RAJ -The mystery man (thriller & Magic) - Page 6 - SexBaba
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RAJ -The mystery man (thriller & Magic)

थैंक्स फॉर बीइंग ों माय स्टोरी....

अपडेट की तारीफ के लिए सुक्रिया होप आगे वाला अपडेट भी लोगों को पसंद आये ...

जो की आज आ सकता है....

रानी दीदी का scene:dazed::dazed: वैसे जहाँ तक है ये वो है जो किसी अपने के लिए फीलिंग्स होती हैं जब उसके साथ कुछ होने वाला होता है...

थैंक्स फॉर कमेंटिंग...

थैंक्स फॉर रीडिंग...
 
अपडेट-30



फिर हमने वो बॉम्ब्स एक साथ उनलोगों की तरफ फेंके और वहां से चट्टानों की और जल्दी से जाकर छुप गए और वो लोग smoke(dhuein) मई भी फायर कर रहे the...jisme की एक गोली मेरे कंधे को छूटे हुए निकली...

खैर उसके बाद चट्टानों की आड़ लेकर उनपर हमला करते रहे और उनके बोहोत सरे लोगों को ऊपर का रास्ता दिखा दिया....

लेकिन अब हमारी गोलियां ख़तम होने को थी बस कुछ hi बची थी....

तभी प्रिय को कुछ दिखा और उसके मुंह से सिर्फ इतना निकला ''ओह सहित'' ये यहाँ कैसे....

अब्ब आगे.......................

मई और प्रिय के डैड ने एक साथ कहा.... क्या हुआ प्रिय...

priya....vo देखिये डैड तमिना...

प डैड ने उसकी तरफ देखा और कहा... लगता है ये सब इसका hi करा धराया है...

priya...ho सकता hai...aaj इसका भी मटर क्लोज करना hi पड़ेगा...

प dad...tumne टीम को ख्वार कर दी की नहीं...

प्रिय ...उन्होंने hi मुझे इस बारे मई जानकारी दी और तब तक तो ये यहाँ आ टपके...

प डैड ....कितनी देर मई पहुंचेंगे वो लोग यहाँ तक...

priya...koi 15 में लग jayeingi....tab तक हमें ऐसे hi इन्हे संभालना hoga...or अब तक तो हमारी गोलियां भी ख़तम हो गयी हैं....

तभी किसी के चिल्लाने की आवाज़ आती है..

सभी ने उस तरफ ध्यान दिया तो देखा की एक लड़की गाड़ी के बोनट पर बैठ कर बड़बड़ करे जा रही है..

Tamina....aale ाले मिली चुहिया डार्लिंग कहाँ छुपी बैठी ho...dekho तो कोण आया है तुमसे मिलने...

वहां खड़े बचे कुछे लोग हसने लागले हैं ....

ा1 ...मैडम लगता है किसी के बिल मई घुस गयी है....

TAMINA...hmm आज सरे बिल बंद कर dungi...aaj तो एक hi रास्ता खुलेगा वो है नरक का रास्ता .....मुझे पता है तुमलोगों की गोलियां ख़तम हो गयी हैं ...बचने का तो चांस hi नहीं है....

तभी चार गोलियां चलती हैं और उसके साइड से 2 आदमी टपक जाये हैं...

2 गोलियां तमिना के लगती हैं और उसे कुछ नहीं होता बस थोड़े से दर्द के अल्वा क्योंकि उसने बुलेट प्रूफ जैकेट पहन रखा था....

गोलिया लगने से उसे गुस्सा और आ जाता है फिर दोनों तरफ से फायरिंग होने लगती है और उनके 9 आदमी भी गोलियों को प्यारे हो गए....

लेकिन अब हमारी गोलियां ख़तम हो चुकी थी...

और तमिना को गोलियां लगने की बजह से उसको बोहोत गुस्सा आ रहा था

फिर क्या था कुछ hi देर मई हम लोग आमने सामने आकर लड़ाई करने लगे ...

लेकिन वो लोग अब भी हम लोगों से तादाद मई बोहोत ज्यादा थे...

इसलिए वि हमपर भरी पद रहे the...lekin प्रिय उसके तो कहे hi क्या जो कोई भी सामने आ रहा था कुछ न कुछ कटवा कर hi जा रहा tha....chahe वो हाथ पेअर हो या इस दुनिया से कनेक्शन. ....

प्रिय को इस तरह से लड़ते देख तमिना ने खुद hi उसका सामना करने की सोची और वो भी अपने हाथों मई दो तलवार लिए प्रिय के सामने जा कड़ी हुई...

अब उनकी तरफ से भी ज्यादा लोग नहीं बचे थे बस 4-5 hi थे जिनसे मई और प डैड लड़ रहे थे....

लेकिन वो हम पर भरी पद रहे थे क्योंकि वो हाइली त्रिनेड थे....

प्रिय पर तमिना बोहोत करारे करारे हमले कर रही थी और वो चेहरे पर मुस्कुराहट लिए सभी को रोक रही थी,

अपनज बोहोत सी कोशिशों के बाद तमिना आखिर कर प्रिय को चोट पहुँचाने मई सफल रही...

उसने प्रिय के लेफ्ट हैंड मई अपनी तलवार से एक छोटा सा घाव दे दिया था ....

लेकिन घाव तो घाव hi था और खून निकलना लाज़मी था....

इस वाकये के बाद तमिना की खैर न रही और प्रिय ने उसपे इतनी स्पीड से बार करना शुरू किये की वो संभल न सकीय ... और एक पत्थर पर टकराने की वहज से उसकी एक तलवार निचे गिर गयी और वो बाल बाल गिरने से बची लेकिन प्रिय ने उसके राइट लेग को बुरी तरह से चोटिल कर दिया था....

उस टीम मई एक फाइटर से लड़ रहा था और अंकल भी मुझसे कुछ दुरी पर फाइट कर रहे थे तो मैंने देखा की एक फाइटर अंकल की और फायर करने hi वाला था....

मैंने उन्हें आवाज़ दी पता नहीं उन्होंने सुनी की नहीं पर कोई रिएक्शन न दिया....

तो मई जिस से लड़ रहा जल्दी से उसके पेट मई अपनी तलवार घुसा कर वहां से अंकल की तरफ भगा और जाकर उन को धक्का दे दिया...

गोली आकर मेरे लगी पता नहीं कहाँ लगी पर मेरी आँखों के आगे अँधेरा छाने लगा और और मेरे मुंह से एक चीख निकल गयी ....

मैंने गिरते हुए बस चची की आवाज़ सुनी थी जो की जोर से चिल्लाई.....

स chachi.....priyyyaaaaa राआज

ये सब कुछ बोहोत hi जल्दी मई हुआ tha.....mushkil से 30 सेक् मई....

जब प्रिय की नज़र मेरे तरफ गयी तो उसकी आँखों मई दर्द और चेहरे पर गुस्से बाले भाव थे .. ...

उसने बोहोत तेज़ी से तमिना पर वार किया लेकिन वो उससे बचे मई सफल रही....

प्रिय बोहोत तेज़ी से मेरी तरफ आयी और उसने एम्बुलेंस को भी कॉल कर दिया और अब तक चची और प डैड भी मेरे पास आ गयी थी....

उसने आकर मेरा सर अपने गॉड मई रख लिया मेरे जहाँ मेरे गोली लगी थी वहां कास कर दबा के रखा ताकि जयादा खून न बाह पाए ...

लेकिन वहां मौजूद बाकि लोगों पर किसी का ध्याना नहीं था....

अभी मई होश मई था और देख सकता था की क्या हो रहा है...

वहां चची की आँखों से अंशू बाह रहे थे जिनको देखर मुझे उस हालत मई भी थोड़ा शॉक लगा tha...or अंशू तो प्रिय की आँखों मई भी नज़र आ रहे थे लेकिन वो उन्हें कंट्रोल करने की कोशिश कर रही थी....

की तभी तमिना के एक आदमी ने आकर प डैड और प्रिय के सर पर गन की पीछे की तरफ से बार किया....

और तभी तमिना ने आकर प्रिय को पकड़ लिया और उसके चेहरे पर पंचेस की बरसात कर दी....

और बाकि जो लोग थे उन्होंने प डैड और चची को पकड़ लिया....

लेकिन तभी एक गाड़ी आकर वहां रूकती है....

तो बे कॉन्टिनोएड
 
थैंक्स फॉर कमेंटिंग..............

सभी वेलकम कर रहे हैं मेरा पर मई तो कहीं गया hi नहीं tha:hinthint::hinthint:

अपडेट की तारीफ के लिए सुक्रिया...

अब वो तो आगे पता चलेगा गई ट्रेनिंग रुकेंगे की नहीं.....

जो अपडेट दिया है उसमे पता चल जायेगा की प्रिय ने किसको देखा....

हीरो बोहोत hi जल्द स्ट्रांग होने वाला है सो वेट टिल थें ....

अब हेरा का hi करैक्टर डोमिनेटिंग होगा ....

कीप रीडिंग

कीप सपोर्टिंग. ..
 
अपडेट-31

उसने आकर मेरा सर अपने गॉड मई रख लिया मेरे जहाँ मेरे गोली लगी थी वहां कास कर दबा के रखा ताकि जयादा खून न बाह पाए ...

लेकिन वहां मौजूद बाकि लोगों पर किसी का ध्याना नहीं था....

अभी मई होश मई था और देख सकता था की क्या हो रहा है...

वहां चची की आँखों से अंशू बाह रहे थे जिनको देखर मुझे उस हालत मई भी थोड़ा शॉक लगा tha...or अंशू तो प्रिय की आँखों मई भी नज़र आ रहे थे लेकिन वो उन्हें कंट्रोल करने की कोशिश कर रही थी....

की तभी तमिना के एक आदमी ने आकर प डैड और प्रिय के सर पर गन की पीछे की तरफ से बार किया....

और तभी तमिना ने आकर प्रिय को पकड़ लिया और उसके चेहरे पर पंचेस की बरसात कर दी....

और बाकि जो लोग थे उन्होंने प डैड और चची को पकड़ लिया....

लेकिन तभी एक गाड़ी आकर वहां रूकती है....

अब आगे...

स्टोरी बी थर्ड पर्सन....

उस गाड़ी मई साई जो निकला वो कोई और नहीं मादरचोद दिलावर था....

(दिलावर को शायद भूल गए हों ये वो था जिसने चची के साथ मिलकर राज को ख़तम करने का प्लान बनाया था)

dilawar....good जॉब tamina...ek काम और करना क्या नाम है इस आदमी का सोचते हुए....

Tamina...devraj (प डैड)...

Dilawar...is देवराज को और मार देना लेकिन उस से पहले मुझे इसके सामने इसकी बहन को छोड़ना hai....sali पहले जिसे मरवाना चाहती थी आज उसी के लिए अंशू बहा रही है....

प dad...kya अपन सनाप बक रहा hai...ek बार छूट जाने दे फिर बताता हूँ तुझे....

dilawar....oho क्या आशा तूने अपने भाई को hi नहीं bataya...chalo कोई न मई बता देता हूँ कैसे तुमने अपने भतीजे मरवाने का प्लान बताया था....

फिर उसने प्लान की साडी राम कथा सुना दी...

जिसको सुनने के बाद प डैड ने आशा (चची) की तरफ देखा तो उन्होंने गर्दन निचे की तरफ कर ली और रोने लगी...

प dad....priya मुझे तुमसे ऐसी उम्मीद नहीं थी काम से काम मुझे तो बताना था जो कुछ भी हुआ उसके बारे में....

dilawar...band कर बे इस फॅमिली ड्रामा को , नरक मई जाकर पूछ लियो जो कुछ भी पूछना हो....

dilawar...han तो तमिना इस हरामजादे को रस्सियों से बांध दो और इन दोनों को मेरी गाड़ी मई पहुंचाओ आज इसके सामने मई इसकी बहन और बेटी को छोडूंगा बोहोत मज़ा आएगा...

प dad...dekho tamina(raj की तरफ इशारा करते हुए) इस बिचारे ने तुम्हारा क्या बिगाड़ा है ...इसकी जान खतरे मई है प्लीज इसे जाने दो ..

tamina...ab पता चल रहा है न कैसा लगता है जब किसी अपने की मौत आँखों के hi सामने हो रही ho....thik ऐसा hi कुछ हुआ था मेरे साथ याद होगा मर देवराज तुम्हे तो....

प dad...dekho बीटा अभी तुम्हे सच का नहीं पता है सब एक गलायफहमी के कारन हुआ hai...hme जाने दो प्लीज ये बिचारा मर jayega...or मई तुम्हे सब कुछ सच सच बताऊंगा....

tamina...kya सच बताओगे मुझे जब मैंने खुद अपने भाई को तुम्हारे हटो से मरते देखा hai....tumhe जरा भी सरम नहीं आयी अपने hi दोस्त के बेटे को मरते हुए....

प dad....vo तुम्हारा भाई नहीं tha....(abhi इतना hi कहा था की बिच मई दिलावर बोल पड़ा)

dilawar....kya फॅमिली ड्रामा लगा रखा hai...Yaad रखो तमिना मैंने तुम्हे इन्हे मरने के पैसे दिए हैं.... इसे मरकर और इसकी बेटी और बहन को मेरे हवाले कर के चलती बनो यहाँ से....

tamina...(ankhein निकलते हुए) 2 मं अपनी जुबान को लगाम de...han तो क्या कह रहे थे मर देवराज...

प dad...vo तुम्हारा भाई नहीं था और वो तुम्हे मरना चाहता था ताकि साडी प्रॉपर्टी का मालिक बन सके...

इस बात को सुनके तमिना जैसे किसी सदमे मई चली जाती hai...or जमीं पर घुटनो के बल गिर जाती है....

dilwar...(man mein)ohh मेरी बिल्ली और मेरे से hi mewww....or इतना कह कर गन तमिना की और तन देता hai...or फायर करने hi वाला होता है की प्रिय को दिख जाता है...

जो की अब संभल चुकी thi...use दो आदमियों ने पकड़ रखा tha....usne एक के ग्रोइन किक मरी जिससे वो निचे गिर पड़ा पर किक की वजह से उसकी आवाज़ भी न nikali....or जो दूसरा था उसके नाक पर एक पंच और गर्दन मरोड़ दी उसका भी खेल khatam...(ye सब बोहोत की काम समय में हुआ किसी को कुछ पता न चला)

और अगले hi पल एक दर्दनाक चीख फ़िज़ा मई गुंजहि....

जो की दिलावर की थी हुआ कुछ ऐसा था की प्रिय ने एक पत्थर फेंक के मारा जिसका लक्ष्य दिलवर की सांसें बानी यानि की उसकी naak...uski चीख से तमिना होश मई aayi...lekin उसी टीम वहां दो गाड़ियां आ कर रूकती हैं और जिन लोगों ने प दादा और चची को पकड़ रखा था उनकी परलोक की टिकट काट di....or प्रिय ने दिलावर के लिए नरक का रास्ता साफ़ किया....

ये थी प्रिय और उसके डैड की टीम जिन्होंने जल्दी से आकर तमिना को घेर लिया और उसपे गन्स तान दी...

प डैड ने जल्दी से इशारा कर के राज को गाड़ी मई डलवाया और टीम से कह दिया की तमिना को छोड़ दिया जाये ोे जो कुछ भी यहाँ हुआ है उसका यहाँ से नमोमिशन मिटा दिया जाये....

अब तक राज का बोहोत खून बाह चूका tha....or जल्द hi उसको हॉस्पिटल ले जाया gya....jisme की हरेक हॉस्पिटल की तरह यहाँ भी पुलिस केस बताकर एडमिट करने से मन किया...

लेकिन प डैड ने कोई ईद उन्हें दिखाई जिससे की उन्होंने तुरंत hi राज को एडमिट कर लिया और उसको सीधा ऑपरेशन थिएटर मई ले जाया गया....

फिर कुछ देर बाद पता चला की गोली दिल के बोहोत hi करीब लगी है इसलिए मुंबई से स्पेशल डॉक्टर्स की टीम बुलाई गयी है जिन्हे की आने मई कोई करीब 2 घंटे का वक़्त लगेगा......

और डॉक्टर्स ने राज के ब्लड का भी इंतज़ाम करने को कह diya...kyonki उसका बोहोत ब्लड बाह चूका था...

राज का ब्लड ग्रुप ो नेगेटिव था जो की बोहोत की काम लोगों का होता है और वहां मौजूद किसी का भी ब्लड जीआरपी ो नेगेटिव नहीं था....

राज के घर वालों को भी खवार की gyi....or इस खवार को सुनते hi रानी की तो जैसे दुनिया उजाड़ गयी हो वो सीधा बेहोश हो गयी.....

फिर वहां से राज के पापा और चाचा रानी को lekar****shahar की और निकल gye...Rani को ले जाना इसलिए जरुरी था क्योंकि उसका ब्लड ग्रुप भी ो नेगेटिव tha....khair इन्हे पहुँचने मई अभी कोई 12 घंटे का वक़्त लगेगा....

ो नेगेटिव ब्लड जीआरपी की रेक्विरेमेंट के बारे मई सोशल मीडिया और जहाँ जहाँ दिया जा सकता था वहां वहां इन्फॉर्म कर दिया गया....

प्रिय को रोना तो बोहोत आ रहा था पर वो अपने आप को कंट्रोल कर रही thi...or चची जो की कुछ समय पहले तक राज को मरना चाहती थी वो भगवन के मंदिर मई बैठकर राज के लिए अंशू बहा रही थी...

हॉस्पिटल मई बोहोत हो ग़मगीन माहौल था प डैड और प्रिय दोनों hi ब्लड के लिए अपनी पूरी ताकत लगा रहे थे ...

लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ... 2 घंटे बाद डॉक्टर्स की टीम भी आ गयी और उनके आने से पहले hi ऑपरेशन की पूरी तैयारी हो चुकी थी....

कोई 1:30 घंटे के करीब राज का ऑपरेशन chala...tab जाकर डॉक्टर्स बहार आये...

प dad....doctor

doctor...dekhiye हमने ऑपरेशन कर के गोली को तो निकल लिया है लेकिन पेशेंट का खून बहुत बाह चूका है...

प dad...uski हालत कैसी है अब..

doctor...abhi कुछ कहा नहीं जा सकता hai...abhi उसकी जान खतरे मई hai...jab तक की उसको ब्लड नई चढ़या जाता ....

फिर डॉक्टर्स चले जातें हैं और सभी भगवन से राज की जिंदगी की दुआ करने लगते hein...or प डैड ब्लड के लिए कॉन्टेक्ट्स कर रहे होते हैं लेकिन कोई सफलता हाशिल नहीं हो रही थी...

उधर रानी का भी रो रो कर बुरा हल था और राज के डैड उसे संभल रहे थे...

उधर हॉस्पिटल मई एक बाबा आये थे जिन्होंने राज को ब्लड दिया और कहाँ से आये किसी को नहीं पता बस ब्लड डोनेट किया और वहां से चलते बने...

लेकिन इस वक़्त ये ज्यादा जरुरी था की ब्लड मिल गया किसका मिला ये ज्यादा जरुरी नहीं था...

जब डॉक्टर्स ने ये बात प डैड को बताई तो उन्होंने बाबा से मिलने की kaha...lekin डॉक्टर्स ने बताया की वो तो ब्लड देते hi चले गए...

खैर अगर राज को 24 घंटे से पहले होश गया तो वो खतरे से पूरी तरह बहार हो जायेगा....

फिर सभी राज़ के लिए दुआ मांगने lage...or चची तो जैसे मंदिर मई जैम hi गयी थी वो तो वहां से उठ hi नहीं रही थी....

खैर ऐसे वक़्त गुज़र ने लगा लेकिन राज को होश नहीं आया....

प्रिय अपने डैड के कंधे पर सिरा रखकर रो रही thi...ki तभी कोई आकर उनके सामने खड़ा हो जाता है जिसे देख कर दोनों hi बोहोत जोर से चौंक जाते हैं....

तो बे कॉन्टिनोएड

पढ़िए और अपने वैल्युएबल सुग्गेस्टियन्स और रेविएवस दीजिये...

और गळतोयों के लिए दिल से माफ़ी
 
अपडेट-32


खैर अगर राज को 24 घंटे से पहले होश गया तो वो खतरे से पूरी तरह बहार हो जायेगा....

फिर सभी राज़ के लिए दुआ मांगने lage...or चची तो जैसे मंदिर मई जैम hi गयी थी वो तो वहां से उठ hi नहीं रही थी....

खैर ऐसे वक़्त गुज़र ने लगा लेकिन राज को होश नहीं आया....

प्रिय अपने डैड के कंधे पर सिरा रखकर रो रही thi...ki तभी कोई आकर उनके सामने खड़ा हो जाता है जिसे देख कर दोनों hi बोहोत जोर से चौंक जाते हैं....

अब्ब आगे...

और चौंकना लाज़मी भी था क्योंकि जो कुछ वक़्त पहले तक उनके खून का प्यासा था आज उन्ही के सामने आँखों मई अंशू लिए खड़ा था...

शायद अब तक तो सभी रीडर्स को पता चल गया होगा लेकिन फिर भी मेरा फ़र्ज़ है बताने का तो उसका नाम है तमिना...

जो की कुछ घंटो पहले किसी मुसीबत की तरह सामने कड़ी थी वो अब नाम आँखों से और झिझकते हुए कहती है...

Tamina...uncle

[third person to readers] =भाई लोग टेंशन नहीं लेने का की अब तमिना ने देवराज को अंकल क्यों kaha...ye मिस्ट्री आज hi खुल जाएगी ....चलो मई hi बता देता hun...Tamina के डैड और प्रिय के डैड दोनों hi दोस्त थे

एक बार को तो प डैड को भी अपने कानो पर विश्वाश नहीं होता क्या तमिना ने सच मई उनसे अंकल कहा...

Tamina...aise क्या देख रहे हो अंकल

प डैड... कुछ यादें ताज़ा हो गयी...

Tamina...mere से जो भी गलतियां हुई उनके लिए मुझे माफ़ कर दो

प dad...koi बात नहीं बीटा गलतफहमियां सभी को हो जाती हैं...

tamina...lekin अंकल मुझे पूरी बात जननी है की ...

प dad...hmm आओ बैठो

फिर तमिना बैठ जाती है...

प dad...to बीटा ये बात तुमहाते जन्म से पहले की है जब तुम्हारे पापा और मेरे दोस्त पर कोई औलाद नहीं thi...ya यूँ कहो की हुई nhi...tab तुम्हारे पापा को उनके बड़े भाई ने समझकर अपने बेटे को गॉड लेने की सलज दी... खैर मरता क्या न करता उन्होंने उनके बेटे को गॉड ले लिया...

लेकिन उनके इरादे सही नहीं थे जैसा की तुम्हे पता है तुम्हारे पापा मेरे साथी थे तो पैसे की कोई कमी नहीं थी...

और इसी के चलते उनके अपने हो उनके दुश्मन बन गए...

जब वो लड़का बड़ा हुआ तो उसके असली माँ बाप ने उसे तुम्हरे पापा के खिलाफ भड़काना शुरू कर दिया और बताया की कैसे उन्होंने साडी प्रॉपर्टी चीन ली और तुम्हे भी...

tamina...lekin उसको विश्वाश कैसे हुआ की वो उनका लड़का है...

प dad...usko भी विश्वाश नहीं हुआ था लेकिन उसने अपना डीएनए चेक कराया जो की तुम्हरे पापा से मैच नहीं हुआ और उनसे मैच हो gya....ye बात तुम्हारे पापा को बाद मई पता चली...

अब तक तुम्हारा भी जन्म हो चूका था और तुम्हारे पापा ने प्रॉपर्टी दोनों के नाम आधी आधी कर दी थी...

जब उसको ये बात पता चली तो उनलोगों ने एक दिन तुम्हारे माता पिता का रोड एक्सीडेंट करा दिया...

लेकिन जैसा की तुम्हे पता hi होगा अगर 18 साल से पहले तुम्हे कुछ हो जाता तो तुम्हारी प्रॉपर्टी सरकारी फण्ड मई चली जाती...

इसीलिए उन्होंने तुम्हारे 18 साल तक के होने का इंतजार किया और जब तुम 18 साल की हुई तो तुमको मरने के प्रियश किये gye...lekin चूँकि तुमको सभी तरह की ट्रेनिंग दी जा रही थी इसलिए कोई तुम्हारा कुछ न बिगड़ सका...

और जो तुम्हारा नकली भाई था वो तुमसे प्यार करने का झूठा नाटक करता tha...taki तुम्हे कोई शक न ho...or वो अब तक गलतकामो मई पद चूका था जैसे ड्रग डीलिंग, किडनैपिंग, मर्डर्स और भी बाजहित से नाजायज धंधे जिनको बताने मई भी सरम आती है...

अब तक मैंने ख़ुफ़िया तरीके से तुम्हारे पापा के केस की छानबीन की और जब मुझे पता चला की इसमें उस गन्दी नाली के कीड़े का हाथ है तो मई सीधा तुम्हारे घर की और निकला...

लेकिन वहां जब मई पोहोंचा तो देखा वो एक गिलास मई जूस लेकर उसमे कुछ मिला रहा है...

और जैसे hi वहां मैंने अपनी मौजूदगी का अहसास कराया वो एकदम सकपका गया और ड्रामा कर लिया लेकिन मैंने वहां राखी ज़हर की शीशी को उठाकर कहा की क्यों कर रो हो ऐसा...

तो वो ड्रामा करने लगा जिसमे मुझे कोई दिलचस्पी नहीं थी क्योंकि मुझे सच का पता था...

इसलिए मैंने एक उसके कान के नीचे दिया और वो सब कुछ बताने लगा लेकिन अचानक hi उसने मुझपर टेबल पर रखे चाकू से हमला किया...

जिसके रिएक्शन मई मेरे हाथ से गोली चल gyi...or तभी तुम वहां आगयी और बिना सच जाने hi मुझे गुनहगार मन लिया....

लेकिन मुझे कोई अफसोश नहीं है उस सपोले के साथ ऐसा hi होना चाहिए tha...jisne मेरे दोस्त की हस्ती खेलती जिंदगी को तबाह कर दिया...

और जो प्रॉपर्टी तुम्हारे उस भाई को मिली थी उस से उसके असली माँ बाप आज ऐश कर रहे हैं पता hi होगा तुम्हे कितने बड़े बिज़नेस मन हैं वो अब...

तमिना जोर जोर से रोने लगी और अपने hi गलों पर थप्पड़ मरते हुए कहने लगी....

मत कहिये उस कुत्ते को मेरा भाई जिसने मेरे माँ बाब को कुछ पैसों के लिए मार diya...mujhse कितनो बड़ी गलती हो gyi...maine आपको गुनहगार समझा जिसने मेरी hi जान बचाई....

Tamina...p डैड के पैरों माओ गिरते hue...kyon नहीं मार दिया मुझे क्यों छोड़ दिया अंकल मार देते मुझे...

मैंने उस भाई के बदले के लिए जिसने मेरी जिंदगी बर्बाद करना चाही किसी और के भाई की जान को खतरे मई दाल दिया...

हॉस्पिटल मई ऐसे इधर उधर से गुज़र रहे लोग ये देख रहे थे ...इसलिए प्रिय ने उठकर उसे चुप करने की कोशिश जिससे हुआ ये की तमिना और जोर जोर से प्रिय के गाके लग कर रोने लगी....

कुछ बाद वो चुप हुई और राज के हाल चल के बारे में पूछा और उसे जिंदगी और मौत के बिच लड़ता देख उसके अंशू फिर से निकलने lage...isliye वो वहां से आकर प्रिय के पास बैठ गयी ...प डैड इस वक़्त वहां नहीं थे वो कहीं गए थे...

तमिना... ी ऍम सॉरी फॉर व्हाटएवर ी हैवे दोने...

priya...its ok...insan से hi गलतिया होती हैं और समय रहते तुम्हे अहसास हो गया इस से ज्यादा क्या बढ़िया हो सकता है...

Tamina...bohot बड़ा दिल है तुम्हारा और साथ मई फाइटिंग स्किल्स भी मई तुमसे कभी नहीं जित सकती...

priya...tumne मुझे हरा दिया आज ...जो मेरी जान है उसी की जान पर खतरा है तो क्या फायदा mera...or जोर जोर से रोने लगी....

तमिना ने उसे शांत कराया और kaha...kuchh नहीं होगा उसे विश्वाश रखो....

तभी वहां प्रिय के डैड आ गए साथ मई माँ भी थी जो की खाना लायी थी अपने साथ....

सभी ने खाना खा लिया प्रिय और चची को छोड़कर दोनों को hi बोहोत समझाया लेकिन किसी ने खाना नहीं खाया....

अब तक राज की हालत मई कोई सुधर नहीं था लोग भी उसकी देखरेख मई लगे हुए थे लेकिन कोई सुधर नहीं था....

फिर कुछ समय बाद प माँ एंड चची को जबरदस्ती घर भेज दिया गया और प्रिय को भी क्योंकि दोनों को hi ड्राइविंग नहीं आती थी...

तो बे कॉन्टिनोएड

 
अपडेट-33

[Mega Update]

priya...tumne मुझे हरा दिया आज ...जो मेरी जान है उसी की जान पर खतरा है तो क्या फायदा mera...or जोर जोर से रोने लगी....

तमिना ने उसे शांत कराया और kaha...kuchh नहीं होगा उसे विश्वाश रखो....

तभी वहां प्रिय के डैड आ गए साथ मई माँ भी थी जो की खाना लायी थी अपने साथ....

सभी ने खाना खा लिया प्रिय और चची को छोड़कर दोनों को hi बोहोत समझाया लेकिन किसी ने खाना नहीं खाया....

अब तक राज की हालत मई कोई सुधर नहीं था लोग भी उसकी देखरेख मई लगे हुए थे लेकिन कोई सुधर नहीं था....

फिर कुछ समय बाद प माँ एंड चची को जबरदस्ती घर भेज दिया गया और प्रिय को भी क्योंकि दोनों को hi ड्राइविंग नहीं आती थी...

अब्ब आगे........................


कई घंटो के सफर के बाद बाद रात के 11 बजे तीन लोग स्टेशन पर उतरे ...

सभी को पता है की ये कोण कोण हैं लेकिन भाई स्टोरी मेरी है तो बताना तो बनता है...

ये थे रानी , राज के पापा, और बड़े चाचा....

अब रात मई वो सभी हॉस्पिटल के लिए ऑटो ढूंढने लगे क्योंकि हॉस्पिटल वहां से कोई 12 कम दूर था...

उन्हें कोई ऑटो तो न मिला लेकिन एक ब्लैक थार वहां आकर रूकती है....

जसमे से एक लड़की निकलती है राज के पापा और चाचा तो उसे नहीं पहचान पते लेकिन रानी पहचान लेती...

फिर प्रिय खुद hi आकर अपना परिचय देती है ...

जैसे की सभी फॅमिली के बड़े लोग करते hein...beta तुम्हे रात मई यहाँ अकेले आने की क्या जरुरत थी हम अपने आप आ जाते या फिर किसी और आना hi था तो कोई और आ jata...aisa करके कुछ लेक्चर राज के डैड और चाचा ने चिपका दिया....

[ लेकिन अभी ये लोग जानते नहीं है की प्रिय किस चिड़िया का नाम है...

वैसे ये तो मुझे भी नहीं पता]

प्रिय की नज़र जब रानी पर गयी तो एक बार तो उसका भी दिल दहल उठा क्योंकि उसकी आंखें रोने की वजह से सूज गयी थी और बिलकुल थोड़ी सी खुल रही थी....

चेहरे पर बाल इधर उधर बुखरे हुए थे होठों पर पपड़ी पड़ी हुई थी...

कुल मिला कर रानी की हालत बाद से बदतर थी खैर कहानी मई आगे बढ़ते हैं...

कुछ समय बाद ये 4रो जान हॉस्पिटल में थे.. [abki bar nhi bataunga kon 4ro jan]

वहां प्रिय को देखकर प्रिय के डैड नाराज़ हुए लेकिन उनके पीछे इन 3no को देखके गुस्सा रफू चक्कर हो गया...

वैसे भी रात मई ये लोग कहाँ कहाँ हॉस्पिटल ढूंढते फिरते....

फिर उनलोगों ने राज को ओट में देखा विंडो मई लगे गिलास के थ्रू....

जिसमे की राज के ऑक्सीजन लगी हुई थी और बोहोत साडी मचिनेस से घिरा हुआ tha...raj की ऐसी हालत देख कर रानी को एक साथ चक्कर आ गए और वो गिरने hi बलि थी की तमिना ने उसको पकड़ा जो की अब तक हॉस्पिटल मई hi मौजूद थी....

रानी दीदी को डॉक्टर्स ने देखा और उन्हें भी ग्लूकोस चढ़ा दिया क्योंकि उन्होंने कुछ खाया पिया नहीं था बॉडी मई एनर्जी बिलकुल नहीं thi...or एक बेहोशी का इंजेक्शन भी लगा दिया ताकि वो ज्यादा न सोचें....

सन चेंज....

एक लड़का बेहोशी से उठता है तो अपने आप को एक सार्ड हवाओं मई पता है चारो और बर्फ की सफ़ेद चादर थी....

उसको कुछ समझ नहीं आ रहा था की वो कहाँ है....

थोड़ा आगे चलता है तो उसे एक पोलर बेयर दीखता है जिसे देखकर वो लड़का दर जाता है और भागने लगता hai....aur वो पोलर बियर भी उसके पीछे भागने लगता है....

भागते भागते लड़का का पेअर फिलहाल जाता और वो बर्फ के ऊपर स्लाइड करता हुआ जाता है ...

जब वो रुकता है तो अपने आप को एक बर्फ की गुफा मई पता है....

वो वहां से थोड़ा आगे चलता है तो उसे सामने से रौशनी आती हुई दिखाई देती है...

लेकिन गज़ब की बात ये थी की न उसे ठण्ड लग रही थी और न hi गिरने की वजह से कोई चोट लगी थी...

खाई वो लड़का उस रौशनी

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की दिशा मई चलता है और कुछ दूर चलने के बाद उसे कुछ ऐसा दीखता है जो वो सोच भी नहीं सकता था ...

एक बोहोत बड़े शिवलिंग के सामने एक साधु हवा मई समाधी लगाए हुए था...





जैसे hi उसे उस लड़के के वहां होने का अहसास होता है वो उसे आवाज़ देता है...

sadhu...aao राज तुम्हारा hi इंतजार tha...or ये कहते हुए वो पलट जाता है...

[ye ladka apni story ka hero raj hai]

जैसे hi राज उस साधु बाबा की सकल देखता है तो बिलकुल चौंक जाता है क्योंकि बाबा के चेहरे पर एक तेज़ था उनका चेहरा सोने की तरह चमक रहा था और ये वही थे जिनकी एक बार राज ने मदद की थी....

साधु baba...vats मुझे पता है तुम्हारे मन मई इस वक़्त बोहोत से प्रश्ना उत्पन्न हो रहे होंगे...

लेकिन अभी उन सभी सवालों का सही समय नहीं है...

Raj...mai तो अपने गाओं जा रहा था फिर मई यहाँ कैसे....

साधु baba...ye तुम्हारी आत्मा hai...jara धायण करो की तुम गाओं जा रहे थे फिर क्या हुआ था...

फिर राज अपने दिमाग पर जोर डालता है तो उसे याद आता है की उनपर रस्ते मई हमला हुआ था और उसको गोली लगी थी...

Raj...mere तो गोली लगी थी फिर मई जिन्दा कैसे हूँ...

sadhu...ye तुम्हारी आत्मा है वत्स और आत्मा कभी नहीं मरती ये तो बस सरीर बदलती है...

Raj...to मेरी आत्मा यहाँ क्यों है...

sadhu...unsabhi बातों का अभी वक़्त नहीं hai...agar तुम्हे अपने सरीर को दुबारा धारण करना है तो तुम्हे पंचगव्य से वहां िस्तिथ शिवलिंग का अभिषेक करना होगा...

Raj...to लाओ दो मुझे पंचगव्य मई अभी करता हूँ...

sadhu...itna आसान नहीं hai...ye पंचगव्य नंदालय पर्वत पर एक नीले रंग का नंदी है उसकी सूर्य नदी मई िस्तिथ hai...or वो कोई साधारण नंदी नहीं hai...usko शिव जी से वरदान मिला है की जो भी उसको उसकी मर्ज़ी के बगैर स्पर्श करेगा ...उसका इस ब्रह्माण्ड से अस्तित्व मिट jayega...yani की उसकी आत्मा hi जहि रहेगी...

RAJ...to फिर आप बताइये की मई क्या करूँ...

sadhu...tumhare वापस जाने का एकमात्र रास्ता वही hai...ab ये तुम्हारे ऊपर है की तुम्हे वापस जाना है की nhi....agar तुम वो पचगव्य पाने में असफल हुए तो पुनर्जन्म के रस्ते भी तुम्हारे लिए बंद हो जाएंगे...

तभी साधु कोई मंत्र पड़ते हैं और गुफा की दिवार किसी t.v स्क्रीन का रूप ले लेती hai...jisme राज को जो सन दीखता है उसे देख कर बिलकुल बैचैन हो जाता है...

क्योंकि स्क्रीन पर राज की बहन थी जिसको की ग्लूकोस चढ़ाया जा rha...jise देखकर राज की आत्मा को कुछ अजीब सा लगता है एक तड़प सी होती है उसके पास जाने की...

यहाँ राज की आत्मा की ऐसी हालत की वजह से मचिनेस से जोर जोर की आवाज़ें आ रही थी...

अब उस स्क्रीन पर दो सन चल रहे हैं....

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सन..1

और डॉक्टर्स की एक टीम भागी हुई aayi...jo राज को देखने lagi...window के गिलास से राज के पापा और चाचा भी ये नज़ारा देख रहे the...raj की ऐसी हालत उसके पापा से न देखि गयी और वो वहां से उठ गए...

डॉक्टर्स फिर राज को एलेक्ट्रोकवुलसीवे थेरेपी देने की तैयारी करते हैं...

कुछ समय बाद राज को शॉक पर शॉक दिए जाने लगे...

पिछ...
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लेकिन उसकी बॉडी बिलकुल भी रेस्पोंद नहीं कर रही थी...

जिसके बाद की डॉक्टर्स ने राज के बचने के चान्सेस को बोहोत की काम बता दिया...

सन...2

ठीक इसी समय रानी को होश आता है उसको दिल मई दर सा महसूस होता है और होश मई आते hi उसके मुंह से एक जोर दर चीख निकलती hai...RAAAAAAAAAAJJJJJJJJ जिसे सुनकर प्रिय और तमिना उसके रूम में आते hein...aur उसको सँभालने की कोशिश करते हैं..... वैसे हालत तो प्रिय की भी ऐसी hi थी लेकिन वो अपने दर्द को दवाये हुए थी ....

अपने दिल और भावनाओ पर कण्ट्रोल कर रही थी लेकिन कम्बख्त ये अंशू कहाँ किसी की सुनते हैं ...

प्रिय ने दिल पर तो कंट्रोल कर लिया लेकिन आंशूं पर न कर पायी...

और रानी को चुप करते करते दोनों वो खुद भी उसके hi साथ गले लगकर रोने लगी....

उन्दोनो की ऐसी हालत देख कर तमिना की आंखें भी छलकने लगी और कहीं न कहीं वो उसकी आत्मा उसको कचोट रही थी की उससे कितने बड़ी गलती हो गयी...

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ये सन देखर राज की आत्मा भी सोचने लग जाती है की आखिर कोई किसी से इतना प्यार कैसे कर सकता है की महज़ एक आत्मा की hi तड़प ने उसको पूरा का पूरा हिला दिया...

किया कोई बहन अपने भाई से इतना प्यार कर सकती hai...kaise कर सकता है कोई किसी से इतना प्यार...

रानी और प्रिय का प्यार देखकर राज की आत्मा नंदालय पर पंचगव्य लेने जाने का निर्णय लेती है...

Raj...to बताइये साधु बाबा मई वहां कैसे जा सकता हूँ...

sadhu...tum आत्मा हो तो बस इस पर्वत के बारे में सोचो और वहां पहुंच जाओगे...

sadhu...lekin एक बात याद रखना जहाँ तुम जा रहे हो वहां तुम्हे सब कुछ महसूस होगा दर्द दुःख chot...or तुम्हारा अस्तित्व भी मिट सकता hai...isliye जो भी करना बोहोत hi ध्यान se...or ये सब तुम्हे तुम्हे तुम्हे सूर्य के निकलने से पहले hi करना होगा....

फिर जिस स्क्रीन पर हॉस्पिटल का सन चल रहा था वहां एक पर्वत की इमेज आ gyi...jiska नाम साधु बाबा के अनुसार नंदालय पर्वत था...

पिछ....

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फिर आत्मा वहां के बड़े मई सोचती है और खुद को एक पहाड़ के गेट के सामने पति है...

उस गेट पर मोठे मोठे अक्षरों मई लिखा हुआ था...

यहाँ आना तो संभव है,

पर जाना असंभा है,

तुम्हारे पास अभी वक़्त है,

यहाँ से चले जाना HI उचित है,

लेकिन राज तो यहाँ पहले से hi निश्चित करके आया था...

वो आगे बाद जाता है...

लेकिन तभी उसके सामने आता है एक ऐसा स्वरुप जिसे उसने कभी सोचा भी नहीं था...

जो कुछ इस प्रकार का था...





आहार इंसानी नज़रिये से बताया जाये तो रिड की हड्डी [spine]की जगह एक तलवार [ सोर्ड] थी जिसका की हैंडल उसकी गर्दन के पीछे लगा था.....

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वो राज को वहां से जाने की चेतावनी देता है लेकिन राज नहीं मंटा तो वो उसपर हमला करना शुरू कर देता है ...

और उसने राज की आत्मा की मर मर कर हालत बुरी कर दी थी...

उसने राज की आत्मा को दोनों हटो से ऊपर उठा लिया और उसको वो पहाड़ से नीचे फेकने hi वाला था की राज उस तलवार के हैंडल को पकड़कर पीछे की तरफ गिर जाता है....

जिससे की तलवार उसके सरीर से बहार निकल आती है....

और एक तेज़ रौशनी के साथ उसका सरीर वहां से गायब हो जाता जिसकी वजह से राज की आंखें बंद हो चुकी थी...

फिर एक आवाज़ आती है जिसे सुनकर राज अपनी आँखें खोलता hai...or इधर उधर देखने लगता है...

लेकिन उसे कोई नहीं दीखता तो वो डरते कहता है ...कोण है सामने आओ ...

तभी उसने जो तलवार हाथ मई पकड़ी हुई थी वो हिलने लगती है जिससे की राज उसे छोड़ देता है...

वो तलवार एक लड़की मई बदल जाती hai...or राज को सुक्रिया कहती है...

[yahan uski sundarta se hame koi lena dena nhi hai...isliye uske bare mein describe nhi kiya hai...]

और राज के बिना पूछे hi बताती है की वो यहाँ एक साधु के श्राप की वजह से कैद थी और वो यहाँ जिस काम के लिए आया है उसके लिए उसको उस तलवार की बोहोत जरुरत पड़ेगी...

Raj...vo कैसे

ladki...tum यहाँ पंचगव्य लेने आये हो जो की उस नंदी की सूर्य नदी मई िस्तिथ है और किसी को दीखता भी नहीं है ...

Raj...ha सही कहा...

ladki...us नंदी का एक सींग टुटा हुआ है जिसमे की तुम्हे ये तलवार लगनी होगी या यूँ कहो की सींग मई गढ़नी hogi...tab जाकर कहीं उसकी सूर्य नदी मई से पंचगव्य निकलेगा....

लड़की ...और मई इस गेट की चाबी भी हूँ फिर वो उसकी तरफ इशारा करती है की तुम्हे तलवार को वहां लगाकर 10 बार सीधा फिर 7 बार उल्टा घूमना पड़ेगा तभी ये दरवाजा खुलेगा बरना नहीं खुलेगा...

और इतना कहकर वो फिर से तलवार बन जाती है....

राज उस तलवार को उठा लेता है और जैसा उसने कहा था वैसा hi करता है और दरवाज़ा खुल जाता है....

वो आगे बढ़ता हुआ चला जाता है लेकिन उसे कोई नहीं दीखता फिर तलवार से आवाज़ आती है की पूर्व के और की छोटी पर जाओ...

वो ऐसा hi करता है वहां पोहोंचकर वो देखता है यहाँ तो बोहोत सरे नंदी हैं अब वो कोण सा जिसके सींग मई तलवार लगनी है...

Talwar...vo नीले रंग का है...

raj...are हाँ बताया तो था...

फिर वो उस नंदी को ढूंढने लगता hai...lekin वो नहीं मिल रहा था... उसे ये सब अब बोहोत hi जल्दी करना था क्योंकि सूर्य को निकलने मई बस 15 मं की देर थी...

उसके पास समय बोहोत काम tha...or एक परेशानी यह थी उस तलवार को देख कर सभी नंदी इधर उफर भागने लगे थे...

लेकिन एक एक टावर चमकाने लगती hai...jisse की राज को पता चल जाता है की वो नंदी यही कहीं है...

फिर वो सभी तरफ जा कर देखता है जिस तरफ जाने पर उसकी तलवार ज्यादा चमक रही थी और आगे को खींची चली जा रही थी वो उसी दिशा मई चल देता है...

वो चलते चलते एक मंदिर मई पोहोच जाता है जिसमे की एक कुंड बना हुआ था और बीचो बिच एक शिवलिंग था....





वो नंदी उसी शिवलिंग के पास खड़ा हुआ था...

इस्तिथि इस समय कुछ ऐसी थी की कुंड वो नंदी कोई 20 फ़ीट गहरे कुंड मई था और राज की आत्मा ऊपर ...

तलवार से आवाज़ आती hai....tumhare पास बस यही मौका है ये तलवार देख कर दर jayega...isliye तुम्हे यहीं से छलांग लगा कर सींग[horn] मई तलवार फिट करनी hogi...vo भी विणा इसे स्पर्श किये हुए... अगर तुम इसके सरीर के सम्बद्ध मई आ गए तो तुम्हारा विस्नेश सुनिश्चित है...

फिर राज की आत्मा अपने आप को एकाग्र कर के तलवार को दोनों हाथों मई पकड़कर ऊपर से छलांग लगा देती है जिसकी आवाज़ सुनकर वो नंदी ऊपर की और देखता hai...aur तलवार उसके सींग मई जाकर लगती hai....us नंदी को बोहोत hi दर्द होता है और उसकी सूर्य नदी मई से कुछ पीला पदार्थ शिवलिंग पर गिरने लगता है...

तलवार को सींग मई लगते hi एक रौशनी निकली थी जिसको वजह से राज दूसरी और जा कर गिरता है...

जब पंचगव्य से शिवलिंग का अभिशेख हो जाता है तो एक नीले रंग की रौशनी शिवलिंग से निकलती है आकर राज मई सामने lagti...jisse की उसे बोहोत दर्द होता hai...uske सामने रानी और प्रिय का चेहरा घूमने लगता hai....or उसे कुछ होश नहीं रहता...

-----ठीक इसी वक़्त हॉस्पिटल में...

डॉक्टर्स ने राज को बचने के चान्सेस केबल 5 % बता दिए थे...

जब ये बात रानी को पता चली तो वो भगति हुई राज के वार्ड मई गयी...

और चीखते हुए राज को उठाने लगी...

Rani...bhai उठ जा भाई मेरे तेरे अल्वा कोई नहीं है इस दुनिया में ...तू नहीं रहेगा तो मई भी नहीं रह paungi...maine तुझे hi अपना सब कुछ मन है...

प्रिय भी रूम मई hi thi...or वो खड़े खड़े रो रही thi...or रानी राज का हाथ पकडे हुए ...उसके सीने पर सर रखकर रो रही thi...uske अंशू सीधा राज के दिल पर गिर रहे थे...

लेकिन तभी रानी को महसूह हुआ की राज का दिल जोरो से धड़क रहा hai...or वो ये बात जब प्रिय को बताती है तो दोनों hi उसके हाथों को पकडे हुए मालिश कर रही thi...Priya झुकी हुई राज के चेहरे को देख रही थी उसकी आँखों के अंशू सीधा राज के लबों पर गिर रहे थे...

[ इस टीम ऑक्सीजन मास्क नहीं लगा हुआ tha...shock देने के बाद उसको ऑक्सीजन डॉक्टर्स ने मान लिया था की अब ये ज़िंदा नहीं रहेगा..]

तभी राज के होठ हिलते हैं और एक आवाज़ निकलती है

Raj...Rani दीदी...

प्रिय डॉक्टर्स को बुलाने जाती है...

लेकिन राज .....

तो बे कॉन्टिनोएड. ........

 
थैंक्स फॉर कमेंटिंग भाई...

अब भाई इतनी साडी मिस्ट्री है एक अपडेट मई तो रेवेअल होगी नहीं...

स्टोरी पड़ते RAHIYE...MYSTERY बनेंगी भी और रेवेअल भी होंगी...

इंसान से HI गलतियां होती हैं बॉस वो दो बार लिख दिया ''नाम बाला मटर''

आपके रिव्यु की अंतिम लाइन बोहोत HI मस्त THI:roflol::roflol::roflol:
 
आपका कमेंट पदर बोहोत HI अच्छा लगा....

स्टूडेंट हूँ इसलिए उपदटेस मई प्रॉब्लम रहती है ...

उसके लिए छमा याचना

कोण कहता है राज मिस्टीरियस नहीं है

वो भी मिस्टीरियस है राज और रानी भाई बहन होते हुए भी एक क्लास मई पफते हैं.. .

ऐसा क्यों ये राज की मिस्ट्री पर देपेंद करता है...

लोकेशन वाला मटर

अस ा रीडर मुझे लगता है की स्टोरी मई इंट्रेस्ट वहीँ आता है जहाँ मैं चरक्टेर्स हों जैसे की hero...isliye दोनों सन एक साथ नहीं लिए और वैसे भी स्टोरी स्लो मोड मई है तो जहाँ हीरो है बस वहीँ के सन हैं...

स्कूल का मटर...

स्कूल की लाइफ पूरी तरह से दिखाई जाएगी जब हीरो वहां होगा ...

उसकी कोई भी डकार नहीं मरी है

सो वेट टिल थें...

मिस्ट्रीज. ......

छोटी चची को ब्लैक मेल कैसे और क्यों करती है?

राज खेत पर क्यों रहता है?

उसके खेत पर रहने पर कोई क्यों ऑब्जेक्शन नहीं करता ?

उसके पापा इतने साइलेंट क्यों है..?

प्रिय के साथ क्या कांड हुआ पिछली बार मिला था ?

ये सब फ़्लैश बैक का मटर है जो की अभी कोई पड़ना नहीं चाहता मेरे हिसाब से इसलिए मई इसे विथाउट फ़्लैश बैक ख़तम कर सकता हूँ प्रेजेंट मई ...

इसलिए इसमें टीम लगेगा एक एक कर के खुलेंगे सभी पहलु...

और उस पुलिस वाले के बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता मिलेंगे की नहीं...

थैंक्स फॉर रीडिंग...

कीप सपोर्टिंग

कीप कमेंटिंग
 
अपडेट-34

[छोटा अपडेट]


लेकिन तभी रानी को महसूह हुआ की राज का दिल जोरो से धड़क रहा hai...or वो ये बात जब प्रिय को बताती है तो दोनों hi उसके हाथों को पकडे हुए मालिश कर रही thi...Priya झुकी हुई राज के चेहरे को देख रही थी उसकी आँखों के अंशू सीधा राज के लबों पर गिर रहे थे...

[ इस टीम ऑक्सीजन मास्क नहीं लगा हुआ tha...shock देने के बाद उसको ऑक्सीजन डॉक्टर्स ने मान लिया था की अब ये ज़िंदा नहीं रहेगा..]

तभी राज के होठ हिलते हैं और एक आवाज़ निकलती है

Raj...Rani दीदी...

प्रिय डॉक्टर्स को बुलाने जाती है...

लेकिन राज .....

अब्ब आगे....


आगे की कहानी राज की जुबानी...

जब मुझे होश आया तो मई अपने आप को एक हॉस्पिटल मई पता हूँ ...

और पास मई रानी दीदी बैठी तजि जिनको देखकर मई चौंका नहीं वजह आप सब जानते हैं...

[RAJ KO VO SAB YAAD HAI JO KUCHH USKI ATMA KE SATH HUA....]

और प्रिय मुझे होश मई आता देख वहां से जाने को होती है शायद डॉक्टर्स को बुलाने...

लेकिन मई उसका हाथ पकड़ लेता hun...jisse वो पलट कर मुझे देखती है ...लेकिन मई न मई गर्दन हिला देता हूँ...

जिससे वो समझ जाती है की मई उसे जाने के लिए मन कर रहा हूँ...

प्रिय रुक जाती है मई उसे वहां राखी स्टूल पर बिठा देता हूँ हाथ पकड़कर ...

फिर मई उठने की कोशिश करता हूँ और रानी दीदी और प्रिय दोनों hi मुझे सहारा देती हैं...

लेकिन मुझे कोई तकलीफ नहीं थी इसका कारन मुझे भी नहीं पता था मई बिलकुल नार्मल रियेक्ट कर रहा था....

मेरे बैठते hi रानी दीद मेरे गले लग गयी और मेरे सीने से लगकर रो रही थी उनको रोटा हुआ दुखकार मिझसे भी न रहा गया और मई भी उनको कास कर सीने से लगते हुए रोने लगा...

रानी दीदी हैं hi कुछ ऐसी एक तो खुद रोटी हैं और उनकी आँखों में ांशो देखकर मेरी आंखें भी अपना कुछ बोझ हल्का कर देती हैं ....

कुछ देर ऐसे hi रोने के बाद मई उनसे अलग हुआ मैंने उनके अंशु साफ़ किये और कहा....

mai...ek तो आप खुद रोटी हो ऊपर से मुझे भी रुला देती हो...

रानी didi...fir से मेरे सीने लगते हुए ...अगर तुझे कुछ हो जाता तो मेरा क्या होता...

mai...par हुआ तो नहीं न ...मई बिलकुल ठीक hun...aap खुद hi देख लो...

Priya...oye ठीक के बच्चे अब बहम मिलाप हो गया तो डॉक्टर्स को बुला दूँ...

mai...nhi , उसकी कोई जरुरत नहीं है..

प्रिय ...ज्यादा न बोलो अभी अभी होश आया है कहीं कुछ हो गया तो...

mai...kuchh नहीं hoga...or मेरी बात ध्यान से सुनो...

priya...ji सर्कार.

mai...dekho तुम्हे ऐसा करना है कैसे भी कर के डॉक्टर्स से को राज़ी करना है की वो सभी को ये बताएं की इस दुर्घटना के बाद राज की आवाज़ चली गयी है ....और वो ऐसा किस तरह बताते hein...ye क्यों हुआ उनकी हेडाचे है....

priya...lekin क्यों

mai...vo सब बाद मई bataunga...or हाँ मेरे हाथ पर प्लास्टर लगाने को और कह देना...

priya...kya ड्रामा है बताओ भी ...

मई ...अभी वक़्त नहीं है कोई भी आ सकता hai...or एक और बात यह है की इसबारे मई किसी को पता नहीं चलना chahiye...kisi को भी मतलब किसी को भी...

priya...dekhti हूँ ..

फिर प्रिय वहां से चली जाती hai...or रह जाती है रानी...

जो की राज के ऐसे रवैये को देख कर बिलकुल शॉक मई थी...

Rani....kya जुआ भाई ये सब क्या था

mai...kuchh नहीं सब बाद मई बताता हूँ और है प्लीज ये बात किसी और को पता न चले दी...

रानी didi...thik है लेकिन बताना जरूर...

mai...apko भी ऐसे रियेक्ट करना है जैसे पहले कर रही थी....

रानी कोशिश तो रहेगी...

तब तक प्रिय डॉक्टर्स और बाकि लोगों के साथ आ जाती है....

लेकिन राज को होश मई देखने के बाद डॉक्टर्स सभी को बहार भेज देते हैं....

फिर वो राज के कुछ टेस्ट्स करते हैं जिससे की उन्हें जो पता चलता है उसे देखर वो बिलकुल चकित हो जाते हैं ....

टेस्ट मई उन्हें पता चलता है की दज के सरीर मई जो गोली लगी थी उसके घाव का कोई नमो निशान नहीं था...

और जो छोटी मोती चोटें पहले थी वो भी कुछ कहीं नज़र नहीं आ रहा था....

सभी रिपोर्ट्स मई सब कुछ नार्मल आ रहा था...

उन्हें ऐसे शॉक मई देखकर राज कहता है...

राज ....[ek ajeeb muskan ke sath] क्या हुआ डॉक्टर...

डॉक्टर ....ये कैसे हो सकता है...

mai...kya...

doctors...kal तुम्हे गोली लगी है और आज उसका नामो निशान नहीं है...

mai...is दुनिया मई कुछ भी हो सकता hai...vaise ये सब तो अपनों की दुआ का खेल है....

डॉक्टर फिर कुछ नहीं कहता....

mai...ha तो डॉक्टर आपको प्रिय ने समझा दिया होगा क्या क्या करना hai...or किसी को भी इस बारे मई भनक नहीं लगनी चाहिए ...

doctor...theek है...

फिर वो वहां मेरे ऊपर अपना टॉम जहां सेट कर के चला जाता है और सभी को बता देता है की पेटेंट को होश आ गया...

लेकिन वो सभी पर एक छोटा सा बम फोड़ देता है की राज के कॉन्ससियस ब्रेन मई चोट लगने से उसकी आवाज़ चली गयी है ...

लेकिन चिंता करने की कोई जरुरत नहीं है जैसे hi सेल्स रिकवर हो जाएंगी वो फिर से पहले की तरह हो जायेगा ....

इधर सभी मेरे पास बैठ कर देख कर जा रहे थे चूँकि मई कुछ बोल नहीं रहा था इसलिए बस सभी आते और देखकर चले जाते...

मई ऐसे hi पड़ा था और सोच रहा था मेरे दर्द क्यों नहीं हो रहा और मेरे जख्म कैसे भर गए...

एक आवाज़ आती है...

तुम्हारे पास कुछ शक्तियां हैं जिनके बजह से ये हुआ है...

मई इधर उधर देखने लगता हूँ आवाज़ कहाँ से आ रही hai...lekin कोई दीखता नहीं है...

लेकिन तभी मेरे नज़र एक ऐसी चीज़ पर जाती है जिसे मैंने पहले कभी नहीं देखा था या यौम कहिये की मई उसे देखकर बिलकुल चौंक जाता हूँ...

ऐसा कैसे हो सकता है....

तो बे कॉन्टिनोएड. .....

 
थैंक्स फॉर रीडिंग.........

पावर मिली हैं या नहीं अभी इस बात पर तो कुछ नहीं कह सकते...

लेकिन जो आवाज़ का ड्रामा है इससे शायद कुछ बड़ा जरूर हो...

राज और रानी के बीच इतना प्यार देखकर आपको क्या लगता है...

थैंक्स फॉर रीडिंग

कीप सपोर्टिंग. ..

कीप कमेंटिंग....
 
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