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अपडेट-39
रवि जमीन पर लेता हुआ था और इधर रेखा खत ओर पड़ी पड़ी अभी तक हाफ रही थी उसका चेहरा पूरी तरह उसी के थूक से लटपट था
रेखा का चेहरा पूरी तरह लाल हो चूका था
रेखा की मुँह चुदाई को ख़तम हुए 10 मिंट के ुवार बीत चुके थे पर रेखा अभी भी वैसे hi पड़ी हुई थी मनो वो अपने छोटे भाई के अगले आदेश का इंतजार कर रही हो
रवि भी अबतक दुरुस्त हो चूका था
रवि खड़ा होता हुआ दुबारा से अपनी दीदी के सिरहाने पहुंच जाता है
अपने हाथो से रेखा के होठ मसलता हुआ
रवि- दीदी लगता है मैंने कुछ ज्यादा hi जोर लगाकर तुम्हारा गरम मुँह छोड़ दिया
आपकी हालत पंचर मालूम चल रही है
अभी तो सिर्फ मुँह छोड़ा है दीदी जब छूट मरूंगा तो सोचो कितना दर्द होगा
रवि की बाटे सुनकर रेखा के चेहरे पर एक मुस्कान आजाती है
जिसे रवि भी देख लेता है
रवि- मन गया दीदी तुम बहुत बड़ी रंडी हो जितना डालो उतना काम है तुम्हारे छेड़ो के लिए
रेखा- मैं कोई ऐसी वैसी रंडी थोड़े hi हु
रवि- फिर आप किस तयप की रैंड हो दीदी
रेखा- मैं तो अपने छोटे भाई की रंडी हु समझा
रवि - चलो दीदी देखते है की इस रंडी में कितनी ताक़त है
रेखा- अभी तू इतना बड़ा भी नहीं हुआ की अपनी दीदी को हरा पाए समझा बीटा
रवि- अरे दीदी अभी थोड़ी hi देर बाद तुम चिल्लाओगी देख लेना की छोड़ दे भाई मुझे मेरी छूट मत फाड़ छोड़ दे मुझे
रेखा- लगता है तू अपनी इस रंडी दीदी को हलके में ले रहा है
रवि- चलो देख hi लेते है की इस रैंड में कितनी सेहेन सकती है .
रवि जब जब रेखा को राबड़ी बोलता उसका मन अंदर तक सिहर जाता आजसे 1 दिन पहले तक उसका भाई उसे दीदी दीदी बोलता था और 1 hi दिन में .
वो उसे रंडी रंडी बोलकर रगड़ रहा था अपने लौड़े से
रवि बिना देर किये रेखा के गलो पर हाथ फेरते हुए उसके बाल पकड़ लेता है
रवि- लेती क्यों है मेरी रंडी दीदी चल अब तेरा भाई आ गगया तेरी खुजली मिटने चल उठ
इतना बोलकर रवि अपनी दीदी के बालो को पकड़ता हुस उसे उठा देता है
रेखा का काजल उसकी आँखों से बेहटा हुआ उसके गलो तक एक लकीर बना चूका था जो देखने में बहुत hi कामुक लग रहा था
रेखा होने शरीर को बिलकुल ढीला चोदे हुई थी और झा झा उसका भाई उसे घुमा रहा था वो घूमती चली जा रही थी
रवि- लगता है 1/2 घंटे तेरा मुँह छोड़ने के बाद भी तेरी भूख नहीं मिटी रुक अभी तुझे पेलता हु
इतना बोलकर रवि रेखा को बालो से ोाकड़ता हुआ निचे खींच लेता है और जमीन पर hi घीड़ी बना देता है
रेखा चुपचाप अपने छोटे भाई का हर हुकुम मान रही थी मनो वो कोई सेक्स करने वाली गुड़िया हो
रवि पीछे से hi होने घुटनो ओर आजाता है और अपना मुँह सीधा रेखा की छूट में घुसा देता है
इस हमले से रेखा अंदर तक हिल जाती है और अब उसे पता था की वो समय दूर नहीं जब उसकी छूट में उसके छोटे भाई का विशाल लुंड घुसेगा
सोच कर hi रेखा का बुरा हाल हो रहा था की जब उसकी छूट में पहली बार उसके छोटे भाई का विशाल लुंड घुसेगा तो उसकी क्या हालत होगी
कितना मोटा है उसके भाई का
इधर रवि लगातार अपनी जीभ घुसा कर रेखा की छूट को अंदर तक चाट रहा था
यह सहसास रेखा के लिए न्य था उसकी छूट में रवि अपनी जीभ को और अंदर तक चला रहा था
रेखा किसी जल बिन मछली की तरह तड़प रही थी
रेखा- अह्ह्ह्हहज्ज कैसी छूट चाट रहा है तू खा जायेगा क्या मेरी छूट भी मेरे छोड़ू भाई
रवि बिना कुछ बोले लगातार रेखा की छूट को खाने में व्यस्त था
रेखा- अह्ह्ह्हह्ह क्या मस्त चुस्त है रे भाई तू मेरी छूट खा जा इस साली को बड़ा परेशान किया है इसने मुझे अह्ह्ह्ह माआ खा जा रवि अपनी दीदी की छूट आह्ह्ह्हह्ह और अंदर दाल अपनी जीभ.
हआ हा ीासी hi घुमा पूरी अंदर तक आह्ह्ह्ह मा
रेखा की बाटे सुनकर रवि को और भी ज्यादा जोश साध रहा था
रवि अपना एक हाथ रेखा की गांड पारर रख कर अच्छे से अपनी दीदी की गांड को खूब दबाता है और जोरसे एक तमाचा रेखा की गांड पर मरता है
इस हमले के लिए रेखा तैयार नहीं थी वो थोड़ा आगे की और गिरती है रवि तुरंत hi उसे पकड़ कर होनी और खींच लेता है और अपनी 2 उंगलिंया रेखा की गांड पर रख कर अंदर की और दबाने लगता है
थोड़ी सी म्हणत करने के बाद रवि को दोनों ऊँगली रेखा की गांड में समै जाती है
रेखा- आह्ह्ह्हह्ह हरामी कितना जालिम है रे तू अपनी दीदी को कोई ऐसे प्यार करता है तू सच में जानवर है
रवि अब अपना मुँह अपनी दीदी छूट से हटाता हज
रवि- सच खा दीदी तुमने मैं जानवर hi हु
और अब तुम देखोगी ये जानवर तुमको कैसे छोड़ता है
रवि दुबारा से अपना मुँह रेखा की छूट में घुसा देता है
और अपनी जीभ को दुबारा से अपनी दीदी की छूट में चलने लगता है
रवि की 2 उँगलियाँ लगातार रेखा की गांड को पेल रही. थी
रेखा इतना सारा मजा बर्दास्त नहीं कर पायी और आख़िरकार उसका बदन अकडने लगता है
रेखा- अह्ह्ह्हह भाई चाट और छत्त तेरी दीदी की छूट से अमृत निकलने वाला है जल्दी और तेज चाट अह्ह्ह्हह्हह है और अंदर घुसा अपनी जीभहहहह
रवि को समझ आ जाता है की अब उसकी दीदी की छूट से मलाई बाजार आने वाली है जिसे वो पूरा खाना कहता था
रेखा की गांड से उँगलियाँ निकल कर रवि दोनों हाथो से रेखा की छूट फैलता हज और अपनी दीदी की पूरी छूट मुँह में भर कर कसने लगता है
रेखा पागलो की तरह इधर से उधर चटपटा रही थी
5 मं छूट कसाई के बाद रेखा का बदन एक के बाद एक कई झटके खता है और थोड़ी hi देर में रेखा झटके कहती हुई होनी मलाई सीधा होने छोटे भाई के मुँह में छोड़ने लगती है
5 मिंट तक छूट को चाट चाट कर साफ़ करने के बाद रवि खड़ा हो जाता है और 3-4 थप्पड़ रेखा की गांड ओर जमा देता है
रेखा अभी भी घीड़ी बनी हुई थी उसकी छूट से रवि की लार और उसकी मलाई एक लाइन में निचे गिर रही थी
रवि- अह्ह्ह्हह मजा आ गया तेरी छूट चाट कर मेरी ररंड कितना ोानी छोड़ती है साली तू
अब रवि खुल कर अपनी दीदी को गलियां दे रहा था जिसका पूरा मजा रेखा उठा रही थी
उसे हमेशा से एक ऐसा आदमी चाहिए था जो उसे एक रंडी समझ के चोदे
ओर क्या hi किस्मत थी उसकी कोई आदमी तो नहीं मिला है उसका भाई उसकी ख्वाइस जरूर ौरी कर रहा था ...........
रवि जमीन पर लेता हुआ था और इधर रेखा खत ओर पड़ी पड़ी अभी तक हाफ रही थी उसका चेहरा पूरी तरह उसी के थूक से लटपट था
रेखा का चेहरा पूरी तरह लाल हो चूका था
रेखा की मुँह चुदाई को ख़तम हुए 10 मिंट के ुवार बीत चुके थे पर रेखा अभी भी वैसे hi पड़ी हुई थी मनो वो अपने छोटे भाई के अगले आदेश का इंतजार कर रही हो
रवि भी अबतक दुरुस्त हो चूका था
रवि खड़ा होता हुआ दुबारा से अपनी दीदी के सिरहाने पहुंच जाता है
अपने हाथो से रेखा के होठ मसलता हुआ
रवि- दीदी लगता है मैंने कुछ ज्यादा hi जोर लगाकर तुम्हारा गरम मुँह छोड़ दिया
आपकी हालत पंचर मालूम चल रही है
अभी तो सिर्फ मुँह छोड़ा है दीदी जब छूट मरूंगा तो सोचो कितना दर्द होगा
रवि की बाटे सुनकर रेखा के चेहरे पर एक मुस्कान आजाती है
जिसे रवि भी देख लेता है
रवि- मन गया दीदी तुम बहुत बड़ी रंडी हो जितना डालो उतना काम है तुम्हारे छेड़ो के लिए
रेखा- मैं कोई ऐसी वैसी रंडी थोड़े hi हु
रवि- फिर आप किस तयप की रैंड हो दीदी
रेखा- मैं तो अपने छोटे भाई की रंडी हु समझा
रवि - चलो दीदी देखते है की इस रंडी में कितनी ताक़त है
रेखा- अभी तू इतना बड़ा भी नहीं हुआ की अपनी दीदी को हरा पाए समझा बीटा
रवि- अरे दीदी अभी थोड़ी hi देर बाद तुम चिल्लाओगी देख लेना की छोड़ दे भाई मुझे मेरी छूट मत फाड़ छोड़ दे मुझे
रेखा- लगता है तू अपनी इस रंडी दीदी को हलके में ले रहा है
रवि- चलो देख hi लेते है की इस रैंड में कितनी सेहेन सकती है .
रवि जब जब रेखा को राबड़ी बोलता उसका मन अंदर तक सिहर जाता आजसे 1 दिन पहले तक उसका भाई उसे दीदी दीदी बोलता था और 1 hi दिन में .
वो उसे रंडी रंडी बोलकर रगड़ रहा था अपने लौड़े से
रवि बिना देर किये रेखा के गलो पर हाथ फेरते हुए उसके बाल पकड़ लेता है
रवि- लेती क्यों है मेरी रंडी दीदी चल अब तेरा भाई आ गगया तेरी खुजली मिटने चल उठ
इतना बोलकर रवि अपनी दीदी के बालो को पकड़ता हुस उसे उठा देता है
रेखा का काजल उसकी आँखों से बेहटा हुआ उसके गलो तक एक लकीर बना चूका था जो देखने में बहुत hi कामुक लग रहा था
रेखा होने शरीर को बिलकुल ढीला चोदे हुई थी और झा झा उसका भाई उसे घुमा रहा था वो घूमती चली जा रही थी
रवि- लगता है 1/2 घंटे तेरा मुँह छोड़ने के बाद भी तेरी भूख नहीं मिटी रुक अभी तुझे पेलता हु
इतना बोलकर रवि रेखा को बालो से ोाकड़ता हुआ निचे खींच लेता है और जमीन पर hi घीड़ी बना देता है
रेखा चुपचाप अपने छोटे भाई का हर हुकुम मान रही थी मनो वो कोई सेक्स करने वाली गुड़िया हो
रवि पीछे से hi होने घुटनो ओर आजाता है और अपना मुँह सीधा रेखा की छूट में घुसा देता है
इस हमले से रेखा अंदर तक हिल जाती है और अब उसे पता था की वो समय दूर नहीं जब उसकी छूट में उसके छोटे भाई का विशाल लुंड घुसेगा
सोच कर hi रेखा का बुरा हाल हो रहा था की जब उसकी छूट में पहली बार उसके छोटे भाई का विशाल लुंड घुसेगा तो उसकी क्या हालत होगी
कितना मोटा है उसके भाई का
इधर रवि लगातार अपनी जीभ घुसा कर रेखा की छूट को अंदर तक चाट रहा था
यह सहसास रेखा के लिए न्य था उसकी छूट में रवि अपनी जीभ को और अंदर तक चला रहा था
रेखा किसी जल बिन मछली की तरह तड़प रही थी
रेखा- अह्ह्ह्हहज्ज कैसी छूट चाट रहा है तू खा जायेगा क्या मेरी छूट भी मेरे छोड़ू भाई
रवि बिना कुछ बोले लगातार रेखा की छूट को खाने में व्यस्त था
रेखा- अह्ह्ह्हह्ह क्या मस्त चुस्त है रे भाई तू मेरी छूट खा जा इस साली को बड़ा परेशान किया है इसने मुझे अह्ह्ह्ह माआ खा जा रवि अपनी दीदी की छूट आह्ह्ह्हह्ह और अंदर दाल अपनी जीभ.
हआ हा ीासी hi घुमा पूरी अंदर तक आह्ह्ह्ह मा
रेखा की बाटे सुनकर रवि को और भी ज्यादा जोश साध रहा था
रवि अपना एक हाथ रेखा की गांड पारर रख कर अच्छे से अपनी दीदी की गांड को खूब दबाता है और जोरसे एक तमाचा रेखा की गांड पर मरता है
इस हमले के लिए रेखा तैयार नहीं थी वो थोड़ा आगे की और गिरती है रवि तुरंत hi उसे पकड़ कर होनी और खींच लेता है और अपनी 2 उंगलिंया रेखा की गांड पर रख कर अंदर की और दबाने लगता है
थोड़ी सी म्हणत करने के बाद रवि को दोनों ऊँगली रेखा की गांड में समै जाती है
रेखा- आह्ह्ह्हह्ह हरामी कितना जालिम है रे तू अपनी दीदी को कोई ऐसे प्यार करता है तू सच में जानवर है
रवि अब अपना मुँह अपनी दीदी छूट से हटाता हज
रवि- सच खा दीदी तुमने मैं जानवर hi हु
और अब तुम देखोगी ये जानवर तुमको कैसे छोड़ता है
रवि दुबारा से अपना मुँह रेखा की छूट में घुसा देता है
और अपनी जीभ को दुबारा से अपनी दीदी की छूट में चलने लगता है
रवि की 2 उँगलियाँ लगातार रेखा की गांड को पेल रही. थी
रेखा इतना सारा मजा बर्दास्त नहीं कर पायी और आख़िरकार उसका बदन अकडने लगता है
रेखा- अह्ह्ह्हह भाई चाट और छत्त तेरी दीदी की छूट से अमृत निकलने वाला है जल्दी और तेज चाट अह्ह्ह्हह्हह है और अंदर घुसा अपनी जीभहहहह
रवि को समझ आ जाता है की अब उसकी दीदी की छूट से मलाई बाजार आने वाली है जिसे वो पूरा खाना कहता था
रेखा की गांड से उँगलियाँ निकल कर रवि दोनों हाथो से रेखा की छूट फैलता हज और अपनी दीदी की पूरी छूट मुँह में भर कर कसने लगता है
रेखा पागलो की तरह इधर से उधर चटपटा रही थी
5 मं छूट कसाई के बाद रेखा का बदन एक के बाद एक कई झटके खता है और थोड़ी hi देर में रेखा झटके कहती हुई होनी मलाई सीधा होने छोटे भाई के मुँह में छोड़ने लगती है
5 मिंट तक छूट को चाट चाट कर साफ़ करने के बाद रवि खड़ा हो जाता है और 3-4 थप्पड़ रेखा की गांड ओर जमा देता है
रेखा अभी भी घीड़ी बनी हुई थी उसकी छूट से रवि की लार और उसकी मलाई एक लाइन में निचे गिर रही थी
रवि- अह्ह्ह्हह मजा आ गया तेरी छूट चाट कर मेरी ररंड कितना ोानी छोड़ती है साली तू
अब रवि खुल कर अपनी दीदी को गलियां दे रहा था जिसका पूरा मजा रेखा उठा रही थी
उसे हमेशा से एक ऐसा आदमी चाहिए था जो उसे एक रंडी समझ के चोदे
ओर क्या hi किस्मत थी उसकी कोई आदमी तो नहीं मिला है उसका भाई उसकी ख्वाइस जरूर ौरी कर रहा था ...........