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अपडेट- 27 ~ ा लेसन तो बे तौह्त (2)
अब तक....
वीर (मैं में) : भूमिका... दी...
भूमिका (मैं में) : व्... वीईएर!!!???
दोनों एक दूसरे को देख रहे थे. वीर के चेहरे पे जहा कोई भाव नहीं थे तोह वही भूमिका एकदम स्तब्ध सी कड़ी उससे hi देख रही थी. सबसे पहला सवाल मैं में यही था. क्या ये वही वीर है!?
अब आगे...
भूमिका एक प्रोफेशनल अत्तिरे में वह भौचक्की सी कड़ी सामने बैठे वीर को देखे जा रही थी.
क्या ये वही वीर था!?
कैसे!?
जिस वीर को उसने घर से निकलता हुआ देखा था, ये वीर...
ये वीर उस वीर से कही ज़्यादा स्मार्ट, आकर्षक, और कुछ अलग सा प्रतीत हो रहा था.
पर उस से भी बड़ा सवाल था की वीर यहाँ क्या कर रहा था!? और वो भी सोनिआ जैसी अमीर लेडी के साथ!? वो भी उसके बगल में बैठ कर!?
उससे सुबह hi पता लगा था की आज सोनिआ मिस उसकी होटल में फिरसे आने वाली है. और वो सोनिआ को जानती थी. क्युकी अक्सर सोनिआ उसकी होटल में कॉफ़ी पीने आया करती थी. तोह थोड़ी बोहत पहचान उसकी उस से हो चुकी थी. आज वो किसी काम के चलते लेट हो गयी थी होटल आने में और इसलिए वो होटल में आते hi सीधा सबसे पहले सोनिआ के hi पास आयी उससे वेलकम करने.
क्युकी वही हमेशा उसका वेलकम करती थी. पर आज...
आज उससे एक झटका सा लगा जब उसने अपने उस सौतेले भाई को देखा जिससे कुछ हफ्ते पहले घर से निकाल दिया गया था. और उससे अब और भी अजीब सी फीलिंग्स आ रही थी.
घर में वीर उसके सपनो में कई बार आ चूका था और हर्र बार उसका अंतर्मनन उस से ये सवाल पूछता था की क्या जो भी कुछ वीर के साथ वो सभी कर रहे है, क्या वो सही है!?
ये बात उसने अपनी माँ, श्वेता को भी बतायी थी. पर उसकी माँ ने केवल ये कह के बात ताल दी थी, की वो जो भी कर रहे है अपने लिए कर रहे है और उसमे कुछ भी बुरा नहीं है. जब वीर से आज तक उसने बात hi ना की तोह फिर उसके लिए हमदर्दी क्यों फील करना!?
ये श्वेता के बोल थे पर कही न कही, भूमिका को डर ज़रूर रहता था.
वो अभी एकदम स्तब्ध सी कड़ी हुई वीर को देख रही थी की उसके बगल में बैठी सोनिआ ने दोनों की hi नज़रो को भांपा और पूछा,
"यू... यू बोथ क्नोव एच इतर!?"
उसने खड़े होते हुए कहा. उसकी अचानक आयी आवाज़ जैसे भूमिका को होश में लायी और वीर और उसने दोनों ने hi साथ में जवाब दिया.
वीर : She's माय सीस...
भूमिका : No ी don't...
और अगले hi पल एक ख़ामोशी सी छा गयी.
पर भूमिका को जैसे नेक्स्ट सेकंड hi रीलीज़ हुआ की उसने क्या कह दिया. वो कहना तोह यही चाहती थी पर उसने ये तब कहा जब वीर ने जस्ट उससे उसकी बहिन कहके इंट्रोडस किया.
एक प्रकार से जहा वीर ये एक्सेप्ट कर रहा था की वो उसकी बहिन थी तोह वही दूसरी तरफ भूमिका खुद इस बात को झुटला रही थी.
शर्मिंदगी!
अब उसके मैं में वो विचार आने फिरसे शुरू हो गए थे जिन्हे वो कबसे दबायी हुई थी. बेचैनी के मारे उसका सीना ऊपर नीचे होने लगा.
वो अपना मुँह खोल खुद को करेक्ट करती पर उसके पहले hi वीर बोल उठा.
"यह! राइट!! राइट! वे... वे don't क्नोव एच इतर..." कहते हुए उसने एक मुस्कान के साथ अपनी नज़रे फेरर ली.
जिस ावक्वार्ड माहौल से भूमिका बचना चाह रही थी वो तोह वीर ने hi यु दूर कर दिया था उसके लिए ये एग्री कर के. की वो दोनों hi एक दूसरे को नहीं जानते. अब भूमिका को तोह यहाँ राहत की सास ले लेनी चाहिए थी.
पर...
ऐसा हुआ नहीं.
उल्टा भूमिका और भी ज़्यादा अजीब फील करने लगी. उसकी बेचैनी और भी बढ़ चुकी थी. वीर को यु मुस्कुराते हुए उसकी बात पर एग्री करते पता नहीं क्यों पर...
भूमिका को ज़रा भी अच्छा नहीं लग रहा था. वो उस वक़्त क्या फील कर रही थी वो खुद नहीं बया कर सकती थी. ऐसी फीलिंग उससे इसके पहले कभी नहीं हुई थी. और ये फीलिंग बोहत hi ज़्यादा दर्द दे रही थी उससे अंदर से. वीर की मुस्कान जैसे चींख चींख के उस से कह रही थी की तुम लोगो ने बोहत गलत किया है मेरे साथ. भूमिका अंदर hi अंदर बेहद डर रही थी...
भूमिका : ी...
उसके होंठ खुले पर दिमाग जैसे काम करना बंद कर दिया था. उससे सूझ hi नहीं रहा था की क्या कहा जाए.
बगल में कड़ी सोनिआ चुप चाप सामने हो रहे सन को बड़ी hi हैरानी से देख रही थी. पर बोली कुछ नहीं.
अंत में भूमिका ने जब देखा की वीर बिना उसकी तरफ देखे, उस से नज़रे फ्री वापस अपनी सीट पर बैठ चूका है तोह उसने जैसे तैसे अपनी हिम्मत जुताई और सोनिआ को देखा.
भूमिका : ी... ी हैवे सम अर्जेंट वर्क मिस. प्लीज! प्लीज एन्जॉय! िफ़ यू नीड एनीथिंग, यू कैन जस्ट आस्क थे मैनेजर. नाउ, प्लीज... एक्सक्यूज़ में!
कहते हुए वो वीर को एक अंतिम बार देखि, पर वीर ने उसकी तरफ एक बार भी पलट के नहीं देखा. अपना निचला होंठ दातो से बेचैनी में दबाये वो वह से तेज़्ज़ कदमो के साथ निकल गयी.
उसके पलटते hi वीर ने अपनी नज़रे टेढ़ी कर उससे देखा. बड़ी hi घबराई और बेचैन सी लग रही थी वह. और कुछ hi पालो में वो वीर की नज़रो से ओझल हो चुकी थी.
पर वीर ने एक काम ज़रूर किया था जब वो इधर कड़ी हुई थी. और वो था..
'चेक!'
[ नाम - भूमिका
आगे - 25 इयर्स.
बायो - भूमिका एक बेहद hi सवेंदनशील लड़की है. वो अपनी होटल को अपनी माँ के साथ आगे बढ़ा के पूरे शहर में अपनी होटल का नाम करना चाहती है. उसके कई सारे सपने है जो केवल उसके करियर यानि की उसकी अपनी होटल से hi जुड़े हुए है. माँ की कही गयी बातो पर चलती है क्युकी उसकी माँ hi उसकी सबसे बड़ी आइडल है. मैं में कई सवाल है उसके और एक गहरी चिंता, साथ hi साथ एक अजीब सा डर भी जिससे वो समझ नहीं पा रही है.
फवौराबिलिटी - 14
रिलेशनशिप - स्टेप सिस्टर.]
'14 फवौराबिलिटी?? ी नेवर थॉट की उनकी फवौराबिलिटी इतनी होगी मेरे लिए!? मुझे तोह लगा था जीरो होगी.'
[Still, ye bhi kam hi hai master. Wo aapki behan hai Sauteli. Aisa kese ho sakta hai!? Aap log ek hi ghar me rehte the.]
'वेल! कभी बात hi नहीं होती थी. उस हिसाब से तोह ये 14 भी ज़्यादा है मेरे लिए.'
[Baat nahi hoti thi!? Hmm... I searched your memories. Waqai! Aapki toh baat hi nahi hoti thi. Just how ridiculous this is... Aap Hi, Hello bolte the and she just used to see you and ignore!? How can she!?]
'वेल! शी doesn't हैवे अन्य इंटरेस्ट इन में सो...'
[And she'll pay for that!!]
'हँ!?''
पता नहीं क्यों पर पल भर के लिए वीर को पारी की आवाज़ में नाराज़गी और गुस्सा दोनों hi फील हुआ.
***
इधर भूमिका तेज़्ज़ कदमो के साथ चलते हुए सीधे अपने केबिन में आयी और दरवाज़ा अंदर से hi लॉक करके वो दरवाज़े से सत् के कड़ी हो गयी.
'व्हाई!? व्हाई इस हे हेरे? जस्ट व्हाई? ी... व्हाई इस हे विथ मिस सोनिआ? वो उन्हें कैसे जानता है? हे... हे साइड ी वास् हिज सीस... एंड ी... ी डिनाइड आईटी. क्या मेने सही किया था!?'
उसने खुद से सवाल किया और पल भर के लिए अपनी माँ, श्वेता को इमेजिन किया की यदि वो यहाँ होती तोह क्या जवाब देती?
मेरी बच्ची! तुमने एकदम सही किया. भूल जाओ उससे. वो अब हमारे घर का सदस्य नहीं है मेरी बच्ची. हमे बस अपने ऊपर ध्यान देना है बेटी. हमने वादा किया था न? की हम हमेशा एक दूसरे का साथ देंगे? और केवल अपने लिए hi सोचेंगे? तोह भूल जाओ सब कुछ मेरी बच्ची.
भूमिका को जैसे अपनी माँ के बोल मैं में hi सुनाई दे रहे थे. यदि वो यहाँ होती तोह ऐसा hi कुछ कहती.
पर इसके बावजूद, उसका अंतर्मनन चींख चींख के कह रहा था की...
जो कुछ भी उसने वीर के साथ किया, वो नहीं करना चाहिए था. बाहर भी उसने जो अभी कहा, उसके चलते उससे अब ग्लानि के भाव आ रहे थे. साथ hi साथ एक अजीब सी बेचैनी जो उसके दिल को अंदर से hi निचोड़ती जा रही थी.
***
इधर वीर अपनी सौतेली बहिन भूमिका के hi बारे में सोच रहा था तोह पारी की आवाज़ उससे होश में लायी,
[Master! Sonia is looking at you... You have to explain it to her.]
'हँ? यह! येह... राइट!'
सोनिआ हैरत में भूमिका को जाते देखि और फिर वीर को. वो बैठी और वीर से पूछने hi वाली थी की वीर खुद hi बोल पड़ा.
वीर : यू सीम सुरप्रीसेड!?
सोनिआ : ऑफ़ कोर्स ी ऍम... वो...
वीर (स्माइल्स) : मुझे लगा था जैसे आपने मेरी साड़ी डिटेल्स निकलवा ली, इन्क्लूडिंग माय फ़ोन नंबर तोह ये भी आपको पता hi होगा...
सोनिआ : ?? हँ? No... I'm सॉरी वीर बूत...
वीर : She's माय सिस्टर!
सोनिआ : ???
वीर : ...
सोनिआ : No वाआयीयी!!!
वीर : *स्माइल्स*
सोनिआ : ओह्ह गॉड! ओह न्यू! मेने ये... ट्रस्ट में वीर! मेरा बिलकुल भी ऐसा कोई इरादा नहीं था. की तुम्हे... तुम्हे यहाँ मेने जान बूझ के बुलाया हो. ी रियली... ी रियली didn't क्नोव अबाउट थिस ात आल.
वीर : Don't वोर्री! मेने ऐसा कभी नहीं समझा. सो, यू don't हैवे तो...
सोनिआ : ओह थैंक गॉड! राइट! मेने प्रकाश अंकल से कह के तुम्हारे बारे में इनफार्मेशन निकलवाई थी बूत... ी ओनली क्नोव की तुम्हारी कुछ बहने है और भाई एंड तुम्हारे डैड क्या काम करते है एंड आल. बूत इतना डिटेल्स में मुझे इन्फो नहीं थी. मुझे बिलकुल भी नहीं पता था..
वीर : अस ी साइड... It's okay!
सोनिआ : येह! थैंक्स! सो!?? उम्... ी मैं... She's योर सिस्टर. तोह वो ऐसे क्यों...!?
वीर : She's माय स्टेप सिस्टर. एंड रही बात वो ऐसा क्यों बेहवे कर रही है थें... ी थिंक it's पर्सनल!?
सोनिआ : अहह! राइट! सॉरी! िफ़ it's पर्सनल थें...
सोनिआ वीर से नज़रे चुराते हुए इधर उधर देखने लगी और मैं में अपने hi विचारो में लीं हो गयी.
'इतने दिनों से में भूमिका से यहाँ मिलती आयी. और वो वीर की स्टेप सीस है!? थैंक गॉड की वीर ने मुझे गलत नहीं समझा. वर्ण वो यदि ये सोच लेता की मेने उसका मज़ाक बनाने के लिए यहाँ जान बूझ के उसकी बहिन की होटल में उससे बुलाया है तोह गड़बड़ हो जाती. वैसे hi वो पहले की मिसुन्दरस्टण्डींग मेने दूर नहीं की है, और उसी के लिए तोह मेने उससे बुलाया है यहाँ. पर... वीर की बहिन... वो ऐसे क्यों रियेक्ट कर रही थी!? लिखे ी क्नोव की वीर के डैड ने उससे घर से निकाला था. बूत... क्या उसकी बहिन भी... वैसी hi है!? मुझे भूमिका से बात करते हुए तोह ऐसा कभी महसूस नहीं हुआ.'
वीर : एहम!!!
सोनिआ : हँ!? यह! येह... वो...
वीर : व्हाई दीद यू कॉल में!?
सोनिआ : यह! राइट! वीर... मेने तुम्हे इसलिए बुलाया था... वो पिछली मुलाक़ात में हमारे बीच जो भी बातें हुई थी पैसो को लेकर वो एक मिसुन्दरस्टण्डींग थी. ट्रस्ट में, मेरा ऐसा कोई भी इरादा नहीं था जैसा सुहाना दी ने तुम्हे बताया था. लिखे... पैसे से तुम्हारा एहसान चुकाना एंड आल... में वो सब इसलिए करना चाहती थी बिकॉज़... मेरे पास तुम्हे देने के लिए कुछ और नहीं है वीर. एंड ी थॉट... की यू अरे डेफिनिटेली इन नीड ऑफ़ मनी. आईटी विल हेल्प यू... ट्रस्ट में... मेरा उसके पीछे कोई भी गलत इंटेंशन नहीं था. ी जस्ट...
वो बिना चुप हुए बस बोलती hi जा रही थी. और वीर का यु उससे बिना कोई भाव के देखना जैसे उससे और अपने आप को बेगुनाह साबित करने में मजबूर करता जा रहा था. वो वीर की खामोशी देखती और अपने निचले होंठ को दबाते हुए फिरसे अपने बोल चालु कर देती. वो कोई भी कसार नहीं चोरर रही थी उससे कन्विंस करने में.
और अंत में वीर फाइनली उसकी बातें सुनते सुनते मुस्कुराया जिसके चलते सोनिआ चुप हो गयी.
सोनिआ : ???
वीर (स्माइल्स) : ी गेट आईटी. It's ऑलराइट! आपका कोई गलत इंटेंशन नहीं था. थें, ी don't ब्लामे यू.
सोनिआ (शिघ्स) : ओह्ह्ह गॉड! थैंक यू सो मच... थैंक यू! फाइनली!
वो अभी बैठे hi हुए थे की अचानक से आ रही चहल पहल की आवाज़ सुन्न दोनों के चेहरे एंट्रेंस की ऑर्डर मुद गए और उन्होंने देखा की...
सुहाना 5 से 6 लेडीज के साथ हस्ती हुई अंदर आ रही है.
'फ़क! व्हाई हेर!?'
[Even I don't like her master.]
वो हस्ते हस्ते सोनिआ के पास आयी और उसके गले से लग गयी.
सुहाना : माय सोनू! ले आयी न!?
सोनिआ : हम्म!
सुहाना ने फिर बगल में बैठे वीर को देखा और उससे देखती hi उसकी बॉहे चढ़ गयी.
सुहाना (शॉकेड) : तुममम!?? व्हाट अरे यू दोंग हेरे?
सोनिआ : डीइइइइइइइ!!!! मेने बुलाया है उससे. में आपके लिए ले आयी हु न, अब आप जाइये न बातें करिये अपनी फ्रेंड्स के साथ.
सुहाना : वो तोह में करुँगी hi. पर इससे क्यों बुलाया है तुमने यहाँ पर!?
सोनिआ : ी हैवे माय रेअसोंस. अब आप जाइये प्लीज.
सुहाना : ऑफ़ कोर्स I'll जो. पहले वो दो तोह...
सोनिआ : हम्म ये लीजिये और बोहत संभल के हां!?
सुहाना : ी क्नोव बाबा...
सोनिआ ने फिर एक पैकेट के अंदर से एक बॉक्स निकाला एयर सुहाना को थमा दिया.
सुहाना ने वो छोटा बॉक्स अपने हाथ में लेते hi वीर को देखा और पता नहीं क्या सूझा पर वो मुस्कुरायी.
वो वही मुस्कान लिए वीर के पास आयी और उसके बगल से कड़ी हो गयी.
सुहाना : गर्ल्स! के हेरे!!!
पीछे कड़ी एक से एक सुन्दर महिलाये जो उसकी hi उम्र यानी की 29-30 साल की जो प्रतीत हो रही थी और नेवली मैरिड थी वो आगे बढ़ ख़ुशी के मारे उसके पीछे से आके साथ में कड़ी हो गयी.
सभी लेडीज वीर के एकदम पास कड़ी हुई थी. और सबकी नज़रो से वीर के नैन टकराये. न चाहते हुए भी वीर यहाँ शर्मा गया. इतनी साड़ी एक साथ औरतो को ऐसे अपने करीब कभी नहीं पाया था उसने आखिर.
एक कुटिल मुस्कान देते हुए सुहाना ने बॉक्स खोला और उसके अंदर एक और बेहद hi छोटा सा बॉक्स निकला. एक रिंग का बॉक्स.
जैसे hi सुहाना ने उससे खोला...
सभी की नज़रो में एक बेहद hi ख़ूबसूरत सी रिंग दिखाई दी.
एक डायमंड रिंग.
करीब 5 से 10 कैरट के बीच की थी वो डायमंड रिंग.
इतनी सुन्दर की साड़ी लेडीज वह मुँह खोले एकदम शांत पद गयी.
सुहाना खुद रिंग देख के मानो खो सी गयी थी उसमे. इतनी आकर्षक, इतनी ख़ूबसूरत रिंग उसने शायद hi पहले कभी देखि थी.
सुहाना : It's ब्यूटीफुल राइट!?
वीर : ...
सुहाना (स्माइल्स) : दो यू क्नोव हाउ मच आईटी कॉस्ट्स?
वीर : ....
सुहाना (स्माइल्स) : फूकिंग 1.57 क्रोर्स...
मानो एक बम सा गिराया था सुहाना ने प्राइस डिस्क्लोसे करते hi. साथ में कड़ी सभी लड़कियों की प्राइस सुन्न के hi हालत खस्ता हो गयी थी.
1.57 करोड़ की अंगूठी!?
सुहाना (स्माइल्स) : विथ ा ब्रिलियंट कट... बताओ! कभी देखि है ऐसी अंगूठी!?
उसने बॉक्स आगे करते हुए वीर के चेहरे के सामने किया जैसे मानो उसके मुँह में hi घुसेड़ देगी. हालत तोह वीर की भी सही नहीं थी अंदर से प्राइस sunn'ne के बाद. पर उन् सब के बावजूद उसके अपने चेहरे पर कोई भी भाव नहीं व्यक्त किया.
वो बस एक्सप्रेशनलेस सुहाना को देख रहा था, जैसे मानो अंगूठी थी hi नहीं उसके सामने.
सुहाना : बोलो!? कभी देखि है ऐसी रिंग? रिंग चोर्रो कभी ज़िन्दगी में 1.57 क्रोर्स रुपये सुने है किसी के मुँह से? कभी इतना महंगा सामान देखा है?
सोनिआ (फ्रोंस) : डीई! व्हाट अरे यू...!?
सुहाना : शांत सोनू! लेट में टीच हिम समथिंग.
वीर : ...
सुहाना : बोलो!? कभी देखा है? ी गेस ये रिंग तुमसे भी महंगी होगी हाहाहाहा~
उसकी बातें सुन्न उसके साथ आयी लेडीज भी हस्सन लगती है. वही सोफिस्टिकेटेड वे में, एक हाथ से अपना मुँह ढकते हुए हल्का हल्का खिल खिला के हस्सना, जैसे मानो बोहत hi प्यारा सा जोके मारा था सुहाना ने. पैसा बोलता है. सुहाना के पास पैसा था जिसके चलते उसके साथ आयी उसकी सहेलिया भी उसकी बात पर हस्स रही थी ये जानते हुए भी की किसी की बेइज़्ज़ती करना सही बात नहीं थी.
इतना सेंस उन् सभी में था. पर पैसा जैसे सब को झुका देता है.
वीर अभी भी बिना कोई रिएक्शन दिए केवल सुहाना को देख रहा था. सुहाना भी जैसे जानती थी की आखिर कब तक ऐसे देखेगा. वो जैसे वीर को बताना चाहती थी की पैसा hi सब कुछ है और वीर से क़ुबूल करवाना चाहती थी की पैसा hi सब कुछ है. बड़ी बड़ी डींगे मारी थी उस दिन वीर ने उससे ये कह के की पैसा एक दिन उससे ले डूबेगा. उस बात को भूली नहीं थी सुहाना. आज वो यही साबित करना चाहती थी की इसी पैसे से वो वीर को इस बार शर्मिंदगी के सागर में डुबोएगी.
सुहाना : यू क्नोव गर्ल्स!?
गर्ल्स : हम्म?
सुहाना : थिस गाए... फुफु~ माय डरेस्ट सिस्टर सोनू ोफ्रेड हिम मनी... एंड थिस गाए... यू क्नोव व्हाट हे दीद???
वो सभी प्रश्न भरी आँखों से उससे देखि...
सुहाना : थिस गाए फूकिंग रिजेक्टेड आईटी... हाहाहाहा~
"व्हाट!?"
"No वैयय्यी!"
"रियली!?"
"हु थे हेलल रेजेक्ट्स मनी?"
"I'm सॉरी तो से! बूत अरे यू नट्स बॉय?"
"लिखे सीरियसली!?"
वो कड़ी सभी वीर पे एक एक करके अपने प्रश्नो से ताने मारने लगी. उसपे तंज कस्सणे लगी.
पर वीर फिर भी नहीं डगमगाया...
उसकी आँखों में जैसे एक संकल्प था. दृढ़ता थी. की वो चाहे कुछ भी हो जाए इन् फ़िज़ूल की बातो से नहीं डगमगाएगा.
और कही न कही उसका ये ऐटिटूड सुहाना को और भी ज़्यादा गुस्सा दिला रहा था. इतना सब कुछ कह देने की बाद भी वीर ने कोई रिएक्शन नहीं दिया था जिसके चलते अब सुहाना का पारा चढ़ रहा था. उससे तोह लगा था जल्द hi वीर उस से माफ़ी मांग के कहेगा की आप सही हो और में गलत.
पर ऐसा कुछ भी नहीं हुआ. उल्टा वीर की वो स्तर उससे और भी ज़्यादा पइसस ऑफ कर रही थी.
"ोुउउउउ" अपने दांतो को मीस्ते हुए उसने घर के वीर को देखा.
और फिर अपने एक हाथ उसकी टेबल पर पटकते हुए चिल्लाई,
सुहाना : Don't थिंक ी don't अंडरस्टैंड. ी क्नोव तुम अंदर hi अंदर सेहम गए हो राइट? यू don't हैवे अन्य आंसर नाउ. कहा गयी तुम्हारी वो आदर्श वाली बातें? वो बड़ी बड़ी जो तुम फलसफा की बातें फेक रहे थे उस दिन? क्या कहा था तुमने? मुझ में घमंड है पैसो को लेकर? तोह हां है मुझ में घामड़ पैसो का क्युकी मेरा पास पैसा है. समझे यू इडियट!? ी हैवे फूकिंग मनी.
वीर : .....
सुहाना : ोूउउ.... ोूउउ... ी क्नोव यू अरे सकारेद नाउ. मेने बोलती जो बंद कर दी अब तुम्हारी. मनी कैन बुय एवरीथिंग इडियट. एवरीथिंग! इवन हैप्पीनेस. बेवक़ूफ़ होते है वो लोग जो कहते है मनी can't बुय हैप्पीनेस. सब कुछ तोह पैसा hi है. ये वही लोग कहते है जिनके पास पैसा नहीं होता. मनी ब्रिंग्स यू हैप्पीनेस. खुशिया देता है पैसा. पैसे से कभी कोई उदास रह hi नहीं सकता. सब कुछ पॉसिबल है पैसे से. समझे!? एंड यू फूकिंग कीप तहत इन योर मंद नाउ.
[What the helllll!? What is up with her?? I'll kill this fucking bitch. How dare she!?? How dare she insult my master!? You don't know fucking bitch who my master is... You have no idea you moron. He'll become a King. A fucking King. You're not even worthy to become my master's servant bitch... You... Master! Teach her a fucking lesson. Make her your bitch. Show her who you are... Master... Master!?? Masterrrr????]
पारी को न जाने एकदम से क्या हो गया था की वो नॉनस्टॉप इतनी गालिया दी सुहाना को की वीर खुद स्तब्ध रह गया था. उसकी बोलती बंद हो गयी थी पारी का ऐसा बर्ताव देख. पर वीर फिर भी कुछ नहीं बोलै. न hi सुहाना को और न hi पारी को.
[Ahh... Ahem! *Cough* I'm... I'm sorry Master! I got carried away.]
सुहाना : Let's जो गर्ल्स! आओ! Let's मूव तो आवर टेबल. हे doesn't क्नोव एनीथिंग अबाउट मनी.
वो कहते हुए वीर के बगल से किसी हवा के झोके की तरह निकल गयी. और साथ hi साथ उसके संग आयी सहेलिया भी.
उनके पीछे वाली hi टेबल पर वो सभी जाके बैठी और बारी बारी रिंग देखने लगी.
इधर वीर की नज़र जैसे hi सोनिआ पर पड़ी उसने देखा की वो....
अपना निचला होंठ जोरर से भींचे वीर को बड़ी hi हमदर्दी और उदासी से देख रही थी. मानो बस रो hi देगी.
उसके होंठ खुले पर फिर बंद हो गए. क्या जवाब दे वो वीर को कुछ सोच नहीं पा रही थी.
"I'm सॉरी!"
कुछ देरर बाद फाइनली उसके मुँह से ये दो शब्द निकले.
"I'm सॉरी!"
फिरसे...
उसके बाद जैसे उसने कई बार ये शब्द कह डाले.
सोनिआ : दी... वो ऐसी hi है. ी कन्नोत कण्ट्रोल हेर. ी shouldn't हैवे कॉल्ड यू हेरे. मेने... मेने तुम्हे यहाँ अपनी मिसुन्दरस्टण्डींग दूर करने के लिए बुलाया था. एंड लुक... क्या हुआ!? एक और नयी मिसुन्दरस्टण्डींग कड़ी हो गयी... I'm सो सॉरी! दी की तरफ से भी... प्लीज! वीर! Don't टेक आईटी तो योर हार्ट.
वीर : ....
[Master!!!
Atleast... Talk to me.]
वीर इस वक़्त न hi मैं में कुछ सोच रहा था और न hi कोई जवाब दे रहा था. उसकी नज़र एकदम एकदम स्थिर थी. वो खुद मौन था, पर उसका ये मौन जैसे सब पे भारी पद रहा था. यहाँ तक की सुहाना भी पइसस ऑफ होक चली गयी थी उसके इस मौन के कारण.
सोनिआ : दरअसल, वो रिंग... वो रिंग डैड ने बनवा के मंगवाई है बाहर से. एंड it's डायमंड. अराउंड 8 तो 9 करतस. कल माँ का b'day है इसलिए, डैड वांटेड तो सरप्राइज हेर. ये अब तक की सबसे महंगी रिंग है जो डैड माँ को देने जा रहे है. एंड, दी वांटेड तो फ्लॉन्ट... उन्हें ये सब अच्छा लगता है... अपनी फ्रेंड्स को ये सब दिखाना. वो शुरू से hi ऐसे रही है. इसलिए...
वीर : .....
सोनिआ : प्लीज! Don't बे लिखे तहत वीर... यू अरे मेकिंग में नर्वस... ात लीस्ट कुछ तोह बोल दो. ी क्नोव तुम बेहद नाराज़ हो मुझसे. प्लीज! ात लीस्ट से समथिंग.
वीर और उसकी बात चल रहे 15 मिनट्स गुज़र चुके थे जिसमे वीर ने अब तक कुछ नहीं कहा था. वो बस सोनिआ की hi बातें सुनता जा रहा था. और सोनिआ बेचारी को ये और भी ज़्यादा नर्वस कर रहा था.
वो अभी कुछ और बातें रखती की तभी एकदम से लाइट्स साड़ी बंद हो गयी.
सोनिआ : लाइट्स!??
वैसे तोह दिन का समय था पर अंदर से होटल पूरी लाइट्स पे hi डिपेंडेंट रहती थी क्युकी बाहर की रौशनी नहीं आती थी स्पेशल रिजर्वेशन एरिया में. लोग डिम लाइट्स में hi बातें करना पसंद करते थे इसलिए वो एरिया hi वैसा बनाया गया था.
करीब 5 मिनट लग गए जब लाइट्स वापस से आयी.
सुहाना : व्हाट थे हेलल? ये लाइट्स क्यों चली गयी थी अचानक से!?
गर्ल : हम्म!? ोइये सुहाना!? रिंग कहा है??
सुहाना : हँ!??
मानो ये बात सुनते hi सुहाना का दिल जोरर से धड़क उठा.
उसने अपने सोफे के बगल में देखा जहा पहले रिंग का बॉक्स रखा हुआ था. पर वो छोटा बॉक्स अब गायब था.
और ये भांपते हुए उसकी आँखें फैलती चली गयी.
"न्यूऊऊऊ!!!"
वो हड़बड़ा के कड़ी हुई और शोर मचाते हुए इधर उधर सामान करते हुए देखने लगी. और कुछ hi पालो में वह का महुअल शांत से एकदम अस्त व्यस्त हो गया.
शोर शराबा सुनते hi सोनिआ भी उठी और भागते हुए सुहाना के पास आयी.
सोनिआ : क.. क्या हुआ?
सुहाना (घबराते हुए) : S...Sonu! सोनू! मेरी बहिन... सोनू रिंग... वो रिंग... रिंग कही नहीं मिल रही...
सोनिआ (शॉकेड) : व्हाआआआत्तत्त!???
और अगले hi पल सुहाना जो कुछ देरर पहले hi इतना हस्स रही थी वो मोठे मोठे ासु बहाते हुए रोने लगी.
[That's what you get bitch!! Hahahaha~ Master! Look at her... She totally deserved it. Fuck you bitch.]
सोनिआ से लिएपटटे हुए वो जोरर जोरर से रोने लगी. और वह का महुअल khush-haal से एकदम तेनसेद हो गया.
सुहाना (क्रिस) : मेने यही राखी थी. ट्रस्ट में! मेने जस्ट यही राखी थी सोनू... बूत अचानक से लाइट गयी एंड उसके बाद... उसके बाद जैसे hi लाइट आयी बॉक्स यहाँ नहीं था... ी... डैड बोहत गुस्सा होएंगे सोनू... माँ के लिए... आईटी... आईटी वास् सरप्राइज गिफ्ट... सोनू... सोनुउउउउउउ.... *स्निफ्फ* सोनुउउउ...
वो लिपटे हुए जोरर जोरर से रो रही थी. सोनिआ ने खुद को संभालते हुए सीधा होटल के मैनेजर को बुलाया. उससे साड़ी बात बतायी और सभी स्टाफ की तलाशी लेने को कहा. यहाँ तक की सभी कामर्स के कक्तव भी चेक करने को कह दिया.
भूमिका को जब ये बात पता चली तोह वह भागती हुई रिजर्वेशन एरिया में आयी और वह का माहौल देखते hi उसकी हालत पतली हो गयी.
1.57 करोड़ की रिंग... उसके होटल से चोरी हो गयी!??
मानो जैसे सारे होटल से जुड़े सपने उसको अपनी आँखों के सामने बिखरते दिख रहे थे.
उसने सोनिआ की बात रखते हुए सब कुछ उसके सामने प्रस्तुत कर दिया. कक्तव फूटगेस से लेकर स्टाफ की तलाशी तक.
पर जो रिजल्ट मिला...
वो हिला देने वाला था.
न तोह स्टाफ के पास से कुछ मिला, न hi वह के पूरे एरिया से.
सबसे चौंका देने वाला सच था कक्तव का सच. जब लाइट गयी तोह कक्तव काम करना hi बंद कर दिया था. और जैसे hi लाइट आयी, वापस से चालु हो चूका था.
मानो जैसे किसी ने प्लान के साथ चोरी की हो.
और जैसे hi ये बात सबको समझ आयी...
सुहाना (क्रिस) : न्यूऊओ!!! थिस can't बे... नूवो...
वो रोने लगी... पर तभी उसके कानो में आवाज़ पड़ी...
"मनी कैन बुय हैप्पीनेस!"
उसने देखा...
सामने वीर अपने जेब में हाथ डाले खड़ा हुआ था.
वीर : Didn't यू साइड तहत फ्यू मिनट्स एगो!? मनी कैन बुय हैप्पीनेस. पैसा सब कुछ है. पैसा hi खुशिया लाता है. पैसे से hi आप खुश रहते हो? पैसे से कभी कोई उदास रह hi नहीं सकता. Didn't यू साइड तहत!? थें व्हाई दो यू लुक साद नाउ? मुझे तोह अभी केवल यही दिखाई दे रहा है की... पैसे से... यू अरे नॉट इवन हैप्पी... लुक! हाउ डिस्ट्रेस्सेड यू अरे. लुक ात योरसेल्फ. कहा गए अब वो शब्द??? हम्म?? ी can't हेअर थम...
वीर की बात से इस बार सुहाना की बारी थी बोलती बंद हो जाने की. वो आँखें फाड़े वीर को देख रही थी. उसके होंठ thar-thara रहे थे, पर एक भी शब्द विरोध का बाहर नहीं आ रहा था.
वीर : रेमेम्बेर! पैसो का घमंड हमेशा ले डूबता है.
वो इतना बोलै और पलट के वह से जाने लगा, भूमिका समेत सभी लोगो को आश्चर्य भाव में चोरर...
पर तभी...
*डिंग*
[Mission : The Chase
इन्फो - चेस डाउन थे अननोन गाए एंड ब्रिंग बैक थे डायमंड रिंग.
रिवार्ड्स - 1) ?? पॉइंट्स.
2) लाइफ टाइम फवौर फ्रॉम सुहाना.
टाइम लिमिट - 6 डेज.]
'फूऊक्कककककककक!!!'
.
.
.
.
.
.
आज के लिए इतना hi गाइस!
धन्यवाद!
Don't फॉरगेट तो लिखे.
अब तक....
वीर (मैं में) : भूमिका... दी...
भूमिका (मैं में) : व्... वीईएर!!!???
दोनों एक दूसरे को देख रहे थे. वीर के चेहरे पे जहा कोई भाव नहीं थे तोह वही भूमिका एकदम स्तब्ध सी कड़ी उससे hi देख रही थी. सबसे पहला सवाल मैं में यही था. क्या ये वही वीर है!?
अब आगे...
भूमिका एक प्रोफेशनल अत्तिरे में वह भौचक्की सी कड़ी सामने बैठे वीर को देखे जा रही थी.
क्या ये वही वीर था!?
कैसे!?
जिस वीर को उसने घर से निकलता हुआ देखा था, ये वीर...
ये वीर उस वीर से कही ज़्यादा स्मार्ट, आकर्षक, और कुछ अलग सा प्रतीत हो रहा था.
पर उस से भी बड़ा सवाल था की वीर यहाँ क्या कर रहा था!? और वो भी सोनिआ जैसी अमीर लेडी के साथ!? वो भी उसके बगल में बैठ कर!?
उससे सुबह hi पता लगा था की आज सोनिआ मिस उसकी होटल में फिरसे आने वाली है. और वो सोनिआ को जानती थी. क्युकी अक्सर सोनिआ उसकी होटल में कॉफ़ी पीने आया करती थी. तोह थोड़ी बोहत पहचान उसकी उस से हो चुकी थी. आज वो किसी काम के चलते लेट हो गयी थी होटल आने में और इसलिए वो होटल में आते hi सीधा सबसे पहले सोनिआ के hi पास आयी उससे वेलकम करने.
क्युकी वही हमेशा उसका वेलकम करती थी. पर आज...
आज उससे एक झटका सा लगा जब उसने अपने उस सौतेले भाई को देखा जिससे कुछ हफ्ते पहले घर से निकाल दिया गया था. और उससे अब और भी अजीब सी फीलिंग्स आ रही थी.
घर में वीर उसके सपनो में कई बार आ चूका था और हर्र बार उसका अंतर्मनन उस से ये सवाल पूछता था की क्या जो भी कुछ वीर के साथ वो सभी कर रहे है, क्या वो सही है!?
ये बात उसने अपनी माँ, श्वेता को भी बतायी थी. पर उसकी माँ ने केवल ये कह के बात ताल दी थी, की वो जो भी कर रहे है अपने लिए कर रहे है और उसमे कुछ भी बुरा नहीं है. जब वीर से आज तक उसने बात hi ना की तोह फिर उसके लिए हमदर्दी क्यों फील करना!?
ये श्वेता के बोल थे पर कही न कही, भूमिका को डर ज़रूर रहता था.
वो अभी एकदम स्तब्ध सी कड़ी हुई वीर को देख रही थी की उसके बगल में बैठी सोनिआ ने दोनों की hi नज़रो को भांपा और पूछा,
"यू... यू बोथ क्नोव एच इतर!?"
उसने खड़े होते हुए कहा. उसकी अचानक आयी आवाज़ जैसे भूमिका को होश में लायी और वीर और उसने दोनों ने hi साथ में जवाब दिया.
वीर : She's माय सीस...
भूमिका : No ी don't...
और अगले hi पल एक ख़ामोशी सी छा गयी.
पर भूमिका को जैसे नेक्स्ट सेकंड hi रीलीज़ हुआ की उसने क्या कह दिया. वो कहना तोह यही चाहती थी पर उसने ये तब कहा जब वीर ने जस्ट उससे उसकी बहिन कहके इंट्रोडस किया.
एक प्रकार से जहा वीर ये एक्सेप्ट कर रहा था की वो उसकी बहिन थी तोह वही दूसरी तरफ भूमिका खुद इस बात को झुटला रही थी.
शर्मिंदगी!
अब उसके मैं में वो विचार आने फिरसे शुरू हो गए थे जिन्हे वो कबसे दबायी हुई थी. बेचैनी के मारे उसका सीना ऊपर नीचे होने लगा.
वो अपना मुँह खोल खुद को करेक्ट करती पर उसके पहले hi वीर बोल उठा.
"यह! राइट!! राइट! वे... वे don't क्नोव एच इतर..." कहते हुए उसने एक मुस्कान के साथ अपनी नज़रे फेरर ली.
जिस ावक्वार्ड माहौल से भूमिका बचना चाह रही थी वो तोह वीर ने hi यु दूर कर दिया था उसके लिए ये एग्री कर के. की वो दोनों hi एक दूसरे को नहीं जानते. अब भूमिका को तोह यहाँ राहत की सास ले लेनी चाहिए थी.
पर...
ऐसा हुआ नहीं.
उल्टा भूमिका और भी ज़्यादा अजीब फील करने लगी. उसकी बेचैनी और भी बढ़ चुकी थी. वीर को यु मुस्कुराते हुए उसकी बात पर एग्री करते पता नहीं क्यों पर...
भूमिका को ज़रा भी अच्छा नहीं लग रहा था. वो उस वक़्त क्या फील कर रही थी वो खुद नहीं बया कर सकती थी. ऐसी फीलिंग उससे इसके पहले कभी नहीं हुई थी. और ये फीलिंग बोहत hi ज़्यादा दर्द दे रही थी उससे अंदर से. वीर की मुस्कान जैसे चींख चींख के उस से कह रही थी की तुम लोगो ने बोहत गलत किया है मेरे साथ. भूमिका अंदर hi अंदर बेहद डर रही थी...
भूमिका : ी...
उसके होंठ खुले पर दिमाग जैसे काम करना बंद कर दिया था. उससे सूझ hi नहीं रहा था की क्या कहा जाए.
बगल में कड़ी सोनिआ चुप चाप सामने हो रहे सन को बड़ी hi हैरानी से देख रही थी. पर बोली कुछ नहीं.
अंत में भूमिका ने जब देखा की वीर बिना उसकी तरफ देखे, उस से नज़रे फ्री वापस अपनी सीट पर बैठ चूका है तोह उसने जैसे तैसे अपनी हिम्मत जुताई और सोनिआ को देखा.
भूमिका : ी... ी हैवे सम अर्जेंट वर्क मिस. प्लीज! प्लीज एन्जॉय! िफ़ यू नीड एनीथिंग, यू कैन जस्ट आस्क थे मैनेजर. नाउ, प्लीज... एक्सक्यूज़ में!
कहते हुए वो वीर को एक अंतिम बार देखि, पर वीर ने उसकी तरफ एक बार भी पलट के नहीं देखा. अपना निचला होंठ दातो से बेचैनी में दबाये वो वह से तेज़्ज़ कदमो के साथ निकल गयी.
उसके पलटते hi वीर ने अपनी नज़रे टेढ़ी कर उससे देखा. बड़ी hi घबराई और बेचैन सी लग रही थी वह. और कुछ hi पालो में वो वीर की नज़रो से ओझल हो चुकी थी.
पर वीर ने एक काम ज़रूर किया था जब वो इधर कड़ी हुई थी. और वो था..
'चेक!'
[ नाम - भूमिका
आगे - 25 इयर्स.
बायो - भूमिका एक बेहद hi सवेंदनशील लड़की है. वो अपनी होटल को अपनी माँ के साथ आगे बढ़ा के पूरे शहर में अपनी होटल का नाम करना चाहती है. उसके कई सारे सपने है जो केवल उसके करियर यानि की उसकी अपनी होटल से hi जुड़े हुए है. माँ की कही गयी बातो पर चलती है क्युकी उसकी माँ hi उसकी सबसे बड़ी आइडल है. मैं में कई सवाल है उसके और एक गहरी चिंता, साथ hi साथ एक अजीब सा डर भी जिससे वो समझ नहीं पा रही है.
फवौराबिलिटी - 14
रिलेशनशिप - स्टेप सिस्टर.]
'14 फवौराबिलिटी?? ी नेवर थॉट की उनकी फवौराबिलिटी इतनी होगी मेरे लिए!? मुझे तोह लगा था जीरो होगी.'
[Still, ye bhi kam hi hai master. Wo aapki behan hai Sauteli. Aisa kese ho sakta hai!? Aap log ek hi ghar me rehte the.]
'वेल! कभी बात hi नहीं होती थी. उस हिसाब से तोह ये 14 भी ज़्यादा है मेरे लिए.'
[Baat nahi hoti thi!? Hmm... I searched your memories. Waqai! Aapki toh baat hi nahi hoti thi. Just how ridiculous this is... Aap Hi, Hello bolte the and she just used to see you and ignore!? How can she!?]
'वेल! शी doesn't हैवे अन्य इंटरेस्ट इन में सो...'
[And she'll pay for that!!]
'हँ!?''
पता नहीं क्यों पर पल भर के लिए वीर को पारी की आवाज़ में नाराज़गी और गुस्सा दोनों hi फील हुआ.
***
इधर भूमिका तेज़्ज़ कदमो के साथ चलते हुए सीधे अपने केबिन में आयी और दरवाज़ा अंदर से hi लॉक करके वो दरवाज़े से सत् के कड़ी हो गयी.
'व्हाई!? व्हाई इस हे हेरे? जस्ट व्हाई? ी... व्हाई इस हे विथ मिस सोनिआ? वो उन्हें कैसे जानता है? हे... हे साइड ी वास् हिज सीस... एंड ी... ी डिनाइड आईटी. क्या मेने सही किया था!?'
उसने खुद से सवाल किया और पल भर के लिए अपनी माँ, श्वेता को इमेजिन किया की यदि वो यहाँ होती तोह क्या जवाब देती?
मेरी बच्ची! तुमने एकदम सही किया. भूल जाओ उससे. वो अब हमारे घर का सदस्य नहीं है मेरी बच्ची. हमे बस अपने ऊपर ध्यान देना है बेटी. हमने वादा किया था न? की हम हमेशा एक दूसरे का साथ देंगे? और केवल अपने लिए hi सोचेंगे? तोह भूल जाओ सब कुछ मेरी बच्ची.
भूमिका को जैसे अपनी माँ के बोल मैं में hi सुनाई दे रहे थे. यदि वो यहाँ होती तोह ऐसा hi कुछ कहती.
पर इसके बावजूद, उसका अंतर्मनन चींख चींख के कह रहा था की...
जो कुछ भी उसने वीर के साथ किया, वो नहीं करना चाहिए था. बाहर भी उसने जो अभी कहा, उसके चलते उससे अब ग्लानि के भाव आ रहे थे. साथ hi साथ एक अजीब सी बेचैनी जो उसके दिल को अंदर से hi निचोड़ती जा रही थी.
***
इधर वीर अपनी सौतेली बहिन भूमिका के hi बारे में सोच रहा था तोह पारी की आवाज़ उससे होश में लायी,
[Master! Sonia is looking at you... You have to explain it to her.]
'हँ? यह! येह... राइट!'
सोनिआ हैरत में भूमिका को जाते देखि और फिर वीर को. वो बैठी और वीर से पूछने hi वाली थी की वीर खुद hi बोल पड़ा.
वीर : यू सीम सुरप्रीसेड!?
सोनिआ : ऑफ़ कोर्स ी ऍम... वो...
वीर (स्माइल्स) : मुझे लगा था जैसे आपने मेरी साड़ी डिटेल्स निकलवा ली, इन्क्लूडिंग माय फ़ोन नंबर तोह ये भी आपको पता hi होगा...
सोनिआ : ?? हँ? No... I'm सॉरी वीर बूत...
वीर : She's माय सिस्टर!
सोनिआ : ???
वीर : ...
सोनिआ : No वाआयीयी!!!
वीर : *स्माइल्स*
सोनिआ : ओह्ह गॉड! ओह न्यू! मेने ये... ट्रस्ट में वीर! मेरा बिलकुल भी ऐसा कोई इरादा नहीं था. की तुम्हे... तुम्हे यहाँ मेने जान बूझ के बुलाया हो. ी रियली... ी रियली didn't क्नोव अबाउट थिस ात आल.
वीर : Don't वोर्री! मेने ऐसा कभी नहीं समझा. सो, यू don't हैवे तो...
सोनिआ : ओह थैंक गॉड! राइट! मेने प्रकाश अंकल से कह के तुम्हारे बारे में इनफार्मेशन निकलवाई थी बूत... ी ओनली क्नोव की तुम्हारी कुछ बहने है और भाई एंड तुम्हारे डैड क्या काम करते है एंड आल. बूत इतना डिटेल्स में मुझे इन्फो नहीं थी. मुझे बिलकुल भी नहीं पता था..
वीर : अस ी साइड... It's okay!
सोनिआ : येह! थैंक्स! सो!?? उम्... ी मैं... She's योर सिस्टर. तोह वो ऐसे क्यों...!?
वीर : She's माय स्टेप सिस्टर. एंड रही बात वो ऐसा क्यों बेहवे कर रही है थें... ी थिंक it's पर्सनल!?
सोनिआ : अहह! राइट! सॉरी! िफ़ it's पर्सनल थें...
सोनिआ वीर से नज़रे चुराते हुए इधर उधर देखने लगी और मैं में अपने hi विचारो में लीं हो गयी.
'इतने दिनों से में भूमिका से यहाँ मिलती आयी. और वो वीर की स्टेप सीस है!? थैंक गॉड की वीर ने मुझे गलत नहीं समझा. वर्ण वो यदि ये सोच लेता की मेने उसका मज़ाक बनाने के लिए यहाँ जान बूझ के उसकी बहिन की होटल में उससे बुलाया है तोह गड़बड़ हो जाती. वैसे hi वो पहले की मिसुन्दरस्टण्डींग मेने दूर नहीं की है, और उसी के लिए तोह मेने उससे बुलाया है यहाँ. पर... वीर की बहिन... वो ऐसे क्यों रियेक्ट कर रही थी!? लिखे ी क्नोव की वीर के डैड ने उससे घर से निकाला था. बूत... क्या उसकी बहिन भी... वैसी hi है!? मुझे भूमिका से बात करते हुए तोह ऐसा कभी महसूस नहीं हुआ.'
वीर : एहम!!!
सोनिआ : हँ!? यह! येह... वो...
वीर : व्हाई दीद यू कॉल में!?
सोनिआ : यह! राइट! वीर... मेने तुम्हे इसलिए बुलाया था... वो पिछली मुलाक़ात में हमारे बीच जो भी बातें हुई थी पैसो को लेकर वो एक मिसुन्दरस्टण्डींग थी. ट्रस्ट में, मेरा ऐसा कोई भी इरादा नहीं था जैसा सुहाना दी ने तुम्हे बताया था. लिखे... पैसे से तुम्हारा एहसान चुकाना एंड आल... में वो सब इसलिए करना चाहती थी बिकॉज़... मेरे पास तुम्हे देने के लिए कुछ और नहीं है वीर. एंड ी थॉट... की यू अरे डेफिनिटेली इन नीड ऑफ़ मनी. आईटी विल हेल्प यू... ट्रस्ट में... मेरा उसके पीछे कोई भी गलत इंटेंशन नहीं था. ी जस्ट...
वो बिना चुप हुए बस बोलती hi जा रही थी. और वीर का यु उससे बिना कोई भाव के देखना जैसे उससे और अपने आप को बेगुनाह साबित करने में मजबूर करता जा रहा था. वो वीर की खामोशी देखती और अपने निचले होंठ को दबाते हुए फिरसे अपने बोल चालु कर देती. वो कोई भी कसार नहीं चोरर रही थी उससे कन्विंस करने में.
और अंत में वीर फाइनली उसकी बातें सुनते सुनते मुस्कुराया जिसके चलते सोनिआ चुप हो गयी.
सोनिआ : ???
वीर (स्माइल्स) : ी गेट आईटी. It's ऑलराइट! आपका कोई गलत इंटेंशन नहीं था. थें, ी don't ब्लामे यू.
सोनिआ (शिघ्स) : ओह्ह्ह गॉड! थैंक यू सो मच... थैंक यू! फाइनली!
वो अभी बैठे hi हुए थे की अचानक से आ रही चहल पहल की आवाज़ सुन्न दोनों के चेहरे एंट्रेंस की ऑर्डर मुद गए और उन्होंने देखा की...
सुहाना 5 से 6 लेडीज के साथ हस्ती हुई अंदर आ रही है.
'फ़क! व्हाई हेर!?'
[Even I don't like her master.]
वो हस्ते हस्ते सोनिआ के पास आयी और उसके गले से लग गयी.
सुहाना : माय सोनू! ले आयी न!?
सोनिआ : हम्म!
सुहाना ने फिर बगल में बैठे वीर को देखा और उससे देखती hi उसकी बॉहे चढ़ गयी.
सुहाना (शॉकेड) : तुममम!?? व्हाट अरे यू दोंग हेरे?
सोनिआ : डीइइइइइइइ!!!! मेने बुलाया है उससे. में आपके लिए ले आयी हु न, अब आप जाइये न बातें करिये अपनी फ्रेंड्स के साथ.
सुहाना : वो तोह में करुँगी hi. पर इससे क्यों बुलाया है तुमने यहाँ पर!?
सोनिआ : ी हैवे माय रेअसोंस. अब आप जाइये प्लीज.
सुहाना : ऑफ़ कोर्स I'll जो. पहले वो दो तोह...
सोनिआ : हम्म ये लीजिये और बोहत संभल के हां!?
सुहाना : ी क्नोव बाबा...
सोनिआ ने फिर एक पैकेट के अंदर से एक बॉक्स निकाला एयर सुहाना को थमा दिया.
सुहाना ने वो छोटा बॉक्स अपने हाथ में लेते hi वीर को देखा और पता नहीं क्या सूझा पर वो मुस्कुरायी.
वो वही मुस्कान लिए वीर के पास आयी और उसके बगल से कड़ी हो गयी.
सुहाना : गर्ल्स! के हेरे!!!
पीछे कड़ी एक से एक सुन्दर महिलाये जो उसकी hi उम्र यानी की 29-30 साल की जो प्रतीत हो रही थी और नेवली मैरिड थी वो आगे बढ़ ख़ुशी के मारे उसके पीछे से आके साथ में कड़ी हो गयी.
सभी लेडीज वीर के एकदम पास कड़ी हुई थी. और सबकी नज़रो से वीर के नैन टकराये. न चाहते हुए भी वीर यहाँ शर्मा गया. इतनी साड़ी एक साथ औरतो को ऐसे अपने करीब कभी नहीं पाया था उसने आखिर.
एक कुटिल मुस्कान देते हुए सुहाना ने बॉक्स खोला और उसके अंदर एक और बेहद hi छोटा सा बॉक्स निकला. एक रिंग का बॉक्स.
जैसे hi सुहाना ने उससे खोला...
सभी की नज़रो में एक बेहद hi ख़ूबसूरत सी रिंग दिखाई दी.
एक डायमंड रिंग.
करीब 5 से 10 कैरट के बीच की थी वो डायमंड रिंग.
इतनी सुन्दर की साड़ी लेडीज वह मुँह खोले एकदम शांत पद गयी.
सुहाना खुद रिंग देख के मानो खो सी गयी थी उसमे. इतनी आकर्षक, इतनी ख़ूबसूरत रिंग उसने शायद hi पहले कभी देखि थी.
सुहाना : It's ब्यूटीफुल राइट!?
वीर : ...
सुहाना (स्माइल्स) : दो यू क्नोव हाउ मच आईटी कॉस्ट्स?
वीर : ....
सुहाना (स्माइल्स) : फूकिंग 1.57 क्रोर्स...
मानो एक बम सा गिराया था सुहाना ने प्राइस डिस्क्लोसे करते hi. साथ में कड़ी सभी लड़कियों की प्राइस सुन्न के hi हालत खस्ता हो गयी थी.
1.57 करोड़ की अंगूठी!?
सुहाना (स्माइल्स) : विथ ा ब्रिलियंट कट... बताओ! कभी देखि है ऐसी अंगूठी!?
उसने बॉक्स आगे करते हुए वीर के चेहरे के सामने किया जैसे मानो उसके मुँह में hi घुसेड़ देगी. हालत तोह वीर की भी सही नहीं थी अंदर से प्राइस sunn'ne के बाद. पर उन् सब के बावजूद उसके अपने चेहरे पर कोई भी भाव नहीं व्यक्त किया.
वो बस एक्सप्रेशनलेस सुहाना को देख रहा था, जैसे मानो अंगूठी थी hi नहीं उसके सामने.
सुहाना : बोलो!? कभी देखि है ऐसी रिंग? रिंग चोर्रो कभी ज़िन्दगी में 1.57 क्रोर्स रुपये सुने है किसी के मुँह से? कभी इतना महंगा सामान देखा है?
सोनिआ (फ्रोंस) : डीई! व्हाट अरे यू...!?
सुहाना : शांत सोनू! लेट में टीच हिम समथिंग.
वीर : ...
सुहाना : बोलो!? कभी देखा है? ी गेस ये रिंग तुमसे भी महंगी होगी हाहाहाहा~
उसकी बातें सुन्न उसके साथ आयी लेडीज भी हस्सन लगती है. वही सोफिस्टिकेटेड वे में, एक हाथ से अपना मुँह ढकते हुए हल्का हल्का खिल खिला के हस्सना, जैसे मानो बोहत hi प्यारा सा जोके मारा था सुहाना ने. पैसा बोलता है. सुहाना के पास पैसा था जिसके चलते उसके साथ आयी उसकी सहेलिया भी उसकी बात पर हस्स रही थी ये जानते हुए भी की किसी की बेइज़्ज़ती करना सही बात नहीं थी.
इतना सेंस उन् सभी में था. पर पैसा जैसे सब को झुका देता है.
वीर अभी भी बिना कोई रिएक्शन दिए केवल सुहाना को देख रहा था. सुहाना भी जैसे जानती थी की आखिर कब तक ऐसे देखेगा. वो जैसे वीर को बताना चाहती थी की पैसा hi सब कुछ है और वीर से क़ुबूल करवाना चाहती थी की पैसा hi सब कुछ है. बड़ी बड़ी डींगे मारी थी उस दिन वीर ने उससे ये कह के की पैसा एक दिन उससे ले डूबेगा. उस बात को भूली नहीं थी सुहाना. आज वो यही साबित करना चाहती थी की इसी पैसे से वो वीर को इस बार शर्मिंदगी के सागर में डुबोएगी.
सुहाना : यू क्नोव गर्ल्स!?
गर्ल्स : हम्म?
सुहाना : थिस गाए... फुफु~ माय डरेस्ट सिस्टर सोनू ोफ्रेड हिम मनी... एंड थिस गाए... यू क्नोव व्हाट हे दीद???
वो सभी प्रश्न भरी आँखों से उससे देखि...
सुहाना : थिस गाए फूकिंग रिजेक्टेड आईटी... हाहाहाहा~
"व्हाट!?"
"No वैयय्यी!"
"रियली!?"
"हु थे हेलल रेजेक्ट्स मनी?"
"I'm सॉरी तो से! बूत अरे यू नट्स बॉय?"
"लिखे सीरियसली!?"
वो कड़ी सभी वीर पे एक एक करके अपने प्रश्नो से ताने मारने लगी. उसपे तंज कस्सणे लगी.
पर वीर फिर भी नहीं डगमगाया...
उसकी आँखों में जैसे एक संकल्प था. दृढ़ता थी. की वो चाहे कुछ भी हो जाए इन् फ़िज़ूल की बातो से नहीं डगमगाएगा.
और कही न कही उसका ये ऐटिटूड सुहाना को और भी ज़्यादा गुस्सा दिला रहा था. इतना सब कुछ कह देने की बाद भी वीर ने कोई रिएक्शन नहीं दिया था जिसके चलते अब सुहाना का पारा चढ़ रहा था. उससे तोह लगा था जल्द hi वीर उस से माफ़ी मांग के कहेगा की आप सही हो और में गलत.
पर ऐसा कुछ भी नहीं हुआ. उल्टा वीर की वो स्तर उससे और भी ज़्यादा पइसस ऑफ कर रही थी.
"ोुउउउउ" अपने दांतो को मीस्ते हुए उसने घर के वीर को देखा.
और फिर अपने एक हाथ उसकी टेबल पर पटकते हुए चिल्लाई,
सुहाना : Don't थिंक ी don't अंडरस्टैंड. ी क्नोव तुम अंदर hi अंदर सेहम गए हो राइट? यू don't हैवे अन्य आंसर नाउ. कहा गयी तुम्हारी वो आदर्श वाली बातें? वो बड़ी बड़ी जो तुम फलसफा की बातें फेक रहे थे उस दिन? क्या कहा था तुमने? मुझ में घमंड है पैसो को लेकर? तोह हां है मुझ में घामड़ पैसो का क्युकी मेरा पास पैसा है. समझे यू इडियट!? ी हैवे फूकिंग मनी.
वीर : .....
सुहाना : ोूउउ.... ोूउउ... ी क्नोव यू अरे सकारेद नाउ. मेने बोलती जो बंद कर दी अब तुम्हारी. मनी कैन बुय एवरीथिंग इडियट. एवरीथिंग! इवन हैप्पीनेस. बेवक़ूफ़ होते है वो लोग जो कहते है मनी can't बुय हैप्पीनेस. सब कुछ तोह पैसा hi है. ये वही लोग कहते है जिनके पास पैसा नहीं होता. मनी ब्रिंग्स यू हैप्पीनेस. खुशिया देता है पैसा. पैसे से कभी कोई उदास रह hi नहीं सकता. सब कुछ पॉसिबल है पैसे से. समझे!? एंड यू फूकिंग कीप तहत इन योर मंद नाउ.
[What the helllll!? What is up with her?? I'll kill this fucking bitch. How dare she!?? How dare she insult my master!? You don't know fucking bitch who my master is... You have no idea you moron. He'll become a King. A fucking King. You're not even worthy to become my master's servant bitch... You... Master! Teach her a fucking lesson. Make her your bitch. Show her who you are... Master... Master!?? Masterrrr????]
पारी को न जाने एकदम से क्या हो गया था की वो नॉनस्टॉप इतनी गालिया दी सुहाना को की वीर खुद स्तब्ध रह गया था. उसकी बोलती बंद हो गयी थी पारी का ऐसा बर्ताव देख. पर वीर फिर भी कुछ नहीं बोलै. न hi सुहाना को और न hi पारी को.
[Ahh... Ahem! *Cough* I'm... I'm sorry Master! I got carried away.]
सुहाना : Let's जो गर्ल्स! आओ! Let's मूव तो आवर टेबल. हे doesn't क्नोव एनीथिंग अबाउट मनी.
वो कहते हुए वीर के बगल से किसी हवा के झोके की तरह निकल गयी. और साथ hi साथ उसके संग आयी सहेलिया भी.
उनके पीछे वाली hi टेबल पर वो सभी जाके बैठी और बारी बारी रिंग देखने लगी.
इधर वीर की नज़र जैसे hi सोनिआ पर पड़ी उसने देखा की वो....
अपना निचला होंठ जोरर से भींचे वीर को बड़ी hi हमदर्दी और उदासी से देख रही थी. मानो बस रो hi देगी.
उसके होंठ खुले पर फिर बंद हो गए. क्या जवाब दे वो वीर को कुछ सोच नहीं पा रही थी.
"I'm सॉरी!"
कुछ देरर बाद फाइनली उसके मुँह से ये दो शब्द निकले.
"I'm सॉरी!"
फिरसे...
उसके बाद जैसे उसने कई बार ये शब्द कह डाले.
सोनिआ : दी... वो ऐसी hi है. ी कन्नोत कण्ट्रोल हेर. ी shouldn't हैवे कॉल्ड यू हेरे. मेने... मेने तुम्हे यहाँ अपनी मिसुन्दरस्टण्डींग दूर करने के लिए बुलाया था. एंड लुक... क्या हुआ!? एक और नयी मिसुन्दरस्टण्डींग कड़ी हो गयी... I'm सो सॉरी! दी की तरफ से भी... प्लीज! वीर! Don't टेक आईटी तो योर हार्ट.
वीर : ....
[Master!!!
वीर इस वक़्त न hi मैं में कुछ सोच रहा था और न hi कोई जवाब दे रहा था. उसकी नज़र एकदम एकदम स्थिर थी. वो खुद मौन था, पर उसका ये मौन जैसे सब पे भारी पद रहा था. यहाँ तक की सुहाना भी पइसस ऑफ होक चली गयी थी उसके इस मौन के कारण.
सोनिआ : दरअसल, वो रिंग... वो रिंग डैड ने बनवा के मंगवाई है बाहर से. एंड it's डायमंड. अराउंड 8 तो 9 करतस. कल माँ का b'day है इसलिए, डैड वांटेड तो सरप्राइज हेर. ये अब तक की सबसे महंगी रिंग है जो डैड माँ को देने जा रहे है. एंड, दी वांटेड तो फ्लॉन्ट... उन्हें ये सब अच्छा लगता है... अपनी फ्रेंड्स को ये सब दिखाना. वो शुरू से hi ऐसे रही है. इसलिए...
वीर : .....
सोनिआ : प्लीज! Don't बे लिखे तहत वीर... यू अरे मेकिंग में नर्वस... ात लीस्ट कुछ तोह बोल दो. ी क्नोव तुम बेहद नाराज़ हो मुझसे. प्लीज! ात लीस्ट से समथिंग.
वीर और उसकी बात चल रहे 15 मिनट्स गुज़र चुके थे जिसमे वीर ने अब तक कुछ नहीं कहा था. वो बस सोनिआ की hi बातें सुनता जा रहा था. और सोनिआ बेचारी को ये और भी ज़्यादा नर्वस कर रहा था.
वो अभी कुछ और बातें रखती की तभी एकदम से लाइट्स साड़ी बंद हो गयी.
सोनिआ : लाइट्स!??
वैसे तोह दिन का समय था पर अंदर से होटल पूरी लाइट्स पे hi डिपेंडेंट रहती थी क्युकी बाहर की रौशनी नहीं आती थी स्पेशल रिजर्वेशन एरिया में. लोग डिम लाइट्स में hi बातें करना पसंद करते थे इसलिए वो एरिया hi वैसा बनाया गया था.
करीब 5 मिनट लग गए जब लाइट्स वापस से आयी.
सुहाना : व्हाट थे हेलल? ये लाइट्स क्यों चली गयी थी अचानक से!?
गर्ल : हम्म!? ोइये सुहाना!? रिंग कहा है??
सुहाना : हँ!??
मानो ये बात सुनते hi सुहाना का दिल जोरर से धड़क उठा.
उसने अपने सोफे के बगल में देखा जहा पहले रिंग का बॉक्स रखा हुआ था. पर वो छोटा बॉक्स अब गायब था.
और ये भांपते हुए उसकी आँखें फैलती चली गयी.
"न्यूऊऊऊ!!!"
वो हड़बड़ा के कड़ी हुई और शोर मचाते हुए इधर उधर सामान करते हुए देखने लगी. और कुछ hi पालो में वह का महुअल शांत से एकदम अस्त व्यस्त हो गया.
शोर शराबा सुनते hi सोनिआ भी उठी और भागते हुए सुहाना के पास आयी.
सोनिआ : क.. क्या हुआ?
सुहाना (घबराते हुए) : S...Sonu! सोनू! मेरी बहिन... सोनू रिंग... वो रिंग... रिंग कही नहीं मिल रही...
सोनिआ (शॉकेड) : व्हाआआआत्तत्त!???
और अगले hi पल सुहाना जो कुछ देरर पहले hi इतना हस्स रही थी वो मोठे मोठे ासु बहाते हुए रोने लगी.
[That's what you get bitch!! Hahahaha~ Master! Look at her... She totally deserved it. Fuck you bitch.]
सोनिआ से लिएपटटे हुए वो जोरर जोरर से रोने लगी. और वह का महुअल khush-haal से एकदम तेनसेद हो गया.
सुहाना (क्रिस) : मेने यही राखी थी. ट्रस्ट में! मेने जस्ट यही राखी थी सोनू... बूत अचानक से लाइट गयी एंड उसके बाद... उसके बाद जैसे hi लाइट आयी बॉक्स यहाँ नहीं था... ी... डैड बोहत गुस्सा होएंगे सोनू... माँ के लिए... आईटी... आईटी वास् सरप्राइज गिफ्ट... सोनू... सोनुउउउउउउ.... *स्निफ्फ* सोनुउउउ...
वो लिपटे हुए जोरर जोरर से रो रही थी. सोनिआ ने खुद को संभालते हुए सीधा होटल के मैनेजर को बुलाया. उससे साड़ी बात बतायी और सभी स्टाफ की तलाशी लेने को कहा. यहाँ तक की सभी कामर्स के कक्तव भी चेक करने को कह दिया.
भूमिका को जब ये बात पता चली तोह वह भागती हुई रिजर्वेशन एरिया में आयी और वह का माहौल देखते hi उसकी हालत पतली हो गयी.
1.57 करोड़ की रिंग... उसके होटल से चोरी हो गयी!??
मानो जैसे सारे होटल से जुड़े सपने उसको अपनी आँखों के सामने बिखरते दिख रहे थे.
उसने सोनिआ की बात रखते हुए सब कुछ उसके सामने प्रस्तुत कर दिया. कक्तव फूटगेस से लेकर स्टाफ की तलाशी तक.
पर जो रिजल्ट मिला...
वो हिला देने वाला था.
न तोह स्टाफ के पास से कुछ मिला, न hi वह के पूरे एरिया से.
सबसे चौंका देने वाला सच था कक्तव का सच. जब लाइट गयी तोह कक्तव काम करना hi बंद कर दिया था. और जैसे hi लाइट आयी, वापस से चालु हो चूका था.
मानो जैसे किसी ने प्लान के साथ चोरी की हो.
और जैसे hi ये बात सबको समझ आयी...
सुहाना (क्रिस) : न्यूऊओ!!! थिस can't बे... नूवो...
वो रोने लगी... पर तभी उसके कानो में आवाज़ पड़ी...
"मनी कैन बुय हैप्पीनेस!"
उसने देखा...
सामने वीर अपने जेब में हाथ डाले खड़ा हुआ था.
वीर : Didn't यू साइड तहत फ्यू मिनट्स एगो!? मनी कैन बुय हैप्पीनेस. पैसा सब कुछ है. पैसा hi खुशिया लाता है. पैसे से hi आप खुश रहते हो? पैसे से कभी कोई उदास रह hi नहीं सकता. Didn't यू साइड तहत!? थें व्हाई दो यू लुक साद नाउ? मुझे तोह अभी केवल यही दिखाई दे रहा है की... पैसे से... यू अरे नॉट इवन हैप्पी... लुक! हाउ डिस्ट्रेस्सेड यू अरे. लुक ात योरसेल्फ. कहा गए अब वो शब्द??? हम्म?? ी can't हेअर थम...
वीर की बात से इस बार सुहाना की बारी थी बोलती बंद हो जाने की. वो आँखें फाड़े वीर को देख रही थी. उसके होंठ thar-thara रहे थे, पर एक भी शब्द विरोध का बाहर नहीं आ रहा था.
वीर : रेमेम्बेर! पैसो का घमंड हमेशा ले डूबता है.
वो इतना बोलै और पलट के वह से जाने लगा, भूमिका समेत सभी लोगो को आश्चर्य भाव में चोरर...
पर तभी...
*डिंग*
[Mission : The Chase
इन्फो - चेस डाउन थे अननोन गाए एंड ब्रिंग बैक थे डायमंड रिंग.
रिवार्ड्स - 1) ?? पॉइंट्स.
2) लाइफ टाइम फवौर फ्रॉम सुहाना.
टाइम लिमिट - 6 डेज.]
'फूऊक्कककककककक!!!'
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आज के लिए इतना hi गाइस!
धन्यवाद!
Don't फॉरगेट तो लिखे.




