Romance Sex kahani - Beintehaan Mohobbat - Page 6 - SexBaba
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Romance Sex kahani - Beintehaan Mohobbat

अपडेट 32

इधर एक घर में 2 लड़कियां आपस में बाते कर रही थी.



लड़की 1: यार आज मेरा वाला कितना हैंडसम दिख रहा था. उसपे से तोह नज़र hi नहीं हट रही थिई.



लड़की 2: हआ मेरा वाला भी कितना क्यूट लग रहा था. मैं तोह कर रहा था के उसके गालों को चुम्म लू.



लड़की 1: याररर मेरे से और कण्ट्रोल नहीं होता मैं कर रहा है उसको कल hi प्रोपोज़ करदु.



लड़की 2: यार ऐसा मत करना. पहले पता तोह करले वह किसी और पसंद करता है या नहीं. और तेरे लिए उसके दिल में फीलिंग है या नहीं. अगर उसने रिजेक्ट करदिया तोह.



लड़की 1: यार मुझे सपोर्ट करने की जगह तू मेरा मोरल डाउन कर रही है.



लड़की 2: मैं तुझे अलर्ट कर रही हु. पहले यह पता कर उसके दिल में तेरे लिए कुछ है या नहीं. फिर आगे बढ़ना. मुझे hi देखले मेरा वाला तोह मुझे देखता तक नहीं. अब ऐसे कैसे पता चलेगा उसके दिल में क्या है.



लड़की 1: हां सही बोल रही है. जल्दी जल्दी में मैं कही अपनी नैया ना डूबा लू.



लड़की 2: हम्म इसीलिए पहले पता करते है फिर देखेंगे. चल अब सो जा कल फिर कॉलेज जाके अपनी अपनी जान के दर्शन करने है.



लड़की 1: हआ गुड नाईट.



लड़की 2: गुड नाईट.



फिर यह दोनों सो जाते है.



अगली सुबह राधा की नींद उसकी माँ के कॉल से टूट टी है.



राधा: जमाई लेते हुए. गुड मॉर्निंग माँ.



संजना: गुड मॉर्निंग की बच्ची तू अपने घर में नहीं ससुराल में है और ससुराल में इतनी दररर तक सोता है कोई.



राधा: माँ मुझे माँ ने बोल्दिया था जैसे मर्ज़ी उठना है उठो. कोई फॉर्मेलिटी की जरुरत नहीं है.



संजना: राधा बीटा वह प्यार प्यार में बोल सकती है. और वैसे भी वह तुम्हे बहु नहीं बेटी मानती है. पर अगर तुम उनके इस आर्डर को नहीं मान के सुबह जल्दी उठ के उनकी हेल्प करती हो तोह इससे वह दुखी या नाराज़ नहीं बल्कि बहोत खुश होंगी. इसीलिए जल्दी उठो और जाके उनकी हेल्प करना. भले hi शादी नहीं हुई है पर है तोह वह तुम्हारा ससुराल hi ना.



राधा: यस माँ समाज गयी. थैंक्स माँ.



संजना: थैंक्स की बच्ची जल्दी उठो और नीचे जाओ और हां सिया को भी यह समझा देना. आखिर उसका भी वह ससुराल hi होगा. भले hi मायका क्यों न हो.



राधा: ोकककक मॉम. लव यू.



संजना: लव यू बच्चा.



फिर कॉल कट होजाता है.



राधा: सिया ोई सिया उठ कितना सोयेगी.



सिया: उम्म्म सोने दो ना यश. तुम्हारी बाँहों में बहोत अच्छी नींद आती है.



राधा: ोू यश दीवानी उठह्ह.



सिया: कसमसाते हुए. क्या है. क्यों उठा रही है इतनी सुबह.



राधा: पहले उठ फिर बताती हु.



सिया: रट हुए उठी है और बोलती है. भगवन कभी माफ़ नहीं करेगा. एक प्यारी सी बच्ची की नींद बिगड़ दी तूने.



राधा: अली ले मेरी प्यारी सी बच्ची. हटतट. अब मेरी बात ध्यान से सुन्न.



फिर राधा सिया को अपनी माँ की हर बात बताती है.



राधा: इसीलिए अपनी प्यारी सी बच्ची को अपने अंदर सुला दे और जल्दी से फ्रेश होक नीचे चल.



सिया: ारी वाह आंटी ने बहोत अच्छी बात कही है. समाज नहीं आता इतनी समझदार आंटी की ऐसी पागल लड़की कैसे हुई.



राधा: हां सही बात है. फिर जब उससे समाज आया सिया ने क्या बोलै तोह. ोईए क्या बोलै तूने. फिर से बोलना.



सिया तब तक वाशरूम में भाग जाती है और दूर से चेहरा बहार निकालके बोलती है.



सिया: एहि की इतनी समझदार आंटी की ऐसी पागल लड़की कैसे हुई पगलललललल.



राधा: तूने मुझे पागल बोलै. बहार निकल तुझे छोड़ूंगी नहीं.



सिया: अंदर से hi. हॉट पगलललललल यह बोल हसने लगती है.



राधा: अच्छा यह बता मैं कहा जाऊ फ्रेश होने.



सिया: हमारे फ्यूचर रूम में चली जाओ वह अभी गयम में होगा तोह वह रूम खाली होगा.



राधा: ठिक्क है. फिर राधा यश के रूम के वाशरूम में जाके फ्रेश होक आती है. तब तक सिया भी बहार आचुकी थी.



सिया: चल अब जल्दी से रेडी होजा. फिर साथ चलते है नीचे.



फिर राधा जल्दी से रेडी होती है और दोनों नीचे आते ही.



महक जैसे hi सिया और राधा को देखती है तोह वह छिलके बोलती है.



महक: िशांततःत यशःह्ह जल्दी से डॉक्टर को बुलाओ.



दोनों महक की आवाज़ सुनके डर जाते है. इशांत और यश भी भाग के आते है. यश के मां ममी बुआ फूफा अवि आरव सोनिया सब आजाते है.



यश: क्या हुआ माँ. डॉक्टर क्यों चाहिए.



इशांत: हआ महक क्या हुआ चोट्ट लगी है कही.



महक: मुझे कुछ नहीं हुआ. मेरी सिया की तबियत ख़राब है.



यश: व्हाटटटटटटटटट. सिया की तबियत ख़राब है.



यश दौड़ के सिया के पास आता है और उसको गोड़ में उठा के सोफे में सुला देता है. राधा भी टेंशन में आजाती है. वह भी सिया के सिर्र को सहलाने लगती है.



यश: सिया क्या हुआ तुमको. बोलो ना. माँ क्या हुआ है सिया को. बुआ जल्दी से देखिये ना क्या हुआ है.



महक: सिया बीटा क्या हुआ है बोलो ना बीटा. शालिनी जल्दी आओ.



सिया अचानक हुए इस हमके से बुरी तरह घबरा जाती है उससे कुछ समाज नहीं आया अचानक क्या हुआ. एक पल के लिए उसको भी लगा उसकी तबियत ख़राब है.



राधा: सिया तुमने मुझे बताया नहीं तुम्हारी तबियत ख़राब है. क्या हुआ है सिया. हम हॉस्पिटल चले क्या.



शालिनी: सिया तुम लेती रहो. अवि जल्दी जा मेरा डॉक्टर किट लेके आ. अवि जल्दी से जाके लेके आता है.



शालिनी: सिया लम्बी लम्बी सांस लो. और बोलो क्या हुआ है कैसा फील होरहा है.



सिया: ारीये एक मिनट. कोई मुझे भी बताएगा मुझे हुआ क्या है.



यश: यह कैसा सवाल है सिया. तबियत तुम्हारी ख़राब है और तुम हमसे पूछ रही हो.



महक: मुझे लगता है इसके दिमाग में किसी चीज़ का असर हुआ है.



यश: क्याआआआ.



सिया: आरईईए रुकुओ. किसने कहा मेरी तबियत ख़राब है और माँ मेरा दिमाग बिलकुल ठीक है.



यश: माँ ने hi बोलै तुम्हारी तबियत ख़राब है.



सिया: माँ आपको किसने बोलै मेरी तबियत ख़राब है.



महक: बोलना क्या साफ़ दिख रहा है. जो लड़की आज तक कभी भी सुबह जल्दी नहीं उठी वह आज सुबह जल्दी उठके तैयार होक नीचे आगयी.



राधा और सोनिया यह सुनके जोरर जोरर से हसने लगती है. यश इशांत और बाकिसब भी हसने लगते है.



सिया: शर्म से. ममममममममम.



महक: तुम सब क्यों है रहे हो.



इशांत: तुमने 5 मिनट में अभी जो किया वह देख कर समाज कर और सुनकर हसी रुख hi नहीं रही है.



सिया: उठते हुए. आई चुप कर पागल कही की. वर्ण अभी आंटी को कॉल कर तेरी पागलपंती की लिस्ट मँगवाउंगी. और तुम चुप करो. और आप सब भी. और माँ मेरी तबियत बिलकुल ठीक है. और आज से मैं रोज सुबह जल्दी उठूंगी.



यश: हस्ते हुए. बुआ आप एक प्स्य्चिअट्रिस्ट्स को कॉल करी. माँ ने सही कहा मेरी सिया के दिमाग में असर हुआ है.



राधा सोनिया अवि आरव यह सुन्न और जोर जोर से हसने लगते है.



महक: अब्ब तुमसब क्या हुआ.



राधा: यश की बाते सुनके हसी रुख hi नहीं रही है.



सिया: आईए तू चुप करना. इतना मत है वर्ण सच में पागल होजायेगी. और तुम यह क्या बात हुई. मैं अब से रोज सुबह जल्दी उठूंगी इसमें क्या दिमाग का प्रॉब्लम है.



महक: दिमाग का प्रॉब्लम hi तोह है. जो लड़की आज तक कभी सपने में भी जल्दी नहीं उठी वह रोज जल्दी उठने की बात कर रही है.



सिया: वह सिया पुराणी सिया थी. और अब से आपलोगो को एक समझदार होसियार सिया दिखेगी.



महक: और यह सब किस ख़ुशी में.



सिया: बस जस्ट फॉर ा चेंज. ी ऍम ा बिग गर्ल नाउ.



राधा: धीरे से. हम्म. देखा तेरा बिग गर्ल रूम में.



सिया उसको घुर्र के देखती है.



महक: लगता है इसको किसी की बुरी नज़र लगी है. यश इसको आज किसी मंदिर में ले जा और भगवन की अच्छे से पूजा करवा.



सिया: मैं बिल्कुक ठिक्क हु. तुम तुम्हारा एक्सरसाइज होग्या. डैड आपका एक्सरसाइज होगया. और आपसब को कोई काम नहीं है.



दोनों: नहिई.



सब: है तोह.



सिया: तोह जाके करो ना. मैं बिलकुल ठीक हु.



फिर सब हस्ते हुए चले जाते है.



सिया: और आप बताइये क्या क्या काम करना है.



महक: अब तोह पूरा यकीन होगया है. तुझे किसी की नज़र hi लगी है .



सिया: आप फिर से स्टार्ट होगयी.



महक: तोह तुझे क्यों काम करना है.



राधा: सिर्फ सिया को hi नहीं मुझे भी.



महक: पर करना क्यों है. घर में हर काम के लिए सर्वेन्ट्स है.



सिया: ारी कल को हमारी शादी होगी. काम तोह करना होगा ना.



महक: अब समाज में आया सारा माजरा क्या है. किसने दिमाग में ढाला है तुमदोनो के.



दोनों: किसी ने नहीं. बस हम खुद से करना चाहते है प्लीसीईई.



महक: पर हमारे घर की बहु बेटियां काम करे यह किसी को पसंद नहीं.



दोनों: पर अपनों का काम करने में कैसी प्रॉब्लम.



राधा: और आपने कहा घर के सारे काम करने के लिए सर्वेंट्स है. पर खाना आप खुद बनती है. तोह आप जो काम करेंगी हमदोनो आपकी हेल्प करेंगे. प्लीज ममममम.



महक: अच्छा अच्छा ठीक हैई. चलो करवाती हु तुमदोनो से काम.



फिर महक उनको लेके किचन में जाती है और उनको पहले सब बताती है कौनसी चीज़ क्या है और किस काम में लगती है. फिर उनको बिना रिस्क वाला काम करने को कहती है. जिससे वह करते है.
 
अपडेट 33

ऐसे hi थोड़ी देर में ब्रेकफास्ट तैयार होता है.



महक: तोह कैसा लगा फर्स्ट एक्सपीरियंस.



दोनों: सुपर्ब. अब से हर रोज करेंगे. बहोत मज़ा आया.



महक: अच्छी बात है. अब चलो यह सब लेके टेबल में रख दो और जाके कॉलेज के लिए रेडी होजाओ.



फिर दोनों सारा नाश्ता टेबल में रख के कॉलेज के लिए रेडी होने जाते है.



थोड़ी देर में सब लोग नीचे रहते है.



महक: आज का खाना इन् दोनों ने बनाया है. बताओ कैसा बना है.



यश: मस्ती में. तब तोह आज बुखा hi रहना पड़ेगा.



दोनों: क्या बोला तुमनेई.



यश: कुछ हीई कुछ नहिई. खा रहा हु.



दोनों: जल्दी और बताओ कैसा है. डैड बताइये न कैसा है. और आप सब भी खाइये.



फिर दोनों खाना स्टार्ट करते है. यश तोह डर के खा रहा था. पर जैसे hi पहला निवाला अपने मुँह में लेता है.



यश: वाआआह्ह्हह्ह्ह्ह क्या टास्ते है. मज़ा आगया. बहोत अच्छा बना है.



इशांत: हआ सछह में बहोत अच्छा खाना बनाया है.



दोनों: ख़ुशी से. सचहहहहह.



यश: हा बिलकुल. टास्ते करो. माँ आप भी करिये.



फिर यह तीनो खाते है.



महक: सछह मेंननं बहोत अछ्हा बना है. वेरयीय गुड.



दोनों: ख़ुशी से. ठनककक ोूउउ.



बाकी सब भी खाने की बहोत तारीफ़ करते है.



यश: तुम दोनों भी खाओ.



फिर सब अपना अपना ब्रेकफास्ट कम्पलीट करते है.



यश: तोह चले कॉलेज.



सब: चलो.



फिर यश सिया राधा अवि सोनिया आरव कॉलेज के लिए निकल जाते है.



जब यह लोग कॉलेज आते है तोह वह पे मेघा और आरुषि पहले से hi आयी हुई थी.



दोनों: राधा माना के तुम्हारा कनेक्शन परमानेंटली जुड़ गया है कल. पर क्या तुम अब अपने घर भी नहीं जाओगी.



राधा: ारी नहीं नही कल तोह सिया ने जबरदस्ती रुख लिया था. आज से तोह अपने घर में hi जाना है.



फिर यह लोग बैठ के बाते करने लगते है. जब एहलोग बाते कर रहे थे तब 4 आँखे 2 जान को hi घुर्र रही थी.



लड़की1: हायईईई कितना हैंडसम दिख रहा है.



लड़की2: कितना क्यूट दिख रहा है मैं कर रहा है अभी जाके किश करलु. पता नहीं कब मेरे दिल की बात समझेगा या मैं बता पाऊँगी.



मेघा: और बताओ सिया राधा कैसा लग रहा है तुमदोनो को.



दोनों: बस पूछो मत. यह फीलिंग बताने वाली नहीं है. जब तुम्हे प्यार होगा और तुम्हे तुम्हारा प्यार मिलजायेगा तब समाज जाओगी.



आरुषि: ारी वाह क्या एक्सप्लेनटिओं है.



अभी एहलोग बाते कर रहे थे तभी वह पे राशि और आँचल आजाते है.



दोनों: ही यश.



दोनों को वह पे देख कर सब शॉक होजाते है क्योकि दोनों दूसरे कॉलेज की स्टूडेंट थी.



यश कोई रिप्लाई नहीं करता क्योकि उसने एअरफोन्स लगा रखे थे.



यश का रिप्लाई ना करने से उनको अपनी बेइज़ाती फील होती है.



दोनों: इससबार थोड़ा जोर से. होई यशःह्ह.



यश: हीई.



दोनों: कैसी हो.



यश: जैसा कल देखा था वैसे.



सिया: ी थिंक हमलोग भी यहाँ पे है.



दोनों: वे don’t केयर. हुम्हे सिर्फ यश से मतलब है.



सिया और राधा को गुस्सा तोह बहोत आता है.



राधा: यश चली.



यश: चलो. यह बोल यश राधा का हाथ पकड़ के वह से चला जाता है.



यश के चले जाने से बाकी सब भी वह से चले जाते है.



दोनों को हद्द से ज्यादा गुस्सा आता है.



राशि: इनकी इतनी हिम्मत हमारी इंसल्ट की.



आँचल: यह इन्होने अच्छा नहीं किया. इनको इस बात की सजा मिलेगी.



राशि: हा चल क्लास में चलते है.



जब एहलोग क्लास में आते है तब देखते है राधा इससबार पुरे हक़ से यश से चिपक के बैठी थी. क्योकि अब उसको फुल परमिशन थी.



वह दोनों यह देख कर एकदम से और ज्यादा गुस्सा होजाते है.



दोनों जाके उसके पास वाली सीट में बैठ जाते है और उसको hi घूर्णे लगते है. राधा यह नोटिस तोह करती है पर कुछ नहीं करती क्योकि यश ने क्लास में आते हुए अच्छे से समझा दिया था.



थोड़ी देर में क्लास में टीचर आते है.



टीचर: आज हमारी क्लास में 2 नए स्टूडेंट्स ने एडमिशन लिया है. मस. राशि ठाकुर और मस. आँचल ठाकुर. अपना अपना इंट्रो दे.



राशि: माय सेल्फ राशि ठाकुर. इन स्कूल ी हैवे अचीवेद 95%.



आँचल: माय सेल्फ आँचल ठाकुर. ी हैवे आल्सो अचीवेद 95%. वे बोथ अरे सिस्टर्स.



टीचर: तुमदोनो के लेट एडमिशन लेने का रीज़न.



दोनों: हुम्हे किसी की तलाश थी जो यहाँ पे है इसीलिए एडमिशन में लेट होगया.



टीचर: स्ट्रेंज. प्लीज सीट डाउन.



फिर क्लास स्टार्ट होती है तोह सब का ध्यान क्लास में था पर इनदोनो का ध्यान सिर्फ यश पे था.



धीरे धीरे क्लास ख़तम होती है. सब बहार जाने लगते है. राशि ने चालाकी से खुद को यश के बाँहों में गिराने की कोशिश की पर यश ने उसको टच तक नहीं किया जिससे वह सीधा नीचे गिर गयी.



उसको ऐसे गिरते देख जहा आँचल को झटका लगा वही पूरी क्लास में हसी गूंज गयी. राधा भी हसने जा रही थी पर यश ने रुख दिया.



यश: राधा चलो बहार.



राधा: अपनी हसी को कण्ट्रोल करके. ोककक.



फिर जैसे hi वह क्लास से बहार आते है उसकी हसी छूट जाती है. और वह जोर जोर हसने लगती है.



यश: राढाआआ.



राधा: सॉरी सॉरी. पर हसी नहीं रुख रही. यह बोल फिर से हसने लगती है.



फिर एहलोग कैंटीन में आते है. राधा की हसी वह पे भी नहीं रुख रही थी.



सिया: राधा क्या हुआ ऐसे बेमतलब के क्यों है रही हो.



यश: यह थोड़ी पागल होगयी है.



राधा: अब मैंने आज जो देखा है उसके बाद तोह हसी रुख hi नहीं रही है. सिया अगर तू देख लेती तोह तेरी भी एहि हालत होती.



सिया: ऐसा क्या देख लिया.



मेघा: यह देखो इसने यह देखा है. एक्चुअली जब यह काण्ड हुआ तोह मैं सेल्फी ले रही थी तोह गलती से वीडियो का रिकॉर्डिंग होगया.



फिर मेघा ने सबको वह वीडियो दिखाया. वह वीडियो देख सब हसने लगते है. सिया की हालत भी राधा की तरह होगयी.



सिया: हस्ते हुए. राधा तूने सही कहा था. यह तोह एकदम मस्त था. पूरा पैसा वसूल.



राधा भी हसने लगती है. लेकिन इससबार यश भी इनके साथ हस्ता है.



आरव: लेकिन यह चाहती क्या थी.



मेघा: ारी सिंपल यह दोनों बेहेने यश पे लाइन मर रही है. पुरे क्लास में बस इसको hi घुर्र रही थी.



सिया: क्या ुनन्दनो कामिनियों की इतनी हिम्मत हमारे माल पे डाका. राधा तूने कुछ किया क्यों नहीं. अगर मैं होती तोह आँखे निकल देती.



राधा: ारी मैं तोह मेरा भी कर रहा था पर यश ने रुख दिया.



सिया: यशःह्ह्ह.



यश: क्या यश. तुम दोनों को सब पता है ना. फिर क्यों रियेक्ट कर रही हो. करने दो जो करना है.



सोनिया: भाई ऐसा क्या पता है इनको हुम्हे भी बताओ.



राधा: यह हम हस्बैंड वाइव्स का सीक्रेट है. ननद देवर एंड सालियान अरे नॉट अल्लोवेद.



आरुषि और मेघा: आई हम न तेरी बेहेन नहीं है हम यश की बेहेन hi सही है. पता नहीं चलता रिश्ते वाली साली बोल रही है या गाली वाली.



इनदोनो की यह बात सुन्न सब हसने लगते है.



राधा: तुम दोनों जिसमे कम्फर्टेबले लगे वह वाला ले लो. रिश्ते वाले में कम्फर्टेबले लगे तोह वह नहीं तोह गाली वाली.



सोनिया: और भाई शादी हुई नहीं उसके पहले hi जोरू का गुलाम. अभी से hi हमसे बाते छुपाना स्टार्ट. बुआ को बोलना होगा.



सिया: ारी सोनू. ऐसी कोई बात नहीं है राधा इस जोकिंग. एक्चुअली कल hi हुम्हे यश ने बोलै था थे अरे नॉट गुड ओनेस. थे विल तरय तो हरम उस फॉर यश. बिकॉज़ थे वांट यश थे वांट तो फुलफिल तेरे ईगो.



सब: माय गॉड. सीरियसली.



सिया: यस. थॉट्स व्हाई यश don’t वांट अन्य आर्ग्यूमेंट्स.



यश: और तुमलोग भी उनकी किसी भी बात पे ध्यान मत देना. वह जो भी करते है करने दो और उनको बस इग्नोर करो.



मेघा: बूत यह लोग मेंटली सिक है एहलोग किसी को भी हानि पहुंचा सकते है और इन्होने तोह तुमलोगो टारगेट किया है. स्पेशलय सिया एंड राधा.



यश: Don’t वोर्री. सिया एक मार्शल आर्ट एक्सपर्ट है वह किसी फाइटर से काम नहीं और राधा भी ब्लैक बेल्ट है मार्शल आर्ट्स में. दोनों संभल सकती है.



सब: व्हाटटटटटटट. यश अरे यू सीरियस.



यश: एसससस.



अवि: भाभियों आपको देख कर कोई नहीं कह सकता आपदोनो क्या हो.



राधा और सिया बस है देते है. यह लोग बाते कर रहे थे तभी किसी ने राधा की आँखों में हाथ रख दिया.
 
अपडेट 34

राधा झट्ट से उस हाथ वाले को पहचान जाती है.



राधा: वरुणनणन्न. यह बोल झट्ट से उसके गले लग जाती है.



वरुण: तुमने कैसे पहचाना.



राधा: ारी तुम्हे पहचानने के लिए आँखे नहीं चाहिए. कैसे हो तुम. यहाँ क्या कर रहे हो.



वरुण: बस तुम्हारी याद आरही थी तोह आगया. और तुम्हारे लिए एक खुशखबरी है.



राधा: क्याआ.



वरुण: अब हम हमेशा यही रहेंगे.



राधा: ख़ुशी से. रेअल्लीयययय. ी ऍम सो हैप्पीयय.



यह बोल दोबारा उसके गले जाती है.



बाकी सब तोह ऑडियंस की तरह hi देख रहे थे. पर इन् में दो आँखे वरुण को hi देख रही थी.



वरुण: राधा मैं तुमसे नाराज़ हु. कल इतना बड़ा एक फैसला हुआ और तुमने मुझे बताया तक नहीं.



राधा: कैसे बताती तुम्हारा कोई कांटेक्ट नहीं था और माँ ने भी नहीं बोलै. इनफैक्ट मुझे नहीं पता था ऐसा कुछ होगा. यह तोह हमारे लिए सरप्राइज था.



वरुण: पता है यार. मैं मज़ाक कर रहा हु. पर अब तोह मुझे सब मिला दो. देखो सब कैसे मुझे देख रहे है.



राधा: ोू हआ. यश सिया गाइस. यह है वरुण. मेरा बचपन का दोस्त साथी मेरा भाई. यानी मेरी बुआ का बीटा. और वरुण यह है यशःह्ह यह सिया यह आरव यह अवि और यह सोनिया. इनदोनो को तोह तुम जानते hi हो.



वरुण: नहीं कौन है दोनों.



दोनों: तुम हुम्हे नहीं जानते. रुको अभी बताते है. यह बोल उसको मारने लगती है.



वरुण: ारी रुको रुको याद आगया है. तुम दोनों मेरी छिपकली हो.



आरव और अवि: चिपकलीईई. यह बोल हसने लगते है.



दोनों: वरुणनणन्न. तुमने फिर इस नाम से बुलाया. घर चलो बताती हु बुआ को. और तुम दोनों चुप्प करो वर्ण दांत टॉड देंगे. फिर टूटे हुआ दांत देख के गर्लफ्रेंड भी भग्ग जाएगीइ.



सोनिया: इन् दोनों की कोई गर्लफ्रेंड नहीं है. इनको कोई पसंद hi नहीं आता.



सोनिया की इस बात पे 4 आँखों में एक चमक आजाती है.



दोनों: हमारे दांत तोड़ने के बाद कोई बनेगी भी नहिई.



राधा: अच्छा अच्छा अब शांत होजाओ सालियों.



दोनों: क्याआ.



राधा: ारी रिश्ते वाला. यह बोल हसने लगती है.



दोनों मुँह चिड़ा के बैठ जाती है.



वरुण: Btw. होई गाइस. राधा ने इंट्रो तोह दे hi दिया है. मैं इसकी बुआ का बीटा वरुण शर्मा. इसके पहले तोह हम दिल्ली में थे पर अब परमानेंटली यहाँ पे शिफ्ट होगये है.



राधा: परमानेंटली मतलब.



वरुण: मतलब ममी ने तुम्हे कुछ नहीं कहा.



राधा: हीई.



वरुण: ारी अब मैं और माँ तुमदोनो के साथ hi रहेंगे हमेशा. मां ने माँ को अब उनके साथ रहने के लिए मन लिया है.



राधा: क्याआ. इतना कुछ होगया माँ डैड ने मुझे कुछ बोलै भी नहिई.



वरुण: ारी शांत होजाओ. मैंने hi बोलै था एक्चुअली मैं आज सुबह घर आगया था और मैंने ऑनलाइन यहाँ पे एडमिशन ले लिया था तोह मैंने hi बोलै था तुम्हे सरप्राइज दूंगा. पर घर आके तोह हुम्हे hi सरप्राइज मिलगया.



राधा: चलो सरप्राइज के बदले सरप्राइज मिला.



वरुण: वैसे राधा तुम्हारी चॉइस सुपर्ब है. जीजाजी इतनी अच्छी बॉडी बनायीं है कुछ टिप्स दे दो. आपकी मेहरबानी से हुम्हे भी कोई मिल जाए.



यश: ारी यार यह जीजाजी मत बुलाओ. और यह तोह बस ऐसे hi बनगयी रोज गयम का असर है.



वरुण: ग्रात्तट.



आरव: वरुण don’t मंद एक बात पूछ सकता हु.



वरुण: हां हां पूछो ना.



आरव: तुमने बताया तुम्हारी माँ और तुम सिर्फ शिफ्ट हुए हो तुम्हारे डैड.



वरुण यह सुनते hi थोड़ा साद होगया है.



आरव: ारी क्या हुआ. अगर बुरा लगा हो तोह ी ऍम सॉरी.



वरुण: ारी नहीं नहीं. ऐसी कोई बात नहीं है.



राधा: एक्चुअली लास्ट ईयर फूफाजी को एक हार्ट अटैक आया था जिसमे वह.....



आरव: ोू ी ऍम सॉरी.



वरुण: ारी कोई बात नहीं.



राधा: वैसे वरुण तुम कौनसी ब्रांच में हो.



वरुण: यार तुझे तोह पता है मुझे बचपन से इंजीनियरिंग का शौक है. तोह बस इंजीनियरिंग में hi हु. और तुम सब.



राधा: मैं यश और यह दोनों तोह बिज़नेस में. सिया और अवि मेडिकल. और बाकी सब इंजीनियरिंग.



वरुण: ू ग्रेट. यानी आरव और सोनिया मेरे साथ है.



एहलोग बाते कर रहे थे तभी वह राशि और आँचल आजाती है.



राशि: यश आज तुम्हारी वजह से पुरे क्लास के सामने मेरी बेइज़ाती हुई.



राधा: तोह क्या मेरे यश ने बोलै था जबरदस्ती उसके ऊपर गिरने को.



राशि: लिसेन हम यश से बात कर रहे है. सो मंद योर ओन बिज़नेस. एंड व्हाट दो यू मैं बी मेरे यश.



राधा: हे इस माय fiancée. इसके संग रिलेटेड हर बात में मैं रहूंगी.



दोनों को यह सुनके बहोत बड़ा झटका लगता है.



दोनों: Whattttttttttt.



राधा: एस्सस. हे इस माय fiancée.



राशि: अपना गुस्सा दबा के. यश तुमने मुझे गिरने कैसे दिया. जब मई गिर रही थी तोह तुमने पकड़ा क्यों नहीं.



यश: मैं किसी अनजान लड़की को बेवजह टच नहीं करता. और उनको तोह बिलकुल नहीं जो इस तरह की हरकत करी. नाउ प्लीज लीव. ी ऍम एंजोयिंग विथ माय रिलेटिव्स don’t इंटरप्ट.



राशि और आँचल अपनी बेइज़ाती को सेहन तोह नहीं कर सकते पर कुछ कर भी नहीं सकते थे. वह दोनों वह से चले जाते है.



वरुण: यह दोनों फटका कौन थी. आयी चिंगारी लगी लेकिन फटी नहीं.



राधा: दोनों एक नंबर की कमीनियन है. कैसे हमारे यश के पीछे पढ़ी है.



वरुण: क्या बात है. 2 के साथ 2 फ्री. भाई यह आर्ट हुम्हे भी सीखा दो.



राधा: वरुणनणन्न.



वरुण: अच्छा अच्छा मज़ाक कर रहा हु. बूत जोक्स अपार्ट यश यह दोनों का बेहेवियर देख के बोल सकता हु यह दोनों इतनी आसानी से चुप नहीं रहेंगी. कुछ तोह जरूर करेंगी.



यश: करने दो जो करना है. वे अरे अलर्ट एंड रेडी.



वरुण: अच्छी बात है.



अवि: चलो यार क्लास का टाइम होरहा है.



वरुण: हां चलो. आरव सोनिया हम तीनो तोह अब एकसाथ है तोह प्लीज 3 दिन के नोट्स दे देना और क्लास दिखा दो.



दोनों: येह सूरे व्हाई नॉट.



फिर सब अपने अपने क्लास में चल देते है.



यश: राधा तुमने कभी बताया नहीं तुम्हारी बुआ भी है.



राधा: ारी कभी मौका hi नहीं मिला. आज मेरे साथ तुम घर चलोगे तुम्हे बुआ से भी मिलवाना है.



यश: सॉरी राधा आज नहीं होगा. मुझे थोड़ा माया के पास. समाज रही हो ना.



राधा: ोोककक ोककक. वह ज्यादा इम्पोर्टेन्ट है. No प्रॉब्लम.



यश: तुम्हे बुरा लगा ना मैं तुमसे ज्यादा उसको इम्पोर्टेंस दे रहा हु.



राधा: बिलकुल भी नहीं. मुझे पता है वह इस वक़्त ज्यादा इम्पोर्टेन्ट है. और बाद में तोह तुम हमेशा मेरे पास hi रहोगे. और बुआ तोह अबसे मेरे पास hi रहेगी. बाद में मिल लेना. वैसे आज किसलिए.



यश: मिलने के बाद बताऊ. रात को.



राधा: ोकक ोककक.



फिर यह लोग क्लास ख़तम करके बहार पार्किंग में मिलते है.



वरुण: राधा तोह तुम कैसे जाओगी.



राधा: मैं अपनी कार लायी हु उससे चलूंगी. तुम.



वरुण: मैं भी कार से hi आया हु. यश सिया तुमलोग भी चलो. माँ से मिल लेना.



यश: वरुण मैं जरूर आता पर आज मुझे एक इम्पोर्टेन्ट काम है. तुमलोग सिया को ले जाओ.



सिया: नहीं हम साथ में आएंगे. बुआ जी से मिलने.



वरुण: ोकक ोकक No प्रॉब्लम. तोह राधा और तुम छिपकलियों चले.



राधा: हस्ते हुए. हआ.



दोनों: ोुउउउउउउ. तुम चलो घर आज बुआ जी से तुम्हे मार ना खिलाई तोह देखना.



फिर सब अपने अपने रस्ते निकल जाते है.



सिया: यश क्या काम है तुम्हे.



यश: माया.



सिया: ोोू. अब किसलिए.



यश: मिलने के बाद रात को बताऊ.



सिया: ोककक ोकक. कब जाना है.



यश: बस लंच करके.



फिर एहलोग घर आते है यश लंच करके निकल जाता है.
 
अपडेट 35

इधर राधा भग्ग के घर के अंदर आती है और अपनी बुआ के गले लग जाती है.



राधा: बाआ ी मिस्ड यू सो मच.



संगीता: ी मिस्ड यू तू बीटा. बूत मैं तुमसे नाराज़ हु. इतना बड़ा राज़ छुपाया तुमने.



राधा: शर्मा के. बुआ वह मेरे लिए भी सरप्राइज था. किसी को नहीं पता था के वह हुम्हे यह सरप्राइज मिलेगा. माँ आपने बताया नहीं.



संगीता: ारी मज़ाक कर रही हु. तेरी माँ ने मुझे सब बताया है. तेरा पागलपन तेरा उससे मिलना उसके घर जाना सिया का मटर प्यार का एक्सेप्ट होना और कल इशांत भैया का फेमिलिअर तुमदोनो को उनकी बहु अन्नोउंस करना. मुझे सब पता है. तू खुश है ना.



राधा: बहोत खुश हु बुआ. और अब आपके आजाने से और भी खुश हु.



मेघा: बुआ जी हम भी आये है.



संगीता: ारी मेरी और दोनों बेटियां भी आयी है. आजाए.



दोनों जाके संगीता के गले लग जाती है.



दोनों: कैसी है आप बुआ जी.



संगीता: एकदम मस्त. तुम दोनों कैसी हो.



दोनों: बिलकुल ठीक. हुम्हे ना आपसे एक शिकायत करनी है.



संगीता: कैसी शिकायत बाछआ.



दोनों: एहहह वरुण. जबसे मिला है तब से हुम्हे परेशां कर रहा है. हुम्हे सुबह से छिपकली बुला रहा है.



वरुण: अब छिपकली को छिपकली hi ना बुलाऊंगा.



दोनों: देखाआ बुआए जी.



संगीता: वरुण के कान पकड़ के. वरुणं ऐसे छिपकली नहीं बोलते किसी को. तुम उनको ऐसे छिपकली बोल रहे हो क्या वह छिपकली है. वह छिपकली नहीं है. वह मेरी प्यारी बेटियां है. समझे आज के बाद उनको एकदम छिपकली नहीं बुलाओगे.



वरुण और राधा यह सुनके और जोर जोर से हसने लगते है.



दोनों: बाआ आप हमारी साइड ले रही हो या आप भी हुम्हे छिपकली बुला रही हो.



संगीता: नहिई बच्चा. मैं क्यों तुम्हे छिपकली बुलाऊंगी. मैं तोह वरुण को बोल रही हु तुम दोनों छिपकली नहीं हो. और कभी भी तुम्हे छिपकली ना बुलाये. समझे छिपकली ू ी मैं मेघा और आरुषि.



वरुण और राधा तोह बस हँसी जा रहे थे



दोनों: चिढ़ते हुए. हम समाज गए बुआ आप भी हुम्हे छिपकली बुला रही हो.



संगीता: नहिई बच्चा. मैं क्यों बुलाऊंगी. अच्छा चलो अब लंच करलो. जाओ जल्दी से फ्रेश होजाओ.



फिर सब जल्दी से जाके फ्रेश होते है.



संजना: वरुण कॉलेज कैसा लगा. और यश सिया से मिले या नहीं.



वरुण: कॉलेज मस्त है ममी और मैं ुनन्दनो से भी मिला. सिर्फ उनसे hi नहीं आरव अवि और उसका क्या नाम था.



राधा: सोनिया.



वरुण: हां सोनिया. यह और आरव तोह मेरे साथ hi है. सबसे मिलके बहोत अच्छा लगा.



संजना: अच्छा है.



संगीता: राधा ने तोह अपने लिए चूसे करलिया. तुम दोनों ने भी ऐसे hi किसी को चूसे किया है क्या.



दोनों: शर्मा के. क्या बुआ जी आप भी. ऐसा कुछ नहीं है.



संजना: अगर नहीं है तोह शर्मा क्यों रही हो. राधा यह दोनों कॉलेज में क्या गुल्ल खिला रही है.



राधा: यह दोनों तोह किसी की तरफ देखती भी नहीं फिर क्यों शर्मा रही है. आरुषि मेघा क्या बात है. कोई पसंद आगया क्या.



दोनों: नहिई राधा कोई बात नहीं. वह बुआ ने ऐसे अचानक पूछा ना इसीलिए हुम्हे शर्म आगयी.



संगीता: मुझे तोह कुछ और hi लग रहा है. राधा वरुण इनदोनो पे नज़र रखना.



राधा और वरुण: बिल्कूललल.



संजना: वरुण तुम्हारा क्या है.



वरुण: ारी ममी आज तोह पहला दिन hi था. धीरे धीरे पुरे कॉलेज की लड़कियों के पास मेरा नंबर होगा. क्योकि बेस्ट तोह पहले से hi बूकेड होचुका है. अब उसके बाद तोह मैं hi हु.



संजना: इतना कॉन्फिडेंस.



दोनों: आंटी कॉन्फिडेंस नहीं ओवर कॉन्फिडेंस. और शायद हो भी सकता है वरुण भैया के नाम से सेव होगा सबके मोबाइल में.



राधा यह सुन्न जोर जोर से हसने लगती है. आरुषि और मेघा भी हसने लगते है.



वरुण: शकल तोह अच्छी नहीं है बाते तोह अच्छी किया करो.



दोनों: तुमसे तोह बहोत अच्छी है.



संगीता: अच्छा अच्छा ठीक है. अब खाना कम्पलीट करो.



फिर सब खाना खाने लगते है. खाना खाने के बाद मेघा और आरुषि अपने घर चली जाती है और यह दोनों अपने रूम में चले जाते है.



इधर 2 लड़कियां अपने कमरे में.



लड़की 1: यार सुन्ना वह दोनों सिंगल है.



लड़की 2: मतलब हमारा रास्ता साफ़ है.



लड़की 1: हुम्हे जल्दी hi अपने प्यार का एहसास उन्हें करवाना होगा. कही किसी और कमीनी ने फसा लिया तोह मेरा क्या होगा.



लड़की 2: मेरा नहीं हमारा. मेरा वाले को भी तोह फसा सकती है कोई चुड़ैलललल.



लड़की 1: हआ सही कहा. कल से hi स्टार्ट करते है. ज्याद से ज्यादा उनसे क्लोज रहेंगे.



लड़की 2: हआ ठीक कहा.



इधर एक दूसरे घर में 1 लड़की अपने खयालो में hi घूम थी.



लड़की: क्या लड़का था. देखते hi दिल की धड़कने बढ़ गयी. कितना क्यूट है. जैसा मुझे चाहिए था यह बिलकुल वैसा hi है. मज़ाकिया मेरी तरह बोल बच्चन करने वाला. अपने भाई बेहेन से प्यार करने वाला. दुसरो की केयर भी करता है. बिलकुल परफेक्ट. यह सोचते सोचते hi उस लड़की को नींद आजाती है.



इधर राशि और आँचल अपनी बेइज़ाती से बहोत गुस्से में थी.



आँचल: अगर हुम्हे उस यश से प्यार न हुआ होता ना तोह उनको दिखते हम क्या चीज़ है.



राशि: बिलकुल. पूरी क्लास के सामने मेरी इंसल्ट की उसने. और यह सब उस लड़की की वजह से.



आँचल: मेरा तोह मैं कर रहा है उसको मार दू. उसकी वजह से hi वह हमारी इंसल्ट कर रहा है.



राशि: सही कहा. उसकी वजह से hi आज उसने पुरे क्लास के सामने मेरी राशि ठाकुर की बेइज़ाती की.



आँचल: क्यों ना उनको सच में hi.



राशि: अरे यू सीरियस.



आँचल: 100%. उसके रहते वह हमारा कभी नहीं हो सकता.



राशि: पर भूलो मत वह अग्रवाल फॅमिली से जुड़ चुकी है. उनके ऊपर हाथ देना कही हमारे लिए खतरा ना बन जाए.



आँचल: ारी हम अपने हाथ से थोड़ी न करेंगे. आदमियों से करवाएंगे.



राशि: अगर किसी को पता चल गया तोह हम फहस्स सकते है. फिर डैड भी हुम्हे सेफ नहीं कर पाएंगे.



आँचल: Don’t वोर्री. कुछ नहीं होगा. पर हम उनको नहीं छोड़ेंगे.



राशि: हम्म्म्म.



इधर यह बात कर रहे थे पर कोई इनकी बाते चुप के सुन्न रहा था. वह इनकी बाते सुनके झट्ट से वह से गायब होजाता है और एक सेफ जगह आके किसी को कॉल करके सब कुछ बोल देता है.
 
अपडेट 36

इधर वह लड़का अपने ग्रुप के साथ बैठा था.



लड़का: क्या हुआ.



लड़की1: हमने देव ठाकुर के घर जो हमारा आदमी रखा है उसने बताया देव ठाकुर की दोनों बेटियां राशि और आँचल ने सिया अग्रवाल और राधा सिंह को मारने का प्लान बनाया है. ताकि उनके बाद वह यश अग्रवाल को पा सके. और इसके लिए वह कुछ आदमियों को काम पे लगाएंगी.



लड़का: पहले तोह सोचा था मौत सिर्फ देव ठाकुर को मिलेगी. पर उनकी बेटियों ने यह सोच के अपनी ज़िन्दगी में में काल को बुला लिया है. अब बाप के साथ बेटियों की भी मौत होगी. तुमलोग उनके पीछे हर वक़्त के लिए सबसे भरोसेमंद आदमी लगा दो. उनको एक खरोच भी नहीं आणि चाहिए.



सब: चिंता मत करो. उनको एक खरोच भी नहीं आएगी. उन् आदमियों को ऐसी मौत देंगे के उनकी रूह भी कानो जाएगी.



लड़का: ठीककक है. और कुछ.



लड़का 1: खबर मिली है वह एक डील करने वाला है. और यह देव ठाकुर के अंडर होगा.



लड़का: किस चीज़ का.



लड़का 1: उनका मैं बिज़नेस ड्रग्सस्स.



लड़का: कब और कहा.



लड़का 1: मुंबई दिल्ली हाईवे. 2 दिन बाद.



लड़का: ठीक है. अब मैं चलता हु. तुमसब उन् दोनों की पूरी प्रोटेक्शन को संभल लेना.



सब: ोकककक.



फिर वह लड़का अपने घर आजाता है तोह वह एक लड़की बैठी हुई थी.



लड़का: तुम यहाँ.



लड़की: नहीं होना चाहिए.



लड़का: ऐसी बात नहीं है.



लड़की: अब बताओ क्या हुआ.



लड़का: 2 दिन बाद रात को निकलूंगा मुंबई दिल्ली हाईवे. वापस आने में लेट होजायेगा.



लड़की: ठीकककक है. अब आराम करो. यह बोल वह लड़की चली जाती है. और वह लड़का भी आराम करने लगता है.



रात को डिनर के बाद राधा यश को कॉल करती है.



राधा: क्या कर रहे हो यश.



यश: बस डिनर किया. तुमने खाया.



राधा: हा. अच्छा क्या हुआ आज.



फिर यश राधा को बताता है वह माया से क्यों मिलने गया था.



राधा: क्याआआ.



यश: पर चिंता मत करो. वह कण्ट्रोल में है.



राधा: हम्म्म. सिया को बोलै.



यश: हआ.



राधा: कहा है वह.



यश: माँ की हेल्प कर रही है किचन में.



राधा: ोोककक.



फिर एहलोग ऐसे hi बाते करने लगते है. थोड़ी देर बाद सिया रूम में आती है.



सिया: राधा अब सो जाओ. कल कॉलेज नहीं आना क्या.



राधा: है है जा रही हु न. गुड नाईट.



दोनों: गुड नाईट.



फिर कॉल कट कर देता है.



सिया: चलो अब सो जाओ.



यश: तुम.



सिया: मैं चली अपने कमरे में.



यश: ोककक गुड नाईट.



सिया: गुड नाईट. फिर यश को एक किश कर अपने रूम में आके सो जाती है.



यश भी अपने रूम में सो जाता है.



अगली सुबह राधा और सिया जल्दी उठ के काम करने नीचे जाती है. महक तोह सिया को देख कर शॉक नहीं होती. पर संजना राधा को देख बहोत शॉक होती है. वह भी महक की तरह hi करती है. फिर राधा उससे समझा के काम करने की कोशिश करती है.



संजना को राधा में चेंज देख कर बहोत ख़ुशी होती है. वह राधा को सब समझती है किसको क्या बोलते है और किसको कैसे उसे करते है कौनसी चीज़ किस काम में आती है. राधा भी सब ध्यान से सुन्न और देख रही थी.



फिर ब्रेकफास्ट करके सब कॉलेज आते है.



राधा वरुण: गुड मॉर्निंग.



सब: गुड मॉर्निंग. आज लेट कैसे होगये.



वरुण: मैडम को अब ससुराल जाना है इसीलिए काम सिख रही थी. उसी चाकर में लेट होगये.



आरुषि और मेघा: वाह क्या बात है. यश तुम्हारे प्यार ने तोह इसको पूरा बदल दिया. ग्रेटट्ट्ट.



राधा: जब तुम दोनों को प्यार होगा न तब तुमदोनो भी एहि करोगी.



दोनों: पहले होने तोह दे तब देखेंगे.



राधा: किसी को पसंद किया है.



दोनों: अभी तोह हम कंफ्यूज है. बाद में बोलेंगे.



राधा: क्याआआआ. मतलब तुमदोनो को कोई पसंद आगया है तोह कल घर में झूट क्यों बोलै.



दोनों: तोह और क्या करते. अब बुआ जी ने डायरेक्ट ऐसे पूछ लिया तोह हम घबरा गए इसीलिए वह बोल्दिया. पर प्लीज घर में मत बोलना. खाश कर वरुण तुम.



वरुण: मैं तोह जरूर बोलूंगा. इतना अच्छा मौका मिला है इतनी आसानी से थोड़ी ना जाने दूंगा.



दोनों: राधाआआआ.



राधा: वरुणंण.



यश: क्या बात है कौन है वह दोनों.



दोनों: हम पहले यह जान ले उनके दिल में हमारे लिए कुछ है या नहीं फिर बताएँगे.



राधा: मुझे भी नहीं बताएगी.



दोनों: तोह हम यश को ना बता देते. तुम तीनो एक hi तोह हो.



राधा और सिया: एकदम सही कहा. अच्छा ठीक है आल थे बेस्ट. और जल्दी से खुश खबरि दो.



सोनिया: बिल्कुलल.



सिया: आरव अवि तुम दोनों क्यों चुप चाप हो कुछ बोलो ना.



दोनों: हम क्या बोले. जो सब ने बोलै वह hi हम बोलेंगे.



दोनों अपने मैं में. साला हमने कही लेट तोह नहीं करदिया. साला यहाँ तोह कोई और आरहा है कुछ करना होगा. कैसे पता लगाए कौन है वह दोनों. एकबार पता चले ऐसा धोयेंगे फिर कभी इस सेहर में नज़र नहीं आएंगे.



राधा: चलो अब क्लास में चलो.



अरब और अवि: तुम सब जाओ हुम्हे थोड़ा काम है और नेक्स्ट क्लास में जायेंगे.



सब: ोककक.



सबके चले जाने के बाद.



अवि: आरव यह क्या था. यहाँ तोह कोई और hi काण्ड होगया.



आरव: हां यार हमने लेट तोह नहीं करदिया.



अवि: यार अभी भी लेट नहीं हुआ है. यह अभी भी कंफ्यूज है.



आरव: इनका कन्फूसिओं दुर्र होने के पहले कुछ करना होगा. वर्ण हम ना घर के रहेंगे ना घात के. पहली बार कोई पसंद आया है.



अवि: सहिई कहा. पर करेंगे क्या.



आरव: इनसे अपने प्यार का इज़हार.



अवि: अभी पागल होगया है क्या. यहाँ कॉलेज में तोह बिलकुल नहीं. अगर ना बोलै ना तोह बहोत बेइज़ाती होगी.



आरव: तोहह.



अवि: एक काम करते है. शाम को दोनों को अलग अलग कैफ़े में बुलाते है वही बात करते है.



आरव: अगर वह ना बोलै तोह कॉलेज में शकल कैसे दिखाएंगे.



अवि: हां यह भी है. अब क्या करीब.



आरव: राधा भाभी से हेल्प ले. वह उनकी बेस्ट फ्रेंड है. बेहेन मानती है.



अवि: हां यह ठीक रहेगा. अभी कॉल करता हु.



आरव: ारी अभी क्लास में गयी है. रेसस्स में बात करते है.



अवि: हम्म ठीक है. चल क्लास में चलते है.



फिर दोनों अपने अपने क्लास में चले जाते है.
 
अपडेट 37

रेसस्स के टाइम सब कैंटीन में मिलते है.



आरव: राधा भाभी िफ़ यू don’t मंद मैं और अवि आपसे कुछ जरुरी बात करना चाहते है.



राधा: हआ बोलो ना.



अवि: यहाँ नहीं अकेले में.



सिया: क्यों क्या बात करनी है.



आरव: है थोड़ी पर्सनल जो सिर्फ राधा भाभी से hi हो सकती है.



राधा: ठीक है चलो.



फिर दोनों राधा के लेके उन् सबकी नज़रो से दुर्र आते है.



राधा: हआ बोलो.



आरव और अवि दोनों राधा के सामने हाथ जोरर के बैठ जाते है.



राधा: ारी यह क्या कर रहे हो उठाऊ.



दोनों: नहिई भाभी अब आप hi हुम्हे बच्चा सकती है. प्लीज हमारी हेल्प कीजीईए.



राधा: ारी पहले उठो और बताओ क्या हुआ है. ुथूऊऊ.



दोनों: नहीं पहले आप बोलो आप हमारी हेल्प करोगी तभी हम उठेंगे.



राधा: ूओहूऊऊ. अच्छा ठिक्क है. मैं करुँगी तुमदोनो की हेल्प अब ुथूवो प्लीसीईए.



दोनों: प्रोमीसीई.



राधा: हां बाबा प्रोमिसी. अब उठाऊ और बताओ.



दोनों उठते है और बोलते है.



आरव: वह भाभी एक्चुअली बात ऐसी है की. मुझे और अवि को वह एक्चुअली.



राधा: हआ बोलो.



दोनों: वह एक्चुअली हुम्हे ना वह हुम्हे प्यार होगया है.



राधा: बस इतनी सी बात प्यार होगया है.



Kyaaaaaaaaaaa कहाआआ प्याआरररर होगयाआ हैईईई. कीसीईए कब्ब्ब्ब कहाआआ पीईबी.



दोनों: हा. धीरीईई.



राधा: धीरे से. कभीयी हुआआआ और कीसीईए हुआआआ.



दोनों: वह कॉलेज के दूसरी दिन.



राधा: वाआहहहहहह. कॉंग्रट्स. कौंन है ओह्ह्ह दोन्यू. और मुझसे क्या हेल्प चाहियेए.



दोनों: आपकी hi तोह हेल्प की ज्यादा जरुरत है.



राधा: मतलब.



दोनों: मतलब वह दोनों आपकी दोस्त है. यह बोल दोनों आँखे बंद कर लेते है.



राधा: क्याआआ. मतलब वह दोनों आरुषि और मेघा है.



दोनों: हआ.



राधा: ख़ुशी से. सचहहहहह मेंननननन.



दोनों: हआ भाभी और इसी में हुम्हे आपकी हेल्प चाहिए. अब आप hi हमारी ज़िन्दगी सवार सकती है.



राधा: देखू वह दोनों बहोत अच्छी लड़की है. तुम दोनों की चॉइस बहोत अच्छी है. पर इसमें में क्या हेल्प कर सकती हु.



दोनों: वह आज उन्दोनो ने बोलै न उनको कोई और पसंद है.



राधा: ोू हा.



दोनों: तोह अब हम क्या करीब. अगर अपने प्यार का इज़हार करते है और वह ना बोलती है तोह कभी उनसे नज़रे नहीं मिला पाएंगे. और चुप रहते है तोह शायद वह लड़के भी इन्हे पसंद करने लगे.



राधा: हआ यह तोह प्रॉब्लम होगयी.



दोनों: इसीलिए तोह आपको बुलाया है. आप उनकी बेस्ट फ्रेंड है. अब आप कुछ भी करके हुम्हे बचाइए.



राधा: आरव अवि इसमें मैं क्या करू. अब मैं कैसे उनको बोलू वह जिनको पसंद करती है उनको भूल जाए और तुम दोनों को एक्सेप्ट करीब. वैसे कौन किसी है.



आरव: मेरी मेघा.



अवि: मेरी आरुषि.



राधा: वाह जोड़ी अच्छी लगेगी.



दोनों: पर बनेगी कैसी. हमने तोह सोचा था आज शाम को अलग अलग कैफ़े में बुलाके इज़हार करेंगे. पर वही ना बोली तोह नज़रे कैसे मिलाएंगे.



राधा: हां भी तोह होसकता है. क्योकि ओहदोनो तोह हमेशा हमारे साथ रहती है. और कभी भी किसी लड़के से बात करते नहीं देखा और बहार भी किसी लड़के से कभी बात नहीं की.



दोनों: पर रिस्क तोह है ना भाभी.



राधा: समाज लो अगर हां भी है तोह होसकता है मेघा को अवि पसंद हो और आरुषि को आरव. इसमें भी बहोत बड़ा प्रॉब्लम है.



दोनों: हा यह होसकता है. तोह अब क्या करीब.



राधा: देखो मेरी मानो तोह उनको इज़हार कार्डो. उनको किसी और के साथ तोह देख नहीं पाओगे. अगर भगवन ने चाहा तोह सब पॉजिटिव होजायेगा.



दोनों: अगर नेगेटिव हुआ तोह.



राधा: देखो रिस्क तोह लेना hi होगा. क्योकि वह किसी को पसंद करती है. और लेट मत करो. जो होगा देखा जाएगा. काम से काम यह तोह खेद नहीं रहेगा के तुमदोनो ने कोशिश नहीं की. इज़हार नहीं किया.



दोनों: हम्म्म्म.



राधा: इसीलिए अगर मेरी मानो तोह जो सोचा है वह अप्लाई करो. गॉड विल टेक केयर ऑफ़ एवरीथिंग.



दोनों: ोकक भाभी.



राधा: और शाम से पहले मैं उनसे बात करके कुछ पता लगाने की कोशिश करती हु.



दोनों: थैंक्स भाभी.



राधा: अब चलो.



फिर यह तीन सबके पाद आते है.



सिया: होगयी देवर भाभी की बात.



राधा: हां होगयी.



सिया: क्या बात हुई.



राधा: जो बात हुई है वह रात तक सबको पता चल जाएगा.



सोनिया: अच्छा अच्छा ठीक है. क्लास में चले.



राधा: यश तुम जाओ. मैं और मेघा आरुषि आते है.



यश: ोककक.



फिर सब क्लास में जाते है.



दोनों: क्या हुआ राधा.



राधा: एक बात सच सच बताओगी.



दोनों: क्या.



राधा: मैंने कभी तुमदोनो को किसी लड़के के साथ नहीं देखा. स्कूल में कभी नहीं देखा और यहाँ कॉलेज में भी कभी भी किसी लड़के की तरफ देखते हुए नहीं देखा सिवाय आरव और अवि के.



दोनों: टोह्हह्ह.



राधा: मैं में. एक रिस्क लेती हु जो होगा देखा जायेगा.



राधा: वह दोनों लड़के मेरे देवर है ना.



दोनों: शोकककक सीई. तुम इतना सूरी कैसी होसकती हो.



राधा: ख़ुशी से. इसका मतलब मेरा शक सही है.



दोनों: तुम इतना सूरे कैसी होओओओ.



राधा: तुम दोनों बचपन से मेरे साथ हो. हम हमेशा हर जगह साथ में गए है. मैं तोह यश के पीछे पागल थी पर तुम दोनों को कभी किसी लड़के की तरफ देखते नहीं देखा. ना स्कूल में ना बहार में और ना यहाँ कॉलेज में. यहाँ भी तुमदोनो सिर्फ इनदोनो से hi बात करती हो या मिलती हो. तोह शक्क तोह इनपर hi जाएगा ना.



दोनों बस शॉक होक राधा को देख रही थी.



राधा: यानी मेरा शक्क सही है. वह दो लड़के आरव और अवि है.



दोनों: गर्दन नीचे कर शर्मा के. हआ. हुम्हे पहले दिन से उनसे प्यार होगया है. पर यह ओने साइडेड है.



राधा: मैं तुम दोनों के लिए बहोत खुश हु. कॉन्ग्रैट्स्स्स. सुपर्ब चोईसीईए.



दोनों: पर क्या फैयदा यह तोह ओने साइडेड है. वह दोनों तोह हमसे प्यार नहीं करते ना. यहाँ तक के हुम्हे देखते भी नही.



राधा: हम्म्म. अच्छा यह बताओ कौन किसका.



मेघा: आरव.



आरुषि: ावईईई.



राधा: सचहहहहहहहह.



दोनों: हा.



राधा: दोनों के गले लग. बहोत अछिइइइइ चोइसेई हैई. ी ऍम वैरी हैप्पीयययय.



दोनों: थैंक्स. पर हमारा क्या होगा.



राधा: अपने प्यार का एहसास दिलाओ उन्हें. उन्हें बताओ तुमदोनो उनसे कितना प्यार करती हो.



दोनों: अगर बुरा मान गए या ना बोल्दिया तोह हम उनसे नज़रे कैसे मिलाएंगे.



राधा: मैं में. चारो पागल एक hi बात सोच रहे है. वाह क्या जोड़ी है.



राधा: ारी कोशिश तोह करो. अगर भगवन ने चाहा तोह सब अच्छा होगा.



दोनों: हम्म्म.



राधा: चलो. अब क्लास में चलो. मेरी देवरनियां. याद रखना तुमदोनो की जेठानी हु.



दोनों: जीई जेठानी जी. चले.



राधा: हस्ते हुयी. हां चलो.



फिर यह क्लास में आते है.



यश: कहा थी.



राधा: अपनी देवरानियों से मिलने गयी थी.



यश: देवरानियों से मतलब.



राधा: जो बोलूंगी उससे सुनके कुछ रियेक्ट नहीं करोगे और किसी को कुछ नहीं बोलोगे. सिर्फ सिया को बोलोगे वह भी घर जाते वक़्त.



यश: ऐसे क्या बात है.



फिर राधा यश को सब बताती है. जैसे जैसे यश सुनता है उसका मुँह खुला का खुला रह जाता है.



यश रियेक्ट करने वाला था पर राधा ने उसका मुँह बंद कर दिया.



यश: धीरे से क्याआ.



राधा: हआ. और आज वह दोनों इन् दोनों को डर से प्रोपोज़ करेंगे. के कही रिजेक्ट न करदे. जबकि यह दोनों तोह पहले से hi रेडी है.



यश: हमारी नज़रो के सामने इतना कुछ होरहा था. और हुम्हे पता नहीं चला.



राधा: हम्म्म.



यश: चलाऊ अच्छआ है. सिया यह जानके नाच उठेगी.



राधा: हम्म उसको घर जाते वक़्त बताना.



यश: हा ठीककक है.



फिर क्लास करने लगते है. क्लास के बाद सब पार्किंग में मिलते है. यहाँ चार आँखे चार आँखों को घुर्र रही थी और 4 आँखे इन् 8 आँखों को देख कर मुस्कुरा रही थी.



यश: आरव अवि चले.



दोनों: हड़बड़ा के. हां भाई.



फिर एहलोग तोह निकल जाते है. पर यह चार रखते है.



आरव: मेघा कुछ बात करनी थी.



मेघा की तोह दिल की धड़कन बढ़ जाती है.



मेघा: अपने आप को संभल के. हां बोलो.



आरव: यहाँ नहीं. क्या शाम को सीसीडी में मिली.



मेघा: ख़ुशी से. हां क्यों नहीं.



आरुषि तोह अवि को देख रही थी. वह सोच रही थी काश अवि भी ऐसे hi बुलाये.



अवि: आरुषि तुम भी आजाना. मैं तोह आऊंगा तोह मेरे लिए तुम आजाना.



आरुषि: ख़ुशी से. हां क्यों नहीं. मैं जरूर आउंगी.



दोनों: ोकक तोह शाम 6 बजे यहाँ पास में जो सीसीडी है वही मिलते है.



आरुषि और मेघा: हआ ठिक्क है.



फिर यह दोनों घर आने के लिए निकल जाते है.



मेघा: ारूउउउ. मेरे आरव ने मुझे आज मिलने बुलाया है.



आरुषि: ारी मेरे आवई ने भी तोह मुझीऐ बुलाया है.



मेघा: पता नहीं वह क्या बात करेगा. मैं तोह यह सोच कर hi एक्साइट होरही हु.



आरुषि: मैंन भीई. जल्दी घर चल. शाम के लिये अच्छे सीए तैयार होना हीी.



फिर दोनों जल्दी से कार को घर की तरफ भागते है.
 
अपडेट 38

इधर यश घर जाते वक़्त सिया को बोलता है.



यश: सिया.



सिया: हम्म्म.



यश: आरव और अवि को प्यार होगया है.



सिया: अच्छा है. एक मिनट क्या बोला तुमनेई फिर से बोलनाआआ.



यश: यू हैवे हर्ड आईटी.



सिया: Whattttttttttt. किस्स्स्सीीी कबबबबबबबब और तुम्हे किसने बतायाए.



यश: राधा नीबी.



सिया: राधाआ नीई. पर उससीई किसनी बताया.



फिर यश सिया को पूरी बात बताता है.



सिया: वाआआह्ह्हह्ह्ह्ह लड़को नीई तोह कमाल करदिया. हमारी नाक नीचे इतना कुछ करदिया और हुम्हे पता भी नहीं चलने दिया.



यश: हम्म्म्म. और आज वह उनको प्रोपोज़ करने वाले है.



सिया: वाःह्ह्ह्ह. रुकोऊ अभी ममी और बुआ को बताती हु उनके लड़को ने उनके लिए बहु ढूंढ ली.



यश: हीई अभी हीई. अगर अभी बताया तोह वह घबरा जायेंगे और इतनी जल्दी करना ठीक नहिई.



सिया: ठीकककक हैईईई. पर सोनू को तोह अभी बोलुँगीई.



यह बोल उसने झट्ट से सोनिया को कॉल लगा दिया.



सोनिया: हां सिया.



सिया: कहा हो.



सोनिया: बस घर से थोड़ी दररर. बोलो क्या बोलना है.



सिया: अकेली हो.



सोनिया: हआ.



सिया: तुम्हारी और 2 भाभियाँ मिलगई.



सोनिया झट्ट से कार को रओखती है. Kyaaaaaaaaaaa.



सिया: हा. लगा न झटका. मुझे भी लगा था.



सोनिया: उन् दो लंगूरो को कौन पसंद आगयी.



सिया: आरुषि और मेघा.



सोनिया: व्हाटटटटटट अपनी आरुषि और मेघा. यह अपनी कॉलेज वाली.



सिया: हा एहि दोनों.



सोनिया: हमारी नाक के नीचे सालो ने इतना बड़ा गेम खेल्दिया और हुम्हे पता तक नहीं चला.



सिया: और मज़े की बात यह है उन् दोनों को भी इनदोनो से प्यार है.



सोनिया: वाआआह्ह्ह्ह बेताऑ. यह तोह डबल धमाका होगयाए. छोड़ूंगी हीई. अभी जायके इनका बंद बजती हु.



सिया: यार अभी कुछ ना करना. पहले आज इनको एक होजाने दे. फिर मिलके बजायेंगी.



सोनिया: मस्त आईडिया है.



सिया: और हां अभी ममी या बुआ को कुछ मत बोलना.



सोनिया: ठीक है ठीक है.



फिर यह लोग घर आते है.



आरुषि और मेघा तोह घर जाके जल्दी से लंच करके अपने अपने रूम में घुस जाती है और तैयार होने लगती है. दोनों बिलकुल पागलो की तरह बेहवे कर रही थी.



इधर आरव और अवि भी अपने अपने घर आते है. आरव जब घर आता है तोह सोनिया उससे पकड़ लेती है.



सोनिया: क्या बात है भाई इतनी देर कहा थी.



आरव ऐसे सोनिया के पूछने से हड़बड़ा जाता है.



आरव: वह वह मैं तोह अवि के साथ था क्यों क्या हुआ. कुछ काम था.



सोनिया: नहीं मुझे कुछ काम नहीं था. बस ऐसे hi पूछा. यह बोल वह हलके हलके हसने लगती है.



आरव जल्दी से वह से निकल लेट है. फिर जल्दी से लंच करके शाम की तैयारी करने लगता है. अच्छे से प्रेपराशंस करता है क्या करेगा क्या बोलेगा कैसे बोलेगा.



उधर अवि भी एहि सब कर रहा था.



देखते ढकते शाम होजाती है. आरव अपने घर से निकल रहा होता है तभी वह सोनिया आजाती है.



सोनिया: क्या बात है भाई किस्से मिलने जा रहे हो इतना सजधज के. कही मेरी भाभी से तोह नहिई.



आरव: हड़बड़ा के. नहीं नहीं. ऐसी कोई बात नहीं है. वह तोह बस एक दोस्त ने बोलै पब चलते है तोह बस वही जा रहा हु.



सोनिया: मुझे तोह कुछ और hi लग रहा है. मम्मी बड़ी मम्मी मुझे लगता है जल्दी hi आपकी बहु आने वाले है.



श्रुति: आरव क्या यह सच है.



आरव: नहीं छोटी मम्मी. यह तोह पागल है. मैं मैं तोह बस अपने दोस्त के साथ पब में जा रहा हु.



किरण: तोह इतना घबरा क्यों रहा है जैसे सोनू ने तेरी कोई चोरी पकड़ ली.



आरव: नहीं नहीं मैं कहा घबरा रहा हु. मैं निकलता हु मुझे लेट होरहा है. यह बोल आरव वह से भाग जाता है.



आरव को ऐसे भागते देख जहा सोनिया की हसी छुटत जाती है वही श्रुति और किरण को शक होजाता है.



किरण: छोटी मुझे तोह शक्क होरहा है.



श्रुति: हां दीदी सही कहा मुझे भी शक होरहा है. सोनू बात क्या है सच सच बताओ.



सोनिया: कोई बात नहीं मम्मी.



श्रुति: हम तेरी आगे क्रॉस करके आये है. सच सच बता क्या बात है. आरव इतना घबरा क्यों गया था. जो थोड़ी देर पहले तुमने कहा था क्या वह सच है.



सोनिया: क्या मम्मी आप भी क्या बात लेके बैठ गयी.



किरण: सोनू. बात क्या है. क्या छुपा रही हो. सच सच बोलो.



सोनिया अब फस चुकी थी.



सोनिया: मैं में. क्या जरुरत थी भाई को परेशां करने की. फस गयी ना. अब इनको जब तक नहीं बोलूंगी यह पूछती hi रहेंगी.



किरण: सोनऊ.



सोनिया: आरव कैफ़े गया है. सिर्फ आरव hi नहीं अवि भी. वह दोनों आज प्रोपोज़ करने गए है.



दोनों: क्याआआआ.



सोनिया: जीई. प्लीज गुस्सा मत करना.



दोनों: ारी इसमें गुस्सा होने की बात कहा से आई. वैसे कौन है वह दोनों.



सोनिया: जी वह यश की बर्थडे पार्टी में वह राधा की 2 फ्रेंड्स थी ना आरुषि और मेघा वह दोनों hi है.



दोनों: ारी वाह बहोत प्यारी है दोनों. सच में हमारे बच्चो की चॉइस बहोत अच्छी है. क्या वह दोनों भी इन् पागलो से प्यार करती है.



सोनिया: हआ. पर यह बात इनदोनो को नहीं पता. और यह दोनों उनसे प्यार करते है यह उनको नहीं पता.



दोनों: कोई बात नहीं. सबको सरप्राइज मिलेगा आज. वैसे इस घर में कौन आएगी.



सोनिया: जी मेघा. और शालिनी बुआ के घर आरुषि.



दोनों: चालूओ बहोत अच्छी बात है.



सोनिया: पर प्लीज अभी किसी को कुछ मत बताना और इनके सामने भी कोई रियेक्ट मत करना. वर्ण यह घबरा जायेंगे. और शायद यह इनको पसंद ना आये.



दोनों: ठीक है हम ऐसा कुछ नहीं करेंगे.



सोनिया: थैंक यू.



श्रुति: आरव अवि यश सिया सबका होगया. क्या तूने भी ऐसा कुछ करके रखा है क्या. अगर है तोह हुम्हे बोलदे.



सोनिया: शर्मा के. नहीं मम्मी ऐसा कुछ नहीं है और अगर कभी होता है तोह सबसे पहले यश को hi बताउंगी.



श्रुति: ठीककक है.



किरण: चलो अच्छा है मेरे बेटे ने बहु ढूंढ ली.



श्रुति: हां दीदी सही कहा.



फिर एहलोग अपने अपने काम में लग जाते है और सोनिया ने सिया को कॉल करके सब बता दिया था.
 
अपडेट 39

इधर आरव और अवि कैफ़े पहुंच कर सब तैयारी कर लेते है और उनका वेट करने लगते है. थोड़ी देर में वह दोनों भी अच्छे से तैयार होक आगये थे.

आरव और अवि तोह अपनी नज़रे हटा hi नहीं पा रहे थे. दोनों बस अपनी अपनी लड़की को घुर्र रहे थे. आरुषि और मेघा उनको ऐसे घूरते देख शर्मा रहे थे.

आरव और अवि उनका वेलकम करते है.

आरव: मेघा तुम बहोत ख़ूबसूरत लग रही हो.

अवि: हां आरुषि तुम भी बहोत ख़ूबसूरत लग रही हो.

दोनों: थैंक यू. तुम दोनों भी अच्छे दिख रहे हो.

मेघा: आरव तुम्हे कुछ बात करनी थी ना. बोलो.

आरव: आओ बैठो.

अवि: आरुषि इनको इनकी बाते करने देते है हम कही और चलते है.

आरुषि: हम्म ठीक है.

फिर वह वह से निकल के एक पार्क में आजाते है जहा अवि ने साड़ी तैयारी कर राखी थी.

अवि: आरुषि मुझे भी तुमसे कुछ कहना है.

आरुषि: धड़कते दिल के साथ. हां बोलो ना.

अवि: आओ बैठो ना.

आरुषि वह एक बेंच पे बैठ जाती है. तुम कुछ कहने वाले थे अवि.

अवि: हआ. अच्छा पहले यह बताओ तुमने कहा तुम किसी को पसंद करती हो. पर कभी कॉलेज में किसी लड़के से बात करते तोह नहीं देखा.

आरुषि: मैं में. गधा कही का. इसके लिए hi तोह कहा था और इस टाइम पे ऐसी बात कर रहा है.

आरुषि: अब बात करने से hi प्यार होता है क्या. मैं तोह उसको देखते hi प्यार कर बैठी.

अवि यह सुनते hi थोड़ा उदास होगया.

आरुषि: तुम किसी से प्यार नहीं करते.

अवि: करता तोह हु. पर शायद वह किसी और को पसंद करती है.

आरुषि: मैं में. यह किसी को प्यार करता है. कीसीई. कौन है वह चुड़ैल जिसने मेरी जगह छिन्न ली.

आरुषि: उदास मैं से. कौन है वह.

अवि: देखो आरुषि मैं अब जो मैं बोलूंगा होसकता है तुम्हे उससे दुःख हो तुम फिर कभी मुझे देखना भी पसंद ना करो. पर इससे मुझे एक ख़ुशी होगी मैंने एक कोशिश की भले hi मुझे लेट होग्या.

आरुषि: ऐसी क्या बात है अवि.

अवि: आरुषि मुझे नहीं पता तुम किस्से प्यार करती हो और कितना प्यार करती हो. पर मैं तुमसे बहोत प्यार करता हु. अपनी जान से ज्यादा तुम्हे प्यार करता हु. जिस दिन तुम्हे कॉलेज में पहली बार देखा उसी दिन तुमसे प्यार होगया था. सोचा तुमसे बात करू तुम्हारे साथ टाइम स्पेंड करू तुम्हे अपने प्यार का एहसास करौ. पर डरता था कही तुम्हे बुरा ना लग जाए और तुम दोस्ती ना टॉड दो. इसीलिए कभी तुमसे बात नहीं किया और नाही कभी तुम्हारी तरफ देखा. पर मेरा ध्यान हर वक़्त तुम्हारे ऊपर होता. और आज जब मुझे पता चला तुम किसी और को पसंद करती हो तोह मुझसे रहा नहीं गया. ी लव यू आरुषि. ी लव यू मोरे थान एनीथिंग. यह बोल उसने अपनी नज़रे झुका ली.

आरुषि जब यह सुनती है तोह वह ख़ुशी से झूम उठती है. और उसके आँखों में ख़ुशी के आंसू आजाते है.

आरुषि: अवि.

अवि: ी ऍम सॉरी आरुषि. पर एहि सच है. मैं तुमसे बहोत प्यार करता हु. अगर तुम मुझे ना मिली तोह मुझे तकलीफ तोह बहोत होगी. पर एक ख़ुशी भी होगी के तुम अपनी लाइफ में खुश हो. मेरे लिए तुम्हारी ख़ुशी सबसे ज्यादा इम्पोर्टेन्ट है. मैं साड़ी ज़िन्दगी तुमसे प्यार करता रहूँगा और यह प्यार कभी ख़तम नहीं होगा.

आरुषि: अवि मेरी तरफ देखो.

अवि की हिम्मत नहीं होती उसके तरफ देखने की. पर वह कैसे भी करके देखता है.

आरुषि: क्या तुम जानना नहीं चाहोगे मैं किस्से प्यार करती हु.

अवि कुछ नहीं बोलता बस वह बैठ रहता है.

आरुषि: अवि मेरी ज़िन्दगी में मैंने माँ डैड मेघा और राधा के बाद सिर्फ और सिर्फ तुम्हे चाहा है. तुम्हे प्यार किया है. जिस दिन तुम्हे कॉलेज में पहली बार पार्किंग में देखा था उसी वक़्त तुम मेरे दिल में बस गए थे. और धीरे धीरे यह प्यार बढ़ता hi गया. कॉलेज में मैं तुम्हे hi देखती रहती पर तुम्हारी नज़र हमेशा दूसरी तरफ रहती. मैंने सोचा कभी तोह तुम्हे मेरे प्यार का एहसास होगा तब तक मैं तुम्हारा इंतज़ार करुँगी. पर दिल में एक डर भी लगा रहता के कही तुम्हे किसी और से प्यार ना होजाये. जब तक यह आरुषि ज़िंदा है तब तक वह सिर्फ और सिर्फ अवि से hi प्यार करेगी उसके अलावा किसी से नहीं. ी लव यू तू अवि. ी लव यू वैरी मच. यह बोल उसके गले लग जाती है.

अवि जब यह सुनता है तोह उसके आँखों से भी आंसू आजाते है. वह भी आरुषि को गले लगा लेता है. दोनों एक दूसरे को इतनी काश के पकडे थे के अगर चोरे तोह खू देंगे.

अवि: ी लव यू आरुषि. ी लव यू सो मच.

आरुषि: ी लव यू तू अवि. आज तुमने मुझे मेरा प्यार देके मुझे पूरा करदिया. ी लव यू अवि. ी लव यू मोरे थान माय लाइफ.

कुछ देर गले लगे रहने के बाद वह अलग होते है.

अवि और आरुषि एक दूसरे के आँखों से आंसू पोछते है.

अवि: इतना प्यार करती हो मुझसे.

आरुषि: अपनी जान से ज्यादा. तुम मेरे रूह में बस चुके हो. तुम भी तोह कितना प्यार करते हो.

अवि: तुम तोह मेरी सांस मेरी आत्मा मेरे शरीर के कानन कानन में बस चुकी. तुम्हारे बिना तोह मैं शायद कुछ ना राहु. मेरी लाइफ आने के थैंक यू आरुषि.

यह बोल उसको वापस गले लगा लेता है.

आरुषि: अवि.

अवि: हम्म.

आरुषि: मेघा भी आरव से बहोत प्यार करती है.

अवि: सचहहहह.

आरुषि: हा.

अवि: ारी आरव भी मेघा से बहोत प्यार करता है. इनफैक्ट आज हमदोनो यहाँ तुमदोनो के सामने अपने प्यार का इज़हार करने hi आये है. और देखो आज मुझे मेरा प्यार मिलगया.

आरुषि: सचहहहहह.

अवि: हां मेरी जान.

आरुषि: यानी हमदोनो इतने दिन से जिनके सपने देख रहे है जिनको अपनी साँसों में आत्मा में बसा चुके है आज वह हुम्हे मिल गए. मैं आज बहोत खुश हु. ी लव यू अवि.

अवि: ी लव यू तू आरुषि.

आरुषि: चलो उनके पास चलते है.

अवि: ारी उनके पास क्यों जाना. उन् दोनों को अकेले रहने दो ना. चलो हम कही और चलते है.

आरुषि: पर मेघा.

अवि: ारी चिंता मत करो आरव है ना. एक काम करो उसको मश्ग कार्डो तुम मेरे साथ हो और घर आजाओगी.

आरुषि: ठिक्क है. फिर मेघा को एक मश्ग करके वह अवि के साथ निकल पढ़ती है.

इधर आरव और मेघा एक टेबल में बैठे थे. दोनों hi शांत थे किसी को समाज नहीं आरहा था के क्या बोले.

आरव: कॉफ़ी पिए.

मेघा: हम्म.

आरव जल्दी से 2 कॉफ़ी आर्डर करता है.

मेघा: तुम कुछ बात करना चाहते थे.

आरव: हा करना तोह है. पर समाज नहीं आरहा कैसे करू.

मेघा: तुम ठीक हो ना आरव.

आरव: हां मैं ठीक हु.

अभी मेघा कुछ कहती तभी वेटर 2 कॉफ़ी ले आता है.

मेघा की कॉफ़ी में आरव ने एक हार्ट बनवाया था. जिसको देख कर मेघा शर्मा जाती है.

आरव मेघा को शरमाते देख थोड़ी हिम्मत होती है.

थोड़ी देर में कॉफ़ी ख़तम करके.

आरव: कही बहार चले.

मेघा: हम्म.

फिर आरव बिल पाय करके मेघा को लेके बहार आता है.

एहडोणो सड़क में चल रहे थे.

मेघा: आरव तुम कुछ कहना चाहते थे. बोलो ना.

आरव: हा ओह्ह्ह बात ऐसी है की. मेघा एक्चुअली ओह्ह्ह.

मेघा: धड़कते डिल के साथ. हां बोलो ना.

आरव: हिम्मत जूता के. मेघा मैं कहना चाहता हु के मैं तुमसे बहोत प्यार करता हु. आज से नहीं वह कॉलेज के फर्स्ट डे पार्किंग में जब मिले थे तब से. तुम्हे देखते hi मुझे प्यार होगया था. रोज कॉलेज में भले मैं तुम्हारी तरफ नहीं देखता पर मेरा ध्यान तुम्हारे ऊपर hi रहता. मैं तुम्हारी हर एक्टिविटी को देखता. पर आज जब तुमने बोलै तुम किसी को पसंद करती हो तोह मैं डर गया के कही मैं तुम्हे खू ना दू. ी लव यू मेघा. ी लव यू सो मच. यह बोल आरव चुप करके खड़ा होजाता है और नीचे देखने लगता है.

जब आरव बोलरहा था तब मेघा सिर्फ सुन्न रही थी और उसके आँखों से आंसू बह रहे थे. उसका मैं तोह वह नाचने का कर रहा था. वह जिसको प्याड करती है वह भी उससे प्यार करता है.

मेघा: आरव मेरी तरफ देखो.

आरव हिम्मत करके उसकी तरफ देखता है तोह पाटा है मेघा की आँखों में आंसू है.

आरव: ी ऍम सॉरी मेघा. मैं जानता हु तुम किसी और को पसंद करती हो. पर मैं तुमसे बहोत प्यार करता हु. मैं जानता हु मेरी बात से तुम्हे बहोत तकलीफ हुई है. पर सच एहि है मैं तुमसे बहोत प्यार करता हु. मैं.....

अभी आरव कुछ कहता उसके पहले hi मेघा उसके गले लग जाती है.

मेघा: ी लव यू तू आरव. मैं भी तुमसे hi प्यार करती हु. वह भी फर्स्ट डे से. कॉलेज में हर वक़्त सिर्फ तुम्हे hi देखती. सोचती तुम्हारे सामने अपने प्यार का इज़हार करदु. पर डर्टी थी कही तुम रिजेक्ट ना कार्डो. पर आज मैं बहोत खुश हु. आज मुझे मेरा प्यार मिल गया मुझे मेरा आरव मिल गया. ी लव यू सो मच आरव.

आरव बस स्टेचू की तरह खड़ा था और मेघा की बाते सुन्न रहा था.

आरव झट्ट के मेघा को अपनी बाँहों में काश केता है.

आरव: ी लव यू मेघा. ी लव यू सो मच. तुम मेरी आत्मा में साँसों में बस चुकी हो. ी can’t लाइव विथाउट यू.

मेघा: ी आल्सो can’t लाइव विथाउट यू आरव. तुम तोह मेरी ज़िन्दगी बन गए हो. तुम्हारे बिना जीना तोह मैं तोह सोच भी नहीं सकती. ी लव यह तू आरव.

दोनों एकदूसरे को काश के गले लगा के रखते है. दोनों को कोई होश ना था वह कहा है. वह बस एकदूसरे में खोये हुए थी.

आरव: मेघा.

मेघा: हम्म.

आरव: वह अवि तुम्हारी बेहेन से बहोत प्यार करता है. और आज हमदोनो यहाँ तुमदोनो को प्रोपोज़ करने hi आये थे.

मेघा: ारी आरुषि भी उससे बहोत प्यार करती है. इनफैक्ट रात को हमदोनो तुमदोनो को लेके hi बात करते थे. और आज हमदोनो को हमारा प्यार मिल गया. ी ऍम सो हैप्पी.

आरव: मेघा अभी इस बारे में किसी को मत बताना. मैं नहीं चाहता अभी यह बात हमारे घर में पता चले.

मेघा: मैं भी एहि कहने वाली थी. पर आज ब्रेक के बाद राधा जान गयी थी के हम दोनों तुमदोनो से प्यार करते है.

आरव: क्याआ. राधा भाभी को पता है. ारी हमने भी तोह राधा भाभी से आज वह उस वक़्त यह बात की थिई.

मेघा: मतलब राधा को दोनों तरफ का सब पता था. और अब तक तोह सबको पता चल गया होगा. यश सिया सोनिया सबको.

आरव: नहीं हमने राधा भाभी से कहा था वह किसी को ना बताये.

मेघा: वह राधा है राधा. यश की राधा. वह यश को ना बताये ऐसा हो hi नहीं सकता. और जहा तक मैंने यश को समझा है उसने सिया को जरूर बता दिया है.

आरव: माय गॉड. तभी आज घर से निकलते वक़्त सोनिया में मुझे परेशां किया था. यानी माँ और छोटी मम्मी को सब पता चल गया है.

मेघा: क्याआआआआ.

आरव: हा. आज सोनिया जिस तरह बेहवे कर रही थी उससे तोह उनको शक्क होगया था और उन्होंने सोनिया से सब उगलवा लिया होगा.

मेघा: अब्ब्ब क्या होगा आरव.

आरव: होना क्या है. बहोत जल्द अब ससुराल से बुलावा आएगा.

मेघा शर्मा के उसके गले लग जाती है.

मेघा: आरव तुम्हारी और अवि की फॅमिली हुम्हे एक्सेप्ट करेगी ना.

आरव: बिलकुल करेगी. और बुआ है ना वह सब संभल लेगी. तुमदोनो चिंता मत करो.

तभी मेघा के मोबाइल में एक मश्ग आता है. वह देखती है आरुषि का है.

मेघा: आरुषि तोह अवि के साथ निकल गयी है.

आरव: कोई बात नहीं मैं चोर दूंगा. चलो डिनर करते है.

फिर एहडोणो एक अच्छे से रेस्टोरेंट में डिनर करते है. फिर आरव मेघा को और अवि आरुषि को घर चोर के अपने घर आजाते है. मेघा ने ड्राइवर को बोल्दिया था कैफ़े के वह से कार ले जाए.

इधर आरव जब घर आता है तोह किरण और श्रुति उससे पकड़ लेती है.

किरण: किधर गया था.

आरव: माँ मुझे पता है आपलोगो को सब पता चल चूका है. सो no ड्रामा.

श्रुति: कुछ तोह शर्म करता. हुम्हे लगा शरमाएगा. बात को छुपायेगा. पर यह तोह डायरेक्ट बोलरहा है.

आरव: जब आपलोगो को सब पता है इस नौटंकी से आपदोनो ने सब पता लगा hi लिया है तोह छुपा के क्या फैयदा.

किरण: चलो अच्छा है. अब बता एक्सेप्ट किया या नहीं.

आरव: हां करलिया है. और उससे पता है के यहाँ सबको सब पता है. अब आपदोनो भी बताओ किसको किसको बताया है.

दोनों: बस महक दीदी को बताया है.

(दोनों ने महक को कॉल लगाके सब बतादिया था और महक ने शालिनी को)

आरव: मुझे लगा hi था और उन्होंने जरूर शालिनी बुआ को.

दोनों: हआ शायद.

आरव: शायद नहीं पकक्का. और यह सब हुआ है इस नौटंकी की वजह से.

सोनिया: मैंने क्या किया. तुम जैसे घबरा रहे थे उससे इन्हे शक होगया.

आरव: तोह किसने बोलै था मुझसे पूछने कहा जा रहा हु जब सब पता था तोह.

सोनिया: हस्ते हुए. वह तोह बस ऐसे hi मस्ती. अब यह सब चोरो और बताओ क्या क्या हुआ.

आरव: मैं कुछ नहीं बताऊंगा.

सोनिया: मैं मेघा भाभी और आरुषि भाभी से पूछूँगी. पता नहीं कैसे हूर को लंगूर पसंद आगये.

आरव: क्या बोलीई.

सोनिया: कुछ नहीं.

किरण: अच्छा चलो अब सोने जाओ. बहोत रात होरही है.

फिर सब अपने अपने रूम में चले जाते है.

उधर आरुषि और मेघा जब घर पहुंची तोह दोनों बहोत खुश थी.

दोनों जाके सीधा एक दूसरे के गले लग जाते है.

दोनों: कॉंग्रट्स मेरी बेहेन.

मेघा: आज मैं बहोत खुश हु. आज मुझे मेरा आरव मिल गया.

आरुषि: मैं भी आज बहोत खुश हु. मुझे भी आज मेरा अवि मिल गया.

मेघा: आरुषि मुझे तोह यकीन hi नहीं होरहा है यह सब सच है.

आरुषि: हां मेघा. यकीन hi नहीं होरहा है कल तक हम जिनके सपने देखते आरहे थे वह हुम्हे मिल गए है.

मेघा: हा. सही कहा.

आरुषि: आज तोह मुझे नींद hi नहीं आएगी.

मेघा: मुझे भी.

एहलोग बाते कर रहे थे तभी इनके पास राधा का कॉल आता है.

राधा: कैसी हो देवरानियों देवर ने प्रोपोज़ किया.

दोनों: हा जेठानी. और हम बहोत बहोत खुश है. आज हुम्हे हमारा प्यार मिल गया.

राधा: चलो बहोत अच्छी बात है.

दोनों: हआ और तेरी बदौलत हमारी होने वाली सास को भी पता चल गया.

राधा: मतलब. मैंने तोह उनको नहीं बताया.

दोनों: तूने यश को बताया.

राधा: हआ और उसने सिया को.

दोनों: और सिया ने सोनिया को बताया. और उसकी वजह से सबको पता चल गया.

राधा: ोोुःहुआ. चलो कोई नहीं एक न एक दिन तोह पता चलना hi था.

दोनों: हआ पर अब हुम्हे बहोत शर्म आरही है. इस तरह पता चलने से.

राधा: कोई नहीं. टेंशन ना ले. अब और सो जाओ. कल कॉलेज में तुमदोनो की टांग बहोत खींचने वाली है.

दोनों: पता है. दोनों जेठानी और ननद चैन से जीने नहीं देगीए.

राधा हसने लगती है.

राधा: ोककक गुड नाईट.

दोनों: गुड नाईट
 
अपडेट 40

इधर अग्रवाल मेन्शन में महक सिया से.



महक: सिया कल कोई शैतानी नहीं.



सिया: मैं तोह अच्छी बच्ची हु मैं क्यों शैतानी करुँगी.



महक: तेरी माँ हु. पता है मुझे कितनी अच्छी बच्ची है तू. मुझे पता है कल तुम तीनो शैतान उन् दोनों को बहोत परेशां करोगी.



सिया: माँ उन्होंने भी तोह किया था. थोड़ा सा तोह करुँगी hi. यह बोल हसने लगती है.



महक: कल उनको यहाँ ले आना. किरण श्रुति और शालिनी आएँगी उनसे मिलने के लिए.



सिया: बहोत जल्दी है उन्हें अपनी बहुओं से मिलने के लिए.



महक: उसके सर में मारते हुए. बहोत बोलने लगी हो.



सिया हसने लगती है.



महक: अब जाओ और सो जाओ.



सिया: गुड नाईट माँ.



महक: गुड नाईट.



फिर सिया आके अपने रूम में सो जाती है.



अगली सुबह सब कॉलेज आते है. जैसे hi मेघा और आरुषि आती है साड़ी लड़कियां उन्हें पकड़ लेती है.



दोनों को पता था आज पूरा दिन उनके साथ ऐसा hi होगा इसीलिए वह प्रेपर थी. तीनो मिलके उन्दोनो को बहोत परेशां करते है. वह दोनों तोह बस आरव और अवि को उम्मीद भरी नज़रो से देख रही थी. पर वह दोनों भी मजबूर थी.



थोड़ी देर बाद सब अपनी अपनी क्लासेज में जाते है. रेसस्स में सिया बोलती है.



सिया: हां तोह मेरी देवरानियों आज तुमदोनो को हमारे घर चलना है.



दोनों: अचानक किसलिए.



राधा: वह इस्सलिये क्योकि तुमदोनो की सास वह पे तुमदोनो को मिलने वाली है.



उन्दोनो के साथ आरव और अवि भी शॉक होजाते है.



चारो: Kyaaaaaaaaaa.



राधा: हा. और यह हमारी सास का आर्डर है तोह चुप चाप चलना.



दोनों: परररर.



सिया: कोई पर नहीं. और तुम दोनों भी चाहो तोह आसक्ति हो. इनविटेशन तोह नहीं है.



आरव और अवि: जरुरत भी नहीं है. हमारी बुआ और ममी का घर है. हम तोह जरूर आएंगे.



सिया: हां हां आजाना.



दोनों: राधा सिया यह जरुरी है. मतलब इतनी जल्दी.



राधा: टेंशन मत लो. वह बस तुमदोनो से अच्छे से मिलना चाहती है.



दोनों: यह सब इस सोनिया के वजह से हुआ है. हम तोह ठीक से तैयार भी नहीं होसकती.



सोनिया: हस्ते हुयी. अब होगया जो होना था. बच्चे की जान लोगे क्या.



आरव: अगर बच्चा तुझ जैसा हो तोह भगवन बचाये ऐसे बच्चे से.



अवि: सही कहा. कल माँ ने जो टांग खींची है वह बोलने लायक नहीं है.



सोनिया: ज्यादा मत बोलो. वर्ण बुआ से बोलडूँगी तोह शादी के पहले इनकी शकल तोह दुर्र आवाज़ भी नहीं सुनने मिलेगी.



आरव और अवि: ारी ऐसा मत कर माफ़ करदे. गलती होगयी.



सोनिया: अगली बार संभल के रहना. और तुम दोनों टेंशन मत लो. वह टीवी सेरिअल्स वाली जैसे नहीं है.



दोनों: जो भी हो. हुम्हे कितनी शर्म आरही है.



राधा: कोई नहीं. सब ठीक होजायेगा.



फिर सब अपनी बाकी की क्लास करके अग्रवाल मेन्शन आते है.



मेघा और आरुषि तोह टेंशन में थी.



वह सब घर के अंदर आते है तोह अब हॉल में hi बैठे हुए थी.



महक: ारी तुमसब आगये.



सिया: यस माँ.



महक: वह दोनों कहा है.



राधा: माँ हम भी आये है.



महक: ारी मेरी बच्ची. वह दोनों आज स्पेशल है. इसीलिए उनका पूछ रही हु.



सोनिया: यह रही दोनों.



महक: ारी बच्चो वह क्यों कड़ी यहाँ आओ.



दोनों बस अपना सर नीचे करके कड़ी थी. महक के बुलाने पे दोनों उसके पास आती है और पैरर चुने के लिए नीचे जाती है तोह महक उन्हें रोक लेती है.



महक: हमारे घर में बहु बेटियां पैरर नहीं छुट्टी. यह बोल उनको गले लगा लेती है.



किरण: दीदी हुम्हे भी मिलने दो हमारी बेटियों से.



फिर किरण श्रुति और शालिनी भी इन् दोनों से मिलते है. राधा भी इन् तीनो पैरर चुने जाती है बूत वह रुखः के गले लगा लेती है.



शालिनी: तुम सब वह क्यों खड़े हो. जाओ जाके फ्रेश होजाओ फिर साथ में लंच करेंगे. तब तक हम इनसे बात करले.



यश सिया आरव अवि सोनिया राधा चले जाते है. यहाँ इनदोनो को बहोत hi ज्यादा ावक्वार्ड फील होरहा था.



श्रुति: मेघा आरुषि घबराओ मत बस रिलैक्स करो.



दोनों: जीई.



शालिनी: अच्छा यह बताओ तुम्हारे घर में पता है.



दोनों: नहीं नहीं अभी किसी को कुछ नहीं पता है.



किरण: तोह अगर उनको पता चलता है तोह क्या वह गुस्सा करेंगे.



दोनों: नहीं नहीं वह ऐसा कुछ नहीं करेंगे.



महक: तोह तुमदोनो के पेरेंट्स क्या करते है.



दोनों: जी डैड बिजनेसमैन है और माँ हाउसवाइफ.



महक: ोू. वैसे क्या नाम है तुम्हारे पेरेंट्स का. शायद वह ुस्सदिन पार्टी में भी आये थी.



दोनों: जी हां. उनका नाम हर्षित मल्होत्रा और मीरा मल्होत्रा है.



महक: कही तुम्हारे डैड मल्होत्रा ग्रुप ऑफ़ कम्पनीज के ओनर तोह नहीं.



दोनों: जीई.



महक: ारी वाह उनके साथ तोह हमारे अच्छे रिलेशन्स है. इशांत बहोत मानते है तुम्हारे डैड को.



दोनों कुछ नहीं बोलती.



शालिनी: अच्छा है भाभी तोह हम भैया से बोलके इनके पेरेंट्स से बात करते है.



दोनों: इतनी भी जल्दी क्या है.



शालिनी: ारी जल्दी है हुम्हे. अगर बाद में तुमदोनो ने हमारे पागल बेटो को चोरर दिया तोह तुम जैसी सुन्दर अच्छी लड़कियां कहा मिलेगी उन्ही.



किरण और श्रुति: सही कहा शालिनी. अगर इनका मैं बाद में बदल गया तोह इनके जैसे सुन्दर अच्छी और प्यारी लड़कियां हमारे बेटो को फिर नहीं मिलने वाली.



दोनों लड़कियां शर्मा जाती है.



महक: मैं आज hi इशांत से बात करती हु. और जल्द से जल्द तुमदोनो का हाथ हमारे बेटो के लिए मांग लेती हु.



सिया: क्या बात है हुम्हे ऊपर भेज के यहाँ तोह शादी की बात होरही है. That’s नॉट फेयर माँ.



शालिनी: माँ की बच्ची तू यहाँ आ. बुआ की याद नहीं आती ना.



सिया: ारी ऐसे कैसे बुआ. आपकी याद तोह हमेशा आती है.



किरण और श्रुति: और ममियों की.



सिया: ारी सबकी याद आती है. चलिए अब जल्दी से लंच करते है.



फिर सब लंच करने लगते है. लंच के बाद मेघा और आरुषि अपने घर जाने के लिए निकल जाते है राधा भी उनके साथ hi चली जाती है.



इधर एक्स मिनिस्टर और शिवम् अपने घर में बैठे हुए थे.



शिवम्: डैड आप अभी तक चुप कैसे है.



एक्स मिनिस्टर: तू नहीं जानता वह कौन है. उनके एक कॉल से मेरी पोस्ट चली गयी. उनसे सीधा पन्गा लेना बेवकूफी होगी.



शिवम्: तोह क्या हम ऐसे hi बैठे रहे. उस यश और उसके बाप ने पुरे कॉलेज के सामने हमारी बेइज़ाती की. और हम उनका कुछ नहीं कर पाए.



एक्स मिनिस्टर: चिंता मत कर हमारी बेइज़ाती का बदला तोह हम लेके रहेंगे.



शिवम्: पर कैसे डैड.



फिर एक्स मिनिस्टर अपने बेटे को मत से हुई साड़ी बात बताता है.



शिवम्: वाह तोह कब क्या करना है.



एक्स मिनिस्टर: कुछ वक़्त पहले उसका कॉल आया था उसने कहा है सबसे पहले अग्रवाल एम्पायर को तबाह करेंगे. पहले उनकी पावर को ख़तम करेंगे फिर उनको.



शिवम्: तोह कैसे करेंगी.



एक्स मिनिस्टर: चिंता मत कर. उसके आदमी और हमारे आदमी मिलके आज अग्रवाल की एक फैक्ट्री को तबाह करेंगे. जिससे उन्हें बहोत बड़ा नुक्सान होगा.



शिवम्: वाह क्या बात है. पर उस यश को मैं नहीं छोड़ूंगा. और उसकी होने वाली 2 बीवियों को भी.



एक्स मिनिस्टर: अभी ऐसा कुछ मत करना.



शिवम्: पररर.



एक्स मिनिस्टर: बोलै ना.



शिवम् कुछ तोह नहीं बोलता पर मैं hi मैं कुछ डीडे कर लेता है.



इधर इनकी बाते उस लड़के के ग्रुप का एक मेंबर सुन्न रहा था जो वह उसस्के घर में लगाए हिडन कैमरा और माइक्रोफोन से सुन्न रहा था जो उसके एक आदमी ने कुछ दिन पहले hi लगा दिया था.



वह उस लड़के को कॉल करता है.



लड़का: हआ बोलो.



लड़का 1: एक्स मिनिस्टर और शिवम् ने कुछ प्लान किया है.



लड़का: क्या.



फिर लड़का 1 ने उस लड़के को सब बता दिया. और यह भी के शिवम् अग्रवाल के बहुओं को लेके कुछ सोचा है.



लड़का: हम्म उनका प्लान तोह मैं बर्बाद करदूंगा. तुम एक काम करो राधा और सिया की सिक्योरिटी और टाइट कार्डो.



लड़का 1: ठीक है.



फिर कॉल कट होजाता है.



रात को वह लड़का अपने घर से निकल के अपने ग्रुप के साथ उस फैक्ट्री के पास आता है और उन् आदमियों का वेट करने लगता है.



थोड़ी देर वेट करने के बाद वह कुछ 15 आदमी आते है. उन्हें देख कर लड़की 1 बोलती है.



लड़की 1: अकेले संभल लोगे या हेल्प चाहिए.



लड़का: अब इतने प्यार से बोलोगी तोह कोई कैसे मन करीब.



लड़की 1: ज्यादा नहीं बोल रहे हो. कॉल करू मैं उससे. सारा फ़्लर्ट एकबार में निकल देंगी.



लड़का: नहीं रहने दिए. चल आज हेल्प ले लेता हु. तू भी क्या याद रखेगी किस दिलदार से पाला पढ़ा है.



लड़की 2: साला नौटंकी. चल जल्दी.



फिर यह 5 जान उनके पास आते है.



लड़का: क्या बी खुद तोह किसी काम के नहीं और दुसरो की म्हणत को बर्बाद करने आगये. शर्म नहीं आती.



ा1: अभी कौन है तू चल निकल यहाँ से. वर्ण इस फैक्ट्री के साथ तुमलोगो को भी एहि जला देंगे.



लड़का: हलवा है क्या. आज तुमलोगो ने यह काम अपने हाथ में लेके अपनी ज़िन्दगी की आखरी गलती करदी.



ा1: आईए पहले इनको ठिकाने लगाओ फिर इस फैक्ट्री को.



अपने लीडर की बात सुनते hi वह सारे आदमी इनको मारने आते है.



एहलोग अपने अपने वेपन्स लेके तैयार खड़े थे. जैसे जैसे एहलोग आते है वैसे वैसे सब को काट देते.



कुछ 10 मीन्स में वह सिर्फ वह आदमी अकेला खड़ा था.



अपने आदमियों की ऐसी हालत देख कर वह आदमी डर जाता है और जल्दी से अपनी गन निकल के उस लड़के पे फायर कर देता है.



गोली उस लड़के के कंधे में लगती है. वह आदमी दूसरा फायर करता उसके पहले hi उस लड़का अपनी सोर्ड को उसस्के गले में घुसा दिया.



लड़की 1 जब देखती है उस लड़के को गोली लगी है तोह वह चिल्ला ठी.



लड़की 1: YASHHHHHHHHHHH.



यश: मैं ठीक हु माया. यह सब जल्दी से साफ़ कार्डो और इन् लाशो को उस एक्स मिनिस्टर के घर भेज दो.



माया: क्या ठीक हो. तुम्हे गोली लगी है. जल्दी से हॉस्पिटल चलो.



यश: माया मैंने कहा न मैं ठीक हु.



माया: चुप एकदम चुप. और चुप चाप हॉस्पिटल चलो. कारन ऋषि तुमलोग यहाँ का देखलो. मैं और रितिका हॉस्पिटल जाते है.



कारन: ठिक्क है.



फिर माया और रितिका यश को लेके एक हॉस्पिटल में जाते है वह का डॉक्टर उनको अच्छे से जानता था.



माया: कृष जल्दी से यश को देखो. इसको गोली लगी है.



कृष: माय गॉड.



फिर कृष जल्दी से यश का ट्रीटमेंट स्टार्ट करता है. इधर माया ने टेंशन में गलती से सिया को कॉल लगा दिया.



सिया: नींद में hi. हआ माया. वह तोह बहोत पहले hi निकल चूका है. पहुंचा नहीं.



माया: सिया वह यश यश को गोली लगी है.



सिया जब यह सुनती है तोह उसकी नींद उड़द जाती है और वह रोने लगती है.



सिया: रट हुए. Kyaaaaaaaaaa. कैसी. मेरा यश कहा है. कैसा है वह. मुझे जल्दी बताओ. मैं अभी आती हु.



माया: सिया हम उसको लेके कृष के पास आये है. उसका ट्रीटमेंट होरहा है.



सिया: रट हुए. मैं मैं अभी आती हु. कुछ नहीं होगा मेरे यश को. मैं आती हु.



सिया जल्दी से रट हुए वह से चुपके से निकल जाती है और जल्दी से हॉस्पिटल पहुंचती है. वह पे माया रितिका खड़े थे. कारन और ऋषि भी आचुके थे.
 
अपडेट 41

सिया: माया कहा है मेरा यश. कैसा है वह. वह ठीक तोह है ना. कुछ बोलती क्यों नहीं हो तुम.



माया: वह ठीक है. गोली उसके कंधे में लगी थी. अभी आराम कर रहा है.



सिया जब यह सुनती है तोह उसका रोना बढ़ जाता है.



माया: सिया सम्भालो खुद को वह अब ठीक है.



सिया: कहा है मेरा यश. मुझे प्लीज उसके पास ले चलो. मुझे मेरे यश के पास जाना है.



माया: सिया शांत हो जाओ. मैं ले चलती हु.



फिर माया सिया को लेके यश के पास जाती है जहा वह एक बीएड में लेता हुआ था.



सिया: रट हुए. यशःह्ह्ह्ह.



यश सिया की आवाज़ सुनके टेंशन में आजाता है.



यश: सिया तुम यहाँ.



सिया दौड़ के उसके पास जाके उसके गले लग जाती है और रोने लगती है.



यश: सिया रो मत. मैं ठीक हु. प्लीज रो मत्तट.



सिया बस रट रहती है.



यश उसके बालों को सेहला के. सिया चुप होजाओ. तुम्हे पता है तुम्हारी आँखों में आंसू मुझे अच्छे नहीं लगते. प्लीज चुप होजाओ.



सिया: कैसे हो तुम.



यश: मैं बिलकुल ठीक हु.



सिया: जब माया ने मुझे बताया तुम्हे गोली लगी है मेरी तोह जान hi निकल गयी थी. अगर तुम्हे कुछ होजाता तोह मैं भी ज़िंदा नहीं रहती. यह कह के फिर उसके गले लग रोने लगती है.



यश: मैं ठीक हु सिया. मत रो. और आज के बाद कभी यह मरने की बात मत करना. तुम जान हो मेरी.



सिया: दिखाओ मुझे कहा लगा.



यश उसको दिखता है.



सिया उसके घाव को देखती है तोह उसके आंसू निकलने लगते है. यश ने उसके आंसू पॉच दिए.



सिया: कितना लगा है और बोलते हो कुछ नहीं हुआ.



यश: ारी सच में कुछ नहीं हुआ वह तोह कृष ने इतना बड़ा ड्रेसिंग किया है.



सिया: तुम चुप रहो और आज के बाद यह सब कुछ नहीं करोगे.



यश: ी ऍम सॉरी सिया बूत यह करना hi होगा.



सिया: यश आज तोह कंधे में लगी कल को अगर कुछ ज्यादा होगया तोह हमारा क्या होगा. माँ डैड बाकी फॅमिली मेंबर्स मेरा और राधा का क्या होगा. हम दोनों की जान तोह तुम्हारे अंदर hi बस्ती है.



यश: ी ऍम सॉरी सिया. अगली बार से मैं ध्यान रखूँगा. प्लीज चुप होजाओ.



सिया उसके गले लग जाती है.



यश: मायाआआआ.



माया: ी ऍम सॉरी यश. मैं घबरा गयी थी इसीलिए सिया को कॉल करदिया.



सिया: यश माया को कुछ मत बोलना.



माया: धीरे से. बछ गयी माया.



यश आगे कुछ नहीं बोलता.



अभी सिया कुछ कहती तभी उसका फ़ोन बजता है. वह देखती है राधा का कॉल है.



सिया: हआ राधा इतनी रात को कॉल किया सब ठीक है ना.



राधा: सिया सिया यश कहा है. मुझे अभी उससे बात करनी है. मुझे बहोत घबराहट होरही है.



सिया: क्या हुआ राधा तुम ठीक हो ना.



राधा: मुझे यश की बहोत फ़िक्र होरही है. मैंने अभी सपना देखा यश को कुछ हुआ है. और यश के लिए मेरा देखा गया सपना कभी गलत नहीं होता. प्लीज बताओ ना कहा है यश. मुझे बहोत टेंशन होरहा.



सिया: राधा वह यश.



राधा: सिया तुम्हे मेरी कसम प्लीज बताओ ना कहा है यश. वह ठीक तोह है ना उसका फ़ोन भी बंद आरहा है. प्लीज बताओ ना.



सिया: राधा वह यश हॉस्पिटल में है.



राधा: रट हुए. Kyaaaaaaaaaaaaaaa. क्या हुआ है मेरे यश को. कौन से हॉस्पिटल में है. मुझे बताओ मैं अभी आती हु.



सिया: राधा राधा शांत होजाओ. यश अब ठीक है. लो बात करो.



राधा: यश यश क्या हुआ है तुम्हे. कैसे हो तुम. तुम कुछ बोलते क्यों नहीं. बोलो न यश क्या हुआ है. तुम मुझे एड्रेस दो मैं अभी आती हु.



यश: राधा मैं ठीक हु. बस गोली लगी है कंधे में. मुझे कुछ नहीं हुआ है.



राधा: क्याआआआ गोलीइइइइइ.



यश: राधा शांत होजाओ. मैं ठीक हु. प्लीज रोना बंद करो. तुम्हे पता है ना मुझे तुम्हारी और सिया की आँखों में आंसू पसंद नहीं.



राधा: मैं अभी तुम्हारे पास आउंगी. तुम कहा हो बोलो.



यश: राधा अभी बहोत रात होगयी है. और अभी हम घर hi जा रहे है. तुम टेंशन मत लो.



राधा: यहाँ तुम्हे गोली लगी है मेरी जान निकल रही है और तुम बोल रहे हो मैं तुम्हारे पास ना औ. टेंशन ना लू.



यश: राधा मैं अभी ठीक हु. तुम एक काम करो कल सुबह घर आजाना. अभी इतनी रात को अगर तुम आओगी तोह अंकल आंटी को सब पता चल जायेगा फिर उनसे माँ डैड और तुमको पता है ना अभी उनको बताने का सही वक़्त नहीं आया है.



राधा: पर अब जब तक मैं तुम्हे नहीं देखूंगी मुझे चैन नहीं ाएगाआ.



यश: बस कुछ घंटे और वेट करलो. और प्लीज टेंशन मत लेना. मैं ठीक हु अब.



राधा: पलासी यशःह्ह्ह.



यश: राधाआ मैंने कहा ना बस सुबह होने में कुछ देर hi बाकी है. तुम सुबह होते hi आजाना.



राधा: हम्म्म.



यश: राधा रो मत्तत्त.



राधा: मुझसे नहीं होरहा है यशःह्ह.



यश: प्लीज मत रूऊ. अगर तुम रोगी तोह मुझे ज्यादा दर्द होगा.



राधा: नहीं मैं नहीं रोउंगी. मैं तुमको बिलकुल दर्द नहीं दूंगी.



यश: गुड गर्ल. अच्छा अब मैं रखता हु.



राधा: अपना ख्याल रखना.



फिर कॉल कट होजाता है.



यश: सियाआ.



सिया: सॉरी यश राधा ने अपनी कसम दी थी.



यश: हम्म्म.



सिया: कृष क्या अब यश ठीक है. इसको घर ले जाए.



कृष: हआ. झखम ज्यादा नहीं है. 2-3 दिन में ठीक होजायेगा. बस उसमे पानी मत लगने देना. और यह मेडिसिन देते रहना. और तुम खुद मेडिकल स्टूडेंट हो. तोह बस रोज इसकी ड्रेसिंग करदेना.



सिया: ठीककक है. थैंक यू कृश्ह्ह.



कृष: सिया. मैं एक डॉक्टर हु. और उससे पहले हम बहोत अच्छे दोस्त है. और दोस्ती में no सॉरी no थैंक यू.



सिया: ोककक. तोह चले.



यश: हम्म्म.



सिया: माया कारन रितिका ऋषि अब कुछ दिन तक यह कोई काम नहीं करेगा.



यश: पररर.



सिया: यह मेरा आर्डर है.



यश: ोककक.



सब: ोककक.



फिर सिया यश को संभल के घर लाती है. और सबकी नज़रो से बचा के उसके रूम में ले जाती है.



जबसे हॉस्पिटल से निकले थे सिया यश से कोई बात नहीं कर रही थी.



यश: सिया.



सिया कोई रिस्पांस नहीं करती.



यश: सिया. यहाँ आओ.



सिया कुछ नहीं बोलती बस उसके पास जाके बैठ जाती है.



यश: नाराज़ हो.



सिया: मैं होती कौन हु. नाराज़ होने वाली. तुम्हे तोह मेरी परवाह hi नहीं है.



यश: ऐसा मत बोलो सिया. तुम तोह मेरी जान हो. तुम्हारे बिना और राधा के बिना तोह मैं कुछ भी नहीं हु.



सिया: अगर अपनी जान मानते तोह इतना बड़ा खतरा नहीं उठाते.



यश: ी ऍम सॉरी सिया. गलती होगयी. अगली बार ऐसा नहीं होगा. प्लीज माफ़ कार्डो.



सिया कुछ नहीं बोलती बस उसके सीने से लग जाती है.



यश भी उसको ऐसे hi अपने बाँहों में लेके सो जाता है.



इधर राधा की तोह नींद hi उड़द चुकी थी. उसको रह रह के रोना आरहा था. पर वह रो नहीं सकती थी. वह बस सुबह होने का hi वेट कर रही थी.



कुछ देर बाद सुबह होजाती है. वह जल्दी से तैयार होक नीचे आती है और भगति हुई बहार जाने लगती है.



संजना: राधा कहा जा रही हो इतनी सुबह सुबह. कॉलेज में तोह टाइम है ना.



राधा: हआ वह मैं यश के पास जा रही हु.



संजना: राधा ऐसे रोज रोज शादी से पहले ससुराल जाना अच्छा नहीं.



राधा: सॉरी माँ बूत अभी मेरा जाना बहोत जरुरी है.



संजना: क्या बात है तुम टेंशन में क्यों हो.



राधा: वह वह हां वह यश की थोड़ी तबियत ख़राब होगयी है सिया का कॉल आया था.



संजना: क्या यश की तबियत ख़राब है. क्या हुआ है उसको.



राधा: कुछ नहीं माँ बस थोड़ा सर दर्द कर रहा था उसका.



संजना: क्याआ.



राधा: यस माँ. अच्छा मैं चलती हु. मुझे बहोत टेंशन होरही है. यह बोल वह वह से भाग जाती है.



संजना: यह पागल होगयी है या पागल कर रही है. सिर्फ सर दर्द के लिए इतना टेंशन. अगर ऐसा hi रहा तोह यह तोह उस घर से आना hi नहीं चाहेगी.



इधर राधा जल्दी से अपनी कार से अग्रवाल मेन्शन आजाती है.



महक राधा को इतनी सुबह वह देख कर पूछती है.



महक: राधा बच्चा इतनी सुबह यहाँ सब ठीक है ना.



राधा: हआ माँ वह यश की तबियत थोड़ी ख़राब है तोह बस देखने आयी थी.



महक: राधा उसको बस थोड़ा सर दर्द और बॉडी पैन है.



राधा: हआ पर मुझसे रहा नहीं गया. इसीलिए आगयी.



महक: पागल कही की. जा अपने रूम में है. एक पागल रात से वही बैठी है.



राधा भग्ग के यश के रूम में जाती है तोह देखती है यश बीएड में लेता हुआ है.



राधा यश को देखते hi रोने लगती है.



यश: राढाआआ.



राधा भग्ग के यश के गले लग जाती है और रोने लगती है.



यश: राधा चुप होजाओ. मैं ठीक हु.



राधा: कैसे हो तुम. ठीक हो न. अगर तुम्हे कुछ होजाता है तोह हमारा क्या होता. मैं तोह जीते जी मर जाती.



यश: ऐसा नहीं बोलते राधा. मैं अब ठीक हु. प्लीज रोना बंद करो.



राधा रोना तोह बंद करती है पर उसके गले लगी hi रहती है.



सिया: राधा अब चोरर दो उससे. तुमने उसको वही से गले लगाया है जहा चोट है.



राधा: क्या. सॉरी सॉरी यश. दर्द होरहा होगा ना सॉरी. मुझे पता नहीं था. ी ऍम सॉरी यश.



यश: ारी ारी कुछ नहीं हुआ है ठीक है. Don’t वोर्री बिलकुल दर्द नहीं होरहा है.



राधा: सच कह रहे हो ना.



यश: बिलकुल मेरी जान.



राधा: सिया डॉक्टर ने क्या बोला.



सिया: 2-3 दिन के अंदर ठीक होजायेगा.



राधा: थैंक गॉड. अब बताओ कैसे हुआ यह सब.



फिर यश उन्हें सबकुछ बताता है.



राधा: अब यह सब मत करो यश.



यश: ी ऍम सॉरी राधा. तुम्हे पता है ना क्यों कर रहा हु. ताकि फ्यूचर में हमसब शांति से सुकून से जी सके. और फिर मुझे बदला भी लेना है. उनको उनके किये की सजा भी मिलेगी.



दोनों: और अगर तुम्हे कुछ होगया तोह.



यश: अब मैं अपना पूरा ध्यान रखूँगा. अच्छा यह बताओ तुमने तोह नाश्ता किया नहीं होगा.



राधा: तुम्हे जब तक देखती नहीं मेरे गले से एक निवाला नहीं उतरता.



सिया: तुम बैठो मैं अभी हमारे लिए नाश्ता ले आती हु.



यश: ारी हम नीचे चलते है ना.



दोनों: चुप चाप एहि पे लेते रहो. कही नहीं जाना है तुम्हे. तुम्हारा हर काम कर देंगे. और खाना भी एहि पे खाएंगे. इस कमरे से बहार कदम नहीं रखोगी.



फिर सिया जाके अपने लिए और उन् दोनों के लिए नाश्ता ले आती है. फिर तीनो मिलके नाश्ता करते है.



राधा: चलो अब मेडिसिन लो और आराम करो. हम दोनों एहि है.



यश: ारी तुमदोनो कॉलेज जाओ. मैं ठीक हु.



दोनों: हमारे लिए कॉलेज से ज्यादा इम्पोर्टेन्ट तुम हो. इसीलिए चुप चाप आराम करो.



यश आगे कुछ नहीं बोलता.



इधर एक्स मिनिस्टर अपने आदमियों की लाशें देख कर शॉक होजाता है.



एक्स मिनिस्टर: किसने मारा इनको. किसी को इनके बारे में पता नहीं था.



शिवम्: डैड कही किसी ने हुम्हे डबल क्रॉस तोह नहीं किया.



एक्स मिनिस्टर: पता नहीं. अगर इशांत अग्रवाल को इसके बारे में पता चला तोह वह हुम्हे छोड़ेगा नहीं.



शिवम्: डैड आप उस मत से बात कीजिये ना.



फिर एक्स मिनिस्टर मत को कॉल लगाके साड़ी बात बताता है. वह भी यह सुनके शॉक होजाता है और कुछ दिन के लिए शांत रहने को बोलता है.
 
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