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मर्द का बच्चा. अपडेट 20.
सोनम दौड़ क्र टाला चाभी ले और एक एक क्र सरे घर मई लगाने लगी.
ऋतू अपना हैंड बैग उठाये कमरे से बहार आई.
ऋतू- चलो सब दालान पर पहुँचो.
राम सुनील से पूछो कहा पंहुचा है.
सभी लोग दालान मई इक्कठा हो गए.
दादू- क्या हो रहा है ये सब. मेरे लल्लू बेटे को क्या हुआ और अब ये कोमल बिटिया भी ऐसे है.
ऋतू- आप पदेशन मत होइए. पता नहीं क्या हुआ की लल्लू बेहोश हो गया और उसे देख क्र कोमल भी हो गई है.
तब तक बहार दो गारी आ क्र कड़ी हो गई.
अनिल कोमल को उठा क्र गारी मई दाल दिया.
ऋतू- दो hi गारी आई. मई तीन गारी का बोलै था न.
राम- भाबी दो hi गारी खली थी अभी. वैसे भी इतने लोग जा क्र क्या करेंगे वह.
ऋतू- रोमा मीनू रानी गौरी रागिनी शालिनी और सोनम क पापा आप सब यही रहिये.
बांकी हम सब जा क्र देखते है. ज्यादा पड़ेशानी वाली बात नहीं होनी चाहिए अगर जरुरत पड़ी तो कॉल क्र आप सब को बुला लुंगी.
सब जाना चाहते थे हॉस्पिटल लल्लू क लिए लेकिन अभी क हालत मई जिद्द करना सही नहीं था तो सब चुप रह गए.
सोनम रागिनी को घर का चाभी थमा दी.
फिर सब दो गारी मई बैठ क्र हॉस्पिटल चल दिए.
राम कॉल क्र पता क्र लिया था सुनील लल्लू को ले क्र कहा गया है.
ये दोनों गारी भी वह हॉस्पिटल पहुंच गई.
राम कोमल को निकल क्र अंडर हॉस्पिटल मई ले गए.
कोमल को भी एडमिट क्र दिया गया.
सब सुनील क पास पहुंचे.
ऋतू- कैसा है मेरा बीटा सुनील.
सुनील- अभी डॉक्टर जाँच क्र रहे है.
सभी वही बेंच पर बैठ गए.
काजल वह भी एक कोने मई कड़ी थी.
सुनील- क्या हुआ था वह अब कोई बताएगा मुझे.
ऋतू- बाद मई सुनील. अभी पहले दोनों को होश आ जय और भगवन की कृपा से सब अच्छा हो फिर घर चल क्र पता करेंगे की हुआ क्या था.
ऋतू- सोनम अपने चची क साथ रहना.
सोनम काजल क पास चली गई.
कुछ देर बाद डॉक्टर बहार निकला.
सुनील- कैसा है मेरा बीटा डॉक्टर साहब.
डॉक्टर- देखिये मरीज को किसी चीज का गहरा सोक लगा है जिस कारन इसे ब्रेन का एक हिस्सा अभी काम करना बंद क्र दिया है. अभी बेहोश है. अगर चार घंटे तक होश नहीं आया तो फिर कुछ भी कहना मुश्किल होगा. सायद मरीज कोमा मई चला जय या फिर पागल हो जय.
सुनील डॉक्टर की बात सुन क्र वही बेंच को पाकर क्र बैठ गया.
उसके लिए लल्लू सब से प्यारा था. लल्लू मई वो अपनी छवि देखता था. बहुत प्यार करता था वो लल्लू से.
ऋतू तो रोने hi लगी.
रवि- भाभी भरोसा रखिये भगवन पर. वो हमारे लल्लू क साथ इतना बुरा नहीं करेंगे. और आप ऐसे रोइएगा तो लल्लू क माँ को कौन संभालेगा.
अब सब को ऋतू क्या बताये की लल्लू उसके लिए क्या मायने रखता है.
इधर िक मई लल्लू वेंटीलेटर पर लेता हुआ था.
उसके सरीर मई कोई हलचल नहीं हो रहा था सिवाय एक चीज क.
टैटू.
उसके कंधे पर पीछे टैटू था जो अब बढ़ता जा रहा था.
कंधे का टैटू अभी लल्लो क आधे पीठ छाती और एक हाथ मई फ़ैल गया था.
लेकिन ये टैटू लल्लू क सरीर मई बनता बिगड़ता जा रहा था.
कभी छाती का टैटू तो कभी हाथ का टैटू मिट जाता था.
सब बहार कोई बेंच पर बैठे तो कोई दीवाल क सहारे खड़ा इस बुरे वक्त को जल्द से जल्द बिताना चाहता था और अच्छे समय क आने का इंतजार.
थोड़ी थोड़ी देर मई कोई न कोई जा क्र दरवाजे मई लगे छोटे से गिलास से लल्लू को देख आते थे.
इधर कोमल को होश आ गया था.
लेकिन उसे नींद का इंजेक्शन दे क्र सुला दिए थे.
पुरे चार घंटे बाद लल्लू को होश आया.
सब मई ख़ुशी की लहार दौर गई.
डॉक्टर जाँच क्र सबको एक एक क्र मिलने को बोल दिया.
सब से पहले सुनील गया.
सुनील- बीटा क्यू ऐसा करता है. तुझ मई मेरा जान बस्ता hai.koi बात है तो तू सीधा मुझ से बोलै क्र. खुद दिमाग पर जोर क्यू देता है. मई हु न तुम्हारे साथ.
लल्लू सर हिला क्र है क्र दिया.
सुनील- चल सब से मिल ले. ज्यादा बोलना नहीं.
भेजता हुआ मई सब को.
सुनील बहार निकला तो ऋतू और काजल अंडर चली गई.
दोनों लल्लू क बीएड क पास कड़ी लल्लू को एक तक देखे जा रही थी.
लल्लू- सॉरी. ( एक हाथ से कान पकड़ क्र, दूसरे हाथ मई ड्रिप लगा हुआ था)
ऋतू आगे बढ़ क्र उसके माथे पर एक किसी क्र दी.
लल्लू काजल को देखे जा रहा था. काजल लल्लू को.
दोनों कुछ बोल नहीं रहे थे. बस देखे जा रहे थे.
काजल की आँखे भर आई. वो भाग क्र बहार आ गई.
ऋतू- आगे से फिर कभी ऐसा नहीं करना बीटा. तुम मई ह सब की जान बस्ती है. तेरी माँ और बहन तो मर hi जाएगी.
तभी राम आ गया वह.
ऋतू बहार चली गई.
राम- क्या हुआ था. कैसे तबियत ख़राब हो गया.
लल्लू- पता नहीं.
राम- ठीक है न अब तू.
लल्लू- जी.
राम- ठीक है. आराम क्र.
राम बहार चला गया.
रवि- कैसा है मेरा बहादुर बीटा( रवि अंडर आता बोलै)
लल्लू- ठीक हु काका.
रवि- गुड. आराम क्र.
रवि बहार चला गया.
सोनम अंदर आ क्र लल्लू क गले लग गई और उसके गलो पर चुम्मी की झरि लगा दी.
फिर आहिस्ता से लल्लू क होठो को एक बार चुम क्र सरमाती हुई हुत्त गया.
लल्लू सुरप्रीसेड सोनम दीदी को देखने लगा.
सोनम- आगे से फिर कभी ऐसे बच्चो की तरह रोया न तो तेरी बहुत पिटाई करुँगी.
लल्लू सोनम को देख क्र मुसकुदा दिया फिर इसारे से अपने पास बुलाया झुकने क लिए कहा.
सोनम लल्लू पर झुक क्र अपना कान उसके मुँह क पास क्र दिया.
लल्लू- आप बहुत प्यारी दीदी हो. ( सोनम क गाल को चुम क्र बोलै)
सोनम हड़बड़ा क्र सीधी हो गई.
(वाओ बहुत घड़ा प्यार है आप दोनों मई. सदी हो गयी आप दोनों की.) एक नर्स जो एक तरफ चेयर पर बैठी थी वो दोनों को देख क्र बोली.
सोनम आवाज सुन्न क्र चौक गई. फिर सरमाती हुई लल्लू को देख क्र बहार भाग गई.
लल्लू बीएड पर लेता मुसकुडता रहा.
बहार…
ऋतू- सुनील डॉक्टर से पूछिए कब तक डिस्चार्ज करेंगे दोनों को.
सुनील उठ क्र डॉक्टर क केबिन मई चला गया.
सुनील- अभी थोड़ी देर मई बोलै है डिस्चार्ज क्र देगा.
सुनील जा क्र पेमेंट सारा क्लियर क्र दिया.
थोड़ी देर मई लल्लू और कोमल को डिस्चार्ज क्र दिया गया.
दोनों गारी जिस मई ये लोग आये थे उस मई बैठ क्र वापस घर आ गए.
कोमल अपने कमरे मई जा क्र आराम करने लगी.
सुनील- सोनम अभी लल्लू को काजल भाबी क कमरे मई सुला दो लेकिन कल तुम लोग अपना बगल वाला कमरा जो बंद पड़ा है उसे साफ़ क्र देना. लल्लू कल से वही रहेगा.
सोनम- ठीक है चाचा.
सुनील आँगन मई खटिया पर बैठ गया.
सुनील- अब मुझे कौन बताएगा की आखिर हुआ क्या था.
ऋतू- मई गई थी तब तक तो सब रो रहे थे तो सोनम को पता होगा. सोनम बीटा क्या हुआ था.
घर क सभी वही आ गए की आखिर हुआ क्या था.
फिर सोनम सब को बताने लगी की कैसे लल्लू कमरे मई आया और बात सुरु हुई
फिर कैसे रोटा हुआ बोलै की सब उसे पागल समझते hai.jis से उसका मन करता है खुद खुसी क्र लेने का.
और फिर लल्लू की इस बात पर साडी बहनो का रोना और फिर ऋतू और रागिनी का आना.
रागिनी का लल्लू को पागल कह क्र थप्पड़ मरना.
फिर लल्लू का सोनम क बहो मई बेहोस होना उसके बाद कोमल का भी बेहोस हो जाना.
सोनम की बात सुन क्र सब रोने लगे. सब से ज्यादा रागिनी रो रही थी की उस से कितना बड़ा पाप हो गया.
सुनील- रागिनी आज तुम मेरी नजरो मई गिर गई. क्या कहु मई तुम्हे अब. मई अब लल्लू क सामने कैसे जाएंगे. कैसे उस से नजरे मिला पाउँगा जिस की पत्नी hi उस का सब से बड़ा गुनहगार निकला.
सोनम- लल्लू छोटे चाचा क बर्ताव से भी बहुत दुखी था. पहले राम चाचा पागल बोल दिए थे सायद और फिर रागिनी चची आ क्र पागल बोल दी. ये सुन क्र उसे सोक लगा था.
ऋतू- जो हो गया सो हो गया लेकिन आगे अगर किसी ने भी उसे पागल या कुछ भी कहा तो उसका इस घर मई आखरी दिन होगा ये समझ लेना.
काजल लल्लू क पास बैठी हुई उसके बालो को सहला रही थी.
काजल आज बहुत दर गई थी.
राम से उसका बोल चल पिछले 1 शाल से बंद था. दोनों बचो को मुँह देख क्र वो हस्ती मुस्काती रहती थी पुरे दिन लेकिन आज जो हुआ वो देख क्र उसे अपने किस्मत पर बड़ा रोना आ रहा था. आज तो एक छान क लिए उसे लगा जैसे उसका पूरा संसार hi उजर गया.
पति पहले दूर था बेटे क साथ साथ बेटी भी बेहोश हो गई थी.
तभी शालिनी खाना ले क्र आ गई.
शालिनी- ये बेटे को खिला देना काजल. जब थोड़ा ठंढा हो जय तो फिर दवाई भी खिला देना.
ऋतू- सब को खाना खिला दिया शालिनी.
शालिनी- नहीं दीदी. किसी ने खाया hi नहीं.
ऋतू- रोमा जा सब को बुला क्र ला खाना खा ले सब.
रोमा सब को खाना क लिए बोल आया.
सभी मर्द आ गए खाना खाने सिवाए सुनील क.
ऋतू- सुनील जी नहीं आये. वो कहा रह गए.
अनिल- वो आज नहीं खायेगा. सो गया वो.
ऋतू जानती थी की वो लल्लू क साथ जो हुआ इस कारन से दुखी है. और आज अब किसी क भी कहने से नहीं खायेगा.
मर्दो क खा लेने क बाद सब लेडीज खाना निकल क्र ले आये.
इधर काजल लल्लू को अपने हाथो से थोड़ा खाना खिला दिया था और दवाई भी खिला क्र सुला दी थी.
ऋतू- जा काजल को बुला ला. वो भी थोड़ा खा ले.
गौरी- चची खाना नहीं खायेगी. (गौरी काजल क कमरे से वापस आ क्र बोली)
ऋतू काजल क कमरे मई चली गई.
कमरे मई काजल लल्लू क सर को अपने गॉड मई ले क्र बैठी उस क सर को सहला रही थी.
ऋतू- खाना खा ले थोड़ा सा.
काजल- आप सब खाओ. मुझे अभी भूख नहीं है.
ऋतू- रात को खली पेट नहीं सोते. लल्लू का सही ख्याल तभी रख पाओगे जब खुद सही रहोगी.
काजल- मई ठीक हु दीदी. मुझे क्या होना है. इतनी अच्छी किस्मत होती मेरी तो फिर किस बात का रोना था.
ऋतू- कोई भी अपनी जिंदगी से खुश नहीं होता कभी. जिस को जितना मिलता है इतने मई hi खुस होना सिख लेना चाहिए. चल चुप चाप खाना खा ले चल क्र.
काजल- आप मेरा खाना किसी से भेजवा दो. मई बाद मई खा लुंगी.
ऋतू- ठीक है लेकिन सुबह मई देखूंगी की तुमने खाया या नहीं.
ऋतू वापस आँगन जा क्र काजल का खाना उसके कमरे मई धक् क्र रखवा दी.
काजल उठ क्र अपने कमरे का दरवाजा बंद की और लल्लू को हुग क्र के सो गई.
सोनम दौड़ क्र टाला चाभी ले और एक एक क्र सरे घर मई लगाने लगी.
ऋतू अपना हैंड बैग उठाये कमरे से बहार आई.
ऋतू- चलो सब दालान पर पहुँचो.
राम सुनील से पूछो कहा पंहुचा है.
सभी लोग दालान मई इक्कठा हो गए.
दादू- क्या हो रहा है ये सब. मेरे लल्लू बेटे को क्या हुआ और अब ये कोमल बिटिया भी ऐसे है.
ऋतू- आप पदेशन मत होइए. पता नहीं क्या हुआ की लल्लू बेहोश हो गया और उसे देख क्र कोमल भी हो गई है.
तब तक बहार दो गारी आ क्र कड़ी हो गई.
अनिल कोमल को उठा क्र गारी मई दाल दिया.
ऋतू- दो hi गारी आई. मई तीन गारी का बोलै था न.
राम- भाबी दो hi गारी खली थी अभी. वैसे भी इतने लोग जा क्र क्या करेंगे वह.
ऋतू- रोमा मीनू रानी गौरी रागिनी शालिनी और सोनम क पापा आप सब यही रहिये.
बांकी हम सब जा क्र देखते है. ज्यादा पड़ेशानी वाली बात नहीं होनी चाहिए अगर जरुरत पड़ी तो कॉल क्र आप सब को बुला लुंगी.
सब जाना चाहते थे हॉस्पिटल लल्लू क लिए लेकिन अभी क हालत मई जिद्द करना सही नहीं था तो सब चुप रह गए.
सोनम रागिनी को घर का चाभी थमा दी.
फिर सब दो गारी मई बैठ क्र हॉस्पिटल चल दिए.
राम कॉल क्र पता क्र लिया था सुनील लल्लू को ले क्र कहा गया है.
ये दोनों गारी भी वह हॉस्पिटल पहुंच गई.
राम कोमल को निकल क्र अंडर हॉस्पिटल मई ले गए.
कोमल को भी एडमिट क्र दिया गया.
सब सुनील क पास पहुंचे.
ऋतू- कैसा है मेरा बीटा सुनील.
सुनील- अभी डॉक्टर जाँच क्र रहे है.
सभी वही बेंच पर बैठ गए.
काजल वह भी एक कोने मई कड़ी थी.
सुनील- क्या हुआ था वह अब कोई बताएगा मुझे.
ऋतू- बाद मई सुनील. अभी पहले दोनों को होश आ जय और भगवन की कृपा से सब अच्छा हो फिर घर चल क्र पता करेंगे की हुआ क्या था.
ऋतू- सोनम अपने चची क साथ रहना.
सोनम काजल क पास चली गई.
कुछ देर बाद डॉक्टर बहार निकला.
सुनील- कैसा है मेरा बीटा डॉक्टर साहब.
डॉक्टर- देखिये मरीज को किसी चीज का गहरा सोक लगा है जिस कारन इसे ब्रेन का एक हिस्सा अभी काम करना बंद क्र दिया है. अभी बेहोश है. अगर चार घंटे तक होश नहीं आया तो फिर कुछ भी कहना मुश्किल होगा. सायद मरीज कोमा मई चला जय या फिर पागल हो जय.
सुनील डॉक्टर की बात सुन क्र वही बेंच को पाकर क्र बैठ गया.
उसके लिए लल्लू सब से प्यारा था. लल्लू मई वो अपनी छवि देखता था. बहुत प्यार करता था वो लल्लू से.
ऋतू तो रोने hi लगी.
रवि- भाभी भरोसा रखिये भगवन पर. वो हमारे लल्लू क साथ इतना बुरा नहीं करेंगे. और आप ऐसे रोइएगा तो लल्लू क माँ को कौन संभालेगा.
अब सब को ऋतू क्या बताये की लल्लू उसके लिए क्या मायने रखता है.
इधर िक मई लल्लू वेंटीलेटर पर लेता हुआ था.
उसके सरीर मई कोई हलचल नहीं हो रहा था सिवाय एक चीज क.
टैटू.
उसके कंधे पर पीछे टैटू था जो अब बढ़ता जा रहा था.
कंधे का टैटू अभी लल्लो क आधे पीठ छाती और एक हाथ मई फ़ैल गया था.
लेकिन ये टैटू लल्लू क सरीर मई बनता बिगड़ता जा रहा था.
कभी छाती का टैटू तो कभी हाथ का टैटू मिट जाता था.
सब बहार कोई बेंच पर बैठे तो कोई दीवाल क सहारे खड़ा इस बुरे वक्त को जल्द से जल्द बिताना चाहता था और अच्छे समय क आने का इंतजार.
थोड़ी थोड़ी देर मई कोई न कोई जा क्र दरवाजे मई लगे छोटे से गिलास से लल्लू को देख आते थे.
इधर कोमल को होश आ गया था.
लेकिन उसे नींद का इंजेक्शन दे क्र सुला दिए थे.
पुरे चार घंटे बाद लल्लू को होश आया.
सब मई ख़ुशी की लहार दौर गई.
डॉक्टर जाँच क्र सबको एक एक क्र मिलने को बोल दिया.
सब से पहले सुनील गया.
सुनील- बीटा क्यू ऐसा करता है. तुझ मई मेरा जान बस्ता hai.koi बात है तो तू सीधा मुझ से बोलै क्र. खुद दिमाग पर जोर क्यू देता है. मई हु न तुम्हारे साथ.
लल्लू सर हिला क्र है क्र दिया.
सुनील- चल सब से मिल ले. ज्यादा बोलना नहीं.
भेजता हुआ मई सब को.
सुनील बहार निकला तो ऋतू और काजल अंडर चली गई.
दोनों लल्लू क बीएड क पास कड़ी लल्लू को एक तक देखे जा रही थी.
लल्लू- सॉरी. ( एक हाथ से कान पकड़ क्र, दूसरे हाथ मई ड्रिप लगा हुआ था)
ऋतू आगे बढ़ क्र उसके माथे पर एक किसी क्र दी.
लल्लू काजल को देखे जा रहा था. काजल लल्लू को.
दोनों कुछ बोल नहीं रहे थे. बस देखे जा रहे थे.
काजल की आँखे भर आई. वो भाग क्र बहार आ गई.
ऋतू- आगे से फिर कभी ऐसा नहीं करना बीटा. तुम मई ह सब की जान बस्ती है. तेरी माँ और बहन तो मर hi जाएगी.
तभी राम आ गया वह.
ऋतू बहार चली गई.
राम- क्या हुआ था. कैसे तबियत ख़राब हो गया.
लल्लू- पता नहीं.
राम- ठीक है न अब तू.
लल्लू- जी.
राम- ठीक है. आराम क्र.
राम बहार चला गया.
रवि- कैसा है मेरा बहादुर बीटा( रवि अंडर आता बोलै)
लल्लू- ठीक हु काका.
रवि- गुड. आराम क्र.
रवि बहार चला गया.
सोनम अंदर आ क्र लल्लू क गले लग गई और उसके गलो पर चुम्मी की झरि लगा दी.
फिर आहिस्ता से लल्लू क होठो को एक बार चुम क्र सरमाती हुई हुत्त गया.
लल्लू सुरप्रीसेड सोनम दीदी को देखने लगा.
सोनम- आगे से फिर कभी ऐसे बच्चो की तरह रोया न तो तेरी बहुत पिटाई करुँगी.
लल्लू सोनम को देख क्र मुसकुदा दिया फिर इसारे से अपने पास बुलाया झुकने क लिए कहा.
सोनम लल्लू पर झुक क्र अपना कान उसके मुँह क पास क्र दिया.
लल्लू- आप बहुत प्यारी दीदी हो. ( सोनम क गाल को चुम क्र बोलै)
सोनम हड़बड़ा क्र सीधी हो गई.
(वाओ बहुत घड़ा प्यार है आप दोनों मई. सदी हो गयी आप दोनों की.) एक नर्स जो एक तरफ चेयर पर बैठी थी वो दोनों को देख क्र बोली.
सोनम आवाज सुन्न क्र चौक गई. फिर सरमाती हुई लल्लू को देख क्र बहार भाग गई.
लल्लू बीएड पर लेता मुसकुडता रहा.
बहार…
ऋतू- सुनील डॉक्टर से पूछिए कब तक डिस्चार्ज करेंगे दोनों को.
सुनील उठ क्र डॉक्टर क केबिन मई चला गया.
सुनील- अभी थोड़ी देर मई बोलै है डिस्चार्ज क्र देगा.
सुनील जा क्र पेमेंट सारा क्लियर क्र दिया.
थोड़ी देर मई लल्लू और कोमल को डिस्चार्ज क्र दिया गया.
दोनों गारी जिस मई ये लोग आये थे उस मई बैठ क्र वापस घर आ गए.
कोमल अपने कमरे मई जा क्र आराम करने लगी.
सुनील- सोनम अभी लल्लू को काजल भाबी क कमरे मई सुला दो लेकिन कल तुम लोग अपना बगल वाला कमरा जो बंद पड़ा है उसे साफ़ क्र देना. लल्लू कल से वही रहेगा.
सोनम- ठीक है चाचा.
सुनील आँगन मई खटिया पर बैठ गया.
सुनील- अब मुझे कौन बताएगा की आखिर हुआ क्या था.
ऋतू- मई गई थी तब तक तो सब रो रहे थे तो सोनम को पता होगा. सोनम बीटा क्या हुआ था.
घर क सभी वही आ गए की आखिर हुआ क्या था.
फिर सोनम सब को बताने लगी की कैसे लल्लू कमरे मई आया और बात सुरु हुई
फिर कैसे रोटा हुआ बोलै की सब उसे पागल समझते hai.jis से उसका मन करता है खुद खुसी क्र लेने का.
और फिर लल्लू की इस बात पर साडी बहनो का रोना और फिर ऋतू और रागिनी का आना.
रागिनी का लल्लू को पागल कह क्र थप्पड़ मरना.
फिर लल्लू का सोनम क बहो मई बेहोस होना उसके बाद कोमल का भी बेहोस हो जाना.
सोनम की बात सुन क्र सब रोने लगे. सब से ज्यादा रागिनी रो रही थी की उस से कितना बड़ा पाप हो गया.
सुनील- रागिनी आज तुम मेरी नजरो मई गिर गई. क्या कहु मई तुम्हे अब. मई अब लल्लू क सामने कैसे जाएंगे. कैसे उस से नजरे मिला पाउँगा जिस की पत्नी hi उस का सब से बड़ा गुनहगार निकला.
सोनम- लल्लू छोटे चाचा क बर्ताव से भी बहुत दुखी था. पहले राम चाचा पागल बोल दिए थे सायद और फिर रागिनी चची आ क्र पागल बोल दी. ये सुन क्र उसे सोक लगा था.
ऋतू- जो हो गया सो हो गया लेकिन आगे अगर किसी ने भी उसे पागल या कुछ भी कहा तो उसका इस घर मई आखरी दिन होगा ये समझ लेना.
काजल लल्लू क पास बैठी हुई उसके बालो को सहला रही थी.
काजल आज बहुत दर गई थी.
राम से उसका बोल चल पिछले 1 शाल से बंद था. दोनों बचो को मुँह देख क्र वो हस्ती मुस्काती रहती थी पुरे दिन लेकिन आज जो हुआ वो देख क्र उसे अपने किस्मत पर बड़ा रोना आ रहा था. आज तो एक छान क लिए उसे लगा जैसे उसका पूरा संसार hi उजर गया.
पति पहले दूर था बेटे क साथ साथ बेटी भी बेहोश हो गई थी.
तभी शालिनी खाना ले क्र आ गई.
शालिनी- ये बेटे को खिला देना काजल. जब थोड़ा ठंढा हो जय तो फिर दवाई भी खिला देना.
ऋतू- सब को खाना खिला दिया शालिनी.
शालिनी- नहीं दीदी. किसी ने खाया hi नहीं.
ऋतू- रोमा जा सब को बुला क्र ला खाना खा ले सब.
रोमा सब को खाना क लिए बोल आया.
सभी मर्द आ गए खाना खाने सिवाए सुनील क.
ऋतू- सुनील जी नहीं आये. वो कहा रह गए.
अनिल- वो आज नहीं खायेगा. सो गया वो.
ऋतू जानती थी की वो लल्लू क साथ जो हुआ इस कारन से दुखी है. और आज अब किसी क भी कहने से नहीं खायेगा.
मर्दो क खा लेने क बाद सब लेडीज खाना निकल क्र ले आये.
इधर काजल लल्लू को अपने हाथो से थोड़ा खाना खिला दिया था और दवाई भी खिला क्र सुला दी थी.
ऋतू- जा काजल को बुला ला. वो भी थोड़ा खा ले.
गौरी- चची खाना नहीं खायेगी. (गौरी काजल क कमरे से वापस आ क्र बोली)
ऋतू काजल क कमरे मई चली गई.
कमरे मई काजल लल्लू क सर को अपने गॉड मई ले क्र बैठी उस क सर को सहला रही थी.
ऋतू- खाना खा ले थोड़ा सा.
काजल- आप सब खाओ. मुझे अभी भूख नहीं है.
ऋतू- रात को खली पेट नहीं सोते. लल्लू का सही ख्याल तभी रख पाओगे जब खुद सही रहोगी.
काजल- मई ठीक हु दीदी. मुझे क्या होना है. इतनी अच्छी किस्मत होती मेरी तो फिर किस बात का रोना था.
ऋतू- कोई भी अपनी जिंदगी से खुश नहीं होता कभी. जिस को जितना मिलता है इतने मई hi खुस होना सिख लेना चाहिए. चल चुप चाप खाना खा ले चल क्र.
काजल- आप मेरा खाना किसी से भेजवा दो. मई बाद मई खा लुंगी.
ऋतू- ठीक है लेकिन सुबह मई देखूंगी की तुमने खाया या नहीं.
ऋतू वापस आँगन जा क्र काजल का खाना उसके कमरे मई धक् क्र रखवा दी.
काजल उठ क्र अपने कमरे का दरवाजा बंद की और लल्लू को हुग क्र के सो गई.