे उसे मंडावा के लिए निकल जाना tha”….karib रात के एक बजे रंजन होटल से बहार आया ….तोह उसके लिए फोर्टनेर बहार आकर रुकी …श्रुती ने ये देखा तोह तुरंत सोनाली को कॉल कर दिया …

सोनाली जो अभी भी चीफ के ऑफिस मई काम कर रही थी… वो बोली “एक काम करो तुम उनके पीछे निकल जाओ यंहा मई देखती हु ….और अगर गड़बड़ दिखे तोह तुरंत मुझे कॉल karna…sabse पहले ok….

श्रुती “ok”

अज्जू की सुभे नींद दिएर से खुली क्योकि उसे अभी भी टेबलेट्स लेनी पड़ती थी जबकि वो 80 परसेंट रिकवर हो चूका था… उसने उठते हे कक्तव पर रात को हुवी पूरी एक्टिविटीज पर नज़र डालनी सूरी की मुम्बई से लेकर देहरादून और राज के बस के रूट की …औरकारीब 2 घंटे बाद हे उसकी आंखे चौड़ी हो gayiiii….aur वो अपनी टेबल से लगभग छीकते हुवे उछाल हे पड़ा “ओह माय गॉड ओह माय गॉड हाउ आईटी इस पॉसिबल कैसे मुझे सोनाली मम को बताना पड़ेगा नहीं राज भाई को बताना पड़ेगा नहीं नहीं सुनील भाई ko……kya करू मुझे सबको बताना पड़ेगा …..नहीं पहले राज भाई को बताता हु वर्ण वो बहुत जायदा गुसा honge”itna कहते हे उसने तुरंत राज को कॉल लगा दिया….”

इधर राज सुभे की पहली किरण के साथ पूनम अनु मनीषा कविता के साथ गंगा मई डूबकी लगा रहा था….

राज मन मई “हे गंगा मैया कुछ अपने पाप से मुख्त होने तोह कुछ अपनों की शांति के लिए एते h…par मैं तोह यंहा आपसे ये मांगने आया हु की क्या जो मुझे सपने मई जो दिखा वो सच ह ..अगर haa..toh कान्हा ह मेरे पापा मुझे रास्ता दिखाओ maa…mujhe रास्ता दिखाओ उन तक पहुंचने का maa”itna मांग वो बहार आगया ….और अपने कपडे चेंज करने laga….toh पास हे कपडे चेंज कर रहा गर्वित “यार साला जब से चले ह मैं सोच सोच के परेशां हु की तू कॉलेज अत नहीं ह लड़कियों से बात नहीं करता h…phir साला ये कब किया प्रभु….”

राज “क्या कब किया”

गर्वित “नहीं पता …सेल रजनी mam…manisha बबा wali…poonam बबा वाली और वो हॉट गर्ल जो डायरेक्ट फॉरेन से आयी ह और तोह और क्लास की अनु भी सब तुझ पर लट्टूओ ह “

राज को जोर से हंसी आगयी खास कर कविता का सून कर और वो बोलै “मतलब तुझे नहीं पता ह कुछ भी”

गर्वित ने जल्दी से न मई गर्दन हिला डीई

राज “2 मेरी बहन ह और एक भाभी और एक पापा के बेस्ट फ्रेंड की डॉटर ह और एक मुझसे प्यार करती ह अब कौन भाभी कौन दोस्त और कौन प्यार और कौन बहन ह ये तू खुद पता करले पर इतना बता दू अगर पूछताझ मई गलत जगह गलत रिलेशन पूछ लिया तोह वो तेरे गाल लाल करदेंगी थोक थोक कर …और खासकर वो फॉरेन वाली बहुत गरम दिमाग की ह”

गर्वित हड़बड़ाकर “मुझे क्या करना ह जानकार तू पिट सेल वैसे भी मैं लड़कियों से दूर हे तीख हु वो देख वो आरही ह मैं निकलता हु जब अकेला होगा तोह हे आऊंगा …वैसे भी देखा ह इन्हे दूर से कितनो को थपड मरते हुवे” इतना कह वो भाग गया…

राज ने चारो को एते हुवे देखा तोह चेहरे पर मुस्कराहट ले आया और खुदसे हे बोलै…. “जिस प्यार के लिए बचपन मई तरसा उसकी कमी दूर हो गयी ह खास माँ पापा भी होते तोह और ाचा होता”

वो चारो भी राज जब तक सोच रहा था सामने आगयी……

अनु “ोये ….ऐसे ताड़ क्यों रहा ह …बहन हु तेरी समजा”

कविता “अरे अनु ये तोह किसी और को देख रहे होंगे”

राज ने जल्दी उसके कान पकड़ लिए

Kavita”chodo छोड़ो दर्द हो रहा ह”

राज ने एक उसके सर पर चपत लगायी…

कविता “ahhhh….subhe सुभे मार दिया अब पूरा दिन ख़राब जायेगा मेरा”

पूनम “चलिए कॉफ़ी पिटे ह यंहा से फिर देव प्रयाग जाना ह जंहा 2 नदियों का संगम होता ह और आज हम वंहा घूमेंगे राफ्टिंग करेंगे और आज रूकेंगे भी वंही …..वो मज़ा आजायेगा 3 हॉर्स लगेंगे इसलिए दिएर मत करो”

मनीषा “वा मेरी chuyimuyi..ajkal बड़ी एक्टिव हो रही मतलब ये एक्ससिटेमेंट घूमने को लेकर ह या राज के साथ घूमने को लेकर”

इतना सुनते हे पूनम शरमार उसके पीछे हो गयी…

मनीषा “लो अब शर्मा भी गयी …है है है”

उसके हँसते हे बाकी भी हसने लगी तोह पूनम ने मनीषा की पीठ पर मुक्का मारा….

सब हँसते हुवे वापस बस मई सवार हो गए ….

अपूर्व “लिसेन एव्री ओने हमरी लॉन्ग जर्नी एन्ड हो गयी ह अब बी मैक्स थ्री हॉर्स के डिस्टेंस पर देवप्रयाग होटल मई रूकेंगे आज वंही सारा एडवेंचर ह और कल सुभे हम आगे के सफर के लिए निकल जायेंगे और नेक्स्ट डेस्टिनेशन पर पारा ग्लाइडिंग और कंही कंही आइस भी देखने को मिलेगी …इसलिए …ख़ूबसूरत वादियों का नज़ारा लीजिये…..” ये कहने के बाद आखिरी नज़र राज की तरफ करि और मुस्कुरा utha…..badle मई राज ने भी अंगूठा दिखा कर थम्ब्स उप कर दिया….

पूनम “आज का वडा याद ह न आपको”

राज “बिलकुल याद ह ….आज आप मेरी स्पेशल गेस्ट होंगी और मैं आपका स्पेशल कुक जो अपने हाथो से आपको खाना खिलाऊंगा आखिर इतना तोह मैं कर हे सकता हु आपकी ख़ुशी के लिए”

Poonam”apne हाथो से खिलाओगे….”

राज “बिलकुल कोई सक”

पूनम हंसती हुवी “बिलकुल भी nahi…itna कह उसने राज के कंधे पर सर रख लिया “और करीब 5 मिनट बाद हे राज को रीलीज़ हुवा की पूनम तोह सो गयी ह ….ये देख वो हैरान हुवा फिर उसे मनीषा की बात याद आयी की तुम्हारे सोने के बाद तुम्हे बीएड के किनारे बैठी देखती रहती ह और तुम्हारे उठने से पहले उठकर बहार आजाती thi….ye याद एते हे उसे समाज आगया की रात को वो उसे देख कर आंखे बंद करि थी वो ऐसे हे थी रात को ये सोई नहीं हलथि ….राज के चेहरे पर बड़ी सी मुस्कराहट ागि क्योकि …अब उसे पूनम का उसके लिए समर्पण किस हद तक ह खुद दिख रहा tha….tabhi उसका मोबाइल विबरते होने लगा उसने मोबाइल हाथ मई लेकर नंबर देखा तोह उस पर अज्जू लिखा ारः था …और वो तुरंत सीरियस हो गया …और एक बार पूनम की तरफ और आसपास देख कर बोलै “क्या हुवा ह “

अज्जू “राज भाई दीपिका मुम्बई मई ह और उनके बॉडी गॉर्डस के मोबाइल्स की लोकेशन दिल्ली होम मिनिस्टर का घर हे दिखा रहा ह 24 हॉर्स साई इससे ये साफ़ ह की वो छिपकर मुम्बई गयी ह ….”

राज “वो ऐसे क्यों आएंगी और साथ कौन वो लड़का राहुल ह”

अज्जू “है bhai….aur उनकी लोकेशन ट्रैकर मई मनीषा का घर दिखा रहा ह …पर प्रॉब्लम ये नहीं ह प्रॉब्लम ये ह की उनकी निगरानी राखी जा रही ह”

राज “ उनके बॉडी गॉर्डस अभी कान्हा ह”

अज्जू “उनकी फ्लाइट्स की टिकट आपसे बात करते हुवे हे बुक करदी ह वो जल्द हे पहुंच जायेंगे”

राज “गुड ….मैं देखता हु बाकी का और थैंक अज्जू भाई”

अज्जू “अभी और भी ह …”

राज “क्या “

अज्जू “मुम्बई अंडरवर्ल्ड और दिल्ली अंडरवर्ल्ड मई बहुत तेज़ हलचल हो रही ह यंहा तक पंजाब अहारियाना से करीब 00 क्रिमनल एंटर हुवे ह waise…sonali मम को बता दिया ह …और मुझे पूरा यकीन ह बहुत जल्दी हे कुछ बड़ा होने वाला ह पर क्या इसकी कोई इनफार्मेशन नहीं ह”

राज “मुझे बहुत पहले से ऐसा महसूस हो चूका ह ऐसा …आप नज़र रखो और सोनाली मम के टच मई रहो उन्हें लीड करने दो”

अज्जू “तीख ह “

कॉल कट होते हे राज ने तुरंत भीमा का नंबर डायल कर दिया…

भीमा “और मेरे शेर कैसे याद किया चाचा को”

राज “अपने आसपास नज़र रखना और सिक्योरिटी मई कोई ढिलाई नहीं ….कोई भी मंडावा से बहार नहीं जायेगा एक वीक तक”

भीमा “तीख ह राज मैं अभी हवेली चला जाता हु”

राज “चाचा किसी भी सूरत मई दादा जी को अकेले मत छोड़ना चाहे कुछ भी हो जाये”

भीमा “चिंता मत कर 5 मिनट की दुरी पर हे हु हवेली से मेरे रहते कुछ नहीं होगा उन्हें”

कॉल कट होते हे राज ने एक मैसेज टाइप किया और उसे भेज दिया और फिर गहरी सोच मई पद gaya…tabhi उसे दिव्या का ख्याल आया तोह उसने तुरंत उन्हें कॉल लगा दिया …

दिव्या “,अरे आज माँ की याद आगयी ये कैसे हो. गया तबियत तोह तीख ह न”

राज “माँ मई तीख हु पहले ये बताओ आपके बॉडी गॉर्डस साथ हे ह न”

दिव्या “है बीटा मेरे साथ हे क्या हुवा”

राज “माँ बिना बॉडी गॉर्डस चाहे कुछ भी हो जाये आप कंही मत जाना चाहे कितना हे जरुरी क्यों न हो प्रॉमिस करो “

दिव्या “अरे …चल तीख ह जो मेरा बीटा कहेगा उसकी माँ वो हे karegi…khus “

राज “,लव यू माँ रखता हु दुबारा करूँगा और है ी मिस्स्स यू सोऊ मच”

राज अटैक तोह होगा पर निर्वाण की आइडेंटिटी कोई जनता नहीं ह और मुज पर अटैक हो तोह दर भी नहीं ह पर अभी अभी अंडरवर्ल्ड की नीव हिली ह उनके इतने आदमी मरे गए h…phir भी बड़े अटैक की taiyari…matlb इनका टारगेट फिक्स ह …दीपिका दी की सेफ्टी ह क्योकि वो अभी मनीषा के घर ह और श्वेता की भी सिक्योरिटी ह मंडावा मई भी सेफ्टी ह …मुम्बई मई भी सेफ्टी ह और यंहा मित्युदूत और मैं ह हे और कुछ को भाभी संभल legi…sunil की सेफ्टी ह तोह फिर इस बार किस पर अटैक होने वाला ह किसी मिनिस्टर पर….. राज अपनी तरफ से सरे अंदाज़े लगा चूका था अटैक्स के ….पर जो वो सोच रहा था तीख उसका उल्टा होने वाला था उसकी आइडेंटिटी दुश्मन को इस बार पता लग चुकी थी ..और वो सिलेंटली प्लान बनाकर उसके बिलकुल करीब पहुंच भी चूका था…..

वंही सोनाली का दिमाग हैंग हो चूका था सबकुछ खोज बिन करने के बाद उसके सामने दो नाम ए मां के लिए लोकेश कुमार और रंजन माथुर …पर सब मैच करने के बाद सारा सक लोकेश कुमार पर हे जा रहा tha…..ye सोचते सोचते उसका दिमाग ख़राब हुवे जा रहा था पर तभी उसे अज्जू का कॉल रइवे हुवा और वो गलती से मम की जगह भाभी बोल गया …पर आज उसकी किस्मत तीख थी

सोनाली “है अज्जू”

अज्जू “भाभी मतलब मम राज भाई ने कहा की आप मुम्बई कमिश्नर से कहकर दीपिका मुम्बई गयी हुवी ह उनकी सिक्योरिटी फुल टाइट करवा दे और बोल दे की इमरजेंसी ह”

सोनाली “ok” इतना कह वो कॉल कट होने से पहले दुबारा से… जल्दी से बोली “वेट वेट”

अज्जू “यस मम”

सोनाली क्या तुम मेरे लिए लोकेश कुमार आर्म्स सप्लायर की मेडिकल हिस्ट्री धुंध सकते हो”

ाजजी “टाइम लगेगा मम पर हो जायेगा”

सोनाली “ok फिर साथ मैं रंजन माथुर की भी पूरी मेडिकल हिस्ट्री ढूंढो खासकर कोई बर्निंग वर्ड मेंशनएड हो इनकी मेडिकल हिस्ट्री मई”

ाजजी “ok मम”

सोनाली “इस काम को सबसे प्रायोरिटी पर लेना बाकि मैं देख लुंगी ok”

इतना कह उसने कॉल कट कर दिया और अगला कॉल दीपिका को कॉल लगा दिया…

दीपिका “है भाभी”

सोनाली “तुम वंहा बिना किसी को बताये क्यों गयी सिर्फ इतना बताओ मुझे”

दीपिका “वो भाभी फिर एक एक बात बताती गयी जिसे सुनकर सोनाली का पारा चढ़ गया”

सोनाली “बेवक़ूफ़ लड़की तुम्हे क्या लगता ह ये कोई खेल ह ..तुम्हारी एक लापरवाही ने तुम्हारी जान खतरे मई दाल दी ह ….” फिर खुदको शांत करके …अगली फ्लाइट 12 बजे और शामको 3 बजे ह तोह तुम 3 बजे वाली मई बुक करलो जब तक मैं पुलिस की सिक्योरिटी अर्रंगे करती हु तुम्हारे लिए जब तक घर से बहार निकलने की सोचना भी मत आसमान हे क्यों न टूट पड़े समाज गयी”

दीपिका “पर भाभी”

सोनाली “शट उप दीपिका और जो कहा ह वो हे करना ह तुम्हे बची नहीं हो तुम अब जो सिचुएशन समाज नहीं रही हो और ये सब राज ने करने के लिए कहा ह” इतना कह उसने कॉल कट कर सीधा मुंबई कमिश्नर को साडी सिचुएशन समझायी तोह कमिश्नर ने भी है भर di…par कमिश्नर को क्या पता था की आज उनका पला घोस्ट्स से पढ़ने वाला था …….

आज के लिए इतना हे मस्ती मई पढ़ने का और बिंदास लाइक्स और रेवोएस पेलने का…. 6.2 क वर्ड्स का अपडेट ह …अरे वेट वेट कान्हा चल दिए पिक्चर अभी बाकी ह एक्शन धुंध रहे हो क्या ……पिक्चर अभी बाकि ह मेरे दोस्त….
 
अपडेट 216

फर्स्ट वेव

सुभे के दस बजे मंडावा…

भीमा “क्या चाहिए ह कौन हो तुम लोग”

आदमी “हमे ठाकुर साब से मिलना ह आसपास के बहुत गाँवों मई उनकी बधाईया और उदारता के बारे मई सुना ह …हम महाभारत और रामलीला दिखने वाले ह बस उसी के लिए उनका आश्रीवाद लेने ए थे”

तभी हवेली के अंदर से जगमाल सिंह चलते हुवे बहार ए “ क्या बात ह भीमा”

भीमा “नौटंकी वाले ह”

जगमाल सिंह पास आकर कान्हा से ए हो

आदमी “राम राम ठाकुर साब ये देखिये हमारे ट्रस्ट का नाम और एड्रेस …हम गाँव गाँव जाकर रामलीला सुर महाभारत दिखते ह ताकि अचे संस्कार भाई भाई का प्रेम ….और जीवन का सार सबके सीखा सके …मान मर्यादा सीखा सके …”

ठाकुर जगमाल सिंह धीरे से “भीमा चेक करवाओ की ये जानकारी सही ह स …फिर आदमियों की तरफ देख कर …तीख ह आप को कोई भी सहायता चाहिए हो हमे बताना …आप सबके रहने और भोजन की व्यवस्था हम करवाडेंगे आपको कोई तकलीफ नहीं होगी अचे काम के लिए हवेली के दरवाज़े हमेशा खुले रहते ह….”

आदमी “धन्यवाद ठाकुर साब”

उनके जाते हे…

भीमा “राज ने कहा ह की किसी अनजान को पास न फटकने दे कुछ दिन कीच बड़ा होने वाला ह”

जगमाल सिंह “तभी तोह कहा पता कर वो की इनकी जानकारी सही ह क्या ….हो सकता ह सक बेबुनियाद हो ….और अचे काम को रोक कर पाप के भागी बन जाये हम और गलत ह तोह मारकर मंदिर के पीछे भीड़ मई फेंक दो जंगली कुत्ते और गीध नोच नोचकर खा जायेंगे”

भीमा “जी बाबू जी”

हवेली मई

जानवी “भैया ये देखो आपका दिवस साउंड कर रहा ह”

अजय इसका मतलब ह की अभी अभी ये लोग ए ह उनमे से कुछ के पास कुछ मेटल की चीजे थी ….एक काम कर जानवी ड्रोन को उनके पीछे लगदे …राज भैया ने हमे पहले हे बता दिया था की आसपास कुछ भी सस्पीशियस दिखे तोह ड्रोन से नज़र रखनी ह उनपर …अब वक़्त आगया ह हमारी बरी का दिखा देते ह की टेक्नोलॉजी क्या चीज होती ह

जानवी “ok कप्तान” इतना कह उसने एक बटन पुश किया तोह रूफ पर से एक जगह खुल गयी और एक ड्रोन बहार निकल कर आगया …और जानवी के हाथ के इशारे से हवा मई उड़ गया सीधा उन लोगो के ऊपर और काफी ऊंचाई से उनपर निगरानी रखने लगा….

जानवी “वो मेरी नज़र मई ह”

अजय “गुड मैं जब तक सरे सेंसर्स को चेक करके अत हु कुछ भी सस्पीशियस दिखे ी इन्फॉर्म कर देना”

जानवी “ok कप्तान”

वंही शेरदिल भी सभी को अलग पोजीशन पर लगा रहा था ताकि कोई गलती नहीं हो …गलती से भी अटैक हो तोह तुरंत पता चल जाये …पर शेरदिल को भी क्या पता था की आज उनपर हमला करने 50 ,60 नहीं बल्कि पूरी फौज आरही ह जिनके सामने वो सिर्फ 50 जाने होंगे ….

शेरदिल “हवेली के चारो तरफ 2 घेरे बनाओ …रात को उस घेरे से भीमा मां की परमिशन के बिना कोई नहीं आना चाहिए ह और बाकि एक घेरा मंडावा के चारो तरफ बना लो ताकि कोई भी हलचल हो तोह तुरंत एक्शन ले सको …….

सबने एक साथ है मई एक साथ गर्दन हिलायी तोह शेरदिल राज की गिफ्ट की हुवी गन को चेक करने लगा ……..

शेरदिल “कब लड़ेंगे भाई हम साथ sath”itna कह वो गाँव मई घूमने निकल गया जंहा अब सरे उसे इज़्ज़त और प्यार से जानने और देखने लग गए थे…

वंही राज भी देवप्रयाग पहुंच गया था पर उसके दिनाग मई तोह मुम्बई दिल्ली मंडावा और अंडरवर्ल्ड की हलचल चल रही thi….tabhi पीछे से आवाज wooooo…par राज को कोई फरक नहीं पड़ा…

पूनम “इतनी ऊंचाई से कूदने की तोह नहीं सोच रहे हो न ap….pani का बहाव बहुत तेज़ ह और साथ हे पत्थर भी ह बचने के कोई चांस नहीं honge….isliye ये ख्याल तोह दिमाग से निकल हे दो वैसे भी मरने से जायदा जीने की वजह ह आपके पास ”

राज ने हैरानी से एक बार पूनम को देखा और झुक कर निचे देखा और बोलै “सच मई बचना नामुनकिन ह ….पर नाईट कैंप के लिए ये जगह भी तोह अपने हे चुनी ह न”

पूनम “वेट वेट मेरा नाम हे क्यों आपकी भाभी और बहन भी शामिल थी और वैसे भी नाईट कैंप यंहा से एक कम दूर निचे की तरफ ह …यंहा तोह आप मुझे खाना खिलाओगे इसलिए जगह दिखने आयी thi…kyoki कुक को किचन दिखाना जरुरी ह वर्ण बाद मई शिकायते बहुत होती ह कुक की…”

राज को हंसी आगयी और बोलै “ाचा …तोह ये किचन ह क्या बात ह आपकी किचन बिलकुल ओपन h…nice बहुत अछि ह किचन”

पूनम राज के बोलने के अंदाज़ को देख कर जोर से हसने लगी

पर दूर से इनपर भी निगरानी राखी जा रही थी …

अपूर्व “तोह तू एक बॉडीगार्ड साथ लाया ह गुड गुड ाचा ह पर डोंट वोर्री उसका इलाज भी ह मेरे पास वेट फॉर इवनिंग शो मर राज उर्फ़ निर्वाण ….”

तोह इस वक़्त अज्जू …..सरे हॉस्पिटल के रिकार्ड्स चेक कर रहा था की कुछ मिल जाये रंजन या लोकेश के बारे mai….aur कहते ह न ढूंढे तोह खुदा भी मिल जाता ह …तोह रंजन क्या चीज thi…ajju को मुम्बई के एक हॉस्पिटल मई उसका दस साल पुराण रिकॉर्ड सेव मिल gaya….aur उसे वो पढ़ने laga….toh वंही …श्रुतीय रात से रंजन के पीछे लगी हुवी thi…jo दिन के वक़्त अभी झुंझुनू के एक होटल मई रुका हुवा था…

श्रुती “मन मई आखिर ह क्या ये मतलब इतनी दूर आया ह तोह राज के घर जा सकता था पर नहीं …क्रिमिनल जैसी इसकी साडी एक्टिविटी ह पर प्रूफ नहीं h…first टाइम ऐसा हो रहा ह की कुछ भी जान नहीं प् रही किसी के बारे मई आखिर ये ह kya….sirf एक प्रूफ मिल जाये क्योकि बिना प्रूफ बात बोलना रिश्तो मई खटास दाल देगा…. “के ों मर रंजन व्हाट अरे यू वेटिंग फॉर…” तभी श्रुती को दिखा की एक आदमी रंजन के रूम मई बहार इधर उधर देखने के बाद घुसा गया …..उसकी आंखे चमकने लगी और उसने अपना मोबाइल निकल लिया और तैयार हो गयी फोटो खींचने के लिए पर जब वो आदमी हाफ ऑवर बाद बहार आया तोह उसके चेहरे पर कपडा बंधा हुवा था ….अब वो कंफ्यूज हो गयी की क्या करे …तुरंत उसे आईडिया आया और एक वेटर मई सबसे यंग लड़के को पकड़ा और अपना पुलिस का कार्ड दिखा कर समझते हुवे बोली की उस रूम के अंदर जो आदमी ह उसका धयान रखे और होटल छोड़ते हे उसे बताये इतना कह उसने 3000 रस उसके हाथ मई रख दिए लड़का ok mam……shrutii तुरंत उस आदमी के पीछे हो gayiii…time निकलता जा रहा दोपहर के 2 बज चुके the…..toh तीख इसी samay…mumbayii…teen बोलेरो आकर मनीषा के घर के बहार रुकी और घर के अंदर आकर मनीषा की माँ को सलूट किया….

अफसर “मम हम दीपिका जी और राहुल जी को लेने ए ह”

मनीषा माँ “ok मुझे कॉल आगया था कमिश्नर ऑफिस से फिर दीपिका की तरफ देख कर ….ok बेटी अपना धयान रखना और डोंट वोर्री ये सब देख लेंगे”

दीपिका “भाभी को मत बताना प्लीज वो टूर पर टेंशन ले लेंगी”

मनीषा माँ “ok तुम खुद बता देना बाद मई अब जाओ लेट हो जाओगे वर्ण”

दीपिका और राहुल बोलेरो मई बैठकर निकले तोह आगे बैठा अफसर वल्कि तल्खी मई “एव्री थिंग इस क्लियर हम निकल चुके ह”

सामने से “रोड 2 आल क्लियर ह”

पर वंही उनसे थोड़ी दुरी पर बाइक मई उनका पीछा कर रहा आदमी ररपीएस मई …टारगेट निकल चूका ह ….रूट को ब्लॉक कार्डो और उन्हें रोड नंबर 4 पर ले चलो

तोह बोलेरो के अंदर …

राहुल ये सब क्या हो रहा ह…

दीपिका “मुझे भी नहीं पता ह पर भाभी ने कहा की खतरा ह तोह मतलब जरूर कोई बहुत बड़ी बात होगी …इसलिए बस जल्दी से निकलना ह हमे मुम्बई से”

राहुल पर ….वो इतना हे बोलै था की जैसे हे वो रोड नंबर 2 की तरफ मूड ने वाले थे वंहा कार्स आपस मई टकरा गयी …और उनका काफिला रूक gaya..agai बैठा अफसर अपनी गन निकलकर आगे की तरफ देखने लगा और वल्की तल्खी मई बोलै बोलै …रोड 2 ब्लॉक हो गयी ह वे अरे मूविंग ों रोड नंबर 3 …

सामने से “रोड थ्री आल क्लियर जो”

पर रोड थ्री पर भी उन्हें ट्रैफिक मिला तोह ….अफसर दुबारा बोलै “ट्रफ़फ़िके ह जल्दी क्लियर कराओ लेट हो जायेंगे दूसरी तरफ के ट्रफ़फ़िके को rokdo.kuch दिएर के लिए”

सामने से “आगे 2 टर्न छोड़ कर लेफ्ट ले लीजिये सीधे रोड नंबर 4 पर आजायेंगे वंहा ट्रैफिक नहीं शो कर रहा ह…”

अफसर ड्राइवर से दो टर्न छोड़कर लेफ्ट ले लेना रोड नंबर 4 से जयडंगे हम..

पीछे बैठी दीपिका का दिल अब घबराने laga….usai महसूस हो गया की वो बहुत बड़े खतरे मई ह…

वंही उनका पीछा कर रहा बाइक वाला टारगेट 10 मिनट मई लोकेशन पर होगा 3 बोलेरो ह …12 पुलिस वाले ह हथियारों से लेसस्स…

सामने से “कॉपी तहत”

तीनो बोलेरो अब उस टर्न से मुड़कर सीधी बड़ी बड़ी बिल्डिंग के बिच से होती हुवी जा रही थी जंहा इस वक़्त सबसे बिजी सहर मई भी शांति छायी हुवी थी ..

आगे बैठा अफसर “ आल टीम अलर्ट यंहा कुछ सही नहीं लग रहा ह”

वो जैसे हे एक चौराहे को क्रॉस करने के लिए आगे बढे तोह एक गोली सीधी आकर सबसे आगे वाली पुलिस बोलेरो के ड्राइवर को लगी …और जब तक पास बैठा पोलिसवाले कार को सँभालते वो वंही पलटा खा gayiii….jiski वजह से पीछे आरही बोलेरो भी रूक gayiii….aur अफसर इंचार्ज चिल्लाया “अटैक हुवा ह ….पोसिशन्स ले लो स्निप्पेर ह …फिर दीपिका और राहुल को देख कर …आप दोनों निचे झुके हुवे हे रहना ….तभी दीपिका के मोबाइल मई रिंग हुवी….

दीपिका ने देखा तोह …उसके बॉडी गॉर्डस मसि से एक की कॉल थी….

दीपिका कॉल उठाते हे “हम पर अटैक हुवा ह “

बॉडी गॉर्डस “5 मिनट्स मम हम पहुंच जायेंगे आपके पास जब तक आप खुदको सेफ रखिये बस ”

बॉडी गॉर्डस की दोनों फोर्टनरस ट्रैफिक रूल्स की धजिया उड़ाते हुवे तेज़ी से दीपिका की तरफ ारहै थी तोह वंही …पुलिस वालो की एक एक करके खोपडिया उड़ती जा रही thi…kuch जाने कार के पीछे आकर चिप गए और अभी उन्होंने चैन की एक साँस हे ली थी की ….प्टभी एक ब्लेड उड़ती हुवी आयी और एक के सर को फाड़ गयी फिर दूसरा और फिर तीसरा…

अफसर “चारो धयान रखो और गोलिया चलाओ”

पर कोई दिखाई दे तब तोह गोलिया चलाये सिर्फ अकेला वो हे था जो जंहा सक होता गोली चलता जा रहा tha…..par जैसे हे उसकी मागज़ीने खली हुवी और रीलोड करने के लिए उसने गन की तरफ देखा उसे महसूस हुवा की उसके सामने कोई खड़ा ह और जब उसने नज़र डाली तोह उसके तीख सामने 7 फुट की मौत उसे दिखाई दी उस शख्स ने अफसर को ऊपर उठाया पीछे कड़ी बोलेरो के अंदर झांक कर देखा तोह उसे दीपिका दरी सहमी दिखाई diii…usne ऑफिस के सर को दीपिका की साइड वाली विंडो पर कसकर मारा फाॅर्स से टकराने से शिक्षा टूट गैस तोह साथ हे अफसर का सर भी फैट gaya….tabhi दूसरा घोस्ट भी बिल्डिंग से निचे ागेस आगया और दोनों को देख कर दीपिका राहुल बुरी तरह कंपनी लगे पर ….वो घोस्ट्स आगे कुछ करते तभी दीपिका के बॉडी गॉर्डस वंहा आ पहुंचे और उन दोनों के सामने खड़े हो गए ….दीपिका ने जब उन्हें देखा तोह उसकी जान मई जान agayiii…par उसे क्या पता था की जिन दो घोस्ट्स वो देख रही ह वो लेवल 4 के वेल त्रिनेड फिघ्टर्स ह….

दीपिका के सभी बॉडी गॉर्डस ने नाइफ निकल लिए और एक साथ दोनों पर टूट पड़े …एक भयानक दर्द भरी कन्फेस के साथ हैंड तो हैंड कॉम्बैट सुरु हो gayiii…ghosts के मूव्ड बिलकुल शार्प थे तोह बॉडीगॉर्ड्स भी त्रिनेड थे ….घोस्ट्स हर दूसरे मूव मई एक गहरा घाव बॉडी गॉर्डस को देते जा रहे थे करीब 10 मिनट मई हे सभी बॉडी गॉर्डस adh-mari हालत मई पड़े हुवे the….ab घोस्ट्स ने दीपिका के साइड के दूर को झटके से उखड के दूर फेंक दिया और और उसके बाल पकड़कर बहार की तरफ खिंचा और जंहा चौराहे के कौन पर कार को कड़ी कर राखी थी उस तरफ ले जाने लगे …

राहुल “छुड़ाने के लिए हिला तोह एक पंच से वो दूर उड़ता हुवा जाकर गिरा और बेहोश हो गया”

दीपिका को अब बचने की कोई उम्मीद नहीं thi…tabhi दूसरा घोस्ट ने इशारा किया तोह पहले घोस्ट्स ने दीपिका को अचे से चेक किया और उसका मोबाइल चैन वाच ेअरिंग पायल सब निकलकर वंही फेंक दी ..और उन्ही मई से एक मई ट्रैकर था जो दीपिका की आखिरी उम्मीद थी बचने की ….पर अब वो भी ख़तम हो गयी थी….

ट्रैकर से दूर जाते हे सुनील के मोबाइल और वाच मई अलर्ट अलर्ट की साउंड आने लगी और वो जो कप्तान के साथ मंथली मीटिंगले रहा था वो घुसाई से पागल हो उठा तोह वंही राज को भी अलर्ट मिल गया था पर वो सामने पहड़ो की तरफ देख कर “ कान्हा हो अभय भाई जल्दीए करो मुझे आप पर ट्रस्ट ह” ये कहते हुवे वो वेट करने लगा …..उसके चेहरे पर अभी भी उम्मीद की किरण थी…

कुछ दिएर पहले….

राज “अभय भाई दीपिका दी मुम्बई ह और वंहा अभी कोई भी नहीं ह पुलिस पर मुझे बिलकुल भी यकीं नहीं ह किवह भी हो सकता h..ap उन्हें एयरपोर्ट तक सही से पहुँचो दो बस बाकि आगे सुनील देख लेगा

अभय इतना सुनते हे bola”wada ह भाई बहन को कुछ नहीं होगा मैं अभी निकलता hu”aur तुरंत रवाना हो गया….

राइट नाउ एक ब्लैक सुव जो देखने से हे फुल्ली मॉडिफाइड थी wo….divider को तोड़ ते हुवे रास्ता बनती हुवी भागी जा रही thi…aur उसे ड्राइव कर रहा था राज की टीम का हल्क जिसे वैसे भी फरक नहीं पड़ता था रूल्स का और अब तोह बात परिवार की थी तोह वो किसी की भी सुनने वाला नहीं tha…..uski आँखों मई इस वक़्त वही आग थी जो पिछली बार श्रुती और अज्जू को बचते वक़्त thi…..bich मई जो भी आया खुद बा खुद रास्ता बनता गया…


इधर दोनों घोस्ट्स दीपिका को लेकर अपनी कार तक पहुंचे गए और एक दीपिका को पकड़कर पीछे बैठ गया और दूसरा आगे बैठने लगा तोह वो रूक गया और उसे कुछ महसूस हुवा ….वो आरही आवाज की दिशा मई दरखने के लिए जैसे हे पलटा एक सुव उड़ती हुवी आयी और उसे अपने साथ कई मीटर दूर घसीटी हुवी ले जाकर एक दीवार मई तकर मार diii….wo घोस्ट दीवार को तोड़ता हुवा पीछे जाकर gira…….suv का दूर खुला और उसमे से उतरा राज का 7 फ़ीट का हल्क जो इस वक़्त बेहद गुसाई मई था ….वो उस घोस्ट के पास चलता हुवा गया और उसे उसकी गर्दन से पकड़कर ऊपर उठा लिया पर उस घोस्ट ने बुरी तरह घायल हो जाने के बाद भी एक पंच अभय की चेस्ट पर दे मारा जिससे अभय कई कदम पीछे हो gaya….abhay ने कोई रिएक्शन नहीं दिया और अबकी बार दोनों हाथ से उसकी गर्दन और तंग पकड़कर ऊपर उठा लिया ….तभी कार से दूसरा घोस्ट उतरा …अभय ने उसकी तरफ देखा और पकडे हुवे घोस्ट की रीद की हड्डी को अपने घुटनो पर मार कर तोड़ दी …ये देख पहले वाला घोस्ट …बहुत तेज़ गुसा हो gaya….par अभय यही नहीं रुका और झटके मई निचे पड़े घोस्ट की गर्दन मरोड़ दी

वंही अभय को देख दीपिका की अब जान मई जान आगयी थी…

अभय “मुझे मार दे और ले जा”

अभी उसने इतना हे कहा था की एक ब्लेड तेज़ी से उसकी झांग मई धंस गयी….

अभय के चेहरे पर दर्द के भाव agaye…par उसने मू से आवाज नहीं निकलीई….

पर दीपिका के आंसू बाह निकले…

घोस्ट्स ने एक और ब्लेड अपने हाथ मई पकड़ली और अभय की तरफ भगा तोह अभय भी उसकी तरफ bhagha…ghost ने निचे झुक कर उसके पेट पर कट मारा तोह अभय ने भी वॉर से बचने की बजाये घुटने को घोस्ट के मू पर ताकत से जड़ दिया …घोस्ट के मू और नाक से खून निकल पड़ा तोह अभय का घाव और गहरा था …पर उसने उफ़ तक नहीं करि और मुस्कुरा कर घोस्ट को देखने laga….ghost ने अपने हाथ मई पकड़ी ब्लेड को वापस रख लिया और अभय के तीख सामने आगया….

अभय “अब तू मर्द लग रहा ह” इतना कह उसने पंच बनाकर मारा तोह घोस्ट ने झुक कर उसके वार को डॉज किया सुर उसकी चेस्ट पर खिंच कर पंच मारा जिसे अभय दूर जाकर फ़िसलट्स हुवा गिरा ….अभय मू से खून थूकता हुवा खड़ा हुवा और घोस्ट्स की तरफ देख कर थम्ब्स दिया ….पर घोस्ट ने कोई रियेक्ट नहीं किया और लगदार तेज़ी से मूव होते हुवे वार करने लगा ..अभय भी वार कर रहा था पर वो सभी वार ब्लॉक हो रहे थे या डॉज करे जा रहे थे ….काफी वार खाने के बाद घोस्ट ने जैसे हे किक मरी अभय ने उसे पकड़ली और पूरी ताकत से गोल गोल घूम कर घोस्ट को दीवार पर दे मारा …….घोस्ट की दर्द से आह्हः निकल गयी….

दीपिका अभय के पास आने लगी तोह उसने रोक दिया और bola…maine वडा किया ह आपको सही सलामत दिल्ली पहुंचे का और जब तक ये पूरा नहीं होगा मैं मरने वाला नहीं हु” इतना कहते हे वो दुबारा से पूरी हीमत जूता कर घोस्ट की तरफ भगा और घोस्ट को किक मरी जिसे घोस्ट ने ब्लॉक कर दी और बदले मई अभय की रिब्स पर ताकत से किक मार di..abhay साइड मई दूर जा कर गिरा और अब उसकी हालत ख़राब हो gayi….uske मू से खून बहार आने laga……ghosts ने पास आकर उसको गुसाई से देखते हुवे ऊपर उठाया और बोलै “हो गया तेरा” ये सून अभय के चेहरे पर एक मुस्कान आगयी और अगले हे पल उसने तेज़ी से हाथ छुड़ाते हुवेबमावे करके घोस्ट का गाला दोनों हाथो से जकड लिया और पकडे हुवे हे निचे गिर gaya…aur पूरी ताकत से दबाने लगा …घोस्ट्स ने तुरंत अपनी स्टार ब्लेड्स निकली और उसकी झांग मई घोप डीई…

अभय जोर होर से मू से थूक के साथ साथ खून थूकते हुवे साँस लेते हुवे फुंकारने laga…ghosts ने अब स्टार ब्लेड को उसके पेट मई घुसा दिया और कई बार झांग मई …

अभय दर्द मई जोर से चीखा पर उसने पकड़ ढीली नहीं kari…abhay ने अपनी ताकत और हीमत से एक लेवल 4 के फाइटर को जान से मार दिया पर उसको मरते हे वो भी ऐसे लेत गया जैसे वो भी मर गया हो …

दीपिका तेज़ी से उसके पास दौड़ती हुवी ayii…aur उसके गालो को थपथपा कर उठाने लगी …

अभय के सरीर मई धीरे से मोमेंट हुवी अभय ने पॉकेट मई हाथ दाल कर अपना मोबाइल निकला जिसकी स्क्रीन टूट चुकी थी…

दीपिका “कॉल लागू “

अभय धीरे से “राजज”

दीपिका ने तुरंत राज को कॉल लगायी तोह ..राज ने हाथो हाथ हे कॉल उठा ली…

अभय “वाअड्ड़ा पूरा ककिया”

राज “एक वडा अभी भी बाकि ह मरना मत “

तभी वंहा एम्बुलेंस और अनिरुद्ध गोस्वामी साथ हे …पुलिस कमिश्नर भी agaye…aur तुरंत अभय को हॉस्पिटल ले जाया गया ….

शामे टाइम सुनील jo.mumbayi जाने के लिए एयरपोर्ट पहुंच चूका था उसके मोबाइल मई मैसेज “ दी सेफ ह तू दिल्ली मई धयान रखना …कभी भी अटैक हो सकता ह”


वंही मंडावा श्रुती उस आदमी का पीछे करती हुवी एक घर के पास पहुंची और अंदर देखने की जगह ढूंढने लगी जल्द हे उसे एक रोशनदान मिल गया और जैसे हे उसने अंदर झांक कर देखा तोह वो बुरी तरह चौंक गयीईइ और अंदर जो सुना उसे सुनते हे वो जल्दी से वंहा से निकल गयी …...और अपने मोबाइल से तुरंत उसने कॉल लगा दिया...

आज के लिए इतना हे मस्ती मई पढ़ने का बिंदास लाइक्स और रेवोएस पेलने का….
 
पता ह दोस्तों यंहा कुछ ऐसे रीडर्स भी ह जिनके रिव्यु ....या अप्प्रेसिअशन वर्ड्स हर जगह मिलते ह बस यही 2 सब्द प्यार के लिखते हुवे उनके हाथ पाँव कांपने लगते ह ...और जब स्टोरी बंद हो जाये या वृत्तेर गायब हो जाये बिना जवाब दिए तब हाथो मई थॉर की पावर आजाती ह टाइप करने के liye....gajab हे बन्दे ह .......
 
coming...Soon

आफ्टर 1 year....of डेड एन्ड
 
सैटरडे.. Megha..Update 217

डेड एन्ड ...थे एन्ड ऑफ़ फेज TWO......PART ओने थे ब्लूद्भात....
 
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