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अगले दिन शाम में अनीता एक जगह सड़क के किनारे कड़ी थी और ऑटो का इंतज़ार कर रही थी मगर उसे एक भी ऑटो नज़र नहीं आ रही thi.Wo परेशां दिख रही थी और कुछ समझ नहीं आ रहा था की वह क्या करे की तभी उसे हरिया एक मोटर साइकिल पर आता दिखाई दिया.
अनीता हरिया को देख कर थोड़ी राहत महसूस की और मुस्कुराने लगी और कुछ सेकण्ड्स में हरिया उसके पास आकर रुक gaya.Motor साइकिल रामु चला रहा था और हरिया पीछे बैठा था.
अनीता के पास आने से पहले रामु अनीता को मुस्कुराता देखकर सोचने लगा की इतनी खूबसूरत औरत उसे देखकर क्यों मुस्कुरा रही है की तभी उसे ध्यान आया की वह अनीता को कहीं देखा है और थोड़ा सोचने पर याद आया उसे की वह हरिया के साथ उसके घर मैट्रेस्स लेकर गया था की तभी उसे पीछे से हरिया का आवाज़ सुनाई diya,"Abe रामु गाडी रोक तो".
यह बात बोलते तक रामु लगभग वहां पहुँच चूका था जहाँ अनीता कड़ी थी.
मोटर साइकिल रुकने पर अनीता को ख़ुशी हुयी और वह मुस्कुराने लगी की तभी हरिया अनीता को देखकर poochha,"are मेमसाहब आप इहाँ?".
अनीता हरिया और रामु को देखकर थोड़ी ख़ुशी और थोड़ी परेशानी के भाव चेहरे पर लाकर boli,"are हरिया जी और रामु जी आप दोनों. वो मैं एक काम से आयी थी मगर ऑटो का अत पता hi नहीं है".
हरिया भी थोड़ी परेशानी से देखते हुए अनीता को bola,"are मेमसाहब क्या कीजिये इस शहर में ऐसा hi होता है. कभी हद्द से ज़्यादा जैम के कारण जल्दी गाडी नहीं मिलती तो कभी लोग मार पीट करके झमेला कर लेते हैं और गाडी को बांध करके रख देते हैं. आज एक ऑटो वाले और एक बस कंडक्टर में झमेला हुआ है कुछ देर पहले उसी कारन सब गाडी बांध कर दिए हैं. पब्लिक का का होगा ी सोचते नहीं है ससुरा लोग".
अनीता यह सुनकर और परेशां होकर boli,"Oh माय गॉड. फिर मैं घर कैसे जाउंगी. घर नज़दीक भी नहीं की मैं पैदल जा सकूँ ऊपर से मेरी पेअर में अभी मोच भी आ गयी है थोड़ी देर पहले. हे भगवन मैं क्या करूँ अब यहाँ तो टैक्सी भी नहीं मिलती है".
हरिया मुस्कुराते हुए bola,"are मेमसाहब हमरा होते हुए अब आपको चिंता करने की ज़रुरत नहीं हैं. हम लोग हूँ तो" और यह बोलते हुए वो मोटर साइकिल से उतर गया और फिर पास में गुटखा थूक कर फिर से अपना हाथ से मुंह पोछते हुए bola,"memsaahab अब आपको चिंता करने की ज़रुरत नहीं है. आप हमारे साथ मोटर साइकिल पर चलिए आपको घर तक पहुंचा देंगे".
अनीता यह सुनकर मुस्कुरा कर boli,"Achha हुआ आप सही टाइम पर आ गए नहीं तो मुश्किल हो जाती. आप हर जगह मेरी मदद करने कहीं न कहीं से पहुँच hi जाते हैं".
यह सुनकर हरिया मुस्कुराते हुए bola,"are मेमसाहब हम आपको पहले दिन कहे थे न की हम बारे काम के आदमी हैं".
अनीता यह सुनकर मुस्कुराई और फिर रामु के तरफ देखि तो उसे अपनी नाभि के तरफ देखते हुए पायी जिससे वह समझ गयी की वह उसकी नाभि से लटकी हुयी बेल्ली बटन रिंग देख रहा है.
अनीता फिर हरिया को देखकर boli,"Hariya जी ऐसे हम तीन आदमी मोटर साइकिल पर बैठेंगे तो सिक्योरिटी अफसर फाइन कर देगा न. मेरी वजह से आप दोनों को परेशानी हो जाएगी. अगर फाइन होगा तो मैं दे दूंगी".
हरिया यह सुनकर bola,"Are मेमसाहेब इहाँ का फैन होगा. ी कउनो आपका दिल्ली जैसा बड़ा शहर थोड़े है. इहाँ सब चलता है. बस आपको कउनो परेशानी नहीं होना चाहिए".
अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Hariya जी मुझे क्या परेशानी होगी. मुझे तो एक तरह से ख़ुशी है की आप".
और फिर वह रामु के तरफ देखकर आगे boli,"aur रामु जी यहाँ आ गए नहीं तो मैं आज यहीं रह जाती हेहेहे".
अनीता की बात सुनकर हरिया भी है diya,"Hahaha". अनीता जब रामु को देखि तो उसे अपनी चूँचियों को देखते हुए पायी मगर बिना शर्म के अपनी बात बोलकर हसने लगी.
हरिया हस्ते हुए bola,"Are मेमसाहेब हम लोगन के होते हुए आप कहे इहाँ रहेंगे. भगवान् भी जानता है की आपको हम जइसन मरद का ज़रूरत है अभी तभी तो भेज दिया हम लोगन को".
अनीता यह सुनकर मुस्कुराई और मुस्कराती हुयी boli,"Hariya जी वह तो ठीक है लेकिन ऐसा लग रहा है रामु जी को यहाँ रुकना अच्छा नहीं लग रहा है. वह शायद जहाँ आप दोनों को जाना है सीधा वहां जाना चाहते हैं".
अगले पल अनीता रामु का बात सुनी जो उसकी चूंकि से नज़र हटाकर उसकी चेहरे पर देखते हुए bola,"Are मेमसाहेब वइसन बात नहीं है. हुंका भी खुसी है की अइसन ज़रूरत का मौक़ा पर हम आपका काम आ सके. हम भुला नहीं हूँ की हम जब हरिया के साथ आपके घर आये थे तो आप कितना अच्छा से पेश आयी थी हमारे साथ और बख्शीश भी दिए थे".
अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"To आपको याद भी है की आप मेरे घर आये थे. जितना सीरियस होकर आप मुझे देख रहे थे मुझे तो ऐसा लग रहा था की आपको मैं याद भी नहीं हूँगी".
रामु यह सुनकर हल्का सा मुस्कुरा कर bola,"Are नहीं मेमसाहेब ु बात नहीं है".
अगले पल हरिया bola,"Are मेमसाहेब ी अइसन hi है. हर वक़्त ऐसे hi रहता है".
और फिर थोड़ा धीरे से bola,"Aur अभी तो ससुरा का पीने का टाइम है तो पीने का सोच रहा होगा".
रामु यह सुनकर हरिया से bola,"Abe का बोल रहा है".
अनीता यह सुनकर मुस्कुराने लगी. वहीँ हरिया जवाब में bola,"Abe का हो गया. मेमसाहेब कउनो अनजान थोड़े है जो शर्मा रहा है. और ऐसे भी मेमसाहेब कितनी अच्छी है यह तो तुम का भी पता है. तो मेमसाहेब से सच क्या छुपाना".
रामु यह सुनकर चुप हो गया तो अनीता मुस्कुराती हुयी boli,"Hariya जी अब रामु जी को यह पसंद नहीं है तो छोर दीजिये. उनका अपना निजी मामला है".
फिर वह रामु को देखकर boli,"Ramu जी ऐसे मैं बता देती हूँ की आप पीते भी हैं तो उसमे कोई बुराई नहीं है. आप एडल्ट है, आपकी मर्ज़ी आप जो करे".
हरिया यह सुनकर bola,"Sunn लिया. बेकार में ससुरा चिंता कर रहा था की मेमसाहेब का सोचेगी. अबे मेमसाहेब जितनी खबसूरत है उतनी hi दिल की अच्छी और समझदार भी है. तोहरे बारे में कुछो ग़लत नहीं सोचेगी".
हरिया के मुंह से अपनी ख़ूबसूरती की फिर से तारीफ सुनकर अनीता मुस्कुराती हुयी सर हिलने लगी जैसे बोलना छह रही हो की कुछ भी हो जाये हरिया जी मेरी तारीफ hi करेंगे. फिर वह हरिया का बात सुनकर रामु के तरफ देखकर boli,"Ramu जी मैं क्यों ग़लत सोचूंगी आपके बारे में. हम सब यहाँ एडल्ट हैं. उम्र से बड़े हैं हम सब. यह तो समझने की बात है की दिन भर म्हणत करके शाम में पीकर आप और हरिया जी अपनी थकान मिटते होंगे"
हरिया यह सुनकर रामु से bola,"Sunn लिया मेमसाहेब कितनी समझदार हैं"
अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर boli,"Ab चलिए चलते हैं. मेरी वजह से और देर न हो जाये. आप लोगो को आराम की ज़रूरत होगी".
रामु जवाब में bola,"chaliye मेमसाहब शाम हो गयी है अँधेरा भी हो रहा है".
अनीता यह सुनकर एक कदम आगे बढ़ी तो लड़खड़ा गयी. हरिया उसकी हाथ पकड़ कर सँभालते हुए bola"are संभल कर मेमसाहब".
अनीता उसका हाथ पकड़ती हुयी खुद को संभलकर boli,"wo थोड़ी देर पहले मोच आयी थी पेअर में इसलिए थोड़ा चलना मुश्किल हो रहा है".
हरिया एक हाथ से अनीता की बाई हाथ पकड़ा और दूसरी हाथ उसकी गांड पर रख कर सहारा देते हुए उसे मोटरसाइकिल पर बैठते हुए bola,"Aap आराम से बीच में बैठिये मेमसाहेब. हम पीछे से सहारा दूंगा आपको.
अनीता यह साड़ी पहनी थी तो इसलिए वो मोटरसाइकिल पर सिदेवय बैठ गयी.
अनीता के बैठने के बाद हरिया उसके पीछे उससे चिपक कर बैठ गया. अनीता यह देखकर थोड़ी और आगे खिसक गयी जिससे हरिया अच्छे से बैठ सके. ऐसा करने से अनीता की दायी चूंकि का साइड वाला भाग रामु के पीठ से सत् गया. रामु को जब यह एहसास हुआ तो उसका दिल धड़क गया और बदन और लुंड में अजीब सा मज़े का एहसास हुआ.
पीछे से हरिया भी अनीता से चिपक कर बैठ गया जिससे उसकी बायीं चूंकि का साइड का भाग हरिया के सीने से सत् गयी और हरिया का लुंड भी पंत के ऊपर से अनीता की बायीं जांघ से सत् गया. अनीता भी उसके लुंड को अपनी जांघ पर महसूस कर पा रही थी.
हरिया फिर अनीता की बायीं हाथ पकड़ कर अपने दये तरफ से मोटरसाइकिल के पीछे पकड़ा दिया और फिर अपना बया हाथ से उसकी नंगी कमर को पकड़ कर bola,"memsaahab अब आप आराम से बैठिये. आप महफूज है aese,girne का डर नहीं".
अनीता यह सुनकर हरिया को देखकर मुस्कुराई. दोनों के चेहरे के बीच सिर्फ कुछ इनचेस के hi फासले थे और ऐसे में हरिया के मुंह से गुटखा और शराब का गंध अनीता को महक रही थी. साथ hi हरिया के शरीर से उसके पसीने और उसके शर्ट से शराब की मिश्रण वाली तेज़ दुर्गन्ध उसको महक रही थी.
उसे याद आया की ऐसी दुर्गन्ध जब वह daal,aata चावल यह सब लेकर उसके घर आया था और वह उससे चिपक कर उसके लुंड की मालिश कर रही थी तब भी आ रही थी मगर आज उसके पसीने की दुर्गन्ध काफी तेज़ थी क्यूंकि अभी शाम था और हरिया का बदन दिन भर की म्हणत मज़दूरी से पसीने से भीगा हुआ था. यहाँ तक की उसका शर्ट और पंत पर भी पसीना सूखने से कहीं कहीं सफ़ेद लकीर बन गयी थी. एहि हाल रामु के शर्ट और पंत का भी था और उसके बदन से भी पसीने और शराब की तेज़ दुर्गन्ध आ रही थी.
अनीता की नाक में उन् दोनों मज़दूर मर्दों के बीच चिपक कर बैठने से उनके पसीने की तेज़ दुर्गन्ध जा रही थी मगर उसे घिन्न नहीं आ रही थी बल्कि उल्टा एक मज़ा सा लग रहा था उसको. वह उल्टा तेज़ सांस लेकर उनके दुर्गन्ध लेने की कोशिश की.
हरिया अनीता को आराम से बैठने की बात बोलने के बाद bola,"chalo रामु गाड़ी चलाओ".
अनीता दाई हाथ अपने गॉड में राखी थी. मोटरसाइकिल जैसे hi चली अनीता का बैलेंस बिगड़ने से थोड़ी आगे के तरफ, मतलब अपनी दायी तरफ झटके से रामु के बदन से पूरी चिपक गयी और उसके मुंह से "आउच" निकल गयी.
रामु को अनीता जैसी खूबसूरत औरत के मुंह से "आउच" सुनकर भी अच्छा लगा मगर फिर अगले पल हरिया का आवाज़ suna,"Abe रामु आराम से चला".
रामु जवाब में bola,"Haan हरिया ठीक है".
फिर वह मोटरसाइकिल चलते हुए hi सामने आईने में अनीता को देखकर bola,"Maaf कीजियेगा मेमसाहेब".
अनीता की बाल मोटरसाइकिल चलने से हवा में उड़ने लगी थी. वह दायी हाथ से अपनी बाल को कान के पीछे करती हुयी बोली मुस्कुराकर आईने में हु रामु को देखकर boli,"Koi बात नहीं रामु जी. यथा हो hi जाता है".
रामु यह सुनकर मुस्कुराया तो अनीता भी उसे आईने में देखकर मुस्कुराती रही. अगले पल रामु bola,"Memsaheb अगर आपको कउनो पीरबलम नहीं है तो आप अपना दया हाथ से हुंका पकड़ लीजिये".
हरिया भी यह सुनकर bola,"Haan मेमसाहेब रामु को पकड़ लीजिये आपको बेलेंस बनाने में मदद मिलेगा".
अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर boli,"Sach में आप दोनों को मेरा कितना ख्याल है".
फिर वह अपनी दायी हाथ आगे लेजाकर रामु के पंत के थोड़ा ऊपर उसके शर्ट के ऊपर से पेट से होते हुए उसके बाये कमर को पकड़ ली. हरिया भी अपना दया हाथ पीछे अनीता की कमर पर रख दिया.
अब सिचुएशन यह था की अनीता रामु और हरिया के नीचे सिडेवेस बैठी थी और अपनी दायी हाथ हरिया के दये साइड से होते हुए पीछे लेजाकर मोटरसाइकिल पकड़ी थी जिससे उसकी बायीं चूंकि और हरिया के सीने के बीच कोई रुकावट नहीं थी और उसकी बायीं मुलायम चूंकि हरिया के सीने से साइड से दबी हुयी थी.
वहीँ हरिया का लुंड पंत के ऊपर से hi अनीता की बायीं जांघ से सत्ता हुआ था और अनीता अपनी जांघ पर उसके लुंड के उभर को महसूस कर पा रही थी.
हरिया अपना बाय हाथ अनीता की पेट पर रखे उसे सेहला रहा था और दया हाथ उसकी गांड के ऊपर नंगी कमर पर रखे वहां सेहला रहा था.
अनीता अपनी दायी हाथ आगे लेजाकर रामु का दया कमर पकड़ी थी और उसकी कलाई रामु के शर्ट के ऊपर से उसके पेट पर था. ऐसा करने से उसकी दायी चूंकि और रामु के पीठ के बीच कुछ नहीं था और उसकी दायी चूंकि रामु के पीठ से सटी हुयी साइड से दबी हुयी थी. देखा जाये तो उसकी दोनों बड़ी चूँचियाँ साइड से दोनों मर्दों के कठोर सीने और पीठ से दबी हुयी थी.
अनीता रामु का कमर पकड़ कर आईने में देखती हुयी boli,"Ramu जी उम्मीद करती हूँ की आपको कोई परेशानी नहीं हो रही है मेरा हाथ रखने से".
रामु मोटरसाइकिल चलते हुए आईने में अनीता को देखकर bola,"Are मेमसाहेब परेशानी कइसन. मोटरसाइकिल पर ऐसे साइड में घूमकर बैठने से तो ऐसे पकड़ कर hi बेलेंस मिलता है".
अनीता मुस्कुराती हुयी boli,"Thank यू रामु जी".
रामु यह सुनकर हल्का सा मुस्कुराकर bola,"Aap बस आराम से बैठिये मेमसाहेब".
अनीता यह सुनकर मुस्कुराई तो हरिया bola,"Ab ठीक है मेमसाहेब. अब थोड़ा झटका लगेगा भी तो आप को परेशानी नहीं होगी".
अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर हरिया को देखकर boli,"Pareshani कैसे होगी हरिया जी. पीछे से आप अपने मजबूत हाथों से मुझे पकडे हुए हैं और आगे से मैं रामु जी का मजबूत बदन पकड़ी हुयी हूँ. आप दोनों जैसे मजबूत मर्दों के बीच बैठकर परेशानी हो ऐसा हो hi नहीं सकता".
हरिया यह सुनकर bola,"Aisan बात है तो थोड़ा टेस्ट कर लेट हैं हमलोग अपना मजबूती".
अनीता यह सुनकर हरिया को मुस्कुराती हुयी देखि और अगले पल वह रामु से bola,"Ramu थोड़ा अचानक से झटका देना तो".
रामु कुछ सेकण्ड्स ऐसे hi मोटरसाइकिल चलने के बाद अचानक से ब्रेक लगाया तो अनीता जोर से रामु का कमर पकड़ ली और हरिया अपना बाय और दया हाथ को अनीता की कमर की दायी तरफ करके जोर से पकड़ लिया.
ऐसा होने से अनीता को झटका नहीं लगा बस अचानक ब्रेक लगने ऐ ले में रामु थोड़ा सा आगे खिसक गया, इतना की समझ नहीं ए क्यूंकि अनीता उसके कमर को जोर से पकड़ी हुयी थी और उसकी बायीं हाथ मोटरसाइकिल के पीछे पकड़ी हुयी थी. वहीँ हरिया के जोर से पकडे होने से अनीता भी नहीं खिसकी और अनीता के आगे होने से हरिया भी नहीं खिसका. तीनो मजबूती से अपने सीट पर दांते रहे. बस ले के कारण उनके बदन का ऊपरी भाग थोड़ा आगे के तरफ झुका.
आगे हल्का सा झुकने ऐ अनीता की दोनों चूँचियाँ हरिया के सीने और रामु के पीठ के बीच डाब गयी. जब अचानक रुका तो अनीता की मुंह से हलकी चीख निकली थी "आआह्ह्ह" और उनका ऊपर का बदन जैसे hi आगे के तरफ थोड़ा झुक कर सीधा हुआ अनीता की हसी छूट gayi,"Hehehe".
अनीता को हस्ता देख हरिया भी हसने लगा मगर रामु बस हल्का मुस्कुराते रहा. अनीता की चूँचियाँ उन दोनों मर्दों के बीच दबी हुयी थी मगर उसे इससे कोई फ़र्क़ नहीं पद रहा था और वह खिलखिलाकर है रही थी.
वह हसी कण्ट्रोल करके boli,"Aap दोनों भी न सच में".
अगले पल रामु का आवाज़ aaya,"Memsaheb हम और हरिया ताक़त में पास हुए की फेल"
अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी आगे आईने में रामु को देखती हुयी boli,"Pass वह भी पुरे 100 नंबर से".
रामु यह सुनकर मुस्कुराया तो अनीता को अपनी बायीं चूंकि पर हाथ महसूस हुआ. वह यह महसूस करके बायीं घूमकर हरिया के तरफ देखि जो उसकी बायीं बड़ी चूंकि को मुठी में जितना भर सकता था उतना भरते हुए bola,"Agar हम आपको और अच्छे से पकडे होते तो ी थोड़ा आगे भी नहीं झुकती आप".
अनीता यह सुनकर अपनी आंखें बड़ी करके हरिया को देखि तो हरिया उसकी चूंकि दबाते हुए मुस्कुराया और अगले पल अनीता रामु का आवाज़ suni,"Are तो सही से पकड़ना चाहिए था न मेमसाहेब को".
रामु अनीता की चूंकि पर हरिया का हाथ नहीं देख सकता था. वह बस हरिया का बात का जवाब देते हुए बोल रहा था.
अनीता रामु का बात सुनकर अपनी आंखें बड़ी की तो हरिया उसकी चूंकि दबाते हुए bola,"Are ठीक है अब अच्छे से पकड़ लिए हूँ मेमसाहेब को.".
अनीता बस अपनी आंखें बड़ी करके हरिया को देखि हुए बेशर्मी से मुस्कुरा रही थी. हरिया मुस्कुराकर अनीता को देखते हुए उसकी चूंकि दबाते हुए bola,"Ab मेमसाहेब को अच्छे से पकड़ लिया हूँ हम. तुम तेज़ी से गाडी चलाओ रामु, बहोत दूर जाना है".
रामी अगले पल गाडी को आगे बढ़ाया और हल्का सा झटका फिर दिया. अनीता जोर से रामु का कमर फिर से पकड़ ली और हरिया उसकी बायीं चूंकि को जोर से दबाये हुए था. अनीता फिर से हल्का सा cheekhi,"Aaahhh" और खिलखिलाने lagi,"Hehehe".
हरिया अनीता की चूंकि अपने मुट्ठी में पकड़ा हुआ था और वह खिलखिला रही थी. उसको खिलखिलाता देख हरिया भी उसकी चूंकि दबाते हुए हसने लगा.
रामु मोटर साइकिल चलते हुए आईने में अनीता को हस्ता देख bola,"Maaf कीजियेगा मेमसाहेब इस बार जान बुझ कर hi ऐसा किये हम. सोचे की एक आखरी बार आपको हँसा दे".
अनीता खिलखिलाती हुयी आईने में रामु को देखकर एक ऐडा से boli,"Hehehe कोई बात नहीं रामु जी. अब तो मुझे भी कोई डर नहीं है. आप और हरिया जी जैसे मजबूत मर्दों के बीच बैठकर अब डर किस बात का".
हरिया अनीता की चूंकि दबाते हुए bola,"Aesa बार बार चलना तो ससुरा ठीक नहीं है. मगर मेमसाहेब को अच्छा लग रहा है तो एक बार और ऐसा करके अच्छे से गाडी चला रामु".
रामु कुछ सेकण्ड्स बाद फिर वैसे hi झटका दिया तो अनीता फिर से रामु का कमर जोर से पकड़ी खिलखिलाने लगी. हरिया भी उसकी चूंकि को जोर से दबाये हुए था.
रामु अनीता को एक बार आईने में खिलखिलाते हुव देख नार्मल तरीके से मोटरसाइकिल चलने लगा वहीँ अनीता खिलखिलाती हुयी boli,"Hehehe ओह माय गॉड आप दोनों भी सच में बहोत फनी है हहहहए".
हरिया भी उसकी चूंकि दबाये हुए हस्ते हुए bola,"Hahaha हम दोनों पहननी है क्यूंकि हम दोनों के पास फनवाला चीज़ है मेमसाहेब".
हरिया यह बोलकर अपने लुंड के तरफ आखों से इशारा किया. अनीता खिलखिलाती हुयी हरिया का बात सुनती हुयी उसके तरफ देख रही थी और हरिया जब अपने लुंड के तरफ इशारा किया तो अनीता बेशर्मी से अपनी जांघ से सटे हरिया के लुंड के उभर को देखि और देखकर खिलखिलाना बांध करके अपनी आंखें बड़ी करके हरिया को देखि और अपना सर हिलाकर मुस्कुराती हुयी सामने देखने लगी.
रामु आईने में अनीता को मुस्कुराते देख मुस्कुराकर bola,"ek आखरी बार हमरे तरफ से मेमसाहेब आपको हँसा देता हूँ".
अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Ab बस भू कीजिये रामु जी. आप दोनों तो मुझे हँसा हँसा कर पेट में दर्द कर देंगे".
अगले पल अनीता को हरिया का आवाज़ सुनाई diya,"Are मेमसाहेब कुछो नहीं होगा. एक आखरी बार बस".
अनीता यह सुनकर खुद को मेंटली तैयार कर ली और रामु कुछ सेकण्ड्स बाद फिर से झटका दिया जिससे अनीता की मुंह से चीख nikki,"Aaahh" और फिर उसकी दायी चूंकि रामु के सीने से डाब गयी और बायीं चूंकि हरिया अपने मुट्ठी में भरकर दबाये हुए था. अनीता इसके बावजूद बेशर्मी से खिलखिलाने lagi,"Hehehe" और हरिया भी उसकी चूंकि दबाये है रहा था "हाहाहा".
अनीता हरिया को हस्ता देख खिलखिलाती हुयी boli,"Ohh माय गॉड" और फिर खिलखिलाती हुयी सामने आईने में रामु को मुस्कुराते हुए देखने लगी.
अनीता जो पढ़ी लिखी, बेहद hi खूबसूरत, मॉडल और एक्ट्रेस जितनी खूबसूरत थी और अमीर घर की शादी शुदा औरत थी वह बेशर्मी से दो अनपढ़ गंवार मजदुर जिनके कपडे पर पसीने से कहीं कहीं सफ़ेद धब्बे हो गए थे और जिनके बदन से पसीने और देसी शराब की गंध आ रही थी उनके बीच मोटरसाइकिल पर बैठी एक के पीठ से अपने चूंकि दबती हुयी और दूसरे के हाथ से अपनी दूसरी चूंकि मसलवटी हुयी पूरी बेहयाई और बेशर्मी से खिलखिलाती हुयी अपने घर जा रही तिथि, जैसे कोई रुंडी अपने कस्टमर के साथ उनका बिस्तर गरम करने या कोई बदचलन औरत अपने यारों के साथ रंगरेलियां मानाने जा रही हो.
अगले दिन शाम में अनीता एक जगह सड़क के किनारे कड़ी थी और ऑटो का इंतज़ार कर रही थी मगर उसे एक भी ऑटो नज़र नहीं आ रही thi.Wo परेशां दिख रही थी और कुछ समझ नहीं आ रहा था की वह क्या करे की तभी उसे हरिया एक मोटर साइकिल पर आता दिखाई दिया.
अनीता हरिया को देख कर थोड़ी राहत महसूस की और मुस्कुराने लगी और कुछ सेकण्ड्स में हरिया उसके पास आकर रुक gaya.Motor साइकिल रामु चला रहा था और हरिया पीछे बैठा था.
अनीता के पास आने से पहले रामु अनीता को मुस्कुराता देखकर सोचने लगा की इतनी खूबसूरत औरत उसे देखकर क्यों मुस्कुरा रही है की तभी उसे ध्यान आया की वह अनीता को कहीं देखा है और थोड़ा सोचने पर याद आया उसे की वह हरिया के साथ उसके घर मैट्रेस्स लेकर गया था की तभी उसे पीछे से हरिया का आवाज़ सुनाई diya,"Abe रामु गाडी रोक तो".
यह बात बोलते तक रामु लगभग वहां पहुँच चूका था जहाँ अनीता कड़ी थी.
मोटर साइकिल रुकने पर अनीता को ख़ुशी हुयी और वह मुस्कुराने लगी की तभी हरिया अनीता को देखकर poochha,"are मेमसाहब आप इहाँ?".
अनीता हरिया और रामु को देखकर थोड़ी ख़ुशी और थोड़ी परेशानी के भाव चेहरे पर लाकर boli,"are हरिया जी और रामु जी आप दोनों. वो मैं एक काम से आयी थी मगर ऑटो का अत पता hi नहीं है".
हरिया भी थोड़ी परेशानी से देखते हुए अनीता को bola,"are मेमसाहब क्या कीजिये इस शहर में ऐसा hi होता है. कभी हद्द से ज़्यादा जैम के कारण जल्दी गाडी नहीं मिलती तो कभी लोग मार पीट करके झमेला कर लेते हैं और गाडी को बांध करके रख देते हैं. आज एक ऑटो वाले और एक बस कंडक्टर में झमेला हुआ है कुछ देर पहले उसी कारन सब गाडी बांध कर दिए हैं. पब्लिक का का होगा ी सोचते नहीं है ससुरा लोग".
अनीता यह सुनकर और परेशां होकर boli,"Oh माय गॉड. फिर मैं घर कैसे जाउंगी. घर नज़दीक भी नहीं की मैं पैदल जा सकूँ ऊपर से मेरी पेअर में अभी मोच भी आ गयी है थोड़ी देर पहले. हे भगवन मैं क्या करूँ अब यहाँ तो टैक्सी भी नहीं मिलती है".
हरिया मुस्कुराते हुए bola,"are मेमसाहब हमरा होते हुए अब आपको चिंता करने की ज़रुरत नहीं हैं. हम लोग हूँ तो" और यह बोलते हुए वो मोटर साइकिल से उतर गया और फिर पास में गुटखा थूक कर फिर से अपना हाथ से मुंह पोछते हुए bola,"memsaahab अब आपको चिंता करने की ज़रुरत नहीं है. आप हमारे साथ मोटर साइकिल पर चलिए आपको घर तक पहुंचा देंगे".
अनीता यह सुनकर मुस्कुरा कर boli,"Achha हुआ आप सही टाइम पर आ गए नहीं तो मुश्किल हो जाती. आप हर जगह मेरी मदद करने कहीं न कहीं से पहुँच hi जाते हैं".
यह सुनकर हरिया मुस्कुराते हुए bola,"are मेमसाहब हम आपको पहले दिन कहे थे न की हम बारे काम के आदमी हैं".
अनीता यह सुनकर मुस्कुराई और फिर रामु के तरफ देखि तो उसे अपनी नाभि के तरफ देखते हुए पायी जिससे वह समझ गयी की वह उसकी नाभि से लटकी हुयी बेल्ली बटन रिंग देख रहा है.
अनीता फिर हरिया को देखकर boli,"Hariya जी ऐसे हम तीन आदमी मोटर साइकिल पर बैठेंगे तो सिक्योरिटी अफसर फाइन कर देगा न. मेरी वजह से आप दोनों को परेशानी हो जाएगी. अगर फाइन होगा तो मैं दे दूंगी".
हरिया यह सुनकर bola,"Are मेमसाहेब इहाँ का फैन होगा. ी कउनो आपका दिल्ली जैसा बड़ा शहर थोड़े है. इहाँ सब चलता है. बस आपको कउनो परेशानी नहीं होना चाहिए".
अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Hariya जी मुझे क्या परेशानी होगी. मुझे तो एक तरह से ख़ुशी है की आप".
और फिर वह रामु के तरफ देखकर आगे boli,"aur रामु जी यहाँ आ गए नहीं तो मैं आज यहीं रह जाती हेहेहे".
अनीता की बात सुनकर हरिया भी है diya,"Hahaha". अनीता जब रामु को देखि तो उसे अपनी चूँचियों को देखते हुए पायी मगर बिना शर्म के अपनी बात बोलकर हसने लगी.
हरिया हस्ते हुए bola,"Are मेमसाहेब हम लोगन के होते हुए आप कहे इहाँ रहेंगे. भगवान् भी जानता है की आपको हम जइसन मरद का ज़रूरत है अभी तभी तो भेज दिया हम लोगन को".
अनीता यह सुनकर मुस्कुराई और मुस्कराती हुयी boli,"Hariya जी वह तो ठीक है लेकिन ऐसा लग रहा है रामु जी को यहाँ रुकना अच्छा नहीं लग रहा है. वह शायद जहाँ आप दोनों को जाना है सीधा वहां जाना चाहते हैं".
अगले पल अनीता रामु का बात सुनी जो उसकी चूंकि से नज़र हटाकर उसकी चेहरे पर देखते हुए bola,"Are मेमसाहेब वइसन बात नहीं है. हुंका भी खुसी है की अइसन ज़रूरत का मौक़ा पर हम आपका काम आ सके. हम भुला नहीं हूँ की हम जब हरिया के साथ आपके घर आये थे तो आप कितना अच्छा से पेश आयी थी हमारे साथ और बख्शीश भी दिए थे".
अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"To आपको याद भी है की आप मेरे घर आये थे. जितना सीरियस होकर आप मुझे देख रहे थे मुझे तो ऐसा लग रहा था की आपको मैं याद भी नहीं हूँगी".
रामु यह सुनकर हल्का सा मुस्कुरा कर bola,"Are नहीं मेमसाहेब ु बात नहीं है".
अगले पल हरिया bola,"Are मेमसाहेब ी अइसन hi है. हर वक़्त ऐसे hi रहता है".
और फिर थोड़ा धीरे से bola,"Aur अभी तो ससुरा का पीने का टाइम है तो पीने का सोच रहा होगा".
रामु यह सुनकर हरिया से bola,"Abe का बोल रहा है".
अनीता यह सुनकर मुस्कुराने लगी. वहीँ हरिया जवाब में bola,"Abe का हो गया. मेमसाहेब कउनो अनजान थोड़े है जो शर्मा रहा है. और ऐसे भी मेमसाहेब कितनी अच्छी है यह तो तुम का भी पता है. तो मेमसाहेब से सच क्या छुपाना".
रामु यह सुनकर चुप हो गया तो अनीता मुस्कुराती हुयी boli,"Hariya जी अब रामु जी को यह पसंद नहीं है तो छोर दीजिये. उनका अपना निजी मामला है".
फिर वह रामु को देखकर boli,"Ramu जी ऐसे मैं बता देती हूँ की आप पीते भी हैं तो उसमे कोई बुराई नहीं है. आप एडल्ट है, आपकी मर्ज़ी आप जो करे".
हरिया यह सुनकर bola,"Sunn लिया. बेकार में ससुरा चिंता कर रहा था की मेमसाहेब का सोचेगी. अबे मेमसाहेब जितनी खबसूरत है उतनी hi दिल की अच्छी और समझदार भी है. तोहरे बारे में कुछो ग़लत नहीं सोचेगी".
हरिया के मुंह से अपनी ख़ूबसूरती की फिर से तारीफ सुनकर अनीता मुस्कुराती हुयी सर हिलने लगी जैसे बोलना छह रही हो की कुछ भी हो जाये हरिया जी मेरी तारीफ hi करेंगे. फिर वह हरिया का बात सुनकर रामु के तरफ देखकर boli,"Ramu जी मैं क्यों ग़लत सोचूंगी आपके बारे में. हम सब यहाँ एडल्ट हैं. उम्र से बड़े हैं हम सब. यह तो समझने की बात है की दिन भर म्हणत करके शाम में पीकर आप और हरिया जी अपनी थकान मिटते होंगे"
हरिया यह सुनकर रामु से bola,"Sunn लिया मेमसाहेब कितनी समझदार हैं"
अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर boli,"Ab चलिए चलते हैं. मेरी वजह से और देर न हो जाये. आप लोगो को आराम की ज़रूरत होगी".
रामु जवाब में bola,"chaliye मेमसाहब शाम हो गयी है अँधेरा भी हो रहा है".
अनीता यह सुनकर एक कदम आगे बढ़ी तो लड़खड़ा गयी. हरिया उसकी हाथ पकड़ कर सँभालते हुए bola"are संभल कर मेमसाहब".
अनीता उसका हाथ पकड़ती हुयी खुद को संभलकर boli,"wo थोड़ी देर पहले मोच आयी थी पेअर में इसलिए थोड़ा चलना मुश्किल हो रहा है".
हरिया एक हाथ से अनीता की बाई हाथ पकड़ा और दूसरी हाथ उसकी गांड पर रख कर सहारा देते हुए उसे मोटरसाइकिल पर बैठते हुए bola,"Aap आराम से बीच में बैठिये मेमसाहेब. हम पीछे से सहारा दूंगा आपको.
अनीता यह साड़ी पहनी थी तो इसलिए वो मोटरसाइकिल पर सिदेवय बैठ गयी.
अनीता के बैठने के बाद हरिया उसके पीछे उससे चिपक कर बैठ गया. अनीता यह देखकर थोड़ी और आगे खिसक गयी जिससे हरिया अच्छे से बैठ सके. ऐसा करने से अनीता की दायी चूंकि का साइड वाला भाग रामु के पीठ से सत् गया. रामु को जब यह एहसास हुआ तो उसका दिल धड़क गया और बदन और लुंड में अजीब सा मज़े का एहसास हुआ.
पीछे से हरिया भी अनीता से चिपक कर बैठ गया जिससे उसकी बायीं चूंकि का साइड का भाग हरिया के सीने से सत् गयी और हरिया का लुंड भी पंत के ऊपर से अनीता की बायीं जांघ से सत् गया. अनीता भी उसके लुंड को अपनी जांघ पर महसूस कर पा रही थी.
हरिया फिर अनीता की बायीं हाथ पकड़ कर अपने दये तरफ से मोटरसाइकिल के पीछे पकड़ा दिया और फिर अपना बया हाथ से उसकी नंगी कमर को पकड़ कर bola,"memsaahab अब आप आराम से बैठिये. आप महफूज है aese,girne का डर नहीं".
अनीता यह सुनकर हरिया को देखकर मुस्कुराई. दोनों के चेहरे के बीच सिर्फ कुछ इनचेस के hi फासले थे और ऐसे में हरिया के मुंह से गुटखा और शराब का गंध अनीता को महक रही थी. साथ hi हरिया के शरीर से उसके पसीने और उसके शर्ट से शराब की मिश्रण वाली तेज़ दुर्गन्ध उसको महक रही थी.
उसे याद आया की ऐसी दुर्गन्ध जब वह daal,aata चावल यह सब लेकर उसके घर आया था और वह उससे चिपक कर उसके लुंड की मालिश कर रही थी तब भी आ रही थी मगर आज उसके पसीने की दुर्गन्ध काफी तेज़ थी क्यूंकि अभी शाम था और हरिया का बदन दिन भर की म्हणत मज़दूरी से पसीने से भीगा हुआ था. यहाँ तक की उसका शर्ट और पंत पर भी पसीना सूखने से कहीं कहीं सफ़ेद लकीर बन गयी थी. एहि हाल रामु के शर्ट और पंत का भी था और उसके बदन से भी पसीने और शराब की तेज़ दुर्गन्ध आ रही थी.
अनीता की नाक में उन् दोनों मज़दूर मर्दों के बीच चिपक कर बैठने से उनके पसीने की तेज़ दुर्गन्ध जा रही थी मगर उसे घिन्न नहीं आ रही थी बल्कि उल्टा एक मज़ा सा लग रहा था उसको. वह उल्टा तेज़ सांस लेकर उनके दुर्गन्ध लेने की कोशिश की.
हरिया अनीता को आराम से बैठने की बात बोलने के बाद bola,"chalo रामु गाड़ी चलाओ".
अनीता दाई हाथ अपने गॉड में राखी थी. मोटरसाइकिल जैसे hi चली अनीता का बैलेंस बिगड़ने से थोड़ी आगे के तरफ, मतलब अपनी दायी तरफ झटके से रामु के बदन से पूरी चिपक गयी और उसके मुंह से "आउच" निकल गयी.
रामु को अनीता जैसी खूबसूरत औरत के मुंह से "आउच" सुनकर भी अच्छा लगा मगर फिर अगले पल हरिया का आवाज़ suna,"Abe रामु आराम से चला".
रामु जवाब में bola,"Haan हरिया ठीक है".
फिर वह मोटरसाइकिल चलते हुए hi सामने आईने में अनीता को देखकर bola,"Maaf कीजियेगा मेमसाहेब".
अनीता की बाल मोटरसाइकिल चलने से हवा में उड़ने लगी थी. वह दायी हाथ से अपनी बाल को कान के पीछे करती हुयी बोली मुस्कुराकर आईने में हु रामु को देखकर boli,"Koi बात नहीं रामु जी. यथा हो hi जाता है".
रामु यह सुनकर मुस्कुराया तो अनीता भी उसे आईने में देखकर मुस्कुराती रही. अगले पल रामु bola,"Memsaheb अगर आपको कउनो पीरबलम नहीं है तो आप अपना दया हाथ से हुंका पकड़ लीजिये".
हरिया भी यह सुनकर bola,"Haan मेमसाहेब रामु को पकड़ लीजिये आपको बेलेंस बनाने में मदद मिलेगा".
अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर boli,"Sach में आप दोनों को मेरा कितना ख्याल है".
फिर वह अपनी दायी हाथ आगे लेजाकर रामु के पंत के थोड़ा ऊपर उसके शर्ट के ऊपर से पेट से होते हुए उसके बाये कमर को पकड़ ली. हरिया भी अपना दया हाथ पीछे अनीता की कमर पर रख दिया.
अब सिचुएशन यह था की अनीता रामु और हरिया के नीचे सिडेवेस बैठी थी और अपनी दायी हाथ हरिया के दये साइड से होते हुए पीछे लेजाकर मोटरसाइकिल पकड़ी थी जिससे उसकी बायीं चूंकि और हरिया के सीने के बीच कोई रुकावट नहीं थी और उसकी बायीं मुलायम चूंकि हरिया के सीने से साइड से दबी हुयी थी.
वहीँ हरिया का लुंड पंत के ऊपर से hi अनीता की बायीं जांघ से सत्ता हुआ था और अनीता अपनी जांघ पर उसके लुंड के उभर को महसूस कर पा रही थी.
हरिया अपना बाय हाथ अनीता की पेट पर रखे उसे सेहला रहा था और दया हाथ उसकी गांड के ऊपर नंगी कमर पर रखे वहां सेहला रहा था.
अनीता अपनी दायी हाथ आगे लेजाकर रामु का दया कमर पकड़ी थी और उसकी कलाई रामु के शर्ट के ऊपर से उसके पेट पर था. ऐसा करने से उसकी दायी चूंकि और रामु के पीठ के बीच कुछ नहीं था और उसकी दायी चूंकि रामु के पीठ से सटी हुयी साइड से दबी हुयी थी. देखा जाये तो उसकी दोनों बड़ी चूँचियाँ साइड से दोनों मर्दों के कठोर सीने और पीठ से दबी हुयी थी.
अनीता रामु का कमर पकड़ कर आईने में देखती हुयी boli,"Ramu जी उम्मीद करती हूँ की आपको कोई परेशानी नहीं हो रही है मेरा हाथ रखने से".
रामु मोटरसाइकिल चलते हुए आईने में अनीता को देखकर bola,"Are मेमसाहेब परेशानी कइसन. मोटरसाइकिल पर ऐसे साइड में घूमकर बैठने से तो ऐसे पकड़ कर hi बेलेंस मिलता है".
अनीता मुस्कुराती हुयी boli,"Thank यू रामु जी".
रामु यह सुनकर हल्का सा मुस्कुराकर bola,"Aap बस आराम से बैठिये मेमसाहेब".
अनीता यह सुनकर मुस्कुराई तो हरिया bola,"Ab ठीक है मेमसाहेब. अब थोड़ा झटका लगेगा भी तो आप को परेशानी नहीं होगी".
अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर हरिया को देखकर boli,"Pareshani कैसे होगी हरिया जी. पीछे से आप अपने मजबूत हाथों से मुझे पकडे हुए हैं और आगे से मैं रामु जी का मजबूत बदन पकड़ी हुयी हूँ. आप दोनों जैसे मजबूत मर्दों के बीच बैठकर परेशानी हो ऐसा हो hi नहीं सकता".
हरिया यह सुनकर bola,"Aisan बात है तो थोड़ा टेस्ट कर लेट हैं हमलोग अपना मजबूती".
अनीता यह सुनकर हरिया को मुस्कुराती हुयी देखि और अगले पल वह रामु से bola,"Ramu थोड़ा अचानक से झटका देना तो".
रामु कुछ सेकण्ड्स ऐसे hi मोटरसाइकिल चलने के बाद अचानक से ब्रेक लगाया तो अनीता जोर से रामु का कमर पकड़ ली और हरिया अपना बाय और दया हाथ को अनीता की कमर की दायी तरफ करके जोर से पकड़ लिया.
ऐसा होने से अनीता को झटका नहीं लगा बस अचानक ब्रेक लगने ऐ ले में रामु थोड़ा सा आगे खिसक गया, इतना की समझ नहीं ए क्यूंकि अनीता उसके कमर को जोर से पकड़ी हुयी थी और उसकी बायीं हाथ मोटरसाइकिल के पीछे पकड़ी हुयी थी. वहीँ हरिया के जोर से पकडे होने से अनीता भी नहीं खिसकी और अनीता के आगे होने से हरिया भी नहीं खिसका. तीनो मजबूती से अपने सीट पर दांते रहे. बस ले के कारण उनके बदन का ऊपरी भाग थोड़ा आगे के तरफ झुका.
आगे हल्का सा झुकने ऐ अनीता की दोनों चूँचियाँ हरिया के सीने और रामु के पीठ के बीच डाब गयी. जब अचानक रुका तो अनीता की मुंह से हलकी चीख निकली थी "आआह्ह्ह" और उनका ऊपर का बदन जैसे hi आगे के तरफ थोड़ा झुक कर सीधा हुआ अनीता की हसी छूट gayi,"Hehehe".
अनीता को हस्ता देख हरिया भी हसने लगा मगर रामु बस हल्का मुस्कुराते रहा. अनीता की चूँचियाँ उन दोनों मर्दों के बीच दबी हुयी थी मगर उसे इससे कोई फ़र्क़ नहीं पद रहा था और वह खिलखिलाकर है रही थी.
वह हसी कण्ट्रोल करके boli,"Aap दोनों भी न सच में".
अगले पल रामु का आवाज़ aaya,"Memsaheb हम और हरिया ताक़त में पास हुए की फेल"
अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी आगे आईने में रामु को देखती हुयी boli,"Pass वह भी पुरे 100 नंबर से".
रामु यह सुनकर मुस्कुराया तो अनीता को अपनी बायीं चूंकि पर हाथ महसूस हुआ. वह यह महसूस करके बायीं घूमकर हरिया के तरफ देखि जो उसकी बायीं बड़ी चूंकि को मुठी में जितना भर सकता था उतना भरते हुए bola,"Agar हम आपको और अच्छे से पकडे होते तो ी थोड़ा आगे भी नहीं झुकती आप".
अनीता यह सुनकर अपनी आंखें बड़ी करके हरिया को देखि तो हरिया उसकी चूंकि दबाते हुए मुस्कुराया और अगले पल अनीता रामु का आवाज़ suni,"Are तो सही से पकड़ना चाहिए था न मेमसाहेब को".
रामु अनीता की चूंकि पर हरिया का हाथ नहीं देख सकता था. वह बस हरिया का बात का जवाब देते हुए बोल रहा था.
अनीता रामु का बात सुनकर अपनी आंखें बड़ी की तो हरिया उसकी चूंकि दबाते हुए bola,"Are ठीक है अब अच्छे से पकड़ लिए हूँ मेमसाहेब को.".
अनीता बस अपनी आंखें बड़ी करके हरिया को देखि हुए बेशर्मी से मुस्कुरा रही थी. हरिया मुस्कुराकर अनीता को देखते हुए उसकी चूंकि दबाते हुए bola,"Ab मेमसाहेब को अच्छे से पकड़ लिया हूँ हम. तुम तेज़ी से गाडी चलाओ रामु, बहोत दूर जाना है".
रामी अगले पल गाडी को आगे बढ़ाया और हल्का सा झटका फिर दिया. अनीता जोर से रामु का कमर फिर से पकड़ ली और हरिया उसकी बायीं चूंकि को जोर से दबाये हुए था. अनीता फिर से हल्का सा cheekhi,"Aaahhh" और खिलखिलाने lagi,"Hehehe".
हरिया अनीता की चूंकि अपने मुट्ठी में पकड़ा हुआ था और वह खिलखिला रही थी. उसको खिलखिलाता देख हरिया भी उसकी चूंकि दबाते हुए हसने लगा.
रामु मोटर साइकिल चलते हुए आईने में अनीता को हस्ता देख bola,"Maaf कीजियेगा मेमसाहेब इस बार जान बुझ कर hi ऐसा किये हम. सोचे की एक आखरी बार आपको हँसा दे".
अनीता खिलखिलाती हुयी आईने में रामु को देखकर एक ऐडा से boli,"Hehehe कोई बात नहीं रामु जी. अब तो मुझे भी कोई डर नहीं है. आप और हरिया जी जैसे मजबूत मर्दों के बीच बैठकर अब डर किस बात का".
हरिया अनीता की चूंकि दबाते हुए bola,"Aesa बार बार चलना तो ससुरा ठीक नहीं है. मगर मेमसाहेब को अच्छा लग रहा है तो एक बार और ऐसा करके अच्छे से गाडी चला रामु".
रामु कुछ सेकण्ड्स बाद फिर वैसे hi झटका दिया तो अनीता फिर से रामु का कमर जोर से पकड़ी खिलखिलाने लगी. हरिया भी उसकी चूंकि को जोर से दबाये हुए था.
रामु अनीता को एक बार आईने में खिलखिलाते हुव देख नार्मल तरीके से मोटरसाइकिल चलने लगा वहीँ अनीता खिलखिलाती हुयी boli,"Hehehe ओह माय गॉड आप दोनों भी सच में बहोत फनी है हहहहए".
हरिया भी उसकी चूंकि दबाये हुए हस्ते हुए bola,"Hahaha हम दोनों पहननी है क्यूंकि हम दोनों के पास फनवाला चीज़ है मेमसाहेब".
हरिया यह बोलकर अपने लुंड के तरफ आखों से इशारा किया. अनीता खिलखिलाती हुयी हरिया का बात सुनती हुयी उसके तरफ देख रही थी और हरिया जब अपने लुंड के तरफ इशारा किया तो अनीता बेशर्मी से अपनी जांघ से सटे हरिया के लुंड के उभर को देखि और देखकर खिलखिलाना बांध करके अपनी आंखें बड़ी करके हरिया को देखि और अपना सर हिलाकर मुस्कुराती हुयी सामने देखने लगी.
रामु आईने में अनीता को मुस्कुराते देख मुस्कुराकर bola,"ek आखरी बार हमरे तरफ से मेमसाहेब आपको हँसा देता हूँ".
अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Ab बस भू कीजिये रामु जी. आप दोनों तो मुझे हँसा हँसा कर पेट में दर्द कर देंगे".
अगले पल अनीता को हरिया का आवाज़ सुनाई diya,"Are मेमसाहेब कुछो नहीं होगा. एक आखरी बार बस".
अनीता यह सुनकर खुद को मेंटली तैयार कर ली और रामु कुछ सेकण्ड्स बाद फिर से झटका दिया जिससे अनीता की मुंह से चीख nikki,"Aaahh" और फिर उसकी दायी चूंकि रामु के सीने से डाब गयी और बायीं चूंकि हरिया अपने मुट्ठी में भरकर दबाये हुए था. अनीता इसके बावजूद बेशर्मी से खिलखिलाने lagi,"Hehehe" और हरिया भी उसकी चूंकि दबाये है रहा था "हाहाहा".
अनीता हरिया को हस्ता देख खिलखिलाती हुयी boli,"Ohh माय गॉड" और फिर खिलखिलाती हुयी सामने आईने में रामु को मुस्कुराते हुए देखने लगी.
अनीता जो पढ़ी लिखी, बेहद hi खूबसूरत, मॉडल और एक्ट्रेस जितनी खूबसूरत थी और अमीर घर की शादी शुदा औरत थी वह बेशर्मी से दो अनपढ़ गंवार मजदुर जिनके कपडे पर पसीने से कहीं कहीं सफ़ेद धब्बे हो गए थे और जिनके बदन से पसीने और देसी शराब की गंध आ रही थी उनके बीच मोटरसाइकिल पर बैठी एक के पीठ से अपने चूंकि दबती हुयी और दूसरे के हाथ से अपनी दूसरी चूंकि मसलवटी हुयी पूरी बेहयाई और बेशर्मी से खिलखिलाती हुयी अपने घर जा रही तिथि, जैसे कोई रुंडी अपने कस्टमर के साथ उनका बिस्तर गरम करने या कोई बदचलन औरत अपने यारों के साथ रंगरेलियां मानाने जा रही हो.