Vihaan Aur Ashita - Bhai Behen ki kahani - Page 7 - SexBaba
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Vihaan Aur Ashita - Bhai Behen ki kahani

अपडेट 36 विजिट तो डॉक्टर अग्रवाल - सरप्राइज

क्लास में अशिता ने सोचा के उस्सने विहान से बात नहीं किया, उस्सको कॉल नहीं किया, फिर खुद से कहा के लंच टाइम में कॉल करेगी.

क्लास में अशिता और प्रिय एक साथ नहीं बैठते थे, प्रिय उसस्के दो डेस्क पीछे बैठती थी. एक डेस्क पर सिर्फ एक स्टूडेंट होते थे वहां. और उसस्के पीछे से प्रिय अशिता के हर एक हरकत को देख सकती थी. और प्रिय को शक था के अशिता उस अमित से चाट करती रहती है छुप छुप कर इस लिए उस पर नज़र रखने लगी थी. वैसे क्लास में मोबाइल उसे करना अल्लोवेद तो नहीं था मगर लगभग सभी स्टूडेंट्स टीचर के पीठ पर मोबाइल उसे करते hi थे, यह रोकना नामुमकिन के बराबर था. उस कॉलेज में पहले स्टाफ रूम में कर किसी को मोबाइल रखना होता था मगर अब क्यूंकि बहोत सारे स्टूडेंट्स डिक्शनरी मोबाइल से hi उसे करते थे तो क्लास में मोबाइल लेजाना अल्लोवेद कर दिया गया था. तो इस तरह डिक्शनरी उसे करने के बहाने सभी चाट भी करते और अनेक साइट पर भी जाते थे स्टूडेंट्स मोबाइल से.

क्लास में एकांत बार अशिता ने मोबाइल चेक किया के कहीं कोई मेसज तो नहीं आया और प्रिय ने देखा वो सब करते हुए अशिता को. फिर लंच से कुछ मिनट पहले hi अमित का मेसज आगया और क्लास में से hi अशिता ने रिप्लाई किया अमित को.

हुआ यह था के अमित ने विहान से पूछा के वो कब तक वापस घर जाएगा तो विहान ने कहा के 2 बजे तक काम ख़तम करलेगा तो वापस चला जाएगा. इस से अमित को पता चल गया के वो अशिता से वहीँ मिल पाएगा क्यूंकि तब विहान नहीं होगा वहां वही लिख कर अमित ने कन्फर्म किया था के अशिता से मिलेगा कीबेरसफ़े में hi, और अशिता ने उस्सको रिप्लाई किया था हाँ में.

लंच टाइम में सबसे पहले अशिता ने विहान को घर के लैंडलाइन पर कॉल किया. मगर किसी ने नहीं उठाया तो अशिता थोड़ा परेशान हुई फिर सोचा के विहान ज़रूर सो रहा होगा, और फ़ोन की घंटी बजते हुए उस्सको डिस्टर्ब करेगा तो कॉल करना बंद कर दिया विहान को. और तभी अमित का मेसज फिर आया. वो फ़्लर्ट करते जा रहा था और अशिता उस्सकी किसी मेसज को रिप्लाई करती किसी को नहीं.

प्रिय के साथ बैठ कर लंच किया अशिता ने और वापस क्लास में चले गए दोनों और एन्ड तक क्लास में hi रहे. अमित के मेस्सगेस आते रहे क्लास में भी मगर अशिता ने नहीं रिप्लाई किया.

कॉलेज एन्ड होने के बाद अशिता बस में नहीं गयी बल्कि चलते हुए गयी क्यूंकि कीबेरसफ़े पर रुकना था.

अमित बेसब्री से इंतज़ार कर रहा था, विहान वापस घर जा चूका था.

अशिता को खड़ा वेट कर रहा था अमित और एक खूबसूरत लड़की को स्कूल यूनिफार्म में उसस्के तरफ बढ़ते हुए देख कर अमित का दिल मचलने लगा और ख़ुशी से पागल हो गया वो. अशिता मुस्कुराते हुए उसस्के तरफ बढ़ी तो अमित ने आशिकाना अंदाज़ में बाहों को खोला हुग के लिए मगर हँस्ते हुए अशिता ने अपने मुंह पर हाथ रखते हुए इंकार किया हुग के लिए यह कहकर के लोग देख रहे हैं. यह साफé के बाहर हुआ था.

तो दोनों अंदर गए और अमित की नज़र अशिता पर से हट hi नहीं रहे थे, वो बहोत प्यार भरी नज़रों से अशिता को निहारते जा रहा था और अशिता अपनी आदत से मजबूर वही खूबसूरत मकान से उस्सको देखते हुए बात कर रही थी.

ेल टेबल के बगल में बैठे दोनों, वो एक केबिन की तरह सेपरेट जगह था जो कुछ सीक्रेट कस्टमर्स के लिए बनाये गए थे जो प्राइवेट इमेल्स वग़ैरा सेंड करते थे ेट्स…. तो केबिन के अंदर थे तो किसी और को वह दोनों नज़र नहीं आरहे थे.

अमित ने चाय वग़ैरा का बंदोबस्त कर दिया था. दोनों ने चाय पीते हुए कुछ बातें किये जब अमित ने अपने प्यार का इज़हार किया.

अशिता का चेहरा लाल हुआ और उस्सको रिप्लाई नहीं कर पायी और हंससने लगी. अंत ने कहा,

“हम अपने दिल का हाल बयान कर रहे हैं और आप हो के जवाब देने के बजाए हंस रही हो? इतना निर्दय तो नहीं लगती हो आप के दिल जैसे नाज़ुक चीज़ को आप कुचल डालो?!”

अशिता कड़ी हुई और जाने का परमिशन लिया. अमित ने रोका उस्सको यह कहते हुए के उसस्के प्यार का जवाब चाहिए उससे. और फिर बार बार मिलने का वादा माँगा अशिता से.

तब अशिता ने आराम से फिर बैठ कर अमित से कहा;

“देखिये आप को ज़रूर ग़लत फैमि हुई है, मैं किसी से आलरेडी प्यार करती हूँ, मेरी ज़िन्दगी में कोई है आलरेडी. मैं आप से प्यार बिल्कुल भी नहीं करती, हाँ एक फ्रेंड रह सकती हूँ आप की.”

अमित ने अपने दिल की धड़कनों को जैसे रुकते हुए फील किया और उस दिल पर जिस पर पहले से एक्स गर्लफ्रेंड की दर्द अब भी बसे हुए थे उस पर एक और गहरी चोट लगते हुए महसूस किया. उसस्के जुबां से कुछ नहीं निकला अशिता को कहने के लिए. बुसस अशिता के चेहरे में उदासी से देखता रहा कुछ देर. अशिता उसस्के बदलते चेहरे के रंग को और उसस्के डिसअप्पोइन्त्मेन्त को समझ गयी मगर कर भी किआ सकती थी, वापस जाने के लिए फिर कड़ी हुई और कहा,

“आप से मिलकर ख़ुशी हुई अब मुझे जाना है विहान मेरी राह देख रहा होगा घर पर; और हाँ अब से मोबाइल विहान के पास रहेगा तो आप प्लीज मैसेज मत करना, मैं नहीं चाहती के भाई को पता चले के आप मुझसे चाट करते थे, थैंक यू एंड bye.”

अमित बैठा रहा और अशिता निकल रही थी जाने के लिए तब अमित उठा और उस्सको बाहर तक चौररने गया बिना एक भी लव्ज़ कहे.

रास्ते पर जाते हुए अशिता को उसस्के लिए थोड़ा साद फील हुआ मगर सच में अशिता तो उस से बिल्कुल भी प्यार नहीं करती थी, अशिता ने तो सिर्फ इस लिए उस से क्लोसनेस्स बधाई थी के वो जान सके के किआ उस्सको पता था के गिफ्ट जो उस्सने विहान को दिया था उस में विहान ने उसस्के लिए ब्रा और पंतय ख़रीदे थे?

और फिर अशिता ने कभी किसी से चाट नहीं किया था तो उसस्के लिए यह एक नयी अनुभव थी के किसी से चाट करते हुए कैसा लगता है, एक्सपीरियंस कर रही थी वो, और थोड़ी सी, बुसस थोड़ी से ढील दे दिया था अमित को हालां के वो फ़्लर्ट कर रहा था जो अशिता को पता था, मगर अशिता उस्सको फ़्लर्ट करने दे रही थी सिर्फ उस बात को जान्ने के लिए के कहीं उस्सने गिफ्ट खोलके देखा तो नहीं था के उसस्के अंदर किआ है. और जब तस्सली हो गयी के अमित ने कुछ भी नहीं देखा था तो उस्का काम तमाम हुआ और उसस्के दिल से एक बोझ हल्का हुआ.

उधर अमित ने अशिता के जाने के बाद अपने दिल से बात करते हुए कहा,

“तू अकेला रहने के लिए बनाया गया है शायद ेय दिल, रो मत मैं तेरे साथ हूँ, साला एक ने धोका दिया तेरे को, और एक अच्छी लगी, सोचा के तेरे दर्द को यह मिटा सकती है मगर यह तो किसी और की निकली. बहुत hi खूबसूरत बाला है यह अशिता, यह अगर मेरी हो जाती तो मैं अपने आप को सबसे खुशकिस्मत इंसान समझता इस दुन्या की! खैर जाने दो जो अपना नहीं उसस्के लिए किआ रोना! छुप होजा ेय दिल, चल शराब में तुझको डूबोते हैं अब!”

*****************************************************

अशिता घर पहुंची तो विहान को बाहों में भरके बहोत प्यार किया उस से और पूछा क्यों कॉल नहीं लिया था लंच टाइम के वक़्त. विहान ने झूट बोलै के सोया हुआ था.

फिर वही रूटीन दोनों के बीच, और जब रात आयी तो अशिता ने विहान को याद दिलाया के कल सैटरडे है और डॉक्टर के साथ अपॉइंटमेंट है. विहान ने कहा हाँ उस्सको पता है और कल 10 बजे हॉस्पिटल जाना है डॉक्टर अग्रवाल से मिलने.

और अब सुमन भी अपने कमरे में अनिरुद से कहना शुरू किया,

“उन् दोनों ने फिर से एक साथ कमरे में रहना शुरू किया है और आप ने तो अशिता की बीएड खुद उठाके विहान के कमरे में रख दिया ताके दोनों एक साथ सोये, कैसा बाप हो आप एक जवान लड़के और लड़की को एक साथ, एक hi बीएड पर सोने देते हो?!”

अनिरुद ने कहा,

“तुम्हारा दिमाग़ तो ठीक है? विहान बीमार है इस लिए अशिता उस्का ख्याल रख रही है, जो काम तुझे करना चाहिए था वो तुम्हारी बेटी कर रही है ऊपर से तुम यह सब बकने लगी? उस दिन क्यों नहीं रुकी थी विहान के साथ रहने के लिए? मैं तो रुका था एक दिन तू तो वापस काम पर चली गयी अपने बेटे को उस हाल में चोरर के? मुझे कह रहे हो, तुम बताओ तुम किसी माँ हो?!”

सुमन ने मुंह बनाते हुए कहा,

“मैं तो रुकने hi वाली थी विहान ने खुद कहा के वो अकेला रहना चाहता है तो क्यों मैं अपने काम का एक दिन मिस करती भला?!”

अनिरुद ने ताना मारते हुए कहा,

“हाँ जैसे बहोत बड़ी एम्प्लोयी ऑफ़ थे ईयर का खिताब मिलेगा उस भौतिक में तुमको!”

सुमन ने फिर कहा,

“चलो विहान बीमार था इस लिए अशिता को उस कमरे में सोने दिया मगर अब तो ठीक होने लगा है विहान तो वापस अशिता को उसस्के कमरे में सोने को कहो अब!”

अनिरुद ने नींद में आते हुए आवाज़ में कहा,

“अभी पूरी तरह से ठीक नहीं हुआ है हमारा विहान, कल डॉक्टर से अपॉइंटमेंट है, कल पता चलेगा और कितने दिन में वो ठीक होगा, अब सो जाओ और मुझे सोने दो, गुड नाईट!”

*******************************************************

अगले दिन 10 बजे डॉक्टर अग्रवाल के कंसल्टेशन रूम में विहान और अशिता नज़र आये.

डॉक्टर ने अपनी उसी खूबसूरत आकर्षित करने वाले मुस्कराहट में अशिता को देखते हुए कहा,

“सो हाउ अरे यू, यंग गर्ल? एंड हाउ इस योर बरोथेर दोंग नाउ?”

अशिता ने बड़ी ख़ुशी से डॉक्टर के चेहरे में देखते हुए कहा,

“आप को बताना है के भाई अब कैसा है मुझे तो बहुत इम्प्रूवमेंट दिख रहा है अब.”

डॉक्टर ने बिना विहान को देखे अशिता से पूछा,

“और आप की वो सहेली, किआ नाम था? हाँ प्रिय नहीं आयी आज?”

अशिता ने जीब को दांतों में दबाते हुए कहा,

“मैं बिल्कुल भूल गयी उस्सको बताना के आज आप से मिलना है वार्ना उस्सको भी साथ लाती मैं!”

डॉक्टर मुस्कुराते हुए चल कर विहान के पास गया और उसस्के ेंखों को देखते हुए पूछा,

“कैन यू सी वेल?”

विहान ने कहा,

“ात टाइम्स यस बूत ात टाइम्स इतस डबल और ट्रिपल विज़न…”

अशिता ने तब कहा,

“सर प्लीज तेल्ल उस अबाउट हेर ब्रेन ब्लड क्लॉट्स, कैन यू क्नोव अबाउट तहत ात थिस मोमेंट?”

डॉक्टर ने कहा उसस्के लिए स्कैन करना होगा और फिर स्कैन सेक्शन में जाना पड़ेगा, फिर डॉक्टर ने अशिता से कहा,

“कैन ी प्लीज आस्क यू आउट फॉर ा फ्यू मिनट्स ी हैवे तो एक्सामिने हिम एंड आस्क हिम सम प्राइवेट क़ुएस्तिओन्स?”

अशिता ने ब्लश होते हुए यस कहा और बाहर निकल गयी. बाहर निकल कर अशिता डर रही थी के कहीं डॉक्टर विहान से ये बात नाह करे के उस्सको समझ में आगया था उस दिन के वह दोनों ईन्सेस्तुओस रिलेशनशिप में है!!! कंसल्टेशन रूम के बाहर बैठी अशिता बहोत फ़िक्र करने लगी थी और डर रही थी के पता नहीं किआ होगा अब! उस्का दिल बड़े ज़ोरों से धड़क रहा था और उस्सको अंदर सुनने को मैं कर रहा था के किआ बात डॉक्टर कर रहा है विहान के साथ.

अंदर डॉक्टर और विहान एक दूसरे को देख कर मुस्कुरा रहे थे और डॉक् ने विहान से कहा,

“तो अब बोलो सब सही चला के नहीं? हमारे प्लान ने सही काम किया नाह बीटा?”

विहान बहोत खुश होते हुए खड़े होकर डॉक्टर को ज़ोर से हुग किया और कहा,

“हाँ डॉक्टर साहब बिल्कुल प्लान कामयाब रहा, वैरी सक्सेसफुल, आप ने मेरा इतना बड़ा काम किया, मुझको सक्सेसफुल किया आप का दिल की घेहरायी से शुक्रिया ऐडा करता हूँ. जो आप ने किया कोई भी नहीं कर पता सर.!”

और विहान के ेंख भर आये और ेंसू चालक भी गए, डॉक्टर साहब ने उस्का पीठ थपथपाते हुए कहा;

“मगर अब प्लान को कैसे आगे बढ़ाना है यह तुमको डीडे करना है. 3 से 6 महीने का मोहलत दिया था मैं ने जबकि तुमको डिस्चार्ज किया तभी ब्लड क्लॉट्स टर्मिनेट हो गए थे, तुमने ाचा एक्टिंग किया होगा घर पर नाह?”

तो बे कॉन्टिनोएड…. (3753 वर्ड्स फ्रॉम बोथ उपदटेस)
 
अपडेट 37 डॉक्टर अन्नोउंसेस रिकवरी ऑफ़ विहान

“हाँ डॉक्टर साहब बिल्कुल प्लान कामयाब रहा, वैरी सक्सेसफुल, आप ने मेरा इतना बड़ा काम किया, मुझको सक्सेसफुल किया आप का दिल की घेहरायी से शुक्रिया ऐडा करता हूँ. जो आप ने किया कोई भी नहीं कर पता सर.!”

और विहान के ेंख भर आये और ेंसू चालक भी गए, डॉक्टर साहब ने उस्का पीठ थपथपाते हुए कहा;

“मगर अब प्लान को कैसे आगे बढ़ाना है यह तुमको डीडे करना है. 3 से 6 महीने का मोहलत दिया था मैं ने जबकि तुमको डिस्चार्ज किया तभी ब्लड क्लॉट्स टर्मिनेट हो गए थे, तुमने ाचा एक्टिंग किया होगा घर पर नाह?”

अब आगे…..

विहान ने एक गहरी सांस लेते हुए कहा,

“डॉक्, मेरे ख्याल से अब हमको सब बदल कर बता देना चाहिए के ब्लड क्लॉट्स बिल्कुल साफ़ हो गए. मगर वो करने से पहले स्कैन सेक्शन में जाना होगा नाह? किआ अभी जा सकते हैं?”

डॉक्टर अग्रवाल ने मुस्कुराते हुए विहान से कहा,

“देखा मैं ने कहा था नाह के बहोत लम्बा लैप्स होता है 3 से 6 महीने मगर तुमने कहा था के एक साल भी लगेगा तो तुमको ख़ुशी होगी वैसे रहना!”

विहान ने मुंह लटकाते हुए कहा,

“हाँ सर, मैं ने नहीं सोचा था नाह के घर में अकेले इतना बोर हो जाऊंगा, चोरी छुपके काम करने चले जाता हूँ, इस लिए सोचता हूँ के अब बता देते हैं ताके आराम से काम पर जा सकूँ और फ्री रह सकूँ पहले की तरह!”

डॉक्: “okay ठीक है चलते हैं स्कैन सेक्शन तुमको अंदर लेकर जाऊंगा और 15 मीन्स बाद बाहर आएंगे एक झूटी स्कैन रिजल्ट के साथ और कहूंगा के सब क्लियर हो गया अब ठीक हो गए हो, मगर तुमको ऑय स्पेशलिस्ट से ट्रीटमेंट जारी रखना होगा क्यूंकि तुम्हारे ेंखों के बारे में सब सच सच बताया था याद है नाह?”

विहान ने थोड़ा फिकरमंद होते हुए कहा,

“मगर सर किआ मैं अब अशिता को सब सच बता दूँ किआ?”

डॉक्: “नहीं मेरे सामने तो नहीं, घर जा कर बताना चाहो तो बता सकते हो मगर अभी मेरे सामने नहीं, ी don’t वांट तो फील ऐम्बर्रेस्सेड इन फ्रंट ऑफ़ हेर बिकॉज़ ऑफ़ यू.”

विहान ने एग्री किया, और दोनों बाहर निकले, अशिता को मिले और तीनों स्कैन सेक्शन को गए. अशिता विहान के बाहों को थाम कर चलते हुए पूछे जा रही थी के डॉक् ने उस से अकेले में कहा किआ, मगर विहान ने उस्सको धीरे से कहा के सेक्स के बारे में पूछ ताज कर रहा था के सब नार्मल है या नहीं.

वही किया डॉक्टर अग्रवाल ने जो कुछ देर पहले कहा था. अशिता बाहर वेट कर रही थी और डॉक् विहान के साथ अंदर स्कैन वाले हिस्से में गए और 15 मीन्स बाद बाहर आये तो वापस अपने केबिन में जाकर डॉक्टर ने अशिता के सामने विहान से कहा के ब्लड क्लॉट्स बिल्कुल मिट गए एक कटरा भी बाकी नहीं है, ‘बहोत फ़ास्ट रिकवरी किया विहान ने’ डॉक्टर ने अशिता से कहा.

अशिता की ख़ुशी का आलम देखने लायक था उस वक़्त. उसस्के ेंखों में ख़ुशी के ेंसू चालक गए और उस्सने डॉक् के सामने विहान को बहोत ज़ोर से जाकर कर उसस्के चेहरे पर पप्पियाँ देने लगी.

तब डॉक् ने अशिता को मुस्कुराते हुए देख कर कहा,

“यह सब शायद तुम्हारे देख भाल का नतीजा है, तुमने अपने भाई का इस्पेशल केयर किया होगा, जैसे के मैं ने तुमको समझाया था के इस्सके ब्रेन के अंदर इमोशनल ब्लीडिंग वाले हिस्सों के लिए तुमको इस्सके ख्याल रखना चाहिए वो तुमने बाखूबी किया होगा नाह?”

अशिता ख़ुशी से डॉक् के चेहरे में देखते हुए हाँ में सर हिल्ला रही थी.

तब डॉक् ने विहान से कहा,

“तो विहान बीटा तुम घर जाकर अपनी केयर करने वाली सिस्टर को सब कुछ समझा देना आराम से और डिटेल में ठीक है नाह?”

और डॉक्टर अग्रवाल ने तब अशिता के तरफ देखते हुए कहा,

“विहान तुमको कुछ ऐसे बातें बताएगा जिस को जान कर शायद तुम मुझको बुरा भला भी कहो, मगर अस ा डॉक्टर मेरा यह भी फ़र्ज़ बनता है के इंसानियत के नाते भी मैं अपने पेशेंट्स का देख भाल करूँ और अगर उस में पेशेंट की भलाई हो तो मैं कभी ग़लत तरीके से भी साथ देता हूँ. बाकी तुम इंटेलीजेंट हो और तुम्हारा भाई तुमको सब कुछ बता देगा और मुझे पता है के तुम समझ भी जाओगी. Okay आल थे बेस्ट किड्स, खुश रहो दोनों!”

अशिता बिल्कुल हैरत से डॉक्टर को सुनती गयी और सवाली नाज़ों से विहान को बार बार देख रही थी तब तक उसी हालत में डॉक्टर ने दोनों को निकलने के लिए दूर ओपन किया तो अशिता हकबकाए हुए विहान का हाथ पाकर कर कहा, “भाई लास्ट में डॉक्टर ने किआ कहा मेरी समझ में कुछ भी नहीं आया, नॉट ा सिंगल बिट!! किआ बताना है तुम्हें मुझको? अभी से hi बताओ नाह प्ल्ज़.”

विहान ने कहा,

“थैंक्स गॉड के मम्मी पापा घर पर नहीं होंगे तो मैं सब कुछ तुमको आराम से समझा पाउँगा, अगर वह लोग घर पर होते तो बताना नामुमकिन होता!”

अशिता ने थोड़ा ग़ुस्सा होते हुए पूछा,

“मगर किआ समझा पाओगे भाई? बताओ नाह!”

विहान ने कहा,

“ोफो घर तो चलो नाह!”

अशिता ने फिर खुश दीखते हुए कहा,

“भाई मैं कितना खुश हूँ मैं बता नहीं सकती, तुम ठीक हो गए भाई तुम बिल्कुल ठीक हो गए वूऊऊऊ!! ी ऍम सो, सो, सो हैप्पी याआयीयीयी!! मम्मी पापा भी कितना खुश होंगे नाह जान कर?!”

आखिर दोनों घर पहुंचे……

विहान ने एक जूस लिया पीने को और अशिता के लिए भी जूस बनाया और दोनों अपने कमरे में बीएड पर बैठे बिल्कुल आराम से!

अशिता विहान के चेहरे में सौसाली नज़रों से देखते हुए कहा,

“हाँ तो किआ बताने को कहा डॉक् ने?!”

विहान ने एक गहरी सांस लिया फिर थोड़ा सा हनस्सना शुरू किया फिर अशिता के चेहरे में देखते हुए कहा,

“विल यू बिलीव जो कुछ मैं कहने जा रहा हूँ?!”

अशिता ने विहान के छाती पर अपने मुठी बांध करके कई दफा मारते हुए कहा,

“मुझे किआ पता तुम किआ बताने वाले हो भाई, अब बताओ नाह उफ़!!”

तो विहान ने अशिता के दोनों हाथों को अपने हाथों में लेते हुए उसस्के चेहरे में देखते हुए कहा,

“आशु मैं आलरेडी ठीक हो गया था जिस दिन मुझे डिस्चार्ज किया गया था हॉस्पिटल से.”

अशिता ने अपने भाई का हाथ ज़ोर से अपने हाथ में पकड़े हुए कहा,

“किआ? मैं नहीं समझी, किआ कह रहे हो भाई?!”

विहान ने कहा,

“बेबी मेरे ब्लड क्लॉट्स सारे टर्मिनेट हो गए थे जिस दिन मैं डिस्चार्ज हुआ था, उसी दिन मैं बिल्कुल नार्मल था, बाकी के सब कुछ जो हुआ वो सब मेरा एक्टिंग था, बच्चों जैसे हरकतें करना सब नाटक था!”

अशिता ने अपने दोनों हाथ को विहान के हाथ से झटकते हुए कहा,

“इम्पॉसिबल! मैं नहीं मानती!”

विहान ने फिर उसस्के हाथों को अपने हाथ में लेते हुए कहा,

“आरी पगली अभी डॉक्टर ने खुद कहा नाह?!”

अशिता ने कुछ सोचा फिर अश्क भरे हुए ेंखों में कहा,

“मतलब इतने दिनों तक तुम मुझको धोका देते रहे भाई?! मम्मी पापा को, हम सब को तुम धोका दे रहे थे भाई?”

विहान ने अशिता के सर को अपने सीने से लगाते हुए कुछ और कहना चाहा मगर अशिता रोटी हुई एक तरफ अपने हाथ झटकते हुए खड़े होकर जहर जहर बहते ेंसुओं से विहान को तिरछी नज़रों से देखते हुए टूटी हुई आवाज़ में कहा,

“मुझे बिल्कुल यकीन नहीं हो रहा के तुमने मेरे साथ इतना बड़ा धोका किया भाई, मेरे साथ? क्यों भाई? क्यों यह सब किश लिए किया तुमने भाई? और उस डॉक्टर ने क्यों तुमको वैसा करने दिया? किआ बात हुई भाई मुझको समझाओ वार्ना मैं फिर से रूत जाउंगी तुमसे और ज़िन्दगी भर के लिए तुम्हारे तरफ देखूंगी तक नहीं, किआ हुआ भाई समझाओ मुझे इस से पहले के मैं यहाँ से हमेशा के लिए चली जॉन!!”

विहान भी खड़ा हो गया और ग़ुस्से में आवाज़ ऊँचा करके कहा,

“किआ हो गया? यह मुझको पूछना चाहिए के किआ हो गया था हम दोनों के बीच पिछले देर साल से? किआ किया था मैं ने के तुम मुझको इग्नोर करती रही? मेरा कुसूर किआ था? किआ तुमको पता भी था के मुझ पर किआ बीत रहा था इतने दिनों तक? मैं किश तरह टिल टिल का मर रहा था इतने दिनों तक यह दिखा था तुमको कभी आशु? मैं तुम्हारे एक हुग के लिए तरसता रहा, तुमको अपने बाहों में भरने के लिए तड़पता रहा, तुम मेरे सामने होती थी मगर जैसे एक अजनबी मेरे सामने होती थी…. मुझको मरने का मैं कर रहा था यह पता था तुम्हें?! शराब पीना शुरू कर दिया था तेरी वजह से यह सोचा था तुमने? पागल हो रहा था मैं, समझ में नहीं ारः था के किआ करूँ, कहाँ जॉन, तुम्हारी बेरुखी ने मुझको एक आग की तरह जलना शुरू किया था, और मैं हर रोज़ जल रहा था, जलता गया, जलता गया, मगर मेरे दुःख किसी को नहीं दिख रहा था…….”

और विहान फूट फूट कर रोने लगा.

अशिता ने अपने खुद की ेंसू पोंछे मगर अपनी जगह पर कड़ी विहान को देखती रही. उस्सको ग़ुस्सा ारः था.

विहान रट हुए ज़मीन पर बैठ गया था अपने सर को अपने हाथ में थामे हुए.

फिर विहान ने एक नज़र अशिता को देखा जब रोने से रुका तब अशिता ने कहा,

“चलो मुझको समझाओ शुरू से सब हॉस्पिटल में कैसे हुआ? कब डॉक्टर ने तुमको वैसा करने को कहा और क्यों कहा, किआ कहा तुमने डॉक्टर से?!”

तो बे कॉन्टिनोएड इन नेक्स्ट पोस्ट इम्मेडिएटली…..
 
अपडेट 38 विहान एक्सप्लाइन्स अशिता आल

विहान अशिता के तरफ बढ़ते हुए फिर से उसस्के दोनों हाथों को पाकर के अपने तरफ खिंचा. अशिता उसस्के बाहों में गयी, मगर उस्सने विहान को नहीं जकरा. और विहान ने बोलना शुरू किया……

“सब उस दिन शुरू हुआ जब डॉक्टर अग्रवाल ने मेरा केस लिया और मेरा स्कैन करवाया….

फ्लैशबैक

जिस दिन डॉक्टर अग्रवाल के हाथ विहान का केस आया वो उस से मिलने उसके वार्ड में गया था दिन के कोई 11 बजे और विहान उस वक़्त जाएगा हुआ था और सर के दर्द से तड़प रहा था. अशिता की वो पहले वाला ठरकी डॉक्टर के मिलने से पहले की बात है.

फाइल्स के रिपोर्ट पढ़ने के बाद डॉक्टर अग्रवाल को मालूम था के विहान के सर का स्कैन करना पड़ेगा तो उसी वक़्त उस्सने विहान से बात किये वार्ड में और विहान ने बताया के उस्का सर फटा जा रहा है और उस से दर्द नहीं सहा जा रहा. डॉक्टर अग्रवाल ने तुरंत उस्सको एक डिफरेंट पैन किलर का इंजेक्शन करवाया और उस्सको स्कैन के लिए लेजाया गया.

जिस वक़्त स्कैन किया जा रहा था तो विहान का दर्द ग़ायब हो चूका था और वो सब कुछ देख और समझ भी रहा था. स्कैन के तुरंत बाद डॉक्टर ने विहान से बात किया और पूछा के किआ वो ड्रग्स लेता है किआ, और किया जिस वक़्त एक्सीडेंट हुआ था किआ उस्सने किसी नशीली चीज़ लिया हुआ था? तो विहान ने बताया के सिर्फ शराब पिया हुआ था उस्सने जिस वक़्त एक्सीडेंट हुआ. डॉक्टर ने स्कैन देख कर पता लगाया था उसी वक़्त के जिस हिस्से में ड्रग्स का इफ़ेक्ट होता है ब्रेन में उस हिस्से में डिस्टर्बेंस थे, फिर डॉक्टर यह भी समझा के किसी इमोशनल ट्रामा में मुब्तेला है विहान तो डॉक्टर ने पूछा किआ उस्सको किसी सदमे से गुज़ारना पड़ा है लाइफ में. और विहान रो पड़ा डॉक्टर के उस सवाल से.

तो डॉक्टर ने वार्डबॉय से कहा के विहान को व्हीलचेयर पर पुश करके उस्सको डॉक्टर के केबिन में ले चलें. विहान रट हुए गया और खुद को डॉक्टर से सामने बैठा हुआ पाया उसस्के कंसल्टेशन में.

डॉक्टर ने विहान को रिलैक्स होने को कहा, और कुछ रिलैक्स होने की दवाई पिलाया उस्सको और तब बोलने के लिए कहा, डॉक्टर ने,

“जो भी तुम्हारे दिल के अंदर है सब उगल दो, जो कोई भी चीज़ तुमने अपने अंदर दबा के रखा हुआ है सब बाहर आने दो तब तुमको आसानी होगी और तुम्हारे ब्रेन के उस हिस्से में जहाँ यह ट्रामा है वो जगह सेफ होगा, क्यूंकि मैं ने देखा के उस हिस्से में जहाँ इमोशनल ब्लीडिंग होते हैं वो हिस्सा बहुत तन्ना हुआ है, और ऐसे एक्सीडेंट्स में उस जगह पर बहोत बुरा एस्सार पड़ता है आदमी पागल भी हो जाता है ज़िन्दगी भर अपने ब्रेन की उस हिस्से को खो देता है. अगर एक्सीडेंट नहीं हुई होती, तब तुमको कुछ नहीं होता उस हिस्से में, मगर क्यूंकि एक तो ब्रेन में पहले से ट्रॉमाटिस्म है सदमे या किसी भी तरह की उलझन, या प्रॉब्लम से, अब ऊपर से एक्सीडेंट की वजह से कुछ ब्लड क्लॉट्स जमा हुए हैं तो सब मिला कर बहोत बुरा इफ़ेक्ट हो सकता है, एक एक करके मुझको सब समझना है तब उसस्के मुताबिक मेडिसिन्स प्रेस्क्रिबे करना है तुमको. अब बताओ तुम्हारे लाइफ में किआ ट्रेजेडी हुआ है बीटा, मेरे लिए यह जानना बहोत ज़रूरी है.”

विहान बोलने से पहले रोने लगा फिर से. डॉक्टर ने पूछा,

“किआ प्यार में धोका खाये हुए हो तुम?”

विहान ने रट हुए हाँ में सर हिलाया.

डॉक्टर ने पूछा,

“वो तुम्हारे करीब है या दूर चली गयी है?”

विहान ने बिलात्ते हुए कहा,

“मैं आप को कैसे समझों डॉक्टर साहब समझ में नहीं ारः है मुझे, वो मेरे पास भी है पर बहोत दूर है!”

डॉक्टर ने पूछा,

“तुम्हारा कोई रिश्तेदार है किआ? कजिन, पैरेंट? भाई, बेहेन, माँ ? बाप? इस से कोई तालुकात है बीटा?”

विहान ने सिसकते हुए कहा,

“डॉक्टर सर, मुझे बताने में बहुत तकलीफ हो रही है बुसस यूँ समझ लीजिये के वो हमारे घर में hi रहती है मगर मुझसे देर साल से बेरुखी से पेश आरही है, बात भी ठीक से नहीं करती, और मैं उसस्के बिना जी नहीं सकता, इतना प्यार करता हूँ उस से के उसस्के लिए अपनी जान तक दे सकता हूँ मगर उस्सको अब कोई परवाह नहीं मेरा सर.”

डॉक्टर ने पूछा,

“तुम बहोत जवान हो, और?? खैर यह बताओ किआ तुम्हारी शादी हुई थी और अब वाइफ दूरी बराक रही है किआ?”

विहान ने और ज़ोर से रट हुए कहा,

“सर कुछ ऐसा hi समझ लीजिये नाह, वो मेरे ेंखों के सामने रहती है हर पल मगर देर साल से ऐसे पेश आती है के मैं हूँ hi नहीं… मुझे बहुत तकलीफ होता है सर, मैं कुछ नहीं कहता मगर सर दिल के टुकड़े तड़के अपने अंदर बिखरते हुए महसूस करता हूँ, बहुत दर्द होता है सर बहुत सुफ्फेर कर रहा हूँ पिछले देर साल से सर, अब सेहेन नहीं होता है सर!”

डॉक्टर ने अचानक पूछा,

“किआ तुम जान बुझ कर उस कार के आगे गए थे, ओह no किआ तुमने खुदखुशी करने की कोशिश किया था बीटा?!”

और ज़्यादा ज़ोरों से रट हुए विहान ने कहा,

“हाँ सर मैं खुदखुशी करना चाहता था, मैं उस वक़्त नशे में तो था मगर उस्सकी याद में तड़प रहा था, उस्सकी बेरुखी से इतना तकलीफ हो रहा था के एक पल के लिए सोचा के समाप्तः कर डालूं इस दर्द को हमेशा के लिए और उस कार को तेज़ी से आते हुए देखा तो उसस्के सामने आगया जान बुझ कर सर, मैं ने सोचा था मेरा एन्ड हो जाएगा और मेरे सारे तकलीफें ख़तम हो जाएंगे हमेशा के लिए सर!”

विहान इतना रो रहा था यह सब कहते हुए के डॉक्टर अपने डेस्क के पीछे से उठकर उस्सको संभालने को आया, विहान को अपने बाहों में लेकर उस्का पीठ थपथपाते हुए उस्सको आराम दिया और आगे बोलने को कहा.

विहान ने कहा,

सर, पहले हम दोनों बिल्कुल हस्बैंड वाइफ की तरह रहते थे, एक साथ सोना, खाना, पीना, कॉलेज जाना, नहाना, उठना बैठना, होमवर्क्स करना, एक दूसरे को जाकर कर सोना रात भर… कुछ भी एक दूसरे के बग़ैर नहीं करते थे…. सर उस्सकी जिस्म की खुशभू अब भी मेरे ज़हन में मौजूद है, उस्सकी दिल की आहात अब भी मुझे सुनाई देती है सर, मैं कैसे उस्सको अपने दिल से निकलूं सर मुझे कोई उपाय बताओ सर. मैं किसी से कभी इस बारे में बात भी नहीं कर सकता आज पहली बार किसी को अपने दिल का हाल बता रहा हूँ सर…..”

और बोलते बोलते विहान और रोने लगा.

डॉक्टर अग्रवाल विहान के सर को सहलाते हुए पूछा,

“किआ वो तुमको देखने आयी थी?”

विहान ने कहा,

“हाँ सर कैसे नहीं आती आयी तो थी मगर मैं बेहोशी के हालत में था तो जैसे उस्सकी रोने की आवाज़ को बहोत दूर सुना और मुझसे लिपट कर मुझे गले लगाते हुए रो रही थी और मुझसे माफ़ी मांग रही थी मगर यह सब मुझे एक सपने जैसा लगा पता नहीं सच में आयी भी थी या मेरा ख्याल है….”

डॉक्टर ने कहा,

“अब तुम्हें मुझको साफ़ साफ़ बताना होगा के तुम्हारा किआ रिश्ता है उस से, बोलो ताके मैं कुछ कर सकूँ तुम्हारे लिए, दर्रो मत, मैं एक डॉक्टर हूँ और डॉक्टर कभी किसी पेशेंट की सीक्रेट्स को किसी को नहीं बताते, हम कस्सम कहते हैं इस के लिए, तुम बताओ किआ वो तुम्हारी, माँ है? किआ बेहेन है? किआ कजिन है?”

विहान ने सर ऊपर करते हुए एक नज़र शर्म से डॉक्टर के चेहरे में देखा, फिर सर को बिल्कुल निचे झुका कर रट हुए कहा,

“मेरी बेहेन है सर, उस से बेहद प्यार करता हूँ, वो भी करती थी मगर देर साल से पता नहीं क्यों रूठी हुई है और, मुझको साफ़ साफ़ कह दिया के हमारा ब्रेक उप हुआ है समझ lun….Sir मैं टोपर था कॉलेज में सर मगर उस्सकी बेरुखी के बाद मैं फ़ैल होता गया यहाँ तक के उसी की क्लास में पाया खुद को, फिर मैं ने पढ़ना चोरर दिया सर, शराब पिने लगा सर, डरता हूँ के कहीं कोई ड्रग भी लेने नाह लग जॉन, मुझसे अब सेहेन नहीं होता है सर.”

डॉक्टर ने पूछा,

“तो उस्सने तुमको बताया नहीं के क्यों ब्रेक उप कर रही है? कोई रीज़न नहीं दिया तुमको?”

विहान: “नहीं सर कुछ नहीं बताया मुझे. एक कोल्ड वॉर जैसे हालत हो गयी है हमारे बीच अब, हम एक दूसरे से बात तक नहीं करते, एक साथ सोते थे अब उस्सने कर्मा बदल लिया है… सर सोचिये मुझ पर किआ बीतता है जब मैं उस्सको एक नज़र देखता हूँ, मेरे सामने होती है, उस्सको देखता हूँ तो उस्सको बाहों में जाकर कर रोने का मैं करता है, उस को छूने को मैं करता है, मैं पागल हो जाऊंगा सर….”

डॉक्टर: “किआ तुम्हारे ख्याल से वो तुमसे अब भी प्यार करती है?”

विहान: “पता नहीं सर, एहि समझ में नहीं अत मुझे, मगर पिछले कई रातों को जब बिल्कुल नशे में घर लेट रात को लड़खड़ाते हुए गया हूँ तो उसी ने मुझको संभाल के मेरे रूम में सुलाने ले gayi…aur बाकी पता नहीं मैं बिल्कुल नशे में होता हूँ तो कभी उस्सको अपने पास फील करता हूँ….. पता नहीं वो मेरे ख्याल में वैसा फील करता हूँ या रियल में वैसे होता था”

डॉक्टर: “okay तो मैं तुम्हारा हेल्प करता हूँ इस से पता चल जाएगा के वो तुमसे अब भी प्यार करती है या नहीं. अगर प्यार करती है तो वापस तुम्हारे पास आजाएगी ी ऍम सूरे, और अगर फिर भी नहीं आयी तो तुमको उस से बिल्कुल अलग होना होगा, तुमको कहीं चले जाना होगा दूर, बहोत दूर जहाँ वो तुमको देख भी नाह पाए और तुम भी उस्सको नहीं देख पाओ, कर सकोगे ऐसा?!”

विहान ने अपने ेंखों से जारी ेंसू पोंछते हुए कहा,

“सर मैं ने ऐसा पहले hi सोच लिया था के कहीं दूर चला जॉन, उस से बहोत दूर और तभी वापस आऊं जब वो किसी और के घर बसाने के लिए चली गयी होगी… मगर मुझे फ़िक्र इस बात की थी के किआ होगा अगर वो सुफ्फेर करने लगी मेरे जाने के बाद, किआ होगा अगर उस्सको भी वही तकलीफ होने लगे मेरे दूर होने के बाद, मैं उस्सको दुखी नहीं देख सकता सर. मैं उसस्के ख़ुशी के लिए यहीं रहा, मगर अब सोच रहा हूँ के आप सही कह रहे हो… ठीक है मैं वैसा भी करके तरय करूँगा…..”

डॉक्टर ने आराम से पूछा,

“एक इम्पोर्टेन्ट बात पूछनी है, यह बताओ के किआ तुम दोनों सेक्सुअल रिलेशनशिप भी करते थे?!”

विहान ने समझाया के पेनेट्रेशन तो नहीं किया है मगर हाँ सेक्स भी करते थे.

डॉक्टर समझ गया और उस्सने प्लान बनाना शुरू किया विहान के लिए ा तो ज़ सब कुछ समझाया विहान को उसस्के सर की ब्लड क्लोटिंग्स को लेकर के कैसे वो नॉर्मली 3 से 6 महीनों में मिट सकता है और कैसे कैसे इफ़ेक्ट होते हैं पेशेंट कैसा बेहवे करता है ेट्स… मगर डॉक्टर ने ये भी समझा दिया विहान को के उसस्के ब्रेन के ब्लड क्लॉट्स आसानी से मिट रहा है और एक दो दिन में पूरा साफ़ हो जाएगा मगर उस्सको ऐसा बेहवे करना होगा के वो ब्लड क्लॉट अब भी उसस्के ब्रेन में मौजूद है और 3 से 6 महीनों में एन्ड होगा…… इस से फायदा यह होगा के अशिता अगर उस से प्यार करती है तो उस्का देख भल करेगी और अपना प्यार निछावर करेगी विहान पर, यह सब कुछ डॉक् ने समझाया विहान को.

विहान ने डॉक् से कहा के उस्सको ज़्यादा से ज़्यादा वक़्त अशिता के साथ गुज़ारना है तो पूरा 6 महीना बताये ताके अगले 6 महीनों तक अशिता उसस्के पास रहे तब तक वापस पहले की तरफ रिलेशनशिप बन जाएगी दोबारा.

मगर डॉक् ने उस से पूछा के किआ वो 6 महीनों तक एक दिमागी बीमार होने वाला का एक्टिंग लगातार कर पाएगा? विहान ने कहा हाँ. मगर डॉक् ने कहा के बुसस 4/5 दिन में hi अगर सब ठीक हो गया उसस्के और अशिता के बीच तब किआ करेगा? तभी डॉक् ने कहा के वो एक हफ्ते बाद का फर्स्ट अपॉइंटमेंट लिख देगा ताके जब उस दिन को विहान को लगे के सब सही हो गया है तभी सब बता दिया जाएगा के ब्लड क्लॉट्स साफ़ हो गए हैं और विहान ने फ़ास्ट रिकवरी किया है.

यह सब कुछ प्लान करते वक़्त डॉक् ने विहान से कहा के उस्सको अशिता से मिलना होगा और उस्सको कुछ ऐसा बताना होगा के खुद अशिता विहान के लिए केयर करे…..

यह डॉक्टर ने अपने प्लान में कहा hi था के खुद बा खुद अशिता चली गयी थी उस से मिलने के लिए…. डॉक्टर ने तो प्लान यह किया था के विहान अपने माँ से कहेगा के डॉक्टर ने उससे मिलने के लिए बुलाया है; तब क्यूंकि इंग्लिश टर्म्स में बातें बतानी है तो अशिता ज़रूर जाएगी डॉक् से मिलने, मगर जिस दिन को डॉक् ने विहान को अपने माँ से उस्सको मिलने के लिए कहने को कहा था उसी दिन को अशिता अपने आप प्रिय के साथ डॉक्टर से मिलने चली गयी थी.

डॉक्टर ने भी खूब एक्टिंग किया था उस दिन अशिता और प्रिय से अनजान बनते हुए. और जैसे अशिता चली गयी थी तो डॉक्टर जल्दी से वार्ड में जाकर विहान को बताया था के अशिता खुद आयी थी अपनी सहेली के साथ उस से मिलने और डॉक्टर ने विहान को सब कुछ बता दिया जो कुछ उस्सने अशिता से कहा था विहान के ब्रेन के क्लॉट के बारे में.

जो ड्रग्स जैसा दवा विहान लेता था वो नकली था जो डॉक्टर ने खुद अपने हाथों से दिया था विहान को, वो सिर्फ एक सप्लीमेंट था, मगर उस्सको डॉक्टर ने अड्सीटीवे ड्रग बताया था विहान के पेरेंट्स और अशिता को….

विहान को सिर्फ एक प्रॉब्लम था वो था उस्सकी ेंखें जिस्सको ऑय डॉक्टर फॉलो कर रहा था, बाकी ब्रेन के तरफ से कोई भी प्रॉब्लम नहीं था सब कुछ डॉक्टर का प्लान था विहान और अशिता को वापस एक दूसरे के करीब लाने के लिए.

एन्ड ऑफ़ फ़्लैश बैक

विहान ने यह सब कुछ बताया अशिता को. जो कुछ फ़्लैश बैक में लिखा हुआ है यह सब विहान अशिता को समझा रहा था और कई बार सब बताते हुए खुद रोया भी अपने उन् दिनों के दर्द को बयान करते हुए. अशिता तब तक एक डिस्टेंस पर बैठी सब सुन रही थी और खुद कई बार रोई भी, मगर जब विहान ने सब बता दिया और उठ कर उसस्के तरफ बढ़ा तो अशिता अपने ेंखों को पोंछते हुए कमरे से निकली और अपने कमरे में जाकर खुद को लॉक कर लिया, विहान के लाख फुंकारने पर भी दरवाज़ा नहीं खोला अशिता ने.

तो बे कॉन्टिनोएड…… (4002 वर्ड्स फ्रॉम बोथ उपदटेस)
 
अपडेट 39 अशिता टेल्स व्हाई शी वास् डिस्टेंट

विहान ने यह सब कुछ बताया अशिता को. जो कुछ फ़्लैश बैक में लिखा हुआ है यह सब विहान अशिता को समझा रहा था और कई बार सब बताते हुए खुद रोया भी अपने उन् दिनों के दर्द को बयान करते हुए. अशिता तब तक एक डिस्टेंस पर बैठी सब सुन रही थी और खुद कई बार रोई भी, मगर जब विहान ने सब बता दिया और उठ कर उसस्के तरफ बढ़ा तो अशिता अपने ेंखों को पोंछते हुए कमरे से निकली और अपने कमरे में जाकर खुद को लॉक कर लिया, विहान के लाख फुंकारने पर भी दरवाज़ा नहीं खोला अशिता ने.

अब आगे….

विहान घबरा गया था के कहीं दोबारा अशिता उस से पहले की तरह नाह रूत जाए.

अशिता गयी तो रट हुए मतलब वो विहान के सभी बातों को सुनते हुए रो रही थी उसस्के साथ साथ, अपने ेंखों को पोंछते हुए गयी मगर विहान के समझ में नहीं ारः था के अब कैसे उस से बात करे, किआ कहें उस्सको.

विहान दरवाज़े से सत् कर खड़ा रहा कुछ देर और रट हुए कहा,

“मेरी आशु मुझसे और खफा मत हो प्लीज मुझसे सेहेन नहीं होगा ऋ. इतना दुःख हुआ था मुझे पिछले दिनों इतना बताने पर भी तू फिर से रूत गयी किआ? नाराज़ है तू मुझसे? प्लीज मुझसे बात कर नाह. देख इस बार अगर तू मुझसे रूठी नाह तो मैं सच में कहीं बहोत दूर चला जाऊंगा, मैं दिखूंगा भी नहीं तुझको. ग़ायब हो जाऊंगा तेरी लाइफ से हमेशा के लिए. सुना तुमने मेरी गर्लफ्रेंड? मैं जॉन किआ? मैं अभी के अभी इसी वक़्त चला जाता हूँ, मुझे कभी मत ढूंढ़ना, मेरी मोबाइल तेरी हुई अगर चला गया तो, और उस तवपिस को फिर जला कर राख कर देना. मैं जा रहा हूँ आशु, अलविदा!”

अशिता अंदर सब सुन रही थी और रो रही थी, मगर जब विहान ने लास्ट वर्ड कहा तो झट से दरवाज़ा खुला और अशिता विहान से लिपट कर ज़ोर से रोने लगी. विहान ने कसके उस्सको बाहों में जकरा और उसस्के सर पर हाथ फरते हुए खुद रो रहा था. दोनों रो रहे थे और अशिता ने उसस्के सीने से चेहरा हटा कर विहान के चेहरे में देखते हुए ेंसुओं के साथ कहा,

“भाई तुमने आत्महत्या करने की कोशिश किये थे उस रात को भाई? मेरे खातिर भाई क्यों भाई ओह माय गॉड!”

और अशिता अपने चेहरे को विहान के छाती में दबा कर रोटी रही. यहाँ तक के उसस्के ेंसुओं से विहान का टीशर्ट भीग गया.

विहान उसस्के पीठ पर अपने हाथ फरते हुए उस्सको छुप करने की कोशिश करते जा रहा था. फिर विहान ने उस्सको अपने गॉड में उठाया और अपने कमरे में लगाया उसस्के चेहरे को चूमते हुए.

अशिता सिसक रही थी जब विहान ने उस्सको बीएड पर बिठाया और उसस्के पास खुद बैठा. और विहान ने कहा,

“चल अब बुसस कर तेरे सामने हूँ अब नाह? मगर तू क्यों चली गयी थी और दरवाज़ा क्यों लॉक कर दिया था?”

तब अशिता ने मुठी बांध करके विहान के छाती पर मुक्का मारते हुए कहा,

“तुमने मुझको उल्लू बनाया इस लिए मुझे ग़ुस्सा आया, मगर जब सोचने लगी के मेरे बेरुखी की वजह से तुम कितने दुखी थे ख़ास कर याद किया के तुमने आत्महत्या करने की कोशिश किये थे तो रहा नाह गया तुमसे और दूर! …. तुम किधर जा रहे थे, अगर मैं दरवाज़ा नहीं खोलती तो तुम कहाँ जाने वाले थे भाई?”

विहान ने उस्सको सीने से सताते हुए कहा,

“मुझे खुद नहीं पता किधर जाता मैं. डॉक्टर ने कहा था नाह के कहीं बहोत दूर चला जॉन तुमसे और बिल्कुल वापस नाह आऊं वही करता मैं इस बार!”

अशिता ने अपने बाँहों को उसस्के कांधों के ऊपर करके उस्सको ज़ोर से जकरा और रट हुए कहा,

“भाई खबरदार फिर कभी ऐसा सोचा भी तो? मेरे बारे में नहीं सोचा तुमने? मेरा किआ होता तब? मैं अकेली कैसे जीती फिर तुम्हारे बिना? कभी भी ऐसे ख्याल मैं में भी मत लाना भाई मेरे बारे में सोचना चाहे कुछ भी हो जाए समझे भाई?!”

विहान ने फिर उस्सको चूमते हुए कहा,

“कहाँ नाह मैं ने के तुझे hi सोचा था इस लिए लास्ट टाइम कहीं नहीं गया था, डॉक्टर से एहि तो कहा था मैं ने के मैं कहीं चले जाने को सोच रहा था मगर तुझको सोचा, तेरे बारे में hi सोचा के तू दिख हो जाएगी, बहोत रोएगी मेरे लिए इसी लिए कहीं नहीं गया बुसस तेरे सितम को सेहत रहा.”

अशिता ने कई बार सॉरी कहा और कहा,

“अब आखरी बार सॉरी कह रही हूँ, थक गयी हूँ सॉरी कहते कहते तुमको, और आज लो बता देती हूँ के क्यों मैं तुम को इग्नोर करने लगी थी और दूरी रख रही थी. उस दिन पापा ने मुझसे बात किया था जिस दिन मम्मी लोवेबिट्स वाले बात को लेकर बवाल किया था. पापा ने कुछ ऐसे बातें कहे थे के मेरे दिल और दिमाग़ के अंदर एक डर सा बैठ गया था और मैं नहीं चाहती थी कुछ वैसा हो जो पापा के साथ हुआ था!”

विहान हैरान होते हुए सवाली नज़रों से अशिता के चेहरे में देखते हुए पूछा,

“पापा के साथ हुआ था? किआ हुआ था पापा के साथ?”

तब अशिता ने याद किया के उसस्के पापा ने कहा था यह बात किसी को नहीं बताने को विहान को भी नहीं, तो अशिता अपने जीब को दन्त में दबाते हुए कहा,

“नहीं वो मैं नहीं बता सकती यह पापा का सीक्रेट है, उस्सने मुझे बताने से मन किया है!”

अब विहान जान्ने के लिए और बेकरार हो गया और कहा,

“आरी पापा की सीक्रेट? आशु मेरे और तुम्हारे बीच किआ कभी कोई सीक्रेट रहा है? अगर मुझे बताएगी तो तेरे ख्याल से किआ मैं कभी उस बात को किसी को बताऊंगा किआ? तू मुझे बोल नाह शायद जान कर मुझे हल्का महसूस हो या मेरे काम आये या मुझको आगे चल कर हेल्प करे कोई डिसिशन लेने में!”

अशिता का रोना अब बिल्कुल रुक गया था और वो सोच रही थी के विहान को अपने पापा की राज़ बताये के नहीं. फिर विहान के हाथों को अपने हाथों में कसके पाकर कर कहा,

“यह अजीब बात है के पापा और उसस्के सिस्टर में भी हमारे तरह प्यार था और बहुत ज़्यादा आगे निकल गए थे वो दोनों!”

विहान को जैसे 440 वाल्ट का झटका लगा और उठ खड़ा हुआ यह सुन कर. अशिता डर गयी के अब तो उस्सको यह भी बताना पड़ेगा के उस्सने अपने पापा से उस्सकी और विहान के रिश्ते के बारे में भी बता दिया था. विहान बिल्कुल शॉकेड देखता रहा अशिता को और पूछा,

“किआ कह रही है तू? मज़ाक कर रही है नाह बोल!”

अशिता ने नज़रों को चुर्राटे हुए कहा,

“सच है भाई, उस दिन पापा मुझको समझाने के लिए आये थे जब मम्मी नहाने चली गयी तब वो बात कहने आया था मुझे, मम्मी तो बहोत नाराज़ थी हम दोनों को लेकर और मुझे मारा भी उस रोज़. तुम तो चले गए काम पर अपने, मुझको बहोत कुछ सुन्ना पड़ा था भाई. बुसस पापा मुझको सपोर्ट कर रही थी. याद है नाह लोवेबिट्स को लेकर मम्मी जानना चाहती थी के तुम और मैं वो सब करते हैं, इस लिए मुझको मम्मी ने मारा था भाई!”

विहान और शॉकेड होते हुए कहा,

“कमाल है और तुमने मुझे तब कुछ भी नहीं बताया? क्यों? किआ मम्मी ने मारा था इसी लिए तू उस दिन से मुझसे बेरुखी से पेश आने लगी थी?”

अशिता: “नहीं नाह भाई उस बात के लिए नहीं, पापा के बातों की वजह से कहा नाह?!”

विहान: “ओह हाँ तो पापा भी??”

अपना सर खुजाते हुए विहान एक दो कदम कमरे में चला और फिर अशिता के चेहरे में देखा. अशिता उस्सको उस तरह से परेशान होते हुए देख कर कहा,

“आओ नाह इधर बैठो आराम से बताती हूँ और हाँ प्लीज इस्को राज़ hi रखना मम्मी को भी कुछ नहीं पता इस बारे में आज तक. समझे भाई?!”

विहान और भी परेशां हुआ यह सुनकर और बिल्कुल तैयार था सुनने को के अशिता कौन सा राज़ जानती थी अपने पापा की.

अशिता ने कहा,

“तुम पापा से नहीं पूछोगे नाह इस बारे में? कहीं तुमने पूछ लिया तो पापा सोचेगी के मैं ने उस्सको धोका दे दिया तुमको वो बात बता कर.!”

विहान बेचैन होते हुए अशिता के काँधे पर अपने बाज़ू को रखते हुए कहा,

“अरे नहीं बोलूंगा मैं कुछ भी पापा को तुम बताओ तो सही हुआ किआ था? किआ बोलै था पापा ने तुझे कौन सा राज़ है यार?!”

अशिता ने अपने दिल की धड़कनों को बढ़ते हुए महसूस किया और धीमी आवाज़ में सर झुका कर कहा,

“पापा अपनी सिस्टर से प्यार करती थी, दोनों एक दूसरे को बहोत लव करते थे और सेक्स भी करते थे, उस्सकी सिस्टर प्रेग्नेंट हो गयी थी और सुसाइड किया था उस वजह से!”

तो बे कॉन्टिनोएड इन थे नेक्स्ट पोस्ट इम्मेडिएटली….
 
अपडेट 40 अशिता रेलटेस आल तो विहान

“पापा अपनी सिस्टर से प्यार करती थी, दोनों एक दूसरे को बहोत लव करते थे और सेक्स भी करते थे, उस्सकी सिस्टर प्रेग्नेंट हो गयी थी और सुसाइड किया था उस वजह से!”

विहान को फिर बड़ा झटका लगा और फिर से उठ खड़ा हुआ, उसस्के साँसों की रफ़्तार बढ़ गया और अशिता के चेहरे में देखते हुए निचे बैठ कर अशिता के चेहरे में देखने लगा क्यूंकि उस वक़्त अशिता निचे देख कर बात कर रही थी तो विहान को निचे से अशिता के चेहरे में देखना पारा. तो विहान ने पूछा,

“पापा ने तुमको यह बात क्यों और कैसे बताये? ऐसी गहरी राज़ वाली बात क्यों पापा ने तुमको बताया जो के मम्मी तक नहीं जानती, क्यों? किआ पापा को मेरे और तुम्हारे बारे में पता था?”

अशिता दररने लगी थी के अब उस्सको बताना पड़ेगा के उस्सने पापा को बता दिया के इनके बीच किआ रिश्ता है, तो कांपते हुए आवाज़ में अशिता ने कहा,

“मुझे सब बताना पारा था भाई के हम दोनों के बीच ऐसा रिश्ता है उस रोज़!”

विहान फिर खड़ा हो गया और कमरे में चलते हुए ग़ुस्से से कहा,

“व्हाट थे फ़क दमन आईटी! तुमने पापा को बता दिया था उसी दिन को के हम दोनों के बीच ऐसा रिश्ता है? मतलब तुमने उस्सको बता दिया था के हम दोनों रात को एक साथ सोते वक़्त सेक्स करते हैं? के वो लोवेबिट्स मैं ने किये थे तुम्हारे गर्दन और छाती पर? व्हाट थे हेलल अशिता तुम ऐसा कैसे कर सकती हो?!!”

अशिता विहान को ग़ुस्सा करते हुए देख कर रोने लगी. विहान का चेहरा बिल्कुल लाल हो गया था ग़ुस्से से, और फिर विहान ने अब अशिता के पास आकर यह कहा,

“तो मतलब तू ने इतने दिनों तक मुझसे दूरी इस लिए रखा था क्यूंकि तुमको पता था के तुमने बहोत बड़ी ग़लती कर दिया है पापा को हमारे बारे में बता कर सिर्फ इसी लिए तू मुझको अवॉयड कर रही थी के कहीं तुमको मुझे वो सब बताना नाह पड़े नाह? एहि बात थी नाह?”

रट हुए अशिता ने कहा,

“नहीं भाई तुम बिल्कुल ग़लत समझ रहे हो, वो बात नहीं थी, मैं डर गयी थी के हम दोनों के बीच कहीं वैसा नाह हो जो पापा और उसस्के सिस्टर के बीच हुआ था. सिर्फ इसी लिए मैं दूर हुई थी तुमसे. मैं नहीं चाहती थी के मैं भी प्रेग्नेंट हो जॉन और मुझे भी सुसाइड करना पड़े!”

विहान्ने कहा,

“आशु हाउ कैन यू बे सो naïve माय डिअर? हो सकता है के पापा ने सब तुमको झूट बोलै ताके तुमसे सच उगलवा सके, और वो कामयाब भी हुए क्यूंकि तुमने उस्सको सब सच बता दिया! हे फूलड़ यू दमन आईटी!”

अशिता ने रट हुए hi जवाब दिया,

“No, पापा मुझसे इतनी बड़ी झूट नहीं बोल सकते, वो खुद रट हुए सब कुछ बताया था मुझे वो मुझको सपोर्ट कर राइ थी, मम्मी से बचाया था उस्सने मुझे उस दिन, तुम होते तो शायद पापा वो सब नहीं बताते, मगर मैं अकेली थी भाई, और भाई मैं छोटी थी तब, ी वास् हेल्पलेस, मैं समझलो बची थी नाह भाई? तब मैं अकेली किआ करती?”

विहान ने बहोत गंभीरता से कहा,

“ाचा okay तुम मुझको डिटेल में बताओ पापा से बात कैसे शुरू हुई थी, किश ने पहले अपना राज़ बताया पापा ने या तुमने पहले कहा तब उस्सने अपने बारे में कहा, ी वांट तो क्नोव एक्साक्ट्ली हाउ आईटी हप्पेनेड. चलो बताओ मुझे.!”

अशिता अब नहीं रो रही थी तो उस्सने कहा,

“पापा यहाँ आया जब मम्मी नहाने चली गयी, उस्सने मुझे पहले hi कह दिया था के वो मुझे कुछ बताने वाला है जो बहुत ज़रूरी बात है, जिस वक़्त उस्सने मुझे मम्मी से बचाया था तब. मम्मी चिल्ला रही थी के मेरे और तुम्हारे बीच नाजायज़ सम्बन्ध है, तो पापा उस पर चिलाय और मुझे लेकर इधर आगया था मगर तब कुछ नहीं कहा सिर्फ कहा के थोड़ी देर में वो मुझको एक इम्पोर्टेन्ट बात बताने वाला है. तो जब मम्मी शावर लेने चली गयी तो पापा मेरे पास आया और पूछा के किआ मैं तुमसे बहोत प्यार करती हूँ तो मैं ने हाँ कहा. तब उस्सने पूछा के किआ तुम भी मुझको उतना hi प्यार करते हो या सिर्फ मैं तुमसे प्यार करती हूँ, तो मैं ने पापा से कहा के तुम मुझसे बहोत ज़्यादा प्यार करते हो 100 गुना ज़्यादा….”

विहान सुनता गया और अशिता ने बोलना जारी रखा,

“तो पापा ने कहा तो आग दोनों तरफ बर्बर लगी हुई है, और कहा के हम दोनों मतलब तुम और मैं इतिहास को दोहरा रहे हैं! तो मैं नहीं समझी और पूछा के उस्का किआ मतलब है तो उस्सने कहा, के वो हमारे प्यार को समझ रहा है मगर दुन्या वाले हमारे प्यार को नहीं समझेंगे, हमको बदनाम करेंगे, तो हम कैसे दुन्या का सामना करेंगे. मैं चुप रही तो पापा ने कहा, के हम दोनों इतिहास को दोहरा कर उस्का सपना पूरा कर रहे हैं. उस्सने कहा के वो इन् सब से गुज़र चूका है जिस से मैं और तुम गुज़र रहे हैं.”

विहान बहोत शॉकेड था और अशिता से और बताने को कहा और वो अशिता के चेहरे में देखते हुए सुन रहा था अशिता का हाथ अपने हाथ में थाम कर. और विहान ने पूछा,

“रियली? और किआ कहा तब पापा ने तुझे?”

अशिता बोली,

“पापा रोने लगे और रट हुए hi उस्सने मुझे सब बताया केकिसी वो अपनी सिस्टर से प्यार करते थे बिक्लुल हम दोनों की तरह, इसी लिए उस्सने कहा के हम दोनों हिस्ट्री रिपीट कर रहे हैं और उसस्के सपने को पूरा कर रहे हैं तो वो हमारा साथ देगा हमको अलग नहीं होने देगा, उस्सने तब रट हुए बताया के उस्सकी सिस्टर से वो बेइंतेहा लव करता था और सिस्टर भी उस्सको वैसे hi प्यार करती थी और दोनों के बीच सेक्सुअल रिलेशन्स होते थे तो उस्सकी सीस प्रेग्नेंट हो गयी थी. वो तब गाओं में रहते थे और पूरा गाओं उस्सकी सीस पर थू थू करने लगे सब लोग उस्सकी मज़ाक उड़ाते और धित्कारते थे तो उस्सने आत्महतिया कर लिया जब प्रेग्नेंट थी, पापा के लिए प्रेग्नेंट थी. पापा पागल जैसा हो गया था उन् दिनों को उस्सने रट हुए सब बताया मुझे. मैं ने पूछा कौन सी वाली सीस है, तो उस्सने कहा हम में से कोई भी उस्सको नहीं जानते और उस्सने कभी भी किसी को नहीं बताया यह बात, मम्मी को भी नहीं और पापा के फॅमिली में कोई भी इस बारे में कभी बात नहीं करते हैं. पापा ने मुझे तुमको भी बताने से मन किया है फिर भी मैं ने तुमको बता दिया, अब प्लीज पापा से कुछ मत पूछना वार्ना मैं मुंह नहीं दिखा पाऊँगी उसे!”

यह सब सुनकर विहान के नज़रों में उसस्के पापा के लिए इज़त और रेस्पेक्ट और भी बढ़ गए और उसस्के ेंखों से भी ेंसू निकल पड़े…..

कुछ देर तक दोनों खामोश रहे. किसी ने एक बात भी नहीं किये कोई 20 मिनट तक तब विहान ने अशिता को बाहों में भर कर कहा,

“कमाल है नाह बेबी, के हम दोनों भी बिल्कुल पापा और उसस्के सीस की तरह निकले? That’s वैरी स्ट्रेंज नाह? यह क्यों और कैसे हुआ किआ इस्सके गेन्स से कोई लेना देना तो नहीं? हमारे गेन्स में कुछ ऐसा होगा के फॅमिली में एक दूसरे के तरफ ऐसे अटट्रक्शन्स होते हैं नाह? व्हाट दो यू थिंक स्वीटहार्ट?”

अशिता ने विहान को किश करते हुए कहा,

“पता नहीं मय्बे यू अरे राइट. मगर यह पापा के गेन्स से हम में ट्रांसफर हुए हैं मगर मम्मी के गेन्स में तो नहीं है अब सोचो मम्मी हम दोनों का किआ हाल करेगी क्यों के वो नहीं समझती यह सब, पापा बिल्कुल समझते हैं क्यूंकि वो इस सब से गुज़र चुके हैं.”

विहान ने और भी ज़ोर से अशिता को अपने बाहों में कैद करते हुए कहा,

“मैं तो किसी भी कीमत पर तुमको नहीं चोरर सकता चाहे कुछ भी हो जाए माय लव, चाहे मम्मी से कितना भी झड़गा हो जाए ी विल नेवर part फ्रॉम यू.”

अशिता ने कहा,

“में तू भाई. मैं अब तुम्हारे बिना नहीं रह सकती, मुझे तुम्हारा साथ हर पल चाहिए और मैं बहोत खुश हूँ के तुम बिल्कुल ठीक हो, मुझे बहोत डर लग रही थी के कहीं तुम्हारे ब्रेन में कुछ ऐसा हुआ हो के तुम मुझको भूल जाओ, या तुम्हारे यादाश खो जाये…. मगर अब ी ऍम तू हैप्पी के तुम नार्मल हो और मुझसे इतना प्यार करते हो, ी लव यू भाई लव यू विथ आल माय बॉडी एंड सोल.”

विहान ने कहा,

“सोल! रूह, बेबी हमारे रूह एक दूसरे से जुड़े हुए हैं, हम दोनों के जिस्म दो हैं मगर जान, रूह एक हैं, हमारे आत्मा का मिलान हो चुके हैं no ओने विल बे अबले तो सेपरेट उस एवर ी ऍम सूरे माय लव, ी लव यू मच मोरे थान यू लव में बेबी. मुउउउउउह.”

अशिता ने जवाब में कहा,

“ी क्नोव तहत यू लव में मच मोरे भाई मुउउउउउह”

और दोनों एक दूसरे के मुंह को अपने मुंह में लेकर बीएड पर लेट गए प्यार की गहराई में डूब कर.

तो बे कॉन्टिनोएड……………
 
बहुत शुक्रिया ज़ोपिओं भाई रिव्यु के लिए

जो आप ने लास्ट में कहा आँख /ेंख वाली बात ऐसा होता है भाई :डी

जैस ेके मैं पोहोंचना लिखा था तो रीडर्स को देख कर पहुँचता लिखना शुरू किया जैसे मैं "बहोत" लिखता हूँ तो रीडर्स को देख कर कभी "बहुत: लिखता हूँ इसी तरह मैं इस लिए ेंख लिखता हों क्यों के मेरे हिसाब से आंख पॉइंट्स होते हैं तो ेंख मेरे लिए आईज होता है तो शायद रीडर्स ने मेरी लिखा हुआ लिखा बाकी आप समझदार तो हो भाई :डी
 
अपडेट 41 Weekend's स्पेशल
उसुअल्ल्य, ी दो नॉट व्रिठे ों वीकेंड्स, अस ी देवोते थी तवो डेज तो माय फॅमिली मेंबर्स, एंड ओफ्तें गेट तो जो आउट विथ आल.

बूत टुडे ी गोत सम फ्री टाइम और एक अपडेट लिख डाला तो सोचा क्यों इस्को मंडे तक रखूं, आप लोगों को खुश कर देता हूँ एक सिंगल अपडेट देकर. सो हेरे यू जो गाइस विथ ा सिंगल अपडेट - ा वीकेंड स्पेशल - वैसे विहान और अशिता भी वीकेंड hi में हैं नाह सैटरडे को डॉक्टर के पास से वापस आये और घर में आज एक हुए हैं तो वीक एन्ड स्पेशल टाइटल सूट होता है सो हेरे आईटी इस फ्रेंड्स. एन्जॉय.

वीकेंड्स स्पेशल

“सोल! रूह, बेबी हमारे रूह एक दूसरे से जुड़े हुए हैं, हम दोनों के जिस्म दो हैं मगर जान, रूह एक हैं, हमारे आत्मा का मिलान हो चुके हैं no ओने विल बे अबले तो सेपरेट उस एवर ी ऍम सूरे माय लव, ी लव यू मच मोरे थान यू लव में बेबी. मुउउउउउह.”

अशिता ने जवाब में कहा,

“ी क्नोव तहत यू लव में मच मोरे भाई मुउउउउउह”

और दोनों एक दूसरे के मुंह को अपने मुंह में लेकर बीएड पर लेट गए प्यार की गहराई में डूब कर.

अब आगे

कुछ देर बाद विहान को सेक्स करने का मूड बना और अशिता को अपने निचे किया और उसस्के कपडे उतारत्ने लगा किश करते हुए.

अशिता रज़ामंद थी तो वो भी विहान के टीशर्ट को निकल फेंका और जल्द hi अशिता सिर्फ अपनी पंतय में पायी गयी बीएड के ऊपर और विहान अपने अंडरवियर में. दोनों अपने साइड पर लेते हुए थे, मुंह में मुंह एक दूसरे के जीब के रस चूस्ते हुए.

और उस दौरान विहान के हाथ आशिता के बूब्स को मस्सल रहे थे एक एक करके तो अशिता का हाथ विहान के अंडरवियर पर पहुँच गए वहां सहलाते हुए. वो अपने भाई को ख़ुशी देना चाहती थी और अब उस्सको बिल्कुल पता था के विहान को कैसे ख़ुशी देना चाहिए. विहान का तन के खड़ा हो गया था और उस्का टिप अंडरवियर के बाहर आगया था तो अशिता ने एक नज़र किया वहां तो किश रोक कर ज़ोर से हंससने लगी.

विहान ने पूछा,

“क्या हुआ तू अचानक हंससने क्यों लगी?”

तो अशिता ने अपनी ऊँगली से उस डायरेक्शन में इशारा करते हुए दिखाया जहाँ उसस्के लुंड का ऊपरी हिस्सा अंडरवियर के बाहर झाँक रहा था.

तो विहान ने मुस्कुराते हुए कहा,

“अरे बेबी यह तेरे छूने से बाहर आकर देख रहा है के किश का इतना मुलायम हाथ उस्सको छह रहा है, तो अब इस्को उतार hi देता हूँ, तू अब इस्को फुल में थाम ले…”

अशिता ने अपने होंठों को दांतों में दबाते हुए कहा,

“भाई उस दिन तुम मुझे पेनेत्रते करना चाहते थे तो मैं ने नाह कहा था, और जब मैं चाहती थी के तुम मेरे अंदर आवो तब तुम ने मन किया था क्यों?”

विहान ने अशिता की पथ चाटते हुए कहा,

“हम्म तुम ने ाचा याद दिलाया, वो इस लिए के तब मैं तुझको एक झूट बोल रहा था के मैं बीमार हूँ जबकि मैं पूरी तरह से सेहतमंद था, मैं चाहता था के तुमको सब सच पता चल जाए तब आराम से करेंगे, समझी, तो अब सब पता चल गया तुझे सो नाउ दो वे मेक रियल लव स्वीटहार्ट?”

अशिता ने थोड़ा शर्माते हुए एक हलकी सी मुस्कान में वैसे hi होंठों को डेंटन में दबाते हुए कहा,

“हम्म्म मम्मी पापा आजाएंगे भाई टाइम नहीं मिलेगा आराम से सब करने के लिए!”

विहान ने उसस्के बूब्स के तरफ अपना जीब बढ़ाते हुए कहा,

“ाचा तू मुझे यह बता के तुझे मैं कर रहा है के नहीं? “

अशिता ने नक् मोड़ते हुए कहा,

“भाई तुम जब मुझे इस तरह से छूटे हो और प्यार करते हो तो तुरंत मेरा मन हो जाता है, मूड बन जाती है और सब करने को मैं करता है मुझे… तुम्हारे बाहों में जैसे आती हूँ तो मेरे जिस्म के तार तार बजने लगते हैं, जैसे तुम्हारे साँसों की गरमाहट मेरे गर्दन पर पड़ते हैं तो सिहर जाती हूँ, उसी पल खुद को तुम्हें मैं समर्पण कर देती हूँ भाई किआ तुमको नहीं पता चलता?”

विहान ने तुरंत अशिता के जीब को अपने मुंह में लेकर चूसा उस्सकी बूब के निप्पल को अपने दो उँगलियों में गोआल गोआल घुमाते हुए, तब कहा,

“मालूम है नाह बेबी, इसी लिए पूछ रहा हूँ करें या नहीं, उस दिन तो मेरे पास एक कारण था रोकने के लिए मगर आज मैं तुम्हारे गहराई में जाना चाहता हूँ बेबी, चलो कर लेते हैं पता नहीं आगे किआ होना है किआ नहीं…..”

अशिता का मैं तो बहोत कर तो रहा था मगर पता नहीं क्यों उस्सने इंकार किया यह कहते हुए,

“भाई मेरे ख्याल से हमें कुछ और दिन वेट करना चाहिए, let’s से और कोई 6/7 महीने या एक साल तब डीप करेंगे किआ ख्याल है?”

विहान ने हताश होते हुए कहा,

“किआ यार हर बार तुम मन कर देती हो, सुनों जैसे अचानक मेरा एक्सीडेंट हो गया था मानलो वैसे कुछ हो गया और मैं ज़िन्दगी भर नहीं कर पाया तो तुम कितना पछताओगी के आज तुमने मुझको क्यों रोका….”

अशिता ने खफा होते हुए कहा,

“भाई वो एक्सीडेंट नहीं था एटेम्पट तो कमिट सुसाइड था तुम जान बुझ कर कार के आगे गए थे, और वैसा कुछ भी नहीं होने वाला है हाँ!!.... भाई तुम वैसे hi करो नाह जैसे पिछले 5 साल से करते आये हो मेरे साथ…. ऊपर रागढ के, चाहो तो मेरी पंतय निकल दो और पुसी के ऊपर रगड़ना मगर अंदर मत जाने देना ठीक है?”

विहान ने अपने खड़े लुंड को अशिता के जांघ पर दबाते हुए कहा,

“हाँ अब तो वही करना बाकी रह गया है – मगर सोच लो आज कितना ाचा मौका मिला है कोई घर पर नहीं हैं हमारे सिवा हम आराम से सब कुछ सही से कर सकते थे….”

अशिता ने कूद अपनी पंतय निकालते हुए कहा,

“सोच लिया भाई तुम ऊपर hi करो और मेरे पथ के ऊपर ेजकुलाते करो, मैं उस्सको तुम्हारे डिक से निकलते हुए देखना चाहता हूँ आज….. के ों स्टार्ट करो भाई ह्म्म्मम्म!”

विहान ने तब तक रगहना शुरू कर दिया था अपनी बेहेन के जाँघों के बीच और कहा,

“अगर देखना hi चाहती हो तो जब मैं करीब आऊंगा झड़ने को तो तुम जल्दी से अपने हाथ में पकड़ना इससे और करीब से देखना, पिचकारी जैसे प्रेशर से निकलेगा, तुम्हारे चेहरे पर भी आएगा, जाने देना okay?”

तब अशिता ने कहा,

“जब मैं छोटी थी और तुम रात को रगड़ते थे तो मैं सोचती रहती थी के किआ लतपथ चीज़ तुम मेरे जाँघों पर एक लिक्विड जैसा लगाते हो, मैं नहीं समझ पाती थी… और अगर मैं अभी से hi अपने हाथों से उस पर राघडुन तो वो नहीं निकलेगा भाई?”

विहान के ेंखों में एक चमक आया और कहा,

“हाँ निकलेगा ज़रूर निकलेगा तुम अपने हाथ से निकलोगी?

अशिता ने मुस्कुराते हुए और अपनी जीब से अपने एक गाल को फुलाते हुए हाँ में सर को हिलाया…. तो जल्दी से विहान बीएड पर अपने घुटनों पर हुआ और अशिता भी घुटनों पर आयी मगर झुक कर लुंड को अपने हाथ में लेकर हाथ चलाने लगी अपने भाई के मोठे लम्बे लुंड पर उस्सको बड़े प्यार से देखते और दांतों में होंठों को दबाते हुए.

उस दौरान विहान का हाथ अशिता के कभी बूब मसलता तो कभी उस्सकी पुसी पर उँगलियों से सहलाता उस्सकी गीलापन महसूस करने के लिए….

दोनों बिल्कुल गरम हो गए थे, दोनों को शामे ज़रूरतें फील होने लगे थे, आग दोनों तरफ बिल्कुल बराबर लगी हुई थी, और आज तो जिस तरह से अशिता ने खुद कहा के वो विहान की वीर्य को बाहर निकलते हुए देखना चाहती है और खुद अपने हाथ से निकालना चाहती है तो विहान का तो बुसस जैसे लाटरी लग गयी और तैयार हो गया अशिता के हाथ से मुठ मरवाने के लिए, यह उसस्के लिए एक डेब्यू था, पहली बात उस्सकी ज़िन्दगी में आज कोई उसस्के लिए यह कर रहा था, वो भी उस्सकी प्यारी, जान से प्यारी बेहेन अशिता. ऐसे हालात में कितनी देर तक वो सेहेन कर पाटा, झड़ना तो बुसस चाँद सेकण्ड्स की बात थी….. तो सब बहोत फ़ास्ट हुआ, फ़टाफ़ट हुआ…

अशिता जिस वक़्त अपने हाथ से उसके लुंड को हिलाने लगी, तो अपने कमर को विहान मूव करने लगा थोड़ा आगे पीछे करते हुए जैसे के अशिता की हाथ को hi छोड़ रहा था, विहान ने फिर खुद अशिता के मुट्ठी को अपने मुठी में दबाया और हिलाते हुए कहा,

“ऐसे बेबी हाँ आआअह्हह्ह्ह्ह स्स्स्सस्स्स्शशशशशश हाँ और ज़ोर से हाथ चलाती जाओ नाह, एन्ड तक, लुंड के एन्ड तक माय लव उफ्फ्फ्फ्फ़ आआआअह्ह्ह्हह बहोत मजा ारः है ऋ….. कसके पाकर नाह इस्को, और पुरे लम्बाई तक हाथ चला नाह मेरी जान……”

अशिता ने वैसा hi किया और तब विहान ने अपने हाथ को वापस उस्सकी चूचियों पर करके मसलने लगा…. अशिता ने बिना कहे अपने जीब को हलके हलके लुंड के ऊपरी हिस्से पर चलाया, जैसे एक सांप अपना जीब निकलता है वैसे hi अशिता एकांत बार अपने जीब से विहान के लुंड के टिप को चाट रही थी, और ेंखों को ऊपर करके विहान के चेहरे में देखती जा रही थी सब करते वक़्त, उस्सको बहोत अच्छाह लग रहा था विहान को उस तरह से बेहाल होते हुए देख कर…. विहान की सांसें बहोत तेज़ हो रहे थे और उस्का कमर आगे पीछे ज़ोरों से धक्के के जैसे होने लगा था, तो एक बार अशिता ने कहा,

“हम्म्म नमकीन टास्ते ारः है तुम्हारे इस्सके चढ़ से…. यह प्रेकम है नाह भाई? इसी को पेसुं कहते है नाह?”

विहान ने और रफ़्तार से कमर हिलाते हुए कहा,

“बात करने का टाइम नहीं है आशु, मैं जड़ने वाला हूँ ऋ, देख देख निकलेगा अब…… आआआह्ह्ह्घ्घग्घ हहहहहउउउउ haaaaaaaaaaa wooooooooooowwwwwww”

और विहान के लुंड से अशिता ने प्रेशर से उस्का पानी चटकते हुए देखा, उसस्के गाल पर, उसस्के बालों में और उसस्के छाती तक रीच हुए उसस्के भाई का वीर्य…. अशिता ज़ोर से अपने हाथ दबाते हुए जैसे बाकी के सभी बचे वीर्य को निकालने लगी लुंड के चढ़ में देखते हुए, और विहान ने गुज़ारिश किया,

“बेबी अब इस्को मुंह में लेलो नाह एक बार, उस टिप पर जीब चलना, मुझको बहोत मज़ा आएगा ऋ, वही सबसे सेंसिबल स्पॉट है और वहां तुम्हारे छूने से मानलो मुझको स्वर्ग वाला फील होगा… कार्डो नाह एक बार मेरे लिए स्वीटहार्ट” यह सब विहान ने हांफते हुए कहा.

जिस तरह से विहान बिंनती कर रहा था अशिता से देखा नाह गया और अपने भाई को खुश करने के लिए उस्सने उस्सकी डिक को अपने मुंह में ले लिया और अपने जीब को उसी स्पॉट पर घुमाया विहान के चेहरे में देखते हुए के किश तरह से विहान तड़प रहा था अपने ेंखों को बांध करके गले के अंदर अपने आवाज़ को दबाते और ऊपर छत्त के तरफ सर उठाके…..

होगया तो विहान बीएड पर लेट गया जैसे एक जुंग लड़कर वपा आया है…. अशिता ने मुस्कुराते हुए उसस्के गाल पर दांत कटा उसस्के ऊपर चढ़ कर और उसस्के कान में धीरे से कहा,

“किआ तुमको पता है के यह सब करते वक़्त मैं भी बिल्कुल भीग गयी हीहीहीहीही”

और दोनों ने एक दूसरे को नंगा पुंगा वैसे hi बाहों में भरके किश करते हुए बीएड पर आराम से लेते रहे कोई 20 मिनट तक जब आँगन का गेट को खुलते हुए सुना दोनों ने.

झपट कर अशिता बीएड से उत्तरी और जितनी जल्दी हो सके अपने कपडे पहने विहान से दरर्ति हुई आवाज़ में कहते हुए,

“किआ कर रहे हो भाई जल्दी कपडे पहनों मम्मी पापा आगये हुर्री उप उफ़!!”

तो बे कॉन्टिनोएड…… (2001 वर्ड्स)
 
अपडेट 42 इनसाइड थे हाउस (ा)

और दोनों ने एक दूसरे को नंगा पुंगा वैसे hi बाहों में भरके किश करते हुए बीएड पर आराम से लेते रहे कोई 20 मिनट तक जब आँगन का गेट को खुलते हुए सुना दोनों ने.

झपट कर अशिता बीएड से उत्तरी और जितनी जल्दी हो सके अपने कपडे पहने विहान से दरर्ति हुई आवाज़ में कहते हुए,

“किआ कर रहे हो भाई जल्दी कपडे पहनों मम्मी पापा आगये हुर्री उप उफ़!!”

अब आगे….

घर के अंदर दाखिल होने से पहले अनिरुद ने खुद से कहा,

“पता नहीं दोनों किआ कर रहे होंगे, सुमन मुझसे पहले अंदर चली गयी है, मुझको कुछ करना चाहिए बाप रे कहीं उस्सने दोनों को एक साथ किसी ग़लत पोजीशन में देख लिया तो बवाल मच जाएगा घर में आज!”

तब तक सुमन विहान के कमरे के दरवाज़े तक जा चुकी थी तो अनिरुद ने ऊंची आवाज़ में उन् दोनों को सुनाने के लिए कहा,

“आरी सुमन तुम उधर कहाँ चली, किचन में पहले जाकर एक जूस तो बना मेरे लिए गाला सुख गया है मेरा यार!”

अनिरुद ने सोचा बचे अंदर से उसस्के आवाज़ सुनकर अलर्ट हो जाएंगे.

और तभी दरवाज़ा खोलते हुए अशिता बाहर निकल कर कहती है,

“आगये आप लोग?”

मगर सुमन सीधे कमरे में घुस्सति है यह कहते,

“किआ कर रहे हो तुम दोनों? तुम किचन में कुछ बना नहीं सकती थी मेरे आने तक आशु? और विहान तू क्यों बिना कमीज़ के लेता हुआ है बीएड पर इस वक़्त? इतनी गर्मी लग रही है तुझे किआ?”

फिर तुरंत सुमन अशिता के तरफ जाती है जो तब तक लाउन्ज के तरफ बढ़ चुकी थी अपने पापा के पास और उस से पूछती है,

“तू बता मुझे विहान क्यों बिना कमीज़ के है बीएड पर, तुम भी तो उसस्के साथ थी नाह किआ कर रहे थे तुम दोनों?!”

अशिता ने अपने पापा के तरफ देखते हुए लाल चेहरे में कहा,

“कुछ भी तो नहीं हम बात कर रहे थे और मुझे किआ पता भाई ने क्यों अपना टीशर्ट उतरा है, उस्सको गर्मी लग रही होगी नाह?!”

अशिता के चेहरे से सुमन पता लगा सकती थी के वो झूट बोल रही है और कुछ तो छुपा रही है. फिर अनिरुद ने बात को टालते हुए कहा,

“बेटी तुहि मेरे लिए एक जूस बना दे प्लीज इस्को तो बोलना नाह बोलने की बराबर है!”

सुमन अनिरुद पे भड़कते हुए कहती है,

“हाँ आप को कहाँ कुछ दिखाई देगा? कुछ हुआ तो माथा पीटते हुए मत कहना मुझसे कुछ भी!”

अनिरुद उसस्के तरफ देखते हुए कहता है,

“तुमने यह पूछा के आज दोनों डॉक्टर के पास गए थे तो किआ हुआ? विहान की हेल्थ के बारे में पूछा तुम ने? नहीं चले आये उठ पटांग बात करने को!”

तब तक किचन से जूस बनाते हुए अशिता बोलने hi जा रही थी, के विहान अपने कमरे से निकलते हुए कहा,

“डॉक्टर ने कहा मुझे कोई महीने भर में फिर से बुलाएगा तब बताएगा के और कितने दिन में मेरे ब्लड क्लॉट मिट जाएयेंगे.”

अशिता तो सच बताने जा रही थी के विहान बिल्कुल ठीक हो गया है मगर विहान ने कुछ और कहा तो अशिता छुप हो गयी और खुद से कहा,

“अरे बाप रे शुक्र है के मेरे बोलने से पहले उस्सने बोल दिया वार्ना मैं तो सब सच बताने वाली थी, मगर यह क्यों झूट बोल रहा है?!”

तब सुमन ने अपने बेटे के चेहरे पर हाथ फरते हुए कहा,

“अरे मेरा बीटा, तू ठीक हो जाएगा फ़िक्र नहीं करना मेरे लाल, मेरा प्यारा विहान, मूकः!”

और तब अनिरुद ने सोचा के अब बाला टल्ली!

अपने बेटे को लेकर सुमन पोस्सेसिफ तो थी और उस पर बहुत ज़्यादा प्यार लुटाती थी अशिता पर नहीं. यह अशिता, विहान और अनिरुद को भी पता था.

अशिता को पता था के अगर कल को उस्सकी माँ को पता चला के विहान और अशिता में नाजाइज़ सम्बन्ध है तो वो सब इलज़ाम सिर्फ अशिता पर hi लगाएगी, कहेगी के उसी ने उसस्के बेटे को फंसा और बिगड़ा है. उस्सकी माँ कुछ ऐसी hi थी, हमेशा से विहान को ज़्यादा प्यार किया, ख़ास कर जब अशिता जवान होने लगी तब उस से उस्सकी मम्मी और भी दूर होती गयी जैसे के अशिता उस्सकी कोई सौतन थी.

कुछ मायें ऐसे होते हैं जो सिर्फ बीटा को प्यार करते हैं बेटी को नहीं क्यूंकि बेटी बाप के तरफ ज़्यादा प्यार दिखाते हैं तो माँ अपने बेटे के तरफ झुकती है जैसे खुद अपनी बेटी से बदला लेने के लिए या दिखाने के लिए के अगर तेरे पास तेरा पापा है तो मेरे पास मेरा बीटा है. शायद सुमन अशिता से इन्सेक्युरे फील करती थी क्यूंकि वो सुमन से बहोत ज़्यादा खूबसूरत और अब बहुत ज़्यादा इंटेलीजेंट भी थी. और अनिरुद और अशिता की बहोत hi बनती थी.

मगर विहान का अपने मम्मी के तरफ उतना झुकाव नहीं था बुसस वो सिर्फ दिखावा करता था के वो अपनी मम्मी से ज़्यादा प्यार करता है, अस्सल में विहान के लिए सिर्फ अशिता मैने रखता था घर में; और अब जो कुछ आशिता ने बताया उसस्के बाप के बारे में तो विहान के दिल में अपने पापा केलिए थोड़ा ज़्यादा प्यार उभर आया था.

********************************************

उस रात को डिनर के बाद सब लाउन्ज में बैठे टीवी सेरिअल्स देख रहे थे. सुमन और अनिरुद हमेशा एक hi जगह बैठते थे एक साथ एक सोफे पर और अशिता और विहान बचपन से hi अपने एक कोने में एक दूसरे सोफे पर बैठते थे. तो इस रात को भी सब अपने अपने जगह पर बैठे हुए थे टीवी देखते हुए के अचानक सुमन ने कहा,

“आशु तुमने क्यों इतनी छोटी ड्रेस पेहनी हुई है? कहा था नाह तुमको के अब बड़ी हो गयी हो ऐसे ड्रेस नहीं पहने को घर में? जाओ चेंज करके आओ!”

और उस वक़्त विहान का हाथ अशिता के जाँघों को hi सेहला रहा था ठीक सुमन के बात करने से पहले.

अशिता बैठी रही मुंह बनाते हुए. तो सुमन ने मुड़कर उस्सको तिरछी नज़र से देखा तब अनिरुद की बोलने की बारी थी और उसस्के कहा,

“तुझे क्यों तकलीफ होने लगी बची की ड्रेस से अब? वो बचपन से hi तो ऐसे कपडे पहनती है घर में, तब क्यों कुछ नहीं कहती थी तू? अब किआ होगया जो इतना शोर मचा रही हो?”

सुमन ने दांत पीसते हुए कहा,

“जवान लड़का है घर में वो नहीं दीखता तुमको? अपने भाई के पास जांघें दिखते हुए बेटी है, तब कुछ होगा तो मेरे बेटे पर इलज़ाम लगाओगे तुम?!”

अनिरुद ने ग़ुस्से में उस्सको मुंह बांध रखने को कहा.

दोनों भाई बेहेन सुन रहे थे और आपस में हंस रहे थे एक दूसरे के हाथ को हाथ में जोरसे जाकर के.

जिस जगह सुमन बैठी थी, वहां से मूढ़ कर भी देखती तो सिर्फ उस्सको विहान और अशिता के सर दिख रहे थे, क्यूंकि अनिरुद का जिस्म बड़ा होने के कारण सुमन को खड़ा होना पड़ता विहान और अशिता को फुल देखने के लिए, हाँ अनिरुद मूढ़ता तो दोनों को साफ़ और कम्पलीट देख सकता था. इस लिए अशिता और विहान बेफिक्र वैसे hi बैठे रहे जहाँ थे. बल्कि विहान ने अपने हाथ को अशिता के ड्रेस के अंदर दाल दिया उसस्के पंतय को छूटे हुए और किश करने लगा अशिता को….

मगर अशिता ने थोड़ी देर किश करने के बाद फुस्फुसाते हुए कहा,

“भाई अभी नहीं, किआ कर रहे हो, मुसीबत मोल लेनी है किआ? अभी अगर मम्मी कड़ी हो गयी तो सब देख लेगी, मेरे ड्रेस को तब देखा जब मैं यहाँ आ रही थी चल कर; बाद में कमरे में किश करना मुझे, और अपना हाथ भी निकालो नाह वहां से उफ़!”

अनिरुद को दोनों की फुस्फुस करना सुनाई दे रहा था और वो मुस्कुरा रहा था – शायद अपने खुद के बारे में सोचते हुए कैसे वो अपनी बेहेन के साथ किया करता था इस लिए…..

उस्सको अस्सल में बहोत ाचा फील हो रहा था, क्यूंकि जो वो नाह कर सका उस्का बीटा और बेटी कर रहे थे….

तो बे कॉन्टिनोएड इम्मेडिएटली इन नेक्स्ट पोस्ट
 
अपडेट 43 इनसाइड थे हाउस (बी)

जब सोने का टाइम आया तो अशिता और विहान पहले गए अपने रूम में. सुमन ने दोनों को जाते हुए मूढ़ कर देखा तो तुरंत अपने पति से कहा,

“देखो तो पति पत्नी की तरह दोनों कमरे में घुस रहे हैं, कोई भी अभी देखता तो एहि सोचता के एक कपल जा रहे हैं बैडरूम में अपने, तुमको यह ाचा लगता है कीका?”

अनिरुद बिना मुड़कर देखते hi कहा,

“तुम पता नहीं कब अपने दिमाग़ की मेल को साफ़ करोगी? भाई बेहेन ऐसे एक hi कमरे में नहीं सोते हैं किआ? तुझको तकलीफ किआ है यह बता मुझे!”

सुमन ने ग़ुस्से में कहा,

“तकलीफ यह है के दोनों एक साथ बीएड पर सोते हैं और भाई बेहेन वैसे नहीं सोते जैसे यह दोनों सोते हैं, किआ पता और किआ किआ करते हैं सोते वक़्त?”

अनिरुद ने बात को अनसुना करते हुए कहा,

“आरी छुप कर तू बकवास करना!”

सुमन ने कहा,

“तुम अपनी बेटी की ब्लाउज उतार कर उस्सकी छाती को देख सकते हो? उस्सकी ड्रेस उठा कर उस्सकी जांघों को देख सकते हो? नहीं नाह? मैं देख सकती हूँ, और जो मुझे दिखा था वो वेहम नहीं थी, बकवास नहीं था!”

तो अनिरुद ने कहा,

“अभी अभी तो तू कह रही थी के उस्सने छोटी ड्रेस पहनी है जिस में उस्सकी जांघें दिख रहे हैं है नाह?”

सुमन ने गर्व से kaha,”haan”

तो अनिरुद ने कहा,

“तो अगर उस्सकी जांघ में कुछ होता तो किआ अशिता इतनी छोटी ड्रेस पहनती जिस में वो सब दिखे? यह तो अछि बात है के उस्सने छोटी ड्रेस पहनी है मतलब यह के कुछ नहीं छुपा रही है नाह? तो तुम अब कहना किआ चाहती हो यह बता मुझे!” अनिरुद जान बुझ कर सुमन को बातों में उलझा रहा था.

तब सुमन ने कहा,

“यह क्यों नहीं कहते के तुमको भी देखने में मज़ा अत है अपनी बेटी की जांघें? तुम सब मर्द एक जैसे hi होते हो मुझे पता है.”

अनिरुद ने कहा,

“विल यू शट उप प्लीज?!”

सुमन: “क्यों शट उप? सच करवा होता है नाह? किआ पता तुम कल अशिता को छोटे तंग ब्लाउज भी पहने को कहो ताके उसस्के छाती के अंदर भी झाँक सको!”

इस पर अनिरुद ने एक ज़ोर का थपड दिया सुमन के गाल पर तो वो उठ कर अपने कमरे में चली गयी.

सोफे पर बैठे अनिरुद सोचने लगा के अब विहान और अशिता की ज़िन्दगी हराम करने वाली है उस्सकी पत्नी, और खुद से कहा,

“मैं नहीं चाहता हूँ के जो मेरे साथ हुआ था बरसों पहले वो आज मेरे विहान और अशिता के साथ भी हो. चाहे तुम मेरा दुश्मन hi क्यों नाह बन जाओ सुमन मैं इन् दोनों को एक करके रहूँगा उखड लेना जो उखाड़ना है तुझे, चाहे मुझसे अलग hi क्यों नाह हो जाओ, मगर मैं मेरे बच्चों का साथ ज़रूर देता रहूँगा अपने आखरी सांस तक….. साला मेरा साथ देने वाला तो कोई नहीं था उन् दिनों, मगर इन् दोनों के साथ मैं हूँ नाह…… वही मंज़र, वही हालात सामने आने लगे हैं मुझे. कितना तड़पा था मैं, कीतिनि दुखों का सामना किया था मेरी पूजा ने उन् dinon…(Pooja अनिरुद की छोटी बेहेन थी जिस ने आत्महत्या किया था)…. आज भी मेरे जिस्म में एक बर्फ की जैसी ठंडी लेहेर दौड़ती है सोचता हूँ तो. कितनी मुश्किलों से गुज़रे थे हम. सारा ज़माना हमारा दुश्मन बन गया था, हे भगवन उस वक़्त मुझे इतना स्ट्रांग क्यों नहीं बनाया था जितना अभी हूँ? अगर उस वक़्त मैं ऐसा होता जैसा आज हूँ तो मेरी पूजा मेरे साथ होती अभी. कितना बेबस था, कितना लाचार और कम उम्र का था के लगता है मैं तब भी बचा था. सिर्फ 18 का साल का तो था तब मैं, और पूरा गाओं टूट पड़े हम दोनों पर…. काश मैं तब लड़ पता उन् सब से…..”

अनिरुद अपने गुज़रे हुए कल के बारे में सोचकर बहोत दुखी हो गया था और उसस्के ेंखों से चाँद कतरे ेंसू के गिरे फिर वो उठकर टीवी स्विच ऑफ करने गया, फिर वाशरूम से होकर अपने कमरे में जाने hi वाला था के विहान के कमरे के पास से गुज़रा तो उस्सको कुछ आवाज़ें सुनाई दिए तो वो रुक गया विहान के दरवाज़े के पास, और कुछ देर खड़ा होकर सुना….

अंदर विहान और अशिता सेक्सुअल इंटरकोर्स कर रहे थे और, वही जैसे करते आये हैं बिना पेनेट्रेशन के मगर दोनों के कहारने के आवाज़ें आरहे थे बाहर दरवाज़े के पास और, चूमा छाती के साउंड भी क्लियर सुनाई दे रहे थे.

अनिरुद ने सोचा के अगर इस वक़्त सुमन भी उसके साथ बेरूम के तरफ जा रही होती तो बहुत बड़ा तमाशा होता, उस्सने सोचा के अभी इसी वक़्त उन् दोनों को यह बात बतानी पड़ेगी के ऐसे आवाज़ नाह करें और सबको सोने का वेट करें….

मगर फिर उस्सने यह सोचा के सुमन अभी जाग रही होगी और अगर वो अचानक बाहर आ गयी तो एक और मुसीबत सामने होगा, तो पहले तस्सली के लिए अपने रूम में गया देखने को के सुमन सो गयी है के नहीं, गया तो देखा उसस्के खर्राटे की आवाज़ आने लगे हैं तो जल्दी से जा कर नॉक किया विहान के दरवाज़े पर. रात के बारह बज चुके थे.

अशिता अपनी निघ्त्य में थी मगर काँधे से दोनों स्ट्राप को विहान ने निचे उतरा हुआ था और उस्सकी दोनों बूब्स पर विहान का चेहरा दबा हुआ था क्यूंकि उस्सकी एक निप्पे विहान के मुंह में था और एक निप्पल को वो अपने उँगलियों में घुमा रहा था जिस वक़्त दोनों ने नॉक सुना!

अशिता ने झट से ढाका देते हुए विहान से कहा,

“उफ़, जल्दी जाकर खोल, लॉक है दरवाज़े में, जल्दी कर नाह भाई! अगर हैंडल घुमाया तो पूछेंगे के क्यों लॉक डाला है हाय मैं मर गयी, मैं अपनी बीएड पर जाती हूँ ज़रूर मम्मी होगी…..”

विहान आहिस्ते आहिस्ते चल कर दरवाज़े तक गया पीछे मुड़कर अशिता को अपने बीएड पर जाने को टाइम देते हुए. जब अशिता अपने बीएड पर जल्दी से चढ़कर बेडशीट को अपने ऊपर करके नींद में होने की नाटक कर लिए तब विहान ने दरवाज़े के लॉक को निकल कर खोला तो अनिरुद जल्दी से अंदर गया और फुस्फुसाते हुए कहा,

“किआ कर रहे हो तुम दोनों? मरना है किआ यार?!”

यह पहली बार थी के अनिरुद विहान से उन् दोनों के रिश्ते को लेकर बात कर रहा था, अशिता से तो सब बात कर चुके थे वो मगर विहान से आज तक अशिता और उसस्के रिश्ते को लेकर अनिरुद ने विहान से कोई बात नहीं किया था.

अनिरुद ने अशिता के बीएड के तरफ मूढ़ते हुए कहा,

“अशिता मुझसे नाटक करने की ज़रूरत नहीं तुम दोनों अभी किश कर रहे और पता नहीं किआ सब साफ़ सुनाई दे रहा था बाहर तुम्हारे दरवाज़े के पास, किआ मरवाओगे तुम लोग मुझे भी किआ? अगर तेरी माँ ने सुनली होती तो किआ होता? अब इतने तो बच्चे नहीं हो दोनों के इतनी सी भी बात बताना पड़ेगा तुम दोनों को?”

तब तक अशिता उठ बैठी थी बीएड पर और विहान को देख रही थी, और विहान अपने पापा के सामने सर झुकाये हुए खड़ा था शर्मिंदा!

अनिरुद ने विहान को अशिता के बीएड पर उसस्के पास बैठने को कहा. वो चला गया अशिता के पास और जब दोनों एक साथ बैठ गए तो अनिरुद ने दरवाज़े को पहले बांध किया फिर दोनों को देखते हुए कहा,

“तुम लोग कमरे के अंदर बांध हो इस लिए तुमको पता नहीं चलता के बाहर सब सुनाई दे रहा है. तुम दोनों के चुम्मा छाती के साउंड 100 % सुनाई दे रहा है बाहर, बीएड के मैट्रेस्स के साउंड सुनाई दे रहा है, साफ़ पता चलता है के दोनों एक hi बीएड पर हो, अरे यार इतना भी नहीं पता तुम दोनों को के कम से कम रात गुज़र जाने के बाद यह सब करना चाहिए या सिर्फ हमारे एब्सेंस में. तुम्हारी माँ कुछ देर पहले इसी बात को लेकर मुझसे झगड़ा करके गयी सोने, उस्सको एक झापड़ भी लगाना पड़ा मुझे!”

यह सुनकर अशिता की “खीखीखी” निकला गयी, तो अनिरुद ने अशिता के चेहरे में देखते हुए कहा,

“आशु बेटी वो उस थपड की हकदार नहीं थी, क्यूंकि वो तो सही बोल रही थी के तुम दोनों के बीच कुछ है, और वो तो सच है फिर भी थपड खायी सिर्फ इस लिए के मैं उस्सको ग़लत साबित करने की कोशिश कर रहा हूँ तम दोनों को सेफ करने के लिए, तो उस्सने बेवजह मेरा थपड खाया, तुम दोनों की वजह से! – हाँ तो सुनों और ग़ौर से सुनों, ी DON’T वांट यू तवो तो हैवे अन्य क्लोसनेस्स बिफोर मिडनाइट. ी दो नॉट वांट इवन ा किश’ साउंड तो बे हर्ड आउटसाइड, ी दो नॉट ऐथेर वांट थे bed’s और मैट्रेस्स’ मूवमेंट्स तो बे हर्ड आउटसाइड – समझ गए तुम दोनों? इतना तो प्रसौतिओं लेना चाहिए नाह तुम दोनों को? क्यों शक पैदा करवाना यार? मैं खुद घबरा गया वो सब आवाज़ें सुनकर!”

अशिता ने तब धीमे आवाज़ में, कुसूरवार होने की सुर में पूछा, “पापा मम्मी कहाँ थी तब? उस्सने कुछ नहीं सुना नाह?”

अनिरुद: “क्यों के कोई आधे घंटा पहले hi उस्सको एक थपड मारा था वो उठ कर सोने चली गयी थी, वार्ना अभी सब कुछ सुन लेती और सोचो किआ बवाल मचता घर में बीच रात को!”

दोनों ने एक साथ कहा, “सॉरी पापा”

अनिरुद ने तब कहा,

“मैं तुम दोनों को सपोर्ट कर रहा हूँ इस्सके मतलब यह नहीं के तुम लोग बिल्कुल फ्री फील करो, घर के अंदर अकेले रहो तब तक सब ठीक है, आज hi हम वापस आरहे थे तो मुझे बहोत फ़िक्र हो रहा था के पता नहीं तुम दोनों किश पोजीशन में होंगे क्यूंकि सुमन मुझसे पहले घर के अंदर आ चुकी थी, मैं नहीं चाहता के वो तुम दोनों को कभी भी किसी ऐसी पोजीशन में पकड़े के मैं तुम दोनों को सेव नहीं कर पाऊं, तो किड्स, यू बोथ बे वैरी केयरफुल एंड no स्तूपिडीटीएस. अंडरस्टुड? वैसे ी सिंकेरेली प्रे के बोथ ऑफ़ यू सक्सीड इन योर ेण्डवॉर्स. ज़रुरत पड़ने पर मैं अपनी जान पर खेल जाऊंगा तुम दोनों को एक करने के लिए. बे हैप्पी बचो.”

विहान ने अपने पापा को बहोत ज़ोर से गले लगाते हुए कहा,

“पापा मुझको डिटेल में जानना है आप के और भुआ के बारे में प्लीज सब बताओ नाह मुझे, आप ने आशु से कहा मुझे बिल्कुल नहीं बताया है वो बात!”

अनिरुद उठ काढ़ा हुआ था वापस जाने के लिए तो अशिता को एक नज़र देखा और विहान से कहा,

“मुझे पता था मेरे मन करने के बावजूद यह आशु तुमको सब बता देगी. अरे पगले, यह कोई टाइम है वो सब सुनाने का? फिर किसी दिन तुम दोनों को सुनाऊंगा. तुम दोनों 100% वही कर रहे हो जो हम दोनों ने किया था बीटा, इस लिए मैं तुम दोनों के साथ हूँ, ाचा अभी सोने चला मैं, गुड नाईट किड्स.”

जब अनिरुद निकला गया तो अशिता ने अपने तकिये से विहान को मारते हुए कहती गयी,

क्यों पूछा पापा से वो बात मैं ने कहा था नाह के पापा से कुछ नहीं कहने को ? उस्सने मुझे मन किया था बताने को तो क्यों पूछा तुमने?”

विआहँ हंस रहा था और कहा,

“उस्सको तो कोई प्रॉब्लम नहीं हुआ देखा नाह अब किसी दिन हम दोनों को सब बातयेगा, मुझे सच में सब जानना है”

तब अशिता ने विहान को बाहों में भरके कहा,

“मुझे भी सब जानना है, पता नहीं कैसे डील किये होंगे दोनों ने सब कुछ अकेले? पता नहीं किआ गुज़रा होगा पापा पर, कोई नहीं था उस्सको सपोर्ट करने के लिए, वो अकेला लड़ रहे थे सब से!! पुअर पापा!”

तो बे कॉन्टिनोएड…………..
 
अपडेट 44 अशिता ास्क्स विहान समथिंग

विआहँ हंस रहा था और कहा,

“उस्सको तो कोई प्रॉब्लम नहीं हुआ देखा नाह अब किसी दिन हम दोनों को सब बातयेगा, मुझे सच में सब जानना है”

तब अशिता ने विहान को बाहों में भरके कहा,

“मुझे भी सब जानना है, पता नहीं कैसे डील किये होंगे दोनों ने सब कुछ अकेले? पता नहीं किआ गुज़रा होगा पापा पर, कोई नहीं था उस्सको सपोर्ट करने के लिए, वो अकेला लड़ रहे थे सब से!! पुअर पापा!”

अब आगे….

संडे ठीक से गुज़रा, सब घर पर थे और सुमन ने फिर अशिता के ड्रेस पर रिमार्क्स किये जो उस्सने दिन में घर पर पहनी थी. बार बार वो अशिता और विहान को देख रही थी और उस्सकी वजह से विहान और अशिता जब उसस्के सामने होते तो दूर दूर रहते थे, मगर फिर भी नज़रों से एक दूसरे को देखते या हाथ से सिग्नल करके बात करते तो भी सुमन देखती और पूछती के किआ लवर्स की तरह एक दूसरे को सिग्नल किया जा रहा hai…..Uss पर अनिरुद दन्त पीसते हुए भुनभुनाता….

******************************************

अगले दिन मोबाइल विहान के पास वापस आगया, अशिता ने वापस कर दिया विहान को मगर रोनी सूरत बनाते हुए कहा,

“भाई सभी के पास मोबाइल है कॉलेज में सिर्फ एक मैं लड़की हूँ जिस के पास एक मोबाइल नहीं इस मॉडर्न ज़माने में शर्म की बात है नाह? तुम मुझको एक दिलवा दो नाह भाई – हम दोनों चाट भी कर सकेंगे तब, है नाह भाई? तुमसे कभी चाट नहीं किया हूँ और फब पर मेरा प्रोफाइल भी बना सकती हूँ और तुम मेरे फ्रेंड होंगे ट्विटर, स्नैपचैट, वाट्सअप हर जगह ज्वाइन कर सकते हैं नाह? प्रिय को भी ऐड करुँगी….”

और विहान ने उसे चिढ़ाते हुए कहा,

“हम्म और अमित को भी!”

अशिता ने खफा होते हुए कहा,

“अमित को क्यों? बिल्कुल नहीं उस्सको तो पता भी नहीं होगा के मेरे पास मोबाइल है, नंबर कभी नहीं मिलेगा उस्सको…. और भाई सुनों नाह, किआ पता हमको किसी तरह से जुड़ा होना पड़े या कुछ भी ऐसा हो जाये के कांटेक्ट में रहना मुश्किल हो तब मोबाइल से तो बात कर सकेंगे नाह भाई? यह आज कल एक इम्पोर्टेन्ट चीज़ है, एक कम्युनिकेशन का ज़रया है भाई, हमारे पेरेंट्स के पास इतना ज्यादा पैसा नहीं के हमको ऐसे सुविधा दे सके मगर अब क्यूंकि तुम काम कर रहे हो तो बुसस पूछ लिया अगर दे सको तो तुम्हारे लिए hi उसेफुल होगा हम्म्म? क्यों भाई?”

विहान ने उस्सको बड़े ज़ोर से गले लगाते हुए कहा,

“आरी मेरी रानी, तू रानी, मैं राजा, तो किआ मेरी रानी को वो नहीं दूंगा जो इतने प्यार से मुझसे मांग रही है, आज hi देता हूँ शाम तक ी प्रॉमिस”

अशिता ख़ुशी से झूम उठी और डांसिंग मूवमेंट्स करने लगी जो तुरंत विहान ने रिकॉर्ड किया, तब अशिता ने कहा के वो भी अब बार बार विहान को रिकॉर्ड करेगी, चोरी चोरी भी.

जब अशिता की कॉलेज जाने का टाइम हुआ और रेडी होने लगी तो विहान भी रेडी होने लगा. तो अशिता ने पूछा वो क्यों रेडी हो रहा है तो विहान ने कहा आज वो उसस्के साथ बस में जाएगा कॉलेज तक उस्सको चौररने और वहां से वापस कीबेरसफ़े जाएगा. क्यूंकि शाम को पेरेंट्स के वापस घर आने से पहले विहान भी वापस अजना चाहिए. मतलब नाईट शिफ्ट नहीं करेगा उस्सको रेप्लस करके डे शिफ्ट फुल करेगा.

दर अस्सल हुआ यह था, के जब से विहान ने कॉलेज जाना बांध कर दिया था तब से डे एंड नाईट काम करने लगा था वहां. और उस्सकी ज़रुरत फुल टाइम पड़ने लगा था और अमित ने उस्सको इन चार्ज बना दिया था सभी कम्प्यूटर्स के, विहान क्लाइंट्स को भी रिसीव करता था और उनके ज़रुरत के मुताबिक कंप्यूटर पर हेल्प भी करता था जैसे कोई आईटी नॉन फ्रेंडली यूजर एते थे कभी कुछ स्कैन करवाने, या ईमेल भेजवाने के लिए और बहोत सारे ऐसे काम होते थे वहां जो विहान करता था. उस्का सैलरी भी बहोत ज़्यादा बढ़ गया था जीन दिनों कॉलेज चौररने का बाद वहां फुल टाइम काम करने लगा था और ाचा खासा सेव भी कर लिया था, एक बैंक अकाउंट भी खोल लिया था, और मोबाइल से भी पैसे ट्रांफर या पेमेंट करता जिस्सके बारे में नाह घर में किसी को पता था नाह hi अशिता या अमित को.

बस में कॉलेज जाते वक़्त विहान को बहोत hi अच्छा लग रहा था उस तरह से अशिता के पास बैठना, उसस्के हाथ को अपने हाथ में जकरना और फुसुर फुसुर बात करते हुए कॉलेज तक जाना और कभी कभार चरों तरफ बस के पैसेंजर्स को देखने के बाद एक दूसरे को किश करना…. उन् पुराने दिनों की तरह जब दोनों एक सात कॉलेज जाया करते थे. विहान उन् दिनों को वापस जीने लगा था और बहोत hi खुश था.

बस में जाते वक़्त अशिता भी बेशक बहोत खुश थी उस तरह विहान के साथ उसस्के बगल में बैठ कर जाना, विहान के छाती पर अपना सर रखना, उसस्के जिस्म की गर्माहट को महसूस करना… तो एक बार अशिता ने कहा,

“भाई तुमको स्टडीज कम्पलीट करना चाहिए अब. तुम प्राइवेट में एक्साम्स दो मैं तुम्हारा हेल्प करुँगी सभी नोट्स और असाइनमेंट्स में, बेहतर होगा भाई किआ ख्याल है?”

विहान ने सर खुजाते हुए कहा,

“उफ़ फिर से वो पढ़ना असाइनमेंट्स करना, प्रोजेक्ट वर्क करना फिर, दिसेर्ततिओन नाह बाबा मैं तंग आगया हूँ मुझ में अब उतना हिम्मत नहीं वो सब दोबारा करने को. No. ी हैवे इतर प्रोजेक्ट इन मंद, don’t वोर्री ी विल दो समथिंग ेल्स, वक़्त आने पर बताऊंगा तुमको.”

और कॉलेज गेट के पास विहान भी बस से उतर गया और अशिता के गालों पर गुड bye किश कर hi रहा था के प्रिय ने पीछे से आवाज़ दी, “विहान“

और अशिता भी ख़ुशी से प्रिय को देखते हुए विहान से एक ेंख मारते हुए कहा, “प्रिय है”

जब प्रिय पास आयी को विहान को हुग किया और कहा,

“मुझको एक किसी नहीं मिलेगा किआ मेरे गाल पर मेल लगे हुए हैं किआ विहान?” यह कहते हुए प्रिय ने अपने गाल को विहान के होंठों के पास करते हुए अशिता के तरफ देखा, तो विहान अशिता को सवाली नज़रों से देखने लगा तब अशिता ने हाँ में सर हिलाया मुस्कुराते हुए, तब विहान ने प्रिय के गाल पर भी किश किया और प्रिय ने पूछा,

“सो, हाउ अरे यू? फीलिंग बेटर नाह क्यूंकि आज आशु को चौररने आये हो लिखे गुड ओल्ड डेज हैं?”

विहान के जगह अशिता ने रिप्लाई किया,

“हे इस सुपर फाइन नाउ एक्सेप्ट हिज आईज हैवे सम ट्रबल्स व्हिच डॉक्टर साइड विल सून बे फाइन अस वेल”

और अशिता ने फिर प्रिय का हाथ पाकर कर उस्सको गेट के अंदर खींचते हुए कहा,

“आरी चल भी लेट हैं हम टाइम तो देख!”

और दोनों दौड़ते हुए कॉलेज के कंपाउंड में दाखिल हुए विहान को वेव करते हुए.

विहान खड़ा होकर दोनों को उस तरह से दौड़ते हुए अंदर जाते रिकॉर्ड करने लगा जब गेटकीपर ने कहा के रिकॉर्ड करना मन है लड़कियों को. विहान ने उसे कहा,

“अबे ोये, तू नया है किआ यहाँ? मैं स्टूडेंट रह चूका हूँ यहाँ और वो मेरी बेहेन है, तू मुझे मेरी बेहेन की तस्वीर लेने से मन करेगा एक दूंगा खींचके अभी!”

तो उस गेटकीपर ने चेहरा लटकाते हुए कहा,

“सॉरी साहब, मैं तो समझा के दोनों आप के गिर्ल्फ्रेंड्स है आप जिस तरह से दोनों को पुप्पियाँ दे रहे थे, क्यूंकि आज कल के लड़कियों को तो आप जानते hi होंगे सैकड़ों बॉयफ्रैंड्स रखते हैं एक साथ!”

विहान ने उस्सको घुररते हुए कहा,

“चल हट बे साले बकवास करता है जब आर्ग्यूमेंट्स नहीं रहे तो?!”

और विहान वहां से सीधा अशिता के लिए मोबाइल खरीदने गया बैंक से पैसे निकल के.

उस्सने अशिता को बताया नहीं था मगर वो खुद उसस्के लिए मोबाइल खरीदने hi वाला था क्यूंकि आज उस्सने अपना मोबाइल वापस मांग लिया था इस लिए पहले से एक हुवै मोबाइल देख लिया और प्राइस वग़ैरा पता था उस्सको तो कितने निकालने है उस्सको पहले से पता था. वो तो अशिता को सरप्राइज करना चाहता मगर अशिता आज खुद मोबाइल मांग लिए थे.

उस्सने ाहिर मोबाइल खरीद लिया, एक सिम कार्ड भी रजिस्टर करवा लिया खुद अपने नाम से और मोबाइल में लगा कर सब सेट भी कर दिया और खुद अपने मोबाइल से उसस्के मोबाइल पर मैसेज लिख कर सेंड किया, मैसेज यह था:

“माय बिलवेड आशु, थिस इस ा गिफ्ट फ्रॉम योर बीआरओ और योर लव अस यू टेक आईटी. ी वास् तो सरप्राइज यू विथ थिस बूत ुंफोरटूनटेली यू दीद नॉट गिव में थे टाइम तो गेट यू सुरप्रीसेड, यू अस्केद आईटी थिस मॉर्निंग, हद यू नॉट अस्केद यू वोउल्ड हैवे गोत थिस अनीहौ थिस आफ्टरनून. सो, विथ आल माय लव एनक्लोसेड वीथिन थिस मोबाइल, हेरे आईटी केस तो यू विथ लोड्स ऑफ़ लव एंड थे स्वीटेस्ट किस्सेस ऑफ़ थे वर्ल्ड. कीप थिस वेल, नेवर गेट आईटी लॉस्ट अस आईटी है में इन आईटी!”

योर्स ओनली विहान.

तो बे कॉन्टिनोएड इम्मेडिएटली इन थे नेक्स्ट पोस्ट….
 
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