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और फिर न चाहते हुए भी मुझे अपने आपको ठीक कर के दरवाजा खोलने जाना पड़ा.....
यु अचानक किसी के आ जाने से मैं थोड़ा गुस्से में thi...par जैसे hi मैंने दरवाजा खोला तो सामने गोलू जी को प् कर मेरा गुस्सा एक सेकंड में छू हो gaya....aur मेरे जिश्म में एक कामुक सनसनी उठने लगी....
गोलू जी- लगता है मैंने तुम्हारा आराम हराम कर diya....hai न...
मैं- nnnhi...nhi to...aisa कुछ nhi....main तो bas...khair वो chhodiye....aap ये बताये की आप सुबह नास्ता करने क्यों नहीं aaye...kya आप मुझसे गुस्सा है....
गोलू ji(muskura कर)- बिलकुल nhi...asal में मुझे कुछ बहुत जरूरी काम आ गया था तो मैं सुबह जल्दी hi निकल gaya....saayad तुम तब सो रही hogi.....bas इसलिए नहीं आ सका....
मैं- ohh...mujhe लगा की आप कल रात की बात se....khair...bheeter आइये न....
गोलू जी- nhi...abhi nhi....abhi तुम ये लो.....
इतना कह कर गोलू जी ने एक बड़ा सा थैला मेरे सामने कर diya...to मैं थोड़ा हैरान रह गई....
मैं- ये क्या है.....
गोलू ji(muskura कर)- हैप्पी birthday.....aur ये तुम्हारे लिए गिफ्ट है.....
गोलू जी की बात सुन कर मुझे याद आया की आज मेरा जन्मदिन hai....aur ताज्जुब की बात ये थी की ये बात न मुझे याद रही और न hi मेरे सौहार को.....
Main(khushi से)- aap....ye...aapko याद था.....
गोलू जी- bilkul....main अपनों का खास दिन कभी नहीं bhoolta...lo...ye गिफ्ट lo....main 1 घंटे बाद आता hu...thoda काम निपटा lu.....aur haa....jab मैं बापिस aau...to मैं चाहुगा की तुम मेरे गिफ्ट के साथ मिलो.....
मैं- kya....matlab...main कुछ समझी नहीं.....
गोलू जी- तुम गिफ्ट खोलते hi समझ jaogi...chalo मैं चलता hu.....jaldi aauga....taiyaar rahna....aj का दिन तुम्हारे लिए बेस्ट बनाना है मुझे.....
ये बोल कर गोलू जी तुरंत अपनी कार ले कर निकल गए और मैं दरवाजा बंद कर के सीधे अपने बिस्टेर पर आ गई......
मैं- क्या बात hai....golu जी को मेरा जन्मदिन याद raha...jabki मेरे सौहार को कोई खबर hi nhi...huh....chalo देखे तो गोलू जी ने ऐसा क्या गिफ्ट diya....jiske साथ वो मुझे देखना चाहते है.....
ये सोच कर मैंने गिफ्ट खोला तो मेरी आँखे ख़ुशी और हैरानी से बड़ी हो gai....kyoki गोलू जी ने एक नहीं बल्कि कई गिफ्ट दिए थे.....
उनमे से 2 तो थी शानदार मॉर्डन ड्रेस.....3 तरह की alag-alag nighty....aur 7 तरह की bra-panty का set.....sath में 2 perfume....kuch नेल police...kuch lipstic.....kuch हाई हील की सांडले और कुछ ऐसी ड्रेस जो पहनो या न pahno.....unme ायरत ऐसी दिखेगी की जैसे छोड़ने के लिए hi तैयार हुई हो.....
ये सब देख कर मेरा दिल इतना खुश था की क्या bolu.....aur तभी मेरी नजर उन गिफ्ट के साथ रखे एक कार्ड पर padi....to मैं तुरंत उसको देखने लगी.....
कार्ड में.......
हैप्पी बिरथ डे नाज़िआ.......
Dekho....ye जो मैंने तुम्हे गिफ्ट दिए hai....ye सब ये सोच कर नहीं दिए की तुम इन्हे देखते hi मेरे करीब आ जाओ....
असल में, मैंने ये सब तुम्हे ध्यान में रख कर खरीदे hai....kyoki aaj-kal मैं सिर्फ तुम्हे hi अपनर ख्यालों में पता हु....
और haa...main सिर्फ तुम्हारे जिश्म से nahi...balki तुम्हारे दिल को भी अपना बा चाहता हु....
इसलिए ये मत सोच ा की मैं तुम्हे कोई aisi-waisi ायरत समझता hu....jo सिर्फ जिश्म की प्यास बुझाने बानी हो....
असल में तुम मेरे लिए मेरी मासूका ho....aur मैं तुम्हारा मासूक नान कर तुम्हे बेतहासा प्यार करना चाहता हु....
अब अगर तुम्हारी हां ho...to इनमे से जाली वाली ड्रेस को पहन कर मुझे अपनी एक फोटो भेज dena.....jisse मैं समझ जाउगा की तुम मेरी मडूका बनने के लिए तैयार ho....nhi तो कुछ मत bhejna....main समझ जाउगा...
और haa...agar तुम्हारी है hui...to मैं आज रात को तुम्हे उस काले रंग की ड्रेस में देखना चाहुगा.....
मैं चाहता हु की मेरी मासूका पूरी तरह saj-dhaj कर मेरा इंतज़ार kare....aur फिर मैं उसे बेतहासा प्यार करू....
अब फैसला तुम्हारा hai....jo तुम chahogi...wahi होगा.....
तुम्हारा - गैर मासूक....
ये सब पढ़ने के बाद मेरे दिल और दिमाग में गोलू जी के लिए ना होना तो नामुमकिन hi था.....
मैं अब पूरी तरह से गोलू जी के लिए तैयार thi...waise भी मैं तो पहले hi उन्हें है बोलने वाली thi...par अब तो उन्होंने मुझे है बोलने की एक और वजह दे दी thi....wo थी मुझे अपनी मासूका बनाने वाली बात.....
फिर क्या tha.....maine तुरंत जाली वाली निघ्त्य निकली और जल्दी से नंगी हो जार उस निघ्त्य को वैसे hi pahna...jaise की उसके साथ आये पोस्टर पर मॉडल ने पहनी हुई थी....
और अपना मोबाइल उठा कर जल्दी से एक फोटो ली और बिना देर किये hi गोलू जी को भेज दी......
फोटो भेजने के थोड़ी देर बाद hi गोलू जी का एक मश्ग aaya....aur उसे पढ़ कर मेरे चेहरे पर मुस्कान खिल गई....
असल में गोलू जी में मुझे रात के लिए कुछ तैयारियां करने के लिए अपनी कुछ फरमाइश बताई थी....
जिसे पढ़ कर मैंने सोच लिया लिया था की आज की रात मेरी जिंदगी की एक यादगार और खुशनुमा रात होने वाली है......
फिर मैंने फोन साइड में रखा और गोलू जी की फरमाइशों को पूरा करने की तैयारी में जुट गई.......
फिर सारा काम करने के बाद मैंने अपने जिश्म को ragad-ragad कर साफ़ kiya...jaise की आज मेरी सुहागरात ho...aur मैं पहली बार अपने सौहार की बाहों में जाने वाली हु....
नहाने के बाद मैंने गोलू जी की ले हुई नैल्पोलिस और लिपस्टिक lagai....perfume से अपने हर अंग को महकाया और अच्छे से make-up कर के तैयार हो गई....
उसके बाद मैंने वही ड्रेस पहनी जिसमे मुझे आज की रात गोलू जी देखना चाहते थे....
यु तो मैं जानती थी की आज की रात मेरे जिश्म पर ये कपडे और make-up ज्यादा देर तक नहीं रहने वाला tha.....fir भी मैं अपने मासूक के लिए पूरी सिद्दत से सज कर तैयार हो gai...aur इंतज़ार करने लगी अपने मासूक के आने का.....
Khair......waqt गुजरा और मेरा इन्तजार ख़त्म hua....aur जैसे hi दरवाजे की घंटी बजी तो मेरे rom-rom में एक सनसनी सी दौड़ गई.....
मैं भाग कर गई और दरवाजा khola....aur जैसे hi सामने खड़े मेरे मासूक को देखा तो अचानक hi मेरी आँखों में बेतहाशा शर्म जाग गई और मैं नजरें झुका कर कड़ी हो गई....
गोलू जी ने जब मुझे देखा तो वो मुझे एक तक देखते hi रहे और कुछ देर बाद उन्होंने भीतर आ कर दरवाजा बंद कर दिया....
गोलू जी- अब क्या कड़ी hi rahogi....swagat नहीं करोगी हमारा.....
मैं- ji...ji क्यों nhi....aap फ्रेश हो jaiye....main अभी आई....
मैंने गोलू जी से इस कदर बात ki...ki जैसे वो मेरे दौहर हो और मैं उनकी बेगम.....
ये बोल कर मैं किचेन में चली gai...aur गोलू जी मेरे बैडरूम में....
थोड़ी देर बाद मैं एक ट्रे में शराब और कबाब ले कर कमरे में दाखिल हुई तो मैंने देखा की गोलू जी फ्रेश हो कर सिर्फ ुंडेरवेरे पहने हुए बिस्टेर पर लेते थे....
और उन्हें इस कदर देख कर मेरे बदन में सनसनी दौड़ gai....meri आँखे उनके गठीले जिश्म पर hi टिक गई thi...aur मैं वही पर कड़ी हो कर उनके ताकतबर जिश्म को देख कर खुस होने लगी.....
गोलू जी - अब आओ bhi....ya देखती hi रहोगी....
गोलू जी की बात सुन कर मैं नार्मल हुई और आगे बाद gai....par मेरी आँखे अभी भी उनके जिश्म को निहार रही थी.....
ये वही बिस्टेर था जिस पर मैं अपने सौहार के साथ सोती thi....par आज गोलू जी उस बिस्टेर पर यु लेते थे जैसे की वो hi इस घर के मालिक हो और इस बिस्टेर पर सबकुछ करने का हक़ सिर्फ उन्हें hi हो....
मेरे जाते hi गोलू जी ने मुझे इसरा किया तो मैं उनके लाइट एक पेग बनाने लगी....
मैं आज वो काम कर रही thi...jiske नाम से hi मुझे नफरत thi.....matlab की शराब....
हलाकि मुझे शराब से बहुत ज्यादा नफरत thi...fir भी गोलू जी के लिए मैं अब कुछ भी करने से पीछे नहीं हैट रही थी....
मैंने पेग बनाया और गोलू जी को पेश कर दिया और गोलू जी बैठ कर पेग का घूँट मरने लगे....
कुछ घूंट मारने के बाद उन्होंने मुझे अपने पास बैठने को बोलै और मैं बिना देर किये उनके पास बैठ गई....
मेरे बैठते hi गोलू जी ने हाथ बड़ा कर मेरे चेहरे को छुआ तो मेरे बदन में आग सुलग गई....
गोलू जी- आज तो तुम क़यामत ध रही ho...pata नहीं आज की रात कितना तूफ़ान उठेगा....
Main(shama गई)
गोलू जी ने कुछ देर मेरे नाजुक गालो को सहलाया और फिर अपना हाथ नीचे कर के मेरी कमर को सहलाने लगे....
मैं बस शरमाते हुए उनकी हरकतों का मज़ा ले रही थी और वो पेग गटकते हुए मेरे जिश्म को सहला रहे थे....
फिर जैसे hi उनका पेग ख़त्म हुआ तो उन्होंने गिलास टेबल पर रखा और मुझे अपनी तरफ खींच कर गॉड में बैठा लिया.......
गोलू जी- देखो nazia....ab मैं तुमसे एक आखिरी बार पूछ रहा hu....kya तुम दिल से तैयार हो मेरी बनने के लिए.....
मैं- हम्म.....
गोलू जी - अगर ये सच hai....to तुम अपना हाथ मेरे लुंड पर रख दो.......
गोलू जी की बात सुन कर मैं चौंक gai....par अगले hi पल मेरे चेहरे पर शर्म छ gai.....aur मैंने शरमाते हुए अपना हाथ उनके लुंड पर पर रख diya...jo अभी उनकी ुंडेरवेरे में कैद था.....
गोलू जी - hmm.....par अगर तुम यु hi खामोश रहोगी और इतना शरमाओगी तो मुझे मज़ा नहीं aayega.....chalo....tum अपने मुँह से बोलो की तुम मेरी होना चाहती हो.....
Main(dheere से)- ji...main आपकी होना चाहती हु.....
गोलू जी- aur.....kya तुम अपने इस नाजुक जिश्म को मुझे सौंपना चाहती हो....
मैं- ji....chahti हु....
गोलू जी- क्या तुम मेरे नीचे आ कर अपने जिश्म को मसलवाना चाहती हो.....
Main(dharma कर)- ji.....chahti हु.....
गोलू जी- hmm...ab bolo.....kya तुम अपने छेड़ो को मुझसे छुड़वाना चाहती हो.....
इतना सुनते hi मैंने नजरें उठा कर उनकी तरफ dekha.....unki अंकों में एक अलग hi तरह का जोश दिखाई दे रहा tha.....jise देख कर मेरा दिल खुश हो गया.....
गोलू जी- अब bolo...aur saaf-saaf बोलना.....
Main(sharma कर)- जी ha.....main अपने जिश्म के हर छेद को आपसे छुड़वाना चाहती हु.......
इतना सुनते hi गोलू जी ने मुझे खींच कर अपनी गॉड में बैठा लिया और मेरे नाजुक जिश्म को अपनी गठीली बाहों में भर कर अपने चोदे सीने से चिपका लिया......
उनकी मजबूतबाहों में दबी हुई मैं ऐसी लग रही thi....ki जैसे मैं कोई छोटी सी बच्ची हु.....
मुझे उनके जिश्म की गर्मी अपने गैलन पर saaf-saaf महसूस हो रही thi....aisa लग रहा था की मैं आग के करीब आ गई हु......
कुछ देर तक मुझे सीने में दवाये वो मुझे सहलाते रहे और फिर उन्होंने मुझे खड़ा कर के मेरी ड्रेस को एक झटके में निकाल फेका......
अब मैं सिर्फ bra-penty में एक गैर मर्द के सामने कड़ी thi...jo कुछ hi देर में मुझे पूरी तरह से नंगा करने वाला था.....
मैं ये soch-doch कर hi गरम हो चली थी की बस कुछ hi पालो बाद मैं पूरी नंगी हो कर गोलू जी के मजबूत जिश्म के नीचे कुचली जोगी.....
कुछ देर तक गोलू जी मुझे bra-panty में hi देखते रहे और फिर उन्होंने मुझे अपने पास खींचा और अपने हाथ मेरे पीछे कर के मेरी ब्रा के हुक खोल दिए.....
जैसे hi मेरी ब्रा खुली तो मेरे दोनों दूध उछाल कर गोलू जी के सामने आ gaye...aur मेरे दूध देखते hi गोलू जी अपने होश खो बैठे....
फिर गोलू जी ने मुझे खींच कर बीएड पर लिटाया और खुद मेरे ऊपर आ गए और मेरी आँखों में देखते हुए हलके से मेरे होंठो पर अपने होठ टिका दिए....
उनके होंठ करीब आते hi मैंने अपने होंठो को खोल दिया और हमारे होंठ आपस में मिल कर ek-dusre को प्यार करने लगे......
गोलू जी मुझे आज इस कदर चूम रहे थे की जैसे मैं उनकी बेगम हु और वो मेरे souhar....jo निकाह के बाद आज पहली बार ek-dusre में समां जाने को तैयार थे.....
कुछ देर तक मेरे होंठ चूसने के बाद गोलू जी ने अपने चेहरा उठाया और मुझे देखते हुए एक हाथ से मेरा दूध मसलने लगे.....
गोलू जी- सच में nazia.....tumhara जिश्म बहुत खूबसूरत है.....
Main(sharma कर)- आपका भी.....
गोलू जी- वो तुम jano...par मैं तो आज तुम्हारा पूरा जिश्म चख कर मज़ा लगा....
और ये बोल कर गोलू जी ने अपना मुँह मेरे कंधे पर टिका लिया और फिर अपनी जवान से मेरे गले को चाट ते हुए मेरी ठुड्डी को होंठो में दवाने लगे.....
गोलू जी एक हाथ से मेरे नाजुक दूध को मसल रहे थे और वही अपनों जवान से मेरा गाला चाट कर मुझे पागल बना रहे थे....
मैं उनका प्यार करने का तरीका देख कर बेहद hi खुश और हैरान थी....
मैंने तो कभी ख्वाब में भी नहीं सोचा था की कोई मर्द मुझे इस कदर प्यार karega.....yaha तक की मेरा souhar....usne तो आज तक मेरे किसी अंग को ठीक से चूमा भी नहीं था....
गोलू जी की हरकत से मेरे जिश्म की गर्मी बढ़ने लगी thi....aur rah-rah कर मेरे दिल में यही ख्याल आ रहा था की काश गोलू जी मेरे सौहार होते....
वह गोलू जी ने कुछ देर तक मेरे गले को छठा और फिर उन्होंने आगे बाद कर मेरे कान को अपने होंठो में दवा लिया.....
मैं- uummmm.....ye क्या....
गोलू जी- uuummhhh...kya hua....kya नासिर ये नहीं करता....
मैं- ुम hu...kabhi नहीं....
गोलू ji(kaan चाट कर)- ssrruuuppp....tumhe पसंद आया न....
मैं- hmm..bahut...
गोलू जी- तो फ़िक्र मत karo....ab से मैं hi तुम्हे प्यार karuga.....aauuummmm...
और गोलू जी फिर से मेरे कान को होंठो में दवा कर चूसने lage....aur मेरे जिश्म की तड़प और ज्यादा बढ़ने लगी....
थोडेर बाद गोलू ने मेरे कान को छोड़ा और अपना मुँह मेरे दूधो पर ले आये.....
और फिर वो baar-baar मुझे किश करते हुए मेरे दूधो को चूसने lage....pahle वो मेरे होंठो को किश करते फिर दूध chooste...fir honth...fir दूध...
कसम se....unka तरीका देख कर hi मेरी छूट ने पानी छोड़ना सुरु कर दिया tha.....aur मैं उनकी हर हरकत का इतना मज़ा ले रही थी क्या बोलू...
मुझे तो बस यही लगने लगा था की अब गोलू जी जल्द से जल्द मेरी छूट की प्यास बुझा de....kyoki उनकी हरकतों ने मेरी प्यास कई गुना बड़ा दी थी....
पर गोलू जी ायरत को तड़पना बखूबी जानते the....isliye फिर उन्होंने मेरे दूधो को हाथो में थमा और मेरे निप्पल से खेलने लगे....
मैं- aaahhh....aap तो मार hi डालोगे आज....
गोलू जी- sssrrruuuppp...aahh...irada तो कुछ ऐसा hi है मेरी जान....
पता नहीं kyo...par गोलू जी के मुँह से जान सुनते hi मेरा दिल खुश हो gaya....unhone वो कहा tha...jo मेरा सौहार भी मुझे बहुत काम बोलता था...
और अभी वो मेरे दूधो के साथ जो कर रहे the....wo करने का तो मेरा सौहार ख्वाब भी नहीं सोच सकता था....
मेरे सौहार को सायद आता hi नहीं था ायरत को प्यार karna....use तो बस दाल कर होलाना hi आता tha....wo भी कुछ hi मिनट....
इसलिए आज मेरे सौहार की जगह गोलू जी मेरी जवानी का पूरा मज़ा ले रहे the....aur उससे भी ज्यादा वो मुझे मज़ा दे रहे थे....
आज मुझे अहसास हो रहा था की ायरत को सिर्फ लुंड दाल कर hi खुश नहीं किया jata...balki उसको तरीके से प्यार करने पर ायरत को बेइंतहा ख़ुशी मिलती है....
गोलू जी ये बात अच्छी तरह से जानते थे इसलिए मेरे दूधो से खेलने के बाद उन्होंने अपनी जवान को मेरे दूधो की गहराई में चलना सुरु कर दिया.....
मैं- या al**h....maar hi डालोगे kya...uuummm....itna दिलकस andaaj...aaahh....
गोलू जी अपनी जवान से मेरे जिश्म को चाट रहे थे और मैं पूरी मस्त हो कर डिस्क रही थी....
मुझे बस एक hi ख्याल आ रहा था की ये वक़्त यही थम जाए और गोलू जी मेरी जवानी को यु hi चूसते रहे....
गोलू जी की चुसाई से मैं इस कदर मदत हो गई थी की मेरी छूट ने पानी बहा दिया था.....
और मैं ये देख कर बहुत ज्यादा खुश thi...kyoki आज मुझे वो मर्द मिला था जिसने मेरी छूट को बिना छुए hi मुझे झड़ने पर मजबूर कर फिया था.....
Khair....mere दूधो को अच्छे से choosne-chatne के बाद गोलू जी नीचे की तरफ खिसके और एक हाथ से मेरी पंतय के नीचे कासी हुई छूट सहलाने लगे.....
और यकीन mano....jan उनका मजबूत हाथ मेरी छूट पर आया तो मेरे जिश्म में एक जोरदार करंट सा दौड़ gaya....kyoki ये पहली बार था जब किसी गैर मर्द का हाथ मेरी छूट के इतने करीब पंहुचा था......
गोलू जी - wah....ye तो गीली भी हो गई....
गोलू जी की बात सुन कर मरे शर्म के मैंने आँखे मूँद li...par अपने होठो पर आई मुस्कान को मैं छिपा न सकीय.....
मेरी हालत देख कर गोलू जी ने थोड़ा छूट को सहलाया और फिर अचानक अपने हाथ में मेरी छूट भर कर दवा di....to मेरी चीख निकल गई....
मैं- आआह्ह्ह्ह....
गोलू जी- मुझे प्यार करने के दौरान आँखे बंद करने वाली पसंद nhi....isliye आँखे खुली रखना....
Main(sir हिला कर)- हम्म....
फिर गोलू जी ने मुझे देखते हुए अपने दोनों हाथो से मेरी पंतय पकड़ी और नीचे सरकने lage....to मैंने भी तुरंत अपनी गांड उठा कर पंतय को अपने जिश्म से अलग करवा लिया....
अब मैं पूरी तरह से नंगी हो कर गोलू जी के सामने लेती thi.....aur वो मेरे नंगे जिश्म को अपनी आँखों से चीयर रहे थे.....
गोलू जी- कमाल का जिश्म है tera.,..hmm..aakhirkaar तुम मेरे सामने बिलकुल नंगी आ hi gai....uummhh...
गोलू जी की बातों से मेरी शर्म बढ़ती जा रही thi....par अब मैं शर्मा कर आँखे भी बंद नहीं कर सकती thi.....pata नहीं फिर से वो क्या कर दे.....
वह गोलू जी मुझे एक तक घूरे जा रहे थे और यहाँ मैं अपनी हालत देख कर शर्मा रही थी......
और फिर न चाहते हुए भी मुझे अपने आपको ठीक कर के दरवाजा खोलने जाना पड़ा.....
यु अचानक किसी के आ जाने से मैं थोड़ा गुस्से में thi...par जैसे hi मैंने दरवाजा खोला तो सामने गोलू जी को प् कर मेरा गुस्सा एक सेकंड में छू हो gaya....aur मेरे जिश्म में एक कामुक सनसनी उठने लगी....
गोलू जी- लगता है मैंने तुम्हारा आराम हराम कर diya....hai न...
मैं- nnnhi...nhi to...aisa कुछ nhi....main तो bas...khair वो chhodiye....aap ये बताये की आप सुबह नास्ता करने क्यों नहीं aaye...kya आप मुझसे गुस्सा है....
गोलू ji(muskura कर)- बिलकुल nhi...asal में मुझे कुछ बहुत जरूरी काम आ गया था तो मैं सुबह जल्दी hi निकल gaya....saayad तुम तब सो रही hogi.....bas इसलिए नहीं आ सका....
मैं- ohh...mujhe लगा की आप कल रात की बात se....khair...bheeter आइये न....
गोलू जी- nhi...abhi nhi....abhi तुम ये लो.....
इतना कह कर गोलू जी ने एक बड़ा सा थैला मेरे सामने कर diya...to मैं थोड़ा हैरान रह गई....
मैं- ये क्या है.....
गोलू ji(muskura कर)- हैप्पी birthday.....aur ये तुम्हारे लिए गिफ्ट है.....
गोलू जी की बात सुन कर मुझे याद आया की आज मेरा जन्मदिन hai....aur ताज्जुब की बात ये थी की ये बात न मुझे याद रही और न hi मेरे सौहार को.....
Main(khushi से)- aap....ye...aapko याद था.....
गोलू जी- bilkul....main अपनों का खास दिन कभी नहीं bhoolta...lo...ye गिफ्ट lo....main 1 घंटे बाद आता hu...thoda काम निपटा lu.....aur haa....jab मैं बापिस aau...to मैं चाहुगा की तुम मेरे गिफ्ट के साथ मिलो.....
मैं- kya....matlab...main कुछ समझी नहीं.....
गोलू जी- तुम गिफ्ट खोलते hi समझ jaogi...chalo मैं चलता hu.....jaldi aauga....taiyaar rahna....aj का दिन तुम्हारे लिए बेस्ट बनाना है मुझे.....
ये बोल कर गोलू जी तुरंत अपनी कार ले कर निकल गए और मैं दरवाजा बंद कर के सीधे अपने बिस्टेर पर आ गई......
मैं- क्या बात hai....golu जी को मेरा जन्मदिन याद raha...jabki मेरे सौहार को कोई खबर hi nhi...huh....chalo देखे तो गोलू जी ने ऐसा क्या गिफ्ट diya....jiske साथ वो मुझे देखना चाहते है.....
ये सोच कर मैंने गिफ्ट खोला तो मेरी आँखे ख़ुशी और हैरानी से बड़ी हो gai....kyoki गोलू जी ने एक नहीं बल्कि कई गिफ्ट दिए थे.....
उनमे से 2 तो थी शानदार मॉर्डन ड्रेस.....3 तरह की alag-alag nighty....aur 7 तरह की bra-panty का set.....sath में 2 perfume....kuch नेल police...kuch lipstic.....kuch हाई हील की सांडले और कुछ ऐसी ड्रेस जो पहनो या न pahno.....unme ायरत ऐसी दिखेगी की जैसे छोड़ने के लिए hi तैयार हुई हो.....
ये सब देख कर मेरा दिल इतना खुश था की क्या bolu.....aur तभी मेरी नजर उन गिफ्ट के साथ रखे एक कार्ड पर padi....to मैं तुरंत उसको देखने लगी.....
कार्ड में.......
हैप्पी बिरथ डे नाज़िआ.......
Dekho....ye जो मैंने तुम्हे गिफ्ट दिए hai....ye सब ये सोच कर नहीं दिए की तुम इन्हे देखते hi मेरे करीब आ जाओ....
असल में, मैंने ये सब तुम्हे ध्यान में रख कर खरीदे hai....kyoki aaj-kal मैं सिर्फ तुम्हे hi अपनर ख्यालों में पता हु....
और haa...main सिर्फ तुम्हारे जिश्म से nahi...balki तुम्हारे दिल को भी अपना बा चाहता हु....
इसलिए ये मत सोच ा की मैं तुम्हे कोई aisi-waisi ायरत समझता hu....jo सिर्फ जिश्म की प्यास बुझाने बानी हो....
असल में तुम मेरे लिए मेरी मासूका ho....aur मैं तुम्हारा मासूक नान कर तुम्हे बेतहासा प्यार करना चाहता हु....
अब अगर तुम्हारी हां ho...to इनमे से जाली वाली ड्रेस को पहन कर मुझे अपनी एक फोटो भेज dena.....jisse मैं समझ जाउगा की तुम मेरी मडूका बनने के लिए तैयार ho....nhi तो कुछ मत bhejna....main समझ जाउगा...
और haa...agar तुम्हारी है hui...to मैं आज रात को तुम्हे उस काले रंग की ड्रेस में देखना चाहुगा.....
मैं चाहता हु की मेरी मासूका पूरी तरह saj-dhaj कर मेरा इंतज़ार kare....aur फिर मैं उसे बेतहासा प्यार करू....
अब फैसला तुम्हारा hai....jo तुम chahogi...wahi होगा.....
तुम्हारा - गैर मासूक....
ये सब पढ़ने के बाद मेरे दिल और दिमाग में गोलू जी के लिए ना होना तो नामुमकिन hi था.....
मैं अब पूरी तरह से गोलू जी के लिए तैयार thi...waise भी मैं तो पहले hi उन्हें है बोलने वाली thi...par अब तो उन्होंने मुझे है बोलने की एक और वजह दे दी thi....wo थी मुझे अपनी मासूका बनाने वाली बात.....
फिर क्या tha.....maine तुरंत जाली वाली निघ्त्य निकली और जल्दी से नंगी हो जार उस निघ्त्य को वैसे hi pahna...jaise की उसके साथ आये पोस्टर पर मॉडल ने पहनी हुई थी....
और अपना मोबाइल उठा कर जल्दी से एक फोटो ली और बिना देर किये hi गोलू जी को भेज दी......
फोटो भेजने के थोड़ी देर बाद hi गोलू जी का एक मश्ग aaya....aur उसे पढ़ कर मेरे चेहरे पर मुस्कान खिल गई....
असल में गोलू जी में मुझे रात के लिए कुछ तैयारियां करने के लिए अपनी कुछ फरमाइश बताई थी....
जिसे पढ़ कर मैंने सोच लिया लिया था की आज की रात मेरी जिंदगी की एक यादगार और खुशनुमा रात होने वाली है......
फिर मैंने फोन साइड में रखा और गोलू जी की फरमाइशों को पूरा करने की तैयारी में जुट गई.......
फिर सारा काम करने के बाद मैंने अपने जिश्म को ragad-ragad कर साफ़ kiya...jaise की आज मेरी सुहागरात ho...aur मैं पहली बार अपने सौहार की बाहों में जाने वाली हु....
नहाने के बाद मैंने गोलू जी की ले हुई नैल्पोलिस और लिपस्टिक lagai....perfume से अपने हर अंग को महकाया और अच्छे से make-up कर के तैयार हो गई....
उसके बाद मैंने वही ड्रेस पहनी जिसमे मुझे आज की रात गोलू जी देखना चाहते थे....
यु तो मैं जानती थी की आज की रात मेरे जिश्म पर ये कपडे और make-up ज्यादा देर तक नहीं रहने वाला tha.....fir भी मैं अपने मासूक के लिए पूरी सिद्दत से सज कर तैयार हो gai...aur इंतज़ार करने लगी अपने मासूक के आने का.....
Khair......waqt गुजरा और मेरा इन्तजार ख़त्म hua....aur जैसे hi दरवाजे की घंटी बजी तो मेरे rom-rom में एक सनसनी सी दौड़ गई.....
मैं भाग कर गई और दरवाजा khola....aur जैसे hi सामने खड़े मेरे मासूक को देखा तो अचानक hi मेरी आँखों में बेतहाशा शर्म जाग गई और मैं नजरें झुका कर कड़ी हो गई....
गोलू जी ने जब मुझे देखा तो वो मुझे एक तक देखते hi रहे और कुछ देर बाद उन्होंने भीतर आ कर दरवाजा बंद कर दिया....
गोलू जी- अब क्या कड़ी hi rahogi....swagat नहीं करोगी हमारा.....
मैं- ji...ji क्यों nhi....aap फ्रेश हो jaiye....main अभी आई....
मैंने गोलू जी से इस कदर बात ki...ki जैसे वो मेरे दौहर हो और मैं उनकी बेगम.....
ये बोल कर मैं किचेन में चली gai...aur गोलू जी मेरे बैडरूम में....
थोड़ी देर बाद मैं एक ट्रे में शराब और कबाब ले कर कमरे में दाखिल हुई तो मैंने देखा की गोलू जी फ्रेश हो कर सिर्फ ुंडेरवेरे पहने हुए बिस्टेर पर लेते थे....
और उन्हें इस कदर देख कर मेरे बदन में सनसनी दौड़ gai....meri आँखे उनके गठीले जिश्म पर hi टिक गई thi...aur मैं वही पर कड़ी हो कर उनके ताकतबर जिश्म को देख कर खुस होने लगी.....
गोलू जी - अब आओ bhi....ya देखती hi रहोगी....
गोलू जी की बात सुन कर मैं नार्मल हुई और आगे बाद gai....par मेरी आँखे अभी भी उनके जिश्म को निहार रही थी.....
ये वही बिस्टेर था जिस पर मैं अपने सौहार के साथ सोती thi....par आज गोलू जी उस बिस्टेर पर यु लेते थे जैसे की वो hi इस घर के मालिक हो और इस बिस्टेर पर सबकुछ करने का हक़ सिर्फ उन्हें hi हो....
मेरे जाते hi गोलू जी ने मुझे इसरा किया तो मैं उनके लाइट एक पेग बनाने लगी....
मैं आज वो काम कर रही thi...jiske नाम से hi मुझे नफरत thi.....matlab की शराब....
हलाकि मुझे शराब से बहुत ज्यादा नफरत thi...fir भी गोलू जी के लिए मैं अब कुछ भी करने से पीछे नहीं हैट रही थी....
मैंने पेग बनाया और गोलू जी को पेश कर दिया और गोलू जी बैठ कर पेग का घूँट मरने लगे....
कुछ घूंट मारने के बाद उन्होंने मुझे अपने पास बैठने को बोलै और मैं बिना देर किये उनके पास बैठ गई....
मेरे बैठते hi गोलू जी ने हाथ बड़ा कर मेरे चेहरे को छुआ तो मेरे बदन में आग सुलग गई....
गोलू जी- आज तो तुम क़यामत ध रही ho...pata नहीं आज की रात कितना तूफ़ान उठेगा....
Main(shama गई)
गोलू जी ने कुछ देर मेरे नाजुक गालो को सहलाया और फिर अपना हाथ नीचे कर के मेरी कमर को सहलाने लगे....
मैं बस शरमाते हुए उनकी हरकतों का मज़ा ले रही थी और वो पेग गटकते हुए मेरे जिश्म को सहला रहे थे....
फिर जैसे hi उनका पेग ख़त्म हुआ तो उन्होंने गिलास टेबल पर रखा और मुझे अपनी तरफ खींच कर गॉड में बैठा लिया.......
गोलू जी- देखो nazia....ab मैं तुमसे एक आखिरी बार पूछ रहा hu....kya तुम दिल से तैयार हो मेरी बनने के लिए.....
मैं- हम्म.....
गोलू जी - अगर ये सच hai....to तुम अपना हाथ मेरे लुंड पर रख दो.......
गोलू जी की बात सुन कर मैं चौंक gai....par अगले hi पल मेरे चेहरे पर शर्म छ gai.....aur मैंने शरमाते हुए अपना हाथ उनके लुंड पर पर रख diya...jo अभी उनकी ुंडेरवेरे में कैद था.....
गोलू जी - hmm.....par अगर तुम यु hi खामोश रहोगी और इतना शरमाओगी तो मुझे मज़ा नहीं aayega.....chalo....tum अपने मुँह से बोलो की तुम मेरी होना चाहती हो.....
Main(dheere से)- ji...main आपकी होना चाहती हु.....
गोलू जी- aur.....kya तुम अपने इस नाजुक जिश्म को मुझे सौंपना चाहती हो....
मैं- ji....chahti हु....
गोलू जी- क्या तुम मेरे नीचे आ कर अपने जिश्म को मसलवाना चाहती हो.....
Main(dharma कर)- ji.....chahti हु.....
गोलू जी- hmm...ab bolo.....kya तुम अपने छेड़ो को मुझसे छुड़वाना चाहती हो.....
इतना सुनते hi मैंने नजरें उठा कर उनकी तरफ dekha.....unki अंकों में एक अलग hi तरह का जोश दिखाई दे रहा tha.....jise देख कर मेरा दिल खुश हो गया.....
गोलू जी- अब bolo...aur saaf-saaf बोलना.....
Main(sharma कर)- जी ha.....main अपने जिश्म के हर छेद को आपसे छुड़वाना चाहती हु.......
इतना सुनते hi गोलू जी ने मुझे खींच कर अपनी गॉड में बैठा लिया और मेरे नाजुक जिश्म को अपनी गठीली बाहों में भर कर अपने चोदे सीने से चिपका लिया......
उनकी मजबूतबाहों में दबी हुई मैं ऐसी लग रही thi....ki जैसे मैं कोई छोटी सी बच्ची हु.....
मुझे उनके जिश्म की गर्मी अपने गैलन पर saaf-saaf महसूस हो रही thi....aisa लग रहा था की मैं आग के करीब आ गई हु......
कुछ देर तक मुझे सीने में दवाये वो मुझे सहलाते रहे और फिर उन्होंने मुझे खड़ा कर के मेरी ड्रेस को एक झटके में निकाल फेका......
अब मैं सिर्फ bra-penty में एक गैर मर्द के सामने कड़ी thi...jo कुछ hi देर में मुझे पूरी तरह से नंगा करने वाला था.....
मैं ये soch-doch कर hi गरम हो चली थी की बस कुछ hi पालो बाद मैं पूरी नंगी हो कर गोलू जी के मजबूत जिश्म के नीचे कुचली जोगी.....
कुछ देर तक गोलू जी मुझे bra-panty में hi देखते रहे और फिर उन्होंने मुझे अपने पास खींचा और अपने हाथ मेरे पीछे कर के मेरी ब्रा के हुक खोल दिए.....
जैसे hi मेरी ब्रा खुली तो मेरे दोनों दूध उछाल कर गोलू जी के सामने आ gaye...aur मेरे दूध देखते hi गोलू जी अपने होश खो बैठे....
फिर गोलू जी ने मुझे खींच कर बीएड पर लिटाया और खुद मेरे ऊपर आ गए और मेरी आँखों में देखते हुए हलके से मेरे होंठो पर अपने होठ टिका दिए....
उनके होंठ करीब आते hi मैंने अपने होंठो को खोल दिया और हमारे होंठ आपस में मिल कर ek-dusre को प्यार करने लगे......
गोलू जी मुझे आज इस कदर चूम रहे थे की जैसे मैं उनकी बेगम हु और वो मेरे souhar....jo निकाह के बाद आज पहली बार ek-dusre में समां जाने को तैयार थे.....
कुछ देर तक मेरे होंठ चूसने के बाद गोलू जी ने अपने चेहरा उठाया और मुझे देखते हुए एक हाथ से मेरा दूध मसलने लगे.....
गोलू जी- सच में nazia.....tumhara जिश्म बहुत खूबसूरत है.....
Main(sharma कर)- आपका भी.....
गोलू जी- वो तुम jano...par मैं तो आज तुम्हारा पूरा जिश्म चख कर मज़ा लगा....
और ये बोल कर गोलू जी ने अपना मुँह मेरे कंधे पर टिका लिया और फिर अपनी जवान से मेरे गले को चाट ते हुए मेरी ठुड्डी को होंठो में दवाने लगे.....
गोलू जी एक हाथ से मेरे नाजुक दूध को मसल रहे थे और वही अपनों जवान से मेरा गाला चाट कर मुझे पागल बना रहे थे....
मैं उनका प्यार करने का तरीका देख कर बेहद hi खुश और हैरान थी....
मैंने तो कभी ख्वाब में भी नहीं सोचा था की कोई मर्द मुझे इस कदर प्यार karega.....yaha तक की मेरा souhar....usne तो आज तक मेरे किसी अंग को ठीक से चूमा भी नहीं था....
गोलू जी की हरकत से मेरे जिश्म की गर्मी बढ़ने लगी thi....aur rah-rah कर मेरे दिल में यही ख्याल आ रहा था की काश गोलू जी मेरे सौहार होते....
वह गोलू जी ने कुछ देर तक मेरे गले को छठा और फिर उन्होंने आगे बाद कर मेरे कान को अपने होंठो में दवा लिया.....
मैं- uummmm.....ye क्या....
गोलू जी- uuummhhh...kya hua....kya नासिर ये नहीं करता....
मैं- ुम hu...kabhi नहीं....
गोलू ji(kaan चाट कर)- ssrruuuppp....tumhe पसंद आया न....
मैं- hmm..bahut...
गोलू जी- तो फ़िक्र मत karo....ab से मैं hi तुम्हे प्यार karuga.....aauuummmm...
और गोलू जी फिर से मेरे कान को होंठो में दवा कर चूसने lage....aur मेरे जिश्म की तड़प और ज्यादा बढ़ने लगी....
थोडेर बाद गोलू ने मेरे कान को छोड़ा और अपना मुँह मेरे दूधो पर ले आये.....
और फिर वो baar-baar मुझे किश करते हुए मेरे दूधो को चूसने lage....pahle वो मेरे होंठो को किश करते फिर दूध chooste...fir honth...fir दूध...
कसम se....unka तरीका देख कर hi मेरी छूट ने पानी छोड़ना सुरु कर दिया tha.....aur मैं उनकी हर हरकत का इतना मज़ा ले रही थी क्या बोलू...
मुझे तो बस यही लगने लगा था की अब गोलू जी जल्द से जल्द मेरी छूट की प्यास बुझा de....kyoki उनकी हरकतों ने मेरी प्यास कई गुना बड़ा दी थी....
पर गोलू जी ायरत को तड़पना बखूबी जानते the....isliye फिर उन्होंने मेरे दूधो को हाथो में थमा और मेरे निप्पल से खेलने लगे....
मैं- aaahhh....aap तो मार hi डालोगे आज....
गोलू जी- sssrrruuuppp...aahh...irada तो कुछ ऐसा hi है मेरी जान....
पता नहीं kyo...par गोलू जी के मुँह से जान सुनते hi मेरा दिल खुश हो gaya....unhone वो कहा tha...jo मेरा सौहार भी मुझे बहुत काम बोलता था...
और अभी वो मेरे दूधो के साथ जो कर रहे the....wo करने का तो मेरा सौहार ख्वाब भी नहीं सोच सकता था....
मेरे सौहार को सायद आता hi नहीं था ायरत को प्यार karna....use तो बस दाल कर होलाना hi आता tha....wo भी कुछ hi मिनट....
इसलिए आज मेरे सौहार की जगह गोलू जी मेरी जवानी का पूरा मज़ा ले रहे the....aur उससे भी ज्यादा वो मुझे मज़ा दे रहे थे....
आज मुझे अहसास हो रहा था की ायरत को सिर्फ लुंड दाल कर hi खुश नहीं किया jata...balki उसको तरीके से प्यार करने पर ायरत को बेइंतहा ख़ुशी मिलती है....
गोलू जी ये बात अच्छी तरह से जानते थे इसलिए मेरे दूधो से खेलने के बाद उन्होंने अपनी जवान को मेरे दूधो की गहराई में चलना सुरु कर दिया.....
मैं- या al**h....maar hi डालोगे kya...uuummm....itna दिलकस andaaj...aaahh....
गोलू जी अपनी जवान से मेरे जिश्म को चाट रहे थे और मैं पूरी मस्त हो कर डिस्क रही थी....
मुझे बस एक hi ख्याल आ रहा था की ये वक़्त यही थम जाए और गोलू जी मेरी जवानी को यु hi चूसते रहे....
गोलू जी की चुसाई से मैं इस कदर मदत हो गई थी की मेरी छूट ने पानी बहा दिया था.....
और मैं ये देख कर बहुत ज्यादा खुश thi...kyoki आज मुझे वो मर्द मिला था जिसने मेरी छूट को बिना छुए hi मुझे झड़ने पर मजबूर कर फिया था.....
Khair....mere दूधो को अच्छे से choosne-chatne के बाद गोलू जी नीचे की तरफ खिसके और एक हाथ से मेरी पंतय के नीचे कासी हुई छूट सहलाने लगे.....
और यकीन mano....jan उनका मजबूत हाथ मेरी छूट पर आया तो मेरे जिश्म में एक जोरदार करंट सा दौड़ gaya....kyoki ये पहली बार था जब किसी गैर मर्द का हाथ मेरी छूट के इतने करीब पंहुचा था......
गोलू जी - wah....ye तो गीली भी हो गई....
गोलू जी की बात सुन कर मरे शर्म के मैंने आँखे मूँद li...par अपने होठो पर आई मुस्कान को मैं छिपा न सकीय.....
मेरी हालत देख कर गोलू जी ने थोड़ा छूट को सहलाया और फिर अचानक अपने हाथ में मेरी छूट भर कर दवा di....to मेरी चीख निकल गई....
मैं- आआह्ह्ह्ह....
गोलू जी- मुझे प्यार करने के दौरान आँखे बंद करने वाली पसंद nhi....isliye आँखे खुली रखना....
Main(sir हिला कर)- हम्म....
फिर गोलू जी ने मुझे देखते हुए अपने दोनों हाथो से मेरी पंतय पकड़ी और नीचे सरकने lage....to मैंने भी तुरंत अपनी गांड उठा कर पंतय को अपने जिश्म से अलग करवा लिया....
अब मैं पूरी तरह से नंगी हो कर गोलू जी के सामने लेती thi.....aur वो मेरे नंगे जिश्म को अपनी आँखों से चीयर रहे थे.....
गोलू जी- कमाल का जिश्म है tera.,..hmm..aakhirkaar तुम मेरे सामने बिलकुल नंगी आ hi gai....uummhh...
गोलू जी की बातों से मेरी शर्म बढ़ती जा रही thi....par अब मैं शर्मा कर आँखे भी बंद नहीं कर सकती thi.....pata नहीं फिर से वो क्या कर दे.....
वह गोलू जी मुझे एक तक घूरे जा रहे थे और यहाँ मैं अपनी हालत देख कर शर्मा रही थी......