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अपडेट 36 विजिट तो डॉक्टर अग्रवाल - सरप्राइज
क्लास में अशिता ने सोचा के उस्सने विहान से बात नहीं किया, उस्सको कॉल नहीं किया, फिर खुद से कहा के लंच टाइम में कॉल करेगी.
क्लास में अशिता और प्रिय एक साथ नहीं बैठते थे, प्रिय उसस्के दो डेस्क पीछे बैठती थी. एक डेस्क पर सिर्फ एक स्टूडेंट होते थे वहां. और उसस्के पीछे से प्रिय अशिता के हर एक हरकत को देख सकती थी. और प्रिय को शक था के अशिता उस अमित से चाट करती रहती है छुप छुप कर इस लिए उस पर नज़र रखने लगी थी. वैसे क्लास में मोबाइल उसे करना अल्लोवेद तो नहीं था मगर लगभग सभी स्टूडेंट्स टीचर के पीठ पर मोबाइल उसे करते hi थे, यह रोकना नामुमकिन के बराबर था. उस कॉलेज में पहले स्टाफ रूम में कर किसी को मोबाइल रखना होता था मगर अब क्यूंकि बहोत सारे स्टूडेंट्स डिक्शनरी मोबाइल से hi उसे करते थे तो क्लास में मोबाइल लेजाना अल्लोवेद कर दिया गया था. तो इस तरह डिक्शनरी उसे करने के बहाने सभी चाट भी करते और अनेक साइट पर भी जाते थे स्टूडेंट्स मोबाइल से.
क्लास में एकांत बार अशिता ने मोबाइल चेक किया के कहीं कोई मेसज तो नहीं आया और प्रिय ने देखा वो सब करते हुए अशिता को. फिर लंच से कुछ मिनट पहले hi अमित का मेसज आगया और क्लास में से hi अशिता ने रिप्लाई किया अमित को.
हुआ यह था के अमित ने विहान से पूछा के वो कब तक वापस घर जाएगा तो विहान ने कहा के 2 बजे तक काम ख़तम करलेगा तो वापस चला जाएगा. इस से अमित को पता चल गया के वो अशिता से वहीँ मिल पाएगा क्यूंकि तब विहान नहीं होगा वहां वही लिख कर अमित ने कन्फर्म किया था के अशिता से मिलेगा कीबेरसफ़े में hi, और अशिता ने उस्सको रिप्लाई किया था हाँ में.
लंच टाइम में सबसे पहले अशिता ने विहान को घर के लैंडलाइन पर कॉल किया. मगर किसी ने नहीं उठाया तो अशिता थोड़ा परेशान हुई फिर सोचा के विहान ज़रूर सो रहा होगा, और फ़ोन की घंटी बजते हुए उस्सको डिस्टर्ब करेगा तो कॉल करना बंद कर दिया विहान को. और तभी अमित का मेसज फिर आया. वो फ़्लर्ट करते जा रहा था और अशिता उस्सकी किसी मेसज को रिप्लाई करती किसी को नहीं.
प्रिय के साथ बैठ कर लंच किया अशिता ने और वापस क्लास में चले गए दोनों और एन्ड तक क्लास में hi रहे. अमित के मेस्सगेस आते रहे क्लास में भी मगर अशिता ने नहीं रिप्लाई किया.
कॉलेज एन्ड होने के बाद अशिता बस में नहीं गयी बल्कि चलते हुए गयी क्यूंकि कीबेरसफ़े पर रुकना था.
अमित बेसब्री से इंतज़ार कर रहा था, विहान वापस घर जा चूका था.
अशिता को खड़ा वेट कर रहा था अमित और एक खूबसूरत लड़की को स्कूल यूनिफार्म में उसस्के तरफ बढ़ते हुए देख कर अमित का दिल मचलने लगा और ख़ुशी से पागल हो गया वो. अशिता मुस्कुराते हुए उसस्के तरफ बढ़ी तो अमित ने आशिकाना अंदाज़ में बाहों को खोला हुग के लिए मगर हँस्ते हुए अशिता ने अपने मुंह पर हाथ रखते हुए इंकार किया हुग के लिए यह कहकर के लोग देख रहे हैं. यह साफé के बाहर हुआ था.
तो दोनों अंदर गए और अमित की नज़र अशिता पर से हट hi नहीं रहे थे, वो बहोत प्यार भरी नज़रों से अशिता को निहारते जा रहा था और अशिता अपनी आदत से मजबूर वही खूबसूरत मकान से उस्सको देखते हुए बात कर रही थी.
ेल टेबल के बगल में बैठे दोनों, वो एक केबिन की तरह सेपरेट जगह था जो कुछ सीक्रेट कस्टमर्स के लिए बनाये गए थे जो प्राइवेट इमेल्स वग़ैरा सेंड करते थे ेट्स…. तो केबिन के अंदर थे तो किसी और को वह दोनों नज़र नहीं आरहे थे.
अमित ने चाय वग़ैरा का बंदोबस्त कर दिया था. दोनों ने चाय पीते हुए कुछ बातें किये जब अमित ने अपने प्यार का इज़हार किया.
अशिता का चेहरा लाल हुआ और उस्सको रिप्लाई नहीं कर पायी और हंससने लगी. अंत ने कहा,
“हम अपने दिल का हाल बयान कर रहे हैं और आप हो के जवाब देने के बजाए हंस रही हो? इतना निर्दय तो नहीं लगती हो आप के दिल जैसे नाज़ुक चीज़ को आप कुचल डालो?!”
अशिता कड़ी हुई और जाने का परमिशन लिया. अमित ने रोका उस्सको यह कहते हुए के उसस्के प्यार का जवाब चाहिए उससे. और फिर बार बार मिलने का वादा माँगा अशिता से.
तब अशिता ने आराम से फिर बैठ कर अमित से कहा;
“देखिये आप को ज़रूर ग़लत फैमि हुई है, मैं किसी से आलरेडी प्यार करती हूँ, मेरी ज़िन्दगी में कोई है आलरेडी. मैं आप से प्यार बिल्कुल भी नहीं करती, हाँ एक फ्रेंड रह सकती हूँ आप की.”
अमित ने अपने दिल की धड़कनों को जैसे रुकते हुए फील किया और उस दिल पर जिस पर पहले से एक्स गर्लफ्रेंड की दर्द अब भी बसे हुए थे उस पर एक और गहरी चोट लगते हुए महसूस किया. उसस्के जुबां से कुछ नहीं निकला अशिता को कहने के लिए. बुसस अशिता के चेहरे में उदासी से देखता रहा कुछ देर. अशिता उसस्के बदलते चेहरे के रंग को और उसस्के डिसअप्पोइन्त्मेन्त को समझ गयी मगर कर भी किआ सकती थी, वापस जाने के लिए फिर कड़ी हुई और कहा,
“आप से मिलकर ख़ुशी हुई अब मुझे जाना है विहान मेरी राह देख रहा होगा घर पर; और हाँ अब से मोबाइल विहान के पास रहेगा तो आप प्लीज मैसेज मत करना, मैं नहीं चाहती के भाई को पता चले के आप मुझसे चाट करते थे, थैंक यू एंड bye.”
अमित बैठा रहा और अशिता निकल रही थी जाने के लिए तब अमित उठा और उस्सको बाहर तक चौररने गया बिना एक भी लव्ज़ कहे.
रास्ते पर जाते हुए अशिता को उसस्के लिए थोड़ा साद फील हुआ मगर सच में अशिता तो उस से बिल्कुल भी प्यार नहीं करती थी, अशिता ने तो सिर्फ इस लिए उस से क्लोसनेस्स बधाई थी के वो जान सके के किआ उस्सको पता था के गिफ्ट जो उस्सने विहान को दिया था उस में विहान ने उसस्के लिए ब्रा और पंतय ख़रीदे थे?
और फिर अशिता ने कभी किसी से चाट नहीं किया था तो उसस्के लिए यह एक नयी अनुभव थी के किसी से चाट करते हुए कैसा लगता है, एक्सपीरियंस कर रही थी वो, और थोड़ी सी, बुसस थोड़ी से ढील दे दिया था अमित को हालां के वो फ़्लर्ट कर रहा था जो अशिता को पता था, मगर अशिता उस्सको फ़्लर्ट करने दे रही थी सिर्फ उस बात को जान्ने के लिए के कहीं उस्सने गिफ्ट खोलके देखा तो नहीं था के उसस्के अंदर किआ है. और जब तस्सली हो गयी के अमित ने कुछ भी नहीं देखा था तो उस्का काम तमाम हुआ और उसस्के दिल से एक बोझ हल्का हुआ.
उधर अमित ने अशिता के जाने के बाद अपने दिल से बात करते हुए कहा,
“तू अकेला रहने के लिए बनाया गया है शायद ेय दिल, रो मत मैं तेरे साथ हूँ, साला एक ने धोका दिया तेरे को, और एक अच्छी लगी, सोचा के तेरे दर्द को यह मिटा सकती है मगर यह तो किसी और की निकली. बहुत hi खूबसूरत बाला है यह अशिता, यह अगर मेरी हो जाती तो मैं अपने आप को सबसे खुशकिस्मत इंसान समझता इस दुन्या की! खैर जाने दो जो अपना नहीं उसस्के लिए किआ रोना! छुप होजा ेय दिल, चल शराब में तुझको डूबोते हैं अब!”
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अशिता घर पहुंची तो विहान को बाहों में भरके बहोत प्यार किया उस से और पूछा क्यों कॉल नहीं लिया था लंच टाइम के वक़्त. विहान ने झूट बोलै के सोया हुआ था.
फिर वही रूटीन दोनों के बीच, और जब रात आयी तो अशिता ने विहान को याद दिलाया के कल सैटरडे है और डॉक्टर के साथ अपॉइंटमेंट है. विहान ने कहा हाँ उस्सको पता है और कल 10 बजे हॉस्पिटल जाना है डॉक्टर अग्रवाल से मिलने.
और अब सुमन भी अपने कमरे में अनिरुद से कहना शुरू किया,
“उन् दोनों ने फिर से एक साथ कमरे में रहना शुरू किया है और आप ने तो अशिता की बीएड खुद उठाके विहान के कमरे में रख दिया ताके दोनों एक साथ सोये, कैसा बाप हो आप एक जवान लड़के और लड़की को एक साथ, एक hi बीएड पर सोने देते हो?!”
अनिरुद ने कहा,
“तुम्हारा दिमाग़ तो ठीक है? विहान बीमार है इस लिए अशिता उस्का ख्याल रख रही है, जो काम तुझे करना चाहिए था वो तुम्हारी बेटी कर रही है ऊपर से तुम यह सब बकने लगी? उस दिन क्यों नहीं रुकी थी विहान के साथ रहने के लिए? मैं तो रुका था एक दिन तू तो वापस काम पर चली गयी अपने बेटे को उस हाल में चोरर के? मुझे कह रहे हो, तुम बताओ तुम किसी माँ हो?!”
सुमन ने मुंह बनाते हुए कहा,
“मैं तो रुकने hi वाली थी विहान ने खुद कहा के वो अकेला रहना चाहता है तो क्यों मैं अपने काम का एक दिन मिस करती भला?!”
अनिरुद ने ताना मारते हुए कहा,
“हाँ जैसे बहोत बड़ी एम्प्लोयी ऑफ़ थे ईयर का खिताब मिलेगा उस भौतिक में तुमको!”
सुमन ने फिर कहा,
“चलो विहान बीमार था इस लिए अशिता को उस कमरे में सोने दिया मगर अब तो ठीक होने लगा है विहान तो वापस अशिता को उसस्के कमरे में सोने को कहो अब!”
अनिरुद ने नींद में आते हुए आवाज़ में कहा,
“अभी पूरी तरह से ठीक नहीं हुआ है हमारा विहान, कल डॉक्टर से अपॉइंटमेंट है, कल पता चलेगा और कितने दिन में वो ठीक होगा, अब सो जाओ और मुझे सोने दो, गुड नाईट!”
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अगले दिन 10 बजे डॉक्टर अग्रवाल के कंसल्टेशन रूम में विहान और अशिता नज़र आये.
डॉक्टर ने अपनी उसी खूबसूरत आकर्षित करने वाले मुस्कराहट में अशिता को देखते हुए कहा,
“सो हाउ अरे यू, यंग गर्ल? एंड हाउ इस योर बरोथेर दोंग नाउ?”
अशिता ने बड़ी ख़ुशी से डॉक्टर के चेहरे में देखते हुए कहा,
“आप को बताना है के भाई अब कैसा है मुझे तो बहुत इम्प्रूवमेंट दिख रहा है अब.”
डॉक्टर ने बिना विहान को देखे अशिता से पूछा,
“और आप की वो सहेली, किआ नाम था? हाँ प्रिय नहीं आयी आज?”
अशिता ने जीब को दांतों में दबाते हुए कहा,
“मैं बिल्कुल भूल गयी उस्सको बताना के आज आप से मिलना है वार्ना उस्सको भी साथ लाती मैं!”
डॉक्टर मुस्कुराते हुए चल कर विहान के पास गया और उसस्के ेंखों को देखते हुए पूछा,
“कैन यू सी वेल?”
विहान ने कहा,
“ात टाइम्स यस बूत ात टाइम्स इतस डबल और ट्रिपल विज़न…”
अशिता ने तब कहा,
“सर प्लीज तेल्ल उस अबाउट हेर ब्रेन ब्लड क्लॉट्स, कैन यू क्नोव अबाउट तहत ात थिस मोमेंट?”
डॉक्टर ने कहा उसस्के लिए स्कैन करना होगा और फिर स्कैन सेक्शन में जाना पड़ेगा, फिर डॉक्टर ने अशिता से कहा,
“कैन ी प्लीज आस्क यू आउट फॉर ा फ्यू मिनट्स ी हैवे तो एक्सामिने हिम एंड आस्क हिम सम प्राइवेट क़ुएस्तिओन्स?”
अशिता ने ब्लश होते हुए यस कहा और बाहर निकल गयी. बाहर निकल कर अशिता डर रही थी के कहीं डॉक्टर विहान से ये बात नाह करे के उस्सको समझ में आगया था उस दिन के वह दोनों ईन्सेस्तुओस रिलेशनशिप में है!!! कंसल्टेशन रूम के बाहर बैठी अशिता बहोत फ़िक्र करने लगी थी और डर रही थी के पता नहीं किआ होगा अब! उस्का दिल बड़े ज़ोरों से धड़क रहा था और उस्सको अंदर सुनने को मैं कर रहा था के किआ बात डॉक्टर कर रहा है विहान के साथ.
अंदर डॉक्टर और विहान एक दूसरे को देख कर मुस्कुरा रहे थे और डॉक् ने विहान से कहा,
“तो अब बोलो सब सही चला के नहीं? हमारे प्लान ने सही काम किया नाह बीटा?”
विहान बहोत खुश होते हुए खड़े होकर डॉक्टर को ज़ोर से हुग किया और कहा,
“हाँ डॉक्टर साहब बिल्कुल प्लान कामयाब रहा, वैरी सक्सेसफुल, आप ने मेरा इतना बड़ा काम किया, मुझको सक्सेसफुल किया आप का दिल की घेहरायी से शुक्रिया ऐडा करता हूँ. जो आप ने किया कोई भी नहीं कर पता सर.!”
और विहान के ेंख भर आये और ेंसू चालक भी गए, डॉक्टर साहब ने उस्का पीठ थपथपाते हुए कहा;
“मगर अब प्लान को कैसे आगे बढ़ाना है यह तुमको डीडे करना है. 3 से 6 महीने का मोहलत दिया था मैं ने जबकि तुमको डिस्चार्ज किया तभी ब्लड क्लॉट्स टर्मिनेट हो गए थे, तुमने ाचा एक्टिंग किया होगा घर पर नाह?”
तो बे कॉन्टिनोएड…. (3753 वर्ड्स फ्रॉम बोथ उपदटेस)
क्लास में अशिता ने सोचा के उस्सने विहान से बात नहीं किया, उस्सको कॉल नहीं किया, फिर खुद से कहा के लंच टाइम में कॉल करेगी.
क्लास में अशिता और प्रिय एक साथ नहीं बैठते थे, प्रिय उसस्के दो डेस्क पीछे बैठती थी. एक डेस्क पर सिर्फ एक स्टूडेंट होते थे वहां. और उसस्के पीछे से प्रिय अशिता के हर एक हरकत को देख सकती थी. और प्रिय को शक था के अशिता उस अमित से चाट करती रहती है छुप छुप कर इस लिए उस पर नज़र रखने लगी थी. वैसे क्लास में मोबाइल उसे करना अल्लोवेद तो नहीं था मगर लगभग सभी स्टूडेंट्स टीचर के पीठ पर मोबाइल उसे करते hi थे, यह रोकना नामुमकिन के बराबर था. उस कॉलेज में पहले स्टाफ रूम में कर किसी को मोबाइल रखना होता था मगर अब क्यूंकि बहोत सारे स्टूडेंट्स डिक्शनरी मोबाइल से hi उसे करते थे तो क्लास में मोबाइल लेजाना अल्लोवेद कर दिया गया था. तो इस तरह डिक्शनरी उसे करने के बहाने सभी चाट भी करते और अनेक साइट पर भी जाते थे स्टूडेंट्स मोबाइल से.
क्लास में एकांत बार अशिता ने मोबाइल चेक किया के कहीं कोई मेसज तो नहीं आया और प्रिय ने देखा वो सब करते हुए अशिता को. फिर लंच से कुछ मिनट पहले hi अमित का मेसज आगया और क्लास में से hi अशिता ने रिप्लाई किया अमित को.
हुआ यह था के अमित ने विहान से पूछा के वो कब तक वापस घर जाएगा तो विहान ने कहा के 2 बजे तक काम ख़तम करलेगा तो वापस चला जाएगा. इस से अमित को पता चल गया के वो अशिता से वहीँ मिल पाएगा क्यूंकि तब विहान नहीं होगा वहां वही लिख कर अमित ने कन्फर्म किया था के अशिता से मिलेगा कीबेरसफ़े में hi, और अशिता ने उस्सको रिप्लाई किया था हाँ में.
लंच टाइम में सबसे पहले अशिता ने विहान को घर के लैंडलाइन पर कॉल किया. मगर किसी ने नहीं उठाया तो अशिता थोड़ा परेशान हुई फिर सोचा के विहान ज़रूर सो रहा होगा, और फ़ोन की घंटी बजते हुए उस्सको डिस्टर्ब करेगा तो कॉल करना बंद कर दिया विहान को. और तभी अमित का मेसज फिर आया. वो फ़्लर्ट करते जा रहा था और अशिता उस्सकी किसी मेसज को रिप्लाई करती किसी को नहीं.
प्रिय के साथ बैठ कर लंच किया अशिता ने और वापस क्लास में चले गए दोनों और एन्ड तक क्लास में hi रहे. अमित के मेस्सगेस आते रहे क्लास में भी मगर अशिता ने नहीं रिप्लाई किया.
कॉलेज एन्ड होने के बाद अशिता बस में नहीं गयी बल्कि चलते हुए गयी क्यूंकि कीबेरसफ़े पर रुकना था.
अमित बेसब्री से इंतज़ार कर रहा था, विहान वापस घर जा चूका था.
अशिता को खड़ा वेट कर रहा था अमित और एक खूबसूरत लड़की को स्कूल यूनिफार्म में उसस्के तरफ बढ़ते हुए देख कर अमित का दिल मचलने लगा और ख़ुशी से पागल हो गया वो. अशिता मुस्कुराते हुए उसस्के तरफ बढ़ी तो अमित ने आशिकाना अंदाज़ में बाहों को खोला हुग के लिए मगर हँस्ते हुए अशिता ने अपने मुंह पर हाथ रखते हुए इंकार किया हुग के लिए यह कहकर के लोग देख रहे हैं. यह साफé के बाहर हुआ था.
तो दोनों अंदर गए और अमित की नज़र अशिता पर से हट hi नहीं रहे थे, वो बहोत प्यार भरी नज़रों से अशिता को निहारते जा रहा था और अशिता अपनी आदत से मजबूर वही खूबसूरत मकान से उस्सको देखते हुए बात कर रही थी.
ेल टेबल के बगल में बैठे दोनों, वो एक केबिन की तरह सेपरेट जगह था जो कुछ सीक्रेट कस्टमर्स के लिए बनाये गए थे जो प्राइवेट इमेल्स वग़ैरा सेंड करते थे ेट्स…. तो केबिन के अंदर थे तो किसी और को वह दोनों नज़र नहीं आरहे थे.
अमित ने चाय वग़ैरा का बंदोबस्त कर दिया था. दोनों ने चाय पीते हुए कुछ बातें किये जब अमित ने अपने प्यार का इज़हार किया.
अशिता का चेहरा लाल हुआ और उस्सको रिप्लाई नहीं कर पायी और हंससने लगी. अंत ने कहा,
“हम अपने दिल का हाल बयान कर रहे हैं और आप हो के जवाब देने के बजाए हंस रही हो? इतना निर्दय तो नहीं लगती हो आप के दिल जैसे नाज़ुक चीज़ को आप कुचल डालो?!”
अशिता कड़ी हुई और जाने का परमिशन लिया. अमित ने रोका उस्सको यह कहते हुए के उसस्के प्यार का जवाब चाहिए उससे. और फिर बार बार मिलने का वादा माँगा अशिता से.
तब अशिता ने आराम से फिर बैठ कर अमित से कहा;
“देखिये आप को ज़रूर ग़लत फैमि हुई है, मैं किसी से आलरेडी प्यार करती हूँ, मेरी ज़िन्दगी में कोई है आलरेडी. मैं आप से प्यार बिल्कुल भी नहीं करती, हाँ एक फ्रेंड रह सकती हूँ आप की.”
अमित ने अपने दिल की धड़कनों को जैसे रुकते हुए फील किया और उस दिल पर जिस पर पहले से एक्स गर्लफ्रेंड की दर्द अब भी बसे हुए थे उस पर एक और गहरी चोट लगते हुए महसूस किया. उसस्के जुबां से कुछ नहीं निकला अशिता को कहने के लिए. बुसस अशिता के चेहरे में उदासी से देखता रहा कुछ देर. अशिता उसस्के बदलते चेहरे के रंग को और उसस्के डिसअप्पोइन्त्मेन्त को समझ गयी मगर कर भी किआ सकती थी, वापस जाने के लिए फिर कड़ी हुई और कहा,
“आप से मिलकर ख़ुशी हुई अब मुझे जाना है विहान मेरी राह देख रहा होगा घर पर; और हाँ अब से मोबाइल विहान के पास रहेगा तो आप प्लीज मैसेज मत करना, मैं नहीं चाहती के भाई को पता चले के आप मुझसे चाट करते थे, थैंक यू एंड bye.”
अमित बैठा रहा और अशिता निकल रही थी जाने के लिए तब अमित उठा और उस्सको बाहर तक चौररने गया बिना एक भी लव्ज़ कहे.
रास्ते पर जाते हुए अशिता को उसस्के लिए थोड़ा साद फील हुआ मगर सच में अशिता तो उस से बिल्कुल भी प्यार नहीं करती थी, अशिता ने तो सिर्फ इस लिए उस से क्लोसनेस्स बधाई थी के वो जान सके के किआ उस्सको पता था के गिफ्ट जो उस्सने विहान को दिया था उस में विहान ने उसस्के लिए ब्रा और पंतय ख़रीदे थे?
और फिर अशिता ने कभी किसी से चाट नहीं किया था तो उसस्के लिए यह एक नयी अनुभव थी के किसी से चाट करते हुए कैसा लगता है, एक्सपीरियंस कर रही थी वो, और थोड़ी सी, बुसस थोड़ी से ढील दे दिया था अमित को हालां के वो फ़्लर्ट कर रहा था जो अशिता को पता था, मगर अशिता उस्सको फ़्लर्ट करने दे रही थी सिर्फ उस बात को जान्ने के लिए के कहीं उस्सने गिफ्ट खोलके देखा तो नहीं था के उसस्के अंदर किआ है. और जब तस्सली हो गयी के अमित ने कुछ भी नहीं देखा था तो उस्का काम तमाम हुआ और उसस्के दिल से एक बोझ हल्का हुआ.
उधर अमित ने अशिता के जाने के बाद अपने दिल से बात करते हुए कहा,
“तू अकेला रहने के लिए बनाया गया है शायद ेय दिल, रो मत मैं तेरे साथ हूँ, साला एक ने धोका दिया तेरे को, और एक अच्छी लगी, सोचा के तेरे दर्द को यह मिटा सकती है मगर यह तो किसी और की निकली. बहुत hi खूबसूरत बाला है यह अशिता, यह अगर मेरी हो जाती तो मैं अपने आप को सबसे खुशकिस्मत इंसान समझता इस दुन्या की! खैर जाने दो जो अपना नहीं उसस्के लिए किआ रोना! छुप होजा ेय दिल, चल शराब में तुझको डूबोते हैं अब!”
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अशिता घर पहुंची तो विहान को बाहों में भरके बहोत प्यार किया उस से और पूछा क्यों कॉल नहीं लिया था लंच टाइम के वक़्त. विहान ने झूट बोलै के सोया हुआ था.
फिर वही रूटीन दोनों के बीच, और जब रात आयी तो अशिता ने विहान को याद दिलाया के कल सैटरडे है और डॉक्टर के साथ अपॉइंटमेंट है. विहान ने कहा हाँ उस्सको पता है और कल 10 बजे हॉस्पिटल जाना है डॉक्टर अग्रवाल से मिलने.
और अब सुमन भी अपने कमरे में अनिरुद से कहना शुरू किया,
“उन् दोनों ने फिर से एक साथ कमरे में रहना शुरू किया है और आप ने तो अशिता की बीएड खुद उठाके विहान के कमरे में रख दिया ताके दोनों एक साथ सोये, कैसा बाप हो आप एक जवान लड़के और लड़की को एक साथ, एक hi बीएड पर सोने देते हो?!”
अनिरुद ने कहा,
“तुम्हारा दिमाग़ तो ठीक है? विहान बीमार है इस लिए अशिता उस्का ख्याल रख रही है, जो काम तुझे करना चाहिए था वो तुम्हारी बेटी कर रही है ऊपर से तुम यह सब बकने लगी? उस दिन क्यों नहीं रुकी थी विहान के साथ रहने के लिए? मैं तो रुका था एक दिन तू तो वापस काम पर चली गयी अपने बेटे को उस हाल में चोरर के? मुझे कह रहे हो, तुम बताओ तुम किसी माँ हो?!”
सुमन ने मुंह बनाते हुए कहा,
“मैं तो रुकने hi वाली थी विहान ने खुद कहा के वो अकेला रहना चाहता है तो क्यों मैं अपने काम का एक दिन मिस करती भला?!”
अनिरुद ने ताना मारते हुए कहा,
“हाँ जैसे बहोत बड़ी एम्प्लोयी ऑफ़ थे ईयर का खिताब मिलेगा उस भौतिक में तुमको!”
सुमन ने फिर कहा,
“चलो विहान बीमार था इस लिए अशिता को उस कमरे में सोने दिया मगर अब तो ठीक होने लगा है विहान तो वापस अशिता को उसस्के कमरे में सोने को कहो अब!”
अनिरुद ने नींद में आते हुए आवाज़ में कहा,
“अभी पूरी तरह से ठीक नहीं हुआ है हमारा विहान, कल डॉक्टर से अपॉइंटमेंट है, कल पता चलेगा और कितने दिन में वो ठीक होगा, अब सो जाओ और मुझे सोने दो, गुड नाईट!”
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अगले दिन 10 बजे डॉक्टर अग्रवाल के कंसल्टेशन रूम में विहान और अशिता नज़र आये.
डॉक्टर ने अपनी उसी खूबसूरत आकर्षित करने वाले मुस्कराहट में अशिता को देखते हुए कहा,
“सो हाउ अरे यू, यंग गर्ल? एंड हाउ इस योर बरोथेर दोंग नाउ?”
अशिता ने बड़ी ख़ुशी से डॉक्टर के चेहरे में देखते हुए कहा,
“आप को बताना है के भाई अब कैसा है मुझे तो बहुत इम्प्रूवमेंट दिख रहा है अब.”
डॉक्टर ने बिना विहान को देखे अशिता से पूछा,
“और आप की वो सहेली, किआ नाम था? हाँ प्रिय नहीं आयी आज?”
अशिता ने जीब को दांतों में दबाते हुए कहा,
“मैं बिल्कुल भूल गयी उस्सको बताना के आज आप से मिलना है वार्ना उस्सको भी साथ लाती मैं!”
डॉक्टर मुस्कुराते हुए चल कर विहान के पास गया और उसस्के ेंखों को देखते हुए पूछा,
“कैन यू सी वेल?”
विहान ने कहा,
“ात टाइम्स यस बूत ात टाइम्स इतस डबल और ट्रिपल विज़न…”
अशिता ने तब कहा,
“सर प्लीज तेल्ल उस अबाउट हेर ब्रेन ब्लड क्लॉट्स, कैन यू क्नोव अबाउट तहत ात थिस मोमेंट?”
डॉक्टर ने कहा उसस्के लिए स्कैन करना होगा और फिर स्कैन सेक्शन में जाना पड़ेगा, फिर डॉक्टर ने अशिता से कहा,
“कैन ी प्लीज आस्क यू आउट फॉर ा फ्यू मिनट्स ी हैवे तो एक्सामिने हिम एंड आस्क हिम सम प्राइवेट क़ुएस्तिओन्स?”
अशिता ने ब्लश होते हुए यस कहा और बाहर निकल गयी. बाहर निकल कर अशिता डर रही थी के कहीं डॉक्टर विहान से ये बात नाह करे के उस्सको समझ में आगया था उस दिन के वह दोनों ईन्सेस्तुओस रिलेशनशिप में है!!! कंसल्टेशन रूम के बाहर बैठी अशिता बहोत फ़िक्र करने लगी थी और डर रही थी के पता नहीं किआ होगा अब! उस्का दिल बड़े ज़ोरों से धड़क रहा था और उस्सको अंदर सुनने को मैं कर रहा था के किआ बात डॉक्टर कर रहा है विहान के साथ.
अंदर डॉक्टर और विहान एक दूसरे को देख कर मुस्कुरा रहे थे और डॉक् ने विहान से कहा,
“तो अब बोलो सब सही चला के नहीं? हमारे प्लान ने सही काम किया नाह बीटा?”
विहान बहोत खुश होते हुए खड़े होकर डॉक्टर को ज़ोर से हुग किया और कहा,
“हाँ डॉक्टर साहब बिल्कुल प्लान कामयाब रहा, वैरी सक्सेसफुल, आप ने मेरा इतना बड़ा काम किया, मुझको सक्सेसफुल किया आप का दिल की घेहरायी से शुक्रिया ऐडा करता हूँ. जो आप ने किया कोई भी नहीं कर पता सर.!”
और विहान के ेंख भर आये और ेंसू चालक भी गए, डॉक्टर साहब ने उस्का पीठ थपथपाते हुए कहा;
“मगर अब प्लान को कैसे आगे बढ़ाना है यह तुमको डीडे करना है. 3 से 6 महीने का मोहलत दिया था मैं ने जबकि तुमको डिस्चार्ज किया तभी ब्लड क्लॉट्स टर्मिनेट हो गए थे, तुमने ाचा एक्टिंग किया होगा घर पर नाह?”
तो बे कॉन्टिनोएड…. (3753 वर्ड्स फ्रॉम बोथ उपदटेस)