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शमशेर ये कहते हुए अपने अम्मी का एक हाथ को अपने हाथ में लेता है और अपने होठो क तरफ ला कर उसे चूमता है
भूरिया अपने बेटे क हाथ को चूमते हुए एक आस से शमशेर क आखो में देखती है
शमशेर अपने दोनों हाथो से भूरिया क हाथ को अपने हाथो में दबा कर भरोसा जताते हुए अपने अम्मी को कहता है
"अम्मी जान शमशेर ने आपसे सच्चा इश्क़ क्या है आपके हर उम्मीद पर खड़ा उतरूंगा मई"
"अच्छा वो सब छोरो शमशेर अब सुल्तान को क्या जवाब डोज "
भूरिया थोड़ा चिंतित होते हुए कहती है और शमशेर भी सोच में पद जाता है और दोनों कुछ देर सोचते रहते है
Hooriya:agar तुम्हारे अब्बा पूछे क्यू तुम पहले जाना चाहते थे और अब रुकने की वजह क्या है फिर क्या जवाब डोज ?
Shamshera:Keh दू क अब मैंने अम्मी जान को आप से छीन कर अपनी बना लय हु और अपने जान को मई छोर कर नहीं जा सकता
भूरिया थोड़ा मुस्कुराती है और चुटकी लेते हुए कहती है
"शमशेर जिस पल तुमने ये बात कही वो पल तुम्हारे ज़िन्दगी का आखिरी पल होगा .सुल्तान तुम्हे बिना सोचे समझे क़त्ल कर देंगे"
शमशेर अपने माँ को फिकरमंद होते हुए देख कर मुस्कुराते हुए कहता है
"अब जिसके आपके जलवे ने पहले हे क़त्ल कर दिया है उसे क्या कोई मरेगा "
Hooriya:Hamesha मस्ती में रहते हो पता है तुम्हारी दादी भी पूछ रही थी क तुम क्यू जा रहे हो
Shamshera:to बता देती क अब आपके पोते ने मुझे पता लय है तो नहीं जायेगा मुझे छोर कर
Hooriya:chup हो जाओ तुम तो जैसे जानते हे नहीं कितने दुश्मन मौजूद है सल्तनत में हमारे जो तुम्हे सुल्तान नहीं बनाना चाहते
Shamshera:ammi जान कोई मेरा कुछ नहीं कर सकता जब तक आप मेरे साथ हो
Hooriya:achha जी
Shamshera:han जी
Shamshera:q न ये बोल दू क मई शुंग को पकड़ने क लये ये नाटक क्या ताके वो मुझे मारने क लये बहार निकले अकेले प् कर और उसका ठिकाना अंदाज़ा हम लगा सके
Hooriya:bhut खूब बीटा बहुत तेज़ दिमाग क हो
Shamshera:ab आप जैसी शख्त मिज़ाज़ की औरत को अम्मी जान से अपने दुल्हन बनाने वाला हु दिमाग तो होगा हे न
Hooriya:bass कुछ ज़्यादा नहीं कह दिए
भूरिया वह से उठ कर जाने लगती है और शमशेर अपने माँ क ऐडा को देख रहा था जिसमे लज्जा वासना और ममता तीनो दिख रही थी
Shamshera:kaha चली मेरी रानी
Hooriya:din दहाड़े मेरे हुजरे मेरे साथ छेड़ छार कर रहे हो तुम्हे इल्म नहीं क मई सल्तनत की सुल्ताना हु इस जुर्म में तुम्हे सजा भी हो सकती है
Shamshera:aaapne तो अपने इश्क़ में मुझे गिरफ्तार कर लिया है मल्लिका ेजहाँ मई तो पहले हे मुजरिम हु आपका
Hooriya:majnu कही क हर बात का जवाब रखता है अब जाओ कोई देख लेगा तो बात बढ़ जाएगी
Shamshera:kaun देख लेगा अम्मी जान हम तो अंदर है दरवाज़ा भी बंद है
Hooriya:darwaza बंद है इसलिए तो बोल रही हु कोई भी आसक्त है यहाँ कोई पूछ लेगा तो क्या जवाब दूंगी
Shamshera:q अपने आशिक़ का नाम नहीं बता सकती हो डरपोक
Hooriya:darpok तो अब नहीं रही मई जिस दिन बताना पड़ा तो मुझे फ़र्क़ नहीं पड़ेगा दुन्या को बताने में क तुम हे वो शख्स हो जिसने मेरे डिल को चुराया है और मुझे पहली मुहब्बत का अहसास करवाया है
Shamshera:jaan इ मन मेरी सोहबत में आप की भी हिम्मत वाली हो रही हो
Hooriya:Mai डरपोक तो कभी नहीं थी तुम जैसे दस जंगजू को एक साथ मैंने कई बार अपने तलवार से मात दी है मई मिश्रा में थी तब से तलवारबाज़ी जानती हु
Shamshera:acha जी हम कान पकड़ते है हम आपसे दर भी जाते है आप बहुत ताक़तवर हो हिम्मतवाली हो
Hooriya:han दर क रहोगे तो खुश रहोगे
Shamshera:waise भी अम्मी जान हर मर्द अपने बीवी से दर क हे रहता है अब मुझे भी आपसे डरने की आदत डालनी है
शमशेर मुस्कुराता हुआ बोलता है और भूरिया जैसे छिर्रः जाती है और शमशेर क तरफ भाग कर आती है उसे मरने क लये शमशेर उठ कर खड़ा होता है और अपने अम्मी क भरी मम्मो को हिलते हुए देखते रह जाता है
"शमशेर तुम्हे मई जान से मर दूंगी हमेशा गन्दी नज़र रखते हो"
भूरिया अपने हाथो से शमशेर क सीने पर मरती रहती है और शमशेर अपने अम्मी को बाहो में धीरे धीरे भरने लगता है भूरिया को अहसास भी नहीं होता कब उसका भरी वजूद उसके बड़े दूध उसके मोती जंघे शमशेर क गठीले बदन से चिपक गई
भूरिया और शमशेर एक दूसरे क गले लगे हुए थे और भूरिया का मुँह अपने आप बंद हो जाता है और वो शमशेर क डिल क धड़कन को साफ़ अहसास कर पा रही थी
Shamshera:ammi जान मई आपको रात भर्र प्यार करना चाहता हु आपके बदन क हर बेशकीमती हिस्से को जी भर प्यार करना चाहता हु ताके आपके संगमरमरी बदन का हर हिस्सा को समझ आजाये क वो मेरे नज़र में कितने हसीं hai,ammi जान मेरी ख्वाइश पूरी करोगी न
Hooriya:Ji बीटा मेरे सरताज आशिके
भूरिया अपने बेटे क पीठ पर अपना हाथ फेरते हुए कहती है
भूरिया को तभी उसके झांग पर कुछ कड़ी चीज़ महसूस होती है और वो समझ जाती है ये शमशेर का लैंड है
Shamshera:mai आपके साथ सोना चाहता हु अम्मी जान बोलो सोयेंगे न हम साथ
शमशेर ये कहता है और उसका लैंड पूरा खड़ा हो जाता है और भूरिया क जांघ पर सर उठा कर दो तीन झटका मारता है भूरिया की आखे फटी की फटी रह जाती है
भूरिया शमशेर से दूर होती है झटके से और अपने बड़े गांड को मटकते हुए अपने बिस्तर क दूसरे कोने पर जा कर बैठ जाती है
Hooriya:tum सब मर्द एक जैसे होते हो लड़की ने हाँ नहीं कहा बिस्तर पर लिटाने को तैयार हो जाते ho,Bass अपना बिस्तर गरम करवाने क फ़िराक में हो और कुछ नहीं सूझता
शमशेर अपने लैंड पर हाथ रख कर सहलाते हुए
"आय है इस लाल मिर्च सी ऐडा तो आपको और खूबसूरत कर देती है अम्मी जान वैसे आप अब मेरी हो अब मेरा हक़ है अप्पर"
Hooriya:bass शमशेर कोई सुन लेगा तो क्या होगा अभी दिन में थोड़ा हमे अहतियात बरतना चाहिए
Shamshera:bhut चालक औरत हो अपने हे बेटे से हमबिस्तरी करना है वो भी ाःतय्त बारात क
Hooriya:tum हो ज़्यादा तेज़ मौक़ा मिलते हे ..आपने मेरे साथ घोड़े पर क्या किया पता है मुझे
शमशेर मुस्कुराता है अपने अम्मी की नादानी पर
Shamshera:wahi किया जो आप जैसी हसीं औरत क साथ उसका आशिक़ करता और गलती तो आपके ज़ालिमों की है जो मेरे छोटू को ललचाई और वो बहक गया
भूरिया मतलब समझ कर शर्म से गाड़ी जा रही थी और अपने सर को झुका लेती है अपने बेटे क samne,shamshera खुलेआम कह दया था क उसकी गांड क वजह से उसने घोड़े पर अपना लौड़ा उसके गांड में घुसेड़ा था
भूरिया अपनी आखे निचे कए हुए
"अब जाओ न शमशेर कोई भी आ सकता है"
शमशेर बात को समझते हुए
"ठीक है अम्मी जान पर कब मिलोगी अब"
"तुम जाओ और पहले सुल्तान मेरे वाहिद का गुस्सा शांत करो हम और तम तुम चाहो तो रात में मिल सकते हो"
ये कह कर भूरिया एक हल्का मुस्कराहट क साथ अपने आखो को निचे कर देखने लगती है
शमशेर अपने अम्मी को शर्माता देख जो उसे मिलने क लये रात में बुला रही थी
Shamshera:theek है मई सुल्तान से मिल कर अपनी बात रखता हु फिर आपको बताता हु
शमशेर एक बार ऊपर से निचे तक अपने अम्मी क हुस्न पर नज़र डालता है भूरिया शरमाते हुए निचे देख रही थी पर जैसे हे शमशेर जाने वाला होता है
Hooriya:Shamshera दवाई खा लेना और हाँ रात में आओ तो किसी को पता न चले
Shamshera:theek है मेरी जान चोरी से आऊंगा आपका डिल चुराने
शमशेर मुस्कुरा कर देखता है अपने अम्मी को भूरिया अपना गर्दन मोड़ कर मुस्कुराती है
शमशेर हुजरे का दरवाज़ा खोल कर बहार जाता है और चलते हुए अपने अब्बा जान सुल्तान मेरे वाहिद क पास पहुँचता है जो अभी अभी दरबार से आये थे और खाना खाने क बाद शराब की चुस्किअ ले रहे थे
Shamshera:abba जान क्या मई अंदर आसक्त हु
सुल्तान अपना जाम की गिलास को रखते हुए दरवाज़े की ओरे देख कर बोलता है
Sultan:aa जाओ शमशेर
शमशेर अंदर आता है और झुक कर अपने अब्बा को सलाम करता है पर सुल्तान कुछ नहीं बोलते और अपने जाम का गिलास भरने लगते है
Shamshera:abba जान हम आपसे कुछ बात..
Sultan:baat ..यहाँ से चले जाओ शमशेर
Shamshera:abba जान मई आपको कोई खास बात बताने आया हु
सुल्तान शमशेर को देख गुस्से से आग बबूला हुआ और बोलता है
"शमशेर अब बात करने को क्या रह गई तुम्हे जहा जाना है जाओ पर इसका अंजाम भी तुम्हे हे भुगतना होगा"
Shamshera:man me)dill तो करता है तुम्हे जान से मार दू सुल्तान मेरी जान भूरिया को रुलाया है तुमने पर बदकिस्मती से तुम मेरे बाप हो
Shamshera:Abba जान मई कही नहीं जाने वाला था और न हे जाऊंगा
सुल्तान चौंक जाता है और शमशेर को शक की नज़र से देखते हुए अपने बेटे क आखो में घूरता है
"तुम्हारी आखे झूट बयां कर रही है शहज़ादे शमशेर"
"अब्बा जान झूट या सच तो तब साबित होगा जब मई यहाँ से चला जाऊ या राहु"
"ये भी दुरुस्त है शमशेर पर याद रखना आज जो भी सियासत तुम करते हो वो मेरी दें है और अभी तुम से मुझे सियासत की बू आरही है"
Shamshera:man me)tum बहुत चालक हो सुल्तान तो में भी कोई दूध पत्ता बचा नहीं अब इतना बड़ा हो गया हु क तुम्हारी बीवी भूरिया जिसके ख़ूबसूरती और सीरत पर तुम फख्र महसूस करते थे आज से मेरी हमसफ़र मेरी मेहबूबा है
Sultan:bete शमशेर जो भी बोलना सोच समझ कर तौल कर बोलना भूलना मत क हम सुल्तान है जिसने अपने ज़िन्दगी में फ़तेह देखा हार नहीं
Shamshera:abba जान मुझे यक़ीन है आपका गुस्सा होना ठीक है और उस गुस्से क वजह से हे आपको मेरी बाटे सियासी लग रही है हाँ मई सियासत ज़रूर कर रहा हु पर उनके खिलाफ जो सल्तनत क अमन को ख़राब करना चाहते है आपके खिलाफ सियासत का में कभी ख्वाब में नहीं सोच सकता
Shamshera:man me)abba जान चाहे आपने जितने भी क़िले फ़तेह किये हो पर जिस क़िले पर मैंने आअज फ़तेह की उसकी बराबरी आपके पूरी ज़िन्दगी की फ़तेह नहीं कर सकती मैंने आज आपके बीवी क क़िले पर फ़तेह कर लिया है अम्मी जान अब से अआप जैसे अय्याश की बीवी नहीं बल्कि शमशेर की माशूका कहलाएगी
Sultan:Jo कहना चाहते हो खुल कर कहो
सुल्तान हैरान होता है क आखिर शमशेर कर क्या रहा है
Shamshera:abba जान बात ये है क मई महल क अंदर उस बाघी की तलाश करने में लगा हु जो सल्तनत को तोडना चाहते है और यही वजह है क मई सिर्फ पारस छोर कर जाने की बात सबके सामने रखा ताके दुश्मन मुझे अकेला प् कर हमला करे और मई उन्हें पकड़
लू
Sultan:tum सच कह रहे हो?
सुल्तान अपने बेटे को घूरते हुए उसके आखो में देखता है और पढ़ने की कोशिश करता है शमशेर भी अपने आप को ऐसा रखता है क उसका बाप उसे भांप न सके
Shamshera:Abba जान मुझे अंदेशा था क दुश्मन को जैसे पता चलेगा क मई अकेला हु कमज़ोर हु वो मुझे मिटाना चाहेगा और यही हुआ मुझ पर हमला हुआ
Sultan:kya???
सुल्तान हैरत से अपने बेटे शमशेर को बिना पालक झपकाए देख रहा था
Shamshera:han अब्बा जान मेरे ऊपर शुंग और उनके आदमीओ ने हमला क्या. जिसका मतलब साफ़ है क महल का कोई शक्श फ़ौरन हमारी खबर शुंग तक पंहुचा रहा है
Sultan:tumne मार क्यू नहीं दिया उन लोगो को कहा मिले वो हाथ से कैसे जाने दिए टी
Shamshera:abba जान मुझे यही जानना था क शुंग को मदद करने वाले लोग घर क है या बहार क जो समझ गया हु अब ये बात भी साफ़ हो गई है शुंग को हमारा आदमी कोई पारस में पनाह दिया है इसलिए हमारे सिपाहीओं से बच निकलता है वो
सुल्तान कुछ देर सोचते है फिर अपने गिलास को उठा कर शराब पीते हुए
"तो शमशेर ये सब से हमे फायदा तो हुआ पर काम हुआ अब आगे क्या करना है "
Shamshera:man me)Ohh काम से काम सुतं का शक तो दूर हुआ नहीं तो इन्हे क्या पता मई पारस छोर कर जाने की वजह भी मल्लिका इ जहाँ थी और रहने की भी
Shamshera:jahan पर हमला हुआ है मई अपने लोगो से सुराग निकलवा कर शुंग को ज़िंदा आपके सामने लाऊंगा अब्बा जान
सुल्तान अब अपने बेटे क चालाकी से खुश था और उसे इस बात का भनक भी नहीं थी क शमशेर ने भूरिया को पता लिया है और दोनों इश्कबाज़ी कर रहे है
Sultan:Bhut खूब मेरे शहज़ादे सुल्तान बन ने क असल हक़दार तुम हे थे और रहोगे
Shamshera:shukria अब्बा जान बास अब उनके गिरेबान तक पहुंचना है जो हमे मारना चाहता है
तो बे कॉन्टिनोएड...
शमशेर ये कहते हुए अपने अम्मी का एक हाथ को अपने हाथ में लेता है और अपने होठो क तरफ ला कर उसे चूमता है
भूरिया अपने बेटे क हाथ को चूमते हुए एक आस से शमशेर क आखो में देखती है
शमशेर अपने दोनों हाथो से भूरिया क हाथ को अपने हाथो में दबा कर भरोसा जताते हुए अपने अम्मी को कहता है
"अम्मी जान शमशेर ने आपसे सच्चा इश्क़ क्या है आपके हर उम्मीद पर खड़ा उतरूंगा मई"
"अच्छा वो सब छोरो शमशेर अब सुल्तान को क्या जवाब डोज "
भूरिया थोड़ा चिंतित होते हुए कहती है और शमशेर भी सोच में पद जाता है और दोनों कुछ देर सोचते रहते है
Hooriya:agar तुम्हारे अब्बा पूछे क्यू तुम पहले जाना चाहते थे और अब रुकने की वजह क्या है फिर क्या जवाब डोज ?
Shamshera:Keh दू क अब मैंने अम्मी जान को आप से छीन कर अपनी बना लय हु और अपने जान को मई छोर कर नहीं जा सकता
भूरिया थोड़ा मुस्कुराती है और चुटकी लेते हुए कहती है
"शमशेर जिस पल तुमने ये बात कही वो पल तुम्हारे ज़िन्दगी का आखिरी पल होगा .सुल्तान तुम्हे बिना सोचे समझे क़त्ल कर देंगे"
शमशेर अपने माँ को फिकरमंद होते हुए देख कर मुस्कुराते हुए कहता है
"अब जिसके आपके जलवे ने पहले हे क़त्ल कर दिया है उसे क्या कोई मरेगा "
Hooriya:Hamesha मस्ती में रहते हो पता है तुम्हारी दादी भी पूछ रही थी क तुम क्यू जा रहे हो
Shamshera:to बता देती क अब आपके पोते ने मुझे पता लय है तो नहीं जायेगा मुझे छोर कर
Hooriya:chup हो जाओ तुम तो जैसे जानते हे नहीं कितने दुश्मन मौजूद है सल्तनत में हमारे जो तुम्हे सुल्तान नहीं बनाना चाहते
Shamshera:ammi जान कोई मेरा कुछ नहीं कर सकता जब तक आप मेरे साथ हो
Hooriya:achha जी
Shamshera:han जी
Shamshera:q न ये बोल दू क मई शुंग को पकड़ने क लये ये नाटक क्या ताके वो मुझे मारने क लये बहार निकले अकेले प् कर और उसका ठिकाना अंदाज़ा हम लगा सके
Hooriya:bhut खूब बीटा बहुत तेज़ दिमाग क हो
Shamshera:ab आप जैसी शख्त मिज़ाज़ की औरत को अम्मी जान से अपने दुल्हन बनाने वाला हु दिमाग तो होगा हे न
Hooriya:bass कुछ ज़्यादा नहीं कह दिए
भूरिया वह से उठ कर जाने लगती है और शमशेर अपने माँ क ऐडा को देख रहा था जिसमे लज्जा वासना और ममता तीनो दिख रही थी
Shamshera:kaha चली मेरी रानी
Hooriya:din दहाड़े मेरे हुजरे मेरे साथ छेड़ छार कर रहे हो तुम्हे इल्म नहीं क मई सल्तनत की सुल्ताना हु इस जुर्म में तुम्हे सजा भी हो सकती है
Shamshera:aaapne तो अपने इश्क़ में मुझे गिरफ्तार कर लिया है मल्लिका ेजहाँ मई तो पहले हे मुजरिम हु आपका
Hooriya:majnu कही क हर बात का जवाब रखता है अब जाओ कोई देख लेगा तो बात बढ़ जाएगी
Shamshera:kaun देख लेगा अम्मी जान हम तो अंदर है दरवाज़ा भी बंद है
Hooriya:darwaza बंद है इसलिए तो बोल रही हु कोई भी आसक्त है यहाँ कोई पूछ लेगा तो क्या जवाब दूंगी
Shamshera:q अपने आशिक़ का नाम नहीं बता सकती हो डरपोक
Hooriya:darpok तो अब नहीं रही मई जिस दिन बताना पड़ा तो मुझे फ़र्क़ नहीं पड़ेगा दुन्या को बताने में क तुम हे वो शख्स हो जिसने मेरे डिल को चुराया है और मुझे पहली मुहब्बत का अहसास करवाया है
Shamshera:jaan इ मन मेरी सोहबत में आप की भी हिम्मत वाली हो रही हो
Hooriya:Mai डरपोक तो कभी नहीं थी तुम जैसे दस जंगजू को एक साथ मैंने कई बार अपने तलवार से मात दी है मई मिश्रा में थी तब से तलवारबाज़ी जानती हु
Shamshera:acha जी हम कान पकड़ते है हम आपसे दर भी जाते है आप बहुत ताक़तवर हो हिम्मतवाली हो
Hooriya:han दर क रहोगे तो खुश रहोगे
Shamshera:waise भी अम्मी जान हर मर्द अपने बीवी से दर क हे रहता है अब मुझे भी आपसे डरने की आदत डालनी है
शमशेर मुस्कुराता हुआ बोलता है और भूरिया जैसे छिर्रः जाती है और शमशेर क तरफ भाग कर आती है उसे मरने क लये शमशेर उठ कर खड़ा होता है और अपने अम्मी क भरी मम्मो को हिलते हुए देखते रह जाता है
"शमशेर तुम्हे मई जान से मर दूंगी हमेशा गन्दी नज़र रखते हो"
भूरिया अपने हाथो से शमशेर क सीने पर मरती रहती है और शमशेर अपने अम्मी को बाहो में धीरे धीरे भरने लगता है भूरिया को अहसास भी नहीं होता कब उसका भरी वजूद उसके बड़े दूध उसके मोती जंघे शमशेर क गठीले बदन से चिपक गई
भूरिया और शमशेर एक दूसरे क गले लगे हुए थे और भूरिया का मुँह अपने आप बंद हो जाता है और वो शमशेर क डिल क धड़कन को साफ़ अहसास कर पा रही थी
Shamshera:ammi जान मई आपको रात भर्र प्यार करना चाहता हु आपके बदन क हर बेशकीमती हिस्से को जी भर प्यार करना चाहता हु ताके आपके संगमरमरी बदन का हर हिस्सा को समझ आजाये क वो मेरे नज़र में कितने हसीं hai,ammi जान मेरी ख्वाइश पूरी करोगी न
Hooriya:Ji बीटा मेरे सरताज आशिके
भूरिया अपने बेटे क पीठ पर अपना हाथ फेरते हुए कहती है
भूरिया को तभी उसके झांग पर कुछ कड़ी चीज़ महसूस होती है और वो समझ जाती है ये शमशेर का लैंड है
Shamshera:mai आपके साथ सोना चाहता हु अम्मी जान बोलो सोयेंगे न हम साथ
शमशेर ये कहता है और उसका लैंड पूरा खड़ा हो जाता है और भूरिया क जांघ पर सर उठा कर दो तीन झटका मारता है भूरिया की आखे फटी की फटी रह जाती है
भूरिया शमशेर से दूर होती है झटके से और अपने बड़े गांड को मटकते हुए अपने बिस्तर क दूसरे कोने पर जा कर बैठ जाती है
Hooriya:tum सब मर्द एक जैसे होते हो लड़की ने हाँ नहीं कहा बिस्तर पर लिटाने को तैयार हो जाते ho,Bass अपना बिस्तर गरम करवाने क फ़िराक में हो और कुछ नहीं सूझता
शमशेर अपने लैंड पर हाथ रख कर सहलाते हुए
"आय है इस लाल मिर्च सी ऐडा तो आपको और खूबसूरत कर देती है अम्मी जान वैसे आप अब मेरी हो अब मेरा हक़ है अप्पर"
Hooriya:bass शमशेर कोई सुन लेगा तो क्या होगा अभी दिन में थोड़ा हमे अहतियात बरतना चाहिए
Shamshera:bhut चालक औरत हो अपने हे बेटे से हमबिस्तरी करना है वो भी ाःतय्त बारात क
Hooriya:tum हो ज़्यादा तेज़ मौक़ा मिलते हे ..आपने मेरे साथ घोड़े पर क्या किया पता है मुझे
शमशेर मुस्कुराता है अपने अम्मी की नादानी पर
Shamshera:wahi किया जो आप जैसी हसीं औरत क साथ उसका आशिक़ करता और गलती तो आपके ज़ालिमों की है जो मेरे छोटू को ललचाई और वो बहक गया
भूरिया मतलब समझ कर शर्म से गाड़ी जा रही थी और अपने सर को झुका लेती है अपने बेटे क samne,shamshera खुलेआम कह दया था क उसकी गांड क वजह से उसने घोड़े पर अपना लौड़ा उसके गांड में घुसेड़ा था
भूरिया अपनी आखे निचे कए हुए
"अब जाओ न शमशेर कोई भी आ सकता है"
शमशेर बात को समझते हुए
"ठीक है अम्मी जान पर कब मिलोगी अब"
"तुम जाओ और पहले सुल्तान मेरे वाहिद का गुस्सा शांत करो हम और तम तुम चाहो तो रात में मिल सकते हो"
ये कह कर भूरिया एक हल्का मुस्कराहट क साथ अपने आखो को निचे कर देखने लगती है
शमशेर अपने अम्मी को शर्माता देख जो उसे मिलने क लये रात में बुला रही थी
Shamshera:theek है मई सुल्तान से मिल कर अपनी बात रखता हु फिर आपको बताता हु
शमशेर एक बार ऊपर से निचे तक अपने अम्मी क हुस्न पर नज़र डालता है भूरिया शरमाते हुए निचे देख रही थी पर जैसे हे शमशेर जाने वाला होता है
Hooriya:Shamshera दवाई खा लेना और हाँ रात में आओ तो किसी को पता न चले
Shamshera:theek है मेरी जान चोरी से आऊंगा आपका डिल चुराने
शमशेर मुस्कुरा कर देखता है अपने अम्मी को भूरिया अपना गर्दन मोड़ कर मुस्कुराती है
शमशेर हुजरे का दरवाज़ा खोल कर बहार जाता है और चलते हुए अपने अब्बा जान सुल्तान मेरे वाहिद क पास पहुँचता है जो अभी अभी दरबार से आये थे और खाना खाने क बाद शराब की चुस्किअ ले रहे थे
Shamshera:abba जान क्या मई अंदर आसक्त हु
सुल्तान अपना जाम की गिलास को रखते हुए दरवाज़े की ओरे देख कर बोलता है
Sultan:aa जाओ शमशेर
शमशेर अंदर आता है और झुक कर अपने अब्बा को सलाम करता है पर सुल्तान कुछ नहीं बोलते और अपने जाम का गिलास भरने लगते है
Shamshera:abba जान हम आपसे कुछ बात..
Sultan:baat ..यहाँ से चले जाओ शमशेर
Shamshera:abba जान मई आपको कोई खास बात बताने आया हु
सुल्तान शमशेर को देख गुस्से से आग बबूला हुआ और बोलता है
"शमशेर अब बात करने को क्या रह गई तुम्हे जहा जाना है जाओ पर इसका अंजाम भी तुम्हे हे भुगतना होगा"
Shamshera:man me)dill तो करता है तुम्हे जान से मार दू सुल्तान मेरी जान भूरिया को रुलाया है तुमने पर बदकिस्मती से तुम मेरे बाप हो
Shamshera:Abba जान मई कही नहीं जाने वाला था और न हे जाऊंगा
सुल्तान चौंक जाता है और शमशेर को शक की नज़र से देखते हुए अपने बेटे क आखो में घूरता है
"तुम्हारी आखे झूट बयां कर रही है शहज़ादे शमशेर"
"अब्बा जान झूट या सच तो तब साबित होगा जब मई यहाँ से चला जाऊ या राहु"
"ये भी दुरुस्त है शमशेर पर याद रखना आज जो भी सियासत तुम करते हो वो मेरी दें है और अभी तुम से मुझे सियासत की बू आरही है"
Shamshera:man me)tum बहुत चालक हो सुल्तान तो में भी कोई दूध पत्ता बचा नहीं अब इतना बड़ा हो गया हु क तुम्हारी बीवी भूरिया जिसके ख़ूबसूरती और सीरत पर तुम फख्र महसूस करते थे आज से मेरी हमसफ़र मेरी मेहबूबा है
Sultan:bete शमशेर जो भी बोलना सोच समझ कर तौल कर बोलना भूलना मत क हम सुल्तान है जिसने अपने ज़िन्दगी में फ़तेह देखा हार नहीं
Shamshera:abba जान मुझे यक़ीन है आपका गुस्सा होना ठीक है और उस गुस्से क वजह से हे आपको मेरी बाटे सियासी लग रही है हाँ मई सियासत ज़रूर कर रहा हु पर उनके खिलाफ जो सल्तनत क अमन को ख़राब करना चाहते है आपके खिलाफ सियासत का में कभी ख्वाब में नहीं सोच सकता
Shamshera:man me)abba जान चाहे आपने जितने भी क़िले फ़तेह किये हो पर जिस क़िले पर मैंने आअज फ़तेह की उसकी बराबरी आपके पूरी ज़िन्दगी की फ़तेह नहीं कर सकती मैंने आज आपके बीवी क क़िले पर फ़तेह कर लिया है अम्मी जान अब से अआप जैसे अय्याश की बीवी नहीं बल्कि शमशेर की माशूका कहलाएगी
Sultan:Jo कहना चाहते हो खुल कर कहो
सुल्तान हैरान होता है क आखिर शमशेर कर क्या रहा है
Shamshera:abba जान बात ये है क मई महल क अंदर उस बाघी की तलाश करने में लगा हु जो सल्तनत को तोडना चाहते है और यही वजह है क मई सिर्फ पारस छोर कर जाने की बात सबके सामने रखा ताके दुश्मन मुझे अकेला प् कर हमला करे और मई उन्हें पकड़
लू
Sultan:tum सच कह रहे हो?
सुल्तान अपने बेटे को घूरते हुए उसके आखो में देखता है और पढ़ने की कोशिश करता है शमशेर भी अपने आप को ऐसा रखता है क उसका बाप उसे भांप न सके
Shamshera:Abba जान मुझे अंदेशा था क दुश्मन को जैसे पता चलेगा क मई अकेला हु कमज़ोर हु वो मुझे मिटाना चाहेगा और यही हुआ मुझ पर हमला हुआ
Sultan:kya???
सुल्तान हैरत से अपने बेटे शमशेर को बिना पालक झपकाए देख रहा था
Shamshera:han अब्बा जान मेरे ऊपर शुंग और उनके आदमीओ ने हमला क्या. जिसका मतलब साफ़ है क महल का कोई शक्श फ़ौरन हमारी खबर शुंग तक पंहुचा रहा है
Sultan:tumne मार क्यू नहीं दिया उन लोगो को कहा मिले वो हाथ से कैसे जाने दिए टी
Shamshera:abba जान मुझे यही जानना था क शुंग को मदद करने वाले लोग घर क है या बहार क जो समझ गया हु अब ये बात भी साफ़ हो गई है शुंग को हमारा आदमी कोई पारस में पनाह दिया है इसलिए हमारे सिपाहीओं से बच निकलता है वो
सुल्तान कुछ देर सोचते है फिर अपने गिलास को उठा कर शराब पीते हुए
"तो शमशेर ये सब से हमे फायदा तो हुआ पर काम हुआ अब आगे क्या करना है "
Shamshera:man me)Ohh काम से काम सुतं का शक तो दूर हुआ नहीं तो इन्हे क्या पता मई पारस छोर कर जाने की वजह भी मल्लिका इ जहाँ थी और रहने की भी
Shamshera:jahan पर हमला हुआ है मई अपने लोगो से सुराग निकलवा कर शुंग को ज़िंदा आपके सामने लाऊंगा अब्बा जान
सुल्तान अब अपने बेटे क चालाकी से खुश था और उसे इस बात का भनक भी नहीं थी क शमशेर ने भूरिया को पता लिया है और दोनों इश्कबाज़ी कर रहे है
Sultan:Bhut खूब मेरे शहज़ादे सुल्तान बन ने क असल हक़दार तुम हे थे और रहोगे
Shamshera:shukria अब्बा जान बास अब उनके गिरेबान तक पहुंचना है जो हमे मारना चाहता है
तो बे कॉन्टिनोएड...