Romance Parivaar aur Pyaar - Page 2 - SexBaba
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Romance Parivaar aur Pyaar

अपडेट 8

उसी वक़्त रात को 11 बजे के करीब एक लड़का शहर के सबसे पुराने शराब के ठेके पे बैठा हुआ था. उसके हाथ में एक बोतल भी थी जो आधी खाली थी.

थोड़ी देर वह पे बैठे रहने के बाद वह लड़का वह से हिलते डुलते जाने लगता है. जैसे hi वह ठेके से थोड़ी दुर्र आता है उसका हिलने डुलना पूरा बंद होजाता है और वह एकदम सीधा चलने लगता है और उसके सामने से जा रहे आदमी को बोलता है.

लड़का – क्या रे बिरजू कैसा है.

सामने जा रहे आदमी को जब अपना नाम सुनाई देता है तोह वह हैरान होता है और पीछे घूम के देखता है.

बिरजू – कौन है.

लड़का – क्या रे बिरजू नशे में इतना धुत्त है के तूने मुझे नहीं पहचाना.

बिरजू अच्छे से अपनी आँखे मसलता है और ठिक्क से देखने की कोशिश करता है पर अँधेरा होने की वजह से वह उस लड़के को ठीक से देख नहीं पाटा.

बिरजू – कौन है वह पे.

वह लड़का धीरे धीरे बिरजू के पास आता है हुए एकदम उसके सामने आके खड़ा होजाता है.

लड़का – पहचाना.

बिरजू – नहीं कौन है तू.

लड़का – क्या रे बिरजू. ट्रक से एक आदमी को उड़ाने के बाद तू मुझे भूल गया.

बिरजू यह सुनके थोड़ा डर जाता है पर हिम्मत करके बोलता है.

बिरजू – कौन है रे तू. और तुझे यह कैसे पता.

लड़का – क्या रे बिरजू तू अभी तक मुझे नहीं पहचान पाया. और मुझे सब पता है.

बिरजू अपनी जेब से एक चाक़ू निकलता है और उस लड़के को दिखते हुए बोलता है.

बिरजू – बहोत शाना समझता है अपने आप को चल बता कौन है तू और तुझे यह सब कैसे पता.

लड़का – बस क्या बिरजू. तू मेरे को नहीं पहचाना. ारी मैं हु.

बिरजू – मैं कौन.

लड़का – ारी मैं. तेरई मुट्ट्ट्ट. यह बोल सीधा एक टूटा हुआ कांच का टुकड़ा बिरजू के गले में घुसा देता है.

बिरजू की आखें हैरानी से फूल जाती है. उससे सांस लेने में तकलीफ होने लगती है. वह बड़ी बड़ी आँखों से सामने खड़े लड़के को देखने लगता है.

लड़का – अब ऊपर जाके आराम से सोचना मैं कौन हु और मुझे वह सब कैसे पता.

यह बोल वह लड़का वह से निकल जाता है और बिरजू तड़पते हुए वही मर्डर जाता है.

अगले दिन आर्यन सुबह सुबह रेडी होक नीचे आता है.

शालिनी – आओ बैठो नाश्ता करलो.

आर्यन आके एक चेयर में बैठ जाता है.

माहिरा – गुड मॉर्निंग भैया.

आर्यन – गुड मॉर्निंग.

इशिता – भाई आपने इतने साल मुंबई में क्या किया.

आर्यन – बस अपनी पढाई की.

माहिरा – क्या आपको हमलोगो की याद नहीं आयी कभी भी.

आर्यन – रोज आती थी. पर मज़बूरी थी इसीलिए कभी आ नहीं पाया.

विद्या – अब तुमदोनो बस भी करो और इससे नाश्ता करने दो.

दोनों – हां तोह हम कहा मन कर रहे है. हम तोह बस ऐसे hi पूछ रहे थे.

फिर सब बैठ के नाश्ता करने लगते है.

खाना खाते हुए माहिरा बार बार आर्यन को देखे जा रही थी जो आर्यन नोटिस करलेता है पर कुछ बोलता नहीं.

थोड़ी देर बाद सबका नाश्ता होजाता है तोह सब अपने अपने काम के लिए निकल जाते है.

आज आर्यन का फर्स्ट डे था ऑफिस में. वह अच्छे से तैयार होक ऑफिस जाता है जहा उसका अच्छे से स्वागत होता है. विक्रम का सेक्रेटरी hi आर्यन को ग्रीट करता है और उससे ऑफिस के अंदर ले जाता है.

सेक्रेटरी आर्यन को पूरा ऑफिस घूमता है और उससे सबसे इंट्रोडस करवाता है फिर आर्यन को मद की केबिन में लेके चला जाता है.

सेक्रेटरी – सर. यह रही आपकी चेयर. जहा पहले आपके पापा बैठते थे और अब आप बैठेंगे.

आर्यन बस स्माइल करदेता है और चेयर के पास जाके उससे छूटा है फिर बगल में रखे सोफे में जाके बैठ जाता है

सेक्रेटरी – यह क्या सर. आप चेयर में क्यों नहीं बैठे.

आर्यन – बस ऐसे hi. अब तुम बताओ. तुम यहाँ कितने साल से काम कर रहे हो.

सेक्रेटरी – लगभग 5 साल से.

आर्यन – हम्म. और सैलरी कितनी है.

सेक्रेटरी – बस गुज़ारा होजाता है सर.

आर्यन – फिर भी एक्सएक्ट अमाउंट कितना है.

सेक्रेटरी – 60 थाउजेंड सर.

आर्यन – हम्म्म. ठीक है.

सेक्रेटरी – सर. कुछ लोग आपसे मिलना चाहते है.

आर्यन – कौन है.

सेक्रेटरी – सर बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर्स के कुछ मेंबर्स है और साथ में हमारे कॉम्पिटिटर्स भी.

आर्यन – हम्म. ठीक है. भेजो उन्हें.

फिर सेक्रेटरी बहार जाता है और थोड़ी देर बाद उन्हें अंदर लेके आता है.

आर्यन – आइये बैठिये.

सेक्रेटरी – सर यह है हमारे बोर्ड ऑफ़ मेंबर्स और यह है हमारे बिज़नेस ॉपपोनेंट्स मर. सूरज वर्मा, मर. हरीश खन्ना और मर. रणजीत सिंह.

आर्यन – हम्म्म.

सूरज – आर्यन सिंह राजपूत एहि नाम है ना तुम्हारा.

आर्यन – जीई.

हरीश – बड़ी छोटी उम्र में बहोत बदु जिम्मेदारी आगयी है तुंहरे कंधो पर. संभल पाओगे.

आर्यन – जब जिम्मेदारी मिली है तोह सोच समाज कर hi मिली होगी.

रणजीत – वैसे हम सालों से विक्रम के साथ बिज़नेस में है और उसने हमेशा हुम्हे टक्कर दी है. तुमसे भी वैसी hi उम्मीद है.

सूरज – ारी सिंह साहब. अभी यह बच्चा है. अभी कहा इससे बिज़नेस का तौर तरीके पता होंगे.

आर्यन – जी बच्चा हु. पर शेर का बच्चा हु. और शेर का बच्चा भी शेर hi कहलाता है.

सूरज – बहोत बढ़िया. तुम्हे देख कर लगता है तुम भी अपने बाप की तरह hi जियोगे.

आर्यन – जी बिलकुल.

कुछ देर बाद ऐसे hi और कुछ बाते करने के बाद वह लोग चले जाते है. फिर आर्यन वह बैठ के अपना काम करने लगता है.

इधर जब बिरजू के मौत की खबर एहलोग सुनते है तोह एकबार के लिए इनके पसीने छूट जाते है पर फिर उसके हाथ में शराब की बोतल देखते है तोह उनको रहत भी मिलती है.

इधर वही लड़का एक गोडाउन के आस पास चाकर लगा रहा होता है और जब देखता है के रास्ता एकदम साफ़ है तोह वह झट्ट से उस गोडाउन के अंदर चला जाता है.

लड़का गोडाउन के अंदर आके देखता है वह बड़े बड़े बॉक्सेस पड़े है जिनपे अलग अलग जगह का नाम लिखा हुआ है. लड़का एक बॉक्स खोलता है तोह उसमे बहोत सारे रॉ मैटेरियल्स पड़े हुए थे कपड़ो के. वह लड़का हर एक बॉक्स खोलके देखता है तोह उससे हर एक बॉक्स में कपड़ो के रॉ मैटेरियल्स hi दीखते है.

लड़का – हम्म. तोह यहाँ से माल सप्लाई होने वाला है. पर अफ़सोस अब यह माल कभी सप्लाई नहीं हो पायेगा.

फिर वह लड़का उस पुरे गोडाउन का अच्छे से चाकर लगता है और मीटर बॉक्स के पास आके उससे छेड़छाड़ करके वह शार्ट सर्किट करदेता है जिससे वह आग लग जाती है. फिर वह लड़का वह से निकल जाता है और बहार चाय की टापरी में बैठके चाय पीने लगता है.

थोड़ी देर बाद hi उस गोडाउन की आग की लपटे दिखने लगती है और चाय की टापरी में बैठे हुए लोग वह देख लेते है और जल्द से जल्द पुलिस और फायर ब्रिगेड को बुला लेते है.

पर जब तक पुलिस और फायर ब्रिगेड वह आती है पूरा गोडाउन आग की लपटों में आजाता है और अंदर रखा पूरा सामान जल जाता है. गोडाउन का सिक्योरिटी गार्ड वह के मालिक को कॉल करके सब बता देता है.

गोडाउन का मालिक यह सुनते hi वह आता है और अपनी आँखों के सामने करोडो का सामान जलते हुए देखने लगता है. मीडिया के लोग जो वह पे मौजूद थे वह मालिक के पास आके उससे सवाल करने लगता है.

मीडिया – रणजीत जी सुनने में आया है के यह गोडाउन आपका है.

रणजीत – हां. यह मेरा hi गोडाउन है.

मीडिया – क्या इसमें आपका कोई सामान भी था.

रणजीत – हां. इसमें कपड़ो के रॉ मैटेरियल्स के बड़े बड़े बॉक्सेस रखे हुए थे जो सप्लाई होने वाले थे.

सिक्योरिटी – साहब.

रणजीत – यह आग कैसे लगी.

सिक्योरिटी – शार्ट सर्किट होगया था साहब.

रणजीत – ऐसे कैसे शार्ट सर्किट होगया. क्या कोई आया था.

सिक्योरिटी – नही साहब. कोई नहीं आया था. मैं तोह रात से हु यहाँ पे और मैं हिला भी नहीं.

रणजीत अपने मोबाइल में अंदर के कक्तव फुटेज की रिकॉर्डिंग चेक करने लगता है. रिकॉर्डिंग में साफ़ साफ़ दीखता है एक लड़का मुँह में मास्क लगाए हुए अंदर आता है और मीटर बॉक्स के साथ छेड़छाड़ करके शार्ट सर्किट करता है.

सिक्योरिटी गार्ड यह देख कर डर जाता है.

सिक्योरिटी – यह अंदर कैसे गया और कब गया. मैं तोह रात से एहि पे हु.

रणजीत – तुम्हारी आँखों के सामने से कोई मेरे करोडो रूपए आग लगा कर चला जाता है और तुम्हे कुछ नहीं पता.

सिक्योरिटी – मैं सच कहता हु साहब मुझे कुछ नहीं पता.

रणजीत – तुझे तोह मैं बाद में देखता हु. पहले मुझे पुलिस को रोखना होगा.

फिर रणजीत बड़ी मुश्किल से पुलिस वालों इन्वेस्टीगेशन करने से रोख्ता है और अपने घर आजाता है.

वह जैसे hi अपने घर जाता है वह उसके लिए एक बुके और एक लेटर पढ़ा हुआ था.

वह लेटर पढता है तोह उसके होश उड़द जाते है. उसमे लिखा हुआ था तबाही की शुरुआत मुबारक हो. आज तोह सिर्फ एक गोडाउन जला है बहोत जल्द तेरी चीता भी जलेगी. तैयार रहना.

रणजीत यह लेटर पढ़ते hi छिलने लगता है. उसके चिल्लाने के आवाज़ सुन्न घर के नौकर भग्ग के उसके पास आते है.

रणजीत – यह सब किसने दिया.

नौकर – एक कूरियर वाला आया था साहब. उसी ने दिया है.

अभी रणजीत और कुछ बोलता तभी उसका फ़ोन बज उठता है.

रणजीत – Hello.

सामने से – ज्यादा सोचने की जरुरत नहीं है रणजीत सिंह. तेरी बर्बादी का काउंटडाउन स्टार्ट होचुका है. बहोत जल्द तू सड़क पे होगा.

रणजीत – कौन है तू.

सामने से – मैं कौन हु यह भी तुझे जल्दी hi पता चल जाएगा. वैसे सबको तोह एहि पता है ना के तेरा सिर्फ कपड़ो का रॉ मटेरियल जला है. किसी को सच तोह नहीं बता दिया के वह सिर्फ कपड़ो का रॉ मटेरियल नहीं कुछ और भी था.

रणजीत उसकी यह बात सुन्न हैरान होजाता है.

रणजीत – कौन है तू. और तुझे यह सब कैसे पता.

सामने से – मैंने बोलै ना मैं कौन हु यह तुझे जल्द पता चल जाएगा. और अगले धमाके के लिए तैयार रहना. यह बोल कॉल कट करदेता है.



रणजीत अपने सर पकड़ के सोफे में बैठ जाता है.
 
अपडेट 9

इधर कॉलेज में विक्की अपने दोस्तों के संग बैठा हुआ था तभी उसका एक दोस्त पूछता है.

दोस्त – आई विक्की मैंने सुना है तेरा कोई बड़ा भाई है जो 10 साल बाद वापस आया है.

विक्की – हां. मेरे कजिन है. आर्यन सिंह राजपूत. 10 साल से मुंबई में थे.

दोस्त – पर तूने कभी बताया नहीं तेरा कोई भाई भी है.

विक्की – ारी 10 साल पहले उनका एक एक्सीडेंट हुआ था जिसमे हुम्हे बताया गया वह मर्डर गए है. पर उनकी जान को खतरा था इसीलिए हुम्हे झोइत बोलै गया था. और कल hi वह मुंबई से वापस आगये है.

दोस्त – अच्छा.

इधर माहिरा और इशिता भी इसी बात पे चर्चा कर रहे थे.

इशिता – तुझे क्या लगता है जो मम्मी ने हमलोगो से भाई के बारे में कहा वह सच है.

माहिरा – पता नहीं यार. सच हो भी सकता है. पर उन्हें देख कर ना भाई वाली फीलिंग नहीं आरही है. ऐसा लग रहा है वह हमारे भाई नहीं है जिनके साथ हम बचपन में रहते थे.

इशिता – अजीब तोह मुझे भी लग रहा है. अचानक से वह आगये है और हम उनके साथ फेमिलिअर भी नहीं हो पारहे है.

माहिरा – हां सही कहा.

इधर सूरज को जब रणजीत के लोस्स के बारे में पता चलता है तोह वह सहानुभूति दिखने के लिए उससे कॉल करता है.

सूरज – यह कैसे होगया रणजीत. कुछ पता चला कौन है इसके पीछे.

रणजीत – किसी ने जानमुजज़ के यह सब किया है. और उससे सबकुछ पता है.

सूरज – मतलब.

रणजीत – मतलब उससे पता है उन् बॉक्सेस में एक्साक्ट्ली क्या था.

सूरज – क्याआ. उससे कैसे पता चला.

रणजीत – पता नहीं. पर जिसने भी यह किया है उससे हमारे बारे में सब कुछ पता है. और उसने धमकी दी है जल्दी hi दूसरा धमाका करेगा.

सूरज कुछ नहीं बोलता और कॉल कट करदेता है.

उधर वह लड़का रणजीत से बात करने के बाद एक और फ़ोन करता है.

लड़का – क्या आप जानना नहीं चाहेंगे रणजीत सिंह के उस गोडाउन में ऐसा क्या था जिसकी इन्वेस्टीगेशन करने से वह रुख रहा है.

सामने से – कौन बोल रहा है.

लड़का – क्या ैप साहब. आप अभी भी पूछ रहे है मैं कौन हु. ारी मैं आपका शुब्चिन्तक हु.

ैप – तोह मर. शुब्चिन्तक अपना नाम बताने का कष्ट करेंगे.

लड़का – वह भी जल्द पता चल जाएगा. पर मुझे अभी तक मेरे सवाल का जवाब नहीं मिला.

ैप – जानना तोह चाहता हु.

लड़का – यह हुई ना कुछ बात. देखिये आपके घर के बहार लेटर बॉक्स में एक पार्सल है. उसमे उस राख के सैम्पल्स पढ़े है. होसकता है उससे आपकी कुछ मदद होजाये.

ैप – तुम मेरी मदद क्यों कर रहे हो. इसके पीछे तुम्हारा क्या फैयदा है.

लड़का – यह हुई ना कुछ बात. मेरा क्या फैयदा है यह भी आपको जल्द पता चल जाएगा. पर फ़िलहाल वह सैंपल चेक करवाइये.

यह बोल वह लड़का कॉल कट करदेता है.

ैप कॉल कट होने के बाद जल्दी से अपने घर में कॉल करता है और बहार के लेटर बॉक्स में रखे पार्सल को लेने बोलता है. फिर वह उस कॉल को ट्रेस करवाता है तोह पता चलता है वह किसी एसटीडी का है.

ैप – चालक है. पर वह मेरी मदद क्यों कर रहा है. इससे उसका क्या फैयदा. ैप अपने इसी सोच में घूम रहता है और जल्दी से घर की तरफ बढ़ जाता है.

थोड़ी देर में वह घर आता है और वह पार्सल ओपन करता है तोह उसमे एक पैकेट में जले हुए कपडे की राख थी और साथ में एक लेटर भी था.

ैप वह लेटर ओपन करता है तोह देखता है उसमे वही लिखा हुआ है जो उसने फ़ोन में बताया था. फिर ैप उस राख को जल्दी से टेस्टिंग के लिए भेज देता है.

इधर आर्यन अपने केबिन से निकल कर ऑफिस का एक राउंड लगाने के लिए निकलता है. उसको देखते hi सारे एम्प्लाइज अपने काम में बिजी होजाते है. जो लोग टाइम पास कर रहे थे वह भी उसको दिखने के लिए काम करने लगते है.

आर्यन घूमते हुए एक डेस्क के पास आके रखता है और देखता है उस एम्प्लोयी का काम देखने लगता है.

आर्यन – क्या नाम है तुम्हारा.

एम्प्लोयी – सर, विजय, विजय खन्ना.

आर्यन – हम्म्म. किस पोस्ट पे हो.

विजय – सर, हेड हर हु.

आर्यन – हम्म. एक काम करो. पिछले 4 महीने में जितने भी एम्प्लाइज को तुमने हिरे किया है उनका पूरा डिटेल्स और उनको लेके मेरे केबिन में आओ.

विजय – यस सर.

फिर आर्यन वह से दूसरे एम्प्लोयी के पास जाके खड़ा होजाता है.

आर्यन – क्या नाम है तुम्हारा.

एम्प्लोयी – सर. अभिमन्यु अग्रवाल.

आर्यन – हम्म और किस पोस्ट पे हो.

अभिमन्यु – सर, जूनियर हर हु.

आर्यन – ठिक्क है. मेरे केबिन में आओ अभी.

अभिमन्यु – ोकक सर.

फिर आर्यन वह से निकल जाता है अपने केबिन की तरफ.

थोड़ी देर बाद विजय उन् एम्प्लाइज के साथ वह हाज़िर होता है जिनको उसने हिरे किया था.

विजय – सर, यह है वह एम्प्लाइज जिनको मैंने हिरे किया है पिछले 4 महीने में और यह उनकी डिटेल्स.

आर्यन – हम्म. फिर आर्यन उन् सभी एम्प्लाइज की डिटेल्स चेक करता है और उनसे थोड़ा बहोत सवाल जवाब करने लगता है.

अभी यह सब हो hi रहा था तभी अभिमन्यु दूर में नॉक करता है.

आर्यन – येअहहह अभिमन्यु जस्ट वेट फॉर 5 मीन्स.

फिर आर्यन वापस से सवाल जवाब में लग जाता है. कुछ 10 मीन्स बाद वह उनन्साब को जाने को बोलता है और अभिमन्यु को अंदर बुलाता है.

आर्यन – हां अभिमन्यु राइट.

अभिमन्यु – यस सर.

आर्यन – कितने साल से काम कर रहे हो इस कंपनी में.

अभिमन्यु – सर. पिछले 4 साल से.

आर्यन – अच्छा. और तुम्हारा सीनियर विजय.

अभिमन्यु – सर वह शायद 5 साल से.

आर्यन – हम्म. अच्छा तुम मुझे इस कंपनी का हायरिंग प्रोसेस बताओ.

अभिमन्यु – सर सबसे पहले हम स्व शॉर्टलिस्ट करते है और फिर उन् कैंडिडेट्स का इंटरव्यू होता है और जो बेस्ट होता है उन्हें हिरे करते है.

आर्यन – यह तोह मुझे भी पता है. मुझे ऐसा कुछ बताओ जो मुझे पता ना हो.

अभिमन्यु – मैं समझा नहीं सर.

आर्यन – अच्छा इंटरव्यू के कितने राउंड्स होते है.

अभिमन्यु – सर टोटल 3 राउंड्स होते है.

आर्यन – अच्छा. क्या क्या होता है उन् राउंड्स में.

अभिमन्यु – सर, सबसे पहले तोह कैंडिडेट्स का एक एग्जाम होता है और जो एक्साम्स क्लियर करते है उन्हें सेकंड राउंड के लिए सेलेक्ट किया जाता है जो मेरे पास आते है. मैं उन् कैंडिडेट्स से बेस्ट ऑफ़ 10 सेलेक्ट करता हु और उन्हें विजय सर के पास थर्ड राउंड के लिए पास करता हु. फिर वह उन् 10 में से 5 सेलेक्ट करते है.

आर्यन – हम्म. और यह एक्साम्स के पेपर्स कौन सेट करता है.

अभिमन्यु – सर आईटी डिपार्टमेंट के लिए अलग है और मैनेजमेंट डिपार्टमेंट के लिए अलग है.

आर्यन – अछ्हा. अब एक बात बताओ सेकंड राउंड में इंटरव्यू लेने के बाद तुम्हे इतना तोह पता होजाता होगा कौन सेलेक्ट होगा और कौन नहीं.

अभिमन्यु – यस सर. होजाता है.

आर्यन – अच्छा एक काम करो पिछले 4 महीने में जिनको रिजेक्ट करके इन् लोगो को हिरे किया गया था उनकी पूरी डिटेल्स लेके आओ और उन्हें क्यों रिजेक्ट किया गया इसका प्रॉपर रीज़न भी. और रीज़न मुझे तुम बताओगे विजय से पूछे बिना.

अभिमन्यु – यस सर.

फिर अभिमन्यु वह से चला जाता है और थोड़ी देर बाद वह एक फाइल लेके हाज़िर होता है.

अभिमन्यु – सर यह रहे वह कैंडिडेट्स और रिजेक्ट का रीज़न भी लिखा हुआ है.

आर्यन – अच्छा. अब मुझे इन् 10 कैंडिडेट्स का इंटरव्यू सेशन दिखाओ.

फिर अभिमन्यु एक टेक्निकल एम्प्लोयी को लेके आता है और उन् एम्प्लाइज का इंटरव्यू सेशन दिखने लगता है.

आर्यन – अभी तुम जाओ. मैं थोड़ी देर बाद तुम्हे फिर बुलाता हु.

अभिमन्यु वह से चला जाता है उसके चेहरे में कोई भी डर या चिंता नहीं थी. वह पूरी तरह से कॉंफिडेंट था जो आर्यन ने भी देख लिया था.

कुछ 2 घंटे बाद आर्यन अभिमन्यु को फिर से बुलाता है.

आर्यन – मैंने देखा सबकुछ. पर मुझे एकबात समाज नहीं आयी इन् कैंडिडेट्स को रिजेक्ट क्यों किया गया. और इन् कैंडिडेट्स का इंटरव्यू तुम्हारी जगह विजय ने क्यों लिया था.

अभिमन्यु – सर इनका इंटरव्यू भी मैं hi लेता पर इनके इंटरव्यू के कुछ देर पहले विजय सर मेरे पास आते है और उस दिन मुझे एक दूसरा काम पकड़ा देते है और खुद इनलोगो का इंटरव्यू लेते है.

आर्यन – अच्छा. अब यह बताओ जिनको हिरे किया गया है उनके बारे में सब कुछ बताओ.

फिर अभिमन्यु आर्यन को जितना उससे पता था वह बता देता है.

आर्यन – ठिक्क है अभिमन्यु अब तुम जा सकते हो. बाकी का मैं देख लूंगा. और हां अभी हमारे बीच जो भी बात हुई है वह इस रूम से बहार नहीं जानी चाहिए.

अभिमन्यु – ोकक सर.



फिर अभिमन्यु वह से चला जाता है. उसके जाते hi आर्यन किसी को एक मश्ग करता है और फिर वह कन्वर्सेशन डिलीट करदेता है.
 
अपडेट 10

ऐसे hi रात होजाती है और आर्यन काम से घर वापस आजाता है. घर में माहिरा आर्यन के बेहेवियर को कुछ ज्यादा hi नोटिस कर रही थी. वह बार बार आर्यन को hi देख रही थी जैसे उससे देख के समझने की कोशिश कर रही हो.

रात को डिनर के बाद सबलोग अपने अपने कमरे में चले जाते है तभी आर्यन को एक कॉल आता है जिसको रिसीव करने के बाद कोई सामने से आर्यन को कुछ बोलता है जिसके बाद आर्यन कॉल डिसकनेक्ट करदेता है.

थोड़ी देर बाद आर्यन अपने कमरे से निकल कर विक्की के कमरे में जाता है.

आर्यन – क्या मैं अंदर आसक्त हु विक्की.

विक्की – ारी भैया आप. आइये ना.

आर्यन अंदर आके विक्की के पास बैठ जाता है.

आर्यन – कैसे हो विक्की.

विक्की – ठीक हु. आप कैसे है.

आर्यन – मैं भी ठीक हु. क्या तुमसे कुछ पूछ सकता हु.

विक्की – हां पूछिए.

आर्यन – तुम इतना चुप चुप क्यों रहते हो. किसी से ज्यादा बात नहीं करते हमेशा अपने में hi घूम क्यों रहते हो.

विक्की – मुझे ऐसी hi लाइफ पसंद है भैया. मैं किसी से ज्यादा सोशल नहीं होता. मुझे पसंद नहीं.

आर्यन – इसकी कोई खाश वजह.

विक्की – नहीं ऐसी कोई बात नहीं है.

आर्यन – हम्म. कॉलेज कैसा जा रहा है.

विक्की – ठीक जा रहा है.

आर्यन – अगर कभी कोई प्रॉब्लम हो तोह तुम अपने भाई से शेयर करसकते हो. वह तुम्हारी पूरी मदद करेगा. मानता हु इतने साल से दुर्र हु फेमिलिअर होने में थोड़ा टाइम लगेगा.

विक्की – ऐसी कोई बात नहीं है भैया. अगर कभी भी जरुरत हुई तोह आपको जरूर बोलूंगा.

फिर आर्यन वह से निकल कर माहिरा के कमरे में जाता है.

आर्यन – क्या मैं अंदर आसक्त हु.

कमरे में माहिरा और इशिता दोनों बैठे हुए थे.

माहिरा – ारी आप. आइये ना.

आर्यन – अच्छा हुआ दोनों एक साथ hi मिल गयी.

इशिता – कुछ काम था आपको.

आर्यन – नहीं काम कुछ नहीं था. सोचा तुमलोगो से थोड़ा बात करू.

माहिरा – आप खड़े क्यों है बैठिये ना.

आर्यन सामने रखे सोफे में बैठ जाता है.

आर्यन – कैसी हो तुमदोनो.

दोनों – हम अच्छे है. आप बताइये.

आर्यन – मैं भी अच्छा हु.

माहिरा – एक बात पुछु आपसे.

आर्यन – हम्म पूछो.

माहिरा – आप सच में आर्यन hi हो ना.

आर्यन – ऐसा क्यों पूछा.

इशिता – आपको देख कर ऐसा नहीं लगता आप वही आर्यन हो जिनके साथ हम बचपन में खेला करते थे.

आर्यन – बचपन की बात कुछ और थी और अब की बात कुछ और है.

माहिरा – क्या इन् 10 सालों में आपको हमारी याद नहीं आयी.

आर्यन – 10 नहीं 7. 3 साल में कोमा में था. और इन् 7 सालों में याद तोह हरदिन आती थी. पर मैं मजबूर भी था.

इशिता – आपके साथ किसी की क्या दुश्मनी.

आर्यन – वह भी जल्द पता चल जाएगा. तुमलोगो का कॉलेज कैसा जा रहा है.

दोनों – ठीक hi जा रहा है.

आर्यन – तुमलोगो को कोई प्रॉब्लम तोह नहीं है ना.

दोनों – नही.

आर्यन – अगर कभी कोई प्रॉब्लम हो तोह तुम्हारे भाई को जरूर बताना. वह तुम्हारी मदद जरूर करेगा. मानता हु इतने साल से दुर्र हु फेमिलिअर होने में वक़्त लगेगा पर कभी भी कोई भी जरुरत तोह याद रखना तुम्हारा बड़ा भाई वापस आगया है.

दोनों – जीई.

फिर आर्यन वह से अपने कमरे में चला जाता है.

अगले दिन ैप के पास उस राख की रिपोर्ट आजाती है जिससे पढ़के उसके होश उड़द जाते है. वह रिपोर्ट पढ़ hi रहा था के तभी उसके पास एक कॉल आता है.

ैप – Hello.

सामने से – तोह मिल गयी आपको रिपोर्ट. पता चल गया ना क्यों वह इन्वेस्टीगेशन करने से रुख रहा था.

ैप – कौन हो तुम. और तुम्हे यह सब कैसे पता.

सामने से – कहा ना आपका शुब्चिन्तक हु. और मुझे उस रणजीत के बारे में सब कुछ पता है.

ैप – तुम मेरी मदद करके अपना कौनसा काम करना चाहते हो.

सामने से – ारी सब अभी बता देने से कैसे चलेगा. अभी तोह जान पहचान की शुरुआत हुई है. आगे आगे सब पता चल जाएगा.

ैप – मैं कैसे मान लू तुमने मुझे जो राख भेजी थी वह राख गोडाउन वाली राख hi है. होसकता है तुम उससे फ़साने के लिए यह सब कर रहे हो.

सामने से – इससे कहते है अक्लमंदी. मुझे पता था आप यकीन नहीं करोगे. ठीक है अगर यकीन नहीं है तोह एक एड्रेस देता हु वह राइड करो और जो सामान मिलेगा उसकी भी टेस्टिंग करवाओ.

ैप – तुम यह सब क्यों कर रहे हो. इससे तुम्हे क्या मिलेगा.

सामने से – मुझे. मुझे सुकून मिलेगा. ख़ुशी मिलेगी.

ैप – मुझे लगा hi था तुम्हारी कोई दुश्मनी है उससे.

सामने से – रखता हु ैप साहब. बस इतना जानलो मैं गलत नहीं. और आप अच्छे इंसान हो ईमानदार हो इसीलिए आपसे कांटेक्ट कर रहा हु. यह बोल कॉल कट करदेता है.

ैप कुछ नहीं कह पाटा बस सोच में पढ़ जाता है. थोड़ी देर बाद उसके पास एक पार्सल आता है. ैप वह देखते hi समाज जाता है के उसमे क्या है.

ैप वह पार्सल ओपन करता है तोह उसमे उससे एक लेटर मिलता है जिसमे एक एड्रेस और टाइम लिखा हुआ था.

इधर मुंबई में एक आदमी एक घर के ऊपर नज़र रखे हुए था. कुछ देर बाद उस घर से कोई निकलता है तोह वह आदमी उस इंसान का पीछा करने लगता है. वह इंसान जहा जहा जाता जिससे जिससे मिलता वह सब कुछ नोट करता रहता है और वह साड़ी इनफार्मेशन किसी को कॉल करके बता देता है.

इधर दिल्ली में ऑफिस में अभिमन्यु और विजय दोनों hi कल के बाद थोड़े टेंशन में दिख रहे थे. उन्हें समाज नहीं आरहा था के आर्यन ने अचानक से उनसे वहसब क्यों पूछा. पर जब आर्यन ने कोई भी रिएक्शन नहीं दिया तोह ओहलोग थोड़े टेंशन फ्री भी होगये थे.

उधर ैप रात को राइड करने की तैयारी कर रहा था और इसके बारे में उसने किसी को कुछ भी नहीं बताया था.

जैसे hi रात होती है ैप उस एड्रेस की तरफ निकल जाता है. कुछ 1 घंटे बाद ैप वह उस एड्रेस पे पहुंच जाता है.

वह देखता है एड्रेस पोर्ट एरिया के पास किसी डॉक का है. ैप छुपते छुपाते एक्सएक्ट डॉक के पास आता है और अंदर देखता है वह कुछ लोग है जिनके हाथ में गन है और वह कुछ बड़े बड़े बॉक्सेस रखे हुए है.

ैप – यहाँ कुछ तोह गड़बड़ है. तभी यहाँ यह लोग गन के साथ है. यह रणजीत कमीना है यह तोह मुझे पता था और आज कन्फर्म भी होजायेगा.

ैप छुपते छुपाते उस डॉक के अंदर जाता है और वह रखे बॉक्सेस के पीछे चुप जाता है. पर ैप की किस्मत ख़राब थी के वह खड़े एक आदमी ने ैप को छुपते हुए देख लिया था और उसने अपने साथियों को ईशितारा करदिया था.

वह लोग पुरे डॉक में घूमते हुए ैप के पीछे जाके उससे पकड़ लेते है.

आदमी 1 – कौन है तू और यहाँ क्या कर रहा है.

आदमी 2 – बोल कौन है तू. यह बोलते हुए उसने ैप की गन छीन ली.

आदमी 3 – यह ऐसे नहीं बोलेगा. यह बोल वह ैप के माथे में गन लगा देता है.

आदमी 1 – चल बता कौन है तू. और यहाँ क्या कर रहा है.

ैप – मैं असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ़ पुलिस हु.

वह लोग जैसे hi सुनते है के उन्होंने एक पुलिस वाले को पकड़ा है तोह वह थोड़ा डर जाते है पर जब वह देखते है ैप अकेला है तोह हिम्मत के साथ बोलते है.

आदमी 1 – गलत जगह आगये ैप साहब. और आये तोह आये अकेले आये.

आदमी 2 – बहादुरी दिखने अच्छी बात है पर तुमने तोह बेवकूफी करदी.

आदमी 3 – और यहाँ जो भी पुलिस वाला आता है वह ज़िंदा तोह वापस नहीं जाता है.

फिर वह ैप को शूट करने के लिए एआईएम करता है पर तभी ैप उसके पेट में एक लाठ मार्के अपने दोनों तरफ खड़े आदमियों को घुसा मार्डेटा है.

ैप ने जिस आदमी को लाठ मारी थी वह थोड़ा दुर्र जाके गिरता है और उसके हाथ से गन भी गिर्र जाती है.

ैप को हुम्ला करते देख बाकी के आदमी उसके ऊपर एक साथ हुम्ला करदेते है. वह उन् सबका धत्त के मुक़ाबला करता है. पर आज ैप की किस्मत ख़राब थी.

ैप बाकी के लोगो से मुक़ाबला करने में बिजी था इसी बात का फैयदा उठाकर एक आदमी ैप पे फायर करदेता है. गोली सीधा ैप के कंधे पे लगती है.

गोली लगने से ैप का ध्यान भटक जाता है और वह आदमी उसपे हाफी होजाते है और एक आदमी ैप के सर में डंडे से मार देता है जिससे वह अपना सर पकड़ के बैठ जाता है और बेहोशी के हालत में चला जाता है.

थोड़ी देर बाद ैप को हल्का सा होश आता है तोह वह देखता है कोई उससे होश में लाने की कोशिश कर रहा है. ैप उसका चेहरा देखने की कोशिश करता है पर उसके चेहरे पे मास्क होता है इसीलिए वह उससे देख नहीं पाटा बस उसकी आवाज़ hi सुनाई देती है.

लड़का – क्या ैप साहब. यह क्या हालत बना की. पर चलो कोई नहीं होता है कभी कभी. अब मैं चलता हु. आपके डिपार्टमेंट में कॉल करके बोल्दिया है ओहलोग आते होंगे. तब तक आप आराम करो.

यह बोल वह जाने लगता है. ैप उससे रोखने के लिए उठने की कोशिश करता है पर नाकाम रहता है वह अपनी बेहोशी की हालत में उससे जाते हुए देखने लगता है.

कुछ घंटे बाद जब ैप को अच्छे से होश आता है तोह वह अपने आप को हॉस्पिटल के बीएड में पाटा है. उसका सर हल्का भारी भी लग रहा था.

ैप उठने की कोशिश करता है तोह उससे पास बैठा इंस्पेक्टर रुख देता है.

इंस्पेक्टर – ारी सर आप लेते रहिये.

ैप – मैं यहाँ कैसे. और वह लड़का कहा गया.

इंस्पेक्टर – कौन लड़का सर. आप तोह हुम्हे उस डॉक में बेहोशी की हालत में.

ैप – हम्म. वह सब लोग कहा है जो मेरे साथ डॉक में थे.

इंस्पेक्टर – सबको अरेस्ट करके जेल में दाल दिया है सर.

ैप – और वह बॉक्सेस.

इंस्पेक्टर – वह सब भी हमारे गिरफ्त मैं है सर.

ैप – तुमने चेक किया क्या है उसमे.

इंस्पेक्टर – हां सर. उसमे तोह कपड़ो के रॉ मैटेरियल्स है बहोत भारी मात्रा में.

ैप – हम्म. एक काम करो फॉरेंसिक को बुलाओ और उन् रॉ मैटेरियल्स की अच्छे से टेस्टिंग करवाओ और रिपोर्ट आते hi सबसे पहले मुझे दिखाओ. और अगर कोई उन् सामान को छुड्वने आये तोह सीधा मुझसे कांटेक्ट करवाओ. जबतक टेस्टिंग की रिपोर्ट नहीं आजाती माल हमारे पास hi रहना चाहिए.

इंस्पेक्टर – यस सर.

फिर वह इंस्पेक्टर वह से अपने काम पे निकल जाता है और ैप उस लड़के के बारे में सोचने लगता है.



ैप – कौन है यह लड़का. और क्या चाहता है. क्या दुश्मनी है उसकी रणजीत से और उससे यह सब कैसे पता.
 
अपडेट 11

दोपहर को जब टेस्टिंग की रिपोर्ट आती है तोह ैप को कोई हैरानी नहीं होती क्योकि उससे पता था रिपोर्ट में क्या आने वाला है.

वह रिपोर्ट देखने के बाद संग संग मीडिया को कॉल करके इन्फॉर्म करता है.

इधर वह लड़का सुबह सुबह hi रणजीत को कॉल करता है.

लड़का – रणजीत सिंह मैंने कहा था ना दूसरा धमाका जल्दी करूँगा पर तूने शायद मेरी बात को सीरियसली बिलकुल नहीं लिया. अपने डॉक में तूने जो रखा था ना उससे कल पुलिस अपनी गिरफ्त में रख लिया है और अगर मेरा अंदाज़ा सही है तोह कुछ hi देर में यह न्यूज़ मीडिया में होगी.

रणजीत जब यह सुनता है तोह उसके पैरों टेल ज़मीन खिसक जाती है. उससे अपने कानो में यकीन नहीं होरहा था.

रणजीत – नही यह नहीं होसकता. तुम झूट बोल रहे हो.

लड़का – अब यह झूट है या सच यह तोह कुछ hi देर में पता चल जाएगा. और यह न्यूज़ सामने आते hi जिन जिन कंपनी ने तेरे साथ डील की है वह भी कैंसिल होजायेगी. तुझे इतनी आसानी से बर्बाद करदूंगा मुझे यह लगा नहीं था. चल कोई ना होसकता है तेरे बाकी के साथी थोड़े समाज दार निकले. यह बोल वह फ़ोन काट देता है.

रणजीत जल्दी से अपने बाकी के साथियों को कॉल करके सब बताता है और वह माल कहा है उससे छुड़वाने की पूरी कोशिश करता है. पर वह कुछ नहीं कर पाटा.

कुछ hi देर में मीडिया के सामने ैप खड़ा होजाता है.

ैप – कल रात मुझे एक टिप मिली थी के सेहर में कोकीन का बहोत बड़ा कन्साइनमेंट आया हुआ है. मैं उस टिप को फॉलो करते हुए उस जगह पे राइड करता हु और वह से मुझे यह बॉक्सेस मिलते है जिसमे कोकीन भरा हुआ है.

यह बोल ैप एक इशारा करता है तोह इंस्पेक्टर उन् बॉक्सेस को गुरा देता है और उसमे से कपड़ो के रॉ मैटेरियल्स बहार निकल जाते है.

मीडिया – यह सब क्या है सर. कोकीन कहा है. यहाँ तोह सिर्फ यह कपड़ो के रॉ मैटेरियल्स है.

ैप – कोकीन आप सबके सामने hi है. इस बार ड्रग समुग्गलेरस ने बड़ी hi चालाकी से ड्रग की स्मगलिंग करने की सोची थी. आप लोग जो यह रॉ मैटेरियल्स देख रहे है. यह कोई मामूली कपडा नहीं है. इस कपडे में छुपा है करोडो का कोकीन. और यह रही इसकी फॉरेंसिक रिपोर्ट. यह बो ैप उस रिपोर्ट को मीडिया के सामने कर देता है.

ैप – ड्रग समुग्गलेरस ने बड़े hi साइंटिफिक तरीके से इन् कपड़ो में ड्रग छुपाया है. उन्होंने कोकीन के पानी में इन् कपड़ो अच्छे भिगोया है. फिर इन्हे सूखा के अच्छे से प्रेस करके एकदम नार्मल कपडा बना दिया जिससे किसी को पता नहीं चले.

फिर इन् कपड़ो से कोकीन निकलने के लिए यह लोग वह hi तरीका इस्तेमाल करते है जो समुन्दर के पानी से निमक निकलने के लिए करते है.

मीडिया – यह सारे बॉक्सेस आपको कहा से मिले. क्या आपको पता है यह सब किसके है.

ैप – हआ. यह सब यहाँ के जाने माने बिजनेसमैन रणजीत सिंह के है. यह बॉक्सेस हुम्हे उन्ही के डॉक से मिले है. और इसका सबूत है उस डॉक का उनके नाम पे रजिस्टर्ड होना.

मीडिया – तोह रणजीत सिंह अभी कहा है.

ैप – हमारी एक टीम गयी है उन्हें अरेस्ट करने. जल्द hi वह जेल में होंगे. और कुछ दिन पहले जो उनके गोडाउन में शार्ट सर्किट हुआ था उसमे भी ऐसे hi कुछ बॉक्सेस रखे हुए थे जिसकी राख की टेस्टिंग से हुम्हे यह पता चला के उसमे भी कोकीन hi था.

इधर रणजीत जब यह न्यूज़ देखता है तोह उसके पैरों टेल ज़मीन खिसक जाती है. अभी वह कुछ करता या सोचता तभी उसके घर में पुलिस आजाती है और उससे अरेस्ट करलेती है.

रणजीत अपने लॉयर को कॉल करने की कोशिश भी करता है पर पुलिस उससे वह भी नहीं करने देती.

कुछ देर में पुलिस ने रणजीत को जेल में दाल दिया और उसके जितने भी गोडाउन थे सब में राइड करके उनन्साब को सिज़े करदिया.

थोड़ी देर में साड़ी फॉर्मलिटीज कम्पलीट करने के बाद ैप रणजीत के सेल में जाता है उससे पूछताछ करने के लिए.

ैप – हां तोह मर. रणजीत सिंह तुमने कोशिश तोह बढ़िया की थी की किसी को भी तुम्हारे इस कोकीन के राज़ के बारे में पता नहीं चले. पर वह कहते है ना हर शेर के ऊपर एक सवा शेर होता है. तुम्हारे साथे में भी बिलकुल यही हुआ है. कोई है जो तुमसे किसी बात का बदला लेना चाहता है और उसी ने यह सब करवाया है.

रणजीत – कौन है वह.

ैप – वह कौन है यह तोह अभी तक पता नहीं चला. पर जो भी है तुमसे बेहद नफरत करता है. तुम्हे बर्बाद करना चाहता था जो उसने करदिया है. अब अपना मुँह तुम खुद खोलोगे या मैं अपने तरीके से खुलवाओ.

रणजीत को पता था अब कुछ नहीं होसकता है वह हरतरफ से फस चूका है इसीलिए उससे जो जो पता था वह बोल देता है पर अपने साथियों के नाम वह नहीं बोलता.

इधर रणजीत की कंपनी के साथ जिनलोगो ने डील की थी उनलोगो ने उस डील को कैंसिल करदिया और जिनलोगो का पार्टनरशिप था उनलोगो ने वह भी कैंसिल करदिया जिसके चलते रणजीत की कंपनी रातो रात बन्क्रप्त होजाती है.

उधर वह लड़का फिर से ैप को कॉल करता है.

लड़का – कैसे हो पार्टनर. ज्यादा दर्द तोह नहीं होरहा है ना.

ैप – पार्टनर. हम कभी भी पार्टनर नहीं होसकते. तुम एक मुजरिम हो.

लड़का – क्या बात करते हो पार्टनर. हमने साथ मिलके इतना बड़ा रैकेट पकड़वा दिया और तुम बोलते हो हम पार्टनर नहीं. और मैं कैसे मुजरिम होगया. मैंने कौनसा किसी का मर्डर किया है या चोरी की है. उल्टा मैंने तोह पुलिस की मदद की है.

यह बात सुन्न ैप की बोलती बंद होजाती है. क्योकि लड़के ने बात एकदम सही कही थी. ना उसने कोई चोरी की थी और नाही कोई खून किया था जबकि उसने तोह पुलिस की मदद hi की थी.

लड़का – क्या सोच रहे हो पार्टनर. इतना मत सोचो दिमाग फट जायेगा.

ैप – रणजीत को तोह बर्बाद करदिया है तुमने अब आगे क्या चाहते हो.

लड़का – यह गलत कहा ैप साहब. उससे मैंने नहीं उसके कर्मो ने तबाह किया है. मैं तोह बस एक जरिया हु. उसने जैसे कर्म किया उसका उससे वैसा फल मिला.

ैप – इतना तोह मैं जान गया हु यह रणजीत अकेला नहीं है. तुम्हारी लिस्ट में और भी बहोत से नाम है.

लड़का – यह हुई ना कुछ बात ैप साहब. और उम्मीद है बहोत जल्द आपको लिस्ट मिल जायेगी. और अगर आपका दिमाग ऐसे hi चला तोह बहोत जल्द हमारी मुलाकात भी होजायेगी.

यह बोल वह कॉल कट करदेता है.

इधर सूरज और बाकी के साथियों को जब रणजीत के बारे में पता चलता है तोह वह चौकन्ने होजाते है. उन्होंने अपना सामान दूसरी जगह छिपाने का बंदोबस्त करदिया था.

सूरज – कौन है यह जिसने रणजीत को बर्बाद करदिया.

हरीश – कुछ पता नहीं है. वह तोह बोल रहा था कोई लड़का है जिसने यह सब किया है.

आदमी – अगर ऐसा है तोह पता लगाओ. क्योकि यह लड़का सिर्फ रणजीत hi नहीं हम तक भी पहुंचेगा.

सूरज – पर पता कैसे लगाए. कौन है वह. कॉल भी तोह एसटीडी से hi करता है वह.

आदमी – तोह पता लगाओ कौनसा एसटीडी है. उस एसटीडी के वह पे अपने आदमी भेजो. उस लड़के का पकड़ा जाना बहोत जरुरी है.

हरीश – क्या उसने तुमने भी कॉल किया है.

आदमी – हआ. हमारे मुंबई में जितने भी लॉसेस हुए है वह इसिने किये है. कल रात hi कॉल करके इसने मुझे बताया था. इसीलिए जल्द से जल्द इस लड़के का पता लगाओ. यह हमारे लिए बहोत बड़ा खतरा होसकता है.

सूरज – हम्म्म्म.

इधर घर में सबलोग बैठे बाते कर रहे थे तभी माहिरा बोलती है.

माहिरा – मम्मी क्या हम भैया के घर वापस आने की ख़ुशी में एक छोटी सी पार्टी रखे. जिससे हम भैया को सबसे इंट्रोडस भी करवा देंगे.

शेखर – अभी यह सही समय नहीं है किसी पार्टी का. भैया को गए हुए अभी कुछ hi दिन हुए है और पार्टी कभी नहीं.

प्रताप – माहिरा तुम्हारा आईडिया अच्छा है. और शेखर मानता हु विक्रम को गए अभी ज्यादा दिन नहीं हुए है पर इसका मतलब यह तिह नहीं हम आगे बढ़ना hi चोरर दे. हम एक गेट टुगेदर जरूर करेंगे.

शालिनी – कुछ सोचते हुए. हम जरूर पार्टी करेंगे. पर कुछ दिन और रुख जाओ. कुछ दिनों के बाद हम एक ग्रैंड पार्टी का ओर्गनइजे करेंगे.

शेखर आगे कुछ नहीं बोलता बस चुप करके बैठा रहता है.

उधर सूरज ने अपने आदमियों को काम पे लगा दिया था और उस लड़के के बारे में साड़ी जानकारी निकलने को बोल्दिया था.

उसके आदमी उस एसटीडी कॉल का एड्रेस निकलते है और उस जगह पहुंच जाते है और पूछताछ करने लगते है. पर उनके हाथ कुछ नहीं लगता.

तभी उनकी नज़र उस एसटीडी के पास लगे कक्तव कैमरा पे जाती है और वह उसका फुटेज देखने की सोचते है. जिसकी दूकान पे वह कक्तव लगा हुआ था उससे डरा धमका के वह कक्तव की रिकॉर्डिंग ले ले लेते है और सूरज के पास चले जाते है.

सूरज हरीश और वह आदमी तीनो बैठ के उस कक्तव रिकॉर्डिंग को देखने लगते है. यह तीनो देखते है एक लड़का दिन में 3 – 4 बार उस एसटीडी में आता है.

सूरज – लगता है एहि वह लड़का है. क्योकि एहि दिन में इतने बार कॉल करने आया है.

हरीश – पर अभी हम कन्फर्म नहीं होसकते. हुम्हे थोड़ा और खोजना चाहिए. एक काम करते है उस कूरियर ऑफिस से पता करते है जहा से रणजीत के पास पार्सल आया था.

हरीश की यह बात सबको अच्छी लगती है और इसके ऊपर एक्शन भी तुरंत लिया जाता है.

उनके आदमी संग संग उस कूरियर कंपनी के पास चले जाते है और पूछताछ करने लगते है. जब थोड़ी देर के पूछताछ के बाद भी कूरियर कंपनी वाले कुछ नहीं बोलते तोह ओहलोग गन निकल लेते है और जानकारी हासिल करने लगते है.

उस लड़के की साड़ी प्लानिंग सही होने के बाद भी उससे एक गलती यहाँ होजाती है और उसी गलती का फैयदा उंनलोगो को मिल जाता है. उंनलोगो ने कक्तव की मदद से उस लड़के की पिक्चर मिल जाती है.

वह सारे लोग उस लड़के की फोटो लेके उंनलोगो के पास चले जाते है. वह लोग जब उस लड़के की फोटो देखते है तोह वह उनके पहचान का नहीं निकलता.

हरीश – कौन है यह. इससे तोह मैं नहीं जानता. इससे तोह आज पहली बार देख रहा हु.

सूरज – मैं भी इससे नहीं जानता. कौन है यह.

आदमी – जो भी है. पर इस लड़के ने हमारा बहोत नुक्सान किया है. और उस नुक्सान की भरपाई इससे करनी hi होगी. अपने आदमियों को बोलो सेहर का कोना कोना छान मारे और इस लड़के को ढूंढ के मेरे सामने लाये.

इधर इनकी अपनी प्लानिंग चल रही थी उधर उस लड़के की अलग प्लानिंग चल रही थी.

ऐसे hi कुछ दिन गुज़र जाते है. इन् कुछ दिनों में उस लड़के ने कुछ नहीं किया था. रणजीत की कंपनी बन्क्रप्त होने की वजह से उसकी जितनी भी प्रॉपर्टी थी सबकी नीलामी होगयी थी. उस नीलामी में बहोत से लोग आये थे बोली लगाने ने पर आर्यन एक साथ चालाकी से नीलामी जीत ली.

इधर माहिरा को आर्यन के ऊपर थोड़ा शक्क होजाता है. उसने कई बार उससे फ़ोन पे किसी से चुप चुप के बाते करते हुए सुन्न लिया था. इसीलिए वह उसपे नज़ारे बना के रखने लगी थी.

उधर जब से आर्यन ने चालाकी से रणजीत की कंपनी की नीलामी जीती थी वह ैप के नज़रो में भी आगया था.

इधर वह लड़की उस दिन के बाद से एकदम साइलेंट होगयी थी. वह सारा दिन अपने रूम में बंद होक रहती. किसी से ना कोई बात करती और नाही ज्यादा बहार जाती थी. उसके माँ बाप जब पूछते है तोह कोई भी एक बहाना बना देती थी.

एकदिन शालिनी अपने काम से घर के बहार जा रही थी. उसने अपनी गाडी निकली और निकल पढ़ी अपनी मंज़िल की तरफ. कुछ दुर्र जाने के बाद शालिनी को एहसास होता है कोई है जो उसका पीछा कर रहा है. वह रियर मिरर से उस गाडी को देखती है और थोड़ा स्पीड बढ़ा देती है. शालिनी की गाडी की स्पीड बढ़ते देख पीछे वाली गाडी की स्पीड भी बढ़ जाती है.

शालिनी उस गाडी से पीछा चुराने के लिए गाडी फुल स्पीड से चला रही थी पर वह गाडी उसका पीछा नहीं चोरर रही थी. शालिनी बार बार पीछे देखते हुए गाडी चला रही थी तभी मैं रोड में दूसरे रास्ते से एक गाडी आती है और शालिनी की गाडी को थोकक के निकल जाती है.

जैसे hi शालिनी की गाडी को दूसरी गाडी ठोकती है शालिनी का बैलेंस बिगड़ जाता है और गाडी जाके एक लैम्पपोस्ट से टकरा जाती है और शालिनी का सर स्टीयरिंग व्हील से टकरा जाता है.

उधर जैसे hi एक्सीडेंट होता है आस पास जितने भी लोग थे वह जल्दी से शालिनी के पास आते है और देखते है शालिनी गाडी में hi है और उसके सर से खून भी बह रहा है और वह बेहोश भी है.

कुछ लोग मदद करने के लिए आगे बढ़ रहे होते है तोह उन्हें कुछलोग रुख देते है.

आदमी 1 – ारी भैई क्या कर रहे हो. यह पुलिस का मामला है आगे मत बढ़ो वर्ण तुम भी फस जाओगे.

आदमी 2 – हां यह सही कह रहा है. बेकार में पुलिस के लफड़े में नहीं पढ़ना. पुलिस को बुला देते है वही देख लेंगे.

पर वह लोग इनकी बात अनसुना करके जल्दी से शालिनी को बहार निकलते है.

इधर यह एक्सीडेंट देख कर भीड़ में से hi किसीने एम्बुलेंस को कॉल करदिया था.



थोड़ी देर में एम्बुलेंस वह आजाती है और शालिनी को वह से लेके चली जाती है.
 
अपडेट 12

इधर घर में जब शालिनी के एक्सीडेंट के बारे में पता चलता है तोह सब हॉस्पिटल की तरफ भागते है. एहलोग हॉस्पिटल आते उसके पहले hi कोई हॉस्पिटल में आचुका था और शालिनी की हालत का जायज़ा ले रहा था.

कुछ देर में घर वाले भी हॉस्पिटल आजाते है और शालिनी का पास पहुंच जाते है.

आर्यन – डॉक्टर अब कैसी हालत है इनकी.

डॉक्टर – यह अब ठिक्क है. भगवन का शुक्र है इन्हे सही वक़्त में यहाँ ले आया गया. सर पर चोट लगी है और थोड़ा खून भी बह गया है.

आर्यन – कुछ भी सीरियस तोह नहीं है ना.

डॉक्टर – नहिई. सब ठिक्क है.

आर्यन – थैंक यू. इन्हे होश कब तक आएगा.

डॉक्टर – थोड़ी देर में आजायेगा.

फिर डॉक्टर वह से चला जाता है और घर वाले शालिनी को घेरर के बैठ जाते है.

विद्या – पता नहीं क्या चल रहा है आजकल. पहले विक्रम भैया और अब भाभी. इस परिवार को ना जाने किसी नज़र लग गयी है. यह तोह अच्छा है भाभी को कुछ हुआ नहीं.

अभी कोई कुछ बोलता तभी वह ैप आजाता है.

आर्यन – आप यहाँ.

ैप – हआ. शालिनी जी का बयान लेने आया हु.

आर्यन – अभी बेहोश है यह. कुछ पता चला कैसे हुआ है यह.

ैप – इन्वेस्टीगेशन जारी है. एकबार बयान ले ले तोह पता चले. वैसे इनका कोई दुश्मन.

आर्यन – जीई हीई.

ैप – माफ़ करना पर शायद आपके पापा का भी कार एक्सीडेंट hi हुआ था और अब आपकी माँ का. कही इसमें कोई कनेक्शन तोह नहीं.

आर्यन – यह पता करना तोह आपका काम है न. अगर आपको लगता है के कोई कनेक्शन है तोह पता लगाइये. और जिसकी भी यह हरकत उससे पकड़िए.

ैप – चिंता मत कीजिये. बहोत जल्द्द पकड़ा जाएगा वह. अभी हम चलते है इनके होश में आने के बाद हम इनका बयान ले लेंगे.

फिर ैप वह से निकल जाता है.

थोड़ी देर बाद शालिनी को होश आता है तोह सब उससे सवाल पे सवाल पूछने लगते है. शालिनी उन्हें सब कुछ बताके चुप करवा देती है.

उधर ैप को जब शालिनी के होश में आने की खबर मिलती है तोह वह भी वह आजाता है और शालिनी से सब पूछने लगता है. शालिनी भी उससे जितना बताना होता है उतना बता देती है जिसके बाद वह वह से चला जाता है.

कुछ देर बाद आर्यन सबको घर जाने को बोल्डट है और वह खुद वह रुख जाता है.

आर्यन की बात माँके सभी घरवाले वह से चले जाते है.

आर्यन – अब कैसी है आप.

शालिनी – मैं ठिक्क हु.

आर्यन – यह सब कैसे हुआ.

शालिनी – पता नहीं कौन था. मैं जबसे घर से निकली थी वह मेरा पीछा कर रहा था. और मैं रोड में एक दूसरी गाडी ने मेरी गाडी को थोकक दिया.

अभी आर्यन कुछ बोलता तभी एक आवाज़ आती है जिससे सुनके दोनों दरवाज़े की तरफ देखने लगते है.

दरवाज़े पे कोई खड़ा था जिससे देख कर आर्यन अपनी जगह से उठ जाता है और वह आके उसकी जगह पे बैठ जाता है.

शालिनी – मैं ठीक हु अब.

सामने से – शालिनी का हाथ अपने हाथो में लेके. गाडी का नंबर.

शालिनी – कोई जरुरत नहीं है. मैंने कहा ना मैं ठिक्क हु.

सामने से – गाडी का नंबर मुझे दीजिये.

उसकी आवाज़ में जैसे एक ोर्डी था जिससे सुनके शालिनी तुरंत उसको गाडी का नंबर देती है.

शालिनी – ठीक हो ना.

सामने से – नज़रे घुमा के.

शालिनी – इधर देखना जरा.

सामने वाला अपनी गर्दन ना की तरफ हिलता है तोह शालिनी उसका चेहरा अपने हाथो से घूमती है.

शालिनी – यह आंसू बहोत कीमती है. इन्हे ऐसे वास्ते नहीं करते.

सामने से – अगर कुछ होजाता तोह मैं....

शालिनी – मैं ठिक्क हु. और इतने से hi कमज़ोर होगये.

सामने से – कमज़ोर नहीं हुआ हु.

शालिनी – होना भी मत.

सामने से – बस कुछ दिन और वेट करना होगा ी प्रॉमिस.

यह बोल वह वह से जाने लगता है और दरवाज़े तक पहुंच के पीछे घूमता है एक नज़र शालिनी को देखता है फिर आर्यन से बोलता है.

सामने से – ध्यान रखना. हलकी सी भी प्रॉब्लम ना हो.

आर्यन बस हां में गर्दन हिला देता है. फिर वह वह से चला जाता है.

आर्यन शालिनी को देखता है तोह उसको किसी सोच में घुम्म पता है.

आर्यन – क्या सोच रही है आप.

शालिनी – यही मैंने पिछले जनम में कौनसे पुण्य किये थे जिसका इतना अच्छा फल मुझे इस जनम में मिला.

आर्यन कुछ नहीं बोलता बस स्माइल करदेता है.

इधर वह लड़का रात को अपने चेहरे पे मास्क लगाके चलते हुए एक घर के सामने आके रुख जाता है और बेल्ल बजता है.

बेल्ल बजने के कुछ देर बाद एक आदमी दरवाज़ा खोलता है और सामने उस लड़के को देख कर पूछता है.

आदमी – कौन हो भाई. और क्या चाहिये.

लड़का – क्या किशोर. मुझे नहीं पहचाना.

किशोर ठीक से उस लड़के को देखता है पर उससे पहचान नहीं पाटा.

किशोर – नही कौन हो तुम. और इतनी रात को क्या चाहिए.

लड़का बिना कुछ बोले घर के अंदर चला जाता है और जाके सोफे में बैठ जाता है.

किशोर – ारी कौन हो तुम और अंदर कैसे घुसे चले आये.

लड़का – मुझे अब तक नहीं पहचाना मैं कौन हु.

किशोर – नहीं पहचाना. चलो अब निकलो यहाँ से.

लड़का – याद बड़ी कमज़ोर है. अच्छा यह तोह याद होगा आज सुबह तुमने क्या किया था.

किशोर जब यह सुनता है तोह एक पल के लिए डर जाता है.

किशोर – क्या क्या किया था.

लड़का – लगता है यादाश सच में कमज़ोर है. पर कोई नहीं इसका इलाज़ है मेरे पास.

यह बोल वह लड़का उठ कर दरवाज़े के पास आता है और दरवाज़ा बंद करदेता है.

किशोर – ारी यह दरवाज़ा बंद क्यों करदिया.

लड़का – इलाज करने के लिए. और तुमने मुझे अभी तक नहीं पहचाना.

किशोर – हीई. कौन हो तुम.

लड़का – ारी मैं हु डॉ. यमराज. जो इंसानो को ज़िन्दगी की जगह मौत देता है. और आज मैं तुम्हारा इलाज़ करके तुम्हे मौत देने आया हु.

किशोर यह सुनके डर जाता है. प् वह हिम्मत से काम लेता है और अपने बगल के ड्रावर से एक गन निकल लेता है.

किशोर – आई चल निकल यहाँ से. बहोत देरर से तेरी बकवास सुन्न रहा हु. तू मुझे मारने आया है. अब अगर अपनी जान प्यारी है तोह निकल यहाँ से.

लड़का – क्या बात है. तूने यह गन निकल के मेरा काम आसान करदिया. तुझे मौत देने के लिए मैं कुछ लाया नहीं था पर अब इससे hi तुझे मौत दे दूंगा. यह बोल वह लड़का किशोर की तरफ बढ़ने लगता है.

उस लड़के को अपनी तरफ बढ़ते देख किशोर उसके ऊपर गन तान देता है और उससे रखने को बोलने लगता है. पर वह लड़का आगे बढ़ता hi रहता है.

किशोर जब देखता है के वह लड़का रुख नहीं रहा है तोह वह फायर करदेता है. फायर होते देख लड़का हट जाता है तोह गोली उसके साइड से निकल जाती है.

लड़का – लानत है तुझपे इतने पास से भी गलत निशाना.

किशोर अब डर के मारे अंधाधुन 2 – 3 बार फायर करदेता है पर वह लड़का हर्र गोली से बचता हुआ किशोर के एकदम सामने खड़ा होजाता है.

किशोर जैसे hi उस लड़के को एकदम अपने सामने देखता है तोह डर के मारे 2 कदम पीछे चल जाता है.

किशोर – कौन हो तुम. और मुझे क्यों मारना चाहते हो.

लड़का – मैंने कहा ना मैं डॉ. यमराज हु. जो इंसानो को ज़िन्दगी की जगह पे मौत देता है. और यहाँ तुम्हे मारने नहीं तुम्हारा इलाज़ करने आया हु.

किशोर – मुझसे क्या चाहते हो. क्यों मुझे मारना चाहता हो. मैं तोह तुम्हे जनता तक नहिई. पलासी मुझे चोरर दो.

लड़का अब थोड़ा सीरियस होजाता है और उसी टोन में पूछता है.

लड़का – सुबह सुबह तूने क्या किया था.

किशोर यह सुन्न थोड़ा घबरा जाता है पर वह हिम्मत कर्क बोलता है.

किशोर – तुम क्या बोल रहे हो. मैं कुछ नहीं किया सुबह.

लड़का किशोर को एक थप्पड़ मारता है और पूछता है.

लड़का – सुबह सुबह तूने क्या किया था.

किशोर – मैंने कुछ नहीं किया.

लड़का इससबार किशोर को अंधाधुन मारने लगता है. किशोर के पुरे चेहरे से खून निकलने लगता है उसका एक हाथ भी फ्रैक्चर करदेता है गन लेके उसके पैरों के पास फायर करता है तोह वह झट्ट से बोलने लगता है.

किशोर – मैंने सुबह एक औरत का गाडी से पीछा किया था.

लड़का – किसलिए.

किशोर – मुझे इस काम के पैसे मिले थे.

लड़का – किसने दिए थी.

किशोर – मैं उससे नहीं जानता.

लड़का फिर से उसके पैरों के पास फायर करता है.

किशोर – राजू. राजू ने पैसे दिए थे. और कहा था उस औरत का बस पीछा करना है.

लड़का – कहा मिलेगा यह राजू.

फिर किशोर उस राजू का एड्रेस उस लड़के को बता देता है.

लड़का – हम्म्म.

फिर वह लड़का जाने लगता है पर कुछ कदम चलने के बाद वह फिर से किशोर के पास आता है और और उसको एक थप्पड़ फिर से मार्डेटा है और वह से निकल जाता है राजू के एड्रेस की तरफ.

कुछ देर बाद hi वह लड़का राजू के घर के बहार खड़ा था. वह लड़का घर की दुर्बल बजता है तोह कुछ देर बाद राजू गेट खोलता है.

लड़का – राजू.

राजू – हां. मैं hi हु राजू. तू कौन.

लड़का – तेरी मौत.

यह बोल वह राजू को एक लात मारता है जिससे वह पीछे जाके गिरता है. फिर वह लड़का घर के अंदर जाता है और गेट बंद करदेता है.

राजू – कौन है री तू. तेरे को मालूम है तूने किसको मारा है.

लड़का बिना कुछ बोले राजू को अंधाधुन मारने लगता है. पुरे घर में बस राजू के चीखने की आवाज़ों के साथ सामन के टूटने की आवाज़ भी आने लगती है.

करीब 10 मीन्स तक राजू को अंधाधुन मार्के उसके दोनों हाथ पैरर तोड़ने के बाद वह राजू के सामने आके बैठ जाता है.

राजू – दर्द और डर में. कौंन हैई चू. और मेरे को काहे मारा.

लड़का - सुबह सुबह तूने क्या किया था.

राजू – मैनी क्या किया था. कुछ भी तोह नहीं किया था.

लड़का राजू को एक थप्पड़ मारता है.

राजू – मैंने एक औरत की गाडी को ठोका था.

लड़का – किसलिए

राजू – मुझे पैसे मिले थे यह करने के लिए.

लड़का – किसने दिए थे.

राजू – अगर मैंने उसका नाम लिया तोह वह मुझे मार देगा.

लड़का अपनी पॉकेट से गन निकलता है और उसके सर के ऊपर रख के बोलता है.

लड़का – तू वैसे भी मरेगा.

राजू – मुझे मैट मारो. मुझसे गलती होगयी. मुझे मैट मारो.

लड़का – नांम.

राजू – सूरज वर्मा. उसने hi मुझे पैसे दिए थे और कहा था उस औरत को गाडी समेत उड़ा देने को.

लड़का – यह गन पकड़ अपने हाथ से अपने आप को गोली मार.

राजू – मैंने सब तोह बता दिया. पलासी मुझही चोररर दो. मुझे मैट मारो.

लड़का – तूने जब उस औरत को ठोका तभी तूने अपनी ज़िन्दगी ख़तम कर्ली थी.

राजू – पलासी मुझी चोरर दो. मुझसे गलती होगयी है.

लड़का कुछ नहीं बोलता बस हसने लगता है. उसको हस्ते देख राजू को और ज्यादा डर लगने लगता है.

लड़का – मैं अपने हाथ गंदे नहीं करना चाहता. इसीलिए यह गन ले और अपने आप को गोली मार्ले. अगर तूने खुद को नहीं मारा तोह सूरज वर्मा तुझे मारडेगा. आखिर मैं मरना तोह तुझे hi है.

राजू – मैं यहाँ से कही दुर्र भग्ग जाऊँगा. कभी अपनी शकल नहीं दिखाऊंगा. प्लीसीई मुझी चोरर दो. मुझी जाने दो. मुझी माफ़ कार्डो.

लड़का – जल्दी करररर.

राजू – मुझी चोररर दोऊ.

लड़का – चिल्लाते हुए. जल्दीई करररररर.

राजू उसके चिल्लाने से बहोत ज्यादा डर जाता है और ना चाहते हुए भी वह गन उठा लेता है.

लड़का – चल जल्दी कररर

राजू समाज जाता है अब कुछ नहीं होसकता. वह डरते डरते और माफ़ी मांगते मांगते गन को अपने सर पे रखता है.

राजू – प्लीज मुझे चोररर दो.

वह लड़का यह सुनते hi गन का ट्रिगर दबा देता है और गोली सीधा राजू के सर को चीरते हुए निकल जाती है. फिर वह लड़का भी वह से निकल जाता है.



लड़का – सूरज वर्मा. तेरी ज़िन्दगी के दिन ऐसे hi काम थे. पर तूने और काम करलिया है. आरहा हु मैं.
 
अपडेट 13

इधर सूरज वर्मा को जब पता चलता है के शालिनी की जान बछ गयी है तोह वह गुस्से में आके चिल्लाने लगता है और अपने घर की चीज़े तोड़ने लगता है.

अगले दिन शालिनी को हॉस्पिटल से डिस्चार्ज मिल जाता है और उससे घर ले जाय जाता है. जब शालिनी को हॉस्पिटल से डिस्चार्ज मिल रहा था तब वह इंसान भी वह मौजूद था.

कुछ देर बाद शालिनी घर आजाती है और उसको उसके कमरे में आराम करने के लिए भेज दिया जाता है.

इधर वह लड़का अब सूरज वर्मा के ऊपर अपना पूरा फोकस करदेता है. वह सुबह से hi सूरज वर्मा के ऊपर नज़र रखे हुआ था और सही मौके का इंतज़ार भी करने लगता है.

अब इसमें सूरज का बदलूक बोले या उस लड़के का गुड लक बोले उस लड़के को मौका भी हाथो हाथ मिल जाता है.

सूरज आज अकेले hi गाडी चलके जाने लगता है बिना ड्राइवर और सिक्योरिटी के. वह लड़का जब यह देखता है तोह वह उसका पीछा करने लगता है.

वह लड़का सूरज का पीछा तब तक करता है जब तक सूरज और वह रास्ते में अकेले नहीं होजाते. जैसे hi वह लड़का देखता है अब उस रास्ते में उनका अलावा कोई नहीं है तोह वह अपने बाइक की स्पीड बढ़ता है और सीधा कार के आगे ले जाके रोड ब्लॉक करदेता है.

सूरज अचानक से उस बाइक वाले को अपने सामने देख कर थोड़ा घबरा जाता है.

सूरज – अभी तेरे बाप का रास्ता है क्या जो बीच सड़क में बाइक रुख दी. चल हटा अपनी बाइक.

वह लड़का कुछ नहीं बोलता और बाइक से उतर के सूरज के पास आता है और विंडो पे नॉक करता है.

सूरज जैसे hi विंडो खोलता है वह लड़का सूरज के चेहरे पे एक घुसा मारता है. घुसे के इम्पैक्ट इतना जोरर का था के एक पल के लिए सूरज के सुर घूमने लगता है.

फिर वह लड़का गाडी का दरवाज़ा खोलके सूरज को गाडी के बहार निकलता है और एक लात मार्के गाडी से दूर करदेता है.

सूरज को कुछ समाज आता उससे पहले hi वह लड़का उससे अंधाधुन मारने लगता है. कुछ देर तक उससे अंधाधुन मारने के बाद वह लड़का रुख जाता है और सूरज के सामने बैठ जाता है.

सूरज का पूरा चेहरा खून से सन्न चूका था. वह अपनी आँखे भी ठीक से नहीं खोल पा रहा था. फिर भी वह हिम्मत करके बोलता है.

सूरज – कौन हो तुम.

लड़का – मैं कौन हु. मैं तेरी मौत हु जिससे तूने खुद अपने हाथों से अपने तक़दीर में लिखा है. तूने अपनी ज़िन्दगी की कुछ दिन और काम करलिए है.

सूरज – मुझसे क्या दुश्मनी है तुम्हारी.

लड़का – दुश्मनी तूने सुरु की है तोह तू खुद सोच. बहोत जल्द तेरा भी वही हाल होगा जो रणजीत का हुआ है. रुख सकता है तोह रुख के दिखा.

फिर वह लड़का सूरज को एक जोर्डरर थप्पड़ मारता है जिससे वह बेहोश होजाता है और खुद वह से निकल जाता है.

इधर सूरज उसी हालत में बेहोश वह पढ़ा रहता है जबतक कोई वह से गुज़र नहीं रहा होता.

उधर मुंबई सेहर में एक लड़की अपने दोस्त के घर जाती है उससे मिलने के लिए.

लड़की – Hello आंटी. कैसी है आप.

आंटी – ारी शीतल बीटा तुम. कैसी हो. बहोत दिनों के बाद आयी हो.

शीतल – बस आंटी कुछ दिनों के लिए बहार गयी थी. आप कैसी है.

आंटी – मैं ठीक हु. आओ बैठो.

शीतल – आंटी वह कहा है. दिखाई नहीं दे रही.

यह सुनते hi उस औरत के चेहरा थोड़ा मुरझा जाता है.

शीतल – क्या बात है आंटी सब सही है ना.

आंटी – क्या बताऊ बीटा. जबसे कॉलेज ख़तम हुआ है तबसे वह अपने कमरे में hi रहती है. ना किसी से ज्यादा बात करती है और नाही अपने कमरे से बहार निकलती है. कुछ पूछो तोह ठीक से बताती भी नहीं है.

शीतल – अचानक ऐसा क्यों कर रही है वह.

आंटी – पता नहीं बीटा. हुम्हे तोह अब उसकी बहोत फ़िक्र होने लगी है. तुम तोह उसकी सबसे अच्छी दोस्त हो तुम्हे तोह पता होगा ना.

शीतल – नहीं आंटी मुझे भी कुछ नहीं पता. पर आप चिंता मत कीजिये मैं देखती हु उससे. कहा है वह.

आंटी – अपने कमरे hi है.

फिर शीतल वह से अपने दोस्त के कमरे में जाती है तोह देखती है उसकी दोस्त अपने बीएड में बैठी हुई है हाथों में एक तस्वीर को लेके.

शीतल – तू अब भी उसकी तस्वीर को अपने पास राखी हुई है.

वह लड़की जैसे hi यह आवाज़ सुनती है वह झट्ट से उस तस्वीर को छुपा देती है.

शीतल – तू क्यों नहीं समाज रही है. क्यों इस तस्वीर को देख कर दुखी होती रहती है. और यह क्या हालत बना ली है अपनी.

लड़की – तू यहाँ क्या कर रही है.

शीतल – मैं तुझसे hi मिलने आयी हु. और यह मैं क्या सुन्न रही हु जिस दिन से कॉलेज ख़तम हुआ है तूने अपने आप को यहाँ बंद करलिया है. किसलिए.

लड़की – बस ऐसे hi.

शीतल – तू सबसे झूठ बोल सकती है मुझसे नहीं. तू क्यों नहीं समझती वह तुझसे प्यार नहीं करता.

लड़की – शीतल तू मेरे प्यार को नहीं जानती. मैंने उसकी आँखों में अपने लिए वही महसूस किया है जो मैं उसके लिए करती हु.

शीतल – अगर ऐसा है तोह उसने अपने प्यार का इज़हार क्यों नहीं किया.

लड़की – मुझे नहीं पता उसने ऐसा क्यों किया. मुझे बस इतना पता है उसकी कोई मज़बूरी है जिसके चलते उसने मेरे प्यार को एक्सेप्ट नहीं किया.

शीतल – समझना तुझे पड़ेगा मेघा. आखिर कब तक तू ऐसे hi इस कमरे में बंद रहेगी. यह सब एक तरह का पागलपन है.

मेघा – जब तक मुझे मेरा प्यार नहीं मिल जाता तब तक.

शीतल – यह गलत है मेघा. तू उस के प्यार के लिए अपने मम्मी पापा के प्यार को भूल जायेगी. तुझे पता है तेरे इस तरह रहने से उन्हें कितनी तकलीफ होरही है. अगर तुझे उस का इंतज़ार करना hi है तोह कर पर उन्हें तकलीफ मत दे.

मेघा – तोह मैं और क्या hi करू. जब से मेरा कॉलेज ख़तम हुआ है वह मेरी शादी के पीछे पढ़ गए है. मैं मर्डर जाउंगी पर उस के अलावा किसी से शादी नहीं करुँगी. मेरे लाइफ में उस के अलावा कभी कोई नहीं आएगा.

शीतल – तोह तू उन्हें बोल क्यों नहीं देती सबकुछ. उन्हें उस के बारे में सब कुछ बोल दे.

मेघा – वह नहीं मानेंगे.

शीतल – तू बोल के तोह देख. वह तेरे माँ बाप है तेरे दुश्मन नहीं है. वह जरूर तेरी बात समझेंगे. और मुझे एक बात बता तू कब तक ऐसे hi बैठी रहेगी. कब तक ऐसे hi उस का इंतज़ार करेगी.

मेघा – जब तक मेरे अंदर जान है मैं मेरे प्यार का इंतज़ार करुँगी. मुझे पता है उसकी कोई बहोत बड़ी मज़बूरी होगी जिसके चलते वह मुझसे दुर्र है. और मुझे यकीन है जब उसकी यह मज़बूरी ख़तम होगी तब वह मुझसे प्यार का इज़हार जरूर करेगा.

शीतल आगे कुछ नहीं बोलती बस सामने बैठी मेघा को देखने लगती है और कुछ देर बाद वह से चली जाती है और मेघा फिर से उस लड़के की तस्वीर निकल के देखने लगती है.

इधर शीतल मेघा के घर से निकल कर कही जाने लगती है और थोड़ी देर बाद एक घर के बहार रुख जाती है.

शीतल – अब मुझे hi कुछ करना होगा. वर्ण वह पागल कुछ भी कर जायेगी.

शीतल आगे बढ़ के उस घर की दुर्बल बजती है और थोड़ी देर में एक औरत दरवाज़ा खोलती है.

शीतल – नमस्ते आंटी.

औरत – नमस्ते बीटा.

शीतल – आंटी मैं मेघा की दोस्त हु. क्या मैं अंदर आसक्ति हु.

वह औरत जब मेघा का नाम सुनती है तोह वह हैरान होजाती है फिर साइड होक शीतल को अंदर आने देती है.

शीतल – आंटी मैं शीतल की दोस्त हु. मुझे कुछ जरुरी बात करनी है.

औरत – मुझे पता है तुम क्या बात करने आयी हो और मुझे यह भी पता था यह दिन एक दिन जरूर आएगा.

शीतल – मैं कुछ समझी नहीं आंटी.

औरत – तुम यहाँ जिसके लिए आयी हो वह अब यहाँ नहीं है.

शीतल – यहाँ नहीं है मतलब. कहा गया.

औरत – तुम्हारे जितने भी सवाल है उसका जवाब मैं तुम्हे नहीं दे सकती. तुम यह नंबर लो यहाँ से तुम्हे सब पता चल जाएगा.

यह बोल वह औरत शीतल को एक नंबर दे देती है.

औरत – इस नंबर पे कॉल करके जो भी पूछना है पुछलो तुम्हे तुम्हारे सभी सवालों के जवाब मिल जाएंगे. और सिर्फ तुम्हारे hi नहीं मेघा के भी जितने सवाल है सबके जवाब मिल जाएंगे.

शीतल – पर आपको यह सब कैसी. और वह यहाँ नहीं है तोह कहा है.

औरत – मैंने कहा ना तुम्हारे सभी सवालों का जवाब यह नंबर hi है.

फिर शीतल वह से अपने घर आजाती है और अपने कमरे में जाके सबसे पहले उस नंबर पे कॉल करती है.

नंबर डायल करने के कुछ देर बाद कॉल रिसीव होता है.

सामने से – Hello.

शीतल – Hello.

सामने से – हां कौन.

शीतल – जी मेरा नाम शीतल है. मैं मुंबई में रहती हु. मुझे आपका नंबर एक आंटी ने दिया है. और मैं मेघा की दोस्त हु.

सामने से – क्या तुम सच में मेघा की दोस्त हो.

शीतल – जीई. क्या आप जानती है उससे.

सामने से – जानती तोह नहीं हु पर वह मेरे लिए सबसे खाश है. क्या उससे बात होसकती है.

शीतल – माफ़ कीजियेगा पर मैं उसके पास नहीं हु. पर आप उससे कैसे जानती है. और मुझे उन् आंटी ने कहा मुझे मेरे सभी सवालों के जवाब आप देंगी.

सामने से – हम्म्म. बताओ क्या पूछना है. क्या जानना है.

फिर शीतल के मैं में जीतने भी सवाल थे उसने सब पूछना स्टार्ट करदिया और सामने से हर एक सवाल का जवाब उससे मिलता गया. जैसे जैसे शीतल आगे बढ़ रही थी उसका मुँह खुल्ला का खुल्ला रह जाता है. उससे अपने कानो में यकीन नहीं होरहा था.

शीतल – क्या आप सच कह रही है.

सामने से – हआ. और अब तुम्हे समाज आया मेघा मेरे लिए खाश क्यों है.

शीतल – जी जीई. पर क्या आपने जो कहा सबकुछ वैसा hi होगा.

सामने से – मैं समाज रही हु तुम क्या कहना चाहती हो. पर तुम चिंता मत करो. मैं हूँ ना.

शीतल – जीई.

सामने से – क्या तुम मेरा एक काम करोगी.

शीतल – जी जी कहिये ना. मेघा मेरी बचपन की दोस्त है उसके किये कुछ भी.

सामने से – मुझे मेघा से एकबार बात करनी है. क्या तुम उसका नंबर डौगी.

शीतल – हआ लीजिये ना. मेघा आपसे बात करके बहोत खुश होजायेगी.



फिर शीतल उससे मेघा का नंबर दे देती है और कॉल कट होजाता है.
 
अपडेट 14

इधर उस कॉल वाले ने संग संग मेघा को कॉल लगा लिया. पर मेघा कॉल रिसीव नहीं कर रही थी. 2 बार कॉल लगाने के बाद तीसरे बार में कॉल रिसीव होता है.

मेघा – Hello.

सामने से – क्या मेरी बात मेघा से होरही है.

मेघा – जी कहिये.

फिर सामने वाला अपना नाम बताता है तोह मेघा के होश उड़द जाते है उसको बहोत बड़ा झटका लगता है.

मेघा – मुझे माफ़ करदिजिये मैंने आपको पहचाना नहीं और आपका कॉल भी रिसीव नहीं किया था. ी ऍम सॉरी.

सामने से – ारी ारी शांत शांत. और तुम्हे माफ़ी मांगने की कोई जरुरत नहीं है. मुझे तुमसे कुछ बात करनी है क्या अभी होसकती है.

मेघा – हां बोलिये ना.

फिर सामने वाला मेघा से कुछ बात करने लगता है जिससे सुनके मेघा के पैरों टेल ज़मीन खिसकने लगती है. उससे अपने कानो में यकीन नहीं होरहा था. उसके आँखों से आंसू बहने लगते है.

मेघा – क्या आप सच कह रही है. कही आप मेरे साथ कोई मज़ाक तोह नहीं कर रही है ना.

सामने से – मैं बिलकुल सच कह रही हु और मैं कोई मज़ाक नहीं कर रही.

मेघा – मैं आपको किस मुँह से थैंक यू कहु. आपने तोह मुझे वह ख़ुशी दी है जिसके लिए मैं नाजाने कब से तरस रही थी.

सामने से – मुझे तुम्हारे बारे में सब कुछ पता है.

मेघा – पर अगर...

सामने से – मैं जानती हु तुम क्या कहना चाहती हो. पर तुम चिंता मत करो. मैं हूँ ना. यहाँ वही होगा जो मैं चाहूंगी. पर तुम्हे इंतज़ार करना होगा.

मेघा – मुझे मंज़ूर है. मैं साड़ी ज़िन्दगी इंतज़ार करने को तैयार हु.

सामने से – अब मैं रखती हु.

फिर कॉल कट होजाता है. जैसे hi कॉल कट होता है मेघा का फ़ोन फिर से बज उठता है.

मेघा – Hello.

शीतल – अब तोह तू खुश है ना.

मेघा – थैंक यू थैंक यू थैंक यू सो मच शीतल. तूने मेरे लिए जो किया है ना उसका एहसान मैं कभी नहीं भूलूंगी.

शीतल – एक थप्पड़ मारूंगी ना अकाल ठिकाने आजायेगी. अगर फिर से यह एहसान की बात की तोह मैं अभी उन्हें कॉल करके सब पहले जैसा करवा देती हु.

मेघा – Nhiiiiiiiiiii. ऐसा मत्तट करनाआ.

शीतल यह सुन्न जोरर जोरर से हसने लगती है.

शीतल – अच्छा चल नहीं करती कुछ पर अब तू अपने कमरे से निकल और फिर से पहले जैसी होजा.

कुछ देर इनके बीच ऐसे hi बाते होती है और फिर कॉल कट होजाता है.

इधर सूरज को हॉस्पिटल में एडमिट किया गया था. उसकी हकात बहोत बुरी थी. डॉक्टर के कहने के मुताबिक उसके राइट हैंड की हड्डी टूट चुकी थी और लेफ्ट हाथ का कन्धा डिस्लोकाते होचुका था.

सूरज के साथियों को जब इस बात का पता चलता है तोह वह उससे मिलने के लिए हॉस्पिटल आजाते है.

सूरज ने उन्हें बताता है के उस लड़के ने hi उस मारा है पर मारने का रीज़न नहीं बताया.

हरीश – हुम्हे उस लड़के के ऊपर पुलिस कम्प्लेन कार्डेनि चाहिए. एकबार वह पुलिस के हाथ आजाये फिर हम उससे देख लेंगे.

आदमी – हआ सही कहा. इससे वह हमारे कब्ज़े में आजायेगा.

सूरज – पर मैंने उसकी शकल नहीं देखि है.

हरीश – नहीं देखि तोह क्या हुआ. हुम्हे यह तोह पता hi है के उसने hi तुझे मारा है. एकबार वह पुलिस के पकड़ में आजाये फिर तोह उससे हम देख hi लेंगे.

आदमी – पुलिस अभी आने वाली होगी. तू उन्हें सब कुछ बता देना उसके बारे में.

थोड़ी देर बाद वह पुलिस आजाती है और पूछताछ करने लगती है. सूरज ने उन्हें उस लड़के के बारे में बता दिया और साथ में उस लड़के की पिक्चर भी दिखा दी जो उन्हें उस कूरियर कंपनी से मिली थी.

इधर कॉलेज में माहिरा और इशिता कैंटीन में बैठे हुए थे तभी वह एक लड़का आता है जिसका नाम राकेश था.

राकेश – ही माहिरा. कैसी हो तुम.

माहिरा – मैं ठीक हु.

राकेश – आज कॉफ़ी चले.

माहिरा – नहिई. मेरा एक दूसरा प्लान है.

राकेश – क्या प्लान है.

माहिरा – तुम्हे क्यों बताऊ.

राकेश – ारी हम दोस्त है.

माहिरा – हां तोह दोस्ती की हद्द में रहो.

राकेश – तुम ऐसे क्यों बात कर रही हो.

माहिरा – मेरा मूड अच्छा नहीं है. चले जाओ यहाँ से.

राकेश कुछ देर माहिरा को घुर्र के देखता है फिर वह से चला जाता है.

इशिता – तू उससे ऐसे रूडली क्यों बेहवे करती है.

माहिरा – तुझे पता है इशिता वह कैसा लड़का है. मुझे वह बिलकुल भी पसंद नहीं है. वह जब भी पास आता है ना तोह मैं इन्सेक्युरे हो जाती हु.

इशिता – पर वह तुझे शायद पसंद करता है.

माहिरा – वह मुझे नहीं मेरे जिस्म को पसंद करता है. उसकी नज़ारे ना चुभती है मुझे.

इधर राकेश वह से अपने दोस्तों के पास आजाता है और गुस्से में जाके एक चेयर में बैठ जाता है.

राकेश – छोड़ूंगा नहीं उससे. मुझे अकड़ दिखती है. राकेश को अकड़ दिखती है.

दोस्त 1 – क्या हुआ फिर से बेइज़ाती करदी क्या तेरी.

दोस्त 2 – तू उससे प्यार तोह करता है नहीं फिर क्यों उसके पीछे घूम रहा है.

राकेश – जब से उससे देखा है ना मुझे चैन नहीं मिल रहा है. प्यार तोह मैं बस पैसो से करता हु. पर उसमे जो नशा है ना वह शायद इन् पैसो में भी नहीं है.

दोस्त 3 – तोह तू चाहता क्या है.

राकेश – मैं तोह चाहता हु उस माहिरा का जो घमंड है ना वह टूट जाए. और वह घमंड मेरे हाथो hi टूटे. उसकी इस खूबसूरती को मैं रौंदना चाहता हु.

दोस्त 2 – तोह उठा लेते है एकदिन. फिर तुझे जो करना है कर.

दोस्त 1 – एकदम. तू बोले तोह आज hi उठा लेते है.

राकेश कुछ देर सोचता है फिर बोलता है.

राकेश – ठिक्क है. आज कॉलेज ख़तम होते hi दोनों बहेनो को उठा लेते है. फिर ले चलते है दोनों को अपने अड्डे पे.

उसके बाद ओहलोग प्लान बनाने लगते है.

कुछ देर बाद कॉलेज की फाइनल बेल्ल बज जाती है और माहिरा इशिता के साथ घर जाने लगती है. यह दोनों अपनी गाडी में बैठ के जाने लगती है तोह राकेश और उसके दोस्त इनका पीछा करने लगते है.

थोड़ी देर बाद एहलोग कॉलेज से दुर्र आगये होते है तोह राकेश और उसके दोस्त उनकी गाडी माहिरा और इशिता की गाडी के आगे लाकर रुख देते है. फिर एहलोग अपने मुँह में मास्क लगा कर बहार निकलते है और ुनन्दनो को जबरदस्ती गाडी के बहार निकलते है.

उनका ड्राइवर रोखने की कोशिश करता है तोह राकेश उससे मारने लगता है. जब तक राकेश ड्राइवर को मार रहा होता है तब तक उसके दोस्त माहिरा और इशिता को जबरदस्ती अपनी गाडी में बैठा देते है.

माहिरा और इशिता चिल्लाने लगते है पर उनकी हेलो के लिए उस वक़्त वह कोई नहीं होता. फिर राकेश ड्राइवर को चोरर के जल्दी से गाडी के पास आता है उसमे बैठ के निकल जाता है.

ड्राइवर अपनी ख़राब हालत होने के बावजूद भी जल्दी से अपना फ़ोन निकलता है घर के सबसे भरोसेमंद इंसान को कॉल करता है जो एक तरह से विक्रम का हेड सिक्योरिटी चीफ था जो अब आर्यन का है जिसका नाम वीर सिंह है.

ड्राइवर वीर सिंह को कॉल करके सबकुछ बता देता है जिससे सुनके वीर सिंह की आँखे गुस्से से लाल होजाती है.

वीर – किसकी इतनी हिम्मत होगयी जिसने राजपूत परिवार की इज़्ज़त पे हाथ डालने की कोशिश की.

ड्राइवर – पता नहीं सर. कौन थे ओहलोग. अचानक से गाडी के सामने आये और जबरदस्ती उन्हें ले गए.

वीर – तुमने उनकी गाडी का नंबर देखा.

ड्राइवर – यस सर.

फिर ड्राइवर वीर को गाडी का नंबर दे देता है. वीर तुरंत hi उस गाडी का लोकेशन ट्रेस करने के काम में लग जाता है और आर्यन को भी यह बात बता देता है.

वीर – आर्यन अब क्या करोगे.

आर्यन – इससबार मैं खुद जाऊंगा.

वीर – पर...

आर्यन – मेरा भी कोई फ़र्ज़ बनता है. आप बस मुझे लोकेशन दे दीजिये.



फिर वीर आर्यन को उनकी लोकेशन दे देता है तोह आर्यन तुरंत वह के लिए निकल जाता है.
 
अपडेट 15

इधर राकेश और उसके दोस्तों ने माहिरा और इशिता को अपने अड्डे पे लाके बाँध दिया था.

माहिरा – कौन हो तुमलोग. और हुम्हे यहाँ क्यों बाँधा हुआ है.

इशिता – तुमलोग जानते नहीं हमलोग कौन है.

राकेश – हम अच्छे से जानते है तुमलोग कौन हो. पर आज जो भी यहाँ होगा उसके बाद तुम्हारा खानदान भी हमारा कुछ नहीं उखाड़ पायेगा. यह बोल वह जोरर जोरर से हसने लगता है.

माहिरा को उसकी आवाज़ जानी पहचानी लगती है पर फ़िलहाल वह दरी हुई थी तोह उस बात को उतना सीरियसली नहीं लिया.

अभी और कोई कुछ बोलता तभी उस घर के दरवाज़े पे नॉक होने लगता है.

दोस्त 1 – अभी यहाँ कौन आया होगा. कही पुलिस तोह नहीं.

राकेश – ारी नहीं री. मैंने खाने पीने का सामान आर्डर दिया था डिलीवरी बॉय होगा.

राकेश की बात सुन्न वह जाके दरवाज़ा खोलता है और सामने डिलीवरी बॉय की जगह किसी और को देखता है तोह हैरान होजाता है.

दोस्त 1 – कौन है तू.

सामने से – तेरी बर्बादी हु मैं.

यह बोल उसके सीने में एक लाठ मारता है तोह वह दुर्र जाके गिरता है.

अपने दोस्त को ऐसे गिरते देख राकेश और बाकी के लड़के सतर्क होजाते है और जब ओहलोग सामने की तरफ देखते है तोह वह से आर्यन अंदर आरहा होता है.

माहिरा और इशिता जब आर्यन को देखती है तोह उनके मैं में जो डर था वह दुर्र होने लगता है.

राकेश – अभी कौन है री तू. और यहाँ क्या कर रहा है.

आर्यन – तेरी बर्बादी हु में. तूने जिनको हाथ लगाने की कोशिश की है वह राजपूत खानदान की इज़्ज़त है. और तूने राजपूत खानदान की इज़्ज़त पे हाथ डाला. तूने जिस हाथ से उन्हें हाथ लगाया है वह हाथ अब सलामत नहीं रहेंगे.

आर्यन की बात सुन्न राकेश उससे मारने आता है पर आर्यन उसके मारने से पहले hi राकेश को मारने लगता है.

राकेश को ऐसे मार खाता देख उसके दोस्त आर्यन के पास आके उससे पकड़ने लगते है तोह आर्यन उन्हें भी मारने लगता है.

राकेश ने अब अपनी जेब से चाक़ू निकल लिया था तोह आर्यन अपने शर्ट की स्लीव्स को चढ़ाते हुए बोलने लगता है.

आर्यन – बहोत दिन होगये है किसी से अच्छी तरह से दो दो हाथ नहीं हुए है आज मौका मिला है.

राकेश उस चाक़ू से आर्यन ने वार करने के लिए आता है तोह आर्यन उसके वार को डॉज करके उस चाक़ू वाले हाथ को पकड़ लेता है और घुमा देता है जिससे राकेश की चीखे निकलने लगती है.

आर्यन थोड़ा और प्रेशर उसके हाथ में देता है तोह उसके हाथ से चाक़ू नीचे गिर्र जाता है फिर आर्यन उससे धक्का देके सामने की तरफ धकेल देता है.

राकेश के दोस्त तोह वह से भाग जाते है पर राकेश वही फस जाता है. फिर आर्यन राकेश के पास आता है और उसके चेहरे से मास्क हटाता है.

माहिरा और इशिता राकेश को देख कर शॉक होजाती है.

दोनों – यह तोह राकेश है.

आर्यन – चंडोक जानती हो इससे.

दोनों – हा यह हमारे साथ कॉलेज में पढता है.

आर्यन – अच्छा.

फिर आर्यन राकेश का वही हाथ पकड़ ता है जिससे उसने मोड़ा था.

आर्यन – इसी हाथ से पकड़ा था ना तूने.

राकेश – मुझसे गलती होगयी. मुझे माफ़ कार्डो. मैं आगे से कभी ऐसी गलती नहीं करूँगा. मुझे माफ़ कार्डो. मैं आगे से इनके सामने भी नहीं आऊंगा.

आर्यन बिना कुछ सुने राकेश का वह हाथ पकड़ के उसका कन्धा hi डिस्लोकाते करदेता है जिससे राकेश जोरर जोरर से चीखने लगता है.

आर्यन – तेरी किस्मत अच्छी थी जो मैं यहाँ पे हु. अगर मेरी जगह गलती से वह यहाँ पे आजाता ना तोह ना तू रहता और ना तेरा यह हाथ रहता.

माहिरा आर्यन की यह बात सुन्न लेती है और सोचने लगती है के वह किसके बारे में बात कर रहा है.

अभी कोई कुछ बोलता तभी वह पे पुलिस आजाती है और राकेश को पकड़ लेती है.

आर्यन – इंस्पेक्टर साहब यह है जिसने इन्हे किडनैप किया था. यह इनके कॉलेज में hi पढता है. इसकी मैंने अच्छे से खातिर दारी करदी है. इसके कुछ साथी भी थे यहाँ पे पर वह भाग गए है. अगर यह अपने आप से उनके बारे में बोल दे तोह ठिक्क वर्ण थोड़ी और खातिरदारी करना.

इंस्पेक्टर – आप चिंता मत कीजिये हम देख लेंगे.

फिर इंस्पेक्टर राकेश को वह से लेके निकल जाता है.

आर्यन माहिरा और इशिता के पास आता है तोह दोनों उसके गले लग जाते है.

दोनों – थैंक यू भैया. अगर आज आप नहीं होते तोह पता नहीं क्या होजाता.

आर्यन – चलो चोरो इस बात को. और जब मैंने पूछा था कोई प्रॉब्लम है या नहीं तब तोह तुमलोगो ने मन करिडिया था. अगर तब हु मुझे बोल देते तोह आज ऐसा कुछ होता hi नहीं.

दोनों – सॉरी भैया. आगे से ऐसा नहीं होगा.

आर्यन – चलो अब घर चलते है.

फिर तीनो वह से घर की तरफ निकल पढ़ते है.

धीरे धीरे टाइम बीतने लगा. इन् कुछ टाइम में सूरज और उसके साथी एकदम शांत बैठ गए थे जिससे वह लड़का उनका कुछ ना बिगाड़ सके. इधर पुलिस ने सूरज के कहे मुताबिक उस लड़के को पकड़ा पर कोई प्रॉपर प्रूफ ना होने के कारन वह उसका कुछ नहीं कर पाए. उस लड़के को जबसे पुलिस ने पकड़ा था उसके बाद से hi सूरज के आदमी उस लड़के का पीछा करने लगते है और उसके पल पल की खबर जुटाने लगते है.

एकदिन आर्यन अपने कमरे में किसी से बात करहा था. वह अपने कमरे का दरवाज़ा बंद करना भी भूल गया था. वह बिना अपने पीछे देखे फ़ोन पे बाते किये जारहा था. कुछ देर बाद जब उसकी बाते ख़तम होती है और पीछे घूमता है और अपने सामने किसी को खड़ा पाटा है तोह वह शॉक होजाता है.

आर्यन – तुम यहाँ.

सामने वाला – मुझे उनसे मिलना है.

आर्यन – किस्से मिलना है.

सामने वाला – मुझे अपनी बात दोबारा बोलने की आदत नहीं है. मैंने सब सुन्न लिया है. शक्क तोह मुझे पहले दिन से था. और आज यकीन होगया है. मुझे उनसे मिलना है.

आर्यन जब यह सुनता है तोह उसके पसीने छूटने लगते है. फिर भी वह एकबार और कोशिश करता है.

आर्यन – मैं तुम्हारी बात का मतलब समझा नहीं माहिरा. तुम क्या बोलना छह रही हो.

माहिरा – मुझे गुस्सा मत दिलाओ. मुझे सब कुछ जानना है. क्या चल रहा है. क्यों चल रहा है. वह कहा है. सब कुछ जानना है. और अभी जानना है.

आर्यन – मैं अभी तुम्हे कुछ नहीं बता सकता. क्या चल रहा है क्यों चल रहा है यह जान्ने का अभी सही वक़्त नहीं आया है. जब सही वक़्त आएगा तब सबको पता चल जाएगा.

माहिरा – मैं कुछ नहीं जानती. मुझे बस सच सुन्ना है.

आर्यन – मैं नहीं बता सकता.

माहिरा – क्यूओ.

आर्यन – क्योकि मुझे मन किया है.

माहिरा – मुझे उनसे मिलना है और अभी मिलना है. अगर मेरी यह बात नहीं मानी गयी तोह मैं सबको सब कुछ बता दूंगी. और इससे मेरी धमकी नहीं आर्डर समझना.

आर्यन – मैं नहीं कर सकता.

माहिरा – तुम्हे करना होगा.

आर्यन – तुम मुझे धमका रही हो.

माहिरा – हआ. धमका रही हु. तुम्हे शाम तक का वक़्त दे रही हु. या तोह मुझे सच बताओ नहीं तोह उनसे मिलाओ. चॉइस इस योर्स. वर्ण रात को पुरे घर वालों के सामने पर्दाफाश करदूंगी.

यह बोल माहिरा वह से निकल जाती है और आर्यन टेंशन में आजाता है.

आर्यन टेंशन में इधर उधर घूमने लगता है. उससे समाज नहीं आरहा था के वह क्या करे. वह झट्ट से अपने फ़ोन निकलता है और एक कॉल करके साड़ी बात बताता है जिसके बाद उससे सामने से कोई कुछ बोलता है जिसके बाद उसकी टेंशन काम होजाती है.

शाम के वक़्त माहिरा फिर से आर्यन के कमरे में आती है.

माहिरा – तोह क्या सोचा है तुमने.

आर्यन – मुझे यह समाज नहीं आरहा है तुम्हे मिलना क्यों है.

माहिरा – यह मैं तुम्हे क्यों बताऊ. और वैसे भी वह मेरा हक़ है. अब सवाल जवाब बांध मुझे मेरे सवाल का जवाब दो.

आर्यन – तुम मानोगी तोह है नहीं. ठीक है फिर चलो. पर उससे पहले मेरी एक शर्त है.

माहिरा – क्या शर्त है.

आर्यन – वह से आने के बाद तुम इस बारे में किसी से कोई बात नहीं करोगी. किसी को इस बारे में कुछ नहीं बताओगी.

माहिरा – और मैं तुम्हारी बात क्यों मानु.

आर्यन – माननी तोह पड़ेगी. अगर नहीं मानोगी तोह फिर रेहनेदो. अब चॉइस इस योर्स.

माहिरा – तुम मुझे धमकी दे रहे हो.

आर्यन – अगर तुम्हे ऐसा लगता है तोह ऐसा hi सही.

माहिरा – तुम भूल रहे हो. अगर मैंने घर में सबको बतादिया तोह क्या होगा.

आर्यन – क्या होगा. कुछ नहीं होगा. अब जो भी करना है जल्दी करो मेरे पास और भी बहोत से काम है.

माहिरा आर्यन को गुस्से से घुर्र के देखती है पर आर्यन उसको पूरी तरह से इग्नोर करता है.

माहिरा – अच्छा ठिक्क है चलो. मैं किसी से कुछ नहीं कहूँगी.

आर्यन – ठिक्क है फिर चलो और अपना प्रॉमिस याद रखना.

फिर दोनों वह से निकल जाते है और थोड़ी देर में एक पार्क में पहुंच जाते है.

माहिरा – तुम मुझे यहाँ क्यों लेके आये हो.

आर्यन – मुझे जो बोलै गया है मैं वही कर रहा हु. मुझे कोई शॉक नहीं है यहाँ आने का.

माहिरा – है है ठीक है. अब जल्दी बताओ कहा है वह.

आर्यन – थोड़ा वेट करलो.

फिर माहिरा जाके एक बेंच में बैठ जाती है और इधर उधर देखने लगती है.

थोड़ी देर बाद उसी बेंच पे उसके पास आके कोई बैठ जाता है. उससे अचानक से बैठते देख माहिरा घबरा जाती है.

माहिरा – हेय्य कौन हो तुम. उठो यहाँ से.

लड़का – पहले खुद बुलाती हो और फिर खुद जाने को बोलती हो.

यह बात सुनने के बाद माहिरा एक बार आर्यन की तरफ देखती है तोह वह हां की तरफ गर्दन हिला देता है.

माहिरा – आपपपप. क्या आऍप ही होऊ.

लड़का – तुम्हे क्या लगता है माहिरा.

माहिरा झट्ट से उसके गली लग जाती है और सिसकने लगती है.

माहिरा – ी ऍम सोर्रीयययय. मैनी आप से बदतमीज़ी से बात की.

लड़का – ारी रो मत. मुझे बिलकुल बुरा नहीं लगा. प्लीज रोना बांध करो.

कुछ देर वैसे hi गले लगे रहने के बाद माहिरा उससे अलग होती है और अच्छे से उसके तरफ देखने लगती है फिर सीधा एक hi sawaal.karti है.

माहिरा – यह सब किसलिएई.

लड़का – इस सवाल का जवाब अभी नहीं दे सकता.

माहिरा – क्यूओ नहीं दे सकते आप.

लड़का – अभी सही वक़्त नहीं आया है. जब सही वक़्त आएगा तब सभी सवालों के जवाब मिल जाएंगे.

माहिरा – और यह सही वक़्त कब आएगा.

लड़का – जल्द आएगा. अब तुम्हे जाना चहियेटी.

माहिरा – क्या मम्मी को सब पता है.

लड़का – हां उन्हें सब पता है. उन्हें यह भी पता है के तुम िःस्वक़्त यहाँ हो.

माहिरा – यह सब आखिर किसलिए.

लड़का – बोलै ना जल्द hi सभी सवालों के जवाब मिल जाएंगे. पर एक बात का ख्याल रखना. अभी जो भी हुआ उसके बारे में किसी को कुछ मत बताना. और अब हम नहीं मिलेंगे.

माहिरा – क्याआआ. क्यूओ.

लड़का – यह तुम्हे धीरे धीरे खुद समाज आजायेगा. बस एक बात का ध्यान रखना इससबारे में किसी से कुछ भी मत कहना. और किसी भी चीज़ की जरुरत हो तोह इससे (आर्यन) बेझिझक कहना.

माहिरा – क्या घर नहीं आएंगे.

लड़का – अभी सही वक़्त नहीं हुआ है मेरे आने का. अभी कुछ काम करने बाकी है एकबार वह ख़तम होजाये फिर हमेशा के लिए आजाऊंगा.

यह बोल वह लड़का वह से चला जाता है और माहिरा बस उससे जाते हुए देखने लगती है.

आर्यन – अब घर चले.

माहिरा – आखिर एहसाब हो क्या रहा है.

आर्यन – जल्द पता चल जाएगा. और अब हुम्हे घर चलना चाहिए.

फिर दोनों वह से घर की तरफ जाने लगते है. रास्ते भर माहिरा आर्यन को घूरती रहती है.

आर्यन – अब ऐसे क्यों घुर्र रही हो. तुम्हारी इच्छा पूरी कर तोह दी.

माहिरा – उन्होंने ऐसा क्यों कहा किसी भी चीज़ की जरुरत हो तोह तुमसे hi कहु.

आर्यन – अब यह तोह वह hi जाने. मुझे क्या पता.

माहिरा उसको कुछ देर और घूरती है फिर सामने की तरफ देखने लगती है.

थोड़ी देर बाद फिर उसको घूरते हुए पूछती है.

माहिरा – नाम.

आर्यन – क्या.

माहिरा – मैंने बोलै नाम.

आर्यन – ू अच्छा. ऋषि.

माहिरा – हम्म.



फिर थोड़ी देर बाद दोनों घर आजाते है. माहिरा जैसे hi घर के अंदर आती है उससे सामने hi शालिनी बैठी हुई दिखती है.
 
अपडेट 16

शालिनी – होगयी शांति.

माहिरा – जब तक मुझे मेरे सवालों का जवाब नहीं मिलता तब तक नहीं.

शालिनी – तुम्हे सभी सवालों के जवाब जल्द मिलेंगे.

माहिरा – आपको सबकुछ पता है ना. फिर क्यों नहीं बताया.

शालिनी – है कुछ रेअसोंस. और अब इससबारे में कोई बाते नहीं होंगी. ना घर में और ना बहार में. किसी को भी इस बारे में कुछ नहीं पता चलना चाहिए.

माहिरा बिना कुछ बोले वह से चली जाती है.

आर्यन – ी ऍम सॉरी. मेरी वजह से....

शालिनी – तुम्हे माफ़ी मांगने की जरुरत नहीं है. यह तोह अच्छा हुआ तुम्हारी बाते माहिरा ने सुनी अगर इसकी जगह कोई और होता तोह प्रॉब्लम होजाती. बस आगे से ध्यान रखना.

आर्यन – जीई.

फिर आर्यन भी वह से चला जाता है.

इधर माहिरा अपने कमरे में आके आज जो कुछ भी हुआ उसके बारे में सोचने लगती है. उससे कुछ समाज नहीं आरहा था के ऐसा क्यों होरहा है. आखिर यह सब किसलिए होरहा है. वह जितना सोच रही थी उतना उसका सर घूम रहा था.

थोड़ी देर बाद डिनर का टाइम होजाता है तोह सब डाइनिंग टेबल में बैठ के डिनर कर रहे थे. सबकी नज़र अपने अपने प्लेट में थी. पर माहिरा की नज़ारे आर्यन को hi गहरी जा रही थी जो आर्यन को साफ़ समाज आरहा था पर वह उससे इग्नोर करके अपने खाने में hi बिजी रहता है.

डिनर के बाद सब अपने अपने कमरे में चले जाते है पर माहिरा सीधा आर्यन के कमरे में आके सोफे में बैठ जाती है और अपना मोबाइल उसे करने लगती है.

आर्यन – यहाँ क्या कर रही हो.

माहिरा – बैठी हु. दिखाई नहीं दे रहा.

आर्यन – वह तोह मुझे दिख रहा है. पर इस वक़्त यहाँ क्यों बैठी हो.

माहिरा – मेरी मर्ज़ी. मेरा जहा मैं करेगा मैं वह बैठूंगी.

आर्यन माहिरा की बात सुनके चिढ जाता है पर वह कुछ कर नहीं पाटा.

आर्यन – तुम निकलो यहाँ से. मुझे सोना है.

माहिरा उसकी बात को सुनके भी अनसुना कर देती है और बैठे बैठे मोबाइल चलने लगती है.

थोड़ी देर वैसे hi बैठे रहने के बाद माहिरा देखती है आर्यन बीएड में बैठे बैठे hi सो रहा है.

माहिरा – अच्छा सुनो. मुझे ऋषि से मिलना है.

आर्यन उसकी यह बात सुनके चौक जाता है.

आर्यन – क्या बोलै तुमने.

माहिरा – मुझे ऋषि से मिलना है.

आर्यन – उससे क्यों मिलना है तुम्हे. उससे तुम्हारा क्या लेना देना.

माहिरा – मुझे उससे मिलना है मतलब मिलना है.

आर्यन – नहीं होसकता.

माहिरा – क्यों नहीं होसकता.

आर्यन – मेरी मर्ज़ी.

माहिरा – मुझे तुम्हारी मर्ज़ी से कोई लेना देना नहीं है. मैंने जो बोल्दिया सो बोल्दिया. मुझे ऋषि से मिलना है मतलब मिलना है.

आर्यन – नहीं होसकता.

माहिरा – मुझे ना सुनने की आदत नहीं है. मैंने जो बोलै है विह करो. वर्णाआ.

आर्यन – वर्णा. क्याआ. हआ वरना. तुम मुझे धमका रही हो.

माहिरा – अभी तोह सिर्फ धमका रही हु. अगर मेरी बात नहीं माने तोह देख लेना मैं क्या करुँगी.

आर्यन – क्या करोगी.

माहिरा – तुम्हारा जीना मुश्किल करदूंगी. तुम जहा से आये हो ना वही वापस जाने पे मजबूर करदूंगी.

आर्यन – देखते है.

माहिरा – देख लेना. यह बोल माहिरा वह से निकल जाती है.

आर्यन बस माहिरा को जाते हुए देखते रहता है और उसकी कही हुई बात को उठा सीरियसली नहीं लेता. पर वह नहीं जानता था उसके जीवन में अब किस तरह का तूफ़ान आने वाला था

वह माहिरा की बात को इग्नोर करके आराम से सोने चला जाता है. अगले दिन वह गहरे नींद में सो रहा था तभी वह सपने में देखता है के वह एक सुनामी में डुब्ब रहा है और वह चीख के उठ जाता है.

अपने होश को सँभालने के बाद वह सामने देखता है तोह उससे माहिरा हाथों में बाल्टी लिए कड़ी मिलती है. उससे उस वक़्त कुछ समाज नहीं आया फिर उससे कुछ गिला गिला सा महसूस होता है और जब वह खुद को देखता है तोह सब समाज आजाता है.

आर्यन – तुम क्या पागल हो. सुबह सुबह ऐसा कौन करता है.

माहिरा – मेरी मर्ज़ी मैं जो भी करू. अगर मेरी बात नहीं मानी तोह हर दिन की शुरुआत ऐसे hi होगी. यह बोल बाल्टी में जो पानी बचा हुआ था वह भी उसके ऊपर उढेल के निकल जाती है.

आर्यन बेचारा ठगा सा वही बैठा रह जाता है और उससे जाते हुए देखने लगता है.

कुछ देर बाद सबलोग डाइनिंग टेबल पे ब्रेकफास्ट के लिए बैठे हुए थे. सबका ध्यान अपने खाने पे था पर रात की तरह इससबार भी माहिरा आर्यन को hi गहरी जा रही थी.

शालिनी – माहिरा. क्या बात है. कुछ परेशानी है.

माहिरा – नहीं मम्मी कोई परेशानी नहीं है.

शालिनी – हम्म ठिक्क है. ब्रेकफास्ट के बाद मुझसे मेरे कमरे में आके मिलो. कुछ बात करनी है.

माहिरा – जीई. यह बोल वह खाने लगती है और मैं में सोचती है. कही इसने मेरी कम्प्लेन तोह नहीं करदी मम्मी से. अगर इसने ऐसा किया ना तोह छोड़ूंगी नहीं मैं इससे.

कुछ देर बाद सबका खाना होजाता है और सब अपने अपने काम में निकल जाते है और माहिरा शालिनी के कमरे में चली जाती है.

शालिनी – माहिरा अब बोलो क्या प्रॉब्लम है.

माहिरा – मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं है मम्मी.

शालिनी – अछाअअअ.

माहिरा – नज़रे चुराते हुए. क्या किसी ने आपसे कुछ कहा है क्या.

शालिनी – मुझे किसी ने कुछ नहीं बताया है. और मैं तुम्हे अच्छे से जानती हु. तुम्हारे मैं में और दिमाग में क्या चल रहा है. इनसब बातों का अंदाजा है मुझे. मैं कल रात से सब देख रही हु. अब सच सच बताओ क्या प्रॉब्लम है.

माहिरा – कोई प्रॉब्लम नहीं है मम्मी.

शालिनी – देखो बीटा अभी जो कुछ भी हो रहा है उसके बारे में बताने का सही वक़्त अभी नहीं आया है. मुझे पता है तुम्हे जो पता चला है उसके बाद तुम्हारे मैं में बहोत से सवाल है पर थोड़ा वेट करो तुम्हे तुम्हारे सारे सवालों के जवाब मिल जाएंगे.

माहिरा – ठिक्क है.

फिर माहिरा वह से चली जाती है.

इधर सूरज के कहे मुताबिक उस लड़के को जब पुलिस ने पकड़ा था तबसे hi वह ैप के नज़रो में आगया था. ैप को उस लड़के पे शक्क होगया था के कही न कही यह वही लड़का है जिसने उससे साड़ी इनफार्मेशन दी है.

इसीलिए ैप खुद उस लड़के पे नज़रे रखे हुए था और एक साये की तरह उसका पीछा भी कर रहा था जिसका पता उस लड़के को भी था. ऐसे hi एक दिन ैप उसका पीछा कर रहा था के अचानक वह लड़का उसकी नज़रो से गायब होजाता है.

ैप उस लड़के को इधर उधर देखता है पर वह कही नहीं मिलता तभी ैप के कंधे पे कोई हाथ रखता है. ैप जब उस इंसान को देखता है तोह हैरान होजाता है क्योकि हाथ उस लड़के नहीं रखा हुआ था.

लड़का – क्या बात है ैप साहब. देख रहा हु कुछ दिनों से आप मेरा पीछा कर रहे हो. कुछ बात करनी है आपको.

ैप – कौन हो तुम.

लड़का – मैं कौन हु यह जानके आप क्या करेंगे. वैसे आपने बताया नहीं आप मेरा पीछा क्यों कर रहे थी.

ैप – वह तुम hi हो ना जिसने मुझसे फ़ोन में बात की थी. उस रणजीत को बर्बाद करने वाले.

लड़का – क्या ैप साहब फिर से वही बात. मैंने कहा था ना उससे मैंने नहीं उसके कर्मो ने उससे बर्बाद किया है. मैं तोह बस एक जरिया हु.

ैप – और उस सूरज वर्मा को भी तुमने hi मारा था ना.

लड़का – क्या बात करते है आप ैप साहब. आपके hi डिपार्टमेंट ने मुझे पकड़ा था और बेक़सूर रिलीज़ भी किया था. और मैं क्यों उससे मरने जाऊंगा.

ैप – मरस. शालिनी सिंह राजपूत के लिए.

लड़का – हस्ता हुआ. इनसे मेरा क्या लेना देना.

ैप – यह तोह मुझे तुम hi बताओगे.

लड़का – कमाल करते है आप ैप साहब. जब मेरा इनसे कोई लेना देना hi नहीं है तोह मैं क्यों उनके लिए किसी को मारूंगा. वैसे एक बात बोलू ैप साहब. आप गलत जगह अपना दिमाग लगा रहे है.

ैप – दिमाग तोह मेरा सही जगह लग रहा है. मुझे पता है रणजीत को बर्बाद करने में और सूरज को मारने में तुम्हारा hi हाथ है. बस एक बार मुझे तुम्हारे खिलाफ कोई सबूत मिल जाए.



लड़का कुछ नहीं बोलता बस हस्ता हुआ वह से जाने लगता है.
 
अपडेट 17

ऐसे hi एकदिन सूरज वर्मा अपने घर में आराम से बैठके टीवी देख रहा था. कुछ देर टीवी देखने के बाद hi उसकी आँखे हैरानी से बड़ी होजाती है. वह बार बार चैनल चेंज करके देख रहा था.

वह झट्ट से अपना फ़ोन उठता है और किसी को फ़ोन मिलाने की कोशिश करता उसके पहले hi उसका फ़ोन बज उठा है.

सूरज – मैं तुम्हे कॉल करने वाला था हरीश.

हरीश – टीवी देखा.

सूरज – हां अभी अभी देखा. अचानक से यह सब क्या होगया.

हरीश – उस कल के आये लड़के ने यह करदिया.

सूरज – उस आर्यन ने अपनी कंपनी से हमारे आदमियों को निकल दिया. पर कैसी.

हरीश – पता नहीं. पर उसने पुख्ते सबूत के साथ ऐसा किया.

अभी कोई कुछ बोलता उसके पहले hi टीवी से आवाज़ आने लगती है.

रिपोर्टर – जैसा की हम अब तक आपको दिखा रहे थे के कैसे राजपूत ग्रुप ऑफ़ कम्पनीज के नई मद मर. आर्यन ने अपनी कंपनी के बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर्स में से 4 लोगो को निकल दिया है और उन्हें पुलिस से अरेस्ट भी करवाया है. उनकी इस हरकत से सभी लोग बहोत hi ज्यादा हैरान थे. यह करने की पीछे उनकी क्या वजह है यह जाने के लिए हम उनसे काफी देर से कांटेक्ट करने की कोशिश कर रहे थे पर वह किसी से भी बात नहीं कर रहे थे. पर अब उन्होंने खुद सामने से हुम्हे इंटरव्यू देने के लिए कांटेक्ट किया है. थोड़ी देर में हम उनका लाइव इंटरव्यू दिखाएंगे

थोड़ी देर बाद आर्यन सभी मीडिया वालों के सामने खड़ा हुआ था एयर वह सभी उससे एक hi बात पूछ रहे थे.

रिपोर्टर 1 – मर. आर्यन आखिर आपने ऐसे अचानक यह सब क्यों किया.

रिपोर्टर 2 – मर. आर्यन क्या आप जानते है इससे आपकी कंपनी की रेटिंग्स कितनी गिर्र जायेगी.

रिपोर्टर 3 – क्या आपके पास यह सब करने की कोई खाश वजह थी.

आर्यन जो काफी देर से यह सब सुन्न रहा था वह एकबार अपने मोबाइल में देखता है फिर बोलना स्टार्ट करता है.

आर्यन – आप सब शांत होजाइये. आप सब को आपके सभी सवालों के जवाब मिलेंगे. सबसे पहले मैंने जो भी किया है वह सोच समाज के किया है. मैंने जीन 4 लोगो को बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर्स से निकला है और पुलिस के हवाले किया है वह लोग कंपनी में रह के crore-ro का घोटाला कर रहे थे. वह हमारी कंपनी में रहके हमारी कंपनी की सीक्रेट इनफार्मेशन हमारे रिवल्स को दे रहे थे. और यह रहा इस बात का पुख्ता सबूत.

यह बोल वह एक फाइल मीडिया वालों के सामने करदेता है.

आर्यन – मैं यहाँ आने के पहले से hi इनपे नज़र रख रहा था और सबूत इखट्टे कर रहा था.

आर्यन – कंपनी ने उन् 4 जान के खिलाफ फ्रॉड और मानहानि का केस करदिया है. पुलिस ने उन्हें अरेस्ट भी करलिया है. अब उन्हें उनके किये की सजा मिलेगी.

कुछ देर और मीडिया के सवालों के जवाब देने के बाद आर्यन वह से चला जाता है.

सूरज और हरीश यह सब देख कर एकदुम्म हैरान होजाते है. उन्हें यकीन नहीं होरहा था के आर्यन ऐसा भी कुछ कर सकता था. उनको कंपनी के इंटरनल सीक्रेट जो उंनलोगो से मिलते थे वह सारे बांध होगये थे.

इधर वह आदमी जब यह न्यूज़ देखता है तोह वह गुस्से से आग बबूला होजाता है और गुस्से में अपने टीवी का रिमोट hi टॉड देता है.

आदमी – आअह्हह्ह्ह्ह. फिर से फिर से मेरा एक और प्लान बर्बाद होगया. उस कंपनी को पाने का मेरा सपना एक बार और चुर्र चुर्र होगया. बस अब बहोत होगया. अब खुलके सामने आने का वक़्त होगया है. 10 साल पहले तोह तू बछ गया था आर्यन. पर अब नहीं बचेगा. इससबार तू मरेगा. ाराहा हु मैं. बचा सकता है तोह बचा ले खुद को.

आर्यन के लिए इस फैसले ने घर में भी सभी को हिला के रख दिया था. सभी लोग आर्यन के इस फैसले से बहोत hi ज्यादा हैरान थी.

जब घर में सबको इस फैसले के बारे में पता चला तोह उससे फ़ौरन घर बुलाया गया.

शेखर – तुम्हे कंपनी की ज़िम्मेदारी लिए हुए अभी कुछ hi वक़्त हुआ है और तुमने खुद से इतना बड़ा फैसला कैसे लिया. क्या इसके बार में तुमने किसी से कोई सलाह मश्वरा करने का ख्याल नहीं आया. तुमने किसकी परमिशन से इतना बड़ा फैसला लिया है.

आर्यन – मैंने जो भी किया है वह सोच समाज के किया है. मैंने आँखों में कोई पट्टी बाँध के फैसला नहीं किया है. मैंने पूरी तरह से छान बिन करने के बाद यह फैसला किया है.

शेखर – किस तरह की छान भिन्न की है तुमने. क्या तुम्हे पता भी है इससे हमारी कंपनी को कितना बड़ा नुक्सान हुआ है. हमारी कंपनी के शेयर्स किस तरह से गिर्र रहे है.

आर्यन – अगर मैं उनके खिलाफ कोई एक्शन अभी नहीं लेता तोह वह दीमक की तरह पूरी कंपनी को अंदर से खोकला करदेते. हमारी कंपनी के सारे सीक्रेट्स वह हमारी रिवल्स को दे रहे थे. हम कब कौनसा टेंडर भर रहे है कितना टेंडर भर रहे है यह साड़ी डिटेल्स वह लोग हमारे रिवल्स को दे रहे थी.

शेखर – तुम्हे इतना बड़ा फैसला लेने से पहले हमसब से पूछना चाहिए था. तुम्हे कंपनी का मद बनाया गया है पर तुम अभी बच्चे हो. इतना बड़ा फैसला अकेले नहीं लेना चाहिए था. तुम्हारे इस फैसले से कंपनी का जो नुक्सान हुआ है उसकी भरपाई कैसे होगी कुछ पता भी है.

आर्यन – मुझे जिन्होंने मद बनाया है तोह उन्होंने कुछ सोच समाज के hi बनाया होगा. और आप मेरे जिस फैसले को लोस्स दिखा रहे है देखिएगा एकदिन मेरे इसी फैसले पे सबको प्रॉफिट दिखेगा.

इधर आर्यन और शेखर बहस कर रहे थे उधर शालिनी और प्रताप दोनों बस इस बहस को देख रहे थे. उन्हें भी पता था आर्यन के यह फैसला फ़िलहाल सबके नज़रो में गलत है पर यह फैसला बहोत जरुरी भी था.

उधर उन् 4 मेंबर्स के लॉयर ने आर्यन के केस को झूठा साबित करने की कोशिश में लग जाते है पर आर्यन ने उनके खिलाफ एकदम पक्के सबूत इखट्टे किये थी.

पुलिस ने आर्यन की कम्प्लेन करने की वजह से उन् 4 लोगो को जेल में दाल देती है.

आर्यन की इस हरकत की वजह से वह न्यूज़ में सबसे ज्यादा चर्चित बाँदा बन्न गया था. उसके रिवल्स आर्यन के फैसले को पूरी तरह से नकार रहे थे और उसका मज़ाक बना रहे थी.

अगले दिन घर में सबलोग घर में बैठे नाश्ता कर रहे थे और सब अपने में hi मस्त थी. कोई भी आर्यन के लिए हुए फैसले को लेके बात नहीं कर रहा था.

सबका खाना ख़तम होता है तभी दूर बेल्ल बजती है. घर का नौकर जाके दरवाज़ा खोलता है तोह सामने एक आदमी, एक औरत और एक लड़का वह पे खड़े थे.



नौकर उनको पहचान जाता है और साइड होक उन्हें अंदर आने का रास्ता देता है.
 
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