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- Dec 5, 2013
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भौजाइयां आगे
गुलबिया
हमारी हिम्मत दूनी हो गयी, खूब हल्ला हुआ, रमजनिया को सबने गले से लगा लिया ,
अब प्वाइंट बराबर थे , और सबसे बड़ी बात हमारी टीम वालों को पकडे जाने का डर कम हो गया था और वो अंदर तक घुस के हमला कर रही थीं। रेनू को छुटकी ने मार दिया था और रमजनिया के चक्कर में नीलू आउट हो गयी थी, चंदा पर दूबे भाभी भहरा गयीं थी तो वो आउट तो नहीं हुयी पर उसके पैर में कस के मोच लगी थी।
अगली सफलता हमें एक छुटकी को मार के मिली और वो गुलबिया कजरी की भौजी ने, करेर तो थी ही वो और एक छुटकी को मार के वापस नीता को,.. कजरी की समौरिया थी उसकी सहेली भी,
नीलू और रेनू पहले ही गेम से बाहर हो गयी थीं। चंदा के पैर में जबरदस्त मोच थी,... तो बस अब एक और से लीला और दूसरी ओर से घायल चंदा जिसे हम सब लंगड़ी घोड़ी कह के चिढ़ा रहे थे, उसके साथ नीता को कर दिया था। कम्मो बेला और पायल आगे से लुहाते हुए भौजाइयों को अपनी ओर, नीता साईड में,...
गुलबिया ने तय कर लिया था पहले ही नीता की मारने की,... वो तीर की तरह घुसी लेकिन पीछे मुड़ के लीला की ओर,..बायीं ओर . सब समझ रही थी की अगर लीला गयी तो बड़ी मुश्किल होगी, तो कम्मो और गीता के साथ बेला भी उधर लीला की ओर गुलबिया को फंसाने दबोचने,... चारों ओर से घेरने की तैयारी में
लेकिन गुलबिया कनखियों से नीता को देख रही थी वो चंदा के साथ,...
बस तेजी से उसने कन्नी काटी और नीता को छुआ नहीं बल्कि हलके से धक्का दिया,
वो चंदा के ऊपर,... और उसके पैर में मोच थी तो सम्हलने के लिए उसने नीता को पकड़ा, ... वो साइड खाली हुयी और गुलबिया वापस,...
सिर्फ हम लोगों ने ही नहीं बाहर बैठी भौजाइयां भी अब हल्ला करने लगी, ननदों को जोर जोर से गरियाने लगीं।
सेकेंड राउंड ख़तम होने के पहले हमने एक प्वाइंट और
गुलबिया
हमारी हिम्मत दूनी हो गयी, खूब हल्ला हुआ, रमजनिया को सबने गले से लगा लिया ,
अब प्वाइंट बराबर थे , और सबसे बड़ी बात हमारी टीम वालों को पकडे जाने का डर कम हो गया था और वो अंदर तक घुस के हमला कर रही थीं। रेनू को छुटकी ने मार दिया था और रमजनिया के चक्कर में नीलू आउट हो गयी थी, चंदा पर दूबे भाभी भहरा गयीं थी तो वो आउट तो नहीं हुयी पर उसके पैर में कस के मोच लगी थी।
अगली सफलता हमें एक छुटकी को मार के मिली और वो गुलबिया कजरी की भौजी ने, करेर तो थी ही वो और एक छुटकी को मार के वापस नीता को,.. कजरी की समौरिया थी उसकी सहेली भी,
नीलू और रेनू पहले ही गेम से बाहर हो गयी थीं। चंदा के पैर में जबरदस्त मोच थी,... तो बस अब एक और से लीला और दूसरी ओर से घायल चंदा जिसे हम सब लंगड़ी घोड़ी कह के चिढ़ा रहे थे, उसके साथ नीता को कर दिया था। कम्मो बेला और पायल आगे से लुहाते हुए भौजाइयों को अपनी ओर, नीता साईड में,...
गुलबिया ने तय कर लिया था पहले ही नीता की मारने की,... वो तीर की तरह घुसी लेकिन पीछे मुड़ के लीला की ओर,..बायीं ओर . सब समझ रही थी की अगर लीला गयी तो बड़ी मुश्किल होगी, तो कम्मो और गीता के साथ बेला भी उधर लीला की ओर गुलबिया को फंसाने दबोचने,... चारों ओर से घेरने की तैयारी में
लेकिन गुलबिया कनखियों से नीता को देख रही थी वो चंदा के साथ,...
बस तेजी से उसने कन्नी काटी और नीता को छुआ नहीं बल्कि हलके से धक्का दिया,
वो चंदा के ऊपर,... और उसके पैर में मोच थी तो सम्हलने के लिए उसने नीता को पकड़ा, ... वो साइड खाली हुयी और गुलबिया वापस,...
सिर्फ हम लोगों ने ही नहीं बाहर बैठी भौजाइयां भी अब हल्ला करने लगी, ननदों को जोर जोर से गरियाने लगीं।
सेकेंड राउंड ख़तम होने के पहले हमने एक प्वाइंट और