MANAV or DANAV sex story - part 1 - Page 29 - SexBaba
  • From this section you can read all the hindi sex stories in hindi font. These are collected from the various sources which make your cock rock hard in the night. All are having the collections of like maa beta, devar bhabhi, indian aunty, college girl. All these are the amazing chudai stories for you guys in these forum.

    If You are unable to access the site then try to access the site via VPN Try these are vpn App Click Here

MANAV or DANAV sex story - part 1

अपडेट 203

सलोनी ेबेचा की और देख कर – मास्टर मैं ेबेचा को चैलेंज करती हु.

अब ये सुन कर सभी पूरा चौक गए. पब भी चौक गया. और फिर कुछ सोच कर मुस्कुराने लगा. सभी के बिच खलबली मच गयी. तो ेबेचा भी मुस्कुराते हुए बोली – सलोनी जी मुझको आपका चैलेंज एक्सेप्ट है.

सलोनी ेवेचा की बात सुन कर मुस्कुरा गयी. फिर 2 लड़कियों ने और कग2 को चैलेंज किया. और कब2 को भी 2 लड़को ने चैलेंज किया. 1 लड़के ने पब को भी चैलेंज किया. 3 मैच बॉयज टीम के भी बचे थे. तो फिर सरु हुयी सभी फाइट. कोई भी चैलेंज करने वाला नहीं जीता. पब की आज 3 फाइट हुयी तीनो पब ने अशनि से जीत ली. कब2 और कग2 ने भी सभी चैलेंज जीत लिए. अभी लास्ट में सलोनी और ेबेचा की फाइट बची थी. जो कुछ देर में hi सुरु होने वाली थी. शयाम का वक्त हो चुक्का था. पब भी जनता था सनोली ने ेबेचा से चीड़ कर ये चैलेंज किया है. उसने सलोनी को बोलै भी की जैसा वो सच रही है ऐसा उसके मन में बिलकुल नहीं है. वो ेबेचा से शादी करने के मूड में नहीं है. बूत सलोनी तो जैसे ये सोच कर बैठी थी की यदि वो फाइट जीत लेगी तो वो ेबेचा को पब की नजरो में गिरा देगी.

फाइट सुरु होने में कुछ hi देर बची थी की तभी पब के मन में सविता की आवाज आयी. सविता बहुत दुखी थी. और रो रही थी. सविता बोली – आप कहा है जल्दी से मेरे पास आइये. सविता की ऐसी आवाज और एक दम बुलाने से पब भी गबरा गया. और सलोनी को मन hi मन बोलै – सलोनी सविता किसी बात से दर गयी है. मैं उसके पास जा रहा हु. तुम भी फाइट पूरी करके मुझको बताना. तुमको भी ले जाउगा.

पब की बात से सलोनी ने सविता को मन hi मन याद किया और पूछा – सविता क्या हुआ. सब ठीक तो है न वह पैर?? सविता – नहीं सलोनी कुछ ठीक नहीं है उनको जल्दी भेजो.

सलोनी – सविता वो पहुंच hi रहे है. तुम चिंता मत करो सब ठीक होगा. मैं भी कुछ देर मैं आ जोगी.

सविता से बात करके सलोनी का मंद और भी ज्यादा डिस्टर्ब हो गया. वो भी वह जाना चाहती थी. पैर अभी उसको ेबेचा से फाइट करनी थी. और अब सलोनी ये सोच रही थी की क्यों मेने ेबेचा को चैलेंज किया. कुछ hi देर में फाइट सुरु हो गयी. सलोनी का मंद फाइट में बिलकुल भी नहीं था. जबकि ेबेचा अपनी पूरी जान से फाइट कर रही थी. रिजल्ट तो आप लोग समाज hi सकते है. जब एक बिना मन से खेले तो उसकी हार तय होती है. और सलोनी हार भी गयी. पैर ेबेचा को उसको हारने में बहुत म्हणत करनी पड़ी थी. (हकीकत ये है की ेबेचा फाइट कभी नहीं जीत सकती थी. कियोकि सलोनी एक तो दानव है और फिर पब ने सलोनी से hi फाइटिंग स्किल की पावर ली है. पैर यहाँ अब सलोनी अब फाइट कर hi नहीं रही थी. उसका फुल मंद सविता की और hi था)

-----------------------------

जैसे hi पब वह पंहुचा तो हॉस्पिटल में ऑपरेशन थिएटर के बहार उसे सविता, ऐडा, माहि खड़े थे. सविता पब को देख कर एक दम पब से चुपक कर रोने लगी. पब उसको शांत करने की कोसिस करता रहा. कुछ hi देर में वह गुरु, कामिनी और मंजू भी पहुंच गयी. वह खड़े सभी की आखों में आशुओ का सैलाब था. सविता और कामिनी सबसे जयादा रो रही थी.

पब – अब मुझको कोई बताएगा की क्या हुआ है कोण है अंदर.???

पब की बात से भी किसी ने कुछ न बोलै बल्कि उन लोगो का रोना और तेज़ हो गया. बस निकला तो माहि के मुँह से इतना की काजल और जय …

तभी रोने की वजह से ऐडा को चक्कर आ गए. माहि ऐडा के पास कड़ी थी तो उसने ऐडा को संभाला. और गुरु ने डॉ. को आवाज लगा दी. ऐडा बेहोश हो चुकी थी. ऐडा को डॉ और माहि ने मिल कर एक रूम में लिटाया और उसको चक करके एक दो इंजेक्शन दे दिए. और बहार आ कर बोलै घराने की बात नहीं है रोने से वीकनेस आ गयी है बस. इंजेक्शन दे दिए है. अभी वो सो रही है.

अब पब पैर साबरा नहीं होता. तो वो माहि को ले कर अलग जाता है और पूछा है – माहि अब बताओ की हुआ क्या है??

माहि – वो.. वो.. काजल और जय का ऑपरेशन हो रहा है. दोनों की हालत गंभीर है.

ये बात सुनते hi पब के पैरो टेल जमीन निकल जाती है. वो भाग कर ओट के गेट में से झांकता है. पैर उसको कुछ नहीं दीखता. माहि भी उसके पीछे hi थी. बाकि सब भी इन दोनों को देख रहे थे. सभी दुखी थे. और होना भी था. माहि पब को शांत करने को अपने गले लगा लेती है. और बोलती है – यदि आप ऐसे रियेक्ट करेंगे तो हम सबको कोण संभालेगा. सम्भालिये खुद को…

पब को भी गुरूजी की बात याद आती है उसे अपनी भावनाओ पैर विजय पानी है. तो वो खुद को शांत करता है और उसके शांत होते hi उसके मंद में कुछ आता है तो वो कुछ मंत्र पद कर इनविजिबल हो कर ओट के अंदर टेलिपोर्ट हो जाता है वह एक टेबल पैर जय था तो दूसरे पैर काजल. काजल के पेट का ऑपरेशन हो रहा था तो जय के दिल के पास घाव था. पब जय के पास जा कर मंत्र पड़ता है और जय को हील कर देता है. और फिर काजल के साथ भी ऐसा करता है.

उन दोनों के उप्पेर झुके डॉ मरीज के घाव अपने आप ठीक होते देख कर चौक जाते है. कहा तो डॉ दोनों की ब्लूदिंग नहीं रोक प् रहे थे. और कहा घाव hi अपनेआप काफी ठीक हो चुक्का था. उन दोनों को हील करके पब ऐडा के रूम में पहुँचता है ऐडा को देखता है तो वो ठीक थी. तो फिर पब ऐडा के रूम में hi दूसरे बीएड पैर बेथ कर डायन लगता है और ये सब कैसे हुआ ये देखने ागता है अपनी दिव्या दृष्टि से.

टुडे स्कीन इन हवेली (इनको पब देख रहा है अपनी दिव्या दर्ष्टि से)

सविता, माहि, ऐडा, काजल और जय कही जाने को रेडी हो रहे थे. तभी कामिनी और गुरु सविता और माहि को समजने लगती है की डायन रखना, आँखें खुली रखना वगेरा वगेरा….. ये सब डॉ. के जा रहे थे. काजल को कुछ प्रोब्लेम्स थी. तो सभी ने सोचा की ऐडा को भी रुटीन चक उप के लिए ले जाते है एक बार में hi काम हो जायेगा. अभी के माहौल को देखते हुए गुरु ने माहि और सविता को साथ भेजना का सोच था. और फिर जय भी था साथ में. और फिर गुरु को पता था की पब ने भी इंतजाम किये हुए है.

ये सब लोग तैयार हो कर एक कार से हवेली से निकल लिए. और सिद्ध हॉस्पिटल पहुंचे. हॉस्पिटल में अपॉइंटमेंट भी नहीं था. पैर ठाकुर पब के नाम से बिना अपॉइंटमेंट के भी डॉ से मीटिंग फिक्स हो गयी 15मं बाद की. पब ने अपनी दिव्या दृष्टि से देख की कार का न तो किसी ने पीछा किया था. और न hi कोई जैसा दिखा जो शक के दायरे में हो. ये लोग अंदर डॉ. का वेट कर रहे थे. तो पब ने देखा की वह हॉस्पिटल के बहार और सामने की बिल्डिंग में गुंडों की एक्टिविटी सुरु हो गयी थी. पैर ये सब इतने चोरी छुपे हो रहा था की किसी को पता भी न चले की वह कोई कुछ कर भी रहा है. सब कुछ नार्मल hi था. कोई भी प्रोफ्फेक्नाल गुंडा नहीं था. कुछ लोग पुलिस की ड्रेस में थे. और ये हॉस्पिटल के बहार घूम रहे थे. जैसे हॉस्पिटल की सेफ्टी के लिए लगे हो. और सामने की बिल्डिंग में एक होटल था उसके रूम की एक विंडो पैर एक शूटर अपनी गन को निशाना लिए बैठा था. उसका टारगेट हॉस्पिटल का गेट था. हॉस्पिटल के बहार खड़ा कोई सोच भी नहीं सकता था की ऐसा भी कुछ हो सकता है.

पब को ये देख कर गुस्सा भी आ रहा था और वो सच भी रहा था की इन लोगो को कैसे पता चला की उसकी फॅमिली आज हॉस्पिटल आने वाली है. उसके इतने इंतजाम के बाद भी ये सब कैसे हो गया. पैर अभी पब ने ये सब सोचना छोड़ कर आगे देखने में डायन लगाया.

करीब 2 हर. के बाद ये सब हॉस्पिटल से बहार निकल रहे थे. ऐडा बिच में थी और जय और काजल ऐडा के दोनों तरफ. माहि और सविता उनके पीछे थी. जैसे hi ये सब गेट पैर पहुंचे. तभी शूटर ने ऐडा पैर निशाना लगा लिया. और फायर कर दिया. पैर तभी जय काजल की और घुमा तो जय ऐडा के सामने आ गया. और गोली जय के दिल के थोड़ा उप्पेर घुस गयी. बिना किसी आवाज के. बिना किसी के सामने आये जय को गोली लग चुकी थी और जय गोली लगते hi निचे गिर गया. जय को गिरता देख काजल और ऐडा को तो समाज hi नहीं आया की हुआ क्या पैर जब काजल की नजर जय के हाथ पैर गयी तो उसको खून दिखा. वो गहरा गयी. पैर जय की नजर काजल पैर नहीं थी वो तो सामने देख रहा था. जैसे खोज रहा हो की गोली किसने चलाई. और उसने दिख भी लिया. तो उसे दिखा की हड़बड़ाई से कड़ी ऐडा पैर फिर से फायर हो रहा है तो उसने जान लगा कर ऐडा को काजल की तरफ धकेल दिया. ऐडा अचानक से दक्का लगने से संभल नहीं पायी और वो काजल के उप्पेर गिरी. काजल निचे जमीन पैर पथ के बल और काजल उसके पेट पैर पथ के बल. ऐडा के गिरते hi गोली एक गमले से लग कर बेकार हो गयी तो ऐडा के गिरने से और उसकी और काजल की चीख से दानव सेना की ड्रेस में लड़कियों ने उन सब को पल भर में hi कवर कर लिया. दानव सेना को देख कर वह सभी की हालत ख़राब हो गयी. कल और आज सुबह के कांड सभी के मंद में एक दम ताज़ा थे. वह खड़ा हर शक्श डरने लगा.

दानव सेना के कवर करते hi ऐडा काजल के पेट पैर से ुधि पैर तब तक बहुत देर हो चुकी थी. काजल दर्द से तड़फ रही थी. जय बेहोश हो चुक्का था. सविता और माहि के पैरो के निचे से जमीन निकल चुक्की थी. ये सब इतनी जल्दी हुआ था की इन दोनों को कुछ भी करने या समझने को मौका hi नहीं मिला. पैर चीख सुन कर वो हरकत में आ गयी. और तुर्रंत जय को ुधा कर अंदर भागी. तभी ऐडा चीखी सविता माहि पहले काजल को भी देखो. काजल के चोट दिख नहीं रही थी तो सविता और माहि को लगा की काजल के केवल गिर गयी है. तब तक हॉस्पिटल का स्टाफ भी एक्टिव हो गया. और दोनों को स्ट्रेचर पैर दाल कर अंदर ले जाने लगे. तब सविता ने धयान दिया की काजल अपने फुले हुए पेट को पकड़ कर दर्द से चिल्ला रही है और उसकी झंगो के बिच खून दिखाई दे रहा है. ये नज़ारा देख कर सविता सकते की हालत में पहुंच गयी. उसको अपनी पूरी दुनिया उजड़ती नज़र आ रही थी. दोनों hi ओप्रशन थेथर में पहुंच चुके थे. और सविता गुरु और पब को याद कर रही थी.

बहार जैसे hi दानव सेना एक्शन में आयी आधे गुंडे तो भाग गए. और बाकि के जो बचे थे वो दानव सेना की आगे ज्यादा देर ठीक hi नहीं पाए. 2 लड़किया उस शूटर को पकड़ने भी गयी. पैर वो चकमा दे कर भाग गया. जल्दी hi मैदान साफ़ हो चुक्का था. और पब अपनी आखें खोल कर कुछ सोचने पैर मजबूर हो गया.
 
थैंक यू फॉर योर लवली कमेंट एंड योर सपोर्ट...

भाई अभी स्टोरी में बहुत फाइट है. अब जब जुंग होगी तो फाइट तो होगी HI... तो कुछ को स्किप करना HI पड़ेगा...

दानव सेना का सामने आना पब की एक सोच का HI नतीजा है. जो जल्दी HI आपको देखने को मिलेगा...

मणि जी की बातो को पब कब तक याद रख पता है ये भी देखना होगा..

गद्दार का पता भी नेक्स्ट अपडेट में चलेगा बीआरओ. और जहा तक में जनता हु कोई नहीं सोच सकता की गद्दार कोण है....
 
अपडेट 204

बहार जैसे hi दानव सेना एक्शन में आयी आधे गुंडे तो भाग गए. और बाकि के जो बचे थे वो दानव सेना की आगे ज्यादा देर ठीक hi नहीं पाए. 2 लड़किया उस शूटर को पकड़ने भी गयी. पैर वो चकमा दे कर भाग गया. जल्दी hi मैदान साफ़ हो चुक्का था. और पब अपनी आखें खोल कर कुछ सोचने पैर मजबूर हो गया. वो ऐडा के बीएड के पास बैठा अपनी सोच में गम था की आवाज आयी.

ऐडा – सुनिए??

पब ऐडा के पास एते हुए – बीटा आप सो जाओ. आप क्यों ुध गए.??

ऐडा – काजल किसी है?? जय केसा है??

पब – वो दोनों अब खतरे से बहार है. तुम सो जाओ टेंशन न लो सब ठीक हो जायेगा??

ऐडा – और वो काजल का बच्चा???

पब ये सुनते hi वही बेथ गया. पब को तो उस टाइम ये याद hi नहीं था की काजल की कोख में बच्चा भी है. और वो बिना इस बात का डायन रखे उसको हील करके आ गया था. उसने अंदर देखा hi नहीं की काजल के बच्चे का क्या हुआ. तभी उसके मन में सलोनी की बहुत hi दुखी सी आवाज आयी. कहा हो आप?? कहा रहा गए?? क्या हुआ है वह?? प्लीज कुछ तो ाँस. दो मेरी बात का. कबसे आपका वेट कर रही हु.

पब सलोनी की बात सुन समाज गया की वो बहुत दुखी है. उसको बहुत hi बेचैनी हो रही होगी. तो वो ऐडा से 2 मं का बोल कर सलोनी के पास टेलिपोर्ट हो गया. सलोनी अपने रूम में उसको बंद करके बैठी थी. पब भी वही उसके पास hi पहुंच गया. और पब को देख कर सलोनी पब से ऐसे चुपकी जैसे सालो के बिछड़े आज मिले हो. और रोने लगी. पब उसको शांत करते हुए बोलै – तुमको क्या हुआ जान?? रोने क्यों लग गयी???

सलोनी – आप बताओ आपको क्या हुआ था?? मैं कबसे बुला रही हु. पैर कोई ाँस. Hi नहीं. और न ये बताया की किसको क्या हुआ है?? बस यहाँ से जाने के बाद मुझको तो भूल hi गए.

पब सलोनी को गले लगा कर – तू न पागल है. कुछ भी सोचती रहती है. चल ले कर चलता हु तुझको भी खुद hi देख लेना. यार तूने सोचा नहीं की मैं वह गया हु तो पहले वह के हालातो को देखूगा की तेरे को ??

और ये बोल कर पब टेलिपोर्ट हो जाता है. सीदा ऐडा के रूम में पहुँचता है. सलोनी को ऐडा के पास छोड़ कर वो फिर से काजल के रूम में पहुंच जाता है. तो अभी काजल बेहोश बीएड पैर पड़ी हुयी थी. और नर्स वह की साफ़ सफाई कर रही थी. चारो और खून hi खून बिखरा पड़ा था. पैर काजल की ड्रेसिंग हो चुकी थी. और डॉ बहार जा चुके थे. ये देख कर पब ने एक नजर जय पैर डाली तो वो भी बेहोशी की हालत में hi था.

पब वह से सिद्ध उस लेडी डॉ. के पास पंहुचा जिसने काजल का ऑपरेशन किया था.

पब चेयर पैर बैठते हुए – मन अब काजल किसी है???

ल. डॉ. चोकते हुए – ारे आप … आप अंदर कब ए… एआईईईए… बैठिये… (थोड़ा घबरा गयी पब को एक दम सामने बैठा देख कर. और उसको हड़बड़ाता देख कर पब को भी अपनी गलती का अहसास हुआ. तो पब ने अपनी बात फिर बोली)

L.Dr. – वो अब ठीक है. खतरे से बहार है..

पब – मम और उसका बच्चा??

ल. डॉ. (नज़ारे निचे करते हुए) – सॉरी सर हम उसके लिए कुछ नहीं कर सके…

ये सुनते hi पब की आखों में आशु आ गए और वो बोलै – पैर क्यों?? क्यों नहीं कुछ कर सके आप??

ल. डॉ. – सर वो पहले hi मार चुक्का था. जैसे hi ऐडा काजल पैर गिरी थी तो ऐडा के वजन से काजल की बच्चेदानी का मुँह खुल गया. और बच्चा पेट में hi कुचल गया. और उसने वही दम तोड़ दिया था.

पब ये सुन कर रोने लगता है. और बोलता है – तो फिर ओप्रशन में इतना टाइम?? हुआ क्या था??

ल. डॉ. – वो काजल की बच्चेदानी में कुछ प्रॉब्लम हो गयी थी और उस मरे हुए बच्चे को निकलने से वो बाद गयी. और उसकी ब्लूदिंग बहुत बाद गयी जो कण्ट्रोल नहीं हो रही थी. फिर किसी तरह हमने उसे कण्ट्रोल किया. अब काजल ठीक है पैर वो अभी बहुत कमजोर होगी.

पब – थैंक यू डॉ. अपने काजल की जान बचा ली.

ये कहा कर पब डॉ. के रूम से बहार आया तो सविता का रोना अभी भी जारी था. कामिनी खुद रट हुए उसे चुप करवा रही थी. और गुरु अपने आप को रोने से रोकते हुए उन दोनों को सँभालने की कोसिस कर रही थी.

माहि और मंजू भी एक कोने में कड़ी सिसक रही थी. पब दुवारा ऐडा के रूम में पंहुचा तो वह सलोनी और ऐडा की रो रही थी. सभी को ये न्यूज़ मिल चुकी थी. काजल और जय तो ठीक थे पैर आने वाला मेहमान आने से पहले hi चला गया. उसके लिए सभी ने न जाने कितने इन्तजार किया था. उसके आने की खबर से hi पुरे घर में खुशियों का माहौल था. और आज सभी दुखी थे. जय, सविता और कामिनी तो पता नहीं कबसे उसके लिए शॉपपिंग भी करने लगे थे खिलोने, कपडे, पलना और पता नहीं क्या -2 वो घर पैर ला चुके थे. जय और काजल तो अभी सो रहे थे. और पता नहीं जब वो होश में आएंगे तब उनपर क्या बीतेगी.

ीदार ऐडा का तो बहुत बुरा हाल था. ऐडा को लग रहा था की सब उसकी गलती है. यदि वो काजल पैर न गिरती तो आज सब ठीक होता. वो hi है जिसकी वजह से आज पूरा परिवार दुखी है. वो अपने आप को उस बच्चे की कातिल समाज रही थी. ऐडा को ये दुःख बर्दाश नहीं हुआ और एक बार फिर रट हुए बेहोश हो गयी. सलोनी डॉ. के लिए भागी डॉ के साथ रूम में माहि, मंजू और पब भी पहुंच गए. डॉ ने चक करके बोलै – देखिये इनको समझाइये इतना रोना इनके और इनके बच्चे के लिए खतरनाल है. ये सुन कर सभी के दिल और बेथ गए. घर में 2 कालिया खिलने वाली थी. 1 तो पहले hi मुरझा गयी थी. और दूसरे के लिए डॉ. खतरा बता रहा था. तो सभी के हालत ख़राब होने लगी. पब ने डॉ को बोलै की अभी तो आप ऐडा को नीड का इंजेक्शन दे दो. फिर हम कोसिस करेंगे की वो और रोये न. (ये कहते हुए भी पब की आखों में आशु थे)

पब ऐडा के रूम में बैठा था. और उसके पास माहि और सलोनी भी थे. जय और काजल को रूम्स ने शिफ्ट कर दिया गया था. वाकई लोग उनके पास थे. अभी दोनों को होश नहीं आया था पैर सभी इस बात से दर रहे थे की जब इन दोनों को पता चलेगा की उनकी आने वाली संतान आने से पहले hi दुनिया छोड़ चुक्का है तो क्या डिटेगी उन दोनों पैर. पब तो सविता को hi फेस नहीं कर प् रहा था. सविता को कामिनी और गुरु ने संभाला हुआ था. सभी की आखें नाम थी. आशु रुकने का नाम नहीं ले रहे थे. हवेली की आने वाली ख़ुशी को किसी की नजर लग गयी थी. अंकिता को भी डॉ. से सब पता चल चुक्का था. हवेली में सब बहुत दुखी थे. पेय और माउद को छोड़ कर सभी रोने में बिजी थे. पेय और माउद को इस बारे में बताया नहीं गया था. पैर सभी को रोटा देख कर आज वो भी दुखी थी और कोसिस कर रही थी की सभी को चुप करवा सके. पारी, एरिका, नैना, अवनि सभी के आशु थम नहीं रहे थे. पैर आज पब था जो अपनी भावनाओ को बन्दे सभी को सहारा दे रहा था. पब ने अंकिता को फ़ोन किया. कियोकि ऐसे तो कोई भी इस दशा में नहीं था की मन की बात को सुन सके. पब ने अंकिता को संजय. तो अंकिता भी कुछ संभल गयी. और फिर उसने पेय और माउद के साथ मिल कर सभी को संभाला.

अंकिता को तो पब ने समजा दिया था. पैर उसके अभी तक ये समाज नहीं आया था की ये सब हुआ कैसे. उसके इतने इंतजाम के बाद भी दुश्मन तक हवेली की बात कैसे पहुंच गयी.?? उसने एक टीम वनायी थी. उसने वो 4रो जासूस लड़की और जुली की टीम की कुछ मेंबर थी. हवेली के बहार वो इस तरह से पहरा दे रही थी की हवेली के अंदर कोई झांक भी न सके. और हवेली ने किसी को जाने की अनुमति नहीं थी. पब पहले hi बोल गया था की ये जासूस टीम केवल दुसमन की टीम को हवेइ से दूर रखेगी. और एक दानव सेना की टीम हमेशा तैयार रहेगी जो हवेली से किसी के भी बहार जाने पैर उसके साथ होगी. और जासूस टीम के मेंबर उसके आगे रहेंगे. पब की इतनी सुरक्षा को तोड़ कर दुश्मन अटैक केरे कर गया. ये सवाल पब के मन में बार बार आ रहा था.

पब को अब एक hi रास्ता दिखा और वो था की दिव्या दर्ष्टि से देखा जाये की इसके पीछे कोण है. पब फिर से बाईट हुए पालो में कुछ दुन्ने लगा. और जब उसने आज सुबह का हवेली का स्कीन देखा तब उसको एक जतका लगा. उसको विस्वास नहीं हुआ की ये सच है. पैर झूठा होने की संभावना भी तो नहीं थी.

पैर पब के लिए ये एक बड़ा झटका था. तो फिर कुछ सोच कर पब अपने धयान में बेथ गया. कुछ hi देर में वो सब समाज गया की क्या और कैसे हुआ है. पब अपने डायन से ुधा और सलोनी और माहि को बोलै की डिस्चार्ज के लिए तैयारी करो. मैं कुछ hi देर मैं आता हु.
 
अपडेट 205

पैर पब के लिए ये एक बड़ा झटका था. तो फिर कुछ सोच कर पब अपने धयान में बेथ गया. कुछ hi देर में वो सब समाज गया की क्या और कैसे हुआ है. पब अपने डायन से ुधा और सलोनी और माहि को बोलै की डिस्चार्ज के लिए तैयारी करो. मैं कुछ hi देर मैं आता हु. पब के पास अभी टाइम की बहुत कमी थी. उसे वापस स्कूल भी जाना था. और आज यहाँ भी एक बड़ी प्रॉब्लम सामने थी उसमे वो सभी को ऐसे hi छोड़ कर नहीं जा सकता था.

पब वह से टेलिपोर्ट हो कर सिटी के बहार की तरफ बने एक खण्डार के सामने खड़ा था. पैर इस टाइम वो इनविजिबल था. तो वो आराम से सब देखते हुए अंदर जा रहा था. सब कुछ देखते हुए वो एक हॉल में पंहुचा तो वह पैर चुना सिटी का सप (भाइयो ये वो hi सप है जो रखा के साथ था. और रखा की मूट के बाद पब ने इसको दमकाया भी था) खड़ा था. और उसके सामने बहुत सरे गुंडे खड़े थे. सप काफी गुस्से में लग रहा था. उस सप को देख कर गुस्सा तो पब को भी आ रहा था. कोयोकि आज के कांड में इसका hi हाथ था. रवि के मरने के बाद सप ने ये जिम्मा अपने सर लिया था. पैसा hi इतना था की सप इस काम के लिए मन hi नहीं कर पाया. पब ने देखा की कुछ लोग सप के एक साइड में खड़े है और बाकि सभी गुंडे उन सबके सामने खड़े है ये करीब 300-350 लोग थे. और खण्डार के चारो और भी कुछ गुंडे पहरा दे रहे थे. सप के साइड में खड़े गुंडों को देख कर पब समाज गया की एक सब अपने -2 गैंग के लीडर है. और यहाँ पैर करीब 10-12 गैंग के लोग मौजूद थे. यहाँ और आस पास की सभी लोकल गैंग यहाँ मौजूद थी. कुछ लोग विदेशी भी लग रहे थे. और वो विदेशी लोग साइड में hi खड़े थे. पब उन विदेशी में से एक को देख कर पहचान गया की वो hi शूटर है जिसने गोली चलाई थी.

पब सब देख कर वह से एक और चल दिया और एक रूम में पंहुचा तो वह पैर मुखिया रामलाल, उसकी बीबी रेखा, उनका बीटा और उनकी फॅमिली के वाकई के लोग भी थे. (रामलाल की एक जॉइंट फॅमिली है. डिटेल पहले भी नहीं दी और अब भी नहीं दे रहा हु. जरुरत नहीं है) जब पब वह गया तो सभी चेयर केर बन्दे हुए थे. सभी की हालत बुरी लग रही थी. पब सभी के गले की नस दबा कर सभी को बेहोश कर दिया. केवल रामलाल और उनकी पत्नी रेखा होश में थे. वो पब की पावर पहले भी देख चुके थे. तो पब उसके सामने पहले विज़िबल हुआ और फिर सभी को खोलने लगा. पब को देख कर एक बार तो वो दोनों चौक गए फिर पब के साथ सभी को खोलने में मदत करने लगे. सभी को खोल कर एक साथ ले कर पब टेलिपोर्ट हो गया. और सिदा रामलाल के घर के अंदर पंहुचा. वह सभी को छोड़ कर रामलाल और रेखा को ले कर हवेली पहुंच गया. और फिर उनको बताया की काजल और जय के साथ क्या हुआ है. ये सुन कर दोनों के होश hi ुध गए. दोनों रोने लगे. उनको समाज आ गया की वो सब उनकी गलती से hi हुआ है. कियोकि इस कांड को करने में विभीषण की भूमिका रेखा ने निभाई थी. उसको तो इतना दुःख हो रहा था की उसके आशु रुक नहीं रहे थे. पब और अंकिता ने मिल कर उनको संभाला. और कहा की अभी वक्त रोने का नहीं है. ये वक्त काजल और जय को सँभालने का है. थोड़ी देर में hi वो लोग भी आ जायेगे. तब उनको संभालना होगा.

पब अंकिता को बोल कर वह से हॉस्पिटल पहुंच गया. तब तक वह डिस्चार्ज की साडी तैयारी हो चुकी थी. जय और काजल को होश आ चुक्का था. जय और काजल को अभी कुछ बताया नहीं गया था. वैसे भी वो अभी इस हाल में नहीं थे की उनको कुछ भी समाज आये. होश में आने के बाद भी वो जैसे बेहोशी की हालत में थे. कमजोरी और बशोषी की दवा का आसार अभी भी था. सभी को ले कर पब कार के हॉस्पिटल से हवेली की और चल दिया था. थोड़ी hi देर में सभी को घर छोड़ कर और सभी को सब कुछ समजा कर पब फिर टेलिपोर्ट हो कर उस खण्डार में पहुंच गया. इस टाइम पब के फेस पैर गुस्सा साफ़ दिख रहा था.

पब को देखते hi खण्डार के बहार गुंडों ने पब पैर हमला कर दिया. पैर पब अभी किसी से भी लड़ने के मूड में नहीं था. तो दूर खड़े सभी गुंडों पैर हवा का एक बबंडर बना केर छोड़ दिया. वो गुंडे उसमे फस कर उड़ने लगे और हवा में गहने लगे. पास खड़े गुंडों पैर पब किसी शैतान की तरह बरष पड़ा. जो भी सामने आता पब के एक वॉर से hi मारा जाता उन गुंडों ने भी पब पैर बहुत गोलिया चलाई थी पैर सब बेकार हो गयी. बहार में मची चीख पुकार को सुन कर अंदर से कुछ गुंडे बहार की और आने लगे. तो पब ने आखें बंद करके कुछ मंत्र पद हाथ आगे कर दिया तो जमीन पैट गयी और सभी गुंडे उसमे समां गए. और फिर भूमि पहले जैसी हो गयी. भूमि की पावर से सभी गुंडों की जिन्दा hi समादि बना दी थी पब ने. पल भर में hi 50 से आदिक गुंडों को जमीन ने निगल लिया था. बहार के सभी गुंडों को मार कर पब अंदर पहुंच गया. और गेट पैर से hi गुर्राया – सप तुझको पहले भी वारं किया था की गलत काम छोड़ दे पर तू नहीं मन. तो देख अब यहाँ खून की नदी को बेहटा देख. सप देख में तेरे इस सभी साथियो का क्या हाल करता हु.

सप पब की बात से कंफ्यूज हो गया उसे याद hi नहीं था की वो कभी पब से मिला है उसने तो उसकी फोटो hi देखि थी. पब भी भूल गया था की वो जब सप ने मिला था तब उसका भेष ये नहीं था.

सप – आ ठाकुर आ… अच्छा हुआ तू खुद चल कर यहाँ आ गया. तुझको और तेरे परिवार को मरने की सुपारी ली है मेने. तू आ तो गया है पैर जिन्दा नहीं जा पायेगा.

ये बोलते हुए पब ने अपने आदमियों को इशारा कर दिया. न जाने कितनी गन्स पब को पॉइंट करके चलने को तैयार थी. पैर पब को कोई दर नहीं था. ये देख कर एक बार सप भी हिल गया.

पब – ारे मरेगा को मुझको तू या तेरे ये कीड़े?? सालो अपनी औकात देखि है. कीड़े कभी शेर का शिकार नहीं करते.

पब ने भी बोलते हुए आगे बड़ा और एक गुंडे को पकड़ कर एक पंच दिया तो वो कई गुंडों को लेता हुआ सामने की दीवार से टकराया और गिर गया. उसके मुँह से खून निकल रहा था. पब के एक्शन को देख सप ने गोली चलने का आर्डर दिया. तो पब ने अपने हाथो को हवा में लहरा दिया. सभी गोलिया रस्ते में hi रुक गयी. और फिर पब ने उनको हाथो से एक इशारा कर दिया. तो वो गोलिया वापिस उन गुंडों को hi जा लगी जिन्होंने चलाया था. एक बार में कई आदमी ढेर…

ये देख कर वह खड़े कई की दर से सुसु निकल गयी. सप कपङे लगा. गुंडों के लेदर और विदेशी शूटर एक कोने में दुबकने की कोसिस करने लगे. पैर पब का ये खेल यही खड़ाम नहीं हुआ था. पब ने फिर से हवा की पावर को याद किया. और सभी को हवा में उड़ाने लगा. अब सभी गुंडे हवा में तेर रहे थे. साथ में सामान. केवल वो लेडर्स और सप एक साइड में खड़े ये नजारा देख रहे थे. और दर से कैंप रहे थे. आज पब ने हवा की पावर का hi ज्यादा उसे किया था. गोली रोकने में, गुंडों से बहार निपटने में, और अब सभी को हवा में घुमा रहा था. कुछ hi देर में सभी के घूमे की स्पीड भी बहुत तेज़ हो गयी. सभी गुंडे एक दूसरे से टकराने लगे. हवा में चीखा का पूरा शोर था. धिरे धिरे ये शोर शांति में बदल गया. सभी गुंडे मरे गए. तो पब ने उनको निचे जमीन पैर फेक दिया. और हवा रुक गयी. पब उन लीडर्स और सप की और बढ़ने लगा तो उनमे से कुछ तो बेहोश हो गए दर के मरे. कुछ ने गीली और पिली कर दी. तो कुछ चीखने लगे.

पब ने सप के पीछे वाली वाल पैर दानव सेना का वाकया लिखा. और सप और वाकई सभी को ले कर टेलिपोर्ट हो कर दानव बेस में पहुंच गया. और पुलिस और मिडिया को उस खण्डार की इनफार्मेशन दे दी. दानव बेस में आ कर पब ने जुली को वो सभी गुंडों के लीडर्स को कैद करने को कहा और बोलै – जुली ये सब क्रिमनल्स है. सभी की अच्छे से खातिर करना. इनसे आस पास के सभी लोकल गुंडे बदमाशों का पता करो. और सभी को ख़तम कर दो. 2-3 टीम बना कर आस पास के सभी गुंडों बदमाशों का जड़ से सफाया कर दो. और ये सप है चुना सिटी का. इसको पता होगा की कोण कोण कोर्रुप्त अफसर है. सभी को मार दो. और जो बड़ा अफसर हो उसको यहाँ ला कर उसकी सेवा करो. उससे भी इनफार्मेशन कलेक्ट करो और मार दो सबको. 3 दिन है तुम्हारे पास. 3 दिन में दानव सेना का आतंक इतना होना चाहिए की पूरा देश के गुंडे और कोर्रुप्त लोग दानव सेना के नाम से कांपे. मैं भी कुछ करुगा.

जुली – ok मैं अभी से ाररेंग्मेंट में लग जाती हु. पर इन सभी के पास बालक मनी भी बहुत मिलेगा. उसका क्या करना है??

पब – जो भी पैसा मिले सभी को ले आओ. मेने कुछ सोचा है. किसी ने मुझको पैसा खर्च करने का सही रास्ता दिखाया है. मैं आ कर उसके बारे में बात करुगा.

जुली – और वह मिलने वाले निर्दोष और बंदी लोगो का क्या करना है??

पब – जिनके पास अपना ठिकाना हो उसे जाने देना और जो बेशहारा हो उसके लिए दानव सेना का बेस तो है hi..

जुली – पैर उनमे लड़के भी होंगे??

पब – हम्म अभी तो सभी को ले आना फिर जल्दी hi मैं कुछ करता हु.

जुली – पैर इससे इन लोगो की ट्रेनिंग पैर अक्षर पड़ेगा

पब – हम्म कोई नहीं 3 दिन के लिए सम्भालो. फिर से शांत बैठना है. और हाँ उन टीमों को डिस्टर्ब मत करना जो फॅमिली की सेफ्टी के लिए है. वैसे कितने दिन की ट्रेनिंग और है इन सबकी.

जुली – अभी 2 मंथ तो लगेंगे hi.

पब – हम्म ok अब मैं चलता हु. तुम अपने काम पैर लग जाओ…

पब वह से हवेली के हॉल में पहुंच गया. और जुली अपने काम में लग गयी
 
थैंक यू फॉर लवली कमेंट एंड योर सपोर्ट.....

भाई आपका कमेंट पद कर अच्छा लगा. काजल के पास बहुत लोग है सपोर्ट के लिए... काजल का इन सब की तरफ अब और ज्यादा प्यार हो जायेगा जब उसे पता चलेगा की उसकी माँ ने HI उसके साथ ये सब किया है. क्या हाल होगा इस माँ बेटी का ये तो आप सब सोच HI सकते है. मैं इतना अच्छा राइटर नहीं की उन भावनाओ को शब्द दे पाव......
 
अपडेट 206

पब वह से हवेली के हॉल में पहुंच गया. और जुली अपने काम में लग गयी. पुलिस और मीडिया भी खण्डार में पहुंच चुकी थी. अभी रात के 11 बाज चुके थे. पैर हवेली के हॉल में सभी गंभीर मुद्रा में बैठे थे. रेखा, सविता, कामिनी, अवनि, एरिका इनके आशु अभी भी बहा रहे थे. बाकि के लोगो के आशु भी पलकों पैर hi थे. जैसे पता नहीं कब साथ छोड़ दे. ऐडा, काजल और जय को नीड में थे. शायद अभी तक उन पैर से दवा का ाशर ख़तम नहीं हुआ था. पारी, पेय और माउद उनके पास bêthe थे. इन लोगो का रोना नहीं रुक रहा था तो अंकिता और गुरु इन सभी को बहार हॉल में ले आयी थी ताकि उन तीनो को डिस्टर्ब न हो.. पैर जैसे hi रेखा ने पब को देखा तो वो पब के पैरो को पकड़ कर रोने लगी. ये देख कर सभी हैरान हो गए. अभी तक किसी को नहीं पता था की ये सब रखा की वजह से हुआ है.

रेखा – ठाकुर साहब प्लीज मुझको मार दीजिये. ये मेरे hi कर्मो की सजा है जो मेरी बेटी भुगत रही है. अपने परिवार को बचने के लिए मेने आपके परिवार को खतरे में दाल दिया. तो देखो भगवन का इन्साफ भगवन ने मेरी hi बेटी की कोख उजाड़ दी. ठाकुर साहब मुझको मार दो आप. मैं अपनी बेटी से नजरे मिलाने के काबिल भी नहीं रही. समाज मेरी जैसी माँ पैर थूकेगा भी नहीं.. प्लीज ठाकुर साहब मार दो मुझको… अपने पहले भी हमको जीवन दान दिया था. और आज भी. पैर मेने क्या किया… (रेखा पब के कदमो में बैठी रोने लगी)

पब रेखा को ुधा कर सोफे पैर बिठाया और गुरु से पानी मांगा कर रेखा को पिलाया – देखिये रेखा जी जो होना था वो हो गया. अब आपको अपनी बेटी और दामाद को संभालना है इसलिए hi मैं आपको यहाँ लाया हु. एक माँ hi अपनी बेटी को इस कंडीशन में संभल सकती है. अब आपको अपना फर्ज पूरा करना है. अपने जो भी किया अपनी फॅमिली को बचने के लिए किया. भूल जाओ उसे और अब एक अच्छी माँ बन कर काजल को सम्भालो…

कामिनी (गुस्से में) – क्या किया है रेखा ने??? बताइये मुझे??? ये क्या कहा रही है???

पब कामिनी को अपने गले लगते हुए. – शांत हो जा जान … उसने जो भी किया उसे उसका पछतावा है. और उसने वो मज़बूरी में किया था. एक बार को गुस्सा मुझको भी आया था. पैर फिर सोचा इन्होने जो किया वो मज़बूरी में किया है इसलिए माफ़ कर दिया. और फिर इस टाइम काजल को इनकी बहुत जरुरत है.

सविता – पैर किया क्या है इन्होने??? (बहुत तेज़ आवाज में)

गुरु – बोलिये क्या बात है जो आप छुपा रहे है.

अंकिता – अब आप हमसे बाते छुपाने लगे??

रेखा (बिच में) – प्लीज आप लोग ठाकुर साहब से कुछ न कहे. गलती मेरी है मैं बताती हु…. (पब ने एक बार फिर इशारे में मन किया. पैर जैसे रेखा सभी को अपना गुन्हा बता कर अपने सर से कोई बोज काम करना चाहती थी) तुमको याद है ठकुराइन (कामिनी से) मैं सुबह आयी थी हवेली काजल से मिलने??

कामिनी – हाँ तो उसमे क्या हुआ?? एक माँ अपनी बेटी से मिलने कभी भी आ सकती है..

रेखा – मैं आयी नहीं थी भेजी गयी थी. मेरे पति और मेरा पूरा परिवार उन गुंडों के कब्जे में था. उनको बचने के किये hi मेने ये खबर उनको दी थी की आज तुम सब डॉ के पास जा रहे हो.

ये सुन कर सभी की आखें बड़ी हो गयी. कामिनी को तो इतना गुस्सा आया की उसने जा कर रेखा के तप्पड़ मार दिया. फिर सविता में भी मारा फिर ेबेचा ने और फिर अंकिता ने. रेखा कड़ी तप्पड़ कहती रही शायद के उसके क्रम का फल था जो वो भुगत रही थी. पैर तभी कुछ गिरने की आवाज आयी तो सभी ने उस तरफ देख तो वह काजल जमीन पर पड़ी रो रही थी. पारी उसको सँभालने की कोसिस कर रही थी.

हुआ ये था की कामिनी और सविता की तेज़ आवाजों से वो बहार आ गयी थी. काजल की नीड कुछ देर पहले hi खुली थी. काजल को अपने पेट में कुछ खली सा लगा. और जब उसने हाथ लगा कर देखा तो वह पट्टी बैंडिट hi. काजल का दिल घबरा गया. उसको बुरे बुरे ख्याल आने लगे. वो जानना चाहती थी की उसके साथ क्या हुआ है इसलिए वो बहार hi आ रही थी की उसने आवाजे सुनी तो वो रुक कर सब सुनने लगी. पारी भी काजल के पीछे आ गयी थी. पैर उन बातो को सुनने के लिए वो भी रुक गयी थी.

काजल को देख कर सभी काजल की तरफ भागे और काजल को ुधा कर अंदर रूम में ले गए. जब काजल का रोना कुछ काम हुआ तो काजल ने पूछा – मुझको क्या हुआ है मेरे पेट पैर ये पट्टी किसी?? मेरा पेट खली -2 क्यों लग रहा है??

काजल का सवाल सुन कर सभी के मुँह पैर टाला लग गया. अब काजल को कोण संजय. पैर ये बात तो वैसे भी काजल को समाज आ गयी थी पैर शायद वो इनको सच मन्ना नहीं चाहती थी. इस लिए सभी से पूछ रही थी. हिम्मत करके अंकिता ने hi बोलै – काजल तुम एक दम ठीक हो.. तुमको कुछ नहीं हुआ. पैर तुम्हारा बच्चा…

काजल अंकिता की बात सुन कर अपने पेट कर हाथ फेरते हुए बोली – क्या हुआ मेरे बच्चे को?? (पैर जब उसे अपने बच्चे का पेट में कोई आभाष नहीं हुआ तो पागलो की तरह अपने पेट को टटोलने लगी) कहा गया?? कहा गया मेरा बच्चा कहा गया.. मेरे पेट में उसके होने का मुझको आभास क्यों नहीं हो रहा…

सविता ने काजल को अपने सीने से लगा लिया और रट हुए बोली – मत रो बीटा… भगवन फिर हमारी सुनेगा. तुम फिर से माँ जरूर बनोगी….. तुम ठीक हो इससे ज्यादा ख़ुशी की बात क्या हो सकती है बीटा…

सविता के शब्दों को सुन कर काजल अब खुद से झूट नहीं बोल पाई. उसकी हिम्मत टूट गयी. वो बहिनता रोने लगी. रट हुए उसके सामने उसकी माँ की कही बाते और हॉस्पिटल के गेट का स्कीन घूमने लगा. तो वो एक दम ुधि और अपनी माँ पैर मरने को हाथ ुधा लिया पैर पब ने उसके हाथ को बिच में hi पकड़ लिया और न में सर हिलने लगा. काजल रोटी बिलक्ति हुयी पब के सीने से लगी रही. पब उसको चुप करवाने में लगा था.

रेखा ने आगे आ कर अपनी बेटी के सर पर हाथ फेरा तो काजल ने उसका हाथ छिटक दिया और गुस्से से रोटी हुयी बोली – तुम मेरे बच्चे की मूट की जिम्मेदार हो चली जाओ यहाँ से.. कभी अपनी ये शकल मुझको मत दिखाना. आज अपने अपनी बेटी की कोख को उजाड़ कर माँ बेटी के रिश्ते को ख़तम कर दिया है.

इतनी देर से चुप कड़ी सलोनी और मंजू ने काजल की बात सुन कर रेखा को रूम से बहार ले गयी. और इन दोनों ने भी रेखा को खूब खरी खोटी सुनाई. पब किस किस को रोकता. अब पब को लगा की उसने गलती कर दी रेखा को यहाँ ला कर. तो पब ने गुरु को इशारे में बोलै की वो रेखा और रामलाल को उनके घर जाने को बोल दे नहीं तो हालत सुधरने की जगह और बिगड़ जायेगे.

रात के 2 बाज रहे थे. अंकिता को काजल को नीड का इंजेक्शन दे कर सुलाना पड़ा था. जय और ऐडा की नीड अभी तक नहीं खुली थी. पैर अब माहोल थोड़ा ठीक हो गया था. सभी ने खुद को संभल लिया था.

पब 3 बाजे सभी को समजा कर फिर से स्कूल की और चल दिया. वह पहुंच कर अपने मन को शांत करने के लिए पब डायन में बेथ गया. आज इवेंट का 4तह डे था और आज केवल 2 hi मैच होने थे. दोनों टीम का फाइनल… तो 10 बाज पब और सलोनी हल्का फुल्का नास्ता करके रिंग पैर पहुंच चुके थे. पब और ेबेचा ने ये दोनों फाइनल जीत लिए थे. पब बॉयज टीम का चैंपियन था तो ेबेचा गर्ल्स टीम की. पब की फाइट देख कर आज ेबेचा सोचने पैर मजबूर हो गयी थी. बाईट 3-4 दिनों में hi वो जिस तरह पब के नजदीक आ गयी थी. उसे लगने लगा था की जैसे वो पब के लिए hi बानी हो उसको सालो से जानती हो. ेबेचा सोच रही थी की लगता है की अब मेरी प्रतिज्ञा पूरी होने का टाइम आ गया है. उसे हर और से ऐसे hi संकेत मिल रहे थे. ेबेचा अपने खयालो में थी की पब मास्टर से मिल कर अपने रूम में आ गया था. अभी 12 hi बजे थे. और कल फाइनल होना था जिसके लिए पब ने इतने दिन वह लगाए थे.

रूम में आते hi पब और सलोनी हवेली पहुंच गए. वह अभी भी रात जैसा hi माहोल था. अब जय को भी सब पता चल चुक्का था. जय भी बहुत दुखी था. पैर अब ऐडा अपने रूम में थी और काजल और जय अपने रूम में. ऐडा को इतनी कमजोरी हो गयी थी की वो बार बार बेहोश हो रही थी. ऐडा के दिल पैर बहुत गहरा आगत पंहुचा था. पब को ऐडा की चिंता होने लगी. तो पब ऐडा के रूम में पहुंच गया. ऐडा अभी बेहोशी की लम में थी. पब ने प्यार से उसके सर पैर हाथ फेरने लगा. ऐडा के पास इस टाइम पारी बैठी थी. सविता और कामिनी जय और काजल के पास थी. पब ने ऐडा को देता तो उसका दिल रोने लगा. उसने अंकिता को रूम में बुलाया और उसको बोलै की वो एक नर्स का इंतजाम कर दे ऐडा के लिए. और वो खुद अड़ अक डायन रखे. अब आगे जब भी ऐडा को डॉ. की जरुरत हो तो डॉ. को घर बुलाया जाये न की ऐडा को लेकर जाया जाये. बहुत जरुरी होने पैर hi ऐडा को हवेली से बहार जाने के लिए बोलै.

कुछ देर बाद जब ऐडा को होश आया तो वो पब को देख कर उससे चुपक कर फिर रोने लगी. पब उससे प्यार से समजने लगा. – ऐडा तुम इतनी दुखी क्यों हो. जो होना था ो तो हो गया न. अब उसको वापिस तो नहीं किया जा सकता. पैर यदि तुम जैसे रोटी रहोगी तो तुम पैर और हमारे बच्चे पैर बुरा ाशर होगा न..

ऐडा रट हुए – पैर जो भी हुआ सब मेरी बझा से हो हुआ न. न जय मुझको बचते और न hi ये सब होता..

पब – ऐडा जो हुआ उसने तुम्हारी कोई गलती नहीं थी. सोचो यदि तुमको कुछ भी होता तो भी तो सब ख़तम हो जाता न. फिर केवल जय और काजल बचते. तब क्या वो रही होता… तुम सब जानते हुए भी रो रही हो. और यदि देखा जाये तो सब मेरी वजह से हो रहा है. न मैं त्रिकाल से युद्ध सुरु करता और न hi तुम सब मेरी जिंदगी में आते और न hi ये सब होता..

ऐडा – आप ये किसी बात कर रहे है. यदि आप hi नहीं होते तो हमारा भी कोई आस्तित्व नहीं होता.

पब – तो फिर तुम क्यों ये सोच रही हो की जो हुआ उसमे तुम्हारी गलती है. जीना मरना इन्शान के हाथ ने होता तो ये दुनिया hi पलट जाती.. ऐडा अपने आप को दोष मत दो. जो बिट गया उसको भूल जाओ. और अपने बच्चे की और डायन दो. सोचो यदि तुम ऐसे hi दुखी रही और यदि इसको कुछ हो गया तो फिर क्या होगा…

ऐडा घबराते हुए – नहीं नहीं मैं इसको कुछ नहीं होने दूगी. ये केवल मेरा बच्चा नहीं है इस घर में सभी ने इस बच्चे को अपना मन हुआ है….

पब – पैर तुम इसका डायन तो बिलकुल भी नहीं रखती हो. सोचो यदि तुम रोटी रहोगी तो उस पैर कितना गलत अक्षर होगा..

ऐडा पब को देखने लगी उसके मंद में पब की बाते घर करने लगी. पब थोड़ी देर तक और उसको समजा कर उसे दवा खिला कर सुला दिया. और फिर जय और काजल के रूम में पहुंच गया. फिर उन दोनों को भी संजय. उनके दुःख को भी काम किया. जय तो काजल की नजर में पहले से hi गुनेगार था. और अब तो जय खुद को अपने बच्चे का हत्यारा समझने लगा था. जय को भी किसी तरह पब ने संजय और काजल से बात करके माफ़ी मांगने को भी बोलै. फिर काजल को भी संजय और उसको जय को माफ़ करने को भी बोलै. कुछ देर समजने के बात पब हॉल में आ गया. और सभी को अपने पास बुला कर समजने लगा. गुरु ने भी उसकी इसमें बहुत मदत की. पब और गुरु की बातो का अक्षर सभी पैर हुआ. और सब फिर से नार्मल होने की कोसिस करने लगे. पब ने सभी को डायन लगाने की सलहा दी. ताकि वो सब अपने मन को शांत कर सके. अवनि को भी फिर से ट्रेनिंग पैर फूस करने को बोलै.

सभी को समजा कर पब अपने रूम में पहुंच गया. और अपना लैपटॉप निकल कर उस पैर कुछ काम करने लगा.
 
अपडेट 207

सभी को समजा कर पब अपने रूम में पहुंच गया. और अपना लैपटॉप निकल कर उस पैर कुछ काम करने लगा. जब तक पब लैपटॉप में बिजी है देखते है जय के रूम में क्या हुआ

जय काजल के पास जा कर उसे देखने लगा. पब के समजने की दोनों की बाते दोनों ने सुनी थी. पैर पब के जाने के बाद दोनों hi चुप थे. हिम्मत करके जय काजल के पास खिसक गया था. दोनों एक hi बीएड के दोनों सिरों पैर लेते थे. पैर अब जय की साइड खली हो चुकी थी. वो काजल के पास जा कर काजल की आखों में देख रहा था. उसकी आखों से आशु बहा रहे थे. और काजल भी अपनी आखों में आशु भरे जय की तरफ देख रही थी. दोनों की आखें आपस में बाते कर रही थी. पैर मुँह से कुछ भी कहने की हिम्मत नहीं थी. बड़ी देर तक कोई कुछ नहीं बोलै. फिर जय ने फिर से हिमायत करके बोलै – काजललल प्लससससस मुझको…. माफ़…..

जय इससे जयादा कुछ बोलता उससे पहले hi काजल ने जय के मुँह पैर हाथ रख दिया और बोली – नहीं जय आप मुझसे माफ़ी मांग कर मुझको सर्मिन्दा न करे. जो भी हुआ है वो भगवन की मर्जी थी. इसके आपकी कोई गलती नहीं. अपने तो जो किया है उस पैर मुझको आप पैर गर्व है. भैया जो आपको जिम्मेदारी दे कर गए थे अपने वो अपनी जान पैर खेल कर पूरी की है. गलती तो मेरी उस माँ की है जिसने जानते हुए भी अपनी बेटी के लिए …..

इस बार जय ने काजल को चुप करवा दिया – नहीं काजल उनकी भी गलती नहीं है वो भी मजबूर थी. उन्होंने जो भी किया वो अपनी फॅमिली के लिए किया..

काजल – किया हो परिवार के लिए. पैर क्या मैं उनके परिवार का हिस्सा नहीं हु. क्या आप उनके कुछ नहीं है. क्या भैया उनके कुछ नहीं है. ारे भैया ने तो उनकी जान बचाई थी यदि वो उस दिन hi मर जाते तो काम से काम आज ये सब तो न होता.

जय – छोडो न काजल, भूल जाओ सब जो हुआ वो एक बुरा सपना था. और आने वाला कल हमारा होगा.. तुम चिटा मत करो आओ मैं फिर से तुमको माँ बना दू.

काजल शर्मा कर – धत.. गंदे… अभी हाल देखे है अपने और मेरे, और तुमको मस्ती सूज रही है.

दोनों बहुत देर तक ऐसे hi अपने गीले सिक्वे दूर करते रहे. और अपने बच्चे के दुःख से एक साथ लड़ते रहे. आज दोनों के बिच की दूरिया मिट चुकी थी. दो प्रेमी फिर एक हो गए थे. इस दुःख ने फिर से दोनों को एक कर दिया था. और अब दोनों एक दूसरे का सहारा बने हुए थे. और मन hi मन पब को थैंक्स बोल रहे थे की उसने आज दोनों के बिच की दुरी को ख़तम करने में हेल्प की.

पब अपने लैपटॉप पैर काम ख़तम करके सलोनी के साथ दानव सेना बेस पहुंच गया. और वह पैर रवि, सप और उन गुंडों के लीडर के पास जा कर उनकी हालत देखने लगा. उनकी हालत देख कर तो एक बार पब भी हिल गया. जुली ने उन पैर इतने जुल्म किये थे की वो सभी मूट की भीख मांग रहे थे. जुली ने पता किया तो उन सभी ने सब बता दिया था. पब ने वो सारा डाटा बेबी को कंप्यूटर में डालने के लिए बुलाया. और अपने पास मेल करवा लिया. डाटा एंट्री का तो बहाना था. पब को बेबी को ये सब दिखाना था. उन सभी गुंडों की हालत देख कर बेबी के ट्रिपनने तक कैंप गए. दर उस पैर इस कदर हावी हो गया की उसने डाटा एंट्री काने जैसे बच्चो के काम में भी हजारो गलती कर दी थी. बेबी वह से जल्दी से जल्दी जाना चाहती थी. पैर पब भी उससे फुल मज़े लेने के मूड में था. तो बेबी को बोलै – बेबी इस सभी के बैंक एकाउंट्स में बहुत पैसा होगा. वो सब पैसा तुम जुली के अकाउंट में ट्रांसफर केर दो. और जो अपने पैसे की डिटेल न दे उसके साथ तुम कुछ भी कर सकती हो. मैं अभी थोड़ी देर मैं आता हु. जब तक ये सब हो जाना चाहिए.

ये बोल कर पब, सलोनी और जुली वह से दानव बेस में घूम कर सब देखने लगे. आज जय नहीं आया था और जुली भी इस गुंडों के साथ बिजी थी. तो वह आज सब हमक ने खुद से hi संभाला था. जैसे hi हमक ने पब को वह देखा तो वो चौक गया. फिर पब ने उसको बोल दिया की वो हेलीकाप्टर से लाया है और रात में फिर से पहुंच hi जायेगा. हमक को ेबेचा और मास्टर ने सब बता दिया था. और हमक के लिए वो स्कूल सब कुछ था. हमक चाहा कर भी पब से कुछ नहीं कहा पाया बस उससे सामने हाथ जोड़ दिए. उसकी आखें उसकी कृतज्ञता दिखा रही थी.

पब हमक से मिल कर आगे आ गया और फिर कुछ सोचते हुए उसने गुरु से अंकिता, कामिनी, जय, सविता, अवनि, एरिका, माहि, मंजू, पारी सभी को 1 हर. बाद वह लेन के लिए बोलै. और फिर बेबी के पास पहुंच गया.

बेबी तो बड़ी मुश्किल से खुद को नियंत्रित करके एक दो लोगो का पैसा जुली के अकाउंट में ट्रांसफर कर पायी थी. उन लोगो की हालत से बेबी को लग रहा था की ये सब उसके साथ भी हो सकता है. बेबी पैर ये दर बहुत हावी था. जब पब वह पंहुचा तो पब ने देखा की अभी तक काम नहीं हुआ है तो बेबी से बोलै – क्या हुआ बेबी हुआ क्यों नहीं?? कोण नहीं बता रहा अपनी डिटेल बोलो अभी उससे बुलबाटे है.

ये बोल कर बेबी का जवाब सुने बिना जुली को इशारा कर दिया. तो जुली फिर एक गुंडे के पास जा कर उसके हाथ की खाल पैर चाकू से खाल को कट कर उसकी खाल को पकड़ कर खींच दी. गुंडे के मुँह से इतनी तेज़ चीख निकली की उस चीख को सुन कर बेबी तो बेहोश hi हो गयी. बेबी को बेहोश होता देख कर पब के फेस पैर स्माइल आ गयी. और पब ने उसे उसके रूम में भिजवा दिया. फिर जुली को माने ट्रांसफर के काम पैर बिठा दिया. जुली ने कुछ hi देर में अभी के अकाउंट खली कर दिए. तब पब ने जुली से पूछा – जुली उस दिन के बाद इसने कोई गलत हरकत तो नहीं की न??

जुली – नहीं अभी तक तो कुछ नहीं किया. और आज के बाद तो करने से पहले भी 100 बार सोचेगी.

पब – हैं ये तो है. इस लिए तो इसको ये दोसे दिया है. यदि मुझको इसकी जरुरत नहीं होती तो ये अभी तक पुलिस के पास होती.

अभी जुली और पब बात hi कर रहे थे की वो सब लोग भी आ गए. उनको देख कर पब ने बाते बंद कर दी. सभी पब ने पूछ रहे थे की क्यों बुलाया.

पब उन गुंडों की तरफ इशारा करके बोलै – ये सब वो लोग है जो अभी तक हम पैर हुए सभी हमलो के जिम्मेदार है. इनके जरिये hi संभु ने सभी हमले करबाए है. (जय की और देख कर एक विदेशी की और इशारा करते हुए) जय ये है वो जिसने उस दिन गोलिया चलाई थी.

पब की बात सुन कर सभी की आखों में जैसे खून hi उत्तर आया. पब उन सभी को वह छोड़ कर बहार आ गया. और बहार चीखने छिलने की आवाजे आ रही थी. कुछ देर में आवाजे आणि बंद हो गयी और फिर रोने की आवाजे आने लगी. कुछ hi देर में वो भी बंद हो गयी और सभी बहार आ गए. सभी के फेस पैर एक संतुष्टि थी. पब सभी के साथ हवेली आ गया. पब ने जुली को कल के लिए समझा दिया था की क्या करना है. कियोकि कल से पब के दिए 3 दिन सुरु होने थे. और कल सुबह में hi जुली को नैनपुर सिटी के मोस्ट वांटेड क्रिमिनल को ठिकाने लगाना था. ये नैनपुर सिटी के सभी टूरिस्ट प्लेस पैर ड्रग्स सप्लाई करता था. और होटल में आये लोगो के मंस बनाना, उनके साथ लूटपाट करना, मुंडेर करना, नैनपुर के जंगलो में पायी जाने वाली सभी चीजों स्मगलिंग करना, ये सब उसके मैं काम थे. और इसके साथ में कई बिज़नेस में, मला, ंप और कई अफसर भी शामिल थे.

पब हवेली में आ कर सभी के साथ डिनर करके माहि और मंजू को ले कर अपने रूम में आ गया था.

पब – माहि मेने तुमको कुछ कहा था संभु के बारे में? कुछ पता चला?? अब संभु का कुछ करना hi होगा नहीं तो वो हमेशा कुछ न कुछ करता hi रहेगा.

माहि – हाँ मेने भूचरत्व सेफ्टी शील्ड के बारे में बहुत कुछ पड़ा है. और जाना है. इसका पाना ाशन नहीं है. संभु ने 2-3 साल तक अनुष्ठान किया होगा. तब वो इस शील्ड को एक्टिव कर पाया है. और ये देव शक्ति से बनती है. इसको तोडना नामुनकिन है. इसका केवल एक तोड़ है. वो है इसकी शक्ति के स्रोत को ख़तम करना. जब भी इस शील्ड का अनुष्ठान किया जाता है तो उस अनुष्ठान से प्राप्त सभी शक्ति को किसी भी चीज में एकत्रित कर लिया जाता है. और वो hi शक्ति इस शील्ड को कभी टूटने नहीं देती.

पब – ये शक्ति किस चीज में एकत्रित की जा सकती है??

माहि – किसी भी चीज में. एक पिन से लेकर प्लेन तक कुछ भी हो सकता है. और फिर बस उसको सेफ रखना है यदि वो सेफ तो शील्ड सेफ.

पब – यार शम्भू ने किस चीज में रखा होगा उस शक्ति को??

मंजू – माहि क्या वो चीज भी अपनी कोई शक्ति रक्ति है क्या?? क्या उसको दिव्या दृष्टि से देखा जा सकता है??

माहि – हम्म ये तो नहीं पता. मैं देखती हु फिर से…

मंजू – पैर मुझको एक बात समाज नहीं आयी की आप तो खुद सभी मंत्र और सभी गांठ का गायन रखते है तो आप माहि से क्यों कहा रहे है??

माहि – मंजू पहले मेने भी ये सोचा था पैर जब मेने इसके बारे में खोजै तो मुझको और भी बहुत सा गायन मिल गया.

पब मुस्कुराते हुए – मंजू जब तक हम खुद कुछ नहीं करते तब तक हमको अपनी ताकत का पता नहीं चलता.

फिर ये लोग और बहुत सी बाते करते हुए जल्दी hi सो गए आज वो 9 बजे hi सो गए. और उसके साथ में बाकि सब भी सो गए. कल रात को भी कोई नहीं सो पाया था. और फिर सभी के दिलो में कुछ सुकून भी था. तो सभी जल्दी सो गए.
 
थैंक यू फॉर लवली कमेंट एंड सपोर्ट.....

भाई पुरे गाओं को पता है काजल ठाकुर की हवेली में रहती है. और काजल के MAA-BAAP कोण है. तो किसी को भी ये पता करने में कितनी देर लगेगी. और मेने पहले भी बताया था की संभु ने सबसे पहले सभी मेम्बर के बारे में जानने की कोसिस की थी. जब त्रिकाल ने उसको पब की पत्नियों को मरने को बोलै था.

भाई जय ने तो कर दिया.. पैर काजल और ऐडा का कहा नहीं सकते... और बसे भी रेखा का ज्यादा रोले नहीं है.
 
भाई बताया तो था की ेलेक्टिसिटी की प्रॉब्लम हो गयी. घर में 25-30 क का नुकशान हो गया. एक साथ इतने वोल्टेज आये की उस टाइम ों सभी चीज ख़राब हो गयी... उसी में लगा था. और एक दर भी था की यदि मेने अपना लैपटॉप ों किया और वो भी हो गया तब तो मेरा कबाड़ा हो जाता भाई....

थैंक यू फॉर योर वैल्युएबल सपोर्ट,,,

अपडेट पोस्टेड...
 
भाई आप सभी कहा है. क्या हो गया स्टोरी क्यों छोड़ दी????? बहुत दिन से आप सभी लोगो का साथ नहीं मिला...

अपडेट पोस्टेड

प्लस गिव ुर रेविएवस ...
 
Back
Top