अपडेट-25
पर आज उनको नीड कहाँ , वो तो किसी छंद की तरह उनकी आँखों से कोशों दूर थी,
प्यास भी लगी थी इसलिए वो पानी पीने चली दी फ्रिज की तरफ और आशा ने जो सन देखा उसे धकार तो उसकी आंखें खुली और मुझ फटा रह गया....
उन्होंने अपने आप को संभाला और पानी पीकर अपने बिस्तर पर पहुंची...
उनको रात को नींद आयी या नहीं आयी जानने के लिए पड़ते रहिये RAJ-THE मिस्ट्री मन
अब्ब आगे....
अब्ब आप कहानी पद रहे हैं राज की जुबानी...
रात को बोहोत अच्छी नींद आयी और सुबह मई 11 बजे तक सोता रहा...
( राज को नहीं पता की उसके दूध मई नींद की गोलियां मिलायी गयी थी)
सो के जगा तो कमरे मई ko7i नहीं tha...pahle तो मई फ्रेश हुआ ...उसके बाद मैंने पूरी घर मई प्रिय को ढूंढा पर वो कहीं नहीं मिली...
फिर सोचा कॉल कर के देखता हूँ, उसपे कॉल की तो पता चला वो यहाँ है hi नहीं सहर गयी है...1.5 -2 घंटे मई वापस आएगी
उसने मुझे पूछा खाना खाया ...
mai...nhi यार ! तुम आ जाओ तभी खा लूंगा...
priya...chupchap खाना खा लो किचन से लेकर ज्यादा बातें न बनाओ...
mai...yaar तेरी पता नहीं चलती कब करा करे...
priya...isiliye कह रही हूँ चुपचाप खाना खा lo...barana पिटाई भी हो सकती है...
mai...tumhare हाथों तो मौत भी खूबसूरत लगेगी...
priya...serios आवाज़ mai...dekho आज तो ते मौत का नाम ले लिया , आज के बाद मेरे सामने ऐसा कुछ किया तो मई बब्बछत भी नहीं करुँगी तुमसे...
mai...mazar कर रहा tha...abhi तो मई कवर हूँ ...कोई गफ भी नहीं है...
priya...hmmm...aur हाँ उस आशा से दूर hi rahna...khana खाओ तो दो थाली लगाना और दोनों मई बराबर खाना रखना...
mai...itna भुक्कड़ न हूँ मई ...
priya...bhukkad की बात नहीं hai...jo लोग तुम्हे मरवाने की कोशिश कर सकते हैं ,
वो खाने मई भी जहर मिला सकते हैं ...इसलिए एक थाली पहले भूरा (ये प्रिय के घर का एक डॉग है) को खिलाना फिर तुम खाना...
mai...itni फ़िक्र क्यों करती हो meri...mai यहाँ से जाकर तुम्हारे बगैर रह नहीं पुंगा...
priya...khana खायो पहले ,आजकल ज्यादा बातें कर ने लगे हो...
mai...mere चेहरे पर मुस्कान आ gyi...EK सरत पर पूछो क्या...
priya...aaj कल तुम कुछ ज्यादा hi सैतान नहीं हो गए हो...
मई कुछ कहने वाला था की उधर से एक लम्बे किश की आवाज़ आयी...
mai...yaar तुम मेरी दिल की बात को कैसे समझ जाती हो...
priya...bas ऐसे hi अब खाना खाओ...
कॉल कट हुआ मई खाना लेने किचन मई गया अभी खाना रख hi रहा था की चची आ गयी...
मेरा दिल मई आग सी लग गयी उनको देखकर मैंने क्या बिगाड़ा था इसका जो मुझे मरना चाहती है...
लेकिन मैंने कुछ रियेक्ट नहीं किया एक प्लेट मई खाना निकल लिया था और दूसरी मई निकलने लगा....
मुझे कुछ बोलता न देख कर...
chachi....ye दो प्लेट मई खाना क्यों निकल रहा hai....or तू निकल hi क्यों रहा है... मेरे से कह देता मई दे देती...
mai...deehre पता nhi...pta नहीं खाने के साथ और क्या क्या निकल देती...
चची ने पता नहीं सुना की नहीं सुना पर मुझसे कहा '' चल तू हैट मई निकल के देती हूँ खाना तू यहाँ काम करने थोड़ी न आया है''
mai...ha सही कहा मई यहाँ काम करने नहीं आया मरने के लिए बुलाया हूँ ऐसा लग रहा है मुझे...
चची तो मेरे मुंह से ये सब सुनकर बिलकुल अचम्भे में रह gyi...aur उनकी गर्दन निचे हो gyi...chahare का रंग बदल गया...
(ये वो बाला सन था जो सेरिअल्स मई कुछ सुनने के बाद आदमी घूमने लगता है और उसका चेहरा ब्लैक एंड वाइट हो जाता है)
अब वो कुछ कहने वाली थी की मई वहां से निकल गया आखिर मुझे भूक लगी थी....
मैंने भूरा को खाना खिलाया जब सब कुछ सही लगा तो मैंने खाना खाया....
चची मेरे पास आ रही thi...or कुछ कहना छह रही थी ...मई वहां से निकल गया मेरा मूड खायब हो जाता है अब इनकी सकल देख कर....
मई अपने कमरे मई पहुँच गया वो मेरी पीछे पीछे आवाज़ देती आ रही थी लेकिन मैंने दरवाज़ा बंद किया उन्होंने कुछ आवाज़ दी और वहां से चले गयी....
मई भी बीएड पे पड़ते hi फिर से सो गया....
एक डेढ़ घंटे hi हुए होंगे पर नींद और चैन के दुसमन को ये पसंद नहीं आया (फ़ोन)
बाज़ गया और मेरी नींद के लोडे लगा दिए....
खैर मैंने फ़ोन उठाया तो प्रिय का था उसने गेट खोलने की कहा मैंने नींद मई खोला....
और फिर से बीएड पर पद गया...
priya...kitna सोता है आखिर अब भी नींद आ रही है....
मैंने उसे भी अपने साथ दाल लिया और बीएड पर सुला लिया...
अब तो और नींद आ रही hai...aur मैंने उसे अपने गले से लगा लिया...
जब किसी के लिए हमारे अंदर वाष्ण नहीं होती तो हमें छोटी छोटी बातों से hi बोहोत सुकून मिलता है...
वो भी पड़ी रही की तभी ये फिर से बाज़ा मेरा मन किया प्रिय के फ़ोन को hi फोड़ दूँ साला जब भी बजता है बुरी खवार hi सुनाता hai....ya फिर हमरे सुकून को ख़राब करता है....
जूली को कॉल था उस से कुछ बातें हुई प्रिय की और कट किया फिर प्रिय ने ऐसी बोहोत हरकतें की जिस से चची को गुस्सा आये...
और मुझे ऐसा लग रहा था जैसे चची भी हम पर नज़र रख रही हैं मैंने ये प्रिय को भी बताया लेकिन उसने कहा रखने दो...
और मुझसे चची के सामने गले लग जाती पर मुझे चिपकी hi रही पुरे दिन...
रात के डिनर पे चची के सामने मेरे मन करने पर भी एक साथ खाना खाया ...मेरे से पहले खाना खाकर मेरे कंधे पर सर रख के बैठना...
मुझे बहुत अजीब लग रहा ये सब लेकिन उसने कहा करना तो पड़ेगा कैसा भी लगे....
रत हुई और सो गए उसने दरवाज़ा खुला रखा और मैंने कहा इसे तो बंद कार्डो लेकिन उसने नहीं क्या ...बीएस थोड़ा सा नुस्कुरा दी ....
फिर क्या हम एक दूसरे से लिपटे हुए hi सो gye...usne मुझे सुबह 5 बजे hi जगा दिया जो की मई अपने गाओं मई रोज़ hi जगता था....
फिर सुबह का वही प्रोग्राम गुड मॉर्निंग किश फ्रेश होना उसके बाद शुरू हुआ प्रिय का लेक्चर. ...
पईया ...देखो राज अब तुम्हे यहाँ से जाना है रहा तो मुझसे भी नहीं जायेगा तुम्हारे बिन लेकिन अभी तो रहना पड़ेगा....
वो तो बाद की बात है लेकिन अब तुमको ये तो पता चल चूका है की तुम्हारे अपने hi बोहोत से दुश्मन हैं तो तुन्हे इन सभी से सतर्क रहना होगा ...
अपने आप को मानसिक और शारीरिक दोनों तरह से मजबूत करना होगा... अपने आप को एक्टिव बनाओ और अपने चारो तरफ का ख्याल रखा करो , कहाँ क्या हो rha....ab तुम्हे स्ट्रांग बनाना hi hoga....aaj से hi तुम्हे अपना एक रुटीन बनाना होगा और रोज काम से काम एक डेढ़ घंटे ट्रेनिंग करनी होगी...
ताकि तुम्हारा सरीर मजबूत हो सके और तुम हर मुसीबत का सामना करना पड़े....
फिर उसने मुझे कुछ कपडे दिए और कहा ये लो इन्हे पहन जो और जॉगिंग के लिए जाना है ....
मैंने सोचा ये पता नहीं क्या क्या कराएगी मुझ से लेकिन वो सही बजी कह रही है की अब मुझे मजबूत बन बा पड़ेगा....
उसके बाद जॉगिंग पर गए ओह्ह सॉरी जॉगिंग कहा रेसिंग उसने तो आधे घंट फुल स्पीड मई दौड़ लगवाई....
रनिंग तो मेरा रोज का सा hi रुटीन था इसलिए कोई ज्यादा परेशानी हुई....
फिर उसने थोड़ा बोहोत जिम करने के लिए भी कहा वो भी किया.... उसके बाद घर आने के बाद मुझे कुछ फाइटिंग स्किल्स की वीडियोस दिखाई और कहा इनमे तुमने मास्टर कर लिया तो तुम्हे कोई नहीं रोक सकता....
अब इसकी प्रैक्टिस किया करना वहां जाकर रोज और तुम पुरे परफेक्ट हो जाओगे....
घर आये खाना पीना खाया आज इतनी कसरत करवाई प्रिय ने तो थोड़ा थक भी गया इसलिए मई सो गया....
शाम को जगा तो घर पर कोई नहीं दिखा मई भी फ्रेश हुआ और छत पर चला gya....wahan जाकर कालू (इसे शायद सब भूल गए होंगे ये राज का दोस्त है) बात की फिर थोड़ी देर बातें पापा से भी की और ईरफ़ोन लगा कर गाने सुन ने लगा....
मई छत पर बैठ कर गाने सुन रहा था ...की तभी किसी ने मेरे कान का एक एयरप्लग निकल देखा तो ये प्रिय थी....
मई जैसे बैठा था वो भी आकर मेरी गॉड मई बैठ गयी उसका सर मेरे दिल के करीब था....
..हम कुछ इस तरह बैठे थे....
वो भी मेरे साथ hi गाने सुन ने lagi.....ab हम म्यूजिक सुन ने मई कहाँ इंटरेस्ट था उस के साथ ये पल फिर पता नहीं कब मिले मुझे इसलिए मैंने म्यूजिक बंद कर दिया और प्यार भरी बातें कर ने लगे....
अब हम तुम्हारे बगैर कैसे रहेंगे
दिल के इतने करीब होकर भी दूर रहेंगे...
अब एक पल भी जुदाई सही नहीं जाती,
अपने दिल की बात तुमसे कही नहीं जाती,
ये पल बहुत याद आया करेंगे,
जब भी हम अकेले रात बिताया करेंगे...
priya...bas करो यार हम अब हम रो जायेंगे,
अगर खुदा ने चाहा तो एक दिन तुम्हरे हो जायेंगे,
मुझे ऐसा लग रहा था जैसे यहाँ हमरे अलावा भी कोई है ...
लेकिन मैंने ज्यादा ध्यान नहीं दिला क्योंकि मई प्रिय के साथ वक़्त बिताना था ,
और कल या परसों यहाँ से जाना भी था....
अब हमें जुदाई का दर सताने लगा था हमारा साथ भले hi 2 दिन का रहा हो लेकिन हम इन दिनों मई बहुत करीब आ गए थे....
यही सब सोचते सोचते हम एक दूसरे को कब किश करने लगे पता hi नहीं चला...
हमरे किश के बीच मई hi चची वहां आ गयी....
उन्होंने प्रिय उठाया और उसके गाल पर एक जोरदार थप्पड़ मारा...
वो दूसरा थप्पड़ मरने को हाथ उठा रही थी और मई उन्हें रोकने को आगे बाद रहा था लेकिन प्रिय ने मेरा हाथ पकड़ कर मुझे लिया तभी उसके गाल पर एक और थप्पड़ पड़ा...
चची-: आखिर ये चल क्या रहा है priya...jab देखो इसके साथ चिपके रहना ...इसके साथ खाना इसके साथ peena....akhir अब तुम्हे किसी का कोई ख्याल है की नहीं जब देखो जहाँ देखो बस चिपक जाना शर्म नाम की भी कोई चीज़ इस दुनिया mai...or तो और रात को एक hi बीएड पर sona....chalo ये भी ठीक लेकिन बिलकुल चिपक कर sona...akhir चाहती क्या है तू ....शर्म कर थोड़ा कुछ तो लिहाज़ कर ...क्या शर्म बिलकुल बेच खायी है tune...aur अब यहाँ देखो इसकी गड मई बैठी और फिर ये सब ...छी क्या बिलकुल शर्म नहीं रही tujhe...jab से बात तेरे मम्मी पापा को पता चलेगी तो क्या hoga...kya सोचेंगे वो तेरे वेयर मई...
प्रिय ताली बजाते हुए उनके चारो और घूमने लगी...
प्रिय:- वहवहवह देखो तो सही कह कोण रहा है शर्म के बारे mai...dekhlo राज तुम्हारी चची कितनी शर्म दर इंसान hein...ye तो इतनी शरमदार हैं की इन्हे देखकर तो शर्म भी शर्मा जाये वह क्या बात है शर्म...
शर्म माय फुट शर्म तब कहाँ गयी थी तुम्हारी शर्म जब झूठा किडनैपिंग का नाटक kiya....chalo नाटक भी ठीक पर तुमने तो अपने बेटे सामान भतीजे को hi मर ने का प्लान बनाया tha...tab क्या तुम्हारी शर्म को कोई जुटी छुपार्ने ले गया था बोलो ....
लेकिन उसकी बातों से चची ऐसे संत पद गयी जैसे म्यूजिक सिस्टम पावर कट होने से....
अब उनसे कुछ कहते नहीं बन रहा था गर्मी के दिन थे तो चेहरे पर पसीना साफ़ साफ़ दिखाई दे रहा tha...unhone तो कुछ कहा hi नहीं लेकि प्रिय शुरू हुई....
priya...bolo अब क्या हुआ कुछ बोलै नहीं जा रहा या तुम्हे कुछ बोलने मई शर्म आ रही hai...tumne इतना भी नहीं सोचा इसकी बहन का क्या होगा जो इसे hi अपना सब कुछ मानती hai...iske पापा का क्या hoga...or अब तुम्हे शर्म की पड़ी है...
प्रिय ने इतना कहा था की चची की आँखों से अंशू गिरने लग gye...aur वो जमीं पर hi घुटनो के बल बैठ के रोने लगी...
अरे तुम्हे रोना भी आता है मुझे नहीं पता था मुझे लगा बस तुम्हे लोगों को मरना आता है...
किसी को मरने से बुरा तो नहीं है प्यार करना मई इसे प्यार करती हूँ तो मुझे सरम आणि चाहिए और तुम इसे मरना चाहती हो इसका मैडल मिलना chahiye...wah क्या बात है....
मुझे तुम बस इतना बता दो आखिर क्यों मरना चाहती हो इसे क्या बिगाड़ा है इसने तुम्हारा....
(चिल्लाते हुए) बता अब क्यों चुप hai...kya मुंह मई जुबान नहीं रही क्या हो गया बोल मुझे तो सरम करनी चाहिए तुम्हे नहीं तुम इसको मार दो हैं ....और मेरे मम्मी पापा क्या सोचेंगे मेरे बारे मई ऐसा तो कुछ नहीं किया मैंने प्यार hi तो किया है...
और जब उनको तुम्हारी असलियत पता चलेगी की तुम अपने बेटे जैसे भतीजे को मरना चाहती तो क्या सोचेंगे वो....
बोल अब जवाब दे क्या हुआ....
मई-: प्रिय कुछ तो ख्याल करो भुआ हैं तुम्हारी वो ऐसे बात नहीं करते....
priya...hmm bhua...dekho तुम किसे मरना छह रही थी जिसे अब भी तुम्हारी फ़िक्र hai....mai तो ऐसा कभी न कर पति ...पर तुम्हे इन सबसे क्या farak...chhodo मई भी किसी समझा रही हूँ...
और मेरा हाथ पकड़कर नीचे जाने lagi...ki तभी चची आवाज़ देकर रओखती है ....
chachi...ruko...tumhe सच जान न है तो सुनो...
(अब कोई मन चाहा सच बता रहा हो तो कैसे जाया जाये सुन न hi पड़ेगा)
priya...dekho अगर इसमें थोड़ा भी झूट हुआ तो फिर मुझसे बुरा कोई न hoga...aur सच क्या है ये तो मई आज नहीं तो कल पता लगा hi लुंगी...
चची ....राज मुझे माफ़ कर दो मैंने तुम्हारे साथ बोहोत गलत किया है....
मई कुछ नहीं बोलै तो आगे चची ने bola...vo सब मेरी नादानी थी जो मई कर बैठी तुम लोग मुझे जो सजा दवना चाहो दे सकते हो ...पर मुझे माफ़ कर दो...
priya....kitna ाशन है न माफ़ी मांगना ...एक बार सोच के देखो अगर तुम्हारे साथ कोई ऐसा करता तो तुम उसे माफ़ करती....
chachi...priya मुझे माफ़ कर दे मेरे से बोहोत बड़ी गलती हो gyi...ab मई ऐसा कभी नहीं करुँगी चाहे कुछ भी हो jaye...tum जो भी कहोगे बही करुँगी...
priya...vo तो देखते hein...to क्या बिगाड़ा है इसने तुम्हारा क्यों मरना चाहती हो राज को...
chachi...meri कोई दुश्मनी नहीं है मई बस लालच मई आ गयी थी मई अंधी हो gyi....bahak गयी थी मई....
priya...kaisa लालच पूरी बात सही से बताओ...
chachi...mai पैसों और जमीन के लालच मई आ गयी thi....SHANTI भाभी ने मुझे पैसों और जमीन का लालच दिया tha....aur जब मई वहां से यहाँ आयी थी तभी से प्लान बन रहा था...
मई बिलकुल सदमे मई था की पता नहीं ऐसा क्या है जो सभी लोग मेरेको मरना चाहते हैं....
mai...ha बस इन्ही की कमी रह गयी थी ..
प्रिय ....कैसा और क्या प्लान....
chachi...mai जब वहां आयी तो ये
तय हुआ की राज मुझे लेने आएगा और उसे किसी एक्सीडेंट मज मर देना है या उसकी मौत को एक्सीडेंट दिखा देना है....
और उसी प्लान के मुताबिक राज को यहाँ भेज गया खुदा न खस्ता हमें समय भी जल्दी hi मिल gya....kyonki घर पर कोई नहीं था और इस से हमरे प्लान को कहानी होगी...
और फिर किडनैपिंग का बहाना किया सब कुछ सही जा रहा था की तुमने राज को बचा लिया.....
लेकिन अब मेरा उन लोगों से कोई वास्ता नहीं मुझे माफ़ कर दो जो तुम कहोगी वो करुँगी बस जो भी हुआ उस के बारे मई किसी को नहीं बताना...
2425 वर्ड्स .....
आगे क्या हुआ जानने के लिए पड़ते रहिये राज थे मिटे मन
तो बे कॉन्टिनोएड. .........