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- Dec 5, 2013
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मर्द का बच्चा. अपडेट 64.
टनल से मिले उस पत्ते और जिस बॉक्स मई वो था दोनों टेबल पर रखे वो बूढ़ा अर्चयोलॉजिस्ट उसका अध्ययन क्र रहा था.
काफी देर उसका अध्ययन करने क बाद उस बूढ़े क चेहरे पर चमक आ गई.
बूढ़ा- हाहाहाहा, अब मई सर्व शक्तिमान बन जाऊंगा. मई किसी सहारे का मोहताज नहीं रहूँगा. मई अमर हो जाऊंगा. वहहह, मई अब अपनी सभी हसरते पूरी करूँगा. हाहाहाहा….
वो बूढ़ा पागल हो गया था. वो व्हील चेयर पर बैठा पुरे कमरे मई घूमता पागलो की तरह हरकत क्र रहा था.
थोड़ी देर मई जब उसका पागलपन संत हो गया तो उसने अपने उसी गार्ड को बुलाया जिस ने बॉक्स ला क्र दिया था.
बूढ़ा- इंडिया जाने की तयारी करो. हम सब कल इंडिया जा रहे है
वो गार्ड वह से चला गया.
इधर टनल से निकल क्र वो सिक्योरिटी हेड वह क ऑफिस मई गया जहा वो पीटर और गार्ड्स सुपरवाइजर की मौत का वीडियो देखा.
वो वह से बहार निकल क्र अपने कुछ सपकल गार्ड्स क साथ उस जगह पंहुचा जहा वीडियो मई दो नकाबपोश को सब को मरते देखा था.
हेड- सब फ़ैल जाओ और यहाँ देखो कुछ सुराग मिलता है क्या उस दिन क घटना से संभंधित.
सभी गार्ड्स वह उस उजर जंगल जैसे पहाड़ी पर फ़ैल गए और देखने लगे इधर उधर लेकिन उन सब को कुछ भी नहीं मिला.
फिर सभी वह से जंगल पर क्र रोड पर आ गए.
हेड- ये इलाका ज्यादातर सुनसान hi रहता है. एक्का दुक्का वहां hi चलता है यहाँ.
तो हम लोग दो हिस्से मई बात जाते है. आधा आगे को जा क्र कल हुए हादसे क समय यहाँ से कोई गाड़ी गई हो या और कोई ऐसी बात जिस पर लोगो का ध्यान गया हो. वो ढूंढेंगे. एक और बात यहाँ आस पास कोई कैमरा लगा हो कही तो उस की फुटेज भी मिल सकता है. इस से हमारा काम आसान हो जाएगा.
सभी फ़ैल जाओ और लग जाओ अपने काम पर.
ऐसे hi उन लोगो ने किया और किस्मत से आगे क एक कसबे मई एक शॉप पर बहार कैमरा लगा मिल गया जिस मई एक ब्लैक कार जाता हुआ दिख रहा था.
उन लोगो ने तुरंत उसका नंबर ले क्र आगे बॉस को भेज दिया.
बॉस उस कार क मालिक का एड्रेस निकल क्र इन्हे फॉरवर्ड क्र दिया.
सेक्. हेड अब उस कार क मालिक क एड्रेस पर उसका पता करने चल दिया.
वह ढूंढते हुए वो लोग अर्चयोलॉजिस्ट क ठिकाने पर पहुंच गए.
सेक्. हेड अपने कार से ड्रोन निकल क्र उस से जब देखा तो उसे वह बहुत टाइट सिक्योरिटी दिखा.
वो तुरंत ये सुचना आगे बड़ा दिया.
सेक्. हेड- बॉस लगता है हम सही जगह पर है. यहाँ मैंने अपने एक आदमी को भेजा था ऐसे hi भटकता हुआ राहगीर बना क्र. और फिर मैंने ड्रोन से भी देखा है अंदर का हिस्सा. बहुत टाइट सिक्योरिटी है यहाँ की. यहाँ जरूर कुछ ऐसा हो रहा है जिस कारन से इन्हे इतनी सिक्योरिटी की जरुरत है. दूसरा यहाँ जिसका ऑफिस है न वो धरती क निचे खुदाई मई निकले चीजों का hi अध्ययन करता है. या कहे तो पुराणी हिस्ट्री से रिलेटेड अर्चयोलॉजिस्ट का ऑफिस है यहाँ.
बॉस- उधर से. तो दिक्कत क्या है. अंडर जा क्र पता करो. क्या ले गया है वो. वो सामान तो के hi लेना साथ hi उस अर्चेओलॉजिस्ट को भी घसीट क्र लाना.
बॉस तो फरमान सुना दिया लेकिन यहाँ कितनी टाइट सिक्योरिटी है ये उसे कहा पता था.
फिर इन लोगो ने अपने कुछ और साथियो को बुलाया कुछ सपकल वेपन्स क साथ.
सब तयारी हो जाने क बाद उस सेक्. हेड ने एक बार फिर से अंडर उस पुरे एरिया का जायजा लिया ड्रोन से.
हर जगह हरेक बिंदु को समझने क बाद उस ने अपने साथियो को प्लान बताया.
अब इन लोगो का सीधा हमले की तयारी सुरु हो गई.
चार ड्रोन मई टाइम बम लटका क्र उसे अंदर चार दिशाओ मई भेज दिया. सभी बम मई एक मिनट्स का फर्क था. मतलब पहले बम क फटने क एक मिनट्स क बाद दूसरा फिर उसके एक मिनट बाद तीसरा और फिर ऐसे hi चौथा बम फटना था.
ड्रोन को अंडर भेज दिया गया.
सब अपने हथियार से लैश थे.
पहला बम फटा तो आवाज सुन क्र सभी उस और भागने लगे. अफरातफरी मच गई वह. तभी दूसरे दिशा मई भी एक फटा. आधे लोग वह दूसरी और भागे.
इधर ये लोग गेट से कुछ दूर खड़े ड्रोन से सब कुछ देख रहे थे.
जैसे hi गेट पर गार्ड्स की संख्या पहले ब्लास्ट मई काम हुई ये लोग वह से चल दिए गेट की और.
दूसरे ब्लास्ट मई और भी गार्ड्स काम हो गया गेट पर.
अभी गेट और सिर्फ दो गार्ड्स रह गए थे.
ये लोग जाते hi दोनों को शूट क्र दिए और गेट कूद क्र अंडर..
अंदर जा क्र पहले इन लोगो ने गेट खोल दिया फिर इन लोगो ने कुछ अपने गन्स से तो कुछ छुपे हुए गार्ड्स को ड्रोन से मर गिराया.
सारा मैदान अंदर जगह जगह लसो से पता हुआ था. इन लोगो ने काम से काम तीस गार्ड्स को वह मर गिराया था.
बहुत लम्भा चौड़ा एरिया था ये और उसके लास्ट मई वो बिल्डिंग बना हुआ था.
ये सभी बिल्डिंग मई घुश क्र वह क भी सात गार्ड्स का काम रामत क्र दिए.
अंत मई ये सभी पहुंचे उस बूढ़े क ऑफिस क सामने.
एक गार्ड आगे बढ़ क्र सतर्क हो क्र गेट खोला लेकिन वो लॉक था.
सेक्. हेड ने कुछ इसरा किया.
वह उस गेट क लॉक पर बम बांध क्र उस गेट को hi ुर्रा दिया.
अंडर व्हील चेयर पर एक बूढ़ा बैठा था साथ मई उसके दो बॉडीगार्ड भी थे आटोमेटिक गन क साथ.
दोनों और से गोलिया चलनी सुरु हो गया.
छोटी सी ऑफिस थी कब तक बचते वो लोग. अंत मई सेक्. हेड ने दोनों बॉडीगार्ड को मर दिया और उस बूढ़े क पास जा क्र एक आधी टूटी चेयर पर बैठ गया.
सेक्. हेड- जीने की तमन्ना है तो हमे चुप चाप से वो दे दो जो मेरे गार्ड्स को मर क्र टनल से छुड़ाए हो.
बूढ़ा- मैंने कुछ नहीं छुड़ाया है. मेरे पास ऐसा कुछ नहीं है जो तुम्हारे काम का हो.
सेक्. हेड- तो तुम ने सोच लिया है की तुम्हे मरना है तो हम क्या क्र सकते है.
उसने अपनी गैन निकली और उस बूढ़े क पेअर मई गोली मर दी.
बूढ़ा दर्द से चिल्लाने लगा.
फिर उस सिक्योरिटी हेड ने बन्दुक की नाल बूढ़े क पेअर क जख्मी जगह पर उस अंदर घुसा दिया.
सेक्. हेड- क्यू अब याद आया कुछ. या अभी और खातिरदारी करना पड़ेगा. मरने तो हम देंगे नहीं तुम्हे.
लेकिन वो बूढ़ा भी सोच रखा था की नहीं बताना है और उसमे नहीं बताया.
सिक्योरिटी हेड ने गैन निकल क्र उसके दूसरे पेअर का निशाना लगा लिया.
हेड- तुम तो वैसे भी व्हील चेयर पर hi हो अगर तुम्हारे दोनों पेअर बेकार भी हो जाएंगे तो क्या होगा.
फिर उसने बूढ़े क दूसरे पेअर मई भी गोली मर दी.
बूढ़ा दर्द से बेहोश हो गया था.
सेक्. हेड- इसे होश मई लाओ.
उसने अपने साथियो से कहा.
जल्दी से बूढ़े को होश मई लाया गया.
फिर से एक बार टार्चर का सिलसिला सुरु हुआ.
कभी उसके जख्मो को कुरड़ा जाता तो कभी उस मई मिर्च डाला जाता.
वो बूढ़ा भी आखिर इन्शान hi था. कब तक सहता.
फिर उस ने सब बता दिया. कैसे क्या हुआ और कहा है वो दोनों सामान.
इन लोगो ने सभी सामान ले क्र उस बूढ़े क साथ वह से निकल गए.
लल्लू वापस कमरे मई आ क्र लक्ष्मी क बगल मई सो गया.
सुबह दोनों को एक hi समय आगे पीछे नींद खुली.
पहले लक्ष्मी उठी. उसने अपने आप को देखा तो वो पूरी नंगी बीएड पर लेती हुई थी.
साथ मई लल्लू भी नंगा hi था. लक्ष्मी लल्लू क बहो मई उस क साइन से लगी हुई सो रही थी.
लल्लू का लौड़ा अभी सुबह क कारन खड़ा लक्ष्मी क जांघो क बिच घुसा हुआ था. जो लक्ष्मी छूट से ठोकर मर रहा था.
लक्ष्मी आहिस्ता से लल्लू का हाथ हटा क्र उठ बैठी.
तभी लल्लू का भी नींद खुल गया लेकिन वो अपनी आँख बंद किये हुए लेता रहा.
लक्ष्मी उठ क्र लल्लू क होठो पर एक किश की और फिर बीएड से उतर क्र अपने निघ्त्य समेत क्र वाशरूम चली गई.
लक्ष्मी क वाशरूम जाते hi लल्लू भी आँख खोल दिया.
थोड़ी देर लेते रहने क बाद वो उठने वाला था की तभी लक्ष्मी वाशरूम से बहार आ गई.
अभी भी वो नंगी hi थी.
वो अलमारी खोल क्र उस मई से अपना कपडा निकल रही थी.
लक्ष्मी का पीठ अभी लल्लू की तरफ था.
लल्लू चुपके से बीएड से उतर का पीछे से जा क्र लक्ष्मी को अपने बहो मई ले लिया.
लक्ष्मी दर से कम्प गई. जब उसे एहसास हुआ की लल्लू है तब जा क्र वो संत हुई.
लल्लू को अपने बदन से धकेलती लक्ष्मी वापस उसे बीएड पर बैठा दी.
लल्लू लक्ष्मी का हाथ पकड़ क्र उसे अपने गॉड मई बैठा लिया.
लक्ष्मी को अपने फुले हुए गांड क निचे लल्लू क गर्म तने हुए लैंड का एहसास हो रहा था.
लक्ष्मी की छूट एक बार फिर से गीली होने लगी.
लक्ष्मी- सुबह हो गया है. सब उठ गए होंगे. आप भी जा क्र फ्रेश हो जाइये.
लल्लू- एक बार मेरा मूड फ्रेश क्र दीजिये न. फिर मई वाशरूम चला जाऊंगा.
लक्ष्मी- मूड फ्रेश मतलब.
लल्लू- आप को इस रूप मई देख क्र मुझे कुछ कुछ होने लगा है. उसे संत क्र दीजिये न.
लक्ष्मी- नहीं अब कोई मस्ती नहीं. अब पहले जा क्र फ्रेश हो क्र आइये.
लल्लू- बड़े सयाने कह रखे है की घी जब सीधी ऊँगली से न निकले तो ऊँगली को टेढ़ी क्र क घी निकल लेना चाहिए.
लक्ष्मी- K..ky..kya m.a.t.l.a.b.
लल्लू- मेरी बुलबुल. मतलब ये की अब मई ऊँगली टेढ़ी करने वाला हु.
लक्ष्मी- Aap..aap ऐसा कुछ… नहीं करेंगे
लल्लू- क्यू नहीं करूँगा. जब अभी मई गौण मई था तब भी तरप रहा था. उस समय सजह आता है की आप नहीं थी मेरे पास लेकिन अब क्या दिक्कत है. मई अब क्यू तरप रहा हु. आप को मेरी कोई फिक्र नहीं है.
लक्ष्मी झट से लल्लू क होठो पर अपना हाथ रख दी.
लक्ष्मी- ऐसा न कहिये. आप की दासी हमेशा आप की सेबा मई हाजिर है. लेकिन अभी घर मई गेस्ट आये हुए है. हम लेट जाएंगे निचे तो लोग क्या कहेंगे. फिर आप को सुबह आईएनएस किरण क पास भी तो जाना है.
लल्लू- मैडम किरण क पास इतनी सुबह कहा जाऊंगा. वो मुझे सुबह की चाय पर नहीं बुलाया है. बल्कि ऑफिस जान है उसके और ऑफिस टाइम 10 बजे से सुरु होता है.
लक्ष्मी- यहाँ भी तो कितने मेहमान है. बुआ है पापा है. युसूफ अंकल और उनकी पूरी फॅमिली है.
लल्लू- बस बस… आप ऐसा कीजिये यहाँ बहुत साधु बाबा रहते होंगे. बहुत सिद्ध तीर्थ स्थान है ये जा किसी बाबा से मंत्र वगैरह ले क्र सन्यासी बन जाइये और मुझे भी बना दीजिये
लल्लू उठ क्र वाशरूम चला गया.
वह से सुबह का कार्य निपटा क्र वापस आया तो लक्ष्मी बीएड पर वैसे hi बैठी हुई रो रही थी.
लल्लू अपने बैग से कपडा निकल क्र पहन लिया और दरवाजा खोल क्र बहार आ गया.
बहार अभी मां और युसूफ अंकल ड्राइंग रूम मई बैठे हुए थे.
लल्लू भी जा क्र उनके पास बैठ गया.
थोड़ी देर मई hi सकीना आंटी चाय ले क्र आई और तीनो को दे दी.
सभी चाय पिटे हुए बाटे करने लगे.
लल्लू- अंकल नींद तो अच्छी आई न यहाँ.
युसूफ- बीटा हम लोग तो यहाँ आते hi रहते थे पहले भी. ये हमारा घर है. हमे बहुत अच्छी नींद आई. आप बताओ. आप पहली बार यहाँ सोये हो. पिछली बार आप को मौका hi नहीं मिला था यहाँ सोने का. आप की रात कैसी रही.
लल्लू- मेरी भी अच्छी थी अंकल.
लल्लू मुसकुडता हुआ बोलै.
फिर एक एक क्र घर क सभी उतने लगे और निचे ड्राइंग रूम मई आने लगे.
लल्लू थोड़ी देर वह बैठा फिर बहार आ क्र मोबाइल से घर मई सब से बात करने लगा.
बात करते हुए hi काफी समय निकल गया.
गौण मई राघव भैया और भाभी भी वापस आ गए थे अपने घर से.
लल्लू वह से फ्री हो क्र अंडर आ गया और फिर तैयार हो क्र चला गया किरण से मिलने को.
आज वो अकेला hi गया था.
ैप ऑफिस मई किरण आ गई थी. लल्लू क वह जाते hi दोनों लल्लू क कार से hi सेंट्रल जेल गए.
वह क जेलर से मिल क्र उसके साथ तीनो उस बैराज मई जा पहुंचे जहा लक्ष्मी क चाचा को रखा गया था.
लल्लू- क्या यही जगह है वो.
जेलर- है यही इसी बैराज मई था वो. साथ मई उसका बीटा और दो कैदी और भी था.
लल्लू- कैसे हुआ था ये हादसा.
जेलर- कुछ पता hi नहीं चला कैसे हुआ. अभी इसकी जाँच चल रही है.
लल्लू- उसने अपने बेटे को मर दिया अपने कुर्ते को गले से लपेट क्र ये तो समझ आता है लेकिन वो इस बैराज से कैसे निकला और फिर इतने बड़े जेल से कैसे बहार गया वो.
जेलर- यही तो समझ नहीं आ रहा है.
लल्लू- बांकी क दो कैदी जो थे उनका क्या रिकॉर्ड है. किस जुर्म मई कैद थे वो.
किरण- वो दोनों भी वैसे hi हैवान थे. एक ने 5 हत्या की थी तो दूसरा ड्रग्स का सप्लाई करता था.
लल्लू- उन दोनों क ठिकानो की जाँच करवाए थे.
किरण- है सब संभावित जगह की जाँच क्र लिए है.
लल्लू- मुझे क्या इन लोगो की एक कॉपी मिल सकता है.
किरण- सॉरी ये जरा मुश्किल काम है. ये हम बहार नहीं देते किसी को.
लल्लू- आप मामले की गंभीरता को नहीं समझ रही है सायद. बहुत संगीन मामला है ये जल्दी अगर नहीं पकड़ा गया ये सब तो बहुत कुछ बुरा हो सकता है वो भी सिर्फ मेरे फॅमिली क साथ hi नहीं बल्कि यहाँ क और भी लोग खतरे मई है. जिस हिसाब से आप ने इन लोगो क बारे मई बताई है. ये देख क्र तो यही लगता है.
किरण- बहुत जल्द वो सभी हमारे गिरफ्त मई होंगे. हम ने सभी वो रस्ते बंद क्र रखे है जो यहाँ सहर से बहार जाते है और हर उस जगह की जाँच की जा रही है जहा कही भी उन लोगो क होने की थोड़ी सी भी संभावना है.
फिर लल्लू जेलर को धन्यवाद् करता हुआ वह से किरण क साथ बहार आ जाता है.
किरण को उसके ऑफिस ड्राप क्र लल्लू वापस अपने घर आ जाता है.
कोई सुराग नहीं मिल रहा था जिस से की लल्लू कुछ कर सकता था. कुछ भी समझ नहीं आ रहा था अभी.
लल्लू वापस आ क्र उप्पेर अपने कमरे मई आ गया.
कमरा खली था.
लल्लू बीएड पर लेत क्र इन्ही सब चीजों क बारे मई सोचने लगा.
फिर लल्लू बहार आ क्र युसूफ को ढूंढने लगा.
पता चला की वो मां जी क साथ ऑफिस गया है.
लल्लू ड्राइंग रूम मई आ क्र बैठ गया.
काकी चाय ला क्र लल्लू को दी. लल्लू चाय पिता हुआ फिर से उन मुजरिमो क बारे मई सोचने लगा. किरण अगर कुछ मदद क्र देती तो लल्लू को आसानी होता लेकिन वो मन क्र चुकी है. अब जो करना था लल्लू को अपने डैम पर hi करना था.
फिर लल्लू सर झटक क्र वह से वापस अपने कमरे मई आ गया.
बुआ क कमरे से आवाज आ रही थी. लगता है आज बुआ क कमरे मई सब की महफ़िल जमी है. लल्लू वह जाना नहीं चाहता था क्यू की वह युसूफ की बेतिया भी होंगी.
लल्लू बीएड पर लेता हुआ था तभी लक्ष्मी कमरे मई आ गई.
लल्लू लक्ष्मी को देख क्र उठ क्र बैठ गया.
लक्ष्मी लल्लू क पास आ क्र कड़ी हो गई.
लल्लू- कहिये क्या हुक्म है.
लक्ष्मी रोटी हुई लल्लू क पेअर को पकड़ने लगी.
लल्लू झट से खड़ा हो गया.
लल्लू- क्या क्र रही हो ये सब. रो क्यू रही हो आप. अगर सुबह क लिए रो रही हो तो सॉरी. मई मजाक क्र रहा था.
लक्ष्मी- (रोटी हुई) N.n.nahi aap...aap m..m.mujh से n..n.naraj है.
लल्लू- मई कोई नाराज नहीं हु. प्लस ये रोना बंद क्र दो नहीं तो मई सुच मई नाराज हो जाऊंगा.
लक्ष्मी- म.. मुझे maaf...maaf k..ka..r दीजिये… आगे se….aa..p जो कहेंगे वो mai...man..manugi.
लल्लू- पहले अभी की बात मान लीजिये आप. ये रोना बंद कीजिये.
लल्लू लक्ष्मी को पकड़ क्र उसके आँशु को साफ़ क्र दिया. बहुत बुरा हु न मई. आप को रुला दिया. सॉरी.. मई मजाक क्र रहा था.
लक्ष्मी लल्लू क साइन मई मुँह छुपा क्र फिर से रोने लगी.
लक्ष्मी- me..mere...m.a.a..b.a.p.u m.u.jhe….mujhe...ch..chod..kr….chale...gye...plass….aap bhi….mujhe c..hh..o...d क्र मत चले जाना.
लल्लू- ओह्ह्ह गॉड.. मई मजाक क्र रहा था. प्लस.. आगे से मजाक भी नहीं करूँगा.
लल्लू लक्ष्मी क सर को उठा क्र फिर से उसके आँशु को साफ़ क्र दिया.
उसे अपने बहो मई ले क्र बीएड पर बैठ गया और उसे खींच क्र अपने गॉड मई बैठा लिया.
लल्लू लक्ष्मी को रोना बंद करने की भर सक कोसिस क्र रहा था लेकिन उसका रोना बंद hi नहीं हो रहा था.
लल्लू ने लक्ष्मी का सर उठा क्र उसके होठो को अपने होठो से बंद क्र दिया
थोड़ी देर उसे प्यार करने क बाद वो थोड़ी संभाली.
लल्लू- जाओ जा क्र पहले अपना चेहरा साफ़ क्र आओ आप.
देखो कैसे बंदरिया की तरह लग रही हो.
फिर लक्ष्मी उठ क्र वाशरूम जा क्र चेहरा धो क्र वापस आ गई.
लल्लू उसे फिर से पकड़ क्र अपने साथ बीएड पर बैठा लिया
लल्लू- और सब कहा है.
लक्ष्मी- बुआ क साथ गार्डन गई है.
लल्लू- आप नहीं गई.
लक्ष्मी- मई पीछे से आने को बोल दिया है.
लल्लू- फिर सब आप को धुंध रहे होंगे.
लक्ष्मी- नहीं ढूंढेंगे. उन्हें पता है की मई आप से मिलने आई हु.
लल्लू- वो कैसे.
लक्ष्मी- (सरमाती हुई) बुआ बोल रही थी. आप कमरे मई है ये उन्हें पता था. वो बोल रही थी की हम सब गार्डन जा रहे है तुम अपने पति क पास जाओ.
लल्लू- मतलब आप अपनी मर्जी से नहीं आई है.
लक्ष्मी- (घबरा क्र) N..a..h..I..nahi...mai...mai आना चाहती थी लेकिन सब को छोड़ क्र कैसे आती.
वो फिर रोने को तैयार हो गयी थी.
लल्लू- अरे बाप रे.. फिर से मत रोने लग्न. मुझे चुप करना नहीं आता है. बड़ी मुश्किल से अभी चुप कदया है मैंने तुम्हे.
लक्ष्मी- तो रुलाते क्यू है मुझे.
लक्ष्मी लल्लू क साइन मई मुक्का मरती बोली.
लल्लू लक्ष्मी को कास क्र अपने बहो मई भर लिया.
लल्लू- मतलब अभी हमारा रास्ता साफ़ है. यहाँ उप्पेर कोई नहीं है.
लक्ष्मी - ( शर्मा क्र) सकीना आंटी है न. इस तरफ का कमरा उनका hi है.
लक्ष्मी अपने दूसरी और का बगल वाले कमरे की और इसरा करती बोली.
लल्लू- उन्हें भी निचे भेज दो न.
लक्ष्मी- हुत्त बेसरम. मई क्या कहूँगी उन से.
लल्लू- कह देना की मेरे लल्लू पति का बड़ा मन कर रहा है. इस लिए आप एक चक्कर लगा क्र आओ.
लक्ष्मी लल्लू क साइन पर मुक्को की बरसात क्र दी.
लक्ष्मी- मुझे तंग करने मई आप को मजा आता है क्या. मई बात नहीं करुँगी आप से.
वो रूत क्र दूसरी और घूम क्र बैठ गई लल्लू से हूत क्र.
लल्लू खिशक क्र उस से जा क्र चिपक गया.
लल्लू- आप रूत गई है क्या. प्लस जरा बता दीजिये. मुझे पता नहीं चल रहा है.
लक्ष्मी- हहहह…
लक्ष्मी अपना बल झटकती हुई बोली.
लल्लू पीछे से लक्ष्मी क नंगे कंधे को चुम लिया.
लक्ष्मी का बदन कम्प गया लेकिन वो कुछ नहीं बोली.
लक्ष्मी अभी एक साडी ब्लाउज मई थी.
लल्लू घूम क्र लक्ष्मी क दूसरे कंधे को भी वैसे hi चुम लिया.
लक्ष्मी का सरीर फिर एक बार कम्पन से हिल गया.
लल्लू मुसकुडता हुआ लक्ष्मी क बालो को पीछे से हटा क्र पीछे उसके गर्दन पर चुम लिया.
लक्ष्मी कसमसा क्र अपनी गर्दन झटक क्र रह गई.
लल्लू धीरे से पीछे हुआ और झुक क्र लक्ष्मी क ब्लाउज क एन्ड पर नंगे पीठ को चुम लिया.
लक्ष्मी खिसक क्र आगे हो गई झटके से.
लक्ष्मी लल्लू की इन हरकतों का मजा ले रही थी.
लल्लू हाथ बढ़ा क्र हलके से एक ऊँगली चला दिया कमर पर साइड से.
लक्ष्मी कूद क्र बीएड से निचे हो गई.
वो घूम क्र लल्लू को गुस्से वाली नजरो से देखने लगी. नाटक करती हुई.
लल्लू भी मजा लेता हुआ अपने दोनों कानो को हाथसे पकड़ क्र हलके से सॉरी बोलै जो उसके कुछ क कानो तक भी नहीं पहुंची होगी. सिर्फ होठ हिले थे.
लक्ष्मी लल्लू की और पीठ क्र क कड़ी हो गई.
लल्लू उठ क्र लक्ष्मी क पास गया और उसे गॉड मई उठा क्र बीएड पर ले आया.
लक्ष्मी लल्लू क गॉड मई हाथ पेअर चला रही थी छूटने क लिए. लेकिन उस मई बिरोध कम और सहमति ज्यादा दिख रहा था.
लल्लू ला क्र लक्ष्मी को बीएड पर लेता दिया.
लल्लू लक्ष्मी पर झुक गया और ब्लाउज क उप्पेर से hi जीभ निकल क्र उसके दूध को चाट लिया लक्ष्मी क आँखों मई देखते हुए.
लक्ष्मी शर्मा क्र लम्बी लम्बी सास लेती हुई नजरे फेर ली.
तेज सैश लेने क कारन लक्ष्मी की चूचिया बहुत hi आकर्षक लग रही थी उप्पेर निचे होते हुए.
लल्लू लक्ष्मी पर झुका हुआ hi फिर से जीभ निकल क्र उसके दोनों वक्ष की घाटियों क बिच अपना जीभ फिर दिया.
लक्ष्मी सिसक क्र लल्लू क सर को पकड़ क्र अपने चूचियों पर दबा दी.
लल्लू का मुँह पूरा लक्ष्मी की ठोस बॉल मई धसा गया.
लल्लू मुँह खोल क्र ब्लाउज सहित लक्ष्मी क एक चुकी को मुँह मई भर लिया और उसे चूसने लगा.
लल्लू क थुल से लक्ष्मी क एक चुकी का पूरा आगे का हिस्सा गिला हो गया.
लक्ष्मी आँखे बंद किये हुए गहरी गहरी ससे ले रही थी.
निचे उसकी पूरी पेंटी गीली हो गई थी जैसे उसने पेंटी मई hi मूट दिया हो.
लक्ष्मी- सुनिए
लल्लू सर उठा क्र लक्ष्मी क आँखों मई देखने लगा.
लक्ष्मी- मई आप को रोक नहीं रही हु लेकिन अच्छा होता अगर ये सब आप रात मई….
लल्लू हलके से लक्ष्मी क होठ को चुम क्र उसे छोड़ दिया.
लक्ष्मी- आप नाराज नहीं है न प्लसस
लल्लू मुसकुदा क्र गर्दन न मई हिला दिया.
टनल से मिले उस पत्ते और जिस बॉक्स मई वो था दोनों टेबल पर रखे वो बूढ़ा अर्चयोलॉजिस्ट उसका अध्ययन क्र रहा था.
काफी देर उसका अध्ययन करने क बाद उस बूढ़े क चेहरे पर चमक आ गई.
बूढ़ा- हाहाहाहा, अब मई सर्व शक्तिमान बन जाऊंगा. मई किसी सहारे का मोहताज नहीं रहूँगा. मई अमर हो जाऊंगा. वहहह, मई अब अपनी सभी हसरते पूरी करूँगा. हाहाहाहा….
वो बूढ़ा पागल हो गया था. वो व्हील चेयर पर बैठा पुरे कमरे मई घूमता पागलो की तरह हरकत क्र रहा था.
थोड़ी देर मई जब उसका पागलपन संत हो गया तो उसने अपने उसी गार्ड को बुलाया जिस ने बॉक्स ला क्र दिया था.
बूढ़ा- इंडिया जाने की तयारी करो. हम सब कल इंडिया जा रहे है
वो गार्ड वह से चला गया.
इधर टनल से निकल क्र वो सिक्योरिटी हेड वह क ऑफिस मई गया जहा वो पीटर और गार्ड्स सुपरवाइजर की मौत का वीडियो देखा.
वो वह से बहार निकल क्र अपने कुछ सपकल गार्ड्स क साथ उस जगह पंहुचा जहा वीडियो मई दो नकाबपोश को सब को मरते देखा था.
हेड- सब फ़ैल जाओ और यहाँ देखो कुछ सुराग मिलता है क्या उस दिन क घटना से संभंधित.
सभी गार्ड्स वह उस उजर जंगल जैसे पहाड़ी पर फ़ैल गए और देखने लगे इधर उधर लेकिन उन सब को कुछ भी नहीं मिला.
फिर सभी वह से जंगल पर क्र रोड पर आ गए.
हेड- ये इलाका ज्यादातर सुनसान hi रहता है. एक्का दुक्का वहां hi चलता है यहाँ.
तो हम लोग दो हिस्से मई बात जाते है. आधा आगे को जा क्र कल हुए हादसे क समय यहाँ से कोई गाड़ी गई हो या और कोई ऐसी बात जिस पर लोगो का ध्यान गया हो. वो ढूंढेंगे. एक और बात यहाँ आस पास कोई कैमरा लगा हो कही तो उस की फुटेज भी मिल सकता है. इस से हमारा काम आसान हो जाएगा.
सभी फ़ैल जाओ और लग जाओ अपने काम पर.
ऐसे hi उन लोगो ने किया और किस्मत से आगे क एक कसबे मई एक शॉप पर बहार कैमरा लगा मिल गया जिस मई एक ब्लैक कार जाता हुआ दिख रहा था.
उन लोगो ने तुरंत उसका नंबर ले क्र आगे बॉस को भेज दिया.
बॉस उस कार क मालिक का एड्रेस निकल क्र इन्हे फॉरवर्ड क्र दिया.
सेक्. हेड अब उस कार क मालिक क एड्रेस पर उसका पता करने चल दिया.
वह ढूंढते हुए वो लोग अर्चयोलॉजिस्ट क ठिकाने पर पहुंच गए.
सेक्. हेड अपने कार से ड्रोन निकल क्र उस से जब देखा तो उसे वह बहुत टाइट सिक्योरिटी दिखा.
वो तुरंत ये सुचना आगे बड़ा दिया.
सेक्. हेड- बॉस लगता है हम सही जगह पर है. यहाँ मैंने अपने एक आदमी को भेजा था ऐसे hi भटकता हुआ राहगीर बना क्र. और फिर मैंने ड्रोन से भी देखा है अंदर का हिस्सा. बहुत टाइट सिक्योरिटी है यहाँ की. यहाँ जरूर कुछ ऐसा हो रहा है जिस कारन से इन्हे इतनी सिक्योरिटी की जरुरत है. दूसरा यहाँ जिसका ऑफिस है न वो धरती क निचे खुदाई मई निकले चीजों का hi अध्ययन करता है. या कहे तो पुराणी हिस्ट्री से रिलेटेड अर्चयोलॉजिस्ट का ऑफिस है यहाँ.
बॉस- उधर से. तो दिक्कत क्या है. अंडर जा क्र पता करो. क्या ले गया है वो. वो सामान तो के hi लेना साथ hi उस अर्चेओलॉजिस्ट को भी घसीट क्र लाना.
बॉस तो फरमान सुना दिया लेकिन यहाँ कितनी टाइट सिक्योरिटी है ये उसे कहा पता था.
फिर इन लोगो ने अपने कुछ और साथियो को बुलाया कुछ सपकल वेपन्स क साथ.
सब तयारी हो जाने क बाद उस सेक्. हेड ने एक बार फिर से अंडर उस पुरे एरिया का जायजा लिया ड्रोन से.
हर जगह हरेक बिंदु को समझने क बाद उस ने अपने साथियो को प्लान बताया.
अब इन लोगो का सीधा हमले की तयारी सुरु हो गई.
चार ड्रोन मई टाइम बम लटका क्र उसे अंदर चार दिशाओ मई भेज दिया. सभी बम मई एक मिनट्स का फर्क था. मतलब पहले बम क फटने क एक मिनट्स क बाद दूसरा फिर उसके एक मिनट बाद तीसरा और फिर ऐसे hi चौथा बम फटना था.
ड्रोन को अंडर भेज दिया गया.
सब अपने हथियार से लैश थे.
पहला बम फटा तो आवाज सुन क्र सभी उस और भागने लगे. अफरातफरी मच गई वह. तभी दूसरे दिशा मई भी एक फटा. आधे लोग वह दूसरी और भागे.
इधर ये लोग गेट से कुछ दूर खड़े ड्रोन से सब कुछ देख रहे थे.
जैसे hi गेट पर गार्ड्स की संख्या पहले ब्लास्ट मई काम हुई ये लोग वह से चल दिए गेट की और.
दूसरे ब्लास्ट मई और भी गार्ड्स काम हो गया गेट पर.
अभी गेट और सिर्फ दो गार्ड्स रह गए थे.
ये लोग जाते hi दोनों को शूट क्र दिए और गेट कूद क्र अंडर..
अंदर जा क्र पहले इन लोगो ने गेट खोल दिया फिर इन लोगो ने कुछ अपने गन्स से तो कुछ छुपे हुए गार्ड्स को ड्रोन से मर गिराया.
सारा मैदान अंदर जगह जगह लसो से पता हुआ था. इन लोगो ने काम से काम तीस गार्ड्स को वह मर गिराया था.
बहुत लम्भा चौड़ा एरिया था ये और उसके लास्ट मई वो बिल्डिंग बना हुआ था.
ये सभी बिल्डिंग मई घुश क्र वह क भी सात गार्ड्स का काम रामत क्र दिए.
अंत मई ये सभी पहुंचे उस बूढ़े क ऑफिस क सामने.
एक गार्ड आगे बढ़ क्र सतर्क हो क्र गेट खोला लेकिन वो लॉक था.
सेक्. हेड ने कुछ इसरा किया.
वह उस गेट क लॉक पर बम बांध क्र उस गेट को hi ुर्रा दिया.
अंडर व्हील चेयर पर एक बूढ़ा बैठा था साथ मई उसके दो बॉडीगार्ड भी थे आटोमेटिक गन क साथ.
दोनों और से गोलिया चलनी सुरु हो गया.
छोटी सी ऑफिस थी कब तक बचते वो लोग. अंत मई सेक्. हेड ने दोनों बॉडीगार्ड को मर दिया और उस बूढ़े क पास जा क्र एक आधी टूटी चेयर पर बैठ गया.
सेक्. हेड- जीने की तमन्ना है तो हमे चुप चाप से वो दे दो जो मेरे गार्ड्स को मर क्र टनल से छुड़ाए हो.
बूढ़ा- मैंने कुछ नहीं छुड़ाया है. मेरे पास ऐसा कुछ नहीं है जो तुम्हारे काम का हो.
सेक्. हेड- तो तुम ने सोच लिया है की तुम्हे मरना है तो हम क्या क्र सकते है.
उसने अपनी गैन निकली और उस बूढ़े क पेअर मई गोली मर दी.
बूढ़ा दर्द से चिल्लाने लगा.
फिर उस सिक्योरिटी हेड ने बन्दुक की नाल बूढ़े क पेअर क जख्मी जगह पर उस अंदर घुसा दिया.
सेक्. हेड- क्यू अब याद आया कुछ. या अभी और खातिरदारी करना पड़ेगा. मरने तो हम देंगे नहीं तुम्हे.
लेकिन वो बूढ़ा भी सोच रखा था की नहीं बताना है और उसमे नहीं बताया.
सिक्योरिटी हेड ने गैन निकल क्र उसके दूसरे पेअर का निशाना लगा लिया.
हेड- तुम तो वैसे भी व्हील चेयर पर hi हो अगर तुम्हारे दोनों पेअर बेकार भी हो जाएंगे तो क्या होगा.
फिर उसने बूढ़े क दूसरे पेअर मई भी गोली मर दी.
बूढ़ा दर्द से बेहोश हो गया था.
सेक्. हेड- इसे होश मई लाओ.
उसने अपने साथियो से कहा.
जल्दी से बूढ़े को होश मई लाया गया.
फिर से एक बार टार्चर का सिलसिला सुरु हुआ.
कभी उसके जख्मो को कुरड़ा जाता तो कभी उस मई मिर्च डाला जाता.
वो बूढ़ा भी आखिर इन्शान hi था. कब तक सहता.
फिर उस ने सब बता दिया. कैसे क्या हुआ और कहा है वो दोनों सामान.
इन लोगो ने सभी सामान ले क्र उस बूढ़े क साथ वह से निकल गए.
लल्लू वापस कमरे मई आ क्र लक्ष्मी क बगल मई सो गया.
सुबह दोनों को एक hi समय आगे पीछे नींद खुली.
पहले लक्ष्मी उठी. उसने अपने आप को देखा तो वो पूरी नंगी बीएड पर लेती हुई थी.
साथ मई लल्लू भी नंगा hi था. लक्ष्मी लल्लू क बहो मई उस क साइन से लगी हुई सो रही थी.
लल्लू का लौड़ा अभी सुबह क कारन खड़ा लक्ष्मी क जांघो क बिच घुसा हुआ था. जो लक्ष्मी छूट से ठोकर मर रहा था.
लक्ष्मी आहिस्ता से लल्लू का हाथ हटा क्र उठ बैठी.
तभी लल्लू का भी नींद खुल गया लेकिन वो अपनी आँख बंद किये हुए लेता रहा.
लक्ष्मी उठ क्र लल्लू क होठो पर एक किश की और फिर बीएड से उतर क्र अपने निघ्त्य समेत क्र वाशरूम चली गई.
लक्ष्मी क वाशरूम जाते hi लल्लू भी आँख खोल दिया.
थोड़ी देर लेते रहने क बाद वो उठने वाला था की तभी लक्ष्मी वाशरूम से बहार आ गई.
अभी भी वो नंगी hi थी.
वो अलमारी खोल क्र उस मई से अपना कपडा निकल रही थी.
लक्ष्मी का पीठ अभी लल्लू की तरफ था.
लल्लू चुपके से बीएड से उतर का पीछे से जा क्र लक्ष्मी को अपने बहो मई ले लिया.
लक्ष्मी दर से कम्प गई. जब उसे एहसास हुआ की लल्लू है तब जा क्र वो संत हुई.
लल्लू को अपने बदन से धकेलती लक्ष्मी वापस उसे बीएड पर बैठा दी.
लल्लू लक्ष्मी का हाथ पकड़ क्र उसे अपने गॉड मई बैठा लिया.
लक्ष्मी को अपने फुले हुए गांड क निचे लल्लू क गर्म तने हुए लैंड का एहसास हो रहा था.
लक्ष्मी की छूट एक बार फिर से गीली होने लगी.
लक्ष्मी- सुबह हो गया है. सब उठ गए होंगे. आप भी जा क्र फ्रेश हो जाइये.
लल्लू- एक बार मेरा मूड फ्रेश क्र दीजिये न. फिर मई वाशरूम चला जाऊंगा.
लक्ष्मी- मूड फ्रेश मतलब.
लल्लू- आप को इस रूप मई देख क्र मुझे कुछ कुछ होने लगा है. उसे संत क्र दीजिये न.
लक्ष्मी- नहीं अब कोई मस्ती नहीं. अब पहले जा क्र फ्रेश हो क्र आइये.
लल्लू- बड़े सयाने कह रखे है की घी जब सीधी ऊँगली से न निकले तो ऊँगली को टेढ़ी क्र क घी निकल लेना चाहिए.
लक्ष्मी- K..ky..kya m.a.t.l.a.b.
लल्लू- मेरी बुलबुल. मतलब ये की अब मई ऊँगली टेढ़ी करने वाला हु.
लक्ष्मी- Aap..aap ऐसा कुछ… नहीं करेंगे
लल्लू- क्यू नहीं करूँगा. जब अभी मई गौण मई था तब भी तरप रहा था. उस समय सजह आता है की आप नहीं थी मेरे पास लेकिन अब क्या दिक्कत है. मई अब क्यू तरप रहा हु. आप को मेरी कोई फिक्र नहीं है.
लक्ष्मी झट से लल्लू क होठो पर अपना हाथ रख दी.
लक्ष्मी- ऐसा न कहिये. आप की दासी हमेशा आप की सेबा मई हाजिर है. लेकिन अभी घर मई गेस्ट आये हुए है. हम लेट जाएंगे निचे तो लोग क्या कहेंगे. फिर आप को सुबह आईएनएस किरण क पास भी तो जाना है.
लल्लू- मैडम किरण क पास इतनी सुबह कहा जाऊंगा. वो मुझे सुबह की चाय पर नहीं बुलाया है. बल्कि ऑफिस जान है उसके और ऑफिस टाइम 10 बजे से सुरु होता है.
लक्ष्मी- यहाँ भी तो कितने मेहमान है. बुआ है पापा है. युसूफ अंकल और उनकी पूरी फॅमिली है.
लल्लू- बस बस… आप ऐसा कीजिये यहाँ बहुत साधु बाबा रहते होंगे. बहुत सिद्ध तीर्थ स्थान है ये जा किसी बाबा से मंत्र वगैरह ले क्र सन्यासी बन जाइये और मुझे भी बना दीजिये
लल्लू उठ क्र वाशरूम चला गया.
वह से सुबह का कार्य निपटा क्र वापस आया तो लक्ष्मी बीएड पर वैसे hi बैठी हुई रो रही थी.
लल्लू अपने बैग से कपडा निकल क्र पहन लिया और दरवाजा खोल क्र बहार आ गया.
बहार अभी मां और युसूफ अंकल ड्राइंग रूम मई बैठे हुए थे.
लल्लू भी जा क्र उनके पास बैठ गया.
थोड़ी देर मई hi सकीना आंटी चाय ले क्र आई और तीनो को दे दी.
सभी चाय पिटे हुए बाटे करने लगे.
लल्लू- अंकल नींद तो अच्छी आई न यहाँ.
युसूफ- बीटा हम लोग तो यहाँ आते hi रहते थे पहले भी. ये हमारा घर है. हमे बहुत अच्छी नींद आई. आप बताओ. आप पहली बार यहाँ सोये हो. पिछली बार आप को मौका hi नहीं मिला था यहाँ सोने का. आप की रात कैसी रही.
लल्लू- मेरी भी अच्छी थी अंकल.
लल्लू मुसकुडता हुआ बोलै.
फिर एक एक क्र घर क सभी उतने लगे और निचे ड्राइंग रूम मई आने लगे.
लल्लू थोड़ी देर वह बैठा फिर बहार आ क्र मोबाइल से घर मई सब से बात करने लगा.
बात करते हुए hi काफी समय निकल गया.
गौण मई राघव भैया और भाभी भी वापस आ गए थे अपने घर से.
लल्लू वह से फ्री हो क्र अंडर आ गया और फिर तैयार हो क्र चला गया किरण से मिलने को.
आज वो अकेला hi गया था.
ैप ऑफिस मई किरण आ गई थी. लल्लू क वह जाते hi दोनों लल्लू क कार से hi सेंट्रल जेल गए.
वह क जेलर से मिल क्र उसके साथ तीनो उस बैराज मई जा पहुंचे जहा लक्ष्मी क चाचा को रखा गया था.
लल्लू- क्या यही जगह है वो.
जेलर- है यही इसी बैराज मई था वो. साथ मई उसका बीटा और दो कैदी और भी था.
लल्लू- कैसे हुआ था ये हादसा.
जेलर- कुछ पता hi नहीं चला कैसे हुआ. अभी इसकी जाँच चल रही है.
लल्लू- उसने अपने बेटे को मर दिया अपने कुर्ते को गले से लपेट क्र ये तो समझ आता है लेकिन वो इस बैराज से कैसे निकला और फिर इतने बड़े जेल से कैसे बहार गया वो.
जेलर- यही तो समझ नहीं आ रहा है.
लल्लू- बांकी क दो कैदी जो थे उनका क्या रिकॉर्ड है. किस जुर्म मई कैद थे वो.
किरण- वो दोनों भी वैसे hi हैवान थे. एक ने 5 हत्या की थी तो दूसरा ड्रग्स का सप्लाई करता था.
लल्लू- उन दोनों क ठिकानो की जाँच करवाए थे.
किरण- है सब संभावित जगह की जाँच क्र लिए है.
लल्लू- मुझे क्या इन लोगो की एक कॉपी मिल सकता है.
किरण- सॉरी ये जरा मुश्किल काम है. ये हम बहार नहीं देते किसी को.
लल्लू- आप मामले की गंभीरता को नहीं समझ रही है सायद. बहुत संगीन मामला है ये जल्दी अगर नहीं पकड़ा गया ये सब तो बहुत कुछ बुरा हो सकता है वो भी सिर्फ मेरे फॅमिली क साथ hi नहीं बल्कि यहाँ क और भी लोग खतरे मई है. जिस हिसाब से आप ने इन लोगो क बारे मई बताई है. ये देख क्र तो यही लगता है.
किरण- बहुत जल्द वो सभी हमारे गिरफ्त मई होंगे. हम ने सभी वो रस्ते बंद क्र रखे है जो यहाँ सहर से बहार जाते है और हर उस जगह की जाँच की जा रही है जहा कही भी उन लोगो क होने की थोड़ी सी भी संभावना है.
फिर लल्लू जेलर को धन्यवाद् करता हुआ वह से किरण क साथ बहार आ जाता है.
किरण को उसके ऑफिस ड्राप क्र लल्लू वापस अपने घर आ जाता है.
कोई सुराग नहीं मिल रहा था जिस से की लल्लू कुछ कर सकता था. कुछ भी समझ नहीं आ रहा था अभी.
लल्लू वापस आ क्र उप्पेर अपने कमरे मई आ गया.
कमरा खली था.
लल्लू बीएड पर लेत क्र इन्ही सब चीजों क बारे मई सोचने लगा.
फिर लल्लू बहार आ क्र युसूफ को ढूंढने लगा.
पता चला की वो मां जी क साथ ऑफिस गया है.
लल्लू ड्राइंग रूम मई आ क्र बैठ गया.
काकी चाय ला क्र लल्लू को दी. लल्लू चाय पिता हुआ फिर से उन मुजरिमो क बारे मई सोचने लगा. किरण अगर कुछ मदद क्र देती तो लल्लू को आसानी होता लेकिन वो मन क्र चुकी है. अब जो करना था लल्लू को अपने डैम पर hi करना था.
फिर लल्लू सर झटक क्र वह से वापस अपने कमरे मई आ गया.
बुआ क कमरे से आवाज आ रही थी. लगता है आज बुआ क कमरे मई सब की महफ़िल जमी है. लल्लू वह जाना नहीं चाहता था क्यू की वह युसूफ की बेतिया भी होंगी.
लल्लू बीएड पर लेता हुआ था तभी लक्ष्मी कमरे मई आ गई.
लल्लू लक्ष्मी को देख क्र उठ क्र बैठ गया.
लक्ष्मी लल्लू क पास आ क्र कड़ी हो गई.
लल्लू- कहिये क्या हुक्म है.
लक्ष्मी रोटी हुई लल्लू क पेअर को पकड़ने लगी.
लल्लू झट से खड़ा हो गया.
लल्लू- क्या क्र रही हो ये सब. रो क्यू रही हो आप. अगर सुबह क लिए रो रही हो तो सॉरी. मई मजाक क्र रहा था.
लक्ष्मी- (रोटी हुई) N.n.nahi aap...aap m..m.mujh से n..n.naraj है.
लल्लू- मई कोई नाराज नहीं हु. प्लस ये रोना बंद क्र दो नहीं तो मई सुच मई नाराज हो जाऊंगा.
लक्ष्मी- म.. मुझे maaf...maaf k..ka..r दीजिये… आगे se….aa..p जो कहेंगे वो mai...man..manugi.
लल्लू- पहले अभी की बात मान लीजिये आप. ये रोना बंद कीजिये.
लल्लू लक्ष्मी को पकड़ क्र उसके आँशु को साफ़ क्र दिया. बहुत बुरा हु न मई. आप को रुला दिया. सॉरी.. मई मजाक क्र रहा था.
लक्ष्मी लल्लू क साइन मई मुँह छुपा क्र फिर से रोने लगी.
लक्ष्मी- me..mere...m.a.a..b.a.p.u m.u.jhe….mujhe...ch..chod..kr….chale...gye...plass….aap bhi….mujhe c..hh..o...d क्र मत चले जाना.
लल्लू- ओह्ह्ह गॉड.. मई मजाक क्र रहा था. प्लस.. आगे से मजाक भी नहीं करूँगा.
लल्लू लक्ष्मी क सर को उठा क्र फिर से उसके आँशु को साफ़ क्र दिया.
उसे अपने बहो मई ले क्र बीएड पर बैठ गया और उसे खींच क्र अपने गॉड मई बैठा लिया.
लल्लू लक्ष्मी को रोना बंद करने की भर सक कोसिस क्र रहा था लेकिन उसका रोना बंद hi नहीं हो रहा था.
लल्लू ने लक्ष्मी का सर उठा क्र उसके होठो को अपने होठो से बंद क्र दिया
थोड़ी देर उसे प्यार करने क बाद वो थोड़ी संभाली.
लल्लू- जाओ जा क्र पहले अपना चेहरा साफ़ क्र आओ आप.
देखो कैसे बंदरिया की तरह लग रही हो.
फिर लक्ष्मी उठ क्र वाशरूम जा क्र चेहरा धो क्र वापस आ गई.
लल्लू उसे फिर से पकड़ क्र अपने साथ बीएड पर बैठा लिया
लल्लू- और सब कहा है.
लक्ष्मी- बुआ क साथ गार्डन गई है.
लल्लू- आप नहीं गई.
लक्ष्मी- मई पीछे से आने को बोल दिया है.
लल्लू- फिर सब आप को धुंध रहे होंगे.
लक्ष्मी- नहीं ढूंढेंगे. उन्हें पता है की मई आप से मिलने आई हु.
लल्लू- वो कैसे.
लक्ष्मी- (सरमाती हुई) बुआ बोल रही थी. आप कमरे मई है ये उन्हें पता था. वो बोल रही थी की हम सब गार्डन जा रहे है तुम अपने पति क पास जाओ.
लल्लू- मतलब आप अपनी मर्जी से नहीं आई है.
लक्ष्मी- (घबरा क्र) N..a..h..I..nahi...mai...mai आना चाहती थी लेकिन सब को छोड़ क्र कैसे आती.
वो फिर रोने को तैयार हो गयी थी.
लल्लू- अरे बाप रे.. फिर से मत रोने लग्न. मुझे चुप करना नहीं आता है. बड़ी मुश्किल से अभी चुप कदया है मैंने तुम्हे.
लक्ष्मी- तो रुलाते क्यू है मुझे.
लक्ष्मी लल्लू क साइन मई मुक्का मरती बोली.
लल्लू लक्ष्मी को कास क्र अपने बहो मई भर लिया.
लल्लू- मतलब अभी हमारा रास्ता साफ़ है. यहाँ उप्पेर कोई नहीं है.
लक्ष्मी - ( शर्मा क्र) सकीना आंटी है न. इस तरफ का कमरा उनका hi है.
लक्ष्मी अपने दूसरी और का बगल वाले कमरे की और इसरा करती बोली.
लल्लू- उन्हें भी निचे भेज दो न.
लक्ष्मी- हुत्त बेसरम. मई क्या कहूँगी उन से.
लल्लू- कह देना की मेरे लल्लू पति का बड़ा मन कर रहा है. इस लिए आप एक चक्कर लगा क्र आओ.
लक्ष्मी लल्लू क साइन पर मुक्को की बरसात क्र दी.
लक्ष्मी- मुझे तंग करने मई आप को मजा आता है क्या. मई बात नहीं करुँगी आप से.
वो रूत क्र दूसरी और घूम क्र बैठ गई लल्लू से हूत क्र.
लल्लू खिशक क्र उस से जा क्र चिपक गया.
लल्लू- आप रूत गई है क्या. प्लस जरा बता दीजिये. मुझे पता नहीं चल रहा है.
लक्ष्मी- हहहह…
लक्ष्मी अपना बल झटकती हुई बोली.
लल्लू पीछे से लक्ष्मी क नंगे कंधे को चुम लिया.
लक्ष्मी का बदन कम्प गया लेकिन वो कुछ नहीं बोली.
लक्ष्मी अभी एक साडी ब्लाउज मई थी.
लल्लू घूम क्र लक्ष्मी क दूसरे कंधे को भी वैसे hi चुम लिया.
लक्ष्मी का सरीर फिर एक बार कम्पन से हिल गया.
लल्लू मुसकुडता हुआ लक्ष्मी क बालो को पीछे से हटा क्र पीछे उसके गर्दन पर चुम लिया.
लक्ष्मी कसमसा क्र अपनी गर्दन झटक क्र रह गई.
लल्लू धीरे से पीछे हुआ और झुक क्र लक्ष्मी क ब्लाउज क एन्ड पर नंगे पीठ को चुम लिया.
लक्ष्मी खिसक क्र आगे हो गई झटके से.
लक्ष्मी लल्लू की इन हरकतों का मजा ले रही थी.
लल्लू हाथ बढ़ा क्र हलके से एक ऊँगली चला दिया कमर पर साइड से.
लक्ष्मी कूद क्र बीएड से निचे हो गई.
वो घूम क्र लल्लू को गुस्से वाली नजरो से देखने लगी. नाटक करती हुई.
लल्लू भी मजा लेता हुआ अपने दोनों कानो को हाथसे पकड़ क्र हलके से सॉरी बोलै जो उसके कुछ क कानो तक भी नहीं पहुंची होगी. सिर्फ होठ हिले थे.
लक्ष्मी लल्लू की और पीठ क्र क कड़ी हो गई.
लल्लू उठ क्र लक्ष्मी क पास गया और उसे गॉड मई उठा क्र बीएड पर ले आया.
लक्ष्मी लल्लू क गॉड मई हाथ पेअर चला रही थी छूटने क लिए. लेकिन उस मई बिरोध कम और सहमति ज्यादा दिख रहा था.
लल्लू ला क्र लक्ष्मी को बीएड पर लेता दिया.
लल्लू लक्ष्मी पर झुक गया और ब्लाउज क उप्पेर से hi जीभ निकल क्र उसके दूध को चाट लिया लक्ष्मी क आँखों मई देखते हुए.
लक्ष्मी शर्मा क्र लम्बी लम्बी सास लेती हुई नजरे फेर ली.
तेज सैश लेने क कारन लक्ष्मी की चूचिया बहुत hi आकर्षक लग रही थी उप्पेर निचे होते हुए.
लल्लू लक्ष्मी पर झुका हुआ hi फिर से जीभ निकल क्र उसके दोनों वक्ष की घाटियों क बिच अपना जीभ फिर दिया.
लक्ष्मी सिसक क्र लल्लू क सर को पकड़ क्र अपने चूचियों पर दबा दी.
लल्लू का मुँह पूरा लक्ष्मी की ठोस बॉल मई धसा गया.
लल्लू मुँह खोल क्र ब्लाउज सहित लक्ष्मी क एक चुकी को मुँह मई भर लिया और उसे चूसने लगा.
लल्लू क थुल से लक्ष्मी क एक चुकी का पूरा आगे का हिस्सा गिला हो गया.
लक्ष्मी आँखे बंद किये हुए गहरी गहरी ससे ले रही थी.
निचे उसकी पूरी पेंटी गीली हो गई थी जैसे उसने पेंटी मई hi मूट दिया हो.
लक्ष्मी- सुनिए
लल्लू सर उठा क्र लक्ष्मी क आँखों मई देखने लगा.
लक्ष्मी- मई आप को रोक नहीं रही हु लेकिन अच्छा होता अगर ये सब आप रात मई….
लल्लू हलके से लक्ष्मी क होठ को चुम क्र उसे छोड़ दिया.
लक्ष्मी- आप नाराज नहीं है न प्लसस
लल्लू मुसकुदा क्र गर्दन न मई हिला दिया.