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अब तक
अपने देखा की कैसे नकुल कनिका को ले कर तट से अपने ट्रैन का पता किया और अपने बर्थ काउच में जाने के बाद कैसे कनिका और नकुल में थोड़ा बहुत नोकझोक हुआ और फिर कनिका नकुल के अनमोल अंग के साथ खेल कर उसका रास निकली और फिर दोनों सो गए.
अब आगे
दोनों hi मस्त अपने खयालो में खोये हुए सो रहे थे. ट्रैन अपनी रफ़्तार में चली जा रही थी और उन्हें झूला झूलते हुए. उनकी आंख सुबह खुली जब तट टिकट चेक करने के किये दरवाजा नॉक कर रहा था.. फिर नकुल दरवाजा खोल, अपना टिकट दिखाया और पूछा की दिल्ली पहुंचने में कितना समय और लगेगा. 10 मिनट्स में hi पहुंच जायेगा तट कहते हुए चला गया. ट्रैन ठीक 6:30 बजे अपने गंतव्य स्थान पर पहुंच कर रुक गयी. उसके बाद दोनों ट्रैन से अपना ले कर उतर गए. फिर रेलवे स्टेशन से बहार आये एक टैक्सी कर किया.
"कनिका पहले कहा चले बोर्ड या किसी होटल में." नकुल टैक्सी में बैठने के बाद कनिका से पूछा. कनिका टैक्सी के विंडो से बहार देख रही थी. कनिका ने आज पहली बार बड़ी बड़ी इमारते, सिनेमा मॉल, शॉप्स देख रही थी और उन में hi खोयी हुई थी जब नकुल ने उससे ये पूछा था.
"यार पहले होटल चलते है, क्योकि मुझे फ्रेश भी होना है. कुछ खा भी लेंगे." कनिका ने टैक्सी से बहार देखते हुए नकुल से बोली. नकुल सामने के मिरर से उसको देख कर मुस्कुरा रहा था. फिर नकुल टैक्सी ड्राइवर की और देख कर कहा, "ठीक है स्वीट हार्ट. भाई आप हमें नक होटल चलो."
"ठीक है साहब." टैक्सी ड्राइवर ने नकुल से कहा और टैक्सी में लगा हुआ रेडियो चालू कर दिया. उसने रेडियो के चैनल बदल सुरु किया और 91.1 रेडिओचित्य लगा दिया. उसके पर बहुत hi मधुर गाना आ रहा था, "मिल के न हो गए जुड़ा आ कसम खाने." इस गाने को गन गुना रहा था.
"भाई गाना तो बड़ा मधुर और रोमांटिक लगाया है. और गए भी अच्छा लेट हो." नकुल उस टैक्सी ड्राइवर से बात करने की सुरुवात इस तरह से किया. टैक्सी ड्राइवर नकुल से अपनी तारीफ सुन खुश हुआ और बोलै, "भाई क्यों मजाक उदा रहे हो. आज तक मेरी बीवी तो यही कहती आ रही अपना ये बेसुरा गाला बंद करो. आप कह रहे हो मैं अच्छा गाना रहा हु."
"ऐसी बात नहीं है. आप सच में hi बहुत अच्छा गए रहे हो. रही आपकी बीवी की बात तो वो बस आपको तंग करने के लिए ऐसा कहती है." नकुल ने टैक्सी ड्राइवर से कहा. टैक्सी ड्राइवर नकुल की बात सुन कर उसकी मुद कर देखा और बोलै, "आप कैसे कह सकते है की मेरी बीवी सिर्फ मुझे तंग करने के लिए ऐसा बोलती है. जब की आप तो उसे जानते hi नहीं."
"भाई पहले अपना नाम तो बाताओ, फिर मैं बताता हु मैं ऐसा क्यों कह रहा हु." नकुल ने टैक्सी डाइवर से कहा. और वही कनिका नकुल और टैक्सी ड्राइवर की बात सुन कर उसका ध्यान कुछ पल के लिए बहार से हैट कर उनके तरफ चली गयी थी.
"भाई मेरा नाम जतिन शर्मा है और प्यार से मुझे जीतू बुलाते है. और अब बताओ मुझे की मेरी बीवी ऐसा क्यों कहेगी." जीतू ने नकुल को अपना नाम बाटने के बाद फिर से वही सवाल किया. नकुल जीतू की तरफ मुस्कुरा कर देखा और फिर एक बार पीछे की तरफ देखा जहाँ पर कनिका बैठी हुई थी. फिर वापस जीतू की और देखते हुए कहना सुरु किया, "अच्छा आज जब तुम घर जाओ तो अपनी बीवी के सामने गाना मत गाना. फिर तुम्हारी बीवी तुमसे जरूर पूछेगी आज गाना क्यों नहीं गए रहे हो. तुम कहना की तुम्हे पसंद नहीं है तो आज से गाना गण बंद. फिर देखा उसका रिएक्शन."
"ठीक है भाई. जैसा आप कह रहे हो, मैं आज वैसा hi करता हु. अगर मेरी बीवी ने ये कहा की तुम बहुत किया तो." जीतू ने नकुल से कहा. जिस पर नकुल ने कहा, "फिर ये सोच लेना की मैं तुम्हारी झूठी तारीफ कर रहा था. अच्छा ये बताओ कितना समय लगेगा पहुंचने में."
"बस 15 मिनट्स में पहुंच जायेगे." जीतू ने कहा. रेडियो पर अड़ के बाद फिरसे एक रोमांटिक सांग सुरु हो गया था फिल्म वह लम्हे का 'तू जो नहीं तो कुछ भी नहीं, ये मन की महफ़िल है हंसी है.' जीतू फिर से इस गाने को गन गुना सुरु कर दिया था. सच में hi जीतू अच्छा गता था, उसकी आवाज़ भी मधुर थी.
"कितना काम लेते हो एक दिन में." नकुल ने फिरसे जीतू से पूछा. एक बार फिरसे से नकुल ने उसके गाना गाने पर विराम लग दिया. जीतू नकुल की बात सुन कर मुस्कुरा कर जवाब दिया, "भाई सुबह 7 बजे से रात 10 बजे तक टैक्सी चलता हु. जिसमे टैक्सी के मालिक को देखने के बाद कभी 1000 तो कभी 1500 बच जाते है यार फिर 500 hi. महीने के 20 या 25 के हज़ार के आस पास कमा लेता हु जिसमे बचो की स्कूल की फीस, रेंट और घर के खर्चे में आधे से ज्यादा कमाई चली जाती है. जो थोड़े बहुत बचते है वो बीमारी में अगर कोई बीमार पद गया तो."
"फिर तो कुछ पता hi नहीं होगा आपके." नकुल ने कहा. जीतू भी नकुल की बात सुन कर मुस्कुरा दिया और बोलै, "ये तो जिंदगी है भाई. पर मैं बहुत खुश हु. काम से काम अपने बीवी और बचो का ख्याल तो रख पता हु. और आज तक कभी मेरी बीवी ने शिकायत नहीं की सर आप किसी काम से आये है या फिर घूमने." जीतू ने काम की बात की अपनी जिनगी के सुख दुःख सुनाने ने बाद.
"भाई आये तो हम यहाँ किसी काम से आये है. थोड़े देर आराम करने के बाद फिर निकल जायेगे." नकुल ने कहा. जीतू ये सुन कर खुश हुआ की चलो कुछ तो और कमाई हो जाएगी. फिर उसने नकुल से कहा, "अगर आप बुरा न मनो तो पूछ सकता हु आप से यहाँ किस काम से आये है."
"हाँ भाई क्यों नहीं जरूर. इसमें बुरा मानाने वाली कौनसी बात है. हमें यहाँ सीबीएसई बोर्ड जाना है. वह से मुझे अपनी मार्कशीट निकलवानी है. फिर कल वापस अपने घर."
"मैं आपका बहार hi इंतज़ार करता हु. जब तक आप लोग आ नहीं जाते." जीतू ने कहा. नकुल मुस्कुराते हुए बोलै, "हमें थोड़ा टाइम लगेगा. शायद 2 घंटे तक. इतने देर हमारा इंतज़ार करना तुम्हारे लिए भी ठीक नहीं होगा. ऐसा है भाई आप मुझे अपना फ़ोन no दे दो. मैं जाने से पहले कॉल कर लूंगा तुम्हे."
"ठीक है सर, आप मेरा No. ले लीजिये, अगर मैं यहाँ न मिलु तो आप मुझे कॉल कर देना. मैं जहा कही भी हूँगा आ जाऊंगा." जीतू ने अपना no नकुल को दिया. उसके बाद नकुल और कनिका टैक्सी से उतर गया. जीतू ने टैक्सी डिक्की से सामान निकल दिया और फिर नमस्ते कर अपनी टैक्सी ले कर निकल गया. वही कनिका और नकुल नक होटल के अंदर चले गए अपना सामान ले कर.
"कनिका तुम जा कर एक रूम बुक करो. मैं यही पर हु." नकुल ने कहा. कनिका नकुल के ऐसे कहने पर उसके तरफ देखने लगी. पूछ रही हो की उसके साथ अंदर क्यों नहीं चल रहा है. नकुल कनिका के ऐसे देख की वजह से आगे कहने लगा, "नहीं मैं तुम्हारे साथ नहीं चल सकता."
"क्यों नहीं चल सकते मेरे साथ, तुम्हे यहाँ कौन जनता था जो ऐसे कहे रहे हो." कनिका ने नकुल के बहुत करीब आ कर उसके गाल पर हाथ फेरते हुए बोली. आस पास के जितने भी लोग खड़े या बैठे हुए थे सब के सब उन दोनों को hi देख रहे थे. कनिका और नकुल के बिच की बात बहुत hi धीरे हो रही थी जो सिर्फ उन दोनों को hi सुनाई दे रहा था. नकुल कनिका की इस तरह के हरकत पर बहुत hi प्यार आ रहा था और उसके गाल पर किश कर दिया. फिर उसने कहा, "कनिका मैं तुंहरे साथ इस लिए नहीं चल सकता क्योकि ये मेरे hi होटल है, अगर किसी ने मुझे जिन्दा यहाँ देख लिया तो ये खबर मेरी बड़ी माँ को बता देंगे की मैं अभी जिन्दा हु. और फिर तुम समझ सकती हो."
"जब तुम ये जानते थे तो मुझे यह क्यों ले कर आये. तुम पागल तो नहीं हो. चलो किसी और होटल में चलते है. मुझे नहीं रहना यहाँ." कनिका ने नकुल को घूरते हुए और थोड़ा नाराज़ होते हुए बोली, पर आवाज़ अभी बहुत धीमी थी, जो सिर्फ उन दोनों के सिवा कोई भी नहीं सुन सकता था. वही जो लोग उनसे दूर थे इनके इस खेल को देख कर लुफ्त उठा रहे थे. नकुल कनिका को प्यार से उसके माथे पर किश किया और समझते हुए बोलै, "मुझे यहाँ किसी से मिलना था कनिका इसलिए मैं तुम्हे यहाँ ले कर आया हु. अब तुम जाओ और रूम बुक करो. मैं यही पर हु."
फिर कनिका नकुल के पास से चली गयी और रिसेप्शन काउंटर पर जा कर कनिका ने एक रूम बुक किया, और रूम के ले कर नकुल के पास आ गयी. फिर कनिका नकुल को ले कर रूम की और चल देती दिया.
"कनिका रूम no कितना है." नकुल ने कनिका के कमर में हाथ दाल आगे चलते हुए बोलै. वही उनका सामान एक वेटर ले कर आ रहा था, उनके hi पीछे. कनिका ने बड़े प्यार से बोलै, "रूम No 360 है."
"ठीक है. चलो चलते है. थोड़ा आराम करने के बाद बोर्ड के लिए निकलेंगे." नकुल कहा. फिर दोनों मस्ती करते हुए अपने रूम के सामने आ गए. कनिका ने के से रूम खोला और अंदर चले गए. नकुल कनिका से कहा, "तुम जल्दी फ्रेश हो जाओ. तुम्हारे बाद मैं भी हो लूंगा." फिर कनिका फ्रेश होने चली गयी.
फिर नकुल रूम के फ़ोन से रिसेप्शन पे कॉल मिला दिया और वह अपना मैसेज छोड़ ने के बाद कुछ खाने का आर्डर कर फ़ोन रख दिया.
फिर नकुल बीएड पर लेट गया और कनिका का बहार आने का इंतज़ार करने लगा. 10 मिनट्स बाद कनिका जब बहार आयी तो सिर्फ टॉवल लपेटा था उसके जिस्म पर. नकुल कनिका के इस रूप को देख कर उसका शरीर बेकाबू होने लग गया और कनिका के जिस्म पर पानी के बुँदे मोती की तरफ चमक रही थी. और जब निचे गिरती तो बारिश की बून्द की तरह. नकुल तो यहाँ नज़ारा देख कर hi खो सा गया था. वही कनिका अपने कपडे पहना कर नकुल के पास आयी और बोली, "डार्लिंग बहुत देख लिया, अब जा कर फ्रेश हो लो." नकुल अपना सर खुजाता हुआ टॉवल ले कर बाथरूम में चला गया. और कनिका शीशे के सामने बैठ कर तैयार होने लगी.
नकुल जब बहार आया तो कनिका तैयार hi गयी थी. और कनिका के सामने आ कर बोलै, "डिअर थोड़े देर पहले जो नज़र तुम्हे दिखाया कमल का था. मेरा तो औजार hi खाद हो गया था. अभी तक असर है. देखोगी." नकुल ने टॉवल की गांठ पर अपने हाथ रख दिया. और धीरे धीरे खोलने लग गया.
"अच्छा तो खोल दो, मैं भी तो देखु, क्या है हल मेरे आशिका का." कनिका ने बड़े hi ऐडा के साथ बोली. नकुल टॉवल कोला कर एक तरफ रख दिया. नकुल को अंडरवियर में देख कर उसका चेहरे की चमक चली गयी. पर कुछ सोच कर उसके चेहरे की चमक वापस आ गयी और बोली, "वैसे कैसा लगा था मेरा नज़ारा."
"बहुत hi मनमोहक और दिलकस." नकुल ने अपनी शर्ट और पंत बैग से निकलते हुए बोलै. कनिका नकुल के पास आ गयी और बोली, " बस यही, हॉट एंड सेक्सी नहीं लगी क्या."
"यार तुम तो कयामत लग थी उस समय और अभी कुछ काम नहीं दिख रही हो. पता नहीं आज किस किस का जाना लोगी." नकुल ने कहा. फिर अपनी शर्ट उठा कर पहनने लग गया. वही कनिका उसके चेस्ट पर किश करते हुए बोली, "मुझे किसी और की जान क्यों लू. मेरे लिए तो तुम hi काफी हो."
"यार मुझे बक्श दो, मैंने तुम्हारा क्या बिगड़ा है, जो इस बचे की जान लेने की सोच रही हो." नकुल ने कहा, नकुल की इस बात को सुन कर कनिका उसको मरने लगी. तभी रूम के दूर पर नॉक हुआ. "कनिका मुझे छोडो और देखो खाना आ आया है."
"मैं नहीं जा रही खोलने. तुम hi जाओ." कनिका नकुल को छोड़ एक तरह हो गयी नकुल जल्दी से अपनी पंत पहनी और शर्ट के बटन लगते हुए दूर की तरफ चल दिया. फिर नकुल जाकर जैसे hi दरवाजा खोला, दो थप्पड़ उसके गाल पर पद गए. थप्पड़ की आवाज इतनी तेज़ थी की वो कनिका को भी सुनाई दी. कनिका भाग कर जब वह गयी तो सामने के लड़की कड़ी थी और नकुल अपने दोनों गाल पर अपने हाथ रखा हुआ उसको देखे जा रहा था.
अब तक
अपने देखा की कैसे नकुल कनिका को ले कर तट से अपने ट्रैन का पता किया और अपने बर्थ काउच में जाने के बाद कैसे कनिका और नकुल में थोड़ा बहुत नोकझोक हुआ और फिर कनिका नकुल के अनमोल अंग के साथ खेल कर उसका रास निकली और फिर दोनों सो गए.
अब आगे
दोनों hi मस्त अपने खयालो में खोये हुए सो रहे थे. ट्रैन अपनी रफ़्तार में चली जा रही थी और उन्हें झूला झूलते हुए. उनकी आंख सुबह खुली जब तट टिकट चेक करने के किये दरवाजा नॉक कर रहा था.. फिर नकुल दरवाजा खोल, अपना टिकट दिखाया और पूछा की दिल्ली पहुंचने में कितना समय और लगेगा. 10 मिनट्स में hi पहुंच जायेगा तट कहते हुए चला गया. ट्रैन ठीक 6:30 बजे अपने गंतव्य स्थान पर पहुंच कर रुक गयी. उसके बाद दोनों ट्रैन से अपना ले कर उतर गए. फिर रेलवे स्टेशन से बहार आये एक टैक्सी कर किया.
"कनिका पहले कहा चले बोर्ड या किसी होटल में." नकुल टैक्सी में बैठने के बाद कनिका से पूछा. कनिका टैक्सी के विंडो से बहार देख रही थी. कनिका ने आज पहली बार बड़ी बड़ी इमारते, सिनेमा मॉल, शॉप्स देख रही थी और उन में hi खोयी हुई थी जब नकुल ने उससे ये पूछा था.
"यार पहले होटल चलते है, क्योकि मुझे फ्रेश भी होना है. कुछ खा भी लेंगे." कनिका ने टैक्सी से बहार देखते हुए नकुल से बोली. नकुल सामने के मिरर से उसको देख कर मुस्कुरा रहा था. फिर नकुल टैक्सी ड्राइवर की और देख कर कहा, "ठीक है स्वीट हार्ट. भाई आप हमें नक होटल चलो."
"ठीक है साहब." टैक्सी ड्राइवर ने नकुल से कहा और टैक्सी में लगा हुआ रेडियो चालू कर दिया. उसने रेडियो के चैनल बदल सुरु किया और 91.1 रेडिओचित्य लगा दिया. उसके पर बहुत hi मधुर गाना आ रहा था, "मिल के न हो गए जुड़ा आ कसम खाने." इस गाने को गन गुना रहा था.
"भाई गाना तो बड़ा मधुर और रोमांटिक लगाया है. और गए भी अच्छा लेट हो." नकुल उस टैक्सी ड्राइवर से बात करने की सुरुवात इस तरह से किया. टैक्सी ड्राइवर नकुल से अपनी तारीफ सुन खुश हुआ और बोलै, "भाई क्यों मजाक उदा रहे हो. आज तक मेरी बीवी तो यही कहती आ रही अपना ये बेसुरा गाला बंद करो. आप कह रहे हो मैं अच्छा गाना रहा हु."
"ऐसी बात नहीं है. आप सच में hi बहुत अच्छा गए रहे हो. रही आपकी बीवी की बात तो वो बस आपको तंग करने के लिए ऐसा कहती है." नकुल ने टैक्सी ड्राइवर से कहा. टैक्सी ड्राइवर नकुल की बात सुन कर उसकी मुद कर देखा और बोलै, "आप कैसे कह सकते है की मेरी बीवी सिर्फ मुझे तंग करने के लिए ऐसा बोलती है. जब की आप तो उसे जानते hi नहीं."
"भाई पहले अपना नाम तो बाताओ, फिर मैं बताता हु मैं ऐसा क्यों कह रहा हु." नकुल ने टैक्सी डाइवर से कहा. और वही कनिका नकुल और टैक्सी ड्राइवर की बात सुन कर उसका ध्यान कुछ पल के लिए बहार से हैट कर उनके तरफ चली गयी थी.
"भाई मेरा नाम जतिन शर्मा है और प्यार से मुझे जीतू बुलाते है. और अब बताओ मुझे की मेरी बीवी ऐसा क्यों कहेगी." जीतू ने नकुल को अपना नाम बाटने के बाद फिर से वही सवाल किया. नकुल जीतू की तरफ मुस्कुरा कर देखा और फिर एक बार पीछे की तरफ देखा जहाँ पर कनिका बैठी हुई थी. फिर वापस जीतू की और देखते हुए कहना सुरु किया, "अच्छा आज जब तुम घर जाओ तो अपनी बीवी के सामने गाना मत गाना. फिर तुम्हारी बीवी तुमसे जरूर पूछेगी आज गाना क्यों नहीं गए रहे हो. तुम कहना की तुम्हे पसंद नहीं है तो आज से गाना गण बंद. फिर देखा उसका रिएक्शन."
"ठीक है भाई. जैसा आप कह रहे हो, मैं आज वैसा hi करता हु. अगर मेरी बीवी ने ये कहा की तुम बहुत किया तो." जीतू ने नकुल से कहा. जिस पर नकुल ने कहा, "फिर ये सोच लेना की मैं तुम्हारी झूठी तारीफ कर रहा था. अच्छा ये बताओ कितना समय लगेगा पहुंचने में."
"बस 15 मिनट्स में पहुंच जायेगे." जीतू ने कहा. रेडियो पर अड़ के बाद फिरसे एक रोमांटिक सांग सुरु हो गया था फिल्म वह लम्हे का 'तू जो नहीं तो कुछ भी नहीं, ये मन की महफ़िल है हंसी है.' जीतू फिर से इस गाने को गन गुना सुरु कर दिया था. सच में hi जीतू अच्छा गता था, उसकी आवाज़ भी मधुर थी.
"कितना काम लेते हो एक दिन में." नकुल ने फिरसे जीतू से पूछा. एक बार फिरसे से नकुल ने उसके गाना गाने पर विराम लग दिया. जीतू नकुल की बात सुन कर मुस्कुरा कर जवाब दिया, "भाई सुबह 7 बजे से रात 10 बजे तक टैक्सी चलता हु. जिसमे टैक्सी के मालिक को देखने के बाद कभी 1000 तो कभी 1500 बच जाते है यार फिर 500 hi. महीने के 20 या 25 के हज़ार के आस पास कमा लेता हु जिसमे बचो की स्कूल की फीस, रेंट और घर के खर्चे में आधे से ज्यादा कमाई चली जाती है. जो थोड़े बहुत बचते है वो बीमारी में अगर कोई बीमार पद गया तो."
"फिर तो कुछ पता hi नहीं होगा आपके." नकुल ने कहा. जीतू भी नकुल की बात सुन कर मुस्कुरा दिया और बोलै, "ये तो जिंदगी है भाई. पर मैं बहुत खुश हु. काम से काम अपने बीवी और बचो का ख्याल तो रख पता हु. और आज तक कभी मेरी बीवी ने शिकायत नहीं की सर आप किसी काम से आये है या फिर घूमने." जीतू ने काम की बात की अपनी जिनगी के सुख दुःख सुनाने ने बाद.
"भाई आये तो हम यहाँ किसी काम से आये है. थोड़े देर आराम करने के बाद फिर निकल जायेगे." नकुल ने कहा. जीतू ये सुन कर खुश हुआ की चलो कुछ तो और कमाई हो जाएगी. फिर उसने नकुल से कहा, "अगर आप बुरा न मनो तो पूछ सकता हु आप से यहाँ किस काम से आये है."
"हाँ भाई क्यों नहीं जरूर. इसमें बुरा मानाने वाली कौनसी बात है. हमें यहाँ सीबीएसई बोर्ड जाना है. वह से मुझे अपनी मार्कशीट निकलवानी है. फिर कल वापस अपने घर."
"मैं आपका बहार hi इंतज़ार करता हु. जब तक आप लोग आ नहीं जाते." जीतू ने कहा. नकुल मुस्कुराते हुए बोलै, "हमें थोड़ा टाइम लगेगा. शायद 2 घंटे तक. इतने देर हमारा इंतज़ार करना तुम्हारे लिए भी ठीक नहीं होगा. ऐसा है भाई आप मुझे अपना फ़ोन no दे दो. मैं जाने से पहले कॉल कर लूंगा तुम्हे."
"ठीक है सर, आप मेरा No. ले लीजिये, अगर मैं यहाँ न मिलु तो आप मुझे कॉल कर देना. मैं जहा कही भी हूँगा आ जाऊंगा." जीतू ने अपना no नकुल को दिया. उसके बाद नकुल और कनिका टैक्सी से उतर गया. जीतू ने टैक्सी डिक्की से सामान निकल दिया और फिर नमस्ते कर अपनी टैक्सी ले कर निकल गया. वही कनिका और नकुल नक होटल के अंदर चले गए अपना सामान ले कर.
"कनिका तुम जा कर एक रूम बुक करो. मैं यही पर हु." नकुल ने कहा. कनिका नकुल के ऐसे कहने पर उसके तरफ देखने लगी. पूछ रही हो की उसके साथ अंदर क्यों नहीं चल रहा है. नकुल कनिका के ऐसे देख की वजह से आगे कहने लगा, "नहीं मैं तुम्हारे साथ नहीं चल सकता."
"क्यों नहीं चल सकते मेरे साथ, तुम्हे यहाँ कौन जनता था जो ऐसे कहे रहे हो." कनिका ने नकुल के बहुत करीब आ कर उसके गाल पर हाथ फेरते हुए बोली. आस पास के जितने भी लोग खड़े या बैठे हुए थे सब के सब उन दोनों को hi देख रहे थे. कनिका और नकुल के बिच की बात बहुत hi धीरे हो रही थी जो सिर्फ उन दोनों को hi सुनाई दे रहा था. नकुल कनिका की इस तरह के हरकत पर बहुत hi प्यार आ रहा था और उसके गाल पर किश कर दिया. फिर उसने कहा, "कनिका मैं तुंहरे साथ इस लिए नहीं चल सकता क्योकि ये मेरे hi होटल है, अगर किसी ने मुझे जिन्दा यहाँ देख लिया तो ये खबर मेरी बड़ी माँ को बता देंगे की मैं अभी जिन्दा हु. और फिर तुम समझ सकती हो."
"जब तुम ये जानते थे तो मुझे यह क्यों ले कर आये. तुम पागल तो नहीं हो. चलो किसी और होटल में चलते है. मुझे नहीं रहना यहाँ." कनिका ने नकुल को घूरते हुए और थोड़ा नाराज़ होते हुए बोली, पर आवाज़ अभी बहुत धीमी थी, जो सिर्फ उन दोनों के सिवा कोई भी नहीं सुन सकता था. वही जो लोग उनसे दूर थे इनके इस खेल को देख कर लुफ्त उठा रहे थे. नकुल कनिका को प्यार से उसके माथे पर किश किया और समझते हुए बोलै, "मुझे यहाँ किसी से मिलना था कनिका इसलिए मैं तुम्हे यहाँ ले कर आया हु. अब तुम जाओ और रूम बुक करो. मैं यही पर हु."
फिर कनिका नकुल के पास से चली गयी और रिसेप्शन काउंटर पर जा कर कनिका ने एक रूम बुक किया, और रूम के ले कर नकुल के पास आ गयी. फिर कनिका नकुल को ले कर रूम की और चल देती दिया.
"कनिका रूम no कितना है." नकुल ने कनिका के कमर में हाथ दाल आगे चलते हुए बोलै. वही उनका सामान एक वेटर ले कर आ रहा था, उनके hi पीछे. कनिका ने बड़े प्यार से बोलै, "रूम No 360 है."
"ठीक है. चलो चलते है. थोड़ा आराम करने के बाद बोर्ड के लिए निकलेंगे." नकुल कहा. फिर दोनों मस्ती करते हुए अपने रूम के सामने आ गए. कनिका ने के से रूम खोला और अंदर चले गए. नकुल कनिका से कहा, "तुम जल्दी फ्रेश हो जाओ. तुम्हारे बाद मैं भी हो लूंगा." फिर कनिका फ्रेश होने चली गयी.
फिर नकुल रूम के फ़ोन से रिसेप्शन पे कॉल मिला दिया और वह अपना मैसेज छोड़ ने के बाद कुछ खाने का आर्डर कर फ़ोन रख दिया.
फिर नकुल बीएड पर लेट गया और कनिका का बहार आने का इंतज़ार करने लगा. 10 मिनट्स बाद कनिका जब बहार आयी तो सिर्फ टॉवल लपेटा था उसके जिस्म पर. नकुल कनिका के इस रूप को देख कर उसका शरीर बेकाबू होने लग गया और कनिका के जिस्म पर पानी के बुँदे मोती की तरफ चमक रही थी. और जब निचे गिरती तो बारिश की बून्द की तरह. नकुल तो यहाँ नज़ारा देख कर hi खो सा गया था. वही कनिका अपने कपडे पहना कर नकुल के पास आयी और बोली, "डार्लिंग बहुत देख लिया, अब जा कर फ्रेश हो लो." नकुल अपना सर खुजाता हुआ टॉवल ले कर बाथरूम में चला गया. और कनिका शीशे के सामने बैठ कर तैयार होने लगी.
नकुल जब बहार आया तो कनिका तैयार hi गयी थी. और कनिका के सामने आ कर बोलै, "डिअर थोड़े देर पहले जो नज़र तुम्हे दिखाया कमल का था. मेरा तो औजार hi खाद हो गया था. अभी तक असर है. देखोगी." नकुल ने टॉवल की गांठ पर अपने हाथ रख दिया. और धीरे धीरे खोलने लग गया.
"अच्छा तो खोल दो, मैं भी तो देखु, क्या है हल मेरे आशिका का." कनिका ने बड़े hi ऐडा के साथ बोली. नकुल टॉवल कोला कर एक तरफ रख दिया. नकुल को अंडरवियर में देख कर उसका चेहरे की चमक चली गयी. पर कुछ सोच कर उसके चेहरे की चमक वापस आ गयी और बोली, "वैसे कैसा लगा था मेरा नज़ारा."
"बहुत hi मनमोहक और दिलकस." नकुल ने अपनी शर्ट और पंत बैग से निकलते हुए बोलै. कनिका नकुल के पास आ गयी और बोली, " बस यही, हॉट एंड सेक्सी नहीं लगी क्या."
"यार तुम तो कयामत लग थी उस समय और अभी कुछ काम नहीं दिख रही हो. पता नहीं आज किस किस का जाना लोगी." नकुल ने कहा. फिर अपनी शर्ट उठा कर पहनने लग गया. वही कनिका उसके चेस्ट पर किश करते हुए बोली, "मुझे किसी और की जान क्यों लू. मेरे लिए तो तुम hi काफी हो."
"यार मुझे बक्श दो, मैंने तुम्हारा क्या बिगड़ा है, जो इस बचे की जान लेने की सोच रही हो." नकुल ने कहा, नकुल की इस बात को सुन कर कनिका उसको मरने लगी. तभी रूम के दूर पर नॉक हुआ. "कनिका मुझे छोडो और देखो खाना आ आया है."
"मैं नहीं जा रही खोलने. तुम hi जाओ." कनिका नकुल को छोड़ एक तरह हो गयी नकुल जल्दी से अपनी पंत पहनी और शर्ट के बटन लगते हुए दूर की तरफ चल दिया. फिर नकुल जाकर जैसे hi दरवाजा खोला, दो थप्पड़ उसके गाल पर पद गए. थप्पड़ की आवाज इतनी तेज़ थी की वो कनिका को भी सुनाई दी. कनिका भाग कर जब वह गयी तो सामने के लड़की कड़ी थी और नकुल अपने दोनों गाल पर अपने हाथ रखा हुआ उसको देखे जा रहा था.