पुनम : (मुस्कुराते) भाभी.. मंजु भाभीने कहा हे.. आगे जाकर हमारे पती हमसे सेक्स करनेमे इतना सक्षम नही होगे.. जो हमे संतुस्ट कर सके.. इसीलीये मंजुभाभीने भाइसे सभी तराहकी छुट लेली हे.. हें..हें..हें..
सृती : (मुस्कुराते) सभी तराहकी छुट मतलब..? मे कुछ समजी नही.. जरा खुलकर बताइअेनां..
पुनम : (सरमाते धीरेसे) भाभी.. छुटका मतलब.. अभी सीर्फ इतना समजलो.. भाभीने कहा हे हमारे घरकी सभी ओरते.. हमारे ही घरके कीसीभी मर्दके साथ सेक्स कर सकती हे.. बस.. ये सब दोनोकी सहमतीसे होना चाहीये.. तो लखन भैयाको जडीबुटी देनेका अेक येभी कारण हे.. क्युकी भाइकी भी बहुत सारी बीवीया होगइ हे.. तो वो सबको ठीकसे टाइम नही दे पायेगे..
सृती : (सरमाते आस्चर्यसे देखते) दीदी.. क्या केह रही हे आप..? इसका मतलब भी जानती हे आप..? मुजेतो सुनकर डर लग रहा हे.. मे आपके कहेनेका मतलब कुछ कुछ समज रही हु..
पुनम : (मुस्कुराते) देखा.. इसीलीये मे सब आपको बताना नही चाहती थी.. हां भाभी.. ये सच हे.. जो आप समज रही हे.. क्युकी मे ओर मंजु भाभी.. आनेवाले समयके बारेमे बहुत कुछ जानती हे.. तब इस घरमे रीस्तोकी कोइ अहेमीयत ही नही रहेगी..
इनमे मे ओर आपभी बाकात नही रहेगी.. सबकुछ होगा जो मेरे ओर आपके मनमे अभी चल रहा हे.. भाभी.. हमारी जींदगी सीर्फ हमारे पती तक ही सीमीत नही रहेगी.. हमारी जींदगीमे हमारे पतीके अलावा ओर मर्द भी हे.. जो सीर्फ हमारे घरके ही होगे..
सृती : (सर्मसार होते मुस्कुराते) पुनोदी.. क्या केह रही हे आप..? तो क्या हमे लखन भैयाके साथ भी.. म..त..ल..ब.., बताने भी सरम आ रही हे.. हें..हें..हें..
पुनम : (मुस्कुराते धीरेसे) हां भाभी.. आप सही सोच रही हे.. लेकीन जबरदस्तीसे कुछभी नही होगा.. जोभी होगा अेक दुसरेकी सहमतीसे होगा.. भाभी.. अगर अैसी सीचुअेशन आइ.. तो आप अपने मनमे कोइ क्षोभ मत रखना.. ओर नाही कोइ गील्टी फील करना..
सीर्फ लखन भैया ही नही.. आगे जाकर हमारा वीजय.. फीर हमारा पोता.. जो स्वयंम आयेगा.. जीसके लीये ये सब बदलाव हो रहा हे.. तब हम ना चाहते हुअे भी उनकी ओर आकर्सीत होजायेगी.. हम सब उनके साथ सेक्स करनेके लीये तरसेगी.. ओर यही सच हे..
सृती : (अपना सर पकडते) ओह गोड.. दीदी.. क्या तब ये सब वाकइ होगा..? क्या ये सब हमारे पतीको धोखा देना नही हे..? मुजेतो बहुत सरम आ रही हे.. ओर आपसे सब सुनकर मजाभी आ रहा हे.. हें..हें..हें..
पुनम : (मुस्कुराते) भाभी.. कोइ धोखा नही होगा.. क्युकी इन सब चीजोकी उन्होने मंजुभाभीको खुद परमीशन दी हे.. क्युकी वो खुद भी अैसे रीस्तोसे बंधने वाले हे.. वो भी तो वही सब कर रहे हे.. देखा नही.. इनकी कीतनी सीक्रेट बीवीया होगइ हे.. अब आपही सोचो.. क्या अेकही टाइममे सबको प्यार दे सकते हे..?
सृती : (मुस्कुराते) दीदी.. बाततो आपकी सही हे.. लेकीन फीरभी दिलमे अेक क्षोभ होता हे.. ओर अभी आपने कहाकी वो अेसे रीस्तोमे आने वाले हे.. मतलब..? दीदी.. आज सब खुलकर बता ही दीजीये..
पुनम : (मुस्कुराते) भाभी.. अभी सबकुछ तो आपको नही बता पाउगी.. लेकीन इतना जानलो हमारे घरकी ओरते जवान होगी.. मर्द नही.. अेक दिन अैसा आयेगा तब हमारा पीती भी सेक्स करनेके सक्षम नही रहेगे ओर हमारा देवर लखन ओर विजय भी.. तब हम सब क्या करेगी..? सीर्फ हमारे स्वामी ही जवान होगे ओर वो ही जवान रहेगे.. बाकी सब मे समय समयपे आपको बताती रहुगी.. अेक सीक्रेट ओर आपको बताती हु.. हमारी लताके बारेमे..
सृती : (मुस्कुराते) हां दीदी.. इनका थोडा बहुत पता हे.. मेरी सादीसे पहेले इस बारेमे मंजुके साथ अेक बार बात हुइ थी.. की आने वाले वक्तमे वोभी हमारी सौतन होजायेगी.. क्या यहीनां..?
पुनम : (मुस्कुराते) हां भाभी.. लेकीन ये आधा सच हे.. सीर्फ इतना ही नही.. सुनो.. लता सुरुसेही हमारे पतीसे प्यार करती थी.. वो सादीसे पहेले हमारे पतीसे फीजीकल रीलेशन रखना चाहती थी.. लेकीन भाइने उनपे कुछ ज्यादा ध्यान नही दीया.. ओर वो भी लखन भैयाकी तराह अपने दिलकी बात भाइसे नही केह पाइ.. वो यहा सीर्फ भाइके लीये ही आइ हे.. ओर आपको तो सब पता हे की वोभी हमारी बहेन हे..
सृती : (हसते) हां दीदी मेरी सादीसे पहेले अेक बार मंजुसे इस बारेमे बात हुइ थी.. तब उसने कहाथा की हमारे बापु ओर रसला चाचीके बीच रीलेशन थे.. भानुभाइ भी इनकी ही संतान हेनां..?
पुनम : (मुस्कुराते) हां भाभी.. ये सच हे.. लताभाभी आजभी भाइको उतनाही प्यार करती हे जीतना पहेले करती थी.. ओर भाभी.. कुछ दिन पहेले वो अपने प्यारका इजहार भी भाइसे कर चुकी हे.. अब वो वक्त दुर नही जब भाइके साथ उनका फीजीकल रीलेशन हो जायेगा.. वो हमारे लखन भैयाकी पत्नी होनेके बावजुद भी भैयाके साथ रीलेशन बनायेगी.. ओर आने वाले वक्तमे उनका बच्चा भी पैदा करेगी..
सृती : (आस्चर्यसे) ओह.. गोड.. दीदी.. क्या केह रही हे आप..? क्या ये गलत नही हे..? छोटेभाइ भाइकी बीवीके साथ..
पुनम : (सरमाते मुस्कुराते) हां भाभी.. वैसे तो समाजकी द्नष्टीसे ये सब गलत हे.. लेकीन हमारे लीये ये गलत नही हे.. क्युकी मत भुलो हम सब वास्तवमे कौन हे.. वरना उस राजाकी चहीती रानी कहासे जन्म लेगी..? उसी राजाके लीये तो ये सब हो रहा हे.. वरना सोचो कोइ राजवी परीवारके घरमे अैसे रीस्ते होते हे..?
इसीलीये पीछली तीन पीढीसे सब आपसी रीस्तोमे ही सादीया करते आये हे.. भाभी.. वैसे भी लखन भैया कभी लताको प्रेगनेन्ट नही कर सकते.. क्युकी हमारे खानदानमे सीर्फ तीन ओरत अैसी हे जीनको सीर्फ हमारे पती ही प्रेगनेन्ट कर सकते हे..
सृती : (थोडी सीरीयस होते) दीदी.. लखन भैया प्रेगनेन्ट नही कर सकते मतलब..? मे कुछ समजी नही.. ओर सीर्फ तीन ओरत..? कौन हे वो तीन ओरत..?