MANAV or DANAV sex story - part 1 - Page 6 - SexBaba
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MANAV or DANAV sex story - part 1

अपडेट 44

अंकिता – पब देखो यदि तुम इनकी यादो को मिटाओगे तो ये एक बच्चे के जैसी हो जाएगी. पैर इनका मंद पहले hi डेव्लोपेड है तो ये टाइम के साथ कुछ भी नहीं सिख सकेगी.

पब – तो तुम hi बताओ की में इन सब को कैसे ठीक करू. (और रोने लगता है)

गुरु –(उसको एक माँ की तरह अपनी बाँहों में ले कर) तुम सब कर सकते हो. पहले अपने आप को संत करो और अपने आप से पूछो की तुमको क्या करना चाहिए. तुम्हारे पास अभी बहुत पावर है. बस तुम उसे नहीं कर प् रहे हो.

पब गुरु की बात मन कर खुद को संत करता है और अपने अंदर अपने आप से बात करने लगता है. तो उसको कुछ रास्ता नजर आता है. अब उसको खुद पे विस्वाश हो गया था की वो ये कर सकता है. पैर एक दर भी था. तो

पब – मुझको लगता है अब मैं ये कर सकता हु. पैर क्या में कर पाउगा???

गुरु – हाँ तुम जरूर कर काओगे. बस खुद पे विश्वास रखो…

फिर एक और लड़की ले जाती है. सब के फेस पे दर था. पर सब चुप थे. कियोकि और कोई रास्ता भी नहीं था. पब उस लड़की के मंद में अपने हिसाब से चेंज करता है. उसको इस बार भी 1:45 ऑवर लगे थे. जब वो अपना काम कर चूका था तो वो अंकिता की और इसरा करता है. पैर जब तक वो लड़की बेहोश हो जाती है. उसकी ये हाल देख कर सबके दिल बेथ जाते है. पब तो रोने लगता है. और बोले जा रहा था की मैं नहीं कर सकता कुछ भी.. मुझसे नहीं होगा. इस तरह तो में सब लड़कियों को मर दुगा.. नहीं मैं नहीं कर सकता कुछ भी…..

अंकिता जब उसको चक करके उड़ती है तो उसके फेस पे एक स्लिम थी. वो पब को गले लगा लेती है और बोली – मुबारक हो तुमने कर दिखया अब रोना बंद करो ये कमजोरी की वजह से बेहोश है….

अंकिता की बात पे सब मुस्कुराने लगते है.

गुरु – अंकिता क्या ये पूरी तरह से ठीक है?

अंकिता – हाँ दीदी, ये अब ठीक है. पैर ाक्टुअलटी तो इसके होश में आने के बाद hi पता चलेगी.

गुरु – तो हमको पहले इसके होश में आने का वेट करना चाहिए. ताकि यदि कोई कमी रह गई हो तो उसको भी दूर किया जा सके…..

सब गुरु की बात से सहमत थे. तो सब उस लड़की के होश में आने का इंतजार करते है. जब उस लड़की को होश आने लगता है तो अंकिता उसके पास पहुंच जाती है.

अंकिता – अब केसा लग रहा है.

लड़की – मैं ठीक हु. पर आप कोण है. (तभी उसकी नजर जुली पे पार्टी है. तो वो दर के मरे कपङे लगती है)

अंकिता – क्या हुआ तुमको…

लड़की जुली की और देख कर – मुझको और मत मरना प्लीज आप जो कहोगी में करुँगी.

अंकिता टूररत जुली को बहार जाने को बोलती है. जुली अपने आप से सर्मिन्दा हो कर रोने लगती है. वो बहुत दुखी हो जाती है. उसने को आज तक किया था वो hi उसके सामने था.

अंदर अंकिता – तुम डरो मत अब वो कुछ नहीं करेगी. ठाकुर मर चूका है. वो अब तुम सबको बचाना चाहती है. मैं एक डॉ. हु. पैर तुम्हारी जान इसने (पब की और इसरा करती है) बचाई है.

लड़की ये सब सुन कर संत हो जाती है. और अंकिता उसका चक उप करती है. हर रिपोर्ट को थी. पैर ट्रेनिंग में हुए जुर्म उस के दिमाग पर हावी थे. वो क्या असर करेंगे ये तो आने वाला वक्त hi बता सकता था. अंकिता से सब पब और गुरु को अकेले में बताती है. किसी को कुछ समाज आता की इसका क्या ऊपर है. तब अंकिता कहती है - जब ये अभी इतना ठीक हो रही है तो हो सकता है वक्त के साथ और भी ठीक होने लगे. पैर अभी और कुछ किया गया तो मेरे हिसाब से बात बनने की जगह बिगड़ भी सकती है. और यदि फ्यूचर में कोई प्रॉब्लम होगी तो हम सब तो है hi इनके साथ और जब तक इनकी बॉडी भी रिकवर हो चुकी होगी…

पब – हाँ ये तो है. और यदि मेरे हिसाब से इनके मंद को दिवेरेद कर दिया जाये. तो हो सकता है की ये पूरी तरह से ठीक हो जाये.

अंकिता – हाँ ऐसा बहुत केसेस में मेने देखा है. यदि एक पागल आदमी भी किसी चीज को अपना मकसद बना ले तो वो भी ठीक हो जाता है. हमको इन सबको ठीक करने के बाद इनकी जिंदगी को एक नया रास्ता देना होगा.

पब – हम्म चलो अभी तो इनको सही करते है फिर सोचता हु इस बारे में…

फिर तो 2 टीम बन गई. पहले थी पब की. और दूसरी थी अंकिता की. पब के साथ गुरु, जुली और उसकी टीम की 6 सिक्सर थे. दूसरी टीम में घर के सभी मेंबर, स्टेज 1 की कुछ लड़किया और 4 सिक्सर थे. जुली की बची टीम बाकि लड़कियों का डायन रख रही थी. जैसे जैसे लड़कियों को पब ठीक करता उसका टाइमिंग भी सही ओने लगा. पैर इससे लड़कियों को कमजोरी थिरि ज्यादा हो रही थी. जिसको अंकिता हैंडल कर रही थी. कियोकि यदि सब को पहली बार की तरह टाइम लगा कर ठीक करता तो 120 लड़कियों के लिए 240 ऑवर लगने थे. और लड़कियों को ठीक करने से पब को भी कमजोरी आ रही थी पैर वो शो नहीं कर रहा था.

स्याम के टाइम पारी ने बभी अपना डायन थॉर लिया था. और वो सब कुछ चेंज देख कर चक्र गई. तो उसने एक सिक्सर से पूछा. उसने पब के बारे में सब बता दिया और ये भी बताया की वो अभी भी तुम सब का इलाज कर रहा है. पारी भी उसको बहार से देखती है और उसको देख कर उस पर फ़िदा हो जाती है. वो उसकी लाइफ में पहला इंसान था. जो किसी को बिना मतलब बचने के लिए अपना सब कुछ डाब पैर लगा रहा था. वो उसको देख कर बापिस और लड़कियों के पास hi आ जाती है. रात तक पब केवल 10 लड़कियों को hi ठीक कर पाया था. अभी उसको बहुत तकन थी. और लड़कियों के मंद में सेक्स ट्रेनिंग को रीड कर के उनको ठीक करते हुए अभी उसको भी बहुत उत्तेजना फील हो रही थी. पर वो अपने ऊपर सयम रख कर अपने रूम में आ कर लेट जाता है. और लेटते hi उसको नींद आ जाती है. उसने डिनर भी नहीं किया था. उसका लुंड सोते हुए भी खरा था. निचे से सब लोग और काम ख़तम कर के जब वापस आये तो पब सो चूका था. आज पूरा खाना अवनि और ऐडा ने hi बनाया था. उनको पता भी नहीं चला की पब सो चूका है. सब ऊपर आ कर फ्रेश हो कर देंनेर के लिए आते है तो पब को न देख कर गुरु कामिनी से पब को बुलाने को बोलती है. कामिनी पब को सोता देख उलटे पेअर वापिस आ जाती है. गुरु को बताती है की पब सो चूका है. तो गुरु खुद जाने लगती है. तो

अंकिता – दीदी उनको मत उड़ाइये, वो बहुत थके होंगे. अभी उनके सरीर में इतनी जान नहीं होगी की वो यहाँ आ कर खाना खा सके..

गुरु – हम्म मुझको भी उसके फेस से लगा था की वो बहुत थका हुआ है. चल तुम लोग खाना खाओ मैं उसको उसके रूम में hi खिला कर आती हु. नहीं तो उसको फिर से ताकत कहा से आएगी. कामिनी तुम चलो मेरे साथ.

कामिनी और गुरु पब का खाना ले कर चल देते है उसके रूम में. पर यहाँ भी अंकिता और सवी को खाने का मान नहीं करता. तो वो भी चल देती है उसके रूम में. ऐडा और अवनि का भी मन नहीं था खाने का पर वो पेय की वजह से उसके साथ खाना कहती है.

गुरु पब के पास में बेथ कर उसके सर पे हाथ रख कर उसको उड़ाती है. पर हाथ रखते hi वो दर जाती है. उसकी आखों में आशु आ जाते है.

गुरु – कामिनी जल्दी से अंकिता को बुला इसको तो बहुत तेज़ फीवर है.

कामिनी जाने के लिए पलटती है तभी वो दोनों भी अंदर आ जाती है उन ने भी गुरु की बात सुन ली थी. तो सवी तो किचन की और जाती है. और अंकिता उसको चक करने लगती है. सविता गीले कपड़े की पट्टी उसके सर पे रखती है. अंकिता उसको चक करके गबरा जाती है.

अंकिता – दीदी इनको तो बहुत तेज़ फीवर है इतने फीवर में तो लोग मर जाते है. पैर ये बहुत स्ट्रांग है इसलिए ये सहा रहे है.

गुरु – पैर इसको इतनी तेज़ फीवर हुआ कैसे है??

अंकिता – (उसके लुंड की और इस्सर करती है. जो पूरी तरह खरा था) ये उन लड़कियों का इलाज करते करते उत्तेजित होते रहे. और कोई भी सेक्स सटिस्फैक्शन न मिलने की बजह से वो उत्तेजना फीवर में बदल गई है. ये भी कमल है इतनी साडी बीबियो के होते ह्यु किसी को नहीं बताया की उनको क्या प्रॉब्लम हो रही है. बस सबको बचने की फ़िक्र है अपनी कोई फ़िक्र नहीं…. (और रोने लगती है)…… देखो खुद पे कितना कण्ट्रोल है की सबके सामने नार्मल रहे. नहीं तो इतनी उत्तेजना में तो उन्ही लड़किया का रपे कर देते जिनको बचा रहे थे.
 
अपडेट 45

गुरु – पैर इसको इतनी तेज़ फीवर हुआ कैसे है??

अंकिता – (उसके लुंड की और इस्सर करती है. जो पूरी तरह खरा था) ये उन लड़कियों का इलाज करते करते उत्तेजित होते रहे. और कोई भी सेक्स सटिस्फैक्शन न मिलने की बजह से वो उत्तेजना फीवर में बदल गई है. ये भी कमल है इतनी साडी बीबियो के होते ह्यु किसी को नहीं बताया की उनको क्या प्रॉब्लम हो रही है. बस सबको बचने की फ़िक्र है अपनी कोई फ़िक्र नहीं…. (और रोने लगती है)…… देखो खुद पे कितना कण्ट्रोल है की सबके सामने नार्मल रहे. नहीं तो इतनी उत्तेजना में तो उन्ही लड़किया का रपे कर देते जिनको बचा रहे थे.

गुरु – मैं जानती हु इसका खुद पर बहुत सयम है. पर अभी क्या करना है ये सोचो. जब तक में जंगल से कुछ लती हु इसके फीवर के लिए.

अंकिता – दीदी कुछ लेन की जरुरत नहीं है. मेरे पास दवाये है. पर दवा असर तब hi करेगी जब इनको कुछ सन्ति मिलेगी.

कामिनी – तो इसमें इतना सोचना क्या है. हम 4 बिबिया है. कोई भी इन पर छड़ कर इनको डंडा कर सकती है.

गुरु – कामिनी मेने बताया था न की ये ऐसे चुदाई नहीं कर सकता.

कामिनी – सॉरी दीदी पर मैं इनको कैसे तकलीफ में देख सकती हु. (तभी कामिनी को याद आता है की वो चूस कर भी उसको ठंडा कर सकती है)

कामिनी – क्यों न मैं इनका चूस लू. तो उस दिन की तरह ये ठंडे हो जायेगे..

गुरु – हाँ ये हो सकता है. क्या तुमने पहले भी किया है पब के साथ?

कामिनी शर्मा जाती है – हाँ वो उस दिन जब इन्होने मुझको बीबी बनाया था न तब किया था.

गुरु – हम्म अच्छी बात है. तो अब लग जाओ काम पे… (और मुस्कुराने लगती है)

कामिनी तुर्रंत पब की पेण्ट उतर कर उसके लुंड को हाथ में लेकर खेलने लगती है. वो एक मजी हुई खिलाडी थी लुंड चूसने की. ठाकुर ने उसको अच्छे से सीखा रखा था. पैर पब का लुंड बारे था तो उसको कुछ तकलीफ तो होनी hi थी. पैर उसको मज़ा भी आना था. पब का लुंड हाथ में लेते हीउसकी छूट चुने लगी थी. सवी तो कपड़े की पट्टी बदल रही थी. अंकिता पब को एक इंजेक्शन दे चुकी थी. पैर सबकी नजर कामिनी पे तिकी थी. कामिनी भी सब कुछ भूल कर बस पब के लुंड को मुँह में लेने में लगी थी जो बरी मुश्किल से जा रहा था. पर कामिनी भी हार नहीं मान रही थी वो अड़े से जयादा लुंड को मुँह में ले कर चूसने लगी. कभी अंदर बहार करती तो कभी मुँह में ले कर लॉलीपॉप की तरह चूसने लगती. एक हाथ से उसके टट्टे सहला रही थी. और दूसरा हाथ लुंड की जड़ पे था और बचे लुंड को हाथ से सहला रही थी. पब को मज़ा आ रहा था वो बेहोशी के आलम में भी सिसकी ले रहा था. कामिनी उसका लुंड बिना रुके चूसे जा रही थी. कुछ देर की चूसै ने पब को अपने अंतिम पड़ाव पे ला दिया. उसके हाथ बेहोशी में hi कामिनी के सर पे पहुंच गए. और वो निचे से दकके मरने लगा. और 2 मं में hi वो खली हो गया. कामिनी की तो हालत hi ख़राब कर दी उसने. जब पब के वीर्य की लास्ट बून्द भी निकल गई तब उसने कामिनी को छोड़ा तो कामिनी एक दम से पीछे हो कर खस्ने लगी. वो सारा वीर्य पे चुकी थी. जब कामिनी की सासे सम्ब्ली तो उसने देखा की सब उसको hi देख रहे है. गुरु ने उसके पास जा कर उसको बाँहों में ले लिया पर थैंक्स बोलने लगी. कामिनी बोली की ये मेरे भी पति है.. इनके लिए तो में कुछ भी कर सकती हु. ये तो कुछ भी नहीं था.

अब पब के फेस पर सुकून नजर आ रहा था. सब लेडीज वह बेथ कर पब को hi देखती रही किसी को भी खाने का होश नहीं था. थोड़ी देर बाद अंकिता ने फिर से फीवर चक किया तो अब काफी काम था. तो गुरु ने पब को प्यार से उदय और उसको अपनी बाँहों में सहारा दे कर बेथ गई और उसको खाने को बोलै. तो अंकिता ने तुर्रंत प्लेट ले कर उसको खिलने लगी पब अभी भी नीडो में था. उसको पूरी तरह होश नहीं आया था. वो बस चुप चाप खाना खता रहा उसको तो डायन hi नहीं था की वो कैसे बैठा है. कहा बैठा है. खाना खाने के बाद पब को फिर से सुला दिया. तो गुरु सब को लेकर दिंनिंग टेबल पे गयी किसी का मन नहीं था. पर सब खाने लगे. थोड़ा बहुत खा कर फिर से सब पब के रूम में पहुंच गए थे. पब तो सो रहा था. ये उसको देखते हुए कब सो गए किसी को पता भी नहीं चला.

सुबह जब पब की आंखें खुली तो उसको अपने ऊपर वजन महसूस हुआ. उसने देखा तो उसके सर के पीछे सविता बैठी है और उसका सर उसकी छाती पे है और वो सो रही है. पब अभी नंगा था. उसने सविता को उदय और खुद भी बेथ गया तो उसकी और तीनो बिबिया भी ऐसे hi बाद पे ीदार उदार बैठी हुई सो रही थी. वो उन तीनो को रही से लेता कर खुद फ्रेश होने चला गया. अभी उसको एक डैम ठीक लग रहा था. पैर रात में क्या हुआ उसको होश नहीं था. ये चोरो उसके रू में ऐसे क्यों सो रही है वो तो ये hi सोच रहा था. कियुकी उसको लगा की वो रात को आ कर सोया और सुबह टाइम पैर उड़ गया है. उसको क्या पता हटा की उसकी बीबियो ने उसकी रात में कितनी सेवा की है.
 
अपडेट 46

वो फ्रेश हो कर बहार आया तो लग hi नहीं रहा था की रात को वो बीमार भी था. पब आ कर अपनी बीबियो में माथे पे किश कर के बहार आ जाता है. तो ऐडा उसके लिए बराक फ़ास्ट ले आती है.

पब – ऐडा इन सब को क्या हुआ ये मेरे रूम में कैसे है.

ऐडा – हमको भी नहीं पता. आप सो रहे थे तो मम्मी ने ये बात गुरु दी को बताई. और वो आपका खाना ले कर आपके रूम में चली गई. उनके पीछे और भी सब चले लगे. हम तीनो तो अपना खाना खा कर ऊपर रूम में सो गए. फिर क्या हुआ पता नहीं.

पब – हम्म ठीक है. मुझको ऐसा लग रहा है ये सब रात में सोइ नहीं है इनको सोने देना. तुम मेरे साथ चलो. अब उन लड़कियों को भी देखना है.

ऐडा और पब निचे पहुंच जाते है. और वो जब उन ठीक की हुई 10 लड़कियों के रूम (स्टेज 1 वाला रूम) में पहुंचते है. तो वह पर सब लड़किया एक दम ठीक लग रही थी. जुली उनसे बात कर रही थी. जुली पब को देख कर चुप हो जाती है. तो लड़किया जुली को इस्सर करती है. जुली भी इससरए में हां कहा देती है. और सब लड़किया बाग़ कर पब के पैरो में बेथ जाती है. और सब उसके पेअर चुने लगती है.

पब – अरे अरे क्या कर रही हो तुम सब. मेरे पेअर क्यों छू रही हो?? चलो ऊधो …

सब – नहीं आप हमको हमारे भगवन के पेअर छूने से मत रोकिये…

पब – मैं कोई भगवन नहीं हु. मैं भी तुम्हारी तरह इंसान हु. किसने बताया की मैं बागवान हु..

सब – जो अपने हरारे लिए किया है वो बस भगवन की कर सकता है. हम सब ने तो बचने की उम्मीद भी बहुत पहले hi छोड़ दी थी हम लोग क्या बन गए थे ये हमको भी नहीं पता था. आज से आप hi हम सब के भगवन है. और हम सब आपकी दसिया…

पब – नहीं ऐसा फिर मत कहना. यदि तुमको दासी hi बनाना होता तो तुमको ठीक करने की जरुरत नहीं थी. अब तुम सब अपनी जिंदगी जे सकती हो.

सब – नहीं हम आपको भगवन hi मानेगी. चाहे आप हमको अपनी दासी न मने. पैर एक रिक्वेस्ट है की किसी को भी यहाँ से जाने को नहीं कहेगे. आप से दूर नहीं रह पायेगी अब हम सब…

पब – ok मैं तुम सब के लिए कुछ सोचता हु. पैर तुम लोगो को भी वादा करना होगा मैं तुमको जो भी काम दुगा वो तुम सब पूरी ईमानदारी से करोगी…

सब – आप चाहे जान ले लो… हम पीछे नहीं हटेंगे…

पब उनके पास से रूम स्टेज 3 में चला जाता है और जुली से फिर 1 लड़की को बुला कर उसका इलाज सुरु कर देता है. तभी वो 4रो बिबिया आ जाती है और जुली से पूछती है की पब कहा है. तो वो उसको बता देती है की इलाज सुरु हो चूका है. सबके फेस का कलर चेंज हो जाता है. सब भाग कर पब के पास जाती है. और उस लड़की के ठीक होने का वेट करती है. जब वो लड़की ठीक हो जाती है तो सब पब को गैर लेती है और इलाज के लिए मन करने लगती है. और पब को उसकी रात की हालत बताती है.

पब – देखो अब मैं पीछे नहीं हैट सकता. जब भगवन ने मुझको ये सकती दी है तो मैं अब अपनी चिंता करके इन सब को मरने के लिए नहीं छोड़ सकता. और वैसे भी मुझको विस्वास है की मेरी गुरु मुझको कुछ नहीं होने देगी.. (पब जान कर गुरु का नाम लिया था. कियोकि गुरु के चुप होते hi उनमे से कोई नहीं बोलता)

गुरु – ठीक है तुमको जो मान करे करो पैर मेरी एक सार्थ है की तुम जब भी जयादा उत्तेजना फील करोगे मुझको बताओगे.

पब – ok दोने..

पब अपने काम में लग जाता है और वो सब बहार आ जाती है.

गुरु – अब क्या करे ?? इनको काम से काम 3-4 बार संत करना होगा. कोण करेगा ये ??

कामिनी – कोण से क्या मतलब है? मैं करुँगी… मैं इनकी बीबी हु जब ये एक नेक काम कर रहे है और उसमे इनकी इतनी सी हेल्प भी नहीं कर सकती हु क्या??

गुरु – तब ठीक है, मैं और तुम हम बस इसका डायन रखेंगे, सविता तुम घर को देखो और अंकिता तुम्हारी जरुरत उन ठीक की हुई लड़कियों को होगी. हेल्प करने के लिए तुम किसी भी लड़की को या जुली की टीम को बुला सकती हो..

सब – ok ….

फिर क्या था. गुरु जाती है जंगल और वह से एक से एक जाती बूटी लती है और सविता के साथ मिलकर पब के लिए तगत की दवा बनती है. और टाइम तो टाइम उसको खिला रही थी. कामिनी भी पब के कहने के साथ उसको रूम में ले जाती और उसको टांडा कर देती. पब भी उसको टांडा कर देता था हाथो से hi….
 
अपडेट 47

इस तरह 5 दिन बिट चुके थे. और सब लड़किया ठीक हो चुकी थी. पब भी ठीक था. जुली बहुत खुस थी. पर एक थी जो कुछ भी समाज नहीं प् रही थी वो थी पारी… वो दिल hi दिल में पब को बहुत चाहने लगी थी. पैर वो ये उससे कहा नहीं सकती थी. कियोकि उसको पता था की उसकी 4 बिबिया पहले से hi है. और उस पर यहाँ की साडी लड़किया मरती है. तो वो किस किस को अपनी बीबी बनाएगा. पर वो सच्चे दिल से दुआ मांग रही थी की उसको बस पब मिल जाये कैसे भी… पर ये सपने के जैसा था. दूसरी तरफ पब सोच रहा था की वो पारी को कैसे बोले की वो उससे सधी करना चाहता है. कही ऐसा न हो वो ये सोचे की वो उससे सब को तक करने की कीमत मांग रहा है. पब ने इतने दिनों में न जाने कितनी बार अपना लुंड चुसवाया था. पर फिर भी वो सटिस्फीएड नहीं था. होता भी कैसे लुंड बिना छूट में जाये संतुस्ट नहीं होता चाहे कितना भी चस्वा लो.

गुरु को भी पब के फेस पैर वो ख़ुशी नजर नहीं आ रही थी. जबकि उसने सब लड़कियों को ठीक कर दिया था तो उसको तो खुस होना चाहिए था ये एक बरी बात थी उसके लिए. तो गुरु रात को पब के रूम में पहुंची. तब पब 2 उल्जनो में डूबा था. एक तो उसका लुंड और दूसरा उसको समाज नहीं आ रहा था की इतनी साडी लड़कियों को जीने का क्या मकसद दे. कियोकि यदि वो यहाँ हाथ पे हाथ रख कर बैठी रहेगी तो बस उस सब को hi याद करेगी. और फिर से प्रॉब्लम भी हो सकती है.

गुरु जा कर पब की बगल में बेथ जाती है..

गुरु – आप कुश नहीं है क्या? किस सोच में दुबे है?

पब – यार एक तो तुम आप मत कहा करो. तुम्हारे मुँह से मुझको अच्छा नहीं लगता.

गुरु – हम्म ok, अब बताओ क्या बात है जो तुम परेशां हो..

पब – मैं अपनी गुरु को छोड़ने की सोच रहा हु…

गुरु – ओह्ह्ह तो सेदे से नहीं बताओगे. रुको तुमको अभी बताती हु. (गुरु उसको गुदगुदी करने लगती है)

पब – हाहाहाहाहा रुको यार बताता हु….

गुरु रुक जाती है और उसकी और देखने लगती है…

पब –यार एक तो मुझको छूट की सख्त जरुरत है. तुम जानती हो मैं ऐसा क्यों बोल रहा हु. पैर मैं पारी से बात भी नहीं कर सकता. दर है की कही वो ये न सोचे की में सबको ठीक करने की कीमत मैग रहा हु.

गुरु – हम्म को ये तो में कर सकती हु. मैं पारी से बात करके देखती हु की वो क्या सोचती है.

पब – हम्म ये ठीक rahega…tum बात करो उससे..

गुरु – ok, अब दूसरी बताओ…

पब –दूसरी ये है की मैं अपनी गुरु को प्यार करना चाहता हु पैर गुरु है की मेरे पास अति hi नहीं…

गुरु – सच में..

पब उसकी आँखों में देखते हुए – सच में.. आओ न मेरे नजदीक..

पब गुरु का हाथ पाकर कर अपनी गोदी में बेथ लेता है. और उसके होंटो को चूसने लगता hai.or उसकी पथ को सहला रहा था. उसकी किश में कोई वासना नहीं थी. वो बहुत प्यार से उसके होंटो को चूस रहा था. गुरु भी उसके प्यार को महसूस करके उसमे डूबी हुई थी. दोनों एक दूसरे के होंटो को चूस रहे थे. दोनों की आखें भी मिली हुई थी. खो से गए दोनों एक दूसरे मैं. दोनों को सास लेने की भी जासुरत नहीं लग रही थी. पैर बिना सास के रहा भी तो नहीं जा सकता न. तो जब सासे टूटने लगी तो किश भी तोडना पारा. दोनों hi किश थोड़ कर सासे सभाल रहे थे. पैर फेस अभी भी करीब थे दोनों एक दूसरे की सासो की गर्मी को महसूस कर रहे थे फेस पर.

वो फिर से किश सुरु करने hi वाले थे की खस्ने की आवाज आयी. दोनों ने गेट पे देखा तो अंकिता खरी थी.

अंकिता – वूऊऊ कितना रोमांटिक पल था. अरे पतिदेव जी कभी हमको भी तो करो न ऐसे प्यार…

गुरु तो शर्मा गई. पब – आओ जान तुमको भी करता हु. आओ न …

अंकिता भी उसके पास जाना चाहा रही थी पर गुरु से शर्मा भी रही थी गुरु भी ये hi चाहा रही थी की अंकिता न आये नहीं तो उसको और भी सरम आएगी.

अंकिता – नहीं जी अभी तो आप चलिए डिनर रेडी है..

पब –(आदेश वाली आवाज में) – कहा न यहाँ आओ. अपने पति की बात भी नहीं मानोगी…

अंकिता को अब आना hi पारा. तो पब उसको कीच कर अपनी दूसरी जंग पे बैठा लेता है. और उसके होंटो को चूसने लगता है. दोनों का सरम से बुरा हाल था. दोनों की पथ पैर पब का हाथ गम रहा था. पर अंकिता जयादा देर शर्मा नहीं पाई . वो पब के किश में सब भूल कर उसका साथ देने लगी और गुरु उनको देखने में खो गई. अब तीनो एक दूसरे में खोये थे. किसी को होश नहीं था.. तभी बहार से आवाज आयी सविता की… अरे ये अंकिता भी कहा रहा गई. सब डिनर पे वेट कर रहे है…

पैर जैसे hi उसने अंदर का नजारा दिखा मुस्कुराने लगी – अंकिता तुमको इन्हे बुलाने भेजा था की इनसे प्यार करने….

पब – तुम भी आओ तुमको भी प्यार करू…

सविता बरी ऐडा से आती है और पहले गुरु को और फिर अंकिता को पब की गोदी से हटा देती है. तीनो उसको देख रहे थे. और फिर पब का हाथ पाकर कर उसको बोली – अब आप चलिए सब आपका वेट कर रहे है डिनर पैर. पेय ने तो आज कहा है की में आज भाई के साथ hi डिनर करुँगी इतने दिनों से पता नहीं भाई कहा रहते है.. उसने ये बात बारे प्यार से बोली पब भी उसके साथ चल दिया… और डिनर टेबल –

पब – अब सब ठीक हो गया है तो तुम सब अपने -2 काम में लग जाओ..

सब – कोण सा काम??

पब – ऐडा और अवनि को मिल देखने का, सविता और कामिनी को घर देखना है, ऐडा और पेय को स्टडी करनी है. और हाँ अवनि तुम इन दोनों की पड़े में हेल्प करोगी. सविता ये जय कहा गया मेरा तो उसकी तरफ डायन hi नहीं गया??

सविता – आपको नहीं पता की वो कहा है??

पब – तुमको पता है??

सविता – नहीं जी मुझको तो बोल कर गया था की अपने कुछ काम दिया है तो उसके लिए जा रहा है..

पब – (मुस्कुराते हुए) – जान मैं तो बस ये देख रहा था की तुमको पता है या नहीं.. उसको मेने तुम्हारे गाओं बेजा है. और लौटते टाइम खेती के लिए कुछ जरुरी मशीन भी लेन को बोलै था. मेरे हिसाब से 3 दिन बाद आ जायेगा. एक बार तुम फ़ोन कर लेना. तो वो तुम्हारी बात तुम्हारे भाई से करवा देगा.

सविता – पैर अपने उसको बेजा hi क्यों है?

पब – उसको कुछ मशीन खरीदनी थी खेती के लिए. तो मेने उसको बोलै की मशीन भी ले आना और तुम्हारे गाओं भी हो आये. कियो की वो सब मशीन ***** सिटी में hi अच्छी मिलती है. यहाँ वो मशीन नहीं मिलती है न. और में जय को इन लड़कियों के इलाज के टाइम कहा नहीं रखना चाहता था.

सविता – हम्म ok. पर वो जनता है की यहाँ पैर इतनी लड़कियों है.

पब – हम्म पता है. वो एक अच्छा लड़का है. पर जब में इलाज के टाइम बहक सकता हु तो उसके साथ कुछ भी हो सकता था इसलिए बेजा.

कमीनी – आपको कल मेरे साथ वकील के पास चलना है..

पब – क्यों?

कामिनी – वो साडी प्रॉपर्टी आपके नाम ट्रांसफर करवानी है. तो आपके सिग्न चाहिए होंगे..

पब – मेरे नाम क्यों. तुम अपने नाम पर करवा लो..

गुरु – नहीं ये आपके नाम पे hi होनी चाहिए. कियोकि अब आप ठाकुर है यहाँ के..

पब – ok तो क्यों न वकील को कल यहाँ बुला लो..

कामिनी – ok, मैं उसको फ़ोन कर देती हु.

पब – आना कल से आप अपने क्लिनिक जाएगी. आपका वह जाना जरुरी है. और आपके साथ अब एक जुली की टीम की लड़की होगी..

अंकिता (बुरा सा मुँह बना कर) – ok

पब – क्या हुआ किसी के साथ जाने में कोई प्रॉब्लम है??

अंकिता – नहीं आपसे दूर जाने में प्रॉब्लम है..

पब – अंकिता आप एक डॉ. है. और डॉ. अपनी जिम्मेदारी से नहीं भाग सकता. आपको अपने मरीजों को देखना है.

अंकिता – हम्म ok

गुरु –आप, मैं और कामिनी कल गाओं गुमने चलेंगे. जब आप इस गाओं के ठाकुर है तो इस गाओं की प्रॉब्लम दूर करना आपका फर्ज है.

पब – ok…

फिर सब डिनर कर के अपने -2 रूम्स में चले जाते है. और पब सविता को अपने रूम में बुला कर उससे प्यार भरी बाटे करता है. और उसको बाँहों में ले कर सो जाता है.
 
अपडेट 48

सुबह सब जल्दी उड़ जाते है. सविता भी पब को सोता छोड़ कर अपने काम में लग जाती है. पब सोता रहता है. गुरु सुबह hi निचे पहुंच जाती है. तो देखती है की वह पर अब खुशनुमा माहौल था. कुछ लड़किया सो रही है कुछ काम में लगी है. सब बिजी थे. पर जब गुरु की नजर तो पारी को खोज रही थी. पारी योग कर रही थी. गुरु उसको देख रही थी. जब उसकी नजर गुरु पैर गई तो वो उसके पास आयी.

पारी – नमस्ते दीदी. मैं आपको दीदी बुला सकती हु.

गुरु – हाँ क्यों नहीं. तुम्हारा नाम क्या है? (गुरु जानती थी, पैर वो ये देखना नहीं चाहती थी की वो उसके बारे में कुछ भी जानती है)

पारी – जी पारी..

गुरु – अच्छा नाम है. तुम हो भी पारी की तरह सुन्दर.

पारी – ठंकु दीदी.. पैर आप भी बहुत सुन्दर है..

गुरु – तुम योग करना जानती हो?

पारी – हाँ, मैं योग एक्सपर्ट थी. मेने 2 ईयर की ट्रेनिंग ली है. फिर मैं योग की क्लास लेती थी.

गुरु – ये तो अच्छी बात है. तुम यहाँ पैर क्यों नहीं सिखाती सबको योग. ??

पारी – हाँ ये अच्छा आईडिया है. मैं जुली मम से बोलती हु. की अपने बोलै है…

गुरु – तुम जानती हो मेरा नाम. और मुझको?

पारी – यहाँ सब जानते है आपके बारे मैं. आप तो उस इंसान की पत्नी है जिनकी पत्नी होना भी किस्मत की बात है.

गुरु – हाँ, है तो किस्मत की बात, पैर सायद मेरी ख़राब किस्मत की बात है. जो उनकी पत्नी बानी हु.

पारी तो चौक जाती है ये सुन कर. पारी – आप ऐसा क्यों बोल रही है. उनके जैसा इंसान तो अच्छी किस्मत से मिलता है.

गुरु – ये तुम्हारी सोच है पारी. तुम उसको नहीं जानती. तुमको पता है उसकी अभी तक 4 पत्नी है.

पारी – हाँ, तो क्या हुआ. मुझको नहीं लगता की फिर भी वो आपसे काम प्यार करते होंगे.

गुरु – प्यार और वो, प्यार करता तो मेरी सौतन लता क्या? उसमे तो हवस है बस. उसको नयी नयी लड़किया चाहिए.

पारी को गुस्सा आ रहा था. कोई उसके प्यार उसके भगवन के लिए बुरा बोल रहा था. और वो उसको मुँह तोर जबाब भी नहीं दे सकती थी

पारी – आप ये किसी बाते कर रही है. यदि उनको हवस होती. या नयी लड़कियों का लालसा होती तो वो हम सबको ठीक करने की जगह हमको भोग रहे होते. अरे जिस आदमी की नजरो में हम जैसी लड़कियों के लिए भी प्यार और सम्मान है. वो अपनी पत्नी को प्यार न करे ये कैसे हो सकता है.

गुरु –तुम अभी उसको नहीं जानती हो पारी इसलिए बोल रही हो. जानती हो वो जिस लड़की से भी सधी करता है. उस लड़की की रात में बुरी हाल कर देता है. और फिर कभी हाथ भी नहीं लगता. बस एक बार भोग कर छोड़ देता है.

पारी – ोुह्ह्ह अब सामजी मैं आपकी प्रॉब्लम क्या है…

गुरु – क्या है बोलो..

पारी – नहीं मैं नहीं बोल सकती.. आपको बुरा लगेगा.

गुरु – नहीं बोलो मैं बुरा नहीं मानूगी..

पारी – जब आप सुन्ना hi चाहती है तो मेरे हिसाब से वासना आप के अंदर है. आपको उनका प्यार नहीं सिर्फ लुंड चाहिए. सायद आप प्यार करना hi नहीं जानती. उनके जैसा इंसान दुनिया में दूसरा नहीं हो सकता. मुझको तो दुःख है की आप जैसी लड़की भी उनकी पत्नी है.

गुरु ये सुन कर समाज गई की ये पब से प्यार करती है. और मन hi मन मुस्कुराने लगी…

गुरु – तुमको वो इसलिए अच्छा लग रहा है कियोकि उसने तुम सब को बचाया है. यदि तुम इनमे से एक न होती तो क्या तुम ऐसे लड़के को पसंद करती जिसकी 4 सधी हो चुकी हो. क्या तुम ऐसे लड़के के साथ सोना पसंद करती जो एक रात तो तुमको जे बार के भोगे और फिर दुबारा छुए भी न. क्या तुम अपनी वासना को दबा पति जिंदगी बार के लिए?

पारी – हाँ सायद आप ठीक बोल रही है. मैं उनको इसलिए hi पसंद करती हु कियोकि उन्होंने हम सबको बच्या था. पैर एक बार सोचिये. एक लड़की अपने जीवन साथी में क्या चाहती है – वो नेक दिल हो, उससे प्यार करता हो, उसके साथ रहे हर दुःख और सुख में, उसकी रक्षा कर सके, उसकी इज्जत करे….. और ये सब है उनमे….. तो मेरे हिसाब से तो कोई भी लड़की उनको अपना बनाना चाहेगी. और रही 1 रात की बात की बात तो वो तो मेरे साथ 1 पल भी गुजर ले तोमे जीवन भर उस पल के साथ hi गुजर सकती हु.

गुरु – और जब वो दुबारा तुम्हारे पास भी नहीं आएगा तब.. कैसे रोकेगी खुद को..

पारी – आप सायद जानती नहीं है. की हम लोगो ने क्या सहा है. यदि जानती तो ऐसा सबल न करती. अब तो लगता भी नहीं है की हम लड़की hai.(uski आखों में आशु आ जाते है)

गुरु को भी लगता है की इसकी बात सही है. जब ये इतने जुर्म सहा कर भी ठीक रही तो इसके लिए सेक्स जरुरी नहीं होगा. पर ये जो बात उसने कही की “ लगता भी नहीं हम लड़की है” ये उसको समाज नहीं आयी. पैर वो उससे पूछ नहीं सकीय. गुरु को लग गया था की ये पब से सच में प्यार करती है. और खुसी -2 उसकी हो जाएगी. इसलिए को डायरेक्ट बात करने की सोचती है.

गुरु – तुम अपने भगवन की पत्नी बनाना चाहोगी?

पारी को लगा की ये बस यु hi मजाक में कहा रही है. उसको यकीं था की वो कभी भी पब की नहीं हो सकती है. तो पारी को लगा की गुरु जान कर उसे सत्ता रही है. तो उसकी आखों से आशु निकल जाते है. जिनको देख कर गुरु भी दर जाती है. की कही उसने गलत तो नहीं सोच लिया..

गुरु – पारी क्या हुआ. अभी तो तुम बोली थी की कोई भी लड़की उससे सधी करने को तैयार हो जाएगी. तुमको नहीं पसंद पब… तो कोई बात नहीं भूल जाओ इस बात को…

पारी – पसंद आप पसंद की बात करती है मैं तो कब की उनकी हो चुकी हु. उनके पैरो की दल से अपनी मांग भी सजा चुकी हु. पैर मेरे भाग्य में नहीं है की मैं उनको प् सकू. मेरी किस्मत इतनी अच्छी होती तो क्या मैं इन हालातो में होती. आपको ऐसी बात मजाक में भी नहीं कहनी चाहिए थी. मैं जानती हु की मैं उनकी नहीं हो सकती. पैर ये दिल बस उनका hi नाम लेता है. क्या करू बोलो. पता है की मैं उनको छू भी नहीं सकती. फिर भी इस दिल को उनको देख कर hi चेन आता है. आप उनकी पत्नी है जब आप उनकी और पत्नियों को hi पसंद नहीं करती तो मेरी उनसे सधी तो दूर की बात है अब सायद आप मुझे उनको देखने भी न दो. पैर प्लीज ऐसा मत करना नहीं तो में जी नहीं पाउगी. मैं सब बर्दास्त कर सकती हु पैर उनको देखे बिना नहीं जी सकती. मैं कभी भी उसके सामने भी नहीं ाउगि. पैर प्लीज मुझको उन्हें देखने से मत रोकना. मुझको यहाँ से जाने को मत कहना… प्लीज …. प्लीज … (और वो जमीं पे बेथ कर अपना मुँह गुरु के पैरो पे रख कर फुट फुट कर रोने लगती है.)

गुरु तो चौक गई थी की कोई लड़की किसी को इस तरह भी प्यार कर सकती है. की उसको देख कर hi जीवन काटने की बात कह सकती है. उसको आज अपना प्यार भी छोटा लग रहा था उसके आगे.. गुरु ने सोच लिया की अब इसको सब बताना होगा नहीं तो ये पता नहीं क्या करेगी..

गुरु उसको उड़ाती है और अपने गले लगा लेती है. गुरु – रो मत पगली तू सायद गलत सामजी थी चल पहले संत हो जब में तुझको सब बताती हु. की मेने ये सब क्यों किया.

गुरु के गले लगने और उसकी बातो को सुन कर पारी को लगता है की कुछ तो कोई बात है. जो ये बताना चाहती है. तो वो भी संत होने लगती है. और गुरु उसको ले कर बहार बैक गर्दन में आ जाती है. और फिर बोलती है.

गुरु – पारी तुमको पता है की पब तुमको पसंद करता है और तुमसे सधी करना चाहता है.

पारी की तो आखें खुली की खुली रहा जाती है. कियोकि उसको लग रहा था की अब ये मजाक तो नहीं है. इसमें कुछ तो सच है. पैर वो इस बात को हजम नहीं कर प् रही थी…

गुरु – मैं सच कहा रही हु.. एक दम सच.. तुम्हारे पास मुझको उन्होंने hi बेजा था. और मेने जो भी तुमसे कहा पब के खिलाफ वो सब झूट था. तुम खुद सोचो तुमने इतने दिनों में मेरे और उनकी किसी भी पत्नी के बिच कोई भी गलत बात नोट की है. वो तो सब मेरी छोटी बहन जैसी है.

पारी के तो दिमाग हैंग हो चूका था. उसको कुछ भी समाज नहीं आ रहा था. की ये सपना है या अपने सपने को सच करने के लिए वो सपना देख रही है.

गुरु – अरे तुम चोको मत. अच्छा पहले तुम पूछो क्या जानना चाहती हो और बताओ तुम क्या चाहती हो..

पारी – मैं मैं …. मैं क्या चाहती हु.. नहीं कुछ भी तो नहीं…. मुझको तो कुछ नहीं चाहिए…

गुरु – पब भी नहीं…

पारी – आप क्यों मजाक कर रही है. वो मेरे कैसे हो सकते है… उनकी तो पहले से hi सधी हो चुकी है..

गुरु – ोूहः यानि की तुमको उनकी और बीबियो से प्रॉब्लम है. तब तो बात hi करना बेकार है..

पारी – नहीं नहीं … मुझको किसी से प्रॉब्लम नहीं है.. मैं तो उनकी दासी बनना चाहती हु..

गुरु – तब तो रहने दो उसको तो एक बीबी की जरुरत है. तुम उसके किसी काम की नहीं हो. (गुरु मज़े ले रही थी अब)

पारी की तो रोनी सी सूरत हो गई थी. वो कभी भी रो सकती थी…

गुरु – देखो अब फिर से मत रोना. पब को पसंद नहीं है की कोई भी उसकी बीबियो को रुलाये. ..

पारी तुर्रंत गुरु के गले लग जाती है. और रोने लगती है… गुरु भी उसको रोने देती hai…kuch देर बाद

गुरु – अब क्यों रो रही है.. अब तो जो तुम चाहती थी वो तुमको मिल रहा है न… अब कभी भी मत रोना ok…

पारी – नहीं दीदी… ये तो ख़ुशी के आशु है.. आप मजाक तो नहीं कर रही है न. सच में में उनकी दुल्हन बानगी.. सच में दीदी…

गुरु – हाँ सच में … पैर कुछ है जो तुमको बताना है…

पारी – अपने तो मेरा सपना hi सच कर दिया. अब तो बस एक बार उनकी हो जाऊ फिर मोट भी आ जाये तो गम नहीं… अरे आप बोलिये न क्या बताने वाली थी.. में तो इस ख़ुशी को रहा नहीं प् रही हु… आप बोलिये…

गुरु कुछ देर तक पारी को देखती hi रहती है… वो ख़ुशी से नाच रही थी गर्दन में. वो तो इतनी खुस थी की उसको कुबेर का खजाना मिल गया हो…. फिर कुछ देर में पारी उसके पास आ कर बेथ जाती है. और उसको बताने को बोलती है की वो क्या बताने वाली थी… तो गुरु उसको पूजा और उससे मिलने वाली सक्तियो के बारे में बताती है. वो पारी को भी सवी और अंकिता की तरह सब बता देती है. पारी को किसी भी बात से कोई प्रॉब्लम hi नहीं थी. वो तो इस बात से बहुत खुस थी की उसकी सधी पब से हो रही है. वो निचे जा कर सबको बताती है की उसकी सधी पब से हो रही है. जुली और उसकी टीम ये सुन कर खुस थे. खुस तो वो लड़किया भी थी पैर उन सब के मान में ये भी था की काश मुझको पब ने पसंद किया होता तो ये जीवन दांया हो जाता…

ीदार गुरु जब दिंनिंग रूम में पहुँचती है तो अंकिता क्लिनिक पैर जाने को रेडी थी उसके लिए जुली की एक लड़की (सैंडी) कार में उसका वेट कर रही थी.
 
अपडेट 49

ीदार गुरु जब दिंनिंग रूम में पहुँचती है तो अंकिता क्लिनिक पैर जाने को रेडी थी उसके लिए जुली की एक लड़की (सैंडी) कार में उसका वेट कर रही थी.

गुरु – अंकिता जरा सुनो..

अंकिता – जी दीदी..

गुरु – वो मैं आज पारी में मिलने निचे गयी थी वो पब से सधी करने को तैयार है.

अंकिता – दीदी ये तो अच्छी बात है न की उनको एक और पावर और वाइफ मिल रही है. इससे आप परेशां क्यों है.

गुरु – चल पागल में इस बात से क्यों परेशां होने लगी. बात ये है की पारी ने बातो में कहा की “ लगता भी नहीं हम लड़की है” इसका क्या मतलब है. ऐसा तो नहीं की इन लड़कियों का कोई इंटरनल part मिस हो. या ये सब अभी भी किसी बीमारी का सीकर तो नहीं है न?

अंकिता – दीदी लगता तो नहीं है. पैर आप टेंशन न ले. मैं एक लड़की को अपने साथ ले जाती हु. और सब चक कर के आपको बताती हु.

फिर अंकिता सैंडी को बोल कर एक लड़की को बुला लेती है. और तीनो चल देते है क्लिनिक की और. गुरु पहुंच जाती है पब के रूम में. पब रू से बहार hi आ रहा था. गुरु को देख कर रुक जाता है. गुरु पब को पारी की फीलिंग के बारे में सब बता देती है. जिसको सुन कर पब भी खुस था. पब गुरु को रेडी होने को बोल कर ब्रेक फ़ास्ट के लिए आता है. और किमिनी को भी बोल देता है रेडी होने को.

कुछ देर में तीनो निकर पार्टी है गाओं में गुमने. कामिनी को सब जानते थे. तो सब समाज जाते है ये hi है नए ठाकुर. तीनो गाओं में घूमते हु देखते है की रोड की सुविदा के अलावा यहाँ और कोई सुविदा है. खेती के लिए जयादातर किशानो के पास ट्रेक्टर नहीं है. गाओं में केवल 5तह क्लास तक का एक सरकारी स्कूल है. जब तीनो घूमते हुए पंचयत में पहुंचे तो सब लोग कड़े हो कर उनका सवागत करने लगे. पब ने वह पर गाओं की बेसिक नीड्स की बात करि और उनकी सभी समस्याओ को सुनता रहा. और फिर 1 कर. देने का वादा कर दिया. जिसको सुन कर सभी गाओं वाले चौक गए. भानु पहले 1-2 लाख देता था गाओं के विकास के लिए गाओं वाले तो उसी में खुस हो जाते थे. पैर इतनी बारे अमाउंट से गाओं वालो का मुँह खुला का खुला रहा गया. पैर पब जनता था की इस अमाउंट से भी गोअन को फुल डेवेलोप नहीं किया जा सकता है.

सयम को जब ये लोग घर पहुंचे तो अंकिता घर आ चुकी थी. और वो कुछ परेशां भी लगी गुरु को. गुरु उसको इसरा कर के अपने कमरे में बोलै लिया. पब और कामिनी अपने रूम्स में चले गए.

गुरु – क्या बात है अंकिता इतनी परेशां क्यों हो?

अंकिता – दीदी बात hi ऐसी है की समाज नहीं आता की क्या करू??

गुरु – बोलो तो क्या बात है?

अंकिता – दीदी ये बताओ यदि सम्भोग क्रिया में लड़की को संतुस्ती hi न मिले. मतलब की उसका पानी hi न निकले तो क्या होगा.

गुरु – ये कैसे सम्भब है. जब इतनी देर तक कोई लड़की चूड़े और उसका पानी hi न निकले ये तो हो hi नै सकता.

अंकिता – आप बात को पलटो मत जो मेने पूछा है वो बताओ..

गुरु – यदि ऐसा हुआ हो क्रिया पूरी नहीं होगी. और हम सब मर जायेगे. पब की जितनी भी पत्नी है सब मारेगी. और पब भी… हां यदि ये नार्मल क्रिया होती तो केवल पब को प्रॉब्लम होती. पैर यहाँ नार्मल नहीं है. ये बहुत hi स्पेशल है. ये किरिया आज तक किसी ने नहीं की है. इसका पूरा होना बहुत जरुरी है. नहीं तो वक्त से पहले hi सब ख़तम हो जय्र्गे इस संसार से…

अंकिता – तो आप पारी की सधी पब से मत करो. नहीं तो वो hi होगा जो अपने बोलै है.

गुरु – पर क्यों होगा ऐसा?

अंकिता – कियुकी यहाँ पर जितनी भी लड़किया है सब के बॉडी पार्ट्स तो ok है. पर इनकी सेक्स भावनाये मर चुकी है. और यदि इन सब को कोई ऐसा काम नहीं मिला की इनका मंद दिवेरेद हो सके. और इनकी पयसिकल एनर्जी का उसे कही और हो तो ये सब भी मर जाएगी.

गुरु – साफ़ साफ़ बताओ की इनको हुआ क्या है.

अंकिता – इनको सेक्स मशीन बना दिया गया है. इनकी जो स्टेज 1 की ट्रेनिंग है उससे इनको एक मशीन बना दिया है. और अब जब इनको वो दर्द और ताफलीफ नहीं मिलेगी तो इनकी बॉडी रियेक्ट करेगी.

गुरु – मुझको तो कुछ भी समाज नहीं आ रहा है.

अंकिता –देखो दीदी, इनको पहले सेक्स ड्रग्स दिए जाते थे खाने में तो ये अपने घर और सब भूल कर सिर्फ सेक्स के लिए पागल रहती थी. पैर इनके हाथ पेअर बड़े होने से ये कुछ नहीं कर पति थी तो इनका दिमाग में एक चिड़चिड़ापन आ जाता था. इनकी कमर और पैरो में दर्द रहता था. फिर कुछ दिन बाद इनको इतना मारा जाता था की ये दर्द में hi रहती थी और इस दर्द को काम करने के लिए फिर इनको सेक्स ड्रग्स दिए जाते थे. ड्रग्स हर बार इतनी hi क्वांटिटी में दिया जाता है की ये उसके आदि न हो. अब सेक्स ड्रग्स इनके दर्द को काम करके इनको सुखों पहिचाता था. जब ये लोग दर्द और सेक्स की अदि हो जाती तब इनको ड्रग्स दे कर तकलीफ दी जाती थी. जिससे इनके मंद में ये सेट हो जाता की दर्द में hi मजा hai.per इनका लावा तब भी नहीं निकलता था. इनका वीर्य इनकी यौन ग्रंथियों में जमा होता रहता. और दर्द की आदिकता और उसको न निकलने दिने से ये ग्रंथियां ब्लॉक हो गई. जब ये दर्द में होती तब फिर से ये एक्टिव होने लगती. तो इनको सुखों मिलता. इसलिए ये दर्द के लिए तैयार रहने लगी. कोई भी केसा भी दर्द हो वो इसकी योजन गारंटियां को एक्टिव करता था.. इसके साथ hi इनको हर वो काम सिखाया जाता था जिससे की एक ladke/admi को खुस किया जा सके. और तब जा कर ये ऐसी मशीन बन जाती की कोई भी इनको कितना भी दर्द दे, मारे पिटे, इनकी खाल निकल दे पर इनको इसमें केवल मजा hi आएगा. दिल दर्द से रोटा रहे. दिल न चाहे सेक्स करने को पर इनका सरीर दर्द में hi सेक्सस चाहता है.. इन सब लड़कियों के ससिस में वो लावा (वीर्य) अभी भी कैद है. और इनको सेक्स सटिस्फैक्शन के लिए बहिनता दर्द चाहिए. और पहली बार में तो बहुत hi जयादा दर्द देना होगा. जिससे ये रुका हुआ विरए निकल सके. पैर बाद में भी इनकी यौन ग्रंथियां को एक्टिव करने के लिए दर्द तो देना होगा पैर पहले जितना नहीं. हकीकत में इनकी यौन ग्रंथिया दिमागे हो चुकी है. जो केवल दर्द में hi एक्टिव होती है. और इन लड़कियों में एक बेचैनी रहती है इस वजह से. यदि इनको ठीक करना है तो इन सब को एक बार दर्द का दोसे दे कर सेक्स करना होगा. नहीं तो पता नहीं आगे ये क्या प्रॉब्लम क्रीट करे.

गुरु – ोूहः ये तो बहुत hi ख़तरनाक ट्रेनिंग है. पर इससे क्या फायदा??

अंकिता – दीदी इनको केवल वो लोग hi खरीदते है जिनको रोग सेक्स, वाइल्ड सेक्स पसंद होता है. वो लड़कियों को इंसान नहीं खिलौना समझते है. तो इन लड़कियों को सेक्स का वही खिलौना बना कर सेल्ल किया जाता है.

गुरु – मैं तुम्हारी ये बात तो समाज गई पैर इससे पारी और पब की सधी का क्या सम्बंद है?

अंकिता – दीदी मैं भी उनकी पत्नी हु. वो तो सब कुछ बहुत प्यार से करते है. केवल जब अंदर डालते है उस टाइम तो पुरे सेटन हो जाते है ोतिर्विसे हो सेक्स प्यार से करते है. यदि उन्होंने पारी के साथ प्यार से किया तो पारी को लगेगा hi नहीं की वो सेक्स कर रही है. और वो गर्म होगी hi नहीं. और जब वो गर्म नहीं होगी तो आप जानती है क्या हो सकता है..

गुरु – हाँ समाज गई आ में सब.

गुरु कुछ देर सोचती रहती है. फिर बोलती है – चल इसका हल है मेरे पास. पब को रफ़ सेक्स के लिए मानना होगा. कियोकि यदि अब इनकी सधी नहीं हुई तो पारी टूट जाएगी. और पब को अभी सेक्स की बहुत जरुरत है. और इतनी जल्दी और कोई लड़की है नहीं. वो भी सेक्स के लिए तरफ रहा है तो वो भी मान जायेगा रफ़ सेक्स के लिए…

अंकिता – दीदी मन लो पब मन भी गया रफ़ सेक्स के लिए तो क्या पारी मानेगी? उसको तो ये लगेगा की हम लोग उसका फायदा उदा रहे है.

गुरु – हाँ तुम्हारी बात ठीक है. हमको पारी से अभी बात करनी होगी. कियोकि यदि बिना बात किये पारी के साथ पब ने से सब किया तो उसको लगेगा की पब उससे प्यार नहीं करता केवल अपनी गर्मी संत करने के लिए और सकती पाने के लिए उसका उसे कर रहा है.

अंकिता – तो चलो पारी के पास चलते है..
 
अपडेट 50

गुरु – हाँ तुम्हारी बात ठीक है. हमको पारी से अभी बात करनी होगी. कियोकि यदि बिना बात किये पारी के साथ पब ने से सब किया तो उसको लगेगा की पब उससे प्यार नहीं करता केवल अपनी गर्मी संत करने के लिए और सकती पाने के लिए उसका उसे कर रहा है.

अंकिता – तो चलो पारी के पास चलते है..

ीदार जब पब आया था तो वो रूम में फ्रेश हो कर पारी के पास पहुंच गया था. वो पारी से बात करना चाहता था. जब गुरु और अंकिता बात कर रहे थे तब पब और पारी भी साथ थे….

जब पब पारी के पास पहुँचा तो पारी पब को देख क्र शर्मा गई. और वो नजरे चुराने लगी..

पब – पारी मेरी तरफ देखो न. क्या हुआ मुझको अपने पास देख कर अच्छा नहीं लगा…

पारी (डेमी आवाज में) – अच्छा लगा..

पब – तो मेरी और देखो न…

पारी – नहीं सरम आती है.

पब – जब खुद चुप -2 के देखती थी तो शर्म नहीं अति थी. अब जब मैं खुद देखने को कहा रहा हु तो शर्म आ रही है….

पारी – तब आप मुझको नहीं देखते थे न..

पब – ोुह्ह्ह मैं तुमको देख रहा हु ये प्रॉब्लम है.. ठीक है अब में तुमको नहीं देखूगा.

पारी – नहीं नहीं ऐसा मत कहो..

पब उसको और परेशां न कर के उसको अपनी बाँहों में खींच लेता है. पारी भी पब की बाँहों में सिमट जाती है. दोनों एक दूसरे को फील कर रहे थे. एक दूसरे के प्यार को फील कर रहे थे.

पब – तुमको पता है. जब मेने तुमको पहली बार देखा था तब तुम नुदे थी. बहुत सुन्दर लग रही थी उस टाइम.

पारी – अच्छा में आपको नुदे ज्यादा पसंत हु तो अभी उतर दू ये कपड़े…

पब का तो मुँह खुला का खुला रहा गया. जो लड़की एक मं पलहे उसकी और देखने में शर्मा रही थी और अब नुदे होने को भी तैयार थी. पब तो उसको छेड़ने के लिए बोलै था. पैर पब उसका जबाब सुन कर हज हो गया. पब को ऐसा देख कर पारी को समाज आया की उसने क्या बोल दिया.

पारी – आप मुझको गलत मत समझना. यहाँ रहने से हम लोगो की सेक्स में शर्म ख़तम हो गई है. यदि कोई भी हमारा अपना हमको नंगा होने को या सेक्स करने को बोले तो हमको कोई फर्क नहीं पड़ेगा. हम तुनत नुदे हो जायेगे. जबकि आप तो भगवन है हम सबके. आप तो एक बार कहिये ये साडी लड़किया आपके कदमो ने लेती होगी.

पब को विस्वास नहीं हो रहा था. की उसके एक बार कहने से ये नंगी हो जाएगी. ठीक होने से पहले की बात होती तो वो समाज भी सकता था. पैर अब जब ये सब कुरे होश हवस में है तब भी ये तो सकता है उसको लग नहीं रहा था.

पारी – आपको विस्वास नहीं है न. आप नहीं जानते यहाँ सब लड़की आपको सच में भगवन मानती है. आप इनसे जॉब hi कहेगे ये कर देगी. आप अब सब कुछ हो इन सब लड़कियों के लिए. बस आप किसी को सेक्स करने को मत बोलना.

पब – केसा क्यों? जब ये सब कर सकती है तो सेक्स क्यों नहीं..

पारी – ये तो मं के अंदर hi तैयार हो जाएगी. पैर आप इनके साथ कुछ नहीं करोगे. तो ये बहुत दुखी होगी. और आप किसी के साथ नहीं करोगे ये मैं जानती हु.

पब – पारी मुझको तो नहीं लगता की मेने कुछ ऐसा किया है की लड़किया मेरे लिए इतनी पागल हो जाये. मैं नहीं मंटा की तुम सुच कहा रही हो.

पारी – तो चलिए और खुद hi देख लीजिये.

पारी और पब इस टाइम जुली वाले रूम में थे. पारी अक्सर उसी रूम में रहती थी. तो पारी पब को रेस्ट रूम 1 की और ले जाती है जिसमे 50-60 लड़किया थी और बाटे कर रही थी वैसे भी उनको कोई काम तो था नहीं करने को. तो जैसे hi पब वह गेट पैर पंहुचा तो पारी बोली

पारी – देखिये यहाँ बहुत साडी लड़किया है आप किसी को भी कुछ भी करने को बोलना और देकना की वो क्या करती है.

पब अंदर जाता है. तो सब लड़किया उसको देखते hi कड़ी हो जाती है.

पब एक लड़की को इसरा करके बुलाता है. तो वो लड़की उसके पास आ जाती है. वो उसको इसारे से दूसरी लड़की को तप्पड़ मरने को बोलता है. तो लड़की तुर्रंत उसको तप्पड़ मर देती है. फिर वो दूसरी लड़की को बुलाता है और उसको नंगा होने को बोलता है. लड़की एक पल में hi अपनी कुर्ती को उतरने लगती है. तो तुर्रंत पब उसका हाथ पकड़ लेता है. और उसको सॉरी बोल बहार आने लगता है. तो लड़की की आखों में आशु आ जाते है. जो पब देख लेता है.

पब – क्या हुआ तुम रोने क्यों लगी?

लड़की – कुछ नहीं मालिक…

पब – नहीं मुझको बताओ की तुम क्यों रो रही हो?

लड़की – अपने पहली बार मुझसे कुछ करने को बोलै. और करने से पहले hi मन कर दिया. में आपके लिए कुछ करना चाहती हु. और आज मौका मिला भी तो वो मेरे हाथ से चला गया. बस ये सोच कर hi आशु आ गए. सॉरी यदि मेने अपनों दुःख दिया हो तो….

पब उसको अपने गले लगा कर कुछ नहीं बोलता बस 2 मं चुप रहता है. और फिर उसको अलग कर देता है.

पब –(तेज़ आवाज में) – कोण कोण मेरे लिए कुछ करना चाहता है.

सब मैं , मैं करके चिल्लाने लगती है.

पब (इससरए से चुप करता है) – मैं तुम सब को जैदी hi एक काम दुगा. जो तुम लोगो को पूरी ईमानदारी से करना होगा.

सब – हम जरूर करेंगे.

लड़की –क्या अब में अपने कपड़े उतारू.. (उसने इस ऐडा से पूछा जैसे कोई बच्चा कोई खिलौना मैग रहा हो)

पब – प्लीज मत उतरो न. मुझको नहीं पता था की तुमको इतना दुःख होगा नहीं तो में ये कहता hi नहीं.

लड़की – जब आपकी ये इच्छा हुई होगी तभी तो अपने बोलै न. तो आप अपनी ये इच्छा पूरी करिये न. और मुझको भी खुस होने का एक मौका दे दीजिये…

अब पब सोचने लगा की जब मेने केवल कपड़े उतरने को बोलै है तो ये उसको करने के पीछे पागल हो रही है. और यदि मेने इसको छोड़ने को बोलै होता तो क्या होता. ये तो मुझको छोड़ती hi नहीं.

पब – चलो ठीक है मेरे साथ आओ.

पब उस लड़की को ले कर बहार आ जाता है. और बहार पारी कड़ी थी जिसने सब कुछ सुना था गेट से. वो उन दोनों को ले कर उस रूम में जाता है. जहा ये पहले थे. और फिर लड़की को कपड़े उतरने को बोलता है. तो वो तुर्रंत नंगी हो जाती है. उसको देख कर पब अपने आ पैर कण्ट्रोल करने लगता है. और वो चुप चाप कड़ी अगले आदेश का वेट करती रहती है. और पब उसकी नंगी सुंदरता को देखता रहता है. फिर वो उसको कपड़े पहन कर जाने को बोलता है. तो वो चुप चाप चली जाती है.

पब – यार तुम सब तो पागल हो गई हो..

पारी – ये पागलपन नहीं प्यार है हम लोगो का. हम सब वो लड़किया है जिन्होंने खुद को अपने आप को मारा हुआ मन लिया था. पर अपने हमको एक नया जीवन दिया है. और अब हम सब ये जीवन आपके नाम कर देना चाहते है. कियोकि आप hi है हमारे सब कुछ और तो इस दुनिया में हमारा है hi नहीं.

पब कुछ नहीं बोल पता उसको अपनी बाँहों में लेकर बेथ जाता है. और उसके प्यार को फील करने लगता है. वो जितना भी पारी के बारे में सोचता उसको उतना hi लगता की ये उसे बहुत जयादा चाहती है. सायद वो कभी भी उसको उतना न चाहा paye…bahut देर की ख़ामोशी के बाद पब इस छुपी को तोड़ता है.

पब – पारी सायद मैं तुमको कभी भी उल्टा प्यार न दे पाव जितना तुम मुझसे करती हो. प्लीज मुझको…..

पारी पब के होंटो पे हाथ रख देती है.

पारी – आप कभी भी इस दासी से माफ़ी नहीं मांगेगे. आप के साथ दिताये ये पल hi मेरे पुरे जीवन के लिए बहुत है. आप मुझे प्यार का एक पल भी देंगे तो वो भी मेरे लिए बहुत है.

पब – तुमको क्रिया के बारे माँ सब पता है..

पारी – हाँ, दीदी ने सब बताया मुझको

तभी वह पर गुरु और अंकिता पहुंच जाते है.

गुरु – सॉरी बूत ये शादी अब नहीं हो सकती..

पारी को तो जैसे सदमा hi लग जाता है और वो बेहोश होते होते बचती है. पब भी चौक गया था ये सुन कर कियोकि गुरु ने यदि मन कर दिया तो वो उसे सधी नहीं कर रक्त ये उसको भी पता था.
 
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गुरु – सॉरी बूत ये शादी अब नहीं हो सकती..

पारी को तो जैसे सदमा hi लग जाता है और वो बेहोश होते होते बचती है. पब भी चौक गया था ये सुन कर कियोकि गुरु ने यदि मन कर दिया तो वो उसे सधी नहीं कर रक्त ये उसको भी पता था.

पब – पैर गुरु क्यों नहीं हो सकती, तुमको तो पहले कोई प्रॉब्लम नहीं थीं ा.

गुरु – कियोकि अब मुझको एक बात पता लगी है. जिसकी वजह से ये क्रिया पूरी नहीं हो पायेगी.

पब – वो क्या बात है गुरु ?

गुरु – तुम सुन नहीं पाओगे… और पारी भी वो नहीं कर सकती जिसके ये सधी हो सके..

बस पारी ने ये सुना तो उसकी जान में जान आयी. की सधी हो सकती है बूत उसके लिए मुझको कुछ करना होगा.

पारी – दीदी अब बोलिये, मैं इस सधी के लिए कुछ भी करने को तैयार हु.

पब – गुरु बोलो क्या बात है. मैं सब सुन लगा.

गुरु – तुमको इसको एक गुलाम की तरह छोड़ना होगा. इसको इतना दर्द देना होगा की ये सह न सके..

पारी तो ये सुन कर मुस्कुराने लगती है. और पब परेशां हो जाता है. पारी की मुस्कान देख कर अंकिता और गुरु चौक जाते है. उनको लग रहा था की पारी ये नहीं करेगी. पैर पारी तो ये सुन कर मुस्कुरा रही है.

पारी – दीदी अब में समाज गई आप किस बात को लेकर परेशां है. आप उसकी चिंता मत करो. मुझको पता है hi में कैसे दिसचंगे हो सकती हु. यदि आप लोग न भी कहते तो भी में इन्हे ये सब करने को कहती.

गुरु और अंकिता खुस हो जाते है की उनकी परेशानी पारी समाज गई है. पैर पब के कुछ भी समाज नहीं आया तो अंकिता ने उसको सब बता दिया. सब सुन कर पब को पहले तो दुःख हुआ की इन लोगो की साथ कितना जुर्म हुआ है. पैर वो पारी को पाने के लिए मान गया. कियोकि वो ये सब जुर्म पहले भी पद चुक्का था सब लड़कियों के मंद में. और वो भी कही न कही ये सब करना चाहता था.

पब – पारी तुमको बुरा नहीं लगेगा जब में तुम्हारे साथ ऐसा करुगा?

पारी – नहीं बिलकुल भी नहीं, बल्कि मुझको उसमे hi मज़ा आएगा. और आप अपनी देशी को यदि देशी की तरह भोगोगे तो इसमें क्या गलत hai.wo तो मेरा लक है की आप मुझको पत्नी का दर्जा दे रहे है. यदि आप बिना शादी के भी मुझको ऐसे hi भोगना चाहते तब भी मैं तैयार हो जाती. मैं क्या यहाँ मौजूद हर लड़की तैयार हो जाएगी आपके लिए.

पब उसके समर्पण के भाव को देख कर कुछ बोल नहीं पाया बस उसको देखता hi रहा गया. और वो सब पारी को उप्पेर ले कर आ गए. और सब के साथ बाते करने लगे फिर डिनर टाइम पैर डिनर करके पारी ऐडा के साथ चली गई सोने. पब ने कामिनी को बुलाया.

कामिनी – जी कहिये, कुछ काम था..

पब – क्यों मैं अपनी बीबी को ऐसे hi नहीं बुला सकता हु क्या..

कामिनी – आप तो मुझको कही भी बुला सकते है…

पब – चलो न रूम में.

पब और कामिनी रूम में पहुंच जाते है. पब थोड़ा सा सरमते हुए कहता है – कामिनी प्लीज मुझको ठंडा कर दो…

कामिनी – न मैं नहीं करती …

पब तो पलहे से अपने लुंड से परेशां था. कामिनी के साफ़ मन करने पर बादक जाता है. उसको गुस्सा आ जाता है. और कामिनी को पकड़ कर उसके बालो को खींचता है

पब – क्या बोली तू??? साला प्यार की भाषा समाज नहीं आयी न तुझको?? चल नाटक मत कर और जल्दी से मेरा लुदा चूस..

कामिनी – हाँ अब जरूर चुसोगी… अब अपने ठाकुरो की तरह बोलै है तो मैं में सब करुँगी. आप अब ठाकुर है आप अपनी पत्नियों से रिक्वेस्ट करते हुए अच्छे नहीं लगते आर्डर कीजिये. तो देखिये कोई आपको मन नहीं कर पायेगी…

पब – मैं तुम सब से बहुत प्यार करता हु. इसलिए आर्डर नहीं देता. तो तू मुझको कमजोर समझने लगी है..

कामिनी – नहीं जी, पैर आप हमारे पति है. और पत्नी को पति के प्यार के साथ उसका गुस्सा भी अच्छा लगता है. पैर आप करते hi नहीं कभी. बात भी ऐसे करते है की मैं कोई परै हु. आज पहले बार अपने एक पति की तरह बात की है.

पब – तुझको यदि ये hi पसंद है तो अब से मैं ऐसे hi बात करुगा तुजसे…

और कामिनी अपने काम में लग जाती है. और पब को टांडा कर देती है. फिर कामिनी जाने लगती है. तो पब उसका हाथ पाकर लेता है. कामिनी कुस. भरी निगाहो से उसको देखती है. तो पब उसकी गांड पे एक चपत मरता है.

पब – कहा चल दी? और पूछ तूने की जाओ या नहीं?

कामिनी ये सुन कर मुस्कुरा जाती है. कामिनी – हाँ तो कहिये पतिदेव क्या मैं अब जा सकती हु या कोई और सेवा भी करनी है…

पब – हाँ जा और पारी को भेज देना…

कामिनी - ????

पब – कल हमारी सधी है तो उसे कुछ बात करनी है.

कामिनी फिर चुप चाप चली जाती है. और पारी को बोल देती है. कुछ देर मैं पारी भी आ जाती है. पब उसको अपनी बाँहों में खींच कर अपने पास बिठा लेता है.
 
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कामिनी फिर चुप चाप चली जाती है. और पारी को बोल देती है. कुछ देर मैं पारी भी आ जाती है. पब उसको अपनी बाँहों में खींच कर अपने पास बिठा लिटा है.

पब – पारी तुम खुस हो न इस सधी से? तुमको बुरा तो नहीं लगा की रात में मेने तुमको यहाँ बुलाया है?

पारी – मैं बहुत खुस हु. बचपन से जैसे जीवन साथी का सपना देखा था आप बिलकुल वैसे hi है. और जब हमारी सधी हो रही है तो आप मुझको कभी भी कही भी अपने साथ ले जा सकते है.

पब – मेने तुमसे कुछ पूछना चाहता था.

पारी – हाँ बोलिये..

पब – वो तुमको यहाँ आने से पहले का कुछ भी याद है. या तुम्हारी यादे भी मिट चुकी है?

पारी – नहीं मुझको सब याद है.

पब – तो तुम्हारा परिवार कहा है. कल तुम्हारी सधी है उन सब को बुलाना नहीं चाहोगी अपनी सधी में?

पारी – (आखों में आशु आ जाते है) – अब कोई भी नहीं है. जिस आदमी ने मुझको यहाँ बेचा था. उसने मेरे पुरे परिवार को मर दिया और मुझको यहाँ बेच दिया. मेरे अपनी माँ, बाप और भाई को अपनी आखों के सामने मरते हुए देखा है. वो दरिंदा था. केवल 5 लाख के लिए मेरे पुरे परिवार को मर कर मुझको यहाँ बेच दिया.

पब – क्या ?? तुम उसको जानती हो कोण है वो?

पारी – हाँ वो मेरी सिटी का दादा है. और लड़कियों को उड़ाना, ड्रग्स सप्लाई करना, और न जाने कितने गलत काम करता है. मेरा बस चलता तो मैं उसको मर देती..

पब – क्या कहा तुम उसको मर देती??

पारी – हाँ मार देती उस जालिम को जिसने मुझको बर्बाद कर दिया. और रोज न जाने कितनी जिंदगी बर्बाद करता है. ऐसे लोगो को मरना hi ठीक है.

पब उसकी बात सुन कर कुछ सोचने लगता है. और फिर मुस्कुराने लगता है.

पब – यदि में कहु की तुम मर सकती हो उसको. तो तुम अपनी जान जोखम में दाल कर मर पाओगी उसको?

पारी – नहीं अब नहीं. कियोकि अब ये जिंदगी आपकी है.

पब – और मैं कहु की मैं ये चाहता हु की तुम उसको मारो तो??

पारी – यदि अपने कहा तो मुझको बहुत ख़ुशी होगी उसको मार कर. मेरे मान को बहुत सन्ति मिलेगी.

पब – चोलो छोड़ो इन मरने और मरने की बातो को. यार कल हमारी सधी है. और तुम किसी बाते कर रही हो. ये बताओ की क्या क्या लेना है तुमको? और कल कब जाओगी मार्किट??

पारी – मार्किट पर किस लिए? ऐडा ने मुझको बोलै है की में उसकी कोई भी ड्रेस ले सकती हु. और उसके पास अच्छी श्री भी है. तो उनमे से hi एक साडी ले लगी अपनी सधी के लिए.

पब – अरे तुम अब एक ठाकुर की पत्नी बनने जा रही हो. चलो कोई बात नहीं कल तुम मेरे साथ चलना शॉपिंग पर.

पारी – ok, पैर जरुरत नहीं है जी..

पब – तुजसे पूछा मेने की जरुरत है या नहीं. मेने कहा न चलना तो चलना.. ok.. अब कोई सवाल नहीं और मेरे पास hi सो जाओ.. चलो…

फिर पारी पब से कुछ नहीं कहती और चुप करके सीधी लेट जाती है. पब उसको अपनी बाँहों में खींच कर सो जाता है. दोनों सुकून से सो रहे थे.

सुबह पारी जल्दी उड़ कर योग करने के लिए बच गार्डन में चली जाती है. थोड़ी देर बाद पब भी डायन लगन ेके लिए वह पहुंच जाता है. और गुरु ने जैसे बताया था. वैसे hi डायन लगाने लगता है. थोड़ी देर में पारी अंदर चली जाती है. और पब निचे जुली के पास चला जाता है.

पब – जुली तुमने क्या सोचा है? क्या करना है आगे?

जुली – जी मेने तो अभी तक कुछ भी नहीं सोचा. मैं तो बस इन सब का डायन रख रही हु. आप बताइये अपने क्या सोचा है क्या करना है?

पब – मेरे पास एक आईडिया है. क्यों न तुम इन सब लड़कियों को ट्रेनिंग दो. जिससे ye……(Juli ट्रेनिंग वर्ड सुनते hi गुस्सा हो जाती है. और बिच में hi बोलने लगती है)

जुली (पुरे गुस्से से) – क्या कहा मैं इन सब को फिर से ट्रैंगिंग दू. फिर से इन सब की जिंदगी बर्बाद कर दू. जब ये hi करना था तो बच्चन का नाटक क्यों किया. इनको ट्रैंगिंग देने से अच्छा तो ये होगा की में इस सब को जहर दे दू. और खुद भी खा लू. फिर तुम देते रहना अपनी बीबियो को ट्रैंगिंग और बेच देना उनको भी. तब भी मान….. (जुली ने इतना hi बोलै था की पब ने उसके गाल पे एक जोड़ का तप्पड़ मारा. तप्पड़ इतना तेज़ था की जुली का होठ फैट गया और खून निकलने लगा)

पब – क्या बाके जा रही हो. पहले मेरे बात तो सुन लेती. तुमने आज मुझको बता दिया की तुम को अभी तक मुज पैर भरोष नहीं है. यदि ये hi करना होता तो कब का तेरी टीम को मर कर सब लड़कियों को बेच चुक्का होता.

जुली – तो अब तुम क्यों उनकी ट्रैंगिंग करवाना चाहते हो?

पब – अरे मैं उस ट्रैंगिंग की बात नहीं कर रहा था. मैं क्या पागल हु जो इस सब को फिर उस आग में जोक दू. जिससे इनको निकलने के लिए खुद मुझको अपने आप को डाव पे लगाना पारा था.

जुली – तो तुम क्या कहना चाहते थे?

पब – छोड़ो अब मैं तुमसे वो काम नहीं करवा सकता. कियोकि तुमको मुज पर अभी तक भरोषा नहीं है. तो मैं इस काम के लिए किसी और को खोजूंगा.

जुली को अपनी गलती फील होती है. वो टुन्नट पब के पेअर ककर लेती है. और रोने लगती है.

जुली – मुझको माफ़ कर दो. मेने गलती कर दे. प्लीज माफ़ कर दो. ट्रैंगिंग वर्ड सुनते hi मुझको लगा की तुम उस ट्रैंगिंग की बात कर रहे हो. प्लीज माफ़ कर दो. और नहीं तो मुझको सजा दो. पैर मुझको इन सब से जुड़ा मत करना.

पब भी उसकी भावनाओ को समझता था. इसलिए उसने उसको उदय और बोलै – देखो आज तुमने मेरे विस्वास को ठेस पहुंचे है. पैर में तुमको माफ़ कर रहा हु. पर वादा करो की जो काम में तुमको दे रहा हु वो तुम और तुम्हारी टीम पूरी ईमानदारी से करेगी.

जुली – आप तो बस बोलिये क्या करना है. क्या सोचा है अपने..

पब – तुम इस सब को वेपोन चलने की, लड़ने की ट्रैंगिंग दो. इन सब को चलता फिरता बम बना दो. एक एक लड़की को ऐसे तैयार करो की ये 10 -10 लड़को पे भी भरी परे. इनको सभी तरह के वेपोन चलना रखा दो. तुम कर पाओगी ये..

जुली – हाँ मेने इन सब की ट्रैंगिंग ली है. बस कुछ र स्की जरुरत होगी. जिससे में इन सब की ट्रैंगिंग का सामान ले ाउगि. पैर इस ट्रैंगिंग से क्या होगा..

पब – इसके बाद सुरु होगा रियल गेम… अच्छा तुम ये बताओ तुमको पता है की लड़किया कहा से आती थी और कहा जाती थी.

जुली – हाँ लड़कियों को जहा से ख़रीदा जाता था. वो तो सब जगह मुझको पता है. पर बेचा जिनको भी जाता था. वो खुद hi ले जाते थे अपने साथ. केवल 1-2 जगह पर हम लोग लड़कियों को डिलीवर करने जाते थे.

पब – तब तो ठीक है.

जुली – पर आप करना क्या चाहते हो. मैं कुछ समाज नहीं प् रही हु. साफ़ -2 बातो की आप इन लड़कियों से क्या करवाना चाहते है.

पब – जुली में चाहता हु की इनकी जैसे और कोई भी लड़की न हो. जीतनेय भी लोग लड़कियों को सुप्पी करते है. बेचते है खरीदते है. सब के सब मरे जाये. तुम एक आर्मी तैयार करो. और उस आर्मी का केवल एक मकसद होगा. जिस्म फरोसी का धंधा काने वाले हर आदमी की मूट. इस काम में चाहे कितना भी रस लगे खर्च दो. ठाकुर के पास बहुत है. सब रस ठाकुर ने इन लड़कियों से hi कमाया है. अब इनको बचने में hi वो खर्च होगा. तुमको जो करना है करो. बस ऐसे किसी भी आदमी को जिन्दा मत छोड़ना जो लड़कियों के जीवन से खेलता हो. तुम नहीं जानती की कोण कोण लोग है इसमें तो पता करो. कुछ लड़कियों को जासूसी की ट्रेनिंग दो. वो पता करे की ये धंधा कहा पे चल रहा है और पता लगने पैर उन सब को मार दो. फिर चाहे वो पुलिस का आदमी हो, नेता हो या कोई भी हो किसी को मत छोड़ना. और मार कर यहाँ आ कर चुप जाना. मेरे रहते कोई भी तुम लोगो का कुछ नहीं बिगड़ पायेगा. ये वादा है.

जुली तो उसकी बात सुन कर ख़ुशी से पागल हो गई. और उसके गले लग गई. और रोने लगी.

जुली – थैंक ु, थैंक ु सो मच.. आप नहीं जानते आज में कितनी खुस हु. अपने मेरे जीवन को वो मकसद दिया नहीं जिसमे जान भी चली जाये तो गम नहीं.. अब मेरे पापो का सही प्रायचित होगा… थैंक ु… मोजको बताओ मैं आपके लिए क्या करू. मैं यदि पूरी लड़की होती तो भी आपको अपना सब कुछ दे देती. पर में वो भी नहीं कर सकती… आप hi कहे की में आपके लिए क्या कर सकती हु. आज से में आपको दिल से मालिक मानती हु. आज से आप मेरे भगवन है.

जुली को समाज नहीं आ रहा था की वो पब के लिए क्या कर दे. वो उसके लिए कुछ भी करने को तैयार थी अभी

पब – जुली तुम कुछ करना चाहती हो मेरे लिए??

जुली – हाँ, बस एक बार कहा दो की क्या करना है.

पब – एक तो मुझको भी ट्रैंगिंग देनी है लड़ने की. मेरे पास ताकत तो बहुत है. पैर लड़ने के तरीके नहीं जनता. वो तुम मुझको सिखाऊंगी. और दूसरा ये की मैं जब भी घर पर न हु तो तुम मेरे घर का ख्याल रखोगी…

जुली – मुझको ख़ुशी होगी ये कर के.

पब – चलो तो तुम अपनी तैयारी सुरु करो. आज मेरी सधी है तो तुम अपना काम करो और जल्दी hi मुझको एक आर्मी बना कर दो.

जुली – इन लड़कियों को त्रिनेड करने में जयादा टाइम नहीं लगेगा. कियोकि ये सब मर खा खा कर पहले से hi बहुत मजबूत है. इनको तो लड़ने की ट्रैंगिंग hi देनी है. मेरे हिसाब से 3-4 मंथ में ये त्रिनेड हो जाएगी. और उसके बाद इनकी ट्रैंगिंग टारगेट के साथ -2 चलेगी. हर मिशन पे ये कुछ नया सीखेगी..

फिर पब किंग बी रूम से 5 कर. जुली को दे कर उप्पेर चला जाता है. और जुली पेसो को रख कर सभी लड़कियों और अपनी टीम को एक रूम में बोलती है. और सबको पब की बात बता देती है. और कहती है की ये हमारे मालिक का हुक्म है यदि किसी को ये नहीं करना है तो अभी बता दे. इससे अच्छा काम हम लोगो को नहीं मिल सकता. सब लड़किया और उसकी टीम इस काम को करने को तैयार हो जाते है. तो जुली कल से ट्रैंगिंग सुरु करने का बोल कर अभी सबको रेस्ट का बोल देती है. और खुद पूरी तैयारी में लग जाती है.

पब उप्पेर जा कर फ्रेश होता है. और ब्रेक फ़ास्ट के लिए आ जाता है. उस टाइम सब वही थे. तो पब सबको आज शॉपिंग पे ले जाने को बोलता है. सब खुस हो जाते है. और कामिनी को वकील से मिलने को भी बोल देता है. सब लोग ब्रेकफास्ट कर के शॉपपिंग के लिए निकल जाते है सिटी की और सब एक मॉल में पहुंच जाते है. वह सबसे पहले वो लेडीज कलेक्शन में जाते है.
 
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पब उप्पेर जा कर फ्रेश होता है. और ब्रेक फ़ास्ट के लिए आ जाता है. उस टाइम सब वही थे. तो पब सबको आज शॉपिंग पे ले जाने को बोलता है. सब खुस हो जाते है. और कामिनी को वकील से मिलने को भी बोल देता है. सब लोग ब्रेकफास्ट कर के शॉपपिंग के लिए निकल जाते है सिटी की और सब एक मॉल में पहुंच जाते है. वह सबसे पहले वो लेडीज कलेक्शन में जाते है.

सेल गर्ल्स – वेलकम सर, मई ी हेल्प यू?

पब –मम मेरी पत्निओ को ड्रेस दिखाइए..

लग का तो चौक गई पत्निओ वर्ड सुन कर. फिर उसको याद आया की यहाँ ठाकुरो की के बिबिया होती है. मतलब ये भी ठाकुर है.

लग – सूरे सर, बोलिये ma’am क्या दिखाऊ आप लोगो को..

गुरु – सब से पहले तो इसके लिए सधी का लहगा दिखाइए..

कामिनी – दीदी में उनके साथ वकील के पास हो कर अति हु..

गुरु – नहीं यार तुम मत जाओ, तुम्हारी जरुरत पड़ेगी यहाँ पर. एक काम करो ऐडा को भेज दो वो भी तो जानती है न वकील का घर..

कामिनी – ठीक है दीदी.

कामिनी ऐडा के पास जा कर उसको समजा कर पब के साथ भेज देती है. ऐडा तो खुस हो जाती है. वो तो कब से इस मोके की तलाश में थी. ऐडा और पब निकल जाते है वकील के घर की और..

ऐडा – क्या बात है आप तो मुझको देखते भी नहीं है घर पे..

पब – ऐडा तुम मेरी बीबी हो ये सिर्फ तुम और मैं जानते है. मैं अभी किसी को ये नहीं बताना चाहता हु.

ऐडा – और वो क्यों??

पब – कियोकि तुम्हारी पड़े पूरी होने के बाद hi में चाहता हु की तुम मेरी पत्नी की तरह रहो. अभी तुम केवल अपनी पड़े पर डायन दो.

ऐडा – जैसा हुकम सर्कार का. पर कभी तो इस नाचीज की और प्यार से देख लीजिये..

ऐडा ये बात बड़े hi सेक्सी अंदाज में कहती है एक मस्त अगड़े लेते हुए. तो पब भी उसकी इस हरकत से खुस हो जाता है.

पब – तुम अभी बहुत छोटी हो. क्या फायदा कही में बहक गया तो तुम्हारी पड़े hi छूट जाएगी.

ऐडा – आपको में छोटी लगती हु. ये देखो कितने बड़े हॉग ए है और में आपको छोटी लग रही हु.

ऐडा ने ये कहते हुए अपने T-shirt उतर दी. और उसके चुके ब्रा में से जकङे लगे. T-shirt उतर कर फिर से वो कार चलने पे डायन देने लगी. पैर पब किन अजर तो उसके बूब्स में hi अटक गई थी. कितने बरी बूब्स थे उसके. लग hi नहीं रहा था की ये इतनी छोटी लड़की के बूब्स है. ऐडा पब से 8-9 साल छोटी thi.PB का हाथ खुद बा खुद उसके बूब्स के उप्पेर पहुंच जाता है. और वो उसको सहलाने लगता है. ऐडा भी एक सुनसान सी जगह पैर कार को रोक देती है और पब से चिपक जाती है पब उसके बूब्स को दबाने लगता है.

पब – तू तो बहुत हॉट है जान… काश में तुझको अभी छोड़ सकता. ऐडा प्लीज कपडे पहन लो नहीं तो में खुद को रोक नहीं पाउगा और तुम जानती हो की अभी हम ये नहीं कर सकते.

ऐडा पब की बात को समाज कर अपनी टी शर्ट को फिर से पेहेन लेती है और कार चलने लगती है.

पब – देखो ऐडा अपने फ्यूचर से मत खेलो. तुमने खुद देखा है की अंकिता का मन अब अपने काम में नहीं लगता वो बस मेरे फाॅर्स करने पर hi अपने क्लिनिक जाती है. पर वो 1 डॉ. है. और तुमको कुछ बनना है अभी.

ऐडा – पर मैं भी क्या करू. मेरा भी मन होता है आपके साथ प्यार करने का. आपको पाने का. मैं खुद को कैसे रोकती हु मुझको hi पता है.

पब – ऐडा यदि तुम मुझसे सच्चा प्यार करती हो. तो आज के बाद कभी भी ये सब करने को नहीं बोलोगी. तुम्हारी स्टडी और मेरा टारगेट पूरा होते hi हम एक हो जायेगे. पैर उसे पहले हम कभी भी ये सब नहीं करेंगे..

ऐडा – ok मैं वादा करती हु. नहीं करेंगे. पर हम एक gf-bf की तरह तो मस्ती कर सकते है न.

पब – हां ये हो सकता है…

ऐडा – तो चलो फिर आज मुझको कही गुमा कर लाओ..

पब – तू भी अभी से सुरु हो गई. पहले जल्दी से वकील के पास चल. तेरे साथ कल चलुगा. Ok?

ऐडा – ok पैर आज क्यों नहीं..

पब – आज फॅमिली टाइम..

फिर ऐडा कुछ नहीं बोलती और वो पब को लेकर वकील के पास पहुंच जाती है. और दोनों वह का काम करके वापिस आ जाते है मॉल में.

चलिए देखते है पब और ऐडा के जाने के बाद मॉल में क्या हुआ.

पब के जाने के बाद सब अपनी शॉपिंग में लग जाते है. गुरु और कामिनी पारी को शॉपपिंग करवा रही थी और अपने लिए और पब के लिए भी कर रही थी.

वो दोनों पारी को ले कर ब्रा पेंटी दिलवाने के लिए दूसरे सेक्शन में जा रही थी की तभी वो दोनों 2 लड़कियों से टकरा जाती है और दोनों hi गिर जाती है. और वो दोनों लड़किया उन दोनों के उप्पेर थी. दोनों सॉरी -2 बोलने लगती है. तो कामिनी और गुरु उनको कुछ नहीं कहती it’s ok बोल कर आगे निकल जाती है और ये दोनों लड़की भी वह से निकल जाती है . पैर उन दोनों के फेस पैर एक रहस्यमयी मुस्कान थी. गुरु का इनके टकराने पे डायन नहीं जाता. और गुरु और सब लोग अपनी शॉपिंग में बिजी रहते है. सबकी शॉपिंग बहुत देर तक चलती है.

सबकी शॉपिंग पूरी होने को hi थी की पब और ऐडा भी वह पहुंच जाते है. और ऐडा भी अपने लिए जल्दी से शॉपपिंग कर लेती है. पब सब का पेमेंट कर के घर की और चल देता है. सब बहुत खुस थे. घर आ कर पब सो जाता है और गुरु रात को होने वाली सधी की तैयारी में लग जाती है. पारी को अवनि अपने साथ ले जाती है. और उसको सजाने और सवारने लगती है.

पब जब उड़ता है तो उसको आज रात की सधी का याद आता है. और वो निचे जा कर कुछ चीजे ले आता है. जो की रात में उसके काम आने वाली थी. वो अपनी तैयारी कर रहा था और गुरु अपनी तैयारी कर रही थी. ोे पारी को अवनि तैयार कर रही थी.
 
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