Anita Singh - Story of a Seductive Housewife - Page 13 - SexBaba
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Anita Singh - Story of a Seductive Housewife

अपडेट 98

हरिया अंगूर मुंह में लिए अपना ज़बान अंगूर के चारो तरफ फिरने लगा जिसे अनीता अपनी नाभि के चारो तरफ पेट पर महसूस करने लगी. अपनी खूबसूरत चिकनी पेट पर हरिया का ज़बान महसूस करके अनीता को बदन में मस्ती की लहर दौड़ रही थी और वह हरिया के सर के बाल में ऊँगली फेरती हुयी उसका लुंड हिला रही थी.

हरिया कुछ सेकण्ड्स ऐसा करने के बाद वह अंगूर दांतों के बीच पकड़ कर उसे अनीता की नाभि में अंदर बाहर करने लगा. अनीता चुप चाप हरिया के बालों में ऊँगली फिरती और उसके लुंड को हिलती हुयी उसे अपनी नाभि में अंगूर अंदर बाहर करते देख रही थी. वह समझ रही थी हरिया ऐसा क्यों कर रहा था. वह समझ रही थी की हरिया उस अंगूर से उसकी नाभि को छोड़ रहा था जैसे वह अपने लुंड से उसे छोड़ना चाहता है. यह समझने और सोचने से अनीता की दिल धड़क रही थी और सांस तेज़ होने लगी थी. साथ hi उसकी बदन में एक अजीब सी मज़े की लहर दौड़ रही थी.

कुछ सेकण्ड्स बाद हरिया वह अंगूर दांतों के बीच दबाये अनीता की नाभि से निकल कर खा गया और कहते हुए अनीता की पेट और नाभि को चूमने लगा. अनीता बेशर्मी से उसके लुंड को हिलती हुयी उसे देखती रही. हरिया वह अंगूर कहते हुए एक नज़र अनीता को देखकर मुस्कुराया तो अनीता भी मुस्कुरा दी और अगले पल एक अंगूर गुच्छे से तोड़ कर कामुक अंदाज़ में हरिया को देखकर उसे अपनी नाभि में घुसा दी और फिर हरिया के बालों में उँगलियाँ फेरती हुई आँखों से अपनी नाभि के तरफ इशारा की तो हरिया फिर से वैसे hi अनीता की नाभि में अंगूर को मुंह में लेकर उसकी नाभि के आस पास चूमने लगा. कुछ सेकण्ड्स बाद वह उस अंगूर को खा लिया.

अगले 10 मिनट तक हरिया ऐसे hi अनीता की नाभि से अंगूर खाया और फिर उसकी नाभि और पेट को चूमते रहा. साथ hi वह अनीता की गांड भी दबाते रहा.

अनीता कुछ सेकण्ड्स हरिया को अपनी पेट और नाभि चूमते हुए देखि तो हरिया bola,"Memsaheb अपनी गांड दिखाइए न हुंका"

अनीता की दिल यह सुनकर धड़क गयी. वह धीरे से हरिया से boli,"Hariya जी यहाँ ऐसे कैसे? प्लीज वह नहीं होगा"

हरिया यह सुनकर अनीता की गांड दबाकर bola,"Are मेमसाहेब हम आपको अपनी गांड नंगा करके हुंका दिखने के लिए थोड़े बोल रहे हैं. ु तो इहाँ नहीं हो पायेगा हम जानत है. हमार मतबल ु दिन जब हम आपके घर से वापस आ रहे थे तो आप कैसे अपनी गांड हुंका दिखा रही थी वैसे hi. ससुरा बहोत दिन हो गवा आपका कातिल गांड को हिलते और मटकते देखे"

अनीता को अब समझ आया की हरिया चाहता है की वह अपनी गांड उसके तरफ करके थोड़ा हिला दे. उस दिन की बात याद आकर और हरिया का यूँ बोलने से की बहोत दिनों से वह उसकी गांड को हिलते और मटकते नहीं देखा है अनीता की चेहरे पर मुस्कान आ गयी. वह बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Offo हरिया जी पता नहीं आपको वहां देखने में इतना अच्छा क्यों लगता है"

हरिया यह सुनकर अनीता की गांड दबाते हुए bola,"Are मेमसाहेब हम आपकी गांड हिलते हुए देखते हैं तो हुंका समझ आता है की जब हम पीछे से आपको छोड़ेंगे तो आपकी गांड कैसे हिलेगी. उफ़ मेमसाहेब सच में कितना कातिल गांड है आपकी. चलते वक़्त इतना हिलता है. बहनचोद हम जब आपको पीछे से छोडूंगा तो हमरा हर एक चुदाई पर कितना मस्त तरीके से आपकी गांड हिलेगी. ससुरा सोचते hi लौड़ा बौखला जाता है"

अनीता की दिल धड़क रही थी यह सुनकर. हरिया खुलकर बोल रहा था की वह उसे छोड़ेगा. वह भी पीछे से और हर एक धक्के, हर चुदाई पर उसको गांड हिलेगी. अनीता एक पल के लिए इमेजिन करने लगी की वह झुकी हुयी है और हरिया सच में पीछे से उसे दाना दान छोड़ रहा है. यह सोचते hi उसकी छूट पर ऐसा एहसास हुआ जैसे चींटिया रेंग रही हो. जब हरिया आखरी बात bola,"Sasura सोचते hi लौड़ा बौखला जाता है" तो उसका लुंड लुंगी के अंदर से hi झटका मारा तो अनीता बेशर्मी से उसके लुंड के तरफ देखि.

अनीता को अपने लुंड के तरफ देखते हुए देख हरिया bola,"Dekhiye मेमसाहेब आपकी हिलती हुयी गांड के बारे में सोच कर सच में हमार लौड़ा कैसे बौखला गवा है"

अनीता यह सुनकर हरिया के लुंड को अच्छे से पकड़ कर हाथ ऊपर नीचे करके उसे हिलती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Haan हरिया जी आपका हथियार तो बौखलाया hi रहता है"

हरिया अगले पल bola,"Memsaheb ु आखिरी दिन जब आप बाजार आयी थी और हम आपको झुका कर पीछे से धक्का लगाकर दिखा रहे थे की हम आपको कैसे छोड़ेंगे. उस दिन भी धक्का लगाने पर जब आपकी गांड हिल रही थी तो हमरा लौड़ा और बौखला रहा था. आप तो अपनी गांड पर महसूस कर पा रही होगी की कैसे हमार लौड़ा बौखला रहा है"

अनीता अगले पल अपनी बेशर्मी का साबुत देती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Haan हरिया जी, मैं महसूस कर पा रही थी"

हरिया यह सुनकर अनीता की गांड दबाते हुए puchha,"Kahan महसूस कर पा रही थी आप मेमसाहेब? बोलिये न"

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से मुस्कुराकर बैठी हुयी hi अपनी गांड थोड़ा हिलाकर अपनी आँखों से उसके तरफ इशारा करके boli,"Yahan".

हरिया यह सुनकर अनीता की गांड दबाते हुए मुस्कुराकर puchha,"Kahan मेमसाहेब? अच्छे से बताइये न"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर हरिया के बालों में ऊँगली फेरकर उसके बीएड से उतर गयी और एक नज़र आस पास देखकर हरिया के तरफ अपनी गांड करके थोड़ा झुककर गांड हिलती हुयी कामुक अंदाज़ में हरिया को देखि तो वह उसे देखकर मुस्कुरा रहा था. अनीता बेशर्मी से हरिया को देखकर अपनी आँखों से अपनी गांड के तरफ इशारा की तो हरिया अपना नज़र उसकी गांड के तरफ ले गया.

अनीता जैसे hi देखि की हरिया उसकी गांड देखने लगा है तो अनीता अपनी गांड को हिलती हुयी धीरे से boli,"Dekh लीजिये हरिया जी यहीं महसूस कर रही थी मैं की कैसे आपका हथियार बौखला रहा था इसे देख कर"

अनीता अगले पल अपनी गांड पर हरिया का हाथ महसूस की और suni,"Haan मेमसाहेब इहे गांड देखकर तो हमार लौड़ा बौखलाता है"

अनीता हरिया को देखकर कामुक अंदाज़ में puchhi,"Abhi बौखला रहा है या नहीं आपका हथियार हरिया जी?"

हरिया यह सुनकर अनीता की गांड को दबाते हुए bola,"are मेमसाहेब खुद देख लीजिये न" और हरिया यह बोलकर अपने लुंड के तरफ इशारा किया.

अनीता यह सुनकर कामुक अंदाज़ में हरिया के लुंड के तरफ देखि जो लुंगी के अंदर खड़ा होकर लुंगी में तम्बू जैसा बनाया हुआ था. वह खुद बीएड से उतरने से पहले वह लुंड को पकडे हिला रही थी. अनीता देखि की हरिया का लुंड लुंगी के अंदर hi झटके मार रहा था.

अगले पल अनीता लुंगी के ऊपर से उसका लुंड फिर से पकड़ कर हरिया को देखकर कामुक अंदाज़ में boli,"Uhhm हरिया जी सच में कितना बौखला रहा है आपका हथियार"

हरिया अनीता की गांड पकड़ कर हिलाते हुए bola,"Aisan गांड देखकर तो बौखलायेगा hi मेमसाहेब. उफ़ मेमसाहेब आपकी गांड को हिलते हुए देखकर हुंका आपको छोड़ने का मैं करने लगा है"

अनीता यह सुनकर अपनी गांड हिलती हुयी बेशर्मी से मुस्कुराकर कामुक अंदाज़ में boli,"Offo हरिया जी. अब बस कीजिये. आपको तो अब बस मेरी ठुकाई hi करने का मैं करता है"

हरिया यह सुनकर मुस्कुराकर bola,"Are मेमसाहेब आपके जइसन जवान और खबसूरत औरत को छोड़ने का मैं हुंका कैसे नहीं करेगा. अब आपको छोड़ने का मैं कर रहा है तो हम बोल रहा हूँ. कउनो ग़लत बात बोल रहा हूँ का?""

अनीता अपनी गांड हिलती हुयी धीरे से boli,"Nahin हरिया जी कुछ भी ग़लत नहीं बोल रहे हैं आप. जैसा मैं हमेशा कहती हूँ की मुझे ख़ुशी होती है की आपके मैं में जो है वह आप साफ़ साफ़ बोल देते हैं. अगर आपको मुझे ठोकने का दिल करता है तो वही तो बोलेंगे hi. मैं तो एहि सोच रही हूँ हरिया जी की कितना खुलकर आप हर वक़्त अपने मैं का बात बोलते हैं. आप इतना खुलकर बोलते हैं तो ऐसा लगता है जैसे अब तो हर वक़्त आप मेरी ठुकाई करने का hi सोचते हैं की बस मौक़ा मिले तो मैं मेमसाहेब की ठुकाई कर दूँ?"

हरिया अनीता की गांड हिलाते हुए धीरे से bola,"Haan मेमसाहेब मैं तो एहि करता है. बस पहली बार हम आपको रगड़ कर छोड़ना चाहते हैं इसलिए फुर्सत में छोड़ेंगे. आपको मैं नहीं करता है की आप हमार तगड़ा लौड़ा से छुड़वाए"

अनीता की दिल तो ऐसे hi हरिया से इस तरह से बात करते हुए, उसका लुंड हिलाते हुए, खुद अपनी गांड हिलाते हुए और हरिया का हाथ अपनी गांड पर महसूस करके धड़क रही थी और उसे मज़ा आ रहा था मगर जब हरिया उससे पूछा की उसको हरिया के तगड़े लुंड से छुड़वाने का मैं करता है या नहीं तो उसकी दिल अचानक से तेज़ धड़कने लगी.

अनीता खुद को संभालती हुयी धीरे से boli,"Offo हरिया जी अब बस कीजिये. हम हॉस्पिटल में है. मैं बस चाहती हूँ की मेरे हरिया जी जल्द से जल्द ठीक हो जाये और फिर से मेरी हर तरह से मदद करने लगे"

अनीता फिर कामुक अंदाज़ में हरिया से boli,"Har तरह से मतलब हर तरह से"

हरिया मुस्कुराकर अपने लुंड के तरफ इशारा करते हुए puchha,"Apna लौड़ा से भी?"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर कामुक अंदाज़ में उसके लुंड को देखि तो हरिया उसे देखने लगा. अनीता वापस हरिया को देखि की वह उसे देखकर मुस्कुरा रहा है तो अनीता अपनी गांड हिलती हुयी आँखों से अपनी गांड के तरफ इशारा की तो हरिया मुस्कुराते हुए अपना बीच का ऊँगली अनीता की गांड की दरार में घुसाने का कोशिश करने लगा मगर अनीता गांड पर साड़ी टाइट बांधती थी तो हरिया के लिए उसकी गांड की दरार में ऊँगली घुसना मुश्किल हो रहा था.

हरिया अगले पल अनीता की गांड पकडे पीछे खिंचा तो अनीता थोड़ा पीछे हो गयी और अगले पल हरिया का मुंह अपनी गांड पर महसूस की. हरिया का मुंह अपनी गांड पर महसूस करते hi अनीता की चेहरे पर मुस्कराहट आ गयी और वह अपनी गांड हरिया के चेहरे पर रगड़ने लगी. कुछ सेकण्ड्स बाद गांड रगड़ने के बाद अनीता पीछे देखि तो जल्दी से गांड हिलना बांध करके सीधे हो गयी.

हरिया यह महसूस करके उसे देखकर धीरे से puchha,"Ka हुआ मेमसाहेब?"

अनीता धीरे से boli,"Woh बुद्धा फिर से देख रहा था"

हरिया यह सुनकर puchha,"Woh आपको अपनी गांड हमार मुंह पर रगड़ते हुए देख रहा था क्या?"

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से "हाँ" में सर हिलती हुयी boli,"Haan".

हरिया यह सुनकर bola,"Dekhne दीजिये ससुरा को. ु सिर्फ देख hi सकत है"

अनीता यह सुनकर हरिया को देखि तो हरिया अपने लुंड के तरफ इशारा किया. अनीता यह देखकर बिना शर्म और झिझक के उसका लुंड पकड़ कर हिलने लगी और धीरे से boli,"Ab मुझे चलना चाहिए हरिया जी. लेट हो रहा है"

हरिया यह सुनकर bola,"Theek है मेमसाहेब. आपके आने से हुंका अच्छा लगा लेकिन हम समझ सकत हूँ की आपका यहाँ और देर तक रुकना ठीक नहीं है"

हरिया अगले पल अनीता की कमर पकडे अपने नज़दीक खींचकर धीरे से bola,"Aap हम ग़रीब को देखने आयी..."

अनीता उसका पूरा बोलने से पहले उसके होंठ पर अपनी पतली गोरी और खूबसूरत ऊँगली रखकर धीरे से boli,"sssshhhh हरिया जी. कितनी बार बोलै है मैंने की मेरे लिए आप ग़रीब नहीं है. अब जल्द से जल्द ठीक हो जाइये और अपनी मेमसाहेब की अच्छे से सेवा कीजिये जैसे आप करना चाहते हैं"

हरिया अनीता की कमर सहलाते हुए bola,"Haan मेमसाहेब हम जल्द से जल्द ठीक होकर आपको छोड़ेंगे. साहेब बीजी रहते हैं और आपको ी जवानी में रोज़ लौड़ा नहीं मिल रहा होगा"

अनीता यह सुनकर अपनी आंखें बड़ी करके boli,"Offo हरिया जी फिर से वही बात"

हरिया अनीता की कमर से नीचे हाथ लेजाकर गांड दबाते हुए bola,"Are मेमसाहेब का ग़लत बोल रहा हूँ हम. साहेब तो बीजी रहते hi हैं और ी जवानी में आपको लौड़ा का ज़रूरत होगा. हम ठीक होने के बाद अपने लौड़ा से अच्छे से सेवा करेंगे"

अनीता को समझ नहीं आया की वह क्या जवाब दे तो वह बेशर्मी से boli,"Main चलती हूँ हरिया जी. यह फल खा लीजियेगा"

हरिया यह सुनकर अपना सर उठाकर अनीता की पेट और न अभी को चूमने लगा तो अनीता अपनी हाथ उसके सर पर रख कर उसे सहारा दी. हरिया दो तीन बार अनीता की पेट और नाभि चूमा और हर बार अनीता की बदन में बिजली दौड़ रही थी. हरिया जब चुम लिया तो ज़बान निकाल कर अनीता की नाभि में घुसा दिया. अनीता यह महसूस करके कामुक सिसकारी chhodi,"Ssiiii ुहहममम" और उसके बाल में उँगलियाँ फेरती रही. हरिया कुछ सेकण्ड्स तक उसकी नाभि में ज़बान घुसा कर उसे अपनी ज़बान से छोड़ा और फिर छोड़ दिया.

अनीता उसे मुस्कुराकर देख कर उसके सर के बाल में उँगलियाँ फेरती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Main चलती हूँ हरिया जी. अपना ख्याल रखियेगा"

हरिया जवाब में उसकी दोनों चूँचियों को दबाकर bola,"Theek है मेमसाहेब. आप भी अपना ख्याल रखियेगा. हम ठीक हो जाऊंगा तो आपका ी गरम जवानी का हम अच्छे से ख्याल रखूँगा"

अनीता जवाब में कुछ नहीं बोली. बस एक नज़र अपनी दोनों चूँचियों पर देखि जिसे हरिया अपने दोनों हाथ से दबा रहा था.

हरिया अनीता की चूंकि दबाते हुए bola,"Jaate हुए ीका भी bye बोल दीजिये मेमसाहेब"

अनीता उसके लुंड के उभर को देखि और कामुक अंदाज़ में boli,"Uhhm हरिया जी इसको तो ख़ास अंदाज़ में bye बोलना होगा.

अनीता यह बोलकर एक नज़र आस पास देखि और झुक कर लुंगी के ऊपर से उसके लुंड के उभर को चुम ली.

हरिया का लुंड अनीता की होंठ, भले hi लुंगी के ऊपर से महसूस करके झटका मारा तो अनीता को अपनी चेहरे पर उसका लुंड का झटका महसूस हुआ. अनीता यह देखकर मुस्कुरा दी और हरिया को कामुक अंदाज़ से देखती हुयी उसके लुंड एक बार और चुम ली और मुस्कुरा कर कड़ी होकर उसके लुंड को पकड़ कर हिलती हुयी boli,"Hariya जी इसका भी ख्याल रखियेगा"

हरिया यह सुनकर अनीता की गांड पकड़ कर हिलाते हुए bola,"Are मेमसाहेब ीका तो ख्याल रखेंगे hi तभी तो आपको रगड़ कर छोड़ेंगे"

अनीता की दिल चुदाई की बात सुनकर फिर से धड़कने लगी मगर वह कुछ नहीं बोली बस एक बार कामुक अंदाज़ से हरिया के लुंड को देखि जैसे उसके अंदर भी हरिया के लुंड का प्यास हो. हरिया अनीता को देखा की कैसे वह उसके लुंड को देख रही है. वह अपने लुंड को झटका मार कर हिलाया तो अनीता हलकी मुस्कुराकर एक कामुक अंदाज़ में हरिया को देखि तो वह भी मुस्कुराया और धीरे से bola,"memsaheb अच्छे से bye बोलिये न हमार लौड़ा को"

अनीता यह सुनकर सवालिए नज़र से हरिया को देखि तो वह अपने लुंड के तरफ आँखों से इशारा किया. अनीता उसके लुंड के तरफ फिर से देखि तो हरिया लुंगी का गाँठ खोलकर थोड़ा नीचे सड़क दिया और उसका लुंड स्प्रिंग के तरह तन्न कर नंगा हवा में लहराने लगा.

हरिया का नंगा लुंड देखते hi अनीता की दिल धड़कने लगी और वह जल्दी से आस पास देखि, खाकर परदे के कोने में जहाँ से वह बुद्धा बार बार देख रहा था. मगर वह बुद्धा अभी नहीं देख रहा था.

हरिया अनीता को देखकर अपने लुंड के तरफ इशारा किया तो अनीता झुक गयी और उसके नंगे लुंड को चुम ली.

हरिया का लुंड फिर से अनीता जी चेहरे पर झटका मारा मगर अनीता कुछ रियेक्ट किये बिना उसके लुंड को एक नज़र देखकर उसके टोपे पर थूक गिरा दी और फिर हरिया को देखती हुयी होंठों से उस थूक को ऊपर नीचे उसके लुंड पर मलने लगी. अगले पल वह उसके लुंड के जड़ से लेकर ऊपर तक चूमती हुयी पहुंची. इस दौरान वह उसके लुंड पर 6-7 चुम्बन जड़ दी.

जब वह ऊपर पहुंची तो हरिया bola,"Memsaheb हमार लौड़ा चूमने से आपका लिपस्टिक ख़राब हो गवा. एक मिनट"

यह बोलकर हरिया दये हाथ से अनीता की सर का बाल पकड़ा और बाये हाथ से अपना लुंड और लुंड के टोपे को अनीता की होंठों से सटाकर उसपर रगड़ते हुए bola,"Hum ख़ास लिपस्टिक लगा डेट हूँ"

अनीता अपनी होंठों को बांध की हुयी हरिया को अपनी होंठों पर लुंड को रगड़ने दे रही थी. हरिया तीन चार बार उसकी होंठों पर एक छोर से दूसरे छोड़ तक लुंड रगड़ा और फिर अनीता को छोड़ दिया तो वह कड़ी हो गयी.

हरिया अनीता को देखकर bola,"Memsaheb आप ज़बान से होंठों पर यह ख़ास लिपस्टिक मिला लीजिये"

अनीता की दिल धड़क रही थी यह सब होने से, मगर हरिया का यह अंदाज़ उसे अच्छा लगा. हरिया का मर्दानगी और कॉन्फिडेंस से वह इम्प्रेस्सेड थी और उसके बोलने पर वह उसे देखकर अपनी ज़बान निकलकर कामुक अंदाज़ में होंठों पर फिरने लगी. जैसे hi वह ऐसा की उसकी छूट में बेचैनी होने लगी और बदन में मस्ती की लहर दौड़ने लगी. उसे अपनी मुंह में हरिया के pre-cum का स्वाद जाने लगा. आज पहली बार वह हरिया के लुंड से निकला कोई भी चीज़ का स्वाद महसूस कर रही थी जिससे उसकी दिल धड़क रही थी मगर उसे अच्छा लगा.

अनीता अगले पल अपनी बैग से एक लिपस्टिक निकल कर आईने में देखकर अपनी होंठों पर अप्लाई की तो आँखों के कोने से वह बुद्धा फिर से देखते हुए देखि. अनीता की दिल धड़कने लगी यह सोचकर की कहीं वह बुद्धा हरिया के लुंड को उसको होंठों पर रगड़ते हुए न देख लिया हो. मगर अनीता को न जाने क्यों एक अजीब सा मज़ा महसूस हुआ और वो बुड्ढे के तरफ देखे बिना चुप चाप अपनी होंठों पर लिपस्टिक अप्लाई की और एक नज़र आईने में देखकर अपनी बालों को ठीक करके आँखों के कोने से बुड्ढे को देखि तो उसे थूक घोंटते हुए देखि. अनीता को न जाने क्यों यह देखकर थोड़ा मज़ा आया की बुद्धा कैसे अपना थूक घोंट रहा है.

अनीता की चेहरे पर यह देखकर हलकी मुस्कराहट आ गयी की तभी उसे ध्यान आया की बुद्धा तो उसे लिपस्टिक लगते हुए देख रहा था मगर जब वह थूक घोंटा तो उसका ध्यान कहीं और था. तभी अनीता को ध्यान आया की उसका नज़र कहाँ था और वह तिरछी आँख से दये तरफ देखि तो हरिया का लुंड तन्न कर नंगा खड़ा हुआ था और अनीता की थूक से चमक रहा था.

अनीता की दिल यह सुनकर धड़कने लगी जिससे उसकी चूँचियाँ ऊपर नीचे होने लगी. अनीता अब सोचने लगी की भले hi वह बुद्धा हरिया को उसके होंठों पर लुंड रगड़ते हुए नहीं देखा हो मगर ऐसे हरिया का नंगा लुंड पर थूक लगा देख और अनीता को अपनी होंठों पर लिपस्टिक लगते देख पक्का एहि सोचेगा की वह हरिया का लुंड चूस रही थी.

यह सोचते hi अनीता की दिल धड़क गयी की बुद्धा तो हरिया को उसकी चूंकि चूसते हुए और उसकी गांड में अपना मुंह रगड़ते हुए देख चूका था मगर वह सब ऊपर से था. न hi उसकी चूंकि नंगी थी न hi उसकी गांड, मगर हरिया का लुंड पूरा नंगा था और उस पर थूक लगा हुआ था तो अब बुद्धा एहि सोचेगा की हरिया न सिर्फ उसकी चूंकि चूसा और उसकी गांड में मुंह रगड़ा बल्कि वह हरिया का लुंड भी चूसी.

अनीता चुप चाप धड़कते दिल से अपनी बैग बांध करके आँखों के कोने से उस बुड्ढे के तरफ देखि तो वह फिर से ग़ायब था. अनीता को यह देखकर राहत मिली. वह नहीं चाहती थी की हरिया को यह बताये नहीं तो कहीं वह अपना दबंग अंदाज़ दिखते हुए उसके सामने hi अनीता की होंठों पर एक बार लुंड रगड़ कर अपना मर्दानगी दिखता तो बेवजह का बात बढ़ता. बुद्धा चुप चाप देखकर वापस अपने बीएड पर लेट गया था तो उसे बात को बढ़ाना अच्छा नहीं लगा.

अनीता सोची की बात बढ़ने से जो बुद्धा देख चूका था उसको अनदेखा तो नहीं किया जा सकता था. वह सोची की बुद्धा hi क्या, कोई भी हरिया के लुंड पर थूक देखता और अनीता को ऐसे अपनी होंठों पर लिपस्टिक लगते देखता तो एहि सोचता की वह हरिया का लुंड चूसने के बाद अपनी होंठों पर लिपस्टिक लगाकर उसे दुरुस्त कर रही थी. अब तो बुद्धा के दिमाग़ में एहि बात चल रहा होगा, उसके बोलने या हरिया के बोलने से उसके दिमाग़ में जो चल रहा है उसे बदला नहीं जा सकता था तो क्यों बेवजह का बात बढ़ाया जाये.

अनीता को वहां से अब चले जाना hi ठीक लगा तो वह हरिया को देखकर मुस्कुराकर boli,"Chalti हूँ हरिया जी"

हरिया जवाब में bola,"Theek है मेमसाहेब"

अनीता फिर अपने बैग से 2000 रुपये निकल कर उसे देती हुयी boli,"Hariya जी यह लीजिये आपको ज़रूरत पड़ेगा. किसी चीज़ की कमी होगी तोह बोलियेगा. आपके पास मेरा नंबर तो है hi"

हरिया यह सुनकर bola,"Are मेमसाहेब कहे हुंका शर्मिंदा कर रही हैं. आप तो ऐसे hi हमरा इतना ख्याल रखती हैं. ऊपर से यह पैसा"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर boli,"Aap भी तो मेरा इतना ख्याल रखते हैं हरिया जी. अभी आपको पैसे की ज़रूरत होगी तो दे रही हूँ. मैं जानती हूँ हरिया जी की आप खुद्दार हैं. और यह भी तो एक बात हैं जो मुझे आप में अच्छा लगता है. मगर अभी आपको ज़रूरत हैं रख लीजिये. ऐसे भी आप घर की सफाई किये थे तो देना तो बनता hi था. यह आपके म्हणत की hi कमाई है, ले लीजिए"

हरिया यह सुनकर अनीता की हाथ से पैसे ले लिया तो अनीता boli,"Hariya जी और किसी चीज़ की ज़रूरत पड़ेगी तो बोलियेगा, फ़ोन कर लीजियेगा ज़रूरत पड़ने पर"

हरिया यह सुनकर bola,"Are मेमसाहेब ु एक्सीडेंट में हमार फ़ोन भी ख़राब हो गवा. बनाने के लिए रामु दिया है"

अनीता यह सुनकर boli,"Isliye मैं सोच रही थी की आपका फ़ोन क्यों नहीं लग रहा है. खैर कोई बात नहीं है. आप रामु से भी खबर भेजवा सकते हैं अगर आपको कोई ज़रूरत हो तो"

हरिया यह सुनकर "हाँ" में सर हिलाया तो अनीता मुस्कुराकर boli,"achha अब चलती हूँ" और घूमकर गांड मटकती हुयी वहां से जाने लगी. वह पर्दा से दूसरे तरफ जाने से पहले घूमकर हरिया को देखि तो वह उसकी गांड देखते हुए लुंड हिला रहा था. अनीता यह देखकर मुस्कुराई और थोड़ी झुककर गांड हिलने लगी. हरिया यह देखकर मुस्कुराया और बाये हाथ से अपना लुंड हिलाते हुए दये हाथ का बीच का ऊँगली उसे दिखाकर आगे पीछे करने लगा जैसे बोल रहा हो की वह उसे पीछे ी छोड़ेगा. अनीता उसके ऊँगली को धड़कते दिल से देखि और फिर मुस्कुराकर उसके लुंड को देखने के बाद सीढ़ी होकर वहां से चली गयी.

अनीता एक नज़र उस बुड्ढे के तरफ देखि तो उसे चादर के नीचे से अपना लुंड हिलाते हुए देखि. यह देखकर अनीता का दिल धड़क गया. वह एक नज़र बुड्ढे को देखि तो दोनों का नज़र मिला. अनीता बेशर्मी से बुड्ढे को कुछ सेकण्ड्स तक देखि और फिर एक नज़र उसके लुंड के तरफ देखने के बाद बिना कुछ रिएक्शन दिए दरवाज़े के तरफ एक कदम बधाई तो रामु अंदर आते दिखा.

रामु उसे देखकर रुक गया और धीरे से bola,"Memsaheb आप?"

अनीता की दिल रामु को देखकर धड़क गयी. वह हल्का मुस्कुराकर धीरे से boli,"Haan रामु जी वह मैं हरिया जी को देखने आयी थी. वह घर का सफाई किये थे और पैसा नहीं लिए थे. अब उनका एक्सीडेंट हो गया तो सोची पैसे की ज़रूरत होगी तो दे दूँ"

रामु यह सुनकर हल्का मुस्कुराकर bola,"Haan मेमसाहेब. लेकिन आप इहाँ आएंगे हम सोच भी नहीं सकत हैं. चंदा ठीक कहत है की आप बहोत अच्छी है, ग़रीबो का भी बहोत ख्याल रखती हैं"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर boli,"Ramu जी ग़रीब इंसान नहीं होते हैं क्या? मैं तो बस सब को इंसान समझती हूँ"

रामु यह सुनकर हल्का मुस्कुराया और एक नज़र अनीता की क्लीवेज को देखने लगा. अनीता देखि की रामु उसकी क्लीवेज देख रहा है तू उसकी बदन में फिर से करंट जैसा महसूस हुआ. वह तिरछी आँखों से उस बुड्ढे को देखि जो उसी के तरफ देख रहा था. अनीता कुछ सेकण्ड्स चुप चाप बिना शर्म के वैसे hi कड़ी रही.

अनीता कुछ सेकण्ड्स बाद boli,"Ramu जी अब मुझे चलना चाहिए"

रामु यह सुनकर घबराकर अनीता की चूंकि से नज़र हटाया तो अनीता उसे देखकर मुस्कुरा दी. रामु भी थोड़ा घबराते हुए मुस्कुरा दिया तो अनीता boli,"Main जाती हूँ. हरिया जी या आपको किसी चीज़ की ज़रूरत होगी तो बेझिजक बोलियेगा."

रामु यह सुनकर सर हिलाया तो अनीता मुस्कुराई और गांड मटकती हुयी वहां से चली गयी. रामु अनीता की नंगी पीठ और मटकती गांड को देखने लगा. इतनी खूबसूरत औरत वह सिर्फ टीवी पर hi देखा था. ऊपर से अनीता की इतनी खूबसूरत, चिकनी और गोरी पीठ को नंगु देखकर उसका लुंड तन तना गया.

रामु घूमकर हरिया के बीएड के तरफ जाने लगा तो एक नज़र देखा की वह बुद्धा दरवाज़े के तरफ देखते हुए चादर के अंदर से अपना लुंड हिला रहा है तो वह उसे गुस्से से देखा. बुद्धा रामु को गुस्से ी उसके तरफ देखते हुए देख चुप चाप लुंड से हाथ हटा लिया. रामु फिर हरिया के बीएड के तरफ चल दिया.
 
अपडेट 99

घर आने के बाद अनीता की बदन में आग लगी हुयी थी. जैसे तैसे वह खुद को कण्ट्रोल करके नहाने चली गयी और एक पल के लिए उसे ख्याल आया की वह अपनी छूट में ऊँगली घुसकर खुद को राहत दे मगर कुछ सोचकर वह रुक गयी. वह जितनी भी बेशर्म थी और उसके अंदर रान्दीपना कूट कूट कर भरा था मगर सेक्स के मामले में वह अभी भी थोड़ा रिजर्व्ड थी और खुद को कण्ट्रोल करने का कोशिश करती थी.

दो दिन बाद संडे के दिन अपने पति के साथ घूमने फिर गयी. रात में दोनों बाहर hi डिनर किये और घर आने के बाद राज उसे छोड़ा. अनीता को अपने पति से छुड़वाना अच्छा लगा मगर कहीं न कहीं उसकी सोच में हरिया का तगड़ा लुंड आ जा रहा था. राज उसे छोड़ कर सो गया मगर अनीता जाएगी हुयी हरिया के लुंड के बारे में सोच रही थी. उसके दबंगई और हिम्मत भी उसकी सोच में आ रहा था की हॉस्पिटल में कैसे वह उस बुड्ढे के सामने hi उसकी चूंकि मुंह में लेकर चूसने लगा था. अनीता की सांस यह सब सोचकर तेज़ हो रही थी. उसकी सोच में रामु भी आने लगा था की कैसे वह उसकी चूँचियों को भूखा नज़र से देख रहा था. अनीता यह सब सोचती हुयी सो गयी.

अगले दिन राज के जाने के बाद चंदा काम करने आयी. चंदा के जाने के बाद अनीता कुछ देर कुछ सोचती रही फिर अपनी बैग उठाकर वह कहीं चल दी. लगभग आधे घंटे बाद वह हरिया के हॉस्पिटल में पहुंची और सीधा उसके कमरे में गयी तो देखि की वह नर्स हरिया को इंजेक्शन दे रही थी.

अनीता यह देखकर चुप चाप कमरे में दाखिल हुयी तो वह नर्स इंजेक्शन निकल कर उसे डस्टबिन में फेंकती हुयी अनीता को देखकर boli,"Are मैडम आप?"

यह सुनकर अनीता मुस्कुराई तो हरिया का नज़र उस पर पड़ा. हरिया भी उसे देखकर मुस्कुराया तो अनीता उसे देखने के बाद नर्स को देखती हुयी boli,"Haan. अब यह कैसे हैं?"

नर्स यह देखकर boli,"Haan अब धीरे धीरे ठीक हो रहे हैं"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी हरिया के बीएड पर पहुंची तो हरिया उसे एक नज़र ऊपर से नीचे देखने के बाद bola,"Are नर्स हम कहे ठीक नहीं होंगे. जब हमरी मालकिन इतनी अच्छी है और हम ग़रीब का इतना ख्याल रखती हैं तो हुंका जल्दी अच्छा होना hi है"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर हरिया को देखि तो नर्स boli,"Haan यह तो है. शायद hi किसी को ऐसी मालकिन मिलती है"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर हरिया के बीएड के सिरहाने के पास रखे टेबल के पास जाकर फलों का थैला राखी तो नर्स boli,"Sach में मैडम. आजके ज़माने में आपके जैसी मालकिन किसी को मिलती नहीं है. आप अपने नौकर का भी कितना ख्याल रखती हैं"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर नर्स को देखकर boli,"Nurse यह भले hi मेरे घर काम करते हैं मगर हैं तो एक इंसान hi, और एक इंसान को दूसरे इंसान का ख्याल रखना hi चाहिए. यह भी मेरी बहोत मदद करते हैं, इतना की आज कल के ज़माने में कोई किसी का करता नहीं है"

अनीता यह बोलकर फलो का थैला राखी तो उसकी नज़र बगल वाले बुड्ढे पर पड़ी जो उसकी चूंकि देख रहा था. बुड्ढे को जब महसूस हुआ की अनीता उसे देख रही है तो वह उसकी चेहरे पर देखा. अनीता बिना कोई रिएक्शन कोले उस बुड्ढे के तरफ देखि तो नर्स का नज़र उधर गया. वह देख चुकी थी की बुद्धा अनीता की चूंकि देख रहा था.

नर्स यह देखकर जिधर पर्दा लगा हुआ था उधर जाकर पर्दा खींचती हुयी boli,"Maaf कीजियेगा मैडम. यह पर्दा लगा हुआ है मगर सिमट गया है"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर नर्स को देखि और फिर उसकी नज़र उस बुड्ढे पर गयी जो उसे hi देख रहा था. अनीता की दिल उसे देखकर धड़क रही थी. अनीता उसे देख hi रही थी की नर्स पर्दा पूरा खींचकर अनीता को देखकर boli,"Madam अब पूरा प्राइवेसी है"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर अपनी बैग से 500 का नोट निकल कर उसे देती हुयी boli,"Thank यू" तो वह खुश हो गयी.

नर्स की नज़र अगले पल हरिया पर गयी तो वह उसे भी अनीता की चूंकि को देखते हुए पायी. अगले पल अनीता हरिया को देखि तो हरिया मुस्कुरा दिया तो अनीता भी उसे देखकर मुस्कुरा दी.

हरिया अनीता से bola,"aap बैठिये न मेमसाहेब"

अनीता यह सुनकर बीएड के पास वाले टेबल पर बैठ गयी तो हरिया उसे देखकर मुस्कुराया और फिर उसकी चूंकि देखने लगा.

अनीता हरिया को ऐसे उसकी चूंकि देखते पाकर आँखों से नर्स के तरफ इशारा की तो हरिया नर्स के तरफ देखा.

नर्स अगले पल अनीता से boli,"Madam और कुछ चाहिए क्या?"

अनीता उसे देखकर boli,"Nahin"

नर्स अगले पल boli,"Achha मैं जा रही हूँ. अब दो घंटे बाद hi आउंगी. इस बीच कुछ चाहिए तो बोलियेगा. मैं इंतज़ाम कर दूंगी"

अनीता यह सुनकर नर्स के तरफ देखकर हल्का मुस्कुराई तो नर्स भी मुस्कुरा दी और boli,"Ek मिनट". अगले पल नर्स उस परदे को और अच्छे से एडजस्ट करके अनीता को देखकर boli,"Aap आराम से बैठकर बात चित कीजिये"

फिर वह हरिया को देखकर boli,"Main फिर बोल रही हूँ की तुम बहोत किस्मत वाले हो की इनके जैसी मालकिन मिली है. आजकल तो नौकरो के मुंह भी कितने लोग नहीं लगते हैं और अगर कोई मालकिन अच्छी भी हो तो ऐसे हॉस्पिटल में आकर कोई देखने नहीं आएगी"

हरिया यह सुनकर मुस्कुरा कर bola,"Are नर्स हमरी मालकिन सबसे अलग और सबसे ख़ास है. इनका दिल बहोत बड़ा है"

हरिया यह बोलकर अनीता की चूंकि की उभर देखा तो अनीता की दिल यह धड़क गयी. वह नर्स को देखने लगी तो वह मुस्कुराकर boli,"Haan दिल की तो बड़ी है इसलिए तो इतना ख्याल रख रही है तुम्हारा"

नर्स फिर boli,"Achha मैं चलती हूँ. मैडम कोई ज़रूरत होगा तो बोलियेगा"

अनीता यह सुनकर "हाँ" में सर हिलायी तो नर्स चली गयी. अनीता नर्स को जाते देखने लगी और उधर देख hi रही थी की तभी अपना चूंकि पर ब्लाउज के ऊपर से hi हाथ महसूस की. वह समझ गयी की हाथ किसका है. वह घूमकर देखि तो हरिया उसकी चूंकि दबाते हुए बीएड के पास इशारा करते हुए bola,"Idhar बैठिये न मेमसाहेब"

अनीता यह सुनकर बेझिझक उठकर बीएड पर हरिया के पास बैठ गयी तो हरिया उसकी ब्लाउज की बायीं कप के ऊपर से साड़ी की पल्लू को थोड़ा सड़क दिया और सर उठा कर अनीता की बायीं चूंकि ब्लाउज के ऊपर से hi मुंह में ले लिया. अनीता जल्दी से एक नज़र आस पास दौड़ाई मगर कोई नहीं था, वह बुद्धा भी नहीं देख रहा था और फिर हरिया के सर पर हाथ रखकर अपनी चूंकि थोड़ा और आगे कर दी. अनीता के ऐसा करने पर हरिया अपना मुंह और खोल दिया और जितना हो सके अनीता की बायीं चूंकि ब्लाउज के ऊपर से hi मुंह में भर कर चूसने लगा.

पिछली बार की तरह आज भी अनीता लगभग आधे घंटे तक हरिया के साथ रही और हरिया उसकी ब्लाउज के ऊपर से चूंकि चूसा और साथ hi उसकी नाभि में अंगूर डालकर खाया. इस बीच अनीता दो बार उस बूढ़े को पर्दा हटाकर उसे देखते हुए पायी, एक बार जब हरिया उसकी चूंकि चूस रहा था तब और दूसरी बार उसकी नाभि से अंगूर खा रहा था तब. अनीता दोनों बार उस बुड्ढे को देखि तो वह पर्दा छोड़कर अपने तरफ ग़ायब हो गया. लेकिन पिछली बार की तरह अनीता घबराई नहीं बस हरिया के सर के बालों में उँगलियाँ फेरती हुयी वह जो कर रहा था वह करने दी.

अनीता भी हरिया के लुंगी में हाथ घुसकर उसके लुंड को हिलाई. इस बीच हरिया हलके आवाज़ में अनीता से गन्दी गन्दी बातें करते रहा, जैसे वह हमेशा करता था, उसकी चूंकि और गांड को तारीफ करते हुए और कैसे वह उसको छोड़ेगा. अनीता भी अपनी बेशर्मी दिखती हुयी उसके बातों को सुनकर मुस्कुराती रही और अपनी अंदाज़ में जवाब भी देती और कभी कभी बस मुस्कुरा कर सर हिला देती.

लगभग आधे घंटे बाद हरिया सर वापस अपने तकिया पर रख दिया तो अनीता अपनी साड़ी की पल्लू से ब्लाउज की बायीं कप जो थोड़ा भीग चूका था उसे ढँक ली.

हरिया अनीता को देखते हुए उसकी कमर पर हाथ फेरते हुए bola,"Uff मेमसाहेब कितनी खूबसूरत हैं आप. कितना गरम जवानी है आपकी. सच में आपको देखकर हमार खून खौलने लगता है"

अनीता यह सुनकर कामुक अंदाज़ में boli,"Aap के जैसा मर्द का खून तो खौलेगा hi हरिया जी. वह शेर hi क्या जिसे खून देखकर भूख न लगे और वह मर्द hi क्या जिसका खून" और फिर वह आँखों से अपनी दोनों चूँचियों के तरफ इशारा करके boli,"inhe देखकर न खुले"

अनीता को ऐसे बेशर्मी से अपनी चूँचियों के तरफ आँखों से इशारा करते देख हरिया का लुंड तन तना कर हिलने लगा तो हरिया अपना लुंड के पास से लुंगी हटा कर अनीता को देख कर bola,"humaar लौड़ा को देख लीजिये मेमसाहेब कैसे बेचैन है आपका गरम जवानी देखकर"

अनीता पहले से hi हरिया के लुंगी में हाथ घुसकर उसका लुंड पकड़ कर हिला रही थी. जैसे hi उसका लुंड नंगा हुआ वह एक बार आस पास देखि और फिर उसके लुंड को पकड़ कर हिलती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Uhhm हरिया जी देखने का क्या है. इतनी देर से तो महसूस कर hi रही हूँ की कैसे आपका हथियार बेचैन है"

हरिया अनीता की कमर से हाथ ऊपर लेजाकर उसकी चूंकि पकड़ कर दबाते हुए bola,"Haan मेमसाहेब. आपका ी जवानी, ी बड़ा बड़ा चूंकि देखकर ससुरा बेचैन हो गवा है और ीका चैन तभी आएगा जब आपको छोड़ेगा. सच बताये मेमसाहेब अगर हो पाटा तो हम ीहें आपको छोड़ देते"

अनीता यह सुनकर boli,"Hariya जी धीरे" और फिर आँखों से परदे के तरफ इशारा की जैसे कहना छह रही हो की वह बुद्धा सुन्न लेगा. हरिया यह सुनकर परदे के तरफ देखा और फिर धीरे से bola,"Are सुनने दीजिये ससुरा बुद्धा को. सुन्न कर का करेगा. हम कउनो ग़लत बात थोड़े बोल रहा हूँ. आपके जइसन जवान औरत को हम नहीं छोडूंगा तो का ु ससुरा बुद्धा छोड़ेगा जिसमे हिम्मत hi नहीं है. ससुरा आपकी गांड देखेगा उसी वक़्त लौड़ा से पानी निकल जायेगा, ु भी अगर खड़ा हुआ तब"

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी अपनी आंखें बड़ी करके धीरे से boli,"Offo हरिया जी बस कीजिये"

हरिया यह सुनकर अनीता की चूंकि दबाते हुए अपने लुंड के तरफ आँखों से इशारा करते हुए bola,"Aur हमार लौड़ा देखिये. कैसे फौलाद के तरह तन्न कर खड़ा है. आपको छोड़ने के लिए ऐसा लौड़ा चाहिए जो आपको रगड़ कर छोड़ सके. ससुरा ु बुद्धा का तो पानी hi निकल जाएगा आपकी गांड देखकर. लेकिन आपकी गांड देखकर हमार लौड़ा तो और बौखला जाता है. हमरा खून गरम हो जाता है और हुंका आपको छोड़ने का मैं करने लगता है"

अनीता यह सुनकर हरिया का लुंड देखकर उसे हिलती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Uhhm हरिया जी सच में आपका हथियार का तो कोई जवाब hi नहीं है. कितना तगड़ा और दुमदार है" और यह बोलकर अनीता अपनी होंठों पर एक बार ज़बान फेरकर निचली होंठ दांतों के बीच दबा ली.

हरिया यह देखकर मुस्कुराते हुए bola,"Aapko प्यास लगा है तू चूस लीजिये हमार लौड़ा मेमसाहेब. हमरा तगड़ा लौड़ा आपके लिए hi तो है"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Uhhm हरिया जी" और फिर होंठ को दांत में दबाई हुयी हरिया के लुंड को देखि तो हरिया अपने लुंड पर दबाओ डालकर उसे थोड़ा हिलाया तो अनीता उसे देखकर मुस्कुराकर वापस हरिया को देखि तो वह आँखों से अपने लुंड के तरफ इशारा किया.

अनीता उसका इशारा देखने के बाद एक नज़र परदे के तरफ देखि तो वह बुद्धा नहीं देख रहा था. हरिया अनीता से bola,"Are मेमसाहेब ु बुद्धा का कहे चिंता कर रही है. ससुरा देख लेगा तो का हो जायेगा कौन सा उससे हुंका दुबारा मिलना है. और उसका हिम्मत भी नहीं है की मुंह खोले. पिछली बार तो हम अइसन डांटा हूँ ससुरा को की कुछ बोलै hi नहीं"

अनीता यह सुनकर धीरे से boli,"Hariya जी मैं पिछली बार की तरह बस थोड़ा सा प्यार कर देती हूँ आपके हथियार को"

हरिया यह सुनकर अनीता की चूंकि दबाते हुए अपने लुंड के तरफ इशारा करते हुए bola,"Aap अपनी गांड हमार तरफ करके चूस लीजिये हमार लौड़ा"

अनीता की सांस तेज़ हो रही थी हरिया के साथ गन्दी बातें करके, मगर उसे अच्छा लग रहा था. वह बेशर्मी से हरिया को देखकर उसके बीएड से उत्तरी और अपनी गांड उसके तरफ करके उसके लुंड के तरफ मुंह करके झुक गयी और उसके लुंड पर थूक गिरा दी. लुंड पर थूक गिरते hi हरिया का लुंड हिलने लगा तो अनीता मुस्कुराई और कामुक अंदाज़ में हरिया को देखकर अपनी गांड थोड़ा हिलती हुयी उसके लुंड से होंठ सत्ता कर चूमने लगी.

हरिया अनीता की गांड पर हाथ रखकर दबाते हुए "ाःह" भरा और उसका लुंड तन तना कर हिलने लगा. अगले एक मिनट तक ऐसे hi चलता रहा, अनीता उसके लुंड पर होंठ फेर रही थी और हरिया उसकी गांड की दोनों भाग को पकड़ कर दबा रहा था. हरिया अनीता को देखते हुए धीरे से bola,"Dekhiye मेमसाहेब आपकी गांड को हिलते देख भी हमार लौड़ा कैसे तन्न कर खड़ा है. सच में मेमसाहेब, मैं कर रहा है की आपके पीछे खड़ा होकर अपना लौड़ा आपके अंदर पेल कर आपको रगड़ कर चोदे"

अनीता की सांस तेज़ हो रही थी जिसे हरिया अपने लुंड पर महसूस कर पा रहा था. अनीता देखि की हरिया उसकी गांड को भूखा हवस के नज़र से देख रहा था, जैसे उसकी गांड को खा जाएगा. अनीता को हरिया का उसकी गांड के ऐसे देखने से अच्छा लगा और वह कामुक अंदाज़ में अपनी गांड को थोड़ा हिला दी तो हरिया धीरे से bola,"Uff बहनचोद का मस्त गांड है" और अगले पल हरिया थोड़ा सर उठा कर अनीता की गांड के दोनों भागो के बीच मुंह रखकर अनीता की दोनों गांड को पकड़ कर हिलाते हुए अपना मुंह उसकी गांड में रगड़ने लगा.

अनीता को हरिया का यूँ उसकी गांड पर मुंह रगड़ना अच्छा लगने लगा और वह अपनी गांड को थोड़ा हिलती हुयी उसके लुंड को चूमने लगी.

लगभग एक मिनट बाद अनीता हरिया का आवाज़ suni,"Abe बुड्ढे का देख रहा है?"

हरिया अपने दोनों हाथों से अनीता की गांड की दोनों भाग को पकडे हुए था. अनीता यह सुनते hi सीधा होने का कोशिश की मगर तभी अपनी गांड से हरिया का एक हाथ हट्टे हुए महसूस की और अगले पल वह हाथ अपनी बाल पर महसूस की.

हरिया उसकी बाल पकडे वापस अपने लुंड के तरफ झुका दिया और ऐसा करते हुए वह bola,"Chal चुप चाप पर्दा छोड़ कर अपने तरफ जा"

अनीता को पता था की वह बुद्धा देख चूका होगा की हरिया उसकी गांड पर हाथ रखे हुए है और वह कैसे उसके लुंड के तरफ मुंह झुके हुयी है. यह सोचते hi उसकी धड़कन तेज़ हो गयी और उसकी बदन में एक अजीब सा मस्ती की लहर दौड़ने लगी. उसे पता था की हरिया के डांटने पर उसकी हिम्मत नहीं होगी कुछ करने या किसी को कहने की. ऊपर से हरिया का दबंगई देखकर उसे अच्छा लगा की कैसे एक सच्चे मर्द के तरह वह सिचुएशन को संभाल रहा है.

अनीता अगले पल फिर से हरिया के लुंड पर थूक गिरा कर उसे चूमने लगी वहीँ हरिया उसकी बाल के पीछे से हाथ को उसकी नंगी पीठ पर फिरते हुए नीचे कमर तक लाया. हरिया अपना खुरदुरा हाथ अनीता की नंगी पीठ पर बहोत hi कामुक अंदाज़ में फेरते हुए नीचे उसकी कमर तक काय और फिर गांड पर लेजाकर दोनों हाथ से उसकी गांड की दोनों भाग पर हल्का थप्पड़ मारकर उसकी दोनों गांड को पकड़ कर जोड़ से मसल कर bola,"Uff क्या मस्त कातिल गांड है"

अपनी गांड मसले जाने पर अनीता किसी मुंह से सिसकारी निकल gayi,"ssiii ुहहममम" और फिर जब हरिया के मुंह से suni,"Uff क्या मस्त कातिल गांड है" तो वह कामुक अंदाज़ में हरिया को देखकर अपनी गांड को थोड़ा हिला दी. हरिया उसे देखा तो अनीता पूरी बेशर्मी दिखती हुयी अपनी आँखों से अपनी गांड के तरफ इशारा की तो हरिया फिर से उसकी गांड को पकड़ कर मसलते हुए उस पर मुंह रखकर रगड़ने लगा. अनीता देखि की बुद्धा अब देख नहीं रहा है तो हरिया को अपनी गांड में मुंह रगड़ते हुए देख मुस्कुरा कर अपनी गांड थोड़ा हिलने लगी.

अनीता बेशरम तो थी hi और उसके अंदर रान्दीपना कूट कूट कर भरा हुआ था मगर इसका मतलब यह नहीं की वह बीच सड़क पर रान्दीपना करने लगे. उसे भी थोड़ा बहोत एहसास था की कितना हद्द तक कोई चीज़ करना चाहिए. अगर वह बुद्धा डरपोक नहीं होता और हरिया जैसा दबंग मर्द नहीं होता तो अनीता शायद इतना खुलकर बेशर्मी और रान्दीपना नहीं दिखती. अनीता को एहसास था की वह बुद्धा देखकर भी कुछ न कर पायेगा न किसी को कह पायेगा क्यूंकि हरिया जैसा दबंग मर्द उसे डरा दिया था इसलिए वह भी खुलकर अपनी बेशर्मी दिखा रही थी और हरिया जैसा दबंग मर्द उसके अंदर के रणदीपाने को बाहर निकाल रहा था तो वह खुलकर अपना रान्दीपना भी दिखा रही थी.

अनीता को हरिया का यह दबंग अंदाज़ अच्छा लग रहा था. हरिया का उसकी बाल को पकड़ कर वापस अपने लुंड के तरफ झुकाने से भी अनीता इम्प्रेस हो गयी थी की कैसे हरिया उस बुड्ढे के सामने hi उसे अपने लुंड के तरफ झुका रहा था जैसे बुड्ढे को एहसास दिलाना छह रहा हो की उसके जैसी खूबसूरत औरत हरिया जैसे मर्द के लिए है और वह बुद्धा भले hi देखे मगर उसे अनीता की जवानी नहीं मिलेगी. अनीता की जवानी सिर्फ हरिया जैसे असली दबंग मर्दों के लिए hi है जो खुल कर बेझिझक उसे छेड़ सकता है और उसे अपने लुंड का ताक़त दिखा सकता है.

अनीता हरिया के लुंड को अगले 5 मिनट तक चूमती रही और हरिया भी उसकी गांड में मुंह रगड़ता रहा. 5 मिनट बाद अनीता उसका लुंड छोड़कर सीढ़ी होकर अपनी सांस काबू करती हुयी boli,"Hariya जी मुझे अब चलना चाहिए".

हरिया अनीता की चूंकि दबाकर "हाँ" में सर हिलाकर bola,"Theek है मेमसाहेब" और फिर वह अपना लुंड पकड़ कर अनीता से bola,"Aaiye मेमसाहेब हम आपके होंठों पर अपना लौड़ा से लिपस्टिक लगा देते हैं"

अनीता यह सुनकर हरिया के लुंड को देखि तो उसकी दिल धड़क गयी. वह समझ गयी हरिया क्या करना चाहता है. पिछली बार भी हरिया वैसे hi किया था. अनीता बिना शर्म के बेझिझक उसके लुंड के तरफ झुक गयी तो हरिया bola,"memsaheb आइना निकालिये अपने बैग से. लिपस्टिक तो आप आइना में देखकर लगाती है न"

अनीता यह सुनकर "हाँ" में सर हिलायी और अपनी बैग से एक छोटा सा आइना निकलकर हरिया के लुंड के सामने रखकर उसके लुंड के तरफ झुकी तो हरिया अपना लुंड छोड़कर bola,"Laga लीजिये मेमसाहेब" फिर वह अपने प्रेकम के तरफ आँखों से इशारा करके bola,"U रहा ख़ास लिपस्टिक"

अनीता की दिल धड़क रही थी मगर साथ में एक अलग hi मज़ा मिल रहा था. उसे एक अलग hi एक्ससिटेमेंट, एडवेंचर महसूस हो रहा था. वह हरिया का बात सुनकर उसका लुंड पकड़ ली और आईने में खुद को देखि. आज पहली बार वह खुद के चेहरे के पास हरिया का लुंड देख रही थी क्यूंकि आइना था सामने में. अपनी चेहरे के पास हरिया का लम्बा और मोटा लुंड देखकर अनीता को अजीब सा एहसास हुआ मगर साथ hi उसे हरिया के मर्दानगी का भी एहसास हुआ जब वह देखि की हरिया का लुंड उसकी चेहरे के लम्बाई जितना लम्बा है. अनीता को हरिया के मर्दानगी पर गर्व होने लगा और साथ hi गर्व हो रहा था की हरिया जैसे मर्द से उसकी मुलाक़ात हुयी इस शहर में. अनीता अगले पल हरिया का लुंड पकड़ कर उसके टोपे को अपनी होंठों के तरफ करके आईने में देखकर pre-cum को अपनी होंठों पर मलने लगी जैसे लिपस्टिक लगा रही हो. पहले निचली होंठ पर फिर ऊपर की होंठ पर और आखिर में दोनों होंठों को जोड़ कर दोनों के बीच लगाने के बाद हरिया को देखकर अपनी दोनों होंठों पर ज़बान फेरने लगी. ऐसा करते hi अनीता की मुंह में हरिया के pre-cum का स्वाद जाने लगा और उसकी बदन खाकर छूट में हलचल होने लगी.

अनीता अपने दोनों होंठों पर ज़बान फेरने के बाद बैग से असली लिपस्टिक निकाल कर लगाने लगी और लगाती हुयी उसे एहसास हुआ की बुद्धा फिर से देख रहा है. अनीता आँखों के कोने से देखि तो सच में बुद्धा देख रहा था मगर वह कुछ रियेक्ट नहीं की चुप चाप लिपस्टिक लगाती हुयी आँखों के कोने से हरिया के लुंड को देखि जो अभी भी नंगा तन्न कर खड़ा था. अनीता को पता था की आज बुद्धा उसे हरिया के लुंड के तरफ झुके हुए देख चूका था तो एहि सोच रहा होगा की वह हरिया का लुंड चूसने के बाद अपनी लिपस्टिक ठीक कर रही थी मगर वह हकीकत में उसका लुंड चूसी नहीं थी, बस चूमि थी. यह सोच कर अनीता की चेहरे पर शर्म के जगह मुस्कान आ गयी की वह बुद्धा कैसे ग़लत सोच रहा होगा और शायद जल भी रहा होगा की वह हरिया का लुंड चूसी है और वह सिर्फ देखते hi रह गया.

अनीता लिपस्टिक लगाने के बाद उसे और आईने को बैग में रखकर boli,"Achha मैं चलती हूँ"

हरिया मुस्कुराकर bola,"Theek है मेमसाहेब" और फिर अपने लुंड के तरफ इशारा करके bola,"Jaate हुए इसे bye काट दीजिये मेमसाहेब"

अनीता एक नज़र आँखों के कोने से उस बुड्ढे को देखि और फिर हरिया के लुंड के तरफ झुककर अपनी होंठ को कामुक अंदाज़ में पोत करके हरिया को देखती हुयी उसके लुंड को चुम ली और आँखों के कोने से उस बुड्ढे को देखि तो वह अपना थूक घोंट रहा था और साफ़ साफ़ घबराया हुआ लग रहा था.

अनीता तभी अपनी गांड पर हाथ महसूस की तो वह हरिया को मुस्कुराती हुयी देखि जो उसकी गांड दबाते हुए bola,"Aap अपना ख्याल रखियेगा मेमसाहेब"

अनीता भी मुस्कुराकर boli,"Aap भी अपना ख्याल रखियेगा" और फिर सीधा होकर घूमकर गांड मटकती हुयी वहां से चली गई. वह जाती हुयी वी नज़र उस बुड्ढे के तरफ देखि जो चादर के अंदर अपना लुंड पकड़ कर हिला रहा था मगर अनीता को देखकर झट से हाथ हटा लिया. अनीता एक नज़र उसके आँखों में देखि मगर बिना कुछ बोले अपनी गांड मटकती हुयी कमरे से बाहर चली गई.

तीन दिन बाद थर्सडे के दिन चंदा के जाने के आधा घंटा बाद रामु अनीता के घर आया स्टोर रूम साफ़ करने के लिए. वह जब आया तो अनीता को नमस्ते किया तो अनीता मुस्कुरा कर उसे जवाब दी.

रामु उसे देखकर bola,"Memsaheb वह काम थोड़ा काम था तो सोचे यहाँ आकर सफाई कर डेट हैं हम".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर रामु को घर के अंदर आने के लिए बोली.

रामु जब अनीता के बगल से घर के अंदर घुसा तो उसके बदन से शराब और पसीने की बदबू अनीता की नाक में गयी तो उसे एक अजीब सा एहसास हुआ. वह जानती थी की रामु शराब बहोत पीटा है तो उसके बदन से शराब का गंध आने से उसे कोई आश्चर्य नहीं हुआ.

अनीता दरवाज़ा बांध करके फिर उससे puchhi,"Kuchh पिएंगे आप रामु जी?"

रामु यह सुनकर एक नज़र अनीता को देखकर bola,"Ji मेमसाहेब एक गिलास ठंडा पानी. वह बाहर गर्मी बहोत है"

अनीता यह सुनकर मुस्कुरा कर boli,"Haan रामु जी बहोत गर्मी है. आप रुकिए मैं पानी लेकर आती हूँ"

अनीता गांड मटकती हुयी वहां से जाने लगी तो रामु अनीता की बैकलेस ब्लाउज में नंगी पीठ को देखा तो उसका खून गरम होने लगा और लुंड में हलचल होने लगा. रामु का नज़र फिर थोड़ा नीचे गया तो अनीता की पतली कमर के नीचे बड़ी गांड को टाइट साड़ी में मटकते देख उसका लुंड एक बार धोती के अंदर hi झटका मारा. रामु एक गहरा सांस लेकर खुद को सँभालने की कोशिश करने लगा.

एक मिनट बाद अनीता एक गिलास पानी लेकर आयी तो रामु उसके हाथ से लिया. हाथ से लेते हुए रामु का हाथ अनीता की हाथ से थोड़ा टकरा गया मगर अनीता कुछ नहीं बोली. रामु गिलास लेकर गटागट पूरा गिलास पानी पी गया. अनीता मुस्कुराकर उसके हाथ से गिलास लेकर puchhi,"Aur पानी चाहिए रामु जी?"

रामु "न" में सर हिलाया और फिर उसका नज़र नीचे अनीता की क्लीवेज पर चला गया. अनीता देखि की रामु उसकी क्लीवेज देख रहा है मगर उसे कुछ फ़र्क़ नहीं पड़ा. कुछ सेकण्ड्स वह वैसे hi कड़ी रही फिर रामु उसकी क्लीवेज से नज़र बताकर bola,"Memsaheb हम सफाई कर डेट हूँ"

अनीता यह सुनकर boli,"Theek है. आपको मेरी कोई मदद लगेगी?"

रामु "न" में सर हिलाते हुए bola,"Nahin मेमसाहेब".

अनीता मुस्कुराकर boli,"Theek है मैं एहि हूँ, अगर कोई मदद लगेगी तो बोलियेगा"

रामु "हाँ" में सर हिलाकर स्टोर रूम में चला गया.

आधे घंटे बाद रामु स्टोर रूम के दरवाज़े के पास आकर देखा तो अनीता सोफे पर बैठी मैगज़ीन पढ़ रही थी. वह अनीता को देखकर bola,"Memsaheb वह कुछ किताब है, उसका क्या करना है?"

अनीता यह सुनकर boli,"Woh इससे पहले जो लोग रहते थे उनका होगा. उसे साफ़ करके एक बैग में रख दीजिये, मैं डोनेट कर दूंगी"

रामु यह सुनकर सर हिलाकर जाने वाला hi था की अनीता boli,"Ek मिनट. मैं देख लेती हूँ अगर कोई अच्छी किताब होगी तो मैं रख लुंगी"

अनीता यह बोलकर सोफे से उठी और गांड मटकती हुयी स्टोर रूम के तरफ जाने लगी. वह स्टोर रूम में गयी तो रामु एक शेल्फ की तरफ इशारा करते हुए bola,"Memsaheb आप देखिये तब तक हम दूसरा काम कर लेता हूँ"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर उस शेल्फ के तरफ गयी और किताबें देखने लगी. कुछ किताबें ऊपर के शेल्फ में देखने के बाद नीचे के शेल्फ में किताबें देखने के किये अनीता थोड़ी झुकी तो रामु का नज़र उसके ऊपर पड़ा. झुकने से अनीता की बड़ी गांड उसकी पतली कमर के नीचे बहोत कातिलाना लग रही थी और किसी भी मर्द का खून गरम कर देता. ऊपर से अनीता की पीठ भी लगभग पूरी नंगी थी. रामु अनीता को hi देखने लगा. अनीता इससे अनजान चुप चाप झुकी हुयी किताबें हटाकर उनका टाइटल पढ़ रही थी.

ऐसा 30 सेकण्ड्स तक हुआ की तभी रामु का नज़र शेल्फ पर पड़ा जो थोड़ा सामने के तरफ झुकने लगा था तो वह जल्दी से अनीता के पास पहुंचा और पहुँचते hi शेल्फ का आगे का एक लेग टूट गया. अनीता खुद को संभालती उससे पहले hi रामु जल्दी से आगे बढ़ kar,"Memsaheb खुद को सम्भालिये" बोलकर उसके पीछे से शेल्फ को पकड़ लिया. ऐसा करने से वह पीछे से अनीता की गांड से सत् गया था और शेल्फ को सँभालते सँभालते थोड़ा आगे होना पड़ा उसे जिसके कारण उसका लुंड धोती के अंदर से hi अनीता की गांड से सटकर उसकी गांड को धक्का दिया और अनीता झुकी हुयी hi थोड़ा आगे हो गयी और उसका सर शेल्फ के अंदर चला गया.

रामु के लुंड से धक्का पड़ने पर अनीता की मुंह से "आह" निकली मगर तब तक वह हालात समझ चुकी थी की रामु वक़्त पर आकर उसके ऊपर शेल्फ गिरने से बचा लिया था अब भले hi ऐसा करने से उसकी गांड से रामु का लुंड सत् गया था. अब पीछे से देखने से ऐसा hi लग रहा था जैसे अनीता झुकी हुयी रामु से छुड़वा रही हो या रामु पीछे से अनीता को छोड़ रहा हो.

अनीता तेज़ सांस लेती हुयी धड़कते दिल से अपनी गांड पर रामु का लुंड धोती के ऊपर से hi सही मगर महसूस कर पा रही थी. महसूस कैसे नहीं करती, आखिर रामु का लुंड भी हरिया जैसा मोटा और लम्बा था तो धोती के अंदर hi सही, उसका उभर तो बड़ा होना hi था तो ऐसे बड़े उभर को अनीता अपनी गांड पर कैसे महसूस नहीं करती.

वहीँ रामु जब अपने लुंड को अनीता की बड़ी गांड से सटे महसूस किया तो उसका खून और खौलने लगा और लुंड धीरे धीरे बड़ा होने लगा. ऊपर से अनीता की नंगी पीठ देखकर उसका खून और खौल रहा था. अनीता उसके लुंड को कड़क होते हुए अपनी गांड पर महसूस करने लगी मगर सिचुएशन को वह समझ रही थी तो उसे ज़रा भी बुरा नहीं लगा. वह तो उल्टा राहत महसूस कर रही थी की रामु वक़्त पर आकर उसे बचा लिया.

रामु शेल्फ को पकडे हुए bola,"Memsaheb हम पकडे हुए हूँ. आप धीरे से निकल जाइये"

अनीता यह सुनकर अपना सर हल्का हिलाकर पहले अपना सर को शेल्फ से निकली और फिर धीरे से रामु के आगे से साइड होकर निकल कर उसके बगल में कड़ी हो गयी तो रामु bola,"Memsaheb हम ीका पकड़ कर हूँ, कउनो चीज़ है तो ीका नीचे रख दीजिये. ीका पेअर टूट गवा है".

अनीता जल्दी से आस पास देखने लगी तो रामु शेल्फ के साइड में गिरे कुछ किताबों के तरफ आँखों से इशारा करके bola,"Memsaheb ु किताब hi रख दीजिये अभी के लिए"

अनीता यह सुनकर "हाँ" में सर हिलती हुयी वहां जाकर नीचे बैठकर किताबें उठाई तो सबसे ऊपर वाला किताब देखकर उसकी दिल धड़क गयी. वह एक पोर्न मैगज़ीन थी जिसके ऊपर का कवर पहात चूका था और अंदर पहले पेज में एक गोरी औरत पूरी नंगी बिस्तर पर लेती हुयी उसके सर के पास पूरा नंगा खड़ा एक काले मर्द का कला लुंड चुस्ती हुयी कैमरा के तरफ देख रही थी और एक दूसरा काला मर्द भी पूरा नंगा होकर उसकी छूट में अपना काला लुंड पेले हुए था.

अनीता की दिल यह देखकर धड़क गयी. वह एक पल के लिए सोचने लगी की वह क्या देख ली और वह सोच hi रही थी की तभी रामु bola,"Jaldi कीजिये मेमसाहेब"

अनीता यह सुनकर ऊपर रामु के तरफ देखि तो वह भी नीचे उसके तरफ देखा और तभी उसका भी नज़र उस मैगज़ीन पर पड़ा तो वह भी उसे देखने लगा. रामु को वह मैगज़ीन को देखते देख अनीता की दिल धड़क गयी. वह एक पल रामु को देखि तो वह भी अनीता को देखा. अनीता की दिल यह देखकर और धड़कने लगी मगर उसे शर्म नहीं आयी. वह खुद को संभालती हुयी वह मैगज़ीन को पकड़ कर बाकी किताबों के नीचे करने लगी तो बाकी किताबों के सबसे ऊपर जो किताब था वह भी एडल्ट मैगज़ीन था, पोर्न नहीं मगर एडल्ट मैगज़ीन जिसमे छूट और लुंड तो नहीं दिख रही थी मगर एक औरत की दोनों चूंकि पूरी नंगी थी और उसकी नंगी चूंकि को एक काला मर्द मुंह में लेकर चूस रहा था और दूसरी चूंकि को हाथ में पकड़ कर दबा रहा था.
 
अपडेट 100

अनीता धड़कते दिल से वैसे hi उस मैगज़ीन को ऊपर रखे hi जल्दी से किताबो के बंडल को शेल्फ के नीचे खिसका दी तो रामु शेल्फ धीरे से छोड़ दिया. अनीता एक नज़र दौड़ा चुकी थी की वह सब एडल्ट मैगजीन्स hi हैं जो शेल्फ के ऊपर रखा हुआ था और उसके टेढ़ा होने से नीचे गिर गया था. वह कोई भी मैगज़ीन ऊपर रखती बात एक hi होती तो वह ज़्यादा नहीं सोची और वह चूंकि चूसते हुए फोटो वाले मैगज़ीन को ऊपर रखे hi मैगज़ीन के बंडल को शेल्फ के पेअर के पास खिसका दी.

रामु जब शेल्फ छोर दिया तो अनीता उठ गयी. रामु का भी दिल धड़क गया था ऐसे सिचुएशन से, पहले तो उसका लुंड अनीता की गांड से सत् गया था, ऊपर से वैसे फोटो मैगजीन्स में देखकर उसका लुंड तन तना गया था. अनीता के उठने पर वह सोचने लगा की अनीता कुछ बोले नहीं मगर अनीता उठ कर उसे देखती हुयी मुस्कुराकर boli,"Thank यू रामु जी. आप टाइम पर नहीं आते तो यह सब मेरे ऊपर hi गिर जाता"

रामु को थोड़ा राहत मिला अनीता की मुंह से यह सुनकर. अनीता जी जगह कोई और औरत होती तो ऐसे सिचुएशन में वहां से चुप चाप चली जाती, मगर अनीता में शर्म नाम की चीज़ नहीं थी. उसे फ़र्क़ नहीं पड़ा था की रामु का लुंड उसकी गांड से सत् गया था और वह उसका लुंड अपनी गांड पर और रामु उसकी गांड अपने लुंड पर महसूस किये थे. अनीता के लिए वह बस हालत वैसे थे की वैसा हो गया और ऐसे में उसमे कोई बुराई नहीं थी. उसे इस बात की भी शर्म नहीं थी की वह और रामु के सामने hi चुदाई और चूंकि चूसै का फोटो था और दोनों का नज़र वहां पद गया था. उसके लिए यह सब हालत के वजह से हुआ था और कोई बुराई नहीं थी इसमें. हाँ शुरू में ऐसे अचानक से सब होने से थोड़ा अजीब लगा था उसे मगर उसमे बुराई कुछ नहीं लगी उसे. लेकिन इंसान होने के कारण वैसा सिचुएशन के कारण उसकी भी दिल धड़क रही थी, बस उसे शर्म नहीं आ रही थी.

रामु भी थोड़ा राहत महसूस किया की अनीता सिचुएशन समझी और कुछ नहीं बोली. बल्कि वह सोचने लगा की अनीता बड़े शहर की मॉडर्न औरत है तो यह सब का बुरा नहीं मानेगी और अनीता का यह बात उसे अच्छा लगा और थोड़ा हिम्मत मिला उसे. वह अनीता को देखते हुए bola,"Are मेमसाहेब दिखने से कैसे नहीं बचते हम. वह तो अच्छा हुआ की हुंका सही वक़त पर दिख गवा तो हम आ गए. लेकिन फिर भी आपको चोट लग गवा. वह जल्दबाजी में आये तो हमसे धक्का लग गवा और आपका सर अंदर चला गवा तो चोट लग गवा होगा आपके सर में"

अनीता यह सुनकर boli,"Nahin रामु जी वह किताबें थी तो बच गयी मैं"

रामु यह सुनकर bola,"Achha हुआ मेमसाहेब की किताब था. ससुरा हुंका थोड़ा ध्यान देना चाहिए था"

अनीता यह सुनकर boli,"Are रामु जी कोई बात नहीं. थोड़ा सा धक्का लग hi गया तो क्या हुआ. कोई चोट थोड़े न लगी मुझे. अगर आप नहीं आते तो मुझे सच में चोट लग जाती. अब छोड़िये जो हो गया सो हो गया. मुझे बचाने के लिए थैंक यू."

रामु यह सुनकर सर हिलाया तो अनीता एक नज़र उसके बदन पर देखि जो पसीने से भीगा हुआ था. अनीता उसे देखकर boli,"Aap कितने पसीने से भीग गए हैं. थोड़ा आराम कर लीजिये और पानी या जूस पि लीजिये"

रामु यह सुनकर bola,"Are नहीं मेमसाहेब कउनो बात नहीं. हम थोड़ा और सफाई कर डेट हूँ फिर आराम कर लूंगा"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराई और फिर boli,"Theek है. अच्छा आप काम कीजिये मैं जा रही हूँ. मेरी कोई मदद लगेगी तो बोलियेगा"

रामु जवाब में bola,"Memsaheb आप आराम कीजिये. वह बस बता दीजिये की ी किताब सब का का करना है"

अनीता यह सुनकर boli,"Ji एक पॉलीबाग में रख दीजिये" और फिर अपनी गांड मटकती हुयी जाने लगी तो रामु का नज़र उसकी गांड पर पड़ा. अनीता की मटकती गांड देखकर उसका लुंड फिर से बौखलाने लगा मगर वह देखा की वहां साड़ी के ऊपर थोड़ा गन्दा लगा हुआ था. रामु एक पल सोचा और फिर bola,"Memsaheb"

अनीता यह सुनकर रूककर घूमकर boli,"Haan रामु जी"

रामु एक गहरी सांस लेकर bola,"Woh आपके पीछे थोड़ा गन्दा लग गवा है"

अनीता यह सुनकर गर्दन घुमाकर पीछे देखि मगर वह अपनी पीठ पर देख रही थी और उसे नहीं दिखा तो वह रामु को देखकर puchhi,"Kidhar रामु जी"

रामु यह सुनकर आँखों से उसकी गांड के तरफ इशारा किया. अनीता की दिल धड़क गयी रामु को उसकी गांड के तरफ आँखों से इशारा करते हुए देख. मगर अनीता थी तो बेशर्म, वह अपनी गांड के तरफ देखि तो साड़ी पर थोड़ा गन्दा लगे देखि. वह रामु के सामने hi अपनी गांड के तरफ हाथ लेजाकर वहां से गन्दा साफ़ करने लगी. ऐसा करने से उसकी गांड हिलने लगी.

रामु अनीता की गांड को हिलते हुए देखने लगा और उसका लुंड तन तना कर धोती में हिलने लगा. अनीता अपनी गांड साफ़ करके रामु के तरफ देखि तो उसे अपनी गांड के तरफ देखते हुए पायी. अनीता बिना शर्म के उसे देखकर puchhi,"Ab ठीक है तो रामु जी?"

रामु यह सुनकर उसकी गांड से नज़र हटाकर उसे देखा तो अनीता puchhi"kahin और भी गन्दा लगा है क्या?"

रामु वापस अनीता की गांड के तरफ देखा और फिर उसे देखकर bola,"Nahin मेमसाहेब अब ठीक है"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर boli,"Thank यू रामु जी. आप नहीं देखते तो मैं ऐसे hi गन्दा साड़ी पहने घूमती रहती"

रामु यह सुनकर हल्का मुस्कुराया और अपना नज़र थोड़ा नीचे करके अनीता की गांड देखने लगा. अनीता उसे अपनी गांड देखते हुए देख घूमकर गांड मटकती हुयी स्टोर रूम से निकल गयी.

15 मिनट बाद रामु स्टोर रूम से निकला तो अनीता उसे देखकर puchhi,"Ramu जी कुछ पिएंगे आप? पानी या जूस?"

रामु जवाब में bola,"Ek गिलास पानी पीला दीजिये मेमसाहेब"

अनीता यह सुनकर सोफे से उठी और अपनी गांड मटकती हुयी किचन में गयी और एक गिलास पानी लेकर वापस आई. रामु जाते वक़्त उसकी गांड की नाटक देख रहा था. अनीता पानी लाते हुए boli,"Are रामु जी बैठिये न. थक गए होंगे आप"

रामु जवाब में bola,"Nahin मेमसाहेब हुंका काम में जाना है अभी".

अनीता यह सुनकर जवाब में boli,"Theek है" और रामु को पानी जा गिलास दे दी. रामु गिलास लेकर गटागट पानी पि गया. अनीता की नाक में उसके पसीने का बदबू आ रहा था मगर उसे बुरा नहीं लगा. वहीँ रामु के नाक में अनीता की बदन से अच्छी खुशबु आ रही थी जो उसे अच्छा लग रहा था.

रामु पानी पीकर अनीता को गिलास दिया तो वह puchhi,"aur कुछ चाहिए क्या रामु जी?"

न चाहते हुए भी रामु का नज़र थोड़ी देर के लिए अनीता की चूंकि और क्लीवेज पर चला गया. अनीता उसे अपनी चूंकि देखते हुए देखि तो उसकी दिल धड़कने लगी. वह चुप चाप कड़ी रही. रामु 5 सेकण्ड्स तक उसकी चूंकि देखने के बाद उसे वापस देखा तो अनीता boli,"Kuchh चाहिए होगा रामु जी तो बोलियेगा"

रामु यह सुनकर अनीता को देखा और "हाँ" में सर हिलाते हुए bola,"Haan मेमसाहेब. हमार बिटिया ठीक कहती है की आप दिल की अच्छी है. हम ग़रीब लोगन का कितना ख्याल रखती हैं आप. इज़्ज़त भी देती हैं"

अनीता यह सुनकर रामु के आँखों में देखती हुई boli,"Ramu जी ग़रीब लोग इंसान नहीं होते हैं क्या? आप और हरिया जी हैं तो मेरी कितनी मदद मिलती हैं. आप लोग ग़रीब ज़रूर हैं मगर आप लोग भी मेरी हमेशा मदद करते रहते हैं. ग़रीबी और अमीरी की बात नहीं है, हम लोग एक दूसरे की कैसे मदद कर सकते हैं वह मायने रखता है. इंसान को एक दूसरे की ज़रूरत होती है तो एक दूसरे की मदद करना चाहिए. मैं भी किसी तरीके से आप लोगो की मदद कर सकती हूँ तो बेझिझक बोलियेगा"

रामु यह सुनकर "हाँ" में सर हिलाया और एक नज़र अनीता को देखकर bola,"Hum एक बात बोलूं मेमसाहेब?"

अनीता यह सुनकर रामु को देखती हुयी boli,"Haan रामु जी बोलिये न"

रामु अनीता को देखते हुए bola,"Memsaheb आप जितनी खबसूरत हैं उतनी hi दिल की अच्छी भी है. सच बताये तो आपके जइसन खबसूरत औरत दिल की इतनी अच्छी होगी हम सोचे नहीं थे"

अनीता यह सुनकर एक ऐडा से रामु को देखकर boli,"Offo रामु जी. क्या खूबसूरत औरतें दिल की अच्छी नहीं हो सकती?"

रामु यह सुनकर bola,"Haan मेमसाहेब हो सकती है, मगर आप बहोत अच्छी है. ज़रा भी घमंड नहीं हैं आप में. देखिये कैसे आप हमरे और हरिया जइसन मज़दूर लोग से भी अच्छे से पेश आती हैं"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर एक ऐडा से रामु को देखती हुयी boli,"Ramu जी इसमें घमंड की क्या बात हैं. ख़ूबसूरती तो ऊपर वाला देता है और वही ऊपर वाले ने hi तो आपको और हरिया जी को बनाया है. मुझे यक़ीन है की ऊपर वाले ने आपको और हरिया जी को भी कुछ न कुछ ख़ास दिए होंगे. रही बात मज़दूरी करने की तो आप और हरिया जी अपनी म्हणत से कमाते हैं, एहि बहोत है. देखिये मज़दूरी करने से आप और हरिया जी कितने फिट और मज़बूत हैं. इस उम्र में भी आप कितनी म्हणत कर लेते हैं"

रामु यह सुनकर हल्का मुस्कुरा दिया तो अनीता आगे boli,"Meri नज़र में आप और हरिया जी मज़दूर नहीं, बस इंसान है, वह भी अच्छे इंसान जो जब भी मौक़ा मिलता है मेरी मदद कर देते हैं"

रामु यह सुनकर मुस्कुराकर bola,"Achha मेमसाहेब हम चालत हैं"

अनीता यह सुनकर मुस्कुरा कर boli,"Theek है रामु जी. मेरी मदद करने के लिए थैंक यू"

रामु यह सुनकर मुस्कुराया और एक नज़र अनीता की चूंकि की उभर और क्लीवेज देखकर चला गया. अनीता उसे अपनी चूंकि देखते हुए देख ली थी.

दो दिन बाद सैटरडे को रामु फिर आया तो अनीता मुस्कुराकर उसे देखि. रामु गेट के पास खड़ा होकर अनीता से puchha,"Memsaheb चंदा है क्या?"

अनीता यह सुनकर boli,"Nahin रामु जी अभी 15 मिनट पहले hi काम करके गयी है. कोई बात है क्या?"

रामु यह सुनकर bola,"Woh मेमसाहेब आज हरिया को अस्पताल से ले जाना है. कुछ पैसे बाकी है. अब हरिया घर आएगा तब पैसा दे पायेगा तो हम सोचे हम hi देकर उसे ले आते हैं फिर उससे ले लेंगे. लेकिन हमरा पैसा जिस अलमारी में है उसका चाभी चंदा के पास है और ुका फ़ोन hi नहीं लग रहा है"

अनीता यह सुनकर boli,"Ohh. अच्छा कोई बात नहीं आप बोलिये कितने पैसे देने हैं मैं दे देती हूँ"

रामु जवाब में bola,"Are नहीं मेमसाहेब आप कहे परेशान होइएगा"

अनीता यह सुनकर boli,"Are इसमें परेशानी की क्या बात है रामु जी. आप अंदर आइये मैं पैसे लेकर आती हूँ"

रामु यह सुनकर अंदर आ गया तो अनीता दरवाज़ा बांध कर के puchhi,"Kitne पैसे देने हैं रामु जी?"

रामु यह सुनकर bola,"Ji मेमसाहेब तीन हज़ार"

अनीता यह सुनकर "ठीक है" बोलकर अपनी गांड मटकती हुयी अपनी कमरे में चली गयी. रामु फिर से अनीता की लगभग पूरी नंगी पीठ और उसके नीचे मटकती हुयी गांड देखने लगा. एक मिनट बाद अनीता पैसे लेकर आयी और रामु को देती हुयी boli,"Yeh लीजिये रामु जी"

रामु पैसे लेकर bola,"Dhanywaad मेमसाहेब. हम कल चंदा के हाथ से भेजवा दूंगा"

अनीता मुस्कुरा कर boli,"Haan ठीक है कोई बात नहीं. और कोई मदद चाहिए तो बोलियेगा"

रामु यह सुनकर bola,"Haan मेमसाहेब. हम चालत हैं. हम एक जान पहचान के आदमी से ऑटो मांग कर लाये हैं हरिया को ले जाने के लिए. उसको जल्दी लौटना है. देर हो जाएगी हम चालत हैं"

अनीता यह सुनकर puchhi,"Ramu जी हरिया जी ऐसे हालत में ऑटो में कैसे जायेंगे. हॉस्पिटल में एम्बुलेंस नहीं है क्या?"

रामु यह सुनकर bola,"Are मेमसाहेब सरकारी अस्पताल में कहाँ से आएगा. हम ग़रीब लोगन को खुद से hi सब कुछ करना पड़ता है"

अनीता यह सुनकर boli,"Theek है. हरिया जी को आप पीछे अच्छे से पकड़ कर रखियेगा नहीं तो उनको फिर से चोट लग सकती है"

रामु जवाब में bola,"Are मेमसाहेब हम तो ऑटो चलाऊंगा. वह ऑटो फ्री में मिल गया जान पहचान से, ड्राइवर खुद थोड़े आएगा फ्री में काम करने"

अनीता यह सुनकर puchhi,"Aap ऑटो भी चला लेते हैं?"

रामु यह सुनकर मुस्कुराकर bola,"Haan मेमसाहेब. हम ऑटो भी चला लेता हूँ"

अनीता जवाब में मुस्कुराकर boli,"Hmm तो आप ठेला चलते हैं, ऑटो चलते हैं, दूकान में काम करते हैं और ज़रूरी पड़ने पर साफ़ सफाई भी कर देते हैं. सच में रामु जी आप तो सभी कुछ कर लेते हैं"

रामु यह सुनकर मुस्कुराकर bola,"Haan मेमसाहेब हम ग़रीब लोग को सब कुछ तो खुद से hi करना पड़ता है"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर boli,"Achha आप ऑटो चलाएंगे तो हरिया जी अकेले पीछे कैसे मैनेज करेंगे?"

रामु यह सुनकर bola,"Ab का कर सकत हैं मेमसाहेब. मैनेज तो करना hi पड़ेगा ुका"

अनीता यह सुनकर boli,"Achha मैं भी चलती हूँ आपके साथ. मैं हरिया जी के साथ पीछे बैठ जाउंगी तो उनको थोड़ा मदद मिलेगा"

रामु इसका उम्मीद नहीं कर रहा था. हालांकि वह अनीता को हॉस्पिटल जाकर हरिया से मिलते हुए देख चूका था और खुद भी समझ चूका था की अनीता दिल की अच्छी है और सबको इंसान समझती है मगर वह यह उम्मीद नहीं कर रहा था की अनीता हरिया को घर ले जाने में मदद करने के लिए खुद बोलेगी.

रामु जवाब में bola,"Are मेमसाहेब आप कहे इतना परेशां हो रही है. हम लोग मज़दूर हैं, ी सब मैनेज कर लेंगे"

अनीता जवाब में boli,"Theek है रामु जी, लेकिन आप सच बताइये की मैनेज हो जायेगा? क्या हरिया जी खुद को संभल लेंगे अकेले पीछे? आप लोग मेरी इतनी मदद करते हैं तो क्या मैं क्या आप दोनों का इतनी सी भी मदद नहीं कर सकती?"

रामु जवाब में bola,"Haan मेमसाहेब हरिया अकेला बैठेगा तो मुश्किल तो होगा hi"

अनीता जवाब में boli,"Wahi तो मैं बोल रही हूँ. आप रुकिए मैं अपनी बैग लेकर आती हूँ"

अनीता यह बोलकर कमरे में जा कर बैग ले आयी. रामु अनीता की मटकती हुयी गांड फिर से देखने लगा. अनीता रामु के साथ बाहर आयी और लोहे का गेट बांध करके रामु अनीता को चाबी दे दिया. अनीता ऑटो में पीछे बैठ गयी और रामु के साथ हॉस्पिटल पहुंची.

वहां पहुँच कर अनीता boli,"Ramu जी मैं यहीं बैठती हूँ, आप हरिया जी को लेकर आइये"

अनीता दो बार हॉस्पिटल जा चुकी थी तो उसे एक बार और जाना ठीक नहीं लगा. रामु को भी लगा की अनीता को ऐसे जगह हॉस्पिटल में जाना ठीक नहीं होगा. वह हरिया को घर पहुँचाने में मदद कर रही है उनके लिए यही बहोत था.

रामु अनीता की बात सुनकर सर "हाँ" में हिलाया तो अनीता boli,"Aur हरिया जी को मत बताइयेगा की मैं आयी हूँ. उनके लिए यह सरप्राइज रहेगा तो उनको भी अच्छा लगेगा की कोई मदद करने आया है"

रामु मुस्कुराकर "हाँ" में सर हिलाकर हॉस्पिटल में चला गया. आधे घंटे बाद रामु हरिया को पकडे हुए ऑटो तक आया. हरिया के दोनों हाथों में बैसाखी थी. हरिया ऑटो में बैठने के लिए झुका तो अनीता को देखकर थोड़ा चौंक गया मगर अगले पल उसके चेहरे पर मुस्कान भी आ गया. वह उम्मीद नहीं कर रहा था की अनीता उसे लेने आएगी. अनीता भी उसे देखकर मुस्कुराई तो हरिया bola,"Memsaheb आप?"

अनीता मुस्कुराकर boli,"Haan हरिया जी. आइये बैठिये". यह बोलकर अनीता अपनी हाथ उसके तरफ बढ़ाया तो हरिया उसकी हाथ पकड़ कर अंदर बैठने लगा. रामु पीछे से पकड़ कर उसे ऑटो में चढाने में मदद किया. हरिया एक पेअर के बल ऑटो में खिसक कर अनीता के साथ बैठ गया. रामु फिर उसका बैसाखी अंदर रख दिया.

हरिया अनीता को देखकर bola,"Memsaheb आप आएँगी हम सोचे नहीं थे"

अनीता मुस्कुराकर boli,"Hariya जी आना ज़रूरी था. आप ऐसे हालत में अकेले बैठकर कैसे जाते. तो मैं चली आयी"

रामु भी bola,"Haan हरिया मेमसाहेब को जब पता चला की हम तुम का लेने अकेले आ रहे हैं और तुम का पीछे अकेले बैठना होगा तो वह साथ आने के लिए बोली ताकि तुम का कउनो परेशानी न हो"

हरिया यह सुनकर मुस्कुराकर अनीता को देखकर bola,"Sach में मेमसाहेब आप हम ग़रीब लोगन का कितना ख्याल रखती हैं"

अनीता मुस्कुराकर boli,"Offo हरिया जी फिर से वही बात"

फिर वह रामु से boli,"Ramu जी चलिए. आप और हरिया जी तो बस एक hi बात बोलते रहते हैं की मैं आप दोनों का ख्याल रखती हूँ जैसे की आप दोनों तो मेरा ख्याल hi नहीं रखते हैं"

हरिया यह सुनकर मुस्कुराने लगा तो अनीता भी उसे देखकर मुस्कुराई. रामु ऑटो चला दिया तो हरिया मुस्कुराते हुए अनीता की चूंकि को देखा. अनीता भी एक ऐडा से हरिया को देखि. हरिया अनीता की चूंकि देखकर अपने होंठों पर ज़बान फिराया तो अनीता आँखों के कोने से रामु को देखि जो ऑटो चलने में बिजी था. 20 मिनट बाद वह लोग हरिया के घर के पास पहुँच गए.

हरिया का घर के पास सड़क कच्चा था तो ऑटो में थोड़ा जर्क होने लगा तो हरिया ऑटो जोर से पकड़ लिया. अनीता भी उसे पकड़ कर थोड़ा सहारा दी. ऑटो जर्क होने से अनीता की चूंकि उसकी ब्लाउज कप में हिलने लगी थी जिसे हरिया देखने लगा था. अनीता देखि की हरिया का ध्यान उसकी हिलती हुयी चूंकि पर hi था मगर अनीता कुछ नहीं बोली बस उसको पकड़ी रही. अनीता सामने आईने में देखि तो रामु को भी आईने में उसकी हिलती हुयी चूंकि को देखते हुए पायी. रामु को जब एहसास हुआ की अनीता उसे उसकी चूंकि देखते हुए देख रही है तो वह अपना नज़र सामने कर लिया.

अनीता रामु से boli,"Ramu जी थोड़ा आराम से ऑटो चलाइये"

रामु जवाब में bola,"Maaf कीजिये मेमसाहेब. ी सड़क hi ख़राब है"

हरिया भी bola,"Haan मेमसाहेब सड़क hi ससुरा ख़राब है"

अनीता जवाब में कुछ नहीं बोली. अगले एक मिनट तक ऐसे hi ऑटो जर्क होते रहा और अनीता की चूँचियाँ हिलती रही. हरिया बेझिजक अनीता की दोनों चूँचियों को देख रहा था. अनीता हरिया के आँखों में अपनी चूंकि के लिए हवस, भूख और प्यास महसूस कर सकती थी. उसे एक अजीब सा एहसास हुआ अपनी बदन में. अनीता एक पल आईने में देखि तो रामु को भी अपनी चूँचियों को हिलते हुए देखते पायी. अनीता को ज़रा सी भी शर्म नहीं आ रही थी की दो ग़ैर मर्द उसकी चूँचियों को हिलते हुए देख रहे थे. वह चुप चाप हरिया को पकड़ी हुयी उसे सहारा दे रही थी और एक मिनट में ऑटो एक छोटे से घर के सामने रुक गया. अनीता समझ गयी की वह हरिया का hi घर होगा.

घर तो ईंट का था मगर सही से प्लास्टर और पेंट नहीं किया हुआ था और छोटा सा hi था. उस घर के पास कोई और घर नहीं था, बस एक बड़ा सा पुराण कारखाना था जो बांध था. कारखाना के दूसरे छोर में बस्ती का बाकी घर था. उस घर के दूसरे तरफ नाला था. बड़ा कारखाना के बाद बस्ती होने के कारण हरिया क घर एक तरह से अलग थलग hi था और वहां क्या होता किसी को पता भी नहीं चलता.

रामु ऑटो से उतर कर हरिया को उतरा. अनीता उसकी बैसाखी दे दी और खुद उतरने लगी तो उतारते वक़्त झुकने से उसकी क्लीवेज और ज़्यादा दिखने लगी. रामु हरिया को पकडे वहीँ खड़ा था तो उसका और हरिया दोनों का नज़र अनीता की क्लीवेज पर गया. अनीता उतर कर कड़ी हुयी तो देखि की दोनों का नज़र उसकी चूंकि पर hi था.

अनीता बेशर्मी से मुस्कुराकर boli,"Ab एहि खड़ा रहना है आप दोनों को की अंदर भी चलना है?"

रामु यह सुनकर घबराकर bola,"Haan मेमसाहेब चलिए"

रामु हरिया को सहारा देते हुए घर के अंदर जाने लगा.

अनीता रामु और हरिया के पीछे हाथ में फलो का थैला जो वह रास्ते में खरीदी थी उसको लेकर हरिया के घर में दाखिल हुयी. कुछ दिनों से घर बांध होने के कारण थोड़ा गन्दगी और बदबू आ रही थी घर में. अनीता अपनी नाक थोड़ा सिकुड़ दी अचानक बदबू आने से मगर फिर धीरे धीरे एडजस्ट होने पर नार्मल हो गयी.

घर के शुरुआत में एक छोटा सा कमरा था जिसमे कुछ पुराण सामान वगैरह रखा हुआ था, हरिया का साइकिल भी वहीँ रखा हुआ था. अनीता यह सब देखती हुयी आगे बढ़ रही थी. उस कमरे में एक लुंगी का पर्दा लगा हुआ था जिसे उठाकर रामु और हरिया दूसरे कमरे में दाखिल हुए. अनीता भी पीछे से वह लुंगी का पर्दा उठाकर अगले कमरे में दाखिल हुयी. उसे लुंगी के परदे से भी बदबू आया और उसकी नाक में वह बदबू घुस गयी मगर वह अब इस बदबू से एडजस्ट हो चुकी थी तो अपनी नाक नहीं सिकुड़ी.

अगले कमरे में अनीता देखि की एक तरफ एक लकड़ी का चौकी रखा हुआ था जिसपर बिस्तर किया हुआ था. उस पर का बिस्तर और तकिया थोड़ा मैला लग रहा था. अनीता आस पास देखि तो एक तरफ स्टील का सस्ता वाला पुराण अलमारी था. स्टील का एक पुराण टेबल और प्लास्टिक के तीन कुर्सी रखे हुए था. दूसरे तरफ एक और चौकी रखा हुआ था जिस पर कुछ सामान थे.

अनीता यह सब देख hi रही थी की तब तक रामु हरिया को बिस्तर पर लेटने लगा. अनीता यह देखकर boli,"Ramu जी बिस्तर गन्दा हो गया है, बेडशीट बदल देते तो ठीक रहता".

हरिया बिस्तर पर लेटते हुए जवाब diya,"Are मेमसाहेब हम ग़रीब लोगन के लिए गन्दा और साफ़ का, बस आराम मिल जाना चाहिए. और ऐसे भी दूसरे चादर भी गन्दा hi है. हुंका धोने का मौक़ा hi नहीं मिला ससुरा एक्सीडेंट होने से पहले".

अनीता यह सुनकर थोड़ी अफ़सोस जताती हुयी boli,"Ohh माफ़ कीजियेगा हरिया जी, मुझे पता नहीं था, मैं तो बस.."

हरिया बिस्तर पर लेटते हुए अनीता को देखकर bola,"Are मेमसाहेब माफ़ी मांगकर हुंका कहे शर्मिंदा कर रही हैं आप. आप अपने हिसाब से बोल रही थी. आप यहाँ हुंका देखने यहाँ ग़रीब खाने में आई यही बहोत बड़ी बात है और आप दिल की कितनी अच्छी है इससे पता चलता है. आपका दिल सच में बहोत बड़ा है"

हरिया यह बोलकर अनीता की बायीं चूंकि देखने लगा और बड़ा दिल का बात सुनकर रामु का भी नज़र अनीता की बायीं चूंकि पर चला गया. अनीता की दिल धड़क गयी हरिया और रामु को खुद की चूँचियों को ऐसे देखते हुए देखकर मगर वह नार्मल रही. वह एक तेज़ सांस ली की तभी हरिया bola,"Are रामु मेमसाहेब के लिए ु कुर्सी ला न. और साफ़ कर देना".

हरिया यह बोलकर अनीता को देखकर मुस्कुराया तो अनीता भी मुस्कुरा दी. रामु कमरे के एक तरफ रखा एक कुर्सी के पास गया और एक कपडा से उसे पोंछ कर उठाकर बिस्तर के पास रखकर bola,"baithiye मेमसाहेब"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर boli,"Thank यू रामु जी" तो रामु भी हल्का मुस्कुरा दिया. अनीता बैठते वक़्त रामु को फलों का थैली देकर boli,"Ramu जी यह फल कहीं रख दीजिये"

रामु यह सुनकर उसकी हाथों से थैली लेकर कमरे के एक तरफ रखे टेबल पर रख दिया. इस बीच अनीता कुर्सी पर बैठी तो हरिया bola,"Memsaheb ी का का ज़रूरत था"

अनीता यह सुनकर boli,"Zarurat कैसे नहीं है हरिया जी. आपका तबियत सही नहीं है, फल खाने से थोड़ा सेहत अच्छा होगा"

हरिया यह सुनकर मुस्कुराकर bola,"Sach में मेमसाहेब आप कितनी अच्छी हैं. हम ग़रीब लोगन का भी कितना ख्याल रखती हैं"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराई तो अगले पल रामु का आवाज़ suni,"Haan हरिया, सच में मेमसाहेब बहोत अच्छी है. इतना पढ़ी लिखी, अमीर और खबसूरत होने पर भी ज़रा सा भी घमंड नहीं है. हम ग़रीब लोगन का भी कितना इज़्ज़त करती है"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर रामु को देखि और boli,"Ramu जी ग़रीब अमीर की बात कहाँ से आ गयी. हम सब इंसान है यह मायने रखता है. आप लोग भी तो मेरा कितना ख्याल रखते हैं. जब भी कोई मदद की ज़रूरत होती है तो आप लोग तैयार रहते हैं. आपलोग कभी सोचते हैं क्या की मेमसाहेब के पास पैसा है तो उनसे पैसे लेकर hi काम करेंगे. तो फिर अमीर ग़रीब और पैसे की बात मत कीजिये. हम सब इंसान हैं एहि मायने रखता है"

रामु और हरिया यह सुनकर अनीता को देखकर मुस्कुरा दिए तो अनीता भी मुस्कुराकर उन्हें देखि और फिर रामु से boli,"Ramu जी आप खड़े क्यों है. आप भी बैठिये न"

रामु यह सुनकर bola,"Are नहीं मेमसाहेब, ु ऑटो वापस करना होगा नहीं तो ससुरा फिर कभी नहीं देगा"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर boli,"Ohh".

हरिया यह सुनकर अनीता को देखा तो रामु अनीता से puchha,"Memsaheb आप अभी चलिएगा या हम आकर आपको पहुंचा देंगे?"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर boli,"Are नहीं रामु जी इसकी कोई ज़रूरत नहीं. मैं चली जाउंगी"

रामु यह सुनकर सर हिलाया और हरिया से bola,"Araam करो हम ऑटो देने के बाद और एक काम करके आवत हैं"

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Are ससुरा तोहार और एक काम पीना है हम जानत नहीं हूँ का"

रामु यह सुनकर थोड़ा झेंप कर अनीता की तरफ देखा तो दोनों की नज़र मिली मगर अनीता मुस्कुराकर उसे देखने के बाद हरिया से boli,"Offo हरिया जी अब वह क्या करने जा रहे हैं यह भी आपको बोलना ज़रूरी है क्या? रामु जी कोई बच्चे हैं क्या जो आपको बता कर जायेंगे"

फिर अनीता एक ऐडा से रामु को देखकर boli,"Mard हैं रामु जी और जो उनका दिल करेगा वह कर सकते हैं"

रामु यह सुनकर मुस्कुराकर bola,"Sunn लिया ससुरा मेमसाहेब का बात".

रामु को अनीता के सामने पीने का बात सुन्न कर थोड़ा अजीब लगा जिसे अनीता भांप ली थी इसलिए माहौल को थोड़ा हल्का करने के लिए अनीता अपनी बात रख दी की रामु एक मर्द है और जो मर्ज़ी कर सकता है.

रामु को भी अनीता की बात सुनकर थोड़ा अच्छा लगा तो वह भी रिलैक्स्ड हो गया. वह अब तक समझ चूका था की अनीता बाकी औरतों के तरह नहीं थी. वह बहोत hi खुली विचार की थी और उसके सामने थोड़ा खुल कर यह सब पीने वगैरह की भी बातें वह लोग कर सकते थे.

हरिया यह सुनकर अनीता को देखकर मुस्कुराया और फिर रामु को देखकर bola,"Are ठीक है ससुरा, लेकिन पीना hi है तो यहीं लेकर आ. दोनों मिलकर पिएंगे. बहोत दिन हो गवा हुंका भी पिए"

रामु यह सुनकर bola,"Are ससुरा अभी तोहार तबियत ठीक नहीं हुआ है की पीना शुरू कर दे"

अगले पल अनीता भी boli,"Haan रामु जी सही कहा आपने".

फिर वह हरिया को देखती हुयी boli,"Hariya जी अभी तो आप हॉस्पिटल से आये हैं और पीने की बात कर रहे हैं. कुछ दिन बिना पिए hi आपको बीतने होगा"

रामु यह सुनकर bola,"Haan, थोड़ा सबर करो. ठीक हो जाओगे तो पीना hi है"

हरिया यह सुनकर bola,"Are थोड़ा सा hi पिएंगे. बहोत दिन हो गवा ससुरा"

अनीता यह सुनकर थोड़ी सख्ती दिखती हुयी boli,"Bilkul नहीं हरिया जी. अभी आपको अच्छा खाना पीना करना है ताकि आप जल्द से जल्द ठीक हो जाये"

हरिया यह सुनकर अनीता को देखा और फिर उसकी चूँचियों को देखते हुए bola,"Theek है मेमसाहेब, अइसन बात है तो हम दूध पियूँगा"

अनीता की दिल यह सुनकर धड़क गयी. वह जान रही थी की हरिया का नज़र उसकी चूँचियों पर है. हरिया अगले पल उसे देखते हुए puchha,"Doodh तो पी सकत हूँ न हम मेमसाहेब?"

अगले पल रामु का आवाज़ aaya,"Haan दूध कहे नहीं पी सकत. दूध तो तोहार लिए अभी ज़रूरत है"

अनीता यह सुनकर रामु को देखने लगी तो हरिया का आवाज़ सुनकर वापस उसे dekhi,"Memsaheb आप बोलिये हम दूध पी सकत हूँ न".

अनीता यह सुनकर हरिया को देखि तो वह उसे देखने के बाद अनीता की चूंकि के तरफ देखा तो अनीता boli,"Haan हरिया जी"

हरिया यह सुनकर मुस्कुराकर वापस अनीता जो देखा तो वह कामुक ऐडा से boli,"Aap दूध पी सकते हैं"

हरिया यह सुनकर मुस्कुराया तो अनीता भी मुस्कुरा दी. हरिया रामु को देख कर bola,"Achha सुन्न हम थोड़ा hi पियूँगा. जब तक तुम वापस आओगे तब तक हम दूध पी लेट हूँ"

रामु यह सुनकर bola,"Matbal तुम पिए बिना नहीं मानोगे? लेकिन तब तक दूध कहाँ से पियोगे? दूध इहाँ कहाँ है"

अनीता की दिल रामु का बात से धड़क गयी जब वह बोलै की वहां दूध है hi नहीं. अनीता की बदन में एक अजीब सी बेचैनी हुई. अगले पल वह हरिया का बात suni,"Are ससुरा हमार घर है हम जानत हूँ दूध कहाँ है. तुम का दिख नहीं रहा दूध लेकिन हुंका दिख रहा है"

अनीता हरिया को देखती हुयी धड़कते दिल से उसका बात सुन्न रही थी. रामु उसका बात सुनकर हस्ते हुए bola,"Are ससुरा कितना दिन से तो घर बांध था और अभी तुम हमरे साथ hi आये वह भी दूध खरीदे नहीं तो दूध कहाँ से आएगा. बिना पिए hi चढ़ गवा है तुम का का?"

हरिया यह सुनकर मुस्कुराकर bola,"Abe ससुरा हम जानत हूँ हमरा पीने का दूध कहाँ है"

अनीता हरिया को देख कर उसका बात सुन्न रही थी और अगले पल थोड़ी चौंक गयी जब हरिया उसे देखते हुए bola,"Memsaheb आप hi बताइये, हमरा पीने के लिए दूध है तो इहाँ"

अनीता यह सुनकर थोड़ा घबरा कर हरिया को देखि जो अपना बात बोलकर उसकी चूँचियों को देखने लगा. हरिया अनीता की चूँचियों को देखने के बाद उसकी चेहरे पर देखकर bola,"Bataiye मेमसाहेब दूध है की नहीं हमरे पीने के लिए" और फिर वह उसकी चूँचियों को देखने लगा.

अनीता यह सुनकर रामु को देखि जो उसे hi देख रहा था जैसे उसका बात का इंतज़ार कर रहा हो. अनीता एक पल रामु को देखने के बाद boli,"Ramu जी हरिया जी का घर है तो शायद उन्हें पता होगा की दूध कहाँ है या शायद वह दूध का इंतज़ाम कर लेंगे आपके जाने के बाद. अब यह बोल रहे हैं तो इन्हे पता होगा की इनके पीने का दूध कहाँ है"

रामु यह सुनकर bola,"Haan मेमसाहेब. लेकिन ससुरा बोल सकत है की ु इंतज़ाम कर लेगा दूध का. मगर बोल तो ऐसे रहत है जैसे दूध पहले से hi इहाँ है. खैर हम जाट हूँ नहीं तो ी ससुरा का चक्कर में लेट जो जाऊंगा हम"

अगले पल हरिया bola,"Are हमरे लिए भी लेते आना. हम भी थोड़ा सा पियूँगा"

अनीता अगले पल boli,"Hariya जी अभी आपकी तबियत सही नहीं है और आप है की पीने की बात कर रहे हैं. अभी कुछ दिनों तक आप नहीं पिएंगे"

रामु जवाब में bola,"Haan मेमसाहेब सही बोलत हैं"

हरिया यह सुनकर bola,"Are थोड़ा सा hi पियूँगा हम, उससे पहले दूध पीकर थोड़ा मैं शांत कर लूंगा"

हरिया दूध वाला बात बोलते हुए अनीता की चूँचियों को देखने के बाद अनीता को बोलै तो अनीता एक अंदाज़ में boli,"Hariya जी अगर आप शराब पिएंगे तो दूध पीने का क्या फायदा. तब रहने दीजिये दूध नहीं पीजिएगा".

हरिया यह सुनकर bola,"Are मेमसाहेब ी का बोलत हैं आप. आप hi तो बोले की रामु मरद है तो कुछ भी कर सकत है और आप अब हुंका रोक रही हैं. हम का मरद नहीं हूँ?"

अनीता वैसे hi अंदाज़ में boli,"Offo हरिया जी आप और रामु जी दोनों hi मर्द हैं और जो मर्ज़ी कर सकते हैं. मगर तबियत ख़राब है आपका तो थोड़ा तो कण्ट्रोल करना होगा खाने पीने के मामले में. बाकी चीज़े अपनी मर्ज़ी से कीजिये."

फिर अनीता थोड़ी उसके तरफ थोड़ा सा झुककर boli,"Aapko दूध पीने का मैं है तो जितना मर्ज़ी दूध पी लीजियेगा. अब सोच लीजिये आपको दूध पीना है या शराब, आपको एक चुनना होगा. मैं भी तो जानू आपके लिए क्या ज़्यादा ज़रूरी है"

हरिया यह सुनकर अनीता की चूँचियों को देखा तो अनीता भी उसके तरफ गर्व से देखकर एक ऐडा से boli,"Bataiye हरिया जी आपको दूध नहीं पीना है क्या?"

हरिया यह सुनकर अनीता को देखकर bola,"Memsaheb जब आप बोल रही हैं की हुंका दूध पीना चाहिए अइसन हालत में तो हम दूध hi पियूँगा"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर हरिया के तरफ थोड़ी झुकी हुयी boli,"Theek है हरिया जी, आपको दूध पीने का मैं है तो पि लीजियेगा"

रामु यह सुनकर bola,"Achha ठीक है हम चालत हूँ"

अनीता और हरिया दोनों रामु को देखे तो वह घूमकर वहां से चला गया. अनीता रामु को जाते हुए देखने लगी और जब वह कमरे से बाहर निकला तो अनीता हरिया को देखि जो उसकी चूँचियों को देख रहा था. अनीता उसके तरफ देखि तो हरिया मुश्किल से अपना सर उठाकर कुर्सी के तरफ झुककर अनीता की दायी चूंकि को ब्लाउज के ऊपर से मुंह में जितना हो सके उतना लेकर चूसने लगा.

अनीता यह देखकर रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Hariya जी दरवाज़ा खुला है, मैं बांध करके आती हूँ"

हरिया यह सुनकर उसकी चूंकि मुंह से निकल कर अनीता को देखा और सर हाँ में हिलाकर बिस्तर पर वापस लेट गया.

अनीता कुर्सी से उठी और गांड मटकती हुयी दरवाज़ा के तरफ जाने लगी तो हरिया bola,"Uff मेमसाहेब काटना दिन के बाद हम आपकी गांड देख रहे है, देखते hi ससुरा हमरा लौड़ा बौखला गया"

यह सुनकर अनीता की चेहरे पर मुस्कराहट और गर्व की भाव आ गयी और वह मुस्कुराती हुयी hi जाता हुयी अपनी गांड को और मटकने लगी. हरिया यह देखकर bola,"Aye हाय उफ़ का गांड है मेमसाहेब आपका"

अनीता दरवाज़ा बांध करके जब वापस आयी तो देखि की हरिया अपना पंत और ज़िप खोल चूका था मगर क्यूंकि उसके पेअर में चोट लगा था तो वह गांड उठाकर पंत को नीचे खिसका नहीं पाया था. वह बस लुंड को पकड़ कर ऊपर के तरफ कर दिया था जिसके कारण उसका लुंड का ऊपर का आधा भाग उसके पेट के तरफ सोया नंगा दिखाई दे रहा था. अनीता उसके लुंड को देखि और अपनी गांड मटकती हुयी हरिया के पास गयी तो वह अपना हाथ बढ़ा दिया. अनीता उसका हाथ पकड़ कर चौकी पर hi उसके सीने के पास बैठ गयी तो हरिया तुरंत सर उठाकर उसकी दायी चूंकि ब्लाउज के ऊपर से मुंह में लेकर चूसने लगा.

जैसे hi वह चूसने लगा अनीता उसके सर के बाल में ऊँगली फिरती हुयी रणदीपाने से boli,"Uhhm हरिया जी एक मिनट रुकिए"

हरिया यह सुनकर भी नहीं रुका और वहशीपने से उसकी चूंकि चूसते रहा. अनीता एक बार और boli,"Hariya जी एक मिनट प्लीज" तो हरिया उसकी चूंकि को मुंह से निकल कर अपना सर तकिया पर रखकर जोर से सांस लेते हुए bola,"Maaf कीजियेगा मेमसाहेब" फिर उसकी चूंकि हाथ में लेकर दबाते हुए bola,"aapka चूंकि बहोत दिनों बाद देखे हैं तो ससुरा रहा नहीं गवा. आज जब से ऑटो में आपका ी जवानी देखे हैं हमरा खून खौल रहा है."

हरिया फिर अनीता की पेट और कमर पर हाथ फेरते हुए bola,"Itna दिन के बाद आपका ी गरम जवानी देखे हैं तो हम कैसे रोक पाते खुद को तो रामु के जाने से हमसे रहा नहीं गवा और आपका चूंकि मुंह में ले लिए. माफ़ कीजियेगा मेमसाहेब अगर..."

अनीता यह सुनकर थोड़ी नाराज़गी से उसके होंठों पर अपनी ऊँगली रखती हुयी boli,"Sshhhh हरिया जी. इसमें माफ़ी मांगने की क्या बात है. आपने क्या ग़लत किया है जो बार बार माफ़ी मांग रहे हैं. आपने तो वही किया है जो आपके जैसे दुमदार दबंग मर्द को करना चाहिए."

अनीता आगे boli,"Main क्या समझ नहीं सकती की आप कितने प्यासे हैं" और फिर अनीता अपनी चूँचियों के तरफ आँखों से इशारा करके boli,"inke लिए. ऑटो में hi कैसे प्यासे नज़र से देख रहे थे आप इन्हे ऐसा लग रहा था की रामु जी नहीं होते तो आप वहीँ अपनी प्यास बुझाने लगते. अब आप इतने प्यासे हैं इनके लिए तो रामु के जाते hi आप अपनी प्यास बुझाने का कोशिश करने लगे तो क्या ग़लत किया आपने"

अनीता बोलना जारी rakhi,"Sher के सामने शिकार रहेगा तो वह तो शिकार करेगा hi. शेर क्या शिकार करके माफ़ी मांगता है? नहीं न? तो फिर आप क्यों माफ़ी मांग रहे हैं"

अनीता फिर अपनी रान्दीपना दिखती हुयी अपनी सीने को थोड़ा हिलाकर अपनी चूँचियों को हिलती हुयी boli,"Aap जैसे मर्द के सामने यह ऐसे हिलेंगे तो आपका खून तो खौलेगा hi हरिया जी और जब खून खौलेगा तो आपको इनका शिकार करने का मैं करेगा hi. कौन सा शेर है हरिया जी जिसके सामने शिकार हो और वह शिकार न करे. आप ने भी तो वही किया है तो इसमें ग़लत क्या है"

अनीता फिर आगे boli,"Main तो इसलिए रुकने बोली क्यूंकि मेरी ब्लाउज भीग रही थी. मुझे वापस घर जाना है तो भीगा ब्लाउज अच्छा नहीं लगता न"

हरिया यह सुनकर अनीता की चूंकि को पकड़ कर उसपर से थूक साफ़ करते हुए bola,"Haan मेमसाहेब. माफ़ कीजियेगा हमरे वजह से आपका ी ब्लाउज भीग गवा, लेकिन आपका ी चूंकि को देखकर हमरा खून खौल रहा है"

हरिया यह बोलने के बाद अनीता की चूँचियों को पकड़ कर हिलाते हुए bola,"Mann कर रहा है की आपकी चूंकि को खूब चूसे, आपका पूरा दूध पी ले"

अगले पल अनीता उसके होंठों पर अपनी ऊँगली फिरती हुयी रणदीपाने से boli,"Uhhmm तो पि लीजिये न हरिया जी इनको. मैं तो यह बोल रही थी की मुझे घर जाना है तो ब्लाउज पर दाग न लगे, यह थोड़ी बोली की आप इन्हे पी नहीं सकते"

हरिया यह सुनकर अनीता को देखा तो अनीता उसे देखती हुयी अपनी ब्लाउज का दया कप के नीचे पकड़ कर उसे ऊपर उठा दी और अगले पल ब्लाउज और ब्रा दोनों ऊपर हो गयी और उसकी बड़ी दायी चूंकि ब्रा के बाहर आकर नंगी होकर हिलने लगी. दो तीन बार हिलने के बाद अनीता की नंगी चूंकि स्थिर हो गयी.

हरिया पहली बार अनीता की नंगी चूंकि देख रहा था और उस देखते hi उसका खून खौलने लगा और लुंड तन्न कर बौखलाने लगा. अनीता की चूंकि बहोत गोरी थी और उसके बीच में पिंक कलर की निप्पल थी.

हरिया उसकी चूंकि देख रहा था तो अनीता रणदीपाने से boli,"Aaiye हरिया जी अपना प्यास बुझा लीजिये"

हरिया यह सुनकर अनीता को देखा तो वह बेशर्मी से आँखों से अपनी दायी चूंकि के तरफ इशारा की.
 
अपडेट 101

हरिया अनीता की नंगी दायी चूंकि देखकर सर उठाया और दये हाथ से उसकी बायीं चूंकि ब्लाउज के ऊपर से मुट्ठी में भरकर बाये हाथ से उसकी कमर पकड़ कर अपना ज़बान निकालकर अनीता की पिंक निप्पल पर फिरने लगा.

अपनी निप्पल पर हरिया का ज़बान और थूक पड़ते hi अनीता की मुंह से कामुक सिसकारी निकल gayi,"Uhhmmm".

हरिया अनीता को देखते हुए उसकी निप्पल पर और उसके इर्द गिर्द ज़बान फिरने लगा तो अनीता भी बेशर्मी से उसके सर के बाल में ऊँगली फेरती हुयी उसके आँखों में देखने लगी और कामुक अंदाज़ में सिसकारी लेने lagi,"Uhhmm"

हरिया लगभग 30 सेकण्ड्स तक अनीता की आँखों में देखते हुए उसकी निप्पल पर अपना ज़बान फिराया फिर उसकी आँखों में देखते हुए hi उसकी निप्पल को मुंह में लेकर उसपर ज़बान फिरने लगा.

अनीता हरिया को देखती हुयी उसके सर के बाल में उंगलियां फेरती हुयी कामुक अंदाज़ में सिसकारी लेना जारी rakhi,"Uhhmmm सीई ुह्ह्हम्म्म"

हरिया अनीता को देखते हुए hi उसकी निप्पल को मुंह में लिए hi धीरे से उसे दांतों के बीच दबाने लगा. ऐसे होते hi अनीता सिसक padi,"Siiii ुहहममम"

हरिया अनीता को सिसकते देख उसकी आँखों में देखते हुए hi बाये हाथ से उसकी नंगी कमर सहलाते हुए और दये हाथ से उसकी बायीं चूंकि ब्लाउज के ऊपर से मसलते हुए निप्पल पर दांतों का दबाओ बढ़ने लगा. अनीता अपनी निप्पल पर हरिया का दांत का दबाओ महसूस करके उसके आँखों में देखती हुयी कामुक अंदाज़ में फिर siski,"sssiiii ुहममम आआह्ह्ह"

हरिया अगले पल उसकी निप्पल पर और दबाओ बढ़ाया तो अनीता सिसकती हुयी boli,"Siiiii ुहममम हरिया जी उफ्फ्फ्फ़" तो हरिया उसकी निप्पल को दांत में दबाये अपना सर पीछे किया तो अनीता की निप्पल स्ट्रेच हो गयी और उसकी मुंह से सिसकारी निकल gayi,"Uhhhmm आह्हः हरिया जी"

हरिया अनीता की निप्पल को दांतों के बीच दबा कर खिंच कर गोल से चिपटा कर दिया. अनीता सिसकारी लेकर अपनी निचली होंठ दांतों के बीच दबा कर हरिया को कामुक अंदाज़ में देखि. हरिया उसकी आँखों में देखते हुए अपना सर ऊपर नीचे करके उसकी निप्पल दांतों के बीच दबाये उसकी चूँचियों को ऊपर नीचे हिलने लगा. अनीता बस कामुक ऐडा से हरिया को देखती रही की कैसे वह उसकी नंगी चूंकि के निप्पल को मुंह में लेकर उसकी चूंकि को हिला रहा है. हरिया 3-4 बार ऐसा करने के बाद उसकी निप्पल छोर दिया तो उसकी चूंकि और निप्पल जो स्ट्रेच हो चुकी थी वह वापस अपनी जगह पर आकर हिलने लगी.

हरिया अनीता की चूंकि को हिलते हुए देखने लगा और साथ hi उसकी नंगी कमर पर बाय हाथ और दये हाथ से उसकी ब्लाउज के ऊपर से बायीं चूंकि मसल रहा था.

अनीता भी बेशर्मी से हरिया को अपनी नंगी चूंकि को हिलते हुए देखते देखने लगी. जैसे hi अनीता की दायी चूंकि हिलना बांध हुयी हरिया अचानक से उस पर मुंह रखकर अनीता की दायी चूंकि जितना हो सके उतना मुंह में भरते हुए अनीता की आँखों में देखने लगा तो अनीता भी अपनी दायी सीना थोड़ा आगे करके अपनी चूंकि को उसके मुंह में ठूसने की कोशिश करने लगी और साथ hi हरिया के सर के बाल में उँगलियाँ फेरने लगी.

हरिया पूरा मुंह खोलकर जितना हो सकता था अनीता की नंगी चूंकि उतना मुंह में भरकर उसकी आँखों में देखते हुए उसे चूसने लगा. हरिया अनीता की चूंकि चूसते हुए ज़ोर ज़ोर से सांस ले रहा था और उसके सांस को अनीता अपनी चूंकि पर महसूस कर पा रही थी. अनीता भी हरिया के बाल में ऊँगली फेरती हुयी बेशर्मी से उसके आँखों में देखती हुयी अपनी चूंकि उसे चूसा रही थी.

हरिया के आँखों में अनीता साफ़ साफ़ देख रही थी की वह उसकी नंगी चूंकि चूसने के लिए कितना प्यासा था. वह उसकी आँखों में अपनी जवानी के लिए हवस देख पा रही थी और उसके आँखों में प्यास और हवस देखकर अनीता को अच्छा लगा और उसे अपनी जवानी पर गर्व हो रही थी.

अगले 5 मिनट तक हरिया अनीता की आँखों में देखते हुए उसकी दायी नंगी चूंकि चूसते रहा और कमरे में ख़ामोशी थी. आवाज़ थी तो बस हरिया के चूंकि चूसने ki,"Uhhmmm चम्म्म्म चममम हम्म्म्म"

अनीता की चूंकि चूसते चूसते जब उसकी चूंकि मुंह से थोड़ा बाहर निकलने लगती तो हरिया अनीता की आँखों में देखते हुए उसकी कमर से बया हाथ ऊपर लेजाकर उसकी पीठ पकड़ कर अपना मुंह और आगे करके उसकी चूंकि को अपने मुंह में और ज़्यादा भरने का कोशिश करने लगता तो अनीता भी उसके आँखों में देखती हुयी उसके बाल पकड़ी हुयी अपनी चूंकि के तरफ करती हुयी अपनी चूंकि को आगे करके उसके मुंह में अपनी चूंकि ठूसने लगती. हरिया अनीता की चूंकि मुंह में thuskar,"uhhmmm हम्म्म्म चममम च्ममममम" करके चूसना जारी रखते हुए मुस्कुरा देता तो अनीता भी उसे देखकर मुस्कुराने लगती और उसके बाल में उँगलियाँ फेरने लगती.

5 मिनट चूंकि चूसने के दौरान हरिया 3 बार अनीता की चूंकि मुंह में ठूसने का कोशिश किया और तीनो बार अनीता उसका साथ देती हुयी अपनी चूंकि आगे करके उसके मुंह में ठूसने में मदद करती ताकि वह अच्छे से उसकी नंगी चूँचियों को चूस सके.

5 मिनट अनीता की चूंकि अच्छे से चूसने के बाद जब हरिया का सांस तेज़ होने लगा तो वह अनीता की आँखों में देखते हुए सिर्फ उसकी निप्पल मुंह में लेकर चूसने लगा और कुछ सेकण्ड्स वैसे hi चूसने के बाद उसकी निप्पल को दांतों के बीच दबाये उसकी निप्पल खींचने लगा. अनीता हरिया के आँखों में गर्व से देखती हुयी उसके बाल में अपनी उँगलियाँ फेरती हुयी कामुक अंदाज़ में सिसकारने lagi,"Uhmmm सीईई ुह्ह्हम्म्म".

हरिया अनीता की आँखों में देखते हुए उसकी नंगी कमर पर बया हाथ फेरते हुए और दये हाथ से उसकी बायीं चूंकि ब्लाउज के ऊपर से दबाते हुए उसकी निप्पल दांत में दबाये फिर से उसकी चूंकि हिलने लगा तो अनीता कामुक सिसकारी लेती huyi,"siiiii ुहम्म्म्म आआह्ह्ह ुहहममम हरिया जी ुह्ह्हम्म" अपनी निचली होंठ को दांतों के बीच दबाकर हरिया को देखने लगी.

हरिया कुछ सेकण्ड्स वैसे करने के बाद अनीता की निप्पल दांतों के बीच से छोड़ दिया तो अनीता की चूंकि फिर से पहले के जैसा अपने जगह पर आकर हिलने लगी. वहीँ अनीता की मुंह से कामुक सिसकारी फिर से निकलने lagi,"uhhhmm हरिया जी"

हरिया अनीता को एक नज़र देखने के बाद उसकी दायी चूंकि को हिलते हुए हवस और प्यासा नज़र से देखने लगा. अनीता उसकी नज़र को देखि और वह भी समझ रही थी की हरिया उसकी चूँचियों के लिए कितना प्यासा है. वह हरिया के बाल में प्यार से हाथ फेर रही थी.

हरिया अगले पल उसकी दायी चूंकि को देखते हुए ब्लाउज के ऊपर से बेरहमी से मसल दिया जिससे अनीता हरिया के आँखों में देखती हुयी कराह उठी मगर कामुक अंदाज़ mein,"siiiiiii ुहममममम हरिया जी उफ्फफ्फ्फ़".

हरिया अनीता की बायीं चूंकि को छोड़कर वैसे hi हवस भरे नज़र से देखा तो अनीता उसके बालों में दये हाथ की उँगलियाँ फेरती हुयी अपनी रान्दीपना दिखती हुयी बायीं हाथ से बाये चूंकि के ब्लाउज कप को नीचे से पकड़ कर ब्रा सहित ऊपर कर दी और उसकी बड़ी दायी चूंकि की तरह उसकी बड़ी बायीं चूंकि भी ब्लाउज के कैद से आज़ाद होकर हिलने लगी.

हरिया का सांस उसकी हिलती हुयी चूंकि देखने से तेज़ हो गया जैसे उसके अंदर हवस बढ़ता जा रहा हो और वह अनीता की बायीं नंगी चूंकि को ऐसे देखने लगा जैसे शेर के सामने कोई मांस का टुकड़ा हो.

अनीता हरिया के सांस को अपनी बायीं नंगी चूंकि पर महसूस करने लगी और उसको अपनी नंगी चूंकि को हवस भरे नज़र से देखते हुए वह देखने लगी. उसकी भी सांस तेज़ थी.

जब उसकी चूंकि हिलना बांध करके स्थिर हो गयी तो हरिया उसकी आँखों में देखा तो अनीता अपनी बेशर्मी, अपनी रान्दीपना दिखती हुयी अपनी आँखों से अपनी बायीं चूंकि के तरफ इशारा करके उसे थोड़ा आगे करती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Hariya जी अभी भी कितने प्यासे लग रहे हैं आप"

हरिया यह सुनकर अनीता की आँखों में देखकर bola,"Are मेमसाहेब हमार सामने ी दो बड़ा बड़ा दूध का भण्डार रहेगा तो प्यास तो लगेगा hi हुंका. आपका ी दो बड़ा बड़ा चूंकि नंगा देखकर कौन मरद को प्यास नहीं लगेगा और हम तो कबसे आपका ी दोनों चूंकि देखकर प्यासे हैं और आज ऑटो में जब आपकी चूंकि हिल रही थी तो ससुरा हमार खून खौलने लगा था ु देखकर"

हरिया फिर एक नज़र अनीता की चूँचियों को हवस भरे नज़र से देखकर अनीता की आँखों में देखकर bola,"Humaar तो मैं कर रहा था की हम कच्चा चबा जाये आपका दोनों चूंकि".

हरिया यह बोलते hi मुंह खोलकर अनीता की बायीं चूंकि मुंह में भरकर प्यासे इंसान जैसा चूसने लगा.

अनीता यह देखकर अपनी चूंकि आगे करके हरिया के मुंह में तुस्टी हुयी उसके आँखों में देखती हुयी कामुक रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Haan हरिया जी कबसे प्यासे हैं आप इनके लिए. आप जैसे मर्द के सामने"

फिर अनीता बेशर्मी से अपनी दोनों चूँचियों के तरफ आँखों से इशारा करती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Yeh ऐसे रहेंगे तो आपको तो इन्हे कच्चा चबाने का दिल तो करेगा hi और ऑटो में तो यह आपके आँखों के सामने हिल रहे थे तो आप कैसे प्यासे नज़र से इन्हे देख रहे थे, जैसे कोई शेर अपना शिकार देख रहा हो. अब जब शेर के सामने"

अनीता अगले पल अपनी बेशर्मी और रणदीपाने का साबुत फिर से देती हुयी मुस्कुराकर अपनी दोनों चूँचियों के तरफ आँखों से इशारा करती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"yeh शिकार हैं तो शेर को इन्हे कच्चा चबाने का दिल करेगा hi. अपना पूरा प्यास बुझा लीजिये हरिया जी. पूरा कच्चा चबा जाइये इन दोनों को"

हरिया यह सुनते हुए अनीता की आँखों में देखते हुए उसकी बायीं चूंकि मुंह में लेकर बेरहमी से चूसने और काटने लगा. अनीता का रान्दीपना देखकर उसका खून खौल रहा था और उसके अंदर उसकी जिस्म के लिए हवस और प्यास बढ़ रहा था जो अनीता महसूस कर सकती थी और यह महसूस करके उसे अपनी जवानी पर गर्व हो रही थी. हरिया उसकी बायीं चूंकि चूसते हुए उसकी ब्लाउज के पीछे की डोरियन खोलने लगा.
 
अपडेट 102

हरिया अनीता की बायीं चूंकि चूसते हुए उसकी ब्लाउज की डोरियन खोल दिया और फिर उसकी कंधे से साड़ी का पिन कंधे से खोलने लगा मगर उसे मुश्किल हुआ तो अनीता अपनी हाथ लेजाकर अपनी कंधे से पिन निकाल दी तो उसकी पल्लू सड़क कर कुर्सी के बगल में नीचे ज़मीन पर गिर गयी.

अब अनीता की ऊपरी बदन पर सिर्फ ब्रा और ब्लाउज थी और वह भी उनका जो काम था वह नहीं कर रहे थे, जो की अनीता की चूँचियों को ढंके रखना क्यूंकि अनीता खुद उनके कप्स को अपनी चूँचियों से ऊपर करके उन्हें नंगी कर दी थी ताकि हरिया, जो एक अनपढ़ ग़रीब मज़दूर था, उसे चूस कर अपना हवस शांत कर सके.

हरिया अनीता की बायीं चूंकि चूसते हुए यह सब देख रहा था और जब उसकी पल्लू नीचे गिरी तो हरिया अनीता की चूंकि चूसते हुए hi कंधे से ब्लाउज नीचे सड़कने लगा. हरिया जब यह कर रहा था तो अनीता दये हाथ से प्यार से उसके बालों में ऊँगली फेरती हुयी उसके आँखों में देखती रही. हरिया भी जानता था की अनीता बेशर्म औरत है और उसका यूँ बेशर्मी से उसके आँखों में देखते हुए उसे अपना चूंकि चूसते देख हरिया का लुंड तन तना कर खड़ा होने लगा था.

अनीता की नंगी चूंकि मुंह में लिए चूसने से हरिया के अंदर अनीता की जवान जिस्म के लिए हवस और प्यास बढ़ रहा था और वह अनीता की चूंकि को जितना हो सके उतना मुंह में लेकर बेरहमी से चूस रहा था और बाये हाथ से उसकी नंगी कमर को सेहला रहा था और दये हाथ से उसकी कंधे से ब्लाउज सरकते हुए उसकी निप्पल को दांत के बीच दबा दिया तो अनीता सिसकारती हुयी हरिया को dekhi,"Ssiiiiii ुह्हम्म्म्म" और बेशर्मी से अपनी हाथ को ब्लाउज के स्लीव से बाहर निकल कर अपनी बदन से ब्लाउज निकलने में हरिया की मदद की.

इस बीच स्लीव अनीता की बायीं हाथ से निकलने के कारण ब्लाउज की कप सामने उसकी बायीं चूंकि पर गिर गयी तो हरिया उसकी कप पकड़ कर अनीता की दायी कन्धा के तरफ करके उसकी ब्लाउज की दायी कंधे के तरफ का स्लीव को भी सड़कने लगा और सरकते हुए अनीता की दायी चूंकि को फिर से पूरा मुंह में भरकर जोर से उसमे दांत गाड़ते हुए अनीता को देखा तो अनीता की मुंह से फिर सिसकारी निकल gayi,"ssiiiii ुह्ह्हम्म्म्म".

अनीता सिसकारती हुयी हरिया के आँखों में देखती हुयी अपनी दायी हाथ ब्लाउज के स्लीव से निकाल दी तो हरिया उसकी ब्लाउज और ब्रा पकड़ कर बिस्तर पर hi अपने पैरों के तरफ फ़ेंक दिया और अनीता को देखते हुए उसकी मुंह खोलकर बायीं चूंकि को वापस फिर से मुंह में भरकर चूसने लगा तो अनीता अपनी बायीं चूंकि और आगे करके प्यार से उसके सर के बालों में उँगलियाँ फेरती हुयी कामुक रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Uhmm हरिया जी कितने प्यासे हैं आप. पूरा प्यास बुझा लीजिये अपना"

हरिया यह सुनकर अनीता की दायी निप्पल को दांतों के बीच दबाकर उसे हलके से काटा तो अनीता उसे देखती हुयी कामुक अंदाज़ में siskaari,"Siiii उहहं"

हरिया अनीता को सीसकरते देख उसकी निप्पल को छोड़ दिया और अनीता को देखते हुए bola,"Haan मेमसाहेब प्यास तो हुंका लगा है. अब तो हमरे सामने आपका ी दोनों बड़ा बड़ा चूंकि मादरजात नंगा है तो कैसे प्यास नहीं लगेगा हुंका"

हरिया अगले पल एक एक करके अनीता की दोनों चूँचियों को अपने दाए हाथ में पकड़ कर हिलाते हुए bola,"Uff मेमसाहेब कितना बड़ा बड़ा रसीला चूंकि है आपका. काटना दिन से हम आपका ी दोनों चूंकि के लिए प्यासे थे, बस सोच रहे थे की कब हम आपका ब्लाउज खोलकर इन्हे चूसेंगे. आज मौक़ा मिला है आपका इन दोनों चूंकि को नंगा चूसने का तो प्यास तो लगेगा hi और खासकर जब आप खुद अपना ब्लाउज खोलकर अपना चूंकि नंगा करके हुंका अपना दूध पीला रही हैं तो ससुरा कौन मर्द इन्हे पियेगा नहीं"

अनीता यह सुनकर अपना रान्दीपना दिखती हुयी कामुक रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"To पीजिये न हरिया जी जैसे पीना चाहते हैं. अच्छे से पी लीजिये इन्हे जितना पीने का दिल है"

हरिया यह सुनकर अनीता को देखते हुए bola,"To मेमसाहेब आप खुद हमें पिलाइये न. क्या पिलाना छह रही हैं आप हुंका?"

अनीता यह सुनकर अपनी रान्दीपना दिखती हुयी ऐसा कुछ की की हरिया का लुंड तन तना गया. अनीता अपनी बायीं हाथ से अपनी बायीं चूंकि पकड़ कर हिलती हुयी boli,"Yeh हरिया जी, यह पिलाना छह रही हूँ आपको. एहि तो आप पीना छह रहे हैं और कैसे प्यासे नज़र से आप इन्हे देख रहे हैं"

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए pucchha,"Bas इहे पिलाना छह रहे हैं आप हुंका मेमसाहेब? आपकी दूसरी चूंकि का क्या?"

अनीता फिर से अपनी रान्दीपना दिखती हुयी बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी हरिया का सर के बाल से अपनी दायी हाथ हटाकर उससे अपनी दायी चूंकि पकड़ ली और हरिया को देखती हुयी उसे पकड़ कर हिलती हुयी अपनी आँखों से उसके तरफ इशारा करती हुयी boli"Dusri इधर है हरिया जी"

अनीता फिर अपनी दोनों चूँचियों को एक साथ पकड़ कर हिलती हुयी रणदीपाने वाली अंदाज़ में boli,"Hariya जी यह दोनों hi आपको पिलाना चाहती हूँ मैं. ुहह्म्म कैसे प्यासे नज़र से आप इन दोनों को hi देख रहे हैं"

अनीता फिर अपनी आँखों से दोनों चूँचियों के तरफ इशारा करती हुयी उन्हें हिलती हुयी boli,"Apni प्यास बुझा लीजिये इन्हे पीकर हरिया जी. आइये न, यह दोनों तो आपके लिए hi है, जी भरकर पि लीजिये इन्हे"

अनीता का रान्दीपना देखकर हरिया का खून खौलने लगा था. उसका लुंड अकड़ कर खड़ा होने लगा था और अनीता की चूंकि के लिए तो हवस और प्यास चरम पर था. उसके आँखों में अनीता की जिस्म के लिए हवस साफ़ साफ़ दिख रहा था जिसे अनीता एक जवान औरत होने के नाते साफ़ साफ़ देख पा रही थी और हरिया जैसे तगड़े लुंड वाले मर्द के आँखों में अपनी जिस्म के लिए हवस देखकर उसे अच्छा लग रहा था. उसके जैसी बेशर्म औरत जिसके अंदर रान्दीपना कूट कूट कर भरा था उसे हरिया जैसे दुमदार मर्द के आँखों में अपनी जिस्म के लिए हवस देख कर अच्छा लग्न hi था.

हरिया अनीता की बात सुनकर अनीता को देखते हुए अपना बया हाथ से अनीता की नंगी दायी चूंकि पकड़ कर बेरहमी से मसलने लगा तो अनीता हरिया के आँखों में देखती हुयी कामुक अंदाज़ में siskari,"sssiiii ुहहममम हरिया जी उफ्फ्फ" और अपनी निचली होंठ को दांतों के बीच दबकर उसका सर पकड़ी हुयी अपनी बायीं चूंकि के तरफ खींचती हुयी boli,"Uhmm हरिया जी आकर अपना प्यास बुझाइये न"

हरिया अगले पल अनीता की बायीं चूंकि को झपट कर मुंह में भरकर चूसने लगा और अनीता अपनी चूंकि को उसके मुंह में ठूसने लगी. हरिया साथ hi उसकी दायी चूंकि को बेरहमी से मसलने लगा था. अगले एक मिनट तक हरिया बेरहमी से अनीता की बायीं चूंकि चूसते और काटते रहा और दायी चूंकि को बेरहमी से अपने बाये हाथ से मसलते हुए दये हाथ से अनीता की पतली गोरी और चिकनी कमर सेहला रहा था. इस बीच दोनों एक दूसरे के आँखों में देख रहे थे. एक दूसरे के आँखों में देखने से उनके अंदर एक दूसरे के जिस्म के लिए हवस भी बढ़ रही थी.

एक मिनट बाद हरिया उसकी बायीं चूंकि से मुंह हटाया तो अनीता अपनी कन्धा हिलाकर अपनी दायी चूंकि उसके मुंह के सामने करके बेशर्मी से उसके तरफ आँखों से इशारा की तो हरिया एक एक कर उसकी दोनों चूँचियों को मसलते हुए bola,"Uff मेमसाहेब सच में आपके जैसी औरत हो तो हमरा जइसन मरद प्यासा कैसे रह सकता हैं. कैसे आप हुंका अपना दूध पिलाने के लिए बुला रही हैं"

अनीता यह सुनकर कामुक रणदीपाने वाली अंदाज़ में हरिया के मुंह से अपनी दायी निप्पल सताती हुयी कामुक अंदाज़ से boli,"Ab जब आप जैसे मर्द इन्हे प्यासी नज़र से देखेंगे तो पिलाना तो पड़ेगा hi न हरिया जी"

हरिया तब तक अनीता की आँखों में देखते हुए दायी चूंकि मुंह में लेकर चूसने लगा तो अनीता आगे boli,"Aur ऐसे भी हरिया जी एक प्यासा आदमी का प्यास बुझाना तो पुण्य का काम है तो मैं पुण्य कमाने का मौक़ा कैसे छोर सकती हूँ. मुझे तो ख़ुशी हो रही है हरिया जी की आप जैसे मर्द का प्यास बुझाकर मुझे यह पुण्य कमाने का मौक़ा मिला है और यह आपकी मर्दानगी और हिम्मत के वजह से हुआ है"

अनीता अपनी बेशर्मी और रान्दीपना दिखती हुयी आगे boli,"Yeh तो आपकी मर्दानगी है हरिया जी जो"

फिर वह अपनी चूँचियों के तरफ आँखों से इशारा करती हुयी boli,"khulkar इन्हे प्यासी नज़र से देखकर अपना प्यास दिखते हैं तो मुझे पता चलता है की आप इनके लिए कितने प्यासे हैं. अगर आप इन्हे खुलकर प्यासा नज़र से नहीं देखते तो मुझे पता hi नहीं चलता की आप इनके लिए प्यासे हैं और मुझे आपका प्यास बुझाने का मौक़ा hi नहीं मिलता. फिर तो मैं यह पुण्य कमाने से रह जाती"

हरिया यह सुनकर अनीता की दायी चूंकि मुंह से निकाल कर उसे देखते हुए हल्का मुस्कुराते हुए bola,"Haan मेमसाहेब सही कहा आपने. ु ससुरा मरद hi क्या जिसको आपका चूंकि देखकर इन्हे पीने का मैं न करे, इनका प्यास न हो. और जब पीने का मैं करे और प्यास हो तो प्यासा नज़र से देखना hi चाहिए आपकी चूंकि को तभी तो आपको पता चलेगा की आपका चूंकि कोई पीना चाहता है तो आप पिलायेंगी. लेकिन ससुरा ीके लिए मर्दानगी और हिम्मत चाहिए. असली मर्द hi आपका चूंकि को प्यासा नज़र से देख सकत है, जैसे हम"

हरिया यह बोलकर वापस उसकी चूंकि मुंह में लेकर चूसने laga,"Uhhmmm चम्म्म्म चम्म"

अनीता उसे देखती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Haan हरिया जी आप जैसे असली मर्द को इन्हे देखकर पीने का मैं तो करेगा hi इसलिए तो आप खुलकर प्यासा नज़र से इन्हे देखते हैं. तो अच्छे से जी भरकर पि लीजिये इन्हे. मैं नहीं चाहती की मेरे होते हुए आप प्यासे रह जाये और मैं पुण्य कमाने का मौक़ा खो दूँ"

हरिया अनीता की चूंकि चूसकर उसे मुंह से निकाल कर दोनों चूँचियों को पकड़ कर हिलाते हुए bola,"Haan मेमसाहेब हम तो खूब निचोड़ कर पियूँगा आपका ी दोनों दूध को. जब आप जैसी गरम औरत हुंका खुद अपना दूध पीला रही हैं तो हम प्यासे कैसे रह जायेंगे. कैसे आप अपने दोनों दूध को पकड़ कर हुंका बोल रही हैं की आप अपना दोनों दूध हुंका पिलाना चाहती हैं. अब आप जब ऐसे अपने दोनों दूध हिलाकर हुंका दूध पीने के लिए बुलाइयेगा तोह हमरा जइसन मरद आपका दूध को तो पूरा कच्चा चबा जायेगा"

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से हरिया के सर के बाल में उँगलियाँ फेरती हुयी अपनी आँखों से अपनी चूँचियों के तरफ फिर से इशारा करती हुयी कामुक आवाज़ में boli,"Uhhm हरिया जी तो कच्चा चबा जाइये इन्हे. आपके सामने hi तो यह दोनों हैं"

हरिया यह सुनकर अनीता की दायी चूंकि के तरफ मुंह बढ़ा कर उसे मुंह में भरकर बेरहमी से चूसने लगा तो अनीता कामुक अंदाज़ में siski,"uhhm हरिया जी आअह्ह्ह्ह" और हरिया के सर को पकड़ी हुयी अपनी चूंकि के तरफ करती हुयी अपनी सीना थोड़ा और आगे करके हरिया के आँखों में देखती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Uhmm प्यास बुझा लीजिये हरिया जी".

हरिया अनीता की आँखों में देखते हुए उसकी निप्पल दांतों के बीच लेकर उसे खींचने लगा तो अनीता की मुंह से सिसकारी निकल gayi,"Uhhhmmm आअह्ह्ह्ह हरिया जी सच में चबा hi जाना चाहते हैं आप इसे"

हरिया अनीता की निप्पल खिंच कर छोड़ दिया तो अनीता की चूंकि वापस अपनी जगह आकर हिलने लगी तो हरिया अनीता को देखकर bola,"Haan मेमसाहेब आज तो हम आपका चूंकि कच्चा चबा जायेंगे. बहोत प्यासे हैं आपकी जवान चूंकि के लिए"

हरिया यह बोलकर तुरंत उसकी बायीं चूंकि मुंह में लेकर वैसे hi बेरहमी से चूसने लगा तो अनीता अपनी वह चूंकि आगे करती हुयी boli,"Uhmmm हरिया जी पूरा प्यास बुझा लीजिये आआह्ह्ह्ह ुहहममम"

अब अगले 5 मिनट तक हरिया अनीता की दोनों चूँचियों को एक एक करके या तो चुस्त और दांत से काट ता और साथ hi उसकी दूसरी चूंकि को बेरहमी से मसलते रहता. ऐसा करने से अनीता की दोनों गोरी चूँचियाँ गुलाबी हो गयी थी.

5 मिनट बाद हरिया अनीता की दोनों निप्पल एक करके मुंह में लेकर चूसने के बाद वापस बिस्तर पर सर रखकर जोर से सांस लेने लगा. वहीँ अनीता बिस्तर के पास कुर्सी पर बिना ब्लाउज और ब्रा के बैठी हुयी हरिया को देख रही थी. चूसे और मसले जाने से उसकी दोनों गोरी चूँचियाँ जो नंगी थी वह गुलाबी हो गयी थी और उसकी निप्पल्स में थूक लगी हुयी थी. उसकी दोनों चूँचियाँ नंगी थी मगर वह वैसी hi बैठी हुयी हरिया को देख रही थी.

हरिया तकिये पर सर रखकर अपना हाथ से अनीता की कमर सहलाते हुए उसे देखा तो अनीता भी उसका बाल सहलाती हुयी कामुक अंदाज़ में puchhi,"Hariya जी अब आपको कैसा लग रहा है?"

हरिया उसे देखते हुए bola,"Achha लग रहा है मेमसाहेब. आपका चूंकि पीने के बाद कैसे अच्छा नहीं लगेगा"

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से वैसे hi अपनी चूंकि नंगी किये हुए बैठी हरिया का बात सुनकर मुस्कुराकर उसके बाल में उँगलियाँ फेरती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Mujhe ख़ुशी है हरिया जी की आपको अच्छा लगा. कितने दिन से बीमार हैं आप और हॉस्पिटल में रहे रहे बोर हो गए होंगे"

हरिया यह सुनकर अनीता की चूँचियाँ पकड़ कर दबाते हुए bola,"Uff मेमसाहेब कइसन मस्त चूंकि है आपकी. कितनी बड़ी बड़ी है, एक दम रसीली और अमृत से भरा. आपकी चूंकि से अमृत पीकर हुंका अच्छा कैसे नहीं लगेगा"

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से अपनी चेहरे पर गर्व का भाव लेकर कामुक रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Uhhhm हरिया जी अब बस कीजिये. फिर से मेरी तारीफ करने लगे आप" तो हरिया उसकी नंगी चूँचियों को दबाते हुए bola,"Are मेमसाहेब तारीफ नहीं, सच बोलत हैं हम. अभी ऐसे बैठे हुए आप बहोत अच्छी लग रही हैं, पूरा प्रकृति ने जैसे आपको बनाया हुआ है वैसे लग रही हैं आप. यह आपकी बड़ी बड़ी चूँचियाँ खुले में काटना अच्छा लग रहा है मेमसाहेब. अइसन जवानी में हमरे जइसन मरद के सामने आपको ऐसे hi रहना चाहिए. आपने सही किया की आप अपनी ब्लाउज खोलकर हुंका अपना दूध पीला रही हैं आज. आपका नंगी चूंकि देखकर और ी का मुंह में लेकर चूसने में हुंका अच्छा लग रहा है."

अनीता हरिया को अपनी जिस्म को ऐसे हवस भरे नज़र से देखते हुए देख उसके बालों में उँगलियाँ फेरती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Uhhm हरिया जी आप जैसे मर्द इन्हे इतनी प्यासी नज़र से देखेंगे तो प्यास तो बुझाना hi पड़ेगा न. और आपकी प्यास"

इसके बाद अनीता पूरी बेशर्मी से अपनी दोनों नंगी चूँचियों के तरफ आँखों से इशारा करके boli,"Inki थी" और फिर वह बीएड पर पड़े अपनी ब्लाउज के तरफ आँखों से इशारा करके boli,"Unki नहीं. तो फिर तो उन्हें तो बीच से हटाना तो ज़रूरी था न और वही तो मैंने किया है. उन्हें बीच से हटा दिया ताकि आप"

फिर अनीता अपनी नंगी चूँचियों के तरफ आँखों से इशारा करती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Inhe पीकर अपना प्यास बुझा सके. आप बताइये न हरिया जी आपकी प्यास बुझ रही है तो. कितने दिनों से आप इनके लिए प्यासे हैं, कैसे प्यासा नज़र से इन्हे आप हमेशा देखते रहते हैं. इसलिए आज खुले में आपके सामने रख दी हूँ की जितना दिल करे उतना पीकर प्यास बुझा ले आप. आप जैसे असली दबंग मर्द को प्यासा नहीं रहना चाहिए".

हरिया यह सुनते हुए अनीता की चूँचियों से हाथ नीचे सड़क कर उसकी कमर और पेट पर हाथ फेरते हुए bola,"Uff मेमसाहेब का गरम जवानी है आपकी और कितनी गरम औरत हैं आप. आप जैसी गरम औरत हमरे साथ है तो हम प्यासे रह hi नहीं सकते. सच में औरत हो तो आपके जैसी, एक दम मस्त गरम माल जो हमरे जइसन मरद का प्यास खुलकर बुझाये. कैसे आप हमरा प्यास बुझाने के लिए अपना ब्लाउज खोलकर अपना चूंकि नंगा करके बैठी हैं. उफ़ मेमसाहेब सच में ऐसे बहोत अच्छा लग रही हैं आप, एक दम मस्त माल" और फिर उसकी ऊपरी नंगी जिस्म को हवस भरे नज़र से देखने लगा. उसकी चूंकि, और उसकी नंगी पेट पर उसका नज़र दौड़ने लगा.

अनीता को हरिया का यूँ हवस भरे नज़र से उसकी जिस्म देखने से अच्छा लग रहा था और साथ hi उसका बात सुनकर भी अच्छा लग रहा था. उसकी छूट में गीलापन आने लगा था. वह अपनी बेशर्मी दिखती हुयी जवाब में boli,"Aur मर्द हो तो आपके जैसे हरिया जी जो खुलकर"

फिर अनीता अपनी चूँचियों के तरफ आँखों से इशारा करती हुयी boli,"Inhe प्यासी नज़र से देखकर अपना प्यास दिखाए. जिस मर्द को इनकी प्यास hi नहीं है उनके लिए यह थोड़े है. यह दोनों तो आप जैसे असली दुमदार मर्द के लिए हैं जिनका इनके लिए प्यास है"

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए अनीता की आँखों में देखकर उसकी दोनों चूँचियों के निप्पल पकड़ कर उसे दबाकर उसकी चूँचियों को हिलने लगा तो अनीता भी बेशर्मी से उसे देखकर मुस्कुरारी हुयी कामुक अंदाज़ में "ुहह्म्म हरिया जी सीईई" सिसकारी तो हरिया उसकी निप्पल पकडे उसकी चूँचियाँ हिलाते हुए bola,"Haan मेमसाहेब तभी तो आप ऐसे ब्लाउज खोलकर हमरे सामने अपनों दोनों चूँचियाँ नंगी करके बैठी है ताकि हम आपका दोनों चूंकि पीकर अपना प्यास बुझा सके"

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी अपनी चेहरे पर गर्व का भाव लाये हरिया के सर के बालों में उँगलियाँ फेरती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Haan हरिया जी आपके लिए hi ऐसे बैठी हूँ ताकि आप अपना पूरा प्यास बुझा सके"

हरिया यह सुनकर अनीता की निप्पल को पकड़ कर खींचते हुए उसकी चूँचियों को और हिलने लगा तो

अनीता हरिया को कामुक नज़र से देखती हुयी सिसकार di,"Ssiiii ुह्ह्हम्म्म हरिया जी आअह्ह्ह".

हरिया अनीता को सीसकरते हुए उसकी आँखों में देखा तो वह बेशर्मी, बेहयाई और अपने अंदर के रणदीपाने को दिखती हुयी अपनी आँखों से अपनी चूँचियों के तरफ इशारा की तो हरिया bola,"Uff मेमसाहेब सच में बड़ी गरम औरत हैं आप. कैसे अपना दूध पिलाने के लिए हुंका बुला रही हैं" और फिर से उठकर उसकी दायी चूंकि मुंह में लेकर चूसते हुए अनीता को देखा तो वह बेशर्मी से मुस्कुराकर उसके सर के बाल को सहलाती हुयी अपनी दायी चूंकि और आगे करती हुयी boli,"Aap भी तो बहोत प्यासे हैं हरिया जी. प्यास बुझा लीजिये आप ुह्ह्हम्म्म सीईई"

हरिया फिर से अनीता की दोनों नंगी चूँचियों को अगले 5 मिनट तक बेरहमी से चूसते और मसलते रहा और अनीता पूरी बेशर्मी से उसका साथ देती हुयी अपनी चूँचियों से उसे खेलने दे रही थी.
 
अपडेट 103

5 मिनट बाद हरिया फिर से तकिये पर सर रखकर अनीता को देखा तो वह प्यार से उसके सर के बालों में उँगलियाँ फेरकर उसे देखकर puchhi,"Kaisa लग रहा है आपको हरिया जी?"

हरिया अनीता को देखते हुए डेट हाथ से उसकी बायीं चूंकि पकड़ कर दबाते हुए bola,"Bahot मज़ा आ रहा है मेमसाहेब आपका दूध पीकर. उफ़ आपके जइसन औरत का दूध पीकर कैसे अच्छा नहीं लगेगा. आपकी यह गरम जवानी देखकर, आपका दूध पीकर खून गरम हो गवा है हमार और लौड़ा बौखलाने लगा है"

अनीता बेशर्मी से हरिया के आँखों में देखती हुयी मुस्कुराकर रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Uhhmm हरिया जी आपका हथियार है hi ऐसा, एक दम तगड़ा तो बौखलायेगा hi" और यह बोलकर वह कामुक नज़र से उसके लुंगी के तरफ देखि जहाँ उसका लुंड खड़ा होकर तम्बू जैसा बना हुआ था. हरिया यह देखकर bola,"Memsaheb लुंगी खोलकर हमार लौड़ा देखिये न, आपके लिए hi तो है"

अनीता यह सुनकर हरिया के आँखों में देखि और फिर उसके आँखों में देखती हुयी अपनी बायीं हाथ उसके लुंगी के ऊपर से लुंड पर रखकर उसे पकड़ ली. हरिया के तगड़े, मोठे और लम्बे लुंड का आकर अपनी हाथ में महसूस करके अनीता की बदन में मज़े की लहर दौड़ने लगी. उसकी बदन में मस्ती भरने लगी और उसे अच्छा लगा हरिया का लुंड को वैसे पकड़ कर. हरिया द्वारा चूंकि चूसे जाने पर उसे मज़ा तो पहले से hi आ रहा था मगर उसका लुंड का आकर और कड़कपन महसूस करके उसके अंदर के औरत वाला एहसास जागने लगा.

अनीता का हाथ अपने लुंड पर पड़ने पर हरिया मज़े से सिसकार utha,"Aahh मेमसाहेब" तो अनीता उसे देखकर बेशर्मी से मुस्कुराई की तभी हरिया का लुंड अनीता की हाथ में होते हुए लुंगी के अंदर से hi थोड़ा झटका से हिलने लगा. अनीता यह महसूस करके लुंगी के तरफ देखि और बेशर्मी से मुस्कुराकर boli,"Uhhm हरिया जी उफ्फ्फ आपका हथियार तो मेरे छूटे hi और बौखला गया. ऐसा लग रहा है की आपका लुंगी पहाड़ कर बाहर hi आ जायेगा" और यह बोलती हुयी वैसे hi बेशर्मी से वापस हरिया के आँखों में देखती हुयी उसके लुंड को लुंगी के ऊपर से पकडे हाथ ऊपर नीचे करके उसे हिलने लगी.

हरिया अनीता की नंगी बायीं चूंकि दबाते हुए bola,"Haan मेमसाहेब सही बोल रही हैं आप. आपका हाथ महसूस करके आज़ाद होना चाहता है, लुंगी के बाहर आना चाहता है जैसे आपकी यह दोनों बड़ी बड़ी चूँचियाँ ब्लाउज से बाहर आकर आज़ाद है. आपकी दोनों नंगी चूँचियों को देखकर और बौखलाया हुआ है हमार लौड़ा. इसे आज़ाद कर दीजिये मेमसाहेब. हमार लौड़ा को आपका चूँचियों के तरह नंगा कर दीजिये"

अनीता यह सुनकर हरिया को देखती हुयी कामुक अंदाज़ में रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Haan हरिया जी आपका हथियार इतना बौखलाया हुआ है, इसे तो खुले में थोड़ा आज़ाद होना चाहिए" और फिर वह उसके लुंगी के गाँठ पर हाथ रखकर उसे खोल दी और उसे थोड़ा नीचे सड़कने लगी तो स्प्रिंग के तरह हरिया का लुंड नंगा होकर खड़ा होकर थोड़ा हिलने लगा तो अनीता बेशर्मी से मुस्कुराकर उसे देखकर boli,"Uff हरिया जी सच में आपका हथियार कैसे हर वक़्त बौखलाया रहता है" और अनीता यह बोलकर उसके नंगे लुंड को पकड़ कर उसे ऊपर नीचे करके हिलती हुयी कामुक अंदाज़ में siski,"Uhhm कितना लम्बा, मोटा और तगड़ा है उफ़"

हरिया यह सुनकर अनीता की बायीं चूंकि दबाते हुए bola,"Aapka भी तो यह दोनों चूँचियाँ बड़ी बड़ी और रसीली है मेमसाहेब, पूरा दूध और अमृत से भरा हुआ"

हरिया यह बोलकर अपना सर उठाते हुए bola,"Humka अपना अमृत जैसा दूध पिलाइये मेमसाहेब" और अनीता की दायी चूंकि फिर से मुंह में लेकर उसकी आँखों में देखते हुए चूसने लगा.

अनीता यह सुनकर और हरिया को अपनी चूंकि चूसते हुए देखकर कामुक नज़र से उसे देखती हुयी दये हाथ से उसके सर को पकड़ी अपनी दायी चूंकि के तरफ खींचती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Uhmm तो अमृत पीजिये न हरिया जी. स्सीइ ाःह आपके सामने hi तो हैं दोनों".

हरिया अनीता को देखते हुए उसकी दायी चूंकि चूसते रहा और साथ hi उसकी बायीं चूंकि दबाते रहा. वहीँ अनीता उसके नंगे लुंड को पकड़ कर हिलने लगी. थोड़ी देर अनीता की चूंकि चूसने के बाद हरिया अनीता को देखकर bola,"Memsaheb हमार लौड़ा का थोड़ा मालिश कर दीजिये. बहोत दिनों से हम अपना लौड़ा का मालिश नहीं किये हैं. आप अपने खबसूरत नाज़ुक हाथ से हमरे लौड़ा का मालिश कर दीजियेगा तो अच्छा लगेगा हुंका"

अनीता यह सुनकर हरिया को देखकर boli,"Hariya जी कैसे मालिश करते आप. इतने दिनों से तो हॉस्पिटल में थे आप. बताइये तेल कहाँ है मैं मालिश कर देती हूँ"

हरिया यह सुनकर बीएड के बगल में खिड़की के पास थोड़ा जगह में रखे कुछ सामान के तरफ इशारा करते हुए bola,"Idhar है मेमसाहेब. हम देते हैं आपको"

यह बोलकर हरिया उठने का कोशिश किया तो अनीता उसे रोकती हुयी boli,"Hariya जी आप क्यों परेशान हो रहे हैं. आपका तबियत ठीक नहीं है आप आराम से लेते रहिये. मैं ले लेती हूँ"

हरिया यह सुनकर अनीता को देखकर मुस्कुराकर bola,"Theek है मेमसाहेब, ु सफ़ेद वाला डब्बा है"

अनीता यह सुनकर उधर देखि तो उस बोतल पर संधा आयल लिखा हुआ था. अनीता की दिल यह देखकर धड़क गयी. बीएड खिड़की के बगल में था तो बीएड के एक तरफ खिड़की था और दूसरे तरफ कमरे के बाकी जगह जिधर अनीता कुर्सी पर बैठी थी. वह उस डब्बे को देखकर कुर्सी से उठी और खिड़की के तरफ हाथ बढ़ने के लिए झुकी तो उसकी दोनों नंगी चूँचियाँ बिस्तर के ऊपर हरिया के सीने के दये तरफ लटक गयी. अनीता की नंगी चूँचियों के ऐसे लटके देख हरिया का लुंड तन तना गया. ऐसा लग रहा था की गए की दो दूध का थांन लटक रही हो.

अनीता वह बोतल उठा hi रही थी की तभी अपनी दायी चूंकि पर मुंह महसूस करके वैसे hi झुकी हुयी अपनी चूँचियों के तरफ देखि तो हरिया को उसकी आँखों में देखते हुए उसकी चूंकि मुंह में लेकर पीते हुए देखि. अनीता की दिल धड़क गयी यह देखकर. उसे भी यह नज़ारा बहोत कामुक लगा जैसे वह कोई गए हो जिसकी दोनों दूध के थांन लटकी हुयी है और कोई उसमे मुंह लगाकर उसकी दूध पी रहा हो.

अनीता यह देख hi रही थी की तभी वह अपनी बायीं चूंकि पर हाथ महसूस की तो वह अपनी चूंकि के तरफ देखि. हरिया उसकी चूंकि को पकडे hue,"Memsaheb आप ऐसे hi रहिये. हम आपका दूध दुहेंगे और साथ में आपका दूध पिएंगे"

अनीता की दिल यह सुनकर और यह नज़ारा देखकर धड़क रही थी. वह समझ रही थी की आगे क्या होने वाला है और अगले पल वही हुआ. हरिया उसकी दायी चूंकि चूसते हुए बायीं चूंकि के निप्पल के ऊपर अंगूठा और इंडेक्स फिंगर से पकड़ा और पकड़ कर उसकी चूंकि को नीचे के तरफ खींचने लगा और साथ hi अपने अंगूठे और इंडेक्स फिंगर को फिसलते हुए नीचे के तरफ ले आने लगा जिससे दोनों धीरे धीरे फिसलते हुए अनीता की बायीं निप्पल पर आ गया और वह अनीता की निप्पल पकडे नीचे के तरफ खींचने लगा. अनीता बेशर्मी से वैसे hi झुकी हुयी अपनी चूँचियों के तरफ देख रही थी. वह देखि की हरिया उसकी बायीं चूंकि की निप्पल अपने अंगूठे और इंडेक्स फिंगर के बीच दबाये हुए नीचे के तरफ खिंच रहा था जिससे उसकी पिंक निप्पल पूरी स्ट्रेच हो गयी.

जब अनीता की बायीं चूंकि के निप्पल्स पूरी स्ट्रेच हो गयी तो अनीता की मुंह से कामुक सिसकारी nikli,"Uhhm आअह्ह्ह्हह सीईई" और वह सिसकारती हुयी हरिया को देखि तो वह उसकी आँखों में देखते हुए दायी चूंकि चूसते हुए उसकी बायीं चूंकि के निप्पल्स पकडे थोड़ा और खिंच कर वापस उसे नार्मल पोजीशन में लाया और फिर उँगलियाँ ऊपर खिसका कर निप्पल्स के ऊपर पकड़ कर वैसे hi उसकी चूँचियो को नीचे खींचने लगा और उँगलियाँ फिसलते हुए निप्पल पर लाकर उसे पकड़ कर खींचने लगा.

अनीता की मुंह से फिर से कामुक सिसकारी निकल gayi,"Uhhm आह्ह्ह्ह ससीई" और वह सिसकारती हुयी कामुक नज़र से हरिया को देखती हुयी अपनी चूँचियों को थोड़ा नीचे कर दी ताकि हरिया आराम से उसकी चूंकि मुंह में लेकर पी सके. अनीता कामुक नज़र से हरिया को देखती हुयी अपनी निचली होंठ दांतों के बीच दबाकर बायीं हाथ उसके लुंड के तरफ बढाकर उसे पकड़ ली और उसे हिलने लगी. अगले पल वह तेल का दबा खोलकर उसके लुंड के ऊपर रखकर उसपर तेल गिराने लगी और तेल गिराकर उसे देखती हुयी उसके लुंड पर तेल मलने लगी तो हरिया सिसकारी liya,"Aaahhh मेमसाहेब अच्छे से हमार लौड़ा का मालिश कीजिये और हम आपका दूध दुह देते हैं"

हरिया यह बोलकर अनीता की दायी चूंकि चूसते हुए उसकी बायीं चूंकि वैसे hi पकड़ कर जैसे उसे खिंच रहा था वैसे hi खींचने लगा और अनीता उसे देखती हुयी कामुक सिसकारी लेती huyi,"Uhhmm आह्ह्ह्हह" उसका लुंड का मालिश करने लगी.

थोड़ी देर ऐसे होने के बाद हरिया bola,"memsaheb आप ऐसे झुकी हुयी थक गयी होंगी. आइये मेमसाहेब आप इहाँ हमरे साथ बिस्तर पर सो जाइये. हुंका आपका दूध पीने में थोड़ा आसानी होगा और आप भी अच्छे से हमरा लौड़ा का मालिश कर पाइयेगा."

अनीता यह सुनकर उसे देखि तो हरिया bola,"U हम जानत है की हमार बिस्तर गन्दा है और आपको तो साफ़ सुथरे बिस्तर पर सोने का आदत होगा. अगर आप नहीं सोना चाहती हमरे साथ ी बिस्तर पर तो कउनो बात...."

हरिया इतना hi बोलै था की अनीता उसके होंठों पर दायी ऊँगली रखकर बाये हाथ से उसका लुंड का मालिश करती हुयी कामुक अंदाज़ में उसे देखती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Sshhh हरिया जी. कैसी बातें कर रहे हैं आप. मुझे तो ख़ुशी है की आप मेरा इतना ख्याल रखते हैं की मेरे आराम का सोच रहे हैं और अपने साथ इस बिस्तर पर सोने के लिए बोल रहे हैं. अब बिस्तर थोड़ा गन्दा है तो क्या हुआ, मेरे हरिया जी तो मेरे साथ हैं न. आप जब मेरा ख्याल रखने के लिए मेरे साथ है तो फिर बिस्तर की साफ़ सफाई से क्या लेना देना. मेरे लिए तो बस इतना काफी है की इस बिस्तर पर मेरे साथ आप हैं और मैं आप जैसे मर्द के साथ इस बिस्तर पर सो रही हूँ".

हरिया अनीता की बायीं चूंकि पकड़ कर दबाते हुए bola,"To आइये न मेमसाहेब, हमरे साथ इस बिस्तर पर सो जाइये और हमरे बिस्तर को अपनी गरम जवानी से गरम कीजिये"

अनीता यह सुनकर कामुक नज़र से हरिया को देखि और फिर तकिये पर उसके बाये कंधे के पास अपनी दायी कोहनी टिका कर उसके तरफ करवट लिए उसके बगल में लेट गयी. क्यूंकि अनीता अपनी दायी कोहनी तकिये पर टिके थी तो उसकी आर्मपिट के नीचे से थोड़ा जगह था जिसमे हरिया अपना बाय हाथ घुसा कर उसकी पीठ के तरफ हाथ ले जाते हुए उसकी साड़ी के ऊपर से गांड पकड़ कर उसे दबाने लगा.

हरिया अनीता की गांड दबाते हुए उसे देखकर मुस्कुराया तो अनीता भी उसे देखकर बेशर्मी से मुस्कुराई और अपनी बदन को थोड़ा और ऊपर के तरफ कर दी ताकि हरिया अच्छे से उसकी गांड पकड़ सके और साथ hi उसकी चूंकि हरिया के मुंह के पास रहे. अनीता ऊपर होकर अपनी दायी हाथ जिसका कोहनी तकिये पर हरिया के बाये कंधे के पास था उस हाथ से हरिया क्र बालों में ऊँगली फेरने लगी. वही हरिया उसकी गांड दबाते हुए उसकी आँखों में देखने के बाद उसकी नंगी चूँचियों को देखा जो उसके मुंह के सामने लटकी हुयी थी.

अनीता हरिया को अपनी नंगी चूँचियाँ देखती हुयी देखि तो अपनी सीने को थोड़ा और नीचे कर दी जिससे उसकी दायी चूंकि का निप्पल ठीक हरिया के होंठो पर टिक गया. हरिया अनीता की दायी चूंकि का निप्पल अपने होंठों पर देख नज़र ऊपर करके अनीता को देखा तो वह अपनी चेहरे पर एक गर्व का भाव लिए हरिया को देखती हुयी उसके बालों में ऊँगली फेरती रही.

हरिया अनीता को देखते हुए उसकी गांड दबाया और मुंह खोलकर ज़बान निकाल कर अनीता की निप्पल पर उसकी नोक रगड़ने लगा. अपनी नाज़ुक निप्पल पर हरिया का गीले ज़बान का खुरदुरापन महसूस करके अनीता की चेहरे पर बेशर्मी, बेहयाई और रणदीपाने की मुस्कान आ गयी और वह वैसे बेशर्मी से रंडी की तरह मुस्कुराकर कामुक सिसकारी li,"Uhhmm आअह्ह्ह".

हरिया अनीता को देखते हुए उसकी निप्पल को ऐसे hi अपने ज़बान के नोक से छेड़ते रहा. अनीता भी पूरी बेशर्मी, बेहयाई और अपनी रणदीपाने का साबुत देती हुयी कामुक सिसकारी लेती huyi,"uhhhmm आअह्ह्ह" उसके आँखों में देखती हुयी उसके कमर के पास से तेल का बोतल उठाकर उसके लुंड पर तेल गिराने लगी. लुंड पर तेल गिरते hi हरिया का लुंड झटका मारने लगा तो वह अनीता की आँखों में देखते हुए उसकी निप्पल पर ज़बान फिरते हुए अपने आँखों से लुंड के तरफ इशारा किया तो अनीता उसके लुंड के तरफ देखि.

हरिया के लुंड को ऐसे हिलते हुए देख अनीता बेशर्मी से फिर मुस्कुरा दी और मुस्कुराकर हरिया को देखकर रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Uff हरिया जी आपका हथियार तो हर वक़्त बौखलाया रहता है. उहहं कितने दुमदार मर्द हैं आप"

अनीता यह बोलकर हरिया के आँखों में देखती हुयी उसके लुंड को पकड़ कर उस पर तेल मलने लगी. हरिया अपने लुंड पर अनीता किसी हाथ वापस महसूस करके मज़े से आहे bhara,"aaahhh मेमसाहेब" तो अनीता अपनी चेहरे पर गर्व का भाव लिए उसे देखि जैसे उसे खुद पर गर्व हो रहा था की हरिया जैसे मर्द को वह मज़ा दे पा रही है.

हरिया आज भरने के बाद अनीता की आँखों में देखते हुए बाये हाथ से उसकी गांड और दये हाथ से उसकी बायीं चूंकि दबाते हुए अपना होंठ अनीता की दायी चूंकि के निप्पल से सताए हुए bola,"Are मेमसाहेब जब आपके जइसन गरम जवान औरत हमरे साथ बिस्तर पर ऐसे दोनों चूंकि नंगा करके हुंका अपना दूध पिलाते हुए हमरा लौड़ा का मालिश करेगी तो लौड़ा तो बौखलायेगा hi. आज आपको हमरा बिस्तर गरम करते हुए देखकर हुंका बहोत अच्छा लग रहा है. आप बताइये मेमसाहेब, आपको ऐसे हमरे साथ बिस्तर पर ऐसे अपनी चूँचियाँ नंगी करके सोने में कैसा लग रहा है. हमरा बिस्तर गरम करके आपको अच्छा लग रहा है तो"

अनीता यह सुनकर उसके लुंड का मालिश करती हुयी उसके आँखों में देखकर रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Uhhm हरिया जी यह भी कोई पूछने की बात है? अच्छा लग रहा है तभी तो ऐसे आपके साथ बिस्तर पर सोई हूँ".

हरिया यह सुनकर अनीता की गांड और चूंकि मसलते हुए उसे देखा तो अनीता हरिया के लुंड को मुट्ठी में भरे उसे हिलाते हुए उसका मालिश करती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Uhmm आप जैसे असली मर्द के साथ बिस्तर पर सोकर आपके ऐसे तगड़े हथियार का मालिश करने में कैसे अच्छा नहीं लगेगा"

हरिया यह सुनकर मुस्कुराकर bola,"Memsaheb हमरा शर्ट का बटन खोल दीजिये तो, ससुरा गरम लग रहा है हुंका. आप जैसी गरम औरत जब बिस्तर पर हो तो ससुरा बिस्तर गरम हो जावत है. ऐसे में मरद को ससुरा पूरा नंगा होकर सोना ज़रूरी है. हमरा शर्ट खोल दीजिये मेमसाहेब"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर boli,"Agar आपको मेरे साथ सोने से गर्मी लग रही है हरिया जी तो मैं वापस बैठ जाती हूँ"

हरिया यह सुनकर मुस्कुराकर bola,"Are मेमसाहेब ी गर्मी का hi तो ज़रूरत है हुंका, आपका यह जवान जिस्म का गर्मी का"

और यह बोलकर हरिया अनीता की गांड पर थप्पड़ मार दिया तो अनीता कामुक अंदाज़ mein,"Ouch उहहं हरिया जी" बोलकर हरिया को देखि तो हरिया हसने laga,"Hahaha" तो अनीता उसे कामुक नज़र से देखि तो वह उसकी गांड और चूंकि दबाते हुए bola,"Aap ऐसे hi हमरा बिस्तर गरम कीजिये मेमसाहेब. जब आपके जइसन औरत बिस्तर पर साथ हो तो ससुरा मरद के बदन पर कपडा रहना भी नहीं चाहिए. खोल दीजिये हमार शर्ट"

अनीता यह सुनकर कामुक अंदाज़ में हरिया को देखती हुयी अपनी हाथ उसके लुंड से ऊपर के तरफ सड़कती हुयी उसके पेट पर फेरी और साथ में कामुक तरीके se,"uhmm" करती रही. हरिया वापस अपना ज़बान अनीता की निप्पल पर फिरने लगा. अनीता अपनी हाथ हरिया के पेट पर फेरने के बाद उसका शर्ट का बटन एक एक करके खोलकर उसके शर्ट के दोनों साइड के कपड़ो को पकड़ कर साइड में सड़क दी. अब हरिया आगे से सर से लेकर घुटने तक पूरा नंगा था. उसका लुंगी सामने से उसके घुटने तक खिसका हुआ था और mota,lamba लुंड कड़क होकर ऊपर के तरफ तन्न कर खड़ा हुआ तेल लगे होने के कारण चमक रहा था.

अनीता कुछ सेकण्ड्स अपनी हाथ हरिया के सीने और पेट पर फेरी और वापस नीचे सड़क कर उसका लुंड पकड़ कर हिलने लगी तो हरिया उसकी गांड दबाते हुए bola,"Memsaheb आप भी यह साड़ी निकाल कर पूरी नंगी हो जाइये न. कहे अपनी जवानी हमसे छुपा रही हैं. आप जइसन जवान औरत को हमरे जइसन मरद के साथ बिस्तर पर कपडा पेहेन कर नहीं सोना चाहिए. आप पूरी नंगी होकर हमरे साथ सोइये"

अनीता की सांस यह सुनकर तेज़ हो गयी और उसका दिल धड़कने लगा.
 
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थिस इस हाउ Anita's फिगर इस, स्लिम वैस्ट एंड बिग (बूत नॉट मैसिव) बूब्स एंड अस्स.
 
अपडेट 104

अनीता हरिया का बात सुनकर धड़कते दिल से उसका बात सुनती हुयी उसका लुंड का मालिश कर रही थी की तभी हरिया उससे puchha,"Ka हुआ मेमसाहेब. आप हमरे साथ नंगी होकर नहीं सोना चाहती है क्या? आप नहीं चाहती है की हम आपका ी गरम जवानी को उसके असली रूप में देखे?"

अनीता यह सुनकर हरिया के आँखों में देखती हुयी उसके लुंड का मालिश करती हुयी कामुक रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Uhhhm हरिया जी आप जैसे मर्द से क्या छुपाना. जैसा आप कह रहे हैं, मुझे तो आप जैसे मर्द के साथ बिस्तर पर अपने असली रूप में hi सोना चाहिए"

फिर वह हरिया के नंगे बदन को देखती हुयी उसके लुंड से ऊपर हाथ उसके पेट और सीने पर फेरती हुयी वैसे hi रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"uhhhm जैसे आप सोये हैं अभी"

फिर वह वापस अपनी हाथ नीचे लेजाकर वापस उसके लुंड को पकड़ कर वैसे hi कामुकता भरे रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Apne असली रूप में"

फिर अनीता अपनी नंगी चूँचियों के तरफ आँखों से इशारा करती हुयी वैसे hi कामुक तरीके से boli,"Isliye तो ऐसे सोई हूँ"

हरिया अनीता को अपनी नंगी चूँचियों के तरफ इशारा करते देख वापस उसकी दायी चूंकि के निप्पल को मुंह में ले लिया और चूसने लगा और साथ hi दाए हाथ से उसकी बायीं चूंकि को मुट्ठी में भरकर मसलने लगा और बाये हाथ से उसकी गांड मसलने लगा.

हरिया को ऐसे अपनी निप्पल चूसते हुए और चूंकि और गांड मसलते देख अनीता की चेहरे पर एक गर्व का भाव आ गया और वह हरिया के बाल में दये हाथ की उंगलियां फेरती हुयी उसके मोठे और लम्बे लुंड का मालिश करती रही.

हरिया कुछ सेकण्ड्स उसकी निप्पल चूसने के बाद अनीता की गांड को दबा कर bola,"Memsaheb ी साड़ी भी खोल दीजिये न. आपकी बड़ी बड़ी चूँचियों के तरह हुंका आपकी बड़ी बड़ी गांड को भी ऐसे देखना है"

हरिया यह बोलकर अनीता की गांड पर हल्का सा थप्पड़ मार दिया तो अनीता बेशर्मी से हरिया के सर के बाल में उंगलियां फेरती हुयी अपनी आंखें बड़ी करके मुस्कुराकर boli,"Uhhm हरिया जी उफ्फ्फ"

तो हरिया हसने laga,"Hahaha". अनीता मुस्कुराती हुयी हरिया को देखि तो हरिया उसकी आँखों में देखते हुए गांड की दोनों भागों पर थप्पड़ मारते हुए bola,"Uff मेमसाहेब इतनी कातिल गांड है आपकी, साड़ी खोल कर अपनी गांड दिखाइए न हुंका"

अनीता यह सुनकर अपनी आंखें बड़ी करके वैसे hi बेशर्मी से मुस्कुराकर कामुक रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Uhhm हरिया जी, देख लीजियेगा उसे भी जैसे आप देखना चाहते हैं, मगर आज नहीं. रामु जी कभी भी आ सकते हैं तो ऐसे में मुझे पूरी तरह से आपके साथ वैसे सोना सही नहीं होगा."

अनीता फिर अपनी चूँचियों के तरफ आँखों से इशारा करती हुयी boli,"Itna तो ठीक है मगर पूरी तरह से ऐसे होकर सोना सही नहीं होगा अभी. ुहह्म्म आप समझ रहे हैं न मैं क्या कहना चाहती हूँ"

हरिया अनीता की गांड और चूंकि मसलते हुए bola,"Haan मेमसाहेब, ब्लाउज तो आप जल्दी से पेहेन लीजियेगा मगर साड़ी पेहेन्ने में आपको वक़्त लग जायेगा"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर अपनी चूंकि हरिया के होंठों से वापस सत्ता कर उसके सर के बालों में उंगलियां फेरती हुयी उसके लुंड का मालिश करती हुयी कामुक रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Uhhm हाँ हरिया जी. सच में आप जितने दुमदार मर्द हैं आप उतना हालात भी समझते हैं. आपकी एहि सब बातें तो आपको बाकियों से अलग बनता है, एक असली मर्द बनता है"

हरिया इस बीच अनीता की बातें सुनते हुए उसकी चूंकि चूसने लगा था. वह अनीता की बातें सुनकर अनीता की गांड दबाते हुए उसकी निप्पल मुंह से निकाल कर bola,"To मेमसाहेब हम रामु को फ़ोन करके बोल डेट हैं की हम सोने जा रहा हूँ, सीधा शाम में hi आये"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर boli,"Nahin हरिया जी रामु को थोड़ा अजीब लग सकता है यह बात क्यूंकि आप तो उसे शराब लाने के लिए बोले हैं फिर अचानक से उसे ऐसे बोलेंगे तो उसे अजीब लगेगा. हो सकता है वह यह सोचकर आ जाये की बस शराब देकर चला जायेगा"

हरिया यह सुनकर bola,"Are बोल दूंगा की हुंका शराब नहीं पीना है, हम दूध पी रहा hoon",Hariya यह बोलकर अनीता की निप्पल मुंह में ले लिया तो अनीता बेशर्मी से मुस्कुराकर boli,"Offo हरिया जी सच में आप भी न ुहह्म्म"

हरिया यह सुनकर अनीता की निप्पल चूसते हुए मुस्कुराकर अनीता की गांड पर थप्पड़ मार दिया तो अनीता कामुक तरीके से boli,"Ouch आअह्ह्ह" तो हरिया मुस्कुराने लगा तो अनीता उसके बाल में उंगलियां फेरती हुयी कामुक अंदाज़ में "उहहं हरिया जी" बोली तो हरिया उसकी निप्पल मुंह से निकाल कर bola,"Kauno बात नहीं मेमसाहेब. आज रहने दीजिये, हम भी नहीं चाहत हूँ की आपको कउनो परेशानी हो. जब सही मौक़ा आएगा तो आप हमरे साथ बिस्तर पर पूरा मादरजात नंगी होकर सोइयेगा, अपनी जवान गरम जिस्म से हमार बिस्तर गरम कीजियेगा, आपकी जवानी का रास हुंका पिलाइयेगा"

हरिया यह बोलकर अनीता की चूंकि वापस मुंह में लेकर चूसने लगा तो अनीता मुस्कुराकर कामुक रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Haan हरिया जी आज के लिए मैं आपके हथियार का अच्छे से मालिश कर देती हूँ"

हरिया यह सुनकर bola,"Haan मेमसाहेब अच्छे से मालिश कर दीजिये पूरा लौड़ा का" और वापस उसकी चूंकि चूसने लगा.

अनीता यह सुनकर उस तेल के डब्बे को एक बार फिर हरिया के कमर के पास से उठाकर उसके लुंड पर तेल गिरती हुयी कामुक आवाज़ में boli,"Uhhm हरिया जी आपका हथियार तो ऐसे hi इतना बड़ा, मोटा और तगड़ा है फिर यह तेल की क्या ज़रूरत आपको, आप तो इसे कोई भी तेल से मालिश कर सकते हैं"

हरिया यह सुनकर अनीता को देखकर bola,"Are मेमसाहेब हम जानत है की हमार लौड़ा बहोत मोटा, लम्बा और तगड़ा है लेकिन फिर भी ख्याल तो रखना चाहिए न. आप भी तो अपनी यह जवान जिस्म का कितना ख्याल रखती हैं. उफ़ कितना साफ़ सुथरा रहती हैं आप, कैसे आपकी चूँचियों को एक दम टाइट रखती है, अपनी गांड को पूरा आकर में बनाये रखती हैं. बड़ी चूँचियाँ और गांड होने के बावजूद कैसे अपनी कमर को पतला रखती हैं आप. उफ़ मेमसाहेब का मस्त लगती हैं आप, ऊपर बड़ी बड़ी चूँचियाँ, नीचे बड़ी बड़ी गांड के दोनों भाग और उसके बीच पतली कमर, उफ़ मेमसाहेब लौड़ा खड़ा हो जाता है आपको देखकर"

अनीता की छूट ऐसे hi गीली हो चुकी थी हरिया जैसे गंवार और ग़रीब मज़दूर के साथ उसके झोपड़ी में उसके बिस्तर पर ऐसे बेशर्मी से एक रंडी की तरह रंगरेलियां मानते हुए और अब हरिया को ऐसे खुद की जिस्म की तारीफ सुनकर उसकी छूट में हलचल और बढ़ने लगी थी. वह बेशर्मी से मुस्कुराकर वैसे कामुक रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Uhmm हरिया जी फिर से घूम फिरकर आप मेरी तारीफ hi करने लगे. कितनी तारीफ कीजियेगा मेरी आप"

हरिया जवाब में bola,"Are मेमसाहेब तारीफ नहीं सच बोलत हूँ. आप भी तो अपनी इस जवान जिस्म का इतना ख्याल रखती हैं की हमरे जइसन मर्द का लौड़ा तन तना जाये आपको देखकर तो हमरे जइसन मरद का भी तो फ़र्ज़ बनता है की हम अपने लौड़ा का ख्याल रखे, उसे तगड़ा बनाये ताकि आप जैसी गरम जवान औरत को रगड़ कर छोड़ सके"

अनीता की सांस और दिल की धड़कन दोनों तेज़ हो गयी हरिया के मुंह से अपनी चुदाई की बात sunnkar,magar अनीता धड़कते दिल और तेज़ सांस से hi बेशर्मी से मुस्कुराकर आंखें बड़ी करके हरिया को देखकर कामुक अंदाज़ में boli,"Uhhm हरिया जी आप भी न उफ़"

हरिया यह सुनकर हसने laga,"Hahaha और ु भी आपकी यह पतली कमर और बड़ा गांड पकड़ कर" और यह बोलकर हरिया अनीता की गांड पर थप्पड़ मार दिया तो अनीता वैसे hi हरिया को आंखें फाड़े देखती हुयी कामुक रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Ouch आह हरिया जी" तो हरिया उसकी गांड दबोचे हसने laga,"Hahahah" तो अनीता कामुक आवाज़ mein,"Uhhm" करती हुयी अपनी सर हिलाकर उसके आँखों में देखती हुयी उसका लुंड का मालिश करती रही. हरिया उसका गांड दबोचे bola,"Aap जैसी गरम औरत को छोड़ने के लिए लौड़ा सिर्फ बड़ा और मोटा hi नहीं उसमे दम भी होना चाहिए ताकि आपको घंटो रगड़ कर छोड़ सके और ु हमरे जइसन मरद कर सकत है क्यूंकि हम अपना लौड़ा का ख्याल रखते हैं. ससुरा लौड़ा में इतना दम होना चाहिए की आपकी जवानी के सामने घंटो टिक सके, आपको घंटो रगड़ कर छोड़ सके"

अनीता की सांस और धड़कन तेज़ थी और छूट में भी बेचैनी बढ़ गयी थी. वह अपनी बेशर्मी और रान्दीपना दिखती हुयी हरिया का लुंड का मालिश करती हुयी boli,"Uhhmm हरिया जी सच में कितना ख्याल है आपको अपनी मर्दानगी का. ऊपर वाले ने आपको इतना तगड़ा हथियार दिया है फिर भी आप कैसे अपने हथियार का ख्याल रखते हैं ताकि औरतों को अच्छे से सेवा कर सके आप, आप जैसे मर्द से तो किसी भी औरत को सेवा करवाना चाहिए"

हरिया यह सुनकर bola,"Are मेमसाहेब कउनो औरत का नहीं, हम तो आपका सेवा करना चाहते हैं, आपको छोड़ना चाहते हैं, आप बताइये आप हमसे छुडवाइयेगा या नहीं?"

अनीता यह सुनकर तेज़ सांस लेती हुयी बेशर्मी से हरिया के आँखों में देखती हुयी boli,"Uhhm हरिया जी मैंने क्या कहा की आप जैसे मर्द से तो किसी भी औरत को सेवा करवाना चाहिए और मुझे ख़ुशी है की आप मेरी सेवा करना चाहते हैं, आप मुझे ठोकना छह रहे हैं अपने इस तगड़े हथियार से. यह तो आपकी मर्दानगी दिखता है हरिया जी की आप औरत को सिर्फ ठोकना नहीं चाहते हैं बल्कि रगड़ कर ठोकना छह रहे हैं वह भी घंटो तक और उसके लिए आप अपने हथियार का ख्याल रखते हैं, उसे मज़बूत और तगड़ा करते हैं. मुझे ख़ुशी है की मैं इसमें आपकी मदद कर पा रही हूँ, आप जैसे असली मर्द के साथ बिस्तर पर सोकर आपके तगड़े हथियार का अच्छे से इस ख़ास तेल से मालिश कर पा रही हूँ, वही हथियार जिससे आप मेरी ठुकाई करेंगे"

अनीता फिर उसके लुंड को देखकर उसे पकडे हुए उसपर हाथ ऊपर नीचे करके उसका मालिश करती हुयी boli,"Uhhm कितना तगड़ा है आपका हथियार, कितनी देर से बौखला कर खड़ा है, जैसे यह भी मुझे कहना छह रहा है की यह घंटो तक मेरी ठुकाई करेगा. उहहं मुझे देखकर तो इसे बौखलाना hi है आख़िरकार मुझे ठोकना जो चाहता है"

हरिया यह सुनकर अनीता की गांड मसलते हुए bola,"Are मेमसाहेब ुका चुदाई कहत है. हमार लौड़ा आपको छोड़ना चाहता है"

अनीता यह सुनकर अपनी आँखें बड़ी करके boli,"Offo हरिया जी" तो हरिया उसकी गांड पर थप्पड़ मारकर हसने laga,"Hahaha" तो अनीता भी बेशर्मी से खिलखिलाने lagi,"Hehehehe".

दोनों हस्ते हुए एक दूसरे की आँखों में देखने लगे. हरिया अनीता की ख़ूबसूरती देखने लगा की वह सच में कोई मॉडल से काम नहीं थी. हरिया को अपने मर्दानगी पर गर्व हो रहा था की अनीता जैसी पढ़ी लिखी और अमीर औरत जो ख़ूबसूरती और सेक्सी दिखने में किसी मॉडल से काम नहीं थी वह उसके बिस्तर पर उसके साथ रंगरेलियां मन रही है वह भी शादी शुदा होने के बावजूद.

वहीँ अनीता हरिया के आँखों में देखकर सोच रही थी की इस नए शहर में आकर उसे हरिया जैसा दुमदार मर्द मिलेगा और उसके साथ वह जवानी के मज़े लेगी वह सोची भी नहीं थी.

हरिया अनीता की आँखों में देखते हुए उसकी होंठों पर अपना अंगूठा रखकर उसकी होंठों पर फिरते हुए bola,"kitni मस्त और गरम माल हो आप मेमसाहेब"

अनीता को हरिया का यूँ गंदे तरीके से उसकी फिर से तारीफ करना अच्छा लगा. हरिया उसकी होंठों पर थोड़ा प्रेशर बनाया तो अनीता अपनी होंठों को खोल दी और हरिया उसमें अंगूठा घुसा दिया. अनीता हरिया को देखती हुयी कामुक अंदाज़ में उसके अंगूठे को चूसने लगी. अनीता की मुंह में हरिया के अंगूठे से गन्दा अजीब सा स्वाद जाने लगा मगर उसे यह अच्छा लग रहा था. हरिया के अंगूठे का स्वाद से उसके अंदर हवस बढ़ रही थी और वह कामुक अंदाज़ से हरिया को देखती हुयी उसका अंगूठा चूसना जारी राखी.

हरिया अनीता को ऐसे कामुक अंदाज़ में अपना अंगूठा चूसते देख अपना पूरा अंगूठा उसकी मुंह में घुसा दिया. अनीता उसे देखती हुयी उसका पूरा अंगूठा मुंह में लेकर चूसने लगी तो हरिया bola,"Waah मेमसाहेब, चूसने में तो आप पूरा माहिर हैं".

फिर वो आँखों से अपने लुंड के तरफ इशारा करते हुए bola,"Aese hi हमार लौड़ा भी चुसियेगा"

अनीता यह सुनकर उसके लुंड के तरफ देखि और उसे बाये हाथ से पकडे हुए उसका मालिश करती रही और हरिया का अंगूठा चुस्ती रही.

अनीता उसका लुंड देखती हुयी उसका अंगूठा और कामुक अंदाज़ में चूसने लगी. कुछ सेकण्ड्स बाद हरिया उसकी मुंह से अंगूठा खींचकर वापस उसकी होंठों पर फेरते हुए bola,"Katna अच्छा लगती है मेमसाहेब आप जब ऐसे चुस्ती है. और जब आप हमरा लौड़ा चुसियेगा तो और अच्छा लगिएगा"

अनीता की सांस यह सब सुनकर तेज़ हो रही थी जो हरिया अपने चेहरे पर महसूस कर पा रहा था. वह अनीता की गरम सांस महसूस करते हुए bola,"Aapka होंठ भी कितना रसीला है. जिस तरह आप अपना चूंकि पिलाई हैं मेमसाहेब उसी तरह आपके होंठो का रस भी आज हम पीना चाहता हूँ"

अनीता बाये हाथ से हरिया का लुंड का मालिश करती हुयी दये हाथ से उसके सर के बालों में उंगलियां फेरती हुयी उसके आँखों में देख रही थी.

हरिया जब अपना बात पूरा किया तो वह अपना होंठ अनीता की होंठों के तरफ बढ़ाया तो अनीता भी अपनी होंठ थोड़ा आगे कर दी और अगले पल हरिया अनीता की होंठ चूमने लगा और फिर थोड़ा मुंह खोलकर उसकी होंठों को चूमा तो अनीता भी साथ देती हुयी अपनों होंठ खोलकर हरिया का होंठ चूमने लगी.

आज पहली बार हरिया अनीता की होंठों को चूमा था. अनीता की साँसों में हरिया के मुंह से गन्दा बदबू जा रहा था मगर उसे न जाने क्यों यह अच्छा लगा, उसे एक नशा जैसे महसूस हुआ और वह अपनी होंठ खोल दी तो हरिया उसकी ज़बान से अपना ज़बान लड़ने लगा. अनीता की सांस और धड़कन दोनों तेज़ हो गयी हरिया के ज़बान से अपनी ज़बान लड़ते हुए महसूस करके.

दोनों एक दूसरे के ज़बान से ज़बान लड़ते हुए एक दूसरे को होंठों को चूमने लगे और हरिया दये हाथ से अनीता की चूंकि दबाते हुए बाये हाथ से उसकी गांड को मसलते हुए उसे अपने से और चिपकने का कोशिश करने लगा तो अनीता थोड़ी खिसक कर हरिया के बदन से चिपक गयी जिससे उसकी दायी नंगी चूंकि उसके सीने से चिपक गयी.

हरिया और अनीता दोनों की सांस तेज़ होने लगी थी और दोनों एक दूसरे की गरम सांस अपने चेहरे पर महसूस कर पा रहे थे. अनीता तेज़ सांस लेती हुयी दये हाथ से हरिया के बालों में ऊँगली फेर रही थी और बाये हाथ से उसके लुंड का मालिश कर रही थी.

हरिया फिर अनीता की ज़बान को होंठों के बीच लेकर चूसने लगा तो अनीता अपनी ज़बान उसके मुंह में घुसाने लगी. कुछ सेकण्ड्स बाद हरिया अपना ज़बान उसके मुंह में घुसाने लगा तो अनीता उसके ज़बान को अपनी होंठों के बीच लेकर चूसने लगी. अनीता की मुंह में हरिया के मुंह से गन्दी बदबू और स्वाद जा रहा था मगर उसे यह अच्छा लग रहा था और उसकी जिस्म में आग लगने लगी थी. उसे बहोत मज़ा आ रहा था हरिया के साथ ऐसे उसके झोपडी में गंदे बिस्तर पर अधनंगी होकर जिस्म का खेल खेलने में. उसे अपनी जवानी और हरिया के मर्दानगी पर गर्व हो रहा था.

अनीता और हरिया दोनों एक दूसरे के होंठों और ज़बान को चूमने और चूसने में लगे थे और दोनों की सांस तेज़ी से चल रही थी की तभी अनीता की फ़ोन बजने लगी. अनीता यह सुनकर चुम्बन तोड़ कर तेज़ी से सांस लेती हुयी आस पास देखि और फिर बीएड के बगल में रखे कुर्सी से अपनी पर्स से फ़ोन निकालने लगी.

वहीँ हरिया यह सुनकर तेज़ सांस में bola,"Behenchod ी वक़त अब कौन फ़ोन करने लगा. साहेब तो नहीं हैं?".

अनीता यह सुनकर बैग से फ़ोन निकलती हुयी अपनी सांस काबू करती हुयी boli,"Nahin हरिया जी कोई स्पैम कॉल, मेरा मतलब कंपनी का कॉल होगा".

यह सुनकर हरिया अनीता की चूंकि देखा और चुप चाप झट्ट से उसे मुंह में लेकर हवस और भूख से चूसने लगा. अनीता जान रही थी की ऐसे वक़्त में फ़ोन आने पर हरिया जैसा मर्द को गुस्सा आएगा hi. यह तो ऐसे hi बात थी की शेर के सामने मांस हो और कोई उसे कहते वक़्त डिस्टर्ब कर रहा हो तो जब हरिया वापस उसकी चूंकि मुंह में लेकर हवस भरे अंदाज़ में चूसने लगा तो वह कुछ नहीं बोली और चुप चाप अपनी बैग से पर्स निकाल कर देखि तो वह उसकी दोस्त का कॉल था जो नृ से शादी करके उस में सेटल्ड थी.

दोनों बचपन की दोस्त थी और कॉलेज से लेकर कॉलेज तक साथ पढ़ी थी. वह भी बेहद खूबसूरत और सेक्सी थी और साथ hi बहोत बेशर्म थी और खुद भी अनीता जैसी बदन दिखाऊ कपडे पहनती थी मगर इस मामले में अनीता उससे आगे रहती थी.

हालाँकि वह भी बेशर्म थी मगर अनीता जितनी नहीं. बेशर्मी में तो अनीता का कोई मुक़ाबला hi नहीं था और उसकी दोस्त खुद बेहद बेशर्म होने के बावजूद भी अनीता जैसी नहीं थी. दोनों की बेशर्मी में यह अंतर था की अगर उसकी दोस्त को कोई मर्द देखता था तो उसकी दोस्त अगर उस मर्द को अट्रैक्टिव समझती थी तो वह भी बेशर्मी से उसे देखती मगर कोई पसंद नहीं होता तो बस इग्नोर करती.

वहीँ अनीता को कोई मर्द देखता तो वह यह नहीं देखती थी की वह कैसा है और क्या है, बस वह भी पूरी बेशर्मी से उस मर्द को देखती की कैसे वह उसे देख रहा है और तभी नज़र हटती जब उसका ध्यान कहीं और होना ज़रूरी रहता था या वह मर्द खुद शर्मा कर नज़र न फेर ले और ज़्यादातर एहि होता था की मर्द अनीता को ऐसे देखते हुए देख नज़र घुमा लेते थे. अनीता को इससे फ़र्क़ नहीं पड़ता था की कौन और क्यों देख रहा था. वह समझती थी की मर्द औरत को देखेंगे hi, यह तो प्रकृति का नियम hi है और इसलिए कोई रिएक्शन नहीं देती थी और न hi उसे शर्म आता था. शर्म तो क्या होता है उसे पता hi नहीं था.

एक चीज़ में उसकी दोस्त उससे आगे थी तोह वह है रणदीपाने में. ज़्यादा बेशर्म होने के बावजूद जहाँ अनीता अच्छे संस्कार के कारण कॉलेज में भी कुंवारी रह गयी थी वहीँ यह उसकी दोस्त कॉलेज के दिनों में hi न जाने कितने लड़को से छुड़वा चुकी थी. बल्कि एक बार Valentine's डे पर कॉलेज के दो एक्स स्टूडेंट्स जो स्टूडेंट पॉलिटिक्स करते थे वह और उस एरिया के एक गुंडे के बेटे के साथ उनके फार्महाउस पर जाकर उनसे गैंगबैंग भी करवाई थी. प्लान तो यह था की अनीता को भी लेकर जाय जाये और वह तीनो दोस्त मिलकर अनीता और उसकी दोस्त दोनों को रात भर चोदे, मगर अनीता जाने से मन कर दी.

उसकी दोस्त अनीता को कन्विंस करने की कोशिश की की जवानी में एन्जॉय करना चाहिए और इससे बेहतर क्या होगा की तीन लड़को के साथ वह दोनों फार्महाउस पर रात गुज़रेंगी जहाँ उन्हें कोई डिस्टर्ब नहीं करेगा और सच तो यह था की अनीता खुद बेशर्म थी तो उसका एक बार मैं तो हुआ की वह भी जाये मगर फिर वह अपनी माँ की बात याद की की उन्होंने उसे जैसे कपडे पेहेनना है, जहाँ जाना है, जो करना है उसकी छूट तो दिए थे मगर शादी से पहले किसी से सम्बन्ध बनाने से मन की थी. अनीता एहि सोच कर पीछे हट गयी.

वहीँ उसकी दोस्त गिने चुने बदमाश और ऐयाश लड़को के साथ ऐयाशी करती थी और कॉलेज के बाद एक नृ से शादी करके उस में सेटल हो गयी.

वह दोनों दोस्त उस कॉलेज की सबसे खूबसूरत लड़कियां थी और सभी लड़को का नज़र उन दोनों पर hi रहता था मगर अनीता किसी को बॉयफ्रेंड नहीं बनाई. अनीता का यह रवैया देखकर लड़के उसे घमंडी, नखरेवाली और हाई स्टैण्डर्ड वाली लड़की समझते थे. शरीफ लड़के तो उसकी ख़ूबसूरती और पर्सनालिटी से घबराते थे और एप्रोच करने का सोचते भी नहीं थे. वहीँ बदमाश लड़के उसे यह सोचकर एप्रोच नहीं करते थे की वह नखरे वाली है और अगर मन कर देगी तो उनकी बेइज़्ज़ती हो जाएगी तो वह कोशिश करते थे की उसकी दोस्त के जरिये hi अय्याशी के लिए मनाये मगर अनीता मन कर देती थी.

अब भले hi अनीता अपनी संस्कार के कारण अय्याशी नहीं करती थी मगर थी तो वह भी बेशर्म और कहीं न कहीं उसे मर्दों की नज़र अच्छा लगता था मगर उसके नखरे के कारण जब उसे डायरेक्टली कोई एप्रोच नहीं करता था तो उसे लगता था की कॉलेज के लड़को में हिम्मत hi नहीं है. वहीँ मेट्रो और बस में कभी कभार मर्द भीड़ में उसकी जिस्म से छेड़ छड़ कर लेते थे और हर बार वह मर्द 40 से ऊपर के उम्र के hi रहते थे वह भी देखने पर थोड़े बदमाश टाइप hi लगते थे तो अनीता को कहीं न कहीं लगने लगा था की हिम्मत तो ऐसे मर्दों में hi है और उसे अपनी यह सोच सही लगने लगी जब वह इस शहर में आयी और हरिया जैसा 40 साल के ऊपर का मर्द वह भी गंवार और मज़दूर होने के बावजूद भी पहले दिन से hi उसे खुल कर छेड़ने लगा था.

और धीरे धीरे बाकी जो भी मर्दों से वह मिली, चाहे वह रामु हो, भीमा हो या बस में वह आदमी जो पहली मुलाकात में hi न सिर्फ उसकी गांड को नंगी देखा बल्कि उससे अपने लुंड का मालिश भी कराया. और तो और पानी पूरी वाला भी मौक़ा मिलने पर उसकी क्लीवेज और साड़ी के ऊपर से hi सही मगर उसकी गांड देखलेता था. ऐसे मर्दों से मिलने के बाद अनीता को लगने लगा की असली मर्द तो यह 40 साल के ऊपर के गंवार और मज़दूर लोग hi है जिनमे उसे छेड़ने की हिम्मत है और कहीं न कहीं इसके कारण अनीता को ऐसे गंवार मज़दूरों के तरफ आकर्षण महसूस होने लगा था. वह यह नहीं सोचती थी की वह लोग ग़रीब, गंवार और मज़दूर है, बल्कि यह सोचती थी की यह लोग असली मर्द हैं.

क्यूंकि हरिया उसे पहली मुलाक़ात से hi छेड़ना शुरू कर दिया था और उससे रेगुलर मुलाक़ात होती रहती है और साथ hi ज़रूरत पड़ने पर वह हमेशा उसकी मदद भी करता रहता था तो अनीता उसके तरफ ख़ास तौर पर आकर्षित थी और इसी कारण से वह आज अपनी मर्ज़ी से न सिर्फ हरिया जैसे गंवार मज़दूर के घर उसके साथ आयी बल्कि उसे अपनी चूंकि नंगी करके उसे पीला रही थी और साथ hi वैसे hi चूंकि नंगी किये hi उसके बिस्तर पर उसके साथ सोकर उसके लुंड की मालिश कर रही थी. उसे उसके ग़रीबी से कोई फ़र्क़ नहीं पद रहा था. उसे फ़र्क़ नहीं पद रहा था की वह एक झोपडी में एक गंदे बिस्तर पर सोई थी.

उसे बस इस बात का ख्याल था की वह हरिया जैसे दबंग और हिम्मत वाले मर्द के साथ सोई है जिसमे इतनी हिम्मत थी की वह उसे खुलकर छेड़े, न की उन कॉलेज लड़को के तरह जो खुद को तीस मार खान समझते थे मगर उनमे उसे छेड़ने की तो दूर की बात है एप्रोच करने की भी हिम्मत नहीं थी. अनीता को यह सब बातें याद आने पर हरिया के दबंगई और हिम्मत पर गर्व होने लगा था और उसे कहीं न कहीं गर्व और ख़ुशी का एहसास हो रहा था हरिया के साथ ऐसे अधनंगी होकर उसके बिस्तर पर सोकर उसे अपनी चूंकि पिलाते और उसके लुंड का मालिश करते हुए.

अनीता को उसकी दोस्त हमेशा जलती थी की कैसे वह लड़को से चुदती थी, कैसे उनका लुंड चुस्ती थी और कैसे उसे मज़ा आता था. अनीता को भी जलन होती थी की उसकी दोस्त कैसे जवानी के मज़े ले रही है और एक वह है की कुछ नहीं कर पा रही है. उसे भी दिल करता था की वह लुंड चूसे, किसी से छुड़वाए मगर संस्कार के कारण खुद को रोक लेती थी, मगर उसके जैसी बेशर्म औरत खुद को कब तक रोकती और एहि कारण है की अब जब शादी हो गयी थी और अकेला नए शहर में थी तो हरिया जैसे मर्द के साथ बिस्तर पर नंगी लेती हुयी उसका लुंड का मालिश करती हुयी उसे अपनी चूंकि पीला रही थी.

अनीता मोबाइल के स्क्रीन पर अपनी दोस्त का नाम देखकर सोचने लगी की वह आज फ़ोन क्यों की. दोनों दोस्त ज़्यादातर सोशल मीडिया और व्हाट्सप्प पर चाट hi करती थी, वौइस् कॉल शायद hi कभी होता था इसलिए अनीता उसका कॉल देखकर थोड़ी सुरप्रीसेड थी और क्यूंकि वह अभी हरिया के साथ उसके बिस्तर पर रंगरेलियां मन रही थी तो अपनी दोस्त का नाम देखकर उसे कॉलेज के दिनों के उसके अय्याशी की बात याद आ गयी की कैसे उसकी दोस्त ठीक उसी वक़्त फ़ोन की जब वह हरिया के साथ उसके बिस्तर पर सोई हुई थी. एहि सोचकर वह हरिया को अपनी चूंकि चूसने से रोकी नहीं बस इशारे से चुप रहने को बोली और फ़ोन उठाकर अपनी दोस्त से इंग्लिश में बात करने लगी.

हरिया अनीता को बात करते देख चुप चाप बिना आवाज़ किये उसकी चूंकि चूसते रहा. एक दो मिनट बाद हरिया अपना सर उठाकर अनीता की चूंकि से ऊपर का हिस्सा चूमने लगा और साथ hi उसकी गांड और चूंकि मसलते रहा. अनीता हरिया को देखि और उसके लुंड का मालिश करती रही. हरिया अनीता को देखकर उसकी गर्दन चूमने लगा तो अनीता उसे देखि और अपनी दोस्त से बात करती रही.

हरिया अनीता की गर्दन चूमते हुए उसकी बाल पकड़ कर उसे अपने तरफ और झुकाया तो अनीता झुक गयी तो हरिया उसकी नंगी कन्धा चूमने लगा. अनीता कुछ नहीं बोली और हरिया को जहाँ चूमने का दिल कर रहा था वहां चूमने दे रही थी. हरिया को मज़ा मिल रहा था की अनीता किसी से बात कर रही थी तो उस वक़्त वह उसकी जिस्म से खेल रहा था और अनीता उसका साथ दे रही थी. वहीँ अनीता को भी अपनी अय्याश दोस्त के साथ बात करते हुए खुद हरिया के साथ रंगरेलियां मानते हुए अच्छा लग रहा था जैसे वह अपनी दोस्त से कहना छह रही हो की आखिर वह भी अपनी जवानी के मज़े लेने लगी है और उसके साथ बात करती हुयी एक दुमदार मर्द, भले hi ग़ैर मर्द हो, उसके साथ बिस्तर पर उसका बिस्तर गरम कर रही है.

हरिया अनीता की कन्धा चूमने के बाद उसकी हाथ चूमने लगा और चूमने के बाद वापस उसकी कंधे और कान के पास चूमने लगा तभी अनीता को दोस्त puchhi,"How इस लाइफ गोइंग बी थे वे?"

अनीता हरिया का होंठ अपनी गर्दन पर महसूस करके मुस्कुराती हुयी boli,"It's गोइंग वेल. ी ऍम एंजोयिंग आईटी. व्हाट अबाउट यू?"

हरिया अगले पल अनीता की गर्दन चूमने लगा तो अनीता मुस्कुराती हुयी अपनी गर्दन को एडजस्ट की ताकि वह चुम सके. हरिया के चुम्बन का मज़ा लेती हुयी अनीता अपनी दोस्त की बात suni,"I ऍम आल्सो एंजोयिंग, लिखे ी ऑलवेज दो हेहेहे"

अनीता समझ गयी की उसकी दोस्त का क्या मतलब था और वह हसने क्यों लगी थी यह बोलकर तो वह भी मुस्कुराती हुयी हरिया के तरफ देखकर दूसरे हाथ से उसके सर के बाल में उंगलियां फेरती हुयी मुस्कुराई तो हरिया उसकी आँखों में देखते हुए उसकी चूंकि को और मुंह में लेकर चूसते हुए निप्पल को दांतों के बीच दबाकर धीरे से काट लिया.

अनीता की बदन में बिजली दौड़ गयी हरिया को ऐसे हवस भरे अंदाज़ में उसकी चूंकि चूसते और निप्पल काट ते देख और वह मुश्किल से अपनी सिसकारी रोक पायी मगर कहीं न कहीं अपनी दोस्त से बात करते हुए हरिया जैसे मर्द के अंदर अपनी जिस्म के लिए हवस देखकर उसे अच्छा लगा. उसे यह एहसास हो रहा था की जो दोस्त उसे अपनी अय्याशी के किस्से सुनकर उसे जलती थी आज वही दोस्त से बात करते वक़्त वह एक ऐसे मर्द के साथ खुद अपनी जवानी के मज़े ले रही है जिसके मर्दानगी के सामने वह कॉलेज के लड़के शायद बच्चे hi हो.

यह सोचकर अनीता की चेहरे पर गर्व का भाव आ गया और वह गर्व और कामुकता का भाव से हरिया को देखती हुयी बेशर्मी से अपनी आँखों से दूसरी चूंकि के तरफ इशारा की तो हरिया अनीता की आँखों में देखते हुए वह दूसरी चूंकि को मुंह में जितना हो सके उतना लेकर पहले तो हवस भरे अंदाज़ में उसे चूसा और फिर उसकी निप्पल को दांतों के बीच में दबाकर धीरे से काटा तो अनीता कामुक अंदाज़ में हरिया को देखती हुयी अपनी निचली होंठ दांतों के बीच दबाकर अपनी सिसकारी रोकी.

अनीता जब अपनी सिसकारी रोकती हुयी निचली होंठ दांतो के बीच दबायी थी तभी उसकी दोस्त puchhi,"By थे, वे व्हाट अरे यू दोंग? आईटी मस्ट बे वैरी बोरिंग इन तहत स्माल टाउन विथ नथिंग तो दो"

इस बीच हरिया अनीता की निप्पल दांतों के बीच से आज़ाद करके उसकी वह चूंकि भी मुंह से निकल कर दूसरी चूंकि को हवस भरे अंदाज़ में देखा.

अनीता अपनी दोस्त की बात सुनकर प्यार से हरिया के बालों में ऊँगली फेरती हुयी देख रही थी की हरिया कैसे हवस से उसकी चूंकि को देख रहा है और अगले पल जब हरिया उसकी आँखों में देखा तो अनीता समझ गयी वह क्या चाहता है.

अनीता हरिया के आँखों में देखती हुयी उसके मुंह के तरफ अपनी वह चूंकि ले गयी जिसे वह हवस से देख रहा था. अनीता समझ गयी थी की हरिया चाहता था की अनीता खुद अपनी चूंकि उसे पिलाने के लिए आगे करे इसलिए वह बस उसकी चूंकि देख रहा था मगर उसे मुंह में नहीं लिया. हरिया अनीता को अपनी चूंकि ऐसे उसके मुंह के तरफ करते देख उसकी आँखों में देखते हुए फिर से हवस भरे अंदाज़ में चूसने लगा तो अनीता मुस्कुराकर हरिया को देखती हुयी boli,"It's नॉट अस बोरिंग अस ी थॉट आईटी वोउल्ड बे. इन फैक्ट लिखे ी साइड एअरलिएर अस वेल, ी ऍम एंजोयिंग हेरे"

अनीता की दोस्त जवाब में boli,"That's गुड. ी होप तहत नाउ यू अरे मैरिड यू विल एन्जॉय लिखे वे अरे मैंट तो, लिखे ट्रू स्लोट्स तहत वे बोथ अरे, इवन थौघ यू नेवर एडमिट आईटी"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी हरिया के सर के बाल में उंगलियां फेरती हुयी boli,"Ohh शट उप"

यह सुनकर अनीता किसी दोस्त हंसने lagi,"Hehehe" तो जवाब में अनीता मुस्कुरा दी. उसकी दोस्त हमेशा बोलती थी की वह दोनों hi स्लोट्स है बस अनीता एक्सेप्ट नहीं करती है. अनीता भी दोस्तों के बीच की बात समझ कर बस मुस्कुरा देती, न hi उस बात को मानती और न hi विरोध करती.

अगले 10 मिनट तक ऐसे hi वह अपनी दोस्त से बात करती रही और हरिया उसकी ऊपरी नंगी जिस्म और नंगी चूंकि को चूमता और चुस्त रहा.

अनीता फ़ोन पर बात कर hi रही थी और हरिया उसकी निप्पल चूस रहा था. अनीता की छूट में हलचल होने लगी थी और सांस तेज़ होने लगी थी और न जाने क्या हुआ की वह हरिया के लुंड को देखकर अपनी होंठों पर ज़बान फेर दी जिसे देख करके हरिया उसकी चूंकि से मुंह हटाकर उसकी होंठो पर ऊँगली फेरते हुए उसकी आँखों में देखते हुए अपने लुंड के तरफ इशारा किया तो अनीता उसके आँखों में देखती हुयी उसके ऊँगली पर ज़बान फिरा दी.

हरिया यह देखकर फिर से अपने लुंड के तरफ आँखों से इशारा किया तो अनीता कामुक नज़र से उसे देखकर उसके लुंड के तरफ देखती हुयी उसके ऊँगली को मुंह में लेकर चूसने लगी और बेशर्मी से अपनी चूंकि के तरफ आँखों से इशारा की जिसे देखकर हरिया फिर से उसकी चूंकि पर टूट पड़ा.

हरिया कुछ सेकण्ड्स तक अनीता की चूंकि चूसते रहा और साथ hi कभी कभी आँखें ऊपर अनीता की तरफ करके देखता की कैसे अनीता उसके लुंड को देखती हुयी उसे मालिश करती हुयी उसका ऊँगली चूस रही है. जिस तरह अनीता हरिया के आँखों में अपनी चूँचियों के लिए भूख, प्यास और हवस देख सकती थी वैसे hi हरिया भी अनीता की आँखों में अपने तगड़े लुंड के लिए भूख, प्यास और हवस देख सकता था. अनीता पूरी बेशर्मी, पूरी रणदीपाने से उसके लुंड को देख रही थी जैसे सच में उसे निगल जाना चाहती हो मगर वह फ़ोन पर अपनी दोस्त से बात करने में लगी थी.

जब उसे अपने दोस्त को जवाब देना पड़ा तो वह हरिया का ऊँगली मुंह से निकाल दी तो हरिया उसे देखा और अपना होंठ उसकी चूंकि से ऊपर उसकी गर्दन के तरफ वापस ले जाकर उसकी गर्दन चूमने लगा तो अनीता अपनी गर्दन को एडजस्ट करके उसे चूमने दी. हरिया अनीता की आँखों में देखते हुए उसकी गर्दन चूमने लगा तो अनीता भी उसके आँखों में देखती हुयी प्यार से उसके सर के बालों में उँगलियाँ फेरने लगी.

कुछ सेकण्ड्स बाद जब वह फ़ोन रखकर हरिया को देखि और उसका सर में प्यार से बाल फेरती हुयी वापस उसके लुंड के तरफ कामुक नज़र से देखि तो हरिया उसकी आँखों में देखते हुए उसकी चूंकि और गांड दबाते हुए bola,"Humaar लौड़ा चूसिये मेमसाहेब. मेमसाहेब हम देख सकत हूँ की आप हमरा लौड़ा के लिए कितनी प्यासी है. कैसे प्यास और भूख से हमार लौड़ा को आप देख रही हैं"

अनीता यह सुनकर उसके लुंड को वैसे hi मालिश करती हुयी उसके आँखों में देखती हुयी कामुक अंदाज़ में उसके बालों में उंगलियां फेरती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Uhhm हरिया जी आपकी मर्दानगी देख रही हूँ की कैसे आपका हथियार पूरा अकड़ कर खड़ा है. एक तो इतना मोटा और लम्बा है आपका हथियार ऊपर से इतना तन्न कर खड़ा है"

हरिया यह सुनकर अनीता की चूंकि और गाने दबाते हुए bola,"Are मेमसाहेब आप जइसन जवान और खबसूरत औरत ऐसे हमरे बिस्तर पर हुंका अपना चूंकि पिलाएगी तो लौड़ा कैसे तन्न कर खड़ा नहीं होगा"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर boli,"Wahi तो देख रही हूँ हरिया जी की कैसे आपका हथियार बौखलाया है"

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए अनीता की गांड पर थप्पड़ मारा तो अनीता कामुक आवाज़ mein,"Aahhh हरिया जी ुह्ह्हम्म" बोली तो हरिया मुस्कुराकर bola,"Are मेमसाहेब आप सिर्फ हमार लौड़ा को देख नहीं रही है. प्यासे और भूखे नज़र से देख रही हैं जैसे आप हमार लौड़ा चूसना चाहती हैं. अब जब चूसने का मैं है तो चूस लीजिये न. हमार लौड़ा तो आपके लिए hi है, पूरा निगल जाइये हमार लौड़ा को और अपनी प्यास बुझा लीजिये"

अनीता की सांस और तेज़ होने लगी थी. हरिया उसके होंठों के करीब अपने होंठ लेजाकर बोल रहा था और दोनों एक दूसरे की गरम सांस महसूस कर सकते थे. अनीता तेज़ सांस लेती हुयी boli,"Uhhm हरिया जी" और उसके लुंड को अच्छे से पकड़ कर हिलने लगी तो हरिया अनीता की आँखों में देखकर अपने होंठ अनीता के होंठों के तरफ बढ़ने लगा. अनीता भी तेज़ सांस लेती हुयी अपनी होंठ आगे बधाई और अगले पल हरिया अपना होंठ अनीता की होंठों से सत्ता कर उसे चूमने लगा. दोनों तेज़ सांस लेते हुए एक दूसरे को कुछ देर तक चूमे उसके बाद हरिया अनीता की होंठों पर फिर से अंगूठा फिरते हुए bola,"Ee होंठ कितना प्यासा है मेमसाहेब. ी का प्यास सिर्फ हमरे होंठ से नहीं, बल्कि हमार लौड़ा से बुझेगा जब आप हमार लौड़ा चुसियेगा, ठीक उसी तरह जैसे हम आपका चूंकि चूसे हैं. ी जवानी का प्यास है मेमसाहेब और ी प्यास सिर्फ हमरा लौड़ा से बुझेगा. देखिये मेमसाहेब कैसे हमार लौड़ा आपके होंठों का इंतज़ार कर रहा है."

हरिया यह बोलकर अनीता को देखा तो वह तेज़ सांस लेती हुयी उसके लुंड को हिलती हुयी उसके तरफ पुरे हवस, प्यास और भूख से देखि तो हरिया उसके होंठो पर अंगूठा फेरते हुए bola,"Uff मेमसाहेब सच में कितनी प्यासी हैं आप हमरा लौड़ा के लिए. जब इतना प्यास है तो फिर देरी किस बात का मेमसाहेब, हमार लौड़ा चूसना तो आपका हक़ है. बताइये मेमसाहेब आप हमरा ी लौड़ा चूसना चाहती हैं की नहीं"

अनीता अगले पल हरिया को देखती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में तेज़ सांस लेती हुयी boli,"Haan हरिया जी मैं आपके हथियार के लिए प्यासी हूँ और चूसना चाहती हूँ."

हरिया यह सुनकर अनीता की सर को नीचे के तरफ करते हुए bola,"To चूस लीजिये हमार लौड़ा मेमसाहेब. पूरा निगल जाइये इसे"

अनीता यह सुनकर नीचे झुककर हरिया के चीन को चूमि, फिर उसके सीने को चूमि तो उसकी नाक पर हरिया के बदन का गन्दा बदबू घुसा. इस बदबू से अनीता को घृणा होने के बजाय और अच्छा लगा और वह अपनी होंठ हरिया के दये निप्पल पर लेजाकर उसे चूमि तो हरिया के बदन में करंट जैसा महसूस हुआ और उसका लुंड तनतना कर अनीता की हाथ में hi हिलने लगा.

यह महसूस करके अनीता हरिया के बाये निप्पल को चूमि तो हरिया का लुंड फिर तन तना गया. अनीता धीरे धीरे हरिया के पेट पर चूमने लगी. घर में थोड़ा गर्मी होने से उसके बदन पर हल्का हल्का पसीना आ गया था ऊपर से कितने दिनों से वह नहाया नहीं था जिससे उसका बदन से बहोत गन्दा बदबू आ रहा था और अनीता की होंठों पर उसके पेट पर लगे हल्का पसीना भी लगने लगा था. अनीता को इसके बावजूद अच्छा लगा और वह उसका पेट चूमने के बाद हरिया को देखि और थोड़ा नीचे खिसक कर चौके पर वह खुद को एडजस्ट करके अपना सर उसके पेट पर रखकर उसे कामुक नज़र से देखि और फिर उसके लुंड के तरफ वापस हवस भरे नज़र से देखि तो हरिया उसके सर नीचे अपने लुंड के तरफ पुश करने लगा तो अनीता बेझिझक अपना सर नीचे करके उसके लुंड के पास ले गयी तो उसकी नाक में बहोत hi गन्दा बदबू घुसा.

हरिया के लुंड पर तेल लगा हुआ था और लुंड के चारो तरफ और अण्डों पर बड़े बड़े बाल थे जो कितने दिनों से वह साफ़ नहीं किया था. उसी का बदबू अनीता की नाक में जा रहा था. मगर अनीता के दिमाग़ में तो हरिया का लुंड का साइज और कड़कपन hi बसा हुआ था. वह हरिया के लुंड के लम्बाई, मोटाई और कड़कपन को अपनी मुंह में महसूस करना चाहती थी. एहि सोच कर वह बेशर्मी से फिर से अपनी होंठों पर ज़बान फिरै और फिर हरिया के लुंड पर थूक गिराकर हरिया को कामुक नज़र से देखि. अनीता को ऐसे देखते हुए उसका लुंड हिलने लगा और पेट में खिंचाव आया.

अनीता यह देखि और फिर हरिया के आँखों में देखती हुयी अपनी ज़बान निकालकर उसके लुंड के साइड में गिरते अपनी थूक को चाटती हुयी ज़बान को ऊपर के तरफ ले आयी और फिर वैसे hi हरिया के आँखों में देखती हुयी उसके लुंड के टोपे पर ज़बान फिरै तो उसे हरिया का प्रेकम का स्वाद मिला. अनीता की ज़बान अपने लुंड के टोपे पर महसूस करके हरिया मज़े से कराह utha,"aaahhh" और उसका लुंड हिलने लगा और पेट में फिर से सिकुड़न हुआ.

वहीँ अनीता हरिया का प्रेकम के साथ लुंड के गंदगी और अपनी थूक का स्वाद महसूस की तो उसकी पुरे बदन में बिजली सी दौड़ने लगी और अगले पल वह हरिया के आँखों में देखती हुयी उसके लुंड के टोपे को मुंह में ले ली. हरिया मज़े से सिसक utha,"aaaahhh".
 
ी ऍम नॉट फोर्सिंग एनीवन तो रीड और लिखे थे स्टोरी. ी हैवे मेंशनएड मल्टीप्ल टाइम्स तहत तेरे अरे इतर गुड स्टोरीज ों थिस वेबसाइट अस वेल अस इतर साइट्स एंड रीडर्स अरे फ्री तो रीड व्हाटएवर थे लिखे, बूत ी गेस पीपल हेरे अरे नॉट मातुरे एनफ तो इवन अंडरस्टैंड तहत. यू हैवे एव्री राइट तो नॉट विजिट थिस थ्रेड एंड ी हैवे एव्री राइट तो स्टॉप राइटिंग व्हॅनवर ी वांट तो.

थिस इस ा सिंकेरे रिक्वेस्ट फ्रॉम थे रेगुलर रीडर्स. प्लीज दो नॉट बेग फॉर उपदटेस. ी don't लिखे आईटी. व्हेदर यू बिलीव आईटी और नॉट, देस्पिते बीइंग वर्चुअल, ी ट्रीट यू आल अस फेलो हुमंस एंड ी टेक no प्लेअसुरे इन मेकिंग यू वेट और बेग फॉर थे उपदटेस. ी गिव प्रायोरिटी तो रियल लाइफ एंड थिस राइटिंग इस ओनली टेम्पररी एंटरटेनमेंट फॉर में बूत सीन्स ी क्रिएटेड थिस स्टोरी एंड करैक्टर विथ लॉट्स ऑफ़ थॉट्स ी वांट तो कंटिन्यू थिस स्टोरी अस मच अस पॉसिबल.

िफ़ यू थिंक माय वे ऑफ़ राइटिंग एंड इर्रेगुलर उपदटेस अरे ा डिससर्विस तो थिस साइट एंड रीडर्स, ी रिक्वेस्ट यू आल तो लेट थे मॉडरेटर्स क्नोव तहत बी कमेंटिंग हेरे एंड थे कैन जस्ट रिमूव थिस स्टोरी फ्रॉम थिस साइट एंड बन में. ी कैन फंड सम इतर प्लेटफार्म तो व्रिठे और व्रिठे पर्सनली एंड शेयर विथ ा फ्यू मातुरे पीपल हु अंडरस्टैंड थे डिफरेंस बिटवीन रियल एंड वर्चुअल लाइफ.

फील फ्री तो कीप अबुसिंग में अस तहत शोज योर इंटेलेक्चुअल कैपेसिटी.
 
अपडेट 105

अनीता को ऐसे आँखों में देखते हुए उसके लुंड को मुंह में लेता देख हरिया का लुंड और तन तना गया. उसके पुरे बदन में मज़ा का लहर दौड़ रहा था.

अनीता वैसे hi हरिया के आँखों में देखती हुयी उसके लुंड के टोपे को मुंह में लेकर अपनी सर ऊपर नीचे करके धीरे धीरे 4-5 बार उसके टोपे को चूसी फिर उसे मुंह में ली हुयी hi अपनी मुंह से थूक गिरने दी जो हरिया के लुंड के चारो और से उसके लुंड के नीचे तक फिसलने लगी.

अनीता फिर उसके लुंड को मुंह से निकलकर अपनी ज़बान निकली और हरिया के आँखों में देखती हुयी उसके लुंड के लम्बाई के बीच वाले हिस्से से ऊपर तक फिरकर उसके लुंड पर फिसलते अपनी थूक चाटने लगी और चाटती हुयी उसके लुंड के ऊपर वाले हिस्से तक अपनी ज़बान लगाई और फिर से उसके लुंड के टोपे को मुंह में लेकर चूसने लगी.

हरिया का मज़े से बुरा हाल था. उसका लुंड तन तना कर अकड़कर लगातार हिल रहा था और साथ hi उसका पेट में भी सिकुड़न हो रहा था. अनीता जैसे hi फिर से उसके लुंड के टोपे को मुंह में लेकर चूसने लगी तो उसके मुंह से मज़े से सिसकारी nikla,"Aaaahhh"

अनीता का भी मज़े से बुरा हाल था हरिया के तगड़े, मोठे और लम्बे लुंड पर ज़बान फिरने और उसके टोपे को मुंह में लेकर चूसने से. उसे एहसास हो रहा था की असली लुंड क्या होता है और उसे चूसने में कितना मज़ा आ सकता है. हरिया का लुंड का लम्बाई मोटाई और सबसे बड़ा बात उसके कड़कपन को अपनी मुंह से महसूस करने में अनीता को मज़ा आ रहा था और वह हरिया के मर्दानगी, उसके तगड़े लुंड के तरफ आकर्षित हो रही थी, इतना की उसके अंदर हरिया के लुंड के लिए वैसे hi भूख और हवस थी अभी जैसे हरिया को उसकी चूंकि के लिए जिसे महसूस करके hi अनीता फैसला ली थी की वह हरिया का प्यास अपनी चूंकि नंगी करके उसे पीला कर बुझाएगी क्यूंकि उसका प्यास उसके ब्लाउज के ऊपर से उसकी चूंकि चूसने से नहीं बुझेगा.

अनीता के अंदर भी हरिया के लुंड के लिए वैसा hi प्यास जाग गया था और उसे ख़ुशी थी की जिस तरह से वह अपनी चूंकि उसे नंगी करके पिलाई है वैसे hi हरिया भी उसे अपना लुंड चूसने के लिए बोलै, जैसा एक असली मर्द को करना चाहिए.

अनीता कुछ सेकण्ड्स वैसे hi हरिये के लुंड के टोपे को मुंह में लेकर चुस्ती रही फिर वह अपनी चेहरे को थोड़ा नीचे के तरफ पुश की जिससे हरिया का लुंड थोड़ा और उसकी मुंह में घुस गया, इतना की अब उसके लुंड का एक चौथाई लम्बाई अनीता की मुंह में था.

अनीता जैसे hi अपना चेहरा नीचे की और हरिया का लुंड उसकी मुंह के और अंदर घुसा, हरिया मज़े से सिसकार utha,"aaaahhhh मेमसाहेब". अनीता इतनी बेशर्म औरत थी की वह पुरे वक़्त हरिया के आँखों में देखती हुयी उसके लुंड को चूस और चाट रही थी. उसकी आँखों में शर्म नाम की चीज़ नहीं थी और उसको यह बेशर्मी हरिया को और मज़ा दे रहा था.

जब हरिया मज़े से सिसकरा तो अनीता को अच्छा लगा और वह हरिया के आँखों में देखती हुयी अपना सर ऊपर नीचे करके उसका लुंड चूसने लगी. वह सर ऊपर करके उसका लुंड के टोपे तक होंठ लाकर वापस सर नीचे करके उसका लुंड का एक चौथाई लम्बाई मुंह में ले लेती. अनीता को ऐसे लुंड चुस्त देख और उसकी मुंह से लुंड चूसै का अनुभव करके हरिया लगातार सिसकारने laga,"aaahhhh".

अनीता को हरिया को सीसकरते देख अच्छा लग रहा था क्यूंकि उसका दो मक़सद में से एक एहि था की हरिया को अच्छा लगे, उसे मज़ा ए. दूसरा मक़सद यह था की उसे भी लुंड चूसने में मज़ा आये जो उसे आ hi रहा था.

हरिया का लुंड का मोटाई के वजह से अनीता को अपना मुंह पूरा खोलना पद रहा था उसे चूसने के लिए जिसके कारण उसके मुंह से थूक भी गिरकर हरिया के लुंड के चारो तरफ नीचे के तरफ फिसल रहा था. अगले एक मिनट तक अनीता वैसे hi अपनी सर ऊपर नीचे करके हरिया के लुंड का एक चौथाई हिस्सा चूसी. उसके बाद वह उसका लुंड मुंह से निकाल कर उसके लुंड के चारो तरफ फिसल रहे अपनी थूक पर ज़बान फिरकर उसे चाटने लगी.

अनीता को ऐसे अपने लुंड के चारो तरफ ज़बान फिरकर थूक चाटते देख हरिया को अच्छा लग रहा था और मज़े का ठिकाना नहीं था. उसका लुंड अकड़ कर लगातार हिल रहा था.

हरिया मज़े से सीसकरते हुए अनीता को देख रहा था वहीँ अनीता हरिया के आँखों में देखती हुयी उसके लुंड को चाट रही थी. अनीता फिर अपनी ज़बान उसके टोपे पर फिरने लगी तो हरिया सिसकारके bola,"Aaahhhh मेमसाहेब सच में आप कितना अच्छा चुस्ती हैं"

हरिया के मुंह से अपना तारीफ सुनकर अनीता को अच्छा लगा और वह उसके आँखों में देखती हुयी फिर से उसका लुंड मुंह में लेकर अपना सर नीचे के तरफ पुश की और फिर से उसका एक चौथाई लुंड मुंह में लेकर उसके आँखों में देखती हुयी वैसे एक चौथाई लुंड मुंह में लिए हुए अपनी ज़बान उसके लुंड पर फिरने लगी.

हरिया यह देखकर फिर से मज़े से सिसक utha,"aaahhh मेमसाहेब चूसने में आपका कोई मुक़ाबला नहीं. ऐसे hi चूसिये हमार लौड़ा"

अनीता यह सुनकर अपना सर ऊपर नीचे करके हरिया का लुंड फिर से चूसने लगी. हरिया मज़े से अनीता को अपना लुंड चूसते हुए देखने लगा. वह जब अनीता को आइस क्रीम चूसते हुए देखा था तभी समझ चूका था की अनीता लुंड चूसने में माहिर होगी और आज वह उसका अनुभव कर पा रहा था अनीता को ऐसे प्यासे तरीके से उसका लुंड चूसते हुए देखकर.

हरिया अनीता की आँखों में अपने लुंड के लिए भूखा, प्यास और हवस देख पा रहा था. एक अनुभवी मर्द होने के कारण वह समझ पा रहा था की अनीता उसके लुंड के लिए कितनी प्यासी और बुखी है ठीक वैसे hi जितना वह अनीता की जवान और सेक्सी जिस्म के लिए है.

अनीता अगले पल हरिया का एक चौथाई लुंड मुंह में लिए hi अपनी सर नीचे के तरफ और पुश करके उसके लुंड को अपनी मुंह के और अंदर लेने को कोशिश करने लगी मगर उसका लुंड का मोटापा के वजह से मुश्किल हो रहा था तो हरिया उसकी सर पकड़ कर अपने लुंड के तरफ पुश करने लगा.

हरिया के पुश करने से अनीता अपनी ध्यान अपनी मुंह को और खोलने में लगा दी. ऐसा करते hi उसकी मुंह में हरिया का लुंड धीरे धीरे और अंदर घुसने लगा. अगले कुछ सेकण्ड्स तक धीरे धीरे हरिया का लुंड अनीता की मुंह में घुसते रहा और साथ hi उसके लुंड के चारो तरफ अनीता की मुंह से थूक निकल कर फिसलने लगा.

हरिया का लुंड अब एक चौथाई के जगह एक तिहाई अनीता की मुंह में घुस चूका था और अगले पल थोड़ा सा और प्रेशर देने पर उसका लुंड का टोपा आख़िरकार अनीता की गले में घुस गया. जैसे hi हरिया का लुंड अनीता की गले में घुसा, वह मज़े से सिसकार utha,"aaaahhh".

अनीता भी जब अपनी गले में हरिया का लुंड घुसते महसूस की तो उसकी मुंह से थूक गिरने लगी जो हरिया के लुंड के चारो और से नीचे के तरफ फिसलने लगा. वहीँ उसकी गोरी चेहरा हल्का गुलाबी होने लगी और गोरी नाक टमाटर जैसे लाल होने लगी. साथ hi आँख में हल्का आंसू जमा होने लगा.

हरिया का मज़े से बुरा हाल था और वह अनीता की सर को और नीचे पुश करने का कोशिश करने लगा मगर उसका लुंड अभी और अंदर घुस नहीं पा रहा था तो अनीता उसे देखती हुयी उसका लुंड मुंह में ली हुयी hi अपनी ज़बान को बाहर निकलकर उसके लुंड के एक तिहाई के नीचे वाले थोड़े से हिस्से पर फिरने लगी.

अनीता को ऐसे करता देख हरिया सिसकते हुए bola,"Aaaahhh मेमसाहेब का मस्त लौड़ा चुस्ती हैं आप आआह्ह्ह्ह. ऐसे hi चूसिये, ऐसे hi आआह्ह्ह्ह"

अनीता से जब बर्दाश्त नहीं हुआ तो वह अपना सर ऊपर करने लगी तो हरिया उसका सर छोड़ दिया. अनीता अपनी सर ऊपर की तो हरिया का लुंड उसकी मुंह से बाहर निकलकर झटके से हिलने लगा. उसके लुंड और अनीता के होंठ के बीच थूक का लड़ी लगा हुआ था.

हरिया अनीता को देखकर मुस्कुराकर bola,"Waah मेमसाहेब सच में आप कितना अच्छा लौड़ा चुस्ती है"

अनीता यह सुनकर अपनी बेशर्मी का साबुत देती हुयी हल्का मुस्कुरा दी तो हरिया उसकी होंठों पर अपना अंगूठा रखकर उसकी होंठो पर फेरते हुए वहां लगे थूक को अपने अंगूठे से समेटते हुए bola,"Kitni भूखी और प्यासी है आप हमरा लौड़ा के लिए मेमसाहेब. हम देख सकत हूँ आपके आँखों में हमरा लौड़ा के लिए प्यास"

हरिया यह बोलते हुए अपना अंगूठा में लगे थूक को अनीता की मुंह में पुश करने लगा तो अनीता अपनी मुंह खोलकर उसका अंगूठा में लगे थूक के साथ साथ उसका अंगूठा भी चूसने लगी तो हरिया आगे bola,"Haan मेमसाहेब चूसिये. इसे भी लौड़ा समझ कर चूसिये"

अनीता यह सुनकर अपनी होंठों को उसके अंगूठे के चारो और से गृप करके अपनी होंठ को पोत करके कामुक अंदाज़ में उसका अंगूठा चूसने लगी तो हरिया आगे bola,"Sach में मेमसाहेब लौड़ा के लिए बहोत भूखी और प्यासी हैं आप, कैसे हमार अंगूठा को चूस रही हैं आप. ऐसे hi खुलकर जो भी दिल करे वह चूसिये मेमसाहेब और अपनी प्यास बुझाइये"

अनीता यह सुनकर उसका अंगूठा मुंह से निकालकर उसके लुंड के ऊपर थूक गिराने लगी जिसके कारण हरिया का लुंड हिलने लगा और उसे मज़ा आने लगा. वह वापस से अनीता की सर पर हाथ रखते हुए bola,"Haan मेमसाहेब ी हुआ न बात. साफ़ साफ़ हम आपके आँखों में अपना लौड़ा के लिए प्यास और भूख देख सकता हूँ और जब आपको लौड़ा का भूख और प्यास है तो फिर लौड़ा hi चूसिये"

अनीता यह सुनकर अपनी ज़बान निकलकर उसके लुंड पर फिसलते अपनी थूक को फिर से चाटने लगी तो हरिया मज़े से bola,"Aaahhh मेमसाहेब. हमार लौड़ा आपके लिए hi है आह्हः, पूरा जी भरकर चूसिये आज हमार लौड़ा को"

अनीता अपनी ज़बान ऊपर ले जाकर उसके लुंड के टोपे पर अपनी ज़बान फेरकर अगले पल उसके लुंड को मुंह में लेकर एक चौथाई निगल गयी और उसके लुंड को और मुंह में लेने की कोशिश करने लगी तो हरिया उसके सर पर प्रेशर बनाते हुए bola,"Aaahh मेमसाहेब कितना भूख है आपको हमार लौड़ा के लिए की आप पूरा निगल जाना चाहती हैं इसे आआह्ह्ह्ह".

हरिया के प्रेशर बनाते hi उसका लुंड अब एक तिहाई अनीता की मुंह में घुस गया और उसका टोपा उसकी गले में दाखिल हो गया. अनीता कुछ सेकण्ड्स वैसे hi उसका लुंड मुंह में लिए रही तो हरिया एक हाथ से उसकी सर पर प्रेशर बनाते हुए दूसरे हाथ से उसकी गाल पर प्यार से सहलाते हुए bola,"Aap ऐसे कितनी अच्छी लग रही हैं मेमसाहेब, आपकी मुंह में हमार लौड़ा कितना अच्छा लग रहा है"

अनीता की चेहरे और नाक लाल होने लगी थी और सांस तेज़ थी. उसे अब बर्दाश्त नहीं हुआ तो वह अपना सर ऊपर करने लगी तो हरिया उसके सर से प्रेशर काम कर दिया. अनीता की मुंह और हरिया के लुंड के बीच थूक का लड़ी लगा हुआ था. हरिया अनीता को देखते हुए मुस्कुराकर उसकी गाल सहलाते हुए bola,"Waah मेमसाहेब सच में लौड़ा चूसने में आप कितनी माहिर हैं. कैसे हमार लौड़ा आप निगल जा रही है"

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से मुस्कुरा दी और उसके लुंड के टोपे पर थूक गिरा कर ज़बान फेरती हुयी उसे मुंह में लेकर सर ऊपर नीचे करती हुयी चूसने लगी. हरिया का मज़े से बुरा हाल होने लगा था. वह भी तेज़ सांस लेते हुए एक हाथ अनीता की सर पर रखे हुए दूसरे हाथ से उसकी गाल सहलाते हुए आहें भरने laga,"aaahhhh मेमसाहेब"

अनीता कुछ सेकण्ड्स ऐसे hi उसका लुंड का टोपा मुंह में लिए चुस्ती रही फिर अपनी ज़बान उसके लुंड पर ऊपर से नीचे तक फेरती हुयी अपनी थूक चाटने लगी. हरिया अनीता को अपना लुंड चूसते देखने लगा. सच में अनीता लुंड चूसने में माहिर थी और हरिया मज़े से सातवे आसमान में था.

अगले 20 मिनट तक ऐसे hi होते रहा. अनीता कभी उसका लुंड एक चौथाई निगल जाती और हरिया उसके बाद उसकी सर पर प्रेशर बनाकर अपना लुंड एक तिहाई उसकी मुंह में घुसा देता. अनीता फिर कुछ सेकण्ड्स वैसे hi उसका लुंड निगल कर रहती और फिर मुंह से निकाल कर उसके लुंड को कुछ मिनट चूसने और चाटने लगती.

कुल मिलकर अनीता हरिया के लुंड को 25 मिनट से चूस रही थी और उससे पहले लगभग उतना hi देर उसके लुंड का मालिश की मगर वह झरने के कगार पर नहीं था. अनीता की मुंह दुखने लगी थी की तभी हरिया का फ़ोन बजने लगा. हरिया फिर से झुंझला कर bola,"Ab कौन मादरचोद फ़ोन करात है".

अनीता फ़ोन का आवास सुनकर उसका लुंड मुंह में लिए hi रुक गयी थी तो हरिया फ़ोन उठाये हुए अनीता की सर पर प्रेशर हल्का सा बनाते हुए bola,"Memsaheb आप लौड़ा चूसते रहिये. हम देख सकत हूँ की भी आपका प्यास नहीं बुझा है"

अनीता यह सुनकर उसका लुंड मुंह से निकलकर उसके लुंड पर थूक गिराकर कामुक रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Aapka भी तो प्यास नहीं बुझा है अभी हरिया जी. अभी तक आपका हथियार बौखलाया हुआ hi है और जब तक आपका हथियार शांत नहीं होगा तो मेरी प्यास कैसे बुझेगी"

अनीता यह बोलकर वापस से उसका लुंड मुंह में लेकर चूसने लगी तो हरिया bola,"Haan मेमसाहेब ऐसे hi चूसते रहिये. पता नहीं कौन साला मादरचोद डिस्टर्ब कर रहा है"

अनीता हरिया के मुंह से गाली सुनकर भी कुछ नहीं बोली और उसकी रखैल की तरह उसका लुंड चुस्ती रही. हरिया फ़ोन देखकर bola,"Ee ससुरा रामु है. छोड़िये ससुरे को"

हरिया यह बोलकर फ़ोन रख कर अनीता की गाल सहलाते हुए bola,"Araam से चूसिये मेमसाहेब. आपको ऐसे मज़े से हमार लौड़ा चूसते हुए देखकर हुंका अच्छा लग रहा है? आपको मज़ा आ रहा है तो मेमसाहेब"

अनीता यह सुनकर उसका लुंड चुस्ती हुयी मुस्कुरा दी और उसके लुंड मुंह से निकाल कर उसपर थूक गिरती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Aap जैसे मर्द का हथियार चूस कर कैसे अच्छा नहीं लगेगा हरिया जी. इतना बड़ा और मोटा हथियार है आपका, ऊपर से इतना तगड़ा. लगभग आधे घंटे से चूस रही हूँ लेकिन शांत hi नहीं हो रहा है आपका हथियार"

हरिया यह सुनकर मुस्कुराकर bola,"Are मेमसाहेब इहे के ता कहत है असली लौड़ा जो घंटो तक टिका रहे. अब ज़रा सोचिये की इतना देर तक टिका रहता है हमार लौड़ा तो आपको हम कितना देर तक छोड़ सकत हूँ"

अनीता यह सुनकर आँखें बड़ी करके रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Uhhm हरिया जी" तो हरिया उसकी गांड पर थप्पड़ मारकर हसने laga,"Hahahaha" तो अनीता भी कामुक अंदाज़ में आउच करके हरिया को कामुक नज़र से देखती हुयी अपनी गांड थोड़ा हिला दी तो हरिया उसकी गांड पर फिर से थप्पड़ मारते हुए bola,"Uff बहनचोद का गांड है हाहाहाहा"

वहीँ अनीता अपनी गांड पर फिर से थप्पड़ पड़ने पर कामुक रणदीपाने वाली आवाज़ में "आउच" करके हरिया का बात सुनकर बेशर्मी से खिलखिलाने lagi,"Hehehe" की तभी हरिया का लुंड अनीता की बेशर्मी देखते हुए हवा में हिलते हुए अनीता जी होंठों से जा सत्ता तो अनीता कामुक तरीके से उसके लुंड को देखि और फिर हरिया के तरफ देखि तो हरिया मुस्कुरा रहा था और मुस्कुराते हुए अपने पेट पर दबाओ बनाकर लुंड को ऐसे झटका दिया की अनीता की होंठों से फिर से टकराकर उस पर घिसने लगा तो अनीता कामुक नज़र से उसके लुंड को देखकर मुस्कुरा दी.

हरिया अनीता को मुस्कुराते देख bola,"Lag रहा है मेमसाहेब हमरा लौड़ा कहीं घुसना छह रहा है?"

अनीता यह सुनकर कामुक रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Haan हरिया जी नाग जैसा हथियार है आपका तो कोई बिल खोज रहा होगा घुसने के लिए"

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"isliye तो बिल के दरवाज़े पर गुस्से से मार रहा है"

अनीता यह सुनकर कामुक अंदाज़ में boli,"Apne हथियार को बोलिये हरिया जी की बिल में घुसने का उसका हक़ है उसके लिए दरवाज़े को मारने की ज़रूरत नहीं है, बस नॉक करने की ज़रूरत है. दरवाज़ा अपने आप hi खुल जायेगा"

अनीता यह बोलकर अपनी होंठ खोलकर उसपर थूक गिराकर चूसने लगी तो हरिया उसकी सर पर दबाओ बनाते हुए bola,"Aaahhh मेमसाहेब निगल जाइये हमार नाग जैसे लौड़े को"

अनीता अगले पल अपनी सर नीचे करने लगी और हरिया का मदद ऐ फिर से एक तिहाई लुंड उसकी मुंह में घुस गया. कुछ सेकण्ड्स बाद अनीता उसके लुंड को मुंह से निकाल कर तेज़ सांस लेती हुयी उसे चूसने और चाटने लगी की तभी दरवाज़ा खटखटाने का आवाज़ आया.

अनीता यह सुनकर घबराकर दरवाज़े के तरफ देखि मगर बीच में पर्दा था तो उसे दिखाई नहीं दिया.

हरिया जवाब में puchha,"Kaun?".

बाहर से जवाब aaya,"Are ससुरा हम रामु हूँ. जल्दी खोल दारू लेकर आया हूँ"

अनीता यह सुन्नते हुए जल्दी से बिस्तर पर बैठ गयी और अपनी ब्लाउज और ब्रा के तरफ हाथ बधाई.

हरिया भी अपना लुंगी बांधने लगा. अनीता अपनी ब्रा पेहेन्ने लगी तो हरिया अपना लुंगी बांधते हुए bola,"Memsaheb ी हमरे पास hi रहने दीजिये"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी वह ब्रा उसके सीने पर रख दी और अपनी ब्लाउज पहनकर अपनी पीठ उसके तरफ करके boli,"Hariya जी जल्दी से डोरी बाँध दीजिये"

हरिया उसकी नंगी गोरी पीठ देखा और डोरी बांधते हुए उसकी पीठ पर होंठ रखकर चूमने लगा. अनीता अपनी पीठ पर हरिया का होंठ महसूस की तो उसकी बदन में करंट जैसा महसूस हुआ. वह कुछ नहीं बोली क्यूंकि हरिया संग संग तेज़ी से उसकी डोरी बाँध hi रहा था. इस बीच अनीता अपनी साड़ी का पल्लू को ब्लाउज में पिन करने लगी.

रामु फिर से नॉक करके bola,"Abe ससुरा तुम ठीक तो है. जब जानत है की तोहार पेअर में चोट है तो दरवाज़ा कहे बांध किये तुम?"

यह सुनते hi अनीता की दिल धड़क गयी. हरिया आख़िरकार अनीता की डोरी बांध दिया तो वह जल्दी से अपनी बैग से आइना निकलकर अपना बाल और हुलिया ठीक करके हरिया से boli,"Main दरवाज़ा खोलती हूँ"

हरिया तब तक उसकी ब्रा को अपने तकिया के नीचे रख लिया था. अनीता उठकर गांड मटकती हुयी दरवाज़े के तरफ गयी और दरवाज़ा खोली तो रामु उसे देखा.

अनीता उसे देखकर मुस्कुराई तो वह भी हल्का मुस्कुरा दिया. अनीता उसे देखकर boli,"Aaiye रामु जी"

रामु अंदर घुसा और दरवाज़ा पकड़ कर बांध करने लगा तो अनीता मुस्कुरा कर घूमकर अपनी गांड मटकती हुयी चलने लगी. न चाहते हुए भी रामु जा नज़र उसकी मटकती गांड और अधनंगी गोरी पीठ पर चला गया. अनीता गांड मटकती हुयी बिस्तर के बगल में रखे कुर्सी के पास जाकर बैठ गयी.

रामु हरिया के पास पहुंचा तो हरिया झुंझलाये हुए bola,"Kaa रे ससुरा आने से पहले बोल देता. ी इतना दरवाज़ा पीटने का का ज़रूरत था"

रामु जवाब में bola,"Sasura फ़ोन किये तो तुम उठाया नहीं. हुंका लगा मेमसाहेब चली गयी और तुम सो गवा शायद. इसलिए हम घबरा गवा की तुम अकेला हो और दरवाज़ा बांध कर दिए हो"

हरिया यह सुनकर bola,"Achha ठीक है"

रामु जवाब में puchha,"Achha जब तुम जागे हो तो फ़ोन कहे नहीं उठाये"

हरिया यह सुनकर सोचने लगा तो अनीता boli,"Woh मेरे हस्बैंड का फ़ोन आया था मैं उनसे बात कर रही थी इसलिए हरिया जी फ़ोन नहीं उठाये की कहीं उनके आवाज़ से मुझे डिस्टर्ब न हो"

रामु यह सुनकर bola,"Ohh. हुंका लगा मेमसाहेब की आप चली गयी होंगी"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर boli,"Haan रामु जी मैं अब जा hi रही हूँ. आपका hi इंतज़ार था की आप आएंगे तो मैं चली जाउंगी. हरिया जी को ऐसे हालत में मैं अकेला नहीं छोड़ना चाहती थी"

रामु यह सुनकर शर्मिंदा होते हुए bola,"Are मेमसाहेब हमार ु मतबल नहीं था. आप हम ग़रीब लोगन का झोपडी में इतना देर रही ी तो आपका बढ़प्पन है"

हरिया अगले पल bola,"Sirf बढ़प्पन नहीं, मेमसाहेब का दिल भी बहोत बड़ा है"

हरिया यह बोलकर मुस्कुराते हुए अनीता की बायीं चूंकि देखा तो अनीता की दिल धड़क गयी. वह एक नज़र रामु को देखि तो वह उसकी चेहरे पर देखकर हल्का मुस्कुरा रहा था तो अनीता को यक़ीन हो गया की वह हरिया का नज़र नहीं देख रहा था.

अनीता अगले पल मुस्कुराकर boli,"Offo रामु जी यह अमीर ग़रीब की बातें मत किया कीजिये प्लीज"

फिर वह एक नज़र हरिया को देखकर boli,"Main हरिया जी को कितनी बार बोल चुकी हूँ की यह अमीरी ग़रीबी की बातें न करे."

फिर वह रामु को देखकर boli,"Hum सब इंसान है बस एहि मायने रखता है. तो प्लीज आप भी यह अमीरी ग़रीबी की बातें मत कीजिये"

रामु यह सुनकर मुस्कुराकर bola,"Sach में मेमसाहेब हमार बिटिया ठीक कहती है की आप दिल की बहोत अच्छी है"

अनीता यह सुनकर हल्का मुस्कुरा दी की तभी वह हरिया का आवाज़ सुनकर उसके तरफ देखि जो bola,"Are ससुरा मेमसाहेब सिर्फ दिल की अच्छी hi नहीं है मेमसाहेब का दिल भी बड़ा है. तोहका दिख नहीं रहा की मेमसाहेब का दिल कितना बड़ा है"

अनीता की दिल हरिया का बात सुनकर धड़क रही थी मगर न जाने क्यों उसे एक अजीब सा मज़ा भी मिल रहा था हरिया का बात सुनकर इसलिए जब वह अपना बात बोलकर अनीता की बायीं चूंकि देखा तो अनीता अपनी एक ऐडा से boli,"Ab यह तो सबका अपना अपना नजरिया है हरिया जी. आपको मेरा दिल बड़ा लग रहा है तोह रामु जी को अच्छा लग रहा है"

हरिया यह सुनकर अनीता को देखकर मुस्कुराया तो अनीता भी बेशर्मी से मुस्कुराकर उसे देखि की तभी वह दोनों रामु का आवाज़ sune,"Are नहीं मेमसाहेब आपका दिल अच्छा के साथ साथ बड़ा भी है"

हरिया और अनीता दोनों रामु का बात सुनकर उसके तरफ देखे तो हरिया bola,"Sasura हमको लगा की साथ साथ बड़ा नहीं साथ बड़ा बड़ा भी है ी बोल रहे हो"

रामु यह सुनकर bola,"Ka सुन्न रहा है तुम ससुरा?"

अनीता भी यह सुनकर अपनी आँखें बड़ी करके उसे हैरानी से देखि तो हरिया मुस्कुराकर bola,"Are सच में मेमसाहेब हमको लगा की ससुरा बोलै रहा है की आपका दिल अच्छा के साथ बड़ा बड़ा भी है. तोह हम सोच में पद गवा की मेमसाहेब का दो दिल है का और दोनों बड़ा बड़ा"

हरिया यह सुनकर अनीता की चूँचियों को देखते हुए हसने laga,"Hahahaha". अनीता अपनी आँखें बड़ी करके हरिया को अपनी चूँचियों को देखते हुए हस्ता देखि और फिर अगले पल वह रामु का हसी भी suni,"hahaha" तो वह रामु के तरफ एक नज़र देखने के बाद हरिया को देखकर बेशर्मी से हल्का मुस्कुराकर अपनी सर हिलती हुयी boli,"Hariya जी दिल एक hi होता है, दो नहीं"

हरिया मुस्कुराकर उसे देखकर bola,"Haan मेमसाहेब वह तो एक hi होता है" और वह अपना नज़र नीचे करके अनीता की बायीं चूंकि देखने लगा और एक सेकंड देखने के बाद अनीता की चेहरे पर देखा तो अनीता बेशर्मी से मुस्कुरा दी.

अनीता no मुस्कुराते देख हरिया bola,"Aese मेमसाहेब अब तो रामु भी बोल रहा है की आपका दिल बहोत बड़ा है"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Ab बस कीजिये हरिया जी. बहोत कर लिया आपने और रामु जी ने मेरे दिल की तारीफ"

हरिया यह सुनकर हसने laga,"Hahaha" तो रामु भी मुस्कुरा दिया. अनीता भी बेशर्मी से मुस्कुराकर boli,"Aese अब मुझे चलना चाहिए. लेट हो रहा है"

हरिया यह सुनकर bola,"Theek है मेमसाहेब. रामु आपको छोर देगा"

अनीता यह सुनकर हरिया को देखती हुयी boli,"Are इसमें रामु जी को परेशां करने की क्या ज़रूरत है. अभी तो वह थके हुए आये हैं. और ऐसे भी"

फिर वह रामु के हाथ में शराब के तरफ आँखों से इशारा करती हुयी boli,"Aap दोनों दोस्त पीने का प्लान बनाये हैं तो आराम से पीजिये. मैं चली जाउंगी"

हरिया यह सुनकर bola,"Are मेमसाहेब इहाँ से कउनो ऑटो नहीं मिलेगा आपको. 10 मिनट पैदल चलकर जाने पर hi ऑटो मिलेगा. अब हम दोनों के होते हुए आपको ी परेशानी हो ी कैसे हो सकत है"

अनीता कुछ बोलती इससे पहले रामु bola,"Haan मेमसाहेब हरिया ठीक बोलत है. हम आपको रिक्क्षा से छोर डेट हैं. ऑटो तो हम दे आये"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर boli,"Sach में आप दोनों के होते हुए तो मुझे कोई परेशानी हो hi नहीं सकती. मगर मेरी वजह से आप दोनों के पीने का प्लान में देरी हो जाएगी"

रामु यह सुनकर bola,"Are मेमसाहेब आकर पी लेंगे हम दोनों. और ऐसे भी ससुरा को डाक्टर तो दूध पीने के लिए बोलै है"

हरिया अगले पल bola,"U तो हम पी लिए"

अनीता यह सुनकर हरिया के तरफ देखि तो वह अनीता की आँखों में देखा. रामु अगले पल अनीता से puchha,"Memsaheb ी सच में दूध पिया है तो?"

अनीता यह सुनकर रामु को देखकर boli,"Haan रामु जी हरिया जी ने दूध पिया है"

रामु यह सुनकर हरिया को देखा तो वह bola,"Memsaheb खुद हुंका दूध पिलाई है" यह बोलते हुए हरिया अनीता को देखा तो वह उसके आँखों में देखती हुयी boli,"Ab हरिया जी आप दूध के लिए इतने भूखे और प्यासे थे तो पिलाना hi था. उम्मीद है की आपका भूख और प्यास थोड़ा सा मिट गया होगा दूध पीने के बाद"

हरिया यह सुनकर bola,"Haan मेमसाहेब अभी के लिए तो थोड़ा मिट गवा है मगर फिर से प्यास लग जायेगा दूध के लिए"

अनीता अगले पल boli,"Toh फिर से पि लीजियेगा हरिया जी"

हरिया यह सुनकर मुस्कुराकर अनीता को देखा तो रामु bola,"Abe ससुरा तोहार दूध पीने का इतना मैं कब से हो गवा?"

हरिया यह सुनकर रामु को देखते हुए bola,"Jab से हम बड़ा बड़ा दो दूध देखा हूँ"

रामु यह सुनकर कन्फूसिओं से अनीता को देखा तो अनीता उसका नज़र महसूस करके उसके तरफ देखती हुयी boli,"Hariya जी का मतलब है की मैं दो दूध का पैकेट उनके पीने के लिए लायी थी. मेरे पास दोनों दूध देखकर उनको भूख और प्यास लग गयी"

अनीता फिर एक ऐडा से हरिया को देखती हुयी boli,"Aur हरिया जी दोनों दूध को पूरा भूखे और प्यासे नज़र से देख रहे थे"

हरिया यह सुनकर रामु को देखकर bola,"Aur जैसे हम बोलत हैं की मेमसाहेब दिल की कितनी अच्छी है और उनका दिल कितना बड़ा है. वह समझ गयी की हम दूध के लिए कितने भूखे और प्यासे हैं तो वह खुद अपनी हाथों से दूध को खोलकर हुंका दूध पिलाई"

अनीता की दिल यह सुनकर धड़क गयी मगर उसे मज़ा आ रहा था हरिया के बातों से. एक तो वह बेशर्म औरत थी hi ऊपर से हरिया के साथ अभी बिस्तर पर रंगरेलियां मानाने के बाद वह गरम थी तो उसे हरिया का ऐसा डबल मीनिंग बात अच्छा लग रहा था. कहीं न कहीं गरम होने के कारण उसके अंदर की रंडी थोड़ी बाहर आ रही थी और वह बेशर्मी से हरिया के बातों के मज़ा लेती हुयी उसका साथ भी दे रही थी.

अनीता यह सुनकर अगले पल boli,"Ab आप इतने भूखे प्यासे नज़र से दूध को देख रहे थे तो मैं क्या करती? आपको क्या प्यासा छोर देती. जब मेरे पास दो दूध हैं और आप उन्हें प्यासे नज़र से देख रहे थे तो कैसे नहीं पिलाते आपको"

हरिया यह सुनकर रामु को देखकर bola,"Sunn रहा है न मेमसाहेब कितनी अच्छा है. हुंका प्यासा देख खुद अपने हाथों से दूध पिलाई हुंका"

रामु यह सुनकर अनीता को देखते हुए bola,"Haan हरिया मेमसाहेब तो अच्छी है hi"

हरिया यह सुनकर bola,"Ka सिर्फ अच्छी है मेमसाहेब? उनका दिल भी तो बड़ा है"

अनीता यह सुनकर हरिया को देखि तो वह मुस्कुराकर उसकी बायीं चूंकि देखा तो अनीता रामु का बात suni,"Haan मेमसाहेब का दिल तो बड़ा है hi"

अनीता यह सुनकर रामु को देखकर मुस्कुरा दी तो वह भी मुस्कुराकर एक नज़र उसकी चूंकि पर ले गया तो अनीता की दिल धड़क गयी

वह धड़कते दिल से रामु को अपनी चूंकि देखते देखि मगर ऐसा कुछ 2-3 सेकण्ड्स के लिए hi हुआ और हरिया आगे bola,"Aur सबसे मज़ा का बात रामु ी हुआ की हुंका दूध पीते हुए देख मेमसाहेब को भी भूख और प्यास लग गया. अब मेमसाहेब इतने प्यार से हुंका दूध पीला रही थी तो हम मेमसाहेब को प्यासा कैसे रहने देते. तो हम भी मेमसाहेब को बड़ा आइस क्रीम चूसा दिए"

अनीता इस बात का उम्मीद नहीं कर रही थी तो वह अपनी आँखें बड़ी करके हरिया को देखती हुयी boli,"Hariya जी?"

यह सुनकर हरिया हसने laga,"Hahaha".

तो अनीता एक नज़र रामु को देखि तोह वह भी मुस्कुरा दिया.

अनीता मुस्कुराकर रामु को देखि और फिर हरिया को देखकर वैसे hi बेशर्मी से मुस्कुराकर boli,"Ab बस कीजिये अपनी बातें. मुझे घर जाना है"

हरिया यह सुनकर हसी रोककर bola,"Achha ठीक है मेमसाहेब. एक बार बता तो दीजिये की आइस क्रीम चूसकर आपको कैसा लगा?"

अनीता यह सुनकर एक ऐडा से हरिया को देखकर boli,"Achha लगा हरिया जी"

हरिया यह सुनकर हसने laga,"Hahaha" तो अनीता बेशर्मी से मुस्कुराकर अपनी सर हिलती हुयी उसे देखि तो अनीता boli,"Achha हरिया जी मैं चलती हूँ अब"

रामु यह सुनकर टेबल पर शराब और बाकी सामान का थैला रखते हुए bola,"Hum रिक्क्षा निकलत हूँ"

हरिया यह सुनकर bola,"Sunn पीछे वाले दरवाज़े के पास रिक्क्षा ला. मेमसाहेब को पीछे से ले जा. नहीं तो ससुरा कउनो मेमसाहेब को हमरा जइसन ग़रीब का घर से निकट हुए देखेगा तो हमलोगां से जल भून जायेगा की हमलोगां का मालकिन कितनी अच्छी है की हुंका देखने इहाँ झोपड़पट्टी में आयी है"

रामु यह सुनकर bola,"Haan हम रिक्क्षा पीछे लाता हूँ"

फिर वह अनीता को देखकर bola,"Memsaheb हम रिक्क्षा लाकर आपको आवाज़ दूंगा"

रामु वहां से बाहर चला गया तो अनीता हरिया को देखकर मुस्कुराकर boli,"Hariya जी मैं चलती हूँ. आप अपना ख्याल रखियेगा"

हरिया यह सुनकर अनीता को देखकर bola,"Haan मेमसाहेब. हुंका अफ़सोस है की हम आपका लौड़ा का भूख नहीं मिटा सके. कितनी भूखी होकर आप हमरा लौड़ा चूस रही थी और हम आपका प्यास नहीं बुझा सके"

अनीता यह सुनकर हरिया के होंठो पर ऊँगली रखकर boli,"Sssshhhh हरिया जी कैसी बात कर रहे हैं. अफ़सोस तो मुझे हो रहा है की मैं आपके हथियार को शांत नहीं कर पायी"

फिर वह उसके लुंड के तरफ आँखों से इशारा करती हुयी boli,"Abhi भी कैसे बौखलाया हुआ है"

हरिया यह सुनकर अनीता को देखते हुए bola,"U तो ससुरा बौखलाया hi रहेगा जब तक आपको हम रगड़ कर छोड़ नहीं देते"

चुदाई की बात सुनकर अनीता की धड़कन और सांस तेज़ हो गयी और छूट में हलचल होने लगी.

हरिया आगे bola,"Humaar लौड़ा का बौखलाहट तभी शांत होगा जब हम आपको छोड़ेंगे मेमसाहेब. आज हम ठीक रहते तो आपको रगड़ कर छोड़ते, आपको हमरा लौड़ा चूसने के लिए म्हणत नहीं करना पड़ता मेमसाहेब. हम खुद आपका मुंह छोड़ते"

अनीता की दिल धड़क रही थी यह सुनकर. वह हरिया का बात सुनकर उसके आँखों में देखकर उसके सीने पर उंगलियां फेरती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"To जल्द से जल्द ठीक हो जाइये हरिया जी और मेरी ठुकाई कीजिये"

हरिया यह सुनकर अनीता को हवस भरे नज़र से देखते हुए bola,"Haan मेमसाहेब अब तो जल्दी ठीक होना पड़ेगा हुंका ताकि आपको रगड़ कर छोड़ सके"

हरिया यह बोलकर अनीता की चूंकि को देखने लगा. बिना ब्रा के अनीता की निप्पल की छाप ब्लाउज के पतले कपडे पर साफ़ साफ़ दिख रही थी. हरिया फिर से अनीता की चूंकि को भूखे नज़र से देखने लगा जिसे अनीता महसूस करके उसके होंठ पर अपनी गोरी पतली ऊँगली फेरती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Uhhhm हरिया जी क्या देख रहे हैं?"

हरिया यह सुनकर उसकी दोनों चूँचियों को पकड़ कर दबाते हुए bola,"Aapka दूध मेमसाहेब, आपका बड़ा बड़ा दूध"

अनीता कामुक अंदाज़ में boli,"Ab जाने का वक़्त हो गया है हरिया जी. रामु भी बाहर hi है"

हरिया यह सुनकर अनीता की दोनों चूँचियों को दबाते हुए bola,"Are उसको पीछे वाले दरवाज़े के तरफ रिक्क्षा लाने में अभी 2-3 मिनट हुए लगेगा. घुमाकर लाना होता है. और वह आकर बाहर से आवाज़ देगा"

अनीता की दिल यह सुनकर धड़क गई और वह धड़कते दिल कुर्सी पर बैठी हुयी सामने के तरफ थोड़ा झुककर कामुक अंदाज़ में हरिया बालों में उंगलियां फेरती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"To आप क्या कहना चाहते हैं हरिया जी. उह्ह्ह बताइये न"

हरिया यह सुनकर उसकी दायी ब्लाउज के कप के नीचे वाले हिस्से में उँगलियाँ घुसते हुए bola,"Bolna नहीं करना चाहते हैं मेमसाहेब"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी उसे देखि और अगले पल हरिया उसकी ब्लाउज के कप को पकड़ कर चूंकि के ऊपर उठाकर उसकी दायी चूंकि नंगी कर दिया. अनीता की बड़ी चूंकि ब्लाउज के बाहर आकर नंगी होकर हिलने लगी तो हरिया अपने दोनों हाथो से अनीता की नंगी कमर पकड़ कर सर उठाते हुए bola,"Aapka दूध पीना चाहते हैं मेमसाहेब"

अनीता हरिया के सर के नीचे हाथ रखकर उसे उठने में मदद करती हुयी कामुक अंदाज़ में हरिया को देखती हुयी boli,"Uhhmm पि लीजिये हरिया जी"

हरिया अनीता की चूंकि मुंह में लेकर चूसने लगा तो अनीता की चेहरे पर भी संतुष्टि की भावना आ गयी. वह आस पास देखकर अपनी बायीं हाथ हरिया के लुंड के तरफ लेजाकर लुंगी के ऊपर से पकड़ ली तो हरिया बाये हाथ से अनीता की दायी कमर पकडे सहारा लेते हुए दये हाथ को अपने लुंगी के गाँठ के तरफ ले जाकर खोलने लगा मगर एक हाथ से मुश्किल हो रहा था. अनीता यह देखते hi अपनी बायीं हाथ उसके लुंड से हटा कर लुंगी का गाँठ पकड़ कर खोलकर उसके लुंगी को नीचे करने लगी.

लुंगी नीचे होने के बाद हरिया का लुंड स्प्रिंग के तरह नंगा होकर हिलने लगा. यह देखते hi अनीता की ज़बान अपने आप उसकी होंठों पर फिर गयी और वह उसका लुंड पकड़ कर ऊपर नीचे करके हिलने लगी.

हरिया भूखे भेड़िया के तरह अनीता की चूंकि पर टूट पड़ा था. अनीता उसके दांत और ज़बान को अपनी निप्पल पर महसूस कर पा रही थी और फिर से गरम होने लगी थी.

अगले एक मिनट तक अनीता हरिया के के लुंड को देखती हुयी उसे हिला रही थी हुए हरिया उसकी चूंकि चूस रहा था.

एक मिनट बाद हरिया अनीता की बायीं चूंकि के ऊपर का ब्लाउज का कप ऊपर करके वह चूंकि भी नंगी करके उसे मुंह में लेकर चूसने लगा. कुछ सेकण्ड्स चूसने के बाद हरिया खुद अपना मुंह हटाकर तकिये पर वापस सर रखकर अनीता को देखा तो अनीता उसका लुंड छोड़ कर उसकी आँखों में देखती हुयी अपनी दोनों हाथों के मदद से ब्लाउज की दोनों कप नीचे करके अपनी चूँचियों को ढँक ली. अनीता को हरिया पर पूरा भरोसा था की वह वक़्त रहते उसी चूंकि छोर देगा इसलिए वह जब उसकी दूसरी चूंकि भी नंगी करने लगा था तो वह रोकी नहीं. उसे हरिया पर पूरा भरोसा था.

अनीता अपनी दोनों चूँचियों को ढंकने के बाद एक नज़र हरिया के लुंड को देखि तो हरिया bola,"Memsaheb हमरे लौड़ा के ऊपर अमृत लगा हुआ है. उसे चूस लीजिये"

अनीता देखि की उसके लुंड पर प्रेकम लगा हुआ था. अनीता एक नज़र दरवाज़े के तरफ देखि की तभी हरिया का हाथ वह अपनी सर के पीछे महसूस की. अनीता कुर्सी से उठकर बीएड पर उसके लुंड के पास गयी और कामुक अंदाज़ में ज़बान निकलकर उसके लुंड के ऊपर लगे प्रे छुम को चाट गयी. फिर वह एक नज़र दरवाज़े के तरफ देखि और उसके लुंड के टोपे को मुंह में लेकर अपना सर नीचे करने लगी तो हरिया उसके सर पर प्रेशर बनाया और एक तिहाई उसका लुंड अनीता की मुंह में घुस गयी. अनीता कुछ सेकण्ड्स वैसे hi रुकी फिर अपना सर ऊपर करके हरिया को देखि तो वह मुस्कुरा दिया. अनीता भी मुस्कुरा दी और ज़बान निकालकर उसके लुंड पर लगे थूक को चाट कर उठ गयी. वह बैग से टिश्यू पेपर निकलकर अपनी होंठों को साफ़ करके हरिया से boli,"Achha हरिया जी चलती हूँ. अपना ख्याल रखियेगा"

और फिर उसके लुंड के तरफ आँखों से इशारा करती हुयी boli,"Aur अपने हथियार का भी"

हरिया यह सुनकर अपना लुंड पकड़ कर हिलाते हुए bola,"Haan मेमसाहेब अभी तो आपको रगड़ कर छोड़ना है तो ख्याल तो रखेंगे hi. अपना लौड़ा का ख्याल रखेंगे तभी तो आपकी ी गरम जवानी का ख्याल रखेंगे"

हरिया यह बोलकर उसकी गांड पर थप्पड़ मार दिया तो अनीता कामुक अंदाज़ में आउच करके उसको देखि तो हरिया मुस्कुरा दिया. अनीता मुस्कुराती हुयी उसके चेहरे के तरफ गयी और उसके तरफ गांड करके कुर्सी पकड़ कर झुक कर अपनी गांड हिलती हुयी कामुक अंदाज़ में पीछे हरिया को देखती हुयी अपनी गांड के तरफ आँखों से इशारा की तो हरिया उसकी बायीं गांड पर जोर से थप्पड़ मार दिया तो अनीता कामुक अंदाज़ में अपनी निचली होंठ को दांतों के बीच दबाये हुए सिसकारी li,"Ouch ुह्ह्हम्म".

हरिया यह देखकर मुस्कुराया तो अनीता वैसे hi कामुक अंदाज़ में अपनी निचली होंठ को दांतों के बीच दबाये अपनी आँखों से दायी गांड के तरफ इशारा की तो हरिया उसकी दायी गांड पर जोर से थप्पड़ मार दिया. अनीता फिर से कामुक अंदाज़ में निचली होंठ dabaye,"ouch ुह्ह्हम्म" की और सीढ़ी कड़ी होकर हरिया को देखकर प्यार से उसके सर में उँगलियाँ फेरकर boli,"Apna ख्याल रखियेगा हरिया जी"

हरिया अनीता की गांड सहलाते हुए bola,"Aap भी अपना ख्याल रखियेगा मेमसाहेब"

अनीता मुस्कुरा कर वहां से जाने लगी और दरवाज़े के पास पहुँच कर घूमकर हरिया को देखि तो वह अपना लुंड हिलाते हुए अनीता की गांड देख रहा था. अनीता को घूमकर देखते hi हरिया मुस्कुरा दिया तो अनीता मुस्कुराती हुयी उसके लुंड को देखि और दरवाज़ा पकड़ कर झुककर अपनी गांड को हिलती हुयी पीछे हरिया को देखकर आँखों से उसके लुंड के तरफ इशारा करके अपनी गांड के तरफ इशारा की.

हरिया यह देखकर मुस्कुरा कर अपना हाथ का मुठी बनाकर उसके तरफ दिखते हुए छोड़ने का इशारा किया तो अनीता उसे देखती हुयी अपनी गांड हिलती रही.

अनीता का रान्दीपना देखकर हरिया का लुंड तनतना कर हिलने लगा तो अनीता मुस्कुरा कर ऊके लुंड के तरफ आँखों से इशारा करके अपनी सर हिलाकर सीढ़ी कड़ी होकर मुस्कुराती हुयी बाहर निकल गयी. हरिया मुस्कुराते हुए अनीता की गांड देखा और फिर सांडे का तेल लेकर लुंड पर गिराकर हिलने लगा.

अनीता मुस्कुराती हुयी जैसे hi बाहर आयी रामु रिक्क्षा लेकर वहां पहुँच गया. रामु अनीता को देखकर मुस्कुराया तो वह भी मुस्कुराना जारी राखी.

रामु रिक्शा से उतारकर bola,"Aaiye मेमसाहेब बैठिये"

अनीता रिक्शा पर बहोत काम hi बैठी थी तो उसे समझ नहीं आ रहा था की कैसे चढ़े. रामु यह समझ गया तो वह अनीता को समझा दिया. अनीता समझ कर चढ़ने लगी मगर उसकी साड़ी का नीचे का हिस्सा उसकी हील के नीचे आ गयी और वह गिरने वाली थी की तभी रामु उसकी कमर पकड़ कर संभाला.

अनीता की दिल धड़क गयी जब वह गिरने वाली थी मगर रामु के सँभालने पर उसे राहत महसूस हुयी. रामु पहले तो अनीता को सँभालने में लगा था मगर फिर जब उसे एहसास हुआ की वह अनीता को गोरी चिकनी और पतली कमर पकडे हुआ है तो उसके बदन में बिजली सा गिरा और लुंड में हलचल होने लगा.

वहीँ अनीता रामु को देखकर boli,"Thank यू रामी जी. अगर आप नहीं होते तो मैं गिर hi जाती. मुझे रिक्शा पर बैठने की आदत नहीं है"

अनीता यह बोलकर सीट पर बैठने लगी तो रामु bola,"memsaheb हम तो डर hi गवा था. आपको चोट तो नहीं लगा?"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर boli,"Nahin रामु जी. आपने ठीक वक़्त पर मुझे संभल लिया"

रामु यह सुनकर मुस्कुराया और न चाहते हुए भी उसका नज़र एक बार अनीता की चूँचियों पर चला गया और जैसे hi वह देखा उसका दिल धड़क गया और लुंड में हलचल बढ़ गया. घर के अंदर थोड़ा रौशनी काम थी तो उसे समझ नहीं आया था मगर अब वह समझ गया की अनीता बता नहीं पहनी है क्यूंकि उसकी दोनों निप्पल्स की छाप उसकी ब्लाउज के पतले कपडे पर साफ़ साफ़ पता चल रही थी.

अनीता समझ गयी की रामु उसकी चूँचियाँ देख रहा है. अनीता को ज़रा भी शर्म नहीं आयी और वह रामु से boli,"Ramu जी चलिए"

रामु यह सुनकर अपना नज़र उसकी चूँचियों से हटाकर bola,"Theek है मेमसाहेब"

रामु यह बोलकर रिक्क्षा पर बैठा और रिक्क्षा चलने लगा. थोड़ा आगे बढ़ने पर hi एक नाले के किनारे से जाते हुए एक सुननसँ रास्ता दिखा जो की थोड़ा ख़राब था मगर खाली था और नाले के किनारे पेड़ लगे होने के कारण छाओं भी था. दूसरा रास्ता अच्छा था मगर उस पर धुप था और चलता रास्ता होने के कारण कुछ गाड़ियां आना जाना कर रही थी.

अनीता रामु से puchhi,"Ramu जी यह रास्ता कहाँ जाता है?"

रामु यह सुनकर bola,"Yeh भी आपके घर के तरफ जायेगा मगर थोड़ा ख़राब रास्ता है"

अनीता यह सुनकर boli,"Rickshaw जाने लायक है तो?"

रामु bola,"Ji मेमसाहेब"

अनीता यह सुनकर boli,"Idhar से hi ले लीजिये. धुप नहीं है इधर और पेड़ होने के कारण हवा भी है"

रामु यह सुनकर bola,"Theek है मेमसाहेब" और वह उस रास्ते के तरफ बढ़ गया. थोड़ी दूर उस रास्ते पर जाने के बाद थोड़ा ख़राब रोड आ गया और रिक्शा थोड़ा जर्क करने लगा. रिक्शा जर्क होने के कारण ब्रा के बिना ब्लाउज में अनीता की दोनों बड़ी चूँचियाँ हिलने लगी.
 
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