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- Dec 5, 2013
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इधर एक घर में 2 लड़कियां आपस में बाते कर रही थी.
लड़की 1: यार आज मेरा वाला कितना हैंडसम दिख रहा था. उसपे से तोह नज़र hi नहीं हट रही थिई.
लड़की 2: हआ मेरा वाला भी कितना क्यूट लग रहा था. मैं तोह कर रहा था के उसके गालों को चुम्म लू.
लड़की 1: याररर मेरे से और कण्ट्रोल नहीं होता मैं कर रहा है उसको कल hi प्रोपोज़ करदु.
लड़की 2: यार ऐसा मत करना. पहले पता तोह करले वह किसी और पसंद करता है या नहीं. और तेरे लिए उसके दिल में फीलिंग है या नहीं. अगर उसने रिजेक्ट करदिया तोह.
लड़की 1: यार मुझे सपोर्ट करने की जगह तू मेरा मोरल डाउन कर रही है.
लड़की 2: मैं तुझे अलर्ट कर रही हु. पहले यह पता कर उसके दिल में तेरे लिए कुछ है या नहीं. फिर आगे बढ़ना. मुझे hi देखले मेरा वाला तोह मुझे देखता तक नहीं. अब ऐसे कैसे पता चलेगा उसके दिल में क्या है.
लड़की 1: हां सही बोल रही है. जल्दी जल्दी में मैं कही अपनी नैया ना डूबा लू.
लड़की 2: हम्म इसीलिए पहले पता करते है फिर देखेंगे. चल अब सो जा कल फिर कॉलेज जाके अपनी अपनी जान के दर्शन करने है.
लड़की 1: हआ गुड नाईट.
लड़की 2: गुड नाईट.
फिर यह दोनों सो जाते है.
अगली सुबह राधा की नींद उसकी माँ के कॉल से टूट टी है.
राधा: जमाई लेते हुए. गुड मॉर्निंग माँ.
संजना: गुड मॉर्निंग की बच्ची तू अपने घर में नहीं ससुराल में है और ससुराल में इतनी दररर तक सोता है कोई.
राधा: माँ मुझे माँ ने बोल्दिया था जैसे मर्ज़ी उठना है उठो. कोई फॉर्मेलिटी की जरुरत नहीं है.
संजना: राधा बीटा वह प्यार प्यार में बोल सकती है. और वैसे भी वह तुम्हे बहु नहीं बेटी मानती है. पर अगर तुम उनके इस आर्डर को नहीं मान के सुबह जल्दी उठ के उनकी हेल्प करती हो तोह इससे वह दुखी या नाराज़ नहीं बल्कि बहोत खुश होंगी. इसीलिए जल्दी उठो और जाके उनकी हेल्प करना. भले hi शादी नहीं हुई है पर है तोह वह तुम्हारा ससुराल hi ना.
राधा: यस माँ समाज गयी. थैंक्स माँ.
संजना: थैंक्स की बच्ची जल्दी उठो और नीचे जाओ और हां सिया को भी यह समझा देना. आखिर उसका भी वह ससुराल hi होगा. भले hi मायका क्यों न हो.
राधा: ोकककक मॉम. लव यू.
संजना: लव यू बच्चा.
फिर कॉल कट होजाता है.
राधा: सिया ोई सिया उठ कितना सोयेगी.
सिया: उम्म्म सोने दो ना यश. तुम्हारी बाँहों में बहोत अच्छी नींद आती है.
राधा: ोू यश दीवानी उठह्ह.
सिया: कसमसाते हुए. क्या है. क्यों उठा रही है इतनी सुबह.
राधा: पहले उठ फिर बताती हु.
सिया: रट हुए उठी है और बोलती है. भगवन कभी माफ़ नहीं करेगा. एक प्यारी सी बच्ची की नींद बिगड़ दी तूने.
राधा: अली ले मेरी प्यारी सी बच्ची. हटतट. अब मेरी बात ध्यान से सुन्न.
फिर राधा सिया को अपनी माँ की हर बात बताती है.
राधा: इसीलिए अपनी प्यारी सी बच्ची को अपने अंदर सुला दे और जल्दी से फ्रेश होक नीचे चल.
सिया: ारी वाह आंटी ने बहोत अच्छी बात कही है. समाज नहीं आता इतनी समझदार आंटी की ऐसी पागल लड़की कैसे हुई.
राधा: हां सही बात है. फिर जब उससे समाज आया सिया ने क्या बोलै तोह. ोईए क्या बोलै तूने. फिर से बोलना.
सिया तब तक वाशरूम में भाग जाती है और दूर से चेहरा बहार निकालके बोलती है.
सिया: एहि की इतनी समझदार आंटी की ऐसी पागल लड़की कैसे हुई पगलललललल.
राधा: तूने मुझे पागल बोलै. बहार निकल तुझे छोड़ूंगी नहीं.
सिया: अंदर से hi. हॉट पगलललललल यह बोल हसने लगती है.
राधा: अच्छा यह बता मैं कहा जाऊ फ्रेश होने.
सिया: हमारे फ्यूचर रूम में चली जाओ वह अभी गयम में होगा तोह वह रूम खाली होगा.
राधा: ठिक्क है. फिर राधा यश के रूम के वाशरूम में जाके फ्रेश होक आती है. तब तक सिया भी बहार आचुकी थी.
सिया: चल अब जल्दी से रेडी होजा. फिर साथ चलते है नीचे.
फिर राधा जल्दी से रेडी होती है और दोनों नीचे आते ही.
महक जैसे hi सिया और राधा को देखती है तोह वह छिलके बोलती है.
महक: िशांततःत यशःह्ह जल्दी से डॉक्टर को बुलाओ.
दोनों महक की आवाज़ सुनके डर जाते है. इशांत और यश भी भाग के आते है. यश के मां ममी बुआ फूफा अवि आरव सोनिया सब आजाते है.
यश: क्या हुआ माँ. डॉक्टर क्यों चाहिए.
इशांत: हआ महक क्या हुआ चोट्ट लगी है कही.
महक: मुझे कुछ नहीं हुआ. मेरी सिया की तबियत ख़राब है.
यश: व्हाटटटटटटटटट. सिया की तबियत ख़राब है.
यश दौड़ के सिया के पास आता है और उसको गोड़ में उठा के सोफे में सुला देता है. राधा भी टेंशन में आजाती है. वह भी सिया के सिर्र को सहलाने लगती है.
यश: सिया क्या हुआ तुमको. बोलो ना. माँ क्या हुआ है सिया को. बुआ जल्दी से देखिये ना क्या हुआ है.
महक: सिया बीटा क्या हुआ है बोलो ना बीटा. शालिनी जल्दी आओ.
सिया अचानक हुए इस हमके से बुरी तरह घबरा जाती है उससे कुछ समाज नहीं आया अचानक क्या हुआ. एक पल के लिए उसको भी लगा उसकी तबियत ख़राब है.
राधा: सिया तुमने मुझे बताया नहीं तुम्हारी तबियत ख़राब है. क्या हुआ है सिया. हम हॉस्पिटल चले क्या.
शालिनी: सिया तुम लेती रहो. अवि जल्दी जा मेरा डॉक्टर किट लेके आ. अवि जल्दी से जाके लेके आता है.
शालिनी: सिया लम्बी लम्बी सांस लो. और बोलो क्या हुआ है कैसा फील होरहा है.
सिया: ारीये एक मिनट. कोई मुझे भी बताएगा मुझे हुआ क्या है.
यश: यह कैसा सवाल है सिया. तबियत तुम्हारी ख़राब है और तुम हमसे पूछ रही हो.
महक: मुझे लगता है इसके दिमाग में किसी चीज़ का असर हुआ है.
यश: क्याआआआ.
सिया: आरईईए रुकुओ. किसने कहा मेरी तबियत ख़राब है और माँ मेरा दिमाग बिलकुल ठीक है.
यश: माँ ने hi बोलै तुम्हारी तबियत ख़राब है.
सिया: माँ आपको किसने बोलै मेरी तबियत ख़राब है.
महक: बोलना क्या साफ़ दिख रहा है. जो लड़की आज तक कभी भी सुबह जल्दी नहीं उठी वह आज सुबह जल्दी उठके तैयार होक नीचे आगयी.
राधा और सोनिया यह सुनके जोरर जोरर से हसने लगती है. यश इशांत और बाकिसब भी हसने लगते है.
सिया: शर्म से. ममममममममम.
महक: तुम सब क्यों है रहे हो.
इशांत: तुमने 5 मिनट में अभी जो किया वह देख कर समाज कर और सुनकर हसी रुख hi नहीं रही है.
सिया: उठते हुए. आई चुप कर पागल कही की. वर्ण अभी आंटी को कॉल कर तेरी पागलपंती की लिस्ट मँगवाउंगी. और तुम चुप करो. और आप सब भी. और माँ मेरी तबियत बिलकुल ठीक है. और आज से मैं रोज सुबह जल्दी उठूंगी.
यश: हस्ते हुए. बुआ आप एक प्स्य्चिअट्रिस्ट्स को कॉल करी. माँ ने सही कहा मेरी सिया के दिमाग में असर हुआ है.
राधा सोनिया अवि आरव यह सुन्न और जोर जोर से हसने लगते है.
महक: अब्ब तुमसब क्या हुआ.
राधा: यश की बाते सुनके हसी रुख hi नहीं रही है.
सिया: आईए तू चुप करना. इतना मत है वर्ण सच में पागल होजायेगी. और तुम यह क्या बात हुई. मैं अब से रोज सुबह जल्दी उठूंगी इसमें क्या दिमाग का प्रॉब्लम है.
महक: दिमाग का प्रॉब्लम hi तोह है. जो लड़की आज तक कभी सपने में भी जल्दी नहीं उठी वह रोज जल्दी उठने की बात कर रही है.
सिया: वह सिया पुराणी सिया थी. और अब से आपलोगो को एक समझदार होसियार सिया दिखेगी.
महक: और यह सब किस ख़ुशी में.
सिया: बस जस्ट फॉर ा चेंज. ी ऍम ा बिग गर्ल नाउ.
राधा: धीरे से. हम्म. देखा तेरा बिग गर्ल रूम में.
सिया उसको घुर्र के देखती है.
महक: लगता है इसको किसी की बुरी नज़र लगी है. यश इसको आज किसी मंदिर में ले जा और भगवन की अच्छे से पूजा करवा.
सिया: मैं बिल्कुक ठिक्क हु. तुम तुम्हारा एक्सरसाइज होग्या. डैड आपका एक्सरसाइज होगया. और आपसब को कोई काम नहीं है.
दोनों: नहिई.
सब: है तोह.
सिया: तोह जाके करो ना. मैं बिलकुल ठीक हु.
फिर सब हस्ते हुए चले जाते है.
सिया: और आप बताइये क्या क्या काम करना है.
महक: अब तोह पूरा यकीन होगया है. तुझे किसी की नज़र hi लगी है .
सिया: आप फिर से स्टार्ट होगयी.
महक: तोह तुझे क्यों काम करना है.
राधा: सिर्फ सिया को hi नहीं मुझे भी.
महक: पर करना क्यों है. घर में हर काम के लिए सर्वेन्ट्स है.
सिया: ारी कल को हमारी शादी होगी. काम तोह करना होगा ना.
महक: अब समाज में आया सारा माजरा क्या है. किसने दिमाग में ढाला है तुमदोनो के.
दोनों: किसी ने नहीं. बस हम खुद से करना चाहते है प्लीसीईई.
महक: पर हमारे घर की बहु बेटियां काम करे यह किसी को पसंद नहीं.
दोनों: पर अपनों का काम करने में कैसी प्रॉब्लम.
राधा: और आपने कहा घर के सारे काम करने के लिए सर्वेंट्स है. पर खाना आप खुद बनती है. तोह आप जो काम करेंगी हमदोनो आपकी हेल्प करेंगे. प्लीज ममममम.
महक: अच्छा अच्छा ठीक हैई. चलो करवाती हु तुमदोनो से काम.
फिर महक उनको लेके किचन में जाती है और उनको पहले सब बताती है कौनसी चीज़ क्या है और किस काम में लगती है. फिर उनको बिना रिस्क वाला काम करने को कहती है. जिससे वह करते है.
इधर एक घर में 2 लड़कियां आपस में बाते कर रही थी.
लड़की 1: यार आज मेरा वाला कितना हैंडसम दिख रहा था. उसपे से तोह नज़र hi नहीं हट रही थिई.
लड़की 2: हआ मेरा वाला भी कितना क्यूट लग रहा था. मैं तोह कर रहा था के उसके गालों को चुम्म लू.
लड़की 1: याररर मेरे से और कण्ट्रोल नहीं होता मैं कर रहा है उसको कल hi प्रोपोज़ करदु.
लड़की 2: यार ऐसा मत करना. पहले पता तोह करले वह किसी और पसंद करता है या नहीं. और तेरे लिए उसके दिल में फीलिंग है या नहीं. अगर उसने रिजेक्ट करदिया तोह.
लड़की 1: यार मुझे सपोर्ट करने की जगह तू मेरा मोरल डाउन कर रही है.
लड़की 2: मैं तुझे अलर्ट कर रही हु. पहले यह पता कर उसके दिल में तेरे लिए कुछ है या नहीं. फिर आगे बढ़ना. मुझे hi देखले मेरा वाला तोह मुझे देखता तक नहीं. अब ऐसे कैसे पता चलेगा उसके दिल में क्या है.
लड़की 1: हां सही बोल रही है. जल्दी जल्दी में मैं कही अपनी नैया ना डूबा लू.
लड़की 2: हम्म इसीलिए पहले पता करते है फिर देखेंगे. चल अब सो जा कल फिर कॉलेज जाके अपनी अपनी जान के दर्शन करने है.
लड़की 1: हआ गुड नाईट.
लड़की 2: गुड नाईट.
फिर यह दोनों सो जाते है.
अगली सुबह राधा की नींद उसकी माँ के कॉल से टूट टी है.
राधा: जमाई लेते हुए. गुड मॉर्निंग माँ.
संजना: गुड मॉर्निंग की बच्ची तू अपने घर में नहीं ससुराल में है और ससुराल में इतनी दररर तक सोता है कोई.
राधा: माँ मुझे माँ ने बोल्दिया था जैसे मर्ज़ी उठना है उठो. कोई फॉर्मेलिटी की जरुरत नहीं है.
संजना: राधा बीटा वह प्यार प्यार में बोल सकती है. और वैसे भी वह तुम्हे बहु नहीं बेटी मानती है. पर अगर तुम उनके इस आर्डर को नहीं मान के सुबह जल्दी उठ के उनकी हेल्प करती हो तोह इससे वह दुखी या नाराज़ नहीं बल्कि बहोत खुश होंगी. इसीलिए जल्दी उठो और जाके उनकी हेल्प करना. भले hi शादी नहीं हुई है पर है तोह वह तुम्हारा ससुराल hi ना.
राधा: यस माँ समाज गयी. थैंक्स माँ.
संजना: थैंक्स की बच्ची जल्दी उठो और नीचे जाओ और हां सिया को भी यह समझा देना. आखिर उसका भी वह ससुराल hi होगा. भले hi मायका क्यों न हो.
राधा: ोकककक मॉम. लव यू.
संजना: लव यू बच्चा.
फिर कॉल कट होजाता है.
राधा: सिया ोई सिया उठ कितना सोयेगी.
सिया: उम्म्म सोने दो ना यश. तुम्हारी बाँहों में बहोत अच्छी नींद आती है.
राधा: ोू यश दीवानी उठह्ह.
सिया: कसमसाते हुए. क्या है. क्यों उठा रही है इतनी सुबह.
राधा: पहले उठ फिर बताती हु.
सिया: रट हुए उठी है और बोलती है. भगवन कभी माफ़ नहीं करेगा. एक प्यारी सी बच्ची की नींद बिगड़ दी तूने.
राधा: अली ले मेरी प्यारी सी बच्ची. हटतट. अब मेरी बात ध्यान से सुन्न.
फिर राधा सिया को अपनी माँ की हर बात बताती है.
राधा: इसीलिए अपनी प्यारी सी बच्ची को अपने अंदर सुला दे और जल्दी से फ्रेश होक नीचे चल.
सिया: ारी वाह आंटी ने बहोत अच्छी बात कही है. समाज नहीं आता इतनी समझदार आंटी की ऐसी पागल लड़की कैसे हुई.
राधा: हां सही बात है. फिर जब उससे समाज आया सिया ने क्या बोलै तोह. ोईए क्या बोलै तूने. फिर से बोलना.
सिया तब तक वाशरूम में भाग जाती है और दूर से चेहरा बहार निकालके बोलती है.
सिया: एहि की इतनी समझदार आंटी की ऐसी पागल लड़की कैसे हुई पगलललललल.
राधा: तूने मुझे पागल बोलै. बहार निकल तुझे छोड़ूंगी नहीं.
सिया: अंदर से hi. हॉट पगलललललल यह बोल हसने लगती है.
राधा: अच्छा यह बता मैं कहा जाऊ फ्रेश होने.
सिया: हमारे फ्यूचर रूम में चली जाओ वह अभी गयम में होगा तोह वह रूम खाली होगा.
राधा: ठिक्क है. फिर राधा यश के रूम के वाशरूम में जाके फ्रेश होक आती है. तब तक सिया भी बहार आचुकी थी.
सिया: चल अब जल्दी से रेडी होजा. फिर साथ चलते है नीचे.
फिर राधा जल्दी से रेडी होती है और दोनों नीचे आते ही.
महक जैसे hi सिया और राधा को देखती है तोह वह छिलके बोलती है.
महक: िशांततःत यशःह्ह जल्दी से डॉक्टर को बुलाओ.
दोनों महक की आवाज़ सुनके डर जाते है. इशांत और यश भी भाग के आते है. यश के मां ममी बुआ फूफा अवि आरव सोनिया सब आजाते है.
यश: क्या हुआ माँ. डॉक्टर क्यों चाहिए.
इशांत: हआ महक क्या हुआ चोट्ट लगी है कही.
महक: मुझे कुछ नहीं हुआ. मेरी सिया की तबियत ख़राब है.
यश: व्हाटटटटटटटटट. सिया की तबियत ख़राब है.
यश दौड़ के सिया के पास आता है और उसको गोड़ में उठा के सोफे में सुला देता है. राधा भी टेंशन में आजाती है. वह भी सिया के सिर्र को सहलाने लगती है.
यश: सिया क्या हुआ तुमको. बोलो ना. माँ क्या हुआ है सिया को. बुआ जल्दी से देखिये ना क्या हुआ है.
महक: सिया बीटा क्या हुआ है बोलो ना बीटा. शालिनी जल्दी आओ.
सिया अचानक हुए इस हमके से बुरी तरह घबरा जाती है उससे कुछ समाज नहीं आया अचानक क्या हुआ. एक पल के लिए उसको भी लगा उसकी तबियत ख़राब है.
राधा: सिया तुमने मुझे बताया नहीं तुम्हारी तबियत ख़राब है. क्या हुआ है सिया. हम हॉस्पिटल चले क्या.
शालिनी: सिया तुम लेती रहो. अवि जल्दी जा मेरा डॉक्टर किट लेके आ. अवि जल्दी से जाके लेके आता है.
शालिनी: सिया लम्बी लम्बी सांस लो. और बोलो क्या हुआ है कैसा फील होरहा है.
सिया: ारीये एक मिनट. कोई मुझे भी बताएगा मुझे हुआ क्या है.
यश: यह कैसा सवाल है सिया. तबियत तुम्हारी ख़राब है और तुम हमसे पूछ रही हो.
महक: मुझे लगता है इसके दिमाग में किसी चीज़ का असर हुआ है.
यश: क्याआआआ.
सिया: आरईईए रुकुओ. किसने कहा मेरी तबियत ख़राब है और माँ मेरा दिमाग बिलकुल ठीक है.
यश: माँ ने hi बोलै तुम्हारी तबियत ख़राब है.
सिया: माँ आपको किसने बोलै मेरी तबियत ख़राब है.
महक: बोलना क्या साफ़ दिख रहा है. जो लड़की आज तक कभी भी सुबह जल्दी नहीं उठी वह आज सुबह जल्दी उठके तैयार होक नीचे आगयी.
राधा और सोनिया यह सुनके जोरर जोरर से हसने लगती है. यश इशांत और बाकिसब भी हसने लगते है.
सिया: शर्म से. ममममममममम.
महक: तुम सब क्यों है रहे हो.
इशांत: तुमने 5 मिनट में अभी जो किया वह देख कर समाज कर और सुनकर हसी रुख hi नहीं रही है.
सिया: उठते हुए. आई चुप कर पागल कही की. वर्ण अभी आंटी को कॉल कर तेरी पागलपंती की लिस्ट मँगवाउंगी. और तुम चुप करो. और आप सब भी. और माँ मेरी तबियत बिलकुल ठीक है. और आज से मैं रोज सुबह जल्दी उठूंगी.
यश: हस्ते हुए. बुआ आप एक प्स्य्चिअट्रिस्ट्स को कॉल करी. माँ ने सही कहा मेरी सिया के दिमाग में असर हुआ है.
राधा सोनिया अवि आरव यह सुन्न और जोर जोर से हसने लगते है.
महक: अब्ब तुमसब क्या हुआ.
राधा: यश की बाते सुनके हसी रुख hi नहीं रही है.
सिया: आईए तू चुप करना. इतना मत है वर्ण सच में पागल होजायेगी. और तुम यह क्या बात हुई. मैं अब से रोज सुबह जल्दी उठूंगी इसमें क्या दिमाग का प्रॉब्लम है.
महक: दिमाग का प्रॉब्लम hi तोह है. जो लड़की आज तक कभी सपने में भी जल्दी नहीं उठी वह रोज जल्दी उठने की बात कर रही है.
सिया: वह सिया पुराणी सिया थी. और अब से आपलोगो को एक समझदार होसियार सिया दिखेगी.
महक: और यह सब किस ख़ुशी में.
सिया: बस जस्ट फॉर ा चेंज. ी ऍम ा बिग गर्ल नाउ.
राधा: धीरे से. हम्म. देखा तेरा बिग गर्ल रूम में.
सिया उसको घुर्र के देखती है.
महक: लगता है इसको किसी की बुरी नज़र लगी है. यश इसको आज किसी मंदिर में ले जा और भगवन की अच्छे से पूजा करवा.
सिया: मैं बिल्कुक ठिक्क हु. तुम तुम्हारा एक्सरसाइज होग्या. डैड आपका एक्सरसाइज होगया. और आपसब को कोई काम नहीं है.
दोनों: नहिई.
सब: है तोह.
सिया: तोह जाके करो ना. मैं बिलकुल ठीक हु.
फिर सब हस्ते हुए चले जाते है.
सिया: और आप बताइये क्या क्या काम करना है.
महक: अब तोह पूरा यकीन होगया है. तुझे किसी की नज़र hi लगी है .
सिया: आप फिर से स्टार्ट होगयी.
महक: तोह तुझे क्यों काम करना है.
राधा: सिर्फ सिया को hi नहीं मुझे भी.
महक: पर करना क्यों है. घर में हर काम के लिए सर्वेन्ट्स है.
सिया: ारी कल को हमारी शादी होगी. काम तोह करना होगा ना.
महक: अब समाज में आया सारा माजरा क्या है. किसने दिमाग में ढाला है तुमदोनो के.
दोनों: किसी ने नहीं. बस हम खुद से करना चाहते है प्लीसीईई.
महक: पर हमारे घर की बहु बेटियां काम करे यह किसी को पसंद नहीं.
दोनों: पर अपनों का काम करने में कैसी प्रॉब्लम.
राधा: और आपने कहा घर के सारे काम करने के लिए सर्वेंट्स है. पर खाना आप खुद बनती है. तोह आप जो काम करेंगी हमदोनो आपकी हेल्प करेंगे. प्लीज ममममम.
महक: अच्छा अच्छा ठीक हैई. चलो करवाती हु तुमदोनो से काम.
फिर महक उनको लेके किचन में जाती है और उनको पहले सब बताती है कौनसी चीज़ क्या है और किस काम में लगती है. फिर उनको बिना रिस्क वाला काम करने को कहती है. जिससे वह करते है.