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- Dec 5, 2013
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अपडेट 208
दिल्ली सिटी के एक पोर्च इलाके के एक विला में संभु एक रूम में पड़ा अपनी सोच में गम था. ये विला त्रिकाल के अड्डे के पास था. अड्डे से 10-12 कम की दुरी पैर इन कॉलोनी में संभु ने अपना घर बनाया हुआ था. इस विला में संभु अपनी फॅमिली के साथ रहता था. पिछले 1 साल से संभु ने अपने घर में बहुत hi काम टाइम दिया था. पैर जब से त्रिकाल ने संभु को आने से मन किया था तब से वो ज्यादातर घर पैर hi रहता था. फ़ोन पैर अपने आदमियों से अपडेट लेता रहता था. उसकी पत्नी रेखा इससे बहुत खुश थी. और उसके बच्चे भी.
संभु की फॅमिली –
संभु (इन फॅमिली) – संभु अपनी फॅमिली में बहुत ज्यादा सम्मान पता था. उनकी फॅमिली उसे सरीफ, सच्चा, और जनकल्याण करने वाला तांत्रिक समझती थी. उनकी नजर में संभु अपनी तांत्रिक शक्तियों से जनकल्याण, दोस्तो का विनाश, भटको को सही रहा पैर लेन का काम करता था. संभु ने ये सब काने के लिए अपने विला ने एक पूजा रूम बनवा रखा था. जिसमे वो कभी -2 लोगो की समस्या सुनता और उनका इलाज भी करता. इसके बदले वो किसी से फीस भी नहीं लेता था. संभु का ये वो चेहरा है जो की वह अस्स पास के सभी लोग जानते थे. वैसे भी संभु की हकीकत बहुत की काम लोग जानते थे.
संभु जब कभी घर से कई-2 दिन गायब रहता या रातो को लेट आता तो भी इसकी फॅमिली इसको कुछ नहीं कहती थी. वो सब ये hi समझते थे की वो जनकल्याण के लिए अपनी शक्तियों को बढ़ाने में लगा हुआ है. संभु ने अपने पूजा रूम में त्रिकाल की फोटो भी लगा राखी थी. अपने गुरु के रूप में.
पत्नी – रेखा (44 ईयर) ये एक डर्मिक महिला है. इन्होके लिए इनका पति संभु इनका भगवन है. और ये hi है जिन्होंने संभु की गैरमौजूदगी में इस घर को संभाला है. संभु तो फॅमिली के प्रति अपनी जिम्मेदारियों से दूर hi रहा. पैर इन्होने उनको बहुत अच्छे से निभाया. कियोकि इनकी नजर ने संभु जनकल्याण कार्य में लगा रहता है इसलिए इन्होने उससे कभी कुछ नहीं कहा. ये अपने तीनो बच्चो से बहुत प्यार करती है. पैर इनकी आखों का तारा राहुल है.
इन्होने परिवार के साथ -2 खुद का भी पूरा डायन रखा है. उसका कारन भी संभु है. वो जानती है की संभु जब बिस्तर पैर होता है तो वो क्या पसंद करता है. और अपने पति की ख़ुशी के लिए वो खुद पैर पूरा डायन देती है. मस्त बॉडी है और संभु ने तरह –तरह से छोड़ कर अंदर की गर्मी को भड़काया भी खूब है. पैर कभी भी दूसरे मर्द के लिए सोचा भी नहीं है. और जब भी मौका मिलता है संभु के साथ अपनी गर्मी मिटा लेती है. संभु भी इसका बहुत दीवाना है. उसको भी जो मज़ा अपनी पत्नी के साथ आता है वो कही नहीं आता. पैर साल है तो हरामी न तो हमेशा बहार मुँह मरता फिरता है.
बड़ी बेटी – अदिति (24 ईयर) संभु ने यदि त्रिकाल के बाद किसी को चाहा है तो वो है अदिति. वो अपनी बेटी को बहुत प्यार करता है (Baap-beti वाला). संभु हमेशा से उसका हस्ता हुआ चेहरा देख कर सब दुख, टेंशन, परेशानी सब भूल जाता है. और उसके साथ बच्चो की तरह खेलने लगता है. अभी ये जवान है पैर फिर भी दोनों बाप बेटी टाइम मिलने पैर बच्चो के जैसे सररत करने से पीछे नहीं हट्टे.
अदिति अपने माँ की तरह बहुत सी सुन्दर है उसकी माँ के जैसे hi तीखे nayan-nakse है. अपनी माँ की कार्बन कॉपी नजर आती है. संभु ने रेखा से शादी उसकी सुंदरता के कारन hi की थी. अदिति भी उसका hi रूप थी. अदिति की नजर में उसके पापा उसके हीरो उसके आइडियल थे. और अदिति का मंद भी संभु के जैसा hi था शार्प. पैर अदिति के उसूल संभु से अलग थे. या ये कहा सकते है की जिसका ढोंग संभु सुरु से करता आया था वो hi अदिति के प्रिंसिपल बन गए. उसका उसूल था – सच, ट्रुथ. ऐसा नहीं है की उसने कभी झूट नहीं बोलै. पैर वो झूट बोलने से नफरत करती थी. छोटी मोती बातो के लिए बोलै गए झूट से उसको प्रॉब्लम नहीं थी. पैर वो झूट जो किसी की जिंदगी ख़राब कर दे. या किसी को दर्द दे. या देश का अहित करे उस झूट से उसको सख्त नफरत थी.
अदिति ने अपने उसूल पैर चलने के लिए hi B.J.M.C. का कोर्स किया था. उसके बाद लोकल न्यूज़ पेपर्स में भी जॉब कर चुकी थी. पैर आज ये R-news चैनल की रेपोटर थी. इसको r-news ज्वाइन किये हुए 3-4 मंथ hi हुए है.
बीटा – राहुल (22 ईयर) कहते है न नियति आपके कर्मो का फल आपको देती रहती है. और राहुल संभु के कर्मो का फल था. राहुल का मंद ठीक नहीं था. वो 22 साल का हो कर भी 10 साल का था. सरीर से भी दुर्बल, कमजोर. राहुल कभी स्कूल नहीं गया. थोड़ा बहुत माँ और बहन से hi पड़ा. माँ hi उसका सभी तरह से ख्याल रखती थी. उनका लाडला जोट है. अदिति और शालिनी भी उसे प्यार करती थी उसका डायन रखती थी. पैर रेखा ने कभी इन दोनों से राहुल के लिए ज्यादा हेल्प नहीं ली. ताकि इन दोनों का टाइम राहुल में ख़राब न हो और वो अपने आप पैर डायन दे सके. हकीकत ये hi थी की संभु अपने आप में मस्त था, रेखा और राहुल अपने आप में. तो ये दोनों बहिन अपने आप में मस्त रहती थी.
संभु ने बहुत कोसिस की राहुल को ठीक करने की उसने हीलिंग मंत्र को भी सिद्ध किया. पैर वो अपने bête को ठीक नहीं कर पाया. डॉ., वेद, हाकिम कोई भी संभु की मदत नहीं कर सके. जब नियति सजा देती है तो उसको कोई बदल भी नहीं सकता. संभु का 1 hi लड़का वो भी किसी काम का नहीं. कभी -2 संभु को राहुल को देख कर चीड़ होती थी. उसको लगता की राहुल संभु के फेलियर होने का रिपोर्ट कार्ड है. संभु की अपने bête को ले कर लास्ट होप त्रिकाल hi था. त्रिकाल ने उसको कहा था की जैसे hi उसकी पावर्स फिर से उसे मिल जाएगी वो उसको ठीक कर देगा.
छोटी बेटी – शालिनी (20 ईयर) सच कहु तो शालिनी रेखा और संभु की गलती का नतीजा थी. संभु तो इसका पता षाले hi साफ़ करने को बोलै था. संभु के लिए 2 बच्चे hi बहुत थे. पैर रेखा ने कहा की वो अब उसे अपने बच्चे को मरने नहीं देगी. चाहती तो रेखा भी नहीं थी की तीसरा बच्चा हो पैर भगवन की इच्छा से वो पेट में आ गयी तो रेखा ने उसे मरने नहीं दिया. इसलिए संभु को तो ये प्यारी नहीं थी. पैर रेखा के लिए ये उसके लिए अदिति जैसी hi थी. और अदिति के लिए तो ये बहुत कुछ थी. उसकी दोस्त, हमराज, बहिन, नन्ही पारी… अदिति और शालिनी की बहुत पट्टी थी. दोनों सारा दिन साडी रात साथ hi रहती थी. शालिनी भी अपनी बहन के नक्से कदम पैर थी. पैर ये बबा फाइनल ईयर कर रही थी.
बैक तो स्टोरी -
संभु अभी अपने रूम में बैठा आगे के बारे में सोच रहा था. वो अंदर से बहुत गुस्से में था. पब ने उसके सभी आदमियों को मार दिया है ये न्यूज़ उसको मिल चुकी थी. पैर उसके समाज में नहीं आ रहा था की पब उस अद्धे पैर पंहुचा कैसे. उसके इंजाम फ़ैल कैसे हो गए. (भइओ अभी संभु को नहीं पता चला है की पब को दिव्या दर्ष्टि की पावर मिल चुकी है.) संभु अभी तक जितने भी आदमी इखट्टे कर पाया था. सभी पब और उसकी पत्निओ के हाथो मारे जा चुके थे. उप्पेर से पब के 2 -3 कंदो ने पुरे अंदर वर्ड या ये कहो सभी क्रिमिनल्स ने एक दर बीटा दिया था. पहले तो असं में जस और फारूक की मूट. फिर सप और रवि के साथ सभी लोगो की मूट. और वह पैर दानव सेना का आड़, न्यूज़ में तो केवल ये था की दानव सेना ने एक बार फिर बहुत से गुंडों को मार दिया. एक बड़ा नसाघर किया. न्यूज़ वाले तो उसे अपने हिसाब से दिखा रहे थे. पैर क्रिमिनल लॉबी को पता था की ये सब ठाकुर पब के परिवार पैर हमला करने के कारन हुआ है. और फिर जब जय, ऐडा और काजल पैर गोलिया चली थी. तक भी दानव सेना का वह होना इस बात की पुस्टि करता था. दानव सेना ने अभी तक क्रिमिनल्स को जिस तरह मारा था सभी क्रिमिनल के मन में एक दर बन गया था. संभु बहुत जगह फ़ोन कर चुक्का था पैर कोई भी अब पब के खिलाफ जाने को तैयार नहीं था. लास्ट में संभु ने स. अफ्रीफा से 50 फाइटर की एक टीम का सोडा किया. ये सब निंजा त्रिनेड सोल्जर थे.
अभी संभु डील करके hi चुक्का था की अदिति उसके पास आ गयी. और उससे बाते करने लगी तो संभु भी अपनी बेटी के प्यार में खो गया. (भाइयो गलत मत समझना बाप बेटी वाला hi प्यार है) कुछ देर बाद अदिति अपने रूम में चली गयी. संभु फिर अपनी पैसेशानियो में खो गया. तभी संभु के मंद में एक बात आयी तो संभु बहुत खुश हो गया और अपने आप से बोलै – अब बच कर देखना रंडियो. यदि मैं उन तक पहुंच सका तो फिर उन लड़कियों में से कोई नहीं बच पायेगा. अब मुझको एक बड़े हमले की तैयारी करनी होगी. और वो तब hi कामियाब होगा जब पब यहाँ से चला जायेगा. तब तक मुझको पूरी तैयारियां करनी होगी.
(भाइयो संभु की फॅमिली का रोले अब थोड़ा -2 सुरु होने जा रहा है. इस लिए ये कुछ डिटेल्स अभी दी है. ये तो आप समाज hi गए होंगे की अदिति किस्से मिलेगी. ??)
--------------
पब तो आज चेन से सो रहा था. पैर यहाँ स्कूल के एक रूम में 4-5 लड़किया परेशां बैठी थी. और ये रूम था ेबेचा का. इसने ेबेचा और उसकी कुछ फ्रेंड्स बैठी हुयी थी और आपस में बाते कर रही थी.
ऍफ़1 – यार ेबेचा तुझको क्या लगता है कल क्या होगा?? तू जीत कयेगी??
ऍफ़2 – मुझको तो नहीं लगता. अभी तक पब की जितनी भी फाइट देखि है उससे जीतना तो मुझको मुश्किल hi लग रहा है.
ऍफ़3 – क्या फाइट करता है यार वो.. ऐसा लगता है हम सब उसके आगे बच्चे है. और वो हमारा मास्टर..
ेबेचा – हम्म लगता तो ये hi है. (मन में – अब इनको क्या बताऊ की वो दानव पुत्र है दानव सेना का बॉस.)
ऍफ़2 – यदि वॉक अल जीत गया तो तू क्या करेगी??
ऍफ़1 – यार इसकी प्रतिज्ञा के अनुसार तो ये उसकी पत्नी हो जाएगी…
ऍफ़3 – पैर यार वो तो शादी सुदा है. उसकी पत्नी उसके साथ hi है. तो तू क्या उसकी 2ंद वाइफ बनेगी??
ेबेचा – यार मेरी हमक से बात हुयी थी. उसने बताया की उसकी पहले से 11 पत्निया है. तो मेरा no 12 होगा.
3no एक साथ – क्या???
ेबेचा – हाँ यार ये सच है.
ऍफ़3 – फिर तू क्या करेगी??
ेबेचा – करना क्या है मैं उनकी 12वि पत्नी बनने को भी तैयार हु. वो इतने अच्छे है की मैं तुमको बता नहीं सकती. आज तक मेने उनके जैसा मर्द नहीं देखा. सच कहु तो मुझको उनसे प्यार होने लगा है पैर?? (फिर मन में – जिसके चुने भर से मेरे सरे घाव ठीक हो गए. उसकी आखों में प्यार का जो सागर था, उसकी प्यार की सकती ने मुझको जीवन जीने की एक नयी देश दी है. मेरा तो तन और मन सब उसका हो चुक्का है.)
ऍफ़1 – जब तू तैयार है तो ये पैर केसा??
ऍफ़2 – और ऐसा क्या खास है उसमे जो तू हमसे छुपा रही है??
ेबेचा – यार सब तो नहीं बता सकती पैर एक बात तो तुम सब जानती hi हो की फाइटिंग में वो कैसे है. और फिर हेल्पिंग नेचर का तुम इससे अंदाजा लगा सकती हो की इस स्कूल से कुछ लेना देना न होते हुए भी फारूक से हम लोगो के लिए भीड़ गए. जो अनजान लोगो के लिए फारूक जैसे को मार सकता है तो वो अपनों के लिए क्या नहीं कर सकता. और एक बात बताऊ पैर ये तुम किसी को बताना नहीं…
ऍफ़3 – बोल न सस्पेंस क्यों बना रही है. हम तेरी कोई बात किसी से कहते है क्या??
ेबेचा – चल झूटी. तूने hi मेरी ये प्रतिज्ञा वाली बात सबको बताई थी. तूने hi सबको बोलै की ेबेचा ने प्रतिज्ञा ली है की वो उस लड़के की पत्नी हो जाएगी जो उसे रिंग में हरा देगा…
ऍफ़3 – तो यार वो तो तू खुद लास्ट फाइट के बाद बताने वाली थी और अब तो उस बात को 4 साल भी हो गए तू अभी तक मुझसे गुस्सा है उस बात के लिए. यदि तूने उस टाइम कहा होता की सीक्रेट रखना है तो फिर मेरे मरते दम तक किसी को पता न चलती.
ेबेचा – चल चल रहने दे. नाटक मत कर.. बताती हु. तुझको पता है पब ने इस स्कूल के लिए दान दिया है.
ऍफ़1 – तो यार इसमें कोण सी नयी बात है. जो भी पैसे वाला यहाँ आता है वो थोड़ा बहुत दे hi जाता है. और फिर अपने आपको ऐसे बनता है जैसे उसके बाप का स्कूल हो.
ेबेचा – उसने जितना दान दिया है न उससे इसके जैसे 4 स्कूल तो बन hi जायेगे. फिर भी उसने अपने 1 स्कूल को ीनता पैसा दे दिया. जिससे कभी इस स्कूल में पैसे की कोई कमी न हो. और जब मास्टर ने पूछा की तुमको इसके बदले क्या चाहिए तो पता है क्या बोलै??
ऍफ़2 – यार ऐसा कितना दान दे दिया. जो तू ऐसे कहा रही है. और क्या बोल दिया उसने ऐसा. एक बार में बताती क्यों नहीं??
ेबेचा – उसने पुरे 100कर. दिए है. और बदले में कुछ नहीं मांगा. जहा तक ये भी बोल दिया की किसी को बोले भी नहीं की उसने स्कूल के लिए कुछ किया भी है.
अब तीनो मुँह पहाड़ कर ेबेचा को देख रही थी. उनको अपने कानो पैर यकीं नहीं था.
ऍफ़1 – जब तू तैयार है तो फिर क्या सोच रही है वो इतना अच्छा है तुझको पसंद है. मैं तो कहती हु जान कर हार जाना उससे और शादी कर लेना…
ेबेचा – नहीं यार मैं ऐसा नहीं कर सकती. जान कर तो कभी नहीं हरगी. और रही शादी की बात तो यदि उसने मुझको हरा दिया तो वो बिना शादी के hi मेरे पति होंगे. पैर??
ऍफ़2 – यार फिर पैर??
ेबेचा – पैर यदि उन्होंने मुझको नहीं अपनाया तो??
ऍफ़3 – तू पागल तो नहीं हो गयी तेरे जैसी सुन्दर, बहुदूर और साहसी लड़की को कोई भी मन कर सकता है. जब वो 11 शादी कर सकता है तो उसके लिए 12वि कोई बड़ी बात नहीं. तू न एक बार खुद को आईने में देख ले. तुझको देख कर लोग तुझको पाने के लिए पागल हो जाते है. और तेरे कर्मणे से दर जाते है. तू वो चीज है जान जो किसी को भी पागल कर दे…
ेबेचा – नहीं यार पता नहीं क्यों मेने मन में ये दर सुबह से hi है.
ऍफ़2 – तू न बिना मतलब के दर रही है. ऐसा कुछ नहीं होगा. कल हमारी सहेली पहले हारेगी और फिर अपने ससुराल जाएगी. और फिर खेलेगी – कब्बडी… वो भी बीएड पैर…
ये सुन ेबेचा शर्मा कर ऍफ़2 को मरने दौड़ती है और फिर कुछ देर इस तरह हसी मजाक कर सभी सो जाती है.
अपडेट 208
दिल्ली सिटी के एक पोर्च इलाके के एक विला में संभु एक रूम में पड़ा अपनी सोच में गम था. ये विला त्रिकाल के अड्डे के पास था. अड्डे से 10-12 कम की दुरी पैर इन कॉलोनी में संभु ने अपना घर बनाया हुआ था. इस विला में संभु अपनी फॅमिली के साथ रहता था. पिछले 1 साल से संभु ने अपने घर में बहुत hi काम टाइम दिया था. पैर जब से त्रिकाल ने संभु को आने से मन किया था तब से वो ज्यादातर घर पैर hi रहता था. फ़ोन पैर अपने आदमियों से अपडेट लेता रहता था. उसकी पत्नी रेखा इससे बहुत खुश थी. और उसके बच्चे भी.
संभु की फॅमिली –
संभु (इन फॅमिली) – संभु अपनी फॅमिली में बहुत ज्यादा सम्मान पता था. उनकी फॅमिली उसे सरीफ, सच्चा, और जनकल्याण करने वाला तांत्रिक समझती थी. उनकी नजर में संभु अपनी तांत्रिक शक्तियों से जनकल्याण, दोस्तो का विनाश, भटको को सही रहा पैर लेन का काम करता था. संभु ने ये सब काने के लिए अपने विला ने एक पूजा रूम बनवा रखा था. जिसमे वो कभी -2 लोगो की समस्या सुनता और उनका इलाज भी करता. इसके बदले वो किसी से फीस भी नहीं लेता था. संभु का ये वो चेहरा है जो की वह अस्स पास के सभी लोग जानते थे. वैसे भी संभु की हकीकत बहुत की काम लोग जानते थे.
संभु जब कभी घर से कई-2 दिन गायब रहता या रातो को लेट आता तो भी इसकी फॅमिली इसको कुछ नहीं कहती थी. वो सब ये hi समझते थे की वो जनकल्याण के लिए अपनी शक्तियों को बढ़ाने में लगा हुआ है. संभु ने अपने पूजा रूम में त्रिकाल की फोटो भी लगा राखी थी. अपने गुरु के रूप में.
पत्नी – रेखा (44 ईयर) ये एक डर्मिक महिला है. इन्होके लिए इनका पति संभु इनका भगवन है. और ये hi है जिन्होंने संभु की गैरमौजूदगी में इस घर को संभाला है. संभु तो फॅमिली के प्रति अपनी जिम्मेदारियों से दूर hi रहा. पैर इन्होने उनको बहुत अच्छे से निभाया. कियोकि इनकी नजर ने संभु जनकल्याण कार्य में लगा रहता है इसलिए इन्होने उससे कभी कुछ नहीं कहा. ये अपने तीनो बच्चो से बहुत प्यार करती है. पैर इनकी आखों का तारा राहुल है.
इन्होने परिवार के साथ -2 खुद का भी पूरा डायन रखा है. उसका कारन भी संभु है. वो जानती है की संभु जब बिस्तर पैर होता है तो वो क्या पसंद करता है. और अपने पति की ख़ुशी के लिए वो खुद पैर पूरा डायन देती है. मस्त बॉडी है और संभु ने तरह –तरह से छोड़ कर अंदर की गर्मी को भड़काया भी खूब है. पैर कभी भी दूसरे मर्द के लिए सोचा भी नहीं है. और जब भी मौका मिलता है संभु के साथ अपनी गर्मी मिटा लेती है. संभु भी इसका बहुत दीवाना है. उसको भी जो मज़ा अपनी पत्नी के साथ आता है वो कही नहीं आता. पैर साल है तो हरामी न तो हमेशा बहार मुँह मरता फिरता है.
बड़ी बेटी – अदिति (24 ईयर) संभु ने यदि त्रिकाल के बाद किसी को चाहा है तो वो है अदिति. वो अपनी बेटी को बहुत प्यार करता है (Baap-beti वाला). संभु हमेशा से उसका हस्ता हुआ चेहरा देख कर सब दुख, टेंशन, परेशानी सब भूल जाता है. और उसके साथ बच्चो की तरह खेलने लगता है. अभी ये जवान है पैर फिर भी दोनों बाप बेटी टाइम मिलने पैर बच्चो के जैसे सररत करने से पीछे नहीं हट्टे.
अदिति अपने माँ की तरह बहुत सी सुन्दर है उसकी माँ के जैसे hi तीखे nayan-nakse है. अपनी माँ की कार्बन कॉपी नजर आती है. संभु ने रेखा से शादी उसकी सुंदरता के कारन hi की थी. अदिति भी उसका hi रूप थी. अदिति की नजर में उसके पापा उसके हीरो उसके आइडियल थे. और अदिति का मंद भी संभु के जैसा hi था शार्प. पैर अदिति के उसूल संभु से अलग थे. या ये कहा सकते है की जिसका ढोंग संभु सुरु से करता आया था वो hi अदिति के प्रिंसिपल बन गए. उसका उसूल था – सच, ट्रुथ. ऐसा नहीं है की उसने कभी झूट नहीं बोलै. पैर वो झूट बोलने से नफरत करती थी. छोटी मोती बातो के लिए बोलै गए झूट से उसको प्रॉब्लम नहीं थी. पैर वो झूट जो किसी की जिंदगी ख़राब कर दे. या किसी को दर्द दे. या देश का अहित करे उस झूट से उसको सख्त नफरत थी.
अदिति ने अपने उसूल पैर चलने के लिए hi B.J.M.C. का कोर्स किया था. उसके बाद लोकल न्यूज़ पेपर्स में भी जॉब कर चुकी थी. पैर आज ये R-news चैनल की रेपोटर थी. इसको r-news ज्वाइन किये हुए 3-4 मंथ hi हुए है.
बीटा – राहुल (22 ईयर) कहते है न नियति आपके कर्मो का फल आपको देती रहती है. और राहुल संभु के कर्मो का फल था. राहुल का मंद ठीक नहीं था. वो 22 साल का हो कर भी 10 साल का था. सरीर से भी दुर्बल, कमजोर. राहुल कभी स्कूल नहीं गया. थोड़ा बहुत माँ और बहन से hi पड़ा. माँ hi उसका सभी तरह से ख्याल रखती थी. उनका लाडला जोट है. अदिति और शालिनी भी उसे प्यार करती थी उसका डायन रखती थी. पैर रेखा ने कभी इन दोनों से राहुल के लिए ज्यादा हेल्प नहीं ली. ताकि इन दोनों का टाइम राहुल में ख़राब न हो और वो अपने आप पैर डायन दे सके. हकीकत ये hi थी की संभु अपने आप में मस्त था, रेखा और राहुल अपने आप में. तो ये दोनों बहिन अपने आप में मस्त रहती थी.
संभु ने बहुत कोसिस की राहुल को ठीक करने की उसने हीलिंग मंत्र को भी सिद्ध किया. पैर वो अपने bête को ठीक नहीं कर पाया. डॉ., वेद, हाकिम कोई भी संभु की मदत नहीं कर सके. जब नियति सजा देती है तो उसको कोई बदल भी नहीं सकता. संभु का 1 hi लड़का वो भी किसी काम का नहीं. कभी -2 संभु को राहुल को देख कर चीड़ होती थी. उसको लगता की राहुल संभु के फेलियर होने का रिपोर्ट कार्ड है. संभु की अपने bête को ले कर लास्ट होप त्रिकाल hi था. त्रिकाल ने उसको कहा था की जैसे hi उसकी पावर्स फिर से उसे मिल जाएगी वो उसको ठीक कर देगा.
छोटी बेटी – शालिनी (20 ईयर) सच कहु तो शालिनी रेखा और संभु की गलती का नतीजा थी. संभु तो इसका पता षाले hi साफ़ करने को बोलै था. संभु के लिए 2 बच्चे hi बहुत थे. पैर रेखा ने कहा की वो अब उसे अपने बच्चे को मरने नहीं देगी. चाहती तो रेखा भी नहीं थी की तीसरा बच्चा हो पैर भगवन की इच्छा से वो पेट में आ गयी तो रेखा ने उसे मरने नहीं दिया. इसलिए संभु को तो ये प्यारी नहीं थी. पैर रेखा के लिए ये उसके लिए अदिति जैसी hi थी. और अदिति के लिए तो ये बहुत कुछ थी. उसकी दोस्त, हमराज, बहिन, नन्ही पारी… अदिति और शालिनी की बहुत पट्टी थी. दोनों सारा दिन साडी रात साथ hi रहती थी. शालिनी भी अपनी बहन के नक्से कदम पैर थी. पैर ये बबा फाइनल ईयर कर रही थी.
बैक तो स्टोरी -
संभु अभी अपने रूम में बैठा आगे के बारे में सोच रहा था. वो अंदर से बहुत गुस्से में था. पब ने उसके सभी आदमियों को मार दिया है ये न्यूज़ उसको मिल चुकी थी. पैर उसके समाज में नहीं आ रहा था की पब उस अद्धे पैर पंहुचा कैसे. उसके इंजाम फ़ैल कैसे हो गए. (भइओ अभी संभु को नहीं पता चला है की पब को दिव्या दर्ष्टि की पावर मिल चुकी है.) संभु अभी तक जितने भी आदमी इखट्टे कर पाया था. सभी पब और उसकी पत्निओ के हाथो मारे जा चुके थे. उप्पेर से पब के 2 -3 कंदो ने पुरे अंदर वर्ड या ये कहो सभी क्रिमिनल्स ने एक दर बीटा दिया था. पहले तो असं में जस और फारूक की मूट. फिर सप और रवि के साथ सभी लोगो की मूट. और वह पैर दानव सेना का आड़, न्यूज़ में तो केवल ये था की दानव सेना ने एक बार फिर बहुत से गुंडों को मार दिया. एक बड़ा नसाघर किया. न्यूज़ वाले तो उसे अपने हिसाब से दिखा रहे थे. पैर क्रिमिनल लॉबी को पता था की ये सब ठाकुर पब के परिवार पैर हमला करने के कारन हुआ है. और फिर जब जय, ऐडा और काजल पैर गोलिया चली थी. तक भी दानव सेना का वह होना इस बात की पुस्टि करता था. दानव सेना ने अभी तक क्रिमिनल्स को जिस तरह मारा था सभी क्रिमिनल के मन में एक दर बन गया था. संभु बहुत जगह फ़ोन कर चुक्का था पैर कोई भी अब पब के खिलाफ जाने को तैयार नहीं था. लास्ट में संभु ने स. अफ्रीफा से 50 फाइटर की एक टीम का सोडा किया. ये सब निंजा त्रिनेड सोल्जर थे.
अभी संभु डील करके hi चुक्का था की अदिति उसके पास आ गयी. और उससे बाते करने लगी तो संभु भी अपनी बेटी के प्यार में खो गया. (भाइयो गलत मत समझना बाप बेटी वाला hi प्यार है) कुछ देर बाद अदिति अपने रूम में चली गयी. संभु फिर अपनी पैसेशानियो में खो गया. तभी संभु के मंद में एक बात आयी तो संभु बहुत खुश हो गया और अपने आप से बोलै – अब बच कर देखना रंडियो. यदि मैं उन तक पहुंच सका तो फिर उन लड़कियों में से कोई नहीं बच पायेगा. अब मुझको एक बड़े हमले की तैयारी करनी होगी. और वो तब hi कामियाब होगा जब पब यहाँ से चला जायेगा. तब तक मुझको पूरी तैयारियां करनी होगी.
(भाइयो संभु की फॅमिली का रोले अब थोड़ा -2 सुरु होने जा रहा है. इस लिए ये कुछ डिटेल्स अभी दी है. ये तो आप समाज hi गए होंगे की अदिति किस्से मिलेगी. ??)
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पब तो आज चेन से सो रहा था. पैर यहाँ स्कूल के एक रूम में 4-5 लड़किया परेशां बैठी थी. और ये रूम था ेबेचा का. इसने ेबेचा और उसकी कुछ फ्रेंड्स बैठी हुयी थी और आपस में बाते कर रही थी.
ऍफ़1 – यार ेबेचा तुझको क्या लगता है कल क्या होगा?? तू जीत कयेगी??
ऍफ़2 – मुझको तो नहीं लगता. अभी तक पब की जितनी भी फाइट देखि है उससे जीतना तो मुझको मुश्किल hi लग रहा है.
ऍफ़3 – क्या फाइट करता है यार वो.. ऐसा लगता है हम सब उसके आगे बच्चे है. और वो हमारा मास्टर..
ेबेचा – हम्म लगता तो ये hi है. (मन में – अब इनको क्या बताऊ की वो दानव पुत्र है दानव सेना का बॉस.)
ऍफ़2 – यदि वॉक अल जीत गया तो तू क्या करेगी??
ऍफ़1 – यार इसकी प्रतिज्ञा के अनुसार तो ये उसकी पत्नी हो जाएगी…
ऍफ़3 – पैर यार वो तो शादी सुदा है. उसकी पत्नी उसके साथ hi है. तो तू क्या उसकी 2ंद वाइफ बनेगी??
ेबेचा – यार मेरी हमक से बात हुयी थी. उसने बताया की उसकी पहले से 11 पत्निया है. तो मेरा no 12 होगा.
3no एक साथ – क्या???
ेबेचा – हाँ यार ये सच है.
ऍफ़3 – फिर तू क्या करेगी??
ेबेचा – करना क्या है मैं उनकी 12वि पत्नी बनने को भी तैयार हु. वो इतने अच्छे है की मैं तुमको बता नहीं सकती. आज तक मेने उनके जैसा मर्द नहीं देखा. सच कहु तो मुझको उनसे प्यार होने लगा है पैर?? (फिर मन में – जिसके चुने भर से मेरे सरे घाव ठीक हो गए. उसकी आखों में प्यार का जो सागर था, उसकी प्यार की सकती ने मुझको जीवन जीने की एक नयी देश दी है. मेरा तो तन और मन सब उसका हो चुक्का है.)
ऍफ़1 – जब तू तैयार है तो ये पैर केसा??
ऍफ़2 – और ऐसा क्या खास है उसमे जो तू हमसे छुपा रही है??
ेबेचा – यार सब तो नहीं बता सकती पैर एक बात तो तुम सब जानती hi हो की फाइटिंग में वो कैसे है. और फिर हेल्पिंग नेचर का तुम इससे अंदाजा लगा सकती हो की इस स्कूल से कुछ लेना देना न होते हुए भी फारूक से हम लोगो के लिए भीड़ गए. जो अनजान लोगो के लिए फारूक जैसे को मार सकता है तो वो अपनों के लिए क्या नहीं कर सकता. और एक बात बताऊ पैर ये तुम किसी को बताना नहीं…
ऍफ़3 – बोल न सस्पेंस क्यों बना रही है. हम तेरी कोई बात किसी से कहते है क्या??
ेबेचा – चल झूटी. तूने hi मेरी ये प्रतिज्ञा वाली बात सबको बताई थी. तूने hi सबको बोलै की ेबेचा ने प्रतिज्ञा ली है की वो उस लड़के की पत्नी हो जाएगी जो उसे रिंग में हरा देगा…
ऍफ़3 – तो यार वो तो तू खुद लास्ट फाइट के बाद बताने वाली थी और अब तो उस बात को 4 साल भी हो गए तू अभी तक मुझसे गुस्सा है उस बात के लिए. यदि तूने उस टाइम कहा होता की सीक्रेट रखना है तो फिर मेरे मरते दम तक किसी को पता न चलती.
ेबेचा – चल चल रहने दे. नाटक मत कर.. बताती हु. तुझको पता है पब ने इस स्कूल के लिए दान दिया है.
ऍफ़1 – तो यार इसमें कोण सी नयी बात है. जो भी पैसे वाला यहाँ आता है वो थोड़ा बहुत दे hi जाता है. और फिर अपने आपको ऐसे बनता है जैसे उसके बाप का स्कूल हो.
ेबेचा – उसने जितना दान दिया है न उससे इसके जैसे 4 स्कूल तो बन hi जायेगे. फिर भी उसने अपने 1 स्कूल को ीनता पैसा दे दिया. जिससे कभी इस स्कूल में पैसे की कोई कमी न हो. और जब मास्टर ने पूछा की तुमको इसके बदले क्या चाहिए तो पता है क्या बोलै??
ऍफ़2 – यार ऐसा कितना दान दे दिया. जो तू ऐसे कहा रही है. और क्या बोल दिया उसने ऐसा. एक बार में बताती क्यों नहीं??
ेबेचा – उसने पुरे 100कर. दिए है. और बदले में कुछ नहीं मांगा. जहा तक ये भी बोल दिया की किसी को बोले भी नहीं की उसने स्कूल के लिए कुछ किया भी है.
अब तीनो मुँह पहाड़ कर ेबेचा को देख रही थी. उनको अपने कानो पैर यकीं नहीं था.
ऍफ़1 – जब तू तैयार है तो फिर क्या सोच रही है वो इतना अच्छा है तुझको पसंद है. मैं तो कहती हु जान कर हार जाना उससे और शादी कर लेना…
ेबेचा – नहीं यार मैं ऐसा नहीं कर सकती. जान कर तो कभी नहीं हरगी. और रही शादी की बात तो यदि उसने मुझको हरा दिया तो वो बिना शादी के hi मेरे पति होंगे. पैर??
ऍफ़2 – यार फिर पैर??
ेबेचा – पैर यदि उन्होंने मुझको नहीं अपनाया तो??
ऍफ़3 – तू पागल तो नहीं हो गयी तेरे जैसी सुन्दर, बहुदूर और साहसी लड़की को कोई भी मन कर सकता है. जब वो 11 शादी कर सकता है तो उसके लिए 12वि कोई बड़ी बात नहीं. तू न एक बार खुद को आईने में देख ले. तुझको देख कर लोग तुझको पाने के लिए पागल हो जाते है. और तेरे कर्मणे से दर जाते है. तू वो चीज है जान जो किसी को भी पागल कर दे…
ेबेचा – नहीं यार पता नहीं क्यों मेने मन में ये दर सुबह से hi है.
ऍफ़2 – तू न बिना मतलब के दर रही है. ऐसा कुछ नहीं होगा. कल हमारी सहेली पहले हारेगी और फिर अपने ससुराल जाएगी. और फिर खेलेगी – कब्बडी… वो भी बीएड पैर…
ये सुन ेबेचा शर्मा कर ऍफ़2 को मरने दौड़ती है और फिर कुछ देर इस तरह हसी मजाक कर सभी सो जाती है.