GOLU BHAI - AMMI KE SHIKARI - Page 12 - SexBaba
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GOLU BHAI - AMMI KE SHIKARI

सही kaha...raju बहुत कुछ जनता है...

और रही बात खलील से छूट चटवाने ki...to जवाब खुद hi दे दिया आपने....

बदला बुरी चीज hai....ye इंसान को अँधा कर देता hai....aur अच्छा इंसान भी पीस कर रह जाता है ....

बाकि मौलवी ने क्या kiya....ye बाद की बात hai....abhi उसे रडार में आने तो do....uske भी मज़े होंगे....


थैंक्स फ्रंड......

कीप रीडिंग........
 
ये रहे स्टोरी वृत्तिंग के रूल्स.....?



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रूल्स फॉर स्टोरी सेक्शन

नाउ फॉर एवरीवन तो क्नोव व्हाट एक्साक्ट्ली केस अंडर "चाइल्ड सेक्सुअल एब्यूज" :- 1).ऑनलाइन लोरिंग ऑफ़ चिल्ड्रन फॉर सेक्सुअल एक्ट्स. (इन स्टोरीज और पिक्टुरेस). 2). चाइल्ड प्रोस्टीटूशन. 3).सेक्स टूरिज्म इन्क्लूडिंग चिल्ड्रन. 4).फेमिलियल और Extra-Familial चाइल्ड सेक्सुअल मोलेस्टेशन. 5). ुनसोलिसिटेड ोब्सन...

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बाकि रहा सन की baat.....bana तो सकता hu....but अभी उपदटेस लिखने का hi टाइम मुश्किल से मिलता hai....to बाद में फ्री रहुगा तब वैसा कुछ लिख duga...ok

थैंक्स फ्रंड.....

कीप रीडिंग.....
 
आपकी बात सही है dost....but पुरे वीक मैं काफी ज्यादा बिजी raha....kuch काम hi ऐसा है की फ्री रह hi नहीं सकता....

well...kuch थोड़ा लिख पाया hu.....use कल रात hi पोस्ट करना था ....बग again....situations ऐसी बनती है की फास जाता hu.....i होप आज रात तक फ्री हो jaau,..to अपडेट कर दुगा.....

थैंक्स फ्रंड.....

कीप रीडिंग.......
 
बिलकुल कहा tha....kyoki मुझे लगा था की मैं फिनिश कर luga....but पॉब्लम्स कुछ ऐसी आई की टाइम hi नहीं मिला....

वैसे मैं मुकरने वाला तो हु nhi.....saaf बोल देता हु की नहीं लिख pauga....but कल जो हुआ वो प्लांड नहीं tha...achanak हुआ....

so...aaj अपडेट karuga....dua जारी की कल जैसी प्रॉब्लम न aaye...ok

थैंक्स फ्रंड....

कीप रीडिंग.....
 
अपडेट - 60

गोलू है- चल छोड़ na....tu कुछ खाने का इंतज़ाम kar......thoda खा lu....fir कुछ और भी है करने को......

राजू- जी bhaiya...waise आगे क्या करने वाले हो.....

गोलू भाई- पता nhi.....par जो भी hoga....wo मज़ेदार hoga.....aur मौलवी के लिए एक तगड़ा sabak.....huh....dekhte jao.....abhi तो मज़ा आना सुरु hi हुआ hai.....abhi तो पूरा तमाशा बाकि है.......

अब आगे........

खलील इतनी कहानी सुना कर जैसे hi चुप hua....to उसने देखा की उसकी बात सुन कर उसके सारे दोस्तों की आँखे फटी की फटी रह गई thi...aur मुँह खुले के खुले.....

खलील ने जब अपने दोस्तों की ऐसी हालत देखि तो वो है pada....aur उड़के हस्ते hi माजिद और आलम होंठ में आये और सर झटक कर ek-dusre को देखने लगे....

खलील- अबे saalo....hua क्या है तुम दोनों ko....ammi की चुदाई सुन कर मज़ा नहीं आया.....?

आलम- अबे maza....saale मेरा लुंड dekh....tabse पानी hi फेके जा रहा hai......kitna गरम नजारा सुना रहा था tu....aisa लगा की सब कुछ आँखों के सामने hi हो रहा है.....

Khaleel(muskura कर)- ohh....aur maajid....tera क्या कहना है....

माजिद- main..main क्या bolu....main तो ये सुन कर hi pani-pani हो गया था की तेरी अम्मी तेरे सामने hi मज़े से chudi....kasam se....kya नजारा रहा हु गए न wo......jab तूने अपनी अम्मी की छूट फैट ते देखि होगी....

आलम- और गांड bhi....tere तो मज़े हो गए होंगे यार.....

खलील- वो तो hai...aur वो भी गोलू भाई जैसे मर्द के तगड़े लुंड se....uuummm..chamdi से निकलता बड़ा सा दमदार supada....aur फिर जब वो मेरी अम्मी की छूट में जाता है na.....to छूट के दोनों फाके पसर जाते hai....aur फिर जब पूरा भीतर घुसता है na....uuuff...ammi का चेहरा देखने लायक rahta....takleef और maze...dono एक साथ उनके चेहरे पर दीखते है.....

आलम- बस कर yaar....aur पानी निकलने की डैम न rahi....baki बाद के लाइट बचा ले....

Khaleel(muskura कर)- ठीक है fir....waise भी आगे की कहानी इससे भी ज्यादा गरम hai.....kafi कुछ नया होगा इसमें....

माजिद- तब तो भाई कल hi sunana...aaj मेरा लुंड और नहीं सह पाएगा......

खलील- ठीक है yaaro....kal sahi...waise भी आज मुझे कुछ काम hai....chalo अब लुंड साफ़ कर के निकलते hai....kahi फिर से मूड न बन जाए....

माजिद - hmmm..chalo फिर....

और फिर तीनो दोस्त apne-apne घर निकल आये.....

[ माजिद की जवानी............]

मैं जब अपने दोस्तों को छोड़ कर अपने घर की तरफ nikla....to मेरे मन में एक hi ख्याल baar-baar कौंध रहा था.....

और वो ख्याल tha....ki क्या मैं भी कभी खलील की तरह खुल कर अपनी अम्मी को चुड़ते हुए देख सकता हु.....

मेरा दिल कह रहा था की क्यों nhi....agar खलील की अम्मी साड़ी शर्म भूल कर उसके saamne....use bata-bata कर गोलू भाई से छुड़वा सकती hai....to मेरी अम्मी क्यों नहीं....

वही मेरा दिमाग बोल रहा था की nhi....meri अम्मी ऐसा नहीं कर sakti...wo मेरे सामने खुल कर गोलू भाई से कभी नहीं छुड़ेगी....

पर फिर मुझे राजू का ख्याल aaya....aur मैंने एक आईडिया lagaya...jiske tahat....main राजू से बात कर के गोलू भाई तक ये खबर पहुँचाउगा की मैं अपनी अम्मी को अपने सामने चुड़ते देखना चाहता hu....wo भी अम्मी के जानते huye....ki उनका बीटा अपनी अम्मी को छूट फ़तवाते हुए देख रहा है....

Khair....ye सब सोचते हुए मेरा लुंड एक बार फिर से कड़क हो gaya....aur मैंने अपने रूम में जाते hi....ek बार फिर से मुट्ठ मरी और नाहा कर तैयार हो गया....

और फिर जैसे hi मैंने कमरे के बाहर कदम rakha....to अम्मी का बंद कमरा देख kar.....ek बार फिर मेरे दिमाग में अम्मी और डडिजान की बातें घूमने लगी....

मैंने सोचने लगा की आखिर रात में गोलू भाई ने दोनों को kaise-kaise छोड़ा hoga.....aur उन्होंने ये भी बोलै था की गोलू भाई ने उन्हें बहुत तड़पाया....

ये याद आते hi मेरे दिल में ये जान्ने का ख्याल मजबूत हो गया की रात को आखिर हुआ क्या था.....

Main(man में)- एक काम करता hu....khana खा कर राजू से मिलता hu.....dekhu तो की अम्मी और डडिजान के साथ आखिर हुआ क्या tha......aur फिर वही अपना आईडिया भी बता duga...hmm..ye ठीक रहेगा......

और फिर मैं बिना वक़्त गवाए किचेन में gaya....par वह कोई खाना नहीं था....

Main(man में)- कगना होगा कहा se...ammi को लुंड खाने मिल गया bas...ab उन्हें क्या पड़ी खाने ki...chhodo...baahar hi कुछ खा लेता hu....bhaad में जाए ammi....huh..

और मैं अम्मी को मन hi मन गाली देते हुए बहार निकला और कुछ नास्ता कर के राजू के पास पहुंच गया.......

Raju(mujhe देखते hi)- अरे majid...tu इस waqt....kya हुआ.....

मैं- कुछ nhi...bas मुझे वो रात का नजारा देखना था....

राजू- ohh...theek hai....dekh lena...par उसके पहले एक लाइव सन दिखता हु....

मैं- live...kiska.....matlab कौन है वो....

राजू- ये तो मुझे नहीं pata...par haa..koi निकाहि खातून hai.....aur काफी सरीफ bhi...matlab दुनिया के लिए sareef...hahaha....

मैं- accha...par तुझे कैसे पता....

राजू- क्योकि कब वो आई थी तो पूरी तरह काले लिवास में कैद हो कर आई thi....are उसने यो आँखों पर भी जालीदार नकाब पहना था....

मैं- ohh....to गोलू भाई आज फिर किसी की बेगम को अपने लुंड पर नचा रहे है....

Raju(muskura कर)- hmm....yahi तो उनका सूक hai...tu dekhna...is गाओं की साड़ी begame....aur उनके घर की कुवारी ladkiyan....sab की सब उनके लुंड पर नाचने वाली है....

मैं- kya...matlab उन्हें हम सब के घर की इज्जत लूटने का सूक है....

राजू- अरे nhi..lootne का nhi...balki तुम जैसो की अम्मीजान, चचीजां, डडिजान, mamijaan,foofi, appi...in सबको ऐसा लुंड खिलने का सूक hai...jaisa उन्हें कभी नसीब नहीं हो सकता....

मैं- hmm..baat तो सही hai...unke जैसा लुंड मैंने आज तक सच में नहीं dekha....bas ब्लूफिल्मो में hi देखा hai...wo भी विदेशियों का....

राजू- hmm..ab तो देखता rahega....waise भी तेरी अम्मी तो चुदती hi rahegi....aur तू देख कर मज़े लेना....

मैं- अरे haa..ammi से याद आया की मुझे अम्मी के बारे में कुछ जरूरी बात करनी थी.....

राजू- तो कर lena...par थोड़ा ruk...main ये शराब और चखना दे औ भाई ko....fir हम रात की रिकॉर्डिंग देखते हुए बात करेंगे....

मैं- तो फिर वो लाइव नजारा.....

राजू- वो भी dekhna.....usme थोड़ा टाइम lagega...kyoki अभी तो वो मजहबी खातून गोलू भाई के लुंड से शराब piyegi...fir कही जा कर उसकी छूट fategi....tu एक काम kar...usi कमरे में ja...main आता हु....

ये कह कर राजू निकल gaya....aur मैं रूम में जा कर उसका इंतज़ार करने laga....thodi देर बाद राजू आया तो उसने रिकॉर्डिंग चालू कर दी....

राजू- तू रिकॉर्डिंग dekh....main थोड़ा काम से जा रहा hu....bapis आ कर बात karege...theek है....

मैं- ठीक hai....tum दरवाजा बंद कर के जाना....

फिर राजू दरवाजा बंद कर के चला गया और मैंने आगे की रिकॉर्डिंग देखने लगा......

मैंने आज वही से देखना सुरु किया tha...jaha से मैं छोड़ कर भाग गया था....

मेरे सामने डडिजान नंगी कड़ी हुई थी और उनके हाथ रस्सी से बढे हुए थे.....

और गोलू भाई एक हंटर ले कर डडिजान के नंगे जिश्म पर फटकार रहे थे......

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डडिजान- aaaaaiiiiiii......mar gai..,...aaaa....

गोलू भाई- अभी से ये haal....aise तो तू जीतने से रही....

डडिजान- aahh..nhi....main हार नहीं maanugi...maaro....aaaaiiiiii........

और डडिजान के है बोलते hi गोलू भाई ने सटासट हंटर फटकारना सुरु कर दिया.....

हंटर की हर एक फटकार पर डडिजान की दर्दनाक चीखे पुरे कमरे में गूँज रही thi.....aur उनका जिश्म तो ऐसे थर्रा जाता tha...jaise की बिजली का करंट मारा गया हो.....

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डडिजान तकलीफ के मारे रोने lagi.....aur उनका जिश्म भी पसीने से तरबतर हो chuka......par उन्हीने जीतने की जिद नहीं छोड़ी और हंटर पर हंटर कहती रही....

ये नजारा देख कर मेरा दिमाग दहल उठा tha...par डडिजान के नंगे जिश्म को देख कर मेरा लुंड अपनी ायकाट पर आने लगा था.....

वह थोड़ी देर तक डडिजान की खाल खींचने के बाद गोलू भाई दूसरी तरफ चल diye....aur थोड़ी hi देर बाद मेरे सामने मेरी अम्मी दिखाई देने लगी...

मेरी अम्मी भी पूरी तरह नंगी thi...aur गोलू भाई ने उन्हें भी डडिजान की hi तरह हाथ बांधे खड़ा रखा था.....

गोलू भाई- to....tum तैयार हो न.....

Ammi(muskura कर)- ये कोई पूछने की बात haiiiiiiii....aaa****lhh......maaar गाइइइइ....

अम्मी की बात ख़त्म होने से पहले hi गोलू भाई ने अम्मी के ऊपर हंटर फटकार दिया और वो अम्मी के नंगे जिश्म पर निसान छोड़ गया......

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अम्मी- aaaaaiiiiii.......maaar dala....aaaahhhh.....

गोलू भाई- ये तो सुरुवात hai.....aise hi मेरी रंडी बनने का सुख नहीं milta.....bahut कुछ सहना होता है....

अम्मी- aaahh....aisa hai....to रुकिए mat....maariye.....aahh..kyoki आपकी रंडी तो मैं hi बानगी.....

गोलू bhai(hunter घुमा कर)- शाबाश....

और फिर अम्मी के नंगे जिश्म को हंटर की मार पड़ने लगी...

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और अम्मी भी कुछ hi देर में पसीने से तरबतर हो gai.....unke गोर जिश्म पर बने हंटर के निसान मैं saaf-saaf देख प् रहा tha....par ुंगे देख कर मुझे बिलकुल गम नहीं हुआ बल्कि मैं खुश हुआ.....

Main(man में)- एक बात समझ नहीं aai...ye दोनों को आखिर ऐसा क्या भूत सवार हो gaya...jo गोलू भाई की रंडी बनने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है.....

वह गोलू भाई ने थोड़ी देर तक अम्मी की डैम से कुटाई की और फिर उन्हें साथ ले कर डडिजान के पास आ gaye...aur दोनों को पास में hi बाँध दिया....

गोलू भाई- chalo....ab तुम दोनों batao...ki तुम्हारे पास ऐसा क्या खास hai...jo तुम दूसरे से बेहतर रंडी साबित hogi....pahle तुम बोलो फरहा....

डडिजान- मेरे पास तजुर्बा hai....main जानती हु की आप जैसे मर्द को कैसे खुश रखा जा सकता है.....

गोलू भाई- accha....ab तुम बोलो मुमताज़...

अम्मी- मेरे पास मेरी चाहत hai....jisse मैं वो हर काम कर सकती hu...jo आप bologe.....aur ये आप देख hi चुके ho...ki कैसे मैं अपने सौहार के सामने भी आपसे कुटिया बन कर चूड़ी थी.....

गोलू भाई- अब क्या मैं हर बार boluga....dono bari-bari बोलती रहो.....

डडिजान- अगर ऐसा है तो मैं भी अपने सौहार के सामने चुद jaugi....hichkugi नहीं....

अम्मी- मैं खुलेआम चुद सकती हु....

डडिजान- मैं bhi....main भी कही भी नंगी हो कर चुद सकती हु....

अम्मी- अरे ja....kahi भी chhod....dam है तो अपने घरवालों के सामने चुद कर दिखा.....

डडिजान- है चुद jaugi....jab मुझे सौहार का खौफ्फ़ नहीं तो और किसका hoga....huh....

गोलू भाई- wah....ye हूँ न baat....ise कहते है असली randi....bol farha....kya तू अपनी बच्चो के सामने छुड़ेगी.....

डडिजान- हां....

गोलू भाई- और मुमताज tu....tu क्या मजीद को ये बोल सकती है की तू मुझसे छोड़ना चाहती है....

अम्मी- haa...main बोल dugi...aur उसी के सामने चुद भी जोगी....

Main(man में)- kya....ammi ये क्या बक रही hai...kya वाकई वो ऐसा कर सकती hai....ya सिर्फ बोल रही hai....taki दाफिजां के सामने कमजोर न पद जाए.....

गोलू भाई- hmm..to एक काम करते hai....tum दोनों को ek-ek जाम देता hu....aur जो भी वो काम कर dega.....use मेरी रंडी बनने का इनाम milega....theek है...

अम्मी- तो bataiye....kaam क्या है...

गोलू भाई- काम बड़ा आसान hai....dekho...farha tum...tum अगर अपनी बेटी को मेरे नीचे ला sako..to hi तुम मेरे नीचे आ पाओगी.....

Dadijaan(hairani से)- kya...beti...par उसकी क्या jaroorat...main..main हु न....

गोलू भाई- बोल diya...matlab बोल diya....ya तो अपनी बेटी को manao...ya मुझे भूल जाओ....

गोलू भाई की बात सुन कर जहा डडिजान हैरान thi....wahi अम्मी मुस्कुरा रही थी....

Ammi(muskura कर)- क्यों chachijaan...kya hua....fat गई na....huh...jao...tumhare बस की बात नहीं की तुम इस शानदार मर्द की रंडी बन sako...huh...jao....koi और देखो....

Dadijaan(gusse से)- चुप kar....aur मुझे मत बता की मैं क्या karu....samjhi....maine जो ठान लिया मतलब ठान लिया.....

अम्मी- तो क्या अपनी बेटी को....

Dadijaan(beech में)- haa...use manaugi....kaise भी ho...use मैं इनके नीचे ले कर aaugi....samjhi....

अम्मी- ओह ho..dekhte है की ये सब सिर्फ बोल hi रही ho...ya कुछ कर भी पति ho...huh...

Dadijaan(golu भाई से)- मैं तैयार hu....main अपनी बेटी को आपके लिए मन लूँगी....

गोलू भाई- wah....ise कहते है chaah....theek hai....agar तुम ये कर saki...to मुमताज़ का पत्ता कट....

Dadijaan(khush हो कर)- मैं जरूर करूगी......

अम्मी- पर ये तो गलत hai....mujhe भी मौका मिलना चाहिए....

गोलू भाई- milega...tumhe भी milega....par पहले फरहा को कोसिस करने do....fir तुम्हे भी मौका दिया jayga....accha....ab काफी आराम हो gaya....thoda दर्दनाक माहौल बन जाए....

और ये बोल कर गोलू भाई ने एक बार फिर से हंटर फटकारने सुरु कर diye...aur दोनों नंगे जिश्मो को फिर से उधेड़ने लगे....

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थोड़ी देर की मार ने अम्मी और डडिजान को इतना दर्द दिया की वो पास्ट पद gai...aur डडिजान की तो पेशाब hi निकल गई....

गोलू भाई- क्या saali....ganda करती hai....chal...bathroom में ja....aur ैव्हे से साफ़ कर के aana....abhi तेरी चुदाई बाकि है.....

ये बोल कर गोलू भाई ने डडिजान और अम्मी को छोड़ diya....aur फ्री होते hi डडिजान लड़खड़ाते हुए बाथरूम चली gai...aur अम्मी वही पड़े सोफे पर पसर गई....

गोलू भाई- क्या hua...fat गई....

Ammi(muskura कर)- फटी तो hai...par मज़ा भी बहुत aaya....aapka काम भी हो gaya....aur मेरा बदला भी....

गोलू भाई- ssshhh....abhi nhi...baad me...ye सही वक़्त नहीं hai.....filhaal तो मेरे लुंड को शांत करने का वक़्त है...

ये बोल कर गोलू भाई ने अपना लोअर, t-shirt निकल और नंगे खड़े हो कर अपना लुंड सहलाने लगे....

और उनका तगड़ा लुंड देखते hi अम्मी ने तुरंत घुटनो के बल बैठ कर अपना मुँह खोल दिया.....

गोलू bhai(paas आ कर)- कितनी समझदार रंडी है saali....ye ले....

और गोलू भाई ने अम्मी के मुँह में लुंड दाल दिया और हलके धक्के मारने lage....ki तभी डडिजान बाथरूम से बाहर aai....aur गोलू भाई के पीछे बैठ कर उनकी गांड चाटने लगी....

गोलू भाई- साली ये भी काम nhi....theek hai....chalo randiyon.....dikhao अपना डैम....

और फिर क्या tha.....ek तरफ गोलू भाई अम्मी के मुँह में लुंड पेल रहे the...aur वही डडिजान अपनी जवान निकाल कर गोलू भाई की गांड को अच्छे से चाट रही थी....

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ये नजारा देखते hi मेरे लुंड ने पानी छोड़ diya......par वह तो अभी सुरुवात hi हुई थी....

डडिजान- ssssrrruuuuppppp....sssrrruuuuupppp...aahhh...kyo रे kamini.....mere जाते hi लुंड खाने lagi....haa....thoda रुक नहीं सकती थी....

अम्मी- ggggllluuupppp...gggllluuuppp...gggguuulll..aaahhhh...kyo...tujhe पूछ कर खाऊगी kya....aur अब आ गई na....to अछ्र से chaat....bheetar तक साफ़ कर आउउउम्मम्मम.....

अम्मी फिर से मस्ती में अपने मुँह में लुंड पिलवाने lagi....aur डडिजान भी पूरी सिद्दत से गोलू भाई की गांड फैला कर छेद पर अपनी जवान फिरने लगी......

अम्मी- uuummmmm....uuuummmmm...uuuummmmm....uuummmm....

डडिजान- sssssrrrruuuuuupppppp.....sssssrrrruuuuuppppp.....ssssrrrruuuuuppppp.....

गोलू भाई- aaahhh...bahut hua....chalo इधर आओ....

ये बोल कर गोलू भाई ने अम्मी और डडिजान को आमने सामने बैठाया और दोनों के बीच में अपना तगड़ा लुंड तान कर खड़े हो गए.....

गोलू भाई- अब देख क्या रही हो randiyo....dono एक साथ चूसो....

और ये बोल कर गोलू भाई ने दोनों के सर दवाये और उनके होंठो के बीच लुंड को पेलने लगे.....

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क्या खूबसूरत नजारा था ye....ye तो आज मैं पहली दफा देख रहा था की दो अयर्तों के होंठो के बीच एक टङ्गा लुंड सटासट हो रहा है....

गोलू भाई ने कुछ देर तक दोनों से लुंड चुसवाया और फिर अम्मी को साथ ले कर सोफे पर लेट gaye....aur उनकी गांड मरने लगे.....

डडिजान- are....pahle मेरी बारी थी na...main इससे बड़ी हु...

अम्मी- aaahhh..badi है तो kya....chudaai के मामले में कैसा हुआ छेद पहले आता है.....

डडिजान- है पता hai....aur मेरा छेद तेरे से ज्यादा कैसा है....

गोलू भाई- aaa...chup....oye...tu लुंड choos.....aur ये गांड maraygi....samjhi...chal चूस....

और फिर वो hua....jo मैं सोच भी नहीं सकता था.....

डडिजान ने गोलू भाई का लुंड अम्मी की गांड से निकलते hi जोर से choosa...aur बापिस वो अम्मी की गांड मरने लगा....

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और फिर ये सिलसिला चल pada.....ammi की गांड और दाफिजां का muh....dono मिल कर गोलू भाई के तगड़े लुंड का sath-sath मज़ा ले रहे थे.....

अम्मी- aaahhhh....chachijaan.....kaisa लगा मेरी गांड का स्वाद....

डडिजान- तेरी गांड का स्वाद गया भाड़ me...main तो इस लुंड ka...aaauuummmmm...uuummm..uummmm..uummmhh..aahh...ye ले रही hu...le मारा....

अम्मी- aaahhh....sach me.....yu baar-baar चिकने लुंड का गांड में jana...uuufff.....maze की इंतहां हो रही है....

डडिजान- सही kaha....maza तो बहुत आ रहा hai.....par इंतज़ार भी करना पद रहा है....

गोलू भाई- तू ये le....aur चॉइस कर मज़े kar....main इसकी फाड़ता हु...

ये बोल कर गोलू भाई ने अपनी एक टांग डडिजान के सामने कर di...aur डडिजान ने भी पालक झपकते hi उनकी टांग पकड़ कर उसे चूसना सुरु कर diya.....aur वह गोलू भाई अम्मी की गांड में ताबड़तोड़ धक्के मरने लगे.....

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डडिजान- uuummmmm....uuuummmmm...uuuummmmm...uuuummmmmm...

अम्मी- aaaahhh...ab मज़ा aaya....joor se....aaaahhh....aahh..aahh..aahh..aahh...

डडिजान और अम्मी अब पूरी तरह से apne-apne मज़े में डूबी हुई thi...aur उनके मज़े को देखते हुए मेरा लुंड फिर से तन चूका था.....

थोड़ी देर के जोरदार धक्को ने अम्मी की छूट को झड़ने पर मजबूर कर diya....aur जैसे hi अम्मी jhadi...to गोलू भाई ने उन्हें फर्श पर फेका और डडिजान को कुटिया बना कर उनकी गांड मरने लगे.....

डडिजान- aaaahhhh...ab मैं मज़ा karugi....aaahhh...

अम्मी- और मैं क्या karu....kuch तो डलकरने दो....

गोलू भाई- अब तू इसका स्वाद लेना....

ये बोल कर गोलू भाई ने अम्मी को डडिजान की गांड के नीचे सत्ता दिया और अम्मी भी बड़ी फुर्ती से डडिजान की छूट चाटने लगी....

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गोलू भाई दाफिजां की दनादन गांड मारते हुए बीच में लुंड निकाल कर अम्मी के मुँह में फसा dete..aur फिर से डडिजान की गांड मारने लगते....

ये गरम नजारा देख कर मेरे लुंड ने फिर से पानी छोड़ diya.....par गोलू भाई तो अभी सुरु hi हुए थे.....

फिर करीब 30 मिनट तक गोलू भाई ने अम्मी और दाफिजां की छूट और गांड maari.....aur मैं उस दौरान 2 बार और झाड़ गया.....

वही हाल अम्मी और डडिजान का भी tha....mujhe तो याद hi नहीं की वो कितनी बार झड़ी....

बस इतना याद है की चुदाई ख़त्म करने पर गोलू भाई ने अपना लुन्द्रास दोनों को पिलाया और वह से निकल गए.....

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उनके जाने के 10-15 मिनट बाद अम्मी और डडिजान भी अपने आपको संभल कर जाने लगी.....

पर तभी गोलू भाई बापिस आये और आते hi डडिजान को पकड़ के बापिस वैसे hi बाँध diya....jisse डडिजान हैरान रह गई.....

डडिजान- क्या आप फिर से.....

गोलू भाई- hmm...fir se....chal mumtaaz....tu भी आ....

और ये बोल जार गोलू भाई ने अम्मी को भी बाँध दिया.....

अम्मी- थोड़ा रुक जाते na....bathroom तो जाने दो....

गोलू भाई- तुम चिंता मत karo....ab तुम सब कुछ यही कर सकती ho...waise भी वो तुम दोनों की पेशाब निकाल hi देगी....

Ammi(hairani से)- wo...wo matlab....kya कोई आने वाला है....

गोलू भाई- hmm..wo आ hi रही hai....aur आगे की खातिर वही करेगी....

डडिजान- पर आपके अलावा हमे कोई कैसे....

गोलू hhai(beech में)- sshhhh...wo मेरी साथी hi hai....aur haa....mujhe ये सब देखने में ज्यादा मज़ा आता hai....aur haa....ye तुम दोनों का इम्तिहान hai...sekhe तो कौन मुझे पाने की ज्यादा तमन्ना रखता hai...samjh गई न...

गोलू भाई की बात पर अम्मी और डडिजान कुछ नहीं boli...bas ख़ामोशी से ek-dusre को देखने लगी....

तभी कमरे में एक जवान लड़की दाखिल hui....jo की एक हंटर ले कर आई थी....

उस लड़की को देखते hi गोलू भाई मुस्कुराये और सोफे पर बैठ गए....

गोलू भाई- अब ये दोनों तुम्हारे hawale.....jo चाहे karo.....dekhe तो इनके जिश्म में कितना डैम है.....

गोलू भाई की बात ख़त्म होते hi वो लड़की डडिजान के पास पहुंची और एक हंटर फटकार दिया.....

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डडिजान- aaaaiiiiii.....aahh...tum...tum हो कौन...

लड़की- यहाँ सवाल पूछने का हक़ तुम्हे नहीं hai....tum बस अपने जिश्म का socho.....socho की उसकी खाल उधड़ने वाली hai...soch साली....

और फिर उस लड़की ने एक के बाद एक हंटर बरसाने सुरु कर diye....aur तब तक barsaaye....jab तक की डडिजान की पेशाब न निकल गई....

डडिजान की छूट से पानी की धार निकल कर फर्श गीला जरने lagi...aur उनकी आँखों से आशुओ की धार उनके चेहरे को ढकने lagi...aur उनकी चीखे तो मनो आज सारे गाओं में hi खलबली मचा देती.....

डडिजान- aaaaaaaaaiiiiiiii....bas....bas karo....aaahhhhhh...maaar...gai....aaahhh...ammmii.....

डडिजान की ऐसी हालत देख कर मेरे रोम भी खड़े हो गए the....aur मैं सोचने लगा था की अब मेरी अम्मी का क्या hoga....kyoki उनका जिश्म तो डडिजान से भी नाजुक और गोरा है....

तभी वो लड़की अम्मी की तरफ आई और उन्हें घूर कर देखने लगी....

लड़की- तुझे अपनी खूबसूरती पर बड़ा नाज है न....

अम्मी- पहले ये बताओ की तुम हो कौन....

लड़की- तुम जैसो से बात करने के लिए मैं अपने मुँह का nhi...balki हाथो जा इस्तेमाल करती hu....yeeehh...

और फिर उस लड़की ने अम्मी के सीने पर हंटर फटकार diya....jisse अम्मी तड़प उठी...

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अम्मी- aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhh.....aaaaahhh....mar गई....

लड़की- बहुत नाज है न तेरे जिश्म par.....ab dikha....kus काम का है ये.....

और फिर उस लड़की ने अम्मी को भी तब तक हंटर से udheda....jab तक की अम्मी की पेशाब न निकल गई....

गोलू भाई- bas....bahut hua...ab तुम जा सकती हो.....

लड़की - जैसा आप कहे....

ये बोल कर लड़की ने हंटर फेका और कमरे से निकल gai....aur उसके जाते hi गोलू भाई ने अम्मी और डडिजान को खोल कर सोफे पर बैठा दिया....

गोलू भाई- अब तुम दोनों आराम karo....main बाद में आता हु...

अम्मी- par...aah...jane के pahle...ye तो बताइये ki..uum...ki हम में से जीता कौन....

Main(man में)- ammi....tum तो bilkul....saala खाल खींच gai....aur इन्हे jeet-haar की पड़ी hai.....pata नहीं कितनी बड़ी वाली रंडी बन गई अम्मी....

गोलू bgai(muskura कर)- dono....ab आराम karo....aata हु.....

ये बोल कर गोलू भाई निकल gaye......aut यहाँ अम्मी , डडिजान कद साथ कराहती हुई सोफे पर पसर gai.....aur तभी रिकॉर्डिंग ख़त्म हो गई.....

Main(man में)- ये kya....ye बंद क्यों हो gai....ohh...iske आगे क्या हुआ hoga.......ya बस इतना hi tha.....par अम्मी तो पूरी रात यही thi....to फिर और क्यों नहीं है....

मैं यहाँ रिकॉर्डिंग ख़त्म होने की वजह से परेशान बैठा tha....aur वह घर के दूसरे कमरे में गोलू भाई उस लड़की और राजू के साथ बातें कर रहे थे.........

गोलू भाई- तो तुम दोनों समझ गए na...ki आगे क्या करना है....

लड़की- hmm...par आपको नहीं लगता की ये कुछ ज्यादा hi खतरनाक है....

राजू - haa...mujhe भी ये ठीक नहीं लग रहा.....

गोलू भाई- तुम लोग डरो mat.....khatron से निपटना मुझे अच्छी तरह से आता hai.....waise bhi...main जब तक इंसान की कमजोरी नहीं ढूंढ leta....tab तक उन पर वार नहीं करता....

लड़की- तो क्या आपको कमजोरी मिल गई....

गोलू bhai(muskura कर)- hmm..badi खूबसूरत कमजोरी है.....

लड़की- ohh....tab तो कोई टेंशन hi nhi...bataiye कब करना है.....

गोलू भाई- वो मैं फोन पर बता duga...filhaal तुम यहाँ से niklo....kyoki मैं नहीं चाहता की किसी को ये शक भी ho...ki तुम जिन्दा ho....samjhi....

लड़की- पर मुझे तो कोई पहचान hi नहीं सकता न.....

गोलू भाई- जनता hu...par शक का कीड़ा बुरा होता hai....isliye मैं उस शक को पनपने hi नहीं देहना chahta....tum niklo...aur राजू tum....tumhe पता है न की आगे क्या करना है....

राजू- जी bhaiya......main जाता हु...

ये बोल कर राजू निकल आया और फिर वो लड़की भी गोलू भाई के इसारे पर घर के पीछे से निकल गई.....

गोलू भाई- chalo....ab एक नया खेल सुरु करते hai....ek नए मोहरे के sath.....bilkul नए अंदाज me....huh...

और फिर गोलू भाई भी उस रूम से निकल आये.....

===================

यहाँ मैं अपनी सोच में hi डूबा था की कल रात अम्मी और डडिजान के साथ और kya-kya हुआ hoga.....aur वो लड़की कौन thi...ki तब्बी दरवाज़ा खुलने से मैं ख्यालों से बाहर आ गया......

Raju(darwaja खोल कर)- देख लिया....

मैं- haa...par आगे क्या हुआ....

राजू- आगे जो भी hua...wo गोलू भाई के कमरे में hua....aur उसकी रिकॉर्डिंग मेरे पास नहीं है....

मैं- ohh...chalo....itna hi sahi....waise इतने में hi मज़ा आ gaya....par एक बात समझ नहीं aai....wo लड़की कौन थी....

राजू- wo...wo तो मैं भी नहीं janta.....are उसको chhod.....tu ये बता की और मज़ा लेना है....

मैं- अरे nhi...aaj बहुत hua.....haalat खराब हो रही है....

राजू- जैसी तेरी marji.....par मन हो तो aaja.....thoda तो देख hi ले....

मैं- hmm..thoda देख कर चला जाउगा....

ये बोल कर मैं राजू के साथ चल पड़ा और फिर एक कमरे की खिड़की के पास आ gaya....aur जैसे hi मैंने भीतर का नजारा dekha....to मेरा दिल खुश हो गया......

Main(dheere से)- ये तो कोई बेहद सरीफ और मजहबी खातून लग रही है....

राजू- वो तो hai.....par ऐसी खातूनों की असलियत तो dekho.....saali गजब रंडी होती hai.....uper से sarafat....aur भीतर से बड़ी वाली रंडी....

मैं- अच्छा....

राजू- और नहीं तो kya...dekh नहीं raha.....chudne भी आई है तो पूरी तरह लिवास में कैद हो kar....jaise की साली ऐसे hi छुड़वा legi...dekhna....thodi देर में hi नंगी नाचेगी....

राजू का इतना बोलना hi था की गोलू भाई कमरे में दाखिल हुए.. और उनका इसरा होते hi उस खातून ने अपना नकाब हटाया.....

और जैसे hi मैंने उसका चेहरा dekha....to मेरा दिमाग हिल गया....

Main(man में)- ये kya...ye तो meri....nhi...ye नहीं हो sakta.....kabhi nhi.....kabhi नहीं.....

नोट - अपडेट पोस्टेड frnds.....hope ु लिखे आईटी......

थैंक्स फ्रेंड्स......


कीप रीडिंग.........
 
Hello फ्रेंड्स.....

अपडेट न करने के लिए sorry....but अभी कुछ दिन और अपडेट नहीं आयगे ...और उसकी वजह खास है....

ी म इन हॉस्पिटल now.....but दोय worry....i म अबसुळातल्य फाइन....

मई बी टुनाइट और टुमारो morning.....ek नन्हा मेहमान मेरी लाइफ में आने वाला hai....bas उसी के स्वागत की तैयारी में हु...

सायद आप सब समझ चुके hoge....ki मैं क्या कह रहा हु...

सो frnds......wish में गुड luck......kyoki ये मेरी लाइफ का सबसे यादगार टाइम होने वाला है.....

एंड वेट सम डेज 4 नई updates.....ok

थैंक्स फ्रेंड्स.....

कीप रीडिंग........
 
Hello फ्रेंड्स.......

ी म फीलिंग वैरी हैप्पी तो शेयर विथ ु आल माय ग्रेटेस्ट मोमेंट ऑफ़ माय लाइफ......

ी म बिकम फादर now......blessed विथ ा बेबी बॉय.....

ी म वैरी थैंकफुल्ल तो आल ऑफ़ उर्स बेस्ट विशेष.....

Now.....abt story.....so frnds...u हैवे तो वेट ाटलिस्ट 5-6 डेज मोरे 4 नई उपदटेस....

वन्स ी गोत डिस्चार्ज फ्रॉम hospital...then ओनली i'll गेट सम टाइम 4 वृत्तिंग....

सो वेट सम मोरे डेज.....

थैंक्स........
 
अपडेट - 61

राजू का इतना बोलना hi था की गोलू भाई कमरे में दाखिल हुए.. और उनका इसरा होते hi उस खातून ने अपना नकाब हटाया.....

और जैसे hi मैंने उसका चेहरा dekha....to मेरा दिमाग हिल गया....

Main(man में)- ये kya...ye तो meri....nhi...ye नहीं हो sakta.....kabhi nhi.....kabhi नहीं.....

अब आगे........

[ माजिद की जवानी..........]


क्योकि सामने कड़ी खातून और कोई nhi....balki मेरी पहचान की भाभीजाण थी......

असल में मेरे अब्बू के एक चहेरे चाचा the.....ye उन्ही के बेटे नासिर की बीवी thi....nazia....

अपनी भाभीजाण को गोलू भाई के साथ देख कर मेरा दिल धक् हो गया tha...kyoki मैं सोच भी नहीं सकता था की नाज़िआ भाभीजाण जैसी नेक और सरीफ ायरत इस कदर की हो सकती है....

जी haa....nazia भाभीजाण एक बेहद hi सरीफ खातून thi.....aur मेरी उनसे बहुत ज्यादा बनती thi.....kyoki नासिर भाईजान मुझे सेज भाई की तरह मानते the...isliye नाज़िआ भाभीजाण भी मुझे बहुत प्यार करती थी.....

Main(man में)- भाभीजाण आखिर गोलू भाई के चंगुल में फांसी kaise....ye तो सहर में रहती thi.....bas कुछ वक़्त पहले hi गाओं में लौटी hai......kya आते hi पैट gai....nhi.....aisa कैसे हो सकता hai.....kuch भी ho....main पता कर के hi डैम luga....par अभी तो.....

तभी गोलू भाई की जोरदार आवाज सुन कर मैंने दोचना छोड़ा और सामने का नज़ारा देखने लगा.......

गोलू भाई- अब कड़ी hi rahegi....jaldi कर.....

भाभीजाण- जी हुजूर.....

ये बोल कर भाभीजाण ने अपना लिवास निकला और salwar-kurti में आ गई.....

गोलू भाई - hmm...chal एक पेग bana....aur फिर dikha....kaise लहराता है तेरा जिश्म....

गोलू भाई की बात सुन कर भाभीजाण ने जल्दी से एक पेग बनाया और गोलू भाई को पकड़ा दिया....

और फिर कमरे में एक मुजरा वाला गण बजने laga....aur भाभीजाण मस्त हो कर बड़े दिलकस तरीके से नाचने लगी.....

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Main(man में)- आखिर ये भाभीजाण गोलू भाई की हो हुई kaise......aur kab....ye तो गाओं में आने के बाद भी घर से निकलती hi नहीं थी jyada....aur निकलती थी तो पूरी तरह लिवास me.....to ये कैसे....

Raju(haath मार कर)- kyo....ab भी घर जाना है....

मैं- huh..nhi...filhaal तो बिलकुल नहीं.....

और मैं फिर से भाभीजाण का नाच देखने लगा....

भाभीजाण बड़े कामुक तरीके से अपने जिश्म को थिरकते हुए गोलू भाई को खुश कर रही thi...aur फिर एक इसरा पते hi...unhone अपनी कुर्ती निकाल feki....jisse उनके दोनों दूध बाहर उछलने लगे....

Main(man में)- ये kya.....bhabhijaan ने ब्रा भी नहीं pahni......kyo...

और मैं कुछ सोच भी pata....usse पहले hi उन्होंने अपनी सलवार का नाडा खोल diya...aur सलवार सरसराते हुए फर्श पर गिर gai......aur भाभीजाण पूरी तरह से नंगी हो कर नाचने लगी......

मैं- uffff...kya हसीं जिश्म है इनका....

राजू- hmm...par तू गांड dekh.....dekh कितनी bhari-bharkam हो गई है.....

मैं- अरे haa....par गांड hi kyo....doodh भी यो dekh......aur ये तो बहुत छोटी है abhi.....to ये सब बड़े कैसे....

राजू- सब गोलू भाई की मेहरवानी hai....tu खुद देख lena....ruk थोड़ा....

मैं- hmm...ab तो देख कर hi जाउगा.....

वह भाभीजाण नंगी हो कर अपनी बड़ी गांड और दूधो को हिलाते हुए गोलू भाई के करीब पहुंच गई....

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और तभी गोलू भाई ने उनके ऊपर शराब का पेग दे mara....jisse भाभीजाण का जिश्म शराब से तर हो गया.....

गोलू भाई- अब शराब और शबाब का मज़ा aayga....aahh..

और गोलू भाई ने भाभीजाण को खींच कर अपनी गॉड में baithya....aur शराब से तर उनके दूध चूसने लगे......

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गोलू भाई- uuuummmmmm....uuuummmmmm.....uuuummmmmmm....uuummmm....

भाभीजाण- uuuffff.....aapke यही कारनामे तो हमे आपके करीब खींच लेट hai....uuummm...choos डालो inhe....inhe और भी bada...aaahhh...kato मत न....

गोलू भाई बड़ी जोरो से भाभीजाण के दोनों दूधो को bari-bari से चूस रहे the.....aur उनका हाथ भाभीजाण की मदमस्त गांड को dawa-dawa कर लाल कर रहा था.....

और मेरी प्यारी नेक भाभीजाण अपने जिश्म को गोलू भाई के हवाले कर के आँखे मूँद कर सिसक रही थी....

ये नजारा देख कर मेरे लुंड ने फिर से अंगड़ाई ले ली....

थोड़ी देर तक भाभीजाण के दूध चूसने के बाद गोलू भाई ने उन्हें फर्श पर पटक diya.....aur अपने कपडे निकाल कर नंगे हो गए....

गोलू भाई- chal...ab तेरी baari....khush कर mujhe....dikha तेरे भीतर की रंडी कितनी बड़ी hai....dikha मुझे की तू मेरी रंडियों में कितने आगे hai....dikha....

भब्जीफन- ये तो मेरी खुशनसीबी है हुजूर.....

ये बोल कर भाभीजाण ने शराब के 2 पेग बनाये और एक पेग गोलू भाई को देकर दूसरा पेग खुद ले लिया....

और फिर उन्होंने वो kiya...jo मैं सोच भी नहीं सकता था....

भाभीजाण ने अपने पेग में गोलू भाई का लुंड dala....aur फिर उसे पेग से निकाल कर मुँह में भर liya.....aur जोर से चूसने लगी......

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भाभीजाण- aaauuuummmmmmmmmm......aahh...uuuummmmm...uuuuuummmmmmmmhhh....aahh...

गोलू भाई- aahh...sabaash.....accha कर रही है...

भाभीजाण baar-baar लुंड को पेग में डूबा कर चूस रही thi...aur गोलू भाई मस्ती से अपना पेग ख़त्म कर रहे थे....

कुछ देर बाद भाभीजाण ने थोड़ी सी शराब से गोलू भाई का लुंड नहला diya...aur फिर लुंड चाट ते हुए उनके गोलों तक पहुंच gai...aur bari-bari से गोलों को चूसने लगी.....

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भाभीजाण- uuuummmm...uuummm..aahh.....aaauuuummmmm....aahh..sssrrruuuupppp.....aaaauuuuummmmm.......uuummmm..

गोलू भाई- uummm....maza आ रहा hai....karti raho....joor से.....

ये नजारा देख कर मेरा लुंड फटने को तैयार हो gaya.......par भाभीजाण की मस्ती देख कर मैंने अपने आपको काबू में rakha....kyoki मुझे भाभीजाण का रान्दीपन बहुत अच्छा लग रहा था.....

भाभीजाण ने जी भर कर गोलू भाई के लुंड को शराब से तर कर के choosa....aur फिर उन्होंने वो काम kiya....jo सायद hi कोई करता हो...

भाभीजाण ने गोलू भाई की तागे ऊपर ki....aur शराब से उनकी गांड को नहला दिया....

और फिर अपनी जवान निकाल कर गोलू भाई की गांड चैहटन लगी.......

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भाभीजाण- ssssrrrrruuuuuuuppppppp....ssssrrruuuuppppppp.......aaahhh....aapko पसंद आया न.....

गोलू भाई- मेरी chhodo....tumhe मज़ा आ रहा है न....

भाभीजाण- sssrrrruuuuppppp...aaahh...bahut....bahut jyada...ssssrrruuuupppp....sssrrruuupppppp.....

और भाभीजाण अपनी नाजुक जवान से गोलू भाई की गांड का छेद चाटने में मसगूल हो गई.....

भाभीजाण की हरकत मेरे लुंड को पिघलने के लिए काफी thi....aur इसलिए एक बार फिर मेरे लुंड ने पानी बहा दिया....

पर वह भाभीजाण ने एक कदम आगे badaya.....unhone गोलू भाई की गांड फैलाई और अपनी जवान को छेद में दाल दिया....

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गोलू भाई- अरे saali....kya कर रही है....

पर गोलू भाई की बात का भाभीजाण ने कोई जवाब नहीं diya....wo तो मज़े से गांड में जवान को भीतर तक दाल कर चूसने लगी....

भाभीजाण- uuummm..uuummm..uummm..uummm..uuummm..uummm.....

भाभीजाण की हरकत से गोलू भाई भी अब पूरी तरह गरम हो चुके the....isliye कुछ देर बाद hi उन्होंने भाभीजाण को रोका और सोफे पर पटक कर पीछे से उनकी गांड में लुंड दाल दिया.....

भाभीजाण- aaaaaaiiiiiiii.....choot भी मार dete......aaahhh....

गोलू भाई- तू जानती है na....main पहले तेरी गांड hi मरता hu...le...maza ले....

और गोलू भाई भाभीजाण की जोरदार गांड मारने lage....aur भाभीजाण दर्द से चीखती हुई माहौल को खुशनुमा बनाने लगी....

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भाभीजाण- aaahhhh....aaahhh....meri gaand.....aaahhhh...mar गई रे....

गोलू भाई- चुप saali.....pahli बार नहीं मरवा रही.....

भाभीजाण- aaaahhh...par आपका ये lund...aaahhhh.....har बार फाड़ देता hai....aaahhh....mar gai.....aaahhh..

भाभीजाण भले hi तकलीफ में thi...par मज़ा उन्हें बहुत आ रहा tha....aur इसका सबूत था उनकी गांड का ताल से ताल milana.....wo अपनी गांड पीछे kar-kar के गोलू भाई का लुंड खा रही thi.....aur मज़े से चीख रही थी....

थोड़ी देर तक भाभीजाण को कुटिया की तरह पेलने के बाद गोलू भाई ने उन्हें पलटा कर सीधा किया और बापिस गांड मारने लगे.....

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अब भाभीजाण भी गरम हो कर अपनी छूट मसलते हुए गांड चुदाई का भरपूर मज़ा ले रही थी.....

भाभीजाण- aaaahhh...ab जोर से maaro...aaahh...

गोलू भाई- आ गई ायकाट pe....le saali....ye le....yeeehhh...yeeehhh...yeeehhhh....

भाभीजाण- aaaaaaahhhhhhh....aise hi मेरे malik...kya खूब मारते ho...maaro...aaahhhh....aaahhhh....

और फिर गोलू भाई ने पूरी रफ़्तार से भाभीजाण को कुचलना सुरु कर diya....aur भाभीजाण भी अपनी छूट रगड़ते हुए गांड को uchaal-uchaal कर चुदाई का मज़ा लेने लगी.....

भाभीजाण- aaaahhhhhh..main...aahh..main aaiii...aaahhh..aaahhh...aaahh...

और फिर अचानक से भाभीजाण की छूट की गर्मी पानी बन कर बाह nikli...aur वो एकदम से पास्ट पद गई.....

भाभीजाण की हालत देख कर गोलू भाई थोड़ा रुके और फिर खुद सोफे पर बैठ कर भाभीजाण को अपनी गॉड में चढ़ा लिया....

गोलू भाई- जानती है न की अब....

Bhabhijaan(beech में)- जानती hu....mahino से आपका लुंड खा रही hu...ab भी नहीं जाँऊगी क्या....

Main(man में)- महीनो se....par बाभीजाण को सहर से लौटे तो 2 hi महीने huye....to क्या ये आते गोलू भाई का लुंड खाने लगी thi....khair वो बाद me.....abhi देखु to...ki कितनी बड़ी रंडी हो गई......

वह भाभीजाण ने लुंड को खुद से अपनी गांड में सेट किया और एक बार में hi भीतर ले गई.....

भाभीजाण- uuuffff....ye कब तक तकलीफ देता रहेगा.....

गोलू भाई- जब तक तू इसे कहती rahegi...chal अब सुरु हो जा....

गोलू भाई की बात सुनते hi भाभीजाण के जिश्म में अचनाक से फुर्ती आ गई और वो बड़े जोर से uchal-uchal कर अपनी गांड मरवाने लगी.....

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भाभीजाण- aaahhh...aaahhh...aaahhh...aaahhhh....

गोलू भाई- बहुत acche.....joor से कुण्ड saali....ye तेरे सौहार का लुंड नहीं.....

भाभीजाण- aaahh...janti hu...ye मेरे मालिक का लुंड hai....mere सौहार का तो गांड में घुस hi नहीं paya....aaahhhh....accha hua....us नामुराद से मरवाती to...aaahhh...pyaasi रह जाती....

गोलू भाई- वैसे वो है कहा......

भाभीजाण- aaahh.....ghar पर hi hoga...aaahhhh....

गोलू भाई- accha....to तू कैसे आ गई....

भाभीजाण- aaahhh...aapne जो हुक्म किया tha...aaaahhh...aati कैसे nhi....aaahhh...aaahhh...

गोलू भाई- accha....agar वो मन करता तो....

भाभीजाण- aaahhh...to छोड़ देती use.....sach बोल कर aati...aaahhh...ki छोड़ने जा रही hu....aahhh...aa कर देख le...aaahhh...aaahhh...

गोलू भाई- इतनी डैम है तुझ में.....

भाभीजाण- aaahhh...ha hai....aahhh..aap जानते ho...main...aaahh....main उसकी मौजूदगी में भी चुद चुकी hu...aaahhh...meri choot....aaahhh...gaaaiiiii....aaahh.. आअह्ह्ह...

और ये bolte-bolte भाभीजाण एक बार फिर से झाड़ कर शांत हो गई.....

भाभीजाण- aahhhh...yaad है na....kitni बार चूड़ी hu...uski नाक के नीचे....

गोलू bhai(muskura कर)- याद hai.....aaja साली raand.....isi बात पर तेरी छूट मारता हु....

और फिर गोलू भाई ने भाभीजाण को घमाया और छूट में लुंड पेल कर आराम से छोड़ने लगे.....

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भाभीजाण- aaahhh...ab जा कर सुकून मिला छूट को.....

गोलू भाई- accha....theek hai...ye बता की तेरी अम्मी कैसी है....

Bhabhijaan(muskura कर)- आप bhi....beti को छोड़ कर अम्मी के पीछे क्यों पड़े ho...beti से मन भर गया क्या....

गोलू भाई- अरे nhi....par ऐसी गरम बेटी को निकलने वाली छूट की गर्मी भी जबरजस्त होती है न.....

भाभीजाण- aaahh...janti hu...aap को रोक नहीं sakti....aap करोगे wahi...aaaahhh....theek hai....ammi कल आने वाली है.....

गोलू भाई- ohhh..ye हुई न baat.....aur तेरी छोटी behen...uska kya....wo आ रही है न.....

भाभीजाण- aàahhhh...ha baba....wo भी aaygi....par kal....abhi आप मुझे तो pelo....ruko...main खुद hi....aaahhh...aaahh..

और भाभी जान ने अपने आपको सेट किया और फिर से जोर से उछाल कर छुड़वाने लगी.....

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भाभीजाण- aaaahhh...aaahhhh...aaahhh....aaahhh...aaahhhh....

गोलू भाई- aaahhh....karti रह saali....kal तेरी जगह कोई और उछलेगा....

भाभीजाण- aaahhhh...kal की कल dekhege....aaahhh....aur वो मेरी तरह नहीं हो sakti...aaahhh...aaahhh...aaahh...

गोलू भाई- ये तो hai....tere जिश्म का कोई जवाब nhi....yeehhh...yeeehhh..yeeehhh...

Main(man में)- ये kya.....kya भाभीजाण की अम्मी और बेहेन भी गोलू भाई के sath....par ये कैसे हो सकता hai....wo तो दूसरे गाओं में रहती hai...to fir...par हो भी सकता hai.....jaise गोलू भाई ने मेरी ममिजान और अप्पी को छोड़ा tha...to सायद ऐसे hi भाभीजाण की अम्मी और बेहेन ko...uuff.....par वो तो बड़ी नाजुक सी hai....uske तो दूध भी नहीं भरे abhi...aaahhh....ye सोच कर hi....huh..

तभी भाभीजाण की तेज चीख से मैं ख्यालों से बहार aaya...aur मैंने देखा की गोलू भाई भाईजान को सोफे पर पटक कर उनकी गांड मार रहे the....aur साथ hi साथ गांड पर थप्पड़ो की बौछार भी हो रही थी....

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गोलू भाई- क्या बोलै saali....teri अम्मी गांड नहीं degi....haa....

भाभीजाण- aaahhh....main क्या bolu...aaahh...aap hi jano...aaahhh..aaahhh...maro मत न....

गोलू भाई- पहले बोल की वो गांड degi....bol साली...

भाभीजाण- aaahhh...ha..ha degi...aaahh...degi...degi...degi....

गोलू भाई- ये हुई न baat...ab मज़ा ले....

और फिर गोलू भाई ने भाभीजाण को पकड़ कर 20 मिनट तक उनकी गांड maari....aur जब वो झड़ने को आये तो उन्होंने भजन को नीचे बैठ्या और उनके मुँह में झड़ने लगे.....

भाभीजाण- aaauumm..aahh...yahi तो चाहिए mujhe.....pilao...uumm...pilao....uumm..uumm..

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और थोड़ी hi देर में भाभीजाण लुन्द्रास की हर एक बूँद जातक gai.....aur फिर गोलू भाई का लुंड चूस कर साफ़ कर दिया......

भाभीजाण- aaahhhh.....maza आ गया.....

गोलू भाई- hmm...chal अब फ्रेश हो कर निकल जा.....

भाभीजाण- पर अभी तो एक hi बार....

गोलू bhai(beech में)- bas....aaj इतना hi काफी hai.....mujhe कही जाना है abhi....aur haa....tu फ़िक्र मत kar....jaldi तेरे पास aauga.....fir तेरे hi घर me...tere hi बिस्तर पर तेरी गांड faduga...theek है.....

Bhabhijaan(muskura कर)- मज़ा आएगा.....

गोलू भाई- तो अब तैयार हो कर निकल......

ये बोल कर गोलू भाई दूसरे कमरे में चल pade....aur भाभीजाण भी अपने कपडे समेत कर बाथरूम में घुस गई......

उन दोनों के जाने के बाद मैं भी चुपचाप घर से बहार आ gaya....aur गली में छुप कर भाभीजाण का इंतज़ार करने लगा......

थोड़ी देर बाद मैंने देखा की भाभीजाण पूरी तरह लिवास और नकाब में कैद हो कर आ रही hai.....to मैं समझ गया की पक्का वो गोलू भाई के घर के पीछे वाले दरवाजे से निकल कर आई hai....kyoki मैंने वह से दूसरी अयर्तों को भी निकलता देखा था.....

मैंने देखा की भाभी जान बड़ी सराफत से गर्दन झुकाये dheere-dheere चलती हुई अपने घर की तरफ बाद दी.....

Main(man में)- wah....sarafat तो देखो inki....sala कोई कह hi नहीं सकता की कुछ वक़्त पहले hi ये सरीफ खातून एक बड़ी वाली रंडी को भी पीछे छोड़ रही thi....huh....koi बात नहीं bhabhijaan....abhi आप jao.....par ये तो मैं जान कर hi रहुगा की नाज़िआ भाभीजाण गोलू भाई से कैसे फास gai.....aur वो भी जल्दी hi.....main कल hi आता हु आपके paas.....fir देखता हु की आप मेरे सवालों का क्या जवाब देती है.....

ये सब सोच कर मैं भी अपने घर आ gaya.....aur बिना अपने ammi-abbu की परवाह किये सीधा अपने कमरे में घुस गया....

फिर मैं फ्रेश हो कर गहरी नीड में सो gaya......kyoki आज मेरे लुंड ने इतना पानी पहिया था की मेरी साड़ी ताक़त ख़त्म हो चली थी....

Khair....meri तरह मेरी अम्मी ने भी मेरी कोई परवाह नहीं ki.....na hi उन्होंने ये सोचा की मैं कहा tha...kaha hu..aur न hi खाने के बारे me....ki मैं भूखा hu....maine खाना खाया की nhi....aur खाया भी तो कहा से.....

Khair....ammi को भले hi मेरी परवाह न thi....par भूख लगने पर मेरी मीड जरूर टूट gai....aur जब मैं जगा तो मैंने देखा की आधी रात से ज्यादा का वक़्त था....

मैं इस वक़्त भूख से बेचैन tha...isliye तुरंत कमरे से nikla...aur अम्मी के रूम में घुस गया....

मैंने देखा की अम्मी पूरी तरह बेसुध हो कर सोइ पड़ी thi......aur उन्हें देखते hi मेरा गुस्सा सातवे आसमान पर पहुंच गया.....

Main(man में)- देखो to....ye मेरी अम्मी hi है na.....huh...par आज तो मुझे ऐसा लगता hi nhi.....inhe जरा भी परवाह नहीं की मैं पुरे फिन से कहा गायब hu.....main इनको घर में न प् कर क्या सोच रहा tha....aur मेरा khana...inhe तो ये भी याद नहीं रहा की बेटे को खाना भी खाना होता hai...huh....saali रंडी....

मैं अम्मी को कोसते हुए किचेन में पंहुचा तो चौंक gaya....kyoki किचेन में खा मौजूद था.....

मैं- ohh...to खाना बना diya....chalo...kuch तो बाकि hai....mujhe तो लगा था की अब सिर्फ गोलू भाई hi सबकुछ है....

खैर खाना देखते hi मैं खाने पर टूट पड़ा और दवा कर खाने के बाद दोवारा से सो गया.....

मैं ये सोच कर सोया था की कल सुबह मैं अम्मी और नाज़िआ भाभीजाण से खुल कर बात कर लगा.....

पर जब अगली सुबह मैं तैयार हो कर बाहर आया तो मुझे अम्मी नहीं mili....mile तो बस अब्बू....

और अब्बू ने बताया की अम्मी फरहा डडिजान के पास गई hai.....aur haa..nasta, खाना तैयार hai...kha लेना....

इतना बोल कर अब्बू भी बहार चले gaye....aur मैं भी सब कुछ भूल कर नास्ता करने लगा....

Main(nasta करते हुए)- लगता है आज अम्मी और डडिजान फिर से छुड़वाने गई hai.....huh...jane do.....main भी कजलील और बाकि दोस्तों को घर बुला लेता hu.....aakhir पता तो चले की खलील के सामने उसकी अम्मी की खुल कर चुदाई होने के बाद वह हुआ क्या.....

Khair.....kuch देर बाद hi मेरे घर पर खलील और आलम आ gaye....aur खलील ने आगे की कहानी बतानी सुरु की....

[ आगे की KAHAANI.....KHALEEL की जवानी........]

तो जैसा की मैंने बताया था की आखिरकार मेरी अम्मी ने अपनी शर्म की साड़ी हाडे तोड़ दी thi.....wo मेरे यानि की अपने सेज बेटे के सामने एक गैर मर्द से मज़े ले कर चुद चुकी thi....aur साथ hi साथ अपने बेटे यानि की मुझे ये समझा भी रही थी की आखिर क्यों वो गोलू भाई से चूड़े बिना नहीं रह सकती.....

Khair....ammi ने भले hi मुझे आज खुल कर ये सब बताया tha...par मैं तो कई दिनों से उनकी इस कदर की चुदाई देख रहा tha....aur यकीन मनो dosto...ab मुझे भी सिर्फ यही लगता था की मेरी अम्मी को सिर्फ गोलू भाई hi chode....aur मैं अम्मी की मादक चीखे सुनते हुए उनकी चुदाई का भरपूर मज़ा लू...

Khair....ab आगे बढ़ते hai....to हुआ यु की अम्मी का दिल अभी भी पूरी तरह से नहीं भरा tha....ya यु कहे की गोलू भाई अभी भी अम्मी को मेरे सामने छोड़ने को बेताब थे.....

इसलिए खाना होने के बाद जैसे hi हम सब बापिस मेले की तरफ chale....to रस्ते में गोलू भाई ने कार रुकवाई और राजू को सड़क से काफी दूर एक झरने पर पानी लेने भेज दिया.....

अम्मी- आपने यहाँ क्यों रोका....

गोलू भाई- yaha....wo इसलिए की मैं इन खुली फिज़ाओ में तुम्हे जी भर के छोड़ saku...bolo....tum तैयार हो न....

Ammi(sharma कर)- पर खलील....

Main(man में)- ohh....to इन्हे मेरे होने से परेशानी है bas...baki खुले में छोड़ने को तो तैयार hi है....

गोलू भाई- अब खलील से क्या sharmana.....wo यो सब जनता hi hai...fir भी पूछ लेता hu...kyo khaleel...main तुम्हारी अम्मी को यहाँ पर नंगा कर के छोड़ू तो तुम्हे कोई परेशानी....

Main(man में)- wah....ek बेटे से पूछ रहे हो की उसकी सगी अम्मी को खुले में पूरा नंगा कर के छोड़ना hai......huh...main क्या bolu....mujhe तो अभी से मज़ा आने लग.....

अम्मी- beta....bolo na....kya हम यहाँ.....

मैं- huh...matab...ammi...aap क्या चाहती hai....kya आपको यहाँ खुले में छोड़ना सही लगेगा.....

Ammi(najren चुरा कर)- मैं क्या bolu...kabhi ऐसा किया नहीं की खुली सड़क पर चूड़ी hu....par इन्होने बोलै है to...main तो तैयार हु.....

Main(muskura कर)- तो फिर मुझे क्या परेशानी hogi....main तो बस आपको खुस देखना चाहता हु.....

गोलू भाई- ये हुई न baat....to चलो इसी बात par...khaleel....tum अपनी अम्मी को नंगा karoge.....chalo सुरु हो जाओ....

मैं- पर ammi....ammi को कोई परेशानी.....

Ammi(beech में)- नहीं beta.....agar तू मुझे नंगा कर के छोड़ने केलिए bolega....to ये तो मेरे लिए ख़ुशी की बास्त होगी.....

Main(msn में)- kya....ye मेरी अम्मी hi है या कोई randi...khair.....mujhe kya.....mujhe तो बस मज़ा लेना है.....

इतना सोच कर मैं आगे बड़ा और अम्मी ने जो t-shirt पहनी thi...use निकलने लगा....

जैसे hi मैंने टॉप को नीचे से पकड़ा तो अम्मी ने अपनी बाहें ऊपर उठा li....jisse उनके bade-bade दूध और ज्यादा उभर कर मेरे सामने आ गए.....

और जैसे hi टॉप निकला तो अम्मी के दोनों दूध उछालते हुए मेरे मुँह के सामने लहराने lage....kyoki अम्मी ने ब्रा नहीं पहनी थी.....

मैं बड़े प्यार से अम्मी का टॉप निकलने के बाद नीचे बैठा और उनका स्कर्ट भी निकाल दिया......

अब अम्मी एक सुनसान सड़क किनारे पूरी तरह नंगी कड़ी thi....wo भी अपने बेटे के saamne...ek गैर मर्द से छोड़ने के लिए......

मैं- ammi....aapka जिश्म तो बड़ा कमाल है....

Ammi(sharma कर)- haat....aisa नहीं bolte....main तेरी अम्मी hu.....ab हैट सस्मने se....wo इंतज़ार कर रहे है.....

अम्मी की बात सुन कर मैं सामने से हटा और अम्मी सीधा गोलू भाई के सामने जा कर घुटनो के बल बैठ गई....

और कुछ hi लम्हो में अम्मी ने गोलू भाई के लुंड को बाहर निकला और मज़े से चूसने लगी......

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अम्मी- aaauuummmm...uuummmm...uuuummmmm...uuuummmm...uuummmm....

गोलू भाई- aahh....tu अब कमाल चूसने लगी hai.....bahut khoob.....dikha अपने बेटे को की तू कितनी अच्छी है चूसने में.....

मैं- है ammi....batao तो sahi.....aur ये भी की गोलू भाई का इतनी जल्दी कड़क कैसे हो gaya.....abhi कुछ देर पहले hi तो इन्होने तुम्हे जैम कर छोड़ा था न....

अम्मी- aauuummmmhhhh...aahh...ha beta....par dekh....inka कितना कड़क रहता hai...aasuuummmm..uuummmhhh....aah......ye तो हमेशा hi छोड़ने के लिए तैयार रहते hai.....aaauuummmmm...uuummmm..uuummmmm...

मैं- ammi....kya अब्बू का भी....

अम्मी- uuummuuummmmhh...aahh...naam मत लो uska.....uska तो अब एक बार भी ठीक से कड़क नहीं hota....chal अब चूसने de......aaauuummmmm...uuummmm...

और अम्मी बड़ी तेजी से गोलू भाई का लुंड चूसने lagi......aur करीब 10-15 मिनट लुंफ चुसवाने के बाद गोलू भाई ने अम्मी को रोक कर कार के बोनट पर लिटाया और उनकी तागे उठा कर लुंड को अम्मी की छूट में पेल दिया.....

अम्मी- aaahhhh....dekh ले beta.....ye फिर से मेरी फाड़ने लगे......

मैं- है ammi...main देख रहा hu....golu bhai.....aap जोर से maaro....taki अम्मी की चीखे इस खुली फ़िज़ा में गूँज उठे....

गोलू bhai(muskura कर)- देख रही ho...tumhara बीटा तुम्हारी चीक्जए सुन्ना चाहता है.....

Ammi(muskura कर)- मेरा प्यारा beta....ammi की ख़ुशी का कितना ख्याल रखता hai....ab इसे भी इसके मन का कुछ मिलना hi चाहिए na.....aap maaro...aur जोर से मारो....

फिर क्या tha....golu भाई ने अम्मी को अच्छे से पकड़ा और पूरी रफ़्तार से उनकी छूट फाड़ने lage......aur सच me....ammi की जोरदार चीखे खुली फ़िज़ा में गूंजने लगी......

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वह अम्मी की जोरदार चुदाई हो रही thi....aur यहाँ मैं ये सोच रहा था की अगर कोई इस सड़क पर आ गया तो क्या sochega.....wo तो पक्का मेरी खानदानी अम्मी को एक सड़कछाप रंडी hi समझेगा.....

पता नहीं kyo....achanak hi अम्मी को रंडी की तरह सोच कर मेरे बदन की गर्मी और ज्यादा बाद गई thi....main सोचने लगा था की क्या hoga...agar मेटि अम्मी सच में एक रंडी की तरह छोड़ने lage....kabhi किसी से तो कभी किसी और से....

अम्मी- aaaaaahhhhhhh....main gai...aaahhhh...aahhh....

अचानक hi अम्मी जोर से चीखते हुए झड़ने लगी तो मैं अपने ख्यालो से बाहर आ गया......

अम्मी अब थक कर पास्ट पद चुकी thi....par गोलू भाई अभी कहा मैंने वाले थे....

गोलू भाई ने तुरंत अम्मी की दोनों तागो को एक तरफ मोड़ा और इस बार लुंड को अम्मी की गांड में दाल कर गांड मरने लगे..........

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अम्मी - aaaaahhhhhhhh......dheere....aaahh...aahhh...

मैं- ammi....ek बात तो batao....aise तागे मोड़ कर गांड मरवाने में ज्यादा मज़ा आता है या तागे खोल कर मरवाने में....

अम्मी- aahh...beta....taage मोड़ने से छेद थोड़ा टाइट हो जाता hai...jisse लुंड लेने में तकलीफ होती hai....par...aaahhh...par मज़ा ज्यादा आता hai....aahh...kyoki जितना तकलीफ के साथ लुंड भीतर लेती हु na...aahh..utna मज़ा बाद जाता है.....

मैं- ohhh...theek hai...aapko मज़ा आना चाहिए बस....

अम्मी- aaahhhh...mujhe तो मज़ा hi मज़ा है beta....aaahhhh......bas ये मेरे छेड़ो में अपना तगड़ा लुंड डालते rahe...aaahhh...to मैं हमेशा मज़े में रहूगी....

मैं- तो ठीक है ammi....main इस बात में आपकी पूरी मदद karuga.....aap बस मज़ा करना....

अम्मी- aaahhh...mera beta...aaahhh..aahhh...

वह गोलू भाई ने एक बार फिर से अपनी रफ़्तार बड़ा दी और अम्मी की चीखे फिर से तेज हो चली.....

अब अम्मी भी पूरी मज़े में गांड hila-hila कर लुंड का मज़ा लेते हुए चीख रही thi....aur मैं अम्मी की गांड मरते देख अपने लुंड को शांत कर रहा था.....

गोलू भाई ने अम्मी की गांड तब तक मारी जब तक की अम्मी की छूट जवाब नहीं दे गई....

और जैसे hi अम्मी दोवारा से झड़ी तो गोलू भाई ने अपना लुंड बहार खींच लिया.....

गोलू भाई का लुंड देख कर एक बार फिर से मेरे जिस्म में सनसनी उठ padi....aur मैं सोचने लगा की आखिर ऐसा क्यों हो रहा hai....kya मुझे भी गोलू भाई का लुंड पसंद होता जा रहा hai...kya मैं bhi...are nhi-nhi....ye बकवास क्यों सोचने laga....filhaal तो अम्मी की ठुकाई देख कर मज़ा लेता हु....

वह गोलू भाई कुछ देर तक रुके और फिर उन्होंने अम्मी को पकड़ कर नीचे खींच लिया और उन्हें ज़मीन पर hi कुटिया बना कर उनकी गांड मारने लगे......

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गोलू भाई- देख khaleel....teri अम्मी कैसे मेरी कुटिया बन गई hai....ab ये कही भी अपनी गांड उठा कर ठुकवा लेती hai....kyo सही बोलै न.....

अम्मी- aaaahhh...aaahhh....aaap to...aaahhhh...aaahhhh...aaahhh....mujhe तो मज़ा आ gaya..ahh.....

मैं- ammi....mujhe आपको कुटिया की तरह देख कर बेहद मज़ा आता hai...sach me....aisa लगता है की आप मेरी अम्मी nhi...balki गोलू भाई की पालतू कुटिया ho.....haha....

अम्मी- aaahh...has mat....aaahhh....sahi नोला beta.....main तो इनकी कुटिया बन hi chuki....aaahhh...aur ये कुटिया अपने मालिक के लिए कुछ भी कर सकती है....

Main(man में)- अगर मेरा अब्बू यहाँ होता तो कई बार मर jata...hahaha.....

अम्मी- aahhhh..khaleel....dekh to...aaahhh....teri अम्मी को क्या बना diya....aaahhhh....bura मत लगाना beta....aaahhh....par मैं अब ऐसी hi रहूगी.....

मैं- तो क्या hua...aapko मज़ा आ रहा है na....bas....main आपके साथ rahuga....aap मज़े करो बस....

अम्मी- aaaahhh....theek है beta....aaaahhh..aaahhh...

और अम्मी सब कुछ भूल कर अपनी गांड utha-utha कर मज़ा मारने lagi......aur कुछ देर बाद की दमदार गांड चुदाई से अम्मी की छूट ने एक बार फिर से पानी बहा दिया......

पर जैसे hi अम्मी झाड़ कर पास्ट पड़ी तो गोलू भाई ने अपने हाथो से अम्मी को थाम लिया और गांड मारना जारी रखा.....

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अम्मी- aaaahhhhh...thoda..aaahh...mere pair.....aaahhhhh....

गोलू भाई- भाड़ में गए pair....abhi चुपचाप मरवाती रह.....

अम्मी- aaaahhh...mujhe जलन bhi....aaahhhhhh...aaaahhhh.....

और अम्मी और तेजी से चीखने लगी......

गोलू भाई- और चीख saali....cheekh....yeeehhhh...yeehhh..yeehhh...

और फिर गोलू bhai....jo कुछ देर पहले अम्मी को प्यार से छोड़ रहे the....wo अब पुरे गुस्से के साथ तेज रफ़्तार से अम्मी की गांड मारने lage.....aur अम्मी तकलीफ की वजह से चीखने लगी.....

मैं ये देख कर हैरान था की इतनी तकलीफ होने पर भी अम्मी की मस्ती ख़त्म नहीं hui....wo भले hi चीख रही thi....par एक बार भी उन्होंने गोलू भाई से दूर होने की कोसिस नहीं की.....

एयर फिर कुछ देर बाद hi अम्मी भी गरम हो गई और गांड utha-utha कर चुदाई का मज़ा लेने लगी......

अम्मी- aaahhh..aaahhh..aahh...ab maro...jor se...aaahh..aaahhh..aaahhh....

गोलू भ्सी- शाबाश मेरी kutiya....ye le...yeehhhh...yeeehhhh...yeeehhhh......

और इसी तरह गोलू भाई ने तेज रफ़्तार से अम्मी की गांड को 25 मिनट तक डैम से छोड़ा और उन्हें 2 बार और झाड़ा diya.......par गोलू भाई का लुंड अभी जहा के तहा खड़ा हुआ था.....

गोलू भाई ने जैसे hi अम्मी की गांड से लुंड निकला यो अम्मी पास्ट हो कर ज़मीन पर पसर गई.......

गोलू भाई- उठ kutiya....abhi मेरा बाकि है...

Ammi(haafte हुए)- aahhh...haa...abhi...aaahhh.....aapne तो जान hi निकाल di...aahhh...

गोलू भाई- पर अभी मेरे लुंड की जान बाकि hai.....samjhi......

मैं - ammi...wo raju...wo आ रहा है....

गोलू भाई- फ़िक्र मत kar....baki का काम मैं कार में कर लगा.....

ये बोल कर गोलू भाई ने अम्मी को उठाया और कार में ले gaye....aur मैंने भी जल्दी से अम्मी के सारे कपडे समेत कर कार में दाल दिए.....

कार में जाते hi गोलू भाई ने शीट के बीच का पर्दा गिरा diya....aur तब तक राजू भी आ गया tha...to हम सब वह से बाद चले....

कार चलते hi मैंने परदे की सांस से dekha....to वह गोलू भाई ने अम्मी को लिटा कर उनकी जाँघे फैलाई और फिर से लुंड को छूट में उतार दिया.......

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अम्मी- आअह्ह्ह्हह......

गोलू भाई- चीख mat......ab खलील के साथ राजू भी hai...use भी बताना है क्या....

अम्मी- aaahh..aap na....main kaise...aaaahhhh.....nhi....aap karo.....aaahhh....thoda प्यार से करो न.....

गोलू भाई- hmm....ab मज़े karo....aur गोलू भाई एक बार फिर से अम्मी को छोड़ने लगे.....

गोलू भाई ने कुछ देर तक अम्मी को छोड़ा तो अम्मी फिर से झाड़ gai....par गोलू भाई अभी बाकि the.....isliye गोलू भाई ने अम्मी को मुँह का इस्तेमाल करने को कहा.....

और फिर अम्मी ने बैठ कर गोलू भाई का लुंड मुँह में भरा और चूसने लगी.....

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और अम्मी ने लुंड तब तक choosa...jab तक की गोलू भाई झाड़ नहीं गए.....

अम्मी ने गोलू भाई का लुंड मुँह में दवाये hi पूरा लुन्द्रास अपने हलक में उतारा और फिर लुंड को चाट कर साफ़ करने के बाद लेट gai....aur उनके साथ गोलू भाई भी लेट गए.....

Main(man में)- chalo....ab तो मेला आने तक अम्मी की चुदाई होने नहीं wali....par पता नहीं मेले के बाकि दिन मुझे kya-kya देखने को milega...........khair जो भी ho.....maza बहुत आ रहा hai....dekhe आगे क्या होता है.....

मैं यहाँ अपने आप में hi आगे की soch-soch कर खुश tha......par वही दूसरी तरफ मेले में एक सुर्प्रीज़े हमारा इंतज़ार कर रहा था......

ये बोल कर खलील चुप हो कर माजिद और आलम को देखने laga...jo अभी भी अपना लुंड हाथ में पकडे खलील को देख रहे थे...

माजिद- अबे चुप क्यों हो gaya....wo सुर्प्रीज़े कटा tha....tujhe पता चला....

मैं- haa....chala....aur यकीन मनो dosto....wo सुर्प्रीज़े भी मेरी जिंदगी बदलने की एक खास वजह बना....

आलम- accha....to जल्दी bata...wo सुर्प्रीज़े क्या था.....

आलम की बात सुन कर खलील के चेहरे पर परेशानी की लकीरें दिखने लगी......

मजीद- khaleel....tera chehra....tu तो udaas....aakhir ऐसा क्या सुर्प्रीज़े मिला tha....jise सोच कर तेरा चेहरा hi उतर गया.......

इतना बोल कर माक़िद और आलम , खलील को एक तक देखते हुए उससे वाजिब जवाब की उम्मीद लगाए इंतज़ार करने लगे....

आखिर ऐसा क्या tha....jise सोच कर hi खलील का चेहरा उतर gaya.....kya था वो surprize...jisne खाईल की जिंदगी hi बदल डाली.....???????

नोट - अपडेट पोस्टेड frnds....hope ु लिखे आईटी......

Gif विल एडेड सून......

थैंक्स फ्रेंड्स......


कीप रीफिंग.........
 
अपडेट - 62

इतना बोल कर माजिद और आलम , खलील को एक तक देखते हुए उससे वाजिब जवाब की उम्मीद लगाए इंतज़ार करने लगे....

आखिर ऐसा क्या tha....jise सोच कर hi खलील का चेहरा उतर gaya.....kya था वो surprize...jisne खाईल की जिंदगी hi बदल डाली.....???????

अब आगे.........

मजीद और आलम की सवालियां नजरों को देखते हुए खलील ने एक गहरी सांस ली और फर आगे की कहानी बताने लगा.....

[ खलील की जवानी.........]

असल में जब हम अपने टेंट के पास पहुंचे तो थकान मिटने के लिए हम सब apne-apne टेंट में आराम करने चले gaye.....kyoki रास्त को हिमे मेला जो देखना था.....

पर मेरी नीड कुछ जल्दी hi खुल gai....us वक़्त शाम ढलने को thi....par अभी भी काफी रोधनी थी और मेला सुरु होने में अभी काफी वक़्त था.....

मैंने देखा की राजू अभी सोया हुआ hai...islite मैं टेंट से निकल कर बहार आ गया और फिर पता नहीं kyo...main सीधा गोलू भाई के टेंट में जा पंहुचा....

पर वह गोलू भाई नहीं the...to मुज्जे लगा की पक्का गोलू भाई मेरी अम्मी के टेंट में होंगे और उन्हें छोड़ रहे होंगे......

ये सोचते hi मेरे चेहरे पर मुस्कान आ गई और मैं अम्मी के टेंट की तरफ गया और बहार से झांक कर देखने लगा....

पर ये kya...yaha तो सिर्फ अम्मी thi...wo भी सोइ hui....golu भाई यहाँ भी नहीं थे.....

Main(man में)- are...golu भाई यहाँ भी nhi...to गए kaha....huh...mujhe लगा था की अम्मी की चुदाई dekhuga....sala पूरा मूड खराब हो गया.....

पता नहीं kyo....par गोलू भाई को अपनी अम्मी के साथ न देख कर मैं मायूस हो गया और फिर टाइम पास करने के लिए मेले के पास वाले जंगल की तरफ चल पड़ा.....

और जब मैं तफरी करते हुए थोड़ा आगे पंहुचा तो मुझे एक तरफ से कुछ आवाज aai...jaise की कोई लड़की चीखी हो....

मैंने कान लगा कर सुना तो कुछ जी देर में मुझे फिर से आवाज़ aai....aur इस बार ये आवाजे ऐसी थी की जैसे कोई कराह रहा हो....

ये सब सुन कर पहले तो मैं दर गया सुर बसपिस जाने का socha....par फिर हिम्मत जूता कर आगे बड़ा और आवाज की तरफ लगी झाड़ियों को हौले से अलग कर के देखने लगा....

और जैसे hi मैंने झाड़ियों के पीछे देखा तो मैं चौंक utha...kyoki मेरे सामने एक ताकतबर मर्द एक नाजुक सी लड़की को छोड़ रहा था....

हलाकि मुझे अब तक किसी की सकल समझ नहीं आई thi...par मैं साफ़ देख सकता था की वो मर्द उस लड़की को ज़मीन पर कुटिया बना कर ताबड़तोड़ उसकी छूट मर रहा था....

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पता नहीं kaise...par ये नजारा देखते हुए कुछ hi सेकंड में मेरा लुंड अकड़ gaya....aur मैं वही छिप कर उस लड़की की चुदाई देखने लगा.....

और कुछ देर बाद जब उस मर्द ने अपना लुंड छूट से बहार खींच यो लुंड देखतर hi मैं समझ गया की ये तो गोलू भाई है....

कमाल है na....main लुंड देख कर उसके मालिक को समझ gaya.....aur ऐसा इसलिए हुआ tha...kyoki मैंने गोलू भाई का लुंड बड़े करीब से देखा tha....wo भी अपनी अम्मी के छेड़ो में aate-jate....aur मुझे वो इस कदर पसंद था की क्या bolu....to.pahchan तो बनती hi है न....

Khair....jaise hi मैं जान गया की ये गोलू भाई hi hai...to मैं लड़की के बसरे में जानने के लिए बेताब हो gaya....ki आखिर इस मेले में ऐसी कौन सी लड़की मिल गई unhe...jo खुले मैदान में उनका लुंड खाने आ गई......

पर मुझे अब तक उन दोनों की सूरत समझ नहीं आ रही thi...kyoki रक तो शाम होने को थी और गिर सूरज की रौशनी उसी तरफ से मेरी आँखों में आ रही thi...isliye चेहरा धुंधला hi दिख रहा था....

Khair...waha गोलू भाई ज़मीन पर पड़े एक कपडे पर लेते और उस लड़की को अपने ऊपर baithaya....aur फिर वो लड़की तुरंत अपनी गांड उछलते हुए चुदाई करवाने लगी......

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मैं ये देख कर खुसब भी था और हैरान भी की गोलू भाई एक छोटी सी लड़की को ताबड़तोड़ छोड़ रहे थे.....

ख़ुशी इस बात की thi...ki चलो मेरी अम्मी अकेली hi नहीं जो गोलू भाई का लुंड देख कर रंडी बन gai.....yaha तो कुवारी लड़कियां भी उनके साथ मज़ा लेने तैयार हो जाती है...

और हैरानी की वजह थी वो ladki......ki वो गोलू भाई से मिली kab....unki बात कब hui....aur फिर वो यहाँ खुले में hi छोड़ने को क्यों mani.....kya उसे जरा भी खौफ्फ़ नहीं....

Khair....main यहाँ सोचता hi रहा और वह वो लड़की एक तेज चीख के साथ झाड़ कर पास्ट हो गई....

तो गोलू जी ने तुरंत उसे घुमाकर अपने ऊपर लिटाया और नीचे से जोरदार धक्के मरते हुए उसे छोड़ने लगे....

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मैंने देखा की उस लड़की के दोनों दूध हर धक्के के साथ हवा में लहरा रहे the..aur वो लगातार चीखते हुए चुदाई का भरपूर मज़ा मार रही थी....

ये सब देखते हुए पता नहीं kyo...par मुझे उस लड़की पर गुस्सा आने लगा tha....mujhe ऐसा लग रहा था की जैसे उसने मेरी अम्मी की जगह ले ली हो....

मैं सोचने लगा की कही इस लड़की का जवान जिश्म गोलू भाई को ज्यादा न भा जास्ये तो वो मेरी अम्मी को छोड़ दे....

और अगर उन्होंने मेरी अम्मी को छोड़ फिया तो उनका क्या hoga....kis से मरवायगी वो अपनी choot....kaise ठंडी होगी उनके जिश्म की आग.....

ये सब सोच कर मैं उदास होने लगा था की तभी वो लड़की एक बार फिर से जोर से चीखी और पास्ट पद gai....jisse मैं समझ गया की वो फिर से झाड़ चुकी है.....

Khair...wo यो झाड़ gai....par गोलू भाई अभी बाकि the....isliye उन्होंने उस लड़की को फिर से कुटिया बनाया और उसकी कमर पकड़ कर जोरदार चुदाई सुरु कर दी.....

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और इस बाद उनकी चुदाई तब ख़त्म hui...jab गोलू भाई ने पूरा लुन्द्रास उस लड़की की छूट में उतार दिया....

फिर चुदाई ख़त्म जार के गोलू भाई ने कपडे पहने और लड़की को भी जल्दी करने को bola....aur मेरी तरफ hi आने लगे....

ये देख कर मैं दावे पाँव बापूस आ कर थोड़ा दूर छिप gaya.....aur जब गोलू भाई निकल गए तो मैं उस लड़की को देखने वह gaya...par तब तक वो लड़की भी वह से गायब हो चुकी थी....

मैं (मन में)- are....ye कहा gai....aur गई कहा se.....is तरफ तो मैं hi tha....hmm..lagta है उस तरफ कोई गाओं hoga....aur सायद वो गाओं से आई होगी....

Khair....main भी कुछ देर बाद बापिस टेंट पर आ गया और मेले के लाइट तैयार हो कर इंतज़ार करने लगा.....

खैर जब हम सही वक़्त पर मेले में पहुंचे तो मेरी ख़ुशी का ठिकाना न raha...kyoki मुझे मेले में रूबी मिल गई थी......

रूबी मेरे पदोष में रहने वाली लड़की thi...jise मैं दिल hi दिल बेहद प्यार करता tha....par आज तक उससे कुछ कहने की मुझ में हिम्मत नहीं हुई थी....

मैं रूबी को देखते hi ख़ुशी से उछाल pada...par अपने जज्बातों को दिल में दवाये रखा.... की कही किसी को कोई शक न हो जाए......

इस वक़्त मेरे फील और फिमाग पर दिर्फ़ रूबी hi छै हुई thi....main भूल गया था की आज दिन भर क्या हुआ tha...kaise मेरी अम्मी रंडी बन गई थी और कैसे गोलू भाई किसी अनजान लड़की को खुले मैदान में बुरी तरह छोड़ रहे थे....

अभी मेरा पूरा ध्यान रूबी की तरफ hi लगा tha....aur वह रूबी haste-muskurate मेरी अम्मी से बातें कर रही थी....

और जब वो बातें करते हुए मुझे देखती तो मेरे दिल में एक प्यारी गुदगुदी हो जाती.....

अम्मी- ruby....tum यहाँ आई किस के साथ हो....

रूबी- वो chachijaan...meri 2 सहेलियां आई hai...hum तीनो कॉलेज में एक साथ पढ़ते है....

अम्मी- accha....wo दोनों कहा है....

रूबी- wo....wo दोनों यही घूम रही hai....waise आप किसके साथ आई है...

अम्मी- वो मैं to...ye खलील जिद कर रहा था मेले ki...to हम इनके साथ आ गए....

ये कहते हुए अम्मी ने हरे पीछे की तरफ खड़े गोलू भाई की तरफ इसरा कर दिया....

Ruby(muskura कर)- ohh..golu जी के साथ आई है aap....accha hai....chaliye हम साथ में मेला घुमते है....

अम्मी- क्यों nhi....chalo....

फिर रूबी हमारे साथ hi हो li....aur मैं इस से बहुत खुश था की रूबी हमारे साथ है...

पर उस रात जब भी हम झिओला झूलने gaye...to रूबी सिर्फ गोलू भाई के साथ hi baithi.....ye बात मुझे बड़ी ख़राब लगी...

पर इसमें मेरी hi गलती thi....main hi उसे नहीं बोल पाया की हम साथ में झूलते hai.....uper से मेरी अम्मी गोलू भाई से बोल देती थी की रूबी के साथ बैठे ताकि उसे दर न लगे.......

Khair.....mela घूम कर हमने साथ में खाना कगाया और अपने टेंट में सोने को चले गए......

पर मुझे नीड कहा thi...ek तक आज रूबी ने मेरे दिल में हलचल मचा राखी थी और ऊपर से मुझे पता था की रात को गोलू भाई अम्मी को जरूर छोड़ेगे....

तो मैं राजू के सोने तक लेता रहा और फिर टेंट से निकल कर अम्मी के टेंट में jhaka....par वह सिर्फ अम्मी thi....wo भी सोइ हुई....

Main(man में)- ये kya....ammi सोइ हुई hai...par kyo...kya इनकी छूट आज ज्यादा hi चुद gai...ya फिर गोलू भाई आज chodte-chodte थक गए....

Khair....jo भी ho....mera मज़ा तो ख़राब कर hi diya...ab तो सोना hi पड़ेगा....

ये सोच कर मैं बापिस hi जा रहा था की पता नहीं kyo...mera दिल किया की गोलू जी को भी एक बार देख lu....pata तो चले की वो क्या कर रहे है......

ये सोच कर मैं गोलू जी के टेंट के पास पंहुचा और एक सुराख देख कर अपनी आँख लगाई....

और जैसे hi मैंने भीतर का नजारा देखा तो मेरा दिल धक् कर गया और मैं सहम कर पीछे हो गया.....

मजीद- kya...par kyo...bheeter कौन tha...kya हो रहा था...

ालन- है बोल न ....

Khaleel(najren झुका कर)- भीतर रूबी thi.....wo भी गोलू भाई के sath...aur....majid- और kya...bol न....

खलील- और वो दोनों नंगे थे.....

आलम- ता al**h.....ruby...golu भाई के sath...nangi...par kyo....kaise....

मकिद- है khaleel...ruby को तो हम भी कांटे hai......to वो गोलू भाई के साथ nagi....aakhir ये सब हुआ kaise...bata न.....

मजीद और आलम अपने दिल में चल रहे सवाल के जवाब का इंतज़ार hi कर रहे थे की तभी घर के दरवाज़े पर दस्तक hui....aur साथ में मजीद की अम्मी की आवाज़ सुनाई दी....

जिसे सुनते hi माजिद, आलम और खलील चौंक गए और जल्फी से अपने कपडे सही तरीके से पहन कर तैयार हो गए....

आलम- यार majid...teri अम्मी को भी अभी hi आना tha...thoda रुक नहीं सकती थी.....

Majid(man में)- लगता है गोलू भाई बिजी hoge....warna अभी भी अम्मी चुद रही होती....

खलील- अबे aalam....ab इसमें मजीद की क्या galti....aur majid...tu जा कर दरवाजा khol...baki की कहानी हम नदी पर जा कर ख़त्म कर lege...ja...

माजिद ने खलील की बात सुन कर सर हिलाया और फिर तीनो हॉल में आ gaye....jaha यजीद ने दरवाजा खोला और सामने अम्मी को देख कर चौंक गया....

क्योकि मजीद की अम्मी की हालत ऐसी thi...jaise की उन्हें किसी ने कुटिया की तरह मारा ho....wo कभी थकी हुई दिख रही थी...

ालन- सलाम चचीजां....

मुमताज- सलाम baccho....wo मैं थोड़ा थक गई hu...to...main अभी आई.....

असल में मजीद की अम्मी आलम और खलील को देख कर दर गई thi...isliye बिना नजरें मिलाये hi जल्दी से अपने कमरे में चली गई.....

मजीद- चलो हम नदी पर चलते है....

आलम - अरे nhi...abhi nhi...abhi मुझे काम hai...saam तक चलेंगे....

खलील- है yaar....kaam तो मुझे भी hai...chal साम को मिलेंगे....

इतना बोल कर आलम और खलील अपने घर चले gaye...aur मजीद उदास हो कर अपने कमरे में आ गया.....

माजिद- पक्का अम्मी आज भी बुरी तरह मार खा कर चूड़ी hai.....kaisi हालत बना राखी thi....huh...pata नहीं मेरे दोस्त क्या सोच रहे hoge.....ye अम्मी भी na.....ab तो पूरी रंडी हो गई hai....na घर का काम ठीक से करती है और न कुछ aur....bas गोलू भाई से छोड़ने जाती और घर आ कर सो jati...taki फिर से छोड़ने की ताक़त आ sake.....huh...

माजिद काफी देर तक अम्मी को दिल hi दिल में कोस्टा raha....aur फिर वो कुछ सोच कर घर से निकल gaya....aur पहुंच गया सीधा अपनी नाज़िआ भाभीजाण के घर.....

वह जैसे hi नाज़िआ ने माजिद को देखा तो वो खुस हो गई और अपने कमरे में ले जा कर उसके लिए chai-nasta ले आई....

नाजीअ- अब बोलो majid....aaj कल कहा बिजी रहता hai....dikhta hi नहीं...

मजीद- कही नहीं bhabhijaan...bas पढ़ाई और khel....aur कुछ नहीं....

नाज़िआ- hmm...fir भी kabhi-kabhi भाभीजाण के लिए वक़्त निकाल लिया kar....main तो अकेली सारा दिन बोर होती रहती हो....

मजीद- kyo...nasir भाईजान कहा गए....

नाज़िआ- wahi....apne kaam-dhandhe par...wo साम को आते है....

मजीद- ohh..aur chachijaan.....wo कहा है....

नाज़िआ- वो यही पड़ोस में गई hai....aati hi होगी.....

मजीद- और gul....wo भी नहीं दिख रही....

नाज़िआ- gul...wo..wo भी किसी सहेली के घर गई hai.....saam तक hi aaygi....acvha अब bata.....aaj भाभीजाण की याद कैसे आ गई.....

Majid(man में)- क्या भाभीजाण से seedhe-seedhe पूछना सही होगा....

नाज़िआ- क्या hua...kuch बोल न....

मजीद- huh...wo..thoda पानी दे दो...

Nazia(muskura कर)- अभी लाइ....

Majid(man में)- अब क्या सोच रहा है majid....aaj पूछ hi le.....dekh...ye तेरा कुछ बुरा तो कर सकती nhi.....aur फिर तू भी तो इनको रोकने नहीं आया na....bas जानने आया है की ये गोलू भाई की कैसे और कब bani.....hai न....

नाज़िआ- ये ले पानी.....

मजीद- हम्म....

नाज़िआ- अब बता bhi...aaj मेरे घर का रास्ता कैसे भूल gaya....hehe....

मजीद- bhabhijaan....dekho....aap मुझे गलत मत samjhna....bas मेरी बात सुन लेना.....

Nazia(hairani से)- ऐसे क्यों बोल रहा hai...tujhe आज तक कुछ भी बोलने से टोका है क्या maine....haa...

मजीद- nhi....par जो मैं बोलने जा रहा hu....use सुन कर सायद आपको गुस्सा आ jaaye...par आप गुस्सा मत hona...bas मुझे जवाब दे देना....

नाज़िआ- are...theek hai...main गुस्सा नहीं karugi...tu puch...kis बात का जवाब चाहिए तुझे....

मजीद- वो आप aur....wo...

नाज़िआ- मैं aur....aage बोल....

मजीद- वो आप और गोलू bhai....plz गुस्सा मत hona....main बस जानना चाहता हु...

माजिद की बात सुन कर नाज़िआ चौंक गई और उसके फील में थोड़ा दर भी पैदा हो gaya....par वो अपने आपको सम्हाल कर बोली....

नाज़िआ- मैं और गोलू ji....tera मतलब क्या hai....saaf-saaf बोल न.....

मजीद- अगर ऐसा hi सुन्ना है तो ठीक hai....main आपको गोलू भाई के घर में देखा tha....aur वो सबकुछ भी जो आपने किया.....

Nazia(gusse से)- ये क्या बकवास कर रहा hai....tujhe छूट कुआ दे राखी है maine...iska मतलब तू कुछ भी बोलेगा....

मजीद- मैं कोई बकवास नहीं कर raha....maine सब अपनी आँखों से dekha....wo saraab...wo mujra....wo aapki....samjh गई न.....

इतना saaf-saaf सुनने के बाद नाज़िआ सन्न रह gai....dar और परेशानी से उसके जिश्म में कम्पन होने laga...aur उसकी aakhe.....jo कुछ देर पहले hi मजीद को गुस्से से घूर रही thi...wo अब दर और शर्म से झुक गई थी.....

मजीद- bhabjijaan....aap डरो mat...main यहाँ आपको डरने या परेशान करने नहीं आया tha...main तो बस जानना चाहता हु की ये सब कैसे सुरु hua...aur kab...plz...aap डरिये मत....

नाज़िआ- तूने जो dekha....wo...wo किसी को बोलै तो नहीं.....

मजीद- मैं पागल हु kya...jo अपनी hi भाभीजाण की अस्मत को ज़माने में रुशवा karu....maine किसी से कुछ नहीं kaha....bas मैं आपसे सब जानना चाहता हु.....

नाज़िआ- पर क्यों.....

मजीद- kyoki...kya bolu....asal में मुझे मज़ा आता है.....

Nazia(chounk कर)- kya...tujhe अपनी hi भाभीजाण को गैर मर्द के साथ देख कर मज़ा आता hai....wo भी एक गैर मजहबी मर्द के sath...haa....

माजीद्द- ha.....aur सिर्फ आपको hi nhi...balki अपने घर की किसी भी अविरत या लड़की को मैं गोलू भाई के साथ देख कर मज़ा hi करुगा....

Nazia(hairani से)- kya....tu...tu क्या पागल है....

मजीद- आप जो samjho...par सच यही hai...jab मैंने देखा की गोलू भाई मेरी प्यारी भाभीजाण को रगड़ जार पेल रहे the.....to ये देख कर hi मेरा rome-rome मज़े से झीओम utha....bas तभी मैंने सोच लिया था की मैं आपसे सुरु से ले कर अब तक की साड़ी जहनि jaanu...taki मैं और मज़ा कर सकू....

Nazia(man में)- ये सच में सच बोल रहा है या fir...khair....agar इसे काबू में करना है तो इसे खुश रखना hoga....nhi to....chalo...iske मन की मुराद पूरी करती hu...dekhu तो ये सब सुन कर क्या करता hai.....agar कोई पन्गा भी किया to.....huh...mera कुछ नहीं उखाड़ sakta....golu जी है na.....to मैं क्यों दारू...

मजीद- bhabjijaan....aap बताएगी न....

नाज़िआ- huh....ha....theek hai....main बताती hu...par ये बात अपने तक hi रखना.....

मजीद- कसम खता hu....kisi से नहीं boluga.....ab बताओ na.....aap गोलू भाई से कहा mili...aur ये सब सुरु कैसे हुआ....

नाज़िआ- बताती hu....aaja....bistar पर बैठ कर बताती हु....

और फिर नाज़िआ , मजीद को साथ ले कर बिस्तर पर टिक कर बैठी और मजीद को देखते हुए अपनी बात सुरु की......

[ आगे की KAHANI.........NAZIA की जवानी.........]

Majid....ye सब आज से 4 महीने पहले सुरु हुआ tha.....jab मैं और तुहरे भाईजान (नासिर) सहर में hi रहते थे....

सहर में नासिर के अब्बू ने काफी पहले hi एक दो मंजिला मकान खरीद रखा tha...aur वो मकान मेरे आबू केकाण के करीब भी tha.....isliye मुझे वह रहने में कोई तकलीफ नहीं होती थी....

नासिर वह एक फैक्ट्री में नौकरी करते थे और मैं सारा दिन अकेले hi अपने घर का ख्याल रखती thi....bas इसी तरह काट रही थी हमारी जिंदगी.....

Ha...kabhi-kabhi मैं अपनी अम्मी के घर भी चली जाती थी तो कभी मेरी अम्मी और मेरी छोटी बेहेन मेरे पास आ जाती थी...

कुल मिला कर मैं खुश thi..bas तकलीफ थी तो नासिर ki......ek तो नासिर की पगार काम थी तो वो परेशान रहता था और रबिबार की छुट्टी मिलते hi दूसरी नौकरी ढूढ़ने में पूरा दिन बर्बाद कर देता था....

और रोज का तो कहो hi mat...wo इतना थक कर घर आता था की खाना खाते hi उसकी आँखे बंद हो जाती थी....

इसलिए हम दोनों का जिश्मानी रिश्ता बहुत काम बन पता tha....bas यही एक कमी थी हमारी जिंदगी me...fir भी मुझे कोई शिकायत नहीं thi...main नासिर की बेगम बन कर अपने आपको खुसनसीब मानती थी....

फिर एक दिन हमारी जिंदगी में गोलू जी aaye...aur उस दिन से हमारी जिंदगी का बदलाब सुरु हो गया......

असल में गोलू जी की एक कमपनी थी सहर me...aur वो उसी वजह से कुछ दिन के लिए सहर आये थे.....

और क्योकि गोलू जी और नासिर पहले से अच्छे दोस्त the....isliye नासिर उन्हें एक दिन घर ले आये.....

उस दिन मुझे गोलू जी को देख कर कुछ भी गलत ख्याल नहीं aaya...aur न hi वो गलत लगे......

मुझे वो एक बिहाफ hi नेक और सरीफ इंसान lage...ha...unki बात करने का तरीका और उनकी kad-kathi.....unke बदन का कड़कपन देख कर मैं खुश जरूर हुई पर किसी गलत ख़याल की वजह से nhi....balki ये देख कर की उन्होंने कितनी अच्छी तरह से अपने जिश्म का ख्याल रखा है.....

Khair....golu जी ने बताया की उन्होंने पास के होटल में कमरा लिया हुआ hai....aur उन्हें यहाँ सायद 1-2 महीने का काम हो सकता है.....

Bas..us दिन और कुछ खास नहीं hua....par 3 दिन बाद एक खास खबर हमारी जिंदगी में aai...aur वो थी नासिर की नै नौकरी को ले कर....

नासिर ने मुझे बताया की गोलू जी की वजह से उसे दुबई में नै नौकरी मिली hai....aur उसकी पगार पहले से 10 गुना ज्यादा है....

ये सुन कर मैं खुश thi....par थोड़ी hi देर में मेरी खुसी काफूर हो gai....jab मुझे याद आया की मेरे पास तो पासपोर्ट hi nhi...isliye मैं नासिर के साथ नहीं जा सकती.....

ये सुन कर नासिर ने भी दुबई जाने से मन कर diya....par मैं नासिर को जाने से नहीं रोकना चाहती thi....isliye मैंने उसे मन कर दुबई के लिए तैयार कर दिया.....

फिर नासिर ये वादा कर के गया की वो हर महीने 4 दिन के लिए बापिस आएगा.....

और फिर नासिर चला gaya....auf उसके जाने के बाद मेरा अकेलापन बढ़ने लगा......

Raat-din अकेले रहने पर मेरे दिल और जिश्म की बेचैनी बढ़ने लगी तो मैंने अपने खली वक़्त को भरने का socha....aur तब नादिर ने कहा की क्यों न इस वक़्त me....main कार चलना सीख लू....

मैं ये सुन कर खुश thi..kyoki मेरी ये तमन्ना थी की मैं भी कार chalaau...par सवाल था की किस्से seekhu...nasir तो यहाँ है nhi.....aur जब था तो उसे िग्न वक़्त hi नहीं मिला की वो मुझे सीखा सके....

तब नासिर ने गोलू जी की बात ki....jise सुन कर मैं थोड़ा jhijhki.....par नादिर ने कहा की वो उनका दोस्त hai...aur बेहद सरीफ bhi.....tab जा कर नासिर के कह इ पर मैंने है बोली.....

और फिर दूसरे दिन hi गोलू जी मेरे घर आ gaye....aur यही वो दिन tha...jis दिन से मेरी जिंदगी की एक नै कहानी सुरु होने वाली थी....

गोलू जी- नमस्ते जी...

मैं- salaam...aaiye न....

गोलू जी- अभी nhi...matlab अभी मुझे काम से जाना hai...main तो बस ये बताने आया था की अगर आप चाहे तो हम आज रात से hi कार चलना सुरु कर सकते है....

मैं- पर रात ko....kyo...

गोलू जी- असल में दिन भर तो मैं बिजी रहता hu...kabhi भी कोई काम आ सकता hai..isliye....aur मैंने नासिर को ये बता दिया hai...aur उसे कोई परेशानी nhi...baki आपकी मर्जी....

मैं- अब उन्होंने बोलै है तो सही hi hai....mujhe कोई परेशानी nhi...bas इतना ख्याल रखना की हमे कोई देखे na..nhi तो लोग....

गोलू ji(beech में)- समझता hu....isliyr मैंने नासिर को बोल दिया था की हम सहर के बहार सुनसान सड़क पर jayge...waha कोई परेशानी नहीं hogi.....bas आप तैयार हो तो...

मैं- मैं तैयार hu...aap जब कहे....

गोलू जी- ठीक है तो fir....aaj रात 8 बजे मिलते hai....chalo अभी चलता हु...

मैं- अरे aise-kaise...kuch chai-nasta.....

गोलू ji(beech में)- वो सब तो होता hi rahega....ab रोज जो मिलना hai....filhaal जसने dijiye...kaam hai...bye...

मैं- जैसा आप kahe...bye.....

और फिर गोलू जी चसले गए और उनके जाते hi मैंने नासिर को कॉल कर के सब तय कर liya......jo असल में नासिर पहले hi कर चूका था....

और फिर उस रात मैं पहली बार गोलू जी के साथ कार चलने निकल पड़ी.....

हलाकि उस रात हमारे बीच ऐसा कुछ नहीं hua...jisse मेरे दिल में कोई गलत ख़याल पनप pate...par haa....us टाट गोलू जी का मुझसे बात करने का तरीका और मुझे कार के बारे में हिदायत देने का तरीका देख कर मैं ये जरूर सोचने लगी थी की वो एक बेहद hi सरीफ और नेक इंसान है....

उस रात उन्होंने मुझे कार के बारे में कुछ आम बातें hi बताई thi...jaise की कौन सा पुर्जा क्या का करता है और उसे इस्तेमाल कैसे करते है...

गोलू जी- तो अब आप तैयार हो कार चलने को.....

मैं- अरे nhi....aaj तो nhi....ha कल पक्का chalaugi.....pata नहीं आज मुझे कुछ दर सा लग रहा है.....

गोलू जी- hmm..aisa होना आम बात hai....sabko सुरु में दर लगता hi hai....theek hai...kal chslana....abhi चलते hai...waise आप ice-cream पसंद करती है न....

मैं- ha...par आप पूछ क्यों रहे है....

गोलू ji(muskura कर)- क्योकि मैं सोच रहा हु की अपने नए स्टूडेंट को आज पहले दिन ice-cream खिला कर उसका मुँह मीठा करू....

मैं- ohh...theek hai...par मेरी एक शर्त है....

गोलू जी- accha....chaliye बताइये....

मैं- dekhiye....aap मुझे स्टूडेंट बना कर मुँह मीठा करा रहे hai...to आपको मुझे स्टूडेंट की तरह hi ट्रीट करना hoga....matlab वैसे hi बात करना hogi...jaisa एक टीचर अपने स्टूडेंट से करता है......

गोलू जी- haa...aur मैं वैसे hi तो बोल रहा हु....

Main(muskura कर)- accha....to बताइये कौन सा टीचर अपने स्टूडेंट को आप कह कर बुलाता है.....

गोलू जी- ohh...to ये बात hai...teek hai...main अब से तुम hi boluga...ab bolo..tum मुँह मीठा करने के लिए तैयार हो....

Main(muskura कर)- hmm...ab तैयार hu...chaliye.....

फिर गोलू जी ने मुझे ice-cream खिलाई और हम घर आ gaye....waha से गोलू जी भी कल मोलने का बोल कर अपने घर चले गए.....

और फिर ये रोज का सिलसिला चल pada....aur इस बीच हमारे बीच काफी बातें, masti-majaak भी hui....jisse मेरे दिल में गोलू जी के लिए एक खास जगह बनना सुरु हो गई थी.....

पता नहीं kyo...par गोलू जी जिस तरह से मुझे कार चलना सिखाते the....aur जिस तरह मेरा मोइड ख़ुशी से भर देते the...usse मेरा दिल कही न कही उनके करीब होने लगा था....

हलाकि मेरे फील में अभी तक कोई गंधा ख्याल नहीं आया था ...पर न जाने क्यों उनके साथ रहना मुझे बेहद पसंद आने लगा था....

मैं अब रोज रात होने का बेसब्री से इंतज़ार करने लगी thi.....itna ki...jit ा मैंने कभी अपने सौहार का भी नहीं किया था....

मैं रोज गोलू जी से मिलने के लिए ैव्हे से sajti-sawarti...aur मन hi मन ये चाहती की उनकी नजरों में मेरी खास अहमियत ho....aur ये सब क्यों हो रहा tha....iska मुझे अब तक कोई अंदाज़ा भी नहीं था.....

पर जैसा की सब जानते hi hai...ki roj-roj किसी के साथ वक़्त बिताने से उसके लिए दिल में एक खास जगह बन जाती hai....aur खास कर उस ायरत के liye...jiska सौहार उसे प्यासी छोड़ कर दूर कही गया ho....us ायरत को बहकने में ज्यादा वक़्त नहीं लगता....

बिलकुल यही मेरे साथ hua....mujhe पता hi नहीं चला की मैं कब गोलू जी के इतने करीब आ गई की मैं पुरे दिन बस उन्ही से मिलने का इंतज़ार करने लगी थी....

सच बोल रही hu...itna इंतज़ार तो मैंने कभी अपने सौहार का भी नहीं किया tha...jitna अब मुझे गोलू जी का रहता था.....

Khair...car चलना सीखते हुए मुझे 15-16 फिन गुजर गए the...aur इस दौरान मेरे और गोलू जी के बीच सिर्फ बातों और दिल के अरमानो का hi nhi...balki इसके अलावा काफी बार हमारे जिश्मो के बीच भी काफी बार lena-dena हुआ था.....

इसका मतलब चुदाई या कोई अश्लील हरकत nhi...balki ये तो हमारे जिश्मो का ek-dusre के जिश्मो को छूने का अहसास था.....

असल में कार चलते हुए काफी बार मेरा और गोलू जी का जिश्म ek-dusre से मिल hi जाता tha....jaise कभी मैं कुछ गलत करती तो वो मेरे हाट को स्टेरिंग पैर पकड़ कर sahi-sahi batate....ki ऐसा ghumao...waisa nhi...aisa pakdo......waisa करो.....,

और haa....mujhe सीट बेल्ट बांधने नहीं आती thi.....to गोलू जी ने कहा की मैं लगा देता hu.....aur ये बोल कर वो मेरे आगे से झुक कर बेल्ट लगाने lage.....to उस वक़्त उनका कन्धा मेरे दूध से टकरा गया.....

अब ये गलती से हुआ था या जान kar...ye तो मुझे नहीं pata....par haa....jaise hi उनका कन्धा मेरे दूध से takraya....to मैं एकदम से सिहर gai....kyoki ये पहली मर्तवा tha...jab किसी गैर मर्द का जिस्म मेरे बदन के इस नाजुक हिस्से से टकराया था......

उनका कन्धा मेरे दूध से जैसे hi रगड़ khaya....waise hi मेरे सरे बदन में एक अजीब सी हलचल होने लगी thi.....par मैंने गोलू जी को इस बात का कुछ भी अहसास नहीं होने दिया.....

खैर उस दिन इसके अलावा तो कोई और नै बात नहीं hui.....aur उस दिन इस हरकत के बाद पुरे वक़्त मुझे गोलू जी बड़े नार्मल hi लगे थे.........

पर कही न कही उस दिन की हरकत से hi हम दोनों एक कदम आगे बाद गए थे.....

क्योकि उस दिन के बाद मैंने महसूस किया की गोलू जी मुझसे थोड़ा ज्यादा खुल चुके थे......

उस दिन क बाद वो जब भी मेरा शीट बेल्ट बढ़ते तो उनका हाथ मेरे सीने पर रगड़ खा jata......aur रगड़ भी aisi-waidi nhi...balki एक मजबूत रगड़....

और मैं भी बेल्ट बढ़वाते हुए खुद hi थोड़ा सा आगे को हो जाती thi...taki गोलोजी का कन्धा मेरे दूध को थोड़ा मजबूती से रगड़ सके.....

इसके अलावा भी गोलू जी कार चलवाते हुए गियर बदलने के लिए मेरे हाथ पर हाथ रख कर बताते रहते के ऐसे गियर चेंज करते हैं.....

हलाकि वो पहले भी बताते the....par तब वो जल्दी hi हाथ हटा लेते the....par अब वो हाथ रखने के बाद हटाना भूल hi जाते the....aur मैं भी बिना मतब उनको ऐसा बोलती की उनका हाथ गेरा पर बा hi रहे.....

khair.....aur उनकी इन हरकतों से मुझे कोई ऐतराज़ नहीं होता tha.....kyoki मुझे भी कही न कही उनका ये अहसास अच्छा लगने लगा tha......aur मैं भी चाहती थी की गोलू जी मुझे chhuye...mujhe pakde....mera सीना रगड़े.....

Khair...ye सिलसिला चलता अगले 4-5 दिन और रहा और करीब 22-23 दिन में hi मैं गोलू जी से कार सीखते हुए पूरी तरह खुल चुकी thi....ya यु कहे की उनको पसंद करने लगी थी......

अब मैं उनसे किसी भी बात पर और किसी भी तरह का मज़ाक करने लगी thi....main उनसे कुछ भी बोलने के पहले कुछ नहीं सोचती thi...bas फील में आया और बोल diya....jaise की वो कोई गैर nhi...balki अपने ख़ास हो....

और इसकी एक वजह सयाद मेरे सौहार भी the...kyoki मेरे सौहार की नै नौकरी का इमे कुछ ऐसा था की हमारी बहुत hi काम बात हो पति thi...na के barabar....aur इस वजह से इन दिनों में मेरी सबसे ज्यादा बात गोलू जी से होती थी....

इसलिए मुझे उनकी baaten....unka मेरा ख्याल rakhna...mujhe कार चलना सीखना और मेरे मूड को खुश rakhna....ye सब बाते मुझे उनकी तरफ खींच ले गई थी....

अब तो ऐसा था की जब मैं गोलू जी के साथ होती थी तो मुझे याद hi नहीं रहता था की मैं किसी की sareeke-hayaat hu....mera एक सौहार भी hai....jo मेरे लिए din-raat बाहर रह कर म्हणत कर रहा है....

पता नहीं kyo....par गोलू जी के पास होते हुए मुझे दुनिया की कोई फ़िक्र नहीं रहती थी.....

इसी बीच मेरे शोहर 1 दिन के लिए बापिस भी aaye...unhe कुछ कागजाद लेने the........aur वो ये जान कर काफी खुश हुए की गोलू जी मेरा बेहतर ख्याल रख रहे है......

फिर मेरे सौहार ने वो बात बोली जिसे सुन कर मैं दिल hi दिल में झूम उठी....

मेरे शौहर ने कहा की अब गोली जी हमारे घर के ऊपर वाले फ्लैट में रहने वाले है.....

Main(khushi दवा कर)- kya.....par kyo....aapko तो किसी का यहाँ रहना पसंद नहीं thi...aur अभी तो अम्मीजान और अब्बूजान भी गाओं में hai....aur आपकी बेहेन भी तो आने वाली है.....

नासिर- तो क्या hua......golu भाई गैर nhi...mere दोस्त hai....aur आज उन्ही की वजह से मैं दुबई में नौकरी कर रहा hu...samjhi....par अगर तुम्हे कोई परेशानी....

Main(beech में)- अरे nhi....mujhe क्यों परेशानी hogi....main तो बस आपके लिए बोल रही thi....par जब आपको सही लगता है तो मुझे क्या.....

नासिर- तो तय raha....aaj से गोलू जी यही rahege...aur haa...unke khane-pine के लिए पास वाले होटल में बोल देता हु...

मैं- kyo...hotel में kyo....main बना दिया करुँगी na....agar....aapko ऐतराज़ न हो तो....

नासिर- अरे nhi....mujhe क्या aitraz...main तो इसलिए नहीं बोलै की कही तुम.....

Main(beech में)- मैं kya....mujhe कोई परेशानी नहीं hogi....aur वैसे bhi...wo आपके दोस्त hai.....aapko इतनी ैवहि नौकरी dilwai.....aur फिर मुझे कार चलना भी सीखा रहे hai....to हमारा भी कुछ फ़र्ज़ बनता है न....

नासिर- क्या बात hai...sahi kaha...to ये भी तय रहा की उनका khana-pina तुम्हारी jimmedari....theek...

मैं- हम्म...

फिर शाम को hi नासिर फिर से दुबई चले gaye...aur गोलू जी हमारे घर में hi रहने आ गए.......

फिर क्या tha.....main रोज सुबह गोलू जी के लिए chai-nasta banati....dophar के लिए डिब्बे में खाना lagati.......aur रात में साथ बैठ कर खाने के बाद गोलू जी के साथ कार सीखने जाती.......

इस दौरान मैं गोलू जी के और ज्यादा करीब आ गई thi....aur मुझे यकीन था की वो भी मेरे करीब आ चुके the.......par अभी तक न hi हमने ek-dusre को कुछ ऐसा बोलै tha...na कुछ किया tha....jo की अजीब lage...ya हमे समझ आये की हम दोनों के बीच कुछ है....

Khair.....hum दोनों hi ख़ामोशी के साथ अपने दिल के जज्बातों को दवाये जिंदगी जी रहे थे......

पर फिर वो दिन aaya.....jab हमारे दिल के अहसास बाहर आ hi गए.....

उस दिन हम रोज की तरह कार से nikle....aur उस दिन गोलू जी ने मुझे भीड़ में कार चलने को di...kyoki अब मुझे काफी वक़्त हो गया था कार सीखते huye....to गोलू जी चाहते थे की मैं भीड़ में कार को कंट्रोल करना सीखू.......

पर जहा वो मुझे कार चलवा रहे the.....waha पर कुछ ज्यादा hi भीड़ thi....ya यु कहे की मेरे जैसी नौसिखिया ड्राइवर को वो ज्यादा लग रही थी......

खैर जो भी samjho......par वह की भीड़ की वजह से मुझे baar-baar ब्रेक लगाना पद रहा था.......

पर मैं इतनी अच्छी ड्राइवर तो थी नहीं की सब आसानी से संभल lu.....isliye गोलू जी ने मेरे पेअर पर पेअर रख दिया और जब भी ज़रुरत पड़ती thi.....wo ब्रेक लगा देते थे......

पर खास बात ये thi...ki जब वो मेरे पेअर पर पेअर रखे हुए the...to उनका एक हाथ मेरी जांघ पर रखा हुआ था......

जब मुझे मेरी जांघ पर उनके हाथ का अहसास hua.....to मैंने एक बार उनकी तरफ देखा.....

गोलू जी - kya....koi परेशानी हो तो......

Main(sir हिला कर)- ुम hu....kuch नहीं....

अब मैं उनसे क्या kahti.....kyoki असल बात तो यही थी की मुझे अपनी जगह पर उनके कड़क हाथ का अहसास अच्छा लग रहा था...........

Khair......us दिन के बाद तो गोलू जी मुझे रोज भीड़ वाले इलाके में कार chalwate...aur रोज मेरे पेअर पर पर rakhte.....aur अपने मजबूत हाथ से मेरी मुलायम जगह मसलते rahte......aur मुझे इससे कोई भी ऐतराज़ नहीं होता tha....ulta मज़ा आता था.....

फिर कुछ दिन बाद की बात hai......roj की तरह उस दिन भी गोलू जी मेरी जगह पर हाथ रखे हुए कार चलवा रहे the.....aur मैं मज़े से कार चला रहा थी....

पर कुछ देर बाद मुझे अहसास हुआ की गोलू जी हाथ रखे हुए ahista-ahista मेरी जगह को सहलाने लगे थे.......

जैसे hi मुझे ये अहसास हुआ तो मेरे बदन में एक आग सी लग gai....kyoki चाहती तो मैं भी यही थी की गोलू जी पहल करे.......

Khair...main दिल से बहुत खुश thi...par मैंने ये बात ज़ाहिर नहीं होने di...aur न hi गोलू जी को कुछ kaha...aur न hi उन्हें roka.....bas चुपचाप इस अहसास का मज़ा लेने लगी....

पर जब गोलू जी ने देखा की मैंने उन्हें टोका nhi..to उन्होंने एक कदम आगे बड़ा diya....aur अपना हाथ मेरी छूट की तरफ खिसका diya......aur वैसे hi सहलाने लगे.....

जब उनका हाथ मेरी छूट के करीब आ- जा रहा tha......to मेरी छूट में एक अजीब हलचल मचने लगी थी.....

और न चाहते हुए भी कुछ hi देर में मेरी छूट गीली होने लगी thi......us वक़्त कार मैं एक चालू होने पर भी मुझे गर्मी का अहसास होने laga.....aur दिमाग में तो ऐसी हलचल होने लगी की क्या बोलू......

Khair...kuch देर तक सहलाने के बाद गोलू जी ने नजरें घुमा कर मेरी तरफ dekha....aur एक सवाल kiya.....jise सुन कर मैं चौंक कर रह गई.....

गोलू जी - कैसे लग रहा है.......

उनका सवाल सुन कर मैंने उनकी तरफ देखा लेकिन कुछ बोल नहीं pai......kyoki मुझे समझ नहीं आ रहा था की क्या bolu....par मेरे दिल की बात मैं छिपा न saki....aur मैंने उन्हें देखते हुए मुस्कुरा दिया........

Bas.....meri मुस्कराहट से गोलू जी को सब समझ आ gaya....aur उन्होंने थोड़ा आगे ले जा कर कार साइड मैं रोक दी......

और इससे पहले की मैं कुछ समझ pati.....unhone मेरी कमर में हाथ दाल कर मुझे अपनी तरफ खींच लिया....

और एक मुस्कान देने के बाद मेरे चेहरे और गार्डन पर चुम्मियों की बरसात करने लगे......

गोलू जी मुझे पागलो की तरह बेतहासा चूम रहे the....aur उनके चुम्बनों ने कुछ hi देर में मुझे भी पूरी तरह से गरम कर दिया......

जिस से मैं भी उनका साथ देने को मजबूर हो gai.....aur मैंने भी उनको बाहों में कास लिया......

ये देख कर गोलू जी ने अपने होंठ मेरे होठो पर टिका दिए और मैंने भी उनके होंठो की खुशामत करते हुए अपने होंठ खोल diye.....aur हम दोनों ek-dusre के होंठो को चूसते हुए एक होने लगे.......

थोड़ी देर बाद गोलू जी ने अपनी ज़बान मेरे मुँह मैं दाल di...aur मैं भी उनकी जवान को प्यार से चूसने लगी.......

इसी तरह चूमते हुए गोलू जी अपना एक हाथ खिसका कर मेरे दूध पर फिरने lage.........aur उनकी इस हरकत से मेरा जोश और ज्यादा बाद gaya......aur मैं सब कुछ भूल कर उनका साथ देने लगी........

उस वक़्त मैं पूरी तरह से भूल गई थी की वो मेरे शोहर के दोस्त hai.......mere सौहार nhi....balki एक गैर mard...aur मैं एक सरीफ निकाहि खातून हु.....

गोलू जी ने मुझे इस कदर पागल कर रखा था की मुझे कुछ सोचने का होश hi नहीं था.....

वो मेरे होंठो को चूसते हुए अपने एक हाथ से मेरे मुलायम दूध को मसल रहे the....aur मैं भी पूरी सिद्दत से उनको बाहों में भर कर चूस रही थी.....

थोड़ी देर बाद गोलू जी ने हाथ से मेरी कुर्ती को साइड किया और जगह बना कर हाथ भीतर दाल दिया और मेरी ब्रा पर अपना हाथ फिरने लगे,.....

मुझे उनकी हरकत से बहुत मज़ा आ रहा tha......kyoki एक तो मैं दिल hi दिल से गोलू जी के करीब हो चली thi.....aur फिर ये पहली बार tha.....jab मैं किसी गैर मर्द के साथ इन हालाओं में थी.....

मुझे गोलू जी से ये सब करवाने में इतना मज़ा आ रहा था की क्या bolu.....par तभी हमारी कार के सामने दूसरी कार आ गई......

और लाइट पड़ते hi हम दोनों को अहसास हुआ की हम खुली सड़क के किनारे कार में hai...na की बंद कमरे में एक बिस्तर पर.....

कार की लाइट पड़ते hi हम दोनों चौंक गए और जल्दी से दूर हैट गए.......

उस वक़्त न गोलू जी ने कुछ कहा और न maine.........bas मैंने अपने आप को सही किया और कार स्टार्ट कर के घर की तरफ दौड़ा दी........

घर आ कर भी हमने कोई बात नहीं ki....car पार्क कर के चुपचाप apne-apne कमरे में सोने चले गए......

और जब मैं अपने कमरे में आई तो मेरा दिमाग एकदम से झटका और मेरे दिमाग में गोलू जी की जगह मेरे सौहार आ गए.....

मैं सोचने लगी की आज जो कुछ hua...wo क्यों hua....kiski मर्ज़ी से hua....kya मेरी...???

और इस सवाल जा जवाब था haa....kyoki अगर ायरत है नहीं बोलती तो मर्द उसके साथ कुछ नहीं कर sakta.....bhale hi वो उसका सौहार hi क्यों न ho....ha...rape की बात अलग hai...par प्यार से कुछ करना तभी मुमकिन होता है जब उसमे ायरत की मर्ज़ी हो......

ये सब सोचते हुए अचानक से मेरा फील बुझ सा gaya....mujhe अब नादिर का चेहरा दिखाई देने लगा tha....lag रहा था की जैसे वो मुझसे पूछ रहा हो की kyo...kyo तुम गोलू जी के इतने करीब aai...kyo तुमने उन्हें अपने जिश्म को छूने diya......aur क्यों तुमने उनका पुरे जोश से साथ दिया....

पता नहीं kyo...par कुछ hi लम्हों बाद मैं अपने आपको गुनहगार मैंने lagi...aur मैंने दोच liya....ki आज जो हुआ सो hua....par आज के बाद ये सब कभी नहीं hoga....kuch भी नहीं.....

इतना बोल कर नाज़िआ चुप हो गई और मजीद उसे एक तक देखने लगा.....

मजीद- तो आपको अपने किये का अफ़सोस tha....haa...

नाज़िआ - ha...bahut ज्यादा अफ़सोस था.....

मजीद- यो फिर आज आप गोलू भाई के sath....matlab उसके आगे क्या hua....kya गोलू भाई ने आपको dhamkaya....ya फिर कोई जबरदस्ती....

Nazia(muskyra कर)- nhi....aisa कुछ नहीं hua...wo ऐसे मर्द नहीं है जो जबरन या डरा कर ायरत को हासिल kare....wo तो bas....pata नहीं क्या है unme...jo कोई भी लड़की या ायरत उनकी बाहों में चली आती है.....

मजीद- मतलब आप खुद से उनके पास गई थी....

नाज़िआ- जितना तुम सोच रहे हो ये सब उतना आसान नहीं tha.....samjhe....

मजीद- नहीं samjha...tabhi तो पूछ रहा hu....bataiye na....ki आखिर आप दोनों मिले kab..matlab आपके beech....wo...

Nazia(beech में)- चुदाई na....yahi पूछना चाहते हो न की मैंने उनसे कब और कैसे छुड़वाया.....

मजीद- hmm...bataiye na....ye कैसे hua...kyoki उस रात तो आप अपने कमरे में अकेली hi thi....aur गोलू भाई अपने कमरे me....to fir...kab हुआ ये सब....

नाज़िआ- बताती हु baba.....batati hu....mana की उस रात मैं कमरे में अकेली thi...par रात अभी ख़त्म नहीं हुई thi....wo तो अभी सुरु hi हुई थी.....

और फिर से एक बार नाज़िआ अपने अतीत में खो gai....aur मैं इंतज़ार करने लगा उस पल ka....ki कब नक्सिआं भाभीजाण bataygi...ki उन्हीने गोलू भाई का तगड़ा लुंड अपनी नाजुक छूट में लेने का मन बना liya....aur कैसे....??????

नोट - अपडेट पोस्टेड frnds.....hope ु लिखे आईटी......

थैंक्स फ्रेंड्स......


कीप रीडिंग........
 
अपडेट - 63

मजीद- hmm...bataiye na....ye कैसे hua...kyoki उस रात तो आप अपने कमरे में अकेली hi thi....aur गोलू भाई अपने कमरे me....to fir...kab हुआ ये सब....

नाज़िआ- बताती हु baba.....batati hu....mana की उस रात मैं कमरे में अकेली thi...par रात अभी ख़त्म नहीं हुई thi....wo तो अभी सुरु hi हुई थी.....

और फिर से एक बार नाज़िआ अपने अतीत में खो गई....

अब आगे........

[ आगे की KAHAANI......NAZIA की जवानी........]


उस रात मैं अपने दिल और दिमाग के बीच चल रही जुंग से काफी ज्यादा परेशान हो गई thi....mujhe समझ hi नहीं आ रहा था की क्या करू....

एक तरफ दिल tha....jo बस गोलू जी का साथ मांग रहा tha....aur एक तरफ दिमाग tha....jo इस बात की खिलाफत कर रहा tha....aur baar-baar मुझे याद दिला रहा था की मैं एक pak-sareef खातून hu.....kisi की बेगम hu.....apne सौहार के लिए वफादार रहने के लिए मजबूर hu....aur किसी भी कीमत पर मैं अपनी अस्मत किसी गैर मर्द के हाथो नहीं लुटवा सकती.....

बस इसी जुंग में उलझी हुई मैं परेशान थी की तभी मेरे सौहार का कॉल आ gaya....jise देख कर मैं थोड़ा सहम गई....

पता नहीं kyo....par मैं इस बात से घबरा रही थी की आज जो भी मैंने गोलू जी के साथ किया hai....wo मेरे सौहार को पता न चल jaaye....halaki ये मुमकिन तो नहीं tha....fir भी मेरे दिल में खौफ्फ़ tha....aur मैंने उसी खौफ्फ़ में सहमे हुए कॉल ले ली....

( कॉल पर )

मैं- hello....

नासिर - haa....kaisi हो.....

मैं- ठीक hu....tum कैसे हो....

नासिर- मैं भी ठीक hu.....ye जगह मुझे बहुत प्यारी lagi.....sab मज़ेदार है yaha....sach me....mujhe तो काफी मज़ा आ रहा है.....

मैं- चलो अच्छा hai....kam से काम तुम तो मज़े में हो....

नासिर- are...aisa क्यों बोल रही ho....kya तुम्हे कोई तकलीफ hai.....haa...

मैं- nhi....par तुम यहाँ नहीं हो na...to thoda.....bas...

नासिर- अरे yaar....tum भी na....dekho...tum यु उदास मत रहा karo....tum बिंदास raho.....aaraam से raho....khao-pio और मज़े karo....aur haa.....golu भाई है na.....koi जरूरत हो तो उनसे बोल dena....wo न नहीं करेंगे....

Main(man में)- जानती hu....wo कभी न नहीं karege....wo तो आज hi तैयार the....wo तो मैं hi....

नासिर- hello...kya hua....kuch बोलो....

मैं- कुछ nhi....accha तुम कब आओगे....

नासिर- अभी तो काफी वक़्त hai....kuch दिन तो लगेंगे hi.....waise तुम्हारा कार सीखना कैसा चल रहा है....

मैं- badiya....golu जी अच्छा सीखा रहे है....

नासिर- hmm....main जनता हु की वो अच्छा hi karege....tumhara पूरा ख्याल rakhege....par haa....badle में तुम्हे भी उनको खुश रखना hoga....unhe किसी चीज की कमी न होने देना....

मैं- hmm...main कोसिस करुँगी की उन्हें खुश कर saku.....par तुम्हे कोई परेशानी तो नहीं होगी na....matlab लोग कुछ गलत....

नासिर (बीच में)- लोगो को मारो goli....tum वो करो जो तुम्हारा दिल kare.....baki मुंहे कोई परेशानी nhi....tum चाहो तो गोलू बगै के साथ घूमने भी चली जाया karo.....mujhe कोई परेशानी नहीं होगी....

मैं- सच me....to मैं अपने दिल की करू न....

नासिर- haa....tum अपने दिल की suno....aur वही करो जो दिल kare...kyoki दिल की करने से hi तुम्हे ख़ुशी milegi....samjhi....

मैं- hmm..theek है fir...main अब से दिल की hi सुनुँगी.....

नासिर- बहुत badiya....ab ठीक hai....chalo अब रखता hu....tum आराम करो.....

मैं- हम्म...

नासिर से बात करने के बाद मैंने भी सोच लिया की अब मैं अपने दिल की सुन कर hi आगे badugi.....halaki इसमें नादिर का कोई lena-dena नहीं tha....wo तो बस मैंने hi उसकी बात को एक आध्हर बना लिया tha...taki मैं अपने आपको गलत न समझू.....

नासिर से बात करने के बात मैं सोने की कोसिस करने lagi.....par मैं उस रात ठीक से सो नहीं प् रही thi......jab भी मेरी आँख लगती तो मुझे गोलू जी का चेहरा और कार वाली बात याद आ jati.......jisse मैं और ज्यादा गरम हो jati......to नीड कैसे आती......

कुछ देर यु hi चलता raha......meri गर्मी इतनी बाद गई की अब बर्दाश्त नहीं हो रहा tha......uper से शोहर भी घर पर नहीं the.......to गर्मी मिटटी कैसे....

तो फिर मैंने गर्मी शांत काने का तरीका सोचा और अपने पुरे कपडे उतर कर एकदम नंगी हो गई और बाथरूम में घुस कर शावर चालू कर के नहाने लगी......

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मैं नहाते हुए अपने hi हाथो से अपनी छूट को रगड़ कर शांत करने की कोसिस कर रही थी की तभी मेरा फोन बजने laga.....to मैंने सोचा की सौहार का hoga....isliye मैं नंगी hi कमरे में आई और फोन उठाया.....

Main(screen देख कर)- या a***h,....golu जी का call.....ye अभी क्यों कॉल कर रहे hai....kya wo.....chalo बात तो करू....

(कॉल पर)

मैं- hello.....

गोलू जी - तुम को बुरा तो नहीं लगा......

गोलू जी की बात सुन कर मैं परेशान thi....kyoki मैं क्या kahu....ye तो कुछ समझ में नहीं आ रहा था फिर भी मेरे मुँह से नहीं निकल गया......

मैं- नहीं.....

गोलू जी - ठीक hai....par ये सब नासिर को मत बताना......

मैं- ठीक है...,.

गोलू जी - accha...ek बात पुछु.....

मैं- जी.....

गोलू जी - अभी क्या कर रही हो......

Main(bina सोचे hi)- नाहा रही हु......

गोलू जी- ohh...to बाथरूम में हो....

मैं- nhi...matlab थी to...par आपका फोन आया तो कमरे में आ गई....

गोलू जी- ohk....matlab तुम अभी बिना कपड़ों के hi.....

इतना बोल कर गोलू जी रुक gaye....par उनकी इस बात ने मेरे rom-rom में एक करंट सा मार diya....kyoki आज के पहले मैंने ऐसी बात किसी से नहीं की थी.....

गोलू जी- क्या hua....maine कुछ गलत तो नहीं bola.....kyoki आम टूर पर सब नहाते हुए नंगे hi होते hai....khas कर aourten.....hai न....

मैं- huh...ha...wo to....sab ऐसा hi करते है....

गोलू जी- मतलब तुम अभी नंगी हो कर मुझसे बात कर रही हो.....

एक बार फिर से गोलू जी ने अपने अल्फाज़ो से मेरे जिस्म में करंट दौड़ा दिया.....

गोलू जी- bolo...tum नंगी हो न.....

मैं समझ नहीं प् रही थी की क्या bolu....ab न तो बोल नहीं सकती thi....kyoki पहले hi उन्हें बोल दिया था की मैं किस हालत में hu....par अब seedhe-seedhe कैसे बोल देती की मैं नंगी हु.....

गोलू जी - are....ab शर्माना kaisa...bolo na...nangi हो न....

Main(sharma कर)- हम्म..

गोलू जी- उफ़ touba....kaash मैं अभी तुम्हारे सामने होता......

Main(chounk कर)- kya...kya मतलब.....

गोलू जी- मतलब तुम जानती ho....main तुम्हे नंगा देखना चाहता hu.....bilkul नंगा....

गोलू जी की आखिरी बात तो जैसे मेरे जिश्म को चीयर कर aar-paar निकल गई thi....wo saaf-saaf बोल रहे थे की वो मुझे पूरा नंगा देखना चाहते hai....aur ये बात सोच कर hi मेरा दिमाग सनसना गया.....

मैं उस वक़्त कैसा महसूस कर रही thi....ye लफ़्ज़ों में बयां करना मुश्किल hai.....us वक़्त मैं ख़ुशी और सदमे को महसूस कर रही थी.....

ख़ुशी इस बात की थी की जो मर्द मुझे इतना पसंद हो चूका hai....wo hi आज मुझे नंगा देखने की ख्वाहिस कर रहा hai....aur सदमा इस बात का था की आज पहली बार मेरे सौहार के अलावा कोई गैर मर्द मुझे अपने सामने नंगा देखना छह रहा है.....

गोलू जी की बात सुन कर मैं बुरी तरह सुन्न हो गई thi....mujhe कुछ समझ hi नहीं आ रहा था की मैं क्या kahu....aur वही गोलू जी baar-baar मुझसे जवाब मांग रहे थे.....

गोलू जी - hello....tum...tum सुन रही हो न....

मैं- huh...haa...ha....

गोलू जी- तो batao....kya मैं तुम्हारे दूध से ज्यादा गोर जिश्म को अपनी आँखों से देख सकता हु.....

मैं- huh...matlab...aapko कैसे पता की मैं इतनी गोरी हु....

( पता नहीं की मैं ऐसा कैसे बोल गई थी )

गोलू जी- वो नासिर ने कभी बताया था की तुम बहुत गोरी हो........

Main(chounk कर)- kya....par...unhone कहा kyo....aur कैसे......

गोलू जी- अब क्या bolu....asal में एक दिन वो तुम्हारी बहुत तारीफ कर रहा tha.....to मैंने पूछ लिया की ऐसा क्या है तुम्हारे पास... जो वो इतनी तारीफ कर रहा hai....to बस उसने बता दिया.....

मैं- क्या बताया.....

गोलू जी- उसने बताया की तुम्हारा हर अंग दूध जैसा सफ़ेद hai.....chahe तुम्हारे दूध ho...pet ho....kamar ho.....gaand ho...ya फिर तुम्हारी choot.....sab दूध की तरह सफ़ेद hai...aur मखमल जैसे chikne....khas कर तुम्हारी गांड.....

गोलू जी के मुँह से मेरे जिश्म के अंगो का नाम सुन कर hi मेरी छूट में गीलापन आ gaya.....pata नहीं kaise.....par एक गैर मर्द मेरे उन अंगों की तारीफ कर रहा tha...jise मेरे सौहार के अलावा किसी मर्द ने देखा भी nhi.....bas यही सोचते हुए मेरी छूट ने ज्यादा hi नमी पकड़ ली......

गोलू जी- dekho.....jabse नासिर ने तुम्हारी तारीफ की thi....bas.....main तभी से तुम को नंगा देखना चाहता tha......par आज तक कह नहीं saka...par आज बोल रहा hu...bolo....kya मुझे वो हसीं नज़ारा देखने को मिलेगा......

गोलू जी के बात करने का तरीका मेरे दिल में एक अलग तरह की ख़ुशी जगा रहा tha....aur इसी ख़ुशी में डूब कर मैंने कुछ ऐसा बोल diya....jo सायद मुझे नहीं बोलना चाहिए था......

मैं- accha....to आप मुझे पूरी तरह से नंगा देखना चाहते hai....haa...par नंगा देख कर करेंगे kya.....sirf देख कर दिल भर जायगा न......

गोलू जी - nhi....bilkul nhi.....sirf देखने से क्या होगा......

मैं- to..to फिर आप चाहते क्या hai....haa.....

गोलू जी- सच kahu....theek hai....to suno.....main तुम्हारे नंगे जिश्म को अपनी आगोश में भरना चाहता hu....tumhare गोर दूधो को मसल कर लाल करना चाहता hu.....tumhari गांड को मसल कर बड़ा करना चाहता hu...aur तुम्हारी मखमली छूट को जी भर कर चूसना चाहता hu.....main....main तुम्हे छोड़ना चाहता hu.......buri तरह से छोड़ना चाहता हु......

गोलू जी के मुँह से ये सब सुन कर मुझको कैसा laga...ye मैं लफ्ज़ो में बयां नहीं कर sakti......par haa....unki बातों से मेरी छूट ने गीलेपन की रफ़्तार जरूर तेज कर दी थी.....

मैं ये सोच कर hi गरम हो गई थी की एक गैर मर्द का नया लुंड मेरी छूट को छोड़ने के लिए बेताब है और वो भी ऐसे मर्द ka....jo की एक गैर मजहबी है......

मैं ये सोच कर परेशान भी थी की गोलू जी को क्या kahu.....wo मेरे जिश्म को मसलना चाहते hai.....ab एक गैर मर्द को इस बात का क्या जवाब du...wo भी ऐसा mard....jo गैर महजबी tha...aur साथ में मेरे सौहार का दोस्त भी.....

गोलू जी- क्या hua....tumne जवाब नहीं दिया....

एक बार फिर से गोलू जी ने जवाब maga....aur मैं फिर से उन्ही ख्यालों में खो gai....main सोचने लगी की उन्हें क्या bolu....kya वो बोलू जो दिल कह रहा hai....ya फिर दिमाग से काम लू....

मेरा दिल तो मुझे सुरु से hi गोलू जी के करीब जाने को बोल रहा tha....par अभी मेरा दिमाग तैयार नहीं था.....

मेरे दिमाग में कई बातें एक साथ घूम रही thi.....ki क्या मैं गोलू जी के सामने नंगी हो sakugi.....aur हो भी gai....to जब वो मुझे पूरा नंगा देखेंगे तो उस वक़्त मुझे कैसा महसूस hoga.....kya मैं उस वक़्त उनकी आँखों को अपने जिश्म पर घूमता हुआ सह paugi....kya हालत होगी meri.....kya मेरी छूट फिर से पानी छोड़ degi....kya वो गोलू जी के लुंड के लिए मुँह खोल देगी.....

पता नहीं कुछ hi लम्हो में मेरे ज़हन में एक साथ कितने hi सवालात जाग गए the......aur मेरे पास उन सवालातों का कोई मुनासिब जवाब नहीं था.....

मैं एक ऐसी पाक खातून thi....jo अब तक सिर्फ अपने शोहर के सामने नंगी हुई thi.....wo भी बिस्टेर par...aur वो भी अँधेरे में.......

लेकिन गोलू ji....wo तो एक गैर मर्द hai.....to क्या मैं उनके सामने नंगी हो सकती हु.....

और अगर ये सब हो भी gaya.....main और मेरी छूट तैयार भी हो gai....to फिर वो क्या karege....mujhe chodege...uufff....ek गैर मजहबी मुझे chodega....ye सोच कर hi मेरी छूट पुरे सबाब पर पानी निकलने लगी थी......

अब मैं ये भूल चुकी थी की गोलू जी अभी भी कॉल पर hai......aur मैं न चाहते हुए भी अब गोलू जी के लुंड के बारे में सोचने lagi.....ki उनका लुंड कैसे hoga......lamba होगा की mota....ya फिर लम्बा और mota......kya मेरे सौहार से बड़ा hoga....ha...hona तो chahiye.....us दिन कार में पेण्ट के ऊपर से तो बड़ा hi दिख रहा तह......

Uffff...ya al**h.....kaisa तगड़ा आकार दिख रहा tha.....aahh.....par उसका रंग कैसा hoga......kahi मेरे सौहार की तरह कला तो नहीं hoga.....are nhi....golu जी बहुत गोर hai....lund भी गोरा hi होगा......

और haa....maine सुना है की उनके मजहब में चमड़ी वाले लुंड होते hai.....uufff....jab सूपड़ा चमड़ी फाड़कर बाहर aayga....touba.....wo तो देखरे hi बनता hai.....kitna मस्त लगता hai....sach में......

मरे दिमाग मैं इस वक़्त सिर्फ और सिर्फ गोलू जी के लुंड के बारे में hi साड़ी बातें आ रही रही thi....ki तभी गोलू जी की जोरदार आवाज़ ने मुझे चौंका दिया......

गोलू जी- हल्लूऊऊ.....

मैं- huh..ha..ha...boliye.....

गोलू जी- क्या bolu....maine एक सवाल पूछा tha....jiska तुमने अब तक कोई जवाब नहीं दिया.....

अब गोलू जी को कैसे समझौ की मैं फैसला hi नहीं कर प् रही थी की उन्हें क्या जवाब du.....kyoki मेरा दिल और दिमाग अभी भी परेशान tha.....kabhi है तो कभी न की जद्दोजहद में फसा हुआ था.......

गोलू जी- ठीक hai.....main जनता हु की तुम परेशान hogi....koi बात nhi.....tumhe कुछ वक़्त देता hu.....ab suno.....agar तुम्हारी है ho...to तुम मुझे कॉल karogi....to मैं समझुगा की तुम्हारा जवाब है hai......nhi to....khair....main रखता hu....jawaab का इंतज़ार रहेगा.....

ये बोल कर गोलू जी ने फ़ोन कट कर diya.....aur मैं भी अपने दिल और दिमाग को शांत करने के इरादे से फिर से नहाने चली गई........

और नहाते हुए मैंने आँखे मूँद कर गोलू जी के बारे में सोच कर अपनी hi उँगलियों को उनका लुंड समझ कर अपनी छूट को ठंडा कर लिया.....

फिर जब मैं नाहा कर निकली तो आईने के सामने खड़े हो कर अपने नंगे बदन को देखने लगी.......

उस वक़्त मेरे उठे हुए दूध ये saaf-saaf बतला रहे थे की हो न ho....in दूधों पर किसी गैर मर्द के हाथ जल्दी hi लगने वाले hai.....aur मेरी छूट भी किसी गैर मर्द के लुंड के बारे में सोच कर खुसी से फूल गई थी.......

लेकिन मेरा दिमाग अभी भी इन बातों से इंकार कर रहा tha.....wo इतनी जल्दी ये सच मैंने से मन कर रहा था......

इसलिए मैं लेट कर अपने दिल और दिमाग के बीच चल रही जुंग के बारे में सोचे lagi....aur इसी कस्मकस को महसूस करते हुए कब सो gai...ye मुझे पता hi नहीं चला…....

दूसरे दिन मेरे सौहार की कॉल से मेरी नीड tooti....aur उनसे बात करने के बाद मैंने अपनी हालत को देखा और दिल hi दिल शर्मा गई....

क्योकि आज मैं पहली बार अपने बिस्तर पर नंगी जाएगी thi...aur इसकी वजह थे गोलू ji....jo रात भर मेरे ख्वाबो में मुझे जन्नत की सैर करा रहे थे.....

अपने ख्वाब के बारे में सोचते hi अपने आप मेरा एक हाथ मेरी छूट पर चला गया और मैं आँखे मूँद कर गोलू जी को सोचते हुए अपनी छूट को सहलाने लगी.....

कुछ देर बाद मेरी छूट ने मेरे मन की बात समझ कर अपने भीतर से पानी उगलना सुरु hi किया था की मैं तुरंत बिस्तर से नीचे कड़ी हो गई और भाग कर बाथरूम में घुस गई.....

तैयार होने के बाद मैंने किचेन में जा कर गोलू जी की पसंद का नास्ता तैयार किया और उनके आने का इंतज़ार करने लगी....

पर जब वो काफी देर तक नहीं आये तो मैं परेशान हो गई और तुरंत ऊपर उनके फलते पर पहुंच गई....

पर वह गेट पर टाला देख कर मेरा दिल बुझ gaya....mujhe समझ hi नहीं आया की ऐसा क्यों हुआ....

Main(man में)- आखिर गोलू जी बिना chai-nasta kiye...bina टिफिन लिए और बिना बोले hi क्यों चले gaye....kya वो मुझसे गुस्सा hai....par kyo....maine तो कुछ कहा hi nhi.....to क्या मेरे जवाब न देने से वो गुस्सा हो गए.....

यही सब अपने दिमाग में सोचते हुए मैं नीचे आ गई और बिना नास्ता किये hi अपने बिस्तर पर लेट gai....aur कुछ hi देर में मेरी आँख फिर से लग गई......

और जब कुछ देर बाद मेरी नीड खुली तो मैंने फ्रेश हो कर रखा हुआ नास्ता किया और फिर से बीएड पर लेट गई.....

और मैं न चाहते हुए भी फिर से गोलू जी के बारे में सोचने लगी की उन्हें क्या bolu....kya कॉल karu....ya थोड़ा रुक जाओ......

असल me.....mere दिमाग में अब भी एक बड़ा सवाल था की क्यों गोलू जी मुझको नंगी देखना चाहते hai....sirf छोड़ने के liye....ya वाकई वो भी मुझे प्यार करना चाहते hai....ya फिर वो मुझे सिर्फ जिश्म की जरूरत पूरी करने वाली अपनी रखेल बनाना चाहता है.....

ये पक्की बात है की ायरत भले hi जोरदार चुदाई चाहती ho....par वो अपने आपको एक रंडी या किसी की रखेल कहलाना कभी पसंद नहीं karti...use ये सुन्ना भी नागवार होता है.....

असल में ायरत चाहती है की जिसे भी वो अपना जिश्म soumpe...wo उसे अच्छे से प्यार kare....aur फिर चाहे जैसे उसे छोड़ता rahe....bas उसे अपनी मासूका kahe...na की एक रखेल या रंडी.....

बस इन्ही सब ख्यालों की वजह से मैं अब तक गोलू जी को कॉल करने की हिम्मत नहीं जूता प् रही थी......

और उन्होंने भी मुझको कोई कॉल नहीं किया और न hi आज सुबह से मेरे पास आये the....na hi नास्ता करने और न hi बताने की वो जा कहा रहे है.....

मैं चाहती थी की वो मुझको सामने से आ कर bole......kyoki मैं कैसे कह सकती थी क मुझको उनसे छुड़वाना है.....

खैर अपने फील और दिमाग की कसकस और गोलू जी की बेरुखी से मेरा दिल बहुत उदास हो गया tha....isiye मैं उदासी दूर करने के लिए टीवी पर फिल्म देखने लगी......

पर मेरा दिल अभी भी बेचैन tha....isliye मैं baar-baar चेंनल बदल रही thi.....tabhi चैनल बदलते हुए मेरी आँखे एक चैनल पर टिक gai.....us पर एक रोमांटिक सन चल रहा tha......jisme एक मर्द और ायरत चद्दर के भीतर लेते हुए एक दूसरे को बेतहासा चूम रहे the....aur फिर देखते hi देखते वो दोनों ऐसा दिखने लगे जैसे की मर्द ायरत की जोरदार चुदाई कर रहा हो....

पता नहीं kyo....par मुझे उस ायरत की जगह अपनी सकल दिखने lagi...aur मर्द की जगह गोलू जी....

मुझे ऐसा लग रहा था की जैसे गोलू जी मेरे ऊपर चढ़ कर मेरी छूट का भरता बना रहे ho....aur यकीन maano....ye सोचते hi मेरी छूट तुरंत गीली होने लगी थी.....

वो सन देखते- देखते और गोलू जी को सोचते हुए मैं पूरी गर्म हो गई thi....ab मुझे गोलू जी के अलावा कुछ भी नहीं दिख रहा tha....mera दिल कर रहा था की गोलू जी अभी मेरे पास आ जाए और मैं तुरंत नंगी हो कर उनसे बोलू की आइये और मेरे जिश्म को मसल डालिये....

यही सब सोचते हुए मैंने तय किया की मैं गोलू जी को कॉल कर के अभी बुलाती हु और उन्हें वो देती हु जो वो चाहते है....

पर इससे पहले की मैं कॉल lagati....mere दरवाजे की घंटी बज उठी....

Main(gusse से)- अब इस वक़्त कौन मर गया कम्बख्त......????
 
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