- Joined
- Dec 5, 2013
- Messages
- 148,789
आज अेक बार फीर पुरे गांवमे चुदाइका तांडव मचा हुआथा.. सबलोग अपने अपने घरपे खाना खाकर सोनेकी तैयारीया कर रहेथे.. तब ही देवायत राजीवकी बाइक लेकर गांवमे चुपकेसे आ चुकाथा.. ओर आतेही सीधा सुधीरके घरपे चला गया.. ओर अपनी बाइकको भी घरके आंगनमे अंदर लेलीया.. ओर दरवाजा बंध कर दीया.. तब चारु बाइककी आवाज सुनकर बहार नीकली.. ओर देवायतको देखतेही मुस्कुराने लगी..
चारु ओर नीशा साम ढलतेही अपनी सुहागरातकी तैयारीया कर रहीथी.. दोनोने मीलकर आज बेडको फुलोसे सजा दीया था.. तब दोनोही साथमे बाथरुममे घुस गइ.. ओर नहाकर बहार आतेही अेक दुसरेका शींगार करने लगी.. फीर दोनोही माथेपे सींदुर गलेमे मंगइसुत्र डालकर दुल्हनकी तराह रेडी होगइ.. बादमे दोनोने डीनर करलीया तब होलमे बैठकर देवायतका इन्तजार करते बाते कर रही थी..
चारु : (मुस्कुराते) नीशा.. तुम अभी तक वर्जीन होनां..? तुजे आज सब पता चल जायेगा.. की सुहागरातमे पतीका सुख क्या होता हे.. आज तेरी वाकइ देवुके साथ फस्ट नाइट हे.. तो पहेले तुम दोनो अकेलेही मीललो.. फीर मे तुम दोनोको बादमे आकर जोइन कर लुगी..
नीशा : (बहुतही सर्मसार होते) नही भाभी आपभी साथमे रहेना.. पहेले आपने उनके साथ सादी कीहे.. मेतो खामखा बीचमे आगइ.. भाभी.. क्या सचमे उनका बहुत बडा हे..? हंम..? मे उसे जेलतो पाउगीनां..?
चारु : (नीशाके गाल चुमते) अरे मेरी बनो.. क्यु खामखा डर रही हे..? अैसा कुछभी नही होगा जो तु सोच रही हे.. बस.. अबतो हम दोनोके मजेही मजे हे.. क्या हमारी वंदुको कुछ हुआ..? पहेले तुम दोनो अपना नीपटालो.. मे बादमे आजाउगी..
नीशा : (सर्मसार होते मुस्कुराते) भाभी.. मेने वंदुकी हालत देखी हे.. फीरभी वो कीतनी खुस थी.. भाभी.. आपतो हमारे पतीके साथ कइ बार सेक्स कर चुकी हे.. क्या आपको इनके साथ पहेली बार कुछ हुआथा..?
चारु : (बाइककी आवाज सुनतेही) हां नीशा.. उनका रमेशसे बहुत बडा हे.. मेने रमेशके साथ बहुतही कम बार सेक्स कीया हे.. लेकीन जब देवुसे मे पहेली बार बीस्तरमे मीली.. तब उसने फीरसे सुहागरातका अहेसास करवा दीयाथा.. तब मुजे पता चला पतीका सुख क्या होता हे..
तब ही मेने मनही मन देवुको अपना पती मानलीया था.. ओर आज मेरी सारी तम्मना पुरी होगइ.. नीशा.. लगता हे वो आगये हे.. तुम अपने रुममे जाकर रेडी रहो मे घरके सब दरवाजे लाइटे बंध करके उनको लेकर आती हु.. ओर हां बेडपे बीचमे घुंघट नीकालकर बैठना.. समज गइनां..? जा जल्दी..
कहातो नीशाके दिलकी धडकन बढ गइ.. वो बहुतही सरमाते हसते हुअे हां मे गरदन हीलाते अपने रुममे चली गइ.. तब चारु देवायतको लेने बहार चली गइ.. फीर उनको अंदर लेकर घरके सभी दरवाजे लाइटे बंध करने लगी.. तो देवायतभी चारुको दुल्हनके लीबासमे देखकर पागल होने लगा.. जैसेही चारु उनके पास आइ दोनोने अेक दुसरेको जोरोसे अपनी बाहोमे भीचलीया.. ओर अेक दुसरेके होठोको चुमने लगे..
चारु : (खुस होते मुस्कुराते धीरेसे) देवु.. आइ लव यु.. आइअे आपकी दुल्हन अपने रुममे रेडी हे.. जानु.. उनका अेक हप्ते पहेलेही पीरीयड होचुका हे.. तो बच्चेका पुरा चान्स हे.. हो सकेतो आजही उनका सब काम तमाम करदो.. ओर हां.. आप दरवाजा खुला रखना.. अगर उनको कुछ हुआ तो मे आजाउगी..
देवायत : (होंठ चुमते) चारु.. तुमभी साथ चलनां.. हम तीनोही अेक साथ..
चारु : (जटसे धीरेसे) नही जानु.. आप समजोना.. वो बहुत ही सर्मीली हे.. ओर उपरसे पुरी तराह वर्जीन.. आप समज गयेनां.. मेने कपडे बपडे सब रेडी रखे हे.. आजही उसे औरत बनाकर अपना बीज डालदो.. वो भी प्रेगनेन्ट होनेके लीये रेडी हे.. ओर हां.. आज उनपे कोइ रहेम मत करना.. आज उनकी रीयलमे सुहागरात हे.. पहेले आप दोनो मीललो.. फीर मेभी आकर आप दोनोको जोइन करलुगी..
देवायत : (होठोको चुमते बुब्स मसलते) चारु.. तुम जल्दी आना.. मुजे तेरे साथ मीलन करना हे..
चारु : (सीसकारीया करते सरमाते धीरेसे) जानु.. समजोना मे आती हु.. आपनेतो आतेही मुजे गरम करदीया.. अब जाइअे फटाफट वरना मे यही आपसे चुदवा लुगी.. हें..हें..हें..
कहेते चारुने हसते हुअे देवायतको नीशाके रुमकी ओर धका मार दीया.. तो देवायत भी मुस्कुराते नीशाके रुममे चला गया.. तो वहा अंदर नीशा बेडके बीच अपने दोनो पैर घुटनोसे मोडकर घुंघटमे देवायतका इन्तजार करते बैठीथी.. जैसेही देवायतके कदमोकी आवाज सुनी.. अेक बारतो उनकी दिलकी धडकन रुक गइ.. तभी देवायत नीशाके पास आकर बैठ गया.. ओर उनका घुंघट हटाकर उनकी ओर देखने लगा..
तब नीशा बहुतही सर्मसार होगइ.. ओर अपनी नजरे जुकाते बैठी रही.. जैसेही देवायतने प्यारसे नीशाके गालपे हाथ रखा.. नीशा सरसे पांव तब हील गइ.. ओर अपनी आंखे बंध करते देवायतके स्पर्सको महेसुस करने लगी.. उनकी चुत हरकतमे आगइ.. ओर दोनो बुब्स कठोर होगये.. आज सबकुछ होने वाला था.. देवायतने धीरेसे नीशाके होठोपे अपना होंठ रखदीया.. तो नीशा पागल जैसी होगइ..
ओर उसने सभी सरम त्यागके देवायतको जोरोसे अपनी बाहोमे भीचलीया.. पुरे घरमे अंधेरा छाया हुआथा.. धीरे धीरे प्यार करते दोनोही आगे बढते प्यारकी आगोसमे चले गये.. तब उनको पता नही थाकी चारु बहारसे उन दोनोको देख रही हे.. ओर अपनी चुतको सहेला रही हे.. धीरे धीरे करते देवायत ओर नीशाके तनसे कपडे नीकलते गये.. देवायत नीशाके गलेको होठोको ओर उनके उरोजोको चुमता रहा.. ओर नीशा मदहोस होने लगी..
दोनोही सीर्फ अपने अंतर वस्त्रोमे रेह गये थे.. देवायतने नीशाकी चडीमे उंगलीया फसाली.. ओर जटकेसे नीशाकी चडी नीकाल दी.. तो नीशा पुरी नंगी होगइ.. उसने सरमके मारे दोनो हाथ अपनी चुतपे रख दीया.. ओर सरमाकर इधर उधर देखते देवायतसे नजरे चुराने लगी.. देवायत नीशाके उपर जुकते उनके उरोजोको मुहमे लेकर चसने लगा.. तो नीशा छटपटाने लगी.. ओर देवायतके सरको पकड लीया..
नीशा बहुत सरमा रहीथी.. देवायत बारी बारी दोनो उरोजोकी नीपलको अपने होठोपे दबाते खीच रहाथा.. देवायतकी इसी हरकत नीशाको पागल बनानेमे काफी थी.. वो पुरी तराह मदहोस होकर सीसकारीया करते देवायतके बालोको सहेलाने लगी.. ओर देवायतके सरको अपने बुब्सपे दबाने लगी.. तभी देवायत उनके उरोजोको चुमते नीचेकी ओर सरकने लगा.. देवायतने उनकी नाभीको चुमलीया.. तो नीशा अपनी कमर उछालते मुस्कुराने लगी..
नीशा : (सरमाते धीरेसे) देवु.. प्लीज.. वहा नही.. बहुत गुदगुदी होती हे.. हें.. हें.. हें..
देवायत : (सामने देखते) नीशा.. आज मुजे जी भरके इस तनके साथ खेलने दे.. अब ये तन सीर्फ मेरा हे..
नीशा : (सरमाते धीरेसे) हां जानु.. सीर्फ ये तन ही नही.. अब पुरी नीशा आपकी हो चुकी हे..
तभी देवायत नीशाके पैरोके बीच बैठ गया.. ओर नीशाकी कमरमे हाथ फसाके उनको थोडा अपने मुहके पास खीच लीया.. तो नीशा बहुत कुछ समज गइ.. ओर वो सरमके मारे अपने हाथोमे अपना मुह छुपा लेती हे.. तभी देवायतने जुकते अपना मुह नीशाकी चुतपे रख दीया.. ओर नीशाकी चुतमे जीभ डालकर चाटने लगा.. तब नीशा बहुतही सर्मसार होगइ.. ओर मदहोसीके आलममे चली गइ..
उनकी चुतसे पानीका रीसाव होने लगा.. वो अपनी कमरको धीरे धीरे उछालने लगी.. देवायतकी इस हरकतने नीशाको पुरी तराह कामातुर करदीया.. दवायत नीशाकी चुतमे अपनी जीभ घुसाके उनके चुतके दानेको छेडने लगा.. तो नीशाने अपने दोनो हाथ देवायतके सरपे रख दीया.. ओर सरपे हाथ रखकर अपनी चुतपे दबाने लगी.. बहार चारु दोनोकी हरकत देखते अपनी चुत ओर बुब्सको मसलती रही..
चारु ओर नीशा साम ढलतेही अपनी सुहागरातकी तैयारीया कर रहीथी.. दोनोने मीलकर आज बेडको फुलोसे सजा दीया था.. तब दोनोही साथमे बाथरुममे घुस गइ.. ओर नहाकर बहार आतेही अेक दुसरेका शींगार करने लगी.. फीर दोनोही माथेपे सींदुर गलेमे मंगइसुत्र डालकर दुल्हनकी तराह रेडी होगइ.. बादमे दोनोने डीनर करलीया तब होलमे बैठकर देवायतका इन्तजार करते बाते कर रही थी..
चारु : (मुस्कुराते) नीशा.. तुम अभी तक वर्जीन होनां..? तुजे आज सब पता चल जायेगा.. की सुहागरातमे पतीका सुख क्या होता हे.. आज तेरी वाकइ देवुके साथ फस्ट नाइट हे.. तो पहेले तुम दोनो अकेलेही मीललो.. फीर मे तुम दोनोको बादमे आकर जोइन कर लुगी..
नीशा : (बहुतही सर्मसार होते) नही भाभी आपभी साथमे रहेना.. पहेले आपने उनके साथ सादी कीहे.. मेतो खामखा बीचमे आगइ.. भाभी.. क्या सचमे उनका बहुत बडा हे..? हंम..? मे उसे जेलतो पाउगीनां..?
चारु : (नीशाके गाल चुमते) अरे मेरी बनो.. क्यु खामखा डर रही हे..? अैसा कुछभी नही होगा जो तु सोच रही हे.. बस.. अबतो हम दोनोके मजेही मजे हे.. क्या हमारी वंदुको कुछ हुआ..? पहेले तुम दोनो अपना नीपटालो.. मे बादमे आजाउगी..
नीशा : (सर्मसार होते मुस्कुराते) भाभी.. मेने वंदुकी हालत देखी हे.. फीरभी वो कीतनी खुस थी.. भाभी.. आपतो हमारे पतीके साथ कइ बार सेक्स कर चुकी हे.. क्या आपको इनके साथ पहेली बार कुछ हुआथा..?
चारु : (बाइककी आवाज सुनतेही) हां नीशा.. उनका रमेशसे बहुत बडा हे.. मेने रमेशके साथ बहुतही कम बार सेक्स कीया हे.. लेकीन जब देवुसे मे पहेली बार बीस्तरमे मीली.. तब उसने फीरसे सुहागरातका अहेसास करवा दीयाथा.. तब मुजे पता चला पतीका सुख क्या होता हे..
तब ही मेने मनही मन देवुको अपना पती मानलीया था.. ओर आज मेरी सारी तम्मना पुरी होगइ.. नीशा.. लगता हे वो आगये हे.. तुम अपने रुममे जाकर रेडी रहो मे घरके सब दरवाजे लाइटे बंध करके उनको लेकर आती हु.. ओर हां बेडपे बीचमे घुंघट नीकालकर बैठना.. समज गइनां..? जा जल्दी..
कहातो नीशाके दिलकी धडकन बढ गइ.. वो बहुतही सरमाते हसते हुअे हां मे गरदन हीलाते अपने रुममे चली गइ.. तब चारु देवायतको लेने बहार चली गइ.. फीर उनको अंदर लेकर घरके सभी दरवाजे लाइटे बंध करने लगी.. तो देवायतभी चारुको दुल्हनके लीबासमे देखकर पागल होने लगा.. जैसेही चारु उनके पास आइ दोनोने अेक दुसरेको जोरोसे अपनी बाहोमे भीचलीया.. ओर अेक दुसरेके होठोको चुमने लगे..
चारु : (खुस होते मुस्कुराते धीरेसे) देवु.. आइ लव यु.. आइअे आपकी दुल्हन अपने रुममे रेडी हे.. जानु.. उनका अेक हप्ते पहेलेही पीरीयड होचुका हे.. तो बच्चेका पुरा चान्स हे.. हो सकेतो आजही उनका सब काम तमाम करदो.. ओर हां.. आप दरवाजा खुला रखना.. अगर उनको कुछ हुआ तो मे आजाउगी..
देवायत : (होंठ चुमते) चारु.. तुमभी साथ चलनां.. हम तीनोही अेक साथ..
चारु : (जटसे धीरेसे) नही जानु.. आप समजोना.. वो बहुत ही सर्मीली हे.. ओर उपरसे पुरी तराह वर्जीन.. आप समज गयेनां.. मेने कपडे बपडे सब रेडी रखे हे.. आजही उसे औरत बनाकर अपना बीज डालदो.. वो भी प्रेगनेन्ट होनेके लीये रेडी हे.. ओर हां.. आज उनपे कोइ रहेम मत करना.. आज उनकी रीयलमे सुहागरात हे.. पहेले आप दोनो मीललो.. फीर मेभी आकर आप दोनोको जोइन करलुगी..
देवायत : (होठोको चुमते बुब्स मसलते) चारु.. तुम जल्दी आना.. मुजे तेरे साथ मीलन करना हे..
चारु : (सीसकारीया करते सरमाते धीरेसे) जानु.. समजोना मे आती हु.. आपनेतो आतेही मुजे गरम करदीया.. अब जाइअे फटाफट वरना मे यही आपसे चुदवा लुगी.. हें..हें..हें..
कहेते चारुने हसते हुअे देवायतको नीशाके रुमकी ओर धका मार दीया.. तो देवायत भी मुस्कुराते नीशाके रुममे चला गया.. तो वहा अंदर नीशा बेडके बीच अपने दोनो पैर घुटनोसे मोडकर घुंघटमे देवायतका इन्तजार करते बैठीथी.. जैसेही देवायतके कदमोकी आवाज सुनी.. अेक बारतो उनकी दिलकी धडकन रुक गइ.. तभी देवायत नीशाके पास आकर बैठ गया.. ओर उनका घुंघट हटाकर उनकी ओर देखने लगा..
तब नीशा बहुतही सर्मसार होगइ.. ओर अपनी नजरे जुकाते बैठी रही.. जैसेही देवायतने प्यारसे नीशाके गालपे हाथ रखा.. नीशा सरसे पांव तब हील गइ.. ओर अपनी आंखे बंध करते देवायतके स्पर्सको महेसुस करने लगी.. उनकी चुत हरकतमे आगइ.. ओर दोनो बुब्स कठोर होगये.. आज सबकुछ होने वाला था.. देवायतने धीरेसे नीशाके होठोपे अपना होंठ रखदीया.. तो नीशा पागल जैसी होगइ..
ओर उसने सभी सरम त्यागके देवायतको जोरोसे अपनी बाहोमे भीचलीया.. पुरे घरमे अंधेरा छाया हुआथा.. धीरे धीरे प्यार करते दोनोही आगे बढते प्यारकी आगोसमे चले गये.. तब उनको पता नही थाकी चारु बहारसे उन दोनोको देख रही हे.. ओर अपनी चुतको सहेला रही हे.. धीरे धीरे करते देवायत ओर नीशाके तनसे कपडे नीकलते गये.. देवायत नीशाके गलेको होठोको ओर उनके उरोजोको चुमता रहा.. ओर नीशा मदहोस होने लगी..
दोनोही सीर्फ अपने अंतर वस्त्रोमे रेह गये थे.. देवायतने नीशाकी चडीमे उंगलीया फसाली.. ओर जटकेसे नीशाकी चडी नीकाल दी.. तो नीशा पुरी नंगी होगइ.. उसने सरमके मारे दोनो हाथ अपनी चुतपे रख दीया.. ओर सरमाकर इधर उधर देखते देवायतसे नजरे चुराने लगी.. देवायत नीशाके उपर जुकते उनके उरोजोको मुहमे लेकर चसने लगा.. तो नीशा छटपटाने लगी.. ओर देवायतके सरको पकड लीया..
नीशा बहुत सरमा रहीथी.. देवायत बारी बारी दोनो उरोजोकी नीपलको अपने होठोपे दबाते खीच रहाथा.. देवायतकी इसी हरकत नीशाको पागल बनानेमे काफी थी.. वो पुरी तराह मदहोस होकर सीसकारीया करते देवायतके बालोको सहेलाने लगी.. ओर देवायतके सरको अपने बुब्सपे दबाने लगी.. तभी देवायत उनके उरोजोको चुमते नीचेकी ओर सरकने लगा.. देवायतने उनकी नाभीको चुमलीया.. तो नीशा अपनी कमर उछालते मुस्कुराने लगी..
नीशा : (सरमाते धीरेसे) देवु.. प्लीज.. वहा नही.. बहुत गुदगुदी होती हे.. हें.. हें.. हें..
देवायत : (सामने देखते) नीशा.. आज मुजे जी भरके इस तनके साथ खेलने दे.. अब ये तन सीर्फ मेरा हे..
नीशा : (सरमाते धीरेसे) हां जानु.. सीर्फ ये तन ही नही.. अब पुरी नीशा आपकी हो चुकी हे..
तभी देवायत नीशाके पैरोके बीच बैठ गया.. ओर नीशाकी कमरमे हाथ फसाके उनको थोडा अपने मुहके पास खीच लीया.. तो नीशा बहुत कुछ समज गइ.. ओर वो सरमके मारे अपने हाथोमे अपना मुह छुपा लेती हे.. तभी देवायतने जुकते अपना मुह नीशाकी चुतपे रख दीया.. ओर नीशाकी चुतमे जीभ डालकर चाटने लगा.. तब नीशा बहुतही सर्मसार होगइ.. ओर मदहोसीके आलममे चली गइ..
उनकी चुतसे पानीका रीसाव होने लगा.. वो अपनी कमरको धीरे धीरे उछालने लगी.. देवायतकी इस हरकतने नीशाको पुरी तराह कामातुर करदीया.. दवायत नीशाकी चुतमे अपनी जीभ घुसाके उनके चुतके दानेको छेडने लगा.. तो नीशाने अपने दोनो हाथ देवायतके सरपे रख दीया.. ओर सरपे हाथ रखकर अपनी चुतपे दबाने लगी.. बहार चारु दोनोकी हरकत देखते अपनी चुत ओर बुब्सको मसलती रही..