Anita Singh - Story of a Seductive Housewife - Page 8 - SexBaba
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Anita Singh - Story of a Seductive Housewife

अपडेट 62

अगले दिन शाम में अनीता एक जगह सड़क के किनारे कड़ी थी और ऑटो का इंतज़ार कर रही थी मगर उसे एक भी ऑटो नज़र नहीं आ रही thi.Wo परेशां दिख रही थी और कुछ समझ नहीं आ रहा था की वह क्या करे की तभी उसे हरिया एक मोटर साइकिल पर आता दिखाई दिया.

अनीता हरिया को देख कर थोड़ी राहत महसूस की और मुस्कुराने लगी और कुछ सेकण्ड्स में हरिया उसके पास आकर रुक gaya.Motor साइकिल रामु चला रहा था और हरिया पीछे बैठा था.

अनीता के पास आने से पहले रामु अनीता को मुस्कुराता देखकर सोचने लगा की इतनी खूबसूरत औरत उसे देखकर क्यों मुस्कुरा रही है की तभी उसे ध्यान आया की वह अनीता को कहीं देखा है और थोड़ा सोचने पर याद आया उसे की वह हरिया के साथ उसके घर मैट्रेस्स लेकर गया था की तभी उसे पीछे से हरिया का आवाज़ सुनाई diya,"Abe रामु गाडी रोक तो".

यह बात बोलते तक रामु लगभग वहां पहुँच चूका था जहाँ अनीता कड़ी थी.

मोटर साइकिल रुकने पर अनीता को ख़ुशी हुयी और वह मुस्कुराने लगी की तभी हरिया अनीता को देखकर poochha,"are मेमसाहब आप इहाँ?".

अनीता हरिया और रामु को देखकर थोड़ी ख़ुशी और थोड़ी परेशानी के भाव चेहरे पर लाकर boli,"are हरिया जी और रामु जी आप दोनों. वो मैं एक काम से आयी थी मगर ऑटो का अत पता hi नहीं है".

हरिया भी थोड़ी परेशानी से देखते हुए अनीता को bola,"are मेमसाहब क्या कीजिये इस शहर में ऐसा hi होता है. कभी हद्द से ज़्यादा जैम के कारण जल्दी गाडी नहीं मिलती तो कभी लोग मार पीट करके झमेला कर लेते हैं और गाडी को बांध करके रख देते हैं. आज एक ऑटो वाले और एक बस कंडक्टर में झमेला हुआ है कुछ देर पहले उसी कारन सब गाडी बांध कर दिए हैं. पब्लिक का का होगा ी सोचते नहीं है ससुरा लोग".

अनीता यह सुनकर और परेशां होकर boli,"Oh माय गॉड. फिर मैं घर कैसे जाउंगी. घर नज़दीक भी नहीं की मैं पैदल जा सकूँ ऊपर से मेरी पेअर में अभी मोच भी आ गयी है थोड़ी देर पहले. हे भगवन मैं क्या करूँ अब यहाँ तो टैक्सी भी नहीं मिलती है".

हरिया मुस्कुराते हुए bola,"are मेमसाहब हमरा होते हुए अब आपको चिंता करने की ज़रुरत नहीं हैं. हम लोग हूँ तो" और यह बोलते हुए वो मोटर साइकिल से उतर गया और फिर पास में गुटखा थूक कर फिर से अपना हाथ से मुंह पोछते हुए bola,"memsaahab अब आपको चिंता करने की ज़रुरत नहीं है. आप हमारे साथ मोटर साइकिल पर चलिए आपको घर तक पहुंचा देंगे".

अनीता यह सुनकर मुस्कुरा कर boli,"Achha हुआ आप सही टाइम पर आ गए नहीं तो मुश्किल हो जाती. आप हर जगह मेरी मदद करने कहीं न कहीं से पहुँच hi जाते हैं".

यह सुनकर हरिया मुस्कुराते हुए bola,"are मेमसाहब हम आपको पहले दिन कहे थे न की हम बारे काम के आदमी हैं".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराई और फिर रामु के तरफ देखि तो उसे अपनी नाभि के तरफ देखते हुए पायी जिससे वह समझ गयी की वह उसकी नाभि से लटकी हुयी बेल्ली बटन रिंग देख रहा है.

अनीता फिर हरिया को देखकर boli,"Hariya जी ऐसे हम तीन आदमी मोटर साइकिल पर बैठेंगे तो सिक्योरिटी अफसर फाइन कर देगा न. मेरी वजह से आप दोनों को परेशानी हो जाएगी. अगर फाइन होगा तो मैं दे दूंगी".

हरिया यह सुनकर bola,"Are मेमसाहेब इहाँ का फैन होगा. ी कउनो आपका दिल्ली जैसा बड़ा शहर थोड़े है. इहाँ सब चलता है. बस आपको कउनो परेशानी नहीं होना चाहिए".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Hariya जी मुझे क्या परेशानी होगी. मुझे तो एक तरह से ख़ुशी है की आप".

और फिर वह रामु के तरफ देखकर आगे boli,"aur रामु जी यहाँ आ गए नहीं तो मैं आज यहीं रह जाती हेहेहे".

अनीता की बात सुनकर हरिया भी है diya,"Hahaha". अनीता जब रामु को देखि तो उसे अपनी चूँचियों को देखते हुए पायी मगर बिना शर्म के अपनी बात बोलकर हसने लगी.

हरिया हस्ते हुए bola,"Are मेमसाहेब हम लोगन के होते हुए आप कहे इहाँ रहेंगे. भगवान् भी जानता है की आपको हम जइसन मरद का ज़रूरत है अभी तभी तो भेज दिया हम लोगन को".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराई और मुस्कराती हुयी boli,"Hariya जी वह तो ठीक है लेकिन ऐसा लग रहा है रामु जी को यहाँ रुकना अच्छा नहीं लग रहा है. वह शायद जहाँ आप दोनों को जाना है सीधा वहां जाना चाहते हैं".

अगले पल अनीता रामु का बात सुनी जो उसकी चूंकि से नज़र हटाकर उसकी चेहरे पर देखते हुए bola,"Are मेमसाहेब वइसन बात नहीं है. हुंका भी खुसी है की अइसन ज़रूरत का मौक़ा पर हम आपका काम आ सके. हम भुला नहीं हूँ की हम जब हरिया के साथ आपके घर आये थे तो आप कितना अच्छा से पेश आयी थी हमारे साथ और बख्शीश भी दिए थे".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"To आपको याद भी है की आप मेरे घर आये थे. जितना सीरियस होकर आप मुझे देख रहे थे मुझे तो ऐसा लग रहा था की आपको मैं याद भी नहीं हूँगी".

रामु यह सुनकर हल्का सा मुस्कुरा कर bola,"Are नहीं मेमसाहेब ु बात नहीं है".

अगले पल हरिया bola,"Are मेमसाहेब ी अइसन hi है. हर वक़्त ऐसे hi रहता है".

और फिर थोड़ा धीरे से bola,"Aur अभी तो ससुरा का पीने का टाइम है तो पीने का सोच रहा होगा".

रामु यह सुनकर हरिया से bola,"Abe का बोल रहा है".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराने लगी. वहीँ हरिया जवाब में bola,"Abe का हो गया. मेमसाहेब कउनो अनजान थोड़े है जो शर्मा रहा है. और ऐसे भी मेमसाहेब कितनी अच्छी है यह तो तुम का भी पता है. तो मेमसाहेब से सच क्या छुपाना".

रामु यह सुनकर चुप हो गया तो अनीता मुस्कुराती हुयी boli,"Hariya जी अब रामु जी को यह पसंद नहीं है तो छोर दीजिये. उनका अपना निजी मामला है".

फिर वह रामु को देखकर boli,"Ramu जी ऐसे मैं बता देती हूँ की आप पीते भी हैं तो उसमे कोई बुराई नहीं है. आप एडल्ट है, आपकी मर्ज़ी आप जो करे".

हरिया यह सुनकर bola,"Sunn लिया. बेकार में ससुरा चिंता कर रहा था की मेमसाहेब का सोचेगी. अबे मेमसाहेब जितनी खबसूरत है उतनी hi दिल की अच्छी और समझदार भी है. तोहरे बारे में कुछो ग़लत नहीं सोचेगी".

हरिया के मुंह से अपनी ख़ूबसूरती की फिर से तारीफ सुनकर अनीता मुस्कुराती हुयी सर हिलने लगी जैसे बोलना छह रही हो की कुछ भी हो जाये हरिया जी मेरी तारीफ hi करेंगे. फिर वह हरिया का बात सुनकर रामु के तरफ देखकर boli,"Ramu जी मैं क्यों ग़लत सोचूंगी आपके बारे में. हम सब यहाँ एडल्ट हैं. उम्र से बड़े हैं हम सब. यह तो समझने की बात है की दिन भर म्हणत करके शाम में पीकर आप और हरिया जी अपनी थकान मिटते होंगे"

हरिया यह सुनकर रामु से bola,"Sunn लिया मेमसाहेब कितनी समझदार हैं"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर boli,"Ab चलिए चलते हैं. मेरी वजह से और देर न हो जाये. आप लोगो को आराम की ज़रूरत होगी".

रामु जवाब में bola,"chaliye मेमसाहब शाम हो गयी है अँधेरा भी हो रहा है".

अनीता यह सुनकर एक कदम आगे बढ़ी तो लड़खड़ा गयी. हरिया उसकी हाथ पकड़ कर सँभालते हुए bola"are संभल कर मेमसाहब".

अनीता उसका हाथ पकड़ती हुयी खुद को संभलकर boli,"wo थोड़ी देर पहले मोच आयी थी पेअर में इसलिए थोड़ा चलना मुश्किल हो रहा है".

हरिया एक हाथ से अनीता की बाई हाथ पकड़ा और दूसरी हाथ उसकी गांड पर रख कर सहारा देते हुए उसे मोटरसाइकिल पर बैठते हुए bola,"Aap आराम से बीच में बैठिये मेमसाहेब. हम पीछे से सहारा दूंगा आपको.

अनीता यह साड़ी पहनी थी तो इसलिए वो मोटरसाइकिल पर सिदेवय बैठ गयी.

अनीता के बैठने के बाद हरिया उसके पीछे उससे चिपक कर बैठ गया. अनीता यह देखकर थोड़ी और आगे खिसक गयी जिससे हरिया अच्छे से बैठ सके. ऐसा करने से अनीता की दायी चूंकि का साइड वाला भाग रामु के पीठ से सत् गया. रामु को जब यह एहसास हुआ तो उसका दिल धड़क गया और बदन और लुंड में अजीब सा मज़े का एहसास हुआ.

पीछे से हरिया भी अनीता से चिपक कर बैठ गया जिससे उसकी बायीं चूंकि का साइड का भाग हरिया के सीने से सत् गयी और हरिया का लुंड भी पंत के ऊपर से अनीता की बायीं जांघ से सत् गया. अनीता भी उसके लुंड को अपनी जांघ पर महसूस कर पा रही थी.

हरिया फिर अनीता की बायीं हाथ पकड़ कर अपने दये तरफ से मोटरसाइकिल के पीछे पकड़ा दिया और फिर अपना बया हाथ से उसकी नंगी कमर को पकड़ कर bola,"memsaahab अब आप आराम से बैठिये. आप महफूज है aese,girne का डर नहीं".

अनीता यह सुनकर हरिया को देखकर मुस्कुराई. दोनों के चेहरे के बीच सिर्फ कुछ इनचेस के hi फासले थे और ऐसे में हरिया के मुंह से गुटखा और शराब का गंध अनीता को महक रही थी. साथ hi हरिया के शरीर से उसके पसीने और उसके शर्ट से शराब की मिश्रण वाली तेज़ दुर्गन्ध उसको महक रही थी.

उसे याद आया की ऐसी दुर्गन्ध जब वह daal,aata चावल यह सब लेकर उसके घर आया था और वह उससे चिपक कर उसके लुंड की मालिश कर रही थी तब भी आ रही थी मगर आज उसके पसीने की दुर्गन्ध काफी तेज़ थी क्यूंकि अभी शाम था और हरिया का बदन दिन भर की म्हणत मज़दूरी से पसीने से भीगा हुआ था. यहाँ तक की उसका शर्ट और पंत पर भी पसीना सूखने से कहीं कहीं सफ़ेद लकीर बन गयी थी. एहि हाल रामु के शर्ट और पंत का भी था और उसके बदन से भी पसीने और शराब की तेज़ दुर्गन्ध आ रही थी.

अनीता की नाक में उन् दोनों मज़दूर मर्दों के बीच चिपक कर बैठने से उनके पसीने की तेज़ दुर्गन्ध जा रही थी मगर उसे घिन्न नहीं आ रही थी बल्कि उल्टा एक मज़ा सा लग रहा था उसको. वह उल्टा तेज़ सांस लेकर उनके दुर्गन्ध लेने की कोशिश की.

हरिया अनीता को आराम से बैठने की बात बोलने के बाद bola,"chalo रामु गाड़ी चलाओ".

अनीता दाई हाथ अपने गॉड में राखी थी. मोटरसाइकिल जैसे hi चली अनीता का बैलेंस बिगड़ने से थोड़ी आगे के तरफ, मतलब अपनी दायी तरफ झटके से रामु के बदन से पूरी चिपक गयी और उसके मुंह से "आउच" निकल गयी.

रामु को अनीता जैसी खूबसूरत औरत के मुंह से "आउच" सुनकर भी अच्छा लगा मगर फिर अगले पल हरिया का आवाज़ suna,"Abe रामु आराम से चला".

रामु जवाब में bola,"Haan हरिया ठीक है".

फिर वह मोटरसाइकिल चलते हुए hi सामने आईने में अनीता को देखकर bola,"Maaf कीजियेगा मेमसाहेब".

अनीता की बाल मोटरसाइकिल चलने से हवा में उड़ने लगी थी. वह दायी हाथ से अपनी बाल को कान के पीछे करती हुयी बोली मुस्कुराकर आईने में हु रामु को देखकर boli,"Koi बात नहीं रामु जी. यथा हो hi जाता है".

रामु यह सुनकर मुस्कुराया तो अनीता भी उसे आईने में देखकर मुस्कुराती रही. अगले पल रामु bola,"Memsaheb अगर आपको कउनो पीरबलम नहीं है तो आप अपना दया हाथ से हुंका पकड़ लीजिये".

हरिया भी यह सुनकर bola,"Haan मेमसाहेब रामु को पकड़ लीजिये आपको बेलेंस बनाने में मदद मिलेगा".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर boli,"Sach में आप दोनों को मेरा कितना ख्याल है".

फिर वह अपनी दायी हाथ आगे लेजाकर रामु के पंत के थोड़ा ऊपर उसके शर्ट के ऊपर से पेट से होते हुए उसके बाये कमर को पकड़ ली. हरिया भी अपना दया हाथ पीछे अनीता की कमर पर रख दिया.

अब सिचुएशन यह था की अनीता रामु और हरिया के नीचे सिडेवेस बैठी थी और अपनी दायी हाथ हरिया के दये साइड से होते हुए पीछे लेजाकर मोटरसाइकिल पकड़ी थी जिससे उसकी बायीं चूंकि और हरिया के सीने के बीच कोई रुकावट नहीं थी और उसकी बायीं मुलायम चूंकि हरिया के सीने से साइड से दबी हुयी थी.

वहीँ हरिया का लुंड पंत के ऊपर से hi अनीता की बायीं जांघ से सत्ता हुआ था और अनीता अपनी जांघ पर उसके लुंड के उभर को महसूस कर पा रही थी.

हरिया अपना बाय हाथ अनीता की पेट पर रखे उसे सेहला रहा था और दया हाथ उसकी गांड के ऊपर नंगी कमर पर रखे वहां सेहला रहा था.

अनीता अपनी दायी हाथ आगे लेजाकर रामु का दया कमर पकड़ी थी और उसकी कलाई रामु के शर्ट के ऊपर से उसके पेट पर था. ऐसा करने से उसकी दायी चूंकि और रामु के पीठ के बीच कुछ नहीं था और उसकी दायी चूंकि रामु के पीठ से सटी हुयी साइड से दबी हुयी थी. देखा जाये तो उसकी दोनों बड़ी चूँचियाँ साइड से दोनों मर्दों के कठोर सीने और पीठ से दबी हुयी थी.

अनीता रामु का कमर पकड़ कर आईने में देखती हुयी boli,"Ramu जी उम्मीद करती हूँ की आपको कोई परेशानी नहीं हो रही है मेरा हाथ रखने से".

रामु मोटरसाइकिल चलते हुए आईने में अनीता को देखकर bola,"Are मेमसाहेब परेशानी कइसन. मोटरसाइकिल पर ऐसे साइड में घूमकर बैठने से तो ऐसे पकड़ कर hi बेलेंस मिलता है".

अनीता मुस्कुराती हुयी boli,"Thank यू रामु जी".

रामु यह सुनकर हल्का सा मुस्कुराकर bola,"Aap बस आराम से बैठिये मेमसाहेब".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराई तो हरिया bola,"Ab ठीक है मेमसाहेब. अब थोड़ा झटका लगेगा भी तो आप को परेशानी नहीं होगी".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर हरिया को देखकर boli,"Pareshani कैसे होगी हरिया जी. पीछे से आप अपने मजबूत हाथों से मुझे पकडे हुए हैं और आगे से मैं रामु जी का मजबूत बदन पकड़ी हुयी हूँ. आप दोनों जैसे मजबूत मर्दों के बीच बैठकर परेशानी हो ऐसा हो hi नहीं सकता".

हरिया यह सुनकर bola,"Aisan बात है तो थोड़ा टेस्ट कर लेट हैं हमलोग अपना मजबूती".

अनीता यह सुनकर हरिया को मुस्कुराती हुयी देखि और अगले पल वह रामु से bola,"Ramu थोड़ा अचानक से झटका देना तो".

रामु कुछ सेकण्ड्स ऐसे hi मोटरसाइकिल चलने के बाद अचानक से ब्रेक लगाया तो अनीता जोर से रामु का कमर पकड़ ली और हरिया अपना बाय और दया हाथ को अनीता की कमर की दायी तरफ करके जोर से पकड़ लिया.

ऐसा होने से अनीता को झटका नहीं लगा बस अचानक ब्रेक लगने ऐ ले में रामु थोड़ा सा आगे खिसक गया, इतना की समझ नहीं ए क्यूंकि अनीता उसके कमर को जोर से पकड़ी हुयी थी और उसकी बायीं हाथ मोटरसाइकिल के पीछे पकड़ी हुयी थी. वहीँ हरिया के जोर से पकडे होने से अनीता भी नहीं खिसकी और अनीता के आगे होने से हरिया भी नहीं खिसका. तीनो मजबूती से अपने सीट पर दांते रहे. बस ले के कारण उनके बदन का ऊपरी भाग थोड़ा आगे के तरफ झुका.

आगे हल्का सा झुकने ऐ अनीता की दोनों चूँचियाँ हरिया के सीने और रामु के पीठ के बीच डाब गयी. जब अचानक रुका तो अनीता की मुंह से हलकी चीख निकली थी "आआह्ह्ह" और उनका ऊपर का बदन जैसे hi आगे के तरफ थोड़ा झुक कर सीधा हुआ अनीता की हसी छूट gayi,"Hehehe".

अनीता को हस्ता देख हरिया भी हसने लगा मगर रामु बस हल्का मुस्कुराते रहा. अनीता की चूँचियाँ उन दोनों मर्दों के बीच दबी हुयी थी मगर उसे इससे कोई फ़र्क़ नहीं पद रहा था और वह खिलखिलाकर है रही थी.

वह हसी कण्ट्रोल करके boli,"Aap दोनों भी न सच में".

अगले पल रामु का आवाज़ aaya,"Memsaheb हम और हरिया ताक़त में पास हुए की फेल"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी आगे आईने में रामु को देखती हुयी boli,"Pass वह भी पुरे 100 नंबर से".

रामु यह सुनकर मुस्कुराया तो अनीता को अपनी बायीं चूंकि पर हाथ महसूस हुआ. वह यह महसूस करके बायीं घूमकर हरिया के तरफ देखि जो उसकी बायीं बड़ी चूंकि को मुठी में जितना भर सकता था उतना भरते हुए bola,"Agar हम आपको और अच्छे से पकडे होते तो ी थोड़ा आगे भी नहीं झुकती आप".

अनीता यह सुनकर अपनी आंखें बड़ी करके हरिया को देखि तो हरिया उसकी चूंकि दबाते हुए मुस्कुराया और अगले पल अनीता रामु का आवाज़ suni,"Are तो सही से पकड़ना चाहिए था न मेमसाहेब को".

रामु अनीता की चूंकि पर हरिया का हाथ नहीं देख सकता था. वह बस हरिया का बात का जवाब देते हुए बोल रहा था.

अनीता रामु का बात सुनकर अपनी आंखें बड़ी की तो हरिया उसकी चूंकि दबाते हुए bola,"Are ठीक है अब अच्छे से पकड़ लिए हूँ मेमसाहेब को.".

अनीता बस अपनी आंखें बड़ी करके हरिया को देखि हुए बेशर्मी से मुस्कुरा रही थी. हरिया मुस्कुराकर अनीता को देखते हुए उसकी चूंकि दबाते हुए bola,"Ab मेमसाहेब को अच्छे से पकड़ लिया हूँ हम. तुम तेज़ी से गाडी चलाओ रामु, बहोत दूर जाना है".

रामी अगले पल गाडी को आगे बढ़ाया और हल्का सा झटका फिर दिया. अनीता जोर से रामु का कमर फिर से पकड़ ली और हरिया उसकी बायीं चूंकि को जोर से दबाये हुए था. अनीता फिर से हल्का सा cheekhi,"Aaahhh" और खिलखिलाने lagi,"Hehehe".

हरिया अनीता की चूंकि अपने मुट्ठी में पकड़ा हुआ था और वह खिलखिला रही थी. उसको खिलखिलाता देख हरिया भी उसकी चूंकि दबाते हुए हसने लगा.

रामु मोटर साइकिल चलते हुए आईने में अनीता को हस्ता देख bola,"Maaf कीजियेगा मेमसाहेब इस बार जान बुझ कर hi ऐसा किये हम. सोचे की एक आखरी बार आपको हँसा दे".

अनीता खिलखिलाती हुयी आईने में रामु को देखकर एक ऐडा से boli,"Hehehe कोई बात नहीं रामु जी. अब तो मुझे भी कोई डर नहीं है. आप और हरिया जी जैसे मजबूत मर्दों के बीच बैठकर अब डर किस बात का".

हरिया अनीता की चूंकि दबाते हुए bola,"Aesa बार बार चलना तो ससुरा ठीक नहीं है. मगर मेमसाहेब को अच्छा लग रहा है तो एक बार और ऐसा करके अच्छे से गाडी चला रामु".

रामु कुछ सेकण्ड्स बाद फिर वैसे hi झटका दिया तो अनीता फिर से रामु का कमर जोर से पकड़ी खिलखिलाने लगी. हरिया भी उसकी चूंकि को जोर से दबाये हुए था.

रामु अनीता को एक बार आईने में खिलखिलाते हुव देख नार्मल तरीके से मोटरसाइकिल चलने लगा वहीँ अनीता खिलखिलाती हुयी boli,"Hehehe ओह माय गॉड आप दोनों भी सच में बहोत फनी है हहहहए".

हरिया भी उसकी चूंकि दबाये हुए हस्ते हुए bola,"Hahaha हम दोनों पहननी है क्यूंकि हम दोनों के पास फनवाला चीज़ है मेमसाहेब".

हरिया यह बोलकर अपने लुंड के तरफ आखों से इशारा किया. अनीता खिलखिलाती हुयी हरिया का बात सुनती हुयी उसके तरफ देख रही थी और हरिया जब अपने लुंड के तरफ इशारा किया तो अनीता बेशर्मी से अपनी जांघ से सटे हरिया के लुंड के उभर को देखि और देखकर खिलखिलाना बांध करके अपनी आंखें बड़ी करके हरिया को देखि और अपना सर हिलाकर मुस्कुराती हुयी सामने देखने लगी.

रामु आईने में अनीता को मुस्कुराते देख मुस्कुराकर bola,"ek आखरी बार हमरे तरफ से मेमसाहेब आपको हँसा देता हूँ".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Ab बस भू कीजिये रामु जी. आप दोनों तो मुझे हँसा हँसा कर पेट में दर्द कर देंगे".

अगले पल अनीता को हरिया का आवाज़ सुनाई diya,"Are मेमसाहेब कुछो नहीं होगा. एक आखरी बार बस".

अनीता यह सुनकर खुद को मेंटली तैयार कर ली और रामु कुछ सेकण्ड्स बाद फिर से झटका दिया जिससे अनीता की मुंह से चीख nikki,"Aaahh" और फिर उसकी दायी चूंकि रामु के सीने से डाब गयी और बायीं चूंकि हरिया अपने मुट्ठी में भरकर दबाये हुए था. अनीता इसके बावजूद बेशर्मी से खिलखिलाने lagi,"Hehehe" और हरिया भी उसकी चूंकि दबाये है रहा था "हाहाहा".

अनीता हरिया को हस्ता देख खिलखिलाती हुयी boli,"Ohh माय गॉड" और फिर खिलखिलाती हुयी सामने आईने में रामु को मुस्कुराते हुए देखने लगी.

अनीता जो पढ़ी लिखी, बेहद hi खूबसूरत, मॉडल और एक्ट्रेस जितनी खूबसूरत थी और अमीर घर की शादी शुदा औरत थी वह बेशर्मी से दो अनपढ़ गंवार मजदुर जिनके कपडे पर पसीने से कहीं कहीं सफ़ेद धब्बे हो गए थे और जिनके बदन से पसीने और देसी शराब की गंध आ रही थी उनके बीच मोटरसाइकिल पर बैठी एक के पीठ से अपने चूंकि दबती हुयी और दूसरे के हाथ से अपनी दूसरी चूंकि मसलवटी हुयी पूरी बेहयाई और बेशर्मी से खिलखिलाती हुयी अपने घर जा रही तिथि, जैसे कोई रुंडी अपने कस्टमर के साथ उनका बिस्तर गरम करने या कोई बदचलन औरत अपने यारों के साथ रंगरेलियां मानाने जा रही हो.
 
बिफोर रीडर्स स्टार्ट मेकिंग असुंप्तिओंस अबाउट थे डायरेक्शन इन व्हिच थे स्टोरी मई मूव इन फ्यूचर, ी वोउल्ड रिक्वेस्ट थम तो हैवे पेशेंस फॉर थे नेक्स्ट 3-4 उपदटेस. टिल थें जस्ट कमेंट ों थे पर्टिकुलर अपडेट विथाउट डिस्कोसिंग थे डायरेक्शन इन व्हिच थे स्टोरी मिगहत मूव. ी क्नोव वेयर तो टेक थे स्टोरी एंड वेयर तो प्लेस ा पर्टिकुलर इवेंट. थैंक्स.
 
अपडेट 63

अनीता उसी तरह हस्ती खिलखिलाती हुयी हरिया और रामु के बीच मोटरसाइकिल पर उनसे चिपकी बैठी अपने घर की तरफ जा रही थी. हरिया उसकी बायीं चूंकि पूरा रस्ते मसलते रहा और अनीता एक बार भी उसे अपना हाथ उसकी चूंकि से हटाने के लिए नहीं बोली.

शाम का वक़्त था और रामु हाईवे से होते हुए एक गली से अनीता के घर के तरफ गया जिधर लोगो और गाड़ियों का आना जाना नहीं था तो कोई देखने वाला नहीं था की अनीता की चूंकि कोई दबा रहा है शायद इसी कारण से अनीता हरिया का हाथ अपनी चूंकि से हटाने के लिए इशारा नहीं की या बोली नहीं.

अनीता की घर से 2-3 मिनट की दूरी पर हलकी हलकी बारिश होने लगी और घर पहुँचते पहुँचते बारिश तेज़ हो गयी. अनीता बारिश तेज़ होता देख boli,"Ohh no. यह बारिश तो तेज़ हो गयी"

हरिया मोटरसाइकिल से जल्दी से उतारते हुए bola,"Ee तो अच्छा हुआ घर पहुँच गए नहीं तो इतना तेज़ बारिश में रास्ते पर मुश्किल हो जाता".

अनीता भी यह सुनकर "हाँ हरिया जी" बोली तो हरिया उसके तरफ हाथ बढ़ाते हुए bola,"Aaiye मेमसाहेब".

अनीता हरिया का हाथ पकड़ कर मोटरसाइकिल से उतर गयी तो हरिया bola,"Chaabhi दीजिये मेमसाहेब हम जल्दी से ी लोहे का गेट खोल देता हूँ".

अनीता जल्दी से अपनी बैग से चाबी लेकर हरिया को दी तो वह गेट खोलकर bola,"Aaiye मेमसाहेब हम जल्दी से आपको अंदर छोर देता हूँ नहीं तो आप भींग जाइएगा".

अनीता आगे बढ़ी तो हरिया उसे चाभी देकर रामु से bola,"Tum रुको रामु हम मेमसाहेब को जल्दी अंदर छोड़ कर आता हूँ".

अनीता यह सुनकर boli,"Hariya जी बारिश तेज़ हो गयी है. आप दोनों अभी कहाँ जायेंगे. आप लोग भी चलिए अंदर".

रामु यह सुनकर bola,"Are नहीं मेमसाहेब हम आपकी परेशानी नहीं बढ़ाना चाहते. आप जाइये".

अनीता यह सुनकर घूमकर रामु के तरफ देखकर नाराज़गी से boli,"Kaisi बात कर रहे हैं रामु जी. मैं साथ आई तो आप लोगो को परेशानी नहीं हुयी और आप दोनों थोड़ा देर यहाँ रुक जायेंगे तो मुझे परेशानी हो जाएगी".

फिर वह हरिया को देखकर boli,"Hariya जी आप hi समझाइये न रामु जी को. इतनी बारिश में आप दोनों जायेंगे तो पूरा भींग जायेंगे और तबियत ख़राब हो जाएगी"

हरिया यह सुनकर bola,"Abe रामु मेमसाहेब ठीक बोल रही है. चल जब तक बारिश नहीं रुकता हम दोनों यहीं रुक जाता हूँ".

रामु यह सुनकर अनीता की भीगी बदन को देखने लगा. उसकी छोटो ब्लाउज उसकी चूँचियों से चिपक चुकी थी और उसकी क्लीवेज में पानी घुस रही थी. अनीता रामु को अपनी बदन घूरते हुए देख boli,"Jaldi चलिए रामु जी नहीं तो और भीग जाइएगा"

रामु यह सुनकर "हाँ" में सर हिलाया तो हरिया अनीता की हाथ पकडे अंदर घर की तरफ दौड़ा. रामु पीछे से मोटरसाइकिल लेकर अंदर गया हुए उसका नज़र दौड़ते वक़्त अनीता की गांड पर था.

भीगने के कारण अनीता की साड़ी उसकी गांड की दरार में घूस गयी थी और उसकी दोनों गांड के फांक का पूरा आकर समझ आ रहा था जो दौड़ने से हिल रही थी. अनीता की बड़ी गांड को हिलता देख रामु के लुंड में गरम खून दौड़ने लगा.

अनीता गेस्ट रूम की तरफ बढ़ गयी और घर का चाबी जो दूसरे गुच्छे में थी उसको बैग से निकलने लगी. हरिया रामु को गेट बांध करने बोल दिया तो वह मोटरसाइकिल को पार्क करके जल्दी से गेट बांध करके आ गया.

अनीता तब तक चाबी निकल कर गेस्ट रूम खोलने लगी. रामु वापस आकर जैसे hi अनीता को गेस्ट रूम खोलते देखा उसका दिल धड़कने के साथ साथ लुंड में भी हलचल हो गया. अनीता किसी बड़ी गांड जिसके दरार में भीगी हुयी साड़ी घुस चुकी थी और उसके ऊपर अध् नंगी भीग हुयी गोरी पीठ जिसपर पानी फिसल रहा था यह देखकर किसी भी मर्द का खून गरम हो सकता था तो फिर हरिया और रामु जैसे मर्दों का खून गरम न हो ऐसा हो hi नहीं सकता था.

वह दोनों अनीता को गांड और उसकी अधनंगी पीठ को देखने लगा. कुछ सेकण्ड्स बाद अनीता की गांड को घुमते देख रामु समझ गया की वो पीछे घूम रही है तो झट्ट से अपनी आँखें उसकी गांड से हटाकर उसके चेहरे पर कर दिया.

अनीता उसे अपनी गांड को देखते हुए देख ली थी मगर फिर भी बुरा मान बिना मुस्कुराती हुई boli,''aaiye आप दोनों इसमें आराम कीजिये''.

हरिया और रामु के पूरे बदन से पानी टपक रहा था. हरिया bola,"Are मेमसाहेब हम ऐसे जायेंगे तो आपका पूरा घर गीला और गन्दा हो जायेगा"

अनीता उसे देखकर boli,''Ohh मैं भी न. रुकिए मैं तौली देती हूँ''.

यह बोलकर अनीता गेस्ट रूम में जाकर वार्डरॉब खोलने lagi.Wardrobe से दो तौली निकल कर वह बाहर आई और रामु और हरिया को एक एक तौली देती हुयी boli,"Yeh लीजिये आप दोनों अपना बदन सूखा लीजिये".

रामु और हरिया दोनों अनीता को देखते हुए उसके हाथ से तौली ले लिए. हरिया मुस्कुराते हुए bola,"Thenku मेमसाहेब".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराई तो रामु भी bola,"Thenku".

अनीता यह सुनकर रामु को देखकर मुस्कुराई.

अगले पल हरिया अनीता किसी बदन को ऊपर से नीचे तक देखा तो अनीता उसके तरफ देखि. वह चुप चाप कड़ी रही और हरिया को अपना बदन पर नज़र दौड़ने दी. हरिया उसकी बदन पर एक नज़र दौड़ने के अनीता को देखा तो वह boli,''aap दोनों अपना बदन पोंछ कर गेस्ट रूम में जा कर आराम कीजिये तब तक मैं भी थोड़ा फ्रेश होकर कपडा बदल लेती हूँ. मैं भी पूरी भींग चुकी हूँ''.

हरिया जवाब में bola,"Haan ठीक है मेमसाहेब. आप भी अपना ी खबसूरत बदन पोंछ कर कपडा बदल लीजिये".

अनीता यह सुनकर मुस्कुरा दी तो हरिया आगे bola,"Bheegne से ससुरा आपका पूरा कपडा आपका खबसूरत बदन से चिपक गवा है".

हरिया यह बोलकर अनीता की बदन को फिर से ऊपर से नीचे तक देखकने लगा. अनीता उसे फिर से अपनी बदन को घूरते देखने लगी, उसका नज़र उसकी चूंकि से चिपकी ब्लाउज पर और भीगी पेट पर जा रहा था. रामु अनीता के बायीं तरफ खड़ा था तो अनीता आँखों के कोने से देखि की वह साइड से उसकी गांड देख रहा था जहाँ साड़ी उसकी गांड से चिपक कर थोड़ा उसकी दरार में भी घुस गयी थी.

अनीता बिना बुरा माने boli,"Haan हरिया जी भीगने से तो चिपकेगा hi".

हरिया यह सुनकर bola,"Haan मेमसाहेब और आपका तो पीछे घुस भी गवा है".

अनीता को हरिया से रामु के सामने ऐसे बोलने की उम्मीद नहीं थी और वह यह सुनकर आंखें बड़ी करके हरिया को देखि तो वह मुस्कुरा दिया. अनीता अपनी आँखों के कोने से रामु को देखि तो वह भी हल्का मुस्कुरा रहा था.

रामु को मुस्कुराता देख अनीता अपनी बेशर्मी की साबुत देती हुयी बिना शर्म के उसके तरफ देखि तो वह भी अनीता को देखकर मुस्कुराते रहा.

अनीता भी मुस्कुराकर boli,"Achha आप दोनों बदन सूखा कर गेस्ट रूम में आराम कर लीजियेगा. मैं थोड़ा फ्रेश हो जाती हूँ तब तक".

अनीता यह बोलकर अपनी गांड मटकती हुई घर का दरवाज़ा के तरफ जाकर दरवाज़ा खोलने लगी. अनीता के दरवाज़े की तरफ जाने वक़्त हरिया और रामु सर और बदन पोंछने लगे और पोंछते hi दोनों का नज़र अनीता की गांड पर वापस पारा और दोनों तौली को वैसे hi सर और बदन पर रोककर उसकी गांड देखने लगे जिसमे साड़ी घुसी हुयी थी. दोनों एक नज़र उसकी भीगी कमर और पीठ पर भी लेजाकर देखे.

अनीता दरवाज़ा खोल कर लिविंग रूम में दाखिल हो गयी और दरवाज़ा अंदर से बांध करते वक़्त वह दोनों के तरफ देखि तो वह दोनों हल्का सा मुस्कुरा रहे थे. अनीता भी मुस्कुरा दी और दरवाज़ा बांध कर दी. दोनों हरिया और रामु का लुंड फड़फड़ा गया अनीता की गांड और अधनंगी पीठ और कमर को देखकर. दोनों गहरी सांस लेकर वापस सर और बदन पोंछने लगे.

दोनों अपना बदन पोंछ कर गेस्ट रूम में गए और दो कुर्सी पर बैठे अगले आधे घंटे तक दोनों उस रूम की ख़ूबसूरती देखते रहे और साथ में आपस में बात करते रहे, खाकर अनीता के बारे में की कैसे वह इतनी पढ़ी लिखी, अमीर और खूबसूरत होने के बावजूद भी दिल की कितनी अच्छी है.

दोनों बात कर hi रहे थे की अनीता वापस गेस्ट रूम में आयी. वह नाहा कर कपडे बदल ली thi.Woh एक बहुरंग साड़ी पहनी हुयी थी जिसपर हरा, लाल , गुलाबी और नीली रंग की पट्टी (स्ट्राइप) बानी थी.

वह साड़ी उसकी गोरी जिस्म को और भी खूबसूरत बना रही थी. साड़ी के साथ वह उसी पैटर्न में एक छोटा ब्लाउज पहनी थी जो उसकी चूंकि के नीचे आकर ख़तम हो जा रही थी. ऊपर क्लीवेज भी थोड़ा दिख रही थी. वह साड़ी को नाभि से 3 इनचेस नीचे पहनी थी जिसके कारण उसकी गोरी सपाट पेट पूरी नंगी थी और बस एक साइड में hi उसकी कंधे पर जाती हुयी पल्लू से थोड़ी ढंकी हुयी थी.

पूरी नंगी गोरी सपाट पेट के बीच उसकी गहरी नाभि से डेढ़ दो इनचेस का बेल्ली बटन रिंग लटक रही थी जिसमे लगा वाइट स्टोन रौशनी में चमक रही थी.

वह जब आयी तब हरिया और रामु दोनों अनीता को देखते रह गए साथ hi अनीता भी उन् दोनों को देखने लगी. वह दोनों कुर्सी पर सिर्फ तौली लपेटे हुए बैठे थे, उसके अलावा उन दोनों के बदन पर और कोई कपडा नहीं था.

रामु और हरिया अनीता की चूंकि की उभर, नंगी पेट और नाभि से लटकी चमकती हुयी बेल्ली बटन रिंग देख रहे थे वहीँ अनीता उनके बालों से भरे सीने को देख रही थी. ऐसा कुछ सेकण्ड्स तक हुआ उसके बाद रामु bola,"Maaf कीजियेगा मेमसाहेब वह कपडा भीगा था तो उसे सूखने के लिए रख दिए और ी तौली पेहेन लिए".

अनीता यह सुनकर रामु को देखि और मुस्कुराती हुयी एक ऐडा से चलती हुयी आगे उनके पास जाती हुयी boli,"Are कोई बात नहीं रामु जी. आप दोनों तो मेरी वजह से hi भीगे हैं. मैं नहीं रहती तो आप दोनों अपने घर जाते और भीगते भी तो काम से काम बदलने के लिए कपडा तो होता आप दोनों के आस पास".

हरिया यह सुनकर bola,"Are मेमसाहेब कहे हुंका शर्मिंदा कर रही हैं आप. आपका मदद करके तो हुंका अच्छा लगा अब इसमें थोड़ा भीग गए तो का हुआ. का रामु का बोलता है".

रामु यह सुनकर अनीता को देखकर bola,"Haan मेमसाहेब. हम दोनों को आपका मदद करके अच्छा लगा".

हरिया और रामु के करीब उनसे एक से डेढ़ फ़ीट की दुरी पर अनीता उनके सामने कड़ी थी जिसके कारण उसकी पेट उन दोनों के आँखों के सामने थी. रामु अपना बात बोलकर एक नज़र अनीता की नंगी पेट और उसके बीच नाभि से लटकी हुयी चमकती हुयी बेल्ली बटन रिंग को देखने लगा.

अनीता रामु के नज़र को अपनी पेट पर रेंगते हुए देखने के बाद एक नज़र हरिया को देखि तो उसे भी अपनी नंगी पेट पर देखते हुए पायी.

वह दोनों को अपनी नंगी पेट को देखते हुए पाकर वह बिना कुछ रिएक्शन के मुस्कुराकर boli,"To आप लोग भी मुझे शर्मिंदा मत कीजिये माफ़ी मांग कर. अब आप दोनों का कपडा भींग गया है तो उसे तो उतरेंगे hi. भीगा हुआ कपडा पेहेन कर अपना तबियत क्यों ख़राब करेंगे. इसके लिए माफ़ी मांग कर मुझे शर्मिंदा मत कीजिये. जो भी किया है आप दोनों ने ठीक किया है".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए अनीता की चेहरे को देखकर bola,"Sach में मेमसाहेब आप कितनी अच्छी हैं. जितना खबसूरत आपको ऊपर वाले ने बनाया है आप उतनी hi अच्छी और समझदार भी हैं".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराई तो अगले पल रामु bola,"Haan मेमसाहेब सच में आप बहोत अच्छी है".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर रामु को देखकर boli,"Aap दोनों भी तो बहोत अच्छे हैं. मुझे ऐसे रास्ते पर कड़ी देखकर मेरी मदद करने के लिए तैयार हो गए और अपने साथ मेरे घर तक ले आये".

रामु और हरिया दोनों हल्का मुस्कुराने लगा तो हरिया bola,"Ab मेमसाहेब आपका जइसन खबसूरत, प्यारी और नाज़ुक औरत को हम ऐसे वहां कैसे छोड़ सकते थे".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Hariya जी वह तो ठीक है लेकिन अब मेरी तारीफ करना बांध कीजिये. बस मेरी तारीफ hi कर रहे हैं आप दोनों".

यह सुनकर अनीता खिलखिलाने lagi,"Hehehe" तो हरिया भी हसने लगा "हाहाहा". वहीँ रामु बस मुस्कुराता रहा. अनीता रामु को मुस्कुराते हुए देखकर boli,"Achha बातें तो होती रहेंगी. आप दोनों भीग गए थे तो मैं आप दोनों के लिए अदरख वाली चाय बना देती हूँ".

रामु को इसका उम्मीद नहीं था. वह यह सुनकर अनीता को देखने लगा की तभी हरिया हसना बांध करके bola,"Are मेमसाहेब आप कहे तकलीफ कर रही हैं".

अनीता मुस्कुराकर boli,"Isme तकलीफ की क्या बात है. मैं भी पीना चाहती हूँ तो सोची की आप दोनों से भी पूछ लून की आप दोनों अदरख वाली चाय पीते हैं या नहीं. सबकी अपनी अपनी पसंद होती है तो पूछना ज़रूरी है न".

हरिया मुस्कुराकर bola,"Waah मेमसाहेब फिर से आप कितनी समझदारी की बात बोली".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती रही तो रामु हरिया के तरफ देखा जैसे आँखों से कुछ कहना चाहता हो. अनीता भी रामु के तरफ देखि तो वह भी समझ गयी की वह शायद कुछ कहना चाहता है.

अनीता उसे देखकर puchh,"Ramu जी आप कुछ कहना चाहते हैं क्या? अगर आप अदरख की चाय नहीं पीते तो निम्बू चाय बना दूँ आपके लिए. या जूस पिएंगे आप?"

रामु यह सुनकर अनीता को देखा. अनीता उसे इतना कुछ पीने के लिए ऑफर करेगी वह सोचा नहीं था. वह उसकी ख़ूबसूरती से उसके तरफ आकर्षित तो था hi और उसकी बदन को गन्दी नज़र से घूरने में अच्छा तो लग रहा था मगर साथ hi अनीता के प्रति थोड़ी मैं में इज़्ज़त भी होने लगी उसकी अच्छी बिहेवियर देखकर की इतनी अमीर, खूबसूरत और पढ़ी लिखी होने के बावजूद भी वह दिल की अच्छी थी और घमंड ज़रा भी नहीं था तभी तो उसके और हरिया जैसे मज़दूरों के साथ इतनी अच्छे तरीके से खुल कर घुल मिल गयी.

हरिया जवाब में bola,"Woh मेमसाहेब हम बोले थे न की शाम में ससुरा को थोड़ा पीने का आदत है. जब तक थोड़ा पियेगा नहीं इसको चैन नहीं मिलेगा".

अनीता यह सुनकर रामु के तरफ देखि और अपनी सर हिलती हुयी boli,"Ramu जी तो यह बोलने में आप झिझक रहे थे? इसमें झिझकने की क्या बात है. मैं तो पहले hi बोल चुकी हूँ की हम सब एडल्ट्स हैं. अगर आपको पीने का मैं है तो वही सही. लेकिन मेरे घर में तो पीने का कुछ नहीं है."

हरिया यह सुनकर bola,"Are मेमसाहेब कउनो बात नहीं ु रामु ससुरा लेकर घूमता है अगर कभी कहीं पीने का मैं हो और आस पास न मिले"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Ohh तब ठीक है आपको पीना है तो आराम से पीजिये".

हरिया फिर bola,"Aese मेमसाहेब जूस के अलावा तो बहोत सारा दूध भी होगा यहाँ" और यह बोलकर वह अनीता की छोटी ब्लाउज में कैद उसकी चूँचियों को देखने लगा.

अनीता को इसकी उम्मीद नहीं थी. उसकी दिल धड़कने लगी और सांस तेज़ हो गयी जिससे उसकी चूँचियाँ भी ऊपर नीचे होने लगी. साथ hi उसकी छूट में भी थोड़ी हलचल हो गयी. वह जल्दी से आँखों के कोने से रामु को देखि तो पायी की वह भी उसकी चूँचियों को hi देख रहा है.

अनीता अपनी सांस कण्ट्रोल करके हरिया को देखि तो वह उसके चेहरे पर देखकर मुस्कुराया. हरिया को मुस्कुराता देख अनीता puchhi,"Hariya जी आप चाय पिएंगे या आप भी रामु के साथ hi पिएंगे".

हरिया मुस्कुराकर bola,"Ab मेमसाहेब ससुरा जैसा भी है हमरा दोस्त है. थोड़ा साथ तो देना hi पड़ेगा".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Theek है. मैं खुद के लिए चाय बना लेती हूँ. आप दोनों आराम से पीजिये".

हरिया यह सुनकर bola,"Theek है मेमसाहेब. वह दो गिलास मिलेगा का?"

अनीता सुनकर मुस्कुराकर boli,"Haan हरिया जी क्यों नहीं. उसके साथ कुछ खाएंगे क्या?"

हरिया यह सुनकर bola,"Are नहीं मेमसाहेब कुछो नहीं. आप परेशां मत होइए".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Are हरिया जी परेशानी की क्या बात है. इन फैक्ट मैं सोच रही थी की मौसम अच्छा है तो कुछ नमकीन बना लेती हूँ. इस मौसम में पकौड़े खाने का अलग hi मज़ा है. मैं पकौड़े hi बना देती हूँ. मैं भी खा लुंगी और आप दोनों भी खा लीजियेगा".

हरिया और रामु एक दूसरे को देखे और फिर हरिया bola,"Theek है मेमसाहेब जब आप बना रही है तो हम दोनों भी खा लेंगे".

अनीता मुस्कुराकर रामु और हरिया दोनों के तरफ एक एक करके देखकर boli,"Theek है. तब तक मैं दो गिलास ला देती हूँ".

रामु "हाँ" में सर हिलाया और bola,"Memsaheb थोड़ा पानी और बर्फ भी मिलेगा?".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयु रामु को देखकर अपनी सर हिलाकर boli,"Ramu जी क्यों नहीं मिलेगा. आप भी न. जो भी चाहिए आप लोगो को वह बेझिझक मांगिये. आप दोनों कोई अनजान तो हैं नहीं की कुछ बोलने या मांगने से पहले झिझक हो".

रामु यह सुनकर "हाँ" में सर हिलाया तो अनीता उसे और हरिया को देखती हुयी आगे boli,"Ek काम कीजिये आप दोनों अंदर लिविंग रूम में hi आ जाइये न. वहां आराम से सोफे पर बैठकर आप दोनों पि लीजियेगा और मैं किचन में पकौड़े बनाकर गरम गरम आप दोनों को सर्वे भी कर दूंगी. लिविंग रूम में hi किचन भी है तो जो भी चाहिए आप लोगो को आसानी से मिल भी जायेगा और थोड़ी बहोत बात चित भी होते रहेगी".

हरिया यह सुनकर bola,"Haan बात तो सही है".

रामु को अनीता की बात पर यक़ीन नहीं हो रहा था तो वह एक पल के लिए हरिया को देखकर वापस अनीता को देखने लगा तो अनीता boli,"Lag रहा है रामु जी को अकेले आपके साथ hi पीने का मैं है. वह मेरे सामने पीना नहीं चाहते हैं".

रामु यह सुनकर bola,"Are नहीं मेमसाहेब अइसन बात नहीं है".

अनीता यह सुनकर एक ऐडा से boli,"To फिर सोच क्या रहे हैं? चलिए आराम से अंदर बैठकर पियेगा."

रामु जवाब में bola,"Bas एहि सोच रहे है मेमसाहेब की आपके सामने पिएंगे तो नशा दुगना हो जायेगा".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराकर bola,"Abe रामु ससुरा". वहीँ अनीता अपनी आंखें बड़ी करके रामु को देखती हुयी एक ऐडा से मुस्कुराती हुयी boli,"Ramu जी आप भी. मैं तो सोची भी नहीं थी की आप ऐसे तारीफ भी कर सकते हैं".

रामु यह सुनकर मुस्कुराया तो हरिया bola,"Sasura छुपा रुस्तम है हाहाहा".

अनीता भी सुनकर मुस्कुराती रही तो हरिया bola,"Lekin ससुरा का इसमें कउनो ग़लती नहीं है मेमसाहेब. आप सच में बहोत खबसूरत लग रही हैं इस साड़ी में. कसम से हीरोइन लग रही हैं आप".

अनीता यह सुनकर हरिया को देखकर मुस्कुराती हुयी boli,"Offo हरिया जी अब बस भी कीजिये" की अगले पल रामु bola,"Humka तो मेमसाहेब हीरोइन से भी ज़्यादा खबसूरत लग रही है".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी रामु को देखकर boli,"Ab मैं क्या बोलूं. आप दोनों hi मेरी तारीफ करने लगे".

इसके जवाब में हरिया bola,"Are मेमसाहेब तारीफ उसी का किया जाता है जो ऊके लायक होता है. आप है hi इतनी खबसूरत".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर हरिया को देखि तो वह उसकी जिसक को ऊपर से नीचे तक देखने लगा. अगले पल अनीता रामु के तरफ देखि तो वह भी उसकी जिस्म को ऊपर से नीचे तक देखने लगा. दोनों मर्दों के मुंह से खुद की ख़ूबसूरती की तारीफ सुनकर और फिर उनकी नज़रो को अपने जिस्म पर रेंगता देख अनीता को अपनी ख़ूबसूरती पर गर्व होने लगा और वह गर्व से वहां चुप चाप कड़ी रही.

कुछ सेकण्ड्स बाद हरिया bola,"Waah मेमसाहेब सच में बहोत hi प्यार से बनाया है आपको ऊपर वाले ने".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Ab बस भी कीजिये आप दोनों".

यह सुनकर हरिया मुस्कुराया तो अनीता भी मुस्कुराती हुयी देखकर boli,"Ab आप दोनों को पीना भी है या एक गुना नशा ऐसे hi हो गया?"

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Are मेमसाहेब" और फिर हसने laga,"hahaha" तो अनीता भी बेशर्मी से खिलखिलाने लगी "हेहेहे".

रामु भी अनीता की बदन को देखते हुए मुस्कुराने लगा. अनीता खिलखिलाती हुयी boli,"Hehe सच में आप दोनों बहोत फनी हैं. अब चलिए"

रामु यह सुनकर "हाँ" में सर हिलाया तो हरिया bola,"Chalo रामु".

दोनों उठ गए. रामु एक कुर्सी पर सूखने के लिए रखे उसके कपड़ो के तरफ गया और पंत से शराब का एक छोटा बोतल निकला तो अनीता boli,"Aap लोग अपने कपडे भी लेते चलिए. वाशिंग मशीन में जल्दी से धूल भी जायेगा और सुख भी जायेगा".

रामु यह सुनकर अनीता को देखा और "हाँ" में सर हिलाकर अपना कपडा उठाने लगा. हरिया भी आगे बढ़कर अपना कपडा दूसरा कुर्सी से उठाया.

अनीता फिर boli,"Chaliye और चाबी ले लीजिये. गेस्ट रूम बांध कर देते हैं जब तक आप दोनों अंदर रहेंगे तब तक के लिए" और वह दोनों के आगे चलती हुयी गेस्ट रूम से बाहर जाने लगी. रामु जल्दी से चाबी उठाया और वह और हरिया भी बाहर जाने लगा.

हरिया और रामु का नज़र अनीता की पीठ पर पड़ा और देख कर दोनों का लुंड फड़फड़ा गया. अनीता की छोटी ब्लाउज में पीछे तीन डोरी hi थी, एक गर्दन के पास, एक नीचे पीठ पर और एक उन दोनों के बीच. इसके अलावा उसकी पीठ पर और कोई कपडा नहीं था. उसकी गोरी चिकनी पीठ गर्दन के नीचे से लेकर उसकी गांड के ऊपर जहाँ साड़ी बंधी हुयी थी वहां तक पूरी नंगी थी उन तीन डोरी को छोड़कर जिसका काम बदन को ढांकना नहीं बल्कि ब्लाउज को अनीता की बदन पर बंधे रखना था. उसकी बाल भी आगे के तरफ किया हुआ था तो वह भी उसकी पीठ को ढँक नहीं रही थी.

अनीता गांड मटकती और कमर लचकती हुयी उन् दोनों मर्द जो सिर्फ तौली लपेटे थे उनके आगे चल रही थी और वह दोनों का नज़र उसकी नंगी पीठ और मटकती गांड पर था.

अनीता कमरे से बाहर निकली तो बारिश और हवा पहले से तेज़ हो गयी थी. ऐसा लग रहा था की आंधी आएगी. तेज़ हवा के कारण वरण्डः में भी बारिश की थोड़ी छींटे आ रहे थे जिसमे से कुछ छींटे अनीता की गोरी बदन पर भी पद रहा था.

रामु जब दरवाज़ा लॉक कर रहा था तो हरिया तेज़ हवा और बारिश देखकर bola,"Ee ससुरा बारिश तो और तेज़ हो गवा और आंधी भी आने वाला लगता है".

रामु भी दरवाज़ा लॉक करने के बाद अनीता के पीछे चलते हुए bola,"Haan लग रहा है रुकने वाला नहीं है. जगह जगह पानी भी लग गवा होगा".

अनीता यह सुनकर चलती हुयी boli,"Haan. खैर हम लोग घर पर आ चुके हैं तो यहाँ सेफ हैं".

हरिया यह सुनकर bola,"Haan मेमसाहेब"

अनीता घर के दरवाज़े के पास गयी तो बिजली चमकने लगी और फिर हल्का बदल गरजा. बिजली चमकने से अनीता की गोरी बदन भी वरण्डः की हलकी रौशनी में चमक उठी, खासकर जहाँ जहाँ बारिश की थोड़ी छींटे पड़ी थी. रामु और हरिया दोनों का नज़र वहां पड़ा तो उनका लुंड तौली के अंदर फिर से फड़फड़ा गया.
 
अपडेट 64

अनीता घर के अंदर गयी और उसके पीछे वह दोनों भी गए. हरिया अनीता से bola,"memsaheb दरवाज़ा अंदर से बांध कर देते हैं हम. बाहर बहोत तेज़ हवा बह रहा है".

अनीता यह सुनकर पीछे घूमकर हरिया को देखकर boli,"Haan हरिया जी बांध कर दीजिये".

हरिया फिर घूमकर दरवाज़ा अंदर से बांध करने लगा तो रामु देखने लगा.

अनीता अपनी गांड मटकती हुयी सोफे के पास जाकर उसके तरफ इशारा करके दोनों से boli,"Aaiye और बैठिये आप दोनों".

रामु एक नज़र घर में दौड़कर सोफे पर हरिये के साथ बैठा गया. वह बैठ कर सोफे को देखने लगा. उसे बहोत आराम मिल रहा था.

हरिया यह देखकर bola,"Kaisan लगा? ससुरा इतना मुलायम सोफे है".

रामु यह सुनकर "हाँ" में सर हिलाते हुए bola,"Haan अच्छा है"

अनीता मुस्कुराकर boli,"Guest रूम में आप दोनों चेयर पर बैठे हुए थे तो आराम भी नहीं मिल रहा होगा और गेस्ट रूम के बिस्तर पर बैठकर पीने में अच्छा भी नहीं लगता आप दोनों को. यहाँ सोफे पर आराम से आप दोनों पी सकते हैं. दिन भर की मज़दूरी करने के बाद थोड़ा मुलायम गद्दा पर बैठकर आप लोगो को आराम भी मिलेगा और पीने का भी मज़ा मिलेगा".

रामु यह सुनकर अनीता को देखा और दोनों की नज़र मिली तो वह अनीता की आँखों में देखते हुए bola,"Haan मेमसाहेब बहोत मुलायम और गद्देदार सोफे है. आराम तो मिल रहा है".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराई तो हरिया bola,"Are मेमसाहेब का सब कुछ ऐसे hi मुलायम और गद्देदार hi है".

अनीता यह सुनकर हरिया के तरफ देखि तो वह उसकी चूँचियों को देख रहा था. फिर वह आँखों के कोने से रामु को देखि तो वह भी उसकी चूँचियों को hi देख रहा था. इसके बावजूद अनीता अपनी चूँचियों को पल्लू से ढंकने की कोशिश नहीं की और वह दोनों से boli,"Laiye कपडे दीजिये मैं वाशिंग मशीन में रख देती हूँ".

दोनों एक नज़र अनीता को देखे और कपडा दे दिए. अनीता उनके कपड़ो को लेकर boli,"Main वाशिंग मशीन में रखकर आती हूँ तो आप दोनों के पीने के लिए इंतज़ाम करती हूँ और फिर गरमा गरम पकोड़े भी बनोंगु. तब तक आप दोनों आराम से बैठिये".

हरिया यह सुनकर अनीता को देखकर bola,"Theek है मेमसाहेब". अनीता यह सुनकर मुस्कुराई और रामु को एक नज़र देखने के बाद घूमकर गांड मटकती हुयी दोनों कमरे के बीच एक छोटे से गैलरी जहाँ घर के पीछे जाने का दरवाज़ा था और साथ hi वाशिंग मशीन भी रखने का जगह बनाया हुआ था वहां चली गई.

रामु और हरिया दोनों अनीता की नंगी पीठ को तब तक देखते रहे जब तक वह गैलरी में जा कर उनके नज़रो से ओझल नहीं हो गयी.

अनीता गैलरी में जाकर वाशिंग मशीन खोलकर उनके कपड़ो को एक एक करके अंदर डालने लगी और आखिर में उसकी हाथ में दो अंडरवियर बच गए. अंडरवियर को देखते hi अनीता की दिल धड़क गयी और सांस तेज़ हो गयी. दोनों ने कपडे को गुच्छा बना कर दिया था तो अनीता को अंडरवियर नहीं दिखा था अब तक मगर एक एक करके जब वह कपडे वाशिंग मशीन में दाल रही थी तो उसकी हाथ में वह दोनों सबसे छोटे कपडे hi बच गए.

उनके अंडरवियर को देखते hi अनीता समझ गयी की दोनों तौली के अंदर पुरे नंगे honge.Yeh सोचते hi उसकी सांस और तेज़ होने लगी. वह धड़कते दिल और तेज़ सांस से दोनों का अंडरवियर वाशिंग मशीन में रखने hi वाली थी की तभी कुछ सोचकर रुक गयी.

वह दोनों हाथ में एक एक अंडर वियर पकड़ कर पहले दये हाथ के अंडरवियर को अपनी नाक के पास लेजाकर गहरी सांस ली और ऐसा करते hi उसकी दिल धड़क गयी. अनीता की नाक में एक बेहद hi गन्दा गंध घुसा और ऐसे होने से वह झट से वह अंडर वियर अपनी नाक के पास से हटाकर जोर जोर से सांस लेने लगी.

कुछ सेकण्ड्स तक जोर जोर का सांस लेने के बाद वह अपनी साँसों को काबू की और फिर दूसरा अंडरवियर जो उसकी बायीं हाथ में था उसको नाक के पास लेजाकर सूंघी और फिर वैसा hi गन्दा गंध उसकी नाक में घुसा और फिर उसकी दिल धड़कने लगी और तेज़ सांस लेती हुयी उसे नाक के पास से हटा दी.

अनीता फिर कुछ सेकण्ड्स में सांस काबू करके दोनों अंडरवियर को देखि और दोनों को एक साथ अपनी नाक के पास लेजाकर जोर से सांस ली. उसकी नाक में इस बार दुगना गन्दा गंध गया और उसकी दिल फिर धड़क गयी मगर वह दोनों अंडर वियर को नाक से सतायी जोर जोर से सांस लेने लगी.

धीरे अनीता को वह बदबू अच्छा लगने लगा और उसकी बदन और छूट में एक अजीब सी हलचल होने लगी. वह लगभग एक मिनट तक वैसे hi दोनों अंडरवियर को नाक से सटे जोर से सांस लेती रही और हरिया के लुंड को याद करने के साथ साथ रामु और हरिया के मजबूत सीने को याद करने लगी जो अभी नंगा था. साथ hi याद करने लगी की कैसे उन दोनों मर्दों के मजबूत सीने और पीठ के बीच उसकी दोनों चूँचियाँ दबी हुयी थी.

आखिर कार लगभग एक मिनट बाद वह थोड़ा होश में आयी तो अंडर वियर को अपनी नाक से हटाई और हटते hi वाशिंग मशीन में डालकर तेज़ सांस लेती हुयी वाशिंग मशीन बांध करके ों कर दी. वह एक मिनट वैसे hi वहां कड़ी अपनी सांस को काबू की और फिर वापस लिविंग रूम में गयी तो देखि की हरिया और रामु आराम से थ्री सीटर सोफे के दोनों कोने में बैठे हुए the.Dono अपना टांग फैलाये हुए थे.

हरिया सोफे के दये तरफ बैठा हुआ था और अपना दया हाथ दये साइड के हैडरेस्ट पर रखे हुए था. रामु बाये साइड बैठा दये साइड के हैडरेस्ट पर हाथ टिकाये हुए था. शराब की छोटी बोतल सामने टेबल पर रखा हुआ था.

वह दोनों अनीता को देखकर मुस्कुराये तो अनीता भी मुस्कुरा कर boli,"Aap दोनों बैठिये मैं अभी आती हूँ".

यह सुनकर दोनों "हाँ" में सर हिलाये तो अनीता मुस्कुराकर अपनी कमरे में चली गयी. वह अंदर जाकर अपनी हाथ धोयी और फिर आईने के पास बैठकर अपनी बालों को समेत कर एक क्लॉ क्लिप लगा ली. अनीता की पूरी बाल अब उसकी सर पर क्लिप से बंधी थी और बस दोनों कानो के पास एक एक लेट लटकी हुयी थी.

ऐसा करने से अनीता की ख़ूबसूरती और बढ़ गयी मगर वह इसके लिए क्लिप नहीं लगायी थी. ऐसा करना होता तो वह नहाकर hi वह हैरस्टीले कर लेती. उसे दरअसल किचन में पकोड़ा बनाना था और वह बालों का डिस्टर्बेंस नहीं चाहती थी इसलिए उसे गुच्छे में अपने सर पर क्लिप के जरिये बांध ली मगर ऐसा करने से उसकी ख़ूबसूरती और बढ़ गयी.

अनीता अपनी बालों को क्लिप में बांधकर कमरे से निकली तो दोनों हरिया और रामु अनीता को गौर से देखने लगे. अनीता उन्हें देखकर मुस्कुराई और गांड मटकती हुयी किचन में चली गयी.

किचन में जाते वक़्त उसकी पीठ उन दोनों मर्दों के तरफ हुयी तो दोनों का लुंड फिर से टॉवल में फड़फड़ा गया. बाल को सर के ऊपर करके क्लिप लगाने से अनीता और कामुक लग रही थी और उसकी गर्दन भी अब नंगी हो गयी थी. जब बाल वह खुला छोर कर सामने गिरे हुयी थी तो उसकी पीठ नंगी थी मगर गर्दन ढकी हुयी थी. अब बाल को वैसे क्लिप कर लेने से अनीता की गर्दन भी नंगी हो गयी थी और गर्दन से उसकी गांड की शुरुआत तक बस ब्लाउज की तीन पतली डोरी hi थी.

अनीता फ्रिज खोलकर एक बोतल ठंडा पानी और आइस ट्रे निकली. वह फिर बोतल को एक ट्रे में रख दी और साथ hi दो गिलास रख दी. फिर वह आइस क्यूब आइस ट्रे से निकल कर रख एक बाउल में रख ली और वह बाउल को भी ट्रे में रखकर कमर लचकती और गांड मटकती हुयी सोफे के पास जाकर ट्रे को रखती हुयी boli,"Yeh लीजिये बर्फ, पानी और गिलास".

हरिया यह देखकर मुस्कुराते हुए bola,"Thenku मेमसाहेब". रामु भी अगले पल एहि बोलै.

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी उन्हें देखि और puchhi,"Aur कुछ चाहिए क्या आप दोनों को?".

हरिया फिर अनीता की चूंकि देखने लगा. अनीता उसका नज़र अपनी चूंकि पर महसूस करके रामु के तरफ देखि तो वह भी वही कर रहा था. अनीता देखि की दोनों उसकी जिस्म को फिर से ऊपर से नीचे तक देखने लगे हैं तो वह चुप चाप बिना शर्म के कड़ी रही.

यह सब 4-5 सेकण्ड्स के लिए hi हुआ और हरिया फिर अनीता की चेहरे पर देखकर "न" में सर हिलाते हुए bola,"Nahin मेमसाहेब. अभी इतना ठीक है. बाद में कुछ हो चाहिए होगा तो मांग लेंगे".

हरिया आखरी बात बोलकर वापस एक नज़र अनीता की चूँचियों पर ले गया और एक नज़र देखकर वापस अनीता की चेहरे पर देखा तो वह मुस्कुराई और फिर रामु के तरफ देखि तो उसे उसकी चूँचियों पर नज़र गड़ाए पायी.

अनीता उसे अपनी चूँचियों को देखते हुए पाकर बिना शर्म के puchhi,"Aapko और कुछ चाहिए रामु जी?"

रामु यह सुनकर अनीता की चेहरे पर देखा हुए दोनों की नज़रे मिली. रामु "न" में सर हिलाकर जल्दी से अपना नज़र अनीता की चूँचियों पर फिर डालकर वापस अनीता को देखकर bola,"Abhi इतना hi ठीक है मेमसाहेब. थेंकु".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराई और मुस्कुराती हुयी दोनों से boli,"Theek है. आप दोनों आराम से पीजिये, मैं पकोड़े बनती हूँ तब तक".

अनीता फिर एक ऐडा से boli,"Aur कुछ भी चाहिए बेझिझक मांग लीजियेगा".

वह दोनों यह सुनकर सर "हाँ" में हिलाये तो अनीता मुस्कुराती हुयी boli,"Theek है मैं किचन में जाती हूँ. आप दोनों पीने का मज़ा लीजिये".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Theek है मेमसाहेब".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराई और फिर रामु को एक नज़र देखने के बाद वहां से गांड मटकती हुयी किचन में चली गयी. दोनों मर्द फिर से अनीता की मटकती गांड और नंगी पीठ देखने लगे.

अनीता किचन में जा कर एप्रन पहने बिना hi पकोड़ा बनाने की तैयारी करने लगी वहीँ हरिया और रामु गिलास में थोड़ा सा शराब रखकर उसमे पानी और बर्फ भर लिए. अनीता किचन में काम करती हुयी उन्हें पीते हुए कभी कभी देखती वहीँ वह दोनों भी अनीता को देखते रहते.

अगले कुछ मिनट ऐसे hi हुआ. अनीता सब कुछ तैयार करके गैस चूल्हा जला दी और करहि में तेल डालकर उसे गरम होने के इंतज़ार करने लगी. वह फिर उन दोनों के तरफ देखती हुयी मुस्कुराकर boli,"Araam से पीजिये आप दोनों. बस 5 मिनट में थोड़े पकौड़े तैयार हो जायेंगे".

हरिया एक सिप लेते हुए किचन के तरफ देखते हुए bola,"Haan मेमसाहेब आप आराम से बनाइये. ससुरा ी बारिश में और करना hi का है. थोड़ा सा पीना है और आप की खबसूरत हाथ से बना पकौड़ा खाना है".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर boli,"Offo हरिया जी अब बस भी कीजिये. बस तारीफ hi करते रहते हैं मेरी".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराया तो अनीता भी मुस्कुराती हुयी उन दोनों मर्दों को देखने लगी. रामु भी अनीता को देखने लगा. हरिया अनीता को देखते हुए तौली के ऊपर से अपने बाये हाथ से लुंड को मसलते हुए एक घूंट शराब पीने लगा. अनीता बिना शर्म के उसके लुंड के तरफ देखने के बाद करहि के तरफ देखने लगी.

अनीता कुछ सेकण्ड्स बाद वापस हरिया के तरफ देखि तो वह अब धीरे धीरे अपना लुंड तौली के ऊपर से सेहला रहा था और अब उसके लुंड का उभर तौली के ऊपर से पता चल रहा था. अनीता की दिल हरिया के लुंड के उभर को देखकर धड़क गयी और उसे ध्यान आया की वह और रामु अंडरवियर नहीं पहने हैं. उनके बदन पर सिर्फ तौली hi लपेटा हुआ था.

अनीता एक नज़र रामु के तरफ देखि जो चुप चल शराब पी रहा था. अनीता फिर उसके लुंड के तरफ भी देखि तो पायी की वह लुंड मसल नहीं रहा था.

अनीता वापस, हरिया के लुंड के तरफ देखकर उसके चेहरे पर देखि तो वह मुस्कुराकर bola,"Memsaheb मौसम बाहर के हिसाब से ख़राब है मगर घर में बैठने से अच्छा लग रहा है. ी मौसम में पीने का मज़ा hi अलग आता है और आज तो साथ में आपके हाथ का बना, पकौड़ा भी खाने मिलेगा".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर boli,"Haan हरिया जी इस मौसम में गरमा गरम पकौड़े खाने का अलग hi मज़ा है. तेल भी गरम हो गयी. मैं पकौड़े टालना शुरू करती हूँ".

हरिया और रामु यह सुनकर मुस्कुराया तो अनीता भी मुस्कुराकर उन्हें देखने के बाद पकौड़ो को करहि में रखने लगी. जितना पकौड़ा एक साथ टाला जा सकता था उतना पकौड़े रखकर वह कड़ी होकर इंतज़ार करने लगी.

कुछ सेकण्ड्स बाद अनीता घूमकर अपने पीठ के तरफ देखने का कोशिश करने लगी और उसकी चेहरे पर थोड़ी परेशानी भी आ गयी.

अगले पल वह हरिया का आवाज़ suni,''kaa हुआ memsaahab?Kauno परेशानी है का? ''.

अनीता हरिया को थोड़ा परेशानी से देखते हुए सोफे के तरफ जाने लगी. उसकी दायी हाथ में बेसन और बायीं हाथ में थोड़ा बहोत मसाला लगा हुआ था.

वह अपनी हाथों को दोनों साइड में थोड़ा सा उठायी हुई, जैसे औरतें हाथ में आता या बेसन वगैरा लगे रहने पर रखती है जिससे उनकी कपडे से हाथ सत् कर उन् पर न लग जाये, सोफे के पास जाकर उसके हरिया से boli,"Pata नहीं हरिया जी अचानक से मेरे पीठ पर कुछ रेंगते हुए महसूस होने लगा. यह पकौड़े करहि में रखते वक़्त hi ऐसा महसूस होने लगा था हुए मुझे हलकी गुदगुदी होने लगिबतही, मगर मैं खुद को सम्भल राखी थी अब तक. अब इतनी देर से रेंग रहा है की मुझे परेशानी हो रही है."

अनीता फिर अपने पीछे देखने का कोशिश करती हुयी boli,"Aesi जगह पर है की मुझे तो दिखाई भी नहीं दे रहा".

हरिया यह सुनकर bola,"Haan मेमसाहेब".

अगले पल अनीता घूमकर अपनी नंगी पीठ हरिया के तरफ करती हुयी boli,"Hariya जी ज़रा आप देखिये न कुछ है क्या?"

अनीता जैसे hi अपनी पूरी नंगी गोरी पीठ हरिया के तरफ की हरिया के साथ साथ रामु का भी दिल धड़क गया और दोनों के लुंड में फिर से गरम खून दौड़ने लगा.

हरिया अनीता की पीठ को देखने लगा और फिर bola,"Ee ससुरा बहोत छोटा चींटी रेंग रहा है"

अनीता यह सुनकर पीछे गर्दन करती हुयी boli,"To जल्दी से हटाइये न हरिया जी".

अगले पल हरिया अनीता की कमर से वह चींटी अपने दो उँगलियों से पकड़ कर हटा दिया. अनीता गर्दन पीछे की हुयी थी तो उसे बाये तरफ रामु भी सोफे पर बैठा देख रहा था. अनीता आखों के कोने से देखि की रामु अनीता की पीठ देखते हुए अपने लुंड को तौली के ऊपर से मसलते हुए शराब पी रहा था. अनीता का दिल यह देखकर धड़क गया.

हरिया जब वह चींटी हटाया तब भी अनीता को अपनी पीठ पर कुछ रेंगते हुए महसूस हुआ तो वह boli,"Hariya जी ज़रा थोड़ा ऊपर देखिये तो. लग रहा है वहां पर भी कोई चींटी है".

हरिया वैसे hi सोफे पर तंग फैलाये सिर्फ तौली पहने आराम से बैठा हुआ था और अनीता उसके सामने कड़ी अपनी नंगी पीठ उसे दिखाकर चींटी हटाने के लिए बोल रही थी. हरिया ऊपर के तरफ देखा तो जहाँ उसकी ब्लाउज की निचली डोरी बंधी थी वहां एक छोटा चींटी रेंग रहा था.

हरिया अगले पल दो उँगलियों से उस चींटी को पकड़ने का कोशिश किया तो वह चींटी निकल कर अनीता की ब्लाउज की डोरी की क्नॉट में घुस गयी.

अनीता घूमकर puchhi,"Kya हुआ हरिया जी?"

हरिया ऊपर अनीता की चेहरे पर देखकर bola,"U मेमसाहेब ससुरा आपका ब्लाउज का डोरी का गांठ में घुस गवा. इतना छोटा है की ससुरा तेज़ी से अंदर घुस गवा. एक मिनट हम देखता हूँ".

अनीता यह सुनकर "हाँ" में सर हिलायी तो हरिया अनीता की वह नीचे की डोरी के अंदर एक ऊँगली घुसकर थोड़ा सा उठाया और उसके अंदर देखने लगा. अनीता चुप चाप वैसे hi कड़ी थी. रामु उन् दोनों को देख रहा था.

हरिया डोरी के अंदर से ऊँगली निकलते हुए bola,"Sasura गाँठ के अंदर घुस गवा है. दिखाई नहीं दे रहा".

अनीता यह सुनकर गर्दन घुमाकर हरिया के तरफ थोड़ी परेशानी से देखती हुयी boli,"Uff अंदर तो अब चुभने भी लगा है".

अगले पल अनीता रामु का आवाज़ suni,"Sasura काट रहा होगा यहां छुपका".

अनीता रामु का आवाज़ सुनकर उसके तरफ देखि तो वह अपना लुंड मसलना बांध कर चूका था मगर बया हाथ तौली के ऊपर से लुंड पर hi था. अनीता को वहां पहले से थोड़ा ज़्यादा ऊँचा दिखाई दिया तो वह समझ गयी की उसका लुंड थोड़ा पहले से बड़ा और सख्त हो गया होगा. यह सोचते hi उसकी दिल धड़क गयी.

अनीता अपना ध्यान उसके लुंड के तरफ से हटाकर जवाब di,"Haan रामु जी वही लग रहा है"

फिर वह हरिया को देखती हुयी boli,"Hariya जी उसे जैसे भी निकालिये. बहोत चुभ रही है अब. ऐसे छोड़ देने से तो काट काट कर मेरा बुरा हाल कर देगी यह चींटी".

हरिया यह सुनकर अनीता को देखते हुए bola,"Gaanth खोल कर निकल देते हैं मेमसाहेब".

अनीता जवाब में boli,"Haan हरिया जी और कोई तरीक़ा भी नहीं है. अगर क्नॉट में घुस गयी है तो खोलकर निकल दीजिये".

हरिया अगले पल अनीता की ब्लाउज का सबसे निचली डोर का एक हिस्सा पकड़ कर खिंच दिया और वह क्नॉट खुल गयी. दोनों तरफ के डोर में से जो हरिया पकड़ के खोला था वह उसके हाथ में था और दूसरी डोर अनीता की पीठ से नीचे के तरफ लटक गयी. अनीता बिना शर्म के वैसे hi कड़ी रही. उसे कुछ एहसास हुआ तो वह आँखों के कोने से रामु के लुंड के तरफ देखि तो उसे वह मसलते हुए पायी.

अनीता रामु के लुंड के तरफ देखने लगी वहीँ हरिया जो डोर उसके हाथ में था उस पर चींटी देखने लगा तो एक जगह उसे वह डोर से hi चिपका दिखाई दिया.

हरिया उसे देखकर bola,"Mil गवा ससुरा".

यह सुनकर अनीता की ध्यान वापस पीछे हरिया के तरफ गयी तो देखि की वह उसकी बायीं डोरी पकडे हुए दूसरे हाथ से चींटी को पकड़ने का कोशिश किया तो वह हाथ से फिर निकल कर डोरी के शुरुआत (जहाँ वह ब्लाउज से स्टिच किया गया था) के तरफ भागने लगी.

हरिया यह देखकर bola,"Abe ससुरा कहाँ भाग रहा है".

अनीता यह सुनकर हरिया से puchhi,"Kya हुआ हरिया जी?".

हरिया चींटी पर ध्यान रखे bola,"Ee, ससुरा अंदर के तरफ भाग रहा है".

अनीता परेशानी के भाव से boli,"Offo. हरिया जी जल्दी पकड़िए उसे".

अगले पल अनीता रामु का आवाज़ suni,"Abe मेमसाहेब ठीक बोल रही है. जल्दी से पकड़. कहीं इधर उधर घुस जायेगा तो पकड़ना मुश्किल होगा".

अनीता यह सुनकर रामु के तरफ देखि तो वह भी खिसकते हुए हरिया के बगल में आ गया और अपना मोबाइल का फ्लैशलाइट ों करके अनीता की पीठ के तरफ कर दिया.

अगले पल चींटी अनीता की ब्लाउज और डोरी के स्टिचिंग वाले जगह पर डोरी से उतर कर अनीता की पीठ पर आ गयी और अंदर ब्लाउज के तरफ घुसने का कोशिश करने लगी. अनीता जब वापस अपनी जिस्म पर चींटी को रेंगते हुए महसूस की तो परेशानी से boli,"Hariya जी पकड़िए जल्दी, चींटी मेरी ब्लाउज के पास तक आ गयी है".

अगले पल हरिया देखा की वह चींटी अनीता की ब्लाउज के साइड में घुस गयी. हरिया तेज़ी से इस बार अनीता की डोरी के शुरुआत के पास का ब्लाउज का हिस्सा पकड़ा और थोड़ा उठा दिया तो चींटी अनीता की साइड में जहाँ उसकी चूंकि शुरू होती थी वहां तक जा चुकी थी और वह उसकी चूंकि के उभर पर चढ़ने की कोशिश करने लगी.

अनीता की चूंकि की शुरुआत जहाँ उसकी उभर उठ रही थी वहां नंगा देख रामु का लुंड तौली के अंदर फड़फड़ा गया. हरिया के साथ भी ऐसा hi हुआ मगर वह खुद को काबू किये अनीता की चूंकि के शुरुआत वाले भाग पर ऊँगली रख कर आखिर कार उसे पकड़ hi लिया.

अनीता भी जब चींटी को अपनी चूंकि पर चढ़ते हुए महसूस की तो थोड़ी चिंतित हो गयी की उसे अब घर में जा कर ब्लाउज उतारकर देखना पड़ेगा. लेकिन हरिया जब उसकी चूंकि की शुरुआत में अपना मोटा खुरदुरा उँगलियों को रखकर चींटी को पकड़ लिया तो उसे राहत मिली.

रामु यह देखकर bola,"Sasura पकड़ा गवा ी दफा".

अनीता यह सुनकर रामु के तरफ देखि तो उसे अपनी पीठ के तरफ देखते हुए पायी.

अगले पल हरिया चींटी को अनीता की चूंकि के शुरुआत से उठाने लगा तो अनीता की मुंह से "आअह्ह्ह" निकल गयी.

यह सुनकर रामु और हरिया दोनों उसे देखते हुए एक साथ puchhe,"Kaa हुआ मेमसाहेब"

अनीता थोड़ी परेशानी से उन्हें देखती हुयी boli,"Woh आप जब चींटी को हटा रहे थे तो एक बार मुझे काट लिया. ऐसा लगा जैसे सुई चुभ गयी हो".

यह सुनते hi रामु और हरिया दोनों का नज़र वापस अनीता की चूंकि की शुरुआत तक गया. अगले पल हरिया अपना दूसरे हाथ का इंडेक्स फिंगर अनीता की चूंकि की शुरुआत पर रखकर धीरे से मलते हुए bola,"Ab आपको थोड़ा आराम मिलेगा".

अनीता चुप चाप वैसे hi कड़ी रही और हरिया का बात सुनकर उसे देखकर मुस्कुराने लगी.

हरिया अनीता की चूंकि की शुरुआती भाग को एक हाथ की ऊँगली से सहलाते हुए दूसरे हाथ की ऊँगली उसे दिखते हुए bola,"Yehi ससुरा था जो मेमसाहेब को परेशां कर रहा था".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर boli,"Uff आख़िरकार आपने पकड़ hi लिया इसे. सच में मुझे तंग hi कर दी थी इसने तो. आखिर में भी इतनी जोर से काट ली मुझे".

रामु भी हरिया के ऊँगली के तरफ देखते हुए bola,"Lekin ससुरा मेमसाहेब का पीठ पर कहाँ से आ गवा?"

हरिया चींटी सोफे के पीछे फर्श पर गिराकर bola,"Kahin से भी आ गवा होगा ससुरा".

फिर वह अनीता की चूंकि की शुरुआत से हाथ हटाकर उसकी पीठ पर लेजाकर उसपर ऊपर से लेकर नीचे तक फिरते हुए bola,"Ab इतना चिकना और मुलायम पीठ देखकर आ गवा होगा कहीं से. ससुरा सोच रहा होगा की चिकना रास्ता है तो मेमसाहेब की पीठ पर दोनों रेस लगा रहा होगा".

अनीता जो बिना शर्म के हरिया के सामने अपनी ब्लाउज की एक डोरी खुली हुयी पीठ पर लटकते होने के बावजूद भी कड़ी होकर उसके हाथ को अपनी पीठ पर रेंगते हुए महसूस कर रही थी वह उसका बात सुनकर उसी तरह बेशर्मी से उसे देखकर अपनी आंखें बड़ी करके मुस्कुराती हुयी boli,"Hariya जी".

यह सुनकर हरिया हसने लगा तो अनीता भी बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी अपनी सर हिलके रामु को देखि तो वह भी अनीता की पीठ देखे मुस्कुरा रहा था.

हरिया अनीता की पीठ पर फिर से नीचे उसकी गांड के ऊपर से लेकर जहाँ उसकी दूसरी (बीच की) डोरी बंधी थी वहां तक हाथ फिरते हुए bola,"Aur नहीं तो का. इतना चिकना और मुलायम पीठ है मेमसाहेब का. ससुरा दोनों मज़ा से रेस लगा रहा था".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती रही तो रामु bola,"To का मेमसाहेब का ब्लाउज का वह डोरी तक रेस था का जो ु ससुरा दूसरा चींटी वहां पहुँच कर रुका हुआ था".

अनीता यह सुनकर अपनी आंखें बड़ी करके रामु के तरफ देखि तो वह मुस्कुरा दिया वहीँ हरिया हसने laga,"Hahaha".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी रामु को देखके boli,"Ramu जी आप भी".

हरिया अगले पल हसी रोकते हुए bola,"Are मेमसाहेब ु जहाँ रेस ख़तम होता है ुका का कहता है"

अनीता मुस्कुराती हुयी boli,"Finish पॉइंट".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Haan मेमसाहेब वही. ससुरा वही समझ रहा होगा चींटी जैसे रामु बोलै".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी रामु को देखि तो हरिया आगे bola,"Aur जैसे ी रेस ख़तम होते वक़्त बीच से टूट जाट है वैसे hi आपका डोरी अभी खुल गवा है".

हरिया यह सुनकर हसने laga,"Hahaha" तो अनीता भी मुस्कुराकर boli,"Offo हरिया जी अब बस भी कीजिये" और फिर वह भी हरिया को देखकर खिलखिलाने lagi,"Hehehe".

रामु भी मुस्कुरा रहा था. अनीता खिलखिलाना बांध करके boli,"Ab हरिया जी रेस ख़तम हो गयी है तो फिनिशिंग पॉइंट को वापस सही कर दीजिये".

अनीता यह बोलकर खिलखिलाने lagi,"Hehehe"

हरिया यह सुनकर हस्ते हुए bola,"Haan मेमसाहेब अभी ठीक किये डेट हूँ. ससुरा कहीं फिर से चींटी रेस लगाने न आ जाये"

अनीता यह सुनकर खिलखिलाती rahi,"Hehehe हरिया जी अब बस भी कीजिये हहहहए ओह्ह माय गॉड सच में".

हरिया भी हस्ता हुआ अनीता की दोनों साइड का डोरी पकड़ कर बांधने लगा. अनीता डोरी बंधवाती हुई खिलखिला रही thi,"hehehe".

हरिया डोरी बांधते वक़्त bola,"Offo क्या खबसूरत बदन है आपका मेमसाहेब. सच में आप बहोत खबसूरत हैं".

अनीता यह सुनकर खिलखिलाना बांध करके एक ऐडा से फिर से घूमकर हरिया को देखती हुयी boli,"Hariya जी अब बस भी कीजिये. कितनी तारीफ करेंगे मेरी".

हरिया यह सुनकर डोरी बांधने के बाद अनीता की पीठ पर फिर से अपना खुरदुरा हाथ फेरते हुए bola,"Are मेमसाहेब अब आप है hi इतनी खबसूरत तो हम का करे. यक़ीन नहीं होता तो रामु से पूछिए"

अनीता यह सुनकर रामु के तरफ देखि तो उसे खुद की नंगी पीठ को ऊपर से नीचे तक गौर से देखते हुए पायी. अनीता फिर अपनी नज़र उसके लुंड के तरफ ले गयी तो देखि की वह अपना बया हाथ तौली के ऊपर से लुंड पर रखे धीरे धीरे मसल रहा था जो ध्यान से देखने में hi समझ आता. वह देखि की रामु के तौली में उभर पहले से और बड़ा हो गया था. अनीता का दिल यह देखकर धड़क गया.

अनीता यह रामु को देख hi रही थी की हरिया अनीता की पीठ पर हाथ फेरते हुए आगे bola,"Ee ससुरा रामु का तो नज़र hi नहीं हट रहा है आपकी खबसूरत बदन से".

रामु यह सुनकर हड़बड़ा कर अनीता की जिस्म से नज़र हटाया तो हरिया है diya,"hahaha ससुरा तोहार चोरी मेमसाहेब पकड़ ली".

रामु यह सुनकर अनीता की तरफ देखा तो वह बिना शर्म के मुस्कुराती हुयी उसे देख रही थी. रामु उसको देख कर bola,"Maaf कीजियेगा मेमसाहेब".

अगले पल हरिया bola,"Abe माफ़ी कहे को मांग रहा है. मेमसाहेब अब है hi इतनी खबसूरत की नज़र तो चला hi जायेगा. वही तो हम बोल रहा हूँ मेमसाहेब का लेकिन मेमसाहेब मान नहीं रही है. तोहरा का कहना है".

रामु यह सुनकर अनीता की तरफ देखा तो हरिया अनीता की पीठ पर फिर से हाथ फेरते हुए bola,"Ee देख कितनी खबसूरत है मेमसाहेब. है न".

अनीता चुप चाप वैसे hi कड़ी रही और दोनों मर्दों को अपनी जिस्म को गंदे नज़र से देखने दे रही थी. हरिया तो उसकी पीठ को पूरा मज़े से सेहला रहा था और अनीता बिना शर्म के वैसे hi कड़ी थी. उसे अब धीरे धीरे फिर से अपनी जवानी और ख़ूबसूरती पर गर्व होने लगा था खासकर रामु को अपना लुंड मसलते हुए देखकर.

रामु अनीता की जिस्म को देखकर bola,"Haan सच में मेमसाहेब बहोत खबसूरत है".

हरिया यह सुनकर अनीता की पीठ को सेहलतु हुए उसे देखकर bola,"Dekhiye मेमसाहेब रामु भी वही बोल रहा है".

अनीता यह सुनकर एक ऐडा से boli,"Offo आप दोनों भी न. बस मेरी तारीफ hi करने के मूड में है. अब बस भी कीजिये. मैं चलती हूँ नहीं तो पकौड़े जल जायेंगे".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी अपनी गांड को मटकती हुयी किचन के तरफ जाने लगी तो हरिया bola,"Are जलने दीजिये मेमसाहेब. आप ु पकोड़ा स्व ज़्यादा गरम है तो ससुरा जलेगा hi".

अनीता तब तक किचन में पहुँच चुकी थी और हरिया का बात सुनकर बेशर्मी से उन दोनों के तरफ देखकर अपनी आँखें बड़ी करके boli,"Hariya जी".

हरिया यह सुनकर हसने लगा "हाहाहा" और रामु भी मुस्कुरा दिया. अनीता भी "हरिया जी" बोलने के बाद खिलखिलाने lagi,"Hehehe ओफ्फो आप लोग भी बहोत फनी हैं. आज तो मुझे हँसाने का मैं बना लिया है आप लोगो ने".

हरिया यह सुनकर हस्ते raha"Hahaha" और फिर मुस्कुराते हुए तौलिये के ऊपर से अपना लुंड मसलते हुए bola,"Are मेमसाहेब जब हमलोगां के पास फानन वाला चीज़ है तो पहननी तो होंगे hi"

अनीता यह सुनकर हरिया के लुंड के तरफ देखि जहाँ तौली के अंदर का उभर पहले से थोड़ा और बड़ा हो गया था और हरिया उसी पर बाय हाथ रखे मसल रहा था.

अनीता फिर रामु के लुंड के तरफ देखि तो वह भी तौली के ऊपर हाथ रखा धीरे धीरे अपना लुंड मसल रहा था. उसका भी उभर पहले से बड़ा हो गया था.

अनीता यह देखने के बाद पकौड़े करहि से निकलने लगी तो हरिया आगे bola,"aur मेमसाहेब जब थोड़ा वक़्त बीता रहे हैं तो हस्ते मुस्कुराते हुए बिताये. आप हम दोनों का इतना ख्याल रख रही है तो हम लोग भी कोई कमी कहे rakhe?Ka रामु का बोलता है".

रामु भी हरिया को देखकर bola,"Haan हरिया सही" और फिर दोनों अपना अपना गिलास उठाकर एक दूसरे से टकराकर एक घूंट में सब पी गए.

हरिया फिर अनीता को देखकर puchha,"Memsaheb आपका का कहना है".

अनीता मुस्कुराती हुयी करहि से पकौड़े निकलकर ट्रे में रखती हुयी boli,"Haan हरिया जी सही बात है. जब थोड़ा बहोत साथ वक़्त बीता hi रहे हैं तो हस्ते मुस्कुराते hi बीतने चाहिए और आप दोनों तो पुरे मूड में है. मुझे भी इतना हँसा रहे हैं. आप दोनों को एन्जॉय करते देख मुझे भी अच्छा लग रहा है. ऐसे मौसम में और क्या कर सकते हैं".

अनीता फिर करहि में टालने के लिए और पकोड़े रखती हुयी boli,"Bas पकोड़े की कमी थी वह भी थोड़ा सा तैयार हो गया है. मैं लेकर आती हूँ".
 
अपडेट 65

अनीता पकौड़े करहि में टालने के लिए रखकर एक टोंग उठायी और ट्रे में रखे हुए टेल पकौड़ो को टोंग से उठाकर दूसरे ट्रे में राखी और उठाकर अपनी गांड मटकती हुयी सोफे के तरफ जाने लगी और झुक कर ट्रे को टेबल पर रखने लगी. रामु और हरिया का नज़र अनीता की क्लीवेज पर था.

अनीता मुस्कुराती हुयी ट्रे को टेबल पर रखती हुयी boli,"Yeh लीजिये गरमा गरम पकोड़े".

हरिया मुस्कुराकर bola,"Thenku मेमसाहेब".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर boli,"You're वेलकम"

हरिया यह सुनकर मुस्कुराया और फिर पकोड़ो को देखते हुए bola,"Are ी ससुरा तो जला hi नहीं. लग रहा है समझ गवा की जलने से कुछ हो फायदा नहीं, मेमसाहेब जितना गरम तो हो नहीं सकेगा"

अनीता यह सुनकर फिर से अपनी आँखें बड़ी करके मुस्कुराती हुयी boli,"Hariya जी ओफ्फो".

हरिया यह सुनकर हसने laga,"Hahaha" तो अनीता भी अपनी सर हिलाकर मुस्कुराती रही. रामु भी मुस्कुराने लगा.

अनीता फिर boli,"Khakar बताइये न कैसा बना है".

हरिया जवाब में bola,"Haan मेमसाहेब" और वह पकौड़ो के तरफ हाथ बढ़ाते हुए bola,"Aese आप बनाई है तो अच्छा hi होगा. इतना प्यार से बनाई हैं आप".

अनीता यह सुनकर बस मुस्कुराती रही. फिर वह रामु के तरफ देखकर boli,"Ramu जी आप भी खाइये न".

रामु भी "हाँ" में सर हिलाया और गिलास में रखा शराब एक घूंट में पी गया. अनीता उसे देखने लगी.

हरिया एक पकौड़ा उठाकर खाने लगा और कहते हुए bola,"Waah मेमसाहेब. सच में बहोत टेस्टी है. हम तो बोल hi रहे थे की आप बनाई है तो अच्छा hi होगा, खासकर जब इतनी प्यार से बनाई हैं आप".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराने लगी. रामु भी तब तक एक पकोड़ा लेकर खाने लगा और वह भी bola,"Haan मेमसाहेब बहोत अच्छा बना है".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती रही तो हरिया bola,"Memsaheb आप भी खाइये न".

अनीता मुस्कुराती हुयी अपनी हाथों के तरफ इशारा करके boli,"Hariya जी अभी मैं पकोड़े बनाने में लगी हूँ. बाद में खा लुंगी. आप लोग खाइये".

अगले पल हरिया एक पकोड़ा उठाते हुए bola,"Are मेमसाहेब खाइये न. एक टास्ते करके तो देखिये".

हुए वह अनीता की तरफ पकोड़ा बढ़ाया तो अनीता अपनी सर हिलती हुयी boli,"Offo हरिया जी. खिलाकर hi मानेंगे".

और अनीता हरिया के तरफ झुक गयी तो हरिया उसकी मुंह में पकोड़ा रख दिया. अनीता के झुकने से उसकी छोटी ब्लाउज में अच्छी खासी क्लीवेज दिखने लगी. रामु का नज़र वहीँ चला गया. हरिया भी अनीता की मुंह में पकोड़े डालकर उसकी क्लीवेज देखने लगा. अनीता उसके सामने hi झुकी थी तो वह उसके नज़र के डायरेक्शन से समझ गयी की वह उसकी क्लीवेज देख रहा है मगर वह चुप चाप सीढ़ी होकर पकोड़ा खाने लगी.

हरिया और रामु दोनों उसे देखने लगे तो अनीता आँखों से इशारा की की वह दोनों भी पकोड़ा खाये. हरिया एक पकोड़ा उठाकर खाने लगा.

अनीता पकोड़ा खाकर boli,"Haan हरिया जी बानी तो अच्छी है. चलिए मुझे ख़ुशी है की आप दोनों को भी पसंद आया".

अगले पल रामु एक पकोड़ा उठाते हुए bola,"Ek और खाइये न मेमसाहेब".

अनीता रामु के तरफ देखकर उसके पास जाती हुयी boli,"Theek है रामु जी एक और खा लेती हूँ नहीं तो आप बोलेंगे की हरिया जी ने खिलाया तो मैं खा ली और आपके खिलने पर नहीं खाई".

रामु मुस्कुराते हुए bola,"Are मेमसाहेब अइसन कउनो बात नहीं है".

अनीता मुस्कुराकर उसके पास जाकर झुक गयी तो रामु उसकी मुंह में एक पकोड़ा रख दिया. फिर से रामु और हरिया उसकी क्लीवेज देखने लगे और अनीता उन दोनों का नज़र देखि की कैसे वह दोनों उसकी क्लीवेज देख रहे हैं मगर बिना कुछ बोले वह मुस्कुराकर कड़ी हो कर पकौड़ा खाने लगी.

वह कड़ी हुयी तो रामु उसकी कमर के तरफ देखकर bola,"Memsaheb इहाँ थोड़ा बेसन लग गवा है".

अनीता यह सुनकर अपनी दायी कमर पर देखि तो थोड़ा बेसन लगा हुआ पायी. अगले पल वह हरिया का आवाज़ suna,"Are लग गवा है तो पोंछ देना. मेमसाहेब का हाथ में तो पहले से बेसन लगा है तो वह कैसे पोंछेगी. यहां कड़ी है तो तुम hi पांच दो".

रामु यह सुनकर "हाँ" में सर हिलाया और अपना बाय हाथ से अनीता की कमर को पोंछने लगा. वह पहली बार अनीता की जिस्म छू रहा था. इतनी गोरी मुलायम और चिकनी जिस्म वह ज़िन्दगी में कभी नहीं छुआ था. ऐसा लग रहा था जैसे मखमल छू रहा हो.

रामु का दिल धड़कने लगा और लुंड फड़फड़ाने लगा अनीता की जिस्म छूकर. वह उसकी कमर को बाये हाथ से साफ़ करते हुए दये हाथ से गिलास में पानी डालकर थोड़ा शराब डाला और एक hi घूंट में पीकर ऊपर अनीता की तरफ देखा.

अनीता चुप चाप पकोड़े कहती हुयी रामु को hi देख रही तह. रामु उसकी कमर पर नज़र लेजाकर उसे पोंछते हुए bola,"Sach में मेमसाहेब आप बहोत खबसूरत है. आपका कमर कितना चिकना और मुलायम है".

अनीता की दिल यह सुनकर धड़क गयी. वह समझ गयी की रामु पर शराब का थोड़ा असर करने लगा है.

रामु उसकी कमर साफ़ करके bola,"memsaheb साफ़ हो गवा".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर boli,"Thank यू रामु जी".

रामु यह सुनकर मुस्कुराया तो हरिया bola,"Are हम तो बोल hi रहे थे की मेमसाहेब का पीठ कितना खबसूरत और चिकना है. तो कमर भी तो वैसा hi होगा न. ससुरा मेमसाहेब का पीठ पर हाथ रखने से अइसन लगत है जइसन माखन पर हाथ फिसल रहा हो".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Offo हरिया जी अब बस भी कीजिये. यह कुछ ज़्यादा hi तारीफ हो गया. इतनी भी चिकनी नहीं है मेरी पीठ".

हरिया bola,"Are तो हम पर यक़ीन नहीं है तो रामु से भी पूछ लीजिये".

अनीता यह सुनने के बाद अपनी साड़ी के ऊपर पीछे कमर पर हाथ महसूस करके उधर देखि तो रामु को वहां हाथ रखे पायी जो धीरे धीरे अपना हाथ पीछे उसकी कमर पर फेर रहा था.

वह हाथ फेरते हुए bola,"Hariya सच hi बोल रहा है मेमसाहेब की आपका पीठ बहोत चिकना और मुलायम है. मेमसाहेब हमने इतना खबसूरत बदन सिर्फ फिल्मो में hi देखा है. सच में आप हीरोइन जैसी खबसूरत है".

अनीता यह सुनकर रामु को देखकर boli,"Ramu जी आप और हरिया जी ने आज सोच hi लिया है की बस मेरी तारीफ hi करेंगे".

हरिया जवाब में bola,"Are मेमसाहेब तारीफ उसी का होता है जो ऊके लायक होता है".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर boli,"Offo हरिया जी मैं तो बातों में आपसे जीत hi नहीं सकती. बातें बनाना तो कोई आपसे सीखे".

हरिया यह सुनकर हंसने laga,"Hahaha" तो अनीता भी खिलखिलाने लगी "हेहेहे".

रामु अनीता की कमर पर हाथ फेरते हुए मुस्कुराने लगा. अनीता हसना बांध करके मुस्कुराती हुयी उन दोनों से boli,"Aap दोनों और पकौड़े खाइये न. अभी तो और ताल रही हूँ मैं".

हरिया एक पकौड़ा उठाते हुए bola,"Haan मेमसाहेब" और खाने लगा तो अनीता रामु से boli,"Ramu जी आप भी खाइये न. आप दोनों तो बस मेरी तारीफ hi में लग गए है".

रामु अनीता की पीठ पर हाथ फेरते हुए bola,"Memsaheb हम तो खा hi रहा हूँ. आप भी खाइये न".

अनीता उसे देखकर मुस्कुरा कर boli,"Aur पकोड़े ताल रही हूँ मैं. जब पूरा टाला जायेगा तो मैं भी खाउंगी. आप लोग तो पीने बैठे हैं तो आप लोग खाइये".

रामु अनीता की पीठ पर हाथ फेरते हुए एक पकौड़ा दूसरे हाथ से उठाते हुए अनीता के तरफ बढ़ाते हुए bola,"Are मेमसाहेब हम लोग तो खा hi रहा हूँ. एक आप खा लीजिये न".

अनीता यह सुनकर झुक कर अपनी मुंह खोल दी और रामु उसकी पीठ सहलाते हुए दये हाथ से उसकी मुंह में पकौड़ा रख दिया. अनीता फिर सीधा खड़ा होकर मुस्कुराती हुयी खाने लगी.

रामु उसकी कमर सहलाते हुए एक पकौड़ा खुद भी खाने लगा.

अनीता यह देखने के बाद मुस्कुरा कर boli,"Achha आप लोग खाइये मैं पकौड़े करहि से निकल कर और पकौड़े लाती हूँ".

हरिया यह सुनकर एक पकौड़ा उठाते हुए bola,"Are मेमसाहेब एक हमरे हाथ से भी खा लीजिये जाने से पहले".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Lag रहा है आप लोग सब पकौड़े मुझे hi खिला देंगे".

हरिया यह सुनकर हसने laga,"Hahaha" तो अनीता भी खिलखिलाने लगी "हेहेहे" और खिलखिलाती हुयी रामु के पास कड़ी हुयी hi हरिया के तरफ झुक गयी तो वह उसकी मुंह में पकौड़ा डालकर उसकी क्लीवेज देखने लगा. वहीँ रामु के चेहरे के सामने अनीता की चूंकि थी तो वह उसकी पीठ पर हाथ फेरते हुए उसकी चूंकि की उभर देखने लगा.

अनीता फिर सीढ़ी होकर पकौड़े कहती हुयी boli,"Aap लोग खाइये मैं आती हूँ". और वह घूमकर गांड मटकती हुयी किचन में जाने लगी.

हरिया और रामु दोनों अनीता की गांड और नंगी पीठ देखकर अपना लुंड मसलने लगे. रामु अनीता की गांड की थिरकन देखने लगा. हालांकि उसके मैं में अनीता के लिए इज़्ज़त थी मगर एक मर्द होने के नाते वह अनीता की जिस्म के प्रति हवस भी रखने लगा था जिसका अपना एक अलग जगह था. इज़्ज़त अपनी जगह और हवस अपनी जगह थी. इसलिए वह अनीता की बदन को भी गन्दी नज़र से मौक़ा मिलने पर घूरता था, हरिया के जैसे. हरिया और उसके दोनों के मैं में अनीता के लिए इज़्ज़त थी मगर साथ में हवस भी था और इसलिए हरिया को देखकर रामु भी अनीता से घुलने लगा था और खुल कर तारीफ करने के साथ उसकी जिस्म को हवस से देखने और छूने भी लगा था., लेकिन साथ में इज़्ज़त भी कर रहा था.

अनीता किचन में जाकर पकौड़ो को करहि में उलट पलट करने लगी. कुछ देर तक वह वैसे hi पकौड़े टालने में लगी रही. करहि के पकोड़े को वह निकलकर ट्रे में रख दी और फिर दूसरा और आखिरी राउंड के पकोड़े टालने के लिए करहि में रखने लगी.

अनीता उन् पकौड़ो को करहि में रखकर टेल हुए पकौड़ो के ट्रे को उठाकर गांड मटकती और कमर लचकती हुयी सोफे के पास गयी. क्यूंकि रामु सोफे के बाये तरफ बैठा था जो की किचन से नज़दीक था, अनीता उसी के पास जाकर झुक कर टोंग से पकौड़ो को टेबल पर रखे ट्रे में डालने लगी.

रामु अनीता की बदन को फिर से घूरने लगा, उसकी नंगी कमर और पीठ, उसकी उभरी हुयी गांड और चूँचियाँ और सपाट पेट जिसमे गहरी नाभि से चमकती हुयी बेल्ली बटन रिंग लटक रही थी. वहीँ हरिया अनीता की क्लीवेज देखने लगा. दोनों का लुंड तौली के अंदर फिर से फड़फड़ाने लगा और दोनों hi उसपर हाथ रखकर धीरे धीरे मसलने लगे.

अनीता पकौड़ो को ट्रे में रखने के बाद सीढ़ी कड़ी होकर मुस्कुराकर उन् दोनों को देखकर boli,"Khaiye आप लोग".

वह दोनों "हाँ" में सर हिलाकर पकौड़ा उठाने लगे तो अनीता बारी बारी से दोनों के लुंड के तरफ देखि जहाँ उभर धीरे धीरे बड़ा हो रहा था और वह दोनों उस पर हाथ रखे हुए थे.

अनीता एक गहरी सांस लेकर boli,"Aap दोनों खाइये मैं किचन में जाती हूँ".

हरिया यह सुनकर bola,"Are मेमसाहेब आप भी हमरे साथ बैठकर खाइये न. ससुरा हम दोनों hi खा रहे हैं और आप काम कर रही हैं".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Hariya जी तो क्या हुआ? और वैसे भी अब किचन का काम ख़तम hi होने वाला है. यह आखरी पकौड़े हैं जो करहि में है. उसके बाद मैं भी फ्री हो जाउंगी तो आप लोगो के साथ बैठकर खाउंगी".

हरिया यह सुनकर अनीता को देखकर bola,"Theek है मेमसाहेब" और फिर पानी के बोतल से गिलास में पानी रखने लगा मगर उसमे थोड़ा hi पानी था.

अनीता यह देखकर हरिया के तरफ जाती हुयी boli,"Dijiye हरिया जी मैं दूसरा बोतल ला देती हूँ और इसमें पानी भरकर रख देती हूँ".

अनीता यह बोलती हुयी उसके तरफ गयी की तभी जोर से बदल गरजा और बिजली चमकने लगी. अनीता खिड़कियों के शीशे से बाहर देखती हुयी boli,"Yeh बारिश तो लग रहा है रुकेगा hi नहीं".

हरिया और रामु भी यह सुनकर घूमकर खिड़की के तरफ देखा और फिर हरिया घूमकर अनीता की पीछे से हाथ लेजाकर उसकी दायी साइड के कमर पर हाथ रखकर सहलाते हुए ऊपर उसको देखकर bola,"Itna अच्छा मौसम है मेमसाहेब. आप भी इहाँ हमलोग के साथ बैठती तो हुंका अच्छा लगता. जल्दी से काम ख़तम करके हमलोगां के साथ बैठिये न. आपसे बात चित करके हमलोगां को अच्छा लग रहा है".

अनीता बेशर्मी से वहां कड़ी होकर हरिया को अपनी कमर सहलाते हुए अपना बात बोलते देख रही थी. जब वह बात पूरा किया तो अनीता उसे देखती हुयी boli,"Bas हरिया जी 5 मिनट और. आपलोग खाइये मैं काम ख़तम करके आती हूँ".

हरिया यह बोलकर अपना हाथ अनीता की कमर से खिसका कर पीछे उसकी गांड पर रखकर दबाते हुए bola,"Theek है मेमसाहेब".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराई और टेबल से बोतल उठाने लगी तो रूककर मुस्कुराकर boli,"Offo मैं भी न. मेरी हाथों में बेसन लगे हैं इसका ध्यान hi नहीं था"

अनीता यह बोलकर खिलखिलाने lagi,"Hehehe".

हरिया भी अनीता की गांड दबाते हुए हसने laga,"Hahaha".

रामु भी मुस्कुराने लगा. अनीता कभी उसे तो कभी हरिया को देखती हुयी खिलखिलाती rahi,"Hehehe".

हरिया यह देखकर अनीता की गांड दबाकर bola,"Waah मेमसाहेब आप हस्ती भी है तो खबसूरत लगती है, बल्कि ससुरा हसी आपके वजह से खबसूरत लगने लगता है".

अनीता खिलखिलाती हुयी boli,"Hehehe हरिया जी अब बस भी कीजिये. आप लोगो ने तो मेरा इतना तारीफ कर दिया है की मुझे ध्यान भी नहीं था की मेरे हाथों में बेसन लगे हुए है हेहेहे".

हरिया उसकी गांड दबाते हुए थोड़ा अपने पास खिंचा और अनीता भी उसका साथ देती हुयी कड़ी हुयी hi थोड़ा उसके तरफ खिसक गयी.

हरिया उसकी गांड दबाते हुए पहले उसके आँखों के सामने अनीता की नंगी पेट और कमर को देखा फिर ऊपर उसकी चेहरे पर देखते हुए गांड को दबाते हुए hi bola,"Are मेमसाहेब का हो गवा जो आपको ध्यान नहीं रहा तो. हम और रामु जैसा मरद हैं न आज आपका मदद करने के लिए".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी हरिया को देखने के बाद एक नज़र रामु को देखि जिसका आँख धीरे धीरे लाल हो रहा था पीने से. वह अनीता की बदन को देखते हुए बाये हाथ को तौली के ऊपर से अपने लुंड पर रखे धीरे धीरे मसल रहा था. अनीता हरिया के लुंड के तरफ देखि तो उसका लुंड का उभर साफ़ पता चल रहा था क्यूंकि वह वहां हाथ नहीं रखे था. वह एक हाथ से अनीता की गांड दबा रहा था और दूसरे से थोड़े पानी में hi थोड़ा शराब रखकर पी रहा था.

अनीता हरिया के लुंड के उभर को देखने के बाद उसके चेहरे को देखती हुयी boli,"Haan हरिया जी"

अगले पल हरिया उठकर बोतल उठाते हुए bola,"Chaliye मेमसाहेब हम ी बॉयल लेकर चलता हूँ और दूसरा बोतल लेकर आ जाऊंगा".

अगले पल रामु bola,"Hariya ी बीड़ी थोड़ा चूल्हा के पास रख देना? ी भीग कर नरम हो गवा है. आग का गर्मी से पीने लायक हो जायेगा".

अनीता कुछ बोलती इससे पहले हरिया bola,"are ससुरा पहले देना चाहिए था न. इतना देर से चूल्हा जल रहा था अब तक गरम हो जाता".

अनीता यह सुनकर हरिया को देखकर रामु को देखि तो हरिया आगे bola,"Sasura पीटा है तो दिमाग़ फ्यूज हो जाता है. और कउनो चीज़ का ध्यान hi नहीं रहता तुमका".

अनीता यह सुनकर रामु के तरफ देखि तो उसका आँख धीरे धीरे लाल हो रहा था. वह समझ गयी की शराब का असर हो रहा है.

अनीता हरिया से boli,"Koi बात नहीं हरिया जी. बीड़ी अभी भी गरम हो जायेगा".

फिर वह रामु को देखकर मुस्कुराती हुयी boli,"Meri तरह रामु जी को भी हसी मज़ाक में ध्यान नहीं रहा होगा. एक तो यह बारिश का मौसम और पकौड़े खाने के साथ पीने का मज़ा. ऊपर से इतना हँसा रहे हैं आप दोनों तो सबका ध्यान तो हसने पर और खाने पीने पर hi है".

हरिया यह सुनकर अनीता के बगल में खड़ा उसकी गांड दबाते हुए bola,"Haan ी बात तो है. ऊपर से ससुरा आपके जइसन इतना खबसूरत औरत सामने है तो ससुरा का ध्यान कोई और चीज़ पर कहाँ से होगा".

अनीता यह सुनकर अपनी आंखें बड़ी करके हरिया को देखि तो वह हसने laga,"Hahahah".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Bas भी कीजिये हरिया जी"

अगले पल वह रामु का आवाज़ suni,"Abe तो तोहरा ध्यान भी तो मेमसाहेब पर hi है"

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से खिलखिलाने lagi,"Hehehe" और हरिया को देखकर एक ऐडा से boli,"Ramu जी ने तो आपका भी चोरी पकड़ लिया हरिया जी हेहेहे".

हरिया भी यह सुनकर अनीता की गांड दबाते हुए हसने laga,"Hahaha".

रामु भी मुस्कुराने लगा. अनीता खिलखिलाती हुयी boli,"Hehehe ओह माय गॉड आप दोनों भी न. अच्छा है दोनों एक दूसरे का चोरी पकड़ लिए हेहेहे".

हरिया यह सुनकर अनीता को देखा तो वह भी उसे देखि. हरिया अगले पल अनीता की गांड से उसकी कमर पर हाथ लेजाकर सहलाते हुए रामु से bola,"Are लेकिन ी में ग़लत का है. हाँ हम देखत हूँ मेमसाहेब का और हमरा ध्यान मेमसाहेब पर hi है और कहे न हो".

अनीता यह सुनकर खिलखिलाना बांध करके हरिया को देखि. अगले पल हरिया दये हाथ से अनीता की कमर सहलाते हुए बाये हाथ को उसके तरफ करके ऊपर से नीचे इशारा करते हुए bola,"Ee ख़बसूरती देख रहा है. अटना खबसूरत बदन, इतना गोरा और चिकना जिसम कउनो हीरोइन जैसा जब सामने होगा तो देखने का मैं कहे नहीं करेगा. हम मरद हूँ तो अइसन खबसूरत औरत सामने होगा तो देखूंगा hi. ी में छुपाने का का बात है. ख़बसूरती को देखना और तारीफ करने में का बुराई है".

रम्य यह सब सुनते हुए अनीता की जिस्म को देखने लगा. वहीँ अनीता बिना शर्म के गर्व से वहां हरिया के साथ कड़ी थी. उसे फिर से अपनी ख़ूबसूरती पर गर्व होने लगा था की दो मर्द कैसे उसकी ख़ूबसूरती की तारीफ कर रहे हैं वह भी बेझिझक.

अगले पल रामु हरिया को देखा तो वह bola,"Are तो हम भी तो वहीँ कर रहा हूँ. का हम मरद नहीं हूँ जो हुंका मेमसाहेब का देखने का मैं नहीं करेगा. तो ससुरा तुम कहे बोल रहे हो".

हरिया यह सुनकर bola,"Are तो एहि बात बोलना चाहिए था न पहले जब हम तुम का बोल रहा था".

अनीता बेशर्मी से हरिया के पास कड़ी हुयी अपनी कमर पर उसका हाथ महसूस कर रही थी वह भी एक और मर्द के सामने. उसकी चेहरे पर गर्व का भाव था उन दो मर्दों के मुंह से अपनी तारीफ सुनकर.

अगले पल हरिया अनीता की बदन के तरफ फिर से इशारा करते हुए bola,"Jab मेमसाहेब इतना खबसूरत है तो बोलो की तुम मेमसाहेब का खबसूरत बदन देख रहे हो इस लिए पीने और मेमसाहेब का खबसूरत बदन को देखने के अलावा तोहरा औरो कउनो चीज़ पर ध्यान नहीं है. ी तो गर्व से बोलना का बात है की ससुरा अटना खबसूरत औरत जब सामने हो तो ससुरा ु नामर्द hi होगा अगर मेमसाहेब का ी खबसूरत बदन को न देखे".

अनीता जो चुप चाप कड़ी गर्व से हरिया का बात सुन्न रही थी वह boli,"Offo हरिया जी अब छोड़िये भी यह बात. घूम फिरकर आप लोग बस मेरी तारीफ hi करने लग रहे हैं. अब किचन चलिए नहीं तो पकौड़े जल जायेंगे तो आप बोलने लगेंगे की यहाँ आप और रामु जी मेरी तारीफ कर रहे थे तो पकौड़े यह सुनकर उधर करहि में जलने लगे".

अनीता यह बोलकर खिलखिलाने lagi,"Hehehe"

हरिया यह भी यह सुनकर अनीता की गांड पर हाथ लेजाकर उसे दबाते हुए हसने laga,"Hahaha सही बात".

रामु भी मुस्कुराने लगा.

अनीता रामु को देखती हुयु बेशर्मी से अपनी गांड पर हरिया का हाथ महसूस किये खिलखिला रही thi,"Hehehe ओह्ह माय गॉड लग रहा है आज की शाम हसी रुकने वाली नहीं है उफ़ हहहहए".

फिर वह हरिया को देखकर हसी रोकती हुयी boli,"Hariya जी अब चलिए भी. पकौड़े लेकर आते हैं फिर जितना हसना हो हसते रहिएगा हेहेहे"

हरिया अनीता को देखकर उसकी गांड दबाकर हाथ उसकी कमर पर लेजाकर bola,"Chaliye मेमसाहेब"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर रामु को देखकर boli,"Ramu जी आप बैठिये मैं और हरिया जी पकौड़े और पानी लेकर आते हैं. फिर मैं भी आप दोनों मर्दों के साथ बैठकर पकौड़े खाने का मज़ा लुंगी और आप दोनों जितना दिल करे हसते रहिएगा मुझे".

अनीता यह बोलकर फिर खिलखिलाने lagi,"Hehehe".

रामु यह सुनकर अपने लुंड को धीरे से मसलते हुए "हाँ" में सर हिलाया तो अनीता खिलखिलाती हुयी हरिया से boli,"Chaliye हरिया जी हेहेहे".

हरिया मुस्कुराकर bola,"Chaliye मेमसाहेब" तो अनीता घूमकर गांड मटकती हुयी चलने लगी. हरिया उसकी कमर से हाथ नहीं हटाया और न hi अनीता उसे हटाने का इशारा की. वह गांड मटकती हुयी चलने लगी और रामु अनीता की नंगी पीठ और मटकती गांड देखने लगा और देखते हुए लुंड मसलने लगा. फिर उसका ध्यान अनीता की कमर पर रखे हरिया का हाथ पर गया और वह गिलास में जो थोड़ा सा शराब था वह उठाकर पी गया.
 
अपडेट 66

अनीता हरिया के साथ किचन में गयी और उसे फ्रिज के तरफ इशारा करती हुयी boli,"Hariya जी फ्रिज से ठण्ड पानी निकल लीजिये. और बर्फ भी है है. अगर चाहिए तो वह भी निकल लीजिये".

हरिया यह सुनकर bola,"Theek है मेमसाहेब. लेकिन पहले ीका रख डेट हूँ ताकि गरम हो जाये".

अनीता मुस्कुराकर चूल्हे के तरफ जाती हुयी boli,"Haan हरिया जी".

हरिया फिर पहले चूल्हे के पास जाकर बीड़ी का पैकेट रख दिया वही अनीता करहि में पकौड़े उलट पलट करने लगी. हरिया फिर अनीता की गांड दबाते हुए bola,"Waah मेमसाहेब आप कोई चीज़ पकती भी है तो कितने प्यार से".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी करहि के तरफ देखती हुयी hi boli,"Hariya जी ओफ्फो. यहाँ भी मेरी तारीफ".

हरिया उसकी गांड को पकडे मसलते हुए bola,"Are मेमसाहेब का करे आपको देखकर तारीफ अपने आप hi निकलता है मुंह से".

अनीता मुस्कुराकर हरिया को देखकर boli,"Achha ठीक है. अब जाइये और खाइये पीजिये मैं बस यह पकौड़े लेकर आती हूँ".

हरिया अनीता की गांड पर प्यार से हाथ फेरते हुए bola,"Jaldi आइये मेमसाहेब. आप भी हमलोगां के साथ बैठिएगा तो अच्छा लगेगा".

फिर वह अनीता की बदन को ऊपर से नीचे तक देखते हुए bola,"Itna अच्छा मौसम है, आप साथ में बैठिएगा तो अच्छा लगेगा हमलोगां को"

अनीता यह सुनकर हरिया के तरफ देखकर boli,"Haan हरिया जी बस दो मिनट. आप जाकर खाइये पीजिये मैं आती हूँ. ऐसे भी इस बारिश में और करना hi क्या है. साथ में बैठकर थोड़ी बात चित होते रहेगी तो अच्छा लगेगा. आप चलिए मैं आती हूँ"

हरिया "हाँ मेमसाहेब" बोलकर और फ्रिज खोलकर पानी और बर्फ निकलने लगा. हरिया रामु को बर्फ का बाउल जो टेबल पर रखा था वह लाने के लिए बोलै तो वह लेकर फ्रिज तक आया.

हरिया पानी और बर्फ निकलकर फ्रिज बांध करके रामु के तरफ देखकर bola,"Ee लो पानी का बोतल पकड़ो" और खुद हाथ में बर्फ का बाउल पकड़ कर अनीता को देखते हुए bola,"Jaldi आइये मेमसाहेब".

अनीता जो अब करहि से पकौड़े निकल रही थी वह यह सुनकर मुस्कुराकर boli,"Haan हरिया जी बस अब हो hi गया. चलिए मैं आती हूँ".

हरिया और रामु दोनों अनीता को एक बार ऊपर से नीचे घूरे तो अनीता भी उन्हें देखकर मुस्कुरा दी. वह दोनों सोफे के तरफ जाने लगे तो अनीता पकौड़े ट्रे में रखने लगी. सभी पकौड़े ट्रे के रखने के बाद अनीता चूल्हा बांध की और किचन सिंक में खुद की हाथ धोकर वहां रखे तौलिये में हाथ पोंछकर किचन काउंटर के तरफ जाकर रामु और हरिया को देखती हुयी puchhi,"aur कुछ चाहिए क्या आपलोगो को".

वह दोनों अनीता के तरफ देखे और हरिया उसे देखते हुए अपने बाये हाथ से तौलिया के ऊपर से लुंड मसलते हुए bola,"Nahin मेमसाहेब. आप आइये और हमरे साथ बैठिये".

अनीता उसके लुंड के तरफ देखि और फिर एक कप लेकर उसमे बीड़ी और मैच बॉक्स रख ली और दूसरे हाथ से पकौड़े का ट्रे पकड़ कर उठाकर सोफे के तरफ एक ऐडा से कमर लचकती और गांड मटकती हुयी जाने लगी.

हरिया उसे आता देख बाए हाथ से अपना लुंड मसल रहा था. रामु भी वही कर रहा था मगर धीरे धीरे वहीँ हरिया बेझिजक अनीता को देखते हुए लुंड मसल रहा था.

अनीता हरिया को लुंड मसलते देखकर उसके और रामु के चेहरे के तरफ देखती हुयी boli,"Bas आ गयी हरिया जी. आप लोग तो ऐसे करने लगे की अब मेरे साथ नहीं बैठने पर आप लोगो को पीने का मज़ा hi नहीं मिलेगा".

हरिया यह सुनकर अनीता की बदन को देखते हुए लुंड मसलते हुए bola,"Are मेमसाहेब हुंका आपके जइसन खबसूरत औरत के साथ बैठकर पीने का मौक़ा कौन सा बार बार मिळत है. आज जब मौक़ा मिला है तो कहे गंवाए".

अनीता मुस्कुराती हुयी पकौड़े का ट्रे और बीड़ी और मैच बॉक्स वाला कप टेबल पर रखकर boli,"Offo हरिया जी मेरी तारीफ आप लोग बांध नहीं करेंगे, है न".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराकर bola,"Ek दम नहीं मेमसाहेब" तो अनीता अपनी आंखें एक ऐडा से बड़ी करके सर हिलायी तो हरिया है diya,"Hahaha" तो अनीता भी खिलखिलाने lagi,"Hehehe". रामु भी मुस्कुराने लगा.

अनीता खिलखिलाती हुयी हरिया के तरफ गयी तो हरिया उसके तरफ हाथ बढ़ाते हुए bola,"Aaiye मेमसाहेब बैठिये".

अनीता उसके तरफ हाथ बढाकर उसके सामने से गयी और उसके और रामु के बीच खिलखिलाती हुयी hi बैठ गयी. वहां बैठने से अनीता की नाक में फिर से एक तेज़ गंध गयी. हालांकि यह गंध जब वह मोटरसाइकिल पर बैठी थी उतना तेज़ नहीं था, मगर फिर भी अच्छा ख़ासा तेज़ था.

अनीता बैठकर हसी रोककर मुस्कुराकर boli,"Chaliye हरिया जी बैठ गयी मैं आप दोनों के साथ. अब आराम से खाइये पीजिये".

अनीता फिर तेज़ सांस ली और उसकी नाक में वह गंध घुसने लगा और घुसते hi उसकी छूट में अजीब सी हलचल हुयी.

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Haan मेमसाहेब आप हमलोगां के साथ बैठ गयी हैं तो अब हमलोग मज़े से खाएंगे पीयेंगे".

तब तक अनीता जोर से सांस ले ली थी जिसके कारण से उसकी चूँचियाँ ऊपर के तरफ थोड़ी उठ गयी थी. हरिया अनीता की उठती चूँचियों और फिर बदन को घूरते हुए bola,"Aur आपका तारीफ करेंगे".

अनीता उसका बात सुनती हुयी उसे hi देख रही थी और उसे अपनी उठती हुयी चूँचियों को घूरते हुए देख ली मगर फिर भी वह हरिया का बात सुनकर बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी boli,"Ohh no हरिया जी और तारीफ नहीं".

हरिया यह सुनकर हसने laga,"Hahaha" तो अनीता भी खिलखिलाने lagi,"Hehehe".

रामु भी मुस्कुराते हुए शराब का एक घूंट अनीता की उठती चूँचियों और फिर बदन को गन्दी नज़र से घूरते हुए पी गया.

अनीता खिलखिलाती हुयी boli,"Hehehe ओह्ह गॉड, आप लोग इतना हसाएंगे मैं सोची नहीं थी हेहेहे".

हरिया हसी रोककर bola,"Are मेमसाहेब अइसन मौसम में और का करना है. आप अटना प्यार से हमलोगां का खातिरदारी कर रही हैं तो हमलोगां भी थोड़ा आपको हँसा डेट है. ऐसे थोड़ा बहोत हसी मज़ाक चल रहा है तो अच्छा लग रहा है".

अनीता यह सुनकर हरिया को देखती हुयी boli,"Haan हरिया जी ऐसे मौसम में अब करना hi क्या है. लेकिन मेरी तारीफ के अलावा और भी तो बातें हो सकती है".

हरिया यह सुनकर अनीता को देखने लगा. अनीता भी हरिया को देखने लगी. अनीता उसके आँखों को अपनी चूँचियों को और फिर नंगी पेट को घूरते देखि.

हरिया उसकी जिस्म को देखकर bola,"Are मेमसाहेब अब का करे आप अटना खबसूरत हैं की ससुरा मुंह से तारीफ निकल hi जाता है. और हम कुछो ग़लत भी नहीं बोलै हूँ. आपके जइसन खबसूरत औरत के साथ बैठकर पीने का ससुरा कभी मौक़ा मिला hi नहीं है. अगर यक़ीन नहीं है तो रामु से पूछिए".

अनीता अगले पल रामु का आवाज़ सुनकर उसके तरफ dekhi,"Haan मेमसाहेब".

फिर वह भी अनीता की जिस्म को घूरने लगा. अनीता उसके भी नज़रो को अपनी बदन पर रेंगते हुए देखने लगी, पहले अपनी चूँचियों पर फिर अपनी नंगी पेट पर.

रामु अनीता की बदन को देखने के बाद उसकी आँखों में देखकर bola,"Aap जइसन खबसूरत औरत के साथ बैठकर हम दोनों कभी नहीं पिया हूँ".

फिर अनीता हरिया का बात suni,"Isiliye तो मेमसाहेब हम आपको साथ बैठना छह रहा था. ससुरा आप के जइसन खबसूरत औरत के साथ बैठने से पीने का मज़ा बढ़ जावेगा"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Theek है हरिया जी अब तो मैं साथ बैठी हूँ. आप दोनों आराम से खाइये पीजिये".

अनीता फिर पकौड़ो के तरफ इशारा करती हुयी boli,"Khaiye न आप दोनों. बात चित तो चलती hi रहेगी आराम से".

हरिया यह सुनकर bola,"Haan मेमसाहेब". अनीता फिर रामु के तरफ देखि तो उसे अपनी बदन को घूरते हुए देखि. अनीता बिना कुछ रियेक्ट किये boli,"Ramu जी आप भी खाइये न. पकौड़े ठन्डे हो जायेंगे".

रामु यह सुनकर अनीता की तरफ देखा और फिर "हाँ" में सर हिलाकर पकौड़े के तरफ हाथ बढ़ाया.

हरिया तब तक एक पकौड़ा उठाकर अनीता के तरफ बढ़ाते हुए bola,"Aap भी खाइये मेमसाहेब".

अनीता यह देखकर मुस्कुराकर boli,"Hariya जी आप खाइये न, मैं तो खाउंगी hi".

अगले पल हरिया अपना बया हाथ अनीता की पीछे से घुसकर उसकी बायीं कमर पर रखकर सहलाते हुए दये हाथ से पकौड़े को उसकी मुंह के तरफ ले जाते हुए bola,"Ek पीेछे हमरे हाथ से खा लीजिये".

अनीता यह सुनकर अपनी मुंह खोल दी और हरिया उसमे पकौड़ा दाल दिया. अनीता मुस्कुराती हुयी मुंह बांध करके खाने लगी. अनीता वैसे hi खाती हुयी आँखों से हरिया को भी खाने का इशारा की.

हरिया अनीता की कमर सहलाते हुए एक पकौड़ा उठाकर मुंह में दाल लिया और फिर गिलास में थोड़ा सा बर्फ और शराब डालकर पानी रखने लगा.

अनीता उसे यह करते हुए देखने लगी. अगले पल रामु भी अपने गिलास में शराब रखकर पानी मिलाया तो हरिया अपना गिलास उठाकर bola,"Ee जाम मेमसाहेब की खबसूरत जवानी के नाम".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी हरिया को देखकर अपनी सर हिलने लगी जैसे कहना चाहती हो की वह दोनों उसकी ख़ूबसूरती की तारीफ बांध नहीं करेंगे.

अनीता मुस्कुराती हुयी हरिया के तरफ देख रही थी की तभी रामु का आवाज़ aaya,"Ee खबसूरत शाम और हमरे साथ बैठी खबसूरत मेमसाहेब के नाम".

फिर वह दोनों गिलास टकराकर एक घूंट में पूरा पी गए और गिलास टेबल पर रख दिए. अनीता मुस्कुराती हुयी उन् दोनों को देखती रही.

रामु अपना सर हिलाते हुए bola,"Sasura ी जाम पीने में कुछ अलग hi मज़ा आया".

अनीता यह सुनकर अपनी आंखें बड़ी करके रामु को देखि तो अपनी कमर पर हरिया का हाथ फिसलते हुए महसूस करके उसका आवाज़ suni,"Are मज़ा तो आएगा hi. मेमसाहेब की जवानी के नाम जो जाम था".

अनीता यह सुनकर आंखें बड़ी करके हरिया को देखती हुयी boli,"Offo हरिया जी".

तो हरिया हसने लगा "हाहाहा". अनीता भी उसका हसी सुनकर खिलखिलाने lagi,"hehehehehe" और वह खिलखिलाती हुयी रामु को देखि तो उसे अपनी बदन को घूरते हुए देखि और फिर वह उसकी चेहरे पर देखकर मुस्कुराया तो अनीता खिलखिलाती rahi,"hehehe आप दोनों भी न हेहेहे".

अनीता फिर हसी रोकती हुयी रामु से puchhi,"Ramu जी आपका नशा अभी तक दुगना हुआ या नहीं?"

हरिया यह सुनकर अनीता की कमर सहलाते हुए हसने लगा और अनीता भी खिलखिलाने lagi,"Hehehe".

रामु थोड़ा शर्मिंदगी से bola,"Are मेमसाहेब" तो अनीता उसे देखकर खिलखिलाती rahi,"Hehehe".

हरिया अनीता की कमर सहलाते हुए bola,"Abe ससुरा बोल न. तुम तो बोल रहा था की इहाँ आकर पियेगा तो नशा दुगना हो जायेगा. अब तो मेमसाहेब साथ hi बैठी है और एक जाम मेमसाहेब का खबसूरत जवानी के नाम भी पीलिया".

अनीता बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी हरिया का हाथ अपनी कमर पर महसूस करके उसका बात सुनती हुयी रामु को देख रही थी.

रामु अनीता को देखते हुए bola,"Are पीने का मज़ा जब बढ़ गया तो नशा तो बढ़ा hi होगा".

हरिया यह सुनकर bola,"Ee बात हुआ न हेहेहे".

वहीँ अनीता अपनी आँखें बड़ी करके रामु को देखकर फिर से खिलखिलाने lagi,"hehehe".

हरिया उसकी कमर सहलाते हुए bola,"Aur तू ससुरा वहां बाहर कमरा में hi पीना छह रहा था. वहां पीटा तो इतना मज़ा आता. इहाँ मेमसाहेब जैसी खबसूरत औरत के साथ बैठकर हसी मज़ाक करते हुए पी रहा है".

अनीता बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी रामु को देख रही थी. रामु अनीता को देखकर bola,"Haan हरिया बात सही है. इहाँ मेमसाहेब के साथ बैठकर पीने का मज़ा hi अलग है"

हरिया अगले पल अनीता को देखकर bola,"Sach में मेमसाहेब आपके साथ बैठने से अब पीने का अलग hi मज़ा आ रहा है. ी मौसम और शाम का असली मज़ा तो अब आ रहा है".

अनीता मुस्कुराती हुयी boli,"Mujhe ख़ुशी है हरिया जी की आप दोनों को यहाँ बैठकर पीना अच्छा लग रहा है. इस मौसम में और करना hi क्या है. आराम से पीजिये और एन्जॉय कीजिये. दिन भर म्हणत करके थक जाते होंगे आप दोनों. आज एन्जॉय करने का मौक़ा है तो कीजिये".

हरिया जवाब में अनीता की कमर सहलाते हुए puchha,"Aapko हमलोग के साथ बैठकर अच्छा लग रहा है या नहीं?".

अनीता मुस्कुराकर boli,"Haan हरिया जी यह भी कोई पूछने की बात है. बात चित हो रही है, आप दोनों इतना हँसा रहे हैं और ऊपर से सर से लेकर पाऊँ तक तारीफ से मुझे भीगा दिए हैं तो अच्छा क्यों नहीं लगेगा".

हरिया जवाब में bola,"Are मेमसाहेब अब घर के अंदर बारिश में तो आप भीग नहीं सकती तो इसलिए तारीफ से भीगा दे रहा हूँ हमलोग हेहेहे".

अनीता यह सुनकर हर बार की तरह हरिया के बात पर आँखें बड़ी करके उसे देखि और फिर खिलखिलाने lagi,"Hehehe". हरिया अनीता को हर बार अपना क्रिएटिव अंदाज़ से उसकी तारीफ करके उसे सरप्राइज का देता इसलिए अनीता सुरप्रीसेड होकर अपनी आँखें बड़ी करके उसे देखती और खिलखिलाने लगती. तारीफ की तो उसे उम्मीद अब हो hi रही थी, उसमे उसे कोई सरप्राइज नहीं लग रहा था, मगर तारीफ करना का तरीक़ा उसे सरप्राइज कर रहा था.

अनीता खिलखिलाती हुयी रामु और हरिया को एक एक करके देख रही थी. हरिया भी उसकी कमर सहलाते हुए है रहा था और रामु अनीता को अपनी लाल आँख से हस्ते हुए देख रहा था और साथ hi उसकी जिस्म को घर रहा था.

अनीता हसी रोकती हुयी boli,"Hehehe सच में हरिया जी आप दोनों ने तो माहौल hi जमा दिया है".

हरिया अनीता की कमर सहलाते हुए bola,"Are मेमसाहेब ी भी तो आपके वजह से हुआ है. आप हुंका इहाँ अंदर बुलाई तो हम सब साथ हैं और माहौल जैम गवा".

अगले पल रामु bola,"Haan ी बात तो सही है. मेमसाहेब हमलोगां का अंदर बुलाई तो माहौल जैम गवा".

अनीता यह सुनकर रामु को देखि और फिर वापस हरिया को देखक्ति हुयी boli,"Main भी सोच रही थी की कहाँ आप दोनों वहां अकेले बैठकर पिएंगे और मैं यहाँ अकेली पकौड़े बनाकर खाउंगी. जब हम सब एक hi छत के नीचे हैं तो साथ बैठकर खाने में क्या बुराई है. इसी बहाने बात चित भी होती रहेगी जिससे थोड़ा मैं लगा रहेगा हम सब का. एहि सोचकर मैं आप दोनों को अंदर आने के लिए बोली. लेकिन यहाँ तो उम्मीद से कुछ ज़्यादा hi हो गया. आप दोनों मुझे इतना हँसा रहे हैं और इतना अच्छा माहौल बना दिया है की मैं क्या बोलूं".

अनीता यह पूरी बात बोलने के दौरान कभी हरिया को तो कभी रामु को देखती रही. अनीता आगे बोलती rahi,"Pakaude खाने से ज़्यादा तो मुझे आप दोनों का बात एंटरटेन कर रहा है. मैं भी सच बताऊँ तो आप दोनों के साथ बैठकर बात चित करते हुए पकौड़े खाने से पकौड़े का मज़ा दुगना हो गया है".

रामु यह सुनकर अनीता की बायीं कंधे पर हाथ रखकर bola,"Lag रहा है की ी सब हमलोगां का किस्मत में लिखा था. इसलिए तो मेमसाहेब को ऑटो नहीं मिल रहा था, हमलोगां यहां आये और आते hi बारिश हो गवा. ससुरा ठीक घर के पास hi बारिश तेज़ हो गवा".

अनीता रामु का हाथ अपनी कंधे पर महसूस करके उसके तरफ देखि और फिर उसको देखते हुए बात सुनने लगी. इस पुरे वक़्त उसकी कमर पर हरिया का हाथ फिसल रहा था.

हरिया जवाब में bola,"Haan रामु सही बोलत हो तुम".

फिर वह अनीता को देखते हुए puchha,"Aap का कहती है मेमसाहेब?"

अनीता कुछ बोलती की तभी बिजली चमकी जिससे शीशे के खिड़की से घर के अंदर तक रौशनी आयी और अगले पल जोर से बदल गरज़ने लगा. अनीता यह सुनकर सोफे पर hi बैठी पीछे घूमकर खिड़की से देखि तो बारिश और हवा दोनों और तेज़ हो गए थे. हरिया और रामु भी अनीता को देखकर पीछे घूमकर देखा.

अनीता फिर सीढ़ी बैठती हुयी boli,"Ab मैं क्या बोलूं. बारिश ने तो खुद hi बोल दिया तेज़ होकर. लग रहा है यह छूटेगी नहीं. शायद सच में आज की शाम हम तीनो को एकसाथ बीतने किस्मत में hi लिखा है तभी तो बारिश नहीं रुक रही है".

हरिया यह सुनकर bola,"Haan मेमसाहेब. जब अइसन बात है तो आज का शाम आपका खबसूरत गरम जवानी के नाम".

अनीता यह सुनकर हरिया को देखि तो वह उसकी बदन को देखने लगा. अगले पल रामु भी bola,"Haan मेमसाहेब की खबसूरत जवानी के नाम".

अनीता यह सुनकर रामु को देखि और अगले पल दोनों अपना अपना गिलास उठाकर अनीता की चूँचियों के सामने hi टकराकर अनीता को देखकर मुस्कुराये. अनीता भी उन दोनों को बारी बारी से मुस्कुराती हुयी देखि. उसकी चेहरे पर एक गर्व का भाव था. दोनों अनीता को देखते हुए hi एक घूंट में पीकर गिलास रखकर एक साथ सर हिलाते हुए bola,"Sasura दुगना नशा हो गवा".

अनीता यह सुनकर खिलखिलाने lagi,"Hehehe". हरिया भी हसने laga,"Hahaha" वहीँ रामु मुस्कुरा रहा था.

अनीता हसी रोककर boli,"Ab पकौड़े भी खाइये नहीं तो ठन्डे हो जायेंगे".

हरिया यह सुनकर bola,"Are मेमसाहेब जब आपका गरम जवान बदन इहाँ है तो कुछ hi ठंडा हो hi नहीं सकता".

अनीता यह सुनकर आँखें बड़ी करके हरिया को देखि तो वह हसने लगा "hahaha".Ramu भी मुस्कुराने लगा. अनीता एक ऐडा से मुस्कुराती हुयी दोनों को देखि और फिर पकौड़े उठती हुयी बोली," हरिया जी मेरी तारीफ अपनी जगह है लेकिन पकौड़े ठन्डे हो जायेंगे. खाइये आप दोनों. इतना म्हणत मज़दूरी करते हैं आप दोनों. जब आज थोड़ा एन्जॉय करने का मौक़ा है तो आराम से खाइये पीजिये और एन्जॉय कीजिये".

अनीता फिर दोनों हाथ में पकौड़ा उठाकर एक एक करके रामु और हरिया को खिलाई.

हरिया पकौड़ा कहते हुए दये हाथ से तौली के ऊपर से अपना लुंड मसलते हुए bola,"Jab आप साथ है आज मेमसाहेब तो एन्जॉयएय तो हम करेंगे hi".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर हरिया के लुंड के तरफ देखि तो हरिया अगले पल उसी हाथ से ट्रे से पकौड़ा उठाकर अनीता की तरफ बढ़ाते हुए bola,"Aap भी खाइये न मेमसाहेब".

अनीता यह सुनकर अपनी मुंह खोल दी और पकोड़ा खाने लगी.

अगले पल रामु भी एक पकौड़ा उठाकर अनीता के तरफ बढ़ाया तो वह देखि वह बाये हाथ से उठाया थे जो हाथ तौली के ऊपर से उसके लुंड पर था.

अनीता उसके हाथ को देखि और अपनी मुंह खोल दी और वह पकौड़ा खाने लगी.

रामु अनीता को पकौड़े खिलते वक़्त भी अनीता की कंधे को सहलाने लगा. अनीता पकौड़े कहती हुयी रामु को देखि तो वह उसकी चूँचियों को देख रहा था. अनीता अपनी नज़र नीचे करके तौली के नीचे छुपे उसके लुंड के तरफ देखि जो की अब तौली में अच्छा ख़ासा उभर बनाये हुए था.

यह देखकर अनीता की दिल धड़क गयी और वह अपनी नज़र हरिया के तरफ लेजाकर हरिया को देखि तो वह भी उसकी चूँचियों को hi देख रहा था. अनीता फिर उसके लुंड के तरफ देखि तो उसका लुंड भी तौली के अंदर बड़ा हो रहा था और वहां अच्छा खासा उभर बन गया था. अनीता बिना शर्म के घूमकर रामु के लुंड के तरफ देखि जो अब अपने गिलास में थोड़ा शराब, बर्फ और पानी रख रहा था. अनीता उसके उभर को देखकर अंदाज़ा लगाई की उसका लुंड भी हरिया जैसा hi बड़ा और मोटा होगा तो उसकी छूट में थोड़ा हलचल होने लगा.

अनीता खुद की धड़कन काबू करने के लिए तेज़ सांस ली तो उसकी नाक में जो इतनी देर से रामु और हरिया के बदन का दुर्गन्ध जा रहा था वह और तेज़ी से उसकी नाक में गया.

वह फिर बिना कुछ बोले ट्रे से एक पकौड़ा उठाकर खाने लगी की तभी बिजली फिर से चमक कर बदल गरजने लगा.

रामु यह सुनकर गिलास भरकर उठाते हुए bola,"Baarish ससुरा बहोत तेज़ हो गवा. अब तो हर जगह पानी भी जैम गवा होगा. कहीं आना जाना भी मुश्किल होगा".

हरिया यह सुनकर रामु को देखता हुआ bola,"Haan रामु."

फिर वह अपने गिलास में बर्फ रखते हुए bola,"Lekin होने दे ससुरा को. हम तो आराम से यहाँ घर के अंदर बैठे हुए हैं मेमसाहेब के साथ, एक दम मस्त होकर".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी हरिया को देखि तो वह अपने गिलास में शराब भरते हुए bola,"Sasura शराब है, मेमसाहेब का अटना प्यार से बनाया हुआ गरमा गरम पकौड़ा है".

फिर वह अनीता की बदन को देखते हुए bola,"aur साथ में मेमसाहेब जैसी अतनी खबसूरत गरम जवान औरत है"

हरिया यह बोलते हुए अनीता की कमर पकडे अपने तरफ खिंच लिया तो अनीता की दायी कन्धा हरिया के सीने से टकरा गयी तो अनीता की मुंह से "आआह्ह हरिया जी" निकल गयी.

हरिया यह सुनकर हसने लगा तो अनीता भी खिलखिलाने lagi,"Hehehe".

हरिया अनीता की कमर सहलाते हुए रामु को देखते हुए bola,"Ab और का चाहिए. बारिश होने दे ससुरा, हमलोगां आराम से मेमसाहेब के साथ टाइम बिताएंगे".

अनीता बिना शर्म के हरिया से चिपकी रामु को देख रही थी. जब हरिया अनीता को अपने तरफ खिंचा तो रामु का हाथ अनीता की कंधे से सड़क कर उसकी गांड के साइड पर आ गया.

रामु अनीता की बदन को घूरते हुए अपना हाथ अनीता की गांड की साइड पर रखे हुए bola,"Haan मेमसाहेब है तो अच्छा लग रहा है".

रामु का हाथ अनीता की गांड की साइड पर दोनों अनीता और हरिया देख सकते थे. किसी से कुछ छुपा हुआ नहीं था अब लेकिन रामु अनीता की गांड पर हाथ नहीं ले गया.

हरिया अगले पल अनीता की कमर सहलाते हुए उससे puchha,"Aapko अच्छा लग रहा है तो मेमसाहेब. आपको कउनो चीज़ का कमी नहीं न लग रहा है. हमरे साथ तो आप है तो ससुरा हमलोगां को अच्छा लग रहा है".

अनीता यह सुनकर हरिया को देखकर अपनी हाथ उसके सीने पर लेजाकर उसपर फेरती हुयी boli,"Hariya जी मुझे भी कोई चीज़ की कमी नहीं लग रही है. आप और रामु जी जैसे दो मर्द साथ हो तो और क्या कमी होगी. इतनी अच्छी मौसम, गरमा गरम पकौड़े और आप और रामु जी जैसे दुमदार मर्द साथ हो तो कैसे अच्छा नहीं लगेगा. सच में आप दोनों ने तो माहौल hi जमा दिया है".

हरिया यह सुनकर अनीता की कमर सहलाते हुए bola,"Are मेमसाहेब शराब, नमकीन और आपकी जैसी खबसूरत गरम औरत हो तो माहौल जैम hi जाता है".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर हरिया को देखती हुयी उसका सीना सहमति हुयी boli,"Zaruri नहीं है हरिया जी. माहौल ज़माने वाला मर्द भी तो होना चाहिए. आप और रामु जी जैसे मर्द है जो माहौल जमा रहे हैं".

हरिया यह बोलकर अनीता की कमर सहलाते हुए bola,"Are मेमसाहेब आपकी जैसी खबसूरत औरत हो तो हमरा जैसा मरद लोग माहौल तो जमा hi लेगा".

अनीता यह सुनकर हरिया का सीना सहलाती हुयी मुस्कुराई की तभी फिर से जोर से बिजली चमक कर बदल गरजा और लाइट चली गयी.

अँधेरे में बाहर की बहोत हलकी रौशनी खिड़की से आ रही थी जिससे बस थोड़ा बहोत आस पास का अंदाज़ा लगाया जा सकता था. हरिया अपना हाथ अनीता की कमर से सड़क कर ऊपर लाकर उसकी बायीं चूंकि को मुट्ठी में भरते हुए bola,"Ee लाइट भी चला गवा. ससुरा लाइट भी माहौल बना रहा है".

अनीता अँधेरे में hi अपनी चूंकि हरिया के हाथों दबने से और उसके बाद उसके बात को सुनने से मुस्कुरा कर boli,"Hariya जी आप भी न हेहेहे".

हरिया भी अनीता की चूंकि दबाये हसने laga,"Hahaha". अनीता खिलखिला रही थी की तभी उसे अपनी गांड पर हाथ महसूस हुयी मगर वह बिना कुछ रिएक्शन दिए खिलखिलाती रही.

अनीता खिलखिलाने के बाद boli,"Hariya जी बैठिये मैं कैंडल लेकर आती हूँ. पूरा अँधेरा भी अच्छा नहीं लग रहा है. थोड़ी रौशनी तो होनी चाहिए".

हरिया यह सुनकर अनीता की चूंकि दबाते हुए bola,"Are मेमसाहेब अँधेरा है तो कउनो बात नहीं. लेकिन आपको मोमबत्ती जलना है तो ठीक है. ससुरा आपका खबसूरत बदन भी दिख नहीं रहा है अँधेरा में".

अनीता मुस्कुराकर boli,"Offi हरिया जी फिर से मेरी तारीफ. आप दोनों बैठिये मैं आती हूँ".

अनीता उठने लगी तो हरिया उसकी चूंकि छोर दिया और अपना मोबाइल का फ्लैशलाइट जलाकर bola,"Ee ले जाइये मेमसाहेब आपको मदद मिलेगा".

अनीता अपनी मोबाइल अपनी कमरे में राखी थी तो वह हरिया का मोबाइल लेकर उठकर किचन में जाने लगी. जाती हुयी वह हरिया का आवाज़ suni,"Ramu अपना मोबाइल का लाइट जलाओ तो".

अगले 2-3 सेकण्ड्स में अनीता को लिविंग रूम में अपने पीछे भी रौशनी महसूस हुयी और अंदाज़ा लगायी की फ्लैशलाइट उसकी नंगी पीठ पर फोकस्ड है. अनीता बिना पीछे घूमे मुस्कुराती हुयी चलने लगी.

किचन में एंटर करने से पहले अनीता suni,"Uff का कातिल बदन है".

अगले पल अनीता महसूस की की फ्लैशलाइट उसकी गांड पर फोकस्ड है और उसका यह शक पक्का हो गया जब वह अगले पल suni,"Uff क्या मस्त मटकता गांड है, बड़ा बड़ा तरबूज जैसा".

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से मुस्कुरकर अपनी गांड को और मटकने लगी. वहीँ वह अगले पल एक और बात suni,"Abe हरिया का बोल रहा है. धीरे बोल मेमसाहेब सुन्न लेगी. हसी मज़ाक अपने जगह है और ऐसा बोलना...".

रामु का बात पूरा नहीं हुआ की अनीता किचन में घुसती हुयी दूसरा बात suni,"Are कुछो नहीं होगा. ससुरा तुम का देख नहीं सकत हो मेमसाहेब का बड़ा गांड कितना मस्त नाटक रहा था".

रामु भी धीरे से bola,"Haan देख तो हम भी रहत थे, सच में अइसन खबसूरत औरत और अइसन बड़ा मस्त गांड हम कभी नहीं देखा हूँ. लेकिन ीका मतबल ी थोड़े के मेमसाहेब के सामने ऐसे बोले की उनका गांड मस्त है. ससुरा सुन्न लेगी तो"

हरिया अगले पल bola,"Are सुन्न लेगी तो का हो जायेगा. सच hi तो बोलत हूँ हम और तुम. अब जइसन गांड वइसन hi न बोलूंगा".

अनीता किचन में ड्रावर से कैंडल निकलती हुयी यह सब सुन्न रही थी. उसकी धड़कन और सांस तेज़ हो गयी थी और छूट में बेचैनी होने लगी थी. वह आँखों के कोने से देखि तो फ्लैशलाइट जलते हुए hi हरिया का हाथ में मोबाइल था और वह दोनों बात कर रहे थे. इसके कारण वहां थोड़ी रौशनी थी तो अनीता उन दोनों के लुंड के तरफ देखि जो वह दोनों मसलते हुए बात कर रहे थे. उनका उभर और भी बड़ा हो गया था.

अनीता फिर ड्रावर के तरफ ध्यान देती हुयी दो मोठे कैंडल निकली और लेकर अपनी गांड मटकती हुयी उन दोनों के लुंड के तरफ देखती हुयी सोफे के तरफ जाने लगी.

वह दोनों अब बेझिझक अनीता को आते देख तौली के ऊपर से अपने लुंड पर hi हाथ रखे हुए थे. अनीता एक बार उनके लुंड के तरफ देखने के बाद टेबल पर कैंडल्स राखी और जो मैच बॉक्स वह हरिया और रामु के बीड़ी पीने के लिए लायी थी उसे उठाकर वह कैंडल जला दी.

कैंडल जलने के बाद वह हरिया का मोबाइल देती हुयी boli,"Yeh लीजिये हरिया जी".

हरिया उसकी हाथ से मोबाइल लेकर फ्लैशलाइट बांध करके टेबल पर रख दिया और रामु भी अपने मोबाइल का फ्लैशलाइट बांध करके टेबल पर रख दिया. अब लिविंग रूम में बस मोमबत्ती ौस बहार से आ रही थोड़ी रौशनी hi थी.

हरिया अनीता को देखकर bola,"Aaiye मेमसाहेब बैठिये".

अनीता अपनी गांड मटकती और कमर लचकती हुयी टेबल के सामने से होते हुए सोफे के तरफ जा रही थी तभी अँधेरे में उसकी पेअर सही से फर्श पर नहीं पड़ी और पेअर मुद कर उसे मोच आ गयी.

मोच आते hi अनीता कराह uthi,"Aaaahhhh आउच" और वह सामने सोफे पर बैठे हरिया पर गिरने hi वाली थी की हरिया हाथ आगे करके उसकी कमर पकडे संभल लिया. अनीता भी अपनी दोनों हाथ हरिया के दोनों कंधे पर रखकर खुद को बैलेंस की.

हरिया अनीता से puchha,"Kaa हुआ मेमसाहेब?"

रामु भी अपने जगह से उठकर वही सवाल किया तो अनीता परेशानी और दर्द वाले भाव से boli,"aah हरिया जी अचानक से मेरा पेअर मुद गया और मोच आ गयी. पता नहीं कैसे हुआ मगर अब मुझसे खड़ा नहीं रहा जा रहा".

हरिया यह सुनकर अनीता की कमर पकडे सोफे के तरफ खींचते हुए bola,"Kauno बात नहीं मेमसाहेब हम और रामु हूँ तो. आइये बैठिये".

हरिया यह बोलते हुए अनीता को अपने और रामु के बीच सोफे पर बैठा दिया. अनीता सोफे के हेड रेस्ट पर सर रखकर पीठ उससे सत्ता कर बैठकर boli,"Aaah ऐसा कभी नहीं हुआ हरिया जी की घर में hi पेअर मुद कर मोच आ जाये".

हरिया यह सुनकर bola,"Kauno बात नहीं मेमसाहेब. ससुरा अँधेरा में पाऊँ सही से नहीं पड़ा होगा. कहाँ मोच आया दिखाइए तो".

अनीता अपनी हाथ से अपनी पेअर के तरफ इशारा करती हुयी boli,"Woh फ़ीट, मेरा मतलब है पेअर में सबसे नीचे वाले भाग में".

हरिया यह सुनकर bola,"Ohh".

अगले पल रामु bola,"Memsaheb अगर बुरा न मने तो हम थोड़ा देख सकता हूँ? हम का मोच ठीक करने आता है".

अनीता जवाब में boli,"Ramu जी इसमें बुरा मैंने की क्या बात है. यह तो अच्छी बात है की आपको मोच ठीक करने आता है. प्लीज देखिये न ज़रा क्या हुआ है और आप ठीक कर सकते हैं या नहीं".

हरिया भी बोल pada,"Haan बे देख न. मेमसाहेब दर्द से परेशां हो रही है और तू ससुरा बातें बना रहा है".

रामु यह सुनकर bola,"Are ससुरा पूछना तो पड़ेगा न. अब सबसे पहले मेमसाहेब का पेअर ऊपर सोफे पर रखना पड़ेगा. मेमसाहेब आपको थोड़ा हरिया के तरफ खिसकना होगा ताकि आपका पेअर हम सोफे पर अपने तरफ रख सके"

अनीता यह सुनकर अपने बायीं हाथ रामु के जांघ पर रखकर बैलेंस बनाकर थोड़ा खिसकने का कोशिश की मगर नहीं कर पायी तो हरिया bola,"Are मेमसाहेब हम और रामु हूँ तो आप कहे परेशान हो रही है".

अगले पल हरिया अनीता की कमर को पकड़ा और अपने तरफ खींचते हुए bola,"Aap बस आराम से रहिये. ु अंग्रेजी में कहते हैं न रिलेक्स".

अनीता यह सुनकर मुस्कुरा दी. हरिया सोफे पर दायी तरफ हैंड रेस्ट और हेड रेस्ट के कोने पर पीठ करके बैठा था. वह बया पेअर सोफे पर मोड़ कर रखे हुए था और दया पेअर नीचे लटकाये था.

वह अपना बया पेअर सोफे के हेड रेस्ट के नीचे लम्बा करके फैला दिया और उसका पेअर रामु के तरफ चला गया.

अनीता की पीठ अब हरिया के तरफ थी. हरिया खुद को अच्छे से सोफे पर एडजस्ट करने के बाद अपना बया हाथ अनीता की बायीं कमर के तरफ से लेजाकर ठीक उसकी चूंकि के नीचे से होते हुए उसकी पेट दायी साइड पर हाथ रख दिया. ऐसा करने से हरिया के कलाई से लेकर एल्बो तक का भाग अनीता की दोनों चूँचियों के नीचले भाग से सत्ता हुआ था. अनीता भी हरिया का हाथ अपनी चूँचियों के नीचे महसूस की.

हरिता फिर दया हाथ अनीता की दायी कमर से होते हुए अपने बाये हाथ के ठीक नीचे से ले जाते हुए अनीता की पेट की के बायीं साइड पर रख दिया.

फिर वह अनीता की दोनों साइड के पेट को भींचकर उसे अपने तरफ पूरा खींचने लगा तो उसका बया हाथ का प्रेशर ऊपर के तरफ अनीता की चूंकि पर पड़ने लगा जिससे उसकी चूंकि थोड़ी सी ऊपर के तरफ हो गयी. अनीता खुद को बैलेंस करने के लिए बायीं हाथ सोफे के हेड रेस्ट पर और दायी हाथ हरिया के डेज जांघ पर रख दी.

हरिया अनीता को वैसे hi पकडे हुए अपने तरफ खिंच कर खुद से सत्ता लिया ऐसे की उसकी नंगी कमर हरिया के नंगे पेट से सत् गयी. वह अपनी निचली कमर पर तौलिये में कैद हरिया के लुंड के उभर को भी महसूस कर पा रही थी.

हरिया फिर से अनीता की पेट वैसे hi पकडे थोड़ा और पीछे खींचते हुए bola,"Memsaheb पूरा रिलैक्स करके बैठिये न आप. आपके पीछे हमरा मजबूत सीना तो है, उस पर रिलेक्स करके लेट जाइये".

हरिया यह बोलते हुए अनीता को पूरा पीछे जितना हो सके उतना खिंच लिया. अनीता भी उसका बात सुनकर अपनी जिस्म को ढीला छोर दी और अपनी सर हरिया के दये कंधे पर टिका कर उसके सीने और पेट पर अपनी पीठ को टिका दी.

अब नज़ारा यह था की हरिया सोफे के दये कोने में बैठा अपना बया पेअर सोफे के हेड रेस्ट के तरफ लम्बा फैलाये बैठा था और दया पेअर नीचे लटकाये था.

अनीता उसके दोनों पैरों के बीच गांड टिकाये उसके नंगे सीने और पेट पर अपनी जिस्म को ढीला छोर उस पर लगभग लेती हुयी थी. ऐसे लेटने से उसकी लगभग पूरी नंगी पीठ हरिया के नंगे सीने से सत् गयी थी और अनीता अपनी पीठ पर हरिया के पीठ का बाल महसूस कर सकती थी. उसकी कमर हरिया के नंगे पेट से सटी हुयी थी और वह उसके नीचे कमर पर हरिया के लुंड का उभर महसूस कर पा रही थी.

हरिया का काला बाय हाथ अनीता की चूँचियों के नीचे उससे सत्ता हुआ था और दया हाथ अनीता की नंगी पेट पर था. अनीता की पेअर अभी भी नीचे लटकी हुयी थी. रामु अनीता और हरिया को देखने लगा. हरिया दये हाथ से अनीता की पेट पर हाथ फेरते हुए puchha,"Ab आप पूरी रिलेक्स करके हैं तो मेमसाहेब".

अनीता जवाब में हरिया के कंधे पर सर रखे बाये चेहरा घुमा कर उसके आँखों में देखती हुयी मुस्कुराकर boli,"Haan हरिया जी. जब आप अपने मजबूत कंधे और सीने का सहारा दिए हुए हैं तो मैं तो अब बेफिक्र हो गयी हूँ. ऐसा लग रहा है जैसे बिस्तर पर hi आराम से लेती हुयी हूँ".

रामु यह सब देख रहा था. लिविंग रूम लाइट जाने से पूरा अँधेरा था और सोफे के पास टेबल पर बस दो कैंडल जल रहे थे जिसके कारण सोफे और टेबल के पास हलकी रौशनी थी. उस रौशनी में अनीता की गोरी बदन चमक रही थी. छोटा ब्लाउज जो उसकी चूंकि के नीचे hi ख़तम हो जा रही थी और साड़ी नाभि के बहोत नीचे बंधे होने के कारण अनीता की गोरी पेट पूरी नंगी थी.

अनीता की नंगी गोरी और सपाट पेट मोमबत्ती की रौशनी में चमक रही थी और उसकी पेट के बीच नाभि में पहनी हुयी लम्बी सी बेल्ली बटन रिंग भी रौशनी में पूरी चमक रही थी जो उसकी जिस्म की कामुकता को बढ़ा राहु थी. नाभि के ऊपर और उसकी छोटी ब्लाउज में कैद चूंकि के नीचे वाले पेट के भाग पर हरिया अपना हाथ रखे हुए अनीता की पेट को हलके से सेहला रहा था और उसकी चिकनी पेट की मुलायम त्वचा को महसूस कर रहा था.

वहीँ अनीता आराम से रिलैक्स करके अपनी सर हरिया के कंधे पर राखी हुयी आराम से हरिया के नंगे सीने और पेट पर लेती हुयी थी, बिना किसी शर्म के. ऐसा लग रहा था जैसे हरिया और अनीता प्रेमी हो और अनीता अपनी प्रेमी के बांहों में लेती हुयी आराम कर रही हो.

रामु का खून यह कामुक दृश्य देखकर गरम होने लगा था और वह गरम खून तौलिये में कैद उसके लुंड में जाने लगा था. वह अपने बाये हाथ से अपने लुंड को तौलिये के ऊपर से hi मसलने लगा.

हरिया को मुस्कुराकर जवाब देने के बाद अनीता वैसेही हरिया के बदन पर लेती हुयी अपनी पेट पर उसका हाथ महसूस करती हुयी रामु के लुंड के तरफ एक नज़र देखने के बाद रामु को देखकर boli,"Ramu जी अब ठीक है तो. अब तो मेरी पेअर ऊपर अपने तरफ करके चोट देख सकते हैं आप?".
 
अपडेट 67

रामु यह सुनकर अनीता को देखकर bola,"Haan मेमसाहेब. हम आपका पेअर उठता हूँ".

यह बोलकर रामु नीचे झुक कर अनीता की पेअर पकड़ा तो हरिया अनीता की पेट पर हाथ फेरते हुए bola,"Araam से रामु. मेमसाहेब बहोत नाज़ुक है ऊपर से चोट भी लग गवा है."

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी हरिया को देखकर अपनी आंखें बड़ी करने के बाद एक ऐडा से सर हिला दी. उसका सर हरिया के दये कंधे पर था तो दोनों के चेहरे के बीच बस थोड़ा सा hi फैसला था और हरिया जब भी बोल रहा था उसके मुंह से शराब की गंध अनीता की नाक में जा रही थी मगर उसे बुरा नहीं लग रहा था, बल्कि उल्टा अच्छा लग रहा था.

रामु अनीता की पेअर पकड़ने से पहले हरिया का बात सुनकर उसके तरफ देखा तो अनीता को उसके तरफ मुस्कुराते हुए देखते हुए पाया. अनीता मुस्कुराई तो हरिया अनीता की पेट पर हाथ फेरते हुए bola,"Itna खबसूरत, चिकना और मुलायम है मेमसाहेब का बदन. आराम से उठाना मेमसाहेब का पेअर".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी हरिया को देखकर थोड़ा रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Offo हरिया जी अब तारीफ बांध भी कीजिये".

हरिया यह सुनकर उसकी पेट पर वैसे hi हाथ फेरते हुए bola,"Are मेमसाहेब का करे अटना खबसूरत बदन है आपका मुंह से तारीफ निकल hi जाट है".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी हरिया को देखती रही. हरिया आगे bola,"Katna चमक रहा है आपका बदन. सच में बहोत खबसूरत हैं आप मेमसाहेब".

अगले पल हरिया रामु से puchha,"Kaa रामु हम ग़लत बोलै हूँ?"

रामु अनीता की मुस्कराहट देखकर मुस्कुराते हुए bola,"Haan हरिया मेमसाहेब का बदन बहोत खबसूरत और नाज़ुक है. हम अच्छे से प्यार से hi मोच ठीक करूँगा".

अनीता इसके बाद रामु के तरफ देखि तो उसे अपनी पेट पर हरिया का हाथ घूमते हुए देखते पायी. रामु को जब यह एहसास हुआ तो वह अनीता की आँखों में देखा तो अनीता उसे देखकर मुस्कुरा दी.

अगले पल रामु bola,"Lekin मोच है तो थोड़ा दर्द होगा hi".

अनीता मुस्कुराती हुयी boli,"Haan रामु जी यह भी बात सही है. आपको जैसा ठीक लगे कीजिये".

रामु यह सुनकर अनीता की दोनों पेअर पकड़ा तो उसकी मुंह से "आआह्ह्ह" निकल गयी और वह अपनी दोनों हाथ पेट के तरफ लेजाकर अपनी पेट पर फिसलते हरिया के हाथ के दोनों कलाइयों को पकड़ ली.

हरिया अनीता की आह सुनकर और उसे अपना कलाई पकड़ते देख bola,"Abe आराम से रामु".

रामु भी अनीता को देखते हुए धीरे से उसकी दोनों पेअर उठाते हुए bola,"maaf कीजिये मेमसाहेब. बस हो hi गया" और यह बोलकर वह प्यार से अनीता की दोनों पेअर को अपने गॉड पर रख लिया.

रामु भी सिर्फ तौली लपेटे हुए था अपने कमर पर तो तौली का नरमी अनीता को अपने पेअर पर अच्छा लगा मगर फिर वह अच्छे से पेअर को उसके गॉड में एडजस्ट की तो उसकी पेअर उसके लुंड से टकरा गयी.

ऐसा होते hi अनीता की धड़कन तेज़ हो गयी. रामु भी ऐसा होने पर अनीता को देखा और दोनों की नज़रे एक पल के लिए मिल गयी मगर कुछ बोले नहीं. कुछ सेकण्ड्स बाद रामु bola,"Ab आराम है तो मेमसाहेब?"

अनीता उसे देखती हुयी boli,"Haan रामु जी".

रामु फिर उसकी दायी पेअर पकड़ कर puchha,"Isi में मोच आया है मेमसाहेब आपका?"

उसके पेअर पकड़ने से अनीता की मुंह से "आआह्ह्ह" निकल गयी और वह थोड़ी परेशानी की भाव से रामु को देखती हुयी "हाँ" में सर हिलाकर boli,"Haan रामु जी".

रामु उसे हलके से पकड़ा तो अनीता फिर से हरिया का कलाई पकड़ कर सिसक padi,"siiii आअह्ह्ह".

हरिया रामु से bola,"Abe आराम से रामु".

रामु यह सुनकर bola,"Are थोड़ा सा दर्द तो होगा hi ठीक करने में".

अनीता भी हरिया का कलाई पकड़ी हुयी उसके आँखों में देखती हुयी boli,"Hariya जी रामु जी ठीक बोल रहे हैं. उनको ठीक करने दीजिये. थोड़ा बर्दाश्त कर लुंगी".

हरिया अनीता को देखते हुए उसकी पेट पर हाथ फेरते हुए bola,"Haan मेमसाहेब बात तो सही है. का करे ी आपका खबसूरत नाज़ुक बदन देखकर हुंका आपका दर्द अच्छा नहीं लग रहा है".

अगले पल रामु bola,"To हुंका का अच्छा लग रहा है? हुंका भी तो अच्छा नहीं लग रहा है मेमसाहेब का दर्द देखकर. लेकिन ठीक करने में तो थोड़ा दर्द होगा hi".

अनीता दोनों का बात सुनकर मुस्कुरा रही थी. रामु का बात सुनने के बाद वह मुस्कुराती हुयी boli,"Aap दोनों सच में कितना ख्याल रख रहे हैं मेरा.".

रामु अगले पल अनीता की आँखों में देखते हुए puchha,"Memsaheb आपका हम पर भरोसा है न?"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर boli,"Haan रामु जी. आपको जो करना है कीजिये"

फिर वह हरिया को देखकर boli,"Hariya जी मुझे पता है आपको मेरा दर्द अच्छा नहीं लग रहा है लेकिन रामु जी को भी तो अच्छा नहीं लग रहा है. अब थोड़ा बर्दाश्त तो करना hi होगा मुझे ठीक होने के लिए. और जब आप और रामु जी जैसे मर्द साथ हो तो उतना दर्द तो मैं बर्दाश्त कर hi लुंगी".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराकर bola,"Haan मेमसाहेब. हम आपको अच्छे से पकड़ कर रखूँगा जब रामु ठीक करेगा तो ताकि आप दर्द बर्दाश्त कर सके".

रामु अगले पल bola,"Haan मेमसाहेब को थोड़ा अच्छे से पकड़ कर रखना जब हम पेअर पकड़ कर ठीक करूँगा तो. उस वक़्त थोड़ा दर्द होगा तो मेमसाहेब को पकड़ कर रखना होगा और हम भी झट्ट से पेअर को ठीक कर दूंगा".

हरिया यह सुनकर अनीता से bola,"Theek है तो मेमसाहेब? आप चिंता मत कीजिये हम दोनों आपको काम से काम दर्द होने देंगे"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर boli,"Bas अब सोचना hi क्या है. हरिया जी आप जैसे मर्द जब अपने मजबूत हाथों से मुझे पकड़ कर रखेंगे और रामु जी जैसे मर्द अपने मजबूत हाथों से मेरी पेअर ठीक करेंगे तो अब तो मुझे चिंता hi नहीं है".

हरिया यह सुनकर अनीता को देखकर मुस्कुराया तो अनीता भी मुस्कुराती रही और मुस्कुराती हुयी रामु के तरफ देखि. रामु भी थोड़ा मुस्कुरा दिया.

अगले पल हरिया अपने दये हाथ का हथेली जो अनीता की पेट पर था उसे अनीता की पेट पर फेरते हुए hi उसकी बायीं कमर के तरफ लेजाकर उसे भींच लिया और बया हाथ उसकी पेट पर वैसे hi फेरते हुए उसकी दायी कमर पर लेजाकर भींच लिया.

हरिया का दोनों हाथ का कलाई से लेकर कोहनी तक अनीता की पेट पर टिका हुआ था और हथेली से उसकी दोनों तरफ पतली कमर पर वह पकडे हुए था.

उसका बाय हाथ अनीता की चूंकि से सत्ता हुआ उसके नीचे था जिससे हरिया अपने बाये हाथ के कलाई से कोहनी के हिस्से तक अनीता की दोनों चूचियों का नरमी महसूस कर सकता था. अनीता भी अपनी चूंकि पर उसके हाथ का मजबूती महसूस कर पा रही थी मगर बिना शर्म के वह चुप चाप रही.

अनीता को कोई आपत्ति नहीं थी और वह मुस्कुरा कर हरिया को देखि तो वह भी मुस्कुराकर bola,"Ab हम अच्छे से आपको पकड़ लिया हूँ मेमसाहेब".

अनीता मुस्कुराकर उसे देखती हुयी boli,"Itni मजबूती से आप मुझे पकड़ लिए हैं हरिया जी की अब तो कोई चिंता hi नहीं है".

फिर वह अपनी दोनों हाथों को हरिया के दोनों बाजुओं पर रखकर boli,"Kitna मजबूत हाथ है आपका हरिया जी".

फिर वह अपनी हाथों को उसके बाजुओं पर फेरकर नीचे उसके कलाइयों के तरफ ले जाती हुयी boli,"Itni म्हणत करते हैं आप यह सब उसी का फल है हरिया जी".

हरिया यह सुनकर मुस्कुरा रहा था. वह मुस्कुराते हुए bola,"Are मेमसाहेब ु मरद hi का जो मजबूत न हो. मरद का हर हिस्सा मजबूत होना चाहिए ताकि आप जैसी खबसूरत नाज़ुक औरत का अच्छे से सेवा कर सके. मर्दानगी तो इसी में है".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर boli,"Haan हरिया जी"

हरिया यह सुनकर bola,"Aap हुंका जोड़ से पका लीजिये ताकि रामु जब आपका पेअर ठीक करे तो आपको और मजबूती मिले".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर अपनी हाथों को उसके दोनों कलाई पर फेरकर वापस उसे ऊपर के तरफ लाकर ठीक उसके कोहनी के ऊपर बाइसेप्स के पास पकड़ ली.

हरिया अगले पल bola,"Chal रामु मेमसाहेब तैयार है. जल्दी से पेअर ठीक कर".

रामु यह सुनकर अनीता को देखकर puchha,"Tayyar है आप मेमसाहेब?"

अनीता उसे देखके boli,"Haan रामु जी".

अगले पल रामु अनीता की साड़ी को थोड़ा ऊपर करने लगा. अनीता चुप चाप उसे देखती रही. रामु अनीता की साड़ी को उसकी घुटने के थोड़ा नीचे तक करके उसकी गोरी पेअर को देखने लगा. अनीता चुप चाप हरिये के सीने पर लेती रामु को देखती रही.

रामु उसकी पेअर को पकड़कर bola,"Tayyar रहिये मेमसाहेब. अभी अचानक से तेज़ दर्द होकर दर्द काम हो जायेगा".

हरिया अनीता की कमर को जोर से पकड़ कर puchha,"Aap तैयार हैं मेमसाहेब?".

अनीता भी हरिया के हाथ को जोर से पकड़ कर boli,"Haan हरिया जी मैं तैयार हूँ".

फिर वह रामु को देखकर boli,"Ramu जी आप शुरू कीजिये. हरिया जी ने मुझे अच्छे से पकड़ लिया है".

अगले पल रामु अनीता की पेअर को पकड़ कर झटका दिया तो अनीता हरिया के हाथ को जोर से पकड़ कर चीख di,"Aaahhhh".

उस लिविंग रूम में अनीता की चीख गूंज उठी और उसकी सांस और धड़कन तेज़ हो गयी. हरिया अनीता की सांस को अपने गर्दन पर और उसकी सांस तेज़ होने से उसकी ऊपर नीचे होती चूंकि को अपने हाथ पर महसूस कर रहा था.

हरिया भी अपने हाथ का पकड़ अनीता की कमर पर मजबूत कर दिया था और मजबूती से उसकी कमर को पकडे था जिससे अनीता ऊपर के तरफ होने के कोशिश करने के बावजूद भी नहीं हो पायी जिससे रामु को उसका पेअर ठीक करने में आसानी हुआ.

लेकिन अनीता की बायीं पेअर जो रामु के लुंड से सत्ता था वह कोई पकडे नहीं था तो अनीता जब चीखी तो वह अपनी बायीं पेअर की उँगलियों को भी थोड़ा ऐंठ दी. ऐसा करने से उसकी उँगलियों की ऐंठन रामु के लुंड पर महसूस हुयी और उसका लुंड थोड़ा झटका मार दिया. अनीता उसके बड़े लुंड के झटके को अपनी पेअर पर महसूस की मगर बेशर्मी से बिना कोई आपत्ति जताये या बुरा माने इस बारे में नहीं सोची और अपनी दर्द की चिंता करती रही और तेज़ी से सांस लेती रही. वहीँ रामु का खून थोड़ा खौल गया ऐसा होने से.

अगले पल रामु प्यार से अनीता की पेअर को सहलाते हुए bola,"Bas मेमसाहेब हो गवा".

अनीता तेज़ सांस लेती हुयी रामु को देखि और हल्का मुस्कुरा दी. हरिया अनीता की कमर छोड़कर प्यार से उसकी पेट पर फिर से फेरते हुए bola,"Ab कइसन लग रहा है मेमसाहेब".

अनीता सांस को काबू करती हुयी boli,"Haan हरिया जी ठीक है. बस हल्का हल्का दर्द है".

रामु यह सुनकर bola,"Memsaheb मोच ठीक हो गवा है. ी हल्का दर्द हम मालिश करके ठीक कर दूंगा, थोड़ा सा गरम तेल से मालिश करूँगा तो ठीक हो जायेगा".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर boli,"Theek है रामु जी. जैसा आपको ठीक लगे. ऐसे दर्द बहोत काम हो गया है".

फिर वह अपनी दायी पेअर को दये बाये करती हुयी boli,"Kam से काम थोड़ा पेअर मूव तो हो रहा है. दर्द थोड़ा सा हो रहा है जो आप मालिश करके ठीक कर देंगे".

रामु यह सुनकर मुस्कुराया तो अनीता भी उसे देखकर मुस्कुराती रही. रामु अगले पल अनीता की दायी पेअर को पकड़ कर अपने लुंड के पास रखते हुए bola,"Ab आराम से अपना पेअर रखिये मेमसाहेब. थोड़ा दर्द और काम हो जायेगा 2-3 मिनट में तब हम मालिश करके बाकी दर्द भी ख़तम कर दूंगा".

अनीता की दोनों पेअर अब एक साथ थी और उसके दोनों पेअर के तलवे के पास तौली में कैद रामु का बड़ा लुंड था जिसका उभर अनीता अपनी पेअर पर महसूस कर पा रही थी.

अगले पल हरिया अनीता की पेट पर हाथ फेरते हुए bola,"Haan मेमसाहेब आराम से ऐसे hi लेते रहिये. थोड़ा अपनी सांस को काबू में कीजिये फिर रामु मालिश कर देगा".

अनीता यह सुनकर हरिया के तरफ देखकर उसके बाइसेप्स पर हाथ फेरती हुयी boli,"Haan हरिया जी. थोड़ा आराम कर लेती हूँ".

रामु अगले पल अनीता की पेअर पर धीरे धीरे प्यार से हाथ फेरते हुए puchha,"Aese मेमसाहेब हम ठीक से मोच ख़तम किये तो? आपको बहोत ज़्यादा परेशानी और दर्द तो नहीं हुआ".

अनीता की पेट पर हरिया हाथ फेर रहा था. अनीता भी आराम से उसके कंधे पर सर राखी अपनी दोनों हाथों से हरिया के बाइसेप्स पर हाथ फेर रही थी और वैसे hi फेरती हुयी रामु का बात सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Haan रामु जी बहोत अच्छे से ठीक किया आपने. इतना तेज़ी से आपने मेरी पेअर को झटका दिया की दर्द बस पल भर के लिया हुआ".

फिर अनीता हरिया को देखकर मुस्कुराती हुयी boli,"Aur हरिया जी इतनी मजबूती से मुझे पकडे हुए थे की मुझे हिलने का भी मौक़ा नहीं मिला. सच में आप दोनों में इतनी फुर्ती और ताक़त है की सब कुछ पल भर में hi हो गया. मैं तो बस आराम से लेती हुयी थी हरिया जी के मजबूत कंधे पर".

हरिया यह सुनकर अनीता की पेट पर हाथ फेरते हुए bola,"Are मेमसाहेब हमरा और रामु के होते हुए आपको ज़्यादा परेशानी होता तो हमरा मर्दानगी पर ठु होता".

रामु अगले पल अनीता की पेअर पर उसकी घुटने तक हाथ फेरते हुए bola,"Haan मेमसाहेब. अगर हम आपका ी नाज़ुक पेअर को फुर्ती और मजबूती से काम दर्द दिए ठीक नहीं कर पाते तो ससुरा कइसन मर्द होते हम. हम लोगन ग़रीब मज़दूर ज़रूर हैं लेकिन ी का मतबल ी नहीं की...".

अनीता रामु का बात सुन्नति हुयी उस देख रा हु थी और हरिया के बाजुओं पर अपनी हाथ फेर रही थी. वह रामु का बात बीच में काटकर थोड़ी नाराज़गी दिखती हुयी boli,"Offo यह भी कोई बोलने की बात है रामु जी. मैं तो हरिया जी से भी कह चुकी हूँ की ग़रीबी और मज़दूरी की बात न करे. आप दोनों मज़दूरी करते हैं तभी तो इतने मज़बूत और दुमदार मर्द हैं आप दोनों".

फिर वह हरिया को देखती हुयी उसके बाजुओं पर हाथ फेरती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Hariya जी कितने मजबूत हैं और उनके बाजुओं में कितना ताक़त है यह तो आज मुझे पता चला जब इतनी मजबूती से मुझे पकड़ कर रखे हुए हैं."

हरिया यह सुनकर मुस्कुराने लगा. अनीता भी उसको देखकर मुस्कुराने लगी और फिर रामु को देखकर boli,"Aur आप भी कुछ काम नहीं है रामु जी. और इसका अमीरी ग़रीबी से कुछ लेना देना नहीं है. यह सब तो म्हणत और मज़दूरी का hi कमाल है".

रामु यह सुनकर मुस्कुराने लगा. हरिया भी मुस्कुरा रहा था. अनीता मुस्कुराती हुयी आगे boli,"Hariya जी ने तो मुझे इतनी जोर और मजबूती से पकड़ा हुआ था की देखिये कैसे मेरी कमर थोड़ी लाल हो गयी है".

हरिया और रामु उस अँधेरे लिविंग रूम में मोमबत्ती की रौशनी में अनीता की गोरी कमर देखने लगे. वहां थोड़ा पिंक हो गया था. हरिया वहां हाथ फेरते हुए bola,"Are मेमसाहेब हुंका माफ़ कीजिये आप अटना नाज़ुक और गोरी है की..."

अनीता यह सुनकर रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Ssshhh हरिया जी. इसमें माफ़ी मांगे की क्या बात है. आप जैसे मजबूत मर्द पकड़ेंगे तो इतना तो होगा hi. यह तो आपकी मर्दानगी की निशानी है. आप मुझे मजबूती से नहीं पकड़ते तो मैं तो उछाल hi पड़ती".

फिर वह रामु को देखकर boli,"Aur रामु जी इतनी मजबूती से मेरी पेअर नहीं पकडे होते तो मैं उसे हिला देती तो पेअर ठीक होने के बजाय दर्द और बढ़ जाता. यह तो आप दोनों जैसे मर्द hi हैं जिनकी वजह से इतनी आराम से लेती हुयी hi मेरा मोच ठीक हो गया. वह कहते हैं न दर्द मिटाये चुटकियों में".

अनीता यह बोलकर खिलखिलाने लगी "हेहेहे". हरिया भी हसने लगा "हाहाहा". रामु अनीता की पेअर को उसके हील से लेकर उसकी घुटने तक सहलाते हुए मुस्कुराने लगा.

अगले पल बादल फिर से गरज़ कर चमकने लगा तो तीनो का नज़र खिड़की पर गया. रामु यह देखकर bola,"Ee ससुरा आज तो बारिश रुकेगा hi नहीं अइसन लग रहा है".

हरिया यह सुनकर bola,"Are तो न रुके. हम का का है. हम लोगन तो आराम से घर के अंदर हैं. हमरा सर पर छत है, पीने के लिए शराब भी है"

फिर वह अनीता को देखते हुए उसकी पेट पर हाथ फेरते हुए bola,"Aur मेमसाहेब जइसन जवान खबसूरत औरत है वक़त बीतने के लिए तो ससुरा होने दो जतना बारिश होना है".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराने लगी तो रामु अनीता को देखते हुए bola,"Haan ी तो है"

हरिया यह सुनकर bola,"To आराम से मज़ा लो बारिश का. देखो काटना अच्छा लग रहा है. बिजली भी चल गवा है. ससुरा बिजली जाने से तो हुंका और भी अच्छा लग रहा है. देखो ी मोमबत्ती का रौशनी में मेमसाहेब का बदन काटना चमक रहा है".

अनीता यह सुनकर boli,"Offo हरिया जी आप फिर मेरी तारीफ करने लगे".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराने लगा तो अनीता भी मुस्कुरा दी. हरिया यह देखकर bola,"Lekin मेमसाहेब सच में माहौल काटना अच्छा लग रहा है. अटना तेज़ बारिश हो रहा है, बदल कड़क और चमक रहा है. बिजली भी चल गवा है और मोमबत्ती जल रहा है और आप हमरे साथ हैं. आपका पता नहीं लेकिन हुंका तो बहोत अच्छा लग रहा है. का रामु तुम का बोलते हो?".

रामु भी bola,"Haan अच्छ माहौल है".

अगले पल अनीता भी boli,"Mujhe भी अच्छा लग रहा है हरिया जी. ऐसे मौसम में तो अच्छा लगता hi है लेकिन आप और रामु जी हैं तो और भी अच्छा लग रहा है. यहाँ सन्नाटा में सुकून और शान्ति तो मिलता है लेकिन थोड़ा अजीब भी लगता अगर अभी मैं अकेली होती तो. आप दोनों हैं तो मुझे भी अच्छा लग रहा है. शांति और सुकून मिलने के साथ साथ हसी मज़ाक भी चल रहा है."

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए उसकी पेट पर हाथ फेरते हुए bola,"Haan मेमसाहेब"

अगले पल अनीता boli,"Offo मेरी पेअर के चोट के कारण आप दोनों तो बीड़ी भी नहीं पी पाए. कहाँ आप दोनों दोस्त साथ में शराब और बीड़ी पीने का प्लान बनाये थे और कहाँ मैं अपनी पेअर का प्रॉब्लम लेकर बैठ गयी".

हरिया यह सुनकर bola,"Are मेमसाहेब कउनो बात नहीं. पी लेंगे. पहले आपका दर्द ठीक करना ज़रूरी है."

फिर वह अनीता की पेट को देखते हुए उस पर हाथ फेरते हुए bola,"Aur ऐसे भी जब आपका जइसन इतना गरम औरत हमरे साथ है तो बीड़ी का गर्मी का का ज़रूरत".

अनीता यह सुनकर अपनी आँखें बड़ी करके हरिया को देखकर मुस्कुराने लगी तो अगले पल रामु का आवाज़ सुनकर उसके तरफ dekhi,"Baat तो सही बोले हरिया तुम".

अनीता देखि की रामु उसकी पेअर सहलाते हुए उसकी पेट को देख रहा था. उसकी आँखें लाल थी और वह बहोत गौर से अनीता की पेट पर देख रहा था. हरिया का हाथ वहां लगातार फिसल रहा था. अनीता को रामु और हरिया का उसकी बदन को देखना अच्छा लगा. उसे अपनी जवानी और ख़ूबसूरती पर गर्व हो रहा था.

वह हरिया के बाजुओं को सहमति हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Offo आप दोनों बस भी कीजिये मेरी तारीफ. और तारीफ कर रहे हैं इसका मतलब यह नहीं है की और कुछ नहीं कर सकते".

अगले पल अनीता अपनी दायी हाथ टेबल के तरफ बढाकर वहां से बीड़ी का पैकेट उठती हुयी एक बीड़ी निकलकर boli,"Bidi पीते हुए भी बात चित और हसी मज़ाक हो सकता है. मैं नहीं चाहती की आप दोनों मेरी वजह से एन्जॉय नहीं कर पाए".

अनीता उस बीड़ी को हरिया के मुंह के तरफ बधाई तो वह मुंह खोल दिया और अनीता उसके मुंह में बीड़ी डालकर दूसरा बीड़ी निकलकर रामु के तरफ बधाई तो वह हाथ बढाकर बीड़ी लेना चाहा तो हरिया bola,"Abe मेमसाहेब अटना प्यार से बीड़ी पीला रही है तो हाथ में कहे ले रहा है".

रम्य यह सुनकर bola,"Abe हम आगे झुकूंगा तो मेमसाहेब का पेअर पर दबाओ पड़ने से दर्द करेगा"

अनीता को यह सुनकर अच्छा लगा. रामु की समझदारी और उसका इतना ख्याल रखना उसे अच्छा लगा. अनीता यह सुनकर गर्व से रामु को देखती हुयी boli,"Sach में रामु जी आप दोनों को मेरा कितना ख्याल है."

अगले पल अनीता अपनी दायी पेअर थोड़ा सा सामने के तरफ खिंच ली मगर बायीं पेअर उसके लुंड के ऊपर hi राखी हुयी boli,"Aap लोग मेरा इतना ख्याल रख रहे हैं तो मैं भी तो इतना कर सकती हूँ".

अगले पल रामु थोड़ा झुका सामने के तरफ तो उसके लुंड का प्रेशर अनीता की बायीं पेअर के तलवे पर पड़ा और अनीता उसे महसूस करती हुयी अपनी दायी हाथ आगे बढ़ा कर उसके मुंह में बीड़ी दाल दी तो रामु पीछे हो गया. अनीता की तलवे पर प्रेशर बनने से रामु का लुंड झटका लिया जिसे अनीता महसूस की मगर कोई रिएक्शन नहीं दी.

अगले पल वह हाथ बढाकर मैच बॉक्स ली और उसे जला कर हरिया के मुंह के तरफ कर दी तो हरिया बीड़ी को उससे सत्ता कर उसे जला लिया. अनीता अगले पल रामु को देखकर अपने तरफ आँखों से इशारा की तो वह सामने झुका. अनीता भी थोड़ा आगे होकर उसका बीड़ी जला दी. रामु का चेहरा उसकी चेहरे से थोड़ी दुरी पर hi थी.

अनीता को उसके लुंड का झटका अपनी पेअर पर महसूस हो रहा था और वह रामु के आँखों में देखती हुयी उसका बीड़ी जला दी.

हरिया और रामु बीड़ी का एक काश लेकर छोड़े तो वहां धुआं धुआं हो गया. अनीता यह देखकर मुस्कुराई और माचिस के तीली को बुझा कर टेबल पर रख दी. रामु वापस बैठ गया. अनीता भी वापस हरिया के सीने से पीठ टिका कर उसके कंधे पर सर रखकर उसे देखकर मुस्कुरा दी.

अगले पल रामु अनीता की दयू पेअर को प्यार से पकड़ कर वापस अपने लुंड के पास रख दिया तो अनीता अपनी दायी पेअर को एडजस्ट करती हुयी उसके लुंड को पेअर से सेहला दी. रामु उसकी पेअर को अपने लुंड से सताते हुए bola,"Araam से पेअर रखिये मेमसाहेब. हम बीड़ी पीने के बाद आपका पेअर का मालिश कर दूंगा".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर उसे देखि की तभी फिर से बिजली चमकने और बदल गरज़ने लगा. हरिया अपना बाय हाथ से अनीता की पेट सहलाते हुए दये हाथ से बीड़ी पी रहा था वहीँ रामु भी बाये हाथ से बीड़ी पीते हुए दये हाथ से अनीता की पेअर सेहला रहा था.

अनीता हरिया के कंधे पर सर राखी हुयी उसके लुंड को अपनी पीछे की कमर पर महसूस कर रही थी और पेअर पर रामु के लुंड को. उसकी नाक में बीड़ी की धुंआ जा रही थी मगर वह बुरा नहीं मान रही थी. हरिया एक काश लेकर धुंआ उदय तो अनीता की चेहरे के सामने धुंआ धुंआ हो गया. हरिया धुंआ छोड़ कर अनीता को देखा तो अनीता भी अपनी गर्दन बाये करके हरिया को देखकर मुस्कुरा दी. हरिया भी उसे देखकर मुस्कुराया और फिर अपनी नज़र उसकी चूंकि और नंगी पेट पर ले गया. अनीता यह महसूस करके अपनी पेट के तरफ देखि जहाँ हरिया हाथ फिरा रहा था. फिर उसकी नज़र राजू पर पड़ी जो उसकी आँखों में देख रहा था. अनीता उसे भी देखकर मुस्कुराई तो वह भी हल्का मुस्कुराकर एक उसकी चूंकि और पेट को देखने लगा. अनीता की चेहरे पर एक गर्व का भाव आ गया जब उसे एहसास हुआ की दोनों मर्द उसकी जवाब खूबसूरत बदन को ऐसे गन्दी नज़र से घर रहे हैं. वह अपनी चेहरे पर गर्व का भाव लिए अपनी दोनों हाथों को हरिया के बाजुओं पर फेरती हुयी उसके बाजुओं का मज़बूरी, उसके मर्दानगी को महसूस करती हुयी बाहर खिड़की से बारिश होते देखने लगी.

ऐसा लग रहा था जैसे अनीता बारिश के मौसम में अपने प्रेमी, अपने यार के सीने पर लेती हुयी उसके कंधे पर सर रखकर उसके मजबूत बाँहों में होने का आनंद ले रही हो और दूसरे यार के लुंड को अपने पेअर का नरमी दे रही हो उसका खून गरम करने के लिए. अनीता की चेहरे पर गर्व का भाव एहि दिखा रहा था की उसे हरिया जैसे मर्द की बाँहों में लेटना और उसके और रामु जैसे मर्दों के साथ होने में छ लग रहा.
 
अपडेट 68

अगला 3-4 मिनट ऐसे hi बीत गया. अनीता हरिया के सीने पर लेती हुयी उसके बाजुओं पर अपनी हाथ फेरती हुयी कभी बाहर खिड़की के तरफ देखती तो कभी धुंआ छोड़ने पर हरिया के तरफ और रामु के तरफ देखकर मुस्कुराती.

हरिया अनीता की चिकनी गोरी पेट पर हाथ फेरते हुए उसकी जिस्म को गंदे नज़र से देख रहा था और बीड़ी पी रहा था. रामु भी अनीता की जिस्म को गंदे नज़र से देखते हुए उसकी पेअर सहलाते हुए बीड़ी पी रहा था.

3-4 मिनट बाद रामु bola,"Memsaheb अब हम आपका मालिश कर डेट हैं. गरम सरसो का तेल से मालिश करना होगा".

अनीता यह सुनकर उसके तरफ देखकर boli,"Ramu जी अभी मैं तेल गरम करने के लिए उठ नहीं सकती. ऐसे hi मालिश कर दीजिये. वह तेल..".

अगले पल हरिया अनीता की बात काटते हुए bola,"Are मेमसाहेब आपको उठने के लिए कौन बोल रहा है. रामु गरम कर देगा. आप सिर्फ ी बताइये की तेल कहाँ है".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराई और मुस्कुराती हुयी boli,"Ji वह गैस स्टोव के प्लेटफार्म के नीचे कप्बोर्ड बानी है उसके अंदर है".

रामु यह सुनकर बीड़ी टेबल के पास रखे एक कप में रखते हुए दूसरे हाथ से अनीता की पेअर को सहलाते हुए bola,"Hum अभी गरम तेल लेकर आवत हैं और आपका ी नाज़ुक पेअर का मालिश करके दर्द दूर कर डेट है मेमसाहेब".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराई तो रामु bola,"Aapko कुछो चिंता करने का ज़रूरत नहीं है मेमसाहेब. हम और हरिया हूँ तो. तेल गरम करना और मालिश करना हमरा ज़िम्मेदारी है".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती रही तो हरिया bola,"Aur हम का करूँगा?".

रामु यह सुनकर bola,"Are वही जो तुम कर रहा है. मेमसाहेब को अच्छे से पकड़ कर रखो. अभी मालिश करते वक़्त जब मेमसाहेब का नाज़ुक पेअर पर दबाओ डालूंगा हम तो थोड़ा दर्द तो करेगा hi. तुम पकड़ोगे तो मेमसाहेब एक जगह रहेगी".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी हरिया के तरफ देखि तो वह bola,"Are वह तो हम करूँगा hi".

फिर वह अनीता की पेट के तरफ देखकर उस पर हाथ फेरते हुए bola,"Jab तक मेमसाहेब का पूरा दर्द दूर नहीं हो जाता हम ऐसे hi प्यार से मेमसाहेब को सहारा दूंगा और पकड़ कर रखूँगा.".

अगले पल हरिया अपना सर दया तरफ घुमाकर अनीता को देखते हुए उसकी पेट पर हाथ फेरते हुए bola,"Aap चिंता मत कीजिये मेमसाहेब. हम और रामु है तो आपको कुछो नहीं करना होगा. आप ऐसे hi आराम से हमरे बदन पर लेते रहिये और ी अच्छा मौसम का मज़ा लीजिये. आपका दर्द भी हम और रामु ऐसे दूर कर दूंगा जैसे हुआ hi नहीं हो"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी हरिया के बाजुओं पर अपनी नाज़ुक हाथ फेरती हुयी उसके तरफ देखती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Haan हरिया जी जब आप और रामु जी जैसे मर्द मेरे साथ हैं तो चिंता करने की कोई वजह hi नहीं है. सच में दर्द तो मुझे हो hi रहा था मोच आने के बाद लेकिन उसके बाद तो मुझे कुछ करना hi नहीं पड़ा है. इतने प्यार से आप मुझे पकड़ कर सोफे पर बैठाये और फिर अपने मजबूत हाथों से पकड़ कर अपने मजबूत सीने और कंधे पर लेता कर सहारा दिया है ताकि मैं आराम से लेट सकूँ. आपने कहने पर तो मैं अपनी बदन भी पूरा ढीला छोड़ चुकी हूँ और आराम से आपके कंधे पर सर रखकर आपके मजबूत सीने पर लेती हुयी हूँ, बिना कोई चिंता के यह जानते हुए की हरिया जी जैसे दुमदार मर्द मुझे अपने मजबूत हाथों से संभाले हुए हैं तो फिर चिंता किस बात की".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए अनीता को देखते हुए उसकी पेट पर हाथ फेर रहा था वहीँ अनीता हरिया के सीने पर लेती हुयी उसके कंधे पर सर रखकर उसके बाजुओं पर हाथ फेरती हुयी उसे देखती हुयी अपनी बात बोल रही थी. ऐसे लग रहा था जैसे कोई प्रेमिका अपनी प्रेमी के बांहों में लेती हुयी उसके मर्दानगी की तारीफ कर रही हो.

अगले पल अनीता रामु को देखकर boli,"Aur पेअर का दर्द तो रामु जी ठीक कर hi रहे हैं. उसमे भी मुझे कुछ करना नहीं पर रहा है. सच में आप दोनों के होने से मैं पूरा बेफिक्र होकर हूँ. आप दोनों नहीं होते तो पता नहीं मैं क्या करती.".

हरिया यह सुनकर bola,"Are कैसे नहीं होते मेमसाहेब. ऊपर वाला जानत है की आपको हमरा और रामु जइसन मरद का ज़रूरत है तो हम दोनों का भेज दिए आपका सेवा करने के लिए और जब आपके जइसन खबसूरत और जवान औरत का सेवा करने का मौक़ा मिला है तो कहे मौक़ा छोड़े हम. वही कर रहे हैं".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Offo हरिया जी फिर से मेरी तारीफ".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराने लगा तो अनीता भी मुस्कुराती हुयी हरिया के बाजुओं पर प्यार से हाथ फेरती हुयी उसके आँखों में देखती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Lekin सच में हरिया जी मर्द तो बहोत हैं लेकिन असली मर्द तो वही होते हैं जो किसी औरत की मदद करे चाहे जैसा भी सिचुएशन हो और आप और रामु जी तो न सिर्फ मुझे घर पहुंचा कर मेरी मदद किये हैं बल्कि चोट लगने के बाद से मुझे संभल भी रहे हैं. आप अपने मजबूत बदन का सहारा दिए हुए हैं और रामु जी अपने मजबूत हाथों से मेरी दर्द ठीक कर रहे हैं. सच hi कहा है आपने की ऊपर वाले को भी लग रहा था की मुझे आपके और रामु जी जैसे असली मर्दों का आज ज़रूरत है. ऐसे मौसम में अकेले रहकर मैं क्या करती. आप दोनों है तो बात चित और हसी मज़ाक चल रही है और मुझे आराम से एक मजबूत सीने पर सोने का मौक़ा भी मिल रहा है".

फिर वह रामु को देखती हुयी एक ऐडा से boli,"Aur रही बात पेअर के दर्द की तो वह तो रामु जी अभी चुटकियों में अपने मजबूत हाथो से ठीक कर देंगे. है न रामु जी?"

रामु यह सुनकर अनीता की पेअर को सहलाते हुए bola,"Haan मेमसाहेब". अनीता यह सुनकर उसे देखकर मुस्कुरा रही थी. वह अपनी पेअर पर रामु के लुंड के झटके को महसूस कर पा रही थी जो उसकी पेअर के छुअन से हो रहा था.

रामु एक नज़र अनीता की चूँचियों और पेट पर देखकर अनीता की पेअर को धीरे से उठाते हुए bola,"memsaheb हम तेल लेकर ात हूँ".

अनीता अपनी सर हिलायी तो रामु उसकी पेअर को सोफे के साइड में धीरे से उठाकर रख दिया. अनीता उसे देखकर boli,"Ramu जी ने तो इतने प्यार से मेरे पेअर को सोफे पर रखा है की दर्द का ज़रा सा भी एहसास नहीं हुआ".

यह सुनकर हरिया और रामु दोनों मुस्कुरा दिए तो अनीता भी उन्हें एक एक करके देखती हुयी मुस्कुराती रही. रामु अगले पल अपने तौली को संभल कर उठा मगर तौली में उसका लुंड का उभर साफ़ साफ़ पता चल रहा था और तौली वहां ऊपर के तरफ उठा हुआ था.

उठने से तौली का छुअन उसके लुंड के टिप पर महसूस हुआ तो उसका लुंड झटका मार दिया. ऐसा होने से तौली थोड़ी ढीली होकर रामु के कमर से सदाकने लगा तो वह अपने तौली को पकड़ कर अच्छे से कमर पर बांधने लगा तो हरिया bola,"Araam से रामु".

रामु यह सुनकर हरिया और अनीता के तरफ देखा जो प्रेमी प्रेमिका के तरह चिपके हुए थे. हरिया आराम से सोफे के एक कोने में अपना पीठ टिकाये हुए बया पेअर सोफे पर सामने पसरे अधलेटा हुआ था और अनीता अपनी पीठ उसके सीने पर रखे अपनी सर को उसके कंधे पर डाली उसके ऊपर आधा लेती हुयी थी. हरिया उसकी नंगी पेट पर हाथ फेर रहा था वहीँ अनीता उसके मजबूत बाजुओं पर.

अनीता रामु को देखकर boli,"Meri वजह से आप दोनों का कपडा भी भीग गया और यह तौली पेहेनना पद रहा है".

हरिया यह सुनकर उसकी पेट पर हाथ फेरते हुए bola,"Are कउनो बात नहीं मेमसाहेब. आपका मदद करने में कपडा भीग गवा तो का हुआ, तौली में भी आराम है. बस ससुरा संभल कर रखना होगा हाहाहा".

रामु यह सुनकर तौली बांधकर bola,"Abe ससुरा".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराने लगी. रामु अनीता को मुस्कुराते देख आगे bola,"Sambhal कर तो रखा hi हूँ. ी उठने पर थोड़ा ढीला हो गवा. तुम्हारा का है. तुम तो आराम से सोफे पर बैठा है".

हरिया यह सुनकर अनीता की पेट पर हाथ फेरते हुए bola,"Are बैठा हुआ हूँ कहे की मेमसाहेब को"

फिर वह अनीता की पतली कमर को दोनों हाथों से दोनों तरफ भींच कर उसे देखते हुए bola,"sambhalna है और तब तक हम ऐसे hi बैठे हुए मेमसाहेब को सम्भालूंगा जब तक मेमसाहेब का पेअर का दर्द न ख़तम हो जाये".

अनीता यह सुनकर उसके तरफ देखने लगी और उसका पूरा बात सुनकर गर्व के भाव से अपनी दोनों हाथों को उसके बाजुओं से नीचे सड़क कर उसके दोनों हाथों के ऊपर रख दी जहाँ वह उसकी कमर भींचे हुए था. अनीता को अपनी नाज़ुक चिकनी पेट पर हरिया के हाथों का बाल महसूस हो रहा था जिसे थोड़ी गुदगुदी भी लग रही थी और उसे एक अजीब सा मज़ा मिल रहा था हरिया के कमर भींचने से. उसे अपनी कमर के पीछे हरिया का लुंड भी सख्त होते महसूस होने लगा था.

हरिया का लुंड महसूस करके वह एक नज़र रामु के तौलिये में खड़ा लुंड के तरफ देखि और फिर वापस हरिया के तरफ देखकर गर्व की भाव से boli,"Hariya जी बात तो सही है आपकी, लेकिन रामु का बात भी तो सही है. उन्हें खड़ा होना पड़ा इसलिए hi तो उनका तौली थोड़ा ढीला हो गया".

हरिया यह सुनकर अनीता को देखते हुए bola,"Khada होना पड़ा नहीं memsaheb,khada हो गवा उसका इसलिए तौली ढीला हो गवा".

अनीता का दिल यह सुनकर धड़क गया वहीँ रामु bola,"Abe ससुरा" तो हरिया bola,"Are तो का हुआ? तू मरद है तो खड़ा तो होगा hi?

अनीता का दिल यह सब सुनकर धड़क रहा था. अगले पल हरिया bola,"Khaskar जब मेमसाहेब जइसन जवान और खबसूरत औरत साथ हो तो".

अनीता यह सुनकर अपनी आँखें बड़ी करके boli,"Hariya जी" तो वह हल्का मुस्कुराया और बिना कुछ बोले अनीता की चूंकि और पेट को घूरने लगा. अनीता हरिया के आँखों को अपनी बदन पर रेंगते देख रामु के तरफ देखि तो उसे भी अपनी बदन को घूरते हुए पायी. अनीता को फिर से अपनी खूबसूरत जवान बदन पर गर्व होने लगा और वह बेशर्मी से रामु के लुंड के उभर के तरफ देखि. उसकी सांस तेज़ होने लगी थी ऐसे दो दुमदार तगड़े लुंड वाले मर्दों का गन्दा नज़र अपनी जिस्म पर रेंगते हुए महसूस करके खासकर जब वह एक मर्द का लुंड के सख्ती को अपनी कमर के पीछे महसूस कर रही थी और दूसरे मर्द का लुंड तौली में खड़ा हुआ बड़ा उभर बनाये हुए था.

अनीता की ध्यान रामु के लुंड से तब हटा जब वह हरिया का आवाज़ suni,"Abe रामु अब जा तेल गरम कर. मेमसाहेब काटना देर तक दर्द में रहेगी. दर्द भी तो दूर करना है".

अनीता यह सुनकर रामु के चेहरे पर देखि जो bola,"Haan" और फिर अनीता की नज़र से उसका नज़र मिला तो वह bola,"Hum अभी लेकर ात हूँ तेल मेमसाहेब. फिर आपका दर्द दूर कर दूंगा".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर boli,"Haan रामु जी. वह तेल कप्बोर्ड में है".

रामु यह सुनकर puchha,"Lehsun कहाँ है मेमसाहेब?".

अनीता यह सुनकर boli,"Ramu जी इतनी परेशान होने की क्या ज़रूरत है. फिर आपको लहसुन भी छीलना पड़ेगा".

रामु यह सुनकर bola,"Are मेमसाहेब लहसुस को तेल में गरम करके उससे मालिश करूँगा तो दर्द जल्दी जायेगा. ी में परेशानी का कउनो बात नहीं है".

अनीता यह सुनकर मुस्कुरा कर boli,"Theek है रामु जी. वह सब्जी के स्टैंड में होंगे. मेरी वजह से पता नहीं और कितना परेशानी उठाना पड़ेगा आप दोनों को".

रामु यह सुनकर bola,"Are मेमसाहेब परेशानी का कउनो बात नहीं है. हम तेल लेकर ात हैं"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Theek है रामु जी".

अनीता यह बोलकर रामु के लुंड के तरफ एक नज़र ले गयी और रामु चला गया तो हरिया अनीता की दोनों चूँचियों पर हाथ लेजाकर धीरे से दबा दिया. अनीता बिना शर्म के खिड़की के बाहर बारिश देखने लगी.

हरिया अनीता की दोनों चूँचियों को दबाने के बाद वापस उसकी पेट पर हाथ फेरने लगा. रामु किचन में जाकर एक कटोरी में तेल रखकर उसे स्टोव पर रख दिया और साथ hi लहसुन छिलने लगा.

लहसुन छीलते हुए वह सोफे के तरफ देखा तो उसका लुंड तौली में झटका मार दिया. सोफे पर अनीता हरिया के सीने पर पीठ टिकाये उसके कंधे पर सर राखी हुयी थी और उस अँधेरे लिविंग रूम में टेबल पर रखे कैंडल की हलकी रौशनी में उसकी पेट और बाकी जगह का गोरा चमड़ा चमक रहा था. उसकी पेट पर हरिया के हाथ के नीचे उसकी नाभि से लटकी हुयी लम्बी बेल्ली बटन रिंग चमक रही थी जो उसकी कामुकता को और बढ़ा रही थी. अनीता को ऐसे हरिया के बदन पर लेते देख कोई भी कह सकता था की वह अपने प्रेमी के बदन पर लेती हुयी थी और बावजूद इसके की वो किसी और मर्द के ऊपर लेती हुयी थी, उसे ऐसे लेता देखकर किसी भी मर्द का लुंड खड़ा कर सकता था.

रामु यह देखकर अपना तौली के ऊपर से लुंड मसलने लगा. अनीता खिड़की के तरफ से नज़र हटाकर उसके तरफ देखकर मुस्कुराकर boli,"Ramu जी सब चीज़ मिल गया तो?"

रामु यह सुनकर bola,"Haan मेमसाहेब".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराई और वापस खिड़की के बाहर देखने लगी. रामु लहसुन छीलकर तेल में दाल दिया और उसे गरम होने का इंतज़ार करने लगा ताकि अनीता को वह तेल लगाकर उसकी दर्द को काम कर सके.
 
अपडेट 69

रामु गरम तेल एक कटोरे में लेकर आया और उसे टेबल पर रख दिया. उसके लुंड के उभर पर अनीता की फिर नज़र गयी मगर वह बस नार्मल रही और एक नज़र उसके उभर पर देख कर वह तेल का कटोरे के तरफ देखने लगी. उससे लहसुन की खुसबू आ रही थी.

रामु उसे रखने के बाद अनीता को देखकर मुस्कुराया तो वह भी मुस्कुरा दी. हरिया अनीता की पेट पर हाथ फेरते हुए bola,"Aa गवा तेल मेमसाहेब. अब आपका दर्द ठीक हो जायेगा".

अनीता यह सुनकर हरिया के बाजुओं पर हाथ फेरती हुयी मुस्कुराकर boli,"Haan हरिया जी".

रामु अगले पल सोफे पर बैठ गया. वह अपना दया पेअर सोफे पर रखकर बायीं तरफ मोड़ लिया और बया पेअर सोफे के नीचे hi रहने दिया. रामु बैठा तो उसका उभर भी दिख रहा था. वह अपना हाथ लुंड पर रखकर थोड़ा एडजस्ट किया जिससे उभर थोड़ा काम हो गया. अनीता उसके लुंड के तरफ देखि मगर कुछ रिएक्शन नहीं दी.

रामु अपना लुंड तौली में एडजस्ट करने के बाद अनीता की दोनों पेअर को प्यार से धीरे से उठाया और अपने गॉड में लुंड से सत्ता कर रखकर उसे देखकर puchha,"Araam है तो मेमसाहेब?"

अनीता यह सब देख रही थी और रामु का बार सुनकर boli,"Haan रामु जी, आप इतने प्यार से उठाये हैं मेरा पेअर की दर्द का एहसास hi नहीं हुआ".

रामु गरम तेल को थोड़ा ठंडा करने के लिए उसे उठाकर उसमे अपना ऊँगली डालकर गोल गोल घूमने लगा. अनीता यह देखकर थोड़ी चिंतित होकर boli,"Ramu जी अभी तेल बहोत गरम होगी. आपका हाथ जल जायेगा".

रामु यह सुनकर मुस्कुराकर उसे देखते हुए bola,"Are कुछ नहीं होगा मेमसाहेब. इतना से का होगा हुंका. ी तेल से ज़ादा गरम तो आप हैं".

अनीता यह सुनकर अपनी आंखें बड़ी करके रामु को देखि और फिर एक ऐडा से boli,"Ramu जी आप भी शुरू हो गए".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Chalo कुछ तो खुल कर बोलै ससुरा".

अनीता यह सुनकर हरिया के तरफ देखि तो वह उसे देखकर मुस्कुराते हुए उसकी पेट पर हाथ फेरते रहा. अनीता भी मुस्कुराकर चेहरे पर गर्व का भाव लाती हुयी हरिया के बाजुओं पर हाथ फेरती रही".

कुछ सेकण्ड्स बाद रामु bola,"Ab मालिश करने लायक ठंडा हो गवा. हरिया तुम मेमसाहेब को अच्छे से पकड़ कर रखना. शुरू में थोड़ा दर्द होगा जब हम तेल लगा कर मेमसाहेब का मालिश करूँगा तो".

हरिया यह सुनकर अनीता की पेट पर हाथ रखे दोनों तरफ के कमर को फिर से भींच लिया. अनीता भी हरिया के बाजुओं को अच्छे से पकड़ ली. रामु कटोरी टेबल पर रखकर बाये हाथ के उँगलियों से तेल को स्कूप करके अपने दये हाथ को उस पर जोड़ कर दोनों हाथो को रगड़ने लगा जिससे तेल उसके दोनों हाथों में फैल जाये.

रामु का हाथ तेल में जब सन्न गया तो वह उन दोनों हाथों से अनीता की दायी पेअर पकड़ कर जोर से दबाया तो अनीता की मुंह से "आअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह सीईईई" निकल गयी.

रामु अनीता की सिसकारी सुन्न उसे देखा तो हरिया bola,"Abe आराम से".

रामु जवाब में bola,"Are जोर से नहीं मालिश करूँगा तो दर्द कैसे जायेगा".

फिर वह अनीता को देखते हुए bola,"Memsaheb थोड़ा बर्दाश्त कीजिये".

अनीता हरिया के बाजुओं को पकड़ी हुयी boli,"Ramu जी मेरी चिंता मत कीजिये. दर्द से थोड़ी सिसकारी तो निकलेगी hi, मगर मुझे आप पर पूरा भरोसा है. जैसा सही लगे वैसे मालिश कीजिये"

फिर वह हरिया के तरफ देखकर boli,"Hariya जी जब मुझे इतने प्यार से अपने मजबूत हाथों से पकडे हुए हैं तो इतना दर्द तो बर्दाश्त कर hi लुंगी. हरिया जी के पकड़ने से मैं खुद को अच्छे से संभल पा रही हूँ, या यूँ कहूं की हरिया जी मुझे संभलकर दर्द बर्दाश्त करने में मदद कर रहे हैं".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराया वहीँ रामु एक नज़र अनीता को देखने के के बाद अपने हाथ का दबाओ बढ़ाते हुए उसकी पेअर पर तेल लगते हुए मालिश करने लगा. पेअर पर दबाओ बढ़ने से अनीता की मुंह se,"sssiiiii आअह्ह्ह्ह उम्मम्मम सीईई उफ्फफ्फ्फ़" निकलने लगी.

आवाज़ निकलने के साथ hi अनीता थोड़ी मचलने लगी थी. जब रामु मोच ठीक किया था तो झटका दिया था जिससे उसे कुछ सेकण्ड्स के लिए hi दर्द हुआ था, अब हालांकि दर्द काम था, मगर मालिश होने से लगातार दर्द हो रहा था जिससे वह थोड़ी मचलने लगी थी और दर्द से सिसकार और कराह रही थी.

मचलने से अनीता अपनी बायीं पेअर की उँगलियाँ जो रामु के लुंड से तौली के ऊपर से सटी हुयी थी उसको भी ऐंठने लगी और उसकी उँगलियों की ऐंठन रामु को अपने लुंड पर महसूस होने लगा और उसका लुंड थोड़ा झटका मारते हुए धीरे धीरे बड़ा होने लगा. ऐसा लग रहा था जैसे अनीता अपनी उँगलियों को रामु के लुंड पर फेर रही हो. हालांकि अनीता ऐसा जान बुझ कर नहीं कर रही थी. वह तो दर्द से अपने आप hi वैसा हो जा रहा था, मगर इतना बात था की अनीता अपना पेअर वहां से नहीं हटा रही थी.

अनीता अपनी पेअर हटती भी क्यों, वह तो उसके बारे में सोच भी नहीं रही थी. उसका पूरा ध्यान अपनी दर्द पर hi थी. उसे तो बस इस बात का ध्यान था की रामु उसके आराम के लिए अपने गॉड में पेअर रखा था और गॉड में तो किसी भी मर्द का लुंड तो होगा hi, यह तो नेचुरल बात है तो इसके लिए उसे पेअर हटाने की क्या ज़रूरत थी. अगर वह पेअर हटाएगी तो फिर तो वहां पेअर रखने का मक़सद हु पूरा नहीं होगा. वह तो बेशर्म औरत थी और बेशर्म होने के चलते उसे कोई फ़र्क़ नहीं पद रहा था की एक मर्द का तगड़ा, बड़ा और मोटा लुंड उसके पेअर से सत्ता हुआ था जिसके कारण वह लुंड बेचैन होकर झटका मारते हुए बड़ा हो रहा था.

हरिया अनीता की कमर भींचे हुए बोल रहा tha,"Bas मेमसाहेब थोड़ी देर और".

अनीता हरिया को देखकर हल्का मुस्कुरा कर मगर कराहती हुयी boli,"Haan हरिया जी आअह्ह्ह".

रामु यह सुनकर अनीता की पेअर को जोर से मालिश करते हुए bola,"Memsaheb आपको कउनो दिक्कत नहीं है न? जब तक हम रगड़ कर जोर से मालिश नहीं करूँगा दर्द काम नहीं होगा".

अनीता यह सुनकर हल्का मुस्कुराकर वैसे hi कराहती हुयी boli,"Aaahhh नहीं रामु जी ठीक है. मैंने कहा न आअह्ह्ह आपका जैसे दिल करे वैसा कीजिये. अगर अच्छे से रगड़ कर मालिश करना ज़रूरी है तो आअह्ह्ह ससीई वही सही उफ्फ्फ्फ़ आअह्ह्ह.".

हरिया अगले पल bola,"Sasura मेमसाहेब कटनी गोरी है की उनका पेअर इतना hi देर में लाल हो गवा".

अनीता की कमर भी थोड़ी पिंक होने लगी थी. रामु आँखों से इशारा करते हुए bola,"memsaheb का कमर भी तो लाल हो गवा है तोहार पकड़ने से. काटना नाज़ुक बदन है मेमसाहेब का".

अनीता यह सुनकर अपनी पेअर और कमर के तरफ देखि और मुस्कुराकर कराहती हुयी boli,"Aaaahh अब आप दोनों जैसे मर्द सीईई इतना रगड़ कर मालिश करेंगे आअह्ह्ह और पकडे रहेंगे तो मेरी नाज़ुक बदन सीईई आआह्ह्ह पिंक तो होगी hi".

रामु और हरिया यह सुनकर मुस्कुरा दिया. 2-3 मिनट अनीता की पेअर की ऐसे hi मालिश होती रही और हरिया अनीता की कमर पकडे रहा और उसकी पतली गोरी कमर पकडे हुए वहां अपना उंगलियां भी थोड़ा हिलाकर उसकी कमर की चिकनाहट और नरमी को महसूस कर रहा था.

अनीता आराम से हरिया के सीने पर लेती हुयी अपनी पेअर की मालिश देखती रही और साथ hi कभी रामु के आँखों में देखती तो कभी हरिया के आँखों में. हरिया जब भी उसकी आँखों में देखता तो मुस्कुराता और जवाब में अनीता भी मुस्कुराती और फिर हरिया अनीता की नज़र के सामने hi उसकी चूंकि और पेट देखने लगता.

अनीता हरिया को अपनी बदन को घूरते देख चुप चाप उसके बाजुओं पर हाथ फेरती हुयी अपनी पेअर के तरफ देखती तो रामु को भी अपनी चूंकि और पेट घूरते हुए उसकी पेअर की मालिश करते हुए पाती. रामु को भी अपनी बदन को घूरते देख अनीता नज़र खिड़की के तरफ ले जाकर बारिश देखने लगती.

अनीता इन् सब के बीच थोड़ी कराहती भी rehti,"aaaahhh सीईई आआह्ह" और अपनी कमर के पीछे हरिया के लुंड और पेअर से सटे रामु के लुंड को झटका मारते हुए बड़ा और सख्त होते महसूस करती रही.

2-3 मिनट के बाद अनीता boli,"Aaahhh रामु जी दर्द धीरे धीरे काम हो रहा है आअह्ह्ह. इतनी जल्दी इतना आराम मिलेगा मैंने सोचा नहीं था".

रामु यह सुनकर अनीता को देखकर bola,"Are मेमसाहेब दर्द कैसे जल्दी काम नहीं होता. हम तो इसलिए रगड़ कर मालिश कर रहा हूँ. ससुरा आराम से मालिश करने से कुछो नहीं होता. दर्द जब रहे तो मालिश पूरा जोर से रगड़ कर करना चाहिए, तब तो ससुरा दर्द भागेगा"

अनीता यह सुनकर मुस्कुरा कर boli,"Ramu जी इसलिए तो मैं आपके ऊपर छोड़ दी हूँ की आपको जैसा सही लगे वैसे मालिश कीजिये. आपके रगड़कर मालिश करने से दर्द तो हो रहा है मगर उतनी जल्दी काम भी हो रहा है".

अनीता अगले पल हरिया का बात सुन्न गर्दन घुमा कर उसके आँखों में dekhi,"Memsaheb इहे तो बात है. कउनो कउनो काम बिना रगड़ कर किये सही नहीं होता है".

फिर वह अनीता की कमर पर थोड़ा हाथ फेरकर उसे वापस भींचते हुए bola,"Aapka ी नाज़ुक गोरा बदन रगड़ने से लाल तो हो रहा है और थोड़ा दर्द भी हो रहा है, लेकिन रगड़ने से hi आपको अच्छा लग रहा होगा, दर्द काम हो रहा होगा. जिस तरह से फूल का खुशबु फैलाने के लिए उसे रगड़ना पड़ता है उसी तरह कभी कभी औरत को आराम और सुख देने के लिए उसका नाज़ुक बदन रगड़ना पड़ता है".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर boli,"Hariya जी आप तो शायर हो गए, फूल खुशबु यह सब की बात करने लगे".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराकर bola,"Are मेमसाहेब आपको देखकर तो शायर होना तो आसान बात है. ु गाना है न हम शायर तो नहीं".

अनीता यह सुनकर अपनी आंखें बड़ी करके मुस्कुराती हुयी हरिया को देखने लगी और वह आगे गाते raha,"magar मेमसाहेब को देखकर हम शायर हो गवा".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Offo हरिया जी"

हरिया यह सुनकर है diya,"Hahaha" तो अनीता भी खिलखिलाने lagi,"Hehehe हरिया जी आप भी न हेहेहे". रामु भी अनीता की पेअर की मालिश करते हुए मुस्कुराने लगा. माहौल एक दम हल्का हो गया था. अनीता आराम से हरिया के बांहों में सीने पर लेती हुयी है रही थी और हरिया उसकी कमर पर हाथ रखे हुए था. वहीँ रामु उसकी पेअर का मालिश कर रहा था. अनीता दोनों के लुंड को अपनी जिस्म से सत्ता महसूस कर रही थी मगर बिना शर्म के आराम से वैसे hi लेती हुयी थी.

अनीता खिलखिलाना बांध करके मुस्कुराती हुयी boli,"Offo आज तो मेरा है है कर बुरा हाल हो जायेगा हेहेहे. एक तो इतना प्यार से मेरा दर्द काम कर रहे हैं ऊपर से हँसा भी रहे है आप दोनों".

हरिया यह सुनकर bola,"Are मेमसाहेब हसी मज़ाक भी चलते रहना चाहिए. दर्द तो अभी थोड़ी देर में रामु पूरा hi ख़तम कर देगा".

अनीता मुस्कुराकर boli,"Haan हरिया जी सही बात".

अगले पल रामु एक जगह थोड़ा दबाओ बढ़ाया तो अनीता की कराह निकल gayi,"Aaaahhh उम्म्म्म आआह्ह" और वह हरिया के बाजुओं को जोर से पकड़ ली.

हरिया puchha,"Kaa हुआ मेमसाहेब. अचानक से दर्द बढ़ गवा".

रामु भी अनीता को देखकर उसकी एड़ी के पास दबाते हुए puchha,"Eehan दबाने से दर्द हो रहा है का मेमसाहेब".

अनीता हरिया का बाजु पकड़ी हुयी अपनी सर हिलाकर थोड़ी परेशानी से रामु को देखती हुयी boli,"Haan रामु जी".

रामु यह सुनकर वहां दबाओ धीरे से बढ़ाया तो अनीता फिर से कराहने lagi,"aaahhhhh".

हरिया अनीता की कमर पर दबाओ बढ़ाते हुए बोलै," हम मेमसाहेब को पकड़ कर हूँ, तुम ठीक करो".

रामु अनीता को देखकर puchha,"Memsaheb आप तैयार हैं?".

अनीता यह सुनकर हरिया के बाजुओं पर पकड़ मजबूत करके boli,"Ek सेकंड रामु जी" और यह बोलकर अनीता जोर से सांस लेकर खुद को रिलैक्स करने लगी.

रामु यह देखकर bola,"Are मेमसाहेब घबराइए नहीं, हम पालक झपकते hi ठीक कर दूंगा".

अनीता थोड़ी परेशानी से रामु को देखि तो हरिया बाये हाथ से उसकी दये कमर को दबोचे हुए दये हाथ से उसकी कमर को सहलाते हुए bola,"Ghabraiye नहीं मेमसाहेब, रामु चुटकी में ठीक कर देगा. और हम तो हूँ hi आपको पकडे हुए. हम अच्छे से सम्भालूंगा आपको. आप पूरा रिलेक्स होकर हमरे सीने पर सो जाइये, जैसे कुछो हुआ नहीं हो".

अनीता यह सुनकर हरिया को देखि और एक गहरी सांस लेकर अपनी बदन को ढीला छोड़ दी हरिया के सीने पर और कंधे पर सर रखकर हरिया को देखकर boli,"Haan हरिया जी जब आप जैसे मर्द मुझे संभाले हुए हैं तो फिर चिंता किस बात की. बस यह दर्द थोड़ा ज़्यादा है"

हरिया अनीता की कमर सहलाते हुए bola,"Are ठीक हो जायेगा अभी. ससुरा दर्द अभी भाग जायेगा".

अनीता यह सुनकर हरिया के बाजुओं पर थोड़ा हाथ फेरने लगी. हरिया भी उसकी कमर पर हाथ फेरते हुए bola,"Bas मेमसाहेब रिलेक्स रहिये".

अनीता अपनी सर हाँ में हिलाकर उसका बाजु पकड़ कर रामु से boli,"Theek है रामु जी मैं तैयार हूँ".

अगले पल रामु अनीता की एड़ी के पास पकड़ कर हल्का हल्का मालिश करने लगा और हरिया अनीता की कमर पर प्यार से हाथ फेरने laga,"Bas मेमसाहेब हो गवा, आराम से". उस मोमबत्ती को रौशनी में अनीता की नाभि से लटकी बेल्ली बटन रिंग चमकते हुए उसे और कामुक बना रही थी और साथ में एक मर्द का काला हाथ उसकी नाभि के ऊपर और चूंकि के नीचे के भाग पर था. यह देखकर रामु का लुंड कड़क हो रहा था. हरिया का भी लुंड इतनी देर से अनीता को अपने से चिपकाये हुए उसकी गोरी चिकनी पेट पर रखे हुए उसकी पतली कमर पकड़ने से खड़ा हो रहा था.

रामु अनीता की एड़ी को थोड़ा मालिश करने के बाद पकड़ा और अनीता को देखा जैसे इशारा हो की तैयार रहे और फिर वह तेज़ी से उसकी एड़ी को थोड़ा झटका दिया. हरिया अनीता की कमर को फिर से जोर से पकड़ लिया जिससे उसकी कमर वैसे hi अपनी जगह रही मगर अनीता दर्द से चीखती huyi,"aaahhhhhh" थोड़ी उठने का कोशिश की तो सिर्फ उसकी सीना उठी जिससे उसकी चूँचियाँ ऊपर के तरफ हो गयी.

अनीता की सर हरिया के कंधे पर थी जिसके कारण स्की चूँचियाँ उठने से हरिया के चेहरे के सामने हो गयी. हरिया अनीता की चूँचियों को देखने लगा. रामु भी अनीता की पेअर पकडे उसकी चूँचियों को देखने लगा.

अनीता जब चीखी तो उसकी बायीं पेअर में भी ऐंठन होने के साथ साथ थोड़ी हिली भी जिसके कारण उसकी पेअर का प्रेशर और उँगलियों की ऐंठन से रामु के तौली का गाँठ खुल गया. रामु का ध्यान अनीता की चूँचियों पर था तो उसे पता नहीं चला की तौली का गाँठ खुल चूका है. तौली पर प्रेशर के साथ साथ उसके लुंड पर भी अनीता की पेअर का प्रेशर महसूस हुआ था जिससे उसका लुंड झटका मारने लगा था और लुंड के झटके तौली पर पड़ने से गाँठ खुला हुआ तौली थोड़ा ढीला हो गया.

अनीता अपनी चूँचियाँ ऊपर की हुयी जोर से सांस लेने लगी जिससे चूँचियाँ और ऊपर उठने और बैठने लगी. हरिया और रामु का खून अनीता की चूँचियों को ऐसे उठता बैठता देख गरम होने लगा और गरम खून दोनों के लुंड में जाने लगा जिससे दोनों का लुंड और कड़क और बड़ा होने लगा जिसे अनीता अपनी पीछे की कमर और पेअर पर भी महसूस कर रही थी.

लुंड में जब बेचैनी बढ़ने लगा तो हरिया अनीता की चूँचियों को देखते हुए उसकी कमर पर उँगलियाँ फेरने लगा वहीँ रामु भी वापस अनीता की पेअर धीरे धीरे मालिश करने लगा.

अनीता अपनी कमर पर हरिया के उँगलियों को रेंगते हुए महसूस की और फिर धीरे से वापस अपनी पीठ को हरिया के सीने से सत्ता कर रिलैक्स करने लगी तो हरिया उसकी कमर को सहलाते हुए bola,"Araam से मेमसाहेब, आप पूरा रिलेक्स हो जाइये".

अनीता मुस्कुराकर हरिया को देखि और अपनी पीठ उसके सीने पर टिका दी और आँख बांध करके जोर जोर से सांस लेने लगी. हरिया अब अनीता की कमर को छोड़कर उसकी पेट पर हाथ फेरते हुए बोलने laga,"Haan मेमसाहेब ऐसी hi" और बोलकर उसकी पेट पर हाथ फेरना जारी रखा वहीँ रामु अनीता की ऊपर नीचे होती चूँचियों को देखते हुए उसकी पेअर को मालिश करते रहा.

कुछ सेकण्ड्स बाद अनीता आँख खोली तो रामु puchha,"Darad कइसन है मेमसाहेब?"

अनीता उसे देखती हुयी boli,"Haan रामु जी पहले से बहोत काम हो गया है, अब तो लगभग पूरी ख़तम hi लग रहा है. वही जगह थी जिसके कारण थोड़ा दर्द था अब आपने उसे भी ठीक कर दिया. सच में आप इतना अच्छे से मेरी मालिश कर रहे हैं की दर्द तो चुटकियों में hi चला गया और हरिया जी भी मुझे दर्द बर्दाश्त करने में पूरा मदद कर रहे हैं. मैं तो अब बोल सकती हूँ की जब साथ हो दो दुमदार मर्द, तो चुटकी में दूर हो जाये दर्द".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Are वाह मेमसाहेब आप भी शायर बन गयी" तो अनीता खिलखिलाने lagi,"Hehehe". हरिया भी यह देखकर हसने लगा और रामु मुस्कुरा दिया.

रामु कटोरी से थोड़ा तेल लिया और अनीता की पेअर पर गिराकर पुरे पेअर को अच्छे से रगड़ कर मलने लगा. अनीता खिलखिलाना बांध करके रामु को देखि तो वह bola,"Ab जो भी थोड़ा बहोत न के बराबर दर्द है मेमसाहेब उसको भी दूर कर डेट हूँ".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराने लगी. अगले पल हरिया अपना दया हाथ तेल की कटोरी के तरफ बढाकर थोड़ा सा तेल स्कूप किया और अनीता की पेट पर धीरे धीरे गिराने लगा. पेट पर तेल गिरने से अनीता की सपाट पेट थोड़ी अंदर के तरफ होकर फिर नार्मल हो गयी और वह अपनी पेट पर गाढ़ा तेल को फिसलते देखने के बाद हरिया को देखकर puchhi,"Hariya जी यह क्या कर रहे हैं आप?".

हरिया वैसे hi तेल गिरते हुए bola,"Are मेमसाहेब कुछो नहीं, बस थोड़ा आपका ी प्यारा सा खबसूरत पेट का भी मालिश कर डेट हैं. ससुरा हम जोर से पकड़ कर लाल किये दिया हूँ. मालिश करने से आपको अच्छा लगेगा".

अनीता यह सुनकर हरिया के बाजुओं पर हाथ फेरती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Hariya जी इसकी क्या ज़रूरत है? बेवजह का आप परेशान हो रहे हैं. आप जैसे असली मर्द पकड़ेंगे तो थोड़ा लाल तो होगा hi. आप इतनी मजबूती से मुझे नहीं पकड़ते तो मैं तो दर्द से उछाल hi पड़ती. यह तो आप जैसे मर्द hi है जो मुझे संभाले हुए हैं".

हरिया अनीता की पेट पर तेल धीरे धीरे गिरते हुए bola,"Are मेमसाहेब आपके जइसन जवान और खबसूरत औरत को संभालना और सेवा करना तो हमरा फ़राज़ है और यही तो कर रहा हूँ. आपको सँभालने के साथ अब थोड़ा आपकी मालिश कर डेट".

रामु भी bola,"Haan मेमसाहेब करवा लीजिये मालिश. आपको अच्छा लगेगा".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर boli,"Theek है आप दोनों जब बोल रहे हैं तो करवा लेती हूँ".

फिर वह हरिया के कंधे पर सर राखी हुयी hi उसके तरफ देखकर boli,"Kar दीजिये मेरी पेट की मालिश हरिया जी".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराया तो अनीता भी मुस्कुराने लगी. हरिया मुस्कुराते हुए bola,"Bas आप आराम से ऐसे hi लेते रहिये मेमसाहेब और मालिश का मज़ा लीजिये"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी हरिया के बाजुओं पर हाथ फेरती हुयी boli,"Theek है हरिया जी".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराया और अनीता की पेट के तरफ देखा तो अनीता भी अपनी पेट के तरफ देखि जहां गाढ़ा तेल फिसल रहा था और मोमबत्ती की रौशनी में चमक रहा था. अनीता उसे देख hi रही थी की अगले पल हरिया अपना दोनों हाथ उसकी कमर के दोनों साइड में रखकर एक तरफ से दूसरे तरफ लेजाकर उसकी पेट पर तेल मलने लगा. तेल लगे होने से हरिया का हाथ अनीता की चिकनी पेट पर फिसलने लगा.

हरिया अपना हाथ एक तरफ से दूसरे तरफ ले जाने के बाद फिर से हाथ को वापस अनीता की पेट पर तेल मलते हुए पहले के पोजीशन में ले आया और वापस फिर दूसरी तरफ ले गया. हरिया कुछ सेकण्ड्स ऐसे hi करते हुए अनीता की पेट पर तेल मलते रहा और अनीता बिना शर्म के वैसे hi हरिया के कंधे पर सर राखी हुयी अपनी नंगी पेट पर उसका हाथ फिसलते हुए और तेल लगते हुए देखती रही.

हरिया अगले पल अनीता की पेट पर थोड़ा दबाव बढ़ाते हुए एक तरफ से दूसरे तरफ हाथ लेजाकर उसकी पेट में तेल मलने लगा तो अनीता की मुंह से "ुह्ह्हम्म्म" निकलने लगी.

हरिया यह सुनकर अनीता की चेहरे के तरफ देखा तो वह भी उसे देखि. दोनों का नज़र मिला तो हरिया अपना हाथ उसकी चूंकि के नीचे लेजाकर वैसे hi दबाओ बढ़ाते हुए नीचे कमर में जहाँ साड़ी बंधी हुयी थी वहां तक ले गया और हरिया को देखते हुए उसके बाजुओं पर अपनी हाथ फेरती हुई hi अनीता की मुंह से फिर से "ुह्ह्ह्हम्म्म्म" निकल गयी.

हरिया वापस वैसे hi दबाओ बनाते हुए अपना हाथ ऊपर उसकी चूंकि के तरफ ले जाते हुए अनीता से puchha,"Kaisan लग रहा है मेमसाहेब?".

अनीता यह सुनकर उसके बाजुओं पर अपनी हाथ फेरती हुयी थोड़ा रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Uhhhmmm हरिया जी आप अपनी इन् मजबूत हाथों से मालिश करेंगे तो अच्छा लगेगा hi मुझे".

हरिया यह सुनकर एक नज़र अनीता को देखकर मुस्कुराया और फिर अपना हाथ ब्लाउज में कैद उसकी चूंकि के नीचे तक लाकर उसके नीचे से थोड़ा दबाओ डालते हुए उसकी चूंकि को देखने लगा. अनीता हरिया का नज़र अपनी चूंकि के तरफ जाते देख खुद भी अपनी चूंकि के तरफ देखने लगी.

हरिया अपना हाथ उसकी चूंकि के नीचे सताए हुए hi कमर के दोनों तरफ ले जाने लगा. अनीता अपनी चूंकि के ठीक नीचे वाले भाग पर मालिश होते हुए देखने लगी. हरिया वैसे hi हाथ फिसलते हुए अनीता से bola,"Isliye तो मेमसाहेब हम कह रहे थे की आप मालिश करवा लीजिये. आपको अच्छा लगेगा".

अनीता यह सुनकर हरिया के हाथों पर अपनी हाथ फेरती huyi,"Uhhhhmmmm" की तो हरिया आगे bola,"Bas मेमसाहेब आप आराम से हमरे कंधे पर सर रखे हमरे और रामु के मज़बूत हाथ से मालिश का मज़ा लेते रहिये. हम और रामु अच्छे से रगड़ कर आपके नाज़ुक बदन का मालिश कर देंगे".

अनीता यह सुनकर हरिया को देखकर हल्का मुस्कुराई तो हरिया अनीता की पेट देखने के बाद रामु से bola,"Memsaheb के दूसरे पेअर को भी अच्छे से मालिश करो रामु".

अनीता यह सुनकर रामु के तरफ देखि तो वह भी उसे देखा. दोनों की नज़र मिली तो रामु अपना नज़र अनीता से हटाकर कटोरी के तरफ ले जाकर उसमे से थोड़ा तेल हाथ से स्कूप करके अनीता की दूसरी पेअर पर गिराकर उसकी तलवे, उँगलियाँ और हील को अच्छे से मालिश करने लगा. हरिया भी अनीता की पेट को एक तरफ के कमर से लेकर दूसरे तरफ के कमर तक हाथ फिरते हुए अच्छे से मालिश करने लगा. अनीता अपनी पेट पर हरिया का हाथ फिसलते देखने लगी और साथ hi,"Uhhhmmm ुह्ह्ह्हम्म्म" की आवाज़ें करने लगी.

अनीता की गोरी पेट तो ऐसे hi चमकती थी मगर तेल लगने से और चमक रही थी. रामु और हरिया दोनों का ध्यान उसकी पेट पर hi था. हरिया के हाथो क्र दबाओ से अनीता की सपाट पेट और अंदर हो जा रही थी. उसकी छाती की हड्डी के नीचे चमकती हुयी पेट अंदर तरफ धंसे होने से बहोत hi कामुक लग रही थी ऊपर से बीच में गहरी नाभि में चमकती हुयी बेल्ली रिंग लटके होने से अनीता की कामुकता और बढ़ रही थी.

अनीता की कामुक बदन और साथ hi मालिश होने से कामुक तरीके से उसकी मुंह se,"Uhhmmm ुहम्म्म्म" निकलने से रामु और हरिया का लुंड सख्त होने लगा था जिसे अनीता अपनी पीछे की कमर और पेअर पर महसूस कर पा रही थी.

थोड़ी देर ऐसे hi हरिया अनीता की पेट पर तेल मलते रहा. वह अपना हाथ अनीता की चूंकि के नीचे से लेजाकर उसकी कमर पर बंधी साड़ी तक लेजाने के बाद हाथों को उसकी कमर के साइड तक ले जाता और फिर दोनों कमर की साइड को पकडे hi ऊपर की तरफ हाथ लाकर वापस नीचे लेजाकर कमर की साइड को भी अच्छे से मालिश करता.

हरिया अनीता की कमर की साइड को थोड़ा मजबूती से पकडे मालिश कर रहा था जिससे अनीता की मुंह से और कामुक आवास निकल jaati,"Uhhhmmmm" और पेट अंदर के तरफ धंस जाती.

ऐसे hi हरिया एक बार अनीता की कमर के साइड में हाथ ऊपर से नीचे फेरते हुए रामु से bola,"Ramu थोड़ा सा तेल मेमसाहेब के पेट पर गिरा तो".

अनीता वैसे hi हरिया के कंधे पर सर राखी हुयी रामु के तरफ देखि तो वह कटोरा से थोड़ा तेल स्कूप करने लगा. हरिया अनीता की कमर की साइड को मालिश कर रहा था तो उसकी पेट एक दम अंदर के तरफ धंसी हुयी और उसके ऊपर उसकी छाती की हड्डी दिख रही थी.

रामु कटोरी से तेल स्कूप करके अनीता की चूँचियों से नीचे दोनों हड्डियों के बीच तेल टपकने लगा. हरिया और रामु के साथ अनीता भी अपनी पेट के तरफ देखने लगी. गधा तेल वहां गिरने के बाद धीरे धीरे नीच उसकी नाभि के तरफ बहने लगी.

रामु अनीता की पेट पर तेल गिराने के बाद वापा उसकी पेअर पर प्यार से हाथ फेरते हुए उसकी पेट पर बहते हुए तेल को देखकर bola,"Sach में मेमसाहेब आपका जतना खबसूरत औरत सिर्फ टीवी पर hi देखा हूँ हम".

हरिया रामु से bola,"Are मेमसाहेब के सामने तो हीरोइन भी फेल (फ़ैल) है".

फिर वह अनीता की पेट के तरफ इशारा करते हुए bola,"Kitna मस्त और चिकना बदन है मेमसाहेब का. ससुरा तेल कितना मज़ा से फिसल रहा है".

अगले पल तेल फिसलते हुए अनीता की नाभि में घुस गयी. अनीता की चेहरे पर हरिया और रामु का बात सुनकर गर्व की भाव आ गयी और वह हरिया के हाथों पर अपनी हाथ फेरती हुयी मुस्कुराकर रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Offo हरिया और रामु जी अब बस भी कीजिये आप दोनों. बस मेरी hi तारीफ किये जा रहे हैं. ुह्ह्हम्म्म आप दोनों काम हैं क्या? इतने मजबूत और दुमदार मर्द है आप दोनों और मेरी इतनी रगड़ कर मालिश कर रहे हैं आह्हः ुहममम की बदन में जो भी थोड़ा बहोत दर्द था वह तो ग़ायब hi हो जा रहा है ुह्ह्हम्मम्मम".

हरिया अगले पल थोड़ा तेल खुद स्कूप करके फिर से वहीँ पर तेल गिरते हुए अपना हाथ धीरे धीरे नीच उसकी नाभि के तरफ ले गया जिससे तेल बंध बंध करके अनीता की चूंकि के नीचे से लेकर उसकी नाभि तक गिरने लगी. तेल ऐसे बंध बंध करके गिरने से अनीता की बदन में एक अजीब सा मज़ा का लहर दौड़ने लगा और उसकी पैर थोड़ी कांपने लगी.

रामु और हरिया अनीता की कनपटी पेट को देखने लगे और दोनों का लुंड में गरम खून तेज़ी से बहने लगा जिससे उनका लुंड बेचैनी से हिलने लगा. अनीता रामु के लुंड को अपनी पेअर पर महसूस की और हरिया के लुंड को अपनी पीछे की कमर पर.

हरिया अनीता की पेट पर वैसे तेल गिराने के बाद उस पार हाथ रखकर थोड़ा दबाओ बनाते हुए ऊपर से नीचे तक मालिश करने लगा. हरिया का मजबूत मज़दूर वाला हाथ का दबाओ अपनी सपाट और मुलायम पेट पर महसूस करके अनीता की मुंह से कामुक तरीके से "ुह्ह्हम्म्म्म आआह्ह्ह्ह" निकल गयी. हरिया अनीता की चेहरे पर देखकर मुस्कुराया और फिर वैसे hi मालिश करते हुए puchha,"Kaisan लग रहा है मेमसाहेब?".

अनीता मुस्कुराती हुयी boli,"Uhhhmmm आआअह्ह्ह अच्छा लग रहा है हरिया जी ुह्ह्हम्म्म. इतना अच्छा मौसम में आप और रामु जी जैसे दो मर्द ुह्ह्हम्म्म आअह्ह्ह मालिश करेंगे तो अच्छा कैसे नहीं लगेगा हरिया जी आअह्ह्ह्ह. जैसा मैंने kaha,thoda बहोत जो दर्द था वह भी ग़ायब होने लगा है ुह्ह्ह्हम्म्म्म आआह्ह्ह्हह".

हरिया अनीता की बात सुनते हुए वैसे hi ऊपर से नीचे तक उसकी पेट पर हाथ फेरते हुए मालिश करते रहा. ऊपर से नीचे मालिश करने के बाद वह अपना दोनों हाथ उसकी दोनों कमर ले साइड में लेजाकर वहां भी मालिश कर देता. रामु भी बारी बारी से अनीता की दोनों पेअर की मालिश करते हुए हाथ थोड़ा ऊपर उसके काफ तक ले जा रहा था. अनीता बिना शर्म के अपनी पेट और पेअर पर दो गैर मर्दों का हाथ फिसलते हुए उसकी मालिश करते हुए देख रही थी.

हरिया अनीता की बात सुनकर bola,"Memsaheb आपको अच्छा लग रहा है तो पुरे बदन का मालिश करवा लीजिये. ऐसे भी अइसन मौसम में और का करना है. बैठे बैठे आपका ी खबसूरत नाज़ुक बदन का अच्छे से मालिश करके जो भी दर्द है उसको दूर किये डेट हैं हम और रामु".

रामु यह सुनकर हरिया के तरफ देखते रहा फिर अनीता को देखकर उसके जवाब का इंतज़ार करने लगा. अनीता हरिया का बात सुनने के बाद एक नज़र रामु के तरफ देखि जो उसे hi देख रहा था और फिर वापस हरिया को देखती हुयी boli,"Uhhmmm हरिया जी इसकी क्या ज़रूरत है. दिन भर म्हणत मज़दूरी करके आप दोनों ऐसे hi थके रहते होंगे ुह्ह्हम्म्म. मेरी बदन से ज़्यादा दर्द तो आअह्ह्ह्ह आप दोनों का बदन में हो रहा होगा. अपना थकावट दूर करने के लिए आप दोनों आराम करते हुए आअह्ह्ह्ह ुह्ह्हम्म्म पीने का प्लान बनाये थे और कहाँ मेरी पेअर में चोट लगने से आप दोनों को मेरी मालिश करनी पद गयी ुह्ह्ह्हम्म्म. अब तो मेरे पेअर का दर्द भी ख़तम हो गया है और मेरी पेट और कमर की भी आपने अच्छे से मालिश कर दिया है ुह्ह्हम्म. अब और इससे ज़्यादा परेशानी उठाने की ज़रूरत नहीं है आप दोनों को ाःह. आराम से खाइये, पीजिये और इस मौसम का मज़ा लीजिये ुह्ह्हम्म्म्म".

हरिया अनीता की पेट और कमर की मालिश करते हुए bola,"Are मेमसाहेब परेशानी का बात का है इसमें. आपका खबसूरत नाज़ुक बदन का मालिश करने से तो अइसन लग रहा है जैसे हमरा भी थकावट दूर हो जा रहा है. इतना खबसूरत और चिकना बदन का मालिश करके कौन ससुरा मरद का थकावट दूर नहीं होगा".

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से मुस्कुराकर रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Offo हरिया जी फिर शुरू हो गए" और अपनी सर हिला दी.

हरिया अपना दांत दिखाकर मुस्कुराते हुए bola,"Aur रहा बात पीने का तो जइसन रामु पहले बोलै था की आप जब साथ हैं तो ससुरा नशा तो ऐसे hi बढ़ रहा है".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Offo आप दोनों भी न सच में".

हरिया यह सुनकर है diya,"Hehehe" तो अनीता भी बेशर्मी से खिलखिलाने lagi,"Hahaha". वहीँ रामु भी मुस्कुरा दिया.

अनीता खिखिला रही थी की तभी हरिया अपना बीच का ऊँगली उसकी नाभि में रखकर गोल गोल घूमने लगा जिससे अनीता की खिलखिलाहट बांध हो गयी और उसकी मुंह से कामुक तरीके se,"Uhhmmm" निकल गयी और वह अपनी नाभि के तरफ देखि.

रामु भी उसकी नाभि को देखते हुए दये पेअर को उसकी काफ तक मालिश करते रहा. हरिया अनीता की नाभि में ऊँगली घूमते हुए bola,"Sasura इहाँ तेल घुसा हुआ था तो इहाँ भी मालिश कर डेट हूँ".

अनीता चुप चाप अपनी नाभि के तरफ देखती रही. हरिया अपना ऊँगली कुछ सेकण्ड्स वैसे hi अनीता की नाभि में घुसाए दाए बाये करता रहा और अनीता को देखा की वह कैसे बिना शर्म के अपनी नाभि के तरफ देख रही थी. हरिया अनीता को देखते हुए उसकी नाभि में ऊँगली अंदर बाहर करने लगा तो Anita,"Uhhmmm" करती हुयी हरिया को देखि. हरिया अनीता को देखकर अपना दांत दिखते हुए मुस्कुराने लगा तो अनीता भी मुस्कुरा दी.

हरिया अनीता की नाभि में ऊँगली अंदर बाहर करते हुए puchha,"Achha लग रहा है आपको मेमसाहेब?"

अनीता उसके हाथों पर अपनी हाथ फेरती हुयी boli,"Uhhhmm हाँ हरिया जी".

हरिया वापस अनीता की पेट पर देखते हुए दये हाथ से उसकी नाभि में ऊँगली अंदर बाहर करते हुए बाये हाथ से उसकी पेट को मालिश करते हुए bola,"Memsaheb आपके पूरा बदन का मालिश किये डेट हूँ. करवा लीजिये मालिश. आपका सेवा करने से हुंका अच्छा लगेगा".

हरिया यह बोलकर उसकी नाभि से ऊँगली निकलकर ऊपर उसकी चूंकि तक हाथ लाकर वापस नीचे के तरफ हाथ फेरते हुए उसकी पेट की मालिश करने लगा तो अनीता की मुंह से "ुह्ह्हम्म्म हरिया जी आअह्ह्ह" निकल गयी तो रामु bola,"Haan मेमसाहेब. हम दोनों मिलकर आपका अच्छे से मालिश कर दूंगा. आपको अच्छा लगेगा"

अनीता यह सुनकर boli,"Theek है हरिया जी जब आप और रामु जी मेरी अच्छे से सेवा करना चाहते हैं तो कर दीजिये. जब आप दोनों जैसे दो दुमदार मर्द मेरी सेवा करना चाहते हैं तो करवा लेती हूँ"

फिर अनीता हरिया के बाजुओं परअपनी हाथ फेरती हुयी उसके कलाई तक लेजाकर boli,"Pata नहीं मुझे भी ऐसे मजबूत हाथों से मालिश करवाने का फिर मौक़ा मिले या न मिले. जब आज मौक़ा है तो करवा लेती हूँ".

हरिया अनीता की कमर को पकडे ऊपर से नीचे तक मालिश करते हुए bola,"Ee हुआ न बात मेमसाहेब".

अनीता यह सुनकर मुस्कुरा दी. हरिया रामु से bola,"Ramu और तेल गरम करके लाओ. मेमसाहेब का पूरा बदन का मालिश करना है".

अनीता यह सुनकर boli,"Hariya जी तेल अब गरम करने की क्या ज़रूरत है, बेवजह का रामु जी को परेशानी होगी. ऐसे hi नार्मल तेल से मालिश कर दीजिये".

हरिया यह सुनकर अनीता की पेट पर मालिश करते हुए bola,"Are मेमसाहेब कइसन परेशानी. आपके जइसन गरम बदन वाली औरत के बदन को गरम गरम तेल से मालिश करने पर hi अच्छा लगेगा".

अनीता यह सुनकर अपनी बेशर्मी का प्रदर्शन करती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Hariya जी जब मेरी बदन गरम है तो फिर तेल गरम करने की तो और ज़रूरत नहीं है. वह तो जब तेल आप मेरी गरम बदन पर रखेंगे तो वह खुद hi गरम हो जायेगा".

फिर वह यह बोलकर बेशर्मी से खिलखिलाने lagi,"Hehehehe" तो हरिया भी है दिया "हाहाहा". रामु भी मुस्कुराने लगा.

हरिया हसने के बाद अनीता की कमर की मालिश करते हुए bola,"U तो है hi मेमसाहेब. लेकिन गरम तेल लगाने से आपका बदन और भी गरम हो जायेगा. देखिये न ी आपका पेट कितना चिकना है मगर तेल लगाने से क्या मस्त और चिकना लग रहा है. उफ़ कितना चमक रहा है आपका गोरा चिकना पेट. इसी तरह से गरम गरम तेल से जब हम और रामु आपका गरम बदन को रगड़ कर मालिश करूँगा तो आपका बदन और गरम लगेगा"

अनीता यह सुनकर कामुकता से हरिया के हाथों पर हाथ फेरती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Uhmm हरिया जी आप तो बस बातें बनाते रहते हैं. बातें बनाना तो कोई आपसे सीखे".

फिर अनीता रामु को देखकर कामुक ऐडा से boli,"Ramu जी आपको नहीं लगता की हरिया जी बस बातें बना रहे हैं. मेरी बदन की मालिश करने के लिए तेल गरम करने की क्या ज़रूरत है. बेवजह का आपको परेशानी होगी".

रामु यह सुनकर कटोरी से तेल स्कूप किया और अनीता की दोनों पेअर की काफ के पास गिरते हुए bola,"Are मेमसाहेब परेशानी कइसन. जब आपका मालिश करना hi है तो अच्छे से गरम गरम तेल से रगड़ कर कर डेट हैं".

रामु फिर अनीता की दोनों पेअर पर हाथ से तेल मलते हुए उसकी आँखों में देखकर bola,"Hariya बात ज़रूर बनावट है लेकिन ी तो बात सच है की आपके जइसन गरम बदन वाली औरत का मालिश तो गरम गरम तेल से रगड़ कर hi होना चाहिए".

रामु यह बोलते हुए अनीता की चूँचियों और उसकी पेट को देखने लगा. अनीता हरिया के तरफ देखि तो वह भी उसकी चूँचियों और पेट को देख रहा था. अनीता दोनों मर्दों की नज़र अपनी जिस्म पर रेंगते देख boli,"Theek है. जब आप दोनों जैसे दुमदार मर्द मेरी गरम जवान बदन को गरम तेल से रगड़ कर मालिश करना चाहते हैं तो वही सही. जब आप दोनों को कोई परेशानी नहीं तो मुझे क्या. मैं तो आराम से बारिश को देखती हुयी हरिया जी के बदन पर लेती हुयी रहूंगी. आप दोनों को जो करना है जैसे करना है कीजिये".

हरिया यह सुनकर अनीता को देखा तो अनीता भी उसे देखि. रामु bola,"Hum तेल लेकर ात हूँ".

अनीता यह सुनकर उसके तरफ देखि तो वह उसकी पेअर को पकड़ कर साइड में रख दिया और उठते हुए ढीला हो चुके तौलिया थोड़ा नीचे खिसकने लगा तो वह तेज़ी से तौलिया पकड़ा. उसका लुंड तन्न कर खड़ा था.

हरिया यह देखकर bola,"Abe कितना संभालेगा इसे. अगर संभल नहीं रहा है तो निकल कर रख दे".

रामु भी तौली पकडे हरिया को देखा तो अनीता हरिया से boli,"Hariya जी आप भी".

हरिया मुस्कुराते हुए अनीता को देखा तो अनीता अपनी सर हिलती हुयी रामु के तरफ देखि तो वह हरिया से bola,"Abe ससुरा तुम खुद तो आराम से बैठे हो तो तुमको तो तौली संभालना नहीं पद रहा है और हुंका इससे पहले और abhi,dono बार ज्ञान दे रहे हो"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर एक कामुक ऐडा से boli,"Theek कहा आपने रामु जी. हरिया जी बस बातें hi बनाते रहते हैं. खुद तो आराम से बैठे हैं तो उनको तो तौली सम्हालना नहीं पद रहा है"

अनीता यह बोलकर बेशर्मी से उसके लुंड के उभर को देखि की तभी हरिया उसकी पेट पर हाथ फेरते हुए bola,"Are मेमसाहेब लेकिन आपको तो संभल रहा हूँ न".

अनीता यह सुनकर कामुकता से boli,"Uhhmm यह बात तो है हरिया जी. ठीक है आप मुझे सम्भालिये और रामु जी अपने तौली को संभालेंगे" और फिर रामु को देखि तो उसका चेहरा थोड़ा उतर गया.

हरिया यह सुनकर bola,"Sunn लिया? इसलिए तो बोलत हूँ की तौली को छोड़. ससुरा तौली hi संभालेगा तो मेमसाहेब को कैसे संभालेगा. हाहाहा".

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से मुस्कुराकर boli,"Hariya जी अब बस भी कीजिये".

हरिया यह सुनकर हसना बांध करके bola,"Achha रामु बहोत मज़ाक हो गवा. जाकर तेल लेकर आओ. दोनों को मिलकर मेमसाहेब को संभालना है."

अनीता यह सुनकर रामु के लुंड के उभर के तरफ देख कर उसके चेहरे पर देखकर मुस्कुराकर boli,"Aap दोनों दोस्तों को ऐसे हसी मज़ाक करते देख मुझे अच्छा लग रहा है. साथ में मुझे भी हसने का मौक़ा मिल रहा है".

रामु यह सुनकर मुस्कुराकर bola,"Ee ससुरा तो ऐसा hi है. लेकिन हुंका जान कर अच्छा लगा मेमसाहेब की आपको अच्छा लग रहा है हम लोगन के साथ".

अनीता यह सुनकर मुस्कुरा दी और एक नज़र उसके लुंड के तरफ देखने के बाद उसके चेहरे पर देखि तो उसे अपनी चूँचियों पर देखते पायी. रामु को एहसास हुआ तो वह उसकी चूँचियों से नज़र हटाकर अनीता की चेहरे पर देखा तो वह मुस्कुरा दी. रामु भी मुस्कुराते हुए वहीँ पर अपने लुंड के उभर को तौली के ऊपर से एक बार मसल लिया.

अनीता उसे लुंड मसलते हुए देखकर कटोरा उठाकर अपनी पेट पर थोड़ा तेल गिराकर कटोरे को रामु को देती हुयी boli,"Yeh लीजिये रामु जी".

रामु उसके हाथ से कटोरा ले लिया और अनीता की पेट देखने लगा जहाँ हरिया उस तेल को उसकी पेट पर मलने लगा और अनीता अपनी पेट के तरफ देखती हुयु कामुक तरीके से "ुह्ह्हम्म्म" करने लगी.

अनीता की पेट तेल लगे होने से मोमबत्ती की रौशनी में चमक रही थी और उसकी नाभि में बेल्ली रिंग भी चमक रही थी. उसकी चमकती पेट उसकी छाती के हड्डी से नीचे अंदर के तरफ धंसी हुयी थी और हड्डी के ऊपर उसकी बड़ी चूँचियाँ पहाड़ के तरह ऊपर के तरफ उठी हुयी सांस लेने से और ऊपर नीचे हो रही थी.

यह सब अनीता की बदन को कामुक बना रही थी. रामु और हरिया का खून यह देखकर पूरा गरम हो चूका था और दोनों का लुंड तन्न कर खड़ा था.
 
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