MANAV or DANAV sex story - part 1 - Page 31 - SexBaba
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MANAV or DANAV sex story - part 1

थैंक यू फॉर लवली कमेंट एंड योर सपोर्ट.... ी पोस्टेड 2ंद अपडेट ऑफ़ टुडे... रीड एंड गिव योर रिव्यु....

एक दम सत्य वचन भाई... बूत कभी कभी वो आदेश पत्नी के दिल को जखम भी दे सकता है. जहा एक और हमेशा उस पत्नी की बात मणि हो. या यु कहो की उसके मार्गदर्शन में HI चले हो. और आज उसको बिना बताये कुछ करो और उसकी इच्छा के खिलाफ आदेश तो ये दर्द भी बन सकता है....

भाई बहुत HI सुन्दर शायरी है... वह वह... पैर क्या करे ये खुदा जिसने हमको कभी शायर न बनाया ... साला पिने के बाद भी शायरी मुँह से नहीं निकलती....
 
अपडेट 214



रूम में आया तूफान जैसे थम गया था और अब केवल सासो की आवाजे hi आ रही थी. ेबेचा पब के उप्पेर पड़ी सुस्ता रही थी. लुंड अभी भी छूट में hi था. और दोनों के चारो तरफ रौशनी होने लगी थी. पैर आज की रौशनी हर बार से बहुत जयादा थी. रौशनी के चरम पैर पहुंचे के साथ hi पब के राइट हैंड में बहुत जोर से दर्द होने लगता है. इस टाइम ेबेचा अपनी छूट में पब का लुंड लिए उसके उप्पेर पड़ी सुस्ता रही थी तो उसके सीने से अपना फेस उप्पेर करके बोली – क्या हुआ है आपको आप चिल्ला क्या रहे है.

हालाकि ेबेचा को भी अभी बहुत दर्द था अपनी छूट में पैर उसको दर्द सहन करने की आदत थी. फाइट से अक्सर छोटे आती hi रहती है. पैर पब के दर्द में तड़पने से ेबेचा अपना दर्द भूल कर पब के सर पैर हाथ फेरने लगती है. अभी 1 मं hi हुआ था की ेबेचा को भी ऐसा लगता है की ेबेचा का ब्लड प्रैस्सर बाद रहा है पहले तो उसको बस बेचैनी होती है. फिर ेबेचा को लगता है की उसकी बॉडी की हर नस जैसे फूल और पिचक रही है. ेबेचा की फुल बॉडी पैन होने लगता है.

निचे पड़ा पब दर्द से हिल भी नहीं प् रहा था और उसके उप्पेर पड़ी ेबेचा अपने दर्द से लड़ रही थी. कुछ hi देर में दोनों की मिली झूली चीखे रूम में गुजने लगती है. रूम साउंड प्रूफ था तो साउंड रूम से बहार नहीं जा रहा था. पैर दोनों अपने दर्द को बर्दाश कर रहे थे. कुछ देर में पब का हाथ लाल पड़ने लगता है और पब बेहोश हो जाता है. पैर ेबेचा की छूट में पब का लुंड था तो वो तो बेचारी बेहोश भी नहीं हो प् रही थी. नहीं तो कब की बेहोश हो जाती. ेबेचा ने जिंदगी में कभी ऐसा फील नहीं किया था. उसके सरीर की हर नस दर्द कर रही थी. जैसे नस में ब्लड के साथ कुछ और बहा रहा हो. ेबेचा हाथ पेअर फेकने लगती है जिससे वो पब के उप्पेर से गिर जाती है और लुंड को बहार आते hi वो भी बेहोश हो चुकी थी. उसके दूध जैसा गोरा बदन पूरा लाल हो रखा था. पूरा सरीर सूज गया था. दोनों बेहोश थे और ये बात हवेली में किसी को पता नहीं थी. सभी सोये हुए थे.

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चलिए अब षाले है उस टाइम की तरफ जब पब ने ेबेचा के साथ में उस तलवार की विश मागि थी. तो सलोनी एक दम से बादक गयी. बात ये है की मणि जी ने पब को पहले hi बता दिया था की ऐसा कुछ हो सकता है. कियोकि वो एक सदर्न तलवार नहीं थी. वो तलवार है शिव की, भोले बाबा की, त्रिलोकी नाथ की, देवा दी देव महा देव की, और ये तलवार महादेव ने अपने परम भक्त रावण को दी थी. जो की रावण के मरने के बाद विभीषण को मिली. विभीषण ने उसको पूजा घर में रखवा दिया. समय के साथ ये तलवार आने बाले सभी दानव राज को मिलती गयी दानवो की दारोहर के रूप में. हर दानव के लिए ये पूजनीय है. कुछ hi दानवो ने देवताओ से युद्ध में इसका उसे किया था. बल्कि ये कहु की हर दानव राज में वो शक्ति hi नहीं थी की इस तलवार को ुधा सके. और इसकी पावर को उसे कर सके. तो ये सभी के लये पूजनीय hi बन कर रही. और आज भी ये पटल में दानवो के पूजा घर में सुरक्षित सखी थी. कोई भी दानव अपनी इस दारोहर को खोना नहीं चाहता है. उसको पाने की लालशा तो बहुत के मन में थी पैर उसको खोना किसी को गबरा नहीं है. जो दानव इसको पाना चाहते है वो भी ये जानते है की वो इस तलवार को ुधा भी नहीं सकती इसलिए उन्होंने इसे पाने की कोसिस नहीं की. दानवो में लड़ाई तो इस तलवार को ले कर बहुत बार हो चुकी है. पैर इसको पाने के लिए दानव राज को हराना सबसे जरुरी था. तो ये लड़ाई दानवराज बनने तक hi सिमित रहा गयी. दानवराज होते hi उस तलवार पैर मालिकाना हक़ हो hi जाता था.

(भाइयो ये कलपनीप कहानी है. सच मत मन लेना. ये केवल स्टोरी के लिए सच है. हकीकत में हमारे ग्रंथो में ऐसा कोई उल्लेख नहीं है)

मणि जी ये बात जानते है की कोई भी दानव इस तलवार को दानवो से दूर नहीं होने दे सकता है. इसलिए hi उन्होंने ये चल चली. दानवो को यदि इस बात की बनक भी हो जाती की पब उस तलवार को पाने के लिए सम्भोग क्रिया करने वाला है तो तभी दानव पब पैर हमला कर देते फिर चाहे वो बचे या नाब अचे. इस युद्ध को रोकने और पब को वो तलवार दिलवाने के लिए hi मणि जी ने पब को बोलै की वो आज की अपनी विश किसी को न बताये. वो केवल पब के दिल और दिमाग में hi थी. गुरु को भी उसने नहीं बताई.

मणि जी ने hi वो एनर्जी सेफ्टी शील्ड बनाना के लिए बोलै. कियोकि इस शील्ड के रहते किसी भी दानव को पब की विश का पता नहीं चलना था. दानवराज और दक्षसूरी के अंश तो मंत्रो से पहले hi आ चुके थे तो उसको तो विश का गायन होता hi. पैर कोई और दानव ये नहीं जान पता.

अब मणि जी के सामने एक और चुनौती थी इस क्रिया को पूरी करने के लिए और वो थी दानव कन्या सलोनी. सलोनी के हवेली में होने से उसको इस बात का आभास होना hi था. पैर वो खुद उस तलवार के सच को नहीं जानती थी तो उसको ये तो फील होना था की उसे पब को रोकना है पैर क्यों?? ये उसके समाज में नहीं आना था. मतलब सलोनी का दानव अंश उसे पब को रोकने के लिए विवश कर देगा. पैर यदि सलोनी अपने दानव अंश को खुद कण्ट्रोल करके रखे तो कोई परेशानी नहीं होनी थी. इसलिए hi मणि जी ने सलोनी को सँभालने के लिए गुरु और कामिनी का नाम पब को बता दिया था.

(मणि जी ने पब को ये सब बात बता दी है. पैर पब की किसी पत्नी को ये सब नहीं पता है)

अब जैसे hi पब ने अपनी विश मांगी सलोनी का दानव अंश बहार आने लगा और वो सोती हुयी एक दम बेथ गयी और बडबडी – नहीं मैं ऐसा नहीं होने दूगी. ये नहीं हो सकता. ये गलत हो रहा है…

गुरु चाहे पब से खफा थी कामिनी भी पब से गुस्सा थी पैर दोनों पब की बात या कहो आदेश को मन कर सलोनी की पहरेदारी hi कर रही थी. दोनों सलोनी के पास उसके रूम में hi सोई थी. सलोनी को तो नीड आ गयी थी पैर ये दोनों सोई नहीं थी. जैसे hi सलोनी बड़बड़ाती हुयी ुधि गुरु भी ुध गयी और सलोनी का हाथ पकड़ कर बोली – क्या हुआ सलोनी?? इतनी रात में कहा जा रही हो??

सलोनी – दीदी छोड़ो मुझको मैं ये नहीं होने दे सकती हु. वो ऐसा कैसे कर सकते है?? हटिये मुझको उनको रोकना hi होगा..

कामिनी – कोण?? किसकी बात कर रही है सलोनी?? कोण गलत कर रहा है?? रात में सभी सोये हुए है और तू पता नहीं क्या बड़बड़ा रही है??

सलोनी – दीदी मैं पंकज की बात कर रही हु. आज वो जो भी कर रहे है वो गलत है. मैं इनको रोक कर hi रहूगी..

गुरु – सलोनी पागल हो गयी है क्या?? बेथ यहाँ पैर.. मेरी बात सुन…

गुरु कड़ी होती हुयी सलोनी को फिर से हाथ खींच कर बीएड पैर बैठा देती है. पैर इससे सलोनी का गुस्सा बाद जाता है. और वो गुरु को दक्का मर देती है. गुरु भी गिर जाती है. तो कामिनी पीछे से सलोनी को पकड़ कर बड़े प्यार से बोली – सलोनी क्या कर रही है मेरी बहन?? तूने दीदी को दक्का क्यों दिया. क्या तू मेरी बात भी नहीं सुनेगी. अपनी बहन की भी नहीं.

कामिनी की बात से सलोनी थोड़ी ढीली पद गयी पैर वो बोली – दीदी मैं आपकी हर बात सुनुँगी पैर अभी मेरा जाना जरुरी है नहीं को सब ख़तम हो जायेगा.

कामिनी – चल ठीक है तू जा बस ये तो बता दे कहा और क्या करने जा रही है और क्या ख़तम हो जायेगा??

सलोनी – दीदी मुझको पंकज को रोकना है वो आज जो कर रहे है उससे सब ख़तम हो जायेगा..

गुरु उड़ते हुए – सलोनी मेरी बहन तू क्या बोल रही है तू भूल रही है वो तेरे भी पति है. अपने पति को किस चीज के लिए रोकने जा रही है. तू जानती है न यदि अभी उनको रोका गया तो हम सब ख़तम हो जायेगे…

सलोनी – कोई बात नहीं दीदी चाहे हम सब मर जाये पैर दानवो का अपमान मेरे रहते नहीं हो सकता . (ये बात सलोनी ने बता नहीं किस आवेश में बोली थी उसके अंदर का दानव बोल रहा था.)

कामिनी – सलोनी होश में आओ तुम ये क्या कर रही हो. रोक जाओ मेरी बहन तुमको हमारी मरी हुयी माँ का बस्ता है….

कामिनी की इस बात ने सलोनी के बढ़ते कदम रुक गए. पैर उसका सरीर उससे hi लड़ रहा था. और वो जटपटा रही थी.

गुरु – सलोनी शांत हो जा बहन भूल मत हरारे पति कोई सदर्न मानव नहीं है वो दानव पुत्र है. दस माँ ने मेरे सामने उनको अपना बीटा कहा है. तो सोचो एक दानव पुत्र दानवो का अपमान कैसे होने दे सकता है?? कभी लगा है आज तक तुमको की उन्होंने दानवो का अपमान किया है. एक दानव पुत्र दानवो का अपमान कैसे कर सकता है. सोचो सलोनी सोचो…

गुरु की बातो का सलोनी पैर गहरा अक्षर हुआ. और वो अपने आप को शांत करने लगी. ये अक्षर देख कर गुरु ने भी सलोनी से फिर बोलै – सलोनी वो हमारे पति भी है. वो तुम्हारे पति भी है एक दानव कन्या क्या अपने पति की मूट का कारन बनेगी?? दानव कन्या अपने hi सुहाग को मिटने की सोच भी कैसे सकती है वो भी ऐसा सुहाग जिस पैर खुद दानव रानी ने अपनी कृपा का हाथ रखा हो. दानव रानी ने खुद उसको अपने bête होने का गौरव दिया हो. सोचो सलोनी सोचो… तुम ऐसा कभी नहीं कर सकती.. दस माँ ने भी तुमको कभी ऐसे शिक्षा नहीं दी है.



गुरु की बाते सलोनी के सरीर को शांत करने लगी. धिरे-2 सलोनी एक दम शांत हो चुकी थी. और शांत होते -2 उसको नीड भी आने लगी और वो गुरु की गौड़ में hi सो गयी. पैर अब गुरु और कामिनी के मनो में सवालो का घेरा लगा हुआ था. और वो इस सवालो को सोचते हुए hi सो गयी….
 
अपडेट 215

गुरु की बाते सलोनी के सरीर को शांत करने लगी. धिरे-2 सलोनी एक दम शांत हो चुकी थी. और शांत होते -2 उसको नीड भी आने लगी और वो गुरु की गौड़ में hi सो गयी. पैर अब गुरु और कामिनी के मनो में सवालो का घेरा लगा हुआ था. और वो इस सवालो को सोचते हुए hi सो गयी….

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आज सोनल की 1सत ऑफिसियल मीटिंग थी. सोनल अभी तक तो केवल देख और सिख रही थी. उसको सीखने में अविनाश उसकी फुल हेल्प कर रहा था. सोनल को लता के साथ गए 2 मंथ के अस पास हो गए थे. इस 2 मंथ में अविनाश ने सोनल को बहुत कुछ सिख्या था. या ये भी कहा सकते है की उसको उसके दुःख से मिकलने में मदत की थी. एक तो अब सोनल को पता था की उसका भाई कहा है. और एक सुकून भी था की उसका भाई उसकी माँ की वो आखरी इच्छा को भी पूरी करने के लिए लड़ रहा है जिसको पूरी होने की कल्पना भी सोनल ने नहीं की थी. सोनल की जिंदगी एक बार फिर बदल चुकी थी. न जाने कितने रंग देख चुकी थी सोनल अपनी जिंदगी में. पैदा हुयी दिल्ली में लता और अल्पना दोनों का प्यार मिला. केवल ख़ुशी hi ख़ुशी थी. फिर गाओं में रहना पड़ना ख़ुशी -2 दिन दिताये. फिर पापा केमरने के बाद वो गरीबी के दिन. वो खेतो में मजदूरी. फिर संभु का जिंदगी में आना. बस ये सोच आते hi सोनल ने अपने आप को छिटक दिया. और खुद को शांत करने लगी. सुबह के 6 बजे थे. आज 11 ऍम पैर उसकी 1सत मीटिंग थी. उसी के लिए जल्दी उड़ कर तैयारियां कर रही थी. पैर अपने अतीत में खो गयी. पैर जैसे hi उसे को भयानक मंजर याद आये उसने तुर्रंत अपने आप को रोक लिया. और अतीत से बहार आ गयी. कियोकि वो जानती थी की यदि उसने अभी उस अतीत को कुरेदा तो दर्द से वो बेहाल हो जाएगी. और आज का दिन उसका ख़राब हो जायेगा.

सोनल खुद को जल्दी-2 तैयार कर रही थी. और अब उसके मंद में अविनाश था. मंद में hi नहीं दिल में भी था. जैसे अविनाश ने सोनल की हेल्प की थी. तो सोनल का दिल hi जीत लिया था. सोनल को उसका साथ अच्छा लगने लगा था. पैर वो सोनल से छोटा था. तो एक हिचक सी थी मन में. पैर सोनल को उसका साथ बहुत अच्छा लगता था.

इंट्रो –

अविनाश – रतन सिंह का बड़ा बीटा. आगे -24 ईयर. अपने पापा के साथ उनका बिज़नेस संभालता है. बहुत साडी फैक्ट्री, कंपनी इसकी देख रेख में थी. R-news का मद भी ये hi था. इसने सोनल को बहुत कुछ सिखाया था. और ये सोनल को देखते hi उस पैर फ़िदा हो गया था. हमेशा उसके साथ रहने के बहाने डंटा था. तो इसने hi लता से बोलै की यदि सोनल ऑफिस जाएगी तो उसका मन लग जायेगा. इसलिए लता ने सोनल को r-news का सीओओ बना दिया. सोनल ने hi R-news को चुना था. कियोकि R-news अभी एक नयी चेंनल थी. लता तो सोनल को hi मद बनाना वाली थी पैर सोनल ने hi मन कर दिया उसको अभी कोई एक्सपीरियंस नहीं था इसलिए. अविनाश ने अमेरिका से पड़े की थी. और वो अपने पापा की पूरी हेल्प कर रहा था आगे बढ़ने में.

अखिल – रतन सिंह का छोटा बीटा. आगे -22 ईयर. ये भाई भी अपने भाई की तरह अमेरिका से पद कर आये है. और ये भी अपने भाई की तरह अपने पापा का बिज़नेस देखते है. पैर ये जिम्मेदार नहीं है मस्त मोला आदमी है. जब जहा मन करता है पहुंच जाते है. और उसी कंपनी की फाइल्स चक करने लगते है. मंद बहुत तेज़ है बूत जिम्मेदारी का आभाव है. रतन सिंह का लाडला जो है. रतन सिंह इससे कभी कुछ नहीं कहते. वैसे भी ये अपनी जिस कंपनी में पहुंच जाते है वह के स्टाफ की पैट जाती है. गलती पकड़ने में एक्सपोर्ट जो है. कोई भी डिपार्टमेंट हो, या कोई फील्ड सभी में गलतिया निकल कर उसे ठीक करवा देते है. पैर भाई साहब एक no. के लड़की बाज़ है. तो जहा लड़की पसंद आ गयी वह तो बस … वो चाहिए बिस्तर पैर…. पैर एक बात है सोनल पैर कभी गलत नजर नहीं डाली. या तो माँ के दर से या इन्होने भी अपने भाई की आखों में वो देख लिया जो इनको कभी देखने को नहीं मिला. अखिल यदि किसी से प्यार करता है तो वो है – अविनाश.

बैक तो स्टोरी –

अविनाश ने अखिल को भी आज की मीटिंग के लिए बोल दिया था. ये दोनों साथ में hi R-news के ऑफिस में साथ पहुंचे थे. सोनल तो पहले hi पहुंच चुकी थी. सोनल को तो ऐसा लग रहा था की आज उसका एग्जाम है. कभी कुछ करती तो कभी कुछ. अखिल तो ऑफिस में आते hi लड़कियों को ताड़ने के लिए ऑफिस में घूमने लगा. पैर अविनाश सिदा सोनल के केबिन में पहुंच गया. सोनल के केबिन और सोनल को देख कर अविनाश को हसी आ गयी. और गेट पैर hi हसने लगा

अविनाश – हाहाहाहाहा

सोनल ने पलट कर देख तो गेट पैर अविनाश खड़ा हंस रहा था. तो सोनल के फेस पैर गुस्सा आ गया – ये मिस्टर हंस क्यों रहे हो. एक तो टैंशन से मेरी जान निकली जा रही है. और एक तुम हो की हेल्प करने की जगह हंस रहे हो… (सोनल मुँह फुला कर मुँह फेर लेती है)

अविनाश (अपनी हसी को कण्ट्रोल करता हुआ) – ोू सॉरी सॉरी… बूत यार जस्ट चील… कूल डाउन… हाइपर क्यों हो रही हो. बस एक छोटी सी मीटिंग hi तो है न..

सोनल – हाँ तुमको तो छोटी सी मीटिंग hi लगेगी. पैर मुझसे पूछो मुज पैर क्या बिट रही है. यदि मेने कोई गलती कर दी तो?? मेने कोई गलत डिसिशन ले लिया तो?? मेरे कारन कंपनी को लोस्स नहीं होना चाहिए..

अविनाश (सोनल का हाथ पकड़ लेता है और अपने हाथो से दवा देता है) – कोई बात नहीं, गलती होगी तो हो जाने दो डार्क इस बात का है. मैं हु न पीछे सँभालने के लिए… तुम क्यों टेंशन लेती हो. सोनल मत भूलो की तुम किसकी बेटी हो. उन्होकी जिन्होंने इस पुरे एम्पियर की नीव राखी है. तुम्हारे खून में hi काबिलियत है. तुम सब कर सकती हो. और क्या हुआ यदि गलती हो भी गयी तो. गलती करोगी तब hi तो सिखोगी न…

सोनल को अविनाश की बातो से हिम्मत मिलती है और वो चेयर पैर बेथ कर रिलैक्स हो जाती है. तो अविनाश सोनल की पस (पर्सनल सेक्रेटरी ) नेहा को बुलाता है. और उससे फाइल्स रेडी करके लेन को बोलता है. और ऑफिस ठीक करवाने को भी कहता है.

अविनाश – देख हो गया. पता नहीं तुम क्यों परेशां थी. ये सब करने के लिए बहुत सरे लोग है. तुमको तो केवल मंद चलना है. सभी को देखना है की वो अपना काम ठीक से करे. यदि तुम खुद इस सब में उलझी रहोगी तो इस सब पैर डायन कैसे रखोगी. तुम्हारी आदि टीम हर टाइम मार्किट में रहेगी. कोण काम कर रहा है और कोण नहीं. तुमको सब कुछ देखना है. तुम्हारे पास हर काम के लिए टीम है. तुमको केवल सभी टीम्स को हैंडल करना है.

सोनल पैर भी अविनाश की बातो का अक्षर होता है. आज तक अविनाश ऐसे hi सोनल को सब समजता और सिखाता आया था. सोनल का मंद भी सर्प था. तो वो भी जल्दी hi सिख रही थी. ऐसे hi कुछ देर ये दोनों बाते करते रहते है फिर मीटिंग के लिए चले जाते है. काफी देर तक अविनाश hi मीटिंग को लीड करता है. और अखिल तो बस मीटिंग में हो रही बातो को सुन रहा था और आखें सेएक रहा था. तभी बिच में अखिल बोल ुधा

अखिल – ये बताओ टॉप बढ़ाने के लिए क्या कर रहे हो??? अभी तो हरमे चैनल को बहुत काम लोग hi देख रहे है.

मार्कटिंग हेड – सर हम अपने चैनल का अड़ दूसरे चैनल्स पैर दे रहे है. जल्दी hi टॉप बढ़ने लगेगी.

अविनाश – नहीं ऐसे टॉप नहीं बढ़ेगी. बल्कि हमको अपने कुछ नई प्रोग्रॅमम अड़ करने होंगे. जो लोगो को पसंद आये.

एडिटर – यदि सर हम कुछ नया मशाले दर तैयार करे. कुछ ऐसा जो लोगो को पसंद आये.

सोनल – नहीं एडिटर सर, प्लीज don’t दो थिस. ये एक न्यूज़ चैनल है. और इसके साथ अंकल का नाम जुड़ा है. तो कोई भी झूटी खबर अंकल की बदनामी कर सकती है.

सीईओ – सोनल आप चुप रहिये. और सुनिए सब क्या कहा रहे है.

अविनाश – नहीं सर आप गलत बात बोल गए. सोनल ठीक कहा रही है. ये न्यूज़ चैनल पापा ने केवल पैसा कमाने के लिए नहीं बल्कि लोगो के बिच सच पहुंचने के लिए खोला है.

अविनाश की बात से एक पल के लिए सभी चुप हो गए. सीईओ को भी बुरा लगा. कियोकि वो इस फील्ड का पुराण खिलाडी था. अखिल के फेस पैर स्माइल आ गयी. तो एडिटर भी समझने लगा की इस चैनल को कैसे चलना है. कुछ देर की छुपी के बाद अविनाश बोलै

अविनाश – सोनल तुमने कुछ सोचा है इस बारे में?? टॉप कैसे बड़ाई जाये वो भी सच के साथ.

सोनल – यदि हम कोई 1 या 2 ऐसे प्रोग्रॅमम चालू करे जो लोगो के बिच का छुपा हुआ सच बहार लाये. उनके लिए फ़ायदेमं हो तो लोग उन शो के लिए हमारे चैनल को जरूर देखेंगे.

अविनाश – हम्म, और एडिटर सर आपके हिसाब से इस टाइम कोण सा सच मार्किट में ज्यादा चल सकता है??

एडिटर – इस टाइम तो दानव सेना का नाम बहुत जोरो पैर है सर. कल hi कल में 4 जगह पैर अटैक किया है और हर जगह 50-100 लोग तो मरे hi है. पैर पुलिस अभी कुछ भी बता नहीं रही है.

अविनाश – यस मेने भी इसका नाम सुना है. कोण ग्रुप है ये?? कहासे मिल सकती है इसकी इनफार्मेशन??

एडिटर – सर ये कोण ग्रुप है कहा से आया है इसके बारे में आज तक कोई नहीं जनता. न hi कोई आज तक सामने आया है. इसने पुरे सिस्टम को हिला कर रख दिया है. बस एक अफवा है की कोई ठाकुर पंकज है नैनपुर सिटी के एक छोटे से गोअन से. उसकी फॅमिली पैर यदि कोई क्रिमिनल अटैक करता है तो ये उससे बदला लेने पहुंच जाते है.

पंकज और नैनपुर सिटी का नाम सुनते hi सोनल चौक जाती है. कियोकि अभी तक सोनल को दानव सेना के वेयर में ज्यादा नहीं पता था. पैर वो ये तो समाज गयी की ये जरूर उसके भाई से hi रिलेटिव है. तो बोली

सोनल – ठीक है एडिटर सर मैं इसके बारे में पता करने की कोसिस करती हु. पैर मेरा सोचना है की आपको भी कोई ऐसा प्रोग्रमम के बारे में सोचना सहिये जो लोगो के काम का भी हो और सच भी हो. यानि की लोगो को सच देखने से उनका भला भी हो और टॉप भी बाद सके.

मार्किंग हेड – हाँ मम यदि ऐसा कोई प्रोग्रमम डिज़ाइन हो जाये तो हम मार्किट में अपनी पकड़ बना लगे.

अविनाश – ok एडिटर जी एक एक नया शो तैयार करिये. और उस दानव सेना के बारे में भी पता करिये. यदि दानव सेना के बारे में कुछ मिल जाये तो अपना चैनल रातो रात हिट हो जायेगा…

फिर ये सब लोग और भी बहुत देर तक मीटिंग करते रहते है. और फिर लंच के लिए चले जाते है.
 
थैंक यू फॉर योर ग्रेट कमेंट एंड सपोर्ट...

भाई दोनों तलवार की ताकत को सँभालने के चक्कर में बेहोश हो गए है.

अभी तक पब की सभी पत्निया केवल नाराज थी. पैर पब ने गुरु को बिना कुछ बताये शादी की और ये गुरु को अच्छा नहीं लगा. पत्नी दरम निभाना तो ये भूल नहीं सकती पैर अभी एक सॉलिड वाला मन मुटाव हो गया है. जैसा की अक्षर आम घरो में होता है की अपने साथी की बिना सुने HI उसे कसूरवार मान लिया जाता है. अब वो HI होगा यहाँ भी....

वेटिंग फॉर योर रिव्यु ों नई एंट्री.....
 
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अपडेट 216

यहाँ हवेली में 11 बज चुके थे पैर अभी तक पब के रूम का गेट नहीं खुला था. पब की सभी पत्निया अपनी डेली की ट्रेनिंग करके आ गयी थी. और बर्फ करने के बाद सभी गुरु के रूम में बैठी थी. पैर अवनि अभी तक दानव बेस में hi थी. और अपने सरीर से और पसीना निकल रही थी. अपने सरीर को दर्द दे रही थी जेसे दिल का दर्द भूल जाये पैर दिल का दर्द काम hi नहीं हो रहा था. वह दानव बेस में जय और हमक अवनि की हालत देख कर दुखी हो रहे थे. हमक तो बहुत ज्यादा दुखी था. जय से नज़रे भी नहीं मिला प् रहा था. और हवेली में भी सभी के फेस पैर दुःख और दर्द के भाव थे. गुरु और सलोनी तो थोड़ी गुस्सा भी लग रही थी.

सविता – दीदी इन्होने ऐसा क्यों किया??

गुरु कुछ नहीं बोली. बस उसकी आखों में भी आशु आ गए.

सविता फिर से – बोलिये न दीदी क्यों किया उन्होंने ऐसा. अवनि को अपनी पावर वाइफ बनाना में उनको क्या प्रॉब्लम थी. फिर यदि वो ेबेचा से भी शादी कर लेते तो क्या हम मन कर देते? अब अवनि अपनी hi नज़रो में गिर गयी है. उसको लगता है की यदि अब वो पब से शादी करेगी तो बस एक बोझ बन जाएगी उन पैर. दीदी अवनि अंदर से टूट रही है वो इसके लिए खुद को दोषी मान रही है. उसको लगता है की ये उसके उन कर्मो की सजा है जो उसकी वजह से पब को तड़पना पड़ा है. खुद को सजा देने के लिए अभी भी बेस में मचिनेस पैर खुद को दर्द दे रही है. कुछ तो करो दीदी.. (सविता रोने लगती है)

गुरु – क्या करू में सविता क्या करू. बाईट हुए को बदलना किसी के बस में नहीं है. अब उनकी शादी ेबेचा से हो चुकी है. अब मैं क्या कर सकती हु. बोल…

सलोनी गुस्से में – दीदी यदि उस ेबेचा को hi मार दे तो??

मंजू – सलोनी पागल हो गयी है क्या? उसको मारने का मतलब हम सब की मूट. अब वो हम सबमे से एक है.

माहि – मेरे हिसाब से तो हमको अवनि को संजना चाहिए. और फिर उसकी शादी िन्होसे करा देनी चाहिए…

कामिनी – माहि मेने कोसिस की थी. पैर अवनि को लगता है की वो पूरी जिंदगी इन पैर बोझ बन जाएगी. कियोकि तुम सब तो उसकी पावर वाइफ हो. पैर वो रह जाएगी ऐसे hi.

पारी – उसने भी न पता नहीं क्या सोह लिया है. कामिनी जी आप नहीं हो क्या उनकी एक्स्ट्रा वाइफ. क्या अपने खुद के लिए उनके या हमारे किसी के मन में कोई भी कुछ गलत फील किया है क्या???

गुरु – पारी तुम्हारी बात सही है. अवनि की शादी उनसे अब की करवाई जा सकती है. उसको संजय भी जा सकता है हो सकता है 1-2 दिन में वो भी सब समाज जाये. पैर हमारी बात का क्या?? क्या हमारी बात का कोई मान नहीं??

एरिका – आप क्या कहना चाहती है दीदी??

गुरु – एक बात बताओ क्या कभी हमने से किसी ने उनसे किसी भी बात के लिए मन किया है?? उन्होंने जिससे भी शादी के लिए कहा हमने मन किया. उन्होंने जो भी करने को कहा हमेशा हमने किया न. तो क्या यदि एक बार हमने उनसे कुछ मांगा तो क्या वो भी हमको नहीं दे सकते?? सलोनी ने उनको हम सभी की इच्छा बता दी थी और उन्होंने मान भी लिया था. और कल सुबह तक कोई बात भी नहीं थी ेबेचा के बारे में फिर एक दम से क्यों?? क्या वो हमको एक बार बता नहीं सकते थे. क्या वो एक बार हम सबसे बात करते तो क्या हम मन कर देते. या कोई बात थी तो क्या हम सब एक साथ बेथ कर उसको सुलझाते नहीं?? पैर उन्होंने न तो खुद से कुछ बताया और न hi पूछा. बस आदेश सुना दिया मैं ेबेचा से शादी कर रहा हु. क्या हम सभी की कोई वैल्यू नहीं है उनकी नज़र में. हम हर्षा उनकी सुनते ए तो क्या एक बार भी वो हमारी नहीं सुन सकते थे?? क्या ेबेचा से शादी का वादा करके बाद में शादी नहीं की जा सकती थी. जब अवनि इतने दिनों से उनका इन्तजार कर रही है तो क्या ेबेचा कुछ दिन नहीं रुक सकती थी?? हमने अवनि से शादी के लिए कहा था तो किसके लिए?? वो hi पागल थे अवनि के लिए. मेने देखा है सविता से शादी से पहले अवनि के लिए उनका पागलपन. अवनि के लिए रोटा तडफता मेने देखा है उनको. हमने उनसे जो चाहा उन्ही के लिए चाहा. फिर भी हमारी बात का मान नहीं? उन्होकी नज़र में हरारी कोई वैल्यू नहीं है ये बात उन्होंने ेबेचा से शादी करके सिद्ध कर दी है.

गुरु की इस बात से सभी चुप थे. कियोकि सब इस बात से सहमत थे. हो तो बहुत कुछ सकता था. पैर पब ने वो hi किया जो उसकी पत्नियों ने नहीं चाहा था. अवनि से शादी से ज्यादा अब ये बात उसको अपने मान सम्मान की लग रही थी. अपने हक़ की लग रही थी. सलोनी को दुःख था की वाओ अहा होते हुए भी कुछ नहीं कर पायी और उसकी वजह से उसकी सभी बहने दुखी है. तो गुरु को बुरा लग रहा था की बिना बताये hi सब कुछ कर लिया. सविता, कामिनी, ऐडा तो अवनि के लिए बहुत दुखी थी. तो सभी को पब का उनको बिना बताये शादी करना विश्वासघात लग रहा था. और पति पत्नी के रिश्ते में यदि विश्वास hi न रहे तो रिश्ता hi ख़तम होने लगता है. सभी के दिल को उनके पति ने बहुत दुखाया था. इस चक्कर में किसी ने पब की खबर भी नहीं ली. और वैसे भी पब अपनी हर सुहागरात के बाद लेट hi उड़ता था.

अब 3 बज चुके थे. पैर पब और ेबेचा होश में नहीं आये थे. करीब 12 हॉर्स से ज्यादा समय हो चुक्का था इनको बेहोश हुए. पैर अब पब के सरीर में थोड़ी बहुत मोमेंट थी. धिरे -2 पब को होश आ रहा था. करीब 3.30 को पब के आखें खुलती है तो उसको रात का वो मंजर याद आता है जब वो हाथ के दर्द से तड़पते हुए बेहोश हो गया था. एक दर्द की लहार अभी भी उसे अपने हाथ में लग रही थी. उसने जब अपने हाथ को देखा तो चौक गया कियोकि उसके हाथ पैर एक तलवार का टैटू बना हुआ था.



फिर उसको अपनी विश याद आती है तो वो मुस्कुरा दिया. कियोकि इस टैटू का हाथ पैर होना इस बात का संकेत था की उसको वो तलवार मिल चुकी है. तभी उसकी नजर ेबेचा पैर जाती है जो नंगी बेहोश पड़ी थी. उसकी हालत देख कर पब के रोंगटे खड़े हो गए थे. उसका पूरा सरीर सुजा हुआ था. एक दम लाल हो रखा था. इतनी सूजन के बाद भी कुछ नशे नजर आ रही थी. सरीर में कोई मोमेंट नहीं थी. यदि कोई अभी ेबेचा को देखता तो उसको पहचान hi नहीं सकता था. पब को तो समाज hi नहीं आ रहा था की ेबेचा को क्या हुआ है. पब सबसे पहले ेबेचा की सासे चक करता है तो वो चल रही थी. फिर अपने आप को शांत करता है. और ेबेचा को हील करने लगता है. धिरे -2 उसका असर भी होता है और सूजन कुछ काम भी हो जाती है. पता नहीं क्यों पूरी तरह से काम नहीं हुयी थी. फिर वो ेबेचा के फेस पैर पानी के चीते मरता है. तो ेबेचा की आखें खुल जाती है. और होश में आते hi ेबेचा का दर्द से बुरा हाल होने लगता है. उसकी आखों से आशु बहाने लगते है. पब उसको सर रहला कर शांत होने को कहता है. पैर दर्द ेबेचा को बर्दाश नहीं तो रहा था.

तो पब कुछ सोच कर ेबेचा को गौड़ में ले कर बाथरूम में जाता है और गरम पानी के तब में लेता देता है. ेबेचा को कुछ शांति मिलती है पैर दर्द काम होने का नाम नहीं ले रहा था. तो पब उससे पूछता है – ेबेचा ये क्या हुआ तुमको?? तुम्हारी ये हालत कैसे हो गयी.??

ेबेचा – पता नहीं क्या हुआ था मुझको. आपको याद होगा रात को मैं आपके उप्पेर थी. तब आपको दर्द हुआ था. आपको दर्द होना सुरु हुआ तो मुझको भी होने लगा. और धिरे-2 बढ़ता गया. फिर मैं दर्द में झात्पटती हुए आपके उप्पेर से निचे गिर गयी. और गिरते hi बेहोश हो गयी. और अब आपके उड़ाने पैर hi होश आया है तो ये हालत हो राखी है.

ेबेचा की बात से पब को ये तो पता चल गया की उसकी हालत के पीछे इस तलवार का hi हाथ है पैर कैसे और क्यों ये समाज नहीं आया. तो वो बाथरूम में ेबेचा को तब में छोड़ कर बहार आ गया और मणि जी से बात करने लगा. उसको सब कुछ बता दिया. सेक्स को छोड़ कर.. तो फिर मणि जी कुछ देर में बोले बीटा ेबेचा सच में बहुत बहादुर लड़की है. जैसा मेने सोचा था उससे भी ज्यादा ेबेचा तुम्हारे लिए सही साबित हुयी है. अब तुम उसको डायन में अपने साथ बैठो. उसको अभी बहुत परेशानी होगी. पैर यदि उसका दर्द ख़तम करना है तो तुम दोनों को अपने हाथ पकड़ कर डायन में बैठना होगा. डायन में बैठना hi उसके दर्दो की दवा है.

पब ये सुन कर बोलै – ऐसा क्यों गुरूजी??

मणि - बीटा अभी मैं कही व्यस्त हु. परसो में तुम्हारे पास पहुंच रहा हु. तब आ कर hi मैं तुम्हारे सभी सवालो के जवाब दुगा. और तुम्हारी सभी पत्नियों के भी. मुझको लग रहा है की तुमसे तुम्हारी सभी पत्निया रूढ़ गयी है. परसो तक सम्भालो फिर आ कर बात करते है. और हाँ एक बार मेरी तरफ से ेबेचा को सबसि जरूर देना. सच में बहुत हिम्मत है उस लड़की में……..

मणि जी से बात करके पब ुधा और बाथरूम में चला गया. ेबेचा अभी भी दर्द में केहरा रही थी. और गरम पानी में लेती थी.

पब – ेबेचा क्या तुमने कभी डायन लगाया है??

ेबेचा – हाँ मास्टर फाइटिंग से पहले डायन लगाना hi सिखाते है. और सभी से योग करवाते है.

पब – चलो फिर आओ मेरे साथ डायन लगाओ..

ेबेचा और पब दोनों फ्रेश हो कर बाथरूम में बहार आ जाते है और डायन लगाने बेथ जाते है. ेबेचा को बहुत दर्द था तो उसका डायन नहीं लग प् रहा था. बार -2 कोसिस करने के बाद ये दोनों कामियाब हो hi जाते है. और इस बार दोनों के सरीर में खून की गति बाद जाती है. ेबेचा को ऐसा फील हो रहा था जैसे उसके सरीर से कुछ निकल रहा है और फिर घुस रहा है. कुछ hi देर में ेबेचा का दर्द भी ख़तम होने लगता है. और सरीर हल्का होने लगता है. पब को भी ऐसा लग रहा था की उसके अंदर एक नयी कलर की एनर्जी आ गयी है. और ये एनर्जी पुराणी वाली सभी से बहुत ज्यादा थी. और वो hi एनर्जी मूव होती हुयी फील भी हो रही थी.

जब ये दोनों डायन से ुढे तो 6 बज चुके थे. ेबेचा अब ठीक थी. केवल उसकी कुछ नस hi उभरी हुयी दिखाई दे रही थी. नहीं तो वो अब हल्का फील कर रही थी. पब और ेबेचा बेथ कर कुछ देर तक बाते करते है. तो उनको भूक का अहसास होता है. तो याद आता है की कल रात 8 बजे से अब शयाम के 6 बज रहे है दोनों ने कुछ नहीं खाया है. 24 ऑवर हो गए थे दोनों को कुछ खाये. और ये बात मंद में आते hi पब की आखों में आशु आ जाते है. ये भूक के आशु नहीं थे. भूक न लगने का तो उसे वर मिला हुआ था. पैर आज तक ऐसा नहीं हुआ था उसकी सभी पत्नियों के रहते हुए. ये सोच कर hi उसकी आखें भर गयी थी. ेबेचा को भी भूक लग्न लगी थी. तो दोनों बहार आ गए.
 
थैंक यू फॉर लवली कमेंट एंड सपोर्ट

भाई बुरा मैंने वाली कोई भी बात नहीं है. बूत बीआरओ यहाँ से सोनल का रोले है कुछ इसलिए HI सोनल आयी है. नहीं तो सोनल के कॉल्स को मेने पहले भी नहीं दिखाया था.

अब आपको अपने सभी सबलो के जवाब मिलने सुरु हो जायेगे. भाई वो सब स्किप कर भी नहीं सकता मैं वो HI तो स्टोरी का मज़ा है. वो तो अभी पब और ेबेचा बेहोश थे तो एक नज़र सोनल पैर दाल ली बस....

:थैंक्स:

:):):):)
 
थैंक यू फॉर लवली कमेंट एंड सपोर्ट

यस बीआरओ लगता तो है की सोनल को मिल गया पैर अभी तक किसी ने कुछ कहा नहीं है एक दूसरे से....

भाई ये सीईओ कर भी क्या पायेगा जनता है सोनल किस घर में रहती है. और लता और अविनाश का फुल सपोर्ट है. देखिये क्या करता है ये...

भाई लता तो वैसे भी बहुत कुछ जानती है. पैर वो भी शायद अभी दानव सेना का सच नहीं जानती. रतन और उसके दोनों लड़के तो अभी कुछ भी नहीं जानते. देखिये इनकी फॅमिली का क्या डर्मा सुरु होगा....
 
अपडेट 217

24 ऑवर हो गए थे दोनों को कुछ खाये. और ये बात मंद में आते hi पब की आखों में आशु आ जाते है. ये भूक के आशु नहीं थे. भूक न लगने का तो उसे वर मिला हुआ था. पैर आज तक ऐसा नहीं हुआ था उसकी सभी पत्नियों के रहते हुए. ये सोच कर hi उसकी आखें भर गयी थी. ेबेचा को भी भूक लग्न लगी थी. तो दोनों बहार आ गए.

हॉल में कोई भी नहीं था और न hi किचन में. आज लंच बना hi नहीं था. उस मीटिंग में हुयी बातो के बाद सभी दुखी थे. और अपने खयालो में hi खोये रहे. सभी पत्निया ये सोच कर दुखी थी की पब के लिए उसके मन ने प्यार और इज्जत नहीं है. यदि होती तो वो उन सब की बात कभी नहीं टालता और यदि फैसला बदलता तो काम से काम एक बार बताना तो चाहिए था. हम सभी पैर इतना तो विश्वास होना चाहिए न की हम सभी कभी उससे अलग नहीं है. पैर नहीं उसने तो पराया कर दिया. कोई ट्रेनिंग के लिए भी नहीं गया. केवल अवनि पागलपन की हद तक लगी हुयी थी. सुबह 5 बजे से केवल अपने सरीर को दर्द दे रही थी. पैर फिर भी दिल का दर्द काम नहीं हो रहा था और जब सरीर ज्यादा थक गया तो वो बेहोश हो गयी. जय और हमक ने उसको होश में लाया और फिर जय ने उसको समजा भुजा कर वही सुला दिया. सरीर में जान बची नहीं थी तो तकन से नीड भी आ गयी. और जय अवनि के पास hi बैठा रहा और अपनी बहन की कंडीशन पैर रोटा रहा.

पब जब किचन में घुसा तो किचन को देख कर hi समाज गया की आज लंच नहीं बना है. और उसकी सभी पत्निया भूकी है. पब का दिल hi टूट गया ये देख कर की आज सभी भूके है. ेबेचा भी उसके पीछे hi थी.

पब – ेबेचा तुमको खाना बनाना आता है क्या??

ेबेचा – हाँ क्यों नहीं. स्कूल में अपना खाना में खुद hi बताती हु. और कभी कभी मास्टर का भी.

पब – हम्म गुड तो चलो सुरु हो जाओ आज हम दोनों को hi सभी का खाना बनाना है.

फिर क्या था पब अपनी रूठी पत्नियों को मानाने के लिए खाना बनाने लग गया. दोनों की 1 घंटे की म्हणत रंग लायी. और सभी का खाना बांके तैयार हो गया. ेबेचा का तो भूक से बेहाल था. तो उसने चकने का बोल -2 कर hi थोड़ा बहुत खा लिया और पब उसको ऐसा करता देख कर हसने लगा. फिर पब सबसे पहले पेय और माउद के रूम में पहुंच गया.

पब – क्या हो रहा है गुड़िया?? खाना खाया या नहीं??

पेय – कुछ नहीं भैया हम दोनों खेल रहे थे. आज खाना किसी ने दिया hi nahi…(or मुँह लटका लिया)

पब – तो मेरा बच्चा अपने अपनी माँ से मांगा क्यों नहीं??

माउद – जीजू हम दोनों गए थे पैर सभी रो रहे थे. सबको रोटा देख कर हमको भी रोना आ गया. और हम अपने रूम में आ कर रोने लगे. जीजू अपने मेरी बहन को क्यों रुळगा??

पब – मेने कुछ नहीं किया है. वो hi नाराज हो गयी है. अब तुम दोनों को मेरा एक काम करना है. तुम दोनों सभी को हॉल में बुला कर लाओ. तुम्हारी ेबेचा दीदी और मेने हम सबके लिए खाना बना लिया है. फिर सब मिल कर खायेगे.

दोनों – ठीक है हम अभी आते है….

पब फिर से किचन में पहुंच जाता है. ेबेचा दिंनिंग टेबल पैर खाना सजा रही थी. तो उसकी हेल्प करने लगता है. कुछ hi देर में दोनों मुँह लटकाये आ जाती है.

दोनों – भैया कोई भी आने को तैयार नहीं है. सब कहा रहे है भूक नहीं है. तुम जा कर खा लो.

पब – हम्म्म कोई नहीं लगता है मुझको hi जा का सभी को मनन होगा. ेबेचा तुम इस दोनों के साथ खाना खा लो. मैं बाद मैं खा लगा..

ेबेचा – मैं भी आपके साथ hi खाऊगी.

पेय – भैया हमको भी खूक नहीं है. हम भी अपने रूम में जा रहे है.

पेय बोल कर जाने लगती है तो पब ेबेचा को इशारा कर देता है. तो ेबेचा पेय को पकड़ लेती है. और प्यार से समजते हुए उन दोनों को खाना खिलने लगती है. और खुद भी खाने लगती है. इतनी देर में पब ने भी एक प्लेट में खाना निकल लिया था. और उसे ले कर ऐडा के रूम में पंहुचा. ऐडा भी बीएड पैर लेते लेते रो रही थी.

पब – क्या हो रहा है मेरी जान…… इतने मोठे मोठे आशु…. सॉरी … मेरी वजह से तुम सब दुखी हो न… सॉरी… अब अपने नादाँ पति को माफ़ नहीं करोगी… (ये बोलते हुए पब ऐडा के पास बेथ गया और खाने की प्लेट एक साइड में रख कर आशु साफ़ करने लगता है)

पैर ऐडा ने पब के हाथ को छिटक दिया. और बोली – क्या आपके सॉरी बोलने से सब बदल जायेगा. क्या ेबेचा आपकी पत्नी नहीं रहेगी?? अपने हम सबका विश्वास तोडा है. और विश्वास के बिना कोई भी रिश्ता नहीं हो सकता… आप चले जाइये मुझको आपसे कोई भी बात नहीं करनी है.

ऐडा की बाते पब के दिल को चिर रही थी. पब का दिल रोने लगा. पैर वो ऐडा से कुछ भी नहीं कहा सका बस बोलै (भरे आवाज में) – ऐडा एक बार मेरी बात तो सुनो न. मैं कुछ बताना चाहता हु.

ऐडा मुँह फेर कर बोली – नहीं प्लीज अभी मैं कुछ भी सुनने या सुनाने के मूड में नहीं हु. मेरी बहन अवनि अभी तक बेस से नहीं आई है. प्लीज आप भी अभी चले जाये.

पब से भी ऐडा की इतनी बेरुखी बर्दाश नहीं हो रही थी. तो वो भी अपने आशु छुपता हुआ बहार आने लगा. तो गेट पैर रुक कर बोलै – ऐडा तुम मुझसे नाराज हो कोई बात नहीं. मुझसे बात मत करना. पैर प्लीज अपने बच्चे और अपने लिए खाना खा लेना. टेबल पैर रखा है. और अपने आप को सम्भालो नहीं तो….. (पब से इसके आगे बोलै नहीं गया उसके आशु आ गए. गले से आवाज निकलना बंद हो गयी)

पब वह से बहार निकल कर अपने आशु साफ़ किये खुद को फिर से एक बार हिम्मत दी. और खाने की प्लेट ले कर गुरु के रूम में पहुंच गया. कियोकि पब को उम्मीद थी की गुरु उसको समझती है. और यदि गुरु समाज गयी तो गुरु के साथ में मिल कर वो सभी को मन लेगा. जब पब रूम में पंहुचा तो गुरु एक चेयर पैर बैठी थी और अपनी hi सोच में गम थी. उसका फेस भी गेट की तरफ था और फेस से hi लग रहा था की वो बहुत दुखी है. पब रूम में अंदर पहुंच गया. पैर गुरु को पता hi नहीं चला.

पब – गुरु ये क्या हाल बना रखा है. क्यों नाराज हो इतनी??

गुरु (हड़बड़ाते हुए) – आप.. आप… नहीं में कहा नाराज हु. और होती भी कोण हु नाराज होने वाली…

पब – मेरी प्यारी और सबसे सूंदर पत्नी.. मेरा सब कुछ…

गुरु मुँह फेरते हुए कुछ नहीं बोलती. तो पब गुरु के फेस को अपनी तरफ करता हुआ बोलै – क्या हुआ मेरी जान को क्यों नाराज है इतना?? क्या बात है जो तुम मुझसे बात भी नहीं कर रही हो.

गुरु पब का हाथ छिटक देती है और खड़े होते हुए दूसरी तरफ मुँह करके बेरुखी से बोली (गुरु की आखों में आशु थे जिनको वो पब को दिखना नहीं चाहती थी इसलिए घूम गयी थी) – नहीं मैं आपसे नाराज नहीं हु. और न hi मुझको हक़ है नाराज होने का. आप क्यों ए है मेरे पास कोई काम था क्या?? कोई नया आदेश हो तो बता दो उसको भी अपना दरम समाज कर पूरा करिगी ये गुरुपित….

गुरु की इतनी कड़वी बातो से पब बहुत दुखी हुआ. आज उसका विश्वास हार गया. उसको सबसे जायदा समझने वाली सबसे ज्यादा समझदार पत्नी उससे ऐसे बात कर रही थी. रत्न और मानना तो प्यार का hi रूप है पैर ये तो कुछ और hi था. पब का दिल बार गया. वो रोना चाहता था. पैर गुरु के सामने कमजोर भी नहीं पड़ना चाहता था. गुरु की इस बात का क्या जवाब दे उसके समाज के बहार था. तो वो बोलै – गुरु आदेश नहीं है एक रिक्वेस्ट है खाना खा लेना. और एक बार सोचना की यदि मेने तुमको उस टाइम कुछ नहीं बतया था तो कोई तो वजह होगी hi न.

इतना कहने के बाद पब रूम से बहार आ गया. हकीकत ये था की पहले तो पब ने बिना किसी के बताये ेबेचा से शादी कर ली. तो इससे सभी हर्ट हुए. सभी को दुःख था पैर इतना भी नहीं था की पब से बात hi न की जाये. पैर जब कल रात को शादी के बाद सलोनी को सँभालने के लिए गुरु को कहा था तब गुरु का ईगो हर्ट हो गया. कहते है न ईगो का सांप कब किस को काट ले पता नहीं होता. वो hi गुरु के साथ हुआ सभी ने गुरु की इतनी टैरिफ कर दी थी की गुरु को भी ईगो की प्रॉब्लम हो गयी. और पब के बिना कुछ बताये ेबेचा से शादी करना और फिर बिना कुछ बताये इस तरह से आदेश देना गुरु को अच्छा नहीं लगा. और गुरु का ईगो हार्ट हो गया. गुरु ने अपने ईगो के कारन ये भी भूल गयी की उसे सलोनी के साथ हुयी कल की घटना के बारे में भी पूछना है. अभी गुरु के मन में केवल गुस्सा था. एक तो माहौल पहले से hi फुल गरम था. और गुरु ने अपने गुस्से में उसमे घी दाल दिया. और सब हो गया – स्वः….

जैसे गुरु को पता नहीं था अपने ईगो का. और वो उस ईगो के कारन सब बर्बाद करने में लगी थी. ठीक वैसे hi सलोनी का हाल था. सलोनी के मन ने इर्षा (जेएलओसी) ने जनम ले लिया था. और उसका कारन था पब का ेबेचा के लिए झुकाव और ेबेचा का सलोनी के जैसा फाइटर होना और सबसे बड़ी बात थी सलोनी का दानव अंश ेबेचा को अपनाना hi नहीं चाहा रहा था. पहले दानव अंश ने ेबेचा के लिए एक अनजान दर पैदा किया और उस दर ने पैदा किया जेएलओसी को . वो अंजना दर तो पब की विश पूरी होते hi ख़तम हो गया. कियोकि पब को मिले वरदान के कारन सभी दानवो को ये मन्ना hi पड़ा की अब वो तलवार पब की है.

सलोनी को शायद जेएलओसी न भी होती यदि पब को अभी और पावर वाइफ की जरुरत होती या पब का ेबेचा के प्रति झुकाव न होता. एक तो सलोनी को सभी पत्नियों ने पब को समजने और केवल अवनि से शादी करने को मानाने की जिम्मेदारी दी थी. और फिर ये जेएलओसी.. इसके चलते hi सलोनी ेबेचा से चिढ़ती आयी थी.

गुरु के रूम से निकल कर पब अपने रूम में गया. और रोने लगा. और फिर खुदको समजने लगा अब उसे फील हो चुक्का था की घर की ये लड़ाई उसके लिए ाशन नहीं होगी. कियोकि जब उसकी गुरु भी उससे इस कदर नाराज़ है तो वाकई सब तो होगी hi. और बिना गुरु के सबको मनाएगा कैसे. अब पब ने कुछ सोच कर अपने आशु पूछ लिए और मन में सोच लिया की चाहे उसकी पत्निया उसे कितनी भी खरी खोटी सुनाये पैर वो उनको मानाने से पीछे नहीं हटेगा. कियोकि वो जनता था की उसके पास ये करने के लिए केवल कर रात तक का hi समय था. उसके बाद मणि जी को आना था तो उसको ये पूरी उम्मीद थी की मणि जी के आते hi मणि जी उसे उसके मिशन पैर जाने को कहेगे. और वो सभी को इस हाल में छोड़ कर जा नहीं पायेगा.

ये सब सोच कर पब अपने रूम से बहार आया और फिर प्लेट में खाना ले कर सलोनी के रूम की और चल दिया. पैर वह भी पब को खरी खोटी सुनने के अलावा कुछ नहीं मिला. उसके बाद एक -2 करके वो सभी के रूम में गया पैर सभी ने उसको केवल खरी खोटी hi सुनाई. किसी ने काम तो किसी ने ज्यादा. और कोई मानी भी नहीं. केवल काजल ने पब से कुछ नहीं कहा. इतनी सुनने के बाद पब का मंद दुःख से भरा हुआ था. वो आज अपने सभी प्रयासों में नाकामियाब हुआ था. पब की हिम्मत नहीं बची थी की अवनि के पास जाये तो उसने जय को कॉल किया और अवनि का हाल जाना. अवनि अभी भी सो रही थी. तो पब ने जय से रिक्वेस्ट की उसको सँभालने की.

जब पब वो सभी से फ्री हो कर अपने रूम में बैठा तो ेबेचा भी उसको इन्तजार करती हुयी मिली. ेबेचा के हाथ में भी खाने की प्लेट थी. पब का मन तो गालिया खा खा कर hi भर चुक्का था पैर ेबेचा का मन रखने के लिए पब ने खाना खा लिया. खाना खा कर पब फ़ोन पैर जुली के मस्सगे देखने लगा जो उसने जय के कॉल के टाइम पैर देखे थे. जुली के मस्सगे से पब थोड़ा परेशां हो गया. कियोकि लास्ट के मिशन में जुली की पुलिस से भी मुठभेड़ हो गयी थी. और पब को दर था की कही कल फिर पुलिस जुली के बिच में न आ जाये.
 
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थैंक यू फॉर मर्वेलौस कमेंट एंड योर सपोर्ट...

भाई क्या करे कोई जब दिल के हाथो मजबूर हो जाये. क्या करे कोई जब होश में होते हुए भी होश न आये...

भाई पब की पत्निया होश में हो कर भी बेहोश HI है उनको अपने दुःख के आगे कुछ नजर नहीं आ रहा. क्या करे जो प्यार जितनी सिद्धांत से करता है उसका दिल टूटने पैर दर्द भी उतनी HI सिद्धांत से होता है... ये भी उसके प्यार में पगल तड़फ रही है तो वो भी इनके लिए मारा जा रहा है पैर इन सभी के बिच है तो गुरु का ईगो और सलोनी की जलन....

भाई सच में आपका कमेंट पद कर दिल खुश हो जाता है... बहुत कोसिस के बाद आज ये अपडेट लिखा है. आखें नाम थी. और दिल में एक बेचैनी सी थी. एक बार डिलीट करके फिर लिखा है. पैर पता नहीं क्या लिखा है बस लिखा है...
 
थैंक यू फॉर लवली कमेंट एंड योर सपोर्ट...

भाई जो अपने कहा वो सच है की सलोनी को पता था वो सब. पैर जब कोई किसी को ापरड़ी मान लेता है तो वो उसके बचाव या उसके विपक्छ में कुछ सुन्ना HI नहीं चाहता. कोसिस तो पब ने भी की थी उन सभी को सब बताने की. पैर कोई सुनने को तैयार HI नहीं.

जैसे अक्सर होता है की एक बात दिल पैर इतनी चुभ जाती है की फिर हम कुछ सुन्ना और समझना HI नहीं चाहते वो HI यहाँ हो रहा है. एक दम आम लोगो की तरह... ये भूल गए है की ये आम नहीं खाश है.... आम मिया बीबी की तरह झगड़ने में लगे है अभी
 
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