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भूरिया एक हलके मुस्कराहट और उत्तेजना क साथ अपने बेटे को देखती है जो अपने बाप का नाम ले कर पुकार रहा था और अपने हे अम्मी से कह रहा था क उसके बाप को लात मार कर पलंग से निचे गिरा दे ताके वो अपने अम्मी को छोड़ सके
"शमशेर मई कैसे लात मार सकती हु कही वो गिरे तो .."
"अम्मी जहां वो गिर क मर्डर जाये पर आपको अपने पुराने शौहर को लात मारनी होगी अगर मेरा लौड़ा लेना है छूट में"
भूरिया की छूट इस वक़्त अपने लैब खोले अपने बेटे का लौड़ा लेने क लये बेकरार थी शमशेर एक टाक अपने अम्मी क आखो में देख रहा था जो सोच रही थी भूरिया को देख शमशेर को वो दिन याद आता है जब शमशेर ने भूरिया को अपने अम्मी को जो हर वक़्त अपने नाख़ून तक निक़ाब में ढकी रहती थी बिना बुरखे क अपने बेटे क सामने भी नहीं आती थी शमशेर भी अपने अम्मी से ुचि आवाज़ में बात करने पर कतराता था क्यू क उसकी अम्मी पारस की सुल्ताना थी शमशेर ने अपने अम्मी को अपने डिल की हकीकत बयां क्या तो वो बोली
"********"
Hooriya:Badbakht मुझे पता था तुम एक निहायत हे घटिये इंसान हो शमशेर आज हे नहीं तुम कई दिनों से मुझे घूरते हो मेरे आगे से पीछे से हर तरफ से ,तुमने मुझे नए लिबास बनवाया ताके तुम अपने गन्दी निगाह मेरे जिस्म को अचे से देख सके, क्या मेरी यही तरबियत थी तुमको बोलो शैतान जब इतना जवानी का जोश चढ़ा है तो शादी क्यू नहीं करते क्यू मन करते हो शादी करने से ..तुम इतने नीच होंगे मैंने ख्वाब में भी नहीं सोचा था बोलो अब भी नामर्द शमशेर क तुम मुझे नहीं घूरते मुझपर गन्दी नज़र नहीं डालते मैंने अपना बीटा खो dya..Shamshera मई तुम्हारे कोठे की वैश्य नहीं जो तुम मुझे घूरो ..नामर्द जुर्म कर क क़ुबूल नहीं करते
"****"
शमशेर अपने गाल पर हाथ रखता है और उस दिन को याद करता है जब उसके गाल उसकी अम्मी क थप्पड़ो से लाल हो गए थे
"अम्मी जान आप अब्बा जान को लात मार कर पलंग से निचे फेकती हो या नहीं"
Hooriya:man me)Sultan आज अगर तुमने मेरी जवानी का ख्याल रखा होता तो आज मेरा बीटा तुम्हारा अपना बीटा मेरे छूट पर लैंड रगड़ नहीं रहा होता तुमने जो दुःख दया है सुल्तान इ जहाँ उसका बदला मई अपने बेटे से चुद कर लुंगी
Shamshera:abbaa को लात मार कर मुझे अपना लो अम्मी जान मुझे हुक्म दो अपने लैंड से आपकी छूट की खिदमत करने का
भूरिया अपने बेटे क तरफ देखती है और फिर अपने पेअर क ठीक पीछे लेते हुए सुल्तान को बेहोशी में नींद खींच रहा था अपनने पेअर को आगे बढ़ा कर गुस्से से देखते हुए "सुल्तान मेरे वाहिद मेरी नयी ज़िन्दगी शुरू हुई यहाँ कुत्ते कमीने हरामज़ादे मेरी जवानी का मज़ाक बना कर रख दिया था अब तेरे हुजरे में तेरे हे बेटे क साथ तेरी बीवी अपने जवानी का नशा उतारेगी कम्बख्त मेरे wahid,mai बूढी और मोती नहीं मेरे वाहिद तू नामर्द है जो मेरी जवानी की आग ठंडी नहीं कर paya"ek ज़ोर दार लात भूरिया मारती है और सुल्तान मेरे वाहिद गेंद की तरह निचे टप्पा कहते हुए गिरते है
शमशेर अपने अम्मी को देख मुस्कुराता है और कहता है
"अम्मी जाएं आप क इन भरे हुए जांघो में जितने जान है उतने इस सुल्तान क अंदर नहीं ..मुबारक हो नयी ज़िन्दगी अम्मी जान"
"शुकरिअ बीटा आआह दाल दीजिये न ाब्ब्ब अब सेहन नहीं होता "
शमशेर को वो रूप याद आता है भूरिया का जब वो एक ढेले से निक़ाब में अपने सर से पेअर तक ढकी होती थी और हाथो में दस्ताना पहनी होती आज वही भूरिया अपने छूट को खोल अपने बेटे से लौड़ा डालने क लये मिन्नत कर रही थी
शमशेर अपना लैंड आगे पीछे करते हुए भूरिया की छूट पर रगड़ता है "अम्मी जाएं अपने नए शौहर से sharmaaogi..ab आप ये हथियार और शर्मगाह ..हमबिस्तर जैसे लफ्ज़ भूल जाओ ,मुझसे इल्तिज़ा कीजिये पारस की मल्लिका अम्मी जान मुझसे कहिये "मेरे बेटे मेरे नए शौहर अपना लौड़ा मेरे छूट में दाल कर छोड़िये मुझे"
Hooriya:ufff बीटा इन गंदे अल्फाज़ो से हम्म आआह जल्दी दाल दीजिये ना ाः उठ मेरा बदन जल रहा है मेरी प्यास बुझाइये ना
शमशेर फिर से अपना लौड़ा भूरिया क छूट क डेन पर रख रगड़ता है "अम्मी जान अब आप मेरी बीवी है खुल कर मज़ा लीजिये मिन्नत ढंग से कीजिये मेरी भूरिया बेगम और छूट क दरवाज़े को अपने हाथ से खोलिये"
भूरिया अपने आखे बंद करते हुए शर्म क मारे अपने बेटे क कहे हुए बातो से उसके हाथ पेअर अकड़ने लगते है और वो कुछ सोचते हुए
"उफ्फ्फ ाः हम्म तो सुनिए आप मुझे गन्दी बना हे दिए बीटा शहज़ादे शमशेर daaaaaaaaaaal दीजीईईई न अपनाआ ला ला लउड़ड़द्दआ मेरे छुछुटट में चूडड़ड दीजिये न मेरे बीटा उर्फ़ मेरे शौहर ाआअह मई मर्डर जाओ लीजिये ख़ोलद दी आपके सबसे पसंदीदा जगह मेरी छूट"
"उफ़ अम्मी जान इस पल क लये तो मई बरसो से इंतज़ार क्या हु मेरी बेगम मेरी शहज़ादी मेरी जान अआप्को छोड़ने का हक़ है मेरा मेरी बीवी"
शमशेर अपना लाऊड छूट क छेड़ क ऊपर कर क भूरिया भारी वजूद को घूरते हुए अपने अम्मी जान क ऊपर लेट जाता है भूरिया अपने बाहो में अपने बेटे को कस लेती hai"ufff शमशेर कितने भारी हो मेरा जिस्म टूट सा गया दाल दीजिये न andar"hooriya अपने छूट को लैंड पर रगड़ते हुए कहती है शमशेर अपने अम्मी क भारी दूध को दबाते हुए अपने अम्मी क पीठ पर हाथ फेरते हुए बिस्तर पर पलट जाता है और भूरिया भी अपने बेटे से चिपकते हुए पलटी खा कर अपने बेटे क ऊपर आजाती है और अपना छूट लैंड से रगड़ते हुए इस बार भूरिया अपने बेटे को बाहो में कस कर चूमते हुए पलटी है "ुहममम आआह पेल दीजिये नाआ मेरे सुल्तान अपने ग़ुलाम को मत tadpaiye"ab शमशेर अपने अम्मी क ऊपर आजाता है और अपने हाथो से कभी दूध तो कभी मोती गांड को दबाते हुए लैंड को खींचते है "अम्मी मेरी जाएं मेरी बेगम अहह ये लीजिये मेरा लौड़ा मेरी तरफ देखिये मई आपके आखो में देखना चाहता हु"
भूरिया अपने बेटे को बेसब्री की तरह देख रही थी और शमशेर अपने लौड़ा को छूट क छेड़ पर लगता है और अंदर धकेलता है "Khachhhhh"se लौड़ा घुसता है भूरिया क मुँह से "aaaaaaaaaaaah"nikalti है वो शमशेर की तरफ देखती है शमशेर अपने अम्मी क छूट में लैंड पेल कर रुक गया था शमशेर क लैंड पे भूरिया की छूट की गर्मी लगते हे सख्त और ज़्यादा होजाता है शमशेर लम्बी साँसे लेते हुए अपने अम्मी क लाल आखो में देखता है जो अपने छूट को फैलाये अपने बेटे क लैंड का टोपा आसानी से अंदर ले ली thi,hooriya का छूट आज पहली बार इतना फैला था भूरिया अपने बेटे को इशारे से धक्के मारने को कहती है ,शमशेर जोश में आकर इस बार करारा धक्का मारता है और लौड़ा आधे से ज़्यादा भूरिया की छूट में फिसल कर चला जाता है "aaaaaaaaahaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaahaa उफ्फ्फफ्फ्फ़ मई मर्डरर गयी आआह बेताआआआ कितना कड़ा है कितना बड़ाआआ है aaaaah"hooriya की आखे बंद हो जाती है शमशेर भी अपने आखे एक पल क लये बंद कर एक ठण्डी आह भरता है और देखता है छूट में आधा लैंड फसे भूरिया अपने आखे भींच कर सिसक रही है "अम्मी जाआआं ये लीजिये मेरा लौड़ा अपने बेटे का लौड़ा aaaaaaaaaah"phalkkkkkkkkkk से एक करारा धक्का माआरता है और हूकरिया एक चींईख मारती है "aaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaahhh aaaaaaaaaaaaaaaaaah naheeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeee मरररररर गयी मई "भूरिया आखे खोल कर चिल्लाते हुए अपने बेटे को देखती है शमशेर क रोंगटे भी खड़े हो जाते है उसका 9 इंच का हुल्लाबी लौड़ा जड़ तक अपने अम्मी क छूट में धस्स गया था और भूरिया अपने पेअर को ऊपर उठाये काँप रही थी उसके दोनों पैरो क कंपन से पता चल रहा था क भूरिया इस वक़्त कितना दर्द सेह रही है शमशेर भी हल्का हफ्ते हुए अपने मोठे लम्बे लौड़ा को आगे पीछे करने लगता है
"अम्मी जाआआं बसससससस थोड़ी देर बर्दाश्त कर लीजिये दर्र्द ख़त्म हो जायेगा आआह आपकी मखमली छूट अंदर से उतनी हे चिकनी और गरम है"
शमशेर की जानवर की तरह धक्के मारता है जिस से भूरिया तिलमिला जाती है
"उफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ नाहीये ाआअह उठ आआआआह उठ नाहीये मई मर्डरर जाउंगी ाआअह"
भूरिया अपने बेटे क चुंगल से बचने क लये पीछे होने लगती है पर शमशेर अपने मजबूत बाहो में अपने अम्मी क कांपते हुए पैरो को जकड लेता hai"ufff chhhhhoooooooooooooooor दोओओओ शमशीीीेराआआआ मुझससीईई सेहान नहीं ाआअह धीरे बेटे मर्डर गएइइइइइइ उफ्फफ्फ्फ़ ाआअह"
भूरिया अपने सर को तकिये पर कभी दाए पटक रही थी कही बाए और अपने सर को और ऊपरी हिस्से से भागने की कोशिश कर रही थी पर शमशेर जैसे ठान लिया था चाहे उसकी अम्मी बेहोश क्यू न हो जाये पेलते रहना है "घप्प घपपप घप्प पहछह पहछह "की आवाज़े गूंज रही थी पुरे हुजरे में और साथ में भूरिया क चिल्लाने से पूरा हज़रा चुडैमै हो जाता है शमशेर काफी देर से अपने ताक़त से अपने अम्मी को पकडे छोड़ रहा था और उसे भागने का मौक़ा नहीं दे रहा था ,शमशेर क माथे से पसीने की बुँदे निचे टपक रही थी वही भूरिया का तो बुरा हाल था और पूरा बदन पसीने में तरबतर हो गया था शमशेर बिना बोले हुमच हुमच क धक्के मार रहा था और भूरिया क आखो में ासु बहने शुरू हो जाते है "aaaaaaaaaai उफ्फफ्फ्फ़ माआआआआ दयाआआ रे हाआए रुक जाआआआ न ाआअह उह्ह्ह रुकक्क जाएआईए न मेरे सरताज आआआह उफ्फ्फ्फ़"
"अहम ाआअह ये लो मेरी जहां अम्मी जहां अआप्के छूट क परखच्चे छुरा दूंगा आहाज आआह ये लो"
तीर से तेज़ शमशेर अपने हुल्लाबी लौड़े को अपने अम्मी क छूट में पेल रहा था घापा है भूरिया अपने बेटे क लैंड को पूरा खा जाती अपने छूट में पर अपने दर्द को भी बहुत बर्दाश्त कर रही थी शमशेर अपने अम्मी क आखो से बहते ासु को झुक कर अपने हाथो से पोछता है "ाआअह अम्मी जाएं ये लो मेरा लौड़ा आआआह अआप का दर्द्द अब कुछ हे देर में ख़त्म हो जायेगा भागिए मैट "भूरिया अपने छूट क डेन को हाथ लगा कर मलने लगती है मरे उत्तेजना क
शमशेर फिर धक्काम पेली शुरू कर देता है और फिर से पुरे हुजरे में खछः पछहः की आवाज़े गूंजने लगती है अब धीरे धीरे भूरिया का दर्द काम होता है और सकरी हुई छूट में आसानी से लैंड फिसल कर जाने लगता है पर भूरिया को हल्का दर्द अभी भी हो रहा tha"ammmi जाहां ाःह अआप्के छूट में तो मखान जैसे मेरा लौड़ा फिसल रहा है ाः उठ ये ले मेरा लौड़ा"
"ह्म्म्मम्म aaaaaaaaaah उम्मम्मम ऐसे हे आआआआह ुहममम बहुत अछाअअअअअ मेरे सरताज आआह ऐसा लग रहा है पहली बार कर रही हुआआआह"
"साआली अभी तो कह रही थी निकालने क लये अब कहती है डालिये उफ्फ्फ्फ़ आआह ये ले मेरा लौड़ा अम्मी जाआआं ाः"
शमशेर समझ जाता है क भूरिया अब दर्द सह प् रही है और अब उसे मज़ा आने लगा है वो भूरिया बड़े दूध को हाथ में ले कर दबाने लगता है और ज़ोर ज़ोर से अपने अम्मी क छूट में लैंड को बच्चेदानी तक पेलने लगता है
"ुह्ह्ह्ह आआआह उफ्फ्फफ्फ्फ़ मई बीवी हु आआप्की साली नहीं ाआअह अआप गालीअ बहुत देते हो गंदे ाआअह उह्ह्ह मर्डर गयी धीरे धीरे मेरे सरताज"
"सअअअअअअअली ये ले मेरा लौड़ा अपने छूट में मई साली कहु या बीवी तुझे भूरिया तू मेरी बेगम है ाआअह ये ले मेरा लैंड"
"उफ्फ्फ्फ़ आआआआआह अपने बेगम को आआआआह भला उह्ह्ह ऐसे कौन गालीअ देता हाई आआआह कल भी अआप मुझे गंदे अल्फ़ाज़ से पुकारा मई सुन ली थी "
शमशेर करारे झटके मारते हुए अपने अम्मी क गोआल गांड को पकड़ कर छाते मारने लगता है और वो ज़ोर ज़ोर से चिल्लाते हुए सिसकने लगती है
"अम्मी जहां आआआआप्को मैंने क्या कहा मुझे तो याद नहीं बताअओ ाः"
"उफ्फ्फ ाआअह धीरे तुमने ऐसा गन्दा लफ्ज़ कहा मई अपने मुँह से नहीं कह सकती अपने बीवी की इज़्ज़त करो बेताआआ आआह हम्म ाः उह्ह्ह मेरे पेट में घुस जाएगा हूउउ नाआआअह"
शमशेर अपने माँ क छूट में घाछे मारते हुए जड़ तक रगड़ रहा जिसकी चोट की गूँज बहार तक आरही अब भला वो कैसे न दर्दसे चिक्ति चिल्लाती "अम्मी जाएं कहिये अपने मुँह मैंने आपको कौन सी गाली di"shamshera कल की बात याद करते हुए जब शमशेर ने अपने अम्मी को रांड कहा था धीरे से और भूरिया ने सुन्न li,hooriya अब अपने छूट को लैंड पर धकेलने लगती है और मज़े से आहे भरने लगती है "आआह तुमन्ने आआआह मुझे रा राआं रआआआंड कहा कमीने शमशेराआह धीरी पेलो बेताआए ाः ह्म्म्मम्म मज़ा आगया आआह"
"अम्मी जहां जब कोई बादशाह बिना शादी कए हुए अपने महल में एक औरत को रखता है और उसे छोड़ता है तो ऐसी औरत को क्या कहते है"
"उह्ह्ह ाआअह धीरे से पेलो ाः ऐसी औरत रखैल होती है जैसे सुलतान ने राखी है आआह ुहम्म्म्म"
"अम्मी जहां उफ़ मेरी मासुम अम्मी अआप भी मेरे शादी कए बिना मेरे लैंड को अपने छूट में लये चुद रही हो तो आप क्या हुई"
शमशेर ये कह कर ज़ोरदार धक्के मारता है और अपने भारी अम्मी का पूरा वजूद हिला कर रख देता है
"उह्ह्ह आआआह रखैल ाआअह धीरे से"
"अम्मी जहां आआह आपने भी क़ुबूल कर लिया रखैल और रखैल और रांड एक हे बात है मेरी भूरिया जान"
"उठ ाआअह चालू जासुस मुझे तुमने जाल में फसा कर हाँ बुलवा लय मई रखैल नहीं हु आआआह"
"आआप मेरी रांड हो सिर्फ मेरी राँद भूरिया बेगम दुन्या क लये भले हे आप सुल्ताना मल्लिका हो क्यू क आप भी तो बिना मुझसे शादी कए चुद रही हो"
ये सुन कर भूरिया अपने गलती और शमशेर की बातो शर्मा से जाती है और अपने आप सोचती है क्या वो वाक़ई एक रखैल रांड हो गई है और शर्म से मुस्कुराते हुए अपने मुँह को अपने सर क हिजाब से धक् कर अपने बेटे से मुँह छुपाने लगती है
"आय हाय मेरी अम्मी अपने बेटे से चुद रही है लौड़ा छूट में ले कर शर्मा रही वाह अम्मी आप जैसी ख्वातून भरी वजूद की मल्लिका को छोड़ने का मज़ा हे जुड़ा है "
शमशेर अपने कमर को हिलाते हुए करारी धक्के अपने अम्मी क छूट में दाल रहा था और वो मुस्कुराते हुए अपने बेटे का धक्का का मज़ा लये जा रही थी शमशेर अब पूरा भूरिया क ऊपर लेट जाता है और अपने अम्मी क होठो को चूमने लगता है "अम्मी जाआआआं अब आआप आइये मेरी गॉड में बैठा क छोड़ू अआप्को"
"नाहीईई मैर गिर जाऔंगी ाआअह ऐसे हे करो आआह ुहममम"
"अम्मी जाएं अपने बेटे पर भरोसा रखो मई अब्बा जान की तरह बूढ़ा कमज़ोर नहीं जो आपके वज़न को संभाल नहीं पाओ मेरी जाएं"
शमशेर ये कह कर अपने अम्मी क कान को चाटते हुए चुस्त है भूरिया अपने आखे बंद क्या हुए अपने बेटे को अपने गले क हार को पहना देता है और उसके नंगे सीने से अपने भरी दूध को दबाने लगती है शमशेर अपने लैंड को अब धीरे पर छूट क आखिरी दीवार तक पेल रहा था और भूरिया क कान क पास अपने होठ रख "अम्मी जान कैसा लगा मेरा land..abbaaa क muqaaablee"hooriya ज़ोर से अपने नए शौहर को भींच लेती है और हर झटके पर अपने बेटे को रगड़ते हुए अपने दांत को पीसते हुए अपने बेटे क कंधे को चूसने लगती है "आआआह हम्म्म आआआह मई बहुत खुष हु मेरे सरताआआअज आआप्का हथियार तो इतना बड़ा है क मेरे बच्चेदानी तक थोक रहा है आपके अब्बा का एक ऊँगली क बराबर होगा आपका पूरा हाथ क बराबर आआह"
" अम्मी जाएं चलिए आइये मेरी गॉड में बैठ कर अपने बेटे क लौड़े पर कूदिये मेरी जाहां "
शमशेर खच से भूरिया क छूट से अपना तलवार जैसा लैंड बहार निकलता है और भूरिया एक लम्बी सांस लेती है शमशेर अब लेट जाता है और भूरिया को अपने लैंड पर बैठने क लये कहता है भूरिया भी अब जोश में थी और लैंड को देखते हुए "उफ्फ्फ कितना भयानक लग रहा है ये हुल्लाहाबी लौड़ा किसी गधे का लग रहा hai"shamshera अपने अम्मी को मुस्कुराते हुए देखता है और कहता है
"अम्मी जाएं ये शेर का लैंड है जो आप जैसी शेरनी को छोड़ने क लये है हिरनिओ की बास की बात नहीं मेरे लौड़े क धक्को को बर्दाश्त कर le"hooriya मुस्कुराते हुए अपने बेटे क लैंड को पकड़ कर बैठने लगती है और धीरे धीरे अपने छूट को अपने हाथ से खोले हुए लैंड को अपने छूट में समां लेती है
"उफ्फ्फ ऐसे बहुत दर्द होरहा है बेताआए जाआआं"
भूरिया का चेहरा सर क हिजाब गिरने से धक् जाता है और उसका वज़नी बदन पूरा का पूरा अपने बेटे क ऊपर सवार था
"अम्मी जाएं अआप वाक़ई भारी वजूद की वज़नी खातून हो अआप क भारी गांड दूध आपको दुन्या की सबसे खूबसूरत और लज़्ज़तदार कहावतों बना देती है आप पीछे घूमिये और दोनों पेअर दोनों तरफ रखिये"
भूरिया बात मानते हुए अपने बेटे की अपने मुँह को अपने बेटे क चेहरे की तरफ कर क दोनों पेअर को शमशेर क कमर क दर्मिया रख कर अपने बेटे क लौड़े पर धीरे धीरे बैठने लगती है शमशेर अपने आँख बंद कए अपने अम्मी क गरम और रसदार छूट क लज़्ज़त से आसमान में उड़ रहा था भूरिया पूरा लौड़ा अपने छूट में ले कर "अब क्याआ हम्म्म ाः"
"अम्मी जाहां अब अपने बेटे क लौड़े की सवारी करो ाआअह कूदो और छोड़ो अपने छूट को मेरे लौड़े से प्यास बुझाओ अपनी"
भूरिया जोश मी आती है और अपने बेटे को देखते हुए अपने हाथ पीछे ले जाकर अपने बेटे क पेअर को पकड़ते हुए कूदने लगती है फिर से पहछह फच्च की आवाज़े गूंजने लगती है
"आआआह अम्मी jaaaaaaaaaan ाआअह ुहममम आआप्के छूट कितनी गरम है अम्मी जहां ाआअह "
"उफ्फ्फ्फ़ हाँ बीटा ये सिर्फ आपके लये है आआह मेरे सरताआज अआप्का लैंड वाक़ई बहुत बड़ा मोटा है आआआआह मई बहुत खुशनसीब हु जो मुझे ऐसा शौहर मिलाआ ाआअह "
शमशेर अपने अम्मी क भारी गांड पर हाथ रख कर निचे से करारे धक्के मार रहा था और भूरिया अब चीखने चिल्लाने लगती है
"अह्हह्ह्ह्ह aaaaaaaaaah मेरे शरररर aaaaaaaaaaah उफ्फ्फ अब में फ़ारिग़ हो जाआआउंगी ाआअह ज़ोर सीए आआह मेरे सरताज बीटा aaaaaaaaaaaaaah ुहहममम अआप क लैंड और आपके अब्बा क लैंड में ज़मीन आसमान का फ़र्क़ है ाआअह और ज़ोर से कीजिये ना बेताआआ"
भूरिया की छूट में सटासट लैंड अंदर बहार हो रहा था पुरे हुजरे में फच्च फच्च की आवाज़े हो रही थी अगर आअज सुलन की कनीज़ दरवाज़े पर कड़ी होती तो पक्का इनकी आवाज़े सुन लेती पर भूरिया ने अपना दिमाग लगा कर कनीज़ों को छुट्टी दे दी थी ताके वो अपने बेटे से खुल कर चुद paaye,kuch देर ऐसे हे अपने गॉड में बिठाये छोड़ने क बाद शमशेर अपने अम्मी को उठता है और खुद करवट लेट जाता है "इधर आआहारिया अब अपने छूट खोल बेगम हम्म्म्म ाः तुझ जैसी गरम माल कोई नै"
भूरिया अपने तान फैलाये अपने बेटे की बात मानते हुए अपने छूट खोल देती है और शमशेर भूरिया क पीछे लेते हुए अपने अम्मी क छूट में लैंड फ़साने लगता है और खछःह से अंदर पेल देता है
"उफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ aaaaaaaaaaaah अअअअअअअअअअअअअ से बीटा ाआअह एक बहार में मत दाहालो दर्द होता है"
"साली दर्द तो अब तुझे दूंगा हुरियाआ बेगम बहुत तडपाइ तुम मुझे क्या कही थी जब मुझे थप्पड़ मारी थी क में नामर्द हु ये ले मेरा लौड़ा खच्हहहह ाः ले मेरा लौड़ा "
भूरिया क छूट को शमशेर अपने मोठे लौड़े से धपधप पेलने लगता है और भूरिया "ुह्ह्ह्ह aaaaaaaaah"zor से चीकने चिल्लाने लगती है और दर्द क मारे उसका बुरा हाल था जैसे अब रो देगी "उह्ह्ह आआआआह अब मई गई aaaaaaaaaaah ुह्ह्ह्ह में फ़ारिग़ यह"
शमशेर अब अपने अम्मी को अपने बाहो में ले कर ज़ोरदार धक्के पेलता है "आआआआआह ुह्ह्ह्ह नाहीये ाआअह धीरे से बेटा उफ्फ्फ मई gaeeeeeeeeeeeeeeeee aaaaaaaaaaaaaah मई गईईईई आआआह uhmmmmmmmmmmmmm aaaaaaaaaaah हम्मम्मम्मम्म"
भूरिया लगातार झड़ने लगी थी और अपने छूट को शमशेर क लैंड को ज़ोर से दबोच ली थी पर शमशेर एक ताक़तवर मर्द था और अपने बेशुमार ताक़त का इश्तेमाल कए हुमच हुमच कर अपने अम्मी को पेल रहा tha"uffff ाआअह मेरे पेअर दुःख गए आआह hmmm"shamshera खच से अपने लैंड बहार खींचता है और अपने अम्मी को पलट कर अपने तरफ करता है और उनकी टांगो को उठा कर अपने पथ से लगा देता है और एक ज़ोरदार धक्का मारता है भूरिया की छूट से पानी रिस रहा था और लैंड सररररर से छूट क आखिर तक पहुंच जाता है और फिर से शमशेर अपने लैंड से भूरिया क छूट में धनधन कुटाई शुरू करता है
"उह्ह्ह ाआअह ाः उह्ह्ह ाआअह बीटा ाः ह्म्मम्म्म्म हम्म्म्म aaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaah "
शमशेर अपने ताक़त से भूरिया को पेल रहा था और भूरिया अपने तंग को उठाये अपने बेटे से लेते हुए चुद रही थी भूरिया अपने जांघ को अपने हाथ से पकडे उठाये थी और अपने बेटे को अपने छूट में धक्का देने क लये अपने छूट को खोली थी धप्प्प धप्प्प शमशेर अपने अम्मी को छोड़ रहा था जिसका ख्वाब उसने हमेशा देखा आज वही अम्मी चुदाई में साथ दे रही थी जो कभी सीधे मुँह शमशेर से बात नहीं की शमशेर अपने अम्मी को अपने आखे बंद कए अब पेले जा रहा था और भूरिया अब शमशेर क छाती को सहला रही थी वो समझ जाती है क शमशेर अब फ़ारिग़ होने वाला है शमशेर अचानक से उठता है और अपने अम्मी को पकड़ कर घोड़ी बनाते हुए "झुक जाआइये अम्मी जाएं अब मई आपकी सवारी करूंगा मेरी जाहां ाः"
भूरिया समझ नहीं पाती है और शमशेर जल्दबाज़ी में भूरिया को झुका कर अपना लैंड पेल देता है छूट में
"अम्मी jaaaaaaaaaaan ाआअह ये लो मेरा लैंड खछ. आआप कहती थी न क आपका खवाब देखना भी गलत है तो देखिये आअज आपको झुकाये आपके छूट तहस नहस कर रहा हु आआआह मेरी मुहब्बत का रंग देख लय आपने आपको भी झुका दया मेरे पर्देदार अम्मी जहां मेरी पारस की सुल्ताना"
शमशेर अपने अम्मी क कमर पर हाथ रखे झुका कर अपने अम्मी को पेल रहा था भूरिया अपने चेहरे को बिस्तर पर रख तड़प रही थी
"Aaaaaaaaaah उठ आआआआह उठ आआआआआ आआआआउच ाआअह बेताआए ाआअह नाही अअअअअअअ आओ आआआआआउच मेरे बीटाआ ाः"
शमशेर अपना लैंड की रफ़्तार बेशुमार तेज़ क्र देता है और अपने आखे बंद कए हुए "आआआआआह aaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaah मेरी ाममममी jaaaaaaaaaaaaaaaan आआआह मेरी जाहां मेरी बेगम सुल्ताना मेरे लैंड का मणि अपने छूट में ले लीजिये ाआअह"
शमशेर अपने आँख बंद कए झड़ने लगता है और भूरिया अपने बेटे का वीर्य अपने बच्चेदानी में गिरता हुआ महसूस कर रही थी
"Aaaaaaaaaaaaah हम्मम्मम्मम्मम्ह ाआअह कितना गरम पानी है आपके लौड़ा का मेरे शहज़ादे बीटा पारस क नए सुल्तान ाआअह अआप्के बीज से भर्र दीजिये मेरी छूट आआआआह मई बेशरम हो गयी अब पर्देदार कहा रही आआह कितना गरम है आपका लैंड शमशेर "
शमशेर क लौड़े से तेज़ धार वीर्य का निकल रहा था और भूरिया की बच्चेदानी में समां जा रहा था दोनों माँ बेटे दुन्या से बेखबर अपने चुदाई क खेल में मशरूफ थे पारस की सुल्ताना आज अपने हे शहज़ादे बेटे क लैंड को निगल रही थी पारसी महल क खूबसूरत हुजरे में चिराग और मोमबत्तिओं की रौशनी में दोनों माँ बेटे आज ऐसा रिश्ता कायम कर लिए थे जो इनके तक़दीर बदल देने वाले थे
भूरिया अपने बेटे क लैंड से निकला हर बून्द को अपने अंदर जाते हुए महसूस करती है और उस पल को याद करती है जब वो अपने शौहर सुल्तान मेरे वाहिद से मिन्नतें करती ज़ोरदार चुदाई की पर वो पांच मिंट में फ़ारिग़ हो jate,shamshera का लैंड ढीला पड़ता है और वो उसे पकककक की आवाज़ से खींचता है भूरिया बदहवास बिस्तर पर गिर जाती है और हांफने लग जाती जय शमशेर भी अपने सानो को रोकते हुए अपने अम्मी क साथ पहली चुदाई क सुख को अनुभव कर अपने आप पर फ़खक महसूस कर रहा tha,kuch देर बाद भूरिया पलट कर शमशेर को करवट बदल कर देखने लगती है शमशेर का लोहे जैसा बदन का आकर साफ़ मालूम पद रहा था जिस से पैसिइने की बुँदे टपक रही थी भूरिया भी पसीने से लटपट थी और बड़े प्यार से अपने बेटे को देखती है और भूरिया को भी शमशेर देखता है दोनों एक दूसरे को देखते देखते कब करीब आते है पता नहीं चलता और दोनों एक दूसरे क बहो में समां जाते है "शुकरिअ शमशेर आअज से पहले इतनी देर तक कभी नहीं चूड़ी"
"अम्मी जान अआप शुक्र अभी क्यू कर रही हो अभी तो आपकी ठुकाई बाकी है वैसे मुझे भी बहुत मज़ा आया आपकी छूट थोक कर मिश्रा की माल की इतनी प्यारी छूट होगी पता न था"
"अच्छा जी इतनी अच्छी लगी मेरी बुर "
"क्यू अम्मी जान आपको नहीं ाचा लगा मेरा लौड़ा क्या कहती हो खिदमत कैसी हुई आपकी मेरी अम्मी जान"
"बहुत अच्छी बीटा जाआनी अआपने मेरा डिल खुश कर दया ऐसा लग रहा है पहली बार चूड़ी हु"
भूरिया क चिपकने से और बातो से फिर शमशेर का लैंड अपना सर उठाने लगता है जिसे देख भूरिया "उफ्फ्फ ये तो आपका फिर से खड़ा हो गया मेरे सरताज पिछले आधा घंटा से तो मेरी हालत ख़राब क्र दया "
"अम्मी जाएं आपके छूट का कुकुम्बर बना कर हे ये मानेगा असली मर्द से सामना आज हुआ है आपका पकड़ो मेरे लैंड को"
भूरिया बिना देरी कए शमशेर क लैंड को हाथ में ले कर आगे पीछे करनी लगती hai"waqayi में असली मर्द का लौड़ा क्या होता है आज पता चला बीटा शुकरिअ अपने अम्मी की ज़िन्दगी सवारने क लये"
"तो झुक जाइये अम्मी जान मेरी राँद आपका बीटा आज आपको कुटिया बना क छोड़ेगा मेरी छिनाल"
भूरिया फ़ौरन झुक जाती है शरमाते हुए "आपका जुबां न बहुत ख़राब हो गया है अनाप सनाप बोलते है"
"मेरी राहाण्ड अम्मी जहां ऐसी बातो से हे तो चुदाई का असली का मज़ा दुगुना हो जाता hai"khachh से लैंड पेल देता है और ज़ोरदार भूरिया क भारी गांड पर तमाचा जड़ देता है
"Aaaaaaaaaaaaaah ोुक्क्सछहहहहहह मेरे सरताआआज कितने थप्पड मारोगे मेरे चुतर पर आआह उफ्फ्फ"
"अम्मी जहां आपके इस गांड को देख मई पागल हो जाता था जब आप बुरखे में हिला कर चलती थी आपकी गांड मारूंगा ये लो "
शमशेर हुमच क जड़ तक अपना लौड़ा पेल देता है और भूरिया चीखने लग जाती है "उफ्फ्फफ्फ्फ़ आआआआआह बीटा क्यू मेरी छूट पसंद नहीं आऐ जो जानवरो की तरह सोच रहे हो ाआअह"
"क्यू अम्मी जाएं जब इतनी मोती ज़ालिम गांड लिए फिर रही हो तो गांड नहीं पेलू तो मेरी जवानी किस काम की आपके गांड का हे तो दीवाना हु मई"
"शमशेर उफ्फ्फ मैंने कितनी बार कहा ाः वह कोई नहीं करता ये गलत है पीछे से मई नहीं दूंगी"
शमशेर ये सुन कर ज़ोर से थप्पड़ गांड पर मारता है
"मई तो गांड मार कर हे रहूँगा आपकी अम्मी जाएं "
"ाचा तो ख्वाब में कर लेना ये काम असलियत में तो मई करने नहीं दूंगी हहै"
भूरिया मुस्कुराती है जिसे देख शमशेर गुस्सा हो जाता है और ज़ोर ज़ोर से अपने अम्मी को झुकाये उनके कमर पर हाथ रख पेलने लगता है "अम्मी जाएं आआप तो पहले ये कहती थी क आप मेरे हाथ नहीं आओगी आज देखो झुक कर मेरा लौड़ा लये चुद रही हो चीख रही वैसे हे मई आपकी गांड मारूंगा एक दिन ाः ये ले तेरी छूट की खुजली मिटा दू"
धना धन शमशेर बिना रुके पेले जा रहा था और भूरिया की चीखे फिर फ़िज़ा में गूँज रही थी वो तो महल इतना बड़ा था क मोती दीवारे भूरिया बेगम की आवाज़े चीखे रोक ली थी नहीं तो पूरा पारस सुन लेता कैसे पारस सल्तनत की मल्लिका इ जहाँ अपने हे बेटे की बीवी बन कर थूक रही hai,shamshera लगातार घाचे अपने अम्मी की छूट में जड़ तक मार रहा था भूरिया की नज़र सामने अलमारी क आईने पे जाती है
भूरिया क दोनों बड़े चुके हवा में लहराते हुए हिल रहे रहे और उसका बीटा धापा धप चुद में अपना लैंड पेले जा रहा था भूरिया अपनी हालत आईएनए में देख शर्मा जाती है और अपने नज़रे अपने आप से चुरा लेती है और दूसरी तरफ देख कर मुस्कुराती है और सोचती hai"aaaakhir इस कमीने शमशेर ने मेरे न चाहते हुए भी मुझे अपने लौड़े क निचे ले आया आज कुटिया की तरह छोड़ रहा है"
"आआह अम्मी जाएं ये लो मेरा लौड़ा आआह हम्म्म आपकी छूट की हर प्यास बुझा दूंगा अम्मी जाएं आपको अब्बा से ज़्यादा प्यार करूँगा अम्मी जान "
"बीटा आआह उफ़ छोड़ लो अपने अम्मी को बना तो लय तुमने मुझे अपनी बीवी आआह ऐसा छोड़ते हो जैसे मेरी साँसे रुक जाए आआआह कितना दम्म है तुम्हारे लैंड में ाआअह तुम्हारे अब्बा तो पांच धक्को में फ़ारिग़ हो जाते थे ाआअह मज़ा आयग्या और छोड़ो बीटा"
"अम्मी जाहां ाआआप जैसी माल को छोर कर कही और मुँह माड़ने वाला गधा सुल्तान मेरे वाहिद हे हो सकता है भले हे सुल्तान तलवारबाज़ी और सियासत में बहुत ज़हन रखता हो पर औरत क मामले में कच्चा है मेरा बाप "
"हाँ बीटा और पेलो ...उसका हे खामियाज़ा आज भुगत रहा है सुल्तान जो आज वो फर्श पर लेता है और उसका बीटा उसकी बीवी को झुकाये छोड़ रहा है इस से अछि सजा क्या हो सकती है खून क प्यासे सुल्तान की आआआह और ज़ोर से छोड़ो बता दो आज अपने अब्बा को क असल चुदाई क्या होती है आआआआआह ये सुल्तान मुझे बूढी और मोती कहता था आआह और छोड़ो दिखा दो सुल्तान को क मई जवान हु"
"अम्मी. जाआआआं सुल्तान गधा है बहुत बड़ा ाः ये लो मेरा लौड़ा ाआअह सुल्तान उस हीरे को कोयला समझ रहा था पर देखना मई तुम्हे हिस्स्स क अपने लौड़े से हीरे जैसा चमका दूंगा मेरी अम्मी जाहां "
"मई भी तो यही चाहती हु ाआअह मेरे मरद मेरे शौहर मेरे सरताज आआप मुझे चाहे वैसे पेले बस्स्स इस हीरे को घिसने का हक़ सिर्फ आपको हक़ है मेरे सरताज"
शमशेर भूरिया क छूट से कांड सत्तत्त से खींचता है और भूरिया को गॉड में उठाने लगता है
"बीटा गिरररर जायआ जाऔंगी संभाल क क्या कार रहे हो"
शमशेर अपने अम्मी को गॉड में भर कर ऊपर उठाते हुए
"अम्मी जाएं मई आपका पिछले सौहार सुल्तान मेरे वाहिद नहीं जो आपके वज़न को संभल नहीं आजाओ तुम्हे खड़े खड़े पेलू अम्मी जान"
हूरीया अपने बेटे की मर्दानगी देख खुश हो क्र मुस्कुराने लगती है और अपने आप शमशेर क कंधो को पकड़ते हुए शमशेर क गॉड में बैठ जाती है शमशेर लैंड ठीक भूरिया क छूट क निचे हुंकार मर रहा था शमशेर भूरिया को अपने लैंड पर बिठाये चलने लगता है और भूरिया अपने बेटे की ताक़त देख दांग रह जाती है
"अम्मी जान तुम्हे क्या लगा क तुम्हारे इस गराये भरी वजूद को मई उठा नहीं पाऊंगा मई मर्द हु आपका शमशेर "
"अच्छा जी मुझे क्या पता था मेरे बेटे में इतना दम्म है नहीं तो इतना देर न करती"
भूरिया मुस्कुराते हुए जवाब देती है
शमशेर अपना लौड़ा निचे हाथ लगा कर छूट पर लगता है और भूरिया को दोनों बहो से उठा कर लुंड पर बैठता है खच्हहहह से लौड़ा अंदर घुसता चला जाता है और भूरिया aaaaaaaaaah उफ्फ्फ करती है शमशेर चलता हुआ अलमारी क पास आता है और आईने में देखता है भूरिया अपने सर पर हिजाब बंधी थी पूरा भारी जिस्म शमशेर ने अपने बहो में उठा रखा था निचे बड़े भरी भरकम गांड क बीच क जड़ में शमशेर का लौड़ा छूट क अंदर घुसा tha,shamshera एक धक्का मारता है और छूट क जड़ तक लौड़ा घुस जाता है "aaaaaaaaaaah उईईईईई बीटा ऊपर उठा कर कौन ऐसे करता hai"shamshera मुस्कुराते हुए "अम्मी जान पीछे मुद कर आईएनए में देखो कैसे मेरे लैंड को छूट में लिए बैठी हो मेरी गॉड में "
शमशेर क कहते हे उसकी अम्मी पीछे मुड़ती है और देखते हे आखे बहार आजाती है शरमाते हुए मुस्कुराती है और "धत्तत्त बेशरम शमशेर beta"kah कर अपने बेटे क कंधे पर मुँह रख देती है भूरिया देखती है क उसके छूट में 9 इंच का हुल्लाबी लौड़ा गायब हो गया था और उसका भरी वजूद को शमशेर ने किसी बचे की तरह गॉड में उठाया tha,hooriya अपने बेटे क मजबूत कंधे को चूमती है "शहज़ादे शमशेर आअज अआपने अपनी अम्मी क दूध का क़र्ज़ उतार दया मेरा खिलाना पिलाना क म्हणत ने रंग लाइ"
"अम्मी जाएं आआप्का बीटा दूध का क़र्ज़ ऐडा कर देगा अभी ये तो कुछ नहीं है मेरी jaaan"khachh से फिर से भूरिया को पेलने लग्गा है खड़े खड़े कुछ देर ऐसे हे धक्के मारता है भूरिया क दोनों पैरो को पकडे शमशेर हवा में धक्के मार रहा था भूरिया क छूट में शमशेर अब भूरिया क कहने पर निचे उतर देता है और दीवार क सहारे लगा कर झुका देता है "उफ्फ्फ बेटा ये सब तरीके होते है चुदाई का अंदाज़ा नहीं था"
"अम्मी जाएं अआप्को पता है हिन्द में कामसूत्र होता है जिसमे कई तरीके से चुदाई करने की किताबे होती है"
भूरिया को झुका कर शमशेर घपपप घपपप पछ कर अपने लौड़े को पेल रहा था
"Aaaaaaaaaaaaaaaah ुह्ह्हह्ज ाआऊच धीरे से aaaaaaaaaah उफ्फ्फ मर्डर गई तो तुम गन्दी किताबे भी पढ़ते थे बदमाश"
"ाः नहीं आजमी जाआआं मैंने सिर्फ देखे थे मुझे संस्कृत या हिंदी पढ़ना कहा आता "
"तो कहा देख लिए तुमने ऐसी किताब आआह और यहाँ वो मुझ पर आज़मा रहे हो"
"ाः ये लो मेरा लौड़ा ..अम्मी जाएं मई आपका बता दू पर ये बात खुद तक रखना "
शमशेर भूरिया को और झुका देता है और घलप्प घलप्प लैंड पेलने लगता
"aaaaaaaaaaaaah उफ्फ्फ हाआआआआ अब तो मई आआप्की बीवी हु तो भी भरोसा नहीं शातिर शमशेराआआआह"
"अम्मी जाएं बात ये है क जब महारानी देवरानी आए थी यहाँ तो मैं उनके हुजरे में एक दिन उनके गैबने में ये किताब देखा था "
भूरिया मुस्कुरा देती है क्यू क उसे पता था देवरानी ऐसी किताबे पढ़ती है अपने पति बलदेव को खुश रखने क लये
"ाः ाः उफ्फ्फ मेरे सरताज वैसे मुझे ये बात पता है ाआअह महारानी देवरानी महाराज बलदेव को खुश रखने क लये हे ये किताबे पढ़ती थी"
"ाचा तो मेरी रांड माँ ऊपर से निक़ाब में अंदर से गन्दी बाते करती थी देवरानी खला से अआप्को अपनी पूरी रान्दीपना दिखाना है आपको खुल कर रहना है अब "
"डर्टी हु शमशेर ..कही तुम सच में मुझे रांड न समझ लो और मुझे छोर दो किसी और क हो जाओ तब तो मई कही की नहीं रहूंगी मई आपसे सच्ची मुहब्बत करने लगी हु बीटा आआआआह उहहहहजह आआआआह में gayeeeeeeeeeeeeeeeeee आआआआआह ज़ोर से छोड़ो आआआआह मेरे सरताआआअआज आआह"
भूरिया फिर से झड़ने लगती है और शमशेर ज़ोर ज़ोर से पेलने लगता है
थोड़ी देर तक भूरिया क हाथ पेअर अकड़ रहे थे वो आँख बंद कए अपने बेटे से लज़्ज़त भरी चुदाई का मज़ा ले रही थी और अपने छूट से पानी छोर रही थी शमशेर धीरे धीरे अपना लैंड अंदर बहार कर रहा था
"बीटा में थक्क गयी झुकी झुकी आधा घंटा से कर रहे हो थोड़ा रुक जाओ न"
"आपका तो हो गया मेरा क्या होगा मेरी जान "
ये कहते हुए पक्क्क की आवाज़ से लौड़ा खींचता है और भूरिया को निचे करते हुए "इसका पानी निकाल दो अम्मी जाएं मेरे शेर को सम्भालो अम्मी जान एहि आपका असल ख़िदमतदार है"
शमशेर अपना लौड़ा ले कर भूरिया क मुँह में दाल देता है
शमशेर अपने अम्मी क मुँह में लैंड दाल क उसके होठो को फाड़ते हुए गाल में पेलने लगता है और ऊपर से अपने अम्मी क गाल पर हलके थपकी मारता है भूरिया थक क छोर थी उसका बदन टूट रहा था और इस बार भूरिया थक कर कमज़ोर पड़ते हुए गिर जाती hai"aaaaah बीटा मेरे अंदर जाएं नहीं बची अब"
शमशेर अपने अम्मी को अनसुना करते हुए अपने अम्मी क ऊपर आता है और अपना लैंड फिर से अपने अम्मी क छोटे से मुँह में डालता है
इस बार सीधा हलक तक लैंड दाल कर पेलता है भूरिया भी मरती क्या न करती अपने बेटे क लैंड को चूसने लगती है चाटने लगती है शमशेर क लैंड का पानी पुरे मुँह पर गिर रहा था भूरिया क ऐसे हे कुछ देर अपने अम्मी क मुँह पेलते हुए "अम्मी जहां उठ क बैठो मई फ़ारिग़ होने वाला हु hmm"hooriya उठने की कोशिश करती है पर उठ नहीं पाती उसके बदन में दर्द होरहा था छूट और गांड का हिस्सा दर्द से नस नस दुःख रहा था भूरिया का हाथ शमशेर पकड़ा कर उठता है भूरिया बैठ jati,shamsheraaa अपने हाथ में लैंड लिए हिलने लगता है भूरिया अपने आखे बंद कए अपने बेटे क वीर्य गिरने का इंतज़ार कर रही थी "अम्मी जाएं एक डैम रांड लग रही हो"
"बीटा शहज़ादे मेरा छूट और पीछे का हिस्सा काफी दर्द कर रहा है बैठने में भी परेशानी हो रही है जल्दी करो न"
शमशेर अपना लौड़ा हिलाते हुए अपने भोली चेहरे की माँ को देखता है जिसका अपने हे बेटे से चुद कर बुरा हाल था
शमशेर अपना लैंड हिलाते हुए ज़ोर ज़ोर से आहे भरने लगता है और वीर्य की चहेरे सीधे भूरिया क होठो पर जा कर गिरने लगी भूरिया अपनी आखे बंद कए अपने बेटे का वीर्य अपने कोमल चेहरे पर ले रही थी भूरिया अपने चेहरे पर गरम गरम वीर्य अहसास कर रही थी और उसके तन बदन में आग लग जाती है और आखे बंद कए शमशेर से मुहब्बत क आगाज़ क दिनों को याद करती है जब शमशेर उसे पता रहा था
"अम्मी जाहां ाअखे खोलो मेरी राँद"
भूरिया अपने आखे खोलते हुए नींद से जगती है और देखती है उसके होठो क रस्ते से वीर्य उसके मुँह में जा रहा था वो अपने जुबां बहार लती है और शमशेर क आखो में देखते हुए चाटने लगती है और एक रंडी वाली मुस्कराहट क साथ कहती है "हाँ हु मई रांड ..पर सिर्फ आपकी मेरे बेटे "
तो बे कॉन्टिनोएड...
भूरिया एक हलके मुस्कराहट और उत्तेजना क साथ अपने बेटे को देखती है जो अपने बाप का नाम ले कर पुकार रहा था और अपने हे अम्मी से कह रहा था क उसके बाप को लात मार कर पलंग से निचे गिरा दे ताके वो अपने अम्मी को छोड़ सके
"शमशेर मई कैसे लात मार सकती हु कही वो गिरे तो .."
"अम्मी जहां वो गिर क मर्डर जाये पर आपको अपने पुराने शौहर को लात मारनी होगी अगर मेरा लौड़ा लेना है छूट में"
भूरिया की छूट इस वक़्त अपने लैब खोले अपने बेटे का लौड़ा लेने क लये बेकरार थी शमशेर एक टाक अपने अम्मी क आखो में देख रहा था जो सोच रही थी भूरिया को देख शमशेर को वो दिन याद आता है जब शमशेर ने भूरिया को अपने अम्मी को जो हर वक़्त अपने नाख़ून तक निक़ाब में ढकी रहती थी बिना बुरखे क अपने बेटे क सामने भी नहीं आती थी शमशेर भी अपने अम्मी से ुचि आवाज़ में बात करने पर कतराता था क्यू क उसकी अम्मी पारस की सुल्ताना थी शमशेर ने अपने अम्मी को अपने डिल की हकीकत बयां क्या तो वो बोली
"********"
Hooriya:Badbakht मुझे पता था तुम एक निहायत हे घटिये इंसान हो शमशेर आज हे नहीं तुम कई दिनों से मुझे घूरते हो मेरे आगे से पीछे से हर तरफ से ,तुमने मुझे नए लिबास बनवाया ताके तुम अपने गन्दी निगाह मेरे जिस्म को अचे से देख सके, क्या मेरी यही तरबियत थी तुमको बोलो शैतान जब इतना जवानी का जोश चढ़ा है तो शादी क्यू नहीं करते क्यू मन करते हो शादी करने से ..तुम इतने नीच होंगे मैंने ख्वाब में भी नहीं सोचा था बोलो अब भी नामर्द शमशेर क तुम मुझे नहीं घूरते मुझपर गन्दी नज़र नहीं डालते मैंने अपना बीटा खो dya..Shamshera मई तुम्हारे कोठे की वैश्य नहीं जो तुम मुझे घूरो ..नामर्द जुर्म कर क क़ुबूल नहीं करते
"****"
शमशेर अपने गाल पर हाथ रखता है और उस दिन को याद करता है जब उसके गाल उसकी अम्मी क थप्पड़ो से लाल हो गए थे
"अम्मी जान आप अब्बा जान को लात मार कर पलंग से निचे फेकती हो या नहीं"
Hooriya:man me)Sultan आज अगर तुमने मेरी जवानी का ख्याल रखा होता तो आज मेरा बीटा तुम्हारा अपना बीटा मेरे छूट पर लैंड रगड़ नहीं रहा होता तुमने जो दुःख दया है सुल्तान इ जहाँ उसका बदला मई अपने बेटे से चुद कर लुंगी
Shamshera:abbaa को लात मार कर मुझे अपना लो अम्मी जान मुझे हुक्म दो अपने लैंड से आपकी छूट की खिदमत करने का
भूरिया अपने बेटे क तरफ देखती है और फिर अपने पेअर क ठीक पीछे लेते हुए सुल्तान को बेहोशी में नींद खींच रहा था अपनने पेअर को आगे बढ़ा कर गुस्से से देखते हुए "सुल्तान मेरे वाहिद मेरी नयी ज़िन्दगी शुरू हुई यहाँ कुत्ते कमीने हरामज़ादे मेरी जवानी का मज़ाक बना कर रख दिया था अब तेरे हुजरे में तेरे हे बेटे क साथ तेरी बीवी अपने जवानी का नशा उतारेगी कम्बख्त मेरे wahid,mai बूढी और मोती नहीं मेरे वाहिद तू नामर्द है जो मेरी जवानी की आग ठंडी नहीं कर paya"ek ज़ोर दार लात भूरिया मारती है और सुल्तान मेरे वाहिद गेंद की तरह निचे टप्पा कहते हुए गिरते है
शमशेर अपने अम्मी को देख मुस्कुराता है और कहता है
"अम्मी जाएं आप क इन भरे हुए जांघो में जितने जान है उतने इस सुल्तान क अंदर नहीं ..मुबारक हो नयी ज़िन्दगी अम्मी जान"
"शुकरिअ बीटा आआह दाल दीजिये न ाब्ब्ब अब सेहन नहीं होता "
शमशेर को वो रूप याद आता है भूरिया का जब वो एक ढेले से निक़ाब में अपने सर से पेअर तक ढकी होती थी और हाथो में दस्ताना पहनी होती आज वही भूरिया अपने छूट को खोल अपने बेटे से लौड़ा डालने क लये मिन्नत कर रही थी
शमशेर अपना लैंड आगे पीछे करते हुए भूरिया की छूट पर रगड़ता है "अम्मी जाएं अपने नए शौहर से sharmaaogi..ab आप ये हथियार और शर्मगाह ..हमबिस्तर जैसे लफ्ज़ भूल जाओ ,मुझसे इल्तिज़ा कीजिये पारस की मल्लिका अम्मी जान मुझसे कहिये "मेरे बेटे मेरे नए शौहर अपना लौड़ा मेरे छूट में दाल कर छोड़िये मुझे"
Hooriya:ufff बीटा इन गंदे अल्फाज़ो से हम्म आआह जल्दी दाल दीजिये ना ाः उठ मेरा बदन जल रहा है मेरी प्यास बुझाइये ना
शमशेर फिर से अपना लौड़ा भूरिया क छूट क डेन पर रख रगड़ता है "अम्मी जान अब आप मेरी बीवी है खुल कर मज़ा लीजिये मिन्नत ढंग से कीजिये मेरी भूरिया बेगम और छूट क दरवाज़े को अपने हाथ से खोलिये"
भूरिया अपने आखे बंद करते हुए शर्म क मारे अपने बेटे क कहे हुए बातो से उसके हाथ पेअर अकड़ने लगते है और वो कुछ सोचते हुए
"उफ्फ्फ ाः हम्म तो सुनिए आप मुझे गन्दी बना हे दिए बीटा शहज़ादे शमशेर daaaaaaaaaaal दीजीईईई न अपनाआ ला ला लउड़ड़द्दआ मेरे छुछुटट में चूडड़ड दीजिये न मेरे बीटा उर्फ़ मेरे शौहर ाआअह मई मर्डर जाओ लीजिये ख़ोलद दी आपके सबसे पसंदीदा जगह मेरी छूट"
"उफ़ अम्मी जान इस पल क लये तो मई बरसो से इंतज़ार क्या हु मेरी बेगम मेरी शहज़ादी मेरी जान अआप्को छोड़ने का हक़ है मेरा मेरी बीवी"
शमशेर अपना लाऊड छूट क छेड़ क ऊपर कर क भूरिया भारी वजूद को घूरते हुए अपने अम्मी जान क ऊपर लेट जाता है भूरिया अपने बाहो में अपने बेटे को कस लेती hai"ufff शमशेर कितने भारी हो मेरा जिस्म टूट सा गया दाल दीजिये न andar"hooriya अपने छूट को लैंड पर रगड़ते हुए कहती है शमशेर अपने अम्मी क भारी दूध को दबाते हुए अपने अम्मी क पीठ पर हाथ फेरते हुए बिस्तर पर पलट जाता है और भूरिया भी अपने बेटे से चिपकते हुए पलटी खा कर अपने बेटे क ऊपर आजाती है और अपना छूट लैंड से रगड़ते हुए इस बार भूरिया अपने बेटे को बाहो में कस कर चूमते हुए पलटी है "ुहममम आआह पेल दीजिये नाआ मेरे सुल्तान अपने ग़ुलाम को मत tadpaiye"ab शमशेर अपने अम्मी क ऊपर आजाता है और अपने हाथो से कभी दूध तो कभी मोती गांड को दबाते हुए लैंड को खींचते है "अम्मी मेरी जाएं मेरी बेगम अहह ये लीजिये मेरा लौड़ा मेरी तरफ देखिये मई आपके आखो में देखना चाहता हु"
भूरिया अपने बेटे को बेसब्री की तरह देख रही थी और शमशेर अपने लौड़ा को छूट क छेड़ पर लगता है और अंदर धकेलता है "Khachhhhh"se लौड़ा घुसता है भूरिया क मुँह से "aaaaaaaaaaaah"nikalti है वो शमशेर की तरफ देखती है शमशेर अपने अम्मी क छूट में लैंड पेल कर रुक गया था शमशेर क लैंड पे भूरिया की छूट की गर्मी लगते हे सख्त और ज़्यादा होजाता है शमशेर लम्बी साँसे लेते हुए अपने अम्मी क लाल आखो में देखता है जो अपने छूट को फैलाये अपने बेटे क लैंड का टोपा आसानी से अंदर ले ली thi,hooriya का छूट आज पहली बार इतना फैला था भूरिया अपने बेटे को इशारे से धक्के मारने को कहती है ,शमशेर जोश में आकर इस बार करारा धक्का मारता है और लौड़ा आधे से ज़्यादा भूरिया की छूट में फिसल कर चला जाता है "aaaaaaaaahaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaahaa उफ्फ्फफ्फ्फ़ मई मर्डरर गयी आआह बेताआआआ कितना कड़ा है कितना बड़ाआआ है aaaaah"hooriya की आखे बंद हो जाती है शमशेर भी अपने आखे एक पल क लये बंद कर एक ठण्डी आह भरता है और देखता है छूट में आधा लैंड फसे भूरिया अपने आखे भींच कर सिसक रही है "अम्मी जाआआं ये लीजिये मेरा लौड़ा अपने बेटे का लौड़ा aaaaaaaaaah"phalkkkkkkkkkk से एक करारा धक्का माआरता है और हूकरिया एक चींईख मारती है "aaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaahhh aaaaaaaaaaaaaaaaaah naheeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeee मरररररर गयी मई "भूरिया आखे खोल कर चिल्लाते हुए अपने बेटे को देखती है शमशेर क रोंगटे भी खड़े हो जाते है उसका 9 इंच का हुल्लाबी लौड़ा जड़ तक अपने अम्मी क छूट में धस्स गया था और भूरिया अपने पेअर को ऊपर उठाये काँप रही थी उसके दोनों पैरो क कंपन से पता चल रहा था क भूरिया इस वक़्त कितना दर्द सेह रही है शमशेर भी हल्का हफ्ते हुए अपने मोठे लम्बे लौड़ा को आगे पीछे करने लगता है
"अम्मी जाआआं बसससससस थोड़ी देर बर्दाश्त कर लीजिये दर्र्द ख़त्म हो जायेगा आआह आपकी मखमली छूट अंदर से उतनी हे चिकनी और गरम है"
शमशेर की जानवर की तरह धक्के मारता है जिस से भूरिया तिलमिला जाती है
"उफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ नाहीये ाआअह उठ आआआआह उठ नाहीये मई मर्डरर जाउंगी ाआअह"
भूरिया अपने बेटे क चुंगल से बचने क लये पीछे होने लगती है पर शमशेर अपने मजबूत बाहो में अपने अम्मी क कांपते हुए पैरो को जकड लेता hai"ufff chhhhhoooooooooooooooor दोओओओ शमशीीीेराआआआ मुझससीईई सेहान नहीं ाआअह धीरे बेटे मर्डर गएइइइइइइ उफ्फफ्फ्फ़ ाआअह"
भूरिया अपने सर को तकिये पर कभी दाए पटक रही थी कही बाए और अपने सर को और ऊपरी हिस्से से भागने की कोशिश कर रही थी पर शमशेर जैसे ठान लिया था चाहे उसकी अम्मी बेहोश क्यू न हो जाये पेलते रहना है "घप्प घपपप घप्प पहछह पहछह "की आवाज़े गूंज रही थी पुरे हुजरे में और साथ में भूरिया क चिल्लाने से पूरा हज़रा चुडैमै हो जाता है शमशेर काफी देर से अपने ताक़त से अपने अम्मी को पकडे छोड़ रहा था और उसे भागने का मौक़ा नहीं दे रहा था ,शमशेर क माथे से पसीने की बुँदे निचे टपक रही थी वही भूरिया का तो बुरा हाल था और पूरा बदन पसीने में तरबतर हो गया था शमशेर बिना बोले हुमच हुमच क धक्के मार रहा था और भूरिया क आखो में ासु बहने शुरू हो जाते है "aaaaaaaaaai उफ्फफ्फ्फ़ माआआआआ दयाआआ रे हाआए रुक जाआआआ न ाआअह उह्ह्ह रुकक्क जाएआईए न मेरे सरताज आआआह उफ्फ्फ्फ़"
"अहम ाआअह ये लो मेरी जहां अम्मी जहां अआप्के छूट क परखच्चे छुरा दूंगा आहाज आआह ये लो"
तीर से तेज़ शमशेर अपने हुल्लाबी लौड़े को अपने अम्मी क छूट में पेल रहा था घापा है भूरिया अपने बेटे क लैंड को पूरा खा जाती अपने छूट में पर अपने दर्द को भी बहुत बर्दाश्त कर रही थी शमशेर अपने अम्मी क आखो से बहते ासु को झुक कर अपने हाथो से पोछता है "ाआअह अम्मी जाएं ये लो मेरा लौड़ा आआआह अआप का दर्द्द अब कुछ हे देर में ख़त्म हो जायेगा भागिए मैट "भूरिया अपने छूट क डेन को हाथ लगा कर मलने लगती है मरे उत्तेजना क
शमशेर फिर धक्काम पेली शुरू कर देता है और फिर से पुरे हुजरे में खछः पछहः की आवाज़े गूंजने लगती है अब धीरे धीरे भूरिया का दर्द काम होता है और सकरी हुई छूट में आसानी से लैंड फिसल कर जाने लगता है पर भूरिया को हल्का दर्द अभी भी हो रहा tha"ammmi जाहां ाःह अआप्के छूट में तो मखान जैसे मेरा लौड़ा फिसल रहा है ाः उठ ये ले मेरा लौड़ा"
"ह्म्म्मम्म aaaaaaaaaah उम्मम्मम ऐसे हे आआआआह ुहममम बहुत अछाअअअअअ मेरे सरताज आआह ऐसा लग रहा है पहली बार कर रही हुआआआह"
"साआली अभी तो कह रही थी निकालने क लये अब कहती है डालिये उफ्फ्फ्फ़ आआह ये ले मेरा लौड़ा अम्मी जाआआं ाः"
शमशेर समझ जाता है क भूरिया अब दर्द सह प् रही है और अब उसे मज़ा आने लगा है वो भूरिया बड़े दूध को हाथ में ले कर दबाने लगता है और ज़ोर ज़ोर से अपने अम्मी क छूट में लैंड को बच्चेदानी तक पेलने लगता है
"ुह्ह्ह्ह आआआह उफ्फ्फफ्फ्फ़ मई बीवी हु आआप्की साली नहीं ाआअह अआप गालीअ बहुत देते हो गंदे ाआअह उह्ह्ह मर्डर गयी धीरे धीरे मेरे सरताज"
"सअअअअअअअली ये ले मेरा लौड़ा अपने छूट में मई साली कहु या बीवी तुझे भूरिया तू मेरी बेगम है ाआअह ये ले मेरा लैंड"
"उफ्फ्फ्फ़ आआआआआह अपने बेगम को आआआआह भला उह्ह्ह ऐसे कौन गालीअ देता हाई आआआह कल भी अआप मुझे गंदे अल्फ़ाज़ से पुकारा मई सुन ली थी "
शमशेर करारे झटके मारते हुए अपने अम्मी क गोआल गांड को पकड़ कर छाते मारने लगता है और वो ज़ोर ज़ोर से चिल्लाते हुए सिसकने लगती है
"अम्मी जहां आआआआप्को मैंने क्या कहा मुझे तो याद नहीं बताअओ ाः"
"उफ्फ्फ ाआअह धीरे तुमने ऐसा गन्दा लफ्ज़ कहा मई अपने मुँह से नहीं कह सकती अपने बीवी की इज़्ज़त करो बेताआआ आआह हम्म ाः उह्ह्ह मेरे पेट में घुस जाएगा हूउउ नाआआअह"
शमशेर अपने माँ क छूट में घाछे मारते हुए जड़ तक रगड़ रहा जिसकी चोट की गूँज बहार तक आरही अब भला वो कैसे न दर्दसे चिक्ति चिल्लाती "अम्मी जाएं कहिये अपने मुँह मैंने आपको कौन सी गाली di"shamshera कल की बात याद करते हुए जब शमशेर ने अपने अम्मी को रांड कहा था धीरे से और भूरिया ने सुन्न li,hooriya अब अपने छूट को लैंड पर धकेलने लगती है और मज़े से आहे भरने लगती है "आआह तुमन्ने आआआह मुझे रा राआं रआआआंड कहा कमीने शमशेराआह धीरी पेलो बेताआए ाः ह्म्म्मम्म मज़ा आगया आआह"
"अम्मी जहां जब कोई बादशाह बिना शादी कए हुए अपने महल में एक औरत को रखता है और उसे छोड़ता है तो ऐसी औरत को क्या कहते है"
"उह्ह्ह ाआअह धीरे से पेलो ाः ऐसी औरत रखैल होती है जैसे सुलतान ने राखी है आआह ुहम्म्म्म"
"अम्मी जहां उफ़ मेरी मासुम अम्मी अआप भी मेरे शादी कए बिना मेरे लैंड को अपने छूट में लये चुद रही हो तो आप क्या हुई"
शमशेर ये कह कर ज़ोरदार धक्के मारता है और अपने भारी अम्मी का पूरा वजूद हिला कर रख देता है
"उह्ह्ह आआआह रखैल ाआअह धीरे से"
"अम्मी जहां आआह आपने भी क़ुबूल कर लिया रखैल और रखैल और रांड एक हे बात है मेरी भूरिया जान"
"उठ ाआअह चालू जासुस मुझे तुमने जाल में फसा कर हाँ बुलवा लय मई रखैल नहीं हु आआआह"
"आआप मेरी रांड हो सिर्फ मेरी राँद भूरिया बेगम दुन्या क लये भले हे आप सुल्ताना मल्लिका हो क्यू क आप भी तो बिना मुझसे शादी कए चुद रही हो"
ये सुन कर भूरिया अपने गलती और शमशेर की बातो शर्मा से जाती है और अपने आप सोचती है क्या वो वाक़ई एक रखैल रांड हो गई है और शर्म से मुस्कुराते हुए अपने मुँह को अपने सर क हिजाब से धक् कर अपने बेटे से मुँह छुपाने लगती है
"आय हाय मेरी अम्मी अपने बेटे से चुद रही है लौड़ा छूट में ले कर शर्मा रही वाह अम्मी आप जैसी ख्वातून भरी वजूद की मल्लिका को छोड़ने का मज़ा हे जुड़ा है "
शमशेर अपने कमर को हिलाते हुए करारी धक्के अपने अम्मी क छूट में दाल रहा था और वो मुस्कुराते हुए अपने बेटे का धक्का का मज़ा लये जा रही थी शमशेर अब पूरा भूरिया क ऊपर लेट जाता है और अपने अम्मी क होठो को चूमने लगता है "अम्मी जाआआआं अब आआप आइये मेरी गॉड में बैठा क छोड़ू अआप्को"
"नाहीईई मैर गिर जाऔंगी ाआअह ऐसे हे करो आआह ुहममम"
"अम्मी जाएं अपने बेटे पर भरोसा रखो मई अब्बा जान की तरह बूढ़ा कमज़ोर नहीं जो आपके वज़न को संभाल नहीं पाओ मेरी जाएं"
शमशेर ये कह कर अपने अम्मी क कान को चाटते हुए चुस्त है भूरिया अपने आखे बंद क्या हुए अपने बेटे को अपने गले क हार को पहना देता है और उसके नंगे सीने से अपने भरी दूध को दबाने लगती है शमशेर अपने लैंड को अब धीरे पर छूट क आखिरी दीवार तक पेल रहा था और भूरिया क कान क पास अपने होठ रख "अम्मी जान कैसा लगा मेरा land..abbaaa क muqaaablee"hooriya ज़ोर से अपने नए शौहर को भींच लेती है और हर झटके पर अपने बेटे को रगड़ते हुए अपने दांत को पीसते हुए अपने बेटे क कंधे को चूसने लगती है "आआआह हम्म्म आआआह मई बहुत खुष हु मेरे सरताआआअज आआप्का हथियार तो इतना बड़ा है क मेरे बच्चेदानी तक थोक रहा है आपके अब्बा का एक ऊँगली क बराबर होगा आपका पूरा हाथ क बराबर आआह"
" अम्मी जाएं चलिए आइये मेरी गॉड में बैठ कर अपने बेटे क लौड़े पर कूदिये मेरी जाहां "
शमशेर खच से भूरिया क छूट से अपना तलवार जैसा लैंड बहार निकलता है और भूरिया एक लम्बी सांस लेती है शमशेर अब लेट जाता है और भूरिया को अपने लैंड पर बैठने क लये कहता है भूरिया भी अब जोश में थी और लैंड को देखते हुए "उफ्फ्फ कितना भयानक लग रहा है ये हुल्लाहाबी लौड़ा किसी गधे का लग रहा hai"shamshera अपने अम्मी को मुस्कुराते हुए देखता है और कहता है
"अम्मी जाएं ये शेर का लैंड है जो आप जैसी शेरनी को छोड़ने क लये है हिरनिओ की बास की बात नहीं मेरे लौड़े क धक्को को बर्दाश्त कर le"hooriya मुस्कुराते हुए अपने बेटे क लैंड को पकड़ कर बैठने लगती है और धीरे धीरे अपने छूट को अपने हाथ से खोले हुए लैंड को अपने छूट में समां लेती है
"उफ्फ्फ ऐसे बहुत दर्द होरहा है बेताआए जाआआं"
भूरिया का चेहरा सर क हिजाब गिरने से धक् जाता है और उसका वज़नी बदन पूरा का पूरा अपने बेटे क ऊपर सवार था
"अम्मी जाएं अआप वाक़ई भारी वजूद की वज़नी खातून हो अआप क भारी गांड दूध आपको दुन्या की सबसे खूबसूरत और लज़्ज़तदार कहावतों बना देती है आप पीछे घूमिये और दोनों पेअर दोनों तरफ रखिये"
भूरिया बात मानते हुए अपने बेटे की अपने मुँह को अपने बेटे क चेहरे की तरफ कर क दोनों पेअर को शमशेर क कमर क दर्मिया रख कर अपने बेटे क लौड़े पर धीरे धीरे बैठने लगती है शमशेर अपने आँख बंद कए अपने अम्मी क गरम और रसदार छूट क लज़्ज़त से आसमान में उड़ रहा था भूरिया पूरा लौड़ा अपने छूट में ले कर "अब क्याआ हम्म्म ाः"
"अम्मी जाहां अब अपने बेटे क लौड़े की सवारी करो ाआअह कूदो और छोड़ो अपने छूट को मेरे लौड़े से प्यास बुझाओ अपनी"
भूरिया जोश मी आती है और अपने बेटे को देखते हुए अपने हाथ पीछे ले जाकर अपने बेटे क पेअर को पकड़ते हुए कूदने लगती है फिर से पहछह फच्च की आवाज़े गूंजने लगती है
"आआआह अम्मी jaaaaaaaaaan ाआअह ुहममम आआप्के छूट कितनी गरम है अम्मी जहां ाआअह "
"उफ्फ्फ्फ़ हाँ बीटा ये सिर्फ आपके लये है आआह मेरे सरताआज अआप्का लैंड वाक़ई बहुत बड़ा मोटा है आआआआह मई बहुत खुशनसीब हु जो मुझे ऐसा शौहर मिलाआ ाआअह "
शमशेर अपने अम्मी क भारी गांड पर हाथ रख कर निचे से करारे धक्के मार रहा था और भूरिया अब चीखने चिल्लाने लगती है
"अह्हह्ह्ह्ह aaaaaaaaaah मेरे शरररर aaaaaaaaaaah उफ्फ्फ अब में फ़ारिग़ हो जाआआउंगी ाआअह ज़ोर सीए आआह मेरे सरताज बीटा aaaaaaaaaaaaaah ुहहममम अआप क लैंड और आपके अब्बा क लैंड में ज़मीन आसमान का फ़र्क़ है ाआअह और ज़ोर से कीजिये ना बेताआआ"
भूरिया की छूट में सटासट लैंड अंदर बहार हो रहा था पुरे हुजरे में फच्च फच्च की आवाज़े हो रही थी अगर आअज सुलन की कनीज़ दरवाज़े पर कड़ी होती तो पक्का इनकी आवाज़े सुन लेती पर भूरिया ने अपना दिमाग लगा कर कनीज़ों को छुट्टी दे दी थी ताके वो अपने बेटे से खुल कर चुद paaye,kuch देर ऐसे हे अपने गॉड में बिठाये छोड़ने क बाद शमशेर अपने अम्मी को उठता है और खुद करवट लेट जाता है "इधर आआहारिया अब अपने छूट खोल बेगम हम्म्म्म ाः तुझ जैसी गरम माल कोई नै"
भूरिया अपने तान फैलाये अपने बेटे की बात मानते हुए अपने छूट खोल देती है और शमशेर भूरिया क पीछे लेते हुए अपने अम्मी क छूट में लैंड फ़साने लगता है और खछःह से अंदर पेल देता है
"उफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ aaaaaaaaaaaah अअअअअअअअअअअअअ से बीटा ाआअह एक बहार में मत दाहालो दर्द होता है"
"साली दर्द तो अब तुझे दूंगा हुरियाआ बेगम बहुत तडपाइ तुम मुझे क्या कही थी जब मुझे थप्पड़ मारी थी क में नामर्द हु ये ले मेरा लौड़ा खच्हहहह ाः ले मेरा लौड़ा "
भूरिया क छूट को शमशेर अपने मोठे लौड़े से धपधप पेलने लगता है और भूरिया "ुह्ह्ह्ह aaaaaaaaah"zor से चीकने चिल्लाने लगती है और दर्द क मारे उसका बुरा हाल था जैसे अब रो देगी "उह्ह्ह आआआआह अब मई गई aaaaaaaaaaah ुह्ह्ह्ह में फ़ारिग़ यह"
शमशेर अब अपने अम्मी को अपने बाहो में ले कर ज़ोरदार धक्के पेलता है "आआआआआह ुह्ह्ह्ह नाहीये ाआअह धीरे से बेटा उफ्फ्फ मई gaeeeeeeeeeeeeeeeee aaaaaaaaaaaaaah मई गईईईई आआआह uhmmmmmmmmmmmmm aaaaaaaaaaah हम्मम्मम्मम्म"
भूरिया लगातार झड़ने लगी थी और अपने छूट को शमशेर क लैंड को ज़ोर से दबोच ली थी पर शमशेर एक ताक़तवर मर्द था और अपने बेशुमार ताक़त का इश्तेमाल कए हुमच हुमच कर अपने अम्मी को पेल रहा tha"uffff ाआअह मेरे पेअर दुःख गए आआह hmmm"shamshera खच से अपने लैंड बहार खींचता है और अपने अम्मी को पलट कर अपने तरफ करता है और उनकी टांगो को उठा कर अपने पथ से लगा देता है और एक ज़ोरदार धक्का मारता है भूरिया की छूट से पानी रिस रहा था और लैंड सररररर से छूट क आखिर तक पहुंच जाता है और फिर से शमशेर अपने लैंड से भूरिया क छूट में धनधन कुटाई शुरू करता है
"उह्ह्ह ाआअह ाः उह्ह्ह ाआअह बीटा ाः ह्म्मम्म्म्म हम्म्म्म aaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaah "
शमशेर अपने ताक़त से भूरिया को पेल रहा था और भूरिया अपने तंग को उठाये अपने बेटे से लेते हुए चुद रही थी भूरिया अपने जांघ को अपने हाथ से पकडे उठाये थी और अपने बेटे को अपने छूट में धक्का देने क लये अपने छूट को खोली थी धप्प्प धप्प्प शमशेर अपने अम्मी को छोड़ रहा था जिसका ख्वाब उसने हमेशा देखा आज वही अम्मी चुदाई में साथ दे रही थी जो कभी सीधे मुँह शमशेर से बात नहीं की शमशेर अपने अम्मी को अपने आखे बंद कए अब पेले जा रहा था और भूरिया अब शमशेर क छाती को सहला रही थी वो समझ जाती है क शमशेर अब फ़ारिग़ होने वाला है शमशेर अचानक से उठता है और अपने अम्मी को पकड़ कर घोड़ी बनाते हुए "झुक जाआइये अम्मी जाएं अब मई आपकी सवारी करूंगा मेरी जाहां ाः"
भूरिया समझ नहीं पाती है और शमशेर जल्दबाज़ी में भूरिया को झुका कर अपना लैंड पेल देता है छूट में
"अम्मी jaaaaaaaaaaan ाआअह ये लो मेरा लैंड खछ. आआप कहती थी न क आपका खवाब देखना भी गलत है तो देखिये आअज आपको झुकाये आपके छूट तहस नहस कर रहा हु आआआह मेरी मुहब्बत का रंग देख लय आपने आपको भी झुका दया मेरे पर्देदार अम्मी जहां मेरी पारस की सुल्ताना"
शमशेर अपने अम्मी क कमर पर हाथ रखे झुका कर अपने अम्मी को पेल रहा था भूरिया अपने चेहरे को बिस्तर पर रख तड़प रही थी
"Aaaaaaaaaah उठ आआआआह उठ आआआआआ आआआआउच ाआअह बेताआए ाआअह नाही अअअअअअअ आओ आआआआआउच मेरे बीटाआ ाः"
शमशेर अपना लैंड की रफ़्तार बेशुमार तेज़ क्र देता है और अपने आखे बंद कए हुए "आआआआआह aaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaah मेरी ाममममी jaaaaaaaaaaaaaaaan आआआह मेरी जाहां मेरी बेगम सुल्ताना मेरे लैंड का मणि अपने छूट में ले लीजिये ाआअह"
शमशेर अपने आँख बंद कए झड़ने लगता है और भूरिया अपने बेटे का वीर्य अपने बच्चेदानी में गिरता हुआ महसूस कर रही थी
"Aaaaaaaaaaaaah हम्मम्मम्मम्मम्ह ाआअह कितना गरम पानी है आपके लौड़ा का मेरे शहज़ादे बीटा पारस क नए सुल्तान ाआअह अआप्के बीज से भर्र दीजिये मेरी छूट आआआआह मई बेशरम हो गयी अब पर्देदार कहा रही आआह कितना गरम है आपका लैंड शमशेर "
शमशेर क लौड़े से तेज़ धार वीर्य का निकल रहा था और भूरिया की बच्चेदानी में समां जा रहा था दोनों माँ बेटे दुन्या से बेखबर अपने चुदाई क खेल में मशरूफ थे पारस की सुल्ताना आज अपने हे शहज़ादे बेटे क लैंड को निगल रही थी पारसी महल क खूबसूरत हुजरे में चिराग और मोमबत्तिओं की रौशनी में दोनों माँ बेटे आज ऐसा रिश्ता कायम कर लिए थे जो इनके तक़दीर बदल देने वाले थे
भूरिया अपने बेटे क लैंड से निकला हर बून्द को अपने अंदर जाते हुए महसूस करती है और उस पल को याद करती है जब वो अपने शौहर सुल्तान मेरे वाहिद से मिन्नतें करती ज़ोरदार चुदाई की पर वो पांच मिंट में फ़ारिग़ हो jate,shamshera का लैंड ढीला पड़ता है और वो उसे पकककक की आवाज़ से खींचता है भूरिया बदहवास बिस्तर पर गिर जाती है और हांफने लग जाती जय शमशेर भी अपने सानो को रोकते हुए अपने अम्मी क साथ पहली चुदाई क सुख को अनुभव कर अपने आप पर फ़खक महसूस कर रहा tha,kuch देर बाद भूरिया पलट कर शमशेर को करवट बदल कर देखने लगती है शमशेर का लोहे जैसा बदन का आकर साफ़ मालूम पद रहा था जिस से पैसिइने की बुँदे टपक रही थी भूरिया भी पसीने से लटपट थी और बड़े प्यार से अपने बेटे को देखती है और भूरिया को भी शमशेर देखता है दोनों एक दूसरे को देखते देखते कब करीब आते है पता नहीं चलता और दोनों एक दूसरे क बहो में समां जाते है "शुकरिअ शमशेर आअज से पहले इतनी देर तक कभी नहीं चूड़ी"
"अम्मी जान अआप शुक्र अभी क्यू कर रही हो अभी तो आपकी ठुकाई बाकी है वैसे मुझे भी बहुत मज़ा आया आपकी छूट थोक कर मिश्रा की माल की इतनी प्यारी छूट होगी पता न था"
"अच्छा जी इतनी अच्छी लगी मेरी बुर "
"क्यू अम्मी जान आपको नहीं ाचा लगा मेरा लौड़ा क्या कहती हो खिदमत कैसी हुई आपकी मेरी अम्मी जान"
"बहुत अच्छी बीटा जाआनी अआपने मेरा डिल खुश कर दया ऐसा लग रहा है पहली बार चूड़ी हु"
भूरिया क चिपकने से और बातो से फिर शमशेर का लैंड अपना सर उठाने लगता है जिसे देख भूरिया "उफ्फ्फ ये तो आपका फिर से खड़ा हो गया मेरे सरताज पिछले आधा घंटा से तो मेरी हालत ख़राब क्र दया "
"अम्मी जाएं आपके छूट का कुकुम्बर बना कर हे ये मानेगा असली मर्द से सामना आज हुआ है आपका पकड़ो मेरे लैंड को"
भूरिया बिना देरी कए शमशेर क लैंड को हाथ में ले कर आगे पीछे करनी लगती hai"waqayi में असली मर्द का लौड़ा क्या होता है आज पता चला बीटा शुकरिअ अपने अम्मी की ज़िन्दगी सवारने क लये"
"तो झुक जाइये अम्मी जान मेरी राँद आपका बीटा आज आपको कुटिया बना क छोड़ेगा मेरी छिनाल"
भूरिया फ़ौरन झुक जाती है शरमाते हुए "आपका जुबां न बहुत ख़राब हो गया है अनाप सनाप बोलते है"
"मेरी राहाण्ड अम्मी जहां ऐसी बातो से हे तो चुदाई का असली का मज़ा दुगुना हो जाता hai"khachh से लैंड पेल देता है और ज़ोरदार भूरिया क भारी गांड पर तमाचा जड़ देता है
"Aaaaaaaaaaaaaah ोुक्क्सछहहहहहह मेरे सरताआआज कितने थप्पड मारोगे मेरे चुतर पर आआह उफ्फ्फ"
"अम्मी जहां आपके इस गांड को देख मई पागल हो जाता था जब आप बुरखे में हिला कर चलती थी आपकी गांड मारूंगा ये लो "
शमशेर हुमच क जड़ तक अपना लौड़ा पेल देता है और भूरिया चीखने लग जाती है "उफ्फ्फफ्फ्फ़ आआआआआह बीटा क्यू मेरी छूट पसंद नहीं आऐ जो जानवरो की तरह सोच रहे हो ाआअह"
"क्यू अम्मी जाएं जब इतनी मोती ज़ालिम गांड लिए फिर रही हो तो गांड नहीं पेलू तो मेरी जवानी किस काम की आपके गांड का हे तो दीवाना हु मई"
"शमशेर उफ्फ्फ मैंने कितनी बार कहा ाः वह कोई नहीं करता ये गलत है पीछे से मई नहीं दूंगी"
शमशेर ये सुन कर ज़ोर से थप्पड़ गांड पर मारता है
"मई तो गांड मार कर हे रहूँगा आपकी अम्मी जाएं "
"ाचा तो ख्वाब में कर लेना ये काम असलियत में तो मई करने नहीं दूंगी हहै"
भूरिया मुस्कुराती है जिसे देख शमशेर गुस्सा हो जाता है और ज़ोर ज़ोर से अपने अम्मी को झुकाये उनके कमर पर हाथ रख पेलने लगता है "अम्मी जाएं आआप तो पहले ये कहती थी क आप मेरे हाथ नहीं आओगी आज देखो झुक कर मेरा लौड़ा लये चुद रही हो चीख रही वैसे हे मई आपकी गांड मारूंगा एक दिन ाः ये ले तेरी छूट की खुजली मिटा दू"
धना धन शमशेर बिना रुके पेले जा रहा था और भूरिया की चीखे फिर फ़िज़ा में गूँज रही थी वो तो महल इतना बड़ा था क मोती दीवारे भूरिया बेगम की आवाज़े चीखे रोक ली थी नहीं तो पूरा पारस सुन लेता कैसे पारस सल्तनत की मल्लिका इ जहाँ अपने हे बेटे की बीवी बन कर थूक रही hai,shamshera लगातार घाचे अपने अम्मी की छूट में जड़ तक मार रहा था भूरिया की नज़र सामने अलमारी क आईने पे जाती है
भूरिया क दोनों बड़े चुके हवा में लहराते हुए हिल रहे रहे और उसका बीटा धापा धप चुद में अपना लैंड पेले जा रहा था भूरिया अपनी हालत आईएनए में देख शर्मा जाती है और अपने नज़रे अपने आप से चुरा लेती है और दूसरी तरफ देख कर मुस्कुराती है और सोचती hai"aaaakhir इस कमीने शमशेर ने मेरे न चाहते हुए भी मुझे अपने लौड़े क निचे ले आया आज कुटिया की तरह छोड़ रहा है"
"आआह अम्मी जाएं ये लो मेरा लौड़ा आआह हम्म्म आपकी छूट की हर प्यास बुझा दूंगा अम्मी जाएं आपको अब्बा से ज़्यादा प्यार करूँगा अम्मी जान "
"बीटा आआह उफ़ छोड़ लो अपने अम्मी को बना तो लय तुमने मुझे अपनी बीवी आआह ऐसा छोड़ते हो जैसे मेरी साँसे रुक जाए आआआह कितना दम्म है तुम्हारे लैंड में ाआअह तुम्हारे अब्बा तो पांच धक्को में फ़ारिग़ हो जाते थे ाआअह मज़ा आयग्या और छोड़ो बीटा"
"अम्मी जाहां ाआआप जैसी माल को छोर कर कही और मुँह माड़ने वाला गधा सुल्तान मेरे वाहिद हे हो सकता है भले हे सुल्तान तलवारबाज़ी और सियासत में बहुत ज़हन रखता हो पर औरत क मामले में कच्चा है मेरा बाप "
"हाँ बीटा और पेलो ...उसका हे खामियाज़ा आज भुगत रहा है सुल्तान जो आज वो फर्श पर लेता है और उसका बीटा उसकी बीवी को झुकाये छोड़ रहा है इस से अछि सजा क्या हो सकती है खून क प्यासे सुल्तान की आआआह और ज़ोर से छोड़ो बता दो आज अपने अब्बा को क असल चुदाई क्या होती है आआआआआह ये सुल्तान मुझे बूढी और मोती कहता था आआह और छोड़ो दिखा दो सुल्तान को क मई जवान हु"
"अम्मी. जाआआआं सुल्तान गधा है बहुत बड़ा ाः ये लो मेरा लौड़ा ाआअह सुल्तान उस हीरे को कोयला समझ रहा था पर देखना मई तुम्हे हिस्स्स क अपने लौड़े से हीरे जैसा चमका दूंगा मेरी अम्मी जाहां "
"मई भी तो यही चाहती हु ाआअह मेरे मरद मेरे शौहर मेरे सरताज आआप मुझे चाहे वैसे पेले बस्स्स इस हीरे को घिसने का हक़ सिर्फ आपको हक़ है मेरे सरताज"
शमशेर भूरिया क छूट से कांड सत्तत्त से खींचता है और भूरिया को गॉड में उठाने लगता है
"बीटा गिरररर जायआ जाऔंगी संभाल क क्या कार रहे हो"
शमशेर अपने अम्मी को गॉड में भर कर ऊपर उठाते हुए
"अम्मी जाएं मई आपका पिछले सौहार सुल्तान मेरे वाहिद नहीं जो आपके वज़न को संभल नहीं आजाओ तुम्हे खड़े खड़े पेलू अम्मी जान"
हूरीया अपने बेटे की मर्दानगी देख खुश हो क्र मुस्कुराने लगती है और अपने आप शमशेर क कंधो को पकड़ते हुए शमशेर क गॉड में बैठ जाती है शमशेर लैंड ठीक भूरिया क छूट क निचे हुंकार मर रहा था शमशेर भूरिया को अपने लैंड पर बिठाये चलने लगता है और भूरिया अपने बेटे की ताक़त देख दांग रह जाती है
"अम्मी जान तुम्हे क्या लगा क तुम्हारे इस गराये भरी वजूद को मई उठा नहीं पाऊंगा मई मर्द हु आपका शमशेर "
"अच्छा जी मुझे क्या पता था मेरे बेटे में इतना दम्म है नहीं तो इतना देर न करती"
भूरिया मुस्कुराते हुए जवाब देती है
शमशेर अपना लौड़ा निचे हाथ लगा कर छूट पर लगता है और भूरिया को दोनों बहो से उठा कर लुंड पर बैठता है खच्हहहह से लौड़ा अंदर घुसता चला जाता है और भूरिया aaaaaaaaaah उफ्फ्फ करती है शमशेर चलता हुआ अलमारी क पास आता है और आईने में देखता है भूरिया अपने सर पर हिजाब बंधी थी पूरा भारी जिस्म शमशेर ने अपने बहो में उठा रखा था निचे बड़े भरी भरकम गांड क बीच क जड़ में शमशेर का लौड़ा छूट क अंदर घुसा tha,shamshera एक धक्का मारता है और छूट क जड़ तक लौड़ा घुस जाता है "aaaaaaaaaaah उईईईईई बीटा ऊपर उठा कर कौन ऐसे करता hai"shamshera मुस्कुराते हुए "अम्मी जान पीछे मुद कर आईएनए में देखो कैसे मेरे लैंड को छूट में लिए बैठी हो मेरी गॉड में "
शमशेर क कहते हे उसकी अम्मी पीछे मुड़ती है और देखते हे आखे बहार आजाती है शरमाते हुए मुस्कुराती है और "धत्तत्त बेशरम शमशेर beta"kah कर अपने बेटे क कंधे पर मुँह रख देती है भूरिया देखती है क उसके छूट में 9 इंच का हुल्लाबी लौड़ा गायब हो गया था और उसका भरी वजूद को शमशेर ने किसी बचे की तरह गॉड में उठाया tha,hooriya अपने बेटे क मजबूत कंधे को चूमती है "शहज़ादे शमशेर आअज अआपने अपनी अम्मी क दूध का क़र्ज़ उतार दया मेरा खिलाना पिलाना क म्हणत ने रंग लाइ"
"अम्मी जाएं आआप्का बीटा दूध का क़र्ज़ ऐडा कर देगा अभी ये तो कुछ नहीं है मेरी jaaan"khachh से फिर से भूरिया को पेलने लग्गा है खड़े खड़े कुछ देर ऐसे हे धक्के मारता है भूरिया क दोनों पैरो को पकडे शमशेर हवा में धक्के मार रहा था भूरिया क छूट में शमशेर अब भूरिया क कहने पर निचे उतर देता है और दीवार क सहारे लगा कर झुका देता है "उफ्फ्फ बेटा ये सब तरीके होते है चुदाई का अंदाज़ा नहीं था"
"अम्मी जाएं अआप्को पता है हिन्द में कामसूत्र होता है जिसमे कई तरीके से चुदाई करने की किताबे होती है"
भूरिया को झुका कर शमशेर घपपप घपपप पछ कर अपने लौड़े को पेल रहा था
"Aaaaaaaaaaaaaaaah ुह्ह्हह्ज ाआऊच धीरे से aaaaaaaaaah उफ्फ्फ मर्डर गई तो तुम गन्दी किताबे भी पढ़ते थे बदमाश"
"ाः नहीं आजमी जाआआं मैंने सिर्फ देखे थे मुझे संस्कृत या हिंदी पढ़ना कहा आता "
"तो कहा देख लिए तुमने ऐसी किताब आआह और यहाँ वो मुझ पर आज़मा रहे हो"
"ाः ये लो मेरा लौड़ा ..अम्मी जाएं मई आपका बता दू पर ये बात खुद तक रखना "
शमशेर भूरिया को और झुका देता है और घलप्प घलप्प लैंड पेलने लगता
"aaaaaaaaaaaaah उफ्फ्फ हाआआआआ अब तो मई आआप्की बीवी हु तो भी भरोसा नहीं शातिर शमशेराआआआह"
"अम्मी जाएं बात ये है क जब महारानी देवरानी आए थी यहाँ तो मैं उनके हुजरे में एक दिन उनके गैबने में ये किताब देखा था "
भूरिया मुस्कुरा देती है क्यू क उसे पता था देवरानी ऐसी किताबे पढ़ती है अपने पति बलदेव को खुश रखने क लये
"ाः ाः उफ्फ्फ मेरे सरताज वैसे मुझे ये बात पता है ाआअह महारानी देवरानी महाराज बलदेव को खुश रखने क लये हे ये किताबे पढ़ती थी"
"ाचा तो मेरी रांड माँ ऊपर से निक़ाब में अंदर से गन्दी बाते करती थी देवरानी खला से अआप्को अपनी पूरी रान्दीपना दिखाना है आपको खुल कर रहना है अब "
"डर्टी हु शमशेर ..कही तुम सच में मुझे रांड न समझ लो और मुझे छोर दो किसी और क हो जाओ तब तो मई कही की नहीं रहूंगी मई आपसे सच्ची मुहब्बत करने लगी हु बीटा आआआआह उहहहहजह आआआआह में gayeeeeeeeeeeeeeeeeee आआआआआह ज़ोर से छोड़ो आआआआह मेरे सरताआआअआज आआह"
भूरिया फिर से झड़ने लगती है और शमशेर ज़ोर ज़ोर से पेलने लगता है
थोड़ी देर तक भूरिया क हाथ पेअर अकड़ रहे थे वो आँख बंद कए अपने बेटे से लज़्ज़त भरी चुदाई का मज़ा ले रही थी और अपने छूट से पानी छोर रही थी शमशेर धीरे धीरे अपना लैंड अंदर बहार कर रहा था
"बीटा में थक्क गयी झुकी झुकी आधा घंटा से कर रहे हो थोड़ा रुक जाओ न"
"आपका तो हो गया मेरा क्या होगा मेरी जान "
ये कहते हुए पक्क्क की आवाज़ से लौड़ा खींचता है और भूरिया को निचे करते हुए "इसका पानी निकाल दो अम्मी जाएं मेरे शेर को सम्भालो अम्मी जान एहि आपका असल ख़िदमतदार है"
शमशेर अपना लौड़ा ले कर भूरिया क मुँह में दाल देता है
शमशेर अपने अम्मी क मुँह में लैंड दाल क उसके होठो को फाड़ते हुए गाल में पेलने लगता है और ऊपर से अपने अम्मी क गाल पर हलके थपकी मारता है भूरिया थक क छोर थी उसका बदन टूट रहा था और इस बार भूरिया थक कर कमज़ोर पड़ते हुए गिर जाती hai"aaaaah बीटा मेरे अंदर जाएं नहीं बची अब"
शमशेर अपने अम्मी को अनसुना करते हुए अपने अम्मी क ऊपर आता है और अपना लैंड फिर से अपने अम्मी क छोटे से मुँह में डालता है
इस बार सीधा हलक तक लैंड दाल कर पेलता है भूरिया भी मरती क्या न करती अपने बेटे क लैंड को चूसने लगती है चाटने लगती है शमशेर क लैंड का पानी पुरे मुँह पर गिर रहा था भूरिया क ऐसे हे कुछ देर अपने अम्मी क मुँह पेलते हुए "अम्मी जहां उठ क बैठो मई फ़ारिग़ होने वाला हु hmm"hooriya उठने की कोशिश करती है पर उठ नहीं पाती उसके बदन में दर्द होरहा था छूट और गांड का हिस्सा दर्द से नस नस दुःख रहा था भूरिया का हाथ शमशेर पकड़ा कर उठता है भूरिया बैठ jati,shamsheraaa अपने हाथ में लैंड लिए हिलने लगता है भूरिया अपने आखे बंद कए अपने बेटे क वीर्य गिरने का इंतज़ार कर रही थी "अम्मी जाएं एक डैम रांड लग रही हो"
"बीटा शहज़ादे मेरा छूट और पीछे का हिस्सा काफी दर्द कर रहा है बैठने में भी परेशानी हो रही है जल्दी करो न"
शमशेर अपना लौड़ा हिलाते हुए अपने भोली चेहरे की माँ को देखता है जिसका अपने हे बेटे से चुद कर बुरा हाल था
शमशेर अपना लैंड हिलाते हुए ज़ोर ज़ोर से आहे भरने लगता है और वीर्य की चहेरे सीधे भूरिया क होठो पर जा कर गिरने लगी भूरिया अपनी आखे बंद कए अपने बेटे का वीर्य अपने कोमल चेहरे पर ले रही थी भूरिया अपने चेहरे पर गरम गरम वीर्य अहसास कर रही थी और उसके तन बदन में आग लग जाती है और आखे बंद कए शमशेर से मुहब्बत क आगाज़ क दिनों को याद करती है जब शमशेर उसे पता रहा था
"अम्मी जाहां ाअखे खोलो मेरी राँद"
भूरिया अपने आखे खोलते हुए नींद से जगती है और देखती है उसके होठो क रस्ते से वीर्य उसके मुँह में जा रहा था वो अपने जुबां बहार लती है और शमशेर क आखो में देखते हुए चाटने लगती है और एक रंडी वाली मुस्कराहट क साथ कहती है "हाँ हु मई रांड ..पर सिर्फ आपकी मेरे बेटे "
तो बे कॉन्टिनोएड...