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- Dec 5, 2013
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अंकिता – पब देखो यदि तुम इनकी यादो को मिटाओगे तो ये एक बच्चे के जैसी हो जाएगी. पैर इनका मंद पहले hi डेव्लोपेड है तो ये टाइम के साथ कुछ भी नहीं सिख सकेगी.
पब – तो तुम hi बताओ की में इन सब को कैसे ठीक करू. (और रोने लगता है)
गुरु –(उसको एक माँ की तरह अपनी बाँहों में ले कर) तुम सब कर सकते हो. पहले अपने आप को संत करो और अपने आप से पूछो की तुमको क्या करना चाहिए. तुम्हारे पास अभी बहुत पावर है. बस तुम उसे नहीं कर प् रहे हो.
पब गुरु की बात मन कर खुद को संत करता है और अपने अंदर अपने आप से बात करने लगता है. तो उसको कुछ रास्ता नजर आता है. अब उसको खुद पे विस्वाश हो गया था की वो ये कर सकता है. पैर एक दर भी था. तो
पब – मुझको लगता है अब मैं ये कर सकता हु. पैर क्या में कर पाउगा???
गुरु – हाँ तुम जरूर कर काओगे. बस खुद पे विश्वास रखो…
फिर एक और लड़की ले जाती है. सब के फेस पे दर था. पर सब चुप थे. कियोकि और कोई रास्ता भी नहीं था. पब उस लड़की के मंद में अपने हिसाब से चेंज करता है. उसको इस बार भी 1:45 ऑवर लगे थे. जब वो अपना काम कर चूका था तो वो अंकिता की और इसरा करता है. पैर जब तक वो लड़की बेहोश हो जाती है. उसकी ये हाल देख कर सबके दिल बेथ जाते है. पब तो रोने लगता है. और बोले जा रहा था की मैं नहीं कर सकता कुछ भी.. मुझसे नहीं होगा. इस तरह तो में सब लड़कियों को मर दुगा.. नहीं मैं नहीं कर सकता कुछ भी…..
अंकिता जब उसको चक करके उड़ती है तो उसके फेस पे एक स्लिम थी. वो पब को गले लगा लेती है और बोली – मुबारक हो तुमने कर दिखया अब रोना बंद करो ये कमजोरी की वजह से बेहोश है….
अंकिता की बात पे सब मुस्कुराने लगते है.
गुरु – अंकिता क्या ये पूरी तरह से ठीक है?
अंकिता – हाँ दीदी, ये अब ठीक है. पैर ाक्टुअलटी तो इसके होश में आने के बाद hi पता चलेगी.
गुरु – तो हमको पहले इसके होश में आने का वेट करना चाहिए. ताकि यदि कोई कमी रह गई हो तो उसको भी दूर किया जा सके…..
सब गुरु की बात से सहमत थे. तो सब उस लड़की के होश में आने का इंतजार करते है. जब उस लड़की को होश आने लगता है तो अंकिता उसके पास पहुंच जाती है.
अंकिता – अब केसा लग रहा है.
लड़की – मैं ठीक हु. पर आप कोण है. (तभी उसकी नजर जुली पे पार्टी है. तो वो दर के मरे कपङे लगती है)
अंकिता – क्या हुआ तुमको…
लड़की जुली की और देख कर – मुझको और मत मरना प्लीज आप जो कहोगी में करुँगी.
अंकिता टूररत जुली को बहार जाने को बोलती है. जुली अपने आप से सर्मिन्दा हो कर रोने लगती है. वो बहुत दुखी हो जाती है. उसने को आज तक किया था वो hi उसके सामने था.
अंदर अंकिता – तुम डरो मत अब वो कुछ नहीं करेगी. ठाकुर मर चूका है. वो अब तुम सबको बचाना चाहती है. मैं एक डॉ. हु. पैर तुम्हारी जान इसने (पब की और इसरा करती है) बचाई है.
लड़की ये सब सुन कर संत हो जाती है. और अंकिता उसका चक उप करती है. हर रिपोर्ट को थी. पैर ट्रेनिंग में हुए जुर्म उस के दिमाग पर हावी थे. वो क्या असर करेंगे ये तो आने वाला वक्त hi बता सकता था. अंकिता से सब पब और गुरु को अकेले में बताती है. किसी को कुछ समाज आता की इसका क्या ऊपर है. तब अंकिता कहती है - जब ये अभी इतना ठीक हो रही है तो हो सकता है वक्त के साथ और भी ठीक होने लगे. पैर अभी और कुछ किया गया तो मेरे हिसाब से बात बनने की जगह बिगड़ भी सकती है. और यदि फ्यूचर में कोई प्रॉब्लम होगी तो हम सब तो है hi इनके साथ और जब तक इनकी बॉडी भी रिकवर हो चुकी होगी…
पब – हाँ ये तो है. और यदि मेरे हिसाब से इनके मंद को दिवेरेद कर दिया जाये. तो हो सकता है की ये पूरी तरह से ठीक हो जाये.
अंकिता – हाँ ऐसा बहुत केसेस में मेने देखा है. यदि एक पागल आदमी भी किसी चीज को अपना मकसद बना ले तो वो भी ठीक हो जाता है. हमको इन सबको ठीक करने के बाद इनकी जिंदगी को एक नया रास्ता देना होगा.
पब – हम्म चलो अभी तो इनको सही करते है फिर सोचता हु इस बारे में…
फिर तो 2 टीम बन गई. पहले थी पब की. और दूसरी थी अंकिता की. पब के साथ गुरु, जुली और उसकी टीम की 6 सिक्सर थे. दूसरी टीम में घर के सभी मेंबर, स्टेज 1 की कुछ लड़किया और 4 सिक्सर थे. जुली की बची टीम बाकि लड़कियों का डायन रख रही थी. जैसे जैसे लड़कियों को पब ठीक करता उसका टाइमिंग भी सही ओने लगा. पैर इससे लड़कियों को कमजोरी थिरि ज्यादा हो रही थी. जिसको अंकिता हैंडल कर रही थी. कियोकि यदि सब को पहली बार की तरह टाइम लगा कर ठीक करता तो 120 लड़कियों के लिए 240 ऑवर लगने थे. और लड़कियों को ठीक करने से पब को भी कमजोरी आ रही थी पैर वो शो नहीं कर रहा था.
स्याम के टाइम पारी ने बभी अपना डायन थॉर लिया था. और वो सब कुछ चेंज देख कर चक्र गई. तो उसने एक सिक्सर से पूछा. उसने पब के बारे में सब बता दिया और ये भी बताया की वो अभी भी तुम सब का इलाज कर रहा है. पारी भी उसको बहार से देखती है और उसको देख कर उस पर फ़िदा हो जाती है. वो उसकी लाइफ में पहला इंसान था. जो किसी को बिना मतलब बचने के लिए अपना सब कुछ डाब पैर लगा रहा था. वो उसको देख कर बापिस और लड़कियों के पास hi आ जाती है. रात तक पब केवल 10 लड़कियों को hi ठीक कर पाया था. अभी उसको बहुत तकन थी. और लड़कियों के मंद में सेक्स ट्रेनिंग को रीड कर के उनको ठीक करते हुए अभी उसको भी बहुत उत्तेजना फील हो रही थी. पर वो अपने ऊपर सयम रख कर अपने रूम में आ कर लेट जाता है. और लेटते hi उसको नींद आ जाती है. उसने डिनर भी नहीं किया था. उसका लुंड सोते हुए भी खरा था. निचे से सब लोग और काम ख़तम कर के जब वापस आये तो पब सो चूका था. आज पूरा खाना अवनि और ऐडा ने hi बनाया था. उनको पता भी नहीं चला की पब सो चूका है. सब ऊपर आ कर फ्रेश हो कर देंनेर के लिए आते है तो पब को न देख कर गुरु कामिनी से पब को बुलाने को बोलती है. कामिनी पब को सोता देख उलटे पेअर वापिस आ जाती है. गुरु को बताती है की पब सो चूका है. तो गुरु खुद जाने लगती है. तो
अंकिता – दीदी उनको मत उड़ाइये, वो बहुत थके होंगे. अभी उनके सरीर में इतनी जान नहीं होगी की वो यहाँ आ कर खाना खा सके..
गुरु – हम्म मुझको भी उसके फेस से लगा था की वो बहुत थका हुआ है. चल तुम लोग खाना खाओ मैं उसको उसके रूम में hi खिला कर आती हु. नहीं तो उसको फिर से ताकत कहा से आएगी. कामिनी तुम चलो मेरे साथ.
कामिनी और गुरु पब का खाना ले कर चल देते है उसके रूम में. पर यहाँ भी अंकिता और सवी को खाने का मान नहीं करता. तो वो भी चल देती है उसके रूम में. ऐडा और अवनि का भी मन नहीं था खाने का पर वो पेय की वजह से उसके साथ खाना कहती है.
गुरु पब के पास में बेथ कर उसके सर पे हाथ रख कर उसको उड़ाती है. पर हाथ रखते hi वो दर जाती है. उसकी आखों में आशु आ जाते है.
गुरु – कामिनी जल्दी से अंकिता को बुला इसको तो बहुत तेज़ फीवर है.
कामिनी जाने के लिए पलटती है तभी वो दोनों भी अंदर आ जाती है उन ने भी गुरु की बात सुन ली थी. तो सवी तो किचन की और जाती है. और अंकिता उसको चक करने लगती है. सविता गीले कपड़े की पट्टी उसके सर पे रखती है. अंकिता उसको चक करके गबरा जाती है.
अंकिता – दीदी इनको तो बहुत तेज़ फीवर है इतने फीवर में तो लोग मर जाते है. पैर ये बहुत स्ट्रांग है इसलिए ये सहा रहे है.
गुरु – पैर इसको इतनी तेज़ फीवर हुआ कैसे है??
अंकिता – (उसके लुंड की और इस्सर करती है. जो पूरी तरह खरा था) ये उन लड़कियों का इलाज करते करते उत्तेजित होते रहे. और कोई भी सेक्स सटिस्फैक्शन न मिलने की बजह से वो उत्तेजना फीवर में बदल गई है. ये भी कमल है इतनी साडी बीबियो के होते ह्यु किसी को नहीं बताया की उनको क्या प्रॉब्लम हो रही है. बस सबको बचने की फ़िक्र है अपनी कोई फ़िक्र नहीं…. (और रोने लगती है)…… देखो खुद पे कितना कण्ट्रोल है की सबके सामने नार्मल रहे. नहीं तो इतनी उत्तेजना में तो उन्ही लड़किया का रपे कर देते जिनको बचा रहे थे.
अंकिता – पब देखो यदि तुम इनकी यादो को मिटाओगे तो ये एक बच्चे के जैसी हो जाएगी. पैर इनका मंद पहले hi डेव्लोपेड है तो ये टाइम के साथ कुछ भी नहीं सिख सकेगी.
पब – तो तुम hi बताओ की में इन सब को कैसे ठीक करू. (और रोने लगता है)
गुरु –(उसको एक माँ की तरह अपनी बाँहों में ले कर) तुम सब कर सकते हो. पहले अपने आप को संत करो और अपने आप से पूछो की तुमको क्या करना चाहिए. तुम्हारे पास अभी बहुत पावर है. बस तुम उसे नहीं कर प् रहे हो.
पब गुरु की बात मन कर खुद को संत करता है और अपने अंदर अपने आप से बात करने लगता है. तो उसको कुछ रास्ता नजर आता है. अब उसको खुद पे विस्वाश हो गया था की वो ये कर सकता है. पैर एक दर भी था. तो
पब – मुझको लगता है अब मैं ये कर सकता हु. पैर क्या में कर पाउगा???
गुरु – हाँ तुम जरूर कर काओगे. बस खुद पे विश्वास रखो…
फिर एक और लड़की ले जाती है. सब के फेस पे दर था. पर सब चुप थे. कियोकि और कोई रास्ता भी नहीं था. पब उस लड़की के मंद में अपने हिसाब से चेंज करता है. उसको इस बार भी 1:45 ऑवर लगे थे. जब वो अपना काम कर चूका था तो वो अंकिता की और इसरा करता है. पैर जब तक वो लड़की बेहोश हो जाती है. उसकी ये हाल देख कर सबके दिल बेथ जाते है. पब तो रोने लगता है. और बोले जा रहा था की मैं नहीं कर सकता कुछ भी.. मुझसे नहीं होगा. इस तरह तो में सब लड़कियों को मर दुगा.. नहीं मैं नहीं कर सकता कुछ भी…..
अंकिता जब उसको चक करके उड़ती है तो उसके फेस पे एक स्लिम थी. वो पब को गले लगा लेती है और बोली – मुबारक हो तुमने कर दिखया अब रोना बंद करो ये कमजोरी की वजह से बेहोश है….
अंकिता की बात पे सब मुस्कुराने लगते है.
गुरु – अंकिता क्या ये पूरी तरह से ठीक है?
अंकिता – हाँ दीदी, ये अब ठीक है. पैर ाक्टुअलटी तो इसके होश में आने के बाद hi पता चलेगी.
गुरु – तो हमको पहले इसके होश में आने का वेट करना चाहिए. ताकि यदि कोई कमी रह गई हो तो उसको भी दूर किया जा सके…..
सब गुरु की बात से सहमत थे. तो सब उस लड़की के होश में आने का इंतजार करते है. जब उस लड़की को होश आने लगता है तो अंकिता उसके पास पहुंच जाती है.
अंकिता – अब केसा लग रहा है.
लड़की – मैं ठीक हु. पर आप कोण है. (तभी उसकी नजर जुली पे पार्टी है. तो वो दर के मरे कपङे लगती है)
अंकिता – क्या हुआ तुमको…
लड़की जुली की और देख कर – मुझको और मत मरना प्लीज आप जो कहोगी में करुँगी.
अंकिता टूररत जुली को बहार जाने को बोलती है. जुली अपने आप से सर्मिन्दा हो कर रोने लगती है. वो बहुत दुखी हो जाती है. उसने को आज तक किया था वो hi उसके सामने था.
अंदर अंकिता – तुम डरो मत अब वो कुछ नहीं करेगी. ठाकुर मर चूका है. वो अब तुम सबको बचाना चाहती है. मैं एक डॉ. हु. पैर तुम्हारी जान इसने (पब की और इसरा करती है) बचाई है.
लड़की ये सब सुन कर संत हो जाती है. और अंकिता उसका चक उप करती है. हर रिपोर्ट को थी. पैर ट्रेनिंग में हुए जुर्म उस के दिमाग पर हावी थे. वो क्या असर करेंगे ये तो आने वाला वक्त hi बता सकता था. अंकिता से सब पब और गुरु को अकेले में बताती है. किसी को कुछ समाज आता की इसका क्या ऊपर है. तब अंकिता कहती है - जब ये अभी इतना ठीक हो रही है तो हो सकता है वक्त के साथ और भी ठीक होने लगे. पैर अभी और कुछ किया गया तो मेरे हिसाब से बात बनने की जगह बिगड़ भी सकती है. और यदि फ्यूचर में कोई प्रॉब्लम होगी तो हम सब तो है hi इनके साथ और जब तक इनकी बॉडी भी रिकवर हो चुकी होगी…
पब – हाँ ये तो है. और यदि मेरे हिसाब से इनके मंद को दिवेरेद कर दिया जाये. तो हो सकता है की ये पूरी तरह से ठीक हो जाये.
अंकिता – हाँ ऐसा बहुत केसेस में मेने देखा है. यदि एक पागल आदमी भी किसी चीज को अपना मकसद बना ले तो वो भी ठीक हो जाता है. हमको इन सबको ठीक करने के बाद इनकी जिंदगी को एक नया रास्ता देना होगा.
पब – हम्म चलो अभी तो इनको सही करते है फिर सोचता हु इस बारे में…
फिर तो 2 टीम बन गई. पहले थी पब की. और दूसरी थी अंकिता की. पब के साथ गुरु, जुली और उसकी टीम की 6 सिक्सर थे. दूसरी टीम में घर के सभी मेंबर, स्टेज 1 की कुछ लड़किया और 4 सिक्सर थे. जुली की बची टीम बाकि लड़कियों का डायन रख रही थी. जैसे जैसे लड़कियों को पब ठीक करता उसका टाइमिंग भी सही ओने लगा. पैर इससे लड़कियों को कमजोरी थिरि ज्यादा हो रही थी. जिसको अंकिता हैंडल कर रही थी. कियोकि यदि सब को पहली बार की तरह टाइम लगा कर ठीक करता तो 120 लड़कियों के लिए 240 ऑवर लगने थे. और लड़कियों को ठीक करने से पब को भी कमजोरी आ रही थी पैर वो शो नहीं कर रहा था.
स्याम के टाइम पारी ने बभी अपना डायन थॉर लिया था. और वो सब कुछ चेंज देख कर चक्र गई. तो उसने एक सिक्सर से पूछा. उसने पब के बारे में सब बता दिया और ये भी बताया की वो अभी भी तुम सब का इलाज कर रहा है. पारी भी उसको बहार से देखती है और उसको देख कर उस पर फ़िदा हो जाती है. वो उसकी लाइफ में पहला इंसान था. जो किसी को बिना मतलब बचने के लिए अपना सब कुछ डाब पैर लगा रहा था. वो उसको देख कर बापिस और लड़कियों के पास hi आ जाती है. रात तक पब केवल 10 लड़कियों को hi ठीक कर पाया था. अभी उसको बहुत तकन थी. और लड़कियों के मंद में सेक्स ट्रेनिंग को रीड कर के उनको ठीक करते हुए अभी उसको भी बहुत उत्तेजना फील हो रही थी. पर वो अपने ऊपर सयम रख कर अपने रूम में आ कर लेट जाता है. और लेटते hi उसको नींद आ जाती है. उसने डिनर भी नहीं किया था. उसका लुंड सोते हुए भी खरा था. निचे से सब लोग और काम ख़तम कर के जब वापस आये तो पब सो चूका था. आज पूरा खाना अवनि और ऐडा ने hi बनाया था. उनको पता भी नहीं चला की पब सो चूका है. सब ऊपर आ कर फ्रेश हो कर देंनेर के लिए आते है तो पब को न देख कर गुरु कामिनी से पब को बुलाने को बोलती है. कामिनी पब को सोता देख उलटे पेअर वापिस आ जाती है. गुरु को बताती है की पब सो चूका है. तो गुरु खुद जाने लगती है. तो
अंकिता – दीदी उनको मत उड़ाइये, वो बहुत थके होंगे. अभी उनके सरीर में इतनी जान नहीं होगी की वो यहाँ आ कर खाना खा सके..
गुरु – हम्म मुझको भी उसके फेस से लगा था की वो बहुत थका हुआ है. चल तुम लोग खाना खाओ मैं उसको उसके रूम में hi खिला कर आती हु. नहीं तो उसको फिर से ताकत कहा से आएगी. कामिनी तुम चलो मेरे साथ.
कामिनी और गुरु पब का खाना ले कर चल देते है उसके रूम में. पर यहाँ भी अंकिता और सवी को खाने का मान नहीं करता. तो वो भी चल देती है उसके रूम में. ऐडा और अवनि का भी मन नहीं था खाने का पर वो पेय की वजह से उसके साथ खाना कहती है.
गुरु पब के पास में बेथ कर उसके सर पे हाथ रख कर उसको उड़ाती है. पर हाथ रखते hi वो दर जाती है. उसकी आखों में आशु आ जाते है.
गुरु – कामिनी जल्दी से अंकिता को बुला इसको तो बहुत तेज़ फीवर है.
कामिनी जाने के लिए पलटती है तभी वो दोनों भी अंदर आ जाती है उन ने भी गुरु की बात सुन ली थी. तो सवी तो किचन की और जाती है. और अंकिता उसको चक करने लगती है. सविता गीले कपड़े की पट्टी उसके सर पे रखती है. अंकिता उसको चक करके गबरा जाती है.
अंकिता – दीदी इनको तो बहुत तेज़ फीवर है इतने फीवर में तो लोग मर जाते है. पैर ये बहुत स्ट्रांग है इसलिए ये सहा रहे है.
गुरु – पैर इसको इतनी तेज़ फीवर हुआ कैसे है??
अंकिता – (उसके लुंड की और इस्सर करती है. जो पूरी तरह खरा था) ये उन लड़कियों का इलाज करते करते उत्तेजित होते रहे. और कोई भी सेक्स सटिस्फैक्शन न मिलने की बजह से वो उत्तेजना फीवर में बदल गई है. ये भी कमल है इतनी साडी बीबियो के होते ह्यु किसी को नहीं बताया की उनको क्या प्रॉब्लम हो रही है. बस सबको बचने की फ़िक्र है अपनी कोई फ़िक्र नहीं…. (और रोने लगती है)…… देखो खुद पे कितना कण्ट्रोल है की सबके सामने नार्मल रहे. नहीं तो इतनी उत्तेजना में तो उन्ही लड़किया का रपे कर देते जिनको बचा रहे थे.