MANAV or DANAV sex story - part 1 - Page 30 - SexBaba
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MANAV or DANAV sex story - part 1

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अपडेट 208

दिल्ली सिटी के एक पोर्च इलाके के एक विला में संभु एक रूम में पड़ा अपनी सोच में गम था. ये विला त्रिकाल के अड्डे के पास था. अड्डे से 10-12 कम की दुरी पैर इन कॉलोनी में संभु ने अपना घर बनाया हुआ था. इस विला में संभु अपनी फॅमिली के साथ रहता था. पिछले 1 साल से संभु ने अपने घर में बहुत hi काम टाइम दिया था. पैर जब से त्रिकाल ने संभु को आने से मन किया था तब से वो ज्यादातर घर पैर hi रहता था. फ़ोन पैर अपने आदमियों से अपडेट लेता रहता था. उसकी पत्नी रेखा इससे बहुत खुश थी. और उसके बच्चे भी.

संभु की फॅमिली –

संभु (इन फॅमिली) – संभु अपनी फॅमिली में बहुत ज्यादा सम्मान पता था. उनकी फॅमिली उसे सरीफ, सच्चा, और जनकल्याण करने वाला तांत्रिक समझती थी. उनकी नजर में संभु अपनी तांत्रिक शक्तियों से जनकल्याण, दोस्तो का विनाश, भटको को सही रहा पैर लेन का काम करता था. संभु ने ये सब काने के लिए अपने विला ने एक पूजा रूम बनवा रखा था. जिसमे वो कभी -2 लोगो की समस्या सुनता और उनका इलाज भी करता. इसके बदले वो किसी से फीस भी नहीं लेता था. संभु का ये वो चेहरा है जो की वह अस्स पास के सभी लोग जानते थे. वैसे भी संभु की हकीकत बहुत की काम लोग जानते थे.

संभु जब कभी घर से कई-2 दिन गायब रहता या रातो को लेट आता तो भी इसकी फॅमिली इसको कुछ नहीं कहती थी. वो सब ये hi समझते थे की वो जनकल्याण के लिए अपनी शक्तियों को बढ़ाने में लगा हुआ है. संभु ने अपने पूजा रूम में त्रिकाल की फोटो भी लगा राखी थी. अपने गुरु के रूप में.

पत्नी – रेखा (44 ईयर) ये एक डर्मिक महिला है. इन्होके लिए इनका पति संभु इनका भगवन है. और ये hi है जिन्होंने संभु की गैरमौजूदगी में इस घर को संभाला है. संभु तो फॅमिली के प्रति अपनी जिम्मेदारियों से दूर hi रहा. पैर इन्होने उनको बहुत अच्छे से निभाया. कियोकि इनकी नजर ने संभु जनकल्याण कार्य में लगा रहता है इसलिए इन्होने उससे कभी कुछ नहीं कहा. ये अपने तीनो बच्चो से बहुत प्यार करती है. पैर इनकी आखों का तारा राहुल है.

इन्होने परिवार के साथ -2 खुद का भी पूरा डायन रखा है. उसका कारन भी संभु है. वो जानती है की संभु जब बिस्तर पैर होता है तो वो क्या पसंद करता है. और अपने पति की ख़ुशी के लिए वो खुद पैर पूरा डायन देती है. मस्त बॉडी है और संभु ने तरह –तरह से छोड़ कर अंदर की गर्मी को भड़काया भी खूब है. पैर कभी भी दूसरे मर्द के लिए सोचा भी नहीं है. और जब भी मौका मिलता है संभु के साथ अपनी गर्मी मिटा लेती है. संभु भी इसका बहुत दीवाना है. उसको भी जो मज़ा अपनी पत्नी के साथ आता है वो कही नहीं आता. पैर साल है तो हरामी न तो हमेशा बहार मुँह मरता फिरता है.

बड़ी बेटी – अदिति (24 ईयर) संभु ने यदि त्रिकाल के बाद किसी को चाहा है तो वो है अदिति. वो अपनी बेटी को बहुत प्यार करता है (Baap-beti वाला). संभु हमेशा से उसका हस्ता हुआ चेहरा देख कर सब दुख, टेंशन, परेशानी सब भूल जाता है. और उसके साथ बच्चो की तरह खेलने लगता है. अभी ये जवान है पैर फिर भी दोनों बाप बेटी टाइम मिलने पैर बच्चो के जैसे सररत करने से पीछे नहीं हट्टे.

अदिति अपने माँ की तरह बहुत सी सुन्दर है उसकी माँ के जैसे hi तीखे nayan-nakse है. अपनी माँ की कार्बन कॉपी नजर आती है. संभु ने रेखा से शादी उसकी सुंदरता के कारन hi की थी. अदिति भी उसका hi रूप थी. अदिति की नजर में उसके पापा उसके हीरो उसके आइडियल थे. और अदिति का मंद भी संभु के जैसा hi था शार्प. पैर अदिति के उसूल संभु से अलग थे. या ये कहा सकते है की जिसका ढोंग संभु सुरु से करता आया था वो hi अदिति के प्रिंसिपल बन गए. उसका उसूल था – सच, ट्रुथ. ऐसा नहीं है की उसने कभी झूट नहीं बोलै. पैर वो झूट बोलने से नफरत करती थी. छोटी मोती बातो के लिए बोलै गए झूट से उसको प्रॉब्लम नहीं थी. पैर वो झूट जो किसी की जिंदगी ख़राब कर दे. या किसी को दर्द दे. या देश का अहित करे उस झूट से उसको सख्त नफरत थी.

अदिति ने अपने उसूल पैर चलने के लिए hi B.J.M.C. का कोर्स किया था. उसके बाद लोकल न्यूज़ पेपर्स में भी जॉब कर चुकी थी. पैर आज ये R-news चैनल की रेपोटर थी. इसको r-news ज्वाइन किये हुए 3-4 मंथ hi हुए है.

बीटा – राहुल (22 ईयर) कहते है न नियति आपके कर्मो का फल आपको देती रहती है. और राहुल संभु के कर्मो का फल था. राहुल का मंद ठीक नहीं था. वो 22 साल का हो कर भी 10 साल का था. सरीर से भी दुर्बल, कमजोर. राहुल कभी स्कूल नहीं गया. थोड़ा बहुत माँ और बहन से hi पड़ा. माँ hi उसका सभी तरह से ख्याल रखती थी. उनका लाडला जोट है. अदिति और शालिनी भी उसे प्यार करती थी उसका डायन रखती थी. पैर रेखा ने कभी इन दोनों से राहुल के लिए ज्यादा हेल्प नहीं ली. ताकि इन दोनों का टाइम राहुल में ख़राब न हो और वो अपने आप पैर डायन दे सके. हकीकत ये hi थी की संभु अपने आप में मस्त था, रेखा और राहुल अपने आप में. तो ये दोनों बहिन अपने आप में मस्त रहती थी.

संभु ने बहुत कोसिस की राहुल को ठीक करने की उसने हीलिंग मंत्र को भी सिद्ध किया. पैर वो अपने bête को ठीक नहीं कर पाया. डॉ., वेद, हाकिम कोई भी संभु की मदत नहीं कर सके. जब नियति सजा देती है तो उसको कोई बदल भी नहीं सकता. संभु का 1 hi लड़का वो भी किसी काम का नहीं. कभी -2 संभु को राहुल को देख कर चीड़ होती थी. उसको लगता की राहुल संभु के फेलियर होने का रिपोर्ट कार्ड है. संभु की अपने bête को ले कर लास्ट होप त्रिकाल hi था. त्रिकाल ने उसको कहा था की जैसे hi उसकी पावर्स फिर से उसे मिल जाएगी वो उसको ठीक कर देगा.

छोटी बेटी – शालिनी (20 ईयर) सच कहु तो शालिनी रेखा और संभु की गलती का नतीजा थी. संभु तो इसका पता षाले hi साफ़ करने को बोलै था. संभु के लिए 2 बच्चे hi बहुत थे. पैर रेखा ने कहा की वो अब उसे अपने बच्चे को मरने नहीं देगी. चाहती तो रेखा भी नहीं थी की तीसरा बच्चा हो पैर भगवन की इच्छा से वो पेट में आ गयी तो रेखा ने उसे मरने नहीं दिया. इसलिए संभु को तो ये प्यारी नहीं थी. पैर रेखा के लिए ये उसके लिए अदिति जैसी hi थी. और अदिति के लिए तो ये बहुत कुछ थी. उसकी दोस्त, हमराज, बहिन, नन्ही पारी… अदिति और शालिनी की बहुत पट्टी थी. दोनों सारा दिन साडी रात साथ hi रहती थी. शालिनी भी अपनी बहन के नक्से कदम पैर थी. पैर ये बबा फाइनल ईयर कर रही थी.

बैक तो स्टोरी -

संभु अभी अपने रूम में बैठा आगे के बारे में सोच रहा था. वो अंदर से बहुत गुस्से में था. पब ने उसके सभी आदमियों को मार दिया है ये न्यूज़ उसको मिल चुकी थी. पैर उसके समाज में नहीं आ रहा था की पब उस अद्धे पैर पंहुचा कैसे. उसके इंजाम फ़ैल कैसे हो गए. (भइओ अभी संभु को नहीं पता चला है की पब को दिव्या दर्ष्टि की पावर मिल चुकी है.) संभु अभी तक जितने भी आदमी इखट्टे कर पाया था. सभी पब और उसकी पत्निओ के हाथो मारे जा चुके थे. उप्पेर से पब के 2 -3 कंदो ने पुरे अंदर वर्ड या ये कहो सभी क्रिमिनल्स ने एक दर बीटा दिया था. पहले तो असं में जस और फारूक की मूट. फिर सप और रवि के साथ सभी लोगो की मूट. और वह पैर दानव सेना का आड़, न्यूज़ में तो केवल ये था की दानव सेना ने एक बार फिर बहुत से गुंडों को मार दिया. एक बड़ा नसाघर किया. न्यूज़ वाले तो उसे अपने हिसाब से दिखा रहे थे. पैर क्रिमिनल लॉबी को पता था की ये सब ठाकुर पब के परिवार पैर हमला करने के कारन हुआ है. और फिर जब जय, ऐडा और काजल पैर गोलिया चली थी. तक भी दानव सेना का वह होना इस बात की पुस्टि करता था. दानव सेना ने अभी तक क्रिमिनल्स को जिस तरह मारा था सभी क्रिमिनल के मन में एक दर बन गया था. संभु बहुत जगह फ़ोन कर चुक्का था पैर कोई भी अब पब के खिलाफ जाने को तैयार नहीं था. लास्ट में संभु ने स. अफ्रीफा से 50 फाइटर की एक टीम का सोडा किया. ये सब निंजा त्रिनेड सोल्जर थे.

अभी संभु डील करके hi चुक्का था की अदिति उसके पास आ गयी. और उससे बाते करने लगी तो संभु भी अपनी बेटी के प्यार में खो गया. (भाइयो गलत मत समझना बाप बेटी वाला hi प्यार है) कुछ देर बाद अदिति अपने रूम में चली गयी. संभु फिर अपनी पैसेशानियो में खो गया. तभी संभु के मंद में एक बात आयी तो संभु बहुत खुश हो गया और अपने आप से बोलै – अब बच कर देखना रंडियो. यदि मैं उन तक पहुंच सका तो फिर उन लड़कियों में से कोई नहीं बच पायेगा. अब मुझको एक बड़े हमले की तैयारी करनी होगी. और वो तब hi कामियाब होगा जब पब यहाँ से चला जायेगा. तब तक मुझको पूरी तैयारियां करनी होगी.

(भाइयो संभु की फॅमिली का रोले अब थोड़ा -2 सुरु होने जा रहा है. इस लिए ये कुछ डिटेल्स अभी दी है. ये तो आप समाज hi गए होंगे की अदिति किस्से मिलेगी. ??)

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पब तो आज चेन से सो रहा था. पैर यहाँ स्कूल के एक रूम में 4-5 लड़किया परेशां बैठी थी. और ये रूम था ेबेचा का. इसने ेबेचा और उसकी कुछ फ्रेंड्स बैठी हुयी थी और आपस में बाते कर रही थी.

ऍफ़1 – यार ेबेचा तुझको क्या लगता है कल क्या होगा?? तू जीत कयेगी??

ऍफ़2 – मुझको तो नहीं लगता. अभी तक पब की जितनी भी फाइट देखि है उससे जीतना तो मुझको मुश्किल hi लग रहा है.

ऍफ़3 – क्या फाइट करता है यार वो.. ऐसा लगता है हम सब उसके आगे बच्चे है. और वो हमारा मास्टर..

ेबेचा – हम्म लगता तो ये hi है. (मन में – अब इनको क्या बताऊ की वो दानव पुत्र है दानव सेना का बॉस.)

ऍफ़2 – यदि वॉक अल जीत गया तो तू क्या करेगी??

ऍफ़1 – यार इसकी प्रतिज्ञा के अनुसार तो ये उसकी पत्नी हो जाएगी…

ऍफ़3 – पैर यार वो तो शादी सुदा है. उसकी पत्नी उसके साथ hi है. तो तू क्या उसकी 2ंद वाइफ बनेगी??

ेबेचा – यार मेरी हमक से बात हुयी थी. उसने बताया की उसकी पहले से 11 पत्निया है. तो मेरा no 12 होगा.

3no एक साथ – क्या???

ेबेचा – हाँ यार ये सच है.

ऍफ़3 – फिर तू क्या करेगी??

ेबेचा – करना क्या है मैं उनकी 12वि पत्नी बनने को भी तैयार हु. वो इतने अच्छे है की मैं तुमको बता नहीं सकती. आज तक मेने उनके जैसा मर्द नहीं देखा. सच कहु तो मुझको उनसे प्यार होने लगा है पैर?? (फिर मन में – जिसके चुने भर से मेरे सरे घाव ठीक हो गए. उसकी आखों में प्यार का जो सागर था, उसकी प्यार की सकती ने मुझको जीवन जीने की एक नयी देश दी है. मेरा तो तन और मन सब उसका हो चुक्का है.)

ऍफ़1 – जब तू तैयार है तो ये पैर केसा??

ऍफ़2 – और ऐसा क्या खास है उसमे जो तू हमसे छुपा रही है??

ेबेचा – यार सब तो नहीं बता सकती पैर एक बात तो तुम सब जानती hi हो की फाइटिंग में वो कैसे है. और फिर हेल्पिंग नेचर का तुम इससे अंदाजा लगा सकती हो की इस स्कूल से कुछ लेना देना न होते हुए भी फारूक से हम लोगो के लिए भीड़ गए. जो अनजान लोगो के लिए फारूक जैसे को मार सकता है तो वो अपनों के लिए क्या नहीं कर सकता. और एक बात बताऊ पैर ये तुम किसी को बताना नहीं…

ऍफ़3 – बोल न सस्पेंस क्यों बना रही है. हम तेरी कोई बात किसी से कहते है क्या??

ेबेचा – चल झूटी. तूने hi मेरी ये प्रतिज्ञा वाली बात सबको बताई थी. तूने hi सबको बोलै की ेबेचा ने प्रतिज्ञा ली है की वो उस लड़के की पत्नी हो जाएगी जो उसे रिंग में हरा देगा…

ऍफ़3 – तो यार वो तो तू खुद लास्ट फाइट के बाद बताने वाली थी और अब तो उस बात को 4 साल भी हो गए तू अभी तक मुझसे गुस्सा है उस बात के लिए. यदि तूने उस टाइम कहा होता की सीक्रेट रखना है तो फिर मेरे मरते दम तक किसी को पता न चलती.

ेबेचा – चल चल रहने दे. नाटक मत कर.. बताती हु. तुझको पता है पब ने इस स्कूल के लिए दान दिया है.

ऍफ़1 – तो यार इसमें कोण सी नयी बात है. जो भी पैसे वाला यहाँ आता है वो थोड़ा बहुत दे hi जाता है. और फिर अपने आपको ऐसे बनता है जैसे उसके बाप का स्कूल हो.

ेबेचा – उसने जितना दान दिया है न उससे इसके जैसे 4 स्कूल तो बन hi जायेगे. फिर भी उसने अपने 1 स्कूल को ीनता पैसा दे दिया. जिससे कभी इस स्कूल में पैसे की कोई कमी न हो. और जब मास्टर ने पूछा की तुमको इसके बदले क्या चाहिए तो पता है क्या बोलै??

ऍफ़2 – यार ऐसा कितना दान दे दिया. जो तू ऐसे कहा रही है. और क्या बोल दिया उसने ऐसा. एक बार में बताती क्यों नहीं??

ेबेचा – उसने पुरे 100कर. दिए है. और बदले में कुछ नहीं मांगा. जहा तक ये भी बोल दिया की किसी को बोले भी नहीं की उसने स्कूल के लिए कुछ किया भी है.

अब तीनो मुँह पहाड़ कर ेबेचा को देख रही थी. उनको अपने कानो पैर यकीं नहीं था.

ऍफ़1 – जब तू तैयार है तो फिर क्या सोच रही है वो इतना अच्छा है तुझको पसंद है. मैं तो कहती हु जान कर हार जाना उससे और शादी कर लेना…

ेबेचा – नहीं यार मैं ऐसा नहीं कर सकती. जान कर तो कभी नहीं हरगी. और रही शादी की बात तो यदि उसने मुझको हरा दिया तो वो बिना शादी के hi मेरे पति होंगे. पैर??

ऍफ़2 – यार फिर पैर??

ेबेचा – पैर यदि उन्होंने मुझको नहीं अपनाया तो??

ऍफ़3 – तू पागल तो नहीं हो गयी तेरे जैसी सुन्दर, बहुदूर और साहसी लड़की को कोई भी मन कर सकता है. जब वो 11 शादी कर सकता है तो उसके लिए 12वि कोई बड़ी बात नहीं. तू न एक बार खुद को आईने में देख ले. तुझको देख कर लोग तुझको पाने के लिए पागल हो जाते है. और तेरे कर्मणे से दर जाते है. तू वो चीज है जान जो किसी को भी पागल कर दे…

ेबेचा – नहीं यार पता नहीं क्यों मेने मन में ये दर सुबह से hi है.

ऍफ़2 – तू न बिना मतलब के दर रही है. ऐसा कुछ नहीं होगा. कल हमारी सहेली पहले हारेगी और फिर अपने ससुराल जाएगी. और फिर खेलेगी – कब्बडी… वो भी बीएड पैर…

ये सुन ेबेचा शर्मा कर ऍफ़2 को मरने दौड़ती है और फिर कुछ देर इस तरह हसी मजाक कर सभी सो जाती है.
 
अपडेट 209

सुबह पब की आखें जल्दी खुल गयी तो वो डायन में बेथ गया. अब डायन लगाने से पब को अपने अंदर बहुत तेज़ी से परिवर्तन फील कर रहा था. वो अपने अंदर बहुत तरह की अलग -2 एनर्जी फील कर रहा था. पैर अभी तक वो उन सभी को न तो समाज पाया था और न hi उनको पूरी तरह देख पाया था. जब भी जिस एनर्जी में घुसने लगता उसको अपने अंदर परिवर्तन फील होने लगता. और उसकी आखें खुल जाती. आज भी डायन में ज्यादा सफलता नहीं मिली. पैर हर दिन की तरह कुछ अलग जरूर फील किया. और फिर फ्रेश हो कर रेडी हो गया. सुबह के 8 ऍम हो रहे थे. तो बर्फ करके बेथ गया. पैर अभी भी सभी के फेस पैर दुःख था. और ये इतनी जल्दी जब hi नहीं सकता था. सभी का मूड बदलने को बोलै

पब – तो पार्टी की तैयारी किसी चल रही है??

सब चुप hi रहे तो गुरु बोली – जी मैं सोच रही थी की पार्टी जरुरी है क्या???

पब कामिनी की और इशारा करता है जैसे उससे पूछ रहा हो..

कामिनी – मेरे हिसाब से भी अभी पार्टी ठीक नहीं रहेगी.

फिर पब अवनि की और देख कर – अवनि तुम क्या चाहती हो??

अवनि – मैं भी कोई पार्टी ज्वाइन नहीं करना चाहती अभी…

पब – हम्म ok और शादी, उसका क्या सोचा है??

अवनि कुछ नहीं बोलती चुप रहती है. और अपनी नजरे झुका लेती है. तो पब का दिल एक बार फिर टॉट जाता है. जब भी ये दोनों एक होने वाले होते तब hi कोई न कोई प्रॉब्लम सामने आ जाती है. अवनि की झुकी नजरे बहुत कुछ कहा रही थी. और पब ये सहा नहीं प् रहा था. हर बार पहले हाँ फिर न. अवनि अपने फैसले पैर ठीक क्यों नहीं प् रही थी. ये सोच कर पब की आखों में आशु आ गए. ऐडा भी ये सब देख रही थी. तो वो बोली

ऐडा – अभी छोड़िये न इस बात को, शयाम को बात करेंगे. अभी सब सोचने और समझने की इस्तिथि में नहीं है. ा जप अपना इवेंट कम्पलीट करके आइये. फिर डिनर पैर बात करते है.

पब अपने आशु पॉच कर – ठीक है ऐडा शयाम को बात करेंगे. पैर तुमको मेरी कसम है जो अब तुमने अवनि से मेरे बारे में बात भी की तो. ये उसका खुद का डिसिशन होना चाहिए. अब तक तुम हम दोनों को मिलवाने में बहुत कुछ कर चुकी हो. पैर अब नहीं. कियोकि जब तक अवनि अपने आप से, अपने दिल और दिमाग से मेरे लिए तैयार नहीं होगी तब तक ये शादी बेकार है.

पब अपनी बात बोल कर निचे की तरफ देखने लगता है. उसे बहुत दुःख हुआ था अवनि का रिएक्शन देख कर. पैर अवनि के दिल के हाल को वो समाज नहीं पाया था. पब ने जैसे hi शादी और पार्टी की बात चेदि तो अवनि के मन में सबसे पहले ये hi सवाल ुधा की क्या इस टाइम उसे शादी करनी चाहिए?? उसके भैया और भाभी पैर इतना बड़ा दुखो का पहाड़ है और वो शादी की खुशिया मनाये ये कैसे हो सकता है. अवनि इन सोचो में hi थी की सभी को लगा की अवनि फिर से शादी नहीं करना चाहती. और फिर पब की बाद ने उसे अंदर तक हिल्ला दिया. उसे फिर से अपना प्यार दूर जाता नजर आया. उसने जब अपनी सोच को विराम दे कर पब की तरफ देखा तो वो सलोनी की तरफ जा रहा था उसे स्कूल भी पहुंचना था.

अवनि पब को जाता देख कर एक दम से भाग कर उसके पीछे से गले लग गयी और बोली – मैं आपका शयाम को इंतजाम करुँगी. जल्दी आना.

अवनि की ये बात पब के दिल को एक बहुत बड़ी रहत दे गए. पब ने पलट कर अवनि को अपनी बांहो में ले लिया. और अपने दिल से अवनि की दध्कनो को फील करने लगा. कुछ देर ऐसे hi रहे. फिर अवनि पब के होंटो पैर एक छोटा का किश करके अपने रूम की और भाग गयी. और ये सब देख कर इन सभी के फेस पैर एक स्माइल आ गयी.

(भाइयो यहाँ अवनि अपनी शादी के वेट में है वह ेबेचा. और पब अब केवल एक और शादी hi कर सकता है. कियोकि उसके बाद तो मणि जी के कहे अनुसार hi लास्ट शादी करनी थी)

सलोनी और पब दोनों स्कूल के रूम से रिंग की और चल दिए. आज पूरा स्कूल था वह पैर. आज तो वो स्टूडेंट भी थे जो की पड़ने आते थे. अभी पब अपनी फाइट के लिए चेंज करने गया हुआ था. और सलोनी भी उसके साथ hi थी. तभी जुली का मस्सगे आता है पब के फ़ोन पैर जो सलोनी के पास था. “दोने. जो तो नेक्स्ट” सलोनी ये पद कर पब को बताती है. फिर पूछती है इसका क्या मतलब है तो पब बोलता है जुली आज मिशन पैर है. और नैनपुर सिटी का काम पूरा करके नेक्स्ट सिटी जा रही है.

पब रिंग में पहुंच गया कियोकि फाइट का टाइम हो चुक्का था. कुछ hi देर में ेबेचा भी आ गयी. और फिर सुरु हुयी फाइट. ेबेचा ने अपनी तरफ से पूरी कोसिस की पैर वो जीत न सकीय. पैर पब को उसने थका दिया. जैसे सलोनी के साथ प्रैक्टिस में पब थक जाता है वैसे hi ेबेचा ने उसका तेल निकल दिया. (भाइयो फाइट स्किप कर दी. बहुत हो चुकी है)

पब के जीतने के साथ hi रिंग पैर तालियों का शोर मचने लगा. पब और ेबेचा साथ में रिंग से बहार आ गए. तो बड़ाई देने वालो की भीड़ लग गयी. पैर ये क्या??? पब तो ये देख कर चक्र hi गया की सभी लोग ेबेचा को बड़ाई दे रहे थे और फिर उसको. पब ने सोचा साला जीता ने ये सब उसको क्यों बड़ाई दे रहे है. नील भी आया और उसने भी दोनों को बड़ाई दी. जब नील पब के पास आया तब तक सलोनी भी पब के पास आ कर उसे बड़ाई दे रही थी.

नील – बीआरओ, कोंग्रटुलतिओं

पब – थैंक बीआरओ, बूत यार एक बात समाज नहीं आ रही. जीता मैं हु या ेबेचा??

नील – भाई आज ेबेचा हार कर भी जीत गयी. तुम तो जानते hi होंगे न उसकी प्रतिज्ञा के बारे में. सब उसे इस लिए hi बड़ाई दे रहे है.

पब – किसी प्रतिज्ञा बीआरओ?? और उसका फाइट हरने से क्या समभंद??

नील तो चौक गया – क्या तुमको नहीं पता क्या?? पूरा स्कूल जनता है. तुम नहीं जानते क्या??

पब – नहीं मैं इस बारे में कुछ नहीं जनता.

नील घबराते हुए अपने आप से बोलै – फिर अब क्या होगा?? अब ेबेचा क्या करेगी??

पब – अरे मुझको बताओगे भी क्या हुआ?? तुम एक दम इतने परेशां क्यों हो गए??

नील – भाई ये तो गड़बड़ हो गयी है. पैर प्लीज तुम उसको अपना लेना नहीं तो वो अपनी जान दे देगी. ये पूरा स्कूल उसको बहुत मंटा है. वो बहुत अच्छी है. हमवषा सबकी हेल्प करती आयी है. उसने आज तक जो भी किया है वो बस स्कूल और यहाँ के स्टूडेंट के लिए किया है.

पब – नील तुम पहले साफ़ साफ़ बताओ तो बात क्या है? मैं किस को अपना लू?? कैसे अपना लू?? ेबेचा के प्रतिज्ञा क्या है. तुम केवल मुझको कंफ्यूज कर रहे हो.

नील पब को वह से एक साइड में ले गया. सलोनी भी उनके साथ चल दी. – भाई बात ये है की मास्टर ेबेचा से शादी करके अपनी दुनिया बसाने को कहा रहे थे. और ेबेचा स्कूल में मास्टर के साथ रहा कर यहाँ सबकी सेवा करना चाहती थी तो एक दिन जब मास्टर में ज्यादा जोर दिया तो ेबेचा ने ये प्रतिज्ञा ली की जो भी मर्द उसको रिंग में हरा देगा वो उसको अपना पति मान लेगी. और हमेशा उसकी hi बन कर रहेगी. मास्टर भी उसकी इस बात से मान गए. फिर ये बात पुरे स्कूल में आग की तरह फेल गयी. ेबेचा को स्कूल का हर स्टूडेंट बहुत मंटा है तो सब चाहते थे की ेबेचा की शादी हो. वो भी अपनी जिंदगी जेए. पैर लास्ट 4 ईयर से कोई उसे हरा नहीं पाया. लास्ट ईयर एक लड़के ने ेबेचा को हरने की बहुत कोसिस की पैर वो कामियाब न हुआ. तब उसने ेबेचा से कहा की यदि कोई तुमको हरा hi न पाया तो तुम क्या जिंदगी भर कुवारी रहोगी?? तो ेबेचा ने हाँ कहा और बोली हमेशा इस स्कूल में सभी की हेल्प करते हुए जिंदगी बिता दूगी. तो वो और चीड़ गया. और बोलै भगवन करे जो तुमको हरये वो तुमको अपनी पत्नी hi न मने तब तुमको पता चलेगा मेरे दर्द का. तब ेबेचा ने बोलै यदि ऐसा हुआ तो वो दिन ेबेचा की जिंदगी का लास्ट दिन होगा.

नील के मुँह से ेबेचा का सच जान कर सलोनी सोच में पद गयी और उसको गुस्सा आने लगा. सलोनी को तो 1सत डे से hi ेबेचा को ले कर ठीक नहीं लग रहा था. और अब सलोनी को एक तरफ अवनि दिख रही थी जो की यदि पब उससे शादी नहीं करता तो वो अपने आप को कुछ भी कर सकती थी. उसके साथ सविता, जय, कामिनी, ऐडा सब जुड़े थे. जो इस दुःख को बर्दाश नहीं कर सकते थे. तो दूसरी तरफ ेबेचा दिख रही थी जिससे यदि पब अब शादी नहीं करता तो उसका मरना तय था. सलोनी को इस बात पैर बहुत गुस्सा आ रहा था. पैर वो नील के सामने पब से कुछ बोलना नहीं चाहती थी. नील भी सलोनी की आखों में देख कर समाज गया की सलोनी बहुत गुस्से में है. और होती भी क्यों न वो एक पत्नी के सामने उसके पति को किसी और से शादी करने को कहा रहा था. नील सलोनी को देख कर वह से निकल ने में hi अपनी भलाई सामजी.

नील के जाते hi सलोनी पब पैर बसष पड़ी – देखो जी भूल से भी अपने नील की बात मैंने की सोची भी न तो सोच लेना…

पब – शांत जान शांत.. मैं ऐसा करने की सोच भी नहीं रहा. मैं अब अपनी अवनि से hi शादी करुगा. वो प्यार है मेरा..

सलोनी – हम्म तब ठीक है. चलो तुमको के फाइट जितनी थी जीत ली अब घर चलो. हमको अब यहाँ से कुछ लेना देना नहीं है.

पब – रुक यार प्राइज तो ले लेने दे. जिसके लिए इतने दिन यहाँ लगाए है वो hi नहीं लिया तो फिर इतनी म्हणत hi बेकार है.

सलोनी – नहीं हमको कोई प्राइज नहीं चाहिए. उसके जैसी और उससे अच्छी तलवार में आपको दे दूगी. बस चलो यहाँ से..

पब – पैर सोचो यदि सच में ेबेचा ने अपने आप को कुछ कर लिया तो??

सलोनी (हड़बड़ाते हुए) – नहीं वो ऐसा कुछ नहीं करेगी. और वो जो भी करे हमको क्या?? आप बस चलो..

पब – सलोनी तुम ये किसी बात कर रही हो. क्या हम किसी निर्दोष की हत्या का कारन बन सकते है? क्या हमको बाबा ने ये hi सिखाया है. एक बार ेबेचा और मास्टर ने मिल लेते है उससे समजा कर चलेंगे..

सलोनी – हम्म ठीक है केवल एक बार hi मिलना है न. और मैं भी आपके साथ रहूगी उस टाइम.

पब – ारे मेरी माँ मैं तुझको छोड़ कर किसी से मिलता भी होगा. चल अब गुस्सा तुक और एक पप्पी दे मुझको..

पब होंटो को गोल कर सलोनी को इशारा करता है. तो सलोनी भी एक छोटा सा किश उसे कर के सरमते हुए मुस्कुराने लगती है.
 
भाई आप का धन्यबाद।।।

YES BRO YE 2 MUH WALA SANP HI HAI. OR ISNE HI TRIKAL KO BHI SAMAJ ME EK ACHCHA DARJA DILWA RAKHA HAI.... DEKHIYE PB ISME KYA KAREGA...

BHAI EBECHA OR AVNI DONO HI IS TIME APNI SHADI KA WAIT KAR RAHI HAI.. BALKI EBECHA KI SOCH ME TO EBECHA PB KI PATNI HO HI GAYI HAI....

SAMBHU KI BETI KA ROLE HAI.. THODA RA DRAMA KARNE KE LIYE.... OR YE EK BAHUT BADE UDDESHAYA KE LIYE BHI STORY ME HAI.. SATH BANE RAHIYE JALDI HI SAMBHU KA PARIWAR BHI STORY ME ENTRY KAREGA....
 
अपडेट 210

पब होंटो को गोल कर सलोनी को इशारा करता है. तो सलोनी भी एक छोटा सा किश उसे कर के सरमते हुए मुस्कुराने लगती है.

थोड़ी hi देर में ये दोनों मास्टर के ऑफिस में बैठे थे. और मास्टर का वेट कर रहे थे. पब ने एक स्टूडेंट को ेबेचा को बोलने भेज दिया था. और मास्टर को बुलाने के लिए पेओन गया था. थोड़े इन्तजार के बाद वो दोनों hi वह आ गए. ेबेचा के फेस पैर एक चमक के साथ शर्म की लाली थी. तो मास्टर के फेस पैर दुनिया जहा की ख़ुशी.

मास्टर एते hi बोले – वेल दोने माय बॉय वेल दोने आज मैं बहुत खुश हु.

पब – थैंक यू मास्टर, वो मैं पूछ रहा था की प्राइज डिस्टोबुशन कब होगा??

सलोनी बिच में – मास्टर शायद ये आपसे कहने में हिचक रहे है. बात ये है की हमको नील में अभी कुछ बताया. क्या वो सच है??

मास्टर - क्या बताया नील ने??

सलोनी ेबेचा की तरफ देखते हुए – ेबेचा के और उसकी प्रतिज्ञा के बारे में..

अब मास्टर भी सीरियस हो गए – क्या अभी नील ने बताया. तुमको पहले से नहीं पता था?? हमक ने या यहाँ किसी ने तुमको पहले ये सब नहीं बताया था.

सलोनी – नहीं.

अब ेबेचा और मास्टर के फेस पैर चिंता दिखने लगी. कियोकि पब चुप था. सलोनी के फेस पैर गुस्सा था. उसको देख कर hi लग रहा था की सलोनी को ये सब पसंद नहीं आया. और पब की छुपी सलोनी से अपनी सहमति दिखा रही थी.

मास्टर – ओह्ह बीटा ये तो मुझको नहीं पता था की तुम ये सब नहीं जानते नहीं तो में जरूर बताता. हमको लगा की तुमको पता होगा. हमक ने हमको तुम्हारे वेयर में सब बता दिया था की तुम्हारी अभी तक 11 शादिया हो चुकी है. और ेबेचा को भी सब पता था. हमको लगा तुमको पता है इसलिए तुम ये फाइनल फाइट करने को तैयार हुए हो. कियोकि तुम्हारा नेचर देख कर ये तो समाज चुक्का हु की तुम किसी को जान कर दुःख नहीं दे सकते.

पब – पैर मास्टर मुझको कुछ भी नहीं पता था. आप लोगो को एक बार तो बताना चाहिए था न. और ेबेचा (ेबेचा की और देख कर) ये तो तुम्हारी जिंदगी का फैसला था. तुमको तो फाइट से पहले एक बार मुझसे बात करनी चाहिए थी.

ेबेचा – वो मैं गयी थी. कल शयाम को आपके रूम की तरफ आपसे एक बार बात करने. बूत आप मिले नहीं. फिर मेने सोचा की हमक ने जब हमको आपके बारे ने सब बता दिया है तो उसने आपको भी मेरे बारे में बता दिया होगा. (अभी ेबेचा की आखों में एक दर साफ़ दिखाई दे रहा था)

पब – ेबेचा मेरी बात डायन से सुनो. देखो जो हो गया उसको बदला तो नहीं जा सकता. पैर आगे जो होना है वो हम सोच समाज कर भी कर सकते है. देखो गलत मत समझना तुम सच में बहुत अच्छी हो. बहुत सुन्दर भी हो. शायद हर कोई तुमको पाना भी चाहता हो. पैर प्लीज मुझको माफ़ कर दो. मैं तुमसे शादी नहीं कर सकता.

जिस चीज का दर ेबेचा को कल रात से था. जो दर उसकी आखों में बहुत देर से था ो सच हो गया. और उसकी आखों से आशु बहने लगे. वो नज़ारे झुका कर रोने लगी. मास्टर भी बहुत दुखी हो गए.

मास्टर – बीटा क्या मैं तुम्हारे इस न का कारन जान सकता हु. वैसे तो मेरा तुम पैर कोई हक़ नहीं है. पैर तुमने भी मुझको मास्टर कहा है और वो इज्जत भी दी है. तो क्या मैं जान सकता हु की सब जानने के बाद भी क्यों मन कर रहे हो?? क्या तुम इस स्कूल को, मुझको फिर से एक दर्द देना चाहते हो. तुम्ही तो थे वो किसने इस स्कूल को सभी मुसीबतो से बहार निकल. प्लीज बीटा मेरी बेटी को अपना लो. मैं तुम्हारे हाथ जोड़ता हु. मेरे लिए ेबेचा हमेशा से मेरी बेटी hi बन कर रही है. और मेरी वजह से उसने वो प्रतिज्ञा ली थी. प्लीज बीटा अपने मास्टर की लाजरख लो. … प्लीज (ये बोल कर मास्टर पब के सामने हाथ जोड़ देते है)

तो पब ुधा कर मास्टर के हाथ पकड़ लेता है. और न में गार्डन हिलता है. तब सलोनी बोलती है

सलोनी – मास्टर हम भी आपकी बहुत इज्जत करते है पैर हम भी मजबूर है. इन्होकी पहले hi 11 शादिया हो चुकी है और अब ये और शादी नहीं कर सकते. इनको अब केवल एक और शादी करनी है और वो अवनि के साथ फिक्स हो चुकी है. यदि इन्होकी शादी अवनि से नहीं हुई तो मेरा पूरा परिवार बिखर जायेगा. अवनि से शादी मेरे परिवार के लिए और इनके लिए बहुत जरुरी है अवनि इनका पहला प्यार है. प्लीज मास्टर आप हमको माफ़ करे और ेबेचा को संजय उसे इनसे अच्छा जीवन साथी मिल सकता है. (ेबेचा की और देख कर) प्लीज ेबेचा इनको भूल जाओ, इनके लिए जान देने से अच्छा ये होगा की तुम किसी और के साथ अपना घर बसा हो. और ख़ुशी ख़ुशी रहो.

ेबेचा पब से – क्या सच में आपके दिल में मेरे लिए कुछ भी नहीं है. मेने जो भी महसूस किया क्या वो सब मेरा बहम था. आप वो पहले लड़के है जिसके लिए ेबेचा के मन में प्यार पैदा हुआ. फिर आप hi वो थे जिसने इस स्कूल को अपना समजा मेरी तरह, फिर अपने hi इस स्कूल की हर प्रॉब्लम को दूर किया, फिर अपने hi मुझको हराया. हर बार हर तरह से आप मेरी हर उम्मीद हर विस्वास पैर खरे उतरे. और मैं आपकी तरफ खींचती चली गयी. मुझको पता था की आपकी पहले से बहुत सी पत्निया है फिर भी आपके लिए दिल में प्यार रत्ती भर काम नहीं हुआ. और अब आप यदि सच में मुझको नहीं अपनायेगे तो मैं जी नहीं पाउगी. वैसे भी मेने तो आपको अपना पति रिंग में hi मान लिया था. अब ये आपके उप्पेर है आप मुझको अपनाये या छोड़ दे. मैं आप पैर कोई दवाब नहीं दाल रही. आपका हार फेशला मुझको मंजूर होगा. पैर बस इतना कहुगी की यदि आप का फेशन न में हो तो फिर कभी इस स्कूल में लौट कर मत आइयेगा.

इतना कहने के बाद ेबेचा रट हुए वह से चली गयी. सब उसे देखते रहा गए.

मास्टर – बीटा प्लीज न मत कहना नहीं तो वो खुद को मर लेगी.

अब पब को भी वह रुकना मुश्किल हो गया. वो भी सलोनी के साथ बहार आ गया. और स्कूल के एक पार्क में जा कर बेथ गया. सलोनी उसे घर चलने के लिए कहने लगी. पैर वो अपने hi विचारो में खोया रहा. सलोनी का दर अब बढ़ने लगा. ीदार पब अपने अंदर अपने आप से लड़ रहा था. उसका मन उसे ेबेचा को शादी करने को कहा रहा था. जबकि मंद कहा रहा था की अवनि भी तुजसे बहुत प्यार करती है. ेबेचा को देखते hi जो फीलिंग उसके मन में आयी थी वो उससे कहा रही थी की ेबेचा का तेरा होना ये नियति का इशारा है. और अवनि का प्यार उसे अवनि की और खींच रहा था.

काफी देर सोचने पैर भी उसे जब कुछ समाज नहीं आया तो उसने मणि जी को याद किया. और अपनी सभी परेशानी बताई.

मणि जी – बीटा तुम खुद जब सब समाज रहे हो. तुमको खुद लग रहा है की नियति ने ेबेचा को तुम्हारे लिए चुना है तो फिर क्या सोच रहे हो? और क्यों सोच रहे हो??

पब – गुरूजी वो अवनि, मैं और अवनि एक दूसरे से बहुत प्यार करते है. और ये मेरी 10तह और लास्ट शादी है. तो फिर अवनि..

मणि जी – तुम हर बार एक hi गलती करने की कैसे सोच सकते हो. नियति ने जो तुम्हारे लिए लिखा है. तुम उसको बदलने की कोसिस क्यों करते हो.

पब – पैर गुरूजी यदि मेने अवनि से शादी नहीं की तो घर पैर मेरी सभी पत्निया नाराज हो जाएगी.

मणि जी – तो तुमको तुम्हारी पत्नियों को कैसे संजना है ये भी मैं बताउगा क्या? तुम अपनी पत्नियों को भी नहीं संभल सकते हो अब??

पब – नहीं नहीं गुरूजी वो बात नहीं है.

मणि जी – पब ेबेचा तुम्हारे लिए बहुत जरुरी है. और ये hi वो लड़की है जो तुमको वो शक्ति दिला सकती है जो कोई और नहीं दिलवा सकता.

पब – ऐसा क्या है गुरूजी.

मणि जी – डिटेल में तो मैं तुमको 2 दिन बाद बताउगा. तुम आज hi ेबेचा से शादी कर लेना. और फिर तुम अपने 1सत टारगेट की और जाओगे. अपने नए सफर की तैयारी सुरु कर देना. जल्दी hi अब तुमको डलासुर जी के लिए जाना होगा. 2 दिन बाद आ कर मैं तुमको खुद सब बताउगा.

पब – ठीक है गुरूजी, बूत मुझको आज मग्न क्या है??

मणि जी – आज तुमको जो मग्न है वो दानवो के लिए बहुत पूजनीय है. कई युगो से वो उनके पास किसी दारोहर के रूप में राखी हुयी है. बहुत hi काम दानव राज ऐसे हुए है जो उसको ुद्धा भी पाए है. नहीं तो सब उसको शिव का आशीर्वाद मान कर पूजते hi आये है. वो है रावण की तलवार – चंद्र हंसा तलवार. ये रावण को महादेव ने दी थी. और तभी से ये दानवो के पास है. इसकी शक्ति इतनी आदिक है की इसके आगे इंद्रा भी नहीं ठीक पता. और हाँ हर दानव इसको पाना चाहता है. पैर कोई भी दानव इसको दानवो से दूर होता नहीं देख सकता. इसलिए डायन रहे तुमको आज तुम क्या शक्ति मांगने वाले हो इसके बारे में नहीं बताओगे.

- “हे डलासुर और दक्षसूरी माँ, मुझको चंद्र हंसा तलवार और उसकी सभी शक्तिया दो. वो हमेशा मेरे साथ मेरे पास रहे. कोई भी दानव उसे मिजसे वापिस न ले सके.”

कुछ देर मणि जी और भी बहुत सी बाते पब को समजते रहे और फिर पब अपने डायन से बहार आ गया. कुछ सोच कर पब ने गुरु को याद किया और गुरु को कुछ कहा. गुरु को गुस्सा भी आया पैर वो कुछ कहा न सकीय.

जब पब मणि जी से बात कर रहा था. सलोनी अपने hi खयालो में थी. सलोनी को इस टाइम ेबेचा से हार का बहुत अफ़सोस हो रहा था. कियोकि यदि उस दिन सलोनी वो फाइट जीत गयी होती तो पब और ेबेचा की फाइनल फाइट होती hi नहीं. और ये सब नहीं होता. सलोनी सोचती है की उस दिन उसने केवल अपनी पति को ये दिखने के लिए ेबेचा को चैलेंज किया था की वो ेबेचा से बेस्ट है. ेबेचा उसके आगे कुछ भी नहीं. पैर पब के वह से जाने के बाद और वो सब होने की वजह से उसने वो फाइट डायन से नहीं लड़ी नहीं तो आज ये सब नहीं हो रहा होता. पैर अब कुछ नहीं हो सकता था. कियोकि अब पचायत होता क्या जब चिड़िया चूक गयी खेत.

सलोनी अपनी हो सोच में थी और पब मणि जी और गुरु से बात कर रहा था. सलोनी को नहीं पता चला की पब किसी से बात भी कर रहा है. वो दोनों अपनी -2 सोच में hi थे की तभी वह नील आ गया. और बोलै मास्टर ने तुमको असेंबली हॉल में आने को कहा है. कुछ hi देर में वह प्राइज दिए जायेगे.

नील की बात सुन कर दोनों नील के पीछे चल दिए. जब वह पहुंचे तो सभी के फेस पैर एक दर्द और दुःख दिख रहा था. पहले कुछ प्राइज स्कूल के पड़ने वाले स्टूडेंट को दिए गए. और फिर no. आया इवेंट के स्टूडेंट का. पहले ेबेचा को गर्ल्स टीम के विनर का प्राइज मिला. ेबेचा के फेस पैर 12 बजे हुए थे. उसके फेस की वो चमक कही खो गयी जो उसके फेस पैर हमेशा हुआ करती थी. आखें लाल हो चुकी थी. ेबेचा दुखी हाल में hi स्टेज पैर जा कर अपना प्राइज लेती है. तो पब भी स्टेज की और चल देता है. ेबेचा प्राइज ले कर लोटती है तो दोनों एक दूसरे के सामने आ जाते है. ेबेचा नज़रे चुका कर साइड से निकल रही होती है तो पब उससे धिरे से कहता है की मुझको तुमसे बात करनी है. कुछ देर बाद अपने रूम में मिलो. पब की बात सुन कर ेबेचा एक बार पब की तरफ आखें बड़ी करके देखती है. तो पब आखों से hi उसको जवाब देता है.

पब अपना प्राइज लेने स्टेज पैर पहुंच जाता है और वो उस प्राइज की तलवार को ले कर आ जाता है. वह पैर बैठे हर शक्श की नज़रे पब को चुभ रही थी. प्राइज डिस्टबिटिओं में किसी का इंट्रेस्ट नहीं था. सब की आखों में अपने बेस्ट फाइट को खोने का दर था. अपनी एक दोस्त, एक साथी, या एक टीचर या एक स्टूडेंट खोने का दर था. जिसका जो रिश्ता ेबेचा के साथ था ो उसी दर से पब की और देख रहे थे. पब भी समाज गया की वो क्या गलती करने जा रहा था. उन सभी की नज़रो ने उसे बता दिया था की यदि वो ेबेचा से शादी नहीं करता तो सच में एक बड़ी गलती कर देता.
 
अपडेट 211

पब अपना प्राइज लेने स्टेज पैर पहुंच जाता है और वो उस प्राइज की तलवार को ले कर आ जाता है. वह पैर बैठे हर शक्श की नज़रे पब को चुभ रही थी. प्राइज डिस्टबिटिओं में किसी का इंट्रेस्ट नहीं था. सब की आखों में अपने बेस्ट फाइट को खोने का दर था. अपनी एक दोस्त, एक साथी, या एक टीचर या एक स्टूडेंट खोने का दर था. जिसका जो रिश्ता ेबेचा के साथ था ो उसी दर से पब की और देख रहे थे. पब भी समाज गया की वो क्या गलती करने जा रहा था. उन सभी की नज़रो ने उसे बता दिया था की यदि वो ेबेचा से शादी नहीं करता तो सच में एक बड़ी गलती कर देता.

पब सलोनी के पास पंहुचा तो सलोनी पब से बोली – अब चले घर?? अब तो प्राइज भी मिल गया??

पब – नहीं अभी नहीं अभी में ेबेचा से मिलने जा रहा हु. तुम यही मेरा वेट करना थोड़ी देर में षाले है.

सलोनी – नहीं मैं भी आपके साथ चलुगी..

पब (एक आदेशात्मक आवाज में) – सलोनी मेने कहा न तुम मेरा यहाँ पैर hi वेट करोगी. अब जब तक मैं आ नहीं जाता तुमको इस हॉल में hi रहना है.

सलोनी पब की इस टोन को सुन कर कुछ बोल hi नहीं पाए बस हाँ में गार्डन हिला दी. आज पब ने सलोनी को एक आदेश दिया था. वो सलोनी उस आदेश का पालन करने से मन नहीं कर सकती थी.

सलोनी को वह छोड़ कर पब ेबेचा के रूम की और चल दिया. रस्ते में hi उसके फ़ोन पैर फिर जुली का मस्सगे फिर से आ जाता है. पब उसे देख कर जुली को कॉल करता है. और बात करता हुआ ेबेचा के रूम तक पहुंच जाता है. जुली को bye बोल कर वो ेबेचा के रूम में घुस जाता है.

ेबेचा अपने रूम में पब का hi वेट कर रही थी. उसका दिल बहुत बीचेन था. कभी कहता की पब ने तुझको अपना लिया है इसलिए hi मिलने आ रहा है. तो कभी उसका दिल कहता नहीं वो केवल तुझको समजने और एक बार और तेरा मजाक बनाना आ रहा है. ेबेचा को इन्तजार के वो कुछ मं कई सालो के जैसे बाईट थे. जैसे hi रूम में पब आया उसके दिल की दधकण बाद गयी. पब को ेबेचा के रूम में जाता देख कर बहुत साडी लड़कियों उनकी बात सुनने को बेताव हो कर गेट पैर विंडो पैर कान लगा केर कड़ी हो गयी. पैर पब गेट बंद काके ेबेचा के सामने खड़ा रहा. और एक मंत्र पद कर रूम को राउंड प्रूफ कर लिया. कुछ मं तक कोई भी कुछ नहीं बोलै. ेबेचा तो खुद को संभल नहीं प् रही थी. और पब ेबेचा के नार्मल होने का वेट कर रहा था.

ेबेचा – अब आप बोलिये भी क्या बात करनी थी मुझसे?? या केवल मुझको देखने hi आये है??

पब मुस्कुराते हुए एक गिलास पानी ेबेचा की और बड़ा देता है – लो पहले रिलेक्स हो जाओ फिर बात करते है.

ेबेचा पानी पि कर एक चेयर पैर बेथ जाती है तो पब भी दूसरी चेयर पैर बेथ जाता है. अब ेबेचा बहुत हद तक नार्मल लग रही थी. तो अब पब बोलता है – देखो ेबेचा में तुमसे कुछ पूछना चाहता हु और कुछ बताना चाहता हु. यदि वो सब तुमको मंजूर हो तो फिर मैं तुमसे शादी के लिए तैयार हु.

ये सुन कर ेबेचा के मन में एक ख़ुशी की लहार दूध गयी. और वो जाट से बोली – बताइये क्या जानना और पूछना है आपको मैं सब बताने को तैयार हु.

पब – क्या तुम कुवारी हो??

ेबेचा एक बार को तो सामजी hi नहीं. जब मेरी शादी नहीं हुयी तो मैं कुवारी hi तो होगी न. फिर उसको समाज आया की पब क्या पूछ रहा है तो उसकी नज़रे झुक गयी. और धिरे से बोली – हाँ.

पब – ेबेचा दूसरी और जरुरी बात शादी के बाद तुमको स्कूल से नाता तोडना होगा. और मेने कुछ िनलेगल बिस्सनेस भी है उनमे मेरी मदत करनी होगी. मेरा मैं बिस्सनेस लड़कियों को सेक्स ट्रेनिंग दे कर सेल्ल करने का है. क्या तुम मेरा इसमें साथ डौगी…

ेबेचा ये सुन कर हेंग हो गयी 2 मं तो कुछ बोली नहीं फिर बोली – क्या आप सच कहा रहे है??

पब – हाँ बिलकुल सच, नहीं तो 100कर. का दान देने के लिए पैसे कहा से आते??

ेबेचा ने जैसा hi ये सुना तो उसने ुध कर पब के गाल पैर अपनी उंगलियों के निशान बना दिए. मतलब तप्पड़ मर दिया. और बोली – मैं मर जोगी पैर इतने घटिया काम में कभी तुम्हारा साथ नहीं दूगी.

पब – हाहाहाहाहा ेबेचा तुम न नहीं कहा सकती हो, तुम भूल रही हो तुमने प्रतिज्ञा ली थी. अब तुम पैर तुम्हारे इस सेक्सी जिस्म पैर, तुम्हारी रूह पैर केवल मेरा हक़ है. अब तुम मन नहीं कर सकती. वो तो मैं जब से इसलिए नहीं बोलै की कही यहाँ सभी को मेरी आश्लियत न पता चल जाये. पैर अब कोई दर नहीं इस रूम से निकल कर हम सीदा मेरे घर चलेगी. तुमको जो भी इस रूम से लेना है वो तुम ले सकती हो.

अब ेबेचा से शादी का भोत तो उतर गया. और वो दर से कंपनी लगी. वो ऐसा काम करने से पहले मरना पसंद करती. पैर पब की बात भी सच थी की अब उसका उस पैर कोई हक़ नहीं था. तो इसका मतलब उसे वो सब करना होगा. उसको हर दिन हर रात मरना होगा. ये सोच -2 कर ेबेचा कैंप रही थी.

पब – अब बोलो ेबेचा रानी क्या बोलती हो. मारा साथ डौगी लड़कियों को मर्द को कैसे खुश करते है ये सीखने में??

ेबेचा गुस्से से भरे आवाज में – वो तो मेने प्रतिज्ञा ली हुई है नहीं तो तुम जैसे दुष्टो से मैं नहीं मेरी तलवार बात करती है.

पब – अब क्यों गुस्सा आ रहा है जब नहीं सोचा था जब प्रतिज्ञा ली थी?? और यदि मेरी जगह वो गुंडे ये इवेंट जीत गए होते तो या तो तुम मरी जाती या फिर उसके साथ देश के खिलाफ उसका साथ देने पैर मजबूर होती. बोलो होती की नहीं??

अब ेबेचा को लग रहा था की पब सही बोल रहा है. उसने सच में एक गलती की है प्रतिज्ञा ले कर. फाइट में तो कोई भी किसी से भी जीत सकता है पैर वो अच्छा हो ये जरुरी नहीं है.

ेबेचा रट हुए – मेने सच में गलती कर दी है पैर अब में उसको सुंदर नहीं सकती हु. बस आपसे रिक्वेस्ट कर रक्ति हु की आप मुझसे वो सब न करवाए. उस काम को करते हुए मैं हर रोज एक नयी मूट मृगी. इससे अच्छा तो ये hi है की आप मुझसे शादी hi न करे और मुझको मर जाने दे काम से काम सुकून से मर तो सकुंगी.

ये बात सुन कर पब को गुस्सा आ जाता है और वो ेबेचा को तप्पड़ मर देता है.- अब भी मरने की बात समजने पैर भी समाज नहीं आ रहा है न तुमको. मरने की बहुत जल्दी है न तुम्हे.. यदि तुम मर जाओगी तो क्या सब सही हो जायेगा. मास्टर का क्या हाल होगा?? सोच है तुमने ?? वो आदमी जेते जी मर जायेगा. अपनी बेटी की तरह पला है उन्होंने तुमको और जब तुम्हारा वो हाल देखेंगे तो क्या बीतेगी उन पैर सोचा है कभी??

ेबेचा रट हुए जमीन पैर बेथ गयी – तो फिर क्या करू मैं?? तुमसे शादी करके वो सब भी नहीं कर सकती मास्टर को भी दुखी नहीं देख सकती?? ये सब मेरी उस प्रतिज्ञा की वजह से hi हो रहा है. न मेने वो सब किया होता और न मुझको आज ये दिन देखना पड़ता. (रट हुए ेबेचा अपना मुँह अपने घुटनो में छुपा लेती है)

पब कुछ देर ेबेचा को रोने देता है. और फिर ेबेचा को उठता है और एक बार फिर पानी पीला कर शांत करता है.

पब – चलो तुमको तुम्हारी गलती का अहसास तो हो गया. अब में तुमको सच बताता हु. मेरा कोई ऐसा काम नहीं है. बल्कि मैं तो खुद जान कल्याड के लिए बहुत कुछ कर रहा हु या करने की कोसिस कर रहा हु.

फिर पब ेबेचा को अपने बारे में थोड़ा बहुत बताता है. सम्भोग क्रिया, उससे पावर का मिलना, हवेली में मिली लड़कियों से दानव सेना बनाना. और भी बहुत कुछ सॉर्ट में बता देता है पैर ेबेचा को अब यकीं नहीं हो रहा था उसको ये सब काल्पनिक लग रहा था. तो पब उसको अपनी दिव्यद्रष्टि से अपनी लाइफ के जरुरी कुछ पालो को एक वाल पैर फिल्म की तरह दिखता है. तब जा कर ेबेचा को यकीं होता है तो वो पब के गले लग जाती है. और उसके फेस पैर किश कर देती है. फिर कुछ देर और पब उससे कुछ बात करता है और फिर ये बोल कर बहार आ जाता है की अपना जरुरी सामान और अपनी तलवार ले कर असेंबली हॉल में आ जाओ.

कुछ देर में एक बार फिर सभी असेंबली हॉल में थे. पब ने नील को बोल कर सभी को एक बार फिर से असेंबली हॉल में बुला लिया था. पब और ेबेचा एक साथ स्टेज पैर पहुंचे तो पहले पब ने सभी से कहा की “मैं और ेबेचा शादी कर रहे है. आज से ये मेरी हुयी” ये बोल कर पब स्टेज पैर hi ेबेचा के गाल पैर एक किश कर देता है. ये सब देख और सुन कर वह सभी के फेस पैर चमक आ गयी सलोनी को छोड़ कर. सभी लोग खुश हो कर ताली बजने लगे तो कुछ सिटी बजने लगे. कुछ देर में जब सब शांत हुए तो फिर ेबेचा ने बोलना सुरु किया

ेबेचा – मेरे सभी भाइयो और बहेनो मेने जो किया वो गलत था. मैं मास्टर से अपनी गलती के लिए माफ़ी मांगती हु. मास्टर ने मुझको एक पिता का प्यार दिया. पैर मैं एक बेटी का फर्ज नहीं निभा पायी. उनका मुझसे शादी के लिए कहना मेरे प्रति उनका प्यार और लगाव था. वो मेरी शादी करके अपना फर्ज पूरा करना चाहती थे. पैर मैं स्कूल को न छोड़ने की जिद में प्रतिज्ञा ले बैठी. भूल गयी की जो मैं कर रही हु वो मेरे और इस स्कूल के लिए भी घातक हो सकता है. यदि आज मुझको किसी शैतान ने हरा दिया होता तो वो मेरा गलत फायदा ुद्धा सकता था. मेरे से वो सब गलत काम करवा सकता था जिसके लिए हमारे पिता हमारे मास्टर ने हमेशा मन किया है. वो मुझको देश के खिलाफ भी इस्तेमाल कर सकता था. पैर शायद ये मेरी खुशनसीबी है की मुझको इनके जैसा (पब की और इशारा करके) जीवन साथी दिया. पैर मैं आज अपनी गलती मानते हुए आप सभी से माफ़ी मांगती हु. और आशा करती हु की आप सभी ऐसा जीवन में कभी नहीं करेंगे. हमेशा अपने मास्टर की अपने माँ बाप की बात मान कर सही रहा पैर चलेंगे. थैंक यू एंड वन्स मोरे टाइम सॉरी…

ेबेचा के चुप होते hi हॉल में तालियों का सैलाब आ गया. तो मास्टर ने आगे आ कर उन दोनों को गले लगा लिया दोनों ने मास्टर के पेअर छू कर आशीर्वाद लिया. और फिर मास्टर दोनों को ले कर अपने रूम में गया. और कुछ देर दोनों से बात करके ेबेचा को अपने साथ दूसरे रूम में ले गया. और जब दोनों लोटे तो ेबेचा के हाथ में 2 बैग्स और थे. फिर ेबेचा और पब मास्टर से विदा ले कर सलोनी के पास पहुंच जाते है. इस टाइम मास्टर की आखों में ख़ुशी के आशु थे. पैर जब ये सलोनी के पास पहुंचे तो सलोनी का फेस hi बता रहा था की सलोनी फुल गुस्से में है. और उसकी आखों में आशु झलक रहे थे. सलोनी के फेस को देख कर पब और ेबेचा दोनों को दुःख हुआ. पैर न तो अभी सलोनी कुछ बोली और न hi ये दोनों. सभी स्कूल के बहार आ गए. और फिर खली जगह पैर पहुंचते hi पब उन दोनों को ले कर टेलिपोर्ट हो कर हवेली के बहार पहुंच गया.

ये तीनो हवेली के हॉल में पहुंचते है. अभी केवल 4 पं hi हो रहे थे. तो सभी दानव सेना के बेस में ट्रेनिंग कर रहे थे. सलोनी भी ये बात जानती थी. तो वो सीधा दानव बेस की और चल दी. पब और ेबेचा सोफे पैर बेथ गए. आज तीनो ने लंच hi नहीं किया था. जो स्कूल में फाइट के बाद रायता पेला था उसके बाद किसी को लंच करने का होश hi नहीं था. पब वह बैठा था और मन hi मन गुरु को बुला रहा था. कियोकि उसको पता था की इस टाइम यदि कोई उसकी हेल्प कर सकता है तो वो गुरु hi थी.

गुरु दानव बेस ने मेरे पास आ रही थी और सलोनी वह जा रही थी. तो रस्ते में सलोनी ने गुरु को बता दिया ेबेचा के बारे में. जब गुरु वह आयी तो उसके फेस पैर भी गुस्सा दिखा. पब ने जैसे hi गुरु को गुस्से में देखा तो वो समाज गया की अब गयी भैस पानी में.

पब – गुरु ये … (बिच में hi)

गुरु – आप थक गए होंगे. जा कर आराम करिये. मैं इसको रूम में छोड़ कर आती हु.

गुरु ने पब भी बात भी नहीं सुनी और ेबेचा को ले कर रूम में चली गयी. ेबेचा अपने साथ लाये सभी सामान को भी ले गयी. हॉल में बैठा पब सोचने लगा जब गुरु इतने गुस्से में है तो वो बाकि सबको कैसे संभालेगा. अब पब को बहुत दर लग रहा था अभी तक तो उसे लगा था की वो गुरु की हेल्प से सभी को संभल लेगा. पैर जब गुरु hi उससे गुस्सा हो गयी तो अब तो उसके समेत आना तय था. थोड़ी hi देर में वह सभी आ गयी पैर अवनि अभी तक नहीं आयी थी. सभी के फेस पैर गुस्सा था. दुःख उनकी आखों से बहा रहा था. आते hi सब ीदार उदार देखने लगी जैसे किसी को खोज रही हो. पब जनता था की ये क्या हो रहा है. उनका फेस देख कर एक बार तो पब की हिम्मत hi जवाब दे गयी पैर उसे सभी को मानना तो था hi. तो उसने एरिका से बात करने को उसे आवाज दी.

पब (धिरे से) – एरिका..

एरिका बिना उसकी और देखे – हम्म

पब – मेरे पास नहीं आओगी??

एरिका – कोई काम था आपको?? (अभी भी पब की और नहीं मुड़ी थी. और आवाज गुस्से से भरा रही थी)

पब – नहीं तो क्या तुम मेरे पास बिना काम के नहीं आ सकती??

एरिका – अभी मुझको काम है मैं अपने रूम में जा रही हु. (और वो बिना पब की और देखे अपने रूम में चल दी.)

एरिका को जाता देख कर और भी सभी जाने लगी. तो पब ने एक –एक करके सभी को आवाज लगाई पैर किसी ने उसकी एक न सुनी. तभी अवनि आती हुई दिखाई दी. उसका पूरा फेस आशुओ से भरा हुआ था. उसका चेहरा hi उसके दिल का हाल बता रहा था.

पब – अवनि प्लीज मेरी बात सुनो….

अवनि – क्या अभी भी कुछ सुनने को बचा है क्या. पंकज ने सुबह से आज शयाम का इन्तजार कर रही थी जब से तुम वह गए हो. मेरे दिल में तभी से एक बेचैनी थी. मुझको हर पल शयाम का इन्तजार था. पैर मुझको क्या पता था की शयाम मेरे लिए ये सब ले कर आएगी. (और अवनि तेज़ी से रट हुए सिंगल सोफे पैर बेथ जाती है. और सोफे पैर मुँह छुपा कर रोने लगती है.)

पब – अवनि प्लीज एक बार meri….(bich में)

अवनि – प्लीज मुझको अकेला छोड़ दो…. (और ये कहा कर अवनि अपने रूम की और भाग जाती है)

एक बार फिर पब अकेला खड़ा था. उसकी बात भी किसी ने नहीं सुनी. पब कुछ देर खड़ा hi रहा जाता है और फिर अपने रूम में पहुंच कर बीएड पैर लेट कर रोने लगता है. पब के दिल पैर क्या बिट रही थी ये केवल पब hi जनता था एक तो अवनि को खोने का दर. और फिर उसकी सभी पत्नियों का रुढ़ना… उसको तो लगा जैसे वो इस दुनिया में अकेला रहा गया हो. कुछ देर तक रोने के बात उसको याद आता है की गुरूजी ने उससे कहा है की उसे अपनी सभी भावनाओ पैर काबू पाना है. पैर सच में ये बहुत hi कठिन था. जिसको अपने हमेशा चाहा हो अपने पहले प्यार को खुद से छोड़ना. सच में बहुत दर्द देता है. पब के दिल में दर्द का एक शैलाब था. और आज उसके दर्द को सुनने वाला भी कोई नहीं था. और उसे अपने आप को खुद से संभल कर सभी को संभालना भी था संजना भी था.

उसका दिल खून के आशु बहा रहा था. उसकी पत्नियों की बेरुखी और अवनि का रोना उसके दिल के दर्द को और बड़ा रहे थे. पैर वो खुद अपने आप से लड़ रहा था उसे किसी भी हाल में अपनी सभी पत्नियों को फिर से मानना था. पैर जैसे hi अवनि का ख्याल मन में आता. उसका खुद पैर किया काबू ख़तम हो जाता. बहुत देर तक वो अपने आप से लड़ता रहा. खुद अपने आप को हिम्मत देता रहा. फिर कुछ सोच कर अपने आप से बोलै – यदि ये हो जाये तो मैं अपना सब कुछ फिर से प् लगा. (और फिर अपनी सोच में गम हो गया)
 
अपडेट 212

रात के 8 बजे थे. और अभी तक सभी अपने रूम्स में बंद hi थे. पैर तभी पब के रूम का दूर खुला और सलोनी डिनर की प्लेट के साथ अंदर आ गयी. सलोनी ने प्लेट को पब के सामने रख कर रूम में जाने लगी तो

पब – सलोनी तुमने खाया??

सलोनी – हाँ.. (पैर सलोनी की आवाज hi बता रही थी की वो झूट बोल रही है. उसने अभी तक पब की तरफ देखा नहीं था)

पब – सलोनी मेरे सामने बैठो. यदि सच में मुझको कुछ मानती हो तो बैठो. तुमको मेरी कसम है…

पब की बात सुन कर सलोनी को वह पैर बैठना hi पड़ा. पैर उसने अभी तक पब की तरफ देख नहीं था. नज़ारे निचे किये चुप बैठी थी. पब ने प्लेट ुधा कर एक बाईट सलोनी की और बड़ा दिया. सलोनी ने मुँह घुमा लिया. पब ने फिर उसके मुँह की आगे किया तो उसने फिर मुँह पीछे कर लिया.

पब – सलोनी चुप चाप कहती हो या फिर से कसम दू.

पब की बात से सलोनी की आखों में रुके हुए आशु बहा गए. अपने पति के प्यार को फील करके उसका मन उसे प्यार करने को होने लगा. पैर सलोनी के दिमाग में जो गुस्सा था वो काम hi नहीं हो रहा था. पब ने खुद भी खाया और सलोनी को भी खिलाया. जब खाना फिनिश हो गया तो सलोनी रूम से जाने लगी. तो पब बोलै

पब – सलोनी ेबेचा को खाना??

सलोनी – उसको दे कर hi यहाँ आई थी. गुरु दीदी ने शादी की तैयारी कर दी है. कुछ देर में वह पहुंच जाना.

सलोनी ये बोल कर चली गयी. अब जब पेट में कुछ गया. तो मंद में काम काना सुरु किया. वैसे भी अभी तक वो खुद को बहुत हाड तक संभल चुक्का था. तो पब पहले फ्रेश होने गया. फिर अपने फ़ोन को चक किया तो उसमे जुली के मस्सगे थे. जुली ने आज के पुरे काम की रिपोर्ट भेज दी थी. जुली ने एक hi दिन में 4 बड़े गैंग को फिनिश कर दिया था. और अब ये लोग ईस्ट उप की साइड जा रहे थे. वह की कुछ गैंग की जानकारी उन गुंडों के लीडर में मिली थी. बाकि जुली ने अपनी कुछ लड़कियों को आज सुबह hi वह भेज दिया था फुल डिटेल निकलने के लिए. तो कुछ उससे भी आगे बिहाल बॉर्डर के पास पहुंची हुयी थी. उन सभी ने अपने टारगेट को िडेंटीफ़्य कर लिया था. और आज रात में अटैक का प्लान बना रही थी जो जुली को वह पहुंचने पैर अंजाम देना था. जुली ने फुल डिटेल मेल कर दी thi.juli, बेबी और अवनि ने मिल कर एक ऐसा सर्वर बना रखा था जो कोई भी हैक न कर सके. बेबी ने बहुत सरे काम कैसे किये थे जो शायद कोई और न कर सके. पब, जुली यौ अहा के सभी लोगो के मोबाइल भी सेफ कर दिए थे. बेबी के ये सब काम hi तो थे जो पब ने अभी तक बेबी को अपने साथ रखा हुआ था. पब ने जुली का पूरा अपडेट लिया. जुली के कल के प्लान को एक बार जुली से फ़ोन पैर डिस्कस कर लिया था.

फिर पब ने सोच पहले आज ेबेचा के साथ शादी करनी है और फिर कल से सभी को मन्ना है. एक बार शादी हो गयी तो फिर ये सब भी मान जाएगी और मैं इनको सब कुछ बता भी पाउगा. अभी तो कुछ भी बताने से गुरूजी ने मन किया है. अभी ेबेचा से शादी की वजह भी नहीं बता सकता. अभी बात करने से फायदा नहीं है. अभी बात और बिगड़ जाएगी. इसलिए पब सोचता है की अभी सभी टेंशन एक साइड रख कर ेबेचा के बारे में सोचा जाये. और फिर कल से अपनी पत्नियों को फिर से अपना बनाना है.

पब ेबेचा के बारे में सोचता है तो उसके होंटो पैर एक मुस्कान फेल जाती है. कितनी प्यारी दिखती है ेबेचा देख कर लगता है किसी नाजुक सी काली है. उप्पेर से निचे तक क़यामत hi क़यामत… पैर जब लड़ती है तो सामने वाले पैर तूफान ला देती है. पब ेबेचा के बारे में सोचता हुआ रेडी हो जाता है. और गुरु के पास पहुंच जाता है.

गुरु पब की तरफ एक बार देखती है और फिर नज़रे फेर लेती है. गुरु का यु नज़रे फेर लेना पब के दिल में तीर की तरह लगता है. पैर वो भी अपने आप को इस सब के लिए तैयार करके आया था. गुरु शादी की रश्मि सुरु कर देती है. कुछ देर बाद जब ेबेचा तैयार हो कर दुल्हन के लाल जोड़े में पब के सामने आती है तो पब का मुँह खुला रहा जाता है. आज तक पब ने ेबेचा को बिना मेकअप के hi देखा था. पैर आज उसके ये रूप पब पैर बिजलिया गिरा रहा था. नाजुक सी देखने वाली ेबेचा आज काम की देवी देखे दे रही थी. आखों का काजल, होंटो पैर लाली तो किसी का भी दिल चुरा ले इतनी मनमोहक थी. गोर गलो पैर हलकी सी लाली, नाक में नोज रिंग और माथे की एक लम्बी सी बिंदी पब के दिल में हलचल मशीन को काफी थी. लास्ट 5 दिनों में फाइट में या फाइट से घायल ेबेचा को hi देखा था. जिसके फेस पैर चिंताए, पसीना और धूल लगी रहती थी. और उस रूप में hi पब को भ गयी तो ये रूप तो उसके अरमानो को भड़का रहा था. पब सोच रहा थकी नियति ने उसे सब एक से बाद कर एक सूंदर और सेक्सी बिबिया दी है. पब तो ेबेचा को देखता रहा और ेबेचा मुस्कुराते हुए निचे देखती रही. ेबेचा को भी ख़ुशी हो रही थी की उसका पति देवनो के जैसे उसे घर रहा है. उसके मन में भी हलचल हो रही थी. पैर वो ये सब किसी के सामने शो नहीं करना चाहती थी तो सर निचे करके बैठी थी. वैसे भी आज की शादी में केवल ये तीन लोग hi थे. और दो तो अपनी दुनिया में खोये थे. और गुरु मंत्रो का उच्चारण करते हुए अपने आशु बहा रही थी. पहली बार था जब गुरु को पब की शादी से दुख हो रहा था पैर यव दुःख भी खुद के लिए नहीं था. ये दुःख था पब के प्यार अवनि के लिए ये दुःख था पब की पहली शक्ति सविता के लिए…

शादी पूरी होने के बाद गुरु ेबेचा को एक बार सब समजा देती है. और ेबेचा को पब के रूम में भेज दिया जाता है. बहार गुरु पब को देख रही थी.

पब – गुरु तुमसे कुछ कहना था.

गुरु – हम्म, पैर मुझको नहीं पता की आज तुमको क्या मग्न है. (गुरु विश की बात कर रही थी जो की मणि जी पब को पहले hi बता चुके थे)

पब – गुरु वो नहीं वो मैं जनता हु.

गुरु (चोकते हुए नजर ुधा कर पब को देखती है) – तुम जानते हो?? मुझको नहीं बताया की आज कोण सी पावर लेने जा रहे हो. और यदि जानते हो तो क्या कहना है.

गुरु को लगा जैसे उसका हक़ किसी ने चीन लिया हो. आज तक गुरु hi बताती आयी थी. और लास्ट विश में hi पब ने गुरु को नहीं पूछा और न hi बताया. गुरु को इस बात को बहुत दुःख हुआ..

पब – मैं बताता कैसे?? तुमने मुझसे बात hi कब की? बात तो छोडो अपने पास hi कब आने दिया?? आज तो तुमने ये भी नहीं पूछा की कैसे हो??

पब भी अपने आप को नहीं रोक पाया जबकि वो जनता था की यदि गुरु उससे पूछती तो वो बता नहीं पता.

पब – ये सब क्या ले कर बेथ गया मैं. मैं जनता हु मेरी गुरु नाराज है. पैर मेरी गुरु ये कैसे भूल गयी की उसकी बेरुखी मेरे लिए क्या मैंने रखती है. मेरी गुरु ने ये भी नहीं सोचा की मेने इतना बड़ा कदम बिना किसी को बताये उड़ाया है तो कुछ तो बात होगी न….

पब नहीं चाहता था की वो इस टाइम ये सब बात करे पैर गुरु के फेस पैर आशुओ की लड़िया पब को मजबूर कर रही थी. पब एक बार फिर अपने आप को कमजोर होता महसूस कर रहा था. तो वो चुप हो कर 2-3 बार गहरी सास ले कर बोलै – गुरु तुमको आज रात एक काम करना होगा. हर हाल में, कुछ इंतजाम तो मैं खुद कर दुगा. पैर तुमको एक जरुरी काम करना है.

गुरु तो पब की पहली बातो से hi बहार नहीं निकल पायी थी. फिर दुवारा कही बातो से गुरु घबरा गयी.

गुरु – क्या कहा अपने?? क्या करना है मुझको रात में?? क्या होने वाला है आज रात… मुझको अभी पूरी बात बताओ.

पब – गुरु शांत… ऐसा कुछ नहीं होने वाला है. तुमको करना भी कुछ खास नहीं है. आज रात तुमको कामिनी और सलोनी के साथ hi सोना है. यदि रात में किसी भी कारन से सलोनी को कुछ भी हो. और वो मेरे कामने में आने की कोसिस करे तो तुम दोनों को उसे रोकना होगा. उसको याद दिलाना होगा की मैं उसका पति हु. और एक दानव पुत्र भी हु.

गुरु अब पूरी तरह चौक गयी. उसको लगा की कुछ तो गलत होने जा रहा है. तो गुरु बोली – सच सच बोलो की बात क्या है?? ये सब क्या चक्कर है. सलोनी ने भी अभी तक नहीं बताया की वह क्या हुआ था. और अब तुम भी कुछ नहीं बता रहे हो. उस टाइम भी बस इतना hi बोलै की मैं ेबेचा से शादी कर रहा हु शादी की तैयारी करके राखु (मणि जी से बात करने के बात गुरु से जो बात हुयी है वो बस ये hi थी) मुझको पहले ये सब जानना है फिर hi मैं कुछ कर पाउगी… आज तुम न तो कुछ बता रहे हो बस अपना फेशला सुना रहे हो. चल क्या रहा है?? क्या अब मुझसे भी छुपने लगे हो कुछ?? क्या मुज पैर भी विश्वास नहीं रहा??

पब (आदेशात्मक आवाज में) – गुरु मेने जो कहा है वो तुमको करना hi होगा ये तुम्हारे पति का आदेश है. और अपने पति पैर भरोषा करना सीखो गुरु वो कोई भी गलत काम नहीं करेगा. (अभी पब बता नहीं सकता था और गुरु जानने को आदिर हो रही थी. इसलिए उसको ये रास्ता अपनाना hi सही लगा)

पब की आवाज और पब के कहे हुए शव्दो में कठोरता गुरु के सरीर में एक कपकपी पैदा कर गए थे. गुरु को पहली बार पब ने ऐसे बोलै था. गुरु फिर कुछ नहीं बोली बस मुँह फाडे पब को देखती रही. कुछ देर में उसकी आखों से आशु बहने लगे. और जब वो बहुत आदिक हो गए और गुरु खुद पैर से कण्ट्रोल खोने लगी तो वो वह से भाग गयी.

गुरु को जाते hi पब की आखों से आशु बहने लगे. पैर उसने खुद को जल्दी hi संभल लिया. और फिर हवन पैर दुवारा बेथ गया और एक शील्ड को बनाना लगा हवेली के चारो और. वो वो शील्ड थी एनर्जी सेफ्टी शील्ड. इस शील्ड से कोई भी एनर्जी, वौइस्, रेंज बहार नहीं जा सकती थी. पैर हाँ अंदर आ सकती थी. और ये सब करने के लिए मणि जी ने hi उसको बोलै था.

पब सभी काम ख़तम करके ेबेचा के पास रूम में पहुँचता है. ेबेचा घुघट करके बेट पैर बैठी हुयी थी. न फूलो की सेज थी और न hi कोई सजावट फिर भी ेबेचा अपने आप में बहुत थी पब को मग्नमाद्य करने के लिए. पब ेबेचा के लिए एक हीरो का हाल लाया था हकीकत में तो ये उसने अवनि के लिए ख़रीदा था पैर अब ये हार ेबेचा के गले की सोभा बनने वाला था. ेबेचा को संगमर सा सफ़ेद बदन, मेहदी लगे हाथ और पेअर और घुघट में छुपा वो सुन्दर रा मुखड़ा. पब ेबेचा के पास खड़ा ेबेचा को निहार रहा था.

फिर ेबेचा के पास बेथ कर ेबेचा का घुघट उड़ाते हुए पब ेबेचा के सुन्दर चेहरे में फिर से खो गया. ेबेचा भी पब को देख रही थी. दोनों की सासे तेज़ होने लगी थी. तो ेबेचा नजरे झुका कर बोली – सॉरी आप मुझको माफ़ कर देना मेरी वजह से सभी अपने नाराज हो गए न..

पब – it’s ok ेबेचा इसमें तुम्हारी कोई गलती नहीं है. घर में ये छोटी मोती नोक झोक तो होती रहती है. मैं फिर से सबको मन लगा..

ेबेचा – मैं नहीं जी हम मिल कर मनाएंगे सभी को…

पब ेबेचा की बात सुन कर मुस्कुरा जाता है और हाँ में सर हिला देता है. और आगे झुक कर ेबेचा के माथे पैर किश कर देता है.

पब – ेबेचा तुम आज बहुत खूबसूरत लग रही हो. मेने तो सोचा भी नहीं था की तुम इतनी सुन्दर हो.

ेबेचा अपनी टैरिफ सुन कर खुश होते हुए बर्ष करने लगती है और बोली – आप भी न, यहाँ सब एक से बाद कर एक है. और गुरु तो बहुत ज्यादा सुन्दर है. या कहु की सभी बहुत सुन्दर है तो भी गलत नहीं है.

पब – ेबेचा गुरु को मेरी सभी पत्निया दीदी कहती है. और मैं चाहुगा की तुम भी उसे दीदी hi बोलो..

ेबेचा – ok जैसा आप कहे. पैर वो तो छोटी लगी मुझसे..

पब मुस्कुराते हुए – उसके फेस पैर मत जाना. वो एक बहुत बड़ी तांत्रिक है. और आगे 60+ है.

ेबेचा चोकते हुए – क्या… सच में… फिर तो दीदी बोलना बनता है.

पब – हाँ और वो hi इस घर की वो डोर है जिसने सभी मटियो को एक माला में बांध रखा है.

ेबेचा – हम्म..

पब – ेबेचा तुम्हारे पास ये शादी का जोड़ा??? मेने तो दिलवाया नहीं .. फिर..

ेबेचा मुस्कुराते हुए – मास्टर ने दिया था. उन्होंने मेरे लिए पहले से hi सब कुछ ले कर रखा था.

पब – ोुह्ह्ह, सच में उन्होंने एक पिता का पूरा फर्ज निभाया है. तुमने उनको बताया हमारी शादी हो गयी??

ेबेचा – नहीं… भूल गयी…

पब फिर अपना फ़ोन निकल कर एक सेल्फी लेता है और वो मास्टर को सेंड कर देता है.
 
थैंक यू फॉर ग्रेट कमेंट एंड योर सपोर्ट..

यस बीआरओ ेबेचा की कीमत तो चुकानी HI होगी. भाई शादी से पहले वो बता नहीं सकता था की वो ेबेचा से क्यों शादी कर रहा है. मणि जी ने HI बोलै था. और ये आगे पता चलेगा की ऐसा क्यों बोलै....

भाई यदि किसी को भी किसी भी दुःख से निकलने के लिए 3-4 हर. तो चाहिए HI न. पब ने भी अपने आप को कुछ HI हॉर्स में कण्ट्रोल कर लिया.

अब एक सेक्स सन आएगा.....

आपके रिव्यु का इन्तजार रहेगा...
 
थैंक यू फॉर ग्रेट कमेंट एंड योर सपोर्ट..

भाई पत्नियों को मानाने में अच्छी म्हणत होने वाली है...

अवनि को भी तो पब की जुदाई का दर्द झेलना है. उसको भी तो अपने प्यार के दर्द का अहसास होना चाहिए....

भाई यहाँ आपको ये बता दू की पब ने गुरु से बात करके केवल ये HI कहा था की वो ेबेचा से शादी कर रहा है. और अभी हवेली आजायेगा. तो शादी की तैयारियां करके रखे...
 
अपडेट 213

पब फिर अपना फ़ोन निकल कर एक सेल्फी लेता है और वो मास्टर को सेंड कर देता है.

पब – तो डार्लिंग अब क्या ख्याल है अश्ली काम सुरु करे??

ेबेचा – हम्म जैसा आप कहे…

पब ेबेचा की और बड़ा और उसके पास जा कर बेथ गया. दोनों एक दूसरे को देख रहे थे पब ने उसकी आखों में देखते हुए उसके होंटो को अपने होंटो में ले कर चूसने लगा. तो ेबेचा का हाथ भी उसके सर पैर चला गया वो भी पब के होंठ चूसने लगी और उसके सर को सहलाने लगी. किश करते हुए पब के हाथ उसके नंगी पीठ को सहलाने लगे. पीठ और पेट को सहलाते हुए पब के हाथ में उसका नाडा आ गया. तो पब ने उसके नदी को खींच दिया. लेहगा दिला होते hi पब ने अपना हाथ उसके अंदर गुसा दिया. और पंतय के उप्पेर के नंगे हिस्से को सहलाने लगा. ेबेचा पब के हाथ को वह फील करके गरम होने लगी और उसने किश तोड़ कर उसकी गार्डन को चेतना सुरु कर दिया. ेबेचा पब का पूरा साथ दे रही थी. ेबेचा ने आप अपने हाथो को पब की शर्ट में घुसा दिया और उसके पीठ पैर घूमने लगी. पब ने ेबेचा के लहजे को निचे को खींचा तो ेबेचा ने भी अपनी गांड ुधा दी. और पल भर में hi उसका लेहगा बीएड के निचे था. ेबेचा के सर पैर चुन्नी थी पैर उसका लहगा निचे पड़ा था. पंतय पैर छूट रास की 2-3 बुँदे दिखाई दे रही थी. पब उसकी गोरी, मोती मसलन झंगो को सहला रहा था. पब के हाथो से ेबेचा के सरीर में गर्मी बाद रही थी. तो उसके हाथ भी पब की पीठ पैर कस्ते चले जा रहे थे. और पब का मुँह उसकी चूचियों के उप्पेर चिपकता जा रहा था. पब की गरम सासे ेबेचा के गले के निचे पद रही थी. जो ेबेचा को और भी बेकाबू करने में लगी थी. पब पैर भी साबरा नहीं हो रहा था तो वो ेबेचा के गले को चाटने लगा और और उसकी झंगो को मशलने लगा. दोनों की गर्मी बढ़ती जा रही थी. तो ेबेचा ने पब का सर पकड़ कर अपने तपते होंठ उसके होंटो पैर रख दिए. और फिर दोनों एक दूसरे के होंटो पैर टूट पड़े. पब ने ेबेचा के निचे के होंठ को चूसना सुरु किया तो ेबेचा ने उसके उप्पेर के होंठ को. दोनों में होड़ लगी थी. पब को ेबेचा के साथ बहुत मज़ा आ रहा था ेबेचा बिना किसी शर्म और हिचक के पूरा साथ दे रही थी. होंटो का चूसना जीभ के चूसने में कब बदला पता hi नहीं चला. और पब ने हाथ झंगो को मसलते हुए उसकी पंतय के उप्पेर से hi छूट को सहलाने लगे. जब दोनों की सासे फूलने लगी तो दोनों अलग हो गए. तो ेबेचा ने पल भर में पब की शर्ट उत्तर दे. तो पब ने भी उसकी चुनी के पिंस को निकल कर दूर कर दिया. और उसके बाल खोल दिए. फिर एक-2 करके उसके गहने उतरने लगा. गेहने उतरते हुए पब को याद आया की उसने वो डिमांड का हार तो ेबेचा को दिया hi नहीं तो वो एक दम से ुध गया और वो हार ले कर आ गया. अभी ेबेचा निचे से नंगी, पेंटी और चोली में बैठी हुयी थी. कानो के कुण्डल को छोड़ कर सभी गहने उत्तर चुके थे. ेबेचा का चेहरा वासना की आग में गरम हो रहा tha.ebecha का ये रूप पब के लुंड पैर कहर ध रहा था. पब अपने लुंड को अपनी पेण्ट के उप्पेर से मसलते हुए ेबेचा को देखने में खोया था. और हार को ले कर खड़ा था.

ेबेचा – क्या हुआ?? दूर से hi देखना है क्या… (और फिर अपनी ऊगली से इशारा करके पब को अपने पास बुलाती है)

पब भी ेबेचा के इशारे पैर उसके पास खींचा चला जाता है. और एक हाथ बड़ा कर ेबेचा के चुके को भींच देता है तो ेबेचा के मुँह से भी एक सिसकी निकल जाती है. और अपने हाथ से पब का हाथ पकड़ लेती है. और खींच कर अपने पास बिठाती है.

ेबेचा – ये क्या लाये है आप इस टाइम??

पब (बॉक्स को खोल कर ेबेचा के सामने करते हुए) – तुम्हारे लिए छोटा सा गिफ्ट….

ेबेचा – तो पहना दो न … (और अपने बालो को लहराते हुए एक साइड करके अपनी गार्डन पब के सामने कर देती है)

पब भी ेबेचा को वो हार पहना देता है. और फिर गार्डन के पीछे साइड में किश करने लगता है. हाल गले से एक दम छिपा हुआ था. पब किश करते हुए पीठ को चाटने लगता है. तो चोली की डोरिया बिच में आ रही थी तो पब ने उस डोरियों को भी खोल दिया. और फिर से चाटने लगा. ेबेचा लगातार आह्हः आअह्ह्ह किये जा रही थी. फिर पब ने चोली के हुक को खोल कर चोली को एक साइड कर दिया. अब पीठ पैर ब्रा के स्ट्रिप hi थी. गोरी पीठ पैर लाल स्ट्रिप्स को देख कर पब पीठ को और तेज़ी से चाटने लगा. और काटने भी लगा. अब वो बहुत गरम हो रहा था. और ेबेचा भी फुल मूड में थी. पब ने पीठ से खेलते हुए उसकी चोली को दूर किया और फिर ब्रा को भी निकल दिया. अब ेबेचा बेथ पैर बैठी चादर को हाथो में लिए सिसक रही थी और पब उसके कानो की लुओ को चूसते हुए उसके चचो को सहला रहा था. ेबेचा पैर जब बर्दाश करना मुश्किल हो गया तो वो पब का सर पकड़ कर अपनी गार्डन को पीछे घुमा कर पब के होंटो पैर टूट पड़ती है. इस बार ये किश वाइल्ड किश था. ेबेचा पब के होंटो को चबा रही थी. अपने दांतो से खींच रही थी. पब भी चुचो को मसल मसल कर ेबेचा की आग को भड़का रहा था. जब दोनों की सासे फूलने लगती है तो दोनों किश टॉट देते है और पब ेबेचा को साइड में हो कर लेता देता है. और उसके चुचो पैर कहके कुत्ते की तरह टूट पड़ता है. एक चुका मुँह में था तो दूसरा हाथ से मसल रहा था. गोर पहाड़ जैसे चुके लाल होने लगे थे. ेबेचा भी अपना हाथ बड़ा कर पब के लुंड को पेण्ट के उप्पेर से hi पकड़ लेती है और मसलने लगती है. पब चुचो को और तेज़ी से चुस्त है कटा है. तो ेबेचा दूसरे हाथ से पब की पेण्ट खोलने लगती है. पब ेबेचा की मंशा समाज कर खुद hi अपनी पेण्ट और अंडरवियर निकल देता है. ेबेचा की नज़र जैसे hi लुंड पैर जाती है तो उसी आखें बड़ी हो जाती है.

ेबेचा मुँह पैर हाथ रख कर – ोोू ये तो बहुत बड़ा है.

पब – क्यों पसंद नहीं आया…

ेबेचा आगे बाद पैर पब के लुंड को हाथ से पकड़ कर दो तीन बार उप्पेर निचे करती है फिर झुक कर एक किश कर देती है – क्यों मिल गया जवाब..

पब –आह्ह्ह्ह जान तू तो बहुत कमल की चीज है. तेरे साथ मज़ा आ गया…

और पब भी ेबेचा की छूट को मुट्ठी में भर कर भींच देता है. तो ेबेचा – ाओऊंछःह… क्या करते हो जी…

पब उसके होंटो को फिर से चूसते हुए उसको लेता देता है और पंतय में हाथ दाल कर ेबेचा के कीलित को छेड़ने लगता है. ेबेचा को ये बसदेश नहीं हो रहा था तो वो पब को अपने में काश कर भींच लेती है. और झड़ने लगती है. पैर पब उसकी कीलित को छोड़ता नहीं उसे छेड़ता hi रहता है. ेबेचा से बसदेश नहीं हो रहा था तो वो पब के लुंड को पकड़ कर अपनी छूट पैर लगाने की कोसिस करने लगती है.

पब पेंटी से हाथ निकल कर बोलता है – ेबेचा अब हमको मात्रा पद लेने चाहिए नहीं तो अब रुकना मुश्किल होगा.

ेबेचा – हम्म ठीक है. (बिच में रुकने से मूड कुछ ऑफ हो गया था)

पब- तो अपनी ये पेंटी तो उतर न जान…

ेबचा को फिर मस्ती सूजती है और वो कड़ी हो कर गांड को मटकते हुए 4-5 कदम चलती है. और फिर पीछे देखती है तो पब उसकी मटकती गांड को hi घर रहा था तो ेबेचा अपने बालो को झटका दे कर लहराते हुए पीठ को भी नंगी करके पब की और देख कर बोली – मैं hi उत्तर दू या तुम इसको उतरना पाषंड करोगे…

फिर आगे को झुक कर अपनी गांड पब की तरफ निकल देती है और हिलने लगती है. छोटी सी पंतय में कासी दूध जैसी गोरी गांड जो हलकी सी लाल हो गयी थी. वो हवा में थिरक रही थी. पब के होश ुधा रही थी. ेबेचा पब की हालत को एन्जॉय कर रही थी उसे और सताने के लिए अपनी पेंटी की पट्टी को छूट के छेद के उप्पेर से हटा कर छूट के दर्शन करवाती है और फिर कुछ hi पल में धक् देती है. छोटी सी हलके रुए दर छूट देख कर पब का लुंड झटके मरने लगता है तो वो ेबेचा की और बढ़ता है ेबेचा भी सीधी हो कर पब की तरफ पलट कर अपने होंटो को दांतो में भीचते हुए एक मदमस्त अंगड़ाई लेती है. उसके नंगे चुके हवा में और भी तन जाते है. पब हाथ बड़ा कर उसे पडंता है तो ेबचा बीचमे hi उसके हाथ पकड़ कर अपनी पंतय पैर रख देती है. और उसे उतरने का इशारा करती है. पब को ेबेचा ने इतना उकसे दिया था की वो पंतय को उतरने की जगह उसको खींच देता है. और पेंटी फैट कर जमीन पैर आ गिरती है.

पब – मरी रसभरी तू आज कहर बर्षा रही है आज तक किसी ने भी मुझको इतना पागल नहीं किया है. आज देख में तेरी क्या हालत करता हु.

ये बोलते हुए पब ेबेचा के चूतड़ पकड़ कर मशाल देता है. तो ेबेचा उसे थोड़ा दूर करके बोली – ोुह्ह्ह जनाब की हालत ख़राब है. पैर अभी थोड़ा साबरा करना पड़ेगा जानव को पहले मंत्र जो पड़ने है…

ये बोलते हुए ेबेचा ने खुद के सरीर को तो पब से थोड़ा दूर कर लिया था पैर अपना हाथ बड़ा कर उसके लुंड को मशाल दिया था. लुंड की सख्ती देख कर ेबेचा भी खुश हो गयी और पब की भी सिसकी निकल गयी. अभी पब ेबेचा को छोड़ने के मूड में नहीं था. पैर मंत्र पांडा भी था. कियोकि उसको लग रहा था जिस तरह आज वो बहक रहा है शायद वो बिना मंत्र पड़े hi न ेबेचा को चुद दे. मन मार कर पब और ेबेचा मंत्र पड़ते है. और पब अपनी विश मांगता है.

(पब के विश मांगते hi सलोनी बेकाबू होने लगती है. पैर गुरु और कामिनी उसे किसी तरह संभल लेती है. ये सन सेक्स होने के बाद दुगा)

कुछ पालो तक तो दोनों खड़े hi रहते है. पैर जैसे hi ेबेचा पैर मंत्रो के कारन सेक्स का बुखार चढ़ता है तो वो बर्दाश नहीं कर पति. और पब से चुपक कर उसके होंटो पैर टूट पड़ती है. और एक हाथ से लुंड को पकड़ कर अपनी छूट से भिड़ा देती है. और उसे अंदर लेने की कोसिस करने लगती है. पैर ये ेबेचा की सबसे बड़ी गलती थी. कियोकि मंत्रो के पड़ने से ेबेचा की छूट सुच चुकी थी और उसको फिर से गरम करना जरुरी था. पैर उसने आवेश में आ कर लुंड को छूट से भिड़ा दिया. तो पब भी बेकाबू हो गया. मंत्र पड़ते hi लुंड को छूट मिल गयी तो पब को खुद को सँभालने का मौका नहीं मिला. अब तो पब को बस छूट पैर फतह करनी hi थी. चाहे इसका अंजाम कुछ भी हो. पब ने खड़े खड़े hi ेबेचा की एक तंग को ुधा लिया को छूट के मुँह पैर लुंड सेट करके एक करारा झटका दे दिया. झटका इतना तेज़ था की ेबेचा की छूट में ¾ चला गया था. ेबेचा की तो एक जोर दर चीख निकल गयी. सूखा लुंड सुखी कुवारी छूट में सील तोड़ते हुए ¾ जो घुस गया था. 11 इंच का और 4 इंच मोटा लुंड एक बार में ताड से ज्यादा छूट की गहराइयों में था. और छूट फैट कर खून बहा रही थी. ेबेचा की टंगे कैंप रही थी. वो अब छूटने की कोसिस कर रही थी. पैर ेबेचा को पब ने अपनी गिरिफ्त में अच्छे से ले रखा था. दर्द की आदिकता के कारन ेबेचा ज्यादा देर छूटने की कोसिस भी नहीं कर पायी. और जैसे hi ेबेचा का बदन दिला हुआ पब ने फिर से एक शॉट मर दिया. ेबेचा की चीख फिर रूम में गूंज गयी. और ेबेचा पब के उप्पेर लड़ गयी. उससे अब खड़ा भी नहीं हुआ जा रहा था.

पैर पब ेबेचा की बिना कोई परवा किये बिना रुके झटके मरने लगा. हर झटका ेबेचा की चीखे निकल रहा था. खून पेअर से बेहटा हुआ फर्श पैर गिरने लगा था. ेबेचा की हालत बहुत खराब थी. ेबेचा जिन्दा लाश सी हो गयी थी. पैर पब पैर से अक्षर काम नहीं हो रहा था वो तो खड़े खड़े छूट में लुंड पेले जा रहा था. पैर ेबेचा भी बहुत स्ट्रांग थी और समझदार भी. तो वो अपने आप को संभल कर पब के होंटो पैर होंठ रख कर चूसने लगती है तो पब का डायन चुदाई से कुछ कर हो जाता है और झटके धिरे पद जाते है. ेबेचा को गुरु की वो बात भी याद आ जाती है की चुदाई के वक्त भी मंत्र पांडा है. तो वो धिरे से पब के कान के पास मुँह आ कर बोली – मंत्र पदों… मंत्र पदों..

पब को भी ेबेचा की आवाज से होश आता है तो वो खुद पैर काबू करके मंत्र पड़ता है. तो पब पैर से दानव का अक्षर काम हो जाता है. तो पब पहले ेबेचा को ले कर बीएड पैर आता है. और उसको लेता देता है. पैर इस बिच लुंड छूट में hi रहता है. इतनी देर से दकके खा कर छूट भी थोड़ा खुल गयी थी और अब दकके भी रुक गए तो ेबेचा को भी ठीक फील हो रहा था. पब ेबेचा पैर झुक कर ेबेचा के होंटो को चूसने लगता है. और अपने हाथो से चुचो को मसलने लगता है. थोड़ी hi देर में ेबेचा भी नार्मल होने लगती है और अपनी गांड हिलने लगती hai.to पब भी फिर से दकके मरने लगता है. अब दोनों एक दूसरे की आखों में देखते हुए चुदाई कर रहे थे. धिरे धिरे दकको की स्पीड भी तेज़ हो जाती है. और दोनों सिसकिया बरते हुए चुदाई में लगे हुए थे. 15-20 मं के बाद ेबेचा पोजीशन बदलने को कहती है तो पब ेबेचा को ले कर पलट जाता है. अब ेबेचा उप्पेर थी और पब निचे. ेबेचा उप्पेर आते hi अपनी कमर हिलने लगती है तो पब भी निचे से दकके मरने लगता है. ेबेचा पब के निप्पल को चूसने लगती है तो पब ेबेचा के चुचो को अपनी मुट्ठी में भर कर और जोर से दकके मरने लगता है. ेबेचा की करम और पब की गांड शामे गति से हिलने लगी थी. दोनों hi अपने मुँह से अजीब अजीब आवाजे निकल रहे थे. अभी दोनों मज़े से जन्नत की सेर कर रहे थे. कभी एक डस्टर के होंठ चूसते तो कभी निप्पलों से खेलते. पैर दोनों में से कोई भी रुकने का नाम नहीं ले रहा था. बदन एक ों होते हुए भी पसीने से नाहा चुक्का था. ेबेचा की छूट में अब मीठा मीठा दर्द hi था. छूट लुंड के लिए थोड़ा -2 पानी बहा रही थी और लुंड हर बार उसकी बच्चेदानी को छेद रहा था. लुंड की मोटाई से लुंड छूट में चारो तरफ से रगड़ता हुआ आ जा रहा था. 15-20 मं. तक की जबरदस्त चुदाई के बाद दोनों अपने चरम पैर पहुंच चुके थे. और अभी स्पीड इतनी तेज़ थी की बीएड से chu-chu की आवाजे तेज़ हो गयी थी. ऐसा लग रहा था की बीएड बस टूटने hi वाला है. पैर तभी दोनों एक साथ जड़ने लगते है.
 
थैंक यू फॉर लवली कमेंट एंड योर सपोर्ट.... ी पोस्टेड 2ंद अपडेट ऑफ़ टुडे... रीड एंड गिव योर रिव्यु....

भाई मणि जी का ये सब करने का कारन है और वो जल्दी HI आप लोगो के सामने होगा. और गुरु ने जो फील किया है वो फ्यूचर में क्या गुल खिलायेगा वो भी देखने वाला होगा...

सलोनी के साथ क्या हो रहा है ये भी जल्दी आप सभी के सामने होगा....

स्टे तूने...
 
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