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कबड्डी-छुटकी का हमला

और मैंने छुटकी को भेजा। अबतक मैंने छुटकी को समझा के रखा था वो पीछे ही रहे,... और ज्यादा जोश न दिखाए, मैं नहीं चाहती थी ननदों को अंदाज लगे की छुटकी जिसका शिकार वो सब करना चाहते हैं हमारे ग्रुप की सबसे बड़ी शिकारी है।
अगली बार छुटकी ही गयी,...
लड़कियों ने खूब हो हल्ला किया चुदवाने आयी है मार लो इसकी,... लेकिन उन्हें छुटकी का अंदाजा नहीं था /
उन लोगों ने फिर सेमी सर्किल बनाया जैसे बहेलिया जाल फेंकता है और छुटकी ने जान के अनदेखा किया की चार तगड़ी लड़कियां साइड में हैं, पीछे से उसे दबोचने के लिए तैयार हैं,... वो कुछ देर लाइन के आस पास और फिर गजब की फुर्ती से वो एकदम उसी सेमी सर्किल के अंदर घुसी और नैना ने इशारा किया लड़किया और पीछे हो गयीं, और उधर दाएं बाएं से बिना आवाज किये उनकी सबसे चार तगड़ी लड़कियां पीछे से पकड़ने के लिए ,... रेनू, चंदा, लीला नीलू. रेनू और चंदा दायीं और और लीला और नीलू बायीं ओर।
रेनू और चंदा दायीं और और लीला और नीलू बायीं ओर।

वो सब सोच रही थीं की छुटकी मारे जोश के अंदर घुसेगी और वो सब दबोच लेंगी, ...
पर छुटकी की चार आँखे थी... अचानक वो पीछे मुड़ी और एकदम झुक के जैसे जमीन के पैरेलल, उसे पकड़ने के लिए जो लड़कियां थीं उनके हाथ में हवा लगी और छुटकी ने एक की टांग पकड़ के खींचा और वो धड़ाम से गिरी।
ये रेनू थी.

उसकी पकड़ के आगे सब भौजाइयां पानी मांगती थीं , इंटर में पढ़ती थी। फुर्तीली भी बहुत कालेज की कबड्डी टीम में भी , और उसके बैठने झुकने के अंदाज से ही छुटकी ने समझ लिया था की नैना की टीम में यही है जिसे सबसे ज्यादा दांव पेंच मालूम होंगे और तगड़ी डिफेंडर होगी , पिछले साथ ६ भौजाइयां जो पकड़ी गयी थीं उनमे से ४ को रेनू ने ही दबोचा था।
लेकिन लाइन अभी भी दूर थी और अब नैना और बाकी लड़कियां छुटकी को छापने के लिए तेजी से आगे बढ़ी।
चार जो उसे पकड़ने के लिए बढ़ी थी एक, रेनू को उसने गिरा दिया था पर दो ने फिर लपक के छुटकी को दबोचा, कन्नी काट के छुटकी बची तभी जो गिरी थी, रेनू, उसने छुटकी का पैर दबोच लिया।
लेकिन छुटकी क्राल कर के सरकते हुए लाइन तक, मुश्किल से एक बित्ता बचा था, अब तक नैना और दो और लड़कियां उसके ऊपर टूट पड़ी थीं, पर छुटकी ने हाथ बढ़ा के न सिर्फ लाइन छू दी बल्कि कोहनी तक लाइन पार हो गयी और रेफरी ने जोर से सीटी बजायी।
भौजाइयों की टीम ने पहला प्वाइंट स्कोर कर लिया था। और ननदों की टीम की एक तगड़ी खिलाड़ी जो हर बार उनकी जीत का कारण बनती थी , गेम से बाहर हो गयी थी , छुटकी ने जान बूझ के उसी को टारगेट किया था.
उसके आते ही मिश्राइन भौजी और मंजू भाभी ने एकदम गले से लगा लिया और हमारी टीम के बाकी लोगों ने, लेकिन मैं सोच रही थी फर्स्ट राउंड में ही कम से कम उनके टीम की एक खिलाड़ी परमानेंट बाहर हो जाए,...
और उनकी ओर से कजरी आयी, नाउन की बिटिया नैना की असिस्टेंट और गुलबिया की सगी छुटकी ननद।

और मैंने छुटकी को भेजा। अबतक मैंने छुटकी को समझा के रखा था वो पीछे ही रहे,... और ज्यादा जोश न दिखाए, मैं नहीं चाहती थी ननदों को अंदाज लगे की छुटकी जिसका शिकार वो सब करना चाहते हैं हमारे ग्रुप की सबसे बड़ी शिकारी है।
अगली बार छुटकी ही गयी,...
लड़कियों ने खूब हो हल्ला किया चुदवाने आयी है मार लो इसकी,... लेकिन उन्हें छुटकी का अंदाजा नहीं था /
उन लोगों ने फिर सेमी सर्किल बनाया जैसे बहेलिया जाल फेंकता है और छुटकी ने जान के अनदेखा किया की चार तगड़ी लड़कियां साइड में हैं, पीछे से उसे दबोचने के लिए तैयार हैं,... वो कुछ देर लाइन के आस पास और फिर गजब की फुर्ती से वो एकदम उसी सेमी सर्किल के अंदर घुसी और नैना ने इशारा किया लड़किया और पीछे हो गयीं, और उधर दाएं बाएं से बिना आवाज किये उनकी सबसे चार तगड़ी लड़कियां पीछे से पकड़ने के लिए ,... रेनू, चंदा, लीला नीलू. रेनू और चंदा दायीं और और लीला और नीलू बायीं ओर।
रेनू और चंदा दायीं और और लीला और नीलू बायीं ओर।

वो सब सोच रही थीं की छुटकी मारे जोश के अंदर घुसेगी और वो सब दबोच लेंगी, ...
पर छुटकी की चार आँखे थी... अचानक वो पीछे मुड़ी और एकदम झुक के जैसे जमीन के पैरेलल, उसे पकड़ने के लिए जो लड़कियां थीं उनके हाथ में हवा लगी और छुटकी ने एक की टांग पकड़ के खींचा और वो धड़ाम से गिरी।
ये रेनू थी.

उसकी पकड़ के आगे सब भौजाइयां पानी मांगती थीं , इंटर में पढ़ती थी। फुर्तीली भी बहुत कालेज की कबड्डी टीम में भी , और उसके बैठने झुकने के अंदाज से ही छुटकी ने समझ लिया था की नैना की टीम में यही है जिसे सबसे ज्यादा दांव पेंच मालूम होंगे और तगड़ी डिफेंडर होगी , पिछले साथ ६ भौजाइयां जो पकड़ी गयी थीं उनमे से ४ को रेनू ने ही दबोचा था।
लेकिन लाइन अभी भी दूर थी और अब नैना और बाकी लड़कियां छुटकी को छापने के लिए तेजी से आगे बढ़ी।
चार जो उसे पकड़ने के लिए बढ़ी थी एक, रेनू को उसने गिरा दिया था पर दो ने फिर लपक के छुटकी को दबोचा, कन्नी काट के छुटकी बची तभी जो गिरी थी, रेनू, उसने छुटकी का पैर दबोच लिया।
लेकिन छुटकी क्राल कर के सरकते हुए लाइन तक, मुश्किल से एक बित्ता बचा था, अब तक नैना और दो और लड़कियां उसके ऊपर टूट पड़ी थीं, पर छुटकी ने हाथ बढ़ा के न सिर्फ लाइन छू दी बल्कि कोहनी तक लाइन पार हो गयी और रेफरी ने जोर से सीटी बजायी।
भौजाइयों की टीम ने पहला प्वाइंट स्कोर कर लिया था। और ननदों की टीम की एक तगड़ी खिलाड़ी जो हर बार उनकी जीत का कारण बनती थी , गेम से बाहर हो गयी थी , छुटकी ने जान बूझ के उसी को टारगेट किया था.
उसके आते ही मिश्राइन भौजी और मंजू भाभी ने एकदम गले से लगा लिया और हमारी टीम के बाकी लोगों ने, लेकिन मैं सोच रही थी फर्स्ट राउंड में ही कम से कम उनके टीम की एक खिलाड़ी परमानेंट बाहर हो जाए,...
और उनकी ओर से कजरी आयी, नाउन की बिटिया नैना की असिस्टेंट और गुलबिया की सगी छुटकी ननद।















