Kamvasna - Mard ka bachcha - Page 10 - SexBaba
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Kamvasna - Mard ka bachcha

मर्द का बच्चा. अपडेट 48.

सुबह 8 बजे किसी क दरवाजा खटकने से दोनों की नींद खुली.

अभी तक दोनों एक दूसरे क बहो मई चिपके नंगे सो रहे थे.

दोनों अपने आप को देखा तो खुद को नंगा प् क्र दोनों झट से उठ क्र लक्ष्मी तो चादर hi खींच क्र लपेट ली और लल्लू जिस टॉवल को पहन क्र सोया था वही लपेट लिया.

फिर लल्लू अपना कपडा उठा क्र पहन लिया और लक्ष्मी को भी उसका कपडा उठा क्र दिया और पहले लक्ष्मी को वाशरूम से हो आने को बोलै.

लक्ष्मी बीएड से उतर क्र जैसे hi कड़ी होने क लिए अपने पैरो पर भर दी वैसे hi उसके मुँह से एक कराह निकल गया.

दोनों तंग क बिच जॉइंट मई बहुत दर्द था.

होना hi था ये तो आज कच्ची काली से फूल जो बानी थी.

लल्लू उठ क्र लक्ष्मी को अपने गॉड मई उठा लिया और उसे वाशरूम तक छोड़ आया.

वह एक टॉवल जा क्र दे दिया.

लक्ष्मी स्नानं क्र वह से टॉवल लपेट क्र निकली.

फिर अपने बैग से कपडे निकल क्र पहनने लगी तब तक लल्लू फ्रेश होने चला गया.

जब लल्लू वह वह से आया तो लक्ष्मी एक लाल साडी पहने कड़ी थी.

लल्लू- अब कैसी हो आप. क्या अभी भी दर्द है.

लक्ष्मी बुरा सा मुँह बना क्र है क्र दी.

लल्लू- चल सकती है आप.

लक्ष्मी- कैसे चलूंगी सब क सामने. लंगड़ाती हुई सब क सामने कैसे जाउंगी. सब क्या सोचेंगे.

लल्लू- फिर क्या करे अभी.

लक्ष्मी- आप बहार जाओ. मई नहीं जाउंगी. मई यही रहूंगी.

लल्लू- ठीक है मई देखता हु कोई दबाई.

फिर लल्लू कपडा पहन क्र दरवाजा खोल बहार आ गया.

आँगन मई काफी सरे लोग बैठे थे.

लल्लू को बहुत सरम आ रहा था. आज पहली बार वो इतना लेट उठा था.

घर की सभी लड़किया और काकी माँ भ ममी सब आँगन मई बैठे थे तो कोई काम क्र रही थी.

छोटी बुआ- तो जनाब की नींद पूरी हो गई.

लल्लू- जी बुआ. वो रात लेट नींद आई thi.to…

छोटी बुआ- मुझे बताना था न. मई तो छत पर hi थी. तुम्हे तो नहीं देखि मई.

लल्लू- wo...wo..

रोमा- बुआ, भाई तो लक्ष्मी जी की मोहिनी सूरत मई खोये थे. इनका सारा नींद चैन तो भाभी ने चुरा लिया. फिर इन्हे कैसे नींद आती.

गौरी- पता है बुआ रात भाई न भाभी की घूँघट उठा रहे थे तो इनका हाथ कम्प रहा था.

सब ठहाका लगा क्र हुस्स दिए.

ऋतू- सोनम जा जाकर बहु को ला कमरे से. उसे सब ने अकेला छोड़ दिया है.

सोनम वह से उठ क्र कमरे की और चली गई.

लल्लू कोमल को देख क्र.

लल्लू- दी चाय दो न.

रागिनी- जा अपनी बीबी से मांग. उसे बोल हम सब क लिए चाय बनाये.

तब तक सोनम भी वह आ गई.

सोनम- ऋतू से, माँ भाबी को बुखार है. कोई दबाई हो तो दो न.

काजल- मई देती हु.

फिर काजल उठ क्र कमरे मई चली गई और वह से दबाई ले क्र लक्ष्मी क पास चली गई.

काजल- बीटा ज्यादा दर्द है. ओह्ह मई भी क्या पूछ रही हु.( दर्द तो होगा hi मुशल जैसा जो है मुआ का.)

ये लो बीटा अभी चाय भेज रही हु. उसके बाद ये दबाई खाना. ये बुखार और दर्द दोनों को सही क्र देगा.

तब तक बड़ी ममी भी वह आ गई.

ममी- क्या हुआ मेरे बेटे को.

काजल- कुछ नहीं, हल्का सा बुखार आ गया है. दबाई दे दी है. अभी ठीक हो जाएगा.

काजल रूम से चली जाती है चाय लेन.

ममी- बीटा तबियत ज्यादा ख़राब हो तो डॉक्टर क पास चले.

लक्ष्मी- नहीं माँ. मई ठीक हु. बस हल्का सा बुखार है.

तभी वह रागिनी चाय ले क्र आ जाती है.

रागिनी- लो बीटा. ये चाय क साथ ब्रेड खा लो. फिर दबाई ले लेना.

ममी- ये अचानक बुखार कैसे आ गया.

रागिनी बड़ी ममी को एक तरफ ले जा क्र.

रागिनी- अरे भाभी रात दोनों ने फर्स्ट नाईट मनाई है. इसी लिए ऐसा हुआ है. बच्चिया सब बता रही थी.

रागिनी आहिस्ता से सब बताई बड़ी ममी को तब जा क्र उनके पल्ले पड़ा.

ममी मुसकुडते हुए लक्ष्मी क पास आई और उसके सर पर हाथो से सहला क्र माथा चुम ली.

फिर वो रागिनी काकी क साथ कमरे से बहार आ गई.

रागिनी- सोनम बीटा एक दो बहन अपने भाबी क पास चले जाओ. वह वो अकेली रहेगी कमरे मई तो उसे और तबियत ख़राब जैसा hi लगेगा

फिर सोनम और कोमल उठ क्र वह से लक्ष्मी क पास आ गई.

दोनों बीएड पर बैठ क्र लक्ष्मी क साथ बाटे करने गई.

इधर आँगन मई सभी औरते सदी की तयारी मई बिजी हो गई.

लल्लू भी दालान पर जा क्र काका लोगो से काम का पूछ क्र उन लोगो क साथ काम मई हाथ बताने लगा.

लल्लू को ज्यादातर बहार का hi काम मिला था तो वो बहार hi बिजी हो गया वो आँगन नहीं आ पाया. उसका बड़ा मन था की आ क्र एक बार लक्ष्मी को देखे की वो कैसी है लेकिन टाइम नहीं मिल रहा था. बहुत काम बचा हुआ था अभी. साम मई मेहमान आने वाले थे. फिर बारात भी जाने वाली थी.

उसके यहाँ रिवाज था की बाराती जाने से पहले दिन मई लड़के क यहाँ की खाना कहते है. तो वो सब भी ब्यबस्ता देखना था.

इन्ही कामो मई वो फशा हुआ था.

इधर लक्ष्मी अब थोड़ी सही थी. वो हलके हलके चल प् रही थी तो बहार आ क्र सब क साथ बैठ गई और सब सदी की तयारी उसका बिष गण बजाना सब देख रही थी.

साम मई लल्लू फ्री हो पाया.

वो सीधा आँगन मई आया और लक्ष्मी को ढूंढने लगा.

अब किसी से पूछ भी नहीं सकता था को लक्ष्मी कहा है. नहीं तो सब उसी का गजल बना देते. उस मई भी लड़किया तो अभी इसी तक मई रहती थी की कब लल्लू लक्ष्मी से रिलेटेड कोई बात करे या कोई हरकत करे और सब पकड़ क्र उसका क्लास लगा दे.

लल्लू पूरा घर छान मारा लेकिन उसे लक्ष्मी कही नहीं दिखी.

लल्लू- maa...maa.

लल्लू काजल को देख क्र उसे रोक लिया.

काजल- क्या है बीटा. अभी बहुत काम है अभी डिस्टर्ब मत क्र.

लल्लू- माँ लक्ष्मी जी कहा है.

लल्लू धीरे से माँ से पूछा.

काजल- क्यू क्या काम है.

लल्लू- माँ, काम क चक्कर मई सुबह से उस से मिला नहीं हु. तो इसी लिए…

काजल- वो यहाँ नहीं है. मंदिर गई है सब क साथ. अभी आती होगी. अब छोड़ मेरा रास्ता अभी बहुत काम करने को पड़ा है.

लल्लू मुँह बना क्र साइड हो गया.

शाम का समय था आँगन मई औरते पूजा की तयारी करती हुई वह की जो क्षेत्रीय लोक गीत होता है वो गए रही थी.

इधर बहार दालान पर बारातियो का आना सुरु हो गयाबथा जो गरियो मई अपना अपना सुबिधा क हिसाब से बैठते जा रहे थे.

आँगन मई साडी विवाह की रश्मि पूरी हो जाने क बाद लड़का को ले क्र सभी लड़की वालो क यहाँ चल दिए.

लल्लू राघव क साथ उसके कार मई hi बैठा था.

लड़की वालो का गौण इनके यहाँ से दूर था 10 बज गए वह पहुंचने मई.

वह थोड़ा पहले राघव को घोड़ी पर बैठा क्र सब लग गए नागिन डांस मई.

गाजे पजे क साथ नाचते हुए सब लड़की वाले क यहाँ पहुंचे.

वह फिर सब का स्वागत हुआ और फिर राघव का जयमाला होना था तो उसका तयारी होने लगा.

थोड़ी देर मई दुल्हन को ले क्र लड़की वाले आ गए और वही स्टेज पर दोनों का जयमाला हुआ.

फिर राघव को विवाह क लिए आँगन मई ले जाया गया.

जहा सभी रश्मि पुरे होने मई सुबह हो गया.

सभी बाराती खाना खा क्र वह से पहले hi आ गए थे.

वह सिर्फ अनिल और सुनील काका रह गए.

सब लल्लू को भी रुकने को कह रहे थे लेकिन लल्लू को तो अपने घर जा क्र लक्ष्मी को देखने की जल्दी थी. वैसे भी वो आँगन जा क्र अपनी भाबी को देख आया था.

लल्लू जब अपने आँगन आया तो सब उठ चुके थे तब तक सुबह हो गया था.

लल्लू आ क्र सब से पहले अपने कमरे मई गया लेकिन एक बार फिर उसे निराशा hi हाथ लगा.

लक्ष्मी वह नहीं थी.

लल्लू कपडा बदल क्र बहार आ गया.

घर की सभी औरते उसे घेर क्र बैठ गए.

लल्लू से सभी वह क्या क्या हुआ, भाभी कैसी है, उनका परिवार कैसा है सब तरह तरह का सबल पूछने लगे.

लल्लू सब को जल्दी जल्दी जबाब देता उन लोगो से पीछा छुड़ाना छह रहा था. लेकिन लल्लू उनके जितने सबल का जबाब देता उतने hi और सबल वो लोग लल्लू से और क्र देते.

अंत मई लल्लू से रहा नहीं गया.

लल्लू- अरे कितने सवाल करोगे आप लोग. अभी थोड़ी देर मई तो आ hi जाएंगे राघव भैया अपने दुलहनिए को ले क्र फिर जी भर क्र देख लेना.

अभी कोई एक कप चाय पीला दो पहले.

तभी पीछे से ऋतू काकी चाय ले क्र आ गई.

ऋतू- मुझे लग hi रहा था की तू चाय मानेंगे. ले मई पहले hi बना दिया था.

लल्लू चाय पिता सोच रहा था की लक्ष्मी क बारे मई कैसे पूछे सब से.

फिर लल्लू नजर घुमा क्र देखा तो सोनम और कोमल भी यहाँ नहीं थी.

लल्लू- दी कहा है. वो अभी तक नहीं उठी है क्या.

गौरी- दीदी को धुंध रहे हो या बीबी को.

लगता है हमारा भाई डी और बी का फर्क भूल गया है.

सब गौरी की बात सत जोर से हुस्स दिए.

लल्लू- यहाँ तो बैठना hi बेकार है.

लल्लू बहाना बना क्र सोनम दी क कमरे मई घुस गया जहा सोनम और कोमल दोनों लक्ष्मी क साथ बैठ क्र बाटे क्र रहे थे.

लल्लू भी वही आ क्र बैठ गया.

कोमल- तुम यहाँ क्या क्र रहा है.

लल्लू- ये आज कैसा सबल है. इस से पहले तो कभी नहीं पूछा था आप ने.

कोमल- अभी यहाँ लेडीज टॉक चल रहा है चल भाग यहाँ से.

लल्लू- आयी….. ये कैसा टॉक है जो एक भाई को उसकी प्यारी बहन से अलग क्र दे.

सोनम- ये ऐसा टॉक है जो उसके पति को उसकी पत्नी से अलग क्र देता है.

सोनम लल्लू क कान को पकड़ क्र उसे कमरे से निकल दी.

लल्लू बुरा सा मुँह बनता वह से बहार आ गया.

रोमा- क्या भाई… मिल आये अपने दीदी काम बीबी से.

बड़ी ममी- क्या बोल रही है रोमा बीटा. कुछ सोच क्र तो बोलै क्र.

लल्लू वही बैठा था. तभी सोनम और कोमल क साथ लक्ष्मी बाई आँगन मई आ गई.

गौरी- लो आ गई आप की रामप्यारी. अब जितना देखना है देख लो.

सब हुस्स दिए.

लक्ष्मी भी शर्मा गई.

लल्लू चोर नजरो से लक्ष्मी को देख रहा था तभी…

रानी- देखो भाई कैसे देख रहा है भाभी को.

लल्लू- हे भगवन अब मई यहाँ बैठ भी नहीं सकता.

लल्लू उठ क्र अपने कमरे मई चला गया.

वह जा क्र लल्लू अपने बीएड पर लेट गया.

लल्लू- ये सब तो अब लक्ष्मी जी की और देखना भी बंद करवा देंगे.

क्या karu,kya करू. बड़ा देखने का मन क्र रहा है और सब निर्दई उसे मुझ से दूर रखने का हर तरह का प्रयाश क्र कर रहे है.

लल्लू खुद से बाटे करता हुआ बीएड पर लेता हुआ था.

रात तो सोया नहीं था इसलिए अभी बीएड पर लेट hi नींद आ गया.

पता नहीं कितना समय हुआ था.

लक्ष्मी- उठिये, भैया और भाभी आ गए है. अब उठ जाइये.

लल्लू आँख खोला तो लक्ष्मी लल्लू पर झुकी उसे उठा रही थी.

लल्लू लक्ष्मी को बहो मई ले क्र उसे भी बीएड पर अपने साथ सुला लिया.

लक्ष्मी- क्या क्र रहे है. दरवाजा खुला हुआ है. कोई आ जाएगा.

लल्लू- कितना तरपति हो. क्या तुम्हे मजा आता हैंउझे तारपा क्र.

लक्ष्मी- मई क्या करू. कोई न कोई साथ hi होते है. फिर मई क्या कृ.

लल्लू- अभी तो कोई साथ नहीं है न. अभी थोड़ी देर मेरे साथ लेट जाओ.

लक्ष्मी- भैया भाभी आये है. चलिए न, उन्हें देखने चलते है. सब वही है.

लल्लू- ये तो और भी अच्छी बात है. अभी इधर कोई नहीं आएगा. हम इत्मिनान से प्यार भरी बाटे क्र सकते है.

लक्ष्मी- क्या क्र रहे है कोई आ जाएगा. छोड़िये न.

लल्लू- पहले ये बताओ की अब तुम कैसी हो.

कितने देर से तुम्हे देखा नहीं था. अब कलेजे को थोड़ी ठंढक पहुंची है.

लक्ष्मी- हुत्त बेसरम,

लक्ष्मी लल्लू को अपने पास से धकेल क्र दूर क्र दी.

लल्लू मुँह बना क्र बैठ गया.

लक्ष्मी- आ जाइये फ्रेश हो क्र. मई तब तक दीदी लोगो क साथ जा रही हु भाभी को देखने.

लक्ष्मी बहार चली गई.

लल्लू- सब लड़किया एक जैसी hi होती है. सदी ब्याह का नाम सुन क्र hi देखने को तैयार हो जाती है. चाहे अपना सदी hi क्यू न होने को हो.

हुस्स है यहाँ पति तरप रहा है और एक मेरी श्री मति जी है जिन्हे कोई फिक्र hi नहीं.

लल्लू अपने आप से बाटे करता उठ क्र वाशरूम चला गया.

फ्रेश हो क्र बहार आया और फिर वो भी भैया भाभी को देखने चला गया.

सभी लेडीज वह रस्म मई लगे हुए थे.

वो लोग दोनों को ले क्र पूजा वाले कमरे मई चले गए.

लल्लू थोड़ी देर ये सब देखा फिर आ क्र आँगन मई बैठ गया.

दो घंटे बाद सब फ्री हुए.

भाभी क गौण से कुछ मेहमान भी साथ आये थे तो फिर लल्लू उन लोगो क खातिरदारी मई लग गया. अब घर मई सब से छोटा वही था तो कोई भी काम होता तो सब उसे hi करने को कहते.

लल्लू रात खाना खाने तक इन्ही लोगो मई लगा रहा.

चार मेहमान आये थे. सब को खिला क्र फिर उनके सोने का व्यवस्था करने क बाद जब लल्लू फ्री हुआ फिर आँगन मई जा क्र खाना खाया.

लेडीज पार्टी खाना खा रही थी.

लल्लू भी जा क्र अपने लिए खाना निकल क्र एक साइड बैठ खाने लगा.

खाना खाने क बाद लल्लू दालान पर मेहमानो को देखने चला गया की वो सोये या नहीं.

उन्हें किसी चीज की जरुरत तो नहीं है.

चारो मेहमान सो गए थे.

लल्लू वह से वापस आ क्र अपने कमरे मई आया तो लक्ष्मी अभी नहीं आई थी.

लल्लू अपना कपडा बदल क्र सोने की तयारी करने लगा.

काफी देर इंतजार करने क बाद भी कब लक्ष्मी नहीं आई तो लल्लू को नींद आ गया.

रात क किसी समय लल्लू की नींद खुली.

देखा तो लक्ष्मी अभी भी नहीं आई थी.

लल्लू फिर सोने की कोसिस करने लगा.

सुबह चार बजे उठ क्र नदी किनारे चला गया.

बहुत दिन हो गए थे नदी की और गए हुए.

वह जा क्र लल्लू फ्रेश हुआ और वही एक पैर क निचे ध्यान मई बैठ गया.

अभी तक लल्लू तीन द्वार खोल चूका था और चौथे द्वार की और जा रहा था.

अब ग्रीन गेट की बरी थी.

लल्लू ध्यान मई बैठा ग्रीन गेट क पास पहुंच गया.

ग्रीन गेट को खोलने को जैसे hi हाथ बढ़ाया लल्लू ने वो गेट अपने आप से खुल गया.

अंदर प्रवेश क्र गया लल्लू. यहाँ भी वैसा hi था जैसे बांकी क तीन जगह उसे देखने को मिला था.

लल्लू वह हवा मई लटका इधर उधर भटकता आगे बढ़ रहा था लेकिन आगे जाने का गेट नहीं दिख रहा था. फिर उसे याद आया की गेट उप्पेर मिल रहे है.

तो वो अब उप्पेर की और चल दिया काफी उप्पेर जाने क बाद उसे एक ब्लू कलर का चमकता हुआ कुछ दिखा.

लल्लू वह जा क्र देखा तो वो एक गेट hi था.

लल्लू उस गेट क पास जा क्र संत हो क्र उसे खोल लिया.

ब्लू गेट खुलते hi लल्लू को अपने अंडर खींच लिया.

लल्लू वह जैसे कोई चुम्बक हो ऐसे खींचा चला गया.

ब्लू अट्मॉस्फेरे मई लल्लू मिडिल मई पहुंच क्र रुक गया.

वह से फिर लल्लू उप्पेर की और सफर सुरु क्र दिया अपना.

आगे उसे इंडिगो कलर का गेट दिख रहा था. लल्लू खुश हो गया.

गेट क पास पहुंच क्र लल्लू जैसे hi उसे खोलने को हाथ बढ़ाया वो गेट लल्लू को अपने मई समां लिया और दूसरी और छोड़ दिया.

अंदर यहाँ भी बांकी जगहों की तरह hi था.

वो हवा मई ुरता बदलो को चिर क्र उप्पेर उठता जा रहा था.

अब एक लास्ट रह गया था.

लल्लू यहाँ इंडिगो अट्मॉस्फेरे मई आ क्र उसके जैसा hi हो गया था.

कोई देख ले अभी लल्लू को तो दर क्र भाग जाइएगा कोई भूत समाज क्र.

पूरी बॉडी बाल तक लल्लू क इंडिगो कलर का हो गया था.

लल्लू उप्पेर ुरर्ता हुआ आगे बढ़ रहा था.

बहुत उप्पेर उसे वैलोट कलर का गेट दिखा.

वह पहुंच क्र लल्लू सीधा उस मई प्रवेश करता चला गया.

यहाँ प्रवेश करते hi लल्लू ान वीएलओट कलर मई बदल गया था.

वह चारो और इंद्रधनुष बना हुआ हवा मई तैर रहा था.

लल्लू एक जगह स्थिर हो क्र चारो और देख रहा था तभी वो सभी इंद्रधनुष चमकने लगा और वो सभी ुरर्ता हुआ आ क्र लल्लू क सरीर मई प्रवेश करने लगा.

असीम दर्द का एहसास हो रहा था लल्लू को.

लल्लू जोर जोर से गाला फार क्र चिल्ला रहा था लेकिन जब तक वो सरे इंद्रधनुष उसके अंडर समां नहीं गए. लल्लू को दर्द होता रहा.

ख़त्म होने क बाद लल्लू बेहोश हो गया.

होश आया तो 10 बज रहा था.

लल्लू वह से उठ क्र जल्दी से घर की और चल दिया. मोबाइल निकल क्र देखा तो कई कॉल थे घर से सोनम क.

लल्लू जल्दी जल्दी चलता हुआ घर पहुंच गया.

सोनम- कहा था तू अब तक. कॉल क्यू नहीं उठा रहा था. पता है हम कितना दर गए थे.
 
मर्द का बच्चा. अपडेट 49.

लल्लू- दी, बहुत दिन हो गया था नदी क तरफ गए हुए तो उधर hi चला गया था.

सोनम- तो इतना देर लगता है. जा जाकर लक्ष्मी को देख. कमरे मई कब से रो रही है.

लल्लू- ऐसा क्या हुआ दीदी.

सोनम- तू पहले लक्ष्मी को चुप करावा.

लल्लू जल्दी से कमरे की और बढ़ गया.

कमरे मई लक्ष्मी बीएड पर लेती रो रही थी.

लल्लू जल्दी से जा क्र लक्ष्मी क पास बैठ गया और उसे पाकर क्र उठाया.

लक्ष्मी लल्लू को बेखते hi उस से लिपट क्र जोर जोर से रोने लगी.

रोने की आवाज सुन क्र दोनों ममी दोनों बुआ और काकी माँ बहने सब लल्लू क कमरे मई आ क्र जमा हो गई.

सब लल्लू को खा जाने वाली नजरो से देखने लगे.

लल्लू- ऐसे क्यू देख रहे हो आप सब. मैंने कुछ नहीं किया है.

काजल- तो मेरी बेटी क्यू रो रही है.

ऋतू- जल्दी बता क्या किया है तू ने.

बुआ- बहुत बदमाश हो गया है तू.

ममी- क्यू मेरे बेटी को रुला दिया बीटा.

रोमा- जरूर भाई ने कुछ कहा होगा.

लल्लू- अरे नहीं भाई. कोई मुझे बोलने देगा. तभी बोलूंगा न.

रिगिनी- है तो बोल न. बोलता क्यू नहीं.

रानी- भाई अगर आप ने मेरे प्यारी भाभी को कुछ कहा होगा तो देख लेना.

गौरी- है हम सब आप से बात नहीं करेंगे.

लल्लू बार बार बोलने को मुँह खोलता तब तक कोई बिच मई बोल पड़ता.

लल्लू मुँह देखता रह जाता.

लल्लू- अरे थोड़ी देर सब मुँह बंद रखोगे अपना.

लल्लू जोर से बोलै.

सब चुप हो गए.

लल्लू- मई आया तो ये पहले से रो रही थी. मई तो खुद अभी अभी आया hi हु.

ममी आगे आ क्र लक्ष्मी क पास बीएड पर बैठ गई.

ममी- क्या हुआ मेरे बेटी को. क्यू रो रही है.

लक्ष्मी लल्लू को छोड़ क्र ममी क गले लग गई रोटी हुई.

कोमल- अब तो मुझे भी लग रहा है भाई ने कुछ बोल दिया है भाभी को.

लल्लू सर पर हाथ मर क्र रह गया.

लल्लू- यार कुछ बोल भी दो अब की आखिर आप रो क्यू रहे हो. नहीं तो सब मुझे मर मर क्र भरता बना देंगे.

सोनम तभी पीछे से आई.

सोनम- लो रुला दिया न. मई भेजा था की तू चुप कराएगा लेकिन तू तो और रुला hi दिया.

लल्लू- बस आप hi नहीं थी यहाँ. आप की hi कमी थी.

सोनम- चल सॉरी बोल लक्ष्मी से पहले.

लल्लू- सॉरी लक्ष्मी जी. मेरे से अगर कोई गलती हुई है तो माफ़ क्र दीजिये.

लल्लू कान पकड़ क्र वही बैठ गया.

देखा फूलों को काटों पे सोते हुए

देखा तूफ़ान को कश्ती डुबोते हुए

देख सकता हूँ मैं कुछ भी होते हुए

नहीं मैं नहीं देख सकता तुझे रट हुए

नहीं मैं नहीं देख सकता तुझे रट हुए

देख सकता हूँ मैं कुछ भी होते हुए

देख सकता हूँ मैं कुछ भी होते हुए

नहीं मैं नहीं देख सकता तुझे रट हुए

नहीं मैं नहीं देख सकता तुझे रट हुए

एक दिन बिगड़ी किस्मत संवर जायेगी

यह कृषि हमसे बचकर किधर जायेगी

ग़म न कर ज़िन्दगी यूं गुज़र जायेगी

रात जैसे गुज़र गयी सोते हुए

नहीं मैं नहीं देख सकता तुझे रट हुए

नहीं मैं नहीं देख सकता तुझे रट हुए

लल्लू का गण सुन क्र सभी ताली बजने लगे.

लक्ष्मी भी चुप हो गई थी और सरमाती हुई बड़ी ममी क पीछे मुँह छुपा ली.

लल्लू- आअह्ह्ह, अब जा क्र सुकून मिला. अब ये बताओ की रो क्यू रही थी.

लक्ष्मी- आप कहा थे सुबह से. मई सुबह 5 बजे से आप को ढूंढती फिर रही हु. फिर मुझे लगा की रात मई मैं दीदी लोगो क साथ सो गई थी तो इस लिए आप नाराज हो क्र कही चले गए है.

लल्लू- अरे यार बार बार एक hi गलती थोड़े न करूँगा. एक बार भगा तो तुम्हे ले क्र घर आया. इस बार अगर ऐसा हुआ तो सोनम दी मेरी जान ले लेगी.

सभी - क्या….

लल्लू- ( अरे बाप रे ये क्या बोल गया मई.) अब मेरी खैर नहीं. आज मई किसका मुँह देख क्र उठा था. आज तो अपना hi मुँह देखा था. क्या इतना बुरा है मेरा मुँह)

सब- क्या कहा, सोनम मारेगी.

लल्लू- है, दीदी का कहना था की मई तेरे सदी मई नाचने वाली थी. तो वो उनका खवाहिश, खवाहिश hi रह गया न.

लल्लू -( बच गया बीटा. नहीं तो आज लग गई थी तेरी.)

फिर सब एक एक क्र कमरे से बहार आ गए.

अब कमरे मई यही दोनों रह गए थे.

लल्लू- आप को पता है. आप में मुझे कितना तर्पया है अभी दो दोनों से.

लक्ष्मी- (सरमाती हुई.) मई भी तो तदपि हु न.

लल्लू- तो ऐसा काम क्यू किया आप ने. खुद भी टर्पी और मुझे भी तारपा दिया.

लक्ष्मी- मई क्या करती. सोनम दीदी जिद्द करने लगी की आज मेरे साथ hi चलो सोने. वह बात भी करनी है.

अब मई दीदी को कैसे मन क्र सकती हु.

लल्लू आगे बढ़ लक्ष्मी को अपने बहो मई भरना चाहा.

लक्ष्मी छिटक क्र दूर हो गई.

लल्लू- क्या हुआ.

लक्ष्मी- (दरवाजे की और इसरा क्र.) गेट खुला है. कोई आ जाएगा.

लल्लू मुँह बना क्र रह गया.

लल्लू- अभी कोई नहीं आएगा.

तभी कमरे मई रोमा आ गई.

रोमा- भाभी चलो न सब बड़ी भाभी क पास जा रहे है. आप भी चलो.

लक्ष्मी हस्ती हुई उठ क्र रोमा क साथ चली गई.

लल्लू देखता hi रह गया.
 
मर्द का बच्चा. अपडेट 50.

लल्लू थोड़ी देर उल्लू बना बैठा रहा लेकिन अकेला करता भी तो क्या. वो भी उठ क्र चला गया भाभी क कमरे मई.

सब वही बैठे थे. पूरा जमघट लगा हुआ था.

लल्लू- क्या बात है. क्या बात है. यहाँ तो महफ़िल जमी हुई है.

रानी- भाई आप यहाँ क्या क्र रहे हो.

लल्लू- जो आप क्र रहे हो बहना.

रोमा- भाई यहाँ लेडीज पार्टी है अभी. जब गेट्स पार्टी हो तब आना.

लल्लू- कोई बात नहीं. मई भैया को कॉल करता हुआ आया हु. तुम जैसो की तरह मई प्यार का दुसमन नहीं हु. अभी आ रहे है भाई.

तभी पीछे से राघव भी आ गया.

राघव- क्या बात है. भाई तूने जल्दी आने को क्यू कहा.

लल्लू- आ जाओ भाई. हम भी यहाँ बैठ जाये महफ़िल मई.

दोनों आ क्र वही एडजस्ट हो गए.

कोमय - भाई ये गलत बात है. आप लोग बाद मई आना.

लल्लू- मई क्यू बाद मई औ. आप लोग अब बाद मई आना. क्यू भैया.

लल्लू भैया को आँख मर क्र इशारा किया.

राघव हस्ता हुआ बोलै.

राघव- मेरे बहनो को उसके भाई क आने पर क्या आपत्ति है.

गौरी- भाई हम अभी आपस की बात क्र रही थी. आप समझने की कोशिश कीजिये न. ललित भाई आ क्र बिच मई हमे तंग क्र रहे है. क्या आप उनका साथ गॉन.

लल्लू- दी आप झूट बोलोगी तो बच्चे क्या सीखेंगे वो भी झूठ hi बोलने लगेंगे.

भाभी आप बता dijiye.kya मेरे आने से आप को अच्व्हा नहीं लग रहा. अगर आप है कह देंगी तो मई चला जाऊंगा.

भाबी- (वो सरमाती हुई बोली.) मई ये कैसे कह दू. पहली बार hi तो मेरे एकलौते देवर जी आये है. मई कैसे भगा दू उनको.

लल्लू- लो बहनो चलो फोटो अब यहाँ से.

सोनम- बीटा मई सब समझ रही हु.

लल्लू- फिर भी ऐसा क्र रही है. अब तक तो मई समझ रहा था की मेरी प्यारी सोना दी अनजाने मई ऐसा क्र रही है. लेकिन आप तो सब जान बुझ क्र ऐसा क्र रही है. आप सोच भी नहीं सकती आप क इस बात ने मेरे दिल पर क्या असर किया है.

सोनम- अच्छा और तू जो किया है वो क्या. मेरे दिल पे क्या बीती है. उसी का सजा है ये.

लल्लू- एक बार कह तो देती आप की आप मुझे सजा देना चाहती है. मई हस्ते हस्ते अपना सर कटवा लेता.

तभी एक थप्पड़ पड़ा.

लल्लू आअह्ह्ह, करता हुआ अपना हाथ झट से गाल पर रख क्र जिधर से थप्पड़ लगा था गर्दन घुमा क्र देखा तो कोमल आँखों मई आँशु लिए लल्लू को खा जाने वाली निगाहो से देख रही थी.

लल्लू- ले बीटा और हीरोगिरी दिखले. बहुत सौक चढ़ा था न हीरो बनाने का अब गिनती क्र कितने थप्पड़ पड़ते है.

लल्लू अभी कोमल की और देख hi रहा था एक हाथ गाल पर रखे की दूसरी और का गाल भी लाल हो गया.

लल्लू दूसरे हाथ को भी अपने दूसरे गाल पर रख लिया.

राघव तो पेट पकड़ क्र बीएड pr:lotpot:ho गया.

लक्ष्मी, भाभी और बांकी बहने भी हस्ती हुई देख रही थी.

लल्लू अब यहाँ से निकलने मई hi अपना भलाई समझा.

वो गेट की और बढ़ गया.

सोनम- कहा चल दिया. चुप चाप बैठ यहाँ.

लल्लू न मई गर्दन हिलता आगे बढ़ गया.

कोमल हाथ पकड़ क्र जबर्दरस्ती वह बैठा दी और कान पकड़ ली.

लल्लू- लो गाल सुजा दिया हथोड़े जैसे हाथ से मार क्र. अब कान भी उखाड़ना है. अब कोई मई बच्चा नहीं हु. यही मेरी वाइफ भी बैठी है और सब मेरे गाल फूलने मई लगे है. क्या सोचेगी वो भी. कैसा पति मिला है. जिसे देखो बजा देता है.

सोनम- चुप. एक डैम चुप.

सोनम लाफ़ी गुस्से मई थी.

लल्लू को लगने लगा जैसे अब यहाँ का माहौल ख़राब हो रहा है.

लल्लू- भाभी क्या आप भी मरती हो अपने भाई को ऐसे.

भाभी- है जब सररत करता है तो मरती हु.

लल्लू- सही है फिर तो. अच्छी जोड़ी मिली है आप की यहाँ.

मई जा रहा हु अब नहीं तो यहाँ तो मेरे गाल को सब सुजा देंगे.

लल्लू बोलता हुआ वह से भाग गया.

लल्लू उसी फ्लोर पर ममी का कमरा था वह चला गया.

दोनों ममी वह बैठी बाटे क्र रही थी.

दोनों मां चले गए थे उन्हें काम था.

लल्लू ममी क कमरे मई आ क्र छोटी ममी को पीछे से पकड़ लिया.

लल्लू- क्या क्र रही हो जणू. किसी उधर hi है अभी तक.

ममी- मर खायेगा क्या. जा अपने लक्ष्मी से ले जा क्र.

लल्लू- वो नहीं देती है. आप एक बार बोल दो न.

बड़ी ममी- बीटा अब तेरी सदी हो गई है. अब बच्चे वाली हरकते छोड़ दे. ये तेरे गाल को क्या हुआ है. लाल क्यू है.

लल्लू- क्या करू सब मर क्र सुजा दिया है.

बड़ी ममी- किस ने मारा है. मुझे बता अभी मई इसे बताती हु.

ममी गुस्से मई बोली.

लल्लू- ममी गलती मेरा hi था. मई hi चिढ़ा दिया था दीदी को. इसीलिए उन्होंने चिपका दिया थप्पड़.

बड़ी ममी लल्लू क पास आ क्र उसके गाल को देखि तो दोनों गाल लाल था.

ममी- हैयय रम्म, ऐसे भी कोई मरता है क्या. देख दोनों गाल लाल हो रखे है.

रुक मई अभी इन्हे बताती हु.

छोटी ममी- दीदी, मई क्या कहती हु. इन दोनों को अपने साथ hi ले चलते है. लक्ष्मी तो कल चल hi रही है. आप बात क्र लो की हम ललित को भी अपने पास hi रखेंगे.

B.mami- नहीं छोटी. इसे अब वह हमेसा क लिए नहीं रहने देंगे. कभी कभी hi हम सब से मिलने आ पायेगा अब. यहाँ भी एक लड़का चाहिए न. इतनी साडी लड़किया है गाजर मई. मर्द लोग तो बहार काम मई बिजी रहते है.

c.mami- आप एक बार बात तो कीजिये. आप की बात कोई नहीं टलेंगे.

B.mami- मई बात की थी छोटी. सुनील कोई बिज़नेस स्टार्ट करने वाले है. इस लिए वो मन क्र दिए. बोले की यहाँ ललित की जरुरत होगी. तभी तो लक्ष्मी चल रही है हमारे साथ.

साडी बाटे लल्लू क उप्पेर से जा रहा था.

अब लक्ष्मी कहा जा रही है. अभी तो दो थप्पड़ मार खाया है उसके लिए. अब वो कल जा भी रही है.

लल्लू वह से चुप चाप निकल क्र दालान पर आ गया. थोड़ी देर वह दादू और मेहमान से बात किया. लल्लू का वह भी मन नहीं लगा तो अपना बाइसिकल ले क्र गौण क दूसरे छोड़, नदी की और चल दिया घूमने.

इधर सोनम कोमल और लक्ष्मी लल्लू क उस कमरे से निकलने क बाद वो भी आ गए निचे.

निचे लल्लू अपने कमरे मई नहीं था.

सोनम- अब कहा गया ये नालायक.

कोमल- कॉल क्र क देखो न दीदी.

सोनम अपना मोबाइल निकल क्र लल्लू क मोबाइल पर कॉल किया तो बेल्ल बजने लगा कमरे मई.

लक्ष्मी- दी मोबाइल यही है. कहा गए होंगे वो.

कोमल- आ जाएगा अभी. आप फ़िक्र मत करो.

लक्ष्मी- दी, अभी तो मैंने बताया भी नहीं है की कल मई माँ क साथ चली जाउंगी.

सोनम- कोई बात नहीं. मई मन लुंगी उसे. आप टेंशन मत लो.

तीनो वही कमरे मई बैठ क्र बाटे करते हुए लल्लू का इंतजार करने लगे.

इधर लल्लू दुखी हो क्र बाइसिकल चलता हुआ गौण क बहार आ गया.

लल्लू इधर बहुत दिन बाद आया था. ये नदी आगे गौण क दूसरी और लल्लू क खेत क पास से जाता है तो लल्लू उधर ज्यादा जाता था.

लल्लू देखता है की यहाँ एक माकन बना हुआ है जहा बहार पैर क निचे कई सरे बेंच लगे हुए थे जिस पर कई आदमी बैठा दारू पि रहे थे.

लल्लू को याद आ गया वो एक दिन गौण घूमते हुए एक औरत बताई थी.

लल्लू अभी फ़्रस्ट्रेट तो था hi पहुंच गया वह.

लल्लू- क्या हो रहा है यहाँ.

एक आदमी- क्यू दिख नहीं रहा है क्या. जो पूछ रहा है.

लल्लू एक उल्टा हाथ उसके गाल पर चिपका देता है.

लल्लू- मादरचोद सबल सिर्फ मई करूँगा. और कोई सबल किया तो उसका गांड तोर दूंगा. अब बता यहाँ क्या हो रहा है.

कई लोग दर क्र खड़े हो गए वह बेंच पर से.

इन्हे पता था की ये किस घराने से hai.dhura इन्हे ये भी पता था की ये पागल है. कब क्या क्र दे कुछ पता नहीं.

एक आदमी माकन से निकल क्र वह आ गया.

आदमी- क्या हुआ. कौन चिल्ला रहा है यहाँ.

लल्लू उस आदमी की और देखा. वो एक मच्छर था. लल्लू झट से आगे बाद उसका मुछ पकड़ खींच क्र पटक दिया जमीं पर.

लल्लू- बर्चोढी बीटा, एक बार मई समझ नहीं आया क्या. यहाँ सबल सिर्फ मई करूँगा.

वो आदमी तो वही जमीं मई पड़ा रह गया. और पहले जिसे एक थप्पड़ मारा था उसका तो दो दन्त टूट गया. वो अपना गाल पकडे एक और भाग गया.

तभी उस दुकान से दो लोग और निकल क आये.

पहला आदमी- क्यू रे बिना पता किये hi आ गया यहाँ मरने क लिए.

लल्लू घूम क्र उस और देखा तो दो मुस्टंडे वह खड़े थे.

लल्लू- बंद क्र अपना बोरिया बिस्तर और निकल ले यहाँ से. इस राज्य मई दारू बन्न है. पता नहीं है क्या तेरे को.

दूसरा आदमी- कौन रोकेगा हमे. किस की मौत आई है यहाँ.

लल्लू की आँखे गुस्से से लाल हो गई थी.

लल्लू मुठी भींचे इन दोनों को देख रहा था.

लल्लू- आखरी बार बोल रहा हु. निकल ले यहाँ से.

पहला आदमी- ये ऐसे नहीं मानेगा. इसे मर क्र यही नदी मई फेक दे.

वो पहला आदमी दौरता हुआ लल्लू को मरने आ रहा था.

लल्लू उसका हाथ पकड़ क्र उसके स्पीड का फायदा उठता उसे आगे खींच लिया. वो लड़खड़ा क्र आगे गिरने लगा. लल्लू उसके चढ़ी पर जोर से अपना उठता हुआ घुटना दे मारा.

उस आदमी का आधा जीभ काट क्र बहार जमीं पर फरफराने लगा.

चढ़ी पर घुटना लगते hi उसका बहार को निकला जीभ उसके दोनों दातो क बिच आ गया और सहीद हो गया.

वो आदमी अपना मुँह पकडे जमीं पर लौटबोट क्र रहा था.

लल्लू लत उठा क्र एक लत और दिया उसके मुँह पर जिस से उसका दो चार दन्त भी टूट क्र बहार आ गए.

तभी दूसरा बाँदा एक चालू निकल क्र पीछे से लल्लू क पीठ मई घोप दिया.

लेकिन ये क्या लल्लू अपने हाथ को पीछे ले जा क्र उस चूड़े का फल को अपने हाथ से पकड़ क्र तोर दिया.

छान भर क लिए लल्लू क दिमाग मई ये बात आयी थी की दूसरा बाँदा चाकू मर रहा है पीछे से और लल्लू का एक हाथ अपने आप उस चाकू क फल को पकड़ क्र तोर दिया.

लल्लू घूम क्र दूसरे आदमी क सामने आ गया.

लल्लू- अब तेरा क्या होगा कालिया.

तू तो मेरा नमक भी नहीं खाया है. हाहाहाहा.

लल्लू झट से उस आदमी का कुरता पकड़ क्र अपने पास खींच लिया और दोनों हाथो से उसका सर पकड़ क्र पीछे घुमा दिया.

वह खड़े लोग दर से थरथर कम्पनी लगे लल्लू का ये भयानक दृश्य देख क्र.

कुछ तो गिरते पड़ते भाग खड़े हुए.

तभी वह 5 लोग भागते हुए आये.

पहले दो का तो कल्याण क्र दिया था लल्लू ने.

लल्लू- चल अपना बोरिया बिस्तर बांध और निकल सब यहाँ से.

उन 5 मई से एक जो इन का लीडर था.

लीडर- तुझे पता भी है. तूने ये क्या किया है. तेरे पुरे परिवार को बहुत बुरी मौत मरेगा वो.

लल्लू- ये वो कौन है ये भी बता दे भाई. तेरी बड़ी मेहरबानी होगी.

लीडर- वो तो बाद मई कुछ करेगा उस से पहले हम hi तुम्हे यमपुरी पंहुचा देंगे.

लल्लू- अच्छा फिर खड़ा क्यू है. आ पंहुचा यमपुरी. ये अपने बातो से hi पहुंचने वाला है.

लीडर- जाओ रे सब. जरा दिखा दी इसको जो हम कहते है वो करते भी है.

फिर क्या था. उसके चारो साथी झपट पड़े लल्लू पर.

लल्लू भी तैयार था. उसके टैटू चमक रहे थे गोल्डन कलर मई.

सब से आगे जो आ रहा था लल्लू उसके गाल पर खींच क्र एक चमत मारा. और घूमता हुआ दूसरे क पीछे अपने केहुनी से उसके गर्दन पे पीछे से दे मारा.

पहला एक जगह अपना गाल पकडे खड़ा रह गया और दूसरा जिसके गर्दन पर पीछे लगा था.

उसका गर्दन टूट गया.

वो तो दो कदम दौरता हुआ गिर गया.

अब सिर्फ तीन बचे थे जो तीनो और से लल्लू को घेर क्र अपने जेब से चाकू निकल क्र लल्लू को घर रहे थे.

लल्लू उन सब को देखता हुआ बोलै.

लल्लू- वो कौन है. उस वो का नाम बताओगे या मर खा क्र hi मानोगे.

लीडर- मारो रे… आज बता दो जगत भाई से पन्गा लेने का क्या अंजाम है.

लल्लू झपट क्र उस लीडर क पास जा क्र उसके हाथ से चाकू झटक लिया. जब तक वो डायलॉग मर रहा था.

वो लीडर को चाकू हाथ से निकल जाने क बाद जब लल्लू पर झपटने वाला था तब पता चला की चाकू तो है hi नहीं उसके हाथ मई.

वो भौचक्का खड़ा रह गया. बांकी क दो तो लल्लू पर कूद पड़े थे.

लल्लू दोनों को चकमा दे क्र पीछे से एक किक लगा दिया.

दोनों आगे जा क्र लुढ़क गए.

दोनों उठ क्र फिर से लल्लू पर कूद गए आ क्र.

लल्लू जम्प लगा क्र वह से साइड हो गया और दोनों को अपने पिछवाड़े से एक धक्का दे दिया घूम क्र.

एक बार फिर दोनों आगे को लुढ़क गए.

दोनों उठने की कोसिस क्र रहे थे तभी लल्लू उछाल क्र उन दोनों क आगे जा खड़ा हुआ और दोनों क उप्पेर खुद गया.

दोनों क पेट पे लल्लू का एक एक पेअर पड़ा.

सारा खाया पिया दोनों क मुँह से निकल गया.

लल्लू उप्पेर जम्प लगा अपना घुटना मोड़ क्र उन दोनों क साइन पर मर दिया.

दोनों की पसलिया टूट गया.

अब सिर्फ लीडर बच गया था जो भागने की कोसिस क्र रहा था.

लल्लू उसे जा क्र नदी क पानी मई पकड़ा और वही उस पर चढ़ क्र उसे डूबा डूबा क्र मरने लगा.

जब लीडर अधमरा हो गया तब लल्लू उसे पानी से बहार लाया.

लल्लू- अब बता कौन है तेरा बॉस.

लीडर- नहीं मई नहीं बता सकता. नहीं तो वो मुझे नहीं छोड़ेगा.

लल्लू- वो तो मई भी नहीं छोडूंगा.

लीडर- वो बहुत खतरनाक है.

लल्लू- तू सिर्फ नाम बता उसका.

लीडर- तुम ने बहुत बड़ा खतरा मोल ले लिया है. उसका पहुंच कहा तक है इसका तुम्हे अंदाजा भी नहीं है.

लल्लू- तू उसका नाम बताता है या मई तेरा गर्दन तोडू.

फिर उस लीडर ने लल्लू को उसका नाम बता दिया.

लल्लू ये नाम पहली बार सुना था.

फिर लल्लू उस लीडर का भी गर्दन तोड़ दिया.

इन सब का काम तमाम क्र लल्लू उस माकन मई घुस गया. वह तरह तरह क देसी और इंग्लिश डरो पड़े थे.

लल्लू उन सभी को डंडे से फोरना सुरु क्र दिया.

लल्लू काफी सरे बॉटल्स को फॉर क्र वह आग लगा दिया.

वो माकन भी लकड़ी और फ़स से बना हुआ था. आग जल्दी hi पुरे माकन मई फ़ैल गया.

फिर लल्लू वह से बाइसिकल उठा वापस घर को चल दिया.

गुस्सा तो उतर लिया था लल्लू ने उस दारू क ठेके पर लेकिन अपसेट वो अभी भी था.

घर जाना भी जरुरी था नहीं तो फिर कोई बखेड़ा खड़ा हो जाता इस लिए लल्लू वह से सीधा घर चला गया.

दालान आ क्र बाइसिकल वह खड़ा क्र नलका पर जा क्र हाथ मुँह धोने क बाद लल्लू आँगन आ गया.

वह सब बैठे हुए थे. लल्लू भी जा क्र वह बैठ गया थोड़ी देर.

आस पास क घरो की औरते भी आई हुई थी तो सभी उनलोगो से बातो मई लगे हुए थे.

लल्लू उठ क्र छत पर चला गया.

वह छोटी बुआ भी फुफ्फा से मोबाइल पर बात क्र रही थी.

लल्लू जा क्र रेलिंग क सहारे खड़ा हो गया.

लल्लू वह से गौण का नजारा ले रहा था. तभी छोटी बुआ भी कॉल कट क्र आ गई.

बुआ- क्या बात है. आज फिर से छत पर.

लल्लू- है और आप फिर से कॉल पर. फूफा जी से बात क्र रही थी क्या.

बुआ- है. तुम कहा से आ रहे हो.

लल्लू- बहार घूमने गया था. वैसे बुआ अब चोट ठीक है न आप का.

बुआ- है बीटा. थैंक्स उस रात तुम नहीं होते तो मई वह पता नहीं कब तक पड़ी रहती.

लल्लू- थैंक्स की कोई बात नहीं बुआ. ये तो मेरा फर्ज था. जब मई बच्चा होऊंगा तो आप ने कितना मुझे गॉड मई उठाया होगा. उस रात एक बार मैंने भी आप को उठा लिया.

बुआ- बदमाश. मैंने तो तुम्हे नहलाया भी है.

लल्लू- ठीक है. अगर आप चाहती है तो कल मेरे साथ नदी किनारे चलिएगा. वह मई भी आप को नहला दूंगा.

बुआ- हट्ट बेसरम. अपने बुआ को नहलायेगा. और नदी मई क्यू.

लल्लू- अपने बुआ को गॉड मई ले सकता हु तो नहला क्यू नहीं सकता. और नदी मई इस लिए ककी मई वही नाहटा हु. बहुत मजा आता है.

बुआ- ठीक है फिर, कल चलते है.

लल्लू- क्या आप सच मई मेरे हाथ से नहाएगी.

बुआ- पागल बीटा मेरा. मई घूमने चलूंगी. सदी से पहले मई भी जाती थी घूमने. अब तो बहुत दिन हो गए.

लल्लू- ठीक है बुआ. चलना आप मेरे साथ.

रात क खाने का समय तक ये दोनों छत पर hi बाटे करते रहे.

फिर दोनों निचे आ गए.

घर क पुरुष खाना खा चुके थे सिर्फ लल्लू hi रह गया था.

काजल- कहा गया था बीटा. कब से सोनम शून्य रही है. अपना मोबाइल भी नहीं ले गया था तू साथ मई.

लल्लू- माँ मई तो बुआ क साथ छत पर था.

शालिनी- जा जाकर पहले सोनम बीटा से मिल ले.

लल्लू- सब से मिल लूंगा. अब तो वो भी खाना खाने आएगी hi.

ऋतू- वो लोग खाना रूम मई hi ले गई है खाने को.

लल्लू- तो अब मुझे भी दे दीजिये. फिर खा क्र मिल लेता हु.

रागिनी काकी खाना ला क्र लल्लू को भी दे दिए.

लल्लू खाना खा क्र फिर से छत पर आ गया.

लल्लू का मन बड़ा असंत था आज.

वो छत पर hi मन की सन्ति क लिए ध्यान मई बैठ गया.

जब मन पूर्ण संत हो गया तो फिर लल्लू ध्यान से उठ क्र निचे अपने कमरे मई आ गया.

कमरे मई इस समय लक्ष्मी अकेली बेचैन टहल रही थी.

लक्ष्मी- कहा थे आप दोपहर से.

लल्लू- पहले बहार गौण घूमने चला गया था. फिर साम से छत पर था.

लक्ष्मी- आप नाराज है मुझ से.

लल्लू- बिलकुल नहीं.

लक्ष्मी- तो खाना खाने क बाद फिर से छत पर क्यू चले गए.

लल्लू- मन बड़ा असंत था. उसे hi संत करने क लिए छत पर चला गया था.

तभी लड़कियों क कमरे का बिच वाला दरवाजा खोल क्र सोनम अंदर आ गई.

सोनम- सॉरी, मेरे कारन से तुम्हारा मन असंत है न. मई तुम दोनों क बिच दिवार बन रही हु. है न यही बात.

लल्लू आगे बढ़ क्र सोनम को अपने बहो मई भर क्र उसके गाल को चुम लिया.

लल्लू- थोड़ा है थोड़ा सा न.

सोनम सरमाती हुई बोली.

सोनम- ये कैसा जबाब है. थोड़ा है भी और थोड़ा सा न भी.

लल्लू- दी आप को पता है न मई इमोशनल फूल hu.Aap मेरे लिए क्या मायने रखते हो ये आप भी जानती है. पहले जब भी मई असंत होता था तो आप क पास आ क्र, आप का प्यार प् क्र संत हो जाता था. लेकिन अभी आप पता नहीं कहा गायब रहती हो. दूसरा कारन है की मुझे पता hi नहीं चला कब कैसे मुझे लक्ष्मी जी से भी प्यार हो गया.

मुझे जो चीज लक्ष्मी जी से पता चलना चाहिए वो मुझे परिवार क दूसरे सदस्य से पता चलता है. तो फिर मन असंत तो होगा hi न.

सोनम- ऐसा क्या पता चला तुम्हे.

लल्लू- बड़ी मुश्किल से तो दिल दिमाग को संत किया है. क्यू उस मई फिर ज्वर भाता उठाना चाहती है. अब सोने दीजिये बहुत नींद आ रहा है.

आ जाइये आप भी सो जाइये.

सोनम- चल पागल, मई यहाँ क्यू सोयुनगी. मई अपने कमरे मई जा रही हु सोने को.

सोनम अपने कमरे मई भाग गई.

लल्लू भी कपडा बदल क्र सोने क लिए बीएड पर आ गया.

लल्लू- सो जाइये रात बहुत हो गया है.

लल्लू लक्ष्मी को पकड़ क्र बीएड पर सुला लिया.

लल्लू को नींद तो नहीं आ रहा था लेकिन आँख बंद क्र क लेता हुआ था.

तभी उसे लक्ष्मी क रोने का एहसास हुआ.

लल्लू उठ क्र लाइट जलाया तो लक्ष्मी सुच मई रो रही थी.

लल्लू- अगर तुम ऐसे hi रोने लगोगी तो फिर मई आगे से तुम को कभी सुच नहीं कहूंगा. फिर ये न कहना की मई तुम से झूट बोलता हु.

लक्ष्मी- मेरे कारन आप इतना पदेशन थे. मुझे इस लिए रोना आ रहा है.

लल्लू- मई तुम से कितना प्यार करता हु. इस लिए तुम्हे ख़ुशी नहीं है. लेकिन मई कितना पदेशन था इस लिए तुम्हे रोना आ रहा है. और तुम्हे रोटा देख क्र जो मई फिर से पदेशन हो रहा हु उसका क्या.

लक्ष्मी लल्लू का मुँह देखने लगी.

लल्लू लक्ष्मी क आँशु क बूंदो को अपने होठो मई ले क्र साफ़ क्र दिया.

लल्लू- अब रोना बंद और सोना सुरु.

फिर लल्लू लक्ष्मी को ले क्र बीएड पर लेट गया.

लक्ष्मी लल्लू क साइन पर अपना सर रख क्र सोने लगी लल्लू क धड़कनो की आवाजे सुनता हुआ.

लक्ष्मी- सुनिए. सो गए क्या.

लल्लू- नहीं जग रहा हु. कहिये…

लक्ष्मी- आप सोना दी से बहुत प्यार करते है न.

लल्लू- है, वो मेरे लिए मेरे बहन से बढ़ क्र है.

लक्ष्मी- है दीदी भी बता रही थी की आप उन्हें बहुत प्यार करते है. वैसे सभी दीदी आप को बहुत प्यार करती है.

लल्लू- है लक्ष्मी जी. इस प्यार क मामले मई मैं बहुत लौकी हु.

लल्लू आहिस्ता आहिस्ता लक्ष्मी क बालो मई एक हाथ चला रहा था और दूसरे हाथ से उसके पीठ को सहला रहा था.

लक्ष्मी- आप ऐसे करेंगे तो मुझे नींद आ जाएगी.

लल्लू- ये तो अच्छी बात है न.

लक्ष्मी- लेकिन मुझे अभी नहीं सोना है.

लल्लू- क्यू, क्या बात है. क्यू नहीं सोना है अभी.

लक्ष्मी- अभी मुझे और बात करनी है.

लक्ष्मी लल्लू क साइन मई हाथ से सहलाती बोली.

लल्लू- बांकी बाते कल क्र लेंगे.

लक्ष्मी- माँ ka.l.. साथ ch..l..ne को कह रही है.

लक्ष्मी धीरे से लल्लू से बोली.

लल्लू- ओह्ह मई तो भूल hi गया था.

लल्लू लक्ष्मी को पलट क्र उसके उप्पेर आ गया.

लक्ष्मी का ब्लाउज मई कैसे दूध उप्पेर निचे हो रहा था.

लल्लू लक्ष्मी क साइन मई मुँह रगड़ता हुआ आगे ले जा क्र उसके गर्दन को चाट लिया.

लक्ष्मी ीिसस्स करके रह गई.

लल्लू मुँह उठा क्र लक्ष्मी क तपते होठो को अपने होठो मई दबा क्र उसे चूसने लगा और एक हाथ से उसके एक चुके को ब्लाउज क उप्पेर से पकड़ क्र दबाने लगा.

लक्ष्मी निचे दबी हुई अपने हाथो मई लल्लू क सर को पकड़ क्र उस क बालो को सहलाती हुई लल्लू क होठो की चूसै मई भरपूर साथ दे रही थी.

लल्लू अपने हाथ से लक्ष्मी क ब्लाउज का हुक को खोलता हुआ लक्ष्मी क कान क लौ को मुँह मई दबा क्र उसे दांतो से हलके हलके काटने लगा.

लक्ष्मी तो कल बिन मछली की तरह बीएड पर तड़पने लगी.

सरे हुक खुल जाने क बाद लल्लू आहिस्ता से लक्ष्मी को उठा क्र बैठा दिया और ब्लाउज उसके बदन से निकल दिया.

फिर लक्ष्मी क पीछे उसके गर्दन पर चूमते हुए उसके ब्रा क हुक को खोल दिया.

लक्ष्मी क सरीर क सरे रोये खड़े हो गए.

लल्लू ब्रा को भी निकल कर अलग रख दिया और पीछे से दोनों उन्नत कलश को अपने पंजो मई दबा के लक्ष्मी क पीठ को चाटने लगा जीभ निकल क्र.

लक्ष्मी कम्प उठी.

लल्लू उसके पुरे पीठ पर जीभ चलता अपने हाथो से लक्ष्मी क दोनों चुके को मसल मसल क्र लाल करने मई लगा था.

लक्ष्मी मजे से सिसकिया लेती हुई कम्पटी जा रही थी

लल्लू लक्ष्मी को बीएड पर लेता क्र उसके होठो पर टूट पड़ा.

लल्लू कभी काटता प्यार से तो कभी चूस लेता होठो मई दबा क्र.

होठो को चूस चूस क्र फुला देने क बाद उसे छोड़ निचे आ गया और लक्ष्मी क एक दूध को मुँह खोल क्र भर लिया और उसे चूसने लगा.

लक्ष्मी मरे मजे क लल्लू को बहो मई भर उसके पुरे पीठ को सहला रही थी.

लल्लू एक हाथ से एक चुकी को सहलाता जाता और दूसरे को मुँह लगा क्र चूस रहा था.

इस चुकी से मन भर जाने क बाद इसे मुँह से निकल क्र दूसरे को मुँह मई ले लिया और उसके निप्पल को चुभलाने लगा. और पहले वाले को अब हाथ से मसलने लगा.

थोड़ी देर बाद लल्ली उठ क्र बैठ गया और अपना सारा कपडा खोल क्र नंगा हो गया.

फिर लक्ष्मी क साडी को खोलने लगा तो लक्ष्मी हाथ पकड़ ली

लल्लू लक्ष्मी को पकड़ क्र उठा क्र अपने गॉड मई बैठा लिया और उसे फिर से चूमने लगा पुरे सरीर पर.

चूमते चूमते लल्लू हाथ बढ़ा क्र लक्ष्मी क पेटीकोट क गत को पकड़ क्र खींच दिया.

गत खुलते hi पेटीकोट ढीली हो गई लल्लू फिर से एक चुकी को मुँह झुका क्र अपने होठो मई दबा लिया और लक्ष्मी क साडी और पेटीकोट को एक जगह इक्कठा क्र उसे उप्पेर से निकल दिया.

अब लक्ष्मी सिर्फ एक चड्डी मई थी.

लक्ष्मी सरमाती हुई लल्लू की और पीठ क्र अपने आप को छुपा रही थी.

लल्लू लक्ष्मी क कमर को चूमता हुआ लक्ष्मी क पेंटी को दांतो से पकड़ क्र खींच दिया.

अब पंतय लक्ष्मी क पेअर मई जांघ से निचे था.

लल्लू अपना पेअर उठा क्र लक्ष्मी क चड्डी मई फशा दिया और उसे निचे सरका दिया.

लक्ष्मी को पूरा नंगा क्र लल्लू उस से पीछे से चिपक गया.

अपने पीछे छूट क पास लल्लू क गर्म लौड़े को महसूस क्र लक्ष्मी की छूट आँशु बहाने लगी.

लल्लू पीछे से लक्ष्मी क छूट पर अपना लौड़ा घिष रहा था.

लक्ष्मी मरे उत्तेजना क अपने चुके को मीचते लल्लू क हाथ को पकड़ क्र उस पर जोर से दबती झरना खोल दी.

लल्लू से भी अब सबर करना मुश्किल हो रहा था. वो लक्ष्मी को पलट कर उसके दोनों पैरो को लक्ष्मी क छाती से चिपका दिया.

लक्ष्मी की एक बार चूड़ी छूट खुल क्र लल्लू का आँखों क सामने आ गया जो अपने चुतरस से चमक रहा था.

छूट क होठ अभी भी सही से खुला हुआ नहीं था.

लल्लू पिंकी लिप्स देख क्र उस से रहा नहीं गया और वो झुकता हुआ अपना जीभ निकल क्र निचे से उप्पेर तक एक बार फिर दिया.

लक्ष्मी मरे उत्तेजना क लल्लू क सर क बालो को नोचने लगी.

लल्लू को लक्ष्मी की उत्तेजना देख क्र बड़ा मजा आया.

वो फिर से छूट को जीभ लगा क्र चाटने लगा.

लल्लू क लपलपाते जीभ को अपने छूट पर अनुभब क्र लक्ष्मी से रहा नहीं जा रहा था वो अपने हाथो से अपने बूब्स पकड़ क्र दबाने लगी.

लल्लू ये देख क्र छूट से मुँह हटा लिया और वह अपना गर्म डंडा लगा क्र एक धक्का हौले से लगा दिया.

लल्लू का टोपा छूट को फैला क्र अंडर चला गया.

लल्लू लक्ष्मी क दोनों चुके को पकड़ क्र मसलता हुआ एक और धक्का लगा दिया. लौड़ा छूट क दीवारों को रगड़ता हुआ फैला क्र आधा अंडर चला गया.

लक्ष्मी क मुँह से दर्द भरी आह निकल गई.

लक्ष्मी- आठ. आराम से, दर्द हो रहा है.

लल्लू पैरो को लक्ष्मी क छाती से दबाये उसके होठो को पकड़ क्र पूरा लौड़ा जार तक लक्ष्मी क कोमल छोटी छूट मई पेल दिया.

लक्ष्मी जोर से छटपटाती हुई लल्लू क मजबूत पकड़ मई फरफरा क्र रह गई.

लक्ष्मी क आँखों से आँशु निकल आये.

लल्लू चार पांच बार पूरा लौड़ा निकल क्र जार तक फिर से थोक देता.

लक्ष्मी दर्द से तड़पती लल्लू क बालो को नोच ली.

उसके पीठ पर अपने नाख़ून मर दी.

लेकिन लक्ष्मी क संकरी छूट मई जो मजा आ रहा था लल्लू को अपना लौड़ा पेल क्र उस आनंद क आगे उसे कुछ भी आभाष नहीं था.

वो लक्ष्मी क आँखों से निकलते अंशु को जीभ से चाटता हुआ उसके पेअर को छोड़ दिया.

लक्ष्मी पेअर आजाद होते hi अपने पैरो को फैला ली.

अब दर्द से उसे थोड़ी रहत मिल रहा था नहीं तो पहले ऐसा लग रहा था जैसे लल्लू का लौड़ा उसके पेट को चिर देगा.

लल्लू लक्ष्मी क होठो को हस्ता उसके चुके क साथ खेल रहा था.

अब लक्ष्मी का दर्द भी बहुत काम हो गया था.

लल्लू अब अपना कमर हिलने लगा.

लक्ष्मी लल्लू क पीठ को अपने हाथ से सहलाती उसे हौसला दे रही थी की किला फतह क्र लो.

लल्लू अब अपना स्पीड पकड़ चूका था.

अब वो किसी पागल सैंड की तरह लक्ष्मी को रौंदे जा रहा था.

लक्ष्मी मरे मजे क कभी सीईसीईए रही थी तो कभी आह आह क्र रही थी.

कभी जोर से मरने को कहती तो कभी छूट फरने को.

लक्ष्मी को पता hi नहीं चल रहा था की वो क्या बोल रही है.

लल्लू लक्ष्मी क दोनों ामो को पपीता बनाने मई लगा हुआ था.

निचे दोनों क मिलान से जो आवाज आ रहा था वो पुरे कमरे मई गूंज रहा था.

लल्लू लळष्मी क चेहरे पर चुम्मियो का झरि लगा दिया.

वो अब अपने घुटनो पर उठ क्र बैठ गया था और लक्ष्मी क गांड क निचे हाथ लगा क्र उसे अपने बराबर उठा क्र दनादन पेले जा रहा था.

लक्ष्मी कमर उठा उठा क्र लल्लू का भरपूर साथ दे रही थी.

आखिर दोनों अपने मंजिल क नजदीक आ गए और साथ hi एक दूसरे को भिगोते झरर गए.

लल्लू को संतुस्ट करने मई लक्ष्मी पूरी पास्ट हो जाती है. लल्लू लक्ष्मी को पूरा निचोड़ लेता है.

आज भी वो चार बार जहर क्र पुरे बेडशीट को भीगा चुकी थी.

इस मई अब हिलने का भी हिम्मत नहीं बचा था.

दोनों एक दूसरे से चिपके ऐसे hi नंगे सो गए.

लल्लू तो लक्ष्मी पर hi लुढ़का हुआ सो गया था.

सॉरी दोस्तों थोड़ा अभी घर पर उलझ गया हु तो समय नहीं मिल रहा है की आप सब क मस्सगे को देखु.

आप सब क्या सुग्गेस्ट क्र रहे है. किस प्रकार की कमी है और क्या सुधर करना है.

ये इस थ्रेट का 50 अपडेट है तो मेरे तरफ से तो ये मेगा अपडेट hi है बांकी आप सब पढ़ क्र बताये की ये अपडेट उस लायक है या नहीं.

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मर्द का बच्चा. अपडेट 51.

सुबह जब नींद खुला तो बहार अभी अँधेरा hi था.

लल्लू लक्ष्मी की और देखा. वो लल्लू क हाथ का तकिया बना क्र दूसरी और मुँह किये सो रही थी.

लल्लू पीछे से हाथ बड़ा क्र लक्ष्मी को और अपने करीब खींच उस से चिप गया.

लक्ष्मी क सरीर का गर्मी मिलते hi लल्लू का लुल्ला सर उठाने लगा.

लक्ष्मी क दोनों चुके लल्लू क हथेली मई समां गए थे. लल्लू उन्हें प्यार से सहला रहा था और पीछे से लक्ष्मी क बाल और गर्दन मई अपना मुँह घुसा क्र उसे चूमता हुआ उसके सरीर क खुसबू को अपने अंडर समेटे जा रहा था जो लल्लू को मदहोस किये हुए था.

लल्लू का डंडा पूरा खड़ा हो गया था.

लल्लू लक्ष्मी क एक पेअर को उठा क्र उसके छूट क छेद मई अपना लौड़ा चिपका दिया.

हलके से एक धक्का लगा क्र लल्लू एक चौथाई लौड़ा लक्ष्मी क छूट मई घुसा दिया.

लल्लू अब उतने से hi लक्ष्मी को पीछे से पकडे उसके छूट को छोड़ने लगा.

लल्लू को लक्ष्मी क सरीर का कोमल एहसास बड़ा आनंद दे रहा था.

लक्ष्मी भी जग गई थी.

वो हाथ पीछे क्र लल्लू क चेहरे को सहलाने लगी और भरभरा क्र झरर गई.

लल्लू अब थोड़ा लम्बा स्ट्रोक लगाने लगा.

लक्ष्मी भी अपने गांड को पीछे धकेल क्र लल्लू का पूरा साथ दे रही थी.

लल्लू आगे अपने हाथो से कभी लक्ष्मी क चुके को सहलाता तो कभी उसके सपाट पेट को.

दोनों प्रेम क सागर मई गोटा लगा रहे थे.

लल्लू लक्ष्मी क चेहरे को पकड़ क्र अपनी और कर लिया और उसके होठो को चुस्त हुआ छोड़ने लगा.

लल्लू लक्ष्मी क होठो को चुस्त अपना जीभ लक्ष्मी क मुँह मई धकेलने लगा.

लक्ष्मी हलके से अपना मुँह खोल दी. लल्लू खत से अपना जीभ लक्ष्मी क मुँह मई घुसा क्र लक्ष्मी क जीभ से अपने जीभ को लड़ता उसके मुँह मई चारो और अपना जीभ घूमने लगा.

लल्लू अब अपने चरम पर था.

वो लक्ष्मी क एक पेअर को जांघ से फैलाये उसे दनादन चोदे जा रहा था.

अब लल्लू क रक्त का बहाव उसके लौड़े की और होता लग रहा था. इस मजे को महसूस करता लल्लू लक्ष्मी क होठो को अपने होठों से कुचलता उसके दोनों संतरे को मुट्ठी मई भींच क्र झरने लगा.

लक्ष्मी दर्द और मजे से दोहरी होते हुए लल्लू क साथ एक बार और जहर क्र बीएड पर लुढ़क गई.

लल्लू लक्ष्मी क छूट में पिचकारी मरता उसे कास क्र पीछे से चिपका हुआ था

दोनों पर से जब थोड़ी देर मई खुमारी छत गया तो लल्लू पीछे हो गया.

वो उठ क्र एक बार लक्ष्मी क कोमल गोर गाल को चुम क्र बीएड से उतर गया.

लल्लू क कमर से निचे उसका लौड़ा झूल रहा था. बड़ा भयानक लग रहा था देख क्र.

वो नंगा hi वाशरूम चला गया.

लड़कियों क कमरे का दरवाजा थोड़ा सा खुला था. जिस मई से दो जोरि आँखे लल्लू और लक्ष्मी क सरे प्रेम मिलान और फिर लल्लू को वाशरूम जाता देख रहा था.

लल्लू क वाशरूम जाते hi आहिस्ता से वो दरवाजा बंद हो गया.

लक्ष्मी लल्लू क वाशरूम जाने क बाद मुसकुडती हुई उठ क्र बैठ गई.

नंगी hi बीएड से उतर क्र वो अपने बदन पर लल्लू क प्यार से दिए गए निशानों को देखने लगी.

लक्ष्मी क चुके पुरे लाल हो गए थे मसलने से. पुरे गोर बदन पर जगह जगह लाल लाल धब्बे हो गए थे.

लक्ष्मी उन निशानों पर प्यार से ऊँगली चलती लल्लू क प्यार और दर्द को आँखों को बंद क्र महसूस क्र रही थी.

तब तक लल्लू वाशरूम से फ्रेश हो क्र बहार आ गया था.

वो लक्ष्मी को यु नंगा खड़ा देकर क्र मुसकुडने लगा और लक्ष्मी लल्लू को बहार निकलता देख क्र जल्दी से अपने साडी को उठा क्र बदन पर लपेटने लगी.

लल्लू आगे बढ़ उसे गॉड मई उठा क्र बीएड पर बैठ गया और होठो को चूसने लगा.

लक्ष्मी सर हिला क्र मन करने लगी तो लल्लू होठो को छोड़ उसके एक निप्पल को होठो मई दबा क्र चुभलाने लगा.

लक्ष्मी- हहहयय, अब छोड़िये न. सुबह हो गयी है. कोई दीदी आ गई तो.

लल्लू- मन नहीं करता तुम्हे छोड़ने का.

लक्ष्मी- पूरा बदन दर्द क्र रहा है. अब जाने दीजिये मुझे वाशरूम. बहुत जोर से आ रही है.

लल्लू- मई बदन बड़ा दी क्या. और जोर से क्या आ रही है.

लक्ष्मी- साडी रात तो बदन दबाते hi रहे है आप. अब जाने दीजिये न प्लस.

लल्लू- मई भी चालू साथ मई. आप की थोड़ी सी मदद क्र दूंगा नहाने मई.

लक्ष्मी - जब आप जा रहे थे तब तो पूछे नहीं. अब मुझे जाने दीजिये प्लस.

फिर लल्लू लक्ष्मी को छोड़ दिया.

लक्ष्मी जीभ दिखा क्र चिढ़ाती वाशरूम भाग गई.

लल्लू कपडे पहन क्र फिर से बीएड पर लेट गया.

थोड़ी देर मई लक्ष्मी नाहा क्र वाशरूम से बहार आ गई. फिर कपडे पहन क्र वो बहार जाने लगी तो लल्लू उसका हाथ पकड़ क्र बैठा लिया.

लल्लू- एक किसी तो देते जाओ. फिर तो आप इतनी बिजी हो जाती है की मुझे अपॉइंटमेंट लेना पड़ता है आप से मिलने को.

लक्ष्मी लल्लू क होठो पर छोटी सी चुम्मी दे क्र उठ गई.

लक्ष्मी- आज मई समय समय पर आप को आप का किसी का खुराक देती रहूंगी.

फिर लक्ष्मी रूम से बहार चली गई.

लल्लू थोड़ी देर बीएड पर बैठा रहा फिर आँगन मई आ क्र खटिये पर बैठ गया.

लल्लू- कोई मुझे भी चाय दे दो.

शालिनी- लीजिये जहाँपनाह, आप का चाय हाजिर है.

लल्लू- वह क्या बात है. काकी एक आप hi हो जो मेरा ख्याल रखते हो. बांकी सब तो बस उप्पेर उप्पेर से hi दिखावा करती है.

शालिनी- वो देख पीछे.

लल्लू पीछे घूम क्र देखा तो दोनों काकी और माँ भी कड़ी थी.

लल्लू- ओह्ह अरे बाप रे, सब पीछे hi खड़े है. फस्स गया बीटा.

ऋतू- क्या कह रहा था अभी. एक बार और कहना.

लल्लू- वो.. वो.. m...ma..mai कह रहा था की आप सब मेरा कितना ख्याल रखती है.

लल्लू का डरा हुआ चेहरा देख क्र सब हुस्स दिए.

लल्लू रहत की सैश ले क्र चाय पिने लगा.

तब तक दोनों बुआ और ममी भी आ क्र वही आँगन मई बैठ गए.

छोटी बुआ- ललित बीटा, मुझे घर कब छोड़ आएगा.

लल्लू- अभी ये सब बात क्यू. कितने साल बाद आये हो आप लोग. अभी तो काम से काम एक महीना आप दोनों घर का नाम लेना hi मत.

बड़ी बुआ- बीटा बात ऐसा है की बच्चो का स्कूल खुला हुआ है. उनकी पढाई का नुकशान न हो इस लिए मई बोल रहा था.

लल्लू- (कुछ देर सोच क्र) ठीक है. मेरे भाई बहनो का का पढाई की बात है तो मई नहीं रोकूंगा लेकिन आप को प्रॉमिस करना पड़ेगा की इस बार गर्मी की छूती मई आप लोग यहाँ आएंगे. जब आप वडा करेंगी तभी मई भी जाने की इजाजत दूंगा.

बड़ी बुआ- ठीक है बीटा. मई वडा करती हु गर्मी की छूती मई हम सब यही आ क्र छुट्टी मनाएंगे.

ललित उठ क्र बुआ को गले लगा लिया.

छोटी बुआ- ललित बीटा दीदी क साथ hi मई भी चली जाती हु न.

लल्लू- आप तो रहो कुछ दिन बुआ. अगर फूफा जी नहीं मान रहे तो मई रिक्वेस्ट करता हु न. कितने दिन बाद तो आयी है आप. अब आप भी चली जाओगी तो घर कितना सुना सुना लाएगा.

C.bua- क्यू घर क्यू सुना लगेगा. यहाँ तो अभी अब दो दो बहु आ गई है अब. तेरा तो खुद की वाइफ है फिर क्यू लगेगा तुम्हे सुना.

लल्लू- देखिये बुआ, आप का अगर यहाँ मन नहीं लग रहा हो तो आप भी जा सकती है. वैसे जो सुच था वो मैंने बता दिया.

बड़ी ममी- अब ललित बीटा इतना कह रहा है तो रुक जाइये. वैसे भी हम लोग भी आज का रहे है और लक्ष्मी को भी उसके चाचा लोगो क केस क चक्कर मई बुलाया है तो ललित क मां लक्ष्मी बीटा क साथ उसके गौण जाने वाले है.

अब आप कुछ दिन रह जाएंगी तो तब तक हम कोसिस करेंगे की लक्ष्मी भी वापस यहाँ आ जय.

C.bua- ठीक है. जब तक लक्ष्मी नहीं आती है मई रुक जाउंगी. अब कुछ नवाब साहब.

लल्लू- बहुत खुश बुआ. लव ु.

लल्लू बुआ क गलो को चुम क्र बोलै.

बुआ को लल्लू क चूमते hi उस दिन सोते हुए से उठाने वाली घटना याद आ गई.

कैसे लल्लू बुआ क चुचो को खा जाने वाली आँखों से घर रहा था.

बुआ याद क्र सरमाती हुई हुस्ने लगी.

अब लल्लू को लक्ष्मी से मिलना था.

ममी ने एक बार फिर लल्लू जो भूल गया था लक्ष्मी क जाने की बाते वो याद दिला दी थी.

लल्लू उठ क्र लड़कियों क कमरे मई गया.

वही लक्ष्मी सब से साथ बैठी हुई थी.

लल्लू भी जा क्र वह सब क साथ बैठ गया.

लल्लू- क्या बाटे हो रही है.

रोमा- गर्ल्स टॉक.

लल्लू- घर क्र रोमा को देखा. हमेसा यही बात करती रहती है. कभी दुनियादारी की भी बाटे क्र लो.

मीनू- भाई हम लड़किया है. तो फिर वैसी hi बाटे करेंगे न.

लल्लू- करो करो. मई कहा रोक रहा हु आप सब को बात करने से. मई तो बस पूछा था की क्या बात हो रही है.

रानी- अभी अभी तो बोलै है रोमा ने की हम गर्ल्स टॉक क्र रहे है जो किसी लड़के को नहीं बता सकते.

लल्लू- ग्रेट, िफ़ ु आल don't मंद. तो क्या मई थोड़ा सा अपनी वैफे से टॉक क्र सकता हु.

गौरी- क्या बात करनी है.

लल्लू- ये husband's और वाइफ की बिच की बाटे है. इसे सब नहीं जान सकते.

लल्लू दन्त दिखा क्र बोलै.

सोनम- जाइये लक्ष्मी जी. आप क पति देव का बुलावा आया है.

लक्ष्मी सरमाती हुई उठ गई.

रोमा- भाई ये गलत बात है. आप भाभी को ऐसे यहाँ से नहीं ले जा सकते.

सोनम- रोमा गलत बात. भाई की वाइफ है लक्ष्मी. बहुत सी बाटे होती है ऐसी. वैसे भी लक्ष्मी आज ममी लोगो क साथ जा रही है घर तो जरा अपने भाई को भी टाइम दो लक्ष्मी क साथ.

गौरी- साडी रात तो टाइम दिया है था. कितना हल्ला करते है ये लोग. सही से नींद भी नहीं आई.

लक्ष्मी कड़ी कड़ी सरमे लगी.

लल्लू वह से लड़कियों वाले रूम क दरवाजे से hi अपने कमरे मई चला गया.

लक्ष्मी- कितने बेसरम है आप.

लल्लू- मोबाइल निकल क्र लक्ष्मी को देता हुआ.

ये मोबाइल आज से तुम्हारा. मई साम तक बाजार जा क्र ले लूंगा दूसरा.

दूसरी बात मुझे हमेसा तुम्हारी फिक्र रहेगी. तुम अपने घर जा रही हो. मई तो समझा था की तुम ममी लोगो क साथ जा रही हो.

वह जा क्र मुझे कॉल करना और फिर अपने पापा क सहायक से मेरी बात करवाना जरा.

लक्ष्मी- आप बेफिक्र रहिये. और ये मोबाइल आप hi रखिये. मुझे अभी रस्ते मई माँ दिला देंगी नई मोबाइल. बोली है छोटी माँ.

लल्लू- घर पर काम पूरा होते hi यहाँ आ जाना. मुझे तुम्हारी आदत हो गई है. तुम्हारे बगैर मई कैसे रहूँगा.

लक्ष्मी.- मई जल्दी hi आ जाउंगी. वैसे भी पापा भी साथ hi होंगे तो काम जल्दी hi होगा. आप पदेशन न हो.

लल्लू- कैसे पदेशन न होऊ. बाबू याद से कॉल करती रहोगी न.

ओह्ह्होऊ बाबू… क्या बात है. पीछे लड़किया गेट पर कड़ी हुस्स रही थी.

लल्लू- लक्ष्मी आज का रही है. फिर मई तुम सब को बताऊंगा. अभी जितना मजे लेना है ले लो.

कोमल- ओह्हो तो जनाब धमकी दे रहे है. ठीक है देखते है तू क्या करता है.

फिर ममी लोगो का जाने का समय हो गया था.

वो लोग हल्का नास्ता क्र क अनिल काका क साथ मां क यहाँ चले गए.

दोनों ममी और लक्ष्मी जी गई थी.

लल्लू बड़ा उदाश था. वो कमरे मई आ क्र लेट गया.

साम मई काजल आ क्र लल्लू को उठाई.

लल्लू उठ क्र बहार आँगन मई आ गया.

खटिये पर बैठा लल्लू लक्ष्मी को याद करता उदाश बैठा था.

तभी गौरी वह आई.

गौरी - भाई दीदी छत पर बुला रही है.

लल्लू उठ क्र छत पर चला गया.

लल्लू- दी आप ने बुलाया है.

सोनम- भाई कल हमारी गुड़िया और बाबू घर चले जाएंगे. उसे हम ने कही घुमाया भी नहीं.

लल्लू- सही कहा दी. लेकिनअब क्या करे.

रोमा- क्यू नाह अभी घूमने चले.

लल्लू- अभी थोड़ी देर मई अँधेरा हो जाएगा. कोई बहार जाने भी नहीं देगा अभी.

C.bua- ठीक है. जब तक लक्ष्मी नहीं आती है मई रुक जाउंगी. अब कुछ नवाब साहब.

लल्लू- बहुत खुश बुआ. लव ु.

लल्लू बुआ क गलो को चुम क्र बोलै.

बुआ को लल्लू क चूमते hi उस दिन सोते हुए से उठाने वाली घटना याद आ गई.

कैसे लल्लू बुआ क चुचो को खा जाने वाली आँखों से घर रहा था.

बुआ याद क्र सरमाती हुई हुस्ने लगी.

अब लल्लू को लक्ष्मी से मिलना था.

ममी ने एक बार फिर लल्लू जो भूल गया था लक्ष्मी क जाने की बाते वो याद दिला दी थी.

लल्लू उठ क्र लड़कियों क कमरे मई गया.

वही लक्ष्मी सब से साथ बैठी हुई थी.

लल्लू भी जा क्र वह सब क साथ बैठ गया.

लल्लू- क्या बाटे हो रही है.

रोमा- गर्ल्स टॉक.

लल्लू- घर क्र रोमा को देखा. हमेसा यही बात करती रहती है. कभी दुनियादारी की भी बाटे क्र लो.

मीनू- भाई हम लड़किया है. तो फिर वैसी hi बाटे करेंगे न.

लल्लू- करो करो. मई कहा रोक रहा हु आप सब को बात करने से. मई तो बस पूछा था की क्या बात हो रही है.

रानी- अभी अभी तो बोलै है रोमा ने की हम गर्ल्स टॉक क्र रहे है जो किसी लड़के को नहीं बता सकते.

लल्लू- ग्रेट, िफ़ ु आल don't मंद. तो क्या मई थोड़ा सा अपनी वैफे से टॉक क्र सकता हु.

गौरी- क्या बात करनी है.

लल्लू- ये husband's और वाइफ की बिच की बाटे है. इसे सब नहीं जान सकते.

लल्लू दन्त दिखा क्र बोलै.

सोनम- जाइये लक्ष्मी जी. आप क पति देव का बुलावा आया है.

लक्ष्मी सरमाती हुई उठ गई.

रोमा- भाई ये गलत बात है. आप भाभी को ऐसे यहाँ से नहीं ले जा सकते.

सोनम- रोमा गलत बात. भाई की वाइफ है लक्ष्मी. बहुत सी बाटे होती है ऐसी. वैसे भी लक्ष्मी आज ममी लोगो क साथ जा रही है घर तो जरा अपने भाई को भी टाइम दो लक्ष्मी क साथ.

गौरी- साडी रात तो टाइम दिया है था. कितना हल्ला करते है ये लोग. सही से नींद भी नहीं आई.

लक्ष्मी कड़ी कड़ी सरमे लगी.

लल्लू वह से लड़कियों वाले रूम क दरवाजे से hi अपने कमरे मई चला गया.

लक्ष्मी- कितने बेसरम है आप.

लल्लू- मोबाइल निकल क्र लक्ष्मी को देता हुआ.

ये मोबाइल आज से तुम्हारा. मई साम तक बाजार जा क्र ले लूंगा दूसरा.

दूसरी बात मुझे हमेसा तुम्हारी फिक्र रहेगी. तुम अपने घर जा रही हो. मई तो समझा था की तुम ममी लोगो क साथ जा रही हो.

वह जा क्र मुझे कॉल करना और फिर अपने पापा क सहायक से मेरी बात करवाना जरा.

लक्ष्मी- आप बेफिक्र रहिये. और ये मोबाइल आप hi रखिये. मुझे अभी रस्ते मई माँ दिला देंगी नई मोबाइल. बोली है छोटी माँ.

लल्लू- घर पर काम पूरा होते hi यहाँ आ जाना. मुझे तुम्हारी आदत हो गई है. तुम्हारे बगैर मई कैसे रहूँगा.

लक्ष्मी.- मई जल्दी hi आ जाउंगी. वैसे भी पापा भी साथ hi होंगे तो काम जल्दी hi होगा. आप पदेशन न हो.

लल्लू- कैसे पदेशन न होऊ. बाबू याद से कॉल करती रहोगी न.

ओह्ह्होऊ बाबू… क्या बात है. पीछे लड़किया गेट पर कड़ी हुस्स रही थी.

लल्लू- लक्ष्मी आज का रही है. फिर मई तुम सब को बताऊंगा. अभी जितना मजे लेना है ले लो.

कोमल- ओह्हो तो जनाब धमकी दे रहे है. ठीक है देखते है तू क्या करता है.

फिर ममी लोगो का जाने का समय हो गया था.

वो लोग हल्का नास्ता क्र क अनिल काका क साथ मां क यहाँ चले गए.

दोनों ममी और लक्ष्मी जी गई थी.

लल्लू बड़ा उदाश था. वो कमरे मई आ क्र लेट गया.

साम मई काजल आ क्र लल्लू को उठाई.

लल्लू उठ क्र बहार आँगन मई आ गया.

खटिये पर बैठा लल्लू लक्ष्मी को याद करता उदाश बैठा था.

तभी गौरी वह आई.

गौरी - भाई दीदी छत पर बुला रही है.

लल्लू उठ क्र छत पर चला गया.

लल्लू- दी आप ने बुलाया है.

सोनम- भाई कल हमारी गुड़िया और बाबू घर चले जाएंगे. उसे हम ने कही घुमाया भी नहीं.

लल्लू- सही कहा दी. लेकिनअब क्या करे.

रोमा- क्यू नाह अभी घूमने चले.

लल्लू- अभी थोड़ी देर मई अँधेरा हो जाएगा. कोई बहार जाने भी नहीं देगा अभी.

C.bua- ठीक है. जब तक लक्ष्मी नहीं आती है मई रुक जाउंगी. अब कुछ नवाब साहब.

लल्लू- बहुत खुश बुआ. लव ु.

लल्लू बुआ क गलो को चुम क्र बोलै.

बुआ को लल्लू क चूमते hi उस दिन सोते हुए से उठाने वाली घटना याद आ गई.

कैसे लल्लू बुआ क चुचो को खा जाने वाली आँखों से घर रहा था.

बुआ याद क्र सरमाती हुई हुस्ने लगी.

अब लल्लू को लक्ष्मी से मिलना था.

ममी ने एक बार फिर लल्लू जो भूल गया था लक्ष्मी क जाने की बाते वो याद दिला दी थी.

लल्लू उठ क्र लड़कियों क कमरे मई गया.

वही लक्ष्मी सब से साथ बैठी हुई थी.

लल्लू भी जा क्र वह सब क साथ बैठ गया.

लल्लू- क्या बाटे हो रही है.

रोमा- गर्ल्स टॉक.

लल्लू- घर क्र रोमा को देखा. हमेसा यही बात करती रहती है. कभी दुनियादारी की भी बाटे क्र लो.

मीनू- भाई हम लड़किया है. तो फिर वैसी hi बाटे करेंगे न.

लल्लू- करो करो. मई कहा रोक रहा हु आप सब को बात करने से. मई तो बस पूछा था की क्या बात हो रही है.

रानी- अभी अभी तो बोलै है रोमा ने की हम गर्ल्स टॉक क्र रहे है जो किसी लड़के को नहीं बता सकते.

लल्लू- ग्रेट, िफ़ ु आल don't मंद. तो क्या मई थोड़ा सा अपनी वैफे से टॉक क्र सकता हु.

गौरी- क्या बात करनी है.

लल्लू- ये husband's और वाइफ की बिच की बाटे है. इसे सब नहीं जान सकते.

लल्लू दन्त दिखा क्र बोलै.

सोनम- जाइये लक्ष्मी जी. आप क पति देव का बुलावा आया है.

लक्ष्मी सरमाती हुई उठ गई.

रोमा- भाई ये गलत बात है. आप भाभी को ऐसे यहाँ से नहीं ले जा सकते.

सोनम- रोमा गलत बात. भाई की वाइफ है लक्ष्मी. बहुत सी बाटे होती है ऐसी. वैसे भी लक्ष्मी आज ममी लोगो क साथ जा रही है घर तो जरा अपने भाई को भी टाइम दो लक्ष्मी क साथ.

गौरी- साडी रात तो टाइम दिया है था. कितना हल्ला करते है ये लोग. सही से नींद भी नहीं आई.

लक्ष्मी कड़ी कड़ी सरमे लगी.

लल्लू वह से लड़कियों वाले रूम क दरवाजे से hi अपने कमरे मई चला गया.

लक्ष्मी- कितने बेसरम है आप.

लल्लू- मोबाइल निकल क्र लक्ष्मी को देता हुआ.

ये मोबाइल आज से तुम्हारा. मई साम तक बाजार जा क्र ले लूंगा दूसरा.

दूसरी बात मुझे हमेसा तुम्हारी फिक्र रहेगी. तुम अपने घर जा रही हो. मई तो समझा था की तुम ममी लोगो क साथ जा रही हो.

वह जा क्र मुझे कॉल करना और फिर अपने पापा क सहायक से मेरी बात करवाना जरा.

लक्ष्मी- आप बेफिक्र रहिये. और ये मोबाइल आप hi रखिये. मुझे अभी रस्ते मई माँ दिला देंगी नई मोबाइल. बोली है छोटी माँ.

लल्लू- घर पर काम पूरा होते hi यहाँ आ जाना. मुझे तुम्हारी आदत हो गई है. तुम्हारे बगैर मई कैसे रहूँगा.

लक्ष्मी.- मई जल्दी hi आ जाउंगी. वैसे भी पापा भी साथ hi होंगे तो काम जल्दी hi होगा. आप पदेशन न हो.

लल्लू- कैसे पदेशन न होऊ. बाबू याद से कॉल करती रहोगी न.

ओह्ह्होऊ बाबू… क्या बात है. पीछे लड़किया गेट पर कड़ी हुस्स रही थी.

लल्लू- लक्ष्मी आज का रही है. फिर मई तुम सब को बताऊंगा. अभी जितना मजे लेना है ले लो.

कोमल- ओह्हो तो जनाब धमकी दे रहे है. ठीक है देखते है तू क्या करता है.

फिर ममी लोगो का जाने का समय हो गया था.

वो लोग हल्का नास्ता क्र क अनिल काका क साथ मां क यहाँ चले गए.

दोनों ममी और लक्ष्मी जी गई थी.

लल्लू बड़ा उदाश था. वो कमरे मई आ क्र लेट गया.

साम मई काजल आ क्र लल्लू को उठाई.

लल्लू उठ क्र बहार आँगन मई आ गया.

खटिये पर बैठा लल्लू लक्ष्मी को याद करता उदाश बैठा था.

तभी गौरी वह आई.

गौरी - भाई दीदी छत पर बुला रही है.

लल्लू उठ क्र छत पर चला गया.

लल्लू- दी आप ने बुलाया है.

सोनम- भाई कल हमारी गुड़िया और बाबू घर चले जाएंगे. उसे हम ने कही घुमाया भी नहीं.

लल्लू- सही कहा दी. लेकिनअब क्या करे.

रोमा- क्यू नाह अभी घूमने चले.

लल्लू- अभी थोड़ी देर मई अँधेरा हो जाएगा. कोई बहार जाने भी नहीं देगा अभी.

C.bua- ठीक है. जब तक लक्ष्मी नहीं आती है मई रुक जाउंगी. अब कुछ नवाब साहब.

लल्लू- बहुत खुश बुआ. लव ु.

लल्लू बुआ क गलो को चुम क्र बोलै.

बुआ को लल्लू क चूमते hi उस दिन सोते हुए से उठाने वाली घटना याद आ गई.

कैसे लल्लू बुआ क चुचो को खा जाने वाली आँखों से घर रहा था.

बुआ याद क्र सरमाती हुई हुस्ने लगी.

अब लल्लू को लक्ष्मी से मिलना था.

ममी ने एक बार फिर लल्लू जो भूल गया था लक्ष्मी क जाने की बाते वो याद दिला दी थी.

लल्लू उठ क्र लड़कियों क कमरे मई गया.

वही लक्ष्मी सब से साथ बैठी हुई थी.

लल्लू भी जा क्र वह सब क साथ बैठ गया.

लल्लू- क्या बाटे हो रही है.

रोमा- गर्ल्स टॉक.

लल्लू- घर क्र रोमा को देखा. हमेसा यही बात करती रहती है. कभी दुनियादारी की भी बाटे क्र लो.

मीनू- भाई हम लड़किया है. तो फिर वैसी hi बाटे करेंगे न.

लल्लू- करो करो. मई कहा रोक रहा हु आप सब को बात करने से. मई तो बस पूछा था की क्या बात हो रही है.

रानी- अभी अभी तो बोलै है रोमा ने की हम गर्ल्स टॉक क्र रहे है जो किसी लड़के को नहीं बता सकते.

लल्लू- ग्रेट, िफ़ ु आल don't मंद. तो क्या मई थोड़ा सा अपनी वैफे से टॉक क्र सकता हु.

गौरी- क्या बात करनी है.

लल्लू- ये husband's और वाइफ की बिच की बाटे है. इसे सब नहीं जान सकते.

लल्लू दन्त दिखा क्र बोलै.

सोनम- जाइये लक्ष्मी जी. आप क पति देव का बुलावा आया है.

लक्ष्मी सरमाती हुई उठ गई.

रोमा- भाई ये गलत बात है. आप भाभी को ऐसे यहाँ से नहीं ले जा सकते.

सोनम- रोमा गलत बात. भाई की वाइफ है लक्ष्मी. बहुत सी बाटे होती है ऐसी. वैसे भी लक्ष्मी आज ममी लोगो क साथ जा रही है घर तो जरा अपने भाई को भी टाइम दो लक्ष्मी क साथ.

गौरी- साडी रात तो टाइम दिया है था. कितना हल्ला करते है ये लोग. सही से नींद भी नहीं आई.

लक्ष्मी कड़ी कड़ी सरमे लगी.

लल्लू वह से लड़कियों वाले रूम क दरवाजे से hi अपने कमरे मई चला गया.

लक्ष्मी- कितने बेसरम है आप.

लल्लू- मोबाइल निकल क्र लक्ष्मी को देता हुआ.

ये मोबाइल आज से तुम्हारा. मई साम तक बाजार जा क्र ले लूंगा दूसरा.

दूसरी बात मुझे हमेसा तुम्हारी फिक्र रहेगी. तुम अपने घर जा रही हो. मई तो समझा था की तुम ममी लोगो क साथ जा रही हो.

वह जा क्र मुझे कॉल करना और फिर अपने पापा क सहायक से मेरी बात करवाना जरा.

लक्ष्मी- आप बेफिक्र रहिये. और ये मोबाइल आप hi रखिये. मुझे अभी रस्ते मई माँ दिला देंगी नई मोबाइल. बोली है छोटी माँ.

लल्लू- घर पर काम पूरा होते hi यहाँ आ जाना. मुझे तुम्हारी आदत हो गई है. तुम्हारे बगैर मई कैसे रहूँगा.

लक्ष्मी.- मई जल्दी hi आ जाउंगी. वैसे भी पापा भी साथ hi होंगे तो काम जल्दी hi होगा. आप पदेशन न हो.

लल्लू- कैसे पदेशन न होऊ. बाबू याद से कॉल करती रहोगी न.

ओह्ह्होऊ बाबू… क्या बात है. पीछे लड़किया गेट पर कड़ी हुस्स रही थी.

लल्लू- लक्ष्मी आज का रही है. फिर मई तुम सब को बताऊंगा. अभी जितना मजे लेना है ले लो.

कोमल- ओह्हो तो जनाब धमकी दे रहे है. ठीक है देखते है तू क्या करता है.

फिर ममी लोगो का जाने का समय हो गया था.

वो लोग हल्का नास्ता क्र क अनिल काका क साथ मां क यहाँ चले गए.

दोनों ममी और लक्ष्मी जी गई थी.

लल्लू बड़ा उदाश था. वो कमरे मई आ क्र लेट गया.

साम मई काजल आ क्र लल्लू को उठाई.

लल्लू उठ क्र बहार आँगन मई आ गया.

खटिये पर बैठा लल्लू लक्ष्मी को याद करता उदाश बैठा था.

तभी गौरी वह आई.

गौरी - भाई दीदी छत पर बुला रही है.

लल्लू उठ क्र छत पर चला गया.

लल्लू- दी आप ने बुलाया है.

सोनम- भाई कल हमारी गुड़िया और बाबू घर चले जाएंगे. उसे हम ने कही घुमाया भी नहीं.

लल्लू- सही कहा दी. लेकिनअब क्या करे.

रोमा- क्यू नाह अभी घूमने चले.

लल्लू- अभी थोड़ी देर मई अँधेरा हो जाएगा. कोई बहार जाने भी नहीं देगा अभी.

C.bua- ठीक है. जब तक लक्ष्मी नहीं आती है मई रुक जाउंगी. अब कुछ नवाब साहब.

लल्लू- बहुत खुश बुआ. लव ु.

लल्लू बुआ क गलो को चुम क्र बोलै.

बुआ को लल्लू क चूमते hi उस दिन सोते हुए से उठाने वाली घटना याद आ गई.

कैसे लल्लू बुआ क चुचो को खा जाने वाली आँखों से घर रहा था.

बुआ याद क्र सरमाती हुई हुस्ने लगी.

अब लल्लू को लक्ष्मी से मिलना था.

ममी ने एक बार फिर लल्लू जो भूल गया था लक्ष्मी क जाने की बाते वो याद दिला दी थी.

लल्लू उठ क्र लड़कियों क कमरे मई गया.

वही लक्ष्मी सब से साथ बैठी हुई थी.

लल्लू भी जा क्र वह सब क साथ बैठ गया.

लल्लू- क्या बाटे हो रही है.

रोमा- गर्ल्स टॉक.

लल्लू- घर क्र रोमा को देखा. हमेसा यही बात करती रहती है. कभी दुनियादारी की भी बाटे क्र लो.

मीनू- भाई हम लड़किया है. तो फिर वैसी hi बाटे करेंगे न.

लल्लू- करो करो. मई कहा रोक रहा हु आप सब को बात करने से. मई तो बस पूछा था की क्या बात हो रही है.

रानी- अभी अभी तो बोलै है रोमा ने की हम गर्ल्स टॉक क्र रहे है जो किसी लड़के को नहीं बता सकते.

लल्लू- ग्रेट, िफ़ ु आल don't मंद. तो क्या मई थोड़ा सा अपनी वैफे से टॉक क्र सकता हु.

गौरी- क्या बात करनी है.

लल्लू- ये husband's और वाइफ की बिच की बाटे है. इसे सब नहीं जान सकते.

लल्लू दन्त दिखा क्र बोलै.

सोनम- जाइये लक्ष्मी जी. आप क पति देव का बुलावा आया है.

लक्ष्मी सरमाती हुई उठ गई.

रोमा- भाई ये गलत बात है. आप भाभी को ऐसे यहाँ से नहीं ले जा सकते.

सोनम- रोमा गलत बात. भाई की वाइफ है लक्ष्मी. बहुत सी बाटे होती है ऐसी. वैसे भी लक्ष्मी आज ममी लोगो क साथ जा रही है घर तो जरा अपने भाई को भी टाइम दो लक्ष्मी क साथ.

गौरी- साडी रात तो टाइम दिया है था. कितना हल्ला करते है ये लोग. सही से नींद भी नहीं आई.

लक्ष्मी कड़ी कड़ी सरमे लगी.

लल्लू वह से लड़कियों वाले रूम क दरवाजे से hi अपने कमरे मई चला गया.

लक्ष्मी- कितने बेसरम है आप.

लल्लू- मोबाइल निकल क्र लक्ष्मी को देता हुआ.

ये मोबाइल आज से तुम्हारा. मई साम तक बाजार जा क्र ले लूंगा दूसरा.

दूसरी बात मुझे हमेसा तुम्हारी फिक्र रहेगी. तुम अपने घर जा रही हो. मई तो समझा था की तुम ममी लोगो क साथ जा रही हो.

वह जा क्र मुझे कॉल करना और फिर अपने पापा क सहायक से मेरी बात करवाना जरा.

लक्ष्मी- आप बेफिक्र रहिये. और ये मोबाइल आप hi रखिये. मुझे अभी रस्ते मई माँ दिला देंगी नई मोबाइल. बोली है छोटी माँ.

लल्लू- घर पर काम पूरा होते hi यहाँ आ जाना. मुझे तुम्हारी आदत हो गई है. तुम्हारे बगैर मई कैसे रहूँगा.

लक्ष्मी.- मई जल्दी hi आ जाउंगी. वैसे भी पापा भी साथ hi होंगे तो काम जल्दी hi होगा. आप पदेशन न हो.

लल्लू- कैसे पदेशन न होऊ. बाबू याद से कॉल करती रहोगी न.

ओह्ह्होऊ बाबू… क्या बात है. पीछे लड़किया गेट पर कड़ी हुस्स रही थी.

लल्लू- लक्ष्मी आज का रही है. फिर मई तुम सब को बताऊंगा. अभी जितना मजे लेना है ले लो.

कोमल- ओह्हो तो जनाब धमकी दे रहे है. ठीक है देखते है तू क्या करता है.

फिर ममी लोगो का जाने का समय हो गया था.

वो लोग हल्का नास्ता क्र क अनिल काका क साथ मां क यहाँ चले गए.

दोनों ममी और लक्ष्मी जी गई थी.

लल्लू बड़ा उदाश था. वो कमरे मई आ क्र लेट गया.

साम मई काजल आ क्र लल्लू को उठाई.

लल्लू उठ क्र बहार आँगन मई आ गया.

खटिये पर बैठा लल्लू लक्ष्मी को याद करता उदाश बैठा था.

तभी गौरी वह आई.

गौरी - भाई दीदी छत पर बुला रही है.

लल्लू उठ क्र छत पर चला गया.

लल्लू- दी आप ने बुलाया है.

सोनम- भाई कल हमारी गुड़िया और बाबू घर चले जाएंगे. उसे हम ने कही घुमाया भी नहीं.

लल्लू- सही कहा दी. लेकिनअब क्या करे.

रोमा- क्यू नाह अभी घूमने चले.

लल्लू- अभी थोड़ी देर मई अँधेरा हो जाएगा. कोई बहार जाने भी नहीं देगा अभी.

C.bua- ठीक है. जब तक लक्ष्मी नहीं आती है मई रुक जाउंगी. अब कुछ नवाब साहब.

लल्लू- बहुत खुश बुआ. लव ु.

लल्लू बुआ क गलो को चुम क्र बोलै.

बुआ को लल्लू क चूमते hi उस दिन सोते हुए से उठाने वाली घटना याद आ गई.

कैसे लल्लू बुआ क चुचो को खा जाने वाली आँखों से घर रहा था.

बुआ याद क्र सरमाती हुई हुस्ने लगी.

अब लल्लू को लक्ष्मी से मिलना था.

ममी ने एक बार फिर लल्लू जो भूल गया था लक्ष्मी क जाने की बाते वो याद दिला दी थी.

लल्लू उठ क्र लड़कियों क कमरे मई गया.

वही लक्ष्मी सब से साथ बैठी हुई थी.

लल्लू भी जा क्र वह सब क साथ बैठ गया.

लल्लू- क्या बाटे हो रही है.

रोमा- गर्ल्स टॉक.

लल्लू- घर क्र रोमा को देखा. हमेसा यही बात करती रहती है. कभी दुनियादारी की भी बाटे क्र लो.

मीनू- भाई हम लड़किया है. तो फिर वैसी hi बाटे करेंगे न.

लल्लू- करो करो. मई कहा रोक रहा हु आप सब को बात करने से. मई तो बस पूछा था की क्या बात हो रही है.

रानी- अभी अभी तो बोलै है रोमा ने की हम गर्ल्स टॉक क्र रहे है जो किसी लड़के को नहीं बता सकते.

लल्लू- ग्रेट, िफ़ ु आल don't मंद. तो क्या मई थोड़ा सा अपनी वैफे से टॉक क्र सकता हु.

गौरी- क्या बात करनी है.

लल्लू- ये husband's और वाइफ की बिच की बाटे है. इसे सब नहीं जान सकते.

लल्लू दन्त दिखा क्र बोलै.

सोनम- जाइये लक्ष्मी जी. आप क पति देव का बुलावा आया है.

लक्ष्मी सरमाती हुई उठ गई.

रोमा- भाई ये गलत बात है. आप भाभी को ऐसे यहाँ से नहीं ले जा सकते.

सोनम- रोमा गलत बात. भाई की वाइफ है लक्ष्मी. बहुत सी बाटे होती है ऐसी. वैसे भी लक्ष्मी आज ममी लोगो क साथ जा रही है घर तो जरा अपने भाई को भी टाइम दो लक्ष्मी क साथ.

गौरी- साडी रात तो टाइम दिया है था. कितना हल्ला करते है ये लोग. सही से नींद भी नहीं आई.

लक्ष्मी कड़ी कड़ी सरमे लगी.

लल्लू वह से लड़कियों वाले रूम क दरवाजे से hi अपने कमरे मई चला गया.

लक्ष्मी- कितने बेसरम है आप.

लल्लू- मोबाइल निकल क्र लक्ष्मी को देता हुआ.

ये मोबाइल आज से तुम्हारा. मई साम तक बाजार जा क्र ले लूंगा दूसरा.

दूसरी बात मुझे हमेसा तुम्हारी फिक्र रहेगी. तुम अपने घर जा रही हो. मई तो समझा था की तुम ममी लोगो क साथ जा रही हो.

वह जा क्र मुझे कॉल करना और फिर अपने पापा क सहायक से मेरी बात करवाना जरा.

लक्ष्मी- आप बेफिक्र रहिये. और ये मोबाइल आप hi रखिये. मुझे अभी रस्ते मई माँ दिला देंगी नई मोबाइल. बोली है छोटी माँ.

लल्लू- घर पर काम पूरा होते hi यहाँ आ जाना. मुझे तुम्हारी आदत हो गई है. तुम्हारे बगैर मई कैसे रहूँगा.

लक्ष्मी.- मई जल्दी hi आ जाउंगी. वैसे भी पापा भी साथ hi होंगे तो काम जल्दी hi होगा. आप पदेशन न हो.

लल्लू- कैसे पदेशन न होऊ. बाबू याद से कॉल करती रहोगी न.

ओह्ह्होऊ बाबू… क्या बात है. पीछे लड़किया गेट पर कड़ी हुस्स रही थी.

लल्लू- लक्ष्मी आज का रही है. फिर मई तुम सब को बताऊंगा. अभी जितना मजे लेना है ले लो.

कोमल- ओह्हो तो जनाब धमकी दे रहे है. ठीक है देखते है तू क्या करता है.

फिर ममी लोगो का जाने का समय हो गया था.

वो लोग हल्का नास्ता क्र क अनिल काका क साथ मां क यहाँ चले गए.

दोनों ममी और लक्ष्मी जी गई थी.

लल्लू बड़ा उदाश था. वो कमरे मई आ क्र लेट गया.

साम मई काजल आ क्र लल्लू को उठाई.

लल्लू उठ क्र बहार आँगन मई आ गया.

खटिये पर बैठा लल्लू लक्ष्मी को याद करता उदाश बैठा था.

तभी गौरी वह आई.

गौरी - भाई दीदी छत पर बुला रही है.

लल्लू उठ क्र छत पर चला गया.

लल्लू- दी आप ने बुलाया है.

सोनम- भाई कल हमारी गुड़िया और बाबू घर चले जाएंगे. उसे हम ने कही घुमाया भी नहीं.

लल्लू- सही कहा दी. लेकिनअब क्या करे.

रोमा- क्यू नाह अभी घूमने चले.

लल्लू- अभी थोड़ी देर मई अँधेरा हो जाएगा. कोई बहार जाने भी नहीं देगा अभी.

C.bua- ठीक है. जब तक लक्ष्मी नहीं आती है मई रुक जाउंगी. अब कुछ नवाब साहब.

लल्लू- बहुत खुश बुआ. लव ु.

लल्लू बुआ क गलो को चुम क्र बोलै.

बुआ को लल्लू क चूमते hi उस दिन सोते हुए से उठाने वाली घटना याद आ गई.

कैसे लल्लू बुआ क चुचो को खा जाने वाली आँखों से घर रहा था.

बुआ याद क्र सरमाती हुई हुस्ने लगी.

अब लल्लू को लक्ष्मी से मिलना था.

ममी ने एक बार फिर लल्लू जो भूल गया था लक्ष्मी क जाने की बाते वो याद दिला दी थी.

लल्लू उठ क्र लड़कियों क कमरे मई गया.

वही लक्ष्मी सब से साथ बैठी हुई थी.

लल्लू भी जा क्र वह सब क साथ बैठ गया.

लल्लू- क्या बाटे हो रही है.

रोमा- गर्ल्स टॉक.

लल्लू- घर क्र रोमा को देखा. हमेसा यही बात करती रहती है. कभी दुनियादारी की भी बाटे क्र लो.

मीनू- भाई हम लड़किया है. तो फिर वैसी hi बाटे करेंगे न.

लल्लू- करो करो. मई कहा रोक रहा हु आप सब को बात करने से. मई तो बस पूछा था की क्या बात हो रही है.

रानी- अभी अभी तो बोलै है रोमा ने की हम गर्ल्स टॉक क्र रहे है जो किसी लड़के को नहीं बता सकते.

लल्लू- ग्रेट, िफ़ ु आल don't मंद. तो क्या मई थोड़ा सा अपनी वैफे से टॉक क्र सकता हु.

गौरी- क्या बात करनी है.

लल्लू- ये husband's और वाइफ की बिच की बाटे है. इसे सब नहीं जान सकते.

लल्लू दन्त दिखा क्र बोलै.

सोनम- जाइये लक्ष्मी जी. आप क पति देव का बुलावा आया है.

लक्ष्मी सरमाती हुई उठ गई.

रोमा- भाई ये गलत बात है. आप भाभी को ऐसे यहाँ से नहीं ले जा सकते.

सोनम- रोमा गलत बात. भाई की वाइफ है लक्ष्मी. बहुत सी बाटे होती है ऐसी. वैसे भी लक्ष्मी आज ममी लोगो क साथ जा रही है घर तो जरा अपने भाई को भी टाइम दो लक्ष्मी क साथ.

गौरी- साडी रात तो टाइम दिया है था. कितना हल्ला करते है ये लोग. सही से नींद भी नहीं आई.

लक्ष्मी कड़ी कड़ी सरमे लगी.

लल्लू वह से लड़कियों वाले रूम क दरवाजे से hi अपने कमरे मई चला गया.

लक्ष्मी- कितने बेसरम है आप.

लल्लू- मोबाइल निकल क्र लक्ष्मी को देता हुआ.

ये मोबाइल आज से तुम्हारा. मई साम तक बाजार जा क्र ले लूंगा दूसरा.

दूसरी बात मुझे हमेसा तुम्हारी फिक्र रहेगी. तुम अपने घर जा रही हो. मई तो समझा था की तुम ममी लोगो क साथ जा रही हो.

वह जा क्र मुझे कॉल करना और फिर अपने पापा क सहायक से मेरी बात करवाना जरा.

लक्ष्मी- आप बेफिक्र रहिये. और ये मोबाइल आप hi रखिये. मुझे अभी रस्ते मई माँ दिला देंगी नई मोबाइल. बोली है छोटी माँ.

लल्लू- घर पर काम पूरा होते hi यहाँ आ जाना. मुझे तुम्हारी आदत हो गई है. तुम्हारे बगैर मई कैसे रहूँगा.

लक्ष्मी.- मई जल्दी hi आ जाउंगी. वैसे भी पापा भी साथ hi होंगे तो काम जल्दी hi होगा. आप पदेशन न हो.

लल्लू- कैसे पदेशन न होऊ. बाबू याद से कॉल करती रहोगी न.

ओह्ह्होऊ बाबू… क्या बात है. पीछे लड़किया गेट पर कड़ी हुस्स रही थी.

लल्लू- लक्ष्मी आज का रही है. फिर मई तुम सब को बताऊंगा. अभी जितना मजे लेना है ले लो.

कोमल- ओह्हो तो जनाब धमकी दे रहे है. ठीक है देखते है तू क्या करता है.

फिर ममी लोगो का जाने का समय हो गया था.

वो लोग हल्का नास्ता क्र क अनिल काका क साथ मां क यहाँ चले गए.

दोनों ममी और लक्ष्मी जी गई थी.

लल्लू बड़ा उदाश था. वो कमरे मई आ क्र लेट गया.

साम मई काजल आ क्र लल्लू को उठाई.

लल्लू उठ क्र बहार आँगन मई आ गया.

खटिये पर बैठा लल्लू लक्ष्मी को याद करता उदाश बैठा था.

तभी गौरी वह आई.

गौरी - भाई दीदी छत पर बुला रही है.

लल्लू उठ क्र छत पर चला गया.

लल्लू- दी आप ने बुलाया है.

सोनम- भाई कल हमारी गुड़िया और बाबू घर चले जाएंगे. उसे हम ने कही घुमाया भी नहीं.

लल्लू- सही कहा दी. लेकिनअब क्या करे.

रोमा- क्यू नाह अभी घूमने चले.

लल्लू- अभी थोड़ी देर मई अँधेरा हो जाएगा. कोई बहार जाने भी नहीं देगा अभी.

C.bua- ठीक है. जब तक लक्ष्मी नहीं आती है मई रुक जाउंगी. अब कुछ नवाब साहब.

लल्लू- बहुत खुश बुआ. लव ु.

लल्लू बुआ क गलो को चुम क्र बोलै.

बुआ को लल्लू क चूमते hi उस दिन सोते हुए से उठाने वाली घटना याद आ गई.

कैसे लल्लू बुआ क चुचो को खा जाने वाली आँखों से घर रहा था.

बुआ याद क्र सरमाती हुई हुस्ने लगी.

अब लल्लू को लक्ष्मी से मिलना था.

ममी ने एक बार फिर लल्लू जो भूल गया था लक्ष्मी क जाने की बाते वो याद दिला दी थी.

लल्लू उठ क्र लड़कियों क कमरे मई गया.

वही लक्ष्मी सब से साथ बैठी हुई थी.

लल्लू भी जा क्र वह सब क साथ बैठ गया.

लल्लू- क्या बाटे हो रही है.

रोमा- गर्ल्स टॉक.

लल्लू- घर क्र रोमा को देखा. हमेसा यही बात करती रहती है. कभी दुनियादारी की भी बाटे क्र लो.

मीनू- भाई हम लड़किया है. तो फिर वैसी hi बाटे करेंगे न.

लल्लू- करो करो. मई कहा रोक रहा हु आप सब को बात करने से. मई तो बस पूछा था की क्या बात हो रही है.

रानी- अभी अभी तो बोलै है रोमा ने की हम गर्ल्स टॉक क्र रहे है जो किसी लड़के को नहीं बता सकते.

लल्लू- ग्रेट, िफ़ ु आल don't मंद. तो क्या मई थोड़ा सा अपनी वैफे से टॉक क्र सकता हु.

गौरी- क्या बात करनी है.

लल्लू- ये husband's और वाइफ की बिच की बाटे है. इसे सब नहीं जान सकते.

लल्लू दन्त दिखा क्र बोलै.

सोनम- जाइये लक्ष्मी जी. आप क पति देव का बुलावा आया है.

लक्ष्मी सरमाती हुई उठ गई.

रोमा- भाई ये गलत बात है. आप भाभी को ऐसे यहाँ से नहीं ले जा सकते.

सोनम- रोमा गलत बात. भाई की वाइफ है लक्ष्मी. बहुत सी बाटे होती है ऐसी. वैसे भी लक्ष्मी आज ममी लोगो क साथ जा रही है घर तो जरा अपने भाई को भी टाइम दो लक्ष्मी क साथ.

गौरी- साडी रात तो टाइम दिया है था. कितना हल्ला करते है ये लोग. सही से नींद भी नहीं आई.

लक्ष्मी कड़ी कड़ी सरमे लगी.

लल्लू वह से लड़कियों वाले रूम क दरवाजे से hi अपने कमरे मई चला गया.

लक्ष्मी- कितने बेसरम है आप.

लल्लू- मोबाइल निकल क्र लक्ष्मी को देता हुआ.

ये मोबाइल आज से तुम्हारा. मई साम तक बाजार जा क्र ले लूंगा दूसरा.

दूसरी बात मुझे हमेसा तुम्हारी फिक्र रहेगी. तुम अपने घर जा रही हो. मई तो समझा था की तुम ममी लोगो क साथ जा रही हो.

वह जा क्र मुझे कॉल करना और फिर अपने पापा क सहायक से मेरी बात करवाना जरा.

लक्ष्मी- आप बेफिक्र रहिये. और ये मोबाइल आप hi रखिये. मुझे अभी रस्ते मई माँ दिला देंगी नई मोबाइल. बोली है छोटी माँ.

लल्लू- घर पर काम पूरा होते hi यहाँ आ जाना. मुझे तुम्हारी आदत हो गई है. तुम्हारे बगैर मई कैसे रहूँगा.

लक्ष्मी.- मई जल्दी hi आ जाउंगी. वैसे भी पापा भी साथ hi होंगे तो काम जल्दी hi होगा. आप पदेशन न हो.

लल्लू- कैसे पदेशन न होऊ. बाबू याद से कॉल करती रहोगी न.

ओह्ह्होऊ बाबू… क्या बात है. पीछे लड़किया गेट पर कड़ी हुस्स रही थी.

लल्लू- लक्ष्मी आज का रही है. फिर मई तुम सब को बताऊंगा. अभी जितना मजे लेना है ले लो.

कोमल- ओह्हो तो जनाब धमकी दे रहे है. ठीक है देखते है तू क्या करता है.

फिर ममी लोगो का जाने का समय हो गया था.

वो लोग हल्का नास्ता क्र क अनिल काका क साथ मां क यहाँ चले गए.

दोनों ममी और लक्ष्मी जी गई थी.

लल्लू बड़ा उदाश था. वो कमरे मई आ क्र लेट गया.

साम मई काजल आ क्र लल्लू को उठाई.

लल्लू उठ क्र बहार आँगन मई आ गया.

खटिये पर बैठा लल्लू लक्ष्मी को याद करता उदाश बैठा था.

तभी गौरी वह आई.

गौरी - भाई दीदी छत पर बुला रही है.

लल्लू उठ क्र छत पर चला गया.

लल्लू- दी आप ने बुलाया है.

सोनम- भाई कल हमारी गुड़िया और बाबू घर चले जाएंगे. उसे हम ने कही घुमाया भी नहीं.

लल्लू- सही कहा दी. लेकिनअब क्या करे.

रोमा- क्यू नाह अभी घूमने चले.

लल्लू- अभी थोड़ी देर मई अँधेरा हो जाएगा. कोई बहार जाने भी नहीं देगा अभी.

कोमल- तुम्ही सो रहे थे लक्ष्मी जी क जुदाई मई.

लल्लू- सही कहा आप ने. ये प्यार बड़ा अजीब रोग है. जब आप को होगा तब पता चलेगा.

कोमल- (धीरे से) मुझे ाललरेअद्य हो चूका है.

लल्लू- क्या कहा अभी आप ने.

कोमल- कुछ नहीं. तू ये बता अभी हम लोगो को ले जाएगा या नहीं.

लल्लू- कहा जाना है आप सब को.

सोनम- बाजार…

लल्लू- इतने सब एक गारी मई कैसे जाएंगे.

सोनम- दो गारी मई तो हो जाएगा न.

लल्लू- दूसरा गारी कौन चलाएगा.

रानी- राघव भैया.

लल्लू- फटाफट तैयार हो जाओ. ज्यादा समय नहीं लगाना.

मीनू- हम सब तैयार hi है. तू बस परमिशन ले ले.

लल्लू सुनील काका को कॉल किया और उन्हें साडी बात बता दिया.

काफी नानुकुर क बाद काका मान गए. फिर लल्लू निचे आ क्र ऋतू क कमरे मई गया.

ऋतू- क्या बात है. आज यहाँ कैसे.

लल्लू- दीदी लोग घूमने जाना चाहते है. परमिशन चाहिए आप का.

ऋतू- अभी रात को. जहा जाना है कल चले जाना.

लल्लू- कल बड़ी बुआ चली जाएगी. रूही और राजू अभी काट कही नहीं गए घूमने. हम लोग थोड़ी देर मई hi आ जाएंगे.

ऋतू- ये आईडिया किस का है. कौन कौन लोग जाएंगे.

लल्लू- मई भैया भाभी सभी बहने और राजू.

ऋतू- नहीं बिलकुल नहीं.

लल्लू- जाने दो न. सुनील काका से हम ने पहले hi इजाजत ले ली है. कौन सा ये लोग डेली जाते है.

ऋतू- हम सभी चलेंगे. तभी मई इजाजत दूंगी.

लल्लू- यहाँ दादू को अकेला छोड़ क्र.

ऋतू- यहाँ कोई एक रह जाएगा पापा क पास.

लल्लू- आप लोग कल परसो मई चली जाना. आज इन सब को जाने दो. सब जाएंगे तो लेट हो जाएगा.

ऋतू- नहीं अगर तुम लोगो को परमिशन चाहिए तो हम सब को भी ले जाना पड़ेगा.

लल्लू- यहाँ कौन रहेगा फटाफट बताओ.

ऋतू- यहाँ मई रहूंगी.

लल्लू- तो इतनी देर से किसके लिए जिद्द क्र रही थी.

ऋतू- मेरी सभी छोटी बहनो क लिए. जैसे तू अपने बहनो क लिए इतने देर से बहस कर रहा है.

लल्लू सर पिट लिया.

अब सभी तैयार होने मई hi 10 बजा देंगे.

लल्लू वह से निकल क्र आँगन मई आ गया.

लल्लू- मेरी माताओ से मेरा हाथ जोर क्र बिनती है की आप सभी जितनी जल्दी हो सके तैयार हो जाओ. हमे बहत घूमने जाना है.

काजल- kya..kaha.. क्यू.

लल्लू- सवाल जबाब आ क्र लीजियेगा सभी अभी सब जल्दी से तैयार हो जाइये. मुझे 20 मिनट्स मई सब यहाँ चाहिए. जो नहीं आया वो छूट जाएगी.

सब उठ के तैयार होने चली गई.

लल्लू राघव भैया को भी जा क्र बता दिया.

वो दोनों हस्बैंड वाइफ पहले से hi तैयार थे.

सोनम- क्या हुआ.

लल्लू- प्लान थोड़ा सा चेंज है. अब सभी जा रहे है सिवाय दादू काका लोग और बड़ी काकी क.

कोमल- क्या… गई भेष पानी मई.

लल्लू- अरे वहहह मेरी दीदी तो कहावते भी जानती है.

सोनम- चलो सब उन लोगो को मदद करे. नहीं तो कल तक सब तैयार hi होते रहेंगे.

सभी बहने लग गई मिशन मई.

आधे घंटे बाद सब तैयार हो क्र आ गए.

बहार आ क्र सब बैठ गए गरियो मई.

दो गाड़ियों मई लड़किया और एक मई लेडीज.

एक लल्लू की गारी थी.

दूसरी जो राघव को मिला था.

तीसरी जो घर क लिए सब से पहले खरीदी गई थी स्कार्पियो. जिसे छोटी बुआ चला रही थी.

सभी लोग थोड़ी देर मई मार्किट पहुंच गए.

लल्लू- क्या प्लान है यहाँ का.

गौरी- प्लान रेडी है भैया. यहाँ न कई तरह क झूले लगे है तो सब से पहले हम झूला खुलने जाएंगे.

लल्लू- मेले वाले जगह से थोड़ा पहले पार्किंग बना था जहा ये लोग अपनी गारी ले जा क्र कड़ी क्र दी.

लल्लू- अब बताओ बहनो सब से पहले कहा चले.

कोमल- भाई यहाँ पहली बार राम झूला आया है. हम सब उस मई झूलेंगे.

लल्लू सब को ले क्र एक बड़े से टावर झूला क पास ले गया जो 360 डिग्री मई झूलता है.

काकी माँ और बुआ सब लोग उस मई बैठे से मन करने लगे.

राजू भी इस खुले मई दर से मन क्र रहा था.

लल्लू- यहाँ आये हो तो फिर सब को एन्जॉय करना पड़ेगा. एक जो करेगा वो सब को करना पड़ेगा ये आज का रूल है.

तो सब तैयार हो जाओ.

जबर्दरस्ती लल्लू सब को ले क्र गया और झूले का दोंग पूरा होने क बाद सब को उस मई बैठने लगा.

अंत मई लल्लू भी बैठ गया साथ मई सोनम थी.

झूला चालू हो गया. जब झूला उप्पेर गया तब तक तो सब ठीक था लेकिन जैसे hi वो टॉप से निचे आने लगा सब क पेट मई गुदगुदी होने लगी. सब लड़किया और लेडीज जोर जोर से चिल्लाने लगी आँखे बंद किये

सोनम तो काश क्र लल्लू को पकड़ राखी थी.

लल्लू सोनम को अपने बहो मई लिए हुए झूले का आनंद ले रहा था.

दोंग पूरा होने क बाद जैसे hi सब उतरे वह से काजल और शालिनी तो वही बैठ गई.

लल्लू फिर सब को ले क्र आगे आया.

आगे जादू दिखाया जा रहा था. फिर राघव का क्र टिकट्स खरीद लाया सब क लिए.

वह भी सब ने खूब एन्जॉय किये.

वह से बहार आ क्र शूटिंग का खेल चल रहा था वह आये.

सभी बहने जिद्द करने लगे राघव से तो रगाह वह गुब्बारे को शूट क्र सब को दिखाया.

फिर एक जगह क्रोजल खुला था. जिस मई घोड़े क सकल का लकड़ी का बना हुआ था.

लल्लू राजू को ले क्र वह चला गया और उसे वह झूला झुलवाया.

वही बगल मई नव का झूला था लल्लू जा क्र सब को वह ले आया और लड़कियों को उस मई झूला झुलवा दिया जब तक राजू भी आ गया घोड़े वाले झूले से खुल क्र.

फिर सभी लोग वह क रिमांड सरकश मई सरकश देखने चले गए.

वह सरकश मई बहुत मजा आया. एक से एक कलाकार थे लोगो को मजा लगवाने को.

वह से सब निकले तो राजू सब से खुश था.

लल्लू- गौरी महारानी अब क्या प्लान है.

गौरी- अब हम सभी को किसी पानी पूरी वाले क आपस ले चलो हमरे सेवक.

लल्लू- जो हुक्म मलिक्का ै आलिया.

लल्लू सब को ले क्र एक पानी पूरी वाले क पास आया.

लल्लू- भैया सब को पानी पूरी खिलाओ.

बस फिर क्या था लग गए सब अपना अपना दोना ले क्र.

सोनम- मेरा जरा तीखा रखना भैया.

लल्लू- नहीं भाई. इन लोगो को तीखा मत खिलाना. वैसे hi सब बहुत तीखी मिर्ची है.

काजल लल्लू का प्लेट ले क्र वापस रख दी.

काजल- भैया इसे मत देना. ये नहीं खायेगा.

लल्लू बुरा सा मुँह बना क्र खड़ा रह गया हाथ फैलाये. प्लेट तो काजल छीन ली थी.

सोनम- ले मुँह मत बना मेरे मई से खा ले.

लल्लू खुश हो क्र मुँह खोल दिया.

सोनम प्यार से देखती उसे अपने हाथो से खिलने लगी.

वह सब को छैक क्र पानी पूरी खिलने क बाद लल्लू सब को ले क्र वह से निकल आया. फिर एक मिठाई क दुकान से सब को मिठाई खिलाई.

लल्लू- अब आगे का क्या प्लान है.

बड़ी बुआ- जो लोग नहीं ए है उसके लिए भी पैक करवा लो सब कुछ जो हम लोग खाये है.

फिर लल्लू सब क लिए भी पैक करवा लिया.

लल्लू- तो अब घर चले.

सोनम- है भाई. आज हम सब तुम्हारे वजह से hi यहाँ आ पाए है. भैया तो किसी से बात hi नहीं किये. सीधा मुकर गए.

लल्लू- ऐसा कुछ नहीं है. भैया मुझे पहले hi बता दिए थे.

लल्लू झूठ बोलता राघव को देख क्र आँख मर दिया.

फिर सब वह से घर को चलने लगे.

लल्लू रूही और राजू को पकड़ क्र.

लल्लू- आप लोग आगे बढिये हम आ रहे है. एक काम और रह गया है. लल्लू सोनम को भी रोकता बोलै.

बड़ी बुआ- अब कहा जाना है. बीटा रात ज्यादा हो गया है. अब सीधा घर चल.

लल्लू- ज्यादा समय नहीं लगेगा. बस 5 मिनट्स मई आते है हम.

फिर वो लोग चले गए.

लल्लू इन लोगो क साथ उसी अंकल क पास दुकान पर आया.

दुकान अब बंद होने वाला था.

लल्लू को देख क्र अंकल अपने काम करने वालो को दुकान समेटने से रुकने क लिए बोलै.

अंकल- आओ आओ बीटा. कहो क्या सेवा करे.

लल्लू- बीटा भी कहते हो अंकल और सेवा की भी बात क्र देते हो. आप का सेवा करना तो हमारा कर्त्तव्य है.

अंकल- अच्छा baba..mai अपनी बात वापस लेता हु. बताओ कैसे आना हुआ.

लल्लू- अंकल ये हमारी गुड़िया और ये बाबू है. हमारी बड़ी बुआ क बच्चे. इनके लिए कुछ अच्छे कपडे दिखा दीजिये.

अंकल अपने एक बन्दे को इसरा किये.

वो आगे आ क्र लल्लू लोगो को ले क्र दोनों भाई बहनो क लिए कपडा दिखने ले गया.

सोनम और लल्लू मिल क्र दोनों क लिए कई ड्रेस ख़रीदे.

लल्लू- भैया एक अच्छा साडी भी दिखाना.

फिर ये लोग बड़ी बुआ क लिए दो साडी भी लिए.

बिल पाय क्र सभी वह से घर को चल दिए.

दुकान वाले अंकल ने जाने से पहले रूही और राजू को ढेर सारा चॉकलेट भी दिए.

घर आ क्र राजू खुसी से खुदता हुआ बड़ी बुआ क पास जा क्र उन्हें अपने ड्रेस क बारे मई बताया.

B.bua - ललित बीटा, ये सब करने की क्या जरुरत थी. तुम अपना पैसा क्यू खर्च किया. तुम्हारे पास कहा से आये इतने पैसे. भैया ने तो ला hi दिया था.

लल्लू- बुआ आप का भतीजा इतना भी गरीब नहीं की उसे अपने भाई बहनो क लिए किसी क आगे हाथ फैलाना पड़े.

पीछे दालान से आते सुनील काका.

सुनील- सही कह रहा है बहन. इसके पास बहुत पैसा है. कभी कभी तो मुझे भी इस से hi पैसे मांगना पड़ता है. हम सब भाइयो से ज्यादा पैसे वाला है ये.

बुआ- आप भी इसका hi साथ दे रहे है भाई. काम से काम आप तो झूठ बोल क्र मेरे बेटे को बढ़ावा न दे.

सुनील- अरे मई झूठ नहीं बोल रहा हु. गज्जू भाई दोनों भाई इसे गॉड ले रखे है. उनका सब कुछ इसी नालायक क नाम है.

बुआ- फिर भी ये अच्छी बात नहीं. किसी ने अगर अपना सब कुछ दे भी दिया है तो इसका मतलब ये नहीं की सारा ुर्रा hi दे. बीटा ऐसा नहीं करते

लल्लू- बुआ, जैसे मेरे लिए मेरी काजल माँ है वैसे hi आप हो और वैसे hi मेरी दोनों ममी है. प्यार किसी से भी मिले सब पवित्र hi होता है. वो काम ज्यादा या अपना पराया नहीं होता. आप भी ये सब मत सोचिये.

b.bua- फिर भी बीटा. वो तुम या तुम्हारे पिता का कमाया धन नहीं है.

लल्लू- आप सब क पास जो कुछ भी है वो सब मेरा. आप सब मेरे हो. मेरे पास जो कुछ है वो सब आप सभी का है. मई आप सब का हु.

इस लिए ये सब छोड़िये और जा क्र अब आराम कीजिये.

B.bua- चल ठीक है. वैसे भी तुम्हारी बाटे मेरे समझ से बहार है.

सुनील काका और लल्लू दोनों हुस्ने लगे.

घर क सभी लोग खाना खा लिए थे.

लल्लू भी आ क्र कमरे मई चल गया.

कपडे बदल क्र लल्लू मोबाइल ले क्र छत पर चला गया.

छत पर छोटी बुआ बात क्र रही थी फूफा जी से.

लल्लू भी छत पर टहलता हुआ लक्ष्मी क कॉल का इंतजार करने लगा.

छोटी बुआ का बात किया हो गया तो वो लल्लू क पास आ गई.

C.bua - क्या बात है. नींद नहीं आ रहा.

लल्लू- नहीं bua.(muskudata हुआ लल्लू बोलै)

C.bua- लक्ष्मी बहु की याद आ रही है.

लल्लू- है, थोड़ा सा. आप का हो गया तो जाइये सो जाइये.

C.bua- क्यू मई तो आज लक्ष्मी से बात करने क बाद hi जाउंगी.

लल्लू- कॉल करे तभी तो बात करेंगी आप.

अगर नींद नहीं आ रहा तो रहिये. मुझे कोई आपत्ति नहीं है.

छोटी बुआ हस्ती हुई चली गई.

तभी लक्ष्मी का कॉल आ गया.

लक्ष्मी- मुझे क्यू नहीं ले गए घूमने.

लल्लू- कितना तड़पती हो आप. कब से इंतजार क्र रहा था आप क कॉल का.

लक्ष्मी+ कहा है आप छत पर.

लल्लू- है क्यू.

लक्ष्मी- सोना दी गई थी आप को कमरे मई देखने.

लल्लू- अच्छा तो अभी आप उनसे बात क्र रही थी. और वही बताई है की हम सब घूमने भी गए थे. है न.

लक्ष्मी- है. बहुत खुस है दी. आप की बड़ी तारीफ क्र रही थी. बता रही थी की आप hi सब को मनाये थे घूमने जाने देने क लिए.

लल्लू- ये सब छोड़िये और ये बताइये की आप ने खाना खाया.

लक्ष्मी- है हम सब खाना खा लिए. यहाँ भी दोनों माँ और पापा बहुत खुश है मेरे आने से. अब आप का प्यार बात गया. अब मुझे ज्यादा प्यार करते है.

लल्लू- लेकिन मुझे तो और भी ज्यादा प्यार मिल रहा है.

लक्ष्मी- और वो कैसे.

लल्लू- आप क कारन. हम दोनों अलग थोड़े है. मां और ममी आप को इतना प्यार करते है तो ये इंदिरेक्ट्ली मुझे hi तो मिल रहा है.

लक्ष्मी+ आप बड़े चालू है. मई कितना भी चिढ़ाती हु लेकिन आप चिढ़ते hi नहीं.

लल्लू- आगे से आप पहले hi बता दिया करना की आप मुझे चिढ़ाने जा रही है. फिर मई चिढ जाया करूँगा.

लक्ष्मी की खनकती हस्सी की आवाज आई.

लल्लू का दिल खुश हो गया.

लल्लू- कहा है आप अभी.

लक्ष्मी- बाग़ मई.

लल्लू- अकेले वह क्यू आई आप.

लक्ष्मी - अकेले नहीं है हम जनाब. माँ पापा भी आये है घूमने.

लल्लू- तो क्या आप उनके सामने मुझ से बात क्र रही है.

लक्ष्मी- है, पापा ने hi कहा है की अब आप से थोड़ी देर बात क्र लू. जब तक वो लोग घूम रहे है. फिर आप को सोने को बोल दू.

लल्लू- मुझे नींद नहीं आ रहा है.

लक्ष्मी- सोना दी को मैंने बोल दिया है. वो आप को सुला डिंगी. अब रखती हु माँ पापा इधर hi आ रहे है.

लल्लू- ठीक है.

फिर लल्लू वह से अपने कमरे मई आ गया.

कपडे बदल क्र एक धोती और गंजी पहन क्र बिच क्र दरवाजा खोल दूसरे कमरे मई पहुंच गया.

वह एक बीएड पर गौरी और रानी सो रही थी और दूसरी बीएड पर मीनू और रोमा.

लल्लू आगे बढ़ क्र अगले रूम मई गया तो वह कोमल और सोनम पढाई क्र रही थी.

लल्लू वह से वापस आ क्र अपने बीएड पर लेट गया.

आँखे बंद किये वो सोने की कोसिस क्र रहा था की उसे अपने पेट पर भर का एहसास हुआ.

आँख खोल क्र देखा तो सोनम दी लल्लू क पेट पर सर रखे उसके चेहरे की और देख रही थी.

लल्लू सोनम को पकड़ उप्पेर खींच लिया.

अब सोनम लल्लू क उप्पेर थी.

सोनम का पूरा सरीर लल्लू क सरीर पर चिपका हुआ था.

सोनम क गाल क पास लटकते एक बालो क लत को उसके कान क पीछे करता लल्लू सोनम क सुन्दर मुखड़े को देखे जा रहा था.

सोनम- क्या देख रहे हो.

लल्लू- अपने प्रेम की देवी को.

सोनम शर्मा गई.

लल्लू- आप तो पढ़ रही थी न तो पढाई छोड़ क्र क्यू आ गई.

सोनम- अपने बाबू को कैसे तड़पता हुआ छोड़ देती.

लल्लू - किसने कहा की मई तरप रहा हु.

सोनम- मुझे पता है.

लल्लू- अच्छा, आज कल कुछ ज्यादा hi नहीं आप को पता रहने लगा है.

सोनम लल्लू क छाती पर अपना एक गाल चिपका क्र लेट गई और उसके छाती को सहलाने लगी.

लल्लू भी अपना हाथ सोनम क पीठ पर फेर रहा था.

सोनम- बाबू, लक्ष्मी की याद आ रही है न.

लल्लू- अब नहीं आ रही है. ककी अभी प्यार की देवी है मेरे बहो मई.

सोनम लल्लू क गाल को चुम ली.

प्रतिउत्तर मई लल्लू भी सोनम क एक गाल पर गीली किसी क्र दिया.

सोनम आँखे बंद किये लल्लू क छुअन को अनुभब क्र रही थी.

लल्लू सोनम क दोनों फुले हुए गाल को अपने हाथो मई ले क्र उसे सहला रहा था.

लल्लू- दी आप भी सो जाइये.

सोनम- इसी लिए तो आई हु.

लल्लू- क्या मतलब.

सोनम- मई यही सोऊंगी आज.

लल्लू- फिर तो सुबह तक हम दोनों नहीं सो पाएंगे.

सोनम- क्यू मई इतनी बुरी हु.

लल्लू- नहीं आप इतनी प्यारी है की मुझे सोने का मन hi नहीं करेगा. मेरा मन हमेसा आप को प्यार करते रहने को करेगा.

सोनम- तो क्र न रोका किस ने है.

लल्लू सोनम की आँखों मई देख रहा था.

सोनम की आँखे बिलकुल नशीली हो राखी थी. जैसे लग रहा था पता नहीं कितने बोतल का नशा हो सोनम की आँखों मई.

लल्लू उन आँखों की मस्ती मई डूबता चला जा रहा था. उसे खुद पर काबू चुराया जा रहा था.

लल्लू की आँखे बोझिल होती मूंदने लगी थी.

न जाने कैसे कब दोनों क तपते होठ एक दूसरे से जा उलझे.

दोनों बहुत प्यार से एक दूसरे क होठो को चूस रहे थे. लल्लू जहा सोनम क निचे क होठो को चूस रहा था तो सोनम लल्लू क उप्पेर क होठो को.

लल्लू का हाथ अब निर्विरोध सोनम क संगमरमरी बदन पर कपड़ो क उप्पेर से फिलहाल रही थी.

लल्लू दीवानावार सोनम को पागलो की तरह चूमे जा रहा था.

लल्लू को कुछ पता नहीं था की वो क्या क्र रहा है.

सोनम प्यार मई पागल लल्लू का भरपूर साथ दे रही थी.

अनायाश लल्लू क सरारती हाथ सोनम क चिकने उठे हुए नितब पर पहुंच गए और कपडे क उप्पेर से hi उसे अपने पंजो मई भर क्र दबा दिए.

सोनम मस्ती मई सिसकने लगी जो लल्लू क होठो मई डाब क्र अपना दम तोर दिया.

लल्लू पलट क्र सोनम को अपने निचे ले लिया और उसके पुरे चेहरे को अपने चुम्मी से गिला क्र दिया.

सोनम आँखे बंद किये मजे की सिसकारी भर रही थी.

लल्लू सोनम क कान मई जीभ घुसा क्र उसे प्यार से चाटने लगा.

सोनम मस्ती मई लल्लू क बनियान को पकड़ क्र उप्पेर क्र दी और उसके नंगे पीठ पर अपने नाख़ून गदति अपना झरना बहा दी.

चरम सुख की प्राप्ति क बाद सोनम निढाल हो गई.

सोनम आँखे मूंदे गहरी गहरी सांसे लेने लगी.
 
मर्द का बच्चा. अपडेट 52.

पृथ्वी क किसी कोने मई एक टनल की खुदाई चल रहा था. काफी सरे मजदूर वह कई तरह क कुदाल फॉर लिए खुदाई मई लगे हुए थे.

टनल काफी लम्बी छड़ी बानी हुई थी. अँधेरे से बचाव क लिए वह दीवारों मई जगह जगह लैंप लगे हुए थे जिस मई भरपूर प्रकाश फ़ैल रहा था चारो और.

एक मजदूर वह सब से अलग फवारा ले क्र खुदाई क्र रहा था. तभी मिटटी क साथ एक धातु का 10 इंच लम्बा और 3इंच चौड़ा कोई वस्तु निकला.

वो मजदूर इधर उधर देख के उसे उठा क्र अपने कपड़ो मई छुपा लिया.

फिर वो धीरे धीरे अपने काम मई लग गया.

छुट्टी से पहले वो वह से बहार आ क्र टेम्पररी वाश रूम मई जा क्र उस वस्तु को निकल क्र देखा की क्या है.

वो पीतल का लग रहा था जो की एक मीठी चिपकने से गन्दा हो गया था.

वो मजदूर उस पीतल क वस्तु को अपने पहने हुए कपडे से साफ़ करने लगा रैगर रैगर क्र तभी वो खुल गया.

वो मजदूर उत्सुकता से उस मई देखने लगा की क्या है.

उस पीतल का वस्तु अंडर से खोखला था जिस मई कोई पत्ते को कुछ मोर क्र रखा हुआ था.

वो उस पत्ते को निकल क्र खोल क्र देखा तो उस मई कुछ लिखा हुआ था जो उसके समझ से बहार था.

ये कोई ऐसा भासा था जो उस मजदूर को आता नहीं था.

फिर उस मजदूर ने पीतल क उस खोखले को वही वाशरूम मई छुपा दिया, ताकि बाद मई उसे कभी मौका देख क्र ले जाएगा. और उस पत्ते को जिस पर कुछ लिखा था उसे अपने कपडे क तुरपाई को खोल क्र उस मई छुपा लिया.

वाशरूम से बहार आ क्र वो एक बार फिर से अपने काम मई लग गया.

छुट्टी के बाद सब मजदूर एक एक क्र टनल से बहार निकलने लगे.

वो मजदूर भी सब क साथ वह से बहार आ गया.

वो टनल एक पहाड़ी क अंडर बनाया जा रहा था.

वह से निकल क्र वो सब से अलग एक और चल दिया.

आगे वो उस पहाड़ी से उतर क्र सिटी जाने वाले रस्ते पर जा क्र किसी वहां क इंतजार मई खड़ा हो गया.

थोड़ी देर मई एक गारी आती दिखी.

वो मजदूर हाथ दिखा क्र रुकने को बोलै.

गारी मई ड्राइवर अकेला था. पीछे ट्राली लगा था गारी मई जिस मई सब्जी रखा हुआ था.

मजदूर- भैया मुझे सहर तक का लिफ्ट दे दो. बहुत एमर्जेन्सी है.

ड्राइवर उसे बैठा लिया.

थोड़ी देर मई वो मजदूर एक छोटे से बाजार मई था.

वह वो बाजार से निकल क्र एक गली मई घुस गया.

गली मई आगे जा क्र एक बिल्डिंग मई वो घुस गया.

ऐसा लग रहा था जैसे वो मजदूर वह पहले भी आ चूका है.

बिल्डिंग बहुत पुराण था और कई मंजिल का था.

वो सीढ़ियों से उप्पेर चढ़ता हुआ चौथे मेल पर पंहुचा.

एक दरवाजे क आगे खड़ा हो क्र उस ने नॉक किया.

दरवाजा नहीं खुला.

मजदूर थोड़ा इंतजार क्र फिर से नॉक किया.

एक 30-35 साल की औरत जो की एक छोटी सी झीनी ड्रेस पहने थी.

ड्रेस इसके जांघ पर hi खत हो गया था. उसकी सांवली सी चिकनी जंघे चमक रही थी.

ड्रेस क अंडर कुछ भी नहीं पहने हुए थी.

सरीर क एक एक कटाव साफ दिख रहा था.

ऐसा लग रहा था जैसे उस औरत ने ये ड्रेस छुपाने क लिए काम दिखने को ज्यादा पहने हुए थी.

बाल बिखरे हुए थे. जो कंधे पर झूल रही थी.

मुँह मई सिगरेट दबाये हुए वो गेट पर आई.

औरत- गेट क्यू तोड़ रहा है. कौन हो तुम. किस से काम है.

मजदूर- अरे ये मई हु पीटर.

औरत- पीटर हो या चितेर. यहाँ किस को मांगता है.

पीटर- सोफिया, आज फिर तू ने ड्रग्स ली है. कितनी बार मन किया है मैंने.

वो सोफिया को धकेलता हुआ रूम मई प्रवेश किया.

कमरे मई आ क्र देखा एक कला संध वह नंगा बीएड पर लेता हुआ था.

पीटर उसे देख क्र आग बबुल्ला हो गया.

पीटर- हरामजादे जॉय. तेरी ये हिम्मत तू मेरे गर्लफ्रेंड के साथ. कमीने मई तुम्हे छोडूंगा नहीं.

पीटर उस संध पर कूद पड़ा मरने क लिए.

जॉय जो की पीटर को देख क्र बीएड पर बैठ गया था वो पीटर को गुस्से मई मरने क लिए आगे बढ़ता देख क्र बीएड पर से खड़ा हो गया जमीं पर.

तब तक पीटर जॉय पर कूद चूका था.

दोनों एक दूसरे को ले क्र वह बीएड क पास पड़े टेबल लेम्प पर गिर गया.

टेबल और टेबल लेंय दोनों सहीद हो गया.

पीटर जल्दी से उठा और उस टूटे हुए टेबल का एक पेअर उठा क्र जॉय क सर पर दे मारा.

जॉय क सर से खून बहने लगा.

जॉय अपने सर को पकडे झूलता हुआ उठा.

तभी पीटर फिर से एक बार अपना हाथ चला दिया.

इस जॉय को पीठ पर लगा.

जॉय तिलमिला क्र एक और भाग गया.

गेट पर कड़ी सोफिया ये सब कड़ी सिगरेट फुकती देख रही थी.

जॉय रूम मई इधर उधर नजर घुमा क्र कुछ ढूंढने लगा पीटर से मुकाबला करने क लिए.

जॉय को और कुछ नहीं अपना खोल क्र सोफे पर रखा पेण्ट दिख गया.

जॉय जल्दी से पेण्ट उठा क्र पहन लिया और उसका बेल्ट निकल क्र हाथ मई लपेट लिया.

तब तक पीटर एक बार फिर से जॉय को मरने क लिए टेबल का वो टुटा पेअर हवा मई उठा लिया.

जॉय जल्दी से बेल्ट घुमा क्र पीटर क हाथ मई फसाया और जोर से खींच दिया.

बेल्ट से पीटर क नंगे हाथ मई जोर का चोट लगा.

टेबल का पेअर उसके हाथ से छूट क्र फारस पर गिर गया.

जॉय उसे एक बेल्ट और लगा दिया.

पीटर चिल्लाता हुआ एक और लुढ़क गया.

फिर जॉय सटासट पीटर पर बेल्ट बरसाने लगा.

पीटर फारस पर लुढ़कता हुआ छटपटाने लगा.

जॉय मर मर क्र पीटर को अधमरा क्र दिया.

सोफ़िया अब सिगरेट फुकना छोड़ क्र सोफे पर बैठ गई.

जॉय सोफिया से.- चल यहाँ से, जल्दी क्र. अगर उठ गया तो फिर लड़ेगा ये.

सोफिया उठ क्र पीटर को एक लत मर क्र उसका जेब टटोलने लगी.

पीटर क जेब मई कुछ नहीं मिला फिर सोफिया उठ क्र एक लत और लगा दी गुस्से मई और भुनभुनाती हुई अपना पार्स ले क्र कमरे से निकल गई जॉय क साथ.

पीटर काफी देर तक वही फारस पर पड़ा रहा फिर बड़ी मुश्किल से उठ क्र वाशरूम मई जा क्र रैगर रैगर क्र अपने बदन पर लगे मिटटी को साफ किया.

वह से बहार निकल क्र रैक से अपना कपडा निकल क्र उसे पहन लिया.

फिर अपने पुराने कपडे मई से वो पत्ता निकल लिया जो उसे टनल की खुदाई मई मिला था.

रैक मई से कुछ पैसे धुंध क्र अपने जेब मई डालने क बाद रूम मई से निकल क्र उस बिल्डिंग से बहार आ गया.

मन मई जॉय और सोफिया को हजार गालिया बकता हुआ वो वह क छोटे से बाजार मई जा पंहुचा.

वह एक टूटे फूटे दुकान से एक पावरोटी खरीद क्र खता हुआ आगे बढ़ गया.

पीटर आगे एक माकन क पास जा पंहुचा.

दरवाजे पर लगे बेल्ल को दबा क्र बजने क बाद वो अपने बालो मई ऊँगली करता उसे सवारने लगा.

तभी दरवाजा खुला.

पीटर क उम्र का hi एक आदमी था.

पीटर उसके साथ कमरे क अंडर गया.

अंदर दोनों सोफे पर बैठ गया.

वो आदमी- ये क्या हालत बना ली है. कहा से लड़ क्र आ रहे हो.

पीटर क सरीर पर जगह जगह बेल्ट क चोट से निशान पद गए थे.

पीटर- ये सब बाद मई पहले ये बताओ की कुछ पैसे पड़े है तुम्हारे पास. मुझे बहुत जरुरत है.

आदमी- क्या करेगा पैसे का. पिछले पैसा भी अभी तक वापस नहीं किया है तुम ने.

पीटर- मई बहुत जल्द तुम्हे सरे पैसे विथ इंटरेस्ट वापस क्र दूंगा.

आदमी- कहा से करेगा कोई लॉटरी निकली है तुम्हारी.

पीटर- ऐसा hi कुछ समाज लो. प्लस मुझ पर बिस्वास क्र क कुछ पैसे और दे दो.

आदमी- अगर पैसे वापस नहीं किया तो.

पीटर- तुम जो चाहो क्र सकते हो.

आदमी- अगर मेरे पुरे पैसे 10 दिन मई वापस नहीं किये तो मई तुम्हारी गफ सोफिया से अपने सरे पैसे वसूल क्र लूंगा.

पीटर- मुझे मंजूर है.

वो आदमी उठ क्र आलमारी क पास गए और उसे खोल क्र उस मई से कुछ पैसे निकल क्र ले आया.

आदमी- अभी मेरे पास इतने hi पैसे है.

पीटर- मेरा काम हो जाएगा.

फिर पीटर वह से पैसे ले क्र बहार आ गया.

बाजार से बहार आ क्र खड़ा हो गया रोडसाइड मई.

थोड़ी देर मई एक बस आई.

पीटर उस बस मई चढ़ गया.

कई जगह सवारी की चढ़ाता उतरता वो बस आखिर एक बड़े से सहर मई पंहुचा.

पीटर वह उत्तर गया.

वह उतर क्र पीटर एक तरफ चल दिया.

एक माकन क पास पहुंच क्र वह गेट पर खड़े एक गार्ड को कुछ बोलै.

थोड़ी देर दोनों बात करते रहे फिर वो गार्ड पीटर को एक और इसरा करता कुछ बता रहा था.

पीटर वह से वापस उस और चल दिया.

काफी देर इधर उधर पूछता हुआ वो एक माकन क बहार पंहुचा.

ये कोई ऑफिस लग रहा था.

माकन क बहार चारदीवारी बना हुआ था.

पीटर उस चारदीवारी से अंडर जा क्र ऑफिस क गेट पर पंहुचा.

गेट पर एक पेओन स्टूल पर बैठा हुआ था.

पीटर वह जा क्र कुछ बोलै.

पेओन अंदर चला गया. थोड़ी देर मई वो वापस आया.

पीटर अंदर गया.

एक केबिन क पास जा क्र उसने दूर को नॉक किया.

दूर गिलास का था. जिस से अंडर से बहार दिख दिख रहा था लेकिन बहार से अंदर का कुछ भी नहीं दिख रहा था.

पीटर अंदर गया.

अंदर एक अधेड़ उम्र का आदमी आँखों पर चस्मा लगाए किसी पेपर पर झुका हुआ कुछ पढ़ रहा था.

पीटर अंदर जा क्र टेबल क सामने खड़ा हो गया.

कुछ समय बाद वो अधेड़ अपना गर्दन उठा क्र पीटर को देखा.

बैठने का इशारा करता वो अधेड़ टेबल पर फैले पेपर को समेत क्र एक और रख दिया.

पीटर एक कुर्सी पर बैठ गया.

अधेड़- है तो कहिये कैसे आना हुआ.

पीटर- सर, मई अपने खेत की खुदाई क्र रहा था तो वह खेत मई एक पीतल का धातु मिला.

जिसे साफ़ क्र रहा था कपडे से तो वो अपने आप खुल गया. उस धातु मई अंडर से खोखला था जिस मई से एक पत्ता रखा हुआ था. उस मई पता नहीं किसी भासा मई कुछ लिखा हुआ है. वही ले क्र मई आप क पास आया हु ये जानने की वो पत्ते पर क्या लिखा है.

अधेड़ व्यक्ति- दिखाइए जरा, देखे क्या है.

पीटर- आप से एक बिनती है. कृपा क्र ये बात यहाँ हम दोनों क बिच hi रहे तो ठीक है. आप समझ सकते है आज कल माहौल कितना ख़राब है.

अधेड़- उसका आप बिलकुल भी फिक्र मत कीजिये. यहाँ ऐसे काम hi किये जाते है. अगर हम बातो को राज नहीं रखेंगे तो कौन आएगा हमारे पास.

फिर पीटर अपने जेब से वो पत्ता निकल क्र उस अधेड़ क हाथ मई पकड़ा दिया.

काफी देर उस पत्ते को देखने क बाद वो अधेड़ पीटर से मुखातिब हुआ.

अधेड़- ये जो पत्ते पर उचारा हुआ है ये बहुत पुराणी भाषा है जिसका मुझे ज्ञान नहीं है. आप इस पत्ते को आज यहाँ छोड़ जाइये. कल मई इसे अपने गुरु को दिखाऊंगा. वो hi इस के बारे मई कुछ बता सकते है.

पीटर- सर आप मुझे उनका पता बता दीजिये. मई उन से मिल क्र उन को ये दिखा दूंगा.

अधेड़- वो सब से नहीं मिलते. आप को मई पता बता भी दूंगा फिर भी कोई फायदा नहीं है. इसलिए आप ये मेरे पास छोड़ जाइये कल साम मई आ क्र आप मिलिएगा तभी मई कुछ बता सकता हु.

पीटर- छमा करे सर. मई इसे आप क पास नहीं छोड़ सकता. आप ठीक चाहे तो मुझे अपने साथ hi ले चलिए अपने गुरु जी क पास.

वो अधेड़ थोड़ी देर कुछ सोचता रहा.

अधेड़- ठीक है फिर. कल सुबह आप आ जाओ इसे ले क्र. फिर हम दोनों वह चलेंगे.

फिर पीटर वह से निकल आया.

पीटर क जाने क बाद इस अधेड़ में फ़ोन उठा क्र काफी देर तक किसी से बात करता रहा फिर फ़ोन रख क्र ऑफिस से चला गया.

सोनम सो गई थी लल्लू क बहो मई hi.

लल्लू सोनम क मासूम चेहरे को देखता कब नींद की नगरी मई पहुंच गया उसे पता hi नहीं चला.

सुबह उठ क्र वो नदी किनारे चला गया. वह फ्रेश हो क्र वो योग मई बैठ गया.

योग से उठ क्र वो खेत की और चला गया. वह लल्लू क पापा पहले से पहुंचे हुए थे.

लल्लू को देख क्र उस क पापा खेत से बहार आ गए.

पापा- ललित, बीटा जरा मेरे साथ आ.

लल्लू सर झुकाये अपने पिता क पीछे चल दिया.

खलिहान मई पहुंच क्र वह बने एक कमरे मई राम चला गया.

राम कमरे मई कुर्सी पर बैठ गया और लल्लू को एक कुर्सी की और इसरा किया बैठने को.

राम- ललित बीटा मई अभी जो कुछ पूछने वाला हु. उम्मीद है तुम झूठ नहीं बोलोगे. सुच hi बताओगे.

लल्लू राम क चेहरे को तक रहा था.

राम- परसो साम मई गौण क दूसरे छोड़ पर नदी किनारे क्या हुआ था.

लल्लू चौक गया. पापा को कैसे पता चला.

राम- मई फिर कह रहा हु. मुझे सुच और सिर्फ सुच सुनना है.

लल्लू उन्हें गौण मई घूमते वक्त एक शराबी का अपने छोटे बच्चे को मरने की कहानी सुनाई फिर गौण मई ठेका चल रहा था ये भी बताया.

उस दिन साम मई कैसे उसने अकेले उस ठेके को नेस्तनाबूत किया ये सारा किस्सा सुना दिया.

राम- ये क्या किया तुम ने. तुम जानते हो इस का क्या परिणाम होगा. अभी तक हमारा कोई दुसमन नहीं था. वो लोग जो खुलेआम दारू का ठेका चला रहे थे वो कोई मामूली लोग नहीं थे. उन्हें पुलिस प्रशासन का सपोर्ट मिला हुआ था तभी वो बेख़ौफ़ काम क्र रहे थे.

मई ये नहीं कहता की तुम ने जो किया वो गलत था लेकिन तुम्हारा तरीका गलत था.

काम से काम एक बार बता तो देते. ऐसे अकेले उन से भरना क्या सही था. तुम्हे कुछ हो जाता तो. हमे तो पता भी नहीं चलता. हम तो जैसे अभी तुम्हारे चले जाने पर भटक रहे थे तुम्हे ढूंढते हुए फिर से ऐसे hi भटक रहे होते.

हमारा अकेला सहारा है तू. तुम्हे कुछ हो जाएगा तो फिर हम सब का क्या होता.

मुझे नहीं तो काम से काम सुनील काका को hi बता देते.

लल्लू सर झुकाये साडी बाटे सुन रहा था.

राम- आगे से कभी ऐसा काम बिना हम मई से किसी को बताये नहीं करोगे.

लल्लू- जी. ध्यान रखूँगा.

राम- ठीक है जाओ. घर पर सब धुंध रहे होंगे. आँगन मई किसी को इस बारे मई मत बताना.

फिर लल्लू वह से निकल क्र बहार आ गया.

एक गहरी सास छोड़ क्र वो घर की और चल दिया.

दालान पर आ क्र नलका पर हाथ पेअर धोने क बाद दादू क पास आ क्र बैठ गया.

दादू- कहा था बीटा. बड़ी देर से तुम्हारे सुनील काका तुम्हे ढूंढते फिर रहे है.

लल्लू- क्यू क्या बात है.

दादू- ये तो मुझे नहीं पता. वही बताएगा भाई.

लल्लू- ठीक है दादू. देखता हु मई.

फिर लल्लू वह से आंगन मई आ गया.

काजल लल्लू को बहार से आता देखि तो उसे चाय क लिए पूछी.

लल्लू है क्र दिया.

लल्लू- माँ, मझले काका कहा है.

काजल- आ रहे है. कमरे मई है.

काजल चाय लेने चली गई.

थोड़ी देर मई सुनील काका कमरे से बहार आ गए.

सुनील- कहा थे बरखुरदार.

लल्लू- खेत की और चला गया था.

सुनील- फ्री हो क्र दालान पर आ जा.

लल्लू है मई गर्दन हिला दिया.

काजल तब तक चाय बना क्र ले आई.

सुनील काका दालान पर चले गए.

लल्लू खटिया पर बैठ क्र चाय पि लिया फिर वह से उठ क्र दालान पर आ गया.
 
मर्द का बच्चा. अपडेट 55.

लल्लू- w..wo… m..m.. मई.. मई फ्रेश होने आया था.. सो.. सॉरी.

लल्लू वह से जल्दी से भाग क्र बहार आ गया.

लल्लू- शीट… शीट ये क्या हो गया.

मई भी कितना बड़ा लोलु हु. हैवान hi होता जा रहा हु मई तो. Chhii..chii

अपने सब से मासूम बहन को hi…

ओह्ह्हू…. क्या सोच रही होगी वो मेरे बारे मई. कैसे सामना करूँगा मई.

लल्लू अपने आप से बड़बड़ाता हुआ छत पर बेचैन हुआ घूम रहा था.

इधर रूम मई.

मिशन सक्सेस… दो लड़किया आपस मई बाटे करती हुई हुस्स रही थी.

पहली वाली जो वाशरूम मई थी.- अब तू मुझे एक ड्रेस खरीद क्र देगी जो मई कहुगी.

दूसरी- मान गई तुम्हे भी. लगती नहीं है लेकिन है बड़ी वाली कामिनी.

पहली- तो क्या करू. कब तक ऊँगली से काम चलौ. भाई तो वैसे समझता hi नहीं. उसे तो बस अपनी सोनम hi दिखती है. तो करना पड़ा.

दूसरी- लेकिन भाई का तूने बुरा हाल करवा दिया था. मई देख रही थी दरवाजे क पीछे से चुप क्र. कैसे मुँह खोले देख रहा था तुम्हे. हाहाहा..

लल्लू काफी देर तक चाट पर hi टहलता रहा. जब थोड़ी हिम्मत बानी तो वो निचे आया चुप चाप.

निचे आ क्र कमरे मई झक क्र देखा तो बिच का दरवाजा बंद था.

लल्लू गहरी सास ले क्र वाशरूम की और देखा डरते हुए. जब वो भी लगा की खली है तो वह जा क्र फ्रेश हो गया फिर कपडे बदल क्र बहार आ गया.

लल्लू- काकी, कुछ खाने को है तो दे दो.

रागिनी- कैसा रहा तुम्हारा काम बीटा.

रागिनी काकी लल्लू क पास बैठती हुई बोली.

लल्लू- अच्छा था काम हो गया है. अब आगे खेत मई इसे अप्लाई करना रह गया है.

देखते है क्या होता है.

रागिनी- सब अच्छा hi होगा. तू हाथ लगाएगा तो वो काम ख़राब हो hi नहीं सकता.

लल्लू- थैंक्स काकी. कुछ दे दो न.

रागिनी- आ रही है तेरी प्यारी वाली काकी. उस से मांग लेना.

लल्लू- आप भी तो मेरी प्यारी काकी हो. आज आप hi दे दो.

रागिनी- न बाबा न, मई नहीं देती. अपनी प्यारी काकी से hi ले.

तभी ऋतू वह आई.

रागिनी- ले आ गई. अब मांग ले.

ऋतू- क्या मांग रहा है.

रागिनी- वो तो लल्लू hi बताएगा. अब मांग ले. मुझ से मांग रहा था अब अपने प्यारी काकी से मांग ले.

ऋतू- अरे कोई मुझे भी बता दो. किस बारे मई बात हो रही है.

लल्लू- मैंने काकी से माँगा था तो वो बोल रही है की अपने बड़ी काकी से मांग.

ऋतू- अरे वो तो समझ गई. क्या मांगने की बात हो रही है.

रागिनी- ये तो मेरा बीटा hi बताएगा.

लल्लू- काकी आप hi बता दो न बड़ी काकी को. मुझे सरम आ रहा है.

रागिनी काकी का हुस हुस क्र बुरा हल था.

रागिनी- न न भाई मई नहीं बताती. कही दीदी गुस्सा हो गई तो.

ऋतू- अब दोनों मुझे पागल बनाया न तो दोनों को पिटाई लगाउंगी

लल्लू- कोई खाना दे दो कुछ खाने को. बहुत भूख लगी है.

थोड़ी देर मई ऋतू काकी एक थाली मई लल्लू क लिए खाना ले आई.

लल्लू वही बैठा हुआ खाना खाने लगा.

ऋतू- रागिनी को देखते हुए. मूई तुम्हे भी मिर्ची लग रही है. आज कल बड़ा मजे लेने लगी है.

रागिनी- हस्ती हुई. मेरा प्यारा बीटा अब बारे हो गया दीदी. अब ये सब क साथ काम करना सुरु क्र दिया है.

ऋतू- ये सुरु से hi बड़ा होसियार रहा है. बस सब इसे बच्चा समझ रहे है अभी भी. बीटा तेरी भाभी गौण गई है अपने. तेरे भैया क साथ. तुम्हे भी बोली है आने को.

लल्लू- मुझे अभी अब कहा टाइम है. आधा एक घंटे की बात अलग है लेकिन अभी अब मई कही एक दिन दो दिन क लिए नहीं जा सकता हु.

ऋतू- मेरा काम था बताना. मई बता दिया. बांकी तू जान और तेरी भाभी जाने.

लल्लू चुपचाप खाना खता रहा.

लल्लू- और सब कहा है दिख नहीं रही कोई.

रागिनी- पदोष मई जो सदी हुई थी न वो अपने ससुराल से वापस आई है. सब वही उस से मिलने गए है.

लल्लू- अच्छी बात है.

लल्लू- रागिनी को देख क्र. कितने प्यार से आप से कुछ माँगा था लेकिन आप ने दिल तोर दिया.

ऋतू- दे दे क्यू मन क्र रही है मेरे बेटे को. बेचारे का दिल तोर दी तुम ने.

रागिनी- मुझे नहीं देना. आप hi दे दो. सुना है आप को दबा अच्छे से आता है देना.

ऋतू- रागिनी को हलके हाथो से मरती हुई.

चुप मुयी, कुछ भी बोलती है. चल भाग यहाँ से.

लल्लू खाना खा लिया और फिर दालान पर अपने दादू क पास आ क्र बैठ गया.

दादू- वैसे बीटा क्या सोचा है तुम ने.

लल्लू- दादू जैसा की लैब से जाँच करवाया है उस हिसाब से मई सिर्फ दो से तीन फशल को hi दिमाग मई रखा है.

दाल, धन, और गेहू तो हम उगते hi है. धन मई मैं सोच रहा था इस बार बासमती तरय करने का नदी क तरफ वाले खेतो मई.

वही उस खेत क बाद मई बादाम का पौधा लगाने का सोचा है.

और जिधर अपना बागान है आम अमरुद और अमर का उधर क खेतो मई एलोवेरा का खेती करेंगे. बांकी काका लोगो को आने दीजिये उन से भी पूछ लेते है.

दादू- क्या तू बादाम और ये सब कर लेगा खेती.

लल्लू- अभी तो मई थोड़े थोड़े मई hi करूँगा दादू. अगर सक्सेस मिल गया तो बढ़ाऊंगा नहीं तो कुछ और करेंगे. फशल की कमी थोड़े न है.

दादू- बहुत बढ़िया. फिर तो यही क्र. अच्छी डिमांड भी है इन सभी की मार्किट मई.

लल्लू- वही तो दादू. साधारण फसल ऊगा क्र कोई खाश फायदा नहीं है.

फिर देखते है क्या होता है.

दादू- मुझे नहीं लगता कोई मन करेगा तुम्हे. वो लोग तो पहले hi कह रहे थे की ललित जो चाहे वो खेती करे. अब खेत इसके जिम्मे hi है. हम सब को उस से कोई मतलब नहीं है. है अगर कही सहायता की जरुरत होगा तो वो हम सभी करेंगे.

लल्लू- अच्छी बात है दादू.

फिर लल्लू दादू क पास थोड़ी देर बैठ क्र वह से निकल क्र बहार आ गया.

मोबाइल निकल क्र देखा तो लक्ष्मी की याद आ गई.

लल्लू कॉल लगता पैदल hi खेत की और चल दिया.

लल्लू- हल्लूओ, कैसी है आप लक्ष्मी जी.

लक्ष्मी- मई ठीक. आप कैसे है.

लल्लू- बहुत याद आती है.

लक्ष्मी- मुझे भी बहुत याद आती है आप की.

लल्लू- काम कैसा चल रहा है.

लक्ष्मी- चाचा लोग को जेल हो गया है. मिली थी मई. रो रो क्र माफ़ी मांग रहे थे. चची को मई अपने पास ले आई हु. अकेली हो गई थी वो. काफी बूढी लग रही थी. तबियत भी ख़राब है उनका.

लल्लू- होसियार रहना. मुझे अब किसी पर भरोसा नहीं. जब तुम्हारे चाचा अपने सेज भाई क साथ क्र सकते है तो ये चची अपने बेटे और सुहाग क लिए तुम्हारे साथ भी कुछ भी क्र सकती है.

लक्ष्मी- नहीं नहीं. चची पहले भी मुझे बहुत प्यार करती थी. वो ऐसी नहीं है. चाचा hi सुरु से hi बुरे काम करते रहे है. और उनके साथ रह कर उनका बीटा भी वैसा hi हो गया.

लल्लू- अच्छी बात है. मां जी का क्या हाल है.

लक्ष्मी- पापा तो यहाँ का सारा काम संभल लिए है सही से. देखिये एक दो दिन मई सायद वो आ जय.

लल्लू- क्या मतलब वो आ जय. तुम नहीं आ रही.

लक्ष्मी- पापा का काम हो गया है. वो सारा कुछ सही क्र क समझा दिए है काका को. मुझे थोड़ा समय लगेगा. केस क सिलसिले मई.

लल्लू- नहीं नहीं तुम वह अकेले नहीं रहोगी. मां को भी वही रोक क रखना. जब तक तुम भी फ्री न हो जाओ.

मई बात करूँगा मां से.

लक्ष्मी- आप कही जा रहे है क्या.

लल्लू- है खेत की और जा रहा हु.

लक्ष्मी - अच्छा. भाभी चली गई क्या अपने घर.

लल्लू- वो सब छोड़ो. मेरा कुछ भला क्र दो न.

लक्ष्मी- मई क्या करू

लल्लू- एक मीठी सी किसी hi दे दो.

लक्ष्मी- वो सब तो वह आने क बाद hi मिलेगी.

लल्लू- अरे मई अभी सब नहीं मांग रहा सिर्फ एक किसी hi..

लक्ष्मी- बिलकुल नहीं. वह आने क बाद. अच्छा रखती हु अभी पापा आ रहे है…

लल्लू मायुश हो क्र अपना सीना सहलाता हुआ खेत को पहुंच गया.

छोटे काका वह मजदूरों को पैसे बाँट रहे थे.

लल्लू खेतो मई घूमता सभी कामो का जायजा ले रहा था. अभी कुछ ज्यादा समझ तो थी नहीं खेती की तो अभी समझने की कोसिस क्र रहा था.

अँधेरा होने से पहले लल्लू रवि काका क साथ वापस घर आ गया.

लल्लू आँगन गया तो वह सब बैठे थे.

अभी घूम क्र आये थे तो बस उसी की साडी गहने सब की बाटे हो रही थी

औरतो का तो ये सब से दिलचस्प काम है. अपना कितना भी अच्छा हो उनके पास लेकिन दूसरे का देख क्र उन्हें बाटे बनाने मई बड़ा मजा मिलता है.

मीनू लल्लू को देख क्र उसे हाथ पकड़ क्र अपने साथ कमरे मई ले आई.

लल्लू- क्या बात है दी.

मीनू- बताती हु. पहले यहाँ बैठ.

तभी वह बांकी बहने भी आ गई.

जिसको जहा जगह मिला बैठ गई.

मीनू- भाई कल आप फ्री हो क्या.

लल्लू- वववव कितना प्यार टपक रहा है.

दीदी एक बार और बोलो न ऐसे hi.

सब बहने हुस्ने लगी.

मीनू दी शर्मा गई.

लल्लू आगे बढ़ क्र मीनू का हाथ पकड़ क्र अपने जगह पर बैठा लिया.

लल्लू- क्या बात है दी. कोई काम था क्या.

रोमा- भाई कल हम दोनों को काम है आप से.

लल्लू- ओह्हो अब आया उत् पहाड़ क निचे.

रोमा- भाई मजाक मत करो न.

लल्लू- बताओ क्या काम है.

मीनू- w..o..wo..wo…

लल्लू- अब ये क्या है. ये लैंग्वेज मुझे नहीं आता. सोनम दी आप को आता है क्या.

रोमा प्यार से एक मुक्का मर दी लल्लू को.

रोमा- भाई कल हमे कॉलेज जाना है. तुम ले चलोगे क्या.

लल्लू- दीदी, मई नहीं जा पाउँगा. आप पापा ये काका को बोलो. मुझे अब खेत का काम संभालना होता है. आज से hi मई इस काम मई लग गया हु.

मीनू- मई किसी और क साथ नहीं जाउंगी.

रोमा- मई भी. तुम दीदी को ले गए थे कॉलेज. हम दोनों को भी ले चलो न प्लस.

लल्लू- फिर भी आप को काका को बताना पड़ेगा. जब तक वो नहीं कहेंगे मई अब नहीं जा सकता कही.

मीनू और रोमा मायुश हो क्र एक दूसरे का चेहरा देखने लगी.

लल्लू- मई एक से दो घंटे क लिए ज्यादा से ज्यादा कही जा सकता हु. लेकिन उतने समय से तो होगा नहीं.

सोनम- मई बात करुँगी चाचा से. तुम दोनों अपना मुँह मत लटकाओ.

रोमा- मई बात नहीं करुँगी अगर तुम नहीं गए हमारे साथ.

लल्लू- दीदी कोई न कोई तो जाएगा hi आप क साथ आप पदेशन क्यू हो.

मीनू- नहीं, हम तुम्हारे साथ hi जाएंगे.

लल्लू- पूछूंगा काका से, फिर बताऊंगा.

वैसे क्यू जाना है दी.

रोमा- फॉर्म फइलल उप करना है.

लल्लू- ठीक है. आने दो काका लोगो को देखते है क्या कहते है.

रात को खाना खाने क वक्त सभी आँगन मई थे.

सोनम- चाचा, कल रोमा और मीनू को सोल्लगे जाना है. भाई को कहिये न साथ जाने को.

सुनील- कल मुझे भी बाजार मई काम है तो मेरे साथ चलना. क्यू ललित को पदेशन करोगे.

सभी बहने एक दूसरे का मुँह देखने लगे.

लल्लू- काका, घर का भी कुछ सामान लाना है तो काकी को भी साथ लेते जायेगा.

सुनील- घर का क्या सामान लाना है.

लल्लू- वो मुझे लिस्ट मस्सगे किये थे आज लेकिन मुझे आते वक्त लेट हो गया था तो मई नहीं ले पाया. वैसे काकी को और भी कोई काम है सायद.

रागिनी- नहीं नहीं, बस घर का सामान hi चाहिए. मुझे कोई काम नहीं है. मई नहीं जाउंगी.

अनिल- बीटा तुम अपना काम कब से सुरु करोगे. पापा जो कुछ बता रहे थे उस हिसाब से तो अच्छा hi प्लान है. अब वैसा हो जय तो बहुत बढ़िया रहेगा.

लल्लू- है काका, अब उसके बीज का पता करने बोलै हु वही लैब मई. उन लोगो ने दो दिन बाद का बोलै है की कॉल करेंगे. बस फिर अपना सुरु क्र देंगे.

सुनील- मतलब अभी दो दिन तुम फ्री हो.

लल्लू- नहीं, खेत का बांकी काम भी तो है. इधर नार्मल खेती मई भी थोड़ा चेंज किया है तो अभी दो दिन वही सब करेंगे

पापा- कल इन लोगो को ले क्र सोल्लगे hi चला जा. भाभी को भी लेते जाना. कल जरुरी होगा तो मई खेत चला जाऊंगा.

लल्लू- ठीक है पापा.

मेरे दोनों बहनो का जो चेहरा लटक गया था उदाश हो क्र वो खुसी से फिर से चमकने लगा.

सब का खाना हो गया था.

अब सभी सोने की तयारी क्र रहे थे.

लल्लू छत पर चला गया.

लक्ष्मी को कॉल लगाया तो वो कही और बात क्र रही थी.

तभी वह बुआ भी आ गई.

बुआ- क्या बात है. बड़ी जल्दी बात क्र लिया.

लल्लू- नहीं बुआ अभी नहीं किया है. आप कैसी है.

बुआ- अब ठीक हु मई. लेकिन अब मई कभी नहीं जाउंगी नदी मई नहाने

लल्लू- क्यू, ये तो आप पैर पर कपडा रख दिए इसी लिए हो गया न. अगर कपडा गारी पर रखते तो नहीं होता.

बुआ- न बाबा न. पुरे दिन वह जलन देता रहा था.

लल्लू- अभी आप ठीक हो न. सॉरी मेरे कारन हो गया.

तभी लल्लू का मोबाइल मई कॉल आ गया.

बुआ- नहीं अब ठीक है. ले आ गया तेरा लक्ष्मी जी का कॉल.

लल्लू मोबाइल बुआ को बढ़ा दिया.

लल्लू- पहले आप hi क्र लो.

बुआ बाटूँ दबा क्र मोबाइल कान से लगा ली.

लक्ष्मी- सॉरी बाबू माँ का कॉल आ गया था तो उन्ही से बात क्र रही थी.

बुआ- ओह्हो, तो बाबू सोना हो रहा है.

लक्ष्मी तो दांतो टेल ऊँगली दबा ली.

उसे बड़ा सरम आ रहा था.

बुआ- ये सब तेरा बाबू hi किया है. उसी ने कहा था की पहले आप hi बात क्र लो.

लक्ष्मी- B..bu..bua aa..aap कैसी है.

बुआ- बहुत बढ़िया. तुम कब आओगी मन नहीं लगता अब तुम्हारे बिना.

लक्ष्मी- बुआ यहाँ का थोड़ा काम बचा है वो समाप्त हो जय फिर आती हु.

बुआ- ले पहले अपने बाबू से बात क्र ले. नहीं तो मुझे कोस रहे होंगे दोनों.

बुआ लल्लू को मोबाइल पकड़ा दी.

फिर लल्लू छत पर घूम घूम क्र लक्ष्मी से बात करने लगा.

बुआ भी वही छत पर रेलिंग क सहारे कड़ी गौण क टिमटिमाते बल्ब को देख रही थी.

लक्ष्मी से बात करने क बाद लल्लू बुआ क पास आ गया.

Bua-To बाबू अपने सोना से बात क्र लिया.

लल्लू- है बुआ मैंने तो क्र लिया. लेकिन आप अभी तक नहीं की.

बुआ हुस्ने लगी.

बुआ- हमारा पहले hi हो गया है.

लल्लू- ओह्ह्ह, आज बड़ी जल्दी बात हो गया. क्या बात है. लगता है फूफा जी बहुत मिस क्र रहे है.

बुआ की आँखों मई आँशु आ गए.

वो नजरे चुराता हुई बोली.

बुआ- ऐसा कुछ नहीं है. कोई मिस नहीं करता है. ऐसा होता तो क्या बात थी.

लल्लू- वैसे बुआ फूफा जी से कभी हमारी भी बात करा दो न.

बुआ- अगली बार जब करुँगी तो तुम्हे भी करवा दूंगी.

" क्या बात है नींद नहीं आ रहा है क्या."

दोनों घूम क्र देखे तो पीछे ऋतू कड़ी थी.

बुआ- की बात है आज बड़ी भाभी भी छत पर आई है.

ऋतू- क्यू आप आ सकती है. मई नहीं आ सकती क्या.

बुआ- ये आप का hi घर है भाभी. आप तो कही भी आ सकती है. आप को कौन रोकेगा.

लेकिन आप को कभी देखा नहीं न. इस लिए पूछा था.

ऋतू- मई आप क कमरे मई गई थी लेकिन वह नहीं मिली तो ढूंढते हुए यहाँ आ गई.

बुआ- मुझे धुंध रही थी. क्या बात है.

ऋतू- आज आप ने सही से खाना नहीं खाया था. इसी लिए पूछने आई थी की क्या बात है. तबियत तो सही है न आप का.

बुआ- मई बिलकुल ठीक हु. मुझे क्या होना है. वो तो आज भूख नहीं था तो इसी लिए थोड़ा काम खाई हु.

ऋतू- आप क कमरे मई दूध रख आयी हु उसे पि लीजियेगा.

बुआ- ठीक है भाभी मई जा hi रही हु.

फिर बुआ अपने कमरे मई चली गई.

लल्लू वही रेलिंग पकडे खड़ा था.

ऋतू- क्या बात है. नाराज है क्या.

लल्लू- माईई पागल.. लल्लू मक क्या किसी से नाराज होऊंगा.

ऋतू- माफ़ क्र दे न. W...wo te..terii हरकते मुझे बार बार गुस्सा दिला रहा था उस समय. बाद मई हिम्मत hi नहीं हो रहा था तुम्हारे सामने आने का.

लल्लू- अब क्या हुआ. अब कैसे हिम्मत आ गई

ऋतू- माफ़ क्र दे. बड़ी दिनों से हिम्मत जूता रही हु. आज अगर माफ़ नहीं किया t..o तो मई यही छत से कूद क्र जान दे दूंगी.

लल्लू- वह क्या तरीका है माफ़ी मांगने का. माफ़ नहीं करूँगा तो छत से कूद जाएंगी.

फिर कहने को क्या रह गया. जाइये माफ़ किया मैंने..

फिर लल्लू वह से निचे आने लगा.

ऋतू आगे बढ़ क्र उस का रास्ता रोक ली.

लल्लू- अब क्या हुआ. (ऋतू की और देखता बोलै)

ऋतू- ऐसे कौन माफ़ करता है.

लल्लू- ऐसे माफ़ी भी कोई नहीं मांगता. धमका क्र.

लल्लू ऋतू को साइड मई क्र एक बार फिर से निचे को चल दिया

निचे आ क्र लल्लू अपने कमरे मई बीएड पर लेट गया जा क्र.

पीछे पीछे ऋतू भी आ गई.

लल्लू का हाथ पकड़ क्र बीएड से उठा दी.

फिर वही कमरे मई रखे चादर ले क्र उप्पेर चल दी लल्लू का हाथ पकड़ क्र खींचते हुए.

ऋतू- मई छत पर आई और तुम भाग गए. ये क्या बात हुई.

लल्लू- आज थक गया था इसलिए सोने चला गया.

ऋतू- अभी बुआ रुकी रहती तो नहीं जाते और मुझे छोड़ क्र चले गए

लल्लू- बुआ यहाँ मेहमान है. आप थोड़ी न मेहमान हो.

ऋतू छत पर एक तरफ चादर बिछा दी.

ऋतू- ओह्ह्होऊ मेरा सैया अभी तक नाराज है.

लल्लू- ओह्ह्ह तेरी बहन की t..a...t.

तुम्हे याद है.

ऋतू-

पहले तू नीली अखियां लड़ाई गयी

रातों की मेरी नीदें उड़ाई गयी

नशे में तेरे मुझको दुबई गयी

ऐसे मुझे घूरे तू कायको, कायको

के झूठे वाडे करके बनायीं गयी

न जाने कितनो को रुलाई गयी

ओह तुमको से दिल को चुराई गयी

आजा तुझे लेके चले चाय को, चाय को

ो सैयां सैयां वे

ो sa-sa सैयां वे

न छोड़ कलाइयां

मोड़ के बहियाँ जल्दी से साइड हो, साइड हो

आया मोरा सैयां साइको!

आया मोरा सैयां साइको!

लल्लू- साइको… इसका मतलब पता है तुम्हे.

ऋतू- मेरा जैसे पीछे का बजाय था तो और क्या कहु. साइको…. यही नाम सही है.

लल्लू- फिर आज क्या होगा तेरा कालिया.

ऋतू- सैया मैंने तेरा लौड़ा खाया है.

लल्लू- जिंदगी भर खा….

लल्लू ऋतू को पकड़ क्र गोदी मई उठा लिया

ऋतू- रुको मेरे साइको सैया. छत का दरवाजा खुला हुआ है.

लल्लू उसे छोड़ क्र पहले जा क्र दरवाजा बंद क्र दिया

लल्लू- धर्मशाला का छत याद है तुम्हे ऋतू

ऋतू- उसे कैसे भूल सकती हु. पता नहीं क्या खा क्र पैदा किया है इस संध को काजल ने.

लल्लू एक बार फिर से ऋतू को जा क्र पकड़ लिया और जल्दी से उसके सरे कपडे नोच क्र बदन से अलग क्र दिया

ऋतू लल्लू क अगले हमले क लिए खुद को मानशिक रूप से तैयार क्र रही थी. उसे पता था की आज वो सजा भी देगा और मजा भी.

थोड़ा दर भी लग रहा था की पता नहीं क्या हाल करेगा उसका आज रात लेकिन वो आज फैसला क्र आई थी की जो भी हो लेकिन उसे अपने इस सैया को हर हाल मई मन क्र उसका फिर से वही प्यार पाना है उसे जो लल्लू पहले कभी करता था इस से.

लल्लू ऋतू क सरे कपडे खोल क्र अपने कपडे भी खोल दिया.

अब दोनों hi जन्मजात अवस्था मई थे.

लल्लू दोनों हाथो से ऋतू क दोनों पपीते को पकड़ क्र उसे जोर जोर से मसलने लगा.

ऋतू को जैसे लग रहा था की लल्लू उसके चूचियों को आज उखड hi लेगा.

ऋतू अपने दांतो को भींचे बिना उफ़ किये लल्लू क चुकी मर्दन को सहन क्र रही थी.

लल्लू भी लक्ष्मी क जाने क बाद से भूखा hi बैठा था.

वो ऋतू क दूध को मीचता हुआ ऋतू क चेहरे पर झुकता चला गया और उसे होठो से अपने होठो को मिला क्र ऋतू क मुख रास को पिने लगा.

थोड़ी देर चुकी मर्दन करने क बाद लल्लू अपने मुँह मई ऋतू क चुचो क एक निप्पल को ले क्र उसे चूसते हुए एक हाथ निचे ले जा क्र उसके रास क प्याली को सहलाने लगा.

लल्लू कभी एक चुकी को पिता तो कभी दूसरी को.

जब दोनों चूचियों से मन भर गया तो वो ऋतू क पेअर क पास आ क्र बैठ गया और उसके दोनों पेअर फैला क्र छूट मई अपना मुँह घुसा दिया.

ऋतू क छूट पर उप्पेर से निचे जीभ चलता लल्लू उसके बुर मई दो ऊँगली एक hi बार मई पेल दिया.

ऋतू अपने हाथो से मुँह धक् राखी थी फिर भी उसके मुँह से hi हिचकी निकल hi गई.

लल्लू ऋतू क छूट मई जोर जोर से ऊँगली अंडर बहार करता अपने जीभ से छूट से निकलते राशो को पिता जा रहा था.

फिर लल्लू ऋतू क छूट मई अपना तीन ऊँगली घुसा क्र उस मई घूमने लगा.

ऋतू अपने दन्त पर दन्त दबाये आहे भर्ती हुई झरर गई.

लल्लू ऋतू क छूट से निकले अमृत रास को सारा चाट क्र गया फिर झुक क्र उसके निप्पल्स को मुँह मई ले क्र हलके हलके काटने और चूसने लगा.

अब लल्लू को भी रुकना मुश्किल हो रहा था तो वो छूट क मुँह पर अपना फनफनाता हुआ लौड़ा लगा क्र एक hi बार मई जार तक थोक दिया.

ऋतू- ाःह, हरामी, क्या करू तेरा. मार diya.maar दिया रे.. हेय मर गई.

ऋतू को तो जैसे लग रहा था किसी ने सुलगता हुआ सरिया छूट मई घुसा दिया है.

लल्लू ऋतू क दोनों चुके को उमेठता हुआ दे दाना दान शॉट लगाने लगा.

लल्लू को बड़ा मजा आ रहा था.

ऋतू की बुर अंदर से जैसे लग रहा था आग की भट्ठी हो. सुलग रहा था छूट अंडर से.

लल्लू टोपे तक लौड़ा निकलता और फिर पूरा जोर लगा क्र एक hi बार मई जार तक थोक देता.

ऋतू हर धक्के पर कराह उठती थी.

जब ऋतू की छूट पूरी तरह अभियस्त हो गई लल्लू क लैंड क लिए और छूट पानी बहा क्र लल्लू क लौड़े को भीगने लगी तब जा क्र ऋतू भी अपना कमर उठा उठा क्र लल्लू का भरपूर साथ देने लगी.

चाट पर अँधेरे मई दोनों एक दूसरे को हारने मई लगे थे.

दोनों मई जैसे होर लग गया था की इस आनंद क सागर क किनारे कौन पहुँचता है.

लल्लू ऋतू क मखमली जांघो को दबोचे उसे हचक हचक क्र चोदे जा रहा था जैसे ऋतू फिर कही नाराज हो क्र भाग न जय.

अंत मई दोनों hi किनारे पहुंच गए साथ साथ.

लल्लू ऋतू क बच्चेदानी को अपने वीर्य से भरता उसके उप्पेर लुढ़क गया.

ऋतू भी जब अपने बच्चेदानी मई लल्लू क पिचकारी को महसूस की तो उसने भी अपना टंकी खोल दिया और लौड़े को अपने रास मई डुबो दिया.

दोनों थक क्र चूर हो गए थे.

एक दूसरे को बहो मई लपेटे दोनों नींद की वादियों मई खो गए.

सुबह लल्लू की नींद खुली तो देखा की वो एक हाथ से ऋतू की एक पपीते को दबोचे हुए है.

ऋतू लल्लू की और अपना गांड निकले उस से चिपक क्र सो रही थी.

लल्लू तो सुबह सुबह ऋतू की बड़ी सी गोरी गांड देख क्र बबला हो गया.

लल्लू- बहिन छोड़ अब ऐसी गांड होगी तो मई क्या छक्का हु. मर मर क्र सुजा hi दूंगा. ये बुर छोड़ी घोड़ी ऐसे गांड दिखा दिखा क्र मुझे पागल क्र देगी और गांड न मारो तो लैंड चैन से रहने नहीं देगा और गांड मर दो तो गांड का गुर्गामा बन जाएगा. ये फिर से रूत जाएगी.

लल्लू ऋतू क मटके को हाथ से सहलाता अपने लौड़े को थूक से अच्छे से गिला क्र लिया और पीछे से ऋतू क छूट क मुँह पर लगा क्र धकेल दिया.

लौड़ा फिशलता हुआ ऋतू क छूट की दीवारों को फैलता जार तक घुस गया

लल्लू एक आह भर क्र रह गया.

क्या सुखद आनंद था.

लल्लू ऋतू क गदराये गांड को सहलाता मसलता उसे पीछे से दबोचे सुबह सुबह अपना दिन बनाने लगा.

ऋतू की भी नींद खुल गई थी जैसे hi लल्लू लौड़े को छूट मई घुसाया था. वो अपनी गांड को पीछे धकेल धकेल क्र लल्लू का भरपूर साथ दे रही थी.

लल्लू अपना दिन बनता हुआ ऋतू क अंडर hi खली हो गया.

दोनों संतुस्ट होने क बाद उठ क्र कपडे पहन लिए

फिर लल्लू चादर समेत क्र ऋतू क साथ छत से निचे आ गया

आँगन मई काजल खटिया पर बैठी हुई थी.

दोनों को छत से आता देख क्र काजल खटिया से उठ कड़ी हुई.

लल्लू तो काजल को देखते hi अपने कमरे मई घुस गया.
 
मर्द का बच्चा. अपडेट 56

पीटर का खत्म क्र दोनों नकाबपोश वह से पीतल का वो पाइप जैसा डिब्बी ले क्र वह से निकल क्र रोड पर आ गए जहा उन लोगो ने अपनी कार कड़ी की हुई थी.

फिर कार मई बैठ क्र अपने गंतव्य की और चल दिए. जहा उनका बॉस वो जैक का गुरु का ऑफिस था.

इधर गोली की आवाज सुनकर टुन्नाल क आस पास क जितने गार्ड्स थे सभी चौकन्ने हो गए और चार पांच गार्ड्स इन लोगो की और दौड़ परे सतर्क हो क्र.

वह पहुंच क्र देखा तो सभी मरे पड़े थे.

सभी गार्ड्स जो अभी आये थे वो वह आस पास फ़ैल गए और वह क जंगलो को जो ज्यादा घाना नहीं था उस मई ढूंढने लगे इन मरे हुए गार्ड्स क कातिल को.

लेकिन वो दोनों नकाबपोश तो पहले hi जा चुके थे.

इन्हे कोई नहीं मिला.

तब तक वह और गार्ड्स क साथ टुन्नाल का इंचार्ज भी आ गया.

वह अपने गार्ड्स को मारा हुआ देख क्र चौक गया साथ मई एक मजदुर पीटर भी मारा हुआ था.

वो इंचार्ज कही कॉल लगा क्र बात करने लगा.

बात करते हुए उसके माथे पर पसीने की बुँदे आ गई थी.

लग रहा था जैसे सामने से उसे बहुत दन्त पद रहा हो.

फिर वो इंचार्ज वह क गार्ड्स को आस पास क पेरो पर लगे हिडन सीएएम को जाँच करने का हुक्म दे क्र अपने गार्ड्स क साथ ऑफिस आ गया.

इधर लल्लू काजल को देख क्र अपने कमरे मई आ गया था.

फिर बीएड पर लेट गया. थोड़ी देर मई hi उसे दुबारा नींद आ गया.

रोमा- भाई कितना सोते हो उठो. हमे कॉलेज जाना है.

लल्लू को सोता देख क्र रोमा उसे उठती बोली.

लल्लू दूसरी और घूम क्र सो गया.

रोमा झुक क्र लल्लू क कंधे पर काट ली.

लल्लू चिल्लाता हुआ उठ गया

रोमा हस्ते हुए भाग गई.

रोमा- जल्दी तैयार हो जाना. मीनू तैयार हो रही है.

लल्लू बड़बड़ाता हुआ उठ क्र वाशरूम चला गया.

बहार आ क्र तैयार हो क्र नास्ते क लिए रसोई मई आ गया.

लल्लू- कुछ खाने को दे दो काकी. आप यहाँ काम क्र रही हो. अभी तक रेडी नहीं हुई आप.

रागिनी- क्यू कहा जाना है.

लल्लू- अरे कल hi तो आप ने कहा था की बाजार मई कुछ काम है आप को.

रागिनी- मीनू और रोमा जा hi रही है तो वो दोनों क्र लेगी. बांकी तुम घर का सामान याद से ले लेना.

लल्लू- ठीक है. वैसे आप चलना चाहो तो चल सकती है.

रागिनी- नहीं नहीं, अब मई नहीं जाउंगी. तुम लोग hi क्र लेना काम. मैंने उन्दोनो को बता दिया है.

तभी काजल रसोई मई आ गई.

काजल- क्या बात है. आज रसोई मई काम करना है क्या.

रागिनी और काजल दोनों हुस्ने लगी.

लल्लू- वो नास्ता के लिए आया था. दीदी को ले क्र सोल्लगे जाना है न.

काजल- तो बहार बैठ आ जाएगा नास्ता अभी. दीदी अपने लादले को जरा खाने मई घी बढ़ा देना. आज कल कुछ ज्यादा hi म्हणत करने लगा है.

रागिनी- है ये बात तो सही कहा तुम ने काजल. हमारा लल्लू अब ललित बन गया है. कब से ये दिन देखने क लिए भगवन से कितनी पूजा अर्चना की थी अब जा क्र भगवन को हम सब पर तरस आया है.

चल बीटा तू बहार बैठ. मई अभी नास्ता ले क्र आ रही हु.

लल्लू बहार आ क्र आँगन मई बैठ गया.

थोड़ी देर मई काजल नास्ता ले क्र आ गई.

लल्लू- ये क्या है. इतना सारा मक्खन.

काजल- ले आज कल कुछ ज्यादा म्हणत करने लगा है. सही से खाना खा.

लल्लू चुप चाप खाना खाने लगा.

तभी कमरे से रोमा और मीनू निकली.

लल्लू दोनों की खूबसूरती देख क्र खाना भूल गया.

काजल- वह क्या बात है. मेरी दोनों बेटियों को किसी की नजर न लगे.

काजल अपने आँखों से काजल निकल क्र दोनों क कान क पीछे लगा दिया.

फिर सभी नास्ता क्र बहार आ गए.

लल्लू- आप दोनों अपना सारा पप्पेर ले लिए है न.

रोमा- है भाई सब कुछ ले लिया है. तुम बस अब चलो यहाँ से.

मीनू झट से कार मई आगे आ क्र बैठ गई.

रोमा- ये तुम ने चीटिंग की है मीनू.

मीनू- प्यार और जंग मई सब जायज है.

लल्लू- ये प्यार और जंग कहा से आ गया.

रोमा- ये आप नहीं समझोगे. आप गारी चलाओ न.

फिर तीनो यु hi नोक झोक करते सोल्लगे पहुंच गए.

रोमा- भाई का क्या करे.

मीनू- क्या मतलब क्या करू.

रोमा मीनू को पकड़ क्र साइड मई ले जा क्र.

रोमा- यार तू भूल गई क्या. यहाँ वो बदमाश सौरभ न हो. कही वो पीछे पद गया और भाई देख लेगा तो….

मीनू- सही कह रही है. मई तो भूल hi गई थी उसे.

रोमा- अब जल्दी सोच, क्या करे की सौरभ से भी मुलाकात न हो और भाई को भी बुरा न लगे.

तभी एक बाइक वह आ क्र रुकी.

" ोुहहू, मेरी गुलाबजामुन. क्या किस्मत है मेरा. आज तो दिन बन गया मेरा. हैयय मेरी जान..

बाइक वह अपने सर से हेलमेट निकलता बोलै.

मीनू- सौरभ अपने होश की दवा करो. बाततमिज कही का. चल रोमा.

सौरभ- हैयय मेरी बुलबुल कहा जा रही है. अपने दीवाने को भी लेता चल.

तभी वह लल्लू चलता हुआ आया.

" कहा जाना है आप को सर्कार. मुझे बताइये मई लिए चलता हु न आप को."

लल्लू पीछे से उसके कंधे पर हाथ रखता बोलै.

सौरभ- कौन हो तुम.

लल्लू- अरे आप मुझे नहीं पच्यन्ते. आप की दीदी ने नहीं बताई क्या

सौरभ- क्या बक रहे हो. पहचानते हो मई कौन हु.

लल्लू- वही तो बता रहा हु मई. आप मुझे बोलने hi नहीं दे रहे. आप कौन है ये मई अच्छे से जनता हु लेकिन मई कौन हु ये आप नहीं जानते है.

सौरभ- कौन है बे तू. क्या नहीं जनता मई. भाग जा यहाँ से नहीं तो मारा जाएगा खामखा.

तभी लल्लू घुमा क्र एक थप्पड़ दिया.

लल्लू- बहन छोड़ अपने जीजा से तमीज से बात क्र. तब से समझा रहा हु. साला सुनाने का नाम hi नहीं लेता.

सौरभ थप्पड़ लगने से तिलमिला गया.

सौरभ- तुम ने मुझ पर हाथ उठाया. सौरभ पर.. जिस से ये सारा जिला डरता है. जिसके बाप क नाम से यहाँ की पुलिस कम्पटी है. तू तो गया बीटा. तेरी उलटी गिनती सुरु.

लल्लू फिर एक थप्पड़ लगा दिया दूसरे गाल पर.

लल्लू- अब बराबर हुआ. नहीं तो दूसरा गाल शिकायत करता. अब कुछ दिमाग ठंढा हुआ या और खाना है.

सौरभ- तू बचेगा नहीं. अभी रुक जा तू. अभी तुम्हे सौरभ से टकराने का अंजाम पता चल जाएगा.

लल्लू- चल निकल लौड़े..

लल्लू उसके पिछवाड़े पर एक लात लगाया.

सौरभ लुढ़कता हुआ दूर गिर गया

लल्लू- तुम दोनों अपना काम क्र के आओ. मई यही हु.

मीनू- नहीं भाई. अब चलो यहाँ से. ये बहुत खतरनाक है. इसके बहुत सरे गुंडे दोस्त है.

हम बाद मई आ जाएंगे.

लल्लू- कुछ नहीं होता. तुम दोनों अपना काम बिना किसी टेंशन क निपटाओ. मई हु न.

रोमा- नहीं भाई. प्लस घर चलो. मुझे बहुत दर लगता है.

रोमा लल्लू को बहो मई लेती बोली.

लल्लू- घर मई तो आप हिटलर दीदी हो और यहाँ दर से कम्प रही हो. ऐसा क्यू.

रोमा- भाई वो अपना घर है. यहाँ ये सब जा वॉर है.

लल्लू- बिलकुल सही. यहाँ बहार सब जानवर है लेकिन आप का भाई इन सभी जानवर का बंद बजा देगा. ककी मई भी तो बहार hi हु.

चलो अपना काम करो आप लोग बिंदास हो क्र.

लल्लू उन दोनों को जबरदस्ती वह से भेज दिया.

रोमा और मीनू दौरति हुई वह से चली गई ताकि जल्दी से यहाँ का काम निपटा क्र इस खतरे से भगा जा सके.

सौरभ भी वह नहीं था. लगता है वो भी अपने लफंगे साथियो को बुलाने गया था.

लल्लू पार्किंग से निकल क्र मैं गेट से थोड़ा हूत क्र खड़ा हो गया.

लल्लू को पता था की सौरभ मानाने वाला नहीं है वो जरूर कुछ करेगा इस लिए लल्लू कही और जाने क बदले गेट क पास hi खड़ा होना बेहतर समझा.

मुश्किल से दस मिनट्स भी नहीं हुआ होगा की सोल्लगे क गेट से दो जीप एंटर हुआ.

लल्लू- ले बीटा आ गए कुत्तो की दम.

बस बारह लड़के तो होंगे hi उस मई. सब क हाथो मई कोई न कोई हथियार था.

कोई हॉकी स्टिक लिए तो कोई छान लपेटे हुए. कोई चाकू ले रखा था.

सब तयारी क्र क आये थे.

लल्लू बिच रस्ते मई आ क्र खड़ा हो गया.

सौरभ- बड़ी जल्दी है तुम्हे मरने का.

लल्लू- सही कहा तुमने. लेकिन क्या करे उप्पेर वाला hi नहीं सुनता. कहता है मेरे जैसे कमीने क लिए उसके पास कोई जगह नहीं है.

सौरभ- अभी पता चल जाएगा. वह जगह है या नहीं. मारो रे सेल को…..

आगे वाले जीप मई बैठे सरे लड़के खुद क्र लल्लू की और दौड़ पड़े.

लल्लू उन लोगो को अपने पास आने दिया.

जैसे hi पहला लड़का हाथ मई हॉकी स्टिक उठाये पास आया. लल्लू हाथ घुमा क्र उप्पेर से निचे की और तेजी से लाया और मुक्का बना क्र आगे वाले क चीन पर जोर से मारा.

वो आगे वाला लड़का पीछे हो क्र पीछे से आते लड़को क साथ टकराता दो को लेता हुआ गिर गया.

लल्लू बिना कोई मौका दिए वही गिरा हॉकी स्टिक उठा क्र उन तीनो पर पिल पड़ा. कब तक पीछे से और तीन लड़के लल्लू तक पहुंचते लल्लू उन गिरे हुए तीनो को हॉकी स्टिक से अधमरा क्र दिया.

पीछे खड़े तीन लड़को को होश आया तो दौर कर लल्लू को मरने आया.

लल्लू एक पर किक चलाया और दूसरे पर हॉकी स्टिक तब तक तीसरा चैन से लल्लू पर हमला क्र दिया जिसे लल्लू अपने हाथ से रोक लिया.

चैन लल्लू क हाथ मई लिपट गया.

किक जिसे लगा था वो तो पीछे को लुढ़क गया था.

अब दो रह गया था यहाँ बांकी जीप मई बैठे तमाशा देख रहे थे.

लल्लू चैन वाले को चैन पकड़ क्र अपने पास खींच लिया और हॉकी स्टिक क मुठ से उसके चैन पकडे हाथ पर मर दिया. वो लड़का अपना हाथ पकड़ क्र दर्द से उछलता कूदता तड़पने लगा. तब तक दूसरा अपने हॉकी स्टिक से लल्लू को दो बार मर चूका था.

लल्लू भन्ना क्र उस लड़के क और दौरा और उसका गर्दन पकड़ क्र उठा लिया.

लल्लू- बहनचोद सब की आज माँ की आँख..

सालो बड़ा गुंडा बनता है तू लोग आज बताता हु मई तुम लोगो को की बाप बाप होता है और बीटा बीटा.

जीप मई बैठे सरे लड़के देख क्र दौर क्र लल्लू की और आये.

लल्लू उस गर्दन पकड़ क्र उठाये लड़के को पीछे आते लड़को पर उछाल दिया

सरे गुड़मुड़ क्र गिर गए.

लल्लू दौड़ क्र सब पर पिल पड़ा और अपने हॉकी य से सब की सुताई करना चालू क्र दिया.

दो चार उठ क्र लल्लू को भी मरने लगे और लल्लू तो पागल हो गया था. जो भी उसके सामने आता लल्लू उसको अधमरा क्र क hi छोड़ता.

लल्लू को भी कई हॉकी लग चूका था.

उसके कपडे फैट गए थे और उस मई से टैटू ब्लैक से गोल्डन हो क्र चमक रहा था.

अभी लल्लू का हाथ किसी बिजली की रफ़्तार से चल रहा था. मरते मरते लल्लू का हॉकी स्टिक टूट गया.

तभी वह मीनू और रोमा भी दौरति हुई आ गई.

रोमा- भाई…. भाई..

दोनों बहन लल्लू को यु लड़को से घिरे लड़ते देख क्र तो रो क्र बुरा हाल था.

सौरभ- पकड़ लो इन दोनों रंडियो को और ले चलो अपने फार्महाउस पर. इनको मसल क्र आज पार्टी मनाएंगे.

लल्लू सौरभ की बात सुन क्र और पागल हो गया.

गुस्से से लल्लू का पूरा सरीर कम्पनी लगा.

उसका टैटू अब रेड कलर मई चमकने लगा था.

लल्लू टूटा हुआ हॉकी स्टिक फेक क्र सौरभ की और दौड़ पड़ा.

सौरभ लल्लू को अपनी और आता देख क्र इधर उधर देखने लगा बचने क लिए.

सौरभ- अरे हरामखोरो कोई रोको इसको. ये पागल हो गया है.

लल्लू सामने आने वाले लड़को को अनघ भांग करता सौरभ की और बढ़ रहा था.

सौरभ अब वह से सोल्लगे क अंडर की और भगा.

लल्लू उसके पीछे जाने लगा तभी मीनू लल्लू को बहो मई भर क्र पकड़ ली.

रोमा- प्लस भाई उसे छोड़ दो. चलो घर चलो. प्लस भैया.

दोनों बहनो का चेहरा आंशुओ से पूरा भीग गया था.

लल्लू नजर घुमा क्र दोनों को देखा तो उनका चेहरा देख क्र लल्लू का गुस्सा गायब हो गया.

फिर रोमा और मीनू दोनों लल्लू को पकड़ क्र कार तक ले आई.

रोमा- भाई आप को बहुत चोट लगी है. खून भी निकल रहा है. चलो पहले डॉक्टर क पास चलो जल्दी.

मीनू- भाई क्या जरुरत थी लड़ने की. हम सब घर hi वहले जाते तो आज ये सब नहीं होता. हमे आप को ले क्र आना hi नहीं चाहिए था.

रोमा- सही कह रही है. न हम लोग भाई को लेट न भाई को चोट लगता.

लल्लू- ओह्हू मुझे कुछ नहीं हुआ है. ये सब तो मामूली चोट है. आज आज मई hi ठीक हो जाएगा.

फिर तीनो कार मई बैठ क्र वह से निकल क्र बाजार आ गए.

लल्लू- फॉर्म फइलल उप हो गया आप दोनों का.

मीनू- है भाई वो हो गया. अब पहले किसी डॉक्टर क पास चलो पहले.

लल्लू- अरे मेरी प्यारी बहनो मई बिलकुल ठीक हु.

रोमा- नहीं भाई. पहले डॉक्टर क पास चलो. यही पास मई hi उस डॉक्टर का क्लिनिक है जिसके बचे को आप बचाये थे. वही ले चलो प्लस.

लल्लू गारी क्लिनिक की और ले लिया.

थोड़ी देर मई hi वो लोग क्लिनिक क सामने थे.

लल्लू- (वह क नर्स से) डॉक्. रैना है क्या.

नर्स- जी अभी है.

लल्लू आगे बढ़ क्र दरवाजा खोल क्र अंडर चला गया.

अंडर डॉक्. रैना एक आदमी क साथ बैठी हुई थी.

रैना- अरे ललित ये क्या हुआ.

लल्लू- वो सब बाद मई पहले चेक उप तो क्र लीजिये.

रैना जल्दी से कड़ी हो क्र लल्लू का शर्ट जो कई जगह से फैट गया था उसे निकल क्र देखने लगी.

कही ज्यादा घाव नहीं था. हलकी फुलकी खरोंचे थी.

उस को साफ़ क्र क दवा लगा दी.

रैना- अब बताओ क्या हुआ.

लल्लू ने फिर उसे अभी सोल्लगे मई जो कुछ हुआ वो बता दिया

रैना- आगे से ऐसा कुछ हो तो मुझे तुरंत कॉल करना. यहाँ का S.P मेरा जानकर है.

लल्लू- ठीक है मम. अब मुझे इजाजत दीजिये थोड़ा काम है.

रैना- परसो आ क्र एक बार फिर से दिखा लेना.

फिर रैना लल्लू को छोड़ने बहार तक आई.

बहार रोमा और मीनू रैना को देख क्र कड़ी हो गई.

रोमा- दीदी भाई को ज्यादा चोट तो नहीं लगी है न.

रैना- नहीं बाबू. घबराने की कोई बात नहीं है. मामूली चोट है. एक से दो दिन मई ठीक हो जाएगा

मीनू- ठंकु दीदी.

रैना- दीदी भी बोलती है और ठंकु भी कहती है. अब दुबारा ऐसा किया न तो पकड़ क्र सुई लगा दूंगी.

सब हुस्ने लगे..

फिर लल्लू और दोनों बहने रैना से इजाजत ले क्र गाड़ी मई बैठ चल दी.

लल्लू- दी काकी का क्या सामान लेना है वो ले लो फिर कुछ घर का सामान भी लेना है.

मीनू- भाई पहले कोई कपडा खरीद लो. ये तो ख़राब हो गया है.

पीछे से मीनू लल्लू क गले लगती बोली.

लल्लू- ठीक है दी. पहले कपडे क शॉप पर चलते है.

फिर ये लोग उसी अंकल क शॉप पर आ गए.

शॉप पर उनकी लड़की थी.

लड़की- अरे भाई ये क्या. कैसे हुआ ये सब. ज्यादा चोट तो नहीं लगी. क्या हुआ था. कहा लग गया. बोलता क्यू नहीं.

लल्लू- दीदी अब आप बोलने डौगी तभी तो बोलूंगा. आप एक साथ इतने सरे सवाल क्र दी.

फिर लल्लू इनको भी साडी बात बता दी.

लड़की- हां, है उस सोल्लगे मई ये लड़का. मुझे भी पता चला था. अच्छा सबक सिखाया उसे. आगे से कोई बात हो ऐसा तो मुझे कॉल करना मेरा no ले लो.

फिर उस ने लल्लू को अपना नंबर दे दिया.

लल्लू- सी अब एक तो मुझे कोई ड्रेस दे दो और फिर मेरी इन दोनों बहनो क लिए भी दे देना.

रोमा- भाई मुझे नहीं चाहिए. आप ले लो फिर घर चलते है.

लल्लू- वाओ, देखा दीदी. आज पहली बार किसी लड़की को शॉपिंग से मन करते देख रहा हु.

लड़की-( रोमा से.) बहन मजाक मत बना हम लोगो का. देख रही है न तुम ने एक बार क्या मन क्र दिया. भाई तना मरने लगा है. ले लो जो सब लेना है.

लल्लू दोनों बहनो को देखा तो वो दोनों गुस्से से उसे घर रही थी.

लल्लू उन्दोनो को गुस्से से घूरता देख क्र अपना दन्त दिखा दिया.

फिर लल्लू वह से दो ड्रेस अपने लिए और दो दो सभी बहनो क लिए ले लिया फिर शॉप वाली दीदी को बे करता वह से निकल आया.

वह से बहार आ क्र लल्लू एक स्टोर से घर का सारा सामान ख़रीदा जो रागिनी काकी बोली थी.

लल्लू- दी मेरा हो गया सारा काम. अब आप लोगो को कुछ चाहिए तो बताओ. काकी का सामान भी नहीं लिए अभी तक आप लोग.

रोमा- भाई किसी मेडिकल स्टोर पर रोक ले.

लल्लू- क्यू वह क्यू. सब ठीक तो है न.

रोमा- अरे बाबा घबरा मत. मुझे चची क लिए एक दवाई लेनी है.

लल्लू- क्या हुआ काकी को. किस चीज की दवाई लेनी है.

रोमा- अरे यार तू इतना पदेशन न हो. कुछ नहीं हुआ है चची ko.kuch और लेना है. तू नहीं समझेगा.

लल्लू- अरे मई बच्चा थोड़े हु जो नहीं समझूंगा. आप समझाओ तो सही. क्या हुआ काकी को.

मीनू- भाई ऐसा कुछ नहीं है. ये लेडीज का मामला है. तू क्यू जिद्द क्र रहा है.

लल्लू- अरे मई कैसे जिद्द न करू. मेरी काकी को दवाई चाहिए तो हमे पता तो चले क्या हुआ है उन्हें. डॉक् से दिखाए या नहीं. अगर ज्यादा तबियत ख़राब हो गया तो.

रोमा- मीनू बता इसे क्या लेना है.

मीनू- m..ma..mai ka.kaise...mai..mai.nahi बताऊगी तू बता.

रोमा- बता दे न.

मीनू- तू क्यू नहीं बताती.

लल्लू- ये क्या लगा रखा है. यहाँ काकी को कोई पड़ेशानी है और आप सब मई मई तू तू क्र रही है बताने क बदले.

रोमा- पागल. ये सब लेडीज क साथ होता है.

लल्लू- सब क साथ मतलब.

रोमा- मई नहीं बता रही. अपने काकी से hi पूछ लेना.

लल्लू- आप नहीं बताएगी तो मई काकी से तो पूछ hi लुंगी.

मीनू- भाई जिद्द मत क्र.

लल्लू- बिलकुल करूँगा.

रोमा- भाई. कोई दबाई नहीं लेनी है हमे. पद लेना है.

लल्लू- ये क्या होता है पद. इसका क्या करते है.

रोमा- ये सभी लडीएसओ को महीने मई एक बार जरुरत पड़ती है.

लल्लू- क्या सब को. आप लोगो को भी..

मीनू- सरमाती हुई. है बुद्धू.

लल्लू- अरे बाप रे. फिर तो पहले आप लोग चलो डॉक् रैना क पास. अभी अभी वह से आये है. तब नहीं बता सकती थी क्या.

लल्लू गारी घूमता हुआ बोलै.

रोमा- भाई रुको बताती हु. लड़की जब बच्चो से जवान हो जाती है तो निचे से उसे ब्लीडिंग होने लगता है महीने मई एक बार दो तीन दिन. ये नार्मल है. सब क साथ होता है. इस लिए घरबराने वाली बात नहीं है. अब समझे बुद्धू.

लल्लू का अब दिमाग काम किया.

लल्लू- ओह्ह्ह, ऐसे बताना था न.

मीनू- ऐसे बताना था न. मीनू लल्लू का नक़ल करती बोली.

ये सब अपने बीबी से पूछा क्र. हम बीबी नहीं है तुम्हारी दीदी है.

लल्लू- ज्यादा फर्क कहा होता है बीबी और दीदी मई.

डी को उधर घुमा दो तो बीबी और बी को इधर घुमा दो तो दीदी.

Roma-matlab हमे इधर उधर घुमा क्र अपना बीबी बना लेगा.

लल्लू- ma..mai..me..mera मतलब…

मीनू आँख नाचती हुई- क्या मतलब था तुम्हारा.

लल्लू- wo...wo...kuch नहीं. जो लेना है जल्दी लीजिये न.

दोनों बहने लल्लू को ऐसे करते देख जोर से हुस्स दी.

फिर पता नहीं क्या हुआ अचानक मीनू आगे बढ़ लल्लू क चेहरे को चूमते चूमते लल्लू क होठो पर अपना होठ रख क्र दो सेकंड बाद हटा ली

लल्लू तो सरप्राइज हो क्र मीनू को देखने लगा.

मीनू सरमाती सॉलिड क्र अपने सीट पर बैठ गई.

लल्लू मुसकुडता हुआ एक मेडिकल शॉप पर गारी रोक दिया.

लल्लू- लो दीदी जो लेना है ले लो यहाँ से.

फिर दोनों बहने गारी से उतर क्र शॉप पर चली गई.

तभी एक सनसनाती हुई गोली आ क्र गारी क कांच को सुराख़ करती इधर से उधर निकल गई.

लल्लू का सिक्स्थ सेंस पहले hi सचेत क्र दिया था.

वो पीछे हो गया था सीट से चिपक क्र

लल्लू नजर घुमा क्र देखा तो रोड क दूसरी और एक कार कड़ी थी. ब्लैक गिलास मई.

उस मई दो लोग बैठे हुए थे. लल्लू तुरंत दूर खोल दौर पड़ा उस गारी की और.

गारी मई बैठे लोगो ने जब देखा लल्लू को अपनी और आता हुआ तो वो गारी स्टार्ट क्र भागने लगे.

लल्लू उनके गारी क पीछे भगा चला जा रहा था.

दोपहर का समय था और रोड खली था तो गारी का स्पीड तेज था. थोड़ी देर मई hi गारी आँखों से ओझल हो गया.

लल्लू गारी का नंबर याद क्र लिया था.

फिर लल्लू वापस आ गया और गारी मई बैठ गया.

रोमा इस बार आगे बैठ गई और मीनू पीछे.

लल्लू- ले लिए दी.

रोमा- है भाई. अब चलो.

लल्लू गाड़ी आगे बढ़ा दिया.

लल्लू क दिमाग मई हे गोली चलने वाला hi घूम रहा था. एक लफड़ा आज अभी थोड़ी देर पहले हुए है. उसने किया है ये या फिर उस दारू क भट्ठी वाले ने.

लल्लू को कुछ समझ नहीं आ रहा था.

रोमा- भाई पानी पूरी.

रोमा क बोलने पर लल्लू का धायण टुटा

लल्लू उस पानी पूरी वाले क पास ले जा क्र गाड़ी रोक दिया

फिर दोनों बहने जल्दी से गारी से उतर गई.

रोमा- भैया तीन प्लेट लगाना. तीखा ज्यादा रखना.

लल्लू- नहीं भाई. दो प्लेट hi देना.

मीनू- भाई तुम नहीं खाओगे क्या.

लल्लू- मई खाऊंगा दी. रोमा दी नहीं खायेगी.

रोमा- Q....Q मई क्यू नहीं खाउंगी.

लल्लू- अभी तो आप ने कहा था.

रोमा- चुप क्र तू.

दोनों बहने जल्दी से हाथ बढ़ा क्र एक एक प्लेट पकड़ ली.

लल्लू हस्ता हुआ देख रहा था.

जैसे hi पानी पूरी वाले ने रोमा क प्लेट मई पहला पानी पूरी डाला झट से लल्लू उठा क्र उसे अपने मुँह मई गुप्प क्र गया.

रोमा मुँह देखती रह गई.

मीनू का तो हुस्स हुस्स क्र बुरा हाल हो गया.

रोमा प्लेट फेक क्र गुस्से मई गारी की और बढ़ गई.

मीनू- नाराज क्र दिया न.

लल्लू- मई मन क्र लता हु

लल्लू जा क्र रोमा को गोदी मई उठा लिया और उसके गाल मई दन्त काट लिया.

लल्लू- ये सुबह का हिसाब बराबर.

अब गुस्सा थूक दो. मई आप सब से बहुत प्यार करता हु. मई बस छोटा सा मजाक क्र रहा था. मेरी प्यारी दी हो न आप. मान जाओ. आप चलो.

रोमा लल्लू क गॉड मई मचलने लगी. इसे दो चार मुक्का लगाती गॉड से उतरने की कोसिस करने लगी.

फिर लल्लू रोमा को उस शॉप पर ला क्र उतर दिया.

पानी पूरी वाले ने दूसरा प्लेट दे दिया रोमा को.

फिर रोमा लल्लू को चिढ़ा चिढ़ा क्र दिखा क्र खाने लगी.

लल्लू भी फिर कभी मीनू तो कभी रोमा क प्लेट से ले ले क्र पानी पूरी खाने लगा.

जब इन लोगो का खाया हो गया तो लल्लू घर मई लेडीज सब क लिए भी पैक करवा लिया.

फिर तीनो वह से घर आ गए.
 
मर्द का बच्चा. अपडेट 53.

दालान पर दादू और तीनो काका बैठे हुए थे.

लल्लू जा क्र दादू क पास उनके बीएड पर बैठ गया.

अनिल- हम लोग एक बिज़नेस सुरु करने जा रहे है.

अपने पास खेती क लिए भी काफी जमीं है. तो हम सब का ये मानना है की दो लोग खेती बरी को संभालेगा और बांकी बिज़नेस.

तो अब तुम बताओ की तुम हमे किस मई सहायता करोगे. ककी अब समय आ गया है की तुम भी हम सब की मदद करो. तुम भी अब कोई जिम्मेदारी उठाओ.

अनिल काका इतना बोल क्र चुप हो गए.

सुनील काका- बेख बीटा तुम्हे कोई जबरदस्ती नहीं है. तुम नहीं करना चाहो तो मन क्र सकते हो. हम लोग सब संभल लेंगे. बात ये है की तुम्हारे दादू भी यही चाहते है.

तभी लल्लू क पापा भी खेत से आ गए.

वो भी आ क्र वही बैठ गए.

लल्लू- बिज़नेस किस चीज का सुरु करने वाले है आप लोग.

राम- बिज़नेस ऐसा होगा की हमे खेती से भी मदद मिलेगा. मतलब की हम दो गोदाम बनाएंगे सहर मई. वह से अपने फसलों को सेल्ल करेंगे.

अभी हम सब यही सोचे है आगे हम इसे और बढ़ाएंगे.

दादू लल्लू को देख रहे थे.

दादू- तुम्हे वक्त चाहिए सोचने क लिए तो कोई जल्दी नहीं है साम तक सोच क्र बता देना.

लल्लू- सोचना क्या है दादू. मई तो घर से दूर नहीं रह सकता. इस लिए खेती hi सही रहेगा मेरे लिए.

सुनील- ठीक है फिर. कल से ललित और रवि खेतो को संभालेगा. मई भैया और छोटे तीनो बिज़नेस मई देखते है क्या सब हो सकता है.

अनिल- तुम दोनों को कभी कोई हेल्प चाहिए तो बता देना उस दिन हम मई से कोई रुक क्र तुम दोनों का मदद क्र देगा.

दादू- चलो अच्छी बात है. मई भी यहाँ बैठे बैठे ुब्ब जाता हु. इन दोनों क साथ कभी कभी खेत हो आया करूँगा.

राम- ये ठीक रहेगा.

फिर लल्लू वह से आँगन मई आ गया.

शालिनी- तो साहब क्या हुक्म हो तो नास्ता लागू.

लल्लू- है काकी जल्दी से नास्ता दे दो. बहुत भूख लगा है.

शालिनी नास्ता ले क्र आ गई.

लल्लू वही आँगन मई शादी क निचे बैठ क्र नास्ता करने लगा.

नास्ते क बाद वो उठ क्र अपने कमरे मई आ गया.

सुबह से लक्ष्मी का कॉल नहीं आया था तो मोबाइल निकल क्र उसे कॉल लगा दिया. मोबाइल बड़ी ममी उठाई.

उन से थोड़ी देर बात करने क बाद लल्लू लक्ष्मी से बात किया.

दोनों काफी देर तक बात करते रहे.

लक्ष्मी आज बड़े मां क साथ अपने घर जा रही थी तो वो रात मई कॉल करने का बोल क्र कॉल कट क्र दी.

यहाँ बड़ी बुआ भी आज घर जा रही थी.

सब बहुत उदाश थे ककी बहुत दिनों क बाद आई थी यहाँ और फिर जा भी जल्दी hi रही है.

जाते वक्त लल्लू को खास बोल क्र गई की वो उनके यहाँ आएगा तभी बुआ गर्मी की छुट्टी मई यहाँ आएगी.

लल्लू बुआ से वडा भी किया की वो जरूर आएगा.

छोटी बुआ को लल्लू नहीं जाने दिया.

रवि बड़ी बुआ और उनके बच्चो को ले क्र चला गया उन्हें उनके घर छोड़ने क लिए.

सभी लेडीज बड़ी बुआ की बिदाई को बहार तक आई थी.

बुआ क जाने क बाद सभी आँगन आ गए.

लल्लू छोटी बुआ क पास.

लल्लू- बुआ क्या ख्याल है नदी चले नहाने को.

बुआ- आज नहीं बीटा. आज तो मई नाहा चुकी हु. कल याद दिलाना. कल चलेंगे.

तभी वह रानी भी आ गई.

रानी- भाई कहा जा रहे हो आप लोग.

लल्लू- नहीं मई नहाने को.

रानी- ववव भाई हम सब भी चलेंगे. मई अभी सब को बोल क्र आती हु.

बुआ- अरे ृक्क. हम आज नहीं कल चलेंगे.

आज तो मैंने नाहा भी लिया है. अभी अब धुप भी ज्यादा हो गया है. कल सुबह चलेंगे.

लल्लू वह से उठ क्र भाभी क पास चला गया.

गौरी- आइये आइये सर्कार. बड़ी देर क्र दी मेहरबान आते आते.

लल्लू- सब से बातूनी मेरी यही दीदी है. बड़ा दर लगता है मुझे इसके आस पास होने पर.

भाभी और गुड़िया दोनों हुस्ने लगे.

भाभी- सही कह रहे हो आप. इस नौटंकी से मुझे भी दर लगता है.

आप को hi नहीं हम सब को इस से दर लगता है.

पीछे से रानी और रोमा आती हुई बोली.

भाभी- आओ आओ पधारो. बैठो, वैसे मेरी बहन ने कॉल किया था या नहीं मेरे लादले देवर को.

लल्लू- क्या भाभी आप भी इस नौटंकी क साथ रह क्र मेरा तंग खींचना सिख गई हो.

लल्लू गौरी की और इसरा क्र के बोलै.

रोमा- भाभी भाई हम सब को नहीं बताएँगे छोटी भाभी की बाटे. है अगर सोनम दी पूछे तो बता सकते है.

रानी- भाई, एक बात बताओ. छोटे चाचा आज सुबह मई चाय ले क्र दालान पर गई थी तब बात क्र रहे थे आपस मई की आप किसी से लड़ाई किये थे परसो. बहुत मरे हो किसी को.

लल्लू तो चौक गया.

लल्लू- अरे मेरी बहन. पापा को किसी ने गलत बता दिया था. वो कोई और था मुझे समझ क्र पापा को बता दिया. मुझे भी आज पापा पूछ रहे थे.

गौरी- मुझे तो नहीं लगता.

लल्लू- क्या… मतलब..

गौरी- nahi..nahi.. मेरा मतलब है की वो कोई और hi होगा….

गौरी दन्त दिखा क्र बोली.

यु hi सभी भाई बहन भाभी क पास बैठे हस्सी मजाक क्र रहे थे.

रात मई लल्लू चाट पर लक्ष्मी क कॉल का इंतजार करता हुआ वाक क्र रहा था तभी वह छोटी बुआ भी आ गई.

बुआ- क्या बात है. आज तो मेरे से भी पहले से है.

लल्लू- है बुआ. बस थोड़ा हवा खाने आ गया था.

बुआ- A.C क्यू नहीं लगवा लेता रूम मई.

लल्लू- आईडिया तो अच्छा है लेकिन फिर सब क रूम मई लगवाओ तो सही है. नहीं तो मई अपने रूम मई लगवा लूंगा ये अच्छा नहीं लगेगा न.

वैसे भी जो सुध हवा का मजा है वो एक का कहा.

बुआ- है ये बात तो है.

लल्लू- वैसे मई सोच रहा था की आप क रूम मई लगवा देता हु.

बुआ- वहहह, और मेरे पर ये मेहरबानी क्यू.

लल्लू- ककी आप को आदत है न एक का. यहाँ गर्मी मई आप पदेशन हो रही हो.

बुआ- कोई पड़ेशानी नहीं है मुझे. यहाँ बहुत अच्छा लगता है. थैंक्स बीटा मेरा ख्याल रखने क लिए. मई बहुत मिस क्र रही थी सब को.

बुआ इमोशनल हो गई थी. उनकी आँखे नाम हो गया था.

लल्लू आगे बढ़ क्र उन्हें अपने बहो मई ले लिया.

लल्लू- बुआ हम सब भी आप को बहुत ज्यादा मिस क्र रहे थे. मुझे तो मेरी दोनों प्यारी बुआ का सूरत भी याद नहीं था. अगर हम कही बहार मिलते तो एक दूसरे को पहचाने भी नहीं.

बुआ- सही कहा बीटा. अब मई प्रत्येक साल यहाँ आया करुँगी.

लल्लू- मेरा बस चले तो मई आप को यहाँ से जाने hi न दू.

बुआ- अच्छा इतना प्यार करता है अपनी बुआ को.

लल्लू- बहुत प्यार करता हु मई अपनी बुआ को.

बुआ- तो भी बहुत प्यारा है मेरा बच्चा.

लल्लू- अच्छा बुआ मई आप को बातो मई उलझा दिया. फूफा जी आप क कॉल का इंतजार क्र रहे होंगे.

बुआ- ऐसा कुछ नहीं है. ये सब जबानी मई होता है. बुढ़ापे मई नहीं. अब तुम्हारे इंतजार का समय है. कैसे तुम लक्ष्मी बेटी क कॉल का इंतजार क्र रहे हो.

लल्लू- तो आप कौन सी बूढी हो गई हो. फूफा जी तो आप को कभी अकेला नहीं छोड़ते होंगे तभी तो आप इतने दिन यहाँ आये नहीं.

बुआ सरमाती हुई.

बुआ- हुत्त बेसरम. ऐसा कुछ नहीं है. उन्हें अपने काम से फुर्सत hi नहीं मिलता है.

लल्लू- फिर तो फूफा जी को क्या कहु. मेरी वाइफ इतनी खूबसूरत होती तो मई तो कभी उसे छोड़ता hi नहीं अकेला.

बुआ- ( लल्लू क कंधे पर हलके से मुक्का मरती हुई) बदमाश अपनी बुआ को सताता है.

फिर थोड़ी देर चुप रह क्र.

बुआ- फिर क्या करता अगर तुम्हारी वाइफ मेरे जैसी खूबसूरत होती तो.

लल्लू- मई तो फिर उसे कभी छोड़ता hi नहीं. जहा वो वह मई.

बुआ हुस्स हुस्स क्र पागल होने लगी.

बुआ- कुछ भी बोलता है. पागल कही का. मई इतना भी खूबसूरत नहीं हु. अब ये बुद्धि तुम्हे खूबसूरत दिख रही है.

लल्लू- आप मेरी बुआ नहीं होती तो मई पक्का आप को ले क्र भाग जाता.

बुआ- बदमाश. मेरे चार भाई पकड़ क्र तुम्हे मर देते. (हस्ती हुई बुआ बोली)

लल्लू- वो तो जब पकड़ते तब न. मई घर से बहार निकलता कब.

बुआ- चुप क्र पागल. मार खायेगा अब..

बुआ शर्मा क्र बोली.

लल्लू- अच्छा अच्छा अब आप बात कीजिये मई तो चला निचे.

फिर लल्लू निचे आ गया.

निचे माँ और सभी काकी बैठी बाटे क्र रही थी

लल्लू जा क्र शालिनी क गॉड मई सर रख क्र लेट गया.

शालिनी- क्या बात है. आज हमारी याद कैसे आई.

लल्लू- आप को भुला hi कब था जो याद आएगी.

रागिनी- अच्छा तो ये प्यार तो दिखा नहीं अभी तक.

लल्लू- जो प्यार दीखता नहीं क्या वो प्यार नहीं होता. क्या प्यार दिखाना पड़ता है.

शालिनी- बिलकुल नहीं लेकिन तुम्हे अपने बहनो और फिर लक्ष्मी आने क बाद लक्ष्मी मई hi प्यार ख़त्म हो जाता था. हम सब क लिए बचता hi नहीं था.

ऋतू- है बीटा तेरी ये काकी बहुत तदपि है प्यार क लिए. जरा इसे भी अपने प्यार का मजा दे दे. जब दो दिन ये भी कमरे से बहार नहीं निकलेगी तब पता चलेगा इसे.

शालिनी- सरमाती हुई,

क्या दीदी कुछ भी….

फिर चारो हुस्ने लगे.

लल्लू शालिनी क गॉड मई लेता हुआ अपने हाथ बढ़ा क्र शालिनी क मक्खन की तरह चिकने पेट पर सहलाने लगा.

शालिनी को गुदगुदी होने लगी तो वो मचलने लगी जिस से उसके बड़े बड़े चुके कभी कभी लल्लू क मुँह पर रगड़ जाता.

जब जब शालिनी क दोनों पपीते लल्लू से रगड़ता दोनों को मजा आ जाता.

सैलिनी लल्लू क हाथ पर एक चपत लगा दी.

शालिनी- चल सब को बुला ले. गर्म गर्म सब खाना खा लेंगे. थक गई हु नींद आ रहा है.

लल्लू- है काकी सुबह से अब मुझे भी खेत मई काम पर जाना है.

ऋतू- क्यू तू क्यू जाएगा. और सब कहा जाएंगे.

लल्लू- कोई नया काम सुरु क्र रहे है. इसी लिए अब काम बात गया है. मई और छोटे काका खेत संभालेंगे और बांकी दोनों काका और पापा बिज़नेस.

रागिनी- अच्छा जी. मतलब अब हमारा बीटा भी काम करने जाया करेगा.

पहले hi हमे समय नहीं देता था अब तो और बही समय नहीं मिलेगा.

लल्लू- कोई नहीं काकी. कौन सा मई वह सुबह से रात तक काम करता रहूँगा.

फिर लल्लू वह से उठ क्र सब को खाने क लिए बुलाने दालान पर चला गया.

सब खाना खा लिए थे.

लल्लू अपने कमरे मई आ क्र देखा तो लक्ष्मी का कॉल आया था.

लल्लू मोबाइल ले क्र छत पर चला गया.

लक्ष्मी को कॉल लगाया तो लक्ष्मी का मोबाइल बिजी बता रहा था.

लल्लू थोड़ी देर वही छत पर टहलता रहा फिर लक्ष्मी का कॉल आ गया.

देर रात तक लक्ष्मी से बात करने क बाद लल्लू निचे आ गया.

कमरे मई आ क्र कपडे बदल सोने को जा रहा था तो प्यास का एहसास हुआ.

लल्लू उठ क्र पानी पिने नलका पर चला गया.

वह गया तो वह छोटी बुआ भी पेअर धो रही थी.

लल्लू जा क्र खड़ा हो गया.

बुआ- तूने तो डरा hi दिया अचानक से आ क्र. क्या बात है नींद नहीं आ रहा.

लल्लू- नहीं. प्यास लगा था तो पानी पिने चला आया.

आप क्या क्र रही है.

बुआ- मई भी पानी पिने आई थी.

फिर लल्लू भी पानी पि लिया. बुआ वही कड़ी थी.

लल्लू- जा क्र सो जाइये रात बहुत हो गई है. या फूफा जी को याद आ रही है.

बुआ- चुप क्र. तू क्यू जग रहा है इतनी देर तक. खुद नहीं कहता की लक्ष्मी जी की याद आ रही है.

लल्लू- मुझे उसकी याद नहीं आ रही थी. मुझे तो बुआ को याद आ रही थी. इसी लिए देखने चला आया.

बुआ- मार खायेगा मेरे हाथ से अब.

चल जा क्र सो जा.

लल्लू आगे बढ़ गया साथ मई बुआ भी.

बुआ आगे अपने कमरे मई फर्स्ट फ्लोर पर चली गई.

लल्लू अपने कमरे मई बीएड पर लेट गया.

काफी देर तक जब नींद नहीं आया तो एक तकिया और चादर ले क्र छत पर चला गया.

वह बेखा की बुआ पहले से hi इधर से उधर घूम रही है.

लल्लू बिछावन एक और रख क्र बुआ क पास आ गया.

लल्लू- क्या बात है. आज आप कुछ ज्यादा hi पदेशन दिख रही है.

बुआ- कुछ नहीं तू क्यू जग रहा है.

लल्लू- कमरे मई नींद नहीं आया. तो यहाँ चला आया बिछावन ले क्र सोने क लिए.

बुआ- ठीक है सो जा.

लल्लू छत का गेट बंद क्र एक और लगा लिया अपना बिस्तर.

बिस्तर पर लेट क्र लल्लू बुआ को देख रहा था.

वो एक कॉटन की पतली सी घुटने तक की निघ्त्य मई क़यामत लग रही थी.

लल्लू- बुआ यहाँ का लाइट बंद क्र दू. आँख मई चुभ रहा है.

बुआ- क्र दो.

फिर लल्लू उठ क्र उस लाइट को बंद क्र दिया.

फिर बुआ क पास आ गया.

लल्लू- बुआ क्या बात है आप कुछ पदेशन सो है साम से.

बुआ- कुछ नहीं तू सो जा.

लल्लू- कैसे सो जाऊ. आप यहाँ इतनी पदेशन है और मई सो जाऊ. नींद कहा आएगी.

बुआ- तू कुछ नहीं क्र सकता. कोई कुछ नहीं क्र सकता. मेरी किस्मत hi ऐसी है.

लल्लू- आप कुछ बताओगे तभी तो मुझे पता चलेगा की मई कुछ क्र सकता हु या नहीं.

बुआ- प्लस तू सो जा. मुझे जब नींद आएगी मई भी सो जाउंगी.

लल्लू- लेकिन आप बताओगे नहीं. कुछ तो बताओ. आप का दिल hi हल्का हो जाएगा.

बुआ- तू नहीं समझेगा बीटा. तू सो जा.

लल्लू वापस आ क्र लेट गया.

थोड़ी देर मई उसे नींद आ गया.

रात क किसी पहर उसे अपने बदन पर फर का एहसास हुआ तो उसका नींद खुल गया.

वो आँख खोल क्र देखा तो उसे लगा जैसे बुआ यही सो गई है उसके साथ और उसका एक पेअर लल्लू क कमर पर है. और एक हाथ से लल्लू को पकड़ क्र सो रही है

बुआ का निघ्त्य सोते हुए उप्पेर आ गया था.

लल्लू भी रात को सोते समय सिर्फ धोती लपेट क्र hi सोता है तो उसका डंडा बुआ को यु सोया महसूस क्र अपना सर उठाने लगा.

लल्लू खुद पर काबू करता आँख बंद क्र लिया.

बुआ गहरी नींद मई थी.

लल्लू हाथ निचे ले जा क्र देखा तो बुआ की जंघे नंगी थी.

लल्लू हाथ हटा क्र वापस सो गया.

सुबह बुआ की नींद खुली तो अपने आप को लल्लू को बहो मई लिए यु सोया प् क्र झटके से अलग हो गई.

अपने कपडे को जांघ से उप्पेर देख क्र उसे अपने आप पर बहुत सरम आया.

बुआ- हेय प्रभू, अगर लल्लू जग गया होता पहले तो क्या अनर्थ हो जाता.

बुआ लल्लू क चेहरे को देखती सोच रही थी.

बुआ वह से खिशक क्र लल्लू से दूर हो क्र अपने कपडे को सही करने लगी.

अचानक बुआ की नजर लल्लू क कमर क निचे चला गया.

लल्लू का धोती सिमट क्र उसके कमर क पास आ गया था जिस से उसका विकराल शैम्प फुफकारता हुआ खड़ा था.

बुआ एक बार को तो सैश लेना भूल गई.

वो नजरे गड़ाए लल्लू क सांप को देख रही थी.

बुआ- क्या इतना बड़ा भी होता है किसी का. इसके फूफा का तो इसके आधा भी नहीं है.

कैसे झेल गई लक्ष्मी.

तभी कहु की वो ऐसे क्यू चल रही थी दो दिन तक.

ऐसा डंडा लेगी तो यही हाल होना था. बाप रे क्या हाल हुआ होगा उसका. लेकिन बाद मई मजा भी बहुत आया होगा.

मई भी कितना गन्दा सोच रही हु. ये मेरा भतीजा है. छी छी..

बुआ उठ क्र निचे चली गई अपने कमरे मई.

लल्लू रात लेट सोया था तो सुबह लेट उठा.

निचे कमरे मई आ क्र फ्रेश हुआ फिर चाय पि क्र दालान पर आ गया.

वह छोटे काका नहीं थे.

लल्लू- छोटे काका कहा खेत गए है.

सुनील- है, वो खेत गया.

लल्लू- ठीक है मई भी जाता हु.

अनिल- आज इतना काम नहीं है. तू आराम क्र.

लल्लू- नहीं नहीं. काम हो या न हो. ड्यूटी तो देना hi पड़ेगा नहीं तो आदत ख़राब हो जाएगा

फिर लल्लू खेत को निकल गया.

खेत पहुंच क्र देखा तो रवि वह बने माकन मई बैठा था.

लल्लू- काका काम कैसा चल रहा है.

काका- अच्छा है बीटा. मई तो घर पर मन क्र आया था की आज इतना काम नहीं है. फिर क्यू आ गया.

लल्लू- काका मुझे अपने जमीं का मिटटी चाहिए. अपने ब्लॉक ऑफिस जा क्र वह जांच करवानी है मुझे फिर उस हिसाब से फसल उगाएंगे

काका- वैरी गुड. ठीक है तो मैं तुम्हे अपने खेत क अलग अलग जगहों का मिटटी दे दूंगा तुम जा क्र जाँच करवा लेना.

लल्लू- ठीक है काका. किसी क हाथ से भेजवा देना साम मई. मई कल सुबह उसे ले क्र चला जाऊंगा.

फिर लल्लू थोड़ी देर अपने खेतो मई घूम घूम क्र देखा फिर वह से घर आ गया.

घर आ क्र वो सीधा बुआ क पास पंहुचा.

बुआ अपने कमरे मई लेती हुई थी.

लल्लू दरवाजे पर जा के दरवाजा खटकाया.

बुआ- कौन है आ जाओ. खुला है.

लल्लू दरवाजा धकेल क्र अंडर चला गया.

बुआ लल्लू को देख क्र शर्मा गई. उसका गाल सरम से लाल हो गया.

बुआ को सुबह की लल्लू का वो डंडा याद आ गया.

बुआ को मरे उत्तेजना को ससे बढ़ गई.

निचे से पेंटी गीली होने लगी.

बुआ- हे भगवन. ये मुझे क्या हो रहा है. ऐसा तो मेरे साथ कभी नहीं हुआ.

लल्लू- बुआ कल आप नदी मई नहाने को कह रही थी. क्या प्लान है फिर

बुआ- आज नहीं बीटा. रात सही से सो नहीं पाई तो आज थोड़ा थकावट सी है. कल पक्का चलेंगे.

लल्लू- क्या हुआ है आप को. आप कुछ बता भी तो नहीं रही. फूफा ने कुछ कहा है क्या. मुझे बता सकती है आप. मई किसी से कुछ नहीं कहूंगा

बुआ- नहीं नहीं. कोई बात नहीं है. अब मई ठीक हु. हम कल पक्का चलेंगे.

लल्लू- आज मई फ्री हु. कल मुझे कही जाना है काम से सुबह मई. आप बता रही है आज थकावट है आप को तो नदी मई नाहा क्र आप फ्रेश हो जाएंगी.

बुआ- बीटा लड़किया आई थी उन्हें मई मन क्र दिया है. वो सब नाहा चुकी है. अब मई जाउंगी तो सब रूत जाएंगे.

लल्लू- उन्हें मई फिर कभी ले जाऊंगा. आप तो पता नहीं कब चली जाओ. मई उन्हें बोल देता हु तब तक आप तैयार हो जाइये.

बुआ उठ क्र अपना कपडा लेने लगी.

लल्लू निचे आ क्र लड़कियों क कमरे मई चला गया.

लल्लू- क्या हो रहा है यहाँ.

गौरी- नाच.

लल्लू- बहुत बढ़िया. फिर सुरु करो. रुके क्यू हो.

रोमा- बड़ा आया चल क. जा जा पहले मुँह देख क्र आ अपना.

लल्लू- मई देख आया हु. तुम अपना देखो बंदरया.

रोमा- तू बन्दर..

रोमा जीभ निकल क्र लल्लू को चिढ़ाने लगी.

सोनम- रोमा गलत बात. ऐसे नहीं करते.

रोमा- सुरु किसने किया था. मैंने कुछ नहीं कहा था.

सोनम- उसने भी तुम्हे नहीं कहा था. गौरी से बात हुई थी उसकी.

मीनू- दीदी तो भाई का hi पक्ष लेती है. हमारा कभी साथ hi नहीं देती.

लल्लू- बुआ नदी मई नहाने जा रही है. आप सब मई से कौन चलेगा

गौरी- क्या… मई अभी सुबह पूछ क्र आई थी तो बुआ मन क्र दी. इस लिए हम सब नाहा लिए.

लल्लू- कोई बात नहीं. आप सब को मई फिर कभी ले चलूँगा.

फिर लल्लू वह से बुआ क पास आ गया.

बुआ तैयार थी.

लल्लू बहार आ क्र बुलेट ले क्र बुआ को पीछे बैठा नदी को चाप दिया.

थोड़ी देर मई लल्लू अपने मंजिल पर था जहा वो डेली आया करता था.

वह सारा लल्लू का hi बाग़ था तो उधर कोई नहीं आता था.

लल्लू बाग़ मई बाइक कड़ी क्र दी.

बुआ को ले क्र लल्लू नदी किनारे आ गया.

लल्लू- ये रहा अपना मंजिल. यहाँ नाहा क्र आप अपना थकावट उतर लीजिये. इधर कोई नहीं आता मेरे सिवाय इस लिए बिंदास नाहा सकते है.

बुआ कपडे को एक पैर पर वही रख दी और नदी किनारे आ क्र पानी छी क्र देखि.

पानी इस गर्मी मई भी ठंढा था.

बुआ- मजा आने वाला है.

ये अपडेट डिलीट हो गया था उसे यहाँ रिपोस्ट क्र रहा हु.
 
मर्द का बच्चा. अपडेट 54.

बुआ- बीटा ज्यादा गहरा तो नहीं है नदी.

लल्लू- नहीं बुआ डरने की कोई बात नहीं. इधर ज्यादा गहरा नहीं है नदी.

बुआ- और कोई सांप वगैरह….

लल्लू- आप बिंदास मजा ले सकती है यहाँ नहाने का.

फिर लल्लू अपना धोती खोल क्र जांघिया मई आ गया और कूद गया नदी मई.

बुआ हस्ती हुई आराम आराम से नदी मई उतर गई.

लल्लू बुआ पर पानी फेक रहा था.

दोनों एक दूसरे पर पानी फिख्ते हुए खेलने लगे.

बुआ- बहुत मजा आ रहा है. नजदीक होता तो मई डेली यहाँ आती.

लल्लू- बुआ पर पानी फेकता हुआ, मई जब भी फ्री होऊंगा तो आप को ले आऊंगा यहाँ.

बुआ लल्लू को पकड़ क्र उसे नदी मई धक्का दे दी

लल्लू नदी मई दुब गया और तैर क्र घूम क बुआ क पीछे से बहो मई उठा क्र नदी मई पटक दिया.

यु hi दोनों नदी मई मस्ती करते रहे.

कभी कभी बुआ का कपडा नदी क अपनी मई इधर उधर हो जाता जिसे बुआ झट से सही क्र लेती.

लल्लू मुसकुडता हुआ देखता रहता.

ऐसे मई कभी दोनों को नजरे मिल जाती तो दोनों शर्मा क्र एक दूसरे से नजरे छुड़ाने लगते.

दोनों काफी देर तक नहाते रहे.

बुआ- अब चले घर. बहुत देर नाहा लिए. ज्यादा नहाने से बीमार भी हो सकते है.

फिर दोनों नदी से बहार आ गए.

लल्लू का जांघिया भींगने से उसके लौड़े का पूरा आकर उसमे दिख रहा था.

बुआ चोर नजरो से उसे देख रही थी.

बुआ को ससे भरी होने लगी.

बुआ लल्लू को देखती हुई सरमाती मुस्काती नदी से बहार आ गई.

लल्लू आगे चलता हुआ पैर क पास आ गया और अपना भिनगा बदन टॉवल से पॉच क्र कपडे बदल क्र दूसरा पहनने लगा.

बुआ- जल्दी क्र मुझे भी टॉवल चाहिए. मई अपना टॉवल लाना भूल गई.

लल्लू बुआ की बात सुन क्र पलट क्र देखा तो देखता hi रह गया.

बुआ की कॉटन की साडी उसके बदन से चिपक गया था जिस से बुआ क बदन का हरेक करब बिलकुल नजर आ रहा था.

बुआ की चटिया पर तो उनका कला ब्रा बिलकुल भींगने से चमक रहा था. और पीछे से कमर से निचे का हिस्सा भी पूरा नकार आ रहा था साडी क चिपकने से.

बुआ- क्या घर रहा है. जल्दी से दे न.

लल्लू कपडा पहन क्र टॉवल बुआ को पकड़ा दिया.

बुआ टॉवल और अपना कपडा ले क्र एक नोट आम क पैर क पीछे चली गई.

वह वो पीछे से hi पहले अपना साडी खोल क्र पैर पर रख दी.

लल्लू पैर की और hi देख रहा था जिसके पीछे बुआ गई थी.

फिर बुआ अपना पेटीकोट निकल क्र पैर पर राखी.

लल्लू सोचने लगा की बुआ अभी सिर्फ अपने ब्रा और पेंटी मई होंगी.

फिर बुआ ब्रा भी पैर पर रख दी.

बुआ की बड़ी बड़ी दो दूध की टंकी हवा मई खुल रही थी.

वो भी आजाद हो क्र सुध हवा मई सैश लेता हुआ उप्पेर निचे कम्प क्र रहा था.

फिर बुआ झुक क्र अपना पेंटी भी निकल क्र पैर पर रख दी.

लल्लू क मुँह से एक आह निकल गया. जो बुआ क कानो तक जा पहुंची.

बुआ थोड़ा सा सर बहार निकल क्र.

बुआ- क्या हुआ.

लल्लू- चिति ने काट लिया.

बुआ क सर बहार निकलने से उनके उभर का थोड़ा सा हिस्सा भी दिख रहा था.

लल्लू का बाबूराव बुआ की ये क़यामत मंजर देख क्र ठुमके लगाने लगा.

फिर बुआ कपडे पहन क्र बहार आ गई.

वो सारा गिला कपडा एक पैकेट मई दाल क्र चलती हुई लल्लू क पास आ गई.

लल्लू- और कही जाना है बुआ.

बुआ- नहीं बीटा अब घर चल. लेट हो रहा है.

दोनों बाइक क पास आ गए.

बुआ- आह्हः…

लल्लू- क्या हुआ.

बुआ- लगता है कपडे मई चिति चला गया पैर पर रखने से.

बुआ अपने सरीर को मसलने लगी.

लल्लू- कहा कटा.

बुआ- w..wo..w.wo…

लल्लू- बताओ बुआ..

बुआ- कैसे कहु..

लल्लू- मुँह से कहो. और कैसे कहोगे आप. जल्दी बताओ नहीं तो फिर काट लेगा.

बुआ- wo..aahhh..

लल्लू बुआ क हाथ जहा मसल रहा था वह देख क्र वो अपने हाथ से बुआ क जांघ को सहलाने लगा.

बुआ लल्लू क हाथ को पकड़ ली.

लल्लू- मुझे देखे दो बुआ. मई nikal.deta हु.

बुआ- नहीं ये सही नहीं है. मई खुद क्र लूंगा.

लल्लू- बुआ मई आप का बीटा hi हु. कोई गैर नहीं. आप जब अभी पीछे गिर गई थी तो नलके पर तो आप का यही बीटा आप की सहायता किया था तब भी आप क कपडे अस्त वैस्ट था. आप क सरीर का काफी हिस्सा नंगा था.

बुआ- आठ.. तू बाटे मत बना मुझे पैर क पीछे जाने दे मई खुद देख लुंगी.

लल्लू- जैसा आप ठीक समझे. मई तो गैर hi हु आप क लिए न.

लल्लू हैट गया वह से.

बुआ जल्दी से पैर क पीछे चली गई.

वो वह जा क्र अपने साडी और पेटीकोट को निचे से उठा क्र अपने जंघा को नंगा क्र क झुक क्र देखने लगी.

उनके जंघा पर तीन तीन जगह लाल लाल चक्कते हो गया था चिति क काटने से.

बुआ साडी पकड़ क्र उसे अचे से हिला क्र चिति भागने की कोसिस करने लगी.

चिति तो कही दिख hi नहीं रहा था.

लल्लू- बुआ हुआ क्या. मिला चिति.

बुआ- चिति कही दिख hi नहीं रहा है.

लल्लू- अच्छे से हिला क्र जहर लीजिये कपडे को.

फिर बुआ सही से फिर से जहर क्र वह से बहार आ गई.

लल्लू- आप ठीक तो हो न बुआ.

बुआ- है बीटा, चल अब जल्दी से. घर जा क्र इस कपडे को बदल लुंगी.

लल्लू- आओ बुआ.

बुआ- आठ. लगता है अभी भी है वो.

लल्लू फिर से बाइक से उतर गया.

लल्लू- मई देखु.

लल्लू बुआ क चेहरे को देखने लगा.

बुआ- नहीं जल्दी घर चलो.

लल्लू फिर से बाइक पर बैठ गया.

फिर दोनों घर को चल दिए.

घर आ क्र बुआ जल्दी से अपने कमरे मई चली गई.

वह वो जल्दी जल्दी अपने सरे कपडे खोल क्र फेक दी.

फिर जहा जहा चिति ने कटा था वह पर पाउडर लगा क्र रैक क पास पहुंची.

बुआ रैक से दूसरे कपडे निकल क्र पहन लिए.

लल्लू घर आ क्र पार्किंग मई बाइक कड़ी करने क बाद आँगन मई आ गया. सारा गीला कपडा शालिनी काकी को थमा दिया.

लल्लू- काकी ये बुआ का और मेरा गिला कपडा होगा इस मई. इसे जरा धुप मई दाल देना.

फिर लल्लू अपने रूम मई चला गया. वह सोनम बीएड पर धुला हुआ चादर दाल रही थी.

सोनम- रात मई कहा थे तुम.

लल्लू- दी, रात मई छत पर सो गया था. यहाँ नींद hi नहीं आ रहा था.

फिर लल्लू कपडे ले क्र वाशरूम चला गया जहा कपडा पहन क्र बहार आ गया.

सोनम- कही जा रहा है क्या.

लल्लू- है दी. आज से खेत मई काम करना है मुझे. उसी काम से बहार जा रहा हु.

सोनम- अरे वह तू अब खेत मई काम करेगा. किशन बनेगा तू.

लल्लू- क्यू मई क्या किशन नहीं बन सकता

सोनम- क्यू नहीं बन सकता. ये तो अच्छी बात है.

लल्लू- अच्छा मई चलता हु. साम तक आऊंगा.

फिर लल्लू बहार आ क्र रसोई मई चला गया.

वह रागिनी खाना बना रही थी.

लल्लू- काकी कोई खाने को दे दो जल्दी से. मुझे बहार जाना है.

रागिनी- बहार बैठ मई अभी लती हु.

लल्लू बहार आ क्र खटिये पर बैठ गया.

थोड़ी देर मई रागिनी एक थाली मई खाना ले क्र आ गई.

रागिनी- कहा जा रहा है.

लल्लू- खेत की मिटटी की जाँच करवाने अपने ब्लॉक ऑफिस जाना है.

क्यू कोई काम था क्या.

रागिनी- आएगा कब.

लल्लू- पता नहीं वह कितना समय लगेगा.

रागिनी- घर का कुछ सामान लाना है.

लल्लू- लिस्ट बना लीजिये. दीदी को कहियेगा मुझे मस्सगे क्र देगी. मौका लगा तो आज hi ले लूंगा उधर से नहीं तो कल चला जाऊंगा.

रागिनी- कल hi चलना. मुझे थोड़ा काम भी है तो मई भी चलूंगी.

लल्लू खाना खता हुआ है क्र दिया.

फिर खाना खा क्र लल्लू दालान पर आ गया.

लल्लू- दादू छोटे काका खेत की मिटटी कहा रखवाए है.

दादू ने वो पैकेट्स दिखा दिया.

वह छोटा छोटा चार पैकेट रखा हुआ था जिस मई लबले लगा हुआ था की ये कहा की मिटटी है.

लल्लू उन सभी पैकेट को ले क्र गारी मई रख लिया फिर गारी मई बैठ क्र चल दिया पाने ब्लॉक को.

वह पहुंच क्र पहले पता किया की ये मिटटी का जाँच कहा होता है.

फिर लल्लू ऑफिस जा क्र वह पर मिट्ठी जाँच केंद्र का लैब किस और है ये पता किया.

वह से निकल क्र लल्लू लैब मई चला गया वह वो चारो पैकेट्स जमा करा दिया.

पीटर दूसरे दिन सुबह फिर से आ गया पुरातत्व ऑफिस.

वो अधेड़ पहले hi आ गया था. उसी क कार से दोनों चल दिए. अधेड़ क गुरु क ऑफिस.

दोनों उस सिटी से बहार आ गए. आगे एक रेस्ट्रेक्टेड एरिया मई वो पहुंचे.

वह अत्याधुनिक गन क साथ गार्ड्स जगह जगह पहरा दे रहे थे.

दोनों का अच्छी तरह से जाँच किया गया और फिर पैदल hi आगे जाने को कहा.

वह कार एक और कड़ी क्र दोनों वह से पैदल hi चल दिए.

लगभग 1 कम पैदल चलने क बाद उनलोगो का मंजिल आया.

एक फार्महाउस टाइप जगह था.

वह भी जगह जगह गार्ड्स हाथो मई गन लिए हुए पहरा दे रहे थे.

दोनों अंडर आ गए. वह एक गार्ड था जो दोनों को ले क्र एक और चल दिया.

वो एक कमरे क आगे जा क्र रुक गया.

दोनों उस कमरे मई प्रवेश क्र गया.

वह व्हील चेयर पर एक बुधबैठा था जिसके सर पर एक भी बाल नहीं थे.

देखने पर अभी भी बड़ा रौबदार लग रहा था.

बूढ़ा- आओ आओ, जैक. क्या ये वही है जिसके बारे मई तुमने कल कहा था.

वो adher(jack)- जी गुरु जी, ये वही है. इसे hi अपने खेत मई मिला था.

बूढ़ा- दिखाओ.

पीटर अपने जेब से निकल क्र वो पत्ता दे दिया.

वो बूढ़ा अपने चश्मे को एक और रख क्र एक गिलास उठा लिया और उस से देखने लगा.

उस से काम नहीं बना तो वो चेयर से उठ क्र वही पास मई रखे माइक्रोस्कोप मशीन क पास गया फिर उस मई देखने लगा.

काफी देर देखने क बाद वो वह से आ क्र अपने चेयर पर बैठ गया और आँखे बंद क्र कुछ सोचने लगा.

बूढ़ा- ये किस चीज मई था. वो कहा है.

पीटर- वो तो मैंने फेक दिया.

बूढ़ा- मुझे नहीं लगता तुम इतने बेवकूफ होंगे. वो कहा है.

बूढ़ा गुर्रा क्र बोलै.

उसकी आवाज ऐसा था की पीटर को अपने रीढ़ को हड्डी मई सिहरन महसूस हो रहा था.

पीटर- w..wo..wo मैंने सुच मई फेक दिया. ये जिस मई था वो सारा हुआ था. इसी लिए मैंने उसे फेक दिया.

बूढ़ा- वो मुझे चाहिए.

बूढ़ा एक बेल्ल दबाया.

कमरे मई एक गार्ड आ गया.

बूढ़ा- इसके साथ चले जाओ. ये कुछ देगा वो लेते आओ. साथ मई इसे भी.

पीटर- W..wo.. ma..mai मई अभी नहीं ला सकता..

बूढ़ा- कहा मिला ये तुम्हे. ये तुम्हारे खेत मई नहीं था. राइट…

पीटर- जी..

बुद्धा- उसके बिना कुछ भी बता पाना मुश्किल है. उसे ले क्र आओ. तभी कुछ पता चलेगा.

कल वो ले क्र आ जाना इसी समय.

जैक उठ गया. उसे देख क्र पीटर भी उठ खड़ा हो गया.

दोनों वह से बहार आ गया.

बूढ़ा अपने गार्ड से.

इन दोनों पर नजर रखो. जैसे hi उसे वो part मिले दोनों को ख़त्म क्र देना और वो part ले क्र आ जाना.

गार्ड सर झुका क्र बहार चला गया.

थोड़ी देर मई दोनों गेट क बहार अपने कार मई थे.

जैक गारी चलता हुआ वापस अपने सहर आ रहा था.

जैक- अब क्या करना है.

पीटर - मई वो ले क्र आऊंगा फिर चलेंगे.

जैक- जल्दी ले क्र आना.

पीटर सर हिला दिया.

जैक पीटर को सहर मई उतर क्र आगे बढ़ गया.

पीटर अपने सहर की बस पकड़ ली.

घर आते आते साम हो गया था पीटर को.

उसके पीछे पीछे एक कार पीटर क घर तक आ गया था जिसे पीटर नहीं देखा.

रात पीटर वही अपने कमरे मई दारू पि क्र बिताया.

सुबह उठ क्र सबेरे hi पीटर इस टनल की खुदाई जहा होता था वह चला गया.

वह पहुंच क्र पीटर अंडर चला गया.

एक आदमी- पीटर दो दिन से कहा थे तुम.

पीटर- मेरा तबियत ख़राब हो गया था.

फिर पीटर निचे टनल मई चला गया अपना फॉर ले क्र.

वो आदमी एक गार्ड से.

इस पीटर पर नजर रखो. हमे सूचक है की ये झूठ बोल रहा है.

पीटर निचे टनल मई सोच रहा था की उस वस्तु को बहार कैसे लाया जय. जो की बहुत मुश्किल काम था.

पीटर वाशरूम मई जा क्र देखा तो वो अभी वही रखा था.

पीटर उसे ले क्र अपने कपडे मई छुपा लिया.

पीटर पुरे दिन सोचता रहा की क्या करे कैसे वो उस को टनल से बहार लाये.

फिर उसने एक ऐसे जगह का चुनाव किया जहा कोई कैमरा नहीं था और ज्यादा मजदुर भी नहीं था उधर.

पीटर उधर hi जा क्र खुदाई करने लगा फिर अपने फाब्रा का हत्था निकल लिया जो की एक हार्ड प्लास्टिक का tha.lekin अंडर से खोखला था.

पीटर उस खोखले हिस्से मई निचे से उस धातु को घुसा दिया.

बिलकुल फिट हो गया वो उस मई.

पीटर एक गहरी सास लिया.

अब मुमकिन है गार्ड्स को पता नहीं चलेगा.

वो छूती क समय तक काम करता रहा.

छूती क समय वो अपना फॉर ले क्र बहार आ गया लेकिन गार्ड्स उसे जाँच किया और उसे कुछ नहीं मिला.

पीटर वह से निकल क्र एक और चल दिया.

वह क गार्ड क सुपरवाइजर को सूचक हो गया. वो भी पीटर क पीछे चल दिया.

पीटर को सूचक हो गया की कोई उसका पीछा करता आ रहा है.

पीटर वह से दौर पड़ा.

वो जल्द से जल्द वह से निकल जाना चाहता था.

लेकिन पीटर को दौरता देख क्र सुपरवाइजर ने आगे वाक़ितालकी पर सन्देश भेज दिया.

फिर क्या था वह पीटर क पीछे 6-7 गार्ड्स लग गए.

अंत मई पीटर उन लोगो क हट्टे चढ़ hi गया.

गार्ड्स पकड़ क्र सब से पहले उसके पेअर मई गोली मर दी.

पीटर दर्द से चिल्लाने लगा.

g.superv- बताओ क्या ले क्र भाग रहे थे.

वो पीटर क पुरे सरीर का जाँच करने क बाद पूछा जब पीटर क पास से कुछ नहीं मिला.

पीटर- k..ku..kuch n..na.nahi..

पीटर कराहता हुआ बोलै.

G.superv- बताये हो या दूसरा गोली तेरे भेजे मई उतारू.

पीटर- m.mai s..such कह रहा हु. कुछ नहीं है मेरे पास.

सुपरवाइजर पीटर क जख्मी पेअर को अपने पेअर से दबा क्र मशाल दिया.

पीटर दर्द से बिलबिला उठा.

सुपरवाइजर- बता क्या ले क्र भाग रहा था. नहीं तो ऐसी मौत दूंगा की तेरी रूह कम्प उठेगी.

जाओ रे इसके हाथ मई फाबड़ा था वो देखो कहा है.

सभी गार्ड्स इधर उधर फ़ैल क्र ढूंढने लगे फाब्डे को.

पीटर सुपरवाइजर क पैरो मई पार्द से तड़पता पड़ा हुआ था.

थोड़ी देर मई एक गार्ड गन्दा ले क्र आ गया.

फिर सुपरवाइजर ने उसका भी जाँच किया तब उस फाब्डे मई निचे से वो पीतल का धातु मिल गया.

सुपरवाइजर- तो ये ले क्र भाग रहा था. और क्या ले गया है तू यहाँ से.

तभी एक बेआवाज गोली आ क्र सुपरवाइजर क भेजे को तरभुज की तरह खिल खिल ुरता निकल गया.

सुपरवाइजर का बेजान सरीर जमीं पर गिर गया.

सरे गॉर्डस चौकन्ने हो गए.

उस गार्ड्स क सुपरवाइजर क हाथ से वो पीतल का धातु निकल क्र लुढ़क गया.

तभी दो और गोली आ क्र दो गार्ड्स को सुला दिया.

बांकी क गार्ड्स इधर उधर गोली चलने लगे बिना किसी को देखे.

तभी दो गोली और चली और दो गार्ड सहीद हो गया.

अब वह कुल तीन गार्ड और निचे पड़ा हुआ पीटर कराह रहा था.

कुछ छान बाद फिर एक बार एक क बाद एक तीन गोली आई और तीनो गार्ड हमसे क लिए सो गए.

तभी पेरो क यह से दो लोग काळा लिबाश मई मुँह पर मास्क लगाए आये और उस पीतल क धातु को उठा क्र उसे उलट पुलट क्र देखा.

फिर एक बार पीटर को देख क्र बोलै.

"क्या यही है वो जिसे लेने तुम आये थे."

पीटर उसका मुँह देखने लगा.

" अबे चूतिये तुम कल जिस पुरातत्व वाले क पास कल गए थे मई उसकी बात क्र रहा हु. क्या तुम यही लेने आये थे."

उन नकाबपोश मई से एक बोलै.

पीटर सर हिला दिया.

" इसके अलावा भी कुछ है क्या."

पीटर ने फिर इंकार मई गर्दन हिला दिया.

तभी उस नकाबपोश ने एक गोली पीटर क भेजे मई भी उतर दिया.

फिर वो दोनों नकाबपोश वह से उन पेरो क झुण्ड मई गायब हो गए.

इधर लल्लू लैब से मिटटी टेस्ट करा क्र उसका रिपोर्ट ले क्र आ गया.

गारी शादी मई लगा क्र वो दालान पर आया तो छोटे काका भी खेत से आ गए थे.

काका- क्या रहा बीटा. हो गया टेस्ट क्या.

लल्लू- बिलकुल हो गया काका.

काका- फिर आगे क्या प्लान है.

लल्लू- फ़िलहाल तो फ्रेश हो क्र खाना खाने का प्लान है काका.

काका- बुरबक, मई खेत की बात क्र रहा हु.

लल्लू- अभी कुछ नहीं बनाया है. रात मई सब आ जाएंगे फिर बात करते है.

दादू- बिलकुल सही बात है.

फिर लल्लू वह से आँगन आ गया.

कमरे मई जा क्र कपडे बदल क्र फ्रेश होने चला गया.

लल्लू जैसे hi वाशरूम का गेट खोला की हैंग हो गया.

अंडर कोई पूरी नंगी कड़ी नाहा रही थी.

उसकी गोलाई लिए हुए बहार को निकली गांड दरवाजे की और था.

लल्लू चेहरा नहीं देख पाया लेकिन जो भी था कमल था.

उप्पेर सर पर गिरता पानी जो इस संगमरमरी बदन पर फिशलता हुआ निचे तक आ रहा था.

लल्लू तो ठगा खड़ा रह गया वह.

वो जो कोई भी थी नहाती हुई घूम गई और लल्लू की नजर सीधा उसके स्वर क द्वार पर गया जो घने जंगल से बंद था गहरी खाई जैसी नाभि चिकनी पेट और उस से उप्पेर दो अनमोल दसहरी आम जिस क उप्पेर पिंक किसमिश.

लल्लू तो उन ामो मई hi खोया था की तभी उस लड़की की नजर लल्लू पर पद गई.

भईई…

लल्लू हड़बड़ा क्र देखा तो ओह्ह्ह्ह…. ये क्या…
 
मर्द का बच्चा. अपडेट 57.

रोमा- भाई आज जो कुछ सोल्लगे मई हुआ है वो घर मई मत बताना किसी को नहीं तो सब हम लोगो का पढाई बंद क्र देंगे.

लल्लू- दीदी मई तो खुद यही कहने वाला था आप से.

फिर तीनो गारी से निकल क्र सारा सामान निकल लिए.

दोनों बहने सरे कपड़ो का पैकेट्स ले क्र चली गई.

लल्लू घर का सामान ले क्र पीछे से आ गया.

लल्लू- ये लो काकी. सारा सामान ले आया हु. एक बार देख लेना कुछ छूटा तो नहीं.

रागिनी- ठीक है बीटा.

फिर लल्लू अपने कमरे मई चला गया. वह जा क्र फ्रेश हुआ और फिर बीएड पर लेट क्र आज की घटनाओ क बारे मई सोचने लगा.

आज काफी कुछ हो गया था लेकिन ये लास्ट मई गोली किसने चलाई.

क्या वो सौरभ क भेजे हुए गुंडों का काम था या फिर उस दारू क ठेके वाले का.

अगर इसे जल्दी सोल्वे नहीं क्या तो आगे ये कभी ज्यादा hi नुकशान न क्र जाइये.

लल्लू आँखे बंद किये सोच hi रहा था की तभी सोनम और कोमल क साथ रानी गौरी सभी दौड़ती हुई रूम मई आई.

सोनम- भाई कहा चोट लगी है दिखा मुझे. कपडे हटा जल्दी दिखा. ज्यादा तो नहीं लगी है न.

सोनम बोलती भी जा रही थी और उसके आँखों से आँशु भी निकल रहे थे.

कोमल तो बस सिसक सिसक क्र रोये जा रही थी.

लल्लू घबरा क्र उठ बैठा.

लल्लू- किस ने क्या कह दिया आप को. मई तो बिलकुल भला चंगा हु. मुझे क्या हुआ है.

Gauri,Rani और सोनम साथ मई hi बोल पड़ी

" रोमा बता रही थी की सोल्लगे मई झगड़ा हो गया था तेरा."

लल्लू- क्या… रोमा दीदी ऐसे कैसे झूट बोल सकती है मेरे बारे मई. दी मुझे चोट लगा होता तो कही टुटा फूटा तो होता न. और मई क्या ऐसे मजे से लेता होता. आप सब भी न. आप सब को उल्लू बना दिया है रोमा दी ने.

सोनम- झूठ मत बोल. रोमा झूठ बोल देती लेकिन मीनू कभी झूठ नहीं बोलती है. उसने मेरी कसम खा क्र कहा है.

लल्लू- दी सब से पहले तो आप सब रोना बंद करो.

लल्लू निचे उतर क्र गौरी और कोमल को अपने दोनों हाथो से अपने दोनों और से चिपका लिया

लल्लू- आप सब ऐसे कैसे बच्चो की तरह रोने लगती हो. मई बिलकुल ठीक हु. कुछ नहीं हुआ है मुझे. बस मामूली सा झगड़ा था.

कोमल- हिचकिया लेती हुई.

T..to d..di..kh.ata क्यू na..nahi ka.kah.a लगी है.

लल्लू अपना t-shirt खोल दिया. फिर बनियान भी खोल दिया.

लल्लू- लो देखो कहा लगा है मुझे चोट देखो.

चोट लगा तो था कई जगह लेकिन टैटू क कमल से सरे जखम भर गए.

सभी बहने लल्लू क बॉडी और उस पर चमकता ब्लैक टैटू को निहार रही थी.

गौरी तो खो hi गई थी लल्लू को देखने मई.

लल्लू क सब से नजदीक वही थी अभी. गौरी आगे बढ़ क्र लल्लू क सिले से लग गई.

गौरी- सोनम से, दीदी कोई लोचा तो है. मन की भाई क सरीर पर कोई जख्म नहीं है लेकिन रोमा और मीनू भी झूठ नहीं बोल रही है. और रहा सौरभ की बात तो ये तो आप सब को भी पता होगा उसके बारे मई.

सोनम- भाई मुझे सुच सुच बता. वह क्या हुआ था.

लल्लू फिर सब को ले क्र बहनो वाले रूम मई hi आ गया.

लल्लू- मीनू दी चाय बना लाओ न प्लस..

मीनू मुसकुडती हुई चाय बनाने चली गई लल्लू क गाल को गिला करती.

सोनम लल्लू को पकड़ क्र बीएड पर बैठ गई. कोमल आ क्र भाई क कंधे पर सर रख क्र बैठ गई.

रानी कुर्सी पर बैठ गई. रोमा पहले से hi एक कुर्सी पर बैठी थी.

गौरी इधर उधर देख क्र बीएड पर चढ़ गई और लल्लू क गॉड मई सर रख क्र लेट गई.

गौरी- भाई अब सुरु करो. क्या हुआ था वह.

फिर लल्लू सुरु से लेकर लास्ट तक जो भी हुआ सब कुछ अपने बहनो को बता दिया.

पूरी कहानी सुन्न क्र एक बार फिर से सभी क आँखों मई आँशु आ गए.

सोनम तो बिच बिच मई लल्लू क चेहरे को सहलाती चूमती जाती थी.

कोमल कंधे पर सर रखे अपने दोनों हाथो से भाई क एक हाथ को काश क्र पकड़ राखी थी. जैसे अगर हाथ छूट गया तो कही लल्लू भाग न जय.

कोमल- भाई अगर तुम्हे कुछ हो जाता तो हमारा क्या होता

गौरी- भाई हम सब तो वैसे hi मर जाते. तुम हम सब को छोड़ क्र एक बार चले गए थे तो हम कैसे जिए है उस बिच ये हम hi को पता है. प्लस आगे से ऐसा कोई काम तुम नहीं करोगे ये वडा करो हम से.

लल्लू- मेरे जिन्दा रहते कोई मेरे बहन क बारे मई कुछ बुरा बोल दे और मई चुप चाप सुन्न लू तो फिर ऐसे जीने से क्या फायदा. इस से अच्छा तो मौत hi भली है दी.

तभी कोमल एक थप्पड़ लगा दी.

कोमल- रोटी हुई, कितनी बार इस बात क लिए मेरे से मर खा चूका है. तुम्हे एक खरोच भी आता है तो मुझे कितनी तकलीफ होती है तुम्हे पता भी. आज भी दिन मई मेरी तबियत ख़राब हो गयी थी. तभी तो तुम लोगो क आने क बाद हम ने मीनू और रोमा से पूछा था तुम्हारे बारे.

सोनम- है भाई, तुम्हारे साथ कुछ होता है तो यहाँ इस पगली का भी तबियत ख़राब हो जाता है. तभी हमे सूचक हुआ था की कुछ गड़बड़ हुआ है.

लल्लू- अब आप सब बिलकुल मत रोइये. मई बिलकुल ठीक हु और उम्मीद है 6 महीने तक सौरभ भी ठीक हो hi जाएगा

गौरी- मई तो छोडूंगी नहीं उस बहन क टक्के को.

लल्लू- ताली बजता हुआ, वाओ क्या गली देती है मेरी दीदी.

गौरी- चुप क्र. मई तेरी दीदी नहीं हु.

रोमा- तो क्या बीबी है. वैसे hi भाई दीदी को बीबी बनाने मई चैंपियन है.

लल्लू तो रोमा की बात सुन क्र सन्न रह गया.

वो डरने लगा की कही यहाँ इस सभा मई न कुछ बोल दे.

तभी मीनू चाय बना क्र ले आई.

लल्लू- थैंक्स दीदी. लो बहनो चाय आ गया अपना.

लल्लू बात बदलता हुआ जल्दी से चाय उठता हुआ बोलै.

लल्लू- अब आप ठीक हो न दी.

लल्लू एक हाथ से कोमल क गाल को सहलाता बोलै.

गौरी- कभी मुझ से भी पूछ लिया क्र.

गौरी कोमल क बोलने से पहले बोली.

हरिद्वार, एक विदेशियों का टीम जिस मई औरत मर्द सभी थे. हरिवर क रमणीय स्थल का मजा लेते हुए भटक रहे थे.

कोई अपना विदेशी भेष भूषा मई तो कोई यहाँ क गेरहवा ड्रेस मई जो साधु बाबा लोग पहनते है.

उसी ग्रुप मई हमारी वो भी थी क्या नाम था उसका…... इसाबेल्ला…

वो भी ऑरेंज कलर का चोला पहले एक कैर्री बैग लटकाये उन सभी क साथ गले मई एक कैमरा लिए घूम घूम क्र पिछ निकल रही थी.

तभी वह दो छोटे बचे खेलते दिखे. जो वैसे hi ऑरेंज चोला पहने हुए थे. दोनों बचो मई से एक छोटा सा तीर धनुष बना क्र कंधे पर तंग रखा था और एक बचा जो उस से एक दो साल छोटा होगा वो अपना गाल फुलाए हुए हाथ मई गदा लिए प्लास्टिक का वो भगवन राम और हनुमान का नक़ल क्र रहा था.

इसाबेल्ला कौतहल से उन दोनों बच्चो का कई पिछ खींच लिया

फिर उन दोनों बच्चो क पास आ क्र अपने कैर्री बैग से कुछ चॉकलेट निकल क्र उन्हें खाने को दिया

तभी वह से एक साधुओ का टोली जय चंडी देवी, जय मंशा देवी का उद्घोष करता हुआ गुजरा.

इसाबेल्ला उन साधु बाबाओ का भी पिछ निकलने लगी तभी एक बाबा टोली से निकल क्र इसाबेल्ला क पास आ गए.

बाबा- ये क्या पुत्री तुम यहाँ हो मई तुम्हे कन्याकुमारी से ढूंढता हुआ आ रहा हु.

इसाबेल्ला बाबा की बात सुन क्र चौक गयी.

बल्ला- सूर्य्य बूत व्हाई… हम तो कभी मिले भी नहीं है. मई आप को जानती नहीं फिर आप मुझे क्यू धुंध रहे है

बाबा- ककी तुम खाश हो मेरी बच्ची. यहाँ से फुर्सत मिल जय तो कल सुबह मुझे माँ चंडी देवी मंदिर मई मिलना.

फिर वो बाबा वह से अपने टोली की और चले गए इसाबेल्ला को सुरप्रीसेड छोड़ क्र.

इसाबेल्ला तो हाथ मई कैमरा पकडे वैसे hi कड़ी रह गई.

" व्हाट हप्पेनेड बल्ला."

इसाबेल्ला- No...no. let's जो.

फिर ये लोग भी वह आस पास सैर क्र क अपने होटल आ गए.

होटल आ क्र इसाबेल्ला उस साधु बाबा क कहे बात को hi सोच रही थी की कल उसे मंदिर जाना चाहिए या नहीं.

फिर कल की बात कल पर ताल क्र इसाबेल्ला अपने ग्रुप मई जा क्र साम की आरती देखने जाने की बात करने लगी.

इधर यहाँ टुन्नाल का खुदाई का काम तो चल hi रहा था लेकिन आज उन सब का बॉस भी वह आया हुआ था और वो इस वक्त टुन्नाल खुदाई क इंचार्ज क ऑफिस मई बैठा कंप्यूटर पर गार्ड्स क हत्या का फुटेज देख रहा था.

सब कुछ साफ दिख रहा था. वह आस पास पेरी पर कई हिडन सीएएम लगे थे. जिन मई ये सारा वाक्य सूट हो गया था.

वो बॉस इन फुटेज को देख क्र तुरंत गन निकल क्र अपने इंचार्ज को गोली मर दी.

बॉस- हरामखोर किसी काम का नहीं है. इतनी बड़ी वारदात हो गया और इसे पता तक नहीं चला.

अपने पर्सनल सिक्योरिटी क हेड को देख क्र.

बॉस- आज से यहाँ का सारा काम तुम देखोगे और मुझे ये दोनों नकाबपोश जिन्दा चाहिए. साथ hi ये जो कुछ भी हमारे गार्ड्स को मर क्र ले गए है वो भी.

सिक्योरिटी हेड अपना सर हिला क्र सहमति दे देता है और निकल जाता है अपने मिशन पर.

अपनी बहनो को मन क्र लल्लू चाय पि क्र आँगन मई आ गया.

घर की सभी लेडीज वही आँगन मई बैठी हुई बाटे क्र रही थी.

आँगन मई बुआ भी बैठी हुई थी. लल्लू बुआ को देख क्र सर पर हाथ मरता वापस अपने कमरे मई चला गया और वह अपना मोबाइल निकल क्र बाजार मई शॉप वाले अंकल को कॉल लगा दिया.

दो रिंग मई hi अंकल ने कॉल उठा ली.

अंकल- कहो बेटे कैसे याद किया आज.

लल्लू- अंकल आज आप की थोड़ी सी हेल्प चाहिए था.

अंकल- कहो कहो. ये तो बहुत अच्छी बात है. इस मई संकोच कैसा. क्या हेल्प चाहिए.

लल्लू- अंकल आज मई बाजार आया था लेकिन जल्दी जल्दी मई मैं एक सामान लेना भूल गया क्या आप वो ले क्र यहाँ मेरे घर भेजवा देंगे.

अंकल- ये भी कोई कहने की बात है. बताओ क्या भेजना है. मई अभी अपने लड़के को भेजता हु.

लल्लू- अंकल मुझे एक एक चाहिए बुआ क कमरे मई लगवाना है. बाजार मई कुछ ऐसा उलझ गया आज की ये दिमाग से hi निकल गया.

अंकल- है अभी मई आया हु शॉप पर तो तुम्हारी बहन बता रही थी की सोल्लगे मई तुम्हारी लड़ाई हो गई थी. ऐसा कोई बात हो तो एक कॉल कर दिया करो बीटा. खुद लड़ने की कोई जरुरत नहीं है.

लल्लू- नहीं नहीं अंकल. अब वो लोग फिर कभी किसी को पदेशन नहीं करेंगे. आप बस ये एक वाला काम क्र दीजिये प्लस.

अंकल- तुम बेफिक्र रहो बीटा. एक घंटे मई पहुंच रहा है तुम्हारे यहाँ.

फिर लल्लू कॉल कट क्र आँगन मई आ गया और अपने बुआ क गॉड मई सर रख क्र लेट गया.

लल्लू- कैसी है मेरी बुआ.

बुआ- मई तो बहुत अच्छी हु. तू बता कब आया बाजार से.

लल्लू- अभी थोड़ी देर पहले आया हु.

रागिनी- वह क्या प्यार है. बीटा बुआ कुछ दिनों मई चली जाएगी तो फिर यही काकी और माँ रहेगी यहाँ.

लल्लू- तो आप को क्या पड़ेशानी है. मई सर बुआ क गॉड मई रखा है और बोझ आप को लग रहा है.

रागिनी- देख रही हो काजल अपने बेटे को.

लल्लू- अभी तो मई सिर्फ बुआ का hi बीटा हु. अभी जिसे भी कुछ बोलना हो तो मेरी इसी माँ को बोलना.

बुआ तो लल्लू क मुँह से माँ सुन क्र hi उसकी आँखे भर आई.

बुआ झुक क्र लल्लू क चेहरे को किसी से पूरा गिला क्र दी.

बुआ लल्लू क सर को अपने हाथ से पकड़ क्र अपने से चिपका ली.

बहुत प्यार आ रहा था बुआ को लल्लू पर.

ऐसा लग रहा था जैसे आज बरसो की सुनी गॉड उनकी भर गई हो.

माँ और काकी बुआ का ऐसा बिहेवियर देख क्र उनको अच्छा भी लगा और बुरा भी.

अच्छा इस लिए की बुआ खुस है और बुरा इस लिए की बुआ का अपना कोई संतान नहीं था.

शालिनी- आज बाजार गया था तो अपनी इस नयी माँ क लिए कुछ लाया भी है या बस खली झूठा प्यार hi दिखा रहा है.

बुआ- नहीं बीटा, मुझे तेरा ये अनमोल प्यार क सिबा और कुछ भी नहीं चाहिए.

लल्लू- फ़िलहाल खाने क लिए तीखा चटपटा पानी पूरी लाया हु. और बांकी कुछ की बात है तो वो सरप्राइज है जो एक दो घंटे मई पता चलेगा.

ऋतू- वह दीक्षा तुम्हारे आने क बाद से hi ये बड़ा हुआ है. नहीं तो हम सब को बहुत फिक्र होती थी इसे देख क्र. देख ने आज इसे ये भी पता हो गया की सरप्राइज भी दिया जाता है.

बुआ- नजर न लगे मेरे बचे को. ये है hi बहुत प्यारा.

बुआ अपने आँखों से काजल ले क्र लल्लू क कण क पीछे लगाती बोली.

लल्लू- काकी आप सब को तो मई हमेशा बच्चा hi नजर आता हु.

काजल- सही कहा, तू तो अब भी मेरे लिए मेरा वही छोटा सा नटखट बीटा है.

शालिनी- जो ये नहीं देखता था की काजल कहा बैठी है कितने लोगो क साथ है. बस दौर क्र आता था और ब्लाउज खोलना चालू क्र देता था खुद क छोटे छोटे हाथो से

लल्लू शर्मा क्र बुआ क गॉड मई मुँह छुपा लिया

रागिनी- अब भूख लगे तो अपने नयी माँ का दूध पीना.

बुआ- भाभी बस करो. क्या बोलती हो. बच्चा है यहाँ.

रागिनी- तो इसी लिए तो बोल रही हु तुम्हारे बच्चे को. क्या हो जाएगा पीला देना दूध.

बुआ- आप क बड़े है मेरे से. आप मई ज्यादा आते होंगे.

रागिनी- पहले आते थे. अब नहीं आते इन मई.

बुआ- हुड्ड है. यहाँ बीटा बैठा है फिर भी सरम नहीं है. बिलकुल पागल हो गई है.

ऋतू- अरे कोई गैर थोड़े है. अपना hi बीटा है ये. इस से क्या सर्मना.

बुआ- प्लस ये टॉपिक बंद कीजिये आप लोग. मुझे अच्छा नहीं लगता

काजल- अच्छा अब कोई मेरी प्यारी ननद को तंग मत करो.

तभी बहार हॉर्न बजने की आवाज आई.

लल्लू वह से उठ क्र बहार आया तो अंकल एक भेजे थे.

लल्लू- वह, अंकल भेज भी दिए. आप सब का बहुत धन्यवाद् भाई.

दो लड़का आया था ले क्र. साथ मई अंकल का लड़का भी आया था.

अंकल का लड़का- नमस्ते भैया. मेरा नाम राहुल है. ये आप ने सायद पिता जी को एक क लिए बोले थे वही भेजे है.

लल्लू- पहली बात आप मुझे ऐसे सर्मिन्दा न करे. मई आप से छोटा हु. आप का छोटा भाई हु. मेरा नाम ललित है. मई बाजार तो गया था आज लेकिन किसी और काम मई उलझ क्र एक लेना भूल गया. घर आ क्र मुझे याद आया तो मैंने अंकल को कास्ट दे दिया.

वैसे अच्छा hi हुआ. इसी बहाने आप आ तो गए.

राहुल- है ये बात तो है.

फिर राहुल दोनों लड़को को एक गाड़ी से निकलने को बोलै.

लल्लू उन लोगो को ले क्र दालान पर आ गया.

लल्लू- आप सब यहाँ बैठिये. मई अभी आया दो मिनट मई.

लल्लू आँगन आ क्र सब को गेस्ट क बारे मई बता दिया. और उनके चाय नास्ते क लिए भी बोल दिया.

लल्लू तब तक कोल्ड्रिंक उन तीनो क लिए ले आया घर से.

राहुल- ललित भाई ये सब करने की क्या जरुरत है. आप बस ये कहा लगाना है ये बता दो. साम हो गया है. फिट करने मई भी समय लगेगा.

लल्लू- बस ये पि क्र आप सब चलिए.

फिर लल्लू उन्हें सामान क साथ ले क्र आँगन मई आ गया.

ऋतू- ये मेरी प्यारी बुआ क लिए एक आया है.

सब एक साथ- क्या..

लल्लू- बुआ को एक का आदत है और यहाँ एक था नहीं. बुआ को यहाँ पड़ेशानी होती थी. इसी लिए ले लिया.

बुआ- नहीं नहीं. इसे तू अपने कमरे मई लगा ले. मुझे कोई पड़ेशानी नहीं है.

गौरी- भाई कभी हम सब क लिए भी ला दो न प्लस.

बुआ- ले यही लगा दे इन लोगो क कमरे मई.

लल्लू- बुआ हम सब को इसका आदत नहीं है. हमरा और तबियत hi ख़राब हो जाएगा. ये मई आप क लिए लाया है और आप क कमरे मई hi लगेगा.

चलो भाई फर्स्ट फ्लोर पर बुआ का कमरा है.

बुआ- अरे सुन्न. ऐसा क्र इसे तू अपने कमरे मई लगा ले. मई जब तक रहूंगी वही सो जिऊंगी.

रागिनी- है ये सही है. तू अपने कमरे मई लगा ले.

ऋतू- सही कह रही है दीक्षा. तू अपने कमरे मई hi लगा ले. वही अभी सो जाएगी और बाद मई भी इसका उसे होता रहेगा. वह फर्स्ट फ्लोर पर लगाएगा तो दीक्षा क जाने क बाद वो ऐसे hi रह जाएगा.

लल्लू- काकी, उसके बाद भाभी उस कमरे मई सिफत हो जाएगी.

शालिनी- नहीं नहीं. निचे hi लगा. बहु क कमरे मई दूसरा लगा देना.

Lallu-lekin…

बुआ- कोई लेकिन वेकिन नहीं. चल निचे अपने कमरे मई लगा.

बुआ लल्लू की बात काट क्र बोली.

फिर लल्लू उन लोगो को अपना कमरा दिखा दिया.

सेटिंग क बाद लल्लू उन को ले क्र दालान पर आ गया.

तभी वह ऋतू सब क लिए नास्ता ले आई.

राहुल- अरे इसकी क्या जरुरत थी. मई कौन सा मेहमान हु.

लल्लू- अब सब डेली थोड़े न आते है. हमारे लिए मेहमान hi है आप. शॉप पर जाते है तो अंकल हमारे लिए क्या नहीं करते है.

राहुल- ऐसा कोई बात नहीं है.

लल्लू- राहुल भाई इसके कितने पैसे देने है. वैसे राहुल भाई आप क्या करते हो.

राहुल- हमारा एक अलग शॉप है. कभी आना वह पर. और इसके पेमेंट का तुम जब भी पापा से मिलो तो उनसे hi बात करना. मुझे तो मन किये है.

लल्लू- आप को मन किये है. इसका क्या मतलब हुआ.

राहुल- जब शॉप पर जाओगे तो पूछ लेना. फ़िलहाल अब इजाजत दो भाई.

फिर राहुल लल्लू को शॉप का एड्रेस बता दिया.

और लल्लू से इजाजत ले क्र वह से चला गया.

लल्लू घर आया तो सभी कमरे मई एक चालू क्र वही बैठे थे.

लल्लू- क्या बात है सब यही है. खाना पीना भी बनाना है या नहीं.

ऋतू- उसकी तुम्हे क्यू फिक्र हो रहा है. तुम्हे खाना मिल जाएगा.

लल्लू- नहीं सब यही है इस लिए बोलै और अब टाइम भी तो हो रहा है.

काजल- चलो चलो यहाँ से. ये सिर्फ इसके प्यारी बुआ क लिए hi है. हम सब को हवा भी नहीं लेने देगा.

लल्लू- माँ मैंने ऐसा कब कहा. मई तो इस लिए कह रहा था की अभी काका लोग आ रहे होंगे. फिर वो लोग पुरे दिन क थके होंगे तो खाना…

काजल- मई मजाक क्र रही थी. तू पदेशन न हो. बस रोटी और थोड़ा सा चावल बनाना रह गया है बांकी सब कुछ बन गया है.

जब सब लोग आएंगे और फ्रेश होंगे तब तक वो भी बन जाएगा.

ऋतू- कितना ख्याल रखता है हमारा बीटा अपनी बुआ का.

रागिनी- सही बात है. वैसे बहुत दिन बाद मिला है न.

गौरी- बहुत दिन बाद क्या हमे खुद बुआ का चेहरा याद नहीं था. कोई ऐसा करता है क्या. इतने इतने दिन क बाद कौन आता है अपने घर

सोनम- ये बात तो सही है. बुआ आप आगे से ऐसा बिलकुल नहीं करना. नहीं तो हम लोग भाई को भेज क्र आप का किडनैप करवा लेंगे.

रोमा- सही बात है.

बुआ- सॉरी बच्चो आगे से ऐसा बिलकुल नहीं होगा. मई अब हर दो महीने पर आती रहूंगी यहाँ. वैसे अभी तो एक वीक मई यही हु.

लल्लू- क्या एक वीक बस…

बुआ- बीटा वह तुम्हारे फूफा भी अकेले hi है न. तो उन्हें भी पड़ेशानी हो रही होगी. इसी लिए अभी एक वीक यहाँ रहूंगी. फिर आ जाउंगी.

ऋतू- कोई बात नहीं अभी टाइम है. अभी क्या बहस करना इसका. चलो बहनो सब क आने का समय हो गया है. खाने की तयारी क्र ले.

फिर सभी लेडीज चली गई वह से

अब वह बुआ और लल्लू अपने बहनो क साथ रह गया था.

कोमल- बुआ आज मई आप क साथ सो जाऊ.

बुआ- लेकिन बीटा यहाँ तो तुम्हारा भाई सोता है न.

लल्लू- बुआ आज आप सोनम दीदी और कोमल दीदी क साथ सो जाइये. फिर कल…. (एक बार सभी बहनो को देखता हुआ) गौरी और रानी दीदी सो जाएगी.

रोमा- भाई और हम दोनों.

रोमा मीनू की और देखती बोली.

लल्लू- आप दोनों परसो सो जाना. फिर अगले दिन से ऐसे hi राउंड चलता रहेगा.

बुआ- और तुम.

लल्लू- मई.. मेरा क्या है. मई तो रमता जोगी बहता पानी. जब जहा मन करेगा वह सो जाऊंगा.

गौरी- नहीं नहीं. ये सही नहीं होगा. आप क कमरे मई ये एक लगा है और आप hi नहीं सोओगे. ये कैसे होगा.

सोनम- आज कोमल और भाई दोनों सो जाएंगे बुआ क साथ.

लल्लू- दी आप सब फिक्र मत करो. वैसे भी मुझे कौन सा आदत है एक मई सोने का.

कोमल- नहीं भाई ये अच्छा नहीं लगेगा हमे. हम ऐसा करते है की आज आप सो जाओ यहाँ बुआ क पास. कल से हम लोग सोयेगे और राउंड मई अब आप भी रहोगे. प्रत्येक फोर्थ डे आप का होगा.

सोनम- बिलकुल सही कहा छोटी ने.

कोमल सोनम को घर क्र देखने लगी

कोमल- दी अब मई छोटी नहीं हु.

सोनम- अरे है, बिलकुल सही कहा मोती ने.

कोमल- दी…. आप मुझे चिढ़ा रही हो.

सभी कोमल को देख क्र हुस्ने लगे.

कोमल सब को हस्ता देख क्र वह से पेअर पटकती हुई चली गई.

सोनम- मई मन क्र लती हु उसे.

यु hi हसी मजाक मई सब खाना पीना क्र सोने चले गए अपने अपने कमरे मई.

लल्लू कमरे मई आ क्र अपना कपडा बदल क्र धोती और बनियान मई लेट गया. फिर लक्ष्मी से मोबाइल पर बात करने लगा.

अभी बुआ नहीं आई थी. वो लडीएसओ क साथ खाना खा रही थी.

खाना खाने क बाद बुआ उप्पेर अपने कमरे मई जा क्र ड्रेस चेंज क्र ली.

जब वो सोने क लिए लल्लू क रूम मई आई तो लल्लू बुआ की खूबसूरती मई खो सा गया.

वो तो अपना आँख झपकना भी भूल गया.

बुआ लल्लू को यु घूरता देख क्र सरमने लगी.

बुआ- ऐसे क्या देख रहा है. कभी देखा नहीं था क्या.

लल्लू- वववव बुआ क्या लग रही हो आप. मुझे तो फूफा जी से जलन होने लगी.

बुआ- चुप क्र.. अब ऐसे घूरना बंद क्र नहीं तो मई यहाँ नहीं सोयुनगी.

लल्लू- ऐसा अन्याय मत कीजिये मुझ गरीब पर. आये आप का स्वागत है इस गरीब क कमरे मई.

बुआ मुसकुडती हुई आ क्र बीएड पर लेट गई.

बुआ- उठ क्र लाइट बंद क्र दे.

लल्लू- रहने दो न बुआ. कभी रात मई आप वाशरूम जाओगी जो की आप जाती hi हो तो सही रहेगा न.

बुआ- चुप क्र बदमाश. मुझे नींद नहीं आएगी लाइट जलता रहेगा तो. बंद क्र दे न प्लस.

फिर लल्लू उठ क्र लाइट बंद क्र दिया.

आधी रात को दीक्षा वाशरूम जाने को उठी.

फिर वह से आ क्र देखती है की लल्लू बीएड पर उनकी साइड कुछ ज्यादा hi नींद मई आ गया है. बुआ लल्लू को दूसरी और करने क लिए जैसे hi हाथ बधाई तो एक हाथ लल्लू क गले क निचे नंगे छाती पर और दूसरा हाथ उसके खड़े लैंड पर चला गया.

पहले तो बुआ को एहसास नहीं हुआ लेकिन जब ज्यादा hi हार्ड लगा उनके हाथ मई तब अचानक उनके मंद ने स्ट्राइक किया की ये हाथ क निचे लल्लू का लोला है.

बुआ झट से वो हाथ हटा ली वह से लेकिन तभी लल्लू नींद मई लक्ष्मी लक्ष्मी करता बुआ का हाथ पकड़ क्र दुबारा से उनके हाथ मई इस बार नंगा लैंड पकड़ा दिया

बुआ तो सोक हो गई. ये क्या हो गया.

ऐसा तो कभी सपने मई भी नहीं सोची थी वो. कुछ दिनों से वो दुखी थी ककी उन्हें पता चला था की उनका पति अभी अपने ऑफिस मई किसी महिला स्टाफ क साथ कुछ दिनों से ज्यादा नजदीक आ गए है.

पहले भी दीक्षा को इस बात का सूचक था की उसका पति का बहार भी कई लेडीज से रिलेशनशिप है लेकिन वो इस सब को इग्नोर करती रहती थी ककी उसे लगता था की ये सब उसके संतान न होने क कारन उनका पति अपनी टेंशन काम करने क लिए क्र रहा है. जबकि अभी कुछ दिनों से तो वो सही से बात भी नहीं करता इनके साथ. अगर कॉल करो तो उल्टा जवाब देता है जैसे कोई बहुत बड़ा गुनाह क्र दिया हो कॉल क्र क.

अभी लल्लू क रोड की तरह गर्म मोठे सख्त लौड़े हो हैट मई पकडे बुआ असमंजश मई थी.

एक दिल कहता की ये सब गलत है. भाग जय इस कमरे से तो वही दूसरा दिल कहता की ये सब सही है. उसे भी वैसा hi करना चाहिए जैसा की उसका पति क्र रहा hai.kaise उसका पति बहार दूसरी औरतो क साथ मजे क्र रहा है और वो यहाँ पर चिंतित है वैसे hi इसे भी तो मजे करने का खुश रहने का हुक्म है. दूसरा ये लल्लू कौन सा पराया है. अपना बच्चा है. कही किसी को पता भी नहीं चलेगा और वो सब से बड़ी खुसी को भी प् सकती है. जिसके कारन अभी उसकी जिंदगी वीरान हो गई है.

वो दो रहे पर कड़ी थी. कभी बुआ का हाथ लल्लू क लौड़े पर सख्त हो जाता ये सोच क्र की जो हो रहा है ये उप्पेर वाले की मर्जी से हो रहा है.

तो कभी उसका हाथ ढीला हो जाता की ये वो क्या क्र रही है उसके छोटे भाई का बीटा है लल्लू. उसका भतीजा है ये.

तभी लल्लू एक हाथ बढ़ा क्र बुआ की निघ्त्य क उप्पेर से hi उनके एक मोठे मम्मी को पकड़ लिया.

बुआ की ससे उनके हलक मई अटक गयी.

दर से बुआ का गाला सुख गया. लेकिन गले का गीलापन कही और hi गिला क्र दिया बुआ को.

उन्हें अपने पेंटी मई गीलापन का जरूर एहसास हो रहा था.

लल्लू अपने हलके हटो से नींद मई बुआ क एक चुके को पकडे मसल रहा था.

लल्लू क मुँह से कभी कभी बिच मई लक्ष्मी का भी नाम निकल जाता था.

बुआ समझ रही थी की अभी नयी नयी सदी हुई थी तो ये इसी कारन लक्ष्मी का सपना देखते हुए उन्हें hi लक्ष्मी समझ क्र प्यार क्र रहा है.

बुआ को लग रहा था जैसे वो लक्ष्मी का हुक्म मर रही है. लेकिन दिल सभी तर्कों से परे उन्हें इस खेल का इस अँधेरे मई फायदा उठाने को भी उकसा रहा था.

लल्लू का लैंड अभी भी बुआ क हाथ मई ठुमके लगा रहा था.

गर्म रोड की तरह सख्त लौड़े को फूलता पिचकता बुआ बखूबी अनुभब क्र रही थी और वैसे hi उनकी मुनिया भी पानी बहा क्र उन्हें आगे बढ़ने का अनुरोध क्र रही थी.

लल्लू उनके एक चुके को मसलता हुआ थोड़ा खिसक क्र और पास आ गया और दूसरे हाथ से बुआ को पीठ से पकड़ क्र अपने पास खींच लिया.

बुआ की बड़ी बड़ी चूचिया उस निघ्त्य को फार क्र लल्लू क छाती मई घुसने को तैयार थी.

लल्लू अपना हाथ बुआ क पीठ पर चलता हुआ धीरे धीरे बुआ की फुल्ली हुई बहार को निकली तरभुज की तरफ बढ़ने लगा था.

बुआ क पुरे सरीर मई रौंगटे खड़े हो गए.

बुआ की सास तेज तेज चलने लगी थी. मरे उत्तेजना क उनका हाथ लल्लू क लौड़े पर काश गया था.

तभी लल्लू अपना होठ बुआ क होठो से लगा दिया और हाथ से बुआ क मस्त चौड़े गांड क एक फक को पकड़ क्र काश क्र भींच दिया.

बुआ गंगना क्र झरती हुई लल्लू क लौड़े को पकड़ क्र मरोर दी.

लल्लू क मुँह से एक आठ निकल गया जो की बुआ क मुँह मई कही दफ़न हो गया.

बुआ लल्लू क बहो मई सिमटी हुई झरर क्र संत लेती हुई थी.

पानी निकलने क बाद बुआ को बहुत गिलटी फील हो रहा था वो लल्लू क लौड़े को छोड़ क्र पीछे होने लगी.

इधर लल्लू अपने दोनों हाथो को बदस्तूर काम पर लगाए हुए थे.

एक हाथ दूध मसलने मई और दूसरा बुआ क गांड को सहलाने और दबाने मई.

बुआ आहिस्ता से दोनों हाथ छुड़ा क्र पीछे हो गई.

लेकिन लल्लू कहा मानाने वाला था वो तो बुआ क साथ आगे खिशाक्त hi जा रहा था.

बुआ जितना पीछे होती लल्लू उतना आगे बुआ की और आ जाता.

अंत मई बुआ बीएड क किनारे पहुंच गई. अब अगर पीछे होती तो फिर निचे hi गिरती.

लल्लू बुआ क मखमली गांड को पकड़ क्र अपने और खींच लिया और अपने उप्पेर चढ़ा क्र सुला लिया.

अब बुआ लल्लू क उप्पेर थी पूरी तरह से. लल्लू अपने दोनों हाथो से बुआ क मोठे चुत्तर को दबोचे उनके होठो मई अपना होठ घुसाए उसका अमृत राश निचोड़ रहा था.

एक बार फिर से बुआ अपने आप पर से कण्ट्रोल खोटी जा रही थी.

उन्हें एहसास था की यदि थोड़ी देर और हो गया तो वो आज बिना चूड़े नहीं रह पाएंगी.

बुआ झट से लल्लू क बदन से उतर गई और बीएड से उठ क्र वह से हैट गई.

बीएड से उतर क्र बुआ टेबल पर रखे जग को मुँह से लगा क्र गटागट सारा पानी पि गई.

लल्लू बीएड पर हाथ चलता नींद मई लक्ष्मी को धुंध रहा था.

जब नहीं मिली लक्ष्मी तो दूसरी और घूम क्र सो गया.

बुआ थोड़ी देर कड़ी अँधेरे मई लल्लू क सरीर की हरकतों को देखती उसे महसूस क्र रही थी. फिर उन्हें भी नींद सारा रहा था तो बीएड क किनारे पर लल्लू से दूर आहिस्ता से लेट क्र सो गई.

उन्हें अब यहाँ लल्लू क साथ सोते हुए दर भी लग रहा था लेकिन मज़बूरी थी की नींद बहुत जोर की लगी थी और कोई दूसरा ऑप्शन भी नहीं था अभी.

वो अभी लल्लू ने नींद मई जो भी किया है वही सब सोचती नींद की वादियों मई खो गई.
 
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