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- Dec 5, 2013
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थोड़ी देर में कार अग्रवाल मेन्शन पहुंच जाती है. जहा महक बहार hi कड़ी थी. क्योकि यश ने कॉल करके बोल्दिया था के सोनिया के साथ सिया आएगी. पर जब वह राधा को देखती है तोह थोड़ा शॉक होती है.
महक: सिया तुम राधा के साथ. तुम तोह सोनू के साथ आने वाली थी न.
राधा: हां आंटी पर सोनिया भूल गयी थी के वह आरव के साथ hi आयी थी इसीलिए मैं ले आयी.
महक: थैंक यू सो मच बीटा. आओ अंदर आओ.
राधा: नहीं आंटी फिर कभी. माँ वेट कर रही होंगी.
महक: संजना को मैं देख लुंगी. तुम आओ अंदर. और सिया क्या हुआ तुम्हारा चेहरा इतना उतरा हुआ क्यों है. क्या हुआ है सिया.
सिया कुछ नहीं बोलती बस अंदर भाग जाती है.
महक को टेंशन होजाती है. राधा क्या हुआ है.
राधा भी कुछ नहीं बोल सकती. उसका भी चेहरा उतर जाता है.
महक: अंदर आओ.
राधा महक के पीछे पीछे अंदर आती है.
महक अंदर आके सीधा सिया के रूम में जाती है. जब वह सिया के रूम में जाती है तोह वह देखती है सिया बीएड पे उलटी होक सो रही है. राधा भी पीछे पीछे आती है.
महक सिया के पास जाके उसको उठती है तोह सिया महक के गोड़ में मुँह चुपके रोने लगती है.
सिया का ऐसा रोना महक को सेहन नहीं होता. वह जल्दी से सिया को उठती है.
महक: सिया बच्चा क्या हुआ है. क्यों रो रही हो. तू तोह मेरा बहादुर्र बच्चा है ना. क्या हुआ है. बोलो. तुम्हे पता है ना हुम्हे तुम्हारी आँख में आंसू बिलकुल नहीं पसंद है. चुप करो सिया. अगर यश ने तुम्हारी आँखों में आंसू देख लिया तोह वह सब कुछ बर्बाद कर देगा. तुम जानती हो ना उसका गुस्सा.
सिया यश का नाम सुनके hi शांत होजाती है. वह अपने चेहरा ऊपर उठती है उसकी आँखे लाल होगयी थी.
यह देख कर महक का डिल देहल जाता है.
महक: सियाआ क्या हुआ है बताओ. तुम्हे यश की कसम बताओ.
सिया: मॉम्म. बस यह बोल फिर रोने लगती है.
महक: मत रो मेरी बच्ची. चुप होजाए. प्लीज बोलना मेरा बच्चा क्या हुआए है. राधा क्या हुआ है. तुम तोह बोलो.
राधा भी वह कड़ी होक रोने लगती है.
महक अब राधा को रट देख और टेंशन में आजाती है.
महक: राधाआ बेटा क्या हुआए हैई तुममम क्यों रू रहीए हो. यहाँ आओ.
राधा दौड़ के महक के पास आती है और उसके गले लग के रोने लगती हैई.
महक: राधा बेटा चुप्प होजावू क्या हुआ है. तुम दोनों ऐसी क्यों रो रही हो. चुप्प होजाओ. तुम दोनों को मेरी कसम चुप करो. अब कोई नहीं रोयेगा. और मुझे बताओ क्या हुआ है.
दोनों कुछ नहीं बोलती बस चुप चाप बैठी रहती है.
महक: राधा सिया बताओ क्या हुआ है.
दोनों चुप hi रहती है.
महक: अगर तुम दोनों कुछ बोलोगी नहीं तोह मुझे कैसे पता चलेगा. बोलु.
सिया तुम बताओ मुझे क्या हुआ है. पूरी बात बताओ.
सिया हिम्मत करके महक को सब कुछ बता देती है. उसके बाद दोनों चेहरा नीचे करके बैठी रहती है.
महक सब कुछ सुनती है समझती है. फिर बोलती है.
महक: दोनों चेहरा ऊपर करो.
दोनों वैसे hi रहती है.
महक: थोड़ा जोरर से. मैंने कहा चेहरा ऊपर करो.
दोनों सेहम जाती है और चेहरा ऊपर करती है.
महक: तोह दोनों यश से प्यार करती हो.
दोनों हां में गर्दन हिला देती है.
महक: कितना प्यार करती हो.
दोनों एकसाथ बोलती है बेइन्तेहाँ मोहोब्बत. उसके बिना हम जी नहीं पाएंगे. वह हमारी ज़िन्दगी है.
महक: और अगर वह नहीं मिला तोह.
दोनों के आँखों में आंसू आजाते है. और बोलते है. हम मर्डर जाएंगी.
महक: यश के लिए क्या कर सकती हो.
दोनों: उसके लिए कुछ भी कर सकते है.
महक: उसके लिए एकदूसरे को एक्सेप्ट कर सकती हो.
दोनों हैरानी के साथ पहले एकदूसरे को फिर महक को देखते है.
महक: मैंने पूछा दोनों एकदूसरे को एक्सेप्ट कर सकती हो.
दोनों: क्या हमारे ऐसा करने से हुम्हे यश मिल जायेगा.
महक: मिलेगा क्या नहीं वह बाद की बात है. क्या दोनों एक दूसरे को एक्सेप्ट कर सकोगी.
दोनों: अगर हमारे एकदूसरे को एक्सेप्ट करने हुम्हे यश मिलता है तोह हम तैयार है.
महक: दोनों को सौतन की तरह नहीं बेहेन की एक्सेप्ट करना होगा. अगर दोनों के dil-o-dimaag में 0.1% भी सौतन की जेएलओसी की फीलिंग आयी तोह उसी वक़्त यश से हमेशा हमेशा के लिए अलग करदी जाओगी.
दोनों: नहीं हम ऐसा बिलकुल नहीं करेंगे. हम प्रॉमिस करते है. यश के लिए कुछ भी करेंगे.
महक: तोह सुनने यश के जीवन में 2 जीवन संगिनिया लिखी हुई थी.
दोनों: शॉक से. क्याआआआ.
महक: हआ. और वह दोनों जीवन संगिनिया तुम दोनों पागल हो. जिसमे एक पागल उसका कवच है तोह दूसरी पागल उसकी शक्ति. इसीलिए मुझे इस्बात से हैरानी नहीं हुई. क्योकि मुझे यह बात पहले से पता थी आज नहीं तोह कल 2 जान को लेके ऐसा होगा.
दोनों कुछ नहीं बोलती बस चेहरा नीचे कर शर्माने लगती है.
महक: अब शर्माना बंद करो. और मुझे एक बात बताओ. राधा का तोह समाज आता है. पर सिया तुम कैसे.
सिया: माँ यह मुझे भी नहीं पता के कैसे मैं यश से प्यार कर बैठी. मेरी लाइफ में लड़के नाम पे बस यश hi है. हमेशा से मैंने यश को hi देखा है. उसका केयर करना प्यार जाताना मस्ती करना यह सब मेरे दिल में उसके लिए प्यार को और मजबूत करते गए. और यह प्यार भाई बेहेन से कब लड़का लड़की वाला होगया. मुझे खुद पता नहीं चला. पर माँ क्या यश मुझे एक्सेप्ट करेगा. वह तोह राधा को प्यार करता है.
महक: मैं हु ना तू चिंता मत कर. वह जरूर एक्सेप्ट करेगा. और तुम दोनों को करेगा.
दोनों जाके महक के गले लग जाती है और बोलती है थैंक यू माँ थैंक यू आंटी.
महक: अब माँ बोलने की आदत दाल लो राधा.
राधा शर्मा जाती है.
महक: चलो अब लंच करलो. जल्दी से फ्रेश होक नीचे आओ.
यह बोल महक नीचे चली जाती है और वह जाके संजना को कॉल करके बोलदेति है राधा उसके पास है टेंशन ना ले.
इधर राधा और सिया अभी भी वैसे hi खड़े थे.
सिया: राधा.
राधा: हम्म्म.
सिया: क्या तुम इसके लिए दिल से रेडी हो.
राधा: मैं यश के लिए कुछ भी करुँगी. क्या तुम तैयार हो.
सिया: यश मेरी ज़िन्दगी है. उसके लिए 1 क्या मैं 10 एक्सेप्ट करलु.
यह बोल दोनों एकदूसरे को गले लगा लेते है.
सिया: तुमने और माँ ने तोह करलिया. माँ डैड को भी मन लेगी. पर जिसके लिए यह सबकुछ होरहा है अगर उसने hi ना किया तोह मेरा क्या होगा.
राधा: चिंता मत करूओ. सिया. हम ठिक्क उसको मन लेंगे. और मानेगा नहज तोह जाएगा कहा. किसी और के पास गया तोह टांग ना टॉड दे.
सिया: हम्म्म. चलो तुम जल्दी से जाके फ्रेश होजाओ. तब तक मैं दूसरे रूम में जाके फ्रेश होजाती हु.
फिर दोनों जल्दी से जाके फ्रेश होते है और नीचे आते है और लंच करने लगते है.
सिया: माँ.
महक: हआ बोलो.
सिया: डैड मानेगे ना.
महक: उनको मैं देख लुंगी. तुम चिंता मत करो. मेरे लिए मेरे बच्चो की ख़ुशी ज्यादा इम्पोर्टेन्ट है. और यश को मैं अपने स्टाइल में समझाउंगी. कोई रिएक्शन मत करना दोनों.
दोनों: ोककक.
थोड़ी देर बाद एहलोग लंच कम्पलीट करते है. फिर राधा बोलती है.
राधा: अच्छा आंटी अब मैं चलती हु. माँ वेट कर रही होंगी.
महक: ठीक है. और आज जो भी बाते हुई वह संजना को मत बताना. मैं खुद आउंगी तेरे घर तू लेने के लिए.
राधा: शर्मा के. जीई.
फिर राधा महक के पैरर चुके और सिया के गले लग के वह से निकल के अपने घर आती है.
इधर सिया महक के गॉड में सर रख के पूछती है.
सिया: माँ एक बात पुछु.
महक: एहि ना के मैंने कुछ रियेक्ट क्यों नहीं किया.
सिया: हम्म्म.
महक: पहली बात मैं एक माँ हु. अपने बच्चे की ख़ुशी मेरे लिए सबसे पहले है. और दूसरी बात मुझे यह बात पहले से पता है तू यश से प्यार करती है.
सिया: शॉक से. कैसी. मैंने तोह यह बात कभी किसी को नहीं बताई. फिर आपको कैसे पता चली.
महक: सिया के सर को सहलाते हुए. कहा ना एक माँ हु. मेरे बच्चे की ख़ुशी किस्मे है यह एक माँ को पता होता है. और याद है जब हम लास्ट टाइम तुमलोगो से मिलने लंदन गए थे.
सिया: हां 1.5 साल पहले. मेरे बर्थडे पे.
महक: हम्म उस वक़्त मुझे पता चला. रात को जब तू मेरे साथ सो रही थी. तब तूने खुद नींद में बोलै था.
सिया: व्हाटट. क्या कहा था मैंने. और तब आपने मुझे कुछ क्यों नहीं कहा.
महक: तूने कहा था ी लव यू यश. मैं तुमसे बहोत प्यार करती हु. मैं तुम्हे खुद से दररर नहीं देख सकती ेट्स ेट्स. पहले तोह हुम्हे बहोत अजीब लगा और बुरा भी लगा. पर जब मैंने तुझे ऑब्सेर्वे किया जिस तरह से तू मेरे यश का ख्याल रखती है उससे समझती है और यश तेरे साथ खुश रहता है तुझे ना देखने से एकदम बेचैन होजाता है. उसी वक़्त मैंने तय कर लिया था. अगर तू चाहेगी तोह तुझे तेरा प्यार जरूर दिलवाऊंगी. और आज तूने मांग लिया.
सिया: थैंक यू माँ. मुझे समझने के लिए. मेरा प्यार समझने के लिए. अगर मुझे मेरा यश ना मिलता तोह में शायद ज़िंदा ना रहती. जिस यश ने मुझे यह नयी ज़िन्दगी दी मेरी यह ज़िन्दगी उसकी है माँ.
महक: चुप पागल. और फिर कभी यह मरने की बात ना करना.
सिया: सॉरी माँ. बूत क्या यश मानेगा.
महक: मैंने कहा ना. मैं उससे बात करुँगी. तू टेंशन मत लेना. और परसो घर में पार्टी है. तोह जाओ उसकी तैयारी करो.
सिया: थैंक यू माँ. यह कह के वह अपने कमरे में भग्ग जाती है.
थोड़ी देर में कार अग्रवाल मेन्शन पहुंच जाती है. जहा महक बहार hi कड़ी थी. क्योकि यश ने कॉल करके बोल्दिया था के सोनिया के साथ सिया आएगी. पर जब वह राधा को देखती है तोह थोड़ा शॉक होती है.
महक: सिया तुम राधा के साथ. तुम तोह सोनू के साथ आने वाली थी न.
राधा: हां आंटी पर सोनिया भूल गयी थी के वह आरव के साथ hi आयी थी इसीलिए मैं ले आयी.
महक: थैंक यू सो मच बीटा. आओ अंदर आओ.
राधा: नहीं आंटी फिर कभी. माँ वेट कर रही होंगी.
महक: संजना को मैं देख लुंगी. तुम आओ अंदर. और सिया क्या हुआ तुम्हारा चेहरा इतना उतरा हुआ क्यों है. क्या हुआ है सिया.
सिया कुछ नहीं बोलती बस अंदर भाग जाती है.
महक को टेंशन होजाती है. राधा क्या हुआ है.
राधा भी कुछ नहीं बोल सकती. उसका भी चेहरा उतर जाता है.
महक: अंदर आओ.
राधा महक के पीछे पीछे अंदर आती है.
महक अंदर आके सीधा सिया के रूम में जाती है. जब वह सिया के रूम में जाती है तोह वह देखती है सिया बीएड पे उलटी होक सो रही है. राधा भी पीछे पीछे आती है.
महक सिया के पास जाके उसको उठती है तोह सिया महक के गोड़ में मुँह चुपके रोने लगती है.
सिया का ऐसा रोना महक को सेहन नहीं होता. वह जल्दी से सिया को उठती है.
महक: सिया बच्चा क्या हुआ है. क्यों रो रही हो. तू तोह मेरा बहादुर्र बच्चा है ना. क्या हुआ है. बोलो. तुम्हे पता है ना हुम्हे तुम्हारी आँख में आंसू बिलकुल नहीं पसंद है. चुप करो सिया. अगर यश ने तुम्हारी आँखों में आंसू देख लिया तोह वह सब कुछ बर्बाद कर देगा. तुम जानती हो ना उसका गुस्सा.
सिया यश का नाम सुनके hi शांत होजाती है. वह अपने चेहरा ऊपर उठती है उसकी आँखे लाल होगयी थी.
यह देख कर महक का डिल देहल जाता है.
महक: सियाआ क्या हुआ है बताओ. तुम्हे यश की कसम बताओ.
सिया: मॉम्म. बस यह बोल फिर रोने लगती है.
महक: मत रो मेरी बच्ची. चुप होजाए. प्लीज बोलना मेरा बच्चा क्या हुआए है. राधा क्या हुआ है. तुम तोह बोलो.
राधा भी वह कड़ी होक रोने लगती है.
महक अब राधा को रट देख और टेंशन में आजाती है.
महक: राधाआ बेटा क्या हुआए हैई तुममम क्यों रू रहीए हो. यहाँ आओ.
राधा दौड़ के महक के पास आती है और उसके गले लग के रोने लगती हैई.
महक: राधा बेटा चुप्प होजावू क्या हुआ है. तुम दोनों ऐसी क्यों रो रही हो. चुप्प होजाओ. तुम दोनों को मेरी कसम चुप करो. अब कोई नहीं रोयेगा. और मुझे बताओ क्या हुआ है.
दोनों कुछ नहीं बोलती बस चुप चाप बैठी रहती है.
महक: राधा सिया बताओ क्या हुआ है.
दोनों चुप hi रहती है.
महक: अगर तुम दोनों कुछ बोलोगी नहीं तोह मुझे कैसे पता चलेगा. बोलु.
सिया तुम बताओ मुझे क्या हुआ है. पूरी बात बताओ.
सिया हिम्मत करके महक को सब कुछ बता देती है. उसके बाद दोनों चेहरा नीचे करके बैठी रहती है.
महक सब कुछ सुनती है समझती है. फिर बोलती है.
महक: दोनों चेहरा ऊपर करो.
दोनों वैसे hi रहती है.
महक: थोड़ा जोरर से. मैंने कहा चेहरा ऊपर करो.
दोनों सेहम जाती है और चेहरा ऊपर करती है.
महक: तोह दोनों यश से प्यार करती हो.
दोनों हां में गर्दन हिला देती है.
महक: कितना प्यार करती हो.
दोनों एकसाथ बोलती है बेइन्तेहाँ मोहोब्बत. उसके बिना हम जी नहीं पाएंगे. वह हमारी ज़िन्दगी है.
महक: और अगर वह नहीं मिला तोह.
दोनों के आँखों में आंसू आजाते है. और बोलते है. हम मर्डर जाएंगी.
महक: यश के लिए क्या कर सकती हो.
दोनों: उसके लिए कुछ भी कर सकते है.
महक: उसके लिए एकदूसरे को एक्सेप्ट कर सकती हो.
दोनों हैरानी के साथ पहले एकदूसरे को फिर महक को देखते है.
महक: मैंने पूछा दोनों एकदूसरे को एक्सेप्ट कर सकती हो.
दोनों: क्या हमारे ऐसा करने से हुम्हे यश मिल जायेगा.
महक: मिलेगा क्या नहीं वह बाद की बात है. क्या दोनों एक दूसरे को एक्सेप्ट कर सकोगी.
दोनों: अगर हमारे एकदूसरे को एक्सेप्ट करने हुम्हे यश मिलता है तोह हम तैयार है.
महक: दोनों को सौतन की तरह नहीं बेहेन की एक्सेप्ट करना होगा. अगर दोनों के dil-o-dimaag में 0.1% भी सौतन की जेएलओसी की फीलिंग आयी तोह उसी वक़्त यश से हमेशा हमेशा के लिए अलग करदी जाओगी.
दोनों: नहीं हम ऐसा बिलकुल नहीं करेंगे. हम प्रॉमिस करते है. यश के लिए कुछ भी करेंगे.
महक: तोह सुनने यश के जीवन में 2 जीवन संगिनिया लिखी हुई थी.
दोनों: शॉक से. क्याआआआ.
महक: हआ. और वह दोनों जीवन संगिनिया तुम दोनों पागल हो. जिसमे एक पागल उसका कवच है तोह दूसरी पागल उसकी शक्ति. इसीलिए मुझे इस्बात से हैरानी नहीं हुई. क्योकि मुझे यह बात पहले से पता थी आज नहीं तोह कल 2 जान को लेके ऐसा होगा.
दोनों कुछ नहीं बोलती बस चेहरा नीचे कर शर्माने लगती है.
महक: अब शर्माना बंद करो. और मुझे एक बात बताओ. राधा का तोह समाज आता है. पर सिया तुम कैसे.
सिया: माँ यह मुझे भी नहीं पता के कैसे मैं यश से प्यार कर बैठी. मेरी लाइफ में लड़के नाम पे बस यश hi है. हमेशा से मैंने यश को hi देखा है. उसका केयर करना प्यार जाताना मस्ती करना यह सब मेरे दिल में उसके लिए प्यार को और मजबूत करते गए. और यह प्यार भाई बेहेन से कब लड़का लड़की वाला होगया. मुझे खुद पता नहीं चला. पर माँ क्या यश मुझे एक्सेप्ट करेगा. वह तोह राधा को प्यार करता है.
महक: मैं हु ना तू चिंता मत कर. वह जरूर एक्सेप्ट करेगा. और तुम दोनों को करेगा.
दोनों जाके महक के गले लग जाती है और बोलती है थैंक यू माँ थैंक यू आंटी.
महक: अब माँ बोलने की आदत दाल लो राधा.
राधा शर्मा जाती है.
महक: चलो अब लंच करलो. जल्दी से फ्रेश होक नीचे आओ.
यह बोल महक नीचे चली जाती है और वह जाके संजना को कॉल करके बोलदेति है राधा उसके पास है टेंशन ना ले.
इधर राधा और सिया अभी भी वैसे hi खड़े थे.
सिया: राधा.
राधा: हम्म्म.
सिया: क्या तुम इसके लिए दिल से रेडी हो.
राधा: मैं यश के लिए कुछ भी करुँगी. क्या तुम तैयार हो.
सिया: यश मेरी ज़िन्दगी है. उसके लिए 1 क्या मैं 10 एक्सेप्ट करलु.
यह बोल दोनों एकदूसरे को गले लगा लेते है.
सिया: तुमने और माँ ने तोह करलिया. माँ डैड को भी मन लेगी. पर जिसके लिए यह सबकुछ होरहा है अगर उसने hi ना किया तोह मेरा क्या होगा.
राधा: चिंता मत करूओ. सिया. हम ठिक्क उसको मन लेंगे. और मानेगा नहज तोह जाएगा कहा. किसी और के पास गया तोह टांग ना टॉड दे.
सिया: हम्म्म. चलो तुम जल्दी से जाके फ्रेश होजाओ. तब तक मैं दूसरे रूम में जाके फ्रेश होजाती हु.
फिर दोनों जल्दी से जाके फ्रेश होते है और नीचे आते है और लंच करने लगते है.
सिया: माँ.
महक: हआ बोलो.
सिया: डैड मानेगे ना.
महक: उनको मैं देख लुंगी. तुम चिंता मत करो. मेरे लिए मेरे बच्चो की ख़ुशी ज्यादा इम्पोर्टेन्ट है. और यश को मैं अपने स्टाइल में समझाउंगी. कोई रिएक्शन मत करना दोनों.
दोनों: ोककक.
थोड़ी देर बाद एहलोग लंच कम्पलीट करते है. फिर राधा बोलती है.
राधा: अच्छा आंटी अब मैं चलती हु. माँ वेट कर रही होंगी.
महक: ठीक है. और आज जो भी बाते हुई वह संजना को मत बताना. मैं खुद आउंगी तेरे घर तू लेने के लिए.
राधा: शर्मा के. जीई.
फिर राधा महक के पैरर चुके और सिया के गले लग के वह से निकल के अपने घर आती है.
इधर सिया महक के गॉड में सर रख के पूछती है.
सिया: माँ एक बात पुछु.
महक: एहि ना के मैंने कुछ रियेक्ट क्यों नहीं किया.
सिया: हम्म्म.
महक: पहली बात मैं एक माँ हु. अपने बच्चे की ख़ुशी मेरे लिए सबसे पहले है. और दूसरी बात मुझे यह बात पहले से पता है तू यश से प्यार करती है.
सिया: शॉक से. कैसी. मैंने तोह यह बात कभी किसी को नहीं बताई. फिर आपको कैसे पता चली.
महक: सिया के सर को सहलाते हुए. कहा ना एक माँ हु. मेरे बच्चे की ख़ुशी किस्मे है यह एक माँ को पता होता है. और याद है जब हम लास्ट टाइम तुमलोगो से मिलने लंदन गए थे.
सिया: हां 1.5 साल पहले. मेरे बर्थडे पे.
महक: हम्म उस वक़्त मुझे पता चला. रात को जब तू मेरे साथ सो रही थी. तब तूने खुद नींद में बोलै था.
सिया: व्हाटट. क्या कहा था मैंने. और तब आपने मुझे कुछ क्यों नहीं कहा.
महक: तूने कहा था ी लव यू यश. मैं तुमसे बहोत प्यार करती हु. मैं तुम्हे खुद से दररर नहीं देख सकती ेट्स ेट्स. पहले तोह हुम्हे बहोत अजीब लगा और बुरा भी लगा. पर जब मैंने तुझे ऑब्सेर्वे किया जिस तरह से तू मेरे यश का ख्याल रखती है उससे समझती है और यश तेरे साथ खुश रहता है तुझे ना देखने से एकदम बेचैन होजाता है. उसी वक़्त मैंने तय कर लिया था. अगर तू चाहेगी तोह तुझे तेरा प्यार जरूर दिलवाऊंगी. और आज तूने मांग लिया.
सिया: थैंक यू माँ. मुझे समझने के लिए. मेरा प्यार समझने के लिए. अगर मुझे मेरा यश ना मिलता तोह में शायद ज़िंदा ना रहती. जिस यश ने मुझे यह नयी ज़िन्दगी दी मेरी यह ज़िन्दगी उसकी है माँ.
महक: चुप पागल. और फिर कभी यह मरने की बात ना करना.
सिया: सॉरी माँ. बूत क्या यश मानेगा.
महक: मैंने कहा ना. मैं उससे बात करुँगी. तू टेंशन मत लेना. और परसो घर में पार्टी है. तोह जाओ उसकी तैयारी करो.
सिया: थैंक यू माँ. यह कह के वह अपने कमरे में भग्ग जाती है.