Kamvasna - Mard ka bachcha - Page 6 - SexBaba
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Kamvasna - Mard ka bachcha

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मर्द का बच्चा. अपडेट 26.

सुबह 4 बजे लल्लू की नींद खुल गया.

अंगड़ाई लेता हुआ उठ बैठा.

देखा काजल उसके और अपना बड़ी सी गांड उठाये नंगी सो रही है.

सुबह सुबह ऐसे दृश्य देख क्र लल्लू का मन बावला हो गया.

झुक क्र काजल क गांड मई मुँह लगा दिया.

गांड क दोनों पतों को फैला क्र अच्छी तरह गिला क्र उसके भूरे छेद को चाटने लगा अपनी जीभ लपलपा क्र.

मन भर गांड का छेद चाट क्र काजल की छूट मई मुँह लगा दिया तब तक काजल भी उठ चुकी थी और आँख बंद किये हुए गांड चटाई का आनंद ले रही थी.

छूट की चूसै सुरु होते hi काजल कराहना सुरु क्र दी.

ककी लल्लू का डंडा एक बार पद गया तो फिर वो छेद फुल क्र रसगुल्ला न बन जय ऐसा कैसे हो सकता है.

काजल की छूट का भी वही हाल था इस समय.

वो लल्लू क डंडे को खा क्र फुल क्र रसगुल्ला हो गया था जिस का लल्लू दुबारा से रास निकलने मई लगा हुआ था.

काजल अपने चुके को पकड़ क्र खुद से मसलने लगी इधर लल्लू का लौड़ा एक बार फिर से इस गदराये घोड़ी की सवारी को तैयार था.

लल्लू भी देर करना उचित न समझा और छूट तो चाटने से गिला था hi अपने डंडे को भी गिला क्र दिया थूक लगा क्र और भीरा दिया छूट क पहले हुए मुहाने पर.

काजल क मखमली गांड को पकड़ क्र लल्लू एक करारा शॉट मर दिया.

लौड़ा पूरा जार तक छूट को फैलता हुआ घुस गया.

काजल कराह क्र रह गई.

लल्लू काजल क गांड को मसलता हुआ अपना लौड़ा पूरा बहार निकल निकल क्र काजल को तबियत से ठोकने लगा.

काजल एक पेअर मोर क्र फैलाये अपने गांड को निकल क्र लल्लू अपने बेटे से छूट मरवा रही थी मजे से.

लल्लू अपनी एक ऊँगली मुँह मई ले क्र गिला क्र दिया और काजल की उठी गांड क सुराख़ को कुरेदते हुए घुसा दिया.

काजल इस दोहरे हमले को झेल न सकीय और भलभला क्र जहर गई.

लल्लू एक ऊँगली से काजल का गांड छोड़ता अपने लौड़े को उसके छूट मई पटकता हुआ हचक हचक क्र काजल को छोड़ने लगा.

लल्लू मजे से सातवे आसमान पर था.

उसके मुँह से अजीब अजीब गुर्राहट निकल रहा था.

लल्लू काजल को छूट छोड़ता हुआ गांड मई एक ऊँगली क बाद दूसरा ऊँगली भी घुसा दिया तेल दाल क्र.

फिर लल्लू अपना लौड़ा निकल क्र उसे अपने धोती से पॉच फिर से लौड़ा काजल क छूट मई घुसा दिया एक hi बार मई जार तक.

सूखे लौड़े क छूट क gahrai.mai उतरने से दोनों क मुख से आह निकल गया.

लल्लू काजल क दोनों चुके को पकड़ क्र मसलते हुए अब दनादन छोड़ते हुए अपना स्पीड बढ़ा दिया.

काजल क मुँह से अब अजीब अजीब आवाजे निकल रही थी.

लल्लू काजल क गांड को कभी कभी दांतो से काट लेता तो कभी काजल क मोठे चुके को.

काजल अपना गांड पीछे धकेलते हुए ले से कमर मटका क्र लल्लू का साथ दे रही थी.

फिर लल्लू काजल क छूट से लैंड निकल क्र उसके छूट मई मुख लगा क्र उसे काटने लगा हलके हलके

फिर एक hi बार मई जार तक थोक दिया.

लल्लू काजल क एक पेअर को उठा क्र अब छोड़ने लगा.

काजल की छूट और गांड दोनों खुल गए.

लल्लू थूक से गिला क्र एक बार फिर से दो ऊँगली काजल क गांड मई घुसा दिया और लैंड और ऊँगली दोनों ले से अंडर बहार हो रहे थे.

लल्लू का स्पीड अब बढ़ने लगा था. लल्लू अब अपने पिक पर था.

वो अपना लैंड निकल क्र काजल क गांड पर मसलता हुआ काजल क पुरे गांड को गन्दा क्र दिया.

उधर काजल भी भलभला क्र जहर गई.

दोनों एक बार फिर बीएड पर लुढ़क गए.

थोड़ी देर मई काजल बीएड से निचे उतर गई.

अपने कपडे पहन क्र जैसे hi बहार जाने को दरवाजे की और पेअर बढ़ाया की पुरे बदन मई दर्द की एक तेज लहार दौर गई.

काजल तुरंत बीएड का सहारा ले लिया.

लल्लू जा क्र काजल का हाथ पकड़ लिया.

काजल प्यार से एक चमत लगा दी.

काजल- देख क्या क्र दिया. कोई ऐसे भी करता है. अब मई बहार कैसे जिऊंगी.

लल्लू- मई अपने गॉड मई उठा क्र ले चलता हु आप को.

काजल- अच्छा और जब सभी पूछेंगे की क्या हुआ तो क्या कहेगा.

लल्लू- कह दूंगा की रात प्यार करने मई कही चोट लग गया.

काजल एक चपत और लगा दी

काजल- बुद्धू ऐसा किसी से मत कहना.

अब छोड़ मुझे. मई चली जाउंगी.

लल्लू आराम से काजल को छोड़ दिया.

काजल पहले आराम आराम से कमरे मई दो चक्कर लगाया फिर दरवाजा खोल क्र बहार आ गई.

लल्लू फिर बीएड पर लेट गया.

काजल हल्का लंगड़ाती हुई फ्रेश होने चली गई.

ऋतू- क्या बात है क्या हुआ तुम्हे. ( ऋतू वाशरूम से वापस आ रही थी जब काजल मिल गई)

काजल- वो वो रात को नलका पर फिलहाल गई थी.

ऋतू- ज्यादा चोट लगी है क्या. ( ऋतू काजल को देखते हुए बोली)

काजल- नहीं बस पेअर मुद गया था.( काजल सर झुकाये बोली)

ऋतू सक भरी नजरो से देख रही थी.

काजल क होठ भी सूज गए थे.

ऋतू-( काजल क पास आ क्र उसके सर को सहलाते हुए.) आराम से जाओ. या मई चालू साथ.

काजल- नही नहीं मई चली जाउंगी दीदी. आप घर जाओ. चाय चढ़ो.

काजल धीरे धीरे आगे बढ़ गई.

ऋतू वापस आँगन आ चाय चढ़ा दी.

फिर काजल क कमरे मई चली गई जहा लल्लू सोया हुआ था.

ऋतू जा क्र लल्लू क होठो पर अपना होठ दाल क्र चूमने लगी.

रवि आँखे बंद किये ऋतू क चूचियों को दबाता उसके होठो का रास पिने लगा.

लल्लू- आ गई मेरी याद.

ऋतू- अच्छा. खुद तो अभी अपने माँ पर सारा प्यार लुटाने मई लगा है और मुझे कह रहा है.

लल्लू- है जान. माँ को भी तो देखना था कितनी अकेली हो गई थी. अब अभी वो बहुत खुश रहती है.

ऋतू- सही कहा बीटा. ऐसे hi सब को ख्याल रखना. (लल्लू क सर को अपने चूचियों पर दबाये उसका सर सहलाती बोली.)

लल्लू- आज आप तैयार रहना.

ऋतू- पहले तुम फ्रेश हो क्र तैयार हो जाना ककी तुम्हे अपने बड़ी बहन क साथ आज सोल्लगे जाना है.

लल्लू- ठीक है मेरी लुगाई.( लल्लू ऋतू क एक चुके को पकड़ क्र जोर से दबाता बोलै.

ऋतू लल्लू से अपने को छुड़ा क्र कमरे से बहार भाग आई.

फिर लल्लू फ्रेश होने चला गया.

वह से आ क्र आँगन मई खटिये पर बैठ गया.

रागिनी चाय ला क्र लल्लू को दी.

लल्लू चाय पिने क बाद दालान पर बुलेट सिखने चला गया सुनील काका क पास.

वह से आ क्र लल्लू दीदी क कमरे की और चल दिया.

कमरे क दरवाजे पर आ क्र लल्लू दरवाजा बजाय.

कोमल आ क्र दरवाजा खोली.

कोमल- ओहो भाई अभी तक तुम तैयार नहीं हुए.

लल्लू- दीदी तैयार हो गई क्या.

सोनम- है भाई. मई तैयार हो गई. (सोनम दूसरे कमरे क गेट से इस कमरे मई आती बोली.)

लल्लू- वववव दीदी आज आप बहुत सुन्दर लग रही हो.

सोनम का गाल सरम से लाल हो गया.

रोमा- भाई तुम भी तैयार हो जाओ जल्दी से. नहीं तो देर हो जाएगा और आज लास्ट डेट है.

लल्लू- दीदी दीदी… थोड़ा सैश तो ले लो.

मई तो दीदी को hi देखने आया था की वो तैयार हुए की नहीं.

मुझे तैयार होने मई कितना समय लगेगा.

मीनू- अच्छा तुम कहना चाहते हो की दीदी को तैयार होने मई ज्यादा समय लगता है.

लल्लू- k.kya m..ma..mai ने ऐसा कब्ब कहा.

कोमल- हाहाहा देखो भाई कैसे दर गया.

सोनम- अच्छा तुम लोग मेरे भाई को यु तंग मत करो. तू जा भाई जल्दी से तैयार हो जा.

लल्लू वह से निकल क्र स्नानं करने चला गया.

स्नानं क्र काजल क कमरे मई चला गया.

कमरे मई काजल आराम क्र रही थी.

लल्लू- माँ क्या हुआ. तबियत कैसी है.

काजल- ठीक है.

लल्लू- (माँ क पास आ क्र उसके पास बीएड पर बैठ गया और माँ क सर को छू क्र देखा.)

माँ तुम्हे तो बिखर हो गया है.

काजल- तू चिंता मत क्र. मैंने दवाई खा ली है. अभी ठीक हो जाएगा.

लल्लू- पक्का न माँ. मई सहर जा रहा हु सोनम दीदी क साथ. आप का तबियत अगर ख़राब है तो आप भी चलो दिखा लेना डॉक्टर से.

काजल- अरे पगले मई अभी थोड़ी देर मई ठीक हो जाउंगी. तू खा माँ खा चिंता क्र रहा है. तू जा सोनम को ले क्र कॉलेज जा.

लल्लू अपना कपडा निकल के पहन लिया.

फिर बहार आ क्र खाना खाने बैठ गया.

लल्लू- काकी माँ दबाई ली है क्या.

ऋतू- है मैंने दे दिया है. तू चिंता मत क्र.

लल्लू खाना खा क्र सोनम क साथ बहार आ गया.

आज सोनम चलती फिरती बम लग रही थी.

लल्लू बहार आ क्र शादी से बुलेट निकलने लगा.

सोनम- भाई ये क्या क्र रहा है. गारी क्यू निकल रहा है.

लल्लू- ककी हम इसी से जाएंगे.

सोनम- क्या… तुम बुलेट चला लोगे सही से न. कही गिर गए हम दोनों.

लल्लू- दीदी एक सेक्रेट बात बताऊ. किसी को बताना नहीं.

सोनम- क्या.

लल्लू- तवो व्हीलर क्या मुझे तो फोर व्हीलर भी चलना आता है. बस कैसे आता है ये मत पूछो.

सोनम- चलो ठीक है. लेकिन आराम से चलना और गिरा मत देना.
 
मर्द का बच्चा. अपडेट 27.

लल्लू बुलेट पर बैठ क्र स्टार्ट किया और हेलमेट लगा लिया.

पीछे सोनम आ क्र दोनों पेअर एक और क्र बैठ गई.

अपने हैंड बैग क साथ.

बहार तक ऋतू साथ आई थी.

ऋतू- बच्चो आराम से जाना. लल्लू बीटा गारी जरा आराम से चलना.

लल्लू- काकी आप बिलकुल फ़िक्र न करे. ये मेरी सब से प्यारी दीदी है. इन्हे मई अपने दिल मई छुपा क्र रखूँगा.

सोनम लल्लू को एक मुक्का मरती है सरमाती हुई.

सोनम- चुप बेसरम. कुछ भी बोल देता है.

फिर दोनों वह से चल पड़े.

गौण से बहार आ क्र गारी मैं रोड पर आ गई.

लल्लू ने गारी की हलकी स्पीड बढ़ा दिया.

सोनम- भाई आराम से हमे कोई जल्दी नहीं है. (सोनम लल्लू क पीठ पर झुकती उसके कान क पास मुँह लती बोली)

लल्लू- दीदी यहाँ तक लाया हु तो की आप को लग रहा है की कोई अनादि गारी चला रहा है.

लल्लू सोनम से पूछा.

सोनम- नहीं भ.

लल्लू- तो आप क्यू घबरा रही है. अगर गिरे तो मई आप को चोट नहीं लगने दूंगा. आप का भी सारा चोट अपने पर ले लूंगा.

सोनम- भाई चोट मुझे लगेगा तो दर्द मुझे होगा और चोट तुम्हे लगेगा तब भी दर्द मुझे hi होगा. क्यू तुम मेरे सब से प्यारे भाई हो.

लल्लू- दीदी आप डर्टी बहुत हो. मेरे बहन इतनी डरपोक कैसे हो सकती है.

लल्लू गाड़ी की स्पीड और बढ़ता बोलै.

सोनम लल्लू को दोनों हाथो स कास क्र बहो मई ले ली.

सोनम की कड़क गोल चूचिया लल्लू क पीठ मई देश गया था.

सोनम- भाई प्लस मुझे दर लग रहा है. गाड़ी धीरे करि. प्लस नहीं तो मई कूद जाउंगी.

लल्लू गाड़ी का स्पीड स्लो क्र दिया.

सोनम- थैंक्स भाई. भाई मेरी एक फ्रेंड भी आगे इंतजार क्र रही है क्या उसे भी बैठा क्र तुम चला सकते हो.

लल्लू- क्यू नहीं दीदी. मुझे तो अपने पर कोई संदेह hi नहीं है. बस आप को hi अपने भाई पर भरोसा नहीं है.

सोनम लल्लू से चिपकते हुए.

सोनम- मुझे तुम पर अपने से ज्यादा भरोसा है भाई लेकिन मई पहली बार बाइक पर बैठी हु न इस लिए जब तुम तेज करते हो तो दर लगता है.

सोनम- भाई आगे रोक लेना. वह बरगद क पैर क निचे.

आगे एक बरगद का पैर था जहा कुछ लोग बैठे हुए थे. पैर क चौ मई.

लल्लू गारी ले जा क्र वह रोक दिया.

सोनम बाइक से उतर क्र अपने हैंड बैग से मोबाइल निकल क्र कॉल की अपने फ्रेंड को.

सोनम- भाई वो थोड़ी देर मई आ रही है. घर से निकल गई है.

फिर दोनों कुछ देर वही पैर क निचे इंतजार करने लगे तभी एक लड़की आती हुई दिखाई दी.

वो लड़की आ क्र सोनम क गले लग गई.

लड़की - और मेरी जान कैसी है तू. तू तो बिलकुल बम लग रही है. ये कौन कही तू सदी तो नहीं क्र ली. वैसे जीजा जी तो बड़े हैंडसम है. एक दिन क लिए मुझे दे देना.

सोनम- तू सुधरेगी नहीं है न. जब देखो यही सब तेरे दिमाग मई चलता रहता है. ये मेरा छोटा भाई है ललित.

और भाई ये रिद्धि है मेरी फ्रेंड.

रिद्धि- Hiii.(Muskudati हुई)

लल्लू- Hello, रिद्धि दीदी.

रिद्धि- ू हेल्ल्लूओ, दीदी कहना अपनी बहन को मुझे रिद्धि hi कह क्र बात करना.

सोनम मुसकुडने लगी और बोली- चलना भी है या फिर यही खड़ा रहना है.

लल्लू बाइक स्टार्ट किया फिर सोनम बैठ गई और उसके बाद रिद्धि.

सोनम और रिद्धि बाटे करने मई लगे हुए थी.

सोल्लगे पहुंच क्र दोनों बाइक से उतर गई.

सोनम- भाई तुम कैंटीन मई बैठो हम फॉर्म सब्मिट क्र आते है.

फिर लल्लू पार्किंग से कैंटीन चला गया और ये दोनों अपने और दोस्तों को ढूंढते हुए अंडर सोल्लगे.

लल्लू कैंटीन पहुंच एक टेबल पर बैठ गया.

जहा लल्लू बैठा था ठीक उस टेबल क सामने की टेबल पर तीन लड़किया बैठी हुई थी.

एक लड़की जो लल्लू क ठीक सामने उसकी और चेहरा क्र बैठी हुई थी.

लड़की- यार देख कितना हैंडसम लड़का है ये. पहले तो कभी नहीं देखा इसे सोल्लगे मई.

बांकी की दोनों लड़किया पलट क्र उस लड़की की नजरो का पीछा करती है.

दूसरी लड़की- है लड़का तो हैंडसम है. हम से जूनियर होगा.

तीसरी लड़की- चले क्या उसके पास.

पहली उठ भी गई चेयर से और आ क्र बैठ गई लल्लू क सामने वाली चेयर पर.

दोनों लड़किया ये देख क्र वह से उठ क्र लल्लू वाले टेबल पर आ गई और पहली वाली क साथ बैठ गई.

पहली लड़की- चल नास्ता माँगा.

लल्लू उस लड़की का मुँह देखने लगा की ये ऐसे क्यू बोल रही है.

दूसरी लड़की- ऐसे क्या देख रहा है. कभी लड़की नहीं देखा है क्या.

लल्लू- लड़की तो बाहत देखा है लेकिन मई आप लोगो को पहचाना नहीं. क्या हम पहले कभी मिले हैं.

तीसरी लड़की- नहीं मिले है तभी तो मिलने आये है तुम्हारे टेबल पर.

पहली- चल जल्दी माँगा. मेरे लिए समोसे.

दूसरी- साथ मई कोल्ड्रिंक भी.

लल्लू सोच रहा था की ये है कौन जो उसके गले पद रही है.

पहली - तुम्हे समझ नहीं आ रहा क्या. अगर इस सोल्लगे मई रहना है तो अपने सीनियर की बातनांए सिख.

दूसरी- कैंटीन वाले से. काका इस लड़के क नाम पर तीन प्लेट समोसे और कोल्ड्रिंक भेजना.

लल्लू- अरे मई भी खाऊंगा मेरे मुँह मई चिति थोड़े न उठा है.

तीसरी- तुम्हे खाना है तो अपना आर्डर कर दो.

पहली- कौन से क्लास मई पढ़ते हो तुम

दूसरी- नाम बताओ अपना.

लल्लू- पहले किस का जवाब दू.

पहली- नाम बताओ अपना.

लल्लू- ललित कुमार.

दूसरी- कौन से क्लास मई पढ़ते हो.

लल्लू- पढाई नहीं करता मई.

तीसरी लड़की- फिर यहाँ क्या करने आये हो.

सोनम- ये मेरे साथ आया है.

पहली- कामिनी कहा थी इतनी देर से. लैब से तेरा इंतजार कर रहे है हम लोग.

रिद्धि- हम दोनों तुम्हे सरे सोल्लगे मई ढूंढ रहे थे.

दूसरी- सोनम क्या बात है तू तो बड़ी तेज निकली. बोल रही थी बॉयफ्रेंड नहीं बनाएगी. बॉयफ्रेंड क बात पर भी शर्मा जाती थी और यहाँ तो अपने बॉयफ्रेंड को ले क्र घूम रही है.

रिद्धि- तो तेरी क्यू जल रही है. तू भी बुला ले सौरभ को.

दूसरी- नाम मत ले उस हरामी का. साला कमीना था वो. बहार और कई से सम्बन्ध था उसका.

सोनम- इसी लिए मई इन झमेलों से दूर रहने को कहती थी तुम लोगो को. लेकिन तुम सब पर तो भूत सवार था.

तीसरी लड़की- तो फिर इस हैंडसम को लेके जो घूम रही है ये कौन है.

रिद्धि- ये मेरा बॉयफ्रेंड है.

दूसरी- हैयय क्या लड़का पटाया है यार.

रिद्धि- वैसे तुम्हे चाहिए तो मई अपना बॉयफ्रेंड तुम्हे दे सकती हु लेकिन एक सरत है.

पहली- क्या सरत है.

सोनम- हम सब क लिए नास्ता विथ कोल्ड्रिंक मांगना पड़ेगा.

तीसरी लड़की- मई तैयार हु. वो झट से सब क लिए नास्ता आर्डर क्र दिया.

कैंटीन वाला इन तीनो का ला hi रहा था वो तीन और लगा क्र दे दिया सब को.

सब मिल क्र नास्ता करने लगे.

(इन लड़कियों का ज्यादा रोल नहीं है तो इसी लिए इनका परिचय नहीं दिया.)

सोनम- चलो अब फॉर्म सुब्मित्ते क्र ले.

(लल्लू से) तुम यही बैठो हम आते है.

फिर ये सभी वह से चल दी फॉर्म जमा करने.

लल्लू वह बैठा इधर उधर देखता टाइम पास क्र रहा था.

थोड़ी देर बाद सभी लड़किया फॉर्म जमा क्र आ गई.

लल्लू सोनम को देख खड़ा हो गया.

लल्लू- चले क्या.

सोनम- है भाई चलते है.

तीसरी लड़की- लेकिन ये तो अब मेरा बॉयफ्रेंड है तो तुम लोग जाओ. मई अपने बॉयफ्रेंड क साथ बाजार घूमने जा रही हु.

सभी लड़किया हुस्ने लगी.

सोनम - मेरे भाई को तंग मत करो.

चलो भाई चलते है.

फिर सब वह से निकल क्र सोल्लगे से बहार आ गए.

वो तीनो लड़किया दूसरे गौण की थी तो बस पकड़ क्र उधर चली गई.

लल्लू पार्किंग से अपना बुलेट ले क्र आ गया सोनम और रिद्धि बैठ गई.

लल्लू बाइक आगे बढ़ा दिया.

सोनम- भाई पहले बाजार मई चलना.

वो तीनो बाजार पहुंच गए.

लल्लू- क्या लेना है दी.

रिद्धि- ललित पहले किसी कपडे क शॉप पर चलना. मुझे अपने भाई क लिए कुछ कपडे लेने है.

लल्लू इन लोगो को उसी शॉप पर ले गया जहा वो सुनील क साथ अपना कपडा लेने आया था.

तीनो दुकान क अंडर गए.

दुकान वाला- है बीटा क्या चाहिए.

लल्लू- रिद्धि से. किस आगे का है आप का भाई.

रिद्धि- काका दस साल क लड़के क लिए पेण्ट t-shirt दिखाना.

दुकानदार उन को कुछ अलग अलग डिज़ाइन और कलर क कपडे दिखाए.

रिद्धि इन मई से दो सेट ले लिए.

सोनम- भाई क्या यहाँ लेडीज का भी रखते है कपडे.

लल्लू- बहार मई बोर्ड देखा था जिस पर लेडीज गेट्स दोनों लिखा था.

है दीदी आप को क्या लेना है.

सोनम- भाई मुझे भी सब क लिए कुछ जींस पेंट्स और टीशर्ट लेने है.

लल्लू- काका क्या आप क पास गर्ल्स क भी जींस और टीशर्ट होंगे.

दुकानदार- सब मिलेगा बीटा. अभी दिखता हु.

फिर वो कई तरह क पेंट्स दिखाए जिन मई से सोनम तीन जींस ले ली और फिर तीन तशीरतस भी ले लिए.

बिल पाय क्र वो लोग वह से बहार आ गए.

लल्लू- दी अब कहा चलना है.

सोनम- अब भाई जहा सूट का कपडा मिलेगा उस दुकान पर.

फिर ये लोग एक शोरूम मई गए जहा साडी सूट सब लेडीज का कपडा मिलता है

दुकान वाला- है भैया क्या लेंगे. आइये बैठिये.

तीनो जा क्र सोफे पर बैठ गए.

लल्लू सोनम को देख क्र- क्या लेना है दी बताओ इन को.

सोनम- अंकल मुझे कुछ सुइट्स का कपडा चाहिए.

वो दुकान वाला वह काम करने वाली एक लेडी को बोलै कपडा दिखने को.

वो लेडी दीदी को अपने पास बुलाई.

सोनम और रिद्धि उठ क्र वह चले गए.

दुकान वाला- बीटा कहा से आये हो आप.

लल्लू- जी मई तरुवर पुर से आया हु.

D.wala- पिता जी का क्या नाम है आप क.

लल्लू- राम सिंह.

D.wala- हुम्म्म. चेहरा देख क्र hi लगा था मुझे की तुम राम क hi बेटे हो. ककी तुम्हारा चेहरा बहुत मिलता है राम से.

लल्लू- धन्यवाद् अंकल.

तब तक सोनम और रिद्धि आ गई.

लल्लू- क्या हुआ पसंद नहीं आया क्या.

सोनम- नहीं नहीं. ले लिया है कपडा. आ रहा है पैकिंग क्र रहे है.

D.wala- बीटा अगर सिलाई करवाना हो तो दे दो यहाँ सिलाई भी होता है.

सोनम- सॉरी अंकल वो मई अपने बहनो क लिए ख़रीदा है.

लल्लू- एक अपने लिए भी ले लो दी. यही सिलने दे दो.

सोनम उसे देखने लगी.

लल्लू उठ क्र उस तरफ चला गया जहा वो लड़िए कपडा दिखाई थी सोनम और रिद्धि को.

लल्लू वह जा क्र दो कलर का कपडा पसंद किया और सोनम और रिद्धि को पकड़ा दिया.

चलो दोनों अपना अपना नाप दे क्र आओ.

D.wala एक लड़िए क साथ दोनों को दुकान क पीछे क रूम मई भेज दिया जहा टेलरिंग का काम होता था.

D.wala- बीटा अगर साडी या और कुछ लेना हो तो ले लो. तुम्हारे परिवार क साथ हमारा पुराण पारिवारिक रिस्ता है.

तुम्हारे अनिल और सुनील काका भी यहाँ आते रहते है.

लल्लू तो सरप्राइज हो गया की सुच मई इसे सब का पता है.

लल्लू को मन किया की कुछ साडी ले ले अपने काकी और माँ क लिए भी तो वो उठ क्र साडी सेलेक्ट करने चला गया.

थोड़ी देर मगजमारी करने क बाद वो चार साडी सेलेक्ट क्र लिया.

फिर काउंटर पर आ क्र सब का बिल बनवा लिया.

जेब से कार्ड निकल क्र सब का पेमेंट क्र वापस आ क्र सोफे पर बैठ गया सब पैकेट ले क्र.

तब तक वो दोनों भी आ गए.

लल्लू- तो चले अब.

D.wala- बीटा दो मिनट्स रुक जाओ. जूस आ रहा है. वो पि क्र जाना. पहली बार आये हो तुम लोग मेरे यहाँ.

लल्लू- अंकल मुझे पता नहीं था यहाँ का. अब आते रहेंगे.

तब तक एक लड़का तीन गिलास जूस ले आया.

d.wala - लो आ hi गया बीटा.

फिर तीनो बैठ क्र जूस पिए और वह से बीड़ा ले क्र चल दिए.

सोनम- भाई उन्हें पैसा तो दे लेने दो.

लल्लू- दी पैसा मई दे दिया.

सोनम- इतने पैसे तुम्हारे पास कहा से आये.

लल्लू- क्यू मई कमाता नहीं तो क्या हुआ. आज तक जो सब पैसे दिए थे वो रखा hi तो था मेरे पास. किसी ने कभी खर्च hi नहीं करने दिया. और सुनील काका सुबह मुझे दिए थे पैसे.

फिर वह से लल्लू एक रेस्त्रो मई गारी ले जा क्र रोका.

रिद्धि- अब यहाँ क्या करना है.

लल्लू- बहुत भूख लगा है कुछ खा लेते है न.

रिद्धि- नहीं, मेरे घर चलो. मई कॉल क्र दिया है. वह खाना बन गया है.

लल्लू- क्या..

रिद्धि- ऐसे क्यू रियेक्ट क्र रहा है. वह मई पकड़ क्र तेरे से सदी नहीं क्र लुंगी.

सोनम- है भाई इस ने घर कॉल क्र दिया है.

फिर सब वह से वापस घर की और चल दिए.

बरगद क पैर क पास से रिद्धि अपने घर का रास्ता बताती गई.

बहुत सुन्दर घर था रिद्धि का.

दो मंजिल का एक बड़ा सा बांग्ला था. जिस क आगे बहुत सुन्दर दोनों और बगीचा बना था जिस मई तरह तरह क छोटे छोटे फूल खिले थे.

उसके बिच से अंडर बंगले मई जाने का रास्ता था.

पोर्च मई दो कार कड़ी थी साथ मई एक पुलिस की जिप्सी भी थी.

गेट से अंडर आ क्र लल्लू बाइक पोर्चे मई खड़ा क्र दिया.

दोनों भाई बहन रिद्धि क साथ अंडर घर मई एंटर किये.

रिद्धि- माँ. माँ कहा हो.

रसोई से निकलती एक महिला आई.

क्या है क्यू चिल्ला रही है.

रिद्धि- माँ मेहमान आये है और आप ऐसे बोल रही हो.

रिद्धि की माँ ज्योति सोनम को देख क्र अच्छा आज फुर्सत मिला है तुम्हे.

सोनम जा क्र ज्योति क पेअर छू का प्रणाम की.

लल्लू सोनम को देख क्र वो भी जा क्र पेअर छू लिया.

ज्योति- इस बचे को नहीं पहचाना.

रिद्धि- ये सोनम का भाई ललित है.

ज्योति लल्लू को देखती हुई- बहुत प्यारा बचा है.

दोनों को रिद्धि सोफे पर बैठे ड्राइंग रूम मई.

लल्लू यहाँ पहली बार आया था लेकिन सोनम दो तीन बार आ चुकी है.

लल्लू नजर घुमा क्र चारो और देख रहा था.

लल्लू- नीस बंगलो रिद्धि दी.

रिद्धि- कितनी बार बोलै है मुझे दीदी मत बोल. समझ नहीं आता क्या.

लल्लू छोटा सा मुँह क्र क गर्दन झुका लिया.

सोनम बीटा बहुत दिनों बाद आई है यहाँ. सब कैसे है घर पर.

सीढ़ियों से निचे उतरता पुलिस की वर्दी पहने एक आदमी बोलै.

सोनम कड़ी हो गई और जा क्र पेअर छू क्र प्रणाम किया.

सोनम- कभी मौका hi नहीं मिला अंकल. और घर मई सब बढ़िया है.

सोनम को देख क्र लल्लू भी जा क्र प्रणाम किया

वो आदमी- ये बच्चा कौन है.

सोनम- मेरा भाई है अंकल.

रिद्धि क पापा- क्या करते हो तुम बीटा.

लल्लू- कुछ नहीं करता.

रिद्धि क पापा सोनम की और देखने लगे.

सोनम- वो अंकल, भाई का तबियत ख़राब रहता है इस लिए पढाई छूट गई है. घर पर hi पढता है और पापा और काका क साथ खेती बरी मई भी मदद क्र देता है.

रिद्धि क पापा- कोई बात नहीं. सब ठीक हो जाएगा.

तुम लोग खाना खा लिए.

रिद्धि- नहीं पापा अभी अभी आये है.

रिद्धि पापा- खाना खा क्र hi जाना. और कभी कभी यहाँ भी आते रहा करो. ये भी तुम्हारा hi घर है. मई थोड़ा जल्दी मई हु. बाद मई मिलता हु.

रिद्धि क पापा घर से निकल गए.

तभी ज्योति रसोई से बहार आई.

ज्योति- तीनो हाथ मुँह धो लो. खाना बन गया है.

रिद्धि- आओ तुम लोग मेरे साथ.

रिद्धि दोनों को ले क्र अपने कमरे मई आ गई.

रिद्धि- ये मेरा कमरा है. सोनम तुम पहले फ्रेश हो जाओ.

सोनम फ्रेश होने चली गई.

रिद्धि आगे बढ़ क्र लल्लू क सामने उस से चिपक क्र.

रिद्धि- तो क्या सोचा है. तुम ने मेरे बारे मई.

लल्लू- गले से थूक गटकते हुए. K..kya ma.matlab.

रिद्धि- अरे हमारी सदी क बारे मई.

लल्लू- ारी ye...ye कब हुआ.

रिद्धि- मई तुम्हे पसंद करने लगी हु और तुम से सदी करना चाहती हु. (लल्लू क आँखों मई देखते हुए बोली)

लल्लू- प्लस दी मजाक मत करो.

रिद्धि- फिर दीदी बोलै. ृक्क तू ऐसे नहीं समझेगा.

रिद्धि झटके से लल्लू क सर को पीछे से दोनों हाथो से पकड़ क्र उसके होठो पर अपना होठ लगा दिया और आँख बंद क्र उसे चूसने लगी.

लल्लू भौचक्का सा स्टेचू बन क्र खड़ा रह गया.

तभी सोनम फ्रेश हो क्र बहार आ गई.
 
मर्द का बच्चा. अपडेट 28.

सोनम- ये क्या क्र रहे हो तुम दोनों. कुछ सरम हाय है की नहीं.

रिद्धि लल्लू को छोड़ क्र हैट गई.

लल्लू नजरे झुकाये वह से बाथरूम मई चला गया.

फ्रेश हो क्र लल्लू बहार आ गया तो रिद्धि अंडर चली गई.

सोनम- भाई ये क्या था.

लल्लू- आप को क्या लगता है.

सोनम- मई तुम्हारे से जानना चाहती हु.

लल्लू- वो आप क सामने कई बार बोल चुकी है की मुझे दीदी मत बोल. जब आप फ्रेश होने गई तो वो मुझे पकड़ ली और कहने लगी की मई तुम से सदी करना चाहता हु.

मैंने कहा भी की दी मजाक मत karo.to फिर भड़क गई की दीदी क्यू बोलै और फिर आगे बढ़ क्र वो सब करने गई तब तक तो आप निकल hi गई थी.

सोनम- ठीक है हम अब बाद मई बात करेंगे.

तभी रिद्धि बहार आ गई फ्रेश हो क्र.

फिर तीनो वह से निचे आ गए ड्राइंग रूम मई. जहा ज्योति सब क लिए खाना लगा रही थी.

आते hi तीनो खाने पर बैठ गए.

रिद्धि- माँ, दाडोर दादी कहा है.

ज्योति- वो पदोष मई पूजा मई गए है.

रिद्धि- छोटी और भाई नहीं ए है क्या.

ज्योति- आने वाले hi होंगे.

फिर ये तीनो खाना खा क्र उठ गए.

ज्योति- सोनम बीटा घर मई सब कैसे है.

सोनम- सब बढ़िया है आंटी.

ज्योति- बीटा मैंने ऋतू बहन को एक लड़की का बताया था तेरे भाई क लिए उसका बहन कुछ जवाब hi नहीं दी.

सोनम- आप पूछे नहीं फिर.

ज्योति- नहीं फिर बात hi नहीं हुई बीटा. जरा तुम पूछना वो अभी दो दिन मई यहाँ आने वाली है अगर बहन देखना चाहे तो देख भी लेगी.

सोनम- ठीक है आंटी. मई बात करुँगी माँ से. अच्छा अब इजाजत दीजिये हमे.

सोनम सोफे से कड़ी होती बोली.

लल्लू भी उठ खड़ा हुआ.

ज्योति- आती रहा करना कभी kabhi.or अपने इस भाई को भी साथ लाना. तुम तो हमे भूल hi जाती हो.

सोनम- जी आंटी आती रहूंगी.

ज्योति को प्रणाम क्र दोनों फिर बाइक से अपने घर की और चल दी.

सोनम लल्लू क पीठ पर चिपकी हुई बोली- कही आगे इक्कंत मई रोकना भाई.

लल्लू गौण से पहले एक आम क बैग देख क्र बुलेट उधर बैग मई ले लिया.

थोड़ा अंदर जा क्र बाइक रोक दी.

लल्लू- लो दीदी. बताओ क्या हुआ.

सोनम- अब डाटा क्या हुआ वह रिद्धि क यहाँ.

लल्लू- क्या बताऊ दीदी. बिना मतलब वो गले पद रही है. जब आप बाथरूम फ्रेश होने गई थी तब तो उस ने हद्द hi क्र दी. आ क्र मुझ से चिपकने लगी और बोलने लगी की वो मुझ से सदी करना चाहती है.

मई जब मन किया तब वो झपट क्र मुझे चूमने लगी. और फिर आप आ गई थी तब वो मुझ से अलग हुई.

सोनम- लेकिन वो तो कह रही थी की तुम उसे पलाद क्र चूमने की कोसिस क्र रहे थे.

लल्लू- आप तो आ क्र देखि hi थी. आप को क्या दिखा था. जरा याद कीजिये.

सोनम याद करते हुए.

मुझे जहा तक याद है वो तुम्हारे सर को पकडे हुए थी और तुम्हारा हाथ दोनों साइड उठा हुआ था.

है सही कह रहे हो तुम वो कलमुही तुम्हारे साथ जबरदस्ती क्र रही थी.

अब कभी उसके यहाँ हम नहीं जाएंगे. कभी उस बेसरम कलमुही से नहीं मिलूंगी.

सोनम लल्लू को अपने बहो मई ले क्र उसके गलो को चूमती बोली.

चल भाई अब घर चले बहुत समय हो गया है.

सोनम जल्दी से लल्लू क होठो को हल्का सा चुम क्र अलग हो गई और बाइक की और जाती बोली.

फिर दोनों वह से घर आ गए.

घर आ क्र एक और झटका लगा इन दोनों को

राघव आया था घर.

लल्लू दौड़ क्र राघव को गले से लगा लिया.

राघव लल्लू दोनों एक दूसरे क कमर से पकड़ क्र एक दूसरे को एक एक क्र उठा लेते बरी बरी से और अजीब से नाच रहे थे जिसे घर क सभी खड़े हो क्र गहरे हस्ते हुए देख रहे थे.

लल्लू- भैया ये तो आप सरप्राइज दे दिए.

राघव- है बहुत दिन हो गया था घर आये हुए. और सब की बहुत याद आ रही थी तो छुट्टी का अप्लाई किया और छुट्टी मिल भी गई तो आ गए.

रोमा- बहुत अच्छा किये भाई. हमे भी आप की बहुत याद आ रही थी.

फिर सब बैठ क्र बाटे करने लगे.

सोनम- माँ भैया आ गए है तो अबकी इनकी सदी क्र hi दो. आज रिद्धि क घर गयी थी तो उसकी माँ भी कह रही थी की एक लड़की है जिस क बारे मई आप को बताये थे लेकिन आप ने कोई जबाब नहीं दिया अभी तक. और माँ वो लड़की अभी दो दिन बाद आने वाली है.

लल्लू- भइया कितने दिल की छुट्टी है.

रहब-1 महीने की छुट्टी मिला है भाई.

लल्लू- फिर तो बहुत मजा आने वाला है.

यु hi बातो मई साम हो गया.

रात मई खाना खाने सब आँगन मई बैठे थे.

खाना खाने क बाद सब वही बैठ क्र हसी मजाक क्र रहे थे.

गौरी- भैया हमारे लिए कुछ लाये नहीं आप.

रहब- लाया हु गुड़िया सुबह निकलूंगा.

सोनम- अभी मई ले हु वो देती हु.

फिर सोनम अपनी लायी हुई कपडे सब उठा क्र ले आई.

रोमा रानी और गौरी क लिए जींस और टीशर्ट सोनम उनको दे दी.

वो तीनो ले क्र उछलती हुई अपने कमरे मई चली गई पहन क्र देखने.

कोमल मीनू क लिए सूट्स क कपडा ले थी सोनम तो वो दे दी.

कोमल- दीदी ये सिलवायेंगे कैसे.

सोनम लल्लू की और देखने लगी.

लल्लू सोनम का इसरा समझ गया.

लल्लू- मेरे साथ चलना दीदी. मई सिल्वा दूंगा.

कोमल खुश हो क्र लल्लू क गाल को आ क्र चुम ली.

बैग खली देख क्र रागिनी बोली सोनम से.

रागिनी- अपनी बहनो का याद था और हम माँ तुम्हे याद नहीं रहे.

फिर लल्लू उठ क्र काजल क कमरे से बैग लाया और उस मई से साडी निकल क्र तीनो काकी को दे दिया.

शालिनी- देखो आखिर बेटे को hi माँ की याद रही. बेटी तो भूल गई.

लल्लू- नहीं काकी ये भी दीदी ने hi ख़रीदा है.

ऋतू- बहुत सुन्दर साडी है बेटी. मई तो समझती थी की मेरी बेटी को सिर्फ लड़को वाले कपडे hi पसंद करने आते है.

सोनम- नहीं माँ ये साडी का तो मुझे पता भी नहीं था. ये तो भाई क hi पसंद का है. लगता है मई जब अपने सुइट्स का नाप देने गई थी तभी भाई ने ख़रीदा है और मुझे बताया भी नहीं.

लल्लू हुस्ने लगा.

काजल- तू साडी खरीदना कब से सिख गया रे. लगता है तेरे भैया क साथ साथ तेरा भी ब्याह करना पड़ेगा.

लल्लू- माँ मई तो अभी बच्चा हु. अभी तो सब दीदी की सदी होगी फिर कही मेरा नंबर आएगा. काम से काम 10 साल तो अभी भूल जाओ.

रहब- तू कहे तो मई काका से बात करू की तेरी सदी hi पहले क्र दे.

लल्लू- भाई मुझे पता है आप क मन मई लड्डू फुट रहे होंगे.

घबराओ मत आप की सदी इस बार करा क्र hi भेजेंगे.

सब हुस्ने लगे.

फिर रात बहुत हो रहा था और राघव थका हुआ था तो वो सोने चला गया.
 
मर्द का बच्चा. अपडेट 29.

ऋतू- लल्लू बीटा आज तुम मेरे पास सो जाना.

राघव क सोने चले जाने क बाद ऋतू लल्लू से बोली.

लल्लू एक बार माँ को देखा तो काजल सर हिला कर स्वीकृति दे दी.

काजल- है बीटा, आज तू अपने प्यारी काकी क पास hi सोना.

लल्लू- अब तुम ठीक हो न माँ.

काजल- है मुझे क्या हुआ था जो ठीक होना था.

रागिनी- कभी मेरे पास भी सो जाया क्र. मैं भी तेरी माँ हु.

लल्लू उठ क्र रागिनी क गलो को चुम लिया.

लल्लू- कल मई आप क पास सो जाऊंगा और फिर अगले दिन छोटी काकी क पास.

शालिनी मुस्का क्र बोली- ठीक है तो चलो अब रात बहुत हो गई है.

फिर सब अपने कमरे मई चले गए.

ऋतू- लल्लू बीटा तो चल मई आती हु.

लल्लू ऋतू क कमरे मई जा क्र बीएड पर लेट गया.

थोड़ी देर मई ऋतू आ गई. आ क्र कमरे का दरवाजा बंद क्र दी फिर अपना साडी खोल क्र एक और रख दी और ब्लाउज पेटीकोट पहन क्र सोने आ गई.

लल्लू- इसे कौन खोलेगा. ये सब भी खोल लेती.

ऋतू- ये सब मेरे पति देव खोलेंगे.

लल्लू- अच्छा. और ऋतू को पकड़ क्र उसके चुके को दबाने लगा और ऋतू क पतले सहद से मीठे होठो को चूसने लगा अपने मुँह मई ले क्र.

थोड़ी देर चूसने क बाद लल्लू ऋतू क ब्लाउज क हुक्स खोल दिया फिर उसके बीआरओ को खोल क्र निकल दिया.

ऋतू क मोठे दो दो किलो क चुके ब्रा खुलते hi उछाल क्र बहार आ गए.

फिर लल्लू उन सुन्दर चुचो को मुँह मई ले क्र प्यार करते हुए अपना हाथ निचे ले जा क्र पेटीकोट क नैरा को पकड़ क्र खींच दिया.

ऋतू गांड उठा क्र पेटीकोट क साथ कच्ची भी निकल क्र अलग क्र दी

ऋतू की कच्ची उसके अमृत रास से भींग गया था.

लल्लू ऋतू क मम्मी को दबाता निचोड़ता हुआ एक हाथ निचे ला क्र उसके स्वर्ग क द्वार को कुरेदने लगा फिर एक ऊँगली उस मई घुसा दिया.

ऋतू चिहुँक पड़ी.

ऋतू लल्लू क होठो पर टूट पड़ी लल्लू क होठो को मुँह मई ले क्र उसे चूसने लगी.

लल्लू ऋतू क छूट मई ऊँगली करता हुआ एक हाथ से ऋतू क मम्मी को दबाता रहा.

ऋतू आहे भरते हुए बीएड पर इधर से उधर करवट बदल रही थी.

फिर लल्लू उठ क्र ऋतू क पैरो क बिच आ क्र उसे फैला क्र उस मई अपना मुँह घुसा दिया और ऋतू क पानी छोड़ती छूट को जीभ निकल क्र चाटने लगा.

ऋतू सहने भर्ती हुई लल्लू क सर को अपने छूट पर दबाने लगी.

ऋतू- कितना अच्छा करता है. कितना मजा आ रहा है. ऐसे hi करता रह. बहुत अच्छा लग रहा है.

लल्लू दो ऊँगली ऋतू क छूट मई घुसा क्र उसे छोड़ता हुआ ऋतू क छूट को चाटने लगा.

लल्लू अपने ऊँगली मई ऋतू क छूट राश निकल क्र उसे ऋतू क मुँह मई दाल दिया.

ऋतू मजे से आँखे बंद किये हुए मुँह मई लल्लू क उंगलियों को डेल उसे चूस रही थी किसी लोल्लयपोप की तरह.

लल्लू अपने जीभ को निकोला बना क्र ऋतू क छूट मई घुसा कर उसे छोड़ने लगा.

ऋतू मजे की अधिकता से बड़बड़ाती हुई झरने की तरह अपना पानी बहा दी.

लल्लू ऋतू क छूट मई अपना मुँह घुसाए ऋतू क सारा पानी चाट क्र गया.

ऋतू जहर क्र बेजान हो क्र बीएड पर लुढ़क गई.

लल्लू बीएड से उतर क्र खड़ा हो गया और ऋतू क सर को और आ गया.

लल्लू जब से कुम्भ से आया था तब से उस टैटू क कारन उसका सरीर बहुत गठीला हो गया था.

उसके गोर सरीर पर कला टैटू चमक रहा था.

लल्लू अपने धोती को खोल क्र अलग क्र दिया.

उसका डंडा तो पहले से hi खड़ा था.

लल्लू ऋतू का हाथ पकड़ क्र उसे अपने लैंड पर रख दिया.

ऋतू ससो को संभालती हुई लल्लू ल लौड़े को सहलाने लगी.

फिर अपना मुँह खोल क्र सर उठा लल्लू ल लौड़े को गुप्प से मुँह मई भर क्र चूसने लगी.

ऋतू- ऊह्ह्ह कितना मजा आ रहा है. आज मई इस गन्ने का पूरा रस चूस जाउंगी.

लल्लू आँखे बंद किये ऋतू क मुँह क गर्माहट को फील क्र रहा था.

ऋतू मुँह को आगे पीछे क्र लल्लू क गन्ने को चूसे जा रही थी.

थोड़ी देर उसे चूसने क बाद जब ऋतू ka.muh दुखने लगा तो लौड़े को निकल क्र अपने पेअर फैला लिए और लल्लू को इसरा करने लगी.

लल्लू भी आँखों क इसारे से पूछने लगा की ऋतू क्या कह रही है.

ऋतू- ऐसे क्यू नाटक क्र रहा है जैसे पता hi नहीं. आ अब अपने लुगाई की इस रास बहती निगोड़ी बुर का भोसड़ा बना दे अपना लौड़ा दाल क्र. जल्दी आ रे अब नहीं रहा जाता. पता नहीं क्या आग लगा दी है तुम ने.

अब तो हर डैम यही मन करता है की इस प्यारे से लौड़े को अपने बुर मई घुसा क्र लेती राहु.

लल्लू ऋतू क उप्पेर चढ़ गया और उसके दोनों पेअर पकड़ क्र मोर दिया फिर ऋतू क छाती से चिपका दिया.

ऋतू क छूट क साथ साथ उसके बड़ी सी गांड भी हवा मई उठ गई.

लल्लू को ऋतू की बड़ी गांड पागल बना रहा था.

लल्लू ऋतू क छूट पर अपने लौड़े को पकड़ क्र रगड़ने मसलने लगा.

ऋतू आँखे बंद किये अपने होठो को दांतो से दबाये आहे भर रही थी.

लल्लू छूट क छेद पर लौड़े को लगा क्र ऋतू क गांड क निचे दोनों हाथ लगा क्र उसे मसलते हुए एक करारा धक्का लगा दिया.

ऋतू अपने दोनों हाथो से अपने पेअर को पकडे हुए चिल्ला उठी.

ऋतू- हरामी एक बार मई hi पूरा घुसा दिया.

आज फार क्र hi मानेगा. हैयय मरी छूट.

लल्लू ऋतू क गांड को मुट्ठी मई कास क दबोचे हचक हचक क्र उसे पेलने लगा.

ऋतू की बड़ी बड़ी चूचिया हर धक्के से उप्पेर निचे हिल रहा था.

लल्लू ऋतू क गांड को छोड़ क्र उसके मोठे मोठे पपीते को पकड़ लिया और उसे जोर जोर से मसलता हुआ कास कास क्र ऋतू क बुर मई शॉट लगाने लगा.

लल्लू- आठ, ये ली. यी लिए ोूहः. क्या गरमी ही. लगता है जैसे पिघल जाऊंगा मई इस अंदर.

लल्लू ऋतू क उप्पेर चढ़ क्र उसे रगड़ने लगा.

ऋतू क दोनों चुके को मसल क्र लाल क्र दिया.

लल्लू ऋतू को पकड़ क्र पलटा दिया और उसे घोड़ी बना क्र पीछे से उसके छूट मई अपना लौड़ा पेल दिया.

लल्लू कमर हिलता हुआ छूट मर रहा था और एक ऊँगली को गिला क्र ऋतू क गांड पर थूक क्र उस मई अपना ऊँगली घुसा दिया.

ऋतू इस दोहरे हमले को नहीं झेल पाई और आहे भर्ती हुई जहर गई.

लल्लू ऋतू क बाल को पकड़ क्र उसे छोड़ने मई लगा हुआ था.

लल्लू का लौड़ा ऋतू क छूट से पूरा भींग गया था और अब तो लल्लू क लौड़े क आस पास उसके कमर और लल्लू क टट्टे भी भींग गया था ऋतू क छूट रास से.

लल्लू ऋतू क छूट का धज्जिया उदय हुआ दो ऊँगली से उसके गांड का छेद ढीला करने मई लगा हुआ था.

ऋतू जब थोड़ी संभाली तो वो कमर हिला क्र लल्लू का साथ देने लगी.

लल्लू झट से अपना लौड़ा निकल क्र ऋतू क गांड क छेद पर लगा दिया अपना ऊँगली निकल.

लल्लू ऋतू क गांड पर पहले hi थूक थूक क्र चिकना क्र रखा था ऊँगली से.

लैंड लगते hi लल्लू एक धक्का लगा दिया.

गांड का चला फ़ैल क्र लल्लू क लैंड क टोपे को अपने अंदर फशा लिया.

ऋतू इस अचानक हमले क लिए तैयार नहीं थी वो आगे को गिर गई.

लल्लू ऋतू क कमर को पकडे लैंड को उसके गांड मई सेल रुक गया.

थोड़ी देर बाद लल्लू आहिस्ता से लौड़े को गांड मई धकेलने लगा.

ऋतू- ाः क्या केरर रहा है. मुआए आजजज ताऊ तू मारर दीया री.

लल्लू हलके हलके दबाव बनता हुआ लौड़ा ठेलता रहा गांड मई.

एक चौथाई लैंड घुस गया था.

लल्लू- बहुत तीते है तेरी गांड मेरी घोड़ी.

ऋतू- मुआ हुत्त जा वहा से.. बहुतत्त ड़ड़ड़ड़ड़ क्र रहा है…

लल्लू एक चौथाई लैंड से hi ऋतू क गांड को छोड़ने लगा हौले हौले.

लल्लू को लग रहा था जैसे उसके लैंड को किसी पाइप मई फसा दिया हो.

चारो और से उसका लैंड किसी सिकंजे मई फसा हुआ था.

लल्लू जब लैंड बहार निकलता तो जैसे लग रहा था की ऋतू क गांड का छल्ला भी साथ hi खींचा चला आ रहा है.

आगे ऋतू अपने सर को इधर उधर पटकती तो रही थी.

लल्लू उतने से hi ऋतू क गांड को छोड़ने लगा.

थोड़ी देर मई जब गांड का चला थोड़ा ढीला हुआ तो लल्लू का लैंड थोड़ा और अंदर जा पंहुचा.

ऋतू को जो थोड़ा आराम मिला था वो फिर उसे दर्द देने लगा.

ऋतू- मुआ निकल ले वह से नहीं तो मई मर जाउंगी..

लल्लू अपने लैंड को निकल क्र छूट मई घुसा क्र ताबरतोड़ धक्के लगा दिया.

कमरा फच फुछ से गूंज उठा.

लल्लू टाबर तोर बिना रुके उसे चोदे जा रहा था

फिर अचानक उस से लैंड निकल क्र इस बार एक बार मई hi आधा लैंड ऋतू क मखमली गांड मई उतर दिया.

ऋतू अधमरी हो गई.

लल्लू ेप्ने लौड़े को टोपा तक निकल क्र एक बार सास अंदर खींच गाछ से पूरा का पूरा थोक दिया ऋतू क गांड मई.

ऋतू तकिये मई मुँह रगड़ती जो जो करने लगी.

दर्द से उसे जैसे लगता था की उसके गांड मई किसी ने मिर्च गुशा दिया है.

ऋतू- रट हुए मर्डर दिया मुआए नई. हैयय बेदारदड़ यी क्या किया. माँ क्या करर दिया यी. किसका मुहहह देखह करर मई एआई इसकी पास.

ऋतू बेसुध हो गई.

लल्लू तो दर गया की क्या हुआ.

लल्लू ऐसे hi ऋतू क पीठ को जीभ निकल क्र चाटता हुआ उस क चुके को सहलाने लगा.

थोड़ी देर बाद ऋतू थोड़ी संभाली.

लल्लू अब हलके हलके अपना कमर हिलने लगा.

ऋतू की बड़ी बड़ी बहार को निकली मटका लल्लू क साबरा की परीक्षा ले रहा था.

लल्लू क मन मई काम वासना हिलोरे मार रहा था.

लल्लू गांड को हाथो से सहलाता हुआ लैंड को हलके से निकलता और फिर दाल देता.

ऋतू चादर को दोनों हाथो मई जोर से पकडे दांतो से तकिये को दबाये अपने पीरा को सहने की कोसिस क्र रही थी.

लल्लू अब अपना कमर हिलना थोड़ा तेज क्र दिया था.

ऋतू क गांड से अजीब आवाजे निकल रहा था.

लल्लू दोनों हाथो मई गांड थामे अब अपना पूरा लौड़ा निकल निकल क्र ऋतू की ठुकाई क्र रहा था.

अब लल्लू क लिए रुकना मुश्किल हो रहा था. लालू को लग रहा था जैसे उसके खून का प्रवाह उसके बदन मई निचे आ क्र नन्द से बहार निकलना छह रहे हो.

लल्लू का लौड़ा अब ऋतू क गांड मई hi फूलने पिछलने लगा था.

ऋतू को अब बहुत आनद आ रहा था.

ऋतू क गांड का छल्ला भी अब कभी खुल जाती और कभी कास जाती.

लल्लू जैसे हवा मई ुर्र रहा था.

उसके मुँह से मजे की अधिकता से अजीब अजीब आवाजे निकल रहा था.

लल्लू अंधाधुन्द ऋतू क गांड को गुब्बारा बनाये जा रहा था.

लल्लू क मुँह से गुर्राहट निकल रहा था.

लल्लू गुर्राता हुआ ऋतू क गांड मई अपना पानी उगलने लगा.

ऋतू लल्लू क पानी को अपने गांड मई फील करती वो भी झरने को तरह अपना छूट रास बहा दी.

लल्लू जहर क्र ऋतू क पीठ पर लुढ़क गया.

ऋतू तो पहले hi निढाल हो राखी थी ऐसे hi अपने गांड मई लल्लू का लैंड लिए उसके निचे दबे पड़ी रही.

लल्लू का लैंड सीकर क्र छोटा होता हुआ बहार निकल गया.

ऋतू क उप्पेर से लुढ़कता हुआ लल्लू इसे अपने आगोश मई लिए पीछे से ऋतू से चिपका दोनों सो गए.

सुबह 4 बज लल्लू की नींद खुल गया.

उठ क्र देखा तो ऋतू क गांड मुसल से छोड़ने क कारन फ़ैल गया था और उस पर लल्लू क वीर्य क साथ कुछ खून क धब्बे फैला हुआ था.

लल्लू ऋतू क उप्पेर एक चादर दाल क्र कपडा पहन लिया और दरवाजा खोल क्र बहार आ गया.

बहार आ क्र लल्लू नदी किनारे चला गया.

वह अपने निर्धारित स्थान पर जा बैठा
 
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