- Joined
- Dec 5, 2013
- Messages
- 144,731
अपडेट - 48
होटल आते वात मैं बस यही सोच रहा था की आखिर गोलू भाई रात को करने क्या वाले है....
और सबसे बड़ी baat....main ये सब अपनी आँखों से देखना चाहता tha......par समझ नहीं आ रहा था की कैसे देखु...
Main(man में)- मेरे पास मास्टर के hai.....par सीधा दरवाजा खोल कर तो नहीं जा सकता na.....kya karu....kaise jaau.....kya मैं अम्मी की एक और धमाकेदार चुदाई देख pauga......ya नहीं.....?????
अब आगे.......
[ खलील की जवानी...........]
पता नहीं kyo...par अब मुझे अम्मी की चुदाई देखने में मज़ा आने लगा tha....dil करता था की वो चुदती रहे और मैं देखता राहु.....
Main(man में)- पर होटल के कमरे में कैसे जा pauga......kuch सोचना hoga...kaash मेरी किस्मत साथ दे जाए तो मज़ा आ jaaye.....fir तो रात भर अम्मी को चुड़ते dekhuga....uummm...maza आ जायगा....
ये सब सोचते हुए हम होटल पहुंच gaye...waha हम फ्रेश हुए और फिर खाना खाने नीचे बने रेस्टोरेंट में पहुंच गए.....
खाना कहते वक़्त भी अम्मी और गोलू भाई की प्यार भरी छेड़खानी जारी rahi....aur मैं उन्हें देख कर बस यही सोचता रहा की आखिर मैं अम्मी की चुदाई कैसे देखूगा.....
पर कहते है न की किस्मत मेहरवान तो गधा pahalwan....yahi मेरे साथ हुआ....
असल में जब खाने के बाद मैं अपने रूम में पंहुचा तो दिल बहलाने के लिए रूम के पीछे बने छज्जे पर पहुंच gaya...aur वह से मैंने देखा की अम्मी और गोलू भाई के रूम का छज्जा मेरे छज्जे से बिलकुल करीब tha...matlab मैं आसानी से वह जा सकता था....
इसलिए मैंने हिम्मत कर के छज्जे को नका और अम्मी के रूम वाले छज्जे पर पहुंच gaya...aur फिर मैंने चुपके से गेट खोला और अंदर देखना लगा....
तो अंदर मैंने देखा की गोलू भाई सोफे पर बैठे शराब जातक रहे और दूसरा जाम अपने हाथ में लिए बैठे थे.....
पर अभी टस्क मुझे अम्मी नहीं दिखाई दे रही thi....to मैंने हिमनत कर के गेट को थोड़ा खोलने की कोसिस ki...ki तभी अम्मी गोलू भाई के सामबे आ गई......
और अम्मी को देख कर मेरे आँखे फिर से बड़ी हो gai...kyoki अम्मी ने एक बहुत hi सेक्सी ड्रेस पहनी हुई थी...
जिसमे अम्मी लगभग नंगी hi नज़र आ रही thi.....kyoki वो ड्रेस सिर्फ नाम के लिए उनके कुछ अंगो को छिपा रही थी......
Ammi(sharma कर)- कैसी लग रही हु.....
गोलू bhai(peg जातक कर)- uuummmhh.....wah रफत wah.....ye ड्रेस तो तुम्हे बहुत जांच रही hai....tum तो सच में क़यामत दिख रही हो......
Ammi(itrate होते)- रहने dijiye...aapko तो मैं कुसी भी कपडे में क़यामत दिखने लगती hu....sach बताइये....
गोलू भाई- सच बोल रहा हु मेरी jaan....tum सच में क़यामत ho.....ek आग है तुम्हारे जिश्म me.....jo मेरे दिल को जला देती hai....uuummmhhh...sach में...
Ammi(sharma कर)- बस भी kijiye....bhooliye mat....main 2 बच्चो की माँ हु....
गोलू भाई- अरे तुम bhi....chalo aao.....pahle पेग ख़त्म करो......
इतना सुनते hi अम्मी इतराती हुई गोलू भाई के पास आई और उनके हाथो से पेग ले कर गिलास टकराने लगी.....
और जैसे hi दोनों ने गिलास टकराये तो गोलू भाई ने अम्मी को अपनी गॉड में बैठा लिया और अम्मी शराब का लुफ्त लेने लगी......
ये देख कर मैं सच में सबसे ज्यादा हैरान हो गया था......
मैं सोच रहा था की मेरी अम्मी जो शराब के नाम से hi नफरत करती thi....wo आज बड़े प्यार से जाम टकरा रही है....
Main(man में)- मेरी अम्मी को अब ये भी फ़िक्र नहीं की वो एक मजहब के ठेकेदार मौलवी की बेगम hai....jo शराब को नाले के पानी के बराबर कहता है....
आज अगर मेरे अब्बू यहाँ hote....to देखते की जिस शराब को वो बुरा बोलता hai....usi शराब को कैसे उसकी सरीफ बेगम एक गैर मजहबी की गॉड में नंगी बैठी जातक रही hai....aahh....abbu को तो दिल का दौरा hi पद जाता......
यहाँ मैं अपनी सोच में hi डूबा था की वह गोलू भाई ने अम्मी को पूरा नंगा कर दिया था.....
और फिर उन्होंने अम्मी को इसरा किया तो अम्मी घुटनो के बल बैठ कर अपने गिलास में गोलू भाई का लुंड डालने लगी....
और फिर उन्होंने शराब से tar-batar लुंड को अपने मुँह में ले कर चूसना सुरु कर दिया......
मैं ये देख कर इतना गरम हुआ की एक hi झटके में मेरा छोटा सा लुंड पूरा खड़ा हो गया......
और वह अम्मी baar-baar गोलू भाई के लुंड को शराब में डूबा कर छूने लगी.....
गोलू भाई- रफत begam.....dekhna...shraab की बूंदे चमड़ी के अंदर न रह गई हो....
अम्मी- uuummmmmhhh...aap फ़िक्र क्यों जरते hai....ab तो ये मेरे रोज का काम है.....
और ये बोल कर अम्मी ने अपनी जवान को कड़क करने लुंड की चमड़ी में दाल दिया और जवान घूमते हुए पूरा सूपड़ा चाटने लगी....
अम्मी- aaaauuumm...aaauuu.....aaauuummm..aaauuummm..aaauuuumm....
गोलू बबई- ओह rafat....tum सच में क़यामत ho....aaah....pata नहीं उस कमीने मौलवी को तेरे जैसी गरम माल कैसे मिल गई...
अम्मी- aaaauuummm...aaaaauuuummmm..uuuummmhhhh...aahh...uski तकदीर thi....ya सायद मेरी....
गोलू भाई- पर उससे हुआ kya.....saale को पता hi नहीं की गरम माल को क्या chahiye.....huh...ghatiya इंसान.....
अम्मी- अब जो भी ho.....hai तो मेरे souhar....ab आप उन्हें chhodiye.....mujhe शराब पिलाइये....
गोलू भाई- क्यों नहीं मेरी jaan....abhi लो...
और फिर गोलू भाई ने अम्मी को एक पेग और बनाया और अम्मी उसे लुंड के साथ चूसते हुए पि गई.....
फिर जैसे अम्मी ने दूसरा पेग ख़म किया तो गोलू भाई ने उन्हें वही सोफे पर उल्टा लिटाया और एक hi झटके में लुंड को छूट में उतार दिया.......
अम्मी- aaahhhhhhhhhh.....ye आपका lund....aah...abhi भी दर्द देता है....
गोलू भाई- दर्द में hi मज़ा है मेरी जान....
अम्मी- aaahhh...haa ji....ab chodiye.....joor से......
ये सुनते hi गोलू भाई अम्मी को sata-sat छोड़ने लगे....
और ये देखते हुए मैं सोचने लगा की अब मेरी अम्मी का बापिस अब्बू की बेगम बनना मुमकिन नहीं hoga.....wo अब पूरी तरह से गोलू भाई की रंडी बन chuki....tabhi तो अब अब्बू की बुराई सुन कर भी उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता......
अम्मी- aaahhh....golu ji....ab थोड़ा रुक jate...main भाग थोड़ी रही हु....
गोलू भाई- क्या करू मेरी jaan....tujhe देख कर रुक नहीं paya....bas थोड़ा और....
अम्मी- aaaahhhh....thoda kya....puri रात karna.....main रोकूंगी nhi.....aaahhhh...joor से....
गोलू भाई- है मेरी jaan...aaj रात तो यादगार रात hogi....chal अब देख....
ये बोल कर गोलू भाई ने अम्मी को उठा कर अपनी गॉड में टांग लिया और फिर से चुदाई सुरु कर दी.....
अम्मी- aaaahhhh....aisa तो मैंने kabhi....aaahhh...aaahhh....socha hi नहीं था....
गोलू भाई- तेरे घटिया सौहार ने नहीं किया....
अम्मी- aaahhh...uski बात मत karo...bhaad में जाए wo....aaap छोड़ो.. जोर se....aaahhh...aaahhh...
Main(man में)- ये kya....ab तक तो अम्मी सिर्फ अब्बू की बुराई सुन hi रही thi....ab तो खुद hi बुरा बोलने lagi...oh abbu...aapki तो लग gai....gai तुम्हारी बेगम मौलवी साब.....
पता नहीं kyo...par आज मुझे अब्बू के लियर बुरा nhi...balki अम्मी के लिए अच्छा लग रहा था.....
मैं यहाँ अब्बू के ऊपर हस्ता रहा और वह थोड़ी देर बाद hi अम्मी की छूट ने पानी छोड़ दिया...
जैसे hi अम्मी झाड़ गई तो वो गोलू भाई की बाहों में पास्ट पद gai.....to गोलू भाई ने बापिस अम्मी को सोफे पर लिटाया और उनकी टाँगे उठा का चुदाई सुरु कर दी......
और देखते hi देखते अम्मी फिर से गरम हो कर अपनी गांड uchka-uchka कर लुंड खाने लगी....
अम्मी- aaahhhh..golu ji....joor se....joor से maaro...aaahhhh.....saalo से ऐसी चुदाई का जहवाब देखती thi....aap सारे ख्वाब पुरे कर दो....
गोलू भाई- क्यों nhi....tera सौहार तो साला पागल hai....jo तुझ जैसे माल के मज़े न ले paya....par मैं nhi...main उधेड़ कर रख दुगा.....
अम्मी- aaahhhhh...to उधेड़ do......aaahhh...fir मैं उसे dikhaugi....ki बेगम को कैसे खुश रखते hai....joor से maaro.....aaahhhh...aaahhh....
अम्मी पुरे जिस में अब्बू को बड़बड़ाते हुए अपनी गांड utha-utha कर लुंड कहती rahi...aur कुछ hi देर बाद दोवारा से झाड़ गई....
पर इस बार अम्मी का जोश काम नहीं hua...ulta वो गु भाई को जकड कर अपने ऊपर खींचने लगी....
और गोलू भाई भी अम्मी के ऊपर चढ़ कर dana-dan धक्के मरने लगे....
अम्मी- aaahhhh.,....marte रहो गोलू ji.....bahut मज़ा आ रहा hai....aaahhh....
गोलू भाई- तो अपने सौहार को भी बता do....haa.....bolo....
अम्मी- aaaahhh...moulvi saab....dekho....aaahhh...dekho अपनी बेगम ko....aaahhh....kitna मज़ा कर रही hai....aaahhh...dekh लो....
गोलू भाई- उसे अपनी छूट का हाल बता.....
अम्मी- aaahhh.....haaa....moulvi saab......meri छूट का हाल dekh....ise कहते है lund.....ye छूट को हर तरफ se...aaahhhh..aaahh....faad देता hai.....meri to....aaahhh.......ab तेरा लुंड किसी काम का नहीं moulvi.....aaaahhh...aaahhh....
अम्मी शराब और चुदाई के जोश में अब्बू को पता नहीं kya-kya बोलते हुए मज़ा लेती रही और गोलू भाई भी पुरे मज़े के साथ अम्मी को ठोकते रहे....
और करीब 20 मिनट बाद अम्मी की छूट में hi झाड़ gaye......aur फिर दोनों आपस में लिपट कर ek-dusre को चूमते हुए आराम करने लगे.....
Ammi(thodi देर बाद)- aah....aap में बहुत ताक़त hai...sach me.....uuummmm....
गोलू भाई- तुम भी काम nhi....ab जा कर फ्रेश हो jao....fir पूरी रात तुम्हारा बंद bajega...hahaha....
अम्मी- आप bhi....ab तो आदत हो गई hai...kal से आपने इतना छोड़ा hai...jitna मैं पिछले 5 सालो में भी न चूड़ी थी....
गोलू भाई- अभी क्या है ..ये तो सुरुवात hai....tujhe इतना छोड़ूगा की तू आज तक न चूड़ी होगी चलो फ्रेश हो जाते है....
और फिर वो दोनों फ्रेश होने चले gaye....aur मैं भी अपना लुंड साफ़ कर के थोड़ा रेस्ट कर्म लगा......
तभी मुझे राजू का ख्याल आया तो मैं चुचाप अपने कमरे में निकल गया....
राजू- तुम कहा थे....
मैं- बस छज्जे par...kyo क्या हुआ...
राजू- कुछ nhi....sona नहीं है....
मैं- hmm..chal सोते है....
फिर मैं जल्दी से लेट गया और राजू के सोने का इंतज़ार करने करने लगा....
Main(man में)- wah...kya बात hai....ammi के रूम में पहुंचना तो बड़ा आसान hua....chajja nako...aur फिर छज्जे के गेट को मास्टर के से खोल lo...aur हो जाओ अंदर dakhil...hmm....bada आसान hai....ab मज़ा aayga....aaj रात तो मैं अम्मी की पूरी चुदाई dekhuga....waha अम्मी अपनी तागे khol-khol कर तगड़ा लुंड legi...aur उन्हें देख कर मैं मज़ा करुगा....
करीब 1 घंटे बाद जब राजू सो चूका तो मैं आराम से छज्जे से होकर अम्मी के रोईं में दाखिल हो gaya....aur परदे के पीछे छिप कर सामने का नजारा देखने लगा....
सामने अम्मी और गोलू भाई पुरे नंगे हो कर बीएड पर the.....aur गोलू भाई अम्मी को उल्टा लिटाये उनकी गांड को मसल रहे the...aur अम्मी मज़े से सिसक रही थी....
गोलू भाई- rafat....tumhari गांड तो सच में लाजवाब hai...aur आज तो ज्यादा hi चिकनी लग रही है...
अम्मी- ये आपने hi करवा di....pure सरीर के बाल साफ़ करवा दिए na....to चिकनी तो हो hi जायगी...
गोलू भाई- तुझे पसंद आया की नहीं....
अम्मी- uummm..bahut....mera कई सालो से मन था की मैं पूरा जिश्म चिकना कर lu.....par आप तो जानते है न की खलील के अब्बू...
गोलू भाई- वो तो माधरचोद है साला....
अम्मी- गोलू ji....aap उन्हें गली मत dijiye...wo मेरे सौहार है....
गोलू भाई- और मैं क्या हु...
अम्मी- aap...aap तो मेरे मालिक है....
गोलू भाई- तो फिर मालिक को मत rokna....main उस कमीने को कुछ भी boluga...aur तुम मेरा साथ dogi...bolo...dogi की नहीं...
ये बोलते हुए गोलू भाई ने अम्मी की गांड में एक ऊँगली दाल di...jisse अम्मी सिसक उठी...
अम्मी- aaahhh.....wo मेरे सौहार है...
गोलू bgai(ungli हिलाते हुए)- क्या तेरा सौहार इतना मज़ा देता है...
अम्मी- nhi....kabhi नहीं....
गोलू भाई- क्या वो तुम्हे दिन रात छोड़ सकता है.....
अम्मी- aaahhh...nhi...bilkul nhi....usme इतना डैम nhi...aahh..ungli निकालो न....
गोलू भाई ने ऊँगली निकलने की जगह दूसरी ऊँगली भी अम्मी की गांड में दाल di...jisse अम्मी चीख पड़ी....
अम्मी- aaaahhhhh.....theek hai....mere सौहार बेकार hai...aaahhh.....ungli निकालो न...
गोलू भाई- nhi....ye तो जगह बना रही hai....abhi इसमें लुंड भी जायगा....
अम्मी- aaahh...kya....aapka lund....nhi....wo तो मार डालेगा...
गोलू भाई- मरे चाहे jiye...par आज की रात तेरी गांड गई....
अम्मी- aaahhh....aap नहीं manoge....theek hai....aaraam से करना....
गोलू भाई- वैसे तुझे गांड मरना पसंद नहीं क्या....
अम्मी- पसंद kya....kabhi मरवाई hi nhi....bas निकाह के बाद सोचती hi rahi....par फिर खलील के अब्बू ने कभी बोलै नहीं तो मेरा ख्याल भी जाता रहा.....
गोलू भाई- कोई nhi.....jo अब तक नहीं हुआ वो अब hoga...aur baar-baar होगा......
ये बोल कर गोलू भाई अपनी उँगलियों को jor-jor से अम्मी की गांड में andar-bahar करने lage....aur अम्मी सिसकियाँ लेने लगी.....
अम्मी- aaahhh..golu ji....thoda dheere...aahhh..pahli बार है.....
गोलू भाई- बस मेरी jaan...thodi देर में मज़ा आने लगेगा......
और गोलू भाई की बात बिलकुल सच nikli...kuch hi देर में अम्मी अपनी चिकनी गांड हिलाते हुए उँगलियों का मज़ा लेने लगी.....
अम्मी- aaaahhh...ab कुछ अच्छा laga...karte rahiye....meri छूट bhi...uuummmm..karte raho...aahh..aahh...
और थोड़ी देर बाद hi अम्मी गर्म हो कर छूट से पानी बहाने lagi....aur फिर गोलू भाई ने अपनी उँगलियाँ बहार निकाल ली और जा कर अम्मी के मुँह में दाल दी...
अम्मी भी बड़े प्यार से गोलू भाई की उँगलियों को चूसने lagi...jise देख कर मेरे लुंड ने एक तेज झटका मार दिया.....
Main(man में)- uuff....ammi तो चुदाई के नशे में बिलकुल पागल हो रही hai....apni hi गांड में जाने वाली उँगलियाँ ऐसे चूस रही है जैसे उनमे सहद लगा ho...oohh..ammi.....tumhari गर्मी देख कर तो मेरा जिश्म सनसनाने लगा......
वह अम्मी उँगलियाँ चूस hi रही थी की गोलू भाई का फोन बजने लगा.....
गोलू bhai(phon देख कर)- रफत begum...tera कुत्ता सौहार है...
Ammi(chonk कर)- इसे भी अभी वक़्त मिला tha....aap hi बात करो.....
गोलू भाई- ठीक hai..par तू भी सुन लेना की क्या भौक रहा hai.......tab तक तू अपने साथी को प्यार kar....main इस कुत्ते को देखता हु.....
ये बोल कर गोलू भाई बीएड पर टिक कर बैठ गए और पहिं का स्पीकर खोल कर अब्बू से बात करने lage...wahi अम्मी बड़े प्यार से उनका लुंड चूसने लगी....
गोलू भाई- hello...
अब्बू- सलाम गोलू ji...kaise है आप सब....
गोलू भाई- मज़े में hai....aur sunao....sab बढ़िया है न....
अब्बू- haa....mera काम ख़त्म हो चूका hai....to मैं सोच रहा था की मैं भी वह आ jau...mele में....
ये सुनते hi अम्मी ने लुंड मुँह से निकला और गोलू भाई को ना का इसरा करने lagi...par गोलू भाई ने उन्हें बापिस काम पर लगा दिया....
गोलू भाई- क्यों nhi....aa jaiye....kab तक आयगे...
अब्बू- कल शाम तक पहुंच जाउगा....
गोलू भाई- hmm..theek hai....aa jaiye...maza आएगा.....
अब्बू- ji...accha खलील की अम्मी कहा है....
गोलू भाई- wo....wo तो अभी बिजी है....
अब्बू- busy....matlab कहा....
गोलू bhai(ammi का सर दवा कर)- वो बस आइसक्रीम चूस रही hai....baat करोगे....
अब्बू- जी बिलकुल....
Ammi(isaare से)- nhi....mujhe नहीं करना....
गोलू bhai(dheere से)- तुम करते -करते अपना काम karo....maza आएगा....
ये बोल कर गोलू भाई ने अम्मी के पास फोन कर दिया और अम्मी बेशर्मी से लुंड चूसते हुए बात करने लगी....
अम्मी- uuummmhh..ha ji...kaise हो...
अब्बू- मैं ठीक hu...tim लोग ठीक हो न...
अम्मी- uuummmhh..aahh...haa...bahut....yaha बहुत मज़ा आ रहा है....
अब्बू- अच्छा hai...main भी कल आ jauga....waise गोलू जी तुम लोगो का खटाल रख रहे है न....
अम्मी- uuummm..uuummmhh...ha ji...wo तो इतना खटाल रखते है की क्या kahu....kabhi भी अकेला नहीं chhodte....har तरह से बस मज़ा करते है...
अब्बू- ohh..aur khane-pine का.....
अम्मी- उसका क्या bolu....itna khilate-pilate हैं की ज्यादा hi हो जाता hai.....bas ये समझ लो की सोने के अलावा कुछ hi वक़्त बिना khaye+piye रहती hu...baki वक़्त तो वो बस khilte-pilate हिनराहते hai....dekho...abhi भी मेरा मुँह खली नहीं hai...uuummmm...uuummmmmm.....aaaahh....
अब्बू- hahaha....accha hai...tum खुश हो न...
अम्मी- बहुत khush...bahut ज्यादा खुश hu....uuuummmmmm...uuuummm..uuummm..uummmm...uummmm...
अब्बू- अरे आराम se....itna चूसोगी तो मुँह दर्द देने लगेगा....
अम्मी- uuuummmmmmmmmmhhhhh...aaahhh..nhi ji....isse तो मज़ा मिलता hai....kitna भी चूस lu....kam hi लगता hai....uuuummmm...
अब्बू- ठीक hai...chooso fir.....waise खलील कहा है....
अम्मी- uuummmhhh...wo...wo राजू के साथ hai...yaha नहीं है....
अब्बू- hmm..use बता देना की मैं कल आ रहा hu.....chalo तुम मज़े karo....main कल आता hu....theek है...
अम्मी- uuummm..uuummm...hh..theek है जी....
और फिर अब्बू ने फोन काट दिया और अम्मी जोर से गोलू भाई का लुंड चूसने लगी....
गोलू भाई- chalo...kal तेरा सौहार भी आ jayga.....tere तो मज़े हो गए....
अम्मी- aahh..kya maze....wo आ गए तो फिर..
गोलू भाई- ha....fir क्या...
Ammi(sharma कर)- फिर मैं आपके साथ ये सब....
गोलू भाई- तू फ़िक्र क्यों करती है मेरी jaan....usne आने को bola...maine है बोल diya....par वो आएगा तभी जब मैं chahuga....samjhi...
अम्मी- क्या मतलब....
गोलू भाई- कल batauga...tu बस बेफिक्र हो कर मज़े kar.....baki मुझ पर छोड़ दे....
अम्मी- ठीक hai...par मैं आपसे दूर नहीं rahoogi...sun लो...
गोलू भाई- बोलकुल nhi...tu मेरे नीचे hi rahegi....chal aaja....teri गांड को खातिर कर दू....
ये बोल कर गोलू भाई ने अम्मी को उल्टा लिटा दिया और खुद उनके ऊपर चल कर उनकी गांड पर अपना तगड़ा लुंड रगड़ने लगे.......
गोलू भाई- रफत begum....ab तैयार हो jao....aaj तुम्हे जन्नत की सैर पर ले चलता हु....
अम्मी- आप जो kahe....main तैयार hu...bas अपनी रफत का ख्याल rakhna...kahi मर न जाए....
गोलू भाई- नहीं मेरी jaan....chalo थोड़ा रास्ता बनाओ....
ये सुनते hi अम्मी ने अपने हाथो से अपनी गांड को पकड़ा और दोनों फाको को फैला कर गांड का गुलाबी सुराख खोल diya....jo अभी तक बहुत hi छोटा नजर आ रहा था...
Main(man में)- अम्मी का सुराख तो बहुत छोटा सा hai...isme गोलू भाई का तगड़ा लुंड जायगा kaise...aaj तो पक्का अम्मी की शामत आ gai....pata नहीं कितना दर्द होगा उन्हें...
यहाँ मैं अम्मी के दर्द का सोच hi रहा था की गोलू भाई ने बहुत सारा थूक ले कर अम्मी की गांड में माला और फिर लुंड की चमड़ी पीछे कर के सुपडे को गाड़ के सुराख में लगा कर एक जोरदार धक्का मारा.....
अम्मी- aaaaaaaahhhhhhhhh....uuuummmmm...golu jjiiiiiiiiii......
गोलू भाई- bas....thoda sa.....yeehhh....
अम्मी- aaaaahhhhhh...mmaar gai....aaaaahhhh......nikalo ise....aaaahhhh....khaleel के abbu......main gaaaiiii.....aaahhh..
गोलू भाई के लुंड का बार अम्मी सह नहीं सकीय और चीखती हुई झटपटाने lagi.,..par गोलू भाई ने उनको अपने पैरों में फसाया tha....isliye वो छह कर भी आगे न जा सकीय...
यहाँ अम्मी की चीख सुन कर मेरा जिश्म थर्रा gaya....mujhe ये देख कर मज़ा आ रहा था की अम्मी की गांड में गोलू भाई ने लुंड दाल diya.....par अम्मी का रोना देख कर थोड़ा बुरा भी लग रहा था....
पर गोलू भाई जानते थे की ायरत की गांड कैसे मारते hai...isliye उन्होंने कुछ देर अम्मी को बड़े प्यार से सहलाया और फिर आधे लुंड को अंदर डाले hi धक्के मरने लगे....
जिससे अम्मी को थोड़ा सुकून मिला और ेओ अपनी गांड फैलाये सिसकने लगी...
अम्मी- गोली ji....aap कहे तो पेअर फैला lu,..takleef काम होगी....
गोलू भाई- अरे haa...mujhe याद hi नहीं raha...ruko...
फिर गोलू भाई अम्मी के ऊपर से थोड़ा उठे और अम्मी ने तुरंत अपनी तागो को फैला कर गांड खोल दी....
और गोलू भाई बापूस अम्मी की गांड में धक्के मरने लगे....
अम्मी- aaaahhh....ab थोड़ा ठीक है.....
गोलू भाई- rafat.....bas थोड़ी तकलीफ और hogi.....taiyaar हो....
अम्मी- aaahhh...aapko पूछने की जरूत nhi...aaahh...main जानती hu....daal दीजिये...
और इतना सुनते hi गु भाई ने अम्मी की कमर थाम कर एक जोर का धक्का मारा और फिर से अम्मी की जोरदार चीख से कमरा गूँज उठा....
और उसी के sath-sath मैंने भी जोश में परदे के आगे रखे फूलदान से टकरा गया.....
और फूलदान टूटने की आवाज से एकदम कमरे में सन्नाटा छ गया....
मेरी अम्मी जो अभी चीख रही thi...wo बिलकुल चुप हो कर मेरी hi तरफ देखने lagi...aur साथ में गोलू भाई.....
Main(man में)- मर gaye....ab कुआ hoga...main क्या karu.....kaise अम्मी का सामना कर pauga....aur क्या बोलूगा unhe...aur गोलू bhai....wo पता नहीं अब क्या करेंगे....????
इन सब सवालों ने मेरा दिमाग सुन्न कर दिया था और मैं भौचक्का खड़ा हुआ इंतज़ार करने लगा की अब आगे क्या होगा....?????
नोट - अपडेट पोस्टेड frnds....hope ु लिखे आईटी....
थैंक्स फ्रेंड्स....
कीप रीडिंग.......
होटल आते वात मैं बस यही सोच रहा था की आखिर गोलू भाई रात को करने क्या वाले है....
और सबसे बड़ी baat....main ये सब अपनी आँखों से देखना चाहता tha......par समझ नहीं आ रहा था की कैसे देखु...
Main(man में)- मेरे पास मास्टर के hai.....par सीधा दरवाजा खोल कर तो नहीं जा सकता na.....kya karu....kaise jaau.....kya मैं अम्मी की एक और धमाकेदार चुदाई देख pauga......ya नहीं.....?????
अब आगे.......
[ खलील की जवानी...........]
पता नहीं kyo...par अब मुझे अम्मी की चुदाई देखने में मज़ा आने लगा tha....dil करता था की वो चुदती रहे और मैं देखता राहु.....
Main(man में)- पर होटल के कमरे में कैसे जा pauga......kuch सोचना hoga...kaash मेरी किस्मत साथ दे जाए तो मज़ा आ jaaye.....fir तो रात भर अम्मी को चुड़ते dekhuga....uummm...maza आ जायगा....
ये सब सोचते हुए हम होटल पहुंच gaye...waha हम फ्रेश हुए और फिर खाना खाने नीचे बने रेस्टोरेंट में पहुंच गए.....
खाना कहते वक़्त भी अम्मी और गोलू भाई की प्यार भरी छेड़खानी जारी rahi....aur मैं उन्हें देख कर बस यही सोचता रहा की आखिर मैं अम्मी की चुदाई कैसे देखूगा.....
पर कहते है न की किस्मत मेहरवान तो गधा pahalwan....yahi मेरे साथ हुआ....
असल में जब खाने के बाद मैं अपने रूम में पंहुचा तो दिल बहलाने के लिए रूम के पीछे बने छज्जे पर पहुंच gaya...aur वह से मैंने देखा की अम्मी और गोलू भाई के रूम का छज्जा मेरे छज्जे से बिलकुल करीब tha...matlab मैं आसानी से वह जा सकता था....
इसलिए मैंने हिम्मत कर के छज्जे को नका और अम्मी के रूम वाले छज्जे पर पहुंच gaya...aur फिर मैंने चुपके से गेट खोला और अंदर देखना लगा....
तो अंदर मैंने देखा की गोलू भाई सोफे पर बैठे शराब जातक रहे और दूसरा जाम अपने हाथ में लिए बैठे थे.....
पर अभी टस्क मुझे अम्मी नहीं दिखाई दे रही thi....to मैंने हिमनत कर के गेट को थोड़ा खोलने की कोसिस ki...ki तभी अम्मी गोलू भाई के सामबे आ गई......
और अम्मी को देख कर मेरे आँखे फिर से बड़ी हो gai...kyoki अम्मी ने एक बहुत hi सेक्सी ड्रेस पहनी हुई थी...
जिसमे अम्मी लगभग नंगी hi नज़र आ रही thi.....kyoki वो ड्रेस सिर्फ नाम के लिए उनके कुछ अंगो को छिपा रही थी......
Ammi(sharma कर)- कैसी लग रही हु.....
गोलू bhai(peg जातक कर)- uuummmhh.....wah रफत wah.....ye ड्रेस तो तुम्हे बहुत जांच रही hai....tum तो सच में क़यामत दिख रही हो......
Ammi(itrate होते)- रहने dijiye...aapko तो मैं कुसी भी कपडे में क़यामत दिखने लगती hu....sach बताइये....
गोलू भाई- सच बोल रहा हु मेरी jaan....tum सच में क़यामत ho.....ek आग है तुम्हारे जिश्म me.....jo मेरे दिल को जला देती hai....uuummmhhh...sach में...
Ammi(sharma कर)- बस भी kijiye....bhooliye mat....main 2 बच्चो की माँ हु....
गोलू भाई- अरे तुम bhi....chalo aao.....pahle पेग ख़त्म करो......
इतना सुनते hi अम्मी इतराती हुई गोलू भाई के पास आई और उनके हाथो से पेग ले कर गिलास टकराने लगी.....
और जैसे hi दोनों ने गिलास टकराये तो गोलू भाई ने अम्मी को अपनी गॉड में बैठा लिया और अम्मी शराब का लुफ्त लेने लगी......
ये देख कर मैं सच में सबसे ज्यादा हैरान हो गया था......
मैं सोच रहा था की मेरी अम्मी जो शराब के नाम से hi नफरत करती thi....wo आज बड़े प्यार से जाम टकरा रही है....
Main(man में)- मेरी अम्मी को अब ये भी फ़िक्र नहीं की वो एक मजहब के ठेकेदार मौलवी की बेगम hai....jo शराब को नाले के पानी के बराबर कहता है....
आज अगर मेरे अब्बू यहाँ hote....to देखते की जिस शराब को वो बुरा बोलता hai....usi शराब को कैसे उसकी सरीफ बेगम एक गैर मजहबी की गॉड में नंगी बैठी जातक रही hai....aahh....abbu को तो दिल का दौरा hi पद जाता......
यहाँ मैं अपनी सोच में hi डूबा था की वह गोलू भाई ने अम्मी को पूरा नंगा कर दिया था.....
और फिर उन्होंने अम्मी को इसरा किया तो अम्मी घुटनो के बल बैठ कर अपने गिलास में गोलू भाई का लुंड डालने लगी....
और फिर उन्होंने शराब से tar-batar लुंड को अपने मुँह में ले कर चूसना सुरु कर दिया......
मैं ये देख कर इतना गरम हुआ की एक hi झटके में मेरा छोटा सा लुंड पूरा खड़ा हो गया......
और वह अम्मी baar-baar गोलू भाई के लुंड को शराब में डूबा कर छूने लगी.....
गोलू भाई- रफत begam.....dekhna...shraab की बूंदे चमड़ी के अंदर न रह गई हो....
अम्मी- uuummmmmhhh...aap फ़िक्र क्यों जरते hai....ab तो ये मेरे रोज का काम है.....
और ये बोल कर अम्मी ने अपनी जवान को कड़क करने लुंड की चमड़ी में दाल दिया और जवान घूमते हुए पूरा सूपड़ा चाटने लगी....
अम्मी- aaaauuumm...aaauuu.....aaauuummm..aaauuummm..aaauuuumm....
गोलू बबई- ओह rafat....tum सच में क़यामत ho....aaah....pata नहीं उस कमीने मौलवी को तेरे जैसी गरम माल कैसे मिल गई...
अम्मी- aaaauuummm...aaaaauuuummmm..uuuummmhhhh...aahh...uski तकदीर thi....ya सायद मेरी....
गोलू भाई- पर उससे हुआ kya.....saale को पता hi नहीं की गरम माल को क्या chahiye.....huh...ghatiya इंसान.....
अम्मी- अब जो भी ho.....hai तो मेरे souhar....ab आप उन्हें chhodiye.....mujhe शराब पिलाइये....
गोलू भाई- क्यों नहीं मेरी jaan....abhi लो...
और फिर गोलू भाई ने अम्मी को एक पेग और बनाया और अम्मी उसे लुंड के साथ चूसते हुए पि गई.....
फिर जैसे अम्मी ने दूसरा पेग ख़म किया तो गोलू भाई ने उन्हें वही सोफे पर उल्टा लिटाया और एक hi झटके में लुंड को छूट में उतार दिया.......
अम्मी- aaahhhhhhhhhh.....ye आपका lund....aah...abhi भी दर्द देता है....
गोलू भाई- दर्द में hi मज़ा है मेरी जान....
अम्मी- aaahhh...haa ji....ab chodiye.....joor से......
ये सुनते hi गोलू भाई अम्मी को sata-sat छोड़ने लगे....
और ये देखते हुए मैं सोचने लगा की अब मेरी अम्मी का बापिस अब्बू की बेगम बनना मुमकिन नहीं hoga.....wo अब पूरी तरह से गोलू भाई की रंडी बन chuki....tabhi तो अब अब्बू की बुराई सुन कर भी उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता......
अम्मी- aaahhh....golu ji....ab थोड़ा रुक jate...main भाग थोड़ी रही हु....
गोलू भाई- क्या करू मेरी jaan....tujhe देख कर रुक नहीं paya....bas थोड़ा और....
अम्मी- aaaahhhh....thoda kya....puri रात karna.....main रोकूंगी nhi.....aaahhhh...joor से....
गोलू भाई- है मेरी jaan...aaj रात तो यादगार रात hogi....chal अब देख....
ये बोल कर गोलू भाई ने अम्मी को उठा कर अपनी गॉड में टांग लिया और फिर से चुदाई सुरु कर दी.....
अम्मी- aaaahhhh....aisa तो मैंने kabhi....aaahhh...aaahhh....socha hi नहीं था....
गोलू भाई- तेरे घटिया सौहार ने नहीं किया....
अम्मी- aaahhh...uski बात मत karo...bhaad में जाए wo....aaap छोड़ो.. जोर se....aaahhh...aaahhh...
Main(man में)- ये kya....ab तक तो अम्मी सिर्फ अब्बू की बुराई सुन hi रही thi....ab तो खुद hi बुरा बोलने lagi...oh abbu...aapki तो लग gai....gai तुम्हारी बेगम मौलवी साब.....
पता नहीं kyo...par आज मुझे अब्बू के लियर बुरा nhi...balki अम्मी के लिए अच्छा लग रहा था.....
मैं यहाँ अब्बू के ऊपर हस्ता रहा और वह थोड़ी देर बाद hi अम्मी की छूट ने पानी छोड़ दिया...
जैसे hi अम्मी झाड़ गई तो वो गोलू भाई की बाहों में पास्ट पद gai.....to गोलू भाई ने बापिस अम्मी को सोफे पर लिटाया और उनकी टाँगे उठा का चुदाई सुरु कर दी......
और देखते hi देखते अम्मी फिर से गरम हो कर अपनी गांड uchka-uchka कर लुंड खाने लगी....
अम्मी- aaahhhh..golu ji....joor se....joor से maaro...aaahhhh.....saalo से ऐसी चुदाई का जहवाब देखती thi....aap सारे ख्वाब पुरे कर दो....
गोलू भाई- क्यों nhi....tera सौहार तो साला पागल hai....jo तुझ जैसे माल के मज़े न ले paya....par मैं nhi...main उधेड़ कर रख दुगा.....
अम्मी- aaahhhhh...to उधेड़ do......aaahhh...fir मैं उसे dikhaugi....ki बेगम को कैसे खुश रखते hai....joor से maaro.....aaahhhh...aaahhh....
अम्मी पुरे जिस में अब्बू को बड़बड़ाते हुए अपनी गांड utha-utha कर लुंड कहती rahi...aur कुछ hi देर बाद दोवारा से झाड़ गई....
पर इस बार अम्मी का जोश काम नहीं hua...ulta वो गु भाई को जकड कर अपने ऊपर खींचने लगी....
और गोलू भाई भी अम्मी के ऊपर चढ़ कर dana-dan धक्के मरने लगे....
अम्मी- aaahhhh.,....marte रहो गोलू ji.....bahut मज़ा आ रहा hai....aaahhh....
गोलू भाई- तो अपने सौहार को भी बता do....haa.....bolo....
अम्मी- aaaahhh...moulvi saab....dekho....aaahhh...dekho अपनी बेगम ko....aaahhh....kitna मज़ा कर रही hai....aaahhh...dekh लो....
गोलू भाई- उसे अपनी छूट का हाल बता.....
अम्मी- aaahhh.....haaa....moulvi saab......meri छूट का हाल dekh....ise कहते है lund.....ye छूट को हर तरफ se...aaahhhh..aaahh....faad देता hai.....meri to....aaahhh.......ab तेरा लुंड किसी काम का नहीं moulvi.....aaaahhh...aaahhh....
अम्मी शराब और चुदाई के जोश में अब्बू को पता नहीं kya-kya बोलते हुए मज़ा लेती रही और गोलू भाई भी पुरे मज़े के साथ अम्मी को ठोकते रहे....
और करीब 20 मिनट बाद अम्मी की छूट में hi झाड़ gaye......aur फिर दोनों आपस में लिपट कर ek-dusre को चूमते हुए आराम करने लगे.....
Ammi(thodi देर बाद)- aah....aap में बहुत ताक़त hai...sach me.....uuummmm....
गोलू भाई- तुम भी काम nhi....ab जा कर फ्रेश हो jao....fir पूरी रात तुम्हारा बंद bajega...hahaha....
अम्मी- आप bhi....ab तो आदत हो गई hai...kal से आपने इतना छोड़ा hai...jitna मैं पिछले 5 सालो में भी न चूड़ी थी....
गोलू भाई- अभी क्या है ..ये तो सुरुवात hai....tujhe इतना छोड़ूगा की तू आज तक न चूड़ी होगी चलो फ्रेश हो जाते है....
और फिर वो दोनों फ्रेश होने चले gaye....aur मैं भी अपना लुंड साफ़ कर के थोड़ा रेस्ट कर्म लगा......
तभी मुझे राजू का ख्याल आया तो मैं चुचाप अपने कमरे में निकल गया....
राजू- तुम कहा थे....
मैं- बस छज्जे par...kyo क्या हुआ...
राजू- कुछ nhi....sona नहीं है....
मैं- hmm..chal सोते है....
फिर मैं जल्दी से लेट गया और राजू के सोने का इंतज़ार करने करने लगा....
Main(man में)- wah...kya बात hai....ammi के रूम में पहुंचना तो बड़ा आसान hua....chajja nako...aur फिर छज्जे के गेट को मास्टर के से खोल lo...aur हो जाओ अंदर dakhil...hmm....bada आसान hai....ab मज़ा aayga....aaj रात तो मैं अम्मी की पूरी चुदाई dekhuga....waha अम्मी अपनी तागे khol-khol कर तगड़ा लुंड legi...aur उन्हें देख कर मैं मज़ा करुगा....
करीब 1 घंटे बाद जब राजू सो चूका तो मैं आराम से छज्जे से होकर अम्मी के रोईं में दाखिल हो gaya....aur परदे के पीछे छिप कर सामने का नजारा देखने लगा....
सामने अम्मी और गोलू भाई पुरे नंगे हो कर बीएड पर the.....aur गोलू भाई अम्मी को उल्टा लिटाये उनकी गांड को मसल रहे the...aur अम्मी मज़े से सिसक रही थी....
गोलू भाई- rafat....tumhari गांड तो सच में लाजवाब hai...aur आज तो ज्यादा hi चिकनी लग रही है...
अम्मी- ये आपने hi करवा di....pure सरीर के बाल साफ़ करवा दिए na....to चिकनी तो हो hi जायगी...
गोलू भाई- तुझे पसंद आया की नहीं....
अम्मी- uummm..bahut....mera कई सालो से मन था की मैं पूरा जिश्म चिकना कर lu.....par आप तो जानते है न की खलील के अब्बू...
गोलू भाई- वो तो माधरचोद है साला....
अम्मी- गोलू ji....aap उन्हें गली मत dijiye...wo मेरे सौहार है....
गोलू भाई- और मैं क्या हु...
अम्मी- aap...aap तो मेरे मालिक है....
गोलू भाई- तो फिर मालिक को मत rokna....main उस कमीने को कुछ भी boluga...aur तुम मेरा साथ dogi...bolo...dogi की नहीं...
ये बोलते हुए गोलू भाई ने अम्मी की गांड में एक ऊँगली दाल di...jisse अम्मी सिसक उठी...
अम्मी- aaahhh.....wo मेरे सौहार है...
गोलू bgai(ungli हिलाते हुए)- क्या तेरा सौहार इतना मज़ा देता है...
अम्मी- nhi....kabhi नहीं....
गोलू भाई- क्या वो तुम्हे दिन रात छोड़ सकता है.....
अम्मी- aaahhh...nhi...bilkul nhi....usme इतना डैम nhi...aahh..ungli निकालो न....
गोलू भाई ने ऊँगली निकलने की जगह दूसरी ऊँगली भी अम्मी की गांड में दाल di...jisse अम्मी चीख पड़ी....
अम्मी- aaaahhhhh.....theek hai....mere सौहार बेकार hai...aaahhh.....ungli निकालो न...
गोलू भाई- nhi....ye तो जगह बना रही hai....abhi इसमें लुंड भी जायगा....
अम्मी- aaahh...kya....aapka lund....nhi....wo तो मार डालेगा...
गोलू भाई- मरे चाहे jiye...par आज की रात तेरी गांड गई....
अम्मी- aaahhh....aap नहीं manoge....theek hai....aaraam से करना....
गोलू भाई- वैसे तुझे गांड मरना पसंद नहीं क्या....
अम्मी- पसंद kya....kabhi मरवाई hi nhi....bas निकाह के बाद सोचती hi rahi....par फिर खलील के अब्बू ने कभी बोलै नहीं तो मेरा ख्याल भी जाता रहा.....
गोलू भाई- कोई nhi.....jo अब तक नहीं हुआ वो अब hoga...aur baar-baar होगा......
ये बोल कर गोलू भाई अपनी उँगलियों को jor-jor से अम्मी की गांड में andar-bahar करने lage....aur अम्मी सिसकियाँ लेने लगी.....
अम्मी- aaahhh..golu ji....thoda dheere...aahhh..pahli बार है.....
गोलू भाई- बस मेरी jaan...thodi देर में मज़ा आने लगेगा......
और गोलू भाई की बात बिलकुल सच nikli...kuch hi देर में अम्मी अपनी चिकनी गांड हिलाते हुए उँगलियों का मज़ा लेने लगी.....
अम्मी- aaaahhh...ab कुछ अच्छा laga...karte rahiye....meri छूट bhi...uuummmm..karte raho...aahh..aahh...
और थोड़ी देर बाद hi अम्मी गर्म हो कर छूट से पानी बहाने lagi....aur फिर गोलू भाई ने अपनी उँगलियाँ बहार निकाल ली और जा कर अम्मी के मुँह में दाल दी...
अम्मी भी बड़े प्यार से गोलू भाई की उँगलियों को चूसने lagi...jise देख कर मेरे लुंड ने एक तेज झटका मार दिया.....
Main(man में)- uuff....ammi तो चुदाई के नशे में बिलकुल पागल हो रही hai....apni hi गांड में जाने वाली उँगलियाँ ऐसे चूस रही है जैसे उनमे सहद लगा ho...oohh..ammi.....tumhari गर्मी देख कर तो मेरा जिश्म सनसनाने लगा......
वह अम्मी उँगलियाँ चूस hi रही थी की गोलू भाई का फोन बजने लगा.....
गोलू bhai(phon देख कर)- रफत begum...tera कुत्ता सौहार है...
Ammi(chonk कर)- इसे भी अभी वक़्त मिला tha....aap hi बात करो.....
गोलू भाई- ठीक hai..par तू भी सुन लेना की क्या भौक रहा hai.......tab तक तू अपने साथी को प्यार kar....main इस कुत्ते को देखता हु.....
ये बोल कर गोलू भाई बीएड पर टिक कर बैठ गए और पहिं का स्पीकर खोल कर अब्बू से बात करने lage...wahi अम्मी बड़े प्यार से उनका लुंड चूसने लगी....
गोलू भाई- hello...
अब्बू- सलाम गोलू ji...kaise है आप सब....
गोलू भाई- मज़े में hai....aur sunao....sab बढ़िया है न....
अब्बू- haa....mera काम ख़त्म हो चूका hai....to मैं सोच रहा था की मैं भी वह आ jau...mele में....
ये सुनते hi अम्मी ने लुंड मुँह से निकला और गोलू भाई को ना का इसरा करने lagi...par गोलू भाई ने उन्हें बापिस काम पर लगा दिया....
गोलू भाई- क्यों nhi....aa jaiye....kab तक आयगे...
अब्बू- कल शाम तक पहुंच जाउगा....
गोलू भाई- hmm..theek hai....aa jaiye...maza आएगा.....
अब्बू- ji...accha खलील की अम्मी कहा है....
गोलू भाई- wo....wo तो अभी बिजी है....
अब्बू- busy....matlab कहा....
गोलू bhai(ammi का सर दवा कर)- वो बस आइसक्रीम चूस रही hai....baat करोगे....
अब्बू- जी बिलकुल....
Ammi(isaare से)- nhi....mujhe नहीं करना....
गोलू bhai(dheere से)- तुम करते -करते अपना काम karo....maza आएगा....
ये बोल कर गोलू भाई ने अम्मी के पास फोन कर दिया और अम्मी बेशर्मी से लुंड चूसते हुए बात करने लगी....
अम्मी- uuummmhh..ha ji...kaise हो...
अब्बू- मैं ठीक hu...tim लोग ठीक हो न...
अम्मी- uuummmhh..aahh...haa...bahut....yaha बहुत मज़ा आ रहा है....
अब्बू- अच्छा hai...main भी कल आ jauga....waise गोलू जी तुम लोगो का खटाल रख रहे है न....
अम्मी- uuummm..uuummmhh...ha ji...wo तो इतना खटाल रखते है की क्या kahu....kabhi भी अकेला नहीं chhodte....har तरह से बस मज़ा करते है...
अब्बू- ohh..aur khane-pine का.....
अम्मी- उसका क्या bolu....itna khilate-pilate हैं की ज्यादा hi हो जाता hai.....bas ये समझ लो की सोने के अलावा कुछ hi वक़्त बिना khaye+piye रहती hu...baki वक़्त तो वो बस khilte-pilate हिनराहते hai....dekho...abhi भी मेरा मुँह खली नहीं hai...uuummmm...uuummmmmm.....aaaahh....
अब्बू- hahaha....accha hai...tum खुश हो न...
अम्मी- बहुत khush...bahut ज्यादा खुश hu....uuuummmmmm...uuuummm..uuummm..uummmm...uummmm...
अब्बू- अरे आराम se....itna चूसोगी तो मुँह दर्द देने लगेगा....
अम्मी- uuuummmmmmmmmmhhhhh...aaahhh..nhi ji....isse तो मज़ा मिलता hai....kitna भी चूस lu....kam hi लगता hai....uuuummmm...
अब्बू- ठीक hai...chooso fir.....waise खलील कहा है....
अम्मी- uuummmhhh...wo...wo राजू के साथ hai...yaha नहीं है....
अब्बू- hmm..use बता देना की मैं कल आ रहा hu.....chalo तुम मज़े karo....main कल आता hu....theek है...
अम्मी- uuummm..uuummm...hh..theek है जी....
और फिर अब्बू ने फोन काट दिया और अम्मी जोर से गोलू भाई का लुंड चूसने लगी....
गोलू भाई- chalo...kal तेरा सौहार भी आ jayga.....tere तो मज़े हो गए....
अम्मी- aahh..kya maze....wo आ गए तो फिर..
गोलू भाई- ha....fir क्या...
Ammi(sharma कर)- फिर मैं आपके साथ ये सब....
गोलू भाई- तू फ़िक्र क्यों करती है मेरी jaan....usne आने को bola...maine है बोल diya....par वो आएगा तभी जब मैं chahuga....samjhi...
अम्मी- क्या मतलब....
गोलू भाई- कल batauga...tu बस बेफिक्र हो कर मज़े kar.....baki मुझ पर छोड़ दे....
अम्मी- ठीक hai...par मैं आपसे दूर नहीं rahoogi...sun लो...
गोलू भाई- बोलकुल nhi...tu मेरे नीचे hi rahegi....chal aaja....teri गांड को खातिर कर दू....
ये बोल कर गोलू भाई ने अम्मी को उल्टा लिटा दिया और खुद उनके ऊपर चल कर उनकी गांड पर अपना तगड़ा लुंड रगड़ने लगे.......
गोलू भाई- रफत begum....ab तैयार हो jao....aaj तुम्हे जन्नत की सैर पर ले चलता हु....
अम्मी- आप जो kahe....main तैयार hu...bas अपनी रफत का ख्याल rakhna...kahi मर न जाए....
गोलू भाई- नहीं मेरी jaan....chalo थोड़ा रास्ता बनाओ....
ये सुनते hi अम्मी ने अपने हाथो से अपनी गांड को पकड़ा और दोनों फाको को फैला कर गांड का गुलाबी सुराख खोल diya....jo अभी तक बहुत hi छोटा नजर आ रहा था...
Main(man में)- अम्मी का सुराख तो बहुत छोटा सा hai...isme गोलू भाई का तगड़ा लुंड जायगा kaise...aaj तो पक्का अम्मी की शामत आ gai....pata नहीं कितना दर्द होगा उन्हें...
यहाँ मैं अम्मी के दर्द का सोच hi रहा था की गोलू भाई ने बहुत सारा थूक ले कर अम्मी की गांड में माला और फिर लुंड की चमड़ी पीछे कर के सुपडे को गाड़ के सुराख में लगा कर एक जोरदार धक्का मारा.....
अम्मी- aaaaaaaahhhhhhhhh....uuuummmmm...golu jjiiiiiiiiii......
गोलू भाई- bas....thoda sa.....yeehhh....
अम्मी- aaaaahhhhhh...mmaar gai....aaaaahhhh......nikalo ise....aaaahhhh....khaleel के abbu......main gaaaiiii.....aaahhh..
गोलू भाई के लुंड का बार अम्मी सह नहीं सकीय और चीखती हुई झटपटाने lagi.,..par गोलू भाई ने उनको अपने पैरों में फसाया tha....isliye वो छह कर भी आगे न जा सकीय...
यहाँ अम्मी की चीख सुन कर मेरा जिश्म थर्रा gaya....mujhe ये देख कर मज़ा आ रहा था की अम्मी की गांड में गोलू भाई ने लुंड दाल diya.....par अम्मी का रोना देख कर थोड़ा बुरा भी लग रहा था....
पर गोलू भाई जानते थे की ायरत की गांड कैसे मारते hai...isliye उन्होंने कुछ देर अम्मी को बड़े प्यार से सहलाया और फिर आधे लुंड को अंदर डाले hi धक्के मरने लगे....
जिससे अम्मी को थोड़ा सुकून मिला और ेओ अपनी गांड फैलाये सिसकने लगी...
अम्मी- गोली ji....aap कहे तो पेअर फैला lu,..takleef काम होगी....
गोलू भाई- अरे haa...mujhe याद hi नहीं raha...ruko...
फिर गोलू भाई अम्मी के ऊपर से थोड़ा उठे और अम्मी ने तुरंत अपनी तागो को फैला कर गांड खोल दी....
और गोलू भाई बापूस अम्मी की गांड में धक्के मरने लगे....
अम्मी- aaaahhh....ab थोड़ा ठीक है.....
गोलू भाई- rafat.....bas थोड़ी तकलीफ और hogi.....taiyaar हो....
अम्मी- aaahhh...aapko पूछने की जरूत nhi...aaahh...main जानती hu....daal दीजिये...
और इतना सुनते hi गु भाई ने अम्मी की कमर थाम कर एक जोर का धक्का मारा और फिर से अम्मी की जोरदार चीख से कमरा गूँज उठा....
और उसी के sath-sath मैंने भी जोश में परदे के आगे रखे फूलदान से टकरा गया.....
और फूलदान टूटने की आवाज से एकदम कमरे में सन्नाटा छ गया....
मेरी अम्मी जो अभी चीख रही thi...wo बिलकुल चुप हो कर मेरी hi तरफ देखने lagi...aur साथ में गोलू भाई.....
Main(man में)- मर gaye....ab कुआ hoga...main क्या karu.....kaise अम्मी का सामना कर pauga....aur क्या बोलूगा unhe...aur गोलू bhai....wo पता नहीं अब क्या करेंगे....????
इन सब सवालों ने मेरा दिमाग सुन्न कर दिया था और मैं भौचक्का खड़ा हुआ इंतज़ार करने लगा की अब आगे क्या होगा....?????
नोट - अपडेट पोस्टेड frnds....hope ु लिखे आईटी....
थैंक्स फ्रेंड्स....
कीप रीडिंग.......