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गोलू भाई- लगता है मेरा मक़सद जल्दी hi पूरा होने वाला hai.....sala....kaddu खुद छुरे पर गिरने aaya...haha....haha...aaahahahahah.....
रात के सन्नाटे में गोलू भाई की हसी भले hi पुरे कमरे में गूँज रही thi.....par उस हसी के पीछे की वजह हवाओ को भी पता नहीं थी.....
आखिर गोलू भाई का मक़सद है क्या.....?????
अब आगे..........
[ आगे की KAHANI....KHALEEL की जवानी.....]
सुबह मैं जब जगा तो घर में सबकुछ ठीक hi tha....abbu हमेशा की तरह नास्ता कर के मदरसा निकल गए the....ammi किचेन में खाना बना रही थी और अप्पी अपने कमरे में बैठी पढ़ रही थी....
पर अप्पी को देखते hi मुझे रात की बात याद aai...ki आज अप्पी को गोलू भाई ने अपने कमरे में बुलाया hai...aur मैं ये मौक़ा किसी भी हालत में गवाना नहीं चाहता था...
क्योकि मैं जनता था की गोलू भाई का कमरा कुसी नाजुक और कमसिन लड़की के लिए वैसा hi hai...jaisa की एक हिरन का शेर की गुफा में जाना....
मतलब की जैसे.... शेर की गुफा में जा कर हिरन बच कर नहीं आ sakta...waise hi गोलू भाई के कमरे में जा कर एक जमसीन ladki...juske अंगो ने जवानी छलक रही ho...wo अपने हुश्न का रास गोलू भाई को चखाए बिना बापूस नहीं आ सकती थी....
इसलिए मैंने जल्दी से नास्ता किता और बहाने से बहार निकल gaya...taki अप्पी को काम से मेरी टेंशन न रहे.....
बहार निकल कर मैं कुछ देर यु hi टहलता raha...aur फिर चुपके से घर में आ kar....seedha ऊपर वाले कमरे में चला gaya...jaha से मैं दीवाल में बने एक छेद के सहारे गोलू भाई का कमरा saaf-saaf देख सकता था....
और मैंने वह जा कर जब भीतर jhanka...to मुझे गोलू भाई दिख gaye...jo एकदम नंगे हो कर बिस्टेर पर लेते the...aur इस वक़्त उनका लुंड भी सोया हुआ था....
फिर भी उनका लुंड इतना तगड़ा था की जिसे देख कर मेटि आँखे चमक उठी.....
Main(man में)- क्या बाला है yaar....ye तो सोया हुआ भी खतरनाक दिख रहा hai....aaj तो मेरी अप्पी की खैर nhi....pata नहीं बेचारी का क्या होगा.....
Khair....kuch देर देखने के बाद मैंने वह से नजरें हटा li...aur सही वक़्त का इंतज़ार करने लगा....
और फिर वक़्त अपनी रफ़्तार से gujra...aur वो वक़्त भी आ gaya...jab गोलू भाई के कमरे पर दस्तक हुई....
दस्तक सुनते hi मेरे कान खड़े हो गए और मैंने अपनी नजरे उस छेद पर गदा दी....
तो मैंने देखा की गोलू भाई सिर्फ एक शार्ट पेण्ट पहने हुए खड़े थे और उनके सामने मेरी प्यारी अप्पी thi...jo abhi-abhi दरवाजे से भीतर दाखिल हुई थी....
गोलू bhai(darwaja लगा कर)- तुम्हे आने में कोई परेशानी तो नहीं हुई....
Appi(najre झुका कर)- nhi...maine अम्मी को बोल दिया है की मैं सहेली के घर जा रही हु....
गोलू भाई- ैव्हा kiya....waise तुम्हारी ड्रेस अच्छी hai....chalo आओ......
ये बोल कर गोलू भाई ने अप्पी के गले में हाथ डाला और उन्हें बिस्टेर के पास ले aaye....aur सबसे पहले अप्पी का चस्मा निकाल दिया....
गोलू भाई- आज इसकी कोई जरूरत नहीं...
अप्पी - hmm..to ab...matlab आगे...
गोलू भाई- बताता hu....pat pahle...hmm....to कल रात तुम ये तो समझ hi चुकी हो की मर्द को क्या पसंद hai...aur ायरत को kya....hai न....
Appi(najren झुकाये)- हम्म...
गोलू भाई- बहुत khoob....ab आज तुम्हे ये बताता हु की मर्द और ायरत ek-dusre को कैसे खुश कर सकते hai....to तुम तैयार हो न....
Appi(sahmi हुई)- इसमें kuch...kuch गलत तो नहीं न....
गोलू भाई- बिलकुल nhi...are तुम एक हसीं और जवान लड़की ho....aur तुम जैसी लड़कियां मर्द का सुख नहीं लेगी तो कौन lega....aur फिर तुम्हे ये साबित भी तो करना है na...ki तुम किसी भी मर्द को खुश कर सकती ho...hai न....
अप्पी- हम्म...
Main(man में)- अब ये क्या माजरा hai....aakhir अप्पी को क्या जरुरत ाँ पड़ी ये साबित करने ki....ohh...unki saheli...to ये बात hai....tabhi अप्पी उस वक़्त रो रही thi...lagta है उनको ये शक है की वो मर्द को खुश नहीं कर sakti....par appi....aap तो वो हुश्न रखती ho...juse देखने बस से मर्द पानी छोड़ dega...jaisa की कल गोलू भाई ने किया था....
यहाँ मैं सोच hi रहा था की इस बीच गोलू भाई ने अप्पी को एक हुकुम दे diya....jise सुन कर अप्पी थोड़ा jhijhki....par फिर बड़े प्यार से अपना टॉप ऊपर कर के अपने रास भरे दूध गोलू भाई को दिखने लगी....
गोलू भाई- uff...ye दोनों तो मेरी जान hi ले lege...kya खूब रास भरा है दोनों me...uummm...
Appi(sharma कर)- आप bhi...inme कैसा रास....
गोलू भाई- वो भी समझा duga....filhaal इन्हे जी भर कर देखने तो do...dekho to...kya मस्त आकार है inka...aur ये nippal...uff....kitna प्यारा दिख रहा hai...inhe तो देख कर hi मुँह में पानी आ जाता है.....
वह गोलू भाई अप्पी के दूधो की तारीफ़ कर रहे the...aur मेरी प्यारी अप्पी अपनी तारीफ सुन कर बेहद hi खुश हो कर शर्मा रही थी......
Fir....thodi देर तक अप्पी के दोनों दूधो की तारीफ करने के बाद गोलू भाई ने अप्पी का जिनसे भी निकलवा diya...aur फिर उनसे पंतय निकलने का बोलै....
और इस बार अप्पी एक लम्हे के लिए भी झिझकी nhi...ulta मुस्कुराते हुए अपनी पंतय उतार फेकि.....
गोलू भाई- wah.....tumhe नंगा देखते hi मेरा लुंड फनफना उठा yaar...kya कातिल जिश्म है tumhara...uuff...
Appi(sharmate हुए)- ऐसा तो सबका होता है na....matlab लड़की का...
गोलू भाई- होता hai....par ऐसा सबाब कहा देखने मिलता hai...ye तो किस्मतवालो को मिलता hai....aur इसका नजारा भी किस्मत वाले hi देख सकते है.....
अप्पी- आप भी na.....ab और क्या करू....
गोलू भाई- hmm...tum ये तो जानती hi हो की एक लड़की को मर्द से क्या chahiye...hai न...
Appi(sharma कर)- जी...
गोलू भाई- बहुत khoob....par ये भी जान लो की मर्द को लड़की से kya-kya चाहिए होता है...
अप्पी- क्या matlab...use भी लड़की का जिश्म hi चाहिए न....
गोलू भाई- ha...par मर्द को गरम करने के तरीके कई होते hai....aur उनमे से एक hai....mard के लुंड को प्यार karna....aur हर मर्द ये चाहता है की कोई भी लड़की या aourat....uske ोास आये तो उसके लुंड को प्यार kare.....use choome...choose....use ऐसा प्यार दे की जैसे उसी लुंड से लड़की की जिंदगी जुडी ho....samjhi...
अप्पी- hmm..par मुझे ये आता hi नहीं...
गोलू भाई- तो कोई भी ये पेट से सीख जार नहीं aata....tumhe ये कर के hi सीखना hoga.....to अब aao...aur मेरे लुंड को प्यार karo...chalo....ghutno पर baitho...taki जब तुम लुंड को कपड़ों की कैद से आज़ाद karo...to वो बिलकुल तुम्हारे मुँह के सामने ho...chalo...nikalo...
ये बोल कर गोलू भाई ने अप्पी को घुटनो पर बैठाया और खुद उनके सामने खड़े हो गए.....
और मेरी अप्पी ने भी बिना देर किये गोलू भाई का लुंड उनके शार्ट से निकाल लिया और उसे देखते hi अप्पी की आँखे ख़ुशी से चमक उठी....
गोलू भाई- अब इसे प्यार karo....le जाओ इसे अपने मुँह की गहराई में......
अप्पी - पर मैं jaise....matlab ये बहुत बड़ा hai.....mere मुँह में पूरा नहीं जायगा....
गोलू भाई- चलो मुँह खोलो....
अप्पी - जी...
और जैसे hi अप्पी ने मुँह खोला तो गोलू भाई ने अपनी चारो उँगलियाँ अप्पी के मुँह में दाल di...aur उन्हें andar-bahar करने लगे....
इस हरकत पर अप्पी मुस्कुरा उठी और बड़े प्यार से उँगलियों को अपने मुँह में महसूस करने लगी...
गोलू भाई- dekha.....jab ये चारो उंगलिया इतनी आसानी से तुम्हारे मुँह में घुस सकती hai...to लुंड क्यों nhi....tum कोडिस तो करो....
अप्पी- ऊम्मम...
गोलू bhai(ungli निकल कर)- chalo...suru karo....dheere-dheere कर के भीतर lena....chalo....
और फिर क्या tha....appi ने अपने हाथ में गोलू भाई का तगड़ा लुंड थमा और उसे हिलने lagi....jaise की वो लुंड से खेलने में माहिर खिलाडी हो....
गोलू भाई- सिर्फ हिलने से कुछ नहीं होगा....
अप्पी - जानती hu....par पहले इसकी गर्मी का जायजा तो ले lu...kahi मेरा मुँह hi न जला de....hehe...
गोलू bhai(muskura कर)- ये ठीक हुआ की तुम्हारी शर्म ख़त्म hui...ab आगे bado.....kafi कुछ बाकि है abhi...chalo...
और गोलू भाई की बात सुन कर अप्पी ने अपना मुँह आगे किया और बड़े प्यार से मुँह खोल कर वो तगड़ा लुंड मुँह में भर लिया.....
और उनकी इस हरकत पर मेरे लुंड ने पिचकारी मार di....aur वह अप्पी में बड़ी खूबी के साथ लुंड चूसना सुरु कर दिया.....
अप्पी - uummmhh.....aah...ye तो बहुत hi बड़ा hai....theek से आ hi नहीं रहा मुँह में....
गोलू भाई- तुम कोसिस तो karo....aa jayga....tumne देखा नहीं की तुम्हारी अम्मी कैसे इसे पूरा निगल जाती hai....haa...chalo....kosis karo...muh खोलो और डालो...
अप्पी- hmm...karti हु....
और फिर अप्पी ने दूसरी कोसिस ki....aur इस बार वो कामयाब भी हो gai....ab गोलू भाई का आधा लुंड अप्पी के मुँह में tha...aur अप्पी उसे बड़े मज़े से चूस रही थी....
अप्पी- uuummmmmmm......uuuummmmm...uuuuummmmmm...uuuummmmm....
गोलू बगै- aah....ye हुई न baat....dekha...kitni आसानी से चला gaya....chooso...acche से चूसो....
अप्पी- uuummmm...uuummmm...uuummmm...uuummmmm.....
गोलू भाई- hmm...maza आ gaya....tera मुँह भी मस्त hai....ye तो लुंड को पागल hi कर dega......aahh...karti रहो....
और फिर कुछ देर तक अप्पी ने बड़ी सिद्दत से लुंड की चुसाई जारी rakhi....aur फिर गोलू भाई का इसरा प् कर अप्पी ने पूरा लुंड अपने गले में भरने की कोसिस सुरु कर दी....
अप्पी- ggggguuuuuppppppppppppp.......
गोलू भाई- aaahh...aise hi....pura लेना hai....kosis करती raho.....aahh...aise hi....
अपोइ- gggggglllluuuuppppppppppp......uuummmmm...gggglllluuuuupppppppp......uuummmm...
गोलू भाई- aahh...bahut khoob....ab तुम सही जा रही ho.....dekho...aise hi मर्द खुश होता hai....jab एक सरीफ लड़की बिलकुल सड़क छाप रंडी की तरह मर्द के सामने पेश आती hai....aaahhh.....maza आ गया यार.....
मैंने देखा की अप्पी baar-baar पूरा लुंड मुँह में bharti...aur फिर जोर से सांस leti...aur फिर से लुंड को गले तक ले जाती.....
उन्हें देख कर मुझे बिलकुल भी यकीन नहीं हो रहा था की ये मेरी वही अप्पी है जो की एक पढ़ने वाली सरीफ लड़की थी....
क्योकि यहाँ तो वो एक बहुत hi कामुक रंडी दिख रही thi...jo अपने मालिक के हर हुक्म को सिद्दत से पूरा करने में जुटी थी.....
Khair....appi ने थोड़ी देर तक अच्छे से म्हणत की और फिर गोलू भाई का पूरा लुंड अपने गले में भरने में कामयाब हो गई.....
अप्पी- uuummmhhh...aahh...ab ठीक है न....
गोलू भाई- अभी तो सुरुवात hai....ruko...
और ये बोल कर गोलू भाई खड़े हो गए और अप्पी को इसरा kiya....aur अप्पी ने तुरंत लुंड को गले तक भर लिया.....
गोलू भाई- uufff....ye हुई न baat....ab तुम्हारा मुँह छोड़ने को तैयार हो गया है...
अपोइ- uuuummmmmhhhh..aahh...muh...matlab...muh कौन छोड़ता hai...wo तो choo...matlab वह नीचे न....
गोलू bhai(muskura कर)- haa...choot hi चुदती hai....par लड़की का मुँह छोड़ना हर मर्द की ख्वाहिस होती hai....kyoki इससे मज़ा दोगुना हो जाता है...
अप्पी- पर मुँह कैसे....
गोलू भाई- मैं बताता हु na....chalo मुँह खोलो...
और फिर जैसे hi अप्पी ने मुँह khola...waise hi गोलू भाई ने अप्पी का मुँह छोड़ना सुरु कर diya.....par बड़े प्यार से......
गोलू भाई- तुम अब काफी अच्छा चूसने लगी ho.....good...aise hi करती रहोगी na...to जल्द hi पूरी तरह से बदल jaogi....fir कोई भी मर्द तुम्हारी गिरफ्त से बाहर नहीं hoga....sab तुमसे खुश हो कर hi जायेगे....
आपौ- uuuummmmmmmhhh...aaahh...sach me....kya ऐसा होगा.....
गोलू bhai(bister पर लेट कर)- बिलकुल hoga....par तुम्हे पहले वो सब सीखना hoga...jo मर्द को खुश करने के लिए जरूरी है....
अप्पू- तो बताइये na....ab तो मुझे कोई शर्म भी नहीं rahi....ab क्या करू...
गोलू भाई- अभी तो मेरा लुंड chooso....maza आ रहा है तुमसे चुसवा kar.....aao...
और अप्पी भी तुरंत बिस्टेर पर पहुंची और झुक कर गोलू भाई का लुंड चूसने लगी....
अप्पी- uuummm...uuummmm...uuummmm...uuummmm...uuummmm..uuummmm....
गोलू भाई- hmm...thoda और chooso...fir तुम्हे बताउगा की अगला काम क्या है....
अप्पी- uuummmm..uuummmm..uummmmm...uummm....
अप्पी अब इस कदर लुंड चूस रही thi...jaise की ये उनके रोज का काम ho.....pata नहीं गोलू भाई में ऐसा क्या हुनर hai...jo किसी भी मासूम बच्ची को एक निहायती बिगड़ैल रंडी की माफिक बना देते hai...jaise की इस वक़्त मेरी अप्पी बानी हुई थी....
अप्पी पूरी सिद्दत से लुंड को पूरा मुँह में भर कर चूस रही thi....aur गोलू भाई इसका पूरा मज़ा लेते हुए अप्पी का सर सहला रहे थे.....
Khair....thodi देर बाद गोलू भाई ने अप्पी को फिर से फर्श पर बैठा diya...aur खुद उनके सामने खड़े हो गए.....
गोलू भाई- chalo...ab बोना हाथ लगाए अपने मुँह का कमाल dikhao....aur याद rahe....pura लुंड भीतर जाना chahiye....chalo...suru हो जाओ....
और फिर क्या tha....appi ने तुरंत अपना कमाल dikhaya....unhine लुंड को हाथ लगाए बिना hi अपने गले तक बगैर liya....aur चूसना सुरु कर दिया....
मैं ये देख कर ोागल हो रहा tha....mujhe अब अप्पी एक रंडी के अलावा कुछ नहीं दिख रही थी....
मैं यो बस अब इंतज़ार कर रहा था की कब मेरी अप्पी की छूट फाटे और मैं उस नज़ारे का लुफ्त उठाओ....
पर गोलू भाई का इरादा कैच और tha....unhone अप्पी से भरपूर लुब्द चुसवाने के बाद उन्हें उठा कर पास hi टेबल पर बैठा दिया और उनकी जाँघे फैला कर छूट सहलाने लगे....
अप्पी- sshhh.....kuch होता है...
गोलू भाई- जनता hu....dekho to....kaise गीली हो गई है.....
अप्पी- ये आपकी वजह से हुआ hai...itni देर से बस लुंड चुसवा रहे ho.....to मेरा दिल भी तो करेगा न....
गोलू भाई- accha....to क्या है तेरे दिल me...bolo...
Apoi(sharma कर)- आप भीतर डालिये न....
गोलू भाई- accha....theek hai...daluga...par पहले देख तो लू की ये मेरा लुंड खाने लायक है की नहीं....
और इतना बोल कर गोलू भाई ने अपनी 2 ऊँगली अप्पी की छूट में दाल di...aur अप्पी सिसक कर उछाल पड़ी....
अप्पी- aahhh...ungli nhi...lund daliye...aaahh...
गोलू भाई- वो भी daluga.....thoda तो रुक....
और गोलू भाई ने बड़े प्यार से अपनी 2 उँगलियों से अप्पी की छूट छोड़ना सुरु कर diya....aur अप्पी सिसकते हुए अपनी गांड उचकने लगी....
फिर थोड़ी देर बाद गोलू भाई ने अप्पी की छूट से ऊँगली निकली और अप्पी को थोड़ा पीछे लिटा कर उनकी गांड के छेद पर ऊँगली दबा दी...
अप्पी- aahhh...yaha नहीं....
गोलू भाई- अरे यही तो मर्द की नजर होती hai.....kyoki छूट तो कोई भी छोड़ लेता hai....par असली मर्द के लुंड में hi वो ताक़त होती hai...jo लड़की की गांड फाड़ सके.....
अप्पी- aah...par ये तो बहुत छोटा है na...usme kaise....aahhh..
और तभी गोलू भाई ने वही ऊँगली थोड़ी सी अप्पी की गांड में दाल di...jisse अप्पी सिसक उठी....
अप्पी- aahh...ungli में hi तकलीफ हो रही hai....fir आपका तो बहुत बड़ा hai...aahh...nhi जायगा....
गोलू भाई- सब jayga....tum बस सब्र रखो और dekho.....sab ठीक hoga...tum बस ये batao...ki मज़ा आ रहा है न....
अप्पी- पता nhi..par...par कुछ अजीब सा लग रहा hai....kuch अच्छा सा.....
गोलू भाई- बस यही बहुत hai....ab dekho...ab और मज़ा aayga.....doguna मज़ा....
और फिर गोलू भाई ने अप्पी की गांड के sath-sath उनकी छूट में भी ऊँगली दाल di...aur बड़े प्यार से bheeter-bahar करने lage....jisse अप्पी की सिसकी थोड़ी तेज हो गई....
अप्पी- aaahhh...sach me....ab to...aahh...maza आ रहा है...
गोलू भाई- चुदाई का असली मज़ा hi तब hai...jab दोनों को मज़ा aaye.....samjhi...
अप्पी- haa.....par ऊँगली से ज्यादा लुंड का मज़ा आएगा न....
गोलू bhai(muskura कर)- लगता है लुंड खाने की बड़ी जल्दी hai....hai न....
अप्पी - aah....kya karu....jabse अम्मी को ये कहते dekha....tabhi से दिल कर hai...ki कब ये मेरे भीतर jaaye.....aaahh...
गोलू भाई- तो chalo....abhi खिला देते है....
ये बोल कर गोलू भाई ने अपनी ऊँगली बहार निकली और अप्पी को उसी टेबल पर लिटा कर उनकी तागे फैला दी....
और फिर बड़े प्यार से अपना लुंड अप्पी की गीली छूट पर लगा दिया....
गोलू भाई- थोड़ी तकलीफ होगी....
अप्पी- जानती huuuu...aaahhh...ammi.....
अप्पी कुछ बोल पति उससे पहले hi गोलू भाई ने एक धक्का मार कर लुंड भीतर कर दिया...
अप्पी- aaahhhh....bahar nikalo....ye तो बहुत jyadaaaaaa.....aaahhhhhhhhh...
और तभी गोलू भाई ने दूसरा धक्का मार कर आधे से ज्यादा लुंड अप्पी की छूट में उतार दिया....
अब अप्पी दर्द से तिलमिला रही थी और लुंड बाहर निकलने की मिन्नतें कर रही thi...par गोलू भाई ने बिना कोई बात सुने एक आखिरी धक्का मार कर पूरा लुंड अप्पी की छूट में दाल दिया....
अप्पी को इतना दर्द हो रहा था की वो अपने hath-paav फटकारने लगी thi....unki आँखों में आँशु थे और पुरे कमरे में उनकी चीखे सुनाई दे रही थी...
पर गोलू भाई एक अच्छे खिलाडी the....isliye उन्होंने अप्पी को दवाये रखा और उनके जिश्म को सहलाते हुए उन्हें काबू करने लगे....
ये सब कुछ देर चलता raha....aur जब अप्पी थोड़ी से शांत padi.....to गोलू भाई ने हलके धक्को के साथ चुदाई सुरु कर दी....
अभी भी अप्पी को हर धक्के पर बेतहासा दर्द हो रहा tha....par गोलू भाई के धक्को के कमाल से अप्पी कुछ hi देर बाद अपनी कमर हिलने लगी....
अप्पी- aaahhh....itni तकलीफ होती hai.....pata नहीं kaise...aaahhh...sab लड़कियां ये करती है....
गोलू भाई- अरे तकलीफ तो कुछ hi देर की होती hai....fir तो मज़ा hi मज़ा hai....dekho....tumhe भी मज़ा आने लगा न....
अप्पी- aaahhhh...ha...mera pani...saayad...aahhh.. ha....abhi...aahhh..aahhh...
और अप्पी joor-joor से कमर हिला कर पसत पद gai....jiska मतलब साफ़ tha...ki अप्पी झाड़ चुकी है....
और जैसे hi अप्पी jhadi....waise hi गोलू भाई ने धक्को की रफ़्तार बड़ा di....aur अप्पी को चुदाई का मज़ा देने लगे.....
गोलू भाई- अब आएगा तुझे मज़ा.....
अप्पी- aahh...aahh...abhi bhi...thoda दुःख रहा है...
गोलू भाई- वो सब भी चला jayga....are तेरी छूट में बहुत डैम है....
अप्पी- aaahhh....par आपका बड़ा hai....to ज्यादा hi...aaahhh...
गोलू भाई- अरे तेरी छूट ऐसे hi लुंड के लिए बानी hai...tu dekh...ab ये छूट कैसे मेरे लुंड को कहती hai....yeehhh...yeehhh..
और गोलू भाई ने अप्पी की जोरदार चुदाई सुरु कर di....aur बेचारी appi...apni जिंदगी की पहली चुदाई की चीखे मारने लगी....
फिर थोड़ी देर बाद जब अप्पी की छूट ने दोवारा पानी chhoda...to गोलू भाई ने अप्पी को अपनी मजबूत बाहों में उठा लिया और उठा कर सोफे पर बैठ गए....
अप्पी- aaahhh...abhi भी तकलीफ हो रही है...
गोलू भाई- अब ये तो होता hi rahega....tum जल्दी hi समझ jaogi...chalo....ab तुम्हे मेरे लुंड की सवारी करवाता हु...
अप्पी- sawaari...matlab...
गोलू भाई- मतलब की अब तुम मेरे ऊपर ucchlo....dekho...lund तो तुम्हारी छूट में hi hai....to अब सुरु हो jao...aur मज़े लो....
और फिर अप्पी ने बड़े सलीके से अपने आपको सेट किया और uchhal-ucchal कर गोलू भाई का लुंड खाने लगी....
अप्पी- aaahhhh...aaahhh....ye to...aaahhh...
गोलू भाई- क्या hua...maza नहीं आया क्या....
अप्पी- aaahhh...nhi...bahut...aahh...vahut मज़ा आ raha....aahhh...aahhh...
Main(man में)- लगता है अप्पी एक hi दिन में चुदाई का पूरा खेल सीख jaygi....uff...appi की गांड तो dekho....kaise uper-neeche होते हुए लुंड खा रही है....
अप्पी की चौड़ी हुई gaand....uske बीच की line....aur नीचे choot....jisme गोलू बगै का लुंड सटासट aa-ja रहा hai...ufff....aisa नजारा और किसे देखने मिलेगा....
अप्पी- aaahhh.....main...aahh...main फिर se....ohh ammi....aaahh...aahhh...
गोलू भाई- अम्मी को भी लुंड milega....pahle तू तो ले le....yeehhh...
और जैसे hi अप्पी झाड़ कर ढीली padi....waise hi गोलू भाई ने अप्पी को नीचे से छोड़ना सुरु कर दिया....
और अबकी बार अप्पी की चीखे दरदबगरी नहीं nikli....balki वो चीखे मज़े की thi...jo उन्हें गोलू भाई का लुंड खा कर मिल राग था....
गोलू भाई बड़ी तेजी से अप्पी को छोड़ने में लगे the...aur अप्पी इस मज़ेदार पल का पूरा लुफ्त उठा कर अपनी नाजुक सी छूट छुड़वा रही थी.....
अप्पी- aahhh....ammi....aapka to...aaahh...ye तो रुकता hi nhi....aaahhh...
गोलू भाई- are...ye तेरी जैसी छूट मिलने पर दोगुनी रफ़्तार से दौड़ता है....
अप्पी- पर मेरी छूट to....aaahhhh.....main फिर se.....aaahhhh...aaahhhh....
और अप्पी उम्मीद के मुताबिक फिर से झाड़ gai....kyoki कोई नै लड़की इतने तगड़े लुंड के आगे ज्यादा देर टिकती hi कहा है....
अप्पी- aahh...aahhh....aaah..
गोलू भाई- चल अब घूम ja....teri गांड देखते हुए तुझे छोड़ने का ज्यादा मज़ा आएगा....
और अप्पी कुछ समझ pati...usse पहले hi गोलू भाई ने अप्पी को उठा कर अपने लुंड पर घुमा दिया....
और अब अप्पी का भोसड़ा मेरी तरफ आ gaya....ab मैं अप्पी की चूड़ी हुई लाल छूट साफ़ देख सकता था....
अप्पी- aaahh...thoda रुको na....mujh में ताक़त नहीं है....
गोलू भाई- तेरी ताक़त को अभी जगा देता हु....
और ये बोल कर गोलू भाई ने अपना हाथ आगे कर के अप्पी की छूट का दाना सहलाना सुरु कर दिया....
अप्पी- uuummm...ye क्या है....
गोलू भाई- तेरी छूट की ताक़त बढ़ाने का तरीका....
अप्पी- aah...gudgudi होती है....
गोलू भाई- अरे dekh...ab तू खुद hi उछलने lagegi....thoda सा रुक जा....
और फिर वही हुआ जो गोलू भाई ने बोलै tha....appi की छूट का दाना सहलाने से अप्पी फिर से गरम हो gai...aur खुद hi लुंड पर उछलने लगी....
गोलू भाई- dekha...ab जोर से kar....gaand utha-utha कर लुंड खा....
और फिर अप्पी ने अपने हाथो को पीछे किया और पूरी ताक़त से उछाल कर लुंड खाने लगी.....
अप्पी- aaahhhh....sach me.....chudaai में इतना मज़ा bhi...aahhh...aata hai....aaahhh...
गोलू भाई- अब पता चला न.....
अप्पी- aahhh...haa...ab samjhi...ammi क्यों आपकी दीवानी hai...aaahhh....mera तो pani...aaahhh....ruk hi नहीं raha....aaahhh...
गोलू भाई- तो रोकना क्यों hai....choot तो बानी hi है पानी बहाने ko....joor se....nikaal दो सारा पानी....
गोलू भाई की बातों से अप्पी और जिस के साथ उछालने lagi...aur कुछ hi देर बाद एक जोरदार चीख के साथ रुक गई....
अप्पी- aaaahhhhhh.......main gaaiii....ooohhh..aammmiii....kitna मज़ा है isme...aaahhh...aaahhh...
अप्पी झाड़ कर गोलू भाई की गॉड में hi लेट गई और joor-joor से हाफने lagi....aur तभी गोलू भाई बड़े प्यार से अप्पी के दूध सहलाते हुए उन्हें चूमने लगे...
गोलू भाई- uuummhh...tum खुश तो हो न....
अप्पी- aah....bahut...bahut khush....aur ये ख़ुशी मुझे हमेशा चाहिए....
गोलू भाई- तुम फ़िक्र मत karo....ye ख़ुशी तुम्हे रोज़ duga....aauuummmhhhh....
अप्पी- aaahh..par ammi....unhe पता नहीं चलना चाहिए.....
गोलू भाई- नहीं चलेगा.....
अप्पी- पर आप तो अम्मी को छोड़ने में बिजी rahoge...fir मेरा क्या होगा....
गोलू भाई- तू फ़िक्र बहुत करती hai...are मेरा लुंड एक साथ कई छूटों को ठंडा कर सकता hai....ye थकता nhi...tu फ़िक्र मत kar....ye लुंड तेरी अम्मी के sath-sath तेरा भी पूरा ख्याल रखेगा.....
अप्पी- सच me...aaauuummmm...uuummmm..uuummmm...
और अप्पी खुश हो कर गोलू भाई को चूमने lagi....aur तभी गोलू भाई ने अप्पी की कमर पकड़ी और उन्हें utha-utha कर चुके दने लगे....
अप्पी- aaahhh....aapka कब होगा....
गोलू भाई- जब इसका मन hoga...tujhe कोई तकलीफ.....
अप्पी- aahh..bolkul nhi....aapka जितना दिल करे उतना chodo....aaahhh....faad दो meri.....aaahhh... छोड़ते रहो....
और हुआ भी ऐसा hi....golu भाई ने अप्पी को utha-utha कर करीब 10 मिनट तक चलता डा और फिर अप्पी की छूट में hi झाड़ गए.....
गोलू भाई- chal...ab थोड़ा आराम कर le.....fir दोवारा छोड़ता हु.....
अप्पी- aahhh...par अम्मी को क्या bolugi...wo डाँटेगी....
गोलू भाई- तू उसकी फ़िक्र मत kar....tu यहाँ आराम kar.....main उसे समझा कर आता hu....aur sun....ye गोली खा lena...takleef दूर है जायगी....
फिर क्या tha....golu भाई अप्पी को एक गोली खिला कर बाथरूम में चले gaye....aur अप्पी जैसे hi बिस्टेर पर leti...to थकान की वजह से उनकी आँख लग गई......
और थोड़ी देर बाद गोलू भाई तैयार हो कर कमरे से निकल gaye.....tab मैंने अपनी अप्पी को थोड़ा गौर से देखा....
उसकी choot...jo कल तक कासी हुई thi...aaj फैली हुई और एकदम लाल नजर आ रही थी....
उनके जिश्म पर चुदाई की वजह से आया पसीना अब भी कई जगह दिख रहा tha....aur सबसे खास था उनकी छूट से बहा हुआ गोलू भाई का गाड़ा lundras....jo छूट से निकल कर उनकी गांड से होते हुए बिस्टेर पर जा चूका था.....
इस वात मेरी अप्पी एक बहुत बड़ी चूड़ाकड लड़की नजर आ रही thi....jo की घंटे भर से ज्यादा चुद कर छूट फाड़े पड़ी थी....
अप्पी को इस नए रूप में देख कर मेरे लुंड ने एक बार फिर से पानी निकला और मैं अपने आपको ठीक कर के नीचे आ गया....
क्योकि मैंने गोलू भाई की कार का हॉर्न सुन लिया tha...aur मैं समझ चूका था की गोलू भाई कही बहार निकल गए hai....isliye अभी चुदाई होने का कोई सवाल hi नहीं था....
Khair....neeche जाते hi मैं भी अपने कमरे में सो gaya....aur ख्वाबो में बस यही सोचता रहा की अब मेरे घर में क्या hoga....ek तरफ ammi...aur एक तरफ appi....dono hi गोलू भाई के लुंड की deewaani....to आखिरकार वो कौन hoga....jo गोलू भाई की खास रखेल banegi....ammi या अप्पी.....???
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आलम- बस bhai....ab बस kar....ab और नहीं सब सकता.....
खलील - kyo...kya hua...abhi तो बहुत कुछ बाकि है....
जावेद- तो वो कल sunana....aaj तेरी अप्पी का सुन कर बहुत पानी निकल चूका hai....ab और निकला तो सायद चल भी न सके hum....to बस कर....
माजिद- है khaleel....aaj के लिए बस kar....waise भी रात होने को aai....hume घर चलना चाहिए......
खलील- तो ठीक hai....meri हालत भी अब और पानी निकलने वाली नहीं hai...chalte hai....aage की कहानी बाद में....
फिर सब दोस्तों ने अपने आपको ठीक किया और hasi-mazaak करते हुए apne-apne घर पहुंच गए....
और इन दोस्तों में से एक दोस्त ने घर पहुंचने पर वो नजारा dekha....jise देख कर उसकी धड़कने बाद gai...aur आँखे फटी की फटी रह गई......
आखिर कौन था वो दोस्त......
माजिद...??
आलम...?
खलील....?
या फिर जावेद....???
और क्या था वो नजारा.....???
नोट - अपडेट पोस्टेड frnds.....hope ु लिखे आईटी.....
थैंक्स फ्रेंड्स.....
कीप रीडिंग.......
गोलू भाई- लगता है मेरा मक़सद जल्दी hi पूरा होने वाला hai.....sala....kaddu खुद छुरे पर गिरने aaya...haha....haha...aaahahahahah.....
रात के सन्नाटे में गोलू भाई की हसी भले hi पुरे कमरे में गूँज रही thi.....par उस हसी के पीछे की वजह हवाओ को भी पता नहीं थी.....
आखिर गोलू भाई का मक़सद है क्या.....?????
अब आगे..........
[ आगे की KAHANI....KHALEEL की जवानी.....]
सुबह मैं जब जगा तो घर में सबकुछ ठीक hi tha....abbu हमेशा की तरह नास्ता कर के मदरसा निकल गए the....ammi किचेन में खाना बना रही थी और अप्पी अपने कमरे में बैठी पढ़ रही थी....
पर अप्पी को देखते hi मुझे रात की बात याद aai...ki आज अप्पी को गोलू भाई ने अपने कमरे में बुलाया hai...aur मैं ये मौक़ा किसी भी हालत में गवाना नहीं चाहता था...
क्योकि मैं जनता था की गोलू भाई का कमरा कुसी नाजुक और कमसिन लड़की के लिए वैसा hi hai...jaisa की एक हिरन का शेर की गुफा में जाना....
मतलब की जैसे.... शेर की गुफा में जा कर हिरन बच कर नहीं आ sakta...waise hi गोलू भाई के कमरे में जा कर एक जमसीन ladki...juske अंगो ने जवानी छलक रही ho...wo अपने हुश्न का रास गोलू भाई को चखाए बिना बापूस नहीं आ सकती थी....
इसलिए मैंने जल्दी से नास्ता किता और बहाने से बहार निकल gaya...taki अप्पी को काम से मेरी टेंशन न रहे.....
बहार निकल कर मैं कुछ देर यु hi टहलता raha...aur फिर चुपके से घर में आ kar....seedha ऊपर वाले कमरे में चला gaya...jaha से मैं दीवाल में बने एक छेद के सहारे गोलू भाई का कमरा saaf-saaf देख सकता था....
और मैंने वह जा कर जब भीतर jhanka...to मुझे गोलू भाई दिख gaye...jo एकदम नंगे हो कर बिस्टेर पर लेते the...aur इस वक़्त उनका लुंड भी सोया हुआ था....
फिर भी उनका लुंड इतना तगड़ा था की जिसे देख कर मेटि आँखे चमक उठी.....
Main(man में)- क्या बाला है yaar....ye तो सोया हुआ भी खतरनाक दिख रहा hai....aaj तो मेरी अप्पी की खैर nhi....pata नहीं बेचारी का क्या होगा.....
Khair....kuch देर देखने के बाद मैंने वह से नजरें हटा li...aur सही वक़्त का इंतज़ार करने लगा....
और फिर वक़्त अपनी रफ़्तार से gujra...aur वो वक़्त भी आ gaya...jab गोलू भाई के कमरे पर दस्तक हुई....
दस्तक सुनते hi मेरे कान खड़े हो गए और मैंने अपनी नजरे उस छेद पर गदा दी....
तो मैंने देखा की गोलू भाई सिर्फ एक शार्ट पेण्ट पहने हुए खड़े थे और उनके सामने मेरी प्यारी अप्पी thi...jo abhi-abhi दरवाजे से भीतर दाखिल हुई थी....
गोलू bhai(darwaja लगा कर)- तुम्हे आने में कोई परेशानी तो नहीं हुई....
Appi(najre झुका कर)- nhi...maine अम्मी को बोल दिया है की मैं सहेली के घर जा रही हु....
गोलू भाई- ैव्हा kiya....waise तुम्हारी ड्रेस अच्छी hai....chalo आओ......
ये बोल कर गोलू भाई ने अप्पी के गले में हाथ डाला और उन्हें बिस्टेर के पास ले aaye....aur सबसे पहले अप्पी का चस्मा निकाल दिया....
गोलू भाई- आज इसकी कोई जरूरत नहीं...
अप्पी - hmm..to ab...matlab आगे...
गोलू भाई- बताता hu....pat pahle...hmm....to कल रात तुम ये तो समझ hi चुकी हो की मर्द को क्या पसंद hai...aur ायरत को kya....hai न....
Appi(najren झुकाये)- हम्म...
गोलू भाई- बहुत khoob....ab आज तुम्हे ये बताता हु की मर्द और ायरत ek-dusre को कैसे खुश कर सकते hai....to तुम तैयार हो न....
Appi(sahmi हुई)- इसमें kuch...kuch गलत तो नहीं न....
गोलू भाई- बिलकुल nhi...are तुम एक हसीं और जवान लड़की ho....aur तुम जैसी लड़कियां मर्द का सुख नहीं लेगी तो कौन lega....aur फिर तुम्हे ये साबित भी तो करना है na...ki तुम किसी भी मर्द को खुश कर सकती ho...hai न....
अप्पी- हम्म...
Main(man में)- अब ये क्या माजरा hai....aakhir अप्पी को क्या जरुरत ाँ पड़ी ये साबित करने ki....ohh...unki saheli...to ये बात hai....tabhi अप्पी उस वक़्त रो रही thi...lagta है उनको ये शक है की वो मर्द को खुश नहीं कर sakti....par appi....aap तो वो हुश्न रखती ho...juse देखने बस से मर्द पानी छोड़ dega...jaisa की कल गोलू भाई ने किया था....
यहाँ मैं सोच hi रहा था की इस बीच गोलू भाई ने अप्पी को एक हुकुम दे diya....jise सुन कर अप्पी थोड़ा jhijhki....par फिर बड़े प्यार से अपना टॉप ऊपर कर के अपने रास भरे दूध गोलू भाई को दिखने लगी....
गोलू भाई- uff...ye दोनों तो मेरी जान hi ले lege...kya खूब रास भरा है दोनों me...uummm...
Appi(sharma कर)- आप bhi...inme कैसा रास....
गोलू भाई- वो भी समझा duga....filhaal इन्हे जी भर कर देखने तो do...dekho to...kya मस्त आकार है inka...aur ये nippal...uff....kitna प्यारा दिख रहा hai...inhe तो देख कर hi मुँह में पानी आ जाता है.....
वह गोलू भाई अप्पी के दूधो की तारीफ़ कर रहे the...aur मेरी प्यारी अप्पी अपनी तारीफ सुन कर बेहद hi खुश हो कर शर्मा रही थी......
Fir....thodi देर तक अप्पी के दोनों दूधो की तारीफ करने के बाद गोलू भाई ने अप्पी का जिनसे भी निकलवा diya...aur फिर उनसे पंतय निकलने का बोलै....
और इस बार अप्पी एक लम्हे के लिए भी झिझकी nhi...ulta मुस्कुराते हुए अपनी पंतय उतार फेकि.....
गोलू भाई- wah.....tumhe नंगा देखते hi मेरा लुंड फनफना उठा yaar...kya कातिल जिश्म है tumhara...uuff...
Appi(sharmate हुए)- ऐसा तो सबका होता है na....matlab लड़की का...
गोलू भाई- होता hai....par ऐसा सबाब कहा देखने मिलता hai...ye तो किस्मतवालो को मिलता hai....aur इसका नजारा भी किस्मत वाले hi देख सकते है.....
अप्पी- आप भी na.....ab और क्या करू....
गोलू भाई- hmm...tum ये तो जानती hi हो की एक लड़की को मर्द से क्या chahiye...hai न...
Appi(sharma कर)- जी...
गोलू भाई- बहुत khoob....par ये भी जान लो की मर्द को लड़की से kya-kya चाहिए होता है...
अप्पी- क्या matlab...use भी लड़की का जिश्म hi चाहिए न....
गोलू भाई- ha...par मर्द को गरम करने के तरीके कई होते hai....aur उनमे से एक hai....mard के लुंड को प्यार karna....aur हर मर्द ये चाहता है की कोई भी लड़की या aourat....uske ोास आये तो उसके लुंड को प्यार kare.....use choome...choose....use ऐसा प्यार दे की जैसे उसी लुंड से लड़की की जिंदगी जुडी ho....samjhi...
अप्पी- hmm..par मुझे ये आता hi नहीं...
गोलू भाई- तो कोई भी ये पेट से सीख जार नहीं aata....tumhe ये कर के hi सीखना hoga.....to अब aao...aur मेरे लुंड को प्यार karo...chalo....ghutno पर baitho...taki जब तुम लुंड को कपड़ों की कैद से आज़ाद karo...to वो बिलकुल तुम्हारे मुँह के सामने ho...chalo...nikalo...
ये बोल कर गोलू भाई ने अप्पी को घुटनो पर बैठाया और खुद उनके सामने खड़े हो गए.....
और मेरी अप्पी ने भी बिना देर किये गोलू भाई का लुंड उनके शार्ट से निकाल लिया और उसे देखते hi अप्पी की आँखे ख़ुशी से चमक उठी....
गोलू भाई- अब इसे प्यार karo....le जाओ इसे अपने मुँह की गहराई में......
अप्पी - पर मैं jaise....matlab ये बहुत बड़ा hai.....mere मुँह में पूरा नहीं जायगा....
गोलू भाई- चलो मुँह खोलो....
अप्पी - जी...
और जैसे hi अप्पी ने मुँह खोला तो गोलू भाई ने अपनी चारो उँगलियाँ अप्पी के मुँह में दाल di...aur उन्हें andar-bahar करने लगे....
इस हरकत पर अप्पी मुस्कुरा उठी और बड़े प्यार से उँगलियों को अपने मुँह में महसूस करने लगी...
गोलू भाई- dekha.....jab ये चारो उंगलिया इतनी आसानी से तुम्हारे मुँह में घुस सकती hai...to लुंड क्यों nhi....tum कोडिस तो करो....
अप्पी- ऊम्मम...
गोलू bhai(ungli निकल कर)- chalo...suru karo....dheere-dheere कर के भीतर lena....chalo....
और फिर क्या tha....appi ने अपने हाथ में गोलू भाई का तगड़ा लुंड थमा और उसे हिलने lagi....jaise की वो लुंड से खेलने में माहिर खिलाडी हो....
गोलू भाई- सिर्फ हिलने से कुछ नहीं होगा....
अप्पी - जानती hu....par पहले इसकी गर्मी का जायजा तो ले lu...kahi मेरा मुँह hi न जला de....hehe...
गोलू bhai(muskura कर)- ये ठीक हुआ की तुम्हारी शर्म ख़त्म hui...ab आगे bado.....kafi कुछ बाकि है abhi...chalo...
और गोलू भाई की बात सुन कर अप्पी ने अपना मुँह आगे किया और बड़े प्यार से मुँह खोल कर वो तगड़ा लुंड मुँह में भर लिया.....
और उनकी इस हरकत पर मेरे लुंड ने पिचकारी मार di....aur वह अप्पी में बड़ी खूबी के साथ लुंड चूसना सुरु कर दिया.....
अप्पी - uummmhh.....aah...ye तो बहुत hi बड़ा hai....theek से आ hi नहीं रहा मुँह में....
गोलू भाई- तुम कोसिस तो karo....aa jayga....tumne देखा नहीं की तुम्हारी अम्मी कैसे इसे पूरा निगल जाती hai....haa...chalo....kosis karo...muh खोलो और डालो...
अप्पी- hmm...karti हु....
और फिर अप्पी ने दूसरी कोसिस ki....aur इस बार वो कामयाब भी हो gai....ab गोलू भाई का आधा लुंड अप्पी के मुँह में tha...aur अप्पी उसे बड़े मज़े से चूस रही थी....
अप्पी- uuummmmmmm......uuuummmmm...uuuuummmmmm...uuuummmmm....
गोलू बगै- aah....ye हुई न baat....dekha...kitni आसानी से चला gaya....chooso...acche से चूसो....
अप्पी- uuummmm...uuummmm...uuummmm...uuummmmm.....
गोलू भाई- hmm...maza आ gaya....tera मुँह भी मस्त hai....ye तो लुंड को पागल hi कर dega......aahh...karti रहो....
और फिर कुछ देर तक अप्पी ने बड़ी सिद्दत से लुंड की चुसाई जारी rakhi....aur फिर गोलू भाई का इसरा प् कर अप्पी ने पूरा लुंड अपने गले में भरने की कोसिस सुरु कर दी....
अप्पी- ggggguuuuuppppppppppppp.......
गोलू भाई- aaahh...aise hi....pura लेना hai....kosis करती raho.....aahh...aise hi....
अपोइ- gggggglllluuuuppppppppppp......uuummmmm...gggglllluuuuupppppppp......uuummmm...
गोलू भाई- aahh...bahut khoob....ab तुम सही जा रही ho.....dekho...aise hi मर्द खुश होता hai....jab एक सरीफ लड़की बिलकुल सड़क छाप रंडी की तरह मर्द के सामने पेश आती hai....aaahhh.....maza आ गया यार.....
मैंने देखा की अप्पी baar-baar पूरा लुंड मुँह में bharti...aur फिर जोर से सांस leti...aur फिर से लुंड को गले तक ले जाती.....
उन्हें देख कर मुझे बिलकुल भी यकीन नहीं हो रहा था की ये मेरी वही अप्पी है जो की एक पढ़ने वाली सरीफ लड़की थी....
क्योकि यहाँ तो वो एक बहुत hi कामुक रंडी दिख रही thi...jo अपने मालिक के हर हुक्म को सिद्दत से पूरा करने में जुटी थी.....
Khair....appi ने थोड़ी देर तक अच्छे से म्हणत की और फिर गोलू भाई का पूरा लुंड अपने गले में भरने में कामयाब हो गई.....
अप्पी- uuummmhhh...aahh...ab ठीक है न....
गोलू भाई- अभी तो सुरुवात hai....ruko...
और ये बोल कर गोलू भाई खड़े हो गए और अप्पी को इसरा kiya....aur अप्पी ने तुरंत लुंड को गले तक भर लिया.....
गोलू भाई- uufff....ye हुई न baat....ab तुम्हारा मुँह छोड़ने को तैयार हो गया है...
अपोइ- uuuummmmmhhhh..aahh...muh...matlab...muh कौन छोड़ता hai...wo तो choo...matlab वह नीचे न....
गोलू bhai(muskura कर)- haa...choot hi चुदती hai....par लड़की का मुँह छोड़ना हर मर्द की ख्वाहिस होती hai....kyoki इससे मज़ा दोगुना हो जाता है...
अप्पी- पर मुँह कैसे....
गोलू भाई- मैं बताता हु na....chalo मुँह खोलो...
और फिर जैसे hi अप्पी ने मुँह khola...waise hi गोलू भाई ने अप्पी का मुँह छोड़ना सुरु कर diya.....par बड़े प्यार से......
गोलू भाई- तुम अब काफी अच्छा चूसने लगी ho.....good...aise hi करती रहोगी na...to जल्द hi पूरी तरह से बदल jaogi....fir कोई भी मर्द तुम्हारी गिरफ्त से बाहर नहीं hoga....sab तुमसे खुश हो कर hi जायेगे....
आपौ- uuuummmmmmmhhh...aaahh...sach me....kya ऐसा होगा.....
गोलू bhai(bister पर लेट कर)- बिलकुल hoga....par तुम्हे पहले वो सब सीखना hoga...jo मर्द को खुश करने के लिए जरूरी है....
अप्पू- तो बताइये na....ab तो मुझे कोई शर्म भी नहीं rahi....ab क्या करू...
गोलू भाई- अभी तो मेरा लुंड chooso....maza आ रहा है तुमसे चुसवा kar.....aao...
और अप्पी भी तुरंत बिस्टेर पर पहुंची और झुक कर गोलू भाई का लुंड चूसने लगी....
अप्पी- uuummm...uuummmm...uuummmm...uuummmm...uuummmm..uuummmm....
गोलू भाई- hmm...thoda और chooso...fir तुम्हे बताउगा की अगला काम क्या है....
अप्पी- uuummmm..uuummmm..uummmmm...uummm....
अप्पी अब इस कदर लुंड चूस रही thi...jaise की ये उनके रोज का काम ho.....pata नहीं गोलू भाई में ऐसा क्या हुनर hai...jo किसी भी मासूम बच्ची को एक निहायती बिगड़ैल रंडी की माफिक बना देते hai...jaise की इस वक़्त मेरी अप्पी बानी हुई थी....
अप्पी पूरी सिद्दत से लुंड को पूरा मुँह में भर कर चूस रही thi....aur गोलू भाई इसका पूरा मज़ा लेते हुए अप्पी का सर सहला रहे थे.....
Khair....thodi देर बाद गोलू भाई ने अप्पी को फिर से फर्श पर बैठा diya...aur खुद उनके सामने खड़े हो गए.....
गोलू भाई- chalo...ab बोना हाथ लगाए अपने मुँह का कमाल dikhao....aur याद rahe....pura लुंड भीतर जाना chahiye....chalo...suru हो जाओ....
और फिर क्या tha....appi ने तुरंत अपना कमाल dikhaya....unhine लुंड को हाथ लगाए बिना hi अपने गले तक बगैर liya....aur चूसना सुरु कर दिया....
मैं ये देख कर ोागल हो रहा tha....mujhe अब अप्पी एक रंडी के अलावा कुछ नहीं दिख रही थी....
मैं यो बस अब इंतज़ार कर रहा था की कब मेरी अप्पी की छूट फाटे और मैं उस नज़ारे का लुफ्त उठाओ....
पर गोलू भाई का इरादा कैच और tha....unhone अप्पी से भरपूर लुब्द चुसवाने के बाद उन्हें उठा कर पास hi टेबल पर बैठा दिया और उनकी जाँघे फैला कर छूट सहलाने लगे....
अप्पी- sshhh.....kuch होता है...
गोलू भाई- जनता hu....dekho to....kaise गीली हो गई है.....
अप्पी- ये आपकी वजह से हुआ hai...itni देर से बस लुंड चुसवा रहे ho.....to मेरा दिल भी तो करेगा न....
गोलू भाई- accha....to क्या है तेरे दिल me...bolo...
Apoi(sharma कर)- आप भीतर डालिये न....
गोलू भाई- accha....theek hai...daluga...par पहले देख तो लू की ये मेरा लुंड खाने लायक है की नहीं....
और इतना बोल कर गोलू भाई ने अपनी 2 ऊँगली अप्पी की छूट में दाल di...aur अप्पी सिसक कर उछाल पड़ी....
अप्पी- aahhh...ungli nhi...lund daliye...aaahh...
गोलू भाई- वो भी daluga.....thoda तो रुक....
और गोलू भाई ने बड़े प्यार से अपनी 2 उँगलियों से अप्पी की छूट छोड़ना सुरु कर diya....aur अप्पी सिसकते हुए अपनी गांड उचकने लगी....
फिर थोड़ी देर बाद गोलू भाई ने अप्पी की छूट से ऊँगली निकली और अप्पी को थोड़ा पीछे लिटा कर उनकी गांड के छेद पर ऊँगली दबा दी...
अप्पी- aahhh...yaha नहीं....
गोलू भाई- अरे यही तो मर्द की नजर होती hai.....kyoki छूट तो कोई भी छोड़ लेता hai....par असली मर्द के लुंड में hi वो ताक़त होती hai...jo लड़की की गांड फाड़ सके.....
अप्पी- aah...par ये तो बहुत छोटा है na...usme kaise....aahhh..
और तभी गोलू भाई ने वही ऊँगली थोड़ी सी अप्पी की गांड में दाल di...jisse अप्पी सिसक उठी....
अप्पी- aahh...ungli में hi तकलीफ हो रही hai....fir आपका तो बहुत बड़ा hai...aahh...nhi जायगा....
गोलू भाई- सब jayga....tum बस सब्र रखो और dekho.....sab ठीक hoga...tum बस ये batao...ki मज़ा आ रहा है न....
अप्पी- पता nhi..par...par कुछ अजीब सा लग रहा hai....kuch अच्छा सा.....
गोलू भाई- बस यही बहुत hai....ab dekho...ab और मज़ा aayga.....doguna मज़ा....
और फिर गोलू भाई ने अप्पी की गांड के sath-sath उनकी छूट में भी ऊँगली दाल di...aur बड़े प्यार से bheeter-bahar करने lage....jisse अप्पी की सिसकी थोड़ी तेज हो गई....
अप्पी- aaahhh...sach me....ab to...aahh...maza आ रहा है...
गोलू भाई- चुदाई का असली मज़ा hi तब hai...jab दोनों को मज़ा aaye.....samjhi...
अप्पी- haa.....par ऊँगली से ज्यादा लुंड का मज़ा आएगा न....
गोलू bhai(muskura कर)- लगता है लुंड खाने की बड़ी जल्दी hai....hai न....
अप्पी - aah....kya karu....jabse अम्मी को ये कहते dekha....tabhi से दिल कर hai...ki कब ये मेरे भीतर jaaye.....aaahh...
गोलू भाई- तो chalo....abhi खिला देते है....
ये बोल कर गोलू भाई ने अपनी ऊँगली बहार निकली और अप्पी को उसी टेबल पर लिटा कर उनकी तागे फैला दी....
और फिर बड़े प्यार से अपना लुंड अप्पी की गीली छूट पर लगा दिया....
गोलू भाई- थोड़ी तकलीफ होगी....
अप्पी- जानती huuuu...aaahhh...ammi.....
अप्पी कुछ बोल पति उससे पहले hi गोलू भाई ने एक धक्का मार कर लुंड भीतर कर दिया...
अप्पी- aaahhhh....bahar nikalo....ye तो बहुत jyadaaaaaa.....aaahhhhhhhhh...
और तभी गोलू भाई ने दूसरा धक्का मार कर आधे से ज्यादा लुंड अप्पी की छूट में उतार दिया....
अब अप्पी दर्द से तिलमिला रही थी और लुंड बाहर निकलने की मिन्नतें कर रही thi...par गोलू भाई ने बिना कोई बात सुने एक आखिरी धक्का मार कर पूरा लुंड अप्पी की छूट में दाल दिया....
अप्पी को इतना दर्द हो रहा था की वो अपने hath-paav फटकारने लगी thi....unki आँखों में आँशु थे और पुरे कमरे में उनकी चीखे सुनाई दे रही थी...
पर गोलू भाई एक अच्छे खिलाडी the....isliye उन्होंने अप्पी को दवाये रखा और उनके जिश्म को सहलाते हुए उन्हें काबू करने लगे....
ये सब कुछ देर चलता raha....aur जब अप्पी थोड़ी से शांत padi.....to गोलू भाई ने हलके धक्को के साथ चुदाई सुरु कर दी....
अभी भी अप्पी को हर धक्के पर बेतहासा दर्द हो रहा tha....par गोलू भाई के धक्को के कमाल से अप्पी कुछ hi देर बाद अपनी कमर हिलने लगी....
अप्पी- aaahhh....itni तकलीफ होती hai.....pata नहीं kaise...aaahhh...sab लड़कियां ये करती है....
गोलू भाई- अरे तकलीफ तो कुछ hi देर की होती hai....fir तो मज़ा hi मज़ा hai....dekho....tumhe भी मज़ा आने लगा न....
अप्पी- aaahhhh...ha...mera pani...saayad...aahhh.. ha....abhi...aahhh..aahhh...
और अप्पी joor-joor से कमर हिला कर पसत पद gai....jiska मतलब साफ़ tha...ki अप्पी झाड़ चुकी है....
और जैसे hi अप्पी jhadi....waise hi गोलू भाई ने धक्को की रफ़्तार बड़ा di....aur अप्पी को चुदाई का मज़ा देने लगे.....
गोलू भाई- अब आएगा तुझे मज़ा.....
अप्पी- aahh...aahh...abhi bhi...thoda दुःख रहा है...
गोलू भाई- वो सब भी चला jayga....are तेरी छूट में बहुत डैम है....
अप्पी- aaahhh....par आपका बड़ा hai....to ज्यादा hi...aaahhh...
गोलू भाई- अरे तेरी छूट ऐसे hi लुंड के लिए बानी hai...tu dekh...ab ये छूट कैसे मेरे लुंड को कहती hai....yeehhh...yeehhh..
और गोलू भाई ने अप्पी की जोरदार चुदाई सुरु कर di....aur बेचारी appi...apni जिंदगी की पहली चुदाई की चीखे मारने लगी....
फिर थोड़ी देर बाद जब अप्पी की छूट ने दोवारा पानी chhoda...to गोलू भाई ने अप्पी को अपनी मजबूत बाहों में उठा लिया और उठा कर सोफे पर बैठ गए....
अप्पी- aaahhh...abhi भी तकलीफ हो रही है...
गोलू भाई- अब ये तो होता hi rahega....tum जल्दी hi समझ jaogi...chalo....ab तुम्हे मेरे लुंड की सवारी करवाता हु...
अप्पी- sawaari...matlab...
गोलू भाई- मतलब की अब तुम मेरे ऊपर ucchlo....dekho...lund तो तुम्हारी छूट में hi hai....to अब सुरु हो jao...aur मज़े लो....
और फिर अप्पी ने बड़े सलीके से अपने आपको सेट किया और uchhal-ucchal कर गोलू भाई का लुंड खाने लगी....
अप्पी- aaahhhh...aaahhh....ye to...aaahhh...
गोलू भाई- क्या hua...maza नहीं आया क्या....
अप्पी- aaahhh...nhi...bahut...aahh...vahut मज़ा आ raha....aahhh...aahhh...
Main(man में)- लगता है अप्पी एक hi दिन में चुदाई का पूरा खेल सीख jaygi....uff...appi की गांड तो dekho....kaise uper-neeche होते हुए लुंड खा रही है....
अप्पी की चौड़ी हुई gaand....uske बीच की line....aur नीचे choot....jisme गोलू बगै का लुंड सटासट aa-ja रहा hai...ufff....aisa नजारा और किसे देखने मिलेगा....
अप्पी- aaahhh.....main...aahh...main फिर se....ohh ammi....aaahh...aahhh...
गोलू भाई- अम्मी को भी लुंड milega....pahle तू तो ले le....yeehhh...
और जैसे hi अप्पी झाड़ कर ढीली padi....waise hi गोलू भाई ने अप्पी को नीचे से छोड़ना सुरु कर दिया....
और अबकी बार अप्पी की चीखे दरदबगरी नहीं nikli....balki वो चीखे मज़े की thi...jo उन्हें गोलू भाई का लुंड खा कर मिल राग था....
गोलू भाई बड़ी तेजी से अप्पी को छोड़ने में लगे the...aur अप्पी इस मज़ेदार पल का पूरा लुफ्त उठा कर अपनी नाजुक सी छूट छुड़वा रही थी.....
अप्पी- aahhh....ammi....aapka to...aaahh...ye तो रुकता hi nhi....aaahhh...
गोलू भाई- are...ye तेरी जैसी छूट मिलने पर दोगुनी रफ़्तार से दौड़ता है....
अप्पी- पर मेरी छूट to....aaahhhh.....main फिर se.....aaahhhh...aaahhhh....
और अप्पी उम्मीद के मुताबिक फिर से झाड़ gai....kyoki कोई नै लड़की इतने तगड़े लुंड के आगे ज्यादा देर टिकती hi कहा है....
अप्पी- aahh...aahhh....aaah..
गोलू भाई- चल अब घूम ja....teri गांड देखते हुए तुझे छोड़ने का ज्यादा मज़ा आएगा....
और अप्पी कुछ समझ pati...usse पहले hi गोलू भाई ने अप्पी को उठा कर अपने लुंड पर घुमा दिया....
और अब अप्पी का भोसड़ा मेरी तरफ आ gaya....ab मैं अप्पी की चूड़ी हुई लाल छूट साफ़ देख सकता था....
अप्पी- aaahh...thoda रुको na....mujh में ताक़त नहीं है....
गोलू भाई- तेरी ताक़त को अभी जगा देता हु....
और ये बोल कर गोलू भाई ने अपना हाथ आगे कर के अप्पी की छूट का दाना सहलाना सुरु कर दिया....
अप्पी- uuummm...ye क्या है....
गोलू भाई- तेरी छूट की ताक़त बढ़ाने का तरीका....
अप्पी- aah...gudgudi होती है....
गोलू भाई- अरे dekh...ab तू खुद hi उछलने lagegi....thoda सा रुक जा....
और फिर वही हुआ जो गोलू भाई ने बोलै tha....appi की छूट का दाना सहलाने से अप्पी फिर से गरम हो gai...aur खुद hi लुंड पर उछलने लगी....
गोलू भाई- dekha...ab जोर से kar....gaand utha-utha कर लुंड खा....
और फिर अप्पी ने अपने हाथो को पीछे किया और पूरी ताक़त से उछाल कर लुंड खाने लगी.....
अप्पी- aaahhhh....sach me.....chudaai में इतना मज़ा bhi...aahhh...aata hai....aaahhh...
गोलू भाई- अब पता चला न.....
अप्पी- aahhh...haa...ab samjhi...ammi क्यों आपकी दीवानी hai...aaahhh....mera तो pani...aaahhh....ruk hi नहीं raha....aaahhh...
गोलू भाई- तो रोकना क्यों hai....choot तो बानी hi है पानी बहाने ko....joor se....nikaal दो सारा पानी....
गोलू भाई की बातों से अप्पी और जिस के साथ उछालने lagi...aur कुछ hi देर बाद एक जोरदार चीख के साथ रुक गई....
अप्पी- aaaahhhhhh.......main gaaiii....ooohhh..aammmiii....kitna मज़ा है isme...aaahhh...aaahhh...
अप्पी झाड़ कर गोलू भाई की गॉड में hi लेट गई और joor-joor से हाफने lagi....aur तभी गोलू भाई बड़े प्यार से अप्पी के दूध सहलाते हुए उन्हें चूमने लगे...
गोलू भाई- uuummhh...tum खुश तो हो न....
अप्पी- aah....bahut...bahut khush....aur ये ख़ुशी मुझे हमेशा चाहिए....
गोलू भाई- तुम फ़िक्र मत karo....ye ख़ुशी तुम्हे रोज़ duga....aauuummmhhhh....
अप्पी- aaahh..par ammi....unhe पता नहीं चलना चाहिए.....
गोलू भाई- नहीं चलेगा.....
अप्पी- पर आप तो अम्मी को छोड़ने में बिजी rahoge...fir मेरा क्या होगा....
गोलू भाई- तू फ़िक्र बहुत करती hai...are मेरा लुंड एक साथ कई छूटों को ठंडा कर सकता hai....ye थकता nhi...tu फ़िक्र मत kar....ye लुंड तेरी अम्मी के sath-sath तेरा भी पूरा ख्याल रखेगा.....
अप्पी- सच me...aaauuummmm...uuummmm..uuummmm...
और अप्पी खुश हो कर गोलू भाई को चूमने lagi....aur तभी गोलू भाई ने अप्पी की कमर पकड़ी और उन्हें utha-utha कर चुके दने लगे....
अप्पी- aaahhh....aapka कब होगा....
गोलू भाई- जब इसका मन hoga...tujhe कोई तकलीफ.....
अप्पी- aahh..bolkul nhi....aapka जितना दिल करे उतना chodo....aaahhh....faad दो meri.....aaahhh... छोड़ते रहो....
और हुआ भी ऐसा hi....golu भाई ने अप्पी को utha-utha कर करीब 10 मिनट तक चलता डा और फिर अप्पी की छूट में hi झाड़ गए.....
गोलू भाई- chal...ab थोड़ा आराम कर le.....fir दोवारा छोड़ता हु.....
अप्पी- aahhh...par अम्मी को क्या bolugi...wo डाँटेगी....
गोलू भाई- तू उसकी फ़िक्र मत kar....tu यहाँ आराम kar.....main उसे समझा कर आता hu....aur sun....ye गोली खा lena...takleef दूर है जायगी....
फिर क्या tha....golu भाई अप्पी को एक गोली खिला कर बाथरूम में चले gaye....aur अप्पी जैसे hi बिस्टेर पर leti...to थकान की वजह से उनकी आँख लग गई......
और थोड़ी देर बाद गोलू भाई तैयार हो कर कमरे से निकल gaye.....tab मैंने अपनी अप्पी को थोड़ा गौर से देखा....
उसकी choot...jo कल तक कासी हुई thi...aaj फैली हुई और एकदम लाल नजर आ रही थी....
उनके जिश्म पर चुदाई की वजह से आया पसीना अब भी कई जगह दिख रहा tha....aur सबसे खास था उनकी छूट से बहा हुआ गोलू भाई का गाड़ा lundras....jo छूट से निकल कर उनकी गांड से होते हुए बिस्टेर पर जा चूका था.....
इस वात मेरी अप्पी एक बहुत बड़ी चूड़ाकड लड़की नजर आ रही thi....jo की घंटे भर से ज्यादा चुद कर छूट फाड़े पड़ी थी....
अप्पी को इस नए रूप में देख कर मेरे लुंड ने एक बार फिर से पानी निकला और मैं अपने आपको ठीक कर के नीचे आ गया....
क्योकि मैंने गोलू भाई की कार का हॉर्न सुन लिया tha...aur मैं समझ चूका था की गोलू भाई कही बहार निकल गए hai....isliye अभी चुदाई होने का कोई सवाल hi नहीं था....
Khair....neeche जाते hi मैं भी अपने कमरे में सो gaya....aur ख्वाबो में बस यही सोचता रहा की अब मेरे घर में क्या hoga....ek तरफ ammi...aur एक तरफ appi....dono hi गोलू भाई के लुंड की deewaani....to आखिरकार वो कौन hoga....jo गोलू भाई की खास रखेल banegi....ammi या अप्पी.....???
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आलम- बस bhai....ab बस kar....ab और नहीं सब सकता.....
खलील - kyo...kya hua...abhi तो बहुत कुछ बाकि है....
जावेद- तो वो कल sunana....aaj तेरी अप्पी का सुन कर बहुत पानी निकल चूका hai....ab और निकला तो सायद चल भी न सके hum....to बस कर....
माजिद- है khaleel....aaj के लिए बस kar....waise भी रात होने को aai....hume घर चलना चाहिए......
खलील- तो ठीक hai....meri हालत भी अब और पानी निकलने वाली नहीं hai...chalte hai....aage की कहानी बाद में....
फिर सब दोस्तों ने अपने आपको ठीक किया और hasi-mazaak करते हुए apne-apne घर पहुंच गए....
और इन दोस्तों में से एक दोस्त ने घर पहुंचने पर वो नजारा dekha....jise देख कर उसकी धड़कने बाद gai...aur आँखे फटी की फटी रह गई......
आखिर कौन था वो दोस्त......
माजिद...??
आलम...?
खलील....?
या फिर जावेद....???
और क्या था वो नजारा.....???
नोट - अपडेट पोस्टेड frnds.....hope ु लिखे आईटी.....
थैंक्स फ्रेंड्स.....
कीप रीडिंग.......