GOLU BHAI - AMMI KE SHIKARI - Page 16 - SexBaba
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GOLU BHAI - AMMI KE SHIKARI

अगर बकवास है तब तो आपको यहाँ नहीं होना चाहिए था दोस्त....

वैसे अब तक आपको देखा nhi....aur आज सीधा बकवास hi बोल दिया...

Well...apni-apni pasand....to कोई बात nhi....aap दूसरी स्टोरी पढ़ सकते hai....jo आपको पसंद आये...

और haa...mera आईडिया सिर्फ और सिर्फ इंटरफेथ दिखाना hi नहीं tha...main स्टोरी को एक रीज़न भी देता hu..ki जो हुआ वो क्यों hua....aur अभी हम उसी वजह की तरफ बाद रहे है...

बाकि 2ंद part स्टार्ट होगा तो फिर से इंटरफेथ सेक्स milega...ok....

थैंक्स फ्रंड...

कीप रीडिंग...
 
अपडेट - 89

आलम फार्महाउस में मजीद को ढूँढ़ते हुए एक बड़े से कमरे में घुस गया....

और वह उसने जो dekha.....use देखते hi उसकी गांड फैट गई.....

Aalam(man में)- ye....ye यहाँ kaise......kyo..wo भी इस हालत me.....aaahh.....aakhir ये सब हो क्या रहा है.....??????

अब आगे......

[ आलम की जवानी.........]


मैं जब उस फार्महाउस के भीतर माजिद को ढूँढ़ते हुए एक कमरे में pahucha....to मेरे सामने एक ऐसा नजारा aaya....jise देख कर मेरा दिल धक् ुध गया....

असल में मेरे सामने एक अधेड़ उम्र का आदमी बिस्तर पर बंधा पड़ा tha.....aur उसकी हालत काफी बुरी दिख रही थी....

उसके सरीर में jagah-jagah पत्तियां थी और पर में प्लास्टर भी था......

और उसे इस हालत में देख कर मैं हैरान हो gaya....kyoki मैं उसे जनता था....

मेरे अब्बू ने मुझे उस से मिलवाया tha.....aur वो मेरे अब्बू के दोस्त का बाप था.....

उनको इस हालत में देख कर कुछ लम्हे तो मैं बस उन्हें आँखे फाड़े देखता raha...aur फिर संभल कर उनके बिस्तर के पास पहुंच गया.....

पर इससे पहले की मैं उनसे कुछ पूछ pata.....mujhe एक रौबदार आवाज आई जिससे मैं दर gaya...kyoki वो आवाज थी गोलू भाई की....

गोलू भाई- दूर रह उस से.....

Main(thook जातक कर)- माफ़ kijiye....main तो bas...wo...wo माजिद को देख...

गोलू bhai(beech में)- नीचे जा कर तीसरे कमरे में ja.....jaldi...

मैं- huh..ha...ha..ji भाई...

और मैं बिजली की रफ़्तार से रूम से निकला और सीधा जा कर गोलू भाई के बताये कमरे में पहुंच गया....

और वह जा कर मैं एक बार फिर से हैरान रह gaya....kyoki उस कमरे में मेरी अम्मी थी....

मैं- ammi...aap....aap yaha....kaise....

Ammi(aankhe फाड़े)- nhi...tujhe यहाँ नहीं आना चाहिए tha....tu यहाँ से ja....abhi...

मैं- पर kyo...aur आप यहाँ क्या कर रही hai...aap तो अब्बू के पास गई थी न...

Ammi(pass आ कर)- तू अभी के अभी घर ja.....abhi कोई सवाल nhi...main बाद में सब samjhauga.....samjha....

मैं- पर kyo....aakhir यहाँ हो क्या रहा hai....aur वो chachajaan....abbu के दोस्त के abbu...wo बढे क्यों है....

Ammi(hairani से)- kya...tune उसे देखा kya....kaha dekha.....haa....

मैं- कहा matlab....yahi...ek कमरे me.....aur मैं उनसे कुछ पूछ pata....us से पहले hi गोलू भाई आ गए....

Ammi(chounk कर)- kya....matlab उन्हीने तुम्हे देख liya....haa..

मैं- haa...aur उन्ही ने तो मुझे यहाँ भेजा....

अम्मी- या al***h.....tu यहाँ आया hi क्यों....

मैं- मैं तो बस majid....theek hai...main अभी चला जाता हु...

Ammi(joor से)- nhiii....ab नहीं जा sakta....samjha...

मैं- पर क्यों....

Ammi(ghoor कर)- क्योकि उन्होंने तुम्हे रोका hai.....aur यहाँ उनकी मर्जी के खिलाफ कुछ नहीं हो sakta...to अब चुपचाप बैठ yaha.......samjha....

Main(saham कर)- ammi....aapko ह्या क्या hai...aap इतनी ख़ौफ़ज़दा क्यों दिख रही ho.....aakhir यहाँ हो क्या रहा है...

अम्मी- sshh...abhi कोई सवाल nhi.....tu बस यहाँ baith...main बाद में सब bataugi....pakka...tu फिलहाल यहाँ baith...main..main अभी aai...aur यहाँ से हिलना mat....samjha...

ये बोल कर अम्मी ने मुझे बिस्तर पर बैठाया और कमरे से बहार निकल gai....aur मैं इन सब बातों से बेहद ज्यादा हैरान हो गया....

Main(man में)- लगता है की कोई बड़ा पन्गा hai...hmm......

यहाँ मैं हैरान हो कर रूम में बैठा था और वह मेरी अम्मी सीधा गोलू भाई के पास पहुंच गई....

अम्मी- suniye...wo आलम गलती से....

गोलू bhai(bina देखे)- गलती से nhi....aisa मैं hi चाहता था....

Ammi(hairaan हो कर)- aap...par क्यों...

गोलू भाई- क्योकि उसे भी तो बताना hai...ki उसे दुनिया में लेन वाली नेसल कैसी है....

अम्मी- पर इस सब में उसकी क्या galti....use क्यों....

गोलू bhai(beech में)- गलती hai....galti है उसके बाप ki...aur बाप के कर्मो की सजा बेटे को hi भुगतना पड़ती है....

Ammi(saham कर)- तो क्या आप उसकी भी जान...

गोलू bhai(beech में)- nhi....jaan nhi....balki उसे तो मैं जन्नत dikhauga...wo भी बिना maare....tum फ़िक्र मत karo...use कुछ नहीं hoga...ye वादा hai....ab तुम jaao...aur उन तीनो को तैयार कर के कमरों में भेज do....tab तक मैं उनके साथियों को देखता हु....

अम्मी- जी....

और इतना बोल कर अम्मी बापिस आ gai.....aur गोलू भाई सबसे ऊपर वाली मंजिल पर निकल गए.....

========================

यहाँ आलम की अम्मी बापिस अपने बेटे आलम के पास पहुंची और उसे आराम करने का बोल कर बाथरूम में घुस गई.....

और वही ऊपर वाली मंजिल में माजिद के mamu-mamijaan और खलु - खला का अलग hi खेल चल रहा था.....

असल में ऊपर वाली मंजिल पर 3 कमरे एक hi लाइन में the...aur उनके सामने की तरफ एक बड़ा सा छज्जा tha....jaha इस वक़्त माजिद खड़ा हुआ था...

पर माजिद के पीछे एक पर्दा tha...isliye उसे कोई नहीं देख सकता था की वो वह hai...par माजिद वह से तीनो कमरे के गेट देख सकता था.....

तो वह खड़े हो कर मजीद ने जो dekha....use वो बड़ा अजीब लगा.....

माजिद ने देखा की उसकी बड़ीमामिजान ऊपर पहुंची और एक कमरे के सामने कड़व हो कर किसी का इंतज़ार करने लगी..

और फिर जैसे hi मजीद के छोटे मामू ऊपर aaye....to बड़ी ममिजान उन्हें देख कर मुस्कुराई और उस कमरे में घुस gai.....aur थोड़ी hi देर बाद छोटे मामू भी बड़ी ममिजान के piche-piche उसी कमरे में घुस गए....

फिर थोड़ी hi देर हुई thi....ki तभी वह मजीद की छोटी ममिजान भी ऊपर आई और वो दूसरे कमरे के पास कड़ी हो गई.....

और फिर उनके पीछे खालू आ gaye....aur खलु को देखते hi छोटी ममिजान ने उन्हें कुछ इसरा किया और कमरे में घुस gai.....aur फिर खलु ने कुछ देर एक नजर चारो तरफ मारी और छोटी ममिजान के पीछे उसी कमरे में चले गए.....

और ऐसा hi नजारा फिर से दोहराया gaya....aur इस बार वह मौजूद तीसरे वाले कमरे में जाने वाली थी मजीद की khala...aur कुछ देर बाद खला के पीछे जाने वाला था मजीद का बड़ा मामू.......

अब सन कुछ ऐसा tha...ki दूसरी मंजिल पर मोजोइड तीन कमरों में मजीद के दोनों मामू, दोनों ममिजान और khala-khalu मौजूद the....par कौन किसके साथ किस कमरे में tha...ye जरा समझ लीजिये..

1सत रूम - बड़ी ममिजान और छोटे मामू......

2ंद रूम - छोटी ममिजान और खालू....

3रद रूम - खला और बड़े मामू.......

ये सब देख कर माजिद को थोड़ी हैरानी तो hui...par उसने कुछ गलत नहीं socha.....usne सोचा की सायद कुछ baat-cheet हो रही hogi....kyoki है तो सब एक hi घर के.....

पर उन रूम्स में असलियत में क्या हो रहा tha........iski माजिद को कोई भनक नहीं थी....

1सत रूम...........

जैसे hi छोटे मामू रूम में गए तो उन्हें अँधेरे में कुकब समझ hi नहीं आ रहा tha.....jis से वो थोड़ा घबरा गए.....

मामू- bhabhijaan....kaha हो aap....aur इतना अँधेरा kyo....light तो jalao...kuch दिख नहीं रहा....

बड़ी ममिजान- नहीं bhaijaan....light बंद hi रहने do....tum बस दरवाहा बंद करो और आगे aao....main अब और इंतज़ार नहीं कर सकती....

मामू- है bhabhijaan....main अभी aaya....par आपकी aawaaj....ise क्या हुआ....

ममिजान- आपको आवाज से क्या kaam....aapko मेरे जिश्म चाहिए या आवाज....

मामू- beshaq...aapka मस्ताना जिश्म....

ममिजान- तो bas....darwaja बंद करो और आगे बड़ो....

मामू- बिलकुल...

और फिर छोटे मामू ने गेट लीक किया और अंदाजे से आगे बाद gaye...aur कुछ दूर जाते hi वो बड़ीमामिजान से टकरा gaye...jo पूरी नंगी कड़ी थी......

ममिजान- aah...aaraam से भाईजान....

मामू- वह bhabhijaan....aap तो पूरी तरह से नंगी है....

ममिजान- क्या करू bhaijaan....aapke लिए मैं ज्यादा इंतज़ार नहीं कर सकती थी....

मामू- मैं भी नहीं भाभीजाण....

ममिजान- तो जल्दी kijiye...aur बुझा दीजिये मेरी प्यास....

मामू- पर bhabhijaan....agar भाईजान को...

Mamijaan(beech में)- क्या तुम्हे अपने भाईजान की फ़िक्र है....

मामू- अरे भाड़ में जाए bhaijaan....wo जिए चाहे mare...mujhe kya....aapke इस मदमात बदन के लाइट तो मैं उसे खुद hi मार दू....

ममिजान- है al**h....aap तो बड़े कमीने है....

मामू- है bhabhijaan...aapke लिए तो हु.....

मैं जान- तो मार दो use....aur फिर मुजगे अपना बना कर रखो...

मामू- सूक से bhabhijaan....abhi आपको मज़ा दे du...fir जा कर उसे मार देता हु...

ममिजान- वादा...

मामू- पक्का वादा.....

ममिजान- तो फिर aao...aur लगा दी मेरे जिश्म पर अपने प्यार की मुहर...

Mamu(khush हो कर)- है मेरी jaan....aauuummmm....uuummm..

और फिर मामूजान बड़ी ममिजान को चूमते हुए बस्तर पर ले गए और कुछ hi देर मैं उन्हें पूरी रफ़्तार से छूट दने लगे........

2ंद रूम.......

यहाँ पर मजीद के खालू जब आये तो रूम में घोर अँधेरा tha....aur फिर वो भी jaise-taise छोटी ममिजान के पास पहुंचे.....

और कुछ hi देर बाद खालू, छोटी मामी को दवा कर छोड़ रहे थे....

छोटी ममिजान- aahh..bhaijaan....kya खूब छोड़ते है aap....bada मज़ा आ रहा hai.....aaahh...

खालू- आपको पसंद आया na...bas अब रोज छोड़ूगा...

छोटी ममिजान- aahh...jaroor...par aahh...mere souhar....aahh...unka क्या होगा....

खालू- वो तुम batao......kya करना है...

छोटी ममिजान- aaahh...kyo na....aahh...unhe रस्ते से हटा de...aaahh...

खालू- मतलब....

छोटीमामिजान- aaahh....aap मुझे अपना बनाना चाहते ho...to...aaahh...samjh जाओ...

खालू- haa...samjh gaya.......use मार दालु क्या....

छोटी ममिजान- aaahhh...ji bhaijaan.....aur फिर मैं आपकी gulaam...aahh...bhaijaan....joor se....aaahh..aaahh...

खालू- तो ठीक hai....tera सौहार कल का सूरज नहीं देख payga....yeeehhhh...yeeehhh.........

3रद रूम.......

यहाँ भी बिलकुल वही हुआ जैसा की बाकि के 2 कमरों में हो रहा था.....

बड़े मामूजान अँधेरे में hi अपनी बहिन के पास पहुंचे और उन्हें दवा कर छोड़ने लगे.....

खला- aaahhh...bhaijaan....aap का तो बड़ा तगड़ा है....

बड़े मामू- है मेरी bahna....waise तेरी छूट भी बड़ी कासी hai....tera सौहार चेंज दता नहीं क्या....

खला- aahh..bhaijaan...agar छोड़ pata....to आपके सामबे टाँगे क्यों kholti....aahh..main सालों से तड़प रही हु...

बड़े मामू- कोई बात nhi....ab तेरा भाई तेरी प्यास bhujhayga.....haa...

खला- aahhh....bhaijaan...mujhe अपने पास रख लो na.....aaahh..roj chodna.....kai baar...aaahhh...

बड़े मामू- पर तेरा souhar...aur beti...unka क्या....

खला- aaahh...beti को मैं देख lugi...aap बस मेरे सौहार का सोचो...

बड़े मंय- hmm...use मैं रस्ते से हटा duga....saala दुनिया में hi नहीं रहेगा.......

खला- aahh..sach bhaijaan....to फिर जल्दी karo....aur बना लो मुझे apna.....aaahh...

बड़े मामू- ha....aaj रात hi थोक देता हु साले ko...aur फिर तू meri....yeeehhh...yeeehhhh.....

===============

यहाँ तीनो कमरों में हबीब खान का पूरा परिवार एक कदम आगे बाद कर चुदाई के नशे में डूब चूका था....

और वही तीसरी मंजिल पर गोलू भाई भी 4 अयर्तों तो ठोकने में लगे हुए थे...

Khair.....waqt गुजरा और वक़्त के sath-sath रात भी गुजर गई......

और अगले दिन राजू ने माजिद और आलम को अपने पास बुलाया और उन्हें एक खुसखबरी दे डाली....

आलम- राजू bhai....ab तो बताओ की हमे यहाँ क्यों बुलाया....

माजिद- है राजू bhai.....hume खेल के बीच में क्यों laaye.....ghar में hi बात कर लेते न...

राजू- अरे yaar...baat hi ऐसी थी की सबसे दूर आना पड़ा....

माजिद- तो जल्दी बताइये na....waise भी मुझे अपने मामू और खलु को ढूंढ़ना hai...subah से दिखे hi नहीं....

Raju(muskura कर)- उनकी chhodo...wo वही होंगे जहा उन्हें होना chahiye......abhi तो तुम दोनों दिल थाम कर मेरी बात सुनो...

आलम- दिल थाम ke...aisa क्या हुआ भाई...

राजू- हुआ nhi...balki होने वाला है....

Majid(hairani से)- क्या होने वाला है....

राजू- तुम दोनों का एक ख्वाब आज पूरा होना वाला है....

आलम- khwaab...wo भी हम दोनों ka....aisa क्या है bhai...jo हम दोनों का ख्वाब है...

राजू- तुम्हारी अम्मियों की chudaai...tumhare saamne.....wo भी गोलू भाई se.....yahi चाहते थे न तुम dono....hai न....

ये सुन कर माजिद और आलम दिल से तो खुश the....par जब उन दोनों की नजरे आपस में मिली तो दोनों ने तुरंत नजरें चुरा ली....

Raju(muskura कर)- अब नजरें मत churaao...ha aalam.....ye सच hai...maajid भी वही चाहता है जो तुम चाहते ho...apni-apni अम्मी की चुदाई dekhna.....samjhe...

Aalam(najren झुकाये)- हां...

राजू- वैसे मजीद तो ये देख भी चूका hai....bas आलम रह गया.....

Aalam(chounk कर)- majid...kya तू.....

Maajid(najre झुकाये)- हम्म.....

राजू- अब ऐसे शर्माना chhodo...aur आज दोनों साथ मिल कर apni-apni अम्मी को चुड़ते हुए dekho....aur मज़ा करो....

आलम- दोनों ki...to पहले किसकी अम्मी चेंज देगी...

राजू- दोनों की एक साथ chudegi....ab यहाँ वक़्त खराब मत karo....ja कर टेरी मजिल पर बने बड़े कमरे में pahucho...usme अभी खिड़की नहीं lagi...to आराम से देख लेना...

Maajid(aalam को देख कर)- ठीक hai....chal आलम....

आलम- ख़ुशी से....

राजू- तो निकलो फिर और ऐश करो....

और फिर मजीद , आलम के साथ राजू के बताये कमरे की खिड़की पर पहुंच gaya....aur दोनों ने जब भीतर झाँका तो दोनों के लुंड सनसना गए......

भीतर गोलू भाई नंगे बैठे थे और उनके लुंड पर apni-apni गांड सटाकर माजिद और आलम की अम्मियाँ ऊपर नीचे हो रही थी...

दोनों अपनी गांड से गांड मिला कर गोलू के तगड़े लुंड को बीच में फसा कर मसल रही thi....aur कमरे में उनकी halki-halki सिसकितन गूँज रही थी....

अलीना- aahhh...mumtaaj....teri गांड तो बड़ी नरम है....

मुमताज- aaahh...aur तेरी bhi....lagta है बहुत मरवाई तूने....

अलीना- haa....par तुझसे kam...hehehe...

मुमताज- hehehe....ye तो सच bola...meri तो बहुत ज्यादा मरी hai....hehehe...

गोलू भाई- अब हस्ती hi रहोगी या कुछ और भी करना hai....yaad है न....

अलीना- haa....abhi हमारा मुक़ाबला बाकि hai....sabse बड़ी रंडी ka....kyo मुमताज....

मुमताज- haa....aaj साबित हो जायगा की हम दोनों में से गोलू जी के सबसे बड़ी रंडी कौन है.....

गोलू भाई- sabaash.....to अब hato....aur ek-ek कर के aao....dekhte है कौन, कितना सह पता है....

अलीना- तो पहले मैं....

मुमताज- nhi...pahle मैं.....

गोलू भाई- ruko....jhagda nhi......dono को बराबर मौका milega....par पहली बारी उसे जो दूसरे के बाद झाड़ेगी...

अलीना- jhadegi...matlab...

गोलू भाई- बताता hu....tum दोनों ek-dusre की छूट chooso....fir जो पहले झाड़ gaya....wo haara...aur जीतने वाली की बारी पहले...

मुमताज- मजूर है...

अलीना- मुझे भी...

गोलू भाई- तो देर कुस बात ki...suru हो जाओ...

गोलू भाई की बात सुनते hi अलीना ने मुमताज को धक्का दे कर बिस्तर पर पटका और उसकी तागे खोल कर छूट चाटने लगी...

मुमताज- aaahh.....dhakja नारती है kutiya....aaaii....daant मत gada....aaahhh..

अलीना- uuuuummm...uuuuummmm..uuuuummmmm...uuuummmm...uuuummmmm..uuuummmm....

मुमताज- aaaahhh...saali....main इतनी जल्दी nhi....teri तो..

ऑफ मुमताज ने अलीना के बाल पकड़ कर उसे अलग किया और खुद उसकी तागे खोल कर छूट चाटने लगी.....

Apni-apni अम्मी को ek-dusre की छूट चाटने की तड़प देख कर माजिद और आलम के लुंड पुरे सबाब पर आ गए...

दोनों hi ये देख कर बेहद ज्यादा हैरान और गरम हो गए the...ki उनकी अम्मी गोलू भाई की सबसे खास रंडी बनने के लिए कितनी बेकरार है...

यहाँ माजिद और आलम इस कामुक नज़ारे का मज़ा ले रहे the...aur वह उनकी अम्मी ek-dusre को पहले झड़ने पर तुली हुई थी...

और इसी utha-patak में दोनों एक दूसरे के ऊपर 69 पोजीशन में आ गई और ek-dusre की छूट को चबाने में लग गई....

माजिद- यार aalam....teri अम्मी तो बड़ी गरम hai...dekh कैसे छूट पर टूट पड़ी है....

आलम- है yaar...par तेरी अम्मी भी काम nhi...dekh...kaise जवान को छूट पर फिर रही hai...jaise छूट कोई खाने की चीज हो...

मजीद- hmm...dono hi गजब की गरम एयरटेन है न......

आलम- अरे रंडी बोल bhai...dono बड़ी वाली रंडी hai....dekho na....golu भाई को खुश करने के लिए किस हद तक जा रही है...

माजिद- haa...wo तो hai...par हमारा तो फायदा hi है na.....aaj तो मस्त चुदाई देखने मिलेगी....

आलम- hmm...aur मेटि अम्मी की गांड मरे तो और accha....mujhe तो अपनी अम्मी की गांड चुदाई देखनी है....

मजीद- मुझे भी.....

यहाँ आलम और माजिद ने अपने -अपने लुंड हिलने सुरु कर दिए थे और वह उन दोनों की अम्मी एक साथ झड़ने lagi...aur ek-dusre का छूट रास पिने लगी....

अलीना- uuuummmmhhh....aahh...maine इसे झाड़ा दिया....

मुमताज- uuummmhhh......maine भी...

अलीना- पर पहले तू झड़ी...

मुमताज- nhi...tu...

गोलू भाई- oye....bahas nhi....tum दोनों साथ में झड़ी ho....isliye दोनों जीत गई...

अलीना- तो फिर पहले कौन आएगा....

मुमताज- haa....pahle किउं चुडेगा...

गोलू bhai(myskura कर)- फ़िक्र मत करो मेरी kuttiyon....main दोनों को बराबर मौका duga....chalo aao....aur एक साथ लुंड का मज़ा lo....aa जाओ....

और गोलू भाई के बोलते hi अलीना और मुमताज गोलू भाई के पास गई और उनके लुंड को एक साथ चूसने लगी.....

अब गोलू भाई का तगड़ा लुंड अल्केना और मुमताज के होंठो के बीच सटासट aage-piche हो रहा tha....aur दोनों की लार लुंड को चिकना करने लगी थी....

आलम- aaahh....majid....mera तो पानी hi निकल गया....

माजिद- aahh..mera भी yaar....kya मस्त नजारा है यार.....

आलम- है bhai....humari अम्मियाँ अब आम ायरत नहीं rahi....balki कड़क रंडी बन चुकी है....

माजिद- है bhai....aur ये सब हुआ गोलू भाई की वजह से....

आलम- haa....hume गोलू भाई का सुक्रिया बोलना चाहिए....

माजिद- bolege....par अभी तो इस गरम नज़ारे का मज़ा lo...wo dekho.....teri अम्मी की गांड मरने लगी...

आलम- ohh....isi का तो इंतज़ार tha....dekho तो कैसे मेरी अम्मी की सटासट गांड मार रहे गोलू bhai.....aur तेरी अम्मी को देख...

माजिद- देख रहा हु bhai...ye तो गोलू भाई के पेअर को लुंड की तरह hi चूस रही hai...aahh..ammi...kitni गरम हो तुम.....

आलम- है bhai.....bahut गरम hai.....main तो तेरी अम्मी को देख कर hi गरम हो गया था....

माजिद- तेरी अम्मी भी काम नहीं hai....uski गांड dekh.....mera तो पानी hi निकाल दिया था.....

आलम- है bhai....dono गरम hai....aur इनके लिए गोलू भाई hi सही hai....baki हमारे अब्बू तो इन्हे घंटा न सुकून दे सकते थे....

माजिद- सही kaha.....waise bhi....mera अब्बू तो अब है hi nhi.....ab तो गोलू भाई hi मेरी अम्मी को rakhege....wo dekh.....ab मेटि अम्मी की गांड मरने lagi....aaahh....

आलम- है bhai.....teri अम्मी तो ज्यादा hi मस्ती से मरवा रही hai.....uummm...

मजीद- है bhai...golu भाई की रखेल जो है....

आलम- मैं भी यही चाहता hu...ki मेरी अम्मी भी गोलू भाई की रखेल बानी rahe....kaash मेरे अब्बू कही दूर निकल जाए....

माजिद- घबरा mat....hum गोलू भाई से बात कर के उन्हें हटा देंगे....

आलम- सही me...fir तो साला मौज hi mouj....roj अम्मी की चुदाई hogi...aur हम देख कर मज़ा करेंगे....

यहाँ माजिद और आलम अपनी hi मस्ती में मसगूल थे और वह उन दोनों की अम्मी bari-bari गोलू भाई के लुंड से अपने छेद फड़वाने में मसगूल थी.....

अलीना- aaaahhhh.....main फिर se.....aaahhhh.....aaaahhhh...

मुमताज- aahh...main तो थक gai.....uummm...bahut तेज गांड मरी आज....

गोलू भाई- चुप करो kutiyo...aur मुँह kholo...main भी आया....

गोलू भाई का इतना बोलना hi था की अलीमा और मुमताज गोलू भाई के लुंड के सामने मुँह खोल कर बैठ गई....

और फिर गोलू भाई के लुंड रास की पिचकाररी मार कर दोनों का मुँह भर diya.....aur आराम से बैठ गए...

पर माजूद और आलम की अम्मियो को अभी भी आराम नहीं tha.....dono ek-dusre के होंठो को चूस कर मज़ा लेने लगी थी...

ये सब देख जार माजिद और आलम रक बार फिर से झड़े....

माजिद- bhai....aaj तो कुछ ज्यादा hi पानी निकल gaya....thak गया....

आलम- मैं भी bhai....par अभी ये नजारा ख़त्म नहीं हुआ....

माजिद- अब क्या bacha...sab तो हो गया....

आलम- तू देखता ja.....abhi एक खास चीज बाकि है.....

माजिद- accha....wo क्या...

आलम- तू बस इंतज़ार कर.....

यहाँ मजीद और आलम अपनी नजरें टिकाये इंतज़ार करने lage.....aur वह कुछ देर बाद गोलू भाई जैसे hi खड़े हुए तो अलीना और मुमताज मुस्कुराने लगी....

अलीना- चल mumtaaj......wo तैयार है....

मुमताज- haa.....ab जल्दी karo.....badi प्यास लगी है....

ये बोल कर दोनों अपने मुँह खोल कर फिर से बैठ गई और गोलू भाई ने मुस्कुराते हुए पेशाब करना सुरु कर दिया....

और पेशाब सीधा अलीना और मुमताज के मुँह में जाने laga....jise देख कर आलम और माजिद के लुब्द फिर से तन गए और दोनों मस्ती से apne-apne लुंड को मसलने लगे...

वह गोलू भाई ने पूरी पेशाब अलीना और मुमताज को पिलाई और फिर बाथरूम में निकल गए...

और कुछ hi देर बाद अलीना और मुमताज भी बाथरूम में घुस गई....

और यहाँ माजिद और आलम ने एक बार फिर से लुंड हिला कर अपना पानी निकाल दिया.....
 
अपडेट - 90 ( लास्ट अपडेट )

माजिद और आलम की अम्मियो की शानदार चुदाई करने के बाद गोलू भाई के आदेश पर अलीना और मुमताज ने अपने कपडे पहन liye...aur गोलू भाई ने भी....

गोलू भाई- तो अब तुम दोनों jao....aur apne-apne बेटे को सब समझा do....warna उन्हें ज्यादा तकलीफ होगी....

अलीना- पर मैं kaise....meri तो हिम्मत hi नहीं हो rahi....kaise बोलू....

गोलू भाई- हिम्मत तो करनी hi hogi....warna उसे ज्यादा तकलीफ hogi....aur मुमताज tu....tu अपने बेटे को सच bataygi...uske बाप का सच....

Mumtaaj(ghabra कर)- kya...nhi....main ये नहीं कर sakti....kahi सच जान कर वो मुझसे नफरत करने लगा तो....

गोलू भाई- तो kya.....use सच तो बताना hi hoga.....warna कही और से पता चला तो तेति सकल भी नहीं dekhega.....fir बैठी रहना...

मुमताज- पर सच जान कर भी तो वो मुझसे नफरत करेगा न...

गोलू भाई- सायफ haa....par अपने बाप जा असली चेहरा जान कर वो समझ jayga....ki जो भी hua....wo सही hi हुआ....

मुमताज- ठीक hai....main बता देती हु....

गोलू भाई- तो अब तुम दोनों अपने बेटों को sambhalo....tab तक मैं हबीब खान को एक फिल्म दिखा देता हु.....

ये बोल कर गोलू भाई तो निकल gaye...par अलीना और मुमताज के चेहरे परेशानी से फीके पद गए.......

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फार्म हाउस के एक दूसरे कमरे में......

इस कमरे में हबीब खान और उसका बीटा मौजूद tha....sath में माजिद के दोनों मामू, ममिजान, खला और खलु भी मौजूद थे.....

इसके अलावा गोलू भाई और राजू भी वही the.....aur उनके कुछ हथयारबन्द आफ़्मी भी.....

इस वक़्त एक कमरे में मौजूद एक बड़ी सी टीवी पर एक विडिओ चल रहा tha....jise देख कर हबीब खान की आँखों में गुस्सा उमड़ रहा tha....aur बाकि के लोगो के चेहरे शर्मिन्दिगी से नीचे झुक गए थे.....

विडिओ में........

इस विडिओ में मजीद के मामू, ममिजान , खलु और खला की बातचीत और थोड़ा बहुत रोमांस दिखाई दिया था....

Badimamijaan-chhote मामू के sath,.....chhoti mamijaan-khalu के साथ और खला - बड़े मामूजान के साथ.....

जिसे देख जार सबकी गर्दन झुक चुकी thi....par हबीब खान गुस्से से उबलने लगा था.....

गोलू भाई- are....itne में hi आग लग gai...jara आगे तो dekh..abhi तो सिर्फ प्यार बगरी बातें hi सुनी hai.....ab dekh...ki ये लोग आज कमरों के भीतर क्या कर रहे the....suru से देखना.....

फिर गोलू भाई के इसारे पर दूसरा विडिओ प्ले hua....jisme सब लोग apne-apne जोड़ीदार के पीछे कमरों के भीतर जाते होते दिखे....

और उसके बाद उन कमरों के भीतर चल रही चुदाई भी dikhi....jo की अँधेरे में हो रही thi....isliye सिर्फ परछाई और उनकी बातें hi समझ आ रही थी....

उस वेफिओ के चलते हुए hi माजिद के सारे रिस्तेदार शर्म से गर्दन झुकाये गड़े जा रहे the...aur हबीब खान की आँखे गुस्से से लाल हो चुकी थी....

हबीब खान- बस karo.....bas....

गोलू भाई- क्या hua....tukhe तो यही सब पसंद है na....ki एक भाई अपनी बहन को chode...dever अपनी भाभी को छोड़े और दामाद घर की बहु ko....aur haa...ek बात रह gai.....tu तो दादा से पोती को और पोते से दादी को भी छुड़वाना चाहता था न.....

हबीब khan(gusse से)- क्या बक रहा है....

गोलू bhai(joor से)- raju....jara बुड्ढे के पास तो ja....aur पूछ isse....ki वो तुझे जनता है या नहीं.....

राजू- जी भाई....

फिर राजू आगे बाद कर हबीब खान के करीब पंहुचा और हबीब उसे गौर से देखने लगा....

हबीब- कौन है ये लड़का....

गोलू भाई- जरा गौर से dekh.....saayad समझ आ जाए....

हबीब- नहीं aata...tu bata...koun है ye...aur अब ये भी बता de...ki तू कौन hai...haa...

गोलू bhai(khade हो कर)- राजेस्वर chouhaan......kuch याद आया....

राजेस्वर चौहान सुनते hi हबीब की झक्की सी खुल गई और साथ hi साथ उसके बेटे हफ़ीज़ की भी.....

दोनों baap-bete कभी गोलू भाई को देखते तो कभी ek-dusre ko.....aur उनके सारः hi हबीब के दोनों मामू भी अपने बाप हबीब को देखने लगे....

गोलू भाई- hahaha......sala नाम सुनते hi गांड फैट gai.....haa....hmm....tum सबकी साकलों की मरी हुई गांड यर saaf-saaf बता रही है की तुम्हे सब कुछ याद hai.....hai na...(joor से)- bol....yaad है न....

Habeeb(sakpaka कर)- tum...tum use...use कैसे जानते हो....

गोलू भाई- मैं नहीं janta....are मैं तो उससे मिला भी nhi.....par ये जरूर जनता hu....ki तुम सबने अपनी घटिया सोच और अपनी लालच के चलते एक हस्ते -खेलते परिवार को मिटा कर रख दिया tha.....yaaf है na....kya हुआ था 12 साल pahle....(joor से)- याद है न....

हबीब खान ये सुन कर कुछ नहीं bola...bas अपनी गर्दन नीचे कर ली.....

गोलू भाई- चुप क्यों है kutte....bhonk na.....kya किया था तूने और तेरे कमीने दोस्तों ne...aur ye...teri नाजायज aoulaad...ye भी था na....sala गांडू....

हबीब खान- वो तुम्हारा क्या लगता hai....kya रिश्ता है तेरा उससे....

गोलू bhai(joor से)- इंसानियत का rishta....haa...sirf और सिर्फ insaniyat....kyoki न hi वो मेरा कोई लगता था और न hi उसकी aoulaad......lekin फिर भी मैंने उसको मिटने वालों को मिटने की कसम खाई hai....wo भी पुरे खानदान के साथ......

हबीब- उसकी aoulaad...par वह तो कोई भी नहीं बचा tha...sab मारे गेट the....rajeswar ने खुद सबको मारा tha....aur आखिर में अपने आपको भी...

गोलू भाई- नहीं saale....tu गलती कर gaya....asal में उस परिवार की 2 अओलादे आज भी जिन्दा hai...aur उनके लिए hi मैं तुम तक पंहुचा और तेरे बाद तेरे साथियों तक भी jauga...aur उन्हें भी jeete-ji नरक dikhauga...jaise आज तुझे दिखाया है....

हबीब- उसकी अओलादें कहा है....

गोलू bhai(muskura कर)- तेरे saamne....raaj डीप chouhaan....urf raju....ye है उस खानदान का warish....aur उस जायजाद का maalik...jo तूने और तेरे दोस्तों ने हड़प ली है....

Habeeb(raju को देख कर)- ye....par ये बचा कैसे.....

गोलू भाई- सोच हबीब khan....jara अच्छे से याद kar....kya हुआ था उस din.....bata hume....ki उस दिन तुम सबने एक haste-khelte परिवार को कैसे बर्बाद किया tha....fir मैं बताउगा की ये लड़का बचा kaise.....bol....warna अभी के अभी तेरी नस्ल मिटा duga....bol...

हबीब- बताता hu......sab बताता हु....

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[ फ्लैशबैक........]

राजेश्वर सिंह चौहान अपने गाओं का एक बहुत इज्जतदार और पैसेवाला आदमी था......

राजेस्वर के परिवार में 6 लोग the....raheshwar...uska भाई rameswar...un दोनों की biwiyan....rajeswar की बेटी और रामेस्वर का बीटा.....

राजेस्वर एक बाहर नेक इंसान tha...aur अपने परिवार की इज्जत और मान मर्यादा के लिए जरूरत से ज्यादा सोचता था...

राजेस्वर अपनी इज्जत की खातिर अपनी जश्न देने वाले इंसानो में से tha.....aur ये बात सब जानते थे.....

उसके गाओं के अलावा उस इलाके के 10 गाओं में राजेस्वर के नाम का सिक्का चलता tha...wo भी दर की वजह से nhi...balki उसकी नेकदिली की वजह से.....

पर फिर उस गाओं में 5 दोस्त aaye.....unme से एक था हबीब khan....wo सब अपने परिवार के साथ वह बसने ko.....aur जा कर राजेस्वर से मिन्नतें करने लगे....

क्योकि राजेस्वर भला इंसान tha...to उसने उन 5 दोस्तों को गाओं में रहने की जगह दे di...aur अपने hi खेतों में काम पर लगा दिया....

पर राजेस्वर नहीं जनता tha...ki जिन लोगो का उसने भला किया hai...asal में उनके इरादे नेक नहीं the.....kyoki वो तो एक बड़े नेता के कहने पर raaj-veer की इज्जत मिटने आये थे......

Khair....waqt गुजरा और उन 5 दोस्तों ने अपने अच्छे बर्ताब और ईमानदारी की मिनट से राजेस्वर का दिल जीत लिया...

इसलिए राजेस्वर ने खुश हो कर उन्हें अपनी हवेली पर hi काम पर लगा liya....aur हबीब तो राजेश्वर का दया हाथ hi बन गया थस.....

और फिर सुरु हुआ उस 5 कमीनो का plan....wo था एक ायरत को राजेस्वर के घर में घुसना....

उस ायरत का काम था राजेस्वर के घर के सारे मर्दों को अपने हुश्न के जाल में fasana....matlab रेश्वर और उसके भाई रामेश्वर को.....

और अगर हो sake....to उस घर की अयर्तों को ये पाठ padana...ki गैर मर्द के साथ चुदाई का सुख लेना बुरी बात नहीं होती.....

क्योकि हबीब चाहता था की उसे ऐसा कुछ मिल jaaye..jisse राजेस्वर की बेइज्जती हो सके और वो उस मौके का फायदा उठा सके....

अब ायरत कुछ chahe...aur वो न ho....ye बहुत काम होता है.....

पर राजेस्वर के घर वो hua...jo उस ायरत ने सोचा भी नहीं था...

उस ायरत की एक चाल न chali...balki ये बात सामने आते hi राजेस्वर ने उस ायरत को बेइज्जत कर के गाओं से निकाल फेका.....

इस बात से हबीब खान को बहुत गुस्सा aaya...kyoki वो ायरत हबीब की रखेल thi.....aur हफ़ीज़ की अम्मी....

हबीब को अपनी रखेल की बेइज्जती बर्दास्त नहीं hui...aur उसने अपने दोस्तों की मदद से कदम uthaya...jis से राजेस्वर के परिवार की बेइज्जती हो....

इसलिए हबीब ने अपनी जवाबदारी पर दो जवान लड़को को हवेली पर काम पर लगवा diya....wo थे हफीज और saddam....(aalam और मजीद का बाप)

और फिर एक raat.....jab गाओं के लोग पास के गाओं में नौटंकी देखने में मस्त the....aur राजेस्वर भी अपने भाई के साथ वही मौजूद था.....

उस रात हबीब ने एक नौकरानी की मदद से राजेस्वर और उसके भाई की बीवी को नशे की दवा पीला थी.....

एक ऐसा nasha....jisme ायरत के जिश्म की प्यास बाद जाती hai...aur उसे सामने खड़ा मर्द अपना पति hi दीखता है....

Bas...isi हालत का फायदा उठा कर हबीब के कहने पर हफीज और सद्दाम ने राजेश्वर और उसके भाई की बीवी के साथ जैम कर चुदाई की...

और फिर उन्हें थोड़ी और दवा पीला कर ek-dusre के कमरे में दाल diya....matlab राजेश्वर के कमरे में उसके भाई की बीवी और उसके भाई के कमरे में राजेश्वर की बीवी को.....

और यहाँ हबीब खान ने नौटंकी से बापिस आते वक़्त धोखे से राजेश्वर और रामेस्वर को भी वही दवा खिला दी....

और फिर घर आते hi राजेवासर और रामेश्वर अपने कमरे में पड़ी ायरत को अपनी बीवी समझ कर टूट पड़े और पूरी रात चुदाई का खेल खेला...

और उस कमीने हबीब ने ये सब कमरे में रिकॉर्ड करवा liya...sath hi साथ हफ़ीज़ और सद्दाम से हुई चुदाई भी......

फिर सुबह जब दोनों भाई और उनकी बीवियों को होश aaya...to वो शर्म के मारे अधमरे से हो गए...

और तभी हबीब अपने दोस्तों के साथ वह आ gaya..aur सारे विडिओ दिखने लगा....

हबीब- क्यों बे rajeswar....kya बोलै था उस ायरत ko....ghatiya...randi...haa....use पुरे गाओं के सामने जलील कर के निकला था na.....ab dekh...main तेरे hi घर में तेरे hi घर की अयर्तों को कैसा जलील करता हु.....

Rajeswar(gusse से)- kameene..aaahh.....

राजेस्वर गुस्से से आगे बड़ा hi था की एक आदमी ने उसके सर पर लोहे की रोड मार di...aur वो वही गिर gaya...wo आदमी था saddam...(maajid का बाप)

हबीब- देख rajeswar...main जनता हु की तू अपनी इज्जत की खातिर कुछ भी कर सकता hai.....to अगर तू वाकई में अपने घर की इज्जत बचाना चाहता hai.....to चुपचाप वो kar...jo मैं कहता hu...warna....tum समझदार ho....hai न.....

हबीब की बात सुन कर रामेस्वर को बड़ा गुस्सा आया और वो कुर्सी उठा कर हबीब को मारने douda....par तभी हफीज ने रामेस्वर के सीने में खंजर घोप दिया और वो तड़पता हुआ कुछ hi देर में मर गया....

राजेस्वर- kameene.....mere भाई ko....main तुम सबको मार दुगा.....

राजेस्वर चिल्ला रहा tha...par हबीब के आदमी उसे झाकड़े हुए थे तो बेचारा कुछ न कर saka....bas तड़पता रहा....

और उस घर की दोनों एयरटेन रोने के अलावा कुछ न कर saki.....kyoki वो भी उन मर्दो की पकड़ में थी.....

हबीब- dekh.....ab तो मेरा काम और आसान हो gaya.....main बाहर सबसे बोल दुगा की तेरा अपने भाई की बीवी से नाजायज रिश्ता tha...isliye तूने hi अपने भाई को मार कर रास्ता साफ़ कर liya...aur सबूत तो है hi मेरे पास...

राजेस्वर- तू चाहता क्या है कमीने.....

हबीब- कुछ खास nhi....bas....in कागजाद पर सिघन कर दे....

राजेस्वर - कैसे काग जाड.....

हबीब- तेरी साडी जसीजाद ke.....ab ये तू सराफत से हमारे नाम karega....chal सिघन kar.....warna....

राजेस्वर- ठीक hai.....main करता hu....karta हु....

फिर राजेस्वर ने साड़ी जायजाद अपने हाथो hi हबीब के नाम कर di.....aur हबीब अपने आदमियों के साथ मुस्कुराता हुआ वह से निकल गया.....

असल में राजस्वै ने सोचा था की वो अभी शांति से हबीब की बात मान लेगा और बाद में कोई एक्शन लेगा....

पर हबीब का शैतानी दिमाग जनता tha..ki राजेस्वर का जिन्दा रहना उसके लिए ठीक नहीं...

इसलिए सिघन करते hi वो बहार गया और कुछ hi घंटों में वो विडिओ पुरे इलाके में फ़ैल gaye...jinme राजेस्वर और रामेस्वर की बीवी पहले गैर मर्दो से और फिर अपने घर के मर्दो से चूड़ी थी....

विडिओ सामने आते hi सारे इलाके में राजेवासर के परिवार की thoo-thoo होने लगी...

और तब राजेस्वर ने वो कदम uthaya...jo कोई आप इंसान सोच भी नहीं सकता था.....

राजेस्वर ने अपने hi हाथो से अपनी बीवी और अपने भाई की बीवी को गोली मार di...aur फिर अपने आपको गोली मार कर अपना परिवार ख़त्म कर लिया........

और यही तो हबीब चाहता tha....isliye राजेस्वर का परिवार ख़त्म हॉटड hi हबीब ने उसकी साड़ी जायजाद उस बड़े नेता को बेच दी और पैसे ले कर उस इलाके से दूर निकल आया.....

==============

[ इन प्रेजेंट........]

गोलू भाई- अब तक तो तू समझ hi गए होंगे की तुम्हे किस गुनाह की सजा मिल रही है....

हफीज- तो ये sala....aaaahhhh......

हफीज आगे कुछ bolta..uske पहले hi राजू ने हफीज के सीने में गोली मार दी और वो तुरंत लाश बन कर जमीन पर जा गिरा.....

हबीब- nhhiiiiii...mera beta.....nhi....beta..tu मर नहीं sakta...nhii...

Raj,u(gusse से)- मेरे पापा को ऐसे hi मारा था na.....haaaaaa.....

गोलू भाई- raju.....gun de....aur तू ja......apni दीदी के पास ja.....hmm..

राजू- है भाई...

और फिर राजू ने गोलू भाई को गन दी और कमरे से निकल गया...

गोलू बगै- सुनो मेरी randiyo....tum सब भी niklo.....ab यहाँ तुम्हारा कोई काम नहीं....

गोलू भाई का फरमान सुनते hi माजिद की ममिजान और खाका भी कमरे से निकल आई...

अब कमरे में सिर्फ हबीब खान और उसके दोनों जायज बेटे hi मौजूद थे और साथ में गोलू भाई....

गोलू भाई- तो habeeb....ab तक तो तुम ये समझ hi गए होंगे की तेरे damaad....matlab सद्दाम की मौत कैसे hui...hai न...

Habeeb(rota हुआ)- तूने उसे मारा....

गोलू भाई- nhi...bilkul nhi.....uska खेल भी उसी ने ख़त्म kiya....jisne तेरे बेटे को thoka.....raju ne.....rajeswar के खानदान के एकलौते मर्द ने.....

हबीब- उसका तो samjha....par तू कौन hai....tune ये सब क्यों kiya....koun है tu....kya रिश्ता है तेरा unse....bata मुझे..

गोलू भाई- मैंने बताया tha....sirf इंसानियत का rishta.....cgal सुरु से बताता हु...

असल में ये दोनों बच्चे सहर में जहा रहते थे na....wahi पास में मेरा एक दोस्त रहता tha....isliye मेरी इनसे ैवहि बनने लगी थी...

पर फिर ये दोनों अचानक से गायब हो gaye...aur करीब 4 महीने बाद मुझे mile.....wo भी बदतर हालत में....

और फिर मुझे उनके परिवार की कहानी पता chali....jo तूने फैलाई थी...

पर सच कुछ और tha...aur उस सच का ोाता लगाने के लिए मैंने बहुत म्हणत की...

इसलिए मैंने उनको अपने साथ रख लिया और उनको इन्साफ दिलाने की कसम खा ली...

अब तू पूछेगा की मैंने कसम क्यों khai....to इसकी वजह है मेरे guru...jinhone मुझे सिकस्ग देने के बाद एक hi बात बोली थी....

की जब भी किसी पर ज़ुल्म होता dekho...to उसे इन्साफ dilaao...yahi उनकी दी हुई शिक्षा का असली और सही इस्तेमाल होगा....

और मैंने वही kiya.....in 12 सालिन में मैंने बस तुम सब दोस्तों का पता lagaya....tum सबकी कमजोरी doondi....aur उस कमजोरी पर बार करने का सही तरीका भी खोजै...

और haa...mera मन्ना है की जैसे को तैसा मिलना chahiye...bas इसलिए इतनी देर हो gai...uper से मेरा एक और काम भी tha...khair उसे छोडो...

तुम्हारे काम की बात बोलता hu.....to...aaj तेरे घर की साड़ी एयरटेन मेटि रंडी hai...ye dekho....vedio दिखता हु...

ये बोल कर गोलू भाई ने एक और विडिओ चला diya...jusme गोलू भाई माजिद की अम्मी, दोनों ममिजान , और खाओ को छोड़ रहे थे....

गोलू भाई- तो हबीब khan...aur उसके kutton.....main जनता हु की टुम सबकी अपने इलाके में गजब की इज्जत hai....isliye मैंने तय किया है की मैं ये सारे विडिओ तुम्हारे इलाके के हर एक साक्ष को dikhauga....taki वो सब तेरी इज्जत की धज्जियाँ uddaye....aur तुम सब साड़ी जिंदगी सर न उठा sako...samjhe....

ये बोल कर गोलू भाई उठे और कमरे के गेट तक pahuche...aur रुक गए...

गोलू भाई( मुद कर)- हबीब khan....agar तुम chaho...to एक और रास्ता है....

ये बोल कर गोलू भाई ने गन निकसल कर हबीब के बिस्तर पर फेक दी और घूर कर कमरे से निकल गए......

गु भाई के कमरे से निकलने के कुछ hi देर बाद 3 गोलियां चलने की आवाज aai.....juse सुन कर बाहर खड़े सारे लोग हैरान रह gaye...par गोलू भाई मुस्कुरा रहे थे.....

गोलू भाई- mumtaaj....tum अपने बेटे के साथ कुछ अपने मायके जा रही ho.....tumhari बहिन और भाभियाँ bhi...car रेडी hai....to निकल जाओ...

बड़ी ममिजान- पर वह अपने सौहार और उनके अब्बू के बारे में क्या बोलेगे....

गोलू भाई- फिलहाल तो बोल देना की हबीब का एक्सीडेंट हुआ है तो सब सहर में है....4-5 दिन में आ jayge...baki बाद में देखता हु...

मुमताज- और ammi....unka क्या....

गोलू भाई- वो भी पहुंच jaygi....aur उसे तुम सब समबगल lena....samjhi...

मुमताज- जी....

खला- और मेरी बेटी...

गोलू बगै- रूही मेरे साथ aaygi.....ab जाओ...

फिर मजीद और उसके सारे परिवार वाले कार से निकल गए.....

गोलू बगै- aleena....tum भी ाकम के साथ घर pahucho...raju छोड़ देगा....

अलीना- ओर आलम के अब्बू का क्या बोलू...

गोलू भाई- उसकी खबर कल आ jaygi....ek एक्सीडेंट ki...samjhi...jao कार में बैठो....

अलीना- हम्म...( और अलीना अपने बेटे ाकम के साथ कार की तरफ निकल गई...)

गोलू भाई- raju....tu इन दोनों को छोड़ dena....aur फिर सीधा सहर निकल जाना....

राजू- पर aap...aur दीदी...

गोलू भाई- मैं उसे और रूही को ले कर सहर hi aauga.....yaha काम निपट jaaye....fir निकल आउगा....

राजू- पर sahar.....waha क्यों...

गोलू बगै- क्योकि ये कहानी अभी पूरी नहीं हुई beta....iska अगला chapter सहर में hi लिखा jayga.....ab तू जा.....

राजू- ji....par आप जल्दी आना.....

गोलू भाई- hmm....main जल्दी aauga......wo भी बहुत जल्द.....

Dosto....yaha इस कहानी का पहला part ख़त्म होता है....

मैं जनता हु की अभी आपके दिल में कई सारे सवाल hoge.....jinke जवाब अब तक नहीं मिले...

पर भरोषा rakhiye.....har एक सवाल का जवाब milega.....kuch का तो नेक्स्ट part में hi मिल जायगा....

Khair......apne सवाल जरूर bataaye....aur नेक्स्ट part का इंतज़ार करे....

शिकारी विल BACK.....WITH नई अडवांटुरे....

नोट - उपदटेस पोस्टेड frnds....hope ु लिखे आईटी.....

GIF विल एडेड सून....

थैंक्स फ्रेंड्स....


कीप रीडिंग.....
 
Hello दोस्तों......

जैसा की मैंने स्टार्टिंग में बोलै tha....ki इस स्टोरी के कई पार्ट्स आयगे....

तो आज यहाँ 1सत part ख़त्म होता है.....

मैं जनता हु की अभी इसमें कई सवाल और कई तरह की कमियां दिख रही होगी.....

जैसे आलम और मजीद को उनकी अम्मी ने उनके अब्बू जा सच कैसे bataya.....etc....

तो आप सबसे यही kahuga....ki अपने सारे सवाल और स्टोरी की कमियां bataye....taki मैं नेक्स्ट part में उन्हें दूर कर सकू.....

Ok dosto.....last अपडेट रीड करे और मुझे बताये की कैसा लगा ये एन्ड....

Baki.....SHIKARI बापिस AAYGA....AMMIYON के शिकार करने....

टिल थें.....

BYE नहीं BOLUGA....DUSRI स्टोरीज पर MILUGA...HAHAHA....

थैंक्स फ्रेंड्स....

कीप रीडिंग.....
 
अरे नहीं bhai....us लेवल तक तो हम सोच hi नहीं सकते.....

बस seekh-seekh कर आगे बाद रहे hai....baki अंकित तो अलग hi लेवल रखता है....

फिर bhi...usse कपड़े किया जा रहा hai....so इतस फील गुड....

बाकि आप तो हम दोनों को जानते hi ho....to खुद hi बता सकते हो की कौन कहा hai....haha....

थैंक्स फ्रंड...

कीप रीडिंग...
 
अब ये क्या बात hui...ki सेक्स है तो पढ़ा नहीं...

देखो dost...main इस फोरमे पर इसिलिटे हु क्योकि मुझे एडल्ट कंटेंट लिखने hai...agar बिना सेक्स के स्टोरी लिखनी hogi...to यहाँ नहीं likhuga...mere पास और भी ैव्हे सोर्स है....

well..ye फोरमे की बुराई nhi.....matlab ये tha...ki यहाँ लोग िडिलिये आते है की उन्हें एडल्ट स्टोरी milegi.....aur जो ऐसा कहते है की वो सेक्स पढ़ने नहीं aaye....to उन्हें क्या bolu....fir किसलिए aaye....chetan बगगात और वेद प्रकश शर्मा या पंडित के नावेल पढ़ lete....hahaha...

Well....sex सन स्किप करना अलग बात hai...but उसके अलावा भी स्टोरी तो थी hi...wo भी सायद आप मिस कर गए...

वर्ण आप जान जाते की विल्लिओं का दामाद hi वो साक्ष tha...jiski मौत पर उसकी बीवी चूड़ी thi....maajid का abbu.....ok

और haa...kuch पॉइंट आप और मिस जार gaye....jaise guruji...wo कौन hai...golu की मदद क्यों कर raha...kaise कर रहा...

गोलू की mami.....abhi उसका भी चेप्टर नहीं खुला.....

नाज़िआ, खलील का परिवार, सैफ और जावेद का परिवार, हिना का परिवार, आयशा, rubeena......aur wo...jise चुनाव दते वक़्त गोलू भाई उसी के सोहर से विडिओ कॉल कर रहा था...

कहने का मतलब ये है की अभी तो बहुत कुछ बाकि hai....ye तो बस सरूवात samjho....ant के लिए काफी कुछ होना hai...ok..

नेक्स्ट part जरूर dekhna...agar मन करे to...ok...

थैंक्स फ्रंड...

कीप रीडिंग...
 
कोई nhi...naam याद नहीं यो क्या hua...koun सा एग्जाम होने वाला hai....hahaha...

Well....golu ने ये सब क्यों kiya....yahi तो मैं बात hai....kuch तो ऐसा hoga...jiske लिए उसने अपने आपको इस झमेले में डाला...

Well....next part पढ़े jaroor....kafi मज़ा आने वाला hai.....ok...

और एक बात baatau...main भी सेक्स सन जल्दी hi पढ़ लेता hu.....but लिख्णलता हु डिटेल me...taki रीडर्स को शिकायत न ho....haha...

थैंक्स फ्रंड...

कीप रीडिंग...
 
मेरे साथ रियल hi hua...maine दूसरे की अम्मी को ठोका hai...aur आज भी ठोकता हु....

बूत ये स्टोरी मेरी nhi...balki उसकी hai...jiski अम्मी मुझसे चुदवाती hai....use जब पता चला तो मैं दर रहा tha...ki सायद अपने अब्बू को बोल de...but वो तो अलग hi nikla...use मज़ा आता था ये देख kar...ki मैं उसकी अम्मी को रगड़ के पेलता हु...

फिर उसी टाइप का एक बाँदा यहाँ mila..aur उसने मुझसे रिक्वेस्ट की ...की मैं ऐसी स्टोरी likhu...jisme उसकी अम्मी को chodu...bas...mujhe बेस mila...aur फिर करवा बढ़ता गया....
 
Hello फ्रेंड्स.....

एक्चुअली मेरे एक फ्रंड ने कुछ स्टोरी लिखना स्टार्ट किया hai...aur मुझे उनका कांसेप्ट ठीक laga...to सोचा आप सबके साथ शेयर करू...

अगर आपको टाइम mile...aur इंट्रेस्ट ho...to एक बार रीड kare....aur अपने व्यूज bataaye.....ok...

शर्त का अंजाम

आसिफ, उसकी अम्मी और डॉक्टर

और haa....ye कोई जबरजस्ती नहीं dosto....aapki मर्जी हो तो एक बार नजर daale....sahi लगे तो आगे बड़े....

थैंक्स फ्रेंड्स....

कीप रीडिंग....
 
अरे dost...mujhe भी कहा baar-baar स्टोरी टालने में मज़ा आता hai....but रियल लाइफ के पंगे hi ख़त्म नहीं hote...aur हमे लाइफ के अकॉर्डिंग चलना होता है...

Well...meri 2 रनिंग स्टोरीज बस कजातं होने की कगार पर hai....aur उनके ख़त्म होते hi 4-5 दिन में इसका 2ंद part सामने hoga....ok....

वैसे रिवेंज स्टोरी पसंद हो तो मेरी शर्त का अंजाम रीड karo...i होप पसंद aaygi....ok...

थैंक्स फ्रंड...

कीप रीडिंग...
 
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