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तो इधर सहेरमे खाना खाते ही लखन फोनपे सृतीसे बात करलेता हे.. तो सृती भी खाना खाकर अैसे ही लखनके फोनके इन्तजारमे बैठी थी.. तो सृतीने लखनको उनको क्लीनीकसे लेजानेको कहा.. तब लखन साहीलको बोलकर सृतीको लेने क्लीनीकपे चला गया.. तो इधर सलमा ओर जरीना भी खाना खाने बैठ गइ.. तब सबाना वापस सब लेडीसको अपने रुममे लेगइ.. ओर वो सबके साथ जानेके लीये तैयार होने लगी..
तब साहील ओर बंसी मीलकर फीरोजको फेक्टरी छोडकर खेती सम्हालनेको कहेने लगे.. तब फीरोजने मुस्कुराते सबकी बात मानली.. ओर सबानाके बेंगलोर जाने तक यही सहेरमे रहेनेका फैसला करलीया.. तब जरीना ओर सलमा भी फीरोजका फैसला सुनकर खुस होगइ.. जब सबाना तैयार होगइ तब सबलोग बहार आगये.. तबतक लखन भी सृतीको लेकर वापस आगया..
तो बंसीकी जीपमे सांती जागृती ओर जयश्री बैठ गये.. लखनकी कारमे साहील लखनके पास बैठ गया तब सृती ओर सबाना पीछेकी सीटमे बैठ गइ.. ओर सबने तैय कीया हुआ अेक बडे मोलकी ओर चले गये.. तब रास्तेमे लखनने सबानाका परीचय सृतीसे करवाया.. तो सृती ओर सबाना हस हसके बाते करने लगी.. सृतीने सबानाकी सब जानकारी लेली.. तब कुछ ही देरमे सभी लोग मोलपे आगये..
तो सृती ओर सबानाकी बाते अधुरी रेह गइ.. ओर सब लोग कार पार्क करके अेक जगाहपे अेकठे होगये.. तो जागृती लखनकी ओर देखकर सरमाते मुस्कुराने लगी.. ओर सबकी नजर बचाते लखनको आंखोसे इसारा करते उनके साथ आनेका इसारा करने लगी.. तब जयश्रीने भी देखलीया ओर वो भी पहेले जागृतीकी ओर फीर लखनकी ओर देखकर सरमाकर हसने लगी.. तभी..
लखन : (सबको) सब लोग सुनो.. जीनकी भी खरीद होजाये.. सब अंदरकी होटेलमे मीलेगे.. वरना इधर ही आकर रुकना.. ओर सबका वेइट करना..
साहील : (हसते) हां.. इतने बडे मोलमे सबको कहा ढुंढते फीरे.. हें..हें..हें.. चलो सब लोग.. जीनको जो लेना हे वहा चले जाओ..
कहातो सबलोग मुस्कुराते मोलमे चलने लगे.. तब बंसीके साथ सांती जागृती ओर जयश्री चलने लगे.. ओर वो सब अेक बडे सारीके शोरुम मे घुस गये.. तब साहील भी सबानाको लेकर अेक फेन्सी कपडेके सो रुममे चला गया.. तो सृती ओर लखन दोनो अकेले हो गये.. तो वो भी साथ चलने लगे.. तब सृती अेक शोरुम ढुंढने लगी.. तभी उसे अेक अंडर गार्मेन्टका शोरुम मील गया.. जो पुरा दरवाजा सीसेका था.. सृती अंदर जाने लगी.. तो लखन भी उनके पीछे चलने लगा.. तब सृती बहुतही सर्मसार होगइ.. ओर वही रुकते..
सृती : (सरमाते धीरेसे) लखन भैया.. आप कहा आ रहे हो..? इधर ही रुकीये अंदर सभी लेडीस हे.. यहा आपके लीये कोइ चीज नही हे.. हें..हें..हें..
लखन : (हसते रुकते) अरे.. तो आप अपने लीये लेना मे मेरी बीवी लताके लीये ले रहा हु.. हें..हें..हें..
सृती : (जुठे गुस्सेसे दांत पीसते) बहुतही कमीने हो आप.. उनके लीये भी मे लेलुगी.. उनका सब पता हे मुजे.. आप इधर ही रुकीये..
लखन : (हसते) भाभी.. उनकी चोइस ओर कलर मुजे पता हे.. की क्या लेना हे.. हें..हें..हें..
सृती : (अेक नजर पेन्टके उभारकी ओर डालते सरमाते) नही.. आप इधर ही ठहेरो.. अगर आपको लेना हे तो आप बादमे लेलेना.. कमीने कहीके..
कहेते सृती सरमाकर हसते हुअे अंदर चली गइ.. ओर लखन वही अदब लगाते उनको देखकर हसता रहा.. सृती अेक काउन्टरपे चली गइ.. ओर वहा अेक लेडीससे बात करने लगी.. तब उन लेडीसने सृतीको आठ दस बोक्ष देदीये.. ओर बोक्ष खोलकर सृतीको ब्रा पेन्टी दीखाने लगी.. तब अेक यलो ब्रा पेन्टीका सेट सृती देखने लगी.. तभी देखते देखते उनका ध्यान बहार खडे लखन की ओर गया.. तब लखन उनको ही देखते अब भी हस रहा था.. तो सृती बहुतही सरमाइ.. तो काउन्टरकी लेडीसने कहा..
लेडीस : (मुस्कुराते) मेडम.. आपके हसबन्डको भी अंदर बुला लीजीयेनां.. सायद वो अपनी चोइसका आपको दिवाना चाहते हे.. हें..हें..हें..
सृती : (सर्मसार होते थोडी सककपकाते) अरे नही नही.. वो..वो.. वो वही ठीक हे.. मे ले लुगी..
लेडीस : (मुस्कुराते) मेम.. लगता हे वो आपको बहुत प्यार करते हे.. आपका कीतना खयाल रख रहे हे..
कहा तो सृती सेल्सगर्लको ये बतानेकी हिंमत नही करपाइ.. की वो मेरे पती नही हे.. वो अेक बार फीर लखनकी ओर देखती हे.. तभी लखनने अपना मुह बीगाडते नां मे गरदन हीलाइ.. तो सृतीको बहुत गुस्सा आगया.. ओर लखनको बडी आंख करते होठ हीलाते मनमे गालीया देने लगी.. ओर ब्राके सेटको देखकर वापस रख दीया.. ओर अेक रेड कलर सेट उठाकर देखने लगी..
जब देख रही थी तब सृतीको वापस लखनकी ओर देखनेका मन हुआ.. वो देखना चाहती थी.. की लखन अभी भी उनकी ओर देख रहा हेकी नही.. ओर उसने धीरेसे लखनकी ओर गरदन घुमाइ.. तब लखनने वापस मुह बीगाडते नां मे गरदन हीलादी.. तब सृती बहुत ही सर्मसार होगइ.. ओर उसने जुठे गुस्सेसे वापस अपने दांत पीसते दीखाये.. फीर मुह दुसरी ओर घुमाते सरमाकर हसने लगी..
ओर उसने वो सेट भी वापस रख दीया.. सृतीको इस खेलमे मजा आने लगा.. वो अब मनही मन सभी सेट लखनको दीखाकर सीलेक्ट करवाना चाहती थी.. ओर सृतीने अेक काला ट्रान्सपरंट सेट उठालीया.. फीर इस बार जान बुजकर लखनकी ओर देखा.. तो लखनने मुस्कुराते अपना अनुठा ओर पहेली उगलीको मीलाते मींडी बनाकर दीखाते मस्त होनेका इसारा कीया.. तो सृती बहुत ही सर्मसार होगइ..
ओर सृतीकी सरमके मारे हसी नीकल गइ.. तब लखनको बडी आंख दीखाते हसने लगी.. फीर सृतीने अेक सेट ओर सीलेक्ट कीया.. तो लखनने इसारोसे मना कीया.. तो सृतीने मुस्कुराकर वापस रख दीया.. फीर सृती जान बुजकर हर सेट लखनको दीखाने लगी.. ओर अैसे ही लखनने चार सेट सृतीको सीलेक्ट करवाया.. हर बार सृती सेट सीलेक्ट करते लखनकी ओर देखती थी.. जब लखनकी ओरसे हां का इसारा होता तब ही वो सेट रख लेती थी..
फीर सृती वो ही ब्राका चार सेट सीलेक्ट करके उनका पेमेन्ट करके बहार आगइ.. ओर जुठे गुस्सेसे दांत पीसकर लखन की पीठमे मुका मारने लगी.. तब लखन जोरोसे हसते दुर सृतीसे दुर होगया.. तो सृती भी हसने लगी.. ओर दोनो साथ चलने लगे.. तभी लखनने चलते चलते सृतीको कंधेसे पकडकर अपने आपसे सटालीया.. तो सृती बहुतही सरमाते हसने लगी.. तब अेक बार फीर सृतीकी नजर लखनके पेन्टके उभारकी ओर चली गइ.. तब सृतीका दिल मचलने लगा.. ओर आखीर उनसे रहा नही गया.. ओर हिंमत करते धीरेसे पुछ ही लीया..
तब साहील ओर बंसी मीलकर फीरोजको फेक्टरी छोडकर खेती सम्हालनेको कहेने लगे.. तब फीरोजने मुस्कुराते सबकी बात मानली.. ओर सबानाके बेंगलोर जाने तक यही सहेरमे रहेनेका फैसला करलीया.. तब जरीना ओर सलमा भी फीरोजका फैसला सुनकर खुस होगइ.. जब सबाना तैयार होगइ तब सबलोग बहार आगये.. तबतक लखन भी सृतीको लेकर वापस आगया..
तो बंसीकी जीपमे सांती जागृती ओर जयश्री बैठ गये.. लखनकी कारमे साहील लखनके पास बैठ गया तब सृती ओर सबाना पीछेकी सीटमे बैठ गइ.. ओर सबने तैय कीया हुआ अेक बडे मोलकी ओर चले गये.. तब रास्तेमे लखनने सबानाका परीचय सृतीसे करवाया.. तो सृती ओर सबाना हस हसके बाते करने लगी.. सृतीने सबानाकी सब जानकारी लेली.. तब कुछ ही देरमे सभी लोग मोलपे आगये..
तो सृती ओर सबानाकी बाते अधुरी रेह गइ.. ओर सब लोग कार पार्क करके अेक जगाहपे अेकठे होगये.. तो जागृती लखनकी ओर देखकर सरमाते मुस्कुराने लगी.. ओर सबकी नजर बचाते लखनको आंखोसे इसारा करते उनके साथ आनेका इसारा करने लगी.. तब जयश्रीने भी देखलीया ओर वो भी पहेले जागृतीकी ओर फीर लखनकी ओर देखकर सरमाकर हसने लगी.. तभी..
लखन : (सबको) सब लोग सुनो.. जीनकी भी खरीद होजाये.. सब अंदरकी होटेलमे मीलेगे.. वरना इधर ही आकर रुकना.. ओर सबका वेइट करना..
साहील : (हसते) हां.. इतने बडे मोलमे सबको कहा ढुंढते फीरे.. हें..हें..हें.. चलो सब लोग.. जीनको जो लेना हे वहा चले जाओ..
कहातो सबलोग मुस्कुराते मोलमे चलने लगे.. तब बंसीके साथ सांती जागृती ओर जयश्री चलने लगे.. ओर वो सब अेक बडे सारीके शोरुम मे घुस गये.. तब साहील भी सबानाको लेकर अेक फेन्सी कपडेके सो रुममे चला गया.. तो सृती ओर लखन दोनो अकेले हो गये.. तो वो भी साथ चलने लगे.. तब सृती अेक शोरुम ढुंढने लगी.. तभी उसे अेक अंडर गार्मेन्टका शोरुम मील गया.. जो पुरा दरवाजा सीसेका था.. सृती अंदर जाने लगी.. तो लखन भी उनके पीछे चलने लगा.. तब सृती बहुतही सर्मसार होगइ.. ओर वही रुकते..
सृती : (सरमाते धीरेसे) लखन भैया.. आप कहा आ रहे हो..? इधर ही रुकीये अंदर सभी लेडीस हे.. यहा आपके लीये कोइ चीज नही हे.. हें..हें..हें..
लखन : (हसते रुकते) अरे.. तो आप अपने लीये लेना मे मेरी बीवी लताके लीये ले रहा हु.. हें..हें..हें..
सृती : (जुठे गुस्सेसे दांत पीसते) बहुतही कमीने हो आप.. उनके लीये भी मे लेलुगी.. उनका सब पता हे मुजे.. आप इधर ही रुकीये..
लखन : (हसते) भाभी.. उनकी चोइस ओर कलर मुजे पता हे.. की क्या लेना हे.. हें..हें..हें..
सृती : (अेक नजर पेन्टके उभारकी ओर डालते सरमाते) नही.. आप इधर ही ठहेरो.. अगर आपको लेना हे तो आप बादमे लेलेना.. कमीने कहीके..
कहेते सृती सरमाकर हसते हुअे अंदर चली गइ.. ओर लखन वही अदब लगाते उनको देखकर हसता रहा.. सृती अेक काउन्टरपे चली गइ.. ओर वहा अेक लेडीससे बात करने लगी.. तब उन लेडीसने सृतीको आठ दस बोक्ष देदीये.. ओर बोक्ष खोलकर सृतीको ब्रा पेन्टी दीखाने लगी.. तब अेक यलो ब्रा पेन्टीका सेट सृती देखने लगी.. तभी देखते देखते उनका ध्यान बहार खडे लखन की ओर गया.. तब लखन उनको ही देखते अब भी हस रहा था.. तो सृती बहुतही सरमाइ.. तो काउन्टरकी लेडीसने कहा..
लेडीस : (मुस्कुराते) मेडम.. आपके हसबन्डको भी अंदर बुला लीजीयेनां.. सायद वो अपनी चोइसका आपको दिवाना चाहते हे.. हें..हें..हें..
सृती : (सर्मसार होते थोडी सककपकाते) अरे नही नही.. वो..वो.. वो वही ठीक हे.. मे ले लुगी..
लेडीस : (मुस्कुराते) मेम.. लगता हे वो आपको बहुत प्यार करते हे.. आपका कीतना खयाल रख रहे हे..
कहा तो सृती सेल्सगर्लको ये बतानेकी हिंमत नही करपाइ.. की वो मेरे पती नही हे.. वो अेक बार फीर लखनकी ओर देखती हे.. तभी लखनने अपना मुह बीगाडते नां मे गरदन हीलाइ.. तो सृतीको बहुत गुस्सा आगया.. ओर लखनको बडी आंख करते होठ हीलाते मनमे गालीया देने लगी.. ओर ब्राके सेटको देखकर वापस रख दीया.. ओर अेक रेड कलर सेट उठाकर देखने लगी..
जब देख रही थी तब सृतीको वापस लखनकी ओर देखनेका मन हुआ.. वो देखना चाहती थी.. की लखन अभी भी उनकी ओर देख रहा हेकी नही.. ओर उसने धीरेसे लखनकी ओर गरदन घुमाइ.. तब लखनने वापस मुह बीगाडते नां मे गरदन हीलादी.. तब सृती बहुत ही सर्मसार होगइ.. ओर उसने जुठे गुस्सेसे वापस अपने दांत पीसते दीखाये.. फीर मुह दुसरी ओर घुमाते सरमाकर हसने लगी..
ओर उसने वो सेट भी वापस रख दीया.. सृतीको इस खेलमे मजा आने लगा.. वो अब मनही मन सभी सेट लखनको दीखाकर सीलेक्ट करवाना चाहती थी.. ओर सृतीने अेक काला ट्रान्सपरंट सेट उठालीया.. फीर इस बार जान बुजकर लखनकी ओर देखा.. तो लखनने मुस्कुराते अपना अनुठा ओर पहेली उगलीको मीलाते मींडी बनाकर दीखाते मस्त होनेका इसारा कीया.. तो सृती बहुत ही सर्मसार होगइ..
ओर सृतीकी सरमके मारे हसी नीकल गइ.. तब लखनको बडी आंख दीखाते हसने लगी.. फीर सृतीने अेक सेट ओर सीलेक्ट कीया.. तो लखनने इसारोसे मना कीया.. तो सृतीने मुस्कुराकर वापस रख दीया.. फीर सृती जान बुजकर हर सेट लखनको दीखाने लगी.. ओर अैसे ही लखनने चार सेट सृतीको सीलेक्ट करवाया.. हर बार सृती सेट सीलेक्ट करते लखनकी ओर देखती थी.. जब लखनकी ओरसे हां का इसारा होता तब ही वो सेट रख लेती थी..
फीर सृती वो ही ब्राका चार सेट सीलेक्ट करके उनका पेमेन्ट करके बहार आगइ.. ओर जुठे गुस्सेसे दांत पीसकर लखन की पीठमे मुका मारने लगी.. तब लखन जोरोसे हसते दुर सृतीसे दुर होगया.. तो सृती भी हसने लगी.. ओर दोनो साथ चलने लगे.. तभी लखनने चलते चलते सृतीको कंधेसे पकडकर अपने आपसे सटालीया.. तो सृती बहुतही सरमाते हसने लगी.. तब अेक बार फीर सृतीकी नजर लखनके पेन्टके उभारकी ओर चली गइ.. तब सृतीका दिल मचलने लगा.. ओर आखीर उनसे रहा नही गया.. ओर हिंमत करते धीरेसे पुछ ही लीया..